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 देहरादून :

मॉक ड्रिल



आज रात्रि एयर अटैक की सूचना प्राप्त होने पर जनपद में निर्धारित मानकों के अनुसार त्वरित कार्यवाही की गई। सूचना मिलते ही जनपद के शहरी क्षेत्रों में ब्लैक आउट लागू किया गया। शहर के चार स्थानों घंटाघर, डील रायपुर, आराघर तथा आईएसबीटी क्षेत्र में बमबारी की सूचना प्राप्त हुई।



आपदा कन्ट्रोलरूम में रात्रि 10ः05 बजे पुलिस कन्ट्रोलरूम से एयर अटैक की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र सक्रिय कर दिया गया तथा इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया।
जिलास्तर पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी स्थापित कर दूरसंचार, मोबाइल, वायरलेस एवं हॉटलाइन माध्यमों से सत्त संपर्क बनाए रखा गया। सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी कंट्रोलरूम में तैनात होकर स्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग करते रहे। सिविल डिफेंस के वॉलिंटियर्स को भी सक्रिय कर राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया।
आपदा कन्ट्रोलरूम में पुलिस कन्ट्रोलरूम से एयर अटैक की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र सक्रिय कर दिया गया तथा इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया।  प्रभावित क्षेत्रों में रात्रि 10ः05 बजे से 10ः35 बजे तक पूर्ण ब्लैक आउट सुनिश्चित किया गया। आईएसबीटी में रात्रि 10ः34 पर बम धमाका होने से भवन क्षतिग्रस्त होने की  सूचना प्राप्त हुई थी  जिसमें 04 मृतक हैं 06 गंभीर घायल हुए और 05 सामान्य घायल हैं। घायलों को  एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु दून चिकित्सालय भेजा गया। बमबारी के दौरान दुश्मन द्वारा बम गिराए गए आराघर पर गिरे 10ः36 बजे आराघर में बम गिरने की सूचना प्राप्त हुई बम फटा नही है तत्काल एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस डिस्पोजल (ईओडी) टीम द्वारा खोज कर सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अर्द्धसैनिक बलों, स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है।
घंटाघर क्षेत्र में बमबारी के कारण निकटवर्ती बस्ती की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है तथा विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है, जिसकी बहाली हेतु संबंधित विभागों द्वारा कार्यवाही जारी है। डील रायपुर एवं आराघर क्षेत्रों में बमबारी के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि या विशेष क्षति की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उक्त सभी स्थलों पर मॉक ड्रिल सकुशल सम्पन्न हुई।
सभी स्थलों पर सिविल डिफेंस के वॉलिंटियर तैनात थे जिनमें घंटाघर में 52, आराघर में 52, आईएसबीटी में 36 तथा डील रायपुर में 12 वालिंटियर्स तैनात रहे।  
भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारी, समन्वय एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना है, ताकि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

 : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउण्ड, देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री, हजारों की संख्या में मौजूद महिलाओं के साथ परेड ग्राउंड से घंटाघर तक जन आक्रोश पदयात्रा में भी शामिल हुए। 

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनका अधिकार दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था। परंतु लोकसभा में संख्या बल के कारण बिल पारित नहीं हो पाया। उन्होंने कहा विपक्ष ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति का अधिकार छिनने का काम किया है। उन्होंने कहा देश की नारी, अन्याय के विरुद्ध अवश्य आवाज उठाएगी क्योंकि अब नारी अपने अधिकारों के प्रति सजग हो चुकी है। 


मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री द्वारा देश की आधी आबादी को उसका हक दिलाने के प्रयास को लोकसभा में विपक्ष ने विफल करके देश के साथ महा पाप किया है।मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति को नए भारत के निर्माण का आधार माना है। महिलाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान, उज्ज्वला योजना, एवं जन धन योजना द्वारा करोड़ों बहनों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा, स्टार्टअप योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को सशक्त बनाने,  लखपति दीदी योजना द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर महिलाओं को आगे बढ़ने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से देश के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएँ आगे आ रही हैं।  आदिवासी समाज की बेटी, देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंची हैं। केंद्रिय मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया गया है। 


मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य में महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए   सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में  समान नागरिक संहिता को लागू किया गया है। इसके साथ राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन गई हैं। 


इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती आशा नौटियाल, श्रीमती रेनू बिष्ट, श्रीमती रुचि भट्ट, श्रीमती दीप्ति रावत, श्रीमती नेहा जोशी, हिमानी, रश्मि रस्तोगी एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद थी।



मुख्यमंत्री धामी बोले, हिमालयी राज्य आपसी सहयोग और अनुभवों से करें नीति निर्माण* 


*मुख्यमंत्री आवास में हिमालयी राज्यों से समन्वय और नीति निर्धारण परिषद की  बैठक सम्पन्न* 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हिमालयी राज्यों के मध्य आपसी समन्वय को सुदृढ़ करने, साझा चुनौतियों के समाधान हिमालयी राज्यों से समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक के लिए समेकित रणनीति तैयार करने तथा क्षेत्रीय विकास को गति देने के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक, पर्यावरणीय एवं सामाजिक परिस्थितियाँ समान होने के कारण आपसी सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान से प्रभावी नीति निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि जिन हिमालयी राज्यों में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे कार्य हुए हैं, उन कार्यों का विस्तृत अध्ययन बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में राज्य में अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृति सम्पन्नता एवं जैव विविधता की दृष्टि  से महत्वपूर्ण राज्य है। हिमालय और औषधियों के संरक्षण के क्षेत्र में राज्य में कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। जल स्रोंतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमालय और पर्यावरण सरंक्षण के क्षेत्र में  जो संस्थान अच्छा कार्य कर रहे हैं, उनका भी निरंतर सहयोग लिया जाए। हिमालयी राज्यों की विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए हिमालयी राज्यों के विशेषज्ञों के साथ बैठक समय-समय पर बैठकों और विचार गोष्ठियों का आयोजन भी किया जाए। बैठक के दौरान जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन,  पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बैठक में जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं, उस दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ाये जायेंगे। 


मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने कहा कि हिमालयी राज्यों की चुनौतियों को दूर करने के लिए हिमालयी राज्य कैसे एकीकृत रूप में कार्य कर सकते हैं, इस दिशा में प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी को हिमालय से फायदा होगा। हिमालय के संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में कार्य करने के लिए हमें इस क्षेत्र में कार्य करने वाले राष्ट्रीय संस्थानों का भी नियमित सहयोग लेना होगा। 


हिमालयी राज्यों से समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद के सदस्य एवं विधायक श्री किशोर उपाध्याय ने कहा कि हिमालय एवं मध्य हिमालय क्षेत्र की अद्यतन वैज्ञानिक एवं पारिस्थितिकि स्थिति का अध्ययन होना चाहिए। हिमालयी नदियों के जल स्तर और प्रवाह का आंकलन करना भी जरूरी है। सदस्य एवं पूर्व डीजीपी श्री अनिल रतूड़ी ने कहा कि हिमालयी राज्यों को संगठित रूप से कार्य कर हिमालयी से संबंधित सभी सम्पदाओं और लोगों की आजीविका को बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने होंगे। आचार्य डॉ. प्रशांत ने कहा कि हिमालयी राज्यों के लिए ज्वाइंट टास्क फोर्स बननी चाहिए। हिमालयी राज्यों की चुनौतियां लगभग एक जैसे होती हैं, इनके लिए मिलकर बेहमर नीति निर्धारण की दिशा में कार्य होने चाहिए। डॉ. जी.एस. रावत ने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य होने चाहिए। पद्मश्री श्री कल्याण सिंह रावत ने कहा कि बुग्यालों का संरक्षण बहुत जरूरी है। जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। 


इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. आर.मीनाक्षी सुदंरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।



देहरादून, 24 अप्रैल 2026


रिश्वत लेने के आरोप में डोईवाला के प्रभारी खण्ड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये तत्काल प्रभाव से प्रभारी बीईओ के निलम्बन प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है, शीघ्र ही शासन स्तर से निलम्बन आदेश जारी कर दिये जायेंगे। डाॅ. रावत ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार व अनुशासनहीनता कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। 


सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, बावजूद इसके कतिपय कर्मचारी विभाग की छवि को धूमिल करने से बाज नहीं आ रहे हैं, ऐसे कार्मिकों खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। डाॅ. रावत ने कहा कि हाल ही में विजिलेंस टीम द्वारा डोईवाला में तैनात प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी को उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभाग में ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समय-समय पर निरीक्षण करें साथ ही छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं आमजन से फीडबैक लेकर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाएं। उन्होंने कहा कि विभाग के अंतर्गत किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी



 

देहरादून 24-04-2026



*श्रद्धालुओं को सहूलियत और संस्कृति को मिलेगा राष्ट्रीय मंच*


*सचिव आवास व राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने लिया अयोध्या अतिथि गृह निर्माण स्थल का किया विस्तृत जायजा, अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा पर दिए सख्त निर्देश* 



देश की धार्मिक राजधानी अयोध्या में उत्तराखंड सरकार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है। अयोध्या-फैजाबाद हाईवे पर प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह अब हकीकत का रूप लेता दिख रहा है। लगभग 54,000 (चव्वन हजार) वर्ग फीट क्षेत्र में बनने वाला यह विशाल परिसर उत्तराखंड से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक भरोसेमंद ठिकाना बनेगा। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार के स्थल निरीक्षण के बाद परियोजना के क्रियान्वयन ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे साफ है कि सरकार इस योजना को लेकर पूरी गंभीरता से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पीछे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्पष्ट सोच और परिणामोन्मुख कार्यशैली दिखाई देती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास से जोड़ने की जो रणनीति बनाई है, यह परियोजना उसी की एक मजबूत कड़ी है। चारधाम यात्रा को बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं से जोड़ने के बाद अब सरकार अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भी उत्तराखंड की पहचान स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजना गुणवत्ता, आधुनिकता और तय समयसीमा के मानकों पर खरी उतरे। सचिव आवास-राज्य संपित्त जल्द मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत कार्ययोजना रिपोर्ट सौंपेंगें। निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम राकेश चन्द्र तिवारी, राज्य संपत्ति विभाग से डॉ विनीता सिंह, वरिष्ठ व्यवस्था अधिकारी मुन्ना सिंह सहित संबधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


*रणनीतिक लोकेशन, आसान पहुंच*

प्रस्तावित अतिथि गृह की लोकेशन इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। श्रीराम मंदिर से करीब 6.60 किलोमीटर और फैजाबाद शहर से 6.40 किलोमीटर की दूरी इसे अत्यंत सुविधाजनक बनाती है। अयोध्या एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी इसे देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए भी सुलभ बनाती है। वहीं लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों से सीधा संपर्क इसे धार्मिक पर्यटन का अहम केंद्र बना सकता है। देहरादून और नई दिल्ली से आने वाले यात्रियों के लिए भी यह एक प्रमुख पड़ाव होगा।


*आम श्रद्धालुओं को बड़ी राहत*

इस परियोजना की खासियत यह है कि इसे केवल वीआईपी सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा गया है। आम श्रद्धालुओं के लिए किफायती दरों पर ठहरने की व्यवस्था इस योजना को जन-हितैषी बनाती है। चारधाम यात्रा की तर्ज पर यहां भी उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिलेगा। इससे अयोध्या यात्रा के दौरान ठहरने की समस्या काफी हद तक कम होगी और यात्रा अधिक सुगम बनेगी।


*सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होगा परिसर*

सरकार की योजना इस अतिथि गृह को केवल ठहरने तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के केंद्र के रूप में विकसित करने की है। यहां लोक कला, लोक संगीत, पारंपरिक उत्सव और सरस मेले जैसे आयोजन किए जाएंगे। इससे उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिलेगा। साथ ही विवाह समारोह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए भी यह परिसर उपयोगी साबित होगा, जिससे राजस्व के नए अवसर भी बनेंगे।


*पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा*

अयोध्या में तेजी से बढ़ते धार्मिक पर्यटन के बीच यह परियोजना उत्तराखंड के लिए आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी साबित हो सकती है। लाखों श्रद्धालुओं के बीच उत्तराखंड की मौजूदगी इस अतिथि गृह के माध्यम से और मजबूत होगी। यह पहल “धार्मिक पर्यटन” और “संस्कृति कनेक्ट” के मॉडल को आगे बढ़ाते हुए राज्य के पर्यटन उद्योग को अप्रत्यक्ष रूप से नई गति देगी।


*गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर*

स्थल निरीक्षण के दौरान सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड की छवि से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है।


*ड्रीम प्रोजेक्ट से बनेगा सांस्कृतिक सेतु - डॉ. आर. राजेश कुमार* 

डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार अयोध्या में बनने वाला उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और प्रभावी कार्ययोजना का सशक्त उदाहरण है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि उत्तराखंड को देश के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर नई मजबूती के साथ स्थापित करेगी। यह अतिथि गृह केवल एक इमारत नहीं बल्कि उत्तराखंड और अयोध्या के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम करेगा। यहां श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ उत्तराखंड की परंपराओं और संस्कृति को भी राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो से भ्रम फैलाने की कोशिश, एक और FIR दर्ज*

*केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं पर गलत जानकारी फैलाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई*

*फर्जी नैरेटिव फैलाने वालों पर शिकंजा, केदारनाथ को लेकर भ्रम फैलाने पर सख्त एक्शन*

*वृद्ध श्रद्धालु के मामले को तोड़-मरोड़ कर पेश करना पड़ा भारी, आरोपी पर केस दर्ज*

*फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए फैलाई गई फर्जी कहानी, प्रशासन ने दर्ज की FIR

*FIR दर्ज होते ही फेक पोस्ट कर रहे डिलीट*


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चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है। पूर्व में दर्ज प्रकरणों के क्रम में आज जनपद रुद्रप्रयाग के थाना सोनप्रयाग में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है।


सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान इंस्टाग्राम आईडी thecurlypoet के माध्यम से प्रसारित एक वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक एवं निराधार दावे किए गए। वीडियो में यह गलत जानकारी दी गई कि एक वृद्ध श्रद्धालु को स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद प्रशासन द्वारा सहायता नहीं दी गई तथा वीआईपी प्रोटोकॉल के चलते सामान्य श्रद्धालुओं की अनदेखी की जा रही है।


जबकि वास्तविकता में दिनांक 22.04.2026 को गुजरात निवासी एक श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर प्रशासन द्वारा तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, केदारनाथ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित किया गया। तत्पश्चात प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्यवाही करते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से शव को गुप्तकाशी भेजा गया।


उक्त वीडियो के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर आमजन को भ्रमित करने एवं प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया, जिस पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।


पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चार धाम यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार पर तत्काल, सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


साथ ही, अन्य संदिग्ध वीडियो एवं सोशल मीडिया कंटेंट की भी सतत निगरानी की जा रही है और उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है। स्पष्ट किया जाता है कि चार धाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था एवं उत्तराखंड की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की यह प्रक्रिया लगातार, सख्ती और पूरी सतर्कता के साथ जारी रहेगी।

[केदारनाथ हेली शटल सेवा हेतु ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न, पारदर्शिता और सुव्यवस्था से यात्रियों को मिली सुविधा*


 दिनांक 15 अप्रैल 2026 को सायं 6:00 बजे से श्री केदारनाथ हेली शटल सेवा के लिए 22 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 की अवधि हेतु ऑनलाइन बुकिंग  के हेली यात्रा बुकिंग पोर्टल के माध्यम से प्रारंभ की गई। निर्धारित अवधि के लिए कुल 31,450 सीटों की बुकिंग खोली गई, जिनमें 10,855 टिकटों के माध्यम से सभी 31,450 सीटों की सफलतापूर्वक बुकिंग की गई।



ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया की समीक्षा के लिए टूरिस्ट हेल्पलाइन कॉल सेंटर, उत्तराखंड पर्यटन द्वारा 565 रैंडम कॉल्स की गईं। इस विश्लेषण में पाया गया कि IRCTC की बुकिंग में यात्रियों द्वारा उपयोग किए गए 10,859 मोबाइल नंबरों में से 4,400 नंबर वास्तविक यात्रियों से मेल खाते पाए गए। साथ ही लगभग 51 प्रतिशत बुकिंग स्वयं यात्रियों द्वारा की गई, जबकि शेष 49 प्रतिशत बुकिंग अन्य माध्यमों से संपन्न हुई।




बुकिंग प्रक्रिया के दौरान प्रथम टिकट सायं 6:02 बजे तथा अंतिम टिकट सायं 7:28 बजे बुक की गई। सायं 6:10 बजे से 6:32 बजे के मध्य पीक बुकिंग दर्ज की गई, जिसमें 6:10 बजे 849 बुकिंग दर्ज की गईं और 6:32 बजे तक बुकिंग संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।



राज्यवार आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र से सर्वाधिक 1708 बुकिंग, उत्तर प्रदेश से 1243, दिल्ली से 867, तेलंगाना से 864, कर्नाटक से 801 तथा गुजरात से 700 बुकिंग दर्ज की गईं।



बुकिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाए रखने हेतु प्रति यूज़र अधिकतम 2 बुकिंग एवं अधिकतम 12 सीट बुक करने की अनुमति दी गई। एक IP से अधिकतम 5 यूज़र ID द्वारा बुकिंग की जा सकती है तथा एक बुकिंग में अधिकतम 6 यात्रियों को शामिल किया जा सकता है। इस प्रकार एक यूज़र द्वारा कुल अधिकतम 12 यात्रियों की बुकिंग संभव है।


वर्तमान तक 510 बुकिंग ID के सापेक्ष कुल 913 सीटों के लिए कैंसलेशन दर्ज किए गए हैं।


राज्य सरकार द्वारा संचालित यह बुकिंग प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न की गई है, जिससे यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं विश्वसनीय यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

आज का राशिफल

दिनाँक 24 अप्रैल 2026

दिन -शुक्रवार

rashifal today 24 april,2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

आय में वृद्धि तथा उन्नति मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। यात्रा की योजना बनेगी। घर-बाहर कुछ तनाव रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का लाभ मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेंगे। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। काम में मन लगेगा। शेयर मार्केट में लाभ रहेगा। नौकरी में सुविधाएं बढ़ सकती हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। धन प्राप्ति सुगमता से होगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। लाभ होगा। दु:खद सूचना मिल सकती है, धैर्य रखें। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। अपने काम पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। परिवार के सदस्यों की उन्नति के समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं, लाभ होगा। भूले-बिसरे साथी तथा आगंतुकों के स्वागत तथा सम्मान पर व्यय होगा।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

मित्रों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा की योजना बनेगी। प्रसन्नता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नतादायक वातावरण रहेगा। नौकरी में चैन महसूस होगा। व्यापार से संतुष्टि रहेगी। संतान की चिंता रहेगी। प्रतिद्वंद्वी तथा शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं।

कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

काम में लगन तथा उत्साह बने रहेंगे। मित्रों के साथ प्रसन्नतापूर्वक समय बीतेगा। यात्रा मनोनुकूल मनोरंजक तथा लाभप्रद रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। घर-बाहर सफलता प्राप्त होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

राशि फलादेश

तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बनते कामों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जीवनसाथी से सामंजस्य बैठाएं। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेवजह लोगों से मनमुटाव हो सकता है। बेकार की बातों पर ध्यान न दें।

राशि फलादेश

वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सुकून रहेगा। जल्दबाजी में कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। कानूनी अड़चन आ सकती है। विवाद न करें।

राशि फलादेश


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

सामाजिक कार्य सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। सफलता के साधन जुटेंगे। जोखिम न उठाएं। नई योजना लागू करने का श्रेष्ठ समय है। कार्यप्रणाली में सुधार होगा।

राशि फलादेश

मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

किसी राजनयिक का सहयोग मिल सकता है। लाभ के दरवाजे खुलेंगे। किसी जानकार प्रबुद्ध व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होने के योग हैं। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। चोट व दुर्घटना से बचें। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। विवाद से बचें। धन प्राप्ति होगी। प्रमाद न करें।

राशि फलादेश


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चोट व दुर्घटना से बचें। आय में कमी रह सकती है। घर-बाहर असहयोग व अशांति का वातावरण रहेगा। अपनी बात लोगों को समझा नहीं पाएंगे। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। हितैषी सहयोग करेंगे। धनार्जन संभव है।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

किसी वरिष्ठ व्यक्ति के सहयोग से कार्य की बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। परिवार के लोग अनुकूल व्यवहार करेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। नए लोगों से संपर्क होगा। आय में वृद्धि तथा आरोग्य रहेगा। चिंता में कमी होगी। जल्दबाजी न करें। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी



*उपराष्ट्रपति ने स्नातकों से सहानुभूति, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सेवा करने का आह्वान किया*


*उपराष्ट्रपति ने बुनियादी ढांचे और सेवाओं को मजबूत करने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की प्रशंसा की*


*पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौती को अवसर में बदलें, युवा चिकित्सक- राज्यपाल*

*चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है, जिसे निष्ठा, संवेदनशीलता और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए- मुख्यमंत्री*


देहरादून :

6th convocation aiims rishikesh


भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। ऋषिकेश को चिंतन और उपचार का वैश्विक केंद्र होने के साथ-साथ हिमालय का प्रवेश द्वार के रूप में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसा वातावरण दीक्षांत समारोह की गंभीरता को और भी गहरा कर देता है।


उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह न केवल वर्षों के अनुशासित प्रयासों और त्याग की परिणति है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत भी है। उन्होंने स्नातकों से समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाने का आग्रह किया।


कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों पर विचार करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सतत नवाचार और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारत के व्यापक टीकाकरण अभियान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त टीके लगाए गए, जिससे स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच सुनिश्चित हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने लाभ के लिए नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए टीके विकसित किए हैं।


उपराष्ट्रपति ने भारत की वैक्सीन मैत्री पहल के माध्यम से वैश्विक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया, जिसके तहत 100 से अधिक देशों को टीके उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘‘वसुधैव कुटुंबकम’’ की भावना को दर्शाती है और एक दयालु और जिम्मेदार वैश्विक भागीदार के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करती है।


स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में देश भर में स्थापित नए एम्स संस्थानों ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच को मजबूत किया है, उन्होंने कहा कि सुशासन लोगों की जरूरतों को समझने और उनकी सेवा करने में निहित है।


एम्स ऋषिकेश की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान नैदानिक देखभाल, शैक्षणिक क्षमता, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के क्षेत्र में उत्कृष्टता का एक आदर्श प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से टेलीमेडिसिन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा को अस्पताल परिसरों से आगे बढ़कर दूरस्थ और कम सुविधा प्राप्त आबादी तक पहुंचना चाहिए।


उपराष्ट्रपति ने हेली एम्बुलेंस सेवाओं और चार धाम यात्रा के दौरान तथा दूरस्थ क्षेत्रों में दवा वितरण के लिए ड्रोन के उपयोग जैसी नवोन्मेषी स्वास्थ्य सेवाओं की भी प्रशंसा की और इन्हें स्वास्थ्य सेवा वितरण में लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का प्रभावी समाधान बताया।


उपराष्ट्रपति ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे सहित क्षेत्र में अवसंरचना के तीव्र विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने समावेशी विकास को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के प्रयासों की सराहना की।


उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा एक सार्वजनिक जिम्मेदारी है और राष्ट्र निर्माण में चिकित्सा पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले डॉक्टरों से निवारक देखभाल, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से योगदान देने और सहानुभूति, ईमानदारी और सेवा के मूल्यों का पालन करने का आग्रह किया।


इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का देवभूमि उत्तराखण्ड में हार्दिक स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन से युवा चिकित्सकों को राष्ट्रसेवा की नई ऊर्जा एवं दिशा प्राप्त होगी।


राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की साधना, समर्पण और सेवा भाव का उत्सव है तथा यह वह महत्वपूर्ण क्षण है, जब वर्षों की कठिन मेहनत एक नई जिम्मेदारी में परिवर्तित होती है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता में माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और राष्ट्र की अपेक्षाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।


उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सा का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ और आधुनिक अनुसंधान पद्धतियाँ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना रही हैं। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जो स्वास्थ्य तंत्र को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है।


राज्यपाल ने युवा चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का क्षेत्र है। मरीज केवल उपचार ही नहीं, बल्कि विश्वास और आशा लेकर चिकित्सक के पास आता है। ऐसे में चिकित्सकों का व्यवहार, सहानुभूति और समर्पण ही मरीज को सुरक्षा और विश्वास प्रदान करता है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच अभी भी चुनौतीपूर्ण है और उन्होंने युवा चिकित्सकों से अपेक्षा है कि वे इन चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा प्रदान करें तथा समाज में विश्वास का संचार करें। उन्होंने आह्वान किया कि वे अपने जीवन में नैतिकता, ईमानदारी और सेवा के मूल्यों को सर्वाेपरि रखें तथा रोगी के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानें।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह अवसर विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है और चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा।


मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन का देवभूमि उत्तराखंड की जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने उपराष्ट्रपति के सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, जनसेवा के प्रति समर्पण और प्रेरणादायी जीवन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत है।


मुख्यमंत्री ने  कहा कि चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है, जिसे निष्ठा, संवेदनशीलता और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा स्थापित एम्स ऋषिकेश आज प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रक्षक संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है। यहां कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक सर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। साथ ही, हेली एम्बुलेंस सेवा राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र की जनता को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयों की उपलब्धता तथा निःशुल्क पैथोलॉजिकल जांच जैसी योजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।


समारोह केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने उपाधि प्राप्त कर रहे डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा पेशा केवल करियर नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वाेच्च माध्यम है। उन्होंने मरीजों के विश्वास को बनाए रखने और हर परिस्थिति में उनके हित को सर्वाेपरि रखने का आह्वान किया, साथ ही नैतिकता और ईमानदारी को अपने कार्य का आधार बनाने पर बल दिया।


उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर हो रहे बदलावों के बीच डॉक्टरों के लिए आजीवन सीखते रहना आवश्यक है, ताकि बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, मरीजों के साथ प्रभावी संवाद को भी उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे विश्वास और उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं।


इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद श्री नरेश बंसल, श्री महेंद्र भट्ट, एम्स ऋषिकेश के अध्यक्ष प्रो. राज बहादुर, एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन (अकादमिक) प्रो. सौरभ, संकाय सदस्यों, छात्रों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित कई गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया।

                                                          

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