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कल दिनांक 02/06/26 को देवप्रयाग क्षेत्र में एक इनोवा कार संख्या UK08TA-5433 अनियंत्रित होकर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त होते हुए नदी में समा गई थी। वाहन में चालक सहित कुल 08 व्यक्ति सवार थे, जिनमें 05 महिलाएं एवं 03 पुरुष शामिल थे।

उक्त घटनाक्रम में  आज दिनांक 03/06/26 को SDRF द्वारा तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू अभियान प्रारम्भ किया गया। वर्तमान में SDRF की डीप डाइविंग टीम द्वारा नदी के भीतर संभावित स्थानों पर गहन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है।

श्री अर्पण यदुवंशी, सेनानायक SDRF के निर्देशन में SDRF टीमों द्वारा अत्यंत विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। SDRF के डीप डाइवर्स द्वारा नदी के भीतर उतरकर गहराई वाले क्षेत्रों, तेज बहाव वाले स्थानों एवं संभावित लोकेशनों पर सघन तलाशी ली जा रही है।

वर्तमान में 03 लापता व्यक्तियों की तलाश हेतु SDRF टीमों द्वारा नदी एवं आसपास के सभी संभावित क्षेत्रों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अभियान में डीप डाइविंग, राफ्टिंग एवं अन्य आधुनिक खोज एवं बचाव तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।

SDRF द्वारा स्थानीय प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।



देहरादून:

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आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना को मिली रफ्तार, जून तक पूरे होंगे सभी लंबित कार्य

*प्रतिकर लेने के बावजूद कब्जा नहीं छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई, खुद स्थलीय निरीक्षण करेंगे उपाध्यक्ष


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना को अब नई गति मिलने जा रही है। राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण शहरी पुनर्विकास कार्यों में शामिल इस परियोजना के लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रणनीति तैयार कर ली है। बुधवार को एमडीडीए सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया और सभी विभागों को जून 2026 तक लंबित कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। 


आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकताओं में शामिल इस परियोजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि राजधानी देहरादून के भविष्य की व्यापारिक और शहरी संरचना को नई दिशा देने वाली योजना है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर अपने दायित्व पूरे करने होंगे।


*रजिस्ट्री प्रक्रिया में लाई जाएगी तेजी*

समीक्षा बैठक में प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मामलों में प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, जबकि कुछ रजिस्ट्रियां अभी शेष हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। इसके लिए प्रत्येक बुधवार और शनिवार को विशेष रूप से रजिस्ट्री कार्य संपादित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को अनावश्यक परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।


*निर्माण कार्यों की होगी नियमित निगरानी*

समीक्षा बैठक में कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए कि परियोजना के अंतर्गत शेष सभी निर्माण कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। उपाध्यक्ष ने कहा कि राजधानी की व्यापारिक गतिविधियों को आधुनिक स्वरूप देने वाली इस परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने तथा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा आने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा।


*आलयम आवासीय योजना पर भी फोकस*

आढ़त बाजार परियोजना के साथ-साथ एमडीडीए की आलयम आवासीय योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि योजना के शेष निर्माण कार्य जून माह तक पूरे किए जाएं और पात्र लाभार्थियों को आवासों का कब्जा देने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना सरकार और प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


*18 करोड़ से स्थानांतरित होंगी आधारभूत सुविधाएं*

बैठक में वर्तमान आढ़त बाजार क्षेत्र में मौजूद विद्युत लाइनों और अन्य आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शासन स्तर से स्वीकृत लगभग 18 करोड़ रुपये की धनराशि लोक निर्माण विभाग को शीघ्र हस्तांतरित की जाए, ताकि तकनीकी कार्यों में देरी न हो। एमडीडीए का मानना है कि आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण के बाद परियोजना का अगला चरण और तेजी से आगे बढ़ सकेगा।


*प्रतिकर लेने के बाद भी कब्जा रखने वालों पर सख्ती*

समीक्षा बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ प्रभावित व्यक्तियों ने प्रतिकर राशि प्राप्त कर ली है, लेकिन उनके निर्माण अब तक नहीं हटाए गए हैं। इस पर उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे मामलों का वे स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद नियमानुसार  कार्रवाई  करते हुये बल पूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जायेगी । उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी और सार्वजनिक हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


*राजधानी को मिलेगी नई व्यापारिक पहचान*

आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के पूर्ण होने के बाद राजधानी देहरादून को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त व्यापारिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी। इससे व्यापारियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी, यातायात व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी और क्षेत्र के समग्र शहरी विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना देहरादून के सुनियोजित विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव प्रत्यूष, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता अतुल गुप्ता, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, लेखपाल नजीर अहमद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं लोक निर्माण विभाग की ओर से अधिशासी अभियंता राजेश कुमार एवं सहायक अभियंता मुकेश कुमार ने भी बैठक में भाग लिया।


*परियोजना समय पर पूरी करना सर्वोच्च प्राथमिकता : बंशीधर तिवारी*

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है और इसे तय समयसीमा में पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लंबित कार्यों को जून 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। विद्युत लाइनों एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण से जुड़े कार्यों को भी शीघ्र पूरा कराया जाएगा। जिन लोगों ने प्रतिकर राशि प्राप्त कर ली है लेकिन अब तक प्रभावित निर्माण नहीं हटाए हैं, उनके मामलों का मैं स्वयं स्थलीय निरीक्षण करूंगा। हमारा लक्ष्य है कि यह परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो और देहरादून को आधुनिक एवं व्यवस्थित व्यापारिक अवसंरचना उपलब्ध हो।


*नियमित मॉनिटरिंग से पूरी होगी परियोजना : मोहन सिंह बर्निया*

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना की प्रगति की लगातार समीक्षा की जा रही है। बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। रजिस्ट्री प्रक्रिया, निर्माण कार्यों और आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। विभागीय स्तर पर समन्वय को और मजबूत बनाया गया है ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए। हमारा प्रयास है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे कर प्रभावितों और लाभार्थियों को परियोजना का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।



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उत्तराखंड LUCC चिट फंड मामले में चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 01.06.2026 को मुंबई, महाराष्ट्र में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी जांच टीम के लगातार और गहन प्रयासों के बाद की गई, जिसमें भारी मात्रा में वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण, बैंक लेनदेन की जांच, मौखिक साक्ष्य जुटाना और देश के विभिन्न राज्यों में व्यापक फील्ड जांच शामिल थी।


नैनीताल स्थित उत्तराखंड के माननीय उच्च न्यायालय के दिनांक 17.09.2025 के आदेश (WPCRL संख्या 1020/2025 और अन्य मामलों में पारित) के अनुपालन में, CBI, ACB, देहरादून ने 26.11.2025 को IPC, BNS, उत्तराखंड जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम (UPID अधिनियम) और अनियमित जमा योजनाएं प्रतिबंध अधिनियम (BUDS अधिनियम) की विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया था। यह मामला M/s लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) के विभिन्न पदाधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था, जिसके लिए उत्तराखंड की राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गई 18 FIRs की जांच CBI ने अपने हाथ में ले ली थी।

यह मामला LUCC द्वारा सार्वजनिक जमाओं के अवैध संग्रह, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश, अनियमित जमा योजनाओं के संचालन, धन के गबन आदि के आरोपों से संबंधित है। इस घोटाले ने उत्तराखंड राज्य के कई जिलों में बड़ी संख्या में जमाकर्ताओं को प्रभावित किया है।

अब तक की जांच में, उत्तराखंड राज्य में जनता के साथ हुई धोखाधड़ी का एक अभूतपूर्व पैमाना सामने आया है। इसमें बहुत बड़ी संख्या में निवेशकों (लगभग एक लाख से अधिक निवेशक) को LUCC की विभिन्न अनियमित जमा योजनाओं में निवेश करने के लिए लुभाया गया था। इन जमाकर्ताओं द्वारा किए गए कुल निवेश/जमा की राशि लगभग 800 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। जांच से पता चला है कि ये दोनों आरोपी, जिन्हें 01.06.2026 को गिरफ्तार किया गया था, मुख्य आरोपियों में से हैं और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचते हुए, LUCC द्वारा चलाई जा रही विभिन्न अनियमित जमा योजनाओं के तहत जमाकर्ताओं से एकत्र की गई धनराशि के संग्रह, प्रबंधन, हेराफेरी और दुरुपयोग में सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जांच के दौरान जुटाए गए सबूत लाखों निवेशकों से जुटाई गई धनराशि के मार्ग-निर्धारण (routing), प्रबंधन और उपयोग से जुड़ी बड़ी साजिश में उनकी संलिप्तता का संकेत देते हैं। ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद, दोनों आरोपियों को देहरादून स्थित माननीय BUDS अधिनियम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

CBI ने इससे पहले, 12 और 13 मई, 2026 को 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें उत्तराखंड में LUCC के 03 वरिष्ठ सहकारी प्रमोटर शामिल थे; इन्होंने उत्तराखंड में जनता से सक्रिय रूप से जमा राशि एकत्र की थी और चेस्ट शाखाओं का प्रबंधन कर रहे थे। ये सभी 05 आरोपी वर्तमान में देहरादून की सुधोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

ये गिरफ्तारियां सार्वजनिक जमाओं के अवैध संग्रहण और हेराफेरी के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने की CBI की जांच में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई हैं। CBI ने अपराध से अर्जित आय से आरोपियों द्वारा खरीदी गई कई अचल संपत्तियों का विवरण भी प्राप्त किया है, और यह विवरण BUDS अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी, यानी उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव के साथ साझा किया गया है; इसके साथ ही, इन संपत्तियों को फ्रीज करने और BUDS अधिनियम के प्रावधानों के तहत पीड़ितों को वितरित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया गया है। CBI जांच को शीघ्रता से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

आगे की जांच जारी है।

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मानसून अवधि के लिए सभी विभाग रहें पूरी तरह सतर्क*

*रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक का सख्ती से पालन हो*

*धामों में क्षमता के अनुरूप दर्शन व्यवस्था के लिए बनाई जाए एसओपी, भीड़ प्रबंधन हो वैज्ञानिक एवं चरणबद्ध*

*होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पार्किंग एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं*

*चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों के डीएम और एसपी नियमित समीक्षा कर व्यवस्थाएं और बेहतर बनाएं*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय, प्रभावी संवाद और सुव्यवस्थित प्रबंधन से यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्गों पर ट्रकों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात्रिकाल में ही अनुमति दी जाए तथा दिन के समय ऐसे वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रखा जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी धाम अथवा पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में नीचे स्थित होल्डिंग एरिया एवं प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को आगे भेजा जाए, जिससे धामों में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के दौरान श्रद्धालुओं को केवल रोका न जाए, बल्कि उन्हें इसके कारण, संभावित प्रतीक्षा अवधि तथा आगे की व्यवस्थाओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पुलिस, प्रशासन एवं यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील, विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में सूचना के अभाव का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली , एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप चौनल एवं एफएम रेडियो के माध्यम से लगातार अद्यतन सूचनाएं प्रसारित की जाएं। मार्ग अवरोध, मौसम में बदलाव, यातायात जाम अथवा दर्शन में विलंब जैसी परिस्थितियों की जानकारी भी समय रहते यात्रियों तक पहुंचाई जाए, जिससे भ्रम एवं असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो।


मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का प्रथम चरण प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक संचालित हुआ है। अब यात्रा दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मानसून एवं प्रतिकूल मौसम प्रमुख चुनौती होंगे। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता, नियंत्रण तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से प्राप्त फीडबैक, शिकायतों एवं सुझावों की दैनिक समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एम्बुलेंस एवं राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति अथवा मार्ग अवरोध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।


मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त एवं आईजी गढ़वाल को चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों में रेट लिस्ट का अनिवार्य प्रदर्शन सुनिश्चित करने तथा खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग कर गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश भी दिए।


बैठक में मुख्यमंत्री ने चारों धामों एवं पैदल यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने पैदल मार्गों पर पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था एवं उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा हेतु राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी तत्काल समन्वय स्थापित कर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचा सकें। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में शेड स्थापित करने तथा वर्षा एवं धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।


बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री भरत चौधरी, विधायक श्री अनिल नौटियाल, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय कुमार रोहिला, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री विनोद कुमार सुमन, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी तथा वर्चुअल माध्यम से विधायक श्री सुरेश चौहान, श्रीमती आशा नौटियाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री हेमंत द्विवेदी, आयुक्त गढ़वाल श्री आनंद स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।


देहरादून :



*नोटिस, सुनवाई और मोहलत के बाद हुई कार्रवाई, अवैध निर्माण को किया गया सील*



मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और बिना वैधानिक अनुमति संचालित गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए डोईवाला तहसील के ग्राम कण्डोगल कुडियाल (थानों) स्थित एक मस्जिद एवं मदरसा भवन को सील कर दिया है। प्राधिकरण की यह कार्रवाई उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 के तहत की गई।एमडीडीए के अनुसार संबंधित भवन के प्रथम एवं द्वितीय तल पर बिना आवश्यक स्वीकृतियों के मस्जिद का संचालन किया जा रहा था। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि परिसर में मदरसा भी संचालित किया जा रहा है, जबकि इसके लिए आवश्यक विभागीय अनुमतियां और पंजीकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। प्राधिकरण का कहना है कि भवन के विरुद्ध पूर्व में भी चालान की कार्रवाई की जा चुकी थी और संबंधित पक्ष को कई अवसर दिए गए थे, लेकिन नियमों के अनुरूप दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।


*पहले भी हुई थी कार्रवाई, दिया गया था समय*

एमडीडीए अधिकारियों के मुताबिक भवन के प्रथम तल को 17 दिसंबर 2025 को सील किया गया था। इसके बाद जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने प्राधिकरण को पत्र भेजकर इमामों के आवास की व्यवस्था न होने का हवाला देते हुए कुछ अतिरिक्त समय की मांग की थी। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्राधिकरण ने सीमित अवधि के लिए राहत प्रदान की और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संबंधित पक्ष से उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी), उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा परिषद से पंजीकरण एवं मान्यता संबंधी अभिलेख सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था। मामले की सुनवाई के लिए 7 जनवरी 2026 तथा 11 फरवरी 2026 की तिथियां भी निर्धारित की गईं, लेकिन निर्धारित समयावधि में अपेक्षित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए।


*निरीक्षण में जारी मिला मदरसे का संचालन*

प्राधिकरण के निरीक्षण के दौरान भवन परिसर में मदरसे का संचालन जारी पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि लगातार नोटिस, सुनवाई और पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद नियमों का अनुपालन नहीं किया गया। आवश्यक अनुमतियों और अभिलेखों के अभाव में भवन का उपयोग जारी रहने को गंभीर उल्लंघन मानते हुए एमडीडीए ने कार्रवाई का निर्णय लिया। इसके बाद 01 जून 2026 को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में संपूर्ण चालानशुदा अवैध निर्माण को सील कर दिया गया। उक्त कार्रवाई में सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता दीपक नौटियाल, सुपरवाइजर, नायब तहसीलदार डोईवाला राजेन्द्र सिंह रावत, और थानाध्यक्ष रानीपोखरी व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माण सील किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।


*नियमों के पालन पर सख्त रुख*

प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी धार्मिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक अथवा आवासीय गतिविधि का संचालन निर्धारित नियमों और वैधानिक स्वीकृतियों के अनुरूप होना अनिवार्य है। सभी संस्थानों और भवन स्वामियों के लिए एक समान नियम लागू हैं तथा किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को अवैध निर्माण और बिना अनुमति संचालित संस्थानों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। हाल के महीनों में एमडीडीए ने विभिन्न क्षेत्रों में अवैध निर्माणों और अनधिकृत गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज किया है।


*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान* 

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या समुदाय विशेष को लक्षित करना नहीं है, बल्कि कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य, संस्थान का संचालन अथवा भूमि उपयोग परिवर्तन निर्धारित नियमों और आवश्यक स्वीकृतियों के अनुरूप होना चाहिए। संबंधित पक्ष को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए, सुनवाई का अवसर दिया गया तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय भी उपलब्ध कराया गया। मानवीय आधार पर अतिरिक्त मोहलत भी दी गई, लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन की स्थिति बनी रही। ऐसे में अधिनियम के तहत उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करना आवश्यक था। एमडीडीए भविष्य में भी अवैध निर्माण, अनधिकृत संस्थानों और बिना अनुमति संचालित गतिविधियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रखेगा।


*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान* 

संबंधित पक्ष को नियमानुसार सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया था। आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय भी उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद निर्धारित अवधि के भीतर अपेक्षित अभिलेख प्राधिकरण को प्राप्त नहीं हुए। निरीक्षण में नियमों के उल्लंघन की स्थिति पाए जाने के बाद उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 के तहत भवन को सील करने की कार्रवाई की गई। एमडीडीए की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में सभी निर्माण और गतिविधियां निर्धारित नियमों एवं वैधानिक स्वीकृतियों के अनुरूप संचालित हों।


*राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में शैक्षिक सुधार, महिला सुरक्षा, अर्बन माओवाद और वैश्विक परिदृश्य पर चार प्रस्ताव पारित*


'‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’, वंदे मातरम् के 150 वर्ष और राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा के 60 वर्ष पर अभाविप चलाएगा देशव्यापी अभियान*



अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक 29 से 31 मई के मध्य महाप्रभु जगन्नाथ की पावन भूमि भुवनेश्वर में संपन्न हुई, देशभर के 46 प्रांतों से कुल 400 से अधिक प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में सहभाग किया। बैठक में 'शैक्षिक सुधारों को परिणामकारी बनाने हेतु धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक', 'सशस्त्र माओवाद के समाप्तिकाल में शहरी माओवाद एक गंभीर चुनौती', 'संगठित आपराधिक एवं जिहादी मानसिकता से महिलाओं के शोषण तथा मतांतरण पर लगे लगाम' एवं 'वैश्विक अनिश्चितता के दौर में संयम एवं सजगता का सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प समय की मांग' विषयक चार प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया है।


राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के पूर्व 27 मई को आयोजित केंद्रीय कार्यसमिति बैठक में 'लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना हेतु पश्चिम बंग के जनमानस का अभिनंदन' विषयक अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया था। वहीं, अभाविप ने बैठक के माध्यम से भारतीय उद्योग जगत से अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया है, जिससे विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में गति प्राप्त होगी। 


राष्ट्रीय परिदृश्य, शिक्षा व्यवस्था, युवाओं की भूमिका, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक विषयों तथा समसामयिक चुनौतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। साथ-ही, अखिल भारतीय विचार बैठक एवं संगठनात्मक विचार बैठक के निर्णयों की समीक्षा, अभियानात्मक, कार्यक्रमात्मक एवं संगठनात्मक कार्यों का मूल्यांकन तथा आगामी वर्ष की विस्तृत कार्ययोजना का भी निर्धारण किया गया। अन्तर्राज्यीय छात्र जीवन दर्शन (SEIL) की गौरवपूर्ण राष्ट्रीय एकात्मकता यात्रा के 60 वर्ष पूर्ण होने पर 'SEIL@60' कार्यक्रम सम्पूर्ण भारत में आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 'स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’, आपातकाल निषेध के 50 वर्ष, श्री गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस के 350 वर्ष तथा संत रविदास जी के 650वें प्राकट्योत्सव जैसे विभिन्न उपलक्ष्यों पर वर्षभर देशव्यापी अभियान चलाए जाएंगे।


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, "राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में पारित प्रस्ताव केवल वर्तमान चुनौतियों पर अभाविप की प्रतिक्रिया नहीं हैं, बल्कि विकसित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु हमारी व्यापक दृष्टि को भी प्रतिबिंबित करते हैं। शिक्षा व्यवस्था को अधिक परिणामकारी एवं छात्र-केंद्रित बनाने, राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष उपस्थित शहरी माओवाद जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान करने, महिलाओं के विरुद्ध संगठित अपराध एवं मतांतरण के षड्यंत्रों पर अंकुश लगाने तथा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने का सामूहिक संकल्प इस बैठक के माध्यम से व्यक्त हुआ है। भारत को वैश्विक नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए युवा शक्ति, शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के मध्य सशक्त समन्वय आवश्यक है। अभाविप ने बैठक के माध्यम से भारतीय उद्योग जगत से आह्वान किया है कि वह अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाए तथा युवाओं और विश्वविद्यालयों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करे। हमें विश्वास है कि भारत का युवा वर्ग अपनी प्रतिभा, नवाचार क्षमता और राष्ट्रीय चेतना के बल पर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा तथा अभाविप की यह राष्ट्रीय कार्यकारी बैठक इस दिशा में सतत नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगी।"

 

 

हरिद्वार, दिनांक :31 मई ,

minister madan kaushik Maan ki Baat


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के प्रसारण को लेकर रविवार को हरिद्वार में मध्य हरिद्वार मंडल के बूथ संख्या 159,वार्ड संख्या 19 खन्ना नगर में विशेष आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक एवं हरिद्वार की महापौर श्री मति किरण जैसल ने पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों के साथ कार्यक्रम को सुना। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री द्वारा देश के विकास, जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार, युवाओं की भूमिका तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यक्त विचारों को गंभीरता से सुना।
कार्यक्रम के उपरांत कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला एक सशक्त संवाद मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय-समय पर समाज के विभिन्न वर्गों, युवाओं, महिलाओं, किसानों, वैज्ञानिकों, खिलाड़ियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रेरणादायक कहानियों को देश के सामने रखते हैं, जिससे सकारात्मक परिवर्तन की भावना को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत विचार समाज में जनजागरण और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणा का कार्य करते हैं।
मदन कौशिक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों के प्रयासों और उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलती है, जिससे लोगों में राष्ट्रहित में योगदान देने की भावना और मजबूत होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें तथा समाज के सकारात्मक बदलाव में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर महापौर किरण जैसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को प्रेरित करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री समाज के उन अनदेखे नायकों को सामने लाते हैं, जो अपने कार्यों से देश और समाज में परिवर्तन ला रहे हैं। यह कार्यक्रम लोगों को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने की प्रेरणा देता है।
भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों के उपयोग तथा सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। इन विषयों पर जनसहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने भी प्रधानमंत्री के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला कार्यक्रम है। इसके माध्यम से देशभर में चल रहे नवाचारों, जनआंदोलनों और प्रेरणादायक प्रयासों की जानकारी मिलती है, जो लोगों को समाज और राष्ट्र के लिए बेहतर कार्य करने हेतु प्रेरित करती है।
इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी, पार्षदगण, वरिष्ठ कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

 

देहरादून :





4 और 5 जून को राहुल गांधी जी के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे की तैयारी का जायजा लेने के लिए कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आज से उत्तराखंड दौरे पर पहुंच गई है उनके साथ कांग्रेस के सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव भी पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदिया जी ने पार्टी पदाधिकारी के साथ आशा रोड़ी के पास उनका स्वागत किया उसके पश्चात कुमारी शैलजा और गणेश गोदियाल पार्टी पदाधिकारीगणों के साथ राहुल गांधी जी की प्रस्तावित बैठक के कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते समय कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत भी उनके साथ थे कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने के बाद कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कांग्रेस मुख्यालय पहुंची जहां कांग्रेस पदाधिकारीगणों ने बड़ी संख्या मे उनका उत्साह पूर्वक स्वागत किया  ।

 कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी पदाधिकारियों की  बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को गंभीरता से ले रहे हैं इसीलिए चुनाव से काफी पहले उन्होंने उत्तराखंड को 2 दिन का समय दिया है जिसमें वह 4 जून को अल्मोड़ा में जनसभा को संबोधित करेंगे और 4 जून को ही पौड़ी में पूर्व सैनिकों से संवाद करेंगे और 5 जून को देहरादून में पार्टी पदाधिकारीयो से संवाद करेंगे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी का उत्तराखंड दौरा महत्वपूर्ण है और वह इस बात की ओर इशारा करता है कि वह उत्तराखंड की जनता के हर सुख दु:ख में  हमेशा साथ खड़े रहते हैं उत्तराखंड के मुद्दों को हमेशा प्राथमिकता के साथ उठाते हैं उनका दौरा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेगा और वह जोश 2027 का विधानसभा चुनाव जिताने का काम करेगा ।

कुमारी शैलजा ने कहा कि आज उत्तराखंड सरकार में आपसी तालमेल की बड़ी कमी है भाजपा नेता विधायक और मंत्री अंतर कला में उलझे हुए हैं यह समय प्रदेश में बदलाव का है जनता सरकार के कामकाज से खुश नहीं है कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और प्रदेश में बदलाव के लिए कमर कस लेनी चाहिए । मैंने कहा कि कांग्रेस के प्रति पदाधिकारी और कार्यकर्ता को अब राहुल गांधी जी के दौरे पर ध्यान केंद्रित कर कार्यक्रम की सफलता पर पूरी शक्ति लगा देनी चाहिए ।  उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी अल्मोड़ा की जनसभा में उत्तराखंड के मुद्दों को उठाने का काम करेंगे क्योंकि भाजपा सरकार राज्य में जनहित के मुद्दों की लगातार उपेक्षा कर रही है जनहित के मुद्दों पर यह सरकार कुंभ करनी निंद्रा में सोई हुई है राज्य में बेटियों को न्याय नहीं मिल रहा है बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिल रहा है राहुल गांधी जी अल्मोड़ा की रैली में सरकार की निंद्रा को तोड़ने का काम करेंगे ।

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ने कहा कि पौड़ी में राहुल गांधी जी पूर्व सैनिकों से संवाद करेंगे जिसमें वह पूर्व सैनिकों की समस्याओं को जानने का प्रयास करेंगे कांग्रेस हमेशा पूर्व सैनिकों के साथ खड़ी रही है उनके सम्मान और अधिकार के लिए लड़ती रही है अब राहुल गांधी जी स्वयं पौड़ी में पूर्व सैनिकों के बीच पहुंच रहे हैं यह हम सभी के लिए गौरव की बात है ।   कुमारी शैलजा ने बताया कि देहरादून में राहुल गांधी जी कांग्रेस के  प्रदेश पदाधिकारीगणों  कांग्रेस के पूर्व सांसद , कांग्रेस विधायकों ,पूर्व विधायक ,कांग्रेस के जिला अध्यक्षों नगर अध्यक्षों तथा फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारीयो  , एआईसीसी सदस्यों, तथा पीसीसी सदस्यों से मुलाकात करेंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सभी को मार्गदर्शन भी देंगे और उनके सुझाव भी आमंत्रित करेंगे  

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं कि हमें राहुल गांधी जी का दो दिन का सानिध्य मिलेगा इस दौरान वह प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को उठाने का काम करेंगे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह भी बढ़ाएंगे उनके दौरे से पूर्व सैनिकों को कांग्रेस के साथ जोड़ने में भी मदद मिलेगी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनके दौरे की सफलता के लिए कमर कस लेनी चाहिए ।
इसके अलावा बैठक को चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पूर्व मंत्री डॉ0 हरक सिंह रावत और चुनाव कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष पूर्व मंत्री  श्री   प्रीतम सिंह ने भी संबोधित किया ।
बैठक में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद मैथानी,  श्री नव प्रभात,   हीरा सिंह बिष्ट, नव प्रभात, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत , प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह,  नवीन जोशी,  श्रीमती गोदावरी थापली,   महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, पूर्व सैनिक अध्यक्ष राम रतन सिंह नेगी, नेता प्रभु लाल बहुगुणा, जोत सिंह गुनसोला,  प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि,  प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसोनी, शीशपाल सिंह बिष्ट , डॉ 0 प्रतिमा सिंह  ,सुजाता पॉल,  अभिनव थापर , सूरत सिंह नेगी प्रदेश,  महामंत्री महेंद्र सिंह नेगी गुरुजी श्री राजकुमार,  श्री जयेन्द्र रमोला,  श्री मनीष नागपाल,   श्री राजेश चमोली, श्री नितिन बिष्ट, श्री संजय जैन, श्री यशपाल चौहान, श्री विरेन्द्र पोखरियाल, श्री पूरण सिंह रावत, श्री लालचन्द शर्मा, श्री अमरजीत सिंह, विकास नेगी, श्री मधुसूदन सुन्द्रियाल, श्री अश्विनी बहुगुणा, श्री अमेन्द्र सिंह बिष्ट, श्री अखिलेश उनियाल, श्री सुरेन्द्र सिंह रांगड, श्री दीप बोहरा, महन्त विनय सारस्वत, रघुवीर सिंह बिष्ट,  श्री राजपाल खरोला, श्री सागर मनवाल, श्री ताहिर अली, श्री जगदीश धीमान, श्री याकूब सिद्वीकी, श्री संदीप चमोली, श्री राजीव कुमार,  एससी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मदनलाल महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी पछवा दून के जिला अध्यक्ष संजय किशोर परवाह जून के जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल, श्री प्रदीप जोशी, श्री यामीन अंसारी, श्रीमती पिया थापा, श्री विपुल जैन, श्री सुलेमान अली, श्री अनिल नेगी, श्रीमती मंजू त्रिपाठी, श्रीमती परिणीता बडोनी, श्रीमती सुनीता प्रकाश, श्रीमती नजमा खान, श्री प्रशान्त खण्डूरी, महन्त विनय सारस्वत, श्रीमती हेमा पुरोहित, डॉ0 प्रदीप जोशी, श्री अनुज गुप्ता, श्री सत्येन्द्र सिंह पंवार, श्री अनिल बसनेत, श्री आदर्श सूद, श्री संजय शर्मा, श्री प्रीतम सिंह आर्य, श्री विनोद कुमार   प्रदेश महामंत्री सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे ।


प्रेस क्लब में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर किया संगोष्ठी का आयोजन

एआई के युग में भी प्रिंट मीडिया के बिना रह नहीं सकते हैं - भगत सिंह कोश्यारी

समाज को आईना दिखाने का काम करती है पत्रकारिता-स्वामी कैलाशानंद गिरी

1857 की क्रांति में हिंदी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका-प्रो.गोविंद सिंह

press club haridwar bhagat singh kosjyari

हरिद्वार:


 हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर प्रेस क्लब हरिद्वार  द्वारा 5 चरणों मे चलाये जा  रहे भव्य द्विशताब्दी समारोह का समापन आज हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर।  किया गया। अपने आप मे इतिहास बना देने वाले इस पल के साक्षी बने अनेक वरिष्ठ पत्रकार, विद्वान और संत महापुरुष।


कार्यक्रम की अध्यक्षता निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज द्वारा की गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल पद्मभूषण से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी, मुख्य वक्ता मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल  द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।

पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों को इस मौके पर  सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार गोपाल रावत  को स्वर्गीय मधुकांत प्रेमी स्मृति पुरस्कार तथा राहुल वर्मा को स्वर्गीय पीएस चौहान स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। 

पत्रकारिता अध्ययन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।


“हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष एवं मीडिया काउंसिल की अपरिहार्यता” विषय पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रोफेसर गोविंद सिंह ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास और विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। 

उन्होंने कहा कि वर्ष 1826 में कोलकाता से जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित ‘उदंत मार्तंड’ पहला हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र था, जिसने हिंदी पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आपातकाल और डिजिटल युग तक हिंदी पत्रकारिता ने समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तमाम चुनौतियों के बावजूद प्रिंट मीडिया आज भी अपनी विश्वसनीयता बनाए हुए है।


मुख्य अतिथि भगत सिंह कोश्यारी ने प्रेस क्लब हरिद्वार को उत्तराखंड का आदर्श प्रेस क्लब बताते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। 

उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री वैश्विक मंचों पर हिंदी में संवाद कर रहे हैं, जिससे हिंदी भाषा का सम्मान और प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटल युग में भी प्रिंट मीडिया की प्रासंगिकता बनी रहेगी।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना होती है। निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता ही समाज को सही दिशा देने का कार्य करती है। सत्य और विश्वसनीयता के साथ पत्रकारिता करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। उन्होंने समाज में हिंदी भाषा के महत्व को समझने और उसे बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार दीपक नौटियाल ने किया। इस अवसर पर संयोजक समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में पत्रकार, गणमान्य अतिथि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार गोपाल रावत को स्वर्गीय मधुकांत प्रेमी स्मृति पुरस्कार तथा राहुल वर्मा को स्वर्गीय पीएस चौहान स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही पत्रकारिता की पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।


मुख्य वक्ता मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद सिंह ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रमों की श्रंखला आयोजित करने पर प्रेस क्लब हरिद्वार बधाई का पात्र है। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास संघर्षपूर्ण रहा है।


 उस समय अंग्रेजी के अखबार चलते थे जिसमें सभी कर्मचारी और पाठक भी अंग्रेज ही होते थे। उसके बाद बंगला, फारसी और उर्दू के अखबार शुरू हुए। कोलकाता को अखबारों की जननी कहा जाता था, वहां से जुगल किशोर शुक्ल ने 1826 में उदंत मार्तंड नाम से पहला हिंदी भाषी साप्ताहिक अखबार शुरू किया। डेढ़ साल चलने वाले इस अखबार ने अपने मापदंड और छाप छोड़ दी। उसके बाद 1857 की क्रांति में भी हिंदी पत्रकारिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1935 के बाद अखबारों ने आजादी की लड़ाई में ऐतिहासिक कार्य किए थे। इसके बाद बड़ी संख्या में हिंदी के अखबार शुरू हुए क्योंकि लोगो को उम्मीद थी कि हिंदी भारत की राजभाषा बन जाएगी। आजादी के बाद इमरजेंसी लगी और उसके बाद हिंदी पत्रकारिता का सुधार हुआ। नब्बे के दशक के बाद टीवी और डिजिटल मीडिया का युग आ गया। डिजिटल युग ने लोगों को लिखने की स्वतंत्रता प्रदान की। लेकिन इसमें कई खामियां भी हैं। लेकिन इस सब के बीच प्रिंट मीडिया ने आज भी अपनी विश्वनीयता कायम रखा है। पूर्व राज्यपाल पद्मभूषित भगत सिंह कोश्यारी ने सभी आयोजकों को शुभकानाएं दी और प्रेस क्लब हरिद्वार को उत्तराखंड का आदर्श प्रेस क्लब बताया। उन्होंने कहा कि मां गंगा के पावन तट पर वर्नाकुलर और भाषायी प्रेस जैसे शब्द विलुप्त हो जाएंगे। अब समय आ गया है कि अपने अस्तित्व के लिए भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाएं और ऐसे शब्दों का प्रयोग करें ताकि नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बन सकें। कहा कि उदंत मार्तंड पहला साप्ताहिक अखबार कोलकाता में आज से दो सौ साल पहले शुरू हुआ था, यह प्रकट करता है कि एक दिन ऐसा भी आएगा कि चेन्नई से भी इसका उदय होगा। देश के पहले प्रधानमंत्री अंग्रेजी माहौल में पढ़े थे। इसलिए जनता भी उसी माहौल का अनुसरण करने लगती हैं। आज देश के प्रधानमंत्री ट्रंप जैसे वैश्विक नेताओं से हिंदी में बात करते हैं। इसलिए अब उन लोगों को भी हिंदी की आवश्यकता आन पड़ी है। आज देश के महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में बेहतर हिंदी बोली जा रही है। एआई के युग में भी हम प्रिंट मीडिया के बिना रह नहीं सकते हैं। भारत के अंदर आज भी आध्यात्मिक इंटेलिजेंस का कोई जवाब ही नहीं है और उसकी पहुंच बहुत आगे है। आज देश का मुखिया जिस दिशा में चल रहा है, जनता भी उसी दिशा में चल रही है। देश विकास और विरासत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वो मायानगरी मुंबई को छोड़कर मायापुरी हरिद्वार में आए हैं। वो दिन भी आएगा, जब भारत अखंड भारत बनेगा और उसमें मायापुरी का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि पत्रकारिता समाज को आईना दिखाने का काम करती है। समाज में घट रही घटनाओं को विश्वसनीयता से रखना ही सच्ची पत्रकारिता कहलाती है। निर्भीक होकर अपने मिशन को पूरा करना चाहिए। 


सच्चाई समाज के आगे आएगी तो देश मजबूत होगा। प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकार समाज के सजग प्रहरी के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष गौरव पूर्ण रहे हैं। अगली पीढ़ी का दायित्व है कि इस गौरव को और आगे ले जाए। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेद्र चौधरी, महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने कहा कि श्रंखलाबद्ध कार्यक्रम हिंदी पत्रकारिता के गौरवपूर्ण कार्यक्रमों के आयोजन लगातार संचालित हैं। 


समाज को हिंदी के महत्व को समझने की आवश्यकता है। मीडिया जगत लगातार हिंदी भाषा को प्रसिद्धि दिलाने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सभी अतिथीयों को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया और आभार जताया। 

प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। उन्होंने समाज में हिंदी भाषा के महत्व को समझने और उसे बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार दीपक नौटियाल ने किया। इस अवसर पर संयोजक समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में पत्रकार, गणमान्य अतिथि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


 इस अवसर   पर सुनील दत्त पांडे, आदेश त्यागी, दीपक नौटियाल, काशीराम सैनी, मेहताब आलम, गुलशन नैय्यर, श्रवण झा, रामचंद्र कन्नौजिया, अमित शर्मा, नरेश गुप्ता,संदीप रावत, राजकुमार, दीपक मिश्रा, डा.शिवा अग्रवाल, सुनील पाल, बालकृष्ण शास्त्री, आशीष मिश्रा, नरेश दीवान शैली, रोहित सिखौला, शमशेर बहादुर, राव रियासत ,आनन्द गोस्वामी, परमजीत सिंह राणा, एसके अरोड़ा, रूपेश वालिया, लव शर्मा, रामेश्वर शर्मा, महेश पारीख, कुलभूषण शर्मा, राधिका नागरथ, मंजू नेगी, कुमकुम शर्मा, प्रतिभा वर्मा, सुनील मिश्रा, संदीप शर्मा, केके पालीवाल, गोपाल कृष्ण पटुवर, संजय रावल, जोगेंद्र मावी, सुभाष कपिल, चंद्रशेखर जोशी, कौशल सिखोला, महावीर नेगी, मुदित अग्रवाल, मनोज सोही, अमित गुप्ता, त्रिलोकचंद्र भट्ट सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और अतिथी शामिल रहे।






 तुंगनाथ-चंद्रशिला क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने की घटना, SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन*


जनपद रुद्रप्र


याग के तुंगनाथ-चंद्रशिला क्षेत्र में आंधी, तूफान एवं वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना प्राप्त होते ही SDRF ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रेस्क्यू अभियान संचालित किया।


दिनांक 29 मई 2026 को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) देहरादून से सूचना प्राप्त हुई कि तुंगनाथ क्षेत्र में एक समूह खराब मौसम के कारण फंस गया है तथा आकाशीय बिजली गिरने से कुछ लोग प्रभावित हुए हैं। सूचना मिलते ही निरीक्षक अनिरुद्ध भंडारी के निर्देशन में SDRF पोस्ट रतूड़ा से उप निरीक्षक संतोष परिहार के नेतृत्व में टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


प्रारंभिक राहत कार्य के दौरान अन्य एजेंसियों द्वारा गंभीर रूप से घायल युवक को उपचार हेतु 108 एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेज दिया गया, जबकि दो अन्य व्यक्ति सुरक्षित पाए गए। वहीं आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 19 वर्षीय अभिनव वाजपेई पुत्र संजीत कुमार, निवासी लखनऊ की घटनास्थल पर मृत्यु हो गई थी।


रात्रि के समय खराब मौसम, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र एवं लगभग 8 से 10 किलोमीटर लंबे कठिन पैदल मार्ग के बावजूद SDRF टीम ने अदम्य साहस एवं दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए चोपता से चंद्रशिला के लिए अभियान प्रारंभ किया। टीम ने रात्रि लगभग 23:00 बजे घटनास्थल तक पहुंच बनाकर मृतक के शव को अपने कब्जे में लिया तथा कठिन मार्ग से नीचे लाकर चोपता पहुंचाया।


SDRF टीम द्वारा शव को आवश्यक वैधानिक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।


*घटना में प्रभावित व्यक्तियों का विवरण*


मृतक: अभिनव वाजपेई (19 वर्ष), पुत्र संजीत कुमार, निवासी लखनऊ।

घायल: अभिषेक बाजपेई (23 वर्ष), पुत्र संजीत कुमार, निवासी लखनऊ।

सुरक्षित: शुभम शुक्ला (25 वर्ष), पुत्र अनुज शुक्ला, निवासी उन्नाव, उत्तर प्रदेश।

सुरक्षित: आजन मिश्रा (24 वर्ष), पुत्र नीतू मिश्रा, निवासी लखनऊ।

*गंगनानी में दर्दनाक सड़क हादसा — SDRF ने अंधेरे व विषम परिस्थितियों में चलाया रेस्क्यू अभियान, 03 घायलों को बचाया

दिनांक 29/05/2026 की देर रात्रि डीसीआर उत्तरकाशी से एसडीआरएफ को सूचना प्राप्त हुई कि गंगनानी, भटवाड़ी के पास एक स्विफ्ट कार संख्या PB 01 F 1733 गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ पोस्ट भटवाड़ी की टीम उपनिरीक्षक गब्बर सिंह एवं पोस्ट उजेली की टीम आरक्षी शक्ति सिंह के नेतृत्व में तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर पहुंचने पर एसडीआरएफ टीम ने पाया कि वाहन गहरी खाई में गिरा हुआ था। वाहन में कुल 05 व्यक्ति सवार थे, जिनमें से 02 व्यक्तियों की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी, जबकि 03 अन्य गंभीर रूप से घायल अवस्था में थे।


एसडीआरएफ टीम द्वारा रात के अंधेरे एवं अत्यंत विषम परिस्थितियों के बीच त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाया गया। टीम ने सभी घायलों को खाई से सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया तथा सड़क मार्ग तक पहुंचाकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवाया। साथ ही मृतकों के शवों को भी खाई से बाहर निकालकर जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।


घायलों का विवरण


विमल कुमार प्रधान पुत्र बैकुंठ प्रधान, उम्र 61 वर्ष, निवासी भुवनेश्वर, उड़ीसा।


यशवीर पुत्र बाज सिंह, उम्र 35 वर्ष, निवासी पंजाब।


श्रीमती उपासना पत्नी विमल कुमार प्रधान, उम्र 54 वर्ष, निवासी भुवनेश्वर, उड़ीसा।


मृतकों का विवरण


दामोदर हरीराम जी रामटेककर, उम्र 77 वर्ष।


लक्ष्मी दामोदर रामटेककर, उम्र 67 वर्ष।


दोनों निवासी — नागपुर, महाराष्ट्र।


देहरादून:


mdda combine action


*एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई अवैध निर्माणों पर चला प्रशासनिक बुलडोजर, कई व्यवसायिक भवन सील*

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल व एमडीडीए की बड़ी कार्रवाईअवैध निर्माणों पर चला प्रशासनिक बुलडोजर, कई व्यवसायिक भवन सील मसूरी, ऋषिकेश और देहरादून में संयुक्त अभियान, अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण


मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल व एस0डी0एम0 ऋषिकेश ,मसूरी के निर्देशों पर प्राधिकरण की टीम ने माजरा, सुद्धोवाला, बड़ोवाला, शिमला बाईपास रोड, डिस्पेंसरी रोड,  ऋषिकेश तथा मसूरी क्षेत्र में बिना स्वीकृति संचालित निर्माण कार्यों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान कई अवैध व्यवसायिक परिसरों को सील किया गया, जबकि अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों को जेसीबी मशीनों की सहायता से ध्वस्त किया गया। अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा तथा संबंधित अभियंताओं एवं अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई संपन्न कराई गई।

जाएगा।


*ऋषिकेश में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, मसूरी में निर्माणों पर गिरी गाज*


प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र के लेन नंबर-03, निर्मल बाग ब्लॉक-ए में लगभग तीन बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लॉटिंग स्थल पर चल रहे विकास कार्यों को रुकवाते हुए अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया।  उक्त भूमि पर बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे, जो विकास प्राधिकरण अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी क्रम में मसूरी क्षेत्र स्थित दलाई हिल्स, हैप्पी वैली में संजय सहानी, अमित तथा चंदू द्वारा किए गए अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणों को ध्वस्त किया। पर्वतीय क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण गतिविधियां पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।


*देहरादून में कई व्यवसायिक परिसरों पर सीलिंग कार्रवाई*


एमडीडीए द्वारा देहरादून शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भी व्यापक कार्रवाई की गई। डिस्पेंसरी रोड स्थित सुरेंद्र भाटिया द्वारा किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील कर दिया गया। इसके अतिरिक्त अंबेडकर नगर, बड़ोवाला शिमला बाईपास क्षेत्र में नरेश गुप्ता द्वारा किए गए अवैध निर्माण को भी सील किया गया। वहीं माजरा सहारनपुर रोड क्षेत्र में बेला जैन, अनिल कुमार गुप्ता, वरुण गर्ग, राकेश गर्ग तथा अन्य व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माणों के खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। संबंधित भवन स्वामियों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन नियमों का पालन न किए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करनी पड़ी।


यह संपूर्ण अभियान संबंधित सेक्टरों के सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, शशांक सक्सेना, अजय मलिक,  राजेंद्र बहुगुणा, अवर अभियंता ,सुपरवाइजरों एवं पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुआ।


*अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं — बंशीधर तिवारी*


मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण न केवल विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर की सुनियोजित विकास व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमडीडीए द्वारा ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां कहीं भी अवैध गतिविधियां सामने आएंगी, वहां तत्काल प्रभाव से ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण से पूर्व संबंधित मानचित्रों की स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की जानकारी प्रशासन को दें। उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप देहरादून और मसूरी क्षेत्र को व्यवस्थित एवं नियोजित स्वरूप देने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं और भविष्य में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।


*नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई — मोहन सिंह बर्निया*


एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर बिना अनुमति निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, वहां नियमानुसार सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।


SIR अभियान को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, डीएम ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

सभी ईआरओ बूथवार बीएलए-2 नियुक्ति तत्काल सुनिश्चित करें,

बीएलओ और सुपरवाइजरों को दिया जाए व्यापक प्रशिक्षण- डीएम

08 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, मतदाता पुनरीक्षण अभियान होगा तेज,


देहरादून;



जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर पुनरीक्षण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।


जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने निर्देशित किया कि मतदाता सूची की मैपिंग गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ की जाए तथा सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाए। साथ ही अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं के नाम अत्यंत सावधानीपूर्वक सूची से हटाए जाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन कर लें, ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

 

उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) एवं सुपरवाइजरों को पुनरीक्षण कार्यों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाए तथा उनकी सभी शंकाओं का समाधान प्रशिक्षण के दौरान ही सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त संबंधित क्षेत्रों में पटवारियों के माध्यम से भी सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए, जिससे किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का बूथ लेवल पर पुनरीक्षण हेतु राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्ति बीएलए-2 की अहम भूमिका है। सभी ईआरओ अपने क्षेत्र में राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर प्रत्येक बूथ हेतु बीएलए-2 अवश्य नियुक्त करवा लें। ताकि पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित व पारदर्शिता के साथ हो सके। मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सभी ईआरओ को अपने-अपने क्षेत्रों के बूथों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश भी दिए।


जिलाधिकारी ने पुनरीक्षण कार्यों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सितंबर माह में किया जाना है। इसके साथ ही निर्वाचन संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु टेंडर प्रक्रिया की सूची तैयार कर समय पर समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।


उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 7 जून तक गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग एवं कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन करेंगे। इसी अवधि में नए पोलिंग बूथों को सम्मिलित करते हुए बूथों का अंतिम निर्धारण भी किया जाएगा।


उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को मतदाता सूची के प्रथम ड्राफ्ट का प्रकाशन किया जाएगा। इसके उपरांत 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 11 सितंबर तक उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा।


जनपद देहरादून की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 13 लाख 80 हजार 800 मतदाता पंजीकृत हैं। प्री-एसआईआर अभियान के अंतर्गत 16 मई तक 11 लाख 1 हजार 437 मतदाताओं, अर्थात 80.38 प्रतिशत की मैपिंग पूर्ण की जा चुकी है, जबकि शेष 2 लाख 70 हजार 161 मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि 47923 अनुपस्थित, 145797 स्थानांतरित एवं 33008 मृत मतदाता हो गए है।

 

उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 1882 मतदेय स्थल हैं, जिनमें अब तक भारतीय जनता पार्टी द्वारा 1836, कांग्रेस द्वारा 1443 तथा सीपीआई द्वारा 378 बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं। अधिकृत बीएलए-2 अपने संबंधित मतदेय स्थलों पर बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची के परीक्षण, संशोधन एवं अन्य कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।


उप जिलाधिकारी ने बताया कि कोई भी नागरिक निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित ईसीआई-नेट के माध्यम से पंजीकरण एवं मतदाता पहचान पत्र संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एप पर उपलब्ध “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा के माध्यम से संबंधित बीएलओ से भी संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त निर्वाचन कार्यालय के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।


बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों सहित पुनरीक्षण व्यवस्थाओं से जुड़े सभी नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

 



डोईवाला:




 क्षेत्र में हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेशम माजरी चौक पर सड़क पार करते समय एक दुखद दुर्घटना में माजरी निवासी एक महिला की मृत्यु हो गई। यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इस स्थान पर पूर्व में भी कई सड़क दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश व्याप्त है।


आज इसी गंभीर विषय को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश कुमार चतुर्वेदी से बलबीर रोड,देहरादून स्थित NHAI कार्यालय में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रेशम माजरी के दोनों चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाने की मांग की गई, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


इस अवसर पर परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि रेशम माजरी क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएँ बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में इस मुद्दे को लेकर डोईवाला उपजिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा गया था। प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जनहित में शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए, जिससे लोगों की जान बचाई जा सके। 


रिटायर आईटीबीपी अधिकारी धर्म सिंह पाल ने कहा कि क्षेत्रीय जनता लंबे समय से सड़क सुरक्षा की मांग कर रही है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल लगना क्षेत्र की आवश्यकता बन चुका है।


परवादून कांग्रेस जिला सचिव मनोज पाल ने कहा कि सड़क पार करने के दौरान आमजन, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।


जनहित में सड़क सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है तथा अपेक्षा है कि संबंधित विभाग इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगा।


ज्ञापन सौंपने के दौरान परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, धर्म सिंह पाल, परवादून कांग्रेस जिला सचिव मनोज पाल सहित क्षेत्रीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

 चेतावनी--

उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने/ओले गिरने, तेज़ हवाओं (गति 50-60 Kmph, जो 70 Kmph तक पहुँच सकती है) और भारी बारिश की संभावना है।

heavy rain in uttarakhand


उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो रही है।


येलो:

उत्तराखंड के बाकी जिलों में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं (गति 40-50 Kmph) के साथ आंधी आने की संभावना है।


*डिजिटल व्यवस्था से घर बैठे मिल रही सुविधा, बुजुर्गों को बड़ी राहत*

*पेंशनरों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की पहल, पेंशनर फैसिलिटेशन हाल में जीवन प्रमाण पत्र पर विशेष प्रशिक्षण जारी*

 *पेंशनर फैसिलिटेशन हाल में डीएलसी के माध्यम से अब तक 1लाख 84 हज़ार  से अधिक लोगो का हुआ सत्यापन*

*पेंशनरों को भा रही डिजिटल व्यवस्था, दून में 22 हजार से अधिक लाभार्थी*

*आईएफएमएस ऐप से घर बैठे आसानी से डाउनलोड करें पेंशन स्टेटमेंट्स*


देहरादून ;



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का सत्यापन अब पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पेंशनर अब घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापित कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।


प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1.5 लाख पेंशनर हैं, जबकि देहरादून में 22 हजार से अधिक पेंशनर निवास करते हैं। इन सभी के सत्यापन को सुगम बनाने के लिए “जीवन प्रमाण” ऐप और “आधार फेस आरडी” तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पेंशनर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) आसानी से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।


देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में स्थापित पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में भी डीएलसी के माध्यम से लगातार सत्यापन किया जा रहा है। यहां पेंशनरों को आधार अपग्रेडेशन के साथ-साथ डिजिटल प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2024 से अब तक इस केंद्र में 1 लाख 84 हजार से अधिक पेंशनरों का डिजिटल सत्यापन किया जा चुका है।


जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान ने देहरादून जनपद में कार्यभार संभालने के दिन ही कोषागार का निरीक्षण करते हुए अधिक से अधिक पेंशनरों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन कराने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि विरिष्ठ पेंशनरों को घर बैठे ही सुविधा का लाभ मिल सकें।


पेंशनर “जीवन प्रमाण” ऐप के माध्यम से ऑपरेटर आईडी बनाकर घर बैठे भी अपना सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आधार का अपडेट होना तथा आधार नंबर का मोबाइल नंबर और कोषागार से लिंक होना आवश्यक है।


इसके अतिरिक्त आईएफएमएस (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप के जरिए पेंशनर अपनी सत्यापन स्थिति (एक्टिव/इनएक्टिव) ऑनलाइन देख सकते हैं और पेंशन स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं।


पेंशनरों की सहायता के लिए निदेशालय कोषागार द्वारा 8899890000 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जबकि अधिक जानकारी के लिए treas-fdc-uk@nic.in पर संपर्क किया जा सकता है।


इस डिजिटल पहल से बुजुर्ग पेंशनरों को लंबी कतारों से मुक्ति मिली है और वे सुरक्षित, सरल एवं सुविधाजनक तरीके से घर बैठे सत्यापन कर पा रहे हैं।


दून निवासी पेंशनर श्रीकांत उपाध्याय ने बताया कि उन्हें पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे अब वे भविष्य में घर बैठे आसानी से अपना लाइफ सर्टिफिकेट नवीनीकरण कर सकेंगे। उन्होंने इस व्यवस्था को वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी बताया।


मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने बताया कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कोषागार में पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल स्थापित किया गया है, जहां उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अन्य जनपदों के पेंशनर भी, जो वर्तमान में देहरादून में निवास कर रहे हैं, इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।


उन्होंने पेंशनरों से अपील की कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान आधार से प्राप्त ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय ऑपरेटर को ही अपनी जानकारी दें।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में वरिष्ठ पत्रकार श्री हेम भट्ट ने परिवार सहित भेंट की।  वार्ता के दौरान श्री भट्ट ने अपने प्रकरण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।



मुख्यमंत्री ने प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष एवं न्यायोचित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने  कहा कि मामले में तथ्यों के आधार पर उचित कार्यवाही करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री हेम भट्ट को न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।

इस अवसर पर सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी भी उपस्थित रहे।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय जनता पार्टी के  राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

CM Dhami Nitin Nabeen, BL santosh BJP


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन)  श्री बीएल संतोष  का उत्तराखंड आगमन पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

 सृष्टि की सृजनकर्ता है नारी : रेखा आर्य

 किशोरी और महिलाओं को स्वच्छता किट वितरित की

देहरादून;

world mensuration day cabinet minister rekha aarya


 विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर राज्य की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने किशोरी और महिलाओं के जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया। इस मौके पर महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता किट वितरित की गई। 


सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भारतीय परंपरा में इस जैविक प्रक्रिया को प्राकृतिक वैज्ञानिक और नारी की सृजन क्षमता का आधार माना गया है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं को ईश्वर का वह पवित्र आशीर्वाद है जो उन्हें सृष्टि की सृजनकर्ता बनाता है। 


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस विषय में समाज में बहुत सारी भ्रांतियां प्रचलित है और इस बारे में सामाजिक सोच को बदलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए स्वास्थ्यवर्धक खान-पान और मासिक धर्म के दिनों में स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक उपाय अपनाना आवश्यक है। 


इस अवसर पर उन्होंने किशोरी और बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता किट वितरित की। 

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मोदी सरकार ने देशभर में स्थित हजारो जनऔषधि केदो पर मात्र ₹1 में सुरक्षित सेनेटरी पैड वितरित किया जाता है। 

इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने मेरी सहेली नैपकिन वेंडिंग मशीन व आंगनबाड़ी बहनों के माध्यम से चल रही नैपकिन वितरण योजना के जरिए ग्रामीण समाज की लाखों महिलाओं को सुरक्षित स्वच्छता उपाय है अपनाने में मदद की है। 


कार्यक्रम के दौरान महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निहारिका ने प्रतिभागियों को मासिक धर्म और उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में संवाद के जरिए मार्गदर्शन दिया।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी आदि उपस्थित रहे।


देहरादून:


उत्तराखण्ड में भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के विभिन्न जनपदों में आगामी दिनों में वर्षा, गर्जन, आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।

orange alert in uttarakhand 28may 2026


भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा दिनांक 27 मई, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार दिनांक 28 मई को जनपद उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा 40-50 कि.मी. प्रति घंटा से बढ़कर 60 कि.मी. प्रति घंटा तक की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके अतिरिक्त राज्य के शेष जनपदों में भी कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा 40-50 कि.मी. प्रति घंटा की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।


दिनांक 29 मई, 2026 को राज्य के उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा 40-50 कि.मी. प्रति घंटा से बढ़कर 60 कि.मी. प्रति घंटा तक की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना के साथ आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की भी संभावना व्यक्त की गई है।


दिनांक 30 मई तथा 31 मई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा संबंधित जनपदों को सतर्क रहने तथा आवश्यक एहतियाती व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को अलर्ट मोड में रखने तथा त्वरित कार्रवाई हेतु सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।


सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा आकाशीय बिजली एवं तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों एवं कमजोर संरचनाओं से दूर रहें। मौसम संबंधी नवीनतम जानकारी एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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