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• *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक* 

• *कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश* 


• *सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकेगी उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति* 

• *राज्यभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश* 

PM Modi will inaigurate delhi dehradun corridor



• *रोड शो के दौरान जन-जन से सहभागिता की अपील* 



• *इकोनॉमिक कॉरिडोर से रोजगार, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा* 



 *सीएम धामी ने इस अवसर को राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताया* 





 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।




मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।



दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।


बैठक में राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव श्री शैलेश बगौली, कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी  सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।



 सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और मैसेज घूम रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल और डीज़ल समेत ईंधन की कमी हो गई है, और लोगों से भविष्य के लिए इसे जमा करने और स्टॉक करने की अपील की जा रही है।

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आपको बता दें कि

✅ सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।


✅ पूरे देश में पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।


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सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

साभार पीआईबी


प्रधानमंत्री का संदेश - चार साल में विकास और सुशासन की नई पहचान बना उत्तराखंड

PM Modi wishes to CM Dhami for 4 yrs govt


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड के ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है।

अंत में प्रधानमंत्री ने राज्य के नागरिकों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।


वहीं मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी की शुभकामनाओं पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी उत्तराखण्ड के विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रति आपके आत्मीयतापूर्ण शब्दों एवं शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के शब्दों में देवभूमि की अंतर्निहित शक्ति, व्यापक संभावनाओं और उत्तराखण्ड के प्रति उनके विशेष लगाव का प्रेरक प्रतिबिंब स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है।

आपके कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह चार वर्षों की यात्रा प्रदेशवासियों के विश्वास, सहयोग और सामूहिक संकल्प की परिणति है। हमारी सरकार जनसेवा, पारदर्शिता और समावेशी विकास के मूल मंत्र के साथ कार्य करते हुए सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण के संकल्प को पूर्ण कर रही है।

आज ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। आपके स्नेह, विश्वास और सहयोग से देवभूमि उत्तराखण्ड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का यह प्रयास सतत जारी रहेगा


 सोनपाल राणा, राष्ट्रीय महामंत्री अन्तर्राष्ट्रीय भगवा सनातन रक्षक सेना ने मथुरा में चंद्रशेखर ‘फरसा वाले बाबा’ की निर्मम  हत्या पर कड़ा विरोध, कठोर कार्रवाई की मांग

 मथुरा/लखनऊ :

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 मथुरा में चंद्रशेखर ‘फरसा वाले बाबा’ की निर्मम  हत्या की घटना को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। सोनपाल राणा, राष्ट्रीय महामंत्री अन्तर्राष्ट्रीय  भगवा सनातन रक्षक सेना–  ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण भी उत्पन्न करती है।

राणा जी ने कहा कि गौ तस्करी और उससे जुड़े आपराधिक तत्वों के खिलाफ अब आधे-अधूरे कदम पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन एवं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।

प्रेस विज्ञप्ति में प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मथुरा हत्याकांड की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाए और सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो। इसके साथ ही गौ तस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर उनका पूर्ण उन्मूलन किया जाए। उन्होंने पूरे देश में गौ तस्करी के विरुद्ध और अधिक कठोर एवं प्रभावी कानून बनाने की भी आवश्यकता जताई।

राणा ने यह भी मांग की कि गौ सेवकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्य में लगे लोगों को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी दबाव के समाजहित में कार्य कर सकें।

अंत में उन्होंने कहा कि यह समय है जब सरकार को दृढ़ संकल्प के साथ अपराधियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। कानून का भय स्थापित होना आवश्यक है, ताकि समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण बना रहे तथा निर्दोष नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया* 

*केंद्रीय गृहमंत्री ने ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित* 

*अमित शाह बोले उत्तराखंड की समस्याओं को चुन चुन कर हल कर रहे हैं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 


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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। 


केंद्रीय गृह मंत्री ने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन से करते हुए कहा कि, उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति बचाने के साथ ही अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा, लेकिन इसके लिए उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी हिंसा का सामना करना पड़ा। इसके बाद केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का निर्माण करने का निर्णय लिया, आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है, अब इसे संवारने का काम मोदी जी करेंगे, इसी क्रम में 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। 




उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है। 


*तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय* 

केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी लोगों खासकर अधिवक्ता वर्ग से अपील करते हुए कहा कि वो नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का जरूर अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के बनाए डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है, 2028 में नई न्याय संहिता के सभी प्राविधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक ओर वैज्ञानिक न्याय सहिंता करार दिया। 

केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए कानून के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से विंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 समाप्त करने, सीएए कानून बनाने, साढे पांच सौ साल बाद अयोद़धा में राम मंदिर बनाने, बद्रीनाथ – केदारनाथ पुननिर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कई एतिहासिक कार्य किए हैं। 


*नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता* 

केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए पुष्कर सिंह धामी कठोर नकल विरोधी कानून लेकर आए हैं। जिससे रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगा। उन्होने केंद्र सरकार की ओर से जारी वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमांत का पलायन रोकना है, उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेषकर लाभकारी होने जा रही है।


*केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया* 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी,  डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद़ध होना जरूरी है।


*उत्तराखंड के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ी* 

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से सिर्फ 54 हजार करोड़ मिले, जबकि इसके बाद से उत्तराखंड को केंद्र से एक लाख 87 हजार करोड़ रुपए मिल चुके हैं, इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में हजारों करोड़ रुपए की ऑलवेदर रोड, दिल्ली – देहरादून इकानॉमिक कॉरिडोर, रेल, सड़क और परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 25 हजार रुपए थी जो अब बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है। जीएसडीएपी भी एक लाख 50 हजार करोड़ से बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो चुकी है। 


देश विकास और सुशासन की नई गाथाएँ लिख रहा है : मुख्यमंत्री धामी*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में वर्ष 2022 में उत्तराखंड की जनता ने सभी मिथकों को तोड़कर प्रचंड बहुमत से सरकार को दुबारा आशीर्वाद दिया। 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के स्वप्न को साकार किया गया है। नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू कर वर्षों से उपेक्षित हिन्दू शरणार्थियों को सम्मान और सुरक्षा का अधिकार दिलाया गया। भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नए कानूनों के माध्यम से न्याय व्यवस्था को भारतीय आत्मा के अनुरूप बनाया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा गृह मंत्री के नेतृत्व में देश में आतंकवाद और नक्सलवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। जिन क्षेत्रों में अशांति और भय होता था, आज वो क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। कश्मीर के लाल चौक पर कभी तिरंगा फहराना, एक चुनौती माना जाता था, आज वहां गर्व और सम्मान के साथ तिरंगा लहरा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा गृह मंत्री के नेतृत्व में देश, सहकारिता के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सनातन का जयघोष चारों दिशाओं में गूंज रहा है। अयोध्या जी में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरीडोर, उज्जैन में महाकाल लोक, बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ के लिए 500 करोड़ रुपए स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा निश्चित ही आगामी कुंभ सनातन का गौरव बढ़ाने वाला कुंभ होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के समग्र विकास के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। वर्ष 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर राज्य में 3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौते किए। जिसमें 1 लाख करोड़ से ज्यादा के ग्राउंडिंग हो चुकी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। राज्य में पहली बार जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन का आयोजन, राज्य में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मैडल प्राप्त कर राज्य को अंक तालिका में 7वां स्थान प्राप्त हुआ। राज्य में पहली बार वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन यात्रा प्रारम्भ, जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में बीते चार सालों में आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है, 

2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय ₹1,80,000 थी, जबकि अब यह बढ़कर ₹2,74,000 हो गई है। उत्तराखंड की जीएसडीपी ₹2,22,000 करोड़ थी जो बढ़कर ₹3,82,000 करोड़ हो चुकी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य में पर्यटन, एविएशन और खेल के विकास से जुड़े क्षेत्रों में भी बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम तथा बेस्ट विलेज, बेस्ट डिस्ट्रिक्ट जैसे राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा हमें गर्व है कि हमने UCC को लागू कर उसे प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने का कार्य भी किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा गृहमंत्री की प्रेरणा से राज्य में ऑपरेशन कालनेमी और सघन सत्यापन अभियान के माध्यम से घुसपैठियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। सख्त भू-कानून बनाकर हमारे पहाड़ी क्षेत्रों में जमीनों की अवैध खरीद फरोख्त पर लगाम लगाकर भू माफियाओं पर अंकुश लगाया है। 

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री अजय टम्टा, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु भूषण खंडूडी, राज्य सभा सांसद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट़्ट, हरिद्वार सांसद और पूर्व सीएम श्री त्रिवेंद्र रावत, पूर्व सीएम श्री तीरथ सिंह रावत, पूर्व सीएम श्री रमेश पोखरियाल, पूर्व सीएम श्री विजय बहुगुणा, टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी, गढ़वाल सांसद श्री अनिल बलूनी, नैनीताल सांसद श्री अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी, श्री डॉ धन सिंह रावत, श्री सुबोध उनियाल, श्रीमती रेखा आर्य, श्री सौरभ बहुगुणा, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन सहित कई विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।  

-*नव नियुक्त आरक्षियों को मिले नियुक्ति पत्र*



इस मौके पर गृहमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में नव नियुक्त आरक्षियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए, जिसमें से अमन सिंह, आकाश, अभय चौहान, अर्जुन नाथ गोस्वामी, योगेश नाथ ने मंच से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए। 


*नागरिकता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए*

आयोजन के दौरान पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए 162 शरणार्थियों को भारत की नागरिकता का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इसमें पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित सि‌द्धपीठ हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी परिवार से जुड़े श्री शैलेश, भट्टाग्राम, पाकिस्तान से आए श्री जसपाल कुमार, कराची, पाकिस्तान में महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न से तंग आकर भारत आने वाले श्रीमती दुर्गानाथ टी. राजपूत और अफगानिस्तान से आई श्रीमती हंसेरी बाई को मंच पर नागरिकता का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। 


*ई जीरो एफआईआर का शुभारंभ*

इस मौके पर गृहमंत्री ने उत्तराखंड में ई जीरो एफआईआर प्रणाली का भी शुभारंभ किया। 

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के अंतर्गत शुरू की जा रही ई-जीरो एफआईआर प्रणाली विशेष रूप से एक लाख से अधिक की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। अब 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें, देहरादून स्थित राज्य साइबर पुलिस स्टेशन में ई-जीरो एफआईआर के रूप में पंजीकृत होंगी और तत्पश्चात सीसीटीएनएस के माध्यम से संबंधित थाने को तत्काल प्रेषित की जाएंगी।

इससे पुलिस को गोल्डन ऑवर में तुरंत कार्रवाई करने, साक्ष्य संकलन प्रारम्भ करने तथा संदिग्ध लेन-देन को फ्रीज़ करने में सहायता मिलेगी, जिससे ठगे गए धन की अधिक से अधिक रिकवरी की संभावना बढ़ेगी।


*विकल्प रहित संकल्प पुस्तक का विमोचन*

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भाषणों के संकलन पर आधारित गिरजा शंकर जोशी की पुस्तक ‘विकल्प रहित संकल्प’ का विमोचन किया गया। आयोजन के दौरान राज्य सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

 केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने इस अवसर पर 1129.91 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया । रुपये 1014.81 करोड़ की 22 योजनाओं का शिलान्यास और 115.10 करोड़ रुपये की 17 योजनाओं का लोकार्पण किया गया। 




*लोकार्पण*

₹ 14 करोड की लागत से सहकारिता विभाग के अन्तर्गत मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजनान्तर्गत टी.एम.आर. प्लांट का लोकार्पण।


₹ 18.17 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के पुलिस लाइन में निर्मित 46 आवासीय भवनों का लोकार्पण।


₹ 6.55 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग  के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढवाल के पुलिस लाईन में निर्मित बहुउद्देशीय भवन एवं जनपद उत्तरकाशी में थाना धरासू के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण।


₹ 5.48 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग  के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढवाल में थाना लक्ष्मणझूला, थाना लैंसडाउन एवं जनपद उत्तरकाशी में थाना धरासू के कुल 18 आवासीय भवनों का का लोकापर्ण।


₹5.40 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढवाल के पीटीसी नरेन्द्रनगर में निर्मित एकेडमिक ब्लॉक एवं राजपत्रित छात्रावास के लोकापर्ण।


₹ 12.75 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद नैनीताल में थाना चोरगलिया, काठगोदाम तथा जनपद टिहरी गढवाल में थाना कीर्तिनगर व मुनि की रेती में टाइप-2 के कुल 48 आवासों का लोकापर्ण।


₹ 14.36 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के आई०आर०बी० द्वितीय में आर०टी०सी० हेतु प्रशासनिक भवन एवं अवसंरचनात्मक कार्यों का लोकापर्ण।


₹ 6.98 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में थाना रानीखेत व द्वाराहाट तथा जनपद बागेश्वर में थाना कपकोट में टाईप-2 के कुल 18 आवासीय भवनों का लोकापर्ण।


₹ 7.16 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद चम्पावत में थाना चम्पावत, टनकपुर व लोहाघाट में टाईप-2 के कुल 18 आवासीय भवनों का लोकापर्ण। 


₹ 9.16 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में जिला कारागार के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य का लोकापर्ण।


₹ 4.90 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में 50 बन्दी क्षमता की हाई सिक्योरिटी बैरकों का लोकापर्ण।


₹ 1.80 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के जिला कारागार में वी०सी० क्यूबिकल्स का लोकापर्ण।


₹ 1.22 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में वी.सी. क्यूबिकल्स का लोकापर्ण। 


₹ 1.22 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार रूडकी में वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण कार्य का लोकापर्ण। 


₹ 0.84 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के उप कारागार, हल्द्वानी में वी.सी. क्यूबिकल्स का लोकापर्ण।


₹ 2.63 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल के जिला कमाण्डेन्ट, कार्यालय होमगार्ड्स के अनावासीय भवन का लोकार्पण।


₹ 2.48 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ में जिला कमाण्डेन्ट, कार्यालय होमगार्ड्स के अनावासीय भवन का लोकार्पण।

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*शिलान्यास*

₹ 20 करोड़ की लागत से सहकारिता विभाग के अन्तर्गत निबन्धक कार्यालय सहकारी समितियाँ उत्तराखण्ड, मुख्यालय भवन का शिलान्यास। 

₹ 6.13 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में अल्मोड़ा-सैनार-चान मोटर मार्ग में कोसी नदी पर 60 मीटर विस्तार के मोटर सेतु के निर्माण कार्य का शिलान्यास।


₹ 11.58 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग, में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली में लंगसी-द्वींग-तपोण-लॉजी-पोखनी मोटर मार्ग में अलकनन्दा नदी पर 78 मीटर विस्तार के मोटर सेतु के निर्माण कार्य का शिलान्यास। 


₹ 82.37 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ में ड्रेनेज संबंधित कार्य का शिलान्यास।


₹ 516.98 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली के आपदा प्रभावित ज्योतिर्मठ नगर क्षेत्रान्तर्गत भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र के  स्लोप स्टेबलाइज़ेशन का शिलान्यास।


₹ 155.45 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत पुलिस लाईन देहरादून में टाईप-द्वितीय (ब्लॉक-ए, बी एवं सी) के 360 (G+10) आवासों का शिलान्यास।


₹ 54.04 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग, के अन्तर्गत आई.आर.बी द्वितीय देहरादून में टाईप-द्वितीय के 120 आवासों का शिलान्यास। 


₹ 7.07 करोड़ की लागत से गृह (अभियोजन) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जनपदीय कार्यालय भवन एवं सदर मालखाना का शिलान्यास। 


₹ 9.29 करोड़ की लागत से  गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद ऊधमसिंहनगर के सितारगंज में केन्द्रीय कारागार में अतिरिक्त आवासीय भवनों का शिलान्यास।


₹ 9.97 करोड़ की लागत से  गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जिला कारागार, अल्मोड़ा में आवासीय भवनों का शिलान्यास। 


₹ 1.23 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार, रुड़की में ट्यूबवैल एवं ओवरहेड टैंक का शिलान्यास।


₹ 2.51 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार, रुड़की में नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण का शिलान्यास। 


₹ 4.90 करोड़ की लागत से  गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में बैरक संख्या - 01,02 एवं 06 के प्रथम तल पर बैरकों के निर्माण का शिलान्यास।


₹  0.99 करोड़ की लागत से  गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में महिला बैरक प्रथम तल पर नवीन बैरक के निर्माण का शिलान्यास। 


₹ 21.25 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में जिला कारागार के नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण का शिलान्यास। 


₹ 1.63 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्गत जनपद चमोली के जिला कारागार में वी०सी० हॉल एवं वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण कार्य का शिलान्यास।


₹ 0.28 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ के जिला कारागार के वी०सी० हॉल में वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण का शिलान्यास।


₹ 0.57 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्ग8त जनपद पौड़ी गढ़वाल के जिला कारागार में वी०सी० हॉल के भूतल पर साउण्डप्रूफ वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण का शिलान्यास।


₹ 2.24 करोड़ की लागत से  गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद चम्पावत के जिला कमाण्डेन्ट, होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य का शिलान्यास।


₹ 2.74 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद उत्तरकाशी के जिला कमाण्डेन्ट, होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन के  निर्माण कार्य का शिलान्यास। 


₹ 43.25 करोड़ की लागत से नियोजन (UIIDB) विभाग उत्तराखण्ड़ के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में हरिद्वार गंगा कॉरिडॉर परियोजना के अन्तर्गत Rodibelwala Area Revitalization (Administrative Road Corridor Development) के निर्माण कार्य का शिलान्यास।


₹ 60.34 करोड़ की लागत से नियोजन (UIIDB) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में हरिद्वार गंगा कॉरिडॉर परियोजना के अन्तर्गत सती कुण्ड पुनर्विकास के कार्य का शिलान्यास

*कार्यक्रम में संतों का समागम*



राज्य सरकार के चार साल बेमिसाल उत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति भी देखने को मिली। कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों के महामंडलेश्वर, संत और साधु बड़ी संख्या में मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर संतों के लिए अलग से विशेष स्थान की व्यवस्था की गई थी। 

संत समाज की मौजूदगी से कार्यक्रम का माहौल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। इस अवसर पर संतों ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को आशीर्वाद दिया। संतों ने राज्य की उन्नति और जनकल्याण के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।


*शानदार भीड़ ने किया गृहमंत्री का स्वागत*

‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मंच पर पहुंचने पर जोरदार नारेबाजी के साथ स्वागत किया। आयोजन में महिलों और युवाओं की विशेष उपस्थिति रही, पूरे प्रदेश भर से लोग आयोजन के लिए हरिद्वार पहुंचे। उत्साहित जनसमुदाय की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच केंद्रीय गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने विस्तार से अपनी बात रखी। पूरा कार्यक्रम बेहद अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ। केंद्रीय गृहमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत, जनसमुदाय से ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने के साथ किया।:

 *नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ*




गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार द्वारा नूनत न्याय संहिता” विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम —के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों सहित सभी हितधारकों को आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली से अवगत कराने के लिए उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी में न्याय  संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल, दृश्य एवं इंटरैक्टिव माध्यमों से प्रस्तुत किया गया है। इसमें समयबद्ध जांच एवं चार्जशीट की अनिवार्यता, जीरो FIR एवं ई-एफआईआर की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान सभी सभी प्रमुख विशेषताएं शामिल हैं। विदित है कि भारतीय न्याय संहिता जैसे नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर रहा है। प्रदर्शनी 9 मार्च तक जारी रहेगी। 


*प्रदर्शनी के जरिए बयां हो रही है विकास गाथा*

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ही हरिद्वार के बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार की विकास परख उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने अलग अलग स्टॉल पर जाकर विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। यह प्रदर्शनी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा बीते चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित है। इसमें बुनियादी ढाँचे का विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से दर्शाया गया है। 

इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है।

 केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार में विकास एवं न्याय संहिता प्रदर्शनी का करेंगे अवलोकन, जनसभा को भी करेंगे संबोधित*

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आगामी 7 मार्च को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में आयोजित विभिन्न प्रदर्शनों का अवलोकन करेंगे तथा जनसभा को संबोधित करेंगे। 

कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी , राज्य सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

minister amit shah and CM Dhami 07 march,2026 haridwar


इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों के दौरान उत्तराखंड में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा लिए गए महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार द्वारा बुनियादी ढाँचे के विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।


प्रदर्शनी के माध्यम से राज्य में सुशासन, पारदर्शिता तथा नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों को भी रेखांकित किया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा तैयार किए गए दृश्य प्रदर्शनों, चित्रों, मॉडल तथा जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से बीते वर्षों में राज्य में हुए परिवर्तन और विकास की झलक प्रस्तुत की जाएगी, जिससे आमजन उत्तराखंड की विकास यात्रा को निकट से समझ सकेंगे।


इसी क्रम में 7 से 9 मार्च 2026 तक “न्याय संहिता” विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भी बैरागी कैम्प में किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।


नई न्याय संहिताएँ देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में व्यापक एवं ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आई हैं। इनका उद्देश्य औपनिवेशिक प्रावधानों को समाप्त कर नागरिक केंद्रित, पारदर्शी, उत्तरदायी तथा तकनीक समर्थ न्याय प्रणाली स्थापित करना है। “दंड से न्याय” की अवधारणा के अंतर्गत पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा, महिलाओं एवं बच्चों की गरिमा की रक्षा तथा वैज्ञानिक एवं समयबद्ध अन्वेषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।


प्रदर्शनी में नई न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल और प्रभावी माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें समयबद्ध जांच एवं आरोप-पत्र की अनिवार्यता, शून्य प्राथमिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य विधि-विज्ञान जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद से संबंधित स्पष्ट दंड प्रावधान, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा संपत्ति की शीघ्र वापसी की व्यवस्था को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।


प्रदर्शनी के दौरान नाट्य प्रस्तुतियों, मॉडल प्रकरण अध्ययन, डिजिटल प्रदर्शन तथा जनसंवाद सत्रों के माध्यम से त्वरित न्याय, वैज्ञानिक जांच तथा नागरिक सुविधा की अवधारणा को सरल और प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन उत्तराखंड सरकार की विकास यात्रा, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता तथा राज्य को प्रगतिशील और समृद्ध बनाने के प्रयासों को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

*मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की ₹ 171 करोड की वित्तीय स्वीकृति*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण, विद्युत परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण, सिटी सेंटर चंपावत के निर्माण, अतिथि गृह भवनों के पुनर्निर्माण, यातायात व्यवस्था आदि को सुचारू बनाए जाने के लिए 171 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के विकासखण्ड बागेश्वर में सातरतवे से सिगी नरगोल होते हुए गिरेछीना मिलान मोटर मार्ग के निर्माण हेतु ₹ 3.35 करोड़, जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ में कालीमठ-कोटमा-जाल-चौमासी मोटर मार्ग के सुधारीकरण कार्य हेतु 3.75 करोड़ तथा जनपद पौडी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र लैन्सडाऊन के विकासखण्ड रिखणीखाल के अन्तर्गत कोटडीसैण के समीप ग्राम पैयागढ़ी रजबौ मल्ला दियोड मोटर मार्ग के निर्माण हेतु ₹ 4.27 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में किमतोली से रौशाल मोटर मार्ग में हॉटमिक्स कार्य हेतु कुल ₹ 12.15 करोड के साथ ही रोडवेज स्टेशन चम्पावत में आधुनिक सुसज्जित स्टोरी पार्किग व शॉपिंग कॉम्पलेक्स (सिटी सेंटर चम्पावत) के निर्माण हेतु ₹ 62.33 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण हेतु चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुदान सं० 21 के अन्तर्गत कुल रु 50.25 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री ने राज्य सम्पत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन उत्तराखण्ड सदन, नई दिल्ली के द्वितीय तल पर स्थापित 12 कक्षों के रेनोवेशन (सिविल एवं विद्युत कार्य) हेतु कुल ₹ 1.60 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून शहर की यातायात एवं ट्रैफिक की समस्या के निदान के सम्बन्ध में विभिन्न 06 कार्यों हेतु ₹ 33.45 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


*मुख्यमंत्री ने किया लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा श्रीमती सुमन जैन पत्नी स्व० महावीर प्रसाद, निवासी-डी-19, मॉडल कॉलोनी, रूद्रपुर, जिला ऊधम सिंह नगर को दिनांक 27.06.2025 से ₹ 20 हजार प्रतिमाह लोकतंत्र सेनानी सम्मान राशि अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


*मुख्यमंत्री ने किया शहीदों नाम पर मोटर मार्ग किये जाने का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट के अन्तर्गत विकासखण्ड चौखुटिया में कुनीगाड-हिरुली बाजार से रामपुर-चौखुटिया गोटर मार्ग (लं० 4.00 किमी) का नाम शहीद सूबेदार भवानी दत्त जोशी (सेना मेडल) मोटर मार्ग, जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र थराली में विकासखण्ड देवाल के अन्तर्गत ल्वाणी सुया मोटर मार्ग का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व0 श्री खीम सिंह के नाम, विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ के विकासखण्ड दशोली के गोपेश्वर मंडल से ग्राम ग्वाड तक मोटर मार्ग का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व0 श्री मेहरबान सिंह रावत के नाम तथा विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के नैनीसैंड-कालूसैण-आमसौंड (सेरागाड) मोटर मार्ग का नाम उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी स्व0 श्री तुलाराम थपलियाल रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


*मुख्यमंत्री ने दिया 5वें डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एवं अवार्ड्स-उत्तराखण्ड चैप्टर के आयोजन का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मै0 एडवोकेटिंग प्रोग्रेसिव एक्शन फॉर चेंज डिजिटल इनोवेशन न्यूज नेटवर्क प्राईवेट लिमिटेड, नोएडा, द्वारा माह मार्च, 2026 (प्रस्तावित तिथियां 23 एवं 24 मार्च 2026) में देहरादून, उत्तराखण्ड में उत्त्तराखण्ड डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन थ्रूू एआई-विकसित भारत, 2047 की ओर विषय पर 5वें डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एवं अवार्ड्स-उत्तराखण्ड चैप्टर के आयोजन किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे को गुरु रविदास महाराज के नाम समर्पित करना सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 



PM Modi gurur RaviVidas  airport



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर समर्पित किया जाना, उनके महान विचारों, सामाजिक चेतना और मानवता के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि है। संत रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर लिया गया यह निर्णय न केवल अत्यंत सराहनीय है, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और मानव मात्र के सम्मान का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भेदभाव, ऊँच-नीच और असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाकर एक समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है।



श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों और संतों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है। आदमपुर हवाई अड्डे को संत गुरु रविदास महाराज जी के नाम से जोड़ना, उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संत रविदास जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज समरसता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।




 *Wings India 2026 

हैदराबाद, 29 जनवरी



अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन एवं प्रदर्शनी Wings India 2026 में उत्तराखंड को “Best State for Promotion of Aviation Ecosystem” के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नागरिक उड्डयन क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रभावी प्रयासों, नीति समर्थन और विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदान किया गया।


यह पुरस्कार बेगमपेट एयरपोर्ट, हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा द्वारा प्रदान किया गया।


इस अवसर पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के सचिव श्री सचिन कुर्वे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री संजय सिंह टोलिया तथा हेड ऑफ ऑपरेशंस कैप्टन अमित शर्मा उपस्थित रहे।


उल्लेखनीय है कि Wings India 2026 देश का प्रमुख विमानन मंच है, जिसमें देश-विदेश के नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, निवेशक और विमानन क्षेत्र से जुड़े हितधारक भाग लेते हैं। इस मंच पर उत्तराखंड को मिला यह सम्मान राज्य के लिए गौरव का विषय है और भविष्य में निवेश व विकास के नए अवसर खोलेगा।


*“यह पुरस्कार उत्तराखंड की समग्र विमानन नीति, बेहतर प्रशासनिक समन्वय और प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़ना हमारी प्राथमिकता रही है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है बल्कि आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से ली सेवाओं के विस्तार, उड़ान योजना के सफल क्रियान्वयन और आधुनिक विमानन अवसंरचना के विकास से उत्तराखंड तेजी से एक उभरते विमानन हब के रूप में स्थापित हो रहा है।*


*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

  *केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के उत्तराखंड मे विभिन्न कार्यक्रम*

amit shah  union home minister india ,uttarakhand shantikunj


*दिनांक: 22 जनवरी 2026*


*कार्यक्रम 1*

पतंजलि इमरजेंसी एण्ड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन 

समय: सुबह 10:00 बजे 

स्थान: पतंजलि योगपीठ, महर्षि दयानंद ग्राम, हरिद्वार


*कार्यक्रम 2*

गायत्री तीर्थ पर 'अखंड ज्योति' के दर्शन

समय: सुबह 10:45 बजे

स्थान: गायत्री तीर्थ- शांतिकुंज, हरिद्वार


*कार्यक्रम 3*

परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्म शताब्दी एवं अखंड दीप शताब्दी वर्ष पर गायत्री परिवार द्वारा आयोजित 'शताब्दी वर्ष समारोह 2026'

समय: सुबह 11:15 बजे 

स्थान: बैरागी द्वीप, हरिद्वार, उत्तराखंडके

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका 'कल्याण' के शताब्दी अंक के विमोचन समारोह को संबोधित करेंगे*


*दिनांक : 21 जनवरी 2026*


समय : दोपहर 02:45 बजे 

स्थान : गीता भवन, स्वर्गाश्रम, ऋषिकेश, उत्तराखंड



 भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने उत्तराखंड राज्य को बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए “पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI)” के अंतर्गत खनन क्षेत्र में सुधार के लिए उत्तराखंड को ₹200 करोड़ की विशेष सहायता (ऋण) स्वीकृत की गई है।



यह राशि माइनर मिनरल सुधारों तथा स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स से जुड़े सुधार कार्यों को पूरा करने के लिए दी गई है। यह सहायता भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों, उत्तराखंड सरकार के प्रस्ताव और खान मंत्रालय की संस्तुति के आधार पर जारी की गई है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सहायता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उत्तराखंड के खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और सतत विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस राशि का उपयोग खनन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पर्यावरण-संवेदनशील और रोजगारोन्मुखी बनाने में करेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

 

राष्ट्रपति ने विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025 को अपनी स्वीकृति प्रदान की

mnrega replaced by VB RAM G



अधिनियम से रोज़गार की वैधानिक गारंटी 125 दिनों तक बढ़ी

भविष्य की अगुवाई पंचायतें करेंगी - योजना बनाने की शक्ति ग्राम सभा और पंचायतों के पास


विकसित भारत–जी राम जी विधेयक, विकसित भारत@2047 के विज़न के अनुरूप

प्रविष्टि तिथि: 21 DEC 2025 4:30PM by PIB Delhi

राष्ट्रपति ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) विधेयक, 2025 को आज अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है, जो ग्रामीण रोज़गार नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए प्रति वित्तीय वर्ष मज़दूरी रोज़गार की वैधानिक गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाता है और सशक्तिकरण, समावेशी विकास, योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेस) तथा परिपूर्ण (सेचूरेशन) तरीके से सेवा–प्रदाय को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है, जिससे समृद्ध, सक्षम और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की नींव मजबूत होती है।


इससे पूर्व, संसद ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 पारित किया था, जिसने भारत के ग्रामीण रोज़गार और विकास ढांचे में एक निर्णायक सुधार का मार्ग प्रशस्त किया है। 


यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम, 2005 (महात्मा गांधी नरेगा) को प्रतिस्थापित करते हुए आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाला एक आधुनिक वैधानिक ढांचा प्रदान करता है, जो विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप है।


सशक्तिकरण, विकास, कन्वर्जेंस और परिपूर्णता (सेचूरेशन) के सिद्धांतों पर आधारित यह अधिनियम ग्रामीण रोज़गार को केवल एक कल्याणकारी योजना से आगे बढ़ाकर विकास का एक एकीकृत माध्यम बनाता है। यह ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, शासन और जवाबदेही को आधुनिक बनाता है तथा मज़दूरी रोज़गार को टिकाऊ और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के सृजन से जोड़ता है, जिससे समृद्ध एवं सक्षम ग्रामीण भारत की नींव और अधिक मजबूत होती है।


अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं


रोज़गार की वैधानिक गारंटी में वृद्धि


यह अधिनियम प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 125 दिनों के मज़दूरी रोज़गार की वैधानिक गारंटी प्रदान करता है, बशर्ते परिवार के वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने के इच्छुक हों। (धारा 5(1))

पूर्व में उपलब्ध 100 दिनों के रोजगार के अधिकार की तुलना में यह वृद्धि ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सुरक्षा प्रदान करती है, काम को पहले से अनुमानित करती है और उनकी आय को अधिक स्थिर बनाती है। इसके साथ ही उन्हें राष्ट्रीय विकास में अधिक प्रभावी और सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाती है।

कृषि और ग्रामीण श्रम के बीच संतुलित प्रावधान


बुवाई और कटाई के चरम सीजन के दौरान कृषि से संबंधित गतिविधियों हेतु कृषि श्रम की उपलब्धता आसान करने के लिए, यह अधिनियम राज्यों को एक वित्तीय वर्ष में कुल 60 दिनों की समेकित विराम अवधि अधिसूचित करने का अधिकार प्रदान करता है। (धारा 6)

श्रमिकों को मिलने वाले कुल 125 दिनों के रोज़गार के अधिकार यथावत बनी रहेगी, जिसे शेष अवधि में प्रदान किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादकता और श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के मध्य संतुलित समायोजन सुनिश्चित होता है।

समय पर मज़दूरी भुगतान


यह अधिनियम मज़दूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा किसी भी स्थिति में कार्य की समाप्ति के पंद्रह दिनों के भीतर किए जाने को अनिवार्य करता है (धारा 5(3))। निर्धारित अवधि से अधिक विलंब होने की स्थिति में, अनुसूची–II में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार विलंब मुआवज़ा देय होगा, जिससे मज़दूरी सुरक्षा को सुदृढ़ किया जाता है और श्रमिकों को विलंब से संरक्षण प्रदान किया जाता है।

टिकाऊ और उपयोगी ग्रामीण अवसंरचना से जुड़ा रोजगार


इस अधिनियम के अंतर्गत मज़दूरी रोज़गार को चार प्राथमिक विषयगत क्षेत्रों में टिकाऊ सार्वजनिक परिसम्पत्तियों के सृजन के साथ स्पष्ट रूप से जोड़ा गया है (धारा 4(2), अनुसूची–I के साथ पठित):


जल सुरक्षा एवं जल से संबंधित कार्य

मुख्य ग्रामीण अवसंरचना

आजीविका से संबंधित अवसंरचना

प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्य

सभी कार्य बॉटम-अप एप्रोच यानि गाँव स्तर से प्रस्तावित किए जाते हैं, तथा सृजित सभी परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में समेकित किया जाता है, ताकि सार्वजनिक संसाधनों का कंवर्जेंस, विखंडन से बचाव और स्थानीय ज़रूरत के अनुसार आवश्यक ग्रामीण अवसंरचना के निर्माण सेचूरेशन लक्ष्य के आधार पर परिणाम-आधारित योजना सुनिश्चित हो सके।  


राष्ट्रीय स्तर पर अभिसरण के साथ विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण


सभी कार्य ‘विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं’ से प्रारंभ होते हैं, जिन्हें ग्राम पंचायत स्तर पर सहभागितापूर्ण प्रकियाओं के माध्यम से तैयार किया जाता है तथा ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित किया जाता है। (धाराएँ 4(1) से 4(3))

इन योजनाओं को पीएम गति शक्ति सहित राष्ट्रीय प्लेटफार्मों के साथ डिजिटल एवं स्थानिक रूप (spatially integrated) से एकीकृत किया जाता है, जिससे संपूर्ण-सरकार दृष्टिकोण के अंतर्गत कन्वर्जेंस संभव होता है, जबकि स्थानीय स्तर पर विकेन्द्रीकृत निर्णय निर्माण को यथावत बनाए रखा जाता है।

यह एकीकृत योजना निर्माण का फ्रेमवर्क, मंत्रालयों और विभागों को कार्यों की अधिक प्रभावी योजना बनाने और क्रियान्वयन करने में सक्षम बनाएगा, दोहराव से बचाव और सार्वजनिक संसाधनों की अपव्यय रोकने में सहायक होगा, तथा सेचूरेशन-आधारित परिणामों के माध्यम से विकास की गति को तेज़ करेगा।

 


सुधारित वित्तीय संरचना


यह अधिनियम एक केन्द्रीय प्रायोजित योजना के रूप में लागू किया जाएगा, जिसे राज्यों द्वारा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अधिसूचित और क्रियान्वित किया जाएगा।

व्यय-साझेदारी का पैटर्न केंद्र और राज्यों के बीच 60:40, पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्यों के लिए 90:10, तथा विधानसभारहित केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्तपोषण का है।

निधि राज्यवार मानकीकृत आवंटनों के माध्यम से प्रदान की जाएगी, जो नियमों में निर्दिष्ट वस्तुनिष्ठ मानकों पर आधारित होगी (धाराएँ 4(5) एवं 22(4)), जिससे पूर्वानुमेयता, वित्तीय अनुशासन और सुदृढ़ योजना निर्माण सुनिश्चित होगा, साथ ही रोज़गार तथा बेरोज़गारी भत्ते से संबंधित वैधानिक अधिकारों का पूर्ण संरक्षण बना रहता है।

प्रशासनिक क्षमता की सुदृढ़ता


प्रशासनिक व्यय की अधिकतम सीमा को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे बेहतर मानव संसाधन उपलब्धता, प्रशिक्षण, तकनीकी क्षमता तथा मैदानी स्तर पर सहायता सुदृढ़ होती है और संस्थानों की परिणामों को प्रभावी रूप से प्रदान करने की क्षमता मज़बूत होती है।

विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025, विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरुप भारत की ग्रामीण रोज़गार व्यवस्था को नया और मज़बूत रूप प्रदान करने की दिशा में एक निर्णायक कदम का प्रतिनिधित्व करता है। प्रति वित्तीय वर्ष मज़दूरी रोज़गार की वैधानिक गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाकर, यह अधिनियम काम मांगने के अधिकार को और मजबूत करता है, साथ ही विकेन्द्रीकृत और सहभागितापूर्ण शासन को बढ़ावा देता है। यह पारदर्शी, नियम-आधारित वित्तपोषण, जवाबदेही तंत्र, प्रौद्योगिकी (टेक्नालजी)-सक्षम समावेशन तथा कंवर्जेंस आधारित विकास को एकीकृत करता है, ताकि ग्रामीण रोज़गार न केवल आय सुरक्षा प्रदान करे, बल्कि टिकाऊ आजीविकाओं, सुदृढ़ परिसंपत्तियों और दीर्घकालिक ग्रामीण समृद्धि में भी योगदान दे।


रोज़गार की गारंटी और रोज़गार की मांग का अधिकार


यह अधिनियम रोज़गार की मांग के अधिकार को कमज़ोर नहीं करता है। इसके विपरीत, धारा 5(1) सरकार पर पात्र ग्रामीण परिवारों को कम से कम 125 दिनों के गारंटीकृत मज़दूरी रोज़गार प्रदान करने का स्पष्ट वैधानिक दायित्व निर्धारित करती है। गारंटीकृत दिनों में की गई यह वृद्धि, सुदृढ़ की गई जवाबदेही और शिकायत निवारण तंत्र के साथ मिलकर, इस अधिकार की प्रवर्तनीयता को और मज़बूत करती है।


मानक आधारित वित्तपोषण और रोज़गार प्रावधान


मानक आधारित (नॉर्मेटिव) आवंटनों की ओर किया गया परिवर्तन बजट निर्धारण और निधि प्रवाह की व्यवस्थाओं से संबंधित है और इससे रोज़गार के कानूनी अधिकार पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। धाराएँ 4(5) और 22(4) नियम-आधारित और पूर्वानुमेय आवंटन सुनिश्चित करती हैं, जबकि रोज़गार अथवा बेरोज़गारी भत्ता प्रदान करने का वैधानिक दायित्व यथावत बना रहता है।


विकेन्द्रीकरण और पंचायतों की भूमिका


यह अधिनियम योजना बनाने या क्रियान्वयन का केंद्रीकरण नहीं करता है। धाराएँ 16 से 19 तक, पंचायतों, कार्यक्रम अधिकारियों और जिला प्राधिकारियों में, उपयुक्त स्तरों पर योजना, क्रियान्वयन और निगरानी की शक्तियाँ निहित करती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर केवल दृश्यता, कन्वर्जेंस और समन्वय किया जाएगा, न कि स्थानीय निर्णय लेने के अधिकार लिए जाएंगे।


रोज़गार और परिसंपत्ति सृजन


यह अधिनियम 125 दिनों की बढ़ी हुई आजीविका की वैधानिक गारंटी को स्थापित तो करता ही है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करता है कि रोज़गार उत्पादक, टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल परिसंपत्तियों के निर्माण में योगदान दे। रोज़गार सृजन और परिसंपत्ति निर्माण को परस्पर पूरक उद्देश्यों के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो दीर्घकालिक ग्रामीण विकास और अनुकूलन को समर्थन प्रदान करते हैं (धारा 4(2) एवं अनुसूची–I)।


प्रौद्योगिकी और समावेशन


अधिनियम के अंतर्गत प्रौद्योगिकी को एक बाधा नहीं, बल्कि एक सक्षम माध्यम के रूप में परिकल्पित किया गया है। धाराएँ 23 और 24, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियो-टैगिंग और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रौद्योगिकी (टेक्नालजी)-सक्षम पारदर्शिता का प्रावधान करती हैं, जबकि धारा 20 ग्राम सभाओं द्वारा सोशल ऑडिट को सुदृढ़ करती है, जिससे सामुदायिक निगरानी, पारदर्शिता और समावेशन सुनिश्चित होता है।


बेरोज़गारी भत्ता


यह अधिनियम, बेरोजगारी भत्ते के संबंध में पहले के अयोग्य ठहराए (निरर्हता) जाने वाले प्रावधानों को हटाता है और इसे एक अर्थपूर्ण वैधानिक सुरक्षा उपाय के रूप में पुनर्स्थापित करता है। जहां निर्धारित अवधि के भीतर रोज़गार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, वहां पंद्रह दिनों के पश्चात बेरोज़गारी भत्ता देय हो जाता है।


निष्कर्ष


विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 का पारित होना भारत की ग्रामीण रोज़गार गारंटी व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है। वैधानिक रोज़गार को 125 दिनों तक विस्तारित कर, विकेन्द्रीकृत एवं सहभागितापूर्ण योजना को अंतर्निहित कर, जवाबदेही को सुदृढ़ कर तथा कन्वर्जेंस एवं परिपूर्णता (सेचूरेशन) आधारित विकास को संस्थागत रूप देकर, यह अधिनियम ग्रामीण रोज़गार को सशक्तिकरण, समावेशी विकास और समृद्ध एवं सक्षम ग्रामीण भारत के निर्माण के लिए एक रणनीतिक साधन के रूप में पुनः स्थापित करता है, जो विकसित भारत@2047 के विज़न के पूर्णतः अनुरूप है।

साभार पीआइबी

 

उपनगरीय और मासिक सीज़न टिकट के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं

train fair clarification byunion govt


सामान्य श्रेणी में 215 किमी. तक कोई बढ़ोतरी नहीं


सामान्य श्रेणी में 215 किमी. से अधिक 1 पैसा प्रति किमी. की बढ़ोतरी


• मेल/एक्सप्रेस में नॉन एसी - 2 पैसे प्रति किमी. की बढ़ोतरी

• एसी श्रेणी में 2 पैसे प्रति किमी. की बढ़ोतरी

• रेलवे किराए को तर्कसंगत बनाकर इस वित्त वर्ष के बचे हुए महीनों में लगभग 600 करोड़ रुपये अर्जित करेगा। • यात्रियों को नॉन एसी कोच में 500 किमी. की यात्रा के लिए केवल 10 रुपये अधिक देने होंगे।


• रेलवे ने पिछले एक दशक में अपने नेटवर्क और परिचालन का बहुत विस्तार किया है। रेलवे अधिक परिचालन की आवश्यकताओं को पूरा करने और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ा रहा है।

• परिणामस्वरूप स्टाफ कॉस्ट कर्मचारियों पर होने वाला खर्चा बढ़कर 1,15,000 करोड़ रुपये हो गया है। पेंशन का खर्चा बढ़कर 60,000 करोड़ रुपये हो गया है। 2024-25 में परिचालन खर्च बढ़कर 2,63,000 करोड़ रुपये हो गया है।


• कर्मचारियों पर बढ़े हुए खर्च को पूरा करने के लिए रेलवे ज़्यादा कार्गो लोडिंग कर रहा है और यात्री किराए में मामूली बढ़ोतरी कर रहा है।

• सुरक्षा और बेहतर परिचालन के लिए इन प्रयासों के कारण, रेलवे सुरक्षा में काफी सुधार कर पाया है। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा कार्गो ले जाने वाला रेलवे बन गया है।


• त्यौहारों के मौसम में 12,000 से अधिक ट्रेनों का हालिया सफल संचालन भी बेहतर परिचालन दक्षता का एक उदाहरण है।

• रेलवे अपने सामाजिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अधिक दक्षता और लागत को नियंत्रित करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेग

 

*मंत्रिमण्डल के निर्णय दिनांक 10 दिसंबर 2025*




1. पारेषण लाईनों के निर्माण में मार्गाधिकार सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण हेतु विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों एवं अनुपूरक दिशा-निर्देशों को पिटकुल हेतु अंगीकार किये जाने का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन। 

उपरोक्त के फलस्वरूप पिटकुल द्वारा निर्मित की जाने वाली 66 के.वी. एवं इससे अधिक क्षमता के अंतर्राज्यीय पारेषण लाइनों के निर्माण हेतु भू-स्वामियों को न्यायसंगत मुआवजा प्रदान कर Right of Way  से संबंधित विवादों के समाधान एवं परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करते हुए मुआवजे की राशि में वृद्धि की गई है। अब पारेषण लाईनों के लिए बनाए जाने वाले टावर के चारों कोने के नीचे के क्षेत्र एवं इसके एक मीटर की परिधि के अंतर्गत आने वाली भूमि के लिए मुआवजा की राशि सर्किल रेट का दो गुना की गई है। पारेषण लाईन के नीचे अवस्थित खेतांे के लिए भी निर्धारित सर्किल दर के आधार पर ग्रामीण क्षेत्र में 30 प्रतिशत, अर्द्ध नगरीय में 45 प्रतिशत एवं नगरीय क्षेत्र में 60 प्रतिशत की दर पर मुआवजा देय होगा। सर्किल रेट एवं मार्केट रेट के दर पर बहुत अधिक अंतर होने की दशा में जिलाधिकारी या उनके द्वारा नामित अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति देय मुआवजे की दरों का निर्धारण करेगी। इस समिति में भूमि के स्वामियों का प्रतिनिधि भी बतौर सदस्य सम्मिलित किया जाएगा।



2. उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025“ के प्रख्यापन को मंत्रिमण्डल की स्वीकृति।


विभागों के अन्तर्गत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, कानूनों में छोटी तकनीकी और प्रक्रियात्मक खामियों के लिये नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्यवाही आंरभ करने एवं कानूनों के अप्रचलित एवं अनावश्यक प्रावधानों को हटाये जाने आदि उद्देश्यों हेतु भारत सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के क्रम में ’उत्तराखण्ड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025’ को यथाप्रक्रिया प्रख्यापित किये जाने की मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमति प्रदान की गयी है। इस अध्यादेश की प्रमुख विशेषतायें निम्नवत् हैंः-

(1) छोटे / विनियामक/प्रासंगिक अपराधों के लिए कारावास को मौद्रिक दंड से प्रतिस्थापित किया गया है।

(2) जहाँ निवारण की आवश्यकता थी, वहाँ दंड बढ़ाए गए या आनुपातिकता सुनिश्चित करने के लिए पुनर्गठित किए गए।

(3) स्वतः संशोधनः निवारक मूल्य बनाए रखने के लिए सभी जुर्माने / दंड हर तीन साल में 10 प्रतिशत बढ़ाए जाएंगे।

(4) प्रशासनिक / सुधारात्मक कार्रवाई पर जोर (उदाहरण के लिए, अनिवार्य उत्पाद वापसी, अनुपालन का शपथ पत्र)।

(5) गंभीर या बार-बार किए गए अपराधों के लिए अभी भी कारावास हो सकता है, लेकिन सख्त सीमाओं के भीतर।



3. भारत सरकार द्वारा Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2025-26 (SASCI 2025-26)  में प्रदत्त दिशा-निर्देशों के क्रम में राज्य में नवीन भवनों के निर्माण में ग्रीन बिल्डिग के मानको को प्रोत्साहित किये जाने हेतु अतिरिक्त FAR दिए जाने का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।


उक्तानुसार पर्वतीय क्षेत्रों में पहाड़ी शैली एवं मैदानी क्षेत्रों में पारम्परिक श्रेणी के भवन निर्माणों को प्रोत्साहित किये जाने हेतु अतिरिक्त FAR देयता हेतु भवन निर्माण एवं विकास उपविधि/विनियम, 2011 में ग्रीन बिल्डिंग/हरित निर्माण तथा अन्य से संबंधित प्रावधानों का समावेश किये जाने के उद्देश्य से कतिपय संशोधन करने, मुख्यतः ऊर्जा दक्षता और स्थिरता मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा नवीन भवनों में शीत छत (Cool Roof) / हरित छत (Green Roof) एवं नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का समावेश किए जाने से संबंधित प्राविधानों को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई।


4. भारत सरकार द्वारा SASCI 2025-26 में प्रदत्त दिशा-निर्देशों के क्रम में राज्यान्तर्गत लागू भवन निर्माण एवं विकास उपविधि को युक्तिसंगत किए की मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति।

उक्तानुसार राज्य में प्रचलित भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के अन्तर्गत मार्ग चौड़ाई, व्यावसायिक विकास के अन्तर्गत व्यावसायिक/कार्यालय के सैट बेक, भू-आच्छादन एवं FAR होटल की ऊँचाई एवं रिजोर्ट एवं इको-रिजोर्ट हेतु भू-आच्छादन एवं FAR, पहुँच मार्ग, पार्किंग में स्टिल्ट की ऊँचाई के वर्तमान प्रावधानों में संशोधन कर इन्हें युक्तिसंगत किए जाने का अनुमोदन। 

राज्य में पर्यटन विकास की संभावनों के दृष्टिगत इको-रिजोर्ट की भांति ही अब रिजॉर्ट निर्माण के लिए भी भू-उपयोग परिवर्तन के बिना कृषि भूमि का उपयोग किया जा सकेगा। इसके साथ ही रिजॉर्ट निर्माण हेतु पहुंच मार्ग की चौड़ाई के मानकों को भी घटाकर पर्वतीय क्षेत्र के लिए 6 मीटर और मैदानी क्षेत्र के लिए 9 मीटर किया गया है।


5. विषयः-Uttarakhand Town Planning Scheme (Implementation) Rules, 2025 के प्रख्यापन किए जाने को कैबिनेट की स्वीकृति।


राज्य के शहरी क्षेत्र के अन्तर्गत नियोजित शहरी क्षेत्र के विकास के लिए सभी आय वर्ग के लोगों के लिए इंटीग्रेटेड रोड नेटवर्क एवं आवासों के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से टाउनशिप को विकसित किये जाने हेतु संबंधित मानकों को विनियमित किए जाने के निमित्त Uttarakhand Town Planning Scheme (Implementation) Rules, 2025 प्रख्यापित किए जाने का अनुमोदन।


6. राज्य के शहरी क्षेत्र के अन्तर्गत योजनाबद्ध विकास को सुव्यवस्थित किए जाने के उद्देश्य से बिना किसी अड़चन के भूमि प्राप्त करने सम्बन्धी मानकों को विनियमित किए जाने हेतु Uttarakhand Land Pooling Scheme (Implementation) Rules,2025  प्रख्यापित किए जाने की मंत्रिमण्डल द्वारा स्वीकृति दी गई है।


7. उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय में भी अन्य विश्वविद्यालयों की भांति फैकल्टी की भर्ती लोक सेवा आयोग की जगह अब विश्वविद्यालय के स्तर से किए जाने को कैबिनेट ने दी मंजूरी। 


8. उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग, अधीनस्थ अभियन्त्रण (कनिष्ठ अभियन्ता सिविल, प्राविधिक, विद्युत तथा यांत्रिक) सेवा नियमावली, 2007 में संशोधन को कैबिनेट द्वारा स्वीकृति।


वर्तमान नियमावली, 2018 के नियम-5 ’क’ (1) (ब) में कनिष्ठ अभियन्ता के पद पर भर्ती के स्रोत में 05 प्रतिशत विभाग में मौलिक रूप से नियुक्त समूह ’ग’ के कर्मचारियों, (मानचित्रकार, लिपिक, व्यक्तिक सहायक, लेखा संवर्ग, मोटर चालक आदि अन्य संवर्ग) जिन्होंने विभाग से अनुज्ञा प्राप्त करने के पश्चात् अथवा सेवा में आने से पूर्व नियम 8 में विहित अर्हताएं अर्जित की हों और भर्ती वर्ष के प्रथम दिवस को विभाग में दस वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर ली हो, में से अपने-अपने संवर्ग के स्वीकृत पदों की संख्या के अनुपात“ में लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति द्वारा भरे जाने का प्राविधान है। अब उक्त  नियम में “... अपने-अपने संवर्ग के स्वीकृत पदों की संख्या के अनुपात“ को विलोपित करते हुये “... भर्ती वर्ष के प्रथम दिवस को विभाग में दस वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर ली हो, में से लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति से भरे जाने की व्यवस्था की गई है।


9. पिथौरागढ़ में स्थित नैनी-सैनी एयरपोर्ट को वाणिज्यिक एवं नागरिक विमानों के संचालन, बुनियादी ढांचे के विकास, निर्माण, आधुनिकीकरण तथा रख-रखाव एवं प्रबन्धन के उद्देश्य से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण AAI को स्थायी रूप से हस्तान्तरित किये जाने एवं इस निमित राज्य सरकार व भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण AAI के मध्य MoU हस्ताक्षरित किये जाने का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।


10. जनपद उधमसिंहनगर के तहसील सितारगंज अन्तर्गत कल्याणपुर में भूमिहीनों, आपदा या अन्य कारणों से विस्थापित खेतिहर मजदूरों को आवंटित भूमि के विनियमितीकरण हेतु निर्धारित सर्किल दर को शिथिल किये जाने के संबंध मे. मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।


जनपद उधमसिंहनगर के तहसील सितारगंज अन्तर्गत कल्याणपुर में भूमिहीनों, आपदा या अन्य कारणों से विस्थापित खेतिहर मजदूरों को आवंटित भूमि के विनियमितीकरण हेतु वर्ष-2016 की सर्किल दर को शिथिल करते हुए शुल्क निर्धारण वर्ष-2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए किये जाने तथा तदोपरांत प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार शुल्क निर्धारित किये जाने निर्णय। सर्किल रेट शिथिल किये जाने से प्रभावित / विस्थापित परिवार अपनी भूमि को विनियमित करा सकेंगे तथा भूमि का मालिकाना हक मिलने से उन्हें ऋण, बीमा और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त हो सकेंगे।


11. राज्य में गतिमान मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के अन्तर्गत सायलेज पर वर्तमान में स्वीकृत 75 प्रतिशत अनुदान को घटाकर 60 प्रतिशत अनुदान स्वीकृत किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय। 

सायलेज की मांग में निरन्तर हो रही वृद्धि के दृष्टिगत एवं मांग के सापेक्ष पर्याप्त सायलेज की आपूर्ति करते हुए अधिक से अधिक पशुपालकों को लाभान्वित किये जाने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग की मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना में सायलेज पर वर्तमान में दिये जा रहे 75 प्रतिशत अनुदान को घटाकर 60 प्रतिशत किये जाने का लिया गया निर्णय।


12. डेरी विकास विभाग की साईलेज एवं दुधारू पशुपोषण योजना के अन्तर्गत साईलेज पर अनुदान दर 60 प्रतिशत किये जाने का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन।

डेरी विकास विभाग की साईलेज एवं दुधारू पशुपोषण योजना (सामान्य) के अन्तर्गत साईलेज की मांग में निरन्तर वृद्धि होने के दृष्टिगत एवं अधिक से अधिक पशुपालको को लाभान्वित करने के उद्देश्य से डेरी विकास विभाग की साईलेज एवं दुधारू पशुपोषण योजना तथा सहकारिता विभाग की घस्यारी कल्याण योजना में साईलेज पर वर्तमान में दिये जा रहे 75 प्रतिशत अनुदान को घटाकर 60 प्रतिशत किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।


13. देहरादून शहर में प्रस्तावित रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड परियोजनओं (4 लेन) के निर्माण कार्यों हेतू जी.एस.टी.एवं परियोजनाओं में प्रयुक्त होने वाली सामग्री पर देय होने वाली रॉयल्टी के व्यय भार हेतु छूट प्रदान किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

देहरादून शहर में बढ़ते यातायात दवाब को कम करने हेतु प्रस्तावित रिस्पना एवं बिन्दाल ऐलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का निर्माण एन.एच.ए.आई. द्वारा निष्पादित कराया जाना है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उक्त दोनों परियोजनाओं के सिविल निर्माण का पूर्ण व्यय भार भारत सरकार द्वारा वहन किये जाने पर इस प्रतिबन्ध के अधीन सहमति व्यक्त की गयी कि राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण, यूटीलिटी शिफ्टिंग का व्यय भार स्वयं वहन किया जायेगा एवं डी.पी.आर. में आंकलित होने वाली जीएसटी तथा परियोजना में प्रयुक्त होने वाली सामग्री पर देय होने वाली रायल्टी को राज्य सरकार द्वारा छूट दिये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय। 


14. सगन्ध पौधा केन्द्र (कैप), सेलाकुई का नाम परिवर्तित कर परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान संस्थान (Institute of Perfumery and Aromatic Research)  (IPAR) करने के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

15. स्क्रैप वाहनों के सापेक्ष समान श्रेणी के नये वाहनों के पंजीयन के समय मोटरयान कर में छूट प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।


वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पूँजीगत निवेश हेतु राज्यों के लिए विशेष सहायता योजना 2025-26 के अनुसार Initiative-A  के माइलस्टोन 1 के अन्तर्गत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार बीएस-1 एवं बीएस-2 प्रकार के परिवहन एवं गैर परिवहन यानों को स्क्रैप किये जाने की स्थिति में समान श्रेणी के नये वाहनों के पंजीयन के समय देय मोटरवाहन कर में 50 प्रतिशत छूट दिये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय। 

16. मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योेजना को कैबिनेट ने दी मंजूरी

राज्य विश्वविद्यालयों एवं शासकीय तथा अनुदानित महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को, जो विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सिविल सर्विसेज (, रक्षा सेवाएं, बैंकिंग, रेलवे, एस०एस०सी० अथवा समान प्रकार की प्रतियोगी परीक्षा तथा विभिन्न प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश हेतु तथा योग्यता निर्धारण के लिए होने वाली परीक्षाओं (CAT, MAT, GATE, NE, CSIR  आदि) की तैयारी कर अपना भविष्य निर्माण करना चाहते हैं, उनके लिए निःशुल्क ऑन लाईन कोचिंग हेतु मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के संचालन को कैबिनेट ने दी मंजूरी। 

उक्त कोचिंग सुविधा राष्ट्रीय स्तर की किसी अनुभवी संस्थान के माध्यम से प्रदान की जायेगी, जिनका चयन एक पारदर्शी प्रक्रिया से किया जायेगा। ऑनलाइन माध्यम से प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों द्वारा पाठ्यवस्तु पढ़ाई जायेगी। अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन वीडियों, प्रैक्टिस पेपर चयनित संस्थान द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। विभिन्न प्रकृति के प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिगत विभिन्न कोचिंग संस्थाओं को एम्पैनल किया जाएगा जिनकी सुविधाएं छात्रों को प्राप्त हो सकेंगी।

उक्त योजना के अन्तर्गत लाइव क्लास, लर्निंग टूल्स AI-आधारित, पर्सनलाइज्ड संदेह समाधान, रीयल-टाइम प्रदर्शन विश्लेषण, अनुकूल मूल्यांकन, प्रत्येक छात्र के लिए सुरक्षित लॉगिन (डेस्कटॉप, टैबलेट, या मोबाइल ऐप के माध्यम से), लर्निंग संसाधन बहुभाषी अध्ययन सामग्री (अंग्रेजी, हिंदी, हिंग्लिश), डाउनलोड करने योग्य नोट्स, रिकॉर्डेड वीडियो, ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग छात्रों की उपस्थिति, परीक्षा स्कोर, वीडियो की उपलब्धता और प्रगति ट्रैकिंग के लिए डैशबोर्ड, प्रत्येक छात्र हेतु साप्ताहिक मेंटर सत्र, सामूहिक वार्तालाप, परामर्श और वर्षवार तैयारी ट्रैकिंग तथा कोचिंग संस्थानों द्वारा छात्रों को नियमित रूप से मेन्टरिंग सुविधा प्रदान की जाएगी।

17. माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत भी मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

इस योजना के अन्तर्गत 11वीं तथा 12वीं के छात्रों को CLAT, NEET, JEEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जायेगी। 

18. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्राविधानों के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य में अभियोजन निदेशालय की स्थापना देहरादून में किए जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय। 

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के लागू होने के बाद प्रभावी एवं निष्पक्ष अभियोजन की दृष्टि से राज्य में अवर न्यायालय से उच्च न्यायालय तक अभियोजकों की नियुक्ति के प्रचलित समस्त तरीके एकीकृत करते हुए उक्त संहिता की धारा 18 के अन्तर्गत नियुक्त लोक अभियोजक एवं अपर लोक अभियोजक (या जिस भी नाम से वो ज्ञात हो), धारा 19 के अन्तर्गत नियुक्त सहायक लोक अभियोजक (या जिस भी नाम से वो ज्ञात हो) एवं धारा 20 के अन्तर्गत नियुक्त अभियोजन निदेशक, अभियोजन उप निदेशक एवं अभियोजन सहायक निदेशक (या जिस भी नाम से वो ज्ञात हो) एवं अन्य अधिकारियों के समस्त कार्य पर प्रभावी नियन्त्रण एवं पर्यवेक्षण हेतु पृथक से अभियोजन निदेशालय स्थापित किए जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया। 

अभियोजन निदेशालय का प्रधान अभियोजन निदेशक होगा, जो राज्य में गृह विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कृत्य करेगा। 

19. उत्तराखण्ड वित्त विभाग के अन्तर्गत माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश को प्रख्यापित किये जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

आतंक के सरगना बनने की होड लगी है मदनियों में; सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले: डॉ सुरेन्द्र जैन

नई दिल्ली



कल भोपाल में जमीयत प्रमुख मौलाना मदनी द्वारा दिए गए कट्टरपंथी वक्तव्य की विश्व हिंदू परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की है। 

.अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि बड़े मदनी हों या छोटे मदनी, दोनों में मुस्लिम समाज को भड़काने की होड़ लगी है। दोनों जुटे हैं कि कौन पहले लादेन या बगदादी बनता है। 

उन्होंने कहा कि चांदनी चौक में जिस प्रकार का बम विस्फोट किया गया, पूरे देश में आतंकवादी घटनाएं करने की तैयारी पूरे देश में चल रही थी। एक पूरी यूनिवर्सिटी को जिस प्रकार से आतंकवादियों का अड्डा बना दिया गया था, केवल मदरसों में पढ़े हुए नहीं, सरकारी कॉलेज में पढ़े हुए डॉक्टर भी इस आतंकवादी गिरोह के सरगना बनकर खड़े हो गए। 

क्या इनको किसी भी तरीके से कोई डिफेंड कर सकता है? उनको डिफेंड करने के साथ-साथ ये दोनों मौलाना इस होड़ में लगे हैं कि भारतीय संविधान, न्यायपालिका, प्रशासन, हिंदू समाज और देश की समस्त व्यवस्थाओं के खिलाफ मुस्लिम समाज को कैसे भड़काया जा सके! 


डॉ जैन ने कहा कि क्या ये मौलाना नहीं जानते कि कहीं रोटियों पर थूक लगाया जा रहा है, कहीं लव जिहाद के नाम पर हिन्दू बहनों से बलात्कार कर उनके टुकड़े किए जा रहे हैं! कल ही एक मामले में कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया है। ऐसे सब मामलों पर पर्दा डालने के लिए ही शायद इन्होंने मुस्लिम समाज को भड़काने का यह मार्ग अपनाया है। 

उन्होंने चेताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विरोध में जिस प्रकार का वक्तव्य इन्होंने दिया है वह घोर आपत्तिजनक है। कब तक बाबरी मस्जिद का रोना रोते रहोगे? यह ध्यान कर लेना कि बाबर और बाबरी के नाम पर कोई अवशेष अब भारत की जनता स्वीकार नहीं करेगी! मुस्लिम समाज का बाबर से क्या लेना देना? उस विदेशी दुष्ट के नाम पर आप बार-बार मुस्लिम समाज को भड़काना चाहते हैं? चाहे वक़्फ़ बोर्ड का मामला हो या ट्रिपल तलक का, सब देश हित में उठाए गए संसदीय कदम ही तो हैं! वक्त बोर्ड और हलाल सर्टिफिकेशन के ऊपर जो पूरे देश में वातावरण बन रहा है और उसके नाम पर तुमने जो लूट मचा रखी थी, वह सामने आ गई तो बौखला गए? उस पैसे का उपयोग आतंकवादियों का केस लड़ने, हिंदुओं पर हमला करने वाले लोगों की सुरक्षा और उनको बचाने के लिए कर रहे थे! इसी की परेशानी है आपको? ये भाषण घोर आपत्तिजनक और देश के विरुद्ध खुली बगावत का ऐलान है जिसको कदापि स्वीकार नहीं किया जा सकता। 

मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अपील करूंगा स्वत: संज्ञान लें और इन राष्ट्रविरोधी वक्तव्यो के ऊपर लगाम लगाएं और इन लोगों को इनकी सही जगह बताएं! हम इनके भाषणों का अध्ययन करेंगे, जो कानूनी कार्यवाही करनी है वह भी करेंगे लेकिन ध्यान कर लेना कि तुम मुस्लिम समाज को बर्बादी की ओर ले जा रहे हो! किसी भी प्रकार से इस बगावत को सहन नहीं किया जाएगा। हर स्तर पर इसका मुकाबला किया जाएगा।


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martyred tejas  pilot namaansh syaal


नमांश स्याल अमर रहें' और 'भारत माता की जय' के नारों से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का पटियालकड़ गांव गूंज उठा।

 जब भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नमांश स्याल की पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। इस दौरान माता-पिता, पत्नी और परिजनों की आंखे में अश्रुधारा थी, गांव के लोग पथराई आंखों से अपने लाल का रास्ता देख रहे थे। 


 विंग कमांडर अफशां ने अपने पति नमांश स्याल को आखिरी श्रद्धांजलि दी। विंग कमांडर अफशां ने अपने पति, विंग कमांडर नमांश स्याल को सैल्यूट किया, और नम आंखों से उन्हें अलविदा कहा। नमांश स्याल का अंतिम संस्कार का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।


 शहीद नमांश स्याल को उनके भाई ने मुखाग्नि दी है। इस मौके पर हिमाचल सरकार के मंत्री, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और सैन्य अधिकारी ने भी विंग कमांडर को श्रद्धांजलि दी।  

 दिल्ली: 

red fort blast  in new delhi state uttarakhand also on high alery amit shah


लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट में  फोटो में पीड़ितों के हालात को जानने के लिए गृहमंत्री अमित शाह एलएनजेपी अस्पताल में पहुंचे।नदीम नाम के व्यक्ति के नाम से यह कार रजिस्टर्ड है। हरियाणा की यह गाड़ी है। दिल्ली में अनेक स्थानों पर छापेमारी चल रही है। दिल्ली से सटे राज्य हाई अलर्ट है। सूत्रों के अनुसार अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी यार 20 से अधिक लोग विस्फोट में घायल हुए हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी ने ट्वीट कर मृतकों के लिये संवेदना और दुःख जताया है। गृह मंत्री अमित शाह लाल किले का दौरा कर सकते है। जांच जारिहै। एनएसजी की टीम कार्य कर रही है।


 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "आज शाम करीब 7 बजे दिल्ली में लाल किले के पास सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर एक हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ। इस विस्फोट में कुछ पैदल यात्री घायल हुए और कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कुछ लोगों की जान चली गई है।


 विस्फोट की सूचना मिलने के 10 मिनट के भीतर ही दिल्ली क्राइम ब्रांच और दिल्ली स्पेशल ब्रांच की टीमें मौके पर पहुँच गईं। एनएसजी और एनआईए की टीमों ने एफएसएल के साथ मिलकर अब गहन जाँच शुरू कर दी है। आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं। मैंने दिल्ली के पुलिस आयुक्त और स्पेशल ब्रांच प्रभारी से भी बात की है। दिल्ली के पुलिस आयुक्त और स्पेशल ब्रांच प्रभारी मौके पर मौजूद हैं। हम सभी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए गहन जाँच करेंगे। सभी विकल्पों की तुरंत जाँच की जाएगी और हम परिणाम जनता के सामने पेश करेंगे। मैं शीघ्र ही घटनास्थल पर जाऊँगा और तुरंत अस्पताल भी जाऊँगा।"


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में हुए विस्फोट की घटना को अत्यंत दुखद बताया है और इसमें हताहत एवं घायल हुए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद एवं चिंता का विषय है।


मुख्यमंत्री ने इस घटना के मद्देनज़र राज्य के पुलिस महानिदेशक को पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने, पूरी सतर्कता बरतने और राज्य की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए तथा हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए।


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


दिल्ली स्थित लाल किले के समीप हुए कार धमाके के दृष्टिगत राज्य में High Alert जारी।*

high alert uttarakhand police


दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके की गंभीरता को देखते हुए *पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड* द्वारा राज्य भर में हाई अलर्ट जारी किया गया है।


राज्य के सभी जनपदों में *सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत अंतरराष्ट्रीय एवं अंतरराज्यीय सीमाओं, संवेदनशील स्थलों, धार्मिक स्थलों, बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, मॉल तथा अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान* के निर्देश जारी किए गए हैं।


सभी *जिला प्रभारियों एवं पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने, गश्त एवं चेकिंग बढ़ाने, तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की त्वरित सूचना एवं सोशल मीडिया की लगातार मॉनिटरिंग कर कार्रवाई सुनिश्चित* करने के निर्देश दिए गए हैं।


सभी जनपदों में *चीता मोबाइल यूनिट्स, पेट्रोल कार्, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) तथा डॉग स्क्वाड को सक्रिय कर दिया गया है।* इनकी टीमों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर सघन तलाशी एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

राज्य स्तर पर सभी गतिविधियों की निगरानी पुलिस मुख्यालय कंट्रोल रूम से की जा रही है।


पुलिस महानिदेशक ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति बनाए रखें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या डायल 112 पर दें।


राज्य पुलिस पूर्ण सतर्कता के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखे हुए है।


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 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती अवसर पर किया विशेष डाक टिकट का विमोचन



पीएम फसल बीमा योजना के तहत 28 हजार से अधिक किसानों को 62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी


कचरा इधर-उधर नहीं, स्वच्छता का दिया बड़ा संदेश

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रजत जयंती उत्सव के मुख्य कार्यक्रम में छोटी सी एक बात से देश को बड़ा संदेश दिया। स्वच्छता के लिए महा अभियान में जुटे प्रधानमंत्री ने रविवार को मंच से ही सफाई का बड़ा संदेश दिया। दरअसल, प्रधानमंत्री ने कॉफी टेबल बुक और डाक टिकट के स्पेशल कवर की लांचिंग की। इस दौरान बुक और स्पेशल कवर के ऊपर लिपटे रिबन को प्रधानमंत्री ने हटाया। इसके बाद, उन्होंने रिबन को इधर उधर न रख कर उठाकर सीधे अपनी जेब में रख लिया।

देहरादून;


उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज देहरादून आगमन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड डाक परिमंडल द्वारा राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों एवं सांस्कृतिक प्रतीकों पर आधारित विशेष डाक टिकट श्रृंखला का विमोचन किया। इस विशेष डाक टिकट श्रृंखला के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान की गई है।


कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत राज्य के 28,000 से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹62 करोड़ से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से जारी की। इस पहल से राज्य के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल क्षति से सुरक्षा का लाभ प्राप्त होगा।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ पर आधारित एक विशेष प्रतीक चिन्ह भेंट किया

: *उत्तराखंड राज्य की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ₹8260.72 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया ।*


*शिलान्यास की जाने वाली योजनाएं (₹7329.06 करोड़ की 19 योजनाएं)*

PM MOdi visit uttarakhand


सिंचाई विभाग- सौंग बांध पेयजल परियोजना - 2491.96 करोड़


देहरादून और टिहरी जनपद में प्रस्तावित सौंग बांध पेयजल परियोजन से देहरादून जनपद में 150 एमएलडी पेयजल आपूर्ति होगी। परियोजना में 130 मीटर ऊंचा बांध बनाया जाएगा। इससे देहरादून शहर की जलापूर्ति में सुधार होगी।

 

PM visit  CM dhami

जमरानी बांध पेयजल परियोजना - 2584.10 करोड़


नैनीताल जनपद में प्रस्तावित जमरानी बांध परियोजना, एक बहुउद्देशीय परियोजना है। इससे पेयजल, सिंचाई की आवश्यकता पूरी करने के साथ ही विद्युत उत्पादन भी किया जाएगा। परियोजना से 57065 हैक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई होने के साथ 14 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा। 


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अन्य परियोजनाएं

Toe Protuction and Landslide Stablization work along left bank of Alaknanda River at Jyotirmath in Distt. Chamoli uttrakhand -  100.53 करोड़


जनपद पिथौरागढ के धारचूला में कालीनदी के दांये पार्श्व में स्थित विभिन्न स्थलों पर बाढ़ सुरक्षा योजनां कार्य - 140.22 करोड़


ऊर्जा (पिटकुल) -  जनपद चमोली के पीपलकोटी में 400 के०वी० पीपलकोटी स्वीचिंग उपसंस्थान एवं सम्बन्धित पारेषण लाईन (1.0 सर्किट किमी) - 340.29 करोड़


जनपद टिहरी के घनसाली में 220 के0वी0 उपसंस्थान (60 एमवीए) (राज्य पोषित)- 277.23 करोड़ 


ऊर्जा (उरेडा) - समस्त जनपदों में शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना- 129.37 करोड़


चम्पावत के बनबसा में 220 के0वी0 उपसंस्थान (100 एमवीए) एवं संबंधित पारेषण लाइन (0.3 सर्किट किमी)(राज्य पोषित)- 223.71 करोड़


खेल विभाग-जनपद. चम्पावत के लोहाघाट में “महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु जनपद्. चम्पावत में महिला स्पोर्टस कॉलेज स्थापित किया जायेगा“ - 256.96 करोड़


लोक निर्माण विभाग - केन्द्रीय सडक अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 08 विभिन्न योजनाओं तथा राज्य योजना के अन्तर्गत 02 विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य- 127.43 करोड़ 


वन विभाग/वन्य जीव परिरक्षण संगठन/ (राजाजी टाइगर रिजर्व) उत्तराखण्ड पौडी जनपद - जनपद पौडी के यमकेश्वर में गौहरी रेंज के अन्तर्गत चौरासी कुटिया का पुनरोद्धार कार्य - 100.89 करोड़


प्राविधिक शिक्षा- राजकीय पॉलीटैक्निक लोहाघाट, सल्ट, दन्या, गरूड़, द्वाराहाट तथा पोखरी में भवन निर्माण कार्य -100.67 करोड़


पर्यटन- जनपद टिहरी तथा देहरादून के पर्यटन विकास कार्य - 58.21 करोड़


चिकित्सा शिक्षा -देहरादून एवं हल्द्वानी में भर्ती मरीजों के तीमारदार के ठहरने हेतु रैन बसेरा - 55.00 करोड़


चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखण्ड।- उप जिला चिकित्सालय खानपुर का भवन निर्माण।- 39.42 करोड़


शहरी विकास - कपकोट तथा कर्णप्रयाग में पम्पिंग पेयजल योजना एवं नानकमत्ता में पेयजल योजना पुर्नगठन - 79.83 करोड़


डेयरी विकास - जनपद नैनीताल के लालकुआं में दुग्ध संघ में 1.50 लाख ली०/दिन की अत्याधुनिक दुग्धशाला की स्थापना - 80.77 करोड़


पेयजल - जनपद पौड़ी में पेयजल योजना- 15.16 करोड़ 


कृषि - वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार पौड़ी गढ़वाल में चैनलिंक फेन्सिग कार्य - 11.48 करोड़


*लोकार्पण की जाने वाली योजनाएं(₹931.65 करोड़ की लागत 12 योजनाएं)*


ऊर्जा (पिटकुल) - जनपद पिथौरागढ के धारचूला में 220/33 के०वी० (50 एम०वी०ए०) बरम, उपसंस्थान एवं सम्बन्धित पारेषण लाईन (25.12 सर्किट किमी) - 161.98 करोड़


जनपद देहरादून के मसूरी, कैन्ट एवं राजपुर रोड में 132 के० वी० बिंदाल-पुरकुल पारेशण लाईन - 38.71 करोड़

ऊर्जा (उरेडा) - राज्य के समस्त जनपदों में शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना - 32.61 करोड़


शहरी विकास - जनपद देहरादून के धर्मपुर, रायपुर, मसूरी एवं कैन्ट मैं अमृत 1.0 कार्यक्रम अन्तर्गत देहरादून जलापूर्ति की 23 जोन आच्छादन की योजना - 128.56 करोड़


प्राविधिक शिक्षा विभाग - राजकीय पालीटेक्निक चम्पावत, टनकपुर, ताकुला, बाडेछीना, चिन्यालीसौण, कुल्सारी में भवनों का निर्माण कार्य - 126.27 करोड़


लोक निर्माण विभाग -  राज्य योजना के अन्तर्गत 03 विभिन्न योजनायें तथा केन्द्रीय अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 07 विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य - 110.03 करोड़


पेयजल विभाग- जनपद पिथौरागढ़ में गंगोलीहाट, बागेश्वर में बागेश्वर नगर तथा जनपद पौडी गढवाल एवं श्रीनगर में पम्पिंग पेयजल योजना - 80.81 करोड़


जनपद पिथौरागढ के गंगोलीहाट में बेलपट्टी ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना-

57.50 करोड़ 


सिंचाई- जनपद पिथौरागढ़ के विकासखण्ड धारचूला के अन्तर्गत ग्वालगांव भूस्खलन के उपचारात्मक कार्य - 84.09 करोड़


जनपद पिथौरागढ एवं देहरादून में बाढ सुरक्षात्मक कार्य - 66.57 करोड़


कौशल विकास एवं सेवायोजन - Precision Manufacturing  की कार्यशाला का निर्माण कार्य - 25.91 करोड़ 


खेल विभाग- नैनीताल के हल्द्वानी स्टेडियम का निर्माण कार्य में हॉकी ग्राउंड (एस्ट्रोट्रफ) का निर्माण कार्य - 18.61 करोड़

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में नैनी सैनी हवाई अड्डे, पिथौरागढ़ के अधिग्रहण हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आज भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और उत्तराखंड सरकार के बीच पिथौरागढ़ स्थित नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह ऐतिहासिक समझौता उत्तराखंड के पर्वतीय अंचल में सुगम, सुरक्षित और टिकाऊ हवाई संपर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


नैनी सैनी हवाई अड्डे का कुल क्षेत्रफल लगभग 70 एकड़ है। यहां का टर्मिनल भवन व्यस्त समय में 40 यात्रियों को सेवा प्रदान करने में सक्षम है। साथ ही, एप्रन एक समय में दो विमानों (कोड-2B) को समायोजित करने की सुविधा से सुसज्जित है।


इस अधिग्रहण से हवाई अड्डे के मौजूदा बुनियादी ढांचे का उन्नयन, परिचालन मानकों का सुव्यवस्थित प्रबंधन, तथा उत्तराखंड की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।


नैनी सैनी हवाई अड्डे का विकास प्रदेश की स्थानीय कला, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षेत्र को नया प्रोत्साहन देगा। इससे व्यापार, तीर्थ पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आतिथ्य क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए आयाम सृजित होंगे।


इस पहल से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सुगम्य और टिकाऊ विमानन अवसंरचना के दृष्टिकोण को बल मिलेगा और इस रणनीतिक हिमालयी क्षेत्र में आपदा-प्रतिक्रिया क्षमताओं को भी सुदृढ़ किया जा सकेगा।


यह समझौता उत्तराखंड को विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

: *पहाड़ी बोली, पहाड़ी टोपी, पीएम का हर अंदाज पहाड़ी*


*रजत जयंती के मुख्य कार्यक्रम में उत्तराखंड से गहरा कनेक्ट कर गए पीएम नरेंद्र मोदी*


*इससे पहले अपने किसी भाषण में पीएम ने नहीं बोली इतनी अधिक गढ़वाली कुमाऊनी*


*लोक पर्वों से लेकर दयारा बुग्याल के बटर फेस्टिवल तक का जिक्र*


सिर पर पहाड़ी टोपी और भाषण में जगह-जगह गढ़वाली कुमाऊनी बोली। उत्तराखंड के रजत जयंती के मुख्य कार्यक्रम में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर अंदाज पहाड़ीपन से घुला-मिला दिखा। उन्होंने गढ़वाली कुमाऊनी के कई-कई वाक्य बोले। वो भी कई बार। अक्सर प्रधानमंत्री उत्तराखंड के कार्यक्रमों में पहाड़ी बोली-भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं, मगर आज के भाषण में उन्होंने जितनी गढ़वाली कुमाऊनी बोली, उतनी कभी नहीं बोली थी। ये ही वजह रही, कि उत्तराखंड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस बार और भी गहरा कनेक्ट महसूस किया।


प्रधानमंत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में भाषण की शुरूआत की और कहा-देवभूमि उत्तराखंड का मेरा भै बंधु, दीदी, भुलियों, दाना सयानो, आप सबू तई म्यारू नमस्कार। पैलाग, सैंवा सौंली। अपने भाषण के बीच में प्रधानमंत्री ने जब फिर से गढ़वाली में बोलना शुरू किया, तो इसने लोगों को और रोमांचित कर दिया। प्रधानमंत्री बोले-पैली पहाडू कू चढ़ाई, विकास की बाट कैल रोक दी छै। अब वखि बटि नई बाट खुलण लग ली।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण मे पहाड़ के लोक पर्वों, लोक परंपराओं और महत्वपूर्ण आयोजनों को भी शामिल किया। इस क्रम में उन्होंने हरेला, फुलदेई, भिटोली, नंदादेवी, जौलजीबी, देवीधुरा मेले से लेकर दयारा बुग्याल के बटर फेस्टिवल तक का जिक्र किया।

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