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देहरादून- 


महायोजना के 11वें दिन सेक्टर-11 की जनसुनवाई में उमड़े नागरिक, विकास से लेकर पर्यावरण तक रखे सुझाव*

*कल 21 जुलाई को सेक्टर-12 के नागरिक रखेंगे अपनी राय, चंद्रबनी रोड वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट में होगी अगली जनसुनवाई*



देहरादून को वर्ष 2041 तक एक सुव्यवस्थित, आधुनिक और संतुलित राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहा जनसंवाद अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से देहरादून महायोजना-2041 के तहत सोमवार को अभियान के 11वें दिन सेक्टर-11 की जनसुनवाई राजकीय बालिका पॉलिटेक्निक कॉलेज, सुद्धोवाला में आयोजित की गई। जनसुनवाई में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न हितधारकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की और राजधानी के भविष्य को लेकर अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं। एमडीडीए अधिकारियों ने लोगों की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि प्रत्येक सुझाव का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर उसे महायोजना के अंतिम प्रारूप में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी इस बात का संकेत रही कि राजधानी के भविष्य को लेकर नागरिकों में गहरी रुचि और जागरूकता है।



*यातायात, आवास और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर*

सुद्धोवाला में आयोजित जनसुनवाई के दौरान लोगों ने तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण सामने आ रही चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। प्रतिभागियों ने कहा कि आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी को देखते हुए सड़क नेटवर्क के विस्तार, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस प्रावधान किए जाने चाहिए। कई नागरिकों ने पार्किंग संकट, आंतरिक संपर्क मार्गों की स्थिति और नए आवासीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर सुझाव दिए। लोगों का कहना था कि महायोजना केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित न रहे, बल्कि अगले दो दशकों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाए। जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर भी विस्तार से चर्चा हुई।


*पर्यावरण संरक्षण को मिले प्राथमिकता*

जनसुनवाई में पर्यावरणीय मुद्दे भी प्रमुखता से उभरे। नागरिकों ने हरित क्षेत्रों, प्राकृतिक जल स्रोतों और खुले सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रभावी प्रावधान करने की मांग की। कई प्रतिभागियों ने वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण और जलभराव की समस्या के समाधान को महायोजना का अभिन्न हिस्सा बनाने की बात कही। लोगों का मानना था कि देहरादून की पहचान उसकी हरियाली और प्राकृतिक संपदा से है। इसलिए विकास की दौड़ में पर्यावरणीय संतुलन को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जनसुनवाई में शामिल तकनीकी विशेषज्ञों ने भी विभिन्न सुझावों को रिकॉर्ड किया और उन्हें योजना निर्माण प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही।


*स्थानीय आवश्यकताओं को मिले उचित स्थान*

भू-स्वामियों और संस्थागत प्रतिनिधियों ने भूमि उपयोग प्रस्तावों, विकास नियंत्रण नियमों और क्षेत्र विशेष की जरूरतों के अनुरूप विकास मॉडल तैयार करने पर जोर दिया। लोगों ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही प्रभावी योजना बनाई जा सकती है। एमडीडीए की टीम ने स्पष्ट किया कि सभी प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा, ताकि अंतिम महायोजना अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बन सके।


एमडीडीए ने बताया कि जनसंवाद अभियान आगे भी जारी रहेगा। महायोजना-2041 के अंतर्गत सेक्टर-12 की अगली जनसुनवाई 21 जुलाई को प्रातः 11 बजे वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट, चंद्रबनी रोड में आयोजित की जाएगी, जहां संबंधित क्षेत्र के नागरिक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।


*जनभागीदारी ही महायोजना की सबसे बड़ी ताकत : बंशीधर तिवारी*

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि राजधानी के भविष्य की विकास दृष्टि है। उन्होंने कहा कि नागरिकों से प्राप्त सुझाव योजना को जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना था कि जितनी अधिक जनभागीदारी होगी, महायोजना उतनी ही प्रभावी और दूरदर्शी बनेगी।


*हर सुझाव का होगा गंभीर परीक्षण : मोहन सिंह बर्निया*

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का व्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम प्रत्येक बिंदु का तकनीकी और विधिक परीक्षण करेगी, ताकि अंतिम महायोजना विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर सके।

 

  अपडेट

मूसलाधार वर्षा के कारण देहरादून - मसूरी मुख्य मार्ग पर पानी वाले बैण्ड के पास मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है।

आमजन की सुरक्षा व जान-माल की हानि के दृष्टिगत प्रशासन द्वारा  देहरादून - मसूरी मार्ग को आवाजाही हेतु प्रतिबंधित किया गया है। मार्ग बंद है।

 मंत्री श्री गणेश जोशी  द्वारा आश्वस्त किया गया है की *21 जुलाई 2026* को सुबह जल्द से जल्द मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जायेगा।

 *वर्तमान में मसूरी आने-जाने के लिए* 

- किमाड़ी - मसूरी मार्ग का प्रयोग किया जा रहा है

- चंबा - मसूरी मार्ग का प्रयोग किया जा रहा है 

- विकासनगर - कैम्पटी - मसूरी मार्ग का प्रयोग किया जा रहा है 




 जम्मू-कश्मीर की बेहद दुर्गम,छिपी हुई घाटी,पाडर वैली में द हंस फाउंडेशन द्वारा दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप का आयोजन,125 गाँवों तक पहुँची निःशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा सेवाएं 

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‘द हंस फाउंडेशन’ के तत्वावधान जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की बेहद दुर्गम, सुंदर और छिपी हुई घाटी,पाडर घाटी में 7 से 16 जुलाई-2026 तक दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप–2026 का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से पाडर घाटी के 125 गाँवों के ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गई। 

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की दुर्गम और छिपी हुई घाटी पाडर वैली में द हंस फाउंडेशन के माध्यम से प्रथम चरण में गांधारी वैली में टुन,आलिया,खजरोनी,बटवास,सोहल,चाग्ग,मुथल और छिटू गांव में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। जिनमें बड़ी संख्या में पहुंचकर यहां के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इसी के साथ 16 जुलाई को किश्तवाड़ जिले की दुर्गम एवं दूरस्थ पाडर घाटी के 125 सीमांत एवं वंचित गाँवों में आयोजित यह 10 दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

द हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी के भागीरथी आशीर्वाद से पाडर वैली में 16 जुलाई 2026 तक आयोजित हुए इन स्वास्थ्य शिविरों में हजारों ग्रामीण को निःशुल्क स्वास्थ्य की सेवाएं प्रदान की गई। इस व्यापक स्वास्थ्य अभियान के माध्यम से उन क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाई गईं,जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता अत्यंत सीमित है। इस अभियान के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने गाँव-गाँव पहुँचकर लोगों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कीं।

इन विशेष चिकित्सा शिविरों के माध्यम से पाडर वैली के ग्रामीणों को पहली बार कई तरह की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गई। जिनमें आँखों की जाँच,स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह,लैब टेस्ट,डायग्नोस्टिक सेवाएँ,दवाइयों का वितरण और मोतियाबिंद की सर्जरी प्रमुख  रही।


'द हंस फाउंडेशन द्वारा दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप–2026' में प्रदान की गई मुख्य सेवाए

द हंस फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप में 1,528 लोगों की विस्तृत नेत्र जाँच की गई। जिनमें 106 मोतियाबिंद रोगियों की पहचान हुई। इनमें से 78 मरीजों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सफल मोतियाबिंद शल्य चिकित्सा सम्पन्न की गई।

इसी के साथ 726 लोगों को दृष्टि दोषानुसार चश्मों का वितरण किया गया।  2,082 लोगों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श दिया गया। साथ ही 1,045 का आवश्यक पैथोलॉजिकल एवं डायग्नोस्टिक परीक्षण किया गया और 66 ईसीजी (ECG) परीक्षण किए गए। इसी के साथ सभी मरीजों को आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। 

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की पाडर घाटी प्राकृतिक सौंदर्य,झरनों और फूलों के लिए प्रसिद्ध है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण,इस क्षेत्र का जीवन आज भी बाहरी दुनिया से काफी अलग-थलग और प्राकृतिक रूप से प्राचीन है। इस क्षेत्र में दृष्टि आई केयर मिशन एवं जनरल हेल्थ कैंप–2026 इस संकल्प का सशक्त उदाहरण है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें और भौगोलिक विषमताएँ किसी भी नागरिक के बेहतर स्वास्थ्य के अधिकार में बाधा न बनें।

पाडर वैली में द हंस फाउंडेशन द्वारा दी गई इन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शासन-प्रशासन और ग्रामीणों ने संस्था और यहां सेवा प्रदान कर रहे हैं डॉक्टरों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।


चकराता में 21 से 23 जुलाई तक आयोजित होगा ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ पर एकीकृत संचार एवं आउटरीच कार्यक्रम



- केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून द्वारा चित्र प्रदर्शनी, जन-जागरूकता अभियान, प्रतियोगिताएँ, निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन।

- केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं ग्रामीण विकास संबंधी पहलों की दी जाएगी विस्तृत जानकारी।

- स्थानीय लोक कलाकार जौनसार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से कराएंगे परिचय।


देहरादून;


 भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून द्वारा 21 से 23 जुलाई, 2026 तक चिल्ड्रन्स पार्क, चकराता में "विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)" विषय पर तीन दिवसीय एकीकृत संचार एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास एवं आजीविका संबंधी पहलों के प्रति आमजन को जागरूक करना तथा विकसित भारत के संकल्प में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है।


केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून के कार्यक्रम अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने सोमवार को चकराता में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि कार्यक्रम के दौरान आकर्षक चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) तथा केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रदर्शनी में विकसित भारत की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों तथा नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।


कार्यक्रम के अंतर्गत 'नशा मुक्त भारत अभियान' पर विशेष जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। युवाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाएगा तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित सूचनात्मक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर आमजन के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया जाएगा।


कार्यक्रम में जौनसार क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक भी देखने को मिलेगी। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोकगीत एवं लोकनृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से आगंतुकों का परिचय कराएँगी।


कार्यक्रम अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने क्षेत्र के नागरिकों, विद्यार्थियों एवं युवाओं से अपील की है कि वे 21 से 23 जुलाई, 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे के बीच चिल्ड्रन्स पार्क, चकराता में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करें तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकसित भारत के संकल्प से जुड़ें।





मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न जनपदों में हेलीपैड निर्माण, विस्तार एवं अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही सड़क संपर्क, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण तथा न्यायिक एवं कारागार अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए कुल ₹ 51 करोड की धनराशि स्वीकृत की है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, हवाई संपर्क, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, आपदा राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिलेगी, पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी होंगी तथा प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद बागेश्वर के बेड़ा-मझेड़ा (करीमपुर) हैलीपैड निर्माण हेतु ₹ 8.91 करोड, जनपद उत्तरकाशी के विकासखण्ड मोरी के ग्राम सुनकुण्डी (जखोल) में हैलीपैड निर्माण हेतु ₹ 1.08 करोड़ तथा विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के अन्तर्गत डौन परेवा में हैलीपैड निर्माण कार्य किये जाने के अन्तर्गत 02 कि०मी० पहुंच मार्ग व हैलीपैड साईट डेवलपमेंट हेतु प्रथम चरण में ₹ 8.30 लाख के साथ ही सहस्त्रधारा हैलीपोर्ट, देहरादून पी०टी०बी० में विद्युतीकरण एवं सिविल कार्यों के निष्पादन हेतु अवशेष धनराशि ₹ 50 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद चम्पावत के विधानसभा चम्पावत मंच तामली मोटर मार्ग से मुख्य तोक कारी मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण किये जाने हेतु ₹ 2.64 करोड़, जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के विकासखण्ड हवालबाग में लोधिया से चौगू (4.500 से 9.500 तक 5 किमी०) मोटर मार्ग का पुर्ननिर्माण एवं सुधारीकरण हेतु ₹ 3.84 करोड तथा जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अंतर्गत न्यू कैंट मोटर मार्ग  पर सालावाला पुल से विजय कालोनी पुल तक मार्ग को दो लेन से 10.50 मी० चौड़ाई में परिवर्तित किये जाने हेतु ₹ 16.87 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौड़ी गढ़वाल में एसडीआरएफ पोस्ट-नैनीडांडा ग्राम उठिडागांव के निर्माण कार्य हेतु प्रथम किश्त में ₹ 1.62 करोड़,  जिला कारागार, टिहरी में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग हॉल (वी०सी०क्यूबिकल्स एवं आवश्यक उपकरण सहित) निर्माण हेतु ₹ 2.14 करोड की  स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 85.72 लाख के साथ ही पुलिस मुख्यालय के मशीन उपकरण, संयन्त्र एवं साज-सज्जा हेतु ₹ 25.00 करोड़ के सापेक्ष ₹ 15.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 *मुख्यमंत्री ने भारी बारिश के मद्देनज़र अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश*



प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्धन और सचिव आपदा प्रबंधन श्री विनोद कुमार सुमन को पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा है कि जहां कहीं भी भारी बारिश, भूस्खलन या सड़क बंद होने जैसी स्थिति उत्पन्न हो, वहां प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे। राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार रहें और प्रभावित लोगों को समय पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क, बिजली, पेयजल और संचार जैसी आवश्यक सेवाएं बाधित होने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए। चारधाम यात्रा मार्ग सहित सभी प्रमुख मार्गों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जाए।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने प्रदेशवासियों और राज्य में आने वाले यात्रियों से अपील की है कि मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और उफनते नदी-नालों के आसपास जाने से परहेज करें। किसी भी असुविधा या आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

*24×7 अलर्ट मोड में रहें सभी विभाग-सुमन*

*मा0 मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन ने की स्थिति की समीक्षा*

*संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश*

देहरादून;


 प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून तथा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा कुछ जनपदों के लिए 20 जुलाई को रेड तथा ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के उपरांत माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन से प्रदेशभर में स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी विभागों एवं जनपदों को पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।


मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने रविवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र (SEOC) पहुंचकर प्रदेशभर बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मौसम पूर्वानुमान, संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति, सड़क संपर्क, नदियों के जलस्तर, राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया।


सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 20 जुलाई 2026 को देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं हरिद्वार जनपदों में रेड अलर्ट, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी एवं ऊधम सिंह नगर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है। रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक से बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन, जलभराव, अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियां तथा नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की संभावना जताई गई है।


सचिव आपदा प्रबंधन ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि मौसम विभाग द्वारा जारी प्रत्येक चेतावनी पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला एवं तहसील स्तर के आपदा नियंत्रण कक्षों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल बिना विलंब मौके पर पहुंचें।


उन्होंने कहा कि नदियों, बरसाती नालों, गाड़-गदेरों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखी जाए। जोखिम वाले स्थानों पर रहने वाले परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। निर्माणाधीन परियोजनाओं, सड़क निर्माण कार्यों तथा अन्य संवेदनशील स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए खराब मौसम के दौरान आवश्यकतानुसार कार्य स्थगित करने के निर्देश भी दिए गए।


सचिव ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, बीआरओ तथा अन्य कार्यदायी संस्थाओं को ग्रामीण एवं राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सभी महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील मार्गों पर जेसीबी, पोकलेन मशीनें, डंपर, आवश्यक उपकरण एवं प्रशिक्षित मानवबल की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।


उन्होंने जल संस्थान, ऊर्जा, स्वास्थ्य, पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन तथा अन्य संबंधित विभागों को भी पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल, विद्युत, संचार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी व्यवधान की स्थिति में त्वरित बहाली की जाए।


बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, डॉ. शांतनु सरकार, डॉ. मोहित पूनिया, सभी जनपदों के ओसी आपदा तथा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।


प्रदेशवासियों से सतर्कता बरतने की अपील

देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को गंभीरता से लें तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेषकर नदी-नालों, गाड़-गदेरों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों एवं जलभराव वाले स्थानों से दूर रहें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष अथवा आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें तथा केवल शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

 डोईवाला:



डोईवाला:

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आज दिनांक 19/7/2026 को विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी मातृ शक्ति द्वारा एक दिवसीय बाल संस्कार वर्ग स्थान आयुष्मान गार्डन शक्ति वाला डोईवाला जिला ऋषिकेश में लगाया गया ,जिसमें बच्चों को संस्कार सिखाने के लिए बहनों को मानसिक रूप से तैयार किया 


जिसमें 4 सत्रों एवं सह भोज करके वर्ग किया, 4 सत्रों में बहनों को बताया गया कि की आज के समय में बच्चों को भारतीय संस्कृति, हिन्दू धर्म, श्लोक, भोजन मंत्र , दीप मंत्र, देश भक्ति गीत, महा पुरुषों की जीवनी के बारे में जानकारी दी, जिसमें में कुल संख्या 85 रही। वर्ग में मुख्य वक्ता श्रीमती नीलम त्रिपाठी जी प्रांत सह संयोजिका मातृ शक्ति, वर्ग अध्यक्ष श्रीमती संध्या कौशिक जी प्रांत कार्यकारणी सदस्य विश्व हिन्दू परिषद् एवं भावना ठाकुर जी प्रांत विद्यार्थी संपर्क प्रमुख विश्व हिन्दू परिषद् दुर्गा वाहिनी ! साथ ही व्यवस्था में राखी क्षेत्री जी जिला संयोजिका दुर्गा वाहिनी, लक्ष्मी जी जिला सह संयोजिका दुर्गा वाहिनी, एवं सोनी पुंडीर जी जिला संयोजिका मातृ शक्ति ऋषिकेश, अतिथि के रूप में अर्जुन जी विभाग संगठन मंत्री हरिद्वार विभाग (पूर्णकालिक),अजय भगवा जी जिला मंत्री , राजेंद्र पांडे जी जिला अध्यक्ष जिला ऋषिकेश विश्व हिन्दू परिषद वर्ग में उपस्थित रहे

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