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कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने की डिबीटी के माध्यम से मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित



देहरादून:  


मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार द्वारा पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का क्रम लगातार जारी है।इसी क्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आज अपने यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में योजना के तहत सितंबर एवं अक्टूबर 2026 माह की धनराशि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT के जरिए हस्तांतरित की। विभागीय मंत्री ने बताया कि सितंबर 2026 में प्रदेश के 13 जनपदों के कुल 4,750 लाभार्थियों को 1 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि वितरित की गई जबकि अक्टूबर 2026 में 4,727 लाभार्थियों के खातों में 1 करोड़ 41 लाख 81 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई। इस प्रकार दोनों महीनों में कुल 9,477 लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख 31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।


विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना प्रदेश के उन बच्चों के लिए सुरक्षा और संबल का माध्यम है, जिन्होंने कोरोना महामारी एवं अन्य विषम परिस्थितियों में अपने माता-पिता अथवा संरक्षक को खोया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा, पोषण और बेहतर जीवन के अवसरों से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से योजना के तहत प्रतिमाह 3,000 रुपये की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि पात्र बच्चों को योजना का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले।



विभागीय मंत्री ने बताया कि जिला स्तरीय समिति द्वारा योजना के अंतर्गत कुल 6,544 बच्चों को अनुमोदित किया गया है। सितंबर 2026 में 30 तथा अक्टूबर 2026 में 23 बच्चों ने 21 वर्ष की आयु पूर्ण की। योजना प्रारंभ होने से अब तक 1,565 बच्चे 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं। वहीं मृत्यु, सेवायोजन, माता-पिता के पुनर्विवाह एवं लाभार्थी के विवाह सहित अन्य कारणों से 252 बच्चे योजना से बाहर हुए हैं। इस प्रकार योजना से बाहर होने वाले बच्चों की कुल संख्या 1,817 हो गई है।कहा कि  मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से राज्य सरकार जरूरतमंद एवं प्रभावित बच्चों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उनके भरण-पोषण, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है।


विदित हो कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत कोविड-19 महामारी एवं अन्य बीमारियों के कारण माता-पिता अथवा संरक्षक को खोने वाले बच्चों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत 1 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 की अवधि में प्रभावित हुए पात्र बच्चों को 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रतिमाह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता एवं भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया जा रहा है।


*जनपदवार वितरित धनराशि*


सितंबर एवं अक्टूबर 2026 में अल्मोड़ा में 17.01 लाख, बागेश्वर में 5.07 लाख, चमोली में 6.06 लाख, चंपावत में 14.76 लाख, देहरादून में 40.70 लाख, हरिद्वार में 34.98 लाख, नैनीताल में 28.29 लाख, पौड़ी गढ़वाल में 26.58 लाख, पिथौरागढ़ में 9.30 लाख, रुद्रप्रयाग में 11.16 लाख, टिहरी गढ़वाल में 38.07 लाख, ऊधमसिंह नगर में 37.80 लाख तथा उत्तरकाशी में 14.16 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई।


इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता , डिप्टी सीपीओ राजीव नयन तिवारी आदि उपस्थित रहे



*नाॅर्दर्न रीजन से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर हुआ निर्विरोध निर्वाचन*

*राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड कोे पहली बार मिला नेतृत्व का अवसर*

देहरादून:

deputy chairman national scout guide Dhan singh rawat



सूबे के कैबिनेट मंत्री व भारत स्काउट एंड गाइड के प्रादेशिक अध्यक्ष डाॅ. धन सिंह रावत भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड को पहली बार इस महत्वपूर्ण पद पर नेतृत्व का अवसर मिला है, जो प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। डाॅ. रावत का निर्वाचन उनके संगठनात्मक अनुभव, रचनात्मक कार्यशैली एवं स्काउट-गाइड आंदोलन में उनकी सक्रिया भागीदारी का प्रतिफल है। 


कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत को यह जिम्मेदारी नॉर्दर्न रीजन से मिली है, जिसमें आठ राज्य व ं केंद्र शासित प्रदेश उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर के साथ ही केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, नॉर्दर्न रेलवे, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे और नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे का व्यापक प्रतिनिधित्व शामिल है। उत्तरी परिक्षेत्र से डॉ. रावत का निर्विरोध चुना जाना राष्ट्रीय संगठन में उत्तराखंड की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है। 


भारत स्काउट एंड गाइड के प्रादेशिक अध्यक्ष के तौर पर डाॅ. धन सिंह रावत ने उत्तराखंड में स्काउट-गाइड आंदोलन को व्यापक स्तर पर सशक्त बनाने के लिए उल्लेखनीय पहल की हैं। उनके प्रयासों से राजकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में स्काउट-गाइड गतिविधियों के विस्तार, इकाइयों की स्थापना और युवाओं की सहभागिता बढ़ाने को विशेष प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने स्काउट-गाइड के माध्यम से साहसिक गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों तथा युवाओं में अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदार नागरिकता विकसित करने पर विशेष जोर दिया है। इन्हीं उल्लेखनीय योगदानों के लिए डॉ. रावत को भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।


राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में डाॅ. रावत का निर्विरोध निर्वाचन उत्तराखंड में स्काउट-गाइड आंदोलन की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ ही संगठन के विस्तार और सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


*बयान*

भारत स्काउट एंड गाइड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर नार्दर्न रीजन से निर्विरोध निर्वाचित होना गौरव व जिम्मेदारी का विषय है। यह उपलब्धि उत्तराखंड के स्काउट-गाइड परिवार और प्रदेशवासियों को समर्पित है। स्काउटिंग युवाओं में अनुशासन, एकता, सेवा-भाव और देशभक्ति की भावना को विकसित करने का सशक्त मंच है। स्काउट-गाइड गतिविधियों के विस्तार और इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जायेंगे।- *डाॅ. धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड।*

 

 *मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन मंत्री से की भेंट, हल्द्वानी में उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर निर्माण के प्रस्ताव पर की चर्चा*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित किए जाने तथा हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर के निर्माण हेतु आरक्षित वन भूमि के हस्तांतरण एवं वन भूमि डायवर्जन से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की।


मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि नैनीताल स्थित उच्च न्यायालय परिसर चाइना पीक की तलहटी में स्थित होने के कारण भू-स्खलन की संभावनाओं, बढ़ते यातायात दबाव और पर्यटकों की आवाजाही जैसी चुनौतियों का सामना करता है। नैनीताल प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण यहां वर्षभर पर्यटकों एवं वादकारियों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में न्यायालय परिसर में आवागमन एवं पार्किंग की व्यवस्था भी प्रभावित होती है। इन परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक न्यायिक आधारभूत संरचना विकसित किया जाना आवश्यक है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में न्यायिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक एवं सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में प्रस्तावित स्थल सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्गों से बेहतर रूप से जुड़ा हुआ है। यहां उच्च न्यायालय का स्थायी परिसर विकसित होने से न्यायिक कार्यों के विस्तार के लिए पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं आम नागरिकों को आवागमन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय के स्थायी परिसर के निर्माण की दिशा में आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। इस संबंध में भारत सरकार एवं संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके क्रम में उच्च न्यायालय के नए भवन के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने तथा निर्धारित समयसीमा में भूमि का कब्जा एवं हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाना है।


मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में आरक्षित वन भूमि के हस्तांतरण एवं डायवर्जन संबंधी प्रस्ताव पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय का आधुनिक एवं स्थायी परिसर प्रदेश की न्यायिक आधारभूत संरचना को नई मजबूती प्रदान करने के साथ ही न्यायिक सेवाओं को अधिक सुगम, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर सकारात्मक और अग्रिम कार्रवाई का आश्वासन दिया।

 *मुख्यमंत्री ने नगला तराई में आयोजित रामलीला में की शिरकत, भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का किया आह्वान।*


*खटीमा :

Ramlila in nagla tarai udhamsinghnagar CM dhami


       मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नगला तराई में आयोजित रामलीला कार्यक्रम में सम्मिलित होकर भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र और उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन हम सभी को एकजुट होकर धर्म और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।


   मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए कहा कि सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को सहेजने के लिए पूरी दृढ़ता से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ पुनर्निर्माण और केदारखंड व मानसखंड के मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही, प्रदेश की पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए सरकार किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण और छद्म वेशधारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।


    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में अनेक ऐतिहासिक कार्य हुए। गरीबों के लिए पक्के मकानों का निर्माण और हर घर तक नल से जल व गैस कनेक्शन पहुँचाया गया है।गरीबों के लिए 5 लाख रुपये तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया गया है। महिलाओं को 'लखपति दीदी' और 'ड्रोन दीदी' योजना से जोड़ा गया तथा युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है।किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए किसान सम्मान निधि दी जा रही है। सैनिकों को आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, सर्जिकल व एयर स्ट्राइक जैसी सख्त कार्रवाई की गई हैं और पूर्व सैनिकों के लिए 'वन रैंक, वन पेंशन' लागू की है।


इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया,एसएसपी अजय गणपति, ग्राम प्रधान दीपू मेहरा सहित रामलीला कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।



 *केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स की तलाश में SDRF एवं NIM का सर्च ऑपरेशन जारी, करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर मिला टेंट व अन्य सामान* 


उत्तरकाशी, 02 नवंबर 2026।

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केदारताल ट्रैक पर लापता हुए ट्रैकर्स की तलाश में SDRF उत्तराखंड पुलिस एवं नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) के जवानों द्वारा दुर्गम एवं अत्यधिक विषम परिस्थितियों में सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार चलाया जा रहा है।


सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशों में SDRF की एडवांस टीम द्वारा अभियान को आगे बढ़ाते हुए घटनास्थल की ओर सर्चिंग की जा रही है। अभियान के दौरान करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर केदार खड़क के समीप लापता ट्रैकर्स का टेंट एवं कुछ अन्य सामान बरामद हुआ है। इसके अतिरिक्त सर्चिंग के दौरान एक बैग भी प्राप्त हुआ है। हालांकि, अभी तक लापता ट्रैकर्स का कोई पता नहीं चल पाया है।


घटनास्थल पर मौजूद SDRF टीम प्रभारी द्वारा सैटेलाइट फोन के माध्यम से दी गई सूचना के अनुसार क्षेत्र में लगातार बर्फबारी हो रही है तथा प्रतिकूल मौसम एवं अत्यधिक ऊंचाई के कारण सर्च अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं। परिस्थितियों को देखते हुए टीम द्वारा मौके पर ही सुरक्षित कैंप स्थापित कर लिया गया है तथा रात्रि विश्राम वहीं किया जाएगा।


मौसम एवं परिस्थितियां अनुकूल होने पर टीम द्वारा पुनः सर्च अभियान शुरू किया जाएगा। SDRF द्वारा NIM के जवानों के साथ समन्वय स्थापित कर लापता ट्रैकर्स की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

 लक्ष्मण, मेघनाद और सुलोचना की भूमिका में नजर आएँगे सुधीर रावत, दिगंबर रावत और डॉ. ममता कुंवर


अठूरवाला, देहरादून। 

ramlila atthurwala


अठूरवाला सांस्कृतिक मंच के सौजन्य से आयोजित द्वितीय भव्य श्रीरामलीला में आज एक अनूठा संयोग देखने को मिलेगा। वास्तविक जीवन में तीन सगे भाई-बहन रामायण के तीन महत्वपूर्ण किरदारों में एक साथ मंच पर नजर आएँगे। सुधीर रावत लक्ष्मण, दिगंबर रावत मेघनाद और डॉ. ममता कुंवर सुलोचना की भूमिका में अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।


विशेष बात यह है कि वास्तविक जीवन में स्नेह और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े ये तीनों कलाकार रामायण के ऐसे पात्रों को निभाएँगे, जिनके बीच युद्ध, कर्तव्य, प्रेम और करुणा का अद्भुत द्वंद्व है।


रामायण में लक्ष्मण और मेघनाद दो पराक्रमी योद्धा हैं, जो युद्धभूमि में एक-दूसरे के प्रबल प्रतिद्वंद्वी बनकर सामने आते हैं। वहीं मेघनाद की पत्नी सुलोचना का चरित्र पतिव्रत धर्म, समर्पण और करुणा की मार्मिक अभिव्यक्ति है। ऐसे में तीन सगे भाई-बहनों का इन पात्रों में अभिनय करना दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।


लक्ष्मण की भूमिका में सुधीर रावत जहाँ शौर्य, संयम और भ्रातृभक्ति का परिचय देंगे, वहीं दिगंबर रावत मेघनाद के पराक्रम, स्वाभिमान और युद्धकौशल को मंच पर जीवंत करेंगे। सुलोचना की भूमिका में डॉ. ममता कुंवर एक वीरांगना के साहस, पति के प्रति समर्पण और विरह की वेदना को अपने अभिनय से अभिव्यक्त करेंगी।


उल्लेखनीय है कि डॉ. ममता कुंवर इस रामलीला का निर्देशन भी कर रही हैं। तीनों भाई-बहनों का रंगमंच के प्रति लगाव और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव इस प्रस्तुति को और भी विशेष बनाता है।


आज की रामलीला में लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध और सुलोचना प्रसंग के माध्यम से दर्शकों को वीरता, संघर्ष, त्याग और करुणा के भावों से साक्षात्कार करने का अवसर मिलेगा।


रामलीला समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों और रामभक्तों से आज रात्रि 8:30 बजे रामलीला मैदान, मोलधार, गैस एजेंसी के सामने, अठूरवाला पहुँचकर इस विशेष मंचन का आनंद लेने की अपील की है।

, अपर जिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सुनीं जनसमस्याएं


*भूमि विवाद, अवैध कब्जे, विद्युत बिलों में सोलर ऊर्जा यूनिटों के समायोजन एवं ग्राम पंचायत की समस्याओं से जुड़े मामले उठे*


*शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश, भूमि संबंधी मामलों में एसडीएम  को कार्रवाई के निर्देश*


*देहरादून,:




 जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में जन समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जन समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। इस दौरान 110 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। अपर जिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। जन समाधान दिवस में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अवैध कब्जे, ग्राम पंचायत की संपत्तियों, विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर पैनल से उत्पादित बिजली की यूनिटों के समायोजन से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं।

ग्राम पंचायत रामपुरकलां के ग्रामीणों ने पीठ/हाट बाजार की नीलामी अवधि समाप्त होने के बाद प्रत्येक शुक्रवार को बाजार में कथित अवैध वसूली किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बाजार की शीघ्र नीलामी कराने तथा नई नीलामी होने तक किसी भी प्रकार की वसूली पर रोक लगाने की मांग की। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी सहसपुर को जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

संजय कॉलोनी, मोहिनी रोड निवासी मदनमोहन नेगी ने अपने आवास पर स्थापित 3 किलोवाट के सोलर पैनल से उत्पादित एवं विद्युत ग्रिड में निर्यातित बिजली की यूनिटों का विद्युत बिल में समुचित समायोजन न किए जाने की शिकायत रखी। शिकायतकर्ता के अनुसार कुल 7165 यूनिट में से अधिकांश यूनिटों का समायोजन अभी शेष है। उन्होंने बकाया यूनिटों को विद्युत बिल में समायोजित कराने का अनुरोध किया। इस पर संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार ग्राम शेरपुर निवासी खीमा देवी ने अपनी निजी भूमि पर बिना सहमति विद्युत विभाग द्वारा तीन विद्युत पोल लगाए जाने तथा इस संबंध में पूर्व में की गई शिकायतों पर कार्रवाई न होने का मामला उठाया। शिकायतकर्ता ने प्रकरण में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की। इस पर संबंधित विभाग को अभिलेखों एवं तथ्यों के आधार पर जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, जिसपर विद्युत विभाग के अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिए गए। 

परवल, होपटाउन क्षेत्र से संबंधित अमित कुमार सेठी ने अपने नाम दर्ज आवासीय भूखंड पर दूसरे पक्ष द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने भूमि संबंधी अभिलेखों एवं पूर्व में की गई पुलिस शिकायत का उल्लेख करते हुए भूखंड पर कब्जा दिलाने का अनुरोध किया। इसी प्रकार रामपुरकलां निवासी संतोष पंडित ने भूमि क्रय करने के बावजूद कब्जा न मिलने तथा विक्रेता द्वारा कथित रूप से फर्जी भूमि विक्रय किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने भूमि अभिलेखों की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। ग्राम पंचायत रामपुर कलां के ग्रामीण शम्भू चोपड़ा ने गांव में स्थित प्राचीन खेडा एवं मंदिर की भूमि पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने संबंधित भूमि की पैमाइश कराते हुए सार्वजनिक एवं धार्मिक महत्व की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की, जिस पर उप जिलाधिकारी विकासनगर को आवश्यक जांच, भूमि अभिलेखों का परीक्षण तथा नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

जनसुनवाई में उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए की गई कार्रवाई की आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मालदेवता स्थित पीपीसीएल में दिनांक 09 सितंबर 2026 को हुई घटना में स्व. संदेश थापा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के प्रकरण में उनके पिता हरक बहादुर निवासी ग्राम चिसोपानी, मोहम्मदपुर बड़कली, ग्रामसभा दुधली, विकासखंड डोईवाला द्वारा जिलाधिकारी से निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।  प्रकरण का संज्ञान लेते हुए संयुक्त मजिस्टेªट द्वारा पुलिस क्षेत्राधिकारी रायपुर को प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही करते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कराते हुए नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में न लें, बल्कि प्रत्येक प्रकरण में तथ्यों की जांच करते हुए शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा जिन मामलों में संयुक्त जांच की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करें। जिला प्रशासन का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

समाधान दिवस में अपर नगर मजिस्टेªट रविन्द्र जुवाँठा, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, एमडीडीए, विद्वुत, सिंचाई, लोनिवि सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।  



हरिद्वार प्रशासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से सेवानिवृत्त पुलिस-परिवारजन कल्याण जनसमिति एवं शिव शक्ति वेलनेस फाउंडेशन सोसाइटी द्वारा संयुक्त रूप से गंगा स्वच्छता अभियान आयोजित

हरिद्वार:



हरिद्वार प्रशासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से डॉ. ललित नारायण मिश्र जी, मुख्य विकास अधिकारी (CDO), हरिद्वार, सुश्री मीरा रावत जी, जिला मलेरिया अधिकारी (DMO), हरिद्वार तथा डॉ. पवन कार्की जी, प्रभारी नगर निगम, हरिद्वार के सहयोग एवं प्रेरणा से आज दिनांक 02 नवंबर 2026 को प्रातः 08:00 बजे से 11:30 बजे तक माँ गंगा की अविरल धारा एवं गंगा घाटों की स्वच्छता तथा निर्मलता के संकल्प के साथ हरकी पौड़ी से नीचे धोबी घाट स्थित विभिन्न घाट क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।

इस पुनीत अभियान का आयोजन सेवानिवृत्त पुलिस-परिवारजन कल्याण जनसमिति, जनपद हरिद्वार द्वारा किया गया, जिसमें शिव शक्ति वेलनेस फाउंडेशन सोसाइटी, हरिद्वार के पदाधिकारियों एवं सक्रिय सदस्यों ने संयुक्त रूप से सहभागिता करते हुए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अभियान के दौरान गंगा घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों में फैले कूड़े-कचरे को एकत्रित कर सफाई की गई तथा घाटों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का प्रयास किया गया। सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने अपने सेवाकाल के दौरान विकसित अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, टीम भावना एवं सेवा के संकल्प को बरकरार रखते हुए इस अभियान को धार्मिक, सामाजिक एवं जनकल्याणकारी सेवा के रूप में संपन्न किया।

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पुलिस-परिवारजन कल्याण जनसमिति की ओर से समिति के सचिव श्री चेतन बहुगुणा, संरक्षक श्री जे.पी. जुयाल, उपाध्यक्ष श्री सोहन लाल जुयाल, कोषाध्यक्ष श्री जयकृत भंडारी, श्री सुरेश कुमार, श्री सत्यप्रकाश एवं समिति के अन्य कर्मठ सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

वहीं शिव शक्ति वेलनेस फाउंडेशन सोसाइटी की ओर से अध्यक्षा श्रीमती शिप्रा गुप्ता, उपाध्यक्ष श्री भूपेश चंद्र पांडेय, सह सचिव श्री जितेंद्र परमार, वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सेवानिवृत्त श्रीमती रेणुका श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्रबंधक श्री विनय श्रीवास्तव (पीएनबी बैंक, रानीपुर, बीएचईएल, हरिद्वार), श्रीमती नीतू धीमान, श्रीमती अनिता कर्णवाल, श्रीमती मनीषा गुप्ता, श्री मनोज सैनी, श्री आलोक सहित अन्य सक्रिय सदस्यों ने पूरे उत्साह, निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपनी सेवाएँ प्रदान कीं।

दोनों संस्थाओं के सदस्यों ने सामूहिक सहभागिता एवं आपसी समन्वय के माध्यम से यह संदेश दिया कि माँ गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता केवल प्रशासन या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है।

इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों को निरंतर जारी रखने तथा समाज में स्वच्छता, जागरूकता एवं सेवा भावना को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया।

दोनों संस्थाओं ने इस पुनीत अभियान में मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं सहयोग प्रदान करने वाले हरिद्वार प्रशासन, नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।

माँ गंगा की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के प्रति दोनों संस्थाओं का यह संयुक्त प्रयास निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणादायी है।

उत्तरकाशी :



दिनांक 27.10.2026, समय सायं लगभग - 6:39 बजे ।

जिला आपातकालीन परिचालन, उत्तरकाशी से प्राप्त सूचना के अनुसार-

दिनांक 30.10.2026 को रात्रि लगभग 10:00 बजे DEOC उत्तरकाशी द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 27.10.2026 को एक 12 सदस्यीय दल (07 ट्रेकर्स, 01 गाईड, 01 कुक एवं 03 पोर्टर) वन विभाग से अनुमति लेकर गंगोत्री से केदारताल ट्रैक पर गये थे, जिनकी गंगोत्री वापसी दिनांक 29.10.2026 को होनी थी मौसम खराब होने एवं अत्यधिक बर्फबारी / हिमस्खलन के कारण उक्त ट्रैकरों का भोजखड़क के समीप फंसे होने के बारे में

बताया गया ।

दिनांक 31.10.2026 को की गयी कार्यवाही का विवरण-

• दिनांक 31.10.2026 को प्रातः उत्तरकाशी जिला प्रशासन एवं जिला आपातकालीन केन्द्र द्वारा उपरोक्त घटना का संज्ञान लेते हुए SDRF, NDRF, वन विभाग एवं स्थानीय पुलिस तथा संबंधित ट्रैवल एजेंसी के साथ SAR Operation टीम को घटना स्थल के लिए भेजा गया ।

• DEOC उत्तरकाशी द्वारा बताया गया कि उपरोक्त रास्ते में जगह-जगह हिमस्खलन / बर्फ हो रखी है, जिसे SAR टीम द्वारा बर्फ को हटाकर लगातार नया रास्ता बनाया गया तथा स्थान कच्ची ढांग के समीप से 03 पोर्टर एवं 01 कुक ( कुल 04 व्यक्ति) को सुरक्षित रैस्क्यू किया गया । जिन्हें SAR की स्पेशल टीम द्वारा दिनांक 31.10.2026 को गंगोत्री लाया गया। आगे के रास्ते में भारी बर्फवारी तथा हिमस्खलन आने से ट्रैक अवरूद्ध होने के कारण SAR टीम आगे नहीं जा सकी ।

• दिनांक 31.10.2026 को हैली द्वारा केदारताल के मध्य गहन रैकी किया गया, लेकिन जिसमें उन्हें कोई भी ट्रैकर्स एवं उनका कोई भी सामान दिखाई नहीं दिया । दिनांक 01.11.2026 को की गयी कार्यवाही का विवरण-

• आज दिनांक 01.11.2026 को यूकाड़ा के हैली द्वारा एस. डी. आर.एफ. के जवान के साथ घटना स्थल की 02 बार पुनः सघन रैकी की गई, जिसमें कोई भी ट्रैकर्स एवं सामान इत्यादि कुछ भी नहीं दिखाई दिया।

• मौसम खराब होने के कारण हैली रैकी को कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई है। मौसम साफ होने पर हैली रैकी उपरोक्त ट्रैकरों को खोजने हेतु जारी रखा जायेगा ।

• एन०डी०आर०एफ० की 01 स्पेशल एम.आर.टी. टीम एवं चिकित्सक टीम तथा Soul Seeker Trekking Agency के 04 सदस्यों के साथ गंगोत्री से पैदल रैस्क्यू की टीम घटना स्थल के लिए रवाना है तथा रास्ते में है। मौसम खराब होने के कारण एवं ट्रैक में भारी बर्फबारी के कारण बाधाएं उत्पन्न हो रही है ।

• हर्षिल हैलीपैड़ पर डिप्टी डायरेक्टर गंगोत्री नेशनल पार्क, पुलिस, आर्मी, मेडिकल टीम एवं राजस्व टीम तैनात है साथ ही आज दिनांक 01.11.2026 को निम के 05 सदस्यों को हर्षिल के लिये रवाना किया गया ।

• दिनांक 02.11.2026 को प्रातः हैली द्वारा एस०डी०आर०एफ० के 05 सदस्यीय हाई एलटीट्यूड रेस्क्यू दल एवं निम के 04 सदस्यों को उक्त क्षेत्र में ड्रॉप किया जायेगा एवं पुनः ग्राउड सर्च अभियान आरम्भ किया जायेगा ।9

 

BD singh kumbh haridwar sama.nvyak


 *मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के चारधाम यात्रा एवं श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य यात्रा सलाहकार के रूप में भी निभा रहे हैं महत्वपूर्ण दायित्व*


देहरादून/ गोपेश्वर: 1 नवंबर ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुख्य सलाहकार (चारधाम यात्रा एवं श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) तथा सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी/ बीकेटीसी पूर्व प्रशासक / पूर्व मुख्य कार्याधिकारी बी.डी. सिंह को पर्यटन विभाग द्वारा हरिद्वार कुंभ मेला-2027 के अंतर्गत समन्वयक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गयी है।उनकी नियुक्ति को उत्तराखंड में चारधाम यात्रा, धार्मिक पर्यटन एवं कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


 उल्लेखनीय है कि बी.डी. सिंह का दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, कार्यकुशलता, दूरदर्शिता एवं धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में गहरी समझ कुंभ मेला-2027 के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी‌  कुंभ समन्वयक का दायित्व मिलने पर बीकेटीसी सहित धार्मिक सामाजिक संगठनों, शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।


कहा है कि उनके अनुभव एवं मार्गदर्शन से देश-विदेश से हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं, सुव्यवस्थित प्रबंधन, यातायात, स्वच्छता तथा पर्यटन संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।साथ ही उत्तराखंड की धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई प्राप्त होगी।

 बी.डी. सिंह को इस महत्वपूर्ण दायित्व मिलने से माना जा रहा है कि उनके अनुभव एवं नेतृत्व क्षमता से हरिद्वार कुंभ मेला-2027 को भव्य, दिव्य, सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।




 दिनांक: 01 नवंबर 2026

dead bodies of badrinath helicopter incident


बद्रीनाथ क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर क्रैश हादसे के बाद घटनास्थल की अत्यंत दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी 06 मृतकों के शवों को सुरक्षित मुख्य मार्ग तक पहुंचा दिया गया।


हादसे का घटनास्थल खड़ी एवं दुर्गम पहाड़ी पर स्थित होने के कारण वहां तक पहुंचना और शवों को सुरक्षित नीचे लाना रेस्क्यू टीमों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। इस चुनौतीपूर्ण अभियान में SDRF, NDRF, उत्तराखंड पुलिस, फायर सर्विस, ITBP एवं वन विभाग की संयुक्त टीमों ने आपसी समन्वय, विशेष रेस्क्यू तकनीकों एवं उपलब्ध उपकरणों का उपयोग करते हुए कठिन परिस्थितियों में लगातार कार्य किया।


सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशन एवं मार्गदर्शन में SDRF की टीमों ने अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया। उनके मार्गदर्शन में जवानों ने अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में अदम्य साहस, सूझबूझ एवं कड़ी मेहनत का परिचय देते हुए सभी 06 मृतकों के शवों को दुर्गम पहाड़ी से सुरक्षित नीचे मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। इसके उपरांत सभी शवों को आवश्यक अग्रिम कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।


इस पूरे रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी एजेंसियों के कार्मिकों ने विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों एवं तमाम चुनौतियों के बावजूद पूर्ण समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा एवं आपसी तालमेल के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।


हादसे में मृतकों का विवरण


1. कैप्टन हिमांशु (पायलट) – दिल्ली।

2. प्रताप (यात्री) – बेंगलुरु, कर्नाटक।

3. अरुण (यात्री) – बेंगलुरु, कर्नाटक।

4. शंकर गौड़ा (यात्री) – बेंगलुरु, कर्नाटक।

5. सुधीर के. (यात्री) – बेंगलुरु, कर्नाटक।

6. एच. एस. नटराजा (यात्री) – बेंगलुरु, कर्नाटक।

 

स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री* 

 *प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही राज्य सरकार।* 

*उत्तराखंड में 3 लाख से अधिक महिलाएं बन चुकी हैं लखपति दीदी, मातृशक्ति ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला।* 

*स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रही सरकार, ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से मिल रही नई पहचान।

*रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि, स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को मिल रही गति।


* *लोकभाषा, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सांस्कृतिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका।* 




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रेंजर्स कॉलेज ग्राउंड, देहरादून में अखिल गढ़वाल सभा, देहरादून द्वारा आयोजित उत्तराखंड कौथिक-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अखिल गढ़वाल सभा के प्रयासों की सराहना की। 


उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति हमारी पहचान ही नहीं, बल्कि हमारी आत्मा भी है। हमारी लोकभाषाएं, लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वेशभूषा, मेले और पर्व हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के अभिन्न अंग हैं। इन परंपराओं को संरक्षित रखना और भावी पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड कौथिक जैसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, भाषा और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।


 ऐसे आयोजनों से प्रदेश की लोककलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प, कारीगरी और खानपान को करीब से जानने-समझने का अवसर मिलता है। 


उन्होंने महोत्सव में विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से प्रदर्शित किए गए पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और उत्तराखंडी व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने और उन्हें व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी सोच के अनुरूप केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्विकास के कार्यों के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। 


साथ ही धार्मिक पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत सीमांत क्षेत्रों में सड़क, बिजली, दूरसंचार, पर्यटन और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड के युवाओं और स्थानीय नागरिकों को रोजगार के लिए अपने घर और गांव से दूर न जाना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों।


 इसी उद्देश्य से स्थानीय उत्पादों, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार और व्यापक पहचान उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, होम-स्टे योजना, कृषि, बागवानी, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन, सुगंधित पौधों तथा स्थानीय मसालों की खेती को प्रोत्साहित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा रही है।


उन्होंने कहा कि ‘वेड इन उत्तराखंड’, शीतकालीन पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश में वर्षभर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं, उद्यमियों, होटल व्यवसायियों, होम-स्टे संचालकों और छोटे कारोबारियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन के साथ-साथ आयुष, वेलनेस, आईटी और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को भी विस्तार दे रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी का परिणाम है कि ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों, पहाड़ी व्यंजनों, हस्तशिल्प, कृषि और विभिन्न लघु उद्यमों के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कौथिक में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के स्टॉल महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की इस यात्रा का प्रेरणादायी उदाहरण हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों से उत्तराखंड ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। स्टार्टअप इंडिया की राज्यों की रैंकिंग में प्रदेश को ‘लीडर’ श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में भी उत्तराखंड देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहा और केरल के साथ संयुक्त रूप से सर्वोच्च स्कोर प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह इस बात का संकेत है कि प्रदेश में स्थानीय स्तर पर आजीविका और रोजगार के अवसरों में निरंतर विस्तार हो रहा है।


उन्होंने कहा कि राज्य की सिंगल विंडो सिस्टम को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में सम्मानित किया गया है। भारत सरकार के राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखंड को श्रेणी-सी में देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में भी प्रदेश को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। ये उपलब्धियां राज्य में सुशासन, पारदर्शी व्यवस्था, निवेश के अनुकूल वातावरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की इस यात्रा में अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता। आधुनिकता और प्रगति के साथ अपनी लोकभाषाओं, लोककलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को भी समान महत्व देना आवश्यक है। उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने में समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तराखंड कौथिक जैसे आयोजन इस दिशा में सराहनीय पहल हैं, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को मंच प्रदान करते हैं।


मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अखिल गढ़वाल सभा सहित प्रदेश की विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाएं उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में इसी प्रकार योगदान देती रहेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल करने के ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रही है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में प्रदेशवासियों का सहयोग, सहभागिता और आशीर्वाद अत्यंत महत्वपूर्ण है।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, अखिल गढ़वाल सभा के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधिगण, श्री नरेंद्र सिंह नेगी एवं श्रीमती संगीता ढोंडियाल सहित अन्य लोक कलाकार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, युवा तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सड़क निर्माण एवं सुधार, धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, बाध/बैराजों की सुरक्षा, सीवर लाइनों, नलकूप निर्माण, बहुउदेशीय भवन व अन्य विकास कार्यों के साथ ही शहरी स्थानीय निकायों को तृतीय त्रैमासिक किश्त के लिए ₹ 805 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की हैं। 

CM Dhami financial-approve


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोडा के विधानसभा क्षेत्र रानीखेत के पृथक-पृथक कार्यों हेतु  ₹ 1.72 करोड तथा यू०जे०वी०एन०एल० लि० के 06 बाधों/बैराजों की सुरक्षा एवं सुदृढीकरण हेतु विश्व बैंक पोषित परियोजना के अन्तर्गत ₹ 398.30 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

  

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के ग्राम पंचायत दुधौरी में भगवती मेला स्थल का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 58.67 लाख तथा ग्राम पंचायत क्वारसिंह (अमोड़ी) चम्पावत में भगवती दुर्गा मंदिर का विकास एवं सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 47.85 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के अन्तर्गत रायपुर में RGICS की मौजूदा पहली मंजिल पर प्रस्तावित शेड का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 2.20 करोड़, जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट में किरौली स्कूल से जैतबुगा तक सीसी मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 74.44 लाख तथा जनपद उत्तरकाशी के हर्षिल में मुख्य मार्ग स्थित भवनों (भवन संख्या 1 से 23 तक) के बाह्य सरफेस के सौन्दर्यीकरण (फसॉड ट्रीटमेंट) का प्रथम फेज के कार्य हेतु ₹ 4.92 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा छठवां राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों की प्रत्याशा में पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर समस्त शहरी स्थानीय निकायों को तदर्थ आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 की तृतीय त्रैमासिक किश्त (अक्टूबर से दिसम्बर, 2026) हेतु ₹ 328.28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री  द्वारा जनपद हरिद्वार में हरिद्वार की अनुरक्षण शाखा (गंगा) जोन प्रथम भूपतवाला हरिद्वार क्षेत्रान्तर्गत स्थित क्षतिग्रस्त एवं कम व्यास की सीवर लाईनों के प्रतिस्थापन की योजना हेतु ₹ 7.65 करोड़ तथा अनुरक्षण शाखा (गंगा) जोन द्वितीय कनखल हरिद्वार के विभिन्न स्थानों पर सीवर लाईनों के प्रतिस्थापन की योजना हेतु ₹ 6.24 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र जसपुर हेतु मंदिरों के सुदृढीकरण हेतु ₹ 1.62 करोड, जनपद पिथौरागढ में गुरु गोरखनाथ मंदिर मेला स्थल के विकास एवं सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 32.53 लाख तथा जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर के चलनीछीना में घटीका मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 99.39 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार में आबकारी विभाग रोशनाबाद के कार्यालय एवं आवासीय भवन के निर्माण हेतु ₹ 9.09 करोड़, जनपद पिथौरागढ़ में नगर निगम, पिथौरागढ़ के कार्यालय भवन निर्माण हेतु ₹ 24.47 करोड तथा जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में पूर्णागिरी मेले हेतु सेलागांव में बहुउदेशीय प्रशासनिक भवन में मेला मजिस्ट्रेट, मेला अधिकारी, पुलिस, चिकित्सकों आदि को एक स्थान पर कार्य करने की सुविधा हेतु  ₹ 4.00 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून में विकासखण्ड रायपुर के चक तुनवाला 1/4 भद्रकाली एन्कलेव 1/2 क्षेत्र में नलकूप, ओवर हैड टैंक, राइजिंग मेन तथा वितरण प्रणाली के सुदृढीकरण किये जाने हेतु ₹ 9.84 करोड तथा जनपद देहरादून की दक्षिण शाखा के अन्तर्गत धामावाला वार्ड में डिस्पेंसरी रोड से राजा रोड तक मौजूदा क्षतिग्रस्त सीवर लाईन को बदलने हेतु ₹ 3.80 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 

तहसील विकासनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत ढकरानी में विश्व प्रसिद्ध आसन वेटलैंड (रामसर साइट) के प्रतिबंधित बफर जोन में दो दर्जन से अधिक स्टोन क्रेशर बिना किसी पर्यावरणीय अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं। ये क्रेशर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT), माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों की खुली अवहेलना कर रहे हैं।



इन अवैध स्टोन क्रेशरों से निकलने Y0प गंदा पानी हजारों बीघा फसलों को बर्बाद कर किसानों की आजीविका छीन चुका है।न अंधाधुंध मशीनी खनन के कारण किसानों के खेत यमुना की भेंट चढ़ गए हैं। यमुना का पानी उत्तराखंड की सीमा में हर बरसात में तबाही मचा रहा है। रात-दिन चलने वाले इन क्रेशरों की तेज आवाज स्थानीय निवासियों के साथ-साथ जलजीवों और वन्यजीवों के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है, जिससे गांव के लोग अपना घर-बार छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।

आसन वेटलैंड में साइबेरियन पक्षियों सहित अन्य प्रवासी पक्षियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। चारों ओर सिर्फ स्टोन क्रेशरों का शोर और धूल के गुब्बार फैले हुए हैं। कभी हरा-भरा और सुंदर दिखने वाला यह क्षेत्र अब धूल और यमुना के विशाल गड्ढों में तब्दील हो चुका है। हजारों जीव-जंतुओं का जीवन समाप्त हो चुका है।

उक्त खनिज सामग्री को यमुना जल विद्युत निगम की क्षतिग्रस्त परियोजना के पुलों से हजारों ट्रक एवं अन्य भारी वाहनों द्वारा प्रतिदिन आवागमन कराया जा रहा है। शक्ति नहर के पुलों की समयावधि समाप्त होने तथा क्षतिग्रस्त स्थिति के कारण इन पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जा चुकी थी, फिर भी ओवरलोडेड खनन सामग्री से भरे हजारों वाहनों का आवागमन निरंतर जारी है। इससे उत्तराखंड जल विद्युत निगम की परियोजना को गंभीर खतरा बना हुआ है। इनमें से एक पुल पहले भी गिर चुका है। यदि परियोजना को और नुकसान पहुंचता है तो प्रदेश में विद्युत संकट के साथ आर्थिक संकट भी उत्पन्न हो सकता है।

स्थानीय किसानों, पर्यावरणविदों और ग्रामवासियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि आसन वेटलैंड जैसी अंतरराष्ट्रीय महत्व की साइट को बचाने के लिए अवैध खनन और क्रेशरों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

 

 डोईवाला:

 

 *कोतवाली डोईवाला पर बिग स्क्रीन पर किया गया माननीय प्रधानमंत्री जी के संबोधन का लाइव प्रसारण*

 *एकता दिवस पर स्थानीय पुलिस अधिकारी व कर्मचारियो एवं नागरिको द्वारा ग्राहण की गयी शपथ*

 



*श्री प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद देहरादून* के दिशा-निर्देशानुसार आज दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के शुभ अवसर पर राष्ट्र की अखंडता और एकता को समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कोतवाली डोईवाला द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया,  देश की एकता और सामाजिक सरोकार को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कोतवाली डोईवाला परिसर में एक नि:शुल्क रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्थानीय नागरिकों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारीगणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।  


                       इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार द्वारा देशवासियों को दिए गए विशेष संबोधन का कोतवाली डोईवाला में बड़ी स्क्रीन के माध्यम से लाइव प्रसारण कराया गया। इस सजीव प्रसारण को सुनने और देखने के लिए क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, स्थानीय निवासियों और कोतवाली डोईवाला पुलिस बल के अधिकारियों व कर्मचारियों की भारी उपस्थिति रही । प्रभारी निरीक्षक डोईवाला व व0उ0नि0 डोईवाला द्वारा उक्त सभी कार्यक्रमो का सकुशल संचालन करते हुए आयोजन के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों पर चलने और देश की अखंडता व सुरक्षा को बनाए रखने का संकल्प लेकर शपथ ग्रहण करायी गयी ।

 *मुख्यमंत्री धामी ने अपने शिक्षकों के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद, वर्षों बाद गुरु-शिष्य के मिलन का भावुक क्षण बना यादगार* 



**जिन शिक्षकों ने कभी विद्यार्थी के रूप में मुख्यमंत्री धामी को दी थी शिक्षा, उन्हीं के सामने आज मुख्यमंत्री के रूप में पहुंचे धामी; शिक्षकों ने पुरानी यादें साझा कर बताया होनहार और बहुमुखी प्रतिभा का धनी विद्यार्थी**


CM Dhami teachers



 जीवन में कुछ मुलाकातें ऐसी होती हैं, जो पद, प्रतिष्ठा और औपचारिकताओं से परे सीधे हृदय को स्पर्श कर जाती हैं। ऐसी ही भावुक और आत्मीय अनुभूति उस समय देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मुलाकात देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने पूर्व शिक्षकों से हो गई। वर्षों बाद अपने गुरुजनों को सामने देखकर मुख्यमंत्री धामी ने बिना किसी औपचारिकता के आगे बढ़कर अपने दोनों शिक्षकों के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।


मुख्यमंत्री श्री धामी के लिए यह केवल अपने शिक्षकों से मुलाकात नहीं, बल्कि अपने विद्यार्थी जीवन की जड़ों से दोबारा जुड़ने का आत्मीय अवसर था। कभी जिन गुरुजनों ने उन्हें कक्षा में बैठाकर शिक्षा दी, जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, आज उन्हीं के सामने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में खड़े होना एक भावुक क्षण बन गया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्राथमिक कक्षा में शिक्षक रहे श्री जोहरा अब्बास तथा कक्षा 12वीं में शिक्षक रहे श्री सुदर्शन वर्मा से उनकी मुलाकात हुई। दोनों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को पहचानते ही अपने पुराने विद्यार्थी के प्रति स्नेह और प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की यादें साझा करते हुए बताया कि पुष्कर सिंह धामी पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ विद्यालय की अन्य गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते थे। वे विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते थे तथा एक होनहार और सक्रिय विद्यार्थी के रूप में उनकी पहचान थी।


अपने पुराने विद्यार्थी को आज प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देखकर दोनों शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में उनकी सक्रियता, सहभागिता और आगे बढ़ने का उत्साह हमेशा उन्हें याद रहेगा। आज उन्हें इस रूप में देखकर स्वाभाविक रूप से गर्व और खुशी का अनुभव हो रहा है।


 मुख्यमंत्री श्री धामी ने भी अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।

 डोईवाला चीनी मिल में पेराई सत्र प्रारंभ करने से पूर्व पूजा अर्चना के बाद बॉयलर में अग्नि प्रज्वलित।



आज शुगर मिल डोईवाला में पैराई सत्र 2026-27 के संचालन हेतु बॉयलर का मुहूर्त किया गया। श्री अजयवीर सिंह, पी.सी.एस., अधिशासी निदेशक एवं मिल के अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की गई तदोपरांत मिल के अधिशासी निदेशक द्वारा हवन की अग्नि बॉयलर में प्रज्वलित की गई। मिल के पेराई सत्र प्रारंभ करने हेतु अधिकांश आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। अधिशासी निदेशक ने बताया कि पेराई सत्र प्रारंभ करने की तिथि फाइनल कर शीघ्र घोषित कर दी जाएगी। इस अवसर पर डी पी शर्मा, सुनील चंद, आशुतोष अग्निहोत्री, अरविन्द कुमार शर्मा, एच एस पांडेय, असित प्रतिहार, जसबीर सिंह, शिवानी वर्मा, सुषमा आर्य, शुभम गिल, वेंकट झा, अवधेश कुमार, विजय प्रसाद, अंकित सिंह, देवेंद्र चमोला, नरेंद्र कुमार, दीपक विश्वकर्मा, सतविंदर संधू, मनोज कुमार, सेठी, प्रकाश, प्रवीण काला , अकरम, दीवान सिंह, संजय सैनी, वेदपाल आर्य, प्रेम सिंह, चंद्रजीत यादव, रामदेव, राजेश, बालकरन, संतोष यादव, इत्यादि   कर्मचारीगण/ अधिकारीगण उपस्थित  रहे। पूजा अर्चना पंडित पूर्णानंद भट्ट एवं जितेंद्र कुमार  द्वारा की गई।

 

उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय द्वारा सशस्त्र पुलिस, यातायात एवं पीएसी संवर्ग में कार्यरत 08 उपनिरीक्षकों/प्लाटून कमाण्डरों को दलनायक (कंपनी कमांडर)  के पद पर पदोन्नति प्रदान कर नवीन वाहिनियों में तैनाती दी गई है।

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1. श्री दिनेश रावत (आई०आर०बी०-प्रथम)

2. श्री प्रेम राम (आई०आर०बी०-प्रथम)

3. श्री रामप्रवेश प्रसाद (31वीं वाहिनी)

4. श्री दीवान सिंह गुंसाई (46वीं वाहिनी)

5. श्री भारत सिंह (31वीं वाहिनी)

6. श्री विजय सिंह बिष्ट (आई०आर०बी०-द्वितीय)

7. श्री धर्मवीर सिंह (46वीं वाहिनी)

8. श्री सुधीर जुयाल (आई०आर०बी०-प्रथम)


*श्री दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को बधाई देते हुए नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी हैं।*


 डोईवाला विधानसभा के अंतर्गत शिमलास ग्रांट निवासी एवं 17 कुमाऊँ रेजिमेंट में सेवारत वीर जवान श्री आकाश चौहान जी के शहीद होने का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।



माँ भारती की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत को शत्-शत् नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि। इस दुःख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।



 

*जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं एसडीएम के साथ की बैठक*

*मतदान केंद्रों एवं बूथों के फाइनलाइजेशन, लाइसेंसी शस्त्र जमा कराने तथा संदिग्ध एवं आपराधिक व्यक्तियों को चिह्नित करने के दिए निर्देश*

*नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने तथा नाम एवं अन्य विवरणों में त्रुटियों को दूर करने के लिए फॉर्म-6 एवं फॉर्म-8 भरवाने के निर्देश*


हरिद्वार:



       भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने आगामी विधानसभा निर्वाचन-2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्चुअल माध्यम से भी एसडीएम एवं अन्य संबंधित अधिकारी जुड़े रहे।


     बैठक में आगामी विधानसभा निर्वाचन के दृष्टिगत मतदान केंद्रों एवं बूथों के फाइनलाइजेशन, निर्वाचन संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं, लाइसेंसी शस्त्र जमा कराने, कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।


      जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान केंद्रों एवं बूथों के निर्धारण से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाएं, ताकि निर्वाचन के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए, जिससे निर्वाचन व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।


         निर्वाचन के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार लाइसेंसी शस्त्र जमा कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संदिग्ध एवं आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों, जिनसे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका हो, को चिह्नित करते हुए उनकी सूची तैयार की जाए तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा निर्वाचन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।


         जिलाधिकारी ने मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने पर विशेष जोर देते हुए सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान यदि किसी पात्र मतदाता का नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गया है अथवा त्रुटिवश कट गया है, तो ऐसे पात्र मतदाताओं से फॉर्म संख्या-6 भरवाकर जमा कराया जाए, ताकि नियमानुसार उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पहले से दर्ज मतदाताओं के नाम अथवा पति/पिता के नाम में किसी प्रकार की लिपिकीय त्रुटि होने पर उसे ठीक कराने के लिए फॉर्म संख्या-8 भरवाया जाए, जिससे मतदाता सूची में दर्ज विवरणों को सही कराया जा सके।

      उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ऐसे युवा, जो 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं, उनके नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके लिए पात्र युवाओं से फॉर्म संख्या-6 भरवाकर नियमानुसार आवेदन जमा कराए जाएं, ताकि कोई भी पात्र युवा अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
        जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि आगामी विधानसभा निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने, अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा निर्वाचन से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
     इस दौरान एसपी  ट्रैफिक निशा यादव, एसपी सिटी दीपक,सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी,सीओ एसपी बलूनी ,शिशुपाल सिंह नेगी,संजय चौहान,बिपेंदर सिंह सहित वर्चुअल माध्यम से भी एसडीएम एवं अन्य संबंधित अधिकारी जुड़े रहे।

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