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36 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों पर पर डीएम ने विभागों को थमाया वार्निंग लेटर, जवाबदेही तय,*

*बैठक में गैरहाजिरी पड़ी भारी, सीएमओ को जिलाधिकारी का नोटिस*

*हर सोमवार को ‘‘समाधान दिवस’’ की शिकायतें उसी दिन सीएम हेल्पलाइन पर पोर्टल पर हो दर्ज,*

*‘‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि’’ के मंत्र को धरातल पर उतारे विभाग- डीएम*


*देहरादून :

DM  Dehradun Ashish chauhan



मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर लंबित जनशिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित होने तक मामलों का प्रभावी समाधान किया जाए।


जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के ‘‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि’’ के मूल मंत्र को धरातल पर उतारते हुए जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि विभागीय स्तर पर टास्क ऑफिसर नामित कर प्रतिदिन प्राप्त होने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही विभाग इस संबंध में प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध कराएं कि लेवल-1 पर प्राप्त शिकायतों की निरंतर निगरानी की जा रही है।


उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि लेवल-2 पर लंबित शिकायतों का भी शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बड़े विभागों में तीन अंकों तथा छोटे विभागों में दो अंकों से अधिक शिकायतें किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहनी चाहिए।


जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें शिकायतों के निस्तारण की जानकारी दें। जिला स्तर पर भी शिकायतकर्ताओं को फोन कर फीडबैक लेने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक 10 दिन में वह स्वयं सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करेंगे तथा शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर समाधान की स्थिति का फीडबैक प्राप्त करेंगे।


जिलाधिकारी ने समाधान दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों को उसी दिन सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।


समीक्षा के दौरान लेवल-1 पर लोक निर्माण विभाग की 299, शहरी विकास की 384, पुलिस की 309, ऊर्जा विभाग की 234, जल संस्थान की 183 तथा राजस्व विभाग की 174 शिकायतें लंबित पाई गईं। वहीं 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की 345 शिकायतें सर्वाधिक रहीं। इसके अलावा शहरी विकास विभाग की 237, राजस्व विभाग की 225, पुलिस विभाग की 133 तथा तकनीकी शिक्षा विभाग की 111 शिकायतें निर्धारित समयावधि से अधिक लंबित मिलीं।


जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को चेतावनी पत्र जारी करते हुए लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के किसी भी अधिकारी द्वारा बैठक में प्रतिभाग न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

 

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता संजय रॉय, अधीक्षण अभियंता आरके जैन, अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह, नोडल अधिकारी सीएम हेल्पलाइन/जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, सीओ वंदना वर्मा सहित समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।



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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में चमोली जनपद निवासी एवं मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्री दिगंबर सिंह रावत ने शिष्टाचार भेंट की।




इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री दिगंबर सिंह रावत को एमएफएन (Matrix Fight Night) लाइटवेट विश्व चैम्पियन बनने पर  बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रावत ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है तथा यह सिद्ध करती है कि उत्तराखण्ड के युवा खेलों के क्षेत्र में भी वैश्विक पहचान स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।




मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री दिगंबर सिंह रावत भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश एवं प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।



उल्लेखनीय है कि चमोली जनपद के निवासी श्री दिगंबर सिंह रावत वर्तमान में एमएफएन लाइटवेट विश्व चैम्पियन हैं। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में आयोजित एमएफएन-18 प्रतियोगिता में पहले ही राउंड में तकनीकी नॉकआउट (टीकेओ) के माध्यम से शानदार जीत दर्ज कर रिक्त विश्व खिताब अपने नाम किया था।



श्री दिगंबर सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन से युवाओं का मनोबल बढ़ रहा है तथा उन्हें अपने लक्ष्य हासिल करने की नई ऊर्जा प्राप्त हो रही है।

 मुख्यमं


त्री ने 9.74 लाख लाभार्थियों को 176.59 करोड़ रूपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आई. आर.डी. टी सभागार में राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत माह मई 2026 की पेंशन वन क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित की।  09 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खाते में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार की धनराशि का हस्तांतरण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने नशा मुक्त अभियान एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और देखभाल की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव, देरी और बाधा के योजनाओं का लाभ प्रदान करना है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ देश में जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन योजना जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। वहीं स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से वंचित वर्गों को स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हुए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिव्यांग कार्मिकों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है। स्वयं सहायता समूहों को ‘लखपति दीदी योजना’ एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’, ‘मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’, ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ तथा ‘अपणि सरकार पोर्टल’ के माध्यम से विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर पर भी कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी है तथा बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलिपोर्ट एवं बिजली उत्पादन के क्षेत्र में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में विशेष श्रेणी राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून एवं सख्त भू-कानून लागू किए गए हैं। सरकार द्वारा 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।


मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार सूत्रीय रणनीति पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने आयोगों, परिषदों एवं समितियों के सदस्यों से जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का आह्वान किया।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, श्री भरत चौधरी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती पार्वती दास,, श्री भूपाल राम टम्टा, सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री प्रकाश चन्द्र, विभिन्न्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मौजूद थे।


मुख्यमंत्री आवास परिसर में 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस देहरादून में विकसित किए जा रहे 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ कृष्णा वट के पौधे का रोपण कर किया गया। इस उद्यान का विकास मधुमक्खियों, तितलियों एवं पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परागण एवं जैव विविधता को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है। उद्यान के आसपास कीटनाशकों एवं अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को प्रतिबंधित रखा जाएगा, जिससे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।


इस विशेष उद्यान के निर्माण से मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा। साथ ही आमजन में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी यह उद्यान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


 मुख्यमंत्री द्वारा उद्यान प्रभारी श्री दीपक पुरोहित को इस प्रकार के उद्यान के विकास करने के निर्देश दिये गए थे। तत्पश्चात उपयुक्त प्रजातियों के पौधों के चयन एवं रोपण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया था।

उद्यान में जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बाँस, बॉटल ब्रश, टिकामा, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी एवं पुदीना सहित अनेक प्रजातियों के पौधों का मिश्रित रूप से रोपण किया जा रहा है।


परिसर में स्थित जीर्ण-शीर्ण एवं वृद्ध वृक्षों के समीप नवीन पौधों के रोपण का कार्य भी प्रारम्भ किया गया है। इसके अतिरिक्त उच्च हिमालयी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता तथा पया प्रजाति के पौधों का रोपण भी विगत वर्ष से किया जा रहा है, जो वर्तमान में स्वस्थ वृद्धि के साथ परिसर की प्राकृतिक शोभा एवं विशिष्टता को बढ़ा रहे हैं।


 मुख्यमंत्री ने परिसर में संचालित पर्यावरणीय एवं जैव विविधता संवर्धन संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए उद्यान विभाग को मधुमक्खी पालन गतिविधियों को मुख्यमंत्री आवास परिसर तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विकसित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।


इस अवसर पर सचिव श्री शैलेश बगौली, निदेशक उद्यान डॉ. आर.के. सिंह, श्री नरेन्द्र यादव मौजूद थे।

पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति मुख्यमंत्री ने बताई सामूहिक प्रयासों की जरूरत* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति संकल्पबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया है। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति और जीवन शैली का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। हमारे लोकपर्व, परम्पराएं और जनजीवन सदैव पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को सुदृढ़ करते रहे हैं। हरेला जैसे पर्व प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और संरक्षण की भावना को प्रदर्शित करते हैं। 


पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें एकजुट होकर प्रकृति के संरक्षण की दिशा में भी चिन्तन करना होगा। पर्यावरण संरक्षण को जीवन से जुड़ा विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण उत्तराखण्डवासियों के स्वभाव में रहा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध वन सम्पदा, जैव विविधता और जीवनदायिनी नदियों के कारण देश में विशिष्ट पहचान है। राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों और जैविक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।


उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग तथा पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियां आज पूरी दुनिया के सामने हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की दिशा में संकल्पित होकर कार्य करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की भी मुख्यमंत्री ने जरूरत बताई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण, जल स्रोतों के संरक्षण, नदियों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के लिए सभी को आगे आना होगा। सामाजिक चेतना और सामूहिक प्रयासों से ही पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने में हम सफल हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में प्रदेशभर में संचालित पौधारोपण एवं स्वच्छता अभियान में भी सभी से सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

राज्य सरकार ने 2021 तक के राज्य आंदोलनकारियों के लम्बित आवेदनों के चिन्हीकरण हेतु अवधि में किया विस्तार, मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद हुआ आदेश जारी


राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कार्यालय में 2021 तक लंबित आवेदनों के निस्तारण की समयावधि में विस्तार किया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के पश्चात सचिव श्री शैलेश बगोली द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।


अब शासन द्वारा आवेदन पत्रों के निस्तारण की अवधि भी 24 जुलाई 2026 से 24 सितम्बर 2026 तक निर्धारित की गई है। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही हेतु शासनादेश की प्रति समस्त मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को प्रेषित कर दी गई है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड आंदोलन से जुड़े सभी वास्तविक आंदोलनकारियों के सम्मान एवं पहचान के प्रति प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाते हुए पात्र व्यक्तियों को पर्याप्त अवसर प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की ₹ 213 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 तथा नन्दादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों के साथ ही राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के तहत विभिन्न सड़कों के निर्माण तथा सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित योजनाओं व  किसानों केी आर्थिकी में सुधार आदि के लिए कुल ₹ 213 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई हैं।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली के वर्ष 2026 में नन्दादेवी राजजात यात्रा के अन्तर्गत नलगांव-भटियाणा मोटर मार्ग के किमी0 01 से 10 तक मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण किये जाने हेतु ₹ 8.68 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने के साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला व्यवस्था में पुलिस प्रशासन हेतु प्राविधानित धनराशि ₹ 35 करोड  के प्रस्ताव पर स्वीकृति हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर के बिन्दुखेडा रायपुर मोटर मार्ग का हॉटमिक्स द्वारा पुर्ननिर्माण एवं सुदृढीकरण हेतु  ₹ 3.95 करोड, एस.एच.-85 में रिस्पना पुल (चंचल डेरी) से धर्मपुर चौक तक सघन यातायात हेतु तीन लेन एलीवेटेड कोरिडोर निर्माण हेतु ₹ 3.37 करोड, जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र जागेश्वर में शहीद लॉस नायक श्री दिनेश सिंह (ध्याडी-मिरगांव-मानेश्वर) मोटर मार्ग के पुर्ननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 4.92 करोड तथा जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड ऊखीमठ के अन्तर्गत ताला बंरगाली मोटर मार्ग में सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य हेतु ₹ 3.17 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र सल्ट में कुलान्टेश्वर महादेव में मेला स्थल के सौन्दर्यीकरण हेतु ₹ 50.08 लाख, जनपद चम्पावत के विधान सभा क्षेत्र चम्पावत में महिला प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना हेतु ₹ 60 लाख तथा जनपद पिथौरागढ़ की विधानसभा धारचूला के अन्तर्गत ग्राम सभा बौन में श्री हयों गुरु देव व गैरेंग मन्दिर सौन्दर्यीकरण व चार दीवारी मुख्य प्रवेश द्वार के कियान्वयन हेतु ₹ 85 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद रुद्रप्रयाग की अगस्तमुनि नगर पंचायत की छेनागाड पेयजल योजना के कियान्वयन हेतु ₹ 55.22 करोड तथा जनपद देहरादून की उत्तर शाखा के अन्तर्गत गंगोत्री विहार में नलकूप खनन, राईजिंग मेन एवं तत्सम्बंधी कार्यों हेतु ₹ 2.22 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद बागेश्वर के विधान सभा क्षेत्र बागेश्वर के अन्तर्गत देवलधार-माईथान-लेटी-गिरेछीना मोटर मार्ग निर्माण हेतु लागत ₹ 8.52 करोड़, जनपद अल्मोड़ा के विधान सभा क्षेत्र द्वाराहाट विकासखण्ड चौखुटिया के मांसी में रामगंगा नदी के दाये पार्श्व पर स्थित राम पादुका मन्दिर पर स्नाना घाट के निर्माण हेतु ₹ 37.60 लाख तथा विधान सभा क्षेत्र द्वाराहाट विकासखण्ड द्वाराहाट मांसी के अन्तर्गत ग्राम सकुनी में सुकेश्वर महादेव मन्दिर के जीर्णाेद्धार का अवशेष कार्य पूर्ण किये जाने हेतु ₹ 1.25 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार के विधान सभा क्षेत्र पिरान कलियर के मेवड नागड के शमशान घाट में बाउंड्रीवाल के निर्माण हेतु ₹ 16.49 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में फसल कृषि कर्म के लिए कर्ज, वाणिज्यिक फसलों, उत्तराखण्ड सहकारी क्षेत्र/निगम की मिलों को ऋण मद हेतु प्राविधानित धनराशि रूपये ₹ 130 करोड के सापेक्ष ₹ 81.47 करोड की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के ग्राम गुरुग्राम में मनीमोहन के घर से सुशील मण्डल के घर तक एवं बसगर मुख्य मार्ग के सुन्दर नगर होते हुए नाले के ओर मार्ग के निर्माण हेतु ₹ 88.76 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के ग्राम रंजीतनर से ग्राम सुरेन्द्रनगर में तारकनाथ मन्दिर होते हुए मुख्य मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य हेतु ₹ 1.79 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री ने किया ताकुला रा०प्रा०वि० धौलरा का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० श्री विद्याधर वैष्णव के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र सोमेश्वर विकासखण्ड ताकुला रा०प्रा०वि० धौलरा का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० श्री विद्याधर वैष्णव के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना में उत्तराखण्ड ने देशभर में लहराया परचम, चार प्रमुख श्रेणियों में प्राप्त किया प्रथम स्थान”


प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्धन एवं प्रमुख सचिव (ऊर्जा) डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु एक साथ चार पुरस्कार प्राप्त हुए।


आज नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह में माननीय श्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री द्वारा उत्तराखण्ड को सम्मानित किया गया। 


उत्तराखण्ड की ओर से यह पुरस्कार उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) के प्रबंध निदेशक श्री जी. एस. बुदियाल द्वारा ग्रहण किया गया।


इस अवसर पर सभी राज्यों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री सन्तोष कुमार सारंगी, आरईसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव, पीएफसी के कार्यकारी निदेशक (ईडी) श्री सौरभ जैन, सीईईडब्ल्यू (CEEW) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. अरुणाभ घोष, एंगेजमेंट लीड, सीईईडब्ल्यू के श्री पंकज करगेती तथा उरेडा के उप मुख्य परियोजना अधिकारी (Deputy CPO) श्री अखिलेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।


नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना अवार्ड समारोह में उत्तराखण्ड को औसत उपभोक्ता आधार (Low Consumer Base States) वाले राज्यों की श्रेणी में चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया गया। राज्य सरकार द्वारा अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे सतत् प्रयासों एवं जन-केंद्रित नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड ने पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।


उत्तराखण्ड को निम्नलिखित चार श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया:

1. सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन (Maximum Consumer Applications)

2. सर्वाधिक रूफटॉप सोलर संस्थापन (Maximum Solar Installations)

3. सर्वाधिक डिस्कॉम निरीक्षण (Maximum DISCOM Inspections)

4. सर्वाधिक विक्रेता पंजीकरण (Maximum Vendor Registrations)


यह सम्मान उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उपभोक्ता जागरूकता, त्वरित सेवा वितरण तथा पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है।


UPCL द्वारा राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान, शिविरों, डिजिटल माध्यमों एवं स्थानीय स्तर पर विशेष प्रयासों के माध्यम से अधिकाधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने का कार्य किया गया। इसके साथ ही आवेदन स्वीकृति, तकनीकी निरीक्षण, नेट मीटरिंग एवं सौर संयंत्र स्थापना से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल एवं समयबद्ध बनाकर योजना के लाभों को आम नागरिकों तक पहुँचाया गया।


योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु केन्द्र सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आ रही है तथा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। उत्तराखण्ड में योजना के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संकेत है।


यह सम्मान केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि राज्य में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रेरणा है। निगम भविष्य में भी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रतिबद्ध रहेगा तथा अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़कर उत्तराखण्ड को सौर ऊर्जा अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में स्थापित करने का प्रयास जारी रखेगा।


यह उपलब्धि न केवल उत्तराखण्ड के लिए गौरव का विषय है, बल्कि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति एवं सतत विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को होटल नटराज, ऋषिकेश में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति बैठक कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 23.15 करोड़ की 1 योजना का लोकार्पण एवं 6.63 करोड़ की 2 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। 




मुख्यमंत्री ने विभिन्न शहरों के मेयर का स्वागत करते हुए कहा कि सभी मेयर अपने शहर के प्रथम नागरिक और शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के भी प्रतिनिधि हैं। आपके निर्णय का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा हमारे देश की आत्मा गाँवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के सपने, उनकी आकांक्षाएँ और उनके भविष्य की संभावनाएँ शहरों में आकार लेती हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण पलों को उत्तराखंड में बिताया है। वे उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र से भली भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस वर्ष चार धाम यात्रा में अब तक कुल 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की है,जो एक नया रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारी प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सरल, सुगम , सुरक्षित हो। उन्होंने कहा पहले, आदि कैलाश में 500 लोग आते थे, इस वर्ष यात्रा शुरू होने से अब तक प्रति दिन करीब 1000 लोग आदि कैलाश पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया मां पूर्णागिरि मंदिर में भी 24 लाख लोगों ने दर्शन कर लिए हैं। बीते चार सालों में 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड आ चुके हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। आज स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों में साफ-सफाई की नई संस्कृति विकसित हुई है। स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का घर का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य हुआ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड के शहरों के विकास को नई गति दी जा रही है। उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को दिया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। राज्य में निराश्रित गौवंशों को आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से आश्रय योजना प्रारम्भ की है। स्थानीय निकायों में श्वानों की बढ़ती संख्या की रोकथाम हेतु एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना की शुरुआत की है। हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर, दुनिया के समक्ष देश की वास्तविक छवि भी प्रस्तुत करते हैं। शहर सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित होंगे तो भारत की छवि भी सशक्त, समृद्ध और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा शहर स्वच्छ होगा तो पूरा भारत स्वच्छ होगा। शहर सुव्यवस्थित होगा, तो पूरा देश सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा प्रत्येक शहर सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा, तो भारत विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा।



कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 तर्ज पर हम भी विकसित उत्तराखंड को आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। विकसित भारत की कल्पना को पूरा करने में महानगर को विकसित करने, आत्मनिर्भर बनाने, सौर ऊर्जा, कूड़ा प्रबंधक , रेनवाटर हार्वेस्टिंग, लोकल एवं छोटे उद्योग की स्थापना एवं आत्मनिर्भर महानगर की महत्वपूर्ण भूमिका है।


मुख्यमंत्री ने नगर निगम, ऋषिकेश में ₹1.80 करोड़ की लागत से बने पीपीपी मोड़ पर 10 स्थानों पर ई.वी. चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण कार्यों एवं 4.83 करोड़ की लागत से ऋषिकेश के 12 स्थानों पर वर्षा जल का संचय कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने ₹ 23.15 करोड़ की लागत से नगर निगम ऋषिकेश के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट योजनान्तर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनेट्री लैन्डफिल साईट लाल पानी बीट निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थलों का भी अवलोकन किया। 


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा, विधायक श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर श्री शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, श्री आशुतोष एवं देशभर के विभिन्न शहरों से मेयर उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का किया औचक निरीक्षण*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण कर चारधाम यात्रा एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं से यात्रा का फीडबैक भी लिया। 


*श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए न करना पड़े इंतजार*


मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए की गई पंजीकरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए की श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए इंतजार ना करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य जांच केंद्रों का निरीक्षण कर यात्रियों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान देने को बात कही। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए उन्होंने ट्रांजिट कैंप में अतिरिक्त कुलर लगाने तथा पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


*श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी संवाद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं का "अतिथि देवो भव:" की भावना के साथ स्वागत करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।


*यात्रियों ने मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त*


निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में मौजूद श्रद्धालुओं से भी संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं बिहार सहित विभिन्न राज्यों से आए यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। श्रद्धालुओं ने पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, आवास एवं अन्य सुविधाओं को संतोषजनक बताया। 


कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया तथा यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का कुशलक्षेम जाना और उन्हें सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं।



*ट्रांजिट कैंप में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण की भी सराहना*


ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से रामायण एवं महाभारत के प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रतीक्षा के दौरान उन्हें आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो रहा है। उत्तर प्रदेश से आई कामिनी ने कहा कि "वह गुरुवार से अपनी चार धाम यात्रा शुरू करेंगी। आज सुबह उन्होंने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। वह सुबह से ही ट्रांसिट कैंप में बैठी हैं, वहां कूलर, पंखे, पानी की पर्याप्त व्यवस्था है उन्होंने बताया साथ ही टीवी में रामायण चलने से उनका समय भी अच्छा बीत रहा है।"


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से आए शुभम ने बताया कि "वो अपने 3 दोस्तों के साथ चार धाम यात्रा से वापस ऋषिकेश लौटे आए हैं, आज सुबह से ही वह ट्रांजिट कैंप में हैं। उन्होंने अपनी यात्रा शुरू भी ट्रांसिट कैंप से की थी, जहां उन्हें सुविधा इतनी अच्छे लगी की वह लौटते समय भी यहां ठहरने के लिए आए हैं"। मध्य प्रदेश से आए ओमप्रकाश ने बताया कि वह भी सुबह ही ट्रांजिट कैंप पहुंचे हैं और आगे की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ट्रांजिट कैंप में ही अपना भोजन किया और स्वास्थ्य जांच करवाई। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। 


*ट्रांजिट कैंप में लंगर सेवा के साथ स्थानीय उत्पादों को मिला बढ़ावा*


ट्रांजिट कैंप परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निरंतर लंगर एवं नि:शुल्क भोजन-पानी की व्यवस्था की जा रही है। एक ओर जहाँ  स्वयंसेवकों द्वारा यात्रियों को भोजन की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है तो वहीं दूसरी ओर, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा कैंप परिसर में स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी की जा रही है। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद एवं स्वरोजगार से जुड़े सामान यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे जहां एक ओर महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

 

devprayag  accident


कल दिनांक 02/06/26 को देवप्रयाग क्षेत्र में एक इनोवा कार संख्या UK08TA-5433 अनियंत्रित होकर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त होते हुए नदी में समा गई थी। वाहन में चालक सहित कुल 08 व्यक्ति सवार थे, जिनमें 05 महिलाएं एवं 03 पुरुष शामिल थे।

उक्त घटनाक्रम में  आज दिनांक 03/06/26 को SDRF द्वारा तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू अभियान प्रारम्भ किया गया। वर्तमान में SDRF की डीप डाइविंग टीम द्वारा नदी के भीतर संभावित स्थानों पर गहन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है।

श्री अर्पण यदुवंशी, सेनानायक SDRF के निर्देशन में SDRF टीमों द्वारा अत्यंत विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। SDRF के डीप डाइवर्स द्वारा नदी के भीतर उतरकर गहराई वाले क्षेत्रों, तेज बहाव वाले स्थानों एवं संभावित लोकेशनों पर सघन तलाशी ली जा रही है।

वर्तमान में 03 लापता व्यक्तियों की तलाश हेतु SDRF टीमों द्वारा नदी एवं आसपास के सभी संभावित क्षेत्रों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अभियान में डीप डाइविंग, राफ्टिंग एवं अन्य आधुनिक खोज एवं बचाव तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।

SDRF द्वारा स्थानीय प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।



देहरादून:

VC MDDA Banshidhar tiwari


आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना को मिली रफ्तार, जून तक पूरे होंगे सभी लंबित कार्य

*प्रतिकर लेने के बावजूद कब्जा नहीं छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई, खुद स्थलीय निरीक्षण करेंगे उपाध्यक्ष


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना को अब नई गति मिलने जा रही है। राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण शहरी पुनर्विकास कार्यों में शामिल इस परियोजना के लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रणनीति तैयार कर ली है। बुधवार को एमडीडीए सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया और सभी विभागों को जून 2026 तक लंबित कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। 


आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकताओं में शामिल इस परियोजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि राजधानी देहरादून के भविष्य की व्यापारिक और शहरी संरचना को नई दिशा देने वाली योजना है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर अपने दायित्व पूरे करने होंगे।


*रजिस्ट्री प्रक्रिया में लाई जाएगी तेजी*

समीक्षा बैठक में प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मामलों में प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, जबकि कुछ रजिस्ट्रियां अभी शेष हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। इसके लिए प्रत्येक बुधवार और शनिवार को विशेष रूप से रजिस्ट्री कार्य संपादित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को अनावश्यक परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।


*निर्माण कार्यों की होगी नियमित निगरानी*

समीक्षा बैठक में कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए कि परियोजना के अंतर्गत शेष सभी निर्माण कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। उपाध्यक्ष ने कहा कि राजधानी की व्यापारिक गतिविधियों को आधुनिक स्वरूप देने वाली इस परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने तथा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा आने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा।


*आलयम आवासीय योजना पर भी फोकस*

आढ़त बाजार परियोजना के साथ-साथ एमडीडीए की आलयम आवासीय योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि योजना के शेष निर्माण कार्य जून माह तक पूरे किए जाएं और पात्र लाभार्थियों को आवासों का कब्जा देने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना सरकार और प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


*18 करोड़ से स्थानांतरित होंगी आधारभूत सुविधाएं*

बैठक में वर्तमान आढ़त बाजार क्षेत्र में मौजूद विद्युत लाइनों और अन्य आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शासन स्तर से स्वीकृत लगभग 18 करोड़ रुपये की धनराशि लोक निर्माण विभाग को शीघ्र हस्तांतरित की जाए, ताकि तकनीकी कार्यों में देरी न हो। एमडीडीए का मानना है कि आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण के बाद परियोजना का अगला चरण और तेजी से आगे बढ़ सकेगा।


*प्रतिकर लेने के बाद भी कब्जा रखने वालों पर सख्ती*

समीक्षा बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ प्रभावित व्यक्तियों ने प्रतिकर राशि प्राप्त कर ली है, लेकिन उनके निर्माण अब तक नहीं हटाए गए हैं। इस पर उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे मामलों का वे स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद नियमानुसार  कार्रवाई  करते हुये बल पूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जायेगी । उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी और सार्वजनिक हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


*राजधानी को मिलेगी नई व्यापारिक पहचान*

आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के पूर्ण होने के बाद राजधानी देहरादून को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त व्यापारिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी। इससे व्यापारियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी, यातायात व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी और क्षेत्र के समग्र शहरी विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना देहरादून के सुनियोजित विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव प्रत्यूष, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता अतुल गुप्ता, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, लेखपाल नजीर अहमद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं लोक निर्माण विभाग की ओर से अधिशासी अभियंता राजेश कुमार एवं सहायक अभियंता मुकेश कुमार ने भी बैठक में भाग लिया।


*परियोजना समय पर पूरी करना सर्वोच्च प्राथमिकता : बंशीधर तिवारी*

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है और इसे तय समयसीमा में पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लंबित कार्यों को जून 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। विद्युत लाइनों एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण से जुड़े कार्यों को भी शीघ्र पूरा कराया जाएगा। जिन लोगों ने प्रतिकर राशि प्राप्त कर ली है लेकिन अब तक प्रभावित निर्माण नहीं हटाए हैं, उनके मामलों का मैं स्वयं स्थलीय निरीक्षण करूंगा। हमारा लक्ष्य है कि यह परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो और देहरादून को आधुनिक एवं व्यवस्थित व्यापारिक अवसंरचना उपलब्ध हो।


*नियमित मॉनिटरिंग से पूरी होगी परियोजना : मोहन सिंह बर्निया*

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना की प्रगति की लगातार समीक्षा की जा रही है। बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। रजिस्ट्री प्रक्रिया, निर्माण कार्यों और आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। विभागीय स्तर पर समन्वय को और मजबूत बनाया गया है ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए। हमारा प्रयास है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे कर प्रभावितों और लाभार्थियों को परियोजना का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का पावन अवतरण दिवस*

75 हजार पौधों के रोपण व संरक्षण का महासंकल्प*

पूज्य संतों ने शतायु, दिव्यायु और दीर्घायु होने की शुभकामनाएँ दीं



ऋषिकेश, 3 जून



इतिहास के कुछ क्षण युगों की दिशा निर्धारित करते हैं। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, आध्यात्मिक जगत के प्रेरणास्रोत, सेवा, साधना और संस्कारों के पर्याय परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के 75वें वर्ष में प्रवेश का पावन अवसर ऐसा ही एक दिव्य, विलक्षण और ऐतिहासिक क्षण है। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के प्रांगण में आज पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज, पूज्य दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा जी, पूज्य गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज, पूज्य महंत रविन्द्र पुरी जी महाराज, पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी, पूज्य संत मुरलीधर जी महाराज, पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज, पूज्य स्वामी वेदविद्यानन्द जी महाराज हैदराबाद, पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वरदास जी महाराज, पूज्य स्वामी दयाराम दास जी महाराज, पूज्य मूर्तिमन्त प्रभु जी, पूज्य स्वामी जयंत सरस्वती जी महाराज, पूज्य स्वामी शुक्राईनाथ जी तथा अनेक पूज्य संतों एवं विभूतियों का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ।


परमार्थ निकेतन द्वारा पूज्य स्वामी जी के अवतरण दिवस को “पर्यावरण महोत्सव” के रूप में मनाते हुए 75 हजार पौधों के रोपण का महासंकल्प संत श्री मुरलीधर जी महाराज ने लिया। इस पावन अभियान का शुभारम्भ परमार्थ निकेतन परिसर में दिव्य रुद्राक्ष के पौधे के रोपण के साथ हुआ, जो वास्तव में आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, हरियाली और आशा का रोपण है। जैसे ही 75 हजार पौधों के रोपण की घोषणा व्यासपीठ से अनेक श्रद्धालुओं व भक्तों ने अपने संकल्पों को दोहराया कि हम भी अपने जन्मदिवस, विवाहदिवस, पर्व व त्यौहारों के अवसर पर एक से लेकर 11 हजार, 21 हजार पौधों का रोपण करेंगे, ऐसे अनेक संकल्प की गूंजें और हरित जन्मदिवस मनाने की प्रेरणा जागृत हुई। 


पूज्य स्वामी जी का जीवन स्वयं एक जीवंत महाकाव्य है। कैलाश मानसरोवर की दुर्गम एवं गगनचुम्बी हिमालयी चोटियों पर आश्रमों एवं फस्र्ट एड सेंटर्सं की स्थापना, माँ गंगा सहित अनेक नदियों की निर्मलता और अविरलता के लिए वैश्विक जनआंदोलन, ‘‘देवालय से शौचालय’’ तक स्वच्छता का क्रांतिकारी संदेश, विश्व पटल पर सनातन संस्कृति का गौरवपूर्ण उद्घोष, दिव्यांगता-मुक्त भारत का संकल्प, चिकित्सा एवं मानव सेवा के विराट अभियान, गौ संरक्षण, भारतीय विरासत के संवर्धन और राष्ट्र प्रथम की भावना, इन सभी आयामों में पूज्य स्वामी जी का व्यक्तित्व सदैव एक युगदृष्टा के रूप में रहा है।


वे संकल्प, सेवा और संवेदना की ऐसी ज्योति हैं, जो अनगिनत जीवनों को दिशा प्रदान कर रही है। उनका सहज, सरल, निर्मल और माँ गंगा की तरह निष्छल व्यक्तित्व करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


परमार्थ निकेतन में संत मुरलीधर जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही मासिक मानस कथा की दिव्य व्यासपीठ से देश-विदेश से पधारे पूज्य संतों एवं विभूतियों ने उनके अवतरण दिवस पर शुभाशीष एवं मंगलकामनाएँ अर्पित कीं।


अवतरण दिवस के इस महापर्व पर परमार्थ निकेतन द्वारा हजारों श्रद्धालुओं, संतों, निराश्रितों एवं जरूरतमंदों के लिए महाप्रसाद वितरण का शुभारम्भ किया गया। सेवा, समर्पण और सद्भाव की यह धारा दिनभर अविरल प्रवाहित होती रही।


आज का यह आयोजन एक ऐसे संत के जीवन और संकल्पों का अभिनंदन है, जिन्होंने अपने जीवन को स्वयं तक सीमित न रखकर मानवता, प्रकृति, संस्कृति और राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया। 75 हजार पौधों का यह महासंकल्प आने वाले समय में एक हरित क्रांति का आधार बनेगा और यह संदेश देगा कि जब एक संत संकल्प लेता है, तो वह केवल वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी बदल देता है।


माँ गंगा और धरती माँ को हरित अभिनंदन के साथ यह अवतरण दिवस सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के एक नए अध्याय का शुभारम्भ है।


पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सभी पूज्य संतों व दिव्य विभूतियों का परमार्थ निकेतन में अभिनन्दन करते हुए कहा कि यह जीवन पूज्य गुरुओं और माता-पिता के दिव्य आशीर्वाद का प्रतिफल है।


“पड़ा था सूना सितार दिल का, हुई अचानक यह जाग तुमसे।

जो जिन्दगी रोग बन गई थी, वह बन गई आज राग तुमसे।

यह मेरे जीवन की रागिनी क्या, मिला है मुझको यह राग तुमसे,

मिला है मुझको यह प्यार तुमसे।”


“मैं तो कब से तेरी शरण हूँ, मेरी ओर तो भी तो ध्यान दो।” प्रभु के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हुये कहा कि बस ये जीवन पूज्य महापुरूषों की कृपा से प्रभु की सेवा में लगा रहे, बस यही प्रभु से प्रार्थना है। पूज्य संतों का जो सान्निध्य आज हमें प्राप्त हुआ, यही जीवन का प्रसाद है। जीवन प्रेरणा बने, लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे, यही जीवन का सार है।


इस अवसर पर पूज्य मुरारी बापू, पूज्य भाईश्री, पूज्य श्रीश्री रविशंकर जी महाराज सहित अनेक पूज्य संतों, राजनेताओं एवं विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों ने दूरभाष एवं संदेशों के माध्यम से पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ अर्पित कीं।


इस पावन अवसर पर पूज्य संतों के उद्बोधन


योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा कि पूज्य स्वामी जी पूरी मानवता के मुकुटमणि हैं। पूज्य संतों के जीवन का अनुकरण ही हमारा जीवन है। भारत के सभी सर्वोच्च कोटि के महापुरुष, वर्तमान व पूर्व माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मंत्री, सांसद अथवा विभिन्न राष्ट्रों के राजदूत, सभी का अपार स्नेह पूज्य स्वामी जी के प्रति है। ऐसा कोई दिन नहीं होता, जिस दिन कोई वैश्विक विभूति परमार्थ निकेतन न आती हो। ऐसा अद्भुत व्यक्तित्व है पूज्य स्वामी जी महाराज का।


पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज ने कहा कि पूज्य स्वामी जी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रहरी के रूप में पूरे विश्व को जागृत किया और इस ज्ञान से पूरी मानवता को आलोकित कर रहे हैं। भारत के अमृतकाल में आपका 75वें वर्ष में प्रवेश वास्तव में अमृतकाल है। आपने पर्यावरण चेतना की जो अलख जगाई, वह वंदनीय है। उन्होंने कहा कि दस बेटों के बराबर एक बेटी है और सौ बेटों के बराबर एक पेड़ है, और वही पेड़ पूज्य स्वामी जी भेंटस्वरूप पूरी दुनिया को प्रदान करते हैं।


पूज्य दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा जी ने कहा कि जो अर्पित व समर्पित हो जाए, वही तो संत है। संत व्यक्ति या वस्त्र नहीं, वह तो एक स्वभाव है। संत के चरणों में समर्पित मन निर्मल हो जाता है। पूज्य स्वामी जी ने धरती की पीड़ा को हरने का कार्य किया। धरती ने पूज्य स्वामी जी को पुत्र के रूप में पुकारा कि आइए और मेरी चुनरी को हरा-भरा बना दीजिए। पूज्य स्वामी जी ने अपना पूरा जीवन इसी हेतु समर्पित कर दिया।


पूज्य स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जन्म मिलना और उसके पश्चात उसकी सार्थकता होना अत्यंत दुर्लभ है। हजारों में कोई विरला ही होता है जिसे इसका अनुभव होता है। ऐसे ही हमारे पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज हैं। उन्होंने अपने अहं को तप से गलाकर मानवता, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रचेतना और राष्ट्रप्रेम को समर्पित जीवन जिया है। गंगा जी की आरती के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रचेतना को जागृत किया तथा परमार्थ आश्रम को विराट स्वरूप प्रदान किया।


पूज्य महंत रविन्द्र पुरी जी महाराज ने कहा कि गुरु कुम्हार की तरह होते हैं, जो सहलाकर श्रेष्ठ शिष्यों को गढ़ते हैं। पूज्य स्वामी जी गुरु परम्पराओं के ऐसे ही दिव्य गुरु हैं, जिनका पूरा जीवन मानवता को समर्पित है। मैं पिछले 40 वर्षों से पूज्य स्वामी जी को जानता हूँ, परन्तु उन्होंने कभी अपने व्यक्तिगत जीवन पर भौतिकता की चकाचैंध या राजनीति का रंग नहीं चढ़ने दिया।


पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि आज से 30 वर्ष पूर्व जब मैं भारत आई और मुझे माँ गंगा तथा पूज्य स्वामी जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, तब पूज्य स्वामी जी ने मुझे तीन मंत्र दिए, सदैव प्रसन्न रहो, अपने समय और संसाधनों से मानवता की सेवा करो और सेवा का कोई भी अवसर मत चूको। आज यही मंत्र मैं आप सभी को दे रही हूँ।


पूज्य संत मुरलीधर जी महाराज ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि पूज्य स्वामी जी महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन में रहने का अवसर प्राप्त होता है। पूज्य संत हमारे आध्यात्मिक चिकित्सक हैं, जिनकी वाणी से करोड़ों-करोड़ों साधकों को युगों-युगों से आध्यात्मिक उपचार प्राप्त होता रहा है।


पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज ने कहा कि हरित क्रांति के जनक पूज्य स्वामी जी महाराज हैं। 3 जून को पूज्य स्वामी जी का जन्मदिवस और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, यह संगम भी अद्भुत है। वर्ष 1984 से लेकर आज तक पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने हरित क्रांति हेतु अद्भुत भूमिका निभाई है। एक दिन ऐसा आएगा जब आपकी हरित क्रांति को पूरा विश्व सराहेगा। पूज्य स्वामी जी ने चाहे कुंभ हो या कोई पर्व, न लिफाफा दिया, न लिफाफा लिया परन्तु हाँ पौधे सबको अवश्य दिए और पौधे ही आपकी पहचान है।


पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वरदास जी महाराज ने पूज्य स्वामी जी को अवतरण दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि कैलाश मानसरोवर पर भवन एवं अस्पताल का निर्माण भारत सरकार भी नहीं कर पाई, जो पूज्य स्वामी जी ने कर दिखाया। चाहे गंगा स्वच्छता का विषय हो या मानवता की सेवा, पूज्य स्वामी जी की भूमिका सदैव अग्रणी रही है।


राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष श्री जगदीश मित्तल जी ‘परमार्थी’ ने कहा कि चार वर्ष पूर्व मुझे पूज्य स्वामी जी महाराज के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैं यही भाव समर्पित करता हूँ “मैं शब्द, आप अर्थ और बाकी सब व्यर्थ।” पूज्य स्वामी जी के संरक्षण में पूरे देश में 5000 से अधिक कवियों का संगठन कार्य कर रहा है और इस संगठन पर उनकी विशेष कृपा है।


इस अवसर पर भारत सहित विश्व के अनेक देशों से पधारी विभूतियों, श्री आई. जी. अग्रवाल जी, श्री प्रवीण भाई, श्री प्रताप भाई, अनेक भक्तों, पूज्य संतों एवं श्रद्धालुओं ने पूज्य स्वामी जी महाराज को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित कीं।

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