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उच्च शिक्षा मंत्री डा.धन सिंह रावत ने श्री गुलाब सिंह राजकीय महाविद्यालय चकराता की पत्रिका "सृजन" के तृतीय संयुक्ताक का विमोचन किया।उन्होंने कहा कि पत्रिका में प्रकाशित विद्यार्थियों के लेख व कविताएं उनकी अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करने का सशक्त माध्यम है। प्राचार्य प्रो.के.एल.तलवाड़ ने बताया कि पत्रिका के प्रधान संपादक डा.अरविंद वर्मा, सह संपादक डा.सीमा पुंडीर तथा छात्र संपादक कु.अनिषा तोमर व कु.सैरीन मलिक हैं। "सृजन" के त इस तृतीय संयुक्ताक में महाविद्यालय की सत्र 2018-19 एवं 2019-20 की प्रमुख शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर गतिविधियों को सचित्र प्रकाशित किया गया है। कुल 90 पृष्ठों की इस पत्रिका में जौनसार के पकवानों, वेशभूषा, संस्कृति, मेलों व पर्यटन स्थलों की जानकारी को भी सम्मिलित किया गया है।पत्रिका का ई-संस्करण भी तैयार किया गया है। जिसे अन्य महाविद्यालयों को मेल पर उपलब्ध कराया गया है।





  • नाबार्ड के चैयरमैन ने मुख्यमंत्री को दिया आश्वासन।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा राज्य के विकास में विभिन्न वित्तीय एवं विकासात्मक सहयोग से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। 

बैठक में नाबार्ड के चेयरमैन डॉ0 जी0आर0 चिंतला, सिंचाई मंत्री श्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल, सहकारिता मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत के साथ ही मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश उपस्थित थे। इस अवसर पर नाबार्ड द्वारा प्रकाशित पैक्स-एक बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र योजना मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने राज्य के विकास में नाबार्ड द्वारा दिये जा रहे सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राज्य में ट्राउट मछली पालन की दिशा में काफी कार्य हुआ है। इसके साथ पोल्ट्री, मसरूम उत्पादन की भी राज्य में काफी संभावनायें हैं। उन्होंने सौंग बांध के निर्माण, ग्रोथ सेन्टरों के विकास एवं ग्राम लाइट योजना को बढ़ावा देने में भी नाबार्ड से सहयोगी बनने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौंग बांध की लागत 1200 करोड़ है। इसके बनने से प्रतिवर्ष 90 करोड़ की बिजली की बचत होने के साथ ही देहरादून को आगामी 60 वर्षो तक ग्रेविटी आधारित पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 670 पेक्स को बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र के रूप में संचालित करने के लिये सहयोग की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती तथा बेहतर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये अब तक 104 ग्रोथ सेन्टर स्थापित किये जा चुके है। इनके द्वारा लगभग 6 करोड़ का व्यवसाय किया गया है। उन्होंने इन ग्रोथ सेन्टरो को और व्यापकता प्रदान करने में भी सहयोग की अपेक्षा की। 

बैठक में नार्बाड के चेयरमैन द्वारा मुख्यमंत्री को राज्य के विकास में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। नाबार्ड द्वारा कृषि विकास से सम्बन्धित क्षेत्रों के अलावा सामाजिक व सामुदायिक विकास ग्रामीण संयोजकता आदि गतिविधियां शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण एवं अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास एवं अन्य विकासपरक योजनाओं के लिये रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फण्ड तथा नाबार्ड इंफ्रास्ट्रचर फण्ड के माध्यम से भी वित्तीय समावेशन की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर कार्य तीव्र गति से करने पर भी चर्चा करते हुए कहा कि किसी परियोजना में फंड की कमी पड़ने पर नाबार्ड के नीडा प्रोजेक्ट से ऋण सुविधा उपलब्ध करायी जा सकती है। सहकारी बैंक के लिए लघु ऋण की सीमा 500 करोड़ से 750 करोड़ रूपए कर दी गई है तथा राज्य सरकार यदि अनुरोध करती है तो यह सीमा और भी बढ़ाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के सहकारी बैंक को स्थिति अन्य पहाडी राज्यों से बेहतर है इसका फायदा सहकारी बैंक ले सकते हैं जिसके तहत नाबार्ड 500  से लेकर 1000 करोड़ रूपए केवल 2-90 प्रतिशत की ब्याज दर से दे सकता है। साथ ही इसके तहत जो अनुपात बनाए रखना होता है उसमें भी नाबार्ड छूट् दे सकता है। आत्म निर्भर भारत के तहत कृषि आधारभूत सुविधा निधि के तहत कृषकों के लिए फसल कटाई उपरांत के प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। यदि पैक्स नाबार्ड की स्कीम पैक्स- बहु उद्देशीय सेवा केंद्र तथा कृषि आधारभूत सुविधा निधि का लाभ मिलकर लेते हैं तो उन्हें केवल 01 प्रतिशत की ब्याज दर पर ़ऋण सुविधा उपलब्ध हो पायेगी। उन्होंने नाबार्ड की एलईडीपी तथा एमईडीपी  योजनाओं के माध्यम से सुविधा देने पर अपनी सहमति जताई। कृषक उत्पादक संगठन के लिए प्रोहत्सन करने के साथ-साथ ओएफपीओं के गठन पर भी जोर दिया ताकि जिन लोगो के पास जमीन नहीं है उन्हें भी फायदा मिल सके। 

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आनन्द वर्द्धन, सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री आर.मीनाक्षी सुन्दरम, श्री हरवंश चुघ, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव मुख्यमंत्री श्री नीरज खैरवाल, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबन्धक डॉ. ज्ञानेन्द्र मणि आदि उपस्थित थे।  





 

ऋषिकेश : 

उत्तम सिंह



  विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने श्यामपुर में जन सहायता केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर करारा हमला करते हुए हर मोर्चे पर विफल होने का आरोप भी लगाया।

ऋषिकेश विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र के लोगो की समस्या के समाधान के लिए कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने श्यामपुर में जन सहायता कार्यालय का उद्घाटन करते हुए राज्य की भाजपा सरकार पर तीखे हमले लिए। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर वादा खिलाफी का भी आरोप लगाते हुए याद दिलाया कि  भ्रष्टा चार व कुशासन के खिलाफ व   सौ दिन के भीतर जनलोकपाल विधेयक पारित करने का झूठा वायदा कर सत्ता हासिल करने वाली भाजपा सरकार ने जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। 

भाजपा शासनकाल में मंहगाई , बेरोजगारी अपने चरम पर पहुंच गई है।  भाजपा की कुनीतियों के चलते रोजगार, उद्योग धंधे ठप्प हो गए है। भाजपा  अपनी बातो  से जनता को  गुमराह कर  सत्ता में आते ही जनता से किये वायदे भूल गई। कहा कि आम जन को भ्रष्टाचार से कोई राहत नही मिल रही हैं।उनकी  समस्याओं का समाधान नही हो रहा है। जिससे चलते कांग्रेस पार्टी ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की समस्या के समाधान के लिए श्यामपुर में जन  सहायता  कार्यालय स्थापित किया ।ताकि पीड़ित लोगों की सहायता की जा सके। बताया कि जन सहायता कार्यालय में पार्टी के अनुभवी पदाधिकारी हमेशा जनता की सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे।  जन सहायता कार्यालय खोलने के औचित्य पर उन्होंने

राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के चार वर्ष के शासनकाल में पर जन उपेक्षाओं बेरोजगारी, महगाई व भ्र्ष्टाचार बढ़ने से रोकने में असफल रहने सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार पर  आरोप लगाते हुए तीखे हमले किये। श्यामपुर में जनसुविथा केंद्र  के उद्घाटन पर किशोर उपाध्याय पूर्व  काबीना मंत्री  शूरवीर सिंह सजवान,  पूर्व ब्लाक प्रमुख के एस राणा, पूर्व राज्य मंत्री राव  शाहिद,राजपाल खरोला, इंद्र प्रकाश अग्रवाल, जयेंद्र रमोला, हिमांशु  बिजल्वाण

 दीपक जाटव, प्रकाश जोशी,महंत विनय सारस्वत आदेश तोमर, ऋषिकेश मंडी समिति के पूर्व सभापति जय सिंह रावत,राजेन्द्र गैरोला,रमेश रांगड़, देवेंद्र रावत, देवेंद्र बेलवाल, राव शाईद, विनोद चौहान,ग्राम प्रधान गढ़ी मयचक जयेंद्र रावत, अल्का क्षेत्री, वीरेंद्र सिंह मौजूद रहे ।

 



उत्तराखंड में आज कोरोना पॉजिटिव के 505 मामले आए हैं। जिसे मिलाकर उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के कुल मामले अब 59106 हो गए हैं। जिसमें सक्रिय केसों की संख्या 5085 है, आज 770 लोग ठीक हो चुके है, रिकवर मामलों की संख्या 52632 है।अभी तक 960 लोगों मृत्यु हो चुकी है।

11687 लोगों के सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव पाए गए हैं। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के ठीक होने की दर 89.05% हो गयी है।उत्तराखंड में कंटेनमेंट जोन 69 है।

चंपावत मे 02, देहरादून में 30, उत्तरकाशी में 16, टिहरी में 02, हरिद्वार में 10 और नैनीताल में 09, रुद्रप्रयाग में 01 पौड़ी में 01 कंटेंटमेंट जोन है।

आज 14 कोरोना संक्रमितों  की मृत्यु हुई है, जिसमे सुशीला तिवारी अस्पताल से 04, एम्स अस्पताल से 04, डिस्ट्रिक्ट चमोली से 01, हिमालयन अस्पताल से 02 और एच एन बी बेस अस्पताल से 02 है।

 देहरादून:

 


 जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल डी.के कौशिक (अ.प्रा) ने अवगत कराया है कि जनपद देहरादून के पूर्व सैनिकों  एवं सैनिक विधवाओं के आश्रित छात्र/छात्राओं से अनुरोध किया है कि सैनिक पुनर्वास संस्था द्वारा देय वर्ष 2020-2021 से छात्रवृत्ति आवेदन हेतु वेबसाईट  http://sainikkalyan.org, http://serviceonline.gov.in/uksainikkalyan/ ध्पर पंजीकरण करते हुए आनलाईन छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करें। उक्त आवेदन सी.एस.सी सेन्टर से भी किए जा सकते है। अग्रिम कार्यवाही हेतु अपलोड दस्तावेज  को डाउनलोड कर मूल दस्तावेजों सहित 07 दिन के भीतर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में उपस्थित हों। उन्होंने अवगत कराया है कि जिन पूर्व सैनिकों/सैनिक विधवाओं के आश्रितों द्वारा जिला सैनिक कल्याण कार्यालय देहरादून में अपने छात्रवृत्ति ओवदन जमा करा दिए हैं उन्हें भी उक्त वेबसाईट पर आनलाईन आवेदन करने होंगे। आॅफलाइन आवेदन मान्य नही किए जाएंगे।  अधिक जानकारी के लिए जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के दूरभाष नम्बर 0135-2626091 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

देहरादून :

 कार्यालय महानिरीक्षक (उत्तरी) फ्रन्टियर भारत सीमा पुलिस बल ने अवगत कराया है कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल सीमाद्वार देहरादून में 28 अक्टूबर 2020 को प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक ‘‘गंगोत्री-2’’ पर्वतारोहण अभियान का फ्लैग इन मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा किया जाना है।

देहरादून :

प्रत्येक वर्ष 07 दिसम्बर को भारत की रक्षा सेनाओं के बलिदान एवं सेवाओं के प्रति राष्ट्र का आभार व्यक्त करने हेतु सशस्त्र झण्डा दिवस मनाया जाता है, इस दिन सेनाओं के बलिदान की याद में लोग सीने पर तथा अपने वाहनों पर भारतीय सशस्त्र सेना के झण्डे प्रतीक के रूप में लगाते हैं तथा यथाशक्ति सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर सहयोग राशि देकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं। शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अवगत कराया  कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत सशस्त्र सेना झण्डा दिवस मनाये जाने और पहले व बाद में आमजन व संस्थाओं से सहयोग राशि एकत्रित किए जाने के दौरान सम्बन्धित कार्य-कर्ताओं  द्वारा हर हाल में मास्क पहनना व सामाजिक दूरी का पालन किया जाना आवश्यक होगा। इससे सम्बन्धित किसी भी प्रकार के आयोजन में कोविड-19 पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। प्रतीक/कार झण्डो की बिक्री केवल 07 दिसम्बर 2020 तक ही सीमित रहेगी, किन्तु ’सशस्त्र सेना झण्डा दिवस कोष’ हेतु  धनराशि एकत्रित करने के लिए प्रयास लगाकर जारी रहेंगे।
 

, उप निबन्धक, सहकारी समितियां उत्तराखण्ड देहरादून ने अवगत कराया है कि ‘‘नाबार्ड के सहयोग से सहकारिता सशक्तिकरण’’ विषयक एक गोष्ठी, सहकारिता मंत्री डाॅ धन सिंह रावत एवं अध्यक्ष नाबार्ड डाॅ जी.आर.चिंतला की उपस्थिति में 22 अक्टूबर 2020 को प्रातः 11 बजे  होटल पर्ल एवेन्यू रिंग रोड देहरादून में किया जा रहा है। 


 सहायक उपनिरीक्षक व निरीक्षक के वर्दी भत्ता में रु0 1000 की वृद्धि





मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को पुलिस लाईन, देहरादून में पुलिस स्मृति परेड में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के शहीद पुलिस व अर्द्धसैन्य बलों के परिजनों को सम्मानित भी किया। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि आज के दिन अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अर्द्ध सैनिक बल व पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व राज्यों की पुलिस बल व अर्द्धसैनिक बलों का है। 

अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए पुलिस कर्मियों अपने जीवन की आहुति को भी तत्पर रहते हैं।  विगत एक वर्ष में भारतवर्ष में 265 अर्द्धसैनिक बलों एवं पुलिस कर्मी शहीद हुए हैं, जिसमें उत्तराखंड पुलिस के 6 वीर शहीद हुए हैं। ड्यूटी के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले ये पुलिस कर्मी हम सब के लिए प्रेरणा के स्रोत है। सम्पूर्ण भारतवासी अपने शहीद पुलिस कर्मियों व अर्द्ध सैनिक बलों को हार्दिक श्रद्धांजलि देते हुए नतमस्तक हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन हम इन पुलिस कर्मियों के परिजनों के प्रति भी अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करते हैं।आज पूरा विश्व आतंकवाद और कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। हमें इन चुनौतियों का डटकर सामना करना है। इनसे निपटने के लिए एक सुनियोजित रणनीति के तहत कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने शहीद कोष हेतु रुपए 75 लाख की राशि स्वीकृत करने और  सहायक उपनिरीक्षक व निरीक्षक के वर्दी भत्ता में रु0 1000 की वृद्धि की घोषणा की।


इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, मेयर देहरादून श्री सुनील उनियाल गामा, विधायक श्री हरवंश कपूर , श्री मुन्ना सिंह चौहान, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्री विनोद चमोली, श्री गणेश जोशी, पुलिस महानिदेशक श्री अनिल कुमार रतूड़ी, श्रीमती राधा रतूड़ी ने भी शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

 

डोईवाला:



मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को माजरी ग्रांट डोईवाला, देहरादून में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना का शुभारंभ किया। योजना का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल को बधाई देते हुए कहा कि कृषि मंत्री रहते हुए सुबोध उनियाल  ने नये-नये काॅन्सेप्ट पर काम किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कार्य लगन से किया जाए तो निश्चित रूप से सफलता मिलती है। एकीकृत आदर्श ग्राम योजना एक ऐसा काॅन्सेप्ट है, जो मील का पत्थर साबित होगा। एफपीओ को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। जब सभी किसान भाई जागरूक होंगे तो कृषि उत्पादन में सुधार के साथ ही किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी।


मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्वतीय क्षेत्र में सिंचाई के साथ ही मशीनीकरण पर फोकस करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती उत्तराखण्ड की विशेषता है, जिसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए वैल्यू एडीशन एवं ब्रांड की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए एक अम्ब्रेला ब्राण्ड शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्यधार झील निर्माण के बाद 29 गावों को सिंचाई एवं पेयजल के लिए गुरूत्व आधारित पानी मिल सकेगा। इसके साथ ही सिंचाई एवं पेयजल की व्यवस्था के लिए जमरानी एवं सौंग बाँध की बाधाओं को शीघ्र ही निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल संभरण एवं संरक्षण, मानव वन्यजीव संघर्ष आदि को रोकने के लिए 10 हजार लोगों को काम पर लगाया जाएगा। इससे एक ओर लोगों को रोजगार प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर प्रकृति का संरक्षण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश में चार बंदर बाडों को शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पहले 2 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा था जिसे अब बढ़ाकर 3 लाख रूपए किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि एक स्वस्थ उत्तराखण्ड की परिकल्पना तभी की जा सकती है जब एक माँ और उसका बच्चा स्वस्थ हो। माँ और बच्चा स्वस्थ रह सके इसके लिए राज्य सरकार द्वारा सौभाग्यवती किट शुरू किया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखण्ड के किसानों से कृषि के विकास के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि हमें मशीनीकरण को अपनाना होगा ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके।

कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कोरोना काल में जहां सभी क्षेत्रों में मंदी आयी है, कृषि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार कृषि के क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य को कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुआ है। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने नाबार्ड के अध्यक्ष डाॅ. चिंतला से उत्तराखण्ड में मैकेनाईजेशन को बढ़ावा दिये जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेड़ पौधों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नर्सरी एक्ट बनाया है, ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता के पेड़ पौधे मिल सकें। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जहां आॅर्गेनिक के पीछे पड़ी है, हमारा राज्य उत्तराखण्ड बाय डिफाॅल्ट आॅर्गेनिक है।

सहकारिता मंत्री श्री धनसिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा 04 लाख किसानों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया है। 12 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को भी 5-5 लाख रूप्ए का ऋण उपलब्ध कराया गया है।

चेयरमैन नाबार्ड डाॅ जी.आर. चिंतला ने देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि कोविड-19 की परिस्थितियों में भी कृषि क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुयी है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण कृषि के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार के साथ ही उत्तराखण्ड को जैविक खेती पर फोकस करना चाहिए।

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