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 देहरादून:


 दिनांक 12 जून 2026 को देर शाम सिविल डिफेंस पोस्ट संख्या 4 दक्षिण प्रभाग की मीटिंग सेक्टर वार्डन श्री अमरजीत सिंह गांधी के निवास गुरु रोड देहरादून पर आयोजित हुई।

 


सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा संगठन) देहरादून की वार्डन पोस्ट संख्या 4 दक्षिण प्रभाग में सर्व सहमति के उपरांत श्री श्यामेंद्र कुमार साहू  (उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा संगठन देहरादून) द्वारा अरुण कुमार शर्मा को 14 वर्षों तक निष्ठा से सेक्टर वार्डन का कार्य करने के प्रतिफल में *पोस्ट वार्डन* का दायित्व प्रदान किया गया । 

 तथा श्री अमरजीत सिंह गांधी जी को डिप्टी पोस्ट वार्डन ,पूर्व पोस्ट वार्डन श्री राजकुमार तेहरान जी को आरक्षित पोस्ट वार्डन व श्री अनिल भसीन जी को आरक्षित डिप्टी पोस्ट वार्डन का प्रभार भी  सौंपा गया।

 ग्रह विभाग भारत सरकार द्वारा संचालित सिविल डिफेंस के लगभग 450 वार्डन बिना किसी शुल्क व भत्ते के वर्षों से देहरादून में कार्यरत है। व प्रत्येक संकट,आपदा,पर्यावरण,नशामुक्ति,यातायात व्यवस्था आदि में शासन प्रशासन का सहयोग करते हुए निष्ठा से कार्य करते हैं।

    आज की मीटिंग में उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा श्यामेंद्र कुमार साहू,उप प्रभागीय वार्डन रविन्द्र मोहन काला,राजकुमार तेहरान,अरुण कुमार शर्मा,अनिल भसीन,अमरजीत सिंह गांधी,कृष्ण कुमार विज,नितिन कुमार,हेमंत माटा,तरुण वर्मा,पवन कुमार सेकड़ी आदि सम्मलित रहे।


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धन्यवाद।


 *अरुण कुमार शर्मा* 

पोस्ट वार्डन

सिविल डिफेंस

पोस्ट संख्या 4

दक्षिण प्रभाग देहरादून।

7017613485

989740842

 


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।


- कार्यशाला का विषय – “ग्रामीण उत्तराखंड में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल अंतराल को घटाना: उद्यम प्रोत्साहन और पलायन में कमी हेतु जिला-स्तरीय रणनीतियाँ” रहा

NABARD meeting


- कार्यशाला में विशेषज्ञों ने उद्यमिता को बढ़ावा देने, पलायन में कमी, नीतियों का बेहतर क्रियान्वयन, लाभार्थियों को एकीकृत सेवाएं, सतत विकास को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर सुझाव दिए



शुक्रवार को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास  बैंक (नाबार्ड) द्वारा देहरादून में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली क्षेत्रीय सलाहकार समिति (आरएसी) की बैठक एवं उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल की कमी के अभाव को दूर करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया।


राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ग्रामीण विकास में युवाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून ने पहली क्षेत्रीय सलाहकार समिति (आरएसी) बैठक एवं उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल की कमी के अभाव को दूर करने के लिए कार्यशाला का आयोजन आईटी पार्क स्थित अपने कार्यालय में किया। कार्यशाला का विषय – “ग्रामीण उत्तराखंड में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल अंतराल को घटाना: उद्यम प्रोत्साहन और पलायन में कमी हेतु जिला-स्तरीय रणनीतियाँ” रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ श्री पंकज यादव, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विशेषज्ञ- डॉ प्रभाकर सी बेबनी  (मुख्य संचालन अधिकारी, डीडीयू-जीकेवाई) सहित एस.एल.बी.सी, यू.के.एस.आर.एल.एम, के.वी.आई.सी, के.वी.आई.बी, कृषि एवं उद्यान विभाग, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, यू.के.एस.टी.सी.बी, ग्रामीण विकास विभाग, एनजीओ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। डॉ संजीव रॉय (निदेशक,  के.वी.आई.सी) ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।


कार्यक्रम में डॉ प्रभाकर सी बेबनी (मुख्य संचालन अधिकारी, डीडीयू-जीकेवाई) की विशेष सहभागिता रही। उन्होंने ग्रामीण युवाओं के कौशल और उनके रोजगार हेतु पलायन को रोकने की जिला-वार रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया और उत्तराखंड में नाबार्ड की सक्रिय भूमिका की सराहना की, जिसमें कौशल विकास प्रशिक्षण, सूक्ष्म उद्यम विकास कार्यक्रम एवं आजीविका उद्यम विकास कार्यक्रम और विपणन के प्रयास शामिल हैं।


बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने अलग- अलग विभागों के साथ कार्यशैली के तालमेल की भूमिका पर सुझाव दिए कि वे उद्यमिता को बढ़ावा, पलायन में कमी, नीतियों का बेहतर क्रियान्वयन, लाभार्थियों को एकीकृत सेवाएं, सतत विकास को बढ़ावा देने में कैसे योगदान दे सकते हैं। बैठक में विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच अभिसरण पर भी जोर दिया गया ताकि उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल की कमी के अभाव को दूर किया जा सके।


नाबार्ड ने यह संकल्प दोहराया कि वह ग्रामीण समुदायों को ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार संवर्धन के माध्यम से सशक्त करेगा, जिससे उत्तराखंड के ग्रामीण युवाओं को न केवल स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना होगा, बल्कि उनके ग्रामीण समृद्धि, पलायन रूकेगा और विकास को बढ़ावा मिल सकेगा।


*मानसून जनित आपदाओं से निपटने के लिए क्षमता निर्माण पर जोर

*दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समाप

देहरादून:



राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम), गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मानसून पूर्व तैयारियों पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 

समापन सत्र को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष, सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग श्री विनय रूहेला ने कहा कि इस कार्यशाला से उत्तराखण्ड में मानसून जनित आपदाओं के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के माध्यम से राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारियों को भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, बादल फटना, शहरी बाढ़ तथा अन्य मानसून जनित आपदाओं से निपटने के लिए नवीन तकनीकों, बेहतर समन्वय तंत्र तथा प्रभावी प्रतिक्रिया प्रणाली की जानकारी प्राप्त हुई। 

एनआईडीएम के प्रोफेसर नवनीत कुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण आपदाओं का स्वरूप लगातार जटिल होता जा रहा है और आने वाले वर्षों में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिदृश्यों का प्रभावी सामना करने के लिए वैज्ञानिक  दृष्टिकोण, आधुनिक तकनीकों का उपयोग तथा संस्थागत तैयारियों को और अधिक मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कार्बन ट्रेडिंग के क्षेत्र में उत्तराखण्ड द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके सकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों को आपदा प्रभावित व्यक्तियों को प्रदान किए जाने वाले साइको-सोशल सपोर्ट, राहत प्रबंधन तथा समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर आधारित टेबल-टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने काल्पनिक आपदा स्थितियों में विभागवार प्रतिक्रिया, संसाधन प्रबंधन, समन्वय एवं निर्णय प्रक्रिया का व्यवहारिक अभ्यास किया।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मानसून जनित जोखिमों से निपटने के लिए अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई। तकनीकी सत्रों में भूस्खलन जोखिम मूल्यांकन एवं न्यूनीकरण, आपदा प्रबंधन चक्र, जलवायु परिवर्तन जनित चुनौतियां तथा आपदा प्रबंधन में उभरती तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ड्रोन, जीआईएस, रिमोट सेंसिंग, मोबाइल एप्लीकेशन तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे आधुनिक उपकरण आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी, त्वरित और सटीक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके अतिरिक्त पूर्व चेतावनी प्रणाली, अंतिम व्यक्ति तक समय पर सूचना पहुंचाने की रणनीतियों तथा इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम में विभिन्न अधिकारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। 

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री प्रकाश चंद्र ने कहा कि दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्द्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से मानसून पूर्व तैयारियों, जोखिम मूल्यांकन, पूर्व चेतावनी प्रणाली, स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारी, सामुदायिक सहभागिता, बहु-विभागीय समन्वय, क्षति एवं आवश्यकता आकलन तथा प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक समझ विकसित हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुभव एवं सुझाव राज्य में मानसून जनित आपदाओं के प्रति तैयारियों को और अधिक सुदृढ़, समन्वित एवं परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम में डीआईजी होमगार्ड श्री राजीव बलूनी, डीआईजी एसएसबी श्री दुर्गा बहुदर सोनार, टूआईसी सीआरपीएफ श्री आनंद सिंह, डाॅ. हरिशंकर, वैज्ञानिक, आईआईआरस, डाॅ. बिमलेश जोशी, स्वास्थ्य विभाग, श्री एसके राणा, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबैदुल्लाह अंसारी, एनआईडीएम के सहायक प्रोफेसर रोहित कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।


*राहत शिविर प्रबंधन एवं राहत सामग्री किट की जानकारी*

 प्रशिक्षण कार्यक्रम में राहत शिविरों के प्रभावी संचालन तथा राहत सामग्री वितरण व्यवस्था पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को राहत शिविरों में आवास, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा संवेदनशील वर्गों की आवश्यकताओं के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों को वितरित की जाने वाली राहत सामग्री किट की संरचना, आवश्यक वस्तुओं एवं वितरण प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से बताया गया।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज श्री जसपाल राणा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समेत कांग्रेसजनों ने भी  संवेदना व्यक्त की

shooter Jaspal expire, CM Dhami


मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जसपाल राणा ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, कठिन परिश्रम और उल्लेखनीय उपलब्धियों से न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया। निशानेबाजी के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अनेक युवा खिलाड़ियों को प्रेरित कर खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जसपाल राणा का निधन खेल जगत, उत्तराखंड तथा राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से कामना है।

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत निशानेबाज श्री जसपाल राणा के आवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदना

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज स्वर्गीय श्री जसपाल राणा के देहरादून आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री जसपाल राणा के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की।

प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने निशानेबाजी के लिए देश का गौरव रहे जसपाल राणा जी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति सांत्वना प्रकट की है।  
अपने शोक संदेश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि निशानेबाजी में देश का गौरव रहे जसपाल राणा जी का आकस्मिक निधन प्रदेश एवं देश की अपूर्णीय क्षति है। निशानेबाजी में देश का मान-सम्मान बढ़ाने तथा देश एवं प्रदेश के प्रतिभावान खिलाडियों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में किये गये उनके प्रयासों कों कभी भुलाया नहीं जा सकता है, उनका असमय चले जाना खेल जगत ही नहीं हम सबके लिए असीमित दुःख का विषय है। हम सभी भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वे स्व0 जसपाल राणा जी की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों, शुभचिंतकों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान क


मशहूर भारतीय निशानेबाज,दिग्गज कोच,जसपाल राणा का निधन,कई स्वर्ण पदक जीते,गोल्डन बॉय के नाम से विख्यात थे.

दिल्ली के मैसेज अस्पताल में चल रहा था जसपाल राणा का इलाज.कार्डियक इलाज  के बाद  वह रिकवरी पर थे।, तभी ये घटना  हो गयी।


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"देवभूमि की माटी के लाल, महान निशानेबाज और द्रोणाचार्य अवॉर्डी जसपाल राणा जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाला है। 

यह संपूर्ण खेल जगत और हमारे उत्तराखंड के लिए एक ऐसा शून्य है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पटल पर तिरंगा लहराकर देश का मान बढ़ाया और कोच के रूप में मनु भाकर जैसी अद्भुत खेल प्रतिभाओं को तराशा। उनका मार्गदर्शन इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

 बाबा केदारनाथ और भगवान बद्रीविशाल पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"


- रेखा आर्या, कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड सरकार

आज का राशिफल 

दिनांक 12 जून 2026

दिन शुक्रवार

rashifal  today 12 june 2026



मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

कारोबार-व्यवसाय आज ठीक चलेगा। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। धन का व्यय होगा। नौकरी में प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। परिश्रम का अनुकूल फल मिलेगा। परिजनों के स्वास्थ्य और सुविधाओं की ओर ध्यान दें।

वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रोजगार‍ मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ संभव है। जोखिम न लें। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति जीवन में आनंद का संचार करेगी। कई दिनों से रुका पैसा मिल सकेगा।

मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

विवाद से क्लेश होगा। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग परेशान कर सकता है। जोखिम न लें। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता प्राप्ति के योग हैं। सावधानी व सतर्कता से व्यापारिक अनुबंध करें। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न उठाएं। आज का दिन आपके लिए शुभ रहने की संभावना है। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। रोजगार के अवसर मिलेंगे। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

मेहनत का फल मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कर्ज से दूर रहना चाहिए। खर्च में कमी होगी। कानूनी विवादों का निपटारा आपके पक्ष में होने की संभावना है। प्रतिष्ठितजनों से मेल-जोल बढ़ेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। क्रय-विक्रय के कार्यों में लाभ होगा। योजनाएं बनेंगी। उच्च और बौद्धिक वर्ग में विशेष सम्मान प्राप्त होगा। भाइयों से अनबन हो सकती है। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें। चोट व रोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

व्यापारिक लाभ होगा। संतान के प्रति झुकाव बढ़ेगा। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी। कुसंगति से हानि होगी। वाहन मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वाणी प‍र नियंत्रण रखें, जोखिम न लें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे।

राशि फलादेश


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। जायदाद संबंधी समस्या सुलझने के आसार बनेंगे। अनुकूल समाचार मिलेंगे तथा दिन आनंदपूर्वक व्यतीत होगा। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। धैर्य एवं शांति से वाद-विवादों से निपट सकेंगे। दुस्साहस न करें। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। स्वयं की प्रतिष्ठा व सम्मान के अनुरूप कार्य हो सकेंगे।

मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ होगा। धन संचय की बात बनेगी। परिवार के कार्यों पर ध्यान देना जरूरी है। रुका कार्य होने से प्रसन्नाता होगी। आर्थिक सलाह उपयोगी रहेगी। कर्ज की चिंता कम होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। थकान रहेगी। व्यापार-व्यवसाय संतोषप्रद रहेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। अल्प परिश्रम से ही लाभ होने की संभावना है। खर्चों में कमी करने का प्रयास करें। अति व्यस्तता रहेगी।

मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

मेहनत का फल कम मिलेगा। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। संतान की शिक्षा की चिंता समाप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। महत्व के कार्य को समय पर करें। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा।

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