Halloween party ideas 2015


  डा. रवीन्द्र अरजरिय                                                 

                    

देश में महंगाई का दावानल निरंतर बढता ही जा रहा है। सरकारों से लेकर नागरिकों तक में इस विपत्ति से निवारण के उपायों पर चिन्ता की जा रही है। हर स्तर पर समस्या का समाधान खोजने की बात की जा रही है। वास्तविकता तो यह है कि देश को सुगमता के साथ संचालित करने हेतु नीतियों का निर्धारण करने वाले तंत्र और प्रसिध्द अर्थ शास्त्रियों ने या तो इस दिशा में ईमानदाराना कोशिशें नहीं कीं या फिर उन कोशिशों को लागू करने की दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं हुई। वस्तुओं की कीमतों को निर्धारित करने हेतु सैध्दान्तिक रुप से शासकीय स्तर पर मूल्य नियंत्रण विभाग काम करता है। यह विभाग वस्तुओं की लागत और उन पर लिये जाने वाले लाभाशों पर लगाम कसता है। मगर आश्चर्य तो तब होता है जब पचास पैसे की लागत पर बनने वाली दवाई को निर्माता कम्पनी 50 रुपये में उपभोक्ता को देती है। यही स्थिति अन्य वस्तुओं पर भी लागू होती है। तब मूल्य निर्धारण विभाग और तंत्र की प्रमाणिकता पर अनेक प्रश्न चिंह अंकित क्यों नहीं होंगे। यह हो हुई निर्माताओं की निरंकुश मनमानियां और जरूरतमंद की मजबूरी। मंहगाई के बढते ग्राफ के लिए एक और महात्वपूर्ण कारक है जिसे हम पहली पायदान पर रख सकते हैं। वह है आवश्यकता से अधिक आय। आम आवाम को जीवन जीने के लिए दो समय का पौष्टिक भोजन, निवास हेतु एक मकान और पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन हेतु आवश्यक राशि जिससे वह अपने बच्चों की पढाई, माता-पिता आदि परिजनों की सेवा जैसे कार्यों को पूर्ण कर सके। इन न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रत्येक परिवार को वर्तमान परिपेक्ष ंमें लगभग 15 से 20 हजार रुपये की जरूरत होती है। न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद फिर प्रारम्भ होती है विलासता के संसाधनों को जुटाने की अंतहीन श्रृंखला। छोटी कार से लेकर निजी विमानों तक, वातानुकूलित बंगलों से लेकर पांच सितारा कार्टेज तक, टैक्सियों से लेकर चार्टेड प्लेन तक, 24 इंची टीवी से लेकर होम थियेटर तक, मनोरंजन हेतु वर्फीली वादियों से लेकर स्वीजरलैण्ड की रंगीनियों तक जैसे अनगिनत कारक विद्मान हैं। इन्हीं विलासता के कारकों के पीछे आज समाज की अंधी प्रतिस्पर्धा चल रही है। जिनके पास बाइक है, वे कार खरीदना चाहते हैं। जिनके पास कार है वे सुपर लग्जरी वाहन खरीदना चाहते हैं। जिनके पास सुपर लग्जरी वाहन हैं वे निजी हैलीकाप्टर खरीदना चाहते हैं और जिनके पास निजी हैलीकाप्टर हैं वे स्वयं  प्लेन खरीदना चाहते हैं। माया के इस अंतहीन जंजाल ने लोगों को आधारभूत आवश्यताओं की परिधि से बहुत आगे पहुंचा दिया है। इस सोच को बढावा देने में हमारी सरकारें भी पीछे नहीं हैं। सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को आउटिंग हेतु विशेष व्यवस्था की जाती है, धनराशि उपलब्ध करायी जाती है और किया जाता है भ्रमण कार्यक्रमों का अनुमोदन। बात यहीं तक होती तो भी गनीमत थी। देश के प्रत्येक चुनाव के पहले कर्मचारियों-अधिकारियों को वेतन वृध्दि, महंगाई भत्ता जैसी अनेक सौगातें देकर वोट बैंक में इजाफा किया जाता है। जब सरकारी मुलाजिमों को पगार के रूप में भारी भरकम धनराशि मुहैया करायी जाने लगती है तब निजी नौकरियों, छोटे धंधे, मजदूरी के माध्यम से जीवकोपार्जन करने वालों के अंदर हीनता का भाव जन्म ले लेता है। उदाहरण के तौर पर यदि हम केवल शिक्षा विभाग को ही देखें तो सरकारी महाविद्यालयों-विश्वविद्यालयों में सेवारत प्राध्यापकों का वेतनमान लाख रुपये से अधिक होता है। सरकारी प्राइमरी स्कूलों के स्थाई शिक्षकों का वेतन भी पचास हजार से अधिक ही होता है। जबकि निजी संस्थानों में कार्यरत प्रतिभाशाली शिक्षकों को अपनी योग्यता की आहुतियों पर चन्द सिक्के ही मिलते हैं। वहीं दूसरी ओर अधिकांश सरकारी अधिकारी-कर्मचारी स्वयं अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवाने कतराते हैं। निजी संस्थाओं में प्रवेश दिलाते हैं। आखिर क्यों? क्या उन्हें ही सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर विश्वास नहीं है। अगर यह सही तो सरकारें अपने कर्मचारियों-अधिकारियों की प्रतिवर्ष पात्रता परीक्षायें क्यों नहीं आयोजित करतीं है जिस पर होने वाला व्यय भी परीक्षा में भागीदारी करने वालों से वसूला जाये। ऐसे में वर्तमान मापदण्डों पर कार्यरत लोगों की प्रतिभा मेें विकास, कार्य के प्रति समर्पण और दायित्वबोध स्थापित हो सकेगा और सरकारी तंत्र की गुणवत्ता, प्रतिभा और समर्पण में स्थायित्व आ सकेगा। अब प्रश्न उठता है वेतन की विसंगतियों का। जब एक किलो आलू सभी को 20-30 रुपये किलो मिल रहा है। सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था है। सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क चिकित्सा सुविधायें हैं। तो फिर भारी भरकम पगार पाने वाले अपने धन को कहां खर्च करेंगे। बस यहीं से शुरू हो जाती है मंहगाई की एबीसीडी। एक मजदूर जब दिन भर की कडी मेहनत के बाद 300 रुपये की दिहाडी में से शाम को एक किलो आलू 20-30 रुपये में लेकर घर जाता है तब औसतन 3,000 रुपये प्रतिदिन की आय लेने वाला प्रोफेसर अपनी वातानुकूलित कार का शीशा उतारकर एक किलो आलू का दाम 50 रुपये देकर चला जाता है। उसे आलू महंगा नहीं लगता। मगर मजदूर को 20-30 रुपये में भी महंगा लगता है। ऐसे में ज्यादा मुनाफा कमाने लालच में आलू विक्रेता दामों में बढोत्तरी करके 50 रुपये कर देता है। अगली बार वह 300 रुपये दिहाडी पाने वाला मजदूर 50 रुपये में आलू खरीदता हुआ खून के आंसू रोता हुआ घर पहुंचता है तब प्रोफेसर महोदय 70 रुपये किलो में आलू खरीदकर हंसते हुए घर पहुंचते हैं। यहां भी मूल्य नियंत्रण विभाग से लेकर अन्य संबंधित अधिकारियों का अमला मूक दर्शक बना रहता है। आवश्यकता से अधिक आय न पचा पाने के कारण होती है। यह सत्य है कि विशेष योग्यता और योगदान पर अतिरिक्त लाभ मिलना चाहिए। एक आईएएस और एक चपरासी का वेतन समान नहीं हो सकता। दौनों का दायित्वबोध, कतव्र्यनिष्ठा और उत्तरदायित्वों में भारी अंतर है। ऐसे में कुछ विशेष होना ही चाहिए मगर मानवीय काया, पारिवारिक दायित्व और सामाजिक समरसता तो दौनों के एक ही है। विशेष का अर्थ योग्यता और योगदान को पुरस्कृत करने के संदर्भ में लिया जाना चाहिए। जब मूलभूत आवश्यकताओं में अंतर नहीं है तो फिर भारी अंतर रखने का औचित्य समझ से परे हो जाता है। तुष्टीकरण के आधार पर वोटबैंक बढाने की राजनैतिक मानसिता का शिकार होने वालों में केवल और केवल मध्यम वर्गीय परिवार ही हो।




मेरठ :



 उत्तर प्रदेश के मवाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में सास-बहू और नवजात शिशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ससुर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। बताया गया कि मवाना शुगर मिल के पास ट्रक की की चपेट में आकर बाइक सवार एक व्यक्ति और दो महिलाएं नीचे गिर गईं। इसके बाद दोनों महिलाओं के ऊपर से ट्रक का पहिया उतर गया और मौके पर ही दोनों महिलाओं की मौत हो गई। इनमें एक महिला सात माह की गर्भवती थी और हादसे में उसका बच्चा भी बाहर निकल गया। नवजात शिशु की भी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान जिसने भी यह खौफनाक मंजर देखा उसकी रूह कांप गई।


covid-19, saavdhaani hi bachaav

 
Uttarakhand covid-19 important links
 
 

आज टीकाकरण के सत्र 1068 हुए, 42798 लोगों का आज टीकाकरण हुआ। 

7465085 लोगों को अर्द्ध टीकाकरण और 3756614 लोगों को पूर्ण रूप से टीकाकरण हो चुका है। 

अब तक 18 प्लस में 4484131 लोगों को अर्द्ध टीकाकरण और 1638530 लोगों को पूर्ण रूप से टीकाकरण हुआ है।


उत्तराखंड में आज कोरोना संक्रमण के 17 मामले आये है। जिसे मिलाकर उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के कुल मामले अब 343861 गए हैं। जिसमें सक्रिय मामलो की संख्या 150 है। आज 18 व्यक्ति ठीक हो चुके है, कुल रिकवर मामलों की संख्या 330163 है।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के ठीक की दर 96.02% हो गयी है। 13417 लोगों के सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव पाए गए हैं। अभी तक कुल 7389333  सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव आयी है।

 अभी तक 7399 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है। आज उत्तराखंड में  किसी भी कोरोना संक्रमित की मृत्यु नहीं हुई है । 

म्यूकोर माइकोसिस के उत्तराखंड में 590 केस हो गए है जिनमे से 133 की मृत्यु हो गयी है और 381 डिस्चार्ज हो गए है। 





मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान आज प्रातः से ही अपने निजी आवास नगला तराई खटीमा में आम जनता की जन समस्याऐं सुनी। इसके उपरान्त  मुख्यमंत्री ने फाईबर कम्पनी के परिसर में पहुंचकर दीप प्रज्वलित करते हुए बूथ कार्यक्रम प्रारम्भ किया। अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। 


 मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि सरकार प्रत्येक जनमानस के साथ हर दुख-सुख में खड़ी है। उन्होने कहा कि सरकार प्रत्येक व्यक्ति के हित के बारे में लगातार विकास कार्यो कर रही है। उन्होने कहा कि खटीमा नागरिक चिकित्सालय में एक हजार एलपीएम का आॅक्सीजन प्लांट लगा दिया गया है व पुराना अस्पताल में अस्थाई सैनिक कैन्टीन बनाया जा रहा है, जिसे आगामी माह नवम्बर तक संचालित कर दिया जायेगा। उन्होने कहा कि खटीमा में बस अड्डा निर्माण, खटीमा बाईपास निर्माण, एकलव्य विद्यालय निर्माण, राजकीय आश्रम पद्धति जनजाति स्कूल, शहीद स्मारक एवं मण्डी में धान क्रय केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि कार्यो में तेजी लाते हुये शीघ्र कार्य पूर्ण करें। 


 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क ईलाज व 207 प्रकार की जांचे निःशुल्क की जा रही हैं। कोविड-19 संक्रमण के दौरान अनाथ हुये बच्चों के लिये वात्सल्य योजना के तहत तीन हजार रूपया प्रत्येक बच्चे को दिया जा रहा है व बच्चे को बड़े होने पर पांच प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है।  बहनों एवं नवजात कन्याओं को महालक्ष्मी किट प्रदान की जा रही है।नौजवानो को विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिये निःशुल्क आवेदन करने की प्रक्रिया, ग्राम प्रधानों का मानदेय रू0 1500 से बढाकर 3500, आशा कार्यकत्रियों को रू0 3500 से बढ़ाकर 6500, उपनल कर्मियों की मांग मानते हुये दस साल की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को मानदेय में रूपया-2000 व दस वर्ष से अधिक सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियो को रूपया 3000 देने का काम सरकार द्वारा किया गया है। उन्होने कहा कि सरकार द्वारा लगातार सभी के लिये कुछ ना कुछ रास्ता निकाला जा रहा है जिसके लिये सब लोगों का साथ बहुत जरूरी है। उन्होने कहा कि प्रत्येक न्यायपंचायत स्तर युवाओं के लिये ओपन जिम खोला जायेगा जिससे की हमारे युवा स्वस्थ व निरोग्य रहे। 


इस दौरान  मुख्यमंत्री  ने मगरमछ के हमले से मृत्यु होने के कारण मृतक के परिजन श्रीमती लक्ष्मी देवी को तीन लाख रूपये का चैक अर्थिक सहायता के रूप में प्रदान किया।  

        इस अवसर पर विधायक  डाॅ0 प्रेम सिंह राणा,  कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, उपाध्यक्ष किसान आयोग राजपाल सिंह, अध्यक्ष किच्छा मण्डी समिति कमलेन्द्र सेमवाल, अध्यक्ष मण्डी समिति खटीमा नन्दन सिंह खड़ायत, जिलाधिकारी श्रीमती रंजना राजगुरू, एसएसपी दलीप सिंह कुवंर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, उप जिलाधिकारी निर्मला बिष्ट, तुषार सैनी, जनप्रतिनिधि मोहनी देवी, उर्मिला, माया जोशी, सतीश गोयल, अजय मौर्या, नवीन चन्द्र, गोविन्द, किशन, खुब सिंह विकल, तेज सिंह मेहरा, पूजा बत्रा, प्रियंका आदि उपस्थित थे।


 बागेश्वर :


 मुनस्यारी-कौसानी मार्ग पर वाहन हुआ दुर्घटनाग्रस्त SDRF ने 07 घायलो का किया रेस्क्यू

Accident on munsyari kausani route uttarakhand



दिनांक 27 अक्टूबर को तहसीलदार कपकोट द्वारा  SDRF टीम को सूचना दी गई कि फरसाली के पास एक वाहन खाई मे गिर गया है। जिसके रेस्क्यू हेतु SDRF टीम की आवश्यकता है।

उक्त सूचना पर SDRF पोस्ट कपकोट से मुख्य आरक्षी रवि रावत के नेतृत्व मे टीम तत्काल घटनास्थल के लिये रवाना हुई।

SDRF रेस्क्यू टीम के मौके पर पहुंचने के उपरान्त ज्ञात हुआ कि उक्त वाहन एक  टेंपो ट्रैवलर था, जो मुनस्यारी से कौसानी  की ओर जा रहा था। जिसमे 12 लोग सवार थे, फरसाली के पास वाहन अनियंत्रित होकर 30 -40 मीटर गहरी खाई में गिर गया। 

घटनास्थल पर 07 लोग घायल व 05 लोगों की मौके पर मृत्यु हो गई है । वाहन मे सवार घायलो को खाई से बाहर निकालकर 108 के माध्यम से अस्प्ताल भेजा गया व मृत लोगों मे 02 पुरुष व 03 महिलायें है, जिन्हे  टीम द्वारा खाई से रिकवर कर जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।

 उत्तराखंड चारधाम अपडेट- 27 अक्टूबर 2021


• प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ धाम के संभावित कार्यक्रम के मद्देनजर देवस्थानम बोर्ड तैयारियों में जुटा।

•चारों धामों में यात्रा निरंतर चल रही है। मौसम सर्द हुआ।

•  श्री बदरीनाथ धाम ,श्री केदारनाथ धाम, श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री धाम में  तापमान घटा लेकिन मौसम सामान्य। 

•केदारनाथ  मुख्य मार्गों  सहित हैलीपेड से बर्फ बर्फ हटायी गयी, निकटवर्ती पहाड़ियों पर बर्फ जमी हुई है।

• केदारनाथ में मौसम सामान्य एवं अनुकूल  है । दिन में मध्यम धूप ।तीर्थयात्री मौसम से उत्साहित ।

• ऋषिकेश चारधाम बस टर्मिनल एवं हरिद्वार बस अड्डे से   तीर्थयात्री चारधाम को  लगातार प्रस्थान  कर रहे हैं। हेल्प डेस्क एवं कोविड जांच केंद्र  चल रहा।

 

 


 देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के श्री केदारनाथ धाम  दर्शन के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए देवस्थानम बोर्ड भी अपने स्तर से तैयारियों में जुटा है। मंदिर सौंदर्यीकरण,साज सज्जा, दर्शन ब्यवस्था  आदि ब्यवस्थाओं  पर  कार्य हो रहा है‌।

 इसी संदर्भ में आयुक्त गढ़वाल एवं देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने जिला प्रशासन एवं देवस्थानम बोर्ड को निर्देशित किया है तथा देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. डी. सिंह को जिम्मेदारी दी गयी है।

केदारनाथ में सरकारी तंत्र सक्रिय हो गया है जिलाधिकारी मनुज गोयल कई दौर की बैठकें कर चुके है। उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि सभी विभागों को / सैक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया गया है।

श्री बदरीनाथ धाम  सहित चारों धामों हेतु  सड़क मार्ग सुचारू है। तीर्थयात्री दर्शन  को जा रहे है।श्री बदरीनाथ,श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री में यात्रा जारी  है। मौसम सामान्य है।केदारनाथ धाम हेतु हेलीकाप्टर सामान्य रूप से चल रही है। 


 खेलकूद प्रतियोगितायें आयोजित की गई है। विकास खण्ड डुण्डा में अण्डर 17 आयुवर्ग के बालक एवं बालिकाओं की 100 मीटर दौड़ रोहत तथा अमृता ने बाजी मारी, वही 400 मीटर में मनीष तथा अमृता एवं 800 मीटर दौड़ में वरूण काजल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं लम्बी कूद में देवराज तथा निहारिका ने बाजी मारी। उधर मोरी विकास खण्ड में भी आज विकास खण्ड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया गया। 




खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारम्भ अरूण रावत जिला पंचायत सदस्य, प्रधानाचार्य अरूण कुमार पाण्डेय तथा अध्यक्ष प्रधान संगठन मनोज सिंह के द्वारा किया गया।  राजकीय इण्टर कालेज मोरी में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता के अण्डर 14 बालक एवं बालिकाओं की 100 मीटर दौड़ में आयुष एवं सोनिका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि 400 एवं 800 मीटर बालक वर्ग की दौड़ में अक्षय एवं अनेश चौहान ने बाजी मारी। खेलकूद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे।

इस मौके पर क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी संदीप राणा, लोकेन्द्र नेगी, प्रकाश भण्डारी निर्णायक अमीरचंद रमोला, राजवीर रांगड़, दरमियान सिहं भण्डारी, शूरवीर सिंह पडियार, गोविन्द राणा, जयचंद रावत, अध्यक्ष व्यापार मण्डल महावीर राणा, प्रधान सालरा प्रमोद राणा,धनेश्वर रावत आदि मौजूद थे।

डोईवाला :

 

23 डोईवाला विधानसभा के बुलावाला क्षेत्र में केजरीवाल  की दूसरी गारंटी के रोजगार एवं ₹5000 बेरोजगारी भत्ता कार्ड बनाए गए इसके साथ ही नुक्कड़ सभा का आयोजन भी किया गया। 




सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता राजू मौर्य ने कहा कि दिल्ली और उत्तराखंड का बजट लगभग एक बराबर होने के बावजूद भी दिल्ली की जनता को तमाम सुविधाएं मिल रही हैं और उत्तराखंड की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रही है। 

ऐसे में आम आदमी पार्टी जनता की पहली पसंद बन गई है। आम आदमी पार्टी की सरकार आने पर दिल्ली की तर्ज पर ही विकास कार्य किए जाएंगे। पहली कैबिनेट की बैठक में ही एक लाख बेरोजगारों को रोजगार दिया जाएगा। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता सरदार भजन सिंह सरदार जसवीर सिंह सरदार प्यारा सिंह विजय पाठक सागर हांडा आदि मौजूद रहे ।

 डोईवाला विधानसभा के नगर पालिका वार्ड नंबर 2 में रोजगार गारंटी कार्ड बनाए गए एवं नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया .

इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता राजू मौर्य ने कहा कि दिल्ली की जनता ने अपने लिए एक अच्छी सरकार को चुन लिया है अब उत्तराखंड की जनता की बारी है। इस बार एक मौका आम आदमी पार्टी को मिलना चाहिए नुक्कड सभा में सरदार जसवीर सिंह सरदार प्यारा सिंह विजय पाठक नफीस अहमद आदि मौजूद रहे



  •  दर्जनों लोगों ने ली भाजपा की सदस्यता
  • सामन्त की वापसी पर अग्रिम आदेशों तक रोक

 भाजपा में वापस हुए चंपावत से गोविंद सिंह सामंत की वापसी पर संगठन स्तर पर अग्रिम आदेशों तक तकनीकी कारणों से रोक लगा दी गई है। प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर तकनिकी कारणों से अग्रिम आदेशों तक यह रोक लगाई गई है।

आप के प्रदेश प्रवक्ता भाजपा में शामिल

भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व में पार्टी  से निष्कासित कई पदाधिकरियो की घर वापसी हुई। एवं आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ  राकेश काला ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।  पार्टी में शामिल करने के लिए बनाई गई  स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन एवं राज्य सभा सांसद नरेश बंसल और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उनका भाजपा का पटका पहना कर स्वागत किया। 


      इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन कौशिक  ने कहा कि पार्टी में एक प्रक्रिया के तहत कई जिलों में लोग भाजपा की रीति नीति और सिद्धांतो में विश्वास जताकर शामिल हो रहे है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है और मोदी जी के विकास के विजन से प्रभावित होकर आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। उन्होंने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि भाजपा कार्यों में विश्वास करती हैं और कार्यों की समीक्षा जनता करती हैं। 2017 में भी जनता ने कांग्रेस के कार्यों की समीक्षा कर बामुश्किल से उसे विपक्ष में स्थान दिया और इस बार फिर पार्टी विकास और सेवा कार्यों के बदौलत मैदान में उतरेगी। 

इस मौके पर पार्टी महामंत्री कुलदीप कुमार, सुरेश भट्ट मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान , विंनोद सुयाल भी मौजूद रहे। शामिल होने वालोंं में चंपावत से गोविंद सिंह सामंत के नेतृत्व में  चम्पावत के ब्लॉक प्रमुख पति वीरेंद्र सिंह, प्रकाश बोरा, संजय रावत, बलवंत सिंह धामी, लक्ष्मण सिंह बोरा, त्रिलोक कुमार, गिरीश खर्कवाल, पुराण सिंह बोरा, मदन सिंह सामंत, कमल बिष्ट, सचिन जोशी, राकेश बोर शामिल हुए वही चंपावत जिला कार्यालय में 20 क्षेत्र पंचायत सदस्यों व 14 ग्राम प्रधानों ने भाजपा की सदस्यता ली है। इसके अलावा रामनगर से ममता गोस्वामी रामनगर , जगमोहन बिष्ट , क्षेत्र पंचायत सदस्य श्वेता बिष्ट ने अल्मोड़ा से कल्पना बोरा भाजपा में शामिल हुई। वहीं देहरादून से आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ राकेश काला ने आप छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए। पौड़ी से संजय गौड़ ने भाजपा की सदस्यता ली। 


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