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 ’कैबिनेट द्वारा लिये गये अहम निर्णय:



1. परिवहन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को मंत्रीमण्डल को अनुमोदन। 

मंत्रीमण्डल द्वारा परिवहन विभाग में पूर्व में सृजित पदों के सापेक्ष वर्दी निर्धारण को लेकर अनुमोदन प्रदान किया गया, जिसमें अब पुलिस विभाग के चालकों के अनुसार, प्रवर्तन चालकों का भी वर्दी का निर्धारण किया गया है।


2. कुम्भ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में होने वाले स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 01 करोड़ तक के कार्यों को मेलाधिकारी द्वारा तथा 05 करोड़ तक कार्यों को आयुक्त गढ़वाल मंडल द्वारा स्वीकृत किए जाने हेतु मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। 05 करोड़ से अधिक के कार्यों में पूर्व की भांति शासन से स्वीकृति प्राप्त की जायेगी।


3. उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी

उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली (संशोधन) 2026 के अन्तर्गत सैनिकों से संबंधित बढ़ते मामलों को देखते हुए अब जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य के रूप में नामित होंगे। इसके अतिरिक्त विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क सेवा के अन्तर्गत ऐसेड अटैक विक्टिंग को भी शामिल करने का मंत्रिमंडल द्वारा दिया गया अनुमोदन। 


4. औद्योगिक विकास विभाग के अन्तर्गत उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन करते हुए पूर्व में खनिज पर निर्धारित रॉयल्टी की दर ₹7 प्रति कुंतल से बढ़ाकर ₹8 प्रति क्विंटल किए जाने का निर्णय मंत्रीमण्डल द्वारा लिया गया।


5. पूर्व में पारित आबकारी नीति के तहत 6 प्रतिशत वैट की दरों का निर्धारण किया गया था। आबकारी नीति के अनुसार ही वाणिज्य कर विभाग द्वारा अपनी नियमावली में 6 प्रतिशत वैट की दरों के संशोधन हेतु प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया।


6. परिवहन विभाग द्वारा 250 बस क्रय करने के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल द्वारा दी गई अनुमति।


7. परिवहन विभाग को पूर्व में शासन द्वारा 100 बस खरीदने की अनुमति दी गई थी। वर्तमान समय में जीएसटी के रेट 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के चलते अब परिवहन विभाग को 100 की जगह 109 बस क्रय करने की अनुमति मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई। 


8. वन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली, 2016 के संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी।

उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली, 2016 में संशोधन करते हुए वन दरोगा के पद के लिए शैक्षिक अर्हता को इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक किए जाने तथा वन दरोगा की आयु सीमा को 21 वर्ष 35 वर्ष करने एवं वन आरक्षी हेतु आयु सीमा 18 वर्ष से अधिकतम 25 वर्ष किए जाने का मंत्रीमंण्डल द्वारा अनुमति दी गई। इस संबंध में कार्मिक विभाग द्वारा पूर्व में पारित वर्दीधारी नियमावली के अनुबन्ध भी लागू रहेंगे।


9. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अन्तर्गत अक्टूबर 2025 में उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 को अधिसूचित किया गया था, इसमें अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता एवं संस्थानों की शैक्षिक उत्कृष्टता को सुविधाजनक बनाने और बढ़ावा देने एवं अन्य कार्यों की व्यवस्था इस अधिनियम में की गई थी। इस व्यवस्था में कक्षा 01 से कक्षा 12 तक संचालित अल्पसंख्यक संस्थाओं को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेने का प्रावधान किया गया था। 

वर्तमान में राज्य में 452 मदरसे है, जिनमें लगभग 400 से अधिक मदरसो में कक्षा 01 से कक्षा 8 तक की ही पढ़ाई कराई जाती है। इन मदरसों के अनुरोध एवं उनकी सुविधा के लिए कक्षा 01 से 8 तक के संचालन करने वाले अल्पसंख्यक संस्थाओं की संबद्धता अब जिला स्तरीय शिक्षा समिति/शासन द्वारा निर्धारित सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित किया जाएगा। कक्षा 09 से 12 तक के संचालन करने वाले अल्पसंख्यक संस्थाओं को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता लेनी होगी। इस व्यवस्था को लागू करने हेतु मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम में अध्यादेश लाने का भी अनुमोदन मंत्रीमण्डल द्वारा प्रदान किया गया।


10. कार्मिक विभाग के अन्तर्गत विभिन्न विभागों में एकल संवर्ग में एक वर्ष के भीतर प्रतीक्षा सूची प्राप्त हो गई है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए और भविष्य हेतु एक स्पष्ट एसओपी बना ली जाए, ताकि सभी विभागों और आयोगों को इसके संबंध स्पष्टता सुनिश्चित हो सके, जिस पर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया। 

 

11. मा. सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में रिट याचिका रजनीश कुमार पांडे व अन्य बनाम भारत सरकार में 28 अक्टूबर, 2021 को निर्णय पारित हुआ था। जिसके क्रम में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2022 में माध्यमिक स्तर हेतु विशेष शिक्षा शिक्षकों की शैक्षिक अर्हताएं तय की गई थी, उसी के अनुसार विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों पर भर्ती हेतु उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली में शैक्षिक योग्यताएं रखी गई है, जिस पर मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन दिया गया।


12. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को कैबिनेट की मंजूरी।

उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमति दी गई। पूर्व में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक के कुल 62 पद सृजित किए गए थे, परंतु उनकी सेवा नियमावली प्रख्यापित नहीं की गई थी, जिसके कारण अध्यापकों के प्रमोशन आदि प्रभावित हो रहे थे।


13. लोक निर्माण विभाग के अन्र्तगत 2023 में 2010 पदों पर जेई की भर्ती हुई थी, जिसमें दिव्यांग श्रेणी के 07 पदों पर भर्ती की जानी थी, परंतु उस समय उस कैटेगरी के लोग नहीं मिल पाने की वजह से सामान्य श्रेणी से उनकी भर्ती की गई। मा. उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार दिव्यांगजनों के पदों को 2023 से ही रिक्त रखना था। क्यांेकि यह पद रिक्त नहीं रखे जा सके, जिन्हें 2023 से ही सृजित करने के प्रस्ताव को मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति दी गई।


14. पूर्व में 01 जनवरी, 2026 को मंत्रिमंडल का निर्णयनुसार पेंशन हेतु अर्हकारी सेवा और विधिमान्य अधिनियम के संबंध में 16 जनवरी, 2026 को वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन दिये जाने एवं उनकी सेवा की गणना के संबंध में शासनादेश निर्गत किये गये थे। इसके उपरांत कई कार्मिक द्वारा मा. उच्च न्यायालय में गए थे और मा. उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश जारी किये गये। मा. उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश को मंत्रीमण्डल के संज्ञानार्थ प्रस्तुत किया गया। 


15. उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली, 2025 के अंतर्गत सूचीबद्ध ‘डी‘ श्रेणी के ठेकेदारों हेतु निविदा सीमा को 01 करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ किये जाने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमति दी गई। 


16. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के क्रम में पूर्व में सरकारी कॉलेज हेतु मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना शुरू की गई थी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वर्तमान में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों है, जहां नियमित प्राचार्य है, ऐसे महाविद्यालयों में भी मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना को लागू करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमति दी गई। 


17. वन विभाग द्वारा वन क्षेत्रों की सीमा पर प्रस्तावित मौन पालन की नीति को मंत्रीमण्डल द्वारा दी स्वीकृति।

प्रदेश में लोगों की आर्थिकी में वृद्धि करने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने एवं मानव और हाथी संघर्ष को कम करने तथा वन क्षेत्रों की सीमा में मौनपालन की सम्भावना को देखते हुए उत्तराखंड वन सीमांत मौनपालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव हाथी संघर्ष न्यूनीकरण नीति को मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति दी गई। राज्य का 70 प्रतिशत भूभाग वन अच्छादित है, जिससे वन क्षेत्रों की सीमा में मौनपालन की सम्भावना अत्याधिक है।

श्रीनगर:




​बीते रविवार 26 अप्रैल 2026 को समय लगभग 16:20 बजे कोतवाली श्रीनगर के माध्यम से SDRF को सूचना प्राप्त हुई थी कि श्रीनगर स्थित अलकनंदा नदी के NIT घाट के पास एक युवक नदी में नहाने के दौरान डूब गया है। सूचना मिलते ही निरीक्षक श्रीमती मंजरी नेगी के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।


लापता छात्र की पहचान *आनंद सोहम (उम्र 21 वर्ष), पुत्र श्री सोभन सोहम निवासी आंध्रप्रदेश* के रूप में हुई, जो NIT श्रीनगर में छठे सेमेस्टर (6th Sem) का छात्र था।​ 


पिछले कुछ दिनों से निरीक्षक मंजरी नेगी,उप निरीक्षक ललित मोहन भट्ट और अपर उप निरीक्षक तेजपाल राणा  के नेतृत्व में टीमें लगातार सर्चिंग में जुटी रहीं ,​रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF की 2 टीमें और आपदा राहत दल (40 PAC) की टीम द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाया गया।


​नदी की गहराई में डीप डाइविंग और विभिन्न संभावित स्थानों पर सघन तलाशी ली गई। लगातार जारी सर्च अभियान के दौरान, आज दिनांक 30 अप्रैल 2026 को निरीक्षक मंजरी नेगी के नेतृत्व में टीम द्वारा पुनः सर्चिंग शुरू की गई, सर्चिंग के दौरान टीम द्वारा उक्त छात्र के शव को नदी से बरामद कर लिया गया। शव को अग्रिम वैधानिक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।



​देहरादून | 30 अप्रैल, 2026




​आज शाम 16:18 बजे, आपदा कंट्रोल रूम देहरादून के माध्यम से SDRF को सूचना प्राप्त हुई कि गुच्चूपानी में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण कुछ पर्यटक वहां फंस गए हैं। सूचना मिलते ही SDRF पोस्ट सहस्त्रधारा से अपर उपनिरीक्षक मनोज जोशी के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम तत्काल आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गई।


​​प्रारंभिक सूचना 03 व्यक्तियों के फंसे होने की थी, किंतु मौके पर पहुँचने के बाद टीम ने पाया कि कुल 07 पर्यटक उफनती नदी और टापू जैसी स्थिति में फंसे हुए थे। पानी का बहाव तेज होने के कारण पर्यटक घबराए हुए थे।


​SDRF टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद सभी सातों व्यक्तियों को एक-एक कर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। 


 *रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों का विवरण:* 

1-​रोहित, पुत्र श्री राम कुमार, उम्र 27 वर्ष, निवासी  डोईवाला।

2-​मनीष, पुत्र  श्री अशोक कुमार, उम्र 41 वर्ष, निवासी तिलक रोड, ऋषिकेश।

3-​सागर थापा, पुत्र  श्री तेग बहादुर थापा, उम्र 22 वर्ष, निवासी डोईवाला।

4-​अंकित, पुत्र  श्री राकेश कुमार, उम्र 40 वर्ष, निवासी चन्द्र विहार, काली चौक।

5-​नवजोत, पुत्र  श्री  मोहन सिंह, उम्र 31 वर्ष, निवासी  प्रेमनगर।

6-​सौरभ सिंह, पुत्र  श्री रमेश सिंह, उम्र 27 वर्ष, निवासी बडोवाला, देहरादून।

7-​मनीष, पुत्र श्री हरिप्रसाद, उम्र 32 वर्ष, निवासी डोईवाला।

डोईवाला:



icse high school result topper doiwala


क्षेत्र में आईसीएससी  हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ है, जिसमे क्षेत्र के तीनों स्कूलों प्रेसीडेंसी स्कूल भानियावाला, दून पब्लिक स्कूल ,क्राइस्ट स्कूल में से प्रेसीडेंसी स्कूल भनियावाला की छात्रा दिया गोयल ने 95.20 प्रतिशत अंक लाकर   डोईवाला में टॉप किया है।

 होनहार छात्रा  दिया गोयल  स्वर्गीय श्री पन्ना लाल गोयल जी की पौत्री है जिनका हाल ही में असामयिक निधन हो गया था।

 दिया की दादी ममता गोयल ,पिता अमित गोयल एवं माता  पूजा गोयल ने उसकी कठिन मेहनत, अध्यापकों के सहयोग  को इसका श्रेय दिया है। दिया  ने अपनी इस सफलता का श्रेय  अपने स्वर्गीय दादा , माता पिता एवं अध्यापकों के सहयोग को देते हुए मेडिकल क्षेत्र में जाने की इच्छा जताई है।






*आईटीआई श्रीनगर में लगेगा रोजगार मेला, ऑटोमोबाइल सेक्टर की बड़ी कंपनियां लेंगी हिस्सा*



कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के तत्वावधान में दिनांक 5 मई, 2026 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), श्रीनगर (गढ़वाल) में एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह रोजगार मेला पूर्वाह्न 11 बजे से प्रारंभ होगा।


क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी, लैंसडाउन उत्तम कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रोजगार मेले में हरिद्वार परिक्षेत्र की ऑटोमोबाइल सेक्टर की प्रतिष्ठित कंपनियां जैसे जेके टायर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज मोटर्स, रॉकमैन, शिवम ऑटोटेक तथा मुंजाल शोवा सहित लगभग 10 से 12 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिभाग करने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मेले के माध्यम से लगभग 700 से 800 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, हालांकि रिक्तियों की संख्या आवश्यकता के अनुसार परिवर्तनीय हो सकती है।


सेवायोजन अधिकारी ने कहा कि रोजगार मेले में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, आईटीआई (फिटर, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, ऑटोमोबाइल), डिप्लोमा (इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल) तथा बीएससी स्नातक निर्धारित की गयी है। उन्होंने कहा कि इच्छुक अभ्यर्थियों से अपेक्षा की गयी है कि वे अपने साथ नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो, अद्यतन बायोडाटा, सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र एवं सेवायोजन पंजीकरण प्रमाण पत्र लेकर निर्धारित तिथि एवं समय पर मेले में उपस्थित हों।



 जल जीवन मिशन 2.0 के अन्तर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग,राष्ट्रीय जल जीवन मिशन, जल शक्ति मंत्रालय और उत्तराखण्ड सरकार के मध्य एम.ओ.यू पर हस्ताक्षर किये गये। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह एमओयू उत्तराखण्ड में जल जीवन मिशन के कार्यों को नई गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय एवं सीमावर्ती राज्य में जल जीवन मिशन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि लगभग 14 लाख ग्रामीण परिवारों के जीवन, स्वास्थ्य और सुविधा से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण अभियान है। राज्य में जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगभग 16,500 योजनाएं स्वीकृत हुई हैं। अधिकांश योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं तथा शेष पर कार्य तेजी से गतिमान है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र, दूरस्थ गांव, भूस्खलन एवं आपदा संवेदनशीलता के कारण उत्तराखंड में योजनाओं का क्रियान्वयन सामान्य राज्यों की तुलना में अधिक जटिल है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हिमालय संरक्षण एवं जल स्रोत संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, जल स्रोत संरक्षण अभियान और जनभागीदारी कार्यक्रमों के माध्यम से हिमालय के दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए राज्य में बड़े स्तर पर पौधारोपण, जल संरक्षण और जन-जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नौले, धारे एवं वर्षा आधारित नदियों जैसे पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए राज्य में स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी का गठन किया है। विगत एक वर्ष में सारा के माध्यम से राज्य के 6,500 से अधिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं उपचार का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। साथ ही, लगभग साढ़े तीन मिलियन घन मीटर वर्षा जल संचयन कर जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। जल शक्ति अभियान के माध्यम से 1000 गांवों में तालाबों एवं पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का कार्य भी संचालित किये जा रहे हैं। 


केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने राज्य सरकार द्वारा स्प्रिंग एंड रिवर रेजुवनेशन के माध्यम से जल स्रोतों और नदियों के पुनर्जीवीकरण एवं जल शक्ति अभियान के तहत एक हजार गांवों में तालाबों के पुनर्जीवन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राज्य को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। 


इस अवसर पर केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना, सचिव जल शक्ति मंत्रालय श्री अशोक कुमार मीणा, अपर सचिव जल शक्ति मंत्रालय श्री कमल किशोर सोन, संयुक्त सचिव स्वाति मीणा, रेजिडेंट कमिश्नर श्री अजय मिश्रा, वर्चुअल माध्यम से सचिव पेयजल श्री रणवीर सिंह चैहान एवं प्रबंध निदेशक जल जीवन मिशन श्री रोहित मीणा उपस्थित थे।


देहरादून:

*मेहुवाला माफी में 15 से 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर, जाखन और कुठाल गेट क्षेत्र में सीलिंग की कार्रवाई*

Illegal plot destroyed by MDDA in mehuwala

Illegal plot destroyed by MDDA in mehuwala


मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ व्यापक अभियान लगातार जारी है। प्राधिकरण ने सेक्टरवार टीमों का गठन कर प्रत्येक दिन निरीक्षण और कार्रवाई सुनिश्चित की है, जिससे शहर के नियोजित विकास को गति मिल सके और अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। एमडीडीए के अधिकारियों के निर्देशों के तहत मेहुवाला माफी, राजपुर, जाखन तथा कुठाल गेट डोईवाला क्षेत्रों में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की गई, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया।


*जाखन और कुठाल गेट क्षेत्र में सीलिंग की कार्रवाई*

प्राधिकरण द्वारा जाखन जोहड़ी रोड के निकट एसबीआई के पास मनीष कौशल द्वारा निर्मित अवैध बहुमंजिला भवन को सील किया गया। इसके अतिरिक्त, कुठाल गेट क्षेत्र में भी दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई। दिलशाद हुसैन द्वारा बेस्ट ग्रीन वैली, मसूरी रोड के निकट किए गए अवैध निर्माण को सील किया गया। वहीं, कुलदीप सलूजा द्वारा कुठाल गेट के समीप किए गए दो अवैध निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन सभी कार्रवाइयों को सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता सचिन कुमार एवं सुपरवाइजर की मौजूदगी में विधिवत अंजाम दिया गया।


*मेहुवाला माफी में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर*

एमडीडीए ने मेहुवाला माफी क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृत मानचित्र के की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। यह प्लॉटिंग सुरेश कुमार एवं अन्य द्वारा दुर्गा विहार कॉलोनी के निकट विकसित की जा रही थी। इस कार्रवाई को सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में अंजाम दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग में संलिप्त लोगों में स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


*अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति- बंशीधर तिवारी* 

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के संतुलित और सुव्यवस्थित विकास के लिए यह आवश्यक है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही किए जाएं। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा सेक्टरवार टीमों का गठन कर नियमित निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल शहर की संरचना को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें और नियमों का पालन करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।


*अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की सूचना प्राधिकरण को दें- मोहन सिंह बर्निया* 

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणों  से सम्बन्धित गतिविधियों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है और प्रकरणों पर नियमानुसार तत्काल प्रभाव से सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता शहर का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए आम नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अवैध प्लॉटिंग या निर्माण में शामिल न हों और गतिविधि की सूचना प्राधिकरण को दें।

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