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हरिद्वार/रायवाला, 10 अगस्त::


rekha arya , kanwad sewa


भारत वर्ष 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करे, इस ऐतिहासिक संकल्प और मनोकामना के साथ उत्तराखंड की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने 'ओलंपिक 2036 संकल्प कांवड़ यात्रा' की शुरुआत की है। यात्रा का शुभारंभ आज सुबह 7:00 बजे हरिद्वार स्थित विश्व प्रसिद्ध 'हर की पैड़ी' से हुआ।


हर की पैड़ी पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद देश में ओलंपिक खेलों के सफल आयोजन का संकल्प लेते हुए गंगाजल उठाया।



*सैकड़ों खिलाड़ियों और महिलाओं की भागीदारी*

हरिद्वार से शुरू हुई यह कांवड़ यात्रा अपने मार्ग पर आगे बढ़ते हुए रायवाला पहुंच चुकी है। यात्रा में खेल मंत्री के साथ सैकड़ों की संख्या में महिला खिलाड़ी, एथलीट और स्थानीय नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं। यात्रा के दौरान 'हर-हर महादेव' और 'भारत माता की जय' के उद्घोष से पूरा मार्ग गुंजायमान हो रहा है।


*वीरभद्र मंदिर में होगा जलाभिषेक*

मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और खेल प्रेमियों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत किया जा रहा है। इस संकल्प कांवड़ यात्रा का समापन आज शाम ऋषिकेश के प्रसिद्ध वीरभद्र मंदिर में होगा। जहाँ खेल मंत्री रेखा आर्या भगवान शिव का पवित्र गंगाजल से जलाभिषेक कर भारत की ओलंपिक मेजबानी की सफलता की कामना करेंगी।

 

use of water in AI data centre parliament of India


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर्स के लिए, 'एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (EIA) नोटिफिकेशन, 2006' (जिसमें बाद में संशोधन किया गया) के तहत पर्यावरण मंज़ूरी (EC) की ज़रूरत नहीं होती है।


 हालाँकि, अगर AI डेटा सेंटर्स को 'बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट' (आइटम 8(a) के तहत, यानी 20,000 वर्ग मीटर से ज़्यादा बिल्ट-अप एरिया) या 'टाउनशिप और एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' (आइटम 8(b) के तहत, यानी 50 हेक्टेयर से ज़्यादा एरिया और/या 1,50,000 वर्ग मीटर से ज़्यादा बिल्ट-अप एरिया) के हिस्से के तौर पर प्रस्तावित किया जाता है, तो उन्हें पहले से EC लेनी पड़ती है। ऐसे बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स के लिए EC राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (UT) स्तर पर 'स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी' (SEIAA) द्वारा दी जाती है।


EC देने के लिए ऐसे बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के दौरान, कई पहलुओं पर ठीक से विचार किया जाता है, जैसे कि खास तौर पर पानी की कमी वाले इलाकों में ताज़े पानी की उपलब्धता, वॉटर बैलेंस रिपोर्ट, ग्रे-वॉटर (इस्तेमाल किया हुआ पानी) का बनना, और ग्रे-वॉटर की रीसाइक्लिंग और दोबारा इस्तेमाल; साथ ही, पर्यावरण से जुड़े ज़रूरी सुरक्षा उपाय भी बताए जाते हैं। इसके अलावा, AI डेटा सेंटर्स के निर्माण और संचालन के दौरान पानी और ग्रे-वॉटर के इस्तेमाल और डिस्चार्ज को 'जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974' और 'वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981' के तहत रेगुलेट किया जाता है। इन अधिनियमों के प्रावधानों का पालन—जिसमें पानी के इस्तेमाल और वेस्ट-वॉटर डिस्चार्ज के लिए तय मानक शामिल हैं—संबंधित 'राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' (SPCB) या 'प्रदूषण नियंत्रण समिति' (PCC) द्वारा मॉनिटर किया जाता है।


साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर/कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए ग्राउंड-वॉटर निकालने की प्रक्रिया को 'जल शक्ति मंत्रालय' द्वारा जारी गाइडलाइंस (नोटिफिकेशन S.O. 3289(E), तारीख 24.09.2020, जिसमें 29.03.2023 के नोटिफिकेशन के ज़रिए संशोधन किया गया) के अनुसार रेगुलेट किया जाता है।


'ब्यूरो ऑफ़ एनर्जी एफिशिएंसी' (BEE) ने 'डिस्ट्रिक्ट कूलिंग गाइडलाइंस, 2023' जारी की हैं। इन गाइडलाइंस में, अन्य बातों के अलावा, ताज़े पानी के स्रोतों पर निर्भरता कम करने और टिकाऊ जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए—जहाँ भी संभव हो—कूलिंग टॉवर में 'मेक-अप वॉटर' के तौर पर ट्रीटेड वॉटर (साफ़ किया हुआ पानी) के इस्तेमाल की सलाह दी गई है। इन गाइडलाइंस में ऊर्जा-कुशल कूलिंग टेक्नोलॉजी अपनाने, कूलिंग सिस्टम की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने, पानी के वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल करने और पानी बचाने के उपाय लागू करने पर भी ज़ोर दिया गया है। ये उपाय खास तौर पर डेटा सेंटर जैसी बड़ी कूलिंग-इंटेंसिव सुविधाओं के लिए अहम हैं और बेहतर ऊर्जा दक्षता, कम पानी की खपत और कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के टिकाऊ संचालन में मदद करते हैं।


इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, डिजिटल और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में ऊर्जा दक्षता, जल प्रबंधन और पर्यावरणीय लचीलेपन की जांच के लिए इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का ‘रेज़िलिएंस, इनोवेशन एंड एफिशिएंसी’ वर्किंग ग्रुप बनाया गया है।


यह जानकारी पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी।

 


Naresh bansal uttarakhand minister


उत्तराखंड को केन्द्र से आवंटित कुल खाद्यान्न पिछले तीन वर्षो मे 401.459 हजार टन प्रति वर्ष,आर्थिक साहायता तीन वर्षो मे लगभग 250 करोड़


उत्तराखंड मे लगभग 8.5लाख लाभार्थी चिन्हित किए गए जिसमे से 80355 अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया,मंत्रालय विभिन्न माध्यम से करता है स्वचालित सत्यापन और अभिलेखों के क्राॅस-वैलिडेश**


**भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने सदन मे सरकार से अतारांकित प्रश्न के माध्यम से पीएमजीकेएवाई के अंतर्गत अपात्र लाभार्थियों को हटाया जाने का      

किया प्रश्न ।**


डा.  नरेश बंसल ने जानना चाहा कि क्या उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि 

क- पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के अंतर्गत राज्यों को आवंटित कुल खाद्यान्न और प्रदान की गई केंद्रीय सहायता का राज्यवार ब्यौरा क्या हैं 

ख- राइटफुल टारगेटिंग अभ्यास के अंतर्गत राज्यों में राशन कार्ड डेटाबेस से राज्यवार कितने अपात्र लाभार्थियों को चिन्हित किया गया और हटाया गया। 

ग- क्या लाभार्थियों के निरंतर सत्यापन के लिए निर्मल रियल टाइम सत्यापन आर्किटेक्चर को राज्यों में उपलब्ध डेटाबेस के साथ एकीकृत किया गया है, तत्संबंधी राज्यवार ब्यौरा क्या है और 

घ- यदि हां तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता में सुधार पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है। 


इस महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया ने बताया कि-:


क- पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत राज्यों और संघ राजय क्षेत्रों को आवंटित कुल खाद्यान्न अनुबंध-1 पर दिए गए हैं।जिसमे उत्तराखंड को आवंटित कुल खाद्यान्न पिछले तीन वर्षो मे 401.459 हजार टन प्रति वर्ष है।जबकी देशभर मे यह लगभग 52800 हजार टन प्रति वर्ष है।


पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान केंद्र प्रायोजित योजना-4048 राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत खाद्यानों के अंतरा-राज्यीय संचलन और एफपीएस डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता के तहत जारी की गई राज्यवार केंद्रीय सहायता अनुबंध-2 में दी गई है। जिसमे उत्तराखंड को पिछले तीन वर्षो मे जारी साहयता राशी लगभग 250करोड़ है।पूरे देश मे यह पिछले तीन वर्षो की राशी लगभग 21500 करोड़ है ।


ख- राइटफुल टारगेटिंग अभ्यास के अंतर्गत राज्यों में राशन कार्ड डेटाबेस से चिन्हित और हटाए गए अपात्र लाभार्थियों की राज्यवार संख्या अनुबंध-3 में दी गई है। जिसमे उत्तराखंड मे लगभग 8.5लाख लाभार्थी चिन्हित किए गए जिसमे से 80355 अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया।पूरे देश मे लगभग 60 लाख लाभार्थियों को चिन्हित किए गया व 23.5लाख अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया।


ग और घ- निर्मल रियल-टाइम सत्यापन आर्किटेक्चर के अंतर्गत, कार्यक्षेत्र में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) लाभार्थी डेटाबेस की निम्नलिखित मंत्रालयों/संगठनों के डेटाबेस के साथ एकीकृत करना शामिल है। 

काॅर्पोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), सार्वजनिक वित्तीय प्रणाली(पीएफएमएस), वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क(जीएसटीएन)/ केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी), वाहन डेटाबेस के माध्यम से सडक परिवहन मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा, एग्री स्टैक के माध्यम से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय, और डाक विभाग

इन डेटा स्रोतों के एकीकरण से स्वचालित सत्यापन और अभिलेखों के क्राॅस-वैलिडेशन के माध्यम से संभावित अपात्र लाभार्थियों की निरंतर पहचान हो पाती है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है, लाभार्थीं डेटाबेस की सटीकता में सुधार होता है, राशन कार्ड रिकाॅर्ड का नियमित अद्यतन आसान होता है और अपात्र लाभार्थियों को हटाने में सहायता मिलती है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे।





 *देहरादून से दिल्ली तक नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और ईमानदार बना रही है भाजपा सरकार : भट्ट* 


 *उत्तराखंड में भर्ती घोटालों और नकल माफिया को राजनीतिक संरक्षण की जनक है कांग्रेस : भाजपा* 


 *नियुक्ति प्रक्रिया पर झूठ फैलाने वाले, झारखंड, पंजाब, केरल की नकल पर खामोश क्यों : भट्ट* 



​देहरादून :



भाजपा ने एंटी पेपर लीक बिल पर लगी संसदीय मुहर को प्रधानमंत्री मोदी युवाहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देहरादून से लेकर दिल्ली तक हमारी सरकारें नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और ईमानदार बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही हैं। वहीं कांग्रेस और विपक्ष पंजाब, झारखंड, केरल, कर्नाटक की अपनी सरकारों के घोटालों पर चुप्पी साधे है। 


​मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में जारी बयान में उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अपनी सरकारों में भर्ती घोटालों और नकल माफिया को संरक्षण देने वाली कांग्रेस को आज आईना देखने की जरूरत है। पंजाब, झारखंड, केरल और कर्नाटक जैसे कांग्रेस व उनके सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों में हो रहे पेपर लीक और नकल के मामलों पर कांग्रेस पूरी तरह मौन साधे हुए है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में नकल और भ्रष्टाचार की नींव रखने वाली पार्टी कांग्रेस ही है। कांग्रेस शासनकाल में एक के बाद एक कई बड़े मामले सामने आए, जिनमें शामिल हैं पटवारी परीक्षा घोटाला, दारोगा भर्ती घोटाला, बीडीओ भर्ती घोटाला, सिडकुल और पशुपालन विभाग भर्ती में अनियमितताएं आदि। इन दर्जनों घोटालों पर कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने मामलों को दबाने का काम किया। परिणामस्वरूप गड़बड़ी और घोटालों में लिप्त तत्व राजनीतिक संरक्षण में मजबूत होते चले गए। कांग्रेस ने कभी भी नकल रोकने के लिए न तो कोई नीति बनाई और न ही कोई ठोस प्रयास किया।


प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान धामी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे कठोरतम नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके सुखद परिणाम आज सबके सामने हैं, सैकड़ों नकल माफिया और घोटालेबाज़ आज सलाखों के पीछे हैं, दर्जनों बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और सकुशलता से संपन्न हो चुकी हैं, जिन पर कोई सवाल नहीं उठा। जिन एकाध प्रकरणों में गड़बड़ी का संज्ञान मिला, सरकार ने बिना विलंब तत्काल और कठोरतम कार्रवाई की।


श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि कांग्रेस उत्तराखंड के युवाओं के बीच झूठ और भ्रम फैला रही है। कांग्रेस संसद और दिल्ली की सड़कों पर हंगामा करती है, लेकिन अपने और अपने सहयोगी दलों के राज्यों में हो रही नकल और धांधली पर चुप्पी साधे रहती है। वहीं केंद्र सरकार की तरह भाजपा, प्रदेश के योग्य और प्रतिभावान युवाओं के हक को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।



 





क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने शुक्रवार सुबह अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी। केंद्र सरकार ने उन्हें छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी मुख्य मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया था। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात एक वीडियो में घोषणा की कि सरकार परीक्षा के पेपर लीक होने की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े प्रावधानों वाला एक नया बिल लाएगी।

 इस प्रस्तावित कानून में फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कड़ी सज़ा जैसे प्रावधान शामिल हैं। 
अगले हफ्ते संसद में पेश किए जाने से पहले, शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट इस पर चर्चा करेगी।








 

उत्तराखंड को आधारभूत अवसंरचना एवं पूंजीगत विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की है।






 भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग द्वारा "वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment-2026-27)" के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य को ₹451.63 करोड़ (₹45,163 लाख) की प्रथम किस्त विशेष सहायता (ऋण) के रूप में स्वीकृत की गई है।



भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा जारी स्वीकृति आदेश के अनुसार यह राशि योजना के भाग-1 (अनटाइड) के अंतर्गत राज्य में स्वीकृत पूंजीगत परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु उपलब्ध कराई गई है। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को पूंजीगत निवेश के लिए ₹451.63 करोड़ की विशेष सहायता ऋण की प्रथम किस्त स्वीकृत किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर उत्तराखंड के विकास में सहयोगी की भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय सहायता से राज्य की आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं को नई गति मिलेगी तथा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन एवं अन्य विकास कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस राशि का उपयोग भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ जनहितकारी पूंजीगत परियोजनाओं पर सुनिश्चित करेगी, जिससे उत्तराखंड के समग्र एवं सतत विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी।

 

*उत्तराखंड फिल्म नीति के तहत FTII से पासआउट युवाओं को मिली छात्रवृत्ति* 




उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के लाभ, उत्तराखंड के युवाओं को प्रत्यक्ष तौर पर मिलने शुरु हो गए हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद ने "फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान, पूणे ( FTII) से पासआउट तीन युवाओं की छात्रवृत्ति का भुगतान कर दिया है। 

उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के तहत "फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान, पूणे, सत्यजीत-रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, कोलकाता या अन्य ख्यातिप्राप्त संस्थानों में प्रवेश लेने वाले उत्तराखंड राज्य के स्थाई निवासी छात्र-छात्राओं को मैरिट के आधार पर पाठ्यक्रम पूर्ण होने तथा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के उपरांत छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने का प्राविधान है। इसके तहत पाठ्यक्रम पर हुए व्यय के अनुसार एसटी,एससी, ओबीसी को 75 प्रतिशत एवं सामान्य अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि इसी नीति के क्रम में ग्राम पोस्ट उखीमठ, रुद्रप्रयाग निवासी प्रवीण सेमवाल को एक वर्षीय स्नातकोत्तर सर्टिफिकेट कोर्स के लिए कुल 65,682 रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। इसी तरह ग्राम, हरनी (मुंदोली) चमोली निवासी कविता को दो वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स के लिए कुल 1,27,619 रुपए और तल्लीताल, नैनीताल निवासी देवेश भट्ट को तीन वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए कुल 1,38,990 रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। उक्त तीनों ने  भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान पुणे से पढ़ाई पूरी की है। 


*उत्तराखंड के युवा रचनात्मक प्रतिभा की धनी हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हों। उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। फिल्म जगत में शिक्षा प्राप्त करने वाले राज्य के युवाओं को छात्रवृत्ति प्रदान कर सरकार उनके सपनों को नई उड़ान देने का कार्य कर रही है।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड* 

--राज्य के सड़क नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक किया प्रतिभाग*


*उत्तराखण्ड की सड़क अवसंरचना को रूपये 7 हजार करोड़ की मिली सहमति*


*राज्य के सड़क विकास से सीमांत क्षेत्रों और पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य से संबंधित सड़क एवं अवसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक एवं रणनीतिक महत्ता, तीर्थाटन, पर्यटन तथा आपदा प्रबंधन की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए राज्य में सुदृढ़ एवं आधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य के लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय का अनुरोध किया।


केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 हेतु राज्य सरकार को  लगभग रूपये 750 करोड़ लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति पर  सहमति प्रदान की गई। इसके साथ ही NHO के अंतर्गत 05 प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग रूपये 2966 करोड़ है। इनमें श्रीनगर बाईपास का PMC, पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार मार्ग की चार-लेनिंग, लोहाघाट एवं पिथौरागढ़ बाईपास की alignment , मझोला से खटीमा के आबादी भाग में  चार-लेन विस्तार तथा रामनगर–रानीखेत (मोहन) मार्ग का सुदृढ़ीकरण प्रमुख रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 तक की रूपये 530.11 करोड़ की लंबित प्रतिपूर्ति राशि शीघ्र अवमुक्त किए जाने तथा का भी अनुरोध किया।


मुख्यमंत्री ने आगामी अर्धकुंभ मेला 2027 के दृष्टिगत हरिद्वार बाईपास परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे यातायात दबाव में कमी आएगी तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार बाईपास परियोजना के कार्यों में भी तेजी लाने का अनुरोध किया, जिससे क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था सुगम हो सके तथा स्थानीय जनता को जाम की समस्या से राहत मिले।दोनों ही प्रस्तावों को सहमति प्रदान की गई।


मुख्यमंत्री ने National Highways पर Spur के माध्यम से अन्य मार्गों के संयोजन हेतु कुछ परियोजनाओं के लिए लगभग रूपये 3000 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा सकारात्मक सहमति व्यक्त की गई। इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से एनएच-309 तक टनल सहित मोटर मार्ग निर्माण हेतु लगभग रूपये 300 करोड़ की परियोजना पर चर्चा और सैद्धान्तिक सहमति की गई।


राज्य में आपदा प्रबन्धन में सफल और कुशल कार्यों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट सेंटर (ULMMC) के माध्यम से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में उपचारात्मक कार्यों हेतु डीपीआर तैयार किए जाने हेतु MoU करने का अनुरोध किया जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय द्वारा इसे स्वीकृत किया गया है ।


मुख्यमंत्री ने सीमा सड़क संगठन (BRO) से संबंधित लंबित मामलों, विशेषकर ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के हिना–तेखला–नेताला–गरमपानी खंड की डीपीआर तथा जोशीमठ बाईपास मार्ग के संशोधित प्रस्तावों ( COS) को शीघ्र स्वीकृति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यंत कम दरों पर प्राप्त निविदाओं के मामलों में अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किया जाए, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं स्लोप ट्रीटमेंट कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से इन सभी परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से उत्तराखण्ड में सड़क संपर्क एवं आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी। इससे सीमांत क्षेत्रों का विकास, पर्यटन को बढ़ावा, आपदा प्रबंधन क्षमता में वृद्धि तथा राज्य की आर्थिक प्रगति को गति प्राप्त होगी।

बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव सड़क परिवहन श्री बृजेश कुमार संत, स्थानिक आयुक्त श्री अजय मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए "पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (SASCI) योजना के तहत कुल 2355 करोड़ रुपए स्वीकृत किये है। 



वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार "पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (SASCI) योजना के तहत कुल 71.94  करोड़ रुपए स्वीकृत किया गया है। जबकि इसी योजना में संचालित "प्राइड ऑफ हिल्स (पर्वतीय राज्यों के लिए विशेष विकास सहायता योजना)" के तहत उत्तराखंड के लिए कुल 2283.60 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इन दोनों स्वीकृति के बाद भारत सरकार, राज्य को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026- 27 के दौरान इस योजना के तहत कुल अब तक 2355.54 करोड़ रुपए प्रदान कर चुकी है। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार उत्तराखंड के विकास में पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री जी के संकल्प के अनुसार राज्य को विकसित भारत में अग्रणी राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्प होकर कार्य कर रही है।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को होटल नटराज, ऋषिकेश में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति बैठक कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 23.15 करोड़ की 1 योजना का लोकार्पण एवं 6.63 करोड़ की 2 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। 




मुख्यमंत्री ने विभिन्न शहरों के मेयर का स्वागत करते हुए कहा कि सभी मेयर अपने शहर के प्रथम नागरिक और शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के भी प्रतिनिधि हैं। आपके निर्णय का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा हमारे देश की आत्मा गाँवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के सपने, उनकी आकांक्षाएँ और उनके भविष्य की संभावनाएँ शहरों में आकार लेती हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण पलों को उत्तराखंड में बिताया है। वे उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र से भली भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस वर्ष चार धाम यात्रा में अब तक कुल 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की है,जो एक नया रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारी प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सरल, सुगम , सुरक्षित हो। उन्होंने कहा पहले, आदि कैलाश में 500 लोग आते थे, इस वर्ष यात्रा शुरू होने से अब तक प्रति दिन करीब 1000 लोग आदि कैलाश पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया मां पूर्णागिरि मंदिर में भी 24 लाख लोगों ने दर्शन कर लिए हैं। बीते चार सालों में 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड आ चुके हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। आज स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों में साफ-सफाई की नई संस्कृति विकसित हुई है। स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का घर का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य हुआ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड के शहरों के विकास को नई गति दी जा रही है। उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को दिया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। राज्य में निराश्रित गौवंशों को आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से आश्रय योजना प्रारम्भ की है। स्थानीय निकायों में श्वानों की बढ़ती संख्या की रोकथाम हेतु एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना की शुरुआत की है। हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर, दुनिया के समक्ष देश की वास्तविक छवि भी प्रस्तुत करते हैं। शहर सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित होंगे तो भारत की छवि भी सशक्त, समृद्ध और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा शहर स्वच्छ होगा तो पूरा भारत स्वच्छ होगा। शहर सुव्यवस्थित होगा, तो पूरा देश सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा प्रत्येक शहर सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा, तो भारत विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा।



कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 तर्ज पर हम भी विकसित उत्तराखंड को आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। विकसित भारत की कल्पना को पूरा करने में महानगर को विकसित करने, आत्मनिर्भर बनाने, सौर ऊर्जा, कूड़ा प्रबंधक , रेनवाटर हार्वेस्टिंग, लोकल एवं छोटे उद्योग की स्थापना एवं आत्मनिर्भर महानगर की महत्वपूर्ण भूमिका है।


मुख्यमंत्री ने नगर निगम, ऋषिकेश में ₹1.80 करोड़ की लागत से बने पीपीपी मोड़ पर 10 स्थानों पर ई.वी. चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण कार्यों एवं 4.83 करोड़ की लागत से ऋषिकेश के 12 स्थानों पर वर्षा जल का संचय कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने ₹ 23.15 करोड़ की लागत से नगर निगम ऋषिकेश के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट योजनान्तर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनेट्री लैन्डफिल साईट लाल पानी बीट निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थलों का भी अवलोकन किया। 


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा, विधायक श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर श्री शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, श्री आशुतोष एवं देशभर के विभिन्न शहरों से मेयर उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का किया औचक निरीक्षण*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण कर चारधाम यात्रा एवं रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, ठहरने की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं से यात्रा का फीडबैक भी लिया। 


*श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए न करना पड़े इंतजार*


मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए की गई पंजीकरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए की श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन के लिए इंतजार ना करना पड़े। उन्होंने स्वास्थ्य जांच केंद्रों का निरीक्षण कर यात्रियों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान देने को बात कही। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए उन्होंने ट्रांजिट कैंप में अतिरिक्त कुलर लगाने तथा पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


*श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी संवाद किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं का "अतिथि देवो भव:" की भावना के साथ स्वागत करें तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।


*यात्रियों ने मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त*


निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में मौजूद श्रद्धालुओं से भी संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं बिहार सहित विभिन्न राज्यों से आए यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। श्रद्धालुओं ने पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, आवास एवं अन्य सुविधाओं को संतोषजनक बताया। 


कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया तथा यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का कुशलक्षेम जाना और उन्हें सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं।



*ट्रांजिट कैंप में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण की भी सराहना*


ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं के लिए एलईडी स्क्रीन के माध्यम से रामायण एवं महाभारत के प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रतीक्षा के दौरान उन्हें आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो रहा है। उत्तर प्रदेश से आई कामिनी ने कहा कि "वह गुरुवार से अपनी चार धाम यात्रा शुरू करेंगी। आज सुबह उन्होंने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। वह सुबह से ही ट्रांसिट कैंप में बैठी हैं, वहां कूलर, पंखे, पानी की पर्याप्त व्यवस्था है उन्होंने बताया साथ ही टीवी में रामायण चलने से उनका समय भी अच्छा बीत रहा है।"


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से आए शुभम ने बताया कि "वो अपने 3 दोस्तों के साथ चार धाम यात्रा से वापस ऋषिकेश लौटे आए हैं, आज सुबह से ही वह ट्रांजिट कैंप में हैं। उन्होंने अपनी यात्रा शुरू भी ट्रांसिट कैंप से की थी, जहां उन्हें सुविधा इतनी अच्छे लगी की वह लौटते समय भी यहां ठहरने के लिए आए हैं"। मध्य प्रदेश से आए ओमप्रकाश ने बताया कि वह भी सुबह ही ट्रांजिट कैंप पहुंचे हैं और आगे की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ट्रांजिट कैंप में ही अपना भोजन किया और स्वास्थ्य जांच करवाई। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। 


*ट्रांजिट कैंप में लंगर सेवा के साथ स्थानीय उत्पादों को मिला बढ़ावा*


ट्रांजिट कैंप परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निरंतर लंगर एवं नि:शुल्क भोजन-पानी की व्यवस्था की जा रही है। एक ओर जहाँ  स्वयंसेवकों द्वारा यात्रियों को भोजन की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है तो वहीं दूसरी ओर, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा कैंप परिसर में स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी की जा रही है। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद एवं स्वरोजगार से जुड़े सामान यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे जहां एक ओर महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

 

CM Dhami listened PM Modi man ki baat



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 134 वें संस्करण को सुना। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम देशवासियों को प्रेरित करने वाला एक सशक्त माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री विभिन्न क्षेत्रों की प्रेरणादायक कहानियों को साझा कर, अन्य लोगों को भी जनहित के कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री द्वारा आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, नवाचार, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर निरंतर दिए जा रहे संदेश, समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी कई ऐसे लोग हैं, जो अपने कार्यों से समाज में बड़े-बड़े परिवर्तन ला रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करने का कार्य भी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कार्यक्रम में आज प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने और गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने देशी एवं पारंपरिक पेयों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए आम सहित भारतीय फलों की विशेषताओं का उल्लेख भी किया। 


*मुख्यमंत्री ने किया छात्राओं से संवाद

मुख्यमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम के उपरांत नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से कार्यक्रम के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया और उनके विचार जाने।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद एवं अपनी रुचि के अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक परिवर्तन बड़े बदलावों का आधार बनते हैं। आपके अच्छे प्रयासों और कार्यों से अन्य लोग भी प्रेरित होकर जुड़ते हैं तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। उन्होंने कहा निष्ठा और समर्पण के साथ किए गए अच्छे कार्य दूसरे लोगों के लिए भी उदाहरण बनते हैं।

इस अवसर पर विधायक महंत दलीप सिंह रावत भी मौजूद थे।

padam vibhushan 2026 award bhagat singh koshjyari


- श्री कोश्यारी प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और राष्ट्रवादी नेता के रूप में जाने जाते हैं


- 1966 में श्री कोश्यारी ने उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ में 'सरस्वती शिशु मंदिर' की स्थापना की, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों को मजबूत किया गया


- वर्ष 2008 में श्री कोश्यारी राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए



25 मई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण से सम्मानित किया जाएगा।

 

श्री भगत सिंह कोश्यारी, जिन्हें  उत्तराखंड राज्य में 'भगत दा' के नाम से जाना जाता है, एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और समर्पित राष्ट्रवादी नेता हैं, जिन्होंने अपना जीवन जन सेवा और समाज के गरीब और पिछडे वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है। वह आरएसएस के एक निष्‍ठावान स्वयंसेवक हैं और अपनी सादगी, अनुशासन और सीखने के प्रति गहरे प्रेम के लिए जाने जाते हैं।

 

17 जून, 1942  को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के पहाड़ी इलाके के सुदूर गांव पलानधुरा में जन्मे श्री कोश्यारी ने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद दृढ़ संकल्प के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त की और 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की। उन्होंने 1964-1965 के दौरान राजा का रामपुर (एटा, उत्तर प्रदेश) में व्याख्याता के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। हालांकि, शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से प्रेरित होकर, उन्होंने 1965 के बाद से स्‍वयं को पूरी तरह से शैक्षणिक और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

 

श्री कोश्यारी  ने सरस्वती शिशु मंदिर, कासगंज (उत्तर प्रदेश) में पढ़ाना शुरू किया, जहां उन्होंने छोटे बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय मूल्य प्रदान करने का काम किया। वर्ष 1966 में, उन्होंने उत्तराखंड के एक सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ में 'सरस्वती शिशु मंदिर' की स्थापना की, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों को मजबूत किया गया। उन्होंने पिथौरागढ़ में विवेकानंद इंटर कॉलेज की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सरस्वती विहार, नैनीताल से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने कई वर्षों तक आरएसएस के विभाग कार्यवाह  के रूप में कार्य  किया और बाद में उत्तरांचल उत्थान परिषद के सचिव बने, जो दशकों तक उत्तराखंड में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के विकास के लिए समर्पित संगठन है। वर्ष 1979 से 1990 तक, वह कुमाऊं विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य थे, जिन्होंने शैक्षिक नीति और संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने जागरूकता और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए पिथौरागढ़ से हिंदी साप्ताहिक "पर्वत पीयूष" के प्रकाशन की भी शुरुआत  की। राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान, उन्हें आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम (मीसा) के तहत गिरफ्तार किया गया था, जो सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

 

वर्ष 1997 में श्री कोश्यारी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया था। नवंबर 2000 में उत्तराखंड के गठन के बाद, वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में थोड़े समय के लिए उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया। वर्ष 2008 में, वह राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में, वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए। उत्तराखंड में ऊर्जा मंत्री के रूप में, उन्होंने लंबे समय से लंबित टिहरी हाइड्रो परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें टिहरी के ऐतिहासिक शहर और जिला मुख्यालय का स्थानांतरण शामिल था। उन्होंने राज्य सभा और लोक सभा दोनों में याचिका समिति के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया, जहां उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन सहित वन रैंक वन पेंशन, रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों पर विस्तृत सिफारिशें प्रस्तुत कीं। बाद में उन्हें 5 सितंबर, 2019 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने प्रभावी ढंग से सेवा की और राज्य के लगभग सभी जिलों के साथ-साथ कई ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण किलों का दौरा किया। इसके अलावा, अगस्त 2020 में, उन्हें गोवा के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में भी नियुक्त किया गया था।

 

शिक्षा और राजनीति में उनके योगदान के अलावा, श्री कोश्यारी एक लेखक भी हैं। उन्होंने "उत्तरांचल प्रदेश क्यों" और "उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान" नामक दो पुस्तकें लिखी और प्रकाशित की, जो उत्तराखंड के विकास के प्रति उनकी संकल्‍पना और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, नेतृत्व और अटूट सेवा का एक प्रेरक उदाहरण है।

 *दो दिवसीय उत्तराखण्ड दौरे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त, सीमांत पोलिंग बूथ का किया स्थलीय निरीक्षण*



- *CEC ने हर्षिल में BLO मिंटो देवी के काम को सराहा, कहा— पूरे देश के लिए प्रेरणा।*

- *SIR कार्य में समपर्ण के साथ जुटे सभी बीएलओ को सैल्यूटः CEC* 

- *उत्तरकाशी भ्रमण के दौरान परिवार संग गंगोत्री धाम के सीईसी ने किए दर्शन*


- *साधु-संतों वाले विशेष बूथ गंगोत्री पहुंचे, मुख्य चुनाव आयुक्त,किया विस्तृत संवाद।*



देहरादून/उत्तरकाशी।


 मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय उत्तराखण्ड दौरे के लिए शनिवार को उत्तरकाशी पंहुचे। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने उत्तरकाशी स्थित झाला हैलीपैड पर उनका स्वागत किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने सीमांत जिले के पोलिंग बूथ का स्थलीय निरीक्षण किया और विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गंगोत्री धाम पंहुचकर धर्मपत्नी के साथ गंगोत्री मंन्दिर के दर्शन कर विशेष पूजा अर्चना की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त रविवार को देहरादून में एसआईआर के सम्बंध में तैयारियों की समीक्षा करेंगे। 


मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय उत्तराखण्ड दौरे पर शनिवार को उत्तरकाशी पंहुचे। इस दौरान उन्होंने भारत-चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री विधानसभा के सीमांत गांव हर्षिल में स्थित पोलिंग बूथ का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर  के साथ विस्तृत संवाद किया तथा एसआईआर की मैपिंग आदि के बारे में जानकारी ली।


*'स्मार्ट' तकनीक से मतदाता सूची का शुद्धीकरण*


इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर्स ग्राउंड लेवल पर कर्मठता के साथ बीएलओ ऐप के माध्यम से सूची में शामिल “एब्सेंट,शिफ्टेड,डेथ, डूप्लीकेट और विदेशी मतदाताओं“ को चिन्हित कर मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य कर रहे हैं,साथ ही 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पात्र मतदाताओं को वोटर लिस्ट में जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।  उन्होंने बीएलओ श्रीमती मिंटू देवी के कार्यों जमकर सराहना करते हुए कहा कि एसआईआर कार्य में समपर्ण के साथ जुटे सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स को चुनाव आयोग सैल्यूट करता है। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण आशा है कि देश के सभी बीएलओ इसी सक्षमता के साथ कार्य करेंगे।


 *साधु-संतों वाले विशेष बूथ गंगोत्री पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त,किया विस्तृत संवाद। साधु-संतों के लोकतांत्रिक जज्बे को सराहा।*


  मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने गंगोत्री पोलिंग बूथ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साधु-संतों और संन्यासी मतदाताओं के साथ काफी देर तक विस्तृत संवाद किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने दुर्गम परिस्थितियों और कड़ाके की ठंड के बीच भी देश के चुनावी उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए संतों के प्रति आभार व्यक्त किया। संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि एक ऐसा पोलिंग बूथ जहाँ शत-प्रतिशत मतदाता केवल साधना में लीन रहने वाले साधु-संत हैं, यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की विविधता और ताकत की अनूठी मिसाल है।इससे पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मां गंगा के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।


मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने हर्षिल में देर शाम उत्तराखण्ड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बी.वी.आर.सी.पुरुषोत्तम ने आगामी एसआईआर की मैपिंग, एएसडीडी सूची के सम्बंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी श्रीमती मुक्ता मिश्र,उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी,ईआरओ गंगोत्री/एसडीएम श्रीमती शालिनी नेगी सहित पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पिछले 24 घंटों में, NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े पेपर लीक में कथित अनियमितताओं के संबंध में, देश भर में 14 जगहों पर तलाशी ली है और दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

arresting in neet leak case 2026


यह याद दिलाया जाता है कि CBI ने 12.05.2026 को, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर, NEET-UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक से संबंधित यह मामला दर्ज किया था।


इस संबंध में, कल 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था - 03 जयपुर से, 01 गुरुग्राम से और 01 नासिक से। कल गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों को आज दिल्ली की सक्षम अदालत के सामने पेश किया गया और पूछताछ के लिए 07 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।


12.05.2026 से CBI की विशेष टीमों द्वारा शुरू किए गए अभियानों की कड़ी में, पिछले 24 घंटों में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है - एक पुणे से और एक अहिल्यानगर, महाराष्ट्र से।

पिछले 24 घंटों में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के नाम:

1) श्री धनंजय लोखंडा, अहिल्यानगर

2) श्रीमती मनीषा वाघमारे, पुणे


कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।


CBI इस मामले से जुड़े सभी सुरागों पर काम कर रही है। CBI इस मामले में व्यापक, निष्पक्ष और पेशेवर जांच के लिए प्रतिबद्ध है।

 


भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से मिली एक लिखित शिकायत के आधार पर, CBI ने NEET-UG 2026 परीक्षा के आयोजन में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के संबंध में एक FIR दर्ज की है। यह FIR BNS के तहत आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और सबूतों को नष्ट करने के अपराधों के लिए; भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए; और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत अपराधों के लिए दर्ज की गई है।

FIR against culprit of NEET 2026 leak CBI


शिकायत में यह बताया गया है कि NEET UG - 2026 परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा 03.05.2026 को किया गया था। इसमें आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि NTA को एक शिकायत और जानकारी मिली थी, जिसमें बताया गया था कि NEET (UG) - 2026 परीक्षा से संबंधित कुछ दस्तावेज़ परीक्षा आयोजित होने से पहले ही अनधिकृत रूप से प्रसारित किए गए थे।


ये आरोप परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता और निष्पक्षता से संभावित खिलवाड़ की ओर इशारा करते हैं। CBI ने इस मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है, ताकि कथित अनियमितताओं की प्रकृति और सीमा का पता लगाया जा सके, साथ ही इसमें शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की भी जाँच की जा सके।


**जाँच के लिए CBI की विशेष टीमें गठित की गई हैं और उन्हें विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है।**


CBI इस मामले में पूरी तरह से गहन जाँच करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इस केस में शामिल दोषियों की पहचान की जा सके।

 *पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार का गठन, शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*


CM dhami in oath ceremony west bengal


*भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, साथ में मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों ने भी ली शपथ*

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री समारोह में रहे उपस्थित*



 नामांक

PM rashtriya baal puraskaar 2026

न जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है

नामांकन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं


केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। यह राष्ट्रीय स्तर का एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है जो प्रतिवर्ष देश भर के बच्चों की असाधारण उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार उन बच्चों को दिया जाता है जो वीरता, खेल, सामाजिक सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और कला एवं संस्कृति के क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के पात्र हैं।


भारत में रहने वाला कोई भी भारतीय नागरिक, जिसकी आयु 31 जुलाई 2026 तक 5 वर्ष से 18 वर्ष से अधिक न हो, इन पुरस्कारों के लिए पात्र है।


नामांकन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से https://awards.gov.in पर ही स्वीकार किए जाएंगे। पुरस्कारों के लिए स्व-नामांकन और अनुशंसा, दोनों पर विचार किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in) पर जाएं।

 

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी जरूरी
  • प्रधानमंत्री ने देहरादून में आयोजित भव्य समारोह में किया 210 किमी लंबे, दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया

delhi-dehradun express way cprridor PM modi


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित समारोह में 210 किमी लंबे, दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने गढ़ी कैंट तक 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में प्रतिभाग करने के साथ ही डाटकाली मंदिर में दर्शन करने के उपरांत पूजा भी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गढ़ी कैंट में आयोजित, समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को बैसाखी और बिहू पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तराखंड में स्थित पवित्र चार धामों की भी यात्रा शुरु होने वाली है, जिसका देशभर के आस्थावान लोग प्रतीक्षा करते हैं। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से चारधाम के यात्रियों को भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य अपने स्थापना के 26वें प्रवेश कर चुका है, अब राज्य की प्रगति में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले उन्होंने बाबा केदार की धरती पर अनायास ही कहा था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड के नाम होने जा रहा है, उन्हें यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि डबल इंजन वाली सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से उत्तराखंड तेजी से इस राह पर बढ़ रहा है।

उत्तराखंड ने देश को दिखाई राह
प्रधानमंत्री ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ बीआर अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बीते एक दशक से उनकी सरकार ने जो भी निर्णय लिए वो देश के संविधान की गरिमा को बढ़ाने वाले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति और देश से माओवाद खत्म होने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड ने संविधान की भावना के अनुरूप, समान नागरिक संहिता लागू कर, पूरे देश को नई राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय पूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित रहा है, केंद्र सरकार भी इसी भावना के साथ हर गरीब को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि देश का संतुलित विकास, सबको सुविधा और सबकी समृद़धि ही सामाजिक न्याय का माध्यम बन सकती है। इसलिए बाबा साहेब भी औद्योगिकरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भरपूर वकालत करते थे।

सड़कें बनेगी भविष्य की रेखा
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में सड़क, रेलवे, रोपवे और वाटरवे की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग, भविष्य जानने के लिए हाथ की रेखाओं को दिखाने के लिए ज्योतिष शास्त्र की शरण में जाते हैं। आज इसी तरह सड़कें, राष्ट्र की भाग्य रेखाएं बनती जा रही हैं। उन्होनें कहा कि बीते एक दशक से सरकार विकसित भारत के लिए ऐसी ही भाग्यरेखाओं के निर्माण में जुटी हुई है। ये भाग्य रेखाएं, सिर्फ आर्थिकी का आधार नहीं बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी की समृद्धि की गारंटी भी बनेगी और यही मोदी की गारंटी भी है। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में सरकार ने इन विकास रेखाओं के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश किया है। वर्ष 2014 तक, पूरे देश के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर दो लाख करोड़ भी खर्च नहीं हो पाते थे, जबकि आज यह राशि छह गुना अधिक बढ़कर 12 लाख करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इस दौरान अकेले उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़कों के इंतजार में पीढ़ियां बूढ़ी हो जाती थी, आज डबल इंजन की सरकार के कारण गांव गांव सड़क पहुंच रही है। इससे वीरान गांव फिर जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना, केदारनाथ, हेमकुंड रोपवे जैसे परियोजनाएं उत्तराखंड की भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

नए भारत में स्पीड और स्केल पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत जिस स्पीड और स्केल पर काम कर रहा है, उसकी चर्चा दुनियाभर में हो रही है। उन्होने कहा कि बीते कुछ महीनों के भीतर ही दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ है, साथ ही मेरठ तक मेट्रो पहुंची है, नोएडा में एयरपोर्ट शुरु हुआ है और अब दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर भी शुरु हो चुका है। इतने छोटे से क्षेत्र में इतना सबकुछ हो रहा है तो आप देशभर की प्रगति का आंकलन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में कई इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम चल रहा है। ये इकोनॉमी कॉरिडार प्रगति के नए द्वार बनने जा रहे हैं जिनसे हमारी उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली - देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जहां लोगों का आने जाने में समय बचेगा, वहीं ईंधन की खपत कम होने से किराया और माल भाड़ा भी बचेगा। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद, तेजी से बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इस शानदार एक्सप्रेस वे का सर्वाधिक लाभ उत्तराखंड के पर्यटन को मिलेगा ।

बारामासी पर्यटन की ओर बढ़ा उत्तराखंड
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड सरकार द्वारा विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और वेड इन उत्तराखंड जैसे अभियानों को बढ़ावा दिए जाने के लिए जारी प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, अब उत्तराखंड बारामासी पर्यटन की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने 2023 में अपनी आदि कैलाश-ओमपर्वत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि, पहले यहां साल में कुछ सौ लोग ही आते थे, जबकि 2025 में यह संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई है। इसी तरह उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा में आने वाले पयर्टकों और तीर्थयात्रियों की संख्या भी 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख पहुंच गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति को साथ रखा जाना जरूरी है। इसलिए आज हर निर्माण का इस त्रिवेणी को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें ध्यान देना होगा कि इंसानों के लिए होने वाले विकास कार्यों से वन्य जीवों को कोई कष्ट न हो। इसलिए दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर 12 किमी लंबा एलिवेट रोड बनाया गया है।

उत्तराखंड की पवित्रता का करें पालन
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों के साथ ही यहां आने वाले पयर्टकों से अपील करते हुए कहा कि वो देवभूमि की धरोहर बहुत पवित्र है, ऐसे स्थानों का साफ सुधरा रखना हम सबका कर्तव्य है। यहां जगह -जगह कूड़ा डालने, प्लास्टिक की बोतलें फेंकने से देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचती है। इसलिए देवभूमि के तीर्थ स्थलों को स्वच्छ और सुंदर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले साल हरिद्वार में दिव्य, भव्य और स्वच्छ कुंभ मेले का आयोजन होगा, इसी के साथ उत्तराखंड में जल्द ही नंदा देवी राजजात भी आयोजित होने वाली है। ये यात्रा उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक चेतना का भी उदाहरण है, जिसमें मां नंदा को बेटी मानकर सम्मान के साथ विदा किया जाता है। उन्होंने कहा कि वो मां नंदा को प्रणाम करते हुए, विकसित भारत के निर्माण में माताओं बहनों की बड़ी भूमिका है।

2029 में आधी आबादी को मिलेगा पूरा हक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं को राजनैतिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए, संसद ने चार दशक के बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कर दिया है, इससे लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तय हो गया है। अब इसे लागू करने में देर नहीं होने चाहिए, 2029 के लोकसभा और इससे आगे के विधानसभा चुनावों में इसे लागू किया जाना चाहिए। देश की इसी भावना के अनुरूप 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी दलों से इस संसोधन अधिनियम को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि, 2029 में देश की पचास प्रतिशत आबादी को उनका हक मिलकर रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश, 1962 में शहीद हुए बाबा जसवंत सिंह के शौर्य को भुला नहीं सकता। सैनिकों के सम्मान के क्रम में केंद्र सरकार ने वन रैंक, वन पेंशन लागू करते हुए पूर्व सैनिकों के खाते में सवा लाख करोड़ से अधिक की धनराशि जमा की है। जिसका लाभ उत्तराखंड के हजारों परिवारों को भी मिला है। सरकार देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति को जोडते हुए विकसित भारत का संकल्प सच करने का प्रयास कर रही है।


 

  • अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत - मुख्यमंत्री
PM Modi visit uttarakhand


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि उनका प्रत्येक दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड को ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे ऐलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की सौगात मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में विशेष है। एक ओर जहां दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति मिल रही है, वहीं यह अवसर भीमराव अंबेडकर की जयंती का भी है। उन्होंने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और सिख नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे सांस्कृतिक वैभव और  कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताकर सभी का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का प्रथम गांव घोषित किया, इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन पर वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया। आदि-कैलाश का दर्शन कर इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई, राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई, हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 25 वर्षों के लिए राज्य को एक नया विजन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ ‘‘विकास भी और विरासत भी’’ की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन ‘‘अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत’’, ‘‘अब नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत रहा है भारत’’, ‘‘अब अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार के साथ-साथ नवाचार में भी कीर्तिमान बना रहा है भारत’’ कविता से किया। मुख्यमंत्री ने कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा और आभार व्यक्त किया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसमें मां नंदा की डोली, यात्रा की अगुवाई करते खाड़ू तथा स्थानीय लोगों का सुंदर चित्रण किया गया है।
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सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने रखा विकास परियोजनाओं का विवरण

केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखण्ड के विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में करीब एक लाख 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

श्री गडकरी ने कहा कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर छह लेन रोड़ का भी जून में उद्घाटन होने जा रहा है। इसी तरह 1650 करोड़ के लागत से पौंटा साहिब से देहरादून फोर लेन मार्ग अगले महीने तक शुरु हो जायेगा। 1600 करोड़ की लागत से हरिद्वार में फोर लेन ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर, 2026 तक पूरा हो जायेगा, जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश जाने में टैªफिक जाम की समस्या हल होगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है, जिस पर अगस्त तक काम शुरू हो जायेगा।

उन्होंने कहा कि 1050 करोड़ की लागत से 21 किमी. लम्बा रूद्रपुर में फोरलेन बाईपास इसी साल अक्टूबर और 936 करोड़ की लागत से 15 किमी. लम्बा काशीपुर से फोरलेन बाईपास दिसंबर 2026 में पूरा होगा। साथ ही 716 करोड़ की लागत से 12 किमी. लम्बा देहरादून - झाझरा - आशारोड़ी फोर लेन एलिवेडेट रोड़ अगले साल अप्रैल और 745 करोड़ की लागत से 20 किमी. लम्बा भानियावाला, जौलीग्रांट से ऋषिकेश तक फोर लेन मार्ग अप्रैल 2028 तक पूरा होगा। साथ ही साथ 800 करोड़ की लागत से श्रीनगर में भी टू लेन बाईपास की भी डीपीआर बन रही है।

उन्होंने कहा कि पहले हमें मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और चीन से होकर जाना पड़ता था। लेकिन अब 5200 करोड़ रूपये की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख तक मार्ग बनाया जा रहा है। 370 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में से करीब 200 किमी. का कार्य पूरा हो चुका है। इसी तरह 12 हजार करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 825 किमी लंबी चारधाम सड़क परियोजना में 640 किमी. का काम पूरा हो चुका है। 1300 करोड़ की लागत से रूद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक का कार्य दिसम्बर 2026 तक शुरू किया जायेगा। इसके साथ-साथ गंगोत्री धाम जाने के लिए 142 किमी का काम पूरा हुआ है और बाकी 100 किमी. का काम चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। यमुनोत्री धाम में 2500 करोड़ की लागत से धरासू से यमुनोत्री तक 46 किमी. का काम पूरा हो चुका है तथा 30 किमी. का काम अप्रैल, 2028 तक पूरा हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार सोनप्रयाग - केदारनाथ रोपवे और गोंविदघाट से हेमकुंड साहिब पर भी काम कर रही है। प्रदेश में अनेक जगहों पर टनल भी बनाई जा रही है।
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ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, श्री विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, श्री तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, श्री गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्य, श्री खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, श्री सौरभ बहुगुणा, श्री मदन कौशिक, श्री राम सिंह कैड़ा, श्री भरत चौधरी, श्री प्रदीप बत्रा, सांसद श्री अनिल बलूनी, श्री अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, श्री नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।



कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, श्री विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, श्री तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, श्री गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्य, श्री खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, श्री सौरभ बहुगुणा, श्री मदन कौशिक, श्री राम सिंह कैड़ा, श्री भरत चौधरी, श्री प्रदीप बत्रा सांसद श्री अनिल बलूनी, श्री अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, श्री नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।



• *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक* 

• *कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश* 


• *सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकेगी उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति* 

• *राज्यभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश* 

PM Modi will inaigurate delhi dehradun corridor



• *रोड शो के दौरान जन-जन से सहभागिता की अपील* 



• *इकोनॉमिक कॉरिडोर से रोजगार, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा* 



 *सीएम धामी ने इस अवसर को राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताया* 





 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।




मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।



दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।


बैठक में राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव श्री शैलेश बगौली, कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी  सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।



 सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और मैसेज घूम रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल और डीज़ल समेत ईंधन की कमी हो गई है, और लोगों से भविष्य के लिए इसे जमा करने और स्टॉक करने की अपील की जा रही है।

beware of shortage of fuels , PIB


आपको बता दें कि

✅ सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।


✅ पूरे देश में पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।


⚠️ घबराकर खरीदारी करने या जमाखोरी करने की कोई ज़रूरत नहीं है।

सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

साभार पीआईबी

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