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REAP परियोजना से मिली उड़ान, ‘हिलान्स’ ब्रांड का सरसों तेल बाजार में बना भरोसेमंद नाम*


*उत्कृष्ट गुणवत्ता के दम पर बाजार में मजबूत पहचान बना रही सरसों तेल यूनिट : सोनम गुप्ता*


*14 ग्राम संगठन, 120 समूह और 764 महिलाएं लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत*


देहरादून;

kalsi women changes destiny  by making mustard oil


देहरादून जनपद के कालसी विकासखंड स्थित हरीपुर गांव में महिलाओं की मेहनत, लगन और सामूहिक नेतृत्व ने ग्रामीण उद्यमिता का एक प्रेरणादायक मॉडल स्थापित किया है। विकास महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा संचालित कोल्ड एवं हॉट प्रेस्ड सरसों तेल यूनिट आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की सफल मिसाल बनकर उभरी है।


ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (ग्रामोत्थान) REAP के अंतर्गत सितंबर 2024 में स्थापित इस यूनिट ने न केवल महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर बाजार में अपनी अलग पहचान भी बनाई है।


*10 लाख की लागत से स्थापित हुई यूनिट*

विकास महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन ने REAP परियोजना के सहयोग से 10 लाख रुपये की लागत से सरसों तेल यूनिट स्थापित की। इसमें 6 लाख रुपये परियोजना सहायता, 3 लाख रुपये बैंक ऋण तथा 1 लाख रुपये महिलाओं के स्वयं के अंशदान से जुटाए गए।


आज यह यूनिट ग्रामीण महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत बन चुकी है। यहां लकड़ी की घानी से कोल्ड प्रेस्ड तथा मशीन के माध्यम से हॉट प्रेस्ड तकनीक से शुद्ध सरसों तेल का उत्पादन किया जा रहा है, जिसकी मांग कालसी और विकासनगर क्षेत्र के साथ-साथ देहरादून शहर तक पहुंच चुकी है।


*764 महिलाओं को मिला आर्थिक सशक्तिकरण का मंच*

विकास महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत 14 ग्राम संगठन, 120 स्वयं सहायता समूह और 764 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। यूनिट के संचालन, उत्पादन, पैकेजिंग और विपणन गतिविधियों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी है।


यूनिट से प्रतिमाह लगभग 70 हजार रुपये की आय अर्जित हो रही है, जबकि स्थापना से अब तक 24 से 25 लाख रुपये मूल्य का सरसों तेल बेचा जा चुका है। इसके अतिरिक्त यूनिट में चार से पांच महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार भी प्राप्त हुआ है।


*‘हिलान्स’ ब्रांड को बाजार में मिली पहचान*

महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहा सरसों तेल ‘हिलान्स’ ब्रांड के नाम से बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। उत्पाद की गुणवत्ता और शुद्धता के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।


इस सफलता का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि “हाउस ऑफ हिमालय” द्वारा यूनिट से 1700 लीटर सरसों तेल की खरीद की गई, जिससे महिलाओं को पांच लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई। वहीं, प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की को भी यहां से सरसों तेल की नियमित आपूर्ति की जा रही है।


वर्तमान में कोल्ड प्रेस्ड तेल 300 रुपये प्रति लीटर तथा हॉट प्रेस्ड तेल 240 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है।


*सरसों की खल भी बढ़ा रही आमदनी*

तेल उत्पादन के दौरान निकलने वाली सरसों की खल भी महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन गई है। फेडरेशन द्वारा इसे किसानों और पशुपालकों को 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है, जिससे आय के नए अवसर सृजित हुए हैं।


*ऑनलाइन मार्केटिंग से बढ़ा कारोबार*

फेडरेशन की सदस्य रीना चौहान बताती हैं कि समूह द्वारा तैयार सरसों तेल की बिक्री अब ऑनलाइन माध्यमों से भी की जा रही है। ‘हिलसम’ वेबसाइट के जरिए उपभोक्ताओं तक उत्पाद सीधे पहुंच रहा है। इसके अलावा विकास भवन, सरकारी कार्यक्रमों तथा विभिन्न सीएलएफ केंद्रों के माध्यम से भी उत्पादों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि यूनिट की जियो-मैपिंग की प्रक्रिया भी प्रगति पर है, जिससे भविष्य में उपभोक्ता सीधे यूनिट तक पहुंचकर उत्पाद खरीद सकेंगे।


*महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी यह पहल*

रीना चौहान का कहना है कि REAP परियोजना ने ग्रामीण महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और पहचान भी प्रदान की है। आज महिलाएं स्वयं उत्पादन से लेकर विपणन तक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।


*आत्मनिर्भर गांव की ओर मजबूत कदम*

जिला परियोजना प्रबंधक रीप, सोनम गुप्ता के अनुसार कालसी ब्लॉक में स्थापित यह सरसों तेल यूनिट ग्रामीण उद्यमिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को स्थानीय बाजार, हाउस ऑफ हिमालय, विकास भवन तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।


यह पहल मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखंड और महिला सशक्तिकरण के विजन को धरातल पर साकार करती दिखाई दे रही है। हरीपुर की महिलाओं ने साबित कर दिया है कि अवसर और संसाधन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा भी बन सकती हैं।


देहरादून;

Bricks disaster risk reduction meeting odisha


 प्राकृतिक आपदाओं और वर्षा जनित संकटों की दृष्टि से बेहद संवेदनशील उत्तराखंड ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। भारत की अध्यक्षता में ओडिशा के पुरी में 3 से 5 जून 2026 तक आयोजित *BRICS Disaster Risk Reduction (DRR)* working group की द्वितीय तकनीकी बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की मुक्त कंठ से सराहना की गई।


तीन दिवसीय इस अहम बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया सहित 11 ब्रिक्स सदस्य एवं साझेदार देशों के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण, मजबूत अवसंरचना, सामुदायिक आधारित पूर्व चेतावनी प्रणाली, पूर्वानुमान आधारित त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और आपदा प्रबंधन के लिए सतत वित्तीय व्यवस्थाओं पर अनुभवों का आदान-प्रदान करना था।


सम्मेलन में विभिन्न देशों ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अपने नवाचार और सफल मॉडल साझा किए। इसी क्रम में *उत्तराखंड की ओर से सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी (आईपीएस) और यूएलएमएमसी के निदेशक शांतनु सरकार* ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। दोनों अधिकारियों ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में विकसित आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता विकास, तकनीकी नवाचार और प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र पर विस्तृत प्रस्तुति दी।


प्रस्तुति के दौरान उत्तराखंड की भौगोलिक जटिलताओं, हिमालयी परिस्थितियों, भूस्खलन, अतिवृष्टि, ग्लेशियर झीलों, सड़क अवरोध और तीर्थयात्रा से जुड़े जोखिमों को विस्तार से रखा गया। साथ ही राज्य में विकसित बहु-एजेंसी समन्वय प्रणाली, पूर्व चेतावनी तंत्र और त्वरित राहत-बचाव व्यवस्था को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।


विशेष रूप से *सिल्क्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन और धराली आपदा* प्रबंधन कार्यों को उत्तराखंड के सफल आपदा प्रबंधन मॉडल के रूप में सामने रखा गया। सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधियों ने इन अभियानों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में धैर्य, तकनीक, प्रशासनिक समन्वय और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।


बैठक में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की पूर्व चेतावनी प्रणाली, जोखिम न्यूनीकरण उपायों और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की विशेष सराहना की गई। वहीं, उत्तराखंड एसडीआरएफ की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट आपदा प्रतिक्रिया मॉडल के रूप में रेखांकित किया गया।


सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने कहा, “ _मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आपदा प्रबंधन को लेकर संवेदनशील और सक्रिय दृष्टिकोण के कारण राज्य में जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता निर्माण और एजेंसियों के बीच समन्वय को लगातार मजबूत किया जा रहा है। वैज्ञानिक योजना, कुशल प्रशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया के जरिए आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।”_ 


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में आपदा प्रबंधन केवल राहत और बचाव तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए पूर्व तैयारी, स्थानीय समुदायों की भागीदारी, प्रशिक्षित बलों की उपलब्धता और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।


आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के निर्देशन में राज्य में संचालित गतिविधियों को भी प्रतिनिधियों के साथ साझा किया गया। यूएलएमएमसी निदेशक शांतनु सरकार ने कहा, “ _भू-स्थानिक तकनीक, रिमोट सेंसिंग, डेटा एनालिटिक्स और पूर्व चेतावनी तंत्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण को अधिक प्रभावी बना रहे हैं। भविष्य की आपदा चुनौतियों से निपटने में तकनीक आधारित समाधान निर्णायक भूमिका निभाएंगे।”_ 


सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियों में ब्रिक्स देशों के बीच आपदा जोखिम न्यूनीकरण में सहयोग को मजबूत करना, तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देना, सामुदायिक स्तर पर तैयारी को सुदृढ़ करने के लिए साझा रणनीतियां विकसित करना और वैश्विक आपदा प्रबंधन सहयोग को नई दिशा देना शामिल रहा।


 *BRICS Disaster Risk Reduction (DRR)* working group की बैठक में उत्तराखंड के मॉडल को मिली सराहना को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह *उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ* और अन्य एजेंसियों के सतत प्रयासों को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।


सिलीगुड़ी : 

Book "mein hindu hun", veer sawarkar north bangal



वीर सावरकर जयंती के पावन अवसर पर फिल्ममेकर एवं लेखक श्रेय राजदेव द्वारा लिखित पुस्तक “मैं हिंदू हूं: सफर स्वयंसेवक का” का विमोचन नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी परिसर, सिलीगुड़ी में किया गया।

इस अवसर पर अनेक गणमान्य अतिथि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने वीर सावरकर के विचारों एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से रत्नेश त्यागी, नरेंद्र प्रसाद, अमरेंद्र पांडेय, बिनायक सुंदास, नंद किशोर गोयल, अधिराज, अमित सहित कई प्रतिष्ठित अतिथि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पुस्तक विमोचन के दौरान श्रेय राजदेव ने कहा कि यह पुस्तक एक स्वयंसेवक की यात्रा, अनुभवों और वैचारिक समझ को दर्शाती है। पुस्तक में सांस्कृतिक पहचान, राष्ट्रवाद, सामाजिक एकता और भारतीय मूल्यों जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने युवाओं के बीच भारतीय संस्कृति एवं सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान साहित्य, राष्ट्र निर्माण तथा वीर सावरकर की विचारधारा पर चर्चा की गई। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए लेखक को शुभकामनाएं दीं और पुस्तक को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी का वातावरण देशभक्ति एवं सांस्कृतिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम का समापन अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के बीच संवाद, चर्चा एवं स्मृति चित्रों के साथ हुआ।

 उत्तराखंड की वीरभूमि अल्मोड़ा के वीर सपूत लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जी ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।



उनका अदम्य साहस, कर्तव्यपरायणता एवं राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। राष्ट्र उनकी वीरता, त्याग और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।


जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों की तलाश में चलाए जा रहे सेना के विशेष सर्च अभियान ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ के दौरान अल्मोड़ा के पांच असम रजिमेंट के युवा सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के बलिदान होने की दुखद सूचना से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।


मात्र 24 वर्ष की आयु में देश सेवा करते हुए उनका बलिदान क्षेत्र के लिए गर्व और पीड़ा दोनों का विषय बन गया है। राजौरी के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में चल रहे अभियान के दौरान लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी गहरी खाई में फिसल गए। गंभीर चोटों के कारण उन्होंने वीरगति प्राप्त की। 


रविवार की दोपहर तीन बजे बलिदानी का पार्थिव शरीर आर्मी हेलीपैड पहुंचा। जहां सैनिकों ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। इस दौरान कई लोग मौजूद थे जिन्होंने अपने क्षेत्र के वीर जवान को नमन किया और उनके वीरता के जयकारे लगाए।


कैप्टन बीरेश्वर गोस्वामी मूल रूप से बगवालीपोखर क्षेत्र के निवासी थे। उनका परिवार वर्तमान में पांडेखोला में निवास करता है। उनके पिता प्रमोद नाथ गोस्वामी भनोली तहसील में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी व माता सरस्वती देवी बल्सा, हवालबाग में शिक्षका के पद पर कार्यरत है।


बलिदानी का एक बड़ा भाई अमित गोस्वामी है जो सरकारी विभाग में कार्यरत है। कम उम्र में सेना में अधिकारी बनने वाले बीरेश्वर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और देशभक्ति के लिए जाने जाते थे।


सैन्य कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त विजय मनराल ने बताया कि बलिदानी बीरेश्वर गोस्वामी काे सैन्य सम्मान दिया गया है। 


 टिहरी गढ़वाल:





आज दिनांक 07 जून 2026 को प्रातः लगभग 08:30 बजे डीसीआर टिहरी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि तोताघाटी के समीप एक बस दुर्घटनाग्रस्त होकर सड़क पर पलट गई है। सूचना प्राप्त होते ही निरीक्षक कवीन्द्र सजवान के नेतृत्व में SDRF पोस्ट ढालवाला एवं ब्यासी की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।


घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि बद्रीनाथ से ऋषिकेश की ओर आ रही चारधाम यात्रा बस संख्या UK04 PA 0418 सड़क पर ही पलट गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के ब्रेक फेल होने के कारण यह दुर्घटना हुई। बस में कुल 39 यात्री सवार थे।


दुर्घटना में 03 से 04 यात्रियों को सामान्य चोटें आईं, जिन्हें 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से उपचार हेतु ऋषिकेश अस्पताल भेजा गया। शेष सभी यात्री सुरक्षित हैं।


SDRF टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया तथा स्थानीय प्रशासन एवं अन्य आपातकालीन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता प्रदान की गई।

 आज का राशिफल

दिनाँक-07 जून 2026,

दिन रविवार

Rashifal


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। स्वाभिमान को ठेस लग सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक काम करने की इच्छा रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। सुख के साधन प्राप्त होंगे। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

मानसिक शांति रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। समय अनुकूल है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। शारीरिक कष्ट संभव है। धार्मिक अनुष्ठान पूजा-पाठ इत्यादि का कार्यक्रम आयोजित हो सकता है। कोर्ट-कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

आज कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यापार अच्‍छा चलेगा। नौकरी में मातहतों से कहासुनी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। कुसगंति से बचें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। किसी दूसरे व्यक्ति की बातों में न आएं।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। परिवार में मांगलिक कार्य हो सकता है। शरीर में कमर व घुटने आदि के दर्द से परेशानी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ रहेगा। शेयर मार्केट से लाभ होगा। शत्रु पस्त होंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति पर व्यय होगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

किसी वरिष्ठ प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार से लाभ होगा। किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कष्ट व भय सताएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। भागदौड़ अधिक रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। राजभय रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। यात्रा में जल्दबाजी न करें। निवेश सोच-समझकर करें।

मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

आज नौकरी में आपकी प्रशंसा होगी। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। चोट व रोग से बचें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। व्यापार ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा।

राशि फलादेश


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

दूर से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। यश बढ़ेगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। किसी बड़ी समस्या से मुक्ति मिल सकती है। किसी न्यायपूर्ण बात का भी विरोध हो सकता है। कुबुद्धि हावी रहेगी। चोट व रोग से बचें। विवाद न करें

application for padam awards 2027


देहरादून;


qq322अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के. के. मिश्रा ने अवगत कराया कि आगामी गणतंत्र दिवस 26 जनवरी, 2027 के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों—पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री—के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अपर सचिव, मंत्रिपरिषद अनुभाग, उत्तराखण्ड शासन के अर्द्धशासकीय पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन एवं संस्तुतियां ऑनलाइन आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्थाएं गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।

पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश भारत सरकार के अर्द्धशासकीय पत्र संख्या 1/7/2026-Public, 12 मार्च, 2026 में निर्धारित किए गए हैं। नामांकन के साथ संबंधित व्यक्ति का नाम, पूर्ण विवरण, व्यक्तित्व एवं कृतित्व, उपलब्धियां, सेवाएं तथा अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। इसके अतिरिक्त अंग्रेजी भाषा में अधिकतम 800 शब्दों का दो पृष्ठीय साइटेशन भी संलग्न किया जाना आवश्यक है।

प्राप्त प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद विभाग की ई-मेल secy-gopan-ua@nic.in पर केवल Microsoft Office Word Format में प्रेषित किया जाना है। शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 12 जून, 2026 निर्धारित की गई है।


अपर जिला अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जनपद स्तर पर आवेदन एवं संस्तुतियां 10 जून, 2026 तक ही जिला कार्यालय, देहरादून में स्वीकार की जाएंगी। उन्होंने पात्र व्यक्तियों, संस्थाओं एवं नागरिकों से समयावधि के भीतर अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अपील की है।

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