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दिनांक 05 सितंबर 2026 को जनपद चंपावत के छीनीगोठ क्षेत्र में हुड्डी नदी का जलस्तर एवं वेग अचानक बढ़ने से नदी के दूसरी ओर तीन व्यक्ति फंस गए। तीनों व्यक्ति पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गए थे, इसी दौरान नदी का प्रवाह तेज हो जाने के कारण उनके वापस लौटने का मार्ग अवरुद्ध हो गया।


स्थानीय पटवारी द्वारा सूचना दिए जाने पर पोस्ट टनकपुर से उप निरीक्षक दीपक चंद्र जोशी के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों एवं वाहन के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


मौके पर पहुंचने के बाद SDRF जवानों के सामने तेज बहाव वाली नदी को पार कर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की चुनौती थी। विषम परिस्थितियों और नदी के बढ़ते वेग के बीच टीम ने अदम्य साहस, सूझबूझ एवं रेस्क्यू कौशल का परिचय देते हुए अभियान को आगे बढ़ाया।


SDRF जवानों ने कठिन परिस्थितियों में सुरक्षित रेस्क्यू तकनीकों का प्रयोग करते हुए नदी के दूसरी ओर फंसे तीनों व्यक्तियों तक पहुंच बनाई और एक-एक कर सभी को सकुशल सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।


 *रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों का विवरण:* 

1. पार्वती तिवारी, पत्नी श्री दीपक तिवारी, उम्र 36 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।

2. मुकेश जोशी, पुत्र श्री हरिदत्त जोशी, उम्र 50 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।

3. दीपक तिवारी, पुत्र श्री हरिनंदन तिवारी, उम्र 40 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।


SDRF टीम की तत्परता, साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा के चलते नदी के तेज बहाव के बीच फंसे तीनों लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

 

बिना स्वीकृत मानचित्र के चल रहे निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश और देहरादून में भवन स्वामियों पर कसा शिकंजा


देहरादून:

MDDA action


 मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने तीन अलग-अलग निर्माण स्थलों को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद अनधिकृत निर्माण कराने वाले भवन स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है। एमडीडीए अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।


प्राधिकरण के अनुसार ऋषिकेश में रेलवे स्टेशन के निकट, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे, रेलवे रोड स्थित विनोद अग्रवाल के निर्माण स्थल पर व्यावसायिक दुकान के लिए छत डालने का कार्य किया जा रहा था। निर्माण कार्य के संबंध में प्राधिकरण द्वारा उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973, यथा संशोधित, की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दायर किया गया। प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।


इसी तरह देहरादून के माजरा क्षेत्र में मुस्कान होटल के पीछे शाहिद के निर्माण स्थल पर बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किए जाने का मामला सामने आया। प्राधिकरण द्वारा मामले में वाद दायर करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई और मौके पर निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।


वहीं, इसी क्षेत्र में शाहिद के एक अन्य निर्माण स्थल पर भी बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किए जाने की शिकायत/प्रकरण सामने आया। जांच के बाद प्राधिकरण ने संबंधित प्रकरण में भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए स्थल को सील कर दिया।


स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण पर सख्ती


एमडीडीए अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास के लिए भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण या बिना मानचित्र के निर्माण किए जाने पर संबंधित भवन स्वामी के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए


एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास के लिए भवन निर्माण से पहले स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। बिना स्वीकृति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों के साथ-साथ निरीक्षण के दौरान सामने आने वाले अनधिकृत निर्माणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


 मोहन सिंह बर्निया, सचिव एमडीडीए


एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से अवैध एवं अनधिकृत निर्माणों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य शहर और प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित एवं नियमबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने भवन स्वामियों से अपील की कि निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराएं और निर्धारित मानकों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन मिलने पर नोटिस, वाद दायर करने, सीलिंग सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।


प्रदेश में अब तक 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन कराया गया बंद*

*मान्यता एवं निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश*


देहरादून।:

illeagl madarsa closed by CM Dhami


प्रदेश में निर्धारित मान्यता एवं शैक्षणिक मानकों का अनुपालन नहीं करने वाले मदरसों के विरुद्ध राज्य सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता संचालित मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।


अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि देहरादून में तीन मदरसों के संबंध में कार्रवाई की गई। इनमें आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील किया गया, जबकि मदरसा दार-ए-अरकम, आजाद कॉलोनी, माजरा तथा मदरसा दारूल उलूम रहीमिया के प्रबंधकों द्वारा मदरसों का संचालन बंद किए जाने संबंधी लिखित अंडरटेकिंग दी गई है।


उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन मदरसों के प्रबंधकों ने संचालन बंद किए जाने की लिखित सूचना दी है। इस प्रकार अब तक कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया गया है।


इसी क्रम में नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना तथा इंदिरा नगर, बनभूलपुरा में संचालित बिना मान्यता प्राप्त मदरसे को भी सील किया गया है।


हल्द्वानी नगर मजिस्ट्रेट ए.बी. वाजपेयी ने बताया कि संबंधित मदरसा प्रबंधकों को मान्यता से जुड़े आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों एवं मान्यता के बिना नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में लागू नई व्यवस्था के अंतर्गत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन कराया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन कर संचालित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग*


*युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति : मुख्यमंत्री*


*‘देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर है’, पूर्वोत्तर के युवाओं का मुख्यमंत्री धामी ने किया स्वागत*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में My Home India द्वारा आयोजित “NeST Fest-2026” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्र-छात्राओं एवं युवाओं का देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से स्वागत किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए My Home India की टीम को बधाई दी।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं तथा महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित युवा ऊर्जा के बीच उन्हें भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई दे रहा है। युवा केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि देश की उस युवा शक्ति के प्रतिनिधि हैं, जिनमें बड़े से बड़े सपनों को साकार करने का साहस और सामर्थ्य है।


उन्होंने कहा कि NeST Fest केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और देश की एकता-अखंडता का प्रतीक है। पूर्वोत्तर और उत्तराखण्ड के रहन-सहन, पहाड़ी परिवेश तथा भौगोलिक परिस्थितियों में कई समानताएं हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के बीच आत्मीयता और मजबूत होती है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश के अन्य हिस्सों के बीच भावनात्मक एकता का सेतु बन गया है। My Home India द्वारा पूर्वोत्तर के युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने का कार्य राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत कर रहा है। यही भावना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है।


उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारतीय संस्कृति के उस चमकते हुए मुकुट के समान है, जिसके बिना भारत की विविधता और सुंदरता अधूरी है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और देश की सुरक्षा में सशक्त प्रहरी की भूमिका निभाता है। पूर्वोत्तर ने मैरी कॉम, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, बाइचुंग भूटिया और भारत रत्न स्व. भूपेन हजारिका जैसी अनेक महान प्रतिभाएं देश को दी हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से भारत का नाम रोशन किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर को कभी देश से दूर नहीं माना, बल्कि उसे दिल के करीब रखा और देश के विकास का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन माना। दशकों पुरानी “लुक ईस्ट” नीति को आगे बढ़ाते हुए “एक्ट ईस्ट” और “फास्ट ईस्ट” की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद पूर्वोत्तर में सड़क, पुल, सुरंग, जलमार्ग, गैस ग्रिड, मोबाइल कनेक्टिविटी और ऑप्टिकल फाइबर सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी परियोजनाओं से पूर्वोत्तर में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए द्वार खुले हैं। आज पूर्वोत्तर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास प्रयासों के केंद्र में पूर्वोत्तर का युवा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति माना है। इसी सोच के साथ डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।


उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल और खेल के क्षेत्र में पूर्वोत्तर में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं, नए विद्यालय और मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए हैं तथा उच्च शिक्षा और कौशल विकास के नए संस्थान विकसित किए गए हैं। इससे पूर्वोत्तर के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 में उत्तराखण्ड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें देशभर के 10 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड से राष्ट्रीय खेलों की मशाल पूर्वोत्तर भेजी गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूर्वोत्तर में होने वाले राष्ट्रीय खेल भी खिलाड़ियों और युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएंगे तथा देशभर के खिलाड़ियों को उत्तराखण्ड की तरह ही बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।


उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के युवा खिलाड़ी आज अपनी प्रतिभा, मेहनत और जज्बे के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर से उत्तराखण्ड में शिक्षा प्राप्त करने आए छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि “देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में रह रहे पूर्वोत्तर के युवाओं की सुरक्षा, सम्मान और प्रगति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।


मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे खूब पढ़ें, खूब खेलें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि युवा विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

 *मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद टिहरी के विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के अन्तर्गत विकास खण्ड हिण्डोलाखाल के नागचौण्ड शिवालय का सौन्दर्यीकरण एवं विकास खण्ड कीर्तिनगर के खोलाकड़ाकोट में डुण्डेश्वर महादेव मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 1.05 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 82.62 लाख तथा जनपद उधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र खटीमा में श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर प्रांगण के सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 1.00 करोड की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 60 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में मोटरमार्ग बेडा से भट्ठयानी मेल्टीनाथ तक आंतरिक संपर्क सी०सी० मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 62.19 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 37.31 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा धौरणखास, जनपद देहरादून में टाईप द्वितीय के 36 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 2.27 करोड़ तथा नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बंधित सिंचाई विभाग की 27 योजनाओं हेतु ₹ 61.76 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही उरेडा मुख्यालय देहरादून में प्रस्तावित सुपर ई०सी०बी०सी० भवन के निर्माण हेतु ₹16.13 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में धनराशि ₹1.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद नैनीताल के अन्तर्गत हल्द्वानी में सम्भागीय परिवहन कार्यालय के अन्तर्गत चालक प्रशिक्षण संस्थान हेतु ₹ 9.80 करोड़, सम्भागीय परिवहन कार्यालय हेतु ₹ 10.98 करोड तथा ऑटोमेटिव ड्राईविंग टेस्ट ट्रैक हेतु ₹ 4.93 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया हैै। 


मुख्यमंत्री द्वारा चारधाम यात्रा मार्गों पर हैलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा तथा मौसम संबंधी वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न हैलीपोर्टों/हैलीपैडों पर ऑटोमेटेड वेदर आबजर्विग सिस्टम एवं सीलोमीटर की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण, कमीशनिंग तथा 03 वर्ष की व्यापक अनुरक्षण सेवा हेतु ₹ 10 करोड के सापेक्ष अवशेष धनराशि ₹ 7.56 करोड़, में से ₹ 4.78 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को विद्युत दरों में सब्सिडी प्रदान किये जाने हेतु प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष ₹ 36.51 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।



मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन भारतीय शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का प्रेरणास्रोत है। उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व आज भी शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रेरित करता है।


मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक नई पीढ़ी को ज्ञान, संस्कार और जीवन-मूल्यों से समृद्ध कर उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं। राष्ट्र एवं समाज निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

 

 नीब करौरी महाराज जी की भक्ति और सेवा भावना से हुए अभिभूत

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज हाथीबड़कला स्थित सेंट्रियो मॉल के सिनेमा हॉल पहुंचे, जहां उन्होंने परम श्रद्धेय बाबा नीब करौरी महाराज जी के जीवन, उनकी भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्री प्रदीप बत्रा सहित विभिन्न दायित्वधारी एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद कहा कि भारत की संत परंपरा सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाती रही है। बाबा नीब करौरी महाराज जी का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बाबा की भक्ति, मानव सेवा और सभी के प्रति प्रेम का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ महान संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि भी है। बाबा नीब करौरी महाराज जी का कैंची धाम आज विश्वभर में श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसी आध्यात्मिक विभूतियों के जीवन और संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाले रचनात्मक प्रयास भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को नई पीढ़ी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ भारत की समृद्ध संत परंपरा, भक्ति, सेवा, प्रेम और मानव कल्याण की भावना को केंद्र में रखती है। फिल्म के माध्यम से बाबा नीब करौरी महाराज जी की आध्यात्मिक यात्रा और उनके जीवन से जुड़े उन मूल्यों को सामने लाने का प्रयास किया गया है, जिनमें ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा, मानव सेवा, करुणा, प्रेम, विनम्रता और लोककल्याण प्रमुख हैं।


मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माताओं एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक एवं प्रेरणादायी फिल्मों से समाज में सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है।


उल्लेखनीय है कि ‘हनुमान अंश’ का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है और फिल्म में शोभिनव सतैया सहित अन्य कलाकारों ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म को 7 अगस्त 2026 को हिंदी में देशभर में रिलीज किया गया।

 देहरादून;.


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर एमडीडीए की ओर से प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं


मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन सत्य, न्याय, कर्तव्य और लोककल्याण का संदेश देता है। उनका जीवन समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा, करुणा और समरसता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया निष्काम कर्म का संदेश आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। गीता हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने की प्रेरणा देती है।


एमडीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि सुनियोजित, संतुलित और जनहितकारी विकास भी कर्तव्यनिष्ठा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एमडीडीए निरंतर प्रयासरत है कि देहरादून-मसूरी क्षेत्र का विकास नियोजित ढंग से हो और शहरों में बेहतर सुविधाओं के साथ स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित वातावरण विकसित किया जा सके।


इस अवसर पर एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।


*147 करोड़ 05 लाख रुपये की पेंशन धनराशि लाभार्थियों के खातों में भेजी गई*

*अगस्त माह में 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन स्वीकृत*

*जिन पात्र लाभार्थियों का आधार नहीं बन पा रहा, उन्हें चिन्हित कर अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए—मुख्यमंत्री*

pension transfer by CM Dhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत माह अगस्त 2026 की पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से भुगतान किया। इसके माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के खातों में  147 करोड़ 05 लाख रुपये की पेंशन धनराशि भेजी गई। अगस्त माह में विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन भी स्वीकृत की गई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर, जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सरलता एवं समयबद्धता से मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान कर रही है। उन्होंने कहा कि पेंशन व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं लाभार्थी केंद्रित बनाते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं से आच्छादित करने के लिए निरंतर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन पात्र लाभार्थियों का किसी कारणवश आधार नहीं बन पा रहा है, उन्हें चिन्हित कर उनके लिए अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए, ताकि आधार संबंधी समस्या के कारण कोई भी पात्र लाभार्थी पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।



प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि अगस्त 2026 में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन योजनाओं के कुल 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के लिए 147 करोड़ 05 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। बताया गया कि कुल पेंशन लाभार्थियों में 2 लाख 14 हजार 711 लाभार्थी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत तथा 7 लाख 77 हजार 203 लाभार्थी राज्य स्तर पर आच्छादित हैं। अगस्त माह के पेंशन भुगतान में लगभग 140 करोड़ 11 लाख रुपये राज्यांश तथा 6 करोड़ 94 लाख रुपये केंद्रांश है।


प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि अगस्त माह में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कुल 5,605 नई पेंशन स्वीकृत की गई हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 3,945, विधवा पेंशन के 1,000, दिव्यांग पेंशन के 416, किसान पेंशन के 106, परित्यक्ता पेंशन के 23 तथा भरण-पोषण अनुदान के 115  लाभार्थी शामिल हैं।


बैठक में आगामी कार्यक्रमों के संबंध में भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। बताया गया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार द्वारा 18 एवं 19 सितम्बर 2026 को डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। सम्मेलन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता से संबंधित प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्र, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच संवाद किया जाएगा।


इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्री खजानदास, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री विक्रम यादव। संयुक्त सचिव श्री धीरेंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक श्री गीताराम नौटियाल, सहायक निदेशक श्रीमती हेमलता पांडेय एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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