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 अगले 03 घंटों में  ( ऑरेंज अलर्ट 31 Aug 2026, 10:18 PM  से  01 Sep 2026, 1:00 AM ) *जनपद* - बागेश्वेर, पिथौरागढ़, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल तथा उधम सिंह नगर ज़िलों के कुछ इलाकों में *यथा* - विकासनगर, सेलाकुई, मसूरी, सुधोवाला, सकलाना रेंज, धनोल्टी, लच्छीवाला, सहस्त्रधारा, डोईवाला, नरेंद्र नगर, चंबा, शिवपुरी रेंज, देवप्रयाग, ऋषिकेश, छिद्दरवाला, मोहन चट्टी, घनशाली, दुगड्डा, कोटद्वार, रामनगर, रुद्रपुर, हल्द्वानी, मुनस्यारी, रिलकोट, बेरीनाग, डीडीहाट, कपकोट और आस-पास के क्षेत्रों में मध्यम वर्षा तथा कही-कही वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की संभावना है।


 *मुख्यमंत्री ने इलाज का पूरा खर्च वहन करने के दिए निर्देश* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशील पहल से लोहियाहेड निवासी रवि शर्मा के 08 वर्षीय पुत्र देव के उपचार की राह आसान हुई है। मुख्यमंत्री ने बच्चे के समुचित उपचार के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा इलाज में आने वाले खर्च को वहन करने के निर्देश दिए हैं।



उल्लेखनीय है कि गत दिवस मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी लोहियाहेड में स्थानीय व्यवसायी रवि शर्मा की दुकान पर पहुंचे थे और वहां उन्होंने टिक्की खाई थी। इस दौरान रवि शर्मा ने मुख्यमंत्री को अपने 08 वर्षीय पुत्र देव की बीमारी के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उनका बेटा बचपन से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है और उसके हाथ-पैर काम नहीं करते हैं। बच्चे का लंबे समय से उपचार कराया जा रहा है तथा देहरादून स्थित इंद्रेश अस्पताल में भी उसका उपचार कराया गया है।


मुख्यमंत्री के निर्देश पर सोमवार देर सायं जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी श्री दिवेश शासनी तथा उपजिलाधिकारी श्री तुषार सैनी सहित चिकित्सकों की टीम रवि शर्मा के लोहियाहेड स्थित आवास पहुंची। इस दौरान ऑर्थो विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी डॉ. एच.एस. ऐरी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उसके पूर्व में कराए गए उपचार और मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी ली।


बच्चे की वर्तमान स्थिति एवं पूर्व उपचार की जानकारी लेने के बाद चिकित्सकों ने आगे के उपचार के लिए सर्वप्रथम एमआरआई जांच कराने की सलाह दी। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार की आगामी प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चे की एमआरआई जांच तत्काल कराई जाए।


जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे और उसके अभिभावकों को जिला चिकित्सालय तक ले जाने के लिए प्रशासन की ओर से वाहन एवं आवश्यक सहायक उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चे के बेहतर उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की इस संवेदनशील पहल से बच्चे के परिवार को बेहतर उपचार की उम्मीद जगी है। परिवार ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उनकी इस मानवीय पहल के लिए धन्यवाद दिया।


*मलबा तत्काल हटाने, पुल के नीचे ब्लॉक निर्माण एवं प्रभावितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के दिए निर्देश*


देहरादून:



सूबे के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के मसंदावाला क्षेत्र में देर रात हुई भारी बारिश के कारण मलबा आने से प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर स्थानीय लोगों एवं आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


मंत्री जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में जमा मलबे को तत्काल साफ कराया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने पुल के नीचे ब्लॉक निर्माण का कार्य शीघ्र कराने के भी निर्देश दिए, जिससे भविष्य में भारी बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव एवं मलबे से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।


मंत्री ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील के माध्यम से आपदा के कारण जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उनका शीघ्र आकलन कर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता के चेक उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को शासन स्तर पर लंबित योजना की वित्तीय स्वीकृति की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा एवं बचाव से संबंधित कार्य जल्द शुरू किए जा सकें एवं आपदा की स्थिति में सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाए।


निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान विनोद अवस्थी, रंजीता उनियाल, बिक्रम कण्डारी, गिरीश उनियाल, नवीन उनियाल, परशुराम, मोहन ठाकुर, विनोद जोशी, प्रीति थापा सहित वन विभाग, सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

नई दिल्ली :





शनिवार को नई दिल्ली के होटल वेलकम में अमेरिका की सेडारब्रुक यूनिवर्सिटी (Cedarbrook University) द्वारा लेखन,पत्रकारिता,समाज सेवा,शिक्षा,साहित्य,कला और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को मानद डॉक्टरेट(Honorary Doctorate) की उपाधि और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। 

इस मौके पर अमेरिका सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी द्वारा लेखक और पत्रकार जगमोहन ‘आज़ाद’ को पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों के विशिष्ट योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट(Ph.D.)की उपाधि और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया है। जिसके तह्त उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि के साथ प्रमाण पत्र और स्वर्ण पदक(गोल्ड मेडल)प्रदान किया गया

आपको बता दें कि सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी ने इस विशेष अंतर्राष्ट्रीय दीक्षांत समारोह में भारत के कई प्रतिष्ठित शिक्षाविदों,समाजसेवियों और शोधकर्ताओं को शिक्षा,अकादमिक नेतृत्व और सामाजिक योगदान के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए 'मानद डॉक्टरेट' (Honorary Doctorate) की उपाधि से सम्मानित किया। 

अग्रणी वैश्विक शिक्षा परामर्श और सेवा मंच ऐमले (Aimlay) के तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित इस ग्लोबल एक्सीलेंस समिट(Global Excellence Summit) में वैश्विक स्तर के विचारक,शिक्षाविद,शोधकर्ता और उद्योगपतियों सहित दुनिया भर के कई देशों से सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिसमें उत्तराखंड मूल के कवि-लेखक और पत्रकार जगमोहन ‘आजाद’ को मानद डॉक्टरेट की उपाधि एवं गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। 

मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित होने के बाद जगमोहन ‘आज़ाद’ ने सीडरब्रुक यूनिवर्सिटी अमेरिका और ऐमले का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस हिमालय को देखने के लिए दुनिया भर से लोग हमारे उत्तराखंड आते है,उसे हम सुबह उठकर प्रणाम करते है,क्योंकि हिमालय हमारे लिए केवल पहाड़ नहीं,बल्कि देवता और जीवंत सांस्कृतिक धरोहर भी है। जिस प्राकृतिक संपदा और पावन नदियों को देखने और मानसिक शांति पाने के लिए दुनिया भर से लोग मीलों का सफर तय करके हमारे पास आते हैं,उन्हें हम रोज़ सुबह उठकर एक मां और चेतना के रूप में प्रणाम करते हैं। हम पहाड़ों और नदियों को देवता मानते है। पेड़-पौधे,बांज और देवदार के जंगलों को श्रद्धा से देखते है और उन्हें बचाते है। उत्तराखंड की मातृशक्ति जो हमारे पहाड़ की सामाजिक,सांस्कृतिक और आर्थिक रीढ़ मानी जाती हैं,जिन्होंने कठिन पहाड़ी जीवन और राज्य निर्माण के संघर्ष में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। जिनसे मैं संघर्षों के मायनों को समझता हूं। मैं इन सब को अपनी इस उपाधि को समर्पित करता हूं। क्योंकि मैं आज जो कुछ भी हूं,इन सब की वजह से हूं।


मूल रूप से उत्तराखंड,पौड़ी गढ़वाल की पट्टी कफोलस्यूं में ग्राम नौली रहने वाले है जगमोहन

सेडारब्रुक यूनिवर्सिटी (Cedarbrook University) से मानद डॉक्टरेट(Honorary Doctorate) की उपाधि और गोल्ड मेडल से सम्मानित जगमोहन ‘आज़ाद’ मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के ग्राम नौली के रहने वाले और पिछले 30 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े हैं और कई उपलब्धियां प्राप्त कर चुके हैं। दिल्ली दूरदर्शन,हिदुस्तान,इंडिया टुडे,अमर उजाला,जनसत्ता,राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पत्रकारिता के क्षेत्र में नयी भूमिका स्थापित करते हुए जगमोहन ‘आज़ाद’ वर्तमान में सहारा न्यूज चैनल में वरिष्ठ संपादक के पद पर कार्यरत हैं। उनके अभी तक तीन कविता संग्रह,एक बाल कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुका है। जगमोहन ने गढ़वाली कवि ‘चंद्र कुंवर बर्त्वाल’ पर पुस्तक ‘प्रकृति के कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल’ का संपादन किया हैं तो,वो उत्तराखंड के लोक कलाकारों के जीवन परिवेश पर शोध करने वाले पहले शोधकर्ता है। इस शोध पर उनका शोध कार्य ‘लोक की बात’ नाम से प्रकाशित एवं पुरस्कृत है,इसी के साथ जगमोहन ‘उत्तराखंड सिनेमा का इतिहास’और ‘उत्तराखंड की लोक विरासत’ पर भी शोध कर रहे हैं। वह साहित्य कला एवं फिल्म से जुड़े लगभग एक हजार से अधिक लोगों के साक्षात्कार कर चुके हैं। 

जगमोहन ‘आज़ाद’को साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ-साथ कई सामाजिक संस्थाएं सम्मानित कर चुकी है।

पहाड़ की माटी से उपजे,पहाड़ के संघर्षों में पले-बढ़े और पहाड़ जैसा जीवन जीने वाले जगमोहन ‘आजाद’ के संघर्षों की कहानी बहुत संघर्षपूर्ण है,जो कई बार आपको विचलित कर देती है।दिल्ली की सड़कों पर रिक्शा चलाने,दिल्ली के छापखानों में जीवन के लिए संघर्ष करने और तमाम पहाड़ के लोगों की तरह खुद को साबित करने लिए संघर्षों का लंबा अनुभव समेटे जगमोहन ‘आज़ाद’ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना नाम कमाया है।

जगमोहन उत्तराखंड के माटी से जुडी खबरों के वे-पोर्टल संवाद जाह्नवी का संपादन भी कर रहे है। साथ ही यूट्यूब चैनल Travel With Me-‘संवाद जाह्नवी’ के माध्यम से लोक संस्कृतिक,लोक कलाओं,पर्यटन एवं लोक विरासत से जुडे ब्लॉग का निर्माण करते है। 

लेखक-कवि पत्रकार जगमोहन ‘आजाद’ देश-विदेश में कई साहित्य और संस्कृतिक यात्राएं कर चुके है और कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित। जिनमें वियतनाम में आयोजित 20वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मलेन में ‘सलेकचंद जैन’ एवं ‘हो ची मिन्ह स्मृति सम्मान’। भूटान में आयोजित 21वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में ‘श्रीकांत वर्मा स्मृति सम्मान’। श्रीलंका में 22वें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में ‘मुक्तिबोध स्मृति सम्मान’ और हिन्दी आकादमी दिल्ली 2004-05 का 'नवोदित लेखक सम्मान',कविता संग्रह 'शाम होते ही' के लिए प्रथम 'राजेंद्र बोहरा काव्य' सम्मान,जयपुर,पर्वतीय कला मंच,नोएडा से पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान हेतु 'पर्वतीय कला संस्कृति' सम्मान,डॉ.शोभनाथ यादव कविता सम्मान,कौथिग फाउंडेशन मुंबई,युवा पत्रकार सम्मान और मलेशिया,इंडोनेशिया,बाली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन के रजत पर्व में पत्रिकारिता के लिए ‘ट्रू मीडिया सम्मान-2025 प्रमुख है।

इस मौके पर पूर्व मंत्री यूपी पर्यावरण परिषद की चेयरपर्सन और ब्राह्मण सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व राज्य मंत्री साधना मिश्रा, ऐमले निदेशक राकेश कुमार गुप्ता,बिज़नेस हेड अभिषेक सिंह सिंह सहित कई विश्वविद्यालयों के कुलपति और उप-कुलपति उपस्थित थे।

 देहरादून:



मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड में जारी ऑरेंज अलर्ट के दृष्टिगत SDRF को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी द्वारा प्रदेशभर में तैनात SDRF टीमों की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी कंपनी प्रभारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।


बैठक के दौरान सेनानायक द्वारा सभी कंपनी प्रभारियों एवं टीम प्रभारियों से उनके-अपने तैनाती क्षेत्रों में मौसम की वर्तमान स्थिति एवं SDRF टीमों की तैयारियों की जानकारी ली गई। उन्होंने निर्देशित किया कि बारिश के दौरान सभी टीमें पूर्ण उपकरणों एवं आवश्यक सुरक्षा संसाधनों के साथ पूरी तरह तैयार एवं अलर्ट रहें। किसी भी आपातकालीन कॉल प्राप्त होने पर टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया जाए तथा रेस्क्यू कार्यों में किसी भी प्रकार का विलंब न हो।


सेनानायक द्वारा सभी टीमों को निर्देश दिए गए कि अपने-अपने क्षेत्रों में नदियों, गदेरों, नालों, संवेदनशील ढलानों एवं अन्य संभावित आपदा प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही आसपास के स्थानीय लोगों को भी मौसम एवं संभावित जोखिमों के संबंध में जागरूक करते हुए आवश्यक सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया जाए।


उन्होंने निर्देशित किया कि सभी टीमें अपने क्षेत्र का मौसम एवं परिस्थितियों संबंधी अपडेट लगातार SDRF कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराती रहें, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


बैठक में सेनानायक ने रेस्क्यू के दौरान कार्मिकों की व्यक्तिगत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जवान अपने सुरक्षा उपकरणों, लाइफ जैकेट, हेलमेट, रोप रेस्क्यू उपकरण एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित कर लें। उन्होंने टीमों को निर्देशित किया कि स्वयं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ही रेस्क्यू ऑपरेशन को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।



SDRF Uttarakhand मौसम विभाग के अलर्ट के मद्देनजर प्रदेशभर में अपनी सभी टीमों के माध्यम से स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू एवं राहत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है।

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए करता है प्रेरित : मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंवावाला, देहरादून में सुना प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कुंवावाला, देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना।



कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और अभिनव प्रयासों को देश-दुनिया के सामने लाने का प्रभावी माध्यम बना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में युवाओं को नशे से दूर रखने और ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया है। नशा मुक्त युवा ही सशक्त और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री के आह्वान से देश के युवाओं में नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ने के साथ ही स्वस्थ, सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित युवा शक्ति के निर्माण को नई ऊर्जा मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के गौरवशाली इतिहास और विरासत को नई पीढ़ी तक रोचक एवं सरल तरीके से पहुंचाने के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयासों का भी उल्लेख किया। ऐसे प्रयास युवाओं को देश के समृद्ध इतिहास से जोड़ने के साथ उनमें अपनी संस्कृति, विरासत और राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत करते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में सामान्य नागरिकों द्वारा किए जा रहे असाधारण कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान प्रदान कर रहे हैं। इससे समाज के अन्य लोगों को भी अपने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा मिलती है।


मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए नशा मुक्त, स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।


इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत,श्री मदन कौशिक श्री भरत चौधरी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।


*संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में रियल टाइम मॉनिटरिंग, पूर्व चेतावनी एवं त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश*

*मौसम को देखते हुए सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश* 

देहरादून:



 राज्य में स्थित ग्लेशियर झीलों से संभावित खतरे को देखते हुए  आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने ग्लेशियर झीलों की निगरानी एवं जोखिम न्यूनीकरण के लिए विश्वभर में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने के निर्देश दिए हैं।


 रविवार को उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर उत्तराखण्ड में स्थित ग्लेशियर झीलों की स्थिति तथा संभावित जोखिम की विस्तृत जानकारी ली।

आपदा मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए ग्लेशियर एवं ग्लेशियर झीलों की स्थिति में होने वाले बदलावों की वैज्ञानिक निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निरंतर एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। ग्लेशियर झीलों के जलस्तर, आकार, जलभराव की स्थिति तथा उनमें होने वाले संभावित बदलावों पर लगातार नजर रखी जाए। इसके लिए सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग, ड्रोन, सेंसर आधारित निगरानी तथा अन्य आधुनिक तकनीकों की संभावनाओं का अध्ययन कर इन्हें आवश्यकता के अनुसार अपनाया जाए।

आपदा मंत्री ने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए संबंधित विभागों, विशेषज्ञ संस्थानों एवं तकनीकी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो वहां अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किए जाएं, ताकि किसी भी असामान्य स्थिति का समय रहते पता लगाकर संभावित प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सतर्क किया जा सके। 

पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने बैठक में प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा तथा बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें। उन्होंने राज्यभर में वर्षा की स्थिति, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। विभिन्न जनपदों में हुई वर्षा, संभावित मौसम पूर्वानुमान तथा आगामी दिनों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को सभी जनपदों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए तथा भूस्खलन संभावित एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी पहले से तैनात रखी जाए। जिन स्थानों पर भूस्खलन अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना अधिक रहती है, वहां पहले से पर्याप्त संख्या में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, आवश्यक उपकरण एवं तकनीकी दल तैनात किए जाएं, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके। 

जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ पंप एवं अन्य आवश्यक उपकरण पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता से कार्य करने को कहा, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कहा कि बिजली, पेयजल एवं संचार सेवाओं की बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता पर की जाए। यदि कहीं भी ये सेवाएं प्रभावित होती हैं तो अतिरिक्त टीमें तत्काल भेजी जाएं और वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर आमजन को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। 

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित सभी संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें। दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित किया जाए, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में मा0 उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति श्री विनय रुहेला, मा0 उपाध्यक्ष ले. कर्नल (अ.प्रा.) रघुवीर सिंह भण्डारी, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, जेसीईओ श्री दिनेश कुमार पुनेठा, यूएसडीएमए के विशेषज्ञ डॉ. पूजा राणा, श्री रोहित कुमार, सुश्री प्रतिभा पुरोहित, श्री मोहित माथुर आदि उपस्थित रहे। 


*यात्रा संचालन मौसम एवं मार्ग की स्थिति के आधार पर हो*

 मा0 मंत्री ने निर्देश दिए कि मौसम की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा का संचालन किया जाए। यदि अत्यधिक वर्षा अथवा मार्ग अवरुद्ध होने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे भेजा जाए।


*नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश* 

मा0 मंत्री ने नदियों के जलस्तर पर चैबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक किया जाए तथा खतरे की आशंका होने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डैम एवं बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देकर सतर्क किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भी समय रहते अलर्ट किया जाए, ताकि किसी भी संभावित जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।


*वैकल्पिक संचार व्यवस्था हर समय तैयार रहे*

आपदा  मंत्री ने कहा कि यदि भारी वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण किसी क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होती है तो वैकल्पिक संचार प्रणाली तत्काल सक्रिय की जाए। उन्होंने दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में वैकल्पिक संचार व्यवस्था को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण मोबाइल अथवा अन्य संचार सेवाएं बाधित होने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक संचार माध्यम उपलब्ध होने चाहिए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।


*गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं गंभीर रोगियों की विशेष निगरानी*

 मा0 मंत्री ने गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सा सुविधाओं से युक्त स्थानों पर पहुंचाया जाए। जहां आवश्यकता हो वहां हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में चिकित्सा सहायता के अभाव में जनहानि नहीं होनी चाहिए।


*डेंगू की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर अभियान के निर्देश*

मंत्री ने प्रदेश में डेंगू की रोकथाम की भी समीक्षा की।



उन्होंने इसे राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले सभी स्थानों की तत्काल पहचान कर वहां पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए तथा नियमित फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच किट, पर्याप्त दवाइयां, रक्त की उपलब्धता, बेड तथा चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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