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स्वास्थ्य मंत्री ने लगाई कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज

राज्यभर में अबतक वैक्सीन की 57 लाख 35 हजार डोज लगाई गई


देहरादून:




प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज दून अस्पताल पहुंच कर कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई। वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए उन्होंने प्रदेश के सभी लोगों से वैक्सीन लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब तक सूबे में वैक्सीन की 57 लाख 35 हजार डोज लग चुकी है। कोई भी व्यक्ति वैक्सीनेशन से अछूता नहीं रहेगा, इसके लिए राज्य सरकार ने पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कर दी है। इस दौरान उन्होंने वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाने निर्देश भी अधिकारियों को दिये। 


सूबे में कोविड-19 के रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने वैक्सीनेशन अभियान को तेज कर दिया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने खुद मोर्चा सम्भाल रखा है। डा. रावत ने आज दून अस्पताल पहुंच कर खुद भी वैक्सीन की दूसरी खुराक ली। उन्होंने प्रदेश कहा कि राज्यभर में अब तक वैक्सीन की 57 लाख 35 हजार डोज लोगों को लग चुकी है। लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से बचने के लिए वैक्सीन लगाना जरूरी है। इसके लिए राज्य में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और प्रत्येक माह केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को 14 लाख वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई जा रही है। जबकि अगले माह से राज्य को 20 लाख डोज मिलनी शुरू हो जायेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख लाल मांडविया से मुलाकात कर आग्रह किया था जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने स्वीकृति दी थी। विभागीय मंत्री ने नोडल अधिकारी डा. कुलदीप मार्तोलिया को वैक्सीनेशन में और तेजी लाने के निर्देश देते हुए राज्य में प्रत्येक दिन एक लाख लोगों के वैक्सीनेशन का लक्ष्य दिया। डा. रावत ने अगले कुछ महीनों में टीकाकरण अभियान को युद्ध स्तर पर करने की बात कही, ताकि राज्य निर्धारित समय से पहले शतप्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल कर सके। वहीं उन्होंने अधिकारियों को गांवों में बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग लोगों को घर पर ही टीकाकरण कराने के निर्देश भी दिये। 




  • स्वास्थ्य मंत्री ने सचिवालय में औषधि प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा
  •  रिक्त पदों का अधियाचन राज्य लोक सेवा आयोग को शीघ्र भेजने के  निर्देश
  • जिला स्तरीय अधिकारियों को मिलेगा कार्यालय एवं तृतीय व चतुर्थ श्रेणी स्टाफ

 

देहरादून:



चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने उत्तराखण्ड खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत औषधि विभाग में वर्षों से रिक्त पड़े पदों पर शीघ्र नियुक्ति के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि विभाग में रिक्त राज्य एवं जिला स्तर के सभी रिक्त पदों का अधियाचन यथाशीघ्र राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा जाय साथ ही जनपद स्तर पर तैनात विभागीय अधिकारियों को पृथक कार्यालय एवं आवश्यकतानुसार तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के स्टाफ भी उपलब्ध कराये जाय।

सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागार में उत्तराखण्ड खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत औषधि विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें विभागीय मंत्री ने राज्य एवं जिला स्तर पर तैनात औषधि प्रशासन के अधिकारियों को अपने कार्यों में पारदर्शिता एवं तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने शासन के अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभाग में अधिकारी वर्ग के वर्षों से रिक्त पड़े पदों का अधियाचन शीघ्र राज्य लोक सेवा आयोग को भेजा जाय ताकि विभाग पूरी क्षमता के साथ अपने दायित्वों का निवर्हन कर सके।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभागीय ढांचा, कार्मिकों की स्थिति, प्रदेश के औषधि निर्माण एवं विक्रय प्रतिस्थानों पर छापामारी एवं नमूना संग्रहण, औषधि निर्माण इकाईयांं में डब्ल्यूएचओ एवं केन्द्रीय औषध मानक संबंधी निरीक्षण, ब्लड बैंकों की स्थिति, मनःप्रभावी औषधियों के दुरूपयोग की रोकथाम आदि के आंकड़ों का प्रस्तुतिकरण दिया। जिसमें बताया गया कि राज्य में कुल 234 औषधि निर्माण इकाईयां, 79 कास्मेटिक निर्माण इकाई, 20418 थोक एवं फुटकर दवा विक्रेता, 47 ब्लड बैंक, 14 ब्लड स्टोर सेंटर तथा 195 पीएमबीजेके पंजीकृत हैं। विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 से आतिथि तक औषधि नियंत्रण शाखा के तहत विभिन्न स्त्रोतों से 4 करोड़ 2 लाख 90 हजार का राजस्व अर्जित किया। इसी प्रकार विभाग द्वारा जनवरी 2021 से माह जुलाई 2021 तक औषधि के 245 नमूने संग्रह किये जिसमें से 218 की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। जिनमें 194 मानक स्तर एवं 24 अधोमानक स्तर पर पाये गये। विभागीय मंत्री ने सभी कार्मिकों को और बेहत्तर कार्य करने के निर्देश दिये। विभागीय कार्मिकों की जनपद स्तर पर पृथक कार्यालय एवं सहायक स्टाफ की आवश्यकता को देखते हुए डा. रावत ने उच्चाधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिये। 


बैठक में आयुक्त एफडीए एवं सचिव स्वास्थ्य पंकज कुमार पांडेय, अपर आयुक्त एफडीए एवं अपर सचिव ए.एस. चौहान, सहायक औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह, एस. एस. भंडारी, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक डॉ. सुधीर कुमार, नीरज कुमार, मीनाक्षी बिष्ट, औषधि नियंत्रक राजेन्द्र रावत, मानेंद्र सिंह राणा, संजय सिंह, अनिता भारती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


वी.पी.सिंह बिष्ट

जनसंपर्क अधिकारी/ मीडिया प्रभारी

मा. चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री।

 देहरादून :




  मंत्री द्वारा प्रसवोपरान्त माता एवं कन्या शिशु के पोषण, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य देखभाल हेतु मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट में महिला हेतु बादाम गिरी/सुखी खुमानी/अखरोट, छुआरा, 2 जोड़े जुराब, गर्म काॅटन स्काॅर्प, एक बड़ा व एक छोटा तौलिया, मौसम अनुसार वार्म/काॅटन ब्लैंकेट, फुल साइज गर्म शाॅल, सिंगल बैड तकिये कवर के साथ काॅटन प्रिन्ट में बेडशीट, 2 पैकेट सेनेटरी नैपकिन, सरसों का तेल, साबुन और कपड़े धोने का साबुन किट में दिया गया तथा कन्या शिशु हेतु 2 जोड़े शिशु के कपड़े सूती या गर्म मौसम के अनुसार टोपी- जुराब सहित, सूती लंगोट के कपड़े, साॅफ्ट काॅटन बेबी तौलिया, बेबी साबुन-तेल-पाउडर, रबर सीट मौसम अनुसार गर्म/काॅटन बेबी ब्लैंकेट, टीकाकरण कार्ड, स्तनपान/पोषाहार कार्ड, समस्त सामग्री पैक करने हेतु बैग और साथ में  मुख्यमंत्री का सन्देश सामग्री के साथ वितरित किया गया।
मंत्री ने किट वितरित करते समय महिलाओं से बेटियों का बेहतर तरीके से लालन-पालन करने को कहा। कहा कि पैदा होने वाली बेटियों के लिए इस तरह की राज्य सरकार नेे 50 हजार किट वितरित की हैं साथ ही इसको आगे भी वितरित करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बेटियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरित करने का सरकार का मकसद ये है कि लिंगानुपात में सुधार लाया जा सके। लोग बेटा-बेटी को लेकर किसी भी तरह का संकोच ना रखे साथ ही लालन-पालन से लेकर शिक्षा-दीक्षा सभी में बेटी को भी बेटों की तरह लें।
इस दौरान सचिव बाल विकास हरीश सेमवाल ने कहा कि आज बेटी को लेकर लोगों की सोच मे बहुत सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। लोग आज समझ चुके हैं कि बेटियों को यदि हम बेटों की तरह विकसित होने का पूरा अवसर प्रदान करेंगे तो बेटियां भी किसी से कम नहीं निकलती और देश-दुनिया में देखा  जा सकता है है कि बेटियां आज बेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नये-नये कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। इसी बीच माननीय मंत्री ने मंदिर प्रांगण में वृक्ष का रोपण भी किया।
इस दौरान मंत्री के साथ सचिव हरीक्ष सेमवाल, अपर सचिव प्रशांत आर्य, उप निदेशक एस.के सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ अखिलेश मिश्रा, स्थानीय पार्षद दिनेश प्रसाद सती व सुशीला रावत सहित बड़ी संख्या में महिलायें,  विभागीय कार्मिक और स्थानीय लोग उपस्थित थे।

उपाध्यक्ष उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग पीसी गोरखा की अध्यक्षता में वर्ष 2000 से बैकलॉग की अद्यतन स्थिति की समीक्षा बैठक जनजाति कल्याण निदेशालय में आहूत की गई।
समीक्षा बैठक में विभिन्न विभाग के अधिकारियों द्वारा क्रमवार पदों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। माननीय उपाध्यक्ष ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष रिक्त पदों के अधियाचन जारी कर भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू करें तथा प्रत्येक विभाग रोस्टर की गणना करते हुए रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही यथाशीघ्र करें। उन्होंने रिक्त पदों भरने के संबंध में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। विभागों को रोस्टर की प्रति आयोग को उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में देव सिंह, विधि सलाहकार, श्रीमती कविता टम्टा, सचिव उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग , के तिवारी लघु सिंचाई विभाग, मुकेश कुमार ग्रामीण निर्माण विभाग, प्रदीप कुमार रेशम विभाग, नीरज कुमार एस एम आई डेयरी विकास विभाग, डॉ अजय कुमार वर्मा कृषि विभाग,  मुकेश ध्यानी प्रशासनिक अधिकारी कृषि विभाग, नरेश कुमार व्यक्तिक सहायक एवं केसी आर्य उपस्थित रहे।

 


 सचिव/सिविल जज (सी0डि0) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नेहा कुशवाहा ने अवगत कराना है कि माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार जनपद देहरादून की समस्त न्यायालयों में समस्त प्रकृति के मुकदमों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किये जाने हेतु दिनांक 11 सितम्बर, 2021 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया गया है। जिसमें फौजदारी के शमनीय वाद, राजस्व सम्बन्धित वाद, धारा 138 एन.आई.एक्ट से सम्बन्धित वाद, विधुत एवं जलकर बिलों के मामलें, मोटर दुर्घटना प्रतिकर सम्बन्धित वाद, वेतन-भत्तों एवं सेवानिवृत्ति से सम्बन्धित वाद, वैवाहिक/कुटुम्ब न्यायालयों के वाद, धन वसूली से सम्बन्धित वाद, श्रम सम्बन्धित वाद, भूमि अर्जन के वाद, दीवानी वाद  अन्य ऐसे मामले जो सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित हो सके। प्रकार के अधिक से अधिक वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किये जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जो पक्षकार अपने वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित करवाना चाहते है, वह सम्बंधित न्यायालय, जहाँ उनका मुकदमा लम्बित है, में स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थनापत्र (भौतिक या आॅनलाईन) देकर अपने वाद राष्ट्रीय लोक अदालत के लिये नियत करवा सकते हंै।

 देहरादून:

 



जिलाधिकारी डाॅ आर राजेश कुमार द्वारा आज जनपद के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित भारतीय खाद्यान निगम (एफसीआई) गोदाम का औचक निरीक्षण कर खाद्यान के स्टाॅक एवं सप्लाई का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिलापूर्ति अधिकारी, खाद्यान निंयत्रक अधिकारी व सहायकों को खाद्यान भण्डारण एवं वितरण का कार्य समय से पूर्ण करने के निर्देश दिये। 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न योजनाओं के तहत् वितरण किये जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को देखा तथा इस दौरान उन्होने स्टाॅक रजिस्टर का भी अवलोकन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि खाद्यान का भण्डारण एवं स्टाॅक का विवरण अद्यतन रखा जाय। उन्होंने कहा कि यदि खाद्यान भण्डारण एवं वितरण के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायतें प्राप्त होंती हैं तो सम्बन्धित के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम में वर्णित प्राविधानों के अनुसार सख्त कार्यवाही की जायेगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोदाम में एक जगह पर खराब अनाज के पड़े बोरों के बारे में जानकारी प्राप्त करने पर कार्मिकों  ने बताया कि यह राशन अवैध रूप सप्लाई के दौरान जब्त किया गया तथा यत्रतत्र फैले संग्रहित खाद्य सामग्री है, जिस पर जिलाधिकारी ने उक्त राशन को निदेशालय स्तर के माध्यम से समिति बनाकर नष्ट करने के निर्देश दिये ताकि इस खराब अनाज से गोदाम में सप्लाई हेतु रखी गई अन्य खाद्य सामग्री  खराब ना हों। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोदाम में रखे गये चावल, गेंहू एवं चीनी के बोरों का वजन कराया गया जिनका वजन ठीक पाया गया। 

जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिये कि गोदाम में राशन के भण्डारण एवं वितरण प्रतिदिन रजिस्टर अद्यतन रखा जाय साथ ही उन्होंने जनपद के सभी खाद्यान गोदामों एवं विक्रेताओं को खाद्यान सामग्री जमाखोरी एवं कालाबाजारी ना हों, इस पर पैनी नजर रखी जाय। उन्होंनें जिलापूर्ति अधिकारी को निर्देश दिये कि विक्रेताओं एवं जनपद के अन्य क्षेत्रों में मानसून सीजन के दृष्टिगत खाद्यान के भण्डारण एवं वितरण का कार्य समय से किया जाय ताकि खाद्यान सामग्री उपलब्धता जनमानस तक सरलता एवं समय पर पंहुच जाय। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनान्तर्गत जिन लोगों एवं श्रमिक परिवारों के पास अपना घर/व्यवसाय नहीं हैं उन लोगों को अन्नपूर्णा राशन किट बनाकर वितरण करना सुनिश्चित किया जाय। 

 

 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चल रहे कोविड टीकाकरण कैंप का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अभियान में जुटे स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का उत्साहवर्धन किया एवं टीका लगवाने आए सचिवालय कर्मियों एवं उनके परिजनों से भी मुख्यमंत्री ने बात की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण अभियान में और तेजी लायी जायेगी। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में टीकाकरण के कैम्प लगाये गये हैं।


सोशल मीडिया के माध्यम से करना है अच्छे वातावरण का निर्माण : बीएल संतोष 


देहरादून :

 

 भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्यालय में सोशल मीडिया वॉलिंटियर मीट में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री बीएल संतोष ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में अच्छे वातावरण का निर्माण करना है जिससे कि भ्रम फैलाने वाले दल अपने मकसद में विफल हो जाएं।




     उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की खबरे उद्देश्यपरक होनी चाहिए।

आज बाघों की संख्या, डॉल्फिन की संख्या आदि जैसे इकोलॉजिक सिस्टम सरकार के अच्छे निर्णयों से मजबूत हो रहा है। उत्तराखंड में सरकार द्वारा शहद के उत्पादन पर निरंतर अच्छे कार्य किए जा रहे हैं जिससे कि स्वरोजगार को बढ़ावा मिल पा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से आज की दुनिया में हर एक जागरूक व्यक्ति पत्रकार से लेकर कलाकार का रोल अदा कर रहे हैं।

श्री बीएल संतोष ने बताया कि हमें हमेशा सार्थक भाषा का प्रयोग और असुविधा वाली भाषाओं से बचना चाहिए। हमें देश के अच्छे बुद्धिजीवियों के विचारों को सुनना चाहिए और उनका अनुपालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के हर वॉलेंटियर को समय-समय पर अपने व्यवहार और आचरण का आकलन करना चाहिए।

        मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीएल संतोष के प्रवास के माध्यम से  संगठन को मजबूती मिल रही है। और राष्ट्र के लिए नए युवाओं का निर्माण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मोर्चे के पदाधिकारियों का काम सरकार के कल्याणकारी योजनाओं और लाभार्थियों को निरंतर उनसे जुड़े रहना है।  श्री धामी ने  बताया कि विभागो में जितने भी रिक्त पद है उनको भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अतिथि शिक्षकों का मानदेय 15000 से 25000 बढ़ाया है। 

पुलिस विभाग की समस्याओं का स्वयं संज्ञान लेकर एक उप समिति का गठन किया है और  करोना काल में युवाओं के लिए 1 साल की आयु की छूट दी है। एमबीबीएस के छात्रों की छात्रवृत्ति 17000 तक बढ़ा दी है। करोना काल के कारण पर्यटन के क्षेत्र में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 200 करोड़ बजट की व्यवस्था की  है। इस बजट के माध्यम से 165000 लोग इससे लाभान्वित होंगे। दूसरे विश्व युद्ध में सेना के शहीद परिवारों की वीरांगनाओं, शहीद परिवारों की का मानदेय 8000 से बढ़ाकर 10000 कर दिया है, सी डी एस, एन डी, पीसीएस जैसे एग्जाम की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए 50000 तैयारी के लिए दिए जाए जा रहे हैं। 

 कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों या अन्य कारणों से जिनको सामना करना पड़ रहा है उन्हें वात्सल्य योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है और उनके भरण-पोषण के लिए हर माह 3000 दिए जा रहे हैं। महालक्ष्मी योजना के तहत 50,000 लोग लाभान्वित होंगे।

इस अवसर प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन कौशिक ने कहा कि जो वातावरण विपक्ष के द्वारा युवाओं को छलने के लिए चुनाव से कुछ दिन पहले बनाया जारहा है वो सब इसमें सफल नही होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ही उत्तराखंड का  चहुंमुखी विकास कर सकती है और कर रही है। भाजपा सरकार का संदेश अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक सार्थक रूप से पहुंच चुका है।

पार्टी मुख्यालय में पांच समूहो की बैठक में मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सभी मंत्री मौजूद रहे। प्रचार समिति की बैठक में चुनाव प्रचार से संबंधित विषयों को लेकर  चर्चा की गई। वहीं पूर्व में तय रोड मैप पर चर्चा की गई।

भाजपा मुख्यालय में श्री संतोष ने अलग प्रकार की बैठकें ली जिनमेँ सबसे पहले प्रदेश सोशल मीडिया टीम के साथ बैठे तत्पश्चात प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन के लिए मंन्त्री व  पदाधिकाररियों  के  बनाये गए पाँच समूहों की बैठक ली । इसके बाद सोशल मीडिया वॉलिंटियर्स प्रदेश की टोली के साथ बैठक की।

 बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री उत्तराखंड प्रभारी श्री दुष्यंत कुमार गौतम, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उत्तराखंड सह प्रभारी श्रीमती रेखा वर्मा प्रदेश महामंत्री संग़ठन श्री अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री श्री राजेन्द्र भंडारी, श्री कुलदीप कुमार, श्री सुरेश भट्ट , शेखर वर्मा , श्री परितोष बंगवाल सहित बैठक में अपेक्षित मंन्त्री व पदाधिकाररियों ने भाग लिया। शाम को राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बी एल संतोष ने कार्यकर्ताओ से मुलाकात की।



 

संसद में चल रहे मानसून सत्र के दौरान एन0पी0एस0कार्मिक पुरानी पेंशन बहाली हेतु  प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री एवम अपने सांसदों को ट्विटर पर करेंगे टैग




राष्ट्रीय पुरानी पेंशनबहाली सँयुक्त मोर्चा ने अवगत कराया कि पुरानी पेंशन पारिवारिक पेंशन बहाली की मांग पर सरकार का एकमात्र जवाब होता है कि इससे सरकार को बहुत ज्यादा आर्थिक भार आएगा जो कि पूरा सच नहीं है। 

बल्कि इससे उलट नेशनल पेंशन स्कीम लागू रखने से सरकार पर बहुत ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ रहा है। सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार को कर्मचारी के 10% के बराबर सरकारी स्कीम के अंतर्गत  अंश प्रत्येक माह नेशनल पेंशन स्कीम(एन0पी0एस0)के अंतर्गत जमा करना अनिवार्य होता है। जो अब बढ़कर 14% हो गया है।  

कुछ राज्य सरकारें इस बोझ को नियमित नहीं उठा पा रही हैं और कर्मचारी के आलोचना का केंद्र बन रही है। क्योंकि कर्मचारी को इसके ब्याज के रूप में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है इससे उभरने का केंद्र सरकार और राज्य सरकार के पास एकमात्र उपाय है कि पुरानी पेंशन/ पारिवारिक पेंशन बहाल कर दी जाए। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत सरकार 50% वापस लेकर सरकारी खजाने में जमा करें।और 50% कर्मचारियों को जमा राशि जीपीएफ खाता खोलकर उस में जमा कर दें। 

 हर आर्थिक विशेषज्ञ विश्वास पूर्वक यह कह सकता है कि नेशनल पेंशन स्कीम में जमा कर्मचारी को राशि का 50% सरकारी खजाने में वापस जमा होने से सरकार की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा सुदृढ़ हो जाएगी।  बल्कि कई वर्षों के बजट की भी चिंता दूर हो जाएगी। नेशनल पेंशन स्कीम में जमा कर्मचारी के हिस्से की 50% राशि जीपीएफ खाते में जमा किए जाने पर उस राशि को भी लंबे समय तक खर्च करने का सरकार का अधिकार मिल जाएगा।

 ऐसा करने से कर्मचारी के जीवन में सुरक्षित भविष्य का भाव आएगा और वह शासन की नीतियों का पूरी क्षमता से क्रियान्वयन करने के लिए प्रोत्साहित होगा। वर्तमान में अंधकारमयी भविष्य को स्पष्ट देख रहा।  वर्तमान में शेयर बाजार आधारित नेशनल पेंशन स्कीम जिसके बारे में अभी से आकांक्षा व्यक्त की जा रही है कि वह देश का सबसे बड़ा महा घोटाला भविष्य में सिद्ध होगा, के कलंक से भी सरकार को मुक्ति मिल जाएगी। 

पुरानी पेंशन पारिवारिक पेंशन बहाली की मांग करने पर कुछ राजनेता इसे देश से जोड़ देते और कुतर्क करते हैं कि पुरानी पेंशन पारिवारिक पेंशन बहाली देश हित में नहीं है। सबसे पहले तो इस बात को समझना होगा कि लगभग 6000000 से अधिक केंद्रीय और राज्य शासन के कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं। 

वह इसी देश के सम्मानित नागरिक हैं और सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों के क्रियान्वयन के लिए ही उनकी नियुक्ति होती है। कर्मचारी सरकार की नीतियों के क्रियान्वयन के लिए अपना सारा जीवन खपा देता है। सेवानिवृत्त उपरांत सरकार कर्मचारी के संवैधानिक अधिकार पुरानी पेंशन का अधिकार प्रदान कर देती है तो कर्मचारी के जीवन में खुशहाली आएगी।

 वह अपने बुढ़ापे का जीवन जीने के लिए आत्मनिर्भरतो के साथ साथ अपने पारिवारिक उत्तरदायित्व का भी निर्वहन बेहतर तरीके से करने में सक्षम हो पाएगा। स्वाभाविक है कर्मचारी खुश होगा तो देश में भी खुशहाली आएगी। कहने का आशय कर्मचारी को पुरानी पेंशन बहाली विशुद्ध देशहित में है। इसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए।

 बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा तात्कालिक सरकार को अपने हित साधने के लिए आंकड़ों की कालाबाजारी दिखाकर पुरानी पेंशन, पारिवारिक पेंशन बंद कर नेशनल पेंशन स्कीम लागू करने के लिए बाध्य किया गया था।

 पुरानी पेंशन करने से सरकार का अंग होते हुए भी सरकारी कर्मचारी सरकार के बीच अविश्वास की खाई बन गई है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा षड्यंत्र रच कर जिस पाश्चात्य उपभोक्ता संस्कृति यूज एंड थ्रो को जन्म दिया गया था वह बिल्कुल भी देश हित में नहीं है। 

देश हित में वही होता है जो देशवासियों के हित में होता है। लगभग  60 लाख से अधिक पुरानी पेंशन विहीन कर्मचारी और उनका  वंचित परिवार जिनकी संख्या लगभग तीन करोड़ के आसपास ठहरती है के हित में कर्मचारी स्वयं पुरानी पेंशन की मांग से माननीय राजनेताओं को भूतकाल में की गई बड़ी गलती को सुधारने का उचित अवसर मिल रहा है। इस गलती को सुधारने के अवसर को सरकार को इक्का-दुक्का व्यक्तियों की जिद के आगे गवाना नहीं चाहिए।

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को पुरजोर तरीके से राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली सँयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी0पी0सिंह रावत के नेतृत्व में पूरे देश के लाखों कार्मिक आवाज उठा रहे है कार्यक्रमो के क्रम में मानसून सत्र में पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे पर गंभीरता पूर्वक विचार करने के लिए वर्तमान केंद्र सरकार से ट्विटर अभियान के माध्यम  से  1 अगस्त 2021 को पुरानी पेंशन बहाली की   मांग  रखी जाएगी जिसमे माननीय प्रधानमंत्री जी और सभी केंद्रीय मंत्री  एवं सांसद और राज्यों के मुख्यमंत्रियों  को टैग  करके हेज टैग #MonsoonSassion_RestoreOPS  के माध्यम से पुरानी पेंशन बहाली की आवाज सदन तक पहुंचाई जाएगी  जिसमे देश के 60 लाख से भी अधिक सभी  एनपीएस कार्मिक  सहयोग करेगे राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत ने कहा है कि 

अभी कोरोना संकट होने के कारण सड़को पर उतरना देश हित में ठीक नही है केंद्र सरकार  एनपीएस कार्मिकों के हित में कोई बड़ा फैसला नही लेती है तो  जैसे ही कोरोना संकट  से स्थिति ठीक होती है तो राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली सयुक्त मोर्चा के द्धारा संसद मार्च किया जाएगा   देश व्यापी बड़े आंदोलन किए जायेगे मात्र एक दिन के कार्यकाल में विधायक सांसद को पुरानी पेंशन और एनपीएस कार्मिक देश सेवा में 35 वर्ष अग्रणी भूमिका में योगदान देता है उसको एनपीएस बाजार आधारित पेंशन ये कैसा न्याय है   पुरानी पेंशन बहाली मुद्दा देश के विकास से जुड़ा मुद्दा है इसका लाभ सिर्फ कार्मिकों को ही नही बल्कि पुरानी पेंशन देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगा इस बात को वर्तमान केंद्र सरकार को समझना चाहिए  राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली सयुक्त मोर्चा पुरानी पेंशन बहाली मांग को लेकर संघर्षरत हैं सभी एनपीएस कार्मिक  हर कार्यक्रम में सहयोग कर रहे हैं पुरानी पेंशन बहाली मुद्दा सत्ता में बैठी हुई सरकार हो चाहे कोई भी राजनीतिक दल हो सभी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है 

ट्विटर अभियान को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली सँयुक्त मोर्चा की ऑनलाइन बेबीनार बैठक में  सँगठन के अनिल बडोनी प्रदेश अध्यक्ष, योगिता पंत प्रदेश अध्यक्ष(महिला मोर्चा),मिलेन्द्र बिष्ट प्रदेश सयोंजक, देवेन्द्र बिष्ट प्रदेश उपाध्यक्ष, डॉ0 डी0सी0पसबोला, सुभाष देवलियाल, प्रदेश सलाहकार, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, डॉ0कमलेश मिश्रा,प्रदेश प्रेस सचिव,लक्ष्मण रावत प्रदेश मीडिया प्रभारी,जयदीप रावत गढ़वाल अध्यक्ष, नरेश भट्ट, गढ़वाल महासचिव, रश्मि गौड़ (महिला उपाध्यक्ष )गढ़वाल मंडल, कपिल पांडेय, अध्यक्ष, कुमाऊं मण्डल, सुबोध कांडपाल महासचिव कुमाऊं मण्डल,रेनु डांगला (महिला उपाध्यक्ष)कुमाऊँ मण्डल आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गयी बैठक में प्रदेश आई0टी0सेल के प्रभारी के रूप में अवधेश सेमवाल को नियुक्त किया गया।

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