Halloween party ideas 2015

   

हर वर्ष भारतवर्ष में दिवाली का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. प्रतिवर्ष यह कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है. रावण से दस दिन के युद्ध के बाद श्रीराम जी जब अयोध्या वापिस आते हैं तब उस दिन कार्तिक माह की अमावस्या थी, उस दिन घर-घर में दिए जलाए गए थे तब से इस त्योहार को दीवाली के रुप में मनाया जाने लगा और समय के साथ और भी बहुत सी बातें इस त्यौहार के साथ जुड़ती चली गई।


“ब्रह्मपुराण” के अनुसार आधी रात तक रहने वाली अमावस्या तिथि ही महालक्ष्मी पूजन के लिए श्रेष्ठ होती है. यदि अमावस्या आधी रात तक नहीं होती है तब प्रदोष व्यापिनी तिथि लेनी चाहिए. लक्ष्मी पूजा व दीप दानादि के लिए प्रदोषकाल ही विशेष शुभ माने गए हैं।


दीपावली पूजा विधि--

छोटी दीपावली (नरक चतुर्दशी)

7/11/2026

दीपावली (लक्ष्मी पूजन)

8/11/2026

 अन्नकूट (गोवर्धन पूजा)

9/11/2026

भाई दूज (यम द्वितीया)

11/11/2026



दीपावली पूजन के लिए पूजा स्थल एक  दिन पहले से सजाना चाहिए पूजन सामग्री भी दिपावली की पूजा शुरू करने से पहले ही एकत्रित कर लें। इसमें अगर माँ के पसंद को ध्यान में रख कर पूजा की जाए तो शुभत्व की वृद्धि होती है। माँ के पसंदीदा रंग लाल, व् गुलाबी है। इसके बाद फूलों की बात करें तो कमल और गुलाब मां लक्ष्मी के प्रिय फूल हैं। पूजा में फलों का भी खास महत्व होता है। फलों में उन्हें श्रीफल, सीताफल, बेर, अनार व सिंघाड़े पसंद आते हैं। आप इनमें से कोई भी फल पूजा के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। अनाज रखना हो तो चावल रखें वहीं मिठाई में मां लक्ष्मी की पसंद शुद्ध केसर से बनी मिठाई या हलवा, शीरा और नैवेद्य है।

माता के स्थान को सुगंधित करने के लिए केवड़ा, गुलाब और चंदन के इत्र का इस्तेमाल करें।


दीये के लिए आप गाय के घी, मूंगफली या तिल्ली के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह मां लक्ष्मी को शीघ्र प्रसन्न करते हैं। पूजा के लिए अहम दूसरी चीजों में गन्ना, कमल गट्टा, खड़ी हल्दी, बिल्वपत्र, पंचामृत, गंगाजल, ऊन का आसन, रत्न आभूषण, गाय का गोबर, सिंदूर, भोजपत्र शामिल हैं।


चौकी सजाना

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(1) लक्ष्मी, (2) गणेश, (3-4) मिट्टी के दो बड़े दीपक, (5) कलश, जिस पर नारियल रखें, वरुण (6) नवग्रह, (7) षोडशमातृकाएं, (8) कोई प्रतीक, (9) बहीखाता, (10) कलम और दवात, (11) नकदी की संदूक, (12) थालियां, 1, 2, 3, (13) जल का पात्र


सबसे पहले चौकी पर लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां इस प्रकार रखें कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम में रहे। लक्ष्मीजी, गणेशजी की दाहिनी ओर रहें। पूजा करने वाले मूर्तियों के सामने की तरफ बैठे। कलश को लक्ष्मीजी के पास चावलों पर रखें। नारियल को लाल वस्त्र में इस प्रकार लपेटें कि नारियल का अग्रभाग दिखाई देता रहे व इसे कलश पर रखें। यह कलश वरुण का प्रतीक है। दो बड़े दीपक रखें। एक में घी भरें व दूसरे में तेल। एक दीपक चौकी के दाईं ओर रखें व दूसरा मूर्तियों के चरणों में। इसके अलावा एक दीपक गणेशजी के पास रखें।


मूर्तियों वाली चौकी के सामने छोटी चौकी रखकर उस पर लाल वस्त्र बिछाएं। कलश की ओर एक मुट्ठी चावल से लाल वस्त्र पर नवग्रह की प्रतीक नौ ढेरियां बनाएं। गणेशजी की ओर चावल की सोलह ढेरियां बनाएं। ये सोलह मातृका की प्रतीक हैं। नवग्रह व षोडश मातृका के बीच स्वस्तिक का चिह्न बनाएं।


इसके बीच में सुपारी रखें व चारों कोनों पर चावल की ढेरी। सबसे ऊपर बीचों बीच ॐ लिखें। छोटी चौकी के सामने तीन थाली व जल भरकर कलश रखें। थालियों की निम्नानुसार व्यवस्था करें- 1. ग्यारह दीपक, 2. खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप, सिन्दूर, कुंकुम, सुपारी, पान, 3. फूल, दुर्वा, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी-चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक।


इन थालियों के सामने पूजा करने वाला बैठे। आपके परिवार के सदस्य आपकी बाईं ओर बैठें। कोई आगंतुक हो तो वह आपके या आपके परिवार के सदस्यों के पीछे बैठे।


हर साल दिवाली पूजन में नया सिक्का ले और पुराने सिक्को के साथ इख्ठा रख कर दीपावली पर पूजन करे और पूजन के बाद सभी सिक्को को तिजोरी में रख दे।


पूजा की संक्षिप्त विधि स्वयं करने के लिए

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पवित्रीकरण 

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हाथ में पूजा के जलपात्र से थोड़ा सा जल ले लें और अब उसे मूर्तियों के ऊपर छिड़कें। साथ में नीचे दिया गया पवित्रीकरण मंत्र पढ़ें। इस मंत्र और पानी को छिड़ककर आप अपने आपको पूजा की सामग्री को और अपने आसन को भी पवित्र कर लें।


शरीर एवं पूजा सामग्री पवित्रीकरण मन्त्र-:

ॐ पवित्रः अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा।


यः स्मरेत्‌ पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचिः॥


पृथ्वी पवित्रीकरण विनियोग-:

पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग षिः सुतलं छन्दः


कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥


अब पृथ्वी पर जिस जगह आपने आसन बिछाया है, उस जगह को पवित्र कर लें और मां पृथ्वी को प्रणाम करके मंत्र बोलें-


पृथ्वी पवित्रीकरण मन्त्र-:

ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता।

त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्‌॥

पृथिव्यै नमः आधारशक्तये नमः


अब आचमन करें

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पुष्प, चम्मच या अंजुलि से एक बूंद पानी अपने मुंह में छोड़िए और बोलिए-


ॐ केशवाय नमः


और फिर एक बूंद पानी अपने मुंह में छोड़िए और बोलिए-


ॐ नारायणाय नमः


फिर एक तीसरी बूंद पानी की मुंह में छोड़िए और बोलिए-


ॐ वासुदेवाय नमः


इसके बाद संभव हो तो किसी किसी ब्राह्मण द्वारा विधि विधान से पूजन करवाना अति लाभदायक रहेगा। ऐसा संभव ना हो तो सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन कर गणेश जी का ध्यान कर अक्षत पुष्प अर्पित करने के पश्चात दीपक का गंधाक्षत से तिलक कर निम्न मंत्र से पुष्प अर्पण करें।


शुभम करोति कल्याणम, 

अरोग्यम धन संपदा, 

शत्रु-बुद्धि विनाशायः, 

दीपःज्योति नमोस्तुते ! 


पूजन हेतु संकल्प 

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इसके बाद बारी आती है संकल्प की। जिसके लिए पुष्प, फल, सुपारी, पान, चांदी का सिक्का, नारियल (पानी वाला), मिठाई, मेवा, आदि सभी सामग्री थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेकर संकल्प मंत्र बोलें- ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णु:, ॐ तत्सदद्य श्री पुराणपुरुषोत्तमस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणोऽह्नि द्वितीय पराद्र्धे श्री श्वेतवाराहकल्पे सप्तमे वैवस्वतमन्वन्तरे, अष्टाविंशतितमे कलियुगे, कलिप्रथम चरणे जम्बुद्वीपे भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर्गत ब्रह्मवर्तैकदेशे पुण्य (अपने नगर/गांव का नाम लें) क्षेत्रे बौद्धावतारे वीर विक्रमादित्यनृपते : 2078, तमेऽब्दे शुभ __ संवत्सरे दक्षिणायने/उत्तरायणे हेमंत ऋतो महामंगल्यप्रदे मासानां मासोत्तमे कार्तिक मासे कृष्ण पक्षे अमावस तिथौ (जो वार हो) शनि वासरे स्वाति नक्षत्रे आयुष्मान योग चतुष्पाद करणादिसत्सुशुभे योग (गोत्र का नाम लें) गोत्रोत्पन्नोऽहं अमुकनामा (अपना नाम लें) सकलपापक्षयपूर्वकं सर्वारिष्ट शांतिनिमित्तं सर्वमंगलकामनया– श्रुतिस्मृत्यो- क्तफलप्राप्तर्थं— निमित्त महागणपति नवग्रहप्रणव सहितं कुलदेवतानां पूजनसहितं स्थिर लक्ष्मी महालक्ष्मी देवी पूजन निमित्तं एतत्सर्वं शुभ-पूजोपचारविधि सम्पादयिष्ये।


गणेश पूजन-:

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किसी भी पूजन की शुरुआत में सर्वप्रथम श्री गणेश को पूजा जाता है। इसलिए सबसे पहले श्री गणेश जी की पूजा करें। 

इसके लिए हाथ में पुष्प लेकर गणेश जी का ध्यान करें। मंत्र पढ़े – गजाननम्भूतगणादिसेवितं 

कपित्थ जम्बू फलचारुभक्षणम्। 

उमासुतं शोक विनाशकारकं 

नमामि विघ्नेश्वरपादपंकजम्।


गणपति आवाहन:-

 ॐ गं गणपतये इहागच्छ इह तिष्ठ।। इतना कहने के बाद पात्र में अक्षत छोड़ दे।


इसके पश्चात गणेश जी को पंचामृत से स्नान करवाये पंचामृत स्नान के बाद शुद्ध जल से स्नान कराए अर्घा में जल लेकर बोलें- एतानि पाद्याद्याचमनीय-स्नानीयं, पुनराचमनीयम् ऊं गं गणपतये नम:। 


रक्त चंदन लगाएं:-

 इदम रक्त चंदनम् लेपनम् ऊं गं गणपतये नम:, इसी प्रकार श्रीखंड चंदन बोलकर श्रीखंड चंदन लगाएं। इसके पश्चात सिन्दूर चढ़ाएं “इदं सिन्दूराभरणं लेपनम् ऊं गं गणपतये नम:। दूर्वा और विल्बपत्र भी गणेश जी को अर्पित करें। उन्हें वस्त्र पहनाएं और कहें – इदं रक्त वस्त्रं ॐ गं गणपतये नमः समर्पयामि।


पूजन के बाद श्री गणेश को प्रसाद अर्पित करें और बोले – इदं नानाविधि नैवेद्यानि ऊं गं गणपतये समर्पयामि:। मिष्ठान अर्पित करने के लिए मंत्र: इदं शर्करा घृत युक्त नैवेद्यं ऊं गं गणपतये समर्पयामि:। प्रसाद अर्पित करने के बाद आचमन करायें। इदं आचमनयं ऊं गं गणपतये नम:। इसके बाद पान सुपारी चढ़ायें: इदं ताम्बूल पुगीफल समायुक्तं ऊं गं गणपतये समर्पयामि:। अब एक फूल लेकर गणपति पर चढ़ाएं और बोलें: एष: पुष्पान्जलि ऊं गं गणपतये नम:


इसी प्रकार अन्य देवताओं का भी पूजन करें बस जिस देवता की पूजा करनी हो गणेश जी के स्थान पर उस देवता का नाम लें।


कलश पूजन-:

 इसके लिए लोटे या घड़े पर मोली बांधकर कलश के ऊपर आम के पत्ते रखें। कलश के अंदर सुपारी, दूर्वा, अक्षत व् मुद्रा रखें। कलश के गले में मोली लपेटे। नारियल पर वस्त्र लपेट कर कलश पर रखें। अब हाथ में अक्षत और पुष्प लेकर वरुण देव का कलश में आह्वान करें। ओ३म् त्तत्वायामि ब्रह्मणा वन्दमानस्तदाशास्ते यजमानो हविभि:। अहेडमानो वरुणेह बोध्युरुशंस मान आयु: प्रमोषी:। (अस्मिन कलशे वरुणं सांगं सपरिवारं सायुध सशक्तिकमावाहयामि, ओ३म्भूर्भुव: स्व:भो वरुण इहागच्छ इहतिष्ठ। स्थापयामि पूजयामि॥)


इसके बाद इस प्रकार श्री गणेश जी की पूजन की है उसी प्रकार वरुण देव की भी पूजा करें। इसके बाद इंद्र और फिर कुबेर जी की पूजा करें। एवं वस्त्र सुगंध अर्पण कर भोग लगाये इसके बाद इसी प्रकार क्रम से कलश का पूजन कर लक्ष्मी पूजन आरम्भ करे 


लक्ष्मी पूजन

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सर्वप्रथम निम्न मंत्र कहते हुए माँ लक्ष्मी का ध्यान करें।


ॐ या सा पद्मासनस्था, 

विपुल-कटि-तटी, पद्म-दलायताक्षी।

गम्भीरावर्त-नाभिः, 

स्तन-भर-नमिता, शुभ्र-वस्त्रोत्तरीया।।

लक्ष्मी दिव्यैर्गजेन्द्रैः। मणि-गज-खचितैः, स्नापिता हेम-कुम्भैः।

नित्यं सा पद्म-हस्ता, मम वसतु गृहे, सर्व-मांगल्य-युक्ता।।


अब माँ लक्ष्मी की प्रतिष्ठा करें-:

 हाथ में अक्षत लेकर मंत्र कहें – “ॐ भूर्भुवः स्वः महालक्ष्मी, इहागच्छ इह तिष्ठ, एतानि पाद्याद्याचमनीय-स्नानीयं, पुनराचमनीयम्।”


प्रतिष्ठा के बाद स्नान कराएं और मंत्र बोलें – ॐ मन्दाकिन्या समानीतैः, हेमाम्भोरुह-वासितैः स्नानं कुरुष्व देवेशि, सलिलं च सुगन्धिभिः।। ॐ लक्ष्म्यै नमः।। इदं रक्त चंदनम् लेपनम् से रक्त चंदन लगाएं। इदं सिन्दूराभरणं से सिन्दूर लगाएं। ‘ॐ मन्दार-पारिजाताद्यैः, अनेकैः कुसुमैः शुभैः। पूजयामि शिवे, भक्तया, कमलायै नमो नमः।। ॐ लक्ष्म्यै नमः, पुष्पाणि समर्पयामि।’इस मंत्र से पुष्प चढ़ाएं फिर माला पहनाएं। अब लक्ष्मी देवी को इदं रक्त वस्त्र समर्पयामि कहकर लाल वस्त्र पहनाएं। इसके बाद मा लक्ष्मी के क्रम से अंगों की पूजा करें।


माँ लक्ष्मी की अंग पूजा

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बाएं हाथ में अक्षत लेकर दाएं हाथ से थोड़े थोड़े छोड़ते जाए और मंत्र कहें 


ॐ चपलायै नम: पादौ पूजयामि ॐ चंचलायै नम: जनुद्वयं पूजयामि, 

ॐ कमलायै नम: कटिं पूजयामि, 

ॐ कात्यायिन्यै नम: नाभिं पूजयामि, 

ॐ जगन्मात्रे नम: जठरं पूजयामि, 

ॐ विश्ववल्लभायै नम: वक्षस्थलं पूजयामि, 

ॐ कमलवासिन्यै नम: हस्तौ पूजयामि, 

ॐ कमल पत्राक्ष्यै नम: नेत्रत्रयं पूजयामि, 

ॐ श्रियै नम: शिर: पूजयामि।


अष्टसिद्धि पूजा

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अंग पूजन की ही तरह हाथ में अक्षत लेकरचढ़ाते रहें और मंत्रोच्चारण करते रहे। 

ॐ अणिम्ने नम:, 

ॐ महिम्ने नम:, 

ॐ गरिम्णे नम:,

ॐ लघिम्ने नम:, 

ॐ प्राप्त्यै नम: 

ॐ प्राकाम्यै नम:, 

ॐ ईशितायै नम: 

ॐ वशितायै नम:।


अष्टलक्ष्मी पूजन 

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अंग पूजन एवं अष्टसिद्धि पूजा की ही तरह हाथ में अक्षत लेकर चढ़ाते जाये एवं मंत्रोच्चारण करें। 

ॐ आद्य लक्ष्म्यै नम:,

ॐ विद्यालक्ष्म्यै नम:,

ॐ सौभाग्य लक्ष्म्यै नम:, 

ॐ अमृत लक्ष्म्यै नम:,

ॐ लक्ष्म्यै नम:, 

ॐ सत्य लक्ष्म्यै नम:, 

ॐ भोगलक्ष्म्यै नम:, 

ॐ योग लक्ष्म्यै नम:


नैवैद्य अर्पण

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पूजन के बाद देवी को “इदं नानाविधि नैवेद्यानि ॐ महालक्ष्मियै समर्पयामि” मंत्र से नैवैद्य अर्पित करें। मिष्टान अर्पित करने के लिए मंत्र: “इदं शर्करा घृत समायुक्तं नैवेद्यं ॐ महालक्ष्मियै समर्पयामि” बालें। प्रसाद अर्पित करने के बाद आचमन करायें। इदं आचमनयं ॐ महालक्ष्मियै नम:। इसके बाद पान सुपारी चढ़ायें: इदं ताम्बूल पुगीफल समायुक्तं ॐ महालक्ष्मियै समर्पयामि। अब एक फूल लेकर लक्ष्मी देवी पर चढ़ाएं और बोलें: एष: पुष्पान्जलि ॐ महालक्ष्मियै नम:।


माँ को यथा सामर्थ वस्त्र, आभूषण, नैवेद्य अर्पण कर दक्षिणा चढ़ाए दूध, दही, शहद, देसी घी और गंगाजल मिलकर चरणामृत बनाये और गणेश लक्ष्मी जी के सामने रख दे। इसके बाद 5 तरह के फल, मिठाई खील-पताशे, चीनी के खिलोने लक्ष्मी माता और गणेश जी को चढ़ाये और प्राथना करे की वो हमेशा हमारे घरो में विराजमान रहे। इनके बाद एक थाली में विषम संख्या में दीपक 11,21 अथवा यथा सामर्थ दीप रख कर इनको भी कुंकुम अक्षत से पूजन करे इसके बाद माँ को श्री सूक्त अथवा ललिता सहस्त्रनाम का पाठ सुनाये पाठ के बाद माँ से क्षमा याचना कर माँ लक्ष्मी जी की आरती कर बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने के बाद थाली के दीपो को घर में सब जगह रखे। लक्ष्मी-गणेश जी का पूजन करने के बाद, सभी को जो पूजा में शामिल हो, उन्हें खील, पताशे, चावल दे।

सब फिर मिल कर प्राथना करे की माँ लक्ष्मी हमने भोले भाव से आपका पूजन किया है ! उसे स्वीकार करे और गणेशा, माँ सरस्वती और सभी देवताओं सहित हमारे घरो में निवास करे। प्रार्थना करने के बाद जो सामान अपने हाथ में लिया था वो मिटटी के लक्ष्मी गणेश, हटड़ी और जो लक्ष्मी गणेश जी की फोटो लगायी थी उस पर चढ़ा दे।

लक्ष्मी पूजन के बाद आप अपनी तिजोरी की पूजा भी करे रोली को देसी घी में घोल कर स्वस्तिक बनाये और धुप दीप दिखा करे मिठाई का भोग लगाए।



दीपावली पूजन मुहूर्त

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दीपावली पूजन के लिये चार विशेष मुहूर्त होते है।


1 वृश्चिक लग्न-:

 यह लग्न दीपावली के सुबह आती है वृश्चिक लग्न में मंदिर, स्कूल, हॉस्पिटल, कॉलेज आदि में पूजा होती है। राजनीति से जुड़े लोग एवं कलाकार आदि इसी लग्न में पूजा करते हैं।


2कुंभ लग्न-:

 यह दीपावली की दोपहर का लग्न होता है। इस लग्न में प्राय बीमार लोग अथवा जिन्हें व्यापार में काफी हानि हो रही है, जिनकी शनि की खराब महादशा चल रही हो उन्हें इस लग्न में पूजा करना शुभ रहता है।


3 वृषभ लग्न-:

 यह लग्न दीपावली की शाम को बढ़ाएं मिल ही जाता है तथा इस लग्न में गृहस्थ एवं व्यापारीयो को पूजा करना सबसे उत्तम माना गया है।


4 सिंह लग्न-:

 यह लग्न दीपावली की मध्यरात्रि के आस पास पड़ता है तथा इस लग्न में तांत्रिक, सन्यासी आदि पूजा करना शुभ मानते है


दीपावली के दिन प्रातःकालीन पूजा में जोड़े, हनुमान जी की जोत: घरों में मंगलनस्वस्तिक चिन्ह बनाकर करें पूजा

_*🛕🙏        !! श्रीहनुमान-जयन्ती !!       🙏

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_*🕉️बुद्धिर् बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वं अरोगता। 🕉️*_

_*अजाड्यं वाक्पटुत्वं च हनुमत्स्मरणात् भवेत्।।*_ ------------------------------------------------------------------

_*श्रीहनुमान जी का स्मरण करने से मनुष्य को बुद्धि, बल, यश, धैर्य, निर्भयता, अच्छा स्वास्थ्य, स्फुर्ती और वाणी की चतुराई (वाक्पटुता) प्राप्त होती है। भक्ति-शक्ति और समर्पण के महापर्व श्रीहनुमान-जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएं।*_

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_*अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम्। दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।। सकलगुणनिधानं वानराणा मधीशम्। रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥*_ 

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_*जिनका शरीर स्वर्ण-सुमेरु के समान कांतिमान है, जो अतुलनीय बल के धाम हैं, राक्षसों के समूह को नष्ट करने के लिए अग्नि के समान हैं, ज्ञानियों में श्रेष्ठ हैं, सभी गुणों के भंडार हैं, वानरों के स्वामी और श्रीरामजी के प्रिय भक्त हैं, उन पवनपुत्र हनुमान जी को हमसब  नमस्कार करते हैं।*_ 

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_*श्रीहनुमानजी की भक्ति में वो शक्ति है जहाँ काल को भी झुकना पड़ता है। हर असम्भव सम्भव हो जाता है:-संक कटै मिटै सब पीरा। नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।।*_

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_*हनुमान तुम बिन राम हैं अधूरे, करते तुम भक्तों के सपने पूरे। जो लेता है नाम हनुमान का, उसके जीवन में दुःख नहीं रहता।*_

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_*अटूट-भक्ति, अपार-बल और निस्वार्थ-सेवा के प्रतीक संकटमोचन श्रीहनुमान जी हम सभी को धैर्य, विवेक, साहस, प्राक्रम, समर्पण और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देते हैं।*_

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_*जब हनुमान जी पर भरोसा बढ़ता है, तो सारे डर खुद-ब-खुद खत्म हो जाते हैं।:-संकट कटे मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।*


 मुख्यमंत्री ने वीर जवानों को अपने हाथों से खिलाई मिठाई, उनके साथ बाँटी दीपावली की खुशियाँ*


*जवानों के बीच पहुँचकर मुख्यमंत्री ने साझा कीं सैनिक परिवार से जुड़ी स्मृतियाँ*

*हमारे घरों में जलने वाले दीपों के पीछे सैनिकों का त्याग और उनके परिवारों का समर्पण : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गढ़वाल ग्रीन्स प्रशिक्षण मैदान, गढ़ीकैंट, देहरादून में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम में वीर जवानों के साथ दीपावली की खुशियाँ साझा कीं।


 मुख्यमंत्री ने जवानों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई और उन्हें दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों के साथ आत्मीयता से संवाद किया तथा देश की रक्षा में उनके साहस, शौर्य और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट के

CM Dhqmi celebrated diwali with jawan

वीर जवानों के बीच आकर उन्हें अपने परिवार के साथ दीपावली मनाने जैसी अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी अपनों के बीच होती है और सैनिक उनके लिए परिवार का ही हिस्सा हैं। पर्व के अवसर पर अपने घर-परिवार से दूर रहकर देश की रक्षा करना कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। जब देशवासी अपने परिवारों के साथ दीपावली मनाते हैं, तब हमारे वीर जवान सीमाओं पर मुस्तैद रहकर उनकी खुशियों और सुरक्षा का दायित्व निभाते हैं। हमारे घरों में जलने वाले दीपों के पीछे सैनिकों का त्याग और उनके परिवारों का समर्पण भी है।


मुख्यमंत्री ने अपने सैनिक परिवार से जुड़ी स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि उनका जन्म एक सैनिक परिवार में हुआ है। उनके पिता ने सेना में रहते हुए देशसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के जो संस्कार दिए, वे आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी पूँजी हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता अक्सर गढ़वाल रेजीमेंट के वीर सैनिकों की शौर्यगाथाएँ सुनाया करते थे। विशेष रूप से महावीर चक्र से सम्मानित अमर शहीद जसवंत सिंह रावत के अदम्य साहस और बलिदान का उल्लेख करते थे। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध में नूरानांग मोर्चे पर उनका पराक्रम भारतीय सैन्य इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। आज उसी गौरवशाली रेजीमेंट के जवानों के बीच उपस्थित होकर उन्हें अपने पिता की बातें याद आ रही हैं। यह उनके लिए गर्व के साथ भावुक कर देने वाला अवसर भी है।


मुख्यमंत्री ने अमर शहीद जसवंत सिंह रावत सहित मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर सैनिकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट का इतिहास अदम्य साहस, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की गौरवगाथा है। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर स्वतंत्रता के बाद विभिन्न युद्धों एवं सैन्य अभियानों तक रेजीमेंट के जवानों ने अपनी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। उत्तराखण्ड की वीरभूमि ने सदैव ऐसे सपूतों को जन्म दिया है, जिनके लिए राष्ट्र प्रथम और कर्तव्य सर्वोपरि रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सैन्य शक्ति और सामरिक क्षमता निरंतर सुदृढ़ हो रही है। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, सेनाओं के आधुनिकीकरण तथा स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, पुल, सुरंग और आधुनिक संचार सुविधाओं के विस्तार से सैन्य आवागमन एवं संचार व्यवस्था भी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सशक्त और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान एवं कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में सेवायोजित करने की व्यवस्था के तहत अनेक आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। इसके लिए आवेदन की समय-सीमा भी दो वर्ष से बढ़ाकर पाँच वर्ष की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में निर्माणाधीन सैन्यधाम का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। यह सैन्यधाम देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान का प्रतीक बनेगा। राज्य सरकार सैनिक परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने तथा उनकी समस्याओं के संवेदनशीलता से समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक केवल देश की सीमाओं के प्रहरी नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के सुरक्षित जीवन और खुशियों के रक्षक भी हैं। सैनिकों के साहस, शौर्य और समर्पण के प्रति पूरा देश कृतज्ञ है। मुख्यमंत्री ने वीर जवानों के साथ उनके परिवारों को भी नमन करते हुए सभी के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।


इस अवसर पर गढ़वाल मंडल आयुक्त श्री आनन्द स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र श्री राजीव स्वरूप, उत्तराखण्ड सब एरिया के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर आर.एस. थापा, कर्नल प्रतुल थपलियाल, लेफ्टिनेंट कर्नल रवि मोहन बिष्ट, लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित जोशी, लेफ्टिनेंट कर्नल एस.एस. सिद्दीकी, मेजर के.डी. सिंह एवं सूबेदार मेजर रघुवीर सिंह भण्डारी सहित सैन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री ने तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की*


*सम्मेलन का आयोजन भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश*


*13 नवम्बर को दून विश्वविद्यालय में आयोजित होगा तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में 13 नवम्बर को दून विश्वविद्यालय, देहरादून में आयोजित होने वाले तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन का आयोजन भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी उत्तराखण्डी देश और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और उपलब्धियों से प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। राज्य के विकास में उनके अनुभव, विशेषज्ञता और सुझावों का लाभ लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन प्रवासी उत्तराखण्डियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ ही प्रदेश के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन में प्रवासी उत्तराखण्डियों के साथ सार्थक संवाद की व्यवस्था की जाए। उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जाए तथा राज्य के विकास में उनके योगदान की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य में निवेश, स्वरोजगार, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत की प्रभावी झलक दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने आयोजन स्थल पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा, यातायात एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और प्रत्येक व्यवस्था के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजन में किसी भी स्तर पर अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। सभी तैयारियों की नियमित समीक्षा कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाए।


बैठक में जानकारी दी गई कि तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन का आयोजन 13 नवम्बर को दून विश्वविद्यालय के डॉ. नित्यानन्द ऑडिटोरियम में किया जाएगा। सम्मेलन में विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रवासी उत्तराखण्डियों की भूमिका एवं उपलब्धियों पर चर्चा होगी। 'विकसित उत्तराखण्ड में प्रवासियों की भूमिका' विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 'हौसलों की उड़ान : उत्तराखण्ड के युवा संघर्ष से सफलता के शिखर तक' विषय पर भी संवाद होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य केवल प्रवासी उत्तराखण्डियों को एक मंच पर एकत्रित करना नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास के साथ उनका स्थायी और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन को सार्थक और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।


इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु एवं श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, उत्तराखण्ड प्रवासी परिषद के उपाध्यक्ष श्री पूरन चन्द्र नैलवाल एवं श्री ओम प्रकाश भट्ट, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार एवं श्री युगल किशोर पंत, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून श्री अभिनव शाह, प्रवासी उत्तराखण्ड प्रकोष्ठ के सदस्य श्री सुधीर चन्द्र नौटियाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तिलक रोड देहरादून स्थित प्रांत कार्यालय पहुंचकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं* 

Deepawali wishes by CM Dhami



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के तिलक रोड देहरादून स्थित प्रांत कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने दीपावली के पावन अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों के साथ दीपावली का पर्व मनाया तथा सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और हमारी समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व हमें अंधकार से प्रकाश की ओर, निराशा से आशा की ओर तथा असत्य से सत्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव, सेवा, सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला पर्व भी है। यह अवसर हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा सामूहिक रूप से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।


*मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा एवं भैयादूज की शुभकामनाएँ*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा तथा भैयादूज की शुभकामनायें दी है। इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि धनतेरस आरोग्यता के देव भगवान धन्वंतरी की पूजा का पर्व है। भगवान धन्वंतरी हम सबके जीवन में सुख-समृद्धि एवं आरोग्यता प्रदान करें इसकी उन्होंने कामना की है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए दीपावली के पावन पर्व को सुख, समृद्धि और संपन्नता का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि माँ लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश जी के आशीर्वाद से हम सभी के जीवन में सुख समृद्धि, शांति एवं आरोग्यता का संचार हो।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गोवर्धन पूजा समाज एवं देश की आर्थिक एवं सांस्कृतिक संसाधनों के संरक्षण का प्रतीक है। भैयादूज के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों, विशेष रूप से महिलाओं को बधाई व शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व भाई-बहनों के आपसी प्रेम, मातृ शक्ति के सम्मान के साथ परिवार एवं समाज में उनके महत्व को भी प्रदर्शित करता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली पर्व पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं स्वदेशी अपनाओं के मंत्र को आत्मसात करते हुए स्वदेशी व स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में हम सहयोगी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद से स्थानीय शिल्प, कुटीर उद्योग और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ मिलता है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी को दी दीपावली की शुभकामनाएं* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी  के  

डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचकर उनसे भेंट की तथा दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

[मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को दी दीपावली की शुभकामनाएं* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय कॉलोनी स्थित पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के आवास पर पहुंचकर उन्हें दीपावली पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज  पूर्व मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत के आवास पर पहुंचकर उनसे भेंट की तथा दीपावली के पावन अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से  मुख्यमंत्री आवास में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर श्री महेंद्र भट्ट ने मुख्यमंत्री को दीपावली के पावन पर्व की शुभकामनाएं एवं बधाई दी।




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 *राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का किया स्वागत एवं अभिनंदन*


*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही सरकार : मुख्यमंत्री*


*कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग, स्वरोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विकास से उत्तराखण्ड को मिल रही नई गति*


*उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय : मुख्यमंत्री*

Amit shah welcome CM Dhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेशवासियों के लिए खुशी और गौरव का विषय है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में शांति एवं विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित 'राष्ट्रपति पुलिस कलर' प्रदान किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार किया था। आज राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तराखण्ड में कनेक्टिविटी, आधारभूत संरचना, पर्यटन, उद्योग और स्वरोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में विकास योजनाओं को गति मिल रही है तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें विकास पर सार्थक चर्चा करने के बजाय भ्रम और टकराव का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही हैं। लोकतंत्र में सवाल पूछना और असहमति व्यक्त करना सभी का अधिकार है, लेकिन युवाओं को भड़काना, अफवाहें फैलाना और हिंसा को प्रोत्साहित करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं के प्रति दोहरा रवैया उचित नहीं है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में श्रीनगर और रुद्रपुर में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के कार्यक्रमों में जनता की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और स्थिरता के साथ खड़ी है तथा भ्रामक प्रचार और झूठे वादों से प्रभावित होने वाली नहीं है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि समान भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमाचल प्रदेश का इस वर्ष का बजट लगभग 54 हजार 928 करोड़ रुपये है, जबकि उत्तराखण्ड का बजट लगभग एक लाख 11 हजार 703 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विकास के विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखण्ड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मत्स्य विकास के क्षेत्र में हिमालयी एवं पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में उत्तराखण्ड को सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रदेश को बेस्ट एडवेंचर और बेस्ट वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन जैसे सम्मान प्राप्त हुए हैं। फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करने के प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को 'मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट' का राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड लगातार प्रगति कर रहा है। इस वर्ष प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) लगभग 3 लाख 82 हजार करोड़ रुपये, प्रति व्यक्ति आय लगभग 2 लाख 74 हजार रुपये तथा आर्थिक वृद्धि दर करीब 7.23 प्रतिशत रहने का अनुमान है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से 25 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में हो रही प्रगति का प्रमाण हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की जनता विकास, सुरक्षा तथा संवेदनशील और जवाबदेह शासन चाहती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनता की इन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रदेशवासियों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, शांति एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखने तथा उत्तराखण्ड के समग्र विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।


परेड ग्राउण्ड देहरादून में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी, श्री विजय बहुगुणा, श्री तीरथ सिंह रावत एवं डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक', केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट,  राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, सांसद श्री अनिल बलूनी, श्री अजय भट्ट एवं श्रीमती बांसुरी स्वराज, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी, श्री मदन कौशिक, श्री खजान दास, श्री सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, श्री राम सिंह कैड़ा, श्री सौरभ बहुगुणा, श्रीमती रेखा आर्य, श्री भरत सिंह चौधरी एवं श्री प्रदीप बत्रा, देहरादून के महापौर श्री सौरभ थपलियाल सहित विधायकगण, विभिन्न दायित्वधारी, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रदेशवासी उपस्थित थे।


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड में पुलिस की गोलियों से घायल होकर पूर्णतः शैय्याग्रस्त हुए दो राज्य आंदोलनकारियों की समुचित देखरेख के लिए ₹20 हजार प्रतिमाह की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत की गई है। इस धनराशि से दोनों आंदोलनकारियों के लिए एक-एक सहायक की व्यवस्था की जा सकेगी।



मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।


शासनादेश के अनुसार रामपुर तिराहा कांड में घायल होकर पूर्णतः शैय्याग्रस्त हुए हरिद्वार जनपद निवासी श्री प्रकाश चन्द्र कांति एवं देहरादून निवासी श्री अमित ओबराय को यह सहायता प्रदान की जाएगी। दोनों राज्य आंदोलनकारियों को वर्तमान में ₹30 हजार प्रतिमाह विशेष सम्मान पेंशन दी जा रही है। अब उनकी देखरेख के लिए ₹20 हजार प्रतिमाह की अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की गई है


।**मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी  भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम में हुए शामिल**



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज बलबीर रोड, देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने दीपावली मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट सहित पार्टी के पदाधिकारियों, संगठन के सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री ने सभी के साथ दीपावली की खुशियां साझा करते हुए कहा कि दीपावली का पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें आपसी प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सामाजिक समरसता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। दीपावली का उत्सव सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और उत्साह का संचार करता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं में पर्व एवं त्योहार समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजन आपसी संवाद, आत्मीयता और संगठनात्मक एकजुटता को और अधिक सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाल जीवन की कामना करते हुए प्रदेश की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना की।

देहरादून :




राज्य की बेशकीमती जमीनों को औने पौने दामों पर बेचने का लगाया आरोप। सरकारी जमीने बेचने के निर्णयों को निरस्त कर संपत्तियों को उनके मूल विभागों को लौटाने की कीगई मांग।


मंत्री गणेश जोशी की आय से अधिक सम्पत्ति मामले में न्यायालय के निर्देशों का पालन करने। सहकारिता विभाग मे कोरोना काल में हुई नियुक्तियों की जांच करने तथा एमबीबीएस में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए एडमिशनों की जांच करने की मांग।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आज राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन प्रेषित करते हुए धामी सरकार पर राज्य की बेशकीमती जमीनों को औने-पौने दामों पर बेचने का आरोप लगाते हुए सरकार के निर्णयों को निरस्त करने की मांग की।

राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 154 के अनुसार राज्य की कार्यपालिका शक्ति आपमें निहित है और अनुच्छेद 166 के अनुसार राज्य सरकार की समस्त कार्यवाही आपके नाम से होती है। जिन शासनादेशों से उत्तराखंड की सरकारी जमीनें और धरोहर भवन निजी हाथों में सौंपे जा रहे हैं, वे भी “श्री राज्यपाल की स्वीकृति” के नाम से जारी हुए हैं। इसलिए राज्य की इन संपत्तियों के संवैधानिक संरक्षक आप हैं। इसी विश्वास के साथ उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी आपके संज्ञान में निम्न तथ्य लाना चाहती हैः-

1. मंत्रिपरिषद की शक्ति एक व्यक्ति के हाथ मेंः 20 दिसंबर 2022 के कैबिनेट निर्णय संबंधी शासनादेश द्वारा सभी विभागों की सरकारी भूमि पर अंतिम निर्णय का अधिकार मुख्यमंत्री को दे दिया गया। राज्य कैबिनेट का यह निर्णय भारत के संविधान के अनुच्छेद 164(2) के सामूहिक उत्तरदायित्व और कार्य नियमावली के नियम 3 (प्रभारी मंत्री) तथा नियम 7 (बहुविभागीय मामलों में परामर्श) के विपरीत है।

2. जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट, मसूरीः कैबिनेट के इस निर्णय के बाद उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा हजारों करोड़ रुपये बाजार भाव वाली जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट, मसूरी की 142 एकड़ भूमि और राष्ट्रीय धरोहर 15 साल के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये सालाना किराये पर एक निजी कंपनी को दे दी गई। प्रकाशित कंपनी अभिलेखों के अनुसार टेंडर की तीनों बोलीदाता कंपनियाँ एक ही व्यक्ति से जुड़ी थीं। सरकारी संपत्ति को इस प्रकार लीज पर देने का अधिकार किसी को नहीं था। मुख्यमंत्री द्वारा भूमि संबंधी निर्णय लेने के अधिकारों को अपने स्तर पर केंद्रित करने तथा बाजार में प्रतिस्पर्धा का आभास उत्पन्न कर सरकारी संपत्तियों के निजी आवंटन की प्रक्रिया अपनाने को लेकर गंभीर संवैधानिक एवं प्रशासनिक सवाल उत्पन्न हुए हैं।

3. जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट को लीज पर देने की प्रक्रिया में कार्य नियमावली (रूल्स ऑफ बिजनेस) और तब उत्तराखंड में प्रचलित “उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली” आदि के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। इन निर्णयों की वैधानिकता और उनके लिए अपनाई गई प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा आवश्यक है।

4. यू0आई0आई0डी0बी0 अधिनियम, 2023 का उल्लंघनः सरकारी भूमियों और संपत्तियों के संबंध में बनाए गए यू0आई0आई0डी0बी0 अधिनियम, 2023 की धारा 28(3)(घ) के अनुसार हर परियोजना पर सरकार और संबंधित विभाग का अनुमोदन अनिवार्य है, और धारा 28(4) के अनुसार मुद्रीकरण राज्य सरकार के निर्देश पर ही हो सकता है। बाद में मूल विभाग की सहमति की शर्त यह कहकर हटा दी गई कि मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। सरकारी भूमियों और संपत्तियों को लीज हेतु यू0आई0आई0डी0बी0 को हस्तांतरित करने वाली फाइलों में किसी विभागीय मंत्री की सहमति दर्ज नहीं है।

5. सरकारी जमीनों और संपत्तियों को यू0आई0आई0डी0बी0 को देने के सभी निर्णय मुख्यमंत्री ने अकेले लिएः नियोजन विभाग की पत्रावली पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन (जनवरी 2025) से शासनादेश संख्या 28, दिनांक 15.01.2025 जारी हुआ, जिससे पटवाडांगर, नगऊ, धनौल्टी और मगरा की भूमि दी गई। ई-पत्रावली ई-93327 के नोट 19 पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन (19.11.2025) से आई0डी0पी0एल0 ऋषिकेश, डाकपत्थर, रामगढ़, एच0एम0टी0 रानीबाग, पाटकोट-मरचूला, सलेमपुर महमूद और माजरी ग्रांट की भूमि का रास्ता खुला और शासनादेश संख्या 815, दिसंबर 2025 जारी हुआ। पत्रावलियों से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री जी ने सरकारी विभागों की संपत्तियों को लीज पर देने अथवा बेचने का निर्णय अकेले लिया है। यू0आई0आई0डी0बी0 अधिनियम, 2023 के अनुसार ये निर्णय बोर्ड द्वारा लिए जाने थे, अकेले मुख्यमंत्री इन्हें नहीं ले सकते थे। जमीनें अनुशंसा समिति की संस्तुति पर दी गई हैं, जबकि यू0आई0आई0डी0बी0 अधिनियम, 2023 में अनुशंसा समिति का कहीं उल्लेख नहीं है। जमीनों और संपत्तियों को यू0आई0आई0डी0बी0 को हस्तांतरित करते समय संवैधानिक प्रावधानों, कार्य नियमावली (रूल्स ऑफ बिजनेस) तथा यू0आई0आई0डी0बी0 अधिनियम, 2023 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है।

6. बिना राजस्व अभिलेख और बिना पैमाइश के हस्तांतरणः 15 जनवरी 2025 को पटवाडांगर की भूमि यू0आई0आई0डी0बी0 को हस्तांतरित करने के लिए जारी शासनादेश में इस भूमि को “कृषि विभाग की” बताया गया है, जबकि राजस्व विभाग ने 04.09.2025 को अधिसूचना संख्या 661 से गाँव का सर्वेक्षण शुरू किया और राजस्व परिषद ने 09.09.2025 के पत्र संख्या 2708 में लिखा कि यह 108 एकड़ भूमि “वन विभाग एवं राजस्व विभाग के अभिलेखों में दर्ज नहीं” है। डाकपत्थर की भूमि भी बंदोबस्त पूरा हुए बिना और बिना खसरा संख्या के दे दी गई। बिना राजस्व अभिलेखों और स्पष्ट मालिकाना हक के भूमि का हस्तांतरण राज्य में प्रचलित भू-राजस्व अधिनियम तथा जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम का उल्लंघन है।

7. शासनादेशों की अपनी शर्तों और वन कानून का उल्लंघनः भूमि और संपत्ति हस्तांतरण के लिए निर्गत सभी शासनादेशों की शर्त है कि धार्मिक या ऐतिहासिक महत्व की इमारत वाली भूमि नहीं दी जाएगी और भूमि केवल अनुमोदित परियोजना के लिए दी जाएगी। इनमें से कोई भी परियोजना अनुमोदित नहीं है। हर की पैड़ी का अलकनंदा होटल और ऋषिकेश सहित 25 निरीक्षण भवन (जिनमें 1866 से 1928 तक के ब्रिटिशकालीन भवन भी हैं) इस सूची में हैं। रामगढ़ के राजकीय उद्यान की 8 हेक्टेयर भूमि में से लगभग 4 हेक्टेयर घना वन है, जिसका गैर-वन उपयोग वन संरक्षण कानून के विरुद्ध है।

8. मूल्य तय किए बिना 90 साल की लीजः अनुशंसा समिति के 29.08.2025 के कार्यवृत्त के अनुसार भूमि के मूल्य और राजस्व साझेदारी पर चर्चा “आगामी बैठक” में होनी थी, फिर भी पटवाडांगर की 13.64 एकड़ भूमि 90 साल के लिए 37.80 करोड़ रुपये के रिजर्व प्राइस पर टेंडर कर दी गई। नैनीताल शहर के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को होटल परियोजना के लिए वहाँ से हटाने के निर्देश दिए गए। प्रचलित बाजार भाव के अनुसार कम से कम 1,00,000 करोड़ रुपये की ये 40 सरकारी संपत्तियाँ राज्य के 13 में से 12 जिलों में हैं।

अतः आपसे निवेदन है किः-

(1). जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट से संबंधित सभी पत्रावलियाँ मँगाई जाएँ, नियम विरुद्ध की गई जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट की लीज निरस्त की जाए और पूरे मामले की उच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जाँच कराई जाए।

(2). 20 दिसंबर 2022 के कैबिनेट निर्णय के अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा अकेले लिए गए सभी निर्णय तथा उनसे जारी शासनादेश निरस्त किए जाएँ।

(3) यू0आई0आई0डी0बी0 के तीनों टेंडर, पटवाडांगर (टेंडर संख्या 97862/2026), अलकनंदा होटल हरिद्वार (टेंडर संख्या 99265/2026) और ऋषिकेश निरीक्षण भवन (टेंडर संख्या 99301/2026), तत्काल निरस्त किए जाएँ।

(4). यू0आई0आई0डी0बी0 और सिडकुल को दी गई सभी जमीनें और संपत्तियाँ उनके मूल विभागों को वापस की जाएँ, और लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवनों को पी0पी0पी0 में देने की प्रक्रिया रोकी जाए।


उपरोक्त के अलावा निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रकरणों की ओर भी आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैंः-


1. कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का मामलाः

राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में माननीय न्यायालय द्वारा मुकदमा दर्ज करने की अनुमति से संबंधित निर्देश दिये जाने के बावजूद राज्य सरकार द्वारा अभी तक आवश्यक अनुमति प्रदान नहीं की गई है। यह अत्यंत गंभीर विषय है कि जब किसी जनप्रतिनिधि के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामले में न्यायालय द्वारा निर्देश दिये गये हों, तब सरकार की ओर से कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है? इससे सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति कथित जीरो टॉलरेंस की नीति पर भी सवाल उठते हैं। अतः इस मामले में तत्काल वैधानिक अनुमति एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।


2. कोरोना काल में सहकारिता विभाग की भर्तियों में कथित घोटालाः

कोरोना महामारी के दौरान जब आम नागरिकों को घरों से बाहर निकलने तक की अनुमति नहीं थी तथा पूरा देश अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा था, उस समय प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री धन सिंह रावत के कार्यकाल में राज्य से बाहर प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कर सहकारिता विभाग में भर्तियां की गईं। इन भर्तियों में कथित रूप से अभ्यर्थियों से 20-20 लाख रुपये लेकर नौकरियां बेचे जाने के गंभीर आरोप सामने आये हैं। यह प्रकरण न केवल युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि प्रदेश की भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। इस पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच एजेंसी से जांच कराई जानी अत्यंत आवश्यक है, ताकि दोषियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सके।

3. एमबीबीएस दाखिलों में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामलाः

विगत वर्ष प्रदेश में एमबीबीएस की कई सीटों पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिले किये जाने का मामला प्रकाश में आया था। चिकित्सा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस प्रकार की अनियमितताएं न केवल योग्य एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के अधिकारों का हनन हैं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और गुणवत्ता के लिए भी गंभीर खतरा हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने गंभीर मामले में अभी तक प्रभावी एवं निर्णायक जांच सामने नहीं आई है। अतः इस प्रकरण की समयबद्ध जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए तथा अनुचित तरीके से प्राप्त दाखिलों के संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जाना चाहिए।

महोदय, उपरोक्त तीनों प्रकरण राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया एवं भ्रष्टाचार पर नियंत्रण से सीधे जुड़े हुए हैं। इन मामलों में सरकार की चुप्पी और कार्रवाई में देरी से यह संदेश जा रहा है कि सत्ता में बैठे प्रभावशाली व्यक्तियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि आम नागरिकों एवं युवाओं के लिए न्याय प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रतिनिधिमंडल ने कहा इस ज्ञापन की प्राप्ति के 10 दिनों के भीतर उपरोक्त निर्णयों को निरस्त करने और संपत्तियों को उनके मूल विभागों को लौटाने की कार्यवाही की जाए। यदि इस अवधि में राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के ये निर्णय वापस नहीं लिए गए और जमीनें विभागों को नहीं लौटाई गईं, तो उत्तराखंड की जनता की संपत्ति बचाने के लिए कांग्रेस को मजबूरन माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने राज्यपाल महोदय के संज्ञान मे यह भी लाते हुए कहा कि काबिना मंत्री रेखा आर्य के पति ने उनपर 210 करोड़ का घोटाला करने का आरोप लगाया है जिसकी सी बी आई तथा ई डी के माध्यम से जाँच कराई जानी आवश्यक है।


प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत, विधायक मदन बिष्ट, फुरकान अहमद, पूर्व विधायक मनोज रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष सीपी सिंह, राजीव महर्षि, प्र्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, महिला अध्यक्ष जयोति रौतेला, सुरेन्द्र सिंह रांगड, राजेश चमोली आदि शामिल थे। 


 देहरादून:


 देर रात परेड ग्राउंड, देहरादून में  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के कल 06 नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत तैयारियों का जायज़ा लिया।

Amit shah central minister programme dehradun


इस दौरान अधिकारियों को सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

*केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के उत्तराखंड में विभिन्न कार्यक्रम*


दिनांक – 06 नवम्बर 2026


कार्यक्रम 1 – उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह

स्थान – परेड ग्राउंड, देहरादून

समय – सुबह 11:50 बजे


कार्यक्रम 2 – उत्तराखंड पुलिस का राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह

स्थान – रिजर्व पुलिस लाइन, देहरादून

समय – दोपहर 1:50 बजे


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