Halloween party ideas 2015

 आज का राशिफल

दिनाँक 17 अप्रैल,2026

दिन शुक्रवार

rashifal today 17 april,2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

नौकरी में कार्यभार रहेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न लें। एकाएक स्वास्थ्‍य खराब हो सकता है, लापरवाही न करें। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। व्यर्थ दौड़धूप होगी। विवाद से स्वाभिमान को चोट पहूंच सकती है। काम में मन नहीं लगेगा।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। लाभ देगा। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि में जल्दबाजी न करें। लाभ होगा।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नए काम करने का मन बनेगा। फिजूलखर्ची ज्यादा होगी। शत्रु भय रहेगा। शारीरिक कष्ट से बाधा उत्पन्न होगी। दूर यात्रा की योजना बनेगी। व्यापार से लाभ होगा। नौकरी में चैन रहेगा। जोखिम न लें।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ने के योग हैं। कोई बड़ी समस्या का अंत हो सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। लेन-देन में सावधानी रखें। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

स्वयं के काम पर ध्यान दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। विवाद को बढ़ावा न दें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा। कार्यकुशलता कम होगी। कोई बड़ा खर्च एकाएक सामने आएगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। कुसंगति से बचें। किसी व्यक्ति के काम की जवाबदारी न लें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी न करें। घर के छोटे सदस्यों संबंधी चिंता रहेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

सुख के साधन जुटेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। धनहानि हो सकती है। सावधानी आवश्यक है। थकान महसूस होगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

तंत्र-मंत्र में रुचि जागृत होगी। किसी जानकार व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय सताएगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

भागदौड़ होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। लाभ के लिए प्रयास करें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद से क्लेश हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। पार्टनरों से कहासुनी हो सकती है।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि अपमान हो। व्यापार-व्यवसाय अनुकूल रहेगा। निवेश सोच-समझकर करें। नौकरी में चैन रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। स्वास्थ्‍य संबंधी चिंता बनी रहेगी। आशंका व कुशंका रहेगी। कार्य में बाधा संभव है। उत्साह बना रहेगा। नौकरी में अधिकार मिल सकते हैं। सुख के साधन जुटेंगे।

मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विवेक का प्रयोग करें। समस्याएं कम होंगी। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय रहेगा।


strict action on madarsa uttarakhand


उत्तराखंड शासन के संज्ञान में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो आया है, जिसमें यह संकेत मिलता है कि बाहरी राज्यों के बच्चों को राज्य के मदरसों में लाया जा रहा है। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शासन ने आवश्यक जांच के निर्देश जारी किए हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उत्तराखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव, डॉ. पराग मधुकर धकाते द्वारा देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जनपदों में व्यापक वेरिफिकेशन ड्राइव संचालित कर वास्तविक स्थिति से शासन को अवगत कराएं।


शासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के आगमन के स्रोत, उनके अभिभावकों की सहमति तथा उन्हें लाने वाले व्यक्तियों के संबंध में गहन जांच की जाएगी। इस उद्देश्य से प्रदेश के सभी मदरसों में सघन निरीक्षण एवं सत्यापन अभियान चलाया जाएगा तथा विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी।

प्रदेश में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वर्ष 2025 में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत 1 जुलाई 2026 से प्रदेश में मदरसा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसके उपरांत राज्य के सभी मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त करनी होगी तथा नई व्यवस्था के अंतर्गत उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेना अनिवार्य होगा।

एक्सप्रेस-वे ने भरा डिजिटल प्रगति की यात्रा में जोश

डिजिटल एम्पावरमेंट पर चर्चा के लिए दून में जुटे देशभर के विशेषज्ञों ने मानी अहमियत

-डिजिटल विकास की योजनाओं में रहेगी अहम भूमिका


green plastic free kedarnath yatra


दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से उत्तराखंड की उम्मीदों को पंख लग रहे हैं। विकास की योजनाओं का खाका खींचते वक्त दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर अब अहम भूमिका में है। डिजिटल प्रगति के लक्ष्य को हासिल करने की राह में भी इसे मददगार दोस्त की तरह देखा जा रहा है। इंडिया डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एंड अवार्ड कार्यक्रम के लिए दून में जुटे देशभर विशेषज्ञों ने डिजिटल प्रगति में एक्सप्रेस-वे की अहमियत को रेखांकित किया है।



पलाइट नहीं, एक्सप्रेस-वे से तय की यात्रा

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे जनता को समर्पित किया है। इसके बाद, दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई से तीन घंटे का रह गया है।  इंडिया डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एंड अवार्ड कार्यक्रम में गुरूवार को कई बार एक्सप्रेस-वे चर्चा में आया। सूचना प्रौद्योगिक विकास एजेंसी (आईटीडीए) के निदेशक आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कई विशेषज्ञों ने एक्सप्रेस-वे का रास्ता चुनाव। उनके पास फ्लाइट का विकल्प मौजूद था, लेकिन उन्होंने एयर टिकट कैंसिल कराए और एक्सप्रेस -वे से दून पहुंचे ।


अब और बेहतर कनेक्टिविटी, फायदा मिलेगा

-कार्यक्रम में कई सत्रों में विशेषज्ञों के साथ देश-प्रदेश की डिजिटल प्रगति पर चर्चा हुई। इस दौरान सभी का कहना था कि डिजिटल इंडस्ट्री को उत्तराखंड में बढ़ावा देने के लिए हर तरह से अनुकूल स्थिति मौजूद है। कनेक्टिविटी पहले से अच्छी थी, अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से और भी बेहतर हो गई है। इसका फायदा मिलना तय है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा से लेकर सचिव नितिश कुमार झा तक ने डिजिटल प्रगति में एक्सप्रेस-वे की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार डिजिटल प्रगति के लिए असाधारण कार्य कर रही है।

ग्रीन, प्लास्टिक मुक्त रहेगी श्री केदारनाथ धाम यात्रा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*

*चारधाम यात्रा के मद्देनजर ग्राउंड जीरो पर उतरे मुख्यमंत्री, रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग से किया यात्रा मार्ग का निरीक्षण*

*अधिकारी मानवीय, धार्मिक पहलुओं का रखें विशेष ध्यान: मुख्यमंत्री* 

*वोकल फॉर लोकल, स्थानीय उत्पाद, रोजगार एवं बेहतर व्यवस्थाएं सरकार की प्राथमिकताएं* 


आस्था और श्रद्धा के महान पर्व के रूप में प्रतिष्ठित श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा हेतु आगामी 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान एवं सनातन परंपराओं के अनुरूप श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।



इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जनपद रुद्रप्रयाग पहुंचे और ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक कार द्वारा निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा में हटाए गए अतिक्रमण, बांसवाड़ा, कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया।




निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क के पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर, सुरक्षा उपायों एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी लंबित कार्यों को यात्रा शुरू होने से पूर्व हर हाल में पूर्ण किया जाए।



इसके उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा गुप्तकाशी में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार रखने के निर्देश दिए। साथ ही हेलीपैड पर यात्री शेड, लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों के समीप पुलिस चौकियों में आवश्यक सुविधाएं जैसे दवाइयां, पेयजल एवं फूड पैकेट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।



मुख्यमंत्री ने यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष जोर देते हुए “ग्रीन यात्रा” के उद्देश्य को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।



गैस आपूर्ति के विषय में मुख्यमंत्री ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार से अतिरिक्त गैस आपूर्ति की मांग की गई है, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को यात्रा से जोड़ते हुए “वोकल फॉर लोकल” के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।



इसके अतिरिक्त पैदल मार्गों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष  पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष  ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


 किच्छा/नैनीताल :

CS visit aiims satellite centre and airport pantnagar



*मुख्य सचिव ने किया निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर, किच्छा का स्थलीय निरीक्षण*


*जुलाई 2026 तक निर्माणकार्य पूर्ण किया जाए, ताकि अगस्त में की जा सके ओपीडी शुरू: मुख्य सचिव*


*एम्स सैटेलाइट सेंटर का 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण*


मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को किच्छा में 351 करोड़ की लागत से 280 बेड का निर्माणाधीन सेटेलाइट एम्स का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने श्रमिकों की संख्या व उपकरण बढ़ाते हुए कार्याे में गति लाकर आगामी माह जुलाई तक चिकित्सालय कार्य पूर्ण करने के निर्देश अभियन्ता सी पी डब्लू डी को दिये। उन्होने कहा चिकित्सालय भवनों को कार्ययोजना बनाते हुए प्राथमिकता से करें ताकि माह अगस्त से ओपीडी प्रारम्भ की जा सकें। 

    

अभियंता सी पी डब्लू डी उत्पल त्रिपाठी ने बताया कि चिकित्सालय का कार्य 30 जुलाई तक पूर्ण कर कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवासीय भवनों का कार्य 85 प्रतिशत से अधिक हो गया है माह मई तक पूर्ण कर लिया जाएगा। चिकित्सालय की सड़कों को भी मई तक पूर्ण कर ली जाएगी तथा प्लांटेशन जून में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एम्स में 250 बेड, 10 ओटी, 30 आईसीयू बेड, डायग्नोसेस एंड लेब, कार्डियोलोजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलोजी, न्यूरोलॉजी,जनरल सर्जरी, आर्थाे, जनरल मेडिसिन, पेडियाट्रिक, इमरजेंसी एंड ट्रॉमा बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सालय में सराय व शॉपिंग कॉम्पलेक्स भी बनाएं जा रहे हैं।


निदेशक एम्स ऋषिकेश प्रो0 मीनू सिंह ने बताया कि चिकित्सालय कार्य पूर्ण कर जुलाई में हस्तगत होता है तो अगस्त से ओपीडी प्रारम्भ कर दी जाएगी।


अधीक्षण अभियंता सिंचाई ने बताया कि एम्स के हाईवे साइड तीन एप्रोच गेट है जहां जुलाई से पूर्व नाला निर्माण कर एप्रोच पुलिया बना दी जायेंगी।                                         

      

इस दौरान मुख्य सचिव व मंडलायुक्त ने परिसर में पौधा रोपण भी किया।    

       

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, कौस्तुभ मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सिंचाई पी के दीक्षित, अधिशासी अभियंता सिंचाई बी एस डांगी, लो नि वि गजेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी गौरव पाण्डेय, अधिशासी अभियंता सिंचाई बीएस डांगी, एजीएम एनसीसी अजौय, प्रबंधक शंकर बालू ,हरिशंकर, सहायक अभियंता सीपीडब्लूडी राकेश पटेल आदि मौजूद थे।


*मुख्य सचिव ने पंतनगर एयरपोर्ट विस्तारीकरण का किया स्थलीय निरीक्षण*


मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरूवार को जनपद भ्रमण के दौरान पंतनगर एयरपोर्ट का निरीक्षण किया व एयरपोर्ट विस्तारीकरण प्रस्तावित कार्यो की समीक्षा की। 

      

समीक्षा के दौरान डीजीएम सिविल अनूप गुप्ता ने बताया कि पंतनगर हवाई अड्डा अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनाया जा रहा है। जिसे 380 करोड़ की लागत से पंतनगर हवाई अड्डा विस्तारीकरण कार्य किये जा रहे है। उन्होने बताया कि पंतनगर एयरपोर्ट विस्तारीकरण हेतु 524.70 एकड़ भूमि एयरपोर्ट प्राधिकरण के नाम आवंटित हो गयी है साथ ही टीडीसी, पंतनगर विश्वविद्यालय, सैनिक फर्म आदि की जो भी भूमि एयरपोर्ट को आंवटित की गयी है उसमे भवनों का ध्वस्तीकरण व पेड़ों का कटान कार्य कर दिया गया है।

       

श्री गुप्ता ने बताया कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण कार्यो में चाहर दीवारी निर्माण कार्य प्रगति पर है, आमागी माह जून तक पूर्ण कर लिया जायेगा। अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुसार 03 हजार मीटर का रनवें बनाया जायेगा तथा नया टर्मिनल के साथ ही हैंगर, आइएलएस सुविधा, कार्गो बनाया जायेगा व नाईट लैडिंग सुविधा भी होगी। उन्होने बताया कि वर्तमान एयरपोर्ट में भी यात्रियों की सुविधा देने हेतु एटीम, कार पार्किंग, टैक्सी रिटेल काउंटर, वाईफाई सुविधा कार्य किये जायेगें साथ ही यात्रियों के लिए हैल्पडैक्स व प्राथमिक चिकित्सा व एम्बुलेंस सुविधा भी रखी गयी है। एयरपोर्ट विस्तारीकरण कार्यो का ईन्वायरमेंट क्लीयरेन्स हेतु अप्लाई किया गया है। 

       

पीडी एनएचएआई ने बताया कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आ रहे राष्ट्रीय राजमार्ग को शिफ्ट करने कार्य का सर्वे कर टेण्डर कर लिये गये है शीघ्र ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा।

      

जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि पंतनगर एयरपोर्ट से लगी भूमि पर गेस्टहाउस भी प्रस्तावित किया गया है साथ ही उन्होने बताया एयरपोर्ट से लगी भूमि आर्मी को भी आवंटित की गयी है। 

       

मुख्य सचिव ने पंतनगर एयरपोर्ट से संचालित हवाई सेवाओं की विस्तृत जानकारियां ली। उन्होने सभी अधिकारियों को एयरपोर्ट विस्तारीकरण कार्यो को आपसी समन्वय से कराने के निर्देश दिये।  

       

मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने पीपीटी के माध्यम से जनपद के विकास कार्यो की जानकारी दी। उन्होने बताया कि जनमन योजना में जनपद द्वितीय स्थान पर आने पर महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया। इसी तरह जनपद में 372 ग्राम पंचायतो में से 229 ग्राम पंचायते टीबी मुक्त होने पर टीबी मुक्त अभियान में द्वितीय स्थान पर रहने पर महामहिम राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होने बीस सूत्रीय कार्यक्रम, सम्पूर्णता अभियान, रूद्रपुर वाईपास, अमृत योजना, गौशाला निर्माण, मेडिकल कॉलेज निर्माण, सर्किट हाउस निर्माण, ट्रांजिट कैम्प व सिडकुल में वर्किगं ओमन हास्टल निर्माण, सितारगंज में पार्किगं एवं पार्क निर्माण आदि की विस्तृत जानकारियां दी। 

      

इसके उपरांत मुख्य सचिव ने वर्ल्ड ऑन व्हील्स डिजिटल लर्निगं लैब एजुकेशन कार्यक्रम के अन्तर्गत 03 माह कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त छात्रों के साथ संवाद किया व प्रमाण पत्र दिये।  

       

इस दौरान मंडलायुक्त दीपक रावत, कुलपति जीबी पंतनगर विश्वविद्यालय डॉ0 मनमोहन सिंह चौहान, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, डीएफओ यूसी तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, कौस्तुभ मिश्रा, निदेशक पंतनगर एयरपोर्ट पवन कुमार, डीजीएम पूरन सिंह, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम नरेन्द्र नवानी, पीडी एनएचएआई अंचल जिंदल आदि मौजूद थे।




आयुक्त/सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखण्ड श्री आनन्द स्वरूप ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य में रबी विपणन सत्र का प्रारम्भ 01 अप्रैल, 2026 से हो चुका है।

 गढ़वाल सम्भाग में कुल 45 एवं कुमायूं सम्भाग में 123 क्रय केन्द्र संचालित हैं। भारत सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 निर्धारित किया गया है, जिससे कृषक भाईयों द्वारा अपनी उपज (गेहूं) का विक्रय राजकीय क्रय केन्द्रों पर किये जाने में रूचि प्रदर्शित की जा रही है। 


आतिथि तक स्मार्ट पी.डी.एस. पोर्टल पर 1597 कृषकों द्वारा पंजीकरण कराया जा चुका है एवं 5852 कुन्टल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

 

उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य हेतु पूर्व में 10 हजार कंुटल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिससे राज्य के कृषक भाईयों द्वारा अपने उत्पाद का विक्रय न हो पाने के सम्बन्ध में रोष व्यक्त किया जा रहा था। 


भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार के अनुरोध पर राज्य के कृषक भाईयों के रूझान एवं हितों के दृष्टिगत पूर्व निर्धारित 10 हजार कुन्टल के लक्ष्य में वृद्धि करते हुए 5 लाख कुन्टल कर दिया गया है। 


उन्होंने राज्य के कृषक भाईयों से अपनी उपज राजकीय क्रय केन्द्रों पर विक्रय कर न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उठाने की अपील की है।


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट एंड अवॉर्ड” समारोह के आयोजकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।



मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन वर्तमान समय की आवश्यकता हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (A.I.), टेक्नोलॉजी और साइंस से जुड़े विविध विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कांफ्रेंस से प्राप्त निष्कर्ष और सुझाव भविष्य में सकारात्मक परिणाम देने के साथ-साथ राज्य और देश के डिजिटल विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। इसके साथ ही राज्य पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिवर्ष 06 करोड़ से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर आते हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता के कारण अनेक आकर्षक डेस्टिनेशन उपलब्ध हैं। राज्य में फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण है, जिससे फिल्म उद्योग के क्षेत्र में व्यापक बदलाव संभावनाएं मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त औद्योगिक निवेश के लिए भी राज्य में बेहतर अवसर उपलब्ध हैं, जिन्हें और विकसित करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। राज्य के सुरम्य स्थल और आधुनिक सुविधाएं इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त बनाती हैं। सरकार इस दिशा में आवश्यक आधारभूत संरचना और सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।


इस दौरान सचिव श्री नितेश झा, अपर सचिव श्री आलोक पांडे, एन.टी.टी. ग्लोबल डाटा सेंटर के इंडिया हेड श्री निमेश कुमार, अडाणी कनेक्स के कन्ट्री हेड श्री कपिल चुघ, यात्ता डाटा सेंटर की वाइस प्रेजीडेंट सुश्री ज्योति माल्दे, नेटफॉर चाईस डाटा सेंटर के फाउण्डर श्री समीर यादव एवं अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।


यात्रा ट्रांजिस्ट कैंम्प में इंटीग्रेटेड कंट्रोलरूम 24×7 सक्रिय रखने तथा यात्रियों को निःशुल्क चाय-नाश्ता, भोजन की व्यवस्था बनाने को डीएम ने दिए निर्देश

सफाई कार्यों हेतु नगर निगम ऋषिकेश को जिला योजना से मौके पर ही 50 लाख स्वीकृत; पेयजल निगम की कार्य अनुमति निरस्त 19 से पहले रोड रिस्टोर करने के निर्देश

टं्राजिस्ट कैम्प ऋषिकेश एवं हरबर्टटपुर में  24×7 मेडिकल टीम रहेगी तैनात; 

सभी यात्रा पड़ाव बेरियर पर पेयजल; मोबाईल शौचालय टैंट आदि व्यवस्थाएं बनाने के दिए निर्देश

देहरादून :



उत्तराखण्ड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 की शुरूआत 19 अपै्रल 2026 को अक्षय तृतीया के दिन हो रही है। जिले में यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ट्रांजिस्ट कैम्प ऋषिकेश में संबधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की । इसके उपरांत जिलाधिकारी ने चारधाम यात्रा ट्रांजिस्ट कैंप में पंजीकरण कक्ष एवं समुचित परिसर का निरीक्षण करते हुए व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। 

जिलाधिकारी ने पर्यटन अधिकारी को पंजीकरण काउंटर एवं मोबाइल टीम सक्रिय करने के निर्देश। चारधामयात्रा ट्रांजिट कैंप में 24 काउंटर तथा आईएसबीटी पर 6 पंजीकरण काउंटर लगाए हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि पंजीकरण हेतु 30 मोबाईल टीम में लगाई गई है जिनमें 25 टीमें दिन में तथा 5 टीम रात्रि से प्रातः तड़के तक होटल, सराय धर्मशाला में ठहरे लोगों का पंजीकरण करेंगी। धर्मशाला, आश्रम, सरायों में 7100 बैड चिन्हित है। 

जिलाधिकारी निर्देश दिए कि ट्रांजिट कैंप में बड़ी स्क्रीन लगाई जाए जिसमें होटल धर्मशाला के संपर्क नंबर के साथ ही पर्याप्त बैड की डिटेल आदि समुचित विवरण की जानकारी चलाई जाए साथ ही फ्लेक्सी के माध्यम से भी सूचनाओं चस्पा की जाए जिससे यात्रियों को परेशानी न हो।उन्होंने निर्देश दिए की ट्रांजिस्ट कैंम्प में इंटीग्रेटेड कंट्रोलरूम 24×7 सक्रिय किया जाए जिसमें सभी विभागों के कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाए। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग का अलग से कंट्रोलरूम रहेगा। डीएम ने निर्देश दिए की चारधाम ट्रांजिस्ट कैम्प में यात्री सहायता केंद्र अलग से संचालित किया जाए। जल संस्थान को निर्देश दिए कि जनपद क्षेत्रान्तर्गत यात्रा के सभी पड़ावों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ट्राजिस्ट कैम्प ऋषिकेश एवं हरबर्टपुर में 24×7 मेडिकल टीमें तैनात की जाए। जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अवगत कराया कि ऋषिकेश एवं हरबर्टपुर यात्रा पड़ाव के लिए 06 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। जिनमें 03 टीमें ऋषिकेश तथा 03 टीमें हरबर्टपुर में तैनात रहेगी। 


यात्रियों को निःशुल्क चाय-नाश्ता, भोजन की व्यवस्था बनाने को डीएम ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यात्रियों हेतु ट्रांजिस्ट कैम्प पर निशुल्क चाय नाश्ता एवं एवं खान की व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही इस कार्य में स्वैच्छिक रूप से कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूह एवं अन्य संस्थाओं की भी सहयोग प्राप्त कर लिया जाए।


 पेयजल निगम की कार्य अनुमति निरस्त 19 अपै्रल से पहले रोड रिस्टोर करने के निर्देश

पेयजल लाइन बिछाने हेतु उत्तराखंड पेयजल निगम 17 अपै्रल 2026 तक कार्य अनुमति प्रदान की गई थी किन्तु निर्धारित तिथि तक पेयजल लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण किया जाना था। उक्त कार्य निर्धारित कार्य अनुमति में पूर्ण नहीं किया गया जिस पर जिलाधिकारी ने यात्रा सीजन तक सभी अनुमति निरस्त करते हुए खोदी गई सड़कों को तत्काल ठीक करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पीडल्यूडी, एनएच, एनएचआई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा मार्गों पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट को समयबद्ध ठीक करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।



सफाई कार्यों हेतु नगर निगम ऋषिकेश को जिला योजना से मौके पर ही 50 लाख स्वीकृत;


जिलाधिकारी ने नगर निगम ऋषिकेश को निर्देशित किया कि समुचित स्थलों पर सफाई एवं फागिंग व्यवस्था रहे तथा इसे तू पर्याप्त मात्रा में कार्मिक तैनात किए जाए। सफाई व्यवस्था हेतु नगर निगम को जिला योजना से मौके पर 50 लाख धनराशि स्वीकृत करते हुए समुचित सफाई व्यवस्था नगर निगम को करने के निर्देश। साथ ही ट्रांजिट कैंप सफाई कार्यो हेतु अनुबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए, कंपनी अपने कार्मिकों का वेतन भुगतान नहीं कर रही थी जिसे सफाई कार्य बाधित हो रहा था।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान नमित रमोला, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग ओमपाल सिंह,  संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी सहित समस्त संबंधी विभागों के आधिकारी उपस्थित रहे।



सचिव खाद्य ने की समीक्षा बैठक, जनपदों से फीडबैक लिया*

*तेल कंपनियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश



देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन तथा शादी विवाह के सीजन को ध्यान में रखते हुए सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति की अध्यक्षता में बुधवार घरेलू व कामर्शियल गैस की सप्लाई के साथ ही डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति की समीक्षा की गई। बैठक में राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल कंपनियों के प्रतिनिधि तथा सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। सचिव खाद्य ने कहा कि सभी जिला पूर्ति अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आम जनता को गैस को लेकर परेशानी का सामना न करना पड़े। 

बैठक में सचिव, खाद्य श्री आनंद स्वरूप द्वारा प्रदेश में ईंधन आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी चारधाम यात्रा को दृष्टिगत रखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा अवधि में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन व शादी विवाह के सीजन को देखते हुए आपूर्ति को बेहतर बनाया जाएगा।

समीक्षा के दौरान सचिव द्वारा सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारियों से सीधा संवाद स्थापित कर फीडबैक लिया गया। जनपदों द्वारा विभिन्न परिचालन संबंधी समस्याओं जैसे गैस की मांग में मौसमी वृद्धि, शादी-विवाह सीजन के कारण वाणिज्यिक सिलेंडरों की अधिक खपत, परिवहन एवं वितरण संबंधी चुनौतियां तथा कुछ स्थानों पर एजेंसियों के स्तर पर समन्वय की आवश्यकता आदि बिंदु उठाए गए। सचिव खाद्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपदों द्वारा उठाए गए सभी विषयों पर तत्काल कार्यवाही की जाए।

तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया कि वे सभी एजेंसियों के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुसार आपूर्ति बनाए रखने हेतु प्रतिबद्ध हैं तथा जनपदों से प्राप्त समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, यह भी बताया गया कि एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर आपूर्ति प्रणाली को सुचारू बनाए रखा जाएगा। 

सचिव, खाद्य द्वारा तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे सभी जनपदों में गैस एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसका त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखें तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, सचिव द्वारा चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए संबंधित सभी विभागों एवं तेल कंपनियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए, ताकि यात्रा मार्गों एवं प्रमुख पड़ावों पर ईंधन एवं गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक में अपर आयुक्त खाद्य श्री पीएस पांगती, श्री कृष्ण कुमार गुप्ता, श्री स्वर्ण सिंह, श्री पंकज अंबलढगे, श्री जेएल प्रसन्ना आदि उपस्थित रहे।

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