Halloween party ideas 2015

 

*देशभर से कुल पांच युवा आपदा मित्र कैडेट्स का हुआ है चयन

देहरादून;

garvita bhakuni at home reception


 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले एट होम रिसेप्शन में उत्तराखण्ड से गर्विता भाकुनी का चयन हुआ है। गर्विता लोअर मॉल रोड, अल्मोड़ा की निवासी हैं, जो इस महत्वपूर्ण समारोह में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। देशभर से कुल पांच युवा आपदा मित्र कैडेट्स का चयन किया गया है, जिसमें गर्विता भी हैं। 

गर्विता भाकुनी राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की युवा आपदा मित्र कैडेट हैं। उत्तराखण्ड के अलावा कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मिजोरम तथा नागालैंड से एक-एक युवा आपदा मित्र कैडेट काद इस समारोह हेतु चयन किया गया है। मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गर्विता भाकुनी को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान उत्तराखण्ड के युवाओं की सेवा भावना, अनुशासन एवं आपदा प्रबंधन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में समुदाय ही सबसे पहला प्रतिक्रियादाता होता है। यदि स्थानीय समुदाय और युवा प्रशिक्षित हों तो राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी, त्वरित और सुरक्षित ढंग से किए जा सकते हैं। 

इसी सोच के साथ राज्य सरकार युवाओं को आपदा प्रबंधन तंत्र से जोड़ रही है, ताकि वे संकट की घड़ी में समाज की सहायता करने के साथ-साथ आपदा जोखिम को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों का मजबूत नेटवर्क भविष्य की चुनौतियों से निपटने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा तथा समाज में आपदा सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से संचालित युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड में 4,310 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इनमें राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), मेरा युवा भारत (एमवाईबी) तथा भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 2,700 युवाओं को आपदा प्रबंधन, खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, निकासी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, सामुदायिक जागरूकता तथा आपदा जोखिम न्यूनीकरण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षित कर ऐसा सक्षम स्वयंसेवी नेटवर्क तैयार करना है, जो आपदा से पहले जागरूकता फैलाने, आपदा के दौरान प्रशासन के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने तथा आपदा के बाद पुनर्वास एवं सामुदायिक सहायता में सक्रिय भूमिका निभा सके। 


*उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात-गर्विता* 

देहरादून। गर्विता भाकुनी ने कहा कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना उनके लिए अत्यंत गौरव और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि युवा आपदा मित्र के रूप में प्राप्त प्रशिक्षण ने मुझे समाज की सेवा करने का आत्मविश्वास और जिम्मेदारी का एहसास कराया है। मैं भविष्य में भी आपदा प्रबंधन एवं जनसेवा के क्षेत्र में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करती रहूंगी और अन्य युवाओं को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करूंगी।


देहरादून/डोईवाला:



महिला तथा बाल अपराधों के प्रति संवेदनशील दून पुलिस

 *दहेज हत्या के प्रकरण में त्वरित कार्यवाही हेतु एसएसपी देहरादून द्वारा क्षेत्राधिकारी डोईवाला के नेतृत्व में विशेष टीम का किया था गठन* 



दिनांक 29/07/2026 को श्रीमती सीमा कण्डारी पत्नी स्व0 श्री सुमेर सिंह कण्डारी निवासी श्रीकोट, निकट गेस गोदाम श्रीनगर जिला पौडी गढवाल द्वारा कोतवाली डोईवाला पर एक लिखित प्रार्थना पत्र अपनी पुत्री सृष्टि कण्डारी का विवाह नवम्बर 2025 में सौरभ खत्री निवासी लक्ष्मण एन्कलेव, दिल्ली फार्म, हर्रावाला, देहरादून के साथ होने व विवाह के बाद से ही उसके ससुराल पक्ष द्वारा उनकी पुत्री को दहेज के लिए प्रताडित करने तथा उनकी पुत्री के ससुराल पक्ष (पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी व ननद चारू) द्वारा वादिनी की पुत्री की हत्या किये जाने के सम्बन्ध में दिया गया। प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली डोईवाला पर तत्काल: मु0अ0स0 223/26 धारा 80(2) बीएनएस बनाम सौरभ खत्री आदि पंजीकृत किया गया। 


  घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा अभियोग की विवेचना सुश्री वन्दना वर्मा, क्षेत्राधिकारी डोईवाला के सुपुर्द करते हुए उनके नेतृत्व मे विशेष टीम का गठन किया गया, साथ ही घटना मे नामजद अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिये गये। 


गठित टीम द्वारा अभियोग में त्वरित साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए वादिनी व अभियोग से सम्बन्धित अन्य गवाहों के बयान अंकित किये गये। इस दौरान पुलिस टीम को मृतका की मां द्वारा घटना से पूर्व मृतका द्वारा उन्हें भेजी गयी एक वीडियो उपलब्ध कराई गयी, जिसमें मृतका द्वारा शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे लगातार प्रताडित किये जाने की बात बताई गयी थी। 


  पुलिस द्वारा की गयी त्वरित कार्यवाही व प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 01/08/2026 को पुलिस टीम द्वारा घटना में नामजद 02 अभियुक्तों 01-सौरभ खत्री पुत्र स्व0 श्री मनोहर खत्री तथा 02- सुरभि खत्री उर्फ चारू पुत्री स्व0 श्री मनोहर खत्री निवासीगण लक्ष्मण एन्केलव दिल्ली फार्म हर्रावाला कोतावाली डोईवाला देहरादून को लक्ष्मण एन्क्लेव, दिल्ली फार्म, हर्रावाला से गिरफ्तार किया गया। 


*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:-*


01- सौरभ खत्री पुत्र स्व० श्री मनोहर खत्री निवासी लक्ष्मण एन्केलव दिल्ली फार्म, हर्रावाला, कोतवाली डोईवाला, देहरादून, उम्र - 36 वर्ष


02- सुरभि खत्री उर्फ चारू पुत्री स्व0 श्री मनोहर खत्री निवासी- उपरोक्त, उम्र - 37 वर्ष  


  *पुलिस टीम :-*


1- सुश्री वन्दना वर्मा, क्षेत्राधिकारी डोईवाला 

2- व0उ0नि0 श्री मनोहर सिंह रावत

3- म0उ0नि0 नीमा रावत

4- का0 हरीश उप्रेती

5- का0 लाखन सिंह 

6- म0का0 रचना रावत


देहरादून;







उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल  की संस्तुति पर परवादून (देहरादून) जिला कांग्रेस कमेटी की नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया है।


परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि नवगठित जिला कार्यकारिणी संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेंगे तथा जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।

परवादून (देहरादून) जिला कांग्रेस कमेटी की नवगठित जिला कार्यकारिणी निम्नानुसार है :

जिला उपाध्यक्ष

एस.पी. बहुगुणा, जितेंद्र कुमार, मदन शर्मा, रेखा बहुगुणा, हर्षपति सेमवाल, सचवीर भंडारी, गुरविंदर सिंह गुर्री, रविंदर राणा, सतेंदर सिंह रावत, हाजी अब्दुल वहीद।

जिला महासचिव

गजेंद्र विक्रम शाही, स्वतंत्र बिष्ट, रमेश रांगड़, गौरव मल्होत्रा, कमलेश शर्मा, संदीप थापा, अफसाना अंसारी, अमित सैनी, राहुल मनवाल, सूरज भट्ट, शंभू प्रसाद रंकोटी, रेखा कांडपाल सती, अनिल रतूड़ी, रोशन व्यास, विजय बिष्ट।

जिला सचिव

मनमोहन सिंह पंवार, बाबूलाल, विमल किशोर तिवारी, बाला देवी, सुनीता बंसल, विशाल सजवाण, अमित रावत, युवराज पुन, साहिल अली, सुमित कौशल, रईस अहमद, मनीष व्यास, त्रिलोक सिंह, भरत लखेड़ा, सीताराम, मनीष उपाध्याय, नीरज चौहान, मनोज पाल, आदित्य जोहर, बसारत अली।

जिला कोषाध्यक्ष
लक्ष्मण बिष्ट

जिला प्रवक्ता
रमेश सोलंकी, रजनीकांत रंजन

जिला कार्यालय सचिव
उमेद बोरा

सोशल मीडिया इंचार्ज
अनुज कन्नौजिया

प्रेस मीडिया इंचार्ज
राहुल सैनी

 मुख्यमंत्री ने शहीद ऊधम सिंह को दी श्रद्धांजलि

CM Dhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कम्बोज धर्मशाला गदरपुर में शहीद शिरोमणि ऊधम सिंह की शहादत दिवस पर शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा आयोजित अखण्ड पाठ में प्रतिभाग किया व गुरूद्वारे में मत्था टेका प्रदेश की खुशहाली की कामना की।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु साहिब और शहीद ऊधम सिंह को नमन करते हुए कहा कि यह समागम वीरता और पवित्रता का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा जब भी हम अमर शहीद ऊधम सिंह के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मरण करते हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास का एक अत्यंत दुखद और काला अध्याय था। शहीद ऊधम सिंह ने उस अन्याय का प्रतिकार किया और पूरी दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान, साहस और अदम्य संकल्प का परिचय दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा अमर शहीद ऊधम सिंह का जीवन हमें साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देता है। उनका त्याग प्रत्येक भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना का संचार करता है तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्रभक्ति, सेवा, त्याग और मानवता की यह प्रेरणा हमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन वाणी से प्राप्त होती है। गुरु साहिब की शिक्षाएं मानवता, करुणा, सत्य, भाईचारे और निस्वार्थ सेवा का मार्ग प्रशस्त करती हैं। ये शिक्षाएं पूरे राष्ट्र को प्रेरित करने वाली हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के विकास में सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि अमर शहीद ऊधम सिंह के आदर्शों को सदैव अपने हृदय में जीवित रखें तथा उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।


इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री प्रदीप बत्रा, विधायक श्री अरविन्द पाण्डेय, श्री शिव अरोरा, श्री त्रिलोक सिंह चीमा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री कमल जिंदल, श्री मनोज पाल, मेयर श्री विकास शर्मा, श्री दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सुनीं जन समस्याएं*


*जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*


*चारधाम यात्रा के सफल संचालन और बुग्यालों से जुड़े स्थानीय हितों के लिए जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ ही गढ़वाल आयुक्त एवं आईजी गढ़वाल को भी जन शिकायतों के निस्तारण में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो और संबंधित लोगों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराई जाए।


इस अवसर पर केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा के  साथ ही चारधाम यात्रा के अब तक सफल एवं सकुशल संचालन तथा श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी और बेहतर प्रबंधन के परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है।


विधायक श्री भूपाल राम टम्टा ने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने बुग्याल क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय में स्थानीय हितों को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तराखंड के बुग्याल प्रदेश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर हैं और इनसे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की आजीविका एवं पर्यटन गतिविधियां जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार, पर्यटन और आजीविका के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।


जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक एवं स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास की दिशा में सरकार के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय हितों, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच बेहतर समन्वय से पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जन समस्याओं का समयबद्ध समाधान और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित विकास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य किया जाए।


इस अवसर पर सचिव श्री विनय शंकर पांडेय, गढ़वाल आयुक्त श्री आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री जे. सी कांडपाल एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 227 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद हरिद्वार में पुलिस चौकी सुल्तानपुर के प्रशासनिक भवन का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 241.48 लाख के सापेक्ष प्रथम किश्त में ₹ 96.59 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने के साथ ही जनपद देहरादून के न्यू कैंट मार्ग 1.650 किमी मार्ग को 02 लेन से 03 लेन में अपग्रेड करने हेतु यूटिलिटी शिफ्टिंग व वाटर सप्लाई लाईन की शिफ्टिंग कार्य हेतु ₹ 11.95 करोड़ की योजना स्वीकृत कियेे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा सिंचाई विभाग के अन्तर्गत कुंभ मेला-2027 के तहत हरिद्वार ज़िले में चंडी घाट के डाउनस्ट्रीम, गौरीशंकर इलाके में गंगा नदी के बाएँ किनारे पर घाट और आस्था पथ का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 98.18 करोड तथा चंडी घाट के डाउनस्ट्रीम, बैरागी कैंप क्षेत्र में गंगा नदी के दाहिने किनारे पर घाट और आस्था पथ का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 115.91 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


*मुख्यमंत्री ने किया भूतपूर्व सैनिकों के आश्रित छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के भुगतान का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के भूतपूर्व सैनिकों के आश्रित छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं पी.एच.डी. की शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति के भुगतान हेतु कारगिल शहीद परिवार मा. मुख्यमंत्री सहायता कोष से ₹ 36.84 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


*मुख्यमंत्री ने किया सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों में सिविल/पारिवारिक पेंशनरों की महंगाई राहत को बढ़ाकर 60 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने का अनुमोदन।*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों में सिविल/पारिवारिक पेंशनरों को दिनांक 01.01.2026 से महंगाई राहत की वर्तमान दर को बढ़ाकर 60 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस कर्मियों के कल्याण हेतु नई टिहरी में हुई निःशुल्क भूमि आवंटित*


राज्य सरकार पुलिस कर्मियों के कल्याण और उनके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने जनपद टिहरी गढ़वाल के अंतर्गत पुलिस विभाग को आवंटित आवासीय भवन संख्या-12, सी-ब्लॉक टाइप-3 के समीप स्थित 90 वर्गमीटर रिक्त भूमि को पुलिस विभाग के कल्याणार्थ निःशुल्क आवंटित किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।


इस संबंध में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम द्वारा जिलाधिकारी एवं पुनर्वास निदेशक, टिहरी बांध परियोजना, नई टिहरी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। शासन ने निर्देशित किया है कि नियमानुसार भूमि का निःशुल्क आवंटन सुनिश्चित करते हुए की गई कार्रवाई से शासन को भी अवगत कराया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा है कि इससे पुलिस विभाग को आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास में सहायता मिलेगी तथा पुलिस कर्मियों के कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक  सुदृढ़ किया जा सकेगा।


 *मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर में ₹2,830.07 लाख की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया


गदरपुर, 31 जुलाई 2026 (सूचना)


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर बस स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ₹2,830.07 लाख लागत की 08 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने फीता काटकर नवनिर्मित गदरपुर बस स्टेशन का लोकार्पण भी किया।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देते हुए ₹694.06 लाख लागत की पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण तथा ₹2,136.01 लाख लागत की नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया।


मुख्यमंत्री ने ₹275.70 लाख की लागत से निर्मित विकास खंड गदरपुर के कार्यालय भवन, ₹69.19 लाख की लागत से ग्रामीण क्षेत्र में हरिचंद्र-गुरुचंद्र बंग विशाल सामुदायिक भवन तथा ₹349.17 लाख की लागत से निर्मित गदरपुर बस अड्डे का लोकार्पण किया।


इसके साथ ही उन्होंने ₹1,839.70 लाख की लागत से गदरपुर में बाबा डल मंदिर से बौर जलाशय (डेस्टिनेशन) होते हुए गुलरभोज कूल्हा तिलपुरी वन बैरियर तक सिंचाई विभाग के माध्यम से कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य, ₹67.29 लाख की लागत से रामजीवनपुर नंबर-3 एवं ग्राम मझरशिला के आंतरिक मार्गों में इंटरलॉकिंग टाइल रोड निर्माण कार्य, ₹87.09 लाख की लागत से गदरपुर की जयनगर नंबर-4 कॉलोनी के विभिन्न मार्गों के इंटरलॉकिंग टाइल निर्माण कार्य, ₹57.82 लाख की लागत से गुरुनानकपुर के आंतरिक मार्गों के इंटरलॉकिंग टाइल निर्माण कार्य तथा ₹84.11 लाख की लागत से कुल्हा चौराहे से लक्ष्मण सिंह गट्टी ग्राम तक इंटरलॉकिंग टाइल रोड निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।


मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि इन विकास परियोजनाओं से गदरपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के समस्त क्षेत्रों के लोगों को भी व्यापक लाभ मिलेगा और इससे पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति एवं नई पहचान प्राप्त होगी।


उन्होंने कहा कि गुलरभोज भविष्य में एक प्रमुख पर्यटन एवं विकास केंद्र (डेस्टिनेशन) के रूप में विकसित होगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। एक ओर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए विकास का अर्थ केवल सड़क, पुल और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन को अधिक सुरक्षित, समृद्ध और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल शिलान्यास तक सीमित रहने वाली सरकार नहीं है। पिछली सरकारों की तरह योजनाओं का शिलान्यास कर उन्हें भुलाया नहीं जाता, बल्कि प्रत्येक परियोजना को चरणबद्ध ढंग से पूरा कर उसका लोकार्पण किया जाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरे देश में ऐसी कार्य संस्कृति विकसित हुई है, जिसमें शिलान्यास को समयबद्ध रूप से लोकार्पण में बदलना ही डबल इंजन सरकार की सबसे बड़ी पहचान है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि नवनिर्मित बस स्टेशन में यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, किचन सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे गदरपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। वहीं, नए विकास खंड कार्यालय भवन के निर्माण से ग्रामीण विकास कार्यों को नई गति मिलेगी तथा आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर अधिक सुगमता से प्राप्त होगा।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए पूरे उत्तराखंड में विकास की नई कहानी लिख रही है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि गदरपुर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में छात्रावास भवन का निर्माण कराया गया है, राजकीय इंटर कॉलेज दिनेशपुर में आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया गया है तथा आईटीआई गुलरभोज में बालिका छात्रावास का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक विकास कार्य युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति कन्या विद्यालय के उच्चीकरण के प्रस्ताव को भी शासन से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, जिससे क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि बौर डैम के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में लगभग ₹4 करोड़ की लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य तथा विभिन्न गांवों में लगभग ₹13 करोड़ की लागत से पेयजल योजनाओं का निर्माण कराया गया है।


उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से गदरपुर विकासखंड में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है। इस प्रकार की प्रक्रिया पूर्व में भी कई बार संपन्न हो चुकी है और इस बार भी सभी कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची का शुद्धिकरण करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में धर्मांतरण विरोधी कानून, लैंड जिहाद पर प्रभावी कार्रवाई, नकल विरोधी कानून, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कदम सहित अनेक ऐतिहासिक निर्णय राज्य के विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वोट बैंक की नहीं, बल्कि विश्वास की राजनीति करती है। सरकार तुष्टीकरण नहीं, बल्कि संतुष्टीकरण के मार्ग पर चल रही है। उनका लक्ष्य केवल सत्ता में बने रहना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।


कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री श्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्य धरातल पर दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नए आधुनिक बस स्टेशनों के निर्माण से जनता को सुगम यात्रा एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।


कार्यक्रम में विधायक श्री अरविंद पांडे एवं श्री शिव अरोरा ने सभी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी तथा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री ने गदरपुर विधायक के अनुरोध पर कहा कि चीनी मिल कर्मियों को सातवां वेतनमान दिलाने के लिए शीघ्र ही समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र गुलरभोज में जिम कॉर्बेट की जिप्सी परमिट व्यवस्था तथा गदरपुर महाविद्यालय में भविष्य में दो पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का आश्वासन भी दिया।


इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ रुद्रपुर रिंग रोड का निरीक्षण भी किया।


इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री प्रदीप बत्रा, विधायक श्री अरविंद पांडे, श्री शिव अरोरा, श्री त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कमल जिंदल, श्री मनोज पाल, मेयर श्री विकास शर्मा, श्री दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री श्री अनिल कपूर डब्बू, श्री मंजीत सिंह, श्री सुरेंद्र नामधारी, भाजपा प्रदेश मंत्री श्री गुंजन सुखीजा, ब्लॉक प्रमुख श्रीमती ज्योति ग्रोवर, नगर पालिका गदरपुर के अध्यक्ष श्री मनोज गुम्बर, नगर पंचायत गुलरभोज के अध्यक्ष श्री सतीश चुघ, नगर पंचायत दिनेशपुर की अध्यक्ष श्रीमती मंजीत कौर, श्री प्रीत ग्रोवर, श्री राजेश कुमार, सचिव परिवहन श्री रविनाथ रमन, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी श्री दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी श्री कौस्तुभ मिश्रा, श्री पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा का किया अनावरण, पार्किंग एवं आधारभूत विकास परियोजनाओं की दी सौगात* 


रुद्रपुर, 31 जुलाई 2026 (सू.वि.) – मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान रुद्रपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर ₹40 लाख की लागत से स्थापित 9 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन देशभक्ति, आत्मसम्मान और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का अमर प्रतीक है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने ₹120.18 लाख की लागत से कलेक्ट्रेट परिसर में निर्मित पार्किंग, लैंडस्केपिंग एवं ड्रेन निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इस परियोजना से परिसर में पार्किंग व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण एवं जल निकासी की सुविधाएं भी सुदृढ़ होंगी।


इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रुद्रपुर स्थित कैनाल कॉलोनी में ₹264.97 लाख की लागत से बनने वाली सरफेस पार्किंग का शिलान्यास भी किया। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात प्रबंधन को मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ जनसुविधाओं के विस्तार और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में प्रत्येक विकास कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को उनका सीधा लाभ मिल सके।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने वर्चुअल माध्यम से पंजाब में निवासरत शहीद ऊधम सिंह के परिजनों से भी वार्ता की। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह के बलिदान और साहस को वे दिल से सलाम करते हैं तथा प्रदेश उनके सर्वोच्च बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा।


इस अवसर पर विधायक श्री शिव अरोरा, श्री त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कमल जिंदल, श्री मनोज पाल, मेयर श्री विकास शर्मा, श्री दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री श्री अनिल कपूर डब्बू, श्री मंजीत सिंह, श्री सुरेंद्र सिंह नामधारी, श्रीमती फरजाना बेगम, श्री रणजीत सिंह नामधारी, श्री उत्तम दत्ता, श्री रामपाल सिंह, पूर्व विधायक श्री राजेश शुक्ला, भाजपा प्रदेश मंत्री श्री गुंजन सुखीजा, नगर पालिका गदरपुर के अध्यक्ष श्री मनोज गुम्बर, नगर पंचायत गुलरभोज के अध्यक्ष श्री सतीश चुघ, ब्लॉक प्रमुख श्रीमती रीना गौतम, पूर्व दर्जा मंत्री श्री राजेश कुमार, जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी श्री दिवेश शासनी, जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री जय किशन, डीजीसी श्री मनोज तिवारी, श्री बरीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एनडीआरएफ बटालियन गदरपुर का किया भ्रमण, जवानों से संवाद कर आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की ली जानकारी*


गदरपुर, 31 जुलाई, 2026 (सू०वि०)- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय गदरपुर-रुद्रपुर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) बटालियन, गदरपुर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। ऐसे में एनडीआरएफ जैसी संस्थाओं की भूमिका जनजीवन की सुरक्षा और आपदा के समय त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक आधुनिक, सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों के साहस, समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी एनडीआरएफ के जवान पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ मानव जीवन की रक्षा के लिए कार्य करते हैं। उनका अनुशासन, दक्षता और सेवा भाव पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।


भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी है।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नियमित प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।


इस अवसर पर एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बटालियन की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा आपदा राहत एवं बचाव अभियानों की जानकारी दी।


इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पाण्डे, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा मनोज पाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, कमांडेंट संतोष कुमार, सीएमओ परमिंदर सिंह, डिप्टी कमांडेंट दीपक भट्ट, राजेंद्र जोशी, अवनीश पुरोहित, मनोज जोशी, जवान आदि उपस्थित थे।

-



देहरादून 31 जुलाईः







उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेतागणों के प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह एवं चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत के नेतृत्व मे मुख्य निर्वाचन अधिकारी से उनके कार्यालय में मुलाकात कर राज्य में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया की खामियों के सम्बन्ध में ज्ञापन प्रेषित किया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ0 वीवीआरसी पुरूषोत्तम को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के प्रथम चरण की त्रुटियों एवं द्वितीय चरण की प्रक्रिया के अंतर्गत दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई हेतु अपनाई जा रही अव्यावहारिक एवं पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया के संबंध में कांग्रेस पार्टी की आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रथम चरण की प्रक्रिया के दौरान अनेक गंभीर त्रुटियां एवं अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रथम चरण में सामने आई इन कमियों एवं त्रुटियों का समुचित परीक्षण एवं निराकरण किए बिना द्वितीय चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाना न केवल मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करेगा, बल्कि संपूर्ण पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाएगा।
कांग्रेस पार्टी राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के द्वितीय चरण की प्रक्रिया के अंतर्गत दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई के लिए निर्वाचन विभाग द्वारा अपनाई जा रही व्यवस्था के निम्न बिन्दुओं पर भी गंभीर आपत्ति दर्ज करती है।ः-
1. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की द्वितीय चरण की प्रक्रिया के अंतर्गत प्राप्त आपत्तियों एवं दावों की सुनवाई के लिए निर्वाचन विभाग द्वारा अनेक स्थानों पर एक ही समय में दो अलग-अलग मतदान केन्द्रों पर एक ही सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ)/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ड्यूटी निर्धारित की गई है जो कि तर्क संगत प्रतीत नहीं होती है।

2. निर्वाचन विभाग द्वारा अपनाई जा रही यह व्यवस्था विशेष रूप से उत्तराखंड के पर्वतीय एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह अव्यावहारिक है। पर्वतीय क्षेत्रों में दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, लंबी दूरी, सीमित परिवहन सुविधाओं तथा कठिन आवागमन के कारण किसी भी अधिकारी के लिए एक ही समय अथवा दो घंटे के अंतराल पर दो अलग-अलग स्थानों पर उपस्थित होकर सुनवाई करना किसी भी स्थिति में संभव नहीं है। इससे सुनवाई प्रक्रिया प्रभावित होने के साथ-साथ मतदाताओं को अनावश्यक असुविधा का सामना करना पड़ेगा तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का भी उल्लंघन होने की आशंका है।
3. यदि निर्धारित समय पर अधिकारी किसी एक मतदान केन्द्र पर उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो संबंधित मतदाताओं के दावे एवं आपत्तियों के निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण का अधिकार प्रभावित होगा। इससे निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
4. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के अंतर्गत की गई मैपिंग में भी अनेक तर्कहीन एवं गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। कई स्थानों पर मतदान क्षेत्रों, मतदान केन्द्रों एवं मतदाताओं की मैपिंग इस प्रकार की गई है, जो तार्किकता की कसौटी पर खरी नहीं उतरती है। उदाहरण स्वरूप विधानसभा क्षेत्र चकराता के मतदान केन्द्र 42-फनार में विसंगत मतदाताओं की कुल संख्या 19 दर्शाई गई है जबकि अपमैप की संख्या 398 अर्थात कुल 415 विसंगतियां दर्शाई गई हैं, इसी प्रकार मतदान केन्द्र 110-खबऊ में विसंगत मतदाताओं की कुल संख्या 2 दर्शाई गई है जबकि अपमैप की संख्या 371 अर्थात कुल 373 विसंगतियां दर्शाई गई हैं, जो कि तर्क संगत प्रतीत नहीं होता है।
5. उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण मतदान केन्द्रों पर स्थानीय एवं स्थायी निवासियों के नामों पर बड़े पैमाने पर विभिन्न प्रकार की आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। यह अत्यंत आश्चर्यजनक एवं तर्कहीन है, क्योंकि इन दूरस्थ पर्वतीय गांवों में बाहरी व्यक्तियों के निवास अथवा मतदाता के रूप में शामिल होने की संभावना लगभग नगण्य है। अधिकांश ग्रामीण परिवार पीढ़ियों से अपने मूल गांवों में निवासरत हैं तथा उनकी पहचान एवं निवास की स्थिति स्थानीय प्रशासन एवं ग्राम समुदाय के लिए सर्वविदित है।
ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय मतदाताओं के नामों पर बिना ठोस एवं प्रथमदृष्टया प्रमाण के आपत्तियां दर्ज किया जाना न केवल मतदाताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाला है, बल्कि एसआईआर की प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इस प्रकार की निराधार आपत्तियों के कारण ग्रामीण मतदाताओं को बार-बार सुनवाई के लिए उपस्थित होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें समय, धन एवं श्रम की अनावश्यक हानि उठानी पड़ रही है।


 


Naresh bansal uttarakhand minister


उत्तराखंड को केन्द्र से आवंटित कुल खाद्यान्न पिछले तीन वर्षो मे 401.459 हजार टन प्रति वर्ष,आर्थिक साहायता तीन वर्षो मे लगभग 250 करोड़


उत्तराखंड मे लगभग 8.5लाख लाभार्थी चिन्हित किए गए जिसमे से 80355 अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया,मंत्रालय विभिन्न माध्यम से करता है स्वचालित सत्यापन और अभिलेखों के क्राॅस-वैलिडेश**


**भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने सदन मे सरकार से अतारांकित प्रश्न के माध्यम से पीएमजीकेएवाई के अंतर्गत अपात्र लाभार्थियों को हटाया जाने का      

किया प्रश्न ।**


डा.  नरेश बंसल ने जानना चाहा कि क्या उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि 

क- पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के अंतर्गत राज्यों को आवंटित कुल खाद्यान्न और प्रदान की गई केंद्रीय सहायता का राज्यवार ब्यौरा क्या हैं 

ख- राइटफुल टारगेटिंग अभ्यास के अंतर्गत राज्यों में राशन कार्ड डेटाबेस से राज्यवार कितने अपात्र लाभार्थियों को चिन्हित किया गया और हटाया गया। 

ग- क्या लाभार्थियों के निरंतर सत्यापन के लिए निर्मल रियल टाइम सत्यापन आर्किटेक्चर को राज्यों में उपलब्ध डेटाबेस के साथ एकीकृत किया गया है, तत्संबंधी राज्यवार ब्यौरा क्या है और 

घ- यदि हां तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता में सुधार पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है। 


इस महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया ने बताया कि-:


क- पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत राज्यों और संघ राजय क्षेत्रों को आवंटित कुल खाद्यान्न अनुबंध-1 पर दिए गए हैं।जिसमे उत्तराखंड को आवंटित कुल खाद्यान्न पिछले तीन वर्षो मे 401.459 हजार टन प्रति वर्ष है।जबकी देशभर मे यह लगभग 52800 हजार टन प्रति वर्ष है।


पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान केंद्र प्रायोजित योजना-4048 राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत खाद्यानों के अंतरा-राज्यीय संचलन और एफपीएस डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता के तहत जारी की गई राज्यवार केंद्रीय सहायता अनुबंध-2 में दी गई है। जिसमे उत्तराखंड को पिछले तीन वर्षो मे जारी साहयता राशी लगभग 250करोड़ है।पूरे देश मे यह पिछले तीन वर्षो की राशी लगभग 21500 करोड़ है ।


ख- राइटफुल टारगेटिंग अभ्यास के अंतर्गत राज्यों में राशन कार्ड डेटाबेस से चिन्हित और हटाए गए अपात्र लाभार्थियों की राज्यवार संख्या अनुबंध-3 में दी गई है। जिसमे उत्तराखंड मे लगभग 8.5लाख लाभार्थी चिन्हित किए गए जिसमे से 80355 अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया।पूरे देश मे लगभग 60 लाख लाभार्थियों को चिन्हित किए गया व 23.5लाख अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया।


ग और घ- निर्मल रियल-टाइम सत्यापन आर्किटेक्चर के अंतर्गत, कार्यक्षेत्र में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) लाभार्थी डेटाबेस की निम्नलिखित मंत्रालयों/संगठनों के डेटाबेस के साथ एकीकृत करना शामिल है। 

काॅर्पोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), सार्वजनिक वित्तीय प्रणाली(पीएफएमएस), वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क(जीएसटीएन)/ केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी), वाहन डेटाबेस के माध्यम से सडक परिवहन मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा, एग्री स्टैक के माध्यम से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय, और डाक विभाग

इन डेटा स्रोतों के एकीकरण से स्वचालित सत्यापन और अभिलेखों के क्राॅस-वैलिडेशन के माध्यम से संभावित अपात्र लाभार्थियों की निरंतर पहचान हो पाती है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है, लाभार्थीं डेटाबेस की सटीकता में सुधार होता है, राशन कार्ड रिकाॅर्ड का नियमित अद्यतन आसान होता है और अपात्र लाभार्थियों को हटाने में सहायता मिलती है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे।





 *देहरादून से दिल्ली तक नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और ईमानदार बना रही है भाजपा सरकार : भट्ट* 


 *उत्तराखंड में भर्ती घोटालों और नकल माफिया को राजनीतिक संरक्षण की जनक है कांग्रेस : भाजपा* 


 *नियुक्ति प्रक्रिया पर झूठ फैलाने वाले, झारखंड, पंजाब, केरल की नकल पर खामोश क्यों : भट्ट* 



​देहरादून :



भाजपा ने एंटी पेपर लीक बिल पर लगी संसदीय मुहर को प्रधानमंत्री मोदी युवाहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देहरादून से लेकर दिल्ली तक हमारी सरकारें नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और ईमानदार बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही हैं। वहीं कांग्रेस और विपक्ष पंजाब, झारखंड, केरल, कर्नाटक की अपनी सरकारों के घोटालों पर चुप्पी साधे है। 


​मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में जारी बयान में उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अपनी सरकारों में भर्ती घोटालों और नकल माफिया को संरक्षण देने वाली कांग्रेस को आज आईना देखने की जरूरत है। पंजाब, झारखंड, केरल और कर्नाटक जैसे कांग्रेस व उनके सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों में हो रहे पेपर लीक और नकल के मामलों पर कांग्रेस पूरी तरह मौन साधे हुए है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में नकल और भ्रष्टाचार की नींव रखने वाली पार्टी कांग्रेस ही है। कांग्रेस शासनकाल में एक के बाद एक कई बड़े मामले सामने आए, जिनमें शामिल हैं पटवारी परीक्षा घोटाला, दारोगा भर्ती घोटाला, बीडीओ भर्ती घोटाला, सिडकुल और पशुपालन विभाग भर्ती में अनियमितताएं आदि। इन दर्जनों घोटालों पर कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने मामलों को दबाने का काम किया। परिणामस्वरूप गड़बड़ी और घोटालों में लिप्त तत्व राजनीतिक संरक्षण में मजबूत होते चले गए। कांग्रेस ने कभी भी नकल रोकने के लिए न तो कोई नीति बनाई और न ही कोई ठोस प्रयास किया।


प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान धामी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे कठोरतम नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके सुखद परिणाम आज सबके सामने हैं, सैकड़ों नकल माफिया और घोटालेबाज़ आज सलाखों के पीछे हैं, दर्जनों बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और सकुशलता से संपन्न हो चुकी हैं, जिन पर कोई सवाल नहीं उठा। जिन एकाध प्रकरणों में गड़बड़ी का संज्ञान मिला, सरकार ने बिना विलंब तत्काल और कठोरतम कार्रवाई की।


श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि कांग्रेस उत्तराखंड के युवाओं के बीच झूठ और भ्रम फैला रही है। कांग्रेस संसद और दिल्ली की सड़कों पर हंगामा करती है, लेकिन अपने और अपने सहयोगी दलों के राज्यों में हो रही नकल और धांधली पर चुप्पी साधे रहती है। वहीं केंद्र सरकार की तरह भाजपा, प्रदेश के योग्य और प्रतिभावान युवाओं के हक को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।



www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.