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हरिद्वार: 

NUJJ  haridwar working committe


आज दिनांक 28, दिसंबर,2025 को नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया,हरिद्वार जिला इकाई की कार्यकारिणी बैठक प्रेस क्लब सभागार में आयोजित हुई।


जिला अध्यक्ष नरेश गुप्ता जी की अध्यक्षता में संगठन की मजबूती, विस्तार और आगामी कार्य विषयों पर चर्चा की गई।


पत्रकारिता में आ रही चुनौतियों और गिरावट पर चर्चा की गई।


महामंत्री संदीप रावत ने सभी सदस्यों को अवगत कराया की आज संघटन में 4 वरिष्ट सदस्य शामिल हुए।



।जिनमे श्री ललितेंद्र नाथ ,श्री नरेश दीवान शैली,श्री  के के पालीवाल व श्री प्रशांत शर्मा आज विधिवत रूप से एन यू जे (आई ) में शामिल हुए। 


प्रदेश अध्यक्ष सुनील दत्त पांडे,प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी,वरिष्ट सदस्य श्री आदेश त्यागी, श्री राम चंद्र कन्नौजिया,श्री गुलशन नैय्यर, श्री राजेश शर्मा ,श्री राजेंद्र नाथ गोस्वामी, डा शिवा अग्रवाल, श्री राहुल वर्मा ,श्री बाल कृष्णा शास्त्री सहित समस्त कार्यकारिणी आदि ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया।


  प्रदेश अध्यक्ष सुनील दत पांडे, वरिष्ठ सदस्य आदेश त्यागी, रामचंद्र कन्नौजिया,गुलशन नैय्यर, राजेंद्र नाथ गोस्वामी, राजेश शर्मा,बाल कृष्ण शास्त्री, डा शिवा अग्रवाल, राहुल वर्मा,प्रतिभा वर्मा, कुम कुम शर्मा,जोगेंद्र मावी,सुरेंद्र कुमार शर्मा, आशीष मिश्रा, शिवांग अग्रवाल, शमशेर बहादुर,नीलम सैनी, संजीव शर्मा,अनूप कुमार,नितिन राणा, करण खुराना,ठाकुर शैलेंद्र सिंह आदि इस अवसर पर उपस्थित रहे।

 

भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय जी की 164वीं जयंती के पावन अवसर पर, महामना सेवा संस्थान, हरिद्वार द्वारा प्रेस क्लब में आयोजित भव्य कार्यक्रम में डॉ सुनील कुमार बत्रा, प्राचार्य इस एम जे एन कॉलेज हरिद्वार को 'मालवीय सम्मान' से विभूषित किया गया।




उन्होंने कहा कि महामना मालवीय जी, जिन्होंने शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय और श्री गंगा सभा जैसी संस्थाओं के माध्यम से एक युग का निर्माण किया, उनके नाम से जुड़ा यह सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।

मैं इस सम्मान के लिए मुख्य अतिथि श्री ललित नारायण मिश्रा जी (मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार), कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्वामी रवि देव शास्त्री जी, स्वामी हरिहरानन्द जी महाराज और महामना सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री पदम प्रसाद सुवेदी जी, महामंत्री डॉ. रमेश चंद्र शर्मा जी एवं संयुक्त मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह चौहान जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी शुभचिंतकों और विद्यार्थियों का है जिनके प्रेम और सहयोग ने मुझे सदैव उचित राह पर चलने की शक्ति दी है।




 

देहरादून:



*एमडीडीए की पहल से आईएसबीटी बना आधुनिक ट्रांजिट–कम–एंटरटेनमेंट हब, मल्टीप्लेक्स की शुरुआत*




मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आईएसबीटी परिसर के अधिग्रहण के बाद वहां व्यापक सुधार कार्य तेजी से आगे बढ़े हैं। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और अनुभव को ध्यान में रखकर आईएसबीटी बस अड्डे में सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, यात्री सुविधाओं के उन्नयन और चिल्ड्रन पार्क जैसी पहलें की गई हैं। देशभर से आने वाले यात्रियों द्वारा सुविधाओं की सराहना की जा रही है। एमडीडीए का लक्ष्य आईएसबीटी बस अड्डे को देश के टॉप–टेन आधुनिक बस टर्मिनलों में शामिल करना है, ताकि यह परिवहन के साथ–साथ शहर की पहचान का केंद्र बन सके।


*दर्शक बॉलीवुड–हॉलीवुड फिल्मों का उठा सकेंगे आनंद*

एमडीडीए के आईएसबीटी मॉल में आज से मल्टीप्लेक्स की शुरुआत हो गई है। माइक्रोमल्टीप्लेक्स कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से चयनित होकर यहां फिल्मों का संचालन शुरू किया है। अब यात्री और शहरवासी एक ही परिसर में यात्रा, खरीदारी और मनोरंजन का लाभ ले सकेंगे। आने वाले दिनों में शॉपिंग मॉल, विभिन्न दुकानें और फूड कॉर्नर भी शुरू किए जाएंगे। एमडीडीए का प्रयास है कि आईएसबीटी देहरादून मॉल को आधुनिक, सुव्यवस्थित और बहु–उपयोगी सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।


*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि आईएसबीटी परिसर का समग्र विकास प्राधिकरण की प्राथमिकता है। बस अड्डे और मॉल में किए जा रहे सुधार कार्यों का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मल्टीप्लेक्स की शुरुआत से मनोरंजन के साथ–साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में शॉपिंग, फूड कॉर्नर और अन्य सुविधाएं शुरू कर परिसर को एक आधुनिक ट्रांजिट–कमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमडीडीए जन–सुविधाओं के विस्तार और नियोजित शहरी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।


*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान* 

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया के तहत चयनित कंपनी द्वारा मल्टीप्लेक्स का संचालन पारदर्शी तरीके से शुरू किया गया है। आईएसबीटी मॉल में चरणबद्ध रूप से नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, जिससे यात्रियों और स्थानीय नागरिकों दोनों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्वच्छता, सुरक्षा और संचालन मानकों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे।

 

देहरादून:

SIR importance  Amit shah dehradun


आज दिनांक 16 दिसंबर 2025 को  देश के  गृह मंत्री आदरणीय अमित शाह  के द्वारा सदन में हुई चुनाव सुधार पर चर्चा का वीडियो क्लिप के माध्यम से भाजपा महानगर कार्यालय पर महानगर की अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता ने   गृहमंत्री अमित शाह के उद्धबोधन को सुना।

महानगर के अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल जी ने बताया कि जिस प्रकार  अमित शाह  ने सदन के माध्यम से 140 करोड़ जनता को यह समझाने का प्रयास किया की विपक्ष द्वारा SIR को लेकर देश में एक भ्रम फैलाया जा रहा है।

 साथ भी यह बताया कि अगर चुनाव के दौरान किसी ने चोरी की है तो मात्र कांग्रेस पार्टी ने की है कांग्रेस पार्टी लगातार देश की जनता को भ्रमित करने का काम करती आई है ।

आज भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाकर अपने इतिहास को जनने काम ना करते हुए SIR का विरोध कर रही है। 


हम सभी कार्यकर्ताओं की यह जिम्मेदारी है कि हमें अपने प्रत्येक बूथ कार्यकर्ताओं को बताना होगा कि हम किस प्रकार वोट चोरी रोक सकते हैं ताकि इस देश की जनता सही मतदान से सही नेतृत्व चुन सके।

साथ ही हमें यह समझने की आवश्यकता है कि SIR का पूर्ण रूप और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है हमें समझना होगा किस प्रकार इस देश में घुसपैठ हुआ है।

 अवैध घुसपैठ के कारण वोट बैंक की राजनीति करने का काम कांग्रेस पार्टी करती है। 


आज कांग्रेस पार्टी का मुख्य उद्देश्य है कि इस प्रक्रिया से उन्होंने जो देश में घुसपैठ मतदान पैदा किए हैं वह सब देश के बाहर हो जाएंगे और उन्हें वोट नहीं मिल पाएंगे।


कार्यक्रम के बाद सभी कार्यकर्ताओं से कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी विधायक रायपुर उमेश शर्मा विधायक कैंट श्रीमती सविता कपूर महानगर महापौर सौरभ थपलियाल के द्वारा देश के गृहमंत्री आदरणीय अमित शाह जी के द्वारा अपने अभिवादन में चुनाव पर चर्चा पर कार्यकर्ताओं से प्रश्न उत्तर पर चर्चा की गई जिसमें सभी कार्यकर्ताओं ने पूछे गए प्रश्नों का सही उत्तर दिया। 


कार्यक्रम में दायित्व धारी राज्य मंत्री श्रीमती विनोद उनियाल मधु भट्ट भगवत प्रसाद मकवाना श्याम अग्रवाल डॉ देवेंद्र भसिन महानगर उपाध्यक्ष राजेंद्र ढिल्लो संकेत नौटियाल ओम कक्कड़ संध्या थापा महानगर मंत्री मोहित शर्मा जगदीश समीर डोभाल सुरेंद्र राणा अक्षत जैन उमेश तिवारी प्रदीप कुमार अवधेश तिवारी बलदेव नेगी कुलदीप पंत यासमीन आलम खान सुरेंद्र सुमित पांडे राहुल लारा सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित। 



 

शिवपुरी -




 इन्डियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन शिवपुरी ने शहीद तात्या टोपे ग्राउंड में भारतीय सेना के साहस ,शौर्य ,कर्तव्य और सर्वोच्च बलिदान दिवस ,विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि

 16 दिसंबर सिर्फ एक तारीख नहीं है, यह वह दिन है जब भारत ने इतिहास में अपने शौर्य, रणनीति और मानवीय साहस की एक ऐसी लकीर खींची जिसे दुनिया आज भी सम्मान के साथ याद करती है। सन 1971 के युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को युद्ध के मैदान में ऐसा परास्त किया कि 93000 पाकिस्तानी फौजियों को भारतीय सेना के सामने सरेंडर करना पड़ा। यह दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया का सबसे बड़ा सैनिक समर्पण था। इसी ऐतिहासिक जीत की याद में 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह युद्ध 13 दिनों तक चला था। दो पेरा बटालियन ग्रुप के पहुंचने के बाद से पाक सेना बांग्लादेश की राजधानी ढाका में चारों तरफ से गिर चुकी थी। इसी दौरान सरेंडर करने के लिए पाक सेना के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी को एक चिट्ठी भेजी गई। यह चिट्ठी सिर्फ एक लाइन की थी, लेकिन जनरल नियाजी तक इसे ले जा रहे कप्तान निर्भय और उनकी टीम पर ही हमला बोल दिया गया। जैसे-तैसे एक लाइन के उस खत को पाकिस्तान सेना के अफसर तक पहुंचाया गया। और जैसे ही नियाजी ने वह चिट्ठी पढी, उसके तुरंत बाद पाक सेना के 93 हजार अफसर और जवानों ने सरेंडर कर दिया। पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी पाकिस्तान इन दोनों के बीच 1600 किलोमीटर का भारत था। लेकिन दूरी से भी ज्यादा बड़ा था भाषा संस्कृति और राजनीति का फैसला। पूर्वी पाकिस्तान की आबादी ज्यादातर बंगाली थी लेकिन सत्ता और सेना पूरी तरह से पश्चिमी पाकिस्तान के नियंत्रण में थी। बंगाली भाषा को दबाया गया। राजनीतिक अधिकार छीने गए और आर्थिक शोषण चरम पर पहुंचा। 1970 के आम चुनाव में शेख मुजीबुर्रहमान की पार्टी को साफ साफ बहुमत मिला। पर उन्हें सरकार बनाने का मौका नहीं मिला। भारत ने तय किया कि अब निर्णय खुद लेना होगा। इसी बीच 3 दिसंबर 1971 की शाम पाकिस्तान ने भारत के कई एयरवेज पर हमला कर दिया। और यही से युद्ध की आधिकारिक शुरुआत हुई। भारतीय सेना ने बांग्लादेशी गोरिल्ला फोर्स मुक्ति वाहिनी के साथ मिलकर रणनीति बनाई। तीनों सेनाये थल सेना,नौसेना और वायु सेना को पूरी तैयारी में लगा दिया गया।युद्ध सिर्फ 13 दिनों तक चला लेकिन इसकी गति, तीव्रता भारत का मुख्य लक्ष्य था। भारतीय सेना ने तीनों दिशाओं में तेजी से बढ़त बनाई। पाकिस्तान की सेना पूरी तरह बिखर चुकी थी। भारतीय सेना ने आसमान में पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया। पाकिस्तान एयरवेज ध्वस्त कर दिए गए। नौसेना ने कराची बंदरगाह पर हमला कर पाकिस्तान की सप्लाई लाइन पूरी तरह से बर्बाद कर दी। इस पूरे युद्ध में भारत की रणनीति,लंबी लड़ाई नहीं बल्कि निर्णायक और बड़ी जीत रही। जनरल नियाजी ने भारतीय सेना के पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने आत्मसमर्पण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। उसके साथ ही 93000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भी भारतीय फौज के सामने हथियार डाल दिए। यह  सिर्फ फौजी जीत की नहीं थी राष्ट्र बांग्लादेश का जन्म हुआ 1971 का युद्ध कई महीनो में ऐतिहासिक था यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा फौजी आत्मसमर्पण था इस युद्ध को भारत ने मानवीय मूल्यों के लिए लड़ा था इस जितने भारत को एक मजबूत सक्रिय ताकत के रूप में स्थापित किया 16 दिसंबर सिर्फ अतीत की जीत नहीं है यह दिन याद दिलाता है विजय दिवस हमें सिखाता है कि शक्ति सिर्फ हथियार से नहीं इंसाफ और साहस से आती है।  

1971 की जीत ने भारत को इतिहास के एक ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया जहां दुनिया ने उसकी सेन्य क्षमता ही नहीं उसकी नैतिक ताकत को भी देखा। 93000 पाकिस्तानी फौजियों का के लिए महज एक हार नहीं थी, बल्कि एक बड़ा सबक था ।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा, 65 और 71 की लड़ाई लड़ने वाले कप्तान चन्द्र किशोर चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा, शहर उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राजावत, कोऑर्डिनेटर बृजेश कुमार राठौर, वेटरन कैलाश सिंह जादौन, वेटरन मनोज दीक्षित, वेटरन दिलीप बाजपेई उपस्थित रहे। संचालन बृजेश कुमार राठौर ने किया। उपाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने आभार व्यक्त किया।


*अभाविप ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के सचिव को सौंपा ज्ञापन*


*उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रसंघ चुनाव बहाली तथा इसके विनियम हेतु नया कानून आवश्यक: अभाविप*


*CUET प्रवेश प्रक्रिया को एकीकृत बनाने तथा एकल आवेदन शुल्क लागू करने की उठाई गई मांग*

ABVP representative meet to UGC secretary  CUET


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में अभाविप के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. मनीष आर. जोशी से मुलाकात कर उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रसंघ चुनाव कराने तथा इस हेतु कानून लाने, सीयूईटी (CUET) प्रवेश परीक्षा हेतु केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया अपनाने व एकल आवेदन शुल्क लागू करने, स्नातक, परास्नातक तथा शोध पाठ्यक्रमों हेतु अकादमिक कैलेंडर नियमित करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न अकादमिक मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। 

देहरादून में आयोजित अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्तावों के आलोक में अभाविप प्रतिनिधिमंडल ने विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं से यूजीसी सचिव को अवगत कराया और इन विषयों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।


अभाविप अपनी उन्नयन काल से ही सकारात्मक शैक्षिक परिवेश एवं विद्यार्थियों के हित में कार्य कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप आज यह छात्र शक्ति विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन के रूप में स्थापित हुई है। 


आज दिए गए ज्ञापन में सीयूईटी प्रवेश परीक्षा की जटिलताओं को दूर कर केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया एवं एकल आवेदन शुल्क करने, स्नातक, परास्नातक तथा शोध पाठ्यक्रमों के सत्रों को नियमित करने हेतु अकादमिक कैलेंडर के अनुकूल कार्य करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी करने व उनका ऑडिट कराने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नाम पर शिक्षण संस्थानों द्वारा की जा रही निरंतर शुल्क वृद्धि पर रोक लगाने, सभी संस्थानों में छात्रसंघ चुनावों की बहाली व विनियमन हेतु नया कानून लाने, प्रत्येक संस्थान में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) व राष्ट्रीय कैडेट कॉर्प्स (NCC) की इकाई शुरू करने तथा महिला सुरक्षा के लिए आंतरिक शिकायत समिति को अधिक सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषय अभाविप द्वारा इस ज्ञापन में सम्मिलित किए गए हैं।


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, "आज अभाविप के प्रतिनिधिमंडल ने यूजीसी सचिव को विभिन्न अकादमिक समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा है, जिसमें शिक्षा जगत से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया गया है। यह ज्ञापन अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्तावों के आलोक में दिया गया है। अभाविप द्वारा दिए गए सुझावों एवं ज्ञापन पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और इन समस्याओं के समाधान हेतु आश्वासन भी दिया है।"

 *गन्ना समर्थन मूल्य बढ़ाने पर किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का किया आभार*

 *राज्य सरकार ने गन्ना मूल्य में की ₹30 प्रति क्विंटल की ऐतिहासिक बढ़ोतरी* 

 *उत्तराखंड बना पड़ोसी राज्यों से अधिक गन्ना मूल्य देने वाला राज्य*

 *निर्णय से करीब तीन लाख गन्ना किसानों को मिलेगा सीधा लाभ* 

CM dhamihoored handicapped


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को खटीमा दौरे पर रहे। इस दौरान क्षेत्र के किसानों ने गन्ना समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके निर्णय के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।


कार्यक्रम के दौरान भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने मुख्यमंत्री श्री धामी को गन्ना, तथा पर्वतीय क्षेत्रों की पारंपरिक कृषि उपज—गडेरी, माल्टा, अदरक और शहद से भरी विशेष टोकरी—भेंट की।


महेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गन्ने के समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि से प्रदेश के लगभग तीन लाख गन्ना किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने इस फैसले को किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।



उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। अब शीघ्र प्रजाति वाले गन्ने का समर्थन मूल्य

₹375 से बढ़कर ₹405 प्रति क्विंटल हो गया है। सामान्य प्रजाति वाले गन्ने का समर्थन मूल्य ₹365 से बढ़कर ₹395 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद उत्तराखंड अब पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से भी अधिक गन्ना समर्थन मूल्य देने वाला राज्य बन गया है, जो गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।


मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने वालों में राज्य किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र सिंह बिष्ट, संदीप कुकसाल, हरीश सुनाल, नरेंद्र मेहरा, सोबन सिंह, भैरव खोलिया, रवीन्द्र रैकुनी, आनंदमणि भट्ट सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।


*मुख्यमंत्री ने विश्व दिव्यांग दिवस पर हल्द्वानी में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार समारोह, दिव्यांगजनों को किया सम्मानित*


*दिव्यांग जन दिव्यांग नहीं, समाज के दिव्य-अंग हैं-मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को विश्व दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार वितरण समारोह में दिव्यांगजन प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि, मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं मानपत्र प्रदान किए।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून में ₹905.13 लाख की लागत से बनने वाले आयुक्त दिव्यांगजन उत्तराखण्ड, उत्तराखण्ड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड तथा समाज कल्याण आईटी सेल के बहुउद्देशीय कार्यालय भवन का शिलान्यास तथा प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र, नैनीताल (एलिम्को) का लोकार्पण किया।


मुख्यमंत्री ने सभी दिव्यांगजनों को विश्व दिव्यांग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उन असाधारण व्यक्तियों को सम्मान देने का अवसर है जिन्होंने चुनौतियों को अवसर और संघर्षों को प्रेरणा में बदलकर समाज को दिशा दी है। उन्होंने कहा कि “दिव्यांगता शरीर में हो सकती है, लेकिन सपनों में नहीं”, और आज हमारे दिव्यांग भाई-बहन प्रत्येक क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन दिव्यांग नही समाज के दिव्य अंग है।


उन्होंने भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर, इंग्लिश चौनल पार करने वाले सत्येंद्र सिंह लोहिया तथा बिना हाथों के विश्व पैरा तीरंदाजी चौंपियन बनीं शीतल देवी जैसे प्रेरक उदाहरण साझा किए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में भारत की दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम द्वारा कोलंबो में टी-20 ब्लाइंड वूमेन वर्ल्ड कप-2025 जीतने पर भी गर्व व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केन्द्र और राज्य सरकार दोनों दिव्यांगजनों को समान अवसर और गरिमामय जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नए भवनों, अस्पतालों व बस अड्डों के निर्माण में दिव्यांगजन-अनुकूल व्यवस्थाएँ अनिवार्य की गई हैं। कई पुराने भवनों में भी सुगम्यता हेतु आवश्यक परिवर्तन किए गए हैं। साथ ही “कॉमन साइन लैंग्वेज” के प्रसार और दिव्यांगजन हितैषी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन भी सरकार की प्राथमिकता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को ₹1500 मासिक पेंशन, दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को ₹700 मासिक भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली विशेष दिव्यांग पेंशन योजना व बौना पेंशन योजना के तहत ₹1200 मासिक पेंशन के साथ ही सरकारी नौकरियों में दिव्यांगजनों के लिए क्षैतिज आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किये जाने, दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति तथा कृत्रिम अंगों हेतु ₹7000 अनुदान, दिव्यांग से विवाह करने पर ₹50,000 प्रोत्साहन राशि, दिव्यांग छात्रों के लिए सिविल सेवा परीक्षा की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्रों के माध्यम से उन्हें सभी योजनाओं का एकीकृत लाभ प्रदान किया जा रहा है।


इसके साथ ही देहरादून स्थित आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था तथा ऊधमसिंह नगर में मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए पुनर्वास गृह का निर्माण किया गया है। देहरादून में राज्य का पहला “प्रधानमंत्री दिव्यांशा केंद्र” भी प्रारंभ किया गया है। राज्य गठन के बाद पहली बार दिव्यांग सर्वेक्षण भी प्रारंभ किया गया है, जिससे दिव्यांगजनों की वास्तविक संख्या व आवश्यकताओं का सही आकलन हो सकेगा।


मुख्यमंत्री ने राज्य के “यंग इनोवेटिव माइंड्स” से अपील की कि वे अपने आविष्कारों में दिव्यांगजनों की जरूरतों को विशेष स्थान दें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक विकसित कर दिव्यांगजनों के जीवन को और सुगम बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे युवाओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश भी दिए।


कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा 41 प्रतिभाशाली दिव्यांगजनों को ₹8000 की पुरस्कार राशि, मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं मानपत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका मनोबल भी बढ़ाया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, मेयर गजराज बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, राम सिंह कैड़ा, दर्जा राज्यमंत्री सुरेश भट्ट, सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अदांगी, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे।


 *मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 271.33 करोड धनराशि की वित्तीय स्वीकृति*




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र-नैनीताल में रामनगर- भण्डारपानी- अमगढ़ी- बोहराकोट- तल्लीसेठी- बेतालघाट- रतोड़ा- भुजान-जैना- बिल्लेख मोटर मार्ग (शहीद बलवन्त सिंह मेहरा मोटर मार्ग) के कि०मी० 58 से 69 के मध्य सड़क सुधारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु ₹10.28 करोड़, जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र-नैनीताल के विकासखण्ड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट (पाडली) मोटर मार्ग के किमी0 11 में 74.15 मी० स्पान प्रीस्ट्रेड सेतु के निर्माण हेतु ₹9.63 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।



मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट के अन्तर्गत नागार्जुन-डहल-जालली मोटर मार्ग के सुधारीकरण कार्य हेतु ₹5.67 करोड़, राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर कसियालेख से धारी मोटर मार्ग के सुधारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु ₹5.37 करोड़, जनपद चम्पावत के विकासखण्ड पाटी के अन्तर्गत खेतीखान में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण हेतु ₹ 6.64 करोड़ तथा जनपद चमोली के अन्तर्गत खेतीखान में नन्दा देवी राजजात यात्रा-2026 के पडाव सेम-तोप में सामुदायिक हाल एवं पार्किंग निर्माण हेतु ₹ 3.04 करोड  की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।



मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बन्धित लघु सिंचाई विभाग द्वारा 33 कार्यों की कुल लागत ₹ 61 करोड की योजना (नाबार्ड वित्त पोषण हेतु) स्वीकृत किये जाने तथा बाल विकास विभागान्तर्गत केन्द्र पोषित योजना सक्षम आंगनबाड़ी एण्ड पोषण 2.0-आंगनबाड़ी सर्विसेज योजना हेतु  केन्द्रांश एवं राज्यांश की कुल ₹ 10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।



मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली के जोशीमठ शहर की जल निकासी योजना (ड्रेनेज प्लान) हेतु ₹ 40 करोड़ तथा सीवरेज सिस्टम, घरेलू संयोजन तथा एसटीपी के निर्माण हेतु डीपीआर तैयार किये जाने के लिए ₹ 54 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।



मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौड़ी गढ़वाल वि०ख० दुगड्डा के कोटद्वार क्षेत्रांतर्गत खो नदी के बायें तट पर स्थित ग्राम बिशनपुर की बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु प्रथम किश्त के रूप में 3.21 करोड़ की योजना, नगर पालिका नैनीताल के अन्तर्गत वैडिंग जोन के निर्माण हेतु ₹ 4.07 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।



मुख्यमंत्री द्वारा पंचायती राज्य विभागान्तर्गत आर०जी०एस०ए० के अन्तर्गत पूंजीगत पक्ष में केन्द्रांश एवं राज्यांश हेतु अनुदान संख्या-19, 30 एवं 31 में नवीन लेखाशीर्षक खोलने के साथ ही ₹ 58.42 करोड की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।



*मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखण्ड लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन*



मुख्यमंत्री द्वारा श्रीमती मुन्नी देवी पत्नी स्व० श्री मोहन सिंह रावत, निवासी-क्यूंकालेश्वर, मोहल्ला पौड़ी, जिला पौड़ी गढ़वाल को उत्तराखण्ड लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन उनके पति की मृत्यु के दूसरे दिन अर्थात् दिनांक 09.12.2023 से 20 हजार प्रतिमाह अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।



*मुख्यमंत्री ने दी राज्य सरकार और राज्य सरकार के स्वायत्तशासी निकायों/उपक्रमों के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की स्वीकृति*



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पांचवें केन्द्रीय पुनरीक्षित वेतनमान वेतन आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों/स्वायत्तशासी संस्थाओं के नियमित कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जुलाई, 2025 से मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को 466 प्रतिशत से बढ़ाकर 474 प्रतिशत किये जाने, छठवें केन्द्रीय वेतनमान में वेतन आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जुलाई, 2025 से मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को 252 प्रतिशत से बढ़ाकर 257 प्रतिशत किये जाने, सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों/ स्वायत्तशासी संस्थाओं, जहां सातवां वेतनमान लागू है, के सिविल/पारिवारिक पेंशनरों को दिनांक 01.07.2025 से मूल वेतन में अनुमन्य महंगाई राहत की वर्तमान दर को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किये जाने तथा पालिका केन्द्रीयित/अकेन्द्रीयित सेवा के समस्त कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पारिवारिक पेंशनरों को दिनांक 01.07.2025 से मंहगाई भत्ते की वर्तमान दर 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

देहरादून:

DLSA dehradun got first prize in uttarakhand



राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखण्ड द्वारा वर्ष 2025 के लिए किए गए मूल्यांकन एवं समग्र प्रदर्शन के आधार पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), देहरादून को पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह सम्मान DLSA देहरादून की प्रभावी कार्यशैली, व्यापक जनसहभागिता, समयबद्ध सेवाओं, तथा न्याय तक समान पहुँच सुनिश्चित करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।


26 नवंबर2025 को , संविधान दिवस के अवसर पर माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड में आयोजित समारोह में माननीय मुख्य न्यायाधीश, उत्तराखण्ड श्री गुहानाथन नरेन्दर जी द्वारा देहरादून DLSA को “बेस्ट DLSA ऑफ द स्टेट” ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।


सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीमा डुँगराकोटी ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सभी जिलों के वर्षभर में किए गए कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया, जिसमें देहरादून का प्रदर्शन सर्वोत्तम पाया गया। यह सम्मान जिला देहरादून के लिए गर्व का विषय है, जिसका श्रेय माननीय जिला जज महोदय के कुशल नेतृत्व तथा DLSA देहरादून की समर्पित टीम की निरंतर मेहनत को जाता है।


विगत वर्ष की प्रमुख उपलब्धियाँ – DLSA देहरादून

पूरे जिले में लगभग 3,000 जागरूकता शिविरों का आयोजन

→ दो लाख से अधिक नागरिक प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित।

वर्ष भर में लगभग 1,500 जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान।

राष्ट्रीय लोक अदालतों में देहरादून जिले का प्रदर्शन प्रदेश में उत्कृष्ट।

नियमित रूप से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित, जिनके माध्यम से

    गरीब एवं असहाय रोगियों को रक्त कूपनों से सहायता प्रदान की गई।

वृद्धाश्रम, कुष्ठ आश्रम तथा अनाथालय आदि का नियमित निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।

जेल निरीक्षण के दौरान बंदियों को निरंतर नि:शुल्क विधिक सहायता व अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया।

 

      राज्य स्तर पर DLSA देहरादून को मिला प्रथम स्थान न केवल इस संस्था की उपलब्धि है, बल्कि यह देहरादून जिले की संपूर्ण न्यायिक व्यवस्था, प्रशासनिक सहयोग, सामुदायिक भागीदारी और टीम के निरंतर प्रयासों की उपलब्धि है।


यह सम्मान भविष्य में और अधिक निष्ठा, सेवा भावना तथा संवेदनशीलता के साथ जनहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

 


देहरादू


*"भारतीय मूल्य ही प्रशस्त करेंगे विकसित भारत की राह": प्रो राजशरण शाही*


*शिक्षा, समाज परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, विभाजनकारी शक्तियां और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे विषयों पर 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रस्ताव होंगे पारित*



अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की एक-दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक देवभूमि उत्तराखण्ड के देहरादून में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्घाटन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो (डॉ) राजशरण शाही, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी तथा राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आशीष चौहान ने देहरादून के परेड ग्राउंड में बसाए गए 'भगवान बिरसा मुंडा नगर' के 'स्वर्गीय राधेश्याम बैठक कक्ष' में किया, इस बैठक में देशभर से कुल 107 प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। 


श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में उनके बलिदान स्थल दिल्ली स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब से पवित्र जल-कलश अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री व अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा अधिवेशन स्थल लाया गया। इस जल-कलश को भव्य स्वागत के पश्चात देश भर के प्रतिनिधियों के दर्शन हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष व महामंत्री द्वारा बैठक के मुख्य सभागार में स्थापित किया गया। इस जल का आगमन श्री गुरु तेग बहादुर जी के अविनाशी बलिदान की स्मृति को युवाओं में जागृत करेगा।  


इस एक-दिवसीय केन्द्रीय कार्यसमिति बैठक में शिक्षा, समाज से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। साथ ही अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रस्तुत किए जाने वाले कुल पाँच प्रस्तावों पर विमर्श हुआ। देशभर के सभी प्रमुख विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षाविदों एवं प्रमुख हितधारकों से प्राप्त सुझावों के अनुसार शिक्षा,  समाज परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा,  विभाजनकारी शक्तियां और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर इस बैठक में वृहद संवाद हुआ, जिन्हें आगामी 28 से 30 नवंबर को होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित किया जाएगा।


अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी द्वारा देशभर के शैक्षिक संस्थानों में अभाविप के जीते हुए विश्वविद्यालयों और महाविद्यायों छात्रसंघो की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। बैठक में सम्मिलित हुए अभाविप के विभिन्न आयाम व गतिविधियों के संयोजकों ने देशभर में  किए जा रहे विशेष कार्यक्रमों का उल्लेख भी बैठक में साझा किया।


अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक कल, दिनांक 27 नवंबर को देहरादून के इसी परेड ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। अभाविप द्वारा भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्म की 150वीं वर्षगांठ पर उनकी जन्मस्थली उलिहातु (झारखण्ड) से निकाली गई भगवान बिरसा संदेश यात्रा एवं महारानी अब्बक्का की जन्म की 500वीं वर्षगांठ पर उनके जन्मस्थली कर्नाटक से महारानी अब्बक्का कलश यात्रा कल अधिवेशन स्थल पहुंचेगी। 


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ) राजशरण शाही ने कहा कि, "अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति बैठक कई मायनों में अहम है, इस बैठक में प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण शैक्षिक तथा समाजिक विषयों पर चिंतन व मंथन किया। अभाविप सदैव ही संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है, भारतीय मूल्य ही विकसित भारत की राह प्रशस्त करेंगे।"


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि," अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति बैठक आज भगवान बिरसा मुंडा नगर में सम्पन्न हुई, जिसमें प्रतिनिधियों ने शिक्षा, समाज, पर्यावरण, सेवा, सुरक्षा, तकनीकी जैसे महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर गहनता से चर्चा की। शिक्षा, समाज परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा,  विभाजनकारी शक्तियां और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे विषयों पर पांच प्रस्ताव पर भी आज की बैठक में वृहद संवाद हुआ एवं इस बैठक में आए सभी महत्वपूर्ण सुझावों को इसमें सम्मिलित कर आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित किया जाएगा। निश्चित ही देशभर के कार्यकर्ता इन प्रस्तावों के पारित होने के उपरांत प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपने कार्यक्षेत्रों तथा शैक्षिक संस्थानों में कार्य करेंगे। साथ ही, इस 71वें अधिवेशन में विभिन्न भाषण, संवाद एवं समानांतर सत्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर मंथन किया जाएगा तथा अभाविप आगामी अभियानों व कार्यक्रमों को लेकर पूर्ण ऊर्जा और तन्मयता के साथ आगे बढ़ेगी।"


डोईवाला:



 त्रि स्तरीय पंचायतों के सामान्य निर्वाचन के बाद, सतेली ग़ैरवाल नाहीकला की नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान मनीषा तिवारी और ग्राम पंचायत सदस्यों ने मंगलवार को पंचायत भवन रामनगर डांडा में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में अपने-अपने पदों की शपथ ली। इस मौके पर सहायक खण्ड विकास अधिकारी सुनील उनियाल ने ग्राम प्रधान मनीषा तिवारी को शपथ दिलाई। साथ ही, सात ग्राम पंचायत सदस्यों ने भी शपथ ली जिनमें नीलम कोठारी, सुमित मनवाल, विजय लक्ष्मी, सुमन, विजना देवी, मधु तिवारी, और सागर कृषाली शामिल हैं।


इस अवसर पर सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्वों और उत्तरदायित्वों का पालन निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करने की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर सहायक खण्ड विकास अधिकारी सुनील उनियाल ने  कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों ने लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए ग्राम विकास की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया है।उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत की पहली बैठक 26 नवंबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें पंचायत के विकास कार्यों पर चर्चा की जाएगी।


 प्रधान मनीषा तिवारी ने  कहा कि वह सभी ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ मिलकर क्षेत्र में विकास योजनाओं को गति प्रदान करने के लिए जरूरी पहल करेंगी।  उन्होंने  कहा कि उनका प्रयास अपनी पंचायत को प्रदेश और देश में भी एक आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में स्थापित करना है।

यह शपथ ग्रहण समारोह ग्राम विकास के प्रति नई उम्मीदों और योजनाओं का संदेश लेकर आया, जिससे गांव के समग्र विकास की दिशा में बड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

 ● *पहाड़ के माल्टे नारंगी और सिट्रस फलों के समर्थन में हरेला गाँव-धाद इस वर्ष फिर माल्टे का महीना अभियान चलाएगा*

● *अभियान में शासन को मांगपत्र सौंपने के साथ माल्टा मोबाइल वैन और होम डिलिवरी के माध्यम से जन समर्थन मूल्य पर पहाड़ के माल्टे को समाज तक पहुँचाया जाएगा* 

● *इसके साथ आम समाज की सहभागिता के साथ माल्टा का मेला,माल्टा फ़ूड फेस्टिवल,माल्टा मकरैंण और विभिन्न सामाजिक विमर्श का आयोजन भी किया जाएगा* 



इस सर्दी में धाद ने आम समाज से पहाड़ के माल्टे नारंगी का अपने आहार में  शामिल करने की अपील की है। क्यूंकि यह फल अपने उत्पादन व्यवहार के कारण शुद्ध और ऑर्गेनिक है और पहाड़ में इसका नैसर्गिक रूप से बड़ी मात्रा में उत्पादन होता रहा है। लेकिन यह सही मार्केटिंग के अभाव में बाजार से लगभग गायब है  इसके व्यापक उपभोग से उन किसानों को बाजार मिलेगा और आर्थिक आधार भी।इस सवाल के पक्ष में हरेला गाँव-धाद की पहल पर इस वर्ष फिर माल्टे का महीना अभियान प्रारम्भ किया जाएगा जिसमे पहाड़ के फल उत्पादकों के सवालों और उनके उत्पादन को सम्मानजनक खरीद कीमत दिलवाने के लिए विभिन्न सार्वजनिक गतिविधियां की जाएंगी। धाद की केंद्रीय समिति ने इसकी सूचना जारी की है। 

अभियान पहाड़ के माल्टे की जन समर्थन मूल्य पर सार्वजनिक बिक्री और मांगपत्र शासन को सौंपन के साथ 19 नवम्बर को प्रारम्भ होगा जिसका समापन माल्टा मकरैंण के साथ 11 जनवरी को होगा।

मालूम हो कि पिछले तीन वर्षों में धाद ने निरंतर पहाड़ी फलों और उनके उत्पादकों के समर्थन में नागरिक पहल करते हुए इस सवाल को उठाने के साथ ही आम समाज से इनका खरीददार बनते हुए सम्मानजनक मूल्य देने की अपील की थी।

*सरकार के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखण्ड में गत वर्ष 11 हजार हेक्टेयर में 36900 मेट्रिक टन नींबू प्रजाति ( माल्टे, नारंगी, गलगल) का उत्पादन हुआ है। सरकारी खरीद और समर्थन मूल्य   लागत से कहीं कम होने के कारण अव्यवहारिक है और उसमे उत्पादकों की हिस्सदारी न के बराबर है। वहीं बाजार तक जाने की उचित व्यवस्था के अभाव के चलते उसका अधिकांश हिस्सा खराब हो रहा है। इसलिए इस सवाल पर आम समाज और शासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए हम एक बार फिर पहाड़ी फलों के पक्ष में माल्टे का महीना सामाजिक अभियान प्रारम्भ करेंगे। जिसकी रूप रेखा इस तरह से है।*


■ हम 19 नवम्बर को माल्टे और नारंगी के ज़न समर्थन मूल्य पर बिक्री के साथ शासन को मांगपत्र सौंपेंगे।

■ इसके साथ जन समर्थन मूल्य पर माल्टे को बिक्री के लिए आम समाज के बीच माल्टा मोबाइल वैन और होम डिलीवरी के माध्यम से पहुँचाया जाएगा। 


■ माल्टे का महीना पहाड़ के फल और उनके बाजार के सवाल पर सार्वजनिक विमर्श के साथ होगा जिसमे इसके विशेषज्ञ और किसान शामिल होंगे।


■ 7 दिसम्बर को सतपुली में स्थानीय माल्टा उत्पादकों के साथ माल्टा का मेला आयोजित किया जाएगा  


■ 14 दिसम्बर सिट्रस फलों पर आधारित कल्यो फ़ूड फेस्टिवल का सुक्ष्म आयोजन धाद स्मृतिवन मालदेवता में होगा।


■ 29 दिस्मबर,5 जनवरी को विभिन्न स्थानों पर पहाड़ी फलों के स्वैच्छिक फेस्टिवल आयोजित किये जायेंगे।


■ हर शनिवार को पहाड़ के फलों बागवानी पर ओनलाइन विमर्श का आयोजन धाद के फेसबुक पेज पर होगा।


■ 11  जनवरी को अभियान का समापन माल्टा मकरैंण और सांस्कृतिक आयोजन के साथ होगा।


वार्ता को धाद के अध्यक्ष लोकेश नवानी, सचिव तन्मय,और उद्यान विशेषज्ञ डॉ आर पी खुकसाल,के साथ पूर्व अध्यक्ष एच एम व्यास,प्रो विनय आनंद बैड़ाई,उत्तम सिंह रावत ने भी सम्बोधित किया. इस अवसर पर मेज महाबीर रावत, सुरेश कुकरेती, हिमांशु आहूजा,नीलेश,शुभम और संजय भी मौजूद थे.



*माल्टे का मांगपत्र*


*पहाड़ के फलोत्पादन और विपणन की दीर्घकालीन नीति बने*


पहाड़ के फलों और जैविक सब्ज़ियों के उत्पादन और विपणन के लिए लिये एक दीर्घकालिक नीति बनाई जाए जिसमें सरकार द्वारा उनके संरक्षण और विपणन की गारंटी देने की व्यवस्था हो ताकि पहाड़ के किसान को प्रोत्साहन मिले। इसलिए हम मांग करते हैं  कि --


1. औद्यानिक विपणन परिषद की भूमिका को विस्तार दिया जाए और सेब के अतिरिक्त माल्टा कीवी, आडू, प्लम, खुवानी के Packaging material उपलब्ध कराये जाएँ।

2. पहाड़ी क्षेत्रों में उत्पादित फल-सब्ज़ियों की रोडवेज की बसों की छत पर न्यूनतम दर पर ढुलान व्यवस्था विचार किया जाए।

3. पहाड़ के बाज़ारों में बिक्री हेतु निःशुल्क क्रय विक्रय केन्द्र स्थापित करने पर विचार किया जाए यानी फल और सब्जी उत्पादक क्षेत्रों में इनके खरीद केन्द्रों की व्यवस्था की जाए।

4. फलों के लिए समय पर व्यवहारिक (कम से कम उत्पादन लागत) समर्थन मूल्य MSP समय पर घोषित हो।

5. सरकारी स्कूलों व सरकारी आयोजनों के भोजन में इनकी खपत की व्यवस्था।

6. फलों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता में वृद्धि तथा फल निर्यात सूची में यहां के फलों के निर्यात की योजना भी बनाई जाए।

7. स्थानीय उत्पादन को भंडारण हेतु पैक हाउस छोटे कोल्डस्टोरेज निर्माण में पर्वतीय क्षेत्रों में अतिरिक्त अनुदान की सुविधा।

8. उत्तराखंड राज्य की जारी कृषि उत्पाद सूची में कीवी फल को विक्रय हेतु सम्मिलित किया जाय।

9. वर्तमान में सेब व आड़ू फल छोड़ कर अन्य फलों यथा कीवी प्लम खुवानी माल्टा आदि अन्य फल फसल के लिए व्यक्तिगत क्षति व अन्य कारकों के आंकलन का प्रवधान नहीं है इन फल फसलों में भी यही प्रावधान किए जायं।

10. राज्य के कई जनपद व विकास खण्ड जैविक घोषित किए गए हैं इन क्षेत्रों के कृषि/औद्यानिक उत्पाद को जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण का प्रमाण पत्र उत्पादकों को निर्गत किए जायें।

 बहादराबाद (हरिद्वार);

vatsalay vatika ashok VHP singhal


विश्व हिन्दू परिषद उत्तराखण्ड के सेवा विभाग द्वारा संचालित व्यापक सेवा कार्यों के परिप्रेक्ष्य में 24 घण्टे का भव्य सेवा कुंभ आज सायं 6 बजे विविध संत-महात्माओं एवं विशिष्ट अतिथियों के पावन सान्निध्य में प्रारम्भ हुआ। उद्घाटन सत्र में सेवा विभाग की वार्षिक प्रेरक पत्रिका “सेवा क्रांति” का लोकार्पण सम्पन्न हुआ, जिसमें उत्तराखण्ड के दुर्गम क्षेत्रों में चल रहे शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलम्बन एवं समरसता आधारित सेवा प्रकल्पों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।


विश्व हिन्दू परिषद के सेवा विभाग द्वारा आयोजित सेवा कुंभ के उद्घाटन समारोह के अवसर पर परम पूज्य महामंडलेश्वर सुरेन्द्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि सेवा ही धर्म का प्राण है। विश्व हिन्दू परिषद जिन संस्कार-दीपों को जलाकर समाज के अंधकार को दूर कर रही है, वह केवल कार्य मात्र ही नहीं राष्ट्र निर्माण का विराट संकल्प है। वात्सल्य वाटिका व मातृ आंचल जैसी सेवाएँ संत समाज के लिए अत्यंत संतोष का विषय हैं। विश्व हिन्दू परिषद के अखिल भारतीय सहसेवा प्रमुख, केन्द्रीय सहमंत्री आनंद हरबोला ने कहा सेवा का अर्थ केवल तात्कालिक समाधान नहीं वरन आत्मनिर्भर समाज का निर्माण है। परिषद के प्रशिक्षण केंद्र और स्वावलम्बन परियोजनाएँ हजारों परिवारों का भविष्य बदल रही हैं। सेवा कुंभ समाज-सेवकों के लिए मार्गदर्शन और ऊर्जा का मंच है।


आदेश चौहान विधायक रानीपुर विधानसभा ने कहा अंधविश्वास, व्यसन, कुरीतियों और सामाजिक भय को दूर करने का जो विराट कार्य विश्व हिन्दू परिषद कर रही है वह उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि समूचे राष्ट्र के लिए अनुकरणीय मॉडल है। संघ का स्पष्ट मत है कि सेवा-भाव से प्रेरित संगठन ही समाज के अंतिम छोर तक उम्मीद की किरण पहुँचा सकता है और परिषद ने इस सिद्धांत को अपने प्रत्येक प्रकल्प में चरितार्थ किया है। हमें विश्वास है कि आने वाले वर्षों में परिषद के सेवा कार्य समाज-परिवर्तन की निर्णायक धुरी बनेंगे और उत्तराखण्ड राष्ट्रव्यापी सेवा-आन्दोलन का पथ-प्रदर्शक बनेगा। राधेश्याम द्विवेदी संयुक्त क्षेत्र सेवा प्रमुख विश्व हिन्दू परिषद उत्तराखण्ड उत्तरप्रदेश ने कहा विश्व हिन्दू परिषद उत्तराखण्ड का सेवा विभाग आज उन क्षेत्रों में प्रकाश पहुँचा रहा है जहाँ वर्षों से जीवन संघर्ष, अभाव और निराशा के सिवा कुछ नहीं था। सेवा विभाग ने यह सिद्ध किया है कि संगठित सेवा ही सामाजिक पुनर्निर्माण का आधार है। हमारा संकल्प है कि सेवा कार्यों को हर ब्लॉक, हर गाँव तक पहुँचाया जाए। इस सेवा कुंभ में सेवा विभाग के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रकल्पों की उपलब्धियाँ, अनुभव, चुनौतियाँ और भविष्य की योजना पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विश्व हिन्दू परिषद उत्तराखण्ड का सेवा कुंभ केवल एक कार्यक्रम नहीं वरन समाज के सर्वांगीण उत्थान की दिशा में चल रहा एक जीवंत और प्रेरक आन्दोलन है। हमारा उद्देश्य सबल समाज, संस्कारित समाज और समरस राष्ट्र निर्माण करना है। प्रदीप मिश्रा प्रबंधक वात्सल्य वाटिका ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है जब सेवा और संस्कार एक साथ चलें। विश्व हिन्दू परिषद के प्रकल्प इसी दिशा में मार्गदर्शक सिद्ध हो रहे हैं।


सेवा कुंभ के शुभारंभ अवसर पर प्रमुख रुप से संजीव गुप्ता, धीरेन्द्र शर्मा प्रांत मंत्री भारत गगन अग्रवाल, प्रदीप मिश्रा, अनुज वालिया प्रांत संयोजक बजरंग दल, कमलेश सिंह, अनिल भारतीय, बलराम कपूर, रविभूषण जोशी, कुसुमलता शर्मा, अरूण गुप्ता, सुनील गाबा, रवि चौहान, ममता गोयल, जीवेंद्र तोमर, दीपक तालियान के साथ सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता एवं जनसामान्य उपस्थित रहे।





- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- 'भारतीय रेल लंबे समय से भारत की खेल प्रतिभाओं को निखारने में एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है'

cricketer sneha rana  union minister ashwini vaishnav


- भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार प्रतिक्षा रावल, रेनुका सिंह ठाकुर और स्नेह राणा से केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने की मुलाकात


- ऑफ स्पिन गेंद से उत्तराखंड की बेटी स्नेह राणा ने आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में भारत की जीत में निभाई अहम भूमिका


- उत्तराखंड से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक स्नेह राणा की प्रेरणादायक यात्रा की विशेष प्रशंसा


- उत्तराखंड की बेटी स्नेह राणा 2018 में भारतीय रेलवे से जुड़ीं, आईसीसी महिला विश्व कप 2025 दिलाने में अहम भूमिका


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हाल ही में संपन्न आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में भारत के विजयी अभियान की तीन प्रमुख खिलाड़ियों - बल्लेबाज प्रतीका रावल, गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर और ऑलराउंडर स्नेह राणा ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित रेल भवन में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इन खिलाड़ियों ने देश को गौरवान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खेल के हर पहलू का प्रतिनिधित्व करने वाली ये तीनों खिलाड़ी भारतीय रेल की गौरवान्वित कर्मचारी हैं। केंद्रीय मंत्री ने भारत की ऐतिहासिक विश्व कप जीतने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें बधाई दी।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें विश्व कप विजेता चैंपियन से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय महिला सितारों ने अपने पिछले वर्षों के सफर और मैदान पर बिताए अनुभवों की प्रेरक कहानियां साझा कीं।


उत्तराखंड की ऑलराउंडर स्नेह राणा उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल का प्रतिनिधित्व करती हैं। स्नेहा 2018 से भारतीय रेल से जुड़ी हुई हैं। अपनी दाएं हाथ की ऑफ-स्पिन और भरोसेमंद मध्यक्रम की बल्लेबाजी के लिए जानी जाने वाली स्नेहा ने टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में भारत के लिए अहम भूमिका निभाई थी। स्नेहा ने अपने विश्व कप अभियान का समापन छह मैचों में सात विकेट लेकर किया, जिसमें 2/32 का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी शामिल है। उन्होंने बल्ले से भी बहुमूल्य योगदान दिया और 49.50 की प्रभावशाली औसत से 99 रन बनाए।


दिल्ली की सलामी बल्लेबाज प्रतीका रावल उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल का प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रतीका अप्रैल 2023 में भारतीय रेल में शामिल हुईं और हाल ही में उन्हें वरिष्ठ लिपिक के पद पर पदोन्नत किया गया। विश्व कप के शुरुआती दौर में चोट लगने के बावजूद, वह पूरे टूर्नामेंट में अपनी साथियों के लिए प्रेरणा और समर्थन का स्रोत बनी रहीं। अपनी संयमित बल्लेबाजी और सटीक पारी बनाने की क्षमता के लिए जानी जाने वाली प्रतीका रावल ने इसे खेल की गहरी समझ के साथ जोड़ा है। पिछले साल के अंत में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद से, वह इस प्रारूप में भारत की सबसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों में से एक रही हैं।


हिमाचल प्रदेश की दाएं हाथ की मध्यम-तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर उत्तर रेलवे के अंबाला डिवीजन का प्रतिनिधित्व करती हैं। रेणुका दिसंबर 2020 में भारतीय रेल में शामिल हुईं और तब से लगातार मैच-विजेता रही हैं। उन्होंने भारत की कई जीत में अहम भूमिका निभाई है। हाल ही में हुए विश्व कप के दौरान, उन्होंने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर भारत के सफल अभियान में अहम भूमिका निभाई। टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद, रेणुका का उनके गांववालों और स्थानीय अधिकारियों ने एक समारोह में गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसमें भारत की पहली महिला विश्व कप जीतने में उनके योगदान का जश्न मनाया गया।


भारतीय रेल लंबे समय से भारत की खेल प्रतिभाओं को निखारने में एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इसके खिलाड़ी ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में देश का नाम रोशन करते रहे हैं। रेलवे के खिलाड़ियों ने अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए अर्जुन पुरस्कार, पद्म श्री और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न सहित कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान अर्जित किए हैं।


रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड के माध्यम से, भारतीय रेल विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं, रोजगार सुरक्षा और संस्थागत सहायता प्रदान करता है। यह साधारण परिवारों की प्रतिभाओं की पहचान करता है और उन्हें निखारता है तथा योग्य व्यक्तियों को खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। स्थायी रोजगार, प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन और निरंतर प्रोत्साहन के साथ, भारतीय रेल एथलीटों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर सशक्त बना रहा है।

 

*प्रदेश में संस्कृति के उत्थान और कलाकारों के हित में की गई चार घोषणाएं*

*वृद्ध और खराब स्वास्थ्य के चलते जीविकोपार्जन में अस्वस्थ कलाकारों की मासिक पेंशन में की गई 3000 रु की बढ़ोतरी*

*- ऐसे कलाकारों की मासिक पेंशन अब 3000 से बढ़ाकर 6000 रु प्रतिमाह  की गई*

*संस्कृति विभाग में सूचीबद्ध सांस्कृतिक कलाकारों को मानदेय अब नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर की तर्ज पर मिलेगा*

*समस्त जनपद स्तर पर  प्रेक्षागृह का किया जाएगा निर्माण*


*सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व प्रदर्शन हेतु  प्रदेश में एक राज्य स्तरीय तथा दोनों मंडलों में एक-एक मंडल स्तरीय संग्रहालय का किया जाएगा निर्माण*

ninadutsav CM Dhami


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हिमालयन संस्कृति केंद्र गढ़ी कैंट देहरादून में आयोजित हिमालय निनाद उत्सव- 2025 में प्रतिभाग करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया तथा संस्कृति के उत्थान और कलाकारों के हित में चार घोषणाएं की। 


उन्होंने वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों तथा लेखकों को जिन्होंने अपना पूरा जीवन कला एवं संस्कृति तथा साहित्य की आराधना में लगा दिया परंतु वृद्धावस्था व खराब स्वास्थ्य के कारण वह अपने जीविकोपार्जन में असमर्थ हो गए हैं, को देय मासिक पेंशन ₹3000 में वृद्धि करते हुए 6000 रुपए मासिक करने की घोषणा की। 


मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग के अंतर्गत सूचीबद्ध सांस्कृतिक दलों के कलाकारों का मानदेय एवं अन्य व्यवस्थाएं भारत सरकार के उपक्रम नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर की तर्ज पर दिए जाने की घोषणा की। 


उन्होंने प्रदेश के समस्त जनपद स्तर पर  प्रेक्षागृह का निर्माण करने की घोषणा की। 


इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व प्रदर्शन हेतु प्रदेश में एक राज्य स्तरीय संग्रहालय एवं कुमाऊं व गढ़वाल मंडल में एक-एक मंडल स्तरीय संग्रहालय का निर्माण किए जाने की भी घोषणा की। 


मुख्यमंत्री ने हिमालय निनाद महोत्सव- 2025 के अवसर पर सभी को राज्य के रजत उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उत्सव मात्र एक सांस्कृतिक समारोह नहीं है बल्कि हिमालय की आत्मा,  उसकी विविध परंपराओं, लोक  धुनों और साझा चेतना का उत्सव है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं,  यह हमारे राज्य के विकास, संघर्ष और स्वाभिमान का रजत जयंती वर्ष है। यह केवल उत्सव का नहीं बल्कि आत्ममंथन और नए संकल्प का भी अवसर है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंच के माध्यम से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिमालय क्षेत्र की विविध संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोया गया है।  तिब्बत की आध्यात्मिक परंपराओं, अरुणाचल और मणिपुर के जनजातीय गीत, हिमाचल का खोड़ा नृत्य, असम का बिहू, लद्दाख का जोब्रा नृत्य सबने इस मंच को जीवंत बना दिया है। उन्होंने कहा कि यह सांस्कृतिक संगम इस बात का भी प्रमाण है की भौगोलिक सीमाएं हमें बांट नहीं सकती, हम सब एक साझा विरासत और एक साझा हिमालय की चेतना से जुड़े हुए हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि निनाद- 2025 में आयोजित  परिचर्चा सत्रों ने इस आयोजन को और भी अर्थपूर्ण बना दिया है। हिमालय में रंगमंच, उत्तराखंड का सिनेमा और समाज, लोक भाषा और संस्कृति, नंदा राजजात और हिमालय में खानपान, विरासत और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर हुई चर्चाओं ने यह स्पष्ट किया है कि हमारी संस्कृति केवल परंपरा में नहीं बल्कि रचनात्मक विमर्श और नवाचार में भी जीवित है। 


उन्होंने कहा कि मैं इस अवसर पर उन महान आत्माओं को नमन करता हूं जिन्होंने उत्तराखंड राज्य के लिए संघर्ष किया।  उनकी स्मृति  हमें याद दिलाती है कि यह राज्य हमें कितनी कठिनाइयों, बलिदानों और जनसमर्पण के बाद मिला है। उनकी यादों को संजोना और नई पीढ़ी को उस संघर्ष की प्रेरणा देना हम सबका कर्तव्य बनता है। 


इस अवसर पर निनाद उत्सव- 2025 में राज्यसभा सांसद और पद्म विभूषण शास्त्रीय नृत्यांगना सोनल मानसिंह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उपाध्यक्ष संस्कृत साहित्य एवं कला परिषद मधु भट्ट, संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत सहित संबंधित लोग उपस्थित थे।


महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप स्टार स्नेहा राणा को मुख्यमंत्री धामी का फोन — दी शुभकामनाएं, घोषित किए ₹50 लाख प्रोत्साहन राशि



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली उत्तराखंड की बेटी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर स्नेहा राणा से दूरभाष पर वार्ता की।


मुख्यमंत्री ने स्नेहा राणा को भारतीय क्रिकेट टीम में चयन होने पर हार्दिक बधाई दी और वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन व भारत को विजय दिलाने के लिए शुभकामनाएं दीं।




मुख्यमंत्री ने स्नेहा राणा की उपलब्धियों और देश-प्रदेश का गौरव बढ़ाने पर उन्हें ₹50 लाख की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “ *स्नेहा राणा ने मेहनत, संकल्प और प्रतिभा से उत्तराखंड का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। उनकी सफलता हमारे युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को सर्वोत्तम सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है।”* 


 *मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की बेटियाँ देश को गौरवान्वित कर रही हैं और स्नेहा राणा का प्रदर्शन इसी का उज्ज्वल उदाहरण है।* 


मुख्यमंत्री द्वारा सम्मान और प्रोत्साहन राशि की घोषणा पर स्नेहा राणा ने आभार व्यक्त किया और कहा कि वह देश व उत्तराखंड का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेंगी।


हरिद्वार:

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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि के लिए चले ऐतिहासिक आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर कारसेवकों की स्मृति में आज बजरंग दल, हरिद्वार द्वारा एक भव्य स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन माँ गंगे ब्लड बैंक, एस. आर. मेडिसिटी हॉस्पिटल, जगजीतपुर, हरिद्वार के सहयोग से सम्पन्न हुआ।


बजरंग दल का इतिहास राममंदिर आंदोलन के साथ गहराई से जुड़ा रहा है। 1990 के दशक में जब श्रीराम जन्मभूमि के लिए आंदोलन ने स्वरूप लिया, तब देशभर के लाखों युवाओं ने बजरंग दल के झंडे तले श्रीरामलला के दर्शन हेतु अयोध्या की ओर कूच किया। अनेक कार्यकर्ता बलिदान हुए, घायल हुए लेकिन किसी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज उन्हीं वीरों के बलिदान की स्मृति में यह रक्तदान शिविर आयोजित कर बजरंग दल ने यह संदेश दिया है कि उनका हर कर्म राष्ट्र और धर्म के लिए समर्पित है। इस अवसर पर अखिल भारतीय सहसेवा प्रमुख श्री आनंद हरबोला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रांत संगठन मंत्री श्री अजय कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन स्वयं रक्तदान करके किया।


आनंद हरबोला, अखिल भारतीय सहसेवा प्रमुख ने बताया राममंदिर आंदोलन केवल मंदिर निर्माण का अभियान नहीं था, यह राष्ट्रजागरण की चेतना थी। बजरंग दल ने उस चेतना को जन-जन तक पहुँचाया। हमारे कार्यकर्ताओं ने न केवल संघर्ष किया वरन समाज सेवा के हर क्षेत्र में स्वयं को सिद्ध किया है। रक्तदान शिविर जैसे आयोजन इस बात का प्रमाण हैं कि बजरंग दल केवल आंदोलनकारी संगठन नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति पूर्णतः समर्पित सेवा परिवार है।


अजय कुमार, प्रांत संगठन मंत्री उत्तराखण्ड ने कहा कि बजरंग दल का प्रत्येक कार्यकर्ता ‘सेवा ही संगठन की शक्ति है’ की भावना से प्रेरित रहता है। रक्तदान केवल जीवनदान नहीं, यह राष्ट्रसेवा का जीवंत उदाहरण है। यह शिविर उन कारसेवकों की स्मृति में है, जिनका रक्त श्रीराम जन्मभूमि के पावन आंदोलन की नींव में समाहित है। आज का प्रत्येक रक्तदातृत्व उसी भाव का प्रतीक है कि जब भी राष्ट्र या समाज पुकारेगा, बजरंग दल का युवा आगे बढ़ेगा।


जीवेंद्र तोमर जिला मंत्री ने कहा कि बजरंग दल ने सदैव सेवा, सुरक्षा और संस्कार के सिद्धांतों पर चलते हुए समाजहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई है। चाहे कोरोना काल में रक्तदान और राहत कार्य हों, आपदाओं के समय बचाव दल हों या सांस्कृतिक एकता के अभियान, बजरंग दल के कार्यकर्ता हर क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति की मिसाल बने हैं।


रक्तदान कार्यक्रम में प्रांत सहसुरक्षा प्रमुख नवीन तेश्वर, जिला मंत्री जीवेंद्र तोमर, सहविभाग मंत्री भूपेंद्र सैनी, जिला संयोजक बजरंग दल अमित मुल्तानिया, जिला सहमंत्री दीपक तालियान, कमल उलियान, प्रजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, युवाओं और समाजसेवियों ने भाग लिया।



 एन यू जे आई हरिद्वार इकाई ने गणेश शंकर विद्यार्थी जयंती गंगा तट पे मनाई।


*गोबिंद घाट पर किया गंगा में दीपदान


हरिद्वार। 



पत्रकार ,स्वतंत्रता सेनानी ,अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी की स्मृति में रविवार को उनकी जयंती पर नेशनल यूनियन ऑफ जनरलिस्ट इंडिया की जिला इकाई ने उनका स्मरण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी ।

पत्रकारों ने उनका स्मरण कर उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष सुनील दत्त पांडे ने उनका भावपूर्ण स्मरण कर कहा कि कहा कि विद्यार्थी जी जीवन पर्यंत समाज में समरसता और देश को आजाद करने के लिए लड़ते रहे।

कहा कि देश को आजाद कराने के लिए उन्होंने अखबार निकाला और जन जागरण का कार्य किया ।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी का जीवन जीवन एक आदर्श रहा है जिससे युवा पत्रकारों को प्रेरणा लेनी चाहिए ।


नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया हरिद्वार के जिला अध्यक्ष नरेश गुप्ता की अध्यक्षता में गंगा तट स्थित गोविंद घाट पर हुई सभा में पत्रकारों ने गणेश शंकर विद्यार्थी का स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी ।


प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि विद्यार्थी जी ने देश को आजाद कराने के लिए कानपुर दंगों में अपनी शहादत दे दी थी और देश और कानपुर में सांप्रदायिक दंगों की आग से बचाया। उन्होंने कहा कि पत्रकार के रूप में उनकी भूमिका सराहनीय रही । कहा की भाव और मन से स्मरण ज्यादा महत्वपूर्ण है।


 सभा को रामचंद्र कनौजिया, , आदेश त्यागी,नरेश गुप्ता, अमित शर्मा , राजेंद्र नाथ गोस्वामी , बालकृष्ण शास्त्री, काशी राम सैनी,  प्रदीप गर्ग,जोगिंदर मावी आदि पत्रकारों ने भी संबोधित किया।


पत्रकारों ने उनकी स्मृति में गंगा में दीपदान कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया । इस अवसर पर सदस्यगण डा शिवा अग्रवाल, संदीप शर्मा, अनूप कुमार,प्रतिभा वर्मा,शमशेर बहादुर, ठाकुर शैलेंद्र, सुनील मिश्रा,संतोष कुमार, पुल्कित शुक्ला,आशीष मिश्रा,आशीष धीमान,राम वर्मा, अश्वनी विशनोई आदि उपस्थित रहे।




 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 अक्टूबर को दून विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 28 से 30 नवम्बर 2025 को देहरादून में 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन से संबंधित केंद्रीय टीम की बैठक में प्रतिभाग किया।




बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिवेशन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के अधिवेशन युवा शक्ति को एक मंच प्रदान करते हैं, जहाँ विचार-विमर्श के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में ठोस संकल्प लिए जाते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी जैसे संगठन देश की युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती पर आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन निश्चित रूप से युवाओं में नए उत्साह, ऊर्जा और देशभक्ति की भावना का संचार करेगा।

  

डोईवाला: 


जनप्रतिनिधि, सभासद वार्ड  20 प्रकाश कोठारी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष  ल,मण्डल उपाध्यक्ष , भाजपा डोईवाला ने बरसात के कारण लच्छीवाला फ्लाई ओवर से लेकर डोईवाला मुख्य बाजार तक हुए क्षतिग्रस्त मार्गो को तत्काल प्रभाव से ठीक कराने की मांग को लेकर लोक निर्माण विभाग(P.W.D)  में सहायक अभियंता(A.E) श्री सुरेंद्र सिंह नेगी  से  मिले।

 उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराते हुए उनसे चर्चा की एयर अनुरोध पत्र सौंपा। सहायक अभियंता ने   उन्हें शीघ्र ही मार्गो को ठीक कराने का अश्वासन  दिया। 

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