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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गठित की समिति*

*उत्तराखण्ड के जोन छह में आने के बाद उठाया अहम कदम*

*सीबीआरआई के निदेशक प्रो. प्रदीप करेंगे समिति की अध्यक्षता

देहरादून:

New building rules will be applicable in uttarakhand

New building rules will be applicable in uttarakhand


 उत्तराखण्ड राज्य की बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने भवन निर्माण नियमों को अधिक सुरक्षित और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भारतीय मानक ISO 1893-2025 के अनुसार पूरे राज्य के भूकंप जोन छह में शामिल होने के बाद अब बिल्डिंग बायलाॅज में व्यापक संशोधन किया जाएगा।

। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा वर्तमान बिल्डिंग बायलाॅज की समीक्षा एवं संशोधन हेतु सीएसआईआर-सीबीआरआई रुड़की के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। 


यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार को समिति का संयोजक बनाया गया है। बता दें कि वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में बिल्डिंग बायलाॅज भारतीय मानक ब्यूरो के पुराने संस्करण ISO 1893-2002 पर आधारित हैं। 

समिति में सीबीआरआई रुड़की, भारतीय मानक ब्यूरो, आईआईटी, ब्रिडकुल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, विकास प्राधिकरणों तथा भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

 समिति वास्तुविदों के साथ ही विभिन्न अभियंताओं से भी विचार-विमर्श करेगी। समिति का उद्देश्य राज्य के मौजूदा बायलाॅज का गहन अध्ययन करते हुए उन्हें वर्तमान भूकंपीय मानकों, जलवायु परिस्थितियों और आधुनिक निर्माण तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है।  

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों और बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए भवन निर्माण के नियमों में परिवर्तन किया जा रहा है। राज्य सरकार भवन बायलाॅज को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और आपदा-सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।


 समिति भवन बायलाॅज को अधिक व्यवहारिक, सुरक्षित और आपदा-रोधी बनाने के लिए अपने सुझाव देगी। उन्होंने कहा कि संशोधित नियमों से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और आपदा जोखिम में कमी आएगी।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल नियमों में बदलाव करना नहीं बल्कि सुरक्षित निर्माण की संस्कृति विकसित करना है। उन्होंने बताया कि संशोधित बिल्डिंग बायलाॅज में भूकंप-रोधी डिजाइन, भू-तकनीकी जांच, विंड लोड और स्ट्रक्चरल सेफ्टी से जुड़े प्रावधानों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय पारंपरिक निर्माण तकनीकों और जलवायु अनुकूल विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सतत एवं आपदा-सक्षम विकास सुनिश्चित हो सके। 

बता दें कि नए बिल्डिंग बायलाॅज लागू होने से भवनों की संरचनात्मक मजबूती बढ़ेगी, आपदा के दौरान जन-धन की हानि कम होगी और सुरक्षित व टिकाऊ शहरी विकास व निर्माण को नई दिशा मिलेगी। समिति अपनी रिपोर्ट उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा आवास विभाग को सौंपेगी। समिति द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर आवास विभाग द्वारा बायलाॅज में आवश्यक संशोधन एवं कार्यान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। 


*समिति का कार्यक्षेत्र*

उत्तराखण्ड राज्य के वर्तमान बिल्डिंग बायलाॅज की विस्तृत समीक्षा, विश्लेषण एवं मौजूदा तकनीकों का आकलन।

राज्य में मौजूद भूकंप, भूस्खलन और अन्य आपदा जोखिमों को समाहित करते हुए संशोधित बिल्डिंग बायलाॅज का मसौदा तैयार करना।

भूकंप-रोधी डिजाइन, नई निर्माण तकनीकों एवं संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को शामिल करना।

पारंपरिक पहाड़ी निर्माण प्रणालियों को वैज्ञानिक रूप से आधुनिक नियमों में समाहित करना।

पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूल निर्माण के लिए विशेष प्रावधान तैयार करना।

संशोधित नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना एवं दिशा-निर्देश प्रस्तुत करना।

इंजीनियरों, योजनाकारों एवं संबंधित विभागों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के सुझाव देना।


*समिति में ये हैं शामिल*

समिति की अध्यक्षता सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार करेंगे, जबकि यूएलएमएमसी, देहरादून के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार को संयोजक बनाया गया है। समिति में डॉ. अजय चैरसिया (मुख्य वैज्ञानिक, सीबीआरआई रुड़की), प्रो. महुआ मुखर्जी (वास्तुकला विभाग, आईआईटी रुड़की), सुश्री मधुरिमा माधव (वैज्ञानिक ‘ब्’, भारतीय मानक ब्यूरो, नई दिल्ली), डॉ. पी.के. दास (वरिष्ठ ग्रामीण आवास सलाहकार, यूएनडीपी), आर्किटेक्ट एस.के. नेगी (पूर्व मुख्य वैज्ञानिक, सीबीआरआई शिमला), उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के नामित प्रतिनिधि, ब्रिडकुल के प्रबंध निदेशक, लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, राज्य के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रतिनिधि, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों के साथ-साथ भूकंप विशेषज्ञ धर्मेन्द्र कुशवाहा एवं भू-भौतिक विज्ञानी डॉ. विशाल वत्स सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

व्यापार-व्यवसाय में बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। निवेश शुभ रहेगा। भाग्य का साथ रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। कुबुद्धि हावी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विवाद से दूर रहें। कुसंगति से बचें। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी।


Rashifal today


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

यात्रा मनोरंजक रहेगी। किसी मांगलिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड में सोच-समझकर हाथ डालें। जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। समय का अपव्यय होगा। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। विवाद से क्लेश होगा। काम में मन नहीं लगेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति विशेष से अनबन हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि नीचा देखना पड़े। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धनार्जन होगा।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

शत्रु शांत रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। घर में प्रतिष्ठित अतिथियों का आगमन हो सकता है। व्यय होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय बनी रहेगी। दुष्‍टजनों से दूर रहें। चिंता तथा तनाव रहेंगे।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। रोजगार प्राप्ति सहज ही होगी। व्यावसायिक यात्रा से लाभ होगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। निवेशादि शुभ रहेंगे। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। किसी बड़ी समस्या का हल प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रु शांत रहेंगे। ऐश्वर्य पर खर्च होगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। शुभ समाचार मिल सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।

धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

आराम का समय मिलेगा। आशंका-कुशंका रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं, प्रयास करें। आय में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। राजभय रहेगा। जल्दबाजी व विवाद करने से बचें। थकान महसूस होगी। किसी के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। कोर्ट व कचहरी के काम अनुकूल रहेंगे। धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। पूजा-पाठ में मन लगेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक शिथिलता रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। किसी अपने का व्यवहार प्रतिकूल रहेगा। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। नौकरी में अपेक्षानुरूप कार्य न होने से अधिकारी की नाराजी झेलना पड़ेगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

कष्ट, भय व चिंता का वातावरण बन सकता है। विवेक से कार्य करें। समस्या दूर होगी। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति मनोनुकूल बनेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। कारोबारी लाभ में वृद्धि होगी। नौकरी में शांति रहेगी। सहकर्मियों का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।


 *उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Award हेतु चयन* 

 *चारधाम यात्रा 2025 के अभिनव ट्रैफिक कंट्रोल मॉडल के लिये युवा पुलिस अधिकारी लोकजीत सिंह को मिला राष्ट्रीय सम्मान

 *एसपी (ट्रैफिक ) लोकजीत सिंह के नेतृत्व में देहरादून ट्रैफिक पुलिस की पहल बनी सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण* 


skotch award to uttarakhand police


उत्तराखंड पुलिस के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि चारधाम यात्रा 2025 के सफल संचालन हेतु विकसित अभिनव ट्रैफिक एवं कंट्रोल रूम प्रबंधन प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Award – India’s Honest Independent Honour के लिए चयनित किया गया है।



पुलिस अधीक्षक (यातायात) देहरादून श्री लोकजीत सिंह के नेतृत्व में “चारधाम यात्रा 2025 : निर्बाध तीर्थ प्रबंधन हेतु अभिनव कंट्रोल रूम समाधान” नामांकन को 106वें SKOCH समिट में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान शासन एवं विकास के क्षेत्र में विशिष्ट और परिणाम-आधारित नवाचारों के लिए प्रदान किया जाता है।



चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में यातायात प्रबंधन को सुचारु, सुरक्षित एवं तकनीक-आधारित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा उन्नत कंट्रोल रूम सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डिजिटल समन्वय, इंटेलिजेंट रूट डायवर्जन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ किया गया। इस नवाचार के परिणामस्वरूप यातायात जाम में कमी, तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही तथा आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।



यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस व युवा पुलिस अधिकारी एसपी ( ट्रैफिक )  श्री लोकजीत सिंह की तकनीकी दक्षता, पारदर्शी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रमाण है। चारधाम यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में प्रभावी यातायात प्रबंधन राज्य की प्रशासनिक क्षमता और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।



उल्लेखनीय है कि यह पुरस्कार 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 106वें SKOCH समिट के दौरान प्रदान किया जाएगा।



उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर   एसपी ( ट्रैफिक )  श्री लोकजीत सिंह सहित पूरी ट्रैफिक पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी उत्तराखंड पुलिस के लिए प्रेरणास्रोत है तथा भविष्य में भी नवाचार आधारित पुलिसिंग को प्रोत्साहन देता रहेगा।



उल्लेखनीय है कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि चारधाम यात्रा के उत्कृष्ट, सुव्यवस्थित और प्रभावी प्रबंधन के लिए युवा पुलिस अधिकारी श्री लोकजीत सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Group द्वारा प्रदान किए जाने वाले SKOCH AWARD से सम्मानित किया जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल एक अधिकारी के उत्कृष्ट नेतृत्व की पहचान है, बल्कि उत्तराखंड की प्रशासनिक दक्षता और पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी है।



वर्ष 2024 की चारधाम यात्रा के दौरान आई चुनौतियों ने प्रशासन को अनेक महत्वपूर्ण सीख दी थीं। इन्हीं अनुभवों को आधार बनाते हुए पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2025 की यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक सशक्त रणनीति तैयार की। IG रेंज के अंतर्गत एक केंद्रीकृत और प्रभावी कंट्रोल रूम के गठन का निर्णय लिया गया, जिसकी जिम्मेदारी  एसपी श्री लोकजीत सिंह को सौंपी गई। सीमित समय में ही उन्होंने अपनी टीम के साथ कंट्रोल रूम की स्थापना कर व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दीं। आधुनिक तकनीकी संसाधनों, निरंतर मॉनिटरिंग और बहु-एजेंसी समन्वय के माध्यम से यात्रा प्रबंधन को एक व्यवस्थित और परिणामोन्मुख ढांचे में ढाल दिया गया। 



चारधाम यात्रा 2025 सरकार, शासन और पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि लक्ष्य केवल व्यवस्थाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना था। श्री लोकजीत सिंह के नेतृत्व में कंट्रोल रूम ने व्यवस्थित योजना और त्वरित निर्णय क्षमता के साथ कार्य किया। यात्रा के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को गतिशील और संवेदनशील तरीके से संभाला गया। धराली आपदा के समय रेस्क्यू कार्यों का प्रभावी समन्वय, पहलगाम आतंकी हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना, तथा विभिन्न हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी—इन सभी जटिल परिस्थितियों में उन्होंने सूझबूझ, संयम और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। संकट की हर घड़ी में कंट्रोल रूम ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके परिणामस्वरूप यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित किया जा सका।


श्री लोकजीत सिंह की यह उपलब्धि उनके निरंतर उत्कृष्ट कार्यों की श्रृंखला का एक और स्वर्णिम अध्याय है। इससे पूर्व वर्ष 2021 में कोविड प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित FICCI द्वारा FICCI Smart Policing Award से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2024 में चारधाम यात्रा प्रबंधन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राज्यपाल द्वारा उत्कृष्ट सेवा पदक भी प्रदान किया गया था।



चारधाम यात्रा जैसे विशाल और आस्था से जुड़े आयोजन का सफल संचालन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनविश्वास और सुरक्षा का प्रश्न भी होता है। एसपी श्री लोकजीत सिंह ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और टीम भावना के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि सुनियोजित रणनीति और समर्पित प्रयासों से कठिन से कठिन चुनौतियों का भी प्रभावी समाधान संभव है। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा, गौरव और विश्वास का प्रतीक है।

 

देहरादून :

coronation hospital dehradun


 पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय कोरोनेशन अस्पताल ,देहरादून में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएँ सामने आई हैं। हाल ही में एक युवती, प्रियंका चौहान, को उपचार के दौरान जिस प्रकार की अव्यवस्था, देरी और प्रक्रियात्मक जटिलताओं का सामना करना पड़ा, वह सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रियंका चौहान गंभीर अवस्था में अस्पताल की इमरजेंसी में पहुँचीं। परंतु तत्काल उपचार देने के बजाय उन्हें पहले इमरजेंसी विभाग से ऑर्थोपेडिक विभाग में भेजा गया। ऑर्थो विभाग में भी प्राथमिक उपचार शुरू करने से पहले बिलिंग की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद एक्स-रे के लिए भेजा गया, जहाँ पुनः बिलिंग की औपचारिकता पूरी करनी पड़ी। एक्स-रे रिपोर्ट आने के बाद प्लास्टर के लिए फिर से अलग से बिलिंग करवाई गई। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद जाकर उनका प्लास्टर किया गया।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि कोई मरीज अत्यंत गंभीर स्थिति में हो या जीवन-मृत्यु की अवस्था में हो, तो क्या इस प्रकार की लंबी और जटिल प्रक्रिया उसकी जान को खतरे में नहीं डाल सकती? आपातकालीन सेवाओं का मूल उद्देश्य त्वरित और प्राथमिक उपचार देना होता है, न कि मरीज और उसके परिजनों को विभागों और बिलिंग काउंटरों के चक्कर लगवाना।

अस्पताल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है। व्हीलचेयर जर्जर अवस्था में हैं, जिनका संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा था। स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। मरीजों और उनके परिजनों को उचित मार्गदर्शन और सहयोग का अभाव महसूस हुआ।

सरकारी अस्पताल विशेषकर उन लोगों के लिए जीवनरेखा होते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और निजी अस्पतालों का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। यदि सरकारी अस्पतालों में भी इस प्रकार की लापरवाही और अव्यवस्था बनी रही, तो आम जनता का भरोसा पूरी तरह से डगमगा सकता है।

हम उत्तराखंड सरकार एवं संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से निम्नलिखित मांग करते हैं:

पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।

आपातकालीन सेवाओं में “ट्रीटमेंट फर्स्ट, बिलिंग लेटर” की नीति लागू की जाए।

विभागों के बीच समन्वय व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

अस्पताल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे व्हीलचेयर, स्ट्रेचर, स्वच्छता और उपकरणों का तत्काल निरीक्षण कर सुधार किया जाए।

जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

यह विषय केवल एक मरीज का नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र से जुड़ा हुआ है। जनहित में आवश्यक है कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए और आम नागरिकों को सम्मानजनक तथा त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

आज का राशिफल 

दिनांक 24 फरवरी 2026 

दिन मंगलवार

rshifal today 24 feb,2026


 मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। यात्रा मनोरंजक हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय में नए प्रयोग किए जा सकते हैं। समय की अनुकूलता का लाभ लें। धन प्राप्ति सुगम होगी। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। कार्यभार व अधिकार में वृद्धि हो सकती है।



वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

विवाद को बढ़ावा न दें। बेवजह कहासुनी हो सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। थकान व कमजोरी रह सकते हैं। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। धनहानि की आशंका है। व्यापार-व्यवसाय में धीमापन रह सकता है। आय में निश्चितता रहेगी। समय शीघ्र सुधरेगा।

मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

मित्रों का सहयोग करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। यात्रा सफल रहेगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। किसी दूसरे व्यक्ति के काम में हस्तक्षेप न करें। विवाद होगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों व संबंधियों से मुलाकात होगी। कारोबार में अनुकूलता रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बुद्धि का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। प्रमाद न करें।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देगा। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। फालतू खर्च होगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। आय में कमी होगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। बेकार बातों पर बिलकुल ध्यान न दें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

यात्रा मनोनुकूल रहेगी। नया काम मिलेगा। नए अनुबंध होंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। समय की अनुकूलता रहेगी, लाभ लें। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कार्यस्थल पर सुधार व परिवर्तन हो सकता है। योजना फलीभूत होगी। तत्काल लाभ नहीं होगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। रुके कार्यों में गति आएगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। प्रमाद न करें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

अध्यात्म में रुझान रहेगा। सत्संग का लाभ प्राप्त होगा। राजकीय बाधा दूर होकर स्थिति लाभदायक बनेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। आसपास का वातावरण सुखद रहेगा। पार्टनरों तथा भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। विवेक का प्रयोग करें। प्रमाद न करें।


 


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि की आशंका बनती है, सावधानी आवश्यक है। लेन-देन में जल्दबाजी से बचें। आय बनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार-व्यवसाय की गति धीमी रहेगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। धनहानि भी आशंका है।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

भूमि-भवन व मकान-दुकान इत्यादि की खरीद-फरोख्त मनोनुकूल लाभ देगी। बेरोजगारी दूर होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। चारों तरफ से सफलता मिलेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। उत्साह बना रहेगा। चिंता तथा तनाव कम होंगे


देहरादून:

दिनांक: 23-03-2026

nilkanth mahadev


*बहुमंजिला पार्किंग में 500 से अधिक वाहनों की क्षमता, यातायात दबाव होगा कम, तीर्थ सीजन के दौरान अव्यवस्था और जाम की समस्या से भी मिलेगी राहत*  


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद पौड़ी गढ़वाल स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल नीलकंठ महादेव मंदिर में बहुप्रतीक्षित बहुमंजिला पार्किंग निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। आज राज्य सचिवालय में आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में नीलकंठ में बन रही बहुमंजिला पार्किंग की प्रगति को लेकर एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में धीरेन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव आवास, डीपी सिंह, अपर आयुक्त हुडा, बीरेन्द्र प्रसाद भट्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, पेयजल, सहित सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। 


*पार्किंग में 500 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था* 

सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि क्षेत्र में लगातार बढ़ती वाहन संख्या और तीर्थयात्रियों की भीड़ को देखते हुए इस परियोजना को स्वीकृति की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया गया है। प्रस्तावित पार्किंग में 300 से अधिक चारपहिया तथा 200 से अधिक दोपहिया वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था की जाएगी। इससे न केवल यातायात दबाव कम होगा, बल्कि तीर्थ सीजन के दौरान अव्यवस्था और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।  प्रस्ताव के अनुसार पार्किंग भवन में भूतल (स्टिल्ट) सहित कुल चार स्तर होंगे, जिनमें तीन फ्लोर ऊपर निर्मित किए जाएंगे। संपूर्ण ढांचा आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि भारी भीड़ के समय भी वाहनों का सुचारु संचालन संभव हो सके। लंबे समय से अव्यवस्थित पार्किंग नीलकंठ क्षेत्र की बड़ी समस्या रही है, जिससे स्थानीय व्यापार और श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता था। 


*02 बेड का आकस्मिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र भी किया जाएगा स्थापित* 

विशेष रूप से इस बहुमंजिला पार्किंग परिसर में दो बेड का आकस्मिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों के लिए आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना एक सराहनीय पहल मानी जा रही है। साथ ही अधिकारियों एवं राजकीय कार्मिकों के लिए प्रतीक्षालय और विश्राम कक्ष की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इस निर्माण कार्य हेतु गठित आयोजन का नियोजन विभाग की डीपीसी के माध्यम से परीक्षण किया जा चुका है। प्रशासनोपरांत स्वीकृत लागत पर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के लिए 29 जनवरी 2026 को विभागीय व्यय समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इसके क्रम में 23 फरवरी 2026 को सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में परियोजना से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।



*आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान* 

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन और मिशन के अनुरूप राज्य के धार्मिक स्थलों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कार्यवाही की जा रही है। नीलकंठ में प्रस्तावित बहुमंजिला पार्किंग केवल एक आधारभूत संरचना परियोजना नहीं, बल्कि तीर्थ पर्यटन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि तीर्थस्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात व्यवस्था, सुरक्षित पार्किंग और आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। परियोजना को तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पारदर्शिता के साथ पूर्ण की जा रही हैं। अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक अनुभव प्राप्त हो तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले।प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि तीर्थ पर्यटन को नई दिशा देने में भी सहायक सिद्ध होगी। अब सभी की निगाहें अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति पर टिकी हैं, जिसके उपरांत निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना है।

 

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए सचिवों एवं जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।



मुख्य सचिव ने भराड़ीसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र की समुचित तैयारियों के निर्देश देते हुए SOP, कार्यपूर्ति दिग्दर्शिका, सुरक्षा प्रोटोकॉल, सैनिटेशन एवं अन्य व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से दुरुस्त करने पर बल दिया।

*सुशासन, अनुशासन एवं डिजिटल गवर्नेंस पर कड़ा संदेश*

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्मिकों अथवा सरकारी कार्यालयों में किसी भी प्रकार की बदसलूकी पर सख्त एनफोर्समेंट की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री द्वारा राज्य में किए गए सभी शिलान्यास कार्यों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

ई-ऑफिस (डिजिटल फाइलिंग) के बेहतर इंप्लीमेंटेशन पर जनपदों की सराहना करते हुए सभी निदेशालयों को डिजिटल प्रगति और तेज करने के निर्देश दिए।

*ग्रामीण विकास, प्रवासी समन्वय एवं कृषि नवाचार*

मुख्य सचिव ने ADOPT A VILLAGE योजना की समीक्षा करते हुए जिन जनपदों में प्रगति धीमी है, उन्हें गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारियों को जनपदवार प्रवासियों का डाटा तैयार कर उनसे समन्वय स्थापित करने, उनके अनुभव, तकनीक एवं कार्य संस्कृति का प्रदेश हित में उपयोग करने के निर्देश दिए।

बैठक में आयुक्त सह सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु द्वारा *एग्री स्टैग* योजना का प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें कृषि विकास योजनाओं की प्रगति तेज कर केंद्र से मिलने वाले इंसेंटिव का अधिकतम लाभ उठाने पर जोर दिया गया।


*GIS आधारित गवर्नेंस, सतत कृषि व अंतर-विभागीय समन्वय*

जिलाधिकारी टिहरी द्वारा Using GIS for Fast Tracking Governance विषय पर वर्चुअल प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें क्षतिपूरक वृक्षारोपण, फॉरेस्ट लैंड ट्रांसफर एवं भूमि अधिग्रहण मुआवजे के त्वरित निस्तारण पर प्रभावी पहल प्रस्तुत की गई, जिसकी सराहना की गई।

जिलाधिकारी उधम सिंह नगर ने सतत कृषि एवं जल संरक्षण से जुड़ी प्रेरणादायी पहल प्रेजेंटेशन के माध्यम से वर्चुअली प्रस्तुत की।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से विकास कार्यों एवं अंतर-विभागीय समन्वय की प्रगति की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता के साथ कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख सचिव धनंजय चतुर्वेदी, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

*व्यय वित्त समिति की बैठक में विकास योजनाओं को मिली हरी झंडी*

*मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य के खेल, पर्यटन, कारागार व आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को स्वीकृति*

देहरादून।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित व्यय- वित्त समिति की बैठक में राज्य के विभिन्न जनपदों से संबंधित महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में माननीय मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अंतर्गत जनपद चंपावत मुख्यालय स्थित गोरलचौड़ मैदान में स्टेडियम निर्माण कार्य तथा जनपद चंपावत में गोलज्यू कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत श्री गोलू देवता कॉरिडोर के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई।

देहरादून जनपद में आमवाला तरला क्षेत्र में रिंग फेसिंग कार्यक्रम के अंतर्गत 1788.34 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित आमवाला तरला सीवरेज परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं, केंद्रीय कारागार सितारगंज के विस्तारीकरण कार्य हेतु 3814.72 लाख रुपये की धनराशि की मंजूरी दी गई।

बैठक में गोलापर, हल्द्वानी में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं एकेडमिक भवन तथा 100 बेड क्षमता वाले छात्रावास के निर्माण हेतु 2679.37 लाख रुपये की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद चंपावत मुख्यालय स्थित गोल्जयु मंदिर के समीप लोक निर्माण विभाग एवं पशुपालन विभाग की भूमि पर पर्यटन अवस्थापनाओं के विकास के तहत श्री गोलज्ज्यू देवता कॉरिडोर के निर्माण कार्य के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का प्रस्ताव मंदिर को केंद्र में रखते हुए तैयार किया जाए तथा इसमें स्थानीय एवं कुमाऊं की पारंपरिक संस्कृति की झलक के साथ-साथ मंदिर के आसपास नैसर्गिक विकास से संबंधित निर्माण कार्यों को सम्मिलित किया जाए।

बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, दिलीप जावलकर, एस.ए. Adannki, रणवीर सिंह चौहान, धीरज गब्र्याल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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