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*तन, मन और आत्मा का समन्वय है योग-मुख्यमंत्री*



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस‘ की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि योग भारत की सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। योग ने सम्पूर्ण विश्व को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया है। आज विश्व के अधिकतम देशों में करोड़ों लोग, योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं। योग अब सीमाओं से परे सशक्त समाज का आधार एवं मानवता के कल्याण का वैश्विक माध्यम बन चुका है।


अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग के द्वारा आज दुनिया में हमारी विशिष्ट पहचान बनी है। योग के लिये दुनिया भारत की ओर देख रही है। योग ने देश व दुनिया को स्वस्थता का भी संदेश दिया है। महान ऋषि पतंजलि ने योग के माध्यम से लोगों को जीने की राह दिखाई है। योग का अभ्यास शरीर, श्वास और मन को जोड़ता है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नही, बल्कि तन, मन और आत्मा का समन्वय है। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास तनाव कम करने, जीवन को संतुलित बनाए रखने तथा असंभव लक्ष्य को पाने में विशेष भूमिका निभाता है। योग भारत की प्राचीनतम और समृद्ध परम्परा की एक पहचान है। पूरी मनुष्यता को हमारे ऋषि-मुनियों की यह महत्वपूर्ण देन है। योग साधना के द्वारा हम शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन, योग प्रशिक्षकों को सहयोग तथा योग एवं वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने तथा योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

  

CSC dehradun , PM kisan nidhi broadcast

20 जून 2026 को पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किश्त प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के किसानों को दी गयी है। जिसको देहरादून जिले के सीएससी केंद्रों पर भी प्रसारित किया गया और किसानों को लाइव प्रसारण दिखाया गया। राजेश सिंह बिष्ट जिला मंडल देहरादून ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अनेकों केंद्रों पर सफलतापूर्वक यह आयोजन वीएलई द्वारा किया गया।साथ ही उन्हें डॉक्यूमेंटेशन संबंधी जानकारी भी 


अति महत्वपूर्ण सूचना - CSC देहरादून  ,21 जून योग दिवस कार्यक्रम  के अंतर्गत आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार

सभी VLE साथियों एवं भाई-बंधुओं को सूचित किया जाता है, कि 


1. दिनांक व समय:  21 जून 2026, सुबह 6:00 से 7:00 बजे के बीच

2. स्थान: अपने CSC सेंटर / पार्क / गार्डन / मंदिर या किसी भी उपयुक्त स्थान पर

3. गतिविधि:* योग कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आयोजित करें


फोटो/वीडियो निर्देश:

- *Time Stamp Camera* से फोटो लेना अनिवार्य है

- हर एंगल से *कम से कम 4-6 फोटो* लें

- हो सके तो *वीडियो भी बनाएं*

*🏆 पुरस्कार:*

- *सभी प्रतिभागियों* को सर्टिफिकेट दिया जाएगा

- *Top 3 Best योगा फोटो/वीडियो* को CSC द्वारा *ट्रॉफी + सर्टिफिकेट*

- ग्रुप में शेयर की गई फोटो/वीडियो के आधार पर चयन होगा


* अटेंडेंस:* 

- अटेंडेंस का फॉर्मेट आपको दिया जाएगा।

- अटेंडेंस अपलोड करना अनिवार्य है।

- अटेंडेंस के आधार पर जुलाई अंत तक ₹1400 दिए जाएंगे।

CSC VLE ध्यान दें:* 

यह कार्यक्रम  आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर है। CSC के लिए पालन अनिवार्य है। ग्रुप में जुड़े सभी सदस्यों के नाम पहले ही मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं, अतः सभी का भाग लेना जरूरी है* .

यह जानकारी देते हुए बताया कि समय पर अपना बैनर तैयार कर लें और 21 जून को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।




*अखाड़ों में उत्साह, कुंभ मेले के दिव्य एवं भव्य आयोजन को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को सराहा*

*तैयारियों पर जताया संतोष- दिया पूर्ण सहयोग का भरोसा*

हरिद्वार:



हरिद्वार में आगामी वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेला-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा संत समाज एवं अखाड़ों के साथ निरंतर संवाद स्थापित किया जा रहा है। संतों के मार्गदर्शन एवं सुझावों के अनुरूप कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में कुंभ मेला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा विभिन्न अखाड़ों के प्रमुखों, महामंडलेश्वरों, महंतों एवं साधु-संतों से निरंतर भेंट कर मेले के सफल आयोजन को लेकर सुझाव एवं मार्गदर्शन प्राप्त किए जा रहे हैं।


राज्य सरकार द्वारा अखाड़ों एवं संत समाज के मार्गदर्शन में कुंभ मेला-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। कुंभ केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और संत परंपरा का विराट उत्सव है। इसी भावना के अनुरूप कुंभ मेले की व्यवस्थाओं में संत समाज की गरिमा, सुविधाओं एवं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


राज्य सरकार की इसी प्रतिबद्धता के तहत मेला प्रशासन के अधिकारी संत समाज के साथ निरंतर संवाद कर व्यवस्थाओं की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। इसी क्रम में अधिकारियों द्वारा श्री निरंजनी अखाड़ा, श्री जूना अखाड़ा, श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, श्री पंचायती अटल अखाड़ा, श्री पंचायती आनंद अखाड़ा, श्री पंच अग्नि अखाड़ा, श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा, श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन, श्री पंचायती उदासीन नया अखाड़ा, श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा, श्री निर्वाणी अणि अखाड़ा, श्री दिगम्बर अणि अखाड़ा एवं श्री निर्मोही अणि अखाड़ा के प्रमुख संतों एवं पदाधिकारियों से भेंट कर कुंभ आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।


इस दौरान अखाड़ों के प्रमुख संतों एवं पदाधिकारियों द्वारा कुंभ मेले के दौरान होने वाले अमृत स्नान, पेशवाई, अखाड़ों की आवासीय व्यवस्थाओं, यातायात प्रबंधन, सड़क एवं पुलों के निर्माण व रखरखाव, घाटों की व्यवस्थाओं, स्वच्छता, विद्युत, पेयजल, सुरक्षा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।


संत समाज ने सुझाव दिया कि कुंभ मेले की आध्यात्मिक गरिमा एवं धार्मिक परंपराओं का संरक्षण करते हुए आधुनिक सुविधाओं का बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके और कुंभ की प्राचीन परंपराएं भी अक्षुण्ण बनी रहें।


अखाड़ों के प्रमुखों एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों ने  सरकार एवं मेला प्रशासन द्वारा प्रारंभिक चरण से ही संवाद स्थापित कर सुझाव लिए जाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि संत समाज को साथ लेकर तैयार की जा रही व्यवस्थाओं से कुंभ मेले का आयोजन अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं सफल होगा।


संत समाज ने विश्वास व्यक्त किया कि कुंभ मेला-2027 दिव्य, भव्य, सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक आयोजन के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की पावन भूमि पर आयोजित होने वाला कुंभ विश्वभर के श्रद्धालुओं और सनातन धर्मावलंबियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा संत समाज मेले की सफलता में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूर्ण रूप से सहयोग प्रदान करेगा।

 

*उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के खाते में पहुंची धनराशि* 


4400 labour get more than 11 crore by CM Dhami



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार  को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।


मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता,  मृत्यु उपरांत अनुदान,  प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की। 


इस अवसर पर मुख्यमंत्री  ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।


मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन तथा जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण हेतु विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले। 


इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है। 

इस अवसर पर श्री कैलाश पंत (राज्य सलाहकार, संविदा बोर्ड), श्रीमती गीता रावत (अध्यक्ष, सतर्कता समिति), श्रीमती मोहिनी पोखरिया (उपाध्यक्ष, राज्य सतर्कता समिति), अपर सचिव श्री विनीत कुमार, उप श्रम आयुक्त श्री विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त श्री शैलेश सती, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ श्री दुर्गा चमोली उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन श्रम आयुक्त श्री प्रकाश चन्द्र दुम्का द्वारा किया गया।

योग के पहले धरा योग’ - गंगा एवं घाटों की स्वच्छता कर दिया ‘स्वच्छ धरा, स्वस्थ शरीर’ का संदेश’’*


’ऋषिकेश:


yoga in parmarth niketan on 21st june2026


उत्तराखण्ड।’’ 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में व्यापक स्तर पर तैयारियाँ प्रारम्भ हो चुकी हैं। इस वर्ष की तैयारियों का शुभारम्भ केवल योगाभ्यास से नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए ’’‘योग के पहले धरा योग’’’ के प्रेरणादायी संदेश के साथ किया गया। परमार्थ निकेतन के ऋषिकुमारों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों तथा देश-विदेश से आए साधकों ने माँ गंगा के तट एवं घाटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ समाज का आधार स्वच्छ प्रकृति एवं स्वच्छ पर्यावरण ही है।


परमार्थ पीठाधीश्वर, परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के ’’पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी’’ ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन को संतुलित, समरस और जागरूक बनाने की दिव्य साधना है। उन्होंने कहा कि यदि हमारी धरती, हमारी नदियाँ और हमारा पर्यावरण प्रदूषित होंगे, तो मानव जीवन भी स्वस्थ नहीं रह सकता। इसलिए योग का वास्तविक आरम्भ प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण से होना चाहिए। इसी भावना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए ’’‘योग के पहले धरा योग’’’ अभियान का शुभारम्भ किया गया।


पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज विश्व योग को अपना रहा है, परन्तु योग का मूल दर्शन हमें यह संदेश देता है कि हम केवल अपने शरीर से ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सृष्टि से जुड़े हुए हैं। जब हम धरती को स्वच्छ रखते हैं, जलस्रोतों का संरक्षण करते हैं और प्रकृति का सम्मान करते हैं, तभी योग की वास्तविक साधना पूर्ण होती है। योग हमें ‘मैं’ से ‘हम’ की यात्रा कराता है और यही भावना विश्व कल्याण का आधार है।


स्वच्छता अभियान के दौरान सभी प्रतिभागियों ने गंगा तटों एवं घाटों पर फैले प्लास्टिक, कूड़े-कचरे एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित कर उनके उचित निस्तारण की व्यवस्था की। साथ ही उपस्थित सभी लोगों ने एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक का उपयोग न करने, जल संरक्षण करने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।


इस अवसर पर ’’साध्वी भगवती सरस्वती जी’’ ने कहा कि योग केवल मैट पर बिताया गया एक घंटा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यदि हमारा व्यवहार प्रकृति के प्रति उत्तरदायी नहीं है, तो हमारा योग अधूरा है। उन्होंने कहा कि धरती हमारी माता है और उसकी सेवा करना ही सच्ची साधना है। गंगा की स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और मानवीय जिम्मेदारी है।


उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य केवल योगासन करना नहीं, बल्कि योग के मूल जीवन मूल्योंकृकरुणा, संतुलन, अनुशासन, सेवा और प्रकृति के प्रति सम्मानकृको जीवन में उतारना है। जब हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखते हैं, तभी हम अपने भीतर भी सकारात्मकता, शुद्धता और ऊर्जा का अनुभव करते हैं।


परमार्थ निकेतन द्वारा आयोजित इस अभियान में देश-विदेश से आए अनेक साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ’’‘स्वच्छ गंगा, स्वस्थ भारत’, ‘योग के पहले धरा योग’, ‘धरती रहेगी स्वच्छ तभी जीवन होगा स्वस्थ’, ‘क्लीन गंगा, ग्रीन अर्थ’’’ तथा ’’‘हेल्दी प्लैनेट, हेल्दी पीपल’’’ जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।


12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’’ के अवसर पर परमार्थ निकेतन में आयोजित ’’कॉमन योग प्रोटोकॉल में विश्व के अनेक देशों से आए राजदूत, प्रतिनिधि एवं राजनयिक सहभागिता करेंगे।


पूज्य ’’स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी’’ एवं ’’साध्वी भगवती सरस्वती जी’’ के पावन सान्निध्य में भारत के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों साधक, पर्यटक, योग-जिज्ञासु, योगाचार्य तथा परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमार परमार्थ गंगा तट पर कॉमन योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास करेंगे। तत्पश्चात विश्व शान्ति यज्ञ में अपनी आहुतियाँ समर्पित करेंगे।


’’‘योग के पहले धरा योग’’’ का यह संदेश केवल अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस तक सीमित नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन का संकल्प बनेकृयही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। जब धरती स्वस्थ होगी, तभी मानव स्वस्थ होगा और तभी योग का वास्तविक स्वरूप विश्व में स्थापित हो सकेगा।


अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) द्वारा उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में व्यापक स्तर पर योग दिवस कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 

yoga on CSC centres on 21 june 2026


प्रदेश के सैकड़ों CSC केंद्रों पर योग शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा नागरिकों को योग के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी।


CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के राज्य कार्यालय द्वारा सभी जिला प्रबंधकों एवं ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLEs) को अपने-अपने क्षेत्रों में योग शिविर आयोजित करने एवं अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को योगाभ्यास कराया जाएगा तथा योग के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी दी जाएगी।


योग दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन एवं सामूहिक योग कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी CSC केंद्रों पर किया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक भी इस राष्ट्रीय आयोजन से जुड़ सकें। CSC केंद्रों पर बड़ी स्क्रीन एवं डिजिटल माध्यमों से लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जा रही है।


सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने निकटतम CSC केंद्र पर आयोजित योग शिविर में प्रतिभाग कर योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं तथा स्वस्थ एवं निरोगी समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।

 

पांच साल बाद भवन बनकर तैयार, फिर भी एक कमरे में चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

ऋषिकेश ;



आडवाणी प्लॉट स्थित छिद्दरवाला का नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक पुराने भवन से नए भवन में स्थानांतरण नहीं किया गया है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों को आज भी सीमित संसाधनों के बीच स्वास्थ्य सेवाएं लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।

पूर्व में देहरादून-हरिद्वार हाईवे चौड़ीकरण की जद में आने से पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन प्रभावित हो गया था। इसके बाद पिछले पांच वर्षों से स्वास्थ्य केंद्र एक कमरे में संचालित किया जा रहा है। भवन निर्माण के लिए भूमि संबंधी विवाद के कारण भी परियोजना लंबे समय तक अटकी रही, लेकिन अब सभी बाधाएं दूर होने के बाद नया भवन पूरी तरह तैयार है।

इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक नए भवन में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं की हैं। नए भवन में स्वास्थ्य केंद्र संचालित होने से चार ग्राम सभाओं के हजारों ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

क्षेत्र में चर्चा है कि किसी जनप्रतिनिधि या माननीय के औपचारिक उद्घाटन के बिना नए भवन में स्वास्थ्य केंद्र का संचालन शुरू नहीं किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि उद्घाटन की औपचारिकताओं से पहले आम जनता की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए नये भवन में जल्द से जल्द स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जाएं, ताकि वर्षों से चली आ रही अस्थायी व्यवस्था समाप्त हो सके।

 

Rashifal

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

लेनदारी वसूल करने के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। भाग्य का साथ रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। समय पर कर्ज चुका पाएंगे। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। शेयर मार्केट, म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। जल्दबाजी न करें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कार्यस्थल पर सुधार व परिवर्तन से भविष्य में लाभ होगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। पुराना रोग उभर सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग कार्य में गति प्रदान करेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। पारिवारिक समस्या से चिंता बढ़ सकती है। नई आर्थिक नीति बन सकती है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में उन्नति होगी। निवेशादि करने का मन बनेगा। धार्मिक कार्य में मन लगेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। विवेक से कार्य करें, लाभ होगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। परिवार की चिंता बनी रहेगी।



कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। धनागम होगा। प्रतिद्वंद्वी अपना रास्ता छोड़ देंगे। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी भी प्रकार के झगड़ों में न पड़ें। वाणी पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

स्थायी संपत्ति की दलाली बड़ा लाभ दे सकती है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। सभी ओर से खुश खबरें प्राप्त होंगी। संपत्ति की खरीद-फरोख्त में सफलता मिलेगी। पारिवारिक चिंता रहेगी। अज्ञात भय सताएगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।



कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। आय के साधनों में वृद्धि होगी। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड में निवेश लाभदायक रहेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भूमि व भवन संबंधी कार्य लाभदायक रहेंगे।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। पार्टी व पि‍कनिक का आनंद मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में संतोष रहेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। शारीरिक कष्ट संभव है।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पुराना रोग उभर सकता है। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। विवाद से क्लेश संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अतिविश्वास न करें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। पराक्रम बढ़ेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में उच्च‍ाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। कानूनी अड़चन सामने आएगी। अज्ञात भय सताएगा। शेयर मार्केट मनोनुकूल लाभ देंगे।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

शुभ समाचार प्राप्त होंगे। नौकरी में अधिकार मिल सकते हैं। शेयर मार्केट से लाभ होगा। बाहर जाने का मन बनेगा। बड़ा काम करने की योजना बनेगी। लाभ होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। घर में अतिथियों का आगमन होगा। किसी व्यक्ति के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

निवेश शुभ रहेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। सुख के साधनों पर व्यय होगा। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। नौकरी में प्रमोशन‍ मिल सकता है। चोट व रोग से बचें। यश बढ़ेगा। बेचैनी रहेगी। जल्दबाजी न करें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। हल्की हंसी-मजाक न करें। किसी अपरिचित व्यक्ति पर भरोसा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे।


 

 एक बदमाश के पांव में लगी गोली दूसरा फरार।

फरार अभियुक्त के लिए पुलिस टीम की कांबिंग जारी।

 बीती देर रात्रि  थानाध्यक्ष बुग्गावाला व पुलिसकर्मी वाद जोनल चैकिंग  यू०पी० बार्डर से 




थाना क्षेत्रान्तर्गत बंजारावाला की ओर सरकारी मोबाइल वाहन से गश्त करते हुए जा रहा था तो रास्ते में ही दो मोटर साइकिल सवार ग्राम बंजारावाला की ओर से आते हुए दिखाई दिये संदिग्ध प्रतीत होने पर  कर्मचारीगण द्वारा इनको रूकने का इशारा किया तो कर्मचारीगण की ओर इनके द्वारा जान से मारने की नियत से तमंचे से फायर झोंक दिया गया, जिसमें  कर्मचारीगण बाल बाल बचे, बदमाशों को ललकारते हुए बचाव में फायरिंग की गई, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया है।

घायल बदमाश से नाम व पता पूछने पर अपना नाम लुकमान पुत्र गुफरान निवासी ग्राम गोकुलवाला थाना बुग्गावाला जिला हरिद्वार बताया जिसके कब्जे से एक तमंचा 315 बोर, 02 खोखा कारतूस, 02 जिंदा कारतूस व दिनांक-09.06.2026 को अमानतगढ़ फैक्ट्री में हुई फायरिंग की घटना से सम्बंधित पीडित का मोबाईल फोन बरामद हुआ है।

फरार बदमाश का नाम गुलजार निवासी खेडीशिकोहपुर थाना भगवानपुर बताया गया है। घायल बदमाश को उपचार हेतु सिविल अस्पताल रूडकी ले जाया गया जहां उसका उपचार चल रहा है। फरार अभियुक्त के लिए पुलिस टीम की कांबिंग जारी है।


विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संत मार्गदर्शक मण्डल उपवेशन की बैठक : राष्ट्र, धर्म, संस्कृति एवं मानवता के कल्याण हेतु संत समाज का ऐतिहासिक मंथन


हरिद्वार;

historical saint sammelan through VHP for humanity


धर्मनगरी हरिद्वार स्थित निष्काम सेवा ट्रस्ट, भूपतवाला में विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संतsanton मार्गदर्शक मण्डल उपवेशन की दो दिवसीय बैठक आज आध्यात्मिक गरिमा एवं राष्ट्रीय चेतना के वातावरण में प्रारम्भ हुई। भारतवर्ष के विविध पीठों, अखाड़ों, सम्प्रदायों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं के शीर्षस्थ संत-महात्माओं एवं धर्माचार्यों की उपस्थिति में आयोजित यह बैठक राष्ट्र जीवन के समक्ष उपस्थित समसामयिक चुनौतियों, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा लोककल्याण के विविध आयामों पर व्यापक चिंतन-मंथन का महत्वपूर्ण केंद्र बनी।


बैठक में हिन्दू समाज के संगठन, सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन, गौसंरक्षण, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, सेवा कार्यों के विस्तार, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, युवा जागरण, धर्मांतरण की चुनौतियों, राष्ट्रीय एकात्मता तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। संत समाज ने वर्तमान परिस्थितियों का गंभीर विश्लेषण करते हुए समाज को जागरूक, संगठित एवं संस्कारित बनाने के लिए व्यापक जनजागरण को समय की आवश्यकता बताया। संतों एवं धर्माचार्यों ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में निहित है और धर्म, सेवा, संस्कार तथा समरसता के आधार पर ही राष्ट्र का वास्तविक उत्थान संभव है। सनातन धर्म केवल एक धार्मिक परम्परा नहीं अपितु संपूर्ण मानवता को शांति, सद्भाव, करुणा, सह-अस्तित्व और विश्वबंधुत्व का संदेश देने वाली जीवन-पद्धति है। अतः इसके संरक्षण, संवर्धन और विश्वव्यापी प्रसार हेतु समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका का उत्तरदायित्वपूर्वक निर्वहन करना चाहिए। संत समाज ने विश्व हिन्दू परिषद द्वारा सेवा, संगठन एवं संस्कार के माध्यम से संचालित विविध आयामों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में संत शक्ति एवं सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयास ही राष्ट्रनिर्माण, लोकमंगल और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार बन सकते हैं। बैठक में उपस्थित सभी संत-महात्माओं ने एक स्वर से संकल्प व्यक्त किया कि धर्म, संस्कृति, समाज और राष्ट्रहित के लिए संयुक्त रूप से कार्य करते हुए भारत को पुनः विश्व के आध्यात्मिक नेतृत्व के शिखर पर प्रतिष्ठित करने हेतु सतत प्रयास किए जाएंगे।


बैठक में जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज, महानिर्वाणी पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विशोकानन्द भारती महाराज, ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती महाराज, अटल पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वात्मानन्द महाराज, युगपुरुष स्वामी परमानन्द महाराज, निर्मल पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानदेव सिंह महाराज, पूज्या साध्वी ऋतंभरा जी, युधिष्ठिर महाराज शदाणी दरबार, महाराष्ट्र से स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज, शांतिकुञ्ज हरिद्वार के प्रमुख डॉ. चिन्मय पण्ड्या, साध्वी पूर्णप्रज्ञा जी, गुजरात कर्णावती के देवलाचार्य-अविचलाचार्य महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज, मुम्बई से डॉ. भदन्त राहुल बोधि, महामण्डलेश्वर संतोषी माता, गोवा के पद्मनाभ पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मेशानन्द महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानन्द महाराज सहित अनेक प्रतिष्ठित संत-महात्माओं एवं धर्माचार्यों ने सहभागिता की। 

विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं केन्द्रीय प्रबन्ध समिति के वरिष्ठ सदस्य दिनेश जी, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री संगठन मिलिंद परांडे, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश विनायक, प्रांत संगठन मंत्री अजय कुमार, क्षेत्र संयोजक बजरंग दल अनुज वालिया, बलराम कपूर, सौरभ चौहान सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।


विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संत मार्गदर्शक मण्डल की यह बैठक भारतीय सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकात्मता तथा वैश्विक मानव कल्याण के प्रति संत समाज की प्रतिबद्धता का सशक्त एवं ऐतिहासिक प्रतीक है। आध्यात्मिक गरिमा, राष्ट्रभाव और लोकमंगल की भावना से ओत-प्रोत यह बैठक आने वाले समय में समाज जीवन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगी।



*योग दिवस की सफलता के लिए की जाने वाली तयारियों एवं व्यवस्थाओ को लेकर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित*


हरिद्वार, 18 जून 2026




        आगामी 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद हरिद्वार में भव्य योग शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई ।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि 21 जून को प्रातः 6:00 बजे से आयुर्वेदिक महाविद्यालय ऋषिकुल के मैदान में योग शिविर का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के आयुष मंत्री मदन कौशिक तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में हरिद्वार नगर निगम की मेयर किरण जैसल उपस्थित रहेंगी।

 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पंडाल एवं बैठने की व्यवस्था लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराई जाएगी। आकस्मिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग को दो एंबुलेंस तथा चिकित्सकों की टीम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आयोजन स्थल पर साफ-सफाई एवं मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था नगर निगम हरिद्वार द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

     आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने विद्युत विभाग को आयोजन स्थल पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा जल संस्थान हरिद्वार को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार को वीआईपी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था का दायित्व एसपी सिटी को दिया गया है।

        मुख्य विकास अधिकारी ने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि योग शिविर में प्रतिभाग करने वाली स्कूली छात्राओं के आवागमन के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने बताया कि योग शिविर में लगभग एक हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

      मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि योग शिविर के आयोजन की सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण कर ली जाएं तथा कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य किया जाए।

बैठक मुख्य चिकिस्ताधिकारी आर के सिंह, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ.स्वास्तिक जैन, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे

 *नागरिक पुलिस एवं अभिसूचना के 15 उपनिरीक्षक बने निरीक्षक* *समयबद्ध एवं पारदर्शी पदोन्नति प्रक्रिया के लिए पुलिस मुख्यालय प्रतिबद्ध : डीजीपी*

two years promotion in uttarakhand police department


 मुख्यमंत्री उत्तराखंड श्री पुष्कर सिंह धामी  के निर्देशन में पुलिस कार्मिकों के मनोबल एवं कल्याण को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय द्वारा पदोन्नति प्रक्रिया को निरंतर गति दी जा रही है। इसी क्रम में *नागरिक पुलिस एवं अभिसूचना संवर्ग के 15 उपनिरीक्षकों को निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया है।*


विभागीय पदोन्नति के दृष्टिकोण से *वर्ष 2025 एवं 2026 उत्तराखण्ड पुलिस के लिए उल्लेखनीय रहे हैं। वर्ष 2025 में 1,000 से अधिक तथा वर्ष 2026 में अब तक 580 कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की जा चुकी* है। इस प्रकार पिछले दो वर्षों में नागरिक पुलिस, अभिसूचना, सशस्त्र पुलिस, दूरसंचार एवं अग्निशमन सेवा सहित *विभिन्न शाखाओं के कुल 1,640 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति* का लाभ मिला है।


*वर्ष 2026 में प्रमुख पदोन्नतियां:*

▪️ पुलिस उपाधीक्षक (कनिष्ठ वेतनमान) – 13

▪️ पुलिस उपाधीक्षक (एम) – 02

▪️ निरीक्षक – 26

▪️ उपनिरीक्षक – 144

▪️ अपर/सहायक उपनिरीक्षक – 63

▪️ मुख्य आरक्षी – 332


पुलिस महानिदेशक *श्री दीपम सेठ ने सभी पदोन्नत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि समयबद्ध पदोन्नति से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है तथा कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने गृह/कार्मिक विभाग उत्तराखंड शासन एवं पुलिस मुख्यालय के कार्मिक अनुभाग द्वारा निर्धारित समय में पदोन्नति प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण किए जाने की सराहना की।*


 देहरादून:

CM Dhami  preparation for yoga day


21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने गुरुवार को आवास पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी से इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। आज योग विश्वभर में स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं समग्र कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मानुशासन, सकारात्मक जीवनशैली तथा जीवन में संतुलन स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।


मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकाधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने तथा योग को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी एवं प्रसिद्ध निशानेबाज, पद्मश्री श्री जसपाल राणा के निधन पर  शोक व्यक्त किया गया।


बैठक के प्रारंभ में मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं अधिकारियों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी ने प्रदेश के विकास, सुशासन एवं जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं श्री जसपाल राणा ने अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा से देश एवं प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

  *‘कैबिनेट द्वारा लिये गये अहम निर्णय’*





1. गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना को मंत्रीमण्डल ने दी अनुमति।


पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु उच्च आनुवंशिकी के पशु शीघ्रता से उत्पादित हो। इस दृष्टि से प्रदेश में गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना प्रस्तावित की गई, जिसे मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति दी गई।


2. चार धाम यात्रा में प्रयोग किये जाने वाले अश्ववंशीय पशुओं का बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि राज्य सैक्टर के अन्तर्गत वहन किये जाने पर कैबिनेट ने लगाई मोहर।


राज्य सरकार ने केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुण्ड साहिब यात्रा मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों (अश्ववंशीय पशुओं) के स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि खुद वहन करने का निर्णय लिया है, जबकि शेष 80 प्रतिशत धनराशि पशु स्वामियों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के तहत वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अनुमानित 15,000 पंजीकृत घोड़े-खच्चरों को कवर किया जाएगा, जहां प्रति पशु ₹ 70,000 की कीमत पर 5 प्रतिशत बीमा दर के अनुसार कुल ₹525 लाख के प्रीमियम में से राज्य सरकार अपने हिस्से के ₹ 105 लाख का वित्तीय भार उठाएगी। इस पर मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।


3. उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान चिन्हित आन्दोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में प्राप्त 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत अधिसूचना संख्या 244 दिनांक 18.08. 2024 के प्रख्यापन तथा एतत् सम्बन्धी शासनादेश संख्या 139, दिनांक  24.11.2024 के जारी होने के मध्य उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञाप्ति तीन भर्ती परीक्षाएं कनिष्ठ सहायक एवं अन्य पदों हेतु भर्ती परीक्षा, 2024, आरक्षी जनपदीय पुलिस (पुरूष) तथा आरक्षी पीएसी/आईआरबी (पुरूष) भर्ती परीक्षा, 2024 एवं अपर निजी सचिव, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक एवं अन्य पदों की भर्ती परीक्षा, 2024 में आवेदन जमा किये जाने की अंतिम तिथि के पश्चात् निर्धारित प्रारूप पर राज्य आंदोलनकारी आरक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थियों को सन्निरीक्षा (Document Verification) के दौरान एक बार के लिए अनुमन्य किये जाने का मंत्रीमण्डल द्वारा निर्णय लिया गया।


4. बिटुमिनस् की कीमतों में हुई अत्यधिक वृद्धि के दृष्टिगत बिटुमिनस् कार्यों हेतु अनुबंधों में मूल्य समायोजन किये जाने के संबंध में मंत्रिमण्डल ने दी सहमति।


मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत में पेट्रोलियम प्रोडेक्ट की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि से बिटुमिन की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो जाने के फलस्वरूप मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु कार्यहित में निर्धारित प्राविधानों के अनुसार उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग में दिनांक 01-04-2026 से पूर्व गठित बिटुमिनस् कार्य के ऐसे सभी अनुबन्धों, जिनमें अनुबन्ध की समयावधि उपलब्ध है तथा बिटुमिनस् कार्य किये जाने शेष हैं, में संशोधन करते हुये, दिनांक 01-05-2026 से दिनांक 30-06-2026 तक की अवधि के लिये मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु मूल्य समायोजन (price adjustment)  किये जाने के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत किये जाने पर मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई है।


5. आबकारी नीति विषयक नियमावली, 2025-26, 2026-27 व 2027-28 (त्रिवर्षीय आबकारी नीति) से सम्बन्धित शासन की अधिसूचना संख्याः 112/दिनांक 31 मार्च, 2026 के परिशिष्ट ‘क‘ एवं ‘ख‘ में अंकित उपकर को वैट अधिनियम, 2005 के प्राविधानों के अन्तर्गत वैट गणना का भाग बनाए जाने एवं नियम 12.2 सम्बन्धी तालिका में होलोग्राम शुल्क के दोहराव की स्थिति उत्पन्न होने के दृष्टिगत उक्त अधिसूचना के परिशिष्ट ‘ख‘ के क्रमांक 4 में सम्मिलित किए गए होलोग्राम शुल्क को विलोपित करते हुए संशोधन/प्रतिस्थापन किए जाने पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।


6. Trade Infrastructure for Export Scheme (TIES)  योजनान्तर्गत सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच हेतु सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine  के संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 पद सृजित किए जाने हेतु त्रीमण्डल ने दी स्वीकृति।


राज्य के प्राकृतिक उत्पादों यथा-ऑयल्स/एक्स्ट्रैक्ट एवं अन्य प्रकार के सगन्ध/हर्बल/ फार्मास्यूटिकल्स उत्पादों में मिलावट की जांच उपरान्त सिंथेटिक एवं प्राकृतिक उत्पादों के मध्य प्रमाणिकता को सिद्ध करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को बढ़ावा दिए जाने के लिए सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में कृषकों/उद्योगों/संस्थानों से क्रय किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine  से की जानी है। इस मशीन संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 विशेषज्ञ पद (Project Scientist-III, Senior Project Associate, Project Associate-II, 02 Technical Assistant) सृजित किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई स्वीकृति।


7. उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के उददेश्य से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन किया जाना अतिआवश्यक है, जिससे उत्तराखण्ड राज्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन की दृष्टिकोण से अपना स्थान बना सकें। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिस हेतु अनुभवी संस्था का चयन किया जाना अतिआवश्यक है। उक्त रैली में कुल 120 से अधिक एन्ट्री को शामिल किये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 25 अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागी, 25 एशिया कॉस कन्ट्री रैली, 20 क्लासिक कार रैली, 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चौम्पियनशिप शामिल हैं। हिमालयन कार रैली के आयोजन हेतु संस्था का चयन एकल स्रोत के माध्यम से किये जाने को लेकर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति प्रदान की गई।


8. मा. उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल  द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.04.2026 के क्रम में उपनल के माध्यम से योजित कार्मिकों को समान कार्य हेतु समान वेतन प्रदान किये जाने हेतु पूर्व में निर्धारित पात्रता की कट ऑफ डेट की तिथि (12.11.2018) को संशोधित कर मा. सर्वाेच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश दिनांक 15.10.2024 तिथि निर्धारित किये जाने के प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।


9. ‘उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026‘ के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।


मा. सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.10.2024 के अनुपालन में उत्तराखण्ड कारागार नियमावली, 2023  में अभ्यस्त अपराधी, जिसे इस नियमावली के प्रारंभ होने से पूर्व या पश्चात् उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध, अधिनियम, 1952 की अनुसूची में उल्लिखित किसी एक या अन्य अपराध के लिये कम से कम तीन पृथक-पृथक अवसरों पर मौलिक अवधि के कारावास का दण्ड दिया गया हो और ऐसा दण्डादेश अपील अथवा पुनरीक्षण में अपास्त  न कर दिया गया हो, में संशोधन हेतु उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति प्रदान की गई।


10. उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।


कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तराखण्ड की संरचना में अधीनस्थ कारागारों हेतु कारापाल के कुल 14 पद सृजित हैं, जो स्थायी उप कारापालों से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने वाले पद हैं। वर्तमान में कारागार विभाग में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जेल कारागार कार्यपालक अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 1980) अनुकूलन उपान्तरण आदेश, 2002 लागू है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के पश्चात कारागार विभाग में पृथक से कारापाल सेवा नियमावली को प्रख्यापित नहीं किया गया है। विभागीय एवं कर्मचारी हित में उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गयी।


11. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल की सहमति।


राज्य में संस्कृत विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने, पाठ्यक्रम निर्धारण एवं परीक्षा संचालन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद् को विधि द्वारा गठित संस्था के रूप में स्थापित करने के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा अधिनियम, 2014 प्रख्यापित किया गया। उक्त अधिसूचना के कार्यान्वयन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा विनियमावली, 2023 प्रख्यापित की गयी, जिसमें कतिपय संशोधन/परिर्वतन के दृष्टिगत उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल सहमति प्रदान की गई।


12. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप साक्षरता के मानकों के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य को पूर्णतः साक्षर राज्य (Fully Literate State) घोषित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल ने सहमति प्रदान की।


13. राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न चिकित्सालयों में लम्बित बिलों के भुगतान के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायेगी।


वर्षों से लंबित‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बनाए जाने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।


 मंत्रिमंडल द्वारा उपनल कार्मिकों के संबंध में लिए गए निर्णय के संबंध में पुनः स्पष्ट करना है कि —


1. उपनल कार्मिकों को “समान कार्य के लिए समान वेतन” का लाभ प्रदान किए जाने के लिए १५-१०-२०२४ को कट ऑफ डेट निर्धारित करने पर सहमति व्यक्त की गई। उक्त निर्णय के क्रियान्वयन हेतु अपनाई जाने वाली प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं (Modalities) के निर्धारण के लिए प्रकरण को मंत्रिमंडलीय उप-समिति के को संदर्भित किया गया। उप-समिति द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत अपनी संस्तुतियां मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी।

2.  दिनांक 01 मार्च 2026 से “समान कार्य के लिए समान वेतन” का लाभ प्रदान किया जाएगा।

3. उपनल कार्मिकों से संबंधित अन्य विषयों अथवा भविष्य में उत्पन्न होने वाले संबंधित मुद्दों पर मंत्रिमंडलीय उप-समिति द्वारा विचार करते हुए आवश्यक अग्रिम कार्यवाही एवं संस्तुतियां की जाएंगी।

बागेश्वर में बनेगा आधुनिक राज्य अतिथि गृह, मुख्यमंत्री धामी की घोषणा को मिली रफ्तार*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में राज्य संपत्ति विभाग ने बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह निर्माण परियोजना को गति दे दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में गुरुवार को राज्य सचिवालय में सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बागेश्वर के ग्राम ठेलापालन में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में परियोजना के प्रस्तुतीकरण के बाद सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए और निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा हो।


*45 नाली भूमि पर विकसित होगा अतिथि गृह*

प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह बागेश्वर तहसील के ग्राम ठेलापालन में लगभग 0.900 हेक्टेयर (45 नाली) भूमि पर विकसित किया जाएगा। पर्वतीय जनपदों में सरकारी कार्यक्रमों, वीआईपी आवागमन तथा प्रशासनिक गतिविधियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस अतिथि गृह का निर्माण किया जा रहा है। बैठक में परियोजना का प्रारंभिक खाका प्रस्तुत किया गया, जिसमें भवन की संरचना, आवश्यक सुविधाओं तथा भविष्य में संभावित विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सचिव ने निर्देश दिए कि भवन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए ताकि यह आने वाले वर्षों की जरूरतों को भी पूरा कर सके।


*भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनेगी डीपीआर*

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, बागेश्वर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीपीआर में पर्याप्त संख्या में अतिथि कक्ष, बैठक कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि भवन केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए तैयार किया जाना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना का प्रत्येक पहलू तकनीकी मानकों के अनुरूप हो तथा निर्माण गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। डीपीआर को शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।


*पार्किंग और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर*

बैठक के दौरान सचिव ने प्रस्तावित परिसर में पार्किंग क्षमता बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में अतिथि गृह में बढ़ने वाली गतिविधियों को देखते हुए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था आवश्यक होगी। इसके साथ ही भवन में आवश्यक फर्नीचर, विद्युत उपकरण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को भी डीपीआर में शामिल करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी व्यवस्थाएं मितव्ययता के सिद्धांतों के अनुरूप हों, ताकि सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।


*सभी आवश्यक अनुमतियां साथ लगाने के निर्देश*

सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीपीआर के साथ स्थल चयन समिति की रिपोर्ट तथा संबंधित जिला प्राधिकरण से प्राप्त ले-आउट स्वीकृति एवं अन्य आवश्यक अनुमोदन भी संलग्न किए जाएं। इससे परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होगा और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी दस्तावेज तकनीकी और प्रशासनिक दृष्टि से पूर्ण होने चाहिए ताकि शासन स्तर पर निर्णय लेने में आसानी हो।


*उच्चस्तरीय अधिकारियों ने लिया भाग*

बैठक में शासन स्तर से अपर सचिव एवं राज्य सम्पत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं कार्यदायी संस्था की ओर से प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बागेश्वर के अधिशासी अभियंता इंजी. एस.के. पाण्डे और सहायक अभियंता इंजी. तनीशा पांगती ने परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विकासपरक सोच के अनुरूप बागेश्वर में बनने वाला यह राज्य अतिथि गृह न केवल प्रशासनिक गतिविधियों को नई सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि जिले में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों के लिए भी आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। सरकार की प्राथमिकता है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हो और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

 

शिवपुरी :



अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष की शिवपुरी इकाई द्वारा वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर जिला अध्यक्ष बालमुकुंद पुरोहित की अध्यक्षता में महिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी के निवास पर हाथी खाना में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पूर्व स्काउट कमिश्नर प्रेम प्रकाश शर्मा ने कहा कि खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आजादी का बिगुल बजाकर अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए।

प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना थी। उन्होंने 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा की सराय में अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति पाई थी। रानी लक्ष्मीबाई का साहस आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा है।

जिला अध्यक्ष पंडित बालमुकुंद पुरोहित ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और राव साहब के साथ मिलकर ग्वालियर किले पर कब्जा कर चुकी थीं। 17-18 जून 1858 को ब्रिटिश जनरल ह्यू रोज़ की सेना से भयंकर युद्ध हुआ।

 18 जून को घुड़सवार सेना का नेतृत्व करते हुए रानी गंभीर रूप से घायल हो गईं। कहा जाता है कि उन्होंने अपने दत्तक पुत्र दामोदर राव को पीठ पर बांधकर युद्ध किया था। अंग्रेजों के हाथ न आएं इसलिए एक साधु ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने सिर्फ 29 साल की उम्र में देश के लिए बलिदान किया, उनका प्रसिद्ध नारा था,, मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी,, झांसी के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। आज नारी के उत्थान के लिए महारानी लक्ष्मीबाई के पद चिन्हों पर चलना होगा, नारी को सशक्त बनाना होगा। आज की नारी अबला नहीं सबला है। 

महासचिव दिनेश चंद्र शर्मा ने महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे से तीर चलाना, तलवार चलाना और युद्ध कला कौशल सीखा था। मात्र 29 साल की अवस्था में

देश के लिए प्राण त्याग दिए।

पंडित तरुण शर्मा ने कहा कि हमारी शिक्षा संस्कारों को देने वाली होनी चाहिए। केवल पैसे कमाने के लिए या दूसरे को ठगने के लिए नहीं होना चाहिए। आज संस्कारवान और चरित्रवान की जगह चरित्रहीन धनवान का आदर किया जा रहा है। यह देश के लिए बहुत दुखदाई है। 

 युवा अध्यक्ष पंडित गौरव कृष्ण भार्गव,

सलाहकार पंडित कैलाश नारायण मुद्गल, उपाध्यक्ष हरवंश त्रिवेदी, पंडित ज्ञान प्रकाश दुबे ने समाज की एकता पर बल  दिया। बच्चों को संस्कार देने पर जोर दिया। सरकार भी समाज को बांटने का काम न करें।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शर्मा, जिला अध्यक्ष बालमुकुंद पुरोहित, महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी, महासचिव पंडित दिनेश चन्द्र शर्मा, श्रीमती प्रभा शर्मा, श्रीमती राजकुमारी शर्मा, पंडित मानसी पुरोहित, पंडित रोहिणी दुबे, पंडित रोशनी दुबे, पंडित अभिमन्यु शर्मा, पंडित प्रखर शर्मा, युवा अध्यक्ष गौरव कृष्ण भार्गव, युवा उपाध्यक्ष दीपेश पुरोहित, पंडित मोहित दुबे, पंडित अनुज दुबे, पंडित तरुण शर्मा, पंडित रामकुमार पाराशर खजूरी वाले, पंडित आयुष त्रिपाठी, पंडित ज्ञान प्रकाश दुबे, वरिष्ठ स्काउट कमिश्नर प्रेम प्रकाश शर्मा, सलाहकार कैलाश नारायण मुद्गल, उपाध्यक्ष हरवंश त्रिवेदी, पंडित प्रमोद शर्मा, एडवोकेट वरुण शर्मा , हरिशंकर गुप्ता, अमर सिंह रावत उपस्थित रहे। पंडित हरिवंश त्रिवेदी ने कार्यक्रम का संचालन किया। श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

 

डोईवाला:

आज़ भी हॉउसफुल रही गढ़वाली फीचर फ़िल्म भग्यान




आज़ पीवीआर मॉल देहरादून में ,गढ़वाली भाषा, संस्कृति और लोकजीवन की आत्मा को सशक्त अभिव्यक्ति देने वाली फीचर फिल्म ‘भग्यान’ के प्रीमियर शो का शुभारंभ स्पर्श गंगा अभियान की राष्ट्रीय संयोजिका /हिम श्री प्रोडक्शन निर्माता/ बॉलीवुड अभिनेत्री डॉ आरुषि निशंक  ने किया! 

उन्होंने कहा कि यह फिल्म केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंवेदनाओं, पहाड़ के जीवन, परंपराओं एवं अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े भावलोक का सजीव चित्रण है। फ़िल्म निर्माता  संजय चमोली  एवं निर्देशक  अशोक चौहान  सहित पूरी टीम ने इस रचनात्मक प्रयास के माध्यम से उत्तराखंड की लोकधारा को व्यापक पहचान देने का महत्वपूर्ण कार्य किया है, और कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि ‘भग्यान’ दर्शकों के हृदय तक पहुँचेगी तथा गढ़वाली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में एक सशक्त भूमिका निभाएगी। पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं फिल्म की सफलता के लिए अनंत शुभकामनाएँ।इस अवसर पर फिल्म में अभिनय करने वाले अभिनेता संजय सिलोड़ी, अभिनेत्री साक्षी काला,अभिनेत्री पूनम सकलानी, हास्य कलाकार  राजेश जोशी ,  नगर पालिका अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह नेगी ,पूर्व प्रधान पुरुषोत्तम डोभाल ,रामलाल कोठारी ,  रणजीत गुसाईं  और मीडिया प्रभारी रविंद्र बेलवाल भी मौजूद रहे|

 मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के पास लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) का सपना सच होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से, उत्तराखण्ड, यूपी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच आरआरटीएस ट्रेन के मौजूदा नेटवर्क को मेरठ से ऋषिकेश तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना की डीपीआर के लिए जल्द सर्वे होने जा रहा है। 

PM Modi and CM Dhami RRTS high speed train merrut to rishikesh


इसी वर्ष फरवरी माह में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। इस हाईस्पीड ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश तक विस्तार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने पिछले दिनों प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रस्ताव भी सौंपा था। इसके बाद इस ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, इसी तरह एनसीआरटीसी ने अपना नोडल नियुक्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी परियोजना पर सहमति दे चुकी है। इसके बाद अब कुल 150 किलोमीटर प्रस्तावित ट्रैक की डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरु होने जा रहा है। 


प्रस्तावित परियोजना के मुताबिक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से नया ट्रैक शुरू होगा, जो मुजफ्फरनगर होते हुए, उत्तराखण्ड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद ये ट्रैक रुड़की, हरिद्वार में हर की पैड़ी होते हुए, ऋषिकेश के अंतिम छोर लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। इसका 72 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और 78 किमी का हिस्सा उत्तराखण्ड में आएगा। 


इससे उत्तराखण्ड आने वाले तीर्थयात्रियों सहित दिल्ली जाने वाले उत्तराखण्ड के लोगों का भी नया आधुनिक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिल पाएगा। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश जाने में सड़क मार्ग से करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। नमो भारत ट्रेन (160 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार) के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ लगातार समन्वय कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड में बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से विकास तथा रोजगार के नए अवसर सृजित हों

देहरादून, :



jila panchayat ddun board meeting



जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्यों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न जनसमस्याओं एवं विकास कार्यों के प्रस्तावों को बैठक में रखा गया। बैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आदि के सम्बन्ध में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखी। 

जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए तथा विकास योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत एवं विभागीय अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों द्वारा उठाए गए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जनसहभागिता को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक का समापन जनपद के सर्वांगीण विकास एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के संकल्प के साथ किया गया।



home secretary , uttarakhand shailesh bagoli


आज बुधवार को सचिवालय में सचिव गृह श्री शैलेश बगोली की अध्यक्षता में राज्य में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, कारागार, न्यायपालिका, अभियोजन एवं फॉरेंसिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


समीक्षा बैठक में सचिव गृह ने माह अगस्त 2026 के अंत तक राज्यभर में नवीन आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने क्रियान्वयन तंत्र की गहन समीक्षा करते हुए थाना स्तर पर कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने हेतु सुधारात्मक एवं विशिष्ट कार्यवाही करने के साथ ही सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग एवं ई-एफआईआर को बढ़ावा दिये जाने तथा 60 एवं 90 दिनों की निर्धारित समय-सीमा में एफआईआर की विवेचना एवं निस्तारण में सुधार लाने के भी निर्देश दिए।


इसके साथ उन्होंने सभी ऑनलाइन प्रणालियों को एकीकृत कर एक डेटा, एक प्रविष्टि के सिद्धांत को लागू करने तथा जेल एवं कारागार विभाग के बंदियों की शत-प्रतिशत न्यायालयीन पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


इस संबंध में उन्होंने सभी संबंधित विभागों को उक्त दिशा-निर्देशों का समयबद्ध एवं कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों के साथ ही राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के तहत विभिन्न सड़कों के निर्माण तथा सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित योजनाओं आदि के लिए कुल ₹ 105 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई हैं।

105 crore approval  for scheme Dhami


मुख्यमंत्री द्वारा हरूहीत मंदिर कढोली नगर पंचायत भिकियासैंण का सौन्दर्यीकरण एवं जीर्णाेद्धार किये जाने हेतु ₹ 93.36 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 56 लाख तथा विकासखण्ड द्वारीखाल के अर्न्तगत कठुड़ बड़ा, देवीखाल में स्थित माँ बाल कुँवारी माता मंदिर के सौन्दर्यकरण हेतु ₹ 72.67 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त ₹ 43.60 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा श्रम न्यायालयों में ट्रांसजेण्डर, दिव्यांगजनों एवं महिलाओं हेतु पृथक शौचालय तथा अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए जनपद देहरादून, काशीपुर, एवं हरिद्वार हेतु कुल ₹ 1.41 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने के साथ ही पर्यटन विभाग हेतु जनपद अल्मोड़ा की रानीखेत विधानसभा के अर्न्तगत चालू वित्तीय वर्ष में कुल ₹ 1.50 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा नगर निगम कोटद्वार के अर्न्तगत एल०ई०डी स्ट्रीट लाइट की स्थापना के लिए कुल ₹ 4.96 करोड़ तथा जनपद नैनीताल के अर्न्तगत दीवानी न्यायालय, रामनगर में न्यायिक कर्मचारीगण हेतु टाईप तृतीय के भवन निर्माण हेतु ₹ 18.59 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला-2027 के अर्न्तगत मायापुर में फायर स्टेशन के लिए 50 बिस्तरों वाले बैरक के निर्माण किये जाने हेतु भारत सरकार द्वारा ₹ 4.17 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। 


मुख्यमंत्री द्वारा रिंग फॅन्स्ड अकाउण्ट के अर्न्तगत शहरी विकास विभाग में पशु शव दाह गृह निर्माण हेतु नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम, रुद्रपुर, हरिद्वार, रूड़की व लीगेसी वेस्ट निस्तारण हेतु नगर पालिका परिषद शिवालिक नगर, चम्बा, कर्णप्रयाग, बागेश्वर, नगर पंचायत सुल्तानपुर-आदमपुर, द्वाराहाट एवं कूडा वाहन एवं उपकरण क्रय किये जाने हेतु नगर पालिका परिषद नैनीताल, पुरोला, महुआखेडगंज, नगर पंचायत गूलरभोज एवं बनबसा में ₹ 48.58 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र रायपुर मण्डल हेतु आपदा से छतिग्रस्त मुख्य व आन्तरिक मार्गों का नालियों सहित पुनः निर्माण किये जाने हेतु ₹ 7.76 करोड़, जनपद ऊधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर के रूद्रपुर शहर में गाबा चौक से डी०डी० चौक तक मार्ग के चौडीकरण हेतु ₹ 13.73 करोड़ तथा जनपद रूदप्रयाग की विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड जखोली के अर्न्तगत छेनागाड बक्सीर मोटर मार्ग के अवशेष भाग के डामरीकरण हेतु ₹ 4.02 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अर्न्तगत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र लालकुआं के विकासखण्ड हल्द्वानी में विजयपुर-पहाड़पानी पैदल मार्ग के सुधारीकरण हेतु ₹ 3.87 करोड़, जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में मौनपोखरी से हरेश्वर मंदिर तक सड़क के सुधारीकरण/डामरीकरण किये जाने हेतु ₹ 9.87 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जानें के साथ ही जनपद नैनीताल में राज्य योजना के अर्न्तगत विधानसभा रामनगर में राज्य मार्ग रामनगर-कालाढूंगी-हल्द्वानी-काठगोदाम-चोरगलिया-सितारगंज-बिजटी के किमी 06 से हनुमानधाम मंदिर मोटर मार्ग का सुदृढीकरण किये जाने हेतु ₹ 4.06 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

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