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 देहरादून जिलाधिकारी देहरादून शमन बंसल के द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार 27 जनवरी 2026 को मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी करने के मध्य नजर शैक्षणिक अवकाश की घोषणा की जाती है जिसमें जनपद के सभी सरकारी गैर सरकारी शासकीय शासकीय संस्थान एवं आंगनबाड़ी केंद्र कक्षा 1 से 12 तक में अवकाश रहेगा।




गणतंत्र दिवस पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट परिसर में किया ध्वजारोहण

संविधान के मूल्यों के प्रति निष्ठा और कर्तव्यों के निर्वहन का लिया संकल्प

देहरादून, दिनांक 26 जनवरी 2026,




गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण किया। इस अवसपर जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। 
जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमें समानता, न्याय और स्वतंत्रता का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण देश के प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। कहा कि सरकारी अधिकारी कर्मचारी  लोकतंत्र के एक अंग है जिनका कर्तव्य लोकतांत्रित मूल्यों के साथ राज्य देश को को आगे बढाने में इसलिए एक अधिकारी कर्मचारी के तौर  पर उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकारी अधिकारी एक लोक सेवक के रूप में अपने जिले, राज्य एवं राष्ट्र में पूर्ण मनोबल से कार्य करने का प्रयास करते है उसका लक्ष्य यही है कैसे राज्य देश को आर्थिक, सामाजिक इंस्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी साथ संजौना है। भारत वर्ष अन्य राष्ट्रों से अलग यहां की  बोली, भाषा, संस्कृति हर क्षेत्र में भिन्न है। उन्होंने संविधान निर्माताओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संविधान के मूल्यों को आत्मसात कर अपने कर्तव्यों का निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती प्रशासनिक पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना से ही संभव है। उन्होंने जिले के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उत्कृष्ट कार्य वाले कर्मचारियों को जिलाधिकारी सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया जिनमें  श्रीमती रजनी नेगी, वरिष्ठ सहायक, श्रीमती शशि उनियाल, वरिष्ठ सहायक, श्रीमती निर्मला पंत, कनिष्ट सहायक, श्रीमती हेमा बिष्ट, कनिष्ट सहायक, श्रीमती सरिता डबराल, वरिष्ठ सहायक, कैलाश पाण्डेय, अनुसेवक, हरी शंकर, अनुसेवक, सर्वेन्द्र सिंह नेगी, वरिष्ठ सहायक, अजय रावत, कनिष्ट सहायक, श्रीमती किरन रानी, मुख्य सहायक, विपुल बहुगुणा, वरिष्ठ सहायक, आशीष जोशी, मुख्य सहायक, अनुज कुमार, मुख्य सहायक, सुश्री निधी टम्टा, मुख्य सहायक, दिनेश वर्मा, वरिष्ठ सहायक, अमित भट्ट, वरिष्ठ सहायक,.  गौरव रावत, वरिष्ठ सहायक, श्रीमती शमीम अन्जुम जैदी, उर्दू अनुवादक, श्रीमती जगदम्बा रतूड़ी, अनुसेवक, श्री जोगेन्द्र सिंह, कनिष्ट सहायक, श्री योगेश सुन्दरियाल, वरिष्ठ सहायक, आत्मा राम शर्मा, वरिष्ठ सहायक  मयंक जोशी, कनिष्ट सहायक, मनोज कुकरेती मुख्य सहायक, दीवान सिंह शर्मा, वरिष्ठ सहायक,  बाबर खान, वरिष्ठ सहायक, सूचना विभाग के इन्द्रेश, अभिषेक, मुकुल, सुरेन्द्र कोठारी, प्रान्तीय रक्षक दल, देहरादून को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया । 
कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, सहायक निदेशक/जिला सूचना अधिकारी बीसी नेगी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजेश कपिल, प्रशासनिक अधिकारी हरीश पाण्डेय सहित कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभागों, सूचना विभाग के अधिकारी कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।


*यूसीसी दिवस का भव्य उत्सवः देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम, मुख्यमंत्री करेंगे शिरकत,*

*गृह  सचिव, आईजी व डीएम ने कार्यक्रम स्थल पहुंच कर तैयारियों का लिया जायजा



*देहरादून 26 जनवरी,2026
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की वर्षगांठ के अवसर पर 27 जनवरी 2026 को ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम), नीबूंवाला, देहरादून में भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी प्रतिभाग करेंगे।

यूसीसी दिवस की तैयारियों के संबंध में सोमवार को गृह सचिव शैलेश बगौली, आईजी निवेदिता कुकरेती एवं जिलाधिकारी सविन बंसल ने कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर गृह सचिव ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। यह राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिससे सामाजिक समानता, न्याय एवं सुशासन को सुदृढ़ आधार मिला है। यूसीसी के लागू होने से सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित हुआ है तथा राज्य में एकरूपता एवं पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है। निरीक्षण के दौरान गृह सचिव, आईजी एवं जिलाधिकारी ने मुख्य मंच, सभागार, साउंड सिस्टम, बैठक व्यवस्था, सूक्ष्म जलपान, पेयजल, विद्युत, परिवहन, पार्किंग एवं सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर सचिव गृह एवं कारगार तृप्ती भट्ट, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े नोडल अधिकारी मौजूद थे।

समान नागरिक संहिता दिवस पर 27 जनवरी को पूर्वाह्न 11ः00 बजे नीबूंवाला ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में बार काउंसिल, स्थानीय बार एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारी एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों में विधि (कानून) की शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र एवं अन्य गणमान्य भी प्रतिभाग करेंगे।
 
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ विद्यालयों में आयोजित वाद-विवाद, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम को अधिक रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के उद्देश्य से ऑन-द-स्पॉट क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।



 उत्तरकाशी:




77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उत्तरकाशी के ज्ञानसू स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री विजयपाल सजवाण ने पार्टी के सम्मानित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ सहभागिता की।


इस अवसर पर तिरंगे को नमन करते हुए संविधान निर्माताओं एवं स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। पूर्व विधायक श्री सजवाण ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें भारतीय संविधान में निहित मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—के प्रति अपनी आस्था को और सुदृढ़ करने का संदेश देता है।


उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ विकसित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निरंतर योगदान देने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में जिला महामंत्री श्री महावीर नेगी, नगर मंडल अध्यक्ष श्री राजीव बहुगुणा, नगर महामंत्री श्री गौतम रावत, भागीरथी मंडल महामंत्री श्री विनोद नेगी, युवामोर्चा जिला अध्यक्ष श्री हरेंद्र राणा, डॉ. मनबीर विघाणा, श्री नितिन पयाल, श्री शुभम चमोली सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


रायवाला की गौरी बनीं एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग ऑफिसर

    

    ऋषिकेश :



प्रतीतनगर रायवाला निवासी गौरी भारद्वाज ने देश के प्रतिष्ठित एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग ऑफिसर पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर गौरी ने यह मुकाम हासिल कर ग्रामीण बेटियों के लिए मिसाल कायम की है।

गौरी ने वर्ष 2019 में भागीरथी विद्यालय हरिपुरकलां से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया। इसके बाद उत्तराखंड नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट रैंक प्राप्त कर स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, देहरादून में प्रवेश लिया। बीएससी नर्सिंग पूर्ण करने के बाद पहले ही प्रयास में अखिल भारतीय स्तर पर 520वीं रैंक प्राप्त कर एम्स ऋषिकेश में चयनित हुईं।

बीते शनिवार को आयोजित 18वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए। आईटीबीपी देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में गौरी को नियुक्ति पत्र सौंपा गया।

गौरी के पिता संजय भारद्वाज रायवाला बाजार में दर्जी की दुकान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी की शिक्षा को प्राथमिकता दी। गौरी की सफलता पर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

गणतंत्र दिवस पर गांधी पार्क में आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हुए शामिल* 

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश दिया* 

flag hoisting by governer, CS, DG dipr and vande matram singing by CM Dhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित गांधी पार्क में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।


इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस गरिमामयी सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में सहभागिता करना उनके लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् अपनी रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर चुका है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी से निकला वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का नारा रहा है, जिसने देशवासियों को एक साझा भावनात्मक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान की तथा पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम के सूत्र में बाँधने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया, तब यह केवल नारा नहीं रहा, बल्कि एकता, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सजीव प्रतीक बन गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् कोई सामान्य कविता नहीं है, बल्कि यह माँ भारती के प्रति आस्था, समर्पण और कर्तव्यबोध की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रगीत हजारों कंठों से एक साथ गूंजता है, तो केवल स्वर नहीं मिलते, बल्कि हृदय, विचार और संकल्प भी एक हो जाते हैं। इसी भाव को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने भारत विकास परिषद के सभी कार्यकर्ताओं की सराहना की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्ज किया गया है, जो यह दर्शाता है कि लोग अब रोजगार, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और उन्हें विश्वास है कि प्रदेशवासी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए उत्तराखंड सहित पूरे देश को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान देंगे


कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर तथा अन्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे |


गणतंत्र दिवस के अवसर पर सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने सूचना भवन परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान के प्रति निष्ठा, एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई।


ध्वजारोहण के उपरांत अपने संबोधन में महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र, संविधानिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। संविधान ने हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराया है, जिनका ईमानदारी से पालन करना प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से लोकसेवकों की जिम्मेदारी है।


महानिदेशक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें तथा संविधान की भावना के अनुरूप राज्य और देश की प्रगति में सक्रिय योगदान दें।


इस अवसर पर सूचना विभाग के अपर निदेशक आशिष त्रिपाठी, उपनिदेशक रवि बिजारनिया, सहायक निदेशक श्रीमति अर्चना सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।


मुख्य सचिव ने सचिवालय में ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों और सचिवालय परिवार को गणतंत्र दिवस की बधाई दी*


*गणतंत्र दिवस महान संकल्प, संघर्ष और दूरदृष्टी का प्रतीक: मुख्य सचिव*


मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय परिसर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वज फहराकर सभी प्रदेशवासियों एवं सचिवालय में उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हम सब यहाँ भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के एक अत्यंत गौरवपूर्ण एवं पावन पर्व पर एकत्रित हुए हैं। यह दिन केवल एक औपचारिक तिथि नहीं है, बल्कि उस महान संकल्प, संघर्ष और दूरदृष्टि का प्रतीक है, जिसके बल पर भारत ने स्वयं को एक सम्प्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन, 26 जनवरी 1950 को, भारत ने अपने संविधान को अंगीकार कर यह घोषणा की कि इस देश की सत्ता का अंतिम स्रोत उसकी जनता होगी। यह वह क्षण था जब सदियों की दासता के बाद भारत ने न केवल राजनीतिक स्वतंत्रता, बल्कि संवैधानिक स्वराज भी प्राप्त किया।


*संविधान ने हमें अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का बोध कराया*


मुख्य सचिव ने कहा कि हमारा संविधान केवल कानूनों का संकलन नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा, चेतना और चरित्र का दर्पण है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में निर्मित यह संविधान हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों से जोड़ता है। संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं, परंतु उससे भी अधिक हमें हमारे कर्तव्यों का बोध कराया है।


*प्रत्येक शासकीय कर्मी जनता का सेवक है*


मुख्य सचिव ने कहा कि हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि हम केवल शासकीय कार्य नहीं कर रहे, बल्कि हम जनता के सेवक हैं। हमारी हर फाइल, हर नीति और हर निर्णय प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही केवल शब्द नहीं, बल्कि हमारा आचरण होना चाहिए। उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, त्याग और सपनों की उपज है। यह उन माताओं की आँखों में बसे सपनों का परिणाम है, जिन्होंने अपने बच्चों को आंदोलन में झोंक दिया। यह उन युवाओं की आहुति का फल है, जिन्होंने एक बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष किया।


*सचिवालय राज्य की नीति की धड़कन, यहीं से शासन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है*


मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य निर्माण के पच्चीस वर्ष पूर्ण कर चुके उत्तराखंड के लिए वर्ष 2026 अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह रजत जयंती के बाद का नवोन्मेषी चरण है, जहाँ हमें अतीत से सीखते हुए भविष्य की नींव और अधिक सशक्त बनानी है। उत्तराखंड सचिवालय राज्य की नीति की धड़कन है। यहीं से योजनाएँ जन्म लेती हैं, यहीं से विकास की दिशा तय होती है और यहीं से शासन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है। उन्होंने अपने सिस्टम पर  विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सचिवालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण अपने समर्पण, कर्मठता और कर्तव्यनिष्ठा से राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में निरंतर योगदान दे रहे हैं। चाहे आप नीति निर्माण से जुड़े हों, वित्त प्रबंधन में हों, प्रशासनिक कार्यों में हों या सहायक सेवाओं में—हर भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज का युग केवल योजनाओं की घोषणा का नहीं, बल्कि परिणामों का युग है। नागरिक यह नहीं पूछते कि योजना बनी या नहीं, वे यह जानना चाहते हैं कि उनके जीवन में क्या परिवर्तन आया।


*अनुशासन, समयबद्धता, नागरिकों के प्रति सम्मान और नैतिक आचरण हमारी पहचान बने*


मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड शासन ने विगत वर्षों में ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाएँ, जनकल्याणकारी योजनाओं की समयबद्ध डिलीवरी तथा प्रशासनिक सुधारों की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। फिर भी, हमें यह स्वीकार करना होगा कि सुशासन एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें निरंतर आत्ममंथन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अपने कर्मचारियों के बिना सफल नहीं हो सकती। सचिवालय का प्रत्येक कर्मी—चाहे अधिकारी हो या सहायक—राज्य की प्रशासनिक मशीनरी का अनिवार्य अंग है। मैं आपको यह आश्वस्त करता हूँ कि शासन आपकी क्षमता-वर्धन, कल्याण और कार्य-संतुलन के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, मैं आपसे अपेक्षा करता हूँ कि अनुशासन, समयबद्धता, नागरिकों के प्रति सम्मान और नैतिक आचरण हमारी पहचान बने।


*विकसित भारत @2047 का संकल्प केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर राज्य और हर कर्मचारी का साझा संकल्प है*


मुख्य सचिव ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है, और उत्तराखंड भी इस ऊर्जा से परिपूर्ण है। युवा ऊर्जा यदि सही दिशा में प्रवाहित हो, तो असंभव को भी संभव बना सकती है। आज प्रशासन में तकनीक केवल सहायक नहीं, बल्कि एक अनिवार्य उपकरण बन चुकी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शासन को अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी बना रहे हैं। हमें तकनीक से डरना नहीं, बल्कि उसे मानवीय संवेदनाओं के साथ जोड़ना है। भारत आज वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत @2047 का संकल्प केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर राज्य और हर कर्मचारी का साझा संकल्प है।


*संकल्प: उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे*


मुख्य सचिव ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें स्मरण कराता है कि हम स्वतंत्र हैं, क्योंकि हमारे पूर्वजों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। हम सुरक्षित हैं, क्योंकि हमारे सैनिक सीमाओं पर डटे हैं। और शासन इसलिए चल रहा है, क्योंकि आप सभी अपना दायित्व ईमानदारी से निभा रहे हैं। इस गणतंत्र दिवस पर हम यह संकल्प लें कि हम संविधान की मर्यादा बनाए रखेंगे, जनता की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानेंगे और उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु , श्री एल फ़ैनाई, श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, सभी सचिवगण, अपर सचिवगण सचिवालय के अधिकारी कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।


                                                        

*गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने लोक भवन एवं परेड ग्राउंड में फहराया राष्ट्रीय ध्वज।*


*परेड ग्राउंड में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस एवं विभिन्न अधिकारियों को किया सम्मानित।*


*परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।*


*परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट रहीं।*



लोक भवन देहरादून :


    गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक अलंकरण कर सम्मानित किया गया साथ विभिन्न अधिकारियों को भी उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।


   परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान सूचना विभाग द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड रजत जयंती और शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’’ पर आधारित झांकी के अलावा महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग, उद्यान विभाग, विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण(उरेड़ा), वन विभाग, उद्योग विभाग एवं संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं तथा नीतियों पर आधारित मनमोहक झाँकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।


   समारोह में सेना 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी, सी0आर0पी0एफ0, आई०टी०बी०पी०, हिमाचल पुलिस, 40वीं वाहिनी पीएसी, 40वीं वाहिनी महिला दल, उत्तराखण्ड होमगार्ड्स, प्रान्तीय रक्षक दल, एन०सी०सी बॉयज, एन०सी०सी गर्ल्स, अश्व दल, पुलिस संचार, अग्निशमन, सी०पी०यू० ने भव्य परेड में प्रतिभाग किया। परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी रहीं, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।


   परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में राज्य के लोक कलाकारों ने सांस्कृृतिक लोक नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन किया, जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली। विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा छोलिया नृत्य, गढ़वाली नृत्य, पाइप बैंड आदि का महमोहक प्रदर्शन किया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने खूब आनंद लिया।


   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों और राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।


   परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड श्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सांसद नरेश बंसल, सांसद महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, सचिव श्री राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह सहित पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि गण एवं जनसामान्य लोग भी उपस्थित रहे।

*राज्यपाल ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया*


   राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।


   मीडिया से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए लोकतंत्र की सुदृढ़ नींव रखने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने देश की स्वतंत्रता हेतु बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों तथा सीमाओं एवं तटों पर तैनात सशस्त्र बलों के जवानों को नमन किया।


   राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विश्व गुरु भारत’ के संकल्प को साकार करने में सभी नागरिकों की सहभागिता पर बल दिया।


   राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक तकनीकों का सकारात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखण्ड की नारी शक्ति और युवाओं द्वारा नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।


   राज्यपाल ने ‘राष्ट्र सर्वाेपरि’ की भावना के साथ एकता और अखंडता बनाए रखने का आह्वान करते हुए सभी प्रदेशवासियों को देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की अपील की।


*गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिन अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया विवरण निम्नवत हैः-*


1-डॉ. नीरज सिंघल, निदेशक पशुपालन विभाग उत्तरखण्ड।

2-श्री मस्तू दास, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड।

3-श्री अरुण कुमार सिंह, अनुभाग अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।

4-श्री राकेश सिंह असवाल, समीक्षा अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।


*गणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर घोषित श्री राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से राज्य पुलिस बल के अधिकारियों/कर्मचारियों को पदक अलंकरण किया गया-*


1-श्री यशपाल सिंह, निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।

2-श्री नरोत्तम बिष्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।

3-श्री देवेन्द्र कुमार, आरक्षी 21 नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।

4-श्री भूपेन्द्र सिंह मर्ताेलिया, मुख्य आरक्षी एसटीएफ कुमाऊँ।

5-श्री सुनील कुमार, अपर उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस पौड़ी गढ़वाल।

6-श्री सुनील रावत, मुख्य आरक्षी 114 नागरिक पुलिस, जनपद देहरादून।


   गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोक भवन में स्वल्पाहार कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस स्वल्पाहार कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, विधायकगणों सहित गणमान्य व्यक्तियों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 77वें  गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने सभी को संविधान की उद्देशिका की शपथ भी दिलाई।




मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए हम सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन करना है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा राज्य के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

flag hoisting by CM dhami

 *मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं*

*गणतंत्र दिवस संविधान निर्माण का महापर्व है – मुख्यमंत्री*



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दी हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं एवं राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान के निर्माण का महापर्व है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर हमें स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने तथा अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि संविधान के उद्देश्यों के अनुरूप न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूलभूत लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने तथा देवभूमि उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। इस प्रेरणादायी कथन से प्रदेशवासियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल  श्री भगत सिंह कोश्यारी जी को पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा पर हर्ष व्यक्त किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री भगत सिंह कोश्यारी जी को पद्म भूषण सम्मान प्रदान किए जाने की घोषणा समस्त उत्तराखंडवासियों के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। यह सम्मान उनके संपूर्ण सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रसेवा और समाजहित के प्रति समर्पण का यथोचित सम्मान है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री कोश्यारी जी का संपूर्ण सार्वजनिक जीवन सादगी, सिद्धांतनिष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा है। अपने दीर्घ राजनीतिक जीवन में उन्होंने सदैव जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और उत्तराखंड सहित देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि  श्री भगत सिंह कोश्यारी जी का जीवन संघर्ष, मूल्यों की राजनीति और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण है। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास, सामाजिक समरसता के सुदृढ़ीकरण और सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए गए उनके प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणास्तंभ हैं।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्री कोश्यारी जी ने अपने कार्यों और विचारों से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश को दिशा देने का कार्य किया है। उनका अनुभव, दूरदृष्टि और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों की ओर से  श्री भगत सिंह कोश्यारी जी को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं दीं तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखण्ड ने देश के अन्य राज्यों के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाए रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। तीर्थयात्राओं के बेहतर प्रबंधन के साथ तीर्थाटन से जुड़ी स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। कुमाऊँ मंडल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने एवं आर्थिक सुदृढ़ता के उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा की भी शुरुआत की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधारों के साथ उद्योग-अनुकूल वातावरण का सृजन किया जा रहा है। निवेश नीतियों में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार द्वारा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की नीति आयोग द्वारा सराहना की गई है। नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड को छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। पिछले चार वर्षों में राज्य के विभिन्न विभागों में 27 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियाँ की जा चुकी हैं तथा रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्षों में राज्यहित में अनेक महत्वपूर्ण एवं कठोर निर्णय लिए गए हैं। राज्य में देश का सबसे कठोर नकल-विरोधी कानून लागू किया गया है तथा धर्मांतरण को रोकने के लिए भी सख्त कानून बनाया गया है। प्रदेश में पहली बार अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 10 हजार हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध भी निरंतर कठोर कार्रवाई की जा रही है। सख्त भू-कानून लागू करने के साथ-साथ भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण हेतु प्रभावी पहल की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और जन-संतुष्टि के मूलमंत्र पर चलते हुए विकल्प-रहित संकल्प के साथ प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।


मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण के साथ-साथ “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” और “आत्मनिर्भर भारत” के महाअभियान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दून लाइब्रेरी, निकट परेड ग्राउंड, देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 130वें एपिसोड को सुना। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मन की बात कार्यक्रम का हर एपिसोड प्रेरणादायी होता है। समाज में सामान्य परिस्थितियों में अनवरत सेवा करने वाले लोगों को इस कार्यक्रम के माध्यम से देश दुनिया जानती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम को आमजन और जन-जन का कार्यक्रम बनाया है। इसके माध्यम से अन्य लोग भी प्रेरित होते हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के अंदर कई नवाचार हो रहे हैं। आज इनोवेशन, साइंस, टेक्नोलॉजी एवं ए.आई हर दृष्टि से भारत आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने ए.आई के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए कहा कि आने वाले समय में सभी कामों में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। जो काम कई दिनों में होता है वह महज कुछ ही घंटे में हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य के अंदर एआई के उपयोग हेतु साइंस आईटी टेक्नोलॉजी से संबंधित विभाग कार्य कर रहे हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने अनेक ऐसे निर्णय लिए हैं जो राज्य में पहली पहली बार हुए हैं। उन्होंने कहा आज पूरे देश के अंदर हमारे राज्य तस्वीर ऐसे स्थापित हो गई है कि जहां पर अनेक  ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। 27 जनवरी को यूसीसी लागू करने के पूरे एक साल हो जाएंगे।  


*मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य है- राज्यपाल*


*लोकभवन में आयोजित किया गया 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम*

*राज्यपाल ने किया उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलाधिकारियों और ईआरओ को सम्मानित*



   16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार को लोक भवन देहरादून में राज्य स्तरीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मंच पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, सचिव निर्वाचन श्री दिलीप जावलकर, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे एवं जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल उपस्थित रहे।


   राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को मतदाता शपथ भी दिलाई। राज्यपाल ने निर्वाचन गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चम्पावत और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही ईआरओ रुड़की, खटीमा और चकराता को प्री-एसआईआर के दौरान उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने स्टेट आईकॉन पद्मश्री बसंती बिष्ट, ओलपिंयन मनीष रावत एवं नुंग्शी मलिक को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर देहरादून जनपद के 18 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके नए मतदाताओं को मतदाता पत्र देकर राज्यपाल ने सम्मानित किया।


   राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए सभी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएँ दीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति सजग, जागरूक और सक्रिय नागरिक होते हैं। भारतीय संविधान ने प्रत्येक नागरिक को मताधिकार देकर लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य है।


   राज्यपाल ने सभी से आह्वाहन किया कि प्रत्येक निर्वाचन में अनिवार्य रूप से अपने मत का प्रयोग करें और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि जब हर नागरिक मतदान करता है, तब भारत का लोकतंत्र और अधिक मजबूत बनता है।


   राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष की थीम ”मेरा भारत-मेरा वोट” यह संदेश देती है कि प्रत्येक वोट देश के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब कोई नागरिक मतदान करता है, तो वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निर्णय करता है। उन्होंने यह भी कहा लोकतंत्र की मजबूती नीतियों या संस्थाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की जागरूक भागीदारी से सुनिश्चित होती है।


   राज्यपाल ने भारत निर्वाचन आयोग की सराहना करते हुए कहा कि आयोग पिछले सात दशकों से निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनावों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। उन्होंने निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाबलों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बधाई दी। युवाओं और नए मतदाताओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने युवाओं से मतदान को केवल औपचारिकता न मानकर देश के भविष्य के निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया।


   उत्तराखण्ड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए राज्य की निर्वाचन मशीनरी, बीएलओ और पोलिंग पार्टियों के प्रयासों की राज्यपाल ने सराहना की।


   इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने अपने सम्बोधन में मतदान की भूमिका को अहम बताया। सचिव निर्वाचन श्री दिलीप जावलकर ने अपने सम्बोधन में कहा कि सजग मतदाता से समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। कार्यक्रम के अंत में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने माननीय राज्यपाल का आभार प्रकट करते हुए अतिथियों का धन्यवाद प्रकट किया। इस अवसर पर सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास, सीडीओ देहरादून श्री अभिनव शाह, सीडीओ चम्पावत श्री जीएस खाती, एडीएम चम्पावत श्रीमती मुक्ता मिश्र उपस्थित रहे।

                                                               

*इन्हें किया गया स्टेट अवार्ड सम्मानित-*


1.श्री प्रतीक जैन, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग

2.श्री प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी उत्तरकाशी

3.श्री मनीष कुमार, जिलाधिकारी चम्पावत

4.श्रीमति आकांक्षा कोंडे, जिलाधिकारी बागेश्वर

5.श्री दीपक रामचंद्र, संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़ीकी

6.श्री तुषार सैनी, उप जिलाधिकारी खटीमा

7.श्री प्रेम लाल, उपजिलाधिकारी चकराता


*'मेरा भारत, मेरा वोट' संदेश के साथ प्रदेश में निकाली गईं पदयात्राएं और साइकिल रैली*


- राष्ट्रीय मतदाता पदयात्रा में देहरादून में लगभग 800 युवाओं ने किया प्रतिभाग


- देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल में राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर निकाली गईं पदयात्राएं और साइकिल रैली


- कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा


- नरेंद्र नगर टिहरी गढ़वाल में पूर्णानंद स्टेडियम से भद्रकाली तक साइकिल रैली का आयोजन किया गया


- पौड़ी गढ़वाल में युवाओं, स्वयंसेवकों एवं अधिकारियों ने स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं निर्भीक मतदान की शपथ ली 


- नैनीताल पदयात्रा में 200 से अधिक युवाओं ने किया प्रतिभाग



रविवार, 25 जनवरी 2026 को मेरा युवा भारत (MY Bharat) उत्तराखंड, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य पर प्रदेश में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन किेए गए। जिसके अंतर्गत देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल में पदयात्राएं और साइकिल रैली निकाली गईं। जिला खेल कार्यालय नरेंद्र नगर टिहरी गढ़वाल के सौजन्य से पूर्णानंद स्टेडियम से भद्रकाली, भद्रकाली से पूर्णानंद वापसी तक साइकिल रैली का आयोजन किया गया। पौड़ी गढ़वाल के कण्डोलिया पार्क में सहायक निर्वाचन अधिकारी एस०ए०एल० शाह ने युवाओं को मतदाता शपथ दिलाई। नैनीताल में पदयात्रा का शुभारंभ सेंट पॉल्स स्कूल, काठगोदाम से हुआ, जो क्वीन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी तक निकाली गई।


देहरादून में पदयात्रा का आयोजन ग्राफिक इरा हिल यूनिवर्सिटी से एयरफोर्स कैम्प एवं महन्त इंद्रेश मोथरोवाला तक की गई। इस अवसर पर 800 से अधिक माय भारत स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों द्वारा फर्स्ट टाइम यंग वोटर्स को बैच लगाकर सम्मानित किया गया। सभी युवा प्रतिभागियों द्वारा ह्यूमन चैन बनाकर स्वतंत्र एवं निर्भीक मतदान की शपथ ली।


प्रदेश में कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा। 


देहरादून में पदयात्रा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद्म श्री विजेता डॉ बी0 के0 एस0 संजय रहे, विशिष्ट अतिथि वाईस चांसलर प्रोफेसर नपिंदर सिंह , डॉ अमित भट्ट, डॉ अमल शुक्ला, अवदेश कौशल, डॉ आदित्य हरबोला , मोहित सिंह लेफ़्टिनेंट एन. सी. सी. , मोनिका नांदल, उपनिदेशक माय भारत शामिल रहे। 


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्म श्री विजेता डॉ बी0के0एस0 संजय ने युवाओं को हरी झण्डी दिखाकर राष्ट्रीय मतदाता पदयात्रा के लिए रवाना किया। पदयात्रा के दौरान माय भारत स्वयंसेवकों द्वारा नागरिकों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक किया गया एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवकों द्वारा राष्ट्र निर्माण के लिए यह पहल लोकतांत्रिक अभ्यासों में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करेगा साथ ही युवा नागरिकों को जागरूकता जिम्मेदारी और चुनावी प्रक्रिया में स्वामित्व की भावना के साथ सशक्त बनाना लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है।


मतदाता जागरूकता कार्यक्रम की पदयात्रा मेरा भारत मेरा वोट थीम के साथ टर्नर लेक से एयरफोर्स कैम्प से वापस ग्राफ़िक इरा आकर समाप्त हुई। उपनिदेशक और कार्यक्रम के नोडल अधिकारी राहुल डबराल  द्वारा सभी अतिथियों एवं माय भारत स्वयंसेवकों का धन्यवाद कर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया। कार्यक्रम में  प्रजेश, विजय, सुभाष आदि मौजूद रहे।


नरेंद्र नगर टिहरी गढ़वाल में प्रतियोगी साइकिलिस्ट द्वारा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया। टॉप 5 साइकइलिस्ट को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता ओपन वर्ग में कराई गई जिसका समापन आज पूर्णानंद स्टेडियम में हुआ। पुरस्कार वितरण नगर पालिका अध्यक्ष मुनि की रेती श्रीमती नीलम बिजलवान द्वारा किया गया।कार्यक्रम की सफलता देखते हुए नीलम विजय वाणी ने बड़ा साइकिल आयोजन करने का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर माई भारत से आशीष पंत और जिला खेल अधिकारी दीपक रावत,  प्रशिक्षक सुरेंद्र चौधरी, वहिद अहमद, अर्जुन प्रसाद शहजाद, वैभव आदि मौजूद रहे।


इस अवसर पर मेरा युवा भारत, पौड़ी गढ़वाल के उपनिदेशक शैलेश भटृट ने मतदाताओं को जागरूक करते हुए कहा- भारत का संविधान हमें मतदान का अधिकार देता है परंतु यह अधिकार केवल सुविधा नहीं बल्कि एक पवित्र कर्तव्य है।


इस अवसर पर कण्डोलिया पार्क से टेका यात्री शेड तक साईकिल रैली एवं पदयात्रा को जिला क्रीडा अधिकारी श्री जयवीर सिंह रावत द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में जी.पी संतोषी, डी०आर० टम्टा, प्रियांशु पटवाल, प्रगति, अनन्त, युवराज बिष्ट, पकंज नेगी, नितिन चौहान, प्रियंका असवाल आदि उपस्थित रहे।


नैनीताल में पदयात्रा का शुभारंभ सेंट पॉल्स स्कूल, काठगोदाम से हुआ, जो क्वीन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी तक निकाली गई। पदयात्रा से पूर्व सेंट पॉल्स स्कूल, काठगोदाम में एक उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री गजराज सिंह बिष्ट, महापौर, नगर निगम हल्द्वानी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री गोविंद जायसवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल; सुश्री जरीना रोल्सटन, निदेशक, सेंट पॉल्स स्कूल; एवं श्रीमती दीपा सिंह, एनएसएस समन्वयक, एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी उपस्थित रहीं।


कार्यक्रम की शुरुआत मेरा युवा भारत, नैनीताल की उप निदेशक श्रीमती डॉल्वी तेवतिया द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए की गई। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए मतदान के अधिकार, उसकी शक्ति तथा लोकतंत्र में इसकी अहम भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पहली बार मतदाता बनने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज में भी मतदान के प्रति जागरूकता फैलाएं।


इसके उपरांत मुख्य अतिथि श्री गजराज सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि सशक्त लोकतंत्र की नींव जागरूक नागरिकों से ही बनती है और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी युवाओं से निर्भीक होकर मतदान करने एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया। इसके पश्चात श्री गोविंद जायसवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल द्वारा उपस्थित सभी युवाओं को मतदान की शपथ दिलाई गई।


कार्यक्रम के अंत में श्री आशीष कुमार एवं श्री शाह द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया गया। 200 से अधिक युवाओं ने हाथों में जागरूकता संदेशों वाली तख्तियां एवं तिरंगे झंडे लेकर अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में पदयात्रा में सहभागिता की।


पदयात्रा के समापन के पश्चात सभी युवा क्वीन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी में जिला मजिस्ट्रेट, नैनीताल की अध्यक्षता में आयोजित SVEEP (Systematic Voters’ Education and Electoral Participation) कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर श्री विवेक राय, अपर जिलाधिकारी; श्री गोपाल गिरी, जिला विकास अधिकारी; एवं श्री जी.एस. चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी की गरिमामयी उपस्थिति रही।


इस सफल आयोजन में श्री मदन मोहन, श्री प्रकाश बिष्ट, श्रीमती भावना बिष्ट सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में युवाओं की व्यापक सहभागिता ने यह संदेश दिया कि युवा वर्ग लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पूर्णतः सजग, जागरूक और प्रतिबद्ध है।

[मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दून लाइब्रेरी, निकट परेड ग्राउंड, देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के 130वें एपिसोड को सुना। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मन की बात कार्यक्रम का हर एपिसोड प्रेरणादायी होता है। समाज में सामान्य परिस्थितियों में अनवरत सेवा करने वाले लोगों को इस कार्यक्रम के माध्यम से देश दुनिया जानती है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम को आमजन और जन-जन का कार्यक्रम बनाया है। इसके माध्यम से अन्य लोग भी प्रेरित होते हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के अंदर कई नवाचार हो रहे हैं। आज इनोवेशन, साइंस, टेक्नोलॉजी एवं ए.आई हर दृष्टि से भारत आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने ए.आई के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए कहा कि आने वाले समय में सभी कामों में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। जो काम कई दिनों में होता है वह महज कुछ ही घंटे में हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य के अंदर एआई के उपयोग हेतु साइंस आईटी टेक्नोलॉजी से संबंधित विभाग कार्य कर रहे हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने अनेक ऐसे निर्णय लिए हैं जो राज्य में पहली पहली बार हुए हैं। उन्होंने कहा आज पूरे देश के अंदर हमारे राज्य तस्वीर ऐसे स्थापित हो गई है कि जहां पर अनेक  ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। 27 जनवरी को यूसीसी लागू करने के पूरे एक साल हो जाएंगे।  


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की जनता के सामने समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था, जिसे हमने पूरा किया है। उन्होंने कहा हमारा राज्य एक सीमावर्ती क्षेत्र है। यहाँ चार धाम, गंगा, यमुना का उद्गम स्थान है। सुरक्षा की दृष्टि से भी हमारा राज्य बेहद संवेदनशील है ऐसे में राज्य में रहने वाले सभी लोगों के लिए एक समान कानून लागू होना चाहिए था और हमने ऐसा करके दिखाया है। 


मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं एवं राज्य स्तर पर लिए निर्णयों को जन-जन तक पहुंचने में सभी आगे आए। जिससे कि अधिक से अधिक लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सके। 


इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, विधायक श्री सुरेश गढ़िया, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, श्री अनिल गोयल, श्री संजय नेगी, दायित्वधारी रजनी रावत एवं अन्य लोग मौजूद रहे।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज “आवाज़ सुनो पहाड़ों की – फिल्म फेस्टिवल 2026” में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह के सौंदर्यीकरण की घोषणा की |



कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने “श्रद्धा सम्मान” पुस्तिका का विमोचन किया तथा “आवाज़ सुनो पहाड़ों की – सीजन 2” लॉन्च किया।



कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शारदा स्वर संगम फिल्म प्रोडक्शन हाउस द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक फिल्म फेस्टिवल नहीं, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक फिल्म निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। 



मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से राज्य की समृद्ध संस्कृति, खान-पान और प्राकृतिक सौंदर्य का व्यापक प्रचार-प्रसार होता है। साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी लोक-संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने तथा आधुनिक परिवेश को समझने का अवसर भी प्राप्त होता है। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए शारदा स्वर संगम फिल्म प्रोडक्शन हाउस की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं।



मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की लोक-संस्कृति को आधुनिक पहचान देने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करने का एक सशक्त साधन भी है। समाज की सच्चाइयों को सिनेमा ने हर दौर में प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया है, चाहे वह छुआछूत, दहेज प्रथा, भ्रष्टाचार, अन्याय, प्रतिभा पलायन या सामाजिक कुरीतियां रही हों।



मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ईश्वर द्वारा प्रदत्त प्रकृति की अनमोल धरोहरों से समृद्ध है। यहां के पर्वत, नदियां, झरने, मौसम और संस्कृति फिल्मकारों को आकर्षित करते हैं। नैनीताल, मसूरी, औली, चकराता, मुन्स्यारी, कौसानी और चोपता जैसे अनेक स्थल देश-विदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से भी बेहतर हैं। साथ ही चारधाम, हरिद्वार, ऋषिकेश, कैंची धाम, हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब जैसे दिव्य स्थल भी फिल्म निर्माताओं के लिए विशेष आकर्षण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा केदारनाथ की धरती से दिए गए “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को एक विशिष्ट फिल्म हब के रूप में विकसित करना है, जिससे युवाओं को रोजगार और संस्कृति को वैश्विक पहचान मिल सके।



उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहन देने के लिए नई फिल्म नीति लागू की है। इसके अंतर्गत उत्तराखंड में फिल्माई गई हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को 3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। वहीं कुमाऊंनी, गढ़वाली और जौनसारी फिल्मों के लिए सब्सिडी बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है। वेब सीरीज और विदेशी फिल्मों को भी सब्सिडी के दायरे में शामिल किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग की अनुमति अब ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध है। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत 7 दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति दी जाती है और प्रदेश में किसी प्रकार का शूटिंग शुल्क नहीं लिया जाता। क्षेत्रीय फिल्मों को सप्ताह में कम से कम एक बार स्थानीय सिनेमाघरों में दिखाना अनिवार्य किया गया है। शूटिंग के दौरान सुरक्षा के लिए न्यूनतम पांच पुलिसकर्मियों की व्यवस्था तथा जीएमवीएन और केएमवीएन गेस्ट हाउसों में विशेष छूट भी दी जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म “वीडियोज़ अलार्म” है, जिसके माध्यम से गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी संस्कृति की खुशबू 18 से अधिक देशों तक पहुंच रही है। सरकार 3Ts—Talent, Technology और Training—के ईकोसिस्टम पर भी कार्य कर रही है ताकि युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग से केवल सिनेमा जगत को ही नहीं, बल्कि स्थानीय होटल व्यवसायियों, टैक्सी चालकों, गाइडों, लाइन प्रोड्यूसरों और स्थानीय कलाकारों को भी रोजगार मिलता है। उन्होंने फिल्मकारों को उत्तराखंड में फिल्म और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए आमंत्रित करते हुए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग, सुरक्षा और सुविधा का आश्वासन दिया।



मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में राज्य में फिल्म सिटी, फिल्म संस्थान, शूटिंग स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन हाउस और सिनेमा हॉल विकसित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह फिल्म फेस्टिवल युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा और उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को मजबूती प्रदान करेगा।



मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल राज्य की संस्कृति को समृद्ध करते हैं, बल्कि पहाड़ी पहचान और सामूहिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करते हैं।


इस अवसर पर विधायक श्री उमेश शर्मा ‘काऊ’, प्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीमती हिमानी शिवपुरी, सचिव संस्कृति श्री युगल किशोर पंत, कार्यक्रम के आयोजक श्री नरेन्द्र रौथाण, संस्कृति विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।



 

*गणतंत्र दिवस- 2026 पर पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड और सिविल डिफेंस तथा सुधारात्मक सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड के 12 कर्मियों को वीरता/सेवा पदक से सम्मानित किया गया*


- विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किए गए श्री योगेन्द्र सिंह रावत, इंस्पेक्टर जनरल, उत्तराखंड

- पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड और सिविल डिफेंस तथा सुधारात्मक सेवा के लिए प्रदान किए गए सेवा पदक


गणतंत्र दिवस- 2026 के अवसर पर पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड और सिविल डिफेंस तथा सुधारात्मक सेवा के कुल 982 कर्मियों को वीरता/सेवा पदक से सम्मानित किया गया।


विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (पीएसएम), सेवा में विशेष रूप से विशिष्ट रिकॉर्ड के लिए प्रदान किया जाता है और सराहनीय सेवा के लिए पदक (एमएसएम) और कर्तव्य के प्रति निष्ठा की विशेषता वाली मूल्यवान सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।

uttarakhand police jawan honored on republic day 2026


विशिष्ट सेवा के लिए कुल 101 राष्ट्रपति पदक (पीएसएम) में से, 89 पुलिस सेवा को, 05 अग्निशमन सेवा को, 03 सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड सेवा को और 04 करेक्शनल सर्विसेज (सुधारात्मक सेवा) को प्रदान किए गए हैं। इसी प्रकार, सराहनीय सेवा के लिए कुल 756 पदक (एमएसएम) में से, 664 पुलिस सेवा को, 34 अग्निशमन सेवा को, 33 सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड सेवा को और 25 करेक्शनल सर्विसेज (सुधारात्मक सेवा) को प्रदान किए गए हैं।


पदक से सम्मानित कर्मियों की सूची


*विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (पीएसएम)*


1. श्री योगेंद्र सिंह रावत, इंस्पेक्टर जनरल, उत्तराखंड


*सराहनीय सेवा के लिए पदक (एमएसएम)- करेक्शनल सर्विसेज (सुधारात्मक सेवा)*


1. श्री बीरबल यादव, हेड वार्डर, उत्तराखंड


*सराहनीय सेवा के लिए पदक (एमएसएम)- पुलिस सेवा*


1. श्रीमती ज्योति चौहान, इंस्पेक्टर, उत्तराखंड

2. श्री प्रबोध कुमार घिल्डियाल, डिप्टी सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस, उत्तराखंड

3. श्री शिवराज सिंह, डिप्टी सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस, उत्तराखंड

4. श्री सुभाष चंद्र, इंस्पेक्टर, उत्तराखंड

5. श्री साजिद अली, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, उत्तराखंड


*सराहनीय सेवा के लिए पदक (एमएसएम)- (फायर सर्विस)*


1. श्री मुकेश कुमार पोखरियाल, लीडिंग फायरमैन, उत्तराखंड

2. श्री गिरीश चंद्र लोहानी, लीडिंग फायरमैन, उत्तराखंड


*सराहनीय सेवा के लिए पदक (एमएसएम)- (होम गार्ड और सिविल डिफेंस)*

1. श्रीमती मीना मोहन शर्मा, सेक्टर वार्डन, उत्तराखंड

2. श्री रविंद्र मोहन काला, डिप्टी डिविजनल वार्डन, उत्तराखंड

*सराहनीय सेवा के लिए पदक (एमएसएम)- CBI*


1. श्री धर्मेंद्र, इंस्पेक्टर, CBI (देहरादून ब्रांच)

विवरण www.mha.gov.in और https://awards.gov.in पर उपलब्ध हैं।

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