नवम नवरात्रि: माँ सिद्धिदात्री देती है, मनोवांछित फल
*हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 24,518 परीक्षार्थी होंगे शामिल, दूरस्थ क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर केंद्र निर्धारण पर मंथन*
*डीएम डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक, परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा*
देहरादून:
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परिषदीय परीक्षाओं के लिए जनपद देहरादून में 123 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 24,518 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण, संवेदनशील एवं दूरस्थ केंद्रों की व्यवस्था तथा परीक्षाओं के सुचारु संचालन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा केंद्रों की स्थिति और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रस्तावित आंकड़ों के अनुसार, हाईस्कूल में कुल 13,576 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें 13,472 संस्थागत तथा 104 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल हैं। इसी प्रकार, इंटरमीडिएट में कुल 10,942 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 10,684 संस्थागत और 258 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। इस तरह दोनों कक्षाओं को मिलाकर परीक्षार्थियों की कुल संख्या 24,518 है।
बैठक में परीक्षा केंद्रों की उपयुक्तता, संवेदनशील केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं तथा दूरस्थ क्षेत्रों में विद्यार्थियों की सुविधा से जुड़े पहलुओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने दूरस्थ क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए है।
*तीन संवेदनशील केंद्र चिह्नित, अति संवेदनशील केंद्र नहीं*
समिति के समक्ष प्रस्तुत विवरण के अनुसार, वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए जनपद में तीन संवेदनशील परीक्षा केंद्र प्रस्तावित हैं, जबकि अति संवेदनशील केंद्रों की संख्या शून्य है। संवेदनशील केंद्रों में ऋषिकेश स्थित श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज, रायपुर स्थित डीएवी इंटर कॉलेज करनपुर तथा चकराता स्थित राजकीय इंटर कॉलेज भटाड़ शामिल हैं। इनमें परीक्षार्थियों की अधिक संख्या और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के मार्ग की दूरी जैसे कारणों को संवेदनशीलता के निर्धारण में प्रमुखता दी गई है।
*छह विकासखंडों में परीक्षा केंद्रों का निर्धारण*
जनपद के छह विकासखंडों में परीक्षा केंद्रों का विवरण भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। इसके अनुसार, रायपुर में हाईस्कूल के 36 और इंटरमीडिएट के 35, डोईवाला में क्रमशः 30 और 30, सहसपुर में 15 और 14, विकासनगर में 21 और 19, कालसी में 8 और 8 तथा चकराता में 13 और 11 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाने का विवरण दिया गया है। हाईस्कूल के लिए केंद्रों की कुल संख्या 123 और इंटरमीडिएट के लिए 117 प्रस्तावित की गई है।
*दूरस्थ क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों को मिलेगी प्राथमिकता*
समिति के समक्ष ऐसे विद्यालयों का विवरण भी रखा गया, जहां परीक्षार्थियों की संख्या निर्धारित 60 विद्यार्थियों के मानक से कम है। प्रस्तुत प्रस्ताव में ऐसे सात विद्यालयों को शामिल किया गया है, जहां विषम भौगोलिक परिस्थितियों और आवागमन संबंधी कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को परीक्षा देने में होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए केंद्र निर्धारण करना है।
समिति की बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जैसवाल, खंड शिक्षा अधिकारी विनिता कठैत, हेमलता गौढ़, भुवनेश्वर प्रसाद, बुशरा, शिवानी कौशल, कुन्दन सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। ।
नवरात्रि के इसी आठवें दिन अष्टमी पूजी जाती है. इस दिन लोग अपने घरों में कन्याओं को भोजन के लिए बुलाते हैं. उन्हें हलवा-पूड़ी और चना खिलाते हैं. इसके साथ ही कंजकों को खाने के बाद तोहफे और पैर छूकर विदा करते हैं
इस दिन लोग अपने घरों में कन्याओं को भोजन के लिए बुलाते हैं. उन्हें हलवा-पूड़ी और चना खिलाते हैं. इसके साथ ही कंजकों को खाने के बाद तोहफे और पैर छूकर विदा करते हैं.
देहरादून:
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार तथा उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में दिनांक 12 दिसम्बर 2026 (शनिवार) को प्रातः 10ः00 बजे से सायं 05ः00 बजे तक राज्यभर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण मा० उच्च न्यायालय के सदस्य सचिव श्री प्रदीप कुमार मणी ने राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया है कि इस अवसर पर उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, नैनीताल एवं राज्य के समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सहयोग से प्रदेश के माननीय उच्च न्यायालय, समस्त जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों, सभी पारिवारिक न्यायालयों, श्रम न्यायालयों, वाणिज्यिक न्यायालयों, राज्य एवं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों तथा ऋण वसूली अधिकरण, देहरादून में विभिन्न प्रकार के वादों एवं मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
सदस्य सचिव उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जो भी व्यक्ति अपने लंबित अथवा प्री-लिटिगेशन (वाद पूर्व) मामलों का त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते हैं, वे दिनांक 11 दिसम्बर 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में स्वयं अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से संबंधित न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर अपने मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु सूचीबद्ध करवा सकते हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल अथवा अपने संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
कालरात्रि माँ काल बनकर आती है, दुष्ट और राक्षसी प्रवृत्तियों वालों के लिए।
अपने भक्तों की सदैव रक्षा करने वाली माँ का रूप अत्यंत मनमोहक है जबकि हम उनको पूर्ण श्रृंगार में ध्यान करें ।
नवरात्रि के सातवें दिन देवी दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा- आराधना की जाती है। माता के इस स्वरूप की पूजा करने से सभी तरह के पापो से मुक्ति मिलने के साथ व्यक्ति के शत्रुओं का नाश भी हो जाता है। नवरात्रि के सातवें दिन मां का स्मरण करने मात्र से ही नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाता है।
नवरात्रि के सप्तमी तिथि के अवसर आइए जानते हैं माता के स्वरूप की कैसे पूजा करने से किस प्रकार के फल की प्राप्ति होती है। माता के इस स्वरूप में घने अंधकार के समान काला रंग होने के कारण इन्हें कालरात्रि कहा गया। मां कालरात्रि काल और दुखों का अंत करने वाली हैं। मां कालरात्रि के तीन नेत्र है ।
माँ के चिरपरिचित दिखाये जने वाले रूप में पूजन ना कर उनको, सम्पूर्ण रूप में ध्यायें। आपको मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
*मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में 63 मेधावी छात्र-छात्राओं और छह प्रधानाचार्यों को किया सम्मानित*
*शिक्षा को आधुनिक तकनीक, नवाचार और भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण समारोह में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले 63 मेधावी छात्र-छात्राओं तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया।
समारोह में हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। हाईस्कूल परीक्षा में अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा में गीतिका पंत एवं सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। इसके साथ ही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट स्तर पर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति पत्र एवं मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित मेधावी छात्र-छात्राओं एवं प्रधानाचार्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। इसमें शिक्षकों और अभिभावकों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में प्रदेश का हाईस्कूल परीक्षाफल 92.10 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 85.11 प्रतिशत रहा, जो सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर राज्य एवं देश का नाम रोशन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुए कहा कि वे एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता होने के साथ ही महान विचारक, शिक्षाविद् और समाजसेवी थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और व्यावहारिक ज्ञान का भी समावेश होना चाहिए। उनके विचार आज भी एक शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार शिक्षा में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम एवं सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं तथा सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही विद्यालयों की प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान और नई तकनीकों की समझ विकसित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर प्राप्त हों।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने इस अभियान से जुड़े शिक्षकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों और प्रदेशवासियों के योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। अब प्रत्येक नागरिक को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक नई तकनीकों का उपयोग अपने जीवन को बेहतर बनाने, आजीविका को मजबूत करने और समाज की प्रगति में योगदान देने के लिए कर सके, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस संकल्प को साकार करने में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के मेधावी विद्यार्थी अपने ज्ञान, कौशल और परिश्रम के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक श्रीमती सविता कपूर, सचिव शिक्षा सुश्री ज्योति यादव, अपर सचिव शिक्षा श्रीमती नमामि बंसल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
[15/10, 17:11] Ravi BijarNiya dipr Ravi BijarNia: *मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के साथ ही विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षण सामग्री/निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदान किये जाने हेतु ₹ 130 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 09 से 12 तक अध्ययनरत सामान्य व पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदान किये जाने हेतु ₹ 52.21 करोड़ तथा प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री/निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदान किये जाने हेतु ₹ 72 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के अन्तर्गत विकासखण्ड कनालीछीना के ग्राम पंचायत भौतड़ी में आंतरिक सीसी मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 80.00 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 48.00 लाख तथा जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र गदरपुर के नगर पंचायत दिनेशपुर में नाली सहित टाईल्स मार्ग 05 किमी0 का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 4.15 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गोलापार, हल्द्वानी में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य हेतु चालू वित्तीय वर्ष में ₹ 9.35 करोड की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 1.00 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बर्नीगाड़ में लगभग 217 करोड़ रुपये के 38 विकास कार्यों का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण*
*राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ का किया शुभारंभ, 30 विकास कार्यों का शिलान्यास और 8 कार्यों का लोकार्पण*
*राजकीय महाविद्यालय के स्थायी भवन, मिनी स्टेडियम और मोटर मार्ग निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं*
*बड़कोट एवं चिन्यालीसौड़ के राजकीय महाविद्यालयों को उच्चीकृत करने की घोषणा*
*सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित जनसेवा शिविर में मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को वितरित किए चेक एवं उपकरण*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तरकाशी जनपद के पुरोला विधानसभा क्षेत्र स्थित राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड़ (कुंवा) में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा सेतु अभियान के जनसेवा शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 217 करोड़ रुपये की लागत के 38 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इनमें 30 कार्यों का शिलान्यास और 8 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ के स्थायी भवन एवं परिसर का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने, राजा रघुनाथ देवडोकरी में मिनी स्टेडियम बनाने तथा बर्नीगाड़ थाला चौक से राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड़ तक मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय बड़कोट एवं चिन्यालीसौड़ को उच्चीकृत करने की भी घोषणा की। उन्होंने पूर्व में घोषित डाडा गांव छानी से टटाऊ तक पुल एवं सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 194 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 30 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें लोक निर्माण विभाग पुरोला के अंतर्गत 6 करोड़ रुपये की लागत के 5 कार्य, लोक निर्माण विभाग बड़कोट के अंतर्गत 6 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत के 4 कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) खंड पुरोला के अंतर्गत 176 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत के 18 कार्य तथा सिंचाई खंड पुरोला के अंतर्गत 5 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत के 3 कार्य शामिल हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 8 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें लोक निर्माण विभाग बड़कोट के अंतर्गत 97 लाख रुपये की लागत का एक कार्य, समग्र शिक्षा के अंतर्गत 1 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत के 3 कार्य, माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 1 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत का एक कार्य तथा पीएमजीएसवाई खंड पुरोला के अंतर्गत 18 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत के 3 कार्य शामिल हैं। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में सड़क संपर्क, सिंचाई, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने जनसेवा शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं उपकरण वितरित किए तथा विभागीय अधिकारियों से जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और आमजन को मिल रहे लाभों की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार बर्नीगाड़ पहुंचकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति, युवाओं एवं क्षेत्रवासियों के उत्साह और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा सेतु अभियान इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से सरकार स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है, ताकि आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए बार-बार तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया है, उनसे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। सड़क संपर्क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ के शुभारंभ से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। महाविद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है तथा इसके स्थायी भवन एवं परिसर के निर्माण की दिशा में शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में सड़क संपर्क, पर्यटन, शिक्षा एवं अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीबों, किसानों, युवाओं, सैनिकों और मातृशक्ति के सशक्तीकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत मिली है, जबकि जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 3 लाख 10 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सिलाई-बुनाई, हथकरघा, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना तथा सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी पहलों के माध्यम से मातृशक्ति को सशक्त बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 59 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यात्रा एवं बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना है। प्रदेश में सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किए गए हैं। अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार की सुविधाओं को निरंतर सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर पुरोला विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का बर्नीगाड़ आगमन पर स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राजकीय महाविद्यालय के शुभारंभ और विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रमेश चौहान, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नागेन्द्र चौहान, दर्जाधारी राज्यमंत्री श्री श्याम डोभाल, श्री जगत सिंह चौहान, श्री लक्ष्मण सिंह भंडारी, पूर्व विधायक श्री मालचंद, श्री नारायण सिंह चौहान, श्री नवीन ठाकुर, श्री सत्येंद्र राणा, श्री महावीर नेगी, श्री परशुराम जगूड़ी, श्रीमती किरण रावत, श्री जगमोहन चंद, श्री अनिल चौहान, ब्लॉक प्रमुख श्री रणदेव राणा, श्रीमती ममता पंवार, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विजय कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी श्री जय भारत सिंह, प्राचार्य श्री पंकज पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
*अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास, उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई और प्रभावी पैरवी रही अहम
*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने 88 दिनों में पूरी की जांच, न्यायालय में दाखिल किया लगभग 500 पृष्ठों का आरोपपत्र*
*घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्त गिरफ्तार, डिजिटल, फॉरेंसिक और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का किया गया संकलन*
*अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई, एसआईटी की गहन जांच और प्रभावी पैरवी से दोषियों को आजीवन कठोर कारावास; प्रकरण में सीबीआई जांच भी जारी*
अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था), उत्तराखंड डॉ. वी. मुरुगेशन ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच एवं न्यायिक कार्यवाही के साथ ही प्रकरण में चल रही सीबीआई जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की।
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के समीप वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत युवती स्व. अंकिता भंडारी के साथ हुई दुखद घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न टीमों के बीच समन्वय स्थापित किया और घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया। मामले की गहन एवं प्रभावी जांच के उद्देश्य से डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया, ताकि सभी पहलुओं की निष्पक्षता से जांच सुनिश्चित की जा सके।
अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि एसआईटी ने विवेचना के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों का विस्तृत संकलन किया। इसके साथ ही अभियुक्तों से पूछताछ, फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण एवं विश्लेषण किया गया। एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि प्रकरण की त्वरित सुनवाई और न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए गए। एसआईटी द्वारा संकलित साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर एवं अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं और अपनी सजा काट रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रकरण के संबंध में सीबीआई जांच के लिए एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसका संज्ञान लिया और केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की संस्तुति की। राज्य सरकार की संस्तुति को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद प्रकरण में सीबीआई जांच की कार्यवाही चल रही है।
डॉ. मुरुगेशन ने कहा कि इस प्रकरण में उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर साक्ष्य संकलन और विवेचना तक सभी आवश्यक कदम उठाए। वहीं, न्यायालय में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप दोषियों को सजा दिलाई गई है। प्रकरण से संबंधित सीबीआई जांच वर्तमान में जारी है।
अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था), उत्तराखंड डॉ. वी. मुरुगेशन ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच एवं न्यायिक कार्यवाही के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत युवती स्व. अंकिता भंडारी के साथ हुई दुखद घटना में उत्तराखंड पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की। पुलिस टीमों ने आपसी समन्वय से घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था।
अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि घटना की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया, ताकि प्रकरण की गहन एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने प्रकरण की जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक एवं भौतिक साक्ष्यों का गहनता से संकलन किया। इसके अतिरिक्त अभियुक्तों से विस्तृत पूछताछ, फॉरेंसिक रिपोर्टों एवं गवाहों के बयानों सहित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि उत्तराखंड शासन द्वारा प्रकरण की त्वरित सुनवाई एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए गए। एसआईटी द्वारा संकलित ठोस साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर एवं अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।