Halloween party ideas 2015



*तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार से बढ़ाकर 75 हजार और आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की राशि 51 हजार से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने की मुख्यमंत्री ने की घोषण



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रदेश की 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार तथा 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।






मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली जयंती उत्तराखंड के इतिहास और नारी शक्ति के स्वाभिमान के लिए गौरवशाली अवसर है। वीरांगना तीलू रौतेली अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों के साथ-साथ वीरांगनाओं की भूमि भी रही है और जब भी वीरांगनाओं के साहस एवं पराक्रम की चर्चा होगी, तीलू रौतेली जी का नाम गर्व और सम्मान के साथ लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली जी का जीवन स्वाभिमान, साहस और नारी शक्ति का प्रेरणादायी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटियों ने सदैव अपनी प्रतिभा, साहस और सामर्थ्य से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। आज सम्मानित की गई महिलाएं भी प्रदेश की अन्य मातृशक्ति और बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। महिलाओं के लिए संसद एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी पहल महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता लागू की। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, उद्यमिता विकास कार्यक्रम तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि को 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया था। अब राज्य सरकार ने तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की सम्मान राशि भी 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि केवल पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि प्रदेश की मातृशक्ति के सेवा, समर्पण और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य और संस्कारों में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये तथा सहायिकाओं का मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और स्वरोजगार तक हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य की मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब उत्तराखंड की बहनें और बेटियां सशक्त होंगी, तभी प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूर्ण किया जा सकेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, श्री खजान दास, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास श्री चन्द्रेश कुमार, निदेशक श्री बंशीलाल राणा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

 डोईवाला:



अधिशासी अधिकारी डोईवाला द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में नगर पालिका परिषद टीम द्वारा क्षेत्र में निराश्रित घूम रहे गोवंशों को  मां रुक्मणी गौ सेवा सदन रायपुर गौशाला में भिजवाया गया.


  डोईवाला बाजार से कुल 7 निराश्रित गोवंश को कैटल कैचर के माध्यम से टीम द्वारा पकड़ा गया और उन्हें पोषण हेतु  रायपुर केंद्र भिजवाया गया ।

 

डोईवाला :


भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं  सांसद श्री तेजस्वी सूर्या  के उत्तराखंड प्रवास के उपरांत डोईवाला हवाई अड्डे पर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष डोईवाला श्री नरेंद्र सिंह नेगी (नंदू प्रधान)  एवं प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा श्री विपुल मैंदोली  के नेतृत्व में उनसे शिष्टाचार भेंट की।



इस अवसर पर श्री तेजस्वी सूर्या जी का देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर स्वागत एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं तथा उन्हें पुनः उत्तराखंड पधारने का सादर आमंत्रण दिया गया। इस दौरान उत्तराखंड में संगठन की गतिविधियों एवं युवाओं की भूमिका सहित विभिन्न विषयों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा भी हुई।


तेजस्वी सूर्या  ने युवा कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए संगठन को मजबूत बनाने तथा राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।


इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष डोईवाला श्री नरेंद्र सिंह नेगी (नंदू प्रधान), प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा श्री विपुल मैंदोली, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री आर्यनदेव उनियाल, प्रदेश मंत्री श्री अजय उनियाल, रविन्द्र बेलवाल, पूर्व सदस्य, सलाहकार समिति, देहरादून हवाई अड्डा, जिला महामंत्री अरविन्द नेगी, मंडल अध्यक्ष युवा शुभम रावत, रमन अग्रवाल सहित युवा मोर्चा के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


स्वर कोकिला मीना राणा और जागर सम्राज्ञी हेमा नेगी करासी होंगी ‘सावन सेलिब्रेशन–2026’ का मुख्य आकर्षण — डॉ. ममता कुंवर* 


  डोईवाला/देहरादून:




मातृशक्ति अठूरवाला की ओर से रविवार, 9 अगस्त 2026 को गणपति गार्डन, भानियावाला में आयोजित होने वाले ‘सावन सेलिब्रेशन–2026’ को लेकर क्षेत्र की महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोकगायिका स्वर कोकिला मीना राणा और जागर सम्राज्ञी हेमा नेगी करासी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। दोनों लोकप्रिय कलाकारों को अपने बीच देखने, उनसे मिलने और उन्हें सुनने को लेकर महिलाओं एवं युवाओं में खासा उत्साह है।


कार्यक्रम संयोजक डॉ. ममता कुंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन में सावन क्वीन–2026 प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता, उत्तराखंडी संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, गढ़वाली कविता पाठ, उत्तराखंड का पारंपरिक झुमैला नृत्य तथा महिलाओं के लिए अनेक मस्ती भरे गेम्स आयोजित किए जाएंगे। महिलाओं के साथ-साथ किशोरियाँ भी विभिन्न प्रस्तुतियों एवं प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करेंगी।


उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पहली बार इस स्वरूप में आयोजित हो रहे सावन सेलिब्रेशन को लेकर महिलाओं की भागीदारी उत्साहजनक है। महिलाएं न केवल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आगे आ रही हैं, बल्कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारियों में भी पूरे उत्साह के साथ जुटी हुई हैं। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने के लिए मंच देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति से जोड़ना है।


कार्यक्रम में माननीय विधायक, डोईवाला श्री बृजभूषण गैरोला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष, डोईवाला श्री नरेंद्र सिंह नेगी (नंदू प्रधान) की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।


कार्यक्रम संयोजक डॉ. ममता कुंवर ने कहा, “घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच महिलाओं की अपनी प्रतिभा, रुचियां और खुशियां भी हैं। सावन सेलिब्रेशन उन्हें एक ऐसा मंच देने का प्रयास है, जहां वे एक-दूसरे से जुड़ें, अपनी प्रतिभा साझा करें, खुलकर उत्सव मनाएं और अपनी उत्तराखंडी संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।”


आयोजन को सफल बनाने के लिए मातृशक्ति अठूरवाला की पूरी टीम तैयारियों में जुटी हुई है। आयोजन समिति में सुमन गुसाईं, मधु डोभाल, शोभा गुसाईं, मीनाक्षी बिष्ट, बबीता पंत, अन्नू रावत, रक्षा, शिवानी, राजबाला डोभाल, सीमा सेमवाल, अम्बिका रावत, ममता जोशी, ममता रावत, कविता, रीता नेगी, नीलम नेगी, कोमल देवी, आरती गुसाईं, संगीता सकलानी, अंजू जोशी, कमला ममगाईं आदि सक्रिय रूप से सहयोग कर रही हैं।



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commonwealth game sportsperson honored CM adhami


 *राज्य के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तराखंड का गौरव: मुख्यमंत्री* 



 *खेल प्रतिभाओं को हरसंभव प्रोत्साहन और विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री धामी* 



 *खेल नीति, पुरस्कार, प्रोत्साहन और आधुनिक खेल अवसंरचना से सशक्त हो रहा उत्तराखंड* 




 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में ग्लासगो, स्कॉटलैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेताओं, प्रशिक्षकों एवं उनके परिजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय हैं।



सम्मानित होने वालों में पैरा एथलीट श्री शुभम जुयाल (रजत पदक विजेता, रुड़की), जूडो खिलाड़ी सुश्री उन्नति शर्मा (कांस्य पदक विजेता, देहरादून), श्री शुभम जुयाल के प्रशिक्षक श्री राकेश सिंह रावत (पौड़ी), सुश्री उन्नति शर्मा के प्रशिक्षक श्री सतीश चन्द्र शर्मा तथा श्री पुनेश कुमार सिंह (देहरादून), भारतीय बॉक्सिंग टीम के प्रशिक्षक श्री खीमानन्द बेलवाल (हल्द्वानी) शामिल रहे। 



मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य और देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और वर्षों की सतत साधना होती है, इसलिए प्रशिक्षकों का सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित करना है। इसी दृष्टि से राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित की जा रही है, जिला और ब्लॉक स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण, पोषण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।



उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए खेल नीति को और अधिक प्रभावी बनाया है। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आकर्षक पुरस्कार राशि, सरकारी सेवाओं में अवसर, छात्रवृत्ति तथा विशेष प्रशिक्षण सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। महिला खिलाड़ियों, दिव्यांग खिलाड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों की उभरती प्रतिभाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि राज्य के प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।



मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति में अपार संभावनाएँ हैं और सरकार खेलों को रोजगार, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास से जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है। खेल विश्वविद्यालय, खेल अकादमियों के सुदृढ़ीकरण, प्रशिक्षकों के क्षमता विकास तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।


उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले खिलाड़ी और उनके प्रशिक्षक आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे तथा उत्तराखंड के अनेक युवा खेलों के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच तक पहुँचाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करती रहेगी।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा व खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे |

  SDRF द्वारा राहत एवं बचाव अभियान जारी

accident near devprayag


आज दिनांक 07 अगस्त 2026 को डीसीआर पौड़ी से सूचना प्राप्त हुई कि देवप्रयाग क्षेत्र में पौड़ी की ओर डंपिंग जोन के समीप एक बोलेरो वाहन गहरी खाई में गिर गया है। सूचना प्राप्त होते ही SDRF पोस्ट श्रीनगर से टीम तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर निरीक्षक मंजरी नेगी के नेतृत्व में SDRF टीम द्वारा तत्काल राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया गया। अत्यंत विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संचालित रेस्क्यू अभियान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो वाहन में कुल 07 लोगों के सवार होने की पुष्टि हुई।


एक घायल व्यक्ति को स्थानीय लोगो द्वारा पूर्व में ही सुरक्षित निकालकर उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया गया। घायल की पहचान अरम (16 वर्ष), पुत्र अफजाल, निवासी रायपुर जीतपुर, हरिद्वार के रूप में हुई।


रेस्क्यू अभियान के दौरान वाहन में सवार पाँच व्यक्तियों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान निम्नानुसार हुई—


- अफजाल पुत्र अकबर सूफी (49 वर्ष)

- गुफरान पुत्र अकबर (34 वर्ष)

- सब्बू पत्नी अफजाल (40 वर्ष)

- अनामिया पुत्री अफजाल (03 वर्ष)

- शादाब पुत्र अफजाल (14 वर्ष)


दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति अभी भी लापता है। SDRF की टीम निरीक्षक मंजरी नेगी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर लापता व्यक्ति की तलाश हेतु सघन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार संचालित कर रही है।


घटना के संबंध में आवश्यक अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

 

use of water in AI data centre parliament of India


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर्स के लिए, 'एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (EIA) नोटिफिकेशन, 2006' (जिसमें बाद में संशोधन किया गया) के तहत पर्यावरण मंज़ूरी (EC) की ज़रूरत नहीं होती है।


 हालाँकि, अगर AI डेटा सेंटर्स को 'बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट' (आइटम 8(a) के तहत, यानी 20,000 वर्ग मीटर से ज़्यादा बिल्ट-अप एरिया) या 'टाउनशिप और एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' (आइटम 8(b) के तहत, यानी 50 हेक्टेयर से ज़्यादा एरिया और/या 1,50,000 वर्ग मीटर से ज़्यादा बिल्ट-अप एरिया) के हिस्से के तौर पर प्रस्तावित किया जाता है, तो उन्हें पहले से EC लेनी पड़ती है। ऐसे बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स के लिए EC राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (UT) स्तर पर 'स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी' (SEIAA) द्वारा दी जाती है।


EC देने के लिए ऐसे बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के दौरान, कई पहलुओं पर ठीक से विचार किया जाता है, जैसे कि खास तौर पर पानी की कमी वाले इलाकों में ताज़े पानी की उपलब्धता, वॉटर बैलेंस रिपोर्ट, ग्रे-वॉटर (इस्तेमाल किया हुआ पानी) का बनना, और ग्रे-वॉटर की रीसाइक्लिंग और दोबारा इस्तेमाल; साथ ही, पर्यावरण से जुड़े ज़रूरी सुरक्षा उपाय भी बताए जाते हैं। इसके अलावा, AI डेटा सेंटर्स के निर्माण और संचालन के दौरान पानी और ग्रे-वॉटर के इस्तेमाल और डिस्चार्ज को 'जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974' और 'वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981' के तहत रेगुलेट किया जाता है। इन अधिनियमों के प्रावधानों का पालन—जिसमें पानी के इस्तेमाल और वेस्ट-वॉटर डिस्चार्ज के लिए तय मानक शामिल हैं—संबंधित 'राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' (SPCB) या 'प्रदूषण नियंत्रण समिति' (PCC) द्वारा मॉनिटर किया जाता है।


साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर/कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए ग्राउंड-वॉटर निकालने की प्रक्रिया को 'जल शक्ति मंत्रालय' द्वारा जारी गाइडलाइंस (नोटिफिकेशन S.O. 3289(E), तारीख 24.09.2020, जिसमें 29.03.2023 के नोटिफिकेशन के ज़रिए संशोधन किया गया) के अनुसार रेगुलेट किया जाता है।


'ब्यूरो ऑफ़ एनर्जी एफिशिएंसी' (BEE) ने 'डिस्ट्रिक्ट कूलिंग गाइडलाइंस, 2023' जारी की हैं। इन गाइडलाइंस में, अन्य बातों के अलावा, ताज़े पानी के स्रोतों पर निर्भरता कम करने और टिकाऊ जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए—जहाँ भी संभव हो—कूलिंग टॉवर में 'मेक-अप वॉटर' के तौर पर ट्रीटेड वॉटर (साफ़ किया हुआ पानी) के इस्तेमाल की सलाह दी गई है। इन गाइडलाइंस में ऊर्जा-कुशल कूलिंग टेक्नोलॉजी अपनाने, कूलिंग सिस्टम की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने, पानी के वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल करने और पानी बचाने के उपाय लागू करने पर भी ज़ोर दिया गया है। ये उपाय खास तौर पर डेटा सेंटर जैसी बड़ी कूलिंग-इंटेंसिव सुविधाओं के लिए अहम हैं और बेहतर ऊर्जा दक्षता, कम पानी की खपत और कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के टिकाऊ संचालन में मदद करते हैं।


इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, डिजिटल और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में ऊर्जा दक्षता, जल प्रबंधन और पर्यावरणीय लचीलेपन की जांच के लिए इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का ‘रेज़िलिएंस, इनोवेशन एंड एफिशिएंसी’ वर्किंग ग्रुप बनाया गया है।


यह जानकारी पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी।

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