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रुड़की:




आज दिनांक 09 जुलाई 2026 को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को रुड़की कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि बसेड़ी, लक्सर स्थित एक निर्माणाधीन मकान के चारों ओर हुए जलभराव के कारण दो व्यक्ति बीती रात से उसमें फंसे हुए हैं तथा बाहर निकलने में असमर्थ हैं।

सूचना प्राप्त होते ही उपनिरीक्षक आशीष त्यागी के हमराह SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने स्थिति का आकलन किया तथा जलभराव के बीच सुरक्षित रेस्क्यू अभियान चलाते हुए दोनों व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकाल लिया।

पूछताछ के दौरान ज्ञात हुआ कि रेस्क्यू किए गए दोनों व्यक्ति पिता-पुत्र हैं, जो निर्माणाधीन मकान में निर्माण कार्य कर रहे थे। अचानक जलस्तर बढ़ जाने के कारण वे पूरी रात मकान में ही फंसे रहे। SDRF की त्वरित एवं कुशल कार्रवाई से दोनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों का विवरण निम्नवत है—

श्री राम, उम्र 60 वर्ष, निवासी ग्राम सिमली, लक्सर।

संजय, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम सिमली, लक्सर।


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

परिवार की चिंता रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। थकान रहेगी। पिता का स्वास्थ्य संतोष देगा। अहंकार के भाव मन में न आने दें। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति संतोषप्रद रहेगी।

Rashifal


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

धनागम होगा। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। रोजगार मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। नौकरी में ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति के योग हैं। स्वाध्याय के महत्व को समझें। संतान को अपने कार्यों में सफलता मिल सकेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। स्वार्थ एवं भोग की प्रवृत्ति के कारण अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त नहीं कर पाएंगे।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। विवाद न करें। दु:खद समाचार मिल सकता है। लाभ के अवसर हाथ से निकलेंगे। शत्रु से सतर्क रहें। काम के प्रति लापरवाही न करें, किसी बात पर मतभेद की संभावना है।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुख के साधन जुटेंगे। शत्रु परास्त होंगे। सुखवृद्धि एवं पारिवारिक उन्नति होगी। आर्थिक योजनाओं में धन का निवेश हो सकता है। पड़ोसियों से किसी बात पर मतभेद की संभावना है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। मान बढ़ेगा। धनार्जन होगा। थकान रहेगी। रचनात्मक कार्य में मन लगेगा। अपना व्यवहार संयमित रखकर काम करें। मानसिक बेचैनी रहेगी। मित्रों की मदद से समस्या का समाधान हो सकेगा। समय का सदुपयोग होगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। कामकाज की जिज्ञासा बढ़ेगी। राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यों में सफलता की संभावना है। व्यापार में मनोनुकूल लाभ होने के योग हैं।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

फालतू खर्च होगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें। पुराना रोग उभर सकता है। कुसंगति से हानि होगी। अनसोचे कार्य होंगे। दांपत्य जीवन में मनमुटाव हो सकता है। पारिवारिक समस्याएं सूझबूझ से निपटाएं। कार्य में सहयोग मिलेगा। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पुराना रोग उभर सकता है। बेचैनी रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। व्यापारिक गोपनीयता भंग न करें। पूंजी निवेश लाभकारी रहेगा। व्यापार की चिंता रहेगी। आपसी विचार-विमर्श लाभप्रद रहेगा। आशानुरूप स्थिति बनेगी।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

नए अनुबंध हो सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक तनाव से मन परेशान रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लाभ में कमी आ सकती है। उचित मार्गदर्शन लेना जरूरी होगा। प्रमाद न करें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। धनार्जन होगा। प्रसन्नता रहेगी। यश, प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं। मनोरंजन के अवसर उपलब्ध होंगे। अनसोचे कामों में हाथ नहीं डालें। कामकाज की जिज्ञासा बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

व्यापार में लाभ होने के योग हैं। धार्मिक कामों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी से विवाद हो सकता है। अपनी स्थिति, योग्यता के अनुरूप कार्य करें। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम न लें। झंझटों में न पड़ें। आय में कमी होगी।



 भारी वर्षा की संभावनाओं के चलते देहरादून जनपदों के स्कूलों में 10 जुताई को अवकाश घोषित किया गया है।

*भारी बारिश के बीच ग्राउंड जीरो पर उतरे डीएम;*

*कार्लीगाढ़, सहस्रधारा और सपेरा बस्ती का लिया जायजा, दिए सुरक्षा के सख्त निर्देश*

*चार जगहों पर बंद सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग, दोनों तरफ से जेसीबी लगाकर तुरंत खोलने के आदेश*


देहरादून:

DM Dehradun Ashish chauhan  visit in rain at sites



उत्तराखंड में मौसम विभाग के रेड अलर्ट और जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आपदा की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरूवार को खुद मोर्चा संभाला। 

उन्होंने भारी बारिश के बीच ग्राउंड जीरो पर उतरकर सहस्रधारा, कार्लीगाढ़ और अति-संवेदनशील सपेरा बस्ती का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से बात कर उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया और अधिकारियों को तत्परता से काम करने के सख्त निर्देश दिए।


*चार जगहों पर बंद सहस्रधारा-सरोना मार्ग, दोनों तरफ से जेसीबी लगाकर तुरंत खोलने के आदेश*

जिलाधिकारी सबसे पहले सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग पहुंचे, जो बरसात के कारण आए मलबे की वजह से चार अलग-अलग स्थानों पर पूरी तरह ठप हो गया है। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता ने मौके पर बताया कि पिछली आपदा में यह मार्ग 11 से अधिक जगहों पर टूटा था, जिसे अस्थाई रूप से खोला गया था। लेकिन बजट की कमी और स्थाई ट्रीटमेंट न होने के कारण हल्की बारिश में भी यह बार-बार बंद हो जाता है।


इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल पीएमजीएसवाई को दोनों तरफ से जेसीबी मशीनें लगाकर मलबा साफ करने और मार्ग को तुरंत सुचारू करने को कहा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मार्ग के स्थाई ट्रीटमेंट और प्रोटेक्शन कार्यों के लिए वे खुद शासन स्तर पर वार्ता करेंगे ताकि जनता को बार-बार इस परेशानी से न जूझना पड़े।


*कार्लीगाढ़- कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे नदी पार रहने वाले परिवार, राशन-पानी की होगी पुख्ता व्यवस्था*

निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग ने बताया कि कार्लीगाढ़ में पिछली आपदा के मलबे का निस्तारण, समतलीकरण और नदी चैनलाइजेशन का काम पूरा कर लिया गया है। हालांकि, नदी के दूसरी तरफ रह रहे परिवारों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी बेहद गंभीर दिखे।


डीएम ने तहसील प्रशासन को निर्देश दिए कि नदी पार रहने वाले सभी परिवारों के पास पर्याप्त खाद्य सामग्री, बिजली और पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही, इन सभी परिवारों के फोन नंबर जिला कंट्रोल रूम में दर्ज किए जाएं ताकि आपात स्थिति में इन्हें समय रहते अलर्ट कर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा सके।


*सपेरा बस्ती के निवासियों से खुद की बात, सुरक्षा के लिए मांगे सुझाव*

आपदा के लिहाज से अति-संवेदनशील मानी जाने वाली सपेरा बस्ती में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान खुद स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ वहां बह रहे नाले के ट्रीटमेंट और क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत के लिए तुरंत आंगणन तैयार करने के निर्देश दिए, बल्कि स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद कर सुरक्षात्मक उपायों पर उनके सुझाव भी मांगे।


जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सपेरा बस्ती में सुरक्षात्मक कार्यों को तुरंत पूरा करें। जिन लोगों के मकान असुरक्षित हैं, उन्हें फौरन सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। बारिश के दौरान लोगों को अलर्ट करने का सिस्टम पूरी तरह ठोस होना चाहिए, इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।


निरीक्षण के दौरान पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता रघुवीर सिंह गुसाईं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दीक्षांत गुप्ता, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार समेत तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

 

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार  09 जुलाई को जिले में औसत 25.75 मिमी. वर्षा रिकॉर्ड की गई। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर है। जबकि गंगा और टोंस नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान के नीचे है। भूस्खलन और मलबे के कारण हरिपुर-इच्छाडी-कुवानु-मीनास राज्य मार्ग तीन अलग-अलग स्थानों पर अवरुद्ध है जिसको आज सांय तक सुचारू कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिले में 14 ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध हुए है, जिन्हें सुचारू करने का काम जारी है।


 




*कम ऋण-जमा अनुपात वाले जनपदों में विशेष अभियान चलाने को कहा*

*सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो : मुख्यमंत्री*

SLBC meeting CMDhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 97वीं बैठक में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बैंकों से आम लोगों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों तक ऋण की पहुंच आसान बनाने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने राज्य में ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जनपदों में कम ऋण-जमा अनुपात पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि इन जिलों में नियमित रूप  शिविर लगाए जाएं। जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभाग मिलकर पात्र लोगों की पहचान करें और उन्हें समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य का ऋण-जमा अनुपात आगामी राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी भी पात्र व्यक्ति को परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी आवेदन में कोई कमी हो तो उसे केवल तकनीकी आधार पर निरस्त करने के बजाय संबंधित व्यक्ति का मार्गदर्शन कर कमियों को दूर कराया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में बैंक सक्रिय भूमिका निभाएं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि और एमएसएमई क्षेत्र में 111 प्रतिशत उपलब्धि राज्य की बेहतर आर्थिक प्रगति का संकेत है। राज्य का ऋण-जमा अनुपात बढ़ना भी सकारात्मक है, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए सभी बैंकों को मिलकर प्रयास करने होंगे।


मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं में पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को गांव-गांव तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने वित्तीय समावेशन को और मजबूत बनाने तथा प्रधानमंत्री जनधन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार और बैंक मिलकर कार्य करेंगे तो रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी तथा राज्य का समग्र विकास और तेजी से होगा।


बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930  से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), आईसीआईसीआई बैंक तथा एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए, ताकि साइबर ठगी से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक से पूर्व उप समिति (सब-कमेटी) की नियमित बैठक आयोजित की जाए, ताकि विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा कर समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने  बैंकों से आजीविका संवर्धन तथा औद्योगिक क्षेत्र को ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार, लघु उद्योग, एमएसएमई तथा अन्य उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाकर राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को और गति दी जाए।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु , डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री नितेश झा, डॉ बी.वी. आर. सी पुरुषोत्तम, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री एस.एन. पाण्डेय, श्री श्रीधर बाबू अदांकी, श्री धीराज गर्ब्याल, क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक श्री अरविन्द कुमार, मुख्य महाप्रबंधक श्री हर्ष कुमार गौतम, महा प्रबंधक नाबार्ड श्री पंकज यादव, अध्यक्ष इन्डस्ट्रीज एसोसियेशन ऑफ उत्तराखंड श्री पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक नई दिल्ली श्री प्रभास बोस, महाप्रबंधक श्री शैलेश कुमार, उप महाप्रबन्धक एसबीआई देहरादून श्री राजीव रंजन,  उप महाप्रबन्धक एसबीआई हल्द्वानी श्री राजीव रंजन रतन, सहायक महाप्रबन्धक, एस.एल.बी.सी. उत्तराखंड श्री शैलेन्द्र कुमार उनियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 को संबोधित किया

home minister Amit Shah  Border security police seminar


इस सम्मेलन से समग्र सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण को संस्थागत रूप मिला है

आने वाले समय में तटीय सीमा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में भी हम समग्रता से आगे बढ़ेंगे


इस सम्मेलन में सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा, निराकरण की चिंता और इस दिशा में उपयुक्त उपायों को नीतिगत स्वरूप देने का काम होगा


मोदी सरकार, संबद्ध सीमा रक्षक बल, राज्य एवं ज़िला प्रशासन, भारत सरकार के संबंधित हितधारक तथा स्थानीय नागरिकों के परस्पर जुड़ाव के साथ एक मज़बूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण कर रही है


स्मार्ट बॉर्डर की कल्पना पर आधारित भारत की बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विश्व में सबसे आधुनिक होगी


सुरक्षित सीमा, समृद्ध सीमांत और सजग समाज के साथ ही देश सुरक्षित हो सकता है


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  के नेतृत्व में देश को जम्मू कश्मीर और नॉर्थईस्ट में आतंकवाद और नक्सलवाद से निजात मिली है जो हमारी साझी सफलता का सूचक है

आने वाले 3 सालों में हम नारकोटिक्स की समस्या को गंभीर क्षति पहुंचाकर इस पर विजय प्राप्त करेंगे

देश को घुसपैठिया मुक्त बनाने और घुसपैठ हो ही न सके, इसके लिए एक मज़बूत तंत्र का निर्माण कर रहे हैं

पहले समस्याएं स्थायी और समाधान अस्थायी थे, मोदी सरकार में समस्याओं की जड़ पर प्रहार कर समाधानों को स्थायी बनाया जा रहा है

मोदी सरकार ने बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर में 400 प्रतिशत वृद्धि कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ इसे आगे बढ़ाया है

मोदी जी ने वायब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत देश के अंतिम गांव को देश का प्रथम गांव कहा है, इसके तहत पलायन रोकने, रोजगार बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है

मोदी जी ने जनसांख्यिकी परिवर्तन का अध्य्यन करने, उसमें असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को चिन्हित करने और भविष्य में इसे रोकने के उपाय सुझाने के लिए डेमोग्राफी मिशन की शुरूआत की है.

रूथलैस अप्रोच के साथ जनसांख्यिकी में असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को रोकना मोदी सरकार का संकल्प है.

सीमांत क्षेत्रों में हो रहे जनसंख्यिकी परिवर्तन का मूल कारण घुसपैठ है.

सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए मोदी सरकार ने चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण किया है जिससे हमने अपनी अप्रोच को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव में बदला है

 

 *389 से अधिक शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त, अधिकांश का मौके पर ही किया गया निस्तारण* 

 *स्वास्थ्य, स्वरोजगार, कृषि, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एक ही स्थान पर मिला लाभ* 

 *मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान बना सुशासन का प्रभावी माध्यम* 


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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित 'सेवा, सुशासन एवं समर्पण' तथा 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के अंतर्गत गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविरों, जनसमस्या निवारण शिविरों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का व्यापक आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन ने गांव-गांव पहुंचकर आमजन को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया तथा प्राप्त जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की।



प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, राजस्व, शिक्षा, श्रम, सेवायोजन, आयुष, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर नागरिकों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया। अनेक स्थानों पर स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण, प्रमाण-पत्र निर्गत करने, पेंशन, रोजगार, कृषि सहायता, महालक्ष्मी किट, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया।



हरिद्वार जनपद के नारसन में आयोजित शिविर में 264 नागरिकों ने सहभागिता की तथा विभिन्न विभागों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया गया। यहां 11 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 6 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। चम्पावत जनपद के रेगड़ू में आयोजित शिविर में 359 लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया तथा 51 आवेदन प्राप्त हुए। टिहरी जनपद के प्रतापनगर में महिला, युवा एवं सैनिक कल्याण विषय पर आधारित जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न विभागों की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। उत्तरकाशी के पुरोला में 290 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया तथा प्राप्त सभी 5 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। पौड़ी जनपद के थलीसैंण में 169 लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। नैनीताल के कोटाबाग में आयोजित विशाल जनकल्याण शिविर में 510 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला तथा 250 शिकायतों में से 190 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। यहां मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 16 लाभार्थियों को लगभग 13 लाख रुपये के चेक तथा पात्र महिलाओं को महालक्ष्मी किट भी वितरित की गई। चमोली के दशोली में 174 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया गया तथा प्राप्त 26 शिकायतों में से 18 का तत्काल समाधान किया गया। चमोली के ग्वालदम में 42 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। ऊधम सिंह नगर के जसपुर में 54 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 38 का तत्काल निस्तारण किया गया तथा स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, समाज कल्याण एवं अन्य विभागों द्वारा बड़ी संख्या में नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।



उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से 2,366 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविरों के दौरान 389 से अधिक शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 257 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क औषधि वितरण, प्रमाण-पत्र निर्माण, कृषि एवं उद्यान सहायता, स्वरोजगार योजनाओं का लाभ, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पंजीकरण तथा विभिन्न जनसेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।


प्रदेशभर में आयोजित इन शिविरों में सांसदों, विधायकों, राज्य मंत्रियों, आयोगों एवं परिषदों के अध्यक्षों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग कर विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र नागरिक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 'सेवा, सुशासन एवं समर्पण' राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है। उन्होंने कहा कि 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी अपने क्षेत्र में ही विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनसेवा शिविर केवल योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं तथा इसी भावना के साथ राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।



fake hallmarking, raid in haridwar


बीआईएस ने हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में फर्जी हॉलमार्किंग की सूचना पर दो आभूषण प्रतिष्ठानों पर की तलाशी एवं जांच


• जांच के दौरान हॉलमार्किंग संबंधी उपकरणों, अभिलेखों एवं अन्य साक्ष्यों की गहन जांच; एक कटिंग मशीन को निगरानी में रखा गया

• बीआईएस अधिनियम, 2016 के अंतर्गत जांच जारी, जांच पूर्ण होने के बाद नियमानुसार होगी कार्रवाई

• उपभोक्ताओं से बीआईएस केयर ऐप पर 6 अंकों वाले HUID का सत्यापन कर फोटो एवं वजन का मिलान करने की अपील

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), देहरादून शाखा कार्यालय ने फर्जी हॉलमार्किंग संबंधी प्राप्त सूचना पर हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाते हुए दो आभूषण प्रतिष्ठानों पर तलाशी एवं जांच (Search & Investigation) की।


बीआईएस की टीम ने ज्वालापुर स्थित जहांगीर एवं बादशाह नामक दो आभूषण प्रतिष्ठानों पर विस्तृत जांच की। कार्रवाई के दौरान हॉलमार्किंग से संबंधित उपकरणों, अभिलेखों एवं अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया गया। जांच के दौरान एक कटिंग मशीन भी मिली, जिसे आगे की विस्तृत जांच एवं तकनीकी परीक्षण के लिए बीआईएस द्वारा निगरानी (Observation) में रखा गया है। मामले की जांच भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 तथा संबंधित नियमों के अंतर्गत जारी है और जांच पूर्ण होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


इस अवसर पर बीआईएस, देहरादून के संयुक्त निदेशक श्री सचिन चौधरी ने कहा कि बीआईएस देश में हॉलमार्किंग प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी ज्वैलर्स से आग्रह किया कि वे केवल बीआईएस द्वारा मान्यता प्राप्त (Authorised) हॉलमार्किंग केंद्रों से ही स्वर्ण आभूषणों की हॉलमार्किंग कराएं तथा सभी वैधानिक प्रावधानों का पूर्ण रूप से पालन करें।


उन्होंने बताया कि 1 जून 2026 से BIS Care App में एक महत्वपूर्ण नई सुविधा जोड़ी गई है। अब उपभोक्ता किसी भी स्वर्ण आभूषण के 6 अंकों वाले HUID का सत्यापन करने पर ऐप में उस आभूषण का फोटो एवं वजन भी देख सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित करना और अधिक आसान हो गया है कि खरीदा जा रहा आभूषण वही है, जिसके लिए HUID जारी किया गया है।


श्री चौधरी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की कि स्वर्ण आभूषण खरीदने से पहले बीआईएस केयर ऐप पर 6 अंकों वाले HUID का सत्यापन अवश्य करें तथा ऐप पर प्रदर्शित फोटो एवं वजन का आभूषण से मिलान करें। यदि किसी प्रकार की असंगति दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल बीआईएस को दें। उन्होंने कहा कि यह सरल प्रक्रिया फर्जी हॉलमार्किंग एवं उपभोक्ता धोखाधड़ी को रोकने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी।


भारतीय मानक ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा हॉलमार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता एवं विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।

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