उत्तराखंड LUCC चिट फंड मामले में चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 01.06.2026 को मुंबई, महाराष्ट्र में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी जांच टीम के लगातार और गहन प्रयासों के बाद की गई, जिसमें भारी मात्रा में वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण, बैंक लेनदेन की जांच, मौखिक साक्ष्य जुटाना और देश के विभिन्न राज्यों में व्यापक फील्ड जांच शामिल थी।
नैनीताल स्थित उत्तराखंड के माननीय उच्च न्यायालय के दिनांक 17.09.2025 के आदेश (WPCRL संख्या 1020/2025 और अन्य मामलों में पारित) के अनुपालन में, CBI, ACB, देहरादून ने 26.11.2025 को IPC, BNS, उत्तराखंड जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम (UPID अधिनियम) और अनियमित जमा योजनाएं प्रतिबंध अधिनियम (BUDS अधिनियम) की विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया था। यह मामला M/s लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) के विभिन्न पदाधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था, जिसके लिए उत्तराखंड की राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गई 18 FIRs की जांच CBI ने अपने हाथ में ले ली थी।
यह मामला LUCC द्वारा सार्वजनिक जमाओं के अवैध संग्रह, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश, अनियमित जमा योजनाओं के संचालन, धन के गबन आदि के आरोपों से संबंधित है। इस घोटाले ने उत्तराखंड राज्य के कई जिलों में बड़ी संख्या में जमाकर्ताओं को प्रभावित किया है।
अब तक की जांच में, उत्तराखंड राज्य में जनता के साथ हुई धोखाधड़ी का एक अभूतपूर्व पैमाना सामने आया है। इसमें बहुत बड़ी संख्या में निवेशकों (लगभग एक लाख से अधिक निवेशक) को LUCC की विभिन्न अनियमित जमा योजनाओं में निवेश करने के लिए लुभाया गया था। इन जमाकर्ताओं द्वारा किए गए कुल निवेश/जमा की राशि लगभग 800 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। जांच से पता चला है कि ये दोनों आरोपी, जिन्हें 01.06.2026 को गिरफ्तार किया गया था, मुख्य आरोपियों में से हैं और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचते हुए, LUCC द्वारा चलाई जा रही विभिन्न अनियमित जमा योजनाओं के तहत जमाकर्ताओं से एकत्र की गई धनराशि के संग्रह, प्रबंधन, हेराफेरी और दुरुपयोग में सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जांच के दौरान जुटाए गए सबूत लाखों निवेशकों से जुटाई गई धनराशि के मार्ग-निर्धारण (routing), प्रबंधन और उपयोग से जुड़ी बड़ी साजिश में उनकी संलिप्तता का संकेत देते हैं। ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद, दोनों आरोपियों को देहरादून स्थित माननीय BUDS अधिनियम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
CBI ने इससे पहले, 12 और 13 मई, 2026 को 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें उत्तराखंड में LUCC के 03 वरिष्ठ सहकारी प्रमोटर शामिल थे; इन्होंने उत्तराखंड में जनता से सक्रिय रूप से जमा राशि एकत्र की थी और चेस्ट शाखाओं का प्रबंधन कर रहे थे। ये सभी 05 आरोपी वर्तमान में देहरादून की सुधोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
ये गिरफ्तारियां सार्वजनिक जमाओं के अवैध संग्रहण और हेराफेरी के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने की CBI की जांच में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई हैं। CBI ने अपराध से अर्जित आय से आरोपियों द्वारा खरीदी गई कई अचल संपत्तियों का विवरण भी प्राप्त किया है, और यह विवरण BUDS अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी, यानी उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव के साथ साझा किया गया है; इसके साथ ही, इन संपत्तियों को फ्रीज करने और BUDS अधिनियम के प्रावधानों के तहत पीड़ितों को वितरित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया गया है। CBI जांच को शीघ्रता से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आगे की जांच जारी है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मानसून अवधि के लिए सभी विभाग रहें पूरी तरह सतर्क*
*रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक का सख्ती से पालन हो*
*धामों में क्षमता के अनुरूप दर्शन व्यवस्था के लिए बनाई जाए एसओपी, भीड़ प्रबंधन हो वैज्ञानिक एवं चरणबद्ध*
*होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पार्किंग एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं*
*चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों के डीएम और एसपी नियमित समीक्षा कर व्यवस्थाएं और बेहतर बनाएं*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय, प्रभावी संवाद और सुव्यवस्थित प्रबंधन से यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्गों पर ट्रकों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात्रिकाल में ही अनुमति दी जाए तथा दिन के समय ऐसे वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी धाम अथवा पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में नीचे स्थित होल्डिंग एरिया एवं प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को आगे भेजा जाए, जिससे धामों में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के दौरान श्रद्धालुओं को केवल रोका न जाए, बल्कि उन्हें इसके कारण, संभावित प्रतीक्षा अवधि तथा आगे की व्यवस्थाओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पुलिस, प्रशासन एवं यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील, विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में सूचना के अभाव का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली , एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप चौनल एवं एफएम रेडियो के माध्यम से लगातार अद्यतन सूचनाएं प्रसारित की जाएं। मार्ग अवरोध, मौसम में बदलाव, यातायात जाम अथवा दर्शन में विलंब जैसी परिस्थितियों की जानकारी भी समय रहते यात्रियों तक पहुंचाई जाए, जिससे भ्रम एवं असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का प्रथम चरण प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक संचालित हुआ है। अब यात्रा दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मानसून एवं प्रतिकूल मौसम प्रमुख चुनौती होंगे। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता, नियंत्रण तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से प्राप्त फीडबैक, शिकायतों एवं सुझावों की दैनिक समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एम्बुलेंस एवं राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति अथवा मार्ग अवरोध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त एवं आईजी गढ़वाल को चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों में रेट लिस्ट का अनिवार्य प्रदर्शन सुनिश्चित करने तथा खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग कर गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने चारों धामों एवं पैदल यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने पैदल मार्गों पर पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था एवं उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा हेतु राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी तत्काल समन्वय स्थापित कर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचा सकें। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में शेड स्थापित करने तथा वर्षा एवं धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री भरत चौधरी, विधायक श्री अनिल नौटियाल, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय कुमार रोहिला, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री विनोद कुमार सुमन, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी तथा वर्चुअल माध्यम से विधायक श्री सुरेश चौहान, श्रीमती आशा नौटियाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री हेमंत द्विवेदी, आयुक्त गढ़वाल श्री आनंद स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।
मेष
अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। अनहोनी की आशंका रहेगी। शत्रुभय रहेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। कोई नई समस्या आ सकती है।
वृषभ
ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
रुके हुए कार्यों में गति आएगी। घर-बाहर सभी अपेक्षित कार्य पूर्ण होंगे। दूसरों के कार्य की जवाबदारी न लें। वाणी पर नियंत्रण रखें। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। पार्टनरों से मतभेद संभव है। व्यवसाय ठीक चलेगा। समय नेष्ट है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें।
मिथुन
का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह
नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। संचित कोष में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। जीवनसाथी से अनबन हो सकती है। स्थायी संपत्ति खरीदने-बेचने की योजना बन सकती है। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी।
कर्क
ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। लेन-देन में सावधानी रखें। शत्रुओं का पराभव होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। भय रहेगा। प्रमाद न करें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यापार में अधिक लाभ होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी।
सिंह
मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। मातहतों से अनबन हो सकती है। कुसंगति से हानि होगी। पारिवारिक समस्याओं में इजाफा होगा। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। भागदौड़ रहेगी। दूर से बुरी खबर मिल सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। दूसरों से अपेक्षा न करें।
कन्या
ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। किसी बड़े काम करने की योजना बनेगी। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। भाइयों का सहयोग मिलेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पुराने किए गए प्रयासों का लाभ मिलना प्रारंभ होगा। मित्रों की सहायता कर पाएंगे।
तुला
रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। सुख के साधन जुटेंगे। पराक्रम बढ़ेगा। घर में मेहमानों का आगमन होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यय होगा। किसी पारिवारिक आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। शत्रु परास्त होंगे।
वृश्चिक
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है।
धनु
ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों के कार्य में दखल न दें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। लाभ बढ़ेगा। यात्रा में सावधानी रखें। जल्दबाजी से हानि होगी। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। पुराना रोग उभर सकता है।
मकर
भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। किसी के व्यवहार से स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। व्यापार में वृद्धि होगी। कोई बड़ी बाधा आ सकती है। राजभय रहेगा। जल्दबाजी से काम बिगड़ेंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।
कुंभ
गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
सभी तरफ से सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। आय बढ़ेगी। घर में प्रसन्नता रहेगी। ऐश्वर्य पर व्यय हो सकता है। नई योजना बनेगी जिसका लाभ तुरंत नहीं मिलेगा। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। चिंता तथा तनाव हावी रहेंगे।
मीन
दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
व्यापार लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। बेचैनी रहेगी। चोट व रोग से बचें। विवेक से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के काम बनेंगे। अध्यात्म में रुचि बढ़ेगी।
देहरादून :
*नोटिस, सुनवाई और मोहलत के बाद हुई कार्रवाई, अवैध निर्माण को किया गया सील*
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और बिना वैधानिक अनुमति संचालित गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए डोईवाला तहसील के ग्राम कण्डोगल कुडियाल (थानों) स्थित एक मस्जिद एवं मदरसा भवन को सील कर दिया है। प्राधिकरण की यह कार्रवाई उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 के तहत की गई।एमडीडीए के अनुसार संबंधित भवन के प्रथम एवं द्वितीय तल पर बिना आवश्यक स्वीकृतियों के मस्जिद का संचालन किया जा रहा था। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि परिसर में मदरसा भी संचालित किया जा रहा है, जबकि इसके लिए आवश्यक विभागीय अनुमतियां और पंजीकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। प्राधिकरण का कहना है कि भवन के विरुद्ध पूर्व में भी चालान की कार्रवाई की जा चुकी थी और संबंधित पक्ष को कई अवसर दिए गए थे, लेकिन नियमों के अनुरूप दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
*पहले भी हुई थी कार्रवाई, दिया गया था समय*
एमडीडीए अधिकारियों के मुताबिक भवन के प्रथम तल को 17 दिसंबर 2025 को सील किया गया था। इसके बाद जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने प्राधिकरण को पत्र भेजकर इमामों के आवास की व्यवस्था न होने का हवाला देते हुए कुछ अतिरिक्त समय की मांग की थी। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्राधिकरण ने सीमित अवधि के लिए राहत प्रदान की और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संबंधित पक्ष से उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी), उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा परिषद से पंजीकरण एवं मान्यता संबंधी अभिलेख सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। मामले की सुनवाई के लिए 7 जनवरी 2026 तथा 11 फरवरी 2026 की तिथियां भी निर्धारित की गईं, लेकिन निर्धारित समयावधि में अपेक्षित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए।
*निरीक्षण में जारी मिला मदरसे का संचालन*
प्राधिकरण के निरीक्षण के दौरान भवन परिसर में मदरसे का संचालन जारी पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि लगातार नोटिस, सुनवाई और पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद नियमों का अनुपालन नहीं किया गया। आवश्यक अनुमतियों और अभिलेखों के अभाव में भवन का उपयोग जारी रहने को गंभीर उल्लंघन मानते हुए एमडीडीए ने कार्रवाई का निर्णय लिया। इसके बाद 01 जून 2026 को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में संपूर्ण चालानशुदा अवैध निर्माण को सील कर दिया गया। उक्त कार्रवाई में सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता दीपक नौटियाल, सुपरवाइजर, नायब तहसीलदार डोईवाला राजेन्द्र सिंह रावत, और थानाध्यक्ष रानीपोखरी व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माण सील किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
*नियमों के पालन पर सख्त रुख*
प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी धार्मिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक अथवा आवासीय गतिविधि का संचालन निर्धारित नियमों और वैधानिक स्वीकृतियों के अनुरूप होना अनिवार्य है। सभी संस्थानों और भवन स्वामियों के लिए एक समान नियम लागू हैं तथा किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को अवैध निर्माण और बिना अनुमति संचालित संस्थानों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। हाल के महीनों में एमडीडीए ने विभिन्न क्षेत्रों में अवैध निर्माणों और अनधिकृत गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज किया है।
*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या समुदाय विशेष को लक्षित करना नहीं है, बल्कि कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य, संस्थान का संचालन अथवा भूमि उपयोग परिवर्तन निर्धारित नियमों और आवश्यक स्वीकृतियों के अनुरूप होना चाहिए। संबंधित पक्ष को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए, सुनवाई का अवसर दिया गया तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय भी उपलब्ध कराया गया। मानवीय आधार पर अतिरिक्त मोहलत भी दी गई, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन की स्थिति बनी रही। ऐसे में अधिनियम के तहत उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करना आवश्यक था। एमडीडीए भविष्य में भी अवैध निर्माण, अनधिकृत संस्थानों और बिना अनुमति संचालित गतिविधियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रखेगा।
*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
संबंधित पक्ष को नियमानुसार सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया था। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय भी उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद निर्धारित अवधि के भीतर अपेक्षित अभिलेख प्राधिकरण को प्राप्त नहीं हुए। निरीक्षण में नियमों के उल्लंघन की स्थिति पाए जाने के बाद उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 के तहत भवन को सील करने की कार्रवाई की गई। एमडीडीए की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में सभी निर्माण और गतिविधियां निर्धारित नियमों एवं वैधानिक स्वीकृतियों के अनुरूप संचालित हों।
*राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में शैक्षिक सुधार, महिला सुरक्षा, अर्बन माओवाद और वैश्विक परिदृश्य पर चार प्रस्ताव पारित*
'‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’, वंदे मातरम् के 150 वर्ष और राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा के 60 वर्ष पर अभाविप चलाएगा देशव्यापी अभियान*
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक 29 से 31 मई के मध्य महाप्रभु जगन्नाथ की पावन भूमि भुवनेश्वर में संपन्न हुई, देशभर के 46 प्रांतों से कुल 400 से अधिक प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में सहभाग किया। बैठक में 'शैक्षिक सुधारों को परिणामकारी बनाने हेतु धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक', 'सशस्त्र माओवाद के समाप्तिकाल में शहरी माओवाद एक गंभीर चुनौती', 'संगठित आपराधिक एवं जिहादी मानसिकता से महिलाओं के शोषण तथा मतांतरण पर लगे लगाम' एवं 'वैश्विक अनिश्चितता के दौर में संयम एवं सजगता का सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प समय की मांग' विषयक चार प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया है।
राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के पूर्व 27 मई को आयोजित केंद्रीय कार्यसमिति बैठक में 'लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना हेतु पश्चिम बंग के जनमानस का अभिनंदन' विषयक अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया था। वहीं, अभाविप ने बैठक के माध्यम से भारतीय उद्योग जगत से अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया है, जिससे विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में गति प्राप्त होगी।
राष्ट्रीय परिदृश्य, शिक्षा व्यवस्था, युवाओं की भूमिका, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक विषयों तथा समसामयिक चुनौतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। साथ-ही, अखिल भारतीय विचार बैठक एवं संगठनात्मक विचार बैठक के निर्णयों की समीक्षा, अभियानात्मक, कार्यक्रमात्मक एवं संगठनात्मक कार्यों का मूल्यांकन तथा आगामी वर्ष की विस्तृत कार्ययोजना का भी निर्धारण किया गया। अन्तर्राज्यीय छात्र जीवन दर्शन (SEIL) की गौरवपूर्ण राष्ट्रीय एकात्मकता यात्रा के 60 वर्ष पूर्ण होने पर 'SEIL@60' कार्यक्रम सम्पूर्ण भारत में आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 'स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’, आपातकाल निषेध के 50 वर्ष, श्री गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस के 350 वर्ष तथा संत रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव जैसे विभिन्न उपलक्ष्यों पर वर्षभर देशव्यापी अभियान चलाए जाएंगे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, "राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में पारित प्रस्ताव केवल वर्तमान चुनौतियों पर अभाविप की प्रतिक्रिया नहीं हैं, बल्कि विकसित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु हमारी व्यापक दृष्टि को भी प्रतिबिंबित करते हैं। शिक्षा व्यवस्था को अधिक परिणामकारी एवं छात्र-केंद्रित बनाने, राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष उपस्थित शहरी माओवाद जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान करने, महिलाओं के विरुद्ध संगठित अपराध एवं मतांतरण के षड्यंत्रों पर अंकुश लगाने तथा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने का सामूहिक संकल्प इस बैठक के माध्यम से व्यक्त हुआ है। भारत को वैश्विक नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए युवा शक्ति, शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के मध्य सशक्त समन्वय आवश्यक है। अभाविप ने बैठक के माध्यम से भारतीय उद्योग जगत से आह्वान किया है कि वह अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाए तथा युवाओं और विश्वविद्यालयों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करे। हमें विश्वास है कि भारत का युवा वर्ग अपनी प्रतिभा, नवाचार क्षमता और राष्ट्रीय चेतना के बल पर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा तथा अभाविप की यह राष्ट्रीय कार्यकारी बैठक इस दिशा में सतत नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगी।"
चमोली;
*फिट इंडिया और सीमांत पर्यटन को नई उड़ान देने की पहल*
चमोली जनपद की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में रविवार को ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य शुभारंभ हुआ।
पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ काबीना मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना है।
उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और द्वितीय रक्षा पंक्ति के गांव और अधिक मजबूत होंगे।
जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया जाएगा। पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।
उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में 5, 10 एवं 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। समापन अवसर पर गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
इससे पूर्व शनिवार रात्रि मलारी गांव में पर्यटन विभाग द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। लोकगायक किशन महिपाल ने अपने लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभागियों एवं स्थानीय लोगों ने देर रात तक उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, गृह सचिव शैलेश बगोली, सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारी-जवान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।