Halloween party ideas 2015

 

use of water in AI data centre parliament of India


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर्स के लिए, 'एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (EIA) नोटिफिकेशन, 2006' (जिसमें बाद में संशोधन किया गया) के तहत पर्यावरण मंज़ूरी (EC) की ज़रूरत नहीं होती है।


 हालाँकि, अगर AI डेटा सेंटर्स को 'बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट' (आइटम 8(a) के तहत, यानी 20,000 वर्ग मीटर से ज़्यादा बिल्ट-अप एरिया) या 'टाउनशिप और एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' (आइटम 8(b) के तहत, यानी 50 हेक्टेयर से ज़्यादा एरिया और/या 1,50,000 वर्ग मीटर से ज़्यादा बिल्ट-अप एरिया) के हिस्से के तौर पर प्रस्तावित किया जाता है, तो उन्हें पहले से EC लेनी पड़ती है। ऐसे बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स के लिए EC राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (UT) स्तर पर 'स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी' (SEIAA) द्वारा दी जाती है।


EC देने के लिए ऐसे बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के दौरान, कई पहलुओं पर ठीक से विचार किया जाता है, जैसे कि खास तौर पर पानी की कमी वाले इलाकों में ताज़े पानी की उपलब्धता, वॉटर बैलेंस रिपोर्ट, ग्रे-वॉटर (इस्तेमाल किया हुआ पानी) का बनना, और ग्रे-वॉटर की रीसाइक्लिंग और दोबारा इस्तेमाल; साथ ही, पर्यावरण से जुड़े ज़रूरी सुरक्षा उपाय भी बताए जाते हैं। इसके अलावा, AI डेटा सेंटर्स के निर्माण और संचालन के दौरान पानी और ग्रे-वॉटर के इस्तेमाल और डिस्चार्ज को 'जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974' और 'वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981' के तहत रेगुलेट किया जाता है। इन अधिनियमों के प्रावधानों का पालन—जिसमें पानी के इस्तेमाल और वेस्ट-वॉटर डिस्चार्ज के लिए तय मानक शामिल हैं—संबंधित 'राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' (SPCB) या 'प्रदूषण नियंत्रण समिति' (PCC) द्वारा मॉनिटर किया जाता है।


साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर/कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए ग्राउंड-वॉटर निकालने की प्रक्रिया को 'जल शक्ति मंत्रालय' द्वारा जारी गाइडलाइंस (नोटिफिकेशन S.O. 3289(E), तारीख 24.09.2020, जिसमें 29.03.2023 के नोटिफिकेशन के ज़रिए संशोधन किया गया) के अनुसार रेगुलेट किया जाता है।


'ब्यूरो ऑफ़ एनर्जी एफिशिएंसी' (BEE) ने 'डिस्ट्रिक्ट कूलिंग गाइडलाइंस, 2023' जारी की हैं। इन गाइडलाइंस में, अन्य बातों के अलावा, ताज़े पानी के स्रोतों पर निर्भरता कम करने और टिकाऊ जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए—जहाँ भी संभव हो—कूलिंग टॉवर में 'मेक-अप वॉटर' के तौर पर ट्रीटेड वॉटर (साफ़ किया हुआ पानी) के इस्तेमाल की सलाह दी गई है। इन गाइडलाइंस में ऊर्जा-कुशल कूलिंग टेक्नोलॉजी अपनाने, कूलिंग सिस्टम की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने, पानी के वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल करने और पानी बचाने के उपाय लागू करने पर भी ज़ोर दिया गया है। ये उपाय खास तौर पर डेटा सेंटर जैसी बड़ी कूलिंग-इंटेंसिव सुविधाओं के लिए अहम हैं और बेहतर ऊर्जा दक्षता, कम पानी की खपत और कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के टिकाऊ संचालन में मदद करते हैं।


इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, डिजिटल और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में ऊर्जा दक्षता, जल प्रबंधन और पर्यावरणीय लचीलेपन की जांच के लिए इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का ‘रेज़िलिएंस, इनोवेशन एंड एफिशिएंसी’ वर्किंग ग्रुप बनाया गया है।


यह जानकारी पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी।


नई दिल्ली;

VHP  statement on sambhal


अगस्त 6, 2026। विश्व हिंदू परिषद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत संभल हिंसा संबंधी न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का स्वागत करते हुए इसे सत्य की विजय कहा है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महा मंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि यह रिपोर्ट उन देशद्रोही शक्तियों के चेहरे से नकाब उतारती है जो भारत की एकता, अखंडता और संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट करने पर तुली हुई हैं।

उन्होंने कहा कि आयोग ने स्पष्ट रूप से स्थापित किया है कि शाही जामा मस्जिद के न्यायालय- आदेशित सर्वेक्षण को रोकने के लिए हुई हिंसा कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित, पूर्व-नियोजित षड्यंत्र थी। समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क, स्थानीय विधायक इकबाल महमूद के पुत्र सुहेल इकबाल, जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के सदस्यों सहित इनके सहयोगियों ने झूठी अफवाहें फैलाकर, भीड़ को उकसाकर और हिंसा भड़काकर कानून व्यवस्था को चुनौती दी। पथराव, आगजनी, गोलीबारी और पुलिस पर हमले में चार लोगों की जान गई तथा 28 पुलिसकर्मी घायल हुए। रिपोर्ट ने साफ कहा है कि मृतकों को लगी गोलियां पुलिस की नहीं थीं — यह इन षड्यंत्रकारियों की हिंसा का परिणाम था।

डॉ जैन ने कहा कि यह घटना अकेली नहीं है। यह उन शक्तियों की मानसिकता को उजागर करती है जो न्यायालय के आदेशों का अपमान करने, हिंदू समाज को आतंकित करने और सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने में कोई कसर नहीं छोड़तीं। इन जैसे दरिन्दों के कारण ही सम्भल को मिनी पाकिस्तान कहा जाता था। 

उन्होंने कहा कि संभल जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तन और बार-बार दोहराई जा रही हिंसा इन तत्वों की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। यदि कभी ऐसी देश-विघातक शक्तियाँ सत्ता में आ गईं तो क्या होगा, जरा सोचिए...

• न्यायालय के आदेशों को खुलेआम चुनौती दी जाएगी।

• हिंदू समाज को भय और आतंक में रखा जाएगा।

• पुलिस और प्रशासन को कमजोर करके कानून व्यवस्था को ध्वस्त किया जाएगा 

• देश की एकता और अखंडता को बार-बार ध्वस्त करने का प्रयास किया जाएगा ।

• सांप्रदायिक हिंसा को राजनीतिक हथियार बनाकर देश को अस्थिर करने की कोशिशें तेज होंगी।


विश्व हिंदू परिषद इन देशद्रोही तत्वों को बेनकाब करती है। जो लोग न्यायालय के आदेशों का विरोध करने के लिए भीड़ जुटाते हैं, झूठी अफवाहें फैलाते हैं और हिंसा भड़काते हैं — वे राष्ट्र के शत्रु हैं। ऐसे तत्वों को किसी भी हालत में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।हमारी स्पष्ट मांग है कि:

1. रिपोर्ट में नामित सभी षड्यंत्रकारियों और उनको संरक्षण देने वाले राजनेताओं के विरुद्ध त्वरित, कठोर और निर्णायक कानूनी कार्रवाई की जाए।

2. इन देशद्रोही तत्वों को ऐसी सजा दी जाए जो भविष्य में किसी को भी ऐसा दुस्साहस करने से रोके।

3. संभल सहित प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में हिंदू समाज की सुरक्षा, धार्मिक स्थलों की रक्षा और कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।

4. पुलिस और प्रशासन के उन अधिकारियों की सराहना की जाए जिन्होंने इस षड्यंत्र को और बड़े रूप में फैलने से रोका। 

5. हम उत्तर प्रदेश सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह इस रिपोर्ट पर अमल करते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाने में कोई कोताही न बरते। देश की एकता और हिंदू समाज की सुरक्षा किसी भी समझौते का विषय नहीं हो सकती।


 

Ichhadi pond clearing

इछाडी बाॅध जलाशय में ट्रैस रैक की जाली चोक होने  व  अत्यधिक मात्रा में सिल्ट जमा होने के कारण  सफाई हेतु आज दिनांक 07.08.2026 को प्रातः 06:00 बजे से अपराह्न 12:00 बजे तक क्लोजर की योजना बनाई गई है।

इस अवधि के दौरान टोंस नदी में लगभग 1500 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा।


 जनहित में सूचना

टोंस नदी के किनारे रहने वाले नागरिकों एवं पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना 

इच्छाड़ी बांध जलाशय में ट्रैश रैक की जाली चोक होने तथा अत्यधिक मात्रा में सिल्ट जमा होने के कारण उसकी सफाई हेतु आज दिनांक 07 अगस्त 2026 को प्रातः 06:00 बजे से अपराह्न 12:00 बजे तक बांध का क्लोजर निर्धारित किया गया है।


इस अवधि के दौरान टोंस नदी में लगभग 1500 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।


 जनहित में अपील:

• कृपया इस अवधि में टोंस नदी एवं उसके तटों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

• नदी में स्नान, मछली पकड़ने तथा किसी भी प्रकार की गतिविधि से बचें।

• स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

• किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।


आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।


#

प्रारंभिक सूचना

दिनांक 07.08.2026 प्रातः 5:30 बजे दूरभाष से ली गयी सूचनानुसार 

जनपद पिथौरागढ़ में तहसील तेजम में हल्की वर्षा हो रही है, शेष सभी जनपदों में बादल छाए हैं।

जनपद - उत्तरकाशी NH 34 गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग हेलगुगाड़, नालूपानी, गंगनानी के पास मलबा आने से मार्ग बंद है, जिसे खोले जाने की कार्यवाही गतिमान है।

उत्तरकाशी NH 134 यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्बिल,स्यानाचट्टी के पास मलबा आने से मार्ग बंद है, मार्ग को खोले जाने की कार्यवाही गतिमान है।

चारधाम यात्रा के बद्रीनाथ एवं केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात हेतु सुचारू हैं।

सभी जनपदों से आपदा संबंधी सूचना शून्य है।

 

आज का राशिफल

दिनाँक- 06अगस्त,2026

दिन- गुरुवार

rashifal today 06 august 2026


मेष


अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

चंद्रमा आपकी ही राशि में होने से मन में नया उत्साह रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी निर्णय क्षमता और नेतृत्व की सराहना होगी। क्रोध और जल्दबाजी में कोई वित्तीय फैसला न लें। जीवनसाथी या पार्टनर के साथ खुशनुमा समय बीतेगा। सिरदर्द या आंखों में खिंचाव महसूस हो सकता है, पर्याप्त नींद लें।



वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें, बजट प्रभावित हो सकता है। विदेश से जुड़ा व्यापार करने वालों को नए अवसर मिल सकते हैं। दफ्तर की राजनीति से दूरी बनाकर अपने काम पर ध्यान दें। लव पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर गलतफहमी से बचें। आंखों की सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखें।



मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

मंगल आपकी राशि में होने से ऊर्जा और साहस में वृद्धि होगी। आकस्मिक धन लाभ और आय के नए स्रोत बनने के योग हैं। दोस्तों और सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में नया उत्साह और आकर्षण बढ़ेगा। व्यायाम करते समय मांसपेशियों में खिंचाव से बचें।



कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

सूर्य, बुध और गुरु आपकी राशि में होने से समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। करियर और व्यापार में बड़ी सफलता मिलने के आसार हैं। उच्च अधिकारियों से आपके काम की प्रशंसा मिलेगी। पारिवारिक जीवन सुखद और शांतिपूर्ण रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फिर भी संतुलित दिनचर्या अपनाएं।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, अटके हुए काम पूरे होंगे। धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। व्यापारिक यात्रा लाभदायक सिद्ध हो सकती है। लव पार्टनर के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा की योजना बन सकती है। मानसिक शांति महसूस होगी, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।



कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

आज लेनदेन के मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक किसी काम में रुकावट आ सकती है, धैर्य बनाए रखें। गोपनीय बातों को सहकर्मियों के साथ साझा न करें। रिश्तों में पारदर्शिता रखें, वाणी में मधुरता बनाए रखें। पेट से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें, हल्का भोजन लें।



तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

व्यापार में साझेदारी से बड़ा लाभ मिलने के योग हैं। दैनिक रोजगार में वृद्धि होगी और मन प्रसन्न रहेगा। जीवनसाथी के साथ संबंध और अधिक मजबूत होंगे। अविवाहितों के लिए विवाह के अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, योग और ध्यान से लाभ होगा।



वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

प्रतिस्पर्धियों और शत्रुओं पर आपकी विजय होगी। नौकरी में आपका प्रदर्शन शानदार रहेगा और काम में तेजी आएगी। व्यर्थ के विवादों से खुद को दूर रखें। लव लाइफ में संवाद बनाए रखें, छोटी बातों को तूल न दें। थकावट और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है।



धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए शुभ दिन है। बौद्धिक कार्यों और रचनात्मकता से धन लाभ होगा। शेयर बाजार या निवेश से जुड़े फैसलों में सावधानी बरतें। प्रेमी के साथ भावनात्मक लगाव बढ़ेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा, ध्यान और मेडिटेशन करें।



मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

भौतिक सुख-सुविधाओं और संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। कार्यस्थल पर काम का दबाव रह सकता है, तनाव से बचें। माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उनके साथ समय बिताएं। जीवनसाथी के साथ घरेलू विषयों पर सकारात्मक चर्चा होगी। छाती में जकड़न या एसिडिटी की समस्या हो सकती है।



कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

राहु आपकी राशि में होने से विचारों में स्पष्टता बनाए रखें। आपके पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और छोटी यात्रा के योग हैं। प्रेम संबंधों में नया मोड़ आ सकता है, संवाद बेहतर रहेगा। गर्दन या कंधे में दर्द महसूस हो सकता है, पोस्चर का ध्यान रखें।



मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

शनि आपकी राशि में होने से हर काम में अनुशासन रखें। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बन सकती है। मधुर वाणी से आप दूसरों का दिल जीतने में सफल रहेंगे। दांतों या गले से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या हो सकती है।


हल्दूचौड़-दौलिया, 05 अगस्त

multipurpose camp halduchod


 ग्राम पंचायत हल्दूचौड़-दौलिया में ग्राम प्रधान श्रीमती राधा कैलाश भट्ट के प्रयासों से तथा माधवी फाउंडेशन के अध्यक्ष पीयूष जोशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, पशुपालन विभाग, उत्तराखण्ड, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, नैनीताल एवं प्रभु नेत्रालय, रुद्रपुर के सहयोग से आयोजित बहुउद्देशीय जनहित शिविर में क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एक ही स्थान पर राशन कार्ड समाधान, पशु चिकित्सा एवं परामर्श तथा निःशुल्क नेत्र जांच जैसी महत्वपूर्ण सेवाएँ उपलब्ध होने से ग्रामीणों ने शिविर की सराहना की।


शिविर का शुभारंभ प्रातः 10 बजे शहीद जगदीश जोशी सभागार, दौलिया में हुआ। दिनभर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने परिवारों एवं पशुओं के साथ शिविर में पहुँचे और विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।


खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से सप्लाई इंस्पेक्टर श्री मोहित कठायत, श्री अजय एवं श्रीमती सुनीता भट्ट सहित विभागीय टीम पूरे समय मौजूद रही। शिविर में 40 से अधिक लाभार्थियों की राशन कार्ड संबंधी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। इस दौरान नए राशन कार्ड हेतु आवेदन, राशन कार्ड का नवीनीकरण, ई-केवाईसी, राशन कार्ड में यूनिट जोड़ने एवं हटाने, आधार लिंकिंग तथा अन्य तकनीकी त्रुटियों का निराकरण किया गया। विभागीय अधिकारियों ने लाभार्थियों को सरकार की खाद्य सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी।


वहीं पशुपालन विभाग की ओर से पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीता तोलिया, गोविंद बल्लभ सती, फार्मासिस्ट सरिता तारागी शाह सहित विभागीय टीम ने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में 150 से अधिक पशुपालकों ने अपने पशुओं की स्वास्थ्य जांच कराई। पशुओं को विभिन्न बीमारियों के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयाँ शासकीय निर्धारित पंजीकरण शुल्क ₹10 प्रति पशु पर उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही कुत्तों एवं बिल्लियों के एंटी-रेबीज टीकाकरण तथा पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य एवं देखभाल संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया।


प्रभु नेत्रालय, रुद्रपुर द्वारा आयोजित निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में भी बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी आँखों की जांच कराई। जांच के दौरान 10 से अधिक लाभार्थियों का मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चयन किया गया। चयनित मरीजों के आने-जाने की व्यवस्था, आवश्यक समन्वय एवं सहयोग माधवी फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा, जबकि ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कराया जाएगा।


इस अवसर पर माधवी फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष पियूष जोशी ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और जनहितकारी सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए भविष्य में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुपालन एवं सामाजिक कल्याण से जुड़े ऐसे बहुउद्देशीय शिविर निरंतर आयोजित किए जाएंगे।


ग्राम प्रधान श्रीमती राधा कैलाश भट्ट ने कहा कि ग्राम पंचायत का प्रयास है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। विभिन्न विभागों को एक मंच पर लाकर लोगों को उनके गाँव के निकट ही सुविधाएँ उपलब्ध कराना इस शिविर का मुख्य उद्देश्य रहा। उन्होंने सभी विभागों, चिकित्सकों, सहयोगी संस्थाओं एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।


उप प्रधान सुधांशु भट्ट ने कहा कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि ऐसे जनहित शिविरों की क्षेत्र में आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ग्राम पंचायत जनसुविधाओं को लोगों तक पहुँचाने के लिए इसी प्रकार के प्रयास करती रहेगी।


इस दौरान कमल भट्ट, गोपाल जोशी, कैप्टन गिरीश जोशी सहित ग्राम पंचायत के अनेक गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे बहुउद्देशीय शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुँच बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं।

 

ऋषिकेश:

devbhumi udhaymita yojana


उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग तथा भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद के सहयोग से संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के अंतर्गत श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में सत्र 2026-27 का प्रथम ओरिएंटेशन कार्यक्रम उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार तथा स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित कर उन्हें रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले युवा उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रोफेसर अम्बरीश कुमार महाजन ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आज का युग नवाचार और उद्यमिता का युग है। उत्तराखंड प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन, आयुष, कृषि, जैविक उत्पादों तथा स्थानीय हस्तशिल्प की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला राज्य है। यदि युवा इन अवसरों को नवाचार एवं तकनीक के साथ जोड़कर उद्यम के रूप में विकसित करें, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि राज्य और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से देवभूमि उद्यमिता योजना द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे निःशुल्क प्रशिक्षण, रेसिडेंशियल बूटकैंप, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, बिजनेस आइडिया पिचिंग तथा सीड फंडिंग जैसी सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में उद्यमिता एवं नवाचार की संस्कृति को और सुदृढ़ बनाने के लिए सभी आवश्यक सहयोग का आश्वासन भी दिया।

कार्यक्रम में परिसर निदेशक प्रोफेसर महावीर सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना विद्यार्थियों के लिए स्वरोजगार एवं स्टार्टअप की दिशा में एक सशक्त मंच प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने नवाचारी विचारों को व्यवसायिक रूप देकर आत्मनिर्भर भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

विश्वविद्यालय की देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एंटरप्रेन्योरशिप एंड इन्क्यूबेशन (पर्यटन) की निदेशक प्रोफेसर अनीता तोमर ने स्वागत भाषण एवं योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय ने उद्यमिता विकास को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में सम्मिलित किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम, बूटकैंप, मेंटरिंग सत्र, बिजनेस प्लान प्रतियोगिताएँ, उद्योग भ्रमण, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) जागरूकता कार्यक्रम तथा स्टूडेंट एंटरप्रेन्योरशिप क्लब जैसी अनेक गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय को उत्तराखंड सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एंटरप्रेन्योरशिप एंड इन्क्यूबेशन स्थापित करने का दायित्व सौंपा गया है। यह केंद्र इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस एवं स्पिरिचुअल टूरिज्म, सांस्कृतिक विरासत पर्यटन, सामुदायिक पर्यटन, कृषि पर्यटन तथा शैक्षिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है।

प्रोफेसर तोमर ने विश्वविद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय की छात्रा मान्या राजपाल को अपने वेलनेस एवं स्पिरिचुअल टूरिज्म आधारित स्टार्टअप के लिए उत्तराखंड सरकार से ₹75,000 का सीड फंड प्राप्त हुआ, जो विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के छात्र अभिषेक घंसाला द्वारा स्थापित कसेरा एंटरप्राइजेज हिमालयी जैविक उत्पादों के माध्यम से स्थानीय संसाधनों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक सफल स्टार्टअप की शुरुआत एक छोटे से विचार से होती है, जिसे सही मार्गदर्शन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प सफलता तक पहुँचाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान जिला समन्वयक (District Coordinator) सुश्री सपना नेगी तथा डॉ. मनीष चन्द्र ने देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने योजना के उद्देश्यों, प्रशिक्षण प्रक्रियाओं, रेसिडेंशियल बूटकैंप, विशेषज्ञ मेंटरशिप, बिजनेस आइडिया पिचिंग, सीड फंडिंग तथा राज्य में स्थापित 11 उत्कृष्टता केंद्रों (Centres of Excellence) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में उद्यमिता के उभरते अवसरों से परिचित कराया।

कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर धर्मेन्द्र तिवारी ने किया। कार्यक्रम में फैकल्टी मेंटर्स प्रोफेसर धर्मेन्द्र तिवारी,  ने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ नवाचार, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान कौशल तथा उद्यमिता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में उद्यमिता केवल व्यवसाय स्थापित करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक विकास का प्रभावी साधन भी है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में लगभग 68 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और योजना के विभिन्न आयामों की जानकारी प्राप्त की। 

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की छात्रा एवं देवभूमि उद्यमिता योजना की सफल युवा उद्यमी मान्या राजपाल ने अपने उद्यमिता सफर को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक साधारण विचार, उचित मार्गदर्शन, निरंतर परिश्रम तथा देवभूमि उद्यमिता योजना के सहयोग से उनके स्टार्टअप को आकार मिला और उन्हें उत्तराखंड सरकार से ₹75,000 का सीड फंड प्राप्त हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, नवाचार को अपनाने तथा चुनौतियों से न घबराकर अपने विचारों को सफल उद्यम में परिवर्तित करने का आह्वान किया। उनका प्रेरणादायी अनुभव उपस्थित छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक एवं प्रेरणास्पद रहा। 

इस अवसर पर फैकल्टी मेंटर्स प्रोफेसर अंजनी प्रसाद दुबे तथा डॉ. शालिनी रावत,  प्रोफेसर सुरमान आर्य, डॉ. सुनीति कुमार कुडियाल, डॉ. श्रीकृष्ण नौटियाल सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थी नवाचार आधारित स्टार्टअप स्थापित कर उत्तराखंड में उद्यमिता की नई पहचान बनाएंगे तथा आत्मनिर्भर भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

 जिला देहरादून में कल कक्षा 1 से 12 तक के सभी शिक्षण संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र भारी वर्षा के अलर्ट के चलते बंद रहेंगे जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान के निर्देशानुसार कल देहरादून जिले के सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को बंद रखा जाएगा


06august 2026 hopiday heavy rain ddun


सीएम ने निर्देश दिए हैं कि राज्य आपदा प्रतिवादन बल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल, जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ हाई अलर्ट पर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में बिना विलंब राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखी जाए, नदी-नालों के जलस्तर पर सतत दृष्टि बनाए रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


 मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र चौबीसों घंटे सक्रिय रहें तथा प्रत्येक घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जनहानि को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए सभी अधिकारी पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।


सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली एवं बागेश्वर जनपदों में ऑरेंज अलर्ट तथा राज्य के शेष जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग द्वारा कुछ स्थानों पर तीव्र वर्षा, आकाशीय बिजली तथा तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसी परिस्थितियों में सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है तथा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा प्रदेशभर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।


सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने प्रदेशवासियों एवं राज्य में आए पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें तथा सावधान, सचेत एवं सतर्क रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व मौसम एवं मार्ग की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें।


सचिव श्री सुमन ने कहा कि प्रदेश सरकार की सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं राहत दलों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन एवं अधिकृत सरकारी माध्यमों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करें।


www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.