पारम्परिक फूलोई मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं : विजयपाल सजवाण
उत्तरकाशी:
पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने जनपद के बाड़ागड्डी क्षेत्र के कुरोली, किशनपुर एवं अलेथ गांवों में आयोजित पारम्परिक फूलोई मेले में प्रतिभाग कर क्षेत्र के आराध्य देवताओं की पावन डोलियों के दर्शन एवं देव आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को फूलोई मेले की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की।
इससे पूर्व उन्होंने धनारी क्षेत्र के फोल्ड गांव में आयोजित ध्याणी मिलन समारोह तथा सिरोर गांव के पारम्परिक मेले में भी सहभागिता कर ग्रामीणों से आत्मीय भेंट की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान श्री सजवाण ने क्षेत्र के आराध्य भगवान श्री हरि महाराज, भगवान नागराजा देवता, माँ खण्डद्वारी, हूण देवता एवं भगवान श्री छत्र घंडियाल देवता के पावन सानिध्य में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में श्रद्धापूर्वक सहभागिता करते हुए देव आशीर्वाद ग्रहण किया।
पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने कहा कि फूलोई मेला उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था, प्रकृति के प्रति श्रद्धा और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। ऐसे पारम्परिक मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ समाज को आपसी भाईचारे और एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि मेले में ग्रामीणों के साथ आत्मीय संवाद, पारम्परिक रासो नृत्य और लोक संस्कृति की मनमोहक झलक ने पूरे वातावरण को श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा से ओत-प्रोत कर दिया।
उन्होंने कहा कि हमारी लोक परम्पराएं और सांस्कृतिक धरोहर ही हमारी वास्तविक पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी गौरवशाली संस्कृति, परम्पराओं और संस्कारों से प्रेरणा प्राप्त करती रहें।
इस दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से विभिन्न जनसरोकारों पर भी चर्चा हुई। क्षेत्रवासियों ने श्री सजवाण के जनहितैषी कार्यों, सहज एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व तथा विकासोन्मुख सोच की सराहना करते हुए उनके प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया। ग्रामीणों ने क्षेत्र के समग्र विकास और जनभावनाओं के अनुरूप नेतृत्व की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री सजवाण के प्रति व्यापक समर्थन और सकारात्मक जनभावना को भी व्यक्त किया।
अंत में श्री सजवाण ने समस्त आराध्य देवताओं से क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि देवताओं की असीम कृपा पूरे क्षेत्र पर सदैव बनी रहे तथा हमारी सांस्कृतिक परम्पराएं इसी प्रकार पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनी रहें।





