आतंक के सरगना बनने की होड लगी है मदनियों में; सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले: डॉ सुरेन्द्र जैन
नई दिल्ली
कल भोपाल में जमीयत प्रमुख मौलाना मदनी द्वारा दिए गए कट्टरपंथी वक्तव्य की विश्व हिंदू परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की है।
.अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि बड़े मदनी हों या छोटे मदनी, दोनों में मुस्लिम समाज को भड़काने की होड़ लगी है। दोनों जुटे हैं कि कौन पहले लादेन या बगदादी बनता है।
उन्होंने कहा कि चांदनी चौक में जिस प्रकार का बम विस्फोट किया गया, पूरे देश में आतंकवादी घटनाएं करने की तैयारी पूरे देश में चल रही थी। एक पूरी यूनिवर्सिटी को जिस प्रकार से आतंकवादियों का अड्डा बना दिया गया था, केवल मदरसों में पढ़े हुए नहीं, सरकारी कॉलेज में पढ़े हुए डॉक्टर भी इस आतंकवादी गिरोह के सरगना बनकर खड़े हो गए।
क्या इनको किसी भी तरीके से कोई डिफेंड कर सकता है? उनको डिफेंड करने के साथ-साथ ये दोनों मौलाना इस होड़ में लगे हैं कि भारतीय संविधान, न्यायपालिका, प्रशासन, हिंदू समाज और देश की समस्त व्यवस्थाओं के खिलाफ मुस्लिम समाज को कैसे भड़काया जा सके!
डॉ जैन ने कहा कि क्या ये मौलाना नहीं जानते कि कहीं रोटियों पर थूक लगाया जा रहा है, कहीं लव जिहाद के नाम पर हिन्दू बहनों से बलात्कार कर उनके टुकड़े किए जा रहे हैं! कल ही एक मामले में कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया है। ऐसे सब मामलों पर पर्दा डालने के लिए ही शायद इन्होंने मुस्लिम समाज को भड़काने का यह मार्ग अपनाया है।
उन्होंने चेताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विरोध में जिस प्रकार का वक्तव्य इन्होंने दिया है वह घोर आपत्तिजनक है। कब तक बाबरी मस्जिद का रोना रोते रहोगे? यह ध्यान कर लेना कि बाबर और बाबरी के नाम पर कोई अवशेष अब भारत की जनता स्वीकार नहीं करेगी! मुस्लिम समाज का बाबर से क्या लेना देना? उस विदेशी दुष्ट के नाम पर आप बार-बार मुस्लिम समाज को भड़काना चाहते हैं? चाहे वक़्फ़ बोर्ड का मामला हो या ट्रिपल तलक का, सब देश हित में उठाए गए संसदीय कदम ही तो हैं! वक्त बोर्ड और हलाल सर्टिफिकेशन के ऊपर जो पूरे देश में वातावरण बन रहा है और उसके नाम पर तुमने जो लूट मचा रखी थी, वह सामने आ गई तो बौखला गए? उस पैसे का उपयोग आतंकवादियों का केस लड़ने, हिंदुओं पर हमला करने वाले लोगों की सुरक्षा और उनको बचाने के लिए कर रहे थे! इसी की परेशानी है आपको? ये भाषण घोर आपत्तिजनक और देश के विरुद्ध खुली बगावत का ऐलान है जिसको कदापि स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अपील करूंगा स्वत: संज्ञान लें और इन राष्ट्रविरोधी वक्तव्यो के ऊपर लगाम लगाएं और इन लोगों को इनकी सही जगह बताएं! हम इनके भाषणों का अध्ययन करेंगे, जो कानूनी कार्यवाही करनी है वह भी करेंगे लेकिन ध्यान कर लेना कि तुम मुस्लिम समाज को बर्बादी की ओर ले जा रहे हो! किसी भी प्रकार से इस बगावत को सहन नहीं किया जाएगा। हर स्तर पर इसका मुकाबला किया जाएगा।
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