Halloween party ideas 2015

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

सही काम का भी विरोध होगा। कोई पुरानी व्याधि परेशानी का कारण बनेगी। कोई बड़ी समस्या बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य करने के प्रति रुझान रहेगा। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में चैन बना रहेगा।

Rashifal today 24 march 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। चोट व रोग से बचें। सेहत का ध्यान रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। झंझटों में न पड़ें। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। परिवार में प्रसन्नता रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

शत्रुभय रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। विवाद से क्लेश होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। ऐश्वर्य के साधनों पर सोच-समझकर खर्च करें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि बाद में पछताना पड़े। दूसरे अधिक अपेक्षा करेंगे। नकारात्मकता हावी रहेगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

प्रतिद्वंद्विता कम होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बात बिगड़ सकती है। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्त्री वर्ग से सहायता प्राप्त होगी। नौकरी व निवेश में इच्छा पूरी होने की संभावना है।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

भूमि व भवन संबंधी खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आर्थिक उन्नति होगी। संचित कोष में वृद्धि होगी। देनदारी कम होगी। नौकरी में मनोनुकूल स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट आदि से बड़ा फायदा हो सकता है। परिवार की चिंता बनी रहेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। झंझटों में न पड़ें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

शत्रुओं का पराभव होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। काम पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। बेवजह किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। दूसरों के बहकावे में न आएं। फालतू बातों पर ध्यान न दें। लाभ में वृद्धि होगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तुएं गुम हो सकती हैं। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार देना पड़ सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। कार्य की बाधा दूर होगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि तथा सम्मान में वृद्धि होगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

किसी भी तरह के विवाद में पड़ने से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। राजभय रहेगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। सही काम का भी विरोध हो सकता है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। किसी अनहोनी की आशंका रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में लापरवाही न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। शेयर मार्केट से बड़ा लाभ हो सकता है।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

मस्तिष्क पीड़ा हो सकती है। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है या समय पर नहीं मिलेगी। पुराना रोग उभर सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। यश बढ़ेगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विवेक से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। फालतू की बातों पर ध्यान न दें। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार-व्यवसाय की गति बढ़ेगी। चिंता रह सकती है। थकान रहेगी। प्रमाद न करें।



पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व नैनीताल उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अजय भट्ट ने लोकसभा सदन में पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से सवाल किया है कि क्या देश में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पर्वतीय पर्यटन परिपथों का विकास करने का प्रस्ताव है? इसके अलावा विकास के लिए प्रारंभ में पांच राज्यों की पहचान की गई है क्या उत्तराखंड को भी उसे सूची में शामिल किया गया है और इन राज्यों के लिए स्वीकृत तथा जारी की गई निधि और विकास कार्य का ब्यौरा दिया जाना चाहिए




श्री भट्ट द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया है कि पर्यटन स्थलों और उत्पादों का विकास मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्यक्षेत्र प्रशासन द्वारा किया जाता है। तथापि, पर्यटन मंत्रालय पहाड़ी क्षेत्र में स्थित परियोजनाओं सहित संपूर्ण देश में पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने हेतु पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए अपनी योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकारों/संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके प्रयासों को संपूरित करता है। मंत्रालय ने हिमालयन थीम सहित पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्र को शामिल करते हुए चिह्नित विषयगत परिपथों के तहत पर्यटन अवसंरचना के विकास के विचार के साथ वर्ष 2014-15 में अपनी 'स्वदेश दर्शन योजना' की शुरुआत की और देश के भीतर 76 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की।


इस योजना को सतत और उत्तरदायी पर्यटक गंतव्य के विकास के उद्देश्य के साथ 'स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी 2.0)' के नाम से नया रूप दिया गया है और मंत्रालय ने इस पहल के तहत देश में 53 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा, मंत्रालय ने 'तीर्थस्थल कायाकल्प एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद)' और 'चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी)' नामक स्वदेश दर्शन योजना की एक उप योजना के अंतर्गत भी परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है।


इसके अतिरिक्त भारत सरकार ने 'पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता वैश्विक पैमाने पर प्रतिष्ठित पर्यटक केदो का विकास' योजना के तहत देश में 23 राज्यों में 3295.76 करोड़ रुपए की 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसका प्राथमिक उ‌द्देश्य देश में समग्र रूप से प्रतिष्ठित पर्यटक केंद्रों का विकास करना है। भारत सरकार ने वर्ष 2026-27 की अपनी बजट घोषणा में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू एवं कश्मीर तथा पूर्वी घाट में अराकू घाटी और पश्चिमी घाट में पौढ़ीगई मलाई में पर्वतीय ट्रेल्स के विकास के लिए और विश्व स्तरीय ट्रैकिंग एवं हाइकिंग का अनुभव प्रदान करने के क्षेत्र में भारत की क्षमता और अवसर को भी समझा है।


उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में एसडी, एसडी 2.0, सीबीडीडी, एसएएससीआई और प्रशाद के तहत स्वीकृत परियोजनाओं का ब्योरा अनुबंध में दिया गया है।


इसके अलावा पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में भी कई विकास परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। इको परिपथ के लिए उत्तराखंड के टिहरी झील और निकटवर्ती क्षेत्रों का नए गंतव्य के रूप में विकास के लिए इको-पर्यटन, एडवेंचर स्पोर्ट्स और संबद्ध पर्यटन संबंधी अवसंरचना का एकीकृत विकास जिला टिहरी 69.17 करोड़ दिया गया है। चंपावत में टी गार्डन एक्सपीरियंस 19.89 करोड़, 

पिथौरागढ़, गुंजी में ग्रामीण पर्यटन क्लस्टर एक्सपीरियंस के लिए 17.86 करोड रुपए जारी किया गया है, इसके अलावा जादूंग (जीवंत ग्राम जादुंग उत्सव मैदान, जादूंग कार्यक्रम) का विकास 4.99 करोड़, कैचीधाम परिसर का विकास के लिए 17.60 करोड रुपए जारी किया गया है।माना गांव (जीवंत ग्राम माना हाट) के लिए 4.99 करोड रुपए जारी किया गया है। इसी प्रकाश प्रतिष्ठित शहर ऋषिकेशः ऋषिकेश में राफ्टिंग बेस स्टेशन   के लिए 100 करोड रुपए जारी किया गया है। इसी प्रकार केदारनाथ के विकास के लिए 34.77 करोड़ रूपया, बद्रीनाथ धाम तीर्थ यात्रा सुविधा के लिए 56.15 करोड़ रूपया जारी किया गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री में तीर्थ यात्रा सुविधाओं के लिए 54.56 करोड़ रूपया जारी किया गया है।

    कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं-

    चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहन ।
    कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी ॥

Maa katyayani sixth navratri story



माँ का नाम कात्यायनी कैसे पड़ा इसकी भी एक कथा है- 
कत नामक एक प्रसिद्ध महर्षि थे। उनके पुत्र ऋषि कात्य हुए। इन्हीं कात्य के गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए थे। इन्होंने भगवती पराम्बा की उपासना करते हुए बहुत वर्षों तक बड़ी कठिन तपस्या की थी। उनकी इच्छा थी माँ भगवती उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें। माँ भगवती ने उनकी यह प्रार्थना स्वीकार कर ली।कुछ समय पश्चात जब दानव महिषासुर का अत्याचार पृथ्वी पर बढ़ गया तब भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों ने अपने-अपने तेज का अंश देकर महिषासुर के विनाश के लिए एक देवी को उत्पन्न किया। महर्षि कात्यायन ने सर्वप्रथम इनकी पूजा की। इसी कारण से यह कात्यायनी कहलाईं।

माँ कात्यायनी की भक्ति और उपासना द्वारा मनुष्य को बड़ी सरलता से अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति हो जाती है। वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौकिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है।


'कात्यायनी' पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। यजुर्वेद के तैत्तिरीय आरण्यक में उनका उल्लेख प्रथम किया है। स्कन्द पुराण में उल्लेख है कि वे परमेश्वर के नैसर्गिक क्रोध से उत्पन्न हुई थीं , जिन्होंने देवी पार्वती द्वारा दी गई सिंह पर आरूढ़ होकर महिषासुर का वध किया। वे शक्ति की आदि रूपा है, जिसका उल्लेख पाणिनि पर पतञ्जलि के महाभाष्य में किया गया है, जो दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में रचित है। उनका वर्णन देवीभागवत पुराण, और मार्कंडेय ऋषि द्वारा रचित मार्कंडेय पुराण के देवी महात्म्य में किया गया है।

परम्परागत रूप से देवी दुर्गा की तरह वे लाल रंग से जुड़ी हुई हैं। नवरात्रि उत्सव के षष्ठी को उनकी पूजा की जाती है। उस दिन साधक का मन 'आज्ञा चक्र' में स्थित होता है। योगसाधना में इस आज्ञा चक्र का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस चक्र में स्थित मन वाला साधक माँ कात्यायनी के चरणों में अपना सर्वस्व निवेदित कर देता है।परिपूर्ण आत्मदान करने वाले ऐसे भक्तों को सहज भाव से माँ के दर्शन प्राप्त हो जाते हैं।


प्रधानमंत्री का संदेश - चार साल में विकास और सुशासन की नई पहचान बना उत्तराखंड

PM Modi wishes to CM Dhami for 4 yrs govt


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड के ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है।

अंत में प्रधानमंत्री ने राज्य के नागरिकों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।


वहीं मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी की शुभकामनाओं पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी उत्तराखण्ड के विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रति आपके आत्मीयतापूर्ण शब्दों एवं शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के शब्दों में देवभूमि की अंतर्निहित शक्ति, व्यापक संभावनाओं और उत्तराखण्ड के प्रति उनके विशेष लगाव का प्रेरक प्रतिबिंब स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है।

आपके कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह चार वर्षों की यात्रा प्रदेशवासियों के विश्वास, सहयोग और सामूहिक संकल्प की परिणति है। हमारी सरकार जनसेवा, पारदर्शिता और समावेशी विकास के मूल मंत्र के साथ कार्य करते हुए सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण के संकल्प को पूर्ण कर रही है।

आज ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। आपके स्नेह, विश्वास और सहयोग से देवभूमि उत्तराखण्ड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का यह प्रयास सतत जारी रहेगा


*केन्द्र सरकार द्वारा राज्य में फार्म फेंसिंग (घेरबाड़) के लिए प्रदान की गई 25 करोड़ की धनराशि


केन्द्र सरकार द्वारा राज्य में जंगली जानवरों से कृषि फसलों की सुरक्षा के लिए 25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, इस संबंध में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेषित पत्र में अवगत कराया है कि राज्य सरकार द्वारा भेजे गये इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी है।

400 crore scheme approved by CM dhami

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश के किसानों के व्यापक हित तथा कृषि फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री से घेरबाड़ के लिये वित्तीय सहायता दिये जाने का अनुरोध किया गया था। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने फार्म फेंसिंग (घेरबाड़) के लिए 25.00 करोड़ रुपये की धनराशि के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति प्रदान करते हुए इसे राज्य के किसानों के हित में सकारात्मक कदम बताया है।


मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश के किसानों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से राहत प्रदान करेगी और   कृषि उत्पादन को सुरक्षित एवं सुदृढ़ बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित "जन-जन की सरकार चार साल बेमिसाल, उत्तरोत्तर प्रगति पथ पर अग्रसर उत्तराखण्ड' कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए *₹ 401.86 करोड़ की लागत से कुल 74 विकास योजना का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।* जिसमें *₹ 99.44 करोड़ की 33 योजनाओं का शिलान्यास एवं ₹ 302.42 करोड़ की 41 विकास योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।*


*लोकार्पण*


₹ 7898.74 लाख की लागत से नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत सपेरा बस्ती में आई० एण्ड डी० एवं 15 एम.एल.डी, एस.टी.पी निर्माण का कार्य।


₹ 2846 लाख की लागत से आराघर चौक से मोधरोवाला तक ट्रक सीवर बिछाना।


₹ 1903.59 लाख की लागत से  देहरादून शहर के सहारनपुर चौक से पथरीबाग चौक तक ट्रक सीवर लाइन योजना। 


₹ 1860.04 लाख की लागत से  देहरादून शहर के इंदिरानगर आवास विकास कॉलोनी क्षेत्र की जलोत्सारण पुनर्गठन योजना। 


 ₹ 754.28 लाख की लागत से इंदिरा नगर देहरादून में निर्मित 5 एम.एल.डी के एस.टी.पी. में एस.पी.एस निर्माण सीवर राईजिंग में बिछाने एवं तत्संबन्धी कार्य.


₹ 740.84 लाख की लागत से देहरादून शहर के ओम सिटी एवं कुसुम विहार क्षेत्र में सीवर लाइन योजना।


₹ 659.31 लाख की लागत से चमन विहार सीवरेज योजना। 


₹ 432.13 लाख की लागत से शव विच्छेदन गृह, चन्दरनगर परिसर में सी.एम. एस.डी. स्टोर, शीत श्रंखला (प्रतिरक्षण) एवं सभागार के निर्माण कार्य।


 ₹ 496.89 लाख की लागत से आर.आई.डी.एफ योजनान्तर्गत हीफर रियरिंग फार्म पशुलोक ऋषिकेश के अतिरिक्त आवश्यक निर्माण कार्य.


₹ 167.49 लाख की लागत से रा.औ.प्र० संस्थान, चकराता में बालिका छात्रावास (20 शैय्या) एवं टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण कार्य।


₹ 661.69 लाख की लागत से जनपद देहरादून के विकास खण्ड डोईवाला के अन्तर्गत ऋषिकेश क्षेत्र में पशुलोक बैराज डाउनस्ट्रीम की और गंगा के दायें तट पर शारदापीठ घाट एवं मीराबेन घाट का निर्माण कार्य। 


₹ 236.24 लाख की लागत से जनपद देहरादून के विकासखण्ड चकराता में 03 पर्वतीय नहरों के जीर्णोद्वार की योजना (कफना, खरकोटा, चायला नहर)।


₹ 143.08 लाख की लागत से जनपद देहरादून के विकासखण्ड चकराता में 04 पर्वतीय नहरों के जीर्णोद्वार की योजना (कुन्ना, कचटा, राठू, नाडा नहर),


₹ 452.74 लाख की लागत से विकासखण्ड कालसी में ग्राम पुरानी कालसी एवं जामुनस्रोत में अमलावा नदी से बाढ़ सुरक्षा योजना।


₹ 290.96 लाख की लागत से विकासखण्ड चकराता में तहसील त्यूनी के अन्तर्गत ग्राम गुण्डा (ग्राम पंचायत बृनाड बास्तील) में स्टेडियम पोस्टमार्टम हाउस, तहसील एवं बस्ती की टॉस नदी से बाढ़ सुरक्षा योजना (बांये तट पर) 


₹ 464.66 लाख की लागत से विकासखण्ड चकराता में तहसील त्यूनी के अन्तर्गत ग्राम गुण्डा (ग्राम पंचायत बृनाड बास्तील) में स्टेडियम पोस्टमार्टम हाउस, तहसील एवं बस्ती की टॉस नदी से बाढ़ सुरक्षा योजना।


₹ 52.85 लाख की लागत से मसूरी विधानसभा क्षेत्र के सालावाला (हाथीबड़कला) के खाले में सर्वे झील से सालावाला पुल तक बैड का निर्माण कार्य।


₹ 383.56 लाख की लागत से जनपद देहरादून के विधानसभा राजपुर के अन्तर्गत चन्दरनगर क्षेत्र के बरसाती नाले की जल निकासी की योजना का लोकार्पण किया गया।


₹ 70.74 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र डोईवाला मे ग्राम सभा रामनगर डांडा के ग्राम मिढ़ावाला में कलम सिंह के घर से सुनील के घर तक मार्ग का निर्माण कार्य।


₹ 337.85 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश के अन्तर्गत श्यामपुर के भल्लाफार्म नं० 8 में विभिन्न आन्तरिक मार्गो का निर्माण कार्य।


₹ 119.96 लाख की लागत से विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में पंचायत घर नकरौन्दा से रेलवे फाटक 31 की तरफ डामरीकरण का कार्य।


₹ 60.87 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षत्र डोईवाला के वार्ड नं0 2, 3 एवं ग्राम पंचायत कालूवाला में आन्तरिक मार्गो का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा निर्माण कार्य।


₹38.45 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत  विधान सभा क्षेत्र डोईवाला के अन्तर्गत कोठारी मोहल्ला वार्ड नं० 5 के "खाली क्षेत्र" में श्री धनीराम उनियाल की दुकान के बाद से होते हुए श्री सदानन्द उनियाल के घर तक मार्ग का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा सुधारीकरण का कार्य


₹ 25.83 लाख की लागत से कृषि निवेश केन्द्र, मारखमग्रान्ट का लोकार्पण।


₹ 457.66 लाख की लागत से जगतपुर से दुधई मोटर मार्ग अपग्रेडशन का लोकार्पण।


₹414.13 लाख की लागत से पैधा से मझौन मोटर मार्ग अपग्रेडशन।


₹472.92 लाख की लागत से मुंशीघाटी से ध्वैरा देऊ मोटर मार्ग।


₹ 1884.02 लाख की लागत से कोटी डिमऊ मोटर मार्ग।


₹ 255.72 लाख की लागत से जमनीपुर से जामनखाता मोटर मार्ग।


₹983.17 लाख की लागत से बाड़वाला-जुड्डो मटोगी मोटर मार्ग।


₹ 389.70 लाख की लागत से ढकरानी हाईडिल कलोनी मोटर मार्ग।


₹117.88 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज, माजरीग्रांट, डोईवाला, देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 122.20 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज, गुनियालगांव, सहसपुर, देहरादून में भवन निर्माण।


₹124.74 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज बाड़वाला, विकासनगर देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 124.69 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज, ग्वासापुल, चकराता, देहरादून में भवन निर्माण।


₹106.78 लाख की लागत से  राजकीय इण्टर कालेज, पॉजिटिलानी, कालसी, देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 239.50 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज लखवाड, ब्लाक कालसी, देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 295.07 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज कोटी कालोनी, ब्लाक कालसी, देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 249.94 लाख की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र छिद्दरवाला का निर्माण।


₹ 2747.98 लाख की लागत से मानसिक स्वास्थ्य संस्थान सेलाकुई मे 100 शैययायुक्त चिकित्सालय का एंव आवासीय भवनो का निर्माण कार्य।


₹ 157.60 लाख की लागत से श्री साधुराम इण्टर कालेज देहरादून में बाल भिक्षु/कूड़ा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास हेतु कम्प्यूटर कक्ष /ऑडिया-विडियो कक्ष/मनोरंजन कक्ष एवं साहसिक क्रीड़ा हेतु भवन निर्माण कार्य।



*शिलान्यास*


₹ 905.20 लाख की लागत से रिंग फैंस (राज्य सैक्टर) कार्यक्रम के अन्तर्गत देहरादून शहर के साकेत कॉलोनी, कैनाल रोड (जोन-सी के छुटे हुये क्षेत्र) सीवरेज योजना


₹ 385.78 लाख की लागत से विधानसभा मसूरी में ग्राम पंचायत सेरकी में बांदल नदी के दांये तट पर बाढ़ सुरक्षा योजना।


₹ 288.75 लाख की लागत से विधानसभा मसूरी में ग्राम घन्तु का सेरा में बांदल नदी के दांये तट पर बाढ़ सुरक्षा योजना।


₹ 497 लाख की लागत से डोईवाला विकासखण्ड के अन्तर्गत सुसवा नदी के दोनों किनारों पर स्थित कुड़कावाला बस्ती की बाढ़ सुरक्षा कार्य।


₹ 256.68 लाख की लागत से विकासखण्ड डोईवाला में जाखन नदी के दांये तट पर स्थित ग्राम अठूरवाला  वाला वार्ड संख्या-09 (सुनार गांव) की जाखन नदी से बाढ़ सुरक्षा कार्य। 


₹183.05 लाख की लागत से विकासखण्ड डोईवाला में बालावाला नहर के कमाण्ड क्षेत्र में आ रहें कुलावों के पुनरोद्धार कार्य की योजना।


₹ 427.55 लाख की लागत से डोईवाला विकास खण्ड में ठाकुरपुर नहर, खैरीखुर्द नहर, गढ़ी मयचक नहर, श्यामपुर नहर, एवं खैरी कला नहर के पुनरोद्वार निर्माण की योजना ।


₹207.27 लाख की लागत से विकासखण्ड विकासगनर में चिलियों नहर की जीर्णोद्धार की योजना। 


₹ 167.34 लाख की लागत से विकासनगर विकासखण्ड में ढालीपुर नहर के जीर्णोद्धार की योजना 


₹ 270.27 लाख की लागत से विकासखण्ड विकासनगर के अन्तर्गत कटापत्थर नहर के रीच 4.500 किमी से 5.800 किमी (बाडवाला) के मध्य नहर का सुरक्षात्मक कार्य की योजना।


₹ 479.24 लाख की लागत से विकासखण्ड विकासनगर के अन्तर्गत ढकरानी नहर जीर्णोद्धार की योजना।


₹ 345.37 लाख की लागत से विकासखण्ड विकासनगर में रामबाग नहर की जीर्णोद्धार की योजना।


₹ 348.75 लाख की लागत से जनपद देहरादून के विकासखण्ड विकासनगर में फतेहपुर नहर के जीर्णोद्धार की योजना 


₹155.29 लाख की लागत से  विकासखण्ड सहसपुर में नाबार्ड मद के अन्तर्गत डूंगा नहर के जीर्णोद्वार कार्य की योजना।


₹278.30 लाख की लागत से विकासखण्ड सहसपुर के अन्तर्गत पं० श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहर एंव कुलावों के जीर्णोद्वार की योजना।


₹ 430.85 लाख की लागत से विकासखण्ड सहसपुर में आसन नहर की जीर्णोद्धार की याजना।


₹138.45 लाख की लागत से विकासखण्ड विकासनगर के अन्तर्गत डोबरी नहर के कुलावो एंव डोबरी फीडर की जीर्णोद्धार की योजना।


₹ 430 लाख की लागत से विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में नगर निगम क्षेत्र के अन्तर्गत सुसवा नदी के दोनों तटों पर दूधा देवी पुल के डाउनस्ट्रीम में बाढ सुरक्षा योजना ।


₹ 77.52 लाख की लागत से राजकीय कृषि बीज भण्डार, सहसपुर।


₹ 1306.64 लाख की लागत से विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में नागल ज्वालापुर से डोईवाला के मध्य सड़क का चौडीकरण का कार्य।


₹ 144.49 लाख की लागत से राज्य योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में ग्राम ककनावा, लेखक गाँव, सिन्धवालगॉव मोटर मार्ग का विस्तारीकरण, सुधारीकरण एवं दीवारों का निर्माण / पुननिर्माण का कार्य।


₹ 284.77 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में ग्राम सभा हरिपुरकलां में विभिन्न आन्तरिक मार्गो का निर्माण कार्य।


₹ 83.88 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में ग्राम पंचायत छिद्दरवाला के वार्ड संख्या 1, 3, एवं 11 के आन्तरिक मार्गों का निर्माण।


₹179.49 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत  विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में गुमानीवाला वार्ड सं0 14 में आकाशीय भैरव मन्दिर मुख्य मार्ग एव आन्तरिक मार्गों का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा निर्माण।


₹ 166.90 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में ग्राम सभा छिद्दरवाला चकजोगीवाला में विभिन्न सम्पर्क मार्गो का निर्माण।


₹ 135.58 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में ग्रामसभा खैरीकलां में माधव सिंह पयाल के घर से राजेन्द्र सिंह नेगी के घर तक एवं अन्य लिंक मार्गो का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा निर्माण।


₹ 248.14 की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत  विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में श्यामपुर के भल्लाफार्म नं0 10 एवं 20 में विभिन्न आन्तरिक मार्गो का निर्माण कार्य।


₹ 73.86 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र डोईवाला के रानीविहार, मौजा रानीपोखरी की आवासीय कालॉनी के विभिन्न आन्तरिक मार्गो का निर्माण।


₹ 53.19 लाख की लागत से  विधानसभा क्षेत्र स डोईवाला के वार्ड नं. 10 भानियावाला के विभिन्न मार्गों का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा मार्ग निर्माण कार्य।


₹43.62 लाख की लागत से विधानसभा क्षेत्र डोईवाला के ग्राम पंचायत थानों (तलाई) में अवशेष कच्चे मार्ग का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा सतह सुधारीकरण का कार्य।


₹ 150.88 लाख की लागत से रा०३०का० बुल्लावाला, डोईवाला, देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 149.62 लाख की लागत से रा०३०का० सोरना डोभरी, विकासनगर, देहरादून में भवन निर्माण ।


₹ 649.82 लाख की लागत से दक्षिण शाखा के अन्तर्गत राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र में पेयजल योजना का सुदृढीकरण।

पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प: सीएम धामी*


*सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम में बोले सीएम पुष्कर सिंह धामी*


*विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास, लोकार्पण के साथ ही विकास प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाओं देने के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि आज से चार वर्ष पूर्व प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों तोड़कर, उन्हें पुन: राज्य की सेवा का अवसर प्रदान किया था। इसके बाद इसी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब चार साल के बाद वो गर्व से कह सकते हैं कि वो संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में बाबा केदारनाथ की दिव्य धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसलिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के मुख से निकले इन शिवोमयी शब्दों को चरितार्थ करने के संकल्प को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में जहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया है। वहीं, विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया है। इन्हीं प्रयासों से बीते चार वर्षों में राज्य ऐसी कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बना है जो किसी भी छोटे राज्य के लिए असंभव समझी जाती थीं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य में जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकों का सफल आयोजन किया गया, वहीं राष्ट्रीय खेलों का भी भव्य आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, पहली बार उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है।


*रखी सरकार की प्रगति रिपोर्ट*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते चार साल में राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई, साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, वहीं स्टार्टअप की संख्या 7 सौ से बढ़कर साढ़े 17 सौ हो गई है। यही नहीं इस दौरान 2 लाख 65 हजार से अधिक माताएं-बहनें लखपति दीदी बनी हैं। राज्य सरकार के सतत प्रयासों से रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। 


*केंद्र ने भी सराहा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य सरकार के प्रयासों पर मुहर लगी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बीते चार वर्षों से लगातार देश में “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” होने का गौरव प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य को खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी “राज्य खनन तत्परता सूचकांक’’ में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही, इसके लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए सख्त और पारदर्शी निर्णयों का ही परिणाम है कि आबकारी और खनन जैसे विभागों से राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।


*नई कार्य संस्कृति विकसित*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय केवल घोषणाएं होती थी, तब केंद्र से भेजा गए 1 रुपए में से 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच पाते थे। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई कार्य संस्कृति का सूत्रपात कर शासन व्यवस्था से दलालों और बिचौलियों का सफाया करने का काम किया। इसलिए आज प्रदेश सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।


*30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहले प्रदेश में नकल और पेपर लीक के कारण प्रतिभावान युवाओं के सपने चूर-चूर हो जाते थे। इसलिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 चार वर्षों में राज्य के 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। आज 100 से अधिक नकल माफिया जेल की हवा खा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में केवल छोटी मछलियों पर ही कार्रवाई होती थी। लेकिन आज प्रदेश में बड़े आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है। 


*देवभूमि के देवत्व बचाने का प्रयास*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि के दैवत्व की रक्षा के लिए डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12  हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। साथ ही छद्म भेष धारण कर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि संचालित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया है, जिसे देशभर के राष्ट्रवादी सोच के लोगों ने सराहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष से जुलाई से उत्तराखंड में सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

                                                                                           *उपस्थिति*

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कनक चौक से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो में प्रतिभाग किया, साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी,  खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल,  मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान,  बृजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव आनंद वदर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डॉ आरके सुधांशु, श्री एल. फैनई,डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एसएन पांडेय और आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे। 


   

 नवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता परम सुखदायी हैं। माँ अपने भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती हैं।

 सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया |
शुभदाऽस्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ||

 भगवान स्कंद 'कुमार कार्तिकेय' नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। पुराणों में इन्हें कुमार और शक्ति कहकर इनकी महिमा का वर्णन किया गया है। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण माँ दुर्गाजी के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है।


नवरात्रि-पूजन के पाँचवें दिन का शास्त्रों में पुष्कल महत्व बताया गया है। इस चक्र में अवस्थित मन वाले साधक की समस्त बाह्य क्रियाओं एवं चित्तवृत्तियों का लोप हो जाता है। वह विशुद्ध चैतन्य स्वरूप की ओर अग्रसर हो रहा होता है।

साधक का मन समस्त लौकिक, सांसारिक, मायिक बंधनों से विमुक्त होकर पद्मासना माँ स्कंदमाता के स्वरूप में पूर्णतः तल्लीन होता है। इस समय साधक को पूर्ण सावधानी के साथ उपासना की ओर अग्रसर होना चाहिए। उसे अपनी समस्त ध्यान-वृत्तियों को एकाग्र रखते हुए साधना के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

माँ स्कंदमाता की उपासना से भक्त की समस्त इच्छाएँ पूर्ण हो जाती हैं। इस मृत्युलोक में ही उसे परम शांति और सुख का अनुभव होने लगता है। उसके लिए मोक्ष का द्वार स्वमेव सुलभ हो जाता है। स्कंदमाता की उपासना से बालरूप स्कंद भगवान की उपासना भी स्वमेव हो जाती है। यह विशेषता केवल इन्हीं को प्राप्त है, अतः साधक को स्कंदमाता की उपासना की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण इनका उपासक अलौकिक तेज एवं कांति से संपन्न हो जाता है। एक अलौकिक प्रभामंडल अदृश्य भाव से सदैव उसके चतुर्दिक्‌ परिव्याप्त रहता है। यह प्रभामंडल प्रतिक्षण उसके योगक्षेम का निर्वहन करता रहता है।

हमें एकाग्रभाव से मन को पवित्र रखकर माँ की शरण में आने का प्रयत्न करना चाहिए। इस घोर भवसागर के दुःखों से मुक्ति पाकर मोक्ष का मार्ग सुलभ बनाने का इससे उत्तम उपाय दूसरा नहीं है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में पाँचवें दिन इसका जाप करना चाहिए।

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


अर्थ : 

हे माँ! सर्वत्र विराजमान और स्कंदमाता के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें। इस दिन साधक का मन 'विशुद्ध' चक्र में अवस्थित होता है। इनके विग्रह में भगवान स्कंदजी बालरूप में इनकी गोद में बैठे होते हैं।

Fifth navratri skandmata

आज का राशिफल

दिनाँक - 23 मार्च,2026

दिन- सोमवार

rashifal today 23 march,2026


मेष


किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा।



वृषभ


स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा।

मिथुन


घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।



कर्क


लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी।


सिंह


रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


कन्या


बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा।


तुला


सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे।



वृश्चिक


उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।


धनु


यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा।



मकर


अनावश्यक जोखिम न लें। किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्रा‍थमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा।


कुंभ


मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

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