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देहरादून, 26 सितंबर 2026। 

sdrf uttarakhand  got ISO 9001



आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू सेवाओं में गुणवत्ता, दक्षता और मानकीकरण की दिशा में SDRF उत्तराखंड पुलिस ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। SDRF वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट द्वारा ISO 9001 Certification की निर्धारित प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और मानकीकृत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ के मार्गदर्शन में SDRF द्वारा अपनी कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और रेस्क्यू प्रक्रियाओं में लगातार गुणवत्ता सुधार किए जा रहे हैं।


ISO Certification की प्रक्रिया के अंतर्गत 14 जुलाई 2026 को SDRF वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रथम ऑडिट किया गया। पूर्व वैज्ञानिक ‘G’ एवं उप महानिदेशक, BIS, भारत सरकार श्री विष्णु गुप्ता द्वारा सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी की उपस्थिति में वाहिनी की विभिन्न शाखाओं और कार्यप्रणालियों का विस्तृत निरीक्षण किया गया।


ऑडिट के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, प्रशिक्षण प्रणाली, दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। निर्धारित मानकों और आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए SDRF उत्तराखंड ने ISO 9001 Certification की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की है।


SDRF उत्तराखंड पुलिस आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ISO 9001 Certification प्राप्त करने वाली प्रथम एजेंसी बनने की दिशा में अग्रसर है। यह उपलब्धि बल की कार्यप्रणाली में गुणवत्ता, मानकीकरण, जवाबदेही और निरंतर सुधार के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


ISO 9001 Certification से SDRF की कार्यप्रणाली के मानकीकरण, बेहतर दस्तावेजीकरण एवं जवाबदेही, संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन तथा प्रशिक्षण और रेस्क्यू प्रक्रियाओं में निरंतर गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा मिलेगा। इससे आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी, त्वरित एवं व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी।


सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से SDRF उत्तराखंड आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षण, मानकीकृत प्रक्रियाओं और गुणवत्तापूर्ण आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ कर रहा है। ISO 9001 Certification की दिशा में हासिल यह उपलब्धि SDRF की दक्षता, गुणवत्ता और प्रभावी आपदा प्रबंधन सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

 बारिश को लेकर आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह अलर्ट मोड पर: मंत्री मदन कौशिक



 आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश में मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राज्य एवं जनपद स्तर पर मौसम और बारिश की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है तथा सभी संबंधित अधिकारियों एवं विभागों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।


उन्होंने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों के माध्यम से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात फील्ड टीमें सतर्क हैं तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं।


श्री कौशिक ने कहा कि नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों एवं संवेदनशील सड़क मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने तथा किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।


उन्होंने आमजन से अपील की कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों एवं बरसाती गदेरों के आसपास न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों की सुरक्षा है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


सचिव आपदा प्रबंधन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में बारिश की स्थिति की समीक्षा की*

*मुख्यमंत्री ने भी लिया बारिश एवं आपदा प्रबंधन की स्थिति का अपडेट*

*फील्ड में सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर*

देहरादून;


 सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने शनिवार को पूरे दिन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उपस्थित रहकर प्रदेश में जारी बारिश की स्थिति की लगातार समीक्षा की। उन्होंने राज्य के विभिन्न जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक कर वहां की स्थिति, वर्षा एवं संभावित चुनौतियों के संबंध में जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जनपदों से निरंतर फीडबैक लिया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी प्रदेश में बारिश की स्थिति एवं तैयारियों के संबंध में अपडेट लिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सभी जनपदों एवं संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि फील्ड में सभी टीमें एवं अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा गया है।


सचिव आपदा प्रबंधन ने जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों, भूस्खलन संभावित स्थलों, नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों को सक्रिय रखते हुए किसी भी घटना की सूचना तत्काल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव टीमों को तत्काल रवाना करने के निर्देश दिए गए हैं।


उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा 27 सितंबर के लिए जारी चेतावनी को देखते हुए सभी जनपद विशेष सतर्कता बरतें। 27 सितंबर को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल में रेड अलर्ट, तथा शेष सभी जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 


उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के दौरान नदी-नालों एवं गदेरों के आसपास अनावश्यक आवाजाही को रोका जाए तथा स्थानीय लोगों और यात्रियों को मौसम की स्थिति के संबंध में लगातार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, पेयजल एवं अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।


श्री सुमन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सभी अधिकारी एवं फील्ड टीमें पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और राहत-बचाव कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा प्रदेश की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।


*उधम सिंह नगर में सर्वाधिक वर्षा, गुलरभोज में 91.5 मिमी बारिश दर्ज* 


 प्रदेश में आज हुई वर्षा के आंकड़ों के अनुसार उधम सिंह नगर जनपद में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। जनपद के गुलरभोज में 91.5 मिमी, काशीपुर में 89.0 मिमी तथा गदरपुर में 86.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से लगातार हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मौसम विज्ञान विभाग के साथ लगातार संपर्क स्थापित किया गया है। मौसम संबंधी सभी अलर्ट को आम जनमानस तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि वह समय रहते सचेत रह सके और एहतियाती कदम उठा सकें।


वहीं नैनीताल जनपद में कोश्याकुटोली में 87.5 मिमी, नैनीताल में 78.5 मिमी तथा धारी में 66.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

चंपावत जनपद में पाटी में 72.5 मिमी, लोहाघाट में 68.5 मिमी तथा चंपावत में 60.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

पौड़ी गढ़वाल जनपद में नैनीडांडा में 65.0 मिमी, लैंसडौन में 54.0 मिमी तथा कालागढ़ में 52.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

अल्मोड़ा जनपद में जैंती में 63.0 मिमी, सितलाखेत में 61.5 मिमी तथा रानीखेत में 57.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

देहरादून जनपद में निरंजनपुर में 57.0 मिमी, रायवाला में 20.5 मिमी तथा चकराता में 18.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

पिथौरागढ़ जनपद में गनाई गंगोली में 47.5 मिमी, गंगोलीहाट में 46.0 मिमी तथा बेरीनाग में 38.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

बागेश्वर जनपद में डंगोली में 47.0 मिमी, कांडा में 44.5 मिमी तथा लिटी में 34.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

उत्तरकाशी जनपद में जानकी चट्टी में 43.0 मिमी, गंगोत्री में 41.0 मिमी तथा हर्षिल में 33.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

चमोली जनपद में पोखरी में 42.0 मिमी, औली में 40.0 मिमी तथा गौचर में 38.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

रुद्रप्रयाग जनपद में अगस्त्यमुनि में 26.0 मिमी, जखोली में 25.5 मिमी तथा सोनप्रयाग में 25.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

हरिद्वार जनपद में खानपुर में 23.5 मिमी, लक्सर में 21.5 मिमी तथा हरिद्वार में 19.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

टिहरी गढ़वाल जनपद में चंबा में 19.5 मिमी, कनाताल में 18.5 मिमी तथा नई टिहरी में 16.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।


 उत्तरकाशी:

CS uttarakhand worshipped at gangotri


*मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने गंगोत्री धाम में की पूजा-अर्चना, व्यवस्थाओं का लिया जायजा*


जनपद भ्रमण के दूसरे दिन शनिवार को मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनंद बर्द्धन ने गंगोत्री धाम में मां गंगा और विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान काशी विश्वनाथ एवं शक्ति मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधिवत पूजा कर मां गंगा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।


पूजा-अर्चना के बाद मुख्य सचिव ने गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर गंगोत्री धाम में चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।


उन्होंने गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही घाटों पर स्वच्छता व्यवस्था, नियमित साफ-सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाटों एवं मंदिर परिसर के आसपास साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर बनी रहे और श्रद्धालुओं को दर्शन एवं स्नान के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।



इस दौरान मंदिर समिति सचिव सुरेश सेमवाल, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र सहित अन्य अधिकारी और मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


चारधामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने में जुटी धामी सरकार*

*नगर पंचायतों ने अभियान चलाकर एकत्रित किया 798 टन कचरा*

*मुख्यमंत्री धामी के आह्वान का श्रद्धालु भी हुए जागरूक*


चारधाम यात्रा को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाए जाने को धामी सरकार की मुहिम रंग लाई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आह्वान पर जहां श्रद्धालु धामों की पवित्रता और स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए हैं, वहीं सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार विभागों की कार्य संस्कृति में भी बदलाव आया है। नगर पंचायतों के प्रयासों से इस यात्राकाल में अब तक 798 टन कचरा एकत्रित किया जा चुका है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री में नगर पंचायत प्रशासन विशेष अभियान चलाकर कचरे को निस्तारित कर रहा है। यमुनोत्री में सफाई की व्यवस्था जिला पंचायत के जिम्मे है।


*केदारनाथ*

केदारनाथ धाम नगर पंचायत क्षेत्र में इस यात्रा सीजन के दौरान अब तक कुल 32 टन सॉलिड वेस्ट एकत्रित किया जा चुका है, जिसमें 20 टन प्लास्टिक वेस्ट शामिल है। इस बार धाम में शहरी विकास विभाग द्वारा एक अतिरिक्त कॉम्पेक्टर मशीन लगाई गई है। इस तरह जमा सॉलिड वेस्ट को गौरीकुंड पहुंचाया जा रहा है, जिसके बाद इसे नीलाम किया जाएगा। इधर, केदारनाथ के पैदल मार्ग, सफाई का प्रबंधन सुलभ इंटरनेशनल द्वारा किया जाता है, संस्था इस यात्रा सीजन में अब तक 270 टन सॉलिड वेस्ट जमा कर चुकी है, जिसमें से अब तक साढ़े छह टन प्लास्टिक वेस्ट, रिसाइकिल के लिए भेजा जा चुका है। 


*बद्रीनाथ*

बद्रीनाथ धाम में इस यात्रा सीजन के दौरान अब तक कुल 393 टन कचरा जमा हो चुका है। इसमें 161 टन सूखा कूड़ा है, बद्रीनाथ नगर पंचायत द्वारा धाम में ही सॉलिड वेस्ट को कॉम्पेक्ट किया जा रहा है, इस आधार पर अब तक करीब 24 टन प्लास्टिक वेस्ट अलग निकाला जा चुका है, जिसमें सर्वाधिक प्लास्टिक वेस्ट पानी की बोतलों का है। इस जमा प्लास्टिक वेस्ट को अब नीलामी के लिए तैयार किया रहा है। 


*गंगोत्री*

गंगोत्री धाम में यात्राकाल में अब तक कुल 98 टन कचरा एकत्रित किया जा चुका है। इसमें नगर पंचायत 22 टन प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल कर इससे ₹55,000 की आय भी अर्जित कर चुकी है। इसके अलावा ढाई टन खाद भी कूड़े से तैयार की गई है। धाम क्षेत्र में सफाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर पंचायत की ओर से हर रोज विशेष सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है। 

*यमुनोत्री*

यमुनोत्री धाम की यात्रा में 4.85 टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर उसका सुरक्षित निस्तारण किया गया है। इसमें 1790 किलो जानकीचट्टी बाजार से ग्रामीण बाजार डामटा तक और 3060 किलो जानकीचट्टी से खरसाली बाजार क्षेत्र से एकत्रित किया गया है। यहां सफाई का जिम्मा जिला पंचायत के पास है।


चारधाम हमारी आस्था और संस्कृति के साथ-साथ हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी का भी हिस्सा हैं। हम चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चारों धामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, प्लास्टिक कचरे के रिसाइकिल किए जाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अभियान की सफलता के लिए सरकार के साथ श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और व्यापारियों की सहभागिता भी जरूरी है।”

*पुष्कर सिंह धामी*

*मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड*

 


आगामी 26 एवं 27 सितंबर को मौसम विभाग द्वारा गढ़वाल मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में ऑरेंज एवं रेड अलर्ट जारी किया गया है। वर्तमान में चारधाम यात्रा द्वितीय चरण में गतिमान है। मौसम की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए आयुक्त गढ़वाल मंडल श्री आनंद स्वरूप द्वारा गढ़वाल मंडल के सभी जिलाधिकारियों से विचार-विमर्श किया गया।

rain alert 27 and 28 september 2026


जिलाधिकारियों से प्राप्त फीडबैक एवं स्थानीय परिस्थितियों के आकलन के उपरांत निर्णय लिया गया कि यात्रा को स्थगित न करते हुए भारी वर्षा की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए परिस्थितियों के अनुसार यात्रियों को निकटतम होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा। 


आयुक्त गढ़वाल ने कहा कि यात्रा मार्गों पर मौसम एवं सड़क की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित जिला प्रशासन, पुलिस एवं अन्य विभागों को यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


उन्होंने चारधाम यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही यात्रा करें। भारी वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसम की स्थिति में प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा के लिए लिए गए निर्णयों में सहयोग करें।


आयोग की गाईडलाइन के अनुसार तैयार में जुटें अफसर- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

- मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर पेयजल, बिजली एवं आवश्यक सुविधा करें सुनिश्चित


देहरादून:



 मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने गुरुवार को सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन की तैयारियों के सम्बंध में बैठक ली। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आयोग द्वारा निर्धारित गाइडलाइन / इलेक्शन प्लानर के अनुसार चरणवद्ध तैयारियों के सम्बंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर मतदान केंद्र के भवन की स्थिति, बिजली, पेयजल, एवं अन्य जरुरी सुविधाओं को सुनिश्चित कर लिया जाए। उन्होंने जनपदों को निर्देश दिए कि आयोग द्वारा निर्धारित तिथियों के अनुसार सभी डीईओ, आरओ एवं स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण में प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों को स्वीप प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बूथ, एवं विधानसभा स्तर पर कार्मिकों का विवरण तैयार करने के साथ ही आवश्यक वाहनों, कार्मिकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को स्पष्ट किया आगामी माह में आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उत्तराखण्ड का भ्रमण किया जा सकता है जिसमें सभी जिलाधिकारियों से चुनाव तैयारियों के सम्बंध में विस्तारपूर्वक समीक्षा की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जनपद यथा समय इन तैयारियों को पूर्ण कर लें।


बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सभी जनपदों की विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की। बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास सहित सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।



 देहरादून :




मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरूवार को सचिवालय में बद्रीनाथधाम-केदारनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत चल रहे विभिन्न निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।


 मुख्य सचिव ने मास्टर प्लान के अंतर्गत एसेट हैंडओवर के कार्य की जानकारी ली। उन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों के तहत सेंट्रल स्ट्रीट के अंतर्गत 6 बिल्डिंग्स को टॉप मोस्ट प्रायोरिटी पर रखते हुए, यात्रा सीजन के उपरांत कार्य शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। 


मुख्य सचिव ने सम्बन्धित स्टेकहोल्डर्स के साथ आवश्यक एग्रीमेंट साइन करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराए जाने की बात कही, ताकि कार्य प्रारम्भ करने में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने संस्कृति मंत्रालय द्वारा कराए जा रहे विभिन्न कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारी को इन कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण हो सकें। 


मुख्य सचिव ने मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति न दिए जाने के महत्त्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए तत्काल जीओ जारी किए जाने की बात कही। विशेष रूप से फ्रैजाइल एवं एवलॉन्च प्रोन एरिया में किसी भी एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य की अनुमति न दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों के सम्बन्ध में सुरक्षा एवं पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। 


मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के फेज-1 एवं फेज-2 के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में बद्रीनाथ में निर्माणाधीन अस्पताल के सम्बन्ध में भी जानकारी ली गई। जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार ने बताया कि अस्पताल को लगभग 15 दिनों में प्रारम्भ किए जाने की योजना है। मुख्य सचिव ने अस्पताल को निर्धारित समयसीमा में प्रारंभ करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।


इस अवसर पर सचिव श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, एपीसीसीएफ डॉ. विवेक पाण्डेय, श्री सुरेन्द्र मेहरा, सीसीएफ श्री प्रसन्ना कुमार पात्रो, अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्री हिमांशु खुराना एवं श्री अभिषेक रोहिला सहित सम्बन्धित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे

 पर्वतारोहियों का साहस, अनुशासन और टीम भावना युवाओं के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री*


*मुख्यमंत्री ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के सफल पर्वतारोहण अभियानों का किया फ्लैग-इन

CM Dhaami wishes  mountaineer



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), उत्तरकाशी द्वारा संचालित चार सफल पर्वतारोहण अभियानों का फ्लैग-इन किया। इनमें जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (JIM&WS), पहलगाम के साथ संयुक्त रूप से संचालित माउंट एकांकागुआ अभियान भी शामिल था।


मुख्यमंत्री ने सभी पर्वतारोहियों को सफल अभियानों के लिए बधाई देते हुए चुनौतीपूर्ण उच्च पर्वतीय परिस्थितियों में उनके साहस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों की ये उपलब्धियां उत्तराखण्ड के साथ ही देश के युवाओं को साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करेंगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने पर्वतारोहण, साहसिक खेलों, युवा विकास और उच्च हिमालयी प्रशिक्षण के क्षेत्र में देश और प्रदेश में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। संस्थान द्वारा युवाओं को पर्वतारोहण एवं साहसिक गतिविधियों के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनमें साहस, नेतृत्व, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता भी विकसित की जा रही है।


माउंट एकांकागुआ (6,961 मीटर), अर्जेंटीना के लिए NIM और JIM&WS के संयुक्त अभियान का नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। छह सदस्यीय अभियान दल ने 22 फरवरी 2026 को माउंट एकांकागुआ के शिखर पर सफल आरोहण किया। इस संयुक्त अभियान को रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक से फ्लैग ऑफ किया था।


नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के नुन-कुन अभियान-2026 का नेतृत्व संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित ने किया। अभियान दल ने 15 अगस्त 2026 को माउंट कुन की 7,077 मीटर ऊंची चोटी पर सफल आरोहण किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हासिल की गई यह उपलब्धि अभियान दल के लिए विशेष रही। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए दल ने 26 अगस्त 2026 को माउंट डेल्टा-41 की 5,908 मीटर ऊंची चोटी तथा 31 अगस्त 2026 को माउंट नुन की 7,135 मीटर ऊंची चोटी पर भी सफल आरोहण किया। इस प्रकार अभियान दल ने एक ही अभियान के दौरान नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन चोटियों पर सफल आरोहण की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।


मुख्यमंत्री ने सभी अभियान सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं प्रदान करती हैं। पर्वतारोहियों की ऐसी उपलब्धियां युवाओं को साहसिक खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखण्ड की पहचान को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करती हैं।


इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री अमित कुमार सिन्हा, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित, जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स, पहलगाम के प्रधानाचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी. संतोष कुमार सहित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के अधिकारी एवं विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों के सदस्य उपस्थित थे।

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