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  विकास यात्रा और भविष्य के विजन को किया साझा* 

 *देश-विदेश में बसे उत्तराखंडवासियों से विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में निरंतर सहयोग का किया आह्वान।* 

CM dhami mumbai


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुंबई में आयोजित प्रवासी उत्तराखंडवासियों के भव्य सम्मेलन में प्रदेश और देश-विदेश में बसे उत्तराखंड मूल के लोगों के साथ आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यसेवक के रूप में पिछले पाँच वर्षों की विकास यात्रा, जनसेवा के संकल्प तथा विकसित उत्तराखंड के विजन को साझा करते हुए प्रवासी समाज को राज्य के विकास का महत्वपूर्ण भागीदार बताया।



मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक राजधानी मुंबई में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को जीवंत बनाए रखने वाले प्रवासी उत्तराखंडवासियों के बीच उपस्थित होकर उन्हें विशेष आत्मीयता और गर्व की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरी चाहे कितनी भी हो, उत्तराखंड और उसके प्रवासी परिवारों के बीच भावनात्मक संबंध सदैव अटूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडवासी अपनी मेहनत, संस्कार, उपलब्धियों और उत्कृष्ट कार्यों के माध्यम से देश-दुनिया में राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं तथा वे वास्तव में उत्तराखंड के सांस्कृतिक दूत और सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के प्रति प्रवासी समाज का स्नेह, समर्पण और जुड़ाव राज्य की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभूमि से यह भावनात्मक संबंध नई पीढ़ी को भी उत्तराखंड की संस्कृति, लोक परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़े रखने का कार्य कर रहा है। उन्होंने इस अवसर पर सभी प्रवासी संगठनों और उपस्थित उत्तराखंडवासियों का आभार व्यक्त किया।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रवासी उत्तराखंडवासियों की प्रतिभा, अनुभव और विशेषज्ञता को उत्तराखंड के विकास से जोड़ने के उद्देश्य से प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन किया है। इसके माध्यम से देश-विदेश में रहने वाले उत्तराखंडवासी राज्य की विकास योजनाओं, निवेश, नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रवासी समाज के सुझावों और अनुभवों को विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार मानती है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के दौरान भी प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने सदैव आगे बढ़कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के आह्वान पर अब तक देश-विदेश में रह रहे 27 प्रवासियों ने उत्तराखंड के 29 गांवों को गोद लिया है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सकारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से मुंबई में रहने वाली प्रख्यात अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी द्वारा अपने पैतृक गांव को गोद लेने के निर्णय की सराहना करते हुए इसे मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण बताया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और देवभूमि के देवी-देवताओं के आशीर्वाद से उत्तराखंड आज विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी, पर्यटन, कनेक्टिविटी, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण सहित सभी क्षेत्रों में योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि एक जनपद-दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, होम-स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड, लखपति दीदी, सौर स्वरोजगार योजना सहित अनेक पहलों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में 'अचीवर्स' तथा स्टार्टअप रैंकिंग में 'लीडर्स' श्रेणी में स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है तथा जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजनों ने उत्तराखंड की वैश्विक पहचान को नई मजबूती प्रदान की है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से राज्य को 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में निरंतर वृद्धि हुई है, प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है तथा उद्योगों और स्टार्टअप्स की संख्या में भी निरंतर विस्तार हुआ है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन आधारित नीतियों के सकारात्मक परिणामस्वरूप प्रदेश में होटल और होम-स्टे की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा रिवर्स पलायन को भी नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी रोजगार के लिए गांव छोड़ने को विवश थे, वे अब नए अवसरों के साथ अपनी मातृभूमि लौट रहे हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक मूल्यों और जनसांख्यिकीय संतुलन के संरक्षण के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के माध्यम से सुशासन को और अधिक मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है जहां पहाड़ का पानी और जवानी प्रदेश के विकास में ही योगदान दें तथा किसी भी युवा को मजबूरी में पलायन न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर गांव, आधुनिक सुविधाएं, बेहतर शिक्षा, रोजगार और मजबूत आधारभूत संरचना के माध्यम से उत्तराखंड को देश का अग्रणी और विकसित राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने देश-विदेश में बसे सभी प्रवासी उत्तराखंडवासियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, अनुभव, निवेश, नवाचार और सामाजिक योगदान के माध्यम से उत्तराखंड के विकास में इसी प्रकार सक्रिय भागीदारी निभाते रहें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और प्रवासी समाज के साझा प्रयासों से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने का संकल्प अवश्य साकार होगा।



इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आत्मीय स्वागत करते हुए राज्य सरकार की विकास यात्रा, जनहितकारी निर्णयों तथा उत्तराखंड को नई पहचान दिलाने के प्रयासों पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी राज्य के विकास और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प दोहराया।



इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखंड संगठनों के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, उद्योग जगत से जुड़े प्रवासी उत्तराखंडवासी तथा बड़ी संख्या में मुंबई एवं आसपास के क्षेत्रों में निवासरत प्रवासी उत्तराखंडवासी उपस्थित रहे।

 *उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के चयन ट्रायल 14 जुलाई से : रेखा आर्या* 

*देहरादून, :



मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के चयन ट्रायल की तिथियां तय कर दी गई हैं।


 खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।


रेखा आर्या ने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के चयन ट्रायल 14 जुलाई से शुरू होंगे। चयन प्रक्रिया ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, वार्ड, विकासखंड और जनपद स्तर पर चरणबद्ध ढंग से आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी तथा प्रत्येक पात्र खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर मिलेगा। 


उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के चयन ट्रायल 1 अगस्त से शुरू होंगे। दोनों योजनाओं के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें। 


खेल मंत्री ने प्रदेश के सभी पात्र खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों से अपील की कि वे समय पर पंजीकरण कर निर्धारित तिथियों पर ट्रायल में भाग लें। उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चयन प्रक्रिया का सफल, पारदर्शी और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी खिलाड़ी को असुविधा न हो। सरकार का लक्ष्य खेलों को जन-जन तक पहुंचाना यक्षऔर उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है। 


*जानिए किस योजना में क्या मिलेगी सुविधा?*

मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना (8 से 14 वर्ष): इसके तहत प्रत्येक जनपद से 150-150 बालक एवं बालिकाओं का चयन किया जाएगा, जिन्हें ₹1500 प्रति माह छात्रवृत्ति दी जाएगी।  

मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना (14 से 23 वर्ष): इसके तहत प्रत्येक जनपद से 100-100 बालक एवं बालिकाओं को चुना जाएगा, जिन्हें ₹2000 प्रति माह छात्रवृत्ति और खेल उपकरण खरीदने के लिए ₹10,000 प्रति वर्ष अलग से दिए जाएंगे।


 *बूथ स्तर तक प्रकोष्ठ का गठन कर, सम्पूर्ण ऊर्जा और समर्पण से चुनावी तैयारियों में जुटे: भट्ट* 


काशीपुर/देहरादून :




 भाजपा अपने संगठन प्रकोष्ठों के माध्यम से 10 हजार से अधिक कार्यकर्ता, 27 के चुनावों के लिए उतारने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने महत्वपूर्ण बैठक में प्रकोष्ठों की विशेष भूमिका को रेखांकित करते हुए, शीघ्र मंडल बूथ स्तर मजबूत टीम गठन के निर्देश दिए हैं। जो सरकार के विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को नीचे तक लेकर जायेंगे और जनता का आशीर्वाद जीतने के प्रयास में सहभागी बनेंगे।


पार्टी के प्रदेश एवं जिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आज काशीपुर जिला कार्यालय में  आयोजित की गई। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्री भट्ट ने मुख्य वक्ता के रूप में मार्गदर्शन देते हुए प्रकोष्ठों की भूमिका पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

इस दौरान प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी कौस्तुभानंद जोशी, जिला अध्यक्ष मनोज पाल, जिला प्रभारी पुष्कर काला, सह प्रभारी भारत भूषण चुग, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली सहित प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में व्यवसायिक, व्यापार, आर्थिक, सहकारिता एवं खेलकूद प्रकोष्ठों के प्रदेश एवं जिला संयोजक तथा सह संयोजकों ने भी सहभागिता की।


अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रकोष्ठ संगठन की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। जो केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं का नहीं, बल्कि समाज के प्रबुद्ध, विषय विशेषज्ञ एवं विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव रखने वाले व्यक्तियों का संगठन है। उन्होंने सभी प्रकोष्ठों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संगठन की नीतियों, विचारधारा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकोष्ठ को बूथ स्तर तक सक्रिय होकर संगठन को मजबूत बनाने, नए लोगों को पार्टी से जोड़ने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में प्रभावी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अभी से पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।



कार्यशाला में प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी श्री कौस्तुभानंद जोशी ने प्रदेश नेतृत्व को विश्वास दिलाया कि संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में विभिन्न प्रकोष्ठों के माध्यम से 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को दायित्व देकर सक्रिय रूप से कार्य में लगाया जा रहा है। जिसके लिए चार चरणों में आयोजित होने वाली प्रकोष्ठ कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण बैठकों के माध्यम से प्रत्येक प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा उनकी जिम्मेदारियां निर्धारित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को संगठनात्मक एवं चुनावी दृष्टि से पूरी तरह तैयार करना है।

इसी क्रम में काशीपुर के बाद शीघ्र ही रुद्रपुर, देहरादून और हरिद्वार में भी प्रकोष्ठ कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की नीतियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की विजय सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।


कार्यशाला का समापन संगठन को और अधिक सशक्त बनाते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की विजय सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ हुआ।



 

Rashifal

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कुसंगति व जल्दबाजी से बचें। विवेक से कार्य करें, लाभ होगा। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। जीवनसाथी से आर्थिक मतभेद हो सकते हैं। खर्च की अधिकता से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कोर्ट व कचहरी के कार्यों में अनुकूलता रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। आर्थिक साधनों में बढ़ोतरी होगी। सामाजिक कार्यों में सीमित रहना चाहिए। समय का सदुपयोग होगा। परिवार में सुख-शांति रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। बेरोजगारी दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। प्रवास में सावधानी रखें। विरोधियों एवं शत्रुओं के कारण अशांति होगी। नवीन कार्ययोजना की बातचीत में सफलता मिलने के संयोग बनेंगे।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवाद न करें। व्यापार में स्वयं के निर्णय से काम कर पाएंगे। स्थायी संपत्ति क्रय करने में जल्दबाजी न करें। साहस, पराक्रम में वृद्धि होगी। अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

मेहनत अधिक होगी। बुरी खबर मिल सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। व्यापार, नौकरी में स्थिति मध्यम रहेगी। बुद्धि, विवेक से कार्य करने पर विघ्न-बाधाएं दूर हो सकेंगी। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय में गति आएगी। आर्थिक समस्याओं का निराकरण संभव है। व्यापार, कारोबार में नई जवाबदारी बढ़ेगी। धर्म में रुचि रहेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छे समाचार मिलेंगे। विवाद से बचें। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। परिवार में शांति का अनुभव होगा। व्यापार-व्यवसाय में अनुकूल अवसर प्राप्त होंगे। कानूनी कार्रवाई, कोर्ट-कचहरी के मामलों से दूर रहना चाहिए।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। धनार्जन होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। प्रसिद्ध व्यक्ति से मेलजोल बढ़ेगा। मकान, वाहन के क्रय-विक्रय की चर्चा संभव है। संतान की प्रगति से मन प्रसन्न रहेगा। रुका पैसा प्राप्त होगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

अप्रत्याशित खर्च होंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। वस्तुएं संभालकर रखें। आर्थिक स्थिति से ऋण की समस्या उभरेगी। चापलूसों से सावधान रहें। लेन-देन में सावधानी रखें। अनिर्णय की परिस्थिति से दूर रहना चाहिए।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। बकाया वसूली होगी। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। भौतिक सुख-साधनों की प्राप्ति होगी। व्यापार में नई योजनाओं का श्रीगणेश संभव है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कार्यस्थल पर सुधार होगा। नए अनुबंध हो सकते हैं। योजना फलीभूत होगी। धनार्जन होगा। आर्थिक क्षेत्र में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। समाज, परिवार में आपकी सलाह को महत्व मिलेगा। अध्ययन में रुचि बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन में मतभेद खत्म होंगे।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। धनार्जन होगा। प्रमाद न करें। अपनी भावनाओं को संयमित रखकर कार्य करें। भागीदारी के कार्यों में आपके द्वारा लिए गए निर्णयों से लाभ होगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा।



 चम्पावत, 






*टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना*


*देवभूमि उत्तराखंड से शिवधाम की पावन यात्रा का शुभारंभ, श्रद्धा, संस्कृति और आतिथ्य का अद्भुत संगम*


उत्तराखंड से संचालित पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ रविवार को टनकपुर से हुआ।  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह,  से कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय एवं सफल यात्रा की कामना की।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया तथा पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का रुद्राक्ष की माला एवं भगवान शिव का पटका पहनाकर स्वागत किया और उनसे आत्मीय संवाद भी किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही किसी श्रद्धालु को इस पवित्र यात्रा का अवसर प्राप्त होता है। यात्रा के दौरान आने वाली प्रत्येक चुनौती का सामना श्रद्धा और धैर्य के साथ करना चाहिए, क्योंकि शिव में अटूट विश्वास ही सभी कठिनाइयों को सरल बना देता है।


उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के लिए विकास और समृद्धि का माध्यम भी है। यह यात्रा सीमांत गांवों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जीवन से देशभर के लोगों को जोड़ती है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प एवं उत्पादों की खरीद कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। देशभर में प्राचीन मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी की सुखद एवं सफल यात्रा की प्रार्थना की।


यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भी राज्य सरकार द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु श्री अनिल कुमार जैन सहित अन्य सभी यात्रियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए बेहतर प्रबंध किए गए हैं।


शनिवार सायंकाल टनकपुर पहुंचे प्रथम दल का देवभूमि की परंपरा के अनुरूप छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं एवं भव्य स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं लोक कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।


शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक श्री मनोज कुमार ने बताया कि प्रथम दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष एवं 15 महिला श्रद्धालु हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के श्रद्धालु सम्मिलित हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रीय एकता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।


दल के साथ तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय श्री पुरुषोत्तम खंडेलवाल दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय श्री हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु हैं। यह यात्रा सभी आयु वर्ग के लोगों की भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है।


उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से किया जा रहा है। इससे सीमांत जनपद चम्पावत को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिली है तथा स्थानीय व्यापार, पर्यटन, परिवहन, होटल व्यवसाय एवं रोजगार के अवसरों को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिल रहा है।


हर-हर महादेव एवं बम-बम भोले के जयघोष से गुंजायमान टनकपुर में प्रथम दल के प्रस्थान के साथ ही पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। देवभूमि उत्तराखंड ने एक बार फिर अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं अतिथि सत्कार की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की।


इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री आनंद सिंह अधिकारी, मंडल आयुक्त कुमाऊं एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं मंडल श्रीमती निवेदिता कुकरेती, प्रबंध निदेशक कुमाऊं मंडल विकास निगम श्री विनीत तोमर, जिलाधिकारी चम्पावत श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक चम्पावत श्रीमती रेखा यादव, जीएम कुमाऊं मंडल विकास निगम श्री मनोज कुमार, उपजिलाधिकारी टनकपुर श्री प्रमोद कुमार, जनप्रतिनिधिगण, आईटीबीपी, सेना, एसएसबी एवं ग्रेफ के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु, जिला स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

चम्पावत;


*मुख्यमंत्री ने ₹65.95 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का किया शिलान्यास, कहा— "शारदा तटबंध आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बनेगा"*


*सेवा पखवाड़ा के तहत लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टाल: लाभार्थियों ने उठाया लाभ*


जनपद चम्पावत के बूमघाट में  रविवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद की दो महत्वपूर्ण बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने ₹60.21 करोड़ की लागत से बूम से टनकपुर तक शारदा नदी के तट पर बाढ़ सुरक्षा (तटबंध) निर्माण कार्य तथा ₹5.74 करोड़ की लागत से पूर्णागिरी तहसील के ग्राम छीनीगोठ की सुरक्षा हेतु हुड्डी नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक दीवार निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। 


कार्यक्रम में आगमन पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक टीका, पटका, कुमाऊँनी टोपी, पुष्पवर्षा तथा छोलिया नृत्य के साथ स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं क्षेत्रवासियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।


कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री ने शारदा नदी पर संचालित बाढ़ सुरक्षा निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रबंधन समितियों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों, खिरद्वारी जनजाति समूह, व्यापार मंडल, कृषक बंधुओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। 


मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़े के अंतर्गत लगाए गए विभागीय स्टॉलों का भी व निरीक्षण किया। कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, एनआरएलएम सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर मुख्यमंत्री ने योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।  महिला स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से रोटी एवं चटनी तैयार की, जिससे महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री के सहज एवं सरल व्यवहार ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।


मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर में निक्षय योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को पोषण किट भी वितरित की तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।


अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा तटबंध केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और क्षेत्र के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि माँ शारदा नदी लाखों परिवारों के जीवन एवं आजीविका का आधार है। "जहाँ जल होता है, वहीं जीवन होता है।"


मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी उन्हें माँ पूर्णागिरि धाम आने का अवसर मिलता है, यहां की जनता का स्नेह उन्हें अपने परिवार जैसा अपनापन देता है। उन्होंने कहा कि चम्पावत की जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं बपर्यटन की नई पहचान देने के लिए प्रतिबद्ध है। लगभग ₹3300 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित अनेक धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु लगभग ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज तथा ₹58.52 करोड़ की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं के विकास तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "विकास भी और विरासत भी" के मंत्र को आत्मसात करते हुए मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर तथा माँ वाराही धाम सहित अनेक धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक तथा पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य तेजी से चल रहे हैं।


उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, वे केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि विकसित चम्पावत, सुरक्षित भविष्य और समृद्ध उत्तराखण्ड की मजबूत नींव हैं।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से भेंट की तथा पूर्णागिरी एवं बनबसा क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया।


इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोविन्द सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख श्रीमती आंचल बोरा, जिला महामंत्री श्री मुकेश कलखुड़िया, विधायक प्रतिनिधि श्री प्रकाश तिवारी एवं श्री दीपक राजवार, जिला प्रभारी श्री गुंजन सुखीजा, जिला सहप्रभारी श्री हिमांशु बिष्ट, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी जी.एस. खाती सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।


 रामनगर, 05 जुलाई 2026





 *कुमाऊँ और गढ़वाल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 29.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धनगढ़ी सेतु का किया लोकार्पण* 



 *220.90 मीटर लंबे धनगढ़ी सेतु से वर्षभर सुगम होगा आवागमन, बरसात में मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या से मिलेगी स्थायी राहत* 



 *राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर निर्मित सेतु से पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था एवं जनजीवन को मिलेगी नई गति* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-121 (नया राष्ट्रीय राजमार्ग-309) पर धनगढ़ी नाले के ऊपर 29.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 220.90 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड गर्डर सेतु (धनगढ़ी पुल) का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया।


यह राष्ट्रीय राजमार्ग काशीपुर-रामनगर-मार्चुला-बुवाखाल मार्ग पर स्थित है, जो कुमाऊँ एवं गढ़वाल मंडलों को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का प्रमुख प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत तथा पौड़ी गढ़वाल सहित लाखों लोगों के दैनिक आवागमन, व्यापार, पर्यटन एवं आवश्यक सेवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।


धनगढ़ी नाले में बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ जाने से मार्ग अक्सर बाधित हो जाता था, जिससे आमजन, पर्यटकों तथा आपातकालीन सेवाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नव निर्मित सेतु के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। साथ ही, वन क्षेत्र में यातायात सुचारु होने से वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि धनगढ़ी सेतु का लोकार्पण केवल एक पुल का उद्घाटन नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के वर्षों के संघर्ष, धैर्य और अपेक्षाओं की सार्थक परिणति है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान धनगढ़ी नाले में जलस्तर बढ़ने से मार्ग अवरुद्ध हो जाता था, जिससे जनजीवन, व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती थीं। इसी समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा कराया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि धनगढ़ी सेतु सम्पूर्ण उत्तराखण्ड का महत्वपूर्ण पुल है, जो कुमाऊँ एवं गढ़वाल मंडलों को सुदृढ़ रूप से जोड़ता है। इस सेतु के निर्माण से दोनों मंडलों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा तथा पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने "सेवा, सुशासन और विकास" के पाँच वर्ष पूर्ण करते हुए प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास पहुँचाने का कार्य किया है। सरकार की प्राथमिकता अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना रही है। इसी सोच के अनुरूप राज्य में आधुनिक सड़कें, मजबूत पुल, विस्तृत रेल नेटवर्क, रोपवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति "सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि" पर आधारित है। इसी के अनुरूप जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जाता है, उनका समयबद्ध ढंग से निर्माण पूर्ण कर लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जाता है, ताकि जनता को शीघ्र लाभ मिल सके।


उन्होंने कहा कि सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होना केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए नए संकल्प लेने का अवसर भी है। राज्य सरकार विकास की गति को और तेज करते हुए उत्तराखण्ड को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि धनगढ़ी सेतु के निकट लगभग 18.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 175.60 मीटर लंबे पनौद पुल का निर्माण कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में इस पुल पर यातायात संचालित हो रहा है तथा डामरीकरण का अंतिम कार्य शीघ्र पूर्ण कर इसे भी जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धनगढ़ी सेतु और पनौद पुल इस पूरे क्षेत्र के विकास की मजबूत आधारशिला सिद्ध होंगे तथा संतुलित विकास, सुरक्षित आवागमन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के सशक्त प्रतीक हैं।


मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रामनगर क्षेत्र के वन खत्तों में निवासरत परिवारों की समस्याओं पर भी उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि रामनगर-रानीखेत मोटर मार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण मोटर मार्गों के चौड़ीकरण हेतु सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार में प्रस्ताव प्रेषित किए जा चुके हैं तथा आवश्यक कार्यवाही प्रगति पर है।


इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा ने कहा कि धनगढ़ी सेतु के निर्माण से वर्षभर सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात सुनिश्चित होगा। बरसात के दौरान मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या समाप्त होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह सेतु कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच संपर्क को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ व्यापार, कृषि, पर्यटन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई गति प्रदान करेगा। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं तथा जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि लगभग 18.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पनौद पुल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गर्जिया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके उपरांत उन्होंने नव निर्मित धनगढ़ी सेतु का पैदल भ्रमण किया तथा कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा पर पुल के समीप आए वन्यजीवों का भी अवलोकन किया।



इस अवसर पर विधायक रामनगर श्री दीवान सिंह बिष्ट, विधायक सल्ट श्री महेश जीना, विधायक रानीखेत श्री प्रमोद नैनवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री श्री शंकर कोरंगा, श्री संजय डॉर्बी, श्री जेड. ए. वारसी, श्री गणेश रावत, श्री रंजन बरगली सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी श्री अरविन्द कुमार पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग) श्री मनोहर सिंह धर्मशक्तू तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

 देहरादून :

K C  venugopal congress national secretary uttarakhand


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) सांसद श्री के0सी0 वेणुगोपाल जी 9 जुलाई 2026 को पहुंचेंगे उत्तराखंड। 

प्रदेश मुख्यालय देहरादून में प्रदेश कांग्रेस की विभिन्न समितियों एवं सभी संगठनों के प्रदेश अध्यक्षगणों के साथ करेंगे बैठकः- राजीव महर्षि



अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) मा0 सांसद श्री के0सी0 वेणुगोपाल 9 जुलाई 2026 को उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंचेंगे।

उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव संगठन श्री के0सी0 वेणुगोपाल जी दिनांक 9 जुलाई 2026 को अपने दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंच रहे हैं। श्री वेणुगोपाल दिनांक 9 जुलाई 2026 को अपराह्न 12 बजे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, केन्द्रीय इलेक्शन कमेटी (सीईसी) सदस्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्लूसी सदस्यों के साथ बैठक करेंगे इसके उपरान्त अपराह्न 14ः00 बजे प्रदेश कांग्रेस राजनीतिक मामले समिति के सदस्यों की बैठक लेंगे। सायं 16ः00 बजे जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षगणों एवं 18ः00 बजे पार्टी के  अनुषांगिक संगठनों, विभागों एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्षगणों के साथ बैठक करेंगे।

श्री के0सी0 वेणुगोपाल दिनांक 10 जुलाई 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से पार्टी के वरिष्ठ नेतागणों से मुलाकात करेंगे तथा अपराह्न 3:00 बजे पत्रकार वार्ता को संबोधित करने के उपरान्त नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।



निष्कासन--


उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते तीन कांग्रेस नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन, राजेन्द्र सिंह भंडारी की ओर से जारी पत्र में पूर्व जिलाध्यक्ष महेन्द्र लंुठी, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती भावना नगरकोटी एवं दीपक लुंठी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छः वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है।
प्रदेश महामंत्री संगठन राजेन्द्र सिंह भंडारी ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेशभर में ’’परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’’ आयोजित किये जा रहे हैं, जिसके तहत दिनंाक 30.06.2026 को मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल जी के नेतृत्व में पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उपरोक्त तीनों कांग्रेसजनों द्वारा मा0 प्रदेश अध्यक्ष जी एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपने सहयोगियों के साथ कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न किया गया जो कि घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इन तीनों कांग्रेसजनों द्वारा कार्यक्रम के मंच पर किये गये कृत्य एवं पार्टी विरोधी गतिविधियों से पार्टी संगठन की छबि धूमिल हुई जिसे पार्टी नेतृत्व द्वारा गम्भीरता से लिया गया तथा उनको नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया तथा जिला कांग्रेस कमेटी पिथौरागढ़ से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई जिसके आधार पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा राष्ट्रीय नेतृत्व से दिशा निर्देश के उपरान्त तीनों कांग्रेसजनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से छः वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन राजेन्द्र सिंह भंडारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक अनुशासित संगठन है तथा इसमें यदि अनुशासनहीनता होती है तो उसे कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा तथा जो भी पार्टी अनुशासन की लाईन पार करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।


 अनेक मंचों पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के रंग बिखेरती सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका, पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई  का आज रायपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वे 78 वर्ष की थी। 

pandvaani singer Teejan bai expire 05 july,2026



अपनी दमदार आवाज और जीवंत अभिनय से पंडवानी को वैश्विक मंच देने के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा गया:पद्म श्री (1987)संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995)पद्म भूषण (2003)पद्म विभूषण (2019)इसके अलावा, उन्हें जापान का प्रतिष्ठित फुकुओका पुरस्कार (2018) सहित कई अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।


यह एक महान कलाकार का निधन नहीं, बल्कि भारतीय लोक परंपरा के एक स्वर्णिम अध्याय का अवसान है।


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