Halloween party ideas 2015

 *बुलडोजर से भी हुआ भव्य स्वागत, सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब!*


*यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री धामी जी का जगह-जगह ऐतिहासिक स्वागत, भारी संख्या में लोग अपने मुख्यसेवक के इंतजार में सड़कों पर डटे रहे*

CM dhami  khatima


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी सोमवार को सड़क मार्ग से काशीपुर से खटीमा पहुंचे। इस दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों द्वारा उनका भव्य एवं अभूतपूर्व स्वागत किया गया। कई स्थानों पर बुलडोजर के माध्यम से भी स्वागत कर जनता ने अपना उत्साह और समर्थन प्रदर्शित किया।


यात्रा के दौरान काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, दिनेशपुर, किच्छा,सितारगंज सहित कई स्थानों पर भारी संख्या में लोग अपने लोकप्रिय नेता के इंतजार में सड़कों के किनारे खड़े रहे। युवाओं, माताओं-बहनों एवं बुजुर्गों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। हर जगह जनसैलाब उमड़ा और लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उत्साहपूर्वक भागीदारी दिखाई।


जगह-जगह आयोजित स्वागत कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता राज्य सरकार की विकास नीतियों और जनहितकारी निर्णयों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस विकास यात्रा की सक्रिय सहभागी बन रही है।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह अपार स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश के विकास, सुशासन और जनसेवा के लिए और अधिक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समग्र और संतुलित विकास के लिए संकल्पबद्ध है, ताकि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सके।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने  सोमवार को काशीपुर में मां बाल सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के चहुंमुखी विकास और सुख-शांति की कामना की। इसके उपरांत उन्होंने मंदिर प्रांगण में आयोजित भजन संध्या का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चैती मेला कोष की धनराशि से मां बाल सुंदरी मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं मंदिर परिसर के विकास की घोषणा की।



 मुख्यमंत्री ने चैती मेले में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए मां बाल सुंदरी से सभी की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि  यह केवल एक मेले का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का जीवंत महोत्सव है।  इस मेले में हमारे पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस मेले को और भी अधिक आकर्षक बनाती हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि चैती मेले का यह भव्य आयोजन क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और स्थानीय विकास को नई गति देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।


 मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में सरकार काशीपुर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए भी विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के माध्यम से तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा काशीपुर में 133 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें 16 औद्योगिक इकाइयों का आवंटन हो चुका है, जो आने वाले समय में युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेगा। इसी प्रकार, काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को चार लेन में उन्नत करने के लिए 494 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। साथ ही यहां 3 किलोमीटर लंबा मिनी बाईपास भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि 4 करोड़ रुपये की लागत से सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय का निर्माण भी किया गया है और 7 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।



 मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1,950 करोड़ रुपये की लागत से काशीपुर में पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके अलावा यहां रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 1100 करोड़ रुपये की औद्योगिक हब परियोजना तथा 100 करोड़ रुपये की अरोमा पार्क परियोजना पर भी कार्य चल रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि शहर में बहुमंजिला पार्किंग और नए तहसील कार्यालय का निर्माण कार्य भी जारी है। उन्होंने  कहा कि राज्य सरकार चैती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर से जोड़कर इसे एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। क्योंकि हमारा लक्ष्य है कि काशीपुर औद्योगिक नगर के साथ-साथ आस्था और श्रद्धा की नगरी के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संतुलन की रक्षा करना भी है और इस दिशा में हम लगातार ठोस कदम उठा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। ऑपरेशन कालनेमि के तहत राज्य में सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है। आज उत्तराखंड को यह गौरव प्राप्त है कि यह देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी सरकार सिर्फ बातें नहीं करती, बल्कि कड़े "एक्शन" भी लेती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हमने "देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून" लागू किया और इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है, जो पिछली सरकारों के मुकाबले चार गुना से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार काशीपुर में जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए ओवरब्रिज बना रही है, सड़कों का चौड़ीकरण कर रही है और उद्योगों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार कर रही है।


कार्यक्रम में कैबिनेट/जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, बलराज पासी, विनय रुहेला, फरजाना बेगम, शंकर कोरंगा, मंजीत सिंह राजू, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल, राजेश कुमार, ऊषा चौधरी, सतीश भट्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी प्राधिकरण जय किशन, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व जनता मौजूद थे।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। फालतू खर्च होगा। किसी के व्यवहार से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी। नौकरी में कार्यभार बढ़ेगा। सहकर्मी साथ नहीं देंगे। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे।

Rashifal today 30 march 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। शेयर मार्केट में जल्दबाजी न करें। व्यापार लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। चोट व रोग से कष्ट संभव है। प्रमाद न करें।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

कार्यस्थल पर परिवर्तन की योजना बनेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। ऐश्वर्य व आरामदायक साधनों पर व्यय होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाजी से बचें। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

तीर्थदर्शन की योजना फलीभूत होगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। आत्मशांति रहेगी। यात्रा संभव है। व्यापार ठीक चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। दूसरों की जवाबदारी न लें। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। थकान रह सकती है।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अतिविश्वास न करें। किसी भी प्रकार के विवाद में न पड़ें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

किसी व्यक्ति विशेष का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सदस्यों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों से अनबन हो सकती है। शारीरिक कष्ट संभव है। जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धन प्राप्ति सुगम होगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

स्थायी संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही प्राप्त होगा। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग मिलेगा। भाग्य अनुकूल है। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। शत्रुओं का पराभव होगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं। प्रसन्नता रहेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। पार्टी व पिकनिक का आयोजन हो सकता है। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

विवाद को बढ़ावा न दें। कानूनी अड़चन से सामना हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें। दौड़धूप से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। आय बनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। जोखिम न लें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

मित्रों का सहयोग करने का मौका प्राप्त होगा। मेहनत का फल मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचितों पर अंधविश्वास न करें। कारोबार ठीक चलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य अनुकूल है। समय का लाभ लें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। किसी बड़े काम को करने की योजना बनेगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

यात्रा मनोरंजक रहेगी। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। समय अनुकूल है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार के साथ समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। जल्दबाजी न करें।


 देहरादून हवाई अड्डे पर माननीय नागरिक उड्डयन मंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से यात्री-केंद्रित प्रमुख पहलों का उद्घाटन

देहरादून, 29 फरवरी 2026 (रविवार):





  नागरिक उड्डयन मंत्री, श्री राममोहन नायडू किंजरापु द्वारा गुजरात के राजकोट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान यात्री - केंद्रित सुविधाओं की एक श्रृंखला का उद्घाटन तथा प्रमुख अवसंरचना पहलों का शुभारंभ किया। मुख्य समारोह राजकोट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित हुआ, जबकि देहरादून सहित विभिन्न हवाई अड्डों पर यात्री- केंद्रित सुविधाओं का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का श्रद्धापूर्वक गायन किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए श्री समीर कुमार सिन्हा, सचिव, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, ने भारत सरकार की विमानन अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा निर्बाध एवं किफायती यात्रा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता पर बल दिया। वहीं श्री विपिन कुमार, अध्यक्ष, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, ने आधुनिक अवसंरचना एवं समावेशी सुविधाओं के माध्यम से यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के संगठन के प्रयासों को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत, यात्री सुविधा, समावेशिता एवं डिजिटल पहुंच को सुदृढ़ करने हेतु कई पहलों का उद्घाटन एवं राष्ट्र को समर्पण माननीय नागरिक उड्डयन मंत्री, श्री राममोहन नायडू किंजरापु द्वारा किया गया।

देहरादून हवाई अड्डे पर निम्नलिखित सुविधाओं का उद्घाटन / समर्पण किया गया:

• डिजी-यात्रा (Digi Yatra): यह बायोमेट्रिक 'फेसियल रिकग्निशन' तकनीक के माध्यम से निर्बाध एवं संपर्क रहित यात्रा को सक्षम बनाता है, जिससे प्रक्रिया तेज होती है और कतारों में कमी आती है।

• निःशुल्क वाई-फाई सुविधा: यह डिजिटल पहुंच को बढ़ावा देती है तथा यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान जुड़े रहने और उत्पादक बने रहने में सहायक है। निःशुल्क वाई-फाई सुविधा की अवधि 45 मिनट

है।

• किड्स ज़ोन (Kids Zone): यह बच्चों और परिवारों के लिए सुरक्षित एवं आकर्षक खेल क्षेत्र उपलब्ध कराता है, जिससे यात्रा अनुभव बेहतर होता है।

• फ्लाइब्रेरी (Flybrary): यह हवाई अड्डा टर्मिनलों में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु स्थापित की गई है। यह सुविधा देहरादून हवाई अड्डे के Security Hold क्षेत्र के प्रथम ताल पर, स्पर्श हिमालय फाउंडेशन, थानो, देहारादून के सहयोग से स्थापित की गई है।

देहरादून हवाई अड्डे के साथ-साथ, देश के सात अन्य हवाई अड्डों पर डिजी-यात्रा का उद्घाटन किया गया, उन्नचास हवाई अड्डों पर वाई-फाई सेवाएं शुरू की गईं, नौ हवाई अड्डों पर किड्स ज़ोन सुविधाएं तथा पंद्रह हवाई अड्डों पर फ्लाइब्रेरी प्रारंभ की गईं।

ये पहले, भारतीय विमानन को किफायती, सुलभ, समावेशी एवं डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ हवाई अड्डों को जीवंत एवं यात्री - अनुकूल स्थलों में परिवर्तित करने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

अपने मुख्य संबोधन में माननीय मंत्री श्री राममोहन नायडू किंजरापु ने भारत के विमानन क्षेत्र के तीव्र विस्तार को रेखांकित किया तथा यात्री सुविधा, नवाचार एवं समावेशिता पर विशेष ध्यान देते हुए विश्वस्तरीय हवाई अड्डा अवसंरचना के निर्माण हेतु सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।




 प्रधानमंत्री के प्रयासों से उत्तराखंड पर्यटन को मिला नया आयाम, शीतकालीन पर्यटन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी* 


 *उत्तराखंड को ऑल-सीजन टूरिज्म हब बनाने की दिशा में तेजी से काम: सीएम धामी* 

man ki baat 132 episode PM modi CM Dhami



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी  ने रविवार को देहरादून के इन्द्रानगर स्थित होटल रॉयल इन पैलेस में आयोजित प्रधानमंत्री जी के  " मन की बात" कार्यक्रम  के 132वें एपिसोड को सुना। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।



मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रारंभ किया गया एक अद्वितीय जनसंवाद मंच है, जो विश्व के किसी भी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा संचालित सबसे लंबे समय तक चलने वाले प्रेरणादायी कार्यक्रमों में से एक है। यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से दूरस्थ और कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान प्रदान करता है।



 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के कोने-कोने में कार्य कर रहे उन लोगों का उल्लेख किया जाता है, जो सीमित संसाधनों में भी असाधारण कार्य कर समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से ऐसे व्यक्तित्वों की कहानियां देशभर के नागरिकों तक पहुंचती हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होता है।



मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री अपने लगभग प्रत्येक कार्यक्रम में उत्तराखंड का विशेष रूप से स्मरण करते हैं। ‘मन की बात’ के कई एपिसोड में राज्य की शीतकालीन यात्रा, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया गया है।



 मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वयं भी उत्तराखंड के विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं, जिनमें आदि कैलाश और उत्तरकाशी जिले का हर्षिल-मुखवा क्षेत्र प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री के इन दौरों और उनके द्वारा किए गए उल्लेख का सकारात्मक प्रभाव राज्य के पर्यटन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वर्ष में उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। अब तक डेढ़ लाख से अधिक पर्यटक राज्य में शीतकालीन यात्रा के लिए पहुंच चुके हैं, जबकि आदि कैलाश क्षेत्र में 36,700 से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंच चुके हैं। यह संख्या राज्य के पर्यटन क्षेत्र में निरंतर बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती है।



 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष पर्यंत पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड एक ‘ऑल-सीजन टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित हो सके। इसके लिए पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, सड़क संपर्क में सुधार, आवासीय व्यवस्थाओं का विकास तथा डिजिटल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए पर्यटन को एक प्रमुख माध्यम के रूप में विकसित कर रही है। ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे योजना और धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।



इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने शिष्टाचार भेंट की |

CM Dhami and subodh uniyal cabinet minister


सरकारी कर्मचारियों को मिलेंगे बेहतर घर, जर्जर आवासों की जगह बनेंगे आधुनिक क्वार्टर*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्यसचिव आनंद बर्धन के दिशा-निर्देश पर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार प्रदेश भर में सरकारी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की व्यापक योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना है, बल्कि सरकारी आवासीय परिसंपत्तियों का व्यवस्थित रखरखाव और विस्तार सुनिश्चित करना भी है। राज्य संपत्ति विभाग के अनुसार लंबे समय से कई सरकारी आवास जर्जर हो चुके हैं, जिससे कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सरकार अब ऐसे आवासों की पहचान कर उन्हें मरम्मत और पुनर्निर्माण के माध्यम से बेहतर बनाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है।


*जर्जर आवासों की पहचान, नए निर्माण की तैयारी*

सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौजूद जर्जर सरकारी आवासों का सर्वे शुरू करने का निर्णय लिया है। जिन भवनों की स्थिति बेहद खराब है, उन्हें या तो पुनर्निर्मित किया जाएगा या फिर उनकी जगह नए आधुनिक आवास बनाए जाएंगे। इसके साथ ही जहां भी विभागीय या सरकारी भूमि उपलब्ध है, वहां आवश्यकता के अनुसार नए आवासीय परिसरों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। इन आवासों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा मिल सके। सरकार का मानना है कि बेहतर आवास मिलने से कर्मचारियों का कार्य परिवेश भी बेहतर होगा और वे अधिक दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।


*कार्यों की निगरानी के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति*

इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए राज्य संपत्ति विभाग के स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि, जर्जर भवनों और नए निर्माण की संभावनाओं का त्वरित सर्वेक्षण किया जाए। सर्वेक्षण के आधार पर विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, ताकि निर्माण और मरम्मत से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर स्वीकृति मिल सके। इसके अलावा कार्यदायी संस्थाओं को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी की संभावना कम हो सके।


*रेसकोर्स में बनेंगे नए आवास*

राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन देहरादून के ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी, रेसकोर्स क्षेत्र में भी नए आवासों के निर्माण की योजना बनाई गई है। यहां जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद खाली हुई भूमि पर श्रेणी-2 के 31 नए आवास बनाने का प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा गया। इसके अलावा 6 मार्च 2026 को इसी कॉलोनी में उपलब्ध अन्य भूमि पर श्रेणी-4 के 10 आवासों के निर्माण की योजना भी प्रस्तुत की गई। दोनों परियोजनाओं के लिए सिंचाई विभाग के परियोजना खंड द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन आवासों के निर्माण के लिए श्रेणी-2 के 31 आवासों पर लगभग 1458.56 लाख रुपये और श्रेणी-4 के 10 आवासों के लिए लगभग 743.95 लाख रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है।


*सरकारी आवासीय ढांचे को मिलेगा नया स्वरूप*

समिति की बैठक में इन परियोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसके बाद विचार-विमर्श के पश्चात दोनों योजनाओं को स्वीकृति देने पर सहमति व्यक्त की गई। सरकार की इस पहल को प्रदेश में सरकारी आवासीय ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बेहतर आवासीय सुविधाओं से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक कार्यों की दक्षता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।


*आवास सचिव डॉ आर. राजेश कुमार का बयान* 

राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई जिलों में पुराने सरकारी आवास जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं, इसलिए उनकी पहचान कर मरम्मत और पुनर्निर्माण की योजना तैयार की जा रही है।उन्होंने कहा कि जहां भी विभागीय भूमि उपलब्ध है, वहां नए और आधुनिक आवासों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सके। डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सभी परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाई गई है। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में पूरे प्रदेश में सरकारी आवासीय ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाना है, जिससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिवेश मिल सके।


 डोईवाला/ देहरादून : 

     




         आज दिनांक 29.3.26 को समय करीब 10:45 बजे  112 के माध्यम से डोईवाला पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि कुआंवाला जंगलात चौकी के पास आरक्षित जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पेड़ पर लटका हुआ है ।

          प्राप्त सूचना पर प्रभारी निरीक्षक डोईवाला श्री प्रदीप कुमार राणा मय टीम के मौके पर पहुंचे जहां पर पाया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति जिनकी आयु करीब 40 से 50 वर्ष के मध्य लग रही है, एक पेड़ पर लटका हुआ है जिसके गले में फंदा लगा है । देखने पर उक्त व्यक्ति द्वारा सुसाइड किया जाना प्रतीत होता है जो लेबर क्लास लग रहा है व शव 5-6 दिन पुराना लग रहा है ।

           मौके पर, शव का शिनाख्त करने की कोशिश की गई लेकिन शिनाख्त नहीं हो पाई है, कोतवाली डोईवाला क्षेत्र में हाल ही में इस प्रकार की कोई गुमशुदगी भी दर्ज नहीं है ।

    मौके पर जनपदीय फील्ड यूनिट टीम को बुलाकर घटनास्थल का निरीक्षण  कराया गया जिनके अनुसार मृतक का कद करीब 5 फुट 6 इंच है जिसका मौके पर पंचायतनामा भरकर शव को कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम व शिनाख्त हेतु नियमानुसार 72 घंटे के लिए सुरक्षित रखा गया है।

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