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देहरादून:

Format of paramedical services will be changes in uttarakhand

Format of paramedical services will be changes in uttarakhand


*स्वास्थ्य शिक्षा में नई क्रांति की शुरुआत-10 श्रेणियों में 56 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं को दी गई मान्यता, पैरामेडिकल शिक्षा को मिलेगा नया स्वरूप*


*नए विषयों से बढ़ेगा युवाओं का दायरा, मजबूत होगी स्वास्थ्य सेवाएँ, पैरामेडिकल तथा Allied Health शिक्षा में आएगी एकरूपता, पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्रक्रिया होगी सरल और पारदर्शी* 


*हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड गुणवत्ता–आधारित स्वास्थ्य शिक्षा और हेल्थकेयर स्किल डेवलपमेंट का मॉडल बनकर उभरे- डॉ. आर. राजेश कुमार*


उत्तराखंड में स्वास्थ्य शिक्षा को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक, पारदर्शी और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों और दूरदर्शी नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख वृत्ति आयोग अधिनियम–2021 (National Commission for Allied and Healthcare Professions Act – 2021) के तहत उत्तराखंड राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद के गठन की प्रक्रिया को तेजी देने हेतु सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की। बैठक की शुरुआत में स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और आपदा–संवेदनशील राज्य में आधुनिक, प्रशिक्षित और प्रमाणित allied health workforce का विकास अत्यंत आवश्यक है। परिषद के गठन से न केवल शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि देशभर में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में उत्तराखंड अग्रणी भूमिका निभाएगा।


*परिषद गठन पर विस्तृत चर्चा, चयन समिति के गठन का निर्णय*

बैठक में परिषद के गठन, उसकी संरचना, भविष्य की आवश्यकताओं और कार्य प्रणालियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। यह तय किया गया कि परिषद के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए “तलाश–सह–चयन समिति” बनाई जाएगी, जो निर्धारित योग्यताओं और अनुभवों के आधार पर नामों का चयन करेगी। स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिषद के सुचारू संचालन के लिए प्रारंभिक बजट, कार्यालय संरचना, तकनीकी सहायता और मानव संसाधन की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित की जाए, ताकि परिषद अपने दायित्वों का निर्वहन शीघ्र आरंभ कर सके।


वर्तमान में राज्य में पैरामेडिकल शिक्षा उत्तराखंड पैरामेडिकल अधिनियम–2009 और स्टेट मेडिकल फैकल्टी के माध्यम से संचालित होती है। यहाँ स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर 22 विषयों के पाठ्यक्रम चल रहे हैं। राष्ट्रीय अधिनियम लागू होने के बाद इन सभी पाठ्यक्रमों को और अधिक मानकीकृत, रोजगारोन्मुख, और कौशल आधारित बनाया जाएगा। नए अधिनियम में कुल 10 श्रेणियों में 56 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मान्यता दी गई है। इससे विद्यार्थियों को न सिर्फ व्यापक करियर अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग्यता को उच्च पहचान मिलेगी।


*मजबूत होगी स्वास्थ्य सेवाएँ*

बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि अधिनियम के तहत कई नए और महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे—

पोषण विज्ञान, स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन, क्लिनिकल साइकोलॉजी, डायलिसिस तकनीशियन, एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन, आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन आदि। इन विषयों के शामिल होने से राज्य के युवाओं को विस्तृत करियर विकल्प, निजी और सरकारी क्षेत्र में बेहतर प्लेसमेंट, तथा शोध और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं में अवसर मिलेंगे। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम उत्तराखंड को स्वास्थ्य शिक्षा और allied health services के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेगा और भविष्य में राज्य एक “हेल्थ एजुकेशन हब” के रूप में स्थापित होगा।


*स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान* 

उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य शिक्षा को सुदृढ़, सुगठित और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद का गठन हमारे लिए परिवर्तनकारी कदम साबित होगा। इससे पैरामेडिकल तथा allied health शिक्षा में एकरूपता आएगी, पाठ्यक्रमों का मानकीकरण होगा और पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी बनेगी। नए अधिनियम के तहत कई उभरते विषय और विशेषज्ञताएँ शामिल होंगी, जिससे युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड गुणवत्ता–आधारित स्वास्थ्य शिक्षा और हेल्थकेयर स्किल डेवलपमेंट का मॉडल राज्य बनकर उभरे।

AIIMS trivendra singh rawat



अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में आयोजित विश्व आघात सप्ताह (World Trauma Week)–2025 का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। 



इस अवसर पर मुख्य अतिथि हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य उत्तराखंड में एम्स ऋषिकेश ट्रॉमा चिकित्सा के क्षेत्र में जीवनरक्षक भूमिका निभा रहा है।


सांसद रावत ने कहा कि एम्स के ट्रॉमा एवं क्रिटिकल केयर विभाग ने आपदाओं और दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की जान बचाने के क्षेत्र में जो कार्य किया है, वह सराहनीय और अनुकरणीय है। सांसद रावत ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में पहले गंभीर रूप से घायल मरीजों को हायर सेंटर तक पहुंचाना कठिन होता था, लेकिन एम्स की पहल पर शुरू हुई हेली एम्बुलेंस सेवा ने यह स्थिति बदल दी है। आज इस सेवा से अनगिनत जीवन बचाए जा रहे हैं।


सांसद रावत ने कहा कि आपात स्थितियों में जनजीवन की सुरक्षा के लिए ऐसी सेवाओं का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार आवश्यक है ताकि आमजन समय रहते इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि सिविल सोसाइटी को भी इस दिशा में आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए ताकि समाज स्तर पर आपात चिकित्सा जागरूकता को एक आंदोलन का रूप दिया जा सके।


इस अवसर पर सांसद रावत ने अपनी सांसद निधि से एम्स को प्रदान की गई रोगी परिवहन सेवा वाहन (Patient Transport Vehicle) की चाबी एम्स की निदेशक प्रो. मीनू सिंह को सौंपी। उन्होंने कहा कि यह वाहन “सेवा ही संस्कार” की भावना को सशक्त करेगा और एम्स की आपात चिकित्सा सेवाओं को और सुलभ बनाएगा।


कार्यक्रम के अंत में सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन प्रो. जया चतुर्वेदी, एवं चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्याश्री ने विश्व आघात सप्ताह के आयोजन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभिन्न विभागों के चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, तकनीशियनों एवं अन्य स्टाफ को प्रशस्तिपत्र व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह, प्रो. जया चतुर्वेदी, प्रो. बी. सत्याश्री, प्रो. कमर आज़म, डॉ. मधुर उनियाल, डॉ. भास्कर सरकार, जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार सिंह, सीएनओ अनीता रानी कंसल, ट्रॉमा सर्जन नीरज कुमार, डॉ. रूबी कटारिया, एसएनओ अखिलेश उनियाल, शशिकांत सहित एम्स के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।


ऋषिकेश  : 


ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को नेत्र स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्मल आश्रम आई इंस्टीट्यूट के सौजन्य से छिद्दरवाला कन्या पाठशाला में एक दिवसीय  निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी आँखों की जांच कराई। संस्थान की चिकित्सा टीम ने 223 मरीजों की नेत्र जांच की, जिनमें से 19 मरीजों को आँखों के ऑपरेशन हेतु अस्पताल भेजा गया।

निर्मल आई इंस्टीट्यूट की ओर से 105 मरीजों को निशुल्क चश्मे और 80 मरीजों को दवाइयाँ वितरित की गईं।

शिविर में डॉ. शिवाली, प्रबंधक अजय शर्मा, संतोष, संतू, गौरव नौटियाल, प्रभाकर शर्मा, आकाश राणा, शुभम पोखरियाल, धनज्योति, सीमा, कुलविंदर, कमलदीप कौर एवं गुरमुख सिंह की टीम ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

ग्राम प्रधान गोकुल रमोला ने शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर समय-समय पर लगाए जाने चाहिए ताकि ग्रामीणों को निःशुल्क और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिल सके। निर्मल आई इंस्टीट्यूट का यह प्रयास सराहनीय है |

ग्रामीणों ने शिविर के आयोजन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पहल से गाँवों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच आसान बनती है।

 


*उत्तराखण्ड में “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार” महाअभियान, कुल 4,39,973 लाभार्थियों ने उठाया विभिन्न शिविरों का लाभ* 

swasth naari sashakt parivaar in uttarakhand


*ई–रक्तकोश में हुआ 42,602 यूनिट रक्त का पंजीकरण, आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जारी किए गए 7,694 कार्ड* 


*46,523 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, 61,982 महिलाओं की एनीमिया जांच और 66,194 बच्चों का किया गया टीकाकरण* 


देहरादून : 17 सितम्बर से ले कर लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती तक, उत्तराखण्ड स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रदेश में “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार” अभियान बड़े पैमाने पर संचालित कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं  स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए एक संगठित आंदोलन का रूप ले चुका है।


*अभियान की प्रमुख उपलब्धियाँ (17–23 सितम्बर, 2025)*

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत उत्तराखण्ड में आयोजित इस महाअभियान ने कम समय में व्यापक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। प्रदेशभर में 17 से 23 सितम्बर 2025 तक कुल 9,112 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इनमें से 249 विशेषता शिविर रहे, अब तक कुल 1,72,551 पुरूष व 2,67,422 महिलाओं ने इन शिविरों का लाभ उठाया। प्रदेशभर में 17 से 23 सितम्बर तक कुल 4,39,973 लाभार्थियों ने इन शिविरों का लाभ उठाया।


*महिलाओं, बच्चों और आमजन के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवाएँ*

स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से विभिन्न बीमारियों की जांच और उपचार किया गया। 17 सितंबर से 23 सितंबर तक कुल 95,557 पुरूषों व 1,29,217 महिलाओं की हाइपरटेंशन जांच जांच की गई। इसके साथ ही 85,643 पुरूषों व 1,24,234 महिलाओं की डायबिटीज जांच की गई। इसके साथ ही 52,491 पुरूषों व 1,54,124 महिलाओं की कैंसर स्क्रीनिंग जांच की गई।


*मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (RCH) अंतर्गत*

17 सितंबर से 23 सितंबर तक कुल 46,523 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, 13,562 पुरूषों व  61,982 महिलाओं की एनीमिया जांच और 66,194 बच्चों का टीकाकरण किया गया। 30,875 पुरूषों व 45,711 अन्य गंभीर बीमारियों की, 2269 पुरूषों व 1847 महिलाओं की टीबी जांच और 43 लोगों की सिकल सेल डिज़ीज जांच की गई। विभिन्न कार्यक्रमों में  87,620 पुरूषों व 1,43,282 महिलाओं को परामर्श प्रदान किया गया। आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत 7,694 कार्ड जारी किए गए और ई–रक्तकोश में 17 सितंबर से 23 सितंबर तक कुल 42,602 यूनिट रक्त का पंजीकरण हुआ। केंद्रीय सरकारी संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और निजी संगठनों के सहयोग से अब तक 10 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 2,748 लाभार्थियों को सेवाएँ दी गईं।


*अभियान की मुख्य गतिविधियाँ*

राज्य के 13 जिलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों गतिविधियाँ एक साथ संचालित हो रही हैं:

स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर, एनीमिया, क्षय रोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग, निक्षय मित्र पंजीकरण, निःशुल्क दवा वितरण, पोषण एवं स्वच्छता पर परामर्श, महिलाओं व किशोरियों के लिए स्वास्थ्य एवं कौशल जागरूकता सत्र, नेतृत्व और संदेश अभियान की मुख्य गतिविधियाँ रहा है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की माताओं और बहनों का स्वास्थ्य सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वस्थ महिला ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला है। ‘स्वस्थ नार –सशक्त परिवार’ अभियान के माध्यम से हम इस दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं।



स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने भी बताया कि इस अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को हर गांव और हर घर तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।

 पौड़ी गढ़वाल:



 आगामी नवरात्रि एवं त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए सोमवार को व्यापार सभा भवन कोटद्वार,जिला पौड़ी गढ़वाल में खाद्य सुरक्षा विभाग एवं व्यापार मंडल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में खाद्य कारोबारियों हेतु खाद्य सुरक्षा जागरुकता गोष्ठी का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम में उपायुक्त (खाद्य सुरक्षा) गढ़वाल मंडल राजेन्द्र सिंह रावत ने व्यापारियों को बताया कि आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड द्वारा कुट्टू के आटे की बिक्री हेतु विशेष एसओपी/एडवाइजरी जारी की गई है।


व्यापारियों को निर्देशित करते हुए राजेंद्र सिंह रावत   कहा कि सभी व्यापारी क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें और एडवाइजरी का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।


वहीं सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) पौड़ी गढ़वाल पी.सी. जोशी ने विभागीय कार्यक्रमों एवं खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एफएसएसएआई द्वारा सभी श्रेणी के कारोबारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य किया गया है। साथ ही विभाग द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सुधार नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। निर्धारित समय में कमियां दूर न करने पर संबंधित व्यापारी का लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जा सकता है।


गोष्ठी में थोक व रिटेल मिठाई निर्माण से जुड़े कारोबारियों सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया। 


इस अवसर पर वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप मिश्रा, विभागीय अधिकारीगण तथा व्यापार मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

देहरादून;

CMS foundation organised health camp


आज सीएमएस फाउंडेशन द्वारा आसरा ट्रस्ट, रायपुर (देहरादून) के प्रांगण में एक स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में लोगों की भारी संख्या में उपस्थिति रही और इसका उद्देश्य गरीब एवं ज़रूरतमंद बच्चों तथा उनके परिवारों को चिकित्सा सहायता प्रदान करना था।


शिविर में नेत्र जांच, ब्लड टेस्ट, डॉक्टर परामर्श और निःशुल्क दवाइयों का वितरण जैसी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं। समाज कल्याण के प्रति इस पहल की सराहना की गई, क्योंकि इसने समाज के कमजोर वर्गों की स्वास्थ्य ज़रूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें श्री अनूप (रीजनल मैनेजर), श्री व्योम शर्मा (रीजनल ह्यूमन रिसोर्स), श्री सुधाकर दढ़ियाल (रीजनल ऑपरेशन मैनेजर), और श्री आनंद सकलानी (ब्रांच मैनेजर) सहित अन्य सम्मानित सदस्य भी शामिल थे। उनकी उपस्थिति से डॉक्टरों और स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन हुआ, जिन्होंने शिविर को सफल बनाने के लिए दिनभर मेहनत की।


कार्यक्रम का समापन सभी डॉक्टरों, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। यह आयोजन इस बात को रेखांकित करता है कि समाज के ज़रूरतमंद वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयास कितने आवश्यक हैं।

हरिद्वार:




*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश पर हरिद्वार से शुरू हुई स्वास्थ्य महाकुंभ की तैयारियाँ*


*हर घर तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवाएं, किसी स्तर पर न हो लापरवाही :- डॉ आर राजेश कुमार*

health camp 17 sep to 02 oct 2025


हरिद्वार:


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिवस 2 अक्टूबर तक उत्तराखंड सरकार द्वारा "स्वास्थ्य पखवाड़ा" भव्य और दिव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में यह आयोजन पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और जनजागरूकता बढ़ाने का एक ऐतिहासिक प्रयास बनने जा रहा है।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का हर नागरिक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचे और लोग बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त करने और अंतिम छोर तक सेवाएं पहुँचाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।


*स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने हरिद्वार से संभाली कमान*


धर्मनगरी हरिद्वार की जिम्मेदारी स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को सौंपी गई है। मंगलवार को वे हरिद्वार पहुंचे, जहाँ विकास भवन सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, विधायक भगवानपुर ममता राकेश समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य पखवाड़ा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज और शासन के बीच सेतु बनने का प्रयास है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, निजी मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों तक विशेषज्ञ शिविर आयोजित हों। इन शिविरों में हृदय रोग, मधुमेह, स्त्री रोग, बाल रोग और अन्य गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार होगा। साथ ही, रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर जिले में रोस्टर तैयार कर जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों को इसमें जोड़ा जाए। इससे स्वास्थ्य शिविरों को व्यापक जनभागीदारी मिलेगी।


*निक्षय मित्र योजना पर विशेष जोर*


बैठक में डॉ. कुमार ने कहा कि प्रदेश को निक्षय मित्र योजना में देशभर में प्रथम स्थान दिलाना लक्ष्य है। इसके लिए सभी जनप्रतिनिधि और जिलास्तरीय अधिकारी क्षयरोग से पीड़ित मरीजों को गोद लें। इससे न केवल मरीजों को पोषण और सहयोग मिलेगा, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा।


*पारदर्शिता और सख्ती का संदेश*


स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही और शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी सख्त करने और पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। झोलाछाप डॉक्टरों पर भी नजर रखने और उनके खिलाफ अभियान चलाने की बात कही।


जनपद आगमन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने स्वास्थ्य सचिव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य पखवाड़े को जनभागीदारी से सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा, ताकि हर घर तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुँच सके। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, परियोजना निदेशक के.एन. तिवारी, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी, डॉ. कोमल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


- ब्यासी में लगाया कैम्प, एम्स के चिकित्सकों ने दिया स्वास्थ्य परामर्श 


ऋषिकेश




-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में लगे श्रमिकों और अन्य कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु एम्स द्वारा निःशुल्क मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया। इस दौरान एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा 100 से अधिक श्रमिकों की विभिन्न स्वास्थ्य जांचें कर उन्हें चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध करवाया गया।   


ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्यों को विभिन्न पैकेजों में विभाजित किया गया है। बीते रोज इस परियोजना के ब्यासी क्षेत्र में स्थित पैकेज-2 में एम्स ऋषिकेश ने स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। शिविर स्थल में पंहुची संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो0 मीनू सिंह ने स्वयं भी कई श्रमिकों को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया। संस्थान में डिपार्टमेन्ट ऑफ टेलिमेडिसिन एवं बायोइन्फोर्मेटिक्स विभाग के प्रशासनिक प्रभारी विनीत कुमार ने बताया कि शिविर में जनरल मेडिसिन विभाग सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सा विशेषज्ञों ने 100 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शिविर में रिज्यूवेन कंपनी का भी सहयोग रहा। कंपनी द्वारा आधुनिक तकनीक आधारित मेडिकल उपकरणों से जरूरतमंद श्रमिकों का वाईटल्स, डेंटल, विजन, ह्यूमोग्लोबीन, ईसीजी स्कैन परीक्षण आदि विभिन्न जांचें की गयीं। इसके अलावा एम्स के चिकित्सकों ने विभिन्न स्वास्थ्य जांचें कर जरूरतमंदों को निःशुल्क दवा भी वितरित की। 


उल्लेखनीय है कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन परियोजना के श्रमिकों की स्वास्थ्य संबन्धित समस्या को देखते हुए पूर्व में एम्स ऋषिकेश और रेल विकास निगम लिमिटेड (आर.वी.एन.एल.) के मध्य एमओयू (मेमोरेन्डेम ऑफ अंडरस्टेन्डिंग) गठित किया गया था। इस संबन्ध में एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि आर.वी.एन.एल. को नियमित स्तर पर टेलीकंसल्टेशन सुविधा उपलब्ध करवाने के अलावा जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन द्वारा भी स्वास्थ्य जाचें और चिकित्सीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है ताकि श्रमिकों का मेडिकल चेकअप करने के बाद उन्हें मौके पर ही स्वास्थ्य लाभ दिया जा सके। शिविर में जनरल मेडिसिन विभाग के डाॅ0 रजत शर्मा, टेलिमेडिसिन विभाग के डाॅ0 विवेक सिंह मलिक, डाॅ. ख्याति गुप्ता और धीरज, शुभम आदि का सहयोग रहा।

 


आज दिनांक 05/07/25 को निदेशक होम्योपैथी चिकित्सा सेवाऐं उत्तराखण्ड द्वारा

डोईवाला:

Homeopathy camp at Arya Kanya Junior High School Doiwala


डॉ जे एल फिरमाल  के निर्देशानुसार एवं जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ सरिता जोशी  के आदेश के अनुपालन में रा० हो० चि० डोईवाला के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ प्रियंका भारद्वाज के द्वारा आर्य कन्या इंटर कॉलेज, डोईवाला, देहरादून में निशुल्क Dengue Awareness Health Camp आयोजित किया गया जिसमें स्वास्थ्य जाँच के साथ साथ लोगों को डेंगू, चिकनगुनिया आदि विभिन्न प्रकार की बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई एवं फार्मासिस्ट राजेंद्र कुमार द्वारा 91 छात्राओं को होम्योपैथिक औषधि यूपीटोरियम पर्फ 30 वितरित की गई। 


शिविर संचालन में योग अनुदेशक श्रीधर शर्मा एंव महिला योग अनुदेशक विजिया एंव आशा कार्यकर्ता कुंतेश्वरी द्वारा विषेश सहयोग दिया गया।


 श्री बदरीनाथ धाम श्री केदारनाथ धाम सहित श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में योगदिवस के अवसर पर योगाभ्यास एवं "सर्वे भवन्तु निरामया" की प्रार्थना।

peaceful msg through yoga in Shri Kedarnath and Badrunath



श्री बदरीनाथ/ श्री केदारनाथ धाम/ ज्योर्तिमठ : 21 जून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर " *एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग* " की थीम को चरितार्थ करते हुए श्री बदरीनाथ धाम श्री केदारनाथ धाम तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग,  जिला चमोली एवं  रूद्रप्रयाग श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति  ( बीकेटीसी)द्वारा योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें  आयुष विभाग के चिकित्सकों,  बीकेटीसी, नगरपंचायत कर्मचारियों, अधिकारियों, सेना, आईटीबीपी, पुलिस होमगार्ड, तीर्थ पुरोहितों,तथा स्कूली बच्चों , अध्यापकों तथा बड़ी संख्या में देश विदेश के तीर्थयात्रियों ने प्रतिभाग किया।



इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के  स्वागत के पश्चात योग गुरूओं द्वारा योगाभ्यास की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा  कि योग से व्यक्ति दीर्घायु एवं स्वस्थ रह सकता है।

इसके पश्चात योगाभ्यास की शुरुआत की गयी। योगाभ्यास से पहले शाररिक संचालन, तत्पश्चात विभिन्न आसन जैसे वृक्षासन, शशकासन, ताड़ासन, हलासन , व्रजासन, भुजंगासन शवासन आदि का अभ्यास किया गया तीसरे चरण में ध्यान एवं प्राणायाम का अभ्यास किया गया तत्पश्चात शांति पाठ के बाद योग दिवस का समापन हुआ।


श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आज प्रात: को जारी संदेश में सभी तीर्थयात्रियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दी कहा की  योग से निरोग यह योग की मुख्य धारणा है। बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती एवं बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवाण सहित बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।


बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में  बताया कि बदरीनाथ धाम में  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम श्री बदरीनाथ मंदिर सिंह द्वार के आगे परिसर में बीकेटीसी के सौजन्य से आयुष विभाग चमोली द्वारा आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि बीकेटीसी बदरीनाथ धाम प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।



विशिष्ट अतिथि बीकेटीसी पूर्व उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया कार्यक्रम का संचालन आयुष विभाग नोडल अधिकारी डा. त्रिलोक सिंह रावत ने किया। योगाभ्यास योग गुरु नरेंद्र सिंह कोठा बडवाल ने संपन्न करवाया।

इस अवसर पर आईटीबीपी डिप्टी कमांडेंट वाईपी जोशी, डा.ऋतु गुंज्याल,  धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी आचार्य रविंद्र भट्ट,थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट बीकेटीसी पूर्व सदस्य धीरज मोनू पंचभैया,बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़, फार्मेसीडा.ऋतु अधिकारी गोविंद सिंह राणा, चंद्रमोहन बड़वाल, हरीश जोशी आदि मौजूद रहे। इसके अलावा आयुष विभाग चमोली द्वारा देश के प्रथम गांव माणा तथा श्री बदरीनाथ धाम के निकट गजकोटी  में भी योगाभ्यास का आयोजन किया।


श्री केदारनाथ में  आयुष विभाग रूद्रप्रयाग द्वारा आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुजारी बागेश लिंग ने कार्यक्रम की शुरुआत की योग अनुदेशक अरविंद शुक्ला एवं सर्वेश तिवारी ने योगाभ्यास करवाया इस अवसर आयुष विभाग से डा शुप्रभ दास,डा.  प्रमोद शुक्ला  केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी सहित  धर्माधिकारी औंकार शुक्ला,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डी एस भुजवाण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान,  वेदपाठी  स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी, लोकेंद्र रिवाड़ी,प्रबंधक प्रदीप सेमवाल,कुलदीप धर्म्वाण, ललित त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।



श्री नृसिंह मंदिर ज्योर्तिमठ परिसर  में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उल्लासपूर्वक आयोजित हुआ बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि रहे तथा इस अवसर पर सभी को योग दिवस की बधाई दी।

इस अवसर पर  नगर पंचायत अध्यक्ष देवेश्वरी शाह श्री भुवन उनियाल,  मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कपरवाण, प्रबंधक भूपेंद्र राणा,  पुजारी सुशील,डिमरी, आशुतोष शुक्ला, राकेश झिंक्वाण, माधव प्रसाद सेमवाल, रमेश डिमरी भगवती प्रसाद नंबूरी, मुकेश डिमरी लक्ष्मण सिंह रावत, कृष्णमणि थपलियाल, रोहिणी रावत, बबली राणा,  लक्ष्मी शाह कलम सिंह राणा, मुकेश कुमार समीर डिमरी, नैन सिंह भंडारी सुखदेव महिपाल, दीपक शाह, सौरभ राणा अनिल सकलानी श्रीमती सुषमा डिमरी कुशल लाल लोहानी,मुरली सिंह राणा, आरती शाह, आशीष डिमरी, ललित खंडूरी सहित सैकड़ो स्कूली बच्चे आचार्य गणों ने  योगाभ्यास कार्यक्रम मे़ प्रतिभाग किया।

 ऋषिकेश:


एम्स,ऋषिकेश में अंतराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के उपलक्ष्य में विभिन्न यौगिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। 

जिसके तहत योग कार्यशाला व व्याख्यान का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के कार्मिकों ने प्रतिभाग किया, इस दौरान उन्हें योग क्रियाओं का अभ्यास भी कराया गया।


संस्थान की निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर( डॉक्टर )मीनू सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आयुष विभाग की ओर से सोमवार देर शाम प्रशासनिक एवं इंजीनियरिंग विभाग के लिए योग कार्यशाला आयोजित की गई। 


इस अवसर पर आयुष विभाग के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीलॅय मोहंती ने कहा कि वर्तमान दौड़धूप व तनावग्रस्त दिनचर्या में सभी को अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुष विधाओं का लाभ लेना चाहिए।

 उन्होंने बताया कि दुनिया को योग से रोग मुक्त रखने के संदेश के साथ वर्ष 2015 से हरवर्ष 21 जून को दुनियाभर में अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. श्वेता मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष "एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य " थीम के संदेश के साथ अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। 


इसके मद्देनजर एम्स ऋषिकेश में विभिन्न विभागों की ओर से योग की विभिन्न गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। 

व्याख्यानमाला में डॉक्टर श्वेता ने बताया कि वर्तमान आपाधापी भरी जिंदगी में लाईफ स्टाइल से जनस्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है और लोग गलत खानपान, क्लाइमेट चेंज, प्रदूषण, शारीरक गतिविधियों के अभाव आदि कारणों के चलते गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। 

लिहाजा इन सबसे बचाव व स्वस्थ रहने के लिए हमें योग को आत्मसात करना होगा। 

सही मार्गदर्शन में नियमित योगाभ्यास, दिनचर्या में सुधार, व्यायाम से हम अपने आप को फिट व निरोगी रख सकते हैं। 

इस दौरान आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक दीपचंद्र जोशी ने प्रतिभागियों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास भी कराया। 

कार्यशाला में इंजीनियरिंग विभाग से अधिशासी अभियंता राहुलजी सहित संस्थान के करीब 150 अधिकारी, कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया । 

उधर, बीते शनिवार को एम्स आयुष विभाग के तत्वावधान में नर्सिंग अधिकारियों के लिए योग कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें 200 से अधिक अधिकारियों ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया।

मुख्यमंत्री आवास परिसर में गुरुवार को योगाभ्यास किया गया। 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के साथ इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी योग किया। 

yoga with CM Dhami


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि  योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि आंतरिक शांति और आत्मबोध की एक प्रक्रिया है। यह हमारे  मन को स्थिर कर चेतना की गहराइयों तक पहुँचाने का माध्यम है।


 उन्होंने भारतीय संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत ने सदैव मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखा है और हमारी सनातन संस्कृति का मूल स्तंभ योग है। यही कारण है कि आज योग दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गया है और भारतीय जीवन शैली को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित कर रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता देने के लिए प्रस्ताव रखा था, जिसे 177 देशों ने समर्थन दिया और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया।


 उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड योग और ऋषि मुनियों की भूमि है।  ग्राम स्तर तक सभी लोग योग से जुड़े, सरकार द्वारा इस दिशा में प्रयास किए गए हैं। योग से रोजगार के अवसर बढ़ाये जा रहे हैं। उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए  नई योग नीति लाई गई है।

         

 ऋषिकेश : 



ग्राफिक एरा हॉस्पिटल देहरादून के सहयोग से  छिददरवाला प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर मे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। शिविर मे 130 लोगों ने चिकित्सकीय सलाह लेकर लाभ उठाया। रविवार को छिददरवाला प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र  परिसर में ग्राफिक एरा हॉस्पिटल देहरादून ने नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। शुभारंभ निर्वतमान ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र सिंह नेगी   ने किया | शिविर में 130 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर जाचे एवं दवाईयो  दी गयी | शिविर से  दो मरीजो को अस्पताल ले जाया गया | पांच लोगो को अस्पताल आने की सलाह दी गयी | इस दौरान स्त्री रोग , नेत्र रोग,दन्त,अस्थि,जनरल फिजिशयन मौजूद रहे |  अस्पताल की डाक्टर की  टीम मे   प्रोफेसर बी.एस .बिष्ट ,डा निकिता ,डा सूरज मिश्रा,डा मानस ,डा अनुज,डा अम्बुज मित्तल,नर्सिग स्टाफ,मैंनजमेट से कुलदीप मौजूद रहे | इस दौरान  छिद्दरवाला निर्वतमान ग्राम प्रधान कमलदीपर कौर,शोबन सिंह कैंन्तुरा ,भगवान सिह मेहर,निर्वतमान क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री,मण्डल अध्यक्ष सुरेन्द्र बिष्ट,पूर्व जिला पंचायत सदस्य  बिमला नैथानी ,अनीता राणा,पूर्व प्रधान हरीश कक्कड़ ,वरिष्ठ भाजपा नेता बलविन्दर सिह, ग्रामीण शैलेन्द्र रागड ,हुकम सिह रागड,हरीश पैन्यूली, समा पवार ,आयुष रावत मौजूद रहे |

 देहरादून;




केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के देहरादून कार्यालय द्वारा आज हरिद्वार स्थित पतंजलि वेलनेस सेंटर में योग पर आधारित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम की शुरुआत योगगुरु स्वामी रामदेव जी महाराज के सान्निध्य में योग अभ्यास से हुई। उन्होंने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों और आगंतुकों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया तथा योग के वैज्ञानिक, मानसिक, और आध्यात्मिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।


इस अवसर पर स्वामी रामदेव जी का स्वागत केंद्रीय संचार ब्यूरो के अधिकारियों द्वारा पौधा भेंट कर किया गया। स्वामी रामदेव    ने   योग को भारत की ऋषि परंपरा की अनुपम देन बताते हुए कहा कि यह न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का साधन है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।


उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि आगामी 21 जून, जो कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है, को पूरे उत्साह के साथ मनाएं और बड़ी संख्या में योगाभ्यास में भाग लें। उन्होंने योग जागरूकता को बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।


उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व देशभर में केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा जन-जागरूकता के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आम नागरिकों को योग के प्रति प्रेरित करना है ताकि वे अपने शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बना सकें तथा एक स्वस्थ और समर्थ भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।


कार्यक्रम के अंतर्गत हरिद्वार की पंजीकृत सांस्कृतिक संस्था 'श्रीमान्त शांति खिलेराम सांस्कृतिक कला विकास समिति' द्वारा योग पर आधारित रागिनी की प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

 बालावाला/देहरादून;

team warriors uttarakhand, free health camp


आज रविवार दिनाँक 1 जून को जन लोक सेवा व टीम वारियर्स उत्तराखंड द्वारा बालावाला क्षेत्र के गँगा फार्म में निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया।

 जिसमें प्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा जाँच की गई व साथ ही दवाइयाँ चश्में व रक्त की जाँच भी निःशुल्क की गई । 

स्वास्थ्य जाँच शिविर में नेक्स्ट एवोल्यूशन ऑफ वर्ल्ड के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया । शिविर में अनेकों लाभार्थियों ने जाँच करवाकर लाभ लिया । 

जाँच में मुख्य अतिथि के रूप में मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल  , रिटायर जनरल श्री संजीव आनंद  ,  महिला सशक्तिकरण व बाल विकास आयोग की अध्यक्षा श्रीमती गीता खन्ना  , पंजाबी महासभा की महिला अध्यक्ष नलिनी तनेजा , आनंद छमालवान  , धनवीर राणा  मौजूद रहे।

 ऐसे में भाजपा मंडल अध्यक्ष बालावाला सौरभ नौडियाल  पार्षद बालावाला प्रशांत खरोला  , बादल  रामकिशन चमोली भी रहे ।

कार्यक्रम के दौरान टीम वारियर्स के संस्थापक व जन लोक सेवा के सहसंस्थापक शिवम बहुगुणा ने बताया की संस्था समय समय पर सामाजिक कार्यों के लिये आगे आती रहती है और युवाओं को समाजसेवा के लिए प्रेरित करने के लिये अभियान चलाते रहते हैं । 

इस मौके पर डॉक्टर अंशुल उपाध्याय , डॉक्टर हर्षल गुप्ता , डॉक्टर विजय पटेल डॉक्टर प्रियांशु नेगी सुजोग थैरेपिस्ट अक्षत अग्रवाल व अन्य कई डॉक्टरों ने जाँच की व अजय रमोला , मनीष नेगी , डॉक्टर हिमांशु गुसाईं , हरप्रीत सिंह , सौरभ रावत , ललित जोशी , अंतरिक्ष मनवाल , हरजिंदर सिंह , देहरादून वाले के संस्थापक रोहित रावत , सोहित रौथाण , अभिषेक तिवाड़ी , मुकेश पंत , भूपेंद्र नेगी , विनोद खंडूरी , कैलाश नेगी , आकाश मनवाल , दीक्षा भंडारी , प्रमिला रमोला , रवीना लामा , निकेश बिष्ट , अमित चौहान , अभिषेक शाह , रविन्द्र धनाई , शिवानी नैनवाल , विशाल , ऋषभ रावत , उदित मौर्य , शुभम सेमवाल , अभय रावत , परगट सिंह आदि ने प्रतिभाग कर सेवा दी और साथ ही सभी ने मिलकर प्रण लिया कि समय समय पर सामाजिक कार्यो के लिए आगे आते रहेँगे ।

 श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल ने  राजकीय इंटर कॉलेज रायवाला में एक दिवसीय निःशुल्क  किशोरावस्था जागरूकता शिविर का किया आयोजन 

ऋषिकेश :


 रायवाला स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल के सौजन्य से राजकीय इंटर कॉलेज रायवाला में एक दिवसीय निःशुल्क  किशोरावस्था जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के 400 से अधिक छात्र छात्राओं ने भाग लिया।


शुक्रवार को रायवाला स्थित राजकीय इंटर कालेज में श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल के आयोजन पर एक दिवसीय किशोरावस्ता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के 400 से अधिक छात्र छात्राओं ने भाग लिया और किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक व मानसिक परिवर्तन के साथ ही स्वास्थ्य की जानकारी हासिल की। शिविर में हॉस्पिटल की मुख्य चिकित्सक व वारिष्ठ प्रसूति एवं स्त्री रोग विषज्ञ डॉ प्रणति दास व वारिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सूरज सिंह ने किशोरावस्था जागरूकता कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल्यकाल से किशोर अवस्था में प्रवेश करने के दौरान शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन, स्वास्थ्य और उचित आहार व खानपान के प्रति किशोर किशोरियों को जागरूक करना और उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए स्वच्छ समाज निर्माण करना हॉस्पिटल का उद्देश्य है।डॉ प्रणति दास द्वारा किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक व हार्मोनल परिवर्तनों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान सत्य साईं संजीवनी की टीम द्वारा विद्यालय के छात्र-छात्राओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया, जिसमें हीमोग्लोबिन, बी.पी., सी बी सी, एल एफ टी,थायराइड, यूरिन आदि की जांच शामिल हैं। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विजयमल यादव ने सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मददगार साबित होते हैं।हैं। इस दौरान मौजूद शिक्षक सत्ये सिंह राणा, महावीर प्रसाद सेमवाल, राकेश बिष्ट, विकास पाण्डेय, प्रमोद कंडवाल, धूम सिंह खण्डेलवाल, राजेंद्र कुमार, अशोक बौड़ाई, चन्द्रमोहन ममगांई, शिव प्रसाद सिमल्टी, दिवाकर खण्डूड़ी, मंजू उनियाल, मनीषा खेमान, रश्मि चौधरी सहित सत्य साईं संजीवनी की टीम ने शिविर संचालन में सहयोग किया।

 मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश -देहरादून के तीन प्रमुख निजी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड से इलाज की सुविधा पूरी तरह जारी रहेंगी

golden card faciality will be in थ्री hospital fully


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों  के अनुपालन में उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड धारकों को देहरादून के तीन प्रमुख निजी अस्पतालों में पूरी तरह से इलाज की सुविधा पूरी तरह जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि जॉली ग्रांट हॉस्पिटल, श्री महंत इन्द्रेश हॉस्पिटल और ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में गोल्डन कार्ड से इलाज की सेवाएं नियमित रूप से जारी रहेंगी और इन अस्पतालों में आने वाले पात्र मरीजों को सभी आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।


स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि सरकार का उद्देश्य यही है कि राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर और उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है और राज्य सरकार इस योजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


 स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि भविष्य में भी गोल्डन कार्ड से मिलने वाली सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा ताकि राज्य के हर नागरिक को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके |


 *अपने हर नागरिक को ससमय और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार का लक्ष्य और सर्वोच्च दायित्व है | हमारी सरकार  निर्धन और जरूरतमंदों को आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से निशुल्क उपचार की सुविधा आसानी से पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है |* 


 *पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*

 *चकराता में 21 मई को लगाया गया विशाल योग एवं चिकित्सा शिविर।*


*डॉ० डी० सी० पसबोला  नोडल अधिकारी के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ शिविर ।*

देहरादून: 



 चकराता ब्लाक में 21  मई 2025 को विशाल योग एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। जिसके लिए डॉ० डी० सी० पसबोला को नोडल अधिकारी बनाया गया था। 


इस सम्बन्ध में जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, देहरादून, उत्तराखंड डॉ० जी० सी० एस० जंगपांगी द्वारा आदेश जारी कर दिए गए थे। इस वर्ष का कार्य क्रम एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य थीम पर आधारित रहा।

मीडिया प्रभारी डॉ० डी० सी० पसबोला द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया है कि योग एवं चिकित्सा शिविर कैन्ट इण्टर कालेज, चकराता ब्लाक, देहरादून में आयोजित किया गया। 

जिसके लिए अधिशासी अधिकारी आर एन मण्डल, कैन्ट छावनी परिषद, चकराता, देहरादून द्वारा पत्र जारी कर दिया गया था। 

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में अधिशासी अधिकारी आर एन मण्डल, कैन्ट छावनी परिषद, चकराता, देहरादून शामिल हुए। प्रधानाचार्य वेदप्रकाश एवं उप प्रधानाचार्य पूर्णिमा राणा सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। 

योग एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाने में कैन्ट इण्टर कॉलेज, चकराता के कार्यालय अधीक्षक संदीप जोशी का भी अमूल्य योगदान रहा है।


योग एवं चिकित्सा शिविर हेतु डॉ० पसबोला की टीम में डॉ० मन्नत कुमार, डॉ० पूनम हारीत, डॉ० राजेन्द्र तोमर जैसे अनुभवी चिकित्सा अधिकारी, विनोद मंगवाल (फार्मेसी अधिकारी), निहाल सिंह चौहान, अनुभवी योग अनुदेशक मनोज जोशी एवं रेखा को शामिल रहे। जिससे की योग एवं चिकित्सा शिविर सुचारू रूप से आयोजित किया जा सका और विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं सहित चकराता क्षेत्र की जनता को योग एवं चिकित्सा शिविर का समुचित लाभ प्राप्त हुआ। शिविर में 300 से अधिक लोग लाभान्वित हुए। 


 भगवान परशुराम जी की जयंती व अक्षया तृतीया के पावन अवसर पर नव्य भारत फाउंडेशन (एनबीएफ भारत) द्वारा

एसएपीटी इंडिया के सहयोग से  निःशुल्क हेल्थ कैंप (फिजीयोथेरेपी परामर्श एवं ख़ून जाँच कैंप ) ”मिशन चिरंजीवी भारत“ के अंतर्गत नव्य भारत  चैरीटैबल फिजीयोथेरेपी एवं कलेक्शन सेंटर, बालावाला, देहरादून में आम जनमानस के लिए आयोजित करवाया गया।

Navya foundation organised physiotherapy camp


इस मौके पर एनबीएफ एवं एसएपीटी के  संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष ,पीजीआई चंडीगढ़ के फिजीयोथेरेपीसट डा० अनिरुद्ध उनियाल  द्वारा आमजनमानस का निशुल्क फिजीयोथेरेपी परामर्श किया गया, और सभी सदा निरोगी रहे यह भगवान बद्री केदार से प्रार्थना की। 

इस मौके पर एनबीएफ के ट्रस्टी श्री देवानंद डोभाल, खेमराज उनियाल, अजय उनियाल, व टीम एनबीएफ से प्रमिला उनियाल, सताक्षी उनियाल , डा० साक्षी नेगी, सौरभ सिरखाल व अन्य कई गण्यमान्य की गरिमामयी उपस्थिति रही।

एम्स, ऋषिकेश के अनुभवी चिकित्सकों के अथक प्रयास से मरीज को मिला नवजीवन

3द Hip implant surgery AIIMS Rishikesh



अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), ऋषिकेश ने चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तराखंड में पहली बार कस्टमाइज्ड 3D प्रिंटेड इम्प्लांट की मदद से जटिल "रिवीजन टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी" को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस तकनीक के ज़रिए वर्षों से दर्द और असहाय जैसी स्थिति से जूझ रहे मरीज को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिला है।

हरिद्वार निवासी 60 वर्षीय संदीप शर्मा, जो कि एंकायलोज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस से ग्रसित रोगी हैं। उन्होंने वर्ष 2003 में पीजीआई चंडीगढ़ में अपने दोनों कुल्हों (hips) का प्रत्यारोपण कराया था। लगभग 20 वर्ष के बाद उनके इम्प्लांट्स फेल हो गए, जिसके चलते वर्ष 2023 से वह असहनीय दर्द के कारण चलने फिरने से बेहद लाचार स्थिति में थे, लिहाजा उनकी दिनचर्या पूरी तरह से व्हीलचेयर पर आश्रित हो गई थी।

बकौल, संदीप शर्मा उन्होंने अपने उपचार के लिए गतवर्ष 2024 में एम्स AIIMS, दिल्ली में उपचार हेतु परामर्श लिया, जहां सर्जरी की प्रक्रिया शुरू की गई। मगर संक्रमण के चलते सर्जरी अधूरी रह गई और चिकित्सकों ने अस्थायी समाधान के तौर पर एक सीमेंट स्पेसर और स्टेबलाइजिंग नेल का उपयोग किया।

पेशेंट ने बताया कि वह लंबे समय तक सर्जरी की प्रतीक्षा करने में असमर्थ थे, लिहाजा उन्होंने AIIMS, ऋषिकेश के चिकित्सकों से परामर्श के लिए संपर्क किया। 

यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा तमाम जरूरी जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उनके कुल्हे की हड्डी में एक बहुत बड़ा दोष (बोनी डिफेक्ट) है, जिसे सामान्य इम्प्लांट्स से ठीक कर पाना संभव नहीं था। ऐसे में मरीज के लिए विशेषरूप से डिजाइन किया गया 3D प्रिंटेड कस्टमाइज्ड इम्प्लांट तैयार कराया गया।

बीते फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में प्रोफेसर रूप भूषण कालिया के मार्गदर्शन में ऑर्थोपेडिक्स विभाग की टीम द्वारा 8 घंटे में यह जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। डॉ. रूप भूषण कालिया के अनुसार इस प्रक्रिया में पहले से डाले गए सीमेंट स्पेसर और नेल को हटाकर 3D प्रिंटेड कस्टम इम्प्लांट को प्रत्यारोपित किया गया। राज्य में हुई यह अपनी तरह की पहली जटिल सर्जरी के लिए सहयोगी एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. भावना गुप्ता ने किया।

सर्जरी के 7 सप्ताह बाद अब पेशेंट संदीप शर्मा पूरी तरह वजन सहन करने की स्थिति में हैं और उन्होंने सामान्यरूप से चलना प्रारंभ कर दिया है। 

लंबे अरसे से शारीरिक पीड़ा का सामना कर चुके पेशेंट से रोज-रोज के दर्द से स्थायीतौर पर निजात मिलने पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि "मैं 2023 से काफी दर्द में था और पूरी तरह से व्हीलचेयर पर निर्भर हो गया था। एम्स, ऋषिकेश में मुझे बहुत ही बेहतर इलाज और देखभाल मिली है। चिकित्सकों ने बेहद संवेदनशीलता और मेहनत से मेरा समुचित उपचार किया। मैं संपूर्ण चिकित्सकीय टीम के प्रति आभार व्यक्त करता हूं और मुझे प्रसन्नता है कि मैं एम्स के डॉक्टरों के शल्य चिकित्सा कौशल से एक बार फिर अपने पैरों पर खड़ा हो सका।"

यह उपलब्धि चिकित्सा जगत में 3D प्रिंटिंग तकनीक की प्रभावशीलता और संभावनाओं को उजागर करती है, जो विशेषकर जटिल और चुनौतीपूर्ण मामलों में मरीजों के लिए जीवन बदलने वाला समाधान सिद्ध हो सकती है।



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