Halloween party ideas 2015

 आज का राशिफल

 दिनांक 12 जनवरी 2026 

दिन सोमवार

rashifal today 12 jan 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार में लाभ होगा। निवेश शुभ रहेगा। संतान पक्ष से आरोग्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। हानि संभव है। भाइयों का साथ मिलेगा।



वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। परिवार व मित्रों के साथ समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। शारीरिक कष्ट संभव है, सावधान रहें। निवेश शुभ रहेगा। तीर्थयात्रा की योजना बन सकती है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। बजट बिगड़ेगा। दूर से शोक समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। किसी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। भागदौड़ रहेगी। बोलचाल में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। पुराना रोग उभर सकता है। व्यापार में अधिक ध्यान देना पड़ेगा। जोखिम न उठाएं।



कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कष्ट, भय, चिंता व तनाव का वातावरण बन सकता है। जीवनसाथी पर अधिक मेहरबान होंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में अनुकूलता रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। पारिवारिक प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यय होगा। मित्रों से मेलजोल बढ़ेगा। नए संपर्क बन सकते हैं। धनार्जन होगा।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

तरक्की के अवसर प्राप्त होंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ बाहर जाने की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के योग हैं। परिवार व स्नेहीजनों के साथ विवाद हो सकता है। शत्रुता में वृद्धि होगी। अज्ञात भय रहेगा। थकान महसूस होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

यात्रा सफल रहेगी। शारीरिक कष्ट हो सकता है। बेचैनी रहेगी। नई योजना बनेगी। लोगों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। काफी समय से अटके काम पूरे होने के योग हैं। भरपूर प्रयास करें। आय में मनोनुकूल वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेग

तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेने की स्थिति बन सकती है। पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। व्ययसाय लाभप्रद रहेगा। कार्य पर ध्यान दें।



वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कोई राजकीय बाधा हो सकती है। जल्दबाजी में कोई भी गलत कार्य न करें। विवाद से बचें। काफी समय से अटका हुआ पैसा मिलने का योग है, प्रयास करें। या‍त्रा लाभदायक रहेगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। वस्तुएं संभालकर रखें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

किसी की बातों में न आएं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। अचानक लाभ के योग हैं। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यापार में वृद्धि से संतुष्टि रहेगी। नौकरी में जवाबदारी बढ़ सकती है। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। उत्साह से काम कर पाएंगे।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

परिवार की आवश्यकताओं के लिए भागदौड़ तथा व्यय की अधिकता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। कार्य की गति धीमी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। निवेश करने का समय नहीं है। नौकरी में मातहतों से अनबन हो सकती है, धैर्य रखें।



कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शारीरिक कष्ट संभव है। व्यवसाय धीमा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की नाराजी झेलनी पड़ सकती है। परिवार में मनमुटाव हो सकता है। सुख के साधनों पर व्यय सोच-समझकर करें। निवेश करने से बचें। व्यापार ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

किसी अपरिचित की बातों में न आएं। धनहानि हो सकती है। थोड़े प्रयास से ही काम सफल रहेंगे। मित्रों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे।



कांग्रेस पार्टी मनरेगा के मूल स्वरूप को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है - मोहित उनियाल


"मनरेगा बचाओ संग्राम" अभियान के तहत परवादून जिला कांग्रेस द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमा के सामने,अंबेडकर पार्क,धार्मुचक में उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध दर्ज किया गया ।

जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा के मूल स्वरूप को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिससे गरीबों और मजदूरों को नुकसान होगा। डोईवाला क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तर की चौपाल और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।


उनियाल ने कहा की केंद्र सरकार ने मनरेगा के नाम को बदलकर "विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन" (VB-G RAM G) कर दिया है। इस बदलाव के साथ ही मनरेगा के मूल स्वरूप में भी बदलाव किया गया है, जिसका विरोध हो रहा है । मनरेगा के तहत रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए है मगर कानूनी गारंटी को खत्म कर दिया गया है। केंद्र और राज्यों के बीच निधि विभाजन का अनुपात 60:40 कर दिया गया है जो पहले 90:10 था। काम की अनुमति के लिए पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता होगी। बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था को कमजोर किया गया है। काम का दायरा सीमित कर दिया गया है, जिसमें जल संरक्षण, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से संबंधित परिसंपत्तियों और जलवायु लचीलेपन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा । कार्य केवल मोदी सरकार द्वारा चुने हुए गांव में ही किया जाएगा । अब कोई कानूनी गारंटी नहीं रहेगी।


डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा की 

मनरेगा के मूल स्वरूप को बदलने का विरोध हो रहा है, जिससे गरीबों और मजदूरों के अधिकारों को खतरा है।

नए बदलावों से ग्रामीण रोजगार का स्वरूप बदल जाएगा और यह नौकरशाही नियोजन पर निर्भर हो जाएगा बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था को कमजोर करने से मजदूरों को नुकसान होगा ।


पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा व कांग्रेस पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने कहा कि मनरेगा के मूल स्वरूप को बरकरार रखा जाए और इसमें कोई बदलाव न किया जाए। मनरेगा गरीबों और मजदूरों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है और इसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।


इस दौरान परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,

डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी,कांग्रेस पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नौटियाल,नगरपालिका सभासद गौरव मल्होत्रा,अमित सैनी,मोहित कप्रवान,इंद्रजीत सिंह लाड़ी,सुनील बर्मन,राहुल सैनी,हरि किशोर, संजीव कुमार,

रेखा कांडपाल सती,भारत भूषण कौशल,स्वतंत्र विष्ट,उमेद बोरा,जितेंद्र कुमार,शार्दूल नेगी, तेजपाल सिंह मोंटी,विनय मुरली,राहुल बहुगुणा,अमन बहुगुणा, वीरेंद्र कुमार पेगवाल,जावेद अली,रमेश सकलानी,वीर सिंह,मुकुल,कुणाल,निशांत,विशाल, हरविंदर सिंह,सतनाम सिंह,विपिन कुमार,करम सिंह,प्रेम सिंह,ईश्वर सिंह पाल व कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए ।

मौजूद रहे।



 *जनपद टिहरी:  अटाली गंगा के पास ट्रक हुआ दुर्घटनाग्रस्त, SDRF ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायलों को पहुंचाया अस्पताल।* 



दिनांक 11 जनवरी 2026 की रात्रि समय लगभग 21:15 बजे SDRF टीम को पुलिस चौकी ब्यासी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि अटाली गंगा के पास एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होकर लगभग 150 मीटर गहरी खाई में गिर गया है।


उक्त सूचना प्राप्त होते ही SDRF टीम पोस्ट ब्यासी से अपर उप निरीक्षक गब्बर सिंह के नेतृत्व में रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर पहुंचकर SDRF टीम द्वारा त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक (UK 08CA5698)  में 03 व्यक्ति सवार थे। टीम द्वारा विषम परिस्थितियों के चलते कड़ी मशक्कत कर तीनों व्यक्तियों को घायल अवस्था में स्ट्रेचर के माध्यम से खाई से बाहर निकालकर मुख्य मार्ग तक लाया गया। जिसके उपरान्त घायलों को 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से नजदीकी अस्पताल भेजा गया।


 *घायल व्यक्तियों का विवरण:-* 

1.अब्दुल रहमान पुत्र अकबर अली उम्र 29 वर्ष निवासी गदमेरपुर बहादराबाद हरिद्वार।

2. प्रवेज पुत्र मीर हसन उम्र 39 वर्ष, निवासी गदमेरपुर बहादराबाद हरिद्वार।

3.रिंकू उम्र 29 वर्ष,अफजरपुर हरिद्वार।

 डोईवाला:

mil ke raho, pahadwalo maidanwalo

https://youtu.be/g0qzOBtkcWk?si=jreZ6-QCWQrLPsNB

पहाड़ और मैदान के बीच की खाई को पाटने के प्रयास से संबंधित एक गीत"पहाड़ वालो मैदान वालो" का विमोचन डोईवाला के ब्लॉक सभागार में ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी एवं भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल द्वारा किया गया.


 सामाजिक कार्यकर्ता श्री वीरेंद्र वर्मा द्वारा कंपोज किया गया एवं लिखा गया हुआ यह गीत आज 11 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया, जिसमें उत्तराखंड की मिली जुली संस्कृति को एकजुट बनाए रखने का आह्वान किया गया।

गायक वीरेंद्र वर्मा बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे हैं आने को समय उन्होंने बहुत से रचनात्मक कार्यों को अंजाम दिया है समाज में नशे की आदतों को दूर करने हेतु और अन्य सामाजिक कार्यों में भी उनका बढ़ चढ़कर योगदान रहता है उन्होंने बताया कि कुछ समय से पहाड़ और मैदान वीडियो में उत्तराखंड में जो खींचतान बनी हुई है उसको देखते हुए उनके मन में यह विचार आया कि वह एक गीत लिखे और उसको जन जन तक पहुंचाएं। 

इसीलिये उन्होंने उत्तराखंड के वासियों हेतु इस प्रेरणादायक गीत को बनाया। उन्होंने विश्वास जताया है कि जनता उनके कार्यों की रहना करते हुए इस गीत से प्रेरणा प्राप्त करेगी साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि वह आनेवाले समय मे अन्य सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता गीत बनाते रहेंगे।

गीत के विमोचन में नगरपालिका अध्यक्ष नरेंद्र नेगी, अधिवक्ता सुशील वर्मा, पुर्व ब्लॉक प्रमुख नगीना रानी, प्रतिनिधि एवम कांग्रेसी नेता सागर मनवाल भी उपस्थित रहे।






 ऊधमसिंह नगर जनपद के काशीपुर निवासी एक किसान द्वारा हल्द्वानी में आत्महत्या किए जाने के गंभीर प्रकरण को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत द्वारा मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए हैं।

CM dhami instruction regarding suicide of farmer


 मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि इस दुखद घटना के सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने इस संबंध में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन और पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ से भी पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी ली है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने दिवंगत किसान के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

 

*पूज्य स्वामी जी व ऋषिकुमारों के साथ माघ मेला में स्नान, ध्यान, पूजा-अर्चना*

परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज, अध्यात्म व संस्कृति का अद्भुत संगम*

पूज्य स्वामी जी परमार्थ त्रिवेणी पुष्प व अरैल, संगम घाटों का किया निरिक्षण*

*नगरनिगम के अधिकारियों ने पूज्य स्वामी जी से की भेंटवार्ता-घाटों को और सुन्दर बनाने तथा काशीविश्वनाथ और अयोध्या की तरह प्रयागराज में श्रद्धालुओं को आकर्षित करने हेतु हुई चर्चा*

ऋषिकेश, 11 जवनरी:

magh fair prayagraj



प्रयागराज की पावन धरती पर स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, जहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम है। माघ मेला, भारत की शाश्वत आध्यात्मिक परंपरा, ऋषि-संस्कृति और लोक-आस्था का जीवंत प्रतीक है। शास्त्रों में माघ मास को “सर्वश्रेष्ठ मास” कहा गया है, जिसमें संगम स्नान को मोक्षदायी और पुण्यवर्धक माना गया है।

स्कंद पुराण, पद्म पुराण एवं मत्स्य पुराण में माघ स्नान की महिमा विस्तार से वर्णित है। शास्त्रों के अनुसार, माघ मास में संगम पर स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं, मन शुद्ध होता है और दिव्य चेतना का संचार होता है। यह स्नान केवल शरीर की स्वच्छता नहीं, बल्कि विचारों, संस्कारों और कर्मों की शुद्धि का प्रतीक है। माघ मेला हमें स्मरण कराता है कि भारतीय संस्कृति में तीर्थ केवल स्थल नहीं, बल्कि चेतना की यात्रा है।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में, ऋषिकुमारों, साधकों, संन्यासियों और श्रद्धालुओं ने संगम तट पर सामूहिक रूप से स्नान, ध्यान और पूजा-अर्चना का पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर पूज्य स्वामी जी ने कहा,“माघ मेला हमें आत्ममंथन का अवसर देता है। संगम में डुबकी लगाना तभी सार्थक है, जब हम अपने अहंकार, क्रोध, लोभ और आसक्ति को भी त्यागने का संकल्प लें।”

पूज्य स्वामी जी के साथ ऋषिकुमारों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अरैल घाट संगम तट पर गंगा जी की आरती कर आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया। माघ मेला हमें स्मरण कराता है कि जीवन की वास्तविक शुद्धि भीतर से आरंभ होती है।

ऋषिकुमारों ने गीता, उपनिषद और वेदों के मंत्रों का पाठ करते हुए युवाओं को यह संदेश दिया कि आधुनिक जीवन की दौड़ में भी अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जुड़ना अत्यंत आवश्यक है। माघ मेला नई पीढ़ी को संस्कृति, संयम और सेवा के मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा, “त्रिवेणी संगम हमें संदेश देता है कि जैसे तीन नदियाँ एक होकर बहती हैं, वैसे ही विचार, कर्म और भावना जब एक हो जाते हैं, तब मानव जीवन दिव्यता को प्राप्त करता है।”

माघ मेला केवल साधुओं और संतों का ही नहीं, बल्कि जन-जन का पर्व है। यहाँ सभी एक ही भाव से संगम में उतरते हैं। यह समरसता ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति है। माघ मेला हमें यह स्मरण कराता है कि भारत केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि एक जीवंत आध्यात्मिक चेतना है।

अयोध्या व बनारस के मध्य स्थित प्रयागराज सनातन संस्कृति का एक अद्वितीय एवं दिव्य तीर्थ स्थल है, जहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का पावन संगम भारतीय आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। माघ मेला के पावन अवसर पर परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में श्रद्धालुओं व तीर्थ यात्रियों को आकर्षित करने हेतु विविध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सेवा-आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।


यहाँ प्रतिदिन योग, ध्यान, सत्संग, भजन-संकीर्तन, गंगा आरती, वैदिक मंत्रोच्चारण, कथा-वाचन, संगम आरती तथा पर्यावरण जागरूकता से जुड़े विशेष सत्र आयोजित हो रहे हैं, जिनमें देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु भाग लेकर आध्यात्मिक शांति व ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं।


परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, साधना, सेवा और संस्कृति का जीवंत केंद्र बन गया है, जहाँ श्रद्धालु बाह्य यात्रा के साथ-साथ अंतर्यात्रा का भी अनुभव कर रहे हैं। प्रयागराज वास्तव में अध्यात्म, आस्था और भारतीय संस्कृति का दिव्य संगम है।

माघ मेला वास्तव में भारत की आत्मा का उत्सव है, जहाँ हर डुबकी, हर मंत्र और हर प्रार्थना हमें अपने वास्तविक स्वरूप की ओर ले जाती है।

 


बहादराबाद (11जनवरी 2026)



 अशोक सिंघल सेवा धाम वात्सल्य वाटिका में विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग, उत्तराखंड प्रांत द्वारा संचालित तीन दिवसीय संस्कारशाला आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन आज गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन सत्र में विश्व हिंदू परिषद उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश के संयुक्त क्षेत्र सेवा प्रमुख राधेश्याम द्विवेदी ने आचार्यों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में घर, विद्यालय एवं समाज में संस्कारों का क्षरण गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जब बालक, बालिकाएं अपने सांस्कृतिक मूल्यों एवं जीवन व्यवहार से कटने लगते हैं, तब वे दुष्प्रवृत्तियों के दुष्चक्र में फँस जाते हैं। ऐसे में बाल्यावस्था से ही संस्कारों का बीजारोपण कर ही सशक्त, समरस एवं राष्ट्रनिष्ठ समाज का निर्माण संभव है। संस्कारवान बालक एवं बालिकाएं ही भारत के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ हैं।


प्रयागराज से पधारी केंद्रीय टीम की सदस्य डॉ.अंबालिका मिश्रा ने संस्कारशालाओं से जुड़ी बहनों को प्रशिक्षण देकर उन्हें अपने दायित्वों के प्रति जागृत किया तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से संस्कार शिक्षा की उपयोगिता को रेखांकित किया। प्रांत सेवा प्रमुख अनिल भारतीय ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के सेवा, संस्कार और संस्कृति के मूल भाव को आत्मसात करते हुए वात्सल्य वाटिका द्वारा आगामी समय में 25 ग्रामों में प्रशिक्षित आचार्याओं के माध्यम से संस्कार शिक्षा, हिंदुत्व जागरण एवं महिला सशक्तिकरण का कार्य किया जाएगा। यह प्रयास समाज में व्यक्तित्व निर्माण, पारिवारिक समरसता एवं राष्ट्रबोध को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। 


प्रशिक्षण वर्ग का कुशल संयोजन वात्सल्य वाटिका के प्रबंधक प्रदीप मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर रवि जोशी, प्रमुख शिक्षिका मानसी भार्गव, प्रकल्प अधीक्षक अश्वनी शर्मा सहित वात्सल्य वाटिका के समस्त स्टाफ का उल्लेखनीय सहयोग रहा।



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