Halloween party ideas 2015

 सोनपाल राणा, राष्ट्रीय महामंत्री अन्तर्राष्ट्रीय भगवा सनातन रक्षक सेना ने मथुरा में चंद्रशेखर ‘फरसा वाले बाबा’ की निर्मम  हत्या पर कड़ा विरोध, कठोर कार्रवाई की मांग

 मथुरा/लखनऊ :

murder of farsa wale baba,


 मथुरा में चंद्रशेखर ‘फरसा वाले बाबा’ की निर्मम  हत्या की घटना को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। सोनपाल राणा, राष्ट्रीय महामंत्री अन्तर्राष्ट्रीय  भगवा सनातन रक्षक सेना–  ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण भी उत्पन्न करती है।

राणा जी ने कहा कि गौ तस्करी और उससे जुड़े आपराधिक तत्वों के खिलाफ अब आधे-अधूरे कदम पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन एवं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।

प्रेस विज्ञप्ति में प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मथुरा हत्याकांड की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाए और सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो। इसके साथ ही गौ तस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर उनका पूर्ण उन्मूलन किया जाए। उन्होंने पूरे देश में गौ तस्करी के विरुद्ध और अधिक कठोर एवं प्रभावी कानून बनाने की भी आवश्यकता जताई।

राणा ने यह भी मांग की कि गौ सेवकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्य में लगे लोगों को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी दबाव के समाजहित में कार्य कर सकें।

अंत में उन्होंने कहा कि यह समय है जब सरकार को दृढ़ संकल्प के साथ अपराधियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। कानून का भय स्थापित होना आवश्यक है, ताकि समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण बना रहे तथा निर्दोष नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कुबुद्धि हावी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। मित्रों से संबंध सुधरेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है।



Rashifal today 22 march 2026

वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग परेशानी का कारण रह सकता है। दूसरों के कार्य में दखल न दें। बड़ों की सलाह मानें। लाभ होगा। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। मानसिक बेचैनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। धैर्य रखें।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। बेवजह कहासुनी हो सकती है। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

किसी अपने के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। शारीरिक कष्ट संभव है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शत्रु पस्त होंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल होंगे। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

घर के सदस्यों के स्वास्थ्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी सहयोग करेंगे।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। लाभ के अवसर हाथ से निकलेंगे। बेवजह कहासुनी हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। धैर्य रखें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

शत्रु पस्त होंगे। सुख के साधन जुटेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। लंब समय से रुके कार्य सहज रूप से पूर्ण होंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। शेयर मार्केट में सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। शुभ समय।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। अज्ञात भय रहेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

आंखों का ख्याल रखें। अज्ञात भय सताएगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन आ सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। लॉटरी व सट्टे से दूर रहें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में प्रमोशन प्राप्त हो सकता है। प्रसन्नता रहेगी।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी अप‍रिचित पर अतिविश्वास न करें। विवाद से क्लेश होगा। दूसरों के उकसाने में न आएं। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। कोई बड़ी समस्या आ सकती है। धैर्य रखें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

शारीरिक कष्ट संभव है तथा तनाव रहेंगे। सुख के साधन प्राप्त होंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

चोट व रोग से परेशानी संभव है। आराम तथा मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। यश बढ़ेगा। व्यापार वृद्धि होगी। नई योजना बनेगी जिसका तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। विरोधी सक्रिय रहेंगे। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। प्रमाद न करें।


 धामी बने ‘धुरंधर’, उत्तराखंड विकास की राह पर अग्रसर: राजनाथ सिंह*

*धामी सरकार के फैसले बने मिसाल, विकास को मिली रफ्तार*

CM Dhami defence minister rajnathbsigh


उत्तराखंड सरकार के “चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम के तहत हल्द्वानी स्थित एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित भव्य जनसभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री का नंदा देवी मंदिर की प्रतिकृति एवं स्थानीय हस्तनिर्मित शॉल भेंट कर स्वागत किया।


रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखंड के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि यह देवभूमि आस्था, अध्यात्म, ऋषि-मुनियों और तपस्वियों की भूमि रही है। यहां के लोग सौम्य, परिश्रमी और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है और आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।


उन्होंने धामी सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि “धामी न केवल धाकड़ हैं, बल्कि अब धुरंधर बन चुके हैं”, जो प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रभावी निर्णय ले रहे हैं।


रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर चुका है और यह यात्रा बलिदान, संघर्ष और विकास की कहानी रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, बिजली क्षमता विस्तार, पर्यटन, रोजगार और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में तेजी से कार्य हो रहा है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। छोटा राज्य होने के बावजूद हर क्षेत्र में उत्तराखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय में भी बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है, जो विकास की गति को दर्शाता है।


रक्षा मंत्री ने धामी सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों—यूनिफॉर्म सिविल कोड, नकल विरोधी कानून, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और सीमांत गांवों के विकास—को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूसीसी लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है।


अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखना आवश्यक है। राज्य सरकार द्वारा हजारों अतिक्रमण हटाए गए हैं और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमांत क्षेत्रों के विकास, वाइब्रेंट विलेज योजना और पलायन रोकने के लिए ठोस प्रयास कर रही हैं।


उन्होंने कहा कि “पहाड़ की जवानी और पानी” का उपयोग स्थानीय विकास के लिए होना चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार मिले और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है और आज वैश्विक स्तर पर सशक्त भूमिका निभा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बीते चार वर्षों में निवेश, पर्यटन, बुनियादी ढांचे, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से बड़े निवेश समझौते हुए हैं, जबकि स्टार्टअप और उद्योगों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसे कदमों से राज्य में सकारात्मक बदलाव आया है।


उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है और हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। साथ ही, समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक समरसता की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे, होटल और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, सीमांत क्षेत्रों में विकास कार्यों से रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिला है।


कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया, जिसमें जमरानी बांध परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण विकास और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई।


इस अवसर पर केबिनेट मंत्री रेखा आर्य, रामसिंह कैडा,प्रदीप बत्रा,मदन कौशिक,गणेश जोशी, खजान दास, केन्द्रीय मंत्री अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भटट, विधायक बंशीधर भगत, दिवान सिंह बिष्ट,सरिता आर्या, डा0 मोहन सिंह बिष्ट, शिव अरोडा, सुरेश गड़िया सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य सरकार के चार वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य की विकास योजनाओं की झलक प्रस्तुत की गई।


*मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के कार्यो के साथ ही प्रदेश की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की वित्तीय स्वीकृति*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत डिटेल्ड एस्टीमेट फॉर कन्सट्रक्शन ऑफ प्रपोज्ड कमान्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर-2 बिल्डिग एट हरिद्वार कार्य की संस्तुत लागत ₹ 50.27 करोड की स्वीकृति प्रदान करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रथम किश्त  में ₹  20.11 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। 


मुख्यमंत्री ने जनपद उधम सिंह नगर के विधासभा क्षेत्र किच्छा में किच्छा कम्यूनिटी हॉल का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 05 करोड़ स्वीकृत करते हुए प्रथम चरण में ₹ 50.00 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। 


मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधासभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में ग्राम चुल्कोट हरदौल मंदिर, महाकाली मंदिर माणीटुण्डी, देवी मंदिर मदकोट, रामलीला मंच मवानी का सौन्दर्यकरण व मेला स्थल का निर्माण किये जाने हेतु  ₹ 98.64 लाख स्वीकृत करते हुए प्रथम चरण में ₹ 59 लाख, ग्राम पंचायत दाखिम, क्वीटी, समकोट में आंतरिक सी०सी० मार्ग निर्माण किये जाने हेतु ₹ 01 करोड़ स्वीकृत करते हुए प्रथम चरण में ₹ 59 लाख, क्वीरिजिमिया से साईपोला, बुई पातों में आंतरिक सी०सी० मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 79.64 लाख स्वीकृत करते हुए प्रथम चरण में ₹ 47.86 लाख, ग्राम सभा खेला स्यांकुरी, गर्गवा में छिपला केदार हेतु ट्रैक रूट, ग्राम पांगला में ब्रहमदेव मंदिर का सौन्दर्यीकरण एवं सी०सी० मार्ग निर्माण किये जाने हेतु ₹ 01 करोड़ स्वीकृत करते हुए प्रथम चरण में ₹ 60 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। 


मुख्यमंत्री द्वारा आपदा न्यूनीकरण मद में विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत बूम से टनकपुर तक शारदा नदी के दांये पार्श्व पर (तट बंध) बाढ़ सुरक्षा कार्य (शारदा नदी के दांये पार्श्व पर 28 हैक्टेयर व चिलियाघोल की बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु ₹ 11.59 करोड के सापेक्ष प्रथम किश्त मे ₹4.64 करोड, नगर निगम, रूद्रपुर के मुख्य कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण कार्य हेतु ₹ 15.74 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। 


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के डाण्डा लखौण्ड सहस्त्रधारा रोड में शहरी विकास निदेशालय के कार्यालय भवन के निर्माण कार्य हेतु ₹ 62.64 करोड़ की योजना स्वीकृत करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 05 करोड़, रजत जयंती पार्क निर्माण सम्बन्धी विभिन्न नगर निकायों नगर पंचायत, रामपुर, नगर पंचायत, गुप्तकाशी, नगर पंचायत, तपोवन, नगर पंचायत, चमियाला, नगरपालिका परिषद चिन्यालीसौड एवं नगर पंचायत, गूलरभोज में पार्क निर्माण/सौन्दर्यीकरण तथा ओपन जिम की स्थापना हेतु ₹ 2.03 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत अवस्थापना विकास निधि से वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभिन्न 13 कार्यों/योजनाओं हेतु ₹ 53.12 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून में बौद्ध विकास योजना के अन्तर्गत अनुमोदित कार्यदायी संस्था उत्तराखण्ड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम विकासनगर देहरादून के संबंध में कुल 03 परियाजोनाओं के क्रियान्वयन हेतु कुल धनराशि ₹ 16.04 करोड के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीय चरण में ₹ 11.11 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

देहरादून, :




राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 23 मार्च 2026 से 25 मार्च 2026 तक प्रदेशभर में जन-जन की सरकार-4 साल बेमिसाल’’ थीम के अन्तर्गत तीन दिवस में विभिनन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। 

जनपद देहरादून में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 23 मार्च 2026 को अपरान्ह् 12ः30 बजे सम्बोधन किया जाएगा, जिसका सजीव प्रसारण राज्य के अन्य 12 जनपदों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में किया जाएगा। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम हेतु तैनात सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों को भलीभांति समझ लें आपसी समन्वय से व्यवस्था बनाना सुनिश्चित करें ताकि कार्यक्रम के दिवस किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। जिलाधिकारी ने  निर्देश दिए कि मंच , सिटिंग व्यवस्था, बेरिकेटिंग, लाईट, पेयजल सफाई आदि समुचित व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल पर होने वाले कार्यक्रमों की मिनट-2-मिनट कार्यक्रम के अनुसार व्यवस्थाएं बनाई जाए। 

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं महिलाओं/युवतियों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच स्टॉल लगाने के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग को डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र निर्गत करने एवं सहायक उपकरण वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जल संस्थान को स्वच्छ पेयजल, जिला पूर्ति अधिकारी को जलपान व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग को मंच निर्माण एवं बैरिकेडिंग, नगर निगम को स्वच्छता व्यवस्था तथा पुलिस विभाग को सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर कार्यक्रम को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

समस्त जनपद के मुख्यालयों में 23 मार्च 2026 को कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सूचना विभाग द्वारा राज्य सरकार की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार तथा साहित्य वितरण भी किया जाएगा। 

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर मुख्य नगर आयुक्त  प्रवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज शर्मा, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिहं, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधि.अभि लोनिवि ओपी सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला,  जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी  उपस्थित रहे।  



देहरादून :


 एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शत्प्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी। 

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 37  शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 17705 अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 384 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 90 हजार के लगभग बैकलॉग है। एलपीजी का घरेलू 37488 तथा व्यवसायिक का 1616 स्टॉक उपलब्ध है। बैकलॉग का कारण पिछलें दिनों  03 दिन जब बुंकिग सॉफ्टवेयर में क्राईसिस आ गई थी तो मैन्युअल रजिस्टर में अंकन कर उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जिसकी लगभग 25 हजार से अधिक की एन्ट्री साफ्टवेयर पर अद्यतन की जा रही है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।    

-

r

  या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।

    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।'
06 oct2024



नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कुष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'अनाहत' चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना चाहिए।


जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब इन्हीं देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी। अतः ये ही सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं। इनका निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है। वहाँ निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा भी सूर्य के समान ही दैदीप्यमान हैं।

इनके तेज और प्रकाश से दसों दिशाएँ प्रकाशित हो रही हैं। ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में अवस्थित तेज इन्हीं की छाया है। माँ की आठ भुजाएँ हैं। अतः ये अष्टभुजा देवी के नाम से भी विख्यात हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। इनका वाहन सिंह है। 

  सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

माँ कूष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। माँ कूष्माण्डा अत्यल्प सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली हैं। यदि मनुष्य सच्चे हृदय से इनका शरणागत बन जाए तो फिर उसे अत्यन्त सुगमता से परम पद की प्राप्ति हो सकती है।

विधि-विधान से माँ के भक्ति-मार्ग पर कुछ ही कदम आगे बढ़ने पर भक्त साधक को उनकी कृपा का सूक्ष्म अनुभव होने लगता है। यह दुःख स्वरूप संसार उसके लिए अत्यंत सुखद और सुगम बन जाता है। माँ की उपासना मनुष्य को सहज भाव से भवसागर से पार उतारने के लिए सर्वाधिक सुगम और श्रेयस्कर मार्ग है।

माँ कूष्माण्डा की उपासना मनुष्य को आधियों-व्याधियों से सर्वथा विमुक्त करके उसे सुख, समृद्धि और उन्नति की ओर ले जाने वाली है। अतः अपनी लौकिक, पारलौकिक उन्नति चाहने वालों को इनकी उपासना में सदैव तत्पर रहना चाहिए।चतुर्थी के दिन माँ कूष्मांडा की आराधना की जाती है। इनकी उपासना से सिद्धियों में निधियों को प्राप्त कर समस्त रोग-शोक दूर होकर आयु-यश में वृद्धि होती है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में चतुर्थ दिन इसका जाप करना चाहिए।

 मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्‍थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवेक से कार्य करें। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा।

Rashifal today 21 march 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। मनोरंजन का समय मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। कारोबारी वृद्धि की योजना बनेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। समय की अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से कोई भी कार्य न करें। विवाद में न पड़ें।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। बाहर जाने की योजना बनेगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार के साथ समय मनोरंजन में व्यतीत होगा। आय होगी। व्यापार ठीक चलेगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

थकान व कमजोरी रह सकती है। खान-पान पर ध्यान दें। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। मित्रों की सहायता करने का मौका मिलेगा। समय अच्छा व्यतीत होगा। प्रसन्नता रहेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

विवाद को बढ़ावा न दें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बनेगा। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। कोई बड़ा कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। कुसंगति से दूर रहें। हानि संभव है।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति पर व्यय होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में दखल न दें। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जल्दबाजी न करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। तनाव रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा। यात्रा में विशेष सावधानी रखें। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी मनोरंजक कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

दूर से अच्‍छे समाचार प्राप्त होंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। यात्रा मनोरंजक रहेगी। सामाजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। व्यापार ठीक चलेगा। परिवार के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

लेन-देन में जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है। कोई आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। रिश्तेदारों या मित्रों की सहायता करने का मौका मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। मित्रों के साथ समय मनोरंजक बीतेगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनोरंजन के साधन प्राप्त होंगे। तीर्थदर्शन की योजना बनेगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। परिवार के साथ रहने का अवसर प्राप्त होगा। लाभ होगा।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। जल्दबाजी व लापरवाही भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। हल्की हंसी-मजाक न करें। विवाद हो सकता है। किसी व्यक्ति की नाराजी से मन खराब होगा। मित्रों तथा रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। मनोरंजन होगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

बुद्धि का प्रयोग किसी भी समस्या का निवारण कर सकता है, यह याद रखें। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मित्रों का सहयोग व साथ मिलेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यापार ठीक चलेगा। समय सुखमय व्यतीत होगा।


 माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है तथा विविध प्रकार की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। ये क्षण साधक के लिए अत्यंत सावधान रहने के होते हैं।: 

Chandraghanta maa third navratri 








पिण्डजप्रवरारुढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता | प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता ||



माँ का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनके दस हाथ हैं। इनके दसों हाथों में खड्ग आदि शस्त्र तथा बाण आदि अस्त्र विभूषित हैं। इनका वाहन सिंह है। इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्यत रहने की होती है।
मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप और बाधाएँ विनष्ट हो जाती हैं। इनकी आराधना सद्यः फलदायी है। माँ भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र ही कर देती हैं। इनका उपासक सिंह की तरह पराक्रमी और निर्भय हो जाता है। इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों को प्रेतबाधा से रक्षा करती है। इनका ध्यान करते ही शरणागत की रक्षा के लिए इस घंटे की ध्वनि निनादित हो उठती है।
माँ का स्वरूप अत्यंत सौम्यता एवं शांति से परिपूर्ण रहता है। इनकी आराधना से वीरता-निर्भयता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का विकास होकर मुख, नेत्र तथा संपूर्ण काया में कांति-गुण की वृद्धि होती है। स्वर में दिव्य, अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है। माँ चंद्रघंटा के भक्त और उपासक जहाँ भी जाते हैं लोग उन्हें देखकर शांति और सुख का अनुभव करते हैं।

माँ के आराधक के शरीर से दिव्य प्रकाशयुक्त परमाणुओं का अदृश्य विकिरण होता रहता है। यह दिव्य क्रिया साधारण चक्षुओं से दिखाई नहीं देती, किन्तु साधक और उसके संपर्क में आने वाले लोग इस बात का अनुभव भली-भाँति करते रहते हैं।



हमें चाहिए कि अपने मन, वचन, कर्म एवं काया को विहित विधि-विधान के अनुसार पूर्णतः परिशुद्ध एवं पवित्र करके माँ चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना में तत्पर हों। उनकी उपासना से हम समस्त सांसारिक कष्टों से विमुक्त होकर सहज ही परमपद के अधिकारी बन सकते हैं।

हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखते हुए साधना की ओर अग्रसर होने का प्रयत्न करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए परम कल्याणकारी और सद्गति देने वाला है।

प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में तृतीय दिन इसका जाप करना चाहिए।



    या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


 हे माँ! सर्वत्र विराजमान और चंद्रघंटा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें।




www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.