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 समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश*


देहरादून, 05 सितम्बर 2026



महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. सुनीता टम्टा की अध्यक्षता में आज स्वास्थ्य महानिदेशालय में कार्यरत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महानिदेशालय के विभिन्न अनुभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार, पारदर्शिता एवं समयबद्ध कार्य-निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


महानिदेशक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय में प्राप्त किसी भी पत्रावली अथवा प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। यदि किसी प्रकरण के निस्तारण में विलंब पाया जाता है तो संबंधित अनुभाग के प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी तथा विलंब के कारणों का स्पष्ट उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।


डॉ. सुनीता टम्टा ने संयुक्त निदेशक एवं सहायक निदेशक स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने अनुभागों में संचालित कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा प्रत्येक लंबित प्रकरण की समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने अनुभागों की कार्यप्रणाली के प्रति पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा और किसी भी स्तर पर अनावश्यक लंबित प्रकरण नहीं रहना चाहिए।


बैठक में सूचना का अधिकार (RTI) अनुभाग के कार्यों की भी विशेष रूप से समीक्षा की गई। महानिदेशक ने निर्देश दिए कि RTI से संबंधित सभी प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण किया जाए, ताकि आवेदक/अपीलकर्ता को समय पर वांछित सूचना उपलब्ध हो सके।


*कार्यालयीन अनुशासन एवं समयपालन सुनिश्चित करने के निर्देश*


महानिदेशक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित कार्यालय समय में अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनधिकृत अनुपस्थिति अथवा विलंब से कार्यालय पहुंचने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


उन्होंने कहा कि एक प्रभावी एवं उत्तरदायी कार्यालय व्यवस्था के लिए समयपालन, अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक हैं। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं गंभीरता से करना होगा।


महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब न किया जाए। विभागीय कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निष्ठा, अनुशासन, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।


बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 


ऋषिकेश  : 



हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 18 वर्षीय स्कूटी सवार युवक की मौत हो गई। हादसा छिद्दरवाला चौक से कुछ दूरी पर हुआ । तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे स्कूटी सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को सुबह  रायवाला पुलिस को छिद्दरवाला चौक  से आगे सड़क दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, डंपर  ने स्कूटी को टक्कर मारी थी।

हादसे में स्कूटी सवार अनिकेत गुसाईं पुत्र दीपक गुसाईं, निवासी कोटद्वार, उम्र 18 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को 108 एंबुलेंस के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजा, जहां मृतक के परिजन भी मौजूद रहे।

बताया गया कि दुर्घटना के बाद डंपर चालक वाहन को लाल तप्पड़ क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डंपर और स्कूटी को आवश्यक कार्रवाई के लिए थाने में खड़ा करा दिया है। वहीं फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर रायवाला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फरार डंपर चालक की तलाश में जुटी है।

  नन्दाजात) यात्रा 2026

हिमालय महाकुंभ से विख्यात विश्व की सबसे लंबी पवित्र,ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पैदल महायात्रा 2026


Nanda  Rajjaat yatra2026


श्री नन्दादेवी बड़ीजात (नन्दाजात) यात्रा 2026 

05 सितम्बर से 30 सितम्बर 2026

प्रस्थान  05 सितंबर 2026 को "श्री नन्दा देवी सिद्धपीठ कुरुड़" से 20 सितम्बर नन्दानवमी तिथि के दिन  सम्पूर्ण विधि-विधान, पौराणिक परंपरा एवं धार्मिक रीति-रिवाजों पूजा पाठ साथ माता को होमकुंड में चौसिंग्या खाडू के साथ मायके से ससुराल कैलाश विदाई कार्यक्रम सम्पन्न होगी.


नंदानगर स्थित श्री नन्दादेवी राजराजेश्वरी सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू होकर कैलाश हिमालय होमकुण्ड की यात्रा   ने माँ नंदा देवी की विदाई पर फूट फूट कर रोई महिलाएं। मायके से कैलाश को रवाना करते हुए , महिलाओ ने चांचरी नृत्य और गायन द्वारा माँ  नंदा को प्रसन्न भी किया।



गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव मेला 2026



गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी पिछले 20 वर्षो से महिन्द्र ग्राउंड गढ़ी कैन्ट में बहुत बृहद रूप में मेले का आयोजन करती है। 

इस वर्ष नेपाल आसाम जलत्रासदी से त्रस्त, आमजन से यह निवेदन करेगी की इस दुख की घड़ी में भारत हमेशा पड़ोसी देश नेपाल और आसाम के साथ तत्परता से खड़ा रहेगा। 

जैसा कि सभी को विदित हैं कि हरितालिका तीज सम्पूर्ण विश्व एवं भारत वर्ष में निवास करने वाले हिन्दु समाज में मनाया जाने वाला एक पवित्र धार्मिक पर्व हैं। 

गोर्खा समाज की महिलाएं अपने पति की दीर्घायु परिवार की खुशहाली हेतु पूर्ण निर्जला व्रत रखकर पर्व मनाती हैं।

 गोर्खा महिलाओं के लिए तीज व्रत महान धार्मिक अनुष्ठानिक पर्व लोकप्रिय उत्सव के रूप में मनाया जाता हैं। परन्तु इस वर्ष नेपाल में आई आपदा जलप्रलय से जनजीवन को भारी नुकसान पहुँचा है जिससे सभी संस्था के पदाधिकारी सदस्यों द्वारा अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए मेले का स्वरूप चैरिटी के रूप में किया गया है।

 मेले में सर्वप्रथम दिवंगत पुण्य आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना एवं मौन रखकर कमेटी अपनी संवेदना प्रकट करेगी। कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय मुख्यमत्री उत्तराखण्ड श्री पुष्कर सिंह धामी , परम पुज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, परमपूज्य आर्युवेद शिरामणि आचार्य बालकृष्ण  के सानिध्य में नेपाल जनत्रासदी में दिवंगत पुण्य आत्माओं की शान्ति के लिए शान्ति पाठ एवं मौन रखकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया।

2026 के अध्यक्षा माया पंवार, संस्था अध्यक्ष श्रीमती प्रभा शाह, माननीय मुख्यमत्री उत्तराखण्ड श्री पुष्कर सिंह धामी जी, परम पुज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, परमपूज्य आर्युवेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण जी महाराज, गोर्खाली सुधार सभा अध्यक्ष पदम सिंह थापा, संरक्षक श्रीमती गोदावरी थापली द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुरोहितो द्वारा मंत्रोउच्चारण हुआ। मुख्य अतिथियों ने नेपाल एवं आसाम में आई भीषण जलत्रासदी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और हर सम्भव सहयोग करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर पर मुख अतिथि के करकमलों द्वारा वयोवृद्धों एवं विभिन्न क्षेत्रो में उत्कृष्ठ प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया ।


 विभिन्न क्षेत्रो से आई कीर्तन मण्डलियों ने दिवंगत आत्माओं की शान्ति के लिए प्रार्थना एवं संवेदना व्यक्त की। श्रीमती प्रभा शाह संस्था अध्यक्षा, सचिव ज्योति कोटिया, सूर्य विक्रम शाही संरक्षक गोदावरी थापली, मिडिया प्रभारी एवम् उपाध्यक्ष वंदना बिष्ट, उपासना थापा, मीनू आले, पूजा सुब्बा चंद, निर्मला थापा, उमा उपाध्याय, मीनू क्षेत्री, प्रमिला खत्री, सरोज गुरूंग, सुनीता क्षेत्री, मंजू कार्की, कविता क्षेत्री, संध्या थापा, पुष्पा क्षेत्री, पूनम गुरूंग, विनीता क्षेत्री, मधु क्षेत्री, कविता क्षेत्री, मधु खनाल, विनीत खत्री, लोकमाया राई, कविता शाही माहुर, देविन शाही, टेकू मगर, मधुसूदन शर्मा, नरेन्द्र खत्री, बालकृष्ण बराल, संजय मल, राजेन्द्र गुरूंग, मधु क्षेत्री, बुद्धिमान थापा, उषा राना, संध्या थापा, आचार्य श्री शुसान्त राज आदि ने श्रद्धाजंलि अर्पित की।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पूजा सुब्बा चंद, संकलप पंत, मंजु कार्की, उमा उपाध्याय आदि ने किया। पड़ोसी देश नेपाल से आई गायिका नीरूश्री मगर जी ने अपनी भावुकता पूर्ण प्रस्तुति देकर वहाँ के हालात साझा किये




दिनांक 05 सितंबर 2026 को जनपद चंपावत के छीनीगोठ क्षेत्र में हुड्डी नदी का जलस्तर एवं वेग अचानक बढ़ने से नदी के दूसरी ओर तीन व्यक्ति फंस गए। तीनों व्यक्ति पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गए थे, इसी दौरान नदी का प्रवाह तेज हो जाने के कारण उनके वापस लौटने का मार्ग अवरुद्ध हो गया।


स्थानीय पटवारी द्वारा सूचना दिए जाने पर पोस्ट टनकपुर से उप निरीक्षक दीपक चंद्र जोशी के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों एवं वाहन के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


मौके पर पहुंचने के बाद SDRF जवानों के सामने तेज बहाव वाली नदी को पार कर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की चुनौती थी। विषम परिस्थितियों और नदी के बढ़ते वेग के बीच टीम ने अदम्य साहस, सूझबूझ एवं रेस्क्यू कौशल का परिचय देते हुए अभियान को आगे बढ़ाया।


SDRF जवानों ने कठिन परिस्थितियों में सुरक्षित रेस्क्यू तकनीकों का प्रयोग करते हुए नदी के दूसरी ओर फंसे तीनों व्यक्तियों तक पहुंच बनाई और एक-एक कर सभी को सकुशल सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।


 *रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों का विवरण:* 

1. पार्वती तिवारी, पत्नी श्री दीपक तिवारी, उम्र 36 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।

2. मुकेश जोशी, पुत्र श्री हरिदत्त जोशी, उम्र 50 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।

3. दीपक तिवारी, पुत्र श्री हरिनंदन तिवारी, उम्र 40 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।


SDRF टीम की तत्परता, साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा के चलते नदी के तेज बहाव के बीच फंसे तीनों लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

 

बिना स्वीकृत मानचित्र के चल रहे निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश और देहरादून में भवन स्वामियों पर कसा शिकंजा


देहरादून:

MDDA action


 मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने तीन अलग-अलग निर्माण स्थलों को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद अनधिकृत निर्माण कराने वाले भवन स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है। एमडीडीए अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।


प्राधिकरण के अनुसार ऋषिकेश में रेलवे स्टेशन के निकट, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे, रेलवे रोड स्थित विनोद अग्रवाल के निर्माण स्थल पर व्यावसायिक दुकान के लिए छत डालने का कार्य किया जा रहा था। निर्माण कार्य के संबंध में प्राधिकरण द्वारा उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973, यथा संशोधित, की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दायर किया गया। प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।


इसी तरह देहरादून के माजरा क्षेत्र में मुस्कान होटल के पीछे शाहिद के निर्माण स्थल पर बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किए जाने का मामला सामने आया। प्राधिकरण द्वारा मामले में वाद दायर करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई और मौके पर निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।


वहीं, इसी क्षेत्र में शाहिद के एक अन्य निर्माण स्थल पर भी बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किए जाने की शिकायत/प्रकरण सामने आया। जांच के बाद प्राधिकरण ने संबंधित प्रकरण में भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए स्थल को सील कर दिया।


स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण पर सख्ती


एमडीडीए अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास के लिए भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण या बिना मानचित्र के निर्माण किए जाने पर संबंधित भवन स्वामी के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए


एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास के लिए भवन निर्माण से पहले स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। बिना स्वीकृति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों के साथ-साथ निरीक्षण के दौरान सामने आने वाले अनधिकृत निर्माणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


 मोहन सिंह बर्निया, सचिव एमडीडीए


एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से अवैध एवं अनधिकृत निर्माणों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य शहर और प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित एवं नियमबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने भवन स्वामियों से अपील की कि निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराएं और निर्धारित मानकों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन मिलने पर नोटिस, वाद दायर करने, सीलिंग सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।


प्रदेश में अब तक 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन कराया गया बंद*

*मान्यता एवं निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश*


देहरादून।:

illeagl madarsa closed by CM Dhami


प्रदेश में निर्धारित मान्यता एवं शैक्षणिक मानकों का अनुपालन नहीं करने वाले मदरसों के विरुद्ध राज्य सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता संचालित मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।


अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि देहरादून में तीन मदरसों के संबंध में कार्रवाई की गई। इनमें आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील किया गया, जबकि मदरसा दार-ए-अरकम, आजाद कॉलोनी, माजरा तथा मदरसा दारूल उलूम रहीमिया के प्रबंधकों द्वारा मदरसों का संचालन बंद किए जाने संबंधी लिखित अंडरटेकिंग दी गई है।


उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन मदरसों के प्रबंधकों ने संचालन बंद किए जाने की लिखित सूचना दी है। इस प्रकार अब तक कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया गया है।


इसी क्रम में नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना तथा इंदिरा नगर, बनभूलपुरा में संचालित बिना मान्यता प्राप्त मदरसे को भी सील किया गया है।


हल्द्वानी नगर मजिस्ट्रेट ए.बी. वाजपेयी ने बताया कि संबंधित मदरसा प्रबंधकों को मान्यता से जुड़े आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों एवं मान्यता के बिना नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में लागू नई व्यवस्था के अंतर्गत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन कराया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन कर संचालित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

सीएम धामी ने ‘NeST Fest-2026’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग*


*युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति : मुख्यमंत्री*


*‘देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर है’, पूर्वोत्तर के युवाओं का मुख्यमंत्री धामी ने किया स्वागत*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में My Home India द्वारा आयोजित “NeST Fest-2026” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्र-छात्राओं एवं युवाओं का देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से स्वागत किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए My Home India की टीम को बधाई दी।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं तथा महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित युवा ऊर्जा के बीच उन्हें भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई दे रहा है। युवा केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि देश की उस युवा शक्ति के प्रतिनिधि हैं, जिनमें बड़े से बड़े सपनों को साकार करने का साहस और सामर्थ्य है।


उन्होंने कहा कि NeST Fest केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और देश की एकता-अखंडता का प्रतीक है। पूर्वोत्तर और उत्तराखण्ड के रहन-सहन, पहाड़ी परिवेश तथा भौगोलिक परिस्थितियों में कई समानताएं हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के बीच आत्मीयता और मजबूत होती है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश के अन्य हिस्सों के बीच भावनात्मक एकता का सेतु बन गया है। My Home India द्वारा पूर्वोत्तर के युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने का कार्य राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत कर रहा है। यही भावना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है।


उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारतीय संस्कृति के उस चमकते हुए मुकुट के समान है, जिसके बिना भारत की विविधता और सुंदरता अधूरी है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और देश की सुरक्षा में सशक्त प्रहरी की भूमिका निभाता है। पूर्वोत्तर ने मैरी कॉम, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, बाइचुंग भूटिया और भारत रत्न स्व. भूपेन हजारिका जैसी अनेक महान प्रतिभाएं देश को दी हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से भारत का नाम रोशन किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर को कभी देश से दूर नहीं माना, बल्कि उसे दिल के करीब रखा और देश के विकास का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन माना। दशकों पुरानी “लुक ईस्ट” नीति को आगे बढ़ाते हुए “एक्ट ईस्ट” और “फास्ट ईस्ट” की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।


उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद पूर्वोत्तर में सड़क, पुल, सुरंग, जलमार्ग, गैस ग्रिड, मोबाइल कनेक्टिविटी और ऑप्टिकल फाइबर सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी परियोजनाओं से पूर्वोत्तर में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए द्वार खुले हैं। आज पूर्वोत्तर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास प्रयासों के केंद्र में पूर्वोत्तर का युवा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति माना है। इसी सोच के साथ डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।


उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल और खेल के क्षेत्र में पूर्वोत्तर में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं, नए विद्यालय और मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए हैं तथा उच्च शिक्षा और कौशल विकास के नए संस्थान विकसित किए गए हैं। इससे पूर्वोत्तर के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 में उत्तराखण्ड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें देशभर के 10 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड से राष्ट्रीय खेलों की मशाल पूर्वोत्तर भेजी गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूर्वोत्तर में होने वाले राष्ट्रीय खेल भी खिलाड़ियों और युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएंगे तथा देशभर के खिलाड़ियों को उत्तराखण्ड की तरह ही बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।


उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के युवा खिलाड़ी आज अपनी प्रतिभा, मेहनत और जज्बे के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर से उत्तराखण्ड में शिक्षा प्राप्त करने आए छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि “देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में रह रहे पूर्वोत्तर के युवाओं की सुरक्षा, सम्मान और प्रगति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।


मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे खूब पढ़ें, खूब खेलें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि युवा विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

 *मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद टिहरी के विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के अन्तर्गत विकास खण्ड हिण्डोलाखाल के नागचौण्ड शिवालय का सौन्दर्यीकरण एवं विकास खण्ड कीर्तिनगर के खोलाकड़ाकोट में डुण्डेश्वर महादेव मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 1.05 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 82.62 लाख तथा जनपद उधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र खटीमा में श्री गौरी शंकर महादेव मंदिर प्रांगण के सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 1.00 करोड की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 60 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में मोटरमार्ग बेडा से भट्ठयानी मेल्टीनाथ तक आंतरिक संपर्क सी०सी० मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 62.19 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 37.31 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा धौरणखास, जनपद देहरादून में टाईप द्वितीय के 36 आवासों के निर्माण हेतु ₹ 2.27 करोड़ तथा नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बंधित सिंचाई विभाग की 27 योजनाओं हेतु ₹ 61.76 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही उरेडा मुख्यालय देहरादून में प्रस्तावित सुपर ई०सी०बी०सी० भवन के निर्माण हेतु ₹16.13 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में धनराशि ₹1.00 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद नैनीताल के अन्तर्गत हल्द्वानी में सम्भागीय परिवहन कार्यालय के अन्तर्गत चालक प्रशिक्षण संस्थान हेतु ₹ 9.80 करोड़, सम्भागीय परिवहन कार्यालय हेतु ₹ 10.98 करोड तथा ऑटोमेटिव ड्राईविंग टेस्ट ट्रैक हेतु ₹ 4.93 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया हैै। 


मुख्यमंत्री द्वारा चारधाम यात्रा मार्गों पर हैलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा तथा मौसम संबंधी वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न हैलीपोर्टों/हैलीपैडों पर ऑटोमेटेड वेदर आबजर्विग सिस्टम एवं सीलोमीटर की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण, कमीशनिंग तथा 03 वर्ष की व्यापक अनुरक्षण सेवा हेतु ₹ 10 करोड के सापेक्ष अवशेष धनराशि ₹ 7.56 करोड़, में से ₹ 4.78 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को विद्युत दरों में सब्सिडी प्रदान किये जाने हेतु प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष ₹ 36.51 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

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