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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय संविधान के निर्माता एवं ‘भारत रत्न’ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया ।


 मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का सम्पूर्ण जीवन सामाजिक समरसता, समानता एवं न्याय के आदर्शों की स्थापना के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब के विचार एक सशक्त, समावेशी एवं न्यायपूर्ण समाज के निर्माण हेतु मार्गदर्शक हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में समरसता एवं समानता को बढ़ावा देने में अपना योगदान दें।




र्तमान में दो लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं पर चल रहा है काम*


केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बीते चार वर्षों के दौरान उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में डबल इंजन की अवधारणा जमीन पर उतरी है। वर्तमान में ही केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में दो लाख करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। 

केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन, स्वास्थ्य, धार्मिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए ऑल वेदर रोड परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं अब दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस वे के शुरु हो जाने से प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया आयाम मिला है। इस समय सितारगंज से टनकपुर, पौंटा साहिब- देहरादून, भानियावाला - ऋषिकेश, काठगोदाम लालकुंआ-हल्द्वानी बाईपास और रूद्रपुर बाईपास पर भी अलग- अलग चरण में काम चल रहा है। 

ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है, इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 48 हजार करोड़ रुपये की टनकपुर - बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रदेश में 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। 


*एयर कनेक्टिविटी*

बीते चार साल में केंद्र सरकार के सहयोग से जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया गया। उड़ान योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 हेलीपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं। इससे गौचर, श्रीनगर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, मुन्स्यारी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे शहरों के लिए हवाई सेवा शुरु की जा चुकी है। वर्ष 2022 तक राज्य में सिर्फ दो हेलीपोर्ट थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 7 हो गई है। हेलीपैड की संख्या वर्ष 2021-22 में 60 थी जो अब बढ़कर 118 हो चुकी हैं। 


*रोपवे का जाल*

केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में रोपवे विस्तार के लिए पर्वतमाला परियोजना संचालित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत रानीबाग से नैनीताल, पंचकोटी से नई टिहरी, खलियाटॉप से मुन्स्यारी, हरकी पौड़ी से चंडी देवी मंदिर, ऋषिकेश से नीलकंठ महादेव तथा औली से गौरसों तक रोपवे विकास की प्रक्रिया जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग से गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है।


*तीर्थाटन -पयर्टन*

धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम का पुनर्विकास कार्य तेजी से चल रहा है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों का व्यापक विकास किया जा रहा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का राफ्टिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है, जिससे राज्य में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।


*अन्य परियोजनाएं*

केंद्र सरकार के सहयोग से बहुप्रतीक्षित जमरानी, सौंग एवं लखवाड़ बांध परियोजनाओं पर काम चल रहा है, इससे हल्द्वानी के साथ ही देहरादून की पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत होगी। केंद्र सरकार के सहयोग से किच्छा में एम्स सेटेलाइट सेंटर पर काम प्रारंभ हो चुका है, इसी तरह एम्स ऋषिकेश में देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है। प्रदेश के 226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उधम सिंह नगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित की जा रही है। सीमांत क्षेत्रों के विकास हेतु वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

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*550 महिला पुलिस अधिकारी/कर्मियों ने संवेदनशील स्थलों में संभाला मोर्चा* 

550 police women duty PM visit


मा० प्रधानमंत्री जी के  भ्रमण कार्यक्रम में ड्यूटी के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था को पूर्णतः त्रुटिरहित, सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए रखने हेतु *उत्तराखंड पुलिस द्वारा SSP स्तर से लेकर कांस्टेबल स्तर तक लगभग 550 महिला अधिकारी/कर्मियों की रणनीतिक तैनाती* की गई है। यह तैनाती वीवीआईपी रूट, कार्यक्रम स्थल, कंट्रोल रूम तथा अन्य सभी महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील प्वाइंट्स पर सुव्यवस्थित एवं बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड के अंतर्गत सुनिश्चित की गई है।


*डीजीपी उत्तराखंड श्री दीपम सेठ ने कहा*– VVIP सुरक्षा व्यवस्था में महिलाशक्ति  को अग्रणी भूमिका प्रदान करते हुए उन्हें विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों की कमान सौंपी गई है, जिससे संपूर्ण ऑपरेशन में बेहतर समन्वय, संवेदनशीलता, सतर्कता एवं त्वरित निर्णय क्षमता सुनिश्चित हो सके। महिला पुलिस अधिकारियों/कर्मियों की उच्च पेशेवर क्षमता एवं प्रतिबद्धता वीवीआईपी ड्यूटी को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाती है।

 

डोईवाला-परवादून की जनसमस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन ।


डोईवाला/देहरादून:



परवादून जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा परवादून क्षेत्र की ज्वलंत जनसमस्याओं और विकास संबंधी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया।


परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा की क्षेत्र की जनता लंबे समय से विभिन्न मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है, जिनमें प्रमुख रूप से रानीपोखरी में प्रस्तावित विधि विश्वविद्यालय की स्थापना को निरस्त किए जाने का मुद्दा, बापूनगर (ऋषिकेश) में वन भूमि विवाद, डोईवाला टोल प्लाजा से आम जनता पर पड़ रहा आर्थिक बोझ, डोईवाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण, महिला सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था,अंकिता भंडारी को न्याय देने की मांग,सुसवा नदी में बढ़ता प्रदूषण शामिल हैं।

मोहित उनियाल ने कहा कि रानीपोखरी में विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास वर्ष 2019 में किया गया था, लेकिन वर्तमान में उस भूमि का अन्यत्र उपयोग किया जाना क्षेत्रवासियों की भावनाओं के साथ अन्याय है। इसको लेकर पिछले कई दिनों से क्षेत्रीय जनता आंदोलनरत है।


उन्होंने यह भी कहा कि सुसवा नदी में देहरादून का सीवरेज और प्लास्टिक कचरा गिराया जा रहा है, जो सीधे गंगा को प्रदूषित कर रहा है। आगामी कुंभ के दृष्टिगत यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

प्रेस विज्ञप्ति में मांग की गई है कि विधि विश्वविद्यालय को पूर्व निर्धारित स्थान पर शीघ्र स्थापित किया जाए,बापूनगर के निवासियों को वन भूमि विवाद में स्थायी राहत दी जाए व राजस्व ग्राम घोषित किया जाए,डोईवाला टोल प्लाजा को हटाया जाए या स्थानीय लोगों को पूर्ण छूट मिले,डोईवाला स्वास्थ्य केंद्र को उपजिला चिकित्सालय में उच्चीकृत किया जाए,महिला सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं,अंकिता भंडारी का मुद्दा तथा सुसवा नदी को प्रदूषण मुक्त करने हेतु सख्त कार्रवाई की जाए।


उनियाल ने कहा कि आज डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती जैसे पावन अवसर पर लोकतांत्रिक मूल्यों और अधिकारों का खुलेआम हनन किया गया। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा रोका गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस दिन देश संविधान और अधिकारों के रक्षक बाबा साहेब को याद करता है, उसी दिन आम जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जो लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। इस प्रकार की कार्रवाई न केवल निंदनीय है, बल्कि यह दर्शाती है कि जनता के मुद्दों को उठाने वालों के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है।


डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा कि इन मुद्दों का समाधान क्षेत्र के समग्र विकास एवं जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक है, और उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करेगी।


इस दौरान परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी,अश्विनी बहुगुणा,प्रमोद कप्रवान शास्त्री,राहुल सैनी,स्वतंत्र बिष्ट,गौरव मल्होत्रा,अमित सैनी,शार्दूल नेगी,उमेद बोरा,जितेंद्र कुमार,अफसाना अंसारी,रेखा कांडपाल सती,रीता क्षेत्री,सुनील बर्मन,राजेंद्र सेमवाल,विमल, किशोर तिवारी,गजेंद्र विक्रम शाही,तेजपाल सिंह मोंटी,मुकेश प्रसाद,सावन राठौर,आरिफ अली,विवेक सैनी,राहुल आर्य,अनुज कन्नौजिया,सोहेब अली,संदीप थापा,समीर,वसीम अली,मोइन अली,आशिक अली,साहिल अली, सूरज भट्ट,शुभम कांबोज आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी जरूरी
  • प्रधानमंत्री ने देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में किया 210 किमी लंबे, दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित समारोह में 210 किमी लंबे, दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने गढ़ी कैंट तक 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में प्रतिभाग करने के साथ ही डाटकाली मंदिर में दर्शन करने के उपरांत पूजा भी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गढ़ी कैंट में आयोजित, समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को बैसाखी और बिहू पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तराखंड में स्थित पवित्र चार धामों की भी यात्रा शुरु होने वाली है, जिसका देशभर के आस्थावान लोग प्रतीक्षा करते हैं। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से चारधाम के यात्रियों को भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य अपने स्थापना के 26वें प्रवेश कर चुका है, अब राज्य की प्रगति में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले उन्होंने बाबा केदार की धरती पर अनायास ही कहा था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड के नाम होने जा रहा है, उन्हें यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि डबल इंजन वाली सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से उत्तराखंड तेजी से इस राह पर बढ़ रहा है।

उत्तराखंड ने देश को दिखाई राह
प्रधानमंत्री ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ बीआर अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बीते एक दशक से उनकी सरकार ने जो भी निर्णय लिए वो देश के संविधान की गरिमा को बढ़ाने वाले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति और देश से माओवाद खत्म होने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड ने संविधान की भावना के अनुरूप, समान नागरिक संहिता लागू कर, पूरे देश को नई राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय पूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित रहा है, केंद्र सरकार भी इसी भावना के साथ हर गरीब को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि देश का संतुलित विकास, सबको सुविधा और सबकी समृद़धि ही सामाजिक न्याय का माध्यम बन सकती है। इसलिए बाबा साहेब भी औद्योगिकरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भरपूर वकालत करते थे।

सड़कें बनेगी भविष्य की रेखा
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में सड़क, रेलवे, रोपवे और वाटरवे की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग, भविष्य जानने के लिए हाथ की रेखाओं को दिखाने के लिए ज्योतिष शास्त्र की शरण में जाते हैं। आज इसी तरह सड़कें, राष्ट्र की भाग्य रेखाएं बनती जा रही हैं। उन्होनें कहा कि बीते एक दशक से सरकार विकसित भारत के लिए ऐसी ही भाग्यरेखाओं के निर्माण में जुटी हुई है। ये भाग्य रेखाएं, सिर्फ आर्थिकी का आधार नहीं बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी की समृद्धि की गारंटी भी बनेगी और यही मोदी की गारंटी भी है। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में सरकार ने इन विकास रेखाओं के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश किया है। वर्ष 2014 तक, पूरे देश के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर दो लाख करोड़ भी खर्च नहीं हो पाते थे, जबकि आज यह राशि छह गुना अधिक बढ़कर 12 लाख करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इस दौरान अकेले उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़कों के इंतजार में पीढ़ियां बूढ़ी हो जाती थी, आज डबल इंजन की सरकार के कारण गांव गांव सड़क पहुंच रही है। इससे वीरान गांव फिर जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना, केदारनाथ, हेमकुंड रोपवे जैसे परियोजनाएं उत्तराखंड की भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

नए भारत में स्पीड और स्केल पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत जिस स्पीड और स्केल पर काम कर रहा है, उसकी चर्चा दुनियाभर में हो रही है। उन्होने कहा कि बीते कुछ महीनों के भीतर ही दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ है, साथ ही मेरठ तक मेट्रो पहुंची है, नोएडा में एयरपोर्ट शुरु हुआ है और अब दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर भी शुरु हो चुका है। इतने छोटे से क्षेत्र में इतना सबकुछ हो रहा है तो आप देशभर की प्रगति का आंकलन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में कई इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम चल रहा है। ये इकोनॉमी कॉरिडार प्रगति के नए द्वार बनने जा रहे हैं जिनसे हमारी उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली - देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जहां लोगों का आने जाने में समय बचेगा, वहीं ईंधन की खपत कम होने से किराया और माल भाड़ा भी बचेगा। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद, तेजी से बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इस शानदार एक्सप्रेस वे का सर्वाधिक लाभ उत्तराखंड के पर्यटन को मिलेगा ।

बारामासी पर्यटन की ओर बढ़ा उत्तराखंड
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड सरकार द्वारा विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और वेड इन उत्तराखंड जैसे अभियानों को बढ़ावा दिए जाने के लिए जारी प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, अब उत्तराखंड बारामासी पर्यटन की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने 2023 में अपनी आदि कैलाश-ओमपर्वत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि, पहले यहां साल में कुछ सौ लोग ही आते थे, जबकि 2025 में यह संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई है। इसी तरह उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा में आने वाले पयर्टकों और तीर्थयात्रियों की संख्या भी 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख पहुंच गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति को साथ रखा जाना जरूरी है। इसलिए आज हर निर्माण का इस त्रिवेणी को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें ध्यान देना होगा कि इंसानों के लिए होने वाले विकास कार्यों से वन्य जीवों को कोई कष्ट न हो। इसलिए दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर 12 किमी लंबा एलिवेट रोड बनाया गया है।

उत्तराखंड की पवित्रता का करें पालन
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों के साथ ही यहां आने वाले पयर्टकों से अपील करते हुए कहा कि वो देवभूमि की धरोहर बहुत पवित्र है, ऐसे स्थानों का साफ सुधरा रखना हम सबका कर्तव्य है। यहां जगह -जगह कूड़ा डालने, प्लास्टिक की बोतलें फेंकने से देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचती है। इसलिए देवभूमि के तीर्थ स्थलों को स्वच्छ और सुंदर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले साल हरिद्वार में दिव्य, भव्य और स्वच्छ कुंभ मेले का आयोजन होगा, इसी के साथ उत्तराखंड में जल्द ही नंदा देवी राजजात भी आयोजित होने वाली है। ये यात्रा उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक चेतना का भी उदाहरण है, जिसमें मां नंदा को बेटी मानकर सम्मान के साथ विदा किया जाता है। उन्होंने कहा कि वो मां नंदा को प्रणाम करते हुए, विकसित भारत के निर्माण में माताओं बहनों की बड़ी भूमिका है।

2029 में आधी आबादी को मिलेगा पूरा हक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं को राजनैतिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए, संसद ने चार दशक के बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कर दिया है, इससे लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तय हो गया है। अब इसे लागू करने में देर नहीं होने चाहिए, 2029 के लोकसभा और इससे आगे के विधानसभा चुनावों में इसे लागू किया जाना चाहिए। देश की इसी भावना के अनुरूप 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी दलों से इस संसोधन अधिनियम को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि, 2029 में देश की पचास प्रतिशत आबादी को उनका हक मिलकर रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश, 1962 में शहीद हुए बाबा जसवंत सिंह के शौर्य को भुला नहीं सकता। सैनिकों के सम्मान के क्रम में केंद्र सरकार ने वन रैंक, वन पेंशन लागू करते हुए पूर्व सैनिकों के खाते में सवा लाख करोड़ से अधिक की धनराशि जमा की है। जिसका लाभ उत्तराखंड के हजारों परिवारों को भी मिला है। सरकार देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति को जोडते हुए विकसित भारत का संकल्प सच करने का प्रयास कर रही है।


 

  • अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत - मुख्यमंत्री
PM Modi visit uttarakhand


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि उनका प्रत्येक दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड को ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे ऐलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की सौगात मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में विशेष है। एक ओर जहां दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति मिल रही है, वहीं यह अवसर भीमराव अंबेडकर की जयंती का भी है। उन्होंने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और सिख नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे सांस्कृतिक वैभव और  कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताकर सभी का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का प्रथम गांव घोषित किया, इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन पर वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया। आदि-कैलाश का दर्शन कर इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई, राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई, हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 25 वर्षों के लिए राज्य को एक नया विजन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ ‘‘विकास भी और विरासत भी’’ की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन ‘‘अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत’’, ‘‘अब नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत रहा है भारत’’, ‘‘अब अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार के साथ-साथ नवाचार में भी कीर्तिमान बना रहा है भारत’’ कविता से किया। मुख्यमंत्री ने कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा और आभार व्यक्त किया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसमें मां नंदा की डोली, यात्रा की अगुवाई करते खाड़ू तथा स्थानीय लोगों का सुंदर चित्रण किया गया है।
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सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने रखा विकास परियोजनाओं का विवरण

केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखण्ड के विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में करीब एक लाख 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

श्री गडकरी ने कहा कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर छह लेन रोड़ का भी जून में उद्घाटन होने जा रहा है। इसी तरह 1650 करोड़ के लागत से पौंटा साहिब से देहरादून फोर लेन मार्ग अगले महीने तक शुरु हो जायेगा। 1600 करोड़ की लागत से हरिद्वार में फोर लेन ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर, 2026 तक पूरा हो जायेगा, जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश जाने में टैªफिक जाम की समस्या हल होगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है, जिस पर अगस्त तक काम शुरू हो जायेगा।

उन्होंने कहा कि 1050 करोड़ की लागत से 21 किमी. लम्बा रूद्रपुर में फोरलेन बाईपास इसी साल अक्टूबर और 936 करोड़ की लागत से 15 किमी. लम्बा काशीपुर से फोरलेन बाईपास दिसंबर 2026 में पूरा होगा। साथ ही 716 करोड़ की लागत से 12 किमी. लम्बा देहरादून - झाझरा - आशारोड़ी फोर लेन एलिवेडेट रोड़ अगले साल अप्रैल और 745 करोड़ की लागत से 20 किमी. लम्बा भानियावाला, जौलीग्रांट से ऋषिकेश तक फोर लेन मार्ग अप्रैल 2028 तक पूरा होगा। साथ ही साथ 800 करोड़ की लागत से श्रीनगर में भी टू लेन बाईपास की भी डीपीआर बन रही है।

उन्होंने कहा कि पहले हमें मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और चीन से होकर जाना पड़ता था। लेकिन अब 5200 करोड़ रूपये की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख तक मार्ग बनाया जा रहा है। 370 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में से करीब 200 किमी. का कार्य पूरा हो चुका है। इसी तरह 12 हजार करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 825 किमी लंबी चारधाम सड़क परियोजना में 640 किमी. का काम पूरा हो चुका है। 1300 करोड़ की लागत से रूद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक का कार्य दिसम्बर 2026 तक शुरू किया जायेगा। इसके साथ-साथ गंगोत्री धाम जाने के लिए 142 किमी का काम पूरा हुआ है और बाकी 100 किमी. का काम चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। यमुनोत्री धाम में 2500 करोड़ की लागत से धरासू से यमुनोत्री तक 46 किमी. का काम पूरा हो चुका है तथा 30 किमी. का काम अप्रैल, 2028 तक पूरा हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार सोनप्रयाग - केदारनाथ रोपवे और गोंविदघाट से हेमकुंड साहिब पर भी काम कर रही है। प्रदेश में अनेक जगहों पर टनल भी बनाई जा रही है।
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ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, श्री विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, श्री तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, श्री गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्य, श्री खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, श्री सौरभ बहुगुणा, श्री मदन कौशिक, श्री राम सिंह कैड़ा, श्री भरत चौधरी, श्री प्रदीप बत्रा, सांसद श्री अनिल बलूनी, श्री अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, श्री नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।

 

  • सीएम धामी ने हरिद्वार में सद्भावना सम्मेलन से सामाजिक एकता का दिया संदेश
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को बताया भारत की पहचान
  • वैश्विक स्तर पर भारत की मानवता आधारित भूमिका का उल्लेख
  • समान नागरिक संहिता को सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया
  • उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु सरकार प्रतिबद्ध
  • चारधाम और धार्मिक कॉरिडोर विकास कार्यों को बताया प्राथमिकता
sadbhavna sammelen  haridwar


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.मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार में ऋषिकुल मैदान में आयोजित “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” के सद्भावना सम्मेलन, बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रतिभाग करते हुए कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सदैव से ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के सिद्धांत पर आधारित रही है, जो पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश देती है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में सम्मेलन में उपस्थित देशभर से आए संतों, अतिथियों, माताओं, बहनों, युवाओं एवं सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए वैशाखी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

उन्होंने कहा कि श्री सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” द्वारा समाज में समरसता, सेवा और नैतिक जागरण के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रेरणादायी हैं। वर्तमान समय में जब विश्व विभिन्न संघर्षों और तनावों से गुजर रहा है, ऐसे में प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने सदैव वैश्विक स्तर पर मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा ‘एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य’ की भावना को आगे बढ़ाने का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरोना काल में अनेक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराना, योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाना तथा विभिन्न आपदाओं के समय सहायता प्रदान करना भारत की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द किसी भी राष्ट्र की प्रगति के मूल आधार होते हैं। इसी दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने को सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर एवं शारदा कॉरिडोर के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना को भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सद्भावना सम्मेलन समाज में एकता, सद्भाव और सेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा तथा इसके सकारात्मक परिणाम दूरगामी होंगे। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए सतपाल महाराज एवं “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” को शुभकामनाएं भी दीं।

 

पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड


 प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित देहरादून भ्रमण के दृष्टिगत डीजीपी उत्तराखण्ड ने की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा एवं ब्रीफिंग

अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था में 3000 से अधिक पुलिस कर्मी तैनात, त्रुटिरहित सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश



 प्रधानमंत्री जी के दिनांक 14 अप्रैल, 2026 को जनपद देहरादून के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत आज पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से 'मिनट-टू-मिनट' रिहर्सल की गई। इस दौरान कार्यक्रम से जुड़े समस्त प्रोटोकॉल, सुरक्षा प्रबंध, यातायात व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।


रिहर्सल के उपरांत *पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ द्वारा पुलिस लाइन देहरादून में ड्यूटीरत समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्थाओं की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए विस्तृत समीक्षा व ब्रीफिंग की गई। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध, समन्वित एवं त्रुटिरहित* रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।


 पुलिस महानिदेशक द्वारा सभी अधिकारियों को वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप अत्यधिक सजग, सतर्क एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि ड्यूटी पर तैनात समस्त पुलिसकर्मियों का टर्नआउट उच्च स्तर का हो तथा उन्हें उनके दायित्वों के संबंध में पूर्व से पूर्ण ब्रीफिंग प्रदान की जाए।


कार्यक्रम के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं वीवीआईपी रूट पर मानव श्रृंखला के दृष्टिगत प्रतिभागियों का पूर्व सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। बिना समुचित चेकिंग के किसी भी व्यक्ति को इन कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने की अनुमति नहीं दी जाए।

वीवीआईपी रूट प्रभारी को निर्देशित किया कि वे कार्यक्रम से पूर्व सम्पूर्ण रूट का भौतिक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि मार्ग में किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री या अन्य कोई अवरोध न हो।


कार्यक्रम स्थल पर आम-जन के प्रवेश हेतु निर्धारित प्वाइंटों पर हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) एवं डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच करते हुए पूर्व निर्धारित स्थानों पर बैठने की अनुमति दिए जाए। किसी भी व्यक्ति को कार्यक्रम स्थल में कोई अनधिकृत वस्तु ले जाने की अनुमति न दी जाए तथा कार्यक्रम समाप्ति के उपरांत भीड़ की सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित निकासी हेतु पूर्व से ही समुचित प्रबंध कर लिये जाएं। सुरक्षा के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन्स का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।


कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग की जाए। सुरक्षा के लिहाज से ऊंचे भवनों, जल टंकियों व अन्य संवेदनशील स्थानों की बम निरोधक दस्ते (BDS) एवं डॉग स्क्वाड टीमों द्वारा गहन जांच कर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।


*डीजीपी महोदय सभी अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने तथा पूर्ण सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन* करने के निर्देश दिए।


ब्रीफिंग में *महानिदेशक,अभिसूचना एवं सुरक्षा, श्री अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री वी. मुरुगेशन, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र श्री राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक/प्रधानाचार्य पीटीसी, श्री यशवंत चौहान, समस्त जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।*



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