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rekha arya motor road inaugurated

 *सुनियाकोट-ओलिया मोटर मार्ग का शुभारंभ*


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*सोमेश्वर/ अल्मोड़ा, 13 जून



  कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कंडारकुआं मंडल के अंतर्गत सुनियाकोट-मटीला मोटर मार्ग से ओलिया गांव तक प्रस्तावित 3 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग निर्माण कार्य का वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ विधिवत शुभारंभ किया। 


इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों एवं महिलाओं ने निर्माण कार्य प्रारंभ होने पर खुशी व्यक्त की। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से सड़क सुविधा के अभाव में उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस मोटर मार्ग के निर्माण से आवागमन सुगम होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी।


इस मौके पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ओलिया गांव के लिए मोटर मार्ग निर्माण ग्रामीणों का कई दशकों पुराना सपना था, जो आज साकार होने जा रहा है।


 उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। ₹77 लाख की लागत से बनने वाली यह सड़क स्थानीय मातृशक्ति और ग्रामीणों के जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।


कार्यक्रम में कंडारकुआं मंडल अध्यक्ष हरीश परिहार, जिला मंत्री बिशन कंवल, मंडल महामंत्री गोपाल दत्त सती, भुवन फर्त्याल, दीवान नेगी, पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपाल परिहार, प्रताप सिंह, राजेंद्र परिहार, राजेंद्र नेगी, प्रकाश सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।


देहरादून/उत्तराखंड: 



 7 सूत्रीय मांगों को लेकर आयुर्वेदिक डॉक्टरों का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। संघ के स्टेट मीडिया कोर्डिनेटर डॉ० डी० सी० पसबोला ने बताया कि आज चिकित्सकों ने पूरे दिन पूर्ण कार्य बहिष्कार किया। साथ ही सम्पूर्ण प्रदेश में सभी चिकित्सालयों एवं जिला मुख्यालयों में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करके विरोध दर्ज किया गया। कई मरीजों को बिना इलाज के ही घर वापिस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्थानीय जनता द्वारा आयुर्वेदिक डॉक्टरों की मांगों  का पूर्ण समर्थन किया जा रहा है और राज्य सरकार से सभी मांगों के शीघ्र समाधान हेतु अपील भी की जा रही है। ताकि फिर से चिकित्सालयों में चिकित्सा सुविधा सुचारू रूप से चल सके। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि उनकी वर्षों से लंबित मांगों की अनदेखी के कारण सभी चिकित्सकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।


डॉ० पसबोला ने आगे कहा कि यदि शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को ओर भी अधिक व्यापक बनाया जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।


राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नीरज कोहली एवं महासचिव डॉ हरदेव रावत ने कहा कि प्रांतीय संघ के आवाह्न पर आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं निदेशालय में विरोध एवं‌ धरना प्रदर्शन में सम्पूर्ण प्रदेश के आयुर्वेदिक डॉक्टर सक्रिय रूप से प्रतिभाग करें.

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग* 

 *प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में बनाई मजबूत पहचान : मुख्यमंत्री* 




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष जनसंपर्क अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री का छोलिया एवं थारू सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों तथा पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह दो दिवसीय खटीमा प्रवास पर हैं और अपने प्रवास के कार्यक्रमों की शुरुआत बग्घा चौवन से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इन 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनसे भारत आज विश्व में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं और अभियानों की शुरुआत की। मातृ शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान शुरू किया गया, जिससे बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित हुए हैं।


उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देशभर में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाया गया और करोड़ों परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं और बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया गया। हर घर जल योजना के माध्यम से दूरस्थ और जल संकट वाले क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का अभियान चलाया गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तराखंड में भी प्रत्येक पात्र नागरिक को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, जिसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है।


उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब पूरी दुनिया प्रभावित थी और लोगों के रोजगार पर संकट आया था, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई, जिसके माध्यम से करोड़ों लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर देशवासियों को निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई तथा विश्व के अनेक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर वैश्विक सहयोग और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जेल भेजा गया है।



उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक क्षेत्र में विकास की गति तेज हो और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।



मुख्यमंत्री ने कहा कि बग्घा चौवन क्षेत्र में भी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।



इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री श्री रंजीत सिंह नामधारी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सतीश भट्ट, श्री राजपाल सिंह, श्रीमती विमला बिष्ट, श्री सोमनाथ मौर्य, श्री मोहन सिंह चुफाल, श्री देवेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्री देवेश शाशनी, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. उत्तम सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल, उपजिलाधिकारी श्री तुषार सैनी, श्री हिमांशु कफल्टिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 *मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा* 

 *अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से उत्तराखण्ड बनेगा साहसिक खेलों और पर्यटन का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।



निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।



उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।


इस अवसर पर विधायक श्री अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



 देहरादून:


 दिनांक 12 जून 2026 को देर शाम सिविल डिफेंस पोस्ट संख्या 4 दक्षिण प्रभाग की मीटिंग सेक्टर वार्डन श्री अमरजीत सिंह गांधी के निवास गुरु रोड देहरादून पर आयोजित हुई।

 


सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा संगठन) देहरादून की वार्डन पोस्ट संख्या 4 दक्षिण प्रभाग में सर्व सहमति के उपरांत श्री श्यामेंद्र कुमार साहू  (उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा संगठन देहरादून) द्वारा अरुण कुमार शर्मा को 14 वर्षों तक निष्ठा से सेक्टर वार्डन का कार्य करने के प्रतिफल में *पोस्ट वार्डन* का दायित्व प्रदान किया गया । 

 तथा श्री अमरजीत सिंह गांधी जी को डिप्टी पोस्ट वार्डन ,पूर्व पोस्ट वार्डन श्री राजकुमार तेहरान जी को आरक्षित पोस्ट वार्डन व श्री अनिल भसीन जी को आरक्षित डिप्टी पोस्ट वार्डन का प्रभार भी  सौंपा गया।

 ग्रह विभाग भारत सरकार द्वारा संचालित सिविल डिफेंस के लगभग 450 वार्डन बिना किसी शुल्क व भत्ते के वर्षों से देहरादून में कार्यरत है। व प्रत्येक संकट,आपदा,पर्यावरण,नशामुक्ति,यातायात व्यवस्था आदि में शासन प्रशासन का सहयोग करते हुए निष्ठा से कार्य करते हैं।

    आज की मीटिंग में उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा श्यामेंद्र कुमार साहू,उप प्रभागीय वार्डन रविन्द्र मोहन काला,राजकुमार तेहरान,अरुण कुमार शर्मा,अनिल भसीन,अमरजीत सिंह गांधी,कृष्ण कुमार विज,नितिन कुमार,हेमंत माटा,तरुण वर्मा,पवन कुमार सेकड़ी आदि सम्मलित रहे।


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धन्यवाद।



 


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।


- कार्यशाला का विषय – “ग्रामीण उत्तराखंड में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल अंतराल को घटाना: उद्यम प्रोत्साहन और पलायन में कमी हेतु जिला-स्तरीय रणनीतियाँ” रहा

NABARD meeting


- कार्यशाला में विशेषज्ञों ने उद्यमिता को बढ़ावा देने, पलायन में कमी, नीतियों का बेहतर क्रियान्वयन, लाभार्थियों को एकीकृत सेवाएं, सतत विकास को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर सुझाव दिए



शुक्रवार को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास  बैंक (नाबार्ड) द्वारा देहरादून में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली क्षेत्रीय सलाहकार समिति (आरएसी) की बैठक एवं उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल की कमी के अभाव को दूर करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया।


राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ग्रामीण विकास में युवाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून ने पहली क्षेत्रीय सलाहकार समिति (आरएसी) बैठक एवं उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल की कमी के अभाव को दूर करने के लिए कार्यशाला का आयोजन आईटी पार्क स्थित अपने कार्यालय में किया। कार्यशाला का विषय – “ग्रामीण उत्तराखंड में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल अंतराल को घटाना: उद्यम प्रोत्साहन और पलायन में कमी हेतु जिला-स्तरीय रणनीतियाँ” रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ श्री पंकज यादव, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विशेषज्ञ- डॉ प्रभाकर सी बेबनी  (मुख्य संचालन अधिकारी, डीडीयू-जीकेवाई) सहित एस.एल.बी.सी, यू.के.एस.आर.एल.एम, के.वी.आई.सी, के.वी.आई.बी, कृषि एवं उद्यान विभाग, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, यू.के.एस.टी.सी.बी, ग्रामीण विकास विभाग, एनजीओ के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। डॉ संजीव रॉय (निदेशक,  के.वी.आई.सी) ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।


कार्यक्रम में डॉ प्रभाकर सी बेबनी (मुख्य संचालन अधिकारी, डीडीयू-जीकेवाई) की विशेष सहभागिता रही। उन्होंने ग्रामीण युवाओं के कौशल और उनके रोजगार हेतु पलायन को रोकने की जिला-वार रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया और उत्तराखंड में नाबार्ड की सक्रिय भूमिका की सराहना की, जिसमें कौशल विकास प्रशिक्षण, सूक्ष्म उद्यम विकास कार्यक्रम एवं आजीविका उद्यम विकास कार्यक्रम और विपणन के प्रयास शामिल हैं।


बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने अलग- अलग विभागों के साथ कार्यशैली के तालमेल की भूमिका पर सुझाव दिए कि वे उद्यमिता को बढ़ावा, पलायन में कमी, नीतियों का बेहतर क्रियान्वयन, लाभार्थियों को एकीकृत सेवाएं, सतत विकास को बढ़ावा देने में कैसे योगदान दे सकते हैं। बैठक में विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच अभिसरण पर भी जोर दिया गया ताकि उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय आजीविका के लिए कौशल की कमी के अभाव को दूर किया जा सके।


नाबार्ड ने यह संकल्प दोहराया कि वह ग्रामीण समुदायों को ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार संवर्धन के माध्यम से सशक्त करेगा, जिससे उत्तराखंड के ग्रामीण युवाओं को न केवल स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना होगा, बल्कि उनके ग्रामीण समृद्धि, पलायन रूकेगा और विकास को बढ़ावा मिल सकेगा।

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