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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस जनों के प्रतिनिधिमंडल ने आज राज्यपाल ले.जन. गुरमीत सिंह से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन प्रेषित करते हुए राज्य में ध्वस्त पड़ी कानून व्यवस्था में सुधार लाये जाने तथा नसिंग अभ्यर्थियों के मामले में स्वास्थय महानिदेशक द्वारा भेजे गये प्रस्तावानुसार निर्णय लिये जाने हेतु राज्य सरकार को निर्देर्शित करने की मांग की। 


कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक लखपत सिंह बुटोला, मीडिया चेयरमैंन राजीव महर्षि, महामंत्री राजेन्द्र शाह, महानगर अध्यक्ष जसविन्दर सिंह गोगी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह, अमरेन्द्र सिंह बिष्ट, अश्विनी बहुगुणा, विरेन्द्र पोखरियाल, ओमप्रकाश सती, अमरजीत सिंह, अखिलेश उनियाल शामिल थे।


 

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे  एवं अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव  का आकस्मिक निधन हो गया है। वह फिटनेस के शौकीन थे।



अचानक तबीयत खराब होने के बाद  प्रतीक यादव को लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल लाया गया था,जहां उन्हें मृत घोषित किया गया।

प्रतीक यादव भारतीय जनता पार्टी की नेता अपर्णा यादव के पति है।उनकी माता का  निधन 2022 में हुआ था।

प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव भाजपा नेत्री के साथ साथ  राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं।


 निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी की छात्रा इशिता सिंह बनी ऋषिकेश सिटी टॉपर 98.4% के साथ रचा इतिहास।


इस उपलब्धि पर निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी के संचालक संत बाबा जोध सिंह महाराज जी ने मिठाई खिला कर दी इशिता को बधाई। एनजीए परिवार मैं दौड़ी खुशी की लहर।


ऋषिकेश:

rishikesh city topper NGA school


. निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी (एनजीए) के विद्यार्थियों ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2025–26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया है। विद्यार्थियों की इस अभूतपूर्व सफलता से विद्यालय परिसर में हर्ष, उत्साह एवं गर्व का वातावरण व्याप्त है।


विद्यालय की मेधावी छात्रा इशिता सिंह ने 98.4% अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्वेता यादव ने 98.2% अंकों के साथ द्वितीय, प्रीतिका ने 96.8% अंकों के साथ तृतीय, निहारिका निषाद ने 96.6% अंकों के साथ चतुर्थ तथा अंशिका ने 96.2% अंकों के साथ पंचम स्थान प्राप्त कर विद्यालय की उपलब्धियों में नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ा।


विद्यालय के अधिकांश विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित कर अपनी प्रतिभा, अनुशासन एवं कठिन परिश्रम का उत्कृष्ट परिचय दिया। कला वर्ग में इशिता सिंह, वाणिज्य वर्ग में सूरज राम तथा विज्ञान वर्ग में रतन सिंह राणा ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।


विद्यालय के संस्थापक महंत बाबा राम सिंह जी महाराज एवं संचालक संत जोध सिंह जी महाराज ने विद्यार्थियों की इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के समर्पण, अनुशासन एवं अथक परिश्रम का परिणाम बताया।


विद्यालय के चेयरमैन डॉ. एस. एन. सूरी, प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता शर्मा एवं प्रधानाध्यापिका अमृतपाल डंग ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ प्रेषित कीं।


विद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी भविष्य में भी इसी प्रकार सफलता के नए आयाम स्थापित कर विद्यालय, समाज एवं राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करते रहेंगे।


"परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे मजबूत नींव हैं — और एनजीए के विद्यार्थियों ने इसे एक बार फिर सिद्ध कर दिखाया।"




- आकाशवाणी पिछले नौ दशकों से भारत की आवाज रहा है : श्री हेमंत बी० आड़े, निदेशक, भारतीय मानक ब्यूरो

- ⁠कार्यक्रम में आकाशवाणी देहरादून की कलाकार शरण्या जोशी ने ठुमरी, दादरा और चैती की प्रस्तुत दी




भारत के लोक सेवा प्रसारक आकाशवाणी की स्थापना के ऐतिहासिक 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को आकाशवाणी देहरादून द्वारा 'शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय संगीत संध्या' का आयोजन किया गया। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में आयोजित कार्यक्रम ने भारतीय संस्कृति और संगीत की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री हेमंत बी० आड़े,  निदेशक, भारतीय मानक ब्यूरो (देहरादून) एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। स्वागत संबोधन में दूरदर्शन उत्तराखंड के उपनिदेशक (अभि०) श्री कुलभूषण कुमार ने कहा कि आकाशवाणी के 90 वर्षों का सफर भारतीय चेतना का सफर है। उन्होंने कहा कि यह संगीत संध्या केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी कला और भावनाओं का उत्सव है।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, भारतीय मानक ब्यूरो (देहरादून) के निदेशक श्री हेमंत बी० आड़े ने आकाशवाणी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आकाशवाणी पिछले नौ दशकों से भारत की आवाज रहा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक इसकी भूमिका अतुलनीय है। संगीत की विरासत को संरक्षित करने में आकाशवाणी का योगदान अनुकरणीय है; यह संगीत मन को शांति और जीवन को नई ऊर्जा प्रदान करता है।


कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जनगणना कार्य निदेशालय (उत्तराखंड) के उपनिदेशक आर० के० बनवारी ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संगीत से जोड़ने में सहायक सिद्ध होते हैं।


कार्यक्रम में आकाशवाणी देहरादून की कलाकार शरण्या जोशी ने ठुमरी, दादरा और चैती प्रस्तुत की। तबले पर प्रदीप्त डे ने संगत की और हारमोनियम पर माहिर अहमद ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में पार्थो राय चौधरी ने संतूर पर राग पूरिया धनाश्री प्रस्तुत किया।


इस अवसर पर आकाशवाणी की कार्यक्रम प्रमुख श्रीमती मंजुला नेगी, कार्यक्रम अधिशासी श्री संकल्प मिश्रा, विख्यात सितार वादक श्री रोबिन करमाकर और दूरदर्शन के कार्यक्रम प्रमुख श्री अनिल कुमार भारती सहित विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उद्घोषिका कल्पना पंकज द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सहायक निदेशक (कार्यक्रम/संगीत) श्री रमेश चन्द्रा ने सभी कलाकारों, अतिथियों और संगीत प्रेमियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।


इस संगीत संध्या में भारी संख्या में युवाओं, रेडियो प्रेमियों, उद्घोषकों और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

MDDA action in Rishikesh



देहरादून/ऋषिकेश:


देहरादून संस्कृति लोक कॉलोनी से ऋषिकेश निर्मल बाग तक चली कार्रवाई, पुलिस बल रहा तैनात

देहरादून/ऋषिकेश:



शहर की नियोजित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बुधवार को ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक सीलिंग अभियान चलाया। संयुक्त टीम ने पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए आठ अवैध बहुमंजिला भवनों को सील कर दिया। बिना मानचित्र स्वीकृति और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों को पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर एमडीडीए ने सख्त कदम उठाते हुए सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई।


संस्कृति लोक से शुरुआत

सीलिंग अभियान की शुरुआत संस्कृति लोक कॉलोनी लेन नंबर-6बी, देहरादून से हुई, जहां हसन द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के आदेश पर सील किया गया। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता निशांत कुकरेती, जयदीप राणा और सुपरवाइजर की टीम मौके पर मौजूद रही।


मानविय नगर में कार्रवाई

इसके बाद एमडीडीए की टीम मानविय नगर लेन नंबर-10, ऋषिकेश पहुंची, जहां कृष्णा द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को सील किया गया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य को नियमों के विरुद्ध पाया, जिसके बाद मौके पर कार्रवाई की गई।


लकड़घाट में भी सीलिंग

लकड़घाट रोड, श्यामपुर ऋषिकेश में रतूड़ी जी द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल तैनात रहा।


निर्मल बाग में सबसे बड़ी कार्रवाई

निर्मल बाग ब्लॉक-बी गली नंबर-11 विस्थापित क्षेत्र में एमडीडीए ने लगातार कई अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की। यहां अनुज, विपिन चौधरी और सूरवीर सिंह बिष्ट द्वारा किए जा रहे निर्माणों को सील किया गया।


दो भवनों पर अलग कार्रवाई

इसी क्षेत्र में सगुन शर्मा द्वारा दो अलग-अलग स्थानों पर किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माणों को अलग-अलग कार्रवाई करते हुए सील किया गया। इसके अलावा संदीप चौधरी के निर्माण पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। यह पूरी कार्रवाई एसडीएम ऋषिकेश के आदेशों पर संपन्न हुई। अभियान में क्षेत्रीय सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंताओं और प्राधिकरण की संयुक्त टीम शामिल रही।


अवैध निर्माण नहीं होंगे बर्दाश्त : बंशीधर तिवारी

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र और मानकों के विपरीत निर्माण भविष्य में सुरक्षा, यातायात और शहरी व्यवस्था के लिए गंभीर समस्या बनते हैं। उन्होंने लोगों से निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति लेने की अपील की।


लगातार हो रही मॉनिटरिंग : मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और अवैध निर्माणों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नोटिस के बावजूद संतोषजनक जवाब न देने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

 *बुधवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।* 



बैठक में माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस - यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। 

इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं। 


*वर्क फ्रॉम होम*

सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।


*नो व्हीकल डे* 

मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा।वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन "No Vehicle Day" के लिए प्रेरित किया जाएगा।

सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे। 


*एक अधिकारी, एक वाहन*

परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों  के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।  


*ईवी पॉलिसी*

इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।


*सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी*

सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। 

"Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा। 


*"मेरा भारत, मेरा योगदान"*

"मेरा भारत, मेरा योगदान" जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। "Made in State" अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में "Make in India" नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा। 


*खाद्य तेल की खपत घटाना*

आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे।  होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu" अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।


*प्राकृतिक खेती को बढ़ावा*

किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।


*स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा*

PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया। 

Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी। 

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*केदारनाथ में 22 दिनों में 05 लाख 23 हजार से अधिक भक्तों ने किए दर्शन*

*बुधवार को एक दिन में 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन*

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल यात्रा प्रबंधन ने जीता श्रद्धालुओं का विश्वास*

*उच्च हिमालयी क्षेत्र होने से मौसम के मिजाज पर भी है सरकार की पैनी नजर*

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष नया कीर्तिमान बनाने की ओर अग्रसर है। 25 दिनों में ही दर्शनार्थियों की संख्या 12 लाख 60 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है। केदारनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। 22 दिनों में ही 05 लाख 23 हजार से अधिक तीर्थयात्री केदारनाथ धाम में शीश नवा चुके हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र की यात्रा होने से प्रदेश सरकार यहां मौसम के मिजाज पर भी पूरी नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री धामी ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने पर हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए।


चारों धामों में आस्था और विश्वास का जबरदस्त उल्लास देखने को मिल रहा है। यात्रा का विगत 19 अप्रैल को श्रीगणेश हुआ था और आज 13 मई तक 12 लाख 60 हजार 478 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। इनमें केदारनाथ में 5,23,582, बद्रीनाथ में 3,24,081, गंगोत्री में 2,05,425 और यमुनोत्री धाम में 2,07,390 तीर्थयात्री पहुंचे हैं। आज बुधवार को चारों धामों में 80 हजार 401से श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। केदारनाथ में सर्वाधिक 32,423 तीर्थयात्री पहुंचे। जबकि बद्रीनाथ में 21,260, यमुनोत्री में 13,403 और गंगोत्री धाम में 13,315 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 


केदारनाथ धाम की यात्रा मुश्किलभरी होने के बावजूद यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नया रिकॉर्ड बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाए जाने से केदार यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह है।


बीते चार वर्षों (वर्ष 2022 से 2025 तक) के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो 69 लाख 45 हजार 487 श्रद्धालु केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ चुके हैं। इनमें 2022 में 15,64,248, 2023 में 19,58,863, 2024 में 16,53,581 और 2025 में 17,68,795 तीर्थयात्री पहुंचे हैं। 


चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रद्धाल सुगमता से दर्शन कर सकें, इसके लिए स्लॉट प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया गया है। रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य होने के बाद धाम दिव्य और भव्य रूप में नजर आ रहा है। पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाए जाने से श्रद्धालुओं की राह आसान हुई है। सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा के लिए सरकार ने हरसंभव कदम उठाए हैं। मौसम पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया गया है। हर परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार है। 


*-पुष्कर सिंह धामी*

*मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड*

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