राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025–26 के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन
शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला, देहरादून में विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025–26 के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन 09 सितम्बर 2026 को किया गया। कार्यक्रम की आयोजक एवं उत्तराखण्ड युवा संसद की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला रहीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री सहदेव सिंह, प्रमुख सचिव, विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अरविन्द कुमार, अपर सचिव, संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री पूरन गिरी उपसचिव, निदेशक उच्च शिक्षा के प्रतिनिधि डॉ. प्रमोद डोबरियाल, उपनिदेशक माध्यमिक श्री रमेश तोमर तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट द्वारा सभी आगन्तुक अतिथियों का स्वागत किया गया। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
सत्र 2025–26 में आयोजित तरुण सभा तथा किशोर सभा के परिणाम घोषित करते हुए अपर सचिव श्री अरविन्द कुमार ने बताया कि तरुण सभा प्रतियोगिता में पुनः प्रथम स्थान शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला को प्राप्त हुआ।
द्वितीय स्थान रामचन्द्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उत्तरकाशी को तथा तृतीय स्थान राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर को प्राप्त हुआ। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोपेश्वर ने चतुर्थ तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नई टिहरी ने पंचम स्थान प्राप्त किया।
श्री अरविन्द कुमार ने बताया कि इस सत्र में राज्य के 13 जनपदों के 76 महाविद्यालयों में युवा संसद/तरुण सभा का आयोजन किया गया।
किशोर सभा के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया गया कि प्रथम स्थान जनपद हरिद्वार के पी.एम. श्री राजकीय महाविद्यालय, भौरी, रुड़की को प्राप्त हुआ। द्वितीय स्थान राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, डोभालवाला, देहरादून को तथा तृतीय स्थान राजकीय महाविद्यालय, मैठाना दशोली को प्राप्त हुआ।
चतुर्थ स्थान राजकीय इंटर कॉलेज, दूनाकोट, पिथौरागढ़ तथा पंचम स्थान पी.एम. श्री राजकीय महाविद्यालय, बागेश्वर को प्राप्त हुआ।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा संसद केवल एक प्रतियोगिता या मंचन नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना जागृत करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझाने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि सभी महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं तथा नागरिक दायित्वों की जानकारी प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम की आयोजक एवं राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला ने राज्य, जिला, महाविद्यालय एवं विद्यालय स्तर पर युवा संसद कार्यक्रम के आयोजन की प्रक्रिया से प्रतिभागियों को परिचित कराया।
उन्होंने कहा कि युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों में संसदीय कार्यप्रणाली की समझ विकसित होती है।
निदेशक उच्च शिक्षा के प्रतिनिधि डॉ. प्रमोद डोबरियाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा संसद में केवल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी युवा संसद कार्यक्रमों में स्थानीय समस्याओं एवं जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विद्यार्थी अपने आसपास की सामाजिक एवं स्थानीय समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना सीख सकें।
मुख्य अतिथि माननीय श्री सहदेव सिंह, प्रमुख सचिव, विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राष्ट्र-शक्तियों में से एक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को राज्य की प्रगति, उन्नति तथा विकास से जुड़े सभी कार्यों से अवगत कराया जाना आवश्यक है।
उन्होंने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में अनुभाग अधिकारी श्री अरविन्दर सिंह ने भी सक्रिय सहभागिता प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं संबंधित अधिकारियों को सम्मानित किया गया। 20 जनपदीय नोडल अधिकारियों तथा 52 सर्वश्रेष्ठ युवा सांसदों (प्रत्येक जनपद से दो) को भारत सरकार की नियमावली के अनुरूप प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में संबंधित जनपदों के नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने छात्र-छात्राओं के साथ सहभागिता की। देहरादून की जिला नोडल अधिकारी डॉ. अंजली वर्मा, हरिद्वार जनपद के नोडल अधिकारी गजेन्द्र सिंह, ऊधम सिंह नगर के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अजीत सिंह सहित टिहरी, पौड़ी एवं अन्य जनपदों के नोडल अधिकारियों ने भी अपने छात्र-छात्राओं के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में उपस्थित सभी ने हिमालय के संरक्षण, संवर्धन एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ प्रभारी, विधि प्रकोष्ठ, डॉ. राजकुमारी भंडारी द्वारा दिलाई गई।
कार्यक्रम का संचालन उत्तराखण्ड युवा संसद की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. राखी पंचोला ने किया। समारोह में विभिन्न जनपदों से आए छात्र-छात्राओं, नोडल अधिकारियों, प्राध्यापकों एवं अतिथियों की सक्रिय सहभागिता रही।
समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय कार्यप्रणाली, नेतृत्व क्षमता, तार्किक अभिव्यक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र निर्माण की भावना को विकसित करना रहा। पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे।







