Halloween party ideas 2015

 

देहरादून:



*धामी सरकार का मास्टर स्ट्रोक : देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर को मिलेगा स्मार्ट और जाम-मुक्त परिवहन नेटवर्क*


*CMP-2024 पर सचिवालय में मंथन, E-BRTS (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), रोपवे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगी राज्य की तस्वीर*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड में आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत ढांचे के निर्माण की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक कॉरिडोर, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए कॉम्प्रीहेन्सिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024 पर उच्चस्तरीय मंथन किया गया। आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक राज्य सचिवालय में आयोजित हुई, जिसमें इस पूरे कॉरिडोर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।


बैठक की शुरुआत मैसर्स यूएमटीसी द्वारा CMP-2024 के अद्यतन प्रस्तावों के प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें देहरादून (देहरादून शहर, विकासनगर, ऋषिकेश) और हरिद्वार (हरिद्वार शहर, रुड़की, भगवानपुर) क्षेत्र की मौजूदा यातायात चुनौतियों और उनके समाधान को विस्तार से रखा गया। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजना के तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया। सचिव आवास ने निर्देश दिए कि CMP के सभी प्रस्तावों को संबंधित मास्टर प्लान में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि आने वाले समय में शहरी परिवहन अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में तैयार होने वाली सभी योजनाओं में एकीकृत परिवहन प्रणाली की अवधारणा को केंद्र में रखा जाए।



*बढ़ते यातायात दबाव का समाधान, लोगों को मिलेगा राहतभरा सफर*

देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर वर्तमान में राज्य का सबसे व्यस्त क्षेत्र बन चुका है। SIDCUL जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, तेजी से हो रहे शहरीकरण और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि के चलते यहां यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पीक आवर्स में जाम, अव्यवस्थित पार्किंग, सीमित सड़क क्षमता और सार्वजनिक परिवहन की कमी जैसी समस्याएं आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। CMP-2024 इन चुनौतियों का दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है, जिससे आमजन को राहत मिलने की उम्मीद है। इस योजना के तहत परिवहन को लोग-केंद्रित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और पैदल व साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में कई ठोस कदम प्रस्तावित किए गए हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।



*ई-बीआरटीएस, रोपवे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगा कॉरिडोर का स्वरूप*

CMP-2024 के अंतर्गत कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जो इस पूरे कॉरिडोर की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती हैं। देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच लगभग 73 किलोमीटर लंबी ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) प्रणाली विकसित करने की योजना है, जिससे तीनों शहरों के बीच आवागमन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। इसके अलावा हरिद्वार में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव है, जो विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा। धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए रोपवे परियोजनाओं का विकास भी इस योजना का अहम हिस्सा है, जिससे यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITS), आधुनिक सिग्नलिंग, पार्किंग प्रबंधन और बाईपास सड़कों के निर्माण पर भी जोर दिया गया है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के माध्यम से शहरों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे परिवहन और शहरी जीवनशैली के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।


*कांवड़ और कुंभ जैसे आयोजनों में मिलेगी बड़ी राहत*

विशेषज्ञों का मानना है कि CMP-2024 के लागू होने से कांवड़ मेला और कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। हर साल लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से इस कॉरिडोर पर भारी दबाव पड़ता है, लेकिन नई योजना के लागू होने के बाद यातायात अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकेगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रशासन के लिए भी व्यवस्थाएं संभालना आसान होगा। कुल मिलाकर यह योजना धामी सरकार की विकासोन्मुखी और दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है, जो उत्तराखंड को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


बैठक में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी. पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने CMP-2024 को राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। 


*सरकार की दूरदर्शी सोच, विकास को मिलेगी नई रफ्तार*

आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के प्रमुख शहरी क्षेत्रों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। CMP-2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें एकीकृत और आधुनिक परिवहन प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया है। हमारा उद्देश्य है कि देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनाया जाए। ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), रोपवे, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जैसी योजनाएं न केवल यातायात समस्याओं का समाधान करेंगी, बल्कि राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति देंगी। आने वाले समय में यह कॉरिडोर देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

 


देवेन्द्र कुमार बुडाकोटी


पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान से जुड़े चल रहे संघर्ष के वैश्विक प्रभाव हैं। भारत में इसका असर पहले से ही दिखाई देने लगा है, जहाँ खाना पकाने वाली गैस की घबराहट में खरीदारी और कालाबाज़ारी की घटनाएँ सामने आई हैं, जबकि सरकार ने आश्वासन दिया है कि पर्याप्त भंडार होने के कारण फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है।


हालाँकि, इससे जो बड़ा मुद्दा उभरकर सामने आता है, वह है भारत की ऊर्जा सुरक्षा। इस संघर्ष ने नागरिकों को देश की ऊर्जा आवश्यकताओं, आपूर्ति की कमजोरियों और बाहरी स्रोतों पर निर्भरता के प्रति अधिक जागरूक किया है।

वर्षों से भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने और वैकल्पिक ऊर्जा में निवेश करने के प्रयास कर रहा है। इनमें सौर, पवन, ज्वारीय, परमाणु और जलविद्युत ऊर्जा शामिल हैं, विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र में। ये पहल जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने की दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाती हैं।

हम अपनी अर्थव्यवस्था को बनाए रखने के लिए जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर शीघ्र संक्रमण की आवश्यकता के प्रति लगातार जागरूक हो रहे हैं। इस संकट ने कुछ महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को भी उजागर किया है, जैसे होर्मुज़ जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व, जहाँ से विश्व के लगभग पाँचवें हिस्से के तेल की आपूर्ति और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है। इस महत्वपूर्ण मार्ग में किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दे सकता है, जिसका विशेष प्रभाव विकासशील देशों पर पड़ेगा।

भारत में ऊर्जा सुरक्षा को अक्सर पेट्रोलियम, तेल और स्नेहक (POL) में आत्मनिर्भरता की कमी के संदर्भ में समझा जाता है। भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकताओं का लगभग 82% आयात करता है, जिससे वह विश्व के सबसे बड़े आयातकों में से एक बन जाता है। इस खपत का बड़ा हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है—दो-पहिया और यात्री वाहनों के लिए पेट्रोल, ट्रकों और बसों के लिए डीज़ल, विमानन ईंधन, तथा कृषि में उपयोग।

इस निर्भरता को कम करने के लिए भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाने की पहल की है, जिसमें दो-पहिया वाहन, कारें, बसें और औद्योगिक उपकरण शामिल हैं। इस परिवर्तन का उद्देश्य POL की खपत और आयात निर्भरता को कम करना है।

भारत का ऊर्जा परिदृश्य एक रणनीतिक परिवर्तन से गुजर रहा है। 2025 तक गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 217 गीगावाट से अधिक हो चुकी है, और वर्तमान में कुल स्थापित क्षमता का लगभग 49% हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों, जिसमें नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा शामिल हैं, से आता है। राष्ट्रीय बायो-ऊर्जा मिशन, राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और रूफटॉप सोलर कार्यक्रम जैसी सरकारी पहलें इस परिवर्तन के केंद्र में हैं। इसके अतिरिक्त, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार कर रहा है।

रूस-यूक्रेन युद्ध ने यह दिखाया कि आधुनिक युद्ध शायद ही कभी एकतरफा होते हैं। यूक्रेन को अमेरिका और नाटो देशों का व्यापक समर्थन मिला, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों में “शक्ति संतुलन” की अवधारणा को दर्शाता है। हालांकि, जैसा कि हेनरी किसिंजर ने कहा था, “अमेरिका के न तो स्थायी मित्र होते हैं और न ही शत्रु, केवल हित होते हैं।” यूरोपीय देशों ने यूक्रेन का समर्थन करते हुए भी रूसी तेल और गैस पर अपनी निर्भरता को ध्यान में रखा, जो भू-राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा के जटिल संबंध को दर्शाता है।

वर्तमान मध्य पूर्व संकट से पहले ही भारत ने रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली थी, अक्सर रुपये-आधारित व्यापार जैसे अनुकूल प्रबंधों के माध्यम से, जो उसके आर्थिक और ऊर्जा हितों के अनुरूप था। रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान कुछ देशों द्वारा आलोचना के बावजूद, भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी।

भारत अमेरिका और इज़राइल जैसे प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखता है, साथ ही ईरान के साथ ऐतिहासिक रूप से मैत्रीपूर्ण संबंध भी कायम रखता है। तेजी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में, भारत की संतुलित और व्यावहारिक विदेश नीति उसकी ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

……………….  

लेखक एक समाजशास्त्री हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। उनके शोध कार्य का उल्लेख नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन के लेखन में भी किया गया है।

 


cabinet minister madan kaushik, ranjeeta chohan

हरिद्वार:
भाजपा महिला मोर्चा हरिद्वार की नवनियुक्त  पदाधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक से मुलाकात की।

 उन्होंने महिला मोर्चा की पदाधिकारी श्रीमती रंजीता चौहान को जिला सहसंयोजक मीडिया हरिद्वार नियुक्त किए जाने पर सम्मानित भी किया ।
  साथ ही उन्होंने महिला मोर्चा को सशक्त बनाने हेतु लगन  से  कार्य करने हेतु अग्रिम शुभकामनाएं दी। 


 

राम नवमी और दुर्गा अष्टमी के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दी शुभकामनाएं


गुप्तकाशी/ रूद्रप्रयाग: 26 मार्च




श्री विश्वनाथ मंदिर परिसर  स्थित श्री भैरवनाथ मंदिर में जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आज राम नवमी एवं दुर्गा अष्टमी के शुभ अवसर पर  हवन यज्ञ, ध्वज बंधन  के साथ विधिवत पूजा-अर्चना का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी)के आचार्यगण,अधिकारी कर्मचारी  श्रद्धालुजन मौजूद रहे।पूजा आरती पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।


बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी)अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अपने संदेश में इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भैरवनाथ जी के  मंदिर का जीर्णोद्धार क्षेत्र की धार्मिक आस्था को और अधिक सशक्त करेगा तथा तीर्थ यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती तथा उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण ने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।



बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में अवगत कराया कि श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी स्थित भैरव मंदिर में आज सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अनुष्ठान संपन्न हुये। श्रद्धालुओं ने भगवान भैरवनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।दानीदाता के सहयोग से भैरव नाथ जी  के  मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है।


इस दौरान तीर्थ पुरोहित समाज रूद्रपुर, हकहकूकधारी सांकरी,धर्माधकारी औंकार शुक्ला,  भैरवनाथ पश्वा अरविंद शुक्ला,बीकेटीसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, विश्राम गृह गुप्तकाशी प्रबंधक  भगवती प्रसाद सेमवाल, प्रबंधक प्रदीप सेमवाल,आचार्य कृष्णानंद नौटियाल आनंद तिवारी, महावीर तिवारी, योगेश शुक्ला सहित सभी अधिकारी कर्मचारी श्रद्धालु जन स्थानीय जन-मानस मौजूद रहे।

*एलाइंस एयर देहरादून – पिथौरागढ़ के बीच संचालित करेगा 42 सीटर विमान सेवा* 


मुख्यमंत्री श्री

CM Dhami jollygrant airport

पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून विमान सेवा का शुभारंभ किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामनवमी के शुभ अवसर पर देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए 42 सीटर विमान सेवा शुरु होने से पिथौरागढ़ - देहरादून का सफर एक घंटे में पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह विमान सेवा सामरिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब हवाई यात्रा करना केवल विशिष्ट और सम्पन्न वर्ग के लोगों के लिए ही संभव माना जाता था। परंतु आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हवाई चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2016 में UDAN योजना की शुरुआत कर देश में नागरिक विमानन के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया था। जिसके माध्यम से छोटे शहरों, दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर आम नागरिकों को सस्ती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो दिन पूर्व ही उड़ान योजना 2.0 को मंजूरी प्रदान की है। जिसके अंतर्गत, आगामी 10 वर्षों में लगभग 29 हजार करोड़ रुपये के बजट से 100 नए हवाई अड्डों और 200 नए हेलीपैड के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का विस्तार विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने तथा दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में सस्ती एवं सुगम हवाई सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। 


*जीवन रेखा बन चुकी है हवाई सेवाएं*

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए हवाई सेवाएँ मात्र एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी है। दुर्गम और दूरस्थ अंचलों में आवश्यक सामग्री पहुँचाने से लेकर गंभीर रोगियों को त्वरित उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक लाने में हवाई सेवाएं कारगर साबित हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में उड़ान योजना के अंतर्गत राज्य में 26 हवाई मार्गों का संचालन किया जा रहा है। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए वर्ष 2023 में “उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी योजना” प्रारंभ की गई है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 6 हवाई मार्गों पर उड़ानों का नियमित संचालन किया जा रहा है। बीते चार वर्षों में प्रदेश में हेलिपोर्ट्स की संख्या 2 से बढ़कर 12 हो गई है। साथ ही, हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो चुकी है। उत्तराखंड को “बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम” जैसा राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।


*एक घंटे में पूरा होगा पिथौरागढ़ का सफर*

मुख्यमंत्री  ने कहा कि देहरादून- पिथौरागढ़ हवाई सेवा के प्रारंभ होने से, पिथौरागढ़ के लोग एक घंटे में देहरादून तक पहुंच सकते हैं। इस सेवा से पिथौरागढ़ की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले हमारे सीमांत क्षेत्रों को वर्षों तक उपेक्षित रखा, जिस कारण इन क्षेत्रों में विकास की गति सीमित रही। आज केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं। इसी दिशा में चलते हुए पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच भी हेली सेवा प्रारंभ की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने का काम भी कर रही है। इसी क्रम में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जी की उपस्थिति में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और उत्तराखंड सरकार के मध्य नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए एमओयू भी किया है, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र को और भी अधिक फायदा मिलेगा।


इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने वीडियो संदेश के जरिए देहरादून- पिथौरागढ़ विमान सेवा के लिए अपनी शुभकामानाएं देते हुए राज्य में हवाई सुविधाओं को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया। समारोह में कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, श्री भरत चौधरी, विधायक श्री बृजभूषण गैरोला,  पूर्व विधायक श्रीमती चंद्रा पंत, दायित्वधारी श्री हेमराज बिष्ट, एलाइंस एयर के सीएमडी श्री अमित कुमार, उकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान, एसीईओ श्री संजय टोलिया मौजूद थे।

 उत्तराखंड के निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी पहल: BOCW बोर्ड और CSC के बीच MoU पर हस्ताक्षर

उत्तराखंड सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (CSC SPV) के बीच देहरादून में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य राज्य के निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण को अधिक सरल, सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाना है।



यह समझौता श्री पी.सी. दुमका (सचिव, UKBOCW) की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। आधिकारिक दस्तावेजों पर श्री विपिन कुमार (डिप्टी लेबर कमिश्नर) एवं श्री अशवनी कुमार (स्टेट हेड, CSC SPV) द्वारा हस्ताक्षर किए गए।

मुख्य बिंदु एवं लाभ:

 सरल पंजीकरण प्रक्रिया:

अब उत्तराखंड के निर्माण श्रमिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर आसानी से पंजीकरणऔर नवीनीकरण करा सकेंगे।


योजनाओं तक सीधी पहुँच:

पंजीकरण प्रक्रिया आसान होने से पात्र श्रमिकों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलेगा।


कार्यक्रम के दौरान विभाग एवं CSC के  अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें श्रीमती दुर्गा (सीनियर आईटी ऑफिसर, UKBOCW), श्री संदीप कुमार शर्मा (स्टेट मैनेजर, CSC SPV) एवं श्री भूपेंद्र कुमार (मैनेजर, UIDAI, CSC SPV) प्रमुख रूप से शामिल थे।



 सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और मैसेज घूम रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल और डीज़ल समेत ईंधन की कमी हो गई है, और लोगों से भविष्य के लिए इसे जमा करने और स्टॉक करने की अपील की जा रही है।

beware of shortage of fuels , PIB


आपको बता दें कि

✅ सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।


✅ पूरे देश में पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।


⚠️ घबराकर खरीदारी करने या जमाखोरी करने की कोई ज़रूरत नहीं है।

सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

साभार पीआईबी

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.