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padam vibhushan 2026 award bhagat singh koshjyari


- श्री कोश्यारी प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और राष्ट्रवादी नेता के रूप में जाने जाते हैं


- 1966 में श्री कोश्यारी ने उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ में 'सरस्वती शिशु मंदिर' की स्थापना की, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों को मजबूत किया गया


- वर्ष 2008 में श्री कोश्यारी राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए



25 मई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण से सम्मानित किया जाएगा।

 

श्री भगत सिंह कोश्यारी, जिन्हें  उत्तराखंड राज्य में 'भगत दा' के नाम से जाना जाता है, एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और समर्पित राष्ट्रवादी नेता हैं, जिन्होंने अपना जीवन जन सेवा और समाज के गरीब और पिछडे वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। वह आरएसएस के एक निष्‍ठावान स्वयंसेवक हैं और अपनी सादगी, अनुशासन और सीखने के प्रति गहरे प्रेम के लिए जाने जाते हैं।

 

17 जून, 1942  को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के पहाड़ी इलाके के सुदूर गांव पलानधुरा में जन्मे श्री कोश्यारी ने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद दृढ़ संकल्प के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त की और 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की। उन्होंने 1964-1965 के दौरान राजा का रामपुर (एटा, उत्तर प्रदेश) में व्याख्याता के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। हालांकि, शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से प्रेरित होकर, उन्होंने 1965 के बाद से स्‍वयं को पूरी तरह से शैक्षणिक और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

 

श्री कोश्यारी  ने सरस्वती शिशु मंदिर, कासगंज (उत्तर प्रदेश) में पढ़ाना शुरू किया, जहां उन्होंने छोटे बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय मूल्य प्रदान करने का काम किया। वर्ष 1966 में, उन्होंने उत्तराखंड के एक सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ में 'सरस्वती शिशु मंदिर' की स्थापना की, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों को मजबूत किया गया। उन्होंने पिथौरागढ़ में विवेकानंद इंटर कॉलेज की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सरस्वती विहार, नैनीताल से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने कई वर्षों तक आरएसएस के विभाग कार्यवाह  के रूप में कार्य  किया और बाद में उत्तरांचल उत्थान परिषद के सचिव बने, जो दशकों तक उत्तराखंड में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के विकास के लिए समर्पित संगठन है। वर्ष 1979 से 1990 तक, वह कुमाऊं विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य थे, जिन्होंने शैक्षिक नीति और संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने जागरूकता और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए पिथौरागढ़ से हिंदी साप्ताहिक "पर्वत पीयूष" के प्रकाशन की भी शुरुआत  की। राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान, उन्हें आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम (मीसा) के तहत गिरफ्तार किया गया था, जो सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

 

वर्ष 1997 में श्री कोश्यारी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया था। नवंबर 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद, वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में थोड़े समय के लिए उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया। वर्ष 2008 में, वह राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में, वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए। उत्तराखंड में ऊर्जा मंत्री के रूप में, उन्होंने लंबे समय से लंबित टिहरी हाइड्रो परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें टिहरी के ऐतिहासिक शहर और जिला मुख्यालय का स्थानांतरण शामिल था। उन्होंने राज्य सभा और लोक सभा दोनों में याचिका समिति के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन सहित वन रैंक वन पेंशन, रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों पर विस्तृत सिफारिशें प्रस्तुत कीं। बाद में उन्हें 5 सितंबर, 2019 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने प्रभावी ढंग से सेवा की और राज्य के लगभग सभी जिलों के साथ-साथ कई ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण किलों का दौरा किया। इसके अलावा, अगस्त 2020 में, उन्हें गोवा के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में भी नियुक्त किया गया था।

 

शिक्षा और राजनीति में उनके योगदान के अलावा, श्री कोश्यारी एक लेखक भी हैं। उन्होंने "उत्तरांचल प्रदेश क्यों" और "उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान" नामक दो पुस्तकें लिखी और प्रकाशित की, जो उत्तराखंड के विकास के प्रति उनकी संकल्‍पना और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, नेतृत्व और अटूट सेवा का एक प्रेरक उदाहरण है।

 *दो दिवसीय उत्तराखण्ड दौरे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त, सीमांत पोलिंग बूथ का किया स्थलीय निरीक्षण*



- *CEC ने हर्षिल में BLO मिंटो देवी के काम को सराहा, कहा— पूरे देश के लिए प्रेरणा।*

- *SIR कार्य में समपर्ण के साथ जुटे सभी बीएलओ को सैल्यूटः CEC* 

- *उत्तरकाशी भ्रमण के दौरान परिवार संग गंगोत्री धाम के सीईसी ने किए दर्शन*


- *साधु-संतों वाले विशेष बूथ गंगोत्री पहुंचे, मुख्य चुनाव आयुक्त,किया विस्तृत संवाद।*



देहरादून/उत्तरकाशी।


 मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय उत्तराखण्ड दौरे के लिए शनिवार को उत्तरकाशी पंहुचे। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने उत्तरकाशी स्थित झाला हैलीपैड पर उनका स्वागत किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने सीमांत जिले के पोलिंग बूथ का स्थलीय निरीक्षण किया और विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गंगोत्री धाम पंहुचकर धर्मपत्नी के साथ गंगोत्री मंन्दिर के दर्शन कर विशेष पूजा अर्चना की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त रविवार को देहरादून में एसआईआर के सम्बंध में तैयारियों की समीक्षा करेंगे। 


मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय उत्तराखण्ड दौरे पर शनिवार को उत्तरकाशी पंहुचे। इस दौरान उन्होंने भारत-चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री विधानसभा के सीमांत गांव हर्षिल में स्थित पोलिंग बूथ का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर  के साथ विस्तृत संवाद किया तथा एसआईआर की मैपिंग आदि के बारे में जानकारी ली।


*'स्मार्ट' तकनीक से मतदाता सूची का शुद्धीकरण*


इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर्स ग्राउंड लेवल पर कर्मठता के साथ बीएलओ ऐप के माध्यम से सूची में शामिल “एब्सेंट,शिफ्टेड,डेथ, डूप्लीकेट और विदेशी मतदाताओं“ को चिन्हित कर मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य कर रहे हैं,साथ ही 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पात्र मतदाताओं को वोटर लिस्ट में जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।  उन्होंने बीएलओ श्रीमती मिंटू देवी के कार्यों जमकर सराहना करते हुए कहा कि एसआईआर कार्य में समपर्ण के साथ जुटे सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स को चुनाव आयोग सैल्यूट करता है। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण आशा है कि देश के सभी बीएलओ इसी सक्षमता के साथ कार्य करेंगे।


 *साधु-संतों वाले विशेष बूथ गंगोत्री पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त,किया विस्तृत संवाद। साधु-संतों के लोकतांत्रिक जज्बे को सराहा।*


  मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने गंगोत्री पोलिंग बूथ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साधु-संतों और संन्यासी मतदाताओं के साथ काफी देर तक विस्तृत संवाद किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने दुर्गम परिस्थितियों और कड़ाके की ठंड के बीच भी देश के चुनावी उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए संतों के प्रति आभार व्यक्त किया। संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि एक ऐसा पोलिंग बूथ जहाँ शत-प्रतिशत मतदाता केवल साधना में लीन रहने वाले साधु-संत हैं, यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की विविधता और ताकत की अनूठी मिसाल है।इससे पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मां गंगा के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।


मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने हर्षिल में देर शाम उत्तराखण्ड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बी.वी.आर.सी.पुरुषोत्तम ने आगामी एसआईआर की मैपिंग, एएसडीडी सूची के सम्बंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी श्रीमती मुक्ता मिश्र,उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी,ईआरओ गंगोत्री/एसडीएम श्रीमती शालिनी नेगी सहित पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पिछले 24 घंटों में, NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े पेपर लीक में कथित अनियमितताओं के संबंध में, देश भर में 14 जगहों पर तलाशी ली है और दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

arresting in neet leak case 2026


यह याद दिलाया जाता है कि CBI ने 12.05.2026 को, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर, NEET-UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक से संबंधित यह मामला दर्ज किया था।


इस संबंध में, कल 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था - 03 जयपुर से, 01 गुरुग्राम से और 01 नासिक से। कल गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों को आज दिल्ली की सक्षम अदालत के सामने पेश किया गया और पूछताछ के लिए 07 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।


12.05.2026 से CBI की विशेष टीमों द्वारा शुरू किए गए अभियानों की कड़ी में, पिछले 24 घंटों में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है - एक पुणे से और एक अहिल्यानगर, महाराष्ट्र से।

पिछले 24 घंटों में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के नाम:

1) श्री धनंजय लोखंडा, अहिल्यानगर

2) श्रीमती मनीषा वाघमारे, पुणे


कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।


CBI इस मामले से जुड़े सभी सुरागों पर काम कर रही है। CBI इस मामले में व्यापक, निष्पक्ष और पेशेवर जांच के लिए प्रतिबद्ध है।

 


भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से मिली एक लिखित शिकायत के आधार पर, CBI ने NEET-UG 2026 परीक्षा के आयोजन में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के संबंध में एक FIR दर्ज की है। यह FIR BNS के तहत आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूतों को नष्ट करने के अपराधों के लिए; भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए; और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत अपराधों के लिए दर्ज की गई है।

FIR against culprit of NEET 2026 leak CBI


शिकायत में यह बताया गया है कि NEET UG - 2026 परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा 03.05.2026 को किया गया था। इसमें आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि NTA को एक शिकायत और जानकारी मिली थी, जिसमें बताया गया था कि NEET (UG) - 2026 परीक्षा से संबंधित कुछ दस्तावेज़ परीक्षा आयोजित होने से पहले ही अनधिकृत रूप से प्रसारित किए गए थे।


ये आरोप परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता और निष्पक्षता से संभावित खिलवाड़ की ओर इशारा करते हैं। CBI ने इस मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है, ताकि कथित अनियमितताओं की प्रकृति और सीमा का पता लगाया जा सके, साथ ही इसमें शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की भी जाँच की जा सके।


**जाँच के लिए CBI की विशेष टीमें गठित की गई हैं और उन्हें विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है।**


CBI इस मामले में पूरी तरह से गहन जाँच करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इस केस में शामिल दोषियों की पहचान की जा सके।

 *पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार का गठन, शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*


CM dhami in oath ceremony west bengal


*भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, साथ में मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों ने भी ली शपथ*

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री समारोह में रहे उपस्थित*



 नामांक

PM rashtriya baal puraskaar 2026

न जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है

नामांकन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं


केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। यह राष्ट्रीय स्तर का एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है जो प्रतिवर्ष देश भर के बच्चों की असाधारण उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार उन बच्चों को दिया जाता है जो वीरता, खेल, सामाजिक सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और कला एवं संस्कृति के क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के पात्र हैं।


भारत में रहने वाला कोई भी भारतीय नागरिक, जिसकी आयु 31 जुलाई 2026 तक 5 वर्ष से 18 वर्ष से अधिक न हो, इन पुरस्कारों के लिए पात्र है।


नामांकन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से https://awards.gov.in पर ही स्वीकार किए जाएंगे। पुरस्कारों के लिए स्व-नामांकन और अनुशंसा, दोनों पर विचार किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in) पर जाएं।

 

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी जरूरी
  • प्रधानमंत्री ने देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में किया 210 किमी लंबे, दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया

delhi-dehradun express way cprridor PM modi


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित समारोह में 210 किमी लंबे, दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने गढ़ी कैंट तक 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में प्रतिभाग करने के साथ ही डाटकाली मंदिर में दर्शन करने के उपरांत पूजा भी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गढ़ी कैंट में आयोजित, समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को बैसाखी और बिहू पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तराखंड में स्थित पवित्र चार धामों की भी यात्रा शुरु होने वाली है, जिसका देशभर के आस्थावान लोग प्रतीक्षा करते हैं। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से चारधाम के यात्रियों को भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य अपने स्थापना के 26वें प्रवेश कर चुका है, अब राज्य की प्रगति में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले उन्होंने बाबा केदार की धरती पर अनायास ही कहा था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड के नाम होने जा रहा है, उन्हें यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि डबल इंजन वाली सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से उत्तराखंड तेजी से इस राह पर बढ़ रहा है।

उत्तराखंड ने देश को दिखाई राह
प्रधानमंत्री ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ बीआर अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बीते एक दशक से उनकी सरकार ने जो भी निर्णय लिए वो देश के संविधान की गरिमा को बढ़ाने वाले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति और देश से माओवाद खत्म होने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड ने संविधान की भावना के अनुरूप, समान नागरिक संहिता लागू कर, पूरे देश को नई राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय पूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित रहा है, केंद्र सरकार भी इसी भावना के साथ हर गरीब को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि देश का संतुलित विकास, सबको सुविधा और सबकी समृद़धि ही सामाजिक न्याय का माध्यम बन सकती है। इसलिए बाबा साहेब भी औद्योगिकरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भरपूर वकालत करते थे।

सड़कें बनेगी भविष्य की रेखा
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में सड़क, रेलवे, रोपवे और वाटरवे की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग, भविष्य जानने के लिए हाथ की रेखाओं को दिखाने के लिए ज्योतिष शास्त्र की शरण में जाते हैं। आज इसी तरह सड़कें, राष्ट्र की भाग्य रेखाएं बनती जा रही हैं। उन्होनें कहा कि बीते एक दशक से सरकार विकसित भारत के लिए ऐसी ही भाग्यरेखाओं के निर्माण में जुटी हुई है। ये भाग्य रेखाएं, सिर्फ आर्थिकी का आधार नहीं बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी की समृद्धि की गारंटी भी बनेगी और यही मोदी की गारंटी भी है। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में सरकार ने इन विकास रेखाओं के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश किया है। वर्ष 2014 तक, पूरे देश के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर दो लाख करोड़ भी खर्च नहीं हो पाते थे, जबकि आज यह राशि छह गुना अधिक बढ़कर 12 लाख करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इस दौरान अकेले उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़कों के इंतजार में पीढ़ियां बूढ़ी हो जाती थी, आज डबल इंजन की सरकार के कारण गांव गांव सड़क पहुंच रही है। इससे वीरान गांव फिर जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना, केदारनाथ, हेमकुंड रोपवे जैसे परियोजनाएं उत्तराखंड की भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

नए भारत में स्पीड और स्केल पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत जिस स्पीड और स्केल पर काम कर रहा है, उसकी चर्चा दुनियाभर में हो रही है। उन्होने कहा कि बीते कुछ महीनों के भीतर ही दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ है, साथ ही मेरठ तक मेट्रो पहुंची है, नोएडा में एयरपोर्ट शुरु हुआ है और अब दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर भी शुरु हो चुका है। इतने छोटे से क्षेत्र में इतना सबकुछ हो रहा है तो आप देशभर की प्रगति का आंकलन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में कई इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम चल रहा है। ये इकोनॉमी कॉरिडार प्रगति के नए द्वार बनने जा रहे हैं जिनसे हमारी उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली - देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जहां लोगों का आने जाने में समय बचेगा, वहीं ईंधन की खपत कम होने से किराया और माल भाड़ा भी बचेगा। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद, तेजी से बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इस शानदार एक्सप्रेस वे का सर्वाधिक लाभ उत्तराखंड के पर्यटन को मिलेगा ।

बारामासी पर्यटन की ओर बढ़ा उत्तराखंड
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड सरकार द्वारा विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और वेड इन उत्तराखंड जैसे अभियानों को बढ़ावा दिए जाने के लिए जारी प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, अब उत्तराखंड बारामासी पर्यटन की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने 2023 में अपनी आदि कैलाश-ओमपर्वत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि, पहले यहां साल में कुछ सौ लोग ही आते थे, जबकि 2025 में यह संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई है। इसी तरह उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा में आने वाले पयर्टकों और तीर्थयात्रियों की संख्या भी 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख पहुंच गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति को साथ रखा जाना जरूरी है। इसलिए आज हर निर्माण का इस त्रिवेणी को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें ध्यान देना होगा कि इंसानों के लिए होने वाले विकास कार्यों से वन्य जीवों को कोई कष्ट न हो। इसलिए दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर 12 किमी लंबा एलिवेट रोड बनाया गया है।

उत्तराखंड की पवित्रता का करें पालन
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों के साथ ही यहां आने वाले पयर्टकों से अपील करते हुए कहा कि वो देवभूमि की धरोहर बहुत पवित्र है, ऐसे स्थानों का साफ सुधरा रखना हम सबका कर्तव्य है। यहां जगह -जगह कूड़ा डालने, प्लास्टिक की बोतलें फेंकने से देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचती है। इसलिए देवभूमि के तीर्थ स्थलों को स्वच्छ और सुंदर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले साल हरिद्वार में दिव्य, भव्य और स्वच्छ कुंभ मेले का आयोजन होगा, इसी के साथ उत्तराखंड में जल्द ही नंदा देवी राजजात भी आयोजित होने वाली है। ये यात्रा उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक चेतना का भी उदाहरण है, जिसमें मां नंदा को बेटी मानकर सम्मान के साथ विदा किया जाता है। उन्होंने कहा कि वो मां नंदा को प्रणाम करते हुए, विकसित भारत के निर्माण में माताओं बहनों की बड़ी भूमिका है।

2029 में आधी आबादी को मिलेगा पूरा हक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं को राजनैतिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए, संसद ने चार दशक के बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कर दिया है, इससे लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तय हो गया है। अब इसे लागू करने में देर नहीं होने चाहिए, 2029 के लोकसभा और इससे आगे के विधानसभा चुनावों में इसे लागू किया जाना चाहिए। देश की इसी भावना के अनुरूप 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी दलों से इस संसोधन अधिनियम को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि, 2029 में देश की पचास प्रतिशत आबादी को उनका हक मिलकर रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश, 1962 में शहीद हुए बाबा जसवंत सिंह के शौर्य को भुला नहीं सकता। सैनिकों के सम्मान के क्रम में केंद्र सरकार ने वन रैंक, वन पेंशन लागू करते हुए पूर्व सैनिकों के खाते में सवा लाख करोड़ से अधिक की धनराशि जमा की है। जिसका लाभ उत्तराखंड के हजारों परिवारों को भी मिला है। सरकार देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति को जोडते हुए विकसित भारत का संकल्प सच करने का प्रयास कर रही है।


 

  • अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत - मुख्यमंत्री
PM Modi visit uttarakhand


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि उनका प्रत्येक दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड को ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे ऐलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की सौगात मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में विशेष है। एक ओर जहां दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति मिल रही है, वहीं यह अवसर भीमराव अंबेडकर की जयंती का भी है। उन्होंने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और सिख नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे सांस्कृतिक वैभव और  कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताकर सभी का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का प्रथम गांव घोषित किया, इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन पर वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया। आदि-कैलाश का दर्शन कर इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई, राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई, हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 25 वर्षों के लिए राज्य को एक नया विजन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ ‘‘विकास भी और विरासत भी’’ की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन ‘‘अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत’’, ‘‘अब नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत रहा है भारत’’, ‘‘अब अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार के साथ-साथ नवाचार में भी कीर्तिमान बना रहा है भारत’’ कविता से किया। मुख्यमंत्री ने कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा और आभार व्यक्त किया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसमें मां नंदा की डोली, यात्रा की अगुवाई करते खाड़ू तथा स्थानीय लोगों का सुंदर चित्रण किया गया है।
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सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने रखा विकास परियोजनाओं का विवरण

केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखण्ड के विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में करीब एक लाख 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

श्री गडकरी ने कहा कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर छह लेन रोड़ का भी जून में उद्घाटन होने जा रहा है। इसी तरह 1650 करोड़ के लागत से पौंटा साहिब से देहरादून फोर लेन मार्ग अगले महीने तक शुरु हो जायेगा। 1600 करोड़ की लागत से हरिद्वार में फोर लेन ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर, 2026 तक पूरा हो जायेगा, जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश जाने में टैªफिक जाम की समस्या हल होगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है, जिस पर अगस्त तक काम शुरू हो जायेगा।

उन्होंने कहा कि 1050 करोड़ की लागत से 21 किमी. लम्बा रूद्रपुर में फोरलेन बाईपास इसी साल अक्टूबर और 936 करोड़ की लागत से 15 किमी. लम्बा काशीपुर से फोरलेन बाईपास दिसंबर 2026 में पूरा होगा। साथ ही 716 करोड़ की लागत से 12 किमी. लम्बा देहरादून - झाझरा - आशारोड़ी फोर लेन एलिवेडेट रोड़ अगले साल अप्रैल और 745 करोड़ की लागत से 20 किमी. लम्बा भानियावाला, जौलीग्रांट से ऋषिकेश तक फोर लेन मार्ग अप्रैल 2028 तक पूरा होगा। साथ ही साथ 800 करोड़ की लागत से श्रीनगर में भी टू लेन बाईपास की भी डीपीआर बन रही है।

उन्होंने कहा कि पहले हमें मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और चीन से होकर जाना पड़ता था। लेकिन अब 5200 करोड़ रूपये की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख तक मार्ग बनाया जा रहा है। 370 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में से करीब 200 किमी. का कार्य पूरा हो चुका है। इसी तरह 12 हजार करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 825 किमी लंबी चारधाम सड़क परियोजना में 640 किमी. का काम पूरा हो चुका है। 1300 करोड़ की लागत से रूद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक का कार्य दिसम्बर 2026 तक शुरू किया जायेगा। इसके साथ-साथ गंगोत्री धाम जाने के लिए 142 किमी का काम पूरा हुआ है और बाकी 100 किमी. का काम चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। यमुनोत्री धाम में 2500 करोड़ की लागत से धरासू से यमुनोत्री तक 46 किमी. का काम पूरा हो चुका है तथा 30 किमी. का काम अप्रैल, 2028 तक पूरा हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार सोनप्रयाग - केदारनाथ रोपवे और गोंविदघाट से हेमकुंड साहिब पर भी काम कर रही है। प्रदेश में अनेक जगहों पर टनल भी बनाई जा रही है।
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ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, श्री विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, श्री तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, श्री गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्य, श्री खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, श्री सौरभ बहुगुणा, श्री मदन कौशिक, श्री राम सिंह कैड़ा, श्री भरत चौधरी, श्री प्रदीप बत्रा, सांसद श्री अनिल बलूनी, श्री अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, श्री नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।



कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, श्री विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, श्री तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, श्री गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्य, श्री खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, श्री सौरभ बहुगुणा, श्री मदन कौशिक, श्री राम सिंह कैड़ा, श्री भरत चौधरी, श्री प्रदीप बत्रा सांसद श्री अनिल बलूनी, श्री अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, श्री नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।



• *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक* 

• *कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश* 


• *सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकेगी उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति* 

• *राज्यभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश* 

PM Modi will inaigurate delhi dehradun corridor



• *रोड शो के दौरान जन-जन से सहभागिता की अपील* 



• *इकोनॉमिक कॉरिडोर से रोजगार, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा* 



 *सीएम धामी ने इस अवसर को राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताया* 





 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।




मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।



दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।


बैठक में राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव श्री शैलेश बगौली, कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी  सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।



 सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और मैसेज घूम रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल और डीज़ल समेत ईंधन की कमी हो गई है, और लोगों से भविष्य के लिए इसे जमा करने और स्टॉक करने की अपील की जा रही है।

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आपको बता दें कि

✅ सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।


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सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

साभार पीआईबी


प्रधानमंत्री का संदेश - चार साल में विकास और सुशासन की नई पहचान बना उत्तराखंड

PM Modi wishes to CM Dhami for 4 yrs govt


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड के ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है।

अंत में प्रधानमंत्री ने राज्य के नागरिकों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।


वहीं मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी की शुभकामनाओं पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी उत्तराखण्ड के विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रति आपके आत्मीयतापूर्ण शब्दों एवं शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के शब्दों में देवभूमि की अंतर्निहित शक्ति, व्यापक संभावनाओं और उत्तराखण्ड के प्रति उनके विशेष लगाव का प्रेरक प्रतिबिंब स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है।

आपके कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह चार वर्षों की यात्रा प्रदेशवासियों के विश्वास, सहयोग और सामूहिक संकल्प की परिणति है। हमारी सरकार जनसेवा, पारदर्शिता और समावेशी विकास के मूल मंत्र के साथ कार्य करते हुए सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण के संकल्प को पूर्ण कर रही है।

आज ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। आपके स्नेह, विश्वास और सहयोग से देवभूमि उत्तराखण्ड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का यह प्रयास सतत जारी रहेगा


 सोनपाल राणा, राष्ट्रीय महामंत्री अन्तर्राष्ट्रीय भगवा सनातन रक्षक सेना ने मथुरा में चंद्रशेखर ‘फरसा वाले बाबा’ की निर्मम  हत्या पर कड़ा विरोध, कठोर कार्रवाई की मांग

 मथुरा/लखनऊ :

murder of farsa wale baba,


 मथुरा में चंद्रशेखर ‘फरसा वाले बाबा’ की निर्मम  हत्या की घटना को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। सोनपाल राणा, राष्ट्रीय महामंत्री अन्तर्राष्ट्रीय  भगवा सनातन रक्षक सेना–  ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण भी उत्पन्न करती है।

राणा जी ने कहा कि गौ तस्करी और उससे जुड़े आपराधिक तत्वों के खिलाफ अब आधे-अधूरे कदम पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन एवं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।

प्रेस विज्ञप्ति में प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मथुरा हत्याकांड की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाए और सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो। इसके साथ ही गौ तस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर उनका पूर्ण उन्मूलन किया जाए। उन्होंने पूरे देश में गौ तस्करी के विरुद्ध और अधिक कठोर एवं प्रभावी कानून बनाने की भी आवश्यकता जताई।

राणा ने यह भी मांग की कि गौ सेवकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्य में लगे लोगों को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी दबाव के समाजहित में कार्य कर सकें।

अंत में उन्होंने कहा कि यह समय है जब सरकार को दृढ़ संकल्प के साथ अपराधियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। कानून का भय स्थापित होना आवश्यक है, ताकि समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण बना रहे तथा निर्दोष नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया* 

*केंद्रीय गृहमंत्री ने ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित* 

*अमित शाह बोले उत्तराखंड की समस्याओं को चुन चुन कर हल कर रहे हैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 


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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। 


केंद्रीय गृह मंत्री ने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन से करते हुए कहा कि, उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति बचाने के साथ ही अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा, लेकिन इसके लिए उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी हिंसा का सामना करना पड़ा। इसके बाद केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का निर्माण करने का निर्णय लिया, आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है, अब इसे संवारने का काम मोदी जी करेंगे, इसी क्रम में 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। 




उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है। 


*तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय* 

केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी लोगों खासकर अधिवक्ता वर्ग से अपील करते हुए कहा कि वो नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का जरूर अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के बनाए डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है, 2028 में नई न्याय संहिता के सभी प्राविधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक ओर वैज्ञानिक न्याय सहिंता करार दिया। 

केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए कानून के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से विंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 समाप्त करने, सीएए कानून बनाने, साढे पांच सौ साल बाद अयोद़धा में राम मंदिर बनाने, बद्रीनाथ – केदारनाथ पुननिर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कई एतिहासिक कार्य किए हैं। 


*नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता* 

केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए पुष्कर सिंह धामी कठोर नकल विरोधी कानून लेकर आए हैं। जिससे रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगा। उन्होने केंद्र सरकार की ओर से जारी वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमांत का पलायन रोकना है, उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेषकर लाभकारी होने जा रही है।


*केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया* 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी,  डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद़ध होना जरूरी है।


*उत्तराखंड के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ी* 

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से सिर्फ 54 हजार करोड़ मिले, जबकि इसके बाद से उत्तराखंड को केंद्र से एक लाख 87 हजार करोड़ रुपए मिल चुके हैं, इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में हजारों करोड़ रुपए की ऑलवेदर रोड, दिल्ली – देहरादून इकानॉमिक कॉरिडोर, रेल, सड़क और परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 25 हजार रुपए थी जो अब बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है। जीएसडीएपी भी एक लाख 50 हजार करोड़ से बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो चुकी है। 


देश विकास और सुशासन की नई गाथाएँ लिख रहा है : मुख्यमंत्री धामी*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में वर्ष 2022 में उत्तराखंड की जनता ने सभी मिथकों को तोड़कर प्रचंड बहुमत से सरकार को दुबारा आशीर्वाद दिया। 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के स्वप्न को साकार किया गया है। नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू कर वर्षों से उपेक्षित हिन्दू शरणार्थियों को सम्मान और सुरक्षा का अधिकार दिलाया गया। भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नए कानूनों के माध्यम से न्याय व्यवस्था को भारतीय आत्मा के अनुरूप बनाया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा गृह मंत्री के नेतृत्व में देश में आतंकवाद और नक्सलवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। जिन क्षेत्रों में अशांति और भय होता था, आज वो क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। कश्मीर के लाल चौक पर कभी तिरंगा फहराना, एक चुनौती माना जाता था, आज वहां गर्व और सम्मान के साथ तिरंगा लहरा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा गृह मंत्री के नेतृत्व में देश, सहकारिता के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सनातन का जयघोष चारों दिशाओं में गूंज रहा है। अयोध्या जी में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरीडोर, उज्जैन में महाकाल लोक, बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ के लिए 500 करोड़ रुपए स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा निश्चित ही आगामी कुंभ सनातन का गौरव बढ़ाने वाला कुंभ होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के समग्र विकास के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। वर्ष 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर राज्य में 3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौते किए। जिसमें 1 लाख करोड़ से ज्यादा के ग्राउंडिंग हो चुकी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। राज्य में पहली बार जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन का आयोजन, राज्य में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मैडल प्राप्त कर राज्य को अंक तालिका में 7वां स्थान प्राप्त हुआ। राज्य में पहली बार वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन यात्रा प्रारम्भ, जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में बीते चार सालों में आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है, 

2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय ₹1,80,000 थी, जबकि अब यह बढ़कर ₹2,74,000 हो गई है। उत्तराखंड की जीएसडीपी ₹2,22,000 करोड़ थी जो बढ़कर ₹3,82,000 करोड़ हो चुकी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य में पर्यटन, एविएशन और खेल के विकास से जुड़े क्षेत्रों में भी बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम तथा बेस्ट विलेज, बेस्ट डिस्ट्रिक्ट जैसे राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा हमें गर्व है कि हमने UCC को लागू कर उसे प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने का कार्य भी किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा गृहमंत्री की प्रेरणा से राज्य में ऑपरेशन कालनेमी और सघन सत्यापन अभियान के माध्यम से घुसपैठियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। सख्त भू-कानून बनाकर हमारे पहाड़ी क्षेत्रों में जमीनों की अवैध खरीद फरोख्त पर लगाम लगाकर भू माफियाओं पर अंकुश लगाया है। 

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री अजय टम्टा, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु भूषण खंडूडी, राज्य सभा सांसद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट़्ट, हरिद्वार सांसद और पूर्व सीएम श्री त्रिवेंद्र रावत, पूर्व सीएम श्री तीरथ सिंह रावत, पूर्व सीएम श्री रमेश पोखरियाल, पूर्व सीएम श्री विजय बहुगुणा, टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी, गढ़वाल सांसद श्री अनिल बलूनी, नैनीताल सांसद श्री अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी, श्री डॉ धन सिंह रावत, श्री सुबोध उनियाल, श्रीमती रेखा आर्य, श्री सौरभ बहुगुणा, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन सहित कई विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।  

-*नव नियुक्त आरक्षियों को मिले नियुक्ति पत्र*



इस मौके पर गृहमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में नव नियुक्त आरक्षियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए, जिसमें से अमन सिंह, आकाश, अभय चौहान, अर्जुन नाथ गोस्वामी, योगेश नाथ ने मंच से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए। 


*नागरिकता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए*

आयोजन के दौरान पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए 162 शरणार्थियों को भारत की नागरिकता का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इसमें पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित सि‌द्धपीठ हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी परिवार से जुड़े श्री शैलेश, भट्टाग्राम, पाकिस्तान से आए श्री जसपाल कुमार, कराची, पाकिस्तान में महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न से तंग आकर भारत आने वाले श्रीमती दुर्गानाथ टी. राजपूत और अफगानिस्तान से आई श्रीमती हंसेरी बाई को मंच पर नागरिकता का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। 


*ई जीरो एफआईआर का शुभारंभ*

इस मौके पर गृहमंत्री ने उत्तराखंड में ई जीरो एफआईआर प्रणाली का भी शुभारंभ किया। 

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के अंतर्गत शुरू की जा रही ई-जीरो एफआईआर प्रणाली विशेष रूप से एक लाख से अधिक की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। अब 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें, देहरादून स्थित राज्य साइबर पुलिस स्टेशन में ई-जीरो एफआईआर के रूप में पंजीकृत होंगी और तत्पश्चात सीसीटीएनएस के माध्यम से संबंधित थाने को तत्काल प्रेषित की जाएंगी।

इससे पुलिस को गोल्डन ऑवर में तुरंत कार्रवाई करने, साक्ष्य संकलन प्रारम्भ करने तथा संदिग्ध लेन-देन को फ्रीज़ करने में सहायता मिलेगी, जिससे ठगे गए धन की अधिक से अधिक रिकवरी की संभावना बढ़ेगी।


*विकल्प रहित संकल्प पुस्तक का विमोचन*

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भाषणों के संकलन पर आधारित गिरजा शंकर जोशी की पुस्तक ‘विकल्प रहित संकल्प’ का विमोचन किया गया। आयोजन के दौरान राज्य सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

 केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने इस अवसर पर 1129.91 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया । रुपये 1014.81 करोड़ की 22 योजनाओं का शिलान्यास और 115.10 करोड़ रुपये की 17 योजनाओं का लोकार्पण किया गया। 




*लोकार्पण*

₹ 14 करोड की लागत से सहकारिता विभाग के अन्तर्गत मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजनान्तर्गत टी.एम.आर. प्लांट का लोकार्पण।


₹ 18.17 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के पुलिस लाइन में निर्मित 46 आवासीय भवनों का लोकार्पण।


₹ 6.55 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग  के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढवाल के पुलिस लाईन में निर्मित बहुउद्देशीय भवन एवं जनपद उत्तरकाशी में थाना धरासू के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण।


₹ 5.48 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग  के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढवाल में थाना लक्ष्मणझूला, थाना लैंसडाउन एवं जनपद उत्तरकाशी में थाना धरासू के कुल 18 आवासीय भवनों का का लोकापर्ण।


₹5.40 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढवाल के पीटीसी नरेन्द्रनगर में निर्मित एकेडमिक ब्लॉक एवं राजपत्रित छात्रावास के लोकापर्ण।


₹ 12.75 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद नैनीताल में थाना चोरगलिया, काठगोदाम तथा जनपद टिहरी गढवाल में थाना कीर्तिनगर व मुनि की रेती में टाइप-2 के कुल 48 आवासों का लोकापर्ण।


₹ 14.36 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के आई०आर०बी० द्वितीय में आर०टी०सी० हेतु प्रशासनिक भवन एवं अवसंरचनात्मक कार्यों का लोकापर्ण।


₹ 6.98 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में थाना रानीखेत व द्वाराहाट तथा जनपद बागेश्वर में थाना कपकोट में टाईप-2 के कुल 18 आवासीय भवनों का लोकापर्ण।


₹ 7.16 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद चम्पावत में थाना चम्पावत, टनकपुर व लोहाघाट में टाईप-2 के कुल 18 आवासीय भवनों का लोकापर्ण। 


₹ 9.16 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में जिला कारागार के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य का लोकापर्ण।


₹ 4.90 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में 50 बन्दी क्षमता की हाई सिक्योरिटी बैरकों का लोकापर्ण।


₹ 1.80 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के जिला कारागार में वी०सी० क्यूबिकल्स का लोकापर्ण।


₹ 1.22 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में वी.सी. क्यूबिकल्स का लोकापर्ण। 


₹ 1.22 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार रूडकी में वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण कार्य का लोकापर्ण। 


₹ 0.84 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के उप कारागार, हल्द्वानी में वी.सी. क्यूबिकल्स का लोकापर्ण।


₹ 2.63 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल के जिला कमाण्डेन्ट, कार्यालय होमगार्ड्स के अनावासीय भवन का लोकार्पण।


₹ 2.48 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ में जिला कमाण्डेन्ट, कार्यालय होमगार्ड्स के अनावासीय भवन का लोकार्पण।

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*शिलान्यास*

₹ 20 करोड़ की लागत से सहकारिता विभाग के अन्तर्गत निबन्धक कार्यालय सहकारी समितियाँ उत्तराखण्ड, मुख्यालय भवन का शिलान्यास। 

₹ 6.13 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में अल्मोड़ा-सैनार-चान मोटर मार्ग में कोसी नदी पर 60 मीटर विस्तार के मोटर सेतु के निर्माण कार्य का शिलान्यास।


₹ 11.58 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग, में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली में लंगसी-द्वींग-तपोण-लॉजी-पोखनी मोटर मार्ग में अलकनन्दा नदी पर 78 मीटर विस्तार के मोटर सेतु के निर्माण कार्य का शिलान्यास। 


₹ 82.37 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ में ड्रेनेज संबंधित कार्य का शिलान्यास।


₹ 516.98 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली के आपदा प्रभावित ज्योतिर्मठ नगर क्षेत्रान्तर्गत भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र के  स्लोप स्टेबलाइज़ेशन का शिलान्यास।


₹ 155.45 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत पुलिस लाईन देहरादून में टाईप-द्वितीय (ब्लॉक-ए, बी एवं सी) के 360 (G+10) आवासों का शिलान्यास।


₹ 54.04 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग, के अन्तर्गत आई.आर.बी द्वितीय देहरादून में टाईप-द्वितीय के 120 आवासों का शिलान्यास। 


₹ 7.07 करोड़ की लागत से गृह (अभियोजन) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जनपदीय कार्यालय भवन एवं सदर मालखाना का शिलान्यास। 


₹ 9.29 करोड़ की लागत से  गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद ऊधमसिंहनगर के सितारगंज में केन्द्रीय कारागार में अतिरिक्त आवासीय भवनों का शिलान्यास।


₹ 9.97 करोड़ की लागत से  गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जिला कारागार, अल्मोड़ा में आवासीय भवनों का शिलान्यास। 


₹ 1.23 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार, रुड़की में ट्यूबवैल एवं ओवरहेड टैंक का शिलान्यास।


₹ 2.51 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार, रुड़की में नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण का शिलान्यास। 


₹ 4.90 करोड़ की लागत से  गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में बैरक संख्या - 01,02 एवं 06 के प्रथम तल पर बैरकों के निर्माण का शिलान्यास।


₹  0.99 करोड़ की लागत से  गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में महिला बैरक प्रथम तल पर नवीन बैरक के निर्माण का शिलान्यास। 


₹ 21.25 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में जिला कारागार के नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण का शिलान्यास। 


₹ 1.63 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्गत जनपद चमोली के जिला कारागार में वी०सी० हॉल एवं वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण कार्य का शिलान्यास।


₹ 0.28 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ के जिला कारागार के वी०सी० हॉल में वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण का शिलान्यास।


₹ 0.57 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्ग8त जनपद पौड़ी गढ़वाल के जिला कारागार में वी०सी० हॉल के भूतल पर साउण्डप्रूफ वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण का शिलान्यास।


₹ 2.24 करोड़ की लागत से  गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद चम्पावत के जिला कमाण्डेन्ट, होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य का शिलान्यास।


₹ 2.74 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद उत्तरकाशी के जिला कमाण्डेन्ट, होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन के  निर्माण कार्य का शिलान्यास। 


₹ 43.25 करोड़ की लागत से नियोजन (UIIDB) विभाग उत्तराखण्ड़ के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में हरिद्वार गंगा कॉरिडॉर परियोजना के अन्तर्गत Rodibelwala Area Revitalization (Administrative Road Corridor Development) के निर्माण कार्य का शिलान्यास।


₹ 60.34 करोड़ की लागत से नियोजन (UIIDB) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में हरिद्वार गंगा कॉरिडॉर परियोजना के अन्तर्गत सती कुण्ड पुनर्विकास के कार्य का शिलान्यास

*कार्यक्रम में संतों का समागम*



राज्य सरकार के चार साल बेमिसाल उत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति भी देखने को मिली। कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों के महामंडलेश्वर, संत और साधु बड़ी संख्या में मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर संतों के लिए अलग से विशेष स्थान की व्यवस्था की गई थी। 

संत समाज की मौजूदगी से कार्यक्रम का माहौल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। इस अवसर पर संतों ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को आशीर्वाद दिया। संतों ने राज्य की उन्नति और जनकल्याण के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।


*शानदार भीड़ ने किया गृहमंत्री का स्वागत*

‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मंच पर पहुंचने पर जोरदार नारेबाजी के साथ स्वागत किया। आयोजन में महिलों और युवाओं की विशेष उपस्थिति रही, पूरे प्रदेश भर से लोग आयोजन के लिए हरिद्वार पहुंचे। उत्साहित जनसमुदाय की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच केंद्रीय गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने विस्तार से अपनी बात रखी। पूरा कार्यक्रम बेहद अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ। केंद्रीय गृहमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत, जनसमुदाय से ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने के साथ किया।:

 *नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ*




गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार द्वारा नूनत न्याय संहिता” विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम —के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों सहित सभी हितधारकों को आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली से अवगत कराने के लिए उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी में न्याय  संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल, दृश्य एवं इंटरैक्टिव माध्यमों से प्रस्तुत किया गया है। इसमें समयबद्ध जांच एवं चार्जशीट की अनिवार्यता, जीरो FIR एवं ई-एफआईआर की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान सभी सभी प्रमुख विशेषताएं शामिल हैं। विदित है कि भारतीय न्याय संहिता जैसे नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर रहा है। प्रदर्शनी 9 मार्च तक जारी रहेगी। 


*प्रदर्शनी के जरिए बयां हो रही है विकास गाथा*

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ही हरिद्वार के बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार की विकास परख उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने अलग अलग स्टॉल पर जाकर विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। यह प्रदर्शनी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा बीते चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित है। इसमें बुनियादी ढाँचे का विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से दर्शाया गया है। 

इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है।

 केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार में विकास एवं न्याय संहिता प्रदर्शनी का करेंगे अवलोकन, जनसभा को भी करेंगे संबोधित*

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आगामी 7 मार्च को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में आयोजित विभिन्न प्रदर्शनों का अवलोकन करेंगे तथा जनसभा को संबोधित करेंगे। 

कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी , राज्य सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

minister amit shah and CM Dhami 07 march,2026 haridwar


इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों के दौरान उत्तराखंड में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा लिए गए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार द्वारा बुनियादी ढाँचे के विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।


प्रदर्शनी के माध्यम से राज्य में सुशासन, पारदर्शिता तथा नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों को भी रेखांकित किया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा तैयार किए गए दृश्य प्रदर्शनों, चित्रों, मॉडल तथा जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से बीते वर्षों में राज्य में हुए परिवर्तन और विकास की झलक प्रस्तुत की जाएगी, जिससे आमजन उत्तराखंड की विकास यात्रा को निकट से समझ सकेंगे।


इसी क्रम में 7 से 9 मार्च 2026 तक “न्याय संहिता” विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भी बैरागी कैम्प में किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।


नई न्याय संहिताएँ देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में व्यापक एवं ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आई हैं। इनका उद्देश्य औपनिवेशिक प्रावधानों को समाप्त कर नागरिक केंद्रित, पारदर्शी, उत्तरदायी तथा तकनीक समर्थ न्याय प्रणाली स्थापित करना है। “दंड से न्याय” की अवधारणा के अंतर्गत पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा, महिलाओं एवं बच्चों की गरिमा की रक्षा तथा वैज्ञानिक एवं समयबद्ध अन्वेषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।


प्रदर्शनी में नई न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल और प्रभावी माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें समयबद्ध जांच एवं आरोप-पत्र की अनिवार्यता, शून्य प्राथमिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य विधि-विज्ञान जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद से संबंधित स्पष्ट दंड प्रावधान, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा संपत्ति की शीघ्र वापसी की व्यवस्था को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।


प्रदर्शनी के दौरान नाट्य प्रस्तुतियों, मॉडल प्रकरण अध्ययन, डिजिटल प्रदर्शन तथा जनसंवाद सत्रों के माध्यम से त्वरित न्याय, वैज्ञानिक जांच तथा नागरिक सुविधा की अवधारणा को सरल और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन उत्तराखंड सरकार की विकास यात्रा, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता तथा राज्य को प्रगतिशील और समृद्ध बनाने के प्रयासों को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

*मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की ₹ 171 करोड की वित्तीय स्वीकृति*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण, विद्युत परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण, सिटी सेंटर चंपावत के निर्माण, अतिथि गृह भवनों के पुनर्निर्माण, यातायात व्यवस्था आदि को सुचारू बनाए जाने के लिए 171 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के विकासखण्ड बागेश्वर में सातरतवे से सिगी नरगोल होते हुए गिरेछीना मिलान मोटर मार्ग के निर्माण हेतु ₹ 3.35 करोड़, जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ में कालीमठ-कोटमा-जाल-चौमासी मोटर मार्ग के सुधारीकरण कार्य हेतु 3.75 करोड़ तथा जनपद पौडी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र लैन्सडाऊन के विकासखण्ड रिखणीखाल के अन्तर्गत कोटडीसैण के समीप ग्राम पैयागढ़ी रजबौ मल्ला दियोड मोटर मार्ग के निर्माण हेतु ₹ 4.27 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में किमतोली से रौशाल मोटर मार्ग में हॉटमिक्स कार्य हेतु कुल ₹ 12.15 करोड के साथ ही रोडवेज स्टेशन चम्पावत में आधुनिक सुसज्जित स्टोरी पार्किग व शॉपिंग कॉम्पलेक्स (सिटी सेंटर चम्पावत) के निर्माण हेतु ₹ 62.33 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण हेतु चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं० 21 के अन्तर्गत कुल रु 50.25 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री ने राज्य सम्पत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन उत्तराखण्ड सदन, नई दिल्ली के द्वितीय तल पर स्थापित 12 कक्षों के रेनोवेशन (सिविल एवं विद्युत कार्य) हेतु कुल ₹ 1.60 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून शहर की यातायात एवं ट्रैफिक की समस्या के निदान के सम्बन्ध में विभिन्न 06 कार्यों हेतु ₹ 33.45 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


*मुख्यमंत्री ने किया लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा श्रीमती सुमन जैन पत्नी स्व० महावीर प्रसाद, निवासी-डी-19, मॉडल कॉलोनी, रूद्रपुर, जिला ऊधम सिंह नगर को दिनांक 27.06.2025 से ₹ 20 हजार प्रतिमाह लोकतंत्र सेनानी सम्मान राशि अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


*मुख्यमंत्री ने किया शहीदों नाम पर मोटर मार्ग किये जाने का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट के अन्तर्गत विकासखण्ड चौखुटिया में कुनीगाड-हिरुली बाजार से रामपुर-चौखुटिया गोटर मार्ग (लं० 4.00 किमी) का नाम शहीद सूबेदार भवानी दत्त जोशी (सेना मेडल) मोटर मार्ग, जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र थराली में विकासखण्ड देवाल के अन्तर्गत ल्वाणी सुया मोटर मार्ग का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व0 श्री खीम सिंह के नाम, विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ के विकासखण्ड दशोली के गोपेश्वर मंडल से ग्राम ग्वाड तक मोटर मार्ग का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व0 श्री मेहरबान सिंह रावत के नाम तथा विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के नैनीसैंड-कालूसैण-आमसौंड (सेरागाड) मोटर मार्ग का नाम उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी स्व0 श्री तुलाराम थपलियाल रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


*मुख्यमंत्री ने दिया 5वें डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एवं अवार्ड्स-उत्तराखण्ड चैप्टर के आयोजन का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मै0 एडवोकेटिंग प्रोग्रेसिव एक्शन फॉर चेंज डिजिटल इनोवेशन न्यूज नेटवर्क प्राईवेट लिमिटेड, नोएडा, द्वारा माह मार्च, 2026 (प्रस्तावित तिथियां 23 एवं 24 मार्च 2026) में देहरादून, उत्तराखण्ड में उत्त्तराखण्ड डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन थ्रूू एआई-विकसित भारत, 2047 की ओर विषय पर 5वें डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एवं अवार्ड्स-उत्तराखण्ड चैप्टर के आयोजन किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे को गुरु रविदास महाराज के नाम समर्पित करना सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 



PM Modi gurur RaviVidas  airport



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर समर्पित किया जाना, उनके महान विचारों, सामाजिक चेतना और मानवता के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि है। संत रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर लिया गया यह निर्णय न केवल अत्यंत सराहनीय है, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और मानव मात्र के सम्मान का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भेदभाव, ऊँच-नीच और असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाकर एक समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है।



श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों और संतों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है। आदमपुर हवाई अड्डे को संत गुरु रविदास महाराज जी के नाम से जोड़ना, उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संत रविदास जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज समरसता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।




 *Wings India 2026 

हैदराबाद, 29 जनवरी



अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन एवं प्रदर्शनी Wings India 2026 में उत्तराखंड को “Best State for Promotion of Aviation Ecosystem” के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नागरिक उड्डयन क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रभावी प्रयासों, नीति समर्थन और विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदान किया गया।


यह पुरस्कार बेगमपेट एयरपोर्ट, हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा द्वारा प्रदान किया गया।


इस अवसर पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के सचिव श्री सचिन कुर्वे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री संजय सिंह टोलिया तथा हेड ऑफ ऑपरेशंस कैप्टन अमित शर्मा उपस्थित रहे।


उल्लेखनीय है कि Wings India 2026 देश का प्रमुख विमानन मंच है, जिसमें देश-विदेश के नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, निवेशक और विमानन क्षेत्र से जुड़े हितधारक भाग लेते हैं। इस मंच पर उत्तराखंड को मिला यह सम्मान राज्य के लिए गौरव का विषय है और भविष्य में निवेश व विकास के नए अवसर खोलेगा।


*“यह पुरस्कार उत्तराखंड की समग्र विमानन नीति, बेहतर प्रशासनिक समन्वय और प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़ना हमारी प्राथमिकता रही है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है बल्कि आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से ली सेवाओं के विस्तार, उड़ान योजना के सफल क्रियान्वयन और आधुनिक विमानन अवसंरचना के विकास से उत्तराखंड तेजी से एक उभरते विमानन हब के रूप में स्थापित हो रहा है।*


*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

  *केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के उत्तराखंड मे विभिन्न कार्यक्रम*

amit shah  union home minister india ,uttarakhand shantikunj


*दिनांक: 22 जनवरी 2026*


*कार्यक्रम 1*

पतंजलि इमरजेंसी एण्ड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन 

समय: सुबह 10:00 बजे 

स्थान: पतंजलि योगपीठ, महर्षि दयानंद ग्राम, हरिद्वार


*कार्यक्रम 2*

गायत्री तीर्थ पर 'अखंड ज्योति' के दर्शन

समय: सुबह 10:45 बजे

स्थान: गायत्री तीर्थ- शांतिकुंज, हरिद्वार


*कार्यक्रम 3*

परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्म शताब्दी एवं अखंड दीप शताब्दी वर्ष पर गायत्री परिवार द्वारा आयोजित 'शताब्दी वर्ष समारोह 2026'

समय: सुबह 11:15 बजे 

स्थान: बैरागी द्वीप, हरिद्वार, उत्तराखंडके

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका 'कल्याण' के शताब्दी अंक के विमोचन समारोह को संबोधित करेंगे*


*दिनांक : 21 जनवरी 2026*


समय : दोपहर 02:45 बजे 

स्थान : गीता भवन, स्वर्गाश्रम, ऋषिकेश, उत्तराखंड



 भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने उत्तराखंड राज्य को बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए “पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI)” के अंतर्गत खनन क्षेत्र में सुधार के लिए उत्तराखंड को ₹200 करोड़ की विशेष सहायता (ऋण) स्वीकृत की गई है।



यह राशि माइनर मिनरल सुधारों तथा स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स से जुड़े सुधार कार्यों को पूरा करने के लिए दी गई है। यह सहायता भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों, उत्तराखंड सरकार के प्रस्ताव और खान मंत्रालय की संस्तुति के आधार पर जारी की गई है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सहायता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उत्तराखंड के खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और सतत विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस राशि का उपयोग खनन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पर्यावरण-संवेदनशील और रोजगारोन्मुखी बनाने में करेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

 

राष्ट्रपति ने विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025 को अपनी स्वीकृति प्रदान की

mnrega replaced by VB RAM G



अधिनियम से रोज़गार की वैधानिक गारंटी 125 दिनों तक बढ़ी

भविष्य की अगुवाई पंचायतें करेंगी - योजना बनाने की शक्ति ग्राम सभा और पंचायतों के पास


विकसित भारत–जी राम जी विधेयक, विकसित भारत@2047 के विज़न के अनुरूप

प्रविष्टि तिथि: 21 DEC 2025 4:30PM by PIB Delhi

राष्ट्रपति ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) विधेयक, 2025 को आज अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है, जो ग्रामीण रोज़गार नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए प्रति वित्तीय वर्ष मज़दूरी रोज़गार की वैधानिक गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाता है और सशक्तिकरण, समावेशी विकास, योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेस) तथा परिपूर्ण (सेचूरेशन) तरीके से सेवा–प्रदाय को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है, जिससे समृद्ध, सक्षम और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की नींव मजबूत होती है।


इससे पूर्व, संसद ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 पारित किया था, जिसने भारत के ग्रामीण रोज़गार और विकास ढांचे में एक निर्णायक सुधार का मार्ग प्रशस्त किया है। 


यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम, 2005 (महात्मा गांधी नरेगा) को प्रतिस्थापित करते हुए आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाला एक आधुनिक वैधानिक ढांचा प्रदान करता है, जो विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप है।


सशक्तिकरण, विकास, कन्वर्जेंस और परिपूर्णता (सेचूरेशन) के सिद्धांतों पर आधारित यह अधिनियम ग्रामीण रोज़गार को केवल एक कल्याणकारी योजना से आगे बढ़ाकर विकास का एक एकीकृत माध्यम बनाता है। यह ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, शासन और जवाबदेही को आधुनिक बनाता है तथा मज़दूरी रोज़गार को टिकाऊ और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के सृजन से जोड़ता है, जिससे समृद्ध एवं सक्षम ग्रामीण भारत की नींव और अधिक मजबूत होती है।


अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं


रोज़गार की वैधानिक गारंटी में वृद्धि


यह अधिनियम प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 125 दिनों के मज़दूरी रोज़गार की वैधानिक गारंटी प्रदान करता है, बशर्ते परिवार के वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने के इच्छुक हों। (धारा 5(1))

पूर्व में उपलब्ध 100 दिनों के रोजगार के अधिकार की तुलना में यह वृद्धि ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सुरक्षा प्रदान करती है, काम को पहले से अनुमानित करती है और उनकी आय को अधिक स्थिर बनाती है। इसके साथ ही उन्हें राष्ट्रीय विकास में अधिक प्रभावी और सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाती है।

कृषि और ग्रामीण श्रम के बीच संतुलित प्रावधान


बुवाई और कटाई के चरम सीजन के दौरान कृषि से संबंधित गतिविधियों हेतु कृषि श्रम की उपलब्धता आसान करने के लिए, यह अधिनियम राज्यों को एक वित्तीय वर्ष में कुल 60 दिनों की समेकित विराम अवधि अधिसूचित करने का अधिकार प्रदान करता है। (धारा 6)

श्रमिकों को मिलने वाले कुल 125 दिनों के रोज़गार के अधिकार यथावत बनी रहेगी, जिसे शेष अवधि में प्रदान किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादकता और श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के मध्य संतुलित समायोजन सुनिश्चित होता है।

समय पर मज़दूरी भुगतान


यह अधिनियम मज़दूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा किसी भी स्थिति में कार्य की समाप्ति के पंद्रह दिनों के भीतर किए जाने को अनिवार्य करता है (धारा 5(3))। निर्धारित अवधि से अधिक विलंब होने की स्थिति में, अनुसूची–II में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार विलंब मुआवज़ा देय होगा, जिससे मज़दूरी सुरक्षा को सुदृढ़ किया जाता है और श्रमिकों को विलंब से संरक्षण प्रदान किया जाता है।

टिकाऊ और उपयोगी ग्रामीण अवसंरचना से जुड़ा रोजगार


इस अधिनियम के अंतर्गत मज़दूरी रोज़गार को चार प्राथमिक विषयगत क्षेत्रों में टिकाऊ सार्वजनिक परिसम्पत्तियों के सृजन के साथ स्पष्ट रूप से जोड़ा गया है (धारा 4(2), अनुसूची–I के साथ पठित):


जल सुरक्षा एवं जल से संबंधित कार्य

मुख्य ग्रामीण अवसंरचना

आजीविका से संबंधित अवसंरचना

प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्य

सभी कार्य बॉटम-अप एप्रोच यानि गाँव स्तर से प्रस्तावित किए जाते हैं, तथा सृजित सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में समेकित किया जाता है, ताकि सार्वजनिक संसाधनों का कंवर्जेंस, विखंडन से बचाव और स्थानीय ज़रूरत के अनुसार आवश्यक ग्रामीण अवसंरचना के निर्माण सेचूरेशन लक्ष्य के आधार पर परिणाम-आधारित योजना सुनिश्चित हो सके।  


राष्ट्रीय स्तर पर अभिसरण के साथ विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण


सभी कार्य ‘विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं’ से प्रारंभ होते हैं, जिन्हें ग्राम पंचायत स्तर पर सहभागितापूर्ण प्रकियाओं के माध्यम से तैयार किया जाता है तथा ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित किया जाता है। (धाराएँ 4(1) से 4(3))

इन योजनाओं को पीएम गति शक्ति सहित राष्ट्रीय प्लेटफार्मों के साथ डिजिटल एवं स्थानिक रूप (spatially integrated) से एकीकृत किया जाता है, जिससे संपूर्ण-सरकार दृष्टिकोण के अंतर्गत कन्वर्जेंस संभव होता है, जबकि स्थानीय स्तर पर विकेन्द्रीकृत निर्णय निर्माण को यथावत बनाए रखा जाता है।

यह एकीकृत योजना निर्माण का फ्रेमवर्क, मंत्रालयों और विभागों को कार्यों की अधिक प्रभावी योजना बनाने और क्रियान्वयन करने में सक्षम बनाएगा, दोहराव से बचाव और सार्वजनिक संसाधनों की अपव्यय रोकने में सहायक होगा, तथा सेचूरेशन-आधारित परिणामों के माध्यम से विकास की गति को तेज़ करेगा।

 


सुधारित वित्तीय संरचना


यह अधिनियम एक केन्द्रीय प्रायोजित योजना के रूप में लागू किया जाएगा, जिसे राज्यों द्वारा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अधिसूचित और क्रियान्वित किया जाएगा।

व्यय-साझेदारी का पैटर्न केंद्र और राज्यों के बीच 60:40, पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्यों के लिए 90:10, तथा विधानसभारहित केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्तपोषण का है।

निधि राज्यवार मानकीकृत आवंटनों के माध्यम से प्रदान की जाएगी, जो नियमों में निर्दिष्ट वस्तुनिष्ठ मानकों पर आधारित होगी (धाराएँ 4(5) एवं 22(4)), जिससे पूर्वानुमेयता, वित्तीय अनुशासन और सुदृढ़ योजना निर्माण सुनिश्चित होगा, साथ ही रोज़गार तथा बेरोज़गारी भत्ते से संबंधित वैधानिक अधिकारों का पूर्ण संरक्षण बना रहता है।

प्रशासनिक क्षमता की सुदृढ़ता


प्रशासनिक व्यय की अधिकतम सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे बेहतर मानव संसाधन उपलब्धता, प्रशिक्षण, तकनीकी क्षमता तथा मैदानी स्तर पर सहायता सुदृढ़ होती है और संस्थानों की परिणामों को प्रभावी रूप से प्रदान करने की क्षमता मज़बूत होती है।

विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025, विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरुप भारत की ग्रामीण रोज़गार व्यवस्था को नया और मज़बूत रूप प्रदान करने की दिशा में एक निर्णायक कदम का प्रतिनिधित्व करता है। प्रति वित्तीय वर्ष मज़दूरी रोज़गार की वैधानिक गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाकर, यह अधिनियम काम मांगने के अधिकार को और मजबूत करता है, साथ ही विकेन्द्रीकृत और सहभागितापूर्ण शासन को बढ़ावा देता है। यह पारदर्शी, नियम-आधारित वित्तपोषण, जवाबदेही तंत्र, प्रौद्योगिकी (टेक्नालजी)-सक्षम समावेशन तथा कंवर्जेंस आधारित विकास को एकीकृत करता है, ताकि ग्रामीण रोज़गार न केवल आय सुरक्षा प्रदान करे, बल्कि टिकाऊ आजीविकाओं, सुदृढ़ परिसंपत्तियों और दीर्घकालिक ग्रामीण समृद्धि में भी योगदान दे।


रोज़गार की गारंटी और रोज़गार की मांग का अधिकार


यह अधिनियम रोज़गार की मांग के अधिकार को कमज़ोर नहीं करता है। इसके विपरीत, धारा 5(1) सरकार पर पात्र ग्रामीण परिवारों को कम से कम 125 दिनों के गारंटीकृत मज़दूरी रोज़गार प्रदान करने का स्पष्ट वैधानिक दायित्व निर्धारित करती है। गारंटीकृत दिनों में की गई यह वृद्धि, सुदृढ़ की गई जवाबदेही और शिकायत निवारण तंत्र के साथ मिलकर, इस अधिकार की प्रवर्तनीयता को और मज़बूत करती है।


मानक आधारित वित्तपोषण और रोज़गार प्रावधान


मानक आधारित (नॉर्मेटिव) आवंटनों की ओर किया गया परिवर्तन बजट निर्धारण और निधि प्रवाह की व्यवस्थाओं से संबंधित है और इससे रोज़गार के कानूनी अधिकार पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। धाराएँ 4(5) और 22(4) नियम-आधारित और पूर्वानुमेय आवंटन सुनिश्चित करती हैं, जबकि रोज़गार अथवा बेरोज़गारी भत्ता प्रदान करने का वैधानिक दायित्व यथावत बना रहता है।


विकेन्द्रीकरण और पंचायतों की भूमिका


यह अधिनियम योजना बनाने या क्रियान्वयन का केंद्रीकरण नहीं करता है। धाराएँ 16 से 19 तक, पंचायतों, कार्यक्रम अधिकारियों और जिला प्राधिकारियों में, उपयुक्त स्तरों पर योजना, क्रियान्वयन और निगरानी की शक्तियाँ निहित करती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर केवल दृश्यता, कन्वर्जेंस और समन्वय किया जाएगा, न कि स्थानीय निर्णय लेने के अधिकार लिए जाएंगे।


रोज़गार और परिसंपत्ति सृजन


यह अधिनियम 125 दिनों की बढ़ी हुई आजीविका की वैधानिक गारंटी को स्थापित तो करता ही है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करता है कि रोज़गार उत्पादक, टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल परिसंपत्तियों के निर्माण में योगदान दे। रोज़गार सृजन और परिसंपत्ति निर्माण को परस्पर पूरक उद्देश्यों के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो दीर्घकालिक ग्रामीण विकास और अनुकूलन को समर्थन प्रदान करते हैं (धारा 4(2) एवं अनुसूची–I)।


प्रौद्योगिकी और समावेशन


अधिनियम के अंतर्गत प्रौद्योगिकी को एक बाधा नहीं, बल्कि एक सक्षम माध्यम के रूप में परिकल्पित किया गया है। धाराएँ 23 और 24, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियो-टैगिंग और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रौद्योगिकी (टेक्नालजी)-सक्षम पारदर्शिता का प्रावधान करती हैं, जबकि धारा 20 ग्राम सभाओं द्वारा सोशल ऑडिट को सुदृढ़ करती है, जिससे सामुदायिक निगरानी, पारदर्शिता और समावेशन सुनिश्चित होता है।


बेरोज़गारी भत्ता


यह अधिनियम, बेरोजगारी भत्ते के संबंध में पहले के अयोग्य ठहराए (निरर्हता) जाने वाले प्रावधानों को हटाता है और इसे एक अर्थपूर्ण वैधानिक सुरक्षा उपाय के रूप में पुनर्स्थापित करता है। जहां निर्धारित अवधि के भीतर रोज़गार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, वहां पंद्रह दिनों के पश्चात बेरोज़गारी भत्ता देय हो जाता है।


निष्कर्ष


विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 का पारित होना भारत की ग्रामीण रोज़गार गारंटी व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है। वैधानिक रोज़गार को 125 दिनों तक विस्तारित कर, विकेन्द्रीकृत एवं सहभागितापूर्ण योजना को अंतर्निहित कर, जवाबदेही को सुदृढ़ कर तथा कन्वर्जेंस एवं परिपूर्णता (सेचूरेशन) आधारित विकास को संस्थागत रूप देकर, यह अधिनियम ग्रामीण रोज़गार को सशक्तिकरण, समावेशी विकास और समृद्ध एवं सक्षम ग्रामीण भारत के निर्माण के लिए एक रणनीतिक साधन के रूप में पुनः स्थापित करता है, जो विकसित भारत@2047 के विज़न के पूर्णतः अनुरूप है।

साभार पीआइबी

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