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"मनरेगा बचाओ संग्राम" अभियान के तहत परवादून जिला कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा के मूल स्वरूप को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। 





उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिससे गरीबों और मजदूरों क

केंद्र सरकार ने मनरेगा के नाम को बदलकर "विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन" (VB-G RAM G) कर दिया है। इस बदलाव के साथ ही मनरेगा के मूल स्वरूप में भी बदलाव किया गया है, जिसका विरोध हो रहा है ।


बदलाव के प्रमुख बिंदु जिससे इस योजना को कमजोर किया गया है।


मनरेगा के तहत रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए है मगर कानूनी गारंटी को खत्म कर दिया गया है। केंद्र और राज्यों के बीच निधि विभाजन का अनुपात 60:40 कर दिया गया है जो पहले 90:10 था। काम की अनुमति के लिए पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता होगी। बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था को कमजोर किया गया है। काम का दायरा सीमित कर दिया गया है, जिसमें जल संरक्षण, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से संबंधित परिसंपत्तियों और जलवायु लचीलेपन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा । कार्य केवल मोदी सरकार द्वारा चुने हुए गांव में ही किया जाएगा । अब कोई कानूनी गारंटी नहीं रहेगी।


डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा की 

मनरेगा के मूल स्वरूप को बदलने का विरोध हो रहा है, जिससे गरीबों और मजदूरों के अधिकारों को खतरा है।

नए बदलावों से ग्रामीण रोजगार का स्वरूप बदल जाएगा और यह नौकरशाही नियोजन पर निर्भर हो जाएगा बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था को कमजोर करने से मजदूरों को नुकसान होगा ।


इसको लेकर कांग्रेस द्वारा विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया गया है ।


10 जनवरी 2026 जिला स्तरीय प्रेस वार्ता

 11 जनवरी 2026 एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध

12-29 जनवरी 2026 ग्राम पंचायतों में चौपालें और जनसंपर्क कार्यक्रम

30 जनवरी 2026 वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन

31 जनवरी - 6 फरवरी 2026 जिला स्तर पर धरना

7-15 फरवरी 2026 राज्य स्तर पर विधानसभा घेराव 16-25 फरवरी 2026 एआईसीसी स्तर पर चार क्षेत्रीय रैलियों का आयोजन

 


कांग्रेस प्रदेश सचिव सागर मनवाल व कांग्रेस पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने कहा कि मनरेगा के मूल स्वरूप को बरकरार रखा जाए और इसमें कोई बदलाव न किया जाए। मनरेगा गरीबों और मजदूरों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है और इसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।


डोईवाला कांग्रेस द्वारा दिनांक 11 जनवरी को धर्मुचक अंबेडकर पार्क में एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध दर्ज किया जाएगा।


प्रेस वार्ता में परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,

डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी,कांग्रेस प्रदेश सचिव सागर मनवाल, कांग्रेस पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नौटियाल व  नगरपालिका सभासद गौरव मल्होत्रा मौजूद रहे।



प्री-बजट कंसलटेशन में उत्तराखण्ड द्वारा प्रस्तुत प्रमुख मांगें व सुझाव-

pre budget consultation uttarakhand



• “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट” को निरंतर जारी रखने का अनुरोध।

• फ्लोटिंग पॉपुलेशन के दृष्टिगत सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) हेतु नई केंद्र पोषित योजना।

• भू-जल स्तर में गिरावट को रोकने हेतु राज्य के प्रयासों (SARRA आदि) को प्रोत्साहन देने के लिए नई केंद्र पोषित योजना अथवा विशेष अनुदान।

• नीलगाय, जंगली सुअर, भालू व बंदरों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए कृषि सुरक्षा एवं मानव–वन्यजीव संघर्ष के तहत क्लस्टर आधारित तारबंदी हेतु नई योजना/अनुदान।

• डिजिटल संप्रभुता एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत स्टेट डेटा सेंटर्स के सुदृढ़ीकरण हेतु केंद्र पोषित योजना।

• ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेलवे नेटवर्क की तार्किक पूर्णता हेतु बागेश्वर–कर्णप्रयाग एवं रामनगर–कर्णप्रयाग रेललाइन का सर्वेक्षण, जिससे टनकपुर–बागेश्वर–कर्णप्रयाग–रामनगर रेलवे सर्किट विकसित किया जा सके।

• प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की तर्ज पर जल जीवन मिशन के अनुरक्षण को भी केंद्र पोषित योजना में शामिल करने एवं योजना अवधि बढ़ाने का अनुरोध।

• बढ़ते शहरीकरण के दृष्टिगत जल जीवन मिशन (शहरी) हेतु आगामी बजट में वित्तीय प्रावधान।

• दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं के लिए ₹2 करोड़ प्रति मेगावाट की दर से कुल ₹8,000 करोड़ की Viability Gap Funding (VGF)।

• विशेष श्रेणी राज्यों में आपदा से हुई कुल क्षति के पुनर्निर्माण हेतु सम्पूर्ण राशि SDRF से वहन किए जाने का प्रावधान।

• 60 से 79 वर्ष आयु वर्ग की वृद्धावस्था पेंशन में केंद्रांश ₹200 से बढ़ाकर ₹500 करने पर विचार।

• आंगनवाड़ी कर्मियों के मासिक मानदेय में वृद्धि।

• आगामी कुंभ आयोजन के दृष्टिगत आवश्यक आधारभूत अवसंरचना एवं अनुरक्षण हेतु विशेष वित्तीय प्रावधान।


*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का वक्तव्य*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का “वॉटर टावर” है और राष्ट्र को महत्वपूर्ण इको-सिस्टम सेवाएं प्रदान करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार से राज्य को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी केंद्रीय बजट 2026–27 उत्तराखण्ड की विकास यात्रा को और सशक्त बनाएगा, राज्य को क्लाइमेट रेजिलिएंट बनाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने तथा विकसित भारत @2047 के संकल्प में उत्तराखण्ड की भूमिका को और सुदृढ़ करेगा।



आगामी 11 जनवरी 2026 को विभिन्न संगठनों द्वारा प्रस्तावित 'उत्तराखंड बंद' के दृष्टिगत उत्तराखंड पुलिस ने प्रदेश भर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।


 आम जनमानस की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाजारों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि आम जनता को असुविधा न हो।





लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कृपया शांतिपूर्ण तरीके से अपना पक्ष रखें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।


वाहन चालक व्यापारियों एवं आम नागरिकों जन सामान्य व्यक्तियों के हितों और सुरक्षा को देखते हुए किसी भी प्रकार का ऐसा कृत ना करें जिससे कानून व्यवस्था का उल्लंघन होता हो और जनता को असुविधा होती हो। कृपया शांति और सौहार्द बनाए रखें।


सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट से बचें।

हम सभी से अपील करते हैं कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में हमारा सहयोग करें।

                              राजीव स्वरूप 

                       पुलिस महानिरीक्षक 

                                 गढ़वाल



- संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत-जर्मनी सहयोग को सुदृढ़ करेगा

- संयुक्त आशय घोषणा संरचित अंतर-सरकारी सहयोग के लिए रूपरेखा स्थापित करती है

- आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान सहभागिता और क्षमता निर्माण को समर्थन देंगे

- समझौता स्वच्छ ऊर्जा, आपदा लचीलापन और डिजिटल प्रौद्योगिकियों सहित प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग को रेखांकित करता है



भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने उत्तराखंड राज्य और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य सरकार के बीच संयुक्त आशय घोषणा (Joint Declaration of Intent – JDI) पर हस्ताक्षर के अवसर पर एक प्रमुख पहलकर्ता, सुगमकर्ता तथा शैक्षणिक भूमिका निभाई। यह घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में संरचित राज्य-स्तरीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


यह संयुक्त आशय घोषणा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, नवाचार और कौशल विकास को सुदृढ़ करने की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है तथा उच्च शिक्षा और अनुसंधान में वैश्विक सहभागिता के प्रति उत्तराखंड सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है। यह IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम द्वारा समन्वित संयुक्त अनुसंधान, नवाचार, नीति संवाद और शैक्षणिक सहभागिता के माध्यम से दीर्घकालिक क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत करती है।


JDI के अंतर्गत बहुआयामी सहयोग की परिकल्पना की गई है, जिसमें एक संयुक्त सूचना एवं कौशल केंद्र की स्थापना, भारत-जर्मनी स्टार्ट-अप्स पर केंद्रित एक उद्योग संपर्क कार्यालय का सृजन, संयुक्त डिग्री पहलों सहित राज्य-स्तरीय संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों का विकास, चिन्हित प्राथमिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, तथा दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और पारंपरिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना शामिल है।


यह सहयोग आपसी महत्व के प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिनमें आपदा लचीलापन और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियां; कृषि, जलवायु और पर्यावरण निगरानी के लिए ड्रोन एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियां; स्वच्छ ऊर्जा और हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था; नवीन सामग्री और उन्नत विनिर्माण; तथा ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य सेवा और साइबर सुरक्षा में डेटा विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग शामिल हैं।


दोनों सरकारों, IIT रुड़की, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम और अन्य संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधियों से युक्त एक संयुक्त कार्य बल (Joint Task Force) का गठन किया जाएगा, जो प्राथमिक पहलों की पहचान करेगा, सहयोग के लिए एक रोडमैप विकसित करेगा तथा व्यापक सहयोग हेतु एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) का प्रस्ताव करेगा।


प्रतिनिधिमंडलों में IIT रुड़की के प्रतिनिधि शामिल थे, जिनका नेतृत्व निदेशक प्रो. के. के. पंत ने किया, साथ ही प्रो. वी. सी. श्रीवास्तव, डीन (अंतरराष्ट्रीय संबंध), तथा एसोसिएट प्रोफेसर अंकित अग्रवाल भी उपस्थित थे; उत्तराखंड सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा और वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. त्रिप्ता ठाकुर शामिल थीं; जबकि जर्मन प्रतिनिधिमंडल में ब्रांडेनबुर्ग संघीय राज्य की विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री डॉ. मान्या शुले, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के अध्यक्ष प्रो. ओलिवर ग्यूंथर, ब्रांडेनबुर्ग यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी कॉटबस-सेनफ्टेनबर्ग (BTU) के अंतरराष्ट्रीयकरण के उपाध्यक्ष प्रो. वोल्फ्राम बर्गर, तथा ब्रांडेनबुर्ग राज्य के विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय से डॉ. वीरा ज़ीगेलडॉर्फ शामिल थीं। IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम की उपस्थिति में हस्ताक्षरित यह संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा के रूप में कार्य करेगी तथा भविष्य की संस्थागत एवं कार्यक्रम-आधारित सहभागिताओं की नींव रखेगी।


ब्रांडेनबुर्ग संघीय राज्य की विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री डॉ. मान्या शुले ने कहा,

“उत्तराखंड राज्य के साथ संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, अनुसंधान और उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम जैसे शैक्षणिक साझेदारों के साथ सहयोग के माध्यम से हम संयुक्त अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना चाहते हैं, साथ ही हमारे क्षेत्रों के बीच स्थायी और दीर्घकालिक साझेदारियां विकसित करना चाहते हैं।”


उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा,

“उत्तराखंड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच संयुक्त आशय घोषणा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। IIT रुड़की और जर्मनी के साझेदार विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों के साथ निकटता से कार्य करते हुए, हम संयुक्त अनुसंधान, कौशल विकास, स्टार्ट-अप सहभागिता और शैक्षणिक आदान-प्रदान के लिए सार्थक अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं, जिससे भविष्य-तैयार मानव संसाधन और सतत क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।”


इस अवसर पर बोलते हुए, IIT रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने कहा,

“मैं भारत के उत्तराखंड राज्य और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य के बीच इस महत्वपूर्ण साझेदारी समझौते—संयुक्त आशय घोषणा—पर हस्ताक्षर होते हुए देखकर अत्यंत प्रसन्न हूं। मैं दोनों राज्यों के अधिकारियों तथा IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के संकाय सहयोगियों के प्रति उनके निरंतर समर्थन और समर्पित प्रयासों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने हमारी दोनों सरकारों की साझा दृष्टि को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। मुझे विश्वास है कि यह संयुक्त आशय घोषणा उत्तराखंड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच अनेक नई पहलों का मार्ग प्रशस्त करेगी, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के सहयोग से सशक्त होंगी, तथा सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण में नवाचार-आधारित, सतत विकास के माध्यम से योगदान देंगी।”


यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के अध्यक्ष प्रो. ओलिवर ग्यूंथर ने कहा,

“संयुक्त आशय घोषणा ब्रांडेनबुर्ग और उत्तराखंड के बीच शैक्षणिक सहयोग के लिए एक मूल्यवान रूपरेखा स्थापित करती है। यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम, IIT रुड़की के साथ मिलकर आपसी हित के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान और ज्ञान-साझाकरण को समर्थन देने के लिए तत्पर है।”


राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतिष्ठा वाली संस्थाओं के रूप में, IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम इस संयुक्त आशय घोषणा के कार्यान्वयन में शैक्षणिक और समन्वयक साझेदार के रूप में सहयोग प्रदान करेंगे तथा इस रूपरेखा के उद्देश्यों के अनुरूप अनुसंधान सहयोग, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहभागिता में योगदान देंगे।




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है । 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।



मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।


मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।


मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की



मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।


मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।


अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की मांग को लेकर डोईवाला में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में

 कांग्रेस की "अंकिता को न्याय दो पद यात्रा" का आयोजन।



 आज अंकिता भंडारी हत्याकांड के रोष में न्याय की मांग को लेकर डोईवाला गुरुद्वारा ऋषिकेश रोड से चीनी मिल तक परवादून जिला कांग्रेस की "अंकिता को न्याय दो" पद यात्रा आयोजित की गई।




पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा की अंकिता भंडारी की हत्या एक जघन्य अपराध है और इसमें शामिल सभी आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। हम मांग करते हैं कि इस मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

इस मुद्दे को लेकर डोईवाला विधानसभा क्षेत्र से सैकड़ों कार्यकर्ता अंकिता को न्याय दो यात्रा में शामिल हुए ।


परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा की अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। हमें न्याय प्रणाली पर विश्वास है, लेकिन यह मामला संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ है, इसलिए इसकी जांच उच्च स्तरीय सीबीआई की निगरानी में होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी इस मामले में तब तक चुप नहीं बैठेगी जब तक न्याय नहीं मिलता।


डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा की अंकिता भंडारी की हत्या ने हमें झकझोर दिया है। हम मांग करते हैं कि इस मामले की जांच उच्च स्तरीय हो और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।


डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह ने कहा की अंकिता भंडारी की हत्या एक दर्दनाक घटना है। हम दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे। सरकार को इस मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। इस पद यात्रा में भारी संख्या में सेवादल कार्यकर्ता सम्मिलित रहेंगे ।


जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर न सरकार पर वीआईपी को बचाने का आरोप लगाया है और कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा



 इस मौके पर परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी, डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह,जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर,कांग्रेस सेवादल प्रदेश अध्यक्ष हेमा पुरोहित,पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा, प्रमोद कपरवान शास्त्री,सागर मनवाल,अरुण पाल,मनोज नौटियाल,ईश्वर पाल,अब्दुल रज्जाक, अंशुल त्यागी,रेखा बहुगुणा,रेणु चुनारा,रेखा कांडपाल सती,मनोज पाल,अमित सैनी, रश्मि देवराडि, सुनील थपलियाल,मनीष नागपाल,ताजेन्द्र सिंह ताज, सुनील बर्मन,राहुल सैनी,गौरव मल्होत्रा,स्वतंत्र विष्ट,देवराज सावन,उमेद बोरा,जितेंद्र कुमार,आरिफ अली,शार्दूल नेगी, विवेक सैनी,इंद्रजीत सिंह, तेजपाल सिंह मोंटी,राहुल आर्य,सावन राठौर,विवेक सैनी व स्थानीय निवासी, कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए ।



 राजधानी देहरादून के रायवाला स्थित   राजकीय वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह में 15 जनवरी से नियमित तौर पर संचालित होगा। वृद्ध आवास में रहने से लेकर भोजन की सभी तैयारियां  पूरी कर ली गई है। 

Free old age home available from 15 January


वृद्ध आवास में 25 वृद्ध  एवं अशक्त व्यक्तियों के लिए निशुल्क आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की ओर से निशुल्क आवासीय सुविधा पाने के लिए 7500351411 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। जिस की वृद्धजन व उनके परिवार संबंधी फोन के माध्यम से भी जानकारी ले सकते हैं। जिला प्रशासन देहरादून व समाज कल्याण विभाग द्वारा भोजन व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी तरह से संपन्न हो चुकी है। जिससे कि आगामी 15 जनवरी से वृद्ध आवास में रहने वाले लोगों को निशुल्क पौष्टिक एवं संतुलित भोजन की व्यवस्था उपलब्ध की जाएगी। 


 जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि भोजन के टेंडर की प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अभी तक पांच  वृद्ध जनों  के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जो कि यहां आने के लिए इच्छुक है। उन्होंने बताया कि अभी इस आवास में 25 वृद्ध जनों के रहने की व्यवस्था है। जो की सभी वृद्ध जनों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक सुविधा देने के लिए तैयार है।

 

जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून मोबाइल 9412114011


देहरादून:


*एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जारी, मालसी-मसूरी रोड़ व ग्राफिक ऐरा यूनिवर्सिटी रोड़ पर की गई अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्यवाही*

Mdda took action on illegal construction


मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त और निरंतर कार्रवाई कर रहा है। एमडीडीए की विभिन्न टीमें अपने-अपने सेक्टरों में सक्रिय रूप से निरीक्षण कर अवैध निर्माणों पर सीलिंग तथा अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित कर रही हैं। प्राधिकरण का स्पष्ट उद्देश्य नियोजित विकास को बढ़ावा देना, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आम नागरिकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं कानूनी विकास का लाभ देना है। एमडीडीए प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृति किए जा रहे किसी भी प्रकार के निर्माण अथवा व्यवसायिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।


वहीं एमडीडीए क्षेत्रान्तर्गत आज विभिन्न अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। देहरादून मालसी-मसूरी रोड, स्थित आर्यन चौधरी द्वारा किए गए अवैध निर्माण, संदीप खुराना एवं मनीष खुराना द्वारा किये गये अवैध निर्माण के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। इस पूरी कार्रवाई में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशानुसार सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, संबंधित सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में विधिवत रूप से पूर्ण की गई। 


इसके साथ ही अतिरिक्त देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी रोड स्थित यामीन एवं आमीर द्वारा अवैध व्यवसायिक निर्माण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया। यह कार्रवाई भी संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर सहायक अभियंता निशान्त कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप, नेहा एवं सुपरवाइजर की मौजूदगी में नियमानुसार संपन्न की गई। 


*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान* 

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियोजित विकास एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहस्त्रधारा रोड, मालशी-मसूरी रोड तथा ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आम नागरिकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व एमडीडीए से स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। एमडीडीए का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि नियमों के अनुरूप सुरक्षित और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है।


*सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान*

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई पूर्ण पारदर्शिता और नियमों के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी टीमों द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाता है, तत्पश्चात नियमानुसार सीलिंग अथवा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी प्रवर्तन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।

 ऋषिकेश :


Elephant destroyed crops in chidderwala


 ग्राम पंचायत छिद्दरवाला में बृहस्पतिवार देर रात्रि एक जंगली हाथी ने भारी उत्पात मचाया। हाथी ने गांव के किसानों की कड़ी मेहनत पर पानी फेरते हुए कई बीघा गेहूं की फसल को पूरी तरह चट कर दिया।

जानकारी के अनुसार, किसान गिरवर सिंह बिष्ट दो बीघा व विजय सिंह बिष्ट के दो  बीघा खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को हाथी ने नुकसान पहुंचाया। इसके साथ ही पास ही स्थित किसान रणवीर सिंह नेगी के खेत में बोई गई गेहूं की फसल को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।

किसान विजय सिंह बिष्ट ने बताया कि लगातार जंगली जानवर खेतों में घुस रहे हैं, जिससे फसल बचाना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि रात भर खेतों की रखवाली के बावजूद हाथी का आतंक थम नहीं रहा है।

घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा तुरंत ग्राम प्रधान गोकुल रमोला को दी गई। ग्राम प्रधान ने मौके की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और किसानों की फसलों के नुकसान का मौका मुआयना किया।

इस दौरान ग्राम प्रधान गोकुल रमोल ने कहा कि लगातार जंगली जानवर आबादी क्षेत्र की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा और आजीविका दोनों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए शासन व वन विभाग से वन सीमा में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की मांग लगातार की जा रही है।

ग्रामीणों ने भी वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की आवाजाही को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह के नुकसान से बचाया जा सके।

 *राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम होगा अब स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी*

*मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल अमल-शासनादेश हुआ जारी



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट)  पौड़ी का नाम परिवर्तित करते हुए ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी‘ किया गया है। इस संबंध में चिकित्सा सवास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के द्वारा गुरुवार को कार्यालय ज्ञाप जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गत दिवस स्व. अंकिता के माता-पिता से भेंट कर दोहराया था कि था सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने स्व. अंकिता भंडारी के माता-पिता के द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष एवं त्वरित कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

*मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिये 5.26 करोड़ की धनराशि*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आन्तरिक सड़कों के निर्माण आदि के लिये  5.26 करोड़  की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के गोरखा नगर में अम्बेडकर भवन के निर्माण हेतु ₹ 2.84 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 40 प्रतिशत ₹ 1.14 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है जिसका शासनादेश भी जारी किया गया है।


मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के विण में रामेश्वर मंदिर (शिव धाम) से बीतडी पुल तक सी०सी० मार्ग व प्रतिधारक दीवार के निर्माण हेतु ₹ 97.25 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत धनराशि ₹ 58.35 लाख की स्वीकृति प्रदान की है जिसका शासनादेश भी जारी किया गया है।


मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अंतर्गत तहसील स्यालदे एवं सल्ट में 101 फीट के तिरंगे की स्थापना हेतु ₹ 89.09 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत धनराशि ₹ 53.45 लाख स्वीकृत की है, जिसका शासनादेश  भी जारी किया गया है।


मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र बाजपुर के ग्राम बाजपुर गांव के आंतरिक मार्गों का 700 मीटर सी०सी० मार्गों के निर्माण के लिये ₹ 55.57 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत ₹ 33.34 लाख की धनराशि स्वीकृत की है, जिसका शासनादेश भी जारी किया गया है।



 उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी अपने रेगुलर कर्मचारियों अधिकारियों के चल चल संपत का विवरण 31 जनवरी 2026 

तक मानव संपदा पोर्टल पर एवं अपने विभाग को जानकारी देने का निर्देश जारी किया 

विवरण देने पर ही जनवरी माह का वेतन आधारित होगा 

इसमें आहरण वितरण अधिकारी एवं नियंत्रक अधिकारी गड़बड़ी होने पर जिम्मेदार होंगे

डॉ मुरलीधर सिंह ,अधिवक्ता ,मा उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ 

एवं पूर्व उपनिदेशक मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि

हमारे उत्तर प्रदेश सरकार के पास लगभग 16 लाख  कर्मचारी हैं सभी कर्मचारी अधिकारी हैं सभी कर्मचारियों अधिकारियों को अपने आय के संपत का चल अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी 2026 तक देना है ऐसा आदेश उत्तर प्रदेश के सरकार के मुख्य सचिव द्वारा जारी किया गया है

Dr Muralidhar Shastri


 ऐसे आदेश प्रत्येक वर्ष जारी होते हैं पर लगभग 30 हजार कर्मचारी अपने का विवरण नहीं देते हैं 

केंद्रीय सरकार ने अपने केंद्रीय सरकार के सभी श्रेणी के अधिकारियों को चल चल संपत्ति का विवरण 31 दिसंबर 2025 तक देने का निर्देश दिया था इसमें अभी भी 20 परसेंट संपत्ति का विवरण नहीं दिए हैं और लगभग 80% दे चुके हैं केंद्रीय सरकार में रेगुलर कर्मचारियों की संख्या लगभग 18 से 19 लाख तक है

 ऐसा विभिन्न स्रोतों से जानकारी के आधार पर अवगत करा रहा हूं

 इस काम को ठीक से करने के लिए या सही तरीके से विवरण प्राप्त हो और प्रभावी  कार्रवाई हो सके.

 इसका एकमात्र तरीका है  विवरण दाखिल किया जाए और उसमें 

जैसे निर्वाचन आयोग अपने हलफनामे  में पूरे परिवार का विवरण मांगता है वैसे दिया जाए जो सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्य होता है 

तभी यह संभव है अन्यथा स्थानीय स्तर पर  कर्मचारी अपना सेटिंग करके जो आहार में वितरण अधिकारी उनके विभाग का ही होता है उसे अपना वेतन नया विवरण निकाल लेते हैं 

हालांकि सरकार ने मानव संपदा पोर्टल बनाया है जिस पर सभी कर्मचारियों के विवरण है.

 लेकिन उसका चेक किया जाए तो 60परसेंट कर्मचारियों के विवरण ठीक  है  ऐसा होता तो आए से से ज्यादा संपत के मामले में अधिकारियों के खिलाफ नहीं करवाई होती है।

यह एक स्वागत योग्य कदम है इसका सभी को स्वागत करना चाहिए.

 


 *मुख्यमंत्री ने की देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों से जुड़े निर्माण कार्यों के दौरान बिजली, पानी, गैस की भूमिगत लाईन सहित अन्य जो भी कार्य होने हैं, उन्हें संबंधित विभाग आपसी समन्वय कर निर्धारित समयावधि के अन्दर कार्य पूर्ण करें। सभी विभाग वर्षभर में प्रस्तावित कार्यों को सूचीबद्ध कर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर समय निर्धारित करते हुए ही कार्य करने की अनुमति दी जाए। साथ ही आंतरिक सड़कों के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। 


मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, बिजली के बिल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सत्यापन की कार्यवाही नियमित की जाए। जिन लोगों के गलत तरीके से दस्तावेज बने हैं, उनको निरस्त करने की कार्यवाही निरंतर की जाए और गलत प्रमाण पत्र जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए, एवं नगर निगम अतिक्रमण हटाने की भी निरंतर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने बैठक में नियमित कार्यों के साथ-साथ नवाचार आधारित विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क एवं कॉरिडोर के विस्तार व सुधार कार्यों से देहरादून की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे शहर में पर्यटकों एवं आमजन की आवाजाही बढ़ेगी। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को और गति देने की आवश्यकता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के विचार-विमर्श कर योजनाओं पर कार्य किया जाए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम के माध्यम से जन समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जो लोग जिन योजनाओं के तहत पात्रता की श्रेणी में हैं, उन्हें योजनाओं का लाभ अवश्य मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहिOत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सभी विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। शीतकाल को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं एवं बुजुर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ ही प्रमुख चौक-चौराहों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान पुलिस को यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, नशा मुक्ति अभियान के तहत नियमित जागरूकता के साथ ही रैण्डम चैकिंग करने के निर्देश भी दिये। 


कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कार्यों की प्राथमिकता तय कर उनको समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में और अधिक प्रभावी प्रयास करने होंगे। 


जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल ने जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति एवं प्रमुख उपलब्धियों के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जिले में अब तक 61 हजार पंजीकरण किए जा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर पंजीकृत 7,662 शिकायतों में से 6,480 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है। जनपद में 3,58,536 राशन कार्डों में से 2,81,366 का सत्यापन करते हुए 5,590 कार्ड निरस्त किए गए हैं। इसी प्रकार 12,06,960 आयुष्मान कार्डों में से 1,36,676 का सत्यापन कर 9,428 कार्ड निरस्त किए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 57 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि में से 47 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। 


जिलाधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के चार प्रमुख प्रोजेक्ट सहित रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाएं प्रगति पर हैं। साथ ही पांवटा साहिब-बल्लूपुर फ्लाईओवर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है तथा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण भी जारी है। जिला चिकित्सालय गांधी शताब्दी में मॉडल टीकाकरण केंद्र, रक्त गरुड़ वाहन सेवा एवं 12 बेडेड एसएनसीयू की स्थापना की गई है। प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं एवं खेल सामग्री का प्रावधान किया गया है। बाल भिक्षावृत्ति निवारण के तहत 267 बच्चों का रेस्क्यू कर 154 को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। नंदा-सुनंदा परियोजना के अंतर्गत 93 बालिकाओं को अब तक 33 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण किया गया है तथा परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट एवं दून अस्पताल में ऑटोमेटिक पार्किंग का निर्माण किया गया है। 


बैठक में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायकगण श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, श्री बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, एमडीडीए के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त श्रीमती नामामि बंसल, मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह, डीएफओ श्री अमित कंवर, सीएमओ डॉ एमके शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट श्री प्रत्यूष सिंह, एसडीएम श्री हरि गिरी, एस.एल.ई.ओ. श्रीमती स्मृता प्रमार, एसडीएम सुश्री कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री विक्रम सिंह सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।










देहरादून:



*मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में एमडीडीए की बड़ी पहल,  स्कूलों में बनेंगे आधुनिक खेल कोर्ट*

*खेलों से संवरेगा छात्रों का भविष्य, देहरादून के सरकारी स्कूलों में 484 लाख रुपये खर्च करेगा एमडीडीए*

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन एवं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के कुशल नेतृत्व में निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। जनपद देहरादून में समग्र विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए एमडीडीए द्वारा शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जनपद देहरादून में विद्यमान विभिन्न राजकीय विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में खेल-कूद गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एमडीडीए द्वारा देहरादून जनपद के 08 राजकीय विद्यालयों में बैडमिंटन एवं वॉलीबॉल कोर्ट के निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल रु. 484.00 लाख की धनराशि व्यय की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास के साथ-साथ स्थानीय जनसामान्य को भी आधुनिक खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।


एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का मानना है कि खेल अधोसंरचना केवल प्रतियोगी खेलों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। इसी दृष्टि से विद्यालय स्तर पर खेल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि भविष्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रारंभिक स्तर से ही बेहतर संसाधनों के साथ आगे बढ़ सकें।


*प्राधिकरण द्वारा जिन विद्यालयों में खेल कोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है, उनका विवरण निम्नवत् है—*


1- राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी), मियावाला, देहरादून में प्रस्तावित आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


2- राजकीय इंटर कॉलेज / राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीआईसी/जीजीआईसी), रानीपोखरी, देहरादून में प्रस्तावित आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


3- डोईवाला स्थित सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, देहरादून में प्रस्तावित आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


4- राजकीय इंटर कॉलेज, सेलाकुई, सहसपुर, देहरादून में प्रस्तावित आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


5- राजकीय इंटर कॉलेज, हर्बर्टपुर, देहरादून में प्रस्तावित आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


6- राजकीय इंटर कॉलेज, सौदासरोली, देहरादून में प्रस्तावित इंडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


7- राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजपुर रोड, देहरादून में प्रस्तावित इंडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


8- राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, कौलागढ़, देहरादून में प्रस्तावित इंडोर बैडमिंटन कोर्ट के साथ-साथ आउटडोर वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण।


इन सभी परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शीघ्र ही छात्र-छात्राएँ एवं स्थानीय नागरिक इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।



*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*


एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्राधिकरण का प्रयास है कि शहरी विकास के साथ-साथ सामाजिक विकास को भी समान महत्व दिया जाए। विद्यालयों में खेल अधोसंरचना का विकास भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का आधार होते हैं। एमडीडीए द्वारा देहरादून जनपद के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में बैडमिंटन एवं वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण इसी सोच का परिणाम है। इन सुविधाओं से छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा और स्थानीय जनसामान्य को भी स्वस्थ गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध होंगे। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में एमडीडीए विकास कार्यों के साथ-साथ शिक्षा, खेल और पर्यावरण के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम करे।


*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*


एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा सभी प्रस्तावित खेल परियोजनाओं को तकनीकी मानकों के अनुसार क्रियान्वित किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इन खेल कोर्ट्स के निर्माण से विद्यालयों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायता मिलेगी। एमडीडीए भविष्य में भी जनहित से जुड़े ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देता रहेगा।

एमडीडीए की यह पहल न केवल शैक्षणिक परिसरों को आधुनिक स्वरूप प्रदान करेगी, बल्कि देहरादून जनपद में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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एम्स ऋषिकेश

dron service kotdwar by aiims rishhikesh


एम्स ऋषिकेश ड्रोन मेडिकल सेवा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी स्थित बौराड़ी में कुछ जरूरी दवाएं भेजी गयी। संस्थान शीघ्र ही इस सेवा को नियमित तौर पर सुचारू करेगा जो स्वास्थ्य सुविधा की दृष्टि से सुदूर क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष लाभकारी सिद्ध होगी।  


उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले गंभीर मरीजों के उपचार में एम्स ऋषिकेश की ड्रोन मेडिकल सेवा फरवरी 2023 में शुरू की गयी थी। इस दौरान संस्थान द्वारा समय-समय पर राज्य के टिहरी, चम्बा, हिंडोलाखाल, जुड्डा नीलकंठ, कोटद्वार और हरिद्वार स्थित रोशनाबाद सहित अन्य विभिन्न स्थानों तक ड्रोन सेवा के माध्यम से आवश्यक दवाएं पंहुचाई गयी। गंभीर रोगियों के इलाज में मददगार साबित हुई संस्थान की इस  तकनीक आधारित सेवा के ड्रोन ने मंगलवार को दोहपहर 12 बजकर 20 मिनट पर एम्स के हेलीपैड से टिहरी के लिए उड़ान भरी। यह 30 मिनट में 50 किलोमीटर की दूरी तय कर दोपहर 12ः50 बजे बौराड़ी स्थित टिहरी के नगर निगम सभागार प्रांगण में पहुंचा। जबकि वापसी में वंहा से  1ः25 बजे रवाना हुआ और अपरान्ह 1 बजकर 55 मिनट पर एम्स हेलीपैड में उतरा। 


संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफे. (डॉ.) मीनू सिंह ने इस अवसर पर बताया कि संस्थान ड्रोन आधारित मेडिकल सेवाओं के माध्यम से राज्य के दुर्गम क्षेत्रों तक दवा पंहुचाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से जरूरतमंदों तक दवा पंहुचाने के लिए शीघ्र ही राज्य के अन्य इलाकों को इस सेवा से आच्छादित किया जायेगा। इस अवसर पर एम्स के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाॅ. भारत भूषण, डीएमएस डाॅ. रवि कुमार, संस्थान के पीआरओ डाॅ. श्रीलोय मोहन्ती, पीपीएस विनीत कुमार सिंह, ड्रोन सेवाओं के कंसल्टेंट हरदीप एस मन्हास, स्काईनेट ई सोल्यूशन कंपनी के सीईओ पुनीत धमोला, निदेशक राजीव सिंह, प्रवीन भाटी, शशांक सावन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में स्वर्गीय अंकिता भंडारी के पिता श्री वीरेंद्र सिंह भंडारी व माता श्रीमती सोनी देवी ने  भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने प्रकरण से संबंधित अपने मंतव्य एवं भावनाएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।




मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग एवं  उनकी  मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया |

 डोईवाला:



आज डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुनारगांव अट्ठूरवाला में युवा कल्याण, शिक्षा, खेल विभाग देहरादून के संयुक्त तत्वधान में विधानसभा स्तर पर आयोजित खेल महाकुंभ 2025  विधायक चैंपियनशिप ट्राफी के भव्य शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुआ तथा खेल महाकुंभ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी श्री संदीप वर्मा जी, नगर पालिका परिषद डोईवाला के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

 देहरादून;




मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में वन विभाग के अंतर्गत इको टूरिज्म के संबंध में उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक संपन्न हुई। 

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश का अधिकतर भूभाग वनाच्छादित होने से प्रदेश में इको टूरिज्म की अत्यधिक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इको टूरिज्म की सम्भावनाओं को तलाशते हुए ऐसे स्पॉट चिन्हित कर विकसित किए जाएं जो इको टूरिज्म के लिए इको सिस्टम तैयार करें। 


मुख्य सचिव ने ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग के लिए पॉलिसी तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग की एक इंटीग्रेटेड पॉलिसी 15 जनवरी तक फाइनल करते हुए शासन को प्रस्तुत किए जाने की बात कही। कहा कि पॉलिसी तैयार किए जाने से पूर्व प्राईवेट स्टैक होल्डर्स से भी संवाद कर लिया जाए, ताकि पॉलिसी बनने के बाद आने वाली व्यवहारिक समस्याओं से बचा जा सके। मुख्य सचिव ने ट्रैकिंग के लिए नई चोटियां खोले जाने की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्यावरण ऑडिट सहित अन्य सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने शीघ्र ही इसकी एसओपी भी जारी किए जाने की बात भी कही है। 


मुख्य सचिव ने चौरासी कुटिया के जीर्णोद्धार का कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्था को समय से कार्य पूर्ण करने हेतु सभी कार्यों की टाइम लाइन निर्धारित किए जाने की बात कही। कहा कि कार्य समय से पूर्ण हो सके इसके लिए कार्यदायी संस्था को लक्ष्य दिए जाएं। मुख्य सचिव ने इको टूरिज्म के लिए जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू किए जाने की बात कही। कहा कि इनको  और ससमय पूर्ण किए जाने के लिए संभागीय वन अधिकारियों (डीएफओ) को टास्क प्रदान किए जाएं कि वे किस प्रकार से अपने क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने 10 चिन्हित साइट्स का प्लान एक माह में तैयार करके शासन को भेजे जाने के निर्देश दिए।

 

मुख्य सचिव ने वन क्षेत्र के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इनके संचालन की जिम्मेदारी इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसका गठन ही इसी उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने इसके लिए इको टूरिज्म डेवेलपमेंट बोर्ड को मजबूत करने, मैन पावर बढ़ाने एवं बजट में प्रावधान किए जाने की बात भी कही। उन्होंने अपर सचिव वन को ईटीडीबी के लिए नया हैड खोले जाने के निर्देश भी दिए, ताकि यूटीडीबी की भांति ईटीडीबी को भी ग्रांट दी जा सके। इको टूरिज्म साइट्स के इको टूरिज्म डेवेलपमेंट बोर्ड के माध्यम से संचालन हेतु शीघ्र ही एमओयू भी किया जाए।


मुख्य सचिव ने ईको टूरिज्म से सम्बन्धित हाईपावर समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित कराए जाने की बात भी कही। उन्होंने प्रदेशभर में पर्यटन के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्टिफिकेशन को एक ही जगह एंकर किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशिक्षण प्रमाणीकरण के लिए पर्यटन विभाग को जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही। कहा कि उच्च शिक्षा विभाग से भी इसके लिए सुझाव लिए जाएं।


इस अवसर पर सचिव श्री दीपेन्द्र कुमार चौधरी, पीसीसीएफ श्री रंजन कुमार मिश्रा, सीसीएफ ईको टूरिज्म श्री पी.के. पात्रो एवं अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरबंस कपूर मेमोरियल सामुदायिक भवन, गढ़ीकैंट देहरादून में स्व. श्री हरबंस कपूर की 80वीं जयंती के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। 


मुख्यमंत्री ने स्व. श्री हरबंस कपूर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा स्व. हरबंस कपूर हम सभी के लिए प्रेरणादायक थे और उनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।




मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. हरबंस कपूर ने अपने जीवन में सदैव समाज और जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। उनका पूरा जीवन जनता और अपने लोगों के लिए समर्पित रहा है। विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। मुख्यमंत्री ने स्व. कपूर के साथ बिताए पलों को साझा करते हुए कहा कि वे सादगी और संवेदनशीलता के प्रतीक थे। उन्होंने प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किया और राज्य के विकास से जुड़े हर विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़े। 


कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने स्व. हरबंस कपूर को नमन करते हुए कहा कि स्व. कपूर जी एक आदर्श जननेता थे, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण जनसेवा को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कपूर, उनके राजनीतिक गुरु थे और आज वे जिस भी स्थान पर हैं, उसमें कपूर साहब का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि हरबंस कपूर का राज्य के विकास में उनका योगदान सदैव अनुकरणीय रहेगा। 


इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, दायित्वधारी श्री श्याम अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।



हरिद्वार :






     अधिशासी अभियंता अतुल शर्मा ने अवगत कराया है की राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी सतत प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए मुज़फ्फरनगर–हरिद्वार रोड प्रोजेक्ट पर एक व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ट्रक चालकों, स्कूली बच्चों, ग्रामीणों एवं आम नागरिकों को सुरक्षित ड्राइविंग आदतों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन विशेष रूप से तैयार किए गए “रोड सेफ्टी सुरक्षा रथ” के माध्यम से किया गया, जिसमें ऑडियो एवं सार्वजनिक संबोधन प्रणाली स्थापित है। इस सुरक्षा रथ के जरिए सड़क सुरक्षा से संबंधित संदेशों का प्रसार ढाबों (सड़क किनारे भोजनालय), आसपास के गांवों, व्यस्त चौराहों तथा राजमार्ग के प्रमुख स्थलों पर किया इस पहल का औपचारिक शुभारंभ परियोजना प्रबंधक एवं एनएचआईटी दक्षिणी परियोजनाएं के अधिकारियों द्वारा बहादराबाद टोल प्लाज़ा से किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से सुरक्षित वाहन संचालन, यातायात नियमों के पालन और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया।
       इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में सड़क सुरक्षा संस्कृति को सुदृढ़ करना तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


देहरादून :

DM Dehradun  puvlic hearing and janta darshan


जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में आज  ऋषिपर्णा  सभागार कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान 88 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश शिकायत भूमि संबंधी प्राप्त हुई इसके अतिरिक्त आपसी विवाद, सामाजिक व व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़ी शिकायतें शामिल रहीं। अपर जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनता दर्शन में नई बस्ती, चंदरनगर निवासी एक बुजुर्ग दंपति ने शिकायत दर्ज कराई कि उनका बेटा उनके साथ मारपीट करता है तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत वाद दायर कराने के निर्देश दिए।

प्रगति विहार विकास संस्था, अजबपुर द्वारा प्रस्तुत शिकायती पत्र में बताया गया कि लेन नंबर- 6 में स्थित खाली प्लॉट पर संदिग्ध व्यक्तियों/भूमाफियाओं द्वारा कब्जा किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर नगर निगम एवं तहसीलदार सदर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत चकजोगीवाला निवासियों ने शिकायती पत्र के माध्यम से चकजोगीवाला में भूमाफियाओं द्वारा समाज की भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है तथा 18 मीटर चौड़े नाले पर भी अतिक्रमण किया गया है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को समाज की भूमि को कब्जा मुक्त कराने हेतु कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शास्त्री नगर, डाकरा कैंट निवासी निर्मला देवी ने अपने शिकायती पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि उनके पति वर्ष 2012 से गुमशुदा हैं। उन्होंने पति को मृत घोषित करते हुए कैंट बोर्ड से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने का अनुरोध किया। इस पर अपर जिलाधिकारी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, देहरादून कैंट को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

शिकायतकर्ता हनीफ ने अपने दिवंगत भाई वसीम अहमद (श्रमिक), जिनका 21-01-2022 को कार्य के दौरान दुर्भाग्यवश निधन हो गया था, के संबंध में ई-श्रम योजना अंतर्गत देय अनुग्रह राशि के भुगतान हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उनकी शिकायत आईडी एलबी57117 की स्थिति वर्तमान में बंद दर्शाई जा रही है, जबकि आज तक मृतक की पत्नी को अनुग्रह राशि प्राप्त नहीं हुई है, जिससे परिवार गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रकरण की पुनः जांच कराते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि देय अनुग्रह राशि भुगतान के संबंध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के  निर्देश दिए।

जनता दर्शन कार्यक्रम के अंत में अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक प्रभावी रूप से पहुंचे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजीत सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृति परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप नगर आयुक्त नगर निगम संतोष कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 


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