Halloween party ideas 2015

 डोईवाला:

Accident scooty and truck


कोतवाली डोईवाला पर दिनांक 21.12.2024 को रात्रि 22:26 बजे 112 कन्ट्रोल के माध्यम सूचना प्राप्त हुई कि ऋषिकेश रोड, डोईवाला गुरुद्वारा के पास एक ट्रक HR58A1648 और स्कूटी सं0- UK07BB6056 का एक्सीडेंट हो गया है.


 स्कूटी सवार सड़क पर गिरा है, जिस पर तत्काल थाना डोईवाला से पुलिस बल मौके पर भेजा गया स्कूटी सवार की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी जिसके शव को  हिमालयन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। घटना के सम्बन्ध मे जाँच करने पर जानकारी हुयी कि स्कूटी सं0- UK07BB6056 का चालक प्रकाशदास पुत्र श्री उमेशदास निवासी ग्राम मझौनी जिला पश्चिमी चम्पारण बिहार हाल निवासी डोईवाला उम्र 25 वर्ष जो कि भानियावाला से डोईवाला की ओर आ रहा था।

जिसके द्वारा एकदम से ओवरटेक किया गया, जिससे स्कूटी चालक उपरोक्त सामने से डोईवाला की ओर से आ रहे वाहन ट्रक सं0- HR58A1648 से टकरा गया एव  स्कूटी चालक की मौके पर मृत्यु हो गयी।

रात्रि का समय होने के कारण शव को हिमालयन अस्पताल की मोर्चरी मे रखवाया गया, शव का पंचायतनामा भर कर पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है।

 ट्रक चालक ट्रक को मौके पर छोड़कर फरार हो गया ट्रक को पुलिस द्वारा चौकी जौलीग्रान्ट पर सुरक्षा की दृष्टि से रखा गया । 

ट्रक ड्राईवर की तलाश की जा रही है।

 

जॉर्ज एवेरेस्ट का मुद्दा गंभीर विषय है, भले ही शासन प्रशासन इसे गंभीरता से न ले। उत्तराखंड , की राजधानी में ऐसे अनेको ज्ञात अज्ञात मुद्दे है जहां विशाल पहाड़ों तक को प्राइवेट प्रॉपर्टी दिख दिया जाता है। जॉर्ज एवेरेस्ट के मुद्दे पर जनता को भटकाने के परिणाम सामने आने लगे है।

जब रात्रि को  अपने मूल रस्ते से हटकर स्थानीय निवासी को जंगल के रास्ते आना पड़ा  और वह चोटिल हो गया।

क्योंकि मूल रास्ता जो 200 वर्षों से उनका अपना था आज बंद कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार ,यह घटना 21 दिसंबर को हुई, जब रमेश चंद, निवासी पार्क एस्टेट (हाथीपांव), का पुत्र   राहुल जॉर्ज एवरस्ट से घर लौट रहे थे।  



पर्यटन विभाग ने 200 साल पुराने  रास्ते को बंद कर दिया। इस स्थिति में राहुल को जंगल के रास्ते से गुजरना पड़ा, जहां पत्थर पर उसका पैर फिसल गया और सिर पर गंभीर चोट आई। उसे तुरंत दून अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि सिर पर 35 टांके लगे हैं।


अपीलकर्ता अभय का कहना है कि 01 मार्च,2024 को  ही पर्यटन अधिकारी को सूचित किया था कि यदि ऐसी कोई घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार पर्यटन विभाग होगा। फिर भी अनेको आरटीआई, दलीलों ,न्यायालय के आदेशों और प्रशासनिक निर्देशों का कोई असर अभी तक नज़र नही आ रहा है। 

ऐसे में वो लोग क्या करें जिनके घर इसी रास्ते से होकर जाते है?



 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में बॉलीवुड की अभिनेत्री श्रीमती पद्मिनी कोल्हापुरे ने शिष्टाचार भेंट की। 

Actress padmini kolhapur and CM Dhami


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बड़े फिल्म शूटिंग डेस्टीनेशन के तौर पर उभर रहा है। देशभर से फिल्म निर्माता उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर राज्य में फिल्म शूटिंग के लिए आ रहें हैं। यहां फिल्मांकन की संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार,  इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।  मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड की नई फिल्म नीति, राज्य में फिल्मों को बढ़ावा दे रही है। बॉलीवुड के साथ ही स्थानीय बोली भाषाओं पर आधारित फिल्मों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। देवभूमि में आने वाला हर कोई यहां का बेहतर अनुभव लेकर जा रहा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 बनाई गई है। हिन्दी एवं संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की फिल्मों को अनुदान राशि राज्य में व्यय कुल धनराशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ का अनुदान दिया जा रहा है। विदेशी फिल्मों और 50 करोड़ से अधिक बजट की फिल्मों पर राज्य में व्यय राशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ तक का अनुदान दिया जा रहा है।

 हरिद्वार;


 देश में सनातन संस्कृति पर हमलों, धर्मांतरण, लव जेहाद, जनसंख्या वृद्धि, पहाड़ों में भौगोलिक परिवर्तन सहित संभल की तात्कालिक घटनाओं सहित अन्य कई ज्वलंत घटनाओं पर विश्व हिन्दू परिषद उत्तराखण्ड ने अपने युवा संगठन बजरंग दल के नेतृत्व में शौर्य जागरण यात्राएं शुरू करने का आह्वान किया हैं। उत्तराखण्ड राज्य के सभी जिला केंद्रों पर शौर्य जागरण यात्राएं आयोजित की जाएंगी, इसी क्रम में बजरंग दल उत्तराखण्ड के नेतृत्व में संपूर्ण हिन्दू समाज के सहयोग से विराट शौर्य जागरण यात्रा आगामी 22 दिसंबर रविवार को अपराह्न 2 बजे भारत सेवा संघ आश्रम, देवपुरा चौक, हरिद्वार में आयोजित की जाएगी। 


बजरंग दल की विराट शौर्य जागरण यात्रा के आयोजन के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक विश्व हिन्दू परिषद उत्तराखण्ड के प्रांत कार्यालय सेठ मुरलीमल धर्मशाला अपर रोड़ हरिद्वार में आयोजित की गई। बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बजरंग दल उत्तराखण्ड के प्रांत संयोजक अनुज वालिया ने कहा कि हिंदू समाज के सोए हुए शौर्य, पराक्रम को जगाने और हिंदू समाज में संबल पैदा करने के लिए शौर्य जागरण यात्रा निकाली जा रहीं हैं। देश में षड्यंत्रपूर्वक हिन्दुओं तथा हिंदू परिवार व्यवस्था पर प्रहार किया जा रहा है। पहाड़ों में जनसंख्या वृद्धि, खतरनाक भौगोलिक परिवर्तन, मजार जेहाद, लव जेहाद और धर्मांतरण जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं, इन घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है कि हिन्दू समाज को संगठित होकर एक महाशक्ति बनना होगा। उत्तराखण्ड के युवाओं में उनके महापुरुषों के शौर्य और पराक्रम के भाव का जागरण करते हुए उनमें देश के लिए कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण की भावना का जागरण करेंगे। उत्तराखण्ड के जाग्रत युवाओं को उत्तराखण्ड के महान क्रांतिकारियों और वीरांगना नारियों आदि के योगदान से अवगत कराया जाएगा। युवाओं को उनके महापुरुषों के रास्ते पर चलने का संकल्प दिलाया जाएगा। 


अजय कुमार प्रांत संगठन मंत्री विश्व हिन्दू परिषद उत्तराखण्ड ने कहा कि शौर्य जागरण यात्रा के माध्यम से हम उत्तराखण्ड का युवा सभी प्रकार के नशा से मुक्त हो, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी हो, छुआछूत जैसी कुप्रथा से हमारा समाज मुक्त हो और उत्तराखंडी युवा देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो जैसे प्रमुख विषयों को समाज के समक्ष रखेंगे और इन्हीं विषयों पर आगामी समय में गंभीरता से कार्य करेंगे। सौरभ चौहान प्रांत बालोपासना प्रमुख बजरंग दल ने कहा कि हम शौर्य जागरण यात्रा में स्वदेशी, स्वभाषा, स्वभूषा के साथ नागरिक कर्तव्यों के पालन से संबंधित महत्वपूर्ण विषय हिन्दू समाज के समक्ष मजबूती के साथ रखेंगे। बजरंग दल के सुरक्षा प्रमुख रोहित शास्त्री ने कहा कि देश और उत्तराखण्ड के वीर महापुरुषों एवं वीरांगना नारियों को नमन करते हुए शौर्य जागरण यात्रा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा हैं। उत्तराखण्ड में जो आसन्न चुनौतियां समाज के समक्ष उपस्थित हैं, बजरंग दल सेवा, सुरक्षा और संस्कार वाक्य को आत्मसात करते हुए इन विकराल चुनौतियों को स्वीकार करते हुए समाज के साथ मजबूती से अडिग खड़ा है।


बजरंग दल की शौर्य जागरण यात्रा के आयोजन के निमित्त व्यवस्था बैठक में प्रमुख रुप से विभाग संगठन मंत्री अमित कुमार, विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष बलराम कपूर, जिला मंत्री जीवेंद्र तोमर, नवीन तेश्वर प्रांत सुरक्षा प्रमुख बजरंग दल, जिला संयोजक बजरंग दल अमित मुल्तानिया, कार्तिक दिवाकर, हिमांशु सैनी, बबलेश चौहान, जयकरण उपाध्याय, अक्षय शर्मा, गोपाल भारद्वाज, प्रजीत कुमार, भूपेंद्र सैनी आदि अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



 डोईवाला:

Nagarpalika doiwala congress and BJP candidates for chairman

डोईवाला नगर पालिका परिषद के चुनाव हेतु अध्यक्ष पद एवं 20 वार्डों में सभासदों के पद हेतु आवेदन देने की प्रक्रिया गतिमान है इसी के संदर्भ में कांग्रेस में अध्यक्ष पद हेतु 12 व्यक्तियों ने आवेदन किया है,जिसमे कोई भी महिला प्रत्याशी नही है।


कांग्रेस में अध्यक्ष पद की दावेदारी में राजबीर खत्री, सागर मनवाल, मनोज नौटियाल, कमल अरोड़ा, मनजीत सजवाण, नदीम अंसारी, आदिल हसन,इसज्वर चंद पाल, सुनील कुमार बर्मन,  राजेश कुमार गुरुंग, अखिलेश साबरी, संजीव भट्ट के नाम शामिल है।

 जबकि 20 वार्डों में सभासद पदों हेतु अब तक 62 व्यक्तियों में आवेदन किया है ।


वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी अध्यक्ष पद की दावेदारी और सभासदों के पदों की दावेदारी की है ।

अध्यक्ष पद हेतु लगभग 18 व्यक्तियों ने आवेदन दिया है। जिनमें से   महिलाओं के आवेदन भी आए हैं और पुरुषों की सीट पर भी होड़ दिखाई पड़ी है.

महिला पद पर नगीना रानी, ममता  नयाल,आशा कोठारी ,मंजू चमोली, सुषमा आर्य, सरिता जोशी और उषा कोठारी  के नाम आये  है। 

 जबकि पुरुषों में ईश्वर चंद्र अग्रवाल, प्रदीप नेगी , विक्रम नेगी ,पुरुषोत्तम, डोभाल, विनय कंडवाल, दिनेश सजवान संजीव सैनी ,नरेंद्र नेगी, मनीष नैथानी,सम्पूर्ण सिंह रावत ,लच्छीराम लोधी,दरपान बोरा, बख्तावर सिंह है।

भाजपा संगठन में कुछ ऐसे व्यक्तियों के नाम आबे से इनकार नही किया जा सकता है जो ग्राउंड लेवल पर जी जान से कार्य करने में जुटे रहते है, भले ही लाइमलाइट में न आये।तो प्रत्याशियों की संख्या में परिवर्तन होना बड़ी बात नही भी है। 

  

देश में महाकुम्भ की तैयारियां जोरों पर हैं। केन्द्र और प्रदेश सरकारें पूरे जोर-शोर के साथ अध्यात्म के इस महापर्व की सफलता हेतु जुटीं है। 

Mahakumbh preparation


प्रचार-प्रसार से लेकर व्यवस्थाओं तक में युद्धस्तर के प्रयास देखने को मिल रहे हैं। दूसरी ओर विभिन्न् प्रान्तों में प्राचीनकालीन मंदिरों की खोज में विभिन्न संगठन अपनी शक्तियों को झौक रहे हैं। अनेक स्थानों पर आक्रान्ताओं व्दारा स्थापित किये गये मजहबी केन्द्रों को सनातनी देवालयों के रूप में चिन्हित करने हेतु न्यायालयीन प्रक्रिया भी चल रही है। ऐसे में कट्टरपंथियों की जमातें चुपचाप पर्दे के पीछे से षडयंत्र करने में जुट गईं हैं। गुप्त सूचनाओं के आधार महाकुम्भ में अप्रिय घटनाओं को अंजाम देने के लिए सीमापार से भारत के मीर जाफरों की फौज को सक्रिय कर दिया गया है, जो समाज के विभिन्न क्षेत्रों में छद्मवेष धारण करके राष्ट्र विरोधी, मानवता विरोधी और समाज विरोधी कार्यों को अपने आकाओं के आदेशों पर निरंतर सम्पन्न कर रहे हैं। आतंक के आकाओं की विध्वंसात्मक सरगर्मियों की जानकारी होते ही शासन ने प्रयागराज में सीबीआरएनई टीम गठित कर दी है जो कैमिकल अटैक से निपटने में सक्षम बताई जाती है। इसी तरह बम निरोधी दस्तों की संख्याओं में भी इजाफा किया गया है। साइबर अटैक से निपटने के लिए विशेषज्ञों की सेवायें सुनिश्चित की गई है। एनआईए व्दारा विशेष चौकसी बरतने हेतु गुप्त स्थान निर्धारित किये जा चुके है जहां से आयोजन स्थल पर पूरी तरह से निगरानी की जा सकेगी। कहा जाता है कि ऐसे ही अनेक प्रयासों को मूर्तरूप देने में जुटी सरकार के सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी सरकारी सेवाओं मे मौजूद कट्टरवादी अपने सरगनाओं को निरंतर भेज रहे हैं। सूत्रों की मानें तो देश के अन्दर सक्रिय आतंकी संगठनों के अलावा दुनिया भर के कट्टरपंथियों के अलग-अलग गिरोहों ने भी श्रध्दालुओं के वेष में प्रयागराज पहुंचकर वहां के अखाडों, धार्मिक संस्थाओं और समाजसेवी संगठनों में घुसपैठ बना ली है। इन्होंने स्वयंसेवी कार्यकर्ता के रूप में अनेक खेमों में अपने सेवायें देने के नाम पर उत्तरदायी लोगों का विश्वास जीतना शुरू कर दिया है। शाही स्नान से लेकर वीआईपी मूवमेन्ट तक को निशाना बनाने के षडयंत्र के साथ-साथ आम श्रध्दालुओं को आहत करने, सनातन पर आघातकरने तथा भय का वातावरण निर्मित करने के मंसूबों को पूरे करने हेतु आधार तैयार कर लिया है। विश्वमंच पर देखें तो समूची दुनिया के सामने पाकिस्तान के बाद अब बंगलादेश की सरकार के संरक्षण में भी हिन्दुओं पर 2000 से अधिक पूर्वनियोजित आक्रमण खुलेआम हुए हैं। हाल ही में वहां के दिनाजपुर तथा मैमनसिंह इलाकों में मंदिरों में जमकर तोडफोड की गई। मूर्तियों को खण्डित किया गया। श्रध्दालुओं की हत्यायें की गईं। हलुआघाट में भी दो मंदिरों की तीन मूर्तियां कट्टरता की भेंट चढ गईं। यह सब वहां की पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और सरकार के नुमाइन्दों के सामने होता रहा। बेलडोरा संघ में पोलाशकंद काली मंदिर में भी ऐसा ही कृत्य सामने आया। संयुक्तराष्ट्र संघ के सामने लम्बे समय से हिन्दुओं पर अनेक देशों की सरकारों के संरक्षण में हिन्दुओं को निशाना बनाया जा रहा है परन्तु वहां के उत्तरदायी अधिकारी मौन हैं। जबकि संयुक्त राष्ट्र संघ व्दारा मुसलमानों के लगाये जाने वाले झूठे आरोपों पर तत्काल सक्रियता दिखाई जाती है, अपने समीक्षा दल पहुंचाता जाता है और जारी कर दी जाती है निर्देशों की लम्बी फेरिस्त। ताजा घटना क्रम में जर्मनी के मैगडेबर्ग में एक क्रिसमस मार्केट में कट्टरपंथी तालिब अल अब्दुलमोहसेन ने गाडी से भीड को रौदकर सरेआम आतंक का परचम फहराया जिसमें दर्जनों लोग प्रभावित हुए। आरोपी कट्टरपंथी ने 18 साल पहले साउदी अरब से यहां आकर मनोचिकित्सक का जाम पहन लिया था। तालिब अल अब्दुलमोहसेन को साउदी अरब ने मोस्टवांटेड अपराधी घोषित कर रखा है जिस पर आतंकवाद फैलाने, यूरोप और खाडी के देशों से लडकियों की तस्करी करने जैसे अनेक आरोप पंजीकृत है। इस आरोपी को साउदी अरब प्रत्यार्पित करने तथा राजनैतिक शरण देने के मामले लम्बे समय से फाइलों में बंद पडे रहे। जर्मनी की राजधानी बर्लिन से 150 किलोमीटर दूर सैक्सोनी-एन्हाल्ट की राजधानी मैगडेबर्ग के व्यस्ततम इलाके में घटी इस घटना ने 8 साल पहले क्रिसमस के मौके की वारदात की यादें ताजा कर दी जिसमें एक ट्यूनीशियाई नागरिक अनीस अमरी ने बर्लिन के एक भीड भाड वाले क्रिसमिस बाजार में ट्रक से भीड को कुचला था। ऐसा ही 14 जुलाई 2016 को भी फ्रांस के नीस शहर में समुद्र के किनारे लोकतंत्र की स्थापना के मनाये जाने वाले जश्न के दौरान भी हुआ था। तब इस्लामिक स्टेट के आतंकी ने 70 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रक व्दारा 2 किलोमीटर तक लोगों को रौदा था। अलकायदा तथा इस्लामिक स्टेट ने अमेरिका से सीखे इस लोन वुल्फ अटैक के नायब तरीकों को अपनी आक्रामक नीतियों में प्रमुखता से शामिल कर लिया है। यमन, सीरिया और ईराक में संरक्षित खूंखार आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के प्रवक्ता अबू मोहम्मद अल अदनानी ने सितम्बर 2014 को तो खुलेआम लोन वुल्फ अटैक की अपील की थी। अपुष्ट सूत्रों की मानें लोन वुल्फ अटैक सहित आतंक की अनेक विधाओं को अमली जामा पहाने हेतु सीमापार बैठे हैन्डर्स व्दारा भारत में सक्रिय अपने धरातली एजेन्टों को भारी मात्रा में पैसा, हथियार और विस्फोटक पहुंचाया जा चुका है। महाकुम्भ में सेवक, संत, साधु जैसे छद्मवेषधारियों व्दारा मानवबम, ड्रोन अटैक, लोन वुल्फ अटैक, टाइमबम, सीरियल ब्लास्ट, शार्ट सर्किट, अग्निकाण्ड, भगदड, अफवाह जैसे हथियारों के उपयोग की आशंका तीव्र होती जा रही है। ईमानदाराना बात तो यह है कि महाकुम्भ पर मडराता आतंक का साया आयोजकों के लिए एक बडी चुनौती बन गया है। इस हेतु आम आवाम को भी सजग, सचेत और सावधान रहने की आवश्यकता है तभी आस्था की डुबकी से अध्यात्मिक संपदा प्राप्त की जा सकेगी। इस बार बस इतनी ही। अगले सप्ताह एक नई आहट के साथ फिर मुलाकात होगी।


Dr. Ravindra Arjariya

Accredited Journalist

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 समाज में बदलाव के लिए गंगधारा की तरह विचारों की अविरलता भी आवश्यक

दून विश्वविद्यालय में देवभूमि विकास संस्थान की दो दिनी व्याख्यानमाला आरंभ


-सीएम पुष्कर सिंह धामी और महामंडलेश्वर स्वामी अवघेशानंद गिरी ने किया शुभारंभ

-22 दिसंबर को चार सत्रों में शिक्षा, संस्कृति, विकास हिमालयी क्षेत्रों की चुनौती पर होगा मंथन

देहरादून;

Gangdhara , doon university dehradun


 हिमालयी क्षेत्रों की चुनौती और विकास को लेकर देवभूमि विकास संस्थान का दो दिनी गंगधाराःविचारों का अविरल प्रवाह


व्याख्यान माला का कार्यक्रम शनिवार से शुरू हो गया। 


दून विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम पुष्कर सिंह धामी और जूना अखाडे़ के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने किया। इस मौके पर कहा गया कि गंगधारा की तरह ही विचारों की अविरलता भी आवश्यक है। विचारों का प्रवाह आदमी को थकने नहीं देता और मंजिल तक पहुंचा देता है।

दून विश्वविद्यालय इस दो दिनी व्याख्यानमाला में सह आयोजक है। शनिवार को इस कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए मुख्य अतिथि बतौर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में परिवर्तन लाने के वाहक बनते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में विचारों के आदान-प्रदान की परंपरा रही है। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां पर इकोलाजी और इकोनोमी का संतुलन बनाना जरूरी है। उन्होंने विकल्प रहित संकल्प पर जोर देते हुए प्रदेश सरकार की तमाम उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने जल्द ही भू-कानून लाने और जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता लागू करने की बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दून विश्वविद्यालय में जल्द ही सेंटर फार हिंदू स्टडीज पर कोर्स शुरू करने जा रही है।

मुख्य वक्ता बतौर जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने भारतीय संस्कृति का चिरंतन प्रवाह पर अपने विचार रखे। उन्होंने गंगधाराः विचारों का अविरल प्रवाह कार्यक्रम के इस दिव्य अनुष्ठान, अभियान की सराहना की। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने इस कार्यक्रम के जरिए एक दिव्य अनुष्ठान का बीड़ा उठाया है। जो समाज में बदलाव लाने के लिए है। उन्होंने कहा कि हमारा आभार यह है कि कहीं से विचार आए, हम उनका स्वागत करते हैं। सभी दिशाओं से जो विचार आते हैं उन्हें हमने अपने सुविचार, कल्याण के लिए जीवन के उद्धार और सिद्धि के लिए आत्मसात भी किया है। कहा कि भारतीय जीवन के मूल में परमार्थ है। उन्होंने कहा कि गंगा की अविरलता की तरह ही विचारों की अविरलता भी स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोचने के बारे में बहुत कुछ कहा जाता है। आवश्यक यह है कि हम यर्थाथवादी रहें। उन्होंने कहा कि जो सत्यनिष्ठ होता है, वो ही प्रतिष्ठित भी होता है।

स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भारत ने दुनिया को सुविचार दिए हैं। जब व्यक्ति सत्य की ओर यानि यर्थात की ओर बढ़ता है तो तब उसकी बहुत सी दुविधाएं, न्यूनताएं, उसके भीतर के दुराग्रह उसी समय ध्वस्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि असत्य से सत्य की ओर चलूं, मैं अंधकार से प्रकाश की ओर चलूं, मैं मृत्यु से अमृत्व की ओर चलूं, दुनिया को यह ज्ञान भारत ने दिया है। 

उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की चुनौतियों और विकास विषय के साथ ही पारिवारिक मूल्यों पर भी मंथन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डेस्टिनेशन वैंडिंग का चलन तेज हो रहा है, लेकिन आवश्यक यह है कि हम अपने मांगलिक कार्यों के लिए गांवों का रूख करें। 

देवभूमि विकास संस्थान के संरक्षक, पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कार्यक्रम की प्रस्तावना को सामने रखा। हिमालयी सरोकारों को लेकर एक अविरल चलने वाले कार्यक्रम का उनका सपना था, जिस पर काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि लोगों के सहयोग से इसके लिए कारपस फंड तैयार किया गया है, जिससे इसके लगातार आयोजन में आर्थिक दिक्कत नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि लोगों के सुझाव जानने के लिए पांच पर्यवेक्षकों को भी जिम्मेदारी दी गई है, ताकि कार्यक्रम भविष्य में और बेहतर हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आज विवाह जैसी संस्था प्रभावित हो रही है और रिश्ते बहुत जल्द टूट रहे हैं, उसे देखते हुए प्री वैडिंग काउंसलिंग के कार्यक्रम करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दून विश्वविद्यालय के डा नित्यानंद सभागार में ही इस आयोजन को हम करना चाहते थे, क्योंकि डा नित्यानंद ने हिमालय के अभूतपूर्व सेवा की है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों को लेकर विचार बहुत किया जाता है, लेकिन इसे गंगधारा के रूप में क्रियान्वित किया जाना महत्वपूर्ण है। इससे पहले, अतिथियों का स्वागत करते हुए दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल ने कहा कि दुनिया तमाम समस्याओं के समाधान के लिए भारत की तरफ देख रही है, इसलिए हमारा चिंतन दुरूस्त होना चाहिए।

 कार्यक्रम का संचालन डा हरीश पुरोहित ने किया। देवभूमि विकास संस्थान की मेन ट्रस्टी कृति रावत, सचिव सतेंद्र नेगी, डा दीपक भट्ट के अलावा नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक प्रो आरसी डंगवाल, प्रो आरती ममगाईं, डा डीसी नैनवाल आदि इस मौके पर उपस्थित थे। संस्था की ओर से आयोजकों को प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए। इससे पहले, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। ट्रांस ब्रिज स्कूल के बच्चों ने मांगल व गंगा गीत की सुंदर प्रस्तुति दी।

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