Halloween party ideas 2015

 *मुख्यमंत्री ने किया प्रथम सोलर मेला “सौर कौथिग” का शुभारंभ*


*2026 तक कुल 250 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट्स की स्थापना करने का लक्ष्य* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेंजर्स ग्राउण्ड देहरादून में ‘ उत्तराखण्ड के प्रथम सोलर मेले दो दिवसीय ‘सौर कौथिग’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और सोलर वाटर हीटर योजना के लाभार्थियों को अनुदान राशि के चेक प्रदान करने के साथ ही यूपीसीएल मुख्यालय में बनाई गई सौर ऊर्जा आधारित म्यूरल आर्ट का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा जन जागरूकता के लिए चलाई जा रही सोलर वैन को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। 


इसके माध्यम में आगामी सौ दिनों तक सोलर ऊर्जा से संबंधित विभिन्न जानकारी लोगों को दी जायेगी। साथ ही विभिन्न स्टॉल पर जाकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे नवोन्मेषी प्रयोगों की जानकारी ली।     


सौर कौथिग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सौर समृद्ध उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत आयोजित यह मेला ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और राज्य के सतत् विकास की दिशा में एक विशिष्ट पहल है। मेले में सौर ऊर्जा से जुड़ी सभी योजनाओं, उनके लाभों और विभिन्न प्रकार के सौर ऊर्जा उत्पादों के बारे में जानकारी से लोग सौर ऊर्जा अपनाने को लेकर जागरुक होंगे। साथ ही सोर ऊर्जा को अपनाते हुए अपनाकर उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी अपना योगदान देंगे। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवाश्म आधारित ईंधन के स्रोत सीमित हैं। इनके प्रयोग द्वारा पर्यावरण को बहुत अधिक नुकसान पहुंचता है। सौर ऊर्जा के  स्रोत असीमित हैं और ये हमारे पर्यावरण को संरक्षित रखने में भी अपना योगदान देते हैं। सौर ऊर्जा की इसी विशेषता को देखते हुए प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से देशभर में सौर ऊर्जा के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा के माध्यम से 100 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। साथ ही वर्ष 2070 तक देश को कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार  प्रदेश में सौर उर्जा के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। सौर ऊर्जा की अधिकतम परियोजनाओं को स्थापित करने के उद्देश्य से नई सौर ऊर्जा नीति लागू की गई है। राज्य के सभी शासकीय भवनों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित किये जा रहे हैं। राज्य में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 70 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। पी०एम० सूर्यघर योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए अभी तक करीब 11 हजार लाभार्थियों को 90 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया जा चुका है। घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्ताओं हेतु सोलर वाटर हीटर संयत्र की स्थापना पर भी 30 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के माध्यम से राज्य के स्थायी निवासियों को स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत 2026 तक कुल 250 मेगावाट की क्षमता वाले सोलर प्लांट्स की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सोलर वेंडरों की संख्या बढ़ाते हुए आवासीय क्षेत्र के लिए 365 वेंडरों को मान्यता प्रदान की है। राज्य सरकार ने नेट मीटरिंग की व्यवस्था को भी सरल बनाने के साथ ही 10 किलोवॉट तक के सोलर सिस्टम को तकनीकी आकलन से बाहर रखा है, जिससे प्रदेशवासी सौर ऊर्जा को आसानी से अपना सकें। पिछले सात माह में उत्तराखंड में 23 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता सफलता पूर्वक स्थापित की जा चुकी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सौर कौथिग के इस आयोजन से प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र के विकास को और अधिक गति मिलेगी और भारत को कार्बन न्यूट्रल बनाने में उत्तराखण्ड योगदान देगा। 

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजान दास, बृजभूषण गैरोला, श्रीमती सविता कपूर, दर्जाधारी विश्वास डाबर, पद्मभूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी, सचिव डॉ. आर मीनाक्षीसुंदरम, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु, एमडी यूपीसीएल श्री अनिल कुमार, एमडी यूजेवीएनएल श्री संदीप सिंघल, एमडी पिटकुल श्री पीसी ध्यानी उपस्थित थे।

 न्यायमूर्ति चंद्रशेखर कुमार यादव के मामले को ज्यादा तुल  नहीं दिया जाए 

तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय को केवल प्रशासनिक अधिकार है ।

Dr murlidhar shastri  adv, high court lucknow


इनके खिलाफ लाया गया महाभियोग  पूर्ण रूप से निष्फल हो जाएगा 

जजों का विशेष संरक्षण है इनको आम नौकरियों की तरह नहीं हटाया जा सकता 

जैसे केंद्रीय सरकार के आईएएस आईपीएस अधिकारियों को केवल 90 दिन तक निलंबित रखा जा सकता है ऑटोमेटिक उनका निलंबन समाप्त हो जाता है 

यह हमारे संविधान में व्यवस्था है


 यह कहना है ,डॉक्टर मुरलीधर सिंह शास्त्री अधिवक्ता  /विधि अधिकारी 

माननीय उच्च न्यायालयइलाहाबाद एवं लखनऊ का।

इन्होनेबताय कि  चर्चित प्रकरण चंद्रशेखर कुमार यादव न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर कुमार यादव के विषय में बताना चाहता हूं श्री यादव इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र रहे तथा 1988 में  विधि स्नातक होने के बाद 1990 में उत्तर प्रदेश bar council के सदस्य बनने के बाद अपनी इलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस शुरू की तथा न्यायमूर्ति श्री यादव पिछली सरकारों में सरकारी अधिवक्ता अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता भी रहे तथा सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने माननीय उच्च न्यायालय  एवं सरकार की सहमत पर इनको न्यायमूर्ति बनाने का 2019 में निर्णय लिया तथा न्यायमूर्ति श्री  यादव 12 दिसंबर से 2019 से न्यायमूर्ति के रूप में कार्य किया तथा दिसंबर 2021 मेंस्थाई रूप से न्यायमूर्ति नियुक्त हुए मेरा मानना है ऐसे मामलों पर  ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए  और नहीं कोई फायदा होगा  करण के न्यायाधीशों के नियुक्ति की व्यवस्था एवं उनके हटने की व्यवस्था हमारे संविधान के अनुच्छेद 126/127/28 एवं 223 /२24 में व्यवस्था है इनको संसद में महाभियोग के द्वारा ही हटाया जा सकता है जो मौजूदा विपक्ष के पास इसका आंकड़ा नहीं है तथा श्री यादव की लगभग 1 साल सेवा है किसी भी व्यक्ति या सभी सभी व्यक्ति कहीं ना कहीं राजनीतिक प्राणी होते हैं इनका राजनीति में आने का स्पष्ट आंतरिक विचार है तथा उनके द्वारा दिया गया बयान निश्चित रूप से संविधान के अनुसार नहीं है लेकिन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है इनको राज्य सरकार त्यागपत्र देने के बाद या हटाने के बाद किसी आयोग का अध्यक्ष बना सकती है जो जिसमें पूर्व न्याय मूर्तियों के लिए आरक्षित हैं जैसे सर्विस ट्रिब्यूनल मानवाधिकार आयोग आदि प्रमुख है श्री यादव के छात्र जीवन के समय हम लोग भी कानून के विद्यार्थी रहे तथा उनके जूनियर थे  अपने विचार के लिए प्रमुख थे तथा अपने कार्यों के प्रति गंभीर थे इन्होंने सोच समझ के बयान दिया है मात्र इनका कार्यकाल लगभग 1 साल है 15 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत हो जाएंगे तथा वर्तमान सरकार का कार्यकाल मार्च 2027 तक है तथा केंद्र सरकार का कार्यकाल May2029 तक है इससे इनको राजनीतिक फायदा भी मिलेगा और प्रत्येक दशा में महाभियोग असफल हो जाएगा एक कानून के विद्यार्थी होने के कारण मेरा मानना है की मीडिया को अन्य मामलों में ध्यान देना चाहिए अनावश्यक रूप से इसको तोल नहीं देना चाहिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी इनको इस सप्ताह में बुलाया है लेकिन माननीय सर्वोच्च न्यायालय को एवं उच्च न्यायालय को केवल उनके संबंध में प्रशासनिक निर्णय लेने का अधिकार है जैसे कोर्ट का आवंटन प्रशासनिक न्याय मूर्तियों को जनपदों के प्रशासनिक न्यायाधीश के प्रभार आदि से हटाना। 


देहरादून;


 मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को रिंग रोड किसान भवन में अधीनस्थ कृषि सेवा संघ उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित सप्तम द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया गया। दो दिवसीय अधिवेशन का शुभारंभ कृषि मंत्री गणेश जोशी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

    कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिवेशन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अधीनस्थ कृषि सेवा संघ उत्तराखण्ड द्वारा जो मांग 06 सूत्रीय पत्र दिया गया है। उन पर उचित कार्यवाही की जाएगी। सभी विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

     कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधीनस्थ कृषि सेवा संघ उत्तराखण्ड अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी सरकार के मुख्य अंग हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी किसी भी विभाग की रीढ़ होती है। जब आपके द्वारा जनहित में सराहनीय कार्य किए जाते हैं, तो इससे सरकार के प्रति जनता का और विश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर अधिकारी सरकार और आम जनमानस के बीच एक सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारी-कर्मचारी निष्ठा और शिद्दत से कार्य कर रहे हैं। इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी को नव वर्ष अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सभी से पूरे मनोयोग से कार्य करने की आशा भी व्यक्त की।

    इस अवसर पर कृषि उप निदेशक अजय वर्मा, एमडी जैविक बोर्ड विनय कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा, अधीनस्थ कृषि सेवा संघ अध्यक्ष डी.एस.अग्रवाल, महामंत्री के.एस मनोला, संरक्षक   सी. एस.असवाल, पी.पी. सैनी, मनोज गुसाईं, विनोद पटवाल, विजय शर्मा, प्रदेश के समस्त जनपदीय अध्यक्ष एवं संगठन के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

1971 भारत- पाकिस्तान युद्ध, विजय दिवस समारोह में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

Honor to jawan by CM Dhami


*सीएम बोले * 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना, भूतपूर्व सैनिकों के साथ ही देश एवं प्रदेशवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिवस भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और सम्मान को प्रदर्शित करता है। देश की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक हमेशा तत्परता के साथ अपना योगदान देते है जिस पर हमें गर्व है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों द्वारा किए गए सर्वाेच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा। भारतीय सेना के वीर जवानों द्वारा पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य में 16 दिसम्बर को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने सैनिकों की वीरता पर नाज है और पूरा देश उनकी बहादुरी को नमन करता है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर  गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजादी दिलाने के लिए 1971 के युद्ध में भारत के लगभग 39 सौ जवान शहीद हुए, वही बांग्लादेश अब सांप्रदायिक ताकतों के बहकावे में आकर हमारे देश के खिलाफ अपशब्द बोल रहा है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचार और हिंसा ने मानवता के मूल्यों पर गहरा आघात किया है। 


सोमवार को गांधी पार्क में आयोजित विजय दिवस समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1971 के य़ुद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने 1971 के युद्ध में न केवल राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की बल्कि अपने अद्वितीय रण कौशल द्वारा दुश्मन को चारों खाने चित्त भी कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान के साथ लड़ा गया यह युद्ध स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है। 1971 के युद्ध में हमारी सेना ने विश्व को दिखा दिया कि भारत न केवल अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवता और न्याय की रक्षा के लिए भी खड़ा हो सकता है। इस युद्ध में हमारी तीनों सेनाओं ने मात्र 13 दिनों में पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस युद्ध में पाकिस्तान के लगभग एक लाख सैनिकों ने 16 दिसंबर 1971 को हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जो दुनिया के सैन्य इतिहास में एक अद्वितीय घटना के रूप में दर्ज है। उस युद्ध में लगभग 39 सौ भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए, जिनमें वीरभूमि उत्तराखंड के 255 बहादुर सपूत भी शामिल थे। तब हमारे प्रदेश के 74 सैनिकों को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित भी किया गया था। 


*गोली का जवाब गोलों से दे रही है सेना*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2014 से पूर्व सेना के शौर्य को भी राजनीतिक चश्मे से आंकने का प्रयास किया जाता था। तब दुश्मन के हमला का जवाब देने के लिए भी सेना को आदेश लेना पड़ता था, लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश की सेनाओं को युदध् के समय गोली चलाने के लिए आदेश की आवश्यकता नहीं पड़ती है, सेना अब बढ़े हुए मनोबल से गोलियों का जवाब गोलों से दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना तो पहले भी शक्तिशाली ओर पराक्रमी थी, लेकिन तब नेतृत्व के कारण सेना को साजो सामान के मामले में न्याय नहीं मिल पाता था। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार सेना के पराक्रम और बलिदान को सर्वोच्च सम्मान देती है। आज भारतीय सेना को प्रत्येक क्षेत्र में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप आज भारत न केवल अपनी रक्षा जरूरतों में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि विभिन्न देशों को रक्षा सामग्री निर्यात करने में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।


*प्रदेश सरकार सैनिक कल्याण के लिए समर्पित*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने जहां एक ओर सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि को बढ़ाने का काम किया है वहीं शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का भी निर्णय लिया है। साथ ही, वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को मिलने वाली एकमुश्त अनुदान राशि में भी बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अनुदान राशि को लेकर परिवार में कोई मतभेद ना हो, इसके लिए राज्य सरकार ने शहीदों के माता-पिता और पत्नी दोनों को समान रूप से अनुदान राशि में अधिकार देने का काम किया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वो खुद एक सैनिक पुत्र हैं, इसलिए आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक बदलाव को देखकर उन्हें भी अत्यंत हर्ष का अनुभव होता है।


*“धूल से फूल“ बनाना और “धूल में मिलाना“ भी जानते हैं*


मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश के मौजूदा हालातों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें बंगलादेश में रहने वाले हिंदुओ की चिंता है। उन्होंने कहा कि छोटी - छोटी घटना पर कैंडिल मार्च के साथ ही संसद बाधित करने वाले अब पूरी तरह गायब हैं। ये कौन लोग हैं जिन्हें केवल वोट के लिए बांग्लादेश का नरसंहार तक नहीं दिखाई दे रहा है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने अपनी चिंताओं से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को अवगत करा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत हमेशा से शांति और सहिष्णुता का पक्षधर रहा है, लेकिन हमारी सद्भावना को हमारी कमजोरी समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए। हम अगर “धूल से फूल“ बनाना जानते हैं तो हम “धूल में मिलाना“ भी जानते हैं।


*पीएम करते हैं उत्तराखंड की चिंता*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर विशिष्ट अवसर पर उत्तराखंड की चिंता करते हैं। उन्होंने केदारनाथ की धरती से कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होने जा रहा है, अब राज्य सरकार इसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में बढ़ रही है। राज्य विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। नीति आयोग के इंडेक्स में देश के अंदर उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है, राज्य में अब बेरोजगारी भी घटी है। प्रदेश सरकार प्रति व्यक्ति आय भी दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में होने जा रहे राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड को देवभूमि, वीरभूमि के साथ ही खेलभूमि के रूप में भी स्थापित करने का काम करेंगे। 



*वीरांगनाओं और वीरमाताओं को निःशुल्क बस यात्रा* 


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं और वीर माताओं को भी परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्र की घोषणा की है। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने 1971 युद्ध के वीर सैनिकों और वीरनारियों का भी सम्मान किया। 


सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व की प्रमुख सैनिक शक्ति बन गया है। आज 70 से अधिक देशों को रक्षा निर्यात हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शहीदों के याद में सैन्य धाम बनकर तैयार हो गया है, जल्द ही सैन्य धाम का लोकार्पण होने जा रहा है।


इस मौके पर शहरी विकास मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए साबित किया है कि दुनिया में यदि कोई भी ताकत भारत को आंख दिखाने का काम करेगी तो भारत उसे सबक सिखाना भी जानता है। 


इस मौके पर विधायक श्री खजान दास, दर्जाधारी श्री विश्वास डाबर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, सचिव श्री दीपेंद्र चौधरी, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसंल, एसएसपी श्री अजय सिंह, निदेशक सैनिक ब्रिगेडियर कल्याण अमृत लाल (से.नि), मेजर जनरल सम्मी सबरवाल(से.नि), ब्रिगेडियर के.जी बहल(से.नि) एवं पूर्व सैन्य अधिकारी और वीरांगनाएं उपस्थित थे।

डोईवाला:

Congress parwadoon application


परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने बताया की देहरादून नगर निकाय चुनाव जिला 


प्रभारी प्रकाश जोशी के निर्देश पर परवादून जिला कांग्रेस कार्यालय,डोईवाला में सोमवार व मंगलवार को कांग्रेस द्वारा डोईवाला नगरपालिका अध्यक्ष व सभासद पद पर आवेदन लिए जाएंगे .


 निर्धारित तिथि के पश्चात आवेदन स्वीकार नही किये जायेंगे ।   

 कुछ दिन पूर्व कांग्रेस संगठन द्वारा डोईवाला नगरपालिका वार्ड प्रभारी नियुक्त किये गए थे जिनके द्वारा वार्डों में संगठन विस्तार किया जा रहा है । कांग्रेस द्वारा आगामी नगरपालिका चुनाव मजबूती से लड़ा जाएगा ।

माल रोड मसूरी में  स्थानीय नागरिक एवं पर्यटक जल्द करेंगे  गोल्फकार्ट की सवारी।

Golf cart new attraction for tourist in mussourie


डीएम सविन बंसल के  माल रोड पर यातायात का दबाव कम करने तथा स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों को  सुगम सुविधा आवागमन के प्रयास ला रहे हैं रंग।

  


मसूरी में कंपनी प्रशिक्षकों द्वारा स्थानीय रिक्शा चालको को  गोल्फ कार्ट चलाने का दिया जा रहा है प्रशिक्षण।


देहरादून दिनांक 15 दिसंबर 2024,  मसूरी पहुंचे गोल्फकार्ट प्रशिक्षकों द्वारा आज से स्थानीय रिक्शा  चालकों  को गोल्फ कार्ड चलाने का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। नगर पालिका परिषद द्वारा प्रथम चरण में चार गोल्फ कार्ट चलाए जाएंगे। मसूरी माल रोड में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए माल रोड पर वाहनों का आवागमन पर रोक लगाते हुए, स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों की आवागमन हेतु सुगम सुविधा  के लिए गोल्फ कार्ड चलाने का निर्देश डीएम  सविन बंसल द्वारा दिए गए थे।

 जल्द ही मसूरी पर्यटक स्थल पर जनमानस को गोल्फ कार्ड की सुविधा मिलने जा रहे हैं।




 शुभंकर की भव्य लॉन्चिंग, योग और मलखंभ भी राष्ट्रीय खेल का हिस्सा

मुख्यमंत्री का आग्रह रंग लाया, पीटी उषा ने प्रतीकों के लॉन्चिंग कार्यक्रम में दी जानकारी

अद्भुत लाइट एंड साउंड शो में दिखी उत्तराखंड की धमक

शुभंकर के साथ ही लांच हुए लोगो, जर्सी, टॉर्च, एंथम और टैग लाइन

Muscat of 38th national game


38 वें राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर समारोह की भव्यता के बीच योग और मलखंभ जैसे दो पारंपरिक खेल भी राष्ट्रीय खेल का हिस्सा बन गए। 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आग्रह को भारतीय ओलंपिक संघ ने स्वीकार कर लिया।


 रविवार को आयोजित भव्य शुभंकर समारोह में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ पीटी ऊषा ने इसकी जानकारी सार्वजनिक की।


 इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 38 वें राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर प्रतीक मौली, लोगो, जर्सी, एंथम और टैग लाइन को लॉन्च किया। राष्ट्रीय खेलों के लिए टैग लाइन संकल्प से शिखर तक घोषित की गई है।


रविवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  ने कहा कि  आज का दिन उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संपूर्ण उत्तराखंड वासियों की ओर से धन्यवाद प्रकट किया।

Grand opening of Muscat , logo of 38th national games


मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों का सुंदर लोगो उत्तराखंड के विविध रंगों को पूरे देश के सामने प्रदर्शित करता है। यह एंथम, हमारी एकजुटता को प्रदर्शित करने के साथ खिलाड़ियों को और अधिक परिश्रम करने हेतु प्रेरित करता है। 

राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर, मोनाल हमारे प्रदेश की विशिष्टता को प्रदर्शित करने के साथ युवा खिलाड़ियों को बड़े लक्ष्यों को सामने रखकर जी-तोड़ मेहनत करने हेतु भी प्रेरित करता है। और लोगो हमारे राज्य पक्षी मोनाल से प्रेरित है जो उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और विविधता के रंगों को भारत के प्रत्येक कोने तक पहुँचाएगा। राष्ट्रीय खेलों की सुंदर मशाल प्रज्वलित की है वो देश में एकता और सामूहिक प्रयास के प्रतीक के रूप में राज्य भर की यात्रा करेगी और समाज में खेल भावना और खेल संस्कृति विकसित करने में सहायता करेगी।


बतौर मुख्य अतिथि, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प, विकल्प रहित होना चाहिए। संकल्प से ही हम किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन हेतु अब पूर्ण रूप से तैयार है। इस आयोजन के लिए राज्य सरकार ने अवस्थापना सुविधाओं में लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे राज्य में कई नए खेल मैदानों का निर्माण, स्टेडियम और स्विमिंग पूलों का पुनर्निर्माण, वाटर स्पोर्ट्स के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर, साइकिलिंग ट्रैक, शूटिंग रेंज को विकसित किया जा रहा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में भी छोटे खेल स्टेडियमों का निर्माण कर रही है। जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने हेतु प्रत्येक स्तर पर अभिनव प्रयास किए गए हैं। फिट इंडिया, खेलो इंडिया योजना के साथ मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम विकसित किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार, प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। प्रदेश में नई खेल नीति लागू कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा रही है।


मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण पुनः लागू करने, प्रदेश के खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दोगुना करने और खेल विश्वविद्यालय के निर्माण की बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाले देश के तमाम खिलाड़ी उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएंगे।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा की प्रदेश की स्थापना के रजत जयंती वर्ष में नेशनल गेम्स का आयोजन होना गौरव की बात है । प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा यह बात सच साबित हो रही है । खेल मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के जो प्रतीक रविवार को जारी किए गए हैं वह देश को जोड़ने का काम करेंगे । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण दे रही है, पदक जीतने पर मिलने वाली इनाम राशि दोगुनी की गई है और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोलने की दिशा में भी प्रगति हुई है । इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम और राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम को संयुक्त रूप से रजत जयंती खेल परिसर घोषित करने का आग्रह भी किया । केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि प्रधानमंत्री खेल को हर घर तक पहुंचाना चाहते हैं और उत्तराखंड इस दिशा में बड़ी पहल करने वाला राज्य बन गया है। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने राष्ट्रीय खेलों की भव्य तैयारी पर प्रदेश सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया। 



योग और मलखंब भी कोर गेम्स में शामिल


 इस मौके पर भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा  ने 32 खेलों के अलावा मलखंब और योगासन को भी कोर गेम्स में शामिल करने की घोषणा की ।  खेलमंत्री रेखा आर्या ने इसके लिए उनका धन्यवाद किया और उन्होंने कहा कि वे बाकी प्रदर्शनी खेलों को भी मेडल गेम्स में बदलने का प्रयास करें तो उत्तराखंड के खिलाड़ी उनके आभारी रहेंगे । खेल मंत्री रेखा आर्या का कहना था कि हम सभी 38 खेलों को मेडल गेम्स बनाना चाहते हैं, इस पर ओलंपिक संघ विचार करें। 


केंद्रीय खेल मंत्री ने भेजा वीडियो संदेश 


केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडवीया ने इस अवसर पर वीडियो संदेश में खेलो की तैयारी को लेकर प्रदेश सरकार की प्रशंसा की । उन्होंने कहा कि भारत सरकार खेल को जीवन का हिस्सा बनने के लिए काम कर रही है और उत्तराखंड का इसमें सराहनीय योगदान होने जा रहा है।



ओलंपियन ने लांच की मशाल


 राष्ट्रीय खेलों की औपचारिक मशाल को ओलंपियन खिलाड़ी हरीश रावत ने लांच किया । समारोह में शुभंकर मोनाल का रूप धारण किए बच्चे के प्रदर्शन को भी दर्शकों ने खूब सराहा। 


खेल मंत्री के साथ सेल्फी और फोटो के लिए होड


खेल मंत्री रेखा आर्या दोपहर में जौली ग्रांट एयरपोर्ट केंद्रीय खेल राज्य मंत्री को रिसीव करने पहुंची थी ।वहां से वह समारोह होने से काफी देर पहले ही समारोह स्थल पर पहुंच गई। लेकिन इस खाली समय को उन्होंने खिलाड़ियों के साथ बिताया। वह समारोह शुरू होने से पहले ही खिलाड़ियों के बीच पहुंच गई और उनसे बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया । खिलाड़ियों में भी खेल मंत्री रेखा आर्या के साथ सेल्फी लेने और फोटो खींचने की होड़ दिखी।

इस मौके पर केंद्रीय खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि देश के खिलाड़ी आज अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्तराखंड के खिलाड़ी देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल विकास में केंद्र सरकार उत्तराखंड को पूरी मदद देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि ओलंपिक का आयोजन भारत में कराया जाए। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया का वीडियो संदेश भी इस मौके पर प्रसारित किया गया। 


भारतीय ओलपिंक संघ की अध्यक्ष डा पीटी ऊषा ने राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए उत्तराखंड को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उम्मीद जताई कि खेलों के विकास में उत्तराखंड में बेहतर कार्य होगाा।


उत्तराखंड की खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन बेहद उत्साहित करने वाला है।


 कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सुनैना कुमारी, राज्य ओलंपिक संघ के अध्यक्ष श्री महेश नेगी, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगोली, खेल निदेशक श्री प्रशांत आर्य समेत तमाम गणमान्य लोग उपस्थित थे। संचालन श्री आरजे काव्य ने किया।





 

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