*जनता दरबार में छलका बुजुर्ग का दर्द, पुत्र-पुत्रबधू पर उत्पीड़न का आरोप, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम में कार्रवाई तय*
*बुजुर्ग दंपत्ति को घर से बेदखल करने की कोशिश, प्रशासन हुआ सख्त, भरण पोषण एक्ट में वाद दर्ज
*कोई सहारा नहीं, काम करने में असमर्थ दिव्यांग बुजुर्ग की पीड़ा, प्रशासन ने की आर्थिक सहायता प्रक्रिया शुरू*
*टीकरी में सरकारी मार्ग पर अतिक्रमण, प्रशासन ने दिए तत्काल हटाने के आदेश*
*मोटर मार्ग निर्माण में देरी, गुणवत्ता पर सवाल, प्रशासन ने एक्शन से की रिपोर्ट तलब*
*जनता दरबार में 167 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर*
देहरादून :
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में जनसुनवाई/जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जनसामान्य द्वारा भूमि विवाद, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, अतिक्रमण, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों से संबंधित 167 शिकायतें/समस्याएं दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समाजिक सरोकार से जुड़े मामलों में फतेहपुर निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग बीर सिंह ने जनता दरबार में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनका पुत्र एवं पुत्रवधू उनके साथ मारपीट करते हैं। उन्होंने बताया कि थाने में कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस स्थिति से आहत होकर उन्होंने अपने पुत्र को संपत्ति से बेदखल कर दिया, फिर भी दोनों उनके घर में जबरन रहकर प्रताड़ित कर रहे हैं। इस पर सीडीओ ने पुलिस अधीक्षक को वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इंद्रा कॉलोनी निवासी 68 वर्षीय बुजुर्ग अशोक कुमार धवन ने भी अपने पुत्र द्वारा मारपीट एवं दुर्व्यवहार किए जाने तथा जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई, इस पर संबंधित अधिकारियों को वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के अंतर्गत त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
हरेकृष्णा विहार निवासी 62 वर्षीय शकुंतला कौर ने बताया कि उनका पुत्र और बहू उनके 75 वर्षीय पति सहित उन्हें प्रताड़ित कर घर से निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इस पर एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दायर कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कांवली रोड निवासी अमरजीत कौर ने अपनी बेटियों की फीस माफी की गुहार लगाते हुए बताया कि उनकी दो बेटी व एक बेटा है। पति उनके साथ नही रहते है। किसी तरह बच्चों का पालन पोषण हो रहा है। इस पर मुख्य शिक्षा अधिकारी को नंदा सुनंदा प्रोजेक्ट के तहत आर्थिक सहायता का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
माजरीमाफी निवासी कक्षा 12 के छात्र आर्यन रमोला ने जनता दरबार में पहुंचकर फीस माफी की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है, जिसके कारण वे अपनी पढ़ाई जारी रखने के बावजूद विद्यालय शुल्क जमा करने में असमर्थ हैं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षा अधिकारी को विद्यालय प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर मामले के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। वहीं, डालनवाला निवासी विनिता ने भी अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए अपने पुत्र का किसी निजी विद्यालय में प्रवेश दिलाने की मांग की, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बुजुर्ग दिव्यांग वीरेन्द्र धीमान ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाते हुए बताया कि उनका कोई भी नही है और अब वे काम करने में असमर्थ है। इस पर एसडीएम सदर को प्रकरण की जांच कर आर्थिक सहायता हेतु आवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया।
मेहुंवालामाफी निवासी नेहा ने ऋण माफी की गुहार लगाते हुए बताया कि उनके पति ने बैंक से 5 लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसकी किस्तें उन्होंने तीन वर्षों तक नियमित रूप से जमा कीं। वर्ष 2023 में करंट लगने की दुर्घटना में उनके पति के दोनों पैर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है और वे ऋण की शेष किस्तें जमा करने में असमर्थ हैं। इस पर एलडीएम को मामले की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में इन्द्रा एन्क्लेव के निवासियों ने बिना वैधानिक अनुमति एवं सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए के कॉलोनी के एक व्यक्ति द्वारा अपने भवन की छत पर मोबाइल टावर स्थापित किए जाने की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ ने तत्काल प्रभाव से टावर स्थापना कार्य पर रोक लगाते हुए जांच के निर्देश दिए।
ग्रामसभा लांघा के ग्रामीणों ने मजरा टीकरी में सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर एएमए जिला पंचायत को तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम प्रधान गडूल स्वीटी रावत द्वारा मानकी-इठराना मोटर मार्ग निर्माण में देरी एवं गुणवत्ता में कमी की शिकायत पर पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई। फुलेत-क्यारा मोटर मार्ग पर भगद्वारी खाल के समीप कॉजवे निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर अधीक्षण अभियंता को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जन सुनवाई के दौरान भूमि पर अवैध कब्जा, क्रय विक्रय, जमीन धोखाधडी, बिजली की लाइन शिफ्ट, पोल शिफ्ट करने सहित अन्य समस्याओं के संबंधित अधिकारियों को जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।
*देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से सीएम धामी ने दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई घंटे में तय किया, बोले, ये नए भारत की तेज रफ्तार है*
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली दौरे के बाद सड़क मार्ग से लौटते हुए दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने दिल्ली से देहरादून का सफर महज करीब ढाई घंटे में पूरा किया, जो पहले की तुलना में बेहद कम समय है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान केंद्र सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश में जिस गति से सड़क और परिवहन सुविधाओं का विकास हो रहा है, यह उसी का परिणाम है। अब उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर न केवल यात्रा समय को कम कर रहा है, बल्कि पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। इससे चारधाम यात्रा समेत राज्य के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच और अधिक सुगम होगी।
मुख्यमंत्री ने इसे नए भारत की नई रफ्तार बताते हुए कहा कि इस तरह की परियोजनाएं उत्तराखंड के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।
देहरादून:
*एमडीडीए की 113वीं बोर्ड बैठक में जनहित, हरियाली और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस*
देहरादून शहर के सुनियोजित विकास, पर्यावरण संतुलन और आधुनिक सुविधाओं को नई रफ्तार देने के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 113वीं बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं प्राधिकरण अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 968 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही आम जनता से जुड़े आवासीय, व्यावसायिक और पर्यटन संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे शहर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। बैठक की शुरुआत उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी द्वारा अध्यक्ष और सदस्यों के स्वागत से हुई। इसके बाद पिछली 112वीं बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, जिसे बोर्ड ने अवलोकन के बाद पुष्टि करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए अनुमति प्रदान की। इस दौरान कुल 48 प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद नियमानुसार स्वीकृति दी गई।
*विकास को मिलेगी रफ्तार*
बैठक में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 968 करोड़ रुपये का बजट शहर के व्यापक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट के माध्यम से न केवल शहरी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, बल्कि देहरादून को एक स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम होगा।
*जनहित के प्रस्तावों को हरी झंडी*
बोर्ड बैठक में आम जनमानस से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें ईको-रिजॉर्ट, होटल, व्यावसायिक निर्माण और आवासीय मानचित्र से जुड़े मामलों को स्वीकृति दी गई है। इन फैसलों से पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने के साथ-साथ शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। इसके अलावा, भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2011 (संशोधित) को राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप अंगीकृत किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और सुव्यवस्था सुनिश्चित होगी।
*हरित देहरादून की दिशा और बढ़ते तापमान के न्यूनीकरण के लिए बड़ा कदम*
शहर में लगातार बढ़ते तापमान के न्यूनीकरण और पर्यावरणीय दबाव को देखते हुए प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना अब प्राथमिकता बन गया है। इसी दिशा में प्राधिकरण ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नए पार्कों के निर्माण जैसे कार्यों को युद्धस्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने, जल स्रोतों को संरक्षित करने और सार्वजनिक स्थलों को विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा। इन प्रयासों का उद्देश्य न केवल तापमान में कमी लाना है, बल्कि शहर की प्राकृतिक सुंदरता को सहेजते हुए आम जनमानस को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
*हरियाली और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर*
शहर को सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। डिवाइडरों पर पौधारोपण, गमलों की व्यवस्था, खाद-मिट्टी और पानी की आपूर्ति के लिए विशेष उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। इसके तहत एक ट्रैक्टर, EICHER 333 (प्रेशर पंप सहित) और हाइड्रोलिक ट्रॉली खरीदने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पार्कों के निर्माण जैसे कार्यों को युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए गए। यह पहल शहर की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के साथ ही नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मददगार होगी।
*शहर के भविष्य की मजबूत नींव*
113वीं बोर्ड बैठक के फैसले देहरादून के भविष्य की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर बजट और विकास योजनाएं शहर को आधुनिक बनाएंगी, वहीं हरियाली और पर्यावरण संरक्षण पर जोर इसे रहने योग्य और संतुलित शहर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने शहर के समग्र विकास के लिए अपने सुझाव भी दिए। अंत में अध्यक्ष द्वारा सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की गई। स्पष्ट है कि एमडीडीए की यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि देहरादून के विकास की नई पटकथा लिखने की दिशा में एक ठोस कदम है।
*आयुक्त विनय शंकर पांडेय का बयान*
आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं प्राधिकरण अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि देहरादून को एक संतुलित, हरित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बजट और स्वीकृत योजनाओं के माध्यम से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए लगातार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने बताया कि बोर्ड बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों से न केवल शहर का भौतिक विकास होगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का फोकस संतुलित विकास पर है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का समावेश हो। तिवारी ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में देहरादून एक आदर्श शहर के रूप में स्थापित होगा।
*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि बैठक में कुल 48 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें अधिकांश जनहित और विकास से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्तावों को नियमानुसार स्वीकृति दी गई है और अब इनके क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भवन निर्माण उपविधियों में संशोधन से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता आएगी और अवैध निर्माण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
देहरादून :
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने सर्वप्रथम कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की जानकारी ली।
उन्होंने कुंभ 2027 से संबंधित कार्यों की शासनादेश शीघ्र से शीघ्र जारी किए जाने के निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण किया जा सके।
मुख्य सचिव ने वन विभाग से प्रदेश में वनाग्नि की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फारेस्ट फायर के संबंध में रिस्पांस टाइम लगातार कम करने के लगातार प्रयास किए जाएं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों की जनपदवार ड्यूटी लगाये जाने के निर्देश दिए।
.उन्होंने कहा कि इससे वरिष्ठ अधिकारियों के फील्ड पर जाने से स्थिति में सुधार आयेगा। उन्होंने जानबूझ कर जंगलों में आग लगाने वालों पर भी कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में एलपीजी गैस आपूर्ति की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी जनपदों से गैस आपूर्ति की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ज़िलाधिकारियों को माँग और आपूर्ति पर लगातार नज़र रखते हुए, कालाबाजारी रोके जाने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, श्री एल फ़ैनाई, श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री चंद्रेश कुमार यादव, श्री श्रीधर बाबू अद्धांकी, श्री रविनाथ रमन, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री आनंद स्वरूप, डॉ. अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने देहरादून जिले के भोपालपानी, बडासी और सोडा सरौली ग्राम पंचायतों के स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए क्रिसिल फाउंडेशन के सहसपुर स्थित वित्तीय साक्षरता केंद्र (सीएफएल) द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर का दौरा किया।
इस मौके पर उन्होंने वित्तीय साक्षरता के महत्व पर ज़ोर देते हुए नागरिकों को सशक्त बनाने की बात कही। उन्होंने वित्तीय जागरूकता, समृद्धि और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने, भारत सरकार की विभिन्न पेंशन तथा बीमा संबंधित सामाजिक योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने सीएफएल अधिकारियों से समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में रहने वालों को शिक्षित करने के लिए और अधिक प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि वित्तीय समावेशन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने प्रतिभागियों से ऐसे शिविरों के दौरान प्राप्त वित्तीय जागरूकता को अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों और पड़ोसियों के साथ साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों से भी बातचीत की।
शिविर में बिजनेस कोरेस्पोंडेंटों (बीसी) द्वारा बुनियादी बैंकिंग सुविधाओं सहित कई सेवाएं उपलब्ध कराई गई। शिविर स्थल पर सिक्के और नीट बदलने के लिए काउंटर भी स्थापित किए गए थे। इस मौके पर एक मोबाइल एटीएम वैन उपलब्ध थी तथा कुछ स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन भी किया, जिसमें गवर्नर ने काफी रुचि दिखाई और सराहना की।
इस मौके पर क्षेत्रीय निदेशक, आरबीआई, देहरादून श्री अरविंद कुमार सहित भारतीय रिज़र्व बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ अधिकारी तथा ब्लॉक विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी से नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में भेंट कर उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों एवं आपदाजन्य संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के निर्बाध, सुरक्षित एवं सुचारू संचालन हेतु व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पूर्ववत् 100 प्रतिशत बनाए रखने का अनुरोध किया। उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में अप्रैल से नवम्बर तक संचालित होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जिससे व्यावसायिक एलपीजी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इस अवधि में राज्य को लगभग 9,67,949 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। साथ ही साथ समय प्रदेश में पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जून से सितम्बर के मध्य मानसून अवधि में राज्य को प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। पर्वतीय भू-भाग एवं दुर्गम परिस्थितियों के कारण आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में एलपीजी गैस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने व्यावसायिक सिलेंडरों का अतिरिक्त 5 प्रतिशत (लगभग 48,397 सिलेंडर) आवंटन सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था मुख्यतः पर्यटन आधारित है, जिसमें धार्मिक पर्यटन, तीर्थाटन एवं साहसिक पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। चारधाम यात्रा और पर्यटन राज्य की आस्था, सांस्कृतिक पहचान एवं आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार है। उन्होंने प्रदेश में घरेलू गैस की आपूर्ति भी सुचारू रखने का अनुरोध किया है।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन प्रदान किया तथा राज्य के हितों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।