Halloween party ideas 2015

 *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने की शिष्टाचार भेंट*

*उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर हुई चर्चा*

*फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उत्तराखण्ड की पहचान हो रही और मजबूत : मुख्यमंत्री*

Bollywood actor Akshay kumar  meet CM Dhami



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता श्री अक्षय कुमार ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखण्ड की फिल्म नीति, प्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं तथा फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के संबंध में चर्चा हुई।


अभिनेता श्री अक्षय कुमार इन दिनों मसूरी और लंढौर क्षेत्र में अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। प्रदेश की नैसर्गिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविध भौगोलिक परिस्थितियां और फिल्म निर्माण के अनुकूल वातावरण लगातार फिल्म निर्माताओं को आकर्षित कर रहे हैं। उत्तराखण्ड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में प्रदेश की पहचान और मजबूत हो रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से शूटिंग की अनुमति सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान की व्यवस्था भी की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास उत्तराखण्ड में अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना है। प्रदेश में फिल्म निर्माण की गतिविधियां बढ़ने से पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ मिल रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फिल्म निर्माताओं को हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


**छोटे उद्यमियों के निवेश पर सवाल उठाना उनके परिश्रम और रोजगार सृजन का अपमान: सचिव उद्योग**

 *₹24 हजार करोड़ के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी, जल्द आयोजित होगी चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी*** 

**सरकार की निवेश प्रक्रिया पारदर्शी, उद्योग विभाग और सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है परियोजनाओं की पूरी जानकारी**



 उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2023 को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों और उठाए जा रहे सवालों पर सचिव उद्योग एवं सचिव मुख्यमंत्री श्री विनय शंकर पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में निवेश से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक हैं और प्रत्येक परियोजना का विवरण संबंधित सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि तथ्यों की पूरी जानकारी के बिना निवेश को लेकर भ्रामक धारणा बनाना उचित नहीं है। सरकार ने निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक एक लाख एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।



सचिव उद्योग ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। राज्य का लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है और भारी उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं मुख्यतः देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर तथा नैनीताल के कुछ हिस्सों में अधिक हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप राज्य की औद्योगिक नीतियां तैयार की गई हैं, जिनका उद्देश्य पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना है।



उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए समय-समय पर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गईं। निवेशकों की सहायता के लिए निवेश मित्रों की व्यवस्था की गई, जिन्होंने निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा, सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहयोग किया और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



श्री पांडे ने कहा कि निवेश से संबंधित आंकड़े उद्योग विभाग, यूके स्पाइस और सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इनमें परियोजनाओं, संबंधित विभागों और उनके स्थान सहित आवश्यक विवरण पारदर्शिता के साथ दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह विषय लगभग आठ महीने पहले भी सोशल मीडिया पर उठाया गया था, जिस पर तथ्यों के साथ जवाब दिया गया था। सरकार ने समय-समय पर सदन में भी निवेश की स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में उपलब्ध तथ्यों की अनदेखी कर सवाल उठाना उचित नहीं है।



छोटे उद्यमों और स्थानीय निवेशकों पर की जा रही टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सचिव उद्योग ने कहा कि आटा चक्की, मोबाइल दुकान या अन्य छोटे व्यवसाय को निवेश की श्रेणी में शामिल करने पर सवाल उठाना सही दृष्टिकोण नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से 10 हजार रुपये का निवेश कर छोटा व्यवसाय शुरू करता है और उससे दो लोगों को रोजगार मिलता है, तो यह भी राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान है। निवेश का महत्व केवल उसकी राशि से नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले रोजगार और स्थानीय आजीविका के अवसरों से भी तय होता है।



उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देश है कि राज्य में बड़े से बड़े उद्यमी और छोटे से छोटे व्यवसायी, दोनों का समान सम्मान होना चाहिए। स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और उनके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। छोटे कारोबारियों के प्रयासों पर कटाक्ष करना उनके परिश्रम और आत्मनिर्भर बनने की भावना का अपमान है।



श्री पांडे ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए विदेशों के साथ-साथ देश के प्रमुख महानगरों में रोड शो आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों सहित प्रदेश के सभी जनपदों में निवेश सम्मेलनों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को भी आमंत्रित किया गया। सरकार का उद्देश्य केवल बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देना है।



आगामी निवेश योजनाओं की जानकारी देते हुए सचिव उद्योग ने कहा कि लगभग 24 हजार करोड़ रुपये के निवेश की अगली ग्राउंडिंग की तैयारी की जा रही है। इससे संबंधित विवरण भी सिंगल विंडो सिस्टम पर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही चौथी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी। उन्होंने मीडिया और संबंधित लोगों से अपील की कि वे परियोजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करें, उद्यमियों से संवाद करें और धरातल पर हुए कार्यों का आकलन तथ्यों के आधार पर करें।



श्री पांडे ने कहा कि उत्तराखंड में निवेश को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है। निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता, उद्यमियों को सहयोग और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों और धरातलीय प्रगति के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।

       

नौंवे दिन यानि नवमी तिथि को मां के सिद्धीदात्री का पूजन और आराधना की जाती है। मां का यह स्वरूप सभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने वाला है।




भगवती सिद्धिदात्री का ध्यान, स्तोत्र व कवच का पाठ करने से 'निर्वाण चक्र' जाग्रत हो जाता है।  



वन्दे वांछित मनोरथार्थ चन्द्रार्घकृत शेखराम।

कमलस्थितां चतुर्भुजा सिद्धीदात्री यशस्वनीम॥

स्वर्णावर्णा निर्वाणचक्रस्थितां नवम दुर्गा त्रिनेत्राम।

शख, चक्र, गदा, पदम, धरां सिद्धीदात्री भजेम॥

पटाम्बर,परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम।

मंजीर, हार, केयूर, किंकिणि रत्नकुण्डल मण्डिताम॥

प्रफुल्ल वदना पल्लवाधरां कातं कपोला पीनपयोधराम।

कमनीयां लावण्यां श्रीणकटि निम्ननाभि नितम्बनीम॥  



*हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 24,518 परीक्षार्थी होंगे शामिल, दूरस्थ क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर केंद्र निर्धारण पर मंथन*


*डीएम डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक, परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा*


देहरादून:



उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परिषदीय परीक्षाओं के लिए जनपद देहरादून में 123 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 24,518 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण, संवेदनशील एवं दूरस्थ केंद्रों की व्यवस्था तथा परीक्षाओं के सुचारु संचालन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा केंद्रों की स्थिति और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।


प्रस्तावित आंकड़ों के अनुसार, हाईस्कूल में कुल 13,576 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें 13,472 संस्थागत तथा 104 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल हैं। इसी प्रकार, इंटरमीडिएट में कुल 10,942 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 10,684 संस्थागत और 258 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। इस तरह दोनों कक्षाओं को मिलाकर परीक्षार्थियों की कुल संख्या 24,518 है।

 

बैठक में परीक्षा केंद्रों की उपयुक्तता, संवेदनशील केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं तथा दूरस्थ क्षेत्रों में विद्यार्थियों की सुविधा से जुड़े पहलुओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने दूरस्थ क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए है।

 

*तीन संवेदनशील केंद्र चिह्नित, अति संवेदनशील केंद्र नहीं*

समिति के समक्ष प्रस्तुत विवरण के अनुसार, वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए जनपद में तीन संवेदनशील परीक्षा केंद्र प्रस्तावित हैं, जबकि अति संवेदनशील केंद्रों की संख्या शून्य है। संवेदनशील केंद्रों में ऋषिकेश स्थित श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज, रायपुर स्थित डीएवी इंटर कॉलेज करनपुर तथा चकराता स्थित राजकीय इंटर कॉलेज भटाड़ शामिल हैं। इनमें परीक्षार्थियों की अधिक संख्या और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के मार्ग की दूरी जैसे कारणों को संवेदनशीलता के निर्धारण में प्रमुखता दी गई है।


*छह विकासखंडों में परीक्षा केंद्रों का निर्धारण*

जनपद के छह विकासखंडों में परीक्षा केंद्रों का विवरण भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। इसके अनुसार, रायपुर में हाईस्कूल के 36 और इंटरमीडिएट के 35, डोईवाला में क्रमशः 30 और 30, सहसपुर में 15 और 14, विकासनगर में 21 और 19, कालसी में 8 और 8 तथा चकराता में 13 और 11 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाने का विवरण दिया गया है। हाईस्कूल के लिए केंद्रों की कुल संख्या 123 और इंटरमीडिएट के लिए 117 प्रस्तावित की गई है।


*दूरस्थ क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों को मिलेगी प्राथमिकता*

समिति के समक्ष ऐसे विद्यालयों का विवरण भी रखा गया, जहां परीक्षार्थियों की संख्या निर्धारित 60 विद्यार्थियों के मानक से कम है। प्रस्तुत प्रस्ताव में ऐसे सात विद्यालयों को शामिल किया गया है, जहां विषम भौगोलिक परिस्थितियों और आवागमन संबंधी कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को परीक्षा देने में होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए केंद्र निर्धारण करना है।


समिति की बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जैसवाल, खंड शिक्षा अधिकारी विनिता कठैत, हेमलता गौढ़, भुवनेश्वर प्रसाद, बुशरा, शिवानी कौशल, कुन्दन सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

 

      

माँ दुर्गा का आठवां रूप है महागौरी


eight navratri Mahagauri

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। ।
 नवरात्रि के इसी आठवें दिन अष्टमी पूजी  जाती है. इस दिन लोग अपने घरों में कन्याओं को भोजन के लिए बुलाते हैं. उन्हें हलवा-पूड़ी और चना खिलाते हैं. इसके साथ ही कंजकों को खाने के बाद तोहफे और पैर छूकर विदा करते हैं
 इस दिन लोग अपने घरों में कन्याओं को भोजन के लिए बुलाते हैं. उन्हें हलवा-पूड़ी और चना खिलाते हैं. इसके साथ ही कंजकों को खाने के बाद तोहफे और पैर छूकर विदा करते हैं. 

 





देहरादून:



राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार तथा उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में दिनांक 12 दिसम्बर 2026 (शनिवार) को प्रातः 10ः00 बजे से सायं 05ः00 बजे तक राज्यभर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।


उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण मा० उच्च न्यायालय के सदस्य सचिव श्री प्रदीप कुमार मणी ने राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया है कि इस अवसर पर उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, नैनीताल एवं राज्य के समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सहयोग से प्रदेश के माननीय उच्च न्यायालय, समस्त जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों, सभी पारिवारिक न्यायालयों, श्रम न्यायालयों, वाणिज्यिक न्यायालयों, राज्य एवं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों तथा ऋण वसूली अधिकरण, देहरादून में विभिन्न प्रकार के वादों एवं मामलों का निस्तारण किया जाएगा।


सदस्य सचिव उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जो भी व्यक्ति अपने लंबित अथवा प्री-लिटिगेशन (वाद पूर्व) मामलों का त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते हैं, वे दिनांक 11 दिसम्बर 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में स्वयं अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से संबंधित न्यायालय में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर अपने मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु सूचीबद्ध करवा सकते हैं।


राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल अथवा अपने संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।

     

 

MAA KALRATRI 2025 sep 29

 

कालरात्रि माँ  काल बनकर आती है, दुष्ट और राक्षसी प्रवृत्तियों वालों के लिए।

 अपने भक्तों की सदैव रक्षा करने वाली माँ का रूप अत्यंत मनमोहक है जबकि हम उनको पूर्ण श्रृंगार में ध्यान करें ।

नवरात्रि के सातवें दिन देवी दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा- आराधना की जाती है। माता के इस स्वरूप की पूजा करने से सभी तरह के पापो से मुक्ति मिलने के साथ व्यक्ति के शत्रुओं का नाश भी हो जाता है। नवरात्रि के सातवें दिन मां का स्मरण करने मात्र से ही नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाता है।


 नवरात्रि के सप्तमी तिथि के अवसर आइए जानते हैं माता के स्वरूप की कैसे पूजा करने से किस प्रकार के फल की प्राप्ति होती है। माता के इस स्वरूप में घने अंधकार के समान काला रंग होने के कारण इन्हें कालरात्रि कहा गया। मां कालरात्रि काल और दुखों का अंत करने वाली हैं। मां कालरात्रि के तीन नेत्र है ।

माँ के चिरपरिचित दिखाये जने वाले रूप में पूजन ना कर उनको, सम्पूर्ण रूप में ध्यायें। आपको मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.