Halloween party ideas 2015

   कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं-

    चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहन ।
    कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी ॥

Maa katyayani sixth navratri story



माँ का नाम कात्यायनी कैसे पड़ा इसकी भी एक कथा है- 
कत नामक एक प्रसिद्ध महर्षि थे। उनके पुत्र ऋषि कात्य हुए। इन्हीं कात्य के गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए थे। इन्होंने भगवती पराम्बा की उपासना करते हुए बहुत वर्षों तक बड़ी कठिन तपस्या की थी। उनकी इच्छा थी माँ भगवती उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें। माँ भगवती ने उनकी यह प्रार्थना स्वीकार कर ली।कुछ समय पश्चात जब दानव महिषासुर का अत्याचार पृथ्वी पर बढ़ गया तब भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों ने अपने-अपने तेज का अंश देकर महिषासुर के विनाश के लिए एक देवी को उत्पन्न किया। महर्षि कात्यायन ने सर्वप्रथम इनकी पूजा की। इसी कारण से यह कात्यायनी कहलाईं।

माँ कात्यायनी की भक्ति और उपासना द्वारा मनुष्य को बड़ी सरलता से अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति हो जाती है। वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौकिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है।


'कात्यायनी' पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। यजुर्वेद के तैत्तिरीय आरण्यक में उनका उल्लेख प्रथम किया है। स्कन्द पुराण में उल्लेख है कि वे परमेश्वर के नैसर्गिक क्रोध से उत्पन्न हुई थीं , जिन्होंने देवी पार्वती द्वारा दी गई सिंह पर आरूढ़ होकर महिषासुर का वध किया। वे शक्ति की आदि रूपा है, जिसका उल्लेख पाणिनि पर पतञ्जलि के महाभाष्य में किया गया है, जो दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में रचित है। उनका वर्णन देवीभागवत पुराण, और मार्कंडेय ऋषि द्वारा रचित मार्कंडेय पुराण के देवी महात्म्य में किया गया है।

परम्परागत रूप से देवी दुर्गा की तरह वे लाल रंग से जुड़ी हुई हैं। नवरात्रि उत्सव के षष्ठी को उनकी पूजा की जाती है। उस दिन साधक का मन 'आज्ञा चक्र' में स्थित होता है। योगसाधना में इस आज्ञा चक्र का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस चक्र में स्थित मन वाला साधक माँ कात्यायनी के चरणों में अपना सर्वस्व निवेदित कर देता है।परिपूर्ण आत्मदान करने वाले ऐसे भक्तों को सहज भाव से माँ के दर्शन प्राप्त हो जाते हैं।

 

देहरादून- 14 अक्टूबर 2026




*धामी सरकार में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती, दून मेडिकल कॉलेज और देवभूमि यूनिवर्सिटी के मेस-कैफेटेरिया बंद करने के निर्देश*



*FDA की छापेमारी में मिलीं गंभीर अनियमितताएं, जांच के लिए 10 खाद्य नमूने लिए गए*


*आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर कार्रवाई, सुधार होने तक संबंधित मेस-कैफेटेरिया बंद रखने के आदेश*



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में आमजन को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA) की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर देहरादून और विकासनगर क्षेत्र में विभिन्न संस्थानों के मेस एवं कैफेटेरिया का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज और देवभूमि यूनिवर्सिटी के भोजनालयों में खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित कई गंभीर कमियां सामने आईं। इसके बाद संबंधित मेस एवं कैफेटेरिया को नोटिस जारी करते हुए कमियों में सुधार होने तक बंद रखने के निर्देश दिए गए।


*दून मेडिकल कॉलेज के मेस और कैफेटेरिया में मिलीं खामियां*


आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश के क्रम में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज के बॉयज मेस, गर्ल्स मेस और कैफेटेरिया का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मेस में कार्यरत कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा पानी की जांच रिपोर्ट, खाद्य पदार्थों से संबंधित आवश्यक रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल के दस्तावेज भी मौके पर नहीं पाए गए। गर्ल्स हॉस्टल के मेस के स्टोररूम में जंग लगी अलमारियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान जीवित कॉकरोच भी पाए गए। वहीं, खिड़कियों और किचन के दरवाजों पर जाली नहीं होने के कारण मक्खियों एवं अन्य कीटों के प्रवेश की आशंका भी सामने आई। मौके पर कैटरर का वैध खाद्य लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं पाया गया।



FDA अधिकारियों ने मेस से खुली हल्दी, दही और तैयार छोले के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। इसके अतिरिक्त दून मेडिकल कॉलेज के कैफेटेरिया के किचन में भी कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और पानी की जांच से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली। संदेह के आधार पर तैयार दाल और डिलिशियस फैट स्प्रेड के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।


*देवभूमि यूनिवर्सिटी के किचन का भी निरीक्षण*


विकासनगर क्षेत्र में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी की टीम ने देवभूमि यूनिवर्सिटी के किचन का औचक निरीक्षण किया। यहां भी खाद्य लाइसेंस, कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और पानी की जांच रिपोर्ट मौके पर उपलब्ध नहीं मिलीं। निरीक्षण के दौरान दाल मखनी मसाला, राजमा मसाला, तैयार अरहर दाल और पालक-आलू की सब्जी के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त नंदा की चौकी स्थित एक प्रतिष्ठान से पनीर का नमूना भी जांच के लिए एकत्र किया गया। इस अभियान के दौरान कुल 10 खाद्य नमूने एकत्र कर राज्य खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


*सुधार नहीं तो लाइसेंस पर होगी कार्रवाई*


FDA अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों को निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को निर्धारित समयसीमा में दूर करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने तक संबंधित मेस एवं कैफेटेरिया बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। FDA ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों और अस्पतालों में भर्ती लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अभियान में सहायक आयुक्त मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह तथा अन्य अधिकारी शामिल रहे।


*जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : विनय शंकर पांडेय*


आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टलों और अन्य भोजनालयों में भोजन की स्वच्छता तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों और खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित लाइसेंस के निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 70 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*

CM compensation farmers


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधान सभा क्षेत्र किच्छा में पंडित गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय परिसर की अवशेष सड़कों के सुधार हेतु विभिन्न घोषणाओं के अन्तर्गत ₹ 19.99 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र गदरपुर के ग्राम जयनगर नं०-3 में ग्राम चण्डीपुर के संजय नगर खालपाडा में, ग्राम चण्डीपुर के राधा कृष्ण मंदिर में, नगर पंचायत दिनेशपुर के वार्ड नं0-1 में, नगर पंचायत दिनेशपुर के वार्ड नं0-3 के मंदिर में ग्राम केशवगढ़ कालौनी के पास, ग्राम संलय नगर के मंदिर में, ग्राम लालपुरी में मलयनाथ स्वामी मंदिर में ग्राम सभा खटोला नं०-2 बक्साड़ में देवीधाम मंदिर में एवं ग्राम सभा कुल्हा के अन्तर्गत दिलीपनगर गांव में धर्मशाला का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 2.67 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र सहसपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत, झाझारा में बंशीवाला अम्बेडकर पार्क होते हुए काली मंदिर व मुख्य मार्ग से श्री बिजेन्द्र चौहान के घर तक सीसी मार्ग आयुर्वेदिक अस्पताल के बगल वाली गली नेहरू युवा क्लब के सामने उपाध्यक्ष जी के घर तक मार्ग निर्माण एवं सैनिक कालौनी के आन्तरिक मार्ग व सुद्धोवाला के वार्ड 8 व 9 के आन्तरिक मार्गों में सीमेन्ट कंक्रीट टाईल्स द्वारा मार्ग निर्माण एवं नाली निर्माण किये जाने हेतु ₹ 76.60 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 45.96 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में मॉ पूर्णागिरी मेला क्षेत्र का अनुरक्षण विश्राम शैड एवं पुलिया निर्माण किये जाने हेतु ₹ 77.22 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 46.33 लाख तथा विधान सभा क्षेत्र गंगोलीहाट के अन्तर्गत पोखरी चण्डिकाघाट मोटर मार्ग निर्माण कार्य कुल लम्बाई-7.740 किमी० का पुनरीक्षण आगणन ₹ 5.38 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार के विधान सभा क्षेत्र हरिद्वार में ग्रामीण राज्य योजना के अन्तर्गत रसूलपुर-मंगोलपुरा-आर्यनगर और लालढांग के बीच रावासन नदी पर 250 मीटर लंबे पैदल यात्रियों के लिए स्टील ट्रस पुल का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 9.34 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।



मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय नरेन्द्रनगर, टिहरी गढ़वाल में विविध आवासीय एवं अनावासीय भवन निर्माण हेतु ₹ 9.71 करोड, जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र सल्ट में सल्ट थाने में आवासीय भवन का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 3.80 करोड की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹1.52 करोड तथा जनपद उत्तरकाशी के विधान सभा क्षेत्र पुरोला में मोरी नैटवाड जखोल मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-48) के किमी०-09 पर क्रानिक भूस्खलन प्रभावित भूस्खलन जोन का उपचार कार्य हेतु ₹ 5.35 करोड के साथ ही क्रॉनिक भूस्खलन प्रभावित जोन के उपचार से सम्बंधित 02 निर्माण कार्यों हेतु ₹ 14.50 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा ईको टास्क फोर्स की 10 नर्सरियों में सिंचाई प्रणाली की स्थापना किये जाने हेतु ₹ 78.50 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी अतिरिक्त राहत*


*आपदा राहत मानकों के अतिरिक्त समान राशि की सहायता देने के निर्देश, अक्टूबर से दिसंबर तक के बिजली बिलों का भुगतान रहेगा स्थगित*


*किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की अदायगी तीन माह स्थगित करने के लिए केंद्र सरकार से किया जाएगा अनुरोध*


देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कृषि, औद्यानिकी एवं गन्ने की फसलों को हुए नुकसान के लिए निर्धारित आपदा राहत मानकों के अतिरिक्त समान राशि की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही प्रभावित किसानों के बिजली बिलों के भुगतान को स्थगित करने और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की अदायगी में राहत दिलाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।


मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को निर्धारित आपदा राहत मानकों के अंतर्गत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त समान राशि की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इससे फसलों को हुए नुकसान के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे किसानों को राहत मिलेगी और उन्हें आगामी कृषि एवं औद्यानिकी गतिविधियों को जारी रखने में मदद मिलेगी।


*तीन माह के बिजली बिलों का भुगतान रहेगा स्थगित*


प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर माह के विद्युत बिलों का भुगतान स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। इससे प्रभावित किसानों पर तत्काल वित्तीय बोझ कम होगा और उन्हें फसल क्षति से उबरने के लिए कुछ राहत मिल सकेगी।


*KCC ऋण की अदायगी स्थगित करने के लिए केंद्र से अनुरोध*


राज्य सरकार ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को ऋण भुगतान में राहत दिलाने के लिए भी प्रयासरत है। इसके तहत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की अदायगी तीन माह तक स्थगित करने का अनुरोध करते हुए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा। इससे प्रभावित किसानों को ऋण चुकाने के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न कठिनाइयों से उबारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों की आजीविका और कृषि गतिविधियों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।


राज्य सरकार के इन निर्णयों से ओलावृष्टि के कारण फसल क्षति झेल रहे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, उनकी तात्कालिक वित्तीय परेशानियों को कम करने और आगामी कृषि कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी।

 देहरादून:

*सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में विभागीय वित्त समिति की बैठक, धनराशि उपलब्ध होते ही शुरू होगा निर्माण कार्य*



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विकास और आमजन को बेहतर यातायात एवं पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में विधानसभा क्षेत्र नरेंद्र नगर में मोटरनाला/पुलिस थाने के समीप प्रस्तावित पार्किंग निर्माण कार्य को गति देने के लिए बुधवार को राज्य सचिवालय में विभागीय वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने की। बैठक में परियोजना के तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए।


*मुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतारने की तैयारी*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या-1097/2021 के अंतर्गत प्रस्तावित इस पार्किंग परियोजना का उद्देश्य नरेंद्र नगर क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और वाहनों की बढ़ती आवाजाही के बीच व्यवस्थित पार्किंग की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में पार्किंग संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।राज्य सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री की घोषणाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत धरातल पर उतारना और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से परियोजना की प्रगति और वित्तीय आवश्यकताओं की समीक्षा की गई।


*₹138.20 लाख की डीपीआर लागत का लिया संज्ञान*


बैठक में पार्किंग निर्माण परियोजना की कुल अनुमोदित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) लागत ₹138.20 लाख, यानी लगभग 1.38 करोड़ रुपये का संज्ञान लिया गया। समिति ने परियोजना के वित्तीय प्रावधानों पर विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए। समिति ने वित्त विभाग को पार्किंग निर्माण कार्य के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी किए जाने के निर्देश दिए, ताकि धनराशि उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ करने में अनावश्यक विलंब न हो। परियोजना के क्रियान्वयन में वित्तीय स्वीकृतियों और संबंधित औपचारिकताओं को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया गया।


*तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की विस्तृत समीक्षा*


बैठक में परियोजना की वर्तमान प्रगति, तकनीकी आवश्यकताओं, वित्तीय पहलुओं, लागत अनुमान और निर्माण कार्य के क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्था की ओर से प्रस्तुत प्रस्तावों और अभिलेखों का परीक्षण करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। समिति ने निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, परियोजना को स्वीकृत प्रावधानों के अनुरूप आगे बढ़ाने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।


*स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को मिलेगी सुविधा*


नरेंद्र नगर क्षेत्र में प्रस्तावित पार्किंग का विकास स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था से वाहनों को खड़ा करने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।पार्किंग जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास पर्यटन स्थलों और प्रमुख आवागमन क्षेत्रों में विशेष महत्व रखता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के साथ ही पर्यटकों के लिए भी सुविधाजनक वातावरण तैयार किया जाए।


*धनराशि जारी होते ही शुरू होगा निर्माण कार्य*


विभागीय वित्त समिति ने स्पष्ट किया कि आवश्यक धनराशि उपलब्ध होते ही पार्किंग निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ किया जाए। साथ ही, निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।बैठक में आवास विभाग, संबंधित कार्यदायी संस्था और अन्य संबद्ध विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सरकार की मंशा है कि आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करते हुए विकास योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए।


*सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*


*“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। नरेंद्र नगर में मोटरनाला/पुलिस थाने के समीप प्रस्तावित पार्किंग निर्माण परियोजना की विभागीय वित्त समिति में समीक्षा की गई है। परियोजना की कुल अनुमोदित डीपीआर लागत ₹138.20 लाख है। वित्त विभाग को आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। धनराशि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाएगा। हमारा प्रयास है कि परियोजना निर्धारित मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरी हो, ताकि स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर पार्किंग सुविधा मिल सके।”*

    

 नवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता परम सुखदायी हैं। माँ अपने भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती हैं।

 

Fifth navratri skandmata

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया |
शुभदाऽस्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ||

 भगवान स्कंद 'कुमार कार्तिकेय' नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। पुराणों में इन्हें कुमार और शक्ति कहकर इनकी महिमा का वर्णन किया गया है। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण माँ दुर्गाजी के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है।


नवरात्रि-पूजन के पाँचवें दिन का शास्त्रों में पुष्कल महत्व बताया गया है। इस चक्र में अवस्थित मन वाले साधक की समस्त बाह्य क्रियाओं एवं चित्तवृत्तियों का लोप हो जाता है। वह विशुद्ध चैतन्य स्वरूप की ओर अग्रसर हो रहा होता है।

साधक का मन समस्त लौकिक, सांसारिक, मायिक बंधनों से विमुक्त होकर पद्मासना माँ स्कंदमाता के स्वरूप में पूर्णतः तल्लीन होता है। इस समय साधक को पूर्ण सावधानी के साथ उपासना की ओर अग्रसर होना चाहिए। उसे अपनी समस्त ध्यान-वृत्तियों को एकाग्र रखते हुए साधना के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

माँ स्कंदमाता की उपासना से भक्त की समस्त इच्छाएँ पूर्ण हो जाती हैं। इस मृत्युलोक में ही उसे परम शांति और सुख का अनुभव होने लगता है। उसके लिए मोक्ष का द्वार स्वमेव सुलभ हो जाता है। स्कंदमाता की उपासना से बालरूप स्कंद भगवान की उपासना भी स्वमेव हो जाती है। यह विशेषता केवल इन्हीं को प्राप्त है, अतः साधक को स्कंदमाता की उपासना की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण इनका उपासक अलौकिक तेज एवं कांति से संपन्न हो जाता है। एक अलौकिक प्रभामंडल अदृश्य भाव से सदैव उसके चतुर्दिक्‌ परिव्याप्त रहता है। यह प्रभामंडल प्रतिक्षण उसके योगक्षेम का निर्वहन करता रहता है।

हमें एकाग्रभाव से मन को पवित्र रखकर माँ की शरण में आने का प्रयत्न करना चाहिए। इस घोर भवसागर के दुःखों से मुक्ति पाकर मोक्ष का मार्ग सुलभ बनाने का इससे उत्तम उपाय दूसरा नहीं है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में पाँचवें दिन इसका जाप करना चाहिए।

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


अर्थ : 

हे माँ! सर्वत्र विराजमान और स्कंदमाता के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें। इस दिन साधक का मन 'विशुद्ध' चक्र में अवस्थित होता है। इनके विग्रह में भगवान स्कंदजी बालरूप में इनकी गोद में बैठे होते हैं।

 सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।

    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥



माँ कूष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। माँ कूष्माण्डा अत्यल्प सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली हैं। यदि मनुष्य सच्चे हृदय से इनका शरणागत बन जाए तो फिर उसे अत्यन्त सुगमता से परम पद की प्राप्ति हो सकती है।

विधि-विधान से माँ के भक्ति-मार्ग पर कुछ ही कदम आगे बढ़ने पर भक्त साधक को उनकी कृपा का सूक्ष्म अनुभव होने लगता है। यह दुःख स्वरूप संसार उसके लिए अत्यंत सुखद और सुगम बन जाता है। माँ की उपासना मनुष्य को सहज भाव से भवसागर से पार उतारने के लिए सर्वाधिक सुगम और श्रेयस्कर मार्ग है।
या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।'


माँ कूष्माण्डा की उपासना मनुष्य को आधियों-व्याधियों से सर्वथा विमुक्त करके उसे सुख, समृद्धि और उन्नति की ओर ले जाने वाली है। अतः अपनी लौकिक, पारलौकिक उन्नति चाहने वालों को इनकी उपासना में सदैव तत्पर रहना चाहिए।चतुर्थी के दिन माँ कूष्मांडा की आराधना की जाती है। इनकी उपासना से सिद्धियों में निधियों को प्राप्त कर समस्त रोग-शोक दूर होकर आयु-यश में वृद्धि होती है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में चतुर्थ दिन इसका जाप करना चाहिए।

    

 


अठूरवाला/ देहरादून: 


atthorwala ramlila


अठूरवाला में 24 अक्टूबर से आयोजित होने वाली द्वितीय भव्य श्रीरामलीला के लिए मंगलवार को श्री हनुमान ध्वज स्थापना एवं भूमि पूजन का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः 10 बजे प्राचीन श्री नागराजा मंदिर (शिवालय) परिसर स्थित श्री हनुमान मंदिर में विधि-विधान से ध्वज पूजन के साथ हुआ। श्री राम  सीता लक्ष्मण और हनुमान के पात्रों को विधिवत तिलक कर न्योतन किया गया। इसके पश्चात श्री हनुमान ध्वज के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जो रामलीला ग्राउंड, मोलधार, गैस एजेंसी के सामने, अठूरवाला पहुँची। यहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री हनुमान ध्वज स्थापना एवं भूमि पूजन सम्पन्न हुआ।

श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम डोभाल ने कहा कि श्रीरामलीला का आयोजन समस्त क्षेत्रवासियों की सामूहिक आस्था, एकजुटता और सहयोग का प्रतीक है।

   कोषध्यक्ष रणजीत गुसांई ने कहा कि गत वर्ष लगभग 45 वर्षों के अंतराल के बाद अठूरवाला में श्रीरामलीला के आयोजन को जिस प्रकार जनसमर्थन मिला, वह क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना का परिचायक है। इस वर्ष आयोजन को और अधिक भव्य एवं प्रभावशाली बनाने के लिए समिति के सदस्य और स्थानीय कलाकार पूरे समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। 

    श्रीरामलीला की निर्देशक डॉ. ममता कुंवर ने कहा कि गत वर्ष जिस सांस्कृतिक संकल्प के साथ श्रीरामलीला का  शुभारम्भ किया गया था, वह अब क्षेत्र की सामूहिक पहचान बनता जा रहा है। इस आयोजन की सार्थकता तभी है, जब मंच पर प्रस्तुत आदर्श हमारे सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में भी दिखाई दें।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष पुरुषोतम डोभाल, निर्देशक डॉ. ममता कुंवर, नगरपालिका अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष रणजीत गुसाईं, महासचिव करतार सिंह नेगी, सचिव जसवंत गुसाईं, बालेन्द्र सजवान, विनोद कोठियाल, कमल सिंह राणा,बेताल सिंह नेगी, राजन गोयल, राजेश कुंवर,मनोरी लाल डोभाल, हरीश डोभाल, गुलाब सिंह रावत,संजय चमोली,जगत सिंह असवाल,प्रेम दत्त घिल्डियाल एवं श्रीमती मंजू चमोली, मधु डोभाल, शोभा गुसाई,शिवानी चमोली,बृजलाल सहित समिति के पदाधिकारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि द्वितीय भव्य श्रीरामलीला का मंचन 24 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2026 तक रामलीला ग्राउंड, मोलधार, गैस एजेंसी के सामने, अठूरवाला में किया जा जाएगा।

                    

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