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देहरादून, :




राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 23 मार्च 2026 से 25 मार्च 2026 तक प्रदेशभर में जन-जन की सरकार-4 साल बेमिसाल’’ थीम के अन्तर्गत तीन दिवस में विभिनन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। 

जनपद देहरादून में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 23 मार्च 2026 को अपरान्ह् 12ः30 बजे सम्बोधन किया जाएगा, जिसका सजीव प्रसारण राज्य के अन्य 12 जनपदों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में किया जाएगा। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम हेतु तैनात सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों को भलीभांति समझ लें आपसी समन्वय से व्यवस्था बनाना सुनिश्चित करें ताकि कार्यक्रम के दिवस किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। जिलाधिकारी ने  निर्देश दिए कि मंच , सिटिंग व्यवस्था, बेरिकेटिंग, लाईट, पेयजल सफाई आदि समुचित व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल पर होने वाले कार्यक्रमों की मिनट-2-मिनट कार्यक्रम के अनुसार व्यवस्थाएं बनाई जाए। 

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं महिलाओं/युवतियों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच स्टॉल लगाने के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग को डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र निर्गत करने एवं सहायक उपकरण वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जल संस्थान को स्वच्छ पेयजल, जिला पूर्ति अधिकारी को जलपान व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग को मंच निर्माण एवं बैरिकेडिंग, नगर निगम को स्वच्छता व्यवस्था तथा पुलिस विभाग को सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर कार्यक्रम को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

समस्त जनपद के मुख्यालयों में 23 मार्च 2026 को कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सूचना विभाग द्वारा राज्य सरकार की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार तथा साहित्य वितरण भी किया जाएगा। 

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर मुख्य नगर आयुक्त  प्रवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज शर्मा, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिहं, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधि.अभि लोनिवि ओपी सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला,  जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी  उपस्थित रहे।  



देहरादून :


 एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शत्प्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी। 

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 37  शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 17705 अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 384 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 90 हजार के लगभग बैकलॉग है। एलपीजी का घरेलू 37488 तथा व्यवसायिक का 1616 स्टॉक उपलब्ध है। बैकलॉग का कारण पिछलें दिनों  03 दिन जब बुंकिग सॉफ्टवेयर में क्राईसिस आ गई थी तो मैन्युअल रजिस्टर में अंकन कर उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जिसकी लगभग 25 हजार से अधिक की एन्ट्री साफ्टवेयर पर अद्यतन की जा रही है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।    

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  या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।

    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।'
06 oct2024



नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कुष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन 'अनाहत' चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना चाहिए।


जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब इन्हीं देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी। अतः ये ही सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं। इनका निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है। वहाँ निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा भी सूर्य के समान ही दैदीप्यमान हैं।

इनके तेज और प्रकाश से दसों दिशाएँ प्रकाशित हो रही हैं। ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में अवस्थित तेज इन्हीं की छाया है। माँ की आठ भुजाएँ हैं। अतः ये अष्टभुजा देवी के नाम से भी विख्यात हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। इनका वाहन सिंह है। 

  सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥

माँ कूष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। माँ कूष्माण्डा अत्यल्प सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली हैं। यदि मनुष्य सच्चे हृदय से इनका शरणागत बन जाए तो फिर उसे अत्यन्त सुगमता से परम पद की प्राप्ति हो सकती है।

विधि-विधान से माँ के भक्ति-मार्ग पर कुछ ही कदम आगे बढ़ने पर भक्त साधक को उनकी कृपा का सूक्ष्म अनुभव होने लगता है। यह दुःख स्वरूप संसार उसके लिए अत्यंत सुखद और सुगम बन जाता है। माँ की उपासना मनुष्य को सहज भाव से भवसागर से पार उतारने के लिए सर्वाधिक सुगम और श्रेयस्कर मार्ग है।

माँ कूष्माण्डा की उपासना मनुष्य को आधियों-व्याधियों से सर्वथा विमुक्त करके उसे सुख, समृद्धि और उन्नति की ओर ले जाने वाली है। अतः अपनी लौकिक, पारलौकिक उन्नति चाहने वालों को इनकी उपासना में सदैव तत्पर रहना चाहिए।चतुर्थी के दिन माँ कूष्मांडा की आराधना की जाती है। इनकी उपासना से सिद्धियों में निधियों को प्राप्त कर समस्त रोग-शोक दूर होकर आयु-यश में वृद्धि होती है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में चतुर्थ दिन इसका जाप करना चाहिए।

 मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्‍थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवेक से कार्य करें। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ लें। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा।

Rashifal today 21 march 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। मनोरंजन का समय मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। कारोबारी वृद्धि की योजना बनेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। समय की अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से कोई भी कार्य न करें। विवाद में न पड़ें।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। बाहर जाने की योजना बनेगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार के साथ समय मनोरंजन में व्यतीत होगा। आय होगी। व्यापार ठीक चलेगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

थकान व कमजोरी रह सकती है। खान-पान पर ध्यान दें। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। मित्रों की सहायता करने का मौका मिलेगा। समय अच्छा व्यतीत होगा। प्रसन्नता रहेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

विवाद को बढ़ावा न दें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बनेगा। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। कोई बड़ा कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। कुसंगति से दूर रहें। हानि संभव है।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति पर व्यय होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में दखल न दें। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जल्दबाजी न करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। तनाव रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा। यात्रा में विशेष सावधानी रखें। किसी भी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी मनोरंजक कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

दूर से अच्‍छे समाचार प्राप्त होंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। यात्रा मनोरंजक रहेगी। सामाजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। व्यापार ठीक चलेगा। परिवार के साथ समय सुखमय व्यतीत होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

लेन-देन में जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है। कोई आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। रिश्तेदारों या मित्रों की सहायता करने का मौका मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। मित्रों के साथ समय मनोरंजक बीतेगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। मनोरंजन के साधन प्राप्त होंगे। तीर्थदर्शन की योजना बनेगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। परिवार के साथ रहने का अवसर प्राप्त होगा। लाभ होगा।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। जल्दबाजी व लापरवाही भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। हल्की हंसी-मजाक न करें। विवाद हो सकता है। किसी व्यक्ति की नाराजी से मन खराब होगा। मित्रों तथा रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। मनोरंजन होगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

बुद्धि का प्रयोग किसी भी समस्या का निवारण कर सकता है, यह याद रखें। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मित्रों का सहयोग व साथ मिलेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यापार ठीक चलेगा। समय सुखमय व्यतीत होगा।


 माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है तथा विविध प्रकार की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। ये क्षण साधक के लिए अत्यंत सावधान रहने के होते हैं।: 

Chandraghanta maa third navratri 








पिण्डजप्रवरारुढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता | प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता ||



माँ का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनके दस हाथ हैं। इनके दसों हाथों में खड्ग आदि शस्त्र तथा बाण आदि अस्त्र विभूषित हैं। इनका वाहन सिंह है। इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्यत रहने की होती है।
मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप और बाधाएँ विनष्ट हो जाती हैं। इनकी आराधना सद्यः फलदायी है। माँ भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र ही कर देती हैं। इनका उपासक सिंह की तरह पराक्रमी और निर्भय हो जाता है। इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों को प्रेतबाधा से रक्षा करती है। इनका ध्यान करते ही शरणागत की रक्षा के लिए इस घंटे की ध्वनि निनादित हो उठती है।
माँ का स्वरूप अत्यंत सौम्यता एवं शांति से परिपूर्ण रहता है। इनकी आराधना से वीरता-निर्भयता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का विकास होकर मुख, नेत्र तथा संपूर्ण काया में कांति-गुण की वृद्धि होती है। स्वर में दिव्य, अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है। माँ चंद्रघंटा के भक्त और उपासक जहाँ भी जाते हैं लोग उन्हें देखकर शांति और सुख का अनुभव करते हैं।

माँ के आराधक के शरीर से दिव्य प्रकाशयुक्त परमाणुओं का अदृश्य विकिरण होता रहता है। यह दिव्य क्रिया साधारण चक्षुओं से दिखाई नहीं देती, किन्तु साधक और उसके संपर्क में आने वाले लोग इस बात का अनुभव भली-भाँति करते रहते हैं।



हमें चाहिए कि अपने मन, वचन, कर्म एवं काया को विहित विधि-विधान के अनुसार पूर्णतः परिशुद्ध एवं पवित्र करके माँ चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना में तत्पर हों। उनकी उपासना से हम समस्त सांसारिक कष्टों से विमुक्त होकर सहज ही परमपद के अधिकारी बन सकते हैं।

हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखते हुए साधना की ओर अग्रसर होने का प्रयत्न करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए परम कल्याणकारी और सद्गति देने वाला है।

प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में तृतीय दिन इसका जाप करना चाहिए।



    या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


 हे माँ! सर्वत्र विराजमान और चंद्रघंटा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें।




 

ऋषिकेश : 



चकजोगीवाला क्षेत्र में एक बार फिर गुलदार की चहलकदमी से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया है। बड़कोट रेंज से सटे इस इलाके में बुधवार देर रात गुलदार देखे जाने की घटना सामने आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान मेहर सिंह असवाल के खेतों में गुलदार घुस आया था। इसी दौरान खेत में मौजूद निराश्रित पशु के शोर की आवाज सुनकर पास ही रहने वाले लक्की असवाल छत पर चढ़ गए और जोर-जोर से शोर मचाया। शोर सुनते ही गुलदार घबरा गया और शिकार को छोड़कर खेत से भाग निकला। यह पूरी घटना वीडियो में भी कैद हुई है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व भी इसी क्षेत्र में गुलदार ने ग्राम प्रधान मोहर सिंह असवाल के घर के आंगन से एक कुत्ते को उठा लिया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

चकजोगीवाला ग्राम प्रधान मोहर सिंह असवाल ने कहा  कि क्षेत्र में गुलदार की बढ़ती गतिविधियों के चलते बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

 



 *सीएम धामी ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश* 


 *जनसभा से पहले रूट डायवर्जन और सुविधाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट* 


उत्तराखंड सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नैनीताल जनपद के एमबी इंटर कॉलेज, हल्द्वानी में शनिवार, 21 मार्च को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के  रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह प्रतिभाग करेंगे।



माननीय रक्षा मंत्री के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम एवं आयोजन की तैयारियों के दृष्टिगत  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हल्द्वानी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस, काठगोदाम में अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



बैठक में आयुक्त कुमाऊं मंडल श्री दीपक रावत ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी दी। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने एमबी इंटर कॉलेज मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि जनसभा में आने वाले लोगों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पेयजल, साफ-सफाई एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।



मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि शहर की जनता एवं बाहरी आगंतुकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूर्व में ही रूट डायवर्जन प्लान तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।



इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद श्री अजय भट्ट, विधायक कालाढूंगी श्री बंशीधर भगत, लालकुआं से श्री मोहन सिंह बिष्ट, नैनीताल से श्रीमती सरिता आर्या, रामनगर से श्री दीवान सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दरमवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, प्रदेश महामंत्री श्री तरुण बंसल, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर (डब्बू), श्री शंकर कोरंगा, श्रीमती शांति मेहरा, श्री दिनेश आर्य, श्री दीपक मेहरा सहित आईजी कुमाऊं श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 

डोईवाला : 




डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हिमालयन अस्पताल के आसपास इन दिनों स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होती नजर आ रही है। अस्पताल परिसर के बाहर स्थित मेडिकल स्टोरों के आसपास कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नियमित रूप से नहीं आ रही है। कई बार एक-दो दिन तक कूड़ा नहीं उठता, जिससे कचरा जमा होकर पहाड़ बन जाता है। वहीं जब सफाई कर्मी पहुंचते भी हैं, तो कूड़ा पूरी तरह नहीं उठाया जाता और सड़क किनारे व दुकानों के पास बिखरा रह जाता है।क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा आसपास के खाली प्लॉटों में खुलेआम कचरा फेंका जा रहा है। इन स्थानों पर अब कूड़े के बड़े ढेर जमा हो चुके हैं, जो धीरे-धीरे पूरे इलाके को गंदगी में तब्दील कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नगरपालिका इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई करती नजर नहीं आ रही।यह स्थिति और भी चिंताजनक इसलिए है क्योंकि मामला एक बड़े अस्पताल क्षेत्र से जुड़ा है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज और उनके परिजन आते-जाते हैं। गंदगी और कूड़े के बीच रहना उनके स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।

मेडिकल स्टोरों के बाहर पड़ा कूड़ा आवारा पशुओं द्वारा इधर-उधर फैलाया जा रहा है, जिससे समस्या और विकराल होती जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी तेज हो गई है।क्षेत्रवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि

कूड़ा उठाने की व्यवस्था को नियमित किया जाये,

खाली प्लॉटों में कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई हो,

तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाये,अस्पताल क्षेत्र में साफ-सफाई की निगरानी बढ़ाई जाये |

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