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उत्तरकाशी जनपद में कालिंदी ट्रैक पर फंसे ट्रेकर्स के रेस्क्यू अभियान के संबंध में सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी द्वारा मीडिया को जानकारी दी गई।



उन्होंने बताया कि SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं तथा विषम भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के बीच ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालकर हर्षिल हेलीपैड तक पहुंचाया जा रहा है। रेस्क्यू अभियान में SDRF की टीमें पूरी तत्परता एवं समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।


उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान अब तक कई ट्रेकर्स को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है तथा शेष व्यक्तियों को भी सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास किये जा रहे है।

 


90th time blood donor


आज आई एम ए ब्लड बैंक मे होलसेल कैमिस्ट एसोसिशन द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में ब्लड बून के संयोजक डॉक्टर पियूष मौर्य ने 90वीं बार रक्तदान किया,

इस अवसर पर देहरादून जिले के सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर श्री एम. एस. राणा, एवं ड्रग इंक्पेक्टर श्री विनोद जगूड़ी,एवं देहरादून जिले के कैमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मनीष नंदा ने डॉक्टर पियूष मौर्य को सम्मानित किया है,साथ ही पियूष मौर्य द्वारा समाज में किये जा रहे रक्तदान एवं नशे के खिलाफ चलाये जा रहे आयोजन की प्रसंशा की है!

आपको बता दे की कैमिस्ट एसोसिएशन द्वारा प्रत्येक वर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है, जिसमे शहर ने नागरिक एवं युवा बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते है, इसी क्रम में इस वर्ष लगभग 108 लोगो ने रक्तदान हेतु रजिस्ट्रेशन कराया, और रक्तदान करा,

कैम्प में महिलाओ ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया,

इस मौके पर ब्लड बून के संयोजक पियूष मौर्य ने युवाओं से रक्तदान करने की अपील की, और युवाओं को नशे से दूर रहने की भी अपील करी,

नशा मीठा जहर है, जिसका आने वाले समय में परिणाम घातक होगा, 

इस मौके पर होलसेल कैमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजीव तनेजा, महासचिव श्री आकाश प्रभाकर, कोषाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र रावत, गोपाल भोला, संजय नंदा, उमेश भाटिया, वैशाली तनेजा, पूजा नंदा,अनुभव जैन, नीरज जैन, राजेश बक्शी, अशोक अरोड़ा, भारत भूषण अरोड़ा, इत्यादि उपस्थित रहे!

 पर्वतारोहियों का साहस, अनुशासन और टीम भावना युवाओं के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री*


*मुख्यमंत्री ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के सफल पर्वतारोहण अभियानों का किया फ्लैग-इन

CM Dhaami wishes  mountaineer



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM), उत्तरकाशी द्वारा संचालित चार सफल पर्वतारोहण अभियानों का फ्लैग-इन किया। इनमें जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (JIM&WS), पहलगाम के साथ संयुक्त रूप से संचालित माउंट एकांकागुआ अभियान भी शामिल था।


मुख्यमंत्री ने सभी पर्वतारोहियों को सफल अभियानों के लिए बधाई देते हुए चुनौतीपूर्ण उच्च पर्वतीय परिस्थितियों में उनके साहस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों की ये उपलब्धियां उत्तराखण्ड के साथ ही देश के युवाओं को साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करेंगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ने पर्वतारोहण, साहसिक खेलों, युवा विकास और उच्च हिमालयी प्रशिक्षण के क्षेत्र में देश और प्रदेश में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। संस्थान द्वारा युवाओं को पर्वतारोहण एवं साहसिक गतिविधियों के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ उनमें साहस, नेतृत्व, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता भी विकसित की जा रही है।


माउंट एकांकागुआ (6,961 मीटर), अर्जेंटीना के लिए NIM और JIM&WS के संयुक्त अभियान का नेतृत्व कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया। छह सदस्यीय अभियान दल ने 22 फरवरी 2026 को माउंट एकांकागुआ के शिखर पर सफल आरोहण किया। इस संयुक्त अभियान को रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक से फ्लैग ऑफ किया था।


नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के नुन-कुन अभियान-2026 का नेतृत्व संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित ने किया। अभियान दल ने 15 अगस्त 2026 को माउंट कुन की 7,077 मीटर ऊंची चोटी पर सफल आरोहण किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हासिल की गई यह उपलब्धि अभियान दल के लिए विशेष रही। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए दल ने 26 अगस्त 2026 को माउंट डेल्टा-41 की 5,908 मीटर ऊंची चोटी तथा 31 अगस्त 2026 को माउंट नुन की 7,135 मीटर ऊंची चोटी पर भी सफल आरोहण किया। इस प्रकार अभियान दल ने एक ही अभियान के दौरान नुन-कुन पर्वत श्रृंखला की तीन चोटियों पर सफल आरोहण की उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।


मुख्यमंत्री ने सभी अभियान सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं प्रदान करती हैं। पर्वतारोहियों की ऐसी उपलब्धियां युवाओं को साहसिक खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखण्ड की पहचान को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करती हैं।


इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री अमित कुमार सिन्हा, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस.एस. राजपुरोहित, जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स, पहलगाम के प्रधानाचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी. संतोष कुमार सहित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के अधिकारी एवं विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों के सदस्य उपस्थित थे।


डोईवाला:



नगर पालिका परिषद डोईवाला में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में रविंद्र बेलवाल ने नामित सभासद पद की शपथ ग्रहण की। नगर पालिका परिषद डोईवाला के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह नेगी (नंदू प्रधान) ने उन्हें सभासद पद की शपथ दिलाई।


इस अवसर पर डोईवाला विधायक श्री बृजभूषण गैरोला, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्री एम.एल. शाह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं नगर पालिका के सभासद उपस्थित रहे।


शपथ ग्रहण के पश्चात रविंद्र बेलवाल ने कहा कि सभासद के रूप में मिली जिम्मेदारी उनके लिए जनसेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने तथा नगर के विकास एवं जनहित से जुड़े विषयों के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे।


समारोह में भाजपा जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, प्रदेश मंत्री युवा मोर्चा अजय उनियाल, गढ़वाल सह-संयोजक किसान मोर्चा अरुण शर्मा, सांसद प्रतिनिधि श्री संजय चमोली, प्रदेश सह-संयोजक व्यवसायिक प्रकोष्ठ पवन सैनी, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता  पंकज चौधरी, मंडल अध्यक्ष पंकज शर्मा,अनीता अग्रवाल, प्रकाश कोठारी, विपिन कोठारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


नगर पालिका के सभासदों में श्री सुंदर लोधी, श्री गौरव मल्होत्रा, साथ में  नामित  सभासद की शपथ  लेने वाले श्रीमती सरिता जोशी, श्री सोनू गोयल, श्री मनीष छेत्री एवं श्री पुष्कर नेगी  भी उपस्थित रहे।


रविंद्र बेलवाल ने शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, सभासदों, कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी का स्नेह, सहयोग और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के इस दायित्व को पूरी निष्ठा के साथ निभाने की प्रेरणा देता रहेगा।




 छात्रा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही की घोषणा



*राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जायेगी- मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा एवं राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से प्रश्न किए और अपने सुझाव साझा किए।


संवाद के दौरान हरिद्वार की कक्षा 11वीं की छात्रा लवप्रीत कौर ने मुख्यमंत्री से कहा कि आजकल ऑनलाइन पढ़ाई का चलन बढ़ रहा है, लेकिन कई परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वे बच्चों के लिए फोन या लैपटॉप खरीद सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि ऐसे विद्यार्थियों के लिए सरकार क्या व्यवस्था करेगी।


छात्रा के प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही घोषणा की कि राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जायेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का सीधा संवाद उनकी अपेक्षाओं और सुझावों को जानने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

मेरे सपनों का उत्तराखंड’ में सीएम धामी ने युवा प्रतिभाओं से किया संवाद, तकनीक और इनोवेशन पर हुई चर्चा* 


 *उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, फैक्ट्रियों से सीधे MOU कर ट्रेड की होगी पहचान: सीएम धामी* 


‘ *सगंध मिशन’ से उत्तराखंड की विशिष्ट वनस्पतियों की खुशबू पहुंचेगी वैश्विक बाजार तक: मुख्यमंत्री धामी* 


 *पिरुल से रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दे रही सरकार, युवाओं से बोले सीएम—नई सोच ही विकसित उत्तराखंड की ताकत* 




 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ कार्यक्रम के तहत युवा प्रतिभाओं से संवाद किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने तकनीक, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, कौशल विकास, स्वरोजगार और विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार एवं सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने युवाओं की जिज्ञासाओं का उत्तर देते हुए उनके विचारों और फीडबैक को गंभीरता से सुना।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ कार्यक्रम में युवा प्रतिभाओं से संवाद कर तकनीक, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसे भविष्य के विषयों पर उनके इनोवेटिव विचारों को जानना उत्साहवर्धक रहा। युवाओं की नई सोच, बड़े सपने और आत्मविश्वास ही नए और विकसित उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत हैं।


संवाद के दौरान एक छात्र ने मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में स्थापित हो रहे उद्योगों और फैक्ट्रियों के मद्देनजर युवाओं के कौशल विकास के लिए सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों के बारे में पूछा। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए उद्योगों और फैक्ट्रियों के साथ सीधे MOU किए जा रहे हैं और उनसे यह जानकारी ली जा रही है कि उन्हें किन-किन ट्रेड एवं स्किल में प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता है। उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें और उद्योगों को भी स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।


एक अन्य छात्र ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के संबंध में सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य में संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं और पहलों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक तकनीक, ब्रांडिंग और बेहतर बाजार से जोड़कर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘सगंध मिशन’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की जैव विविधता और यहां पाई जाने वाली विभिन्न वनस्पतियों की विशिष्ट खुशबू को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन वनस्पतियों से तैयार सुगंधित उत्पादों एवं परफ्यूम को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के माध्यम से देश और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे स्थानीय संसाधनों का मूल्यवर्धन होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और उद्यमिता के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने पिरुल को भी रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की सरकार की पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में पिरुल को 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है तथा इसका उपयोग विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार करने में किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जंगलों में उपलब्ध पिरुल के बेहतर उपयोग के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए आय के नए साधन विकसित करना भी है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान उनके शिक्षा, तकनीक, नवाचार, रोजगार, स्वरोजगार और भविष्य के उत्तराखंड से जुड़े विचारों को जाना। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उत्तराखंड के विकास की यात्रा में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और नए विचारों को अवसर और मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।


देहरादून:





भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), देहरादून एयरपोर्ट में हिंदी पखवाड़ा–2026 के अंतर्गत आज हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता, रुचि एवं कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हिंदी प्रश्न मंच का आयोजन किया गया।


यह कार्यक्रम एयरपोर्ट निदेशक श्री बी.एच. नेगी के कुशल मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में आयोजित किया गया। हिंदी प्रश्न मंच का आयोजन श्री शुभम वत्स द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का संचालन श्री अजित कुमार, राजभाषा अधिकारी द्वारा किया गया।


हिंदी प्रश्न मंच में AAI के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में श्री नितिन वर्मा, प्रबंधक (वित्त) ने प्रथम स्थान, श्री नितिन कादियान, संयुक्त महाप्रबंधक ने द्वितीय स्थान, श्री शैलेंद्र जंगपांगी, प्रबंधक (मानव संसाधन) ने तृतीय स्थान तथा श्री सक्षम सिंघल, कनिष्ठ अभियंता (वित्त) ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।


प्रश्न मंच में हिंदी भाषा, साहित्य, व्याकरण, सामान्य ज्ञान तथा राजभाषा से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे गए। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह एवं सक्रियता के साथ प्रश्नों का उत्तर देते हुए कार्यक्रम को रोचक एवं ज्ञानवर्धक बनाया।


इस अवसर पर एयरपोर्ट निदेशक श्री बी.एच. नेगी ने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा होने के साथ-साथ देश की विविध भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग से प्रशासनिक कार्यों को सरल, प्रभावी एवं जनसुलभ बनाने में सहायता मिलती है।


हिंदी पखवाड़े के दौरान देहरादून एयरपोर्ट पर हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।


कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के संकल्प के साथ हुआ।


देहरादून:

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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पिछले 9 दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे पीजी, एसआर एवं जेआर डॉक्टरों के बीच आज प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत चिकित्सकों से मुलाकात कर उनकी मांगों को विस्तार से सुना और जल्द स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया।स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने चिकित्सकों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है तथा स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में जल्द सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने एमबीबीएस छात्रों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।


स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद धरने पर बैठे पीजी, एसआर एवं जेआर छात्रों ने अपना धरना निश्चित अवधि के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।


स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके हितों और समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार चिकित्सकों के साथ संवाद और समन्वय के माध्यम से उनकी मांगों के समाधान के लिए प्रयासरत है।


स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद चिकित्सकों द्वारा धरना स्थगित किए जाने से स्टाइपेंड वृद्धि के मुद्दे पर आगे की कार्रवाई को लेकर उम्मीद जगी है।

  घर-घर मंदिरों में आशीर्वाद का दीप जलाने की अपील


उत्तरकाशी 




गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।


विजयपाल सजवाण ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल, दूरदर्शी एवं सशक्त नेतृत्व में भारत निरंतर विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उनके नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने भारत को वैश्विक मंच पर एक सशक्त पहचान दिलाई है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन के अवसर पर क्षेत्रवासी अपने-अपने घरों एवं मंदिरों में आस्था और श्रद्धा के साथ आशीर्वाद का दीप जलाकर उनके दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना करें। यह दीप राष्ट्रसेवा के प्रति उनके समर्पण और देश की उज्ज्वल प्रगति के लिए हमारी सामूहिक शुभकामनाओं का प्रतीक बने।


पूर्व विधायक ने माँ गंगा, माँ यमुना एवं भगवान बद्री-केदार से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर ऊर्जा की प्रार्थना करते हुए कहा कि वे इसी प्रकार निरंतर राष्ट्र की सेवा करते रहें और भारत को विकास एवं समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।


उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों से प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन को श्रद्धा, सेवा एवं शुभ संकल्प के साथ मनाने का आह्वान किया।



*जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें अधिक, जिलाधिकारी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा कर कराएं शीघ्र समाधान*


*जिलाधिकारी तहसीलों का करें औचक निरीक्षण, दाखिल-खारिज के प्रकरणों की समयबद्धता और भूमि धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों की करें समीक्षा*

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*स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को दें शीर्ष प्राथमिकता, पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन में ऑडिट कर प्रस्तुत करें रिपोर्ट*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद करने तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित होना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें सबसे अधिक प्राप्त हो रही हैं, संबंधित जिलाधिकारी उन शिकायतों की विभागवार समीक्षा कर उनका यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एक ही प्रकृति की शिकायतें बार-बार आने के कारणों का भी विश्लेषण किया जाए और ऐसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए।


मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह विशेष रूप से देखा जाए कि दाखिल-खारिज से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर हो रहा है या नहीं। भूमि धोखाधड़ी से संबंधित जन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और निर्धारित सेवाएं उन्हें समयबद्ध रूप से उपलब्ध हों।


मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज और अन्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। सचिव, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी अपने स्तर पर नियमित रूप से लंबित शिकायतों की समीक्षा करें। जिन शिकायतों का निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारण नहीं किया जा रहा है, उनमें संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।


मुख्यमंत्री ने लंबे समय से लंबित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। बैठक में 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के पुराने प्रकरणों की विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उनके लंबित रहने के कारणों की भी समीक्षा की जाए।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ अथवा ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि को विशेष महत्व दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित स्तर पर समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों पर फीडबैक की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। शिकायतकर्ता से प्राप्त फीडबैक के आधार पर निस्तारण की गुणवत्ता का आकलन किया जाए। पोर्टल पर जनसामान्य से फीडबैक तथा विभिन्न विभागों और नोडल अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाए। वहीं शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का मूल उद्देश्य शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करते हुए नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।


मुख्यमंत्री  ने समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कर उनकी समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अनुचित रूप से बंद की गई एक शिकायत के संबंध में संजय कुमार रावत से दूरभाष पर वार्ता की। श्री रावत ने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित प्रकरण में तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। भविष्य में इस प्रकार की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल निवासी बेबी कोटनाला से दूरभाष पर वार्ता कर परित्यक्ता पेंशन से संबंधित समस्या की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि लंबे समय से शिकायत दर्ज होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को प्रकरण में तत्काल उचित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने हरिद्वार निवासी श्रीमती गीता से भी दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने बताया कि उनके घर के समीप लगभग तीन माह पूर्व पानी की टंकी बन चुकी है, लेकिन उससे पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार को मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने और तत्काल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने देहरादून निवासी शिल्पी सक्सेना से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के बाद समयबद्ध रूप से क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगा दी गई। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं, अल्मोड़ा निवासी आयुष बिष्ट ने मुख्यमंत्री को बताया कि छात्रवृत्ति से संबंधित उनकी शिकायत का विभाग द्वारा समाधान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति मिलने में हुई देरी के कारणों की जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, श्री एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ श्री कपिल लाल, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री  हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों एवं उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं ।


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। 



इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी हमारी सांस्कृतिक भावनाओं, आकांक्षाओं और आदर्शों का प्रतीक है। हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और भारतीयता की पहचान भी है। यह देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने के साथ ही विविधता में एकता की भावना को भी सशक्त करती है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि हिन्दी ने भारतीय समाज को जोड़ने और सामाजिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी हिन्दी ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने में अहम योगदान दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिन्दी के संरक्षण, संवर्धन और प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हिन्दी के गौरव और सम्मान को बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि हिन्दी दिवस पर अपने दैनिक जीवन में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लें और राजभाषा हिन्दी के सम्मान एवं विकास में सहभागी बनें।

देहरादून:



  सिविल डिफेंस पोस्ट संख्या 4 दक्षिण प्रभाग की मीटिंग सेक्टर वार्डन श्री कृष्ण कुमार विज  के निवास गुरु रोड निकट मनभावन पैलेस देहरादून पर आयोजित हुई।

 *सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा संगठन) देहरादून के उपनियंत्रक नागरिक सुरक्षा संगठन श्री श्यामेंद्र कुमार साहू जी,डिविजनल वार्डन डॉ सूर्यप्रकाश भट्ट जी, डिप्टी डिविजनल वार्डन श्री रविन्द्र मोहन काला जी उपस्थित रहे।

     उपस्थित अधिकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की  नागरिक सुरक्षा संगठन का प्रमुख कार्य युद्धके समय देश के नागरिकों की रक्षा करना है जिसके लिए समय समय पर उनको ट्रेंड किया जाता है। शांति काला में ट्रेंड वार्डनो का कार्य होता है की वह देश / क्षेत्र के आम नागरिकों को भी पांच दिवसीय या अधिक समय की ट्रेनिंग के माध्यम से उनको तैयार करे जिससे आपदा /आपात स्थिति में वह स्वयं की व अन्य लोगों की रक्षा कर सके।


    आज की मीटिंग में पोस्ट वार्डन अरुण कुमार शर्मा, आरक्षित उप पोस्ट वार्डन अनिल भसीन,कृष्ण कुमार विज,नितिन कुमार,हेमंत माटा,मनमोहन शर्मा तरुण वर्मा,शिवा नामदेव,रोहित मौर्य, आदि सम्मलित रहे।




*सचिव आपदा प्रबंधन ने दिखाई हरी झंडी*

saraswati taal kedar taal team depart



 प्रदेश में ग्लेशियर झीलों से संभावित जोखिमों को कम करने तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चमोली जनपद स्थित सरस्वती ताल तथा उत्तरकाशी जनपद स्थित केदारताल के सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञ दल मंगलवार को रवाना हो गया है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तथा माननीय आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए विशेषज्ञ दल को शुभकामनाएं दी हैं।

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में स्थित संवेदनशील ग्लेशियर झीलों का व्यापक सर्वेक्षण एवं वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत झीलों की वर्तमान स्थिति, जलस्तर, आकार में होने वाले परिवर्तन, आसपास के भू-भाग की स्थिति तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों का आकलन किया जाएगा। मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित खतरे की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक समय रहते चेतावनी पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए आधुनिक सेंसर, जलस्तर मापक उपकरण, संचार प्रणाली तथा अन्य आवश्यक तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

माननीय आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने बताया कि ग्लेशियर झीलों से संभावित आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक एवं जोखिम न्यूनीकरण उपायों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी मार्ग, संभावित प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन, संचार व्यवस्था, स्थानीय स्तर पर चेतावनी तंत्र तथा राहत एवं बचाव की तैयारियों को मजबूत किया जाएगा।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखण्ड में कुल 13 ग्लेशियर झीलों को संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इनमें से 04 ग्लेशियर झीलों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जबकि शेष संवेदनशील झीलों का भी चरणबद्ध तरीके से सर्वेक्षण एवं वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में चमोली जनपद स्थित सरस्वती ताल तथा उत्तरकाशी जनपद स्थित केदारताल का बैथीमेट्री सर्वेक्षण करने के लिए विशेषज्ञ दल को रवाना किया गया है। सर्वेक्षण के दौरान दोनों ग्लेशियर झीलों की वर्तमान स्थिति, जलस्तर, संभावित खतरे के कारकों तथा डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में पड़ने वाले संभावित प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा।

सचिव श्री सुमन ने बताया कि सरस्वती ताल लगभग 5700 मीटर तथा केदारताल लगभग 4750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। अत्यधिक ऊंचाई एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में स्थित इन झीलों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

वहीं माननीय उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग श्री विनय रुहेला तथा ले. कर्नल रघुवीर सिंह भण्डारी (सेवानिवृत्त) ने भी विशेषज्ञ दल को शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, जेसीईओ श्री दिनेश कुमार पुनेठा आदि उपस्थित रहे। 


*विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों की संयुक्त भागीदारी*

देहरादून। सर्वेक्षण अभियान में विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों एवं सुरक्षा बलों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। विशेषज्ञ दल में यूएसडीएमए, यूएलएमएमसी, बाबा साहनी पुराविज्ञान संस्थान लखनऊ, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, एनआईएच रुड़की, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के विशेषज्ञ शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की संयुक्त भागीदारी से ग्लेशियर झीलों की स्थिति, संभावित जोखिमों तथा डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव का बहुआयामी एवं वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। दल में श्री रोहित कुमार (यूएसडीएमए, देहरादून), श्री निखिल पुनिया (यूएसडीएमए, देहरादून), डॉ. विशाल (यूएलएमएमसी, देहरादून), श्री दीपक भट्ट (यूएलएमएमसी, देहरादून), डॉ. शेख नवाज अली (बीएसआईपी, लखनऊ), श्री शुभजीत घोष (बीएसआईपी, लखनऊ), श्री प्रकाश रंजन जेना (बीएसआईपी, लखनऊ), डॉ. पिंकी बिष्ट (वाडिया, देहरादून), श्री स्वप्निल बिष्ट (वाडिया, देहरादून), श्री शिव्यांक सिंह नेगी (वाडिया, देहरादून), श्री शिव शंकर यादव (एनआईएच, रुड़की), डॉ. शिवानंद मंडराहा (एनआईएच, रुड़की), श्री नितेश खेतवाल (एसडीआरएफ, देहरादून), श्री संदीप सिंह (एसडीआरएफ, देहरादून), श्री सचिन कुमार (एनडीआरएफ, गदरपुर), श्री मनीष कुमार (एनडीआरएफ, गदरपुर), श्री महेंद्र (जिला चमोली), श्री मनोज सिंह (जिला चमोली), श्री शार्दुल गुसाईं, डीडीएमओ (जिला उत्तरकाशी) तथा इंजी. नरेंद्र सिंह रावत (जिला उत्तरकाशी) शामिल हैं।


 *तीन वर्षों में 37वें से 12वें स्थान तक का सफर, धामी सरकार के सतत प्रयासों और जनभागीदारी को मिली बड़ी सफलता* 



clean aor survey dehradun 12th place


स्वच्छ और स्वस्थ उत्तराखंड की दिशा में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ने वायु गुणवत्ता सुधाppर के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 3 से 10 लाख की जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में 12वां स्थान प्राप्त किया है। देहरादून की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में शहर ने वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है और तीन वर्षों की समग्र यात्रा में 37वें स्थान से 12वें स्थान तक की उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।



वर्ष 2024 में देहरादून इस श्रेणी में 41वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2025 में इसमें उल्लेखनीय सुधार करते हुए शहर 19वें स्थान पर पहुंचा और अब वर्ष 2026 में देहरादून ने 12वां स्थान हासिल किया है। यह लगातार सुधार केवल रैंकिंग में बदलाव नहीं, बल्कि शहर में वायु प्रदूषण की रोकथाम, धूल नियंत्रण, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर निगरानी, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने, सड़क सफाई, जनजागरूकता और पर्यावरणीय निगरानी के लिए किए जा रहे बहुआयामी प्रयासों की सफलता का प्रमाण है |



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वायु को जनस्वास्थ्य से जोड़ते हुए इस दिशा में ठोस एवं वैज्ञानिक उपायों पर विशेष जोर दिया है। सरकार की प्राथमिकता केवल प्रदूषण के स्तर को कम करना ही नहीं, बल्कि ऐसा स्थायी और प्रभावी तंत्र विकसित करना है, जिसके माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ, स्वस्थ और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सके। देहरादून की रैंकिंग में हुआ यह सुधार इसी दीर्घकालिक सोच और निरंतर निगरानी के परिणामस्वरूप सामने आया है।



देहरादून नगर निगम एवं संबंधित विभागों द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिए अपनाई गई बहुआयामी रणनीति में आधुनिक तकनीक का भी प्रभावी उपयोग किया गया। शहर के संवेदनशील एवं सघन क्षेत्रों में धूल तथा प्रदूषक कणों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के माध्यम से जल छिड़काव किया गया। इसके साथ ही सड़क किनारे एवं प्रमुख मार्गों पर धूल के जमाव को कम करने के लिए यांत्रिक सफाई व्यवस्था को मजबूत किया गया तथा मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के नियमित संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया। इन प्रयासों का उद्देश्य सड़क की धूल से उत्पन्न होने वाले प्रदूषक कणों को नियंत्रित कर शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना रहा।



वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में खुले में कूड़ा एवं पराली जलाना भी शामिल है। इसे देखते हुए नगर क्षेत्र में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को खुले में कूड़ा जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में लगातार जागरूक किया गया। सरकार और स्थानीय निकायों की ओर से नागरिकों से स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक आदतों का हिस्सा बनाने की अपील की गई। प्रशासनिक प्रयासों के साथ जनभागीदारी को जोड़ने का यह मॉडल देहरादून की वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।



शहर में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण के लिए भी निरंतर अभियान चलाए गए। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र यानी पीयूसी की नियमित एवं सघन जांच के माध्यम से ऐसे वाहनों पर निगरानी बढ़ाई गई, जो निर्धारित मानकों से अधिक उत्सर्जन कर रहे हैं। इसके साथ ही स्वच्छ परिवहन को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ईवी अपनाने के लिए प्रोत्साहन के साथ शहर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए।


वायु गुणवत्ता सुधार के लिए केवल एक-दो विभागों के प्रयास पर्याप्त नहीं होते, बल्कि इसके लिए विभिन्न विभागों, स्थानीय निकायों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास आवश्यक होते हैं। इसी सोच के साथ देहरादून में वायु गुणवत्ता की सतत निगरानी के लिए सुदृढ़ मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की गई है। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इस निरंतर निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई ने शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


देहरादून की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘स्वच्छ, स्वस्थ और सतत विकास वाले उत्तराखंड’ के विजन को भी मजबूती प्रदान करती है। राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम करते हुए ऐसी व्यवस्थाओं पर जोर दे रही है, जिनमें शहरों का आर्थिक एवं आधारभूत विकास भी हो और पर्यावरणीय गुणवत्ता भी बनी रहे। राजधानी देहरादून का स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लगातार बेहतर प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि योजनाबद्ध प्रयासों, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ठोस परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।


यह उपलब्धि देहरादून नगर निगम, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, संबंधित विभागों, सफाई एवं पर्यावरण कर्मियों तथा शहर की जागरूक जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विशेष रूप से देहरादून के नागरिकों द्वारा स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन, खुले में कचरा न जलाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति दिखाई जा रही जागरूकता ने सरकार के प्रयासों को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने भी समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए नागरिकों से स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया है।


देहरादून के साथ ही उत्तराखंड के अन्य शहरों ने भी वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में सकारात्मक प्रदर्शन किया है। राज्य के ऋषिकेश और काशीपुर शहरों में भी पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता सुधार के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी कार्ययोजनाएं लागू की जाएं और स्वच्छ वायु के इस अभियान को पूरे उत्तराखंड में व्यापक जनअभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाए।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून की उपलब्धि पर देहरादूनवासियों, नगर निगम, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा संबंधित विभागों को बधाई देते हुए कहा कि........


 *“स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून का 37वें से 12वें स्थान पर पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि देहरादून की जागरूक जनता की सक्रिय भागीदारी, नगर निगम देहरादून के समर्पित कार्यों तथा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सतत निगरानी का सम्मिलित परिणाम है। सरकार का प्रयास है कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। स्वच्छ वायु केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य से जुड़ा विषय है। देहरादून की यह उपलब्धि हमें और बेहतर करने की प्रेरणा देती है। मैं देहरादूनवासियों एवं सभी संबंधित विभागों को हार्दिक बधाई देता हूं और विश्वास करता हूं कि स्वच्छ वायु के लिए यह सामूहिक प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा।”* 


- *पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड*




दिनांक 05 सितंबर 2026 को जनपद चंपावत के छीनीगोठ क्षेत्र में हुड्डी नदी का जलस्तर एवं वेग अचानक बढ़ने से नदी के दूसरी ओर तीन व्यक्ति फंस गए। तीनों व्यक्ति पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गए थे, इसी दौरान नदी का प्रवाह तेज हो जाने के कारण उनके वापस लौटने का मार्ग अवरुद्ध हो गया।


स्थानीय पटवारी द्वारा सूचना दिए जाने पर पोस्ट टनकपुर से उप निरीक्षक दीपक चंद्र जोशी के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों एवं वाहन के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


मौके पर पहुंचने के बाद SDRF जवानों के सामने तेज बहाव वाली नदी को पार कर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की चुनौती थी। विषम परिस्थितियों और नदी के बढ़ते वेग के बीच टीम ने अदम्य साहस, सूझबूझ एवं रेस्क्यू कौशल का परिचय देते हुए अभियान को आगे बढ़ाया।


SDRF जवानों ने कठिन परिस्थितियों में सुरक्षित रेस्क्यू तकनीकों का प्रयोग करते हुए नदी के दूसरी ओर फंसे तीनों व्यक्तियों तक पहुंच बनाई और एक-एक कर सभी को सकुशल सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।


 *रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों का विवरण:* 

1. पार्वती तिवारी, पत्नी श्री दीपक तिवारी, उम्र 36 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।

2. मुकेश जोशी, पुत्र श्री हरिदत्त जोशी, उम्र 50 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।

3. दीपक तिवारी, पुत्र श्री हरिनंदन तिवारी, उम्र 40 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।


SDRF टीम की तत्परता, साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा के चलते नदी के तेज बहाव के बीच फंसे तीनों लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

 

 नीब करौरी महाराज जी की भक्ति और सेवा भावना से हुए अभिभूत

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज हाथीबड़कला स्थित सेंट्रियो मॉल के सिनेमा हॉल पहुंचे, जहां उन्होंने परम श्रद्धेय बाबा नीब करौरी महाराज जी के जीवन, उनकी भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्री प्रदीप बत्रा सहित विभिन्न दायित्वधारी एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद कहा कि भारत की संत परंपरा सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाती रही है। बाबा नीब करौरी महाराज जी का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बाबा की भक्ति, मानव सेवा और सभी के प्रति प्रेम का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ महान संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि भी है। बाबा नीब करौरी महाराज जी का कैंची धाम आज विश्वभर में श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसी आध्यात्मिक विभूतियों के जीवन और संदेश को जन-जन तक पहुंचाने वाले रचनात्मक प्रयास भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को नई पीढ़ी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ भारत की समृद्ध संत परंपरा, भक्ति, सेवा, प्रेम और मानव कल्याण की भावना को केंद्र में रखती है। फिल्म के माध्यम से बाबा नीब करौरी महाराज जी की आध्यात्मिक यात्रा और उनके जीवन से जुड़े उन मूल्यों को सामने लाने का प्रयास किया गया है, जिनमें ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा, मानव सेवा, करुणा, प्रेम, विनम्रता और लोककल्याण प्रमुख हैं।


मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माताओं एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक एवं प्रेरणादायी फिल्मों से समाज में सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है।


उल्लेखनीय है कि ‘हनुमान अंश’ का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है और फिल्म में शोभिनव सतैया सहित अन्य कलाकारों ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म को 7 अगस्त 2026 को हिंदी में देशभर में रिलीज किया गया।

 हरिद्वार:



दिनांक 01 सितंबर 2026 को हर की पैड़ी, हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान गंगा नदी के तेज बहाव में बह गए डॉ. उमंग शर्मा पुत्र श्री उमेश शर्मा, उम्र लगभग 31 वर्ष, निवासी रोशनाबाद, हरिद्वार, की तलाश हेतु SDRF टीम द्वारा लगातार सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा था।


आज दिनांक 02 सितंबर 2026 को SDRF टीम द्वारा सर्चिंग अभियान के दौरान पथरी पावर हाउस के पास गंगा नदी से डॉ. उमंग शर्मा का शव बरामद कर लिया गया।


इसी सर्चिंग अभियान के दौरान SDRF टीम द्वारा एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया।


SDRF टीम द्वारा बरामद किए गए दोनों शवों को आवश्यक अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।


धराली आपदा के दौरान हुई मुलाकात को किया याद*

*धराली में दुपट्टे के टुकड़े से बांधी थी सीएम धामी को राखी*

rakhi letter to CM Dhami


रक्षाबंधन के अवसर पर अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी भेजी है। इसके साथ उन्होंने मुख्यमंत्री को एक भावुक पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने पिछले वर्ष धराली में आई आपदा के दौरान मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को याद किया है।


धनगौरी ने बताया कि पिछले वर्ष रक्षाबंधन के समय वह उत्तराखंड आई थीं। इसी दौरान धराली में आई बाढ़ में वह फंस गई थीं। मुख्यमंत्री धामी जब आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे और वहां फंसे लोगों से मिले, तब उन्हें भी मुख्यमंत्री से मिलने का मौका मिला।


धनगौरी ने बताया कि उस समय रक्षाबंधन करीब था। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा था कि अगर उनके पास राखी हो तो वह उन्हें राखी बांध सकती हैं। उस समय उनके पास राखी नहीं थी। उन्होंने अपने दुपट्टे का एक छोटा सा टुकड़ा फाड़कर उसे ही राखी मानकर मुख्यमंत्री की कलाई पर बांध दिया।


धनगौरी ने अपने पत्र में लिखा कि उसी दिन उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अपना धर्म भाई मान लिया था। उनके लिए वह मुलाकात आज भी बहुत खास है और उस पल को वह कभी नहीं भूल सकतीं।


उन्होंने कहा कि धराली की उस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री धामी ने वहां फंसे लोगों का हौसला बढ़ाया और उन्हें भरोसा दिया। धनगौरी ने भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह श्रीकृष्ण द्रौपदी की मदद के लिए आगे आए थे, उसी तरह मुख्यमंत्री भी उस कठिन समय में उनके लिए सहारा बने।


धनगौरी ने कहा कि इस वर्ष वह अहमदाबाद में हैं, लेकिन रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी भेजना वह नहीं भूल सकतीं। इसी भाव के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के लिए राखी भेजी है।


पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु रहने की कामना की और कहा कि वह इसी तरह उत्तराखंड और प्रदेश की जनता की सेवा करते रहें।


धराली की आपदा के दौरान दुपट्टे के टुकड़े से शुरू हुआ यह भाई-बहन का रिश्ता आज भी धनगौरी के लिए उतना ही खास है।

 यूएन वूमेन के 'शी लीड्स उत्तराखंड' कार्यशाला में डॉ. सुनीता विद्यार्थी का संबोधन: राजनीतिक सशक्तिकरण और चुनावी चुनौतियों पर रखी बेबाक राय

UN women she leads , Sunita Vidhyarthi


​यूएन वूमेन द्वारा आयोजित दो दिवसीय 'शी लीड्स उत्तराखंड' कार्यशाला में डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने 'शी लीड्स' एलुमिनाई के रूप में  वक्ता के तौर पर शिरकत की। अपने विशेष आग्रह पर उत्तराखंड में इस कार्यक्रम का शेड्यूल तय होने के लिए उन्होंने यूएन वूमेन का आभार जताया।

​संबोधन के प्रमुख बिंदु:

​स्वयं विकल्प बनने का आह्वान: जब तक महिलाएं खुद को मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश नहीं करेंगी, तब तक उन्हें स्वतः प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा।

​सिलेक्टिव एंपावरमेंट पर प्रहार: 'पिक एंड चूज़' और 'सिलेक्टिव एंपावरमेंट' की राजनीति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि किसी एक चेहरे को आगे रखकर जनता के सामने प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व पेश करने की प्रवृत्ति से ऊपर उठना होगा।

​संगठनों की जिम्मेदारी: राजनीतिक दलों और संगठनों को महिलाओं को वास्तविक चुनावी अवसरों से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।

​सर्वदलीय महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी:

​कार्यशाला ने सभी राजनीतिक दलों और स्थानीय निकायों की जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने का काम किया:

​ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य

​पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और पूर्व नगर निगम मेयर

​यूएन वूमेन टीम का आभार:

​दो दिवसीय प्रशिक्षण में महिलाओं के कौशल विकास (Skill Enhancement) और चुनाव से जुड़ी बारीकियों/सावधानियों पर मार्गदर्शन देने के लिए डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने श्रीमती कांता सिंह, काव्या जी, श्री हमराज सिंह और यूएन वूमेन की पूरी टीम का धन्यवाद किया।

सबसे खास बात यह रहीं कि सुनीता विद्यार्थी ने 53 महिलाओं जो कि सभी राजनीतिक दलों से थी उनको इस प्रोग्राम का लाभ लेने के लिए recommend किया.  

यही खासियत उन्हें खास बनाती हैं कि उन्होंने सभी महिलाओं को मंच दिलाकर अपनी अलग पहचान बनाई.

नई दिल्ली :





शनिवार को नई दिल्ली के होटल वेलकम में अमेरिका की सेडारब्रुक यूनिवर्सिटी (Cedarbrook University) द्वारा लेखन,पत्रकारिता,समाज सेवा,शिक्षा,साहित्य,कला और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को मानद डॉक्टरेट(Honorary Doctorate) की उपाधि और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। 

इस मौके पर अमेरिका सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी द्वारा लेखक और पत्रकार जगमोहन ‘आज़ाद’ को पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों के विशिष्ट योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट(Ph.D.)की उपाधि और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया है। जिसके तह्त उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि के साथ प्रमाण पत्र और स्वर्ण पदक(गोल्ड मेडल)प्रदान किया गया

आपको बता दें कि सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी ने इस विशेष अंतर्राष्ट्रीय दीक्षांत समारोह में भारत के कई प्रतिष्ठित शिक्षाविदों,समाजसेवियों और शोधकर्ताओं को शिक्षा,अकादमिक नेतृत्व और सामाजिक योगदान के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए 'मानद डॉक्टरेट' (Honorary Doctorate) की उपाधि से सम्मानित किया। 

अग्रणी वैश्विक शिक्षा परामर्श और सेवा मंच ऐमले (Aimlay) के तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित इस ग्लोबल एक्सीलेंस समिट(Global Excellence Summit) में वैश्विक स्तर के विचारक,शिक्षाविद,शोधकर्ता और उद्योगपतियों सहित दुनिया भर के कई देशों से सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिसमें उत्तराखंड मूल के कवि-लेखक और पत्रकार जगमोहन ‘आजाद’ को मानद डॉक्टरेट की उपाधि एवं गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। 

मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित होने के बाद जगमोहन ‘आज़ाद’ ने सीडरब्रुक यूनिवर्सिटी अमेरिका और ऐमले का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस हिमालय को देखने के लिए दुनिया भर से लोग हमारे उत्तराखंड आते है,उसे हम सुबह उठकर प्रणाम करते है,क्योंकि हिमालय हमारे लिए केवल पहाड़ नहीं,बल्कि देवता और जीवंत सांस्कृतिक धरोहर भी है। जिस प्राकृतिक संपदा और पावन नदियों को देखने और मानसिक शांति पाने के लिए दुनिया भर से लोग मीलों का सफर तय करके हमारे पास आते हैं,उन्हें हम रोज़ सुबह उठकर एक मां और चेतना के रूप में प्रणाम करते हैं। हम पहाड़ों और नदियों को देवता मानते है। पेड़-पौधे,बांज और देवदार के जंगलों को श्रद्धा से देखते है और उन्हें बचाते है। उत्तराखंड की मातृशक्ति जो हमारे पहाड़ की सामाजिक,सांस्कृतिक और आर्थिक रीढ़ मानी जाती हैं,जिन्होंने कठिन पहाड़ी जीवन और राज्य निर्माण के संघर्ष में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। जिनसे मैं संघर्षों के मायनों को समझता हूं। मैं इन सब को अपनी इस उपाधि को समर्पित करता हूं। क्योंकि मैं आज जो कुछ भी हूं,इन सब की वजह से हूं।


मूल रूप से उत्तराखंड,पौड़ी गढ़वाल की पट्टी कफोलस्यूं में ग्राम नौली रहने वाले है जगमोहन

सेडारब्रुक यूनिवर्सिटी (Cedarbrook University) से मानद डॉक्टरेट(Honorary Doctorate) की उपाधि और गोल्ड मेडल से सम्मानित जगमोहन ‘आज़ाद’ मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के ग्राम नौली के रहने वाले और पिछले 30 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े हैं और कई उपलब्धियां प्राप्त कर चुके हैं। दिल्ली दूरदर्शन,हिदुस्तान,इंडिया टुडे,अमर उजाला,जनसत्ता,राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पत्रकारिता के क्षेत्र में नयी भूमिका स्थापित करते हुए जगमोहन ‘आज़ाद’ वर्तमान में सहारा न्यूज चैनल में वरिष्ठ संपादक के पद पर कार्यरत हैं। उनके अभी तक तीन कविता संग्रह,एक बाल कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुका है। जगमोहन ने गढ़वाली कवि ‘चंद्र कुंवर बर्त्वाल’ पर पुस्तक ‘प्रकृति के कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल’ का संपादन किया हैं तो,वो उत्तराखंड के लोक कलाकारों के जीवन परिवेश पर शोध करने वाले पहले शोधकर्ता है। इस शोध पर उनका शोध कार्य ‘लोक की बात’ नाम से प्रकाशित एवं पुरस्कृत है,इसी के साथ जगमोहन ‘उत्तराखंड सिनेमा का इतिहास’और ‘उत्तराखंड की लोक विरासत’ पर भी शोध कर रहे हैं। वह साहित्य कला एवं फिल्म से जुड़े लगभग एक हजार से अधिक लोगों के साक्षात्कार कर चुके हैं। 

जगमोहन ‘आज़ाद’को साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ-साथ कई सामाजिक संस्थाएं सम्मानित कर चुकी है।

पहाड़ की माटी से उपजे,पहाड़ के संघर्षों में पले-बढ़े और पहाड़ जैसा जीवन जीने वाले जगमोहन ‘आजाद’ के संघर्षों की कहानी बहुत संघर्षपूर्ण है,जो कई बार आपको विचलित कर देती है।दिल्ली की सड़कों पर रिक्शा चलाने,दिल्ली के छापखानों में जीवन के लिए संघर्ष करने और तमाम पहाड़ के लोगों की तरह खुद को साबित करने लिए संघर्षों का लंबा अनुभव समेटे जगमोहन ‘आज़ाद’ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना नाम कमाया है।

जगमोहन उत्तराखंड के माटी से जुडी खबरों के वे-पोर्टल संवाद जाह्नवी का संपादन भी कर रहे है। साथ ही यूट्यूब चैनल Travel With Me-‘संवाद जाह्नवी’ के माध्यम से लोक संस्कृतिक,लोक कलाओं,पर्यटन एवं लोक विरासत से जुडे ब्लॉग का निर्माण करते है। 

लेखक-कवि पत्रकार जगमोहन ‘आजाद’ देश-विदेश में कई साहित्य और संस्कृतिक यात्राएं कर चुके है और कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित। जिनमें वियतनाम में आयोजित 20वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मलेन में ‘सलेकचंद जैन’ एवं ‘हो ची मिन्ह स्मृति सम्मान’। भूटान में आयोजित 21वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में ‘श्रीकांत वर्मा स्मृति सम्मान’। श्रीलंका में 22वें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में ‘मुक्तिबोध स्मृति सम्मान’ और हिन्दी आकादमी दिल्ली 2004-05 का 'नवोदित लेखक सम्मान',कविता संग्रह 'शाम होते ही' के लिए प्रथम 'राजेंद्र बोहरा काव्य' सम्मान,जयपुर,पर्वतीय कला मंच,नोएडा से पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान हेतु 'पर्वतीय कला संस्कृति' सम्मान,डॉ.शोभनाथ यादव कविता सम्मान,कौथिग फाउंडेशन मुंबई,युवा पत्रकार सम्मान और मलेशिया,इंडोनेशिया,बाली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन के रजत पर्व में पत्रिकारिता के लिए ‘ट्रू मीडिया सम्मान-2025 प्रमुख है।

इस मौके पर पूर्व मंत्री यूपी पर्यावरण परिषद की चेयरपर्सन और ब्राह्मण सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व राज्य मंत्री साधना मिश्रा, ऐमले निदेशक राकेश कुमार गुप्ता,बिज़नेस हेड अभिषेक सिंह सिंह सहित कई विश्वविद्यालयों के कुलपति और उप-कुलपति उपस्थित थे।

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए करता है प्रेरित : मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंवावाला, देहरादून में सुना प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कुंवावाला, देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना।



कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और अभिनव प्रयासों को देश-दुनिया के सामने लाने का प्रभावी माध्यम बना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में युवाओं को नशे से दूर रखने और ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया है। नशा मुक्त युवा ही सशक्त और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री के आह्वान से देश के युवाओं में नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ने के साथ ही स्वस्थ, सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित युवा शक्ति के निर्माण को नई ऊर्जा मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के गौरवशाली इतिहास और विरासत को नई पीढ़ी तक रोचक एवं सरल तरीके से पहुंचाने के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयासों का भी उल्लेख किया। ऐसे प्रयास युवाओं को देश के समृद्ध इतिहास से जोड़ने के साथ उनमें अपनी संस्कृति, विरासत और राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत करते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में सामान्य नागरिकों द्वारा किए जा रहे असाधारण कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान प्रदान कर रहे हैं। इससे समाज के अन्य लोगों को भी अपने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा मिलती है।


मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए नशा मुक्त, स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।


इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत,श्री मदन कौशिक श्री भरत चौधरी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

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