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*उपराष्ट्रपति ने स्नातकों से सहानुभूति, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सेवा करने का आह्वान किया*


*उपराष्ट्रपति ने बुनियादी ढांचे और सेवाओं को मजबूत करने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की प्रशंसा की*


*पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौती को अवसर में बदलें, युवा चिकित्सक- राज्यपाल*

*चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है, जिसे निष्ठा, संवेदनशीलता और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए- मुख्यमंत्री*


देहरादून :

6th convocation aiims rishikesh


भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। ऋषिकेश को चिंतन और उपचार का वैश्विक केंद्र होने के साथ-साथ हिमालय का प्रवेश द्वार के रूप में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसा वातावरण दीक्षांत समारोह की गंभीरता को और भी गहरा कर देता है।


उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह न केवल वर्षों के अनुशासित प्रयासों और त्याग की परिणति है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत भी है। उन्होंने स्नातकों से समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाने का आग्रह किया।


कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों पर विचार करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सतत नवाचार और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारत के व्यापक टीकाकरण अभियान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त टीके लगाए गए, जिससे स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच सुनिश्चित हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने लाभ के लिए नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए टीके विकसित किए हैं।


उपराष्ट्रपति ने भारत की वैक्सीन मैत्री पहल के माध्यम से वैश्विक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया, जिसके तहत 100 से अधिक देशों को टीके उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘‘वसुधैव कुटुंबकम’’ की भावना को दर्शाती है और एक दयालु और जिम्मेदार वैश्विक भागीदार के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करती है।


स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में देश भर में स्थापित नए एम्स संस्थानों ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच को मजबूत किया है, उन्होंने कहा कि सुशासन लोगों की जरूरतों को समझने और उनकी सेवा करने में निहित है।


एम्स ऋषिकेश की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान नैदानिक देखभाल, शैक्षणिक क्षमता, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के क्षेत्र में उत्कृष्टता का एक आदर्श प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से टेलीमेडिसिन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा को अस्पताल परिसरों से आगे बढ़कर दूरस्थ और कम सुविधा प्राप्त आबादी तक पहुंचना चाहिए।


उपराष्ट्रपति ने हेली एम्बुलेंस सेवाओं और चार धाम यात्रा के दौरान तथा दूरस्थ क्षेत्रों में दवा वितरण के लिए ड्रोन के उपयोग जैसी नवोन्मेषी स्वास्थ्य सेवाओं की भी प्रशंसा की और इन्हें स्वास्थ्य सेवा वितरण में लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का प्रभावी समाधान बताया।


उपराष्ट्रपति ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे सहित क्षेत्र में अवसंरचना के तीव्र विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने समावेशी विकास को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के प्रयासों की सराहना की।


उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा एक सार्वजनिक जिम्मेदारी है और राष्ट्र निर्माण में चिकित्सा पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले डॉक्टरों से निवारक देखभाल, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से योगदान देने और सहानुभूति, ईमानदारी और सेवा के मूल्यों का पालन करने का आग्रह किया।


इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का देवभूमि उत्तराखण्ड में हार्दिक स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन से युवा चिकित्सकों को राष्ट्रसेवा की नई ऊर्जा एवं दिशा प्राप्त होगी।


राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की साधना, समर्पण और सेवा भाव का उत्सव है तथा यह वह महत्वपूर्ण क्षण है, जब वर्षों की कठिन मेहनत एक नई जिम्मेदारी में परिवर्तित होती है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता में माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और राष्ट्र की अपेक्षाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।


उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सा का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ और आधुनिक अनुसंधान पद्धतियाँ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना रही हैं। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जो स्वास्थ्य तंत्र को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है।


राज्यपाल ने युवा चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का क्षेत्र है। मरीज केवल उपचार ही नहीं, बल्कि विश्वास और आशा लेकर चिकित्सक के पास आता है। ऐसे में चिकित्सकों का व्यवहार, सहानुभूति और समर्पण ही मरीज को सुरक्षा और विश्वास प्रदान करता है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच अभी भी चुनौतीपूर्ण है और उन्होंने युवा चिकित्सकों से अपेक्षा है कि वे इन चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा प्रदान करें तथा समाज में विश्वास का संचार करें। उन्होंने आह्वान किया कि वे अपने जीवन में नैतिकता, ईमानदारी और सेवा के मूल्यों को सर्वाेपरि रखें तथा रोगी के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानें।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह अवसर विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है और चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा।


मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन का देवभूमि उत्तराखंड की जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने उपराष्ट्रपति के सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, जनसेवा के प्रति समर्पण और प्रेरणादायी जीवन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत है।


मुख्यमंत्री ने  कहा कि चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है, जिसे निष्ठा, संवेदनशीलता और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित एम्स ऋषिकेश आज प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रक्षक संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक सर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। साथ ही, हेली एम्बुलेंस सेवा राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र की जनता को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयों की उपलब्धता तथा निःशुल्क पैथोलॉजिकल जांच जैसी योजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।


समारोह केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने उपाधि प्राप्त कर रहे डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा पेशा केवल करियर नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है। उन्होंने मरीजों के विश्वास को बनाए रखने और हर परिस्थिति में उनके हित को सर्वाेपरि रखने का आह्वान किया, साथ ही नैतिकता और ईमानदारी को अपने कार्य का आधार बनाने पर बल दिया।


उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर हो रहे बदलावों के बीच डॉक्टरों के लिए आजीवन सीखते रहना आवश्यक है, ताकि बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, मरीजों के साथ प्रभावी संवाद को भी उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे विश्वास और उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं।


इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद श्री नरेश बंसल, श्री महेंद्र भट्ट, एम्स ऋषिकेश के अध्यक्ष प्रो. राज बहादुर, एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन (अकादमिक) प्रो. सौरभ, संकाय सदस्यों, छात्रों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित कई गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया।

                                                          


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के चंबा क्षेत्र अंतर्गत नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

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मुख्यमंत्री श्री धामी ने दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए  है कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पर सतत निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

 वाहन लगभग 300 मीटर नीचे खाई में गिरा है। 02 घायल DH बौराड़ी लाये गए हैं। उपचार चल रहा है। खतरे से बाहर हैं। साइट PM के लिए DH से CHC चम्बा से स्वास्थ्य टीम रवाना।

आज दिनांक 23.04.2026 को डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि थाना चंबा क्षेत्रान्तर्गत चंबा-कोटी नैल मार्ग पर एक वाहन खाई में गिर गया है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल थाना चंबा पुलिस एवं SDRF टीम को मौके के लिए रवाना किया गया।

मौके पर पहुंची टीम द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार एक यूटिलिटी पिकअप वाहन खाई में गिरा है, जिसमें लगभग 9–10 लोग सवार बताए जा रहे हैं। 02 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया जा चुका है।


*वर्तमान में SDRF टीम, स्थानीय पुलिस व फायर सर्विस द्वारा द्वारा मौके पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल भी मौके पर उपस्थित हैं । राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।

घटना के संबंध में  राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

 वाहन में सभी लोग घनसाली के बताए जा रहे है, जो ऋषिकेश से क्रियाकर्म कर के वापस घनसाली जा रहे थे। 04 शव सड़क में लाये गए।

घायल-

1- उत्तम पुत्र पुस्सू, उम्र 30, ग्राम लोस्तु बड़ियारगढ़।

2- अंकित पुत्र आशा लाल, उम्र 22, ग्राम नेलचामी, घनसाली।

दोनों घायल DH बौराड़ी में उपचाराधीन हैं।




*चारधाम यात्रा को बदनाम करने की कोशिश नाकाम, दुष्प्रचार करने वालों पर कार्रवाई*





पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की चार धाम यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्री सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा सुरक्षा एवं डिजिटल मॉनीटरिंग को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित किए जा रहे हैं।


कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चार धाम यात्रा के संबंध में भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन वीडियो/सामग्री प्रसारित कर आम जनमानस को भ्रमित करने तथा राज्य की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान एक ऐसा वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी गलत जानकारी प्रसारित की जा रही थी।


उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मामले की जांच प्रचलित है। साथ ही, ऐसे अन्य 4–5 संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है और उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*चारधाम यात्रा की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी, सोशल मीडिया पर 24×7 निगरानी*



*भ्रामक खबर फैलाने वालों पर पुलिस द्वारा अब तक 3 FIR दर्ज*



*चारधाम यात्रा को बदनाम करने वालों पर एक्शन जारी, हर पोस्ट पर प्रशासन की पैनी नजर*




चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वाले तत्वों के विरुद्ध राज्य सरकार ने कार्रवाई और तेज कर दी है। पूर्व में दर्ज प्रकरणों के क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग में दो और प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। इसके साथ ही ऐसे मामलों में अब तक कुल तीन FIR दर्ज की जा चुकी हैं।



सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान चिन्हित किए गए कुछ वीडियो एवं रील्स में केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक एवं निराधार दावे किए गए। इनमें श्रद्धालुओं को बिना दर्शन लौटाए जाने, 15-15 घंटे तक कतार में खड़े रहने के बावजूद दर्शन न होने, पुलिस व्यवस्था के अभाव तथा अव्यवस्था एवं धक्का-मुक्की जैसी भ्रामक बातें प्रसारित की गईं।



वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित, चरणबद्ध एवं नियमानुसार दर्शन कराए जा रहे हैं। इन भ्रामक वीडियो के माध्यम से आमजन को भ्रमित करने, चारधाम यात्रा की छवि को नुकसान पहुंचाने तथा अनावश्यक भय एवं अविश्वास का वातावरण बनाने का प्रयास किया गया है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा से संबंधित किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल, सख्त एवं प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 सतत निगरानी करते हुए ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए।


उक्त प्रकरणों में संबंधित सोशल मीडिया आईडी संचालकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इसके अतिरिक्त अन्य संदिग्ध वीडियो एवं डिजिटल कंटेंट भी जांच के दायरे में हैं, जिन पर भी शीघ्र कठोर कार्रवाई की जाएगी।


राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था एवं उत्तराखंड की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की यह प्रक्रिया निरंतर, संगठित एवं प्रभावी रूप से जारी रहेगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि:


चार धाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं पूर्णतः सुचारू हैं और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं।


किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार को शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) के तहत लिया जाएगा।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड की आस्था, श्रद्धा एवं चार धाम यात्रा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें तथा किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से बचें।

आज का राशिफ़ल

दिनाँक 23 अप्रैल, 2026

दिन गुरुवार

rashifal today 23 april 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार में लाभ होगा। निवेश शुभ रहेगा। संतान पक्ष से आरोग्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। हानि संभव है। भाइयों का साथ मिलेगा।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

परिवार व मित्रों के साथ समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। शारीरिक कष्ट संभव है, सावधान रहें। निवेश शुभ रहेगा। तीर्थयात्रा की योजना बन सकती है। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

भागदौड़ रहेगी। बोलचाल में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। पुराना रोग उभर सकता है। व्यापार में अधिक ध्यान देना पड़ेगा। जोखिम न उठाएं। व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। बजट बिगड़ेगा। दूर से शोक समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। किसी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

जीवनसाथी पर अधिक मेहरबान होंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में अनुकूलता रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। पारिवारिक प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यय होगा। मित्रों से मेलजोल बढ़ेगा। नए संपर्क बन सकते हैं। धनार्जन होगा। कष्ट, भय, चिंता व तनाव का वातावरण बन सकता है।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ बाहर जाने की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के योग हैं। परिवार व स्नेहीजनों के साथ विवाद हो सकता है। शत्रुता में वृद्धि होगी। अज्ञात भय रहेगा। थकान महसूस होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। तरक्की के अवसर प्राप्त होंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

नई योजना बनेगी। लोगों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। काफी समय से अटके काम पूरे होने के योग हैं। भरपूर प्रयास करें। आय में मनोनुकूल वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। यात्रा सफल रहेगी। शारीरिक कष्ट हो सकता है। बेचैनी रहेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। व्ययसाय लाभप्रद रहेगा। कार्य पर ध्यान दें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेने की स्थिति बन सकती है। पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे।

राशि फलादेश

वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

या‍त्रा लाभदायक रहेगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। वस्तुएं संभालकर रखें। कोई राजकीय बाधा हो सकती है। जल्दबाजी में कोई भी गलत कार्य न करें। विवाद से बचें। काफी समय से अटका हुआ पैसा मिलने का योग है, प्रयास करें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। अचानक लाभ के योग हैं। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यापार में वृद्धि से संतुष्टि रहेगी। नौकरी में जवाबदारी बढ़ सकती है। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। उत्साह से काम कर पाएंगे। किसी की बातों में न आएं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

निवेश करने का समय नहीं है। नौकरी में मातहतों से अनबन हो सकती है, धैर्य रखें। परिवार की आवश्यकताओं के लिए भागदौड़ तथा व्यय की अधिकता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। कार्य की गति धीमी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

सुख के साधनों पर व्यय सोच-समझकर करें। निवेश करने से बचें। व्यापार ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शारीरिक कष्ट संभव है। व्यवसाय धीमा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की नाराजी झेलनी पड़ सकती है। परिवार में मनमुटाव हो सकता है।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

थोड़े प्रयास से ही काम सफल रहेंगे। मित्रों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। किसी अपरिचित की बातों में न आएं। धनहानि हो सकती है।



. उत्तराखंड सरकार के  राज्य मंत्री श्री ओम प्रकाश जमदग्नि  ने हिंदू परिषद के नवनियुक्त जिला उपाध्यक्ष पारस गुप्ता का विशेष अभिनंदन किया। इस अवसर पर माननीय राज्य मंत्री  ने पारस गुप्ता को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के नाम का पटका पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका विधि-विधान से स्वागत किया। 

 उन्होंने पारस गुप्ता को नई जिम्मेदारी की बधाई देते हुए कहा कि देवभूमि हरिद्वार की पावन धरा पर समाज और धर्म की सेवा के लिए निष्ठावान युवाओं का आगे आना अत्यंत सुखद है।



 उन्होंने विश्वास जताया कि पारस गुप्ता के नेतृत्व और उनकी कार्यकुशलता से हरिद्वार जनपद में सामाजिक समरसता और संगठन के सेवा कार्यों को एक नई ऊंचाई प्राप्त होगी।

 उत्तराखंड चारधाम 
यात्रा 2026*

 


*प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री केदारनाथ धाम के कपाटोत्सव‌ के साक्षी बने, सभी श्रद्धालुओं को दी


यात्रा 2026* शुभकामनाएं।

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से हुई प्रथम पूजा: हेमंत द्विवेदी* 

श्री केदारनाथ धाम


विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट  सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों तथा ऊं नम् शिवाय जय श्री केदार के उदघोष के साथ आज बुधवार 22 अप्रैल को प्रात:   8 बजे  विधि- विधान से खुल गये है। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कपाटोघाट्न के साक्षी बने। *बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने केदारनाथ धाम से बताया कि कपाट खुलने के बाद पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई।*

इस अवसर पर  प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष रूप से पूजा में शामिल है  मुख्यमंत्री ने श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है  तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना की आशा व्यक्त की कि इस यात्रा बड़ी संख्या में तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन को पहुंचेंगे। प्रदेश सरकार चारधाम में तीर्थयात्रियों को हर संभव यात्री सुविधायें मुहैया कराने हेतु प्रतिबद्ध है बताया कि साढ़े बीस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रिकॉर्ड चारधाम हेतु पंजीकरण करा लिया है।


उल्लेखनीय है कि कपाट खुलने के अवसर पर आज लगभग  10 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अपने संदेश में श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर शुभकामनाएं दी।

shri kedar nath kapaat opened 2026


कपाट खुलने के अवसर हेतु  दानी दाताओं के सहयोग से बीकेटीसी द्वारा श्री केदारनाथ धाम को 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया ।बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के लिए भंडारे भी लगाये। श्री केदारनाथ धाम में विगत दिनों से मौसम सामान्यतौर पर साफ है संपूर्ण केदारनाथ क्षेत्र में हल्की बर्फ नजर आ रही है तथा मौसम सर्द बना हुआ है।



कपाट खुलने की प्रक्रिया  आज सुबह पांच बजे से शुरू हुई  सुबह साढ़े  पांच बजे से श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति(बीकेटीसी )कर्मचारी मंदिर परिसर में तैनात हो गये थे सुबह सात बजे श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर लिंग, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, जिलाधिकारी एवं बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा,  धर्माचार्यों वेदपाठीगणों भैरव नाथ जी के पश्वा अरविंद शुक्ला ने पूरब द्वार से मंदिर में प्रवेश किया तथा मंदिर के गर्भगृह के द्वार की पूजा-अर्चना में शामिल हुए। 

देवी देवताओं का आव्हान कर जन कल्याण की कामना तथा संकल्प के साथ ही ठीक  प्रातः आठ बजे श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिये गये।इसी समय मंदिर का मुख्य अर्थात दक्षिण द्वार भी खुल गया।


 *बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर समिति  देश विदेश के सभी श्रद्धालुओं को सरल सुगम दर्शन व्यवस्था हेतु प्रतिबद्ध है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आम यात्री की तरह मंदिर में दर्शन किये*।

 *कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में श्री केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हुआ है बताया मुख्य मंत्री के ग्रीन यात्रा के संदेश के तहत स्वच्छता पर विशेष फोकस रहेगा।कि केदारनाथ धाम में गैर सनातनियों का प्रवेश सर्वथा वर्जित रहेगा। मंदिर से 70 मीटर दायरे में मोबाइल फोन प्रतिबंधित है फोटोग्राफी, वीडियो ग्राफी एवं रील निर्माण प्रतिबंधित किया गया है। समिति तीर्थयात्रियों की सेवा हेतु तत्पर है।यह कि बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी बीते कल मंगलवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली के साथ पैदल चलकर श्री केदारनाथ धाम पहुंचे। उल्लेखनीय है कि केदारनाथ में अपने वक्तव्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीकेटीसी के यात्रा व्यवस्थाओं की प्रशंसा की है।*

 

उल्लेखनीय है कि 19 अप्रैल को  श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान भैरवनाथ जी की पूजा हुई। जबकि बाबा केदार की पंच मुखी डोली 20 अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ धाम प्रस्थान हुई 

विभिन्न पड़ावों से पैदल मार्ग से बीते मंगलवार शाम को श्री केदारनाथ धाम पहुंची ।


श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी )अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि आज बुधवार प्रातः आठ बजे श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ पहुंचे और कपाट खुलने के साक्षी बने। उन्होंने सपरिवार आम श्रद्धालुओं की तरह पंक्तिबद्ध होकर भगवान केदारनाथ के दर्शन किए।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने मंदिर में किसी प्रोटोकॉल का लाभ नहीं लिया और मात्र एक मिनट के श्री केदारनाथ मंदिर के भीतर दर्शन कर मंदिर गर्भगृह से बाहर आ गए। इस दौरान उन्होंने एक नजीर प्रस्तुत की।


बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार और मंदिर समिति की प्राथमिकता है कि अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम श्रद्धालु  को सहज और सुगम दर्शन का लाभ मिल सके। उन्होंने व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की बात कही वहीं  मुख्यमंत्री ने बीकेटीसी के यात्रा तैयारियों की भी प्रशंसा की।

 इस पहल का श्री केदार सभा, हक-हकूकधारियों तथा आम श्रद्धालुओं ने स्वागत करते हुए इसे अनुकरणीय बताया। श्रद्धालुओं का मानना है कि इससे दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी सभी को सरल -सुगम दर्शन होंगे।


•प्रेषक मीडिया प्रभारी बीकेटीसी 22 अप्रैल।श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी )अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि आज बुधवार प्रातः आठ बजे श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ पहुंचे और कपाट खुलने के साक्षी बने। उन्होंने सपरिवार आम श्रद्धालुओं की तरह पंक्तिबद्ध होकर भगवान केदारनाथ के दर्शन किए।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने मंदिर में किसी प्रोटोकॉल का लाभ नहीं लिया और मात्र एक मिनट के श्री केदारनाथ मंदिर के भीतर दर्शन कर मंदिर गर्भगृह से बाहर आ गए। इस दौरान उन्होंने एक नजीर प्रस्तुत की।


बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार और मंदिर समिति की प्राथमिकता है कि अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम श्रद्धालु  को सहज और सुगम दर्शन का लाभ मिल सके। उन्होंने व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की बात कही वहीं  मुख्यमंत्री ने बीकेटीसी के यात्रा तैयारियों की भी प्रशंसा की।

 इस पहल का श्री केदार सभा, हक-हकूकधारियों तथा आम श्रद्धालुओं ने स्वागत करते हुए इसे अनुकरणीय बताया। श्रद्धालुओं का मानना है कि इससे दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी सभी को सरल -सुगम दर्शन होंगे।

आज कपाट खुलने के अवसर पर  पुलिस अधीक्षक  निहारिका तोमर,बीकेटीसी सदस्य महेन्द्र शर्मा, प्रह्लाद पुष्पवान डा. विनीत पोस्ती केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी धर्माधिकारी औंकार शुक्ला,  मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण,सहित बड़ी संख्या यें तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी, तथा तीर्थयात्री मौजूद रहे।


यह कि  उत्तराखंड चारधामों में  इस यात्रा वर्ष श्री बदरीनाथ धाम के कपाट  कल गुरुवार 23 अप्रैल को प्रात:  सवा छ: बजे खुलेंगे। तथा श्री गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट  अक्षय तृतीया 19अप्रैल को खुल चुके है।



 आज का राशिफल 

दिनांक 22 अप्रैल 2026 

दिन बुधवार

rashifal today 22 april,2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्‍थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवेक से कार्य करें। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं।

राशि फलादेश


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। कारोबारी वृद्धि की योजना बनेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। समय की अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से कोई भी कार्य न करें। विवाद में न पड़ें। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। मनोरंजन का समय मिलेगा।

राशि फलादेश

मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। बाहर जाने की योजना बनेगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार के साथ समय मनोरंजन में व्यतीत होगा। आय होगी। व्यापार ठीक चलेगा। बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें।

राशि फलादेश


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। मित्रों की सहायता करने का मौका मिलेगा। समय अच्छा व्यतीत होगा। प्रसन्नता रहेगी। थकान व कमजोरी रह सकती है। खान-पान पर ध्यान दें। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी।

राशि फलादेश

सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बनेगा। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। कोई बड़ा कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। कुसंगति से दूर रहें। हानि संभव है। विवाद को बढ़ावा न दें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें।

राशि फलादेश


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति पर व्यय होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में दखल न दें। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जल्दबाजी न करें। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी।

राशि फलादेश

तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

व्यापार ठीक चलेगा। यात्रा में विशेष सावधानी रखें। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी मनोरंजक कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। तनाव रहेगा।

राशि फलादेश

वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

यात्रा मनोरंजक रहेगी। सामाजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। व्यापार ठीक चलेगा। परिवार के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। दूर से अच्‍छे समाचार प्राप्त होंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें।

राशि फलादेश


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। मित्रों के साथ समय मनोरंजक बीतेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है। कोई आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी।

राशि फलादेश

मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनोरंजन के साधन प्राप्त होंगे। तीर्थदर्शन की योजना बनेगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। परिवार के साथ रहने का अवसर प्राप्त होगा। लाभ होगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें।

राशि फलादेश

कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

हल्की हंसी-मजाक न करें। विवाद हो सकता है। किसी व्यक्ति की नाराजी से मन खराब होगा। मित्रों तथा रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। मनोरंजन होगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। जल्दबाजी व लापरवाही भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा।

राशि फलादेश


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मित्रों का सहयोग व साथ मिलेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यापार ठीक चलेगा। समय सुखमय व्यतीत होगा। बुद्धि का प्रयोग किसी भी समस्या का निवारण कर सकता है, यह याद रखें।

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