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 उत्तराखंड की बेटी गार्गी उनियाल ने बढ़ाया प्रदेश का मान, भारतीय वायु सेना में बनीं फ्लाइंग ऑफिसर 


gargi uniyal uttarakhand flying officer


चमोली जिले के जोशीमठ की रहने वाली गार्गी उनियाल ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गार्गी का चयन भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर हुआ है। खास बात यह है कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में AFCAT (एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट) परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता का परचम लहराया। गार्गी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा और इंटरमीडिएट की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय, जोशीमठ से पूरी की। इसके बाद उन्होंने गोविंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग कॉलेज, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री वर्ष 2024 में हासिल की। उनकी मेहनत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह इससे पहले दो बार CDS की परीक्षा भी पास कर चुकी हैं। गार्गी के पिता दिनेश उनियाल साहसिक खेलों के क्षेत्र से जुड़े हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। गार्गी ने अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उनकी उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ जोशीमठ और पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है। पहाड़ की इस होनहार बेटी की सफलता युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा है कि लगन और मेहनत से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। गार्गी उनियाल को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। 




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देहरादून, 23 अक्टूबर। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद का देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद को उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने वाले ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के स्थानीय उत्पादों से निर्मित किट भी भेंट की।

  डोईवाला:

श्री शिव मंदिर, शुगर मिल गार्डन कॉलोनी,डोईवाला के प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिवस  में  श्री वृन्दावन धाम से पधारे  व्यास जी श्री राम उपाध्याय जी ने  भागवत जी के मंगलाचरण  के 03 श्लोकों का विस्तार से वर्णन किया।

third day katha doiwala



 हमारे ठाकुर जी की माया कितनी प्रबल है कि कोई इनसे नहीं बच सकता है ।हम केवल माया का आश्रय लेते है और माला को छोड़ देते है

इसी कारण उन्हें अकारण दुखों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि भागवत अमृत के समान है , जिसे पीना चाहिए। बार बार इसका पान करना चाहिए।

 इसका पान  वही कर सकता है जो श्री भागवत जी को प्रेम करता है। जो इस युगल किशोर के स्वरूप में रहता है।

 राजा परीक्षित की कथा का श्रद्धालुओं ने श्रवण किया। साथ ही वर्णन किया कि भागवत में राधा  नाम क्यों नही है।

उन्होंने बताया कि  भागवत में राधा नही है क्योंकि गुरु का नाम नही लिया जाता। इसीलिये सुकदेव जी ने राधा  नाम नही लिया, अन्यथा वह 6महीने समाधि में चले जाते जबकि परीक्षित को कथा 7 दिन में सुनानी थी। श्री राधा रानी ने ही उन्हें श्री भागवत जी के प्रचार हेतु धरती पर भेजा।साथ ही प्रह्लाद नरसिंह भगवान ,ध्रुव, वामनावतार और भगवान के विभिन्न अवतारों को संक्षेप में बताया।


 





 *भगवान बदरीविशाल की शयन आरती महाभिषेक पूजा में शमिल होकर मंदिर में सेवा का लिया संकल्प,*


• *कानौड़िया परिवार ने तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कलश तथा शीर्ष छतरी का जीर्णोद्धार तथा श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी परिसर में श्री भैरवनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण तथा जीर्णोद्धार कार्य किया संपन्न* 


श्री बदरीनाथ धाम/ गोपेश्वर/ रूद्रप्रयाग/ देहरादून, 23 अक्टूबर। दिल्ली के प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी दानीदाता   श्री राधाकृष्ण कानौड़िया जी के सुपुत्र श्री सुशील कानौड़िया जी ने गुरुवार को सपरिवार श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। उन्होंने गुरुवार को भगवान बदरीविशाल की शयन आरती तथा शुक्रवार को महाभिषेक पूजा में सपरिवार प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान बदरीविशाल, माता लक्ष्मी जी एवं श्री घंटाकर्ण जी को ध्वज अर्पित किया तथा मंदिर की सेवा के लिए संकल्प लिया। इसके बाद उन्होंने रावल अमरनाथ नंबूदरी से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा सेवा का संकल्प व्यक्त किया।


मंदिर प्रभारी अधिकारी एवं प्रोटोकॉल अधिकारी राकेश सेमवाल ने धाम पहुंचने पर सुशील कनौड़िया तथा बदरीनाथ धाम पहुंचे कानौड़िया परिवार का स्वागत किया प्रसाद तथा अंगवस्त्र भेंट किया। 



 कानौड़िया परिवार की सनातन धर्म एवं मंदिरों के संरक्षण में अहम भूमिका रही है।कानौड़िया परिवार की सनातन धर्म, धार्मिक आस्था एवं सेवा कार्यों में गहरी रुचि रही है। छह दशकों से अधिक समय से यह परिवार श्री बदरीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम में सेवा दान सहित देश के विभिन्न छोटे-बड़े मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं धार्मिक कार्यों तथा समाज सेवा कार्यों में योगदान देता रहा है श्री सुशील कानौड़िया के साथ ही उनके अनुज उद्योगपति श्री दिनेश कानौड़िया तथा दिवंगत श्री विजय  कानौड़िया का भी श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ हेतु सेवा भाव तथा मंदिरों के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण में विशेष योगदान रहा है।


बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अंतर्गत तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के शीर्ष कलश एवं छतरी के जीर्णोद्धार तथा गुप्तकाशी स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर परिसर के भैरवनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण में  कानौड़िया परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्ष 2024 में कनोड़िया परिवार ने श्री तुंगनाथ जी के शीर्ष छतरी का निर्माण कराया है यहीं अनुसुया माता मंदिर चांदी के सिंहासन निर्माण, श्री बदरीनाथ धाम यात्रा पड़ाव पांडुकेश्वर से पहले स्थित ग्रीफ केंप के निकट शिव मंदिर का निर्माण कराया है।


उद्योगपति सुशील कनौड़िया ने श्री बदरीनाथ प्रवास के दौरान बीकेटीसी कर्मचारियों को जैकेट तथा साधु-संतों को वस्त्र एवं कंबल वितरित किए। इससे पूर्व वह श्री केदारनाथ धाम में भी दर्शन के लिए पहुंचे थे, जहां उन्होंने जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। 


उल्लेखनीय है कि कुछ माह पूर्व कानौड़िया परिवार ने गुप्तकाशी स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर परिसर में श्री भैरवनाथ जी के मंदिर का जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण कराया ।जिसके लिए श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने उनका आभार जताया। कनौड़िया परिवार के इन सेवा कार्यों को धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं श्रद्धालुओं की सेवा के प्रति समर्पण के रूप में देखा जाता रहा है।


श्री बदरी केदार  यात्रा के दौरान सुशील कानौड़िया के साथ उनकी धर्मपत्नी ममता कनोड़िया, पुत्र दीपक कनौड़िया, पुत्रवधू पायल कनौड़िया, पुत्री चेरी गुप्ता एवं नेहा गोयल सहित  पोते क्यान और कृषव भी मौजूद रहे। इस अवसर पर बीकेटीसी के धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल, एसपी भट्ट, रंजन कुमार, देवकुमार, महेश कुमार, डॉ. हरीश गौड़, राहुल नेगी, योगंबर नेगी, राजदीप सनवाल, राजेश नंबूदरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

 देहरादून :




*उत्कृष्टता केंद्र के रूप में किए जाएँगे विकसित*


*मुख्य सचिव ने ली इस संबंध में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक*


*विद्यालयों में हो स्थायी शिक्षक और सुदृढ़ शैक्षणिक व्यवस्थाः मुख्य सचिव*


मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में विकसित करने हेतु इनकी सम्पूर्ण कायाकल्प की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र और बेहतर आवासीय सुविधायुक्त संस्थानों के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने इसके लिए अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करते हुए शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, आधारभूत सुविधाओं से युक्त किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के संचालन में व्यापक सुधार किए जाने की आवश्यकता है।


*सोसाइटी के माध्यम से संचालित किए जाएं राजीव नवोदय विद्यालयः मुख्य सचिव*


मुख्य सचिव ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से कराए जाने पर जोर दिया। कहा कि इसके लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय एवं जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समिति के गठन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए एक लीगल फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों के प्रभावी संचालन, उत्तरदायित्व निर्धारण और नियमित निगरानी में सहायता मिल सके।


*स्थायी प्रधानाचार्यों एवं समर्पित शिक्षकों की व्यवस्था हो सुनिश्चित*


मुख्य सचिव ने विद्यालयों में नियमित एवं समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही, स्थायी प्रधानाचार्यों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता के अनुरूप योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता होनी चाहिए। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अर्हताओं के साथ उच्च शिक्षा और शोध की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक एवं अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों के कार्मिक ढांचे को भी आवश्यकता के अनुरूप मजबूत किया जाए।


*प्रवेश प्रक्रिया नया सत्र प्रारम्भ होने से एक माह पूर्व हो जाए पूर्ण*


मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया का समयबद्ध निर्धारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया ऐसी हो कि नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ होने से कम से कम एक माह पहले विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित कर लिए जाएं।


*शिक्षा के साथ एक्स्ट्रा करिकुलम और को-करिकुलम गतिविधियों पर भी जोर*


मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा अन्य पाठ्य-सहगामी एवं पाठ्येतर गतिविधियों के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए।


*चिकित्सा सुविधा के लिए वाहन सहित आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित हों*


मुख्य सचिव ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए वाहन की व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विद्यालयों के लिए आवश्यक बजट का निर्धारण भी प्रस्तावित सुविधाओं, कार्मिकों और संचालन संबंधी जरूरतों के अनुरूप किया जाए।


*शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए*


मुख्य सचिव ने शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी भर्ती होने तक शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर वैकल्पिक प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करने हेतु अधिकृत किए जाने के भी निर्देश दिए।


इस अवसर पर सचिव शि़क्षा सुश्री ज्योति यादव, अपर सचिव श्री नवनीत पाण्डेय एवं महानिदेशक श्रीमती आकांक्षा कोंडे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


 *प्रदेश में 23 अक्टूबर से शुरु होगी EVM मशीनों की FLC*

- 12 नवंबर से प्रदेश में शुरु होगा मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान

- 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र नागरिक कर सकेंगे आवेदन

- 12 से 20 अक्टूबर के बीच आए 1 लाख फार्म 6 के आवेदन


देहरादून;




मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में बुधवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनैतिक दलों को EVM-VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) के प्रस्तावित कार्यक्रम में बारे में जानकारी देते हुए विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसके साथ ही प्रदेश में 12 नवंबर 2026 से शुरु होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2027 (SSR) के बारे में विस्तृत प्रस्तुतीकरण के साथ ही जानकारी दी गई।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों को अवगत कराया कि 23 अक्टूबर से भारत निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी जनपदों में प्रथम स्थरीय जांच (FLC) प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। जिसमें राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों को यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में 12 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक आयोजित विशेष अभियान के तहत 1 लाख 744 र्फाम 6 के आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में 12 नवंबर 2026 से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की जाएगी। 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 28 दिसंबर 2026 तक दावे-आपत्तियों की सुनवाई भी की जाएगी। 4 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाशन किया जाएगा। राजनैतिक दलों को यह भी बताया गया कि दावों एवं आपत्तियों की पूरी अवधि के दौरान किसी आक्षेपकर्ता के रुप में मतदाता द्वारा अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं। मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि के दौरान किसी व्यक्तिगत मतदाता द्वारा प्रति माह अधिकतम 5 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं।


बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास सहित भारतीय जनता पार्टी श्री राजकुमार पुरोहित, इंडियन नेशनल कांग्रेस से श्री अमेंद्र बिष्ट, बीएसपी से श्री सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी से श्री श्याम बाबू पांडेय, सीपीआई (एम) श्री अनंत आकाश उपस्थित रहे।

  डोईवाला:


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गार्डन कॉलोनी  शुगर मिल डोईवाला प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस में  वृंदावन से पधारे कथा वाचक श्री राम उपाध्याय ने श्री भागवत कथा का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को बृजभूमि और श्रीकृष्ण भगवान के पावन चरित्र का ज्ञान कराया। भक्ति  की महिमा का वर्णन किया है। साथ ही धुंधकारी के मोक्ष की कथा श्रवण करा

श्रीमद्भागवत जी के मंगला चरण को समझते हुए बताया कि यह 3 प्रकार के होते है। श्री राम उपाध्याय जी ने भगवान के स्वरूप और माया का वर्णन भी किया है। 


श्रीराधा रानी किस प्रकार श्री नारायण जी को प्रिय है और किस प्रकार भोलेनाथ अपनी इच्छा अनुसार श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने हेतु अपने भक्तों के लिये आयोजन कराते ही नही है अपितु स्वयं वहां बैठकर कथा सुनते है।

मंडली के द्वारा सुंदर भजन प्रस्तुति और  श्रद्धालुओं द्वारा नृत्य  का आनंद लिया गया।कीर्तन मंडली में भजनिक दीपक शर्मा, श्री रामानंद, श्री धर्मेंद्र शर्मा और मोतीलाल  जी ने भाग लिया।

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