Halloween party ideas 2015


*’विशेष दिव्यांग शिविर में 42 दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए, 07 नए बैंक खाते खोले गए’*



में भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों को कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था, स्वच्छता बनाए रखने तथा सामुदायिक सहभागिता के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही, स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत संबंधित नोडल अधिकारी द्वारा उपस्थित जनमानस को मतदाता जागरूकता के प्रति जागरूक किया गया।


जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई रात्रि चौपाल के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, बागवानी, पशुपालन, रोजगार, पलायन, ग्रामीण पर्यटन एवं स्वरोजगार जैसे विषयों पर ग्रामीणों से खुला संवाद किया जाएगा। ग्राम प्रधानों, शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से भी स्थानीय समस्याओं और विकास की आवश्यकताओं पर फीडबैक लिया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और अन्य स्थानीय व्यवसायों की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना तथा स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसरों को प्रोत्साहित करना है।

रात्रि चौपाल की विशेषता यह है कि अधिकारी गांवों में समय बिताकर वहां की वास्तविक परिस्थितियों, जनसुविधाओं और ग्रामीणों की व्यावहारिक चुनौतियों को समझेंगे। रात्रि प्रवास के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को अधिक सहज एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।

जिला प्रशासन का मानना है कि रात्रि चौपाल से शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा जनसमस्याओं के समाधान, विकास कार्यों की समीक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध हो और स्थानीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके।


रात्रि चौपाल में ब्लॉक प्रमुख रायपुर श्रीमती सरोजिनी, ग्राम प्रधान शैलेंद्र चौहान, निदेशक ग्राम विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, खंड विकास अधिकारी *अपर्णा बहुगुणा,* जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसवंत सिंह चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


.देहरादून:


:

जिलाधिकारी देहरादून के निर्देशों के क्रम में बुधवार दिनांक 21 अक्टूबर, 2026 को गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय, देहरादून में विभिन्न विभागों के संयुक्त तत्वावधान में विशेष दिव्यांग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में चिकित्सा विभाग, समाज कल्याण विभाग, बाल विकास विभाग, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक तथा निर्वाचन विभाग के स्वीप प्रभाग द्वारा प्रतिभाग किया गया।


शिविर का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करने वाले दिव्यांगजनों को विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुलभ कराना तथा आगामी निर्वाचन में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।


शिविर में चिकित्सा विभाग द्वारा 42 दिव्यांगजनों का परीक्षण कर ’25 दिव्यांगता प्रमाण पत्र’ बनाए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले दिव्यांगजनों को शिविर स्थल तक लाने एवं शिविर के उपरांत वापस छोड़ने के लिए टैक्सी वाहन की व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।


इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा शिविर में ’07 नए बैंक खाते’ खोले गए, जिससे लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की धनराशि प्राप्त करने में सुविधा मिल सके। वहीं, निर्वाचन विभाग के स्वीप प्रभाग द्वारा आगामी निर्वाचन में अधिकाधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिव्यांग मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं तथा सुगम एवं सुलभ मतदान के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही सक्षम ऐप के माध्यम से दिव्यांगजनों के पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में भी जागरूक किया गया, ताकि वे निर्वाचन के दौरान उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकें।


इस प्रकार शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य सेवाओं, बैंकिंग सुविधाओं एवं निर्वाचन संबंधी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि दिव्यांगजनों को सरकारी सेवाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो तथा वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर एवं सशक्त बन सकें।


इस अवसर पर डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी, श्री दीपांकर घिल्डियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


इसी क्रम में इस प्रकार का अगला विशेष दिव्यांग शिविर दिनांक ’22 अक्टूबर, 2026 को खंड विकास अधिकारी कार्यालय, डोईवाला परिसर’ में आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित क्षेत्र के दिव्यांगजनों से अपील की गई है कि वे शिविर में पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ उठाएं।




*संशोधित प्रेस नोट


*ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को देहरादून जिला प्रशासन की अनूठी पहल ‘रात्रि चौपाल’ शुरू*


*सीडीओ अभिनव शाह की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत थेवा, मालदेवता में आयोजित हुई पहली रात्रि चौपाल, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर सुनीं समस्याएं*


*क्षतिग्रस्त नहर-पुलिया, जर्जर विद्यालय भवन, फसल में रोग और जलभराव की समस्याओं पर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश*


*ग्राम स्तर की छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान, विकास योजनाओं की समीक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है रात्रि चौपाल का उद्देश्य*


*देहरादून, 21 अक्टूबर 2026 (सूवि)।* ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की धरातलीय स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन देहरादून द्वारा ‘रात्रि चौपाल’ की पहल शुरू की गई है। ‘जन सेवा–जन विश्वास–जन भागीदारी’ की भावना के अनुरूप इस पहल के तहत प्रशासनिक अधिकारी गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद  और उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों को समझते हुए समाधान की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।


इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत थेवा, मालदेवता में रात्रि चौपाल आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामवासियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। चौपाल में ग्रामीणों ने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, टूटी पुलिया, विद्यालय के जर्जर भवन, धान की फसल में रोग एवं खरपतवार से नुकसान, जंगली जानवरों से खेती को नुकसान ,सड़क निर्माण के कारण जल निकासी बाधित होने तथा विद्यालय में पेयजल की समस्या सहित विभिन्न मुद्दे उठाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि रात्रि चौपाल का प्रमुख उद्देश्य ग्राम स्तर पर उत्पन्न होने वाली छोटी-छोटी समस्याओं की पहचान कर उनका स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के निस्तारण में तेजी लाई जा सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।


रात्रि चौपाल में मालदेवता निवासी बच्चन सिंह कठैत ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, पुलिया की मरम्मत, विद्यालय के जर्जर भवन तथा धान की फसल में रोग और खरपतवार के कारण हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया।

इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को नहर और क्षतिग्रस्त पुलिया से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को धान की फसल में रोग तथा खरपतवार से हो रहे नुकसान का परीक्षण कर उचित उपाय सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, खरपतवार की पहचान एवं उसके प्रभाव का आकलन करने के लिए नमूना पंतनगर भेजने के निर्देश दिए, ताकि समस्या के कारणों का पता लगाकर किसानों को उचित तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।

विद्यालय के जर्जर भवन के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने अवगत कराया कि भवन के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है तथा जल्द ही धनराशि उपलब्ध होने की संभावना है। इस पर विद्यालय भवन की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

सड़क निर्माण से जलभराव की समस्या पर कार्रवाई के निर्देश

क्षेत्रवासी मनोज पंवार ने अपने घर के निकट सड़क निर्माण के कारण पानी की निकासी बाधित होने और जलभराव की समस्या से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया। इस पर उन्होंने सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग को आपसी समन्वय से जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार, ग्राम प्रधान सरखेत ने ग्रामीण विद्यालय में पानी की समस्या उठाई। मुख्य विकास अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर ही बजट की स्वीकृति प्रदान की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे विद्यालय में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई को गति मिलेगी।

ग्रामीणों द्वारा सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या भी उठाई गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नहर की स्थिति का परीक्षण कर सिंचाई व्यवस्था सुचारू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। वहीं पेयजल लाइन के रिसाव संबंधी समस्या आने पर मुख्य विकास अधिकारी जल संस्थान अधिकारी को  तत्काल मौके पर निरीक्षण करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।


चौपाल के दौरान मालदेवता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के उच्चीकरण का विषय भी सामने आया। इस संबंध में अवगत कराया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ए श्रेणी से बी श्रेणी में उच्चीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि पीएसी में रेबीज के इंजेक्शन रखने के निर्देश देते हुए कृत कार्रवाई से अवगत कराने को भी कहा।



रात्रि चौपाल से पूर्व मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने क्षेत्र में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित राशन की दुकान तथा निर्माणाधीन पशु केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

जिला प्रशासन की इस पहल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों को नजदीक से समझने, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने तथा आमजन को मिल रही सुविधाओं का आकलन करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों, पंचायत भवनों, राशन की दुकानों, जल जीवन मिशन की परियोजनाओं तथा अन्य सरकारी परिसंपत्तियों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाएगी।


रात्रि चौपाल में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी दी। इस दौरान ग्रामीणों से फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं की पहुंच एवं प्रभाव का आकलन किया गया।

कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा उपस्थित कृषकों को बीज वितरित किए गए। इसके माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।







*वर्ष 2031 तक की कार्ययोजना में स्थानीय समुदायों की आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश*


प्रमुख सचिव, वन एवं पर्यावरण श्री आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य वन विकास अभिकरण की 7वीं राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में ग्रीन इण्डिया मिशन (GIM) योजना के अगले पांच वर्षों (वर्ष 2031 तक) के पर्सपेक्टिव प्लान की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने ग्रीन इण्डिया मिशन के तहत आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देने तथा इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन पंचायतों में भी सी-बकथोर्न का पौधरोपण करने तथा आजीविका संवर्धन से संबंधित विषयों पर शीघ्र बैठक आयोजित करने को कहा।


बैठक में अवगत कराया गया कि राज्य वन विकास अभिकरण के अंतर्गत वर्तमान में ग्रीन इण्डिया मिशन, नगर वन योजना एवं स्कूल नर्सरी योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। राज्य वन विकास अभिकरण (SFDA) का अगले पांच वर्षों यानी वर्ष 2031 तक के लिए नवीनीकरण किया गया है। बैठक में ग्रीन इण्डिया मिशन की परिप्रेक्ष्य योजना, राज्य वन विकास अभिकरण की कार्यकारिणी समिति तथा मिशन के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं दस्तावेजों की जानकारी दी गई। बताया गया कि मिशन के अंतर्गत तीन सब-मिशन में कार्य किए जाने हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य योजना के क्रियान्वयन के लिए ₹559.16 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता आकलित की गई है।


इससे पूर्व आयोजित छठी राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सभी जिलों में वन विकास अभिकरण की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। ग्रीन इण्डिया मिशन एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत सफल पौधरोपण के संबंध में नोडल अधिकारी द्वारा दिए गए सुझाव सभी प्रभागीय वनाधिकारियों (DFO) को भेजे गए हैं।


बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि ग्रीन इण्डिया मिशन के नए कार्यों को छोड़कर जुलाई 2025 एवं मई 2026 में कुल ₹31.45 करोड़ की वार्षिक परिचालन योजना (APO) भारत सरकार को भेजी गई है। धनराशि स्वीकृत एवं अवमुक्त होने के बाद स्थानीय समुदायों की आजीविका के विकास के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे।


बैठक में प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) श्री कपिल लाल, पीसीसीएफ (वन्यजीव) श्रीमती नीना ग्रेवाल, एपीसीसीएफ (प्रोजेक्ट) श्री विवेक पांडेय, अपर प्रमुख वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी (वन संरक्षण) श्रीमती मीनाक्षी जोशी, अपर सचिव श्री नवनीत पांडेय, श्री विक्रम सिंह यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।


*सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में प्राधिकरण की सख्ती, बिना नक्शे दुकानें बनाने और भवनों का उपयोग बदलने वालों पर कार्रवाई*




राजधानी देहरादून में आवासीय कॉलोनियों के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने और भवन निर्माण के नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपना लिया है। आवासीय परिसरों को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बदलने, बिना स्वीकृत मानचित्र के दुकानें बनाने और स्वीकृत नक्शे से इतर निर्माण करने वालों पर अब सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाते हुए पांच मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की। इस कार्रवाई से उन भवन स्वामियों और संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है, जो निर्धारित भू-उपयोग और निर्माण संबंधी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। एमडीडीए ने यह कार्रवाई माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की है। प्राधिकरण का कहना है कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने, आवासीय क्षेत्रों की मूल प्रकृति बनाए रखने और अनधिकृत निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा।


*आवासीय कॉलोनियों में कारोबार, बिना नक्शे निर्माण पर कार्रवाई*


एमडीडीए की कार्रवाई के दौरान इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में तीन मामलों में सीलिंग की गई। वहीं, ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर क्षेत्र और महिमा इन्क्लेव में भी नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने संबंधित परिसरों का निरीक्षण कर अनधिकृत निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई की।


*इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में तीन परिसरों पर सीलिंग*


प्रवर्तन अभियान के तहत इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में सबसे अधिक तीन मामलों में कार्रवाई की गई। यहां आवासीय कॉलोनी के भीतर कृष्णा डेयरी के नाम से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। प्राधिकरण ने नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने पर संबंधित परिसर को सील कर दिया। इसी क्षेत्र में रोहित विशाल द्वारा भी आवासीय कॉलोनी के भीतर व्यावसायिक दुकान का संचालन किया जा रहा था। एमडीडीए की टीम ने इस मामले में भी कार्रवाई करते हुए परिसर को सील किया। प्राधिकरण की जांच में इसी क्षेत्र में एक अन्य आवासीय परिसर में बिना स्वीकृति परिवर्तन और परिवर्धन कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने का मामला सामने आया। इस पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों में निर्धारित भू-उपयोग के विपरीत संचालित गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग करने से पहले संबंधित नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना अनिवार्य है।


*ईस्ट होप टाउन में बिना मानचित्र बनाई जा रहीं दुकानें*


अभियान के दौरान ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर, प्रेमनगर क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई। यहां मयूर द्वारा प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना दो व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण को नियमों के विपरीत पाए जाने पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए संबंधित निर्माण को सील कर दिया। प्राधिकरण की कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए बिना व्यावसायिक निर्माण शुरू कर देते हैं। भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना और निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है।


*महिमा इन्क्लेव में हॉस्टल निर्माण सील*


एमडीडीए की टीम ने महिमा इन्क्लेव, लेन नंबर-2, केहरी गांव में भी कार्रवाई की। यहां कुन्दन सिंह द्वारा स्टिल्ट सहित तीन तलों पर हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण के अनुसार, निर्माण में स्वीकृत मानचित्र से विचलन किया गया था और भवन के उपयोग में भी बदलाव किया गया था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए संबंधित निर्माण को सील कर दिया गया। प्राधिकरण का कहना है कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करना और भवन के उपयोग में अनधिकृत बदलाव करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



*बंशीधर तिवारी बोले—नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्ती*


एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और भू-उपयोग संबंधी नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जा रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करना और भवनों के उपयोग में अनधिकृत बदलाव करना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और शिकायतों तथा स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और निर्धारित मानकों का पालन करें, ताकि भविष्य में सीलिंग जैसी कार्रवाई की नौबत न आए।


*मोहन सिंह बर्निया ने दिए सख्त निर्देश*


एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। सभी भवन स्वामियों और संचालकों को स्वीकृत मानचित्र तथा निर्धारित भू-उपयोग के अनुरूप ही निर्माण और संचालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रवर्तन टीमों को क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। एमडीडीए की इस कार्रवाई से साफ है कि देहरादून में अनधिकृत निर्माण और आवासीय परिसरों के दुरुपयोग के मामलों पर प्राधिकरण का शिकंजा कस रहा है। आने वाले दिनों में भी नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

 नगर निगम हरिद्वार प्रशासन द्वारा संचालित गंगा घाटों पर विशेष स्वच्छता अभियान में शिव शक्ति वेलनेस फाउंडेशन सोसाइटी की सक्रिय सहभागिता


हरिद्वार, 21 अक्टूबर 2026।



माँ गंगा के पावन घाटों की स्वच्छता, सुंदरता एवं पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम हरिद्वार प्रशासन द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में शिव शक्ति वेलनेस फाउंडेशन सोसाइटी, हरिद्वार ने सक्रिय सहभागिता करते हुए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।


यह अभियान डॉ. ललित नारायण मिश्र जी, मुख्य विकास अधिकारी (CDO), हरिद्वार के आह्वान पर आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य गंगा घाटों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखना तथा श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों को स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना है।


अभियान के सफल संचालन में डॉ. ललित नारायण मिश्र जी, मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार; श्री पवन कार्की जी, प्रभारी, नगर निगम हरिद्वार; तथा श्री नितिन गौतम जी, राज्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार एवं अध्यक्ष, गंगा सभा, हरिद्वार की प्रमुख भूमिका रही।


स्वच्छता अभियान को प्रभावी रूप से संपन्न कराने में सफाई निरीक्षक श्री आकाश कुमार जी एवं सफाई निरीक्षक श्री अनिल कुमार जी ने अग्रणी भूमिका निभाई। इनके साथ नगर निगम हरिद्वार के कर्मचारीगण ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।


शिव शक्ति वेलनेस फाउंडेशन सोसाइटी के सदस्यों ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर यह संदेश दिया कि माँ गंगा की निर्मलता एवं घाटों की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन का ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। गंगा हमारी आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक हैं, इसलिए उनकी स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।


नगर निगम हरिद्वार प्रशासन द्वारा संचालित यह विशेष स्वच्छता अभियान 8 नवंबर 2026 तक हरिद्वार के सभी गंगा घाटों पर निरंतर जारी रहेगा। संस्था ने इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं समाजसेवा से जुड़े अभियानों में सक्रिय सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।



 मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी विजयदशमी व दशहरा पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को विजयदशमी व दशहरा पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। विजयदशमी की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयदशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई तथा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। हम सभी को अपने भीतर की बुराइयों को त्यागकर जीवन में सदाचार की राह पर चलने की प्रेरणा भी यह पर्व देता है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि हम अपने जीवन में अहंकार से मुक्त होकर सच्चाई के रास्ते पर चलें और प्रदेश व देश की सामाजिक समरसता के लिए मिलजुल कर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन पर्व हमें इस बात का भी स्मरण कराता है कि सच्चाई का साथ देने वालों की हमेशा जीत होती है। 

 

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि बुराई पर अच्छाई की विजय के इस पावन पर्व पर भगवान श्रीराम की शिक्षाओं को आत्मसात कर जीवन को सार्थक बनायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म और सत्य की विजय के इस मंगल पर्व पर प्रभु श्रीराम से यही प्रार्थना है कि सब सुखी हों, सबका कल्याण हो, हर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आये।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के सत्य व अहिंसा के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। गांधी जी ने अंग्रेजी शासन से देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने आचरण में अहिंसा का भाव जागृत करने के साथ ही मानवता के प्रति करूणा का भाव पैदा करना होगा। यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने ‘जय जवान जय किसान’ का नारा देकर राष्ट्र को स्वाभिमान और एकजुटता के साथ मजबूती से खड़े होने का रास्ता दिखाया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने सार्वजनिक जीवन में सादगी, सत्यनिष्ठा, लगन, नैतिकता व राष्ट्र के प्रति समर्पण की जो अदभुत मिसाल कायम की, वह हम सबके लिए प्रेरणादायी है। शास्त्री जी का व्यक्तित्व व कृतित्व देश की युवापीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

 देहरादून :

Vijadashmi festival 2024 12 october



 दशहरा (विजयदशमी)-2024



दशहरा , विजयदशमी ’के रूप में भी जाना जाता है, भारत में सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जो नवरात्रि के नौ दिवसीय उत्सव के अंत और दुर्गा पूजा के चार / पांच दिवसीय उत्सव का प्रतीक है। यह दिन अच्छी और बुरी शक्तियों के बीच एक लंबी लड़ाई का द्योतक  है जिसमें रामचंद्र ने रावण पर विजय प्राप्त की थी।रामलीला के एक भाग मे विजयदशमी पर ही श्रीराम ने रावण एवम अन्य राक्षसों का संहार कर सीता को वापिस लाये थे।

नवरात्रि में बोए जाने वाले जौ को आज ही के दी विजय के प्रतीक में सभी बहने 

अपने भाईयों के कानों और सिर पर रखकर सदैव उनके विजय की कामना करती है। 

 उस दिन को विजय दशमी (विजय का दिन) कहा जाता है। वह दिन भी है जब देवी दुर्गा महिषासुर की सेना से भिड़ गईं और उसका संहार कर दिया था।

दशहरा को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है. कहा जाता है कि भगवान राम ने अश्विन महीने की पहली तारीख से लेकर नवमी तक मां दुर्गा की खास पूजा-अर्चना की थी. फिर, दशमी के दिन उन्होंने रावण का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया था. इसी वजह से दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है.

दशहरा के दिन रावण दहन का क्या मुहूर्त रहेगा.

 हिंदू पंचांग के अनुसार, दशहरा की दशमी तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर की शाम 7 बजकर 01 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 21 अक्टूबर, गुरुवार शाम 7 बजकर 10 मिनट पर होगा. 


दशहरा 2025 पूजन मुहूर्त:

2 अक्टूबर को दशहरा के दिन पूजन के लिए सबसे विशेष मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 09 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 56 मिनट तक रहेगा, जिसकी अवधि 47 मिनट की रहेगी. वहीं, अपराह्न पूजा का समय (देवी अपराजिता और शस्त्रों के पूजन का समय) दोपहर 1 बजकर 21 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 44 मिनट तक रहेगा, जिसकी अवधि 2 घंटे 22 मिनट की रहेगी.


: हर साल इस दिन देशभर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले जलाए जाते हैं. रावण दहन देखकर बच्चों को यह समझाना चाहिए कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, एक दिन उसकी हार निश्चित होती है और सच्चाई की हमेशा जीत होती है. तो चलिए जानते हैं कि 


 *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने की शिष्टाचार भेंट*

*उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर हुई चर्चा*

*फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उत्तराखण्ड की पहचान हो रही और मजबूत : मुख्यमंत्री*

Akshay kumar  meet CM Dhami



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता श्री अक्षय कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखण्ड की फिल्म नीति, प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं तथा फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के संबंध में चर्चा हुई।


अभिनेता श्री अक्षय कुमार इन दिनों मसूरी और लंढौर क्षेत्र में अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। प्रदेश की नैसर्गिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविध भौगोलिक परिस्थितियां और फिल्म निर्माण के अनुकूल वातावरण लगातार फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रहे हैं। उत्तराखण्ड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में प्रदेश की पहचान और मजबूत हो रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से शूटिंग की अनुमति सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान की व्यवस्था भी की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास उत्तराखण्ड में अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना है। प्रदेश में फिल्म निर्माण की गतिविधियां बढ़ने से पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ मिल रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फिल्म निर्माताओं को हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


**छोटे उद्यमियों के निवेश पर सवाल उठाना उनके परिश्रम और रोजगार सृजन का अपमान: सचिव उद्योग**

 *₹24 हजार करोड़ के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी, जल्द आयोजित होगी चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी*** 

**सरकार की निवेश प्रक्रिया पारदर्शी, उद्योग विभाग और सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है परियोजनाओं की पूरी जानकारी**



 उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों और उठाए जा रहे सवालों पर सचिव उद्योग एवं सचिव मुख्यमंत्री श्री विनय शंकर पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में निवेश से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक हैं और प्रत्येक परियोजना का विवरण संबंधित सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणा बनाना उचित नहीं है। सरकार ने निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक एक लाख एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।



सचिव उद्योग ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। राज्य का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है और भारी उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं मुख्यतः देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर तथा नैनीताल के कुछ हिस्सों में अधिक हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप राज्य की औद्योगिक नीतियां तैयार की गई हैं, जिनका उद्देश्य पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना है।



उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गईं। निवेशकों की सहायता के लिए निवेश मित्रों की व्यवस्था की गई, जिन्होंने निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा, सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहयोग किया और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



श्री पांडे ने कहा कि निवेश से संबंधित आंकड़े उद्योग विभाग, यूके स्पाइस और सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इनमें परियोजनाओं, संबंधित विभागों और उनके स्थान सहित आवश्यक विवरण पारदर्शिता के साथ दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह विषय लगभग आठ महीने पहले भी सोशल मीडिया पर उठाया गया था, जिस पर तथ्यों के साथ जवाब दिया गया था। सरकार ने समय-समय पर सदन में भी निवेश की स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में उपलब्ध तथ्यों की अनदेखी कर सवाल उठाना उचित नहीं है।



छोटे उद्यमों और स्थानीय निवेशकों पर की जा रही टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सचिव उद्योग ने कहा कि आटा चक्की, मोबाइल दुकान या अन्य छोटे व्यवसाय को निवेश की श्रेणी में शामिल करने पर सवाल उठाना सही दृष्टिकोण नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से 10 हजार रुपये का निवेश कर छोटा व्यवसाय शुरू करता है और उससे दो लोगों को रोजगार मिलता है, तो यह भी राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान है। निवेश का महत्व केवल उसकी राशि से नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले रोजगार और स्थानीय आजीविका के अवसरों से भी तय होता है।



उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देश है कि राज्य में बड़े से बड़े उद्यमी और छोटे से छोटे व्यवसायी, दोनों का समान सम्मान होना चाहिए। स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और उनके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। छोटे कारोबारियों के प्रयासों पर कटाक्ष करना उनके परिश्रम और आत्मनिर्भर बनने की भावना का अपमान है।



श्री पांडे ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए विदेशों के साथ-साथ देश के प्रमुख महानगरों में रोड शो आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों सहित प्रदेश के सभी जनपदों में निवेश सम्मेलनों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को भी आमंत्रित किया गया। सरकार का उद्देश्य केवल बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देना है।



आगामी निवेश योजनाओं की जानकारी देते हुए सचिव उद्योग ने कहा कि लगभग 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी की जा रही है। इससे संबंधित विवरण भी सिंगल विंडो सिस्टम पर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी। उन्होंने मीडिया और संबंधित लोगों से अपील की कि वे परियोजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करें, उद्यमियों से संवाद करें और धरातल पर हुए कार्यों का आकलन तथ्यों के आधार पर करें।



श्री पांडे ने कहा कि उत्तराखंड में निवेश को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है। निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता, उद्यमियों को सहयोग और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों और धरातलीय प्रगति के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.