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मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, देहरादून 

MDDA ceilling action


अवैध निर्माणों पर ताबड़तोड़ सीलिंग की कार्रवाई, निर्माण स्थलों का प्रवर्तन टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण


देहरादून में अनियंत्रित और अवैध निर्माणों पर लगाम कसने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर निर्माण कार्यों को सील कर दिया। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने नियमित निगरानी, प्राप्त शिकायतों और उच्चाधिकारियों के निर्देशों के तहत विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहे निर्माणों को चिन्हित किया और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की।


आजाद कॉलोनी, साना मस्जिद क्षेत्र में युनुस द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को निरीक्षण के दौरान पकड़ा गया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य बिना मानचित्र स्वीकृति और आवश्यक अनुमति के किया जा रहा था, जो प्राधिकरण के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण स्थल को सील कर दिया।


कारगी चौक स्थित कलिंगा विहार क्षेत्र में भी प्राधिकरण ने सख्ती दिखाई। यहां संजय बमोला द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य में आवश्यक दस्तावेजों का अभाव पाया गया। प्राधिकरण की टीम ने इसे अवैध मानते हुए मौके पर ही सीलिंग की कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, दोनों ही मामलों में निर्माणकर्ताओं को पूर्व में नियमों की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की गई।


एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों पर पछवादून क्षेत्र के सेक्टर-12 में व्यापक संयुक्त निरीक्षण एवं सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रवर्तन टीम ने क्षेत्र के विभिन्न निर्माण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए निर्माणकर्ताओं से मानचित्र स्वीकृति, नक्शा पास होने से संबंधित दस्तावेज और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की। अभियान के दौरान कुल 14 निर्माण कार्यों की जांच की गई, जिनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार के भवन शामिल थे। निरीक्षण के दौरान कई मामलों में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके या संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ऐसे मामलों को चिन्हित करते हुए अग्रिम कार्रवाई की जायेगी। जबकि एक स्थान पर की जा रही प्लाटिंग के कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवाया गया गए। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान*

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति सख्ती से लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि देहरादून के सुनियोजित और व्यवस्थित विकास के लिए यह जरूरी है कि सभी निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप हों। बिना मानचित्र स्वीकृति या नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण न केवल अवैध हैं, बल्कि भविष्य में शहर की अव्यवस्था का कारण बनते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सीलिंग के साथ-साथ ध्वस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। तिवारी ने प्रवर्तन टीम को नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए आमजन से नियमों का पालन करने की अपील की।


*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*

प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि एमडीडीए द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां भी अवैध निर्माण की शिकायत मिलती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाती है। आज की सीलिंग कार्रवाई भी इसी क्रम का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिन निर्माणकर्ताओं द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य शहर में अवैध निर्माणों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना है और इसके लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मॉल ऑफ देहरादून में बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता का एक सशक्त माध्यम है।

governor general gurmeet singh, CM Dhami,


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और जनसंख्या संतुलन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल की है, जो समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे अवैध और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कानून समाज में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करने का कार्य करते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जागरूक रहें और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभाएं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की फिल्में समाज को सोचने और समझने का अवसर देती हैं, और सरकार ऐसे हर प्रयास का समर्थन करती है।


इस अवसर पर मेयर श्री सौरभ थपलियाल, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, श्री दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक श्री राजेश शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधि थे


मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 75 करोड़ की धनराशि


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में बढ़ते साईबर अपराधों की चुनौतियों का सामना करने, अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास,  के साथ ही विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों के पुर्ननिर्माण आदि से संबंधित कर्यों हेतु 75 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़ते साईबर अपराधों और चुनौतियों से निपटाने के लिए देहरादून में साईबर उत्कृष्टता केन्द्र साईबर सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण हेतु ₹ 31.63 करोड, जनपद उधम सिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र किच्छा के अन्तर्गत एन०एच० 109 में पं० राम सुमेर शुक्ला राजकीय मेडिकल कॉलेज से अटरिया माता मंदिर मोड़ सिडकुल एवं आनन्दपुर होते हुए एस०एच० 44 तक सड़क पुर्ननिर्माण हेतु ₹ 22.72 करोड़ के साथ राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद उधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र किच्छा के शिमला पिस्तौर कुरैया मोटर मार्ग का पुनः निर्माण एवं सुधार कार्य हेतु ₹ 19.40 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री द्वारा उपसम्भागीय परिवहन कार्यालय, रुड़की के निर्माणाधीन भवन हेतु एप्रोच मार्ग निर्माण कार्य के लिये ₹ 1.30 करोड़, अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास योजनान्तर्गत राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास मसूरी, देहरादून के भवन अनुरक्षण कार्य हेतु ₹ 67.42 लाख तथा जनपद उधमसिंह नगर के राजकीय जनजाति छात्रावास खटीमा में ट्यूबवेल एवं मास्ट लाईट के कार्य हेतु ₹ 18.06 लाख की स्वीकृति किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से शिष्टाचार भेंट की।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर राज्यपाल को अवगत कराया तथा प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन एवं जनकल्याण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की ।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्य तिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि वे एक दूरदर्शी नेता एवं कुशल प्रशासक थे।  उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में सदैव जनहित को सर्वोपरि रखा और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा प्रकाशित स्मारिका “प्रयास बेहतर कल के लिए” का  विमोचन किया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्मारिका के प्रकाशन हेतु क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि सकारात्मक कार्य संस्कृति के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मानव जीवन में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सचिवालय कर्मियों से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ होता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव कार्यकुशलता पर भी पड़ता है।


मुख्यमंत्री ने स्मारिका में प्रकाशित लेखों, उपलब्धियों एवं गतिविधियों की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह प्रकाशन आने वाले समय में और अधिक लोगों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। 


इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, सचिव श्री विनय शंकर पांडेय, उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष श्री हीरा सिंह बसेड़ा,  प्रधान  संपादक श्री भूपेंद्र सिंह बसेड़ा,महासचिव श्री प्रमोद कुमार, कोषाध्यक्ष श्री चंदन बिष्ट, संयुक्त सचिव श्री पुष्कर सिंह नेगी, सदस्य श्री चंद्रशेखर, श्री रंजीत सिंह, श्री दीपक बिष्ट, सुश्री विमला आर्या, सुश्री दीपा बोहरा और श्री संदीप कुमार मौजूद थे।

नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के तत्वावधान में श्रीलंका के 40 सिविल सेवा अधिकारी पहुंचे एसईओसी*

देहरादून:

USDMA srilanka


नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के तत्वावधान में श्रीलंका के 40 सिविल सेवा के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों, व्यवस्थाओं एवं नवाचारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी श्री राजकुमार नेगी ने प्रतिनिधिमंडल को यूएसडीएमए द्वारा किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में किस प्रकार त्वरित राहत एवं बचाव कार्य धरातल पर संचालित किए जाते हैं। साथ ही राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की भूमिका, चेतावनी प्रसारण प्रणाली, अलर्ट जारी करने की प्रक्रिया तथा तकनीक के प्रभावी उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया गया कि उत्तराखण्ड  में किस प्रकार आपदा जोखिम न्यूनीकरण में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है तथा सूचना का आदान-प्रदान अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक प्रभावी रूप से किस प्रकार किया जाता है। इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली, इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम की अवधारणा एवं संरचना, आपदा पूर्व तैयारी, आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया तथा आपदा उपरांत पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण की प्रक्रियाओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। यूएसडीएमए तथा एनडीएमए किस प्रकार समन्वय करते हैं, इसके बारे में भी बताया गया। 

इस अवसर पर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. रोहित थपलियाल ने मौसम पूर्वानुमान एवं बहु-स्तरीय चेतावनी प्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि आईएमडी द्वारा मौसम संबंधी आंकड़े अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से एकत्र किए जाते हैं, जिनमें उपग्रह आधारित अवलोकन प्रणाली, डॉप्लर वेदर रडार, स्वचालित मौसम केंद्र, स्वचालित वर्षामापी यंत्र, मौसम पूर्वानुमान मॉडल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों का रियल-टाइम एकीकरण कर उच्च स्तरीय विश्लेषण किया जाता है, जिसके आधार पर विभिन्न स्तर के पूर्वानुमान तैयार किए जाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय राज्यों में लोकेशन-स्पेसिफिक पूर्वानुमानों के महत्व पर प्रकाश डाला, जहां मौसम की परिस्थितियां अत्यधिक परिवर्तनशील होती हैं।

वहीं यूएलएमएमसी के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार ने भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में राज्य द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक एवं संस्थागत प्रयासों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में भूस्खलन एक प्रमुख आपदा है, जिसके प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान हेतु विस्तृत भूस्खलन संवेदनशीलता मानचित्रण एवं जोखिम क्षेत्र निर्धारण किया जा रहा है। आधुनिक तकनीकों, जैसे रिमोट सेंसिंग, जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम, ड्रोन सर्वेक्षण, लिडार तकनीक एवं रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग कर संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही चयनित स्थलों पर अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं, जो वर्षा, मिट्टी की नमी एवं ढलान की गति जैसे मापदंडों के आधार पर भूस्खलन की संभावना का पूर्व संकेत प्रदान करते हैं।

चूंकि श्रीलंका भी भूस्खलन एवं अत्यधिक वर्षा से उत्पन्न आपदाओं का सामना करता है, इसलिए वहां से आए प्रतिनिधियों ने इन विषयों में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने उत्तराखण्ड में अपनाए जा रहे तकनीकी मॉडल, अर्ली वार्निंग सिस्टम, जोखिम आकलन पद्धतियों एवं सामुदायिक आधारित दृष्टिकोण के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा इसे अपने देश में लागू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, डाॅ. पीडी माथुर, डाॅ. पूजा राणा आदि मौजूद रहे। 


साझा दृष्टिकोण विकसित करने के लिए उपयोगी-सुमन

देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय संवाद एवं अध्ययन भ्रमण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये विभिन्न देशों के बीच ज्ञान, अनुभव एवं सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम बनते हैं। उत्तराखण्ड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य में विकसित की गई व्यवस्थाएं एवं तकनीकी पहलें अन्य देशों के लिए उपयोगी हो सकती हैं, वहीं हमें भी वैश्विक अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है। ऐसे इंटरैक्शन से न केवल संस्थागत क्षमता सुदृढ़ होती है, बल्कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक समन्वित एवं साझा दृष्टिकोण विकसित होता है, जो अंततः जन-जीवन की सुरक्षा एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाता है।


एनसीजीजी प्रशिक्षण के क्षेत्र में निभा रहा अहम भूमिका-सिंह

देहरादून। एनसीजीजी के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ एपी सिंह ने बताया कि नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014 में स्थापित एक प्रमुख संस्थान है, जो सुशासन, नीतिगत सुधार, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के क्षेत्र में कार्य करता है। यह संस्थान न केवल भारत के सिविल सेवकों, बल्कि विभिन्न देशों के अधिकारियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है। एनसीजीजी ने अब तक 52 देशों के सिविल सेवकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए हैं और 5500 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। श्रीलंका सरकार के साथ हुए समझौते के अंतर्गत एनसीजीजी द्वारा श्रीलंकाई सिविल सेवकों के लिए आपदा प्रबंधन विषय पर विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत यह अध्ययन भ्रमण आयोजित किया गया।

 SIR के लिए जिलेवार एक्शन प्लान बनाएं जिलाधिकारी- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

- *कम मैपिंग वाले ईआरओ को होंगे नोटिस जारी*

- *मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली जिलों की समीक्षा बैठक*

- *शहरी क्षेत्रों में बीएलओ के साथ नगर निगम कर्मी होंगे एसआईआर में शामिल


देहरादून:

SIR uttarakhand



उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सचिवालय में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए समीक्षा की। बैठक में कम मैपिंग वाले जनपदों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कड़़ी नाराजगी जताते हुए सम्बंधित ईआरओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शहरी क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एसआईआर का एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 


बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि प्रदेश में 87 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है, लेकिन जनपद देहरादून, उधमसिंह नगर और नैनीताल में मैपिंग की प्रगति कम है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के अधिकारियों,कर्मचारियों की एसआईआर के लिए तैनाती की जाए। उन्होंने बीएलओ की ट्रेनिंग कार्य लगातार चलाए जाने के निर्देश दिए। 


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को एसआईआर से पूर्व सभी बूथों पर शत प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्ति के लिए राजनैतिक दलों से बैठक करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपद गणना प्रपत्र के वितरण का पूरा प्लान तैयार कर दें ताकि समय पर फार्म वितरण की प्रक्रिया संपन्न कराई जा सके। 

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे,उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल रुप से उपस्थित रहे।


देहरादून :
with smart tv uttarakhand govt school



जिले के सरकारी स्कूलों को मिली डिजिटल रफ्तार; सभी 168 विद्यालयों में पंहुचे स्मार्ट टीवी; स्मार्ट टीवी इंस्टालेशन कार्य प्रारंभ

 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में डिजिटल शिक्षा की दिशा में जिला प्रशासन की ऐतिहासिक पहल

लार्ज स्केल पर दून के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 3.67 करोड़ से 884 स्मार्ट टीवी इंस्टालेशन प्रक्रिया प्रारम्भ 

डीएम का शिक्षा मॉडल हर कक्षा में अब स्मार्ट तकनीक; सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति की शुरुआत

निजी व सरकारी विद्यालयों के मध्य डिजिटल अंतर की खाई पाटने को डीएम ने जिला खनन न्यास से दिए 3.67 करोड़

जिला प्रशासन ने 5 करोड़ सीएसआर फंड से जिले के सभी विद्यालय किये फर्नीचर युक्त

देहरादून :


मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल की विशेष पहल एवं उनके व्यक्तिगत निर्देशन में जनपद देहरादून के राजकीय संचालित माध्यमिक विद्यालयों में “प्रोजेक्ट उत्कर्ष” के अंतर्गत डिजिटल एवं उन्नत शिक्षण सुविधाओं के विकास हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ी पहल करते हुए जनपद के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत कुल 884 स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल लागत रू0 3.67 करोड़ है। सभी विद्यालयों में स्मार्ट टीवी की आपूर्ति पूर्ण हो चुकी है तथा इंस्टॉलेशन प्रक्रिया तेजी से जारी है।
स्मार्ट टीवी के माध्यम से कक्षाओं में ऑडियो-वीडियो कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल एवं डिजिटल पाठ्îसामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनेगी। इस पहल से विद्यार्थियों को दिक्षा पोर्टल, पीएम ई-विद्या, शैक्षिक वीडियो एवं वर्चुअल कक्षाओं जैसी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी अवधारणात्मक समझ एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
परियोजना के अंतर्गत विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार 43 इंच एवं 55 इंच के स्मार्ट टीवी क्रय किए गए हैं। इस हेतु स्वीकृत धनराशि जिला खनन निधि से उपलब्ध कराई गई है। इससे पूर्व भी जनपद के सभी सरकारी विद्यालयों को रू0 5 करोड़ के सीएसआर फंड से फर्नीचरयुक्त किया जा चुका है।
स्मार्ट टीवी का क्रय जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रक्रिया द्वारा पूर्ण पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली के तहत किया गया। निविदा प्रक्रिया में 12 फर्मों ने प्रतिभाग किया, जिनमें तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन के उपरांत पात्र न्यूनतम दर वाली फर्म का चयन किया गया।
जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी जिला प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही सभी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण सुविधा से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। 
यह पहल न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का सशक्त प्रयास है, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे जनपद में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। जनपद प्रशासन द्वारा स्मार्ट टीवी की आपूर्ति एवं स्थापना कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराते हुए सभी विद्यालयों में शीघ्र ही डिजिटल शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।





 एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शत्प्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी। 
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के के मिश्रा कन्ट्रोलरूम से जिले में गैस वितरण, आपूर्ति की मॉनिटिरिंग जनमानस की समस्या के निस्तारण हेतु निगरानी बनाए हुए है। 

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से 05 बजे तक कुल 35  शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोल रूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 12004 अधिक उपभोक्ताओं कोे घरेलू तथा 136 अपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 75 हजार के लगभग बैकलॉग है। एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, तथा मांग के अनुसार लोड बढाने के निर्देश कम्पनियों को दिए गए हैं।  
  
 


*श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति  यात्रा तैयारियों में जुटी: हेमंत द्विवेदी* 

• *चारधाम यात्रा पंजीकरण 6 लाख से अधिक पहुंची।* 

• *इस यात्रा वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के चार धाम आने की उम्मीद।* 

देहरादून :

BKTC chardham yatra 2026, Hemant dwedi


चारधाम यात्रा का अप्रैल माह में शुभारंभ हो रहा है आगामी यात्रा काल को ध्यान में रखकर बीकेटीसी ने बजट प्रावधान किये है। उल्लेखनीय है कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुल रहे है जबकि श्री गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को खुलेंगे ।

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने  आज  केनाल रोड देहरादून  स्थित बीकेटीसी कार्यालय के निकट आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में श्री केदारनाथ का पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब श्री बदरीनाथ पुनर्निर्माण कार्य चल रहे है।प्रदेश सरकार के स्तर पर धामों में यात्रा तैयारियां त्वरित गति से चल रही है।


बीकेटीसी का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सरल- और सुगम दर्शन व्यवस्था   करना है। इसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।कहा कि उत्तराखंड चारधाम यात्रा पंजीकरण 6 लाख से अधिक पहुंचा 6 मार्च से 16 मार्च तक  दो सप्ताह में श्री केदारनाथ हेतु 206622  तथा श्री बदरीनाथ हेतु  182212तथा श्री गंगोत्री धाम हेतु 115763  तथा यमुनोत्री धाम हेतु  113256    श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया है 16 मार्च तक 617853 तीर्थयात्रियों ने यात्रा पंजीकरण करवाया है‌



   शीतकालीन यात्रा वर्ष 2025- 26 धामों के कपाट बंद होने के बाद 16 मार्च 2026 तक 50 हजार श्रद्धालुओं ने शीतकालीन पूजा स्थलों में किये दर्शन  किये। 

श्री बदरीनाथ धाम के शीतकालीन पूजा स्थल श्री योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में शीतकालीन पूजा अर्चना में 20054 श्रद्धालु शामिल हुए।16  मार्च 2026 तक भगवान केदारनाथ जी एवं द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर जी की शीतकालीन गद्दी श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या31736   रही। इस तरह 51 हजार  से अधिक श्रद्धालुओं ने शीतकालीन यात्रा दर्शन किये है।


 अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा पूर्व सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाएं आगामी यात्रा वर्ष 2026-27 में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धामों की व्यवस्थाएं अधिक सुदृढ़ की जा रही है।


  विगत 10 मार्च को संपन्न हुई  श्री केदारनाथ-बदरीनाथ मंदिर की बैठक  में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक का ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया गया है प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया है।श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति  (बीकेटीसी) की बजट  बैठक में आगामी यात्रा वर्ष 2026-27  को दृष्टिगत रखते हुए  लिए 1210799501  ( एक सौ इक्कीस करोड़ सात लाख निन्यानबे हजार पांच सौ एक रूपये )से अधिक का  अनुमानित बजट  पारित किया गया।


श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने सहित कई अहम प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया।बजट बैठक में श्री बदरीनाथ धाम के लिए 574739601  ( सत्तावन करोड़ सैंतालीस लाख उनतालीस हजार छ: सौ एक रूपये) तथा  श्री केदारनाथ धाम के लिए  636059900  ( तिरसठ करोड़ साठ लाख उनसठ हजार नौ सौ रुपये )बजट का प्रावधान किया गया है ।  धामों में यात्रा पूर्व व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट केंप में मंदिर समिति शिविर कार्यालय खुलेगा।तीर्थ पुरोहितों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए ‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ की स्थापना का  सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।


 धामों में निर्धारित दूरी तक मोबाइल प्रतिबंधित किये जाने, रील तथा फोटोग्राफी , वीडियो ग्राफी पर रोक रहेगी।यात्रा एवं दर्शन एसओपी विचार,  मंदिर परिसर,दर्शन पंक्ति  -रेलिंगों की  मरम्मत, रंग-रोगन पेयजल, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छता,  विश्राम गृहों में आवासीय व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जा रहा है।व्यवस्था,तथा दर्शन व्यवस्था, पूजा व्यवस्था , आन लाईन पूजा तथा मंदिर समिति की वेबसाइट को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने, मंदिरों के जीर्णौद्धार तथा यात्रा पूर्व रखरखाव, विज्ञापन नीति,कर्मचारियों के स्थानांतरण नीति लागू की जा रही है। इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ आदि मौजूद रहे।




 नैनीताल/ देहरादून :

CS Uttarakhand


नैनीताल जिले के भ्रमण पर पहुंचे मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने कहा कि *प्रदेश में एलपीजी गैस की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। अफवाहों पर ध्यान न दें* 

उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, घरेलू के साथ ही छोटे रेस्टोरेंट व ढाबों में भी व्यसायिक सिलेंडर की नियमित आपूर्ति की जा रही है। 


मुख्य सचिव ने कहा कि उपभोक्ताओं को उनकी मांग के अनुरूप समय पर और पर्याप्त गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वह किसी भी प्रकार से पैनिक ना हों और अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्हें नियमित रूप से एलपीजी गैस की आपूर्ति की जाएगी।

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