*नागरिक पुलिस एवं अभिसूचना के 15 उपनिरीक्षक बने निरीक्षक* *समयबद्ध एवं पारदर्शी पदोन्नति प्रक्रिया के लिए पुलिस मुख्यालय प्रतिबद्ध : डीजीपी*
मुख्यमंत्री उत्तराखंड श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में पुलिस कार्मिकों के मनोबल एवं कल्याण को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय द्वारा पदोन्नति प्रक्रिया को निरंतर गति दी जा रही है। इसी क्रम में *नागरिक पुलिस एवं अभिसूचना संवर्ग के 15 उपनिरीक्षकों को निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया है।*
विभागीय पदोन्नति के दृष्टिकोण से *वर्ष 2025 एवं 2026 उत्तराखण्ड पुलिस के लिए उल्लेखनीय रहे हैं। वर्ष 2025 में 1,000 से अधिक तथा वर्ष 2026 में अब तक 580 कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की जा चुकी* है। इस प्रकार पिछले दो वर्षों में नागरिक पुलिस, अभिसूचना, सशस्त्र पुलिस, दूरसंचार एवं अग्निशमन सेवा सहित *विभिन्न शाखाओं के कुल 1,640 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति* का लाभ मिला है।
*वर्ष 2026 में प्रमुख पदोन्नतियां:*
▪️ पुलिस उपाधीक्षक (कनिष्ठ वेतनमान) – 13
▪️ पुलिस उपाधीक्षक (एम) – 02
▪️ निरीक्षक – 26
▪️ उपनिरीक्षक – 144
▪️ अपर/सहायक उपनिरीक्षक – 63
▪️ मुख्य आरक्षी – 332
पुलिस महानिदेशक *श्री दीपम सेठ ने सभी पदोन्नत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि समयबद्ध पदोन्नति से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है तथा कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने गृह/कार्मिक विभाग उत्तराखंड शासन एवं पुलिस मुख्यालय के कार्मिक अनुभाग द्वारा निर्धारित समय में पदोन्नति प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण किए जाने की सराहना की।*
देहरादून:
21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने गुरुवार को आवास पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी से इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। आज योग विश्वभर में स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं समग्र कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मानुशासन, सकारात्मक जीवनशैली तथा जीवन में संतुलन स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकाधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने तथा योग को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी एवं प्रसिद्ध निशानेबाज, पद्मश्री श्री जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त किया गया।
बैठक के प्रारंभ में मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं अधिकारियों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी ने प्रदेश के विकास, सुशासन एवं जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं श्री जसपाल राणा ने अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा से देश एवं प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
*‘कैबिनेट द्वारा लिये गये अहम निर्णय’*
1. गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना को मंत्रीमण्डल ने दी अनुमति।
पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु उच्च आनुवंशिकी के पशु शीघ्रता से उत्पादित हो। इस दृष्टि से प्रदेश में गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना प्रस्तावित की गई, जिसे मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति दी गई।
2. चार धाम यात्रा में प्रयोग किये जाने वाले अश्ववंशीय पशुओं का बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि राज्य सैक्टर के अन्तर्गत वहन किये जाने पर कैबिनेट ने लगाई मोहर।
राज्य सरकार ने केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुण्ड साहिब यात्रा मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों (अश्ववंशीय पशुओं) के स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि खुद वहन करने का निर्णय लिया है, जबकि शेष 80 प्रतिशत धनराशि पशु स्वामियों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के तहत वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अनुमानित 15,000 पंजीकृत घोड़े-खच्चरों को कवर किया जाएगा, जहां प्रति पशु ₹ 70,000 की कीमत पर 5 प्रतिशत बीमा दर के अनुसार कुल ₹525 लाख के प्रीमियम में से राज्य सरकार अपने हिस्से के ₹ 105 लाख का वित्तीय भार उठाएगी। इस पर मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
3. उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान चिन्हित आन्दोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में प्राप्त 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत अधिसूचना संख्या 244 दिनांक 18.08. 2024 के प्रख्यापन तथा एतत् सम्बन्धी शासनादेश संख्या 139, दिनांक 24.11.2024 के जारी होने के मध्य उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञाप्ति तीन भर्ती परीक्षाएं कनिष्ठ सहायक एवं अन्य पदों हेतु भर्ती परीक्षा, 2024, आरक्षी जनपदीय पुलिस (पुरूष) तथा आरक्षी पीएसी/आईआरबी (पुरूष) भर्ती परीक्षा, 2024 एवं अपर निजी सचिव, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक एवं अन्य पदों की भर्ती परीक्षा, 2024 में आवेदन जमा किये जाने की अंतिम तिथि के पश्चात् निर्धारित प्रारूप पर राज्य आंदोलनकारी आरक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थियों को सन्निरीक्षा (Document Verification) के दौरान एक बार के लिए अनुमन्य किये जाने का मंत्रीमण्डल द्वारा निर्णय लिया गया।
4. बिटुमिनस् की कीमतों में हुई अत्यधिक वृद्धि के दृष्टिगत बिटुमिनस् कार्यों हेतु अनुबंधों में मूल्य समायोजन किये जाने के संबंध में मंत्रिमण्डल ने दी सहमति।
मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत में पेट्रोलियम प्रोडेक्ट की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि से बिटुमिन की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो जाने के फलस्वरूप मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु कार्यहित में निर्धारित प्राविधानों के अनुसार उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग में दिनांक 01-04-2026 से पूर्व गठित बिटुमिनस् कार्य के ऐसे सभी अनुबन्धों, जिनमें अनुबन्ध की समयावधि उपलब्ध है तथा बिटुमिनस् कार्य किये जाने शेष हैं, में संशोधन करते हुये, दिनांक 01-05-2026 से दिनांक 30-06-2026 तक की अवधि के लिये मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु मूल्य समायोजन (price adjustment) किये जाने के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत किये जाने पर मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई है।
5. आबकारी नीति विषयक नियमावली, 2025-26, 2026-27 व 2027-28 (त्रिवर्षीय आबकारी नीति) से सम्बन्धित शासन की अधिसूचना संख्याः 112/दिनांक 31 मार्च, 2026 के परिशिष्ट ‘क‘ एवं ‘ख‘ में अंकित उपकर को वैट अधिनियम, 2005 के प्राविधानों के अन्तर्गत वैट गणना का भाग बनाए जाने एवं नियम 12.2 सम्बन्धी तालिका में होलोग्राम शुल्क के दोहराव की स्थिति उत्पन्न होने के दृष्टिगत उक्त अधिसूचना के परिशिष्ट ‘ख‘ के क्रमांक 4 में सम्मिलित किए गए होलोग्राम शुल्क को विलोपित करते हुए संशोधन/प्रतिस्थापन किए जाने पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।
6. Trade Infrastructure for Export Scheme (TIES) योजनान्तर्गत सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच हेतु सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine के संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 पद सृजित किए जाने हेतु त्रीमण्डल ने दी स्वीकृति।
राज्य के प्राकृतिक उत्पादों यथा-ऑयल्स/एक्स्ट्रैक्ट एवं अन्य प्रकार के सगन्ध/हर्बल/ फार्मास्यूटिकल्स उत्पादों में मिलावट की जांच उपरान्त सिंथेटिक एवं प्राकृतिक उत्पादों के मध्य प्रमाणिकता को सिद्ध करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को बढ़ावा दिए जाने के लिए सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में कृषकों/उद्योगों/संस्थानों से क्रय किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine से की जानी है। इस मशीन संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 विशेषज्ञ पद (Project Scientist-III, Senior Project Associate, Project Associate-II, 02 Technical Assistant) सृजित किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई स्वीकृति।
7. उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के उददेश्य से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन किया जाना अतिआवश्यक है, जिससे उत्तराखण्ड राज्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन की दृष्टिकोण से अपना स्थान बना सकें। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिस हेतु अनुभवी संस्था का चयन किया जाना अतिआवश्यक है। उक्त रैली में कुल 120 से अधिक एन्ट्री को शामिल किये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 25 अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागी, 25 एशिया कॉस कन्ट्री रैली, 20 क्लासिक कार रैली, 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चौम्पियनशिप शामिल हैं। हिमालयन कार रैली के आयोजन हेतु संस्था का चयन एकल स्रोत के माध्यम से किये जाने को लेकर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति प्रदान की गई।
8. मा. उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.04.2026 के क्रम में उपनल के माध्यम से योजित कार्मिकों को समान कार्य हेतु समान वेतन प्रदान किये जाने हेतु पूर्व में निर्धारित पात्रता की कट ऑफ डेट की तिथि (12.11.2018) को संशोधित कर मा. सर्वाेच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश दिनांक 15.10.2024 तिथि निर्धारित किये जाने के प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।
9. ‘उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026‘ के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।
मा. सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.10.2024 के अनुपालन में उत्तराखण्ड कारागार नियमावली, 2023 में अभ्यस्त अपराधी, जिसे इस नियमावली के प्रारंभ होने से पूर्व या पश्चात् उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध, अधिनियम, 1952 की अनुसूची में उल्लिखित किसी एक या अन्य अपराध के लिये कम से कम तीन पृथक-पृथक अवसरों पर मौलिक अवधि के कारावास का दण्ड दिया गया हो और ऐसा दण्डादेश अपील अथवा पुनरीक्षण में अपास्त न कर दिया गया हो, में संशोधन हेतु उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति प्रदान की गई।
10. उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।
कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तराखण्ड की संरचना में अधीनस्थ कारागारों हेतु कारापाल के कुल 14 पद सृजित हैं, जो स्थायी उप कारापालों से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने वाले पद हैं। वर्तमान में कारागार विभाग में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जेल कारागार कार्यपालक अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 1980) अनुकूलन उपान्तरण आदेश, 2002 लागू है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के पश्चात कारागार विभाग में पृथक से कारापाल सेवा नियमावली को प्रख्यापित नहीं किया गया है। विभागीय एवं कर्मचारी हित में उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गयी।
11. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल की सहमति।
राज्य में संस्कृत विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने, पाठ्यक्रम निर्धारण एवं परीक्षा संचालन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद् को विधि द्वारा गठित संस्था के रूप में स्थापित करने के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा अधिनियम, 2014 प्रख्यापित किया गया। उक्त अधिसूचना के कार्यान्वयन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा विनियमावली, 2023 प्रख्यापित की गयी, जिसमें कतिपय संशोधन/परिर्वतन के दृष्टिगत उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल सहमति प्रदान की गई।
12. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप साक्षरता के मानकों के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य को पूर्णतः साक्षर राज्य (Fully Literate State) घोषित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल ने सहमति प्रदान की।
13. राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न चिकित्सालयों में लम्बित बिलों के भुगतान के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायेगी।
वर्षों से लंबित‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बनाए जाने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।
मंत्रिमंडल द्वारा उपनल कार्मिकों के संबंध में लिए गए निर्णय के संबंध में पुनः स्पष्ट करना है कि —
1. उपनल कार्मिकों को “समान कार्य के लिए समान वेतन” का लाभ प्रदान किए जाने के लिए १५-१०-२०२४ को कट ऑफ डेट निर्धारित करने पर सहमति व्यक्त की गई। उक्त निर्णय के क्रियान्वयन हेतु अपनाई जाने वाली प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं (Modalities) के निर्धारण के लिए प्रकरण को मंत्रिमंडलीय उप-समिति के को संदर्भित किया गया। उप-समिति द्वारा विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत अपनी संस्तुतियां मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी।
2. दिनांक 01 मार्च 2026 से “समान कार्य के लिए समान वेतन” का लाभ प्रदान किया जाएगा।
3. उपनल कार्मिकों से संबंधित अन्य विषयों अथवा भविष्य में उत्पन्न होने वाले संबंधित मुद्दों पर मंत्रिमंडलीय उप-समिति द्वारा विचार करते हुए आवश्यक अग्रिम कार्यवाही एवं संस्तुतियां की जाएंगी।
बागेश्वर में बनेगा आधुनिक राज्य अतिथि गृह, मुख्यमंत्री धामी की घोषणा को मिली रफ्तार*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में राज्य संपत्ति विभाग ने बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह निर्माण परियोजना को गति दे दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में गुरुवार को राज्य सचिवालय में सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बागेश्वर के ग्राम ठेलापालन में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में परियोजना के प्रस्तुतीकरण के बाद सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए और निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा हो।
*45 नाली भूमि पर विकसित होगा अतिथि गृह*
प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह बागेश्वर तहसील के ग्राम ठेलापालन में लगभग 0.900 हेक्टेयर (45 नाली) भूमि पर विकसित किया जाएगा। पर्वतीय जनपदों में सरकारी कार्यक्रमों, वीआईपी आवागमन तथा प्रशासनिक गतिविधियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस अतिथि गृह का निर्माण किया जा रहा है। बैठक में परियोजना का प्रारंभिक खाका प्रस्तुत किया गया, जिसमें भवन की संरचना, आवश्यक सुविधाओं तथा भविष्य में संभावित विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सचिव ने निर्देश दिए कि भवन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए ताकि यह आने वाले वर्षों की जरूरतों को भी पूरा कर सके।
*भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनेगी डीपीआर*
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, बागेश्वर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीपीआर में पर्याप्त संख्या में अतिथि कक्ष, बैठक कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि भवन केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए तैयार किया जाना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना का प्रत्येक पहलू तकनीकी मानकों के अनुरूप हो तथा निर्माण गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। डीपीआर को शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
*पार्किंग और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर*
बैठक के दौरान सचिव ने प्रस्तावित परिसर में पार्किंग क्षमता बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में अतिथि गृह में बढ़ने वाली गतिविधियों को देखते हुए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था आवश्यक होगी। इसके साथ ही भवन में आवश्यक फर्नीचर, विद्युत उपकरण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को भी डीपीआर में शामिल करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी व्यवस्थाएं मितव्ययता के सिद्धांतों के अनुरूप हों, ताकि सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
*सभी आवश्यक अनुमतियां साथ लगाने के निर्देश*
सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीपीआर के साथ स्थल चयन समिति की रिपोर्ट तथा संबंधित जिला प्राधिकरण से प्राप्त ले-आउट स्वीकृति एवं अन्य आवश्यक अनुमोदन भी संलग्न किए जाएं। इससे परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होगा और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी दस्तावेज तकनीकी और प्रशासनिक दृष्टि से पूर्ण होने चाहिए ताकि शासन स्तर पर निर्णय लेने में आसानी हो।
*उच्चस्तरीय अधिकारियों ने लिया भाग*
बैठक में शासन स्तर से अपर सचिव एवं राज्य सम्पत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं कार्यदायी संस्था की ओर से प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बागेश्वर के अधिशासी अभियंता इंजी. एस.के. पाण्डे और सहायक अभियंता इंजी. तनीशा पांगती ने परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विकासपरक सोच के अनुरूप बागेश्वर में बनने वाला यह राज्य अतिथि गृह न केवल प्रशासनिक गतिविधियों को नई सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि जिले में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों के लिए भी आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। सरकार की प्राथमिकता है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हो और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
शिवपुरी :
अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष की शिवपुरी इकाई द्वारा वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर जिला अध्यक्ष बालमुकुंद पुरोहित की अध्यक्षता में महिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी के निवास पर हाथी खाना में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पूर्व स्काउट कमिश्नर प्रेम प्रकाश शर्मा ने कहा कि खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आजादी का बिगुल बजाकर अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए।
प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना थी। उन्होंने 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा की सराय में अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति पाई थी। रानी लक्ष्मीबाई का साहस आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा है।
जिला अध्यक्ष पंडित बालमुकुंद पुरोहित ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और राव साहब के साथ मिलकर ग्वालियर किले पर कब्जा कर चुकी थीं। 17-18 जून 1858 को ब्रिटिश जनरल ह्यू रोज़ की सेना से भयंकर युद्ध हुआ।
18 जून को घुड़सवार सेना का नेतृत्व करते हुए रानी गंभीर रूप से घायल हो गईं। कहा जाता है कि उन्होंने अपने दत्तक पुत्र दामोदर राव को पीठ पर बांधकर युद्ध किया था। अंग्रेजों के हाथ न आएं इसलिए एक साधु ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने सिर्फ 29 साल की उम्र में देश के लिए बलिदान किया, उनका प्रसिद्ध नारा था,, मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी,, झांसी के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। आज नारी के उत्थान के लिए महारानी लक्ष्मीबाई के पद चिन्हों पर चलना होगा, नारी को सशक्त बनाना होगा। आज की नारी अबला नहीं सबला है।
महासचिव दिनेश चंद्र शर्मा ने महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे से तीर चलाना, तलवार चलाना और युद्ध कला कौशल सीखा था। मात्र 29 साल की अवस्था में
देश के लिए प्राण त्याग दिए।
पंडित तरुण शर्मा ने कहा कि हमारी शिक्षा संस्कारों को देने वाली होनी चाहिए। केवल पैसे कमाने के लिए या दूसरे को ठगने के लिए नहीं होना चाहिए। आज संस्कारवान और चरित्रवान की जगह चरित्रहीन धनवान का आदर किया जा रहा है। यह देश के लिए बहुत दुखदाई है।
युवा अध्यक्ष पंडित गौरव कृष्ण भार्गव,
सलाहकार पंडित कैलाश नारायण मुद्गल, उपाध्यक्ष हरवंश त्रिवेदी, पंडित ज्ञान प्रकाश दुबे ने समाज की एकता पर बल दिया। बच्चों को संस्कार देने पर जोर दिया। सरकार भी समाज को बांटने का काम न करें।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शर्मा, जिला अध्यक्ष बालमुकुंद पुरोहित, महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी, महासचिव पंडित दिनेश चन्द्र शर्मा, श्रीमती प्रभा शर्मा, श्रीमती राजकुमारी शर्मा, पंडित मानसी पुरोहित, पंडित रोहिणी दुबे, पंडित रोशनी दुबे, पंडित अभिमन्यु शर्मा, पंडित प्रखर शर्मा, युवा अध्यक्ष गौरव कृष्ण भार्गव, युवा उपाध्यक्ष दीपेश पुरोहित, पंडित मोहित दुबे, पंडित अनुज दुबे, पंडित तरुण शर्मा, पंडित रामकुमार पाराशर खजूरी वाले, पंडित आयुष त्रिपाठी, पंडित ज्ञान प्रकाश दुबे, वरिष्ठ स्काउट कमिश्नर प्रेम प्रकाश शर्मा, सलाहकार कैलाश नारायण मुद्गल, उपाध्यक्ष हरवंश त्रिवेदी, पंडित प्रमोद शर्मा, एडवोकेट वरुण शर्मा , हरिशंकर गुप्ता, अमर सिंह रावत उपस्थित रहे। पंडित हरिवंश त्रिवेदी ने कार्यक्रम का संचालन किया। श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
डोईवाला:
आज़ भी हॉउसफुल रही गढ़वाली फीचर फ़िल्म भग्यान
आज़ पीवीआर मॉल देहरादून में ,गढ़वाली भाषा, संस्कृति और लोकजीवन की आत्मा को सशक्त अभिव्यक्ति देने वाली फीचर फिल्म ‘भग्यान’ के प्रीमियर शो का शुभारंभ स्पर्श गंगा अभियान की राष्ट्रीय संयोजिका /हिम श्री प्रोडक्शन निर्माता/ बॉलीवुड अभिनेत्री डॉ आरुषि निशंक ने किया!
उन्होंने कहा कि यह फिल्म केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंवेदनाओं, पहाड़ के जीवन, परंपराओं एवं अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े भावलोक का सजीव चित्रण है। फ़िल्म निर्माता संजय चमोली एवं निर्देशक अशोक चौहान सहित पूरी टीम ने इस रचनात्मक प्रयास के माध्यम से उत्तराखंड की लोकधारा को व्यापक पहचान देने का महत्वपूर्ण कार्य किया है, और कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि ‘भग्यान’ दर्शकों के हृदय तक पहुँचेगी तथा गढ़वाली भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में एक सशक्त भूमिका निभाएगी। पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं फिल्म की सफलता के लिए अनंत शुभकामनाएँ।इस अवसर पर फिल्म में अभिनय करने वाले अभिनेता संजय सिलोड़ी, अभिनेत्री साक्षी काला,अभिनेत्री पूनम सकलानी, हास्य कलाकार राजेश जोशी , नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ,पूर्व प्रधान पुरुषोत्तम डोभाल ,रामलाल कोठारी , रणजीत गुसाईं और मीडिया प्रभारी रविंद्र बेलवाल भी मौजूद रहे|
मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के पास लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) का सपना सच होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से, उत्तराखण्ड, यूपी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच आरआरटीएस ट्रेन के मौजूदा नेटवर्क को मेरठ से ऋषिकेश तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना की डीपीआर के लिए जल्द सर्वे होने जा रहा है।
इसी वर्ष फरवरी माह में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। इस हाईस्पीड ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश तक विस्तार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने पिछले दिनों प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रस्ताव भी सौंपा था। इसके बाद इस ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, इसी तरह एनसीआरटीसी ने अपना नोडल नियुक्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी परियोजना पर सहमति दे चुकी है। इसके बाद अब कुल 150 किलोमीटर प्रस्तावित ट्रैक की डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरु होने जा रहा है।
प्रस्तावित परियोजना के मुताबिक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से नया ट्रैक शुरू होगा, जो मुजफ्फरनगर होते हुए, उत्तराखण्ड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद ये ट्रैक रुड़की, हरिद्वार में हर की पैड़ी होते हुए, ऋषिकेश के अंतिम छोर लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। इसका 72 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और 78 किमी का हिस्सा उत्तराखण्ड में आएगा।
इससे उत्तराखण्ड आने वाले तीर्थयात्रियों सहित दिल्ली जाने वाले उत्तराखण्ड के लोगों का भी नया आधुनिक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिल पाएगा। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश जाने में सड़क मार्ग से करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। नमो भारत ट्रेन (160 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार) के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ लगातार समन्वय कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड में बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से विकास तथा रोजगार के नए अवसर सृजित हों