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 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में सुश्री सपना राणा ने मुलाकात की।

 सुश्री सपना राणा द्वारा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अन्तर्गत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर भाषा परीक्षा उर्तीण की गई, जिसके उपरान्त उनको जर्मनी के हैमबर्ग शहर के शॉन क्लीनिक हॉस्पिटल (Schon Klinik) में 3060 यूरो (₹ 3,30,000) प्रतिमाह के वेतन पर नियुक्ति प्राप्त हुई है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अन्तर्गत कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अन्तर्गत गठित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों से राज्य के युवाओं को जोड़े जाने हेतु निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं।


 वर्तमान में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा राज्य के युवाओं को जापान एवं जर्मनी में सेवायोजित किये जाने हेतु भाषा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब तक करीब 65 युवाओं को जापान में सेवायोजित किया जा चुका है।


कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि जर्मनी में नर्सिंग क्षेत्र में युवाओं हेतु रोजगार के अवसर उपलब्ध है। जिसके दृष्टिगत प्रकोष्ठ द्वारा जर्मन भाषा का प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। इसी प्रशिक्षण को प्राप्त करने के उपरान्त टिहरी गढवाल की नर्सिंग प्रशिक्षित युवा महिला सुश्री सपना राणा का जर्मनी में नर्स के रूप में चयन हुआ है। सुश्री सपना द्वारा अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय पोखाल टिहरी गढवाल से तथा नर्सिंग की शिक्षा स्टेट नर्सिंग कॉलेज देहरादून से प्राप्त की गई। सुश्री सपना द्वारा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अन्तर्गत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर जर्मनी के हैमबर्ग शहर के शॉन क्लीनिक हॉस्पिटल में नियुक्ति प्राप्त हुई है।


इस अवसर पर सचिव श्री सी.  रविशंकर भी मौजूद रहे।

 देहरादून:

CSC  centre dehradun celebrated yoga day 2026 PM मोदी


उत्तराखंड के  सीएससी केदो द्वारा 12वीं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी संग योगाभ्यास किया गया।

जहां जिस प्रकार की व्यवस्था के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जनपदों में  लगभग 50-200 जनसेवा केंद्रों पर योग दिवस  मनाया गया। 

जनपद देहरादून के विकासनगर, चकराता ,डोईवाला, ऋषिकेश इत्यादि स्थानों पर वीएलई द्वारा योग सेशन आयोजित किये गए। 

जनपद देहरादून के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर राजेश सिंह बिष्ट ने बताया कि सभी सीएससी केंद्रों से योग दिवस के फोटो और वीडियो लिये गए। 

इस अवसर पर वीएलई मोहित गुप्ता,प्रदीप सिंह,सीमा,अंजना,विवेक नौटियाल,विशाल कुमार,अनिल आदि ने प्रतिभाग करते हुए अपने केंद्रों पर आयोजित सेशन की तस्वीर और वीडियो भी भेजी।



मसूरी, 21 जून:







अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नगर पालिका परिषद, मसूरी द्वारा टाउन हॉल में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी पूर्व प्रदेश प्रवक्ता डॉ सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी ने प्रतिभाग कर नागरिकों को नियमित योग अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत योग की जन्मभूमि है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रस्ताव को 177 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिसके परिणामस्वरूप आज विश्वभर के देशों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की प्रभावी पद्धति है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम में योगाचार्य कोमल सेमवाल ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा योग के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन और बदलती जीवनशैली में स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए अवश्य निकालना चाहिए। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल,  सभासद रणवीर कंडारी, पवन थलवाल, अनीता सक्सेना, गुडमोहन राणा, विजय रमोला, आईटीबीपी के जवान, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, धन प्रकाश, मनमोहन कर्णवाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

देहरादून


MDDA yoga day 21 june 2026


*मुख्य सचिव संग हजारों लोगों ने किया योग, प्रकृति की गोद से गूंजा स्वास्थ्य का संदेश*


*सिटी फॉरेस्ट पार्क में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जुटे 1000 से अधिक लोग, योग-प्राणायाम के साथ स्वस्थ उत्तराखंड का लिया संकल्प*



देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योग को वैश्विक पहचान दिलाने व जन-जन तक पहुंचाने के अभियान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखंड को योग, वेलनेस एवं प्राकृतिक चिकित्सा की राजधानी बनाने के प्रयासों के बीच अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देहरादून का सिटी फॉरेस्ट पार्क स्वास्थ्य, आध्यात्म और प्रकृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना। 


मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण {एमडीडीए} द्वारा सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शिरकत की। इस दौरान मुख्य सचिव व अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया, प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रकृति की हरियाली और पहाड़ों की शांत वादियों के बीच एक हजार से अधिक लोगों ने सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने योग प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा योग जागरूकता के लिए उनके योगदान की सराहना की।


सुबह की ताजा हवा, वृक्षों की छांव और पक्षियों की मधुर आवाजों के बीच जब एक साथ हजारों हाथ योग मुद्राओं में उठे तो पूरा सिटी फॉरेस्ट पार्क मानो योगमय हो गया। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।


*प्रकृति के बीच योग का अनूठा संदेश*

इस वर्ष योग दिवस का आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसे प्रकृति संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जागरूकता से भी जोड़ा गया। एमडीडीए द्वारा विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का भी मार्ग है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को योग के वैज्ञानिक लाभों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योग तनाव को कम करने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और विभिन्न जीवनशैली जनित बीमारियों से बचाव में प्रभावी भूमिका निभाता है। बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि योग अब केवल पारंपरिक अभ्यास नहीं बल्कि आधुनिक जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।


*देवभूमि से दुनिया तक योग की गूंज*

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि योग भारत की सनातन संस्कृति की वह अमूल्य धरोहर है जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली और आज विश्व के करोड़ों लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। वर्तमान समय में बढ़ते तनाव और व्यस्त जीवनशैली के बीच योग मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र को स्वस्थ बनाने का अभियान है।


*उत्तराखंड बनेगा योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी*

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड सदियों से योग, तप और आध्यात्मिक साधना की भूमि रहा है। यहां का प्राकृतिक वातावरण और सांस्कृतिक विरासत लोगों को संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। चारधाम, हिमालय और प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध उत्तराखंड विश्वभर के योग साधकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।


*सिटी फॉरेस्ट पार्क बना स्वास्थ्य पर्यटन का नया केंद्र*

योग दिवस कार्यक्रम ने यह भी साबित कर दिया कि एमडीडीए का सिटी फॉरेस्ट पार्क केवल मनोरंजन स्थल नहीं बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामुदायिक गतिविधियों का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में पार्क में विकसित आधुनिक सुविधाओं ने इसे परिवारों, युवाओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना दिया है। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने पार्क की स्वच्छता, हरियाली और सुविधाओं की सराहना की। प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे प्राकृतिक वातावरण में योग करना किसी आध्यात्मिक अनुभव से कम नहीं है। पार्क में मौजूद ओपन स्पेस, ट्रैक और हरित क्षेत्र सामूहिक योग एवं वेलनेस गतिविधियों के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं।


*स्वस्थ समाज की ओर बढ़ता उत्तराखंड*

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने नियमित योग करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। योग दिवस का यह आयोजन केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि स्वस्थ उत्तराखंड और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में जनभागीदारी का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया। योग, प्रकृति और जनसहभागिता के इस अनूठे संगम ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड न केवल आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि स्वास्थ्य और वेलनेस के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


*बॉक्स*


*मुख्य सचिव ने परखी सिटी फॉरेस्ट पार्क की धड़कन,*

   *डिजिटल फीडबैक सिस्टम के दिए निर्देश*


एमडीडीए के सिटी फॉरेस्ट पार्क को और अधिक आधुनिक, सुविधायुक्त और जनहितैषी बनाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के बाद उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने 12 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित पार्क का विस्तृत निरीक्षण किया और विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिल्ड्रन पार्क, कैफेटेरिया, साइकिल ट्रैक, थ्री-डी मूवी थिएटर, सोलर प्लांट, नर्सरी, ओपन जिम, ओपन थिएटर, ईवी चार्जिंग स्टेशन तथा पूछताछ केंद्र सहित पार्क की प्रमुख सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने पार्क में मौजूद नागरिकों, पर्यटकों और कैफेटेरिया संचालकों से बातचीत कर सुविधाओं की गुणवत्ता और उपयोगिता के बारे में फीडबैक भी लिया।


मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक स्थल की सफलता उसकी जनस्वीकृति और उपयोगिता पर निर्भर करती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्क आने वाले लोगों की राय और सुझाव प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन फीडबैक सिस्टम विकसित किया जाए, जिससे नागरिक सीधे अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकें। उनका मानना था कि तकनीक और जनभागीदारी के समन्वय से सार्वजनिक सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने पार्क की स्वच्छता, हरित क्षेत्र, ऊर्जा संरक्षण व्यवस्थाओं और पर्यावरणीय पहलुओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क शहरी जीवन के बीच प्रकृति से जुड़ने का उत्कृष्ट माध्यम बनकर उभरा है। यहां उपलब्ध सुविधाएं इसे परिवारों, बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श सार्वजनिक स्थल बनाती हैं।


मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद एमडीडीए ने पार्क की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त सुझावों और निर्देशों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। पार्क में डिजिटल सेवाओं, जनसुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून के सबसे बेहतर सार्वजनिक स्थलों में अपनी पहचान और मजबूत कर सके।


*बयान : मुख्य सचिव आनंद बर्धन* 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन का उत्सव है। योग हमारी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। आज पूरी दुनिया योग की शक्ति को स्वीकार कर रही है और इसका श्रेय भारत तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों को जाता है। वर्तमान समय में मानसिक तनाव, असंतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग स्वस्थ और सकारात्मक जीवन का सबसे सरल माध्यम है। उत्तराखंड जैसी देवभूमि में योग का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां की संस्कृति, प्रकृति और आध्यात्मिक परंपराएं योग के मूल भाव को मजबूत करती हैं। मेरा सभी प्रदेशवासियों से आग्रह है कि वे योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।


*बयान : उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी* 

देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, तप और आध्यात्मिक साधना की भूमि रही है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सिटी फॉरेस्ट पार्क में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि समाज में योग के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि एमडीडीए के सभी सार्वजनिक स्थलों को स्वास्थ्य और जनकल्याण से जोड़ते हुए लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए। योग को अपनाकर हम स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।


*बयान : सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया*

सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में लोगों का उत्साह बेहद प्रेरणादायक रहा। एमडीडीए का प्रयास है कि शहरवासियों को ऐसे हरित और स्वस्थ वातावरण वाले सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराए जाएं, जहां वे प्रकृति के बीच समय बिता सकें। योग दिवस का आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भविष्य में भी पार्क में स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित हो सकें।

 

एम्स ऋषिकेश

21 जून, 2026




12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एम्स ऋषिकेश द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का सबसे अच्छा माध्यम है। प्रतिभागियों ने इस दौरान विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास किया और स्वस्थ रहने का संदेश दिया। 


आयोजित कार्यक्रमों के दौरान प्रातः समय गंगा तट स्तिथ आस्था के केंद्र गंगेश्वर घाट पर योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने स्वयं प्रतिभाग कर योगाभ्यास कर रहे स्टाफगणों का उत्साह बढ़ाया। जबकि एक अन्य कार्यक्रम के दौरान संस्थान के मुख्य सभागार में फैकल्टी सदस्यों व अन्य सभी स्टाफ के लिए विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर मीनू सिंह ने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को योगा फॉर हेल्दी एजिंग (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग) की थीम के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि व्यक्ति के मानसिक तनाव को भी दूर करता है। उन्होंने योग को शरीर मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम बताया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के फैकल्टी सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों, हेल्थ केयर वर्करों और अन्य कार्मिकों ने बड़ी संख्या में सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।


इस अवसर पर संस्थान के डीन एकेडमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय, उपनिदेशक प्रशासन लेफ्टिनेंट कर्नल गोपाल मेहरा, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर मोहित ढींगरा, प्रोफे. संजीव कुमार मित्तल, आयुष विभागाध्यक्ष डॉक्टर मोनिका पठानिया, डॉ. वंदना धींगरा, आयुष विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर श्रीलोय मोहंती, डॉ. श्वेता मिश्रा, डॉ. मृणालिनी सहित बड़ी संख्या में अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

  

CSC dehradun , PM kisan nidhi broadcast

20 जून 2026 को पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किश्त प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के किसानों को दी गयी है। जिसको देहरादून जिले के सीएससी केंद्रों पर भी प्रसारित किया गया और किसानों को लाइव प्रसारण दिखाया गया। राजेश सिंह बिष्ट जिला मंडल देहरादून ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अनेकों केंद्रों पर सफलतापूर्वक यह आयोजन वीएलई द्वारा किया गया।साथ ही उन्हें डॉक्यूमेंटेशन संबंधी जानकारी भी 


हरिद्वार में भी प्रधानमंत्री  द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में 23वीं किस्त के हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देशभर में किया गया। 

इसी क्रम में सीएससी केंद्र पर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री जी का संबोधन सुना तथा योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं उपस्थित किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभ पात्रता एवं अन्य सरकारी किसान हितैषी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। 


सीएससी केंद्र के माध्यम से किसानों को डिजिटल सेवाओं एवं केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का यह प्रयास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 


कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे लाभकारी एवं जानकारीपूर्ण बताया। सीएससी निरंतर ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों तक डिजिटल सेवाएँ एवं सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 CSC देहरादून  ,21 जून योग दिवस कार्यक्रम  के अंतर्गत आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार

सभी VLE साथियों एवं भाई-बंधुओं को सूचित किया जाता है, कि 


1. दिनांक व समय:  21 जून 2026, सुबह 6:00 से 7:00 बजे के बीच

2. स्थान: अपने CSC सेंटर / पार्क / गार्डन / मंदिर या किसी भी उपयुक्त स्थान पर

3. गतिविधि:* योग कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आयोजित करें


फोटो/वीडियो निर्देश:

- *Time Stamp Camera* से फोटो लेना अनिवार्य है

- हर एंगल से *कम से कम 4-6 फोटो* लें

- हो सके तो *वीडियो भी बनाएं*

*🏆 पुरस्कार:*

- *सभी प्रतिभागियों* को सर्टिफिकेट दिया जाएगा

- *Top 3 Best योगा फोटो/वीडियो* को CSC द्वारा *ट्रॉफी + सर्टिफिकेट*

- ग्रुप में शेयर की गई फोटो/वीडियो के आधार पर चयन होगा


* अटेंडेंस:* 

- अटेंडेंस का फॉर्मेट आपको दिया जाएगा।

- अटेंडेंस अपलोड करना अनिवार्य है।

- अटेंडेंस के आधार पर जुलाई अंत तक ₹1400 दिए जाएंगे।

CSC VLE ध्यान दें:* 

यह कार्यक्रम  आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर है। CSC के लिए पालन अनिवार्य है। ग्रुप में जुड़े सभी सदस्यों के नाम पहले ही मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं, अतः सभी का भाग लेना जरूरी है* .

यह जानकारी देते हुए बताया कि समय पर अपना बैनर तैयार कर लें और 21 जून को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।



योग के पहले धरा योग’ - गंगा एवं घाटों की स्वच्छता कर दिया ‘स्वच्छ धरा, स्वस्थ शरीर’ का संदेश’’*


’ऋषिकेश:


yoga in parmarth niketan on 21st june2026


उत्तराखण्ड।’’ 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में व्यापक स्तर पर तैयारियाँ प्रारम्भ हो चुकी हैं। इस वर्ष की तैयारियों का शुभारम्भ केवल योगाभ्यास से नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए ’’‘योग के पहले धरा योग’’’ के प्रेरणादायी संदेश के साथ किया गया। परमार्थ निकेतन के ऋषिकुमारों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों तथा देश-विदेश से आए साधकों ने माँ गंगा के तट एवं घाटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ समाज का आधार स्वच्छ प्रकृति एवं स्वच्छ पर्यावरण ही है।


परमार्थ पीठाधीश्वर, परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के ’’पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी’’ ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन को संतुलित, समरस और जागरूक बनाने की दिव्य साधना है। उन्होंने कहा कि यदि हमारी धरती, हमारी नदियाँ और हमारा पर्यावरण प्रदूषित होंगे, तो मानव जीवन भी स्वस्थ नहीं रह सकता। इसलिए योग का वास्तविक आरम्भ प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण से होना चाहिए। इसी भावना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए ’’‘योग के पहले धरा योग’’’ अभियान का शुभारम्भ किया गया।


पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज विश्व योग को अपना रहा है, परन्तु योग का मूल दर्शन हमें यह संदेश देता है कि हम केवल अपने शरीर से ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सृष्टि से जुड़े हुए हैं। जब हम धरती को स्वच्छ रखते हैं, जलस्रोतों का संरक्षण करते हैं और प्रकृति का सम्मान करते हैं, तभी योग की वास्तविक साधना पूर्ण होती है। योग हमें ‘मैं’ से ‘हम’ की यात्रा कराता है और यही भावना विश्व कल्याण का आधार है।


स्वच्छता अभियान के दौरान सभी प्रतिभागियों ने गंगा तटों एवं घाटों पर फैले प्लास्टिक, कूड़े-कचरे एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित कर उनके उचित निस्तारण की व्यवस्था की। साथ ही उपस्थित सभी लोगों ने एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक का उपयोग न करने, जल संरक्षण करने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।


इस अवसर पर ’’साध्वी भगवती सरस्वती जी’’ ने कहा कि योग केवल मैट पर बिताया गया एक घंटा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यदि हमारा व्यवहार प्रकृति के प्रति उत्तरदायी नहीं है, तो हमारा योग अधूरा है। उन्होंने कहा कि धरती हमारी माता है और उसकी सेवा करना ही सच्ची साधना है। गंगा की स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और मानवीय जिम्मेदारी है।


उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य केवल योगासन करना नहीं, बल्कि योग के मूल जीवन मूल्योंकृकरुणा, संतुलन, अनुशासन, सेवा और प्रकृति के प्रति सम्मानकृको जीवन में उतारना है। जब हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखते हैं, तभी हम अपने भीतर भी सकारात्मकता, शुद्धता और ऊर्जा का अनुभव करते हैं।


परमार्थ निकेतन द्वारा आयोजित इस अभियान में देश-विदेश से आए अनेक साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ’’‘स्वच्छ गंगा, स्वस्थ भारत’, ‘योग के पहले धरा योग’, ‘धरती रहेगी स्वच्छ तभी जीवन होगा स्वस्थ’, ‘क्लीन गंगा, ग्रीन अर्थ’’’ तथा ’’‘हेल्दी प्लैनेट, हेल्दी पीपल’’’ जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।


12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’’ के अवसर पर परमार्थ निकेतन में आयोजित ’’कॉमन योग प्रोटोकॉल में विश्व के अनेक देशों से आए राजदूत, प्रतिनिधि एवं राजनयिक सहभागिता करेंगे।


पूज्य ’’स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी’’ एवं ’’साध्वी भगवती सरस्वती जी’’ के पावन सान्निध्य में भारत के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों साधक, पर्यटक, योग-जिज्ञासु, योगाचार्य तथा परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमार परमार्थ गंगा तट पर कॉमन योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास करेंगे। तत्पश्चात विश्व शान्ति यज्ञ में अपनी आहुतियाँ समर्पित करेंगे।


’’‘योग के पहले धरा योग’’’ का यह संदेश केवल अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस तक सीमित नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन का संकल्प बनेकृयही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। जब धरती स्वस्थ होगी, तभी मानव स्वस्थ होगा और तभी योग का वास्तविक स्वरूप विश्व में स्थापित हो सकेगा।

 

शिवपुरी :



अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष की शिवपुरी इकाई द्वारा वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर जिला अध्यक्ष बालमुकुंद पुरोहित की अध्यक्षता में महिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी के निवास पर हाथी खाना में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पूर्व स्काउट कमिश्नर प्रेम प्रकाश शर्मा ने कहा कि खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आजादी का बिगुल बजाकर अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए।

प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना थी। उन्होंने 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा की सराय में अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति पाई थी। रानी लक्ष्मीबाई का साहस आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा है।

जिला अध्यक्ष पंडित बालमुकुंद पुरोहित ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और राव साहब के साथ मिलकर ग्वालियर किले पर कब्जा कर चुकी थीं। 17-18 जून 1858 को ब्रिटिश जनरल ह्यू रोज़ की सेना से भयंकर युद्ध हुआ।

 18 जून को घुड़सवार सेना का नेतृत्व करते हुए रानी गंभीर रूप से घायल हो गईं। कहा जाता है कि उन्होंने अपने दत्तक पुत्र दामोदर राव को पीठ पर बांधकर युद्ध किया था। अंग्रेजों के हाथ न आएं इसलिए एक साधु ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने सिर्फ 29 साल की उम्र में देश के लिए बलिदान किया, उनका प्रसिद्ध नारा था,, मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी,, झांसी के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। आज नारी के उत्थान के लिए महारानी लक्ष्मीबाई के पद चिन्हों पर चलना होगा, नारी को सशक्त बनाना होगा। आज की नारी अबला नहीं सबला है। 

महासचिव दिनेश चंद्र शर्मा ने महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे से तीर चलाना, तलवार चलाना और युद्ध कला कौशल सीखा था। मात्र 29 साल की अवस्था में

देश के लिए प्राण त्याग दिए।

पंडित तरुण शर्मा ने कहा कि हमारी शिक्षा संस्कारों को देने वाली होनी चाहिए। केवल पैसे कमाने के लिए या दूसरे को ठगने के लिए नहीं होना चाहिए। आज संस्कारवान और चरित्रवान की जगह चरित्रहीन धनवान का आदर किया जा रहा है। यह देश के लिए बहुत दुखदाई है। 

 युवा अध्यक्ष पंडित गौरव कृष्ण भार्गव,

सलाहकार पंडित कैलाश नारायण मुद्गल, उपाध्यक्ष हरवंश त्रिवेदी, पंडित ज्ञान प्रकाश दुबे ने समाज की एकता पर बल  दिया। बच्चों को संस्कार देने पर जोर दिया। सरकार भी समाज को बांटने का काम न करें।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शर्मा, जिला अध्यक्ष बालमुकुंद पुरोहित, महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी, महासचिव पंडित दिनेश चन्द्र शर्मा, श्रीमती प्रभा शर्मा, श्रीमती राजकुमारी शर्मा, पंडित मानसी पुरोहित, पंडित रोहिणी दुबे, पंडित रोशनी दुबे, पंडित अभिमन्यु शर्मा, पंडित प्रखर शर्मा, युवा अध्यक्ष गौरव कृष्ण भार्गव, युवा उपाध्यक्ष दीपेश पुरोहित, पंडित मोहित दुबे, पंडित अनुज दुबे, पंडित तरुण शर्मा, पंडित रामकुमार पाराशर खजूरी वाले, पंडित आयुष त्रिपाठी, पंडित ज्ञान प्रकाश दुबे, वरिष्ठ स्काउट कमिश्नर प्रेम प्रकाश शर्मा, सलाहकार कैलाश नारायण मुद्गल, उपाध्यक्ष हरवंश त्रिवेदी, पंडित प्रमोद शर्मा, एडवोकेट वरुण शर्मा , हरिशंकर गुप्ता, अमर सिंह रावत उपस्थित रहे। पंडित हरिवंश त्रिवेदी ने कार्यक्रम का संचालन किया। श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

rekha arya motor road inaugurated

 *सुनियाकोट-ओलिया मोटर मार्ग का शुभारंभ*


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*सोमेश्वर/ अल्मोड़ा, 13 जून



  कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कंडारकुआं मंडल के अंतर्गत सुनियाकोट-मटीला मोटर मार्ग से ओलिया गांव तक प्रस्तावित 3 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग निर्माण कार्य का वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ विधिवत शुभारंभ किया। 


इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों एवं महिलाओं ने निर्माण कार्य प्रारंभ होने पर खुशी व्यक्त की। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से सड़क सुविधा के अभाव में उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस मोटर मार्ग के निर्माण से आवागमन सुगम होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी।


इस मौके पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ओलिया गांव के लिए मोटर मार्ग निर्माण ग्रामीणों का कई दशकों पुराना सपना था, जो आज साकार होने जा रहा है।


 उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। ₹77 लाख की लागत से बनने वाली यह सड़क स्थानीय मातृशक्ति और ग्रामीणों के जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।


कार्यक्रम में कंडारकुआं मंडल अध्यक्ष हरीश परिहार, जिला मंत्री बिशन कंवल, मंडल महामंत्री गोपाल दत्त सती, भुवन फर्त्याल, दीवान नेगी, पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपाल परिहार, प्रताप सिंह, राजेंद्र परिहार, राजेंद्र नेगी, प्रकाश सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

 देहरादून:


 दिनांक 12 जून 2026 को देर शाम सिविल डिफेंस पोस्ट संख्या 4 दक्षिण प्रभाग की मीटिंग सेक्टर वार्डन श्री अमरजीत सिंह गांधी के निवास गुरु रोड देहरादून पर आयोजित हुई।

 


सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा संगठन) देहरादून की वार्डन पोस्ट संख्या 4 दक्षिण प्रभाग में सर्व सहमति के उपरांत श्री श्यामेंद्र कुमार साहू  (उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा संगठन देहरादून) द्वारा अरुण कुमार शर्मा को 14 वर्षों तक निष्ठा से सेक्टर वार्डन का कार्य करने के प्रतिफल में *पोस्ट वार्डन* का दायित्व प्रदान किया गया । 

 तथा श्री अमरजीत सिंह गांधी जी को डिप्टी पोस्ट वार्डन ,पूर्व पोस्ट वार्डन श्री राजकुमार तेहरान जी को आरक्षित पोस्ट वार्डन व श्री अनिल भसीन जी को आरक्षित डिप्टी पोस्ट वार्डन का प्रभार भी  सौंपा गया।

 ग्रह विभाग भारत सरकार द्वारा संचालित सिविल डिफेंस के लगभग 450 वार्डन बिना किसी शुल्क व भत्ते के वर्षों से देहरादून में कार्यरत है। व प्रत्येक संकट,आपदा,पर्यावरण,नशामुक्ति,यातायात व्यवस्था आदि में शासन प्रशासन का सहयोग करते हुए निष्ठा से कार्य करते हैं।

    आज की मीटिंग में उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा श्यामेंद्र कुमार साहू,उप प्रभागीय वार्डन रविन्द्र मोहन काला,राजकुमार तेहरान,अरुण कुमार शर्मा,अनिल भसीन,अमरजीत सिंह गांधी,कृष्ण कुमार विज,नितिन कुमार,हेमंत माटा,तरुण वर्मा,पवन कुमार सेकड़ी आदि सम्मलित रहे।


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धन्यवाद।



 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के आयाम विज्ञान भारती (VIBHA) के तहत डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी को 'नीड' (NEED - नेशनल एनवायरमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट) मिशन के वर्किंग ग्रुप में कोऑर्डिनेटर (समन्वयक) के रूप में नामित किया गया है। वह राज्य स्तर पर ऊर्जा, पर्यावरण और पारिस्थितिकी (इकोलॉजी) से जुड़े विशेष कार्यों और पहलों की देखरेख करेंगी। इस अवसर पर वह विज्ञान भारती के शीर्ष नेतृत्व और सचिव श्री नरेंद्र जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हैं।



​संगठनात्मक यात्रा और योगदान

​विज्ञान भारती से जुड़ाव: डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी साल 2017 में एक असिस्टेंट प्रोफेसर / HOD Electrical Engineering के रूप में विज्ञान भारती से जुड़ी थीं और तब से एक आजीवन सदस्य (लाइफ मेंबर) के रूप में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

​पूर्व जिम्मेदारियां: इससे पहले, उन्हें राज्य में 'निधि संयोजक' की भूमिका के लिए कोऑर्डिनेटर चुना गया था, जिस जिम्मेदारी को उन्होंने बेहद बखूबी निभाया था।

​निरंतर समर्पण: हर कार्यक्रम में उनका लगातार सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहा है। उनके इसी अथक समर्पण के कारण ही उन्हें राज्य स्तर पर यह नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

​शैक्षणिक और अनुसंधान कार्य (Academic & Research)

​वर्तमान में, वह एनआईटी (NIT) उत्तराखंड में लोकोमोटर दिव्यांगजनों (locomotor disabilities) के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावशाली प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही, वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में अपनी डॉक्टरेट रिसर्च (Ph.D.) भी कर रही हैं।


सिलीगुड़ी : 

Book "mein hindu hun", veer sawarkar north bangal



वीर सावरकर जयंती के पावन अवसर पर फिल्ममेकर एवं लेखक श्रेय राजदेव द्वारा लिखित पुस्तक “मैं हिंदू हूं: सफर स्वयंसेवक का” का विमोचन नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी परिसर, सिलीगुड़ी में किया गया।

इस अवसर पर अनेक गणमान्य अतिथि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने वीर सावरकर के विचारों एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से रत्नेश त्यागी, नरेंद्र प्रसाद, अमरेंद्र पांडेय, बिनायक सुंदास, नंद किशोर गोयल, अधिराज, अमित सहित कई प्रतिष्ठित अतिथि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पुस्तक विमोचन के दौरान श्रेय राजदेव ने कहा कि यह पुस्तक एक स्वयंसेवक की यात्रा, अनुभवों और वैचारिक समझ को दर्शाती है। पुस्तक में सांस्कृतिक पहचान, राष्ट्रवाद, सामाजिक एकता और भारतीय मूल्यों जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने युवाओं के बीच भारतीय संस्कृति एवं सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान साहित्य, राष्ट्र निर्माण तथा वीर सावरकर की विचारधारा पर चर्चा की गई। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए लेखक को शुभकामनाएं दीं और पुस्तक को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी का वातावरण देशभक्ति एवं सांस्कृतिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम का समापन अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के बीच संवाद, चर्चा एवं स्मृति चित्रों के साथ हुआ।

application for padam awards 2027


देहरादून;


qq322अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के. के. मिश्रा ने अवगत कराया कि आगामी गणतंत्र दिवस 26 जनवरी, 2027 के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों—पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री—के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अपर सचिव, मंत्रिपरिषद अनुभाग, उत्तराखण्ड शासन के अर्द्धशासकीय पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन एवं संस्तुतियां ऑनलाइन आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्थाएं गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।

पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश भारत सरकार के अर्द्धशासकीय पत्र संख्या 1/7/2026-Public, 12 मार्च, 2026 में निर्धारित किए गए हैं। नामांकन के साथ संबंधित व्यक्ति का नाम, पूर्ण विवरण, व्यक्तित्व एवं कृतित्व, उपलब्धियां, सेवाएं तथा अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। इसके अतिरिक्त अंग्रेजी भाषा में अधिकतम 800 शब्दों का दो पृष्ठीय साइटेशन भी संलग्न किया जाना आवश्यक है।

प्राप्त प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद विभाग की ई-मेल secy-gopan-ua@nic.in पर केवल Microsoft Office Word Format में प्रेषित किया जाना है। शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 12 जून, 2026 निर्धारित की गई है।


अपर जिला अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जनपद स्तर पर आवेदन एवं संस्तुतियां 10 जून, 2026 तक ही जिला कार्यालय, देहरादून में स्वीकार की जाएंगी। उन्होंने पात्र व्यक्तियों, संस्थाओं एवं नागरिकों से समयावधि के भीतर अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अपील की है।

 मुख्यमं


त्री ने 9.74 लाख लाभार्थियों को 176.59 करोड़ रूपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आई. आर.डी. टी सभागार में राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत माह मई 2026 की पेंशन वन क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित की।  09 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खाते में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार की धनराशि का हस्तांतरण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने नशा मुक्त अभियान एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और देखभाल की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव, देरी और बाधा के योजनाओं का लाभ प्रदान करना है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ देश में जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन योजना जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। वहीं स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से वंचित वर्गों को स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हुए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिव्यांग कार्मिकों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है। स्वयं सहायता समूहों को ‘लखपति दीदी योजना’ एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’, ‘मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’, ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ तथा ‘अपणि सरकार पोर्टल’ के माध्यम से विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर पर भी कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी है तथा बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलिपोर्ट एवं बिजली उत्पादन के क्षेत्र में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में विशेष श्रेणी राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून एवं सख्त भू-कानून लागू किए गए हैं। सरकार द्वारा 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।


मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार सूत्रीय रणनीति पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने आयोगों, परिषदों एवं समितियों के सदस्यों से जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का आह्वान किया।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, श्री भरत चौधरी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती पार्वती दास,, श्री भूपाल राम टम्टा, सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री प्रकाश चन्द्र, विभिन्न्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मौजूद थे।


मुख्यमंत्री आवास परिसर में 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री आवास परिसर स्थित राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस देहरादून में विकसित किए जा रहे 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ कृष्णा वट के पौधे का रोपण कर किया गया। इस उद्यान का विकास मधुमक्खियों, तितलियों एवं पक्षियों के संरक्षण एवं संवर्धन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परागण एवं जैव विविधता को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जा रहा है। उद्यान के आसपास कीटनाशकों एवं अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को प्रतिबंधित रखा जाएगा, जिससे प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।


इस विशेष उद्यान के निर्माण से मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण एवं संवर्धन में भी महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा। साथ ही आमजन में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी यह उद्यान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


 मुख्यमंत्री द्वारा उद्यान प्रभारी श्री दीपक पुरोहित को इस प्रकार के उद्यान के विकास करने के निर्देश दिये गए थे। तत्पश्चात उपयुक्त प्रजातियों के पौधों के चयन एवं रोपण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया था।

उद्यान में जामुन, शहतूत, सहजन, कदम्ब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बाँस, बॉटल ब्रश, टिकामा, जीनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हमेलिया, इक्जोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी एवं पुदीना सहित अनेक प्रजातियों के पौधों का मिश्रित रूप से रोपण किया जा रहा है।


परिसर में स्थित जीर्ण-शीर्ण एवं वृद्ध वृक्षों के समीप नवीन पौधों के रोपण का कार्य भी प्रारम्भ किया गया है। इसके अतिरिक्त उच्च हिमालयी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले बांज, बुरांश, तेजपत्ता तथा पया प्रजाति के पौधों का रोपण भी विगत वर्ष से किया जा रहा है, जो वर्तमान में स्वस्थ वृद्धि के साथ परिसर की प्राकृतिक शोभा एवं विशिष्टता को बढ़ा रहे हैं।


 मुख्यमंत्री ने परिसर में संचालित पर्यावरणीय एवं जैव विविधता संवर्धन संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए उद्यान विभाग को मधुमक्खी पालन गतिविधियों को मुख्यमंत्री आवास परिसर तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विकसित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।


इस अवसर पर सचिव श्री शैलेश बगौली, निदेशक उद्यान डॉ. आर.के. सिंह, श्री नरेन्द्र यादव मौजूद थे।

पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति मुख्यमंत्री ने बताई सामूहिक प्रयासों की जरूरत* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति संकल्पबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया है। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने सन्देश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति और जीवन शैली का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। हमारे लोकपर्व, परम्पराएं और जनजीवन सदैव पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को सुदृढ़ करते रहे हैं। हरेला जैसे पर्व प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और संरक्षण की भावना को प्रदर्शित करते हैं। 


पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें एकजुट होकर प्रकृति के संरक्षण की दिशा में भी चिन्तन करना होगा। पर्यावरण संरक्षण को जीवन से जुड़ा विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण उत्तराखण्डवासियों के स्वभाव में रहा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध वन सम्पदा, जैव विविधता और जीवनदायिनी नदियों के कारण देश में विशिष्ट पहचान है। राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों और जैविक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।


उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग तथा पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियां आज पूरी दुनिया के सामने हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की दिशा में संकल्पित होकर कार्य करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की भी मुख्यमंत्री ने जरूरत बताई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण, जल स्रोतों के संरक्षण, नदियों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के लिए सभी को आगे आना होगा। सामाजिक चेतना और सामूहिक प्रयासों से ही पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने में हम सफल हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में प्रदेशभर में संचालित पौधारोपण एवं स्वच्छता अभियान में भी सभी से सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

राज्य सरकार ने 2021 तक के राज्य आंदोलनकारियों के लम्बित आवेदनों के चिन्हीकरण हेतु अवधि में किया विस्तार, मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद हुआ आदेश जारी


राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं समावेशी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कार्यालय में 2021 तक लंबित आवेदनों के निस्तारण की समयावधि में विस्तार किया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के पश्चात सचिव श्री शैलेश बगोली द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।


अब शासन द्वारा आवेदन पत्रों के निस्तारण की अवधि भी 24 जुलाई 2026 से 24 सितम्बर 2026 तक निर्धारित की गई है। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही हेतु शासनादेश की प्रति समस्त मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को प्रेषित कर दी गई है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड आंदोलन से जुड़े सभी वास्तविक आंदोलनकारियों के सम्मान एवं पहचान के प्रति प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाते हुए पात्र व्यक्तियों को पर्याप्त अवसर प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की ₹ 213 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 तथा नन्दादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों के साथ ही राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के तहत विभिन्न सड़कों के निर्माण तथा सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित योजनाओं व  किसानों केी आर्थिकी में सुधार आदि के लिए कुल ₹ 213 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई हैं।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली के वर्ष 2026 में नन्दादेवी राजजात यात्रा के अन्तर्गत नलगांव-भटियाणा मोटर मार्ग के किमी0 01 से 10 तक मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण किये जाने हेतु ₹ 8.68 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने के साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला व्यवस्था में पुलिस प्रशासन हेतु प्राविधानित धनराशि ₹ 35 करोड  के प्रस्ताव पर स्वीकृति हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर के बिन्दुखेडा रायपुर मोटर मार्ग का हॉटमिक्स द्वारा पुर्ननिर्माण एवं सुदृढीकरण हेतु  ₹ 3.95 करोड, एस.एच.-85 में रिस्पना पुल (चंचल डेरी) से धर्मपुर चौक तक सघन यातायात हेतु तीन लेन एलीवेटेड कोरिडोर निर्माण हेतु ₹ 3.37 करोड, जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र जागेश्वर में शहीद लॉस नायक श्री दिनेश सिंह (ध्याडी-मिरगांव-मानेश्वर) मोटर मार्ग के पुर्ननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 4.92 करोड तथा जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड ऊखीमठ के अन्तर्गत ताला बंरगाली मोटर मार्ग में सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य हेतु ₹ 3.17 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र सल्ट में कुलान्टेश्वर महादेव में मेला स्थल के सौन्दर्यीकरण हेतु ₹ 50.08 लाख, जनपद चम्पावत के विधान सभा क्षेत्र चम्पावत में महिला प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना हेतु ₹ 60 लाख तथा जनपद पिथौरागढ़ की विधानसभा धारचूला के अन्तर्गत ग्राम सभा बौन में श्री हयों गुरु देव व गैरेंग मन्दिर सौन्दर्यीकरण व चार दीवारी मुख्य प्रवेश द्वार के कियान्वयन हेतु ₹ 85 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद रुद्रप्रयाग की अगस्तमुनि नगर पंचायत की छेनागाड पेयजल योजना के कियान्वयन हेतु ₹ 55.22 करोड तथा जनपद देहरादून की उत्तर शाखा के अन्तर्गत गंगोत्री विहार में नलकूप खनन, राईजिंग मेन एवं तत्सम्बंधी कार्यों हेतु ₹ 2.22 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद बागेश्वर के विधान सभा क्षेत्र बागेश्वर के अन्तर्गत देवलधार-माईथान-लेटी-गिरेछीना मोटर मार्ग निर्माण हेतु लागत ₹ 8.52 करोड़, जनपद अल्मोड़ा के विधान सभा क्षेत्र द्वाराहाट विकासखण्ड चौखुटिया के मांसी में रामगंगा नदी के दाये पार्श्व पर स्थित राम पादुका मन्दिर पर स्नाना घाट के निर्माण हेतु ₹ 37.60 लाख तथा विधान सभा क्षेत्र द्वाराहाट विकासखण्ड द्वाराहाट मांसी के अन्तर्गत ग्राम सकुनी में सुकेश्वर महादेव मन्दिर के जीर्णाेद्धार का अवशेष कार्य पूर्ण किये जाने हेतु ₹ 1.25 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार के विधान सभा क्षेत्र पिरान कलियर के मेवड नागड के शमशान घाट में बाउंड्रीवाल के निर्माण हेतु ₹ 16.49 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में फसल कृषि कर्म के लिए कर्ज, वाणिज्यिक फसलों, उत्तराखण्ड सहकारी क्षेत्र/निगम की मिलों को ऋण मद हेतु प्राविधानित धनराशि रूपये ₹ 130 करोड के सापेक्ष ₹ 81.47 करोड की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के ग्राम गुरुग्राम में मनीमोहन के घर से सुशील मण्डल के घर तक एवं बसगर मुख्य मार्ग के सुन्दर नगर होते हुए नाले के ओर मार्ग के निर्माण हेतु ₹ 88.76 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के ग्राम रंजीतनर से ग्राम सुरेन्द्रनगर में तारकनाथ मन्दिर होते हुए मुख्य मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य हेतु ₹ 1.79 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री ने किया ताकुला रा०प्रा०वि० धौलरा का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० श्री विद्याधर वैष्णव के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र सोमेश्वर विकासखण्ड ताकुला रा०प्रा०वि० धौलरा का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० श्री विद्याधर वैष्णव के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना में उत्तराखण्ड ने देशभर में लहराया परचम, चार प्रमुख श्रेणियों में प्राप्त किया प्रथम स्थान”


प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्धन एवं प्रमुख सचिव (ऊर्जा) डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु एक साथ चार पुरस्कार प्राप्त हुए।


आज नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह में माननीय श्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री द्वारा उत्तराखण्ड को सम्मानित किया गया। 


उत्तराखण्ड की ओर से यह पुरस्कार उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) के प्रबंध निदेशक श्री जी. एस. बुदियाल द्वारा ग्रहण किया गया।


इस अवसर पर सभी राज्यों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री सन्तोष कुमार सारंगी, आरईसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव, पीएफसी के कार्यकारी निदेशक (ईडी) श्री सौरभ जैन, सीईईडब्ल्यू (CEEW) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. अरुणाभ घोष, एंगेजमेंट लीड, सीईईडब्ल्यू के श्री पंकज करगेती तथा उरेडा के उप मुख्य परियोजना अधिकारी (Deputy CPO) श्री अखिलेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।


नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना अवार्ड समारोह में उत्तराखण्ड को औसत उपभोक्ता आधार (Low Consumer Base States) वाले राज्यों की श्रेणी में चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया गया। राज्य सरकार द्वारा अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे सतत् प्रयासों एवं जन-केंद्रित नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड ने पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।


उत्तराखण्ड को निम्नलिखित चार श्रेणियों में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया:

1. सर्वाधिक उपभोक्ता आवेदन (Maximum Consumer Applications)

2. सर्वाधिक रूफटॉप सोलर संस्थापन (Maximum Solar Installations)

3. सर्वाधिक डिस्कॉम निरीक्षण (Maximum DISCOM Inspections)

4. सर्वाधिक विक्रेता पंजीकरण (Maximum Vendor Registrations)


यह सम्मान उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उपभोक्ता जागरूकता, त्वरित सेवा वितरण तथा पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है।


UPCL द्वारा राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान, शिविरों, डिजिटल माध्यमों एवं स्थानीय स्तर पर विशेष प्रयासों के माध्यम से अधिकाधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने का कार्य किया गया। इसके साथ ही आवेदन स्वीकृति, तकनीकी निरीक्षण, नेट मीटरिंग एवं सौर संयंत्र स्थापना से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल एवं समयबद्ध बनाकर योजना के लाभों को आम नागरिकों तक पहुँचाया गया।


योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु केन्द्र सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आ रही है तथा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। उत्तराखण्ड में योजना के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संकेत है।


यह सम्मान केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि राज्य में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रेरणा है। निगम भविष्य में भी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रतिबद्ध रहेगा तथा अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़कर उत्तराखण्ड को सौर ऊर्जा अपनाने वाले अग्रणी राज्यों में स्थापित करने का प्रयास जारी रखेगा।


यह उपलब्धि न केवल उत्तराखण्ड के लिए गौरव का विषय है, बल्कि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति एवं सतत विकास के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का पावन अवतरण दिवस*

75 हजार पौधों के रोपण व संरक्षण का महासंकल्प*

पूज्य संतों ने शतायु, दिव्यायु और दीर्घायु होने की शुभकामनाएँ दीं



ऋषिकेश, 3 जून



इतिहास के कुछ क्षण युगों की दिशा निर्धारित करते हैं। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, आध्यात्मिक जगत के प्रेरणास्रोत, सेवा, साधना और संस्कारों के पर्याय परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के 75वें वर्ष में प्रवेश का पावन अवसर ऐसा ही एक दिव्य, विलक्षण और ऐतिहासिक क्षण है। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के प्रांगण में आज पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज, पूज्य दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा जी, पूज्य गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज, पूज्य महंत रविन्द्र पुरी जी महाराज, पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी, पूज्य संत मुरलीधर जी महाराज, पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज, पूज्य स्वामी वेदविद्यानन्द जी महाराज हैदराबाद, पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वरदास जी महाराज, पूज्य स्वामी दयाराम दास जी महाराज, पूज्य मूर्तिमन्त प्रभु जी, पूज्य स्वामी जयंत सरस्वती जी महाराज, पूज्य स्वामी शुक्राईनाथ जी तथा अनेक पूज्य संतों एवं विभूतियों का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ।


परमार्थ निकेतन द्वारा पूज्य स्वामी जी के अवतरण दिवस को “पर्यावरण महोत्सव” के रूप में मनाते हुए 75 हजार पौधों के रोपण का महासंकल्प संत श्री मुरलीधर जी महाराज ने लिया। इस पावन अभियान का शुभारम्भ परमार्थ निकेतन परिसर में दिव्य रुद्राक्ष के पौधे के रोपण के साथ हुआ, जो वास्तव में आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, हरियाली और आशा का रोपण है। जैसे ही 75 हजार पौधों के रोपण की घोषणा व्यासपीठ से अनेक श्रद्धालुओं व भक्तों ने अपने संकल्पों को दोहराया कि हम भी अपने जन्मदिवस, विवाहदिवस, पर्व व त्यौहारों के अवसर पर एक से लेकर 11 हजार, 21 हजार पौधों का रोपण करेंगे, ऐसे अनेक संकल्प की गूंजें और हरित जन्मदिवस मनाने की प्रेरणा जागृत हुई। 


पूज्य स्वामी जी का जीवन स्वयं एक जीवंत महाकाव्य है। कैलाश मानसरोवर की दुर्गम एवं गगनचुम्बी हिमालयी चोटियों पर आश्रमों एवं फस्र्ट एड सेंटर्सं की स्थापना, माँ गंगा सहित अनेक नदियों की निर्मलता और अविरलता के लिए वैश्विक जनआंदोलन, ‘‘देवालय से शौचालय’’ तक स्वच्छता का क्रांतिकारी संदेश, विश्व पटल पर सनातन संस्कृति का गौरवपूर्ण उद्घोष, दिव्यांगता-मुक्त भारत का संकल्प, चिकित्सा एवं मानव सेवा के विराट अभियान, गौ संरक्षण, भारतीय विरासत के संवर्धन और राष्ट्र प्रथम की भावना, इन सभी आयामों में पूज्य स्वामी जी का व्यक्तित्व सदैव एक युगदृष्टा के रूप में रहा है।


वे संकल्प, सेवा और संवेदना की ऐसी ज्योति हैं, जो अनगिनत जीवनों को दिशा प्रदान कर रही है। उनका सहज, सरल, निर्मल और माँ गंगा की तरह निष्छल व्यक्तित्व करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


परमार्थ निकेतन में संत मुरलीधर जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही मासिक मानस कथा की दिव्य व्यासपीठ से देश-विदेश से पधारे पूज्य संतों एवं विभूतियों ने उनके अवतरण दिवस पर शुभाशीष एवं मंगलकामनाएँ अर्पित कीं।


अवतरण दिवस के इस महापर्व पर परमार्थ निकेतन द्वारा हजारों श्रद्धालुओं, संतों, निराश्रितों एवं जरूरतमंदों के लिए महाप्रसाद वितरण का शुभारम्भ किया गया। सेवा, समर्पण और सद्भाव की यह धारा दिनभर अविरल प्रवाहित होती रही।


आज का यह आयोजन एक ऐसे संत के जीवन और संकल्पों का अभिनंदन है, जिन्होंने अपने जीवन को स्वयं तक सीमित न रखकर मानवता, प्रकृति, संस्कृति और राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया। 75 हजार पौधों का यह महासंकल्प आने वाले समय में एक हरित क्रांति का आधार बनेगा और यह संदेश देगा कि जब एक संत संकल्प लेता है, तो वह केवल वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी बदल देता है।


माँ गंगा और धरती माँ को हरित अभिनंदन के साथ यह अवतरण दिवस सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के एक नए अध्याय का शुभारम्भ है।


पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सभी पूज्य संतों व दिव्य विभूतियों का परमार्थ निकेतन में अभिनन्दन करते हुए कहा कि यह जीवन पूज्य गुरुओं और माता-पिता के दिव्य आशीर्वाद का प्रतिफल है।


“पड़ा था सूना सितार दिल का, हुई अचानक यह जाग तुमसे।

जो जिन्दगी रोग बन गई थी, वह बन गई आज राग तुमसे।

यह मेरे जीवन की रागिनी क्या, मिला है मुझको यह राग तुमसे,

मिला है मुझको यह प्यार तुमसे।”


“मैं तो कब से तेरी शरण हूँ, मेरी ओर तो भी तो ध्यान दो।” प्रभु के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हुये कहा कि बस ये जीवन पूज्य महापुरूषों की कृपा से प्रभु की सेवा में लगा रहे, बस यही प्रभु से प्रार्थना है। पूज्य संतों का जो सान्निध्य आज हमें प्राप्त हुआ, यही जीवन का प्रसाद है। जीवन प्रेरणा बने, लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे, यही जीवन का सार है।


इस अवसर पर पूज्य मुरारी बापू, पूज्य भाईश्री, पूज्य श्रीश्री रविशंकर जी महाराज सहित अनेक पूज्य संतों, राजनेताओं एवं विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों ने दूरभाष एवं संदेशों के माध्यम से पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ अर्पित कीं।


इस पावन अवसर पर पूज्य संतों के उद्बोधन


योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज ने कहा कि पूज्य स्वामी जी पूरी मानवता के मुकुटमणि हैं। पूज्य संतों के जीवन का अनुकरण ही हमारा जीवन है। भारत के सभी सर्वोच्च कोटि के महापुरुष, वर्तमान व पूर्व माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मंत्री, सांसद अथवा विभिन्न राष्ट्रों के राजदूत, सभी का अपार स्नेह पूज्य स्वामी जी के प्रति है। ऐसा कोई दिन नहीं होता, जिस दिन कोई वैश्विक विभूति परमार्थ निकेतन न आती हो। ऐसा अद्भुत व्यक्तित्व है पूज्य स्वामी जी महाराज का।


पूज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज ने कहा कि पूज्य स्वामी जी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रहरी के रूप में पूरे विश्व को जागृत किया और इस ज्ञान से पूरी मानवता को आलोकित कर रहे हैं। भारत के अमृतकाल में आपका 75वें वर्ष में प्रवेश वास्तव में अमृतकाल है। आपने पर्यावरण चेतना की जो अलख जगाई, वह वंदनीय है। उन्होंने कहा कि दस बेटों के बराबर एक बेटी है और सौ बेटों के बराबर एक पेड़ है, और वही पेड़ पूज्य स्वामी जी भेंटस्वरूप पूरी दुनिया को प्रदान करते हैं।


पूज्य दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा जी ने कहा कि जो अर्पित व समर्पित हो जाए, वही तो संत है। संत व्यक्ति या वस्त्र नहीं, वह तो एक स्वभाव है। संत के चरणों में समर्पित मन निर्मल हो जाता है। पूज्य स्वामी जी ने धरती की पीड़ा को हरने का कार्य किया। धरती ने पूज्य स्वामी जी को पुत्र के रूप में पुकारा कि आइए और मेरी चुनरी को हरा-भरा बना दीजिए। पूज्य स्वामी जी ने अपना पूरा जीवन इसी हेतु समर्पित कर दिया।


पूज्य स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जन्म मिलना और उसके पश्चात उसकी सार्थकता होना अत्यंत दुर्लभ है। हजारों में कोई विरला ही होता है जिसे इसका अनुभव होता है। ऐसे ही हमारे पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज हैं। उन्होंने अपने अहं को तप से गलाकर मानवता, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रचेतना और राष्ट्रप्रेम को समर्पित जीवन जिया है। गंगा जी की आरती के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रचेतना को जागृत किया तथा परमार्थ आश्रम को विराट स्वरूप प्रदान किया।


पूज्य महंत रविन्द्र पुरी जी महाराज ने कहा कि गुरु कुम्हार की तरह होते हैं, जो सहलाकर श्रेष्ठ शिष्यों को गढ़ते हैं। पूज्य स्वामी जी गुरु परम्पराओं के ऐसे ही दिव्य गुरु हैं, जिनका पूरा जीवन मानवता को समर्पित है। मैं पिछले 40 वर्षों से पूज्य स्वामी जी को जानता हूँ, परन्तु उन्होंने कभी अपने व्यक्तिगत जीवन पर भौतिकता की चकाचैंध या राजनीति का रंग नहीं चढ़ने दिया।


पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि आज से 30 वर्ष पूर्व जब मैं भारत आई और मुझे माँ गंगा तथा पूज्य स्वामी जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, तब पूज्य स्वामी जी ने मुझे तीन मंत्र दिए, सदैव प्रसन्न रहो, अपने समय और संसाधनों से मानवता की सेवा करो और सेवा का कोई भी अवसर मत चूको। आज यही मंत्र मैं आप सभी को दे रही हूँ।


पूज्य संत मुरलीधर जी महाराज ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि पूज्य स्वामी जी महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन में रहने का अवसर प्राप्त होता है। पूज्य संत हमारे आध्यात्मिक चिकित्सक हैं, जिनकी वाणी से करोड़ों-करोड़ों साधकों को युगों-युगों से आध्यात्मिक उपचार प्राप्त होता रहा है।


पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज ने कहा कि हरित क्रांति के जनक पूज्य स्वामी जी महाराज हैं। 3 जून को पूज्य स्वामी जी का जन्मदिवस और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, यह संगम भी अद्भुत है। वर्ष 1984 से लेकर आज तक पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने हरित क्रांति हेतु अद्भुत भूमिका निभाई है। एक दिन ऐसा आएगा जब आपकी हरित क्रांति को पूरा विश्व सराहेगा। पूज्य स्वामी जी ने चाहे कुंभ हो या कोई पर्व, न लिफाफा दिया, न लिफाफा लिया परन्तु हाँ पौधे सबको अवश्य दिए और पौधे ही आपकी पहचान है।


पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वरदास जी महाराज ने पूज्य स्वामी जी को अवतरण दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि कैलाश मानसरोवर पर भवन एवं अस्पताल का निर्माण भारत सरकार भी नहीं कर पाई, जो पूज्य स्वामी जी ने कर दिखाया। चाहे गंगा स्वच्छता का विषय हो या मानवता की सेवा, पूज्य स्वामी जी की भूमिका सदैव अग्रणी रही है।


राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष श्री जगदीश मित्तल जी ‘परमार्थी’ ने कहा कि चार वर्ष पूर्व मुझे पूज्य स्वामी जी महाराज के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैं यही भाव समर्पित करता हूँ “मैं शब्द, आप अर्थ और बाकी सब व्यर्थ।” पूज्य स्वामी जी के संरक्षण में पूरे देश में 5000 से अधिक कवियों का संगठन कार्य कर रहा है और इस संगठन पर उनकी विशेष कृपा है।


इस अवसर पर भारत सहित विश्व के अनेक देशों से पधारी विभूतियों, श्री आई. जी. अग्रवाल जी, श्री प्रवीण भाई, श्री प्रताप भाई, अनेक भक्तों, पूज्य संतों एवं श्रद्धालुओं ने पूज्य स्वामी जी महाराज को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित कीं।


देहरादून:


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को देहरादून स्थित अपने आवास पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 134वें एपिसोड का श्रवण किया।


इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमेशा की तरह इस बार भी ‘मन की बात’ का एपिसोड प्रेरणादायक, उत्साहवर्धक एवं मार्गदर्शन देने वाला रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी खिलाड़ियों और युवाओं की उपलब्धियों को कितना महत्व देते हैं, यह इस बात से स्पष्ट है कि उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत ही खिलाड़ियों की उपलब्धियों के उल्लेख से की।


उन्होंने कहा कि गुरविंदर सिंह द्वारा 100 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित करने तथा अनीमेष सहित अन्य खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख कर प्रधानमंत्री ने देश की खेल प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया। साथ ही भीषण गर्मी से बचाव, मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह देकर जनस्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया।


रेखा आर्या ने कहा कि जल संरक्षण और नदियों की सुरक्षा पर प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया संदेश भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। खेल, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे विषयों को एक साथ जोड़कर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया है।

 डोईवाला:

journalist award  , hindi patrkarita diwas




विश्व पत्रकारिता दिवस के अवसर पर  डोईवाला  नगरपालिका सभागार में साहित्यकार  डॉ प्रभाकर उनियाल, की पुण्यतिथि  पर  पत्रकार  सम्मान समारोह   का आयोजन किया गया। 

 राज्य महिला आयोग राज्य मंत्री  श्रीमती विनोद उनियाल   ने  पत्रकारों का सम्मान करते हुए, अपेक्षा की है कि आनेवाले समय मे भी पत्रकार अपने दायित्व का निर्वाह करते हुए, जन जन की समस्याओं को उठाते रहेंगे।[


श्रीमती विनोद उनियाल ने  कहा कि समाज के चौथे स्तम्भ पत्रकारों का कार्य बहुत चुनौतीपूर्ण होता है।उन्होंने डॉ प्रभाकर उनियाल के पत्रकार जीवन पर प्रकाश डाला और डोईवाला से उनके संबंधों को उजागर किया। एबीवीपी के लिये हो या आरएसएस के लिये, या साहित्य सेवा के लिये उनकी जिजीविषा कभी कम नही हुई।

साहित्यकार के रूप में भी उन्होंने सैकड़ों  रचनाएं लिखी।टिहरी के विस्थापन के दर्द पर भी उन्होंने डॉ प्रभाकर उनियाल  के द्वारा  बनाये गए टिहरी विशापित मंच  बनाने  के उद्देश्य को स्पष्ट किया ।

डॉ प्रभाकर उनियाल जी के पुत्र  श्री मधुकर उनियाल  ने  अपने पिता के संस्मरणों को साझा करते हुए बताया कि पत्रकार रक्तवाहिनियों में बहता हुआ  वह रक्त है जो,श्रम तो करता है पर  दिखाई नही देता है।

 कमांडर मठारू ने बताया कि पत्रकार भी किसी फौजी से कम नही है। देश को मजबूत करने में इनका बड़ा योगदान है।पत्रकार की जिम्मेसारी ही उससे सबसे ऊंचे स्थान पर बिठाती है। 

कार्यक्रम का संचालन विक्रम  नेगी द्वारा किया गया।





डोईवाला। नगर पालिका परिषद डोईवाला के वार्ड संख्या 20 अंबेडकर नगर के सभासद प्रतिनिधि श्री *प्रकाश कोठारी* ने लच्छीवाला टोल प्लाजा के समीप जंगल क्षेत्र में जंगली हाथियों की बढ़ती आवाजाही को लेकर वन विभाग को ज्ञापन सौंपा।


ज्ञापन में बताया गया कि लच्छीवाला टोल प्लाजा के पास आबादी क्षेत्र के निकट लगातार जंगली हाथियों की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कई बार हाथियों के सड़क और आबादी क्षेत्र के करीब आने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।


प्रकाश कोठारी ने वन विभाग से मांग की कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जंगल किनारे आवश्यक स्थानों पर गहरी खाई खुदवाने का कार्य शीघ्र कराया जाए, ताकि जंगली हाथियों की आबादी क्षेत्र में आवाजाही रोकी जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव हो सके।


उन्होंने वन विभाग से जनहित में जल्द आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।


*"देवभूमि के सपूतों ने छुआ आसमान : NSG के मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में उत्तराखंड के वीरों ने एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा"*

  

NSG major akhilesh bhatt, mount everest won uttarakhand


 उत्तराखंड ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि हौसले बुलंद हों तो कोई शिखर ऊंचा नहीं। देहरादून निवासी मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की 16 सदस्यीय टीम ने 23 मई 2026 को प्रातः 3:26 बजे नेपाल समय पर माउंट एवरेस्ट 8,848.86 मीटर पर सफल आरोहण कर इतिहास रच दिया। काठमांडू से मात्र 20 दिनों में शिखर तक पहुंचना एवरेस्ट अभियानों में एक दुर्लभ रिकॉर्ड है।


इस अभियान का नेतृत्व इंद्रापुर, देहरादून निवासी मेजर अखिलेश भट्ट ने किया, जो मूलतः घनसाली, टिहरी गढ़वाल के रहने वाले हैं और श्री दिनेश प्रसाद भट्ट के पुत्र हैं। उनके साथ Expedition Deputy Leader की भूमिका में पौड़ी गढ़वाल के ग्राम कंडाई निवासी सूबेदार सुरेश कुमार बेबनी रहे, जो श्री शंभू प्रसाद बेबनी के पुत्र हैं। शिखर पर पहुंचने वाले उत्तराखंड के अन्य जवानों में चमोली के ग्राम सेरा निवासी नायक राहुल सिंह, श्री कुंवर सिंह के पुत्र, अल्मोड़ा के ग्राम ल्वेशाल निवासी नायक पंकज सिंह दोसाद, श्री केशर सिंह दोसाद के पुत्र, तथा उत्तरकाशी के कमांडो गौतम बुटोला शामिल रहे।


यह सफलता एक दिन की नहीं है। अक्टूबर 2025 में मेजर अखिलेश भट्ट के नेतृत्व में ही टीम ने गढ़वाल हिमालय के माउंट सतोपंथ 7075 मीटर का आरोहण किया। इसके बाद लाहौल-स्पीति में डोगरा स्काउट्स के साथ चरम शीतकालीन बर्फ प्रशिक्षण लिया और माउंट कानामो 5975 मीटर फतह किया। महीनों की योजना, सैन्य अनुशासन और तकनीकी परिशुद्धता ने ही एवरेस्ट विजय का रास्ता तैयार किया।


यह केवल NSG की जीत नहीं, देवभूमि के साहस और नेतृत्व की जीत है। पहाड़ों की गोद में पले-बढ़े इन जवानों ने दुनिया को दिखा दिया कि उत्तराखंड का बेटा जब ठान ले, तो एवरेस्ट भी झुक जाता है। इस अभियान ने राज्य के युवाओं को संदेश दिया है कि अनुशासन और संकल्प से हर लक्ष्य संभव है। NSG प्रवक्ता ने कहा कि यह मिशन NSG के 'सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा' ध्येय का जीवंत उदाहरण है। मेजर अखिलेश भट्ट और उत्तराखंड के जवानों ने विपरीत हालात में जिस तरह टीम को शिखर तक पहुंचाया, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।


उत्तराखंड सरकार और देशवासी इन वीर सपूतों को सलाम करते हैं जिन्होंने विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा और देवभूमि का स्वाभिमान दोनों लहराए।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की सद्यः प्रकाशित पुस्तक ‘अपनापन–नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।



यह गरिमामयी समारोह भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू तथा पूर्व प्रधानमंत्री श्री एच.डी. देवेगौड़ा की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।


‘अपनापन’ एक प्रेरणादायी कृति है, जिसमें श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ विभिन्न भूमिकाओं में प्राप्त अनुभवों का सजीव वर्णन किया गया है। पुस्तक में नेतृत्व, सेवा, सुशासन एवं राष्ट्र-निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विचारों को सरल एवं प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया गया है।


मुख्यमंत्री ने पुस्तक के प्रकाशन पर श्री शिवराज सिंह चौहान को शुभकामनाएं दीं तथा इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।


कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, भारत सरकार के अनेक मंत्री, विधायक, सांसद, समाजसेवी, लेखक-पत्रकार एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

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