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देहरादून:


आज दिनांक 22 जुलाई 2026 को भारतीय जनता पार्टी महानगर कार्यालय से  प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में महानगर के अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल सहित हजारों कार्यकर्ताओं जनप्रतिनिधियों ने अपना विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रदेश कांग्रेस भवन का घेराव किया।

 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय महेंद्र भट्ट जी के  नेतृत्व में हजारों की संख्या में अपना विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि राहुल गांधी के द्वारा अलोकतांत्रिक तरीके से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी के आवास का घेराव किया जो असंवैधानिक था।

 कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस के सभी नेता समाज में अराजकता फैलने का काम कर रहे हैं।

राहुल गांधी जी के ऐसे कृत्य संवैधानिक मूल्य के विपरीत हैं गैर जिम्मेदारी है जो  लोकतांत्रिक परंपराओं को आहत करते हैं। 


उनका इस प्रकार का कार्य समाज हित के लिए नहीं है भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके इस कार्य की निंदा करता है विरोध करता है

भट्ट जी ने कहा कि मुझे इस बात की बड़ी हैरानी है कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष है वह अपने पद की गरिमा को धूमिल कर रहे हैं जिसके चलते उन्होंने प्रधानमंत्री जी के आवास के पर जाकर अराजकता और अशांति फैलाने का प्रयास किया जो कि किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं किया जायेगा।


कार्यक्रम में महानगर के अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के द्वारा संवैधानिक रूप से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है समाज में प्रत्येक व्यक्ति को अपना विरोध करने का अधिकार है लेकिन वह समाज हित के रूप में होना चाहिए। हम सब लोग यह जानते हैं कि कांग्रेस पार्टी लगातार एक समाज में एक भ्रम की स्थिति बनाकर युवाओं को बरगलाने का काम कर रही है

कांग्रेस ने बार-बार लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं की अनदेखी की है। जब भी उसे अवसर मिला, उसने लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचाने का प्रयास किया है।

आज भी राहुल गांधी अपने पद की मर्यादाओं को धूमिल करते हुए इस प्रकार की कृत्य के द्वारा समाज में अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं।


घेराव में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार श्रीमती दीप्ति रावत ज्योति प्रसाद गैरोला कैबिनेट मंत्री विधायक राजपुर खजान दास श्रीमती सविता कपूर सहदेव सिंह पुंडीर बृजभूषण गैरोला महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट युवा मोर्चा अध्यक्ष विपुल मंदौली आदित्य चौहान नलिन भट्ट नेहा जोशी श्रीमती विनोद उनियाल विनोद सुयाल मनवीर चौहान महानगर महामंत्री संदीप मुखर्जी विजेंद्र थपलियाल राजेंद्र ढिल्लों संकेत नौटियाल ओम कक्कड़ राजेश कंबोज सुनील शर्मा मोहित शर्मा जगदीश सेमवाल प्रदीप कुमार अक्षत जैन विनोद शर्मा मोतीराम संदीप बिजलवान महिपाल आदि सैकड़ो कार्यकर्ता पदाधिकारी पार्षद गण मंडल अध्यक्ष उपस्थित रहे। 




ऋषिकेश:



 नेक्स्ट इवोल्यूशन ऑफ वर्ल्ड वेलफेयर सोसाइटी न्यू संस्था के द्वारा योग नगरी ऋषिकेश में रेलवे स्टेशन के निकट मौजूद वाटर हेड टैंक पर गलत ढंग से बनाए गए राष्ट्रीय ध्वज की कलाकृति के छायाचित्र को हटाए जाने के लिए संस्था के सदस्यों द्वारा नगर निगम ऋषिकेश मेयर शंभू सिंह पासवान एवं स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल को संस्था के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया गया और उक्त छायाचित्र को हटाए जाने की मांग रखी.


 संस्था के अध्यक्ष द्वारा कहा गया यदि दो दिन के भीतर उक्त छायाचित्र को नहीं हटाया जाता तो वह स्वयं उसे हटा देंगे .


मामले की गंभीरता को देखते हुए ऋषिकेश महापौर और विधायक जी ने संस्था के सभी सदस्यों को अस्वस्थ किया कि उक्त छायाचित्र को जल्द से जल्द हटा दिया जाएगा और लापरवाही करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

 ऋषिकेश:

BJP rishikesh small industry incharge


दो माह तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान, वार्ड संख्या 34 मालवीय नगर में  लावारिस गोवंश से बढ़ी समस्याएं  

ऋषिकेश:


वार्ड संख्या 34, मालवीय नगर में सड़कों पर घूमते लावारिस गो वंश की गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम ऋषिकेश की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्षेत्र के निवासी एवं भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ, जिला ऋषिकेश के जिला संयोजक तथा समाजसेवी अजीत वशिष्ठ ने बताया कि उन्होंने 25 मई 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (शिकायत संख्या CMHL-052026-2-1038024) पर इस संदर्भ  में शिकायत दर्ज कराई थी।

उन्होंने बताया कि पिछले लगभग दो माह से लगातार शिकायत का अनुसरण (फॉलो-अप) किया जाता रहा। इस दौरान शिकायत कई स्तरों और अधिकारियों के पास भेजी गई, लेकिन मौके पर समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।


 अंततः नगर निगम ऋषिकेश द्वारा एक पत्र जारी कर यह जानकारी दी गई कि नगर निगम के पास स्वयं का कांजी हाउस (गौशाला) उपलब्ध नहीं है तथा गौशाला के लिए भूमि चिन्हित की गई है और कार्यवाही प्रगति पर है।

अजीत वशिष्ठ ने कहा कि नगर निगम का यह उत्तर वास्तविक समस्या का समाधान नहीं है। 

वार्ड संख्या 34, मालवीय नगर में आज भी बड़ी संख्या में आवारा सांड खुलेआम घूम रहे हैं।

 ये सांड आए दिन सड़कों पर बैठकर यातायात बाधित करते हैं तथा बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों के लिए दुर्घटना एवं हमले का खतरा बने हुए हैं। कई लोग इनके कारण भय के वातावरण में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम के पास वर्तमान में कांजी हाउस की व्यवस्था नहीं है, तो भी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर निगम और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। 


केवल पत्र जारी कर यह बताना कि भविष्य में गौशाला बनाई जाएगी, तब तक की समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता।

अजीत वशिष्ठ ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान करना है। 


यदि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिक पत्राचार तक सीमित रह जाए और जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई न हो, तो इससे आम जनता का भरोसा  उठ जाएगा।

जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वाेच्च प्राथमिकता से पूरी हों- डीएम*

*थर्ड पार्टी निरीक्षण और ‘हर घर जल’ प्रमाणन में तेजी लाने के निर्देश,*

*ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियां गठित न होने पर एडीओ (पंचायत) के वेतन आहरण पर रोक*


देहरादून :

DM Dehradun


जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल परियोजनाओं के शेष कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप योजनाओं की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि परियोजनाओं के लिए आवश्यक केंद्रीय धनराशि समय पर प्राप्त हो सके।


मंगलवार को क्लेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ‘जिला जल एवं स्वच्छता मिशन’ की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के द्वितीय चरण (फेज-2) की लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण किया जाए। साथ ही पूर्ण हो चुकी योजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण (टीपीआई) शीघ्र कराते हुए ‘हर घर जल’ प्रमाणन की प्रक्रिया भी समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।


बैठक के दौरान विकासखंड चकराता एवं सहसपुर के अनेक राजस्व ग्रामों में ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का गठन न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में समितियों का पुनर्गठन कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।


जिलाधिकारी ने थर्ड पार्टी निरीक्षण में हो रही देरी पर संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उनका निरीक्षण और वित्तीय समापन (फाइनेंशियल क्लोजर) बिना विलंब के कराया जाए।


स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान उन्होंने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत के समन्वय से ब्लॉक स्तर पर प्लास्टिक अपशिष्ट संग्रहण के लिए रूट चार्ट तैयार कर वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

 

बैठक में जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी ने बताया कि जनपद के 1,29,491 ग्रामीण परिवारों में से 1,29,449 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन (एचएचटीसी) उपलब्ध कराया जा चुका है। फेज-1 की सभी 333 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि फेज-2 की 760 योजनाओं में से 734 पूर्ण हो चुकी हैं और 26 पर कार्य प्रगति पर है। इनमें से तीन योजनाएं वन भूमि संबंधी स्वीकृतियों के कारण लंबित हैं।


उन्होंने बताया कि 426 योजनाओं में से 281 का थर्ड पार्टी निरीक्षण पूरा हो चुका है तथा 121 योजनाओं का वित्तीय समापन किया जा चुका है। जनपद के 635 गांवों में से 596 गांवों को श्हर घर जलश् प्रमाणन प्राप्त हो चुका है, जबकि 33 गांवों में प्रमाणन की प्रक्रिया शेष है। फेज-2 की 760 परियोजनाओं की कुल लागत 616.33 करोड़ रुपये है, जिसके सापेक्ष अब तक 408.04 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। शेष 208.29 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्राप्त होना बाकी है।


ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों के गठन की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि 635 राजस्व ग्रामों में से अब तक केवल 298 ग्रामों में समितियों का गठन किया गया है। कालसी विकासखंड के सभी ग्रामों में समितियां गठित हो चुकी हैं, जबकि चकराता में 139, सहसपुर में 90, डोईवाला में 31, रायपुर में 54 तथा विकासनगर में 23 ग्रामों में समितियों का गठन अभी शेष है।


बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अधीक्षण अभियंता जल निगम आर.के. जैन, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान (ग्रामीण) नमित रमोला, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता राजेन्द्र लाल, अधिशासी अभियंता राजेश कुमार निर्वाल, एसीएफ अभिषेक मैठाणी, एडीपीआरओ संजय बड़ोनी सहित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के नामित सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



मानसून सीजन व राज्य के विभिन्न जनपदों में भारी वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम की संभावना को लेकर जारी अलर्ट के दृष्टिगत आज दिनाँक 21 जुलाई 2026 को सेनानायक, SDRF उत्तराखंड पुलिस श्री अर्पण यदुवंशी द्वारा SDRF वाहिनी मुख्यालय, जॉलीग्रांट स्थित कंट्रोल रूम से राज्यभर में तैनात समस्त SDRF पोस्ट प्रभारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।




बैठक के दौरान सेनानायक महोदय ने सभी पोस्ट प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, मौसम की परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों एवं आपदा प्रबंधन तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों पर सतत निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी रेस्क्यू कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु सभी टीमें पूर्ण सतर्कता एवं तत्परता बनाए रखें। साथ ही सभी आवश्यक रेस्क्यू उपकरण, संचार प्रणाली एवं वाहनों को पूर्णतः क्रियाशील स्थिति में रखने के निर्देश भी दिए गए।


बैठक में आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाली कांवड़ यात्रा की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने बताया कि SDRF द्वारा यात्रा के सफल एवं सुरक्षित संचालन हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। विगत वर्ष कांवड़ मेले के दौरान SDRF ने 95 रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित कर 160 से अधिक श्रद्धालुओं को सकुशल सुरक्षित निकाला था। इसी अनुभव के आधार पर इस वर्ष हरिद्वार, ऋषिकेश एवं नीलकंठ क्षेत्र के संवेदनशील स्थलों पर वाटर रेस्क्यू, डीप डाइविंग एवं सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) टीमें तैनात की जाएंगी। सभी टीमों को मोटरबोट, इन्फ्लेटेबल रेस्क्यू बोट, डीप डाइविंग सेट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, थ्रो बैग, रेस्क्यू रोप, स्ट्रेचर, प्राथमिक उपचार किट, सर्च लाइट, वायरलेस संचार उपकरण, सैटेलाइट फोन सहित आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।


माह जुलाई में आयोजित होने वाली नॉर्थ इंडिया इंटर स्टेट जॉइंट मॉक एक्सरसाइज की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उक्त मॉक एक्सरसाइज में उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं पंजाब सहित उत्तर भारत के विभिन्न हिमालयी राज्य  प्रतिभाग करेंगे। 


सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने बैठक के अंत में सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देशित किया कि वे मानसून अवधि के दौरान प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ सतत समन्वय बनाए रखें तथा जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रतिबद्धता एवं तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।


बैठक में उप सेनानायक श्री शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक श्री सुशील रावत, शिविरपाल श्री प्रमोद रावत, सूबेदार मेजर श्री जयपाल राणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए  सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें: मुख्यमंत्री*

*श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता*

*‘सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़’ के लक्ष्य के साथ कार्य करें अधिकारी*

हरिद्वार:



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे तथा सभी व्यवस्थाएं पूरी संवेदनशीलता, समन्वय और सेवा-भाव के साथ संचालित हों। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार तथा विभिन्न स्थानों पर भंडारों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग से पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे पिंक टॉयलेट्स स्थापित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था राज्य के सभी प्रमुख स्थलों पर की जाए।


मंगलवार को मेला नियंत्रण भवन सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कांवड़ मेले की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आस्था, प्रशासनिक क्षमता, सेवा-भाव और कार्यकुशलता का भी प्रतीक है। हमारा लक्ष्य ‘सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़’ होना चाहिए। प्रत्येक श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखण्ड से सुरक्षित, संतुष्ट और सुखद अनुभव के साथ लौटे, यही राज्य सरकार का ‘विकल्प रहित संकल्प’ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विभिन्न प्रकार की वैश्विक चुनौतियों के बावजूद तमाम क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तराखण्ड में भी प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। राज्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है।


उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक चारधाम यात्रा में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि 55 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलाश की यात्रा कर चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार तीन गुना अधिक तीर्थयात्री उत्तराखण्ड पहुंचेंगे। इस वर्ष कांवड़ यात्रा में भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसलिए सभी व्यवस्थाएं उसी अनुरूप की जाएं, जिसमें धार्मिक परंपराओं एवं गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारियों, धर्माचार्यों एवं संत समाज के सहयोग से कांवड़ मेले का सफल संचालन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि धर्माचार्यों एवं संतों के संदेशों पर आधारित वीडियो संदेश तैयार कर कांवड़ यात्रियों तक पहुंचाए जाएं, ताकि यात्रा अनुशासित एवं मर्यादित ढंग से संपन्न हो सके।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन एवं एआई आधारित निगरानी प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के विरुद्ध तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने अथवा भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। कांवड़ यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों के लिए आवश्यकतानुसार पृथक यातायात व्यवस्था बनाई जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में वीआईपी मूवमेंट के कारण श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रमुख पड़ावों एवं मेला क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहे। प्रमुख घाटों पर वाटर एंबुलेंस तैनात किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जल पुलिस तथा अग्निशमन सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट रखा जाए। भारी वर्षा, जलभराव अथवा अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पूर्व तैयारी एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे कांवड़ मार्ग एवं मेला क्षेत्र में पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थलों, प्रकाश व्यवस्था तथा स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नियमित सफाई अभियान चलाया जाए तथा नो-प्लास्टिक अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा समाप्त होने के बाद भी तत्काल सफाई कर क्षेत्र को पूर्व स्थिति में लाया जाए।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि होटलों, ढाबों एवं  प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। सभी प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस एवं पंजीकरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होना चाहिए । किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली घटना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम एवं हेल्पलाइन पूरी तरह सक्रिय रहें। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।


मुख्यमंत्री ने हर की पैड़ी, कांगड़ा पुल एवं अन्य प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल पुलिस की पर्याप्त तैनाती, भीड़ नियंत्रण व्यवस्था एवं आपातकालीन निकासी योजना को पूरी तरह तैयार रखने को कहा। उन्होंने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर जारी रखने तथा अत्यधिक ऊंची कांवड़ एवं निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि वाले डीजे वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल एवं हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने पर भी विशेष जोर दिया।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान आगामी महाकुंभ-2027 की तैयारियों में  व्यवधान नहीं आना चाहिए। दोनों व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाते हुए विकास कार्यों एवं तैयारियों को निर्धारित समय पर आगे बढ़ाया जाए, ताकि उत्तराखण्ड एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का उदाहरण प्रस्तुत कर सके।


बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा,  राम सिंह कैड़ा, दायित्वधारी विनय रोहिला, सुनील सैनी, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश जगदग्नि, श्यामवीर सैनी, देश राज कर्णवाल, दिनेश कौशिक, नितिन गौतम, अजीत चौधरी, शोभाराम प्रजापति, विधायक श्री आदेश चौहान, अध्यक्ष जिला पंचायत किरण चौधरी, मेयर हरिद्वार किरण जैसल, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भाजपा के जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, व्यापार मंडल हरिद्वार के महामंत्री प्रदीप कालड़ा सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी कांवड़ यात्रा को लेकर अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए।


इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप एवं पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ मेले की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल, पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया एवं एसएसपी सर्वेश पंवार, टिहरी की जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल ने भी अपने-अपने जिलों में कांवड़ मेला को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी दी।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनई व आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, सचिव नितेश कुमार झा, पंकज पाण्डे, विनय शंकर पांडे, विनोद कुमार सुमन, धीराज सिंह गर्ब्याल, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक अभिसूचना अभिनव कुमार, आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला योगेंद्र सिंह रावत, मेलाधिकारी कुंभ श्रीमती सोनिका, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।


देहरादून- 


महायोजना के 11वें दिन सेक्टर-11 की जनसुनवाई में उमड़े नागरिक, विकास से लेकर पर्यावरण तक रखे सुझाव*

*कल 21 जुलाई को सेक्टर-12 के नागरिक रखेंगे अपनी राय, चंद्रबनी रोड वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट में होगी अगली जनसुनवाई*



देहरादून को वर्ष 2041 तक एक सुव्यवस्थित, आधुनिक और संतुलित राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहा जनसंवाद अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से देहरादून महायोजना-2041 के तहत सोमवार को अभियान के 11वें दिन सेक्टर-11 की जनसुनवाई राजकीय बालिका पॉलिटेक्निक कॉलेज, सुद्धोवाला में आयोजित की गई। जनसुनवाई में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न हितधारकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की और राजधानी के भविष्य को लेकर अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं। एमडीडीए अधिकारियों ने लोगों की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि प्रत्येक सुझाव का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर उसे महायोजना के अंतिम प्रारूप में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी इस बात का संकेत रही कि राजधानी के भविष्य को लेकर नागरिकों में गहरी रुचि और जागरूकता है।



*यातायात, आवास और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर*

सुद्धोवाला में आयोजित जनसुनवाई के दौरान लोगों ने तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण सामने आ रही चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। प्रतिभागियों ने कहा कि आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी को देखते हुए सड़क नेटवर्क के विस्तार, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस प्रावधान किए जाने चाहिए। कई नागरिकों ने पार्किंग संकट, आंतरिक संपर्क मार्गों की स्थिति और नए आवासीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर सुझाव दिए। लोगों का कहना था कि महायोजना केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित न रहे, बल्कि अगले दो दशकों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाए। जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा हुई।


*पर्यावरण संरक्षण को मिले प्राथमिकता*

जनसुनवाई में पर्यावरणीय मुद्दे भी प्रमुखता से उभरे। नागरिकों ने हरित क्षेत्रों, प्राकृतिक जल स्रोतों और खुले सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रभावी प्रावधान करने की मांग की। कई प्रतिभागियों ने वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण और जलभराव की समस्या के समाधान को महायोजना का अभिन्न हिस्सा बनाने की बात कही। लोगों का मानना था कि देहरादून की पहचान उसकी हरियाली और प्राकृतिक संपदा से है। इसलिए विकास की दौड़ में पर्यावरणीय संतुलन को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जनसुनवाई में शामिल तकनीकी विशेषज्ञों ने भी विभिन्न सुझावों को रिकॉर्ड किया और उन्हें योजना निर्माण प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही।


*स्थानीय आवश्यकताओं को मिले उचित स्थान*

भू-स्वामियों और संस्थागत प्रतिनिधियों ने भूमि उपयोग प्रस्तावों, विकास नियंत्रण नियमों और क्षेत्र विशेष की जरूरतों के अनुरूप विकास मॉडल तैयार करने पर जोर दिया। लोगों ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही प्रभावी योजना बनाई जा सकती है। एमडीडीए की टीम ने स्पष्ट किया कि सभी प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा, ताकि अंतिम महायोजना अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बन सके।


एमडीडीए ने बताया कि जनसंवाद अभियान आगे भी जारी रहेगा। महायोजना-2041 के अंतर्गत सेक्टर-12 की अगली जनसुनवाई 21 जुलाई को प्रातः 11 बजे वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट, चंद्रबनी रोड में आयोजित की जाएगी, जहां संबंधित क्षेत्र के नागरिक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।


*जनभागीदारी ही महायोजना की सबसे बड़ी ताकत : बंशीधर तिवारी*

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि राजधानी के भविष्य की विकास दृष्टि है। उन्होंने कहा कि नागरिकों से प्राप्त सुझाव योजना को जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना था कि जितनी अधिक जनभागीदारी होगी, महायोजना उतनी ही प्रभावी और दूरदर्शी बनेगी।


*हर सुझाव का होगा गंभीर परीक्षण : मोहन सिंह बर्निया*

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम प्रत्येक बिंदु का तकनीकी और विधिक परीक्षण करेगी, ताकि अंतिम महायोजना विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर सके।

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