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5 घंटे तक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव, 15 दिन में समाधान का आश्वासन

देहरादून : 



श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविघालय में परीक्षा परिणामों में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों को लेकर सोमवार को छात्र नेताओं एवं छात्र संघ प्रतिनिधियों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाति नेगी के कार्यालय का करीब पांच घंटे तक घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी बीए, बीएससी, बीकॉम एवं एमए के परीक्षा परिणामों में ऑनलाइन अंकतालिकाओं में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। कई विद्यार्थियों की अंकतालिकाओं में शून्य  अंक दर्शाए गए हैं, जबकि उन्होंने परीक्षा दी है। वहीं कई छात्रों का परिणाम समर्थ पोर्टल एवं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिखाई नहीं दे रहा, जिससे छात्रों में भारी रोष व्याप्त है।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने महाविद्यालय में फीस जमा कर दी है, लेकिन पोर्टल पर फीस अपडेट नहीं होने के कारण उन्हें आगे की प्रक्रिया में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण छात्र पिछले कई दिनों से महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

छात्र नेताओं के अनुसार यह समस्या केवल एक-दो महाविद्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर देहरादून, शहीद दुर्गामल्ल राजकीय महाविद्यालय डोईवाला, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नई टिहरी एवं ऋषिकेश स्थित विश्वविद्यालय परिसर के अनेक छात्र-छात्राओं के परिणामों में भी इसी प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई हैं।

घेराव के दौरान छात्रों ने परीक्षा विभाग एवं संबंधित कार्यालयों में ताले लगाकर नारेबाजी की और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। छात्र नेता आदर्श राठौर ने कहा कि यह केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसका जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

वहीं परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाति नेगी ने छात्रों की मांगों पर सहमति जताते हुए समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिनों का समय मांगा और आश्वासन दिया कि सभी त्रुटियों को सुधार कर सही अंकतालिकाएं जारी की जाएंगी। इसके बाद छात्रों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया।

ये रहे प्रमुख छात्र नेता मौजूद

आदर्श राठौर, अंशुल चंद्रा, केशव बिज्लवाण, मणिका, मंजीत शाह ,छात्रसंघ अध्यक्ष, नई टिहरी, साक्षी राणा छात्रसंघ महासचिव, नई टिहरी, युवराज सिंह शाह पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं जीशान खान पूर्व छात्रसंघ सचिव, नई टिहरी सहित कई छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में शामिल रहे।छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो छात्र संगठन पुनः बड़ा आंदोलन और उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

आज का राशिफ़ल

दिनाँक 7 अप्रैल,2026

दिन मंगलवार

rashifal today 07 april 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। कारोबार में बुद्धिबल से उन्नति होगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। दुष्टजनों से सावधानी आवश्यक है। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें। प्रमाद से बचें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

शत्रु भय रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। भूमि व भवन संबंधी खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। आर्थिक उन्नति होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। शुभ समय।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। अज्ञात भय सताएगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। कुसंगति से बचें। चिंता रहेगी। धन प्राप्ति में अवरोध दूर होंगे। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

लेन-देन में जल्दबाजी न करें। पुराना रोग उभर सकता है। दु:खद समाचार की प्राप्ति संभव है। किसी के उकसाने में न आएं। बात बिगड़ सकती है। आवश्यक निर्णय सोच-समझकर करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। थकान हो सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में निश्चितता रहेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। आय में वृद्धि होगी। कारोबार का विस्तार होगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। निवेश लाभदायक रहेगा। घर में सुख-शांति रहेगी। उत्साह बना रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। संतान की चिंता रहेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

आय में वृद्धि होगी। कारोबार लाभप्रद रहेगा। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। दूर से शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय बढ़ेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में सहकर्मियों का साथ रहेगा। थकान रहेगी।



तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

प्रेम-प्रसंग में आशातीत सफलता प्राप्त होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। कारोबार का विस्तार होगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। सुख के साधन जुटेंगे। शत्रु परास्त होंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। सभी ओर से सफलता मिलेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

राजभय रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। लेन-देन में जल्दबाजी हानि देगी। शारीरिक कष्ट संभव है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। व्यवस्था में मुश्किल होगी। दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। अनहोनी की आशंका रहेगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। आय में निश्चितता रहेगी।



धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। मानसिक बेचैनी रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। अधिकार प्राप्ति के योग हैं। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भागदौड़ रहेगी। दूसरों के काम में दखल न दें। विवाद से बचें। लाभ होगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

राज्य से प्रसन्नता रहेगी। कोई बड़ा काम हो सकता है। नई योजना बनेगी। नया उपक्रम प्रारंभ हो सकता है। सामाजिक कार्य करने का अवसर मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्वास्थ्‍य का पाया कमजोर रहेगा। कोई नई समस्या आ सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कोई नई समस्या आ सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।

कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

आंखों को चोट व रोग से बचाएं। धन प्राप्ति सुगम होगी। सुख के साधन जुटेंगे। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। थकान व कमजोरी महसूस हो सकती है। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पुराना रोग उभर सकता है। अनहोनी की आशंका रहेगी। मातहतों से कहासुनी हो सकती है। पार्टनरों से मतभेद संभव है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। दूसरों से अपेक्षा न करें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। आय में निश्चितता रहेगी। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। सोच-समझकर निर्णय लें।

 प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

disaster management minister madan kaushik


बैठक में मंत्री ने आपदा से पूर्व, आपदा के दौरान एवं आपदा के बाद विभाग द्वारा किये जाने वाले क्रिया-कलापों की विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में राज्य को एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करें। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक आपदा झेलने वाले देश की तर्ज पर आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर प्रदेश को आपदा प्रबंधन में सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जाए।


मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तर पर बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कम्युनिकेशन सिस्टम को बेहतर बनाया जाए ताकि सूचनाओं के आदान-प्रदान की कार्यवाही तेजी से हो सके तथा आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को तत्काल शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों, सदस्यों एवं अधिकारियों को सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित उपकरण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाए ताकि कोई आपदा घटित होन पर वे शीघ्रता से इसकी जानकारी जिला मुख्यालय एवं प्रदेश मुख्यालय को दे सकें।


मंत्री ने कहा कि किसी आपदा के घटित होने पर राहत एवं बचाव कार्य शीघ्रता से हो सके इसके लिए जरूरी है कि न्याय पंचायत स्तर पर आपदा मित्र एवं आपदा सखी बनाये जाएं। आपदा मित्र एवं आपदा सखी को राहत एवं बचाव कार्य संबंधी उचित प्रशिक्षण देने के साथ ही आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराये जाएं। साथ ही आपदा मित्र एवं आपदा सखी के लिए प्रोत्साहन राशि की भी व्यवस्था की जाए।


मंत्री ने कहा कि आपदाओं के पूर्वानुमान की दिशा में बेहतर कार्य किये जाएं ताकि आपदाओं से होने वाले नुकसान कम से कम किया जा सके।


मंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी संवेदनशील झीलें जिनसे भविष्य में आपदा की संभावना है उनके ट्रीटमेंट के लिए वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों से वार्तालाप करें ताकि इस दिशा में कार्य हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भू-स्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील स्थल जहां पर बार-बार आपदाएं घटित होती हैं ऐसे स्थलों के ट्रीटमेंट प्राथमिकता के आधार पर किये जाएं। 


मंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन से संबंधित बैठकों हेतु रोस्टर बनाए जाएं। इन बैठकों में मेरे द्वारा स्वयं प्रतिभाग किया जायेगा।


इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग से सचिव विनोद कुमार सुमन, संयुक्त सचिव एनएस डुंगरियाल, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूएसडीएमए मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

 


गंगा बैराज पर आज उस समय ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब एक प्राइवेट कंपनी द्वारा सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग की गई। यह पहल राज्य में हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार लगातार राज्य में आधुनिक परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा दे रही है। सीएम धामी की दूरदर्शी सोच और प्रयासों का ही परिणाम है कि आज ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में सी-प्लेन सेवा की संभावनाएं साकार होती नजर आ रही हैं।


विशेषज्ञों के अनुसार, सी-प्लेन सेवा शुरू होने से चारधाम या


त्रा, एडवेंचर टूरिज्म और वीकेंड ट्रैवल को बड़ा बूस्ट मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब कम समय में सीधे ऋषिकेश और आसपास के प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


सरकार की योजना है कि भविष्य में इस सेवा को टिहरी झील, नैनीताल झील और अन्य जलाशयों तक भी विस्तार दिया जाए, जिससे उत्तराखंड देश का प्रमुख सी-प्लेन डेस्टिनेशन बन सके।


यह ट्रायल न केवल तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि यह संकेत भी दे गया कि आने वाले समय में उत्तराखंड में हवाई पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।


अत्याचारी और षड्यंत्रकारी राजनीति का सामना कर हम बने हैं सबसे बड़ी पार्टी!* 

 *वर्तमान झूठ, प्रपंच की राजनीति, पार्टी द्वारा सहे अत्याचारियों के सामने कुछ भी नही!* 

देहरादून :

BJP foundation day 2026 CM Dhami



भाजपा परिवार ने 27 में जीत की हैट्रिक के प्रण के साथ अपना स्थापना दिवस हर्षौल्लास से मनाया। इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, जिस अत्याचारी और षड्यंत्रकारी विपक्षी माहौल के मध्य भी हम दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बने हैं, उसके सामने तो आज की झूठ और भ्रम की राजनीति कुछ भी नही है।


पार्टी प्रदेश कार्यालय में हुए मुख्य समारोह में प्रदेश अध्यक्ष श्री भट्ट एवं प्रदेश महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार की उपस्थित में स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस 47वे स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी ध्वज फहराया गया और कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को बधाई दी । उद्घोष और मिष्ठान वितरित करने के साथ सभी वक्ताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन के सफर की विस्तार से चर्चा की।


इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री भट्ट ने सर्वप्रथम संगठन निर्माण में बलिदानी और तपस्वी कार्यकर्ताओं को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, ऐसे अनगिनत कार्यकर्ताओं के त्याग और समर्पण से ही 1952 में दो सीट से शुरू हमारा सफर आज लगातार तीन बार केंद्र की सरकार बनाने के साथ निरंतर जारी है। पार्टी और देश को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं ने अतुलनीय प्रताड़ना सही हैं, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने तो कश्मीर को देश से जोड़े रखने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। आपातकालीन में जब हम उतनी बड़ी राजनीतिक ताकत भी नहीं थे,तब भी लोकतंत्र की आजादी के लिए हमारे हजारों कार्यकर्ताओं ने यातनाएं झेली। देश के विकास और संस्कृति के संरक्षण के लिए हमारी सरकारें प्रतिबद्धता से काम कर रही हैं। उत्तराखंड में भी बद्रीनाथ, केदारनाथ समेत अनेकों धार्मिक स्थलों का विकास और पुनरोद्धार भी हमारी राष्ट्रवादी संस्कृति का परिचायक है। 


उन्होंने कहा कि भाजपा जिस तरह की अत्याचारी एवं षड्यंत्रकारी राजनीति का सामना करते हुए दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी है, वर्तमान परिस्थितियां तो कुछ भी नही हैं। आज विपक्ष लाख झूठ और भ्रम फैलाए, लेकिन भाजपा के संकल्प और समर्पण को तोड़ नहीं सकता है। हम सभी इस स्थापना दिवस में प्रण ले रहे हैं कि अगला स्थापना दिवस 27 के चुनावों में हैट्रिक के साथ मनाएंगे 


इस मौके पर प्रदेश महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्थापना दिवस हम सबके लिए बहुत गर्व का विषय है, जिससे हमे नई ऊर्जा सृजित कर देश समाज को आगे बढ़ाने में जुटना है। चरावेति चरावेति के सिद्धांत पर काम करते हुए हमें आने वाले दिनों में बूथ स्तर पर संवाद आगे बढ़ाना है। जो राजनैतिक हित के अधिक देशहित और सामाजहित की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। हम दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हैं, लिहाजा हमारी जिम्मेदारी भी सबसे अधिक है, इसी भाव के साथ हमे स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना है। बूथ स्तर पर पार्टी ध्वजारोहण के साथ संवाद बैठक करनी है, जिसमें प्राथमिक एवं सक्रिय कार्यकर्ता भागेदारी करेंगे। विचार गोष्ठी हो, स्वच्छता कार्यक्रम हो, जागरूकता अभियान हो, प्रदर्शनी या अन्य कार्यक्रम हों, सभी में अधिक से अधिक जनसहभागिता को सुनिश्चित करवाना है। 


इस अवसर पर राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, टिहरी सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, प्रदेश महामंत्री श्री कुंदन परिहार, श्रीमती दीप्ति रावत, श्री तरुण बंसल, महापौर श्री सौरभ थपलियाल, विधायक श्री उमेश काऊ, सरकार में दायित्वधारी श्री विनोद सुयाल, श्री हेमराज बिष्ट, श्री सुभाष बड़थ्वाल, श्री गीता राम गौड़, शादाब शम्स, प्रदेश मंत्री श्री आदित्य चौहान, श्रीमती नेहा जोशी, प्रदेश कार्यालय सचिव श्री जगनमोहन रावत, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता श्री मथुरा दत्त जोशी, श्रीमती कमलेश रमन, श्रीमती हनी पाठक समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 


मनवीर सिंह चौहान 

प्रदेश मीडिया प्रभारी 

भाजपा, उत्तराखंड

चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड में पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कदम उठाए जा रहे हैं*

- पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर अद्यतन जानकारी

- उत्तराखंड राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार एलपीजी आपूर्ति की जा रही है- आईओसीएल, उत्तराखंड

- सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड में 5 सीजीडी कंपनियां कार्य कर रही हैं


- नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है


- डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई


- मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति


- निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए

chardhaam yatra LPG faciality


- विशेष ध्यान जन-जागरूकता बढ़ाने और गलत सूचनाओं (फेक न्यूज) को रोकने पर दिया जा रहा है। फर्जी खबरों का खंडन किया जा रहा है और सही जानकारी साझा की जा रही है। राज्य सरकार ने सहायता के लिए 112 और 1070 टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं।


- नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्हें डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने, भीड़ से बचने, जहां संभव हो वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने और ऊर्जा की बचत करने के लिए प्रेरित किया गया है।


- चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ मांग भेजी गई है- आईओसीएल, उत्तराखंड


सोमवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आईओसीएल-उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, तथा गलत सूचना का मुकाबला करने के उपाय को लेकर पत्रकार वार्ता की.


डिविजनल रिटेल सेल्स हेड, आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर अद्यतन जानकारी में नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है.


डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई. मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति है.


इस राज्य स्तरीय प्रेस वार्ता में बताया गया है कि भारत अपनी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की लगभग 80% जरूरत आयात के माध्यम से पूरी करता है। तेल कंपनियां केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं, और पूरी स्थिति पर नजदीकी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की कमी न हो।


आईओसीएल, उत्तराखंड की तरफ से बताया गया कि चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ मांग भेजी जा रही है.


एलपीजी (LPG) के संदर्भ में, भारत की लगभग 60% आवश्यकता आयात से पूरी होती है। सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर चल रही हैं और एलपीजी उत्पादन को बढ़ाया गया है। उत्तराखंड राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार एलपीजी आपूर्ति की जा रही है, लेकिन वर्तमान में लगभग 6.97 दिनों का बैकलॉग है, जिसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में रिफिल बुकिंग करना है। लगभग 85% बुकिंग ऑनलाइन हो रही हैं और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का कार्यान्वयन भी 85% तक हो चुका है। घरेलू एलपीजी आपूर्ति औसतन 18 लाख प्रति माह है। मार्च में जहां प्रतिदिन लगभग 65,000 सिलेंडर की आपूर्ति हो रही थी, वहीं वर्तमान में यह घटकर लगभग 56,000 प्रतिदिन (लगभग 85%) रह गई है। गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति औसतन 1.6 लाख प्रति माह है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर की आपूर्ति होती थी, लेकिन वर्तमान में यह घटकर लगभग 2,600 प्रतिदिन (लगभग 55%) हो गई है। 5 किलोग्राम सिलेंडरों की आपूर्ति भी 800 प्रतिदिन से घटकर लगभग 250 प्रतिदिन रह गई है। डिलीवरी का समय शहरी क्षेत्रों में लगभग 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 दिन है। गैर-घरेलू आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, होटल/ढाबों, औद्योगिक कैंटीनों और फार्मा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है। 


एक आंकड़े के मुताबिक उत्तराखंड में:

5 अप्रैल को 34,448 एलपीजी बुकिंग हुई. 

29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,95,624 एलपीजी बुकिंग हुई. 

मार्च 2024 में 14,06,421 एलपीजी बुकिंग हुई. 


5 अप्रैल को 26,595 एलपीजी डिलीवरी हुई. 

29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,50,344 एलपीजी डिलीवरी हुई. 

मार्च 2024 में 11,25,546 एलपीजी डिलीवरी हुई. 


फिलहाल प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।


ईंधन आपूर्ति की स्थिति (पेट्रोल और डीजल) की बात करें तो पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हैं। कुल 978 रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनमें IOC- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के 431, BPC- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 214, HPC- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 254, RIL- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 28 और Nayara के 51 आउटलेट शामिल हैं। औसत उपलब्धता पेट्रोल (MS) के लिए लगभग 60,000 किलोलीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के लिए लगभग 75,000 किलोलीटर है। पेट्रोल में 2% और डीजल में 6% की वृद्धि दर्ज की गई है। रिटेल आउटलेट्स और टर्मिनलों दोनों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति प्रणाली सुचारू रूप से चल रही है।


सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 CGD- सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में GAIL Gas, उधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas Pvt. Ltd., हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL शामिल हैं। राज्य में CNG, घरेलू PNG और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक PNG की आपूर्ति में कोई बाधा या प्रतिबंध नहीं है। इन कंपनियों द्वारा घरेलू PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने, कम समय में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने, सर्वे और संस्थागत कनेक्शन को प्राथमिकता देने, दैनिक प्रगति की निगरानी करने और अधिकतम जनहित के आधार पर प्राथमिकता तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। 1 मार्च से अब तक 1,388 PNG कनेक्शन दिए गए हैं, जिनमें से पिछले दिन 40 कनेक्शन जोड़े गए, और कुल उपभोक्ताओं की संख्या 35,589 हो गई है।


उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।


राज्य में वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों पर नियमित जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन निरीक्षण किए जा रहे हैं। तेल विपणन कंपनियों (OMC) द्वारा 130 एलपीजी निरीक्षण और 259 रिटेल आउटलेट निरीक्षण किए गए हैं।


विशेष ध्यान जन-जागरूकता बढ़ाने और गलत सूचनाओं (फेक न्यूज) को रोकने पर दिया जा रहा है। फर्जी खबरों का खंडन किया जा रहा है और सही जानकारी साझा की जा रही है। राज्य सरकार ने सहायता के लिए 112 और 1070 टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं।


आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा- एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की खरीदारी घबराकर न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्होंने डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने, भीड़ से बचने, जहां संभव हो वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने और ऊर्जा की बचत करने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया.

 भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना* के राशन कार्ड धारकों (अन्त्योदय एवं प्राथमिक परिवारों ) को अप्रैल-मई-जून माह का अग्रिम खाद्यान वितरण इसी महीने अर्थात् अप्रैल माह में किया जाएगा।



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