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*प्रमुख सचिव खाद्य की अध्यक्षता में बैठक आयोजित तेल


कंपनियों को बैकलाॅग समाप्त करने के निर्देश* 

देहरादून:

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. वर्तमान में उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों के बीच आगामी चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सीजन को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में घरेलू एवं व्यवसायिक एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री एल. फैनई की अध्यक्षता में तेल कंपनियों के साथ बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक (वीडियो कॉन्फ्रेंस) आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सचिव ने राज्य में गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अब सचिव खाद्य द्वारा प्रत्येक दिन आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी। 

प्रमुख सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि मुख्य सचिव महोदय ने एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घरेलू एवं कमर्शियल गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी न होने दी जाए तथा दैनिक आधार पर तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाते हुए स्थिति की निगरानी की जाए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि प्रदेश में गैस की मांग को देखते हुए प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में आपूर्ति को बढ़ाते हुए लगभग 60 हजार घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा छह हजार कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, बैकलॉग को समाप्त करने के लिए अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए इसकी दैनिक रिपोर्टिंग करने को कहा गया।

तेल कंपनियों द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 07 अप्रैल 2026 को राज्य में कुल 65,944 घरेलू सिलेंडरों तथा 3,864 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। इसमें आईओसीएल द्वारा 48,218 घरेलू एवं 2,340 कमर्शियल सिलेंडर, बीपीसीएल द्वारा 11,731 घरेलू एवं 698 कमर्शियल सिलेंडर तथा एचपीसीएल द्वारा 5,995 घरेलू एवं 826 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। पिछले दिनों की तुलना में आपूर्ति में लगातार सुधार हो रहा है। 

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए गैस आपूर्ति की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क एवं वितरण संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे राज्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तर पर आपूर्ति बढ़ाने हेतु आवश्य कदम उठाएं तथा डीलर स्तर पर किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने दें।

उन्होंने निर्देश दिए कि अब प्रतिदिन सायं 05.00 बजे सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, जिसमें तेल कंपनियों के प्रतिनिधि पूर्ण जानकारी के साथ प्रतिभाग करें, जिससे आपूर्ति की स्थिति की सतत निगरानी एवं त्वरित सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

सचिव, खाद्य श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि दिनांक 14 अप्रैल 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी का देहरादून भ्रमण प्रस्तावित है तथा 19 अप्रैल 2026 से चारधाम यात्रा प्रारंभ हो रही है। इसे दृष्टिगत रखते हुए तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे राज्य की बढ़ती मांग के अनुरूप अग्रिम योजना बनाते हुए आपूर्ति बढ़ाना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क एवं वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाए तथा किसी भी प्रकार का बैकलॉग न रहने दिया जाए।

बैठक में श्री पीएस पांगती, अपर आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखण्ड, श्री स्वर्ण सिंह, डिविजनल हेड, आईओसीएल, उत्तराखण्ड, श्री पंकज अंबलढगे, चीफ रीजनल मैनेजर, एचपीसीएल, उत्तराखण्ड, श्री अश्वनी कुमार, मैनेजर, बीपीसीएल उपस्थित रहे।  


*अनियमितताओं पर सख्ती से निपटें अधिकारी-स्वरूप*

  सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी एवं ईंधन से संबंधित अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सघन एवं कड़ा प्रवर्तन अभियान जारी है। अभी तक अभियान के दौरान कुल 6280 निरीक्षण एवं 423 छापेमारी की गई। इसके अतिरिक्त 19 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 07 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के अंतर्गत प्रदेशभर में कुल 1118 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 946 घरेलू एवं 172 व्यवसायिक सिलेंडर शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त 01 वाहन, 03 फिलिंग किट एवं 01 कांटा भी जब्त किया गया। देहरादून में सर्वाधिक 288 गैस सिलेंडर एवं 139 किलोग्राम गैस जब्त की गई, जबकि हरिद्वार में 202 गैस सिलेंडर, नैनीताल में 34 घरेलू एवं 28 व्यवसायिक सिलेंडर के साथ एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। इसी प्रकार उधमसिंहनगर में 98 गैस सिलेंडर एवं 05 व्यवसायिक सिलेंडर, तथा टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत, बागेश्वर एवं अन्य जनपदों में भी व्यापक कार्रवाई की गई। अभियान के अंतर्गत कुल ₹1,31,900 का अर्थदण्ड भी अधिरोपित किया गया। 

सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगा। सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नियमित निरीक्षण, सघन छापेमारी एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करते हुए शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।








• *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक* 

• *कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश* 


• *सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकेगी उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति* 

• *राज्यभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश* 

PM Modi will inaigurate delhi dehradun corridor



• *रोड शो के दौरान जन-जन से सहभागिता की अपील* 



• *इकोनॉमिक कॉरिडोर से रोजगार, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा* 



 *सीएम धामी ने इस अवसर को राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताया* 





 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।




मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।



दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।


बैठक में राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव श्री शैलेश बगौली, कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी  सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।


*प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों को तीन माह का राशन माह अप्रैल में अग्रिम रूप से दिया जा रहा है- श्री        पी.एस. पांगती,अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार)* 



- उत्तराखंड में होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6 हजार 310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण होंगे


- राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 Kg का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है


- उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत जमाखोरी और कालाबाजारी पर 6,205 निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए


- घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरण सामान्य बना हुआ है, 1 मार्च 2026 से अब तक 18 लाख से अधिक सिलेंडर घरों तक पहुंचाए


- राज्य में 5 किलोग्राम के 6,700 से अधिक सिलेंडर बेचे गए



मंगलवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार), ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता एवं खाद्य सुरक्षा तैयारियों और आवश्यक वस्तुओं पर अद्यतन जानकारी प्रदान की।


पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों से मीडिया को अवगत रखने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार ने दूरदर्शन केंद्र, देहरादून में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। 


श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार) ने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरे प्रदेश में नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है. राज्य में डीजल एवं पेट्रोल की कोई कमी नहीं है. अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों को नियमित रूप से गैस की आपूर्ति की जा रही है।


उन्होंने कहा कॉमर्शियल सिलेंडर के संबंध में 66 फीसदी वितरण हेतु उत्तराखंड शासन द्वारा एसओपी जारी की गई है. जिसमें होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6 हजार 310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण किए जाएंगे। 


श्री पी.एस. पांगती ने कहा कि चारधाम यात्रा और शादियों के सीजन की तैयारियों हेतु विशेष तैयारी सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा एवं पयर्टन सीजन को देखते हुए मुख्य सचिव, उत्तराखंड की ओर से भारत सरकार को राज्य की ओर से मांग प्रेषित कर दी गई है। जिसमें अनुरोध किया गया है कि माह अप्रैल से नवंबर तक उत्तराखंड को व्यवसायिक एलपीजी का 100 फीसदी आवंटन पूर्ववत बनाया रखा जाए. उसमें भी 5 फीसदी अतिरिक्त कोटा राज्य सरकार की तरफ से मांग की गई है।


प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 किलो के सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। प्रदेश में सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि डिलीवरी सुनिश्चित हो. उन्होंने बताया कि राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 Kg का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है.


भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवार के राशन कार्ड धारक माह अप्रैल में तीन महीनों (अप्रैल, मई एवं जून) का एकसाथ राशन निकटतम गल्ला केंद्रों से प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में 14 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को तीन महीनों का राशन एक साथ आवंटित किए जा रहे हैं।


पैनिक बुकिंग के संबंध में श्री पी.एस. पांगती ने बताया कि विगत 25 दिन में 15 मार्च को राज्य में सबसे ज्यादा पैनिक बुकिंग की गई थी. जिसकी संख्या 90 हजार  थी. लेकिन दिनांक 6 अप्रैल को स्थिति सामान्य हुई है. जिसकी संख्या 45 हजार रही। फिलहाल प्रदेश में एलपीजी बुकिंग सामान्य स्थिति में है.


पीएनजी के संबंध मेंं उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है. भारत सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी विस्तार को लेकर भी उत्तराखंड में सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में GAIL Gas, उधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas Pvt. Ltd., हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL शामिल हैं।


राज्य में CNG, घरेलू PNG और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक PNG की आपूर्ति में कोई बाधा या प्रतिबंध नहीं है। इन कंपनियों द्वारा घरेलू PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने, कम समय में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने, सर्वे और संस्थागत कनेक्शन को प्राथमिकता देने, दैनिक प्रगति की निगरानी करने और अधिकतम जनहित के आधार पर प्राथमिकता तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 37 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हैं.


उत्तराखंड में वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था को लेकर वन विभाग द्वारा सभी लकड़ी के टॉल्स में पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है. 


उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 6,205

निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।

 एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने की कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा- सत्यापन, महिला सुरक्षा और 'ऑपरेशन स्माइल' पर दिए कड़े निर्देश

गुमशुदा महिलाओं और बच्चों की बरामदगी में बरती जाए पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता*

किरायेदार एवं घरेलू नौकरों के अनिवार्य सत्यापन पर जोर, गौरा शक्ति मॉड्यूल के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पंजीकरण बढ़ाने पर बल*


डॉ० वी० मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड* द्वारा आज पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में गढ़वाल एवं कुमाऊँ रेंज पुलिस महानिरीक्षकों सहित समस्त जनपदों के वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रचलित *पुलिस सत्यापन की कार्यवाही, महिला सुरक्षा हेतु 'गौरा शक्ति मॉड्यूल' तथा गुमशुदा की तलाश हेतु 'ऑपरेशन स्माईल'* के अन्तर्गत की जा रही कार्यवाहियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

ADG law and order uttarakhand



समीक्षा बैठक के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा निम्नलिखित निर्देश दिए गए—


▪️ *किरायेदार अथवा घरेलू नौकर के अनिवार्य सत्यापन* के लिए 'उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम 2007' में उल्लिखित प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने हेतु पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल एवं कुमायूँ परिक्षेत्र को निर्देशित किया गया।


▪️ *सत्यापन की कार्यवाही* के दौरान यदि किरायेदार या घरेलू नौकर द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं या उन पर प्रथम दृष्टया संदेह होता है, तो तत्काल ICJS पोर्टल, NCRC अथवा NAFIS के माध्यम से इसकी तकनीकी पुष्टि कराई जाए।


▪️ रेजिडेंशियल अपार्टमेन्ट एवं गेटेड कालोनियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाए और उल्लंघन पाए जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।


▪️ बाहरी राज्यों और अन्य जनपदों को भेजे जाने वाले *सत्यापन प्रपत्रों का निरन्तर फॉलोअप* लिया जाए। सत्यापन की कार्यवाही को केवल किसी विशेष 'अभियान' तक सीमित न रखकर इसे एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में संचालित किया जाए।


▪️ उत्तराखण्ड पुलिस के *'गौरा शक्ति मॉड्यूल' के बारे में जागरूकता* कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और इसमें अधिकाधिक *महिलाओं/बालिकाओं का रजिस्ट्रेशन* कराया जाए।


▪️ *महिला सम्बन्धी शिकायतों* को अत्यंत गम्भीरता से लेते हुए संवेदनशीलता के साथ उनका यथाशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। महिला अपराधों के दृष्टिगत संवेदनशील चिन्हित क्षेत्रों में *'महिला चीता पुलिस' द्वारा नियमित पेट्रोलिंग / गश्त* की जाए।


▪️ महिला एवं बच्चों से सम्बन्धित सभी आपराधिक अभियोगों की *विवेचना का निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारण* किया जाए।


▪️ *'ऑपरेशन स्माईल' के अन्तर्गत गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी* हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी *'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) का अक्षरशः पालन* सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से गुमशुदा बच्चों तथा महिलाओं की बरामदगी के प्रकरणों में पूर्ण *संवेदनशीलता और सक्रियता* बरती जाए।


*गोष्ठी में पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री रामचन्द्र राजगुरू, अपर पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री अंकुश मिश्रा उपस्थित रहे।*


 

5 घंटे तक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव, 15 दिन में समाधान का आश्वासन

देहरादून : 



श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविघालय में परीक्षा परिणामों में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों को लेकर सोमवार को छात्र नेताओं एवं छात्र संघ प्रतिनिधियों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाति नेगी के कार्यालय का करीब पांच घंटे तक घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी बीए, बीएससी, बीकॉम एवं एमए के परीक्षा परिणामों में ऑनलाइन अंकतालिकाओं में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। कई विद्यार्थियों की अंकतालिकाओं में शून्य  अंक दर्शाए गए हैं, जबकि उन्होंने परीक्षा दी है। वहीं कई छात्रों का परिणाम समर्थ पोर्टल एवं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिखाई नहीं दे रहा, जिससे छात्रों में भारी रोष व्याप्त है।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने महाविद्यालय में फीस जमा कर दी है, लेकिन पोर्टल पर फीस अपडेट नहीं होने के कारण उन्हें आगे की प्रक्रिया में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण छात्र पिछले कई दिनों से महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

छात्र नेताओं के अनुसार यह समस्या केवल एक-दो महाविद्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर देहरादून, शहीद दुर्गामल्ल राजकीय महाविद्यालय डोईवाला, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नई टिहरी एवं ऋषिकेश स्थित विश्वविद्यालय परिसर के अनेक छात्र-छात्राओं के परिणामों में भी इसी प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई हैं।

घेराव के दौरान छात्रों ने परीक्षा विभाग एवं संबंधित कार्यालयों में ताले लगाकर नारेबाजी की और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। छात्र नेता आदर्श राठौर ने कहा कि यह केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसका जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

वहीं परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाति नेगी ने छात्रों की मांगों पर सहमति जताते हुए समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिनों का समय मांगा और आश्वासन दिया कि सभी त्रुटियों को सुधार कर सही अंकतालिकाएं जारी की जाएंगी। इसके बाद छात्रों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया।

ये रहे प्रमुख छात्र नेता मौजूद

आदर्श राठौर, अंशुल चंद्रा, केशव बिज्लवाण, मणिका, मंजीत शाह ,छात्रसंघ अध्यक्ष, नई टिहरी, साक्षी राणा छात्रसंघ महासचिव, नई टिहरी, युवराज सिंह शाह पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं जीशान खान पूर्व छात्रसंघ सचिव, नई टिहरी सहित कई छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में शामिल रहे।छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो छात्र संगठन पुनः बड़ा आंदोलन और उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

आज का राशिफ़ल

दिनाँक 7 अप्रैल,2026

दिन मंगलवार

rashifal today 07 april 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। कारोबार में बुद्धिबल से उन्नति होगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। दुष्टजनों से सावधानी आवश्यक है। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें। प्रमाद से बचें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

शत्रु भय रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। भूमि व भवन संबंधी खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। आर्थिक उन्नति होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। शुभ समय।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। अज्ञात भय सताएगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। कुसंगति से बचें। चिंता रहेगी। धन प्राप्ति में अवरोध दूर होंगे। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

लेन-देन में जल्दबाजी न करें। पुराना रोग उभर सकता है। दु:खद समाचार की प्राप्ति संभव है। किसी के उकसाने में न आएं। बात बिगड़ सकती है। आवश्यक निर्णय सोच-समझकर करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। थकान हो सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में निश्चितता रहेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। आय में वृद्धि होगी। कारोबार का विस्तार होगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। निवेश लाभदायक रहेगा। घर में सुख-शांति रहेगी। उत्साह बना रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। संतान की चिंता रहेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

आय में वृद्धि होगी। कारोबार लाभप्रद रहेगा। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। दूर से शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय बढ़ेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में सहकर्मियों का साथ रहेगा। थकान रहेगी।



तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

प्रेम-प्रसंग में आशातीत सफलता प्राप्त होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। कारोबार का विस्तार होगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। सुख के साधन जुटेंगे। शत्रु परास्त होंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। सभी ओर से सफलता मिलेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

राजभय रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। लेन-देन में जल्दबाजी हानि देगी। शारीरिक कष्ट संभव है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। व्यवस्था में मुश्किल होगी। दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। अनहोनी की आशंका रहेगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। आय में निश्चितता रहेगी।



धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। मानसिक बेचैनी रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। अधिकार प्राप्ति के योग हैं। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भागदौड़ रहेगी। दूसरों के काम में दखल न दें। विवाद से बचें। लाभ होगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

राज्य से प्रसन्नता रहेगी। कोई बड़ा काम हो सकता है। नई योजना बनेगी। नया उपक्रम प्रारंभ हो सकता है। सामाजिक कार्य करने का अवसर मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्वास्थ्‍य का पाया कमजोर रहेगा। कोई नई समस्या आ सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कोई नई समस्या आ सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।

कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

आंखों को चोट व रोग से बचाएं। धन प्राप्ति सुगम होगी। सुख के साधन जुटेंगे। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। थकान व कमजोरी महसूस हो सकती है। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पुराना रोग उभर सकता है। अनहोनी की आशंका रहेगी। मातहतों से कहासुनी हो सकती है। पार्टनरों से मतभेद संभव है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। दूसरों से अपेक्षा न करें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। आय में निश्चितता रहेगी। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। सोच-समझकर निर्णय लें।

 प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

disaster management minister madan kaushik


बैठक में मंत्री ने आपदा से पूर्व, आपदा के दौरान एवं आपदा के बाद विभाग द्वारा किये जाने वाले क्रिया-कलापों की विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में राज्य को एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करें। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक आपदा झेलने वाले देश की तर्ज पर आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर प्रदेश को आपदा प्रबंधन में सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जाए।


मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तर पर बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कम्युनिकेशन सिस्टम को बेहतर बनाया जाए ताकि सूचनाओं के आदान-प्रदान की कार्यवाही तेजी से हो सके तथा आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को तत्काल शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों, सदस्यों एवं अधिकारियों को सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित उपकरण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाए ताकि कोई आपदा घटित होन पर वे शीघ्रता से इसकी जानकारी जिला मुख्यालय एवं प्रदेश मुख्यालय को दे सकें।


मंत्री ने कहा कि किसी आपदा के घटित होने पर राहत एवं बचाव कार्य शीघ्रता से हो सके इसके लिए जरूरी है कि न्याय पंचायत स्तर पर आपदा मित्र एवं आपदा सखी बनाये जाएं। आपदा मित्र एवं आपदा सखी को राहत एवं बचाव कार्य संबंधी उचित प्रशिक्षण देने के साथ ही आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराये जाएं। साथ ही आपदा मित्र एवं आपदा सखी के लिए प्रोत्साहन राशि की भी व्यवस्था की जाए।


मंत्री ने कहा कि आपदाओं के पूर्वानुमान की दिशा में बेहतर कार्य किये जाएं ताकि आपदाओं से होने वाले नुकसान कम से कम किया जा सके।


मंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी संवेदनशील झीलें जिनसे भविष्य में आपदा की संभावना है उनके ट्रीटमेंट के लिए वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों से वार्तालाप करें ताकि इस दिशा में कार्य हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भू-स्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील स्थल जहां पर बार-बार आपदाएं घटित होती हैं ऐसे स्थलों के ट्रीटमेंट प्राथमिकता के आधार पर किये जाएं। 


मंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन से संबंधित बैठकों हेतु रोस्टर बनाए जाएं। इन बैठकों में मेरे द्वारा स्वयं प्रतिभाग किया जायेगा।


इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग से सचिव विनोद कुमार सुमन, संयुक्त सचिव एनएस डुंगरियाल, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूएसडीएमए मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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