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 देहरादून हवाई अड्डे पर माननीय नागरिक उड्डयन मंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से यात्री-केंद्रित प्रमुख पहलों का उद्घाटन

देहरादून, 29 फरवरी 2026 (रविवार):





  नागरिक उड्डयन मंत्री, श्री राममोहन नायडू किंजरापु द्वारा गुजरात के राजकोट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान यात्री - केंद्रित सुविधाओं की एक श्रृंखला का उद्घाटन तथा प्रमुख अवसंरचना पहलों का शुभारंभ किया। मुख्य समारोह राजकोट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित हुआ, जबकि देहरादून सहित विभिन्न हवाई अड्डों पर यात्री- केंद्रित सुविधाओं का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का श्रद्धापूर्वक गायन किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए श्री समीर कुमार सिन्हा, सचिव, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, ने भारत सरकार की विमानन अवसंरचना को सुदृढ़ करने तथा निर्बाध एवं किफायती यात्रा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता पर बल दिया। वहीं श्री विपिन कुमार, अध्यक्ष, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, ने आधुनिक अवसंरचना एवं समावेशी सुविधाओं के माध्यम से यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के संगठन के प्रयासों को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत, यात्री सुविधा, समावेशिता एवं डिजिटल पहुंच को सुदृढ़ करने हेतु कई पहलों का उद्घाटन एवं राष्ट्र को समर्पण माननीय नागरिक उड्डयन मंत्री, श्री राममोहन नायडू किंजरापु द्वारा किया गया।

देहरादून हवाई अड्डे पर निम्नलिखित सुविधाओं का उद्घाटन / समर्पण किया गया:

• डिजी-यात्रा (Digi Yatra): यह बायोमेट्रिक 'फेसियल रिकग्निशन' तकनीक के माध्यम से निर्बाध एवं संपर्क रहित यात्रा को सक्षम बनाता है, जिससे प्रक्रिया तेज होती है और कतारों में कमी आती है।

• निःशुल्क वाई-फाई सुविधा: यह डिजिटल पहुंच को बढ़ावा देती है तथा यात्रियों को अपनी यात्रा के दौरान जुड़े रहने और उत्पादक बने रहने में सहायक है। निःशुल्क वाई-फाई सुविधा की अवधि 45 मिनट

है।

• किड्स ज़ोन (Kids Zone): यह बच्चों और परिवारों के लिए सुरक्षित एवं आकर्षक खेल क्षेत्र उपलब्ध कराता है, जिससे यात्रा अनुभव बेहतर होता है।

• फ्लाइब्रेरी (Flybrary): यह हवाई अड्डा टर्मिनलों में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु स्थापित की गई है। यह सुविधा देहरादून हवाई अड्डे के Security Hold क्षेत्र के प्रथम ताल पर, स्पर्श हिमालय फाउंडेशन, थानो, देहारादून के सहयोग से स्थापित की गई है।

देहरादून हवाई अड्डे के साथ-साथ, देश के सात अन्य हवाई अड्डों पर डिजी-यात्रा का उद्घाटन किया गया, उन्नचास हवाई अड्डों पर वाई-फाई सेवाएं शुरू की गईं, नौ हवाई अड्डों पर किड्स ज़ोन सुविधाएं तथा पंद्रह हवाई अड्डों पर फ्लाइब्रेरी प्रारंभ की गईं।

ये पहले, भारतीय विमानन को किफायती, सुलभ, समावेशी एवं डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ हवाई अड्डों को जीवंत एवं यात्री - अनुकूल स्थलों में परिवर्तित करने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

अपने मुख्य संबोधन में माननीय मंत्री श्री राममोहन नायडू किंजरापु ने भारत के विमानन क्षेत्र के तीव्र विस्तार को रेखांकित किया तथा यात्री सुविधा, नवाचार एवं समावेशिता पर विशेष ध्यान देते हुए विश्वस्तरीय हवाई अड्डा अवसंरचना के निर्माण हेतु सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।




 प्रधानमंत्री के प्रयासों से उत्तराखंड पर्यटन को मिला नया आयाम, शीतकालीन पर्यटन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी* 


 *उत्तराखंड को ऑल-सीजन टूरिज्म हब बनाने की दिशा में तेजी से काम: सीएम धामी* 

man ki baat 132 episode PM modi CM Dhami



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी  ने रविवार को देहरादून के इन्द्रानगर स्थित होटल रॉयल इन पैलेस में आयोजित प्रधानमंत्री जी के  " मन की बात" कार्यक्रम  के 132वें एपिसोड को सुना। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।



मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रारंभ किया गया एक अद्वितीय जनसंवाद मंच है, जो विश्व के किसी भी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा संचालित सबसे लंबे समय तक चलने वाले प्रेरणादायी कार्यक्रमों में से एक है। यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से दूरस्थ और कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान प्रदान करता है।



 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के कोने-कोने में कार्य कर रहे उन लोगों का उल्लेख किया जाता है, जो सीमित संसाधनों में भी असाधारण कार्य कर समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से ऐसे व्यक्तित्वों की कहानियां देशभर के नागरिकों तक पहुंचती हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होता है।



मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री अपने लगभग प्रत्येक कार्यक्रम में उत्तराखंड का विशेष रूप से स्मरण करते हैं। ‘मन की बात’ के कई एपिसोड में राज्य की शीतकालीन यात्रा, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया गया है।



 मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वयं भी उत्तराखंड के विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं, जिनमें आदि कैलाश और उत्तरकाशी जिले का हर्षिल-मुखवा क्षेत्र प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री के इन दौरों और उनके द्वारा किए गए उल्लेख का सकारात्मक प्रभाव राज्य के पर्यटन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वर्ष में उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। अब तक डेढ़ लाख से अधिक पर्यटक राज्य में शीतकालीन यात्रा के लिए पहुंच चुके हैं, जबकि आदि कैलाश क्षेत्र में 36,700 से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंच चुके हैं। यह संख्या राज्य के पर्यटन क्षेत्र में निरंतर बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती है।



 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष पर्यंत पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड एक ‘ऑल-सीजन टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित हो सके। इसके लिए पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, सड़क संपर्क में सुधार, आवासीय व्यवस्थाओं का विकास तथा डिजिटल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए पर्यटन को एक प्रमुख माध्यम के रूप में विकसित कर रही है। ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे योजना और धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।



इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने शिष्टाचार भेंट की |

CM Dhami and subodh uniyal cabinet minister


सरकारी कर्मचारियों को मिलेंगे बेहतर घर, जर्जर आवासों की जगह बनेंगे आधुनिक क्वार्टर*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्यसचिव आनंद बर्धन के दिशा-निर्देश पर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार प्रदेश भर में सरकारी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की व्यापक योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना है, बल्कि सरकारी आवासीय परिसंपत्तियों का व्यवस्थित रखरखाव और विस्तार सुनिश्चित करना भी है। राज्य संपत्ति विभाग के अनुसार लंबे समय से कई सरकारी आवास जर्जर हो चुके हैं, जिससे कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सरकार अब ऐसे आवासों की पहचान कर उन्हें मरम्मत और पुनर्निर्माण के माध्यम से बेहतर बनाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है।


*जर्जर आवासों की पहचान, नए निर्माण की तैयारी*

सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौजूद जर्जर सरकारी आवासों का सर्वे शुरू करने का निर्णय लिया है। जिन भवनों की स्थिति बेहद खराब है, उन्हें या तो पुनर्निर्मित किया जाएगा या फिर उनकी जगह नए आधुनिक आवास बनाए जाएंगे। इसके साथ ही जहां भी विभागीय या सरकारी भूमि उपलब्ध है, वहां आवश्यकता के अनुसार नए आवासीय परिसरों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। इन आवासों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा मिल सके। सरकार का मानना है कि बेहतर आवास मिलने से कर्मचारियों का कार्य परिवेश भी बेहतर होगा और वे अधिक दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।


*कार्यों की निगरानी के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति*

इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए राज्य संपत्ति विभाग के स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि, जर्जर भवनों और नए निर्माण की संभावनाओं का त्वरित सर्वेक्षण किया जाए। सर्वेक्षण के आधार पर विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, ताकि निर्माण और मरम्मत से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर स्वीकृति मिल सके। इसके अलावा कार्यदायी संस्थाओं को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी की संभावना कम हो सके।


*रेसकोर्स में बनेंगे नए आवास*

राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन देहरादून के ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी, रेसकोर्स क्षेत्र में भी नए आवासों के निर्माण की योजना बनाई गई है। यहां जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद खाली हुई भूमि पर श्रेणी-2 के 31 नए आवास बनाने का प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा गया। इसके अलावा 6 मार्च 2026 को इसी कॉलोनी में उपलब्ध अन्य भूमि पर श्रेणी-4 के 10 आवासों के निर्माण की योजना भी प्रस्तुत की गई। दोनों परियोजनाओं के लिए सिंचाई विभाग के परियोजना खंड द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन आवासों के निर्माण के लिए श्रेणी-2 के 31 आवासों पर लगभग 1458.56 लाख रुपये और श्रेणी-4 के 10 आवासों के लिए लगभग 743.95 लाख रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है।


*सरकारी आवासीय ढांचे को मिलेगा नया स्वरूप*

समिति की बैठक में इन परियोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसके बाद विचार-विमर्श के पश्चात दोनों योजनाओं को स्वीकृति देने पर सहमति व्यक्त की गई। सरकार की इस पहल को प्रदेश में सरकारी आवासीय ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बेहतर आवासीय सुविधाओं से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक कार्यों की दक्षता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।


*आवास सचिव डॉ आर. राजेश कुमार का बयान* 

राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई जिलों में पुराने सरकारी आवास जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं, इसलिए उनकी पहचान कर मरम्मत और पुनर्निर्माण की योजना तैयार की जा रही है।उन्होंने कहा कि जहां भी विभागीय भूमि उपलब्ध है, वहां नए और आधुनिक आवासों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सके। डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सभी परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाई गई है। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में पूरे प्रदेश में सरकारी आवासीय ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाना है, जिससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिवेश मिल सके।


 डोईवाला/ देहरादून : 

     




         आज दिनांक 29.3.26 को समय करीब 10:45 बजे  112 के माध्यम से डोईवाला पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि कुआंवाला जंगलात चौकी के पास आरक्षित जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पेड़ पर लटका हुआ है ।

          प्राप्त सूचना पर प्रभारी निरीक्षक डोईवाला श्री प्रदीप कुमार राणा मय टीम के मौके पर पहुंचे जहां पर पाया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति जिनकी आयु करीब 40 से 50 वर्ष के मध्य लग रही है, एक पेड़ पर लटका हुआ है जिसके गले में फंदा लगा है । देखने पर उक्त व्यक्ति द्वारा सुसाइड किया जाना प्रतीत होता है जो लेबर क्लास लग रहा है व शव 5-6 दिन पुराना लग रहा है ।

           मौके पर, शव का शिनाख्त करने की कोशिश की गई लेकिन शिनाख्त नहीं हो पाई है, कोतवाली डोईवाला क्षेत्र में हाल ही में इस प्रकार की कोई गुमशुदगी भी दर्ज नहीं है ।

    मौके पर जनपदीय फील्ड यूनिट टीम को बुलाकर घटनास्थल का निरीक्षण  कराया गया जिनके अनुसार मृतक का कद करीब 5 फुट 6 इंच है जिसका मौके पर पंचायतनामा भरकर शव को कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम व शिनाख्त हेतु नियमानुसार 72 घंटे के लिए सुरक्षित रखा गया है।

 

सेलाकुई :  



वर्ष प्रतिपदा के पावन अवसर पर रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सेलाकुई नगर में भव्य एवं अनुशासित पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए समाज में राष्ट्रभक्ति, संगठन और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन बड़े दिव्य और भव्य स्वरूप में संपन्न हुआ |जिसमें नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया |

पथ संचलन की शुरुआत राजकीय इंटर कॉलेज सेलाकुई से हुई, जो निगम रोड, मुख्य बाजार, जमनपुर होते हुए सिडकुल गेट तक पहुंचा। पूरे मार्ग में स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियां और देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला, जिससे नगर का माहौल उत्सवमय बन गया।

पथ संचलन से पूर्व आयोजित बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता सह विभाग प्रचारक सौरभ  ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए “पंच परिवर्तन” के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नई चेतना और नए संकल्पों का प्रतीक है।

उन्होंने विक्रमी संवत की ऐतिहासिक महत्ता बताते हुए कहा कि इसकी स्थापना सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को पराजित करने के बाद की थी। साथ ही उन्होंने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भगवान राम के राज्याभिषेक, स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्म तथा डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जन्मदिवस जैसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक प्रसंगों से जुड़ी हुई है।

वक्ता ने संघ की प्रमुख परंपराओं गुरु दक्षिणा और आद्य सरसंघचालक प्रणाम का उल्लेख करते हुए इसे स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता और संगठन के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को और अधिक गति देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष के महत्व पर भी चर्चा की गई और “पंच परिवर्तन” को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम बताया गया।

कार्यक्रम में माननीय नगर संघचालक जयदीप बिजल्वाण ने आशीर्वचन दिए। इस दौरान नगर कार्यवाह योगेश सेमवाल , ज्ञान सिंह राणा , प्रकाश भट्ट , संजय कंडारी , संजय सहगल , शिवांश , अभिषेक सैनी, अभिनव , विनय , धर्मेंद्र , जयकृत , पंकज किशोर , गोपाल  सहित अनेक स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

देहरादून:

          ब्राह्मण समाज के सम्मान व देश प्रदेश में ब्राह्मण समाज के विरुद्ध समय समय पर हो रहे दुर्भावना व द्वेष पूर्ण कार्यों से ब्राह्मण समाज का संरक्षण करने के लिए" निरंजनी अखाड़े,मां मनसा देवी ट्रस्ट व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष  महंत श्री रविन्द्र पूरी के संरक्षण व निर्देशानुसार 

 *ब्राह्मण समाज संयुक्त मंच* 

गठित करने के विषय में प्रथम चरण में देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ब्राह्मण समाज के लिए कार्यरत समस्त प्रतिष्ठित ब्राह्मण मनीषी, ब्राह्मण संगठन/ब्राह्मण सभा,महासभा/ब्राह्मण समिति/ब्राह्मण परिषद आदि की एक समग्र सभा का आयोजन उज्ज्वल रेस्टोरेंट परेड ग्राउंड देहरादून में किया गया।

brahman sanyukt manch


     आज की सभा में उपस्थित ब्राह्मण संस्थाओं ने ब्राह्मण समाज संयुक्त मंच की रूपरेखा पर गहनता से मंथन किया।

     इसी तरह की मंथन सभाएं जल्द ही हरिद्वार,रुड़की,ऋषिकेश हल्द्वानी व उत्तराखंड के अन्य स्थानों के साथ साथ उत्तराखंड प्रदेश की सीमाओं से लगाते अन्य राज्यों में भी आयोजित की जाएंगी तथा उत्तराखंड में ब्राह्मण समाज संयुक्त मंच का गठन करने के बाद इसको विस्तृत रूप देते हुए सम्पूर्ण भारत वर्ष की ब्राह्मण संस्थाओं को एक मंच पर लाने के प्रयास होंगे।

     आज की सभा में अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समिति से अरुण कुमार शर्मा , डॉ अजय वशिष्ठ ,रुचि शर्मा ,अनुराग गौड़,अभय उनियाल,राजगीता शर्मा ,आभा बड़थवाल,वासु वशिष्ठ ,राजेश शर्मा  वैदिक ब्राह्मण सभा से पंडित पवन शर्मा,ओ पी वशिष्ठ ,गौरव बक्शी ,ब्राह्मण समाज उत्थान परिषद से एस पी पाठक ,वी डी शर्मा ,सिद्धनाथ उपाध्याय ,पंजाबी ब्राह्मण समिति से कमलजीत शर्मा ,बाल कृष्ण शर्मा,भारतीय नेपाली ब्राह्मण समिति से पंडित राम प्रसाद उपाध्याय,पंडित रामप्रसाद गौतम,पंडित थानेश्वर उपाध्याय,मोहियाल सभा से एडवोकेट प्रमोद मेहता,ब्रह्मभट्ट ब्राह्मण समिति से शशि शर्मा ,राजेंद्र शर्मा आदि सम्मलित रहे।



 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

स्वाभिमान को ठेस लग सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है।

Rashifal today


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

सुख के साधन प्राप्त होंगे। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक काम करने की इच्छा रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

धार्मिक अनुष्ठान पूजा-पाठ इत्यादि का कार्यक्रम आयोजित हो सकता है। कोर्ट-कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। मानसिक शांति रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। समय अनुकूल है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। शारीरिक कष्ट संभव है।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

कुसगंति से बचें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। किसी दूसरे व्यक्ति की बातों में न आएं। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यापार अच्‍छा चलेगा। नौकरी में मातहतों से कहासुनी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

शरीर में कमर व घुटने आदि के दर्द से परेशानी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। परिवार में मांगलिक कार्य हो सकता है।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

शत्रु पस्त होंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति पर व्यय होगा। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ रहेगा। शेयर मार्केट से लाभ होगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। किसी वरिष्ठ प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कष्ट व भय सताएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

राजभय रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। यात्रा में जल्दबाजी न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। भागदौड़ अधिक रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। निवेश सोच-समझकर करें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में प्रशंसा होगी। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। चोट व रोग से बचें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। व्यापार ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। यश बढ़ेगा। दूर से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। किसी बड़ी समस्या से मुक्ति मिल सकती है। किसी न्यायपूर्ण बात का भी विरोध हो सकता है। विवाद न करें। कुबुद्धि हावी रहेगी। चोट व रोग से बचें।


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