Halloween party ideas 2015

 यह त्योहार पहले दिन (11 अक्टूबर, नारंगी रंग) माँ शैलपुत्री की पूजा के साथ शुरू होता है और नौवें दिन (19 अक्टूबर, मोर जैसा हरा रंग) माँ सिद्धिदात्री की पूजा तक चलता है, और दसवें दिन (20 अक्टूबर) विजयादशमी के साथ इसका समापन होता है। कैलेंडर की पूरी जानकारी दिए गए स्रोत में देखी जा सकती है।

• घटस्थापना (पहला दिन): रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सुबह का शुभ मुहूर्त सुबह 6:31 बजे से 10:27 बजे तक है, और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:01 बजे से 12:49 बजे तक है।

मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं।*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए सभी की सुख समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की है। नवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का यह पर्व हमें मातृशक्ति की उपासना तथा सम्मान की प्रेरणा देता है। समाज में नारी के महत्व को प्रदर्शित करने वाला यह पर्व हमारी संस्कृति एवं परम्परा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि में कन्या बालिकाओं के सम्मान से जुड़ा विषय है।

घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि का प्रारम्भ  आज  से  हो रहा है।  

माता  के  अनेक  रूप है परन्तु नौ रूपों की महिमा अपरम्पार है . 

 

first navratri 21 sep 2025

शैलपुत्री देवी दुर्गाके नौ रूप में पहले स्वरूप में जानी जाती हैं। ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम 'शैलपुत्री' पड़ा।

 नवरात्र-पूजन में प्रथम दिवस इन्हीं की पूजा और उपासना की जाती है। इस प्रथम दिन की उपासना में योगी अपने मन को 'मूलाधार' चक्र में स्थित करते हैं। यहीं से उनकी योग साधना का प्रारंभ होता है।


वन्दे वंछितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम् | 

वृषारूढाम् शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम् ||



वृषभ-स्थिता इन माता के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल-पुष्प सुशोभित है। अपने पूर्व जन्म में ये प्रजापति दक्ष की कन्या के रूप में उत्पन्न हुई थीं, तब इनका नाम 'सती' था। इनका विवाह भगवान शंकरजी से हुआ था।


एक बार प्रजापति दक्ष ने एक बहुत बड़ा यज्ञ किया। इसमें उन्होंने सारे देवताओं को अपना-अपना यज्ञ-भाग प्राप्त करने के लिए निमंत्रित किया, किन्तु शंकरजी को उन्होंने इस यज्ञ में निमंत्रित नहीं किया। सती ने जब सुना कि उनके पिता एक अत्यंत विशाल यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे हैं, तब वहाँ जाने के लिए उनका मन विकल हो उठा।

अपनी यह इच्छा उन्होंने शंकरजी को बताई। सारी बातों पर विचार करने के बाद उन्होंने कहा- प्रजापति दक्ष किसी कारणवश हमसे रुष्ट हैं। अपने यज्ञ में उन्होंने सारे देवताओं को निमंत्रित किया है। उनके यज्ञ-भाग भी उन्हें समर्पित किए हैं, किन्तु हमें जान-बूझकर नहीं बुलाया है। कोई सूचना तक नहीं भेजी है। ऐसी स्थिति में तुम्हारा वहाँ जाना किसी प्रकार भी श्रेयस्कर नहीं होगा।'

शंकरजी के इस उपदेश से सती का प्रबोध नहीं हुआ। पिता का यज्ञ देखने, वहाँ जाकर माता और बहनों से मिलने की उनकी व्यग्रता किसी प्रकार भी कम न हो सकी। उनका प्रबल आग्रह देखकर भगवान शंकरजी ने उन्हें वहाँ जाने की अनुमति दे दी।

सती ने पिता के घर पहुँचकर देखा कि कोई भी उनसे आदर और प्रेम के साथ बातचीत नहीं कर रहा है। सारे लोग मुँह फेरे हुए हैं। केवल उनकी माता ने स्नेह से उन्हें गले लगाया। बहनों की बातों में व्यंग्य और उपहास के भाव भरे हुए थे।

परिजनों के इस व्यवहार से उनके मन को बहुत क्लेश पहुँचा। उन्होंने यह भी देखा कि वहाँ चतुर्दिक भगवान शंकरजी के प्रति तिरस्कार का भाव भरा हुआ है। दक्ष ने उनके प्रति कुछ अपमानजनक वचन भी कहे। यह सब देखकर सती का हृदय क्षोभ, ग्लानि और क्रोध से संतप्त हो उठा। उन्होंने सोचा भगवान शंकरजी की बात न मान, यहाँ आकर मैंने बहुत बड़ी गलती की है।

वे अपने पति भगवान शंकर के इस अपमान को सह न सकीं। उन्होंने अपने उस रूप को तत्क्षण वहीं योगाग्नि द्वारा जलाकर भस्म कर दिया। वज्रपात के समान इस दारुण-दुःखद घटना को सुनकर शंकरजी ने क्रुद्ध होअपने गणों को भेजकर दक्ष के उस यज्ञ का पूर्णतः विध्वंस करा दिया।

सती ने योगाग्नि द्वारा अपने शरीर को भस्म कर अगले जन्म में शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया। इस बार वे 'शैलपुत्री' नाम से विख्यात हुर्ईं। पार्वती, हैमवती भी उन्हीं के नाम हैं। उपनिषद् की एक कथा के अनुसार इन्हीं ने हैमवती स्वरूप से देवताओं का गर्व-भंजन किया था।


'शैलपुत्री' देवी का विवाह भी शंकरजी से ही हुआ। पूर्वजन्म की भाँति इस जन्म में भी वे शिवजी की ही अर्द्धांगिनी बनीं। नवदुर्गाओं में प्रथम शैलपुत्री दुर्गा का महत्व और शक्तियाँ अनंत हैं।



*नवरात्रि के 9 दिन देवी कृपा के ल‍िए ये रंग पहने👇आज का रंग नारंगी*

नवरात्रि में मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। देवी के नौ स्वरूपों की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। 

नवरात्रि के प्रत्येक दिन के लिए एक विशेष रंग शुभ है  प्रत्येक देवी के स्वरूप और उनकी ऊर्जा से जुड़े होते हैं। इन रंगों को धारण करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 


*पहला दिन: नारंगी रंग*

पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन नारंगी रंग पहनना ऊर्जा, उमंग और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। नारंगी रंग धारण करने से जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।  


*आचार्य शिवप्रसाद ममगांई बदरीकाश्रम ज्योतिषपीठ व्यास  पदालंकृत ।।*


 





• *पितृ पक्ष के दौरान श्री बदरीनाथ धाम  पहुंचे पौने दो लाख श्रद्धालु* 


*बदरी-केदार धाम में 36.50 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; चारधाम पहुंचे 56 लाख तीर्थयात्री: हेमंत द्विवेदी* 


श्री बदरीनाथ धाम: 10 अक्टूबर 

सर्वपितृ अमावस्या के पावन अवसर पर शनिवार को श्री बदरीनाथ धाम स्थित ब्रह्म कपाल तीर्थ में देश विदेश के हजारों श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति एवं मुक्ति की कामना के साथ पिंडदान किया। अलकनंदा नदी के पवित्र तट पर भी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान पश्चात तर्पण कर पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म कपाल में पिंडदान और तर्पण का विशेष महत्व है। ब्रह्मकपाल तथा अलकनंदा तट पर तीर्थ ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहितों आचार्यों ने विधि-विधान से पितृ कार्य संपन्न करवाये इसी के साथ पितृ पक्ष का समापन हो गया।


 अमावस्या समापन के बाद कल  रविवार से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व प्रारंभ हो रहा है। इस अवसर पर श्री बदरीनाथ मंदिर प्रांगण में विधि-विधान के साथ घटस्थापना की जाएगी। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंच रहे श्रद्धालु भगवान बदरीविशाल के दर्शन के साथ ही नवरात्रि के पावन अवसर पर पूजा-अर्चना  करेंगे।


 *श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चारधाम यात्रा पर पहुंच रहे सभी श्रद्धालुओं को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना की है।  बदरी-केदार धाम में बढ़ती तीर्थयात्रियों की संख्या, सर्वपितृ अमावस्या पर धार्मिक अनुष्ठानों और नवरात्रि के शुभारंभ से श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं में उत्साह है। पितृ पक्ष के दौरान पौने दो लाख श्रद्धालुओं ने श्री बदरीनाथ धाम में दर्शन किये।*

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 *बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब लगातार उमड़ रहा है। 9 अक्टूबर 2026 तक दोनों धामों में कुल 36,50,112 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। इनमें श्री बदरीनाथ धाम में 19,57,224 तथा श्री केदारनाथ धाम में 16,92,888 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। वहीं, श्री हेमकुंड साहिब सहित चारधाम यात्रा में पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 56 लाख तक पहुंच गई है। यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है और दोनों धामों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं।*

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यात्रा पंजीकरण में भी उत्साह है बदरी-केदार के लिए 45.19 लाख से अधिक पंजीकरण हुए है श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ धाम यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। 9 अक्टूबर 2026 तक श्री बदरीनाथ धाम के लिए 21,75,347 तथा श्री केदारनाथ धाम के लिए 23,44,197 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। इस प्रकार दोनों धामों के लिए कुल 45,19,544 पंजीकरण हो चुके हैं। वहीं, श्री हेमकुंड साहिब सहित चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण की कुल संख्या 71 लाख तक पहुंच गई है। 


 पितृ पक्ष समापन अवसर पर बीकेटीसी सदस्य धीरज पंचभैया "मोनू",बदरीनाथ धाम प्रभारी अधिकारी राजन नैथानी, प्रोटोकॉल अधिकारी राकेश सेमवाल, धर्माधिकारी  स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी डा.रवीन्द्र भट्ट, वाणी विलास डिमरी, अमित बंदोलिया,ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित समाज अध्यक्ष अमित सती, उपाध्यक्ष उमेश सती, संदीप कपरवाण बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़, अतुल डिमरी ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित क्रमश हरीश सती,धीरेन्द्र हटवाल, शैलेंद्र हटवाल, प्रदीप नौटियाल, पंडा पंचायत अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी, अशोक टोडरिया, वैभव उनियाल, योगंबर नेगी, राहुल नेगी, राकेश झिंक्वाण विकास सनवाल,संजय भंडारी हरीश जोशी, सुरेंद्र बिष्ट, सत्येंद्र झिंक्वाण हरीश बिष्ट आदि मौजूद रहे।


 

आज दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन का घेराव धरना प्रदर्शन किया। 



प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के सांसद के द्वारा कॉलेज में छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है उसे पर कांग्रेस पार्टी दोहरा चरित्र रखती है कांग्रेस पार्टी लगातार अपने इस दौहरे चरित्र को अपनाकर समाज में और देश में भ्रम फैलाने का काम कर रही है कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी राजनीतिक मुद्दों पर तो बात नहीं करते हैं क्योंकि उनके पास आज के समय में कोई भी राजनीतिक मुद्दा नहीं है । जब उनके ही पार्टी के सांसद छात्रोंओ के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं उसे पर वह चुपि साध लेते हैं। इस प्रकार के चरित्र को देश की जनता देश की महिलाएं माता में कठोर निंदा करती हैं और भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ताएं प्रश्न पूछती हैं राहुल गांधी जी से की क्या उनके सांसद इसी प्रकार के चरित्र को लेकर समाज में चलते हैं। 


कार्यक्रम में प्रदेश प्रवक्ता कमली भट्ट जी लक्ष्मी अग्रवाल जी प्रदेश उपाध्यक्ष भावना डोभाल जी महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमन सिंह प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन जी महानगर संगठन मीडिया माया राणा जी मंडल अध्यक्ष सुनीता भट्ट  रानी बबली चौहान अंजु गोयल अनीता सक्सेना ममता नयाल पुष्पा बटवाल जी आदि सैकड़ो महिला कार्यकर्ता उपस्थित रही। 




4.2 magnitude earthquake uttarkashi


 उत्तराखंड के  में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया है। जिसका केंद्र उत्तरकाशी जनपद में 11 किमी की गहराई पर था। आज 10 अक्टूबर को जनपद उत्तरकाशी में 8 बजकर 7 मिनट पर  30 सेकंड 4.2 तीव्रता  मापी गयी।




*ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की नियमित मॉनिटरिंग और सर्वे के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिए सख्त निर्देश*


देहरादून, 10 अक्टूबर।

minister ganesh joshi


 प्रदेश में विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को दूरभाष के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेशभर में फसलों को हुए नुकसान की नियमित मॉनिटरिंग करने, प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय सर्वे कराने तथा क्षति का विस्तृत आकलन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारी पूरी गंभीरता और तत्परता से कार्य करें।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में कृषि एवं बागवानी फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


उद्यान फसलों में जनपद अल्मोड़ा के चौखुटिया एवं लमगड़ा विकासखंड में बागवानी फसलों को 15 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। वहीं, जनपद चंपावत के चंपावत, पाटी, लोहाघाट एवं बाराकोट विकासखंड में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति दर्ज की गई है। जनपद नैनीताल के हल्द्वानी, कोटाबाग एवं रामनगर क्षेत्रों में बागवानी फसलों को लगभग 10 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसी प्रकार, जनपद हरिद्वार के बहादराबाद एवं लक्सर क्षेत्रों में लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है। यहां करीब 30 पेड़ गिरने के साथ ही तीन पॉलीहाउस भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। जनपद देहरादून के रायपुर विकासखंड में फसलों को लगभग 10 से 15 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में करीब 20 प्रतिशत तथा टिहरी गढ़वाल के घनसाली क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन किया गया है। इसके अतिरिक्त, पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार क्षेत्र के अंतर्गत नैनीडांडा एवं रिखणीखाल विकासखंड में फसलों को लगभग 30 प्रतिशत नुकसान हुआ है।


कृषि खरीफ 2026 की फसलों में  8372.31 हैक्टेयर कृषि आपदा से प्रभावित हुई है। कृषि फसलों की स्थिति के संबंध में जनपद ऊधम सिंह नगर के बाजपुर एवं गदरपुर क्षेत्रों में लगभग 7,730 हेक्टेयर क्षेत्र में धान और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। वहीं, जनपद हरिद्वार की बहादराबाद, बादशाहपुर एवं जमालपुर न्याय पंचायतों में लगभग 600 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें मुख्य रूप से धान की फसल शामिल है। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया हुआ है, उनकी क्षति संबंधी रिपोर्ट बीमा कंपनी को भेज दी गई है। प्रारंभिक सर्वे किया जा चुका है विभागीय कार्मिक और राजस्व विभाग के साथ संयुक्त सर्वे की कार्यवाही गतिमान है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए और सर्वे कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।


मुख्यमंत्री आवास में राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य ने मुख्यमंत्री से की शिष्टाचार भेंट

CM wishes dinesh arya


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री दिनेश आर्य ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट भी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री दिनेश आर्य को राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने पर  बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री आर्य अपने अनुभव, कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति समर्पण के माध्यम से संसद में उत्तराखंड की जनभावनाओं और जनहित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश के विकास, जनकल्याण और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री आर्य प्रदेश के विकास को नई गति देने तथा राज्य की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



मुख्यमंत्री ने श्री आर्य के सफल एवं उज्ज्वल संसदीय कार्यकाल की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके प्रयासों से उत्तराखंड के विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

कार्यक्षेत्र में संयम रखें, सहकर्मियों से सहयोग लें। व्यापारिक निर्णय सोच-समझकर ही लें। परिवार में छोटी बातों पर ध्यान न दें। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। मानसिक शांति के लिए समय निकालें।

Rashifal


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कार्यस्थल पर सम्मान और प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में नए साझेदार मिलने से लाभ होगा। प्रेम जीवन में सुख और स्पष्टता रहेगी। वित्तीय स्थिति पहले से बेहतर होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, स्फूर्ति रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

कार्यक्षेत्र में प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। व्यापार में मनमाफिक सफलता मिलेगी। पारिवारिक रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे। आय में वृद्धि के योग स्पष्ट हैं। स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

नौकरी में एकाग्रता से लाभ होगा। व्यापार में लेनदेन सावधानी से करें। संतान के काम से मन प्रसन्न रहेगा। धन की बचत पर ध्यान दें। सेहत सामान्य रहेगी, दिनचर्या ठीक रखें।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

करियर में नए द्वार खुल सकते हैं। व्यापार में बड़ा निवेश फायदेमंद रहेगा। परिवार का पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा। आर्थिक लाभ की अच्छी संभावनाएं हैं। ऊर्जा बनी रहेगी, सेहत अच्छी रहेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कार्यस्थल पर विरोधी शांत रहेंगे। व्यापार में जल्दबाजी में निर्णय न लें। परिवार में सौहार्दपूर्ण वातावरण रहेगा। अनावश्यक व्यय से दूर रहना होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें, विश्राम करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास रंग लाएंगे। व्यापार में धन प्राप्ति के योग हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सेहत अच्छी रहेगी, ताजगी रहेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कार्यस्थल पर आपकी बात को तवज्जो मिलेगी। व्यापार में तेजी का रुख रहेगा, लाभ होगा। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। अचानक वित्तीय लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फुर्ती बनी रहेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

नौकरी में नई जिम्मेदारियां आ सकती हैं। व्यापारिक विस्तार की सोच सफल होगी। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिलेगा। आय के साधन मजबूत होंगे। मानसिक रूप से ऊर्जावान रहेंगे।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

कार्यक्षेत्र में संयम और शांति रखें। व्यापार में लिखापढ़ी पर ध्यान दें। परिवार में बड़ों की सलाह काम आएगी। अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाएं। शारीरिक थकान से बचें, आराम करें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कार्यस्थल पर आपकी रणनीति सफल होगी। व्यापार में नए सौदों से फायदा होगा। मित्रों के साथ समय बीतेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

आपकी वाणी से काम आसान होंगे। व्यापार में मुनाफा होगा, नए रास्ते खुलेंगे। परिवार में शुभ कार्य की योजना बनेगी। धन बचाने का प्रयास सफल होगा। मानसिक शांति महसूस होगी।



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