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मसूरी-देहरादून:





 बिना स्वीकृत मानचित्र बन रहे फ्लैट और डुप्लैक्स भवनों पर कार्रवाई*


*नियमों से समझौता नहीं, अवैध निर्माणों पर जारी रहेगा सख्त अभियान- बंशीधर तिवारी*



राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को प्राधिकरण ने कुल्हान और चन्द्रवनी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अवैध भवनों को सील कर दिया। इनमें फ्लैट और डुप्लैक्स भवन शामिल हैं, जिनका निर्माण बिना आवश्यक स्वीकृतियों और नियमों के विपरीत किया जा रहा था। एमडीडीए की इस कार्रवाई को राजधानी में बढ़ते अवैध निर्माणों के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में माना जा रहा है।


*शिकायतों और निरीक्षण के बाद चला प्राधिकरण का बुलडोजर*

एमडीडीए को इन निर्माणों के संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसके बाद अधिकारियों ने क्षेत्रीय निरीक्षण किया, जिसमें कई निर्माण कार्य नियमों के विपरीत पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


*कुल्हान में फ्लैट परियोजना पर कार्रवाई*

प्राधिकरण की पहली कार्रवाई नागल हटनाल, कुल्हान क्षेत्र में की गई। यहां चिराग तलवार द्वारा दो बहुमंजिला भवनों को जोड़कर फ्लैट विकसित किए जा रहे थे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं था। इसके बाद एमडीडीए की टीम ने दोनों भवनों में बनाए जा रहे फ्लैटों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत और उनकी टीम मौजूद रही।


*चन्द्रवनी में दो डुप्लैक्स भवनों पर लगा ताला*

इसके बाद एमडीडीए की टीम ने चन्द्रवनी रोड स्थित द्वारिका पुरी क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां सुभाष चौधरी द्वारा दो डुप्लैक्स भवनों का निर्माण कराया जा रहा था। जांच में निर्माण कार्य नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। प्राधिकरण ने दोनों डुप्लैक्स भवनों को सील कर निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी। इस दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा तथा सुपरवाइजरों की टीम मौके पर मौजूद रही।


*देहरादून में अवैध निर्माणों पर कड़ा रुख*

एमडीडीए का कहना है कि राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे भवन शहरी नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं और भविष्य में यातायात, पार्किंग, पेयजल, सीवरेज और आपदा प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पैदा करते हैं। यही कारण है कि ऐसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।


*नियमों का पालन नहीं किया तो होगी और सख्त कार्रवाई*

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां और मानचित्र अनुमोदन लेना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे भवन निर्माण से पहले सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करें ताकि बाद में किसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। लगातार हो रही सीलिंग कार्रवाइयों से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि राजधानी में अवैध निर्माणों को लेकर अब किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। एमडीडीए सुनियोजित और सुरक्षित शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। प्राधिकरण का मानना है कि नियमानुसार विकास ही देहरादून के भविष्य को सुरक्षित और व्यवस्थित बना सकता है।


*नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई- बंशीधर तिवारी* 

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ हमारी कार्रवाई पूरी सख्ती के साथ जारी है। कुल्हान और चन्द्रवनी में की गई सीलिंग कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों के किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। एमडीडीए का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि राजधानी में सुनियोजित, सुरक्षित और नियमसम्मत विकास सुनिश्चित करना है। सभी नागरिकों और भवन स्वामियों से अनुरोध है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करें। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


*अवैध निर्माणों की लगातार की जा रही है निगरानी- मोहन सिंह बर्निया* 

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आएगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों को चाहिए कि वे किसी भी निर्माण कार्य से पहले स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियां अवश्य प्राप्त करें। एमडीडीए राजधानी के नियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को  मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए  उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग के अंतर्गत आज नवचयनित 221 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य में बीते साढ़े चार वर्षों में सरकार ने 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा यह पल युवाओं की वर्षों के परिश्रम और संघर्ष की सफलता का स्वर्णिम क्षण है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के चेहरों पर मुस्कान बताती है कि राज्य सरकार, सही दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य के युवा वर्तमान के साथ भविष्य की भी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई स्टार्टअप नीति, राज्य में नया स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और युवा प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक और तकनीकी रूप मजबूत किया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से युवा आज अपने सपनों को लेकर पहले से कई अधिक  आश्वस्त है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब युवाओं के सपनों और उनके माता-पिता के त्याग के साथ अन्याय होता था। पर आज रिकॉर्ड समय में भर्तियां पूरी हो रही हैं। पहले युवाओं को हताशा और निराशा मिलती थी, आज राज्य सरकार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने का काम करती है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने देगी। उन्होंने कहा आज के दिन, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में पूरे 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जो अपने आप में एक ऐतिहासिक दिन है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। राज्य सरकार ने देश में सबसे कड़ा कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आगे भी राज्य सरकार इसी रफ्तार, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर देती रहेगी। उन्होंने कहा विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाली पदों को भी तुरंत भरा जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा सभी अभ्यर्थियों से सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र को अपना ध्येय मानकर हर गरीब, हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान करने की बात कही। उन्होंने कहा नए अभ्यार्थी केवल सरकारी कर्मचारी नहीं हैं बल्कि उत्तराखंड के विकास के सहभागी भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश, विकसित भारत-2047 के महान संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस अमृतकाल में सभी ने मिलकर इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदारी निभानी है और राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देना है।


कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड में एक समय ऐसा था जब लोग सरकारी नौकरी का सपना देखा करते थे, पर आज टैलेंटेड युवा अपनी मेहनत से सरकारी नौकरी पा रहा है। तय समय में युवाओ को नियुक्ति पत्र भी मिल रहे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हजारों युवा को बिना किसी शिकायत के सरकारी नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने राज्य के बच्चों के भविष्य को संवारने का काम किया है। उन्होंने बताया कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के प्रशिक्षण प्रखण्ड के अन्तर्गत चयनित 173 अनुदेशकों, 04 वैयक्तिक सहायकों  एवं पशुपालन विभाग में चयनित 09 वैयक्तिक सहायक को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं।


कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिना सिफारिश के नियुक्तियां हो रही हैं। आज मेहनती बच्चों को ही पारदर्शिता से नौकरियां मिल रही हैं। बीते 2 वर्षों में शहरी विकास विभाग में  215 लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। आज शहरी विकास विभाग में चयनित 35 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र वितरण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा आज युवा मुख्यमंत्री श्री धामी पर भरोसा करते हैं। 


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, विधायक श्रीमती सविता कपूर, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री राजेंद्र अणथ्वाल, श्री भूपेंद्र कंडारी, सचिव श्री नितेश झा, अपर सचिव सी. रविशंकर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


*15 नवम्बर 2026 तक सभी सड़कें हों गड्ढा मुक्त, आपदा एवं स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष फोकस*


*कैंचीधाम बाईपास कल से होगा संचालित, श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी राहत*




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मानसून सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून प्रारम्भ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, जनसुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण तैयारी रखें।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के बाद 15 नवम्बर, 2026 तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शेष कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए। पुलों, कल्वर्टों एवं ड्रेनेज सिस्टम की जांच कर आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं तथा सभी नालों एवं जल निकासी मार्गों की सफाई मानसून से पूर्व सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने डेंगू, मलेरिया एवं अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों एवं एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनपदों में गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से प्राप्त कर नियमित रूप से अपडेट रखें। संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए निकटवर्ती अस्पतालों के आसपास ठहरने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर हेली एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।




मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में भूस्खलन संभावित स्थलों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों, नदी तटों एवं भू-कटाव वाले क्षेत्रों का अद्यतन मानचित्र तैयार किया जाए। साथ ही ऐसे गांवों, स्कूलों, अस्पतालों एवं अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सूची भी तैयार की जाए जो आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हैं। चारधाम यात्रा मार्ग सहित राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर संवेदनशील स्थलों का विशेष निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण किया जाए। जेसीबी, पोकलैंड, डंपर, क्रेन एवं अन्य आवश्यक मशीनरी को पहले से ही संवेदनशील स्थानों पर तैनात रखा जाए। जहां मानसून के दौरान सड़कें बार-बार बाधित होती हैं, वहां वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सभी प्रभावी सचिव अपने-अपने जनपदों का भ्रमण कर मानसून के दृष्टिगत जनपदों में की गई तैयारियों का निरीक्षण करेंगे। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक एवं सूचना बोर्ड लगाए जाएं तथा प्रत्येक तहसील में राहत एवं बचाव सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र एवं जिला नियंत्रण कक्षों के बीच 24×7 समन्वय स्थापित किया जाए। मौसम संबंधी अलर्ट ग्राम स्तर तक त्वरित रूप से पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए तथा पर्यटकों एवं यात्रियों को समय पर मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने मानसून से पूर्व अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि जल निकासी एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान विद्युत, पेयजल, सड़क, दूरसंचार एवं अन्य मूलभूत सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित न हों। इसके लिए सभी संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें। एसटीपी एवं पुलों के आसपास की विद्युत लाइनों का सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए।



कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण उत्पन्न होने वाली जाम की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में कैंचीधाम बाईपास कल से आवागमन के लिए प्रारम्भ किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को यातायात में बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए।



 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ, यूएलएमएमसी तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के समन्वित प्रयासों, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे सतत नवाचारों का परिणाम है।


इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन ने मानसून सीजन के दृष्टिगत की गई सभी तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। 


बैठक में कैबिनेट मंत्री आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक , उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन श्री विनय कुमार रोहिला, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री रविनाथ रमन, श्री धीराज गर्ब्याल, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री सी. रविशंकर, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर श्री दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर श्री आनंद स्वरूप एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।



मुख्यमंत्री  श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘मेरी योजना’ पुस्तक ऑडियो क्लिप का अनावरण*


 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा तैयार की गई ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तक में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर संकलित किया गया है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के साथ-साथ स्वरोजगार, कौशल विकास, शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार नवाचार करें तथा शासनादेशों को भी आमजन की समझ के अनुरूप सरल भाषा में जारी किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे अधिक समय तक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार लगातार नए कानूनों और नीतियों से देश की तरक्की को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड को विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है तथा केंद्र सरकार राज्य के विकास कार्यों के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इसके परिणामस्वरूप सड़क, रेल, हवाई संपर्क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की कार्यशैली के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है और प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, महक क्रांति योजना, एरोमा वैली, मिशन एप्पल तथा अन्य रोजगारपरक योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित कर रही है। 


इस मौके पर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन श्री दीपक कुमार ने कहा कि ये ऑडियो संस्करण, आकाशवाणी सहित अन्य रेडियो स्टेशन पर प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले विभाग मेरी योजना पुस्तक के चार संस्करण प्रकाशित कर चुका है। साथ ही इसका डिजिटल संस्करण भी जारी किया जा चुका है।


इस अवसर पर महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।



*शहरी विकास मंत्री ने की कुंभ परियोजनाओं की समीक्षा, निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण*

*श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ करें कार्य*

हरिद्वार:




शहरी विकास मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने सोमवार को हरिद्वार पहुंचकर कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की तथा विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ मेले से जुड़े सभी कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि आगामी कुंभ मेला दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित रूप में संपन्न हो सके।


शहरी विकास मंत्री ने सीसीआर भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कुंभ मेला-2027 से संबंधित अवस्थापना विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभागों की जिम्मेदारी है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ करें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण होने चाहिए। कुंभ मेले के आयोजन में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपने कार्यों की नियमित निगरानी करे तथा प्रगति की सतत समीक्षा सुनिश्चित करे।


श्री कैड़ा ने कहा कि कुंभ मेले में देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में उनके लिए सुगम आवागमन, सुरक्षित वातावरण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


उन्होंने सड़कों, पुलों, घाटों, पार्किंग स्थलों तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी समय रहते सुदृढ़ करने पर बल दिया।


शहरी विकास मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और वर्षा ऋतु से पहले अधिकतम प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए वर्तमान समय का अधिकतम उपयोग करते हुए परियोजनाओं को गति प्रदान की जाए।


उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना में तकनीकी, प्रशासनिक अथवा अन्य किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है तो उसे तत्काल सक्षम अधिकारियों एवं शासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके और कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।


श्री कैड़ा ने कहा कि गंग नहर पर निर्माणाधीन घाटों के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के लिए क्लोजर अवधि बढ़ाए जाने हेतु उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री से वार्ता कर आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाएगा।


शहरी विकास मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार कुंभ मेला-2027 को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ मेला की तैयारियों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।


श्री कैड़ा ने कहा कि वह शीघ्र ही पुनः हरिद्वार आकर कुंभ मेला-2027 से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि अगली समीक्षा तक सभी विभाग अपने-अपने कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करें।


उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु हरिद्वार से सकारात्मक अनुभव लेकर जाए तथा देश-दुनिया में उत्तराखंड की उत्कृष्ट छवि स्थापित हो, इसके लिए सभी विभागों को समर्पित भाव से कार्य करना होगा।


*मेलाधिकारी ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट*


बैठक में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कुंभ मेला-2027 के लिए स्वीकृत कार्यों की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित की गई है तथा उनकी नियमित निगरानी एवं समीक्षा की जा रही है।


उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन घाटों के कार्यों को समय पर पूर्ण कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर गंगा नहर की आगामी क्लोजर अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।


*शंकराचार्यों को सादर आमंत्रण एवं अखाड़ों से निरंतर संवाद*


बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए शहरी विकास मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने कुंभ मेला-2027 के लिए शंकराचार्यों को भी सादर आमंत्रित किया है। इसके अतिरिक्त सभी अखाड़ों एवं आश्रमों से निरंतर संवाद स्थापित कर उनके सुझाव एवं मार्गदर्शन प्राप्त किए जा रहे हैं।


उन्होंने कहा कि संत समाज, अखाड़ों एवं धार्मिक संस्थाओं का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे कुंभ मेले के सफल आयोजन का मार्ग और अधिक प्रशस्त हुआ है।


*निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण*


अपने हरिद्वार भ्रमण के दौरान शहरी विकास मंत्री ने सीसीआर-2 भवन तथा एडमिन रोड के निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।


बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ मेला) श्री आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी श्री आकाश जोशी, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा, अधीक्षण अभियंता यूपीसीएल श्री प्रदीप कुमार, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम श्री जी.एस. तोमर, अधीक्षण अभियंता सिंचाई श्री मनोज सिंह, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान श्री यशवीर मलिक, उप निदेशक सूचना श्री मनोज श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

संत श्री मुरलीधर जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही श्रीरामचरितमानस कथा में पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं संत रामेश्वरानन्द जी महाराज का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं उद्बोधन* 

विश्व महासागर दिवस के अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने श्रद्धालुओं एवं राहगीरों की सेवा हेतु शीतल जल प्याऊ का लोकार्पण किया*


ऋषिकेश:

mahasagar diwas celebrated  at parmarth niketan


विश्व महासागर दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने मानवता को झकझोरने वाला संदेश दिया कि आज पृथ्वी का सबसे विशाल हृदय, उसके महासागर, मौन होकर भी एक करुण पुकार कर रहे हैं। यह पुकार किसी एक देश, एक समाज या एक पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव सभ्यता के लिए है।


संत श्री मुरलीधर जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही श्रीरामचरितमानस कथा के दिव्य अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं संत रामेश्वरानन्द जी महाराज का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पूज्य स्वामी जी ने कहा कि हम इन दिनों भक्ति, प्रेम और करुणा के महासागर प्रभु श्रीराम की कथा का श्रवण कर रहे हैं, परंतु उसी समय संसार के वास्तविक महासागर हमारी की असंवेदनशीलता के कारण प्रदूषण की पीड़ा में हैं।


पूज्य स्वामी जी ने कहा, महासागर केवल जलराशि नहीं हैं। वे पृथ्वी की श्वास हैं, उसकी चेतना हैं, उसके फेफड़े हैं। यदि महासागरों में प्लास्टिक, रसायन और कचरा भर जाएगा, तो मानवता की सांसें भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगी।


उन्होंने कहा कि आज मनुष्य ने विकास के नाम पर सुविधा तो अर्जित कर ली, पर संवेदना खो दी। हम एक प्लास्टिक की बोतल कुछ मिनटों के लिए उपयोग करते हैं, लेकिन उसका दुष्प्रभाव सैकड़ों वर्षों तक महासागरों और समुद्री जीवन को भुगतना पड़ता है। जो प्लास्टिक समुद्र में फेंका जाता है, वही सूक्ष्म कण बनकर भोजन, जल और वायु के माध्यम से पुनः हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है।     प्रकृति का नियम स्पष्ट है, जो हम पृथ्वी को देते हैं, वही किसी न किसी रूप में लौटकर हमारे पास आता है।


पूज्य स्वामी जी ने समुद्र मंथन की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे शास्त्रों में समुद्र को रत्नों का स्रोत बताया गया है। समुद्र मंथन से चैदह रत्न निकले थे, अमृत निकला था, लक्ष्मीजी प्रकट हुई थीं। परंतु आज हमारे स्वार्थ और उपभोग की संस्कृति ने समुद्रों को ऐसा बना दिया है कि वहां से रत्न नहीं, बल्कि प्लास्टिक, प्रदूषण और पर्यावरणीय संकट निकल रहा है। यह केवल समुद्र का नहीं, हमारी चेतना का प्रदूषण है।


उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल महासागरों की सफाई की नहीं, बल्कि हमारी मानसिकता की सफाई की है। जब तक हमारा अंतर्मन लोभ, अति-उपभोग और असंवेदनशीलता से मुक्त नहीं होगा, तब तक बाहरी प्रदूषण समाप्त नहीं हो सकता। पर्यावरणीय संकट वास्तव में आध्यात्मिक संकट है। पृथ्वी को बचाने के लिए केवल नीतियां नहीं, बल्कि करुणा, कृतज्ञता और उत्तरदायित्व की आवश्यकता है।


पूज्य स्वामी जी ने कहा कि जहां कथा होती है, वहां प्रेम का वातावरण बनता है, वहां संवेदना जागती है, वहां मनुष्य स्वयं को प्रकृति से जुड़ा हुआ अनुभव करता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में यह संकल्प ले कि वह एकल-उपयोग प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे, जल का सम्मान करेंगे और प्रकृति के प्रति     कृतज्ञ रहेंगे तो महासागरों की रक्षा का एक वैश्विक आंदोलन खड़ा हो सकता है।


उन्होंने कहा, समुद्र हमारे कचरे का अंतिम ठिकाना नहीं, हमारे अस्तित्व का मूल स्रोत हैं। यदि महासागर जीवित रहेंगे तो पृथ्वी जीवित रहेगी, यदि पृथ्वी जीवित रहेगी तो मानवता का भविष्य सुरक्षित रहेगा।


विश्व महासागर दिवस के अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सभी नागरिकों, युवाओं, नीति-निर्माताओं और आध्यात्मिक संस्थाओं से आह्वान किया कि वे प्रकृति को संसाधन नहीं, संबंध मानें, उपभोग नहीं, उपासना का विषय मानें। उन्होंने कहा कि समय आ गया है जब हम यूज एंड थ्रो की संस्कृति को छोड़कर यूज एंड ग्रो की संस्कृति अपनाएं, जहां विकास का अर्थ विनाश नहीं, संरक्षण हो।


पूज्य स्वामी जी ने कहा, जब भी आप किसी नदी, समुद्र या जलधारा को देखें, उसे केवल जल मत समझिए। उसमें भविष्य की पीढ़ियों का जीवन प्रवाहित हो रहा है। महासागरों की रक्षा करना केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा करना है।


 डोईवाला में दर्दनाक हादसा: मिट्टी की ढांग गिरने से मजदूर की मौत, एक घायल

 डोईवाला:



आज दिनांक 08.06.2026 को डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सौंग नदी केशवपुरी, डोईवाला में मिट्टी की ढांग गिरने से दो व्यक्ति घायल है सूचना पर कोतवाली डोईवाला से पुलिस बल आवश्यक/ बचाव कार्यवाही हेतु रवाना किया गया, डोईवाला पुलिस मौके पर पहुंची तो सौंग नदी केशवपुरी मे एक घायल व्यक्ति जिसका नाम जोगेन्द्र पुत्र रामबीर निवासी धनारी थाना धनारी जिला सम्भल उ0प्र0 उम्र 20 वर्ष को जनता के द्वारा पहले ही चिकित्सालय पहुँचा दिया गया व दूसरा व्यक्ति जिसकी हालत गम्भीर थी नाम हृदेश पुत्र किशनलाल निवासी सगरा थाना मुजरिया जिला बदायूँ हाल पताः- फतेहपुर माजरी डोईवाला उम्र 20 वर्ष को पुलिस द्वारा हिमालयन अस्पताल जौलीग्रान्ट भिजवाया गया। चिकित्सको द्वारा हृदेश उपरोक्त को मृत घोषित कर दिया गया। मृतक के परिजन भी मौके पर पहुच गये, मृतक के पंचायतनामा की कार्यवाही की जायेगी, शव को मोर्चरी मे रखवा दिया गया है । घटना के सम्बन्ध में मौके पर मौजूद व्यक्तियो/प्रत्यक्षदर्शी व मृतक के परिजनो से घटना की जानकारी ली गयी तो ज्ञात हुआ कि यह लोग यहां पर मजदूरी का काम करते है, दिन मे थकान लगने के कारण यह दोनो व्यक्ति मिट्टी की ढांग के नीचे छांव मे आराम कर रहे थे, अचानक मिट्टी की ढांग गिर गयी जिससे उक्त दोनो व्यक्ति ढांग गिरने से मलबे के नीचे दब गये। जिसमे एक व्यक्ति हृदेश उपरोक्त की मृत्यु हो गयी व दूसरा व्यक्ति जोगेन्द्र का उपचार शेड अस्पताल डोईवाला में चल रहा है । 


*मृतक का नाम/ पता* 

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हृदेश पुत्र किशनलाल निवासी सगरा थाना मुजरिया जिला बदायूँ हाल पताः- फतेहपुर माजरी डोईवाला उम्र 20 वर्ष


*घायल का नाम/पता*

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जोगेन्द्र पुत्र रामबीर निवासी धनारी थाना धनारी जिला सम्भल उ0प्र0 उम्र 20 वर्ष

बैंकिंग प्रक्रिया पर सवालः पात्रता जांचे बिना पहले दिया ऋण, अब घर नीलामी नोटिस, डीएम ने मांगी रिपोर्ट*

*बुजुर्ग पिता से मकान की रजिस्ट्री पत्नी के नाम कर खर्चा देने से मुकरा बेटा, भरण पोषण एक्ट में वाद दर्ज,*

*85 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत पर डीएम सख्त, निगम और निजी भूमि पर अवैध कब्जे की जांच के निर्देश*

*बाल स्वास्थ्य पर डीएम का फोकसः क्रोनिक रोगों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश,*

*शहर के आंतरिक मार्गो का सुधारीकरण, पुलों के प्रोटेक्शन व नदियों के चैनलाइजेशन में लाएं तेजी*

*डीएम के निर्देशः डार्क स्पॉट मुक्त हो शहर और कस्बे, महिलाओं के लिए सुरक्षित बने माहौल*


देहरादून :

DM Ashish dehradun

DM dehradun ashish chauhan



जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सोमवार को आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने 194 नागरिकों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर शिकायतों को लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रत्येक विभाग नागरिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करे।


समाधान दिवस में भूमि धोखाधड़ी, अतिक्रमण, सीमांकन, ऋण माफी, विधिक सहायता, आर्थिक सहायता तथा पेयजल जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मधुमेह, हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की सूची तैयार कर विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने तथा उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क संपर्क से वंचित गांवों में गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और प्रसव से पूर्व अस्पताल पहुंचाने के लिए माइक्रो स्तर की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।


मानसून के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के बजट स्वीकृत करते हुए शहर के आंतरिक मार्गों को ब्लैकटॉप कर सुरक्षित बनाने, जिले के 11 प्रमुख पुलों की मरम्मत, सुरक्षा कार्य एवं निचले क्षेत्रों में नदियों के चौनलाइजेशन का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। नगर निगम को अवैध डंपिंग जोनों की सूची फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करने को कहा गया।


महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने जिले के प्रमुख शहरों और कस्बों में डार्क स्पॉट चिन्हित कर वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागों को निष्प्रयोज्य सामग्री की शीघ्र नीलामी, कार्यालयों में स्वच्छता, नियमित निरीक्षण तथा लंबित पेंशन एवं एसीपी मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मामलों में कोई भी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।

 

समाधान दिवस में विभिन्न व्यक्तिगत शिकायतों पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। मातावाला बाग निवासी 85 वर्षीय सोमप्रकाश द्वारा मकान एवं नगर निगम भूमि पर अवैध कब्जे तथा धन उगाही की शिकायत पर मुख्य नगर आयुक्त को जांच के निर्देश दिए गए।

 

श्यामपुर निवासी रमाशंकर सिंह ने बताया कि उनका पुत्र सरकारी सेवा में है और उन्हें हर महीने 10-15 हजार खर्चा देने की बात पर धोखे से मकान की रजिस्ट्री अपनी पत्नी के नाम करवा दी। अब खर्चा देने से इनकार कर रहा है। जिससे उनके सामने जीवन यापन करने की विकट समस्या खडी हो गई है। इस पर एसडीएम को भरण पोषण अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 

यमुना विहार निवासी दिव्यांग रोबिन डिक्रूज के संपत्ति विवाद एवं उत्पीड़न संबंधी मामले में एसडीएम सदर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मकान ऋण की अदायगी में असमर्थता के कारण बैंक द्वारा नीलामी नोटिस जारी किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बैंक की ऋण स्वीकृति प्रक्रिया पर प्रश्न उठाते हुए एडीएम एवं लीड बैंक अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि आवेदक ऋण जमा करने में सक्षम नही था तो बैंक ने किस आधार पर ऋण आवंटित किया।


राजेश्वर नगर में जल निकासी की समस्या, बालावाला की पेयजल योजना, ऋषिकेश में बडकोट माफी, झीलवाला व रानीपोखरी क्षेत्र में पर्यटन विभाग की भूमि के कथित अवैध विक्रय तथा ठाकुरपुर स्थित खेल मैदान की सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं एक महिला के उत्पीड़न संबंधी मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से विधिक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराने को कहा गया। समाधान दिवस में विधवा आशा देवी ने प्रधानमंत्री आवास तो सविता बनवाल ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को स्वतः संज्ञान लेते हुए नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।


समाधान दिवस के मौके पर अपर जिलाधिकारी(वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।                      



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