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 टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः सीएम*

*नौ मार्च तक चलने वाले 'टिहरी लेक फेस्टिवल' की भव्य शुरूआत*

*सीएम ने किया कोटी डोबरा पर्यटन मार्ग का वर्चुअल शिलान्यास*

tehri lake festival CM Dhami


 पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच 'हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल' का भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इसका उद्घाटन करते हुए विश्वास प्रकट किया कि सुंदर टिहरी झील आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में साहसिक खेलों और पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी। इस मौके पर उन्होंने घोषणा कि कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे का निर्माण कराया जाएगा।



 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में देश-विदेश से आए खिलाड़ियोें के साथ ही अन्य मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा आध्यात्मिकता और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम रही है। हमारी नदियां, हमारे पर्वत, हमारी झीलें और हमारी परंपराएं पूरे विश्व को आकर्षित करती रही हैं। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी झील के किनारे आयोजित ये महोत्सव पर्यटन, खेल और स्थानीय संस्कृति तीनों को एक मंच पर लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसी टिहरी झील प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण होने के साथ- साथ साहसिक खेलों के आयोजन स्थल के रूप में तेजी से उभर रही है। यहां आयोजित होने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही हैं, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने का काम भी कर रही हैं।


मुख्यमंत्री ने टिहरी को लेकर अपनी सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि टिहरी को वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए टिहरी झील में कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्की, पैरा-सेलिंग, स्कूबा डाइविंग और अन्य साहसिक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ताकि हमारे युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि टिहरी झील के आसपास विकसित हो रहा यह खेल और पर्यटन तंत्र स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा कर रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि टिहरी झील केवल एक पर्यटन स्थल ही न रहे, बल्कि खेल, संस्कृति और प्रकृति के संगम का वैश्विक केंद्र भी बने। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार के प्रयास जारी रहेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव जगजाहिर है और उन्होंने स्वयं यहां आकर हमें प्रेरित और प्रोत्साहित किया है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन और साहसिक खेलों को प्रोत्साहन देेने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का खास तौर पर जिक्र किया। इस क्रम में उन्होंने आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई-एल्टीट्यूड मैराथन, माणा में एमटीबी चैैलेंज, एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे बडे़ स्तर के आयोजनों की चर्चा की।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि हमारे युवा केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि अपने सामथ्र्य और परिश्रम से नए अवसरों का सृजन भी करें। उन्होंने कहा कि आज टिहरी में 400 से अधिक युवा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह जानकारी खुशी देने वाली है। पूर्ण विश्वास है कि ये युवा भविष्य में उत्तराखंड को वैश्विक पैराग्लाइडिंग मानचित्र पर स्थापित करने में अवश्य सफल रहेंगे।


अपने संबोधन में उन्होंने टिहरी क्षेत्र में विकास कार्यों की तस्वीर को सामने रखा। उन्होंने बताया कि टिहरी क्षेत्र के के समग्र विकास हेतु लगभग 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है। इसमें टिहरी झील का विकास, रिंग रोड का निर्माण, तिमाड़ गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने जैसे प्र्रमुख कार्य शामिल हैं। इसके अलावा यहां भिलंगना विकासखंड की सुनारगांव ग्राम पंचायत को एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशिष्ट पहाड़ी शैली में एक नया आंगनबाड़ी भवन भी बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में जिले के सभी ब्लाक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 10 कॉम्पेक्टर केंद्रों और 4267 कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थापना का भी जिक्र किया।


इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, क्षेत्रीय सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक श्री किशोर उपायाय, श्री विक्रम सिंह नेगी, श्री विनोद कंडारी, श्री शक्तिलाल शाह, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण, जिलाधिकारी श्रीमती नितिका खंडेलवाल, नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत व चंबा की अध्यक्ष सोबनी धनोला, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंह रावत प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इससे पहले, मुख्यमंत्री का यहां पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। सीएम ने देवडोलियों से आशीर्वाद भी लिया ।


*कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का शिलान्यास*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का रिमोट दबाकर वर्चुअल शिलान्यास किया। यह मार्ग एशियन डेवलपमेंट बैंक के स्तर पर वित्त पोषित है,जिसकी कुल लागत 318 करोड़ है। इस मार्ग की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है।


*नौ मार्च तक होंगी विभिन्न गतिविधियां*

-टिहरी लेक फेस्टिवल में नौ मार्च तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साहसिक खेल व पर्यटन गतिविधियों के अलावा लोक संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।

चार साल बाद टूटा गतिरोध, बढ़ा मेजबानी का दायरा

लेक फेस्टिवल की गतिविधियां इस बार सिर्फ टिहरी में नहीं, कई अन्य जगह भी

-नरेंद्रनगर, घनसाली, प्रतापनगर,  धनोल्टी, देवप्रयाग भी इस बार मेजबान

-2021 के बाद नहीं हुआ था आयोेजन, कोरोना के कारण लगा था ब्रेक


कोटी कालोेनी (टिहरी), 06 मार्च। इस बार का टिहरी लेक फेस्टिवल कई मायनों में खास है। सबसे खास बात चार वर्षों से चले आ रहे गतिरोध के टूटने से जुड़ी है। कोविड-19 की वजह से इस आयोजन पर ग्रहण लग गया था। मगर राज्य सरकार ने ठानी, तो इस बार गतिरोध टूट गया। एक और अहम बात काबिलेगौर है। इस बार सिर्फ टिहरी शहर ही इस आयोजन का मेजबान नहीं है, बल्कि मेजबानी का दायरा कई अन्य शहरों तक फैल गया है। यह पहली बार हो रहा है कि नरेंद्रनगर, घनसाली, प्रतापनगर, धनोल्टी और देवप्रयाग जैसे स्थान भी इस आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं।

दरअसल, राज्य सरकार बडे़ आयोजनों को किसी एक जगह पर केंद्रित न रखकर उसे विभिन्न स्थानों पर आयोजित करा रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा इस रूप में आता है कि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों को बडे़ आयोजन से एक्सपोजर मिलता है। राष्ट्रीय खेलों का उदाहरण हमारे सामने है, जिसे देहरादून के अलावा, हरिद्वार, हल्द्वानी, रूद्रपुर से लेकर टिहरी, पिथौरागढ़ जैसे स्थानों में भी आयोजित किया गया।

टिहरी लेक फेस्टिवल के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, जबकि देवप्रयाग, नरेंद्रनगर, प्रतापनगर, धनोल्टी और घनसाली जैसे क्षेत्रों को इस आयोजन से जोड़ा गया हो। इन जगहों पर ट्रैकिंग के इवेंट से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन किया जा रहा है। एक तरह से कह सकते हैं कि पहली बार टिहरी लेक फेस्टिवल में टिहरी शहर नहीं, बल्कि पूरा जिला मेजबान बतौर अपनी भूूमिका निभा रहा है। टिहरी की डीएम नितिका खंडेलवाल का कहना है कि टिहरी जिले के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जो पर्यटन के मानचित्र पर और भी ज्यादा चमक सकते हैं। टिहरी लेक फेस्टिवल में ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों की सहभागिता से अच्छे व सार्थक परिणाम मिलेंगे।


कोट--

-टिहरी उत्तराखंड का ऐसा जिला है, जो पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं समेटे हुए हैं। टिहरी झील का आकर्षण तो जगजाहिर है। देश-दुनिया के लोग यहां पर खिंचे चले आ रहे हैं। सरकार यहां पर सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। ताकि टिहरी पर्यटन के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर पाए।

-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।

: टिहरी झील में रोमांच के सफर पर निकले सीएम

cm dhami tehri festival


लेक फेस्टिवल में दिखे सीएम पुष्कर सिंह धामी के अलग-अलग अंदाज

देहरादून। लाइफ जैकेट पहने सीएम पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को जब टिहरी झील के करीब पहुंचे, तो उनके पास दो विकल्प थे। या तो वह अपने मंत्रिमंडल के सहयोगी सुबोध उनियाल और अपने विधायक साथियों के साथ पहले बोटिंग करते या फिर एक गाइड के साथ अकेले ही जेट स्की का आनंद लेने निकल पड़ते। उन्होंने जेट स्की पर हाथ आजमाना चुना और निकल पडे़ रोमांच के सफर पर। बाद में उन्होंने बोटिंग भी की।

टिहरी लेक फेस्टिवल का विधिवत उद्घाटन करने के बाद शुक्रवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कोटी कालोनी में लगे तमाम स्टाॅल का निरीक्षण किया। उन्होंने आईटीबीपी के जवानों से भी मुलाकात की। इसके बाद वह टिहरी झील की तरफ चले गए और एक-एक गतिविधि का हिस्सा बनकर फेस्टिवल का प्रमोशन किया। बोटिंग में उनके साथ कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक किशोर उपाध्याय, विनोद कंडारी, शक्तिलाल शाह आदि मौजूद रहे।


खूब चखे पहाड़ी व्यंजन, की तारीफ

-कोटी कालोनी स्थित आयोेजन स्थल पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पहाड़ी व्यंजनों का लुत्फ भी उठाया। यहां पर महिलाओं की रामलीला समिति ने आकर्षक स्टॉल लगाया है। इसे पहाड़ी घर नाम दिया गया है, जहां पर पहाड़ी व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सीएम ने यहां पर पहुंचकर पहाड़ी व्यंजन का आनंद लिया। इससे महिलाएं उत्साहित नजर आईं। समिति से जुड़ीं रचना उनियाल के अनुसार-सीएम ने उनकी समिति को प्रोत्साहित किया है। सीएम ने लाल चावल, भट्ट की चुटकाणी, झंगोरे की खीर खाकर उसकी तारीफ की।

 


सरकार द्वारा पेश किये गये मानव विकास इंडेक्स से सम्बन्धित आंकडे धरातल से बिल्कुल अलगः- काजी निजामुद्दीन

देहरादून 6 मार्च
congress talk over ahainst development index released by govt



अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं दिल्ली प्रभारी विधायक काजी निजामुद्दीन ने एक महत्वपूर्ण विषय पर पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा पेश किये गये मानव विकास इंडेक्स से सम्बन्धित आंकडे धरातल से बिल्कुल अलग हैं।
काजी निजामुद्दीन ने कहा कि एक तरफ सरकार मानव विकास इंडेक्स के बडे-बडे दावे प्रस्तुत कर रही है वहीं दूसरी ओर देहरादून की हवा दूषित होती जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में एक्यूआई का आंकडा 604 के पार पहुंच चुका था आज बडे-बडे अधिकारी और सरकार के मंत्री, विधायक बिना फिल्टर किया हुआ पानी नहीं पी सकते हैं और मानव विकास की बडी-बडी बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि बडे दुःख की बात है कि सरकार जनता के समक्ष सच को रखने से कतरा रही है। 2023 का गृह मंत्रालय का आंकडा जो कि सितम्बर 2025 में सामने आया कि उत्तराखंड में जन्म के समय लिंगानुपात की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड राज्य में सबसे दयनीय है। यहां पर 1000 पुरुषों पर 868 महिलाएं हैं ये आंकडे भारत सरकार के गृह मंत्रालय के हैं जिन्हें सरकार नकार नहीं सकती है।
काजी निजामुद्दीन ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा पेश किये गये प्रदेश की आर्थिकी के आंकडे इतने मजबूती और अच्छे हैं तो प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन क्यों नहीं रूक रहा है इसका मतलब है कि सरकार जो आंकडे पेश कर रही है वे धरातल पर कहीं नहीं है। मैं इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से सही आंकडे पेश कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि 2016-17 में कांग्रेस की सरकार के समय इस प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 12601 थी जो 2025 में 11116 बची हुई है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 2889 थी जो अब 250 बची हुई है। माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 1100 थी वह अब 921 ही बची हुई है। कुल विद्यालय 2017 में 17753 थे जो अब 16018 ही बचे हुए हैं यह सरकारी आंकडा है जो लोकसभा के प्रश्न संख्या 1436 के जवाब में 9 फरवरी 2026 को सदन में दिया गया है।
निजामुद्दीन ने कहा कि सामाजिक क्षेत्र के विकास शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विकास का व्यय जो कि कांग्रेस की सरकार के समय उच्च स्तर पर था वह अब घट कर 40 प्रतिशत तक पहुंच गया है और ये उस डबल इंजन की सरकार के आंकडे हैं जो सबका साथ-सबके विकास की बात करती है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड की सबसे बडी समस्या बेरोजगारी तो है ही परन्तु बेरोजगारी के साथ-साथ अधरोजगारी भी है जहां पर शिक्षित युवा अपनी योग्यता से कम योग्यता वाले पदों पर नौकरी करने के लिए मजबूर है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कल आंकडा प्रस्तुत किया कि इस प्रदेश की पर कैपिटा इनकम 2लाख 73 हजार रूपये है जिसके हिसाब से प्रति व्यक्ति 23 से 24 हजार रूपये प्रतिमाह कमाता है। उन्होंने कहा ये आंकडे उन शहरी क्षेत्रों के हैं जहां पर एम्स है, प्राइवेट नौकरियां हैं, जहां पर अधिकारी रहते हैं इनकी सच्चाई पता करनी है तो पिथौरागढ़, अल्मोडा, बागेश्वर या खानपुर अथवा नारसन जाइये और पता करिये कि क्या जो लोग यहां रहते हैं उनकी आय 23-24 हजार रूपये है।
काजी निजमुद्दीन ने कहा कि पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे का आंकडा बताता है कि रोजगार की जो गुणवत्ता है वह प्रदेश में सबसे कम है। शिक्षा ज्यादा होने के बावजूद भी युवा कम दर्जें की नौकरी करने को मजबूर है। यह स्थिति राज्य को के-शेप्ड इकोनॉमी की तरफ लेजाता है जिसका अर्थ है कि अमीर और अमीर होता जा रहा है और गरीब और गरीब हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में प्रदेश में निवेश की कमी की वजह से फैक्ट्रियां घटी हैं जिससे रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या भी घटी है। 2027 में 2987 फैक्ट्रियां थी जो कि अब 2897 ही बची हुई हैं, अतः 90 फैक्ट्रियां कम हुई हैं जिनमें 2017 में 80967 लोग रोजगार में थे जो 2024 में घटकर 77001 हो गये हैं कुल कमी 3966 की हुई है। 2017 में इस प्रदेश में 10 चीनी मिलें थी जो कि घट कर 7 रह गई हैं।
सामाजिक न्याय की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार में जहां मानव विकास और आर्थिकी पर झूठे आंकडे प्रस्तुत किये जाते हैं वहां की स्थिति यह है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य रिपोर्ट कहती है कि उत्तराखंड में 59 प्रतिशत बच्चे एनीमिया से पीढित हैं तथा हर दूसरी महिला लगभग 45 प्रतिशत में खून की कमी है। लगभग 27 प्रतिशत यानी हर चौथा बच्चचा कुपोषण का शिकार है।
काजी ने कहा कि बजट पर बडी-बडी बातें करने वाली सरकार सामाजिक सेवाओं पर खर्च होने वाले बजट का 1423 करोड़ रूपये खर्च नहीं कर पाई। किसान की आय दुगनी करने का वादा करने वाली सरकार 27 प्रतिशत कृषि बजट का उपयोग नहीं कर पाई। 23 प्रतिशत गांव के विकास का बजट था उसका उपयोग नहीं कर पाई। यह दर्शाता है कि सरकार की इच्छा शक्ति प्रदेश का विकास करने की नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि 16वें वित्त आयोग के हिसाब से जिन प्रदेशों का भौगोलिक क्षेत्र छोटा होगा, जनसंख्या कम होगी और पर कैपिटा इनकम ज्यादा होगी उनको केन्द्र की तरफ से कम बजट आवंटित किया जायेगा। सरकार द्वारा अपनी पीठ थपथपाने की वजह से प्रदेश की जनता का भारी नुकसान हुआ है।
काजी निजामुद्दीन ने कहा कि कैग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य की स्वास्थ्य क्षेत्र की आधारभूत संरचना में कुशासन साफ नजर आता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि चिकित्सा विभाग में 21670 पोस्ट हैं उनमें से 41 प्रतिशत पोस्ट खाली पड़ी हुई हैं। 54 प्रतिशत खाद्य एवं रसद विभाग में रिक्त हैं। 45 प्रतिशत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में रिक्त हैं तथा 40 प्रतिशत चिकित्सा शिक्षा विभाग में रिक्त हैं वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 94 प्रतिशत विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है तथा यहीं हाल जिला एवं उप जिला चिकित्सालयों का है।
हर बार बजट को सगुन के तौर पर पेश करने वाली सरकार जैसे विगत वर्ष बजट 101000 करोड़ का था वही इस बार 1011000 करोड़ का है परन्तु सरकार यह नहीं बता पाती कि इस बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा ब्याज एवं लोन की ईएमआई चुकाने में चला जाता है। क्योंकि  डब इंजन की सरकार में केन्द्र की तरफ से मिलने वाली अधिक से अधिक सहायता वाले बजट को कम कर दिया गया है और सरकार को खर्च चलाने के लिए उधार लेना पडता है। जब 2017 में कांग्रेस ने सत्ता छोड़ी थी उस समय राज्य पर कर्ज था 44508 करोड़ वहीं कर्ज आज 108527 करोड़ रूपये हो गया है।  अर्थात उधारी में 144 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। कुल मिलाकर सरकार कर्ज लेकर घी पीने में विश्वास करती है। उन्होंने बजट सत्र पर नियमावली का हवाला देते हुए कहा कि यह सरकार न तो संविधान को मानती है और न नियमों को मानती है यही वजह है कि सरकार उत्तराखंड विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली 2005 का सदैव उलंघन करती आई है। नियमावली का नियम-20 पार्ट-3 कहता है कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद कम से कम 4 दिन उस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। नियम 172 कहता है कि आम बजट जिस दिन पेश होगा उस दिन उसपर कोई भी चर्चा नहीं होगी तथा नियम 175 कहता है कि बजट पेश होने के 2 दिन बाद कम से कम 4 दिन साधारण चर्चा होगी और नियम 176 कहता है कि अध्यक्ष और नेता सदन के परामर्श से अनुदान की मांगों पर विचार और मतदान के लिए कम से कम 19 दिन आवंटित होने चाहिए। इस हिसाब से देखा जाय तो सदन कम से कम 20 से 25 दिनों का होना चाहिए परन्तु भाजपा सरकार 4 दिन का सदन आहुत कर खानापूर्ति करने का काम करती है जिससे जनता के मुद्दों पर विपक्ष द्वारा सदन में चर्चा ना हो पाये क्योंकि इनके विधायकों के अनुसार सत्ता में बैठे लोगों को गैरसैण में ठंड लगती है।
काजी निजामुद्दीन ने कहा कि मैंने आपके माध्यम से आंकडे प्रस्तुत किये हैं अब जनता फैसला करेगी।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह, प्रवक्ता सुजाता पॉल, डॉ0 प्रतिमा सिंह, पूर्व सैनिक विभाग अध्यक्ष रामरतन नेगी, अभिनव थापर आदि उपस्थित थे।

उत्तरकाशी:

*सनातन की एकता का द्योतक ही नहीं, यह एक विचार, एक क्रांति है जो सनातन राष्ट्र को पुनः विश्वगुरु बनायेगी- किशोर भट्

जसपाल सिंह




उत्तरकाशी- संघ के सौ वर्ष पूर्ण होंनें पर गांवों, विकास खंडों, शहर और नगरों में विराट हिंदू सम्मेलन पर्व के रूप में मनाया जा रहा है, इसी क्रम में कल शनिवार को रामलीला मैदान में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में अधिसंख्य बल में आम जनमानस को प्रतिभाग करनें के लिए स्वंय सेवकों, पार्टी कार्यकर्ताओं, हिंदूवादी संगठनों, व्यापारियों, समाज चिंतकों, सामाजिक कार्य कर्ताओं नें शाम को बाईक रैली निकाल ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुटनें का आह्वाहन किया।


गढवाल समन्वयक किशोर भट्ट नें सनातन के इस स्वर्णिम युग में सनातन के प्रति हर एक शहरवासी, देशवासी और प्रदेशवासी को खुलकर संघ, संघ की शाखाओं, और संघ के विभिन्न आयामों बजरंग दल, एवीपी आदि से जुड़नें और सनातन धर्म संस्कृति बचानें और भारत को पुनः विश्वगुरु बनानें की अपील की, भट्ट नें आयोजित बाइक रैली में शामिल होकर नगर क्षेत्र में लोगों से शनिवार को आयोजित होने वाले विराट हिंदू सम्मेलन में शामिल होने का आह्वान किया।


रामलीला मैदान में हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति की ओर से आह्वानवित् विराट हिंदू सम्मेलन सिर्फ सनातन की एकता का द्योतक ही नहीं, यह एक विचार, एक क्रांति है जो सनातन राष्ट्र को पुनः विश्वगुरु बनायेगी, किशोर भट्ट नें बाइक रैली में उपस्थित सभी वरिष्ठ नेताओं, स्वयंसेवकों, कार्यकर्ताओं, मित्रों, समर्थकों का आभार व धन्यवाद जता, ज्यादा से ज्यादा संख्या में विराट हिंदू सम्मेलन में जुटनें का आह्वाहन भी किया।

 



 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 69वीं रैंक प्राप्त करने वाले जनपद चंपावत के बाराकोट विकासखंड के झूलापे गांव निवासी श्री अनुज पंत से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि  संघ लोक सेवा आयोग जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करना अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि श्री अनुज पंत का भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल चंपावत जनपद बल्कि समूचे उत्तराखण्ड का मान बढ़ा है।


मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री अनुज पंत अपनी प्रतिभा , परिश्रम और समर्पण से प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य करते हुए देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का परचम लहरा सकें।

श्री अनुज पंत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के प्रोत्साहन से उन्हें आगे भी देश सेवा के लिए और अधिक प्रेरणा मिलेगी।

 *चंपावत जनपद के बाराकोट ब्लॉक स्थित ग्राम छुलापै के निवासी अनुज पंत जी को UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 69वीं रैंक प्राप्त कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित होने पर फोन के माध्यम से बधाई दी।* 


*उनकी इस उपलब्धि ने पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। अनुज जी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।*

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। परिवार की समस्याओं की चिंता रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ अधिकाधिक लेना चाहिए। नवीन उपलब्धियों की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा।

Rashifal today 06 march 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। बेरोजगारी दूर होगी। धन की आवक बनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य न करें। लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रयत्न करें, सफलता मिलेगी। शुभ कार्यों में संलग्न होने से सुयश एवं सम्मान प्राप्त हो सकेगा। व्यापारिक निर्णय लेने में देर नहीं करें।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से सहयोग मिलेगा। संतान के कार्यों पर नजर रखें। पूंजी निवेश बढ़ेगा। प्रचार-प्रसार से दूर रहें।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

क्रोध पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दु:खद समाचार मिल सकता है। चिंता बनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय में सावधानी रखें। वास्तविकता को महत्व दें। प्रयासों में सफलता के योग कम हैं। परिवार में कलह-कलेश का माहौल रह सकता है।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

नए अनुबंधों का लाभ मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। पूछ-परख रहेगी। रुके कार्य बनेंगे। जोखिम न लें। वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। व्यवहार कुशलता एवं सहनशीलता के बल पर आने वाली बाधाओं का समाधान हो सकेगा। खानपान पर नियंत्रण रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

मेहमानों का आवागमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। मान बढ़ेगा। जल्दबाजी न करें। जोखिम के कार्यों से दूर रहें। पराक्रम में वृद्धि होगी। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। अभिष्ट कार्य की सिद्धि के योग हैं। उलझनों से मुक्ति मिलेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल लाभ देंगे। भेंट आदि की प्राप्ति होगी। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में उन्नति के योग हैं। संतान की ओर से सुखद स्थिति बनेगी। प्रयास की मात्रा के अनुसार लाभ की अधिकता रहेगी। अपनी वस्तुएँ संभालकर रखें।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

वाणी पर नियंत्रण रखें। अप्रत्याशित बड़े खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है, जोखिम न लें। अजनबी व्यक्ति पर विश्वास न करें। सेह‍त को लेकर सचेत रहें। उदर विकार के योग बनेंगे। खान-पान पर संयम रखें। विवादों से दूर रहना चाहिए। आर्थिक प्रगति में रुकावट आ सकती है।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। धनार्जन होगा। प्रमाद न करें। संतान के कार्यों से समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नेतृत्व गुण की प्रधानता के कारण प्रशासन व नेतृत्व संबंधी कार्य सफल होंगे। शत्रुओं से सावधान रहें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शत्रु शांत रहेंगे। धनार्जन होगा। आज विशेष लाभ होने की संभावना है। बुद्धि एवं मनोबल से सुख-संपन्नता बढ़ेगी। व्यापार में कार्य का विस्तार होगा। सगे-संबंधी मिलेंगे।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। धनार्जन होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा, अपना ध्यान रखें। प्रमाद न करें। व्यापार-व्यवसाय में इच्छित लाभ की संभावना है। भाइयों की मदद मिलेगी। संपत्ति के लेनदेन में सावधानी रखें।


मीन

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वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। दूसरों की जमानत न लें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पारिवारिक जीवन में तनाव हो सकता है। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ के योग हैं। स्थायी संपत्ति क्रय करने के योग बनेंगे। प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भेंट होगी।


 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा की सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। 

rinku rana died in road accident


मुख्यमंत्री ने अपने शोक सन्देश में कहा कि लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। लोकगायिका रिंकू राणा ने अपने गीतों के माध्यम से थारू समाज की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाई है।


मुख्यमंत्री ने पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

 देहरादून:



प्रदेश महिला  कांग्रेस   नेताओं के एक प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून से मुलाकात कर सोशल मीडिया में फर्जी एआई जनरेटेड पोस्टों के माध्यम से कांग्रेस पार्टी एवं उसके वरिष्ठ नेतागणों की छवि धूमिल किए जाने पर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई की मांग की।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि सोशल मीडिया में फर्जी एआई जनरेटेड पोस्टों के माध्यम से कांग्रेस पार्टी एवं उसके वरिष्ठ नेतागणों की छवि धूमिल किया जाना अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक विषय है। 

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर कुछ पेज/ग्रुप जिनमें “धाकड़ धामी”, “वसूली अभियान मोर्चा”, “सनातनी धामी” एवं “धामी की धमक” द्वारा निरंतर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी एवं उसके नेताओं की छवि को धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। 


इन पेजों के माध्यम से आपत्तिजनक, भ्रामक, तथ्यहीन एवं द्वेषपूर्ण सामग्री प्रसारित की जा रही है। विशेष रूप से आधुनिक तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग करते हुए झूठे, मनगढ़ंत एवं भ्रामक कंटेंट तैयार कर एक विशेष धर्म का सहारा लेकर कांग्रेस पार्टी की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। 

इस प्रकार की सामग्री समाज में भ्रम, वैमनस्य एवं साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न कर सकती है, जो सामाजिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था के लिए अत्यंत घातक है। उल्लेखनीय है कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय श्री गणेश गोदियाल , पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत  की छवि को भी इसी प्रकार सोशल मीडिया पर धूमिल किया जा रहा है। 


इस संबंध में उनके द्वारा लिखित रूप से शिकायत दर्ज कराई गई थी, किंतु आज तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे असामाजिक तत्वों के मनोबल में वृद्धि हो रही है और वे निरंतर इस प्रकार की अवैधानिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।

 असामाजिक तत्वों द्वारा किया जा रहा यह कृत्य न केवल सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, राजनीतिक मर्यादाओं एवं सामाजिक एकता के भी प्रतिकूल है।

श्रीमती ज्योति रौतेला ने मांग करते हुए कहा कि उपर्युक्त फेसबुक पेजों एवं उनसे जुड़े व्यक्तियों की शीघ्र, निष्पक्ष एवं गहन जांच कर उनके विरुद्ध आईटी एक्ट की सक्षम धाराओं में शिकायत दर्ज कराते हुए नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस प्रशासन इस विषय की गंभीरता को समझते हुए उपरोक्त मामले में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई करेगा।

महिला  कांग्रेस  ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के शिकायती पत्र पर 15 (पंद्रह) दिनों के भीतर यदि उचित एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो प्रदेश महिला कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन हेतु पुलिस मुख्यालय के बाहर बैठने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

ज्ञापन देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा, महासचिव निधि नेगी, चन्द्रकला नेगी आदि कांग्रेस पदाधिकारी शामिल थे।  

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