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प्रधानमंत्री का संदेश - चार साल में विकास और सुशासन की नई पहचान बना उत्तराखंड

PM Modi wishes to CM Dhami for 4 yrs govt


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड के ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है।

अंत में प्रधानमंत्री ने राज्य के नागरिकों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।


वहीं मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी की शुभकामनाओं पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी उत्तराखण्ड के विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रति आपके आत्मीयतापूर्ण शब्दों एवं शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के शब्दों में देवभूमि की अंतर्निहित शक्ति, व्यापक संभावनाओं और उत्तराखण्ड के प्रति उनके विशेष लगाव का प्रेरक प्रतिबिंब स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है।

आपके कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह चार वर्षों की यात्रा प्रदेशवासियों के विश्वास, सहयोग और सामूहिक संकल्प की परिणति है। हमारी सरकार जनसेवा, पारदर्शिता और समावेशी विकास के मूल मंत्र के साथ कार्य करते हुए सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण के संकल्प को पूर्ण कर रही है।

आज ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। आपके स्नेह, विश्वास और सहयोग से देवभूमि उत्तराखण्ड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का यह प्रयास सतत जारी रहेगा


*केन्द्र सरकार द्वारा राज्य में फार्म फेंसिंग (घेरबाड़) के लिए प्रदान की गई 25 करोड़ की धनराशि


केन्द्र सरकार द्वारा राज्य में जंगली जानवरों से कृषि फसलों की सुरक्षा के लिए 25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, इस संबंध में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेषित पत्र में अवगत कराया है कि राज्य सरकार द्वारा भेजे गये इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी है।

400 crore scheme approved by CM dhami

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश के किसानों के व्यापक हित तथा कृषि फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री से घेरबाड़ के लिये वित्तीय सहायता दिये जाने का अनुरोध किया गया था। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने फार्म फेंसिंग (घेरबाड़) के लिए 25.00 करोड़ रुपये की धनराशि के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति प्रदान करते हुए इसे राज्य के किसानों के हित में सकारात्मक कदम बताया है।


मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश के किसानों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से राहत प्रदान करेगी और   कृषि उत्पादन को सुरक्षित एवं सुदृढ़ बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित "जन-जन की सरकार चार साल बेमिसाल, उत्तरोत्तर प्रगति पथ पर अग्रसर उत्तराखण्ड' कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए *₹ 401.86 करोड़ की लागत से कुल 74 विकास योजना का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।* जिसमें *₹ 99.44 करोड़ की 33 योजनाओं का शिलान्यास एवं ₹ 302.42 करोड़ की 41 विकास योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।*


*लोकार्पण*


₹ 7898.74 लाख की लागत से नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत सपेरा बस्ती में आई० एण्ड डी० एवं 15 एम.एल.डी, एस.टी.पी निर्माण का कार्य।


₹ 2846 लाख की लागत से आराघर चौक से मोधरोवाला तक ट्रक सीवर बिछाना।


₹ 1903.59 लाख की लागत से  देहरादून शहर के सहारनपुर चौक से पथरीबाग चौक तक ट्रक सीवर लाइन योजना। 


₹ 1860.04 लाख की लागत से  देहरादून शहर के इंदिरानगर आवास विकास कॉलोनी क्षेत्र की जलोत्सारण पुनर्गठन योजना। 


 ₹ 754.28 लाख की लागत से इंदिरा नगर देहरादून में निर्मित 5 एम.एल.डी के एस.टी.पी. में एस.पी.एस निर्माण सीवर राईजिंग में बिछाने एवं तत्संबन्धी कार्य.


₹ 740.84 लाख की लागत से देहरादून शहर के ओम सिटी एवं कुसुम विहार क्षेत्र में सीवर लाइन योजना।


₹ 659.31 लाख की लागत से चमन विहार सीवरेज योजना। 


₹ 432.13 लाख की लागत से शव विच्छेदन गृह, चन्दरनगर परिसर में सी.एम. एस.डी. स्टोर, शीत श्रंखला (प्रतिरक्षण) एवं सभागार के निर्माण कार्य।


 ₹ 496.89 लाख की लागत से आर.आई.डी.एफ योजनान्तर्गत हीफर रियरिंग फार्म पशुलोक ऋषिकेश के अतिरिक्त आवश्यक निर्माण कार्य.


₹ 167.49 लाख की लागत से रा.औ.प्र० संस्थान, चकराता में बालिका छात्रावास (20 शैय्या) एवं टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण कार्य।


₹ 661.69 लाख की लागत से जनपद देहरादून के विकास खण्ड डोईवाला के अन्तर्गत ऋषिकेश क्षेत्र में पशुलोक बैराज डाउनस्ट्रीम की और गंगा के दायें तट पर शारदापीठ घाट एवं मीराबेन घाट का निर्माण कार्य। 


₹ 236.24 लाख की लागत से जनपद देहरादून के विकासखण्ड चकराता में 03 पर्वतीय नहरों के जीर्णोद्वार की योजना (कफना, खरकोटा, चायला नहर)।


₹ 143.08 लाख की लागत से जनपद देहरादून के विकासखण्ड चकराता में 04 पर्वतीय नहरों के जीर्णोद्वार की योजना (कुन्ना, कचटा, राठू, नाडा नहर),


₹ 452.74 लाख की लागत से विकासखण्ड कालसी में ग्राम पुरानी कालसी एवं जामुनस्रोत में अमलावा नदी से बाढ़ सुरक्षा योजना।


₹ 290.96 लाख की लागत से विकासखण्ड चकराता में तहसील त्यूनी के अन्तर्गत ग्राम गुण्डा (ग्राम पंचायत बृनाड बास्तील) में स्टेडियम पोस्टमार्टम हाउस, तहसील एवं बस्ती की टॉस नदी से बाढ़ सुरक्षा योजना (बांये तट पर) 


₹ 464.66 लाख की लागत से विकासखण्ड चकराता में तहसील त्यूनी के अन्तर्गत ग्राम गुण्डा (ग्राम पंचायत बृनाड बास्तील) में स्टेडियम पोस्टमार्टम हाउस, तहसील एवं बस्ती की टॉस नदी से बाढ़ सुरक्षा योजना।


₹ 52.85 लाख की लागत से मसूरी विधानसभा क्षेत्र के सालावाला (हाथीबड़कला) के खाले में सर्वे झील से सालावाला पुल तक बैड का निर्माण कार्य।


₹ 383.56 लाख की लागत से जनपद देहरादून के विधानसभा राजपुर के अन्तर्गत चन्दरनगर क्षेत्र के बरसाती नाले की जल निकासी की योजना का लोकार्पण किया गया।


₹ 70.74 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र डोईवाला मे ग्राम सभा रामनगर डांडा के ग्राम मिढ़ावाला में कलम सिंह के घर से सुनील के घर तक मार्ग का निर्माण कार्य।


₹ 337.85 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश के अन्तर्गत श्यामपुर के भल्लाफार्म नं० 8 में विभिन्न आन्तरिक मार्गो का निर्माण कार्य।


₹ 119.96 लाख की लागत से विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में पंचायत घर नकरौन्दा से रेलवे फाटक 31 की तरफ डामरीकरण का कार्य।


₹ 60.87 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षत्र डोईवाला के वार्ड नं0 2, 3 एवं ग्राम पंचायत कालूवाला में आन्तरिक मार्गो का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा निर्माण कार्य।


₹38.45 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत  विधान सभा क्षेत्र डोईवाला के अन्तर्गत कोठारी मोहल्ला वार्ड नं० 5 के "खाली क्षेत्र" में श्री धनीराम उनियाल की दुकान के बाद से होते हुए श्री सदानन्द उनियाल के घर तक मार्ग का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा सुधारीकरण का कार्य


₹ 25.83 लाख की लागत से कृषि निवेश केन्द्र, मारखमग्रान्ट का लोकार्पण।


₹ 457.66 लाख की लागत से जगतपुर से दुधई मोटर मार्ग अपग्रेडशन का लोकार्पण।


₹414.13 लाख की लागत से पैधा से मझौन मोटर मार्ग अपग्रेडशन।


₹472.92 लाख की लागत से मुंशीघाटी से ध्वैरा देऊ मोटर मार्ग।


₹ 1884.02 लाख की लागत से कोटी डिमऊ मोटर मार्ग।


₹ 255.72 लाख की लागत से जमनीपुर से जामनखाता मोटर मार्ग।


₹983.17 लाख की लागत से बाड़वाला-जुड्डो मटोगी मोटर मार्ग।


₹ 389.70 लाख की लागत से ढकरानी हाईडिल कलोनी मोटर मार्ग।


₹117.88 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज, माजरीग्रांट, डोईवाला, देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 122.20 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज, गुनियालगांव, सहसपुर, देहरादून में भवन निर्माण।


₹124.74 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज बाड़वाला, विकासनगर देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 124.69 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज, ग्वासापुल, चकराता, देहरादून में भवन निर्माण।


₹106.78 लाख की लागत से  राजकीय इण्टर कालेज, पॉजिटिलानी, कालसी, देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 239.50 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज लखवाड, ब्लाक कालसी, देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 295.07 लाख की लागत से राजकीय इण्टर कालेज कोटी कालोनी, ब्लाक कालसी, देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 249.94 लाख की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र छिद्दरवाला का निर्माण।


₹ 2747.98 लाख की लागत से मानसिक स्वास्थ्य संस्थान सेलाकुई मे 100 शैययायुक्त चिकित्सालय का एंव आवासीय भवनो का निर्माण कार्य।


₹ 157.60 लाख की लागत से श्री साधुराम इण्टर कालेज देहरादून में बाल भिक्षु/कूड़ा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास हेतु कम्प्यूटर कक्ष /ऑडिया-विडियो कक्ष/मनोरंजन कक्ष एवं साहसिक क्रीड़ा हेतु भवन निर्माण कार्य।



*शिलान्यास*


₹ 905.20 लाख की लागत से रिंग फैंस (राज्य सैक्टर) कार्यक्रम के अन्तर्गत देहरादून शहर के साकेत कॉलोनी, कैनाल रोड (जोन-सी के छुटे हुये क्षेत्र) सीवरेज योजना


₹ 385.78 लाख की लागत से विधानसभा मसूरी में ग्राम पंचायत सेरकी में बांदल नदी के दांये तट पर बाढ़ सुरक्षा योजना।


₹ 288.75 लाख की लागत से विधानसभा मसूरी में ग्राम घन्तु का सेरा में बांदल नदी के दांये तट पर बाढ़ सुरक्षा योजना।


₹ 497 लाख की लागत से डोईवाला विकासखण्ड के अन्तर्गत सुसवा नदी के दोनों किनारों पर स्थित कुड़कावाला बस्ती की बाढ़ सुरक्षा कार्य।


₹ 256.68 लाख की लागत से विकासखण्ड डोईवाला में जाखन नदी के दांये तट पर स्थित ग्राम अठूरवाला  वाला वार्ड संख्या-09 (सुनार गांव) की जाखन नदी से बाढ़ सुरक्षा कार्य। 


₹183.05 लाख की लागत से विकासखण्ड डोईवाला में बालावाला नहर के कमाण्ड क्षेत्र में आ रहें कुलावों के पुनरोद्धार कार्य की योजना।


₹ 427.55 लाख की लागत से डोईवाला विकास खण्ड में ठाकुरपुर नहर, खैरीखुर्द नहर, गढ़ी मयचक नहर, श्यामपुर नहर, एवं खैरी कला नहर के पुनरोद्वार निर्माण की योजना ।


₹207.27 लाख की लागत से विकासखण्ड विकासगनर में चिलियों नहर की जीर्णोद्धार की योजना। 


₹ 167.34 लाख की लागत से विकासनगर विकासखण्ड में ढालीपुर नहर के जीर्णोद्धार की योजना 


₹ 270.27 लाख की लागत से विकासखण्ड विकासनगर के अन्तर्गत कटापत्थर नहर के रीच 4.500 किमी से 5.800 किमी (बाडवाला) के मध्य नहर का सुरक्षात्मक कार्य की योजना।


₹ 479.24 लाख की लागत से विकासखण्ड विकासनगर के अन्तर्गत ढकरानी नहर जीर्णोद्धार की योजना।


₹ 345.37 लाख की लागत से विकासखण्ड विकासनगर में रामबाग नहर की जीर्णोद्धार की योजना।


₹ 348.75 लाख की लागत से जनपद देहरादून के विकासखण्ड विकासनगर में फतेहपुर नहर के जीर्णोद्धार की योजना 


₹155.29 लाख की लागत से  विकासखण्ड सहसपुर में नाबार्ड मद के अन्तर्गत डूंगा नहर के जीर्णोद्वार कार्य की योजना।


₹278.30 लाख की लागत से विकासखण्ड सहसपुर के अन्तर्गत पं० श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहर एंव कुलावों के जीर्णोद्वार की योजना।


₹ 430.85 लाख की लागत से विकासखण्ड सहसपुर में आसन नहर की जीर्णोद्धार की याजना।


₹138.45 लाख की लागत से विकासखण्ड विकासनगर के अन्तर्गत डोबरी नहर के कुलावो एंव डोबरी फीडर की जीर्णोद्धार की योजना।


₹ 430 लाख की लागत से विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में नगर निगम क्षेत्र के अन्तर्गत सुसवा नदी के दोनों तटों पर दूधा देवी पुल के डाउनस्ट्रीम में बाढ सुरक्षा योजना ।


₹ 77.52 लाख की लागत से राजकीय कृषि बीज भण्डार, सहसपुर।


₹ 1306.64 लाख की लागत से विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में नागल ज्वालापुर से डोईवाला के मध्य सड़क का चौडीकरण का कार्य।


₹ 144.49 लाख की लागत से राज्य योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में ग्राम ककनावा, लेखक गाँव, सिन्धवालगॉव मोटर मार्ग का विस्तारीकरण, सुधारीकरण एवं दीवारों का निर्माण / पुननिर्माण का कार्य।


₹ 284.77 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में ग्राम सभा हरिपुरकलां में विभिन्न आन्तरिक मार्गो का निर्माण कार्य।


₹ 83.88 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में ग्राम पंचायत छिद्दरवाला के वार्ड संख्या 1, 3, एवं 11 के आन्तरिक मार्गों का निर्माण।


₹179.49 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत  विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में गुमानीवाला वार्ड सं0 14 में आकाशीय भैरव मन्दिर मुख्य मार्ग एव आन्तरिक मार्गों का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा निर्माण।


₹ 166.90 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में ग्राम सभा छिद्दरवाला चकजोगीवाला में विभिन्न सम्पर्क मार्गो का निर्माण।


₹ 135.58 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में ग्रामसभा खैरीकलां में माधव सिंह पयाल के घर से राजेन्द्र सिंह नेगी के घर तक एवं अन्य लिंक मार्गो का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा निर्माण।


₹ 248.14 की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत  विधानसभा क्षेत्र ऋषिकेश में श्यामपुर के भल्लाफार्म नं0 10 एवं 20 में विभिन्न आन्तरिक मार्गो का निर्माण कार्य।


₹ 73.86 लाख की लागत से राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र डोईवाला के रानीविहार, मौजा रानीपोखरी की आवासीय कालॉनी के विभिन्न आन्तरिक मार्गो का निर्माण।


₹ 53.19 लाख की लागत से  विधानसभा क्षेत्र स डोईवाला के वार्ड नं. 10 भानियावाला के विभिन्न मार्गों का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा मार्ग निर्माण कार्य।


₹43.62 लाख की लागत से विधानसभा क्षेत्र डोईवाला के ग्राम पंचायत थानों (तलाई) में अवशेष कच्चे मार्ग का इण्टरलॉकिग टाईल्स द्वारा सतह सुधारीकरण का कार्य।


₹ 150.88 लाख की लागत से रा०३०का० बुल्लावाला, डोईवाला, देहरादून में भवन निर्माण।


₹ 149.62 लाख की लागत से रा०३०का० सोरना डोभरी, विकासनगर, देहरादून में भवन निर्माण ।


₹ 649.82 लाख की लागत से दक्षिण शाखा के अन्तर्गत राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र में पेयजल योजना का सुदृढीकरण।

पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प: सीएम धामी*


*सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम में बोले सीएम पुष्कर सिंह धामी*


*विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास, लोकार्पण के साथ ही विकास प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाओं देने के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि आज से चार वर्ष पूर्व प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों तोड़कर, उन्हें पुन: राज्य की सेवा का अवसर प्रदान किया था। इसके बाद इसी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब चार साल के बाद वो गर्व से कह सकते हैं कि वो संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में बाबा केदारनाथ की दिव्य धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसलिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के मुख से निकले इन शिवोमयी शब्दों को चरितार्थ करने के संकल्प को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में जहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया है। वहीं, विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया है। इन्हीं प्रयासों से बीते चार वर्षों में राज्य ऐसी कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बना है जो किसी भी छोटे राज्य के लिए असंभव समझी जाती थीं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य में जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकों का सफल आयोजन किया गया, वहीं राष्ट्रीय खेलों का भी भव्य आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, पहली बार उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है।


*रखी सरकार की प्रगति रिपोर्ट*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते चार साल में राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई, साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, वहीं स्टार्टअप की संख्या 7 सौ से बढ़कर साढ़े 17 सौ हो गई है। यही नहीं इस दौरान 2 लाख 65 हजार से अधिक माताएं-बहनें लखपति दीदी बनी हैं। राज्य सरकार के सतत प्रयासों से रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। 


*केंद्र ने भी सराहा*

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य सरकार के प्रयासों पर मुहर लगी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बीते चार वर्षों से लगातार देश में “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” होने का गौरव प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य को खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी “राज्य खनन तत्परता सूचकांक’’ में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही, इसके लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए सख्त और पारदर्शी निर्णयों का ही परिणाम है कि आबकारी और खनन जैसे विभागों से राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।


*नई कार्य संस्कृति विकसित*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय केवल घोषणाएं होती थी, तब केंद्र से भेजा गए 1 रुपए में से 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच पाते थे। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई कार्य संस्कृति का सूत्रपात कर शासन व्यवस्था से दलालों और बिचौलियों का सफाया करने का काम किया। इसलिए आज प्रदेश सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।


*30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहले प्रदेश में नकल और पेपर लीक के कारण प्रतिभावान युवाओं के सपने चूर-चूर हो जाते थे। इसलिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 चार वर्षों में राज्य के 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। आज 100 से अधिक नकल माफिया जेल की हवा खा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में केवल छोटी मछलियों पर ही कार्रवाई होती थी। लेकिन आज प्रदेश में बड़े आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है। 


*देवभूमि के देवत्व बचाने का प्रयास*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि के दैवत्व की रक्षा के लिए डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12  हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। साथ ही छद्म भेष धारण कर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि संचालित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया है, जिसे देशभर के राष्ट्रवादी सोच के लोगों ने सराहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष से जुलाई से उत्तराखंड में सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

                                                                                           *उपस्थिति*

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कनक चौक से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो में प्रतिभाग किया, साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी,  खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल,  मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान,  बृजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव आनंद वदर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डॉ आरके सुधांशु, श्री एल. फैनई,डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एसएन पांडेय और आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे। 


   

 नवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता परम सुखदायी हैं। माँ अपने भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती हैं।

 सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया |
शुभदाऽस्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ||

 भगवान स्कंद 'कुमार कार्तिकेय' नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। पुराणों में इन्हें कुमार और शक्ति कहकर इनकी महिमा का वर्णन किया गया है। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण माँ दुर्गाजी के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है।


नवरात्रि-पूजन के पाँचवें दिन का शास्त्रों में पुष्कल महत्व बताया गया है। इस चक्र में अवस्थित मन वाले साधक की समस्त बाह्य क्रियाओं एवं चित्तवृत्तियों का लोप हो जाता है। वह विशुद्ध चैतन्य स्वरूप की ओर अग्रसर हो रहा होता है।

साधक का मन समस्त लौकिक, सांसारिक, मायिक बंधनों से विमुक्त होकर पद्मासना माँ स्कंदमाता के स्वरूप में पूर्णतः तल्लीन होता है। इस समय साधक को पूर्ण सावधानी के साथ उपासना की ओर अग्रसर होना चाहिए। उसे अपनी समस्त ध्यान-वृत्तियों को एकाग्र रखते हुए साधना के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

माँ स्कंदमाता की उपासना से भक्त की समस्त इच्छाएँ पूर्ण हो जाती हैं। इस मृत्युलोक में ही उसे परम शांति और सुख का अनुभव होने लगता है। उसके लिए मोक्ष का द्वार स्वमेव सुलभ हो जाता है। स्कंदमाता की उपासना से बालरूप स्कंद भगवान की उपासना भी स्वमेव हो जाती है। यह विशेषता केवल इन्हीं को प्राप्त है, अतः साधक को स्कंदमाता की उपासना की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण इनका उपासक अलौकिक तेज एवं कांति से संपन्न हो जाता है। एक अलौकिक प्रभामंडल अदृश्य भाव से सदैव उसके चतुर्दिक्‌ परिव्याप्त रहता है। यह प्रभामंडल प्रतिक्षण उसके योगक्षेम का निर्वहन करता रहता है।

हमें एकाग्रभाव से मन को पवित्र रखकर माँ की शरण में आने का प्रयत्न करना चाहिए। इस घोर भवसागर के दुःखों से मुक्ति पाकर मोक्ष का मार्ग सुलभ बनाने का इससे उत्तम उपाय दूसरा नहीं है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में पाँचवें दिन इसका जाप करना चाहिए।

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


अर्थ : 

हे माँ! सर्वत्र विराजमान और स्कंदमाता के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें। इस दिन साधक का मन 'विशुद्ध' चक्र में अवस्थित होता है। इनके विग्रह में भगवान स्कंदजी बालरूप में इनकी गोद में बैठे होते हैं।

Fifth navratri skandmata

आज का राशिफल

दिनाँक - 23 मार्च,2026

दिन- सोमवार

rashifal today 23 march,2026


मेष


किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा।



वृषभ


स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा।

मिथुन


घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।



कर्क


लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी।


सिंह


रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


कन्या


बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा।


तुला


सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे।



वृश्चिक


उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।


धनु


यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा।



मकर


अनावश्यक जोखिम न लें। किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्रा‍थमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा।


कुंभ


मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।


- उत्तराखंड के 15 पत्रकारों का समूह उड़ीसा में क्रियान्वित भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं का करेंगे अवलोकन

PIB  uttarakhand Jounalist tour odisha


- उड़ीसा में सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ फिशरीज एंड एक्वाकल्चर भुवनेश्वर, सेंट्रल राइस रिसर्च इंस्टिट्यूट, कट्टक, पारादीप पोर्ट, कोणार्क हेरिटेज साइट का भ्रमण करेंगे पत्रकार


- पत्रकारों का दल नंदनकानन प्राणी उद्यान, जगन्नाथ पुरी, रघुबरपुर हेरिटेज गांव का भ्रमण भी करेंगे। रघुबरपुर हेरिटेज गांव जो अपनी पारंपरिक कला और हस्तशिल्प के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है



रविवार को प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो देहरादून, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित उड़ीसा प्रेस टूर में उत्तराखंड के पत्रकारों का 15 सदस्यीय दल देहरादून से उड़ीसा पहुंचा।


केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं एवं विकास कार्यों को नजदीक से दिखाने के उद्देश्य से पीआईबी देहरादून द्वारा यह प्रेस टूर का आयोजन किया है। इस प्रेस टूर में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल मीडिया, स्वतंत्र पत्रकार समेत 15 पत्रकारों को उड़ीसा ले जाया गया है, जहां वे केंद्र सरकार के प्रमुख उपलब्धियों का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे। यह प्रेस टूर PIB की उस परंपरा का हिस्सा है जिसमें सरकारी नीतियों, कार्यक्रमों एवं विकास गतिविधियों को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं।


PIB चयनित परियोजना स्थलों पर ऐसे प्रेस टूर आयोजित करता है ताकि पत्रकार देश में चल रही विकास गतिविधियों का सीधा लेखा-जोखा ले सकें। उड़ीसा में पत्रकार केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों जैसे औद्योगिक विकास, विकास परियोजनाओं, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक कल्याण योजनाओं का दौरा करेंगे।


प्रेस टूर के कंडक्टिंग ऑफिसर श्री संजीव सुंद्रियाल, सहायक निदेशक, पीआईबी देहरादून ने कहा- "यह प्रेस टूर उत्तराखंड के पत्रकारों को केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे राज्य के पत्रकारों को उड़ीसा में केंद्र सरकार की उपलब्धियों की गहन, सटीक और स्पष्ट जानकारी मिलेगी।"


श्री सुंद्रियाल ने बताया कि इस प्रेस टूर का उद्देश्य है, पत्रकारों को विभिन्न राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, संस्थानों एवं गतिविधियों का ज़मीनी स्तर पर प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो सके।


प्रेस टूर के शुरुआत में पत्रकारों का दल उड़ीसा के राज्यपाल से मुलाक़ात करेगा। अगले चरण में दल को सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ फिशरीज एंड एक्वाकल्चर भुवनेश्वर, सेंट्रल राइस रिसर्च इंस्टिट्यूट, कट्टक, पारादीप पोर्ट, कोणार्क हेरिटेज साइट का भ्रमण कराया जाएगा। 


इस दौरान पत्रकारों का दल नंदनकानन प्राणी उद्यान, जगन्नाथ पुरी, रघुबरपुर हेरिटेज गांव का भ्रमण भी करेंगा। रघुबरपुर हेरिटेज गांव जो अपनी पारंपरिक कला और हस्तशिल्प के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। इस हेरिटेज विलेज में लगभग हर घर में कलाकार रहता है और लोग पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपनी कला को आगे बढ़ा रहे हैं। 


इस दौरान उत्तराखंड के पत्रकारों को उड़ीसा में चल रही केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं की प्रगति एवं भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। यह आयोजन मीडिया को सरकारी प्रयासों की सटीक, स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करने में सहायक होगा, जिससे जनता तक सही सूचना पहुंच सकेगी।

 चार साल बेमिसाल: सशक्त नेतृत्व में बदला उत्तराखण्ड का स्वरूप, ऐतिहासिक फैसलों से विकास को नई दिशा*

four year of CM Dhami




मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार वर्ष के दौरान कई ऐसे ऐतिहासिक और सशक्त फैसले लिए, जिनसे राज्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।


सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई। इसके साथ ही राज्य में सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।


सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसका परिणाम यह रहा कि बीते चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।


शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव करते हुए उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया, जिसके अंतर्गत मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया गया है। अब यही प्राधिकरण पाठ्यक्रम और शिक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करेगा।


वहीं, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य में 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, जो प्रशासनिक दृढ़ता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।


*महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस*


धामी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया, वहीं सहकारी प्रबंध समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।


महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की गई।


प्रदेश में अब तक 2.54 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकेत है। स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का बिना ब्याज ऋण देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।


इसके अलावा, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की शुरुआत कर महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।


*समग्र विकास की ओर बढ़ता उत्तराखण्ड*


चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों और योजनाओं ने उत्तराखण्ड को विकास की नई दिशा दी है। मजबूत कानून व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती प्रणाली और महिला सशक्तिकरण जैसे कदमों ने राज्य को एक मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ाया है।

*सम्मान और सेवा का संगम: धामी सरकार ने आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन को दिया सशक्त सहारा*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में राज्य आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन के सम्मान व कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।


*आंदोलनकारियों और सैनिकों को सम्मान*

राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को सम्मान देते हुए सरकारी नौकरियों में उन्हें 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही उनके आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह कर दी गई है।


वहीं, राज्य आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन भी ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 प्रतिमाह कर दी गई है, जो उनके संघर्ष के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।


सैनिकों के सम्मान में भी बड़े फैसले लिए गए हैं। शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। वहीं, परमवीर चक्र विजेताओं के लिए यह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है।


इसके अलावा, राज्य में अग्निवीर योजना के अंतर्गत सेवा देने वाले युवाओं को भी सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।


*‘सेवा का संकल्प’ से जन-जन तक पहुंची सरकार*


धामी सरकार की “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” पहल ने जनसेवा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में 686 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 5.37 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।


इन शिविरों के माध्यम से 2.96 लाख से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। वहीं, प्राप्त 51,317 शिकायतों में से 33,990 का मौके पर ही समाधान किया गया, जो प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है।


डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से करीब 950 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे आम नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं मिल रही हैं।


*समाज के हर वर्ग का ध्यान*


सरकार ने वृद्धजनों के लिए वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर ₹1500 कर दी है, जिससे अब बुजुर्ग दंपत्ति दोनों को इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों और लेखकों की मासिक पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 करने का निर्णय लिया गया है।


*समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम*


चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने न केवल विकास को गति दी है, बल्कि समाज के हर वर्ग—आंदोलनकारी, सैनिक, बुजुर्ग, महिलाएं और आम नागरिक—को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है।


सरकार का लक्ष्य “सेवा, सम्मान और सुशासन” के मूल मंत्र के साथ उत्तराखण्ड को एक सशक्त और संवेदनशील राज्य के रूप में स्थापित करना है।*

विकास भी, विरासत भी: निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और उपलब्धियों से उत्तराखण्ड ने रचा नया इतिहास*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड ने पिछले चार वर्षों में विकास और विरासत का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसने राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है।

*निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ी छलांग*

राज्य में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में ₹3.56 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।


नैनीताल जिले की जमरानी बांध परियोजना और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य तेज गति से चल रहा है। वहीं, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड भी जल्द शुरू होने वाली है।


स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए किच्छा (ऊधमसिंह नगर) में एम्स सैटलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।


राज्य में उड़ान योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में हेली सेवाओं का संचालन शुरू किया गया है, जिससे कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आया है।


*ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में विकास*


वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित गांवों में ₹270 करोड़ की लागत से करीब 200 विकास योजनाओं पर कार्य जारी है। साथ ही, 13 जिलों में 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों का शुभारंभ किया गया है।

ऊधमसिंह नगर के खुरपिया फार्म में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप की स्वीकृति और टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने के प्रयास, राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा दे रहे हैं।

*शिक्षा और संस्कृति में नवाचार*

उत्तराखण्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना। वहीं, दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना की गई है।

राज्य के स्कूलों में श्रीमद् भगवद् गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय भी सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

*पर्यटन, ऊर्जा और खेलों में रिकॉर्ड उपलब्धियां*

राज्य में पर्यटन ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वर्ष 2025 में 6.03 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तराखण्ड पहुंचे, जबकि चार धाम यात्रा में लगभग 48 लाख श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ यात्रा में 4.15 करोड़ से अधिक शिवभक्तों की भागीदारी रही।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की सौर ऊर्जा क्षमता 1 गीगावाट से अधिक पहुंच गई है। UPCL ने 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कर नया कीर्तिमान बनाया है।

खेलों के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड ने पहली बार राष्ट्रीय खेल का आयोजन किया, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया।

*सम्मान और उपलब्धियों की झड़ी*


उत्तराखण्ड ने विभिन्न राष्ट्रीय सूचकांकों में शानदार प्रदर्शन किया है। नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में राज्य ने छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में भी उत्तराखण्ड देश में शीर्ष स्थान पर रहा।


ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में “Achievers” और स्टार्टअप रैंकिंग में “Leaders” श्रेणी प्राप्त करना राज्य की कारोबारी अनुकूल नीतियों को दर्शाता है।

विंग्स इंडिया 2026 में उत्तराखण्ड को “बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। खनन सुधारों में राज्य ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया, जिसके लिए ₹200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिली।


इसके अलावा, जखोल, सूपी, हर्षिल और गुंजी गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में पुरस्कृत किया गया, जो ग्रामीण पर्यटन के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।


चार वर्षों में “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के साथ उत्तराखण्ड ने निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, पर्यटन और ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। यह दौर न केवल विकास का है, बल्कि राज्य के लिए एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

: *पर्यटन में बढ़ते कदम: आस्था, रोमांच और इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तराखण्ड बना फेवरेट डेस्टिनेशन*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। आस्था, रोमांच और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संगम से राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत किया जा रहा है।


*रोपवे परियोजनाओं से आसान होगी यात्रा*


प्रदेश में तीर्थ यात्राओं को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर रोपवे परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से 12.9 किमी लंबा रोपवे ₹4,081 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। वहीं, हेमकुण्ड साहिब के लिए गोविंदघाट से 12.4 किमी रोपवे ₹2,730 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा।


इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा समय और कठिनाई दोनों में बड़ी कमी आएगी।


*शीतकालीन यात्रा और धार्मिक सर्किट पर फोकस*


उत्तराखण्ड में पहली बार शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई, जिससे पर्यटन को वर्षभर बढ़ावा मिल रहा है। इस पहल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थल है।


कुमाऊं क्षेत्र में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को एक धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।


*धामों का हो रहा कायाकल्प*


केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य जारी है। बदरीनाथ धाम को स्मार्ट आध्यात्मिक पहाड़ी कस्बे के रूप में विकसित करने के लिए ₹255 करोड़ की योजनाएं संचालित हैं।


इसके साथ ही हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल का निर्माण और महासू मंदिर, हनोल के मास्टर प्लान को मंजूरी देकर नए धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।


*एडवेंचर और स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा*


उत्तराखण्ड को एडवेंचर टूरिज्म हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य में 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोल दिया गया है, जिससे देश-विदेश के पर्वतारोहियों को आकर्षित किया जा रहा है।


आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें 22 राज्यों से 700 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान दे रहा है।


राज्य ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, स्टार गैजिंग का प्रमुख आकर्षण बन कर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेड इन उत्तराखंड की अपील के बाद वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर भी पहचान बन रही है। 


चार वर्षों में उत्तराखण्ड ने पर्यटन के क्षेत्र में “आस्था के साथ आधुनिकता” का मॉडल प्रस्तुत किया है। रोपवे, धार्मिक सर्किट, धामों का पुनर्विकास और एडवेंचर गतिविधियों के विस्तार से राज्य पर्यटन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।


*धामी सरकार के चार साल: विकास, विश्वास और नई दिशा का उत्तराखण्ड मॉडल*


उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों ने राज्य की विकास यात्रा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। यह दौर केवल योजनाओं की घोषणा का नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन और परिणामों का रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” के विज़न को साकार करने में उत्तराखण्ड ने खुद को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है।


सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना जिसने समान नागरिक संहिता लागू की। इसके साथ ही सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने शासन व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाया। नकल विरोधी कानून के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में विश्वास बढ़ा और चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना इसका प्रमाण है।


आर्थिक मोर्चे पर भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में राज्य का जीएसडीपी ₹3.81 लाख करोड़ तक पहुँच गया, जो 2021-22 की तुलना में डेढ़ गुना वृद्धि दर्शाता है। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹2.73 लाख हो गई है, जबकि मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। राज्य का ग्रोथ रेट 7.23 प्रतिशत रहा, जो मजबूत आर्थिक आधार को दर्शाता है।


औद्योगिक विकास के क्षेत्र में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान ₹3.56 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश जमीन पर उतर चुका है। स्टार्टअप इकोसिस्टम में उत्तराखण्ड को “लीडर” का दर्जा मिला है, वहीं एमएसएमई की संख्या बढ़कर लगभग 80 हजार तक पहुँच गई है। इससे लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं।


स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अटल आयुष्मान योजना के तहत 61 लाख कार्ड बनाए गए और 17 लाख से अधिक मरीजों को ₹3400 करोड़ से अधिक का मुफ्त इलाज मिला। महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण, सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत भागीदारी और “लखपति दीदी” योजना के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक महिलाओं का सशक्तिकरण, राज्य की सामाजिक समावेशन नीति को दर्शाता है।


पर्यटन और धार्मिक आस्था के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वर्ष 2025 में 6 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जबकि चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य जारी हैं। साथ ही, मानसखंड मंदिर माला मिशन और शीतकालीन यात्रा की शुरुआत ने पर्यटन को वर्षभर सक्रिय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।


इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, रोपवे परियोजनाएं और हेली सेवाओं का विस्तार, कनेक्टिविटी को नई दिशा दे रहे हैं। राज्य में हेलीपोर्ट और हेलीपैड की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नवाचार देखने को मिला है। मिलेट्स नीति, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहा है।


धामी सरकार के चार वर्ष उत्तराखण्ड के लिए परिवर्तनकारी रहे हैं। कानून व्यवस्था से लेकर अर्थव्यवस्था, पर्यटन, सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढांचे तक हर क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। केंद्र सरकार के सहयोग और मजबूत नेतृत्व के साथ उत्तराखण्ड अब विकसित भारत के निर्माण में एक सशक्त भागीदार बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।


*हमारा संकल्प केवल विकास नहीं, बल्कि समग्र और संतुलित विकास है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में उत्तराखण्ड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।*


प्रदेश की देवतुल्य जनता का हार्दिक आभार जिनका अटूट विश्वास हमें अथक परिश्रम करने की प्रेरणा देता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। राज्य की विकास यात्रा में केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग मिला है।केंद्र और राज्य के वरिष्ठ नेताओं के अनुभव, मार्गदर्शन और संगठन के कार्यकर्ताओं की मेहनत ने विकास यात्रा को गति दी है।*

हमारी सरकार ने *जन कल्याण सर्वोपरि* की भावना के साथ कार्य करते हुए हर वर्ग के कल्याण को प्राथमिकता दी है और आगे भी प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। जनता का यही स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद भविष्य में भी मिलता रहेगा।विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में उत्तराखंड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हमारी सरकार के बीते चार साल, सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित रहे हैं, इसी क्रम में मंत्रिमंडल में नए शामिल सदस्यों सहित मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों के मध्य कार्य आवंटन भी कर दिया गया है। मंत्रिमंडल के सभी सदस्य अनुभवी हैं और जनसेवा से गहराई से जुड़े हैं।जनसेवा को सर्वोपरी रखते हुए, उत्तराखंड को विकसित भारत का अग्रणी एवं श्रेष्ठ राज्य बनाने में पूरी सरकार अपना योगदान प्राणोप्रण से देगी।हम सभी को उत्तराखंड की सवा करोड़ देवतुल्य जनता की सेवा करने का मौका मिला है, और यह सेवा भाव ही हमें अपनी देव तुल्य जनता के सपनों एवं आकांक्षाओं को पूर्ण करने के लिए सदैव प्रेरित करता है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री --

 सोनपाल राणा, राष्ट्रीय महामंत्री अन्तर्राष्ट्रीय भगवा सनातन रक्षक सेना ने मथुरा में चंद्रशेखर ‘फरसा वाले बाबा’ की निर्मम  हत्या पर कड़ा विरोध, कठोर कार्रवाई की मांग

 मथुरा/लखनऊ :

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 मथुरा में चंद्रशेखर ‘फरसा वाले बाबा’ की निर्मम  हत्या की घटना को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। सोनपाल राणा, राष्ट्रीय महामंत्री अन्तर्राष्ट्रीय  भगवा सनातन रक्षक सेना–  ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण भी उत्पन्न करती है।

राणा जी ने कहा कि गौ तस्करी और उससे जुड़े आपराधिक तत्वों के खिलाफ अब आधे-अधूरे कदम पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन एवं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।

प्रेस विज्ञप्ति में प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मथुरा हत्याकांड की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाए और सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो। इसके साथ ही गौ तस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर उनका पूर्ण उन्मूलन किया जाए। उन्होंने पूरे देश में गौ तस्करी के विरुद्ध और अधिक कठोर एवं प्रभावी कानून बनाने की भी आवश्यकता जताई।

राणा ने यह भी मांग की कि गौ सेवकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्य में लगे लोगों को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी दबाव के समाजहित में कार्य कर सकें।

अंत में उन्होंने कहा कि यह समय है जब सरकार को दृढ़ संकल्प के साथ अपराधियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। कानून का भय स्थापित होना आवश्यक है, ताकि समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण बना रहे तथा निर्दोष नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

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