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लच्छीवाला टोल प्लाजा व आशा रोडी बैरियर को खुला रखने के डीएम ने जारी किए आदेश

देहरादून :


 देहरादून दिल्ली एक्सप्रेस वे के लोकार्पण  एवं देहरादून  में जसवंत सिंह ग्राउंड गढी कैंट परिसर में आयोजित मा0 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के  प्रस्तावित कार्यक्रम में भारी संख्या में जनमानस के प्रतिभाग करने  की संभावना के दृष्टिगत जिला प्रशासन देहरादून  चाक चौबंद व्यवस्थाएं करने में जुटा है। माननीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आने वाले वाहनों शहर तथा आसपास जाम की स्थिति न बने इसके लिए जिलाधिकारी ने लच्छीवाला टोल प्लाजा को   14 अप्रैल  को प्रातः 5:00 बजे से सांय 8:00 बजे तक खुला रखने के आदेश दिए । जिसके फलस्वरुप इस दौरान किसी भी निजी, कमर्शियल व अन्य वाहनों का टोल टैक्स नहीं काटा जाएगा। मंगलवार प्रातः 05 बजे से लेकर शाम 08 बजे तक टोल प्लाजा से वाहनों का नि:शुल्क आवागमन रहेगा।


 जिला प्रशासन द्वारा टोल प्लाजा को नि:शुल्क रखने के आदेश दिए हैं । माननीय प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सीमावर्ती व पर्वतीय जनपदों से बसे एवं निजी वाहनों के अधिक संख्या में कार्यक्रम स्थल पहुंचने की संभावना के चलते टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति न बने तथा शहर को जाममुक्त रखने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये जाने को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुबह 05 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक टोल प्लाजा को नि:शुल्क रूप से खुला रखने के आदेश दिए  हैं ।  इस अवधि में फास्ट टैग से भी किसी प्रकार का कोई टोल नहीं वसूला जाएगा है।

 

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखण्ड दौरे की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। 


मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक ने डाट काली मंदिर से महिंद्रा ग्राउंड, गढ़ी कैंट तक तैयारियों को परखा। मुख्य सचिव ने सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को पीएम दौरे के दौरान सुचारू रूप से संचालित किए जाने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही।

मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के बनने से एक ओर दिल्ली - एनसीआर से देहरादून पहुँचने का समय कम होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, चारधाम यात्रा के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर इससे आर्थिक गतिविधियों को भी बूस्ट मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रमेन्द्र सिंह डोभाल एवं नगर आयुक्त श्रीमती नमामी बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की वार्ता, समाधान की दिशा में पहल* 



 *इंजीनियर्स की मांगों के परीक्षण हेतु सब-कमेटी गठन* 

 *जनहित को प्राथमिकता, संवाद से समाधान की ओर बढ़ी सरकार और इंजीनियर्स* 

उत्तराखंड में चल रही डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के बीच आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने भेंट कर अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में विस्तृत चर्चा की।

महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी 27 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें पदोन्नति, वेतनमान और पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे |



मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है और उनकी सभी मांगों का समुचित परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों के समाधान के लिए एक सब-कमेटी का गठन किया जाएगा, जो संबंधित बिंदुओं का गहन अध्ययन कर शीघ्र अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार संवाद और समन्वय के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को सुचारू बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और राज्य के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सभी पक्षों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने इंजीनियर्स महासंघ से अपील की कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए सहयोगात्मक रुख अपनाएं और वार्ता प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि शीघ्र समाधान निकल सके। उन्होंने कहा कि  “राज्य सरकार डिप्लोमा इंजीनियर्स की मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उनकी समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। संवाद और समन्वय के माध्यम से हम सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”


 बैठक में सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री दिलीप जावलकर, श्री पंकज कुमार पांडे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे |

मुख्यमंत्री से उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने की भेंट*


*मुख्यमंत्री से वार्ता के पश्चात् उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ ने अपनी 23 मार्च, 2026 से चली आ रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को राज्यहित में स्थगित किये जाने का लिया निर्णय*


उत्तराखंड में चल रही डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के बीच आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने भेंट कर अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी 27 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें पदोन्नति, वेतनमान और पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। मुख्यमंत्री से वार्ता के पश्चात् उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ द्वारा अपनी 23 मार्च, 2026 से चली आ रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को राज्यहित में स्थगित किये जाने का निर्णय लिया गया है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार संवाद और समन्वय के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को सुचारू बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और राज्य के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सभी पक्षों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।


उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं. आर.सी.शर्मा ने बताया कि 27 सूत्रीय समस्याओं के निराकरण हेतु महासंघ के समस्त सदस्य दिनांक 23 मार्च, 2026 से अनिश्चितकालीन हडताल पर थे। उन्होंने बताया इस सम्बन्ध में आज शुक्रवार को महासंघ के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये सकारात्मक आश्वासन के पश्चात, उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ ने आज दिनांक 10 अप्रैल, 2026 को अपनी आनिश्चितकालीन हड़ताल को राज्यहित में स्थगित करने का निर्णय लिया है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा बीते दिनों केंद्रीय नागर विमानन मंत्री से देहरादून-वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या उड़ान सम्पर्क बढ़ाये जाने का अनुरोध किया गया था। इसी क्रम में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू किंजरापु ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में अवगत कराया है कि वर्तमान में देहरादून से अहमदाबाद, भुवनेश्वर, बैंगलौर, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, शमशाबाद, जयपुर, लखनउ, पुणे, कुल्लू के लिए इंडिगो, एलाइंस एअर, एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस की प्रति सप्ताह आने-जाने की 254 उडानें संचालित है।


उन्होंने बताया कि भारत में घरेलू विमानन क्षेत्र को नियंत्रणमुक्त कर दिया गया है। इसके तहत एयरलाइनें अपने बेडे में किसी भी प्रकार के विमान को शामिल करने और अपने प्रचालन और वाणिज्यिक सरोकारों के आधार पर बाजारों और मार्गो का चयन करने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने बताया है कि किसी भी हवाईअड्डे के लिए या हवाईअड्डे से हवाई सेवाओं को आरंभ करने या बढ़ाने का निर्णय संबंधित एयरलाइंस प्रचालकों पर निर्भर करता है। उन्होंने बताया है देहरादून से वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या उड़ान सेवा के अनुरोध का सभी अनुसूचित घरेलू एयर लाइनों के साथ सांझा किया गया है।


*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार राज्य  हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार उत्तराखंड को सहयोग कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में हवाई सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। सरकार देहरादून से वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या के लिए नियमित हवाई सेवा शुरु करने के लिए प्रयासरत है। इससे राज्य के लोगों को वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या से सीधे सम्पर्क स्थापित हो सकेगा।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*


• प्रदेश में मकानसूचीकरण एवं हाउसिंग जनगणना कार्य का आरंभ

• पहली बार नागरिकों को ऑनलाइन ‘स्व-गणना’ की सुविधा

• प्रदेश में 30,000 से अधिक प्रगणक एवं पर्यवेक्षक तैनात

SIR  CM dhami governor gurmeet


शुक्रवार को उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) प्रक्रिया की शुरुआत की।


कार्यक्रम के तहत आज से प्रदेश में ‘मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (Houselisting & Housing Census)’ का कार्य प्रारंभ हो गया है। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत पहली बार नागरिकों को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वे जनगणना अधिकारी के घर आने से पूर्व स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर दर्ज कर सकते हैं।


यह स्व-गणना सुविधा 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक गणना कर्मी घर-घर जाकर डेटा संकलन करेंगे।


इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्व-गणना के माध्यम से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता करें, जिससे डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े राज्य सरकार को बेहतर नीतियां बनाने और अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहायक होंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे जनगणना शुभंकर ‘प्रगति’ और ‘विकास’ के साथ जुड़कर इस अभियान को सफल बनाएं।

कैबिनेट मंत्री, जनगणना, उत्तराखंड शासन ने भी प्रदेश की जनता से इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की।


महत्वपूर्ण जानकारी: प्रथम चरण में नागरिकों को मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं (जैसे बिजली, पानी, शौचालय आदि) तथा संपत्तियों से संबंधित 33 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। स्व-गणना करने वाले नागरिकों को एक विशेष SE ID प्राप्त होगी, जिसे गणना कर्मी के आगमन पर साझा करना अनिवार्य होगा।

इस कार्य के लिए प्रदेश भर में लगभग 30,000 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। उत्तराखंड शासन ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों का पूर्ण सहयोग करें तथा स्व-गणना सुविधा का अधिकतम उपयोग करते हुए राज्य के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।


इस अवसर पर भारत सरकार, गृह मंत्रालय की जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव, उत्तराखंड शासन से जनगणना सचिव दीपक कुमार, संयुक्त निदेशक एस. एस. नेगी, उप निदेशक प्रवीण कुमार, तान्या सेठ, आर. के. बनवारी तथा देवाशीष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



देहरादून :


जिलाधिकारी  सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सतत प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है। 

 

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 13  शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 13466  अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 639 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।एलपीजी का घरेलू 28248 तथा व्यवसायिक का 4356 स्टॉक उपलब्ध है।  घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।    



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चेक पोस्टों पर एएनपीआर कमरे एक्टिव, आशारोड़ी और नारसन बॉर्डर पर रेस्ट पॉइंट, ऋषिकेश में कंट्रोल रूम*


देहरादून :

आगामी 19 अप्रैल से प्रारंभ हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए परिवहन विभाग की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने हेतु विभाग द्वारा 16 अप्रैल से विभिन्न प्रमुख स्थानों पर चेक पोस्ट संचालित किए जाएंगे।


मा मुख्यमंत्री, मा परिवहन मंत्री एवं जिलाधिकारी के निर्देशन पर परिवहन विभाग द्वारा आशारोड़ी, कटा पत्थर, कोठाल गेट, हर्बतपुर, ऋषिकेश, सत्यनारायण, तपोवन, भद्रकाली एवं सोनप्रयाग में स्थापित किए जा रहे चेक पोस्ट वाई-फाई सुविधा से युक्त कर दिए है। इन चेक पोस्ट पर ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड तथा वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। यात्रा की निगरानी के लिए प्रवर्तन टीमें भी विभिन्न स्थानों पर सक्रिय रहेंगी। ये टीमें यात्रा में शामिल वाहनों की तकनीकी फिटनेस, आवश्यक दस्तावेजों एवं अन्य मानकों की गहन जांच करेंगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऋषिकेश को यात्रा का प्रमुख केंद्र मानते हुए यहां एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है, जहां परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहेंगे। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से श्रद्धालु टोल फ्री नंबर 0135-2743432 पर संपर्क कर अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त कर सकेंगे।


संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी ने बताया कि विभाग की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और 16 अप्रैल से सभी चेक पोस्ट पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रत्येक चेक पोस्ट पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 30 मार्च से प्रारंभ हुई ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया के तहत अब तक 1500 से अधिक ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। हरिद्वार के अतिरिक्त रुड़की एवं आशारोड़ी में भी ग्रीन कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं सुगम बनाया जा सके।


हरबर्टपुर व ऋषिकेश चेक पोस्ट से जाम पर लगेगा लगाम

चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए हरबर्टपुर बस अड्डा एवं ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप पर स्थापित परिवहन विभाग की चेक पोस्ट अहम भूमिका निभाएंगी। संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी के अनुसार, इन दोनों स्थानों पर बसों की पूर्व जांच सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आगे कटा पत्थर, भद्रकाली व तपोवन क्षेत्रों में जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, लंबी दूरी तय कर आने वाले वाहन चालकों की सुविधा के लिए आशारोड़ी एवं नारसन बॉर्डर पर रेस्ट पॉइंट विकसित किए जा रहे हैं, जहां बेड, शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।


बॉर्डर क्षेत्रों में एएनपीआर कैमरों से होगी सख्त निगरानी

चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए परिवहन विभाग ने प्रदेश के बॉर्डर क्षेत्रों में अत्याधुनिक एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे सक्रिय कर दिए हैं। इन कैमरों के माध्यम से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की निगरानी सीधे मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। संभागीय परिवहन अधिकारी के अनुसार, भद्रकाली, तपोवन, कटा पत्थर एवं नारसन बॉर्डर जैसे प्रमुख पड़ावों पर एएनपीआर कैमरे पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।



 



आज दिनाँक 09 अप्रैल 2026 को सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों के दृष्टिगत SDRF वाहिनी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संचार व्यवस्था, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, आधुनिक उपकरणों के समुचित उपयोग, पर्याप्त जनशक्ति की तैनाती एवं रणनीतिक स्थानों पर पोस्ट स्थापना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसके अतिरिक्त डॉग स्क्वाड की तैनाती, आपात परिस्थितियों से निपटने हेतु मॉक एक्सरसाइज का आयोजन, श्रद्धालुओं की सुविधा एवं जागरूकता के लिए यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर सूचनात्मक बैनर स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आवश्यक स्थानों पर पैरामेडिक्स की तैनाती तथा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए।


बैठक में उपसेनानायक श्री शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक श्री सुशील रावत एवं श्री संजय उप्रेती, निरीक्षक श्री प्रमोद रावत, श्री अनिरुद्ध भंडारी, श्री जगदम्बा प्रसाद, श्री कवीन्द्र सजवाण, श्री कर्ण सिंह, श्री सुनील सती, RI रेडिओ श्री राम गोपाल, उपनिरीक्षक श्री जयपाल राणा एवं श्री विजय रयाल सहित अन्य अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।


हरिद्वार:



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 के तहत अवस्थापना सुविधाओं के विकास में तेजी लाये जाने तथा जिला योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु  1200 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला-2027 के तहत अवस्थापना सुविधाओं के विकास में तेजी लाये जाने के लिए विभिन्न विभागों की 28 महत्वपूर्ण योजनाओं हेतु ₹ 282.29 करोड़ की योजनाओं का अनुमोदन प्रदान किया गया है। कुम्भ मेला-2027 को दिव्य एवं भव्य स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार का यह महत्वपूर्ण प्रयास है।


इसके साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना संरचना के अंतर्गत राज्य के सभी जनपदों हेतु कुल ₹ 1018.21 करोड़ की धनराशि जनपदवार आवंटित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस धनराशि से जनपदों में संचालित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा प्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास को और अधिक गति मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जन कल्याण से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश की जनता को योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।

[08/04, 20:30] +91 70550 07045: *देहरादून 08 अप्रैल, 2026 (सू. ब्यूरो)*

*मुख्य सचिव ने ली चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक*


*सम्बन्धित विभागों से ली अद्यतन स्थिति की जानकारी*


*विभागीय उच्चाधिकारियों और जिलाधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश*


मुख्य सचिव ने बुधवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्त्वपूर्ण बैठक ली। मुख्य सचिव ने पुलिस, लोनिवि, स्वास्थ्य विभाग आदि को अपने स्तर से पूर्ण तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। 


मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस विभाग को जाम वाले स्थलों तथा स्लाईडिंग जोन का चिन्हित कर पुलिस बल तैनात किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैफिक जाम और लैंड स्लाइडिंग जैसे अन्य कारणों से मार्ग बाधित होने के कारण लगने वाले जाम से बचने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया चिह्नित कर यात्रियों को रुकने और खाने की सम्पूर्ण व्यवस्थाएं रखी जाएं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार को असुविधा न हो। उन्होंने यातायात संकुलन और मौसम की जानकारी सहित महत्वपूर्ण जानकारियां लगातार वॉकी-टॉकी सहित एसएमएस से जानकारी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यात्रा के लिए रजिस्टर्ड नंबर पर वॉट्सएप चला जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों को ‘सचेत ऐप‘ अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाए। उन्होंने पुलिस सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभागों को अपनी विभागीय योजनाओं में नए रूट्स और कनेक्टिविटी को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। 


मुख्य सचिव ने आपदा प्रबन्धन विभाग के मैसेजिंग एलर्ट मैकेनिज्म का प्रयोग भी यात्रा मार्ग में यात्रियों को जानकारियां उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपात स्थिति में हैली सेवाओं के माध्यम से बचाव एवं रेस्क्यू का उचित प्रबन्धन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में विभिन्न स्थानों में सार्वजनिक सुविधाएं विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए स्थान चिह्नित करते हुए इसका प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग अपनी छोटी पब्लिक अमेनिटीज को भी विकसित कर सकता है। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों में साईनेज अनिवार्य रूप से लगाए जाने की बात भी कही ताकि किसी श्रद्धालु को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।


मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से चारों धामों में चिकित्सकों की तैनाती की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ धाम में 15-15 दिनों के रोटेशन आधार पर चिकित्सकों की तैनाती की जाए। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्क्रीनिंग पाइंट्स स्थापित करते हुए स्वास्थ्य जांच को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रेकिंग रूट्स पर आपातकालीन स्थिति में मेडिसिन और जांच उपकरणों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।


मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन तथा लोक निर्माण विभाग के अपने-अपने परिक्षेत्रान्तर्गत आने वाले मोटर मार्गाे यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व दुरूस्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिए लैबर की संख्या बढ़ायी जाए। उन्होंने डेंजर जोन, स्लाईडिंग जोन को चिन्हित कर मरम्मत किये जाने के साथ ही उन स्थलों पर मशीनें/उपकरण रखे जाने के भी निर्देश दिए हैं।


मुख्य सचिव ने विद्युत विभाग को श्री बद्रीनाथ धाम में लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान तथा चारों धामों में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में कई बार विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, इसके दृष्टिगत वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने चारो धामों एवं यात्रा मार्गाे पर सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही उन्होंने जीएमवीएन को भी अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नागरिक उड्डयन विभाग को शटल सेवा के लिए एसओपी शीघ्र जारी करने के साथ ही सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारों धामों में हैली सेवाओं की उपलब्धता एवं ऑफलाईन/ऑनलाईन बुकिंग की सुविधा का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने सूचना विभाग को यात्रा से सम्बन्धित सभी आवश्यक जानकारियों को प्रचार प्रसार सुनिश्चित किए जाने एवं उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने परिवहन विभाग को वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड एवं ट्रिप कार्ड ससमय उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपूर्ति विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में रसोई गैस, कैरोसीन, पैट्रोल, डीजल आदि की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। 


इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री दीपक सेठ, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री धीराज गर्ब्याल, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


देहरादून:


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने बुधवार को राज्य सचिवालय में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा हरिद्वार शहर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परियोजना के क्रियान्वयन, लागत, भूमि हस्तांतरण, कन्सेशन अवधि और वित्तीय व्यवहार्यता समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव आवास ने अधिकारियों को परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।


*पीपीपी मॉडल पर बनेगा आधुनिक रोपवे*


बैठक के दौरान उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा ने हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का क्रियान्वयन और संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत डीबीएफओटी आधार पर किया जाना प्रस्तावित है।

प्रस्तुतीकरण में परियोजना की संरचना, संभावित मार्ग, निर्माण कार्य और संचालन व्यवस्था की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से हरिद्वार शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

प्रति किलोमीटर लागत लगभग 75 करोड़

समीक्षा बैठक में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने परियोजना की प्रति किलोमीटर लागत के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। इस पर प्रबंध निदेशक द्वारा बताया गया कि रोपवे स्टेशन, कार्यशाला और भूमि तथा अन्य आवश्यक क्लीयरेंस को छोड़कर परियोजना की संरचना के निर्माण कार्य की अनुमानित लागत लगभग 75 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर आंकी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह लागत केवल निर्माण कार्य से संबंधित है, जबकि भूमि, स्टेशन निर्माण और अन्य व्यवस्थाएं अलग से शामिल होंगी। बैठक में परियोजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


*उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि का मुद्दा उठा*


बैठक में रोपवे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित रोपवे स्टेशन के लिए जिस भूमि की आवश्यकता है, वह उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के स्वामित्व में है। इस पर सचिव आवास ने निर्देश दिए कि उत्तराखंड शासन के सिंचाई विभाग के माध्यम से उत्तर प्रदेश शासन को पुनः पत्र भेजा जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में इस विषय में प्रस्ताव भेजा जा चुका है, इसलिए अब अनुस्मारक पत्र के माध्यम से प्रमुख सचिव सिंचाई, उत्तराखंड शासन द्वारा उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से प्रस्तावित भूमि को 1 रुपये प्रतिवर्ष की दर से 99 वर्षों की लीज पर आवास विभाग, उत्तराखंड शासन को हस्तांतरित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।


*कन्सेशन अवधि बढ़ाने पर भी विचार*


बैठक में परियोजना की कन्सेशन अवधि की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में परियोजना के लिए 30 वर्ष की कन्सेशन अवधि प्रस्तावित है। सचिव आवास ने कहा कि परियोजना की उच्च लागत को देखते हुए निविदा प्रक्रिया में कन्सेशन अवधि बढ़ाने का विकल्प भी रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अतिरिक्त 30 वर्ष तक की अवधि बढ़ाने का प्रावधान रखा जाए, जिसे 15–15 वर्ष के दो चरणों में लागू किया जा सके। इससे परियोजना की वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित होगी और निविदा प्रक्रिया में अधिक प्रतिस्पर्धा भी मिल सकेगी।


*डीपीआर से ईएफसी स्तर तक बढ़ेगी प्रक्रिया*


समीक्षा के दौरान सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को डीपीआर स्तर पर अनुमोदित करते हुए इसे आगे की कार्यवाही के लिए ईएफसी स्तर पर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।बैठक के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समीक्षा बैठक का समापन किया गया।


*तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मिलेगी आधुनिक और सुरक्षित परिवहन सुविधा- डॉ आर राजेश कुमार*


सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आधुनिक और सुरक्षित परिवहन सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक और टिकाऊ परिवहन व्यवस्थाओं के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की डीपीआर, भूमि से जुड़ी औपचारिकताओं और वित्तीय व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए, ताकि परियोजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके।




*प्रमुख सचिव खाद्य की अध्यक्षता में बैठक आयोजित तेल


कंपनियों को बैकलाॅग समाप्त करने के निर्देश* 

देहरादून:

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. वर्तमान में उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों के बीच आगामी चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सीजन को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में घरेलू एवं व्यवसायिक एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री एल. फैनई की अध्यक्षता में तेल कंपनियों के साथ बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक (वीडियो कॉन्फ्रेंस) आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सचिव ने राज्य में गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अब सचिव खाद्य द्वारा प्रत्येक दिन आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी। 

प्रमुख सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि मुख्य सचिव महोदय ने एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घरेलू एवं कमर्शियल गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी न होने दी जाए तथा दैनिक आधार पर तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाते हुए स्थिति की निगरानी की जाए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि प्रदेश में गैस की मांग को देखते हुए प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में आपूर्ति को बढ़ाते हुए लगभग 60 हजार घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा छह हजार कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, बैकलॉग को समाप्त करने के लिए अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए इसकी दैनिक रिपोर्टिंग करने को कहा गया।

तेल कंपनियों द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 07 अप्रैल 2026 को राज्य में कुल 65,944 घरेलू सिलेंडरों तथा 3,864 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। इसमें आईओसीएल द्वारा 48,218 घरेलू एवं 2,340 कमर्शियल सिलेंडर, बीपीसीएल द्वारा 11,731 घरेलू एवं 698 कमर्शियल सिलेंडर तथा एचपीसीएल द्वारा 5,995 घरेलू एवं 826 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। पिछले दिनों की तुलना में आपूर्ति में लगातार सुधार हो रहा है। 

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए गैस आपूर्ति की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क एवं वितरण संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे राज्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तर पर आपूर्ति बढ़ाने हेतु आवश्य कदम उठाएं तथा डीलर स्तर पर किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने दें।

उन्होंने निर्देश दिए कि अब प्रतिदिन सायं 05.00 बजे सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, जिसमें तेल कंपनियों के प्रतिनिधि पूर्ण जानकारी के साथ प्रतिभाग करें, जिससे आपूर्ति की स्थिति की सतत निगरानी एवं त्वरित सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

सचिव, खाद्य श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि दिनांक 14 अप्रैल 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी का देहरादून भ्रमण प्रस्तावित है तथा 19 अप्रैल 2026 से चारधाम यात्रा प्रारंभ हो रही है। इसे दृष्टिगत रखते हुए तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे राज्य की बढ़ती मांग के अनुरूप अग्रिम योजना बनाते हुए आपूर्ति बढ़ाना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क एवं वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाए तथा किसी भी प्रकार का बैकलॉग न रहने दिया जाए।

बैठक में श्री पीएस पांगती, अपर आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखण्ड, श्री स्वर्ण सिंह, डिविजनल हेड, आईओसीएल, उत्तराखण्ड, श्री पंकज अंबलढगे, चीफ रीजनल मैनेजर, एचपीसीएल, उत्तराखण्ड, श्री अश्वनी कुमार, मैनेजर, बीपीसीएल उपस्थित रहे।  


*अनियमितताओं पर सख्ती से निपटें अधिकारी-स्वरूप*

  सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी एवं ईंधन से संबंधित अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सघन एवं कड़ा प्रवर्तन अभियान जारी है। अभी तक अभियान के दौरान कुल 6280 निरीक्षण एवं 423 छापेमारी की गई। इसके अतिरिक्त 19 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 07 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के अंतर्गत प्रदेशभर में कुल 1118 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 946 घरेलू एवं 172 व्यवसायिक सिलेंडर शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त 01 वाहन, 03 फिलिंग किट एवं 01 कांटा भी जब्त किया गया। देहरादून में सर्वाधिक 288 गैस सिलेंडर एवं 139 किलोग्राम गैस जब्त की गई, जबकि हरिद्वार में 202 गैस सिलेंडर, नैनीताल में 34 घरेलू एवं 28 व्यवसायिक सिलेंडर के साथ एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। इसी प्रकार उधमसिंहनगर में 98 गैस सिलेंडर एवं 05 व्यवसायिक सिलेंडर, तथा टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत, बागेश्वर एवं अन्य जनपदों में भी व्यापक कार्रवाई की गई। अभियान के अंतर्गत कुल ₹1,31,900 का अर्थदण्ड भी अधिरोपित किया गया। 

सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगा। सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नियमित निरीक्षण, सघन छापेमारी एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करते हुए शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।








*प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों को तीन माह का राशन माह अप्रैल में अग्रिम रूप से दिया जा रहा है- श्री        पी.एस. पांगती,अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार)* 



- उत्तराखंड में होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6 हजार 310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण होंगे


- राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 Kg का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है


- उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत जमाखोरी और कालाबाजारी पर 6,205 निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए


- घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरण सामान्य बना हुआ है, 1 मार्च 2026 से अब तक 18 लाख से अधिक सिलेंडर घरों तक पहुंचाए


- राज्य में 5 किलोग्राम के 6,700 से अधिक सिलेंडर बेचे गए



मंगलवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार), ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता एवं खाद्य सुरक्षा तैयारियों और आवश्यक वस्तुओं पर अद्यतन जानकारी प्रदान की।


पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों से मीडिया को अवगत रखने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार ने दूरदर्शन केंद्र, देहरादून में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। 


श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार) ने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरे प्रदेश में नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है. राज्य में डीजल एवं पेट्रोल की कोई कमी नहीं है. अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों को नियमित रूप से गैस की आपूर्ति की जा रही है।


उन्होंने कहा कॉमर्शियल सिलेंडर के संबंध में 66 फीसदी वितरण हेतु उत्तराखंड शासन द्वारा एसओपी जारी की गई है. जिसमें होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6 हजार 310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण किए जाएंगे। 


श्री पी.एस. पांगती ने कहा कि चारधाम यात्रा और शादियों के सीजन की तैयारियों हेतु विशेष तैयारी सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा एवं पयर्टन सीजन को देखते हुए मुख्य सचिव, उत्तराखंड की ओर से भारत सरकार को राज्य की ओर से मांग प्रेषित कर दी गई है। जिसमें अनुरोध किया गया है कि माह अप्रैल से नवंबर तक उत्तराखंड को व्यवसायिक एलपीजी का 100 फीसदी आवंटन पूर्ववत बनाया रखा जाए. उसमें भी 5 फीसदी अतिरिक्त कोटा राज्य सरकार की तरफ से मांग की गई है।


प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 किलो के सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। प्रदेश में सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि डिलीवरी सुनिश्चित हो. उन्होंने बताया कि राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 Kg का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है.


भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवार के राशन कार्ड धारक माह अप्रैल में तीन महीनों (अप्रैल, मई एवं जून) का एकसाथ राशन निकटतम गल्ला केंद्रों से प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में 14 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को तीन महीनों का राशन एक साथ आवंटित किए जा रहे हैं।


पैनिक बुकिंग के संबंध में श्री पी.एस. पांगती ने बताया कि विगत 25 दिन में 15 मार्च को राज्य में सबसे ज्यादा पैनिक बुकिंग की गई थी. जिसकी संख्या 90 हजार  थी. लेकिन दिनांक 6 अप्रैल को स्थिति सामान्य हुई है. जिसकी संख्या 45 हजार रही। फिलहाल प्रदेश में एलपीजी बुकिंग सामान्य स्थिति में है.


पीएनजी के संबंध मेंं उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है. भारत सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी विस्तार को लेकर भी उत्तराखंड में सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में GAIL Gas, उधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas Pvt. Ltd., हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL शामिल हैं।


राज्य में CNG, घरेलू PNG और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक PNG की आपूर्ति में कोई बाधा या प्रतिबंध नहीं है। इन कंपनियों द्वारा घरेलू PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने, कम समय में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने, सर्वे और संस्थागत कनेक्शन को प्राथमिकता देने, दैनिक प्रगति की निगरानी करने और अधिकतम जनहित के आधार पर प्राथमिकता तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 37 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हैं.


उत्तराखंड में वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था को लेकर वन विभाग द्वारा सभी लकड़ी के टॉल्स में पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है. 


उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 6,205

निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।

 एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने की कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा- सत्यापन, महिला सुरक्षा और 'ऑपरेशन स्माइल' पर दिए कड़े निर्देश

गुमशुदा महिलाओं और बच्चों की बरामदगी में बरती जाए पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता*

किरायेदार एवं घरेलू नौकरों के अनिवार्य सत्यापन पर जोर, गौरा शक्ति मॉड्यूल के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पंजीकरण बढ़ाने पर बल*


डॉ० वी० मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड* द्वारा आज पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में गढ़वाल एवं कुमाऊँ रेंज पुलिस महानिरीक्षकों सहित समस्त जनपदों के वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रचलित *पुलिस सत्यापन की कार्यवाही, महिला सुरक्षा हेतु 'गौरा शक्ति मॉड्यूल' तथा गुमशुदा की तलाश हेतु 'ऑपरेशन स्माईल'* के अन्तर्गत की जा रही कार्यवाहियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

ADG law and order uttarakhand



समीक्षा बैठक के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा निम्नलिखित निर्देश दिए गए—


▪️ *किरायेदार अथवा घरेलू नौकर के अनिवार्य सत्यापन* के लिए 'उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम 2007' में उल्लिखित प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने हेतु पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल एवं कुमायूँ परिक्षेत्र को निर्देशित किया गया।


▪️ *सत्यापन की कार्यवाही* के दौरान यदि किरायेदार या घरेलू नौकर द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं या उन पर प्रथम दृष्टया संदेह होता है, तो तत्काल ICJS पोर्टल, NCRC अथवा NAFIS के माध्यम से इसकी तकनीकी पुष्टि कराई जाए।


▪️ रेजिडेंशियल अपार्टमेन्ट एवं गेटेड कालोनियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाए और उल्लंघन पाए जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।


▪️ बाहरी राज्यों और अन्य जनपदों को भेजे जाने वाले *सत्यापन प्रपत्रों का निरन्तर फॉलोअप* लिया जाए। सत्यापन की कार्यवाही को केवल किसी विशेष 'अभियान' तक सीमित न रखकर इसे एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में संचालित किया जाए।


▪️ उत्तराखण्ड पुलिस के *'गौरा शक्ति मॉड्यूल' के बारे में जागरूकता* कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और इसमें अधिकाधिक *महिलाओं/बालिकाओं का रजिस्ट्रेशन* कराया जाए।


▪️ *महिला सम्बन्धी शिकायतों* को अत्यंत गम्भीरता से लेते हुए संवेदनशीलता के साथ उनका यथाशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। महिला अपराधों के दृष्टिगत संवेदनशील चिन्हित क्षेत्रों में *'महिला चीता पुलिस' द्वारा नियमित पेट्रोलिंग / गश्त* की जाए।


▪️ महिला एवं बच्चों से सम्बन्धित सभी आपराधिक अभियोगों की *विवेचना का निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारण* किया जाए।


▪️ *'ऑपरेशन स्माईल' के अन्तर्गत गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी* हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी *'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) का अक्षरशः पालन* सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से गुमशुदा बच्चों तथा महिलाओं की बरामदगी के प्रकरणों में पूर्ण *संवेदनशीलता और सक्रियता* बरती जाए।


*गोष्ठी में पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री रामचन्द्र राजगुरू, अपर पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री अंकुश मिश्रा उपस्थित रहे।*


 

5 घंटे तक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव, 15 दिन में समाधान का आश्वासन

देहरादून : 



श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविघालय में परीक्षा परिणामों में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों को लेकर सोमवार को छात्र नेताओं एवं छात्र संघ प्रतिनिधियों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाति नेगी के कार्यालय का करीब पांच घंटे तक घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी बीए, बीएससी, बीकॉम एवं एमए के परीक्षा परिणामों में ऑनलाइन अंकतालिकाओं में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। कई विद्यार्थियों की अंकतालिकाओं में शून्य  अंक दर्शाए गए हैं, जबकि उन्होंने परीक्षा दी है। वहीं कई छात्रों का परिणाम समर्थ पोर्टल एवं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिखाई नहीं दे रहा, जिससे छात्रों में भारी रोष व्याप्त है।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने महाविद्यालय में फीस जमा कर दी है, लेकिन पोर्टल पर फीस अपडेट नहीं होने के कारण उन्हें आगे की प्रक्रिया में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण छात्र पिछले कई दिनों से महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

छात्र नेताओं के अनुसार यह समस्या केवल एक-दो महाविद्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर देहरादून, शहीद दुर्गामल्ल राजकीय महाविद्यालय डोईवाला, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नई टिहरी एवं ऋषिकेश स्थित विश्वविद्यालय परिसर के अनेक छात्र-छात्राओं के परिणामों में भी इसी प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई हैं।

घेराव के दौरान छात्रों ने परीक्षा विभाग एवं संबंधित कार्यालयों में ताले लगाकर नारेबाजी की और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। छात्र नेता आदर्श राठौर ने कहा कि यह केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसका जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

वहीं परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाति नेगी ने छात्रों की मांगों पर सहमति जताते हुए समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिनों का समय मांगा और आश्वासन दिया कि सभी त्रुटियों को सुधार कर सही अंकतालिकाएं जारी की जाएंगी। इसके बाद छात्रों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया।

ये रहे प्रमुख छात्र नेता मौजूद

आदर्श राठौर, अंशुल चंद्रा, केशव बिज्लवाण, मणिका, मंजीत शाह ,छात्रसंघ अध्यक्ष, नई टिहरी, साक्षी राणा छात्रसंघ महासचिव, नई टिहरी, युवराज सिंह शाह पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं जीशान खान पूर्व छात्रसंघ सचिव, नई टिहरी सहित कई छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में शामिल रहे।छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो छात्र संगठन पुनः बड़ा आंदोलन और उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

 प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

disaster management minister madan kaushik


बैठक में मंत्री ने आपदा से पूर्व, आपदा के दौरान एवं आपदा के बाद विभाग द्वारा किये जाने वाले क्रिया-कलापों की विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में राज्य को एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करें। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक आपदा झेलने वाले देश की तर्ज पर आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर प्रदेश को आपदा प्रबंधन में सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जाए।


मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तर पर बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कम्युनिकेशन सिस्टम को बेहतर बनाया जाए ताकि सूचनाओं के आदान-प्रदान की कार्यवाही तेजी से हो सके तथा आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को तत्काल शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों, सदस्यों एवं अधिकारियों को सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित उपकरण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाए ताकि कोई आपदा घटित होन पर वे शीघ्रता से इसकी जानकारी जिला मुख्यालय एवं प्रदेश मुख्यालय को दे सकें।


मंत्री ने कहा कि किसी आपदा के घटित होने पर राहत एवं बचाव कार्य शीघ्रता से हो सके इसके लिए जरूरी है कि न्याय पंचायत स्तर पर आपदा मित्र एवं आपदा सखी बनाये जाएं। आपदा मित्र एवं आपदा सखी को राहत एवं बचाव कार्य संबंधी उचित प्रशिक्षण देने के साथ ही आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराये जाएं। साथ ही आपदा मित्र एवं आपदा सखी के लिए प्रोत्साहन राशि की भी व्यवस्था की जाए।


मंत्री ने कहा कि आपदाओं के पूर्वानुमान की दिशा में बेहतर कार्य किये जाएं ताकि आपदाओं से होने वाले नुकसान कम से कम किया जा सके।


मंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी संवेदनशील झीलें जिनसे भविष्य में आपदा की संभावना है उनके ट्रीटमेंट के लिए वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों से वार्तालाप करें ताकि इस दिशा में कार्य हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भू-स्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील स्थल जहां पर बार-बार आपदाएं घटित होती हैं ऐसे स्थलों के ट्रीटमेंट प्राथमिकता के आधार पर किये जाएं। 


मंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन से संबंधित बैठकों हेतु रोस्टर बनाए जाएं। इन बैठकों में मेरे द्वारा स्वयं प्रतिभाग किया जायेगा।


इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग से सचिव विनोद कुमार सुमन, संयुक्त सचिव एनएस डुंगरियाल, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूएसडीएमए मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

 


गंगा बैराज पर आज उस समय ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब एक प्राइवेट कंपनी द्वारा सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग की गई। यह पहल राज्य में हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार लगातार राज्य में आधुनिक परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा दे रही है। सीएम धामी की दूरदर्शी सोच और प्रयासों का ही परिणाम है कि आज ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में सी-प्लेन सेवा की संभावनाएं साकार होती नजर आ रही हैं।


विशेषज्ञों के अनुसार, सी-प्लेन सेवा शुरू होने से चारधाम या


त्रा, एडवेंचर टूरिज्म और वीकेंड ट्रैवल को बड़ा बूस्ट मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब कम समय में सीधे ऋषिकेश और आसपास के प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


सरकार की योजना है कि भविष्य में इस सेवा को टिहरी झील, नैनीताल झील और अन्य जलाशयों तक भी विस्तार दिया जाए, जिससे उत्तराखंड देश का प्रमुख सी-प्लेन डेस्टिनेशन बन सके।


यह ट्रायल न केवल तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि यह संकेत भी दे गया कि आने वाले समय में उत्तराखंड में हवाई पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड में पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कदम उठाए जा रहे हैं*

- पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर अद्यतन जानकारी

- उत्तराखंड राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार एलपीजी आपूर्ति की जा रही है- आईओसीएल, उत्तराखंड

- सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड में 5 सीजीडी कंपनियां कार्य कर रही हैं


- नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है


- डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई


- मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति


- निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए

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- विशेष ध्यान जन-जागरूकता बढ़ाने और गलत सूचनाओं (फेक न्यूज) को रोकने पर दिया जा रहा है। फर्जी खबरों का खंडन किया जा रहा है और सही जानकारी साझा की जा रही है। राज्य सरकार ने सहायता के लिए 112 और 1070 टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं।


- नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्हें डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने, भीड़ से बचने, जहां संभव हो वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने और ऊर्जा की बचत करने के लिए प्रेरित किया गया है।


- चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ मांग भेजी गई है- आईओसीएल, उत्तराखंड


सोमवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आईओसीएल-उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, तथा गलत सूचना का मुकाबला करने के उपाय को लेकर पत्रकार वार्ता की.


डिविजनल रिटेल सेल्स हेड, आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर अद्यतन जानकारी में नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है.


डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई. मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति है.


इस राज्य स्तरीय प्रेस वार्ता में बताया गया है कि भारत अपनी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की लगभग 80% जरूरत आयात के माध्यम से पूरी करता है। तेल कंपनियां केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं, और पूरी स्थिति पर नजदीकी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की कमी न हो।


आईओसीएल, उत्तराखंड की तरफ से बताया गया कि चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ मांग भेजी जा रही है.


एलपीजी (LPG) के संदर्भ में, भारत की लगभग 60% आवश्यकता आयात से पूरी होती है। सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर चल रही हैं और एलपीजी उत्पादन को बढ़ाया गया है। उत्तराखंड राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार एलपीजी आपूर्ति की जा रही है, लेकिन वर्तमान में लगभग 6.97 दिनों का बैकलॉग है, जिसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में रिफिल बुकिंग करना है। लगभग 85% बुकिंग ऑनलाइन हो रही हैं और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का कार्यान्वयन भी 85% तक हो चुका है। घरेलू एलपीजी आपूर्ति औसतन 18 लाख प्रति माह है। मार्च में जहां प्रतिदिन लगभग 65,000 सिलेंडर की आपूर्ति हो रही थी, वहीं वर्तमान में यह घटकर लगभग 56,000 प्रतिदिन (लगभग 85%) रह गई है। गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति औसतन 1.6 लाख प्रति माह है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर की आपूर्ति होती थी, लेकिन वर्तमान में यह घटकर लगभग 2,600 प्रतिदिन (लगभग 55%) हो गई है। 5 किलोग्राम सिलेंडरों की आपूर्ति भी 800 प्रतिदिन से घटकर लगभग 250 प्रतिदिन रह गई है। डिलीवरी का समय शहरी क्षेत्रों में लगभग 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 दिन है। गैर-घरेलू आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, होटल/ढाबों, औद्योगिक कैंटीनों और फार्मा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है। 


एक आंकड़े के मुताबिक उत्तराखंड में:

5 अप्रैल को 34,448 एलपीजी बुकिंग हुई. 

29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,95,624 एलपीजी बुकिंग हुई. 

मार्च 2024 में 14,06,421 एलपीजी बुकिंग हुई. 


5 अप्रैल को 26,595 एलपीजी डिलीवरी हुई. 

29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,50,344 एलपीजी डिलीवरी हुई. 

मार्च 2024 में 11,25,546 एलपीजी डिलीवरी हुई. 


फिलहाल प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।


ईंधन आपूर्ति की स्थिति (पेट्रोल और डीजल) की बात करें तो पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हैं। कुल 978 रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनमें IOC- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के 431, BPC- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 214, HPC- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 254, RIL- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 28 और Nayara के 51 आउटलेट शामिल हैं। औसत उपलब्धता पेट्रोल (MS) के लिए लगभग 60,000 किलोलीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के लिए लगभग 75,000 किलोलीटर है। पेट्रोल में 2% और डीजल में 6% की वृद्धि दर्ज की गई है। रिटेल आउटलेट्स और टर्मिनलों दोनों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति प्रणाली सुचारू रूप से चल रही है।


सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 CGD- सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में GAIL Gas, उधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas Pvt. Ltd., हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL शामिल हैं। राज्य में CNG, घरेलू PNG और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक PNG की आपूर्ति में कोई बाधा या प्रतिबंध नहीं है। इन कंपनियों द्वारा घरेलू PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने, कम समय में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने, सर्वे और संस्थागत कनेक्शन को प्राथमिकता देने, दैनिक प्रगति की निगरानी करने और अधिकतम जनहित के आधार पर प्राथमिकता तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। 1 मार्च से अब तक 1,388 PNG कनेक्शन दिए गए हैं, जिनमें से पिछले दिन 40 कनेक्शन जोड़े गए, और कुल उपभोक्ताओं की संख्या 35,589 हो गई है।


उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।


राज्य में वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों पर नियमित जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन निरीक्षण किए जा रहे हैं। तेल विपणन कंपनियों (OMC) द्वारा 130 एलपीजी निरीक्षण और 259 रिटेल आउटलेट निरीक्षण किए गए हैं।


विशेष ध्यान जन-जागरूकता बढ़ाने और गलत सूचनाओं (फेक न्यूज) को रोकने पर दिया जा रहा है। फर्जी खबरों का खंडन किया जा रहा है और सही जानकारी साझा की जा रही है। राज्य सरकार ने सहायता के लिए 112 और 1070 टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं।


आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा- एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की खरीदारी घबराकर न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्होंने डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने, भीड़ से बचने, जहां संभव हो वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने और ऊर्जा की बचत करने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया.

 भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना* के राशन कार्ड धारकों (अन्त्योदय एवं प्राथमिक परिवारों ) को अप्रैल-मई-जून माह का अग्रिम खाद्यान वितरण इसी महीने अर्थात् अप्रैल माह में किया जाएगा।



 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग नत्थीलाल का पानी का 31657 का बिल डीएम ने करवाया माफ; वन टाइम सेटलमेंट उपरान्त रू0 20170 राइफल फंड से जमा

डीएम का जनदर्शन त्वरित एक्शन; प्रभावी निस्तारण से जनमन का अपार विश्वास; उमड़ता जनसैलाब आज शिकायत 212 पार

देहरादून, :



जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जनता दर्शन में आज 212 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने अपनी कोर टीम संग जनमानस की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
छबीलबाग कांवली रोड निवासी 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई की उनका पुत्र 12-13 वर्षों से लापता है तथा 02 पोतों की जिम्मेदारी उनपर है घर के पानी का बिल 31657 बिल आया है उन्होंने जिलाधिकारी से बिल माफी की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जल संस्थान द्वारा ब्याज की धनराशि रू0 11487, वन टाइम सेटलमेंट कराते हुए शेष धनराशि 20170 रू0 रायफल फंड से जिला प्रशासन जल संस्थान के खाते में जमा कराई जा रही है।
विकासनगर निवासी मीना बंसल ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पुत्र वर्ष 2023 में डिक्शन होटल में दुर्घटना में गंभीर घायल होने पर उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी कम्पनी द्वारा कोई मुआवजा नही दिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने एएलसी को एफआईआर दर्ज कराने तथा लेबरकोर्ट में मामला दर्ज करते हुए 02 माह के भीतर प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश निवासी बुजुर्ग दम्पति नीलम अरोड़ा व उनके पति ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्रवधु द्वारा उनके घर में रहते हुये प्रार्थिनी एवं उसके पति के साथ अनावश्यक मारपीट करने, प्रताडित करने, गाली गलौज करने एवं जान से मारने की धमकी देते हैं जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम कोर्ट ऋषिकेश में वाद भरणपोषण एक्ट में वाद दर्ज करने के निर्देश दिए।
धर्मपुर निवासी रोशनी रावत ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति उनकी 02 पुत्रियां है जिनकी शिक्षा-दीक्षा एवं लानपोषण में समस्या आ रही है जिस पर जिलाधिकारी ने रोशनी की दोनों पुत्रियों की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से कराने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
हर्रावाला निवासी बाबूराम मौर्य ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी भूमि से लगती हुई लघु सिंचाई विभाग की सरकारी नहर कुछ व्यक्तियों द्वारा बंद कर दी गई है जिससे भूमिधरों की गेंहू की फसल में पानी नही लग पाने से फसल खराब हो रही है, नहर को जेसीबी लगाकर पूर्णतः क्षतिग्रस्त कर दिया है। जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी, एसडीएम डोईवाला, अधि.अभि लघु सिंचाई को तत्काल कार्यवाही कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजित सिंह, उप नगर आयुक्त नगर निगम संतोष पाण्डेय, उप जिलाधिकारी मुख्यालय कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग जितेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

 मुख्यमंत्री वि





CM विवेकाधीन कोष पर बड़ा खुलासा: RTI में ₹6.65 करोड़ वितरण, ‘संपर्काधीन सिस्टम’ के आरोप; प्रभावशाली नामों को लाभ, गरीबों के साथ उपेक्षा का दावा


हल्द्वानी:


 उत्तराखंड में मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष—जो आपदा, बीमारी और आकस्मिक संकट से जूझ रहे जरूरतमंदों के लिए अंतिम सहारा माना जाता है—अब गहरे सवालों के घेरे में है। किसान मंच उत्तराखंड ने सूचना अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री की कर्मभूमि चंपावत और जन्मभूमि उधम सिंह नगर में ही इस कोष से बड़े पैमाने पर धनराशि का वितरण हुआ, जिसमें पारदर्शिता, पात्रता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर शंकाएं पैदा होती हैं। संगठन ने इसे “विवेकाधीन नहीं, संपर्काधीन व्यवस्था” बताते हुए श्वेत पत्र और स्वतंत्र जांच की मांग की है।


नैनीताल रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस वार्ता में किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष किसान पुत्र कार्तिक उपाध्याय, संरक्षक पीयूष जोशी और प्रदेश प्रवक्ता कुसुम लता बौड़ाई ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान केवल दो जिलों—चंपावत और उधम सिंह नगर—में ही कुल ₹6,65,37,000 की राशि वितरित की गई। इनमें चंपावत में 1,359 लाभार्थियों को ₹2,65,05,000 और उधम सिंह नगर में 2,142 लाभार्थियों को ₹4,00,32,000 दिए गए। कुल 3,501 लाभार्थियों के ये आंकड़े, मंच के अनुसार, अपने आप में कई सवाल खड़े करते हैं—क्या यह मात्र संयोग है कि इतनी बड़ी राशि मुख्यमंत्री के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव वाले इलाकों में केंद्रित रही, या इसके पीछे चयन की प्रक्रिया में कोई पक्षपात है?


किसान मंच का आरोप है कि इन आंकड़ों के भीतर एक “पैटर्न” दिखाई देता है, जहां कई मामलों में एक ही व्यक्ति को दो-दो और तीन-तीन बार तक ₹50,000 से ₹2,00,000 की सहायता दी गई, जबकि कई परिवारों के अलग-अलग सदस्यों को बार-बार लाभान्वित किया गया। इसके विपरीत, वास्तविक गरीब और जरूरतमंद लोगों को मात्र ₹3,000 से ₹5,000 तक देकर औपचारिकता पूरी किए जाने का आरोप लगाया गया, जिसे संगठन ने “गरीबों के साथ मजाक” और “संवेदनहीन व्यवस्था” की मिसाल बताया।


प्रेस वार्ता में मंच ने कई नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। किसान मंच के अनुसार भाजपा के पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हयात सिंह मेहरा को ₹40,000, उधम सिंह नगर के विपणन बोर्ड सदस्य संतोष कुमार अग्रवाल को ₹5,00,000, भाजपा कार्यकर्ता मुकेश शर्मा को ₹50,000, चंपावत के एक अज्ञात “अध्यक्ष” को ₹2,00,000, भाजपा कार्यकर्ता राजेंद्र प्रसाद को ₹5,00,000 तथा टनकपुर के भाजपा नेता रोहित कुमार गुप्ता को ₹1,00,000 की सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त भाजपा कार्यकर्ता शांता बुटोला को ₹5,00,000 और रविंद्र सिंह को ₹50,000 दिए जाने का भी उल्लेख किया गया, जबकि उधम सिंह नगर के भाजपा प्रभारी संजीव नेगी का नाम भी लाभार्थियों में शामिल बताए जाने का दावा किया गया।


संगठन ने  बताया कि आरटीआई के माध्यम से पता चला कि एक अज्ञात व्यक्ति को ₹3,00,000 की सहायता दी गई, जबकि चंपावत में निवास करने वाले दो ऐसे व्यक्तियों, जिनके नाम के साथ “जिलाधिकारी” शब्द जुड़ा बताया गया, को क्रमशः ₹3,00,000 और ₹1,75,000 दिए गए। किसान मंच ने कहा कि यदि यह तथ्य सही है, तो यह मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष की पात्रता और नियमों पर सीधा प्रश्नचिह्न है और यह जानना आवश्यक है कि ऐसे व्यक्तियों को सहायता किस आधार पर स्वीकृत की गई।


इसके अलावा संगठन ने  आरटीआई का हवाला देते हुए खुलासा किया कि कि चंपावत के पूर्व भाजपा अध्यक्ष प्रकाश तिवारी के परिवार—रमेश तिवारी, प्रकाश तिवारी, हेमा तिवारी और दीपक तिवारी—को कई बार सहायता दी गई। साथ ही भाजपा से जुड़े कैलाश गहतोरी और महेश चंद्र गहतोरी को भी “भारी मात्रा” में लाभ मिलने की बात कही गई। मंच का कहना है कि इन उदाहरणों से यह संकेत मिलता है कि राहत कोष का लाभ सीमित दायरे में घूमता रहा, जबकि वास्तविक जरूरतमंद हाशिए पर रहे।


किसान मंच ने पारदर्शिता के मुद्दे को सबसे गंभीर बताते हुए कहा कि जब RTI के तहत आवेदन पत्र, अस्पताल बिल, वाउचर और इलाज से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो उन्हें “निजी जानकारी” बताकर देने से इनकार कर दिया गया। संगठन का सवाल है कि जब सार्वजनिक धन का उपयोग किया जा रहा है, तो उससे जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने में हिचक क्यों? मंच का कहना है कि जानकारी छिपाना स्वयं में कई बड़े सवालों को जन्म देता है।


इस पूरे विवाद को और गंभीर बनाते हुए किसान मंच ने भाजपा विधायक बिशन सिंह चुफाल के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनके क्षेत्र के गरीबों की फाइलें लंबित हैं, जबकि प्रभावशाली लोगों की फाइलें प्राथमिकता से पास की जा रही हैं। संगठन ने इसे “सत्ता के भीतर उठती आवाज” बताते हुए कहा कि यह केवल एक संगठन का आरोप नहीं, बल्कि व्यवस्था के भीतर की वास्तविकता की झलक है।

प्रदेश अध्यक्ष किसान पुत्र कार्तिक उपाध्याय ने कहा, “यह मामला सिर्फ आंकड़ों का नहीं है, यह उन गरीब परिवारों के दर्द का मामला है जिन्हें राहत मिलनी चाहिए थी लेकिन वे सिस्टम से बाहर रह गए। मुख्यमंत्री की कर्मभूमि और जन्मभूमि में ही यदि इस तरह के सवाल उठ रहे हैं, तो पूरे प्रदेश की स्थिति पर गंभीर चिंतन की जरूरत है। हम इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे।”

संरक्षक पीयूष जोशी ने कहा, “मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष गरीबों के लिए जीवनरेखा होता है, लेकिन जिस तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे यह व्यवस्था भरोसे के संकट में है। यदि सरकार को अपने काम पर विश्वास है तो उसे तुरंत श्वेत पत्र जारी कर पूरी सच्चाई सामने रखनी चाहिए, नहीं तो जिस प्रकार एक अध्यक्ष जो कि अज्ञात है वह एक जिलाधिकारी नाम के अज्ञात व्यक्ति को पैसा बांटा गया वैसे हर अध्यक्ष हर संस्था के अध्यक्ष मंडल अध्यक्ष से लेकर तमाम अध्यक्षों को मुख्यमंत्री राहत को उससे पांच-पांच लाख रुपए बांटे जाएं उन्होंने कहा कि वह संबंध में सीएजी चीफ जस्टिस विजिलेंस सहित प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भी पत्र लिख जांच की मांगकरेंगे।”


प्रदेश प्रवक्ता कुसुम लता बौड़ाई ने कहा, “जब एक गरीब इलाज के लिए भटकता है और उसे कुछ हजार रुपये देकर टरका दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर लाखों रुपये प्रभावशाली लोगों को दिए जाते हैं, तो यह केवल अनियमितता नहीं बल्कि संवेदनहीनता है। यह जनता के पैसे की बंदरबांट का मामला है।”




प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने हाल ही में रक्षा मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को “धाकड़” और “धुरंधर” बताए जाने पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि व्यवस्था पारदर्शी है, तो सरकार को बिना देरी किए इस कोष पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए और सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए।


किसान मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा और मामला प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री तथा न्यायपालिका तक ले जाया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान किसान मंच के उपाध्यक्ष कमल तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।



अवधि: 2023-24 एवं 2024-25


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जिला              | लाभार्थी संख्या | कुल राशि (₹)

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चंपावत           | 1,359          | 2,65,05,000

उधम सिंह नगर     | 2,142          | 4,00,32,000

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कुल              | 3,501          | 6,65,37,000

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नाम                          | कथित पहचान           | राशि (₹)

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हयात सिंह मेहरा             | पूर्व राज्य मंत्री    | 40,000

संतोष कुमार अग्रवाल        | बोर्ड सदस्य          | 5,00,000

मुकेश शर्मा                 | भाजपा कार्यकर्ता     | 50,000

राजेंद्र प्रसाद             | भाजपा कार्यकर्ता     | 5,00,000

रोहित कुमार गुप्ता          | भाजपा नेता           | 1,00,000

शांता बुटोला               | भाजपा कार्यकर्ता     | 5,00,000

रविंद्र सिंह               | भाजपा कार्यकर्ता     | 50,000

अज्ञात “अध्यक्ष”           | —                    | 2,00,000

अज्ञात व्यक्ति              | —                    | 3,00,000

अज्ञात (चंपावत निवासी)     | —                    | 3,00,000

अज्ञात (चंपावत निवासी)     | —                    | 1,75,000

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एक ही परिवार को बार-बार लाभ (आरोप)


प्रकाश तिवारी परिवार (चंपावत):

- रमेश तिवारी

- प्रकाश तिवारी

- हेमा तिवारी

- दीपक तिवारी

(एकाधिक बार सहायता का आरोप)

 जनपद देहरादून, गहरी खाई में गिरे व्यक्ति का SDRF द्वारा किया गया, शव बरामद

  

SDRF recover 4 dead bodies

आज दिनांक 05 अप्रैल 2026 को मध्य रात्रि में CCR जनपद देहरादून के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि थाना राजपुर, चौकी आईटी पार्क क्षेत्रांतर्गत सहस्त्रधारा टूरिस्ट प्लेस के समीप एक व्यक्ति लगभग 200–250 मीटर गहरी खाई में गिर गया है। 


घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDRF टीम की आवश्यकता बताई गई, जबकि स्थानीय पुलिस बल पहले से ही मौके पर मौजूद था।


उक्त सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट सहस्त्रधारा से मुख्य आरक्षी संतोष रावत के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

SDRF टीम द्वारा अत्यंत विषम एवं दुर्गम परिस्थितियों में गहन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कठिन प्रयासों के बाद टीम ने खाई में गिरे व्यक्ति तक पहुंच बनाते हुए उसे बाहर निकाला। उक्त व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गयी थी।


SDRF टीम द्वारा उक्त व्यक्ति के शव को सावधानीपूर्वक खाई से बाहर निकालकर आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। मृतक की पहचान हेतु प्रयास किया जा रहा है।

ऋषिकेश में पूर्व में डूबे व्यक्तियों की सर्चिंग के दौरान दो शव बरामद


आज दिनांक 05/04/2026 को ऋषिकेश क्षेत्र में पूर्व में डूबे व्यक्तियों की सर्चिंग हेतु एसडीआरएफ टीम ढालवाला द्वारा सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में चीला बैराज क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया गया।

सर्चिंग के दौरान टीम को दो शव बरामद हुए। प्रथम शव की पहचान आयुष अम्बुज उम्र 25 पुत्र सुनील कुमार सलीमपुर बिहार के रूप में हुई, जिसकी पूर्व से तलाश की जा रही थी। शव को रेस्क्यू कर बाहर निकालने के पश्चात परिजनों द्वारा शिनाख्त किए जाने पर सिविल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

द्वितीय शव की पहचान अनिल बहुगुणा पुत्र स्वर्गीय प्रेमचंद बहुगुणा, निवासी मनीराम मार्ग, ऋषिकेश के रूप में हुई। उक्त शव को भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

 महादेव चट्टी के पास खौफनाक हादसा: 49 वर्षीय चालक की दर्दनाक मौत, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू 


आज दिनांक 05/04/2026 को  चौकी तीन धारा जनपद टिहरी गढ़वाल से सूचना मिली कि महादेव चट्टी के पास एक ट्रक गहरी खाई में गिर गया। सूचना मिलते ही पोस्ट ब्यासी एसडीआरएफ टीम उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

घटनास्थल पर पहुंचकर टीम द्वारा सड़क से लगभग 250 मीटर नीचे गहरी खाई में गिरे ट्रक तक पहुंच बनाई गई।  मौके पर व्यक्ति मृत पाया गया टीम द्वारा रोप रेस्क्यू तकनीक का उपयोग करते हुए शव को सुरक्षित रूप से खाई से निकालकर सड़क मार्ग तक लाया गया।

उक्त शव को आवश्यक कार्यवाही हेतु मौके पर उपस्थित जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया। शव की पहचान,मनोज उर्फ शीशपाल पुत्र अजेंदर सिंह, उम्र 49 वर्ष, निवासी अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश के रूप में हुई।

 
torch procession congess dehradun
 देहरादून:

क्षेत्र में दिन-दहाड़े घटित हो रही हत्याकांड की घटनाओं को लेकर आज युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष विनीत प्रसाद भट्ट ’बंटू’ के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पुलिस मुख्यालय तक मशाल जुलूस निकाल कर प्रदेश की धामी सरकार और पुलिस प्रशासन को जगाने का काम किया। 

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल सहित सैकडों की संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।


पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत युवा कांग्रेस कार्यकर्ता बडी संख्या में प्रदेश कार्यालय में एकत्र हुए जहां से उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल के साथ विनीत भट्ट के नेतृत्व में भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर हाथों में मशाल लेकर मार्च किया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने कहा कि पिछले एक माह के अन्दर राजधानी देहरादून में हत्या एवं गंभीर आपराधिक घटनाओं से आमजन में भय, असुरक्षा एवं चिंता का वातावरण व्याप्त है। उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय एवं देवभूमि कहे जाने वाले राज्य की राजधानी में पिछले एक माह में दिन-दहाड़े घटित हुई हत्याकांड की घटनाओं ने समूचे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। 

राजधानी देहरादून में लगातार घट रही इस प्रकार की घटनाएँ राज्य की कानून-व्यवस्था पर एक बडा प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। जिस प्रकार से दिन दहाडे हत्याकांड हो रहे हैं उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि राजधानी की कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा चुकी है तथा अपराधियों के मन से पुलिस और कानून का भय समाप्त हो चुका है। 

उन्होंने कहा कि दिनांक 30 मार्च 2026 को ब्रिगेडियर मुकेश जोशी जी की राह चलते गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई इससे पूर्व कोतवाली क्षेत्र में युवती की गला काट कर हत्या तथा पुलिस मुख्यालय से 200 मीटर की दूरी पर युवक की गोली मारकर हत्या तथा राजपुर रोड़ पर एक व्यवसायी की गोलीमार कर हत्या सहित दिन दहाड़े 7 जघन्य हत्याकांड की घटनायें घटित हो चुकी हैं, इन हत्याकांडों से पूरे देहरादून में दहशत का मालौल है। 

इन हत्याकांडों से राज्य की ध्वस्त पडी कानून व्यवस्था की पोल खुल चुकी है। 

पुलिस की नाक के नीचे हुई इन हत्याकांड की घटनाओं में शामिल अपराधियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष विनीत भट्ट ने कहा कि प्रदेश युवा कांग्रेस पुलिस प्रशासन से देहरादून में हुए सभी हत्याकांडों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करवाते हुए अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करती है।

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