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देहरादून :






प्राधिकरण ने कहा- नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी छूट*


मसूरी के अपर माल रोड स्थित रॉक स्टोन में अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माण को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण के अनुसार संजय मेहरोत्रा और राजीव मेहरोत्रा द्वारा किए गए अनाधिकृत निर्माण के मामले में नियमानुसार वाद दायर किया गया था। सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पक्ष की ओर से प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।


मसूरी के बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील अपर माल रोड क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को एमडीडीए की ओर से अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए निर्धारित नियमों, स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों का पालन अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी कर किए गए निर्माण के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। एमडीडीए के मुताबिक रॉक स्टोन स्थल पर अनाधिकृत निर्माण पाए जाने के बाद संबंधित पक्ष के खिलाफ उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) यथासंशोधित की सुसंगत धाराओं के तहत वाद योजित किया गया। कार्रवाई से पहले विपक्षी पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया। सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष की ओर से प्रस्तुत प्रतिउत्तर का प्राधिकरण ने नियमानुसार परीक्षण किया। हालांकि, जवाब से निर्माण को नियमों के अनुरूप ठहराने के लिए पर्याप्त आधार नहीं मिला। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण के आदेश पर कार्रवाई की गई।


*संवेदनशील क्षेत्र में निर्माण पर सख्ती*


प्राधिकरण का कहना है कि मसूरी की भौगोलिक और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए यहां अनियोजित और अनाधिकृत निर्माण गंभीर विषय है। पर्यटन नगरी में लगातार बढ़ते निर्माण दबाव के बीच भवन निर्माण से जुड़े नियमों और स्वीकृत मानचित्रों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। प्राधिकरण का कहना है कि बिना अनुमति निर्माण अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए निर्माण को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। एमडीडीए ने साफ कर दिया है कि मसूरी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में नियमों से खिलवाड़ करने वालों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।


*एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि* प्राधिकरण की प्राथमिकता देहरादून और मसूरी क्षेत्र में नियोजित एवं नियमबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निर्माणकर्ता के लिए स्वीकृत मानचित्र, निर्धारित मानकों और प्रचलित नियमों का पालन करना आवश्यक है। रॉक स्टोन प्रकरण में संबंधित पक्ष को सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिया गया और सुनवाई के बाद जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि एमडीडीए किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करता है। मसूरी की भौगोलिक एवं पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए अनाधिकृत निर्माण को किसी भी स्थिति में बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। जहां भी निर्माण नियमों का उल्लंघन सामने आएगा, वहां प्रचलित अधिनियम और नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


*निष्पक्ष कार्रवाई रहेगी जारी*


एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि रॉक स्टोन, अपर माल रोड के मामले में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था, लेकिन सुनवाई के दौरान संतोषजनक प्रतिउत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य कानून के प्रावधानों का निष्पक्ष रूप से पालन कराना है। विकास क्षेत्र में बिना स्वीकृति अथवा नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। अधिकारियों ने निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण करें।


 समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश*


देहरादून, 05 सितम्बर 2026



महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. सुनीता टम्टा की अध्यक्षता में आज स्वास्थ्य महानिदेशालय में कार्यरत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महानिदेशालय के विभिन्न अनुभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार, पारदर्शिता एवं समयबद्ध कार्य-निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


महानिदेशक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय में प्राप्त किसी भी पत्रावली अथवा प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। यदि किसी प्रकरण के निस्तारण में विलंब पाया जाता है तो संबंधित अनुभाग के प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी तथा विलंब के कारणों का स्पष्ट उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।


डॉ. सुनीता टम्टा ने संयुक्त निदेशक एवं सहायक निदेशक स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने अनुभागों में संचालित कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा प्रत्येक लंबित प्रकरण की समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने अनुभागों की कार्यप्रणाली के प्रति पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा और किसी भी स्तर पर अनावश्यक लंबित प्रकरण नहीं रहना चाहिए।


बैठक में सूचना का अधिकार (RTI) अनुभाग के कार्यों की भी विशेष रूप से समीक्षा की गई। महानिदेशक ने निर्देश दिए कि RTI से संबंधित सभी प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण किया जाए, ताकि आवेदक/अपीलकर्ता को समय पर वांछित सूचना उपलब्ध हो सके।


*कार्यालयीन अनुशासन एवं समयपालन सुनिश्चित करने के निर्देश*


महानिदेशक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित कार्यालय समय में अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनधिकृत अनुपस्थिति अथवा विलंब से कार्यालय पहुंचने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


उन्होंने कहा कि एक प्रभावी एवं उत्तरदायी कार्यालय व्यवस्था के लिए समयपालन, अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक हैं। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं गंभीरता से करना होगा।


महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब न किया जाए। विभागीय कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निष्ठा, अनुशासन, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।


बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 


ऋषिकेश  : 



हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 18 वर्षीय स्कूटी सवार युवक की मौत हो गई। हादसा छिद्दरवाला चौक से कुछ दूरी पर हुआ । तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे स्कूटी सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को सुबह  रायवाला पुलिस को छिद्दरवाला चौक  से आगे सड़क दुर्घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, डंपर  ने स्कूटी को टक्कर मारी थी।

हादसे में स्कूटी सवार अनिकेत गुसाईं पुत्र दीपक गुसाईं, निवासी कोटद्वार, उम्र 18 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को 108 एंबुलेंस के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजा, जहां मृतक के परिजन भी मौजूद रहे।

बताया गया कि दुर्घटना के बाद डंपर चालक वाहन को लाल तप्पड़ क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डंपर और स्कूटी को आवश्यक कार्रवाई के लिए थाने में खड़ा करा दिया है। वहीं फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर रायवाला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फरार डंपर चालक की तलाश में जुटी है।

  नन्दाजात) यात्रा 2026

हिमालय महाकुंभ से विख्यात विश्व की सबसे लंबी पवित्र,ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पैदल महायात्रा 2026


Nanda  Rajjaat yatra2026


श्री नन्दादेवी बड़ीजात (नन्दाजात) यात्रा 2026 

05 सितम्बर से 30 सितम्बर 2026

प्रस्थान  05 सितंबर 2026 को "श्री नन्दा देवी सिद्धपीठ कुरुड़" से 20 सितम्बर नन्दानवमी तिथि के दिन  सम्पूर्ण विधि-विधान, पौराणिक परंपरा एवं धार्मिक रीति-रिवाजों पूजा पाठ साथ माता को होमकुंड में चौसिंग्या खाडू के साथ मायके से ससुराल कैलाश विदाई कार्यक्रम सम्पन्न होगी.


नंदानगर स्थित श्री नन्दादेवी राजराजेश्वरी सिद्धपीठ कुरुड़ से शुरू होकर कैलाश हिमालय होमकुण्ड की यात्रा   ने माँ नंदा देवी की विदाई पर फूट फूट कर रोई महिलाएं। मायके से कैलाश को रवाना करते हुए , महिलाओ ने चांचरी नृत्य और गायन द्वारा माँ  नंदा को प्रसन्न भी किया।



गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव मेला 2026



गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी पिछले 20 वर्षो से महिन्द्र ग्राउंड गढ़ी कैन्ट में बहुत बृहद रूप में मेले का आयोजन करती है। 

इस वर्ष नेपाल आसाम जलत्रासदी से त्रस्त, आमजन से यह निवेदन करेगी की इस दुख की घड़ी में भारत हमेशा पड़ोसी देश नेपाल और आसाम के साथ तत्परता से खड़ा रहेगा। 

जैसा कि सभी को विदित हैं कि हरितालिका तीज सम्पूर्ण विश्व एवं भारत वर्ष में निवास करने वाले हिन्दु समाज में मनाया जाने वाला एक पवित्र धार्मिक पर्व हैं। 

गोर्खा समाज की महिलाएं अपने पति की दीर्घायु परिवार की खुशहाली हेतु पूर्ण निर्जला व्रत रखकर पर्व मनाती हैं।

 गोर्खा महिलाओं के लिए तीज व्रत महान धार्मिक अनुष्ठानिक पर्व लोकप्रिय उत्सव के रूप में मनाया जाता हैं। परन्तु इस वर्ष नेपाल में आई आपदा जलप्रलय से जनजीवन को भारी नुकसान पहुँचा है जिससे सभी संस्था के पदाधिकारी सदस्यों द्वारा अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए मेले का स्वरूप चैरिटी के रूप में किया गया है।

 मेले में सर्वप्रथम दिवंगत पुण्य आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना एवं मौन रखकर कमेटी अपनी संवेदना प्रकट करेगी। कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय मुख्यमत्री उत्तराखण्ड श्री पुष्कर सिंह धामी , परम पुज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, परमपूज्य आर्युवेद शिरामणि आचार्य बालकृष्ण  के सानिध्य में नेपाल जनत्रासदी में दिवंगत पुण्य आत्माओं की शान्ति के लिए शान्ति पाठ एवं मौन रखकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया।

2026 के अध्यक्षा माया पंवार, संस्था अध्यक्ष श्रीमती प्रभा शाह, माननीय मुख्यमत्री उत्तराखण्ड श्री पुष्कर सिंह धामी जी, परम पुज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, परमपूज्य आर्युवेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण जी महाराज, गोर्खाली सुधार सभा अध्यक्ष पदम सिंह थापा, संरक्षक श्रीमती गोदावरी थापली द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुरोहितो द्वारा मंत्रोउच्चारण हुआ। मुख्य अतिथियों ने नेपाल एवं आसाम में आई भीषण जलत्रासदी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और हर सम्भव सहयोग करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर पर मुख अतिथि के करकमलों द्वारा वयोवृद्धों एवं विभिन्न क्षेत्रो में उत्कृष्ठ प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया ।


 विभिन्न क्षेत्रो से आई कीर्तन मण्डलियों ने दिवंगत आत्माओं की शान्ति के लिए प्रार्थना एवं संवेदना व्यक्त की। श्रीमती प्रभा शाह संस्था अध्यक्षा, सचिव ज्योति कोटिया, सूर्य विक्रम शाही संरक्षक गोदावरी थापली, मिडिया प्रभारी एवम् उपाध्यक्ष वंदना बिष्ट, उपासना थापा, मीनू आले, पूजा सुब्बा चंद, निर्मला थापा, उमा उपाध्याय, मीनू क्षेत्री, प्रमिला खत्री, सरोज गुरूंग, सुनीता क्षेत्री, मंजू कार्की, कविता क्षेत्री, संध्या थापा, पुष्पा क्षेत्री, पूनम गुरूंग, विनीता क्षेत्री, मधु क्षेत्री, कविता क्षेत्री, मधु खनाल, विनीत खत्री, लोकमाया राई, कविता शाही माहुर, देविन शाही, टेकू मगर, मधुसूदन शर्मा, नरेन्द्र खत्री, बालकृष्ण बराल, संजय मल, राजेन्द्र गुरूंग, मधु क्षेत्री, बुद्धिमान थापा, उषा राना, संध्या थापा, आचार्य श्री शुसान्त राज आदि ने श्रद्धाजंलि अर्पित की।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पूजा सुब्बा चंद, संकलप पंत, मंजु कार्की, उमा उपाध्याय आदि ने किया। पड़ोसी देश नेपाल से आई गायिका नीरूश्री मगर जी ने अपनी भावुकता पूर्ण प्रस्तुति देकर वहाँ के हालात साझा किये




दिनांक 05 सितंबर 2026 को जनपद चंपावत के छीनीगोठ क्षेत्र में हुड्डी नदी का जलस्तर एवं वेग अचानक बढ़ने से नदी के दूसरी ओर तीन व्यक्ति फंस गए। तीनों व्यक्ति पशुओं के लिए चारा लेने जंगल गए थे, इसी दौरान नदी का प्रवाह तेज हो जाने के कारण उनके वापस लौटने का मार्ग अवरुद्ध हो गया।


स्थानीय पटवारी द्वारा सूचना दिए जाने पर पोस्ट टनकपुर से उप निरीक्षक दीपक चंद्र जोशी के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों एवं वाहन के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


मौके पर पहुंचने के बाद SDRF जवानों के सामने तेज बहाव वाली नदी को पार कर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की चुनौती थी। विषम परिस्थितियों और नदी के बढ़ते वेग के बीच टीम ने अदम्य साहस, सूझबूझ एवं रेस्क्यू कौशल का परिचय देते हुए अभियान को आगे बढ़ाया।


SDRF जवानों ने कठिन परिस्थितियों में सुरक्षित रेस्क्यू तकनीकों का प्रयोग करते हुए नदी के दूसरी ओर फंसे तीनों व्यक्तियों तक पहुंच बनाई और एक-एक कर सभी को सकुशल सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।


 *रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों का विवरण:* 

1. पार्वती तिवारी, पत्नी श्री दीपक तिवारी, उम्र 36 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।

2. मुकेश जोशी, पुत्र श्री हरिदत्त जोशी, उम्र 50 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।

3. दीपक तिवारी, पुत्र श्री हरिनंदन तिवारी, उम्र 40 वर्ष, निवासी छीनीगोठ।


SDRF टीम की तत्परता, साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा के चलते नदी के तेज बहाव के बीच फंसे तीनों लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

 

बिना स्वीकृत मानचित्र के चल रहे निर्माण पर बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश और देहरादून में भवन स्वामियों पर कसा शिकंजा


देहरादून:

MDDA action


 मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने तीन अलग-अलग निर्माण स्थलों को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद अनधिकृत निर्माण कराने वाले भवन स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है। एमडीडीए अधिकारियों ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।


प्राधिकरण के अनुसार ऋषिकेश में रेलवे स्टेशन के निकट, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे, रेलवे रोड स्थित विनोद अग्रवाल के निर्माण स्थल पर व्यावसायिक दुकान के लिए छत डालने का कार्य किया जा रहा था। निर्माण कार्य के संबंध में प्राधिकरण द्वारा उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973, यथा संशोधित, की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दायर किया गया। प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।


इसी तरह देहरादून के माजरा क्षेत्र में मुस्कान होटल के पीछे शाहिद के निर्माण स्थल पर बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किए जाने का मामला सामने आया। प्राधिकरण द्वारा मामले में वाद दायर करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई और मौके पर निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।


वहीं, इसी क्षेत्र में शाहिद के एक अन्य निर्माण स्थल पर भी बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किए जाने की शिकायत/प्रकरण सामने आया। जांच के बाद प्राधिकरण ने संबंधित प्रकरण में भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए स्थल को सील कर दिया।


स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण पर सख्ती


एमडीडीए अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित विकास के लिए भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण या बिना मानचित्र के निर्माण किए जाने पर संबंधित भवन स्वामी के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए


एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित एवं व्यवस्थित विकास के लिए भवन निर्माण से पहले स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। बिना स्वीकृति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों के साथ-साथ निरीक्षण के दौरान सामने आने वाले अनधिकृत निर्माणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


 मोहन सिंह बर्निया, सचिव एमडीडीए


एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से अवैध एवं अनधिकृत निर्माणों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य शहर और प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित एवं नियमबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने भवन स्वामियों से अपील की कि निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराएं और निर्धारित मानकों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन मिलने पर नोटिस, वाद दायर करने, सीलिंग सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

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