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स्कूल से निकालाः 15-15 दिन स्कूल से बाहर खड़े रखना, परीक्षा देने से रोकना जैसे शोचनीय बर्ताव झेल रही 34 नंदा-सुंनदा देवियों की जिला प्रशासन ने भरी फीस

बिन पिता की बेटी; अलाईका रावत, आकृति बडोनी, तनिका, लावण्या, दिव्या, नंदनी, ईशिका शिक्षारूपी पंख से अब पूरे कर सकेंगी अपने सपनो की उड़ान

पैरालाईज्ड पिता की बेटी शिवंागी की उच्च शिक्षा हुई बाधित; जिला प्रशासन ने अभिभावक बन संभाली जिम्मेदारी

कैंसर पीड़ित पिता की बेटी सृष्टि की बीसीए 5वें सेमस्टर की शिक्षा पुनर्जीवित 

34 बेटियों की बाधित शिक्षा जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित   

जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित कर योग्य बनाना ही ‘‘नंदा-सुनंदा देवियों की असली वंदना

 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुंनदा’’ से अब तक 62 लाख से 126 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित 



देहरादून दिनांक 13 फरवरी 2026, 



 कलेक्टेªट परिसर में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के 13वां संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बसंल ने बाालिकाओं को चैक वितरित किये। 34 बालिकाओं की शिक्षा 9 लाख धनराशि से पुनर्जीवित की गई। अब तक लगभग 62 लाख से अधिक धनराशि से 126 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई। 

जिलाधिकारी सविन बसंल ने कहा कि सभी बालिकाएं नंदा-सुनंदा देवियों के समान है हमने नंदा-सुनंदा देवियों को  नही देखा। बालिकारूपी इन देवियों की शिक्षा पुनर्जीवित कर उन्हें योग्य बनाना ही असली ‘‘नंदा-सुनंदा’’ की स्तुति करना है। उन्होंने  बालिकाओं से कहा की अपनी शिक्षा की ललक जीवित रखें। जिलाधिकारी ने बालिकाओं की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि बालिकाएं अपने जीवन में महापुरूषों की बायोग्राफी पढे छात्र जीवन के लिए इससे अधिक आईडल और कुछ नही है। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि आप सफल होकर अन्य बालिकाओं के लिए रोल मॉडल बनें। 

इस अवसर पर बालिकाओं के परिजनों ने मा0 मुख्यमंत्री एवं जिलाप्रशासन का उनकी खराब आर्थिक स्थिति में बच्चों की शिक्षा पुनर्जीवित रखने के लिए आभार व्यक्त किया।  शदब की माता मन्नो ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि स्कूल वालों ने फीस न भरने के कारण होनहार बालिकाओं को 15-15 दिन स्कूल नही आने दिया, परीक्षा से भी वंचित रखने की चेतावनी दी ऐसे में बालिका के भविष्य की चिंता सता रही थी ऐसे में जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना से बालिका की शिक्षा पुनर्जीवित हुई। जिया की माता ने कहा कि फीस न भर पाने के कारण बेटी की शिक्षा बीच में ही रोकनी पड़ी पारिवारिक आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, जिला प्रशासन ने बेटी की शिक्षा जारी रखने में मदद की इसके लिए मा0 मुख्यमंत्री जी एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं खुशी कौर की माता ने कहा कि वह घरों  में काम कर बच्चों को शिक्षित कराने में समस्या हो रही थी जिस कारण बच्चों की पढाई छूट रही थी उन्होंने जिला प्रशासन का सहायता हेतु आभार व्यक्त किया। कु0 सृष्टि जिनके पिता कैंसर पीड़ित हैं की बीसीए 5वें सेमस्टर की शिक्षा पारिवारिक खराब आर्थिक स्थिति के कारण बधित हो रही थी जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से शिक्षा को पुनर्जीवित कर दिया है। खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे बिन पिता की बेटी अलाईना रावत बीएससी नर्सिंगं की शिक्षा पुनर्जीवित, आकृति बडोनी  बी-कॉम की शिक्षा जिनके पिता की मृत्यु 2023 में हो गई थी। कु0 तनिका कक्षा 10वीं पिता की मृत्यु होने उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी। कु0 लावण्या पिता की मृत्यु उपरान्त 9वीं की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु के उपरान्त दिव्या की 6वीं की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु उपरांत नंदनी की यूकेजी की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु उपरान्त ईशिका कक्षा 3 की शिक्षा बाधित हो गई थी। इसी प्रकार कु0 शिवांगी जिनके माता निजी चिकित्सालय में सफाईकर्मी के  पद पर कार्यरत है की आर्थिक स्थिति खराब है बीएजे एंड एमसी डिजिटल द्वितीय सैमस्टर की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। यूकेजी की शिक्षा ग्रहण कर रही मानवी की पारिवारिक आर्थिक स्थिति खराब है। इन सभी 34 बालिकाओं की शिक्षा नंदा-सुनंदा योजना से पुनर्जीवित की गई। 

इस अवसर पर  उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे। 


*वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति की समीक्षा, प्राथमिकता क्षेत्र में 58% उपलब्धि*

देहरादून:



सचिवालय सभागार में सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 95वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 30.09.2025 तक की प्रगति की समीक्षा की गई।



*सीडी रेशियो बढ़ाने और डिजिटल फ्रॉड पर सख्ती के निर्देश*

*कम सीडी रेशियो वाले जनपदों को तत्काल सुधार के निर्देश*


सचिव ने जिन जनपदों का सीडी (क्रेडिट-डिपॉजिट) रेशियो कम है, उन्हें तत्काल सुधार कर अनुपात बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल फ्रॉड एवं साइबर सुरक्षा के मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा तथा संबंधित एनफोर्समेंट एजेंसियों के समन्वय से लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने एवं जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि राज्य में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने हेतु आरसेटी, एसएलआरएम, पीएमकेवीवाई एवं एनजीओ के माध्यम से जागरूकता कैंप चलाएं।


*डिजिटलाइजेशन एवं सामाजिक समावेशन पर विशेष जोर*


31 मार्च 2026 तक 100% डिजिटलीकरण का लक्ष्य

सचिव ने निर्देशित किया कि जिन 9 जनपदों में अभी तक शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण नहीं हुआ है, वहां 31 मार्च 2026 तक पूर्ण डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाए। 

वर्तमान में अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ एवं पौड़ी जनपदों में पूर्ण डिजिटलीकरण हो चुका है।

राज्य में 5,77,073 किसानों को सितंबर 2025 तक किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। पशुपालन हेतु 1,08,514 पशुपालकों तथा मत्स्य पालन हेतु 2,947 मत्स्य पालकों को भी केसीसी जारी किए गए हैं।

सितंबर 2025 तक 40,23,448 पीएमजेडीवाई खाते तथा 9,30,058 एपीवाई खाते खोले गए हैं।


*स्वरोजगार, कौशल विकास और ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण पर पहल*

*बाजार उन्मुख प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के निर्देश*

सचिव ने बैंकों एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष ऋण योजनाएं तैयार की जाएं। आर-सेटी के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भविष्य की बाजार एवं उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदाता कंपनियों से टाई-अप कर रोजगार उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य ₹55,174 करोड़ के सापेक्ष बैंकों द्वारा ₹31,994 करोड़ (58%) की प्रगति दर्ज की गई। शिक्षा ऋण योजना के तहत 8,850 आवेदकों को ₹202.82 करोड़ का ऋण वितरित किया गया।

बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति इस प्रकार रही—


पीएम स्वनिधि: लक्ष्य ₹ 40,005 करोड़ के सापेक्ष ₹ 42,861 करोड़ (107%)


ए.आई.एफ: 157 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष 432.52 करोड़ (77%)


पीएम अजय: ₹166 करोड़ के सापेक्ष 78 करोड़ (47%)


मुद्रा योजना: ₹4010 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष ₹1686 करोड़ (42%)


वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली वाहन योजना: 150 करोड़ के सापेक्ष 60 करोड़ (40%)


वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली गैर-वाहन योजना: 100 करोड़ के सापेक्ष 34 करोड़ (34%)


दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना: 245 करोड़ के सापेक्ष 61करोड़ा (25%)


एमएसएमई 2.0 योजना: 8000 करोड़ के सापेक्ष 1744 करोड़ (22%)

बैठक में अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, श्री हिमांशु खुराना, श्री अभिषेक रोहेला, श्री प्रकाश चंद्र, सुश्री झरना कमठान, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक श्री अरविंद कुमार, एजीएम श्री दीपक  मंमगाई, श्री पंकज यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 *125 बोर्ड परीक्षा केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं के साथ नकलविहीन व्यवस्था सुनिश्चित हो, डीएम पौड़ी स्वाति भदौरिया* 

पौड़ी :

संदीप सिंह रावत



आगामी 23 फरवरी से 18 मार्च तक उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जायेंगी जिसके मद्देनजर पौड़ी गढ़वाल जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने शुक्रवार को नकलविहीन, पारदर्शी एवं शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने हेतु राजकीय इण्टर कॉलेज पौड़ी में जनपद के शिक्षाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली।


कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा 2026 में इस बार 125 केंद्रों में 12,605 विद्यार्थी सम्मिलित होंगे।


 बैठक में परीक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी तैयारियों को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिये, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष एवं अनुकूल परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।


जिलाधिकारी ने सभी खण्ड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विकासखण्ड स्तर पर शीघ्र बैठक आयोजित कर परीक्षा संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने हेतु शिक्षा विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।


 परीक्षा केन्द्रों के आसपास अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही पर रोक, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित अभिरक्षा, सीसीटीवी की कार्यशीलता, सभी केन्द्रों पर निगरानी तथा उड़नदस्तों की सक्रियता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये गये। साथ ही उन्होंने परीक्षा ड्यूटी में लगे कार्मिकों को समय से तैनाती, प्रशिक्षण एवं उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित संकलन एवं मूल्यांकन केन्द्रों तक सुरक्षित प्रेषण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।


जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्यों को परीक्षार्थियों के हितों पर ध्यान केंद्रित करते हुए निर्देश दिए कि बोर्ड परीक्षाओं से पूर्व छात्रों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए जाएं। 


इन सत्रों में परीक्षा संबंधी दिशा- निर्देश, उत्तर पुस्तिका नामांकन की प्रक्रिया, समय प्रबंधन, निर्देश, परीक्षा केंद्र की आचार संहिता और तनाव प्रबंधन से संबंधित आवश्यक जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल को सकारात्मक एवं अभिनव वातावरण प्रदान करना भी विद्यालय प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।


मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेय सयाना को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी 125 परीक्षा केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाएं पेयजल, विद्युत, पर्याप्त फर्नीचर, स्वच्छ शौचालय, प्रकाश व्यवस्था तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्था पूर्व से सुनिश्चित कर ली जाए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुगम व्यवस्था, परीक्षा कक्षों में बैठने की समुचित योजना, प्रश्नपत्र वितरण की गोपनीयता तथा आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश भी दिये।


मुख्य शिक्षाधिकारी ने बताया कि 23 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक संचालित होने वाली इन बोर्ड परीक्षाओं के लिए जनपद में कुल 125 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। इनमें से 124 परीक्षा केन्द्रों पर कक्षा 10वीं एवं 12वीं दोनों की परीक्षाएं आयोजित होंगी, जबकि राजकीय इण्टर कॉलेज देवीखाल में केवल कक्षा 10वीं की परीक्षा आयोजित की जाएगी। जनपद में कुल 12,605 छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होंगे, जिनमें 6,185 छात्र हाईस्कूल तथा 6420 छात्र-छात्राएं इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रतिभाग करेंगे।


बैठक में प्रधानाचार्य जी.आई.सी. मोहन चंद्र घिल्डियाल, जिला खेल समन्वयक योगंबर नेगी, उप-निरीक्षक पुलिस विभाग मेहराजुद्दीन सहित जनपद के सभी खण्ड शिक्षाधिकारी तथा केंद्र व्यवस्थापक उपस्थित रहे।

 प्रदेश में लगातार बढ़ते जा रहे हैं आपराधिक मामलों की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों के तबादले जारी किए है


 मुख्यमंत्री ने पहले भी कानून-व्यवस्था की लगातार समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे और स्पष्ट किया था कि अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

transfer of police officers , uttarakhand


हाल की घटनाओं के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को समयबद्ध तरीके से गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपराध की रोकथाम के लिए केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पूर्व-निवारक रणनीति भी मजबूत की जाए।


इसी क्रम में पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तबादले किए गए हैं। यह कदम पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्रिय, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है। 


मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, अपराधियों में कानून का भय स्थापित करने तथा आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि आमजन बिना किसी भय के पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर जाएं और उन्हें त्वरित न्याय मिले।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति और अधिक मजबूत हो तथा अपराधियों के लिए कोई स्थान न बचे।


 देहरादून:





*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विज़न को गति, आवास एवं नगर विकास योजनाओं में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और समयबद्ध क्रियान्वयन पर सख्ती*


*ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति, पीएम आवास योजना, लैण्ड पूलिंग स्कीम और डिकंजेशन पॉलिसी पर व्यापक समीक्षा—सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार के स्पष्ट निर्देश*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में सुनियोजित शहरी विकास, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और तकनीक आधारित सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में आवास विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में सचिव, आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने आज उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण तथा उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।


*राजीव गांधी बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स का औचक निरीक्षण*

सचिव आवास ने डिस्पेन्सरी रोड स्थित राजीव गांधी बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स में संचालित उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण, उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद, नगर नियोजन विभाग तथा रेरा कार्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों की कार्यप्रणाली, जनसुविधाओं, लंबित प्रकरणों और सेवा वितरण प्रणाली का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।


*समीक्षा बैठक में समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर*

उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव आवास/मुख्य प्रशासक एवं आयुक्त के रूप में डॉ. आर. राजेश कुमार ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के विज़न के अनुरूप योजनाओं का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। विकास कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जानी चाहिए।


*‘ईज एप’ को और अधिक सरल व एकीकृत बनाने के निर्देश*

सचिव आवास ने ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली ‘ईज एप’ का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि इस एप को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों के साथ एकीकृत किया जाए ताकि पूरे राज्य में एक समान डिजिटल व्यवस्था लागू हो सके। उन्होंने नागरिकों की सुविधा के लिए चैटबॉट विकसित करने तथा एक सप्ताह के भीतर एप को और सरल एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के सुझावों सहित विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


*लैण्ड पूलिंग एवं टाउन प्लानिंग स्कीम को प्राथमिकता*

डॉ. आर. राजेश कुमार ने लैण्ड पूलिंग स्कीम एवं टाउन प्लानिंग स्कीम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ऐसे क्षेत्रों का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए जहां इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनियोजित शहरी विस्तार के लिए इन योजनाओं का प्रभावी संचालन अत्यंत आवश्यक है।


*प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा*

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए सचिव आवास ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लाभार्थियों को ऋण प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों के समाधान हेतु बैंकर्स के साथ शीघ्र बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना से वंचित न रहे।


*पार्किंग परियोजनाओं और डिकंजेशन पॉलिसी पर सख्ती*

सचिव आवास ने पार्किंग परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के संचालन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने डिकंजेशन एंड रिडेवलपमेंट पॉलिसी को शीघ्र तैयार कर प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने को कहा, ताकि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव और अव्यवस्थित निर्माण की समस्या का समाधान किया जा सके।


*जीआईएस आधारित महायोजनाओं पर जोर*

महायोजनाओं के निर्माण में अनिवार्य रूप से जीआईएस प्रणाली लागू करने तथा यूसेक के माध्यम से उसके सत्यापन के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से ही सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास संभव है।


*लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश*

डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने पारदर्शी, उत्तरदायी और समयबद्ध कार्यसंस्कृति अपनाने पर विशेष बल दिया।


*आलयम आवासीय योजना का स्थलीय निरीक्षण*

समीक्षा बैठक के उपरांत सचिव आवास ने सहस्त्रधारा रोड स्थित मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की आलयम आवासीय योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने तथा निर्माण गुणवत्ता एवं आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त मुख्य प्रशासक श्री दिनेश प्रताप सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक श्रीमती परवीन कौर, संयुक्त सचिव श्री गौरव कुमार चटवाल, वरिष्ठ नगर नियोजक श्रीमती शालू थिन्ड, अधीक्षण अभियन्ता श्री राजन सिंह, अधिशासी अभियन्ता श्री सुनील कुमार, प्रभारी अधिशासी अभियन्ता श्री विनोद कुमार चौहान, कार्यक्रम प्रबंधक श्री कैलाश चन्द्र पाण्डेय एवं पीएमयू के विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।


*योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेही- डॉ. आर. राजेश कुमार*

सचिव, आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को सुनियोजित, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल शहरी विकास का आदर्श मॉडल बनाने की दिशा में विभाग पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की अवधारणा केवल आधारभूत संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पारदर्शी प्रशासन, तकनीक आधारित सेवाएं और जनसुविधाओं का सुदृढ़ विस्तार भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। सभी विकास प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेही के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम, जीआईएस आधारित महायोजनाएं, ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति और आवासीय योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों को सरल एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। विभाग का लक्ष्य है कि शहरीकरण संतुलित, पर्यावरण-संवेदनशील और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

 आज का राशिफल 

दिनांक 13 फरवरी 2026

 दिन शुक्रवार

rashifal today 13 feb 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

स्वास्थ्य का ध्यान रखें। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। धर्नाजन होगा, जोखिम न लें। प्रयत्न एवं दूरदर्शिता से सहयोग एवं समर्थन मिलेगा। पारिवारिक सुख प्राप्त होगा। जोखिम के कार्यों में सावधानी रखें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

विवाद से क्लेश होगा। दु:खद समाचार मिल सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। वस्तुएं संभालकर रखें। सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। कहासुनी, बहस हो सकती है। विवाद समाप्त होने से शांति एवं संतोष मिलेगा। संतान के प्रति झुकाव बढ़ेगा।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। मनोरंजक यात्रा होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। उच्च और बौद्धिक वर्ग में विशेष सम्मान मिलने की संभावना है। भूमि संबंधी लेन-देन में रुचि बढ़ेगी। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

अतिथियों का आवागमन होगा। शुभ समाचार मिलेंगे। मान बढ़ेगा। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। व्यापारिक उन्नति होगी। अनायास किसी समस्या का समाधान हो सकता है। अपना व्यवहार संयमित रखकर काम करना जरूरी है।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

यात्रा मनोरंजक रहेगी। वरिष्‍ठ जन सहयोग करेंगे। भेंट व उपहार की प्रा‍प्ति होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। धनलाभ के अवसर आएँगे। जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता आएगी। अहम का भाव मन में न पनपने दें। पूंजी निवेश लाभकारी रहेगा।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

घर में अशांति रह सकती है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। तनाव रहेगा। जल्दबाजी न करें। नौकरी, व्यवसाय में इच्छित वातावरण तैयार होगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यों में सफलता की संभावना है।

तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

वाणी पर नियंत्रण रखें। जल्दबाजी न करें। बकाया वसूली होगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। धनार्जन होगा। आलस्य को त्यागकर प्रत्येक काम समय पर करें। व्यापार अच्छा चलेगा। परोपकारी स्वभाव होने के कारण दूसरों की मदद करके सुख अर्जित करेंगे।



वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। पिता का स्वास्थ्य संतोष देगा। आजीविका में प्रगति होगी। समय का दुरुपयोग न करें। अधिकारी कामकाज में सहयोग करेंगे। शत्रु भय रहेगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

देव दर्शन हो सकता है। सत्संग का लाभ मिलेगा। बाहरी सहयता मिलेगी। रुके कार्य बनेंगे। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। सोच-समझकर व्यय करें। पारिवारिक समस्याओं का हल सूझ-बूझ से करेंगे। व्यापार लाभप्रद रहेगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

कष्ट, भय, तनाव का माहौल बनेगा। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। शत्रु पक्ष से सतर्क रहें। आपके कार्यों की परिवार एवं समाज में प्रशंसा होगी। संतान की मदद से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यापार में नए अनुबंधों से लाभ होगा।

कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। शुभ समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। अपनी स्थिति, योग्यता के अनुरूप कार्य कर पाएँगे। अनसोचे काम होंगे। संपत्ति के लेन-देन में सावधानी रखें। व्यापार अच्छा चलेगा। कुसंगति से बचें। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

घर-परिवार की चिंता रहेगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बाहरी सहायता प्राप्त होगी। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। अनायास समस्या सुलझेगी। व्यापार-व्यवसाय में आशानुकूल स्थिति बनेगी। संत-समागम होगा


देहरादून,:




*पशुलोक में बहुमंजिला भवन सील, खेरिकला व रायवाला में अवैध प्लाटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई*

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत ऋषिकेश में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दिया। प्राधिकरण द्वारा यह अभियान क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने और अनधिकृत निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। एमडीडीए की टीम ने गली नंबर 10, निर्मल बाग, ब्लॉक-बी, पशुलोक, ऋषिकेश (देहरादून) में श्रवि द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया। बताया गया कि संबंधित निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था, जो प्राधिकरण की निर्माण संबंधी नियमावली का उल्लंघन है। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।


इसके अतिरिक्त, खेरिकला स्यामपुर, ऋषिकेश में सुनील रावत द्वारा लगभग 05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बनाई गई अवैध सड़कों एवं भू-खंडों के सीमांकन को हटाते हुए प्लाटिंग को निरस्त किया गया।


इसी क्रम में रायवाला, ऋषिकेश क्षेत्र में संदीप रावत द्वारा लगभग 06 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लाटिंग को ध्वस्त किया और संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।


*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि* प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के सुव्यवस्थित और नियोजित विकास के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। “एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों को जागरूक करना भी है, ताकि वे बिना मानचित्र स्वीकृति या विधिक अनुमति के किसी भी निर्माण कार्य में निवेश न करें,” उन्होंने कहा। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत जानकारी अवश्य प्राप्त करें।


*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि* अवैध निर्माण और प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से निगरानी की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। “हमारा लक्ष्य पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से नियोजित विकास को बढ़ावा देना है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी की जाएगी,” उन्होंने कहा।


एमडीडीए की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में बिना किसी पूर्व सूचना के सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिससे ऋषिकेश सहित समूचे प्राधिकरण क्षेत्र में सुव्यवस्थित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित किया जा सके।

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