Halloween party ideas 2015




*मेलों एवं उत्सवों को इंस्टीट्यूशनलाइज्ड किए जाने के निर्देश*


*निर्यात संवर्धन के लिए एक स्थायी समिति का गठन किया जाएः मुख्य सचिव*


मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल तथा उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी जनपदों को अपने स्थानीय उत्पादों, संस्कृति, परंपराओं और विशिष्ट मेलों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक जनपद अपने किसी एक विशिष्ट पर्व अथवा मेले को वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल के रूप में विकसित करे। इसके लिए प्रत्येक जिले का वार्षिक इवेंट कैलेंडर तैयार किया जाए। उन्होंने स्थानीय स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी सुनिश्चित की जाने पर जोर दिया। कहा कि ऐसे आयोजनों में उत्तराखण्ड के प्रवासी एवं नॉन-रेजिडेंट उत्तराखंडियों को भी जोड़ा जाए, ताकि राज्य के स्थानीय उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि मेलों एवं उत्सवों को इंस्टीट्यूशनलाइज्ड किया जाना जरूरी है, ताकि आने वाले वर्षों में उनकी स्थायी पहचान और ब्रांड वैल्यू विकसित हो सके। 


मुख्य सचिव ने चमोली के रम्माण फेस्टिवल को बड़े स्तर पर आयोजित करने एवं उत्तरकाशी के बटर फेस्टिवल जैसे यूनिक आयोजनों को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने पौड़ी और चमोली में आयोजित होने वाले शरदोत्सव, हरिद्वार महोत्सव, नैनीताल विंटर कार्निवल और मसूरी विंटर कार्निवल को भी और अधिक आकर्षक एवं व्यवस्थित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने चम्पावत में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल एंगलिंग मीट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा उत्तरायणी मेले में एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए।


बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जनपदवार निर्यात की संभावनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने प्रत्येक जनपद के लिए बेसलाइन डेटा तैयार करने और उसके आधार पर निर्यात संवर्धन की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्यात संवर्धन के लिए प्रमुख सचिव नियोजन की अध्यक्षता में एक स्थायी समिति गठित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा इस समिति में सचिव उद्योग, सचिव वन, सचिव आयुुष सहित अन्य हितधारकों को शामिल किया जाए।


मुख्य सचिव ने स्थानीय उत्पादों की पहचान कर उनकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की संभावनाओं का अधिकतम उपयोग करने तथा प्रत्येक जनपद के उत्पादों की यूएसपी विकसित किए जाने की दिशा में कार्य किया जाए।


मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा कि विभिन्न जनपदों के सफल प्रयोगों और अनुभवों को आपस में साझा किया जाए, ताकि एक जनपद की अच्छी पहल को दूसरे जनपद में भी लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक आयोजनों को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रखते हुए उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में समन्वित प्रयास किए जाएं।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, श्री युगल किशोर पंत, डॉ. अहमद इकबाल एवं श्री राजेंद्र कुमार सहित अपर सचिव श्री अभिषेक रोहिला  एवं जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी  महाराज के नेतृत्व में साधु-संतों के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।



प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री धामी को बागेश्वर से प्रारंभ होने वाली पवित्र छड़ी यात्रा के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान यात्रा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर भी चर्चा हुई।


पवित्र छड़ी यात्रा सनातन परंपरा और उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण यात्रा है। यात्रा के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न पौराणिक तीर्थस्थलों एवं सिद्ध पीठों का भ्रमण किया जाता है। यह यात्रा साधु-संत समाज को जोड़ने के साथ ही प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने संत समाज का स्वागत करते हुए यात्रा के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

 


-सभी डीएम को एक सप्ताह तक अभियान चलाने के निर्देश

-मंडलायुक्तों के कंधों पर डाला गया माॅनिटरिंग का दायित्व


देहरादून, 



त्योहार के मौसम में मिलावट व जमाखोरी के खिलाफ सरकार ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रत्येक जिले में सरकारी मशीनरी ने जांच अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारियों से एक सप्ताह तक अभियान चलाने के लिए कहा गया है। मॉनिटरिंग का जिम्मा मंडलायुक्तों को दिया गया है।

राज्य सरकार के निर्देश पर सोमवार को हर जिले में जांच अभियान संचालित किया गया। जिला प्रशासन ने खाद्य संरक्षा एवं औैषधि प्रशासन के साथ मिलकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर सैपल लिए। कई दुकानदारों को नोटिस भी जारी किए गए और सडे़-गले या फिर एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री को नष्ट करा दिया गया। टीम खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के साथ ही चीनी की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की बारीकी से जांच कर रही है।

चमोली जिले में तीन सैंपल लेकर उन्हें परीक्षण के लिए लैब भिजवाया गया। एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री पाए जानेे पर दो दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया। साथ ही, संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कर दिया गया। दो कंपनियों की सामग्री का लेबल पैकेजिंग एवं लैबलिंग रेगुलेशन के मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। संबंधित निर्माताओं को नोटिस दिया जा रहा है।

रूद्रप्रयाग जिले में टीम ने 12 दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल भरे। छह दुकानों में एक्सपायरी डेट का सामान मिलने पर दुकानदार को चेतावनी दी गई और सामान नष्ट कर दिया गया। अल्मोड़ा जनपद में दो मिठाइयों के सैंपल लिए गए। वहीं, बागेश्वर जनपद में आठ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और तीन सैंपल लिए गए। पिथौरागढ़ जनपद में दो सैंपल लिए जाने की सूचना दी गई है। चंपावत जिले में जांच अभियान एक अगस्त से चल रहा है। वहां पर अभी तक 21 स्थानों पर निरीक्षण किया गया है। इनमेें दस जगहों पर सैंपल लेकर उन्हें लैब भेजा गया है। सर्वे के लिए तीन सैंपल लिए गए हैं।

देहरादून में भी सोमवार को जिला प्रशासन ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान 11 खाद्य नमूने एकत्रित किए गए। तीन प्रतिष्ठानों को व्यवस्था मेें सुधार के लिए चेतावनी दी गई। जनपद में एक अगस्त से अभी तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 48 सैंपल एकत्रित किए गए हैं। सर्वे के लिए 20 सैंपल अलग से लिए गए हैं। 11 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस दिया गया हैै। इसके अलावा, एडीएम कोर्ट में चार वाद दर्ज कराए गए हैं।

हरिद्वार में जांच अभियान 17 अगस्त से चल रहा है। अभी तक वहां पर 47 व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण का 27 सैंपल भरे गए हैं। दस दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा, विभिन्न कोर्ट में चार मामले दर्ज कराए गए हैं। 

पौड़ी जनपद में सोमवार को दस सैंपल लिए गए। इनमें से छह सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। धारा 36 के तहत एक वाद स्वीकृत किया गया है। नैनीताल जनपद में दस दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल लिए गए। इन्हेें जांच के लिए लैब भेजा गया है। एक सैंपल सर्वे के लिए लिया गया है। एक प्रतिष्ठान में साफ सफाई न पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया, जबकि दस किलो मिठाई मानकों के अनुरूप न होने पर नष्ट कराई गई।

टिहरी जनपद में भी सरकारी मशीनरी सक्रिय रही। सात व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर छह सैंपल एकत्रित किए गए। उत्तरकाशी जिले में सोमवार को कुल 15 स्थानों पर निरीक्षण किया गया और चार सैंपल लिए गए। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बिक्री के एक मामले में नोटिस जारी किया गया।



*मातृशक्ति बोली—आप हमारे भैया हैं धामी जी!*

*मुख्यमंत्री के रूप में ही नहीं, बड़े भाई के रूप में भी धामी को देखती है प्रदेश की मातृशक्ति*

*सशक्त बहना उत्सव में दिखा सरकार और मातृशक्ति के बीच विश्वास और आत्मीयता का रिश्ता*


सशक्त बहना उत्सव के तहत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने डबल इंजन सरकार की योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलाव, आत्मनिर्भर बनने की यात्रा और मुख्यमंत्री के प्रति अपने आत्मीय भाव साझा किए।


संवाद का सबसे भावुक पल तब आया, जब डोईवाला की एक महिला ने मुख्यमंत्री धामी को प्रदेश की महिलाओं का ‘बड़ा भाई’ बताया। वहीं पौड़ी गढ़वाल की एक महिला ने मुख्यमंत्री के साथ अपने रिश्ते को ‘गुरु-शिष्य’ जैसा बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सरकार से मिले सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।


*डोईवाला की महिला बोली—प्रदेश की महिलाएं आपको बड़े भाई के रूप में जानती हैं*


डोईवाला की महिला ने मुख्यमंत्री से कहा कि आज प्रदेश की मातृशक्ति तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है और इसमें सरकार की योजनाओं का बड़ा योगदान है। सरकार से मिले सहयोग ने महिलाओं को अपने हुनर को स्वरोजगार में बदलने का अवसर दिया है।


उन्होंने बताया कि उनके समूह की महिलाएं मसाले, अचार, धूप सहित विभिन्न स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं। मसाला यूनिट का मासिक कारोबार करीब तीन से चार लाख रुपये तक पहुंच चुका है, जिससे 10 से 15 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। इसके साथ ही दाल-बड़ी यूनिट भी शुरू की गई है।


उन्होंने सरकार की ओर से मिली पांच लाख रुपये की सहायता से कैंटीन शुरू करने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आपको केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि अपने बड़े भाई के रूप में देखती हैं। सरकार के सहयोग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का विश्वास दिया है।


*पौड़ी की महिला बोली—आपका और हमारा रिश्ता गुरु-शिष्य का*


पौड़ी गढ़वाल की महिला ने मुख्यमंत्री का अभिवादन ‘राधे-राधे’ से करते हुए अपने अनुभव बेहद आत्मीय अंदाज में साझा किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ उनका रिश्ता गुरु-शिष्य जैसा है—जिस तरह गुरु मार्ग दिखाकर आगे बढ़ने का हौसला देता है, उसी तरह मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और सरकार के सहयोग ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई।


उन्होंने बताया कि पहले संसाधनों और आत्मविश्वास की कमी थी, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बाद उन्होंने बकरी पालन को स्वरोजगार का माध्यम बनाया। आज उनके समूह की महिलाएं सिलाई के साथ अचार, धूपबत्ती, होली के रंग और राखियां तैयार कर बाजार तक पहुंचा रही हैं।


उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि आज हम आत्मविश्वास के साथ आपके सामने बैठकर अपनी सफलता की कहानी बता पा रहे हैं, यह सरकार से मिले सहयोग का परिणाम है।


योजनाओं ने दिया संबल, आत्मनिर्भरता बनी मातृशक्ति की पहचान


सशक्त बहना उत्सव में सामने आई महिलाओं की सफलता की कहानियां इस बात की तस्वीर पेश करती हैं कि डबल इंजन सरकार की योजनाएं महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि स्वरोजगार, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव बन रही हैं।


मुख्यमंत्री धामी के साथ संवाद के दौरान मातृशक्ति का सहज अपनापन और विश्वास यह भी दर्शाता है कि सरकार और महिलाओं के बीच योजनाओं से आगे बढ़कर आत्मीयता का रिश्ता मजबूत हुआ है। यही विश्वास प्रदेश की बहनों को स्वरोजगार से स्वावलंबन और स्वावलंबन से सशक्तिकरण की ओर आगे बढ़ा रहा है।


: *मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 6 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत आन्तरिक मार्गों में इंटरलॉकिंग टाईल्स निर्माण हेतु ₹ 4.38 करोड की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 2.63 करोड़ तथा जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता के अन्तर्गत नगर पंचायत, नानकमत्ता में पानी निकासी एवं सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु लागत ₹ 95.71 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 57.42 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के ग्राम कुशैल, रसेपाटा स्थित प्राचीन सैम मंदिर का जीर्णाेद्धार/सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 59.80 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 35.88 लाख के साथ ही जिला न्यायालय, परिसर उधमसिंहनगर (मुख्यालय रूद्रपुर) और उधमसिंह नगर के बाह्य न्यायालयों-काशीपुर, खटीमा, बाजपुर, जसपुर, किच्छा और सितारगंज में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना हेतु ₹ 2.77 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


देहरादून :


*धामी सरकार की बागेश्वर को बड़ी सौगात, पहाड़ की पहचान से सजेगा राज्य अतिथि गृह*


*₹19.30 करोड़ के प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने की समीक्षा, स्थानीय पहाड़ी वास्तुशैली में निर्माण के निर्देश*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर राज्य में सरकारी परिसंपत्तियों के विकास और निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं उपयोगिता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को सचिव राज्य संपत्ति एवं आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण कार्य की समीक्षा की। सचिव की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में विभागीय व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य अतिथि गृह निर्माण कार्य योजना के ₹1930.11 लाख के संस्तुत विस्तृत आगणन पर विस्तार से चर्चा की गई।


*स्थानीय पहाड़ी वास्तुशैली में बनेगा भवन*

बैठक में कार्यदायी संस्था प्रान्तीय खंड, लोक निर्माण विभाग, बागेश्वर की ओर से प्रस्तावित कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण के बाद सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह का भवन आकर्षक स्थानीय पहाड़ी वास्तुशैली पर आधारित होना चाहिए, ताकि भवन अपनी उपयोगिता के साथ बागेश्वर की स्थानीय पहचान और वास्तुकला को भी प्रदर्शित करे। सचिव ने भवन के प्रवेश द्वार और मुख्य भवन पर राज्य अतिथि गृह का लोगो एवं साइनेज आकर्षक, स्पष्ट और प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि सरकारी भवनों के निर्माण में आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय परिवेश और वास्तुशैली का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।


*डोरमेट्री में 20 लोगों की क्षमता*

बैठक में अतिथि गृह में प्रस्तावित डोरमेट्री कक्ष की क्षमता को लेकर भी निर्देश दिए गए। सचिव ने डोरमेट्री कक्ष को 20 व्यक्तियों के अनुरूप विकसित करने को कहा। साथ ही उपलब्ध अतिरिक्त क्षेत्रफल का बेहतर उपयोग करते हुए उसमें एक स्टोर कक्ष प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए। इससे भवन की उपयोगिता और व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जा सकेगा। सचिव ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि बैठक में दिए गए सभी सुझावों और आवश्यक संशोधनों को कार्ययोजना में शामिल किया जाए। संशोधित प्रस्ताव तैयार कर शासन के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि निर्माण कार्य को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी अभिषेक रुहेला, संयुक्त सचिव राज्य संपत्ति विभाग सुरेंद्र सिंह रावत, नियोजन विभाग के प्रतिनिधि अयाज अहमद तथा कार्यदायी संस्था की ओर से अधिशासी अभियंता ऋषिराज वर्मा उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं उपयोगिता पक्षों पर चर्चा की।


*गुणवत्ता के साथ स्थानीय पहचान को भी दर्शाएगा राज्य अतिथि - डॉ. आर. राजेश कुमार*

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप राज्य में सरकारी परिसंपत्तियों के निर्माण में गुणवत्ता, उपयोगिता और स्थानीय परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जा रही है। बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह का भवन केवल एक सरकारी आवासीय सुविधा तक सीमित न रहे, बल्कि क्षेत्र की स्थानीय पहचान और पहाड़ी वास्तुशैली को भी प्रदर्शित करे, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भवन में आने वाले अतिथियों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ उपलब्ध भूमि और क्षेत्रफल का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। डोरमेट्री की क्षमता 20 व्यक्तियों के अनुरूप रखने और अतिरिक्त क्षेत्र में स्टोर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में दिए गए सभी सुझावों को कार्ययोजना में शामिल कर संशोधित रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए गए हैं।


देहरादून :

*धामी सरकार का विकास पर फोकस, मास्टर प्लान से अवैध निर्माण तक सचिव आवास ने की समीक्षा*


*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों पर सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने आवास विभाग से संबंधित राज्य के सभी प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष व सचिवों के साथ ही अन्य अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं और और प्राधिकरण द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शहरों के सुनियोजित विकास, मास्टर प्लान, प्रधानमंत्री आवास योजना, नागरिक शिकायतों के त्वरित निस्तारण, नजूल नीति, एकल समाधान योजना (OTS), अवैध निर्माण पर कार्रवाई और RERA से जुड़े कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव ने अधिकारियों को योजनाओं में तेजी लाने के साथ कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति और संचालित योजनाओं की उपलब्धियों की जानकारी ली गई। साथ ही आने वाले समय के लिए विभाग की भविष्य की कार्ययोजना और विजन पर भी चर्चा हुई। सचिव ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग जरूरी है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।


*मास्टर प्लान को मिलेगी गति*

समीक्षा बैठक में विभिन्न जनपदों और नगरों के मास्टर प्लान की प्रगति और अद्यतन स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। शहरों के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए मास्टर प्लान को महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सचिव ने संबंधित अधिकारियों से इसकी प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि मास्टर प्लान से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाया जाए और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नियोजित विकास पर फोकस किया जाए।


*पीएम आवास योजना पर भी जोर*

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों तक आवासीय सुविधाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


*शिकायतों का हो त्वरित समाधान*

नागरिक शिकायतों और आवंटियों से संबंधित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण को लेकर भी सचिव ने अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।


*नजूल नीति, OTS और अवैध निर्माण पर नजर*

समीक्षा बैठक में नजूल नीति और एकल समाधान योजना (OTS) से जुड़े मामलों की भी जानकारी ली गई। साथ ही अवैध निर्माण पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए सचिव ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहरों में अनियोजित और अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।


*RERA के कार्यों की भी समीक्षा*

बैठक में भू नियामक एवं विकास प्राधिकरण (RERA) से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, परियोजनाओं की निगरानी और संबंधित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप आवास विभाग से जुड़ी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देने के साथ ही आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं।


उत्तरकाशी:


 यमुनोत्री रोड पर खरादी क्षेत्र में यमुना नदी के तेज बहाव के बीच फंसे एक मजदूर को SDRF की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बचा लिया। घटना के दौरान नदी में बह रहा युवक किसी तरह बीच नदी में स्थित एक चट्टान को पकड़कर उसके ऊपर चढ़ गया था।


आज दिनांक 23/08/26 को SDRF पोस्ट बड़कोट को स्थानीय व्यक्ति के माध्यम से सूचना मिली कि खरादी क्षेत्र में एक व्यक्ति यमुना नदी के बीच फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही सब इंस्पेक्टर आशुतोष चौहान के नेतृत्व में SDRF टीम महज कुछ मिनटों में आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गई।


घटनास्थल पर SDRF टीम ने देखा कि नदी के बीच एक व्यक्ति तेज बहाव के बीच चट्टान पर फंसा हुआ है। पूछताछ में उसकी पहचान *सुजीत यादव पुत्र नरेश यादव, निवासी ग्राम पुरंदरपुर, थाना नौतन, जिला बेतिया, बिहार* के रूप में हुई। सुजीत यादव पेशे से मजदूरी करता है।


बताया गया कि सुजीत यमुना नदी में स्नान कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बहने लगा। जान बचाने की कोशिश में उसने नदी के बीच एक चट्टान को पकड़ लिया और उस पर चढ़ गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना SDRF को दी।


SDRF टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित एवं साहसिक रेस्क्यू अभियान चलाते हुए युवक को नदी के तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद युवक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।


 चौधरी फार्म और सर्वे स्टेडियम में बहनों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री,

 *रक्षाबंधन पर 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा की सौगात* 

 *महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का मुख्यमंत्री ने किया उल्लेख* 

 *प्रदेश की करीब 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर बढ़ा रहीं आत्मनिर्भरता की ओर कदम* 


 *3 लाख से अधिक बहनें बनीं लखपति दीदी, सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण* 



 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर प्रदेश की मातृशक्ति के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रतिभाग किया। इसके पश्चात उन्होंने हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। दोनों ही कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उत्तराखंड की समस्त माताओं और बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि यह पवित्र पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियों की नई सौगात लेकर आए। उन्होंने कहा कि आज बहनों के बीच पहुंचकर उन्हें ऐसा अनुभव हो रहा है, जैसे कोई भाई अपने घर-परिवार के बीच पहुंचा हो। मातृशक्ति से मिल रहा स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यही उन्हें उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि यह अटूट स्नेह, विश्वास, समर्पण और सुरक्षा के उस पवित्र संकल्प का पर्व है, जिसे भाई अपनी बहन के प्रति जीवनभर निभाने का प्रयास करता है। यह पर्व हमें यह भी सिखाता है कि रिश्ते केवल अधिकारों से नहीं, बल्कि कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के निर्वहन से मजबूत होते हैं। भाई का बहन के प्रति स्नेह एवं सुरक्षा का संकल्प और बहन का भाई के प्रति अटूट विश्वास—इन दोनों पवित्र भावनाओं को रक्षाबंधन और अधिक मजबूत करता है।


उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन हमें नारी सम्मान के महत्व का भी स्मरण कराता है। नारी का सम्मान केवल हमारा कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कार का आधार है। नारी परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और संस्कृति की भी मूल शक्ति है। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित बनता है। 



मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति होती है। जब महिला सशक्त होती है तो उसका लाभ केवल परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज और राष्ट्र आगे बढ़ता है। आज महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर देश की सीमाओं तक, घर-परिवार से लेकर उद्योग और व्यवसाय तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। अब महिलाएं केवल सहभागिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में भी आगे बढ़ रही हैं।


उन्होंने कहा कि जब देवभूमि उत्तराखंड की मातृशक्ति की बात आती है तो उनका सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। पहाड़ की महिलाओं ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया है और परिवार, समाज तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


 *महिला सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक पहल* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री जी ने ‘नारी तू नारायणी’ के भाव को शासन की नीतियों और कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने, जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर नल से जल पहुंचाने, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं को घर के स्वामित्व से जोड़ने तथा लखपति दीदी अभियान के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण, शौचालयों का निर्माण और तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खिलाफ निर्णायक कदम भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं। केंद्र सरकार की नीतियों के केंद्र में मातृशक्ति का सम्मान और कल्याण सर्वोपरि है।


 *उत्तराखंड में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड सरकार भी मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।


इसी उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। ये स्वयं सहायता समूह केवल आय का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सामूहिक शक्ति, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता के मजबूत केंद्र बन चुके हैं। प्रदेश में 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन भी महिलाओं की सामूहिक क्षमता और नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि 3 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। इन महिलाओं ने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि पूरे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों के स्तर पर भी सशक्त किया जा रहा है। प्रदेश में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। वहीं समान नागरिक संहिता के माध्यम से सभी वर्गों की महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।


उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की संख्या इतनी अधिक है कि यदि वे एक-एक योजना का उल्लेख करने लगें तो समय कम पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए ये योजनाएं केवल सरकारी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि मातृशक्ति को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन प्रदान करने की प्रतिबद्धता हैं।



 *34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मां के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसका बेटा या बेटी पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा हो जाए, रोजगार प्राप्त करे और अपने परिवार का सहारा बने। इसके विपरीत बच्चे के पढ़-लिखने के बाद भी रोजगार के लिए भटकना मां के लिए सबसे बड़ा दर्द होता है। सरकार ने इसी पीड़ा को समझते हुए अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया है।


उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल रोजगार देने की बात नहीं की, बल्कि भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार भी किए हैं। नकल विरोधी कानून लागू किया गया, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई तथा योग्य युवाओं के साथ अन्याय रोकने के लिए कठोर व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। आज प्रदेश का युवा यह विश्वास कर सकता है कि उसकी मेहनत का परिणाम उसकी योग्यता तय करेगी, न कि किसी नकल माफिया या भ्रष्ट व्यवस्था का प्रभाव।


“ *मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, एक भाई के रूप में आपके बीच आया हूं”* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के रक्षाबंधन समारोह में वे केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में अपनी बहनों के बीच उपस्थित हैं। उन्होंने मातृशक्ति से कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को कभी कोई परेशानी हो तो वह निःसंकोच अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उनकी समस्या का संज्ञान लेकर उसके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा और वे एक भाई होने के अपने दायित्व को निभाने का पूरा प्रयास करेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए बहनों का विश्वास और स्नेह सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है जहां बेटियां सुरक्षित हों, बहनें आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें और प्रदेश का युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त हो। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्होंने मातृशक्ति से आशीर्वाद, सहयोग और विश्वास की अपेक्षा की।


 *रक्षाबंधन पर महिलाओं को निःशुल्क रोडवेज यात्रा की सौगात* 

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को विशेष सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा की घोषणा की। इस सुविधा से प्रदेश की महिलाएं रक्षाबंधन के अवसर पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए सुगमता से यात्रा कर सकेंगी। सरकार ने इस सुविधा के माध्यम से रक्षाबंधन के पर्व को मातृशक्ति के लिए और अधिक सुविधाजनक एवं आत्मीय बनाने का प्रयास किया है।


चौधरी फार्म, जीएमएस रोड में आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम के आयोजक श्री जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड  आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय कुमार रोहिला, अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आई महिलाएं उपस्थित रहीं।


वहीं, हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी एवं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।




दोनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों से संवाद करते हुए रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

 *हरिद्वार में संत समागम में एक राष्ट्र-एक चुनाव पर संवाद में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की सहभागिता*



*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को बल: शिवराज सिंह चौहान ने कहा- एक राष्ट्र-एक चुनाव आज देश की जरूरत*


*केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश: बार-बार चुनाव विकास में बाधक*


*जनजागरण की अपील: शिवराज सिंह चौहान ने संत समाज से किया आग्रह- मोदी जी के विचार को जनता तक पहुँचाएँ*


*शिवराज सिंह चौहान ने कहा- देश पहले, पार्टी बाद में; एक राष्ट्र-एक चुनाव का मोदी जी का संकल्प हो पूरा*


*वंदे मातरम: पूरा गान देश की एकता का प्रतीक; अब भारत को और विभाजित नहीं होने दिया जाएगा- शिवराज सिंह चौहान*


*हरिद्वार/नई दिल्ली/भोपाल, 23 अगस्त 2026,* हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने संत समागम को सम्बोधित करते हुए "एक राष्ट्र-एक चुनाव" की ताकत और आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बार-बार होने वाले चुनावों को देश की प्रगति के लिए बाधक बताते हुए संत समाज से इस संवैधानिक परिवर्तन के लिए जनजागरण का आह्वान किया। उत्तराखंड मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी इस मौके पर उपस्थित रहे और केंद्रीय मंत्री के साथ जुड़कर समर्थन व्यक्त किया। 


केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए इस आग्रह और संकल्प का खुलकर समर्थन करते हुए "एक राष्ट्र-एक चुनाव" की परिकल्पना को देश के हित में आवश्यक करार दिया। श्री चौहान ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव राष्ट्र की विकास गति और जनसेवा को प्रभावित कर रहे हैं और समय, पैसा तथा प्रशासनिक ऊर्जा का भारी क्षय कर रहे हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि लगातार चुनावों के कारण स्कूलों में पढ़ाई रुकती है, प्रशासनिक मशीनरी चुनाव की तैयारियों में लग जाती है और जनता तक विकास कार्यों की गति धीमी पड़ जाती है। उन्होंने चुनावों की तैयारी पर लगने वाले समय और खर्च, जो रिपोर्ट के मुताबिक लाखों करोड़ तक पहुँचते हैं, को रोका जा सके तो देश लाभान्वित होगा। श्री चौहान ने कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ हों तो संसाधनों की बचत होगी, चुनाव सम्बंधी समय की बचत होगी और प्रशासनिक ध्यान विकास पर केंद्रित रहेगा।


उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे अपनी उपस्थिति और कहने की शक्ति से जनजागरण में मदद करें। श्री चौहान ने कहा कि संतों के आशीर्वाद और उनके शिष्यों के व्यापक प्रभाव से यह विचार देश में तेजी से फैल सकता है और राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित के लिए एक मजबूत जनप्रेरणा बन सकती है।उन्होंने यह भी निवेदन किया कि संत अपने प्रवचनों में "एक राष्ट्र-एक चुनाव" का समर्थन करें ताकि जनता में उत्साह पैदा हो और संवैधानिक संशोधन का मार्ग सुगम बने। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस विषय पर उठाए गए कदमों और विधेयक का उल्लेख करते हुए उनका समर्थन किया और कहा कि यह काम सिर्फ एक पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश का मुद्दा है, देश आगे रहेगा तो पार्टियाँ भी बनी रहेंगी। 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंच से कहा कि उत्तराखंड सरकार और वे व्यक्तिगत रूप से इस विचार को समर्थन देते हैं और साथ मिलकर जनसमर्थन बढ़ाने में योगदान देंगे। श्री चौहान ने उपस्थित संत समाज और जनता से आशीर्वाद मांगा और वंदे मातरम के पूरे स्वरूप का समर्थन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि संत समाज का साथ मिलने पर "एक राष्ट्र-एक चुनाव" का संकल्प पूरा हो सकता है और इससे भारत के समृद्धि, विकास व आत्मनिर्भरता के मार्ग खुलेंगे।


शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में वंदे मातरम के महत्व पर विशेष जोर दिया और कहा कि यह गीत देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है, न कि किसी पार्टी या समुदाय का। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के पूर्व मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम के दो टुकड़े कर दिए गए थे और वही विभाजन का एक कारण बना; अब और भारत विभाजित नहीं होने दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने संत समाज से आह्वान किया कि वे अपने प्रवचनों में वंदे मातरम के पूरे स्वरूप का समर्थन करें और जनता में यह भावना जगाएं कि देश की मातृभूमि की वंदना में कोई विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब संतों की आवाज़ से जनजागरण होगा, तो कोई भी वंदे मातरम के पूरे गान का विरोध करने का साहस नहीं कर पाएगा।

 

छिददरवाला :




 ग्राम पंचायत छिददरवाला में लगातार गुलदार की दस्तक से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। अब गुलदार आबादी क्षेत्र में पहुंचकर ग्रामीणों के मवेशियों को निशाना बनाने लगा है। शनिवार देर शाम गुलदार ने ग्रामीण नीमा देवी के घर के आंगन में बंधी बछड़ी पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

नीमा देवी ने बताया कि देर रात जब वह घर से बाहर निकलीं तो बछड़ी में कोई हलचल नजर नहीं आई। पास जाकर देखने पर उसके शरीर पर गुलदार के हमले के निशान मिले और बछड़ी मृत अवस्था में पड़ी थी। इसके बाद उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को बाहर बुलाया।

परिजनों ने घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो उसमें गुलदार की चहलकदमी दिखाई दी। घटना की सूचना ग्राम प्रधान गोकुल रमोला को दी गई। ग्राम प्रधान ने तत्काल वन विभाग को मामले की जानकारी दी।

सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा रात के समय घरों के बाहर पर्याप्त रोशनी रखने की सलाह दी है।

आबादी में बढ़ती गुलदार की सक्रियता से ग्रामीणों में चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार लगातार आबादी क्षेत्र के आसपास दिखाई दे रहा है। अब घर के आंगन में बंधे मवेशी पर हमला होने से लोगों में भय और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकडने  के लिये क्षेत्र मे पिजरा लगाने की मांग की है।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.