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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने की डिबीटी के माध्यम से मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित



देहरादून:  


मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार द्वारा पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का क्रम लगातार जारी है।इसी क्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आज अपने यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में योजना के तहत सितंबर एवं अक्टूबर 2026 माह की धनराशि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT के जरिए हस्तांतरित की। विभागीय मंत्री ने बताया कि सितंबर 2026 में प्रदेश के 13 जनपदों के कुल 4,750 लाभार्थियों को 1 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि वितरित की गई जबकि अक्टूबर 2026 में 4,727 लाभार्थियों के खातों में 1 करोड़ 41 लाख 81 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई। इस प्रकार दोनों महीनों में कुल 9,477 लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख 31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।


विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना प्रदेश के उन बच्चों के लिए सुरक्षा और संबल का माध्यम है, जिन्होंने कोरोना महामारी एवं अन्य विषम परिस्थितियों में अपने माता-पिता अथवा संरक्षक को खोया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा, पोषण और बेहतर जीवन के अवसरों से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से योजना के तहत प्रतिमाह 3,000 रुपये की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि पात्र बच्चों को योजना का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले।



विभागीय मंत्री ने बताया कि जिला स्तरीय समिति द्वारा योजना के अंतर्गत कुल 6,544 बच्चों को अनुमोदित किया गया है। सितंबर 2026 में 30 तथा अक्टूबर 2026 में 23 बच्चों ने 21 वर्ष की आयु पूर्ण की। योजना प्रारंभ होने से अब तक 1,565 बच्चे 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं। वहीं मृत्यु, सेवायोजन, माता-पिता के पुनर्विवाह एवं लाभार्थी के विवाह सहित अन्य कारणों से 252 बच्चे योजना से बाहर हुए हैं। इस प्रकार योजना से बाहर होने वाले बच्चों की कुल संख्या 1,817 हो गई है।कहा कि  मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से राज्य सरकार जरूरतमंद एवं प्रभावित बच्चों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उनके भरण-पोषण, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है।


विदित हो कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत कोविड-19 महामारी एवं अन्य बीमारियों के कारण माता-पिता अथवा संरक्षक को खोने वाले बच्चों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत 1 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 की अवधि में प्रभावित हुए पात्र बच्चों को 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रतिमाह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता एवं भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया जा रहा है।


*जनपदवार वितरित धनराशि*


सितंबर एवं अक्टूबर 2026 में अल्मोड़ा में 17.01 लाख, बागेश्वर में 5.07 लाख, चमोली में 6.06 लाख, चंपावत में 14.76 लाख, देहरादून में 40.70 लाख, हरिद्वार में 34.98 लाख, नैनीताल में 28.29 लाख, पौड़ी गढ़वाल में 26.58 लाख, पिथौरागढ़ में 9.30 लाख, रुद्रप्रयाग में 11.16 लाख, टिहरी गढ़वाल में 38.07 लाख, ऊधमसिंह नगर में 37.80 लाख तथा उत्तरकाशी में 14.16 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई।


इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता , डिप्टी सीपीओ राजीव नयन तिवारी आदि उपस्थित रहे



*नाॅर्दर्न रीजन से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर हुआ निर्विरोध निर्वाचन*

*राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड कोे पहली बार मिला नेतृत्व का अवसर*

देहरादून:

deputy chairman national scout guide Dhan singh rawat



सूबे के कैबिनेट मंत्री व भारत स्काउट एंड गाइड के प्रादेशिक अध्यक्ष डाॅ. धन सिंह रावत भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड को पहली बार इस महत्वपूर्ण पद पर नेतृत्व का अवसर मिला है, जो प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। डाॅ. रावत का निर्वाचन उनके संगठनात्मक अनुभव, रचनात्मक कार्यशैली एवं स्काउट-गाइड आंदोलन में उनकी सक्रिया भागीदारी का प्रतिफल है। 


कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत को यह जिम्मेदारी नॉर्दर्न रीजन से मिली है, जिसमें आठ राज्य व ं केंद्र शासित प्रदेश उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर के साथ ही केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, नॉर्दर्न रेलवे, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे और नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे का व्यापक प्रतिनिधित्व शामिल है। उत्तरी परिक्षेत्र से डॉ. रावत का निर्विरोध चुना जाना राष्ट्रीय संगठन में उत्तराखंड की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है। 


भारत स्काउट एंड गाइड के प्रादेशिक अध्यक्ष के तौर पर डाॅ. धन सिंह रावत ने उत्तराखंड में स्काउट-गाइड आंदोलन को व्यापक स्तर पर सशक्त बनाने के लिए उल्लेखनीय पहल की हैं। उनके प्रयासों से राजकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में स्काउट-गाइड गतिविधियों के विस्तार, इकाइयों की स्थापना और युवाओं की सहभागिता बढ़ाने को विशेष प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने स्काउट-गाइड के माध्यम से साहसिक गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों तथा युवाओं में अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदार नागरिकता विकसित करने पर विशेष जोर दिया है। इन्हीं उल्लेखनीय योगदानों के लिए डॉ. रावत को भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।


राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में डाॅ. रावत का निर्विरोध निर्वाचन उत्तराखंड में स्काउट-गाइड आंदोलन की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ ही संगठन के विस्तार और सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


*बयान*

भारत स्काउट एंड गाइड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर नार्दर्न रीजन से निर्विरोध निर्वाचित होना गौरव व जिम्मेदारी का विषय है। यह उपलब्धि उत्तराखंड के स्काउट-गाइड परिवार और प्रदेशवासियों को समर्पित है। स्काउटिंग युवाओं में अनुशासन, एकता, सेवा-भाव और देशभक्ति की भावना को विकसित करने का सशक्त मंच है। स्काउट-गाइड गतिविधियों के विस्तार और इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जायेंगे।- *डाॅ. धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड।*

 

 *मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन मंत्री से की भेंट, हल्द्वानी में उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर निर्माण के प्रस्ताव पर की चर्चा*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित किए जाने तथा हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर के निर्माण हेतु आरक्षित वन भूमि के हस्तांतरण एवं वन भूमि डायवर्जन से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की।


मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि नैनीताल स्थित उच्च न्यायालय परिसर चाइना पीक की तलहटी में स्थित होने के कारण भू-स्खलन की संभावनाओं, बढ़ते यातायात दबाव और पर्यटकों की आवाजाही जैसी चुनौतियों का सामना करता है। नैनीताल प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण यहां वर्षभर पर्यटकों एवं वादकारियों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में न्यायालय परिसर में आवागमन एवं पार्किंग की व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इन परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक न्यायिक आधारभूत संरचना विकसित किया जाना आवश्यक है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में न्यायिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक एवं सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में प्रस्तावित स्थल सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्गों से बेहतर रूप से जुड़ा हुआ है। यहां उच्च न्यायालय का स्थायी परिसर विकसित होने से न्यायिक कार्यों के विस्तार के लिए पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं आम नागरिकों को आवागमन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर के निर्माण की दिशा में आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। इस संबंध में भारत सरकार एवं संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके क्रम में उच्च न्यायालय के नए भवन के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने तथा निर्धारित समयसीमा में भूमि का कब्जा एवं हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाना है।


मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में आरक्षित वन भूमि के हस्तांतरण एवं डायवर्जन संबंधी प्रस्ताव पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय का आधुनिक एवं स्थायी परिसर प्रदेश की न्यायिक आधारभूत संरचना को नई मजबूती प्रदान करने के साथ ही न्यायिक सेवाओं को अधिक सुगम, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर सकारात्मक और अग्रिम कार्रवाई का आश्वासन दिया।

 *मुख्यमंत्री ने नगला तराई में आयोजित रामलीला में की शिरकत, भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का किया आह्वान।*


*खटीमा :

Ramlila in nagla tarai udhamsinghnagar CM dhami


       मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नगला तराई में आयोजित रामलीला कार्यक्रम में सम्मिलित होकर भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र और उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन हम सभी को एकजुट होकर धर्म और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।


   मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए कहा कि सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को सहेजने के लिए पूरी दृढ़ता से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ पुनर्निर्माण और केदारखंड व मानसखंड के मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही, प्रदेश की पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए सरकार किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण और छद्म वेशधारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।


    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में अनेक ऐतिहासिक कार्य हुए। गरीबों के लिए पक्के मकानों का निर्माण और हर घर तक नल से जल व गैस कनेक्शन पहुँचाया गया है।गरीबों के लिए 5 लाख रुपये तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया गया है। महिलाओं को 'लखपति दीदी' और 'ड्रोन दीदी' योजना से जोड़ा गया तथा युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है।किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए किसान सम्मान निधि दी जा रही है। सैनिकों को आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, सर्जिकल व एयर स्ट्राइक जैसी सख्त कार्रवाई की गई हैं और पूर्व सैनिकों के लिए 'वन रैंक, वन पेंशन' लागू की है।


इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया,एसएसपी अजय गणपति, ग्राम प्रधान दीपू मेहरा सहित रामलीला कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।



 *केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स की तलाश में SDRF एवं NIM का सर्च ऑपरेशन जारी, करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर मिला टेंट व अन्य सामान* 


उत्तरकाशी, 02 नवंबर 2026।

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केदारताल ट्रैक पर लापता हुए ट्रैकर्स की तलाश में SDRF उत्तराखंड पुलिस एवं नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) के जवानों द्वारा दुर्गम एवं अत्यधिक विषम परिस्थितियों में सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार चलाया जा रहा है।


सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशों में SDRF की एडवांस टीम द्वारा अभियान को आगे बढ़ाते हुए घटनास्थल की ओर सर्चिंग की जा रही है। अभियान के दौरान करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर केदार खड़क के समीप लापता ट्रैकर्स का टेंट एवं कुछ अन्य सामान बरामद हुआ है। इसके अतिरिक्त सर्चिंग के दौरान एक बैग भी प्राप्त हुआ है। हालांकि, अभी तक लापता ट्रैकर्स का कोई पता नहीं चल पाया है।


घटनास्थल पर मौजूद SDRF टीम प्रभारी द्वारा सैटेलाइट फोन के माध्यम से दी गई सूचना के अनुसार क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है तथा प्रतिकूल मौसम एवं अत्यधिक ऊंचाई के कारण सर्च अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं। परिस्थितियों को देखते हुए टीम द्वारा मौके पर ही सुरक्षित कैंप स्थापित कर लिया गया है तथा रात्रि विश्राम वहीं किया जाएगा।


मौसम एवं परिस्थितियां अनुकूल होने पर टीम द्वारा पुनः सर्च अभियान शुरू किया जाएगा। SDRF द्वारा NIM के जवानों के साथ समन्वय स्थापित कर लापता ट्रैकर्स की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

 लक्ष्मण, मेघनाद और सुलोचना की भूमिका में नजर आएँगे सुधीर रावत, दिगंबर रावत और डॉ. ममता कुंवर


अठूरवाला, देहरादून। 

ramlila atthurwala


अठूरवाला सांस्कृतिक मंच के सौजन्य से आयोजित द्वितीय भव्य श्रीरामलीला में आज एक अनूठा संयोग देखने को मिलेगा। वास्तविक जीवन में तीन सगे भाई-बहन रामायण के तीन महत्वपूर्ण किरदारों में एक साथ मंच पर नजर आएँगे। सुधीर रावत लक्ष्मण, दिगंबर रावत मेघनाद और डॉ. ममता कुंवर सुलोचना की भूमिका में अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।


विशेष बात यह है कि वास्तविक जीवन में स्नेह और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े ये तीनों कलाकार रामायण के ऐसे पात्रों को निभाएँगे, जिनके बीच युद्ध, कर्तव्य, प्रेम और करुणा का अद्भुत द्वंद्व है।


रामायण में लक्ष्मण और मेघनाद दो पराक्रमी योद्धा हैं, जो युद्धभूमि में एक-दूसरे के प्रबल प्रतिद्वंद्वी बनकर सामने आते हैं। वहीं मेघनाद की पत्नी सुलोचना का चरित्र पतिव्रत धर्म, समर्पण और करुणा की मार्मिक अभिव्यक्ति है। ऐसे में तीन सगे भाई-बहनों का इन पात्रों में अभिनय करना दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।


लक्ष्मण की भूमिका में सुधीर रावत जहाँ शौर्य, संयम और भ्रातृभक्ति का परिचय देंगे, वहीं दिगंबर रावत मेघनाद के पराक्रम, स्वाभिमान और युद्धकौशल को मंच पर जीवंत करेंगे। सुलोचना की भूमिका में डॉ. ममता कुंवर एक वीरांगना के साहस, पति के प्रति समर्पण और विरह की वेदना को अपने अभिनय से अभिव्यक्त करेंगी।


उल्लेखनीय है कि डॉ. ममता कुंवर इस रामलीला का निर्देशन भी कर रही हैं। तीनों भाई-बहनों का रंगमंच के प्रति लगाव और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव इस प्रस्तुति को और भी विशेष बनाता है।


आज की रामलीला में लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध और सुलोचना प्रसंग के माध्यम से दर्शकों को वीरता, संघर्ष, त्याग और करुणा के भावों से साक्षात्कार करने का अवसर मिलेगा।


रामलीला समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों और रामभक्तों से आज रात्रि 8:30 बजे रामलीला मैदान, मोलधार, गैस एजेंसी के सामने, अठूरवाला पहुँचकर इस विशेष मंचन का आनंद लेने की अपील की है।

, अपर जिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सुनीं जनसमस्याएं


*भूमि विवाद, अवैध कब्जे, विद्युत बिलों में सोलर ऊर्जा यूनिटों के समायोजन एवं ग्राम पंचायत की समस्याओं से जुड़े मामले उठे*


*शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश, भूमि संबंधी मामलों में एसडीएम  को कार्रवाई के निर्देश*


*देहरादून,:




 जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में जन समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जन समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। इस दौरान 110 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। अपर जिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। जन समाधान दिवस में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अवैध कब्जे, ग्राम पंचायत की संपत्तियों, विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर पैनल से उत्पादित बिजली की यूनिटों के समायोजन से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं।

ग्राम पंचायत रामपुरकलां के ग्रामीणों ने पीठ/हाट बाजार की नीलामी अवधि समाप्त होने के बाद प्रत्येक शुक्रवार को बाजार में कथित अवैध वसूली किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बाजार की शीघ्र नीलामी कराने तथा नई नीलामी होने तक किसी भी प्रकार की वसूली पर रोक लगाने की मांग की। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी सहसपुर को जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

संजय कॉलोनी, मोहिनी रोड निवासी मदनमोहन नेगी ने अपने आवास पर स्थापित 3 किलोवाट के सोलर पैनल से उत्पादित एवं विद्युत ग्रिड में निर्यातित बिजली की यूनिटों का विद्युत बिल में समुचित समायोजन न किए जाने की शिकायत रखी। शिकायतकर्ता के अनुसार कुल 7165 यूनिट में से अधिकांश यूनिटों का समायोजन अभी शेष है। उन्होंने बकाया यूनिटों को विद्युत बिल में समायोजित कराने का अनुरोध किया। इस पर संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार ग्राम शेरपुर निवासी खीमा देवी ने अपनी निजी भूमि पर बिना सहमति विद्युत विभाग द्वारा तीन विद्युत पोल लगाए जाने तथा इस संबंध में पूर्व में की गई शिकायतों पर कार्रवाई न होने का मामला उठाया। शिकायतकर्ता ने प्रकरण में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की। इस पर संबंधित विभाग को अभिलेखों एवं तथ्यों के आधार पर जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, जिसपर विद्युत विभाग के अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिए गए। 

परवल, होपटाउन क्षेत्र से संबंधित अमित कुमार सेठी ने अपने नाम दर्ज आवासीय भूखंड पर दूसरे पक्ष द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने भूमि संबंधी अभिलेखों एवं पूर्व में की गई पुलिस शिकायत का उल्लेख करते हुए भूखंड पर कब्जा दिलाने का अनुरोध किया। इसी प्रकार रामपुरकलां निवासी संतोष पंडित ने भूमि क्रय करने के बावजूद कब्जा न मिलने तथा विक्रेता द्वारा कथित रूप से फर्जी भूमि विक्रय किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने भूमि अभिलेखों की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। ग्राम पंचायत रामपुर कलां के ग्रामीण शम्भू चोपड़ा ने गांव में स्थित प्राचीन खेडा एवं मंदिर की भूमि पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने संबंधित भूमि की पैमाइश कराते हुए सार्वजनिक एवं धार्मिक महत्व की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की, जिस पर उप जिलाधिकारी विकासनगर को आवश्यक जांच, भूमि अभिलेखों का परीक्षण तथा नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

जनसुनवाई में उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए की गई कार्रवाई की आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मालदेवता स्थित पीपीसीएल में दिनांक 09 सितंबर 2026 को हुई घटना में स्व. संदेश थापा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के प्रकरण में उनके पिता हरक बहादुर निवासी ग्राम चिसोपानी, मोहम्मदपुर बड़कली, ग्रामसभा दुधली, विकासखंड डोईवाला द्वारा जिलाधिकारी से निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।  प्रकरण का संज्ञान लेते हुए संयुक्त मजिस्टेªट द्वारा पुलिस क्षेत्राधिकारी रायपुर को प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही करते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कराते हुए नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में न लें, बल्कि प्रत्येक प्रकरण में तथ्यों की जांच करते हुए शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा जिन मामलों में संयुक्त जांच की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करें। जिला प्रशासन का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

समाधान दिवस में अपर नगर मजिस्टेªट रविन्द्र जुवाँठा, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, एमडीडीए, विद्वुत, सिंचाई, लोनिवि सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।  


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