Halloween party ideas 2015

 



पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण ने भगवान समेश्वर महाराज एवं माँ बगमुंडी के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की


उत्तरकाशी। टकनौर क्षेत्र के पंचगांई रैथल गांव में आयोजित पारंपरिक भेड़ मेले में आज पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण ने सम्मिलित होकर क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था एवं पौराणिक परंपराओं के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान समेश्वर महाराज एवं माँ बगमुंडी के दर्शन-पूजन कर पंचगांई सहित समस्त टकनौर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं शांति की कामना की।


मेले का प्रमुख आकर्षण सुदूर बुग्याली क्षेत्रों से लाई गई भेड़ों की टोलियां रहीं, जिन्होंने विधिवत रूप से भगवान समेश्वर महाराज एवं माँ जगदम्बा की परिक्रमा की। आस्था और लोक परंपरा से जुड़ा यह अनूठा दृश्य मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यह परंपरा हमारी समृद्ध लोक संस्कृति एवं सदियों पुरानी पौराणिक विरासत की जीवंत पहचान है, जो आज भी पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ रही है।


इस अवसर पर पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण ने कहा कि रैथल गांव टकनौर क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में सदैव अग्रणी रहा है। यहां तीज-त्योहारों और पारंपरिक आयोजनों को जिस उत्साह, श्रद्धा एवं सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया जाता है, वह हमारी भावी पीढ़ियों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रेरणादायी माध्यम है।


उन्होंने कहा कि भेड़ मेला केवल एक धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी पौराणिक परंपराओं, ग्रामीण जीवनशैली और बुग्याली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हमारी लोक संस्कृति और विरासत को संरक्षण मिलता है तथा युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित होती है।


पूर्व विधायक सजवाण ने पंचगांई रैथल, नटिन, क्यार्क, बन्द्राणी एवं भटवाड़ी के समस्त ग्रामवासियों को लोक संस्कृति एवं पौराणिक परंपराओं के संरक्षण-संवर्धन के लिए ऐसे भव्य एवं आस्थापूर्ण आयोजनों के निरंतर आयोजन हेतु हार्दिक साधुवाद एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कामना की कि भगवान समेश्वर महाराज एवं माँ बगमुंडी का आशीर्वाद पंचगांई सहित समस्त टकनौर क्षेत्रवासियों पर सदैव बना रहे।


मेले में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नागेंद्र चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नत्थी लाल शाह, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री खुशहाल नेगी, श्री जयवीर चौहान, श्री कलम सिंह राणा, पूर्व राज्यमंत्री श्री घनानंद नौटियाल, ज्येष्ठ प्रमुख प्रतिनिधि श्री कमलेश कुमार, गांव के पंचमालगुजार श्री किशन सिंह राणा, श्री राजकेंद्र थनवान, मनोज राणा, विपिन राणा, मनवीर रावत, ग्राम प्रधान श्री बुद्धि लाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य श्री मोहन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

 उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने कि दिशा में आउट ऑफ़ टर्न जॉब होगा मील का पत्थर साबित-रेखा आर्या*

*, आउट ऑफ़ टर्न जॉब के प्रस्ताव को मिली कैबिनेट कि मंजूरी*

*कैबिनेट ने पदों के सृजन के प्रस्ताव को दी मंजूरी, जल्द निकलेगी विज्ञप्ति*


*देहरादून*: 

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 उत्तराखंड सरकार ने राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों को बड़ी सौगात दी है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज  हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।


कैबिनेट द्वारा पारित किए गए इस फैसले पर सूबे की खेल मंत्री रेखा आर्या ने खुशी व्यक्त की हैं। खेल मंत्री ने कहा की यह अत्यंत प्रसन्नता की बात हैं कि हमारी सरकार ने खिलाड़ियों के हित के लिए जो निर्णय पूर्व में लिया था वह आज साकार हुआ हैं। कहा की राज्य सरकार का यह निर्णय हमारे ऐसे खिलाड़ियों और उनके भविष्य के लिए संजीवीनी का कार्य करेगा जो किसी कारणवश अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे ।


साथ ही कहा की सरकार के इस निर्णय से 38 वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति का अवसर मिलेगा। 


खेल मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया की इन पदों पर खेल एवं युवा कल्याण, शिक्षा, पुलिस और परिवहन विभाग सहित विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जाएंगी साथ ही खिलाड़ियों को उनके द्वारा प्राप्त पदक और संबंधित पद के अनुरूप ग्रेड-पे निर्धारित किया जाएगा जिसका जल्द शासनादेश जारी किया जाएगा।


खेल मंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज हमारी ओलंपिक 2036 संकल्प कावड़ यात्रा सफल हो रहीं हैं, भोले बाबा की असीम कृपा से एक ही महीने में खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास और आज 38वें राष्ट्रीय खेलों के 243 विजेताओं को आउट ऑफ टर्न नौकरी का ऐतिहासिक फैसला कैबिनेट द्वारा हो गया हैं, जल्द ही इस कावड़ यात्रा का संकल्प ओलंपिक 2036 की मेजबानी भी भारत को मिलेगी I 


*जल्द निकाली जाएगी विज्ञप्ति*


खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आज कैबिनेट में आउट ऑफ टर्न जॉब का प्रस्ताव पास होने के पश्चात अब जल्द ही खेल विभाग द्वारा 38 वें राष्ट्रीय खेलो में पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए जल्द ही विज्ञप्ति जारी कि जाएगी। इसके पश्चात ऐसे खिलाड़ी जो जिस विभाग में आवेदन करना चाहते हैं वह उसमें आवेदन कर सकेंगे। साथ ही खेल मंत्री ने बताया कि ऐसे खिलाडी जो खेल और युवा कल्याण विभाग से अलग अन्य विभाग में अपनी सेवाएं देंगे वह पांच वर्ष तक खेल और युवा कल्याण विभाग से जुड़े रहेंगे और अपनी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।


खेल मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्ताव के अनुसार स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के अनुरूप अलग-अलग श्रेणी के पदों पर नियुक्ति दी जाएगी। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें खेलों के साथ बेहतर रोजगार का अवसर उपलब्ध कराना है।

 *SDRF वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट में क्रेच का शुभारंभ, जवानों के परिवारों के लिए एक और संवेदनशील पहल* 




SDRF वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट, देहरादून में आज दिनांक 11 सितंबर 2026 को जवानों एवं कर्मचारियों के छोटे बच्चों की देखभाल एवं सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए SDRF क्रेच का विधिवत शुभारंभ किया गया। क्रेच का उद्घाटन सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी द्वारा किया गया। 


SDRF जैसे विशिष्ट एवं चुनौतीपूर्ण बल में जवानों को वर्षभर विभिन्न आपदा एवं रेस्क्यू अभियानों के साथ-साथ चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रभावित क्षेत्रों, नदी एवं पर्वतीय रेस्क्यू तथा अन्य महत्वपूर्ण ड्यूटियों में अपनी सेवाएं देनी पड़ती हैं। कई अवसरों पर जवानों को लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसे में जवानों के परिवारों, विशेषकर छोटे बच्चों की देखभाल एवं सुविधाओं को बेहतर बनाना बल के मनोबल और कार्यक्षमता के लिए महत्वपूर्ण है।


इसी उद्देश्य से SDRF वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट में क्रेच की स्थापना की गई है। यह क्रेच छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यहां बच्चों की देखभाल के साथ-साथ उनके आराम, मनोरंजन एवं दैनिक आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा, जिससे ड्यूटी पर तैनात जवान एवं कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन अधिक निश्चिंत होकर कर सकें।


उद्घाटन के अवसर पर सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी ने कहा कि SDRF के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करते हैं। बल के जवानों की कार्यक्षमता और मनोबल को मजबूत बनाए रखने के लिए उनके परिवारों एवं बच्चों की सुविधाओं का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। क्रेच की यह सुविधा जवानों के परिवारों के प्रति विभाग की संवेदनशील सोच और कर्मचारी कल्याण की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 


SDRF वाहिनी मुख्यालय में क्रेच की सुविधा प्रारंभ होने से महिला कार्मिकों सहित ऐसे जवानों एवं कर्मचारियों को विशेष सुविधा मिलेगी, जिन्हें छोटे बच्चों की देखभाल से संबंधित जिम्मेदारियों के कारण अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। 

इस मौके पर उपसेनानायक श्री शुभांक रतूड़ी , शिविरपाल श्री आनंद सिंह रावत, सूबेदार सैन्यसहायक श्री योगेन्द्र भंडारी और अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे ।


SDRF द्वारा भविष्य में भी अपने जवानों एवं कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कल्याणकारी एवं सुविधाजनक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।

 कैबिनेट द्वारा लिये गये निर्णय---

  दिनांक 11 सितम्बर, 2026

uttarakhand cabinet decision


1. ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 105 के अन्तर्गत उत्तराखण्ड विद्युत निमायक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को राज्य विवरण को विधान मण्डल पटल पर रखे जाने का प्राविधान है, जिसके अनुपालन में आयोग के वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा पटल पर रखे जाने सम्बन्धी प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।


2. ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 104(4) के अन्तर्गत उत्तराखण्ड विद्युत निमायक आयोग के वार्षिक लेखा विवरण को विधान मण्डल के पटल पर रखे जाने का प्राविधान है, जिसके अनुपालन में आयोग के वर्ष 2024-25 के वार्षिक लेखा विवरण को आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा पटल पर रखे जाने सम्बन्धी प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।


3. *उत्तराखण्ड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क‘ एवं ‘ख‘ सेवा नियमावली, 2026 संषोधन प्रस्ताव को कैबिनेट की सहमति*


कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तराखण्ड की संरचना में गृह विभाग के कारागार विभागान्तर्गत सुधारात्मक विंग हेतु अपर महानिरीक्षक कारागार के 01 नवसृजित पद को संवर्गीय ढांचे में समाहित किये जाने के उद्देश्य से वर्तमान में प्रचलित सेवा नियमावली में संशोधन हेतु प्रस्तावित किया गया। विभागीय एवं कर्मचारी हित में उत्तराखण्ड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क‘ एवं ‘ख‘ सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन प्रस्ताव पर मा. मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति दी गई।


4. *मा. उच्वतम न्यायालय, मा. उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों में आबद्ध शासकीय अधिवक्ताओं को भुगतान किये जाने वाले शुल्क की दरों के पुनर्निधारण पर कैबिनेट का अनुमोदन*


मा० उच्च न्यायालय, नैनीताल, मा० उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली एवं उत्तराखण्ड राज्य के अधीनस्थ कार्यालयों में आबद्ध शासकीय अधिवक्ताओं को भुगतान किये जाने वाले शुल्क की दरों का पुनर्निधारण किये जाने के संबंध में मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय समीक्षा समिति की बैठक में लिये गये निर्णयानुसार शासकीय अधिवक्ताओं की फीस वृद्धि किये जाने के प्रस्ताव पर मा. मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।


5. *विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 53 की उपधारा (1) के प्राविधानुसार उत्तराखण्ड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली, 2012 में सशोधन करते हुए उत्तराखण्ड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी*


भारत सरकार द्वाराEase of Doing Business Compliance Reduction, Trust Based Regulatory Framework  के अंतर्गत Deregulation Phase-11 सुधार कार्यक्रम किये जा रहे हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रख्यापित (उपबन्धों का संशोधन) को 01 मई, 2026 से सम्पूर्ण भारत में लागू कर दिया गया है. जिसमें विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा-23 में संशोधन करते हुए Deregulation Priority Area (PA-8) Ease Licensing for Weights & Measures under Legal Metrology Act, 2009  के अंतर्गत लाइसेंसिंग प्रक्रिया के सरलीकरण हेतु उत्तराखण्ड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली 2012 में उक्तानुसार संशोधन हेतु उत्तराखण्ड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) (संशोधन) नियमावली 2026 के प्रख्यापन को मा. मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।


6. उत्तराखण्ड राज्य में वर्तमान में 05 राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार, अल्मोड़ा संचालित है, जिनमें एम.बी.बी.एस. तथा पी.जी. पाठ्क्रमों का संचालन किया जाता है। राज्य के दुर्गम दूरस्थ क्षेत्रों में जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराये जाने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। वर्तमान में एम.बी.बी.एस. इन्टर्नस् को रू. 17000/-प्रतिमाह Stipend दिया जा रहा है, जिसे 17000 से न्यूनतम रू. 25000 किये जाने पर मा. मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।


7. *माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत अपर सहायक अध्यापक व्यायाम (ग्रेड वेतन-4200) के 33 पद सृजित किए जाने पर कैबिनेट की लगी मुहर*


खेलकूद विभाग के निर्धारित शासनादेश में वर्णित प्राविधानों के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को उत्तराखण्ड में राजपत्रित/अराजपत्रित पदों पर आऊट ऑफ टर्न सेवायोजन प्रदान किये जाने हेतु माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत सहायक अध्यापक व्यायाम के लेवल-7 के कुल सृजित 1898 पदों में से 33 पदों को समर्पित करते हुए अपर सहायक अध्यापक व्यायाम लेवल-6 के 33 पद सृजित किए जाने पर मा. मंत्रीमणडल ने अनुमोदन दिया गया। 


8. खेल नीति, 2021 के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता खिलाड़ियों को उत्तराखण्ड में राजपत्रित/अराजपत्रित पदों पर आउट ऑफ टर्न सेवायोजन प्रदान किये जाने का प्रावधान है। आउट ऑफ टर्न सेवायोजन हेतु वर्तमान में खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग एवं वन विभाग के अन्तर्गत कुल 243 पदों पर नियुक्ति प्रदान किये जाने पर मा. मत्रिण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।


9. मा. मंत्रिमण्डल द्वारा देहरादून (पुरूकुल गांव) से मसूरी (लाईब्रेरी चौक) तक रोप-वे परियोजना के अपर टर्मिनल प्वांइट एवं पार्किंग निर्माण हेतु पर्यटन विभाग को प्राप्त भूमि पर स्थित, गढ़वाल सभा मसूरी को पूर्व में लीज पर दी गयी भूमि, के बराबर ही भूमि (972 वर्ग मी.) मसूरी स्थित गढ़वाल मण्डल विकास निगम की पार्किंग हेतु क्रय की गयी भूमि में से लीज पर दिये जाने की अनुमति प्रदान की गई।


10. मा. मंत्रीमण्डल द्वारा कर्मचारी राज्य बीमा निगम, चिकित्सालय हरिद्वार के समीप चिन्ह्ति 15 एकड़ भूमि ई.एस.आई. के निर्माण हेतु आंवटित किये जाने का लिया गया।


*कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने की वात्सल्य तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि वितरित*

*PFMS के माध्यम से भेजी जाएगी लाभार्थियों के खातों में जुलाई  और अगस्त 2026 की धनराशि*



*देहरादून*: आज महिला सशक्तिकरण  एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने शासकीय आवास में  मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ की धनराशि जारी की। 


कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत जून 2026 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया हैं । 


विभागीय मंत्री ने बताया की मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय समितियों द्वारा अनुमोदित लाभार्थियों को जुलाई एवं अगस्त 2026 की सहायता राशि के वितरण का विवरण जारी किया गया है। जुलाई 2026 में प्रदेश के 4,812 लाभार्थियों के लिए कुल ₹1,44,36,000 तथा अगस्त 2026 में 4,779 लाभार्थियों के लिए कुल ₹1,43,37,000 की धनराशि प्रस्तावित/वितरित की गई है। दोनों माह को मिलाकर कुल ₹2,87,73,000 की सहायता राशि लाभार्थियों को आज प्रदान की हैं।


साथ ही बताया की योजना के तहत जुलाई 2026 में 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले 38 बच्चों तथा अगस्त 2026 में 33 बच्चों की संख्या दर्ज की गई थी । योजना प्रारंभ होने से अब तक 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों की संख्या 1,513 है। वहीं माता-पिता के पुनर्विवाह, लाभार्थी की मृत्यु सहित अन्य कारणों से 252 बच्चे योजना से बाहर हुए हैं। इस प्रकार योजना के अंतर्गत अब तक कुल 1,765 बच्चे बाहर हुए हैं।


कैबिनेट मंत्री ने कहा की राज्य सरकार का उद्देश्य हैं की सरकार  मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत जो बच्चे कोविड महामारी के दौरान प्रभावित हुए हैं उन्हें  हम आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही  शिक्षा, पालन-पोषण एवं बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सके।


इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

 



शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला, देहरादून में विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025–26 के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन 09 सितम्बर 2026 को किया गया। कार्यक्रम की आयोजक एवं उत्तराखण्ड युवा संसद की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला रहीं।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री सहदेव सिंह, प्रमुख सचिव, विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अरविन्द कुमार, अपर सचिव, संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन उपस्थित रहे।  कार्यक्रम में श्री पूरन गिरी उपसचिव, निदेशक उच्च शिक्षा के प्रतिनिधि डॉ. प्रमोद डोबरियाल, उपनिदेशक माध्यमिक श्री रमेश तोमर तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।


मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट द्वारा सभी आगन्तुक अतिथियों का स्वागत किया गया। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।


सत्र 2025–26 में आयोजित तरुण सभा तथा किशोर सभा के परिणाम घोषित करते हुए अपर सचिव श्री अरविन्द कुमार ने बताया कि तरुण सभा प्रतियोगिता में  पुनः प्रथम स्थान शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला को प्राप्त हुआ।


द्वितीय स्थान रामचन्द्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उत्तरकाशी को तथा तृतीय स्थान राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर को प्राप्त हुआ। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोपेश्वर ने चतुर्थ तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नई टिहरी ने पंचम स्थान प्राप्त किया।


श्री अरविन्द कुमार ने बताया कि इस सत्र में राज्य के 13 जनपदों के 76 महाविद्यालयों में युवा संसद/तरुण सभा का आयोजन किया गया।

किशोर सभा के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया गया कि प्रथम स्थान जनपद हरिद्वार के पी.एम. श्री राजकीय महाविद्यालय, भौरी, रुड़की को प्राप्त हुआ। द्वितीय स्थान राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, डोभालवाला, देहरादून को तथा तृतीय स्थान राजकीय महाविद्यालय,  मैठाना  दशोली को प्राप्त हुआ।


चतुर्थ स्थान राजकीय इंटर कॉलेज, दूनाकोट, पिथौरागढ़ तथा पंचम स्थान पी.एम. श्री राजकीय महाविद्यालय, बागेश्वर को प्राप्त हुआ।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा संसद केवल एक प्रतियोगिता या मंचन नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना जागृत करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझाने का माध्यम है।


उन्होंने कहा कि सभी महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं तथा नागरिक दायित्वों की जानकारी प्राप्त हो सके।


कार्यक्रम की आयोजक एवं राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला ने राज्य, जिला, महाविद्यालय एवं विद्यालय स्तर पर युवा संसद कार्यक्रम के आयोजन की प्रक्रिया से प्रतिभागियों को परिचित कराया।


उन्होंने कहा कि युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों में संसदीय कार्यप्रणाली की समझ विकसित होती है।


निदेशक उच्च शिक्षा के प्रतिनिधि डॉ. प्रमोद डोबरियाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा संसद में केवल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।


उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी युवा संसद कार्यक्रमों में स्थानीय समस्याओं एवं जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विद्यार्थी अपने आसपास की सामाजिक एवं स्थानीय समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना सीख सकें।

मुख्य अतिथि माननीय श्री सहदेव सिंह, प्रमुख सचिव, विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राष्ट्र-शक्तियों में से एक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को राज्य की प्रगति, उन्नति तथा विकास से जुड़े सभी कार्यों से अवगत कराया जाना आवश्यक है।

उन्होंने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम में अनुभाग अधिकारी श्री अरविन्दर सिंह ने भी सक्रिय सहभागिता प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं संबंधित अधिकारियों को सम्मानित किया गया। 20 जनपदीय नोडल अधिकारियों तथा 52 सर्वश्रेष्ठ युवा सांसदों (प्रत्येक जनपद से दो) को भारत सरकार की नियमावली के अनुरूप प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।


कार्यक्रम में संबंधित जनपदों के नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने छात्र-छात्राओं के साथ सहभागिता की। देहरादून की जिला नोडल अधिकारी डॉ. अंजली वर्मा, हरिद्वार जनपद के नोडल अधिकारी गजेन्द्र सिंह, ऊधम सिंह नगर के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अजीत सिंह सहित टिहरी, पौड़ी एवं अन्य जनपदों के नोडल अधिकारियों ने भी अपने छात्र-छात्राओं के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में उपस्थित सभी ने हिमालय के संरक्षण, संवर्धन एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ  प्रभारी, विधि प्रकोष्ठ, डॉ. राजकुमारी भंडारी द्वारा दिलाई गई।


कार्यक्रम का संचालन उत्तराखण्ड युवा संसद की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला ने किया। समारोह में विभिन्न जनपदों से आए छात्र-छात्राओं, नोडल अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं अतिथियों की सक्रिय सहभागिता रही।


समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय कार्यप्रणाली, नेतृत्व क्षमता, तार्किक अभिव्यक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र निर्माण की भावना को विकसित करना रहा। पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।इस अवसर पर  महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे।

 *ग्रामीण विकास मंत्री भरत चौधरी का बड़ा प्रशासनिक फैसला: एबीडीओ को मिला प्रमोशन, विकासखंडों को मिले बीडीओ*        

                                                                                                                                              

*पदोन्नति के बाद खंड विकास अधिकारियों को मिली नई तैनाती देहरादून ;



ग्रामीण विकास विभाग में लंबे समय से लंबित सहायक खंड विकास अधिकारियों (एबीडीओ) के पदोन्नति प्रकरण पर ग्रामीण विकास मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी ने त्वरित निर्णय लेते हुए एबीडीओ को पदोन्नत कर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बनाने की महत्वपूर्ण पहल की है।मंत्री के इस निर्णय से लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को न केवल उनका वाजिब हक और सम्मान मिला है, बल्कि विकासखंड स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलने का रास्ता साफ हुआ है। पदोन्नत अधिकारियों की तैनाती से विकासखंडों में बीडीओ की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों के संचालन में गति आएगी।  


 *एक निर्णय, दो बड़े लाभ*

 मंत्री भरत सिंह चौधरी के इस फैसले का सीधा लाभ कर्मचारी हित और जनहित, दोनों को मिलने वाला है। एक ओर लंबे समय से लंबित प्रमोशन का समाधान हुआ है, वहीं दूसरी ओर विकासखंडों को स्थायी रूप से खंड विकास अधिकारी उपलब्ध होने से ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी को मजबूती मिलेगी। 

विकासखंड स्तर पर बीडीओ की भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण होती है। अधिकारियों की उपलब्धता से योजनाओं की निगरानी, विभागीय समन्वय, जनसमस्याओं के समाधान तथा विकास कार्यों की गति में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।


*पदोन्नत अधिकारियों ने की मंत्री के निर्णय की सराहना*                                      पदोन्नत हुए अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित पदोन्नति होने से उन्हें नई जिम्मेदारी और कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि “त्वरित और जनहित में निर्णय लेना किसी नेता की केवल राजनीतिक क्षमता नहीं, बल्कि उसकी प्रशासनिक क्षमता और संवेदनशीलता का भी परिचायक है।” अधिकारियों ने इसे कर्मचारी हित में लिया गया महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय बताते हुए मंत्री का आभार व्यक्त किया।


*जनता तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मिलेगी मदद*                                ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन विकासखंड स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था पर काफी हद तक निर्भर करता है। ऐसे में पदोन्नत अधिकारियों के बीडीओ के रूप में कार्यभार संभालने से विकासखंडों में प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी। इसका सकारात्मक असर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों, आजीविका गतिविधियों और अन्य ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की निगरानी एवं क्रियान्वयन पर पड़ने की उम्मीद है।


*कर्मचारी सम्मान और जनहित—दोनों को प्राथमिकता*    कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी का यह निर्णय इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि इसमें कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित पदोन्नति के अधिकार का समाधान करने के साथ-साथ विकासखंडों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।एक ओर कर्मचारियों को उनका हक और सम्मान मिला, तो दूसरी ओर विकासखंडों को अधिकारी—यानी इस फैसले से कर्मचारी हित के साथ ग्रामीण जनता के हित को भी मजबूती मिली है।

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