*मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं*
*गणतंत्र दिवस संविधान निर्माण का महापर्व है – मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दी हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं एवं राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान के निर्माण का महापर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर हमें स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने तथा अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि संविधान के उद्देश्यों के अनुरूप न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूलभूत लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने तथा देवभूमि उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। इस प्रेरणादायी कथन से प्रदेशवासियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी जी को पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा पर हर्ष व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री भगत सिंह कोश्यारी जी को पद्म भूषण सम्मान प्रदान किए जाने की घोषणा समस्त उत्तराखंडवासियों के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। यह सम्मान उनके संपूर्ण सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रसेवा और समाजहित के प्रति समर्पण का यथोचित सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री कोश्यारी जी का संपूर्ण सार्वजनिक जीवन सादगी, सिद्धांतनिष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा है। अपने दीर्घ राजनीतिक जीवन में उन्होंने सदैव जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और उत्तराखंड सहित देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री भगत सिंह कोश्यारी जी का जीवन संघर्ष, मूल्यों की राजनीति और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण है। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास, सामाजिक समरसता के सुदृढ़ीकरण और सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए गए उनके प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणास्तंभ हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्री कोश्यारी जी ने अपने कार्यों और विचारों से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश को दिशा देने का कार्य किया है। उनका अनुभव, दूरदृष्टि और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों की ओर से श्री भगत सिंह कोश्यारी जी को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं दीं तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखण्ड ने देश के अन्य राज्यों के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाए रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। तीर्थयात्राओं के बेहतर प्रबंधन के साथ तीर्थाटन से जुड़ी स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। कुमाऊँ मंडल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने एवं आर्थिक सुदृढ़ता के उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा की भी शुरुआत की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधारों के साथ उद्योग-अनुकूल वातावरण का सृजन किया जा रहा है। निवेश नीतियों में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार द्वारा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की नीति आयोग द्वारा सराहना की गई है। नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड को छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। पिछले चार वर्षों में राज्य के विभिन्न विभागों में 27 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियाँ की जा चुकी हैं तथा रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्षों में राज्यहित में अनेक महत्वपूर्ण एवं कठोर निर्णय लिए गए हैं। राज्य में देश का सबसे कठोर नकल-विरोधी कानून लागू किया गया है तथा धर्मांतरण को रोकने के लिए भी सख्त कानून बनाया गया है। प्रदेश में पहली बार अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 10 हजार हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध भी निरंतर कठोर कार्रवाई की जा रही है। सख्त भू-कानून लागू करने के साथ-साथ भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण हेतु प्रभावी पहल की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और जन-संतुष्टि के मूलमंत्र पर चलते हुए विकल्प-रहित संकल्प के साथ प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण के साथ-साथ “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” और “आत्मनिर्भर भारत” के महाअभियान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दून लाइब्रेरी, निकट परेड ग्राउंड, देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 130वें एपिसोड को सुना।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मन की बात कार्यक्रम का हर एपिसोड प्रेरणादायी होता है। समाज में सामान्य परिस्थितियों में अनवरत सेवा करने वाले लोगों को इस कार्यक्रम के माध्यम से देश दुनिया जानती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम को आमजन और जन-जन का कार्यक्रम बनाया है। इसके माध्यम से अन्य लोग भी प्रेरित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के अंदर कई नवाचार हो रहे हैं। आज इनोवेशन, साइंस, टेक्नोलॉजी एवं ए.आई हर दृष्टि से भारत आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने ए.आई के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए कहा कि आने वाले समय में सभी कामों में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। जो काम कई दिनों में होता है वह महज कुछ ही घंटे में हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य के अंदर एआई के उपयोग हेतु साइंस आईटी टेक्नोलॉजी से संबंधित विभाग कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने अनेक ऐसे निर्णय लिए हैं जो राज्य में पहली पहली बार हुए हैं। उन्होंने कहा आज पूरे देश के अंदर हमारे राज्य तस्वीर ऐसे स्थापित हो गई है कि जहां पर अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। 27 जनवरी को यूसीसी लागू करने के पूरे एक साल हो जाएंगे।
*मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य है- राज्यपाल*
*लोकभवन में आयोजित किया गया 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम*
*राज्यपाल ने किया उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलाधिकारियों और ईआरओ को सम्मानित*
16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार को लोक भवन देहरादून में राज्य स्तरीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मंच पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, सचिव निर्वाचन श्री दिलीप जावलकर, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे एवं जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल उपस्थित रहे।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को मतदाता शपथ भी दिलाई। राज्यपाल ने निर्वाचन गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चम्पावत और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही ईआरओ रुड़की, खटीमा और चकराता को प्री-एसआईआर के दौरान उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने स्टेट आईकॉन पद्मश्री बसंती बिष्ट, ओलपिंयन मनीष रावत एवं नुंग्शी मलिक को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर देहरादून जनपद के 18 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके नए मतदाताओं को मतदाता पत्र देकर राज्यपाल ने सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए सभी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएँ दीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति सजग, जागरूक और सक्रिय नागरिक होते हैं। भारतीय संविधान ने प्रत्येक नागरिक को मताधिकार देकर लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य है।
राज्यपाल ने सभी से आह्वाहन किया कि प्रत्येक निर्वाचन में अनिवार्य रूप से अपने मत का प्रयोग करें और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि जब हर नागरिक मतदान करता है, तब भारत का लोकतंत्र और अधिक मजबूत बनता है।
राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष की थीम ”मेरा भारत-मेरा वोट” यह संदेश देती है कि प्रत्येक वोट देश के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब कोई नागरिक मतदान करता है, तो वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निर्णय करता है। उन्होंने यह भी कहा लोकतंत्र की मजबूती नीतियों या संस्थाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की जागरूक भागीदारी से सुनिश्चित होती है।
राज्यपाल ने भारत निर्वाचन आयोग की सराहना करते हुए कहा कि आयोग पिछले सात दशकों से निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनावों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। उन्होंने निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाबलों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बधाई दी। युवाओं और नए मतदाताओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने युवाओं से मतदान को केवल औपचारिकता न मानकर देश के भविष्य के निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
उत्तराखण्ड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए राज्य की निर्वाचन मशीनरी, बीएलओ और पोलिंग पार्टियों के प्रयासों की राज्यपाल ने सराहना की।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने अपने सम्बोधन में मतदान की भूमिका को अहम बताया। सचिव निर्वाचन श्री दिलीप जावलकर ने अपने सम्बोधन में कहा कि सजग मतदाता से समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। कार्यक्रम के अंत में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने माननीय राज्यपाल का आभार प्रकट करते हुए अतिथियों का धन्यवाद प्रकट किया। इस अवसर पर सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास, सीडीओ देहरादून श्री अभिनव शाह, सीडीओ चम्पावत श्री जीएस खाती, एडीएम चम्पावत श्रीमती मुक्ता मिश्र उपस्थित रहे।
*इन्हें किया गया स्टेट अवार्ड सम्मानित-*
1.श्री प्रतीक जैन, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
2.श्री प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी उत्तरकाशी
3.श्री मनीष कुमार, जिलाधिकारी चम्पावत
4.श्रीमति आकांक्षा कोंडे, जिलाधिकारी बागेश्वर
5.श्री दीपक रामचंद्र, संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़ीकी
6.श्री तुषार सैनी, उप जिलाधिकारी खटीमा
7.श्री प्रेम लाल, उपजिलाधिकारी चकराता
*'मेरा भारत, मेरा वोट' संदेश के साथ प्रदेश में निकाली गईं पदयात्राएं और साइकिल रैली*
- राष्ट्रीय मतदाता पदयात्रा में देहरादून में लगभग 800 युवाओं ने किया प्रतिभाग
- देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल में राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर निकाली गईं पदयात्राएं और साइकिल रैली
- कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा
- नरेंद्र नगर टिहरी गढ़वाल में पूर्णानंद स्टेडियम से भद्रकाली तक साइकिल रैली का आयोजन किया गया
- पौड़ी गढ़वाल में युवाओं, स्वयंसेवकों एवं अधिकारियों ने स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं निर्भीक मतदान की शपथ ली
- नैनीताल पदयात्रा में 200 से अधिक युवाओं ने किया प्रतिभाग
रविवार, 25 जनवरी 2026 को मेरा युवा भारत (MY Bharat) उत्तराखंड, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य पर प्रदेश में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन किेए गए। जिसके अंतर्गत देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल में पदयात्राएं और साइकिल रैली निकाली गईं। जिला खेल कार्यालय नरेंद्र नगर टिहरी गढ़वाल के सौजन्य से पूर्णानंद स्टेडियम से भद्रकाली, भद्रकाली से पूर्णानंद वापसी तक साइकिल रैली का आयोजन किया गया। पौड़ी गढ़वाल के कण्डोलिया पार्क में सहायक निर्वाचन अधिकारी एस०ए०एल० शाह ने युवाओं को मतदाता शपथ दिलाई। नैनीताल में पदयात्रा का शुभारंभ सेंट पॉल्स स्कूल, काठगोदाम से हुआ, जो क्वीन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी तक निकाली गई।
देहरादून में पदयात्रा का आयोजन ग्राफिक इरा हिल यूनिवर्सिटी से एयरफोर्स कैम्प एवं महन्त इंद्रेश मोथरोवाला तक की गई। इस अवसर पर 800 से अधिक माय भारत स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों द्वारा फर्स्ट टाइम यंग वोटर्स को बैच लगाकर सम्मानित किया गया। सभी युवा प्रतिभागियों द्वारा ह्यूमन चैन बनाकर स्वतंत्र एवं निर्भीक मतदान की शपथ ली।
प्रदेश में कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।
देहरादून में पदयात्रा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद्म श्री विजेता डॉ बी0 के0 एस0 संजय रहे, विशिष्ट अतिथि वाईस चांसलर प्रोफेसर नपिंदर सिंह , डॉ अमित भट्ट, डॉ अमल शुक्ला, अवदेश कौशल, डॉ आदित्य हरबोला , मोहित सिंह लेफ़्टिनेंट एन. सी. सी. , मोनिका नांदल, उपनिदेशक माय भारत शामिल रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्म श्री विजेता डॉ बी0के0एस0 संजय ने युवाओं को हरी झण्डी दिखाकर राष्ट्रीय मतदाता पदयात्रा के लिए रवाना किया। पदयात्रा के दौरान माय भारत स्वयंसेवकों द्वारा नागरिकों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक किया गया एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवकों द्वारा राष्ट्र निर्माण के लिए यह पहल लोकतांत्रिक अभ्यासों में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करेगा साथ ही युवा नागरिकों को जागरूकता जिम्मेदारी और चुनावी प्रक्रिया में स्वामित्व की भावना के साथ सशक्त बनाना लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है।
मतदाता जागरूकता कार्यक्रम की पदयात्रा मेरा भारत मेरा वोट थीम के साथ टर्नर लेक से एयरफोर्स कैम्प से वापस ग्राफ़िक इरा आकर समाप्त हुई। उपनिदेशक और कार्यक्रम के नोडल अधिकारी राहुल डबराल द्वारा सभी अतिथियों एवं माय भारत स्वयंसेवकों का धन्यवाद कर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया। कार्यक्रम में प्रजेश, विजय, सुभाष आदि मौजूद रहे।
नरेंद्र नगर टिहरी गढ़वाल में प्रतियोगी साइकिलिस्ट द्वारा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया। टॉप 5 साइकइलिस्ट को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता ओपन वर्ग में कराई गई जिसका समापन आज पूर्णानंद स्टेडियम में हुआ। पुरस्कार वितरण नगर पालिका अध्यक्ष मुनि की रेती श्रीमती नीलम बिजलवान द्वारा किया गया।कार्यक्रम की सफलता देखते हुए नीलम विजय वाणी ने बड़ा साइकिल आयोजन करने का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर माई भारत से आशीष पंत और जिला खेल अधिकारी दीपक रावत, प्रशिक्षक सुरेंद्र चौधरी, वहिद अहमद, अर्जुन प्रसाद शहजाद, वैभव आदि मौजूद रहे।
इस अवसर पर मेरा युवा भारत, पौड़ी गढ़वाल के उपनिदेशक शैलेश भटृट ने मतदाताओं को जागरूक करते हुए कहा- भारत का संविधान हमें मतदान का अधिकार देता है परंतु यह अधिकार केवल सुविधा नहीं बल्कि एक पवित्र कर्तव्य है।
इस अवसर पर कण्डोलिया पार्क से टेका यात्री शेड तक साईकिल रैली एवं पदयात्रा को जिला क्रीडा अधिकारी श्री जयवीर सिंह रावत द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में जी.पी संतोषी, डी०आर० टम्टा, प्रियांशु पटवाल, प्रगति, अनन्त, युवराज बिष्ट, पकंज नेगी, नितिन चौहान, प्रियंका असवाल आदि उपस्थित रहे।
नैनीताल में पदयात्रा का शुभारंभ सेंट पॉल्स स्कूल, काठगोदाम से हुआ, जो क्वीन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी तक निकाली गई। पदयात्रा से पूर्व सेंट पॉल्स स्कूल, काठगोदाम में एक उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री गजराज सिंह बिष्ट, महापौर, नगर निगम हल्द्वानी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री गोविंद जायसवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल; सुश्री जरीना रोल्सटन, निदेशक, सेंट पॉल्स स्कूल; एवं श्रीमती दीपा सिंह, एनएसएस समन्वयक, एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत मेरा युवा भारत, नैनीताल की उप निदेशक श्रीमती डॉल्वी तेवतिया द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए की गई। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए मतदान के अधिकार, उसकी शक्ति तथा लोकतंत्र में इसकी अहम भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पहली बार मतदाता बनने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज में भी मतदान के प्रति जागरूकता फैलाएं।
इसके उपरांत मुख्य अतिथि श्री गजराज सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि सशक्त लोकतंत्र की नींव जागरूक नागरिकों से ही बनती है और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी युवाओं से निर्भीक होकर मतदान करने एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया। इसके पश्चात श्री गोविंद जायसवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल द्वारा उपस्थित सभी युवाओं को मतदान की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के अंत में श्री आशीष कुमार एवं श्री शाह द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया गया। 200 से अधिक युवाओं ने हाथों में जागरूकता संदेशों वाली तख्तियां एवं तिरंगे झंडे लेकर अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में पदयात्रा में सहभागिता की।
पदयात्रा के समापन के पश्चात सभी युवा क्वीन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी में जिला मजिस्ट्रेट, नैनीताल की अध्यक्षता में आयोजित SVEEP (Systematic Voters’ Education and Electoral Participation) कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर श्री विवेक राय, अपर जिलाधिकारी; श्री गोपाल गिरी, जिला विकास अधिकारी; एवं श्री जी.एस. चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस सफल आयोजन में श्री मदन मोहन, श्री प्रकाश बिष्ट, श्रीमती भावना बिष्ट सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में युवाओं की व्यापक सहभागिता ने यह संदेश दिया कि युवा वर्ग लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पूर्णतः सजग, जागरूक और प्रतिबद्ध है।
[मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दून लाइब्रेरी, निकट परेड ग्राउंड, देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 130वें एपिसोड को सुना।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मन की बात कार्यक्रम का हर एपिसोड प्रेरणादायी होता है। समाज में सामान्य परिस्थितियों में अनवरत सेवा करने वाले लोगों को इस कार्यक्रम के माध्यम से देश दुनिया जानती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम को आमजन और जन-जन का कार्यक्रम बनाया है। इसके माध्यम से अन्य लोग भी प्रेरित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के अंदर कई नवाचार हो रहे हैं। आज इनोवेशन, साइंस, टेक्नोलॉजी एवं ए.आई हर दृष्टि से भारत आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने ए.आई के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए कहा कि आने वाले समय में सभी कामों में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। जो काम कई दिनों में होता है वह महज कुछ ही घंटे में हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य के अंदर एआई के उपयोग हेतु साइंस आईटी टेक्नोलॉजी से संबंधित विभाग कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने अनेक ऐसे निर्णय लिए हैं जो राज्य में पहली पहली बार हुए हैं। उन्होंने कहा आज पूरे देश के अंदर हमारे राज्य तस्वीर ऐसे स्थापित हो गई है कि जहां पर अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। 27 जनवरी को यूसीसी लागू करने के पूरे एक साल हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की जनता के सामने समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था, जिसे हमने पूरा किया है। उन्होंने कहा हमारा राज्य एक सीमावर्ती क्षेत्र है। यहाँ चार धाम, गंगा, यमुना का उद्गम स्थान है। सुरक्षा की दृष्टि से भी हमारा राज्य बेहद संवेदनशील है ऐसे में राज्य में रहने वाले सभी लोगों के लिए एक समान कानून लागू होना चाहिए था और हमने ऐसा करके दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं एवं राज्य स्तर पर लिए निर्णयों को जन-जन तक पहुंचने में सभी आगे आए। जिससे कि अधिक से अधिक लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सके।
इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, विधायक श्री सुरेश गढ़िया, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, श्री अनिल गोयल, श्री संजय नेगी, दायित्वधारी रजनी रावत एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज “आवाज़ सुनो पहाड़ों की – फिल्म फेस्टिवल 2026” में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह के सौंदर्यीकरण की घोषणा की |
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने “श्रद्धा सम्मान” पुस्तिका का विमोचन किया तथा “आवाज़ सुनो पहाड़ों की – सीजन 2” लॉन्च किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शारदा स्वर संगम फिल्म प्रोडक्शन हाउस द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक फिल्म फेस्टिवल नहीं, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक फिल्म निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से राज्य की समृद्ध संस्कृति, खान-पान और प्राकृतिक सौंदर्य का व्यापक प्रचार-प्रसार होता है। साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी लोक-संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने तथा आधुनिक परिवेश को समझने का अवसर भी प्राप्त होता है। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए शारदा स्वर संगम फिल्म प्रोडक्शन हाउस की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की लोक-संस्कृति को आधुनिक पहचान देने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक सशक्त साधन भी है। समाज की सच्चाइयों को सिनेमा ने हर दौर में प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया है, चाहे वह छुआछूत, दहेज प्रथा, भ्रष्टाचार, अन्याय, प्रतिभा पलायन या सामाजिक कुरीतियां रही हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ईश्वर द्वारा प्रदत्त प्रकृति की अनमोल धरोहरों से समृद्ध है। यहां के पर्वत, नदियां, झरने, मौसम और संस्कृति फिल्मकारों को आकर्षित करते हैं। नैनीताल, मसूरी, औली, चकराता, मुन्स्यारी, कौसानी और चोपता जैसे अनेक स्थल देश-विदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से भी बेहतर हैं। साथ ही चारधाम, हरिद्वार, ऋषिकेश, कैंची धाम, हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब जैसे दिव्य स्थल भी फिल्म निर्माताओं के लिए विशेष आकर्षण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा केदारनाथ की धरती से दिए गए “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को एक विशिष्ट फिल्म हब के रूप में विकसित करना है, जिससे युवाओं को रोजगार और संस्कृति को वैश्विक पहचान मिल सके।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहन देने के लिए नई फिल्म नीति लागू की है। इसके अंतर्गत उत्तराखंड में फिल्माई गई हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को 3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। वहीं कुमाऊंनी, गढ़वाली और जौनसारी फिल्मों के लिए सब्सिडी बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है। वेब सीरीज और विदेशी फिल्मों को भी सब्सिडी के दायरे में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग की अनुमति अब ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध है। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत 7 दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति दी जाती है और प्रदेश में किसी प्रकार का शूटिंग शुल्क नहीं लिया जाता। क्षेत्रीय फिल्मों को सप्ताह में कम से कम एक बार स्थानीय सिनेमाघरों में दिखाना अनिवार्य किया गया है। शूटिंग के दौरान सुरक्षा के लिए न्यूनतम पांच पुलिसकर्मियों की व्यवस्था तथा जीएमवीएन और केएमवीएन गेस्ट हाउसों में विशेष छूट भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म “वीडियोज़ अलार्म” है, जिसके माध्यम से गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी संस्कृति की खुशबू 18 से अधिक देशों तक पहुंच रही है। सरकार 3Ts—Talent, Technology और Training—के ईकोसिस्टम पर भी कार्य कर रही है ताकि युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग से केवल सिनेमा जगत को ही नहीं, बल्कि स्थानीय होटल व्यवसायियों, टैक्सी चालकों, गाइडों, लाइन प्रोड्यूसरों और स्थानीय कलाकारों को भी रोजगार मिलता है। उन्होंने फिल्मकारों को उत्तराखंड में फिल्म और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए आमंत्रित करते हुए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग, सुरक्षा और सुविधा का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में राज्य में फिल्म सिटी, फिल्म संस्थान, शूटिंग स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन हाउस और सिनेमा हॉल विकसित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह फिल्म फेस्टिवल युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा और उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को मजबूती प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल राज्य की संस्कृति को समृद्ध करते हैं, बल्कि पहाड़ी पहचान और सामूहिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर विधायक श्री उमेश शर्मा ‘काऊ’, प्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीमती हिमानी शिवपुरी, सचिव संस्कृति श्री युगल किशोर पंत, कार्यक्रम के आयोजक श्री नरेन्द्र रौथाण, संस्कृति विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।