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देहरादून:


earth hpur today 28 march-2026


सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, उत्तराखण्ड शासन  अनु सचिव, श्री राज्यपाल, राज्यपाल सचिवालय, उत्तराखण्ड के से प्राप्त निर्देश के कर्म में जिलाधिकारी सविन बंसल ने अवगत कराया  है कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं भावी पीढ़ियों के उज्जवल भविष्य के उद्देश्य से “Earth Hour” अभियान के अंतर्गत  28 मार्च 2026 को रात्रि 8:30 बजे से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए सभी गैर-जरूरी विद्युत उपकरणों एवं लाइटों को बंद रखने का आह्वान किया गया है।


जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त नागरिकों, शासकीय/अर्द्धशासकीय कार्यालयों, निजी संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थाओं एवं समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि इस महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल में बढ़-चढ़कर सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि “अर्थ आवर” केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।


जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि उक्त कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए आमजन को जागरूक किया जाए तथा कार्यक्रम का अक्षरशः अनुपालन कराया जाए।


जिलाधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि निर्धारित समय पर अपने घरों, कार्यालयों एवं प्रतिष्ठानों की अनावश्यक लाइटें बंद कर पर्यावरण संरक्षण के इस वैश्विक अभियान में सहभागी बनें और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।




- *85% मैपिंग पूरी, कम मैपिंग वाले बूथ पर स्पेशल फोकस*


- *एक क्लिक पर अपने BLO के लिए बुक करा सकते हैं*


- ⁠*फोनकॉल राजनैतिक दलों ने अब तक की 19 हजार BLAS नियुक्ति*


देहरादून। 



अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने शुक्रवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कान्फ्रेंस कर आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों और प्रगति के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी।


अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ जोगदंडे ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में प्रदेश में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण के दृष्टिगत प्री-एसआईआर फेज में 85 प्रतिशत से अधिक मैपिंग का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी अप्रैल माह से प्रदेश में और भी सघन डोर-टू-डोर अभियान चलाकर कम मैपिंग वाले बूथ पर स्पेशल फोकस करते हुए मैपिंग का कार्य पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के कम में प्रत्येक बूथ पर एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ (ASD) सूची तैयार की जा रही है ताकि मतदाता सूची के शुद्धिकरण कार्य और गहनता से किया जा सके।


*एक क्लिक पर अपने BLO के लिए बुक करा सकते हैं फोनकॉल*


अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए "बुक ए कॉल विद बीएलओ" के फीचर से मतदाता एक क्लिक पर अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक करा सकते हैं। इसके लिए मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर विजिट करके या ECI-NET मोबाइल ऐप को डाउनलोड कर अपनी कॉल बुक करा सकते हैं। कॉल बुक कराने के बाद दो दिन के भीतर बीएलओ द्वारा मतदाता से स्वयं संपर्क किया जाएगा।


*19 हजार BLA नियुक्त*


अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने राजनैतिक दलों से शत प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 11733 पोलिंग बूथों के सापेक्ष सभी दलों द्वारा 19116 बीएलए की ही नियुक्ति हुई है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा 9276, कांग्रेस पार्टी द्वारा 9506, सीपीआई (एम) द्वारा 217, बीएसपी द्वारा 117 बीएलए की नियुक्ति की गई है।

इस अवसर पर उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास भी उपस्थित रहे ।

 

देहरादून:





*कान्हरवाला भानियावाला तिराह और निर्मल बाग में कार्रवाई, टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान*

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए डोईवाला और ऋषिकेश क्षेत्रों में कई भवनों को सील कर दिया। प्राधिकरण की टीम ने चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की, जिससे अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।


डोईवाला क्षेत्र के कान्हरवाला भानियावाला तिराह पर नेत्रपाल सिंह सैनी द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को प्राधिकरण ने सील कर दिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और निर्माण को बंद कराया। इस दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।


वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में भी एमडीडीए की टीम ने लगातार कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर अवैध निर्माणों को सील किया। निर्मल बाग ब्लॉक-बी, गली नंबर 10 में आलोक कुडियाल द्वारा किए जा रहे निर्माण को नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर सील किया गया। इसके अलावा निर्मल बाग ब्लॉक-सी में आयुष अग्रवाल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन दोनों कार्रवाइयों के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार, इन निर्माणों के संबंध में पूर्व में भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग की कार्रवाई की। अधिकारियों ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी उल्लंघन सामने आ रहा है, वहां तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।


*सुनियोजित विकास के लिए सख्त अभियान*

प्राधिकरण ने साफ किया है कि शहर के सुनियोजित विकास को बनाए रखने के लिए अवैध निर्माणों पर रोक लगाना जरूरी है। एमडीडीए द्वारा विशेष अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों की पहचान की जा रही है, जो बिना अनुमति या नियमों के विपरीत बनाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।


*बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए का बयान* 

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना कानूनन अपराध है और इससे शहर के व्यवस्थित विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अवैध निर्माण की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी, ताकि अवैध निर्माणों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित किया जा सके और शहर का विकास योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़े।


*मोहन सिंह बर्निया, सचिव, एमडीडीए का बयान* 

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि डोईवाला और ऋषिकेश में चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीम नियमित निरीक्षण कर रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल सख्त कार्रवाई की जा रही है। बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

      

नौंवे दिन यानि नवमी तिथि को मां के सिद्धीदात्री का पूजन और आराधना की जाती है। मां का यह स्वरूप सभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने वाला है।




भगवती सिद्धिदात्री का ध्यान, स्तोत्र व कवच का पाठ करने से 'निर्वाण चक्र' जाग्रत हो जाता है।  



वन्दे वांछित मनोरथार्थ चन्द्रार्घकृत शेखराम।

कमलस्थितां चतुर्भुजा सिद्धीदात्री यशस्वनीम॥

स्वर्णावर्णा निर्वाणचक्रस्थितां नवम दुर्गा त्रिनेत्राम।

शख, चक्र, गदा, पदम, धरां सिद्धीदात्री भजेम॥

पटाम्बर,परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम।

मंजीर, हार, केयूर, किंकिणि रत्नकुण्डल मण्डिताम॥

प्रफुल्ल वदना पल्लवाधरां कातं कपोला पीनपयोधराम।

कमनीयां लावण्यां श्रीणकटि निम्ननाभि नितम्बनीम॥  


 

देहरादून:



*धामी सरकार का मास्टर स्ट्रोक : देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर को मिलेगा स्मार्ट और जाम-मुक्त परिवहन नेटवर्क*


*CMP-2024 पर सचिवालय में मंथन, E-BRTS (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), रोपवे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगी राज्य की तस्वीर*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड में आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत ढांचे के निर्माण की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक कॉरिडोर, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए कॉम्प्रीहेन्सिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024 पर उच्चस्तरीय मंथन किया गया। आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक राज्य सचिवालय में आयोजित हुई, जिसमें इस पूरे कॉरिडोर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।


बैठक की शुरुआत मैसर्स यूएमटीसी द्वारा CMP-2024 के अद्यतन प्रस्तावों के प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें देहरादून (देहरादून शहर, विकासनगर, ऋषिकेश) और हरिद्वार (हरिद्वार शहर, रुड़की, भगवानपुर) क्षेत्र की मौजूदा यातायात चुनौतियों और उनके समाधान को विस्तार से रखा गया। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजना के तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया। सचिव आवास ने निर्देश दिए कि CMP के सभी प्रस्तावों को संबंधित मास्टर प्लान में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि आने वाले समय में शहरी परिवहन अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में तैयार होने वाली सभी योजनाओं में एकीकृत परिवहन प्रणाली की अवधारणा को केंद्र में रखा जाए।



*बढ़ते यातायात दबाव का समाधान, लोगों को मिलेगा राहतभरा सफर*

देहरादून–हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर वर्तमान में राज्य का सबसे व्यस्त क्षेत्र बन चुका है। SIDCUL जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, तेजी से हो रहे शहरीकरण और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि के चलते यहां यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पीक आवर्स में जाम, अव्यवस्थित पार्किंग, सीमित सड़क क्षमता और सार्वजनिक परिवहन की कमी जैसी समस्याएं आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। CMP-2024 इन चुनौतियों का दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है, जिससे आमजन को राहत मिलने की उम्मीद है। इस योजना के तहत परिवहन को लोग-केंद्रित, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और पैदल व साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में कई ठोस कदम प्रस्तावित किए गए हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।



*ई-बीआरटीएस, रोपवे और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से बदलेगा कॉरिडोर का स्वरूप*

CMP-2024 के अंतर्गत कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जो इस पूरे कॉरिडोर की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती हैं। देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच लगभग 73 किलोमीटर लंबी ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) प्रणाली विकसित करने की योजना है, जिससे तीनों शहरों के बीच आवागमन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। इसके अलावा हरिद्वार में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव है, जो विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा। धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए रोपवे परियोजनाओं का विकास भी इस योजना का अहम हिस्सा है, जिससे यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITS), आधुनिक सिग्नलिंग, पार्किंग प्रबंधन और बाईपास सड़कों के निर्माण पर भी जोर दिया गया है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के माध्यम से शहरों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे परिवहन और शहरी जीवनशैली के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।


*कांवड़ और कुंभ जैसे आयोजनों में मिलेगी बड़ी राहत*

विशेषज्ञों का मानना है कि CMP-2024 के लागू होने से कांवड़ मेला और कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। हर साल लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से इस कॉरिडोर पर भारी दबाव पड़ता है, लेकिन नई योजना के लागू होने के बाद यातायात अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकेगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रशासन के लिए भी व्यवस्थाएं संभालना आसान होगा। कुल मिलाकर यह योजना धामी सरकार की विकासोन्मुखी और दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है, जो उत्तराखंड को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


बैठक में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय जी. पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने CMP-2024 को राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। 


*सरकार की दूरदर्शी सोच, विकास को मिलेगी नई रफ्तार*

आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के प्रमुख शहरी क्षेत्रों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। CMP-2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें एकीकृत और आधुनिक परिवहन प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया है। हमारा उद्देश्य है कि देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध बनाया जाए। ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), रोपवे, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जैसी योजनाएं न केवल यातायात समस्याओं का समाधान करेंगी, बल्कि राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति देंगी। आने वाले समय में यह कॉरिडोर देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

 


देवेन्द्र कुमार बुडाकोटी


पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान से जुड़े चल रहे संघर्ष के वैश्विक प्रभाव हैं। भारत में इसका असर पहले से ही दिखाई देने लगा है, जहाँ खाना पकाने वाली गैस की घबराहट में खरीदारी और कालाबाज़ारी की घटनाएँ सामने आई हैं, जबकि सरकार ने आश्वासन दिया है कि पर्याप्त भंडार होने के कारण फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है।


हालाँकि, इससे जो बड़ा मुद्दा उभरकर सामने आता है, वह है भारत की ऊर्जा सुरक्षा। इस संघर्ष ने नागरिकों को देश की ऊर्जा आवश्यकताओं, आपूर्ति की कमजोरियों और बाहरी स्रोतों पर निर्भरता के प्रति अधिक जागरूक किया है।

वर्षों से भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने और वैकल्पिक ऊर्जा में निवेश करने के प्रयास कर रहा है। इनमें सौर, पवन, ज्वारीय, परमाणु और जलविद्युत ऊर्जा शामिल हैं, विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र में। ये पहल जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने की दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाती हैं।

हम अपनी अर्थव्यवस्था को बनाए रखने के लिए जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर शीघ्र संक्रमण की आवश्यकता के प्रति लगातार जागरूक हो रहे हैं। इस संकट ने कुछ महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को भी उजागर किया है, जैसे होर्मुज़ जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व, जहाँ से विश्व के लगभग पाँचवें हिस्से के तेल की आपूर्ति और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है। इस महत्वपूर्ण मार्ग में किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दे सकता है, जिसका विशेष प्रभाव विकासशील देशों पर पड़ेगा।

भारत में ऊर्जा सुरक्षा को अक्सर पेट्रोलियम, तेल और स्नेहक (POL) में आत्मनिर्भरता की कमी के संदर्भ में समझा जाता है। भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकताओं का लगभग 82% आयात करता है, जिससे वह विश्व के सबसे बड़े आयातकों में से एक बन जाता है। इस खपत का बड़ा हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है—दो-पहिया और यात्री वाहनों के लिए पेट्रोल, ट्रकों और बसों के लिए डीज़ल, विमानन ईंधन, तथा कृषि में उपयोग।

इस निर्भरता को कम करने के लिए भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाने की पहल की है, जिसमें दो-पहिया वाहन, कारें, बसें और औद्योगिक उपकरण शामिल हैं। इस परिवर्तन का उद्देश्य POL की खपत और आयात निर्भरता को कम करना है।

भारत का ऊर्जा परिदृश्य एक रणनीतिक परिवर्तन से गुजर रहा है। 2025 तक गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 217 गीगावाट से अधिक हो चुकी है, और वर्तमान में कुल स्थापित क्षमता का लगभग 49% हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों, जिसमें नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा शामिल हैं, से आता है। राष्ट्रीय बायो-ऊर्जा मिशन, राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और रूफटॉप सोलर कार्यक्रम जैसी सरकारी पहलें इस परिवर्तन के केंद्र में हैं। इसके अतिरिक्त, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार कर रहा है।

रूस-यूक्रेन युद्ध ने यह दिखाया कि आधुनिक युद्ध शायद ही कभी एकतरफा होते हैं। यूक्रेन को अमेरिका और नाटो देशों का व्यापक समर्थन मिला, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों में “शक्ति संतुलन” की अवधारणा को दर्शाता है। हालांकि, जैसा कि हेनरी किसिंजर ने कहा था, “अमेरिका के न तो स्थायी मित्र होते हैं और न ही शत्रु, केवल हित होते हैं।” यूरोपीय देशों ने यूक्रेन का समर्थन करते हुए भी रूसी तेल और गैस पर अपनी निर्भरता को ध्यान में रखा, जो भू-राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा के जटिल संबंध को दर्शाता है।

वर्तमान मध्य पूर्व संकट से पहले ही भारत ने रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली थी, अक्सर रुपये-आधारित व्यापार जैसे अनुकूल प्रबंधों के माध्यम से, जो उसके आर्थिक और ऊर्जा हितों के अनुरूप था। रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान कुछ देशों द्वारा आलोचना के बावजूद, भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी।

भारत अमेरिका और इज़राइल जैसे प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखता है, साथ ही ईरान के साथ ऐतिहासिक रूप से मैत्रीपूर्ण संबंध भी कायम रखता है। तेजी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में, भारत की संतुलित और व्यावहारिक विदेश नीति उसकी ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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लेखक एक समाजशास्त्री हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। उनके शोध कार्य का उल्लेख नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन के लेखन में भी किया गया है।

 


cabinet minister madan kaushik, ranjeeta chohan

हरिद्वार:
भाजपा महिला मोर्चा हरिद्वार की नवनियुक्त  पदाधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक से मुलाकात की।

 उन्होंने महिला मोर्चा की पदाधिकारी श्रीमती रंजीता चौहान को जिला सहसंयोजक मीडिया हरिद्वार नियुक्त किए जाने पर सम्मानित भी किया ।
  साथ ही उन्होंने महिला मोर्चा को सशक्त बनाने हेतु लगन  से  कार्य करने हेतु अग्रिम शुभकामनाएं दी। 


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