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हीरो मोटोकॉर्प के सीईओ श्री हर्षवर्धन छिताले ने स्नातक छात्रों को संबोधित किया

आईआईटी रुड़की के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र डॉ. कपिल गर्ग सम्मानित अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए

1,424 स्नातकोत्तर, डॉक्टोरल और एमएस बाय रिसर्च छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं

518 पीएचडी डिग्रियों के साथ आईआईटी रुड़की ने अब तक की सबसे अधिक डॉक्टोरल डिग्रियां प्रदान कीं


भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने आज दीक्षांत समारोह 2026 का समापन किया। इस अवसर पर स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। दो दिवसीय दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता की उपलब्धियों को सम्मानित किया गया।


दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन कुल 1,424 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 903 स्नातकोत्तर डिग्रियां, 518 पीएचडी/पीएचडी ड्यूल डिग्रियां और 3 एमएस बाय रिसर्च डिग्रियां शामिल हैं।


समारोह में हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री हर्षवर्धन छिताले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ऑयलमैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक और एशियन एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. कपिल गर्ग समारोह में सम्मानित अतिथि रहे।


दीक्षांत समारोह 2026 का एक प्रमुख आकर्षण 518 पीएचडी डिग्रियों का प्रदान किया जाना रहा, जो आईआईटी रुड़की द्वारा अब तक प्रदान की गई पीएचडी डिग्रियों की सबसे अधिक संख्या है। यह संस्थान में उन्नत शोध पर बढ़ते जोर और ज्ञान सृजन तथा नवाचार में इसके योगदान को दर्शाता है।


संस्थान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के प्रावधानों के तहत डॉक्टोरल कार्यक्रम से बाहर होने वाले छात्रों को पहली बार एमएस बाय रिसर्च की डिग्री भी प्रदान की।


903 स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों में एम.आर्क., एम.टेक., एम.एससी., एम.यू.आर.पी., एम.बी.ए., पीजी डिप्लोमा, ई-एमबीए और एम.डिजाइन कार्यक्रमों के छात्र शामिल हैं। आधिकारिक डिग्री विवरण के अनुसार, स्नातकोत्तर श्रेणी में 702 छात्र और 201 छात्राएं शामिल हैं, जबकि पीएचडी श्रेणी में 346 छात्र और 172 महिला छात्राएं हैं।


इस वर्ष डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों में स्नातकोत्तर छात्र 906, मास्टर ऑफ आर्किटेक्चर छात्र 12, मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी के 579 छात्र, मास्टर ऑफ साइंस के 174, मास्टर ऑफ अर्बन एंड रूरल प्लानिंग के 11 छात्र, मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) के 77 छात्र, एग्जीक्यूटिव MBA के 29, मास्टर ऑफ डिजाइन के 19, पीजी डिप्लोमा के 2 और एम.एस. बाय रिसर्च के 3 छात्र शामिल रहे।


साथ ही डॉक्टोरल छात्र 518, डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) के 518 छात्र भी शामिल रहे। कुल डिग्री प्राप्त करने वालों की संख्या 1,424 की रही।


दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन संस्थान की स्नातकोत्तर शिक्षा और शोध व्यवस्था पर विशेष ध्यान रहा। डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र विभिन्न विषयों में उन्नत अकादमिक प्रशिक्षण और शोध का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह जटिल तकनीकी और सामाजिक चुनौतियों के समाधान के प्रति आईआईटी रुड़की की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन एडवोकेट हरीश साल्वे ने दीक्षांत समारोह 2026 के दूसरे दिन के बारे में कहा, “आज जिन स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाया जा रहा है, वे उन्नत शिक्षा, जिज्ञासा और शोध की उस भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो आईआईटी रुड़की के मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ज्ञान की खोज डिग्री मिलने के साथ समाप्त नहीं होती, बल्कि यह नए सवालों, नई संभावनाओं और अधिक जिम्मेदारियों के द्वार खोलती है। जब ये स्नातक और शोधार्थी शिक्षा, शोध, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगे, तो मुझे विश्वास है कि वे नवाचार और समाज की प्रगति में योगदान देंगे। मैं सभी स्नातक छात्रों और शोधार्थियों को बधाई देता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।”


आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा, “दीक्षांत समारोह का दूसरा दिन हमारे स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और शोधार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव है। उनकी शैक्षणिक और शोध यात्राएँ गहन ज्ञान की खोज तथा नई संभावनाओं के सृजन का प्रतिनिधित्व करती हैं। कुल 1,424 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। इनमें 518 पीएच.डी. उपाधियाँ शामिल हैं, जिनमें 172 महिला शोधार्थी हैं। यह आईआईटी रुड़की के इतिहास में पीएच.डी. उपाधियों की सर्वाधिक संख्या है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और हमारे शोध तंत्र की मजबूती एवं व्यापकता को दर्शाती है। हमें यह भी प्रसन्नता है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत पहली बार एमएस बाय रिसर्च की उपाधि प्रदान की जा रही है। मुझे विश्वास है कि हमारे स्नातक और शोधार्थी ज्ञान को आगे बढ़ाने, नवाचार को गति देने तथा समाज और राष्ट्र के समक्ष उपस्थित कुछ सबसे गंभीर चुनौतियों के समाधान में अपना योगदान देने का कार्य निरंतर जारी रखेंगे।”


दीक्षांत समारोह 2026 के दूसरे दिन स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल छात्रों को कुल 71 पुरस्कार, जिनमें 33 पदक शामिल हैं, प्रदान किए गए। इनमें से 4 पुरस्कार और 19 पदक संस्थान द्वारा स्थापित किए गए थे, जबकि 34 पुरस्कार और 14 पदक दानदाताओं द्वारा प्रायोजित थे।


स्नातकोत्तर छात्रों के लिए संस्थान स्तर के पुरस्कार और पदक, श्री बृजेंद्र एवं श्रीमती सरोज सिंह कैश प्राइज लालावमपुइया, एम.टेक. स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, मनोरमा एवं शशि बुधिराजा फाउंडेशन अवॉर्ड आर.पी. अभिनया, एम.आर्क. , श्री रवि मोहन मंगल कैश प्राइज साहिल गुप्ता, एम.टेक. ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम्स मैनेजमेंट, फार्माफिलिएट्स एक्सीलेंस अवॉर्ड श्रेष्ठा दत्ता चौधरी, एम.एससी. केमिस्ट्री को मिला।


पीजी और पीएचडी दीक्षांत समारोह 2026 के लिए संस्थान स्तर के पुरस्कार और पदक, डॉ. सुशील शर्मा एक्सीलेंस इन डॉक्टोरल रिसर्च अवॉर्ड शिवानी चौधरी, पीएचडी फिजिक्स, एक्सीलेंस इन डॉक्टोरल रिसर्च अवॉर्ड गिएथ अल वराह, पीएचडी आर्किटेक्चर, एक्सीलेंस इन डॉक्टोरल रिसर्च अवॉर्ड अद्रिजा घोष, पीएचडी केमिस्ट्री, एक्सीलेंस इन डॉक्टोरल रिसर्च अवॉर्ड शैला मीर, पीएचडी मेटलर्जिकल एंड मैटेरियल्स इंजीनियरिंग, एक्सीलेंस इन डॉक्टोरल एक्सीलेंस अवॉर्ड सौम्यदीप बसाक, पीएचडी बायोटेक्नोलॉजी, ए.के. गोयल ग्रीन एनर्जी प्राइज एंड गोल्ड मेडल विद्यसागर तुम्माकुरी, पीएचडी वाटर रिसोर्स डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट को मिला।


हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हर्षवर्धन छिताले ने कहा, “आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनना और यहां से डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाना मेरे लिए सम्मान की बात है। तकनीक और उद्योग की दुनिया तेजी से बदल रही है, जिससे नए अवसरों के साथ-साथ जटिल चुनौतियां भी पैदा हो रही हैं। लगातार सीखने, नवाचार करने और ज्ञान को उपयोगी समाधानों में बदलने की क्षमता अगली पीढ़ी के पेशेवरों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होगी। आईआईटी रुड़की की प्रतिभाओं को तैयार करने और नवाचार को बढ़ावा देने की समृद्ध परंपरा रही है। मुझे विश्वास है कि इसके छात्र उद्योग, शिक्षा, उद्यमिता और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मैं सभी स्नातक छात्रों को बधाई देता हूं और उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की कामना करता हूं।”


ऑयलमैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक और एशियन एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. कपिल गर्ग ने कहा, “आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनना और इसके स्नातकोत्तर छात्रों तथा डॉक्टोरल शोधार्थियों की उपलब्धियों का जश्न मनाना मेरे लिए सम्मान की बात है। उद्योग और समाज के सामने मौजूद चुनौतियों के समाधान तैयार करने में उच्च शिक्षा और शोध की महत्वपूर्ण भूमिका है। शोध की यात्रा में जिज्ञासा, निरंतर प्रयास और नए विचारों को तलाशने का साहस जरूरी है। ये गुण हमारे स्नातकों के लिए आने वाले वर्षों में बहुत उपयोगी साबित होंगे। मैं सभी स्नातक छात्रों और शोधार्थियों को बधाई देता हूं तथा उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में ज्ञान, नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में लगातार आगे बढ़ने और सार्थक प्रभाव पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।”


दो दिवसीय दीक्षांत समारोह आईआईटी रुड़की के व्यापक अकादमिक तंत्र को दर्शाता है, जिसमें स्नातक शिक्षा, स्नातकोत्तर शिक्षा और डॉक्टोरल शोध शामिल हैं।


दीक्षांत समारोह 2026 के समापन के साथ संस्थान ने अब तक की सबसे अधिक कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान की हैं। इनमें 1,277 स्नातक, 903 स्नातकोत्तर, 518 पीएचडी और 3 एमएस बाय रिसर्च डिग्रियां शामिल हैं।


आईआईटी रुड़की के उप निदेशक प्रो. प्रवीण कुमार ने कहा, “हमारे स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल छात्रों की उपलब्धियां आईआईटी रुड़की में उपलब्ध अकादमिक और शोध के व्यापक अवसरों को दर्शाती हैं। इस वर्ष प्रदान की गई पीएचडी डिग्रियों की रिकॉर्ड संख्या संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मैं सभी स्नातक छात्रों को बधाई देता हूं और उनके निरंतर सफलता की कामना करता हूं, ताकि वे अपने ज्ञान को आगे बढ़ाते हुए शोध, नवाचार और पेशेवर उत्कृष्टता के माध्यम से समाज में योगदान देते रहें।”


आईआईटी रुड़की के डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एन.के. नवानी ने कहा, “दीक्षांत समारोह हमारे छात्रों की मेहनत, दृढ़ता और बौद्धिक विकास का उत्सव है। मैं सभी स्नातक छात्रों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। मुझे विश्वास है कि वे आईआईटी रुड़की के मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे और समाज में सार्थक योगदान देंगे।”


संस्थान ने सभी डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को हार्दिक बधाई दी और उनकी अकादमिक यात्रा में सहयोग के लिए उनके परिवारों, फैकल्टी सदस्यों, मार्गदर्शकों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 भारतीय सेना और स्थानीय नागरिकों के बीच सहयोग एवं समन्वय को मजबूत करता देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 संपन्न*

devbhumi cultural festival



श्री बदरीनाथ धाम के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में भारतीय सेना एवं जिला प्रशासन चमोली के संयुक्त तत्वावधान में ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित दो दिवसीय ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ का रविवार को समापन हुआ। ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर आयोजित महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेता एवं उपविजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।


मुख्यमंत्री ने इससे पहले बामणी गांव पहुंचकर नंदा अष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित उत्सव में ग्रामीणों के साथ प्रतिभाग किया। उन्होंने ग्रामीणों को नंदा अष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए देवभूमि की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया।


मुख्यमंत्री ने महोत्सव परिसर में लगाए गए स्थानीय उत्पादों, महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों एवं अन्य प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों एवं पहाड़ी व्यंजनों की जानकारी ली और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को पर्यटन से जोड़ने से सीमांत क्षेत्रों में आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।


मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना द्वारा लगाई गई सैन्य प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया तथा अत्याधुनिक हथियारों एवं सैन्य उपकरणों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी युवाओं को भारतीय सेना की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के साथ ही उनमें राष्ट्र सेवा और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने का माध्यम है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह को संबोधित करते हुए भगवान बदरीविशाल की पावन धरा पर आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में सेना के वीर जवानों, अधिकारियों, स्थानीय नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों, कलाकारों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की आत्मा उसकी लोक संस्कृति में बसती है। हमारे लोक नृत्य, लोक गीत, परंपराएं एवं रीति-रिवाज हमारी विशिष्ट पहचान हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने के साथ ही सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को भारतीय सेना में सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र के साथ राज्य सरकार संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को गति दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य किया जा रहा है। कठिन भौगोलिक एवं मौसमी परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में सड़क, बिजली, दूरसंचार, पर्यटन एवं आजीविका से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। माणा, नीति और जादुंग जैसे सीमांत क्षेत्रों को पर्यटन एवं आजीविका से जोड़ते हुए स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, होम स्टे, कृषि, बागवानी, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन, सुगंधित पौधों एवं स्थानीय मसालों की खेती के साथ-साथ शीतकालीन पर्यटन, साहसिक पर्यटन और ‘वेडिंग इन उत्तराखण्ड’ जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3.10 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, पहाड़ी व्यंजनों एवं हस्तशिल्प के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना एवं स्थानीय नागरिकों के बीच सहयोग, समन्वय और आपसी जुड़ाव को मजबूत करने में इस प्रकार के आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने महोत्सव में माणा गांव के ग्रामीणों द्वारा दी गई पारंपरिक प्रस्तुति की भी सराहना की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन, आयुष, वेलनेस, आईटी एवं सौर ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है तथा नीति आयोग के SDG इंडेक्स में उत्तराखण्ड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि विकास की यात्रा में अपनी संस्कृति और जड़ों को साथ लेकर आगे बढ़ना आवश्यक है। लोक भाषाओं, लोक गीतों, लोक नृत्यों, पारंपरिक वेशभूषा, मेलों एवं पर्वों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।


मुख्यमंत्री ने देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 के सफल आयोजन के लिए भारतीय सेना, जिला प्रशासन चमोली एवं सभी आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने भगवान बदरीविशाल से सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।


इस अवसर पर जीओसी-इन-सी सेंट्रल कमान लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जीओसी उत्तर भारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल डी.जी. मिश्रा, दर्जा मंत्री श्री हरक सिंह, ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, श्री माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री श्री विनोद कनवासी, श्री अरुण मैठाणी, जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री सुरजीत सिंह पंवार सहित भारतीय सेना के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक, युवा, विद्यार्थी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथि उपस्थित रहे

 श्री बदरीनाथ धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा*


*भगवान बदरीविशाल से प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की*


*मास्टर प्लान के कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश*


*बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव में 150 से अधिक संत-साध्वी एवं 1200 से अधिक हरिभक्त हुए शामिल*

श्री badri vishal CM Dhami



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।


इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आस्था पथ सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ ही धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पारंपरिक गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित की जा रही सुविधाओं से धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में धाम की पारंपरिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक स्वरूप के संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।


इसके बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में प्रतिभाग किया। महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 150 से अधिक संत-साध्वी तथा 1200 से अधिक हरिभक्त शामिल हुए। इस अवसर पर श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के पूज्यपाद महंत स्वामी श्री देवप्रसाददास जी स्वामी, पूज्यपाद सद्गुरुवर्य धर्मवल्लभदास जी स्वामी सहित बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम आना अपने आप में एक विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभूति है। भगवान बदरीविशाल की कृपा और आशीर्वाद से इस पावन धाम में संतों एवं श्रद्धालुओं के बीच आयोजित कथा महोत्सव में सहभागी होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम भारत की सनातन चेतना और आध्यात्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। भारतीय शास्त्रों में भी इस पवित्र धाम की महिमा का विशेष वर्णन मिलता है। यह भूमि सदियों से तप, साधना और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्राचीन विरासत, सनातन संस्कृति और आस्था के केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार के साथ ही उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया था। राज्य सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड को प्रकृति ने अनुपम सौंदर्य के साथ ही अद्वितीय आध्यात्मिक संपदा भी प्रदान की है। चारधाम, पवित्र गंगा-यमुना, हिमालय और हेमकुंड साहिब सहित अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल देवभूमि की विशिष्ट पहचान हैं। सरकार का प्रयास है कि इन तीर्थस्थलों का विकास श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप सुव्यवस्थित तरीके से हो और उनकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा भी अक्षुण्ण रहे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन समाज और राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणादायी रहा है। इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों से हमारी सनातन परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित संतों एवं श्रद्धालुओं का आभार भी व्यक्त किया।


इस अवसर पर राज्य मंत्री श्री हरक सिंह, श्री माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री श्री विनोद कनवासी, श्री अरुण मैठाणी, जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री सुरजीत सिंह पंवार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

देवभूमि की लोक संस्कृति हमारी पहचान, नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री*


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 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल भी उपस्थित रहे।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री राकेश शुक्ला के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों के साथ ही दोनों राज्यों में संचालित विकास योजनाओं एवं जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान राज्यों के बीच आपसी सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान तथा विकास के विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।



मध्य प्रदेश सरकार में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग का दायित्व संभाल रहे श्री राकेश शुक्ला के साथ भेंट के दौरान स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नवाचार तथा सतत विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। मध्य प्रदेश में सौर एवं अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के प्रयासों को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में दोनों राज्यों के अनुभवों और संभावनाओं के आदान-प्रदान को महत्वपूर्ण माना गया।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से आत्मीय एवं सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में अनुभवों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान विकास की गति को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है।



इस अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने भी उत्तराखंड के विकास एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों को लेकर चर्चा की।


 *दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना को बदरीनाथ धाम में महाभिषेक,केदारनाथ में रुद्राभिषेक संपन्न: हेमंत द्विवेदी*

PM  M9di Birthday puja in Badrinath


 *•  बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी आज अपराह्न यमकेश्वर क्षेत्र स्थित स्वर्गाश्रम मंडल भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ गंगा आरती तथा प्रधानमंत्री के जन्म दिवस पर  सेवा संकल्प अभियान तथा 76 आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में शामिल हुए* 



श्री बदरीनाथ धाम/श्री केदारनाथ धाम/ ऋषिकेश / देहरादून:17 सितंबर। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस आज गुरुवार, 17 सितंबर को पूरे देश के साथ उत्तराखंड में भी उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी)  अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से आगामी 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू हो गया है। इस दौरान प्रदेश सरकार की उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा।


बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी आज अपराह्न यमकेश्वर स्थिति भाजपा मंडल स्वर्गाश्रम में आयोजित गंगा आरती में शामिल हुए तथा प्रधानमंत्री के दीर्घायु की कामना तथा  देश प्रदेश की सुख-समृद्धि हेतु भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक रूप से 76 आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलित किये तथा सेवा संकल्प अभियान में शामिल हुए इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक सहित  यमकेश्वर प्रभारी रमेश मैखुरी सहित बड़ी संख्या में भाजपा वरिष्ठ संगठन पदाधिकारीगण, महिला मोर्चा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं साधुसंत भी गंगा आरती एवं आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलित कार्यक्रम में शामिल हुए।


उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आज प्रातः श्री बदरीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम सहित मंदिर समिति के अधीनस्थ मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। श्री बदरीनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से बीकेटीसी द्वारा विशेष महाभिषेक पूजा संपन्न करायी गयी। रात्रि में श्री बदरीनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 76 आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलित किए गये।


इसी क्रम में श्री केदारनाथ धाम में भगवान केदारनाथ जी का विशेष रुद्राभिषेक किया गया। सायंकाल मंदिर परिसर में आशीर्वाद दीप प्रज्ज्वलित हुए तथा मंदाकिनी गंगा आरती का आयोजन भी हुआ। वहीं बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के गृह क्षेत्र स्थित पौराणिक श्री यमकेश्वर महादेव मंदिर में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर पूजा-अर्चना के बाद भगवान महादेव का जलाभिषेक किया गया।


बीकेटीसी अध्यक्ष  हेमंत द्विवेदी के  दिशा-निर्देश में बीते कल बुधवार 16 सितंबर को श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ धाम में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जन्मदिवस भी धूमधाम से मनाया गया बीते कल इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष ने श्री यमकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना, हवन एवं जलाभिषेक किया ।


आज श्री बदरीनाथ धाम में धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, वेदपाठी आचार्य वाणी विलास डिमरी,अमित बंदोलिया, राकेश झिंक्वाण, विकास सनवाल तथा तीर्थ पुरोहित आचार्य पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्वलित कार्यक्रम में शामिल रहे श्री केदारनाथ धाम में पुजारी टी. गंगाधर लिंग, प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, अधिकारीगण क्रमश डीएस भुजवाण, किशन त्रिवेदी, अरविंद शुक्ला, आनंद त्रिवेदी, हेमंत कुर्माचली सहित तीर्थ पुरोहित  अंकित सेमवाल, प्रवीण तिवारी, विनोद शुक्ला  पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं रुद्राभिषेक, गंगा आरती में शामिल हुए इस अवसर पर श्री केदार सभा के पदाधिकारी, मंदिर समिति अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु तीर्थयात्री मौजूद रहे।



 

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत कुमार डोभाल, केसी, ने दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई

1,277 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं 



रुड़की, उत्तराखंड, 19 सितंबर 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने आज संस्थान में आयोजित दीक्षांत समारोह 2026 के पहले दिन अपने स्नातक विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाया। कुल 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जो उनके शैक्षणिक जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और उनके पेशेवर एवं व्यक्तिगत जीवन के एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है।


समारोह में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत कुमार डोभाल, केसी, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने दीक्षांत संबोधन दिया। भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एवं रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एडवोकेट हरीश साल्वे ने समारोह की अध्यक्षता की।


दो दिवसीय दीक्षांत समारोह के पहले दिन संस्थान के स्नातक विद्यार्थियों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए और विभिन्न शैक्षणिक विषयों में उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया। स्नातक स्तर पर बी.आर्क, बी.टेक, इंटीग्रेटेड एम.टेक, इंटीग्रेटेड एम.एससी., आईडीडी, बीएस-एमएस और बी.एस. सहित विभिन्न कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। आधिकारिक डिग्री विवरण के अनुसार, कुल 1,277 स्नातक विद्यार्थियों में 1,001 छात्र और 276 छात्राएं शामिल हैं।


दीक्षांत समारोह 2026 विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि आईआईटी रुड़की दो दिवसीय समारोह के दौरान कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान कर रहा है, जो संस्थान द्वारा अब तक प्रदान की गई डिग्रियों की सर्वाधिक संख्या है। संस्थान पहली बार अपने पांच वर्षीय ड्युअल डिग्री कार्यक्रम के तहत बीएस-एमएस डिग्री भी प्रदान कर रहा है।


समारोह में संस्थान स्तर के पुरस्कारों और पदकों का वितरण किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि का दीक्षांत संबोधन, स्नातक डिग्रियों का वितरण, विद्यार्थियों द्वारा शपथ ग्रहण तथा अन्य पदकों और पुरस्कारों का वितरण किया गया।


आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने कहा, “दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और आईआईटी रुड़की के पूरे समुदाय के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। दो दिवसीय दीक्षांत समारोह में कुल 2,701 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं। आज 1,277 स्नातक विद्यार्थियों का स्नातक होना केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम के पूर्ण होने का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह उस यात्रा की शुरुआत है, जिसमें उनका ज्ञान, रचनात्मकता और मूल्य समाज तथा राष्ट्र के लिए योगदान दे सकते हैं। आईआईटी रुड़की में हम ऐसे युवा मस्तिष्कों को विकसित करने का प्रयास करते हैं, जो न केवल तकनीकी ज्ञान से सुसज्जित हों, बल्कि आलोचनात्मक ढंग से सोचने, जिम्मेदारी के साथ नवाचार करने और जटिल चुनौतियों का समाधान करने की क्षमता भी रखते हों। मुझे विश्वास है कि हमारे स्नातक उत्कृष्टता और सेवा की उस भावना को आगे बढ़ाएंगे, जो आईआईटी रुड़की की पहचान है, और जहां भी वे अपने जीवन की यात्रा तय करेंगे, वहां सार्थक योगदान देंगे।”


बीएस-एमएस केमिकल साइंसेज के विद्यार्थी श्री श्रीवरदन बालाजी ने प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल प्राप्त किया। उन्हें जेईई (एडवांस्ड) के माध्यम से प्रवेश लेने वाले स्नातक विद्यार्थियों में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।


आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एडवोकेट हरीश साल्वे ने कहा, “दीक्षांत समारोह प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान के लिए गर्व का क्षण होता है, क्योंकि यह वर्षों के अध्ययन, अनुशासन और दृढ़ता की परिणति का प्रतीक है। आईआईटी रुड़की की एक गौरवशाली विरासत रही है और इसने प्रतिभाओं को विकसित करने तथा देश की तकनीकी एवं बौद्धिक प्रगति में योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब हमारे विद्यार्थी व्यापक दुनिया में कदम रख रहे हैं, तब मैं आशा करता हूं कि वे उत्कृष्टता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के उन मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे, जो इस संस्थान की पहचान हैं। आज जब हमारे विद्यार्थी संस्थान की सुरक्षित और परिचित दुनिया से निकलकर व्यापक समाज में कदम रख रहे हैं, तो उन्हें ऐसी परिस्थितियों का सामना करना होगा, जहाँ हर प्रश्न का आसान उत्तर या हर कदम के लिए कोई तय रास्ता उपलब्ध नहीं होगा। इन चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें सीखने और आगे बढ़ने के अवसर के रूप में स्वीकार करें। जीवन में आपकी सफलताएँ निश्चित रूप से महत्वपूर्ण होंगी, लेकिन कई बार असफलताएँ ही आपको वे मूल्यवान सबक सिखाती हैं, जो आपके व्यक्तित्व को मजबूत करते हैं, आपके दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं और आपके संकल्प को और दृढ़ करते हैं।मैं सभी ग्रेजुएट होने वाले छात्रों और उनके परिवारों को दिल से बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ।”


भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एवं रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम ने कहा,“आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनकर और इसके स्नातक विद्यार्थियों के जीवन में आए इस महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी बनकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। किसी राष्ट्र की प्रगति काफी हद तक उसकी युवा पीढ़ी के ज्ञान, क्षमताओं और प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। आईआईटी रुड़की जैसे संस्थान प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए युवा मस्तिष्कों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैं विद्यार्थियों से आग्रह करता हूं कि वे उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ें और साथ ही राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग रहें। मैं सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”


दीक्षांत समारोह 2026 के पहले दिन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत कुमार डोभाल, केसी, को ऑनोरिस कौसा उपाधि प्रदान किया जाना रहा। संस्थान के अध्यक्ष, सीनेट द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान उनकी विशिष्ट लोक सेवा के प्रति मान्यता का प्रतीक है और संस्थान के दीक्षांत समारोह में एक महत्वपूर्ण अवसर को चिह्नित करता है। आईआईटी रुड़की में उनकी उपस्थिति ने उस अवसर को और विशेष बना दिया, जब स्नातक विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा के अगले चरण की ओर अग्रसर हुए।


भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत कुमार डोभाल, केसी ने कहा, “आईआईटी रुड़की जैसे संस्थान के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनना मेरे लिए गौरव की बात है। इस संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार में उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जब स्नातक विद्यार्थी अपनी यात्रा के अगले चरण की शुरुआत कर रहे हैं, तब वे अपने साथ संस्थान में अर्जित ज्ञान और कौशल के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के व्यापक हित के लिए उनका उपयोग करने की जिम्मेदारी भी लेकर जा रहे हैं। भारत के सामने मौजूद चुनौतियों के लिए ऐसे युवा पेशेवरों और शोधकर्ताओं की आवश्यकता है, जो नवोन्मेषी ढंग से सोच सकें, ईमानदारी के साथ कार्य करें और उद्देश्य की मजबूत भावना के साथ योगदान दें। मैं सभी स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देता हूं और उनके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”


आईआईटी रुड़की शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में संस्थान ने वैश्विक स्तर पर 335वां और राष्ट्रीय स्तर पर 7वां स्थान हासिल किया है। वहीं, एनआईआरएफ 2025 रैंकिंग में संस्थान को ओवरऑल श्रेणी में 7वां और इंजीनियरिंग में 6वां स्थान मिला है। वास्तुकला ने लगातार पांचवें वर्ष शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। वर्ष के दौरान संस्थान ने अपने अनुसंधान और नवाचार तंत्र को भी और मजबूत किया। संस्थान ने 136 पेटेंट आवेदन दाखिल किए, 144 पेटेंट स्वीकृतियां प्राप्त कीं और 11 फैकल्टी-नेतृत्व वाले स्टार्ट-अप की स्थापना में सहयोग दिया।


दीक्षांत समारोह 2026 के स्वर्ण पदक विजेता

क्र. सं. पुरस्कार विद्यार्थी का नाम एवं स्ट्रीम

1. प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल श्री श्रीवरदन बालाजी

2. डायरेक्टर गोल्ड मेडल श्री नवनीत कुमार

3. भारत के राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल सुश्री आशी जैन

4. इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल श्री रूपम तनेजा

5. इंस्टीट्यूट ब्रॉन्ज मेडल श्री सुकृत जिंदल


आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में स्नातक विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को भी दोहराया गया। स्नातक विद्यार्थी जब अपनी नई यात्राओं की शुरुआत कर रहे हैं, तब वे आईआईटी रुड़की की उत्कृष्टता की विरासत को आगे लेकर जा रहे हैं और शिक्षा जगत, उद्योग, अनुसंधान तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार हैं।


पहले दिन के समारोह में संस्थान द्वारा मजबूत शैक्षणिक आधार और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने की क्षमता से युक्त स्नातकों को विकसित करने पर निरंतर दिए जा रहे जोर को रेखांकित किया गया। विशिष्ट अतिथियों ने ज्ञान, नेतृत्व, नवाचार, जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा के महत्व पर बल दिया।


संस्थान ने सभी स्नातक विद्यार्थियों और उनके परिवारों को बधाई दी तथा उनके शैक्षणिक सफर को आकार देने में शिक्षकों, मार्गदर्शकों और कर्मचारियों के योगदान को स्वीकार किया।


दीक्षांत समारोह 2026 का आयोजन 20 सितंबर 2026 को भी जारी रहेगा, जिसमें संस्थान 1,424 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्रियां प्रदान करेगा। इसके माध्यम से विभिन्न विषयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और विद्वतापूर्ण उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा।

             

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

दिनभर अष्टम भाव का प्रभाव रहने से काम में थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन रात के बाद भाग्य का साथ मिलेगा। व्यापार में दिन के समय जोखिम लेने से बचें। लव पार्टनर की सेहत का ध्यान रखें, संयम से बात करें। खर्चों पर काबू रखें। दिन में थोड़ी थकान रह सकती है, बाद में राहत मिलेगी।

Rashifal


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

दिनभर व्यापार और जीवनसाथी के साथ तालमेल बहुत अच्छा रहेगा। रात के बाद थोड़ा संभलकर चलें। साझेदारी के कामों में दिन के समय बड़ा मुनाफा हो सकता है। लव लाइफ में दिनभर रोमांस बना रहेगा। वित्तीय लाभ के अच्छे योग हैं। रात के समय खानपान में लापरवाही न बरतें।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

दिनभर विरोधियों पर आपकी बढ़त बनी रहेगी। रात के बाद व्यापार और दांपत्य जीवन में चमक आएगी। ऑफिस में रुके हुए काम पूरे होंगे। लव पार्टनर के साथ संवाद बेहतर रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, रुका धन मिल सकता है। दिनभर ऊर्जा बनी रहेगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

दिनभर बौद्धिक क्षमता से काम बनेंगे। विरोधियों पर सतर्कता जरूरी होगी। शेयर या ट्रेडिंग से जुड़े लोगों लाभ होगा। लव लाइफ में दिनभर मिठास रहेगी। धन आगमन सुचारू रहेगा। पेट का ध्यान रखें, बाहर के खाने से बचें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

दिनभर घरेलू सुख-सुविधाओं पर ध्यान रहेगा। निर्णय क्षमता और बौद्धिक लाभ बढ़ेगा। प्रॉपर्टी के सौदे फाइनल हो सकते हैं। लव पार्टनर से सुखद समाचार मिल सकता है। आय के नए स्रोत बनेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। माता की सेहत में सुधार होगा।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

दिनभर पराक्रम और नेटवर्किंग से काम बनेंगे। रात के बाद ध्यान परिवार पर रहेगा। व्यापारिक यात्राएं सफल होंगी। लव पार्टनर के साथ यात्रा या आउटिंग का प्लान बन सकता है। आर्थिक पक्ष संतुलित रहेगा। गर्दन या हाथों में थोड़ी थकान हो सकती है।



तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

दिनभर धन लाभ और वाणी से प्रभाव बढ़ेगा। पराक्रम और नेटवर्किंग में तेजी आएगी। व्यापार में मुनाफा बढ़ेगा। लव लाइफ में मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक संचय में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

दिनभर आपकी ही राशि में चंद्रमा रहने से प्रभाव बढ़ेगा। धन लाभ के योग बनेंगे। बिजनेस में नए फैसले फायदेमंद साबित होंगे। लव लाइफ बहुत शानदार रहेगी। आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।



धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

दिनभर खर्च और भागदौड़ रह सकती है। चंद्रमा आपकी ही राशि में आकर नया आत्मविश्वास देगा। उधारी से बचें, नए प्रोजेक्ट्स मिलेंगे। लव लाइफ में गलतफहमियां दूर होंगी। दिन में खर्च अधिक रहेगा, रात में स्थिति सुधरेगी। रात के बाद मानसिक तनाव समाप्त होगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

दिनभर जबरदस्त लाभ और नेटवर्किंग का माहौल रहेगा। रात के बाद खर्चों पर नियंत्रण रखें। व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होने के योग हैं। लव पार्टनर से कोई प्यारा सरप्राइज मिल सकता है। धन आवक बहुत अच्छी रहेगी। दिनभर सेहत अच्छी रहेगी, रात में विश्राम करें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

दिनभर कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा। बड़े आर्थिक लाभ के रास्ते खुलेंगे। नौकरी और बिजनेस दोनों में तरक्की के योग हैं। लव पार्टनर के साथ यादगार समय बीतेगा। आर्थिक पक्ष सुदृढ़ रहेगा। स्वास्थ्य बेहतरीन रहेगा।



मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

दिनभर भाग्य का साथ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापारिक विस्तार के लिए दिन उत्तम है। लव लाइफ में भावनात्मक निकटता बढ़ेगी। आर्थिक लाभ के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।


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