Halloween party ideas 2015

 

*आज विश्व के 180 से अधिक देशों में मनाया जा रहा योग दिवस*

*योग केवल व्यायाम ही नहीं समग्र जीवन पद्धति है - मुख्यमंत्री




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट मुनिकीरेती में आयोजित अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नही समग्र जीवन पद्धति है। योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का काम करता है। उन्होंने देश प्रदेश के युवाओं से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवा आमतौर पर थकावट महसूस करते है इसमें योग उनका सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है, राज्य सरकार ने योग नीति 2025 बनायी है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय की स्थापना की जा रही है। योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का प्राविधान किया गया है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा ये अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार आयोजित इस 7 दिवसीय भव्य योग महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के विविध सत्रों के साथ-साथ रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक तथा अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे कई विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे प्रतिभागियों को योग के विविध आयामों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, आज वो पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त आधार बन चुका है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि योग के महत्त्व को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ में रखा था। उसी का परिणाम है कि आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियाँ, शांत वातावरण, स्वच्छ जलवायु और आध्यात्मिक ऊर्जा योग साधना के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। विश्वभर से हजारों-लाखों साधक प्रति वर्ष उत्तराखंड आकर योग और ध्यान का अभ्यास करते हैं। हमारे लिए यह भी अत्यंत गर्व की बात है कि आज पूरी दुनिया में ऋषिकेश को “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचान मिल रही है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना भी की जा रही है। इसके साथ ही, ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा नागरिकों को आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है। यही नही उत्तराखंड आयुष नीति के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के संवर्धन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, इसके साथ ही राज्य में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने संबंधी उत्तराखंड खोज योजना का रिमोट दबाकर लोकार्पण भी किया। 


इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग हमारी प्रचीन पद्धति में शुमार है। हमारे ऋषि मुनियों ने योग और तप बल से कई सिद्धियां हासिल की है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज योग से करोडों़ लोग निरोग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान मे योग की मुख्य भूमिका है। 


प्रबंध निदेशक गढ़वाल मण्डल विकास निगम प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में 2500 से अधिक रजिट्रेशन हो चुके है। इस योग महोत्सव को 150 योग संस्थाओं के सहयोग से सफल बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में गुरु कुल कांगड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये के योग साधको द्वारा योग की विभिन्न क्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया।  


इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मुनिकीरेती नीलम बिजल्वाण, अध्यक्ष नगर निगम ऋषिकेश शम्भू पासवान, अध्यक्ष नगर पंचायत तपोवन विनीता बिष्ट जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल स्वामी चिदानन्द मुनि महंत रविन्द्र पुरी, भारत भूषण, योगाचार्य ऊषा माता सहित हजारों की संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।


आज सचिवालय में श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन से शिष्टाचार मुलाकात की।

इस अवसर पर श्री बिंद्रा ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि श्री हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 23 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।

hemkunthsahib  kapat 2026


भेंट के दौरान आगामी यात्रा व्यवस्थाओं तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित विषयों पर संक्षिप्त चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी लेते हुए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया तथा इसके लिए स्थानीय प्रशासन को भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


*शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का किया वर्चुअल शिलान्यास*

*मुख्यमंत्री ने कूड़ा निस्तारण वाहनों को दिखाई हरी झंडी*

*चार वर्षों में लगभग 30 हजार युवाओं को प्रदान की गई सरकारी नौकरी - मुख्यमंत्री*



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 62 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में राज्य में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय प्रदेश में केवल 63 स्थानीय नगर निकाय थे। आज प्रदेश में 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय नगर निकाय हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आज हमारे शहर विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अपने इन शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस दिशा में हमारे स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कूड़ा प्रबंधन से लेकर नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के सुचारू संचालन तक की बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं के कंधों पर होती है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय हमारे शहरों के समग्र विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। सफाई निरीक्षक इसकी नींव के पत्थर हैं। प्रदेश में नगर निकायों की प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। पिछले करीब 5 वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर एवं राजस्व निरीक्षकों तथा 32 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 63 सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति हमारे नगर निकायों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी नवनियुक्त निरीक्षक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहाँ स्थित चारधाम और गंगा-यमुना के पावन तीर्थ हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है। ऐसे अवसरों पर शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। इसमें नगर निकायों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना संचालित की जा रही है। कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है और कूड़ा वाहनों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है तथा 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पर्यावरण मित्रों को ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’ के रूप में प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में राज्य को और प्रयास करने होंगे।


इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, श्री बंशीधर भगत, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, सचिव शहरी विकास श्री नितेश झा, निदेशक शहरी विकास श्री विनोद गिरी गोस्वामी, नगर आयुक्त देहरादून श्रीमती नमामि बंसल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

 आज का राशिफल

दिनाँक  -16 मार्च, 2026

दिन -सोमवार

15 march,2026 rashifal today


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। जरा सी लापरवाही से अधिक हानि हो सकती है। पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। पार्टनरों से मतभेद संभव है। व्यवसाय ठीक चलेगा। समय नेष्ट है। नए कार्य में लाभ मिलेगा। नौकरी और व्यापार के लिए समय अच्छा रहेगा।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। अनहोनी की आशंका रहेगी। शत्रुभय रहेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। रुके हुए कार्यों में गति आएगी। घर-बाहर सभी अपेक्षित कार्य पूर्ण होंगे। दूसरों के कार्य की जवाबदारी न लें।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। जीवनसाथी से अनबन हो सकती है। स्थायी संपत्ति खरीदने-बेचने की योजना बन सकती है। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। संचित कोष में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

नौकरी और व्यापार में लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यापार में अधिक लाभ होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। लेन-देन में सावधानी रखें। शत्रुओं का पराभव होगा। विवाद को बढ़ावा न दें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

पारिवारिक समस्याओं में इजाफा होगा। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। भागदौड़ रहेगी। दूर से बुरी खबर मिल सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। दूसरों से अपेक्षा न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। मातहतों से अनबन हो सकती है। कुसंगति से हानि होगी।

कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

पुराने किए गए प्रयासों का लाभ मिलना प्रारंभ होगा। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। किसी बड़े काम करने की योजना बनेगी। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। भाइयों का सहयोग मिलेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। सुख के साधन जुटेंगे। पराक्रम बढ़ेगा। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। किसी पारिवारिक आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। शत्रु परास्त होंगे।

वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।

धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

यात्रा में सावधानी रखें। जल्दबाजी से हानि होगी। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों के कार्य में दखल न दें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। लाभ बढ़ेगा।

मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

कोई बड़ी बाधा आ सकती है। राजभय रहेगा। जल्दबाजी से काम बिगड़ेंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। किसी के व्यवहार से स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। व्यापार में वृद्धि होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

नई योजना बनेगी जिसका लाभ तुरंत नहीं मिलेगा। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। चिंता तथा तनाव हावी रहेंगे। सभी तरफ से सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। आय बढ़ेगी। घर में प्रसन्नता रहेगी। ऐश्वर्य पर व्यय हो सकता है।

मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के काम बनेंगे। अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। बेचैनी रहेगी। चोट व रोग से बचें। विवेक से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।


देहरादून:



जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुपालन में आज जनपद की समस्त गैस एजेंसियों पर एलपीजी गैस का वितरण केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ओटीपी आधारित व्यवस्था के तहत किया गया।


 इस व्यवस्था का उद्देश्य गैस एजेंसियों एवं गोदामों पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करना तथा वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाना है।

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन की क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) ने सक्रिय रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में आवंटित गैस एजेंसियों का भ्रमण कर गैस की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। टीम द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि गैस सिलेंडर का वितरण केवल होम डिलीवरी और ओटीपी सत्यापन के माध्यम से ही किया जाए।

जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सभी गैस एजेंसियों एवं गैस गोदामों पर होम डिलीवरी से संबंधित फ्लैक्स एवं सूचना पट्ट चस्पा कर दिए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को नई व्यवस्था की जानकारी मिल सके। इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से गैस एजेंसियों एवं गोदामों पर लगने वाली भारी भीड़ में भी कमी देखी जा रही है।

जिला प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण के समय ओटीपी आधारित सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने जनमानस से अपील की है कि वे किसी प्रकार की घबराहट न दिखाएं। जनपद में गैस की पर्याप्त एवं निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में जिला प्रशासन का सहयोग करें।

गैस आपूर्ति अथवा वितरण से संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के लिए नागरिक जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1077, 0135-2626066, 0135-2726066 तथा व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा प्राप्त शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

जिला प्रशासन के आदेशों की अहवेलना; गैस एजेंसी के सिलेंडर जब्त, मुकदमा दर्ज



ऐजेंसी पर ही वितरित किए जा रहे थे गैस सिलेंडर; ऐजेंसी पर भारी भीड़ से कानून व्यवस्था बिगड़ने की थी प्रबल संभावना; डीएम की क्यूआरटी ने दर्ज कराया मुकदमा


देहरादून ;


एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शत्प्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी। जिलाधिकारी जिलें में गैस आपूर्ति/वितरण  बैकलॉक की स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे है। 

जिला प्रशासन के आदेशों की नाफरमानी पर शहीद हीरा गैस एजेंसी शिमला बाईपास रोड के सिलेंडर जिला प्रशासन ने जब्त कर लिए तथा गैस एजेंसी स्वामी के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया है। जिलाधिकारी को शिकायत प्राप्त हुई कि हीरा गैस एजेंसी द्वारा जिला प्रशासन के होमडिलिविरी सम्बन्धी आदेश की अहवेलना करते हुए उपभोक्ताओं को ऐजेंसी से ही गैस सिलेंडर वितरित किये जा रहे हैं, जिससे भारी भीड़ लग गई है तथा कानून व्यवस्था पर विपरित असर पड़ने की संभावना है। जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल गैस एजेंसी पर कार्यवाही के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार क्यूआरटी टीम सहित मौके पर पंहुचे। 

हीरा गैस सर्विस, नया गांव पेलियो, देहरादून द्वारा होम डिलीवरी न करते हुये घरेलू गैस सिलेण्डर का वितरण गैस गोदाम में ट्रक के माध्यम से किया जा रहा था। तत्काल प जिलाधिकारी, विकासनगर, तहसीलदार विकासनगर एवं जिला पूर्ति कार्यालय के पूर्ति निरीक्षकों कि संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में जांच की गई। 

जिलाधिकारी द्वारा विगत दिवस सभी गैस एजेंसियों को गैस की होम डिलीवरी के निर्देश दिये गये है किन्तु गैस एजेन्सी द्वारा गोदाम से उपभोक्ताओं को गैस वितरित की जा रही थी, जिससे ऐजेंसी पर भारी भीड़ लग गई तथा कानून व्यवस्था बिगड़ने की प्रबल संभावना बन रही थी। जिला प्रशासन ने सम्बन्धित गैस एजेन्सी के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (यथा संशोधित), आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 एवं भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत थाना पटेलनगर में वाद दर्ज कराया गया तथा गैस सिलेण्डर आदि को जब्त कर लिया गया जिसे जिला पूर्ति अधिकारी एवं सम्बन्धित तेल कम्पनी की सुपुर्दगी में दे दिये गये हैं।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से 05 बजे तक कुल 111 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोल रूम में मौजूद  जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 18120 अधिक उपभोक्ताओं कोे घरेलू तथा 21 अपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 75 हजार के लगभग बैकलॉग है।  

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के के मिश्रा कन्ट्रोलरूम से जिले में गैस वितरण, आपूर्ति की मॉनिटिरिंग जनमानस की समस्या के निस्तारण हेतु निगरानी बनाए हुए है।  

-

आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य का निर्माण कर रहे हैं धामी: गौतम

देहरादून 15 मार्च



भाजपा की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री श्री तरुण चुघ ने बूथ जीता, चुनाव जीता के मूलमंत्र पर चुनाव तैयारी का आह्वाहन किया। 


इस मौके पर प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री दुष्यंत गौतम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 4 वर्ष पूरे करने वाले पार्टी के पहले सीएम बनने पर बधाई देते हुए कहा कि वह आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य निर्माण कर रहे हैं। धामी जनता के मन को भी जीत रहे हैं और पीएम मोदी के कथनानुसार  उत्तराखंड का दशक बनाने में भी जुटे हैं। 


देहरादून में कुआंवाला स्थित एक निजी संस्थान में हुई आयोजित बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री श्री चुघ की मौजूदगी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यन्त गौतम, प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट समेत सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी शामिल हुए। मुख्य वक्ता के रूप में अपने संबोधन में श्री तरुण चुघ ने कहा कि देशभर की तरह प्रदेश में भी पार्टी का प्रशिक्षण अभियान जारी है जिसमें हमें सर्वाधिक जोर बूथ क्षमता मजबूत करने पर देना है। 


क्योंकि हमारे राज्य में 27 में विधानसभा चुनाव भी होने हैं जिसको लेकर हम सबका एक ही मूल मंत्र होना चाहिए "बूथ जीता चुनाव जीता"। पार्टी को राजनीतिक क्षेत्र में अजर अमर बनाने की जिम्मेदारी भी हम सभी कार्यकर्ताओं की है, जिसके क्रम में मजबूत संगठन के साथ चुनावी दृष्टि से सक्रिय एवं सक्षम बीएलए 1, बीएलए 2 की जिम्मेदारी हमने सौंपी है। ये बहुत संतुष्टि जताई कि उत्तराखंड में हम शत प्रतिशत बीएलए 1 के साथ शीघ्र सभी बीएलए 2 बनाने वाले हैं। 


वहीं इस अवसर पर बोलते हुए प्रदेश प्रभारी श्री दुष्यन्त गौतम ने मुख्यमंत्री धामी को 4 वर्ष पूरे करने वाले पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बनने की बधाई दी। उनके कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा, वे आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य का निर्माण कर रहे हैं। वे जनता के मन जीतने का तो काम कर ही रहे हैं, साथ ही पीएम मोदी के कहे अनुशार उत्तराखंड का दशक लाने के लिए जी जान से जुटे हैं। उनके नेतृत्व में आपदा का भी समाधान निकालकर,  राज्य आज विकसित भारत के मिशन में सर्वोपरि नामों में शुमार है। वहीं उन्होंने वर्तमान सत्र में पार्टी के विधायकों की कार्यशैली की जबरदस्त प्रशंसा करते हुए, उनका जोश और तैयारी बताती है कि नए उत्तराखंड का निर्माण हो रहा है।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता भाजपा की राष्ट्रवादी सांस्कृतिक विचारधारा के साथ है। उन्हें केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के कामों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने विपक्ष की पोल खोलते हुए कहा, जो लोग आपतकाल लगाने के साथ साथ अनेकों लोकतांत्रिक हत्या की घटनाओं के दोषी हैं, वहीं आज सभी संवैधानिक संस्थाओं और प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। कभी ये सनातन निर्णय के खिलाफ न्यायधीशों पर महाभियोग लाते हैं, कभी लोकसभा अध्यक्ष और अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं। इसी तरह जो अपने ऊपर सीबीआई जांच का विरोध करते हैं वहीं राज्य में बार बार राजनीति के लिए सीबीआई जांच की मांग करते हैं। देश भर के आए चुनावी परिणामों में दिखा है कि जनता झूठ और भ्रम की राजनीति करने वालों को बुरी तरह नकार रही है। हम सब कार्यकर्ताओं को हमेशा की तरह सभी संवैधानिक प्रक्रियाओं में खुलकर सहयोग करना है, ताकि मजबूत और स्वास्थ्य लोकतंत्र का निर्माण हो। 


इस पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने अपने सम्बोधन में कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का बड़ा महत्व होता है, जिसके लिए कार्यकर्ता निर्माण से लेकर चुनावी रणनीति बेहद अहम होती है। आज प्रदेश में संगठन उस स्थिति में है कि में आप सब कार्यकर्ताओं के सामर्थ्य के आधार पर विश्वासपूर्वक कह सकता हूं कि हम तीसरी बार लगातार सरकार बनाने जा रहे हैं। जिसके लिए हमें कमल चुनाव चिन्ह और भारत माता की जय के लिए काम करते हुए आगे बढ़ना है। 


 इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री श्री अजेय कुमार ने संगठन की सभी गतिविधियों और कार्ययोजनाओं की बारीकी से समीक्षा ली। साथ ही उन्होंने बताया कि किस तरह से हमें सहयोगात्मक भूमिका में संवैधानिक प्रक्रियाओं में जनता की प्रतिभागिता को बढ़ाना है। उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों से शीघ्र संगठनात्मक ढांचा सौ फीसदी गठन के निर्देश दिए। 


 संगठनात्मक बैठक में राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष श्री नरेश बंसल, पूर्व सीएम एवं हरिद्वार सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व सीएम डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद श्री अजय भट्ट, सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महराज, श्री गणेश जोशी, श्री सौरभ बहुगुणा, श्रीमती रेखा आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री बंशीधर भगत, श्री मदन कौशिक, श्री राजकुमार पोरी, श्री राम सिंह कैड़ा, श्रीमती सरिता आर्य, श्रीमती सविता कपूर, श्री विनोद चमोली, श्री प्रदीप बत्रा, श्री विनोद कंडारी,महंत दिलीप रावत, श्री दुर्गेश्वर लाल आदि विधायक शामिल हुए। इसके अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री श्री तरुण बंसल, श्री कुंदन परिहार, श्रीमती दीप्ति रावत, प्रदेश कार्यालय सचिव श्री जगमोहन रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर चौहान समेत प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, सह प्रभारी एवं सभी नवनियुक्त बीएलओ भी मौजूद रहे। 



 

फूल संक्रांत या फूलदेई उत्तराखंड का एक अत्यंत सुंदर लोकपर्व है, जिसे फूलों के त्योहार के रूप में जाना जाता है। 

foolsakrant fooldai



यह पर्व ऋतुराज वसंत के आगमन और प्रकृति के नवजीवन का प्रतीक है। होली के रंगों के बाद आने वाला यह त्योहार रंग-बिरंगे फूलों और प्रकृति की सुगंध से भरा हुआ होता है। 


उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में इसे स्थानीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार अलग-अलग ढंग से मनाया जाता है।

मैं गढ़वाल मंडल के टिहरी जनपद के नरेंद्रनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाली 'दोगी पट्टी' का निवासी हूँ। इसलिए अपने क्षेत्र में इस पर्व को जिस प्रकार मनाया जाता है, उसी की एक मधुर झलक यहाँ साझा कर रहा हूँ -


जब मैं छोटा था और गाँव में रहता था, तब चैत्र (चैत) महीने का विशेष इंतज़ार रहता था—खासकर चैत्र संक्रांति के दिन आने वाली 'फूलसंक्रांत' का। इस पर्व की तैयारियाँ एक दिन पहले ही शुरू हो जाती थीं। माँ जी शाम को ही दाल (रंगणवास/नौरंगी) या पिण्डालू (अरबी) पकाने के लिए रख देती थीं।

उधर हम बच्चे भी दो–चार दिन पहले ही अपनी फूलकंडी (फूल रखने की छोटी, हत्थीदार टोकरी) तैयार कर लेते थे। यह फूलकंडी प्रायः रिंगाल के तनों से बनाई जाती थी, जिसे गाँव के कंडोलिया या कोई बुजुर्ग बड़ी कुशलता से बनाते थे। यह छोटी-सी टोकरी देखने में बहुत सुंदर और मनमोहक होती थी।

फूल संक्रांत के दिन सुबह होते ही घर में दाल या अरबी–आलू के स्वादिष्ट भरे पकोड़े, जिन्हें हमारे यहाँ स्वाले कहा जाता है, बनाए जाते थे। सबसे पहले दो स्वाले फूलकंडी में रखे जाते और उसकी पूजा की जाती। इसके बाद हम बच्चे अपनी फूलकंडी लेकर खेतों (सारियों) की ओर निकल पड़ते और वहाँ से फ्योंली के पीले-पीले फूल तोड़कर लाते।

फिर घर आकर हर देळी (दरवाजे की चौखट) के दोनों ओर थोड़े-थोड़े फूल डालते। यह परंपरा पूरे चैत्र महीने तक चलती थी।

इस एक महीने की परंपरा में भी कुछ नियम थे। शुरुआती आठ दिनों तक केवल फ्योंली के ताजे फूल ही लाए जाते थे। आठ दिन बाद अन्य फूलों का भी उपयोग किया जा सकता था, जैसे— गुरियाळ, धाई, ढाँक, दालिम, बासिंग और बुगरा (सहजन) आदि के फूल।

आठ दिनों के बाद सुबह के लिए फूल शाम को ही इकट्ठा कर लिए जाते थे। उन्हें फूलकंडी में हल्का पानी छिड़ककर घर के बाहर नीम या डैंकरण के पेड़ पर टांग दिया जाता था, ताकि वे सुबह तक ताज़ा बने रहें।

यह पूरी प्रक्रिया चैत्र महीने भर चलती थी और अंततः बैसाखी (बिखोत) के दिन एक भव्य और उल्लासपूर्ण समापन के साथ पूरी होती थी। बैसाखी के दिन विशेष रूप से दालिम और ढाँक के फूलों की सुंदर मालाएँ बनाई जाती थीं और उन्हें घर के दरवाजों की चौखट (मोरी) पर सजाया जाता था।

इसके लिए फूल दो–तीन दिन पहले से ही इकट्ठा किए जाते थे। उस दिन देळी पर सामान्य दिनों से अधिक फूल डाले जाते थे। फिर हम छोटे बच्चे खुशी-खुशी उस देळी को लाँघते थे और बदले में हमें पूरे महीने की प्रोत्साहन राशि मिलती थी।

हम बच्चों के लिए यह क्षण बहुत आनंददायक होता था, क्योंकि ठीक छह दिन बाद सात गते का हिंडौला थौल भी आने वाला होता था।

वास्तव में यह एक महीने तक चलने वाला पर्व प्रकृति, उत्साह, बालसुलभ आनंद और सामुदायिक परंपराओं का अद्भुत संगम होता था। आज समय के साथ यह परंपरा कई स्थानों पर कम होती जा रही है, परंतु इसकी मधुर स्मृतियाँ आज भी मन में उसी ताजगी और आनंद के साथ जीवित हैं।

आप सभी को प्रकृति, रंग और उमंग से भरे इस सुंदर लोकपर्व फूल संक्रांत / फूलदेई की हार्दिक शुभकामनाएँ.

प्रो. (डॉ.) राकेश चन्द्र रयाल (मनरागी)

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.