अवैध मदरसों के विरुद्ध धामी की कार्रवाई, पूर्वोत्तर के युवाओं का किया स्वागत, 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
प्रदेश में अब तक 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन कराया गया बंद*
*मान्यता एवं निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश*
देहरादून।:
प्रदेश में निर्धारित मान्यता एवं शैक्षणिक मानकों का अनुपालन नहीं करने वाले मदरसों के विरुद्ध राज्य सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता संचालित मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि देहरादून में तीन मदरसों के संबंध में कार्रवाई की गई। इनमें आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील किया गया, जबकि मदरसा दार-ए-अरकम, आजाद कॉलोनी, माजरा तथा मदरसा दारूल उलूम रहीमिया के प्रबंधकों द्वारा मदरसों का संचालन बंद किए जाने संबंधी लिखित अंडरटेकिंग दी गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन मदरसों के प्रबंधकों ने संचालन बंद किए जाने की लिखित सूचना दी है। इस प्रकार अब तक कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया गया है।
इसी क्रम में नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना तथा इंदिरा नगर, बनभूलपुरा में संचालित बिना मान्यता प्राप्त मदरसे को भी सील किया गया है।
हल्द्वानी नगर मजिस्ट्रेट ए.बी. वाजपेयी ने बताया कि संबंधित मदरसा प्रबंधकों को मान्यता से जुड़े आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों एवं मान्यता के बिना नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में लागू नई व्यवस्था के अंतर्गत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन कर संचालित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग*
*युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति : मुख्यमंत्री*
*‘देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर है’, पूर्वोत्तर के युवाओं का मुख्यमंत्री धामी ने किया स्वागत*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में My Home India द्वारा आयोजित “NeST Fest-2026” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्र-छात्राओं एवं युवाओं का देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से स्वागत किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए My Home India की टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं तथा महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित युवा ऊर्जा के बीच उन्हें भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई दे रहा है। युवा केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि देश की उस युवा शक्ति के प्रतिनिधि हैं, जिनमें बड़े से बड़े सपनों को साकार करने का साहस और सामर्थ्य है।
उन्होंने कहा कि NeST Fest केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और देश की एकता-अखंडता का प्रतीक है। पूर्वोत्तर और उत्तराखण्ड के रहन-सहन, पहाड़ी परिवेश तथा भौगोलिक परिस्थितियों में कई समानताएं हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के बीच आत्मीयता और मजबूत होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश के अन्य हिस्सों के बीच भावनात्मक एकता का सेतु बन गया है। My Home India द्वारा पूर्वोत्तर के युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने का कार्य राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत कर रहा है। यही भावना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारतीय संस्कृति के उस चमकते हुए मुकुट के समान है, जिसके बिना भारत की विविधता और सुंदरता अधूरी है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और देश की सुरक्षा में सशक्त प्रहरी की भूमिका निभाता है। पूर्वोत्तर ने मैरी कॉम, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, बाइचुंग भूटिया और भारत रत्न स्व. भूपेन हजारिका जैसी अनेक महान प्रतिभाएं देश को दी हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से भारत का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर को कभी देश से दूर नहीं माना, बल्कि उसे दिल के करीब रखा और देश के विकास का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन माना। दशकों पुरानी “लुक ईस्ट” नीति को आगे बढ़ाते हुए “एक्ट ईस्ट” और “फास्ट ईस्ट” की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद पूर्वोत्तर में सड़क, पुल, सुरंग, जलमार्ग, गैस ग्रिड, मोबाइल कनेक्टिविटी और ऑप्टिकल फाइबर सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी परियोजनाओं से पूर्वोत्तर में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए द्वार खुले हैं। आज पूर्वोत्तर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास प्रयासों के केंद्र में पूर्वोत्तर का युवा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति माना है। इसी सोच के साथ डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल और खेल के क्षेत्र में पूर्वोत्तर में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं, नए विद्यालय और मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए हैं तथा उच्च शिक्षा और कौशल विकास के नए संस्थान विकसित किए गए हैं। इससे पूर्वोत्तर के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 में उत्तराखण्ड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें देशभर के 10 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड से राष्ट्रीय खेलों की मशाल पूर्वोत्तर भेजी गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूर्वोत्तर में होने वाले राष्ट्रीय खेल भी खिलाड़ियों और युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएंगे तथा देशभर के खिलाड़ियों को उत्तराखण्ड की तरह ही बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के युवा खिलाड़ी आज अपनी प्रतिभा, मेहनत और जज्बे के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर से उत्तराखण्ड में शिक्षा प्राप्त करने आए छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि “देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में रह रहे पूर्वोत्तर के युवाओं की सुरक्षा, सम्मान और प्रगति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे खूब पढ़ें, खूब खेलें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि युवा विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
*मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद टिहरी के विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के अन्तर्गत विकास खण्ड हिण्डोलाखाल के नागचौण्ड शिवालय का सौन्दर्यीकरण एवं विकास खण्ड कीर्तिनगर के खोलाकड़ाकोट में डुण्डेश्वर महादेव मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 1.05 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 82.62 लाख तथा जनपद उधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र खटीमा में श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर प्रांगण के सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 1.00 करोड की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 60 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में मोटरमार्ग बेडा से भट्ठयानी मेल्टीनाथ तक आंतरिक संपर्क सी०सी० मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 62.19 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 37.31 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा धौरणखास, जनपद देहरादून में टाईप द्वितीय के 36 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 2.27 करोड़ तथा नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बंधित सिंचाई विभाग की 27 योजनाओं हेतु ₹ 61.76 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही उरेडा मुख्यालय देहरादून में प्रस्तावित सुपर ई०सी०बी०सी० भवन के निर्माण हेतु ₹16.13 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में धनराशि ₹1.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद नैनीताल के अन्तर्गत हल्द्वानी में सम्भागीय परिवहन कार्यालय के अन्तर्गत चालक प्रशिक्षण संस्थान हेतु ₹ 9.80 करोड़, सम्भागीय परिवहन कार्यालय हेतु ₹ 10.98 करोड तथा ऑटोमेटिव ड्राईविंग टेस्ट ट्रैक हेतु ₹ 4.93 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया हैै।
मुख्यमंत्री द्वारा चारधाम यात्रा मार्गों पर हैलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा तथा मौसम संबंधी वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न हैलीपोर्टों/हैलीपैडों पर ऑटोमेटेड वेदर आबजर्विग सिस्टम एवं सीलोमीटर की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण, कमीशनिंग तथा 03 वर्ष की व्यापक अनुरक्षण सेवा हेतु ₹ 10 करोड के सापेक्ष अवशेष धनराशि ₹ 7.56 करोड़, में से ₹ 4.78 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को विद्युत दरों में सब्सिडी प्रदान किये जाने हेतु प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष ₹ 36.51 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।







