Halloween party ideas 2015

शिवपुरी :


इंडियन वेटरन्स ऑर्गनाइजेशन के जिला अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि सशस्त्र सेना बलों का वेटरन्स डे सेलिब्रेशन 14 जनवरी 2026 दिन बुधवार सुबह 11:00 बजे शहीद तात्या टोपे ग्राउंड पर मनाया जाएगा । 

 ग्वालियर सेना अस्पताल से डॉक्टर साहब आकर के मेडिकल कैंप में मेडिकल चेकअप करेंगे एवं दवाइयां भी देंगे। सभी पूर्व सैनिकों, विधवाओं  एवं इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन के सभी  पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अनुरोध है कि समय पर पधार कर कार्यक्रम को सफल बनाएं। इस अवसर पर स्टेशन कमांडर की तरफ से ग्वालियर से फील्ड रेजीमेंट के अधिकारी एवं  जवान वरिष्ठ पूर्व सैनिकों, वीर नारी, वरिष्ठ विधवाओं का सम्मान करेंगे। सभी पूर्व सैनिकों , वीर नारियों, विधवाओ से अनुरोध है कि समय पर पधारकर हमें अनुग्रहित करें।

निवेदन कर्ता -

जिला अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शर्मा, महिला अध्यक्ष श्रीमती प्रभा शर्मा, महिला उपाध्यक्ष श्रीमती गीता पंवार, कैप्टन चन्द्र किशोर चतुर्वेदी, कैप्टन हिमायतुल्ला खान, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, उपाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा, महासचिव प्रवीण गुप्ता, कोषाध्यक्ष विशाल जोशी, कोऑर्डिनेटर बृजेश कुमार राठौर, शहर उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राजावत, बदरवास तहसील अध्यक्ष महेश दास बैरागी, करैरा तहसील अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर, पिछोर तहसील अध्यक्ष राम प्रकाश केवट, करैरा तहसील उपाध्यक्ष कुलदीप मिश्रा, वेटरन पुष्पेंद्र जोशी, वेटरन शिवकुमार  समाधिया, वेटरन कैलाश सिंह जादौन, वेटरन मनोज दीक्षित, वेटरन मनोज कुमार शर्मा, वेटरन जितेंद्र जाट, वेटरन ताज भान सिंह परमार, वेटरन सुनील सिंह परमार, सूबेदार हरकिशोर धाकड़, एवं समस्त इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन शिवपुरी मध्य प्रदेश।


प्री-बजट कंसलटेशन में उत्तराखण्ड द्वारा प्रस्तुत प्रमुख मांगें व सुझाव-

pre budget consultation uttarakhand


• “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट” को निरंतर जारी रखने का अनुरोध।

• फ्लोटिंग पॉपुलेशन के दृष्टिगत सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) हेतु नई केंद्र पोषित योजना।

• भू-जल स्तर में गिरावट को रोकने हेतु राज्य के प्रयासों (SARRA आदि) को प्रोत्साहन देने के लिए नई केंद्र पोषित योजना अथवा विशेष अनुदान।

• नीलगाय, जंगली सुअर, भालू व बंदरों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए कृषि सुरक्षा एवं मानव–वन्यजीव संघर्ष के तहत क्लस्टर आधारित तारबंदी हेतु नई योजना/अनुदान।

• डिजिटल संप्रभुता एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत स्टेट डेटा सेंटर्स के सुदृढ़ीकरण हेतु केंद्र पोषित योजना।

• ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेलवे नेटवर्क की तार्किक पूर्णता हेतु बागेश्वर–कर्णप्रयाग एवं रामनगर–कर्णप्रयाग रेललाइन का सर्वेक्षण, जिससे टनकपुर–बागेश्वर–कर्णप्रयाग–रामनगर रेलवे सर्किट विकसित किया जा सके।

• प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की तर्ज पर जल जीवन मिशन के अनुरक्षण को भी केंद्र पोषित योजना में शामिल करने एवं योजना अवधि बढ़ाने का अनुरोध।

• बढ़ते शहरीकरण के दृष्टिगत जल जीवन मिशन (शहरी) हेतु आगामी बजट में वित्तीय प्रावधान।

• दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं के लिए ₹2 करोड़ प्रति मेगावाट की दर से कुल ₹8,000 करोड़ की Viability Gap Funding (VGF)।

• विशेष श्रेणी राज्यों में आपदा से हुई कुल क्षति के पुनर्निर्माण हेतु सम्पूर्ण राशि SDRF से वहन किए जाने का प्रावधान।

• 60 से 79 वर्ष आयु वर्ग की वृद्धावस्था पेंशन में केंद्रांश ₹200 से बढ़ाकर ₹500 करने पर विचार।

• आंगनवाड़ी कर्मियों के मासिक मानदेय में वृद्धि।

• आगामी कुंभ आयोजन के दृष्टिगत आवश्यक आधारभूत अवसंरचना एवं अनुरक्षण हेतु विशेष वित्तीय प्रावधान।


*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का वक्तव्य*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का “वॉटर टावर” है और राष्ट्र को महत्वपूर्ण इको-सिस्टम सेवाएं प्रदान करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार से राज्य को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी केंद्रीय बजट 2026–27 उत्तराखण्ड की विकास यात्रा को और सशक्त बनाएगा, राज्य को क्लाइमेट रेजिलिएंट बनाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने तथा विकसित भारत @2047 के संकल्प में उत्तराखण्ड की भूमिका को और सुदृढ़ करेगा।



आगामी 11 जनवरी 2026 को विभिन्न संगठनों द्वारा प्रस्तावित 'उत्तराखंड बंद' के दृष्टिगत उत्तराखंड पुलिस ने प्रदेश भर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।


 आम जनमानस की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाजारों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि आम जनता को असुविधा न हो।





लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कृपया शांतिपूर्ण तरीके से अपना पक्ष रखें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।


वाहन चालक व्यापारियों एवं आम नागरिकों जन सामान्य व्यक्तियों के हितों और सुरक्षा को देखते हुए किसी भी प्रकार का ऐसा कृत ना करें जिससे कानून व्यवस्था का उल्लंघन होता हो और जनता को असुविधा होती हो। कृपया शांति और सौहार्द बनाए रखें।


सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट से बचें।

हम सभी से अपील करते हैं कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में हमारा सहयोग करें।

                              राजीव स्वरूप 

                       पुलिस महानिरीक्षक 

                                 गढ़वाल



- संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत-जर्मनी सहयोग को सुदृढ़ करेगा

- संयुक्त आशय घोषणा संरचित अंतर-सरकारी सहयोग के लिए रूपरेखा स्थापित करती है

- आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान सहभागिता और क्षमता निर्माण को समर्थन देंगे

- समझौता स्वच्छ ऊर्जा, आपदा लचीलापन और डिजिटल प्रौद्योगिकियों सहित प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग को रेखांकित करता है



भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने उत्तराखंड राज्य और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य सरकार के बीच संयुक्त आशय घोषणा (Joint Declaration of Intent – JDI) पर हस्ताक्षर के अवसर पर एक प्रमुख पहलकर्ता, सुगमकर्ता तथा शैक्षणिक भूमिका निभाई। यह घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में संरचित राज्य-स्तरीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


यह संयुक्त आशय घोषणा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, नवाचार और कौशल विकास को सुदृढ़ करने की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है तथा उच्च शिक्षा और अनुसंधान में वैश्विक सहभागिता के प्रति उत्तराखंड सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है। यह IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम द्वारा समन्वित संयुक्त अनुसंधान, नवाचार, नीति संवाद और शैक्षणिक सहभागिता के माध्यम से दीर्घकालिक क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत करती है।


JDI के अंतर्गत बहुआयामी सहयोग की परिकल्पना की गई है, जिसमें एक संयुक्त सूचना एवं कौशल केंद्र की स्थापना, भारत-जर्मनी स्टार्ट-अप्स पर केंद्रित एक उद्योग संपर्क कार्यालय का सृजन, संयुक्त डिग्री पहलों सहित राज्य-स्तरीय संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों का विकास, चिन्हित प्राथमिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, तथा दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और पारंपरिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना शामिल है।


यह सहयोग आपसी महत्व के प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिनमें आपदा लचीलापन और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियां; कृषि, जलवायु और पर्यावरण निगरानी के लिए ड्रोन एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियां; स्वच्छ ऊर्जा और हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था; नवीन सामग्री और उन्नत विनिर्माण; तथा ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य सेवा और साइबर सुरक्षा में डेटा विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग शामिल हैं।


दोनों सरकारों, IIT रुड़की, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम और अन्य संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधियों से युक्त एक संयुक्त कार्य बल (Joint Task Force) का गठन किया जाएगा, जो प्राथमिक पहलों की पहचान करेगा, सहयोग के लिए एक रोडमैप विकसित करेगा तथा व्यापक सहयोग हेतु एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) का प्रस्ताव करेगा।


प्रतिनिधिमंडलों में IIT रुड़की के प्रतिनिधि शामिल थे, जिनका नेतृत्व निदेशक प्रो. के. के. पंत ने किया, साथ ही प्रो. वी. सी. श्रीवास्तव, डीन (अंतरराष्ट्रीय संबंध), तथा एसोसिएट प्रोफेसर अंकित अग्रवाल भी उपस्थित थे; उत्तराखंड सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा और वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. त्रिप्ता ठाकुर शामिल थीं; जबकि जर्मन प्रतिनिधिमंडल में ब्रांडेनबुर्ग संघीय राज्य की विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री डॉ. मान्या शुले, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के अध्यक्ष प्रो. ओलिवर ग्यूंथर, ब्रांडेनबुर्ग यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी कॉटबस-सेनफ्टेनबर्ग (BTU) के अंतरराष्ट्रीयकरण के उपाध्यक्ष प्रो. वोल्फ्राम बर्गर, तथा ब्रांडेनबुर्ग राज्य के विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय से डॉ. वीरा ज़ीगेलडॉर्फ शामिल थीं। IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम की उपस्थिति में हस्ताक्षरित यह संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा के रूप में कार्य करेगी तथा भविष्य की संस्थागत एवं कार्यक्रम-आधारित सहभागिताओं की नींव रखेगी।


ब्रांडेनबुर्ग संघीय राज्य की विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री डॉ. मान्या शुले ने कहा,

“उत्तराखंड राज्य के साथ संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, अनुसंधान और उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम जैसे शैक्षणिक साझेदारों के साथ सहयोग के माध्यम से हम संयुक्त अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना चाहते हैं, साथ ही हमारे क्षेत्रों के बीच स्थायी और दीर्घकालिक साझेदारियां विकसित करना चाहते हैं।”


उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा,

“उत्तराखंड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच संयुक्त आशय घोषणा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। IIT रुड़की और जर्मनी के साझेदार विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों के साथ निकटता से कार्य करते हुए, हम संयुक्त अनुसंधान, कौशल विकास, स्टार्ट-अप सहभागिता और शैक्षणिक आदान-प्रदान के लिए सार्थक अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं, जिससे भविष्य-तैयार मानव संसाधन और सतत क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।”


इस अवसर पर बोलते हुए, IIT रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने कहा,

“मैं भारत के उत्तराखंड राज्य और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य के बीच इस महत्वपूर्ण साझेदारी समझौते—संयुक्त आशय घोषणा—पर हस्ताक्षर होते हुए देखकर अत्यंत प्रसन्न हूं। मैं दोनों राज्यों के अधिकारियों तथा IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के संकाय सहयोगियों के प्रति उनके निरंतर समर्थन और समर्पित प्रयासों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने हमारी दोनों सरकारों की साझा दृष्टि को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। मुझे विश्वास है कि यह संयुक्त आशय घोषणा उत्तराखंड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच अनेक नई पहलों का मार्ग प्रशस्त करेगी, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के सहयोग से सशक्त होंगी, तथा सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण में नवाचार-आधारित, सतत विकास के माध्यम से योगदान देंगी।”


यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के अध्यक्ष प्रो. ओलिवर ग्यूंथर ने कहा,

“संयुक्त आशय घोषणा ब्रांडेनबुर्ग और उत्तराखंड के बीच शैक्षणिक सहयोग के लिए एक मूल्यवान रूपरेखा स्थापित करती है। यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम, IIT रुड़की के साथ मिलकर आपसी हित के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान और ज्ञान-साझाकरण को समर्थन देने के लिए तत्पर है।”


राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतिष्ठा वाली संस्थाओं के रूप में, IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम इस संयुक्त आशय घोषणा के कार्यान्वयन में शैक्षणिक और समन्वयक साझेदार के रूप में सहयोग प्रदान करेंगे तथा इस रूपरेखा के उद्देश्यों के अनुरूप अनुसंधान सहयोग, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहभागिता में योगदान देंगे।




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है । 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।



मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।


मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।


मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की



मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।


मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।


अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की मांग को लेकर डोईवाला में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में

 कांग्रेस की "अंकिता को न्याय दो पद यात्रा" का आयोजन।



 आज अंकिता भंडारी हत्याकांड के रोष में न्याय की मांग को लेकर डोईवाला गुरुद्वारा ऋषिकेश रोड से चीनी मिल तक परवादून जिला कांग्रेस की "अंकिता को न्याय दो" पद यात्रा आयोजित की गई।




पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा की अंकिता भंडारी की हत्या एक जघन्य अपराध है और इसमें शामिल सभी आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। हम मांग करते हैं कि इस मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

इस मुद्दे को लेकर डोईवाला विधानसभा क्षेत्र से सैकड़ों कार्यकर्ता अंकिता को न्याय दो यात्रा में शामिल हुए ।


परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा की अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। हमें न्याय प्रणाली पर विश्वास है, लेकिन यह मामला संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ है, इसलिए इसकी जांच उच्च स्तरीय सीबीआई की निगरानी में होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी इस मामले में तब तक चुप नहीं बैठेगी जब तक न्याय नहीं मिलता।


डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा की अंकिता भंडारी की हत्या ने हमें झकझोर दिया है। हम मांग करते हैं कि इस मामले की जांच उच्च स्तरीय हो और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।


डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह ने कहा की अंकिता भंडारी की हत्या एक दर्दनाक घटना है। हम दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे। सरकार को इस मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। इस पद यात्रा में भारी संख्या में सेवादल कार्यकर्ता सम्मिलित रहेंगे ।


जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर न सरकार पर वीआईपी को बचाने का आरोप लगाया है और कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा



 इस मौके पर परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी, डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह,जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर,कांग्रेस सेवादल प्रदेश अध्यक्ष हेमा पुरोहित,पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा, प्रमोद कपरवान शास्त्री,सागर मनवाल,अरुण पाल,मनोज नौटियाल,ईश्वर पाल,अब्दुल रज्जाक, अंशुल त्यागी,रेखा बहुगुणा,रेणु चुनारा,रेखा कांडपाल सती,मनोज पाल,अमित सैनी, रश्मि देवराडि, सुनील थपलियाल,मनीष नागपाल,ताजेन्द्र सिंह ताज, सुनील बर्मन,राहुल सैनी,गौरव मल्होत्रा,स्वतंत्र विष्ट,देवराज सावन,उमेद बोरा,जितेंद्र कुमार,आरिफ अली,शार्दूल नेगी, विवेक सैनी,इंद्रजीत सिंह, तेजपाल सिंह मोंटी,राहुल आर्य,सावन राठौर,विवेक सैनी व स्थानीय निवासी, कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए ।



 राजधानी देहरादून के रायवाला स्थित   राजकीय वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह में 15 जनवरी से नियमित तौर पर संचालित होगा। वृद्ध आवास में रहने से लेकर भोजन की सभी तैयारियां  पूरी कर ली गई है। 

Free old age home available from 15 January


वृद्ध आवास में 25 वृद्ध  एवं अशक्त व्यक्तियों के लिए निशुल्क आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की ओर से निशुल्क आवासीय सुविधा पाने के लिए 7500351411 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। जिस की वृद्धजन व उनके परिवार संबंधी फोन के माध्यम से भी जानकारी ले सकते हैं। जिला प्रशासन देहरादून व समाज कल्याण विभाग द्वारा भोजन व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी तरह से संपन्न हो चुकी है। जिससे कि आगामी 15 जनवरी से वृद्ध आवास में रहने वाले लोगों को निशुल्क पौष्टिक एवं संतुलित भोजन की व्यवस्था उपलब्ध की जाएगी। 


 जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि भोजन के टेंडर की प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अभी तक पांच  वृद्ध जनों  के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जो कि यहां आने के लिए इच्छुक है। उन्होंने बताया कि अभी इस आवास में 25 वृद्ध जनों के रहने की व्यवस्था है। जो की सभी वृद्ध जनों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक सुविधा देने के लिए तैयार है।

 

जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून मोबाइल 9412114011

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