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 रामेश्वरम पर विशेष लेख 

Dr muralidhar shastri


भगवान राम के ईश्वर अर्थात महादेव शंकर का निवास स्थान  रामेश्वरम को नमन

 यह स्थान त्रेता  युग  से जुड़ा हुआ है  यहां पर भगवान राम  द्वारा स्थापित ज्योतिर्लिंग श्री राम लिंगम 

यह केंद्र  वैष्णव एवं शिव तीर्थ के रूप में  पूरे आर्यावर्त में स्थापित है यहां शिव एवं विष्णु के अवतारों के भक्त समान रूप से आदर रखते हैं 

दक्षिण भारत के अय्यप्पा भगवान के भक्त भी अटूट आस्था रखते हैं 

रामेश्वरम का विशेष अभी तक 27 भाषाओं में रचित रामायण में विशेष उल्लेख किया गया 

ऐसा भारत के किसी तीर्थ का उल्लेख नहीं किया गया 

इस स्थान के पूजा पाठ से भगवान राम एवं शंकर में अटूट आस्था एवं दृढ़ विश्वास प्रकट होता है 

तथा सभी फलों को एवं मनोकामनाओं को देने वाला सक्षम केंद्र है

 रामेश्वरम में चर्च में एवं मस्जिद में भी समान रूप से वैष्णव पद्धति से पूजा की जाती है

 यह सौहार्द का विश्व में अनोखा केंद्र यह मंदिर मात्र 15 एकड़ में बसा है

एवं राम जी के परम भक्त हनुमान जी द्वारा स्थापित श्री विश्व लिंगम की पूजा होती है

 यहां पर श्री लक्ष्मण जी स्वयं मनीके रूप में विराजमान है जिनको मनी देव भी कहा जाता माता पार्वती जी स्वयं यहां वरदानी  देने वाली माता जी के रूप में विराजमान 

मां सीता अपने शक्तिपुंज के साथ अष्ट लक्ष्मी के रूप में विराजमान

 भगवान राम द्वारा समुद्र के खारे जल के पास स्थित 22 तीर्थ का स्वच्छ पानी का निर्माण किया गया है

 जिसमें गायत्री तीर्थ गया तीर्थ सावित्री तीर्थ प्रमुख हैं इन तीर्थ के स्पर्श मात्र से ही सभी पाप नष्ट हो जाते हैं हो जाते हैं 

तथा कोई शारीरिक बीमारी होती है उसका भी नाश हो जाता है

 भगवान शंकर के इस पूज्य ज्योतिर्लिंग पर जो कोई गंगाजल चढ़ता है वह साक्षात पूरे कुटुंब के साथ स्वर्ग धाम को जाता है


       

   डॉक्टर मुरलीधर सिंह शास्त्री         अधिवक्ता / विधि अधिकारी मा उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं लखनऊ पीठ 

भगवान शंकर के द्वादश ज्योतिर्लिंग है जो भारत के उत्तर में दक्षिण में पूर्व में पश्चिम में मध्य में स्थित है वास्तव में भगवान शंकर ही भारत को एक बनाने वाले हैं और राष्ट्र को मजबूत करने में उनकी भक्ति ही अमरता का संदेश देती है

 यह भी कहा गया है की जो 12  ज्योतिर्लिंगों का दर्शन कर लेता है उसको साक्षात भगवान शंकर मोक्ष देते हैं

 इस विचारधारा को मानते हुए लाखों भक्त प्रत्येक ज्योतिर्लिंगों को दर्शन करते हैं ज्योर्तिलिंग रामेश्वर रामनाथ स्वामी.सोमनाथ.मल्लिकार्जुन उज्जैन महाकाल 

ओंकारेश्वर .काशी विश्वनाथ.नागेश्वर नाथ. बैद्यनाथ भीम शंकर.केदारेश्वर घृष्णेश्वर त्रंबकेश्वर. ज्योतिर्लिंग है इसका महाशिवपुराण में भागवत पुराण में पद्म पुराण में लिंग पुराण में अधिक का अधिक  पुराणों में  उल्लेख है कुछ कुछ विद्वान इसकी गणना के दृष्टि से या महत्व की दृष्टि से प्रथम द्वितीय स्थान देते हैं पर भक्ति में साधना में प्रथम द्वितीय का कोई महत्व नहीं होता उसे स्थान और          


@संस्थापक महापुरुष का जब महत्व जुड़ जाता है तो अमरता का सिद्धांत बनता है इस सिद्धांत को भक्ति सिद्धांत के रूप में प्रतिपादित किया गया है इसी  में दक्षिण भारत का काशी कहां जाने  वाला राम के ईश्वर का स्थान रामेश्वरम है अर्थात रामकेश्वर भगवान शंकर

 रामेश्वरम तमिलनाडु के श्री रामनाथ पुरम जिला में एक परगना के रूप में स्थापित है यहां की आबादी लगभग 80000 के आसपास है यहां पर हिंदुओं के साथ-साथ ईसाइयों की मुस्लिम की आबादी है इसी स्थान पर भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे कलाम का जन्म हुआ जो सत्य के पुत्र के रूप में राष्ट्रीय एकता के सूत्र के रूप में जाने जाते हैं हम लोगों  परिवार के सदस्यों के साथ उस स्थान का भ्रमण करने का मौका मिला उनके परिवार के लोगों से भी मिला उनके जन्म स्थान एवं स्मारक पर भी गए उसे स्थान की विशेषताएं हैं 

उसे स्थान के विकास में तमिल समुदाय के भारतीय लोगों के साथ-साथ श्रीलंका के जबना( Jafana)क्षेत्र  के राजाओं का योगदान रहा है तथा भारतीय राजाओं में   पांडव panya  वंश के चोल वंश के राजाओंत्रावणकोर के राजा  विशेष योगदान रहा है तथा विशेष रूप से pujya मुथु राम लिंगम  का योगदान रहा है जो लगभग 1212 के 23ft स्तंभों द्वारा कॉरिडोर /गलियारा बनाया गया है इसमें प्रथम गलियारा है द्वितीय गलियारा है वहां पर भगवान शंकर के 108 लिंग विग्रह स्थापित है तथा गणेश जी के कार्तिकेय जी के माता पार्वती जी के भी मूर्ति विराजमान इसके अलावा इस मंदिर में अष्ट महालक्ष्मी जी के विराजमान है नवग्रह मंदिर है काल भैरव जी का मंदिर विराजमान है तथा शंकर जी के विभिन्न रूपों में मंदिर विराजमान मुख्य स्थान यहां का भगवान राम एवं माता सीता द्वारा स्थापित श्री राम लिंगम जिनको रामनाथ स्वामी भी कहा जाता है तथा विश्व लिंगम द्वितीय लिंग का स्थान है जिसकी स्थापना भगवान राम के साथ-साथ स्वयं हनुमान जी ने भी किया था जो कैलाश पर्वत से लाए थे इस मंदिर का और और महत्व बढ़ जाता है यह प्रथम ज्योतिर्लिंग है प्रथम ज्योतिर्लिंग है जहां पर समुद्र समुद्र जल से भी भगवान शंकर का अभिषेक होता है यह भारत का वह स्थान है जो प्रामाणिक रूप से भगवान  राम जी के वन गमन समय का  श्रीलंका कांड में तथा महाकाव्य बाल्मीकि/27  रामायण में विशेष रूप से उल्लेखित है  धनुषकोडी स्थान पर ही भगवान राम ने प्रथम विश्राम गंधमादन पर्वत पर किया था तथा वहीं से श्रीरामशिला का स्पर्श कर सेतु का निर्माण कर लंका पर विजय प्राप्त की थी वह स्थान जो रामायण में उल्लेखित यह स्थान परम पवित्र है तथा श्रद्धालु भी समुद्र में स्नान करके ही महादेव जी का साक्षात दर्शन करते हैं और आशीर्वाद लेते हैं पर्वत पर स्थित है जहां पर भगवान माता सीता जी के लक्ष्मण जी के हनुमान जी के मूर्ति विग्रह स्थापित है जहां पर अनादि काल से पूजा हो रही इसके अलावा अनेक स्थान है जो त्रेता युग का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसमें पंचमुखी हनुमान मंदिर राज मंदिर राम तीर्थ लक्ष्मण तीर्थं आदि प्रमुख है एक वैष्णव क्षेत्र एवं  क्षेत्र की एकता का शंकर भक्तों की एकता का केंद्र है इसके जितने अर्चक एवं पुजारी हैं वह ज्यादातर श्रृंगेरी के शंकराचार्य जी पीठ द्वारा एवं कांचीपुरम के शंकराचार्य की पीठ द्वारा दीक्षित एवं वैष्णो  के उपासक  एवं शंकर के उपासक  तथा शक्ति के उपासक  समान रूप से एवं एवं सम्मान  के साथ पूजा करते हैं एवं भक्तों का मार्गदर्शन करते हैं.

 सेवा की भावना को स्वीकार किए हैं तथा लालच रहित केवल श्रद्धा के साथ भक्तों की एवं भगवान की सेवा कर रहे हैं उनकी जितनी भी तारीफ की जाए वह बहुत कम है ऐसे उत्तर भारत के मंदिरों में नहीं है और हम सरकार से मांग मांग करते हैं कि रामेश्वरम की तरह  काशी में  कॉरिडोर/ गलियारा बनाया जाए अयोध्या में भी व्यापक कॉरिडोर बनाया जाए तथा मथुरा में भी व्यापक कॉरिडोर बनाया जाए जो की भक्तों को दर्शन करने में ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिले 

जय हिंद जय भारत 

जय सनातन धर्म 

जय महादेव जी 

जय श्री रामेश्वर धाम की जय

 लेखक:


 विभिन्न सरकारों में प्रथम श्रेणी के अधिकारी रहे हैं तथा वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद लखनऊ में अधिवक्ता एवं विधि अधिकारी हैं तथा वैदिक ज्योतिष के एवं प्रेस नीति के विशेष जानकार तथा (विधिक सेवा निशुल्क गरीबों  की महात्माओं एवं माता की सेवा करते हैं तथा आप अयोध्या में लखनऊ में एवं वृंदावन में साप्ताहिक प्रवास करते हैं) email:

Advmurlidharsingh@gmail.com

 केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 जारी की


देहरादून :

India forest condition report released Uttarakhand

 पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में ‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023’ का विमोचन किया। उल्लेखनीय है कि 1987 से भारतीय वन सर्वेक्षण द्वारा द्विवार्षिक आधार पर भारत वन स्थिति रिपोर्ट को प्रकाशित किया जा रहा है। भारतीय वन सर्वेक्षण (भा.व.स.) सुदूर संवेदन उपग्रह आंकड़ों और फील्ड आधारित राष्ट्रीय वन इन्वेंट्री (रा.व.इ) के निर्वचन के आधार पर देश के वन और वृक्ष संसाधनों का गहन आकलन करता है और इसके परिणाम भारत वन स्थिति रिपोर्ट (भा.व.स्थि.रि.) में प्रकाशित किए जाते हैं। भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 इस श्रृंखला की 18वीं रिपोर्ट है।


रिपोर्ट में, वनावरण, वृक्ष आवरण, कच्छ वनस्पति आवरण, भारत के वनों में कार्बन स्टॉक, वनाग्नि की घटनाएं, कृषि वानिकी आदि विषयों पर जानकारी शामिल है। देश के स्तर पर वन स्वास्थ्य की विस्तृत तस्वीर पेश करने के लिए, वनावरण और वनों की महत्वपूर्ण विशिष्टताओं पर विशेष विषयगत जानकारी भा.व.स्थि.रि. में दर्शाई गई है। वर्तमान आकलन के अनुसार, कुल वन और वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग कि.मी. है, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 25.17 प्रतिशत है। वनावरण का क्षेत्रफल लगभग 7,15,343 वर्ग कि.मी. (21.76 प्रतिशत) है जबकि वृक्ष आवरण का क्षेत्रफल 1,12,014 वर्ग कि.मी. (3.41 प्रतिशत) है।


  उन्होंने ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि 2021 की तुलना में देश के कुल वन और वृक्ष आवरण में 1445 वर्ग किलोमीटर की वृ‌द्धि हुई है। उन्होंने उन्नत प्रौ‌द्योगिकी का इस्तेमाल करके भा.व.स द्वारा प्रदान की जाने वाली नियर रियल टाइम अग्नि चेतावनी और वन अग्नि सेवाओं पर भी प्रकाश डाला।


प्रमुख निष्कर्ष 

देश का वन एवं वृक्ष आवरण 8,27,367 वर्ग कि.मी. है जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 25.17 प्रतिशत है, जिसमें 7,15,343 वर्ग कि.मी. (21.76 प्रतिशत) बनावरण और 1,12,014 वर्ग कि.मी. (3.41 प्रतिशत) वृक्ष आवरण है।

वर्ष 2021 की तुलना में, देश के वन और वृक्ष आवरण में 1445 वर्ग कि.मी. की वृद्धि हुई है, जिसमें वनावरण में 156 वर्ग कि.मी. और वृक्ष आवरण में 1289 वर्ग कि.मी. की वृद्धि शामिल है।

वन एवं वृक्ष आवरण में अधिकतम वृ‌द्धि दर्शाने वाले शीर्ष चार राज्य हैं- छत्तीसगढ़ (684) वर्ग कि.मी.), उत्तर प्रदेश (559 वर्ग कि.मी.), ओडिशा (559 वर्ग कि.मी.) तथा राजस्थान (394 वर्ग कि.मी.) हैं।

वनावरण में अधिकतम वृद्धि दर्शाने वाले शीर्ष तीन राज्य हैं- मिजोरम (242 वर्ग कि.मी.), गुजरात (180 वर्ग कि.मी.) और ओडिशा (152 वर्ग कि.मी.) हैं।

क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे अधिक वन एवं वृक्ष आवरण वाले शीर्ष तीन राज्य हैं- मध्य प्रदेश (85,724 वर्ग कि.मी.), अरुणाचल प्रदेश (67,083 वर्ग कि.मी.) और महाराष्ट्र (65,383 वर्ग कि.मी.) है।

क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले शीर्ष तीन राज्य हैं- मध्य प्रदेश (77,073 वर्ग कि.मी.), अरुणाचल प्रदेश (65,882 वर्ग कि.मी.) और छत्तीसगढ़ (55,812 वर्ग कि.मी.) हैं।

कुल भौगोलिक क्षेत्रफल की तुलना में वन आवरण के प्रतिशत की दृष्टि से, लक्ष‌द्वीप (91.33 प्रतिशत) में सबसे अधिक वन आवरण है, जिसके बाद मिजोरम (85.34 प्रतिशत) और अंडमान एवं निकोबार द्वीप (81.62 प्रतिशत) का स्थान है।

वर्तमान आकलन से यह भी जात होता है कि 19 राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों में 33 प्रतिशत से अधिक भौगोलिक क्षेत्र वनावरण के अंतर्गत हैं। इनमें से आठ राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों, जैसे मिजोरम, लक्ष‌द्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा और मणिपुर में 75 प्रतिशत से अधिक वनावरण है।

कुल कच्छ वनस्पति आवरण 4,992 वर्ग कि.मी. है।

भारत के वन और वाह्य वन वृक्षों की कुल निधि 6430 मिलियन घन मीटर अनुमानित की गई है, जिसमें से 4479 मिलियन घन मीटर वनों के भीतर और 1951 मिलियन घन मीटर वन क्षेत्र के बाहर है। पिछले आकलन की तुलना में कुल निधि में 262 मिलियन घन मीटर की वृद्धि हुई है, जिसमें 91 मिलियन घन मीटर वनों के भीतर और 171 मिलियन घन मीटर वन क्षेत्र के बाहर की वृद्धि शामिल है।

देश में बांस धारित क्षेत्र का विस्तार 1,54,670 वर्ग किलोमीटर अनुमानित किया गया है। वर्ष 2021 में किए गए पिछले आकलन की तुलना में बांस क्षेत्र में 5,227 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है वाह्य वन वृक्षों से औ‌द्योगिक काष्ठ का कुल वार्षिक संभावित उत्पादन 91.51 मिलियन घन मीटर अनुमानित किया गया है।

वर्तमान आकलन में देश के वनों में कुल कार्बन स्टॉक 7,285.5 मिलियन टन अनुमानित किया गया है। पिछले आकलन की तुलना में देश के कार्बन स्टॉक में 81.5 मिलियन टन की वृद्धि हुई है।

एनडीसी के लक्ष्यों की प्राप्ति के संबंध में, वर्तमान आकलन से ज्ञात होता है कि भारत का कार्बन स्टॉक 30.43 बिलियन टन CO₂ के समतुल्य तक पहुंच गया है, जो दर्शाता है कि 2005 के आधार वर्ष की तुलना में, भारत पहले ही 2.29 बिलियन टन अतिरिक्त कार्बन सिंक तक पहुंच चुका है, जबकि 2030 तक 2.5 से 3.0 बिलियन टन का लक्ष्य रखा गया है।

 

देश के वन एवं वृक्ष संसाधनों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के अलावा, भा.व.स्थि.रि. में दिए गए आंकड़े नीति निर्माताओं, योजनाकारों, राज्य वन विभागों, अनुसंधान संगठनों, विभिन्न विकास कार्यों में शामिल एजेंसियों, शिक्षाविदों, सिविल सोसायटी और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन में रुचि रखने वाले अन्य हितधारकों के लिए सूचना के उपयोगी स्रोत के रूप में कार्य करते हैं।

 ऋषिकेश :

Calf head found in raiwala case revealed by police


थाना रायवाला पर वादी आशुतोष नेगी निवासी प्रतीतनगर रायवाला ने सूचना दी कि प्रतीतनगर निर्माणाधीन मकान में एक गाय के बछड़े का सर मिला है। तहरीर के आधार पर उत्तराखण्ड गौवंश संरक्षण अधिनियम बनाम अज्ञात पंजीकृत किया। 

 उक्त घटना के कारण हिन्दू संगठनों व स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त होने व घटना की गंभीरता के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशो पर सीओ ऋषिकेश  के नेतृत्व में तत्काल पुलिस टीमें गठित की गयी । पुलिस टीम ने घटनास्थल के आस-पास आने जाने वाले रास्तो पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरो की फुटेज  चैक की।  संदिग्ध व्यक्तियों से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गयी।

 सीसीटीवी फुटेजो के अवलोकन करने पर एक कुत्ता उक्त बछड़े के सिर को मुंह में दबाकर वादी आशुतोष नेगी के निर्माणाधीन मकान की ओर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है।

 उक्त सीसीटीवी देखने व वार्ता के पश्चात वादी, हिन्दू संगठनो से जुड़े पदाधिकारी व स्थानीय लोग पुलिस की कार्यवाही से संतुष्ट दिखे। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक , बीएल भारती, उनि कुशाल सिंह रावत उनि चिंतामणि मैठाणी, योगेन्द्र, चन्द्रपाल, रोमिल, अमित, अनुज, हंसराज अनित शामिल रहे।

 NH-58 नेशनल हाईवे पर देवप्रयाग  नगर पालिका के द्वारा प्रवेश गेट साइन बोर्ड लगाया गया है जो पूरी तरह छतीग्रस्त हो रखा है निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक भुटली आशीष रणाकोटी ने कहा कि अगर समय रहते इस साइन बोर्ड को नहीं हटाया गया तो किसी भी समय दुर्घटना होना निश्चित है क्यों की यह नेशनल हाईवे रोड है और इस पर हर दिन  हज़ारो गड़ियो का आना जाना है।





 आशीष रणाकोटी ने नगर पालिका देवप्रयाग ईओ और प्रशासक एसडीएम देवप्रयाग से माँग की है कि जल्द से जल्द इस पर कार्यवाही की जाए और इस साइन बोर्ड को सही किया जाय ताकि दुर्घटना होने से रोका जा सके और किसी को जानमान की हानि न हो!

 आज का राशिफल

*दिनांक:- 22/12/2024, रविवार*

सप्तमी, कृष्ण पक्ष,

पौष

Rashifal today 22 december 2024


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *सर्वार्थ सिद्धि योग 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


शैले शैले न माणिक्यं मौक्तिकं न गजे गजे ।

साधवो नहि सर्वत्र चन्दनं न वने वने ।।

।। चा o नी o।।


हर पर्वत पर माणिक्य नहीं होते,  हर हाथी के सर पर मणी नहीं होता, सज्जन पुरुष भी हर जगह नहीं होते और हर वन मे चन्दन के वृक्ष भी नहीं होते हैं।


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:     भक्तियोग अo-12


मय्येव मन आधत्स्व मयि बुद्धिं निवेशय ।,

निवसिष्यसि मय्येव अत ऊर्ध्वं न संशयः ॥,


  मुझमें मन को लगा और मुझमें ही बुद्धि को लगा, इसके उपरान्त तू मुझमें ही निवास करेगा, इसमें कुछ भी संशय नहीं है॥,8॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

आय में वृद्धि होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। विरोध की संभावना, धनहानि, गृहस्‍थी में कलह, रोग से घिरने की संभावना, कुछ कार्यसिद्धि की संभावना। चिंताएं जन्म लेंगी। स्त्री पीड़ा, कुछ लाभ की आशा करें।


🐂वृष

स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। भागदौड़ रहेगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। धनागम सुस्त रहेगा। कार्य के प्रति अनमनापन रहेगा। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। कुछ लाभ की संभावना। चिंताएं कुछ कम होंगी।


👫मिथुन

लेनदारी वसूल होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। शत्रु भय रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में ग्राहकी अच्छी रहेगी। नौकरी में कार्य व्यवहार, ईमानदारी की प्रशंसा होगी। मशक्कत करने से लाभ होगा। चिंता होगी। शत्रु पराजित होंगे।


🦀कर्क

पार्टनर से मतभेद समाप्त होगा। नौकरी में अधिकारी का सहयोग तथा विश्वास मिलेगा। पारिवारिक व्यस्तता रहेगी। आकस्मिक व्यय से तनाव रहेगा। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। विवेक से कार्य करें। स्थानीय धर्मस्थल की परिवार के साथ यात्रा होगी।


🐅सिंह

लेन-देन में सावधानी रखें। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। शत्रु पर विजय, हर्ष के समाचार मिलने की संभावना। कुसंग से हानि। धनागम सुखद रहेगा। प्रेमिका मिलेगी। कुछ आय होगी। माता को कष्ट रहेगा।


🙎‍♀️कन्या

कारोबारी नए अनुबंध होंगे। नई योजना बनेगी। मान-सम्मान मिलेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्त्री कष्ट संभव। कलह से बचें। कार्य में सफलता, शत्रु पराजित होंगे। विवेक से कार्य बनेंगे। पेट रोग से पीड़ित होने की संभावना। वस्त्राभूषण की प्राप्ति के योग।


⚖️तुला

भय, पीड़ा व भ्रम की स्थिति बन सकती है। व्यर्थ भागदौड़ होगी। भय-पीड़ा, मानसिक कष्ट की संभावना। लाभ तथा पराक्रम ठीक रहेगा। दु:समाचार प्राप्त होंगे। हानि तथा भय की संभावना, पराक्रम से सफलता, कलहकारी वातावरण बनेगा। भयकारक दिन रहेगा।


🦂वृश्चिक

यात्रा सफल रहेगी। विवाद न करें। लेन-देन में सावधानी रखें। कानूनी बाधा दूर होगी। देव दर्शन होंगे। राज्य से लाभ होने की संभावना। मातृपक्ष की चिंता। वाहन-मशीनरी का प्रयोग सावधानी से करें। धनागम की संभावना। मित्र मिलेंगे। विवाद न करें।


🏹धनु

बेचैनी रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। नेत्र पीड़ा की संभावना। धनलाभ एवं बुद्धि लाभ होगा। शत्रु से परेशान होंगे। अपमान होने की संभावना। कष्ट की संभावना। धनहानि। कष्ट-पीड़ा। शारीरिक पीड़ा होगी।


🐊मकर

प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। झंझटों में न पड़ें। आगे बढ़ने के मार्ग मिलने की संभावना। शत्रु पराजित होंगे। लाभ होगा। स्वास्थ्य ठीक होगा। अनजाना भय सताएगा। राज्य से लाभ। शत्रु शांत होंगे।


🍯कुंभ

रोजगार में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। परिवार की चिंता रहेगी। लाभ होगा। अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। चिंता से मुक्ति नहीं मिलेगी। शत्रु दबे रहेंगे। कलह-अपमान से बचें। संभावित यात्रा होगी। सावधानी बरतना होगी।


🐟मीन

जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। घर-बाहर अशांति रह सकती है। प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा के योग बनेंगे। कुछ कष्ट होने की संभावना। लाभ के योग बनेंगे। स्त्री वर्ग को कष्ट। कुसंग से कष्ट। कलहकारक दिन रहेगा। अपनी तरफ से बात को बढ़ावा न दें।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*


नैनीताल :



 नगर पालिका परिषद के निकाय चुनाव की तैयारियां तेजी से प्रारम्भ हो गई है। जिसके मद्देनज़र नैनीताल प्रशासन पूरी  तैयारी में लग गया है। नगर में वार्ड स्तर पर सभासद के प्रत्याशियों की संख्या लगातार दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। आपको बता दें की नगर पालिका में 8 से 10 निवर्तमान सभासदों ने चुनाव लड़ने का ऐलान कर रहे है। जबकि कई वार्डों में नए- नए चेहरे भी सामने आ रहे हैं। जिसमें की नगर निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं पालिकाओं में अधिकांश मतदाताओं की संख्या प्रत्येक निकाय चुनाव में बढ़ती है।  नैनीताल पालिका में इस बार के नगर निकाय चुनाव में दिसंबर माह के अंत में बच्चों के स्कूलों की छुट्टी कहे या ज्यादा ठण्ड के चलते हजारों मतदाता कम होने की सम्भावना हैं। हालांकि इसका एक मुख्य कारण मेट्रोपोल बस्ती व बीडी पाण्डे के पास हुए ध्वस्तीकरण और लोगों का पलायन भी माना जा रहा है।  और वहीं वार्ड स्तर पर सभासद के प्रत्याशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पालिका में दर्जनभर निवर्तमान सभासदों ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। जबकि कई वार्डों में नए चेहरे भी सामने आए हैं। जिसमें सैनिक स्कूल वार्ड नंबर 12 से वर्तमान सचिव जिला बार एसोसिएशन नैनीताल एडवोकेट संजय सुयाल की पत्नी गायत्री सुयाल( गीता ) एडवोकेट सभासद पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की हैं। नगर निकाय चुनाव आरक्षण सूची के अनुसार पिछली बार की तरह इस बार भी किसी भी वार्ड में बदलाव नहीं किया है। इस पर अधिकांश वार्डों से निवर्तमान सभासदों ने अपनी दावेदारी पेश की है। ऐसे में देखना यह दिलचस्प होगा कि वार्डो की जनता पुराने नेताओं पर भरोसा करती हैं या नए सभासदों पर, अब तो यह आने परिणाम ही बतायेगा।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में जनप्रतिनिधियों और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों  ने भेंट की। 

CM Dhami meet people


मुख्यमंत्री ने इस दौरान लोगों की समस्याएं सुनी एवं उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का जल्द समाधान कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सभी जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जन समस्याओं की नियमित सुनवाई कर उनका समाधान करें।

*मुख्यमंत्री ने दिए दिल्ली मार्ग पर बसों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश*


*मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद परिवहन निगम अलर्ट मोड पर कर रहा है बसों का प्रबंधन*


राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में ग्रैप-4 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) पॉलिसी लागू होने के कारण, दिल्ली में वाहनों के प्रवेश में आ रही दिक्कतों को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड परिवहन निगम को इस रूट पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए हैँ। 

इसके बाद परिवहन निगम, बसों का फेरा बढ़ाने के साथ ही नई खरीदी गई बसों का संचालन करते हुए यात्रियों को हर तरह की सेवाएं देने का प्रयास कर रहा है। 


अपर सचिव परिवहन, नरेंद्र कुमार जोशी ने बताया कि उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बीएस-3 एव बीएस-4 बसों के नई दिल्ली में प्रवेश के रोक के दृष्टिगत उत्तराखण्ड परिवहन निगम ने मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में कई कदम उठाए हैं। वर्तमान में उत्तराखण्ड परिवहन निगम के पास 185 सीएनजी बसें उपलब्ध हैं, जिन्हें दिल्ली मार्ग पर संचालित किया जा रहा है।


साथ ही बीएस 6 मॉडल की 12 वोल्वो बसों के फेरे बढ़ाते हुए, रिशिड्यूलिंग के जरिए दिल्ली मार्ग पर संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा निगम द्वारा हाल में खरीदी गई बीएस-6 माडल की 130 डीजल बसों को भी प्रदेश के विभिन्न स्टेशनों से दिल्ली मार्ग पर संचालित किया जा रहा है।


अपर सचिव परिवहन ने बताया कि वर्तमान में लीन सीजल के कारण यात्रियों की उपलब्धता 50 प्रतिशत के लगभग ही चल रही है, फिर भी यदि किसी स्टेशन विशेष पर दिल्ली के यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो तत्काल अतिरिक्त बसें संचालित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि जो बसें दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं, उनको यात्रियों की आवश्यकता के अनुसार मोहननगर व कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश) तक दिल्ली बॉर्डर पर पहुँचाया जा रहा है। बॉर्डर से दिल्ली के अंदर यात्रियों को ले जाने के लिए डीटीसी की बसों के प्रयोग के लिए भी दिल्ली सड़क परिवहन से समन्वय बनाया जा रहा है। साथ ही उत्तराखण्ड के सभी डिपोज एवं सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उत्तराखण्ड परिवहन निगम का प्रयास है कि एक भी यात्री को उत्तराखण्ड से दिल्ली आवागमन में कोई भी कठिनाई न हो। यात्रियों के आवागमन की स्थिति पूर्णतया सामान्य है।

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