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मंत्रिमंडल के निर्णय--

*दिनांक 15 जनवरी 2026*

cabinet decision 15 jan 2026 CM Dhami



1. पेराई सत्र 2025-26 हेतु प्रदेश की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को बैंको से ऋण लिये जाने हेतु शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।


पेराई सत्र 2025-26 हेतु भी राज्य सरकार द्वारा राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों डोईवाला, किच्छा, नादेही व बाजपुर हेतु कुल रू० 270.28 करोड़ (रू० दौ सौ सत्तर करोड़ अट्ठाईस लाख मात्र) की शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया।


2. राज्य की चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र 2025-26 में क्रय किये जाने वाले गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य एवं गन्ना विकास अंशदान (कमीशन) की दर निर्धारित किये जाने पर मंत्रिमंडल द्वारा सहमति प्रदान की गई।


राज्य परामर्शी समिति की संस्तुति के आधार पर मुख्यमंत्री के द्वारा विचलन के माध्यम प्रदान की गई स्वीकृति के क्रम में पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य अगेती प्रजातियों हेतु रू० 405.00 प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजातियों हेतु रू० 395.00 प्रति कुन्तल (मिल गेट पर) निधारित करने के साथ ही वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 हेतु चीनी मिलों के बाह्य क्रय केन्द्रों से गन्ने का परिवहन मिल तक कराये जाने के मद में होने वाली कटौती हेतु रू० 11.00 प्रति कुन्तल तथा विगत पेराई सत्र की भांति गन्ना विकास अंशदान (कमीशन) की दर रू० 5.50 प्रति कुन्तल निर्धारित करने पर सहमति प्रदान की गई।


3. उत्तराखण्ड निर्वाचन विभाग के निजी सचिव संवर्ग की सेवा नियमावली अनुमोदित।


मंत्रिमंडल द्वारा निर्वाचन विभाग के विभागीय ढाँचे का पुनर्गठन किये जाने के क्रम में पुनर्गठित निजी सचिव संवर्ग के विभिन्न पदों पर पदोन्नति किये जाने हेतु अधिसूचना दिनांक 29.08.2025 के द्वारा प्रमुख निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सचिव (समूह-क), निजी सचिव (समूह-ख) तथा अपर निजी सचिव (समूह-ग) सेवा में नियुक्त व्यक्तियों की भर्ती तथा सेवा नियमावली, 2025 का प्रख्यापन किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।


4. उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार का नाम “उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्“ किये जाने का निर्णय।


मंत्रिमंडल द्वारा संस्कृत प्रदेश उत्तराखण्ड में संस्कृत प्रचार-प्रसार हेतु संस्थापित प्रतिष्ठान का नाम शुद्ध, संस्कारित व संस्कृतनिष्ठ किए जाने हेतु “उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी“ का नाम परिवर्तित कर “उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्“ किये जाने का निर्णय लिया गया।


5. उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यू-कॉस्ट) के अन्तर्गत उप आंचलिक विज्ञान केन्द्र, अल्मोड़ा एवं विज्ञान केन्द्र, चम्पावत हेतु कुल 12 पदों का सृजन किये जाने का मंत्रिमंडल ने दिया अनुमोदन।


सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन संचालित स्वायत्तशासी संस्था उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यू-कॉस्ट) के अन्तर्गत उप आंचलिक विज्ञान केन्द्र, अल्मोड़ा एवं विज्ञान केन्द्र, चम्पावत हेतु  विभिन्न श्रेणी के पदों कुल 12  का सृजन का अनुमोदन।


6. कम्पनी अधिनियम 2013 की धारा 395 (इ) के अनुपालन में पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन आफ उत्तराखण्ड लि० के वित्तीय वर्ष 2024-25 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को विधान सभा के पटल पर रखे जाने का अनुमोदन।


7. उत्तराखण्ड वन विकास निगम के वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं वर्ष 2022-23 के वार्षिक लेखों की सम्परीक्षा राज्य विधान सभा को प्रस्तुत किये जाने के संबंध में अनुमोदन।


8. बागवानी मिशन योजनान्तर्गत एन्टीहेल नेट योजना पर भारत सरकार द्वारा देय 50 प्रतिशत राज सहायता के अतिरिक्त राज्यांश के रूप में 25 प्रतिशत अतिरिक्त राज सहायता प्रदान किये जाने का निर्णय।


बागवानी फसलों (सेब, आडू, प्लम, खुबानी, नाशपाती आदि) को ओलावृष्टि से बचाने हेतु एन्टीहेल नेट का प्रयोग किया जाता है। एन्टीहेल नेट से आच्छादित फल फसलों को ओलावृष्टि, ऑधी तूफान से 100 प्रतिशत तक बचाया जा सकता है तथा इसके प्रयोग से फल फसलों को चिड़ियों से भी सुरक्षा प्राप्त होती है। बागवानी मिशन योजना संचालित रहने की अवधि तक भारत सरकार द्वारा जो भी लक्ष्य निर्धारित किये जाएंगे, उसी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा राज्यांश के रूप में 25 प्रतिशत अतिरिक्त राज सहायता उन वर्षों हेतु स्वीकृत किए जाने का मंत्रिमंडल द्वारा  अनुमोदन प्रदान किया गया।

9. दून विश्वविद्यालय, देहरादून में हिन्दू अध्ययन केन्द्र (सेंटर ऑफ हिन्दू स्टडीज) में 6 पदों के सृजन की मंजूरी।

दून विश्वविद्यालय, देहरादून में हिन्दू अध्ययन केन्द्र की स्थापना एवं संचालन हेतु 04 शैक्षिक (प्रोफेसर 01 पद, एसोसिएट प्रोफेसर 01 पद एवं असिस्टेंट प्रोफेसर 02 पद ) तथा 02 शिक्षणेत्तर (कनिष्ठ सहायक 01 पद, परिचारक 01 आउटसोर्स) इस प्रकार कुल 06 पदों का सृजन किए जाने हेतु कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।

10. उपनल द्वारा प्रायोजित कर्मियों को प्रथम चरण में 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन से संबंधित लाभ प्रदान करने का निर्णय।


जनहित याचिका संख्या-116/2018 कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखण्ड राज्य एवं अन्य में मा० उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 12.11.2018 को पारित आदेश के क्रम में गठित मंत्रिमण्डलीय उप समिति की बैठक दिनांक 8.12.2025 में उप समिति द्वारा की गयी संस्तुतियों पर मंत्रिमण्डल द्वारा विचार कर निर्णय लिया गया कि राज्य की आर्थिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए उपनल के माध्यम से कार्यरत उपनल कर्मियों को चरणबद्ध रूप से समान कार्य के लिए समान वेतन से संबंधित लाभ प्रदान किए जाएंगे और प्रथम चरण में उपनल द्वारा प्रायोजित ऐसे उपनल कर्मियों, जिनके द्वारा 10 वर्ष की निरन्तर सेवायें पूर्ण कर ली गई हों को वेतन से संबंधित लाभ अनुमन्स कराए जाने का निर्णय लिया गया।

11. उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में योजित क्रिमिनल रिट याचिका संख्या-5191/2021 सतेन्द्र कुमार अन्टिल बनाम सी०बी०आई० में पारित निर्णय दिनांक 06.08.2024 के अनुपालन में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी की संस्तुतियों के क्रम में NDPS Act, Pocso Act, NI Act, Prevention of Corruption Act & PMLA Act  से सम्बन्धित वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए राज्य में प्रथम चरण में जनपद देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल एवं ऊधम सिंह नगर में 16 विशेष न्यायालयों (07 ADJ एवं 09 ACJM विशेष न्यायालय) हेतु कुल 144 पद सृजित किए जाने हेतु मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।


12. उत्तराखण्ड की पंचम विधान सभा के वर्ष 2026 का प्रथम सत्र (आय-व्ययक अधिवेशन) आहूत करने हेतु मंत्रिमण्डल द्वारा मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।


13. औद्योगिक विकास (खनन) विभाग से संबंधित अधिसूचना सं0 613, दिनांक 07.03.2025 द्वारा गौला, कोसी, दाबका व नन्धौर हेतु लागू संशोधित बिक्री दर में अंकित शब्द “नन्धौर“ के स्थान पर “नन्धौर एव अन्य नदियां“ अंकित करते हुए तद्नुसार संशोधन किये जाने का अनुमोदन।


14. युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग में संचालित योजना “खेल महाकुम्भ’ के अन्तर्गत होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताओं में विधानसभा स्तर पर विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी तथा रू. 01.00 लाख की प्रोत्साहन राशि, संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैम्पियनशिप ट्राफी तथा रू. 02.00 लाख की प्रोत्साहन राशि एवं राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी तथा रू. 05.00 लाख की पुरस्कार धनराशि प्रदान किये जाने का मंत्रिमंडल द्वारा निर्णय लिया गया।


15. उत्तराखण्ड राज्य अवस्थापना विकास निगम (ब्रिडकुल) के कार्यों में विस्तार करते हुए ब्रिडकुल को रोपवे, आटोमेटेड/मैकेनाईज्ड कार पार्किंग, टनल/कैविटी पार्किंग से सम्बन्धित निर्माण कार्यों हेतु राज्य की कार्यदायी संस्थाओं की सूची में सम्मिलित किये जाने का निर्णय।



16. उत्तराखण्ड दस्तावेजों की सूची प्रारूप नियमावली, 2025 का अनुमोदन।


भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (2023 का केन्द्रीय अधिनियम 46) की धारा 330 की उपधारा (2) के अन्तर्गत न्यायालय के समक्ष दस्तावेजों की सूची तथा स्वरूप निर्धारित करने हेतु न्यायिक प्रक्रियाओं में दस्तावेजों की सूची को मानकीकृत कर न्यायालय में दायर दस्तावेजों की पहचान, प्रमाणिकता एवं सत्यापन से सम्बन्धित अस्पष्टताओं का निवारण करने तथा न्यायिक प्रक्रिया और भी पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य सें “उत्तराखण्ड दस्तावेजों की सूची प्रारूप नियमावली, 2025“ को मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदित किया गया।

17. समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड (संशोधन) अध्यादेश, 2025 लाने पर सहमति।


समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड, 2024 दिनांक 27.01.2025 से सम्पूर्ण प्रदेश में लागू है। समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड, 2024 के लिए गठित समिति द्वारा की गयी संस्तुति/अनुशंसाओं के आधार पर तथा मूल संहिता के कतिपय प्रावधानों के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाईयों व लिपिकीय त्रुटियों के समाधान हेतु मूल संहिता में अध्यादेश के माध्यम से आवश्यक संशोधन किए जाने का मंत्रिमंडल द्वारा अ नुंमोदन प्रदान किया गया।


18. उत्तराखण्ड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम स्टे एवं बेड-एण्ड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026“ का प्रख्यापन किये जाने का निर्णय। जिसके तहत अब होम स्टे योजना का लाभ राज्य के स्थायी निवासी ही ले सकेंगे। 

राज्य में पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण एवं विनियमन हेतु उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली-2014 तथा संशोधन नियमावली-2016 पूर्व से प्रभावी है साथ ही होम स्टे के विनियमन हेतु एक पृथक अतिथि उत्तराखण्ड गृह आवास (होम-स्टे) पंजीकरण नियमावली-2015 (समय-समय पर यथासंशोधित), उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा अधिसूचित की गई है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में पर्यटन गतिविधियों के पंजीकरण हेतु एकाधिक नियमावलियां प्रभावी होने जैसी स्थिति बन रही थी।

उक्त स्थिति का समुचित समाधान करते हुए तथा उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों के अपने स्वामित्व वाले परिसर में स्वावलंबी स्व-रोजगार अव्यवसायिक दरों पर प्रदान किये जाने एवं उत्तराखण्ड के स्थानीय निवासियों के इतर व्यक्तियों हेतु रोजगार / व्यवसाय प्रदान किये जाने हेतु उत्तराखण्ड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम स्टे एवं बेड एण्ड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026“ प्रख्यापित किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।


19. श्री केदारनाथ धाम में खच्चर के गोबर को पर्यावरण अनुकूल ईंधन पेलेट में परिवर्तित किए जाने सम्बन्धित पायलट प्रोजेक्ट को संचालित किये जाने का मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन।


श्री केदारनाथ धाम में दर्शन हेतु श्रद्धालुओं द्वारा एवं माल ढुलाई हेतु काफी अधिक संख्या मे खच्चर संचालित किये जाते हैं। खच्चरों द्वारा रास्ते में किये जाने वाला गोबर काफी हानिकारक होने के दृष्टिकोण से गोबर एवं चीड़ की पत्तियों को 50ः50 अनुपात में मिश्रित कर पर्यावरण-अनुकूल बायोमास पेलेट का उत्पादन किये जाने हेतु एक वर्ष की अवधि की पायलट प्रोजेक्ट पर अनुमति प्रदान की गयी है।

[15/01, 20:21] Ravi BijarNiya dipr Ravi BijarNia: 14. युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग में संचालित योजना “खेल महाकुम्भ’ के अन्तर्गत होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताओं में विधानसभा स्तर पर विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी तथा रू. 01.00 लाख की प्रोत्साहन राशि, संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैम्पियनशिप ट्राफी तथा रू. 02.00 लाख की प्रोत्साहन राशि एवं राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी तथा रू. 05.00 लाख की पुरस्कार धनराशि प्रदान किये जाने का मंत्रिमंडल द्वारा निर्णय लिया गया।


15. उत्तराखण्ड राज्य अवस्थापना विकास निगम (ब्रिडकुल) के कार्यों में विस्तार करते हुए ब्रिडकुल को रोपवे, आटोमेटेड/मैकेनाईज्ड कार पार्किंग, टनल/कैविटी पार्किंग से सम्बन्धित निर्माण कार्यों हेतु राज्य की कार्यदायी संस्थाओं की सूची में सम्मिलित किये जाने का निर्णय।



16. उत्तराखण्ड दस्तावेजों की सूची प्रारूप नियमावली, 2025 का अनुमोदन।


भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (2023 का केन्द्रीय अधिनियम 46) की धारा 330 की उपधारा (2) के अन्तर्गत न्यायालय के समक्ष दस्तावेजों की सूची तथा स्वरूप निर्धारित करने हेतु न्यायिक प्रक्रियाओं में दस्तावेजों की सूची को मानकीकृत कर न्यायालय में दायर दस्तावेजों की पहचान, प्रमाणिकता एवं सत्यापन से सम्बन्धित अस्पष्टताओं का निवारण करने तथा न्यायिक प्रक्रिया और भी पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य सें “उत्तराखण्ड दस्तावेजों की सूची प्रारूप नियमावली, 2025“ को मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदित किया गया।

17. समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड (संशोधन) अध्यादेश, 2025 लाने पर सहमति।


समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड, 2024 दिनांक 27.01.2025 से सम्पूर्ण प्रदेश में लागू है। समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड, 2024 के लिए गठित समिति द्वारा की गयी संस्तुति/अनुशंसाओं के आधार पर तथा मूल संहिता के कतिपय प्रावधानों के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाईयों व लिपिकीय त्रुटियों के समाधान हेतु मूल संहिता में अध्यादेश के माध्यम से आवश्यक संशोधन किए जाने का मंत्रिमंडल द्वारा अ नुंमोदन प्रदान किया गया।


18. उत्तराखण्ड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम स्टे एवं बेड-एण्ड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026“ का प्रख्यापन किये जाने का निर्णय। जिसके तहत अब होम स्टे योजना का लाभ राज्य के स्थायी निवासी ही ले सकेंगे। 

राज्य में पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण एवं विनियमन हेतु उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली-2014 तथा संशोधन नियमावली-2016 पूर्व से प्रभावी है साथ ही होम स्टे के विनियमन हेतु एक पृथक अतिथि उत्तराखण्ड गृह आवास (होम-स्टे) पंजीकरण नियमावली-2015 (समय-समय पर यथासंशोधित), उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा अधिसूचित की गई है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में पर्यटन गतिविधियों के पंजीकरण हेतु एकाधिक नियमावलियां प्रभावी होने जैसी स्थिति बन रही थी।

उक्त स्थिति का समुचित समाधान करते हुए तथा उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों के अपने स्वामित्व वाले परिसर में स्वावलंबी स्व-रोजगार अव्यवसायिक दरों पर प्रदान किये जाने एवं उत्तराखण्ड के स्थानीय निवासियों के इतर व्यक्तियों हेतु रोजगार / व्यवसाय प्रदान किये जाने हेतु उत्तराखण्ड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम स्टे एवं बेड एण्ड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026“ प्रख्यापित किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।


19. श्री केदारनाथ धाम में खच्चर के गोबर को पर्यावरण अनुकूल ईंधन पेलेट में परिवर्तित किए जाने सम्बन्धित पायलट प्रोजेक्ट को संचालित किये जाने का मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन।


श्री केदारनाथ धाम में दर्शन हेतु श्रद्धालुओं द्वारा एवं माल ढुलाई हेतु काफी अधिक संख्या मे खच्चर संचालित किये जाते हैं। खच्चरों द्वारा रास्ते में किये जाने वाला गोबर काफी हानिकारक होने के दृष्टिकोण से गोबर एवं चीड़ की पत्तियों को 50ः50 अनुपात में मिश्रित कर पर्यावरण-अनुकूल बायोमास पेलेट का उत्पादन किये जाने हेतु एक वर्ष की अवधि की पायलट प्रोजेक्ट पर अनुमति प्रदान की गयी है।

 *उपनल कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर ‘समान कार्य–समान वेतन’ पर कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय के लिए व्यक्त किया आभार* 





मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज सचिवालय में उपनल कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर उपनल कर्मचारियों ने समान कार्य–समान वेतन के संबंध में आज राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए ऐतिहासिक  निर्णय के लिए मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।


उपनल कर्मचारियों ने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही उनकी मांगों को पूरा करने के साथ-साथ उनके सम्मान और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों उपनल कर्मचारियों में उत्साह एवं विश्वास का वातावरण बना है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार उपनल कर्मियों के हितों की रक्षा, उनके सम्मान और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उपनल कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके योगदान को सरकार पूरी गंभीरता से मान्यता देती है। प्रदेश सरकार कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े सभी मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।



इस अवसर पर उपनल कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे सरकार की नीतियों एवं निर्णयों के अनुरूप पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 33 करोड़ 36 लाख 49 हजार की 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें जिला विकास प्राधिकरण द्वारा 11 करोड़ 27 लाख 50 हजार की धनराशि से नवनिर्मित हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन भी शामिल है। 

khatima CM Dhami


मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नानकमत्ता में बाला जी मंदिर के सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत ब्राह्मदेव मंदिर लोहिया पुल खटीमा में सौंदर्यीकरण व पुनःनिर्माण कार्य किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत देवभूमि धर्मशाला में कक्ष, हॉल एवं सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत सोनूखरी - किशनपुर - बरकीडांडी - कैथुला - टुकड़ी मार्ग का हॉटमिक्स सड़क का कार्य किया जाएगा। 


मुख्यमंत्री ने हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन, नगर पालिका के वार्ड नंबर 7 व 8 में 48.45 लाख की धनराशि से निर्मित पेयजल नलकूप, ओवर हेड टेंक, पाईप लाईन कार्यों, विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता के अंतर्गत 490.21 लाख की धनराशि से राजस्व निरीक्षक व उपनिरीक्षक के आवासीय भवनों व 359.91 लाख की लागत से उपनिरीक्षकों के कार्यालय भवनों, खटीमा में ग्राम मझोला में झील से लेकर पॉलिगंज की ओर 225.62 लाख की लागत से नाला निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा खटीमा क्षेत्र में 499.65 लाख की लागत से 300 नग हेंडपम्प स्थापना कार्य, 29.65 लाख की लागत से खटीमा के नवनिर्मित बस अड्डे में महाराणा प्रताप द्वार निर्माण, 24.50 लाख की लागत से खटीमा में हाईटेक शौचालय निर्माण एवं 95 लाख की लागत से थारू इंटर कॉलेज खटीमा का पुनःनिर्माण कार्य का शिलान्यास किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति और घुघुतिया पर्व के पावन अवसर पर 11 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित हाईटेक बस स्टैंड का शुभारंभ हो रहा है, जो पूरे क्षेत्र के लिए हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने स्वयं कई बार बस स्टैंड की स्थापना के लिए प्रयास किए थे और इसकी घोषणा भी की थी। जिसका कार्य आज धरातल में उतर गया है। मुख्यमंत्री ने कहा नवनिर्मित बस स्टैंड क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुव्यवस्थित बनाएगा साथ ही स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के नए अवसर सृजित कर क्षेत्र के विकास को भी गति प्रदान करेगा।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गाँवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बन रहा है। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है और सभी खटीमावासी उनके परिवार के सदस्य हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने खटीमा से ही जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी। क्षेत्र की प्रत्येक गली और गाँव उनके दिल के बेहद करीब है। खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है, उसी के बल पर वो प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर पा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, खटीमा के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। खटीमा क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण, पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ ही चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। विद्यार्थियों के लिए साथी केंद्र एवं औद्योगिक विकास को गति देने लिए सिडकुल की स्थापना भी की गई है। उन्होंने कहा कि हम खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। 


मुख्यमंत्री ने कहा सरकार पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण पर कार्य कर रही हैं। जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई गई हैं,  जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया गया है। राज्य सरकार ने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य किया है। वहीं, क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एम्स के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना करने के साथ-साथ खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे भी खटीमा के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जायेगा। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए  सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया गया है। राज्य सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में अवैध रूप से संचालित लगभग 250 से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया है। हमारा प्रयास है कि राज्य में शिक्षा के मंदिर स्थापित हों, जहां तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए । उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध भी ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के लगभग 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, जो अपने आप में नया रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के बाद बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा हमने समाज में असमानताओं को समाप्त करने तथा सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले 'समान नागरिक संहिता' कानून को लागू करने का साहसिक कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देवभूमि है इसकी संस्कृति, अस्मिता और सम्मान के साथ हम किसी भी प्रकार का कोई षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं करेंगे। 


सांसद श्री अजय भट्ट एवं पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा ने नवनिर्मित बस अड्डे के लोकार्पण पर सभी क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा की यह बस अड्डा निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट था। उन्होंने नवनिर्मित हाईटेक बस अड्डे का का नाम महाराणा प्रताप रखने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री श्री धामी के कार्यों व निर्णयों को देश के अन्य राज्य भी अनुशरण कर रहे है यह हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री क्षेत्र व प्रदेश के सर्वागींण विकास के लिए कटिबद्ध है।


कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक शिव अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष खटीमा रामेश चंद्र जोशी, नगर पंचायत अध्यक्ष नानकमत्ता प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, मंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, महामंत्री रमेश जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 उत्तरकाशी:



मकर संक्रांति के पावन पर्व के अवसर पर उत्तरकाशी मुख्यालय में जिला पंचायत उत्तरकाशी के सौजन्य से आयोजित पौराणिक एवं ऐतिहासिक “बाड़ाहाट का थौलू (माघ मेला)” का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं श्रद्धालु जनसमूह की गरिमामयी उपस्थिति रही।


इष्ट देव श्री कंडार एवं भगवान श्री हरि महाराज की पावन उपस्थिति तथा देव डोलियों के दिव्य सान्निध्य में सूबे के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने माघ मेले का विधिवत उद्घाटन कर समस्त जनपदवासियों को मेले की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।


शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, क्षेत्रीय विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, दायित्वधारी रामसुंदर नौटियाल,  प्रताप पंवार, जगत सिंह चौहान सहित जिला पंचायत सदस्यगण, नगर पालिका अध्यक्ष, सभासदगण, पंचायत जनप्रतिनिधि एवं पार्टी पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।


इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाड़ाहाट का थौलू माघ मेला जनपद उत्तरकाशी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक आस्था एवं पौराणिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है, जो सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करता है।


माघ मेले के शुभारंभ पर जनपदवासियों में उत्साह का वातावरण रहा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई।

 

देहरादून:



आज दिनांक 14 जनवरी को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी महानगर इकाई द्वारा एक भव्य हवन एवं खिचड़ी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सेवा भाव से परिपूर्ण यह आयोजन था।


कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन से हुई। हवन के माध्यम से राष्ट्र की उन्नति, प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की गई। महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कहा कि मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है, जो सकारात्मक ऊर्जा, नई शुरुआत और समाज को एक सूत्र में पिरोने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाने वाला संगठन है।


इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल ने मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति, परंपरा और परिश्रम के महत्व का बोध कराता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत होती है। 

राजपुर विधायक श्री खजान दास ने कार्यक्रम को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताते हुए कहा कि खिचड़ी वितरण जैसे आयोजन जरूरतमंदों तक सेवा पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।


कैंट विधायक श्रीमती सविता कपूर ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व समाज को जोड़ने वाला पर्व है और भाजपा द्वारा इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से जनमानस के साथ संगठन का भावनात्मक जुड़ाव और गहरा होता है।

पूरे आयोजन में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया। मकर संक्रांति के इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भाव का भी सशक्त संदेश दिया।


कार्यक्रम में महामंत्री संगठन भाजपा अजेय कुमार महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट दर्जाधारी मंत्री श्याम अग्रवाल भगवत प्रसाद मकवाना नेहा शर्मा सुनील शर्मा विजेंद्र थपलियाल राजेंद्र सिंह ढिल्लों सुनील शर्मा बिजेंदर थपलियाल मोहित शर्मा जगदीश सेमवाल अक्षत जैन बबलू बंसल संकेत नौटियाल समीर दोवाल ओम कक्कड़ आशीष शर्मा सुमित पुंडीर सुमन सिंह, हिमानी वैष्णव, नेहा शर्मा, बबली चौहान सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



 आज का राशिफल

दिनाँक 15 जनवरी 2026 

दिन गुरुवार

rashifal today 15 jan 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

विद्यार्थी वर्ग सफलता अर्जित करेगा। पठन-पाठन में मन लगेगा। दूर यात्रा की योजना बन सकती है। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। बेचैनी रहेगी। धनार्जन सुगम होगा।



वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी के व्यवहार से क्लेश हो सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। दु:खद समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी। पारिवारिक चिंता में वृद्धि होगी। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलेगी। तनाव रहेगा।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

आज धन का निवेश न करें। शत्रु नतमस्तक होंगे। विवाद को बढ़ावा न दें। प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आय के स्रोतों में वृद्धि हो सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। चोट व रोग से बाधा संभव है। फालतू खर्च होगा। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

लेन-देन में सावधानी रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। परिवार में तनाव रह सकता है। शुभ समाचार मिलेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार के साथ मनोरंजन का कार्यक्रम बन सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कोई बड़ी समस्या से छुटकारा मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी विवाद में उलझ सकते हैं। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जोखिम न उठाएं। घर-बाहर असहयोग मिलेगा। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। आय में कमी हो सकती है।

राशि फलादेश


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में लाभ होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। बेचैनी रहेगी। थकान महसूस होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

नई आर्थिक नीति बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। कारोबारी अनुबंधों में वृद्धि हो सकती है। समय का लाभ लें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। कानूनी बाधा आ सकती है। विवाद न करें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

बेचैनी रहेगी। चोट व रोग से बचें। काम का विरोध होगा। तनाव रहेगा। कोर्ट व कचहरी के काम अनुकूल होंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुख के साधनों पर व्यय हो सकता है। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

आज धन का निवेश न करें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद से क्लेश संभव है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। अपेक्षित कार्यों में अप्रत्याशित बाधा आ सकती है। तनाव रहेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। राज्य के प्रतिनिधि सहयोग करेंगे।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कष्ट, भय, चिता व बेचैनी का वातावरण बन सकता है। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। मातहतों से संबंध सुधरेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च हो सकता है। जल्दबाजी न करें।



मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

भूमि, भवन, दुकान व फैक्टरी आदि के खरीदने की योजना बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। अपरिचितों पर अतिविश्वास न करें। प्रमाद न करें। शारीरिक कष्ट संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुबुद्धि हावी रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा।

 


खटीमा ;



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकर संक्रांति के अवसर पर ब्रह्मदेव मंदिर, लोहिया पुल, खटीमा पहुँचकर भगवान शिव एवं हनुमान जी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की व प्रसाद ग्रहण किया।


इससे पूर्व माननीय मुख्यमंत्री ने लाल कोठी पहुंचकर उत्तरायणी मेले का फीता काटकर शुभारम्भ भी किया।


इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा,

राम सिंह जेठी, नवीन बोरा, महेंद्र सिंह दिगारी, मन्नू मेहर, पूरन जोशी, नरेंद्र सिंह, मनोहर पांडे आदि उपस्थित थे।


नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में उत्तराखंड अव्वल

*छोटे राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान, मुख्यमंत्री धामी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि*


नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 में उत्तराखंड ने छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर देशभर में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। यह उपलब्धि राज्य की निर्यातोन्मुख नीतियों, बेहतर कारोबारी माहौल और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे का परिणाम मानी जा रही है।


*सीएम धामी ने दी प्रदेशवासियों को बधाई*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड का शीर्ष स्थान प्राप्त करना राज्य के लिए गर्व का विषय है। यह हमारी सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात को बढ़ावा देने की सतत कोशिशों का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य की अर्थव्यवस्था और सशक्त हो।


नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन है। इससे न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित होती है, बल्कि वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी बढ़ती है और व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलती है।

उत्तराखंड का यह शीर्ष स्थान राज्य को निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसरों की ओर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है।

 *लखनऊ में उत्तरायणी कौथिग में बोले मुख्यमंत्री धामी: संस्कृति, विकास और विरासत के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड* 



 *उत्तरायणी कौथिग बना ‘वोकल फॉर लोकल’ और एक भारत–श्रेष्ठ भारत की सशक्त मिसाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 

 *उत्तराखंड आज संभावनाओं से उपलब्धियों की ओर: 26 गुना बढ़ी अर्थव्यवस्था, 44% रिवर्स पलायन* 

 *देवभूमि की अस्मिता, सुरक्षा और विकास से कोई समझौता नहीं: सीएम धामी* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज लखनऊ, उत्तर प्रदेश में पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग में सम्मिलित हुए |


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उत्तरायणी, मकर संक्रांति एवं घुघुतिया पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे माताओं-बहनों, वरिष्ठजनों एवं युवाओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि उत्तरायणी केवल लोकपर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में आयोजित यह कौथिग उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की साझा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अद्भुत मंच है। लोकगीत, लोकनृत्य, लोकभूषा, हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योगों की झलक न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखती है, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ संकल्प को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण बताया।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने पर्वतीय महापरिषद के 25 वर्षों के सांस्कृतिक, सामाजिक और सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने उत्तर प्रदेश में रह रहे हजारों उत्तराखंडवासियों को एक सूत्र में बांधकर उनकी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का उल्लेखनीय कार्य किया है। रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करना संस्था की तपस्या और समर्पण का प्रमाण है।


मुख्यमंत्री ने लखनऊ से अपने भावनात्मक संबंधों को साझा करते हुए कहा कि यह शहर उनकी कर्मभूमि रहा है, जहाँ से उन्होंने जनसेवा का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में लखनऊ आना उनके लिए अपनी कर्मभूमि को नमन करने के समान है।


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति, आस्था और सभ्यता को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित कर रहा है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक और अयोध्या में श्रीराम मंदिर जैसे ऐतिहासिक कार्य इसी दृष्टि का परिणाम हैं। ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ अभियान ने देश की विविध संस्कृति को एक सूत्र में पिरोया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी विज़न के अनुरूप उत्तराखंड सरकार देवभूमि के विकास और विरासत को साथ लेकर चल रही है। केदारनाथ-बद्रीनाथ मास्टर प्लान, केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना कॉरिडोर, गोलू जी, विवेकानंद एवं शारदा कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति को नई भव्यता मिल रही है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को केवल तीर्थाटन तक सीमित नहीं रखा गया है। नई नीतियों के परिणामस्वरूप राज्य वेडिंग डेस्टिनेशन, एडवेंचर हब और फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। ‘वेड इन उत्तराखंड’ और शीतकालीन पर्यटन अभियानों से पर्यटन एवं आर्थिकी को नया बल मिला है।


ग्राम्य विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि होम-स्टे योजना, लखपति दीदी, सौर स्वरोजगार योजना, एक जनपद–दो उत्पाद और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसे प्रयासों से गांवों की खुशहाली सुनिश्चित की जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय की तुलना में आज उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था 26 गुना बढ़ चुकी है। प्रतिव्यक्ति आय 17 गुना बढ़कर ₹2,74,064 तक पहुंच गई है। राज्य का बजट ₹4,000 करोड़ से बढ़कर ₹1 लाख करोड़ के पार हो गया है। बिजली उत्पादन 4 गुना बढ़ा है, सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है और 10 सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। मातृ मृत्यु दर में 12% की कमी आई है।


उन्होंने बताया कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत अब तक 1 लाख 68 हजार महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 44% रिवर्स पलायन हुआ है। किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने में उत्तराखंड अग्रणी राज्यों में है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि की अस्मिता, सुरक्षा और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सख्त धर्मांतरण विरोधी एवं दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई है। ऑपरेशन कालनेमी के तहत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कार्रवाई हुई है। 250 से अधिक अवैध मदरसे सील किए गए हैं और 500 से अधिक अवैध ढांचे ध्वस्त किए गए हैं। 1 जुलाई 2026 के बाद केवल सरकारी सिलेबस वाले मदरसे ही संचालित होंगे।


उन्होंने कहा कि सख्त भू-कानून लागू कर देवभूमि को माफियागिरी से सुरक्षित किया जा रहा है। समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। नकल विरोधी कानून से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है और पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिली हैं।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि यही नया उत्तराखंड है—जहाँ विकास, विश्वास और अवसर साथ-साथ हैं। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को दोहराते हुए सभी से सहयोग और आशीर्वाद की अपील की। 


 कार्यक्रम में पर्वतीय महापरिषद के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी वह स्थानीय लोग उपस्थित रहे |


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”  कार्यक्रम शासन और जनता के बीच सेतु बनकर जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है।


 संबंधित अधिकारियों ने जानकारी दी कि दिनांक 14 जनवरी 2026 तक प्रदेश के 13 जनपदों में आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल 328 कैम्प लगाए गए, जिनमें 2 नए कैम्प आज आयोजित किए गए। इन शिविरों में अब तक 2,54,137 नागरिकों ने प्रतिभाग किया, जिनमें आज के दिन 2,730 नागरिकों की सहभागिता रही।


 *प्राप्त प्रार्थना पत्र एवं शिकायतें* 


 संबंधित अधिकारियों ने बताया कि इन शिविरों में कुल 26,814 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 26,722 प्रार्थना पत्र पूर्व दिवस तक और आज 92 नए प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 18,166 प्रार्थना पत्र शिकायत श्रेणी के रहे, जबकि आज 43 नई शिकायतें दर्ज की गईं।


 *निस्तारण की स्थिति* 


 अब तक 36,753 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया जा चुका है, जिनमें 71 प्रकरणों का निस्तारण आज के दिन किया गया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जनपदों में 1,38,011 व्यक्तियों को योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित किया गया, जिनमें 370 लाभार्थी आज सम्मिलित हुए।


 *जनपदवार प्रमुख उपलब्धियाँ* 


- हरिद्वार जनपद में सर्वाधिक 52,930 नागरिकों की सहभागिता रही तथा 10,846 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।


- उधम सिंह नगर में 25,193 नागरिकों की सहभागिता के साथ 3,624 मामलों का निस्तारण हुआ।


- नैनीताल में 8,943 नागरिकों ने सहभागिता की और 1,825 प्रकरण निस्तारित किए गए।


- देहरादून में 35,893 नागरिकों की सहभागिता रही तथा 1,638 प्रकरणों का समाधान किया गया।


- अल्मोड़ा में 31,741 नागरिकों ने शिविरों में भाग लिया और 5,307 प्रकरणों का निस्तारण हुआ।


- पिथौरागढ़ में 11,503 नागरिकों की सहभागिता के साथ 2,790 मामलों का निस्तारण किया गया।


- चमोली में 7,431 नागरिकों की सहभागिता रही तथा 1,029 मामलों का समाधान हुआ।


- उत्तरकाशी में 20,059 नागरिकों ने सहभागिता की और 3,468 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।


- बागेश्वर, चम्पावत, टिहरी, पौड़ी एवं रुद्रप्रयाग सहित अन्य जनपदों में भी बड़ी संख्या में जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया।




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी नागरिक अपनी समस्या को लेकर भटकने को मजबूर न हो, और शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचे।


मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित शिकायतों के निस्तारण में और अधिक तेजी लाई जाए तथा गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान आगे भी प्रदेशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करता रहेगा।

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