Halloween party ideas 2015

 आज का राशिफल

 दिनांक 9 अप्रैल 2026 

दिन गुरुवार



मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। परिवार की समस्याओं की चिंता रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ अधिकाधिक लेना चाहिए। नवीन उपलब्धियों की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा।



वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। बेरोजगारी दूर होगी। धन की आवक बनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य न करें। लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रयत्न करें, सफलता मिलेगी। शुभ कार्यों में संलग्न होने से सुयश एवं सम्मान प्राप्त हो सकेगा। व्यापारिक निर्णय लेने में देर नहीं करें।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से सहयोग मिलेगा। संतान के कार्यों पर नजर रखें। पूँजी निवेश बढ़ेगा। प्रचार-प्रसार से दूर रहें।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

क्रोध पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दु:खद समाचार मिल सकता है। चिंता बनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय में सावधानी रखें। वास्तविकता को महत्व दें। प्रयासों में सफलता के योग कम हैं। परिवार में कलह-कलेश का माहौल रह सकता है।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

नए अनुबंधों का लाभ मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। पूछ-परख रहेगी। रुके कार्य बनेंगे। जोखिम न लें। वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। व्यवहार कुशलता एवं सहनशीलता के बल पर आने वाली बाधाओं का समाधान हो सकेगा। खानपान पर नियंत्रण रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

मेहमानों का आवागमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। मान बढ़ेगा। जल्दबाजी न करें। जोखिम के कार्यों से दूर रहें। पराक्रम में वृद्धि होगी। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। अभिष्ट कार्य की सिद्धि के योग हैं। उलझनों से मुक्ति मिलेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल लाभ देंगे। भेंट आदि की प्राप्ति होगी। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में उन्नति के योग हैं। संतान की ओर से सुखद स्थिति बनेगी। प्रयास की मात्रा के अनुसार लाभ की अधिकता रहेगी। अपनी वस्तुएँ संभालकर रखें।

वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

वाणी पर नियंत्रण रखें। अप्रत्याशित बड़े खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है, जोखिम न लें। अजनबी व्यक्ति पर विश्वास न करें। उदर विकार के योग के कारण खान-पान पर संयम रखें। विवादों से दूर रहना चाहिए। आर्थिक प्रगति में रुकावट आ सकती है।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। धनार्जन होगा। प्रमाद न करें। संतान के कार्यों से समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नेतृत्व गुण की प्रधानता के कारण प्रशासन व नेतृत्व संबंधी कार्य सफल होंगे। शत्रुओं से सावधान रहें।

मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शत्रु शांत रहेंगे। धनार्जन होगा। आज विशेष लाभ होने की संभावना है। बुद्धि एवं मनोबल से सुख-संपन्नता बढ़ेगी। व्यापार में कार्य का विस्तार होगा। सगे-संबंधी मिलेंगे


गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। धनार्जन होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। प्रमाद न करें। व्यापार-व्यवसाय में इच्छित लाभ की संभावना है। भाइयों की मदद मिलेगी। संपत्ति के लेनदेन में सावधानी रखें।

राशि फलादेश

मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। दूसरों की जमानत न लें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पारिवारिक जीवन में तनाव हो सकता है। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ के योग हैं। स्थायी संपत्ति क्रय करने के योग बनेंगे। प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भेंट होगी।


हरिद्वार:



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 के तहत अवस्थापना सुविधाओं के विकास में तेजी लाये जाने तथा जिला योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु  1200 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला-2027 के तहत अवस्थापना सुविधाओं के विकास में तेजी लाये जाने के लिए विभिन्न विभागों की 28 महत्वपूर्ण योजनाओं हेतु ₹ 282.29 करोड़ की योजनाओं का अनुमोदन प्रदान किया गया है। कुम्भ मेला-2027 को दिव्य एवं भव्य स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार का यह महत्वपूर्ण प्रयास है।


इसके साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना संरचना के अंतर्गत राज्य के सभी जनपदों हेतु कुल ₹ 1018.21 करोड़ की धनराशि जनपदवार आवंटित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस धनराशि से जनपदों में संचालित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा प्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास को और अधिक गति मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जन कल्याण से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश की जनता को योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।

[08/04, 20:30] +91 70550 07045: *देहरादून 08 अप्रैल, 2026 (सू. ब्यूरो)*

*मुख्य सचिव ने ली चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक*


*सम्बन्धित विभागों से ली अद्यतन स्थिति की जानकारी*


*विभागीय उच्चाधिकारियों और जिलाधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश*


मुख्य सचिव ने बुधवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्त्वपूर्ण बैठक ली। मुख्य सचिव ने पुलिस, लोनिवि, स्वास्थ्य विभाग आदि को अपने स्तर से पूर्ण तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। 


मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस विभाग को जाम वाले स्थलों तथा स्लाईडिंग जोन का चिन्हित कर पुलिस बल तैनात किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैफिक जाम और लैंड स्लाइडिंग जैसे अन्य कारणों से मार्ग बाधित होने के कारण लगने वाले जाम से बचने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया चिह्नित कर यात्रियों को रुकने और खाने की सम्पूर्ण व्यवस्थाएं रखी जाएं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार को असुविधा न हो। उन्होंने यातायात संकुलन और मौसम की जानकारी सहित महत्वपूर्ण जानकारियां लगातार वॉकी-टॉकी सहित एसएमएस से जानकारी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यात्रा के लिए रजिस्टर्ड नंबर पर वॉट्सएप चला जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों को ‘सचेत ऐप‘ अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाए। उन्होंने पुलिस सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभागों को अपनी विभागीय योजनाओं में नए रूट्स और कनेक्टिविटी को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। 


मुख्य सचिव ने आपदा प्रबन्धन विभाग के मैसेजिंग एलर्ट मैकेनिज्म का प्रयोग भी यात्रा मार्ग में यात्रियों को जानकारियां उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपात स्थिति में हैली सेवाओं के माध्यम से बचाव एवं रेस्क्यू का उचित प्रबन्धन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में विभिन्न स्थानों में सार्वजनिक सुविधाएं विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए स्थान चिह्नित करते हुए इसका प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग अपनी छोटी पब्लिक अमेनिटीज को भी विकसित कर सकता है। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों में साईनेज अनिवार्य रूप से लगाए जाने की बात भी कही ताकि किसी श्रद्धालु को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।


मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से चारों धामों में चिकित्सकों की तैनाती की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ धाम में 15-15 दिनों के रोटेशन आधार पर चिकित्सकों की तैनाती की जाए। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्क्रीनिंग पाइंट्स स्थापित करते हुए स्वास्थ्य जांच को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रेकिंग रूट्स पर आपातकालीन स्थिति में मेडिसिन और जांच उपकरणों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।


मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन तथा लोक निर्माण विभाग के अपने-अपने परिक्षेत्रान्तर्गत आने वाले मोटर मार्गाे यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व दुरूस्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिए लैबर की संख्या बढ़ायी जाए। उन्होंने डेंजर जोन, स्लाईडिंग जोन को चिन्हित कर मरम्मत किये जाने के साथ ही उन स्थलों पर मशीनें/उपकरण रखे जाने के भी निर्देश दिए हैं।


मुख्य सचिव ने विद्युत विभाग को श्री बद्रीनाथ धाम में लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान तथा चारों धामों में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में कई बार विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, इसके दृष्टिगत वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने चारो धामों एवं यात्रा मार्गाे पर सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही उन्होंने जीएमवीएन को भी अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नागरिक उड्डयन विभाग को शटल सेवा के लिए एसओपी शीघ्र जारी करने के साथ ही सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारों धामों में हैली सेवाओं की उपलब्धता एवं ऑफलाईन/ऑनलाईन बुकिंग की सुविधा का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने सूचना विभाग को यात्रा से सम्बन्धित सभी आवश्यक जानकारियों को प्रचार प्रसार सुनिश्चित किए जाने एवं उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने परिवहन विभाग को वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड एवं ट्रिप कार्ड ससमय उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपूर्ति विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में रसोई गैस, कैरोसीन, पैट्रोल, डीजल आदि की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। 


इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री दीपक सेठ, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री धीराज गर्ब्याल, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


देहरादून:


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने बुधवार को राज्य सचिवालय में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा हरिद्वार शहर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परियोजना के क्रियान्वयन, लागत, भूमि हस्तांतरण, कन्सेशन अवधि और वित्तीय व्यवहार्यता समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव आवास ने अधिकारियों को परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।


*पीपीपी मॉडल पर बनेगा आधुनिक रोपवे*


बैठक के दौरान उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा ने हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का क्रियान्वयन और संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत डीबीएफओटी आधार पर किया जाना प्रस्तावित है।

प्रस्तुतीकरण में परियोजना की संरचना, संभावित मार्ग, निर्माण कार्य और संचालन व्यवस्था की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से हरिद्वार शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

प्रति किलोमीटर लागत लगभग 75 करोड़

समीक्षा बैठक में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने परियोजना की प्रति किलोमीटर लागत के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। इस पर प्रबंध निदेशक द्वारा बताया गया कि रोपवे स्टेशन, कार्यशाला और भूमि तथा अन्य आवश्यक क्लीयरेंस को छोड़कर परियोजना की संरचना के निर्माण कार्य की अनुमानित लागत लगभग 75 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर आंकी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह लागत केवल निर्माण कार्य से संबंधित है, जबकि भूमि, स्टेशन निर्माण और अन्य व्यवस्थाएं अलग से शामिल होंगी। बैठक में परियोजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


*उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि का मुद्दा उठा*


बैठक में रोपवे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित रोपवे स्टेशन के लिए जिस भूमि की आवश्यकता है, वह उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के स्वामित्व में है। इस पर सचिव आवास ने निर्देश दिए कि उत्तराखंड शासन के सिंचाई विभाग के माध्यम से उत्तर प्रदेश शासन को पुनः पत्र भेजा जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में इस विषय में प्रस्ताव भेजा जा चुका है, इसलिए अब अनुस्मारक पत्र के माध्यम से प्रमुख सचिव सिंचाई, उत्तराखंड शासन द्वारा उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से प्रस्तावित भूमि को 1 रुपये प्रतिवर्ष की दर से 99 वर्षों की लीज पर आवास विभाग, उत्तराखंड शासन को हस्तांतरित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।


*कन्सेशन अवधि बढ़ाने पर भी विचार*


बैठक में परियोजना की कन्सेशन अवधि की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में परियोजना के लिए 30 वर्ष की कन्सेशन अवधि प्रस्तावित है। सचिव आवास ने कहा कि परियोजना की उच्च लागत को देखते हुए निविदा प्रक्रिया में कन्सेशन अवधि बढ़ाने का विकल्प भी रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अतिरिक्त 30 वर्ष तक की अवधि बढ़ाने का प्रावधान रखा जाए, जिसे 15–15 वर्ष के दो चरणों में लागू किया जा सके। इससे परियोजना की वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित होगी और निविदा प्रक्रिया में अधिक प्रतिस्पर्धा भी मिल सकेगी।


*डीपीआर से ईएफसी स्तर तक बढ़ेगी प्रक्रिया*


समीक्षा के दौरान सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को डीपीआर स्तर पर अनुमोदित करते हुए इसे आगे की कार्यवाही के लिए ईएफसी स्तर पर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।बैठक के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समीक्षा बैठक का समापन किया गया।


*तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मिलेगी आधुनिक और सुरक्षित परिवहन सुविधा- डॉ आर राजेश कुमार*


सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आधुनिक और सुरक्षित परिवहन सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक और टिकाऊ परिवहन व्यवस्थाओं के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की डीपीआर, भूमि से जुड़ी औपचारिकताओं और वित्तीय व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए, ताकि परियोजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके।




*प्रमुख सचिव खाद्य की अध्यक्षता में बैठक आयोजित तेल


कंपनियों को बैकलाॅग समाप्त करने के निर्देश* 

देहरादून:

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. वर्तमान में उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों के बीच आगामी चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सीजन को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में घरेलू एवं व्यवसायिक एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री एल. फैनई की अध्यक्षता में तेल कंपनियों के साथ बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक (वीडियो कॉन्फ्रेंस) आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सचिव ने राज्य में गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अब सचिव खाद्य द्वारा प्रत्येक दिन आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी। 

प्रमुख सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि मुख्य सचिव महोदय ने एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घरेलू एवं कमर्शियल गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी न होने दी जाए तथा दैनिक आधार पर तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाते हुए स्थिति की निगरानी की जाए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि प्रदेश में गैस की मांग को देखते हुए प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में आपूर्ति को बढ़ाते हुए लगभग 60 हजार घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा छह हजार कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, बैकलॉग को समाप्त करने के लिए अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए इसकी दैनिक रिपोर्टिंग करने को कहा गया।

तेल कंपनियों द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 07 अप्रैल 2026 को राज्य में कुल 65,944 घरेलू सिलेंडरों तथा 3,864 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। इसमें आईओसीएल द्वारा 48,218 घरेलू एवं 2,340 कमर्शियल सिलेंडर, बीपीसीएल द्वारा 11,731 घरेलू एवं 698 कमर्शियल सिलेंडर तथा एचपीसीएल द्वारा 5,995 घरेलू एवं 826 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। पिछले दिनों की तुलना में आपूर्ति में लगातार सुधार हो रहा है। 

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए गैस आपूर्ति की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क एवं वितरण संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे राज्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तर पर आपूर्ति बढ़ाने हेतु आवश्य कदम उठाएं तथा डीलर स्तर पर किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने दें।

उन्होंने निर्देश दिए कि अब प्रतिदिन सायं 05.00 बजे सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, जिसमें तेल कंपनियों के प्रतिनिधि पूर्ण जानकारी के साथ प्रतिभाग करें, जिससे आपूर्ति की स्थिति की सतत निगरानी एवं त्वरित सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

सचिव, खाद्य श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि दिनांक 14 अप्रैल 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी का देहरादून भ्रमण प्रस्तावित है तथा 19 अप्रैल 2026 से चारधाम यात्रा प्रारंभ हो रही है। इसे दृष्टिगत रखते हुए तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे राज्य की बढ़ती मांग के अनुरूप अग्रिम योजना बनाते हुए आपूर्ति बढ़ाना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क एवं वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाए तथा किसी भी प्रकार का बैकलॉग न रहने दिया जाए।

बैठक में श्री पीएस पांगती, अपर आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखण्ड, श्री स्वर्ण सिंह, डिविजनल हेड, आईओसीएल, उत्तराखण्ड, श्री पंकज अंबलढगे, चीफ रीजनल मैनेजर, एचपीसीएल, उत्तराखण्ड, श्री अश्वनी कुमार, मैनेजर, बीपीसीएल उपस्थित रहे।  


*अनियमितताओं पर सख्ती से निपटें अधिकारी-स्वरूप*

  सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी एवं ईंधन से संबंधित अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सघन एवं कड़ा प्रवर्तन अभियान जारी है। अभी तक अभियान के दौरान कुल 6280 निरीक्षण एवं 423 छापेमारी की गई। इसके अतिरिक्त 19 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 07 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के अंतर्गत प्रदेशभर में कुल 1118 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 946 घरेलू एवं 172 व्यवसायिक सिलेंडर शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त 01 वाहन, 03 फिलिंग किट एवं 01 कांटा भी जब्त किया गया। देहरादून में सर्वाधिक 288 गैस सिलेंडर एवं 139 किलोग्राम गैस जब्त की गई, जबकि हरिद्वार में 202 गैस सिलेंडर, नैनीताल में 34 घरेलू एवं 28 व्यवसायिक सिलेंडर के साथ एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। इसी प्रकार उधमसिंहनगर में 98 गैस सिलेंडर एवं 05 व्यवसायिक सिलेंडर, तथा टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत, बागेश्वर एवं अन्य जनपदों में भी व्यापक कार्रवाई की गई। अभियान के अंतर्गत कुल ₹1,31,900 का अर्थदण्ड भी अधिरोपित किया गया। 

सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगा। सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नियमित निरीक्षण, सघन छापेमारी एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करते हुए शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।








• *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक* 

• *कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश* 


• *सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकेगी उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति* 

• *राज्यभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश* 

PM Modi will inaigurate delhi dehradun corridor



• *रोड शो के दौरान जन-जन से सहभागिता की अपील* 



• *इकोनॉमिक कॉरिडोर से रोजगार, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा* 



 *सीएम धामी ने इस अवसर को राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताया* 





 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।




मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।



दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।


बैठक में राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव श्री शैलेश बगौली, कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी  सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।


*प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों को तीन माह का राशन माह अप्रैल में अग्रिम रूप से दिया जा रहा है- श्री        पी.एस. पांगती,अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार)* 



- उत्तराखंड में होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6 हजार 310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण होंगे


- राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 Kg का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है


- उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत जमाखोरी और कालाबाजारी पर 6,205 निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए


- घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरण सामान्य बना हुआ है, 1 मार्च 2026 से अब तक 18 लाख से अधिक सिलेंडर घरों तक पहुंचाए


- राज्य में 5 किलोग्राम के 6,700 से अधिक सिलेंडर बेचे गए



मंगलवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार), ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता एवं खाद्य सुरक्षा तैयारियों और आवश्यक वस्तुओं पर अद्यतन जानकारी प्रदान की।


पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों से मीडिया को अवगत रखने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार ने दूरदर्शन केंद्र, देहरादून में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। 


श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार) ने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरे प्रदेश में नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है. राज्य में डीजल एवं पेट्रोल की कोई कमी नहीं है. अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों को नियमित रूप से गैस की आपूर्ति की जा रही है।


उन्होंने कहा कॉमर्शियल सिलेंडर के संबंध में 66 फीसदी वितरण हेतु उत्तराखंड शासन द्वारा एसओपी जारी की गई है. जिसमें होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6 हजार 310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण किए जाएंगे। 


श्री पी.एस. पांगती ने कहा कि चारधाम यात्रा और शादियों के सीजन की तैयारियों हेतु विशेष तैयारी सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा एवं पयर्टन सीजन को देखते हुए मुख्य सचिव, उत्तराखंड की ओर से भारत सरकार को राज्य की ओर से मांग प्रेषित कर दी गई है। जिसमें अनुरोध किया गया है कि माह अप्रैल से नवंबर तक उत्तराखंड को व्यवसायिक एलपीजी का 100 फीसदी आवंटन पूर्ववत बनाया रखा जाए. उसमें भी 5 फीसदी अतिरिक्त कोटा राज्य सरकार की तरफ से मांग की गई है।


प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 किलो के सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। प्रदेश में सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि डिलीवरी सुनिश्चित हो. उन्होंने बताया कि राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 Kg का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है.


भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवार के राशन कार्ड धारक माह अप्रैल में तीन महीनों (अप्रैल, मई एवं जून) का एकसाथ राशन निकटतम गल्ला केंद्रों से प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में 14 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को तीन महीनों का राशन एक साथ आवंटित किए जा रहे हैं।


पैनिक बुकिंग के संबंध में श्री पी.एस. पांगती ने बताया कि विगत 25 दिन में 15 मार्च को राज्य में सबसे ज्यादा पैनिक बुकिंग की गई थी. जिसकी संख्या 90 हजार  थी. लेकिन दिनांक 6 अप्रैल को स्थिति सामान्य हुई है. जिसकी संख्या 45 हजार रही। फिलहाल प्रदेश में एलपीजी बुकिंग सामान्य स्थिति में है.


पीएनजी के संबंध मेंं उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है. भारत सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी विस्तार को लेकर भी उत्तराखंड में सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में GAIL Gas, उधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas Pvt. Ltd., हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL शामिल हैं।


राज्य में CNG, घरेलू PNG और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक PNG की आपूर्ति में कोई बाधा या प्रतिबंध नहीं है। इन कंपनियों द्वारा घरेलू PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने, कम समय में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने, सर्वे और संस्थागत कनेक्शन को प्राथमिकता देने, दैनिक प्रगति की निगरानी करने और अधिकतम जनहित के आधार पर प्राथमिकता तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 37 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हैं.


उत्तराखंड में वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था को लेकर वन विभाग द्वारा सभी लकड़ी के टॉल्स में पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है. 


उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 6,205

निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।

 एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने की कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा- सत्यापन, महिला सुरक्षा और 'ऑपरेशन स्माइल' पर दिए कड़े निर्देश

गुमशुदा महिलाओं और बच्चों की बरामदगी में बरती जाए पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता*

किरायेदार एवं घरेलू नौकरों के अनिवार्य सत्यापन पर जोर, गौरा शक्ति मॉड्यूल के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पंजीकरण बढ़ाने पर बल*


डॉ० वी० मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड* द्वारा आज पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में गढ़वाल एवं कुमाऊँ रेंज पुलिस महानिरीक्षकों सहित समस्त जनपदों के वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रचलित *पुलिस सत्यापन की कार्यवाही, महिला सुरक्षा हेतु 'गौरा शक्ति मॉड्यूल' तथा गुमशुदा की तलाश हेतु 'ऑपरेशन स्माईल'* के अन्तर्गत की जा रही कार्यवाहियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

ADG law and order uttarakhand



समीक्षा बैठक के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा निम्नलिखित निर्देश दिए गए—


▪️ *किरायेदार अथवा घरेलू नौकर के अनिवार्य सत्यापन* के लिए 'उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम 2007' में उल्लिखित प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने हेतु पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल एवं कुमायूँ परिक्षेत्र को निर्देशित किया गया।


▪️ *सत्यापन की कार्यवाही* के दौरान यदि किरायेदार या घरेलू नौकर द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं या उन पर प्रथम दृष्टया संदेह होता है, तो तत्काल ICJS पोर्टल, NCRC अथवा NAFIS के माध्यम से इसकी तकनीकी पुष्टि कराई जाए।


▪️ रेजिडेंशियल अपार्टमेन्ट एवं गेटेड कालोनियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाए और उल्लंघन पाए जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।


▪️ बाहरी राज्यों और अन्य जनपदों को भेजे जाने वाले *सत्यापन प्रपत्रों का निरन्तर फॉलोअप* लिया जाए। सत्यापन की कार्यवाही को केवल किसी विशेष 'अभियान' तक सीमित न रखकर इसे एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में संचालित किया जाए।


▪️ उत्तराखण्ड पुलिस के *'गौरा शक्ति मॉड्यूल' के बारे में जागरूकता* कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और इसमें अधिकाधिक *महिलाओं/बालिकाओं का रजिस्ट्रेशन* कराया जाए।


▪️ *महिला सम्बन्धी शिकायतों* को अत्यंत गम्भीरता से लेते हुए संवेदनशीलता के साथ उनका यथाशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। महिला अपराधों के दृष्टिगत संवेदनशील चिन्हित क्षेत्रों में *'महिला चीता पुलिस' द्वारा नियमित पेट्रोलिंग / गश्त* की जाए।


▪️ महिला एवं बच्चों से सम्बन्धित सभी आपराधिक अभियोगों की *विवेचना का निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारण* किया जाए।


▪️ *'ऑपरेशन स्माईल' के अन्तर्गत गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी* हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी *'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) का अक्षरशः पालन* सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से गुमशुदा बच्चों तथा महिलाओं की बरामदगी के प्रकरणों में पूर्ण *संवेदनशीलता और सक्रियता* बरती जाए।


*गोष्ठी में पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री रामचन्द्र राजगुरू, अपर पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री अंकुश मिश्रा उपस्थित रहे।*


 

5 घंटे तक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव, 15 दिन में समाधान का आश्वासन

देहरादून : 



श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविघालय में परीक्षा परिणामों में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों को लेकर सोमवार को छात्र नेताओं एवं छात्र संघ प्रतिनिधियों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाति नेगी के कार्यालय का करीब पांच घंटे तक घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी बीए, बीएससी, बीकॉम एवं एमए के परीक्षा परिणामों में ऑनलाइन अंकतालिकाओं में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। कई विद्यार्थियों की अंकतालिकाओं में शून्य  अंक दर्शाए गए हैं, जबकि उन्होंने परीक्षा दी है। वहीं कई छात्रों का परिणाम समर्थ पोर्टल एवं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिखाई नहीं दे रहा, जिससे छात्रों में भारी रोष व्याप्त है।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने महाविद्यालय में फीस जमा कर दी है, लेकिन पोर्टल पर फीस अपडेट नहीं होने के कारण उन्हें आगे की प्रक्रिया में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण छात्र पिछले कई दिनों से महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

छात्र नेताओं के अनुसार यह समस्या केवल एक-दो महाविद्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर देहरादून, शहीद दुर्गामल्ल राजकीय महाविद्यालय डोईवाला, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नई टिहरी एवं ऋषिकेश स्थित विश्वविद्यालय परिसर के अनेक छात्र-छात्राओं के परिणामों में भी इसी प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई हैं।

घेराव के दौरान छात्रों ने परीक्षा विभाग एवं संबंधित कार्यालयों में ताले लगाकर नारेबाजी की और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। छात्र नेता आदर्श राठौर ने कहा कि यह केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसका जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

वहीं परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाति नेगी ने छात्रों की मांगों पर सहमति जताते हुए समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिनों का समय मांगा और आश्वासन दिया कि सभी त्रुटियों को सुधार कर सही अंकतालिकाएं जारी की जाएंगी। इसके बाद छात्रों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया।

ये रहे प्रमुख छात्र नेता मौजूद

आदर्श राठौर, अंशुल चंद्रा, केशव बिज्लवाण, मणिका, मंजीत शाह ,छात्रसंघ अध्यक्ष, नई टिहरी, साक्षी राणा छात्रसंघ महासचिव, नई टिहरी, युवराज सिंह शाह पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं जीशान खान पूर्व छात्रसंघ सचिव, नई टिहरी सहित कई छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में शामिल रहे।छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो छात्र संगठन पुनः बड़ा आंदोलन और उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

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