Halloween party ideas 2015
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पहले बैच का प्रवेश परिणाम जारी, 30 छात्राओं का चयन


देहरादून/लोहाघाट::

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 उत्तराखंड के चम्पावत जिले के लोहाघाट में स्थापित देश के पहले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज ने अपने ऐतिहासिक सफर की शुरुआत कर दी है, जहां प्रथम सत्र के लिए आयोजित चयन परीक्षा का परिणाम जारी होने के साथ ही देश-प्रदेश की 30 प्रतिभावान बालिकाओं का चयन किया गया है।


 इस बड़ी उपलब्धि पर प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चयनित छात्राओं और उनके अभिभावकों को दिल की गहराइयों से बधाई और आशीर्वाद दिया है। चयन परिणाम जारी होने के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने एक बयान जारी कर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि आज वह एक कैबिनेट मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि देवभूमि की हर उस बेटी की मां और बहन के रूप में अत्यंत भावुक और गौरव से भरी हुई हैं। 


खेल मंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में अपनी चमक बिखेरने की चाह रखने वाली हमारी बेटियों के लिए जो सपना उन्होंने देखा था, आज वह धरातल पर उतरकर साकार हो रहा है। उन्होंने इस शुरुआत को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह महज एक छोटा सा कदम नहीं है, बल्कि खेल की दुनिया में हमारी 'आधी आबादी' के सुनहरे भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक छलांग है।



खेल मंत्री ने आगे कहा कि यह पूरे भारत का पहला ऐसा समर्पित महिला स्पोर्ट्स कॉलेज है, जो सिर्फ और सिर्फ हमारी बेटियों के खेल कौशल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने का काम करेगा। उत्तराखंड के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में खेल के प्रति रुचि रखने वाली प्रतिभावान बालिकाओं को अब अपनी परिस्थितियों और प्रतिभा से कोई समझौता नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अब एक ही छत के नीचे मिलेगी। 


उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि इस कॉलेज से तराश कर निकलने वाली बेटियां आने वाले समय में ओलंपिक, एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिरंगा लहराकर देश व प्रदेश का मान बढ़ाएंगी। पहले बैच में चयनित इन 30 बेटियों की मेहनत और लगन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेगी। 


खेल मंत्री ने दृढ़ संकल्प दोहराते हुए कहा कि यह तो बस शुरुआत है, हमारी बेटियां अब रुकेंगी नहीं, थकेंगी नहीं... वे दौड़ेंगी, खेलेंगी और पूरी दुनिया पर छा जाएंगी।

 *मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा* 

 *अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से उत्तराखण्ड बनेगा साहसिक खेलों और पर्यटन का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।



निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।



उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।


उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।


इस अवसर पर विधायक श्री अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




मशहूर भारतीय निशानेबाज,दिग्गज कोच,जसपाल राणा का निधन,कई स्वर्ण पदक जीते,गोल्डन बॉय के नाम से विख्यात थे.

दिल्ली के मैसेज अस्पताल में चल रहा था जसपाल राणा का इलाज.कार्डियक इलाज  के बाद  वह रिकवरी पर थे।, तभी ये घटना  हो गयी।


jaspal rana shooter of India uttarakhand expired


"देवभूमि की माटी के लाल, महान निशानेबाज और द्रोणाचार्य अवॉर्डी जसपाल राणा जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाला है। 

यह संपूर्ण खेल जगत और हमारे उत्तराखंड के लिए एक ऐसा शून्य है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पटल पर तिरंगा लहराकर देश का मान बढ़ाया और कोच के रूप में मनु भाकर जैसी अद्भुत खेल प्रतिभाओं को तराशा। उनका मार्गदर्शन इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

 बाबा केदारनाथ और भगवान बद्रीविशाल पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"


- रेखा आर्या, कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड सरकार



MFN lightweigh world champion Digamber uttarakhnad CM dhAmi


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में चमोली जनपद निवासी एवं मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्री दिगंबर सिंह रावत ने शिष्टाचार भेंट की।




इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री दिगंबर सिंह रावत को एमएफएन (Matrix Fight Night) लाइटवेट विश्व चैम्पियन बनने पर  बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रावत ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है तथा यह सिद्ध करती है कि उत्तराखण्ड के युवा खेलों के क्षेत्र में भी वैश्विक पहचान स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।




मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री दिगंबर सिंह रावत भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश एवं प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।



उल्लेखनीय है कि चमोली जनपद के निवासी श्री दिगंबर सिंह रावत वर्तमान में एमएफएन लाइटवेट विश्व चैम्पियन हैं। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में आयोजित एमएफएन-18 प्रतियोगिता में पहले ही राउंड में तकनीकी नॉकआउट (टीकेओ) के माध्यम से शानदार जीत दर्ज कर रिक्त विश्व खिताब अपने नाम किया था।



श्री दिगंबर सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन से युवाओं का मनोबल बढ़ रहा है तथा उन्हें अपने लक्ष्य हासिल करने की नई ऊर्जा प्राप्त हो रही है।

 चमोली;



*फिट इंडिया और सीमांत पर्यटन को नई उड़ान देने की पहल*

चमोली जनपद की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में रविवार को ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। 


पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


कार्यक्रम का शुभारंभ काबीना मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह  चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना है।


उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और द्वितीय रक्षा पंक्ति के गांव और अधिक मजबूत होंगे।


जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया जाएगा। पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।


उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में 5, 10 एवं 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। समापन अवसर पर गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।


इससे पूर्व शनिवार रात्रि मलारी गांव में पर्यटन विभाग द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। लोकगायक किशन महिपाल ने अपने लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभागियों एवं स्थानीय लोगों ने देर रात तक उत्साहपूर्वक सहभागिता की।


इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, गृह सचिव शैलेश बगोली, सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारी-जवान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


दो दिवसीय प्रतियोगिता में शामिल हुए ढाई सौ खिलाड़ी* 

देहरादून:

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 शनिवार को आमवाला ने स्थित मल्टीपरपज हॉल में खेल मंत्री रेखा आर्या ने सातवीं उत्तराखंड राज्य स्तरीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप का समापन किया। कैबिनेट मंत्री ने विभिन्न वर्गों में विजेता खिलाड़ियों को पदक देकर सम्मानित किया। 


उत्तराखंड पेंचक सलाट संगठन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के कुल आठ जनपदों से 250 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। 


समापन अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पहले यह खेल उत्तराखंड की खेल नीति में शामिल नहीं था, लेकिन गोवा में आयोजित 37 वें राष्ट्रीय खेलों में जब प्रदेश के खिलाड़ियों ने इस खेल में मेडल जीते तो इसे खेल नीति का हिस्सा बनाया गया। 


खेल मंत्री ने कहा कि अब प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में इस खेल में नए खिलाड़ी उभर कर सामने आ रहे हैं और बीते 1 साल में प्रदेश के कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पदक जीत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 


उन्होंने कहा कि पेंचक सिलाट जैसा खेल हमें अनुशासन, परिश्रम और आत्मरक्षा का आत्मविश्वास देता है।  अब युवा न सिर्फ इस खेल में कैरियर बना सकते हैं, साथ ही यह उनके लिए अपने आप को फिट रखने का भी शानदार जरिया है। 


खेल मंत्री ने कहा कि अब अभिभावक अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने लगे हैं, जो कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव है। इसलिए खिलाड़ियों की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने माता-पिता की उम्मीदों पर खरे उतरें। 


इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष केवल किशन भारतीय, महासचिव बबलू दिवाकर, कोषाध्यक्ष राहुल कुमार आदि उपस्थित रहे।


रुड़की के नेहरू स्टेडियम के कायाकल्प का सपना साकार: कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया ₹2.28 करोड़ की खेल परियोजना का भूमि पूजन

nehru stadium roorkee Pradeep Batra



कैबिनेट मंत्री एवं रुड़की विधायक श्री प्रदीप बत्रा के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप रुड़की के नेहरू स्टेडियम को अत्याधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत 2.28 करोड़ रुपये की लागत से नेहरू स्टेडियम को अत्याधुनिक मॉडर्न स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने हेतु आज स्टेडियम परिसर में विधि-विधान के साथ भूमि पूजन एवं हवन कार्यक्रम संपन्न हुआ।


प्रदीप बत्रा की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम

गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा लंबे समय से इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर प्रयासरत रहे हैं। चाहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस विकास कार्य की घोषणा करवानी हो या विधानसभा सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाना हो, श्री बत्रा ने रुड़की की खेल प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर स्तर पर प्रभावी पैरवी की। उनकी इसी दूरदृष्टि का परिणाम है कि आज इस परियोजना पर धरातल पर कार्य शुरू हो गया है।


प्रतिभा को नहीं होने देंगे संसाधनों की कमी: प्रदीप बत्रा

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि रुड़की की किसी भी खेल प्रतिभा को संसाधनों के अभाव में पिछड़ने नहीं दिया जाएगा। 


उन्होंने विश्वास दिलाया कि:

नेहरू स्टेडियम को रुड़की की प्रसिद्धि और गौरव के अनुरूप विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा।


खिलाड़ियों को आधुनिक ट्रेनिंग और सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को निखारने का कार्य किया जाएगा।


यह स्पोर्ट्स हब न केवल रुड़की को खेल जगत में नई पहचान दिलाएगा, बल्कि युवाओं के सपनों को नई उड़ान भी देगा।


क्षेत्र में हर्ष की लहर

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए भूमि पूजन कार्यक्रम ने रुड़की के खेल इतिहास में एक नई आधारशिला रखी है। स्थानीय नागरिकों एवं खेल प्रेमियों ने इसे कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की प्रतिबद्धता, विकासपरक सोच और क्षेत्र के प्रति उनके समर्पण का परिणाम बताया है। आने वाले समय में यह आधुनिक स्पोर्ट्स हब क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा।

 

 *भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक को बताया देश और प्रदेश की शान* 

 *साढ़े 8 करोड़ की लागत से किया गया हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार*

• *आइस रिंक संचालन के लिए स्थापित किया गया 1 मेगावाट का सोलर प्लांट* 

• *बीते एक वर्ष में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी का बना केंद्र* 

• *एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी की सफल मेजबानी पर जताया गर्व* 


• *उत्तराखंड में लागू होगा स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान, 8 शहरों में खुलेंगी 23 खेल अकादमियां* 

• *हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना पर तेजी से कार्य* U



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णोद्धार की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड  हॉकी आइस टीम की जर्सी व पे और प्ले पोर्टल का विमोचन किया |



मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक “हिमाद्रि” केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित this आइस रिंक में सर्वप्रथम साउथ एशियन विंटर गेम्स का आयोजन किया गया था, लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न कारणों से इसका सुचारु संचालन एवं रखरखाव नहीं हो पाने के कारण इसे बंद करना पड़ा।



उन्होंने कहा कि आइस रिंक की बदहाल स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पुनः संचालित करने का संकल्प लिया और लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत से पिछले वर्ष इसी दिन इसका जीर्णोद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को समर्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया गया है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज यह आइस रिंक एक बार फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन का केंद्र बन रही है। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष के दौरान यहां नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग तथा महिला एवं बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविरों का सफल आयोजन किया गया। साथ ही वर्तमान में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहां स्केटिंग एवं आइस हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।



मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय आइस हॉकी टीम का प्रशिक्षण शिविर भी इसी आइस रिंक में आयोजित किया गया। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने पहली बार “एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी” की सफल मेजबानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी उस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ था।



मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आइस स्केटिंग और आइस हॉकी के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए आने वाले समय में भारत शीतकालीन खेलों में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिला है और आज भारत खेलों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में नई पहचान मिली है। इन राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में शीघ्र ही राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना के लिए ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा प्रदान की जा रही है।



मुख्यमंत्री ने खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि खिलाड़ियों से संबंधित योजनाओं और प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।



उन्होंने कहा कि आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ खेल छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम मानते हुए उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करते रहेंगे।



इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्य, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, विशेष सचिव श्री अमित सिन्हा, खेल विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

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उत्तराखंड के स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 6 में प्रवेश हेतु पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इससे राज्य के प्रतिभाशाली बालक एवं बालिकाओं को खेल क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य बनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।


राज्य के प्रमुख आवासीय खेल विद्यालयों में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही पेशेवर खेल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून में एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल, जूडो, हॉकी, वॉलीबॉल, शूटिंग, जिम्नास्टिक्स, तैराकी एवं आइस स्पोर्ट्स जैसी विविध खेल विधाओं में प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इसी प्रकार श्री हरि सिंह थापा स्पोर्ट्स कॉलेज, पिथौरागढ़ में एथलेटिक्स, फुटबॉल एवं बॉक्सिंग तथा बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज, चंपावत में बालिकाओं के लिए एथलेटिक्स, बैडमिंटन एवं बॉक्सिंग की सुविधाएं उपलब्ध हैं।


इस संबंध में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश ममगाई ने बताया कि इन राज्य वित्तपोषित आवासीय खेल विद्यालयों में चयनित विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं, आधुनिक उपकरण तथा अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का अवसर मिल सके।


इसके लिये निर्धारित पात्रता मानदण्डों में आवेदक की आयु 11 से 13 वर्ष के बीच होनी चाहिए (जन्म तिथि 01 जुलाई 2013 से 01 जुलाई 2015 के मध्य) तथा वह उत्तराखंड का मूल/स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया के तहत प्रारंभिक चयन शारीरिक दक्षता परीक्षा, खेल कौशल एवं खेल प्रवीणता के आधार पर किया जाएगा।


इच्छुक अभ्यर्थी पंजीकरण हेतु निर्धारित क्यूआर कोड स्कैन कर सकते हैं अथवा वेबसाइट www.mpscollege.in से ऑफलाइन आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। दक्षता परीक्षा पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 मई, 2026 निर्धारित की गई है। इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु +91 135-2788142 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

 

खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया बॉक्सिंग प्रतियोगिता का समापन*

*यूथ महिला पुरुष मुक्केबाजी प्रतियोगिता में सभी 13 जिलों की टीमें हुई शामिल

हरिद्वार:



उत्तराखंड यूथ महिला एवं पुरुष मुक्केबाजी प्रतियोगिता 2026 में बालिका वर्ग में पिथौरागढ़ की टीम ओवरऑल चैंपियन बनी है। रविवार को योगस्थली खेल परिसर के मल्टीपरपज हॉल में प्रतियोगिता का भव्य समापन किया गया। इस अवसर पर रेखा आर्या ने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को ट्रॉफी व मेडल देकर सम्मानित किया।



खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड तेजी से बॉक्सिंग का उभरता हुआ केंद्र बन रहा है और वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश के खिलाड़ी ओलंपिक खेल तथा कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का झंडा लहराएंगे।


उन्होंने कहा कि खेल कौशल को विकसित करने के लिए मेहनत, समर्पण और अनुशासन आवश्यक है। साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकार आउट ऑफ टर्न नौकरी की व्यवस्था पहले से लागू कर चुकी है।


प्रतियोगिता में सभी 13 जनपदों की टीमों ने भाग लिया, जिसमें बालिका वर्ग में पिथौरागढ़ की टीम ओवरऑल चैंपियन बनी।


बालिका वर्ग में पिथौरागढ़ जनपद की टीम को विजेता घोषित किया गया जबकि पिथौरागढ़ स्पोर्ट्स हॉस्टल की टीम रनर अप रही। 


बालिकाओं के 45 से 48 किलोग्राम वर्ग में पिथौरागढ़ की जया ने गोल्ड मेडल, सविता ने सिल्वर मेडल और नेहा व गुंजन ने ब्रोंज मेडल जीता।


48 से 51 किलोग्राम वर्ग में कोमल लोहिया ने गोल्ड, कृष्णा ने सिल्वर और ऋतु व वैष्णवी ने ब्रॉन्ज मेडल जीते। 54 से 57 किलोग्राम वर्ग में पिथौरागढ़ की बबीता ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि इसी प्रतियोगिता में सलोनी ने सिल्वर मेडल अंशिका और रिया ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 


इसके अतिरिक्त 51 से 54 किलोग्राम वर्ग में पिथौरागढ़ की चांदनी गोल्ड जीतकर अव्वल रही। कविता ने सिल्वर और अनुष्का व अलीशा ने ब्रॉन्ज मेडल जीते। 


इस अवसर पर गोपाल खोलिया, निर्माण मुखर्जी, देवेंद्र चंद्र भट्ट, नवीन टम्टा, विशाल गर्ग, नवीन चौहान, विपिन चौधरी और सुधीर जोशी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।




यह शानदार जीत ज़बरदस्त स्किल्स, पक्के इरादे और टीमवर्क को दिखाती है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में ज़बरदस्त हिम्मत दिखाई है।

इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है।

बहुत बढ़िया, टीम इंडिया!

पीएम मोदी

T20cricket cup 2026 w9n  by india


This victory has filled every Indian heart with pride and joy. 

Well done, Team India!

जबकि गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारतीय टीम ने देश का मान बढ़ाया है।

लगातार दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम बनी भारत की क्रिकेट टीम ।


अब तक भारत तीन बार T20 वर्ल्ड कप जीत चुका है।


1. अभिषेक शर्मा ने एक विकेट एक ओवर और पांच रन

 2. बुमराह ने 4 विकेट चार ओवर  में 15 रन

3. अक्षर पटेल ने तीन विकेट तीन ओवर  में 27 रन 

4. हार्दिक पांड्या ने एक विकेट चार ओवर में 36 रन बनाए

न्यू जीलैंड 19 ओवर में 159 रन बनाए जबकि भारत ने 20 ओवर में पांच विकेट देकर 255 रन बनाएं इस प्रकार भारतीय टीम इंडिया  ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराते हुए T20 वर्ल्ड  कप  अपने नाम कर लिया।

संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ सीरीज और बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला।


 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की क्रिकेट टीम को पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंचने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और इससे प्रदेश के खिलाड़ियों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

uttarakhand cricket tean reachec in  semifinal


मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन को भी इस सफलता में उनके निरंतर प्रयासों और योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने बेहतर टीमवर्क, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।


श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें।


मुख्यमंत्री ने सेमीफाइनल मुकाबले के लिए टीम को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि उत्तराखंड की टीम सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में प्रवेश करेगी और राज्य का गौरव बढ़ाएगी।

 सचिवालय एथलेटिक्स क्लब का अष्टम वार्षिक एथलीट मीट का आयोजन



*  सचिवालय एथलेटिक्स एवं फिटनेस क्लब  द्वारा आज  दिनांक 18 जनवरी 2026 को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के गंगा एथलेटिक्स  ग्राउंड में अष्टम् सचिवालय वार्षिक एथलेटिक्स मीट का आयोजन  किया गया जिसमें मुख्य अथिति के रूप में विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित  सिन्हा , विशिष्ट अतिथि के  श्री संतोष बडोनी अपर सचिव एवं समापन अवसर पर मुख्य अतिथि श्री अजीत सिंह उप सचिव खेल और युवा कल्याण उपस्थित थे।

*  इस प्रतियोगिता में  25 वर्ष से लेकर 75 वर्ष तक  आयु के सचिवालय के अधिकारी कर्मचारियों  द्वारा बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया गया।

* प्रतियोगिता की चैंपियनशिप ट्रॉफी 50 प्लस में श्री जीवन सिंह बिष्ट ,40 प्लस में  श्री आई0पी0 सिंह, श्री दीपक सिंह बिष्ट ,30 प्लस में श्री टिकराज सिंह,

 महिला वर्ग 30 प्लस में श्रीमती चंपा कोरंगा ,40 प्लस में बिमला आर्य, और उर्वा रावत द्वारा चैंपियनशिप ट्रॉफी प्राप्त की गई।

*  इस अवसर पर क्लब के अध्यक्ष ललित चंद जोशी महासचिव राजेंद्र प्रसाद जोशी उपाध्यक्ष श्रीमती रीना शाही कोषाध्यक्ष श्री दिनेश सिंह  धींगा संयुक्त सचिव श्री भुवन जोशी,

कार्यालय सचिव श्री सुभाष लोहनी , मीडिया प्रभारी श्रीमती  निधि ऑडिटर श्रीमती प्रमिला टम्टा, सहित श्रीमती गोदावरी रावत, श्री विद्या दत्त जोशी, श्री गजपाल सिंह रावत ,श्री भूपेंद्र सिंह अनेक सदस्य उपस्थित थे।


देहरादून के पार्थ परमार का उत्तराखंड अंडर-14 टीम में चयन, घर-परिवार में खुशी की लहर*

*7 साल की मेहनत रंग लाईः 7 साल, 350 प्लस मैच और 24 शतकों ने दिलाया अंडर-14 में चयन*

*विराट कोहली है पार्थ के आइडल क्रिकटर, बैटिंग के साथ विकेट कीपिंग का भी है पार्थ पर हुनर*

*13 जनवरी को टीम के साथ इंदौर के लिए होंगे रवाना*


देहरादून :

Dehradun parth parmar selected in  under 14 cricket टीम


राजधानी देहरादून के मियाँवाला क्षेत्र में रहने वाले पार्थ परमार का उत्तराखंड अंडरदृ14 आयु वर्ग की क्रिकेट टीम में चयन होने से उनके घर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। परिवार और क्षेत्रवासियों की ओर से उन्हें लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं।

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड द्वारा गत वर्ष दिसंबर माह में छिद्दरवाला स्थित आयुष क्रिकेट अकादमी में अंडरदृ14 वर्ग के ट्रायल आयोजित किए गए थे।


 इन ट्रायल्स में कुल 20 खिलाड़ियों का चयन उत्तराखंड अंडरदृ14 टीम के लिए किया गया, जिसमें देहरादून के मियाँवाला निवासी पार्थ परमार का चयन एक बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में हुआ है।


पार्थ परमार के पिता चंद्रपाल सिंह परमार एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं और मियाँवाला में एक कन्फेक्शनरी की दुकान संचालित करते हैं। 

उन्होंने बताया कि पार्थ को बचपन से ही क्रिकेट में गहरी रुचि रही है। पार्थ वर्ष 2018 से क्रिकेट खेल रहा है और आज उत्तराखंड अंडरदृ14 टीम में चयन होकर न केवल उसने स्वयं का उत्साह बढ़ाया है, बल्कि पूरे परिवार को भी गौरवान्वित किया है।


पिता ने बताया कि पार्थ बचपन से ही विराट कोहली को अपना आदर्श क्रिकेटर मानता है। अब तक पार्थ लगभग 350 मैच खेल चुका है, जिसमें उसने 24 शतक लगाए हैं और 13,000 से अधिक रन बनाए हैं।


उत्तराखंड अंडरदृ14 टीम में चयन का श्रेय पार्थ ने अपने माता-पिता को दिया है। पार्थ का कहना है कि माता-पिता ने हमेशा उसे खेल के प्रति पूरी स्वतंत्रता और समर्थन दिया, जिसके कारण आज उसे प्रदेश का नाम रोशन करने का अवसर मिला है। पार्थ ने कहा कि वह इस मंच पर अच्छा प्रदर्शन कर अधिक से अधिक रन बनाना चाहता है और टीम को जीत दिलाने में योगदान देना चाहता है।


पार्थ ने जानकारी दी कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की अंडरदृ14 टीम मंगलवार, 13 जनवरी को 15 दिनों के लिए इंदौर रवाना होगी, जहां टीम राज सिंह डूंगरपुर ट्रॉफी में प्रतिभाग करेगी।


*शुरुआत से ही पार्थ में क्रिकेट के प्रति था जुनूनः कोच*

 हिमालय क्रिकेट अकादमी में पार्थ परमार के कोच विजय सिंह उर्फ बंटू ने बताया कि पार्थ बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जुनून रखता था। बंटू ने बताया कि पार्थ ने शुरुआती दौर पर अपनी प्रतिभा और अपने टैलेंट से हम सभी का दिल जीता है। जो कि उसे अकादमी में और खिलाड़ियों से अलग दिखाता है। कोच बंटू ने बताया कि पार्थ की मेहनत और लगन का नतीजा है कि आज क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड में उसका चयन हुआ है।


*एकेडमिक्स में भी कोई कमी नहींः पुष्पा*

 पार्थ की माँ पुष्पा परमार ने बताया कि पार्थ खेल के साथ पढ़ाई पर भी पूरा फोकस रखता है। पार्थ की मां पुष्पा ने बताया कि पार्थ राजहंस स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र है। पुष्पा ने बताया कि पार्थ ने  आज जो मुकाम हासिल किया है उससे न केवल पार्थ के सपनों में नई उड़ान मिलेगी, बल्कि हमें भी गर्व से पार्थ की मां कहलाने का मौका दिया है।

 *23 दिसंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी : रेखा आर्या* 

*न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय, चार चरणों में स्पर्धा*

*कुल 26 खेल स्पर्धाएं, ट्रॉफी विजेता को मिलेंगे 5 लाख* 



देहरादून:


 खेल महाकुंभ इस साल नए प्रारूप में मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी 2025-26 के नाम से आयोजित किया जाएगा और इसकी शुरुआत 23 दिसंबर से होने जा रही है। गुरुवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी। 


खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह प्रतियोगिता न्याय पंचायत, विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय चार चरणों में आयोजित की जाएगी। 



प्रतियोगिता दौरान कुल 26 खेल स्पर्धाएं आयोजित होंगी जिनमें इस बार परंपरागत खेलों को भी जगह दी गई है। चैंपियनशिप का समापन 28 जनवरी को किया जाएगा और इस दिन मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी के साथ विजेता को ₹5 लाख की धनराशि भी दी जाएगी। चैंपियन का निर्णय उनके द्वारा जीते गए मेडल के आधार पर प्रदान किए गए अंकों के योग से किया जाएगा। 


इसके अतिरिक्त सांसद ट्रॉफी जीतने वाली टीम को 2 लाख और विधानसभा ट्रॉफी जीतने वाली टीम को ₹1 लाख की नगद इनाम धनराशि दी जाएगी। 


खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने पर खिलाड़ी को ₹1 लाख की अतिरिक्त इनाम राशि दी जाएगी। 


खेल मंत्री ने बताया कि चैंपियनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अक्टूबर से शुरू कर दिए गए थे, अभी तक 1 लाख 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी अपना पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 22 दिसंबर तक खुले रहेंगे। 


*दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग प्रतियोगिता* 


इसके साथ-साथ प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, बैडमिंटन और तैराकी की स्पर्धा अलग से आयोजित की जाएगी। खेल मंत्री ने बताया कि इस श्रेणी के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं। 


*बिना जूते, ट्रैकसूट ना हो कोई खिलाड़ी* 

गुरुवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय स्थित एनआईसी कार्यालय में सभी जनपद के जिलाधिकारी के साथ इस आयोजन को लेकर एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि ट्रायल और खेलों में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ी के पास जूते और ट्रैकसूट हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साथ ही सर्दी से खिलाड़ियों का बचाव करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने, हर खेल स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को तैनात करने, आवश्यकता पड़ने पर खिलाड़ियों को रात में ठहराने और भोजन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।



*विजेता प्रतिभागियों को महानिदेशक सूचना ने प्रदान किये पुरस्कार*


देहरादून :



 उत्तराखण्ड सूचना कर्मचारी संघ (मुख्यालय), देहरादून द्वारा प्रथम इंडोर खेल प्रतियोगिता-2025 का आयोजन किया गया। मंगलवार को  प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी द्वारा पुरस्कार प्रदान किये गये। 


महानिदेशक सूचना श्री तिवारी द्वारा सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं मेडल प्रदान करते हुए कहा कि हम सभी को अपनी जीवनशैली में योग और खेल को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपनी जीवनशैली में बढ़ते तनाव को कम करने के लिये नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। खेल की भावना जीवन को अनुशासित बनाने के साथ शारीरिक व मानसिक विकास में भी मददगार रहती है। उन्होंने कहा कि सूचना संघ द्वारा यह अच्छी पहल की गई है। सभी कर्मचारी बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि विभागीय परिसर में एक बैडमिंटन कोर्ट तैयार कराया जाय। इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाय। 


इस अवसर पर अपर निदेशक श्री आशिष कुमार त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिता भविष्य में भी आयोजित की जाय। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय, उप निदेशक श्री मनोज श्रीवास्तव, श्री रवि बिजारनिया द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये गये। 


कार्यक्रम में संघ के महामंत्री श्री अंकित चौहान द्वारा स्वागत भाषण किया गया। श्री चौहान ने कहा कि महानिदेशक सूचना की प्रेरणा और मार्गदर्शन से ही खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई है। कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष श्री कैलाश रावत द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गये। 


कार्यक्रम में में महानिदेशक सूचना श्री तिवारी द्वारा शतरंज प्रतियोगिता में विजयी रहे कैलाश रावत एवं उप विजेता राजेन्द्र सिंह कलूड़ा को पुरस्कृत किया गया। महिला वर्ग में कैरम सिंगल्स की विजेता श्रीमती आरती बिष्ट एवं उप विजेता सुश्री विदिशा नेगी को पुरस्कार प्रदान किये गये। कैरम प्रतियोगिता में पुरूष वर्ग के सिंगल्स श्रेणी के विजेता  अतुल डिमरी एवं उप विजेता गजेन्द्र सिंह को पुरस्कृत किया गया। कैरम प्रतियोगिता के डबल्स श्रेणी में विजेता अतुल डिमरी एवं गजेन्द्र सिंह, उप विजेता चेतन कुमार पाण्डेय एवं राम सिंह परजोली को पुरस्कृत किया गया। यह खेल प्रतियोगिता विगत 12 एवं 14 दिसम्बर, 2025 को सूचना भवन सभागार में आयोजित की गई थी। 


इस अवसर पर संघ के समस्त पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

 *नौगांव ब्लॉक में 184 गाँवों के बावजूद एक भी खेल मैदान न होना राज्य की खेल नीति की गंभीर विफलता को दर्शाता है। युवाओं की यह माँग पूरी तरह जायज़ है और सरकार को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।*

--- स्थिति की गंभीरता:

- *184 गाँवों वाला नौगांव ब्लॉक* उत्तरकाशी जिले का एक बड़ा प्रशासनिक क्षेत्र है, लेकिन एक भी समुचित खेल मैदान नहीं_ है।

- यह स्थिति न केवल खेल प्रतिभा के दमन का कारण बन रही है, बल्कि युवाओं के मानसिक और शारीरिक विकास में भी बाधा बन रही है।

- स्थानीय युवाओं का आरोप है कि *खेल मंत्री रेखा आर्य* और *विधायक दुर्गेश लाल* ने पर्वतीय क्षेत्रों की खेल आवश्यकताओं की अनदेखी की है।

 राज्य सरकार की योजनाएँ — लेकिन ज़मीनी हकीकत अलग:*

- उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि _सभी जिलों में बहुउद्देशीय हॉल और खेल मैदान बनाए जाएंगे_, विशेषकर 50,000 से अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में।

- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी  खेलों को युवाओं से जोड़ने की बात कही थी और 2024 के बजट में खेलों के लिए प्रावधानों का ज़िक्र किया था।

- लेकिन नौगांव ब्लॉक जैसे क्षेत्रों में इन घोषणाओं का कोई असर नहीं दिखता न योजना, न बजट, न निर्माण।


 जनता और युवाओं की माँगें:

*प्रत्येक क्लस्टर में कम से कम एक खेल मैदान* का निर्माण हो।

*स्थानीय युवाओं की भागीदारी* से खेल समितियाँ बनाई जाएँ जो ज़रूरतों की पहचान करें।

*खेल मंत्री और विधायक* को _जन संवाद_ के लिए आमंत्रित किया जाए ताकि वे ज़मीनी हकीकत को समझें।

*मनरेगा, जिला योजना और CSR फंड* के माध्यम से खेल मैदानों के लिए संसाधन जुटाए जाएँ।


 आगे की रणनीति:*

- *ऑनलाइन और ऑफलाइन हस्ताक्षर अभियान* शुरू कर सरकार तक आवाज़ पहुँचाई जाए।

- *स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया* पर इस मुद्दे को लगातार उठाया जाए।

- *RTI के माध्यम से जानकारी* ली जाए कि नौगांव ब्लॉक के लिए अब तक खेल बजट में क्या प्रावधान हुए हैं।                                                  समाज सेवक सोवत राणा ने कहा कि इस प्रकार नौगांव को खेलो से जोड़ने की मुहिम चलाई जाएगी।

 

CS champawat player honored

चम्पावत :


मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन श्री आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत जनपद की उभरती खेल प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया।


इस अवसर पर विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों एवं कोच को मेडल एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


मुख्य सचिव ने चम्पावत की उभरती (नेशनल) प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए प्रिंस खोलिया ( ब्रॉन्ज मेडल), दीपांशु जोशी (सिल्वर मेडल), अक्षत बोहरा (ब्रॉन्ज मेडल), अंशिका धामी (नॉर्थ इंडिया गोल्ड मेडल) और हर्षित थापा (जूनियर नेशनल ब्रॉन्ज मेडल) को एक साथ सम्मानित किया।


इसके साथ ही अर्जुन सिंह एवं तुषार भट्ट को विद्यालय स्तर से नेशनल प्रतियोगिताओं हेतु चयनित होने पर सम्मानित किया गया।


मुख्य सचिव ने खिलाड़ियों के व्यक्तिगत कोच श्री ललित कुंवर एवं कराटे कोच श्री विजय रावत को भी खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु शॉल एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।


उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री चंदन सिंह बिष्ट को भी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए शुभकामनाएँ दीं।


पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु मुख्य सचिव ने बूम फॉरेस्ट गेस्ट हाउस परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत हरसिंगार (पारिजात) का पौधा रोपा।


कुमाऊँ कमिश्नर श्री दीपक रावत ने भी इस अवसर पर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया।


मुख्य सचिव ने कहा कि खेल और पर्यावरण—दोनों ही क्षेत्र समाज को नई दिशा देते हैं, इसलिए युवाओं को स्वस्थ वातावरण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।


इस दौरान जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

 

 *22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने दिखाया दम; मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से किया संवाद* 

 *टिहरी झील बनेगी अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर स्पोर्ट्स हब—मुख्यमंत्री ने कही बड़े आयोजन जारी रखने की बात* 

 *उत्तराखंड खेलों की नई ऊंचाई पर—राष्ट्रीय खेलों में 103 मेडल और 7वां स्थान पाकर ‘खेलभूमि’ के रूप में उभरता राज्य* 

 *राज्य में बनेगी 23 नई खेल अकादमियाँ, हर साल 920 इंटरनेशनल एथलीट तैयार होंगे: मुख्यमंत्री* 

 *खेल भावना ही असली जीत- सीएम* 

 *विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित* 


Tihri  water  spirts games  2025


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को टिहरी झील में आयोजित “इंटरनेशनल प्रेसीडेंट कप-2025’’ एवं “चतुर्थ टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप-2025’’ के भव्य समापन समारोह में पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर उन्होंने भारत और विभिन्न देशों से आए खिलाड़ियों से संवाद किया तथा उनके उत्साह और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है तथा टिहरी झील को वैश्विक साहसिक खेल मानचित्र पर स्थापित करती है।


समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और खेल प्रेमियों का स्वागत किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए टीएचडीसी, एशियन कायकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टिहरी झील अब केवल ऊर्जा उत्पादन या जल प्रबंधन का केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि पर्यटन, साहसिक खेलों और स्थानीय लोगों की आजीविका के नए अवसरों का सबसे बड़ा आधार बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि यहां समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहें, ताकि साहसिक खेलों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी निरंतर बढ़ावा मिल सके।



मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल न केवल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसी आवश्यक जीवन मूल्यों को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के प्रयासों का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय खेलों में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 2023 में चीन में हुए एशियाई खेलों में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीतकर नया इतिहास रचा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और केंद्र सरकार ने खेल बजट को भी तीन गुना बढ़ाया है।



मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफलता ने राज्य को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित किया है। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ियों ने पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर 7वाँ स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम हो चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में देहरादून स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्थित आइस रिंक में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसने भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का द्वार खोला है।



मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य में शीघ्र ही “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है, वहीं स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रशिक्षण और शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, उदीयमान खिलाड़ी योजना, खेल-किट योजना, मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, खेल छात्रवृत्ति, उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार, हिमालय खेल रत्न पुरस्कार और प्रशिक्षकों के लिए देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड जैसी व्यवस्थाएँ राज्य में खेलों के व्यापक विकास के लिए प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। इसके साथ ही राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए चार प्रतिशत खेल-कोटा भी पुनः लागू किया गया है।


समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना है और यह प्रसन्नता की बात है कि सभी खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से सकारात्मक खेल-भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार उनके सपनों को पंख देने और हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड और देश के खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम और अधिक ऊँचा करेंगे।


कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, विधायक श्री किशोर उपाध्याय, जिलाधिकारी सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी, आयोजन समिति टीएचडीसी के सीएमडी सीपन गर्ग , देश और विश्व भर से आए हुए खिलाड़ी व स्थानीय जनता उपस्थित रही |


 हरिद्वार:




नौसेना दिवस - 2025 की गतिविधियों के अंतर्गत, AKUMS ने 16 नवंबर 2025 को हरिद्वार से देहरादून और देहरादून से हरिद्वार  एक साइकिल यात्रा का आयोजन किया। 


सुबह 0600 बजे AKUMs के प्रबंध निदेशक  संदीप जैन ने AKUMS के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों और DQA (नौसेना) सेल हरिद्वार के कर्मियों की उपस्थिति में हरिद्वार शहर के नौ साइकिल चालकों  को AKUMS से रवाना  किया। 

कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाते हुए श्री संदीप जैन ने कहा कि AKUMS को इस महत्वपूर्ण अवसर का हिस्सा बनने पर बेहद गर्व है और उन्होंने riders  को एक बहुत ही सुरक्षित और सफल यात्रा की शुभकामनाएं दीं। भारतीय नौसेना के कैप्टन एमके छाबड़ा ने मुख्य अतिथि को नौसेना का स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया और इस सम्मानजनक कार्यक्रम के साथ AKUMS के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।


“We R Riders Haridwar” हरिद्वार का एक endurance साइक्लिस्ट समूह है, जो हर रविवार Century Rides (100 किमी) के साथ-साथ कई अन्य साइक्लिंग अभियानों में भाग लेता है।


इस राइड में शामिल रहे: कैप्टन एम.के. छाबड़ा, डॉ. सुनील जायसवाल, श्री मनोज कपिल, श्री संजय पटेल, श्री विशाल गुप्ता, श्री सुमित राठौड़, श्री गौरव गिरी, श्री शिवम सिंह और श्री अनुराग।


इस ग्रुप का मुख्य उद्देश्य नियमित और सामुदायिक साइक्लिंग के माध्यम से एक स्वस्थ जीवनशैली को प्रेरित करना, और उन लोगों को एक साथ लाना है जो राइडिंग, फिटनेस और प्रकृति के प्रति समान जुनून रखते हैं।

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