Halloween party ideas 2015

आज का राशिफल

दिनाँक -05 फरवरी,2026

दिन - गुरुवार


मेष

rashifal today 05 feb 2026

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। पारिवारिक उन्नति होगी। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। स्वविवेक से कार्य करना लाभप्रद रहेगा।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

शत्रु सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य कमजोर होगा। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बेरोजगारी दूर होगी। लाभ होगा। मान-प्रतिष्ठा में कमी आएगी। कामकाज में बाधाएं आ सकती हैं। कर्मचारियों पर व्यर्थ संदेह न करें। आर्थिक तंगी रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

पुराना रोग उभर सकता है। शोक समाचार मिल सकता है। भागदौड़ रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। अधूरे कामों में गति आएगी। व्यावसायिक गोपनीयता भंग न करें। गीत-संगीत में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

यात्रा सफल रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय में उन्नति के योग हैं। वाणी पर संयम आवश्यक है। जीवनसाथी से मदद मिलेगी। सामाजिक यश-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। मान बढ़ेगा। स्वजनों से मेल-मिलाप होगा। नौकरी में ऐच्छिक पदोन्नति की संभावना है। किसी की आलोचना न करें। खानपान का ध्यान रखें। आर्थिक संपन्नता बढ़ेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

रोजगार मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। व्यावसायिक समस्या का हल निकलेगा। नई योजना में लाभ की संभावना है। घर में मांगलिक आयोजन हो सकते हैं। जीवनसाथी से संबंध घनिष्ठ होंगे।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

ऐश्वर्य पर व्यय होगा। स्वास्थ्‍य कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। राजकीय कार्य में परिवर्तन के योग बनेंगे। आलस्य का परित्याग करें। आपके कामों की लोग प्रशंसा करेंगे। व्यापार लाभप्रद रहेगा। नई कार्ययोजना के योग प्रबल हैं।

वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

लेन-देन में सावधानी रखें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रखें। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कानूनी मामले सुधरेंगे। धन का प्रबंध करने में कठिनाई आ सकती है। आहार की अनियमितता से बचें। व्यापार, नौकरी में उन्नति होगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

राजमान प्राप्त होगा। नए अनुबंध होंगे। नई योजना बनेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। कार्य में व्यय की अधिकता रहेगी। दांपत्य जीवन में भावनात्मक समस्याएँ रह सकती हैं। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। लाभ के अवसर मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। कुछ मानसिक अंतर्द्वंद्व पैदा होंगे। पारिवारिक उलझनों के कारण मानसिक कष्ट रहेगा। धैर्य एवं संयम रखकर काम करना होगा। यात्रा आज न करें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

पुराना रोग उभर सकता है। चोट व दुर्घटना से बचें। वस्तुएं संभालकर रखें। बाकी सामान्य रहेगा। व्यापार-व्यवसाय सामान्य रहेगा। दूरदर्शिता एवं बुद्धि चातुर्य से कठिनाइयां दूर होंगी। राज्य तथा व्यवसाय में सफलता मिलने के योग हैं। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी।

मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

बेचैनी रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। धनार्जन होगा। संतान के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। परिवार के सहयोग से दिन उत्साहपूर्ण व्यतीत होगा। योजनानुसार कार्य करने से लाभ की संभावना है। आर्थिक सुदृढ़ता रहेगी।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण* 

jamrani dam project CM Dhami


 *प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी मांग को स्वीकृति देकर दी गई ऐतिहासिक सौगात* 


 *परियोजना को निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के दिए निर्देश* 


 *उत्तराखण्ड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा परियोजना का सीधा लाभ* 

 *जमरानी बांध सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा – मुख्यमंत्री* 

 *रोजगार, पर्यटन और समग्र क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद भ्रमण के दौरान गोला नदी पर सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से निर्माणाधीन जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थल पर उपस्थित अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों से निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।



मुख्यमंत्री ने परियोजना की समयबद्धता, गुणवत्ता एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर, उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की भी विस्तार से जानकारी ली।



मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से पर्यावरणीय एवं तकनीकी बाधाओं का समाधान किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने क्षेत्रवासियों की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जमरानी बांध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाले स्थानीय निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।



मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार योजनाओं को कागजों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार शब्दों में नहीं, कार्यों में विश्वास करती है। जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अड़चन या धनराशि की कमी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। राज्य में कोई भी जनकल्याणकारी योजना अधूरी नहीं रहेगी, सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना राज्य की समृद्धि का प्रतीक है। यह परियोजना उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगी। बांध के निर्माण से जहां एक ओर सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा सुदृढ़ होगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग के अनुरूप परियोजना से विद्युत उत्पादन की संभावनाओं पर केन्द्र सरकार से वार्ता की जाएगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से कुमाऊं के तराई क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के किसानों एवं क्षेत्रवासियों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।



इस अवसर पर जमरानी बांध परियोजना के महाप्रबंधक श्री महेश खरे ने जानकारी दी कि परियोजना के अंतर्गत निर्मित की जा रही दो टनलों का कार्य लगभग 88 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नदी के जल प्रवाह के डायवर्जन हेतु कॉफर डैम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक टनल निर्माण एवं कृत्रिम डैम का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिसके पश्चात आगामी मानसून के दौरान नदी का जल टनलों के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा। इसके उपरांत स्थायी बांध के निर्माण कार्य को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने अवगत कराया कि परियोजना का संपूर्ण निर्माण कार्य जून 2029 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।



इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी श्री बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दर्मवाल, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, श्री दिनेश आर्य, श्री नवीन वर्मा, श्री दीपक मेहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, श्री के.डी. रूबाली, मण्डलायुक्त श्री दीपक रावत, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, क्षेत्रीय नागरिक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



धामी सरकार ने प्रति माह औसत 518 युवाओं को दी सरकारी नौकरी* 

*साढ़े चार साल के कार्यकाल में 28 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के कार्यकाल में अब तक साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। इस तरह प्रति माह औसत 518 युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई। सख्त नकल विरोधी कानून के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता कायम होने से अब युवाओं का चयन एक से अधिक विभागों में हो रहा है। वहीं सरकार ने युवाओं को स्किल डेवलमेंपमेंट के जरिए विदेश में तक रोजगार देने की व्यवस्था की।

धामी सरकार के कार्यकाल में युवा वर्ग सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है। 04 जुलाई 2021 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद, धामी सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्किल प्रदान करने पर विशेष तौर पर फोकस किया। पहले और दूसरे कार्यकाल को मिलाकर अब मुख्यमंत्री का कार्यकाल 54 महीने का हो चुका है। इस दौरान लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, चिकित्सा सेवा चयन आयोग के जरिए साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार प्रदान किया गया। यानि प्रति माह 518 युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई। अगले एक साल में भी विभिन्न आयोगों के जरिए, रिकॉर्ड संख्या में भर्तियां सम्पन्न की जाएंगी। इस तरह यह आंकड़ा बढ़ना तय है।  

*पारदर्शिता कायम होने से बढ़े मौके*

सरकारी भर्तियों में सक्रिय नकल माफिया के कुचक्र को तोड़ने के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने फरवरी 2023 से उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय), कानून लागू कर प्रदेश और देश को एक मॉडल नकल विरोधी कानून दिया। इसके बाद से उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से समय पर बिना बाधा के सम्पन्न हो रही हैं। पहले भर्तियों में औसतन दो से तीन साल का समय लग रहा था, अब औसतन एक साल में ही भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जा रही है। साथ ही प्रतिभाशाली युवा एक से अधिक परीक्षा में चयनित हो रहे हैं।

*विदेश में रोजगार के मौके* 

मौजूदा सरकार ने साल 9 नवंबर 2022 से मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना शुरु की है, इसके लिए युवाओं को आतिथ्य, नर्सिंग, ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करते हुए जर्मनी और जापान में रोजगार प्रदान किया जा रहा है। योजना के तहत अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जिसमें से 37 को जापान में रोजगार प्रदान किया जा चुका है।   


*हमारी सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए जहां सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर रिकॉर्ड संख्या में सरकारी नौकरियां प्रदान की गई, वहीं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया। साथ ही सरकार कौशल विकास ओर स्वरोजगार योजनाओं के जरिए भी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।* 

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड* 

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण


 *प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी मांग को स्वीकृति देकर दी गई ऐतिहासिक सौगात* 

 *परियोजना को निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के दिए निर्देश* 

 *उत्तराखण्ड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा परियोजना का सीधा लाभ* 

 *जमरानी बांध सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा – मुख्यमंत्री* 

 *रोजगार, पर्यटन और समग्र क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद भ्रमण के दौरान गोला नदी पर सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से निर्माणाधीन जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थल पर उपस्थित अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों से निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।



मुख्यमंत्री ने परियोजना की समयबद्धता, गुणवत्ता एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर, उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की भी विस्तार से जानकारी ली।



मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से पर्यावरणीय एवं तकनीकी बाधाओं का समाधान किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने क्षेत्रवासियों की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जमरानी बांध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाले स्थानीय निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।



मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार योजनाओं को कागजों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार शब्दों में नहीं, कार्यों में विश्वास करती है। जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अड़चन या धनराशि की कमी को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। राज्य में कोई भी जनकल्याणकारी योजना अधूरी नहीं रहेगी, सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना राज्य की समृद्धि का प्रतीक है। यह परियोजना उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगी। बांध के निर्माण से जहां एक ओर सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा सुदृढ़ होगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग के अनुरूप परियोजना से विद्युत उत्पादन की संभावनाओं पर केन्द्र सरकार से वार्ता की जाएगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से कुमाऊं के तराई क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के किसानों एवं क्षेत्रवासियों को भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।



इस अवसर पर जमरानी बांध परियोजना के महाप्रबंधक श्री महेश खरे ने जानकारी दी कि परियोजना के अंतर्गत निर्मित की जा रही दो टनलों का कार्य लगभग 88 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। नदी के जल प्रवाह के डायवर्जन हेतु कॉफर डैम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक टनल निर्माण एवं कृत्रिम डैम का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिसके पश्चात आगामी मानसून के दौरान नदी का जल टनलों के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा। इसके उपरांत स्थायी बांध के निर्माण कार्य को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने अवगत कराया कि परियोजना का संपूर्ण निर्माण कार्य जून 2029 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।



इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी श्री बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दर्मवाल, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, श्री दिनेश आर्य, श्री नवीन वर्मा, श्री दीपक मेहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, श्री के.डी. रूबाली, मण्डलायुक्त श्री दीपक रावत, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, क्षेत्रीय नागरिक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

गढ़वाल और कुमाऊँ में एक-एक ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 


 *देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संतुलन और मूल स्वरूप के संरक्षण के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एम.बी. इंटर कॉलेज मैदान, हल्द्वानी परिसर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित शिव कथा में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहज ज्योति पूजन में सम्मिलित होकर 108 थाली ज्योति का प्रज्ज्वलन किया तथा प्रदेश की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।



मुख्यमंत्री ने शिव कथा का श्रवण करते हुए उपस्थित शिवभक्तों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से आयोजित इस पावन शिव कथा में सहभागी बनना उनके लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि इस पुण्य अवसर पर महादेव के श्रीचरणों में शीश नवाने का अवसर प्राप्त होना आत्मिक अनुभूति से भर देने वाला है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान समाज में नकारात्मक सोच को सकारात्मक दिशा में परिवर्तित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक, दिव्य गुरु परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उनकी कृपा, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा ने असंख्य लोगों को धर्म, सेवा, करुणा और सदाचार के मार्ग पर निरंतर प्रेरित किया है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि संपूर्ण कुमाऊँ अंचल सदियों से धर्म, अध्यात्म और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रहा है। यह भूमि तप, साधना और शिवभक्ति की जीवंत एवं अक्षुण्ण परंपरा को आज भी संजोए हुए है। हमारे प्राचीन ग्रंथों, पुराणों और ऐतिहासिक संदर्भों में इस क्षेत्र के मंदिरों, शिवालयों, धार्मिक स्थलों और पवित्र जल स्रोतों का उल्लेख मिलता है, जो इस बात का प्रमाण है कि यह भूमि युगों-युगों से सनातन और शैव परंपरा की साधना भूमि रही है। ऐसे में इस पुण्य धरा पर शिव कथा का आयोजन इसे और अधिक दिव्य बनाता है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति आज संपूर्ण विश्व में अपनी पहचान स्थापित कर रही है और वैश्विक स्तर पर प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संकल्पबद्ध भाव से निरंतर कार्य कर रही है |



मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखंड मंदिर माला मिशन कॉरिडोर के माध्यम से कुमाऊँ क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों को नई पहचान दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत शिवालयों और धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं विकास का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। इसके साथ ही हरिपुर-कालसी में यमुना तीर्थ के पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी ऐतिहासिक परियोजनाओं के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।



उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं इतिहास के गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने हेतु दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना की गई है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुदृढ़ बौद्धिक एवं सांस्कृतिक आधार तैयार किया जा सके। इसके साथ ही आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गढ़वाल और कुमाऊँ मंडलों में एक-एक “स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” की स्थापना की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संतुलन और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता केवल शब्दों तक सीमित नहीं, बल्कि सरकार के कठोर निर्णयों और साहसिक कदमों में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के बच्चों को सुरक्षित भविष्य और एक सशक्त उत्तराखंड देने के उद्देश्य से आवश्यक स्थानों पर दृढ़ एवं निर्णायक कदम उठाए गए हैं तथा प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से समाज को विभाजित करने वाली प्रवृत्तियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प-रहित संकल्प” को पूर्ण करने के लिए सरकार पूरी दृढ़ता और निष्ठा के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।



इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी श्री बंशीधर भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, मण्डलायुक्त श्री दीपक रावत, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मंजूनाथ टी.सी., संस्थान के पदाधिकारी, शिवभक्तगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान बना सुशासन का सशक्त मॉडल* 


*“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान से 5.62 लाख से अधिक लोगों को मिला सीधा लाभ* 

 *मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में 562 शिविरों के माध्यम से 2.45 लाख से अधिक नागरिक हुए लाभान्वित* 

 *शिकायत निस्तारण से लेकर प्रमाण-पत्र वितरण तक, शासन-प्रशासन पहुँचा जनता के द्वार



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम ने जनसेवा, पारदर्शिता और त्वरित समाधान का एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस अभिनव अभियान के माध्यम से शासन को सीधे जनता तक पहुँचाने का संकल्प धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है।



प्रदेश के सभी 13 जनपदों में आयोजित 562 जनसेवा शिविरों के माध्यम से अब तक 4,42,301 नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इन शिविरों में आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनते हुए त्वरित समाधान किया गया, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 43,507 शिकायतें एवं आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 29,363 शिकायतों का मौके पर अथवा समयबद्ध रूप से निस्तारण किया गया। यह आंकड़े सरकार की जवाबदेही, संवेदनशीलता और कार्यकुशलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।



इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा 82,234 प्रमाण-पत्रों (जैसे आय, जाति, निवास आदि) के लिए आवेदन प्राप्त किए गए, जिन पर तेजी से कार्रवाई की गई। वहीं, सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 2,45,073 से अधिक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचना सुनिश्चित हुआ।



केवल 4 फरवरी 2026 को ही प्रदेश में 7 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 5,910 नागरिकों ने सहभागिता की। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार निरंतर सक्रियता के साथ जनसेवा में लगी हुई है।



यह अभियान न केवल शिकायत निस्तारण का माध्यम बना है, बल्कि यह आमजन के लिए शासन से संवाद का एक सशक्त मंच भी सिद्ध हुआ है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप अधिकारी स्वयं गांव-गांव और शहर-शहर जाकर जनता की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जिससे सुशासन, पारदर्शिता और विश्वास की त्रिवेणी स्थापित हो रही है।


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“ *‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के प्रति हमारी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हमारी सरकार का संकल्प है कि शासन की प्रत्येक योजना और सेवा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। हम कागजों पर नहीं, धरातल पर काम करने में विश्वास रखते हैं। जब तक प्रदेश का हर नागरिक संतुष्ट और सशक्त नहीं होगा, तब तक हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।”*


 *मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी*

 

देहरादून :

congress seige rajbhavan 16 feb 2026


अखिल भारतीय कंाग्रेस के आह्रवान पर दिनांक 16 फरवरी 2026 को प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित विशाल ’’राजभवन घेराव’’ कार्यक्रम की तैयारी हेतु उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल की अध्यक्षता में वरिष्ठ कांग्रेसजनों की बैठक प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन, 21 राजपुर रोड़, देहरादून में आयोजित की गई। 

.000बैठक में उपस्थित सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने राजभवन घेराव  की अपार सफलता हेतु अपने-अपने सुझाव दिये।  

उपरोक्त जानकारी देते हुए निवर्तमान मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर उत्तराखंड राज्य के जनहित के मुद्दों को लेकर दिनांक 16 फरवरी 2026 को कांग्रेस पार्टी द्वारा विशाल राजभवन घेराव का आयोजन किया गया है, जिसमें पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण, विधायक, पूर्व विधायक, एआईसीसी, पीसीसी सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी, अनुषांगिक संगठन, विभाग एवं प्रकोष्ठ के पदाधिकारी एवं राज्यभर से हजारों की संख्या में आये कांग्रेस कार्यकर्ता प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि राजभवन घेराव कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार में राज्य की ध्वस्त पडी कानून व्यवस्था, महिलाओं पर बढते अत्याचार, बेरोजगारी जैसे समसामयिक मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरने का काम करेगी। इसी की तैयारी के मद्देनजर आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने पार्टी के वरिष्ठ नेतागणों से चर्चा की तथा कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया।

श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों, महिला विरोधी नीतियों, युवा विरोधी नीतियों, ध्वस्त पडी कानून व्यवस्था से आम जनता आजिज आ चुकी है तथा इस निकम्मी सरकार से छुटकारा चाहती है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से 16 फरवरी को होने वाले राजभवन घेराव कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भागीदारी करने का आह्रवान किया।

बैठक में निवर्तमान मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, पूर्व जिलाध्यक्ष अश्विनी बहुगुणा महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत, दर्शन लाल, प्रीतम आर्य, प्रशान्त खंडूरी, यशपाल चौहान, सुनित सिंह राठौर, सुलेमान अली, मोहन काला, विपुल जैन, भगवती प्रसाद सेमवाल, सोहन लाल रतूड़ी, अवतार सिंह नेगी, आलोक बगवाडी, मोहन खत्री, सावित्री थापा, अनुराधा तिवाडी आदि अनेक कांग्रेस नेता उपस्थित थे।


 

 *बजट वर्तमान की आवश्यकताओं से आगे बढ़कर भविष्य के भारत की मजबूत व टिकाऊ आधारशिला* 

 *पर्यटन, विनिर्माण, आयुष, ग्रीन एनर्जी, कौशल विकास और शहरी अवसंरचना को मिलेगा नया विस्तार* 

central budget  2026-27 CM Dhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दो दिवसीय नैनीताल भ्रमण के दौरान बुधवार को हल्द्वानी रामपुर रोड स्थित होटल अमरदीप में आयोजित प्रेस वार्ता में केन्द्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी बजट बताया। 

उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वर्तमान की आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले दशकों के लिए देश की आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक नींव को मजबूत करता है।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय में की गई उल्लेखनीय वृद्धि से दीर्घकालिक विकास की मजबूत आधारशिला रखी गई है।

 उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ देश की रणनीतिक स्वायत्तता और संप्रभुता को भी सुदृढ़ करता है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की सरकार के लिए विकास केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव का माध्यम है। यह बजट मध्यम वर्ग, करदाताओं और श्रमिकों के लिए राहत और सम्मान का प्रतीक है। नवाचार, विनिर्माण और रोजगार को केंद्र में रखकर तैयार किया गया यह बजट देश की उत्पादकता क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ स्थायी रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा, जो दीर्घकालीन आर्थिक मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।



उन्होंने कहा कि 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय यह दर्शाता है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की शक्ति मानती है। सात नए आर्थिक कॉरिडोर, आधुनिक परिवहन नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स ढांचे का विस्तार निवेश, उद्योग और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूती देगा। वाराणसी-हल्दिया जलमार्ग, दिल्ली-वाराणसी एवं वाराणसी-सिलीगुड़ी उच्च-गति रेल कॉरिडोर न केवल कनेक्टिविटी परियोजनाएं हैं, बल्कि ये व्यापार, पर्यटन, रोजगार और राष्ट्रीय एकता के नए द्वार खोलने वाले कदम हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट से उत्तराखंड के समावेशी विकास को सीधा लाभ मिलेगा। पर्वतीय, सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के लिए केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा ₹17,414.57 करोड़ निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश को इस वर्ष ₹1,841.16 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि प्राप्त होगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ के विस्तार का जो अनुरोध किया गया था, उसे इस बजट में न केवल स्वीकार किया गया है, बल्कि इसके प्रावधान भी बढ़ाए गए हैं। यह राशि संशोधित अनुमान ₹1,44,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,85,000 करोड़ कर दी गई है, जो ₹41,000 करोड़ की अतिरिक्त वृद्धि को दर्शाती है।



उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना की सफलता को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से उद्यमिता की ओर प्रेरित करने की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी। रेलवे क्षेत्र में उत्तराखंड को ₹4,769 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन मिला है, जो 2009-2014 की तुलना में 26 गुना अधिक है। राज्य में ₹39,491 करोड़ की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अंतिम चरण की ओर अग्रसर है। 11 रेलवे स्टेशन अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित किए जा रहे हैं, 100 प्रतिशत रेल विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है, 54 कवच सिस्टम और 106 फ्लाईओवर/अंडरपास के साथ-साथ 3 वंदे भारत और एक अमृत भारत एक्सप्रेस से राज्य की कनेक्टिविटी सुदृढ़ हुई है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को बजट में विशेष प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। ग्रीन एनर्जी और सतत विकास के लिए हरित ऊर्जा और ग्रीन इकोनॉमी पर विशेष बल दिया गया है, जिससे उत्तराखंड को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। आयुष, फार्मा, खादी, हथकरघा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।



उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक ढांचे को मजबूती देने की दिशा में बजट अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक जनपद में महिला छात्रावासों की व्यवस्था से महिला सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘विश्वास आधारित शासन’ से निवेश, रोजगार और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 किसानों को सशक्त करता है, युवाओं को अवसर देता है, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाता है, पर्वतीय राज्यों को नई पहचान देता है और देश को आत्मनिर्भरता से विकसित राष्ट्र की ओर मजबूती से आगे ले जाता है। बजट के तीन प्रमुख स्तंभ—संतुलित एवं समावेशी विकास, वंचित वर्गों का क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास—सीमांत क्षेत्रों, गांवों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों के समग्र उत्थान का स्पष्ट मार्ग प्रशस्त करते हैं।



मुख्यमंत्री ने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास से उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप राज्य के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है तथा राज्य सरकार द्वारा केंद्र को दिए गए प्रस्तावों को बजट में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित किया गया है, जो सहकारी संघवाद का सशक्त उदाहरण है।



अंत में मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 उत्तराखंड को रोजगार, निवेश, निर्यात, कौशल विकास और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा और राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास में मील का पत्थर बनेगा।



रुद्रप्रयाग:



दिनांक 03/02/26 की मध्य रात्रि कोतवाली रुद्रप्रयाग क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सारी के सिन्द्रवाणी गांव से एक 05 वर्षीय बच्चे को गुलदार द्वारा उठा ले जाने की सूचना प्राप्त हुई । उक्त घटना के संबंध में सर्चिंग कार्य हेतु SDRF टीम की मांग की गई।

सूचना प्राप्त होते ही SDRF पोस्ट गोचर से निरीक्षक श्री कर्ण सिंह के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना की हुई।

SDRF टीम द्वारा स्थानीय पुलिस एवं वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सघन सर्च अभियान चलाया गया। सर्चिंग के दौरान दुर्भाग्यवश उक्त बच्चे का शव बरामद कर लिया गया।

बरामद शव को आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

 आज का राशिफल

दिनाँक 4 फरवरी,2026

दिन बुधवार

rashifal today 04 feb 2026

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। थकान रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। पराक्रम बढ़ेगा। जीवनसाथी से आर्थिक मतभेद हो सकते हैं। कामकाज में आशानुरूप स्थिति बनेगी। संतान के व्यवहार पर नजर रखें।

वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

बुरी खबर मिल सकती है। आर्थिक तंगी रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से लाभ होगा। आपसी विचार-विमर्श लाभप्रद रहेगा।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

मेहनत का फल मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यात्रा सफल रहेगी। धनलाभ होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। वाहन सुख मिलेगा। संपत्ति के लेन-देन में सावधानी बरतें। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। संतान पर ध्यान दें। जल्दबाजी व भागदौड़ से कार्य करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएँ।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

उत्साहवर्द्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बढ़ेगा। पुराने मित्र-संबंधी मिलेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। विवादों से दूर रहना चाहिए। पिछले कार्यों को टालें। पारिवारिक तनाव से मन परेशान रहेगा। व्यापार में हानि हो सकती है।

सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

राजकीय सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ होगा। जोखिम बिलकुल न लें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। व्यापार व नौकरी में हितकारकों की पूर्ण कृपा रहेगी। गृह उपयोगी वस्तुएँ क्रय करेंगे। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। कुसंगति से बचें। दूसरों पर भरोसा न करें। धैर्य रखें। पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। रुका पैसा मिलेगा। शत्रु आपकी छवि को धूमिल करने का प्रयास करेंगे। अतः सावधान रहें। व्यापार में सफलता मिलेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

रुका हुआ धन प्राप्त होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। साहित्यिक रुचि बढ़ेगी। आर्थिक योग शुभ हैं। यात्रा से व्यापारिक लाभ हो सकता है। सुसंगति से लाभ होगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

योजना फलीभूत होगी। नए अनुबंध होंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी व भागदौड़ से काम करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएँ। अच्छे मित्र से भेंट होगी। पराक्रम की वृद्धि होगी। समाज-परिवार में आदर मिलेगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। वरिष्ठजनों का सहयोग मिलेगा। कोर्ट व कचहरी के काम बनेंगे। कार्यसिद्धि होगी। आय-व्यय में संतुलन रहेगा। क्रोध पर संयम आवश्यक है। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। धर्म में रुचि बढ़ेगी। नई योजना से लाभ होगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यापार के विस्तार हेतु किए गए प्रयास सफल होंगे। संतान की ओर से अच्छे समाचार मिलेंगे। दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करें। परिवार की चिंता रहेगी।

कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रुभय रहेगा। लाभ होगा। पिछले कार्यों को टालना चाहिए क्योंकि उसमें असफलता का योग है। अनावश्यक विवाद होगा। व्यावसायिक योजनाएँ क्रियान्वित नहीं हो पाएँगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। खर्चों में वृद्धि से चिंता होगी। संतान के रोजगार की समस्या का समाधान संभव है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। कश्मकश दूर होगी। स्वजनों से भेंट होगी

 धामी सरकार ने उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया

state minority authority estabilished uttarakhand



उत्तराखंड सरकार जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड खत्म करने जा रही है। नई व्यवस्था में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है।

विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले विधानसभा सत्र में मदरसा बोर्ड खत्म करने की घोषणा करते हुए इस वर्ष जुलाई से सभी अल्पसंख्यक संस्थाओं को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अंब्रेला के नीचे लाने और उनकी मान्यता उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से किए जाने की बात कही थी।

डॉ पराग ने बताया कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार उक्त बोर्ड में प्रोफेसर विद्वान को मनोनीत किया गया है जोकि अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक पाठ्यक्रम निर्धारित करेगी।इसमें सभी अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षाविदों को सम्मिलित किया गया है।

डॉ पराग ने बताया कि इसमें डॉ सुरजीत सिंह गांधी को अध्यक्ष, प्रोफ राकेश जैन, डॉ सैय्यद अली हमीद,प्रो पेमा तेनजिन , डॉ एल्बा मेड्रिले, प्रोफेसर रोबिना अमन,प्रो गुरमीत सिंह,को सदस्य बनाया गया है साथ ही समाज सेवी राजेंद्र बिष्ट और सेवानिवृत अधिकारी चंद्रशेखर भट्ट भी सदस्य होंगे। निदेशक महाविद्यालय शिक्षा, निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण भी सदस्य सूची में रहेंगे।


*हमारी सरकार ने राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन का फैसला लिया है, हमारी सरकार ने मदरसा बोर्ड खत्म करने का निर्णय लिया था। अब ये प्राधिकरण तय करेगा कि अल्पसंख्यक बच्चों को कैसी शिक्षा दी जाएगी। ये प्राधिकरण सिलेबस तय करेगा। सभी अल्पसंख्यक संस्थाएं उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेंगी।*


*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*

 ‘समान कार्य, समान वेतन’ के रूप में सीएम धामी ने दर्ज की एक और उपलब्धि 

उपनल कर्मियों की वर्षों पुरानी लंबित मांग को सीएम धामी ने पूरा किया 

upnal  workers permanent GO released



उपनल कर्मियों को दस वर्ष की सेवा पूरी करने पर समान कार्य के बदले समान वेतन दिए जाने का शासनादेश जारी होने के साथ ही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई है।

उपनल कर्मी अपनी विभिन्न मांगों के लिए लंबे समय से आंदोलनरत थे, इस बीच कई सरकारें बदली। आखिरकार अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर उपनल कर्मियों को दस साल की सेवा पूरी करने पर समान कार्य के बदले समान वेतन मिलने का शासनादेश जारी हो गया है। यह उपलल कर्मियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस तरह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के हजारों लोगों के भविष्य से जुड़े एक और जटिल विषय का समाधान कर दिया है। जिससे ना सिर्फ विभागों की कार्य दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है, बल्कि उपनल कर्मचारियों का भविष्य भी सुरक्षित हो गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, भू कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे वर्षों पुरानी लंबित मांगों पर ठोस कानूनी कार्रवाई कर चुके हैं। 


उपनलकर्मियों को समान कार्य के बदले समान वेतन प्रदान कर दिया गया है। सरकार कार्मिक हितों के लिए पहले दिन से ही प्रतिबद्ध है। हम प्रदेश हित में हर जटिल मुद्दे का समाधान निकालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने के लिए तैयार हैं। 

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

---मुख्यमंत्री ने किया लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीमती देवकी काण्डपाल पत्नी स्व० जयदत्त काण्डपाल, कुसुमखेडा, हल्द्वानी, नैनीताल को दिनांक 17.05.2023 से ₹ 20 हजार प्रतिमाह लोकतंत्र सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

 


*मुख्यमंत्री ने किया अमृत 2.0 योजना के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री ने अमृत 2.0 योजना के अन्तर्गत नगर निगम हरिद्वार के वार्ड नं. 59 सीतापुर सरोवर में वाटर बॉडी रिजुविनेशन योजना हेतु ₹ 1.68 करोड, सिंचाई विभाग के अन्तर्गत विकासखण्ड रायपुर बांदल नदी में नहर के शीर्ष पर जल संरक्षण एवं संवर्द्धन कार्य हेतु ₹ 2.19 करोड, बीजापुर नहर के हैड का सुदृढीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु ₹ 5.00 करोड तथा उत्तराखण्ड पेयजल निगम के अन्तर्गत लोहाघाट टाउन पम्पिंग पेयजल योजना हेतु  ₹ 84.45 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान है।


*मुख्यमंत्री ने प्रदान किया विभिन्न विकास योजनाओं का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री ने डॉ० भीमराव अम्बेडकर रा० बालक छात्रावास कण्डोली, देहरादून में अनुरक्षण कार्य हेतु ₹ 46.56 लाख, राजा बाबू पब्लिक इण्टर कॉलेज आसफग्रान्ट हरिद्वार को हाईस्कूल (कक्षा 09 से 10) हेतु ₹ 2.00 लाख तथा इण्टरमीडिएट (कक्षा 11 से 12 तक) हेतु ₹ 3.00 लाख कुल ₹ 5.00 लाख का आवर्तक सहायता अनुदान/टोकन अनुदान तथा हर्ष पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, मूलदासपुर माजरा, हरिद्वार को प्रोत्साहन धनराशि के रूप में ₹ 1.00 लाख प्रतिवर्ष की आवर्तक सहायता अनुदान/टोकन अनुदान की स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।


मुख्यमंत्री द्वारा जिला कारागार, देहरादून में वर्तमान भूमिगत विद्युत केबल एवं पैनल को बदलकर समुचित क्षमता की आर्मरड केबल व पैनल स्थापित किये जाने हेतु ₹ 85.22 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के अन्तर्गत अखुली ग्राम पंचायत में सम्पर्क मार्ग निर्माण हेतु ₹ 54.80 लाख, विधानसभा क्षेत्र धारचूला में जोशागाँधी नगर से कोटाखड़िक इमला ट्रैक रूट/अश्वमार्ग (टीएसपी) के निर्माण हेतु अवशेष धनराशि ₹ 30.55 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के विकासखण्ड मूनाकोट के अन्तर्गत ग्राम सभा घुर्चू तोक पंतरा से अखुली तोक बुर्गर तक सम्पर्क मार्ग निर्माण हेतु ₹ 83.93 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

 मीनस मार्ग पर क़वानु के पास हिमाचल रोडवेज की बस 100 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त, SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन* 



आज दिनांक 03 फरवरी 2026 को हिमाचल रोडवेज की बस HP66A-2588, जो नेरवा से पौंटा की ओर जा रही थी, कुवाणु–मीनस मोटर मार्ग पर अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सूचना प्राप्त होते ही SDRF की टीमें पोस्ट चकराता, त्यूणी एवं डाकपत्थर से तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और रेस्क्यू कार्य प्रारंभ किया गया।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में 35–36 यात्री सवार थे, जिनमें से अब तक 03 व्यक्तियों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि 11–12 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को विकासनगर अस्पताल उपचार हेतु भेजा गया है।


दुर्घटनास्थल राजस्व क्षेत्र में स्थित है, जहां SDRF एवं पुलिस बल द्वारा संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वाहिनी मुख्यालय जौलीग्रांट में सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।


पूर्व में जारी सूचना में त्रुटिवश 04 व्यक्तियों के मृत होने की जानकारी दी गई थी। उक्त के संबंध में संशोधन किया जाता है कि दुर्घटना में कुल 03 व्यक्तियों की ही मृत्यु हुई है।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि बस चालक सुरक्षित है। अन्य सभी तथ्यों में कोई परिवर्तन नहीं है।

 बस दुर्घटना अपडेट:- घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार 03 लोगों की मृत्यु हो गयी है। 

 *मृतकों का विवरण:-*

 1- यास्मीन बेगम w/o नेक मोहम्मद उम्र 46 वर्ष ग्राम - क्यारला नेरवा (HP)

2-  रिचा w/o बिरेंद्र उम्र 30 वर्ष,  ग्राम- विज़मल, नेरवा (HP)

3- धन बहादुर,  ग्राम क्यारला नेरवा (HP)

 डीजीपी उत्तराखंड की अपराध और कानून व्यवस्था पर हाई-लेवल समीक्षा बैठक

लैंड फ्रॉड मामलों में समयबद्ध और पारदर्शी कार्यवाही के निर्देश, सीओ की प्रारम्भिक होगी अनिवार्य**सिविल मामलों में हस्तक्षेप करने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध होगी कठोर कार्यवाही

पुलिस कर्मियों के भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति के तहत सतर्कता विभाग करे सख्त कार्यवाही- डीजीपी*



*पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ* की अध्यक्षता में आज सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में एक *महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय अपराध एवं कानून व्यवस्था समीक्षा गोष्ठी* आयोजित की गई। बैठक में पुलिस मुख्यालय के *वरिष्ठ अधिकारियों सहित गढ़वाल एवं कुमाऊँ रेंज प्रभारी सहित समस्त जनपदों, STF के वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षक* सम्मिलित हुए।


बैठक में वर्तमान अपराध परिदृश्य, कानून व्यवस्था की स्थिति, विवेचनाओं एवं जनशिकायतों के निस्तारण की व्यापक समीक्षा कर विस्तृत दिशा-निर्देश निर्गत किये गये।


*पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा जारी प्रमुख निर्देश-*

◼️ हाल ही में जनपद देहरादून के ऋषिकेश में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने की घटना पर लापरवाही बरतने पर *एम्स चौकी प्रभारी SI साहिल वशिष्ट* को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। साथ ही कोतवाली नगर, देहरादून में युवती के जघन्य हत्याकांड में प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित होने पर *खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी SI प्रद्युम्न नेगी* को भी निलम्बित किया गया है। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की संवेदनशीलता के दृष्टिगत दोनों प्रकरणों की *जांच SP Crime श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे* को सौंपी गयी है। घटना में अन्य कर्मियों द्वारा शिथिलता बरते जाने की *07 दिवस* के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है।


◼️ जनपद हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र में रविदास जयन्ती पर दो पक्षों में हुए संघर्ष एवं गोलीबारी की घटना में गंभीर लापरवाही पर *हल्का प्रभारी चुड़ियाला SI सूरत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित* कर पूरे प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक क्राइम, हरिद्वार श्री जितेन्द्र मेहरा को सौंपी गयी है। साथ ही घटना में अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही बरते जाने की 07 दिवस के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है।


◼️ जनपद ऊधमसिंहनगर के सुखवन्त सिंह आत्महत्या प्रकरण में भूमि सम्बन्धी मामले में पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध आरोपों के दृष्टिगत *भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड)* के मामलों में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्यवाही हेतु अनिवार्य रूप से *क्षेत्राधिकारी (सीओ)* स्तर पर समयबद्ध जांच के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्राधिकारी द्वारा पारदर्शी जांच करते हुए स्पष्ट रूप से सिविल अथवा क्रिमिनल प्रकृति का उल्लेख किया जाएगा। तदोपरान्त ही अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

साथ ही *लम्बित भूमि संबंधी मामलों की पुलिस मुख्यालय से लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।*


◼️ माननीय मुख्यमंत्री जी के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस महानिदेशक द्वारा *सतर्कता विभाग से भ्रष्ट आचरण करने वाले पुलिस कर्मियों* को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही में तेजी लाने के लिए कहा गया है।

बैठक में *महानिदेशक, अभिसूचना एवं सुरक्षा- श्री अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक/निदेशक विजिलेंस, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन श्री ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक, पी/एम- श्रीमती विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊँ परिक्षेत्र- श्रीमती रिधिम अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार श्री कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक, साइबर श्री नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एवं सुरक्षा-श्री करन सिंह नगन्याल, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र श्री सदानन्द दाते, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक- श्री योगेन्द्र रावत,  श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण* उपस्थित रहे।



आज का राशिफल

दिनाँक - 03 फरवरी,2026

दिन मंगलवार

rashifal today  03 feb 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद न करें। नौकरी करने वालों को ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा। आमदनी बढ़ेगी। रुका धन मिलने से निवेश में वृद्धि होने के योग हैं। उदर संबंधी विकार हो सकते हैं।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

विवाद से क्लेश होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। आपसी मतभेद, मनमुटाव बढ़ेगा। किसी से मदद की उम्मीद नहीं रहेगी। आर्थिक समस्या बनी रहेगी। व्यसनाधीनता से बचें। व्यापार, रोजगार मध्यम रहेगा।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

घर-बाहर तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें। नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। किसी मामले में कटु अनुभव मिल सकते हैं। सरकारी, कानूनी विवाद सुलझेंगे। जोखिम, लोभ, लालच से बचें। नया काम, व्यवसाय आदि की बात बनेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। कानूनी बाधा दूर होकर लाभ होगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। पहले किए गए कार्यों का लाभदायी फल आज मिल सकेगा। संतान के कामों से खुशी होगी। व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार की स्थिति अच्छी रहेगी। रचनात्मक काम करेंगे। कर्मचारियों पर निगाह रखें। परिवार की समस्या का उचित समाधान होगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

शारीरिक कष्‍ट से बाधा संभव है। भागदौड़ रहेगी। घर-परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। कार्यकुशलता सहयोग से लाभान्वित होंगे। काम में मन लगेगा। स्वयं का सोच अनुकूल रहेगा। रिश्तेदारों से संबंधों की मर्यादा बनाए रखें।

राशि फलादेश


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

चोट व रोग से बाधा संभव है। बेचैनी रहेगी। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। रोजगार मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सोचे कामों में मनचाही सफलता मिलेगी। व्यापारिक निर्णय समय पर लेना होंगे। पुरानी बीमारी उभर सकती है।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। नए कार्यों, योजनाओं की चर्चा होगी। लाभदायी समाचार आएँगे। समाज में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। साहस, पराक्रम बढ़ेगा। विश्वासप्रद माहौल रहेगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। धैर्य रखें। अस्वस्थता बनी रहेगी। खुद के प्रयत्नों से ही जनप्रियता एवं सम्मान मिलेगा। रोजगार के क्षेत्र में संभावनाएँ बढ़ेंगी। स्थायी संपत्ति संबंधी खटपट हो सकती है।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

प्रयास सफल रहेंगे। प्रशंसा प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्य क्षेत्र में नई योजनाओं से लाभ होगा। लगन, मेहनत का उचित फल मिल सकेगा। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। विवाद सुलझेंगे।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पुराने संगी-साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा। अच्छी व सुखद स्थितियाँ निर्मित होंगी। विरोधी आपकी छवि खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। व्यावसायिक सफलता से मनोबल बढ़ेगा।


*दर्द में डूबी मां-बेटी, कैंसर पीडित पति की सांसे बचाने को बेची कुछ जमीन, उसकी मौत पर विधवा से हड़प ली पूरी संपत्ति, प्रशासन की कार्रवाई तय*

*अपनों की प्रताड़ना झेल रहीं विधवाएं, 85 वर्षीय कम
ला देवी, 80 वर्षीय कांता देवी और पुष्पा देवी की करूण पुकार पर प्रशासन सख्त, भरण पोषण में वाद दर्ज*

*सड़क किनारे नालियां मलबे से बंद, गंदे पानी की समस्या पर नगर निगम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश*

*जनता दरबार में एडीएम ने सुनी लोगों की फरियाद, कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण*


देहरादून :




जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)  के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जनसामान्य द्वारा भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, आपदा से क्षतिपूर्ति सहायता, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों से संबंधित 190 शिकायतें/समस्याएं दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

जनता दरबार में आज मानव पीड़ा, अन्याय और सामाजिक संवेदनहीनता की मार झेल रहे अनेक नागरिकों की करुण कहानियाँ सामने आईं। निराश्रित, असहाय एवं पीड़ित जनों ने अपनी व्यथा प्रशासन के समक्ष रखी, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


80 वर्षीय असहाय विधवा कांता देवी ने आंखों में आंसू लिए अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनके दोनों पुत्रों ने उन्हें घर से बेघर कर दिया है। उनकी स्वयं की भूमि पर उन्हें झोपड़ी तक बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस गंभीर प्रकरण में एसडीएम सदर को भरण-पोषण एवं वरिष्ठ नागरिक संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वाद दायर कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


डोईवाला निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग विधवा कमला देवी तथा चंद्रबनी निवासी विधवा पुष्पा देवी ने अपने पुत्र एवं पुत्रवधू द्वारा मारपीट कर घर से निकाल देने और उनकी संपत्ति अपने नाम करने की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में भी भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत वाद पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए।


कांवली निवासी उमा देवी ने अपने पति एवं ससुराल पक्ष पर संपत्ति के अधिकार से वंचित किए जाने का आरोप लगाते हुए अपने बच्चों के नाम संपत्ति दर्ज कराने की मांग रखी, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


प्राइवेट अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराने के पश्चात संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन उनकी स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहा है और इस दुःख की घड़ी में परिजनों ने भी उनका साथ छोड़ दिया है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सरकारी अस्पताल में समुचित उपचार की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए।


डोईवाला निवासी 56 वर्षीय विधवा सुनीता देवी अपनी छोटी बालिका के साथ जनता दरबार पहुंचीं। उन्होंने बताया कि कैंसर पीड़ित पति के इलाज हेतु उन्होंने डोईवाला में स्थित एक बीघा भूमि विक्रय की थी, किंतु पति की मृत्यु के उपरांत संबंधित व्यक्ति ने उनकी सम्पूर्ण भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया। इस प्रकरण में एसडीएम एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को जांच कर पीड़िता को भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए।


उददीवाला निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग विक्रम सिंह ने पैतृक निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की, वहीं भाऊवाला निवासी दिलवर सिंह ने अपनी निजी भूमि से कब्जा हटवाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत भीतरली में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


सहस्रधारा निवासी विकास कुमार ने पारिवारिक आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए अपने बच्चे की विद्यालय फीस माफ कराने की विनम्र अपील की, जिस पर संबंधित विभाग को आवश्यक परीक्षण कर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार के दौरान कोटि कनासर क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की चारदीवारी, जोथीं क्षेत्र में पुलिया की मरम्मत तथा अतिवृष्टि के कारण आवासीय भवनों के नीचे सुरक्षात्मक कार्य न किए जाने की शिकायतें प्रस्तुत की गईं। उक्त मामलों में संबंधित उप जिलाधिकारी को स्थलीय जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

 

लालतप्पड़ माजरीग्रांट निवासी प्यारेलाल द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-07 में अधिग्रहित भूमि एवं भवन का वर्तमान सर्किल दर के अनुसार मुआवजा दिए जाने की मांग रखी गई, जिस पर संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

डीएल रोड चौक से नालापानी रोड, रिस्पना तक सड़क किनारे नालियों में बजरी एवं कीचड़ जमा होने के कारण सड़क पर गंदा पानी भरने, आवासीय भवनों की दीवारों में सीलन तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव की शिकायत पर उप नगर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए।


इसी क्रम में डोरन खास, सहस्रधारा रोड स्थित शिवाया एन्क्लेव सोसाइटी में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण  को जांच कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, डीपीओ जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।          

              


*यूएलएमएमसी की ओर से पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन*

देहरादून:



हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते भूस्खलन जोखिम और सुरक्षित विकास की चुनौती को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र द्वारा हिंदू कुश-हिमालय क्षेत्र में आपदा-सक्षम विकास विषय पर आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 02 फरवरी से 06 फरवरी 2026 तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण एवं वित्तीय प्रशासन अनुसंधान संस्थान, सुद्धोवाला, देहरादून में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, जहां भूस्खलन, भारी वर्षा और भूकंपीय गतिविधियों के कारण निरंतर खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन की प्रक्रियाओं और जोखिम को वैज्ञानिक रूप से समझने, सुरक्षित और टिकाऊ अवसंरचना विकसित करने तथा सड़कों, पुलों और जलापूर्ति जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के लिए दीर्घकालिक और लचीले इंजीनियरिंग समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न विभागों और संस्थानों की तकनीकी क्षमता को मजबूत करना, जोखिम आकलन की प्रक्रियाओं में सुधार लाना और आपदा के बाद पुनर्बहाली तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना है। 

नॉर्वे के भू-तकनीकी अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा हिमालयी परिस्थितियों के अनुरूप ढलान स्थिरता, मृदा सुदृढ़ीकरण, सॉइल नेलिंग, जल निकासी उपायों तथा उपग्रह आधारित तकनीकों के माध्यम से जोखिम मानचित्रण पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर भूस्खलन विशेषज्ञ डॉ. हाकोन हेयर्डल ने कहा कि हिमालय जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का स्वरूप लगातार बदलता रहता है, ऐसे में वैज्ञानिक अध्ययन, बेहतर पूर्व चेतावनी प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव साझा करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक साझेदारी के माध्यम से ही हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षित विकास संभव है। बता दें कि डॉ. हकोन हेयर्डल ने दुनिया भर से 32 वर्षों की भूस्खलन विशेषज्ञता और बड़े भूस्खलन जोखिम मानचित्रण और न्यूनीकरण परियोजनाओं का नेतृत्व किया है।

विश्व बैंक के प्रतिनिधि श्री अनुप करण्थ ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तराखण्ड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपदा तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद राज्य में आपदा पुनर्बहाली, जोखिम प्रबंधन और संस्थागत क्षमता निर्माण के लिए निरंतर सहयोग किया जा रहा है।  प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों द्वारा हरिद्वार स्थित मनसा देवी भूस्खलन क्षेत्र का क्षेत्रीय भ्रमण किया गया, जहां वास्तविक हिमालयी परिस्थितियों के आधार पर जोखिम विश्लेषण, न्यूनीकरण उपायों और स्थानीय स्तर पर प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणालियों का व्यावहारिक अध्ययन कराया गया। 

कार्यशाला में यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार, यूएसडीएमए के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के प्रमुख सलाहकर डाॅ. मोहित पूनिया आदि उपस्थित रहे। कार्यशाला में नेपाल एवं भूटान के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ ही भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, यूप्रिपेयर परियोजना, उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। 



कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य

हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारणों और जोखिम को बेहतर ढंग से समझना।

रेखीय विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों की क्षमता बढ़ाना।

भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण के लिए मानकीकृत और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना।

विभिन्न संस्थानों के बीच अनुभव साझा करना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना।

राज्य एवं विभागीय स्तर पर आपदा जोखिम प्रबंधन की क्षमता को मजबूत करना।

लोक निर्माण विभाग सहित रेखीय विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

सड़कों, पुलों और जलापूर्ति प्रणालियों के लिए सुरक्षित एवं टिकाऊ डिजाइन को प्रोत्साहित करना।

ढलान स्थिरता, मृदा सुदृढ़ीकरण, सॉइल नेलिंग, जल निकासी जैसे उपायों की जानकारी देना।

उपग्रह आधारित तकनीकों और भू-स्थानिक आंकड़ों के उपयोग को बढ़ावा देना।

स्थानीय स्तर पर प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना।

 सीएम धामी के सख्त निर्देश: कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं

दिल्ली एक्सप्रेसवे के बाद पर्यटन उछाल को लेकर सरकार अलर्ट

 लैंड फ्रॉड पर बनेगा सख्त कानून, दोषियों को नहीं मिलेगी राहत *नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाएगी सरकार

मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100% क्रियान्वयन अनिवार्य”


 *अभियोजन व्यवस्था पर सीएम धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए। अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यशैली और जनसेवा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस और प्रशासन का प्रत्येक विभाग आम जनमानस के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ कार्य करे।



आज सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटन प्रबंधन, राजस्व, नशा मुक्ति, अभियोजन, कारागार सुधार एवं जनशिकायत निवारण से जुड़े विषयों पर गहन समीक्षा की।



बैठक में मुख्य सचिव सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। इसे देखते हुए पर्यटकों के लिए होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूरी की जाएँ। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने बताया कि कैंची धाम बाईपास जून माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।


पुलिस व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि  थाना चौकिया सहित धरातल पर वर्क कल्चर में तत्काल सुधार किया जाए। आम आदमी के साथ मानवीयता, संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। निर्दोष नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने लैंड फ्रॉड के मामलों पर कठोर कानून बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े अपराधों में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


अपराध नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक आत्ममंथन भी आवश्यक है। पुलिस और प्रशासन के सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए।


राजस्व व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्व के वैकल्पिक स्रोत बढ़ाए जाएँ, सब्सिडी योजनाओं के आउटकम का मूल्यांकन किया जाए और राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर स्पष्ट किया कि राज्य में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर त्वरित और गंभीर संज्ञान लिया जाए। कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।


जनशिकायत निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन जिलों में सुनिश्चित किया जाए। योजनाएँ केवल फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। योजनाओं का नियमित भौतिक सत्यापन हो तथा गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।



मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए कि आपराधिक मामलों की विवेचना अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए। रात्रि गश्त को और अधिक सघन किया जाए तथा निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।

नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन के रूप में संचालित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद से मासिक नशा मुक्ति रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाए, जिसकी नियमित समीक्षा गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक द्वारा की जाएगी।

अभियोजन व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए। अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए।

कारागार विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बंदियों के लिए स्किल डेवलपमेंट, पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं मानवाधिकारों के सख्त पालन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी-नालों एवं सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणों के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, लेखपाल, पटवारी की जवाबदेही तय की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों और ऐसे अतिक्रमण को संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर गठित समितियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने 1905 हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा कर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 6 माह में विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक जनपद के गांवों को 100 प्रतिशत योजनाओं से संतृप्त किया जाए।


डिजिटल गवर्नेंस को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे केवल औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि पूरी गंभीरता के साथ धरातल पर लागू किया जाए।


चारधाम यात्रा की तैयारियों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने संबंधित जनपदों में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।


लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि सड़कों के डामरीकरण का कार्य 15 फरवरी तक प्रारंभ किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में फिल्म “जलमभूमि” के पोस्टर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक श्री के राम नेगी एवं पूरी फिल्म टीम को शुभकामनाएँ एवं बधाई दीं।


उल्लेखनीय है कि यह फिल्म 6 फरवरी को  रिलीज होने जा रही है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि “जलमभूमि” जैसी फिल्में समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती हैं और सिनेमा के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को मजबूती मिलती है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, विविध भौगोलिक परिस्थितियों, सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण के कारण फिल्म निर्माण के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में फिल्म नीति को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से त्वरित अनुमति प्रदान की जा रही है। शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे फिल्म निर्माताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा फिल्म शूटिंग पर सब्सिडी, स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को रोजगार के अवसर, तथा स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के माध्यम से राज्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म नीति का उद्देश्य केवल फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल रही है। उत्तराखंड में वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म और फीचर फिल्मों के निर्माण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 मुख्यमंत्री ने फिल्म की सफलता की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी सिनेमा और रचनात्मक उद्योगों को हरसंभव सहयोग देती रहेगी।कार्यक्रम में विधायक श्री दुर्गेश लाल भी उपस्थित रहे।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान से प्रदेशभर में प्रभावी सुशासन की मिसाल


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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुनवाई का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है।

दिनांक 02 फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 548 जनसेवा शिविर (कैंप) आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से आमजन की भागीदारी और विश्वास में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है।

 *अब तक की प्रमुख उपलब्धियाँ* 

इस जनोन्मुखी पहल के अंतर्गत अब तक कुल 4,33,581 नागरिकों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से केवल आज ही 5,398 लोगों ने कैंपों में पंजीकरण कराया। यह आंकड़ा प्रदेश की जनता के सरकार पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

जनता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष बल देते हुए अब तक कुल 42,594 शिकायतों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। वहीं 28,721 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं, जिन पर संबंधित विभागों द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।

 *योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर यह सुनिश्चित किया गया कि कैंपों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिले। अब तक—

61,054 नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया |

2,37,950 लोगों को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुँचाया गया |

यह अभियान विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है, जहाँ पहले सरकारी सेवाओं तक पहुँचना कठिन था।

 *सुशासन की दिशा में मजबूत कदम* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान इसी सोच का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें संवाद, समाधान और संतुष्टि को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य में भी इस अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक स्वरूप देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड को सुशासन, सेवा और संवेदनशीलता का आदर्श राज्य बनाया जा सके।


 देहरादूनः 2 फरवरीः



उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस पंचायत राज संगठन के प्रदेश संयोजक पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के चेयरमैन डॉ0 सुनील पंवार ने उत्तराखंड प्रदेश में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें संलग्न सूची के अनुरूप कांग्रेसजनों को पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है (सूची संलग्न है)

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। अप्रत्याशित लाभ होगा। यात्रा होगी। व्यावसायिक अथवा निजी काम से सुखद यात्रा हो सकती है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। दूसरों से न उलझें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

Rashifal today 02 Feb 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

अप्रत्याशित खर्च होंगे। तनाव रहेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम न लें। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें। भूल करने से विरोधी बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र का विकास एवं विस्तार होगा। उपहार मिल सकता है। संतान की चिंता दूर होगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

रुका हुआ धन मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोमांस में सफलता मिलेगी, प्रसन्नता रहेगी। स्वयं के ही प्रयासों से जनप्रियता एवं मान-सम्मान मिलेगा। रुका काम समय पर पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा, नई योजनाएं बनेंगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रोजगार बढ़ेगा। सतर्कता से कार्य करें। संतान के व्यवहार से सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। आर्थिक तंगी रहेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। बाहरी सहायता से काम होंगे। ईश्वर में रुचि बढ़ेगी। कामकाज की अनुकूलता रहेगी। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा। रोमांस में सफलता मिलेगी, आपसी संबंधों को महत्व दें। पूंजी संचय की बात बनेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

चोट व रोग से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। दूसरों पर विश्वास हानि देगा। कार्य में बाधा होगी। पत्नी से आश्वासन मिलेगा। स्वयं के निर्णय लाभप्रद रहेंगे। मानसिक संतोष, प्रसन्नता रहेगी। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। दूसरों की नकल न करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। नौकरी ठीक चलेगी। धनलाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। कुछ को कार्यों में विलंब से चिंता होगी। मानसिक उद्विग्नता रहेगी। पारिवारिक जीवन संतोषप्रद रहेगा। सेहत अच्छी रहेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य के विस्तार की योजनाएं बनेंगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। लाभदायक समाचार मिलेंगे। प्रेम-संबंधों में सफलता मिलेगी। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

पिछले कुछ दिनों से चल रही आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएंगे। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा। शोक समाचार मिल सकता है। काम में मन नहीं लगेगा। विवाद से बचें। मेहनत अधिक होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

घर में शिशु आगमन से प्रसन्नता रहेगी। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्य पूर्ण होंगे। आय बढ़ेगी। मनोरंजक यात्रा होगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

अपनी कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं। नई योजनाओं की शुरुआत होगी। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न लें। लाभ होगा


 


•  बीकेटीसी ज्योर्तिमठ कार्यालय में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में विदाई सम्मान समारोह आयोजित 




ज्योर्तिमठ  1 फरवरी श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ज्योर्तिमठ में कार्यरत कार्यालय सहायक भगवती प्रसाद सती मंदिर सुरक्षाकर्मी उमेश नौटियाल शनिवार को अधिवर्षता आयु पूरी होने के पश्चात सेवानिवृत्त हो गये है।


 बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस अवसर पर बीते शनिवार 31 जनवरी को देर शाम बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में ज्योर्तिमठ कार्यालय में दोनों कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह आयोजित हुआ । कर्मचारियों के सम्मान स्वरूप माल्यार्पण पश्चात स्मृति चिह्न भेंट किया गया इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिजन भी उपस्थित रहे।


विदाई समारोह में  बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित सभी अधिकारियों कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समर्पित सेवाओं की प्रशंसा करते हुए उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।

इस अवसर पर पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट,  प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कप्रवाण,अवर अभियंता गिरीश रावत, वरिष्ठ सहायक जगमोहन बर्त्वाल, वरिष्ठ सहायक संतोष तिवारी लेखाकार भूपेंद्र रावत, संदेश मेहता,अजय सती,प्रदीप बिष्ट, अनीता उनियाल, सुनीता सकलानी, रामप्रसाद थपलियाल, विकास सनवाल, आशीष नंबूदरी सहित सभी कर्मचारी तथा स्थानीय लोग मौजूद रहे।

बजट 2026-27 से देश और राज्यों के विकास को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शानदार बजट के लिए बधाई दी

union budget 2026 2027 nirmala sitaraman


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट देश और राज्यों के विकास को नई दिशा देने के साथ ही सभी वर्गों के लिए अवसरों को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक विकास तेज करने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकासोन्मुखी और समावेशी बजट के लिए बधाई देते हुए कहा कि किसानों, महिलाओं, वंचितों, युवाओं, छोटे उद्यमियों और पिछड़े वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, उद्योग और अवसंरचना के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ये पूरे देश के साथ उत्तराखंड के लिए भी लाभकारी साबित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे।

बजट में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए पर्यावरण-अनुकूल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की योजना है। उत्तराखंड के परिपेक्ष में बजट ने पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया है, जो विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालन, उच्च मूल्य कृषि, पर्यटन और एमएसएमई के लिए किए गए बजट प्रावधान राज्य की ग्रामीण और पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और बायोफार्मा क्षेत्र में किए गए निवेश से राज्य और देश दोनों का दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बजट में घोषित योजनाओं और प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ पूरी तरह सहयोग करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट न केवल देश की आर्थिक ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी समान रूप से विकास के अवसर देगा। 


भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल जी ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को शानदार, दमदार, आम आदमी की सोच वाला तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला बताया है।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण रहा, क्योंकि आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया गया। यह वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का लगातार नौवां बजट रहा, जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह 15वां बजट है। भाजपा-नीत एनडीए सरकार के कार्यकाल में निरंतर आर्थिक विकास और नियंत्रित महंगाई देखने को मिली है।

डॉ. बंसल ने कहा कि आमजन के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह केंद्रीय बजट तीन संकल्पों से सुसज्जित है। वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया, जिसका कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष का बजट 50.65 लाख करोड़ रुपये का था।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2021-22 में किए गए अपने वादे को पूरा किया है, जिसके तहत वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया था। वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा GDP का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो बजट अनुमान (BE) के अनुरूप है। वर्ष 2026-27 में यह और घटकर GDP का 4.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। सरकार ने FY27 के लिए कर्ज-GDP अनुपात 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। FY27 में 11.7 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा। 16वें वित्त आयोग की 41 प्रतिशत हिस्सेदारी की सिफारिश को भी स्वीकार किया गया है।

डॉ. बंसल ने कहा कि गरीब कल्याण के संकल्प के साथ तैयार किया गया यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास को हर घर तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। यह बजट ऐसे भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर है, जहाँ अवसर सभी की पहुँच में होंगे। पिछड़ों, दलितों और वंचित वर्गों के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि विकास की इस यात्रा में कोई भी पीछे न छूटे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ पहल के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि वित्त मंत्री जी ने बजट में उल्लेख किया है कि भारत में वर्ल्ड क्लास ट्रैकिंग की जब भी चर्चा होगी, उत्तराखंड का नाम शीर्ष पर होगा। मोदी सरकार एवं राज्य सरकार का विजन दुर्गम मार्गों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का है। यह केवल एडवेंचर टूरिज्म नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने का एक आध्यात्मिक अनुभव भी है। उन्होंने कहा कि यह बजट और इससे जुड़ी योजनाएँ देश की बहनों को ‘आर्थिक शक्ति’ बनाने के लिए समर्पित हैं।

डॉ. बंसल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालते हुए मोदी सरकार द्वारा Content Creator Labs का प्रस्ताव ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम लागू होगा। देश के प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। खेलो इंडिया मिशन प्रारंभ करने, देश में तीन नए आयुर्वेद एम्स खोलने, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु पाँच क्षेत्रीय हब स्थापित करने, बैंकिंग सेक्टर के लिए एक हाई-लेवल कमेटी गठित करने, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने, रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में सहयोग, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने, भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने तथा रोजगार सृजन हेतु अनेक कदम उठाने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान इस बजट में किए गए हैं। साथ ही मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ऐसे समय में प्रस्तुत किया गया है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की असमान मौद्रिक नीतियाँ और बढ़ता व्यापार विखंडन भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ से वित्तीय बाजारों में अस्थिरता देखी गई है। इसके बावजूद, आदरणीय प्रधान सेवक श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगतिपथ पर अग्रसर है। यह नया भारत है, जो अपनी चुनौतियों का समाधान स्वयं करना जानता है।

डॉ. नरेश बंसल ने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाले इस विकासोन्मुख बजट के लिए आदरणीय वित्त मंत्री जी, प्रधानमंत्री जी तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त किया।

द्वारा

निजी सचिव

डॉ. नरेश बंसल जी

माननीय भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं

राज्यसभा सांसद 

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे को गुरु रविदास महाराज के नाम समर्पित करना सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर समर्पित किया जाना, उनके महान विचारों, सामाजिक चेतना और मानवता के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि है। संत रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर लिया गया यह निर्णय न केवल अत्यंत सराहनीय है, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और मानव मात्र के सम्मान का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भेदभाव, ऊँच-नीच और असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाकर एक समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है।


श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों और संतों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है। आदमपुर हवाई अड्डे को संत गुरु रविदास महाराज जी के नाम से जोड़ना, उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संत रविदास जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज समरसता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।



 


परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने आम बजट पर अपना बयान जारी करते हुए कहा की आम बजट पूरी तरह से दिशाहीन और जनविरोधी है। वित्त मंत्री का भाषण केवल आंकड़ों की बाजीगरी बनकर रह गया है, जिसमें हमारे जिले के युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए कुछ भी ठोस नहीं है।

mohit uniyal parwadion congrezs


शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन बजट में निजी क्षेत्र और सरकारी भर्तियों के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया गया। सरकार ने युवाओं को एक बार फिर 'पकौड़ा अर्थव्यवस्था' के भरोसे छोड़ दिया है । 

खेती की लागत दोगुनी हो गई है, खाद-बीज के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन इस बजट में न तो MSP की कानूनी गारंटी का जिक्र है और न ही किसानों की आय बढ़ाने का कोई प्रावधान। 

पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों से त्रस्त जनता को उम्मीद थी कि टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को सरकार ने फिर से ठेंगा दिखा दिया है।

 यह बजट स्पष्ट करता है कि मोदी सरकार केवल अपने चुनिंदा पूंजीपति मित्रों की तिजोरियां भरने में लगी है, जबकि गरीब और पिछड़ा वर्ग बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरस रहा है।

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