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 *जनपद चंपावत: * 

 

आज दिनांक 27 जनवरी 2026 को जिला नियंत्रण कक्ष चंपावत के माध्यम से समय लगभग 12.30 बजे एसडीआरएफ टीम को सूचना प्राप्त हुई कि सुखीढांग क्षेत्र के पास एक वाहन खाई में गिर गया है।


उक्त सूचना पर SDRF पोस्ट टनकपुर से उप निरीक्षक दीपक जोशी के नेतृत्व में टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई।



एसडीआरएफ टीम को घटनास्थल पर पहुँचकर ज्ञात हुआ कि सुखीढांग क्षेत्र के पास एक वाहन महिंद्रा XUV 700 अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। वाहन में कुल 07 व्यक्ति सवार थे, जिनमें से 05 व्यक्ति स्वयं खाई से बाहर निकलकर सड़क तक पहुँच गए थे और सभी सुरक्षित थे। शेष 02 व्यक्तियों (1महिला, 1पुरुष) को हल्की चोटें आई थीं, जिन्हें SDRF एवं जिला पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर रात्रि के घनघोर अंधेरे व अन्य विषम परिस्थितियों के चलते कड़ी मशक्कत कर खाई से सुरक्षित बाहर निकालकर मुख्य मार्ग तक लाया गया तथा 108 एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया।


 *घायलों का विवरण:-* 

1-अभिषेक वर्मा पुत्र श्री कृष्ण वर्मा उम्र 24 वर्ष, निवासी सीतापुर उतर प्रदेश।

2-दर्शिका वर्मा पुत्री श्री देश दीपक भार्गव उम्र 17 वर्ष, निवासी सीतापुर उतर प्रदेश।

 UGC पर पिछले 48 घंटे से बवाल मचा हुआ है। भारत के सवर्ण सकते में है।



यूजीसी एक्ट को लेकर पूरे देश भर में हंगामा मचा हुआ है। सरकार को घेरने की तैयारी में सवर्णों ने कमर कस ली है। 24 घंटे के अंदर  मीडिया, सोशल मीडिया सहित अनेक प्लेटफार्म पर स्वर्ण ने विरोध जताया है। यहां तक कि युवाओं ने कमल के फूल को  भूल बताते हुए नारे लगाने शुरू कर दिया है।

30/1/2026 को समस्त स्वर्ण समाज एक बड़ा  ज्ञापन देने जा रहे हैं UGC bill जो संविधान विरोधी कानून बनाया गया है विभिन्न स्थानों से भाजपा कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफों की खबर भी आ रही है।


- शुभांकर मिश्रा ने वीडियो बनाया 

- सुशांत सिन्हा ने वीडियो बनाया 

- Zee न्यूज़ ने DNA शो में दिखाया 

- ट्विटर पर लगातार ट्रेंडिंग में बना हुआ है 

- अब तक कई लाख लोगो ने पोस्ट डाला 

- MP निशिकांत दुबे ने सफ़ाई दी  

- करनी सेना आंदोलन की तैयारी में जुटी 

- अनिल मिश्रा ने वकीलों से मीटिंग की 


 सवर्ण समाज इस विषय पर एकदम एकजुट है। सूत्रों के अनुसार बड़े आंदोलनों की तैयारी तय है।


जाने माने वकील विष्णु शंकर जैन भी इस गजट  के खिलाफ  कूद पड़े है। जिस पर उन्हें दो महीने बाद कि तारीख सौंप दी गयी। 

मंडल की आग  से युवाओं को बचाते हुए जो हाथ झुलसे थे वो आज भी भूले नही है  आरक्षण हटाना तो दूर की कौड़ी है, सवर्णों को अब अधिक सामना करना पड़ सकता है। ऐसी अनेकों पोस्टो से सोशल मीडिया भरा पड़ा है और काफी हद तक यह सही भी है।

*शिमला: राष्ट्रीय देव भूमि पार्टी ने 28 जनवरी को BJP कार्यालय घेराव की घोषणा की, UGC के 'काले कानून' के खिलाफ बड़ा आंदोलन**


पंकज शर्मा ने कहा, "यह कथित सामाजिक न्याय का कानून सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ सबसे बड़ा अन्याय है। अगर किसी विशेष समुदाय (SC/ST) का छात्र सामान्य वर्ग के छात्र पर आरोप लगा दे, तो आरोपी को तुरंत दोषी मान लिया जाएगा, जबकि बचाव के लिए कोई ठोस सुरक्षा कवच नहीं होगा। यह झूठे आरोपों को बढ़ावा देगा और निर्दोषों को परेशान करेगा।"


पार्टी इसे **सामान्य वर्ग के अधिकारों पर हमला** बता रही है और दावा कर रही है कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी या व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे सवर्ण समाज की है। बयान में भावुक अपील की गई है: "जब नाश मनुज पर छाता है तो पहले विवेक मर जाता है।" साथ ही सामान्य वर्ग के लोगों से हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन किया गया है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचें और आंदोलन को मजबूत बनाएं।


UGC के नए नियमों की पृष्ठभूमि

UGC ने जनवरी 2026 में जारी इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में **जाति-आधारित भेदभाव** को पूरी तरह रोकना है। मुख्य प्रावधान:

- सभी संस्थानों में **Equal Opportunity Centre (EOC)** स्थापित करना अनिवार्य।

- भेदभाव की शिकायतों पर त्वरित जांच और कार्रवाई।

- जाति आधारित उत्पीड़न रोकने के लिए संवेदनशीलता प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम।

- उल्लंघन पर संस्थान की मान्यता रद्द करने तक की सजा।


ये नियम मुख्य रूप से SC/ST/OBC समुदाय के छात्रों को सुरक्षा देने के लिए हैं, लेकिन कुछ संगठनों का मानना है कि यह सामान्य वर्ग के खिलाफ पक्षपातपूर्ण हो सकता है, क्योंकि शिकायतों पर सख्त कार्रवाई के प्रावधान से दुरुपयोग का खतरा है।


 पार्टी और आंदोलन का संदर्भ

राष्ट्रीय देव भूमि पार्टी हिमाचल में देवभूमि क्षत्रिय संगठन और सवर्ण मोर्चा से जुड़ी हुई है। पार्टी अध्यक्ष  रूमित सिंह ठाकुर ने भी सोशल मीडिया पर इसी आंदोलन की अपील की है, जिसमें UGC नियमों के अलावा अन्य मुद्दों (जैसे माइनस 40% मार्क्स वाले स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स नीति) का भी जिक्र है। पार्टी ने इसे "हक की आवाज" बताया है और युवाओं-छात्रों को शिमला पहुंचने का आह्वान किया है।


अभी तक इस आंदोलन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया BJP या सरकार की तरफ से सामने नहीं आई है, लेकिन शिमला में 28 जनवरी को ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।

एक कविता सोशल मीडिया पर हुई वायरल--


राष्ट्रवाद का झोला टांगे मैं सवर्ण आवारा हूँ,

मुसलमान से यदि बच जाऊं तो सत्ता का चारा हूँ।

कांग्रेस ने दर्द दिए तब भी हमने कमल का फूल चुना,

लेकिन अब जेल में डाल रहे ये हमें कोई पड़ताल बिना। 

इतने दिन तक भक्ति की फिर भी मोदी का मारा हूँ,

वोट बैंक की कुटिल राजनीति में मैं सवर्ण बेचारा हूँ।

भरोसा किया अपने नेताओं पर, मैं यूँ ही नहीं हारा हूँ,

अभी भी चुप्पी साधी मैंने, तो मैं ही बहुत बड़ा नकारा हूँ। 


 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर नगर पालिका परिसर में गर्व और सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर नगर पालिका अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह नेगी जी,अधिशासी अधिकारी एम एल शाह जी,अधिकारी गण,सभासद गण,कर्मचारी गण मौजूद रहे।।





परवादून जिला कांग्रेस कार्यालय डोईवाला में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया।




परवादून जिला कांग्रेस द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय, डोईवाला में देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तिरंगा फहराकर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर परवादून कांग्रेस द्वारा देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी गई।



परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे के मूल्यों की याद दिलाता है। कांग्रेस पार्टी हमेशा संविधान की रक्षा और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।


कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष रेखा बहुगुणा ने कहा कि आज का दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माताओं के योगदान को स्मरण करने का अवसर देता है। हमें संविधान के अनुरूप देश को मजबूत और समावेशी बनाने का संकल्प लेना चाहिए।


डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा कि

कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। युवाओं और आम जनता को संविधान की मूल भावना से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और “जय हिंद” के नारों व मिष्ठान वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


इस अवसर पर परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,जिला उपाध्यक्ष रेखा बहुगुणा,डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी,कांग्रेस प्रदेश सचिव सागर मनवाल,एसपी बहुगुणा,सुबोध नारायण,अखलाक साबरी,अमित सैनी,सुनील बर्मन,राहुल सैनी,स्वतंत्र बिष्ट,भव्य चमोला,आरिफ अली,राहुल आर्य,विवेक सैनी,विमल गोला,सूरज भट्ट,आदित्य जौहर,मनोज पाल,हर्षित उनियाल,शाकिर अली,रईस अहमद,प्रवीण सैनी व कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए ।

 देहरादून जिलाधिकारी देहरादून शमन बंसल के द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार 27 जनवरी 2026 को मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी करने के मध्य नजर शैक्षणिक अवकाश की घोषणा की जाती है जिसमें जनपद के सभी सरकारी गैर सरकारी शासकीय शासकीय संस्थान एवं आंगनबाड़ी केंद्र कक्षा 1 से 12 तक में अवकाश रहेगा।




गणतंत्र दिवस पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट परिसर में किया ध्वजारोहण

संविधान के मूल्यों के प्रति निष्ठा और कर्तव्यों के निर्वहन का लिया संकल्प

देहरादून, दिनांक 26 जनवरी 2026,




गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण किया। इस अवसपर जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। 
जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमें समानता, न्याय और स्वतंत्रता का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण देश के प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। कहा कि सरकारी अधिकारी कर्मचारी  लोकतंत्र के एक अंग है जिनका कर्तव्य लोकतांत्रित मूल्यों के साथ राज्य देश को को आगे बढाने में इसलिए एक अधिकारी कर्मचारी के तौर  पर उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकारी अधिकारी एक लोक सेवक के रूप में अपने जिले, राज्य एवं राष्ट्र में पूर्ण मनोबल से कार्य करने का प्रयास करते है उसका लक्ष्य यही है कैसे राज्य देश को आर्थिक, सामाजिक इंस्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी साथ संजौना है। भारत वर्ष अन्य राष्ट्रों से अलग यहां की  बोली, भाषा, संस्कृति हर क्षेत्र में भिन्न है। उन्होंने संविधान निर्माताओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संविधान के मूल्यों को आत्मसात कर अपने कर्तव्यों का निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती प्रशासनिक पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना से ही संभव है। उन्होंने जिले के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उत्कृष्ट कार्य वाले कर्मचारियों को जिलाधिकारी सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया जिनमें  श्रीमती रजनी नेगी, वरिष्ठ सहायक, श्रीमती शशि उनियाल, वरिष्ठ सहायक, श्रीमती निर्मला पंत, कनिष्ट सहायक, श्रीमती हेमा बिष्ट, कनिष्ट सहायक, श्रीमती सरिता डबराल, वरिष्ठ सहायक, कैलाश पाण्डेय, अनुसेवक, हरी शंकर, अनुसेवक, सर्वेन्द्र सिंह नेगी, वरिष्ठ सहायक, अजय रावत, कनिष्ट सहायक, श्रीमती किरन रानी, मुख्य सहायक, विपुल बहुगुणा, वरिष्ठ सहायक, आशीष जोशी, मुख्य सहायक, अनुज कुमार, मुख्य सहायक, सुश्री निधी टम्टा, मुख्य सहायक, दिनेश वर्मा, वरिष्ठ सहायक, अमित भट्ट, वरिष्ठ सहायक,.  गौरव रावत, वरिष्ठ सहायक, श्रीमती शमीम अन्जुम जैदी, उर्दू अनुवादक, श्रीमती जगदम्बा रतूड़ी, अनुसेवक, श्री जोगेन्द्र सिंह, कनिष्ट सहायक, श्री योगेश सुन्दरियाल, वरिष्ठ सहायक, आत्मा राम शर्मा, वरिष्ठ सहायक  मयंक जोशी, कनिष्ट सहायक, मनोज कुकरेती मुख्य सहायक, दीवान सिंह शर्मा, वरिष्ठ सहायक,  बाबर खान, वरिष्ठ सहायक, सूचना विभाग के इन्द्रेश, अभिषेक, मुकुल, सुरेन्द्र कोठारी, प्रान्तीय रक्षक दल, देहरादून को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया । 
कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, सहायक निदेशक/जिला सूचना अधिकारी बीसी नेगी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजेश कपिल, प्रशासनिक अधिकारी हरीश पाण्डेय सहित कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभागों, सूचना विभाग के अधिकारी कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।


*यूसीसी दिवस का भव्य उत्सवः देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम, मुख्यमंत्री करेंगे शिरकत,*

*गृह  सचिव, आईजी व डीएम ने कार्यक्रम स्थल पहुंच कर तैयारियों का लिया जायजा



*देहरादून 26 जनवरी,2026
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की वर्षगांठ के अवसर पर 27 जनवरी 2026 को ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम), नीबूंवाला, देहरादून में भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी प्रतिभाग करेंगे।

यूसीसी दिवस की तैयारियों के संबंध में सोमवार को गृह सचिव शैलेश बगौली, आईजी निवेदिता कुकरेती एवं जिलाधिकारी सविन बंसल ने कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर गृह सचिव ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। यह राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिससे सामाजिक समानता, न्याय एवं सुशासन को सुदृढ़ आधार मिला है। यूसीसी के लागू होने से सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित हुआ है तथा राज्य में एकरूपता एवं पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है। निरीक्षण के दौरान गृह सचिव, आईजी एवं जिलाधिकारी ने मुख्य मंच, सभागार, साउंड सिस्टम, बैठक व्यवस्था, सूक्ष्म जलपान, पेयजल, विद्युत, परिवहन, पार्किंग एवं सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर सचिव गृह एवं कारगार तृप्ती भट्ट, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े नोडल अधिकारी मौजूद थे।

समान नागरिक संहिता दिवस पर 27 जनवरी को पूर्वाह्न 11ः00 बजे नीबूंवाला ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में बार काउंसिल, स्थानीय बार एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारी एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों में विधि (कानून) की शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र एवं अन्य गणमान्य भी प्रतिभाग करेंगे।
 
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ विद्यालयों में आयोजित वाद-विवाद, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम को अधिक रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के उद्देश्य से ऑन-द-स्पॉट क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।



 उत्तरकाशी:




77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उत्तरकाशी के ज्ञानसू स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री विजयपाल सजवाण ने पार्टी के सम्मानित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ सहभागिता की।


इस अवसर पर तिरंगे को नमन करते हुए संविधान निर्माताओं एवं स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। पूर्व विधायक श्री सजवाण ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें भारतीय संविधान में निहित मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—के प्रति अपनी आस्था को और सुदृढ़ करने का संदेश देता है।


उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ विकसित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निरंतर योगदान देने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में जिला महामंत्री श्री महावीर नेगी, नगर मंडल अध्यक्ष श्री राजीव बहुगुणा, नगर महामंत्री श्री गौतम रावत, भागीरथी मंडल महामंत्री श्री विनोद नेगी, युवामोर्चा जिला अध्यक्ष श्री हरेंद्र राणा, डॉ. मनबीर विघाणा, श्री नितिन पयाल, श्री शुभम चमोली सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


रायवाला की गौरी बनीं एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग ऑफिसर

    

    ऋषिकेश :



प्रतीतनगर रायवाला निवासी गौरी भारद्वाज ने देश के प्रतिष्ठित एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग ऑफिसर पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर गौरी ने यह मुकाम हासिल कर ग्रामीण बेटियों के लिए मिसाल कायम की है।

गौरी ने वर्ष 2019 में भागीरथी विद्यालय हरिपुरकलां से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया। इसके बाद उत्तराखंड नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट रैंक प्राप्त कर स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, देहरादून में प्रवेश लिया। बीएससी नर्सिंग पूर्ण करने के बाद पहले ही प्रयास में अखिल भारतीय स्तर पर 520वीं रैंक प्राप्त कर एम्स ऋषिकेश में चयनित हुईं।

बीते शनिवार को आयोजित 18वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए। आईटीबीपी देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में गौरी को नियुक्ति पत्र सौंपा गया।

गौरी के पिता संजय भारद्वाज रायवाला बाजार में दर्जी की दुकान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी की शिक्षा को प्राथमिकता दी। गौरी की सफलता पर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

गणतंत्र दिवस पर गांधी पार्क में आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हुए शामिल* 

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश दिया* 

flag hoisting by governer, CS, DG dipr and vande matram singing by CM Dhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित गांधी पार्क में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।


इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस गरिमामयी सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में सहभागिता करना उनके लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् अपनी रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर चुका है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी से निकला वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का नारा रहा है, जिसने देशवासियों को एक साझा भावनात्मक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान की तथा पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम के सूत्र में बाँधने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया, तब यह केवल नारा नहीं रहा, बल्कि एकता, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सजीव प्रतीक बन गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् कोई सामान्य कविता नहीं है, बल्कि यह माँ भारती के प्रति आस्था, समर्पण और कर्तव्यबोध की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रगीत हजारों कंठों से एक साथ गूंजता है, तो केवल स्वर नहीं मिलते, बल्कि हृदय, विचार और संकल्प भी एक हो जाते हैं। इसी भाव को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने भारत विकास परिषद के सभी कार्यकर्ताओं की सराहना की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्ज किया गया है, जो यह दर्शाता है कि लोग अब रोजगार, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और उन्हें विश्वास है कि प्रदेशवासी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए उत्तराखंड सहित पूरे देश को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान देंगे


कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर तथा अन्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे |


गणतंत्र दिवस के अवसर पर सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने सूचना भवन परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान के प्रति निष्ठा, एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई।


ध्वजारोहण के उपरांत अपने संबोधन में महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, संविधानिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। संविधान ने हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराया है, जिनका ईमानदारी से पालन करना प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से लोकसेवकों की जिम्मेदारी है।


महानिदेशक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें तथा संविधान की भावना के अनुरूप राज्य और देश की प्रगति में सक्रिय योगदान दें।


इस अवसर पर सूचना विभाग के अपर निदेशक आशिष त्रिपाठी, उपनिदेशक रवि बिजारनिया, सहायक निदेशक श्रीमति अर्चना सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।


मुख्य सचिव ने सचिवालय में ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों और सचिवालय परिवार को गणतंत्र दिवस की बधाई दी*


*गणतंत्र दिवस महान संकल्प, संघर्ष और दूरदृष्टी का प्रतीक: मुख्य सचिव*


मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय परिसर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वज फहराकर सभी प्रदेशवासियों एवं सचिवालय में उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हम सब यहाँ भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के एक अत्यंत गौरवपूर्ण एवं पावन पर्व पर एकत्रित हुए हैं। यह दिन केवल एक औपचारिक तिथि नहीं है, बल्कि उस महान संकल्प, संघर्ष और दूरदृष्टि का प्रतीक है, जिसके बल पर भारत ने स्वयं को एक सम्प्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन, 26 जनवरी 1950 को, भारत ने अपने संविधान को अंगीकार कर यह घोषणा की कि इस देश की सत्ता का अंतिम स्रोत उसकी जनता होगी। यह वह क्षण था जब सदियों की दासता के बाद भारत ने न केवल राजनीतिक स्वतंत्रता, बल्कि संवैधानिक स्वराज भी प्राप्त किया।


*संविधान ने हमें अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का बोध कराया*


मुख्य सचिव ने कहा कि हमारा संविधान केवल कानूनों का संकलन नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा, चेतना और चरित्र का दर्पण है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में निर्मित यह संविधान हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों से जोड़ता है। संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं, परंतु उससे भी अधिक हमें हमारे कर्तव्यों का बोध कराया है।


*प्रत्येक शासकीय कर्मी जनता का सेवक है*


मुख्य सचिव ने कहा कि हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि हम केवल शासकीय कार्य नहीं कर रहे, बल्कि हम जनता के सेवक हैं। हमारी हर फाइल, हर नीति और हर निर्णय प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही केवल शब्द नहीं, बल्कि हमारा आचरण होना चाहिए। उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, त्याग और सपनों की उपज है। यह उन माताओं की आँखों में बसे सपनों का परिणाम है, जिन्होंने अपने बच्चों को आंदोलन में झोंक दिया। यह उन युवाओं की आहुति का फल है, जिन्होंने एक बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष किया।


*सचिवालय राज्य की नीति की धड़कन, यहीं से शासन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है*


मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य निर्माण के पच्चीस वर्ष पूर्ण कर चुके उत्तराखंड के लिए वर्ष 2026 अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह रजत जयंती के बाद का नवोन्मेषी चरण है, जहाँ हमें अतीत से सीखते हुए भविष्य की नींव और अधिक सशक्त बनानी है। उत्तराखंड सचिवालय राज्य की नीति की धड़कन है। यहीं से योजनाएँ जन्म लेती हैं, यहीं से विकास की दिशा तय होती है और यहीं से शासन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है। उन्होंने अपने सिस्टम पर  विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सचिवालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण अपने समर्पण, कर्मठता और कर्तव्यनिष्ठा से राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में निरंतर योगदान दे रहे हैं। चाहे आप नीति निर्माण से जुड़े हों, वित्त प्रबंधन में हों, प्रशासनिक कार्यों में हों या सहायक सेवाओं में—हर भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज का युग केवल योजनाओं की घोषणा का नहीं, बल्कि परिणामों का युग है। नागरिक यह नहीं पूछते कि योजना बनी या नहीं, वे यह जानना चाहते हैं कि उनके जीवन में क्या परिवर्तन आया।


*अनुशासन, समयबद्धता, नागरिकों के प्रति सम्मान और नैतिक आचरण हमारी पहचान बने*


मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने विगत वर्षों में ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाएँ, जनकल्याणकारी योजनाओं की समयबद्ध डिलीवरी तथा प्रशासनिक सुधारों की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। फिर भी, हमें यह स्वीकार करना होगा कि सुशासन एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें निरंतर आत्ममंथन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अपने कर्मचारियों के बिना सफल नहीं हो सकती। सचिवालय का प्रत्येक कर्मी—चाहे अधिकारी हो या सहायक—राज्य की प्रशासनिक मशीनरी का अनिवार्य अंग है। मैं आपको यह आश्वस्त करता हूँ कि शासन आपकी क्षमता-वर्धन, कल्याण और कार्य-संतुलन के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, मैं आपसे अपेक्षा करता हूँ कि अनुशासन, समयबद्धता, नागरिकों के प्रति सम्मान और नैतिक आचरण हमारी पहचान बने।


*विकसित भारत @2047 का संकल्प केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर राज्य और हर कर्मचारी का साझा संकल्प है*


मुख्य सचिव ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है, और उत्तराखंड भी इस ऊर्जा से परिपूर्ण है। युवा ऊर्जा यदि सही दिशा में प्रवाहित हो, तो असंभव को भी संभव बना सकती है। आज प्रशासन में तकनीक केवल सहायक नहीं, बल्कि एक अनिवार्य उपकरण बन चुकी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शासन को अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी बना रहे हैं। हमें तकनीक से डरना नहीं, बल्कि उसे मानवीय संवेदनाओं के साथ जोड़ना है। भारत आज वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत @2047 का संकल्प केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर राज्य और हर कर्मचारी का साझा संकल्प है।


*संकल्प: उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे*


मुख्य सचिव ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें स्मरण कराता है कि हम स्वतंत्र हैं, क्योंकि हमारे पूर्वजों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। हम सुरक्षित हैं, क्योंकि हमारे सैनिक सीमाओं पर डटे हैं। और शासन इसलिए चल रहा है, क्योंकि आप सभी अपना दायित्व ईमानदारी से निभा रहे हैं। इस गणतंत्र दिवस पर हम यह संकल्प लें कि हम संविधान की मर्यादा बनाए रखेंगे, जनता की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानेंगे और उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु , श्री एल फ़ैनाई, श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, सभी सचिवगण, अपर सचिवगण सचिवालय के अधिकारी कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।


                                                        

*गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने लोक भवन एवं परेड ग्राउंड में फहराया राष्ट्रीय ध्वज।*


*परेड ग्राउंड में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस एवं विभिन्न अधिकारियों को किया सम्मानित।*


*परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।*


*परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट रहीं।*



लोक भवन देहरादून :


    गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक अलंकरण कर सम्मानित किया गया साथ विभिन्न अधिकारियों को भी उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।


   परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान सूचना विभाग द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड रजत जयंती और शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’’ पर आधारित झांकी के अलावा महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग, उद्यान विभाग, विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण(उरेड़ा), वन विभाग, उद्योग विभाग एवं संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं तथा नीतियों पर आधारित मनमोहक झाँकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।


   समारोह में सेना 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी, सी0आर0पी0एफ0, आई०टी०बी०पी०, हिमाचल पुलिस, 40वीं वाहिनी पीएसी, 40वीं वाहिनी महिला दल, उत्तराखण्ड होमगार्ड्स, प्रान्तीय रक्षक दल, एन०सी०सी बॉयज, एन०सी०सी गर्ल्स, अश्व दल, पुलिस संचार, अग्निशमन, सी०पी०यू० ने भव्य परेड में प्रतिभाग किया। परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी रहीं, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।


   परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में राज्य के लोक कलाकारों ने सांस्कृृतिक लोक नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन किया, जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली। विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा छोलिया नृत्य, गढ़वाली नृत्य, पाइप बैंड आदि का महमोहक प्रदर्शन किया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने खूब आनंद लिया।


   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों और राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।


   परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड श्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सांसद नरेश बंसल, सांसद महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, सचिव श्री राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह सहित पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि गण एवं जनसामान्य लोग भी उपस्थित रहे।

*राज्यपाल ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया*


   राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।


   मीडिया से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए लोकतंत्र की सुदृढ़ नींव रखने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने देश की स्वतंत्रता हेतु बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों तथा सीमाओं एवं तटों पर तैनात सशस्त्र बलों के जवानों को नमन किया।


   राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विश्व गुरु भारत’ के संकल्प को साकार करने में सभी नागरिकों की सहभागिता पर बल दिया।


   राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक तकनीकों का सकारात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखण्ड की नारी शक्ति और युवाओं द्वारा नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।


   राज्यपाल ने ‘राष्ट्र सर्वाेपरि’ की भावना के साथ एकता और अखंडता बनाए रखने का आह्वान करते हुए सभी प्रदेशवासियों को देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की अपील की।


*गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिन अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया विवरण निम्नवत हैः-*


1-डॉ. नीरज सिंघल, निदेशक पशुपालन विभाग उत्तरखण्ड।

2-श्री मस्तू दास, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड।

3-श्री अरुण कुमार सिंह, अनुभाग अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।

4-श्री राकेश सिंह असवाल, समीक्षा अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।


*गणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर घोषित श्री राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से राज्य पुलिस बल के अधिकारियों/कर्मचारियों को पदक अलंकरण किया गया-*


1-श्री यशपाल सिंह, निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।

2-श्री नरोत्तम बिष्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।

3-श्री देवेन्द्र कुमार, आरक्षी 21 नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।

4-श्री भूपेन्द्र सिंह मर्ताेलिया, मुख्य आरक्षी एसटीएफ कुमाऊँ।

5-श्री सुनील कुमार, अपर उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस पौड़ी गढ़वाल।

6-श्री सुनील रावत, मुख्य आरक्षी 114 नागरिक पुलिस, जनपद देहरादून।


   गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोक भवन में स्वल्पाहार कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस स्वल्पाहार कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, विधायकगणों सहित गणमान्य व्यक्तियों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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