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जनपद में चिन्हित 12,127 परिसंपत्तियों में से 6,219 की मैपिंग पूर्ण, 51 प्रतिशत कार्य संपन्न*

*एडीएम प्रशासन ने विभागों को तेजी से Geo Referencing एवं Verification कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश*


देहरादून:




विभिन्न विभागों की राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन पर होने वाले अतिक्रमण को प्रभावी रूप से रोकने एवं हटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशानुसार जनपद में विभिन्न विभागों से संबंधित भूमि एवं परिसंपत्तियों की Geo Referencing, मैपिंग एवं Verification का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

इस संबंध में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति, Geo Referencing एवं मैपिंग कार्य की प्रगति तथा Verification की स्थिति की समीक्षा की गई।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग अपने-अपने अधीन आने वाली समस्त राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का Geo Referencing एवं Verification कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से इनके सीमांकन, निगरानी एवं संरक्षण में प्रभावी मदद मिलेगी तथा भविष्य में अतिक्रमण की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में विभिन्न विभागों की कुल 12,127 चिन्हित परिसंपत्तियों के सापेक्ष अब तक 6,219 परिसंपत्तियों की मैपिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस प्रकार जनपद में कुल चिन्हित परिसंपत्तियों के सापेक्ष लगभग 51 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूर्ण हो चुका है।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने शेष परिसंपत्तियों की मैपिंग एवं Geo Referencing कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा जिन परिसंपत्तियों का मैपिंग एवं Verification कार्य अभी लंबित है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियां सरकार की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं। इनकी सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। परिसंपत्तियों का अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से उनकी वास्तविक स्थिति, सीमाएं एवं स्थान संबंधी जानकारी सुरक्षित रहेगी और अतिक्रमण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एस.के. गिरी सहित नगर निगम एवं विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




मुख्य सचिव  ने आपदा प्रबंधन विभाग को दिए निर्देश* 

*भूकम्प के प्रति जनजागरूकता और भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के नियमित परीक्षण के लिए उत्तराखण्ड में नई पहल*


देहरादून:

siern of earthquake


 उत्तराखण्ड में भूकम्प के प्रति आमजन को जागरूक करने तथा राज्य में स्थापित भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत लगाए गए सेंसर एवं सायरनों की कार्यप्रणाली का नियमित परीक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब हर माह की 09 तारीख को पूर्वाह्न 11.00 बजे राज्य में भूकम्प का सायरन बजाया जाएगा। यह सायरन किसी वास्तविक भूकम्प की सूचना नहीं होगा, बल्कि भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के नियमित परीक्षण एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से बजाया जाएगा।


मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने देर शाम बैठक कर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन के साथ इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किए जाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखण्ड भूकम्प की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। राज्य का बड़ा भू-भाग भूकम्पीय दृष्टि से संवेदनशील जोन चार एवं पांच में आता है। ऐसे में भूकम्प के प्रति जागरूकता, पूर्व तैयारी और समय रहते चेतावनी प्राप्त करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत स्थापित सायरनों एवं सेंसरों की नियमित जांच की जानी आवश्यक है, ताकि आपात स्थिति में यह प्रणाली पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सके।


उन्होंने कहा कि नियमित परीक्षण के साथ-साथ राज्य में आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त संख्या में नए सायरन एवं सेंसर स्थापित किए जाने के निर्देश आपदा प्रबंधन विभाग को दिए गए हैं। नियमित परीक्षण से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी स्थान पर स्थापित सायरन सही स्थिति में हैं और आवश्यकता पड़ने पर समय से चेतावनी प्रसारित कर सकते हैं। 



*हर माह होगी सायरन एवं प्रणाली की जांच*

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने बताया कि प्रत्येक माह की 09 तारीख को पूर्वाह्न 11 बजे बजने वाला सायरन प्रणाली के नियमित परीक्षण का हिस्सा होगा। इस दौरान यह जांच की जाएगी कि राज्य में स्थापित सायरन सही ढंग से कार्य कर रहे हैं या नहीं। यदि किसी स्थान पर सायरन के संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराने की कार्रवाई की जाएगी। इस नियमित परीक्षण से तकनीकी खामियों की समय रहते पहचान की जा सकेगी और वास्तविक आपदा के समय चेतावनी प्रणाली के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित किया जा सकेगा।


*राज्य में 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित*

देहरादून। सचिव श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के अंतर्गत 169 सेंसर तथा 112 सायरन स्थापित किए गए हैं। इन सेंसरों के माध्यम से भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी की जाती है और निर्धारित प्रणाली के माध्यम से चेतावनी प्रसारित की जाती है। उन्होंने बताया कि यूएसडीएमए एवं आईआईटी रुड़की के सहयोग से भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली परियोजना के अंतर्गत और अधिक सेंसर स्थापित किए जाने का प्रस्ताव गतिमान है। अतिरिक्त सेंसर स्थापित होने से भविष्य में होने वाली भूकम्पीय घटनाओं की निगरानी और चेतावनी प्रणाली की क्षमता में और सुधार होगा तथा भूकम्पीय घटनाओं की चेतावनीध्सूचना अधिक सटीकता से प्राप्त की जा सकेगी।


*06 अक्टूबर को आए भूकम्प में पूर्व चेतावनी प्रणाली ने किया कार्य*

देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि 06 अक्टूबर 2026 को रात्रि 10.23 बजे चमोली जनपद के थराली के निकट भूकम्प की घटना हुई, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 आंकी गई। भूकम्प का केन्द्र बिन्दु लगभग 13 किलोमीटर की गहराई में था। उन्होंने बताया कि इस भूकम्प के दौरान आईआईटी रुड़की के सहयोग से संचालित भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के माध्यम से भूकंपीय तरंगों के आम जनमानस तक पहुंचने से पूर्व ही चेतावनी प्राप्त हुई। भूदेव मोबाइल ऐप एवं स्थापित सायरनों के माध्यम से लोगों को भूकम्प की चेतावनी मिली। उन्होंने कहा कि यह घटना भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली की उपयोगिता को रेखांकित करती है। भूकम्प जैसी अचानक आने वाली आपदा में कुछ सेकंड की पूर्व चेतावनी भी लोगों को सुरक्षित स्थान लेने, गैस एवं विद्युत उपकरणों को बंद करने तथा आवश्यक सावधानी बरतने के लिए महत्वपूर्ण समय प्रदान कर सकती है।


*आमजन को पता चलेगा, कैसा सायरन बजेगा*

देहरादून। सचिव श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य आम लोगों को भूकम्प के सायरन के प्रति जागरूक करना भी है। सामान्य तौर पर लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि वास्तविक भूकम्प की स्थिति में चेतावनी मिलने पर किस प्रकार का सायरन बजेगा। हर माह निर्धारित समय पर सायरन बजने से लोगों को इसकी ध्वनि से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इससे वास्तविक भूकम्प की स्थिति में सायरन सुनाई देने पर लोग इसे पहचान सकेंगे और अनावश्यक भय या भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि जागरूक, सतर्क और तैयार करना है। नियमित परीक्षण के कारण आमजन को यह भी समझने में मदद मिलेगी कि भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली किस प्रकार कार्य करती है।


*सायरन के साथ भूदेव ऐप पर भी मिलेगा परीक्षण संदेश*

देहरादून। सचिव श्री सुमन ने बताया कि प्रत्येक माह की 09 तारीख को पूर्वाह्न 11.00 बजे भूकम्प का सायरन बजाया जाएगा। यह सायरन केवल प्रणाली के परीक्षण एवं जनजागरूकता के लिए होगा। इसी क्रम में भूदेव मोबाइल ऐप के उपयोगकर्ताओं के मोबाइल फोन पर भी चेतावनी संदेश प्राप्त होगा। इसमें मोबाइल में वाइब्रेशन तथा बीप-बीप की ध्वनि के माध्यम से चेतावनी संकेत प्राप्त होगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि भूदेव मोबाइल ऐप को अपने मोबाइल फोन में अपडेटेड वर्जन में इंस्टॉल/अपडेट रखें तथा ऐप को मोबाइल की लोकेशन की अनुमति हमेशा के लिए प्रदान करें, ताकि भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के माध्यम से संबंधित क्षेत्र के लिए जारी चेतावनी समय पर मोबाइल फोन तक पहुंच सके।


*यूएसडीएमए की आमजन से अपील*

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि प्रत्येक माह की 09 तारीख को पूर्वाह्न 11.00 बजे सायरन बजने पर घबराएं नहीं। यह सायरन भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के नियमित परीक्षण एवं जनजागरूकता के लिए बजाया जाएगा।

आमजन से अनुरोध है कि-

*  अपने मोबाइल फोन में भूदेव मोबाइल ऐप तथा सचेत एप का अपडेटेड वर्जन इंस्टॉल/अपडेट रखें।

*  भूदेव मोबाइल तथा सचेत एप को लोकेशन की अनुमति हमेशा के लिए प्रदान करें।

*सायरन की आवाज को ध्यान से पहचानें, ताकि वास्तविक भूकम्प की स्थिति में चेतावनी को समझने में कठिनाई न हो।

*  नियमित सायरन परीक्षण के दौरान घबराएं नहीं और इसे भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली के परीक्षण के रूप में समझें।

*  परिवार के सदस्यों, बच्चों, बुजुर्गों तथा आसपास के लोगों को भी इस व्यवस्था के बारे में जानकारी दें।

*  भूकम्प के दौरान सुरक्षित व्यवहार और आपदा प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्राप्त करें तथा आवश्यकता पड़ने पर मॉक ड्रिल में सक्रिय भागीदारी करें।


*डीएम डॉ. आशीष चौहान व पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने किया शरदोत्सव-2026 का शुभारंभ*


*पद्मश्री बसंती बिष्ट के जागर और पांडवाज बैंड की शानदार प्रस्तुति ने बांधा समां*


देहरादून 06 अक्टूबर:

sharad utsav 8nussourie 2026


पर्यटन नगरी मसूरी में मंगलवार को ‘मसूरी शरदोत्सव 2026’ का रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ भव्य आगाज़ हुआ। नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित यह 5 दिवसीय सांस्कृतिक व खेल मेला 06 से 10 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर गांधी चौक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान एवं नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने शरदोत्सव का ध्वजारोहण कर मेले का विधिवत उद्घाटन किया।


उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और देवभूमि की परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले इस उत्सव का आनंद स्थानीय लोगों के साथ-साथ पहुंचे पर्यटकों ने भी लिया। रिमझिम बारिश, घने कोहरे और ठंडी हवाओं के प्राकृतिक मिज़ाज ने उद्घाटन दिवस पर शरदोत्सव की सुंदरता में चार चांद लगा दिए।


*पद्मश्री बसंती बिष्ट के जागर और ‘पांडवाज़’ के सुरों से गुंजायमान हुआ टाउन हॉल*

उत्सव के पहले दिन नगर पालिका टाउन हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का आगाज पद्मश्री बसंती बिष्ट के पारंपरिक जागर गायन से हुआ। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज़ और प्रामाणिक जागर शैली से उपस्थित श्रोताओं को उत्तराखंड की अलौकिक देव-संस्कृति से भावविभोर कर दिया।


इसके बाद पांडवाज बैंड की शानदार प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। पांडवाज की टीम ने पारंपरिक उत्तराखंडी वाद्ययंत्रों और पाश्चात्य वाद्ययंत्रों के बीच शानदार जुगलबंदी प्रस्तुत करते हुए गढ़वाली गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।


शरदोत्सव के अंतर्गत खेल प्रतियोगिताओं का भी शुभारंभ हुआ। पहले दिन एमपीजी कॉलेज में मसूरी स्पोर्ट्स एसोसिएशन के तत्वावधान में स्नूकर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।


शुभारंभ अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, मोहन पेटवाल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जसबीर कौर, एसडीएम राहुल आनंद, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष जसोदा शर्मा, पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, सभासद गौरी थपलियाल, शिवानी भारती, पवन थलवाल, रणवीर कंडारी, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल, कुशाल राणा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, पर्यटक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



 *धामी सरकार में चारधाम यात्रा ने रचा नया कीर्तिमान, श्रद्धालुओं की संख्या 56.18 लाख के पार*

*बेहतर व्यवस्थाओं, सुरक्षित यात्रा और सुगम सुविधाओं से लगातार बढ़ रहा श्रद्धालुओं का विश्वास*

*प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड की धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन पहचान हुई और सशक्त*


देहरादून:

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा ने नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 56,18,497 के आंकड़े को पार कर गई है। इसके साथ ही वर्ष 2023 में दर्ज अब तक के सर्वाधिक श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए इस वर्ष चारधाम यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया है।


चारधाम यात्रा के प्रति देश-दुनिया के श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। बाबा केदारनाथ, भगवान बदरीविशाल, मां गंगोत्री और मां यमुनोत्री के दर्शन के लिए इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु देवभूमि पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में यह ऐतिहासिक वृद्धि उत्तराखण्ड के प्रति बढ़ते धार्मिक पर्यटन और देशभर के श्रद्धालुओं के विश्वास को दर्शाती है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग, आवास, आपदा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ किया गया है। यात्रा के दौरान प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ सहित संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विशेष जोर दिया गया।


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में केदारनाथ और बदरीनाथ धाम सहित उत्तराखण्ड के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास से प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को नई मजबूती मिली है। बेहतर कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं के विस्तार का सकारात्मक प्रभाव चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के रूप में भी दिखाई दे रहा है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा में नया रिकॉर्ड बनने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु हमारा अतिथि है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुखद हो। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में विकसित हो रही बेहतर सुविधाओं और श्रद्धालुओं के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।


मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के सफल संचालन में योगदान देने वाले प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, स्थानीय निकायों, तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय लोगों और यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों के प्रयासों की भी सराहना की।

 देहरादून: 



murder dehradun old aged, maid


प्रदेश की राजधानी देहरादून में ट्रिपल मर्डर से सनसनी मच गई है.

 देहरादून के रायपुर क्षेत्र में विष्णु लोक कॉलोनी में स्थित एक मकान में रहने वाले बुजुर्ग दंपति और उनकी काम करने वाली सहायिका को दिनदहाड़े मार मार डाला एक प्लंबर ने.

देहरादून रायपुर क्षेत्र में  श्री रमेश कपूर अपनी पत्नी रजनी कपूर के साथ विष्णु लोक कॉलोनी में रह रहे थे ।

उनके साथ उनके घरेलू सहायिका शीला भी उसे समय उपस्थित थी। दोनों पुत्र उनके पुणे में नौकरी करते हैं।

 उनके जान पहचान के एक प्लंबर को उन्होंने घर में किसी कार्य के लिए बुलाया जिससे कहा सुनी हो जाने पर उसने पेंचकस से उन पर हमला कर दिया 

हमले होते हुए यह घटना तब एक पड़ोसी ने देख ली जबकि वह सहायिका पर भी हमला कर रहा था ।

चीख पुकार करने के बाद आरोपी मौके से भागने लगा, जिसे पकड़ लिया गया तथा  तीनों को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

मृतकों की पहचान 85 वर्षीय रमेश कपूर, उनकी 76 वर्षीय पत्नी रजनी कपूर और 45 वर्षीय घरेलू सहायिका शीला के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात के बाद एक संदिग्ध आरोपी को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।


 

मुख्यमंत्री ने श्री दिनेश आर्य को नामांकन के अवसर पर शुभकामनाएं दीं।

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इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट सहित मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण उपस्थित रहे।


मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बाद उत्तराखंड बना देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य*

*पूर्ण साक्षरता मंजिल नहीं, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के साथ जीवन कौशल की दिशा में नई शुरुआत : मुख्यमंत्री*



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले नव-साक्षरों को सम्मानित किया।


मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि शिक्षकों, विद्यार्थियों, नव-साक्षरों, स्वयंसेवकों और अभियान से जुड़े सभी लोगों की मेहनत एवं सामूहिक सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ क्षेत्रों वाले उत्तराखंड में पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य प्राप्त करना प्रदेशवासियों की दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक शक्ति का प्रमाण है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम के बाद उत्तराखंड देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य को शिक्षा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने के संकल्प को और मजबूती प्रदान करती है।


मुख्यमंत्री ने नव-साक्षरों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह सिद्ध किया है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और आगे बढ़ने के लिए कभी देर नहीं होती। शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति को आत्मविश्वास देने के साथ उसके जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलती है। उन्होंने कहा कि साक्षरता का अर्थ अब केवल पढ़ने-लिखने अथवा हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं है। बदलते समय में अपने अधिकारों और कर्तव्यों की समझ, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता तथा जीवनोपयोगी कौशल भी इसके महत्वपूर्ण अंग हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शिक्षा को समावेशी और आधुनिक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री का संकल्प है कि कोई भी व्यक्ति शिक्षा से वंचित न रहे। एक शिक्षित व्यक्ति न केवल अपना जीवन बदलता है, बल्कि अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। नंदा गौरा योजना के माध्यम से पात्र छात्राओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। राज्य के 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम और सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के 100-100 विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण साक्षरता की उपलब्धि को मंजिल नहीं, बल्कि नई शुरुआत के रूप में देखना होगा। अब डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और जीवन कौशल को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ना है। राज्य का प्रत्येक नागरिक बदलती तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चले और उसका उपयोग अपने जीवन को बेहतर बनाने में कर सके, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।


शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में करीब 25 हजार स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। अब अगले छह माह में राज्य को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात  को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का राष्ट्रीय लक्ष्य है और उत्तराखंड इस लक्ष्य को इसी वर्ष हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस गांव में एक भी बच्चा पढ़ने वाला होगा, वहां विद्यालय बंद नहीं किया जाएगा।


इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, अपर सचिव भारत सरकार श्रीमती अर्चना शर्मा अवस्थी, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव श्रीमती नमामि बंसल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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