Halloween party ideas 2015

 देहरादून:


 उत्तराखंड शासन के आदेश अनुसार 27 में 2026 को होने वाले बकरीद अवकाश को परिवर्तित करते हुए यह अवकाश अब 28 मई, 2026 को किया जाएगा जिसमें कोषागार/उपकोषागार  भी बंद रहेंगे।










*"देवभूमि के सपूतों ने छुआ आसमान : NSG के मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में उत्तराखंड के वीरों ने एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा"*

  

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 उत्तराखंड ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि हौसले बुलंद हों तो कोई शिखर ऊंचा नहीं। देहरादून निवासी मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की 16 सदस्यीय टीम ने 23 मई 2026 को प्रातः 3:26 बजे नेपाल समय पर माउंट एवरेस्ट 8,848.86 मीटर पर सफल आरोहण कर इतिहास रच दिया। काठमांडू से मात्र 20 दिनों में शिखर तक पहुंचना एवरेस्ट अभियानों में एक दुर्लभ रिकॉर्ड है।


इस अभियान का नेतृत्व इंद्रापुर, देहरादून निवासी मेजर अखिलेश भट्ट ने किया, जो मूलतः घनसाली, टिहरी गढ़वाल के रहने वाले हैं और श्री दिनेश प्रसाद भट्ट के पुत्र हैं। उनके साथ Expedition Deputy Leader की भूमिका में पौड़ी गढ़वाल के ग्राम कंडाई निवासी सूबेदार सुरेश कुमार बेबनी रहे, जो श्री शंभू प्रसाद बेबनी के पुत्र हैं। शिखर पर पहुंचने वाले उत्तराखंड के अन्य जवानों में चमोली के ग्राम सेरा निवासी नायक राहुल सिंह, श्री कुंवर सिंह के पुत्र, अल्मोड़ा के ग्राम ल्वेशाल निवासी नायक पंकज सिंह दोसाद, श्री केशर सिंह दोसाद के पुत्र, तथा उत्तरकाशी के कमांडो गौतम बुटोला शामिल रहे।


यह सफलता एक दिन की नहीं है। अक्टूबर 2025 में मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में ही टीम ने गढ़वाल हिमालय के माउंट सतोपंथ 7075 मीटर का आरोहण किया। इसके बाद लाहौल-स्पीति में डोगरा स्काउट्स के साथ चरम शीतकालीन बर्फ प्रशिक्षण लिया और माउंट कानामो 5975 मीटर फतह किया। महीनों की योजना, सैन्य अनुशासन और तकनीकी परिशुद्धता ने ही एवरेस्ट विजय का रास्ता तैयार किया।


यह केवल NSG की जीत नहीं, देवभूमि के साहस और नेतृत्व की जीत है। पहाड़ों की गोद में पले-बढ़े इन जवानों ने दुनिया को दिखा दिया कि उत्तराखंड का बेटा जब ठान ले, तो एवरेस्ट भी झुक जाता है। इस अभियान ने राज्य के युवाओं को संदेश दिया है कि अनुशासन और संकल्प से हर लक्ष्य संभव है। NSG प्रवक्ता ने कहा कि यह मिशन NSG के 'सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा' ध्येय का जीवंत उदाहरण है। मेजर अखिलेश भट्ट और उत्तराखंड के जवानों ने विपरीत हालात में जिस तरह टीम को शिखर तक पहुंचाया, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।


उत्तराखंड सरकार और देशवासी इन वीर सपूतों को सलाम करते हैं जिन्होंने विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा और देवभूमि का स्वाभिमान दोनों लहराए।

 ऋषिकेश : 



छिद्दरवाला क्षेत्र की ग्राम पंचायत जोगीवाला माफी में अवैध रूप से संचालित बताए जा रहे “प्रेरणा नशामुक्ति केंद्र” के खिलाफ मंगलवार से ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। ग्रामीण केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब डेढ़ साल से यह नशामुक्ति केंद्र बिना अनुमति संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी गई, लेकिन अब तक केंद्र के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने से क्षेत्रवासियों में रोष बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि केंद्र में भर्ती मरीजों के व्यवहार और आसपास के माहौल से महिलाओं, बच्चों और स्थानीय परिवारों में भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। वहीं केंद्र के पास ही बालिका जूनियर हाईस्कूल स्थित होने के कारण छात्राओं पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

ग्राम पंचायत जोगीवाला माफी के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर अवैध रूप से संचालित केंद्र को बंद कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

धरने के दौरान ग्राम प्रधान शैलेन्द्र रागड़, गोकुल रमोला,मोहर सिंह असवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य रवि राणा,पूर्व ग्राम प्रधान शोबन सिंह कैंतुरा, ग्रामीण गुरूप्रीत नरवाल, कमल,हरजीत, महावीर कैन्तुरा, उत्तम भण्डारी,समा पंवार,सुशीला नेगी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।


*उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के लिए पद्मभूषण से किया गया सम्मानित*

- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में पद्म पुरस्कार किए प्रदा

- ⁠नागरिक अलंकरण समारोह में 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें 02 पद्म विभूषण, 06 पद्म भूषण और 58 पद्मश्री शामिल हैं

- श्री कोश्यारी प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और राष्ट्रवादी नेता के रूप में जाने जाते हैं


bhagat singh koshyari padam vibhushan president Murmu




सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के लिए पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित हुए नागरिक अलंकरण समारोह में वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किए।


इस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, केंद्र सरकार के कई अन्य मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। पहले नागरिक अलंकरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति ने 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए। जिनमें 02 पद्म विभूषण, 06 पद्म भूषण और 58 पद्म श्री शामिल हैं। 


पद्म पुरस्कार—जो देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं—तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। ये पुरस्कार विभिन्न विषयों/गतिविधियों के क्षेत्रों में दिए जाते हैं, जैसे—कला, समाज सेवा, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा, आदि। 'पद्म विभूषण' असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए 'पद्म भूषण' उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए और 'पद्म श्री' किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।


इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। वर्ष 2026 के लिए, राष्ट्रपति ने 131 पद्म पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी है। जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। शेष पुरस्कार विजेताओं को बाद में आयोजित होने वाले समारोह के दूसरे दौर में सम्मानित किया जाएगा।

 

श्री भगत सिंह कोश्यारी जिन्हें उत्तराखंड में 'भगत दा' के नाम से जाना जाता है। श्री कोश्यारी एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और समर्पित राष्ट्रवादी नेता हैं। जिन्होंने अपना जीवन जन सेवा और समाज के गरीब और पिछडे वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। वह आरएसएस के एक निष्‍ठावान स्वयंसेवक हैं और अपनी सादगी, अनुशासन और सीखने के प्रति गहरे प्रेम के लिए जाने जाते हैं।

 

17 जून, 1942  को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के पहाड़ी इलाके के सुदूर गांव पलानधुरा में जन्मे श्री कोश्यारी ने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद दृढ़ संकल्प के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त की और 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की। उन्होंने 1964-1965 के दौरान राजा का रामपुर (एटा, उत्तर प्रदेश) में व्याख्याता के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। हालांकि शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से प्रेरित होकर, उन्होंने 1965 के बाद से स्‍वयं को पूरी तरह से शैक्षणिक और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

 

वर्ष 1997 में श्री कोश्यारी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया था। नवंबर 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद, वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में थोड़े समय के लिए उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया। वर्ष 2008 में वह राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए। 


श्री कोश्यारी को 5 सितंबर, 2019 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया जहां उन्होंने प्रभावी रूप से सेवा की। इसके अलावा अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में भी नियुक्त किया गया था।

 

शिक्षा और राजनीति में उनके योगदान के अलावा श्री कोश्यारी एक लेखक भी हैं। उन्होंने "उत्तरांचल प्रदेश क्यों" और "उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान" नामक दो पुस्तकें लिखी और प्रकाशित की, जो उत्तराखंड के विकास के प्रति उनकी संकल्‍पना और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, नेतृत्व और अटूट सेवा का एक प्रेरक उदाहरण है।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की सद्यः प्रकाशित पुस्तक ‘अपनापन–नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।



यह गरिमामयी समारोह भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू तथा पूर्व प्रधानमंत्री श्री एच.डी. देवेगौड़ा की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।


‘अपनापन’ एक प्रेरणादायी कृति है, जिसमें श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ विभिन्न भूमिकाओं में प्राप्त अनुभवों का सजीव वर्णन किया गया है। पुस्तक में नेतृत्व, सेवा, सुशासन एवं राष्ट्र-निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विचारों को सरल एवं प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया गया है।


मुख्यमंत्री ने पुस्तक के प्रकाशन पर श्री शिवराज सिंह चौहान को शुभकामनाएं दीं तथा इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।


कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, भारत सरकार के अनेक मंत्री, विधायक, सांसद, समाजसेवी, लेखक-पत्रकार एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

 फेक नैरेटिव और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहें: सीएम धामी


*डिजिटल इंडिया के दौर में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण*


*देवभूमि की संस्कृति और पहचान को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ाने का आह्वान*

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित “सोशल मीडिया मंथन विथ सीएम धामी” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल वॉलेंटियर्स एवं युवाओ के साथ संवाद किया। 


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने सोशल मीडिया, उत्तराखंड के विकास, रोजगार, संस्कृति, राष्ट्रवाद और युवाओं की भूमिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री श्री धामी  से सवाल पूछे, जिनका उन्होंने बेबाकी, स्पष्टता और आत्मीयता के साथ जवाब दिया।


इस अवसर पर  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का एक प्रभावशाली प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज का युवा डिजिटल माध्यमों के जरिए अपनी बात पूरी दुनिया तक पहुंचाने की क्षमता रखता है और उत्तराखंड के युवाओं में अपार प्रतिभा मौजूद है।


मुख्यमंत्री श्री धामी  ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मकता, सत्य और समाजहित के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फेक नैरेटिव, भ्रामक सूचनाओं और समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार और तथ्यपरक जानकारी साझा करना आज प्रत्येक युवा की जिम्मेदारी है।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  ने भी सोशल मीडिया को जनसंवाद का सशक्त माध्यम बनाया है और निरंतर युवाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को आगे बढ़ाने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, स्टार्टअप, नवाचार, खेल, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लेकर युवाओं और प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है। उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और देवभूमि की पहचान को संरक्षित रखते हुए विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।


कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने सुझाव एवं अनुभव भी साझा किए। मुख्यमंत्री श्री धामी  ने कहा कि सरकार युवाओं के सुझावों और सकारात्मक सहभागिता का सदैव स्वागत करती है तथा डिजिटल इंडिया के इस दौर में उत्तराखंड के युवा प्रदेश के ब्रांड एम्बेसडर बनकर दुनिया के सामने राज्य की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करें।


इस अवसर पर सांसद श्री अजय भट्ट, माननीय कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा, श्री राम सिंह कैड़ा, माननीय विधायक श्रीमती सरिता आर्या, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री प्रताप सिंह बिष्ट, दायित्वधारी श्री शंकर कोरंगा , महापौर श्री गजराज सिंह बिष्ट , श्री गोविंद सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

*कुमाऊँ में मीडिया सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल — हल्द्वानी में 6.75 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर का शिलान्यास, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा ऐलान*


हल्द्वानी :


     देवभूमि उत्तराखण्ड में पत्रकारों के सशक्तिकरण, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ मीडिया सेन्टर भवन, हल्द्वानी का विधिवत शिलान्यास किया।


*₹6 करोड़ 75 लाख 88 हजार रुपये* की लागत से निर्मित होने वाला यह अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों के लिए एक समर्पित, सुसज्जित एवं बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।


*लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को समर्पित एक आधुनिक केंद्र*

मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह मीडिया सेन्टर केवल एक भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ—पत्रकारिता—को समर्पित एक जीवंत मंच होगा। यह केन्द्र पत्रकारों की कर्मस्थली, विचार-विमर्श का संगम और जन-जन की आवाज को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करने का माध्यम बनेगा।उन्होंने कहा कि अब तक कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों को कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए देहरादून पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस मीडिया सेन्टर के निर्माण के बाद अधिकांश कार्य हल्द्वानी से ही संचालित हो सकेंगे, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।


*आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मीडिया सेन्टर*

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस भवन में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से

*आधुनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल।*

*हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा।*

*डिजिटल स्टूडियो।*

*समृद्ध लाइब्रेरी।*


*कैंटीन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों—मुनस्यारी, बागेश्वर, कपकोट, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा एवं रानीखेत आदि क्षेत्रों से आने वाले पत्रकारों के लिए आवासीय गेस्ट रूम की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे उन्हें आवागमन की कठिनाइयों से राहत मिल सके।


*समाचार पत्रों के निरीक्षा कार्य होंगे सुगम*

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि समाचार पत्रों से संबंधित निरीक्षा कार्य अब इसी मीडिया सेन्टर से संपन्न किए जाएंगे। इससे पारदर्शिता, दक्षता एवं त्वरित कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और पत्रकारों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आसानी होगी।


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण एवं सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि

*पत्रकार कल्याण कोष में वृद्धि:* कोष की राशि बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है, जिससे आकस्मिक निधन या गंभीर बीमारी की स्थिति में पत्रकारों के परिजनों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।अधिस्वीकृत पत्रकारों एवं उनके आश्रितों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा लागू की गई है। इसके साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकारों को ₹8000(आठ हजार) प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।


मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मीडिया सेन्टर हल्द्वानी को कुमाऊँ क्षेत्र का एक प्रमुख मीडिया हब बनाएगा। यहां से संचालित होने वाली पत्रकारिता न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभावी भूमिका निभाएगी।

उन्होंने पत्रकारों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा दें, विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं तथा जहां कहीं कमियां हों, वहां निष्पक्ष रूप से सरकार को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि “आपकी कलम ही सरकार के लिए मार्गदर्शक है और लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।”


मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि चंपावत जनपद के टनकपुर में मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिससे सीमांत क्षेत्रों के पत्रकारों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    इस अवसर पर मा० सांसद अजय भट्ट, मा०कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, विधायक सरिता आर्या,अध्यक्ष मीडिया सलाहकार समिति उत्तराखंड गोविन्द सिंह,मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह,ब्लॉक प्रमुख हल्द्वानी मंजू गौड़, ब्लॉक प्रमुख भीमताल हरीश बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट,

उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्यमंत्री डॉ अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, दिनेश आर्या, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, नवीन वर्मा,दीपक मेहरा,दिनेश मानसेरा,

के अतिरिक्त महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल,एसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे,उपनिदेशक सूचना बद्रीचंद्र, जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी, सूचना अधिकारी अहमद नदीम, व्यवस्था अधिकारी रामपाल उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम के महाप्रबंधक कुमाऊं अनूप कुमार पाण्डे, परियोजना प्रबंधक एस पी बड़ौनी

सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार बंधु कार्यक्रम में मौजूद रहे।


*कुमाऊँ मीडिया सेन्टर का निर्माण उत्तराखण्ड में मीडिया इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह पहल पत्रकारों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह एवं सशक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।यह ऐतिहासिक कदम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और पत्रकार हितैषी नीतियों का प्रतीक है, जो आने वाले समय में उत्तराखण्ड को मीडिया सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।*

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की 20.79 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के तहत विभिन्न सड़कों एवं शासकीय आवासों के निर्माण तथा सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के लिए 20.79 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई हैं। 


मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं से संबंधित निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ तेजी लाए जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क, आवास एवं जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय जनता को बेहतर आवागमन, आधारभूत सुविधाएं एवं विकास का लाभ प्राप्त होगा।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के टनकपुर में न्यायिक अधिकारियों के 01 टाईप v आवास निर्माण हेतु कुल ₹ 1.29 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत धनराशि ₹ 77.61 लाख, जिसमें केन्द्रांश ₹ 69.85 लाख तथा राज्यांश ₹ 7.76 लाख सम्मिलित है की स्वीकृति के साथ होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय के नागरिक सुरक्षा कार्यालय हेतु अनावासीय भवन निर्माण कार्य के लिए ₹ 2.24 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 89.80 लाख की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखण्ड थौलधार के अंतर्गत कमान्द-थौलधार मोटर मार्ग के 5.410 किलोमीटर पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 3.52 करोड़, जनपद बागेश्वर के विकासखण्ड गरुड़ में बिनातोली से गरकोट तक मोटर मार्ग निर्माण कार्य हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹ 4.01 करोड़ के साथ ही  जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के अंतर्गत विकासखण्ड पाबों में चपलोडी-फल्द्वाड़ी मोटर मार्ग के डामरीकरण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु ₹2.22 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद नैनीताल के विकासखण्ड बेतालघाट में दूनीखाल-रातीघाट पैदल मार्ग के 5.50 किलोमीटर सी०सी० एवं सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 4.01 करोड़, जनपद देहरादून के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-72 (लच्छीवाला) से गुलर स्पोर्ट्स स्टेडियम होते हुए रायपुर (महाराणा प्रताप चौक) तक 04 लेन एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर निर्माण कार्य हेतु ₹ 1.03 करोड़ तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र पौड़ी के अंतर्गत बिल्केदार-गौरीकोट मोटर मार्ग के सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 3.67 करोड़ के साथ ही जनपद चमोली, उधमसिंहनगर एवं उत्तरकाशी में पुरुष, महिला, ट्रांसजेंडर एवं दिव्यांगजनों हेतु पृथक शौचालय सुविधाओं के निर्माण के लिए ₹ 66.02 लाख की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


आज का राशिफल

दिनाँक 25 मई,2026

दिन- सोमवार

rashifal today 25 may 2026




मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। यात्रा मनोरंजक हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय में नए प्रयोग किए जा सकते हैं। समय की अनुकूलता का लाभ लें। धन प्राप्ति सुगम होगी। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। कार्यभार व अधिकार में वृद्धि हो सकती है। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

आय में निश्चितता रहेगी। समय शीघ्र सुधरेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। बेवजह कहासुनी हो सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। थकान व कमजोरी रह सकते हैं। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। धनहानि की आशंका है। व्यापार-व्यवसाय में धीमापन रह सकता है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

यात्रा सफल रहेगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। किसी दूसरे व्यक्ति के काम में हस्तक्षेप न करें। विवाद होगा। मित्रों का सहयोग करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

भूले-बिसरे साथियों व संबंधियों से मुलाकात होगी। कारोबार में अनुकूलता रहेगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बुद्धि का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। प्रमाद न करें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देगा। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। बेकार बातों पर बिलकुल ध्यान न दें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। फालतू खर्च होगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। आय में कमी होगी।



तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

नए अनुबंध होंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। समय की अनुकूलता रहेगी, लाभ लें। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। यात्रा मनोनुकूल रहेगी। नया काम मिलेगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

तत्काल लाभ नहीं होगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। रुके कार्यों में गति आएगी। कार्यस्थल पर सुधार व परिवर्तन हो सकता है। योजना फलीभूत होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। प्रमाद न करें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

कारोबार में वृद्धि होगी। आसपास का वातावरण सुखद रहेगा। पार्टनरों तथा भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। विवेक का प्रयोग करें। प्रमाद न करें। अध्यात्म में रुझान रहेगा। सत्संग का लाभ प्राप्त होगा। राजकीय बाधा दूर होकर स्थिति लाभदायक बनेगी।

मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

आय बनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार-व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि की आशंका बनती है, सावधानी आवश्यक है। लेन-देन में जल्दबाजी से बचें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। धनहानि भी आशंका है। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। चारों तरफ से सफलता मिलेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। उत्साह बना रहेगा। चिंता तथा तनाव कम होंगे। भूमि-भवन व मकान-दुकान इत्यादि की खरीद-फरोख्त मनोनुकूल लाभ देगी। बेरोजगारी दूर होगी

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