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*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग* 

 *प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में बनाई मजबूत पहचान : मुख्यमंत्री* 




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष जनसंपर्क अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री का छोलिया एवं थारू सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों तथा पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह दो दिवसीय खटीमा प्रवास पर हैं और अपने प्रवास के कार्यक्रमों की शुरुआत बग्घा चौवन से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इन 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनसे भारत आज विश्व में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं और अभियानों की शुरुआत की। मातृ शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान शुरू किया गया, जिससे बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित हुए हैं।


उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देशभर में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाया गया और करोड़ों परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं और बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया गया। हर घर जल योजना के माध्यम से दूरस्थ और जल संकट वाले क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का अभियान चलाया गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तराखंड में भी प्रत्येक पात्र नागरिक को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, जिसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है।


उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब पूरी दुनिया प्रभावित थी और लोगों के रोजगार पर संकट आया था, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई, जिसके माध्यम से करोड़ों लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर देशवासियों को निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई तथा विश्व के अनेक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर वैश्विक सहयोग और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जेल भेजा गया है।



उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक क्षेत्र में विकास की गति तेज हो और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।



मुख्यमंत्री ने कहा कि बग्घा चौवन क्षेत्र में भी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।



इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री श्री रंजीत सिंह नामधारी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सतीश भट्ट, श्री राजपाल सिंह, श्रीमती विमला बिष्ट, श्री सोमनाथ मौर्य, श्री मोहन सिंह चुफाल, श्री देवेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्री देवेश शाशनी, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. उत्तम सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल, उपजिलाधिकारी श्री तुषार सैनी, श्री हिमांशु कफल्टिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 *मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा* 

 *अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से उत्तराखण्ड बनेगा साहसिक खेलों और पर्यटन का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।



निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।



उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।


इस अवसर पर विधायक श्री अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



 देहरादून:


 दिनांक 12 जून 2026 को देर शाम सिविल डिफेंस पोस्ट संख्या 4 दक्षिण प्रभाग की मीटिंग सेक्टर वार्डन श्री अमरजीत सिंह गांधी के निवास गुरु रोड देहरादून पर आयोजित हुई।

 


सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा संगठन) देहरादून की वार्डन पोस्ट संख्या 4 दक्षिण प्रभाग में सर्व सहमति के उपरांत श्री श्यामेंद्र कुमार साहू  (उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा संगठन देहरादून) द्वारा अरुण कुमार शर्मा को 14 वर्षों तक निष्ठा से सेक्टर वार्डन का कार्य करने के प्रतिफल में *पोस्ट वार्डन* का दायित्व प्रदान किया गया । 

 तथा श्री अमरजीत सिंह गांधी जी को डिप्टी पोस्ट वार्डन ,पूर्व पोस्ट वार्डन श्री राजकुमार तेहरान जी को आरक्षित पोस्ट वार्डन व श्री अनिल भसीन जी को आरक्षित डिप्टी पोस्ट वार्डन का प्रभार भी  सौंपा गया।

 ग्रह विभाग भारत सरकार द्वारा संचालित सिविल डिफेंस के लगभग 450 वार्डन बिना किसी शुल्क व भत्ते के वर्षों से देहरादून में कार्यरत है। व प्रत्येक संकट,आपदा,पर्यावरण,नशामुक्ति,यातायात व्यवस्था आदि में शासन प्रशासन का सहयोग करते हुए निष्ठा से कार्य करते हैं।

    आज की मीटिंग में उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा श्यामेंद्र कुमार साहू,उप प्रभागीय वार्डन रविन्द्र मोहन काला,राजकुमार तेहरान,अरुण कुमार शर्मा,अनिल भसीन,अमरजीत सिंह गांधी,कृष्ण कुमार विज,नितिन कुमार,हेमंत माटा,तरुण वर्मा,पवन कुमार सेकड़ी आदि सम्मलित रहे।


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धन्यवाद।


 *अरुण कुमार शर्मा* 

पोस्ट वार्डन

सिविल डिफेंस

पोस्ट संख्या 4

दक्षिण प्रभाग देहरादून।

7017613485

989740842

 


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।


- कार्यशाला का विषय – “ग्रामीण उत्तराखंड में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल अंतराल को घटाना: उद्यम प्रोत्साहन और पलायन में कमी हेतु जिला-स्तरीय रणनीतियाँ” रहा

NABARD meeting


- कार्यशाला में विशेषज्ञों ने उद्यमिता को बढ़ावा देने, पलायन में कमी, नीतियों का बेहतर क्रियान्वयन, लाभार्थियों को एकीकृत सेवाएं, सतत विकास को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर सुझाव दिए



शुक्रवार को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास  बैंक (नाबार्ड) द्वारा देहरादून में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली क्षेत्रीय सलाहकार समिति (आरएसी) की बैठक एवं उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल की कमी के अभाव को दूर करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया।


राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ग्रामीण विकास में युवाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून ने पहली क्षेत्रीय सलाहकार समिति (आरएसी) बैठक एवं उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल की कमी के अभाव को दूर करने के लिए कार्यशाला का आयोजन आईटी पार्क स्थित अपने कार्यालय में किया। कार्यशाला का विषय – “ग्रामीण उत्तराखंड में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल अंतराल को घटाना: उद्यम प्रोत्साहन और पलायन में कमी हेतु जिला-स्तरीय रणनीतियाँ” रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ श्री पंकज यादव, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विशेषज्ञ- डॉ प्रभाकर सी बेबनी  (मुख्य संचालन अधिकारी, डीडीयू-जीकेवाई) सहित एस.एल.बी.सी, यू.के.एस.आर.एल.एम, के.वी.आई.सी, के.वी.आई.बी, कृषि एवं उद्यान विभाग, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, यू.के.एस.टी.सी.बी, ग्रामीण विकास विभाग, एनजीओ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। डॉ संजीव रॉय (निदेशक,  के.वी.आई.सी) ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।


कार्यक्रम में डॉ प्रभाकर सी बेबनी (मुख्य संचालन अधिकारी, डीडीयू-जीकेवाई) की विशेष सहभागिता रही। उन्होंने ग्रामीण युवाओं के कौशल और उनके रोजगार हेतु पलायन को रोकने की जिला-वार रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया और उत्तराखंड में नाबार्ड की सक्रिय भूमिका की सराहना की, जिसमें कौशल विकास प्रशिक्षण, सूक्ष्म उद्यम विकास कार्यक्रम एवं आजीविका उद्यम विकास कार्यक्रम और विपणन के प्रयास शामिल हैं।


बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने अलग- अलग विभागों के साथ कार्यशैली के तालमेल की भूमिका पर सुझाव दिए कि वे उद्यमिता को बढ़ावा, पलायन में कमी, नीतियों का बेहतर क्रियान्वयन, लाभार्थियों को एकीकृत सेवाएं, सतत विकास को बढ़ावा देने में कैसे योगदान दे सकते हैं। बैठक में विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच अभिसरण पर भी जोर दिया गया ताकि उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल की कमी के अभाव को दूर किया जा सके।


नाबार्ड ने यह संकल्प दोहराया कि वह ग्रामीण समुदायों को ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार संवर्धन के माध्यम से सशक्त करेगा, जिससे उत्तराखंड के ग्रामीण युवाओं को न केवल स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना होगा, बल्कि उनके ग्रामीण समृद्धि, पलायन रूकेगा और विकास को बढ़ावा मिल सकेगा।


*मानसून जनित आपदाओं से निपटने के लिए क्षमता निर्माण पर जोर

*दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समाप

देहरादून:



राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम), गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मानसून पूर्व तैयारियों पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 

समापन सत्र को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष, सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग श्री विनय रूहेला ने कहा कि इस कार्यशाला से उत्तराखण्ड में मानसून जनित आपदाओं के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के माध्यम से राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारियों को भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, बादल फटना, शहरी बाढ़ तथा अन्य मानसून जनित आपदाओं से निपटने के लिए नवीन तकनीकों, बेहतर समन्वय तंत्र तथा प्रभावी प्रतिक्रिया प्रणाली की जानकारी प्राप्त हुई। 

एनआईडीएम के प्रोफेसर नवनीत कुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण आपदाओं का स्वरूप लगातार जटिल होता जा रहा है और आने वाले वर्षों में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिदृश्यों का प्रभावी सामना करने के लिए वैज्ञानिक  दृष्टिकोण, आधुनिक तकनीकों का उपयोग तथा संस्थागत तैयारियों को और अधिक मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कार्बन ट्रेडिंग के क्षेत्र में उत्तराखण्ड द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके सकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों को आपदा प्रभावित व्यक्तियों को प्रदान किए जाने वाले साइको-सोशल सपोर्ट, राहत प्रबंधन तथा समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर आधारित टेबल-टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने काल्पनिक आपदा स्थितियों में विभागवार प्रतिक्रिया, संसाधन प्रबंधन, समन्वय एवं निर्णय प्रक्रिया का व्यवहारिक अभ्यास किया।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मानसून जनित जोखिमों से निपटने के लिए अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई। तकनीकी सत्रों में भूस्खलन जोखिम मूल्यांकन एवं न्यूनीकरण, आपदा प्रबंधन चक्र, जलवायु परिवर्तन जनित चुनौतियां तथा आपदा प्रबंधन में उभरती तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ड्रोन, जीआईएस, रिमोट सेंसिंग, मोबाइल एप्लीकेशन तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे आधुनिक उपकरण आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी, त्वरित और सटीक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके अतिरिक्त पूर्व चेतावनी प्रणाली, अंतिम व्यक्ति तक समय पर सूचना पहुंचाने की रणनीतियों तथा इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम में विभिन्न अधिकारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। 

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री प्रकाश चंद्र ने कहा कि दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्द्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से मानसून पूर्व तैयारियों, जोखिम मूल्यांकन, पूर्व चेतावनी प्रणाली, स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारी, सामुदायिक सहभागिता, बहु-विभागीय समन्वय, क्षति एवं आवश्यकता आकलन तथा प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक समझ विकसित हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुभव एवं सुझाव राज्य में मानसून जनित आपदाओं के प्रति तैयारियों को और अधिक सुदृढ़, समन्वित एवं परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

कार्यक्रम में डीआईजी होमगार्ड श्री राजीव बलूनी, डीआईजी एसएसबी श्री दुर्गा बहुदर सोनार, टूआईसी सीआरपीएफ श्री आनंद सिंह, डाॅ. हरिशंकर, वैज्ञानिक, आईआईआरस, डाॅ. बिमलेश जोशी, स्वास्थ्य विभाग, श्री एसके राणा, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबैदुल्लाह अंसारी, एनआईडीएम के सहायक प्रोफेसर रोहित कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।


*राहत शिविर प्रबंधन एवं राहत सामग्री किट की जानकारी*

 प्रशिक्षण कार्यक्रम में राहत शिविरों के प्रभावी संचालन तथा राहत सामग्री वितरण व्यवस्था पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को राहत शिविरों में आवास, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा संवेदनशील वर्गों की आवश्यकताओं के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों को वितरित की जाने वाली राहत सामग्री किट की संरचना, आवश्यक वस्तुओं एवं वितरण प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से बताया गया।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज श्री जसपाल राणा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समेत कांग्रेसजनों ने भी  संवेदना व्यक्त की

shooter Jaspal expire, CM Dhami


मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जसपाल राणा ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, कठिन परिश्रम और उल्लेखनीय उपलब्धियों से न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया। निशानेबाजी के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अनेक युवा खिलाड़ियों को प्रेरित कर खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जसपाल राणा का निधन खेल जगत, उत्तराखंड तथा राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से कामना है।

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत निशानेबाज श्री जसपाल राणा के आवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदना

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज स्वर्गीय श्री जसपाल राणा के देहरादून आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री जसपाल राणा के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की।

प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने निशानेबाजी के लिए देश का गौरव रहे जसपाल राणा जी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति सांत्वना प्रकट की है।  
अपने शोक संदेश में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि निशानेबाजी में देश का गौरव रहे जसपाल राणा जी का आकस्मिक निधन प्रदेश एवं देश की अपूर्णीय क्षति है। निशानेबाजी में देश का मान-सम्मान बढ़ाने तथा देश एवं प्रदेश के प्रतिभावान खिलाडियों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में किये गये उनके प्रयासों कों कभी भुलाया नहीं जा सकता है, उनका असमय चले जाना खेल जगत ही नहीं हम सबके लिए असीमित दुःख का विषय है। हम सभी भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वे स्व0 जसपाल राणा जी की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों, शुभचिंतकों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान क

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