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 *सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इकबालपुर चौकी के सभी पुलिसकर्मी निलंबित*

CM dhami parmarth niketan yoga festival


राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। अवैध खनन से संबंधित एक ऑडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार जनपद की इकबालपुर पुलिस चौकी में तैनात पूरे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार इकबालपुर क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा तत्काल निर्णय लेते हुए चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है तथा मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है।


निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी इकबालपुर), हेड कांस्टेबल विरेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल हरेन्द्र, कांस्टेबल विपिन कुमार, कांस्टेबल देवेश सिंह तथा कांस्टेबल प्रदीप शामिल हैं।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की अनियमितता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही या अनुचित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जाए तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने परमार्थ निकेतन में 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में किया प्रतिभाग* 


 *योग को बताया विश्व शांति और आत्मिक संतुलन का सार्वभौमिक विज्ञान* 

 *उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी बनाने हेतु “योग नीति 2025” लागू* 

 *योग एवं ध्यान केंद्रों के लिए 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान*

 *गढ़वाल और कुमाऊं में स्थापित होंगे ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’* 

 *आयुष, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने हेतु बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज योग नगरी ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से पधारे योग साधकों, योगाचार्यों एवं महानुभावों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनका परम सौभाग्य है कि उन्हें इस भव्य अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ गंगा की दिव्य आरती में सहभागी बनना तथा विश्वकल्याण हेतु आयोजित पवित्र यज्ञ में आहुति अर्पित करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की पुण्य भूमि से निकली प्राचीन और महान विधा है, जिसे आज विश्वभर के करोड़ों लोग अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाला सार्वभौमिक विज्ञान है, जो आत्मिक शांति प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि आज जब विश्व तनाव, अवसाद और जीवनशैली जनित रोगों से जूझ रहा है, ऐसे समय में योग एक “नेचुरल हीलिंग सिस्टम” के रूप में आत्मिक शांति और संतुलन प्रदान कर रहा है। योगासन और प्राणायाम के माध्यम से शरीर और मन को तनावमुक्त किया जा सकता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता और एकाग्रता में वृद्धि होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने जाति, भाषा, धर्म और भूगोल की सीमाओं को पार कर मानव समाज को जोड़ने का कार्य किया है तथा “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के संदेश को विश्वभर में पहुंचाया है।


उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र में रखा गया, जिसके परिणामस्वरूप आज 180 से अधिक देशों में योग का व्यापक अभ्यास हो रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योग और अध्यात्म की भूमि भी है। राज्य की नैसर्गिक सुंदरता और शुद्ध वातावरण योग साधना के लिए अत्यंत अनुकूल है। इसी दृष्टि से राज्य सरकार ने उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी बनाने हेतु देश की पहली “योग नीति 2025” लागू की है।


उन्होंने बताया कि योग एवं ध्यान केंद्र विकसित करने के लिए 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा शोध कार्यों के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही पाँच नए योग हब स्थापित किए जा रहे हैं तथा सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष वेलनेस सेंटर एवं नेचुरोपैथी केंद्रों को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हैं तथा प्रत्येक जनपद में 50 एवं 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि ‘उत्तराखंड आयुष नीति’ के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध एवं औषधीय पौधों के संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों में एक-एक ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ की स्थापना हेतु बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस महोत्सव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित योगाचार्य अपने ज्ञान एवं अनुभव साझा कर रहे हैं तथा हठ योग, राज योग, कर्म योग एवं भक्ति योग के साथ ध्यान, प्राणायाम एवं प्राकृतिक चिकित्सा संबंधी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।


उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन पिछले 80 वर्षों से भारतीय संस्कृति, योग और अध्यात्म के माध्यम से विश्व को जोड़ने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में यह महोत्सव योग, प्राणायाम और आध्यात्म के माध्यम से मानवता को शांति एवं सद्भाव के मार्ग पर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


 कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन से  स्वामी चिदानन्द सरस्वती  एवं साध्वी भगवती सरस्वती, गायक श्री कैलाश खेर, विभिन्न देशों से आए योगाचार्य, योग प्रशिक्षक तथा पर्यटक उपस्थित रहे|

 

ऋषिकेश : 


ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के छिददरवाला इलाके में हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह लाला ने विद्युत विभाग पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि इस समय बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और रात का समय बच्चों के पढ़ने का महत्वपूर्ण समय होता है, लेकिन इसी दौरान कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है।

उन्होंने कहा कि बिजली कटौती के कारण बोर्ड परीक्षार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पर्याप्त रोशनी न होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे उनके भविष्य पर भी असर पड़ सकता है।

बलविंदर सिंह लाला ने यह भी कहा कि क्षेत्र में इन दिनों गुलदार  की धमक से ग्रामीण पहले ही भयभीत हैं। ऐसे में शाम ढलते ही बिजली चले जाने से लोगों की चिंता और बढ़ जाती है। अंधेरा होने के कारण ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना रहता है।

उन्होंने विद्युत विभाग से मांग की है कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान कम से कम रात के समय बिजली आपूर्ति सुचारु रखी जाए, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।



 *खुशखबरीः अल्मोड़ा में खुलेगा लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर*

*सदन में की गई घोषणा*

*वर्तमान में सिर्फ देहरादून में है सेंटर, वर्ष 2023 से हुई शुरूआत*

*सरकार की योजना से 92 युवाओं को विदेशों में मिली है नौकरी*



विदेशी भाषाएं सीखकर विभिन्न देशों में नौकरी करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत वर्तमान में सिर्फ एक सेंटर है। यह सेंटर वर्ष 2023 से देहरादून में संचालित है। अल्मोड़ा में सेंटर खुलने के बाद इस तरह के सेंटरों की प्रदेश में संख्या दो हो जाएगी।


राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से मुख्यमंत्री कौशल उन्ययन एवं वैश्विक रोजगार योजना को शुरू किया है। इसके अंतर्गत देहरादून में पहला लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है, जिसमें विभिन्न भाषाओं का बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यहीं से उनकी नौकरी की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल सके। शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सरकार की ओर से अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की। 


*बच्चों की ट्रेनिंग पर सीएम गंभीर, बजट बढ़ाया*

इस योजना में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभ पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी गंभीर है। यही वजह है कि इस योजना में ट्रेनिंग का जो बजट सिर्फ 75 लाख रूपये का था, उसे इस बार 3.3 करोड़ रूपये कर दिया गया है। कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के चलते अब और ज्यादा बच्चों को ट्रेनिंग का लाभ मिल पाएगा।



कौशल विकासः व्यवस्था और अवसर


147

बच्चों को अभी तक दिया गया विदेशी भाषा का प्रशिक्षण

92

बच्चों की विभिन्न देशों में अभी तक लग चुकी है नौकरी

08

से 10 माह का बच्चों को दिया जाता है सेंटर में प्रशिक्षण

16

अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से दिया जा रहा है प्रशिक्षण

10

और बच्चों के लिए सऊदी अरब में है नौकरी का प्र्रस्ताव


*सऊदी अरब में सेवारत 30 बच्चे सुरक्षित*

पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात के बीच राज्य सरकार उन लोगों की भी पूरी चिंता कर रही है, जिन्हें इस योजना के माध्यम से विदेशों में नौकरी मिली है। सदन में कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि सऊदी अरब में सेवारत  लोगों से बात हुई है और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।


*किसानों की फसल बचाने को केंद्र से मिले 25 करोड़*


*सरकार के प्रयास लाए रंग, घेर-बाड़ योजना में फिर से शुरू हुई केंद्र की मदद*


*सीएम ने केंद्रीय कृषि मंत्री से की थी बात, बताई थी राज्य की दिक्कत*


*केंद्र से मदद मिलनी बंद होने पर जिला योजना से प्रदेश चला रहा था काम*


जंगली जानवरों से किसानों की फसल बचाने के लिए राज्य सरकार के प्रयास रंग लाए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बातचीत के बाद घेर-बाड़ योजना के लिए केंद्रीय मदद एक बार फिर से मिलनी शुरू हो गई है। इस क्रम में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 25 करोड़ रूपये की सहायता उत्तराखंड के लिए मंजूर की है।

उत्तराखंड में जंगली जानवरों से किसानों की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। इसकी रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने घेर बाड़ योजना शुरू की है। तीन वर्ष पहले तक राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर आर्थिक सहयोग किया जा रहा था। मगर बाद में केंद्रीय सहायता बंद हो गई। किसानों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला योजना से घेर बाड़ के लिए मदद उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस योजना में केंद्रीय मदद प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत थे।

विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को कृषि मंत्री गणेश जोशी ने घेर बाड़ योजना के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय से 25 करोड़ की स्वीकृति मिलने की जानकारी सदन में दी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों गौचर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने सरकार ने इस विषय को रखा था। अब इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर 25 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में मंत्रालय का पत्र विभाग को प्राप्त हो गया है।


*तीन वर्षों में 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर बाड़*

राज्य सरकार ने सदन में जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में जिला योजना से 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर बाड़ कराई गई है। इस क्रम में 44 हजार 429 किसान लाभान्वित हुए हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में संवेदनशीलता दिखाई है। इस बार के बजट में घेर बाड़ योजना के लिए दस करोड़ का प्रावधान किया गया है।





 

ऋषिकेश : 



 साहबनगर क्षेत्र में बृहस्पतिवार देर रात्रि गुलदार की दहशत देखने को मिली। बताया जा रहा है कि गुलदार ने स्थानीय ग्रामीण  बलवंत सिंह रमोला के घर के आंगन से उनके पालतू कुत्ते को उठा लिया।

सुबह जब बलवंत सिंह रमोला ने घर के आंगन में कुत्ते को गायब देखा तो उन्होंने आसपास खोजबीन शुरू की। खोजबीन के दौरान घर के पास ही गेहूं के खेत में कुत्ते का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा मिला, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई।

ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका राजाजी टाइगर रिजर्व और बड़कोट क्षेत्र की सीमा से सटा हुआ है, जिसके कारण अक्सर गुलदार और अन्य जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों की ओर आ जाते हैं। हाल के दिनों में गुलदार लगातार ग्रामीणों के पालतू पशुओं को निशाना बना रहा है।

साहबनगर की ग्राम प्रधान भावना गुरूंग ने बताया कि घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना का मुआयना किया। उन्होंने आम लोगों की सुरक्षा के लिए वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग की है।

वहीं साहब क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रीति रावत ने कहा कि क्षेत्र में लगातार गुलदार की चहलकदमी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से मांग की कि जंगली जानवरों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए ठोस और प्रभावी उपाय किए जाएं, ताकि किसी बड़ी घटना से पहले ही स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके।


 

देहरादून ;


मुख्यमंत्री  के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा एलपीजी गैस से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोलरूम सक्रिय  है। जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल के निर्देशों  जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र में  संचालित कंट्रोलरूम में नागरिकों की एलपीजी गैस सम्बन्धी शिकायतों/समस्याओं के निस्तारण के सम्बन्ध कार्यवाही की जा रही है। 

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से 05 बजे तक कुल 405 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोल रूम में मौजूद  जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में सप्लाई कर रही एलपीजी गैस के सभी एजेंसियों के प्रतिनिधित्व और जिला प्रशासन की टीम द्वारा लगातार आ रही  एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 11 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस आपूर्ति की गई है। जबकि 53 हजार के लगभग बैकलॉग है। जिलें में एलपीजी गैस की मांग अनुसार आपूर्ति किये जाने हेतु लोड बढा दिए गए हैं, कल से बैकलॉग में कमी आयेगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कन्ट्रोल रूम में आई०ओ०सी०एल०, एच०पी०सी०एल० व बी०पी०सी०एल० द्वारा अपने प्रतिनिधि नामित किये जायेंगे, यह समस्त अधिकारी निर्धारित प्रारूप में सूचना के साथ प्रत्येक दिवस को प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 01 बजे तक आपदा कन्ट्रोलरूम में उपस्थित रहेंगे। गैस आपूर्ति / वितरण विषयक अद्यतन सूचना उपलब्ध करायेंगे तथा गैस की कालाबाजारी, अवैध संग्रहण तथा रिफिलिंग आदि विषयक समस्याओं को दर्ज करते हुए तद्विषयक समाधान सुनिश्चित करेंगे ताकि सामान्य जनमानस में आपूर्ति से सम्बन्धी किसी भी प्रकार का भय अथवा संशय उत्पन्न न हो।

गैस की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन ने छापेमारी कार्यवाही करते हुए 50 सिलेंडर जब्त कर दिए हैं, जिनमें  देहरादून के सहस्त्रधारा, नालापानी लाडपुर क्षेत्र में 12 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। ऋषिकेश क्षेत्र में खदरी श्यामपुर अन्तर्गत 1 वाहन जिसमें 37 सिलेंडर थे जब्त किया गया है 2 लोगों को पकड़ा है। विकासनगर पीजी में छोपेमारी करते हुए 1 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किया गया है। तथा सम्बन्धित के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।   



 

 


राहुल सिंह कार्की रहे प्रथम अब राज्य स्तर पर दिखाएंगे दम


हरिद्वार:


भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के 'माय भारत' पोर्टल तथा एस.एम.जे.एन.पी.जी. कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में आज जिला स्तरीय 'युवा संसद 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में हरिद्वार जिले के 18 से 25 वर्ष के युवाओं ने 'आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सीख' विषय पर अपने प्रखर विचार रखे।

प्रमुख अतिथियों के विचार

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मेयर श्री मनोज गर्ग और कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

मनोज गर्ग ने युवाओं के जोश की सराहना करते हुए कहा, "आज का युवा सशक्त और विकसित भारत के प्रति समर्पित है।"

प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि ये उभरती प्रतिभाएं भविष्य में विश्व पटल पर भारत का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम हैं। उन्होंने निरंतरता को ही सफलता की कुंजी बताया।

डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने आपातकाल के लोकतांत्रिक पहलुओं और व्यक्तिगत हितों के टकराव पर 

कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच निर्णायक मंडल ने पाँच विजेताओं का चयन किया, जो अब राज्य स्तरीय युवा संसद में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे:

प्रथम स्थान: राहुल सिंह कार्की कविता ने आपातकाल ने नक्शा बदल दिया था

द्वितीय स्थान: मान्या रावत ने इतिहास की भूलों से सीखने पर ज़ोर दिया 

तृतीय स्थान: साम्भवी श्रुति ने सिंहासन खाली करो जनता आती है

चतुर्थ स्थान: मोहन श्याम ने जब शब्दों पर पहरा हो तब लोकतंत्र पर खतरा है

पंचम स्थान: साक्षी राणा ने अब्राहम लिंकन की लोकतंत्र की परिभाषा पर विचार व्यक्त किए 

प्रतियोगिता को निष्पक्ष बनाने में डॉ. रामरतन खंडेलवाल, डॉ. धर्मेंद्र चौहान, वरिष्ठ पत्रकार संदीप रावत, डॉ. राधिका नागरथ और श्री विनय थपलियाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल और डॉ. पल्लवी ने किया।

विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम पर्यवेक्षक श्री धरम सिंह रावत ने बताया कि ये पाँचों युवा अब राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

 खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखंड


एलपीजी एवं ईंधन की कालाबाजारी पर सख्त निगरानी, 280 निरीक्षण किए गए




देहरादून। राज्य में एलपीजी एवं ईंधन की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा प्रदेशभर में व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 10, 11 एवं 12 मार्च 2026 तक विभागीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न जनपदों में निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई की गई।


आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिनों के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कुल 280 निरीक्षण किए गए। जांच के दौरान 58 स्थानों पर छापे मारे गए । साथ ही 4 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।


उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान अवैध भंडारण एवं दुरुपयोग के मामलों में 74 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त कार्रवाई के दौरान 01 काटा (वजन माप उपकरण) तथा 02 रिफिलिंग किट भी जब्त की गई हैं। विभाग द्वारा अनियमितताओं पर ₹4600 का अर्थदंड भी वसूला गया है।


आयुक्त ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर गैस एवं ईंधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध रिफिलिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी एलपीजी या ईंधन से संबंधित अनियमितता, कालाबाजारी अथवा अवैध रिफिलिंग की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


आयुक्त ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए विभाग द्वारा आगे भी इसी प्रकार सघन जांच अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।

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