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 *मुख्यमंत्री ने की कुंभ मेला तैयारियों की समीक्षा*

*दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक होगा कुंभ मेला : मुख्यमंत्री*

*श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- जिसके लिए होंगे सभी जरूरी प्रबंध*


हरिद्वार;

CM review kumbh mela prep





मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरिद्वार में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में अगले वर्ष आयोजित होने वाला कुंभ मेला दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक होगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधा, सुगमता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस महाआयोजन की व्यवस्थाओं में कोई भी कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कुंभ मेले से संबंधित कार्य निर्धारित समय पर पूर्ण करने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें और लिए गए निर्णयों का अविलंब अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।


मेला नियंत्रण भवन, हरिद्वार में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई तथा वर्तमान में चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने मेले से संबंधित सभी कार्य आगामी अक्टूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले के लिए सभी प्रमुख स्थायी कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा अस्थायी कार्यों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर उन्हें भी समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। जोन एवं सेक्टर स्तर पर की जाने वाली तैयारियों को तय लक्ष्यों और समयसीमा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न करने के निर्देश दिए गए। निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग हेतु थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराने के निर्देश दिए गए।


मुख्यमंत्री ने मेले के दौरान परिवहन एवं पार्किंग की प्रभावी एवं पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन तथा स्नान की समुचित व्यवस्था की जाए। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्नान, आवागमन एवं ठहराव के लिए विस्तृत योजना तैयार की जाए। महिला एवं वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाने के भी निर्देश दिए गए।


कुंभ क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी लिया जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि बीमार श्रद्धालुओं को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए बोट एवं बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए साधु-संतों, अखाड़ों, जनप्रतिनिधियों तथा धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लिया जाए और उनके सुझावों को ध्यान में रखकर कार्य किए जाएं।


उन्होंने कुंभ मेले में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती पर जोर दिया। साथ ही साइबर सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था तथा रेस्क्यू कार्यों के लिए दक्ष कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।


स्थायी कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कुंभ क्षेत्र में निर्मित सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उनकी मरम्मत समय पर पूर्ण की जाए। गंगा नदी के घाटों के अनुरक्षण हेतु यदि गंग नहर के क्लोजर की आवश्यकता हो तो उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए। घाटों के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा रेलिंग तथा फिसलन-रोधी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण की जाएं। कुंभ प्रारंभ होने से पूर्व सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत कर लिया जाए।


कुंभ क्षेत्र में भूमि प्रबंधन एवं आवंटन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग मेलाधिकारी स्वयं करें तथा क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त रखा जाए।


बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल तथा पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी प्रतिभाग करते हुए उपयोगी सुझाव दिए। इस अवसर पर मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने बैठक में मेले से संबंधित स्वीकृत कार्यों की प्रगति की जानकारी दी तथा प्रस्तावित कार्यों एवं व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। बैठक में सचिव, शहरी विकास विभाग श्री नितेश कुमार झा; सचिव, लोक निर्माण विभाग श्री पंकज कुमार पाण्डे; आयुक्त, गढ़वाल मंडल श्री विनय शंकर पाण्डेय; सचिव, पेयजल श्री रणवीर सिंह चौहान; सचिव, सिंचाई श्री युगल किशोर पंत; सचिव, पर्यटन श्री धीराज गर्ब्याल; अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए.पी. अंशुमान; तथा उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल की डीआरएम श्रीमती विनीता श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।


बैठक में मेयर हरिद्वार श्रीमती किरन जैसल, मेयर रुड़की श्रीमती अनीता अग्रवाल, मेयर ऋषिकेश श्री शंभू पासवान; विधायक रानीपुर श्री आदेश चौहान, विधायक रुड़की श्री प्रदीप बत्रा, विधायक हरिद्वार ग्रामीण श्रीमती अनुपमा रावत, विधायक ज्वालापुर श्री रवि बहादुर; दायित्वधारी श्री अजीत चौधरी, श्री जयपाल सिंह चौहान, श्री देशराज कर्णवाल, श्री शोभाराम प्रजापति; पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद; जिलाध्यक्ष भाजपा हरिद्वार श्री आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु; पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप; सचिव श्री सी. रविशंकर, श्री आनंद स्वरूप; जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर; मुख्य विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्रा; अपर जिलाधिकारी श्री पी.आर. चौहान; अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।


*स्वच्छ देहरादून, सशक्त महिलाएंः नगर निगम की पहल से बदली तस्वीर,*

*देहरादून निगम के 100 में से 57 वार्डो में महिला समूह को सौंपी गई कमान*

*समयद्व शुल्क संग्रहण से बढ़ा राजस्व, व्यवस्था में आया सुधार- आयुक्त नमामि बंसल*


*देहरादून 21 फरवरी,2026:

63 lakh collected by nagar nigam ddun by wastage


राजधानी देहरादून में स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्र में एक अभिनव पहल ने सफलता की नई मिसाल प्रस्तुत की है। नगर निगम देहरादून द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से संचालित घर-घर कूड़ा संग्रहण शुल्क अभियान ने न केवल सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।


नगर निगम ने शहर के 100 वार्डों में से 57 वार्डों में कूड़ा शुल्क संग्रहण की जिम्मेदारी महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी है। इन समूहों द्वारा त्रैमासिक (प्रत्येक तीन माह) आधार पर घर-घर जाकर निर्धारित शुल्क का संग्रहण किया जा रहा है। अभियान के प्रारंभिक चरण में ही जुलाई, अगस्त और सितंबर माह के दौरान 63 लाख रुपये से अधिक की राजस्व प्राप्ति दर्ज की गई है।


इस पहल की विशेषता यह है कि कुल प्राप्त मुनाफे का 25 प्रतिशत भाग सीधे संबंधित महिला समूहों को प्रदान किया जा रहा है। इससे महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत मिला है तथा वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह व्यवस्था न केवल पारदर्शी और व्यवस्थित है, बल्कि इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली में भी सुधार आया है।


महिला समूहों द्वारा शुल्क संग्रहण के साथ-साथ नागरिकों से फीडबैक भी लिया जा रहा है, जिससे सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाया जा रहा है। इस समन्वित प्रयास से शहर की स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।


वार्ड संख्या 64, नेहरूग्राम की समूह सदस्य सीमा बिष्ट ने इस पहल के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं नगर निगम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उनके जैसी अनेक महिलाओं को रोजगार का सशक्त अवसर प्राप्त हुआ है।


नगर निगम आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से संबद्ध महिला समूहों को कूड़ा उठान शुल्क संग्रहण का दायित्व सौंपा गया है। समूहों द्वारा निर्धारित समय में प्रभावी शुल्क संग्रहण कर निगम को उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे राजस्व में वृद्धि के साथ कार्य प्रणाली में भी सुधार हुआ है।


सहायक नगर आयुक्त राजवीर सिंह चौहान ने जानकारी दी कि त्रैमासिक प्रणाली के तहत तीन माह का शुल्क एकमुश्त संग्रहित किया जा रहा है। अब तक 63 लाख रुपये की प्राप्ति हो चुकी है, जिसमें से 25 प्रतिशत राशि महिला समूहों को प्रदान की जाएगी।


यह अभिनव मॉडल स्वच्छता, पारदर्शिता और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। इस पहल ने न केवल देहरादून को अधिक स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाने में योगदान दिया है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त आधार भी प्रदान किया है।



 सीएम के निर्देशानुसार सरकारी विद्यालयों में डिजिटल एजुकेशन की दिशा में जिला प्रशासन के कदम तेज,880 एलईडी टीवी का स्टॉक हुआ तैयार



निजी स्कूलों की भांति अब हर कक्षा में एलईडी स्क्रीन अपने सरकारी विद्या के मंदिर; जिला प्रशासन का दस्ता प्री डिस्पैच निरीक्षण हेतु एसीईआर फैक्टरी पांडूचेरी को हुआ रवाना 


जिले का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्टः सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास हेतु 880 स्मार्ट टीवी होगी वास्तविकता 


बिड डाक्यूमेंट विशिष्टताएं, विश्लेषण; प्री बिड मीटींग पर महीनों मेहनत पश्चात सफल हुुआ प्रोजेक्ट


सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा लिए मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में स्मार्ट टीवी गुणवत्ता सुनश्चित करेगी प्री-डिस्पेच इन्सपैक्शन टीम 


देहरादून दिनांक 21 फरवरी 2026, (सूवि), मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन, देहरादून द्वारा विद्यालयी शिक्षा को आधुनिक, तकनीकी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनपद के सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास सुविधा विकसित करने के उद्देश्य से कुल 880 स्मार्ट टीवी क्रय किए गए हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल, इंटरएक्टिव एवं दृश्य-आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे जिले के अपने सरकारी विद्यालय भी निजी विद्वालयों की भांति आधुनिक शिक्षा से जुड़ेगें। जिला प्रशासन द्वारा जिले में पिछले ढेड वर्ष से सरकारी विद्यालयों को प्रोजेक्ट ‘‘उत्कर्ष’’ के तहत सुविधा सम्पन्न बनाया जा रहा है। सभी विद्यालयों को फर्नीचरयुक्त कर दिया है तथा विद्यालयों में खेल अवस्थापना सुविधा, शौचालय, विद्युत, पेयजल, मंकीनेट, लाईब्रेरी आदि समुचित व्यवस्थाएं की गई है। 

जिलाधिकारी सविन बसंल  के निर्देशानुसार क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-डिस्पेच इंस्पेक्शन (पीडीआई) कराया जाएगा। इसके अंतर्गत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी स्वयं कंपनी के विनिर्माण स्थल पर जाकर उपकरणों का भौतिक निरीक्षण करेंगे।

इस क्रम में संबंधित अधिकारीगण कंपनी के प्रतिष्ठान, पांडिचेरी में स्मार्ट टीवी की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रावधानों तथा निर्धारित विनिर्देशों के अनुरूपता की विस्तृत जांच करेंगे। निरीक्षण में संतोषजनक पाए जाने के पश्चात ही सामग्री को जनपद में भेजने की अनुमति प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालयों को उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण प्राप्त हों और सार्वजनिक धन का उपयोग पारदर्शी एवं जवाबदेही के साथ किया जाए। जिला प्रशासन के इस प्रयासों से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल सामग्री से सीखने का अवसर मिलेगा, शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक, प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनेगी, शिक्षकों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाने में सुविधा होगी, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालय भी तकनीकी रूप से सशक्त होंगे, जिला प्रशासन, देहरादून शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। स्मार्ट क्लास परियोजना से जनपद के हजारों विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ प्राप्त होगा तथा भविष्य की डिजिटल शिक्षा प्रणाली के लिए मजबूत आधार तैयार होगा। उपकरणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-डिस्पेच इंस्पेक्शन (पीडीआई) कराया जाएगा। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी कंपनी के विनिर्माण स्थल, पांडिचेरी में जाकर स्मार्ट टीवी की तकनीकी मानकों एवं विनिर्देशों के अनुरूपता की जांच करेंगे। निरीक्षण के उपरांत संतोषजनक पाए जाने पर ही सामग्री जनपद में भेजी जाएगी। इस पहल से सरकारी विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं आधुनिक बनेगी तथा विद्यार्थियों को उन्नत शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा।

 5 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 45 दिन तक चला अभियान 

681 शिविरों के जरिए हुआ 33 हजार जन समस्याओं का समाधान 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चला ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान 45 दिन की अवधि के बाद शुक्रवार को अभूतपूर्व रिकॉर्ड के साथ सम्पन्न हो गया है। इस अभियान के दौरान 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें पांच लाख से अधिक लोगों ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी निभाई, यही नहीं इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि प्रशासन खुद लोगों के पास पहुंच कर उनकी शिकायतों का निस्तारण करे। मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए दिसंबर माह से सरकार ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया। जिसके तहत शुक्रवार 20 फरवरी तक, लगातार 45 दिन, प्रदेशभर में शिविर आयोजित किए गए। इसी क्रम में शुक्रवार को अभियान सम्पन्न होने तक प्रदेश भर में कुल 681 कैंपों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भाग लेकर विभिन्न सेवाओं का लाभ लिया, साथ ही अपनी समस्याएं भी दर्ज कराई। अकेले शुक्रवार को ही इस क्रम में 11 कैम्प आयोजित किए गए, जिसमें 8209 नागरिकों ने प्रतिभाग लिया। 


33 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण 

अभियान के तहत प्रदेश भर में 51053 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिसमें से 33755 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इन शिविर के जरिए, विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों के लिए 74184 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित गति से कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त करीब तीन लाख लोगों ने विभिन्न सेवाओं का भी लाभ लिया। यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। 


लोगों को बिना किसी भागदौड़ के सरकारी सेवाएं मिली, यही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी क्रम में 45 दिन की अवधि के लिए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा है। यह विशेष अभियान भले ही सम्पन्न हो गया हो, लेकिन प्रशासन लगातार जनता के सम्पर्क में बना रहेगा, अधिकारियों का आगे भी लगातार आगे बढ़कर जन शिकायतों का त्वरित समाधान करने को कहा गया है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड


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पौड़ी:


*जनपद मुख्यालय में बजट पूर्व संवाद: संवाद

*जनसहभागिता से तैयार होगा जनता का बजट, रांसी में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में व्यापक मंथन*

*पर्वतीय विकास, रोजगार और आधारभूत संरचना पर केंद्रित रहा बजट पूर्व संवाद*


*पौड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल, जनसहभागिता से आकार लेगा भविष्य का बजट



जनपद पौड़ी गढ़वाल के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंडल मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री का जोर शोर से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए जनप्रतिनिधियों, कृषकों, उद्यमियों, व्यापारियों, महिला समूहों, पर्यटन व्यवसायियों, मत्स्य पालकों, कृषि वैज्ञानिकों, स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों ने सहभागिता करते हुए आगामी बजट के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा जनहितकारी बजट तैयार करना है, जो प्रदेश की जमीनी आवश्यकताओं, क्षेत्रीय विशेषताओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण का रोडमैप है, जिसमें प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।


उन्होंने इस संवाद में शामिल होकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव देने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि समाज के प्रत्येक वर्ग जैसे पर्यटन व्यवसायियों, व्यापारियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों और उद्यमियों की अपेक्षाएं और आवश्यकताएं बजट में समुचित रूप से परिलक्षित हों। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान अनेक व्यावहारिक और दूरदर्शी सुझाव प्राप्त हुए हैं, जो राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के निर्माण का रोडमैप होता है। उन्होंने कहा कि बजट निर्माण की प्रक्रिया को पारदर्शी, सहभागी और जनोन्मुखी बनाने का संकल्प लिया है। सीमांत क्षेत्रों सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर संवाद कर सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है और व्यापार, उद्योग, पर्यटन, कृषि एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य में होमस्टे, स्वरोजगार और निवेश के नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिला है। सरकार का लक्ष्य किसानों को उद्यमी के रूप में विकसित करना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट पूर्व संवाद के दौरान प्राप्त सभी सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर उन्हें आगामी बजट और नीतिगत निर्णयों में यथासंभव शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बजट प्रस्तुत करना है, जो आकार में व्यापक, प्रभाव में ठोस और पूरी तरह जनहित पर केंद्रित हो, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके।


मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश ने वित्तीय अनुशासन और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता से तैयार होने वाला यह बजट राज्य की विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करते हुए समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


संवाद के दौरान ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अनुदान में वृद्धि, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था सुदृढ़ करने, सीवर लाइन एवं शौचालय निर्माण, पंचायतों को सशक्त बनाने, बंजर भूमि के उत्पादक उपयोग तथा ग्राम स्तर पर सोलर प्लांट संचालन जैसे सुझाव प्राप्त हुए। शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निकायों के संसाधन बढ़ाने, सोलर सिटी की अवधारणा को बढ़ावा देने, पार्किंग व सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा शहरी आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया गया।


कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में पर्वतीय कृषि को प्रोत्साहन, बागवानी एवं उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु प्रभावी उपाय, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, कोल्ड स्टोरेज एवं क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा देने के सुझाव सामने आए। कृषकों के तकनीकी प्रशिक्षण, जिला स्तर पर प्रसंस्करण केंद्रों की स्थापना तथा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ विकसित करने पर भी जोर दिया गया।


उद्योग एवं एमएसएमई क्षेत्र में पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग स्थापना हेतु पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज अनुदान, मशीनरी पर विशेष छूट, सेवा क्षेत्र आधारित उद्योगों को बढ़ावा तथा स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन की मांग रखी गई। आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से सीधे जोड़ने, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें और पलायन रुके, इस पर भी सुझाव दिए गए।


महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने तथा स्थानीय सेवाओं में महिलाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई। गौशालाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने, जैविक खाद उत्पादन को प्रोत्साहन देने तथा मत्स्य पालन के लिए आधुनिक तकनीकों एवं बायोफ्लॉक टैंकों को बढ़ावा देने के सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।


पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे के लिए रियायती ऋण सुविधा, हैली सेवा का विस्तार, वैकल्पिक मार्गों का निर्माण, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास, संस्कृत ग्रामों एवं सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटक ग्राम के रूप में विकसित करने, नेचर एवं एग्री-टूरिज्म को बढ़ावा देने तथा स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता बताई गई।


ऊर्जा क्षेत्र में ऊर्जा नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने, कृषि एवं उद्योग आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहन देने हेतु कर एवं शुल्क में राहत तथा ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के सुझाव भी प्राप्त हुए।


बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि जनसहभागिता के आधार पर तैयार होने वाला बजट ही प्रदेश के समग्र विकास की नींव बनेगा। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्यटन, कृषि, लघु उद्योग एवं आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आगामी बजट जनअपेक्षाओं के अनुरूप होगा और पौड़ी सहित पूरे प्रदेश के संतुलित विकास को नई दिशा देगा।


वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने सभी होमस्टे संचालकों, एमएसएमई उद्यमियों, लखपति दीदियों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस संवाद का उद्देश्य आगामी बजट को जनभावनाओं, स्थानीय आवश्यकताओं और विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप दिशा देना है, ताकि वित्तीय संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करते हुए अधिकतम जनकल्याण सुनिश्चित किया जा सके। राज्य में आधारभूत संरचना, पर्यटन, कनेक्टिविटी, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक प्रगति हो रही है, जिससे विकास की नई संभावनाएं साकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक रुपया पारदर्शिता के साथ सही व्यक्ति तक पहुंचे और उसका अधिकतम जनहित में उपयोग हो। बजट पूर्व संवाद इसी सहभागी सोच का महत्वपूर्ण माध्यम है। आप सभी से अपेक्षा है कि अपने संक्षिप्त, व्यवहारिक एवं दूरदर्शी सुझाव प्रस्तुत कर आगामी बजट को और अधिक जनोन्मुखी, प्रभावी एवं विकासोन्मुख बनाने में सक्रिय योगदान दें।


जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सभी जनप्रतिनिधियों, हितधारकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवाद से जनता की सहभागिता और विश्वास और अधिक सुदृढ़ होता है। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझाव प्रदेश के संतुलित, समावेशी एवं सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होंगे।


बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कृषि, उद्योग, व्यापार, पंचायत, शहरी विकास आदि से जुड़े 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। जिला पंचायत पौड़ी की अध्यक्षा रचना बुटोला, मेयर नगर निगम श्रीनगर आरती भंडारी, ऋषिकेश शंभू पासवान, कोटद्वार शैलेन्द्र रावत, रुड़की अनीता देवी अग्रवाल, नगर पालिकाध्यक्ष पौड़ी हिमानी नेगी, आयुक्त गढ़वाल/सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे, पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र सिंह रावत, आयुक्त ग्राम विकास अनुराधा पाल, अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ गहरवार, अभिषेक रोहिला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, अपर ज़िलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषक, उद्यमी, जनप्रतिनिधि तथा हितधारक मौजूद रहे। 

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लालतप्पड़ -



 दून–हरिद्वार हाईवे पर लालतप्पड़ औद्योगिक क्षेत्र इन दिनों नियमों की नहीं, बल्कि लापरवाही की मिसाल बना हुआ है। सड़क किनारे अवैध पार्किंग का ऐसा नजारा है मानो हाईवे नहीं, किसी निजी कंपनी का पार्किंग यार्ड हो।

फुटपाथ गायब, आधा हाईवे कब्जे में

लालतप्पड़ चौक से लेकर फनवैली के पास तक सैकड़ों ट्रक और मालवाहक वाहन आड़े-तिरछे खड़े हैं। फुटपाथ तो पहले ही गायब हो चुके हैं, अब आधा हाईवे भी पार्किंग के हवाले है। राहगीर जान जोखिम में डालकर सड़क के बीच से निकलने को मजबूर हैं।

कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के वाहन हों या माल ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्टरों के ट्रक सबका ठिकाना हाईवे ही है। लोडिंग अनलोडिंग के दौरान जाम लगना आम बात हो गई है। सवाल यह है कि जब कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं तो पार्किंग की जिम्मेदारी सड़क पर क्यों डाली जा रही है?

पूर्व में इसी लापरवाही के चलते दुर्घटना हो चुकी है। लेकिन पुलिस, परिवहन विभाग और हाईवे प्राधिकरण की सक्रियता कागजों तक सीमित नजर आती है। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

जिम्मेदारी किसकी?

जब हाईवे खुलेआम ‘ओपन पार्किंग जोन’ में बदल जाए, जब हर दिन जाम और दुर्घटना का खतरा मंडराए, तब यह कहना गलत नहीं होगा कि सिस्टम ने आंखें मूंद ली हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा होना तय है और तब जिम्मेदारी तय करने की कवायद शुरू होगी। सवाल वही है क्या कार्रवाई हादसे के बाद ही होगी?


आज का राशिफ़ल

दिनाँक 21 फरवरी,2026

दिन शुक्रवार

rashifal today, 20 feb 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

कोर्ट-कचहरी में अनुकूलता रहेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। झंझटों में न पड़ें। उधार दिया धन मिलने से राहत हो सकती है। जीवनसाथी का सहयोग उलझे मामले सुलझाने में सहायक हो सकेगा। वाहन सावधानी से चलाएँ।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

चोट, चोरी व विवाद से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से हानि होगी। अपने काम से काम रखें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएँगे।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

राजकीय बाधा दूर होकर लाभ होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। क्रोध पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। रुके हुए काम समय पर पूरे होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार की समस्याओं का समाधान हो सकेगा। व्यापार में नई योजनाएँ बनेंगी। व्यापार अच्छा चलेगा।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

भूमि व भवन संबंधी कार्य लाभ देंगे। रोजगार मिलेगा। शत्रु भय रहेगा। निवेश व नौकरी लाभ देंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। कार्य के विस्तार की योजनाएँ बनेंगी। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। लाभदायक समाचार मिलेंगे।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवाद न करें। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। शोक समाचार मिल सकता है। थकान महसूस होगी। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।

राशि फलादेश

तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

रोमांस में समय बीतेगा। मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएँ रखें। धनार्जन होगा।

वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

अतिथियों का आवागमन रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बना रहेगा। नई योजनाओं की शुरुआत होगी। संतान की प्रगति संभव है। भूमि व संपत्ति संबंधी कार्य होंगे। पूर्व कर्म फलीभूत होंगे। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जोखिम न लें। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। सत्कार्य में रुचि बढ़ेगी। प्रियजनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक चिंताएँ दूर होंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्ययवृद्धि होगी। तनाव रहेगा। अपरिचितों पर विश्वास न करें। प्रयास में आलस्य व विलंब नहीं करना चाहिए। रुके हुए काम समय पर होने की संभावना है। विरोधी परास्त होंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। धैर्य एवं संयम बना रहेगा।

कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

दिन प्रेमभरा गुजरेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रुका हुआ धन मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। प्रियजनों से पूरी मदद मिलेगी। धन प्राप्ति के योग हैं। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएँगे। संतान के कार्यों में उन्नति के योग हैं।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखें। कार्यक्षमता एवं कार्यकुशलता बढ़ेगी। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा

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