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  मुख्यमंत्री योगी का भारत के मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा सराहना किया जाना एक  गर्व का विषय है

  जनपद ललितपुर की जेल की घटना पर जो पूर्व सांसद को वीआईपी व्यवस्था की जा रही है ।

जेल मैनुअल के  अनुसार जेल प्रशासन को जेल डीआईजी को तत्काल निलंबित करना चाहिए ।

 लखनऊ;

Advocate Dr muralidhar Shastri


 डॉक्टर मुरलीधर सिंह अधिवक्ता, मा उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं लखनऊ

द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  को  सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश  न्यायमूर्ति गवई  द्वारा पावरफुल मुख्यमंत्री  बताना एवं एक प्रतिभाशाली नेता बताना सौभाग्य का विषय बताया गया है।  उन्होंने कहा कि आज हमें विशेष रूप  से सीएम योगी  की टीम को बेहतर  बनाना आवश्यक हैं

 अधिकारी जनता के पत्रों का जवाब नहीं देते  जबकि योगी स्वयं एक अच्छे नेता है। उनको मैं व्यक्तिगत रूप से 1996 से जानता हूं ।

इसी प्रकार प्रशांत कुमार जो डीजीपी रिटायर हुए हैं उनको  भी अवनीश अवस्थी की तरह अपना विशेष सुरक्षा सलाहकार उन्हें बनाना चाहिए। प्रशांत कुमार बिहार के रहने वाले हैं तथा एक  सौम्य अधिकारी है उनके कार्यकाल में  वाराणसी जनपद में 94/95 में  हमारे द्वारा कार्य भी किया  गया है इसी अनुभव के आधार पर मुख्यमंत्री को बताना चाहते है कि उन्हें   अपना सुरक्षा सलाहकार बनायेन।

 ललितपुर जेल में कैद पूर्व सांसद को वीआईपी व्यवस्था दिया जाना जे।ल मैनुअल के खिलाफ है ।नियमानुसार डीआईजी जेल को तीन माह के अंदर निरीक्षण करना होता  है । जो उनके द्वारा नहीं किया  गया। क्या, साथ ही जिलाधिकारी ललितपुर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा भी प्रत्येक 3 माह में जेल का निरीक्षण  नही किया जाना था। यदि नहीं किया गया इसमें पूरा शासन प्रशासन  संदेह के घेरे में है।  इससे पूर्वांचल के साथ-साथ बुंदेलखंड के माफियाओं का गठबंधन प्रतीत होता है।

 इस पर सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए ।

प्रदेश के बाहर के भी अपराधियों के गठबंधन से इनकार नहीं किया जा सकता ललितपुर का जेल एक संवेदनशील स्थान पर शहर के बीचों बीच स्थित है।

 इस पर भी सतर्कता पर रखनी चाहिए जो इसे जिम्मेदार अधिकारी हो तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए ।

  

‘आपरेशन सिंदूर’ के बाद ‘आपरेशन बंगाल’ की चुनौती



देश की राजनीति निम्नता की चरम सीमा पर पहुंचती जा रही है। समाज सेवा के सर्वोच्च मापदण्डों पर स्थापित सत्ता के गलियारों में अब सिंहासन तक पहुंचने के लिए व्यक्तिगत, जातिगत, क्षेत्रगत, भाषागत, सम्प्रदायगत जैसे मुद्दों को प्रचारित किया जा रहा है ताकि वर्ग-विभाजन करके वोट बैंक में इजाफा किया जा सके। 

राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर भी लोकप्रियता की ऊंचाइयां पाने की मंशा में पागल हो चुके चन्द राजनेताओं ने अपनी भाषा, हावभाव और आचरण से देश की अस्मिता को तार-तार करना शुरू कर दिया है। ‘आपरेशन सिंदूर’ तक पर विपक्षी दलों ने मनमाने आरोप लगाना शुरू कर दिये हैं। प्रमाणिकता की परिधि से कहीं दूर जाकर सोशल मीडिया पर उत्तेजनात्मक संवाद, दृश्य और दृष्टान्त डलवाये जा रहे हैं ताकि सामाजिक एकरसता को विभाजित करके चौधरी बना जा सके। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की निजी जिन्दगी तक को निशाने पर लिया और सेना के पराक्रम पर केन्द्रित ‘आपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर ‘आपरेशन बंगाल’ करने की चुनौती तक दे डाली। 


चुनावी समर में रोहिंग्या, बंगलादेशी सहित अन्य विदेशी घुसपैठियों की दम पर जीत का दावा करते हुए तत्काल चुनाव कराने, मुक्त संवाद करने तथा सीधा मोर्चा खोलने की बात कहने वाली तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ने अपनी तानाशाही का परचम एक बार फिर फहराने की कोशिश ही की है। 


अतीत गवाह है कि ममता बनर्जी पर हमेशा से ही राष्ट्रद्रोहियों, घुसपैठियों तथा असामाजिक तत्वों को आश्रय देने के आरोप लगते रहे है।

 अतिगम्भीर आरोपियों का पक्ष लेकर राज्य सरकार ने संदेशखाली में महिलाओं का यौन शोषण, जबरन वसूली, जमीन हडपने जैसे आपराधिक कृत्यों के आरोपियों को कथित रूप से बचाने हेतु उच्चतम न्यायालय तक के दरवाजे पर दस्तक तक दी थी। 

राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत की गई याचिका पर सवालिया निशान लगाते हुए जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की बेंच ने पश्चिम बंगाल सरकार के वकील अभिषेक सिंहवी से पूछा था कि एफआईआर चार साल पहले दर्ज की गई थी। आरोपी कौन है? गिरफ्तारियां कब की गईं? किसी को बचाने में राज्य सरकार की दिलचस्पी क्यों होना चाहिए? उल्लेखनीय है कि संदेशखाली काण्ड में तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख, शिबू हाजरा, उत्तम सरदार, रंजू, संजू सहित अन्य लोगों के नाम उभर कर सामने आये थे। 

केन्द्रीय एजेन्सियों के कामों में दखल देने से लेकर राज्यपाल की गरिमा तक को प्रभावित करने वाली पार्टी की तानाशाही के सामने देश का संविधान जार-जार आंसू रोता रहा है। 

मुर्शिदाबाद में 70 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी मुस्लिम आबादी ने अब वहां जेहादी परचम फहराना शुरू कर दिया है। 


कश्मीरी हिन्दुओं की तर्ज पर गैर मुस्लिम समुदाय को क्षेत्र छोडने की धमकी दी जा रही है। पश्चिम बंगाल उच्च न्यायालय द्वारा गठित जांच समिति ने मुर्शीदाबाद काण्ड के लिए ममता सरकार को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया हैं। 


जांच आख्या में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं व्दारा दंगा भडकाने तथा नेतृत्व करने, स्थानीय प्रशासन व्दारा निष्क्रियता बरतने, केवल हिन्दुओं को निशाना बनाने, पुलिस व्दारा जानबूझकर उपेक्षा करने जैसे अनेक खुलासे किये गये हैं। वहां के राज्यपाल सी. वी. आनन्द बोस ने गृह मंत्रालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में तो कट्टरपंथ और उग्रवाद को प्रदेश के लिए बडा खतरा बताते हुए बंगलादेश की सीमा पर स्थित मुर्शीदाबाद, दिनाजपुर और मालदा जिलों में अल्पसंख्यक हो चुके हिन्दुओं की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिन्ह अंकित किये हैं।

 मुर्शीदाबाद का पूरा घटनाक्रम पहले से निर्धारित षडयंत्र की व्यवहारिक परिणति थी। मालूम हो कि इसी क्षेत्र में 14 दिसम्बर 2019 में सीएए के विरोध में रेलवे स्टेशन, बसों, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, हिन्दुओं की दुकानों-मकानों-वाहनों तक में तोडफोड-लूटपाट की गई थी।

 लालगोला और कृष्णापुर स्टेशन पर 5 ट्रेनों में आग लगा दी गई थी। सूती में पटरियां तोड दी गईं थी। उस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर मूकदर्शक बने रहने के आरोप लगाये गये थे। 

सन् 2024 में रामनवमी उत्सव के दौरान मुर्शीदाबाद के शक्तिपुर क्षेत्र में हिंसा भडकी थी। जुलूस पर छतों से पत्थरों के प्रहार किये गये थे। बंगाल का नार्थ 24 परगना, कोलकता, हावडा, साउथ 24 परगना, मालदा, मुर्शीदाबाद जैसे अनेक जिले मुस्लिम बाहुल्य हो गये हैं। गैर मुसलमानों को निरंतर प्रताडित किया जा रहा हैं।

 ‘फैक्ट फाइंडिंग टीम’ की रिपार्ट के अनुसार पश्चिमी बंगाल में बंगलादेशी, रोहिग्या सहित अनेक विदेशी घुसपैठिये भारी संख्या में मौजूद हैं जिन्हें फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारतीय नागरिक घोषित कराया गया है। आये दिन होने वाली हिंसक घटनाओं से भय और असुरक्षा का वातावरण निर्मित करके क्षेत्र से गैर मुसलमानों को भगाने का सुनियोजित षडयंत्र अब तेज होता जा रहा है।

 वहां पर एनजीओ, समाज सेवी संस्थाओं, धार्मिक संस्थाओं, समितियों, ट्रस्ट आदि की आड लेकर कट्टरपंथियों की जमातें राजनैतिक दलों के संरक्षण में अपने मंसूबे पूरे करने में जुटीं हैं। कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में असोमोयेर अलोर बाटी तथा गोल्डन स्टार ग्रुप जैसे संगठन बनाकर राजेश शेख, बशीर शेख, महबूब आलम, कौसर  तथा मुस्तकिन जैसे असामाजिक तत्व तृणमूल कांग्रेस के नेता बनकर सरकारी संरक्षण में सिमी, पीएफआई आदि प्रतिबंधित संगठनों के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। 

ब्लड डोनेशन कैम्प, कल्याणकारी योजना, लाचारों की सहायता, जरूरतमंदों को सामग्री की आपूर्ति जैसे दिखावटी आयोजनों से कट्टपंथी विचारधारा वालों को चयनित करके उन्हें देशद्रोही अभियान में झौंका जा रहा है। वर्तमान परिदृश्य के आधार पर आने वाले कल की तस्वीर बेहद डरावनी प्रतीत हो रही है। 

अभी तो केवल बानगी के चन्द दाने ही सामने आये हैं। समूचे देश में सीमापार से चलाये जा रहे खतरनाक षडयंत्रों को यदि समय रहते नस्तनाबूद नहीं किया गया तो आन्तरिक कलह की संभावना बढते समय के साथ बलवती होती चली जायेगी। इस बार बस इतना ही। अगले सप्ताह एक नई आहट के साथ फिर मुलाकात होगी।



Dr. Ravindra Arjariya

Accredited Journalist

for cont. - 

dr.ravindra.arjariya@gmail.com


 बालावाला/देहरादून;

team warriors uttarakhand, free health camp


आज रविवार दिनाँक 1 जून को जन लोक सेवा व टीम वारियर्स उत्तराखंड द्वारा बालावाला क्षेत्र के गँगा फार्म में निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया।

 जिसमें प्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा जाँच की गई व साथ ही दवाइयाँ चश्में व रक्त की जाँच भी निःशुल्क की गई । 

स्वास्थ्य जाँच शिविर में नेक्स्ट एवोल्यूशन ऑफ वर्ल्ड के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया । शिविर में अनेकों लाभार्थियों ने जाँच करवाकर लाभ लिया । 

जाँच में मुख्य अतिथि के रूप में मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल  , रिटायर जनरल श्री संजीव आनंद  ,  महिला सशक्तिकरण व बाल विकास आयोग की अध्यक्षा श्रीमती गीता खन्ना  , पंजाबी महासभा की महिला अध्यक्ष नलिनी तनेजा , आनंद छमालवान  , धनवीर राणा  मौजूद रहे।

 ऐसे में भाजपा मंडल अध्यक्ष बालावाला सौरभ नौडियाल  पार्षद बालावाला प्रशांत खरोला  , बादल  रामकिशन चमोली भी रहे ।

कार्यक्रम के दौरान टीम वारियर्स के संस्थापक व जन लोक सेवा के सहसंस्थापक शिवम बहुगुणा ने बताया की संस्था समय समय पर सामाजिक कार्यों के लिये आगे आती रहती है और युवाओं को समाजसेवा के लिए प्रेरित करने के लिये अभियान चलाते रहते हैं । 

इस मौके पर डॉक्टर अंशुल उपाध्याय , डॉक्टर हर्षल गुप्ता , डॉक्टर विजय पटेल डॉक्टर प्रियांशु नेगी सुजोग थैरेपिस्ट अक्षत अग्रवाल व अन्य कई डॉक्टरों ने जाँच की व अजय रमोला , मनीष नेगी , डॉक्टर हिमांशु गुसाईं , हरप्रीत सिंह , सौरभ रावत , ललित जोशी , अंतरिक्ष मनवाल , हरजिंदर सिंह , देहरादून वाले के संस्थापक रोहित रावत , सोहित रौथाण , अभिषेक तिवाड़ी , मुकेश पंत , भूपेंद्र नेगी , विनोद खंडूरी , कैलाश नेगी , आकाश मनवाल , दीक्षा भंडारी , प्रमिला रमोला , रवीना लामा , निकेश बिष्ट , अमित चौहान , अभिषेक शाह , रविन्द्र धनाई , शिवानी नैनवाल , विशाल , ऋषभ रावत , उदित मौर्य , शुभम सेमवाल , अभय रावत , परगट सिंह आदि ने प्रतिभाग कर सेवा दी और साथ ही सभी ने मिलकर प्रण लिया कि समय समय पर सामाजिक कार्यो के लिए आगे आते रहेँगे ।

 


छिद्दरवाला: 

क्षेत्रीय युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और उनके उत्साह को नया आयाम देने के उद्देश्य से यंग क्रिकेट क्लब, छिद्दरवाला को क्रिकेट किट वितरित की गई। इस अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन छिददरवाला महिला समूह भवन  में किया गया |जिसमें छिददरवाला निर्वतमान ग्राम प्रधान कमलदीप कौर द्वारा क्रिकेट किट का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में निर्वतमान ग्राम प्रधान शोबन सिंह कैन्तुरा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनीता राणा, पूर्व प्रधान हरीश कक्कड, समाज सेवी बलविंदर सिंह  समा पंवार, ग्रामीण दीपक थापा, घनश्याम सैनी, किशन सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे प्रयासों से क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।


ग्राम प्रधान कमलदीप कौर ने कहा कि गांव के युवाओं में अपार प्रतिभा है, उन्हें सही दिशा और संसाधन मिलें तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में और भी खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि गांव के युवा आगे बढ़ सकें।


स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इस प्रकार के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेलों की नई ऊर्जा उत्पन्न होती है। कार्यक्रम का समापन सभी खिलाड़ियों और उपस्थित जनों के सामूहिक उत्साह और आभार प्रकट करते हुए किया गया।

आज़ का राशिफल

*दिनांक:- 01/06/2025, रविवार*

षष्ठी, शुक्ल पक्ष, 

ज्येष्ठ

rashifal today 01 june 2025


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


  *अरण्य षष्ठी 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


तदहं संप्रवक्ष्यामि लोकानां हितकाम्यया ।

येन विज्ञानमात्रेण सर्वज्ञत्वं प्रपद्यते ।।

।। चाo नी o।।


इसलिए लोगो का भला करने के लिए मै उन बातों को कहूंगा जिनसे लोग सभी चीजों को सही परिपेक्ष्य मे देखेगे।


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18


ज्ञानं कर्म च कर्ता च त्रिधैव गुणभेदतः।

 प्रोच्यते गुणसङ्ख्याने यथावच्छ्णु तान्यपि॥


गुणों की संख्या करने वाले शास्त्र में ज्ञान और कर्म तथा कर्ता गुणों के भेद से तीन-तीन प्रकार के ही कहे गए हैं, उनको भी तु मुझसे भलीभाँति सुन

 ॥19॥


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष

सुख के साधन जुटेंगे। कानूनी बाधा दूर होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। कुसंगति से बचें। परिवार में मांगलिक कार्यक्रमों की चर्चा संभव है। संतान की रोजी-रोटी की चिंता समाप्त होने के योग हैं। व्यापार अच्छा चलेगा।


🐂वृष

शत्रु सक्रिय रहेंगे। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। विवाद न करें। उतावली में कोई काम न करें। पुरानी संपत्ति के रख-रखाव पर धन खर्च हो सकता है। सामाजिक, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई की चिंता रहेगी।


👫मिथुन

विवाद से क्लेश होगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक करेगा। व्यापार में नए प्रस्ताव लाभकारी रहेंगे। सही समय पर लिए गए फैसले लाभ दिला सकते हैं। आवास संबंधी समस्या हल होने के योग हैं।


🦀कर्क

शत्रु सक्रिय रहेंगे। घर-बाहर तनाव रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। संपत्ति के कार्य लाभप्रद रहेंगे। भावनात्मक संबंधों में जल्दबाजी में निर्णय न लें। अधिकारी आपकी कार्यशैली से नाराज हो सकते हैं। परिश्रम के अनुरूप सफलता नहीं मिलेगी। संतान की इच्छा पूरी होगी।


🐅सिंह

यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी सफल रहेंगे। धनार्जन होगा। पूँजी निवेश संबंधी कार्यों में सावधानी रखें। आत्मविश्वास बना रहेगा। कारोबार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। पारिवारिक समस्याओं को प्राथमिकता से हल करें।


🙍‍♀️कन्या

दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। धैर्य रखें। काम का बोझ कम करने के लिए जिम्मेदारियों को बाँटना आवश्यक है। आर्थिक कामों में परेशानी आने की संभावना है। दूसरों के काम में व्यर्थ मीन-मेख न निकालें।


⚖️तुला

प्रयास सफल रहेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। व्यस्तता रहेगी। प्रसन्नता बढ़ेगी। कारोबार में वांछित तेजी आने की संभावना रहेगी। विवेक से निर्णय करने पर लाभ एवं सफलता प्राप्त हो सकेगी। नए कार्य का आरंभ लाभदायी रहेगा।


🦂वृश्चिक

लेन-देन में सावधानी रखें। मेहमानों का आगमन होगा। शुभ समाचार मिलेंगे। मान बढ़ेगा। धनार्जन होगा। रोजगार के बेहतर अवसर मिलने से आय बढ़ेगी। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। प्रसन्नतावर्धक समाचार मिलेंगे। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।


🏹धनु

कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। मेहनत व लगन से कार्यक्षेत्र में बेहतर सफलता हासिल कर सकेंगे। अपने व्यसनों पर काबू रखना चाहिए। विवाह संबंधी प्रस्ताव आएँगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


🐊मकर

कोई मुसीबत आ सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। फालतू खर्च होगा। जोखिम न उठाएं। व्यावसायिक योजना के विस्तार में मित्रों से मदद मिलेगी। पुरानी झंझटों से राहत रह पाएगी। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखना होगा। व्यस्तता रहेगी।


🍯कुंभ

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। धनार्जन होगा। घर की चिंता रहेगी। विरोधी भी आपसे प्रभावित होंगे। कला के क्षेत्र में इच्छित सफलता मिलने के योग हैं। सरकारी राज्यपक्ष के कामों में पर्याप्त सावधानी रखें। मित्रों से मदद मिलेगी।


🐟मीन

शत्रु परास्त होंगे। क्रोध पर नियंत्रण रखें। नए अनुबंध हो सकते हैं। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। साझेदारी में शुरू किया गया कार्य लाभ के अवसरों को बढ़ा सकता है। स्थायी संपत्ति खरीदने का मन बनेगा। दांपत्य जीवन में विश्वास बढ़ेगा। कामकाज की गति बनी रहेगी।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

 नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी के नेतृत्व में छात्रसंघ पदाधिकारी का प्रतिनिधिमंडल  उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत  से मिला उन्होंने शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर  महाविद्यालय में एमएससी तथा एमकॉम की कक्षाएं संचालित करवाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन  उच्च शिक्षा मंत्री  को दिया गया.



 जिसमें उन्हें अवगत कराया गया कि पिछले काफी समय से छात्र संघ तथा छात्र-छात्राओं द्वारा महाविद्यालय में एमएससी तथा एमकॉम की मांग की जा रही है साथ ही महाविद्यालय हेतु जनरेटर के लिए ज्ञापन दिया गया। इसमें  उच्च शिक्षा मंत्री  ने आश्वासन दिया कि इसी सत्र से महाविद्यालय में एमएससी तथा एमकॉम की कक्षाएं संचालित की जाएगी तथा महाविद्यालय में जनरेटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

मौके पर छात्रसंघ अध्यक्ष मोहित डंगवाल, छात्रसंघ UR आशुतोष सिंह, छात्र नेता अभिनव गोपाल राणा आदि उपस्थित रहे।

  

-आर्थिक रूप में मजबूती के लिए स्टोन फ्रूट्स की बढ़ती संभावना पर दिया जोर

                                                           देहरादून; 

fruit stone new m8ssion by Dhaad


उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों में स्टोन फ्रूट की बागवानी को बेहतर करने की दिशा में चलाए जा रहे अभियान के तहत 'धाद' संस्था और दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से विमर्श में विशेषज्ञों ने पारंपरिक बीज और आधुनिक तकनीक के बारे में बताया

। इस दौरान सभी ने कहा कि उत्तराखंड में स्टोन फ्रूट्स (गुठलीदार फल: आडू, प्लम, खुमानी) की संभावना काफी है। इसलिए इसपर जोर दिया जाना चाहिए ताकि आर्थिक रूप से भी किसान मजबूत हो सके। कहा कि यदि हम स्टोन फ्रूट्स पर कार्य करेंगे तो सेब और कीवी से ज्यादा लाभ इनसे कमा सकते हैं। वक्ताओं ने हिमाचल की भांति उत्तराखंड को भी स्टोन फ्रूट की ओर रुख करने पर जोर दिया।

शनिवार को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में 'आडू, प्लम, खुमानी का महीना' के तहत विमर्श आयोजित किया गया। जिसमें काफी संख्या में लोग शामिल हुए। वक्ताओं में आडू, प्लम, खुमानी के बहाने गुठली वाले फलों की बात पारम्परिक बीज और आधुनिक तकनीक के मायने पर बात रखी। आड़ू प्लम खुमानी का महीना अभियान का परिचय देते हुए धाद के सचिव तन्मय ने कहा कि धाद का हरेला गाँव अध्याय लगातार पहाड़ के गाँव उसके उत्पादन और बाजार के पक्ष में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम चला रहा है। इसमें हमने पहाड़ के फलों माल्टे के बाद स्टोन फ्रूट आड़ू,प्लम,खुमानी के बाबत यह पहल प्रारम्भ की है। जिसमे हम समाज किसान और बाजार पर संवाद आयोजित कर रहे है।      मुख्य वक्ता बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी ने कहा कि घनश्याम सैलानी यदि चिपको शब्द न करते और इस बारे में आह्वान न करते तो आज लोग इस तरह पेड़ के प्रति जागरूक न होते। कहा कि उत्तराखंड हमने बनाया है तो इसकी पहचान भी बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। यह पहचान उत्तराखंड के हिसाब से बन पाएगी। कभी दक्षिण और अभी कहीं बात करना ठीक नहीं है। कहा कि हमारी मिट्टी को नशाखोर बना दिया है। आज पहाड़ के प्रति कुछ युवा जागरूक हो रहे हैं और बागवानी के प्रति संभावना को करके दिखा रहे हैं। यह उत्तराखंड में बागवानी के परिपेक्ष्य में बेहतर प्रयास है।कृषक बागवानी संगठन के अध्यक्ष व प्रगतिशील किसान बीरभान सिंह ने कहा कि हम संगठन के माध्यम से यहां जल और संसाधनों से आजीविका को बढ़ाने पर कार्य कर रहे हैं। उत्तराखंड में स्टोन फ्रूट्स को लेकर बताया कि यहां भी इसकी संभावना है। उत्तराखंड में 1000 से 2000 मीटर के तापमान में यह होता है जहां स्टोन फ्रूट पर कार्य किया जा सकता है। ऐसे फलों का मई से जून तक उत्पादन हो और नजदीकी बाजार मिले तो हमें दिल्ली नहीं भागना पड़ेगा। हिमाचल की भांति उत्तराखंड को भी स्टोन फ्रूट की ओर रुख करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हैं और जैविक चीजों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। ऐसी स्थित में स्टोन फ्रूट्स ऐसी प्रजाति है जिसमें खाद, दवा नहीं डालनी पड़ती यह जैविक के रूप में बेहतर उत्पादन है। उत्तराखंड में प्रतिवर्ष एक करोड़ से ज्यादा लोग यात्रा में आते हैं। बाहर से आने वाले चाहते हैं कि इन फलों का स्वाद लेने के साथ ही वो अपने साथ लेकर जाएं। यदि पहाड़ों में ये सभी चीजें होंगी तो आर्थिक रूप से भी मजबूत होंगे। कोर टीम हरेला गांव के सदस्य व प्रगतिशील किसान पवन बिष्ट ने कहा कि एक सर्वे के अनुसार उत्तराखंड बनने के बाद 85 लाख सेब के पौधे लग चुके हैं। जो भी देश व सोसाइटी अगली पीढ़ी को लेकर सोचती है तो वह बेहतर करती है। बीजों को एकत्रित किया जाना चाहिए। बच्चों को खेल-खेल में जागरूक करने के लिए  हमने बीज लाओ अभियान किया है। जिसमें 10 हजार बच्चों को जोड़ना है। जिसमें बच्चे खेल खेल में बच्चे बीज एकत्र कर स्कूल में इकट्ठा करेंगे। इस बीज को धाद की फंची अभियान के तहत नर्सरी स्वामी तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। बच्चों को उद्यान के बारे में जागरूक करना होगा। उन्होंने काफल, बुरांस, मैलू को बाजार तक लाने की भी बात की।   धाद के अध्यक्ष लोकेश नवानी ने कहा कि आडू, खुमानी आदि की हमने पहले ब्रांडिंग नहीं की। आज माल में जाकर खरीदकर इसकी पहचान समझ आती है। कहा कि सरकार को उत्तराखंड के फलों का उत्पादन करने वालों की तरफ ध्यान देना चाहिए। यदि सरकार ध्यान देगी तो राज्य इस क्षेत्र में काफी विकसित होगा। आयोजन का सञ्चालन हिमांशु आहूजा ने किया।   

 खेल-खेल में जैविक प्राकृतिक, मृदा पर आधारित दिनेश सेमवाल के बनाए गए सीढ़ी पोस्टर को भी लांच किया। वक्ताओं से विभा पुरी, दिनेश सेमवाल,संजीव कंडवाल, प्रेम बहुखंडी, अवधेश शर्मा, संदीप गुसाईं, विनोद भट्ट आदि ने अपने सवाल रखे । इस अवसर पर आरसी कोश्यारी,दिनेश सेमवाल,शिव प्रकाश जोशी,अवधेश शर्मा,सत्यव्रत आई.पी.एस.,टी.आर. बरमोला, जी.सी.उनियाल, बीजू नेगी, एस नौटियाल,विनोद भट्ट, नीना रावत, आशा डोभाल, बीरेंद्र खंडूरी, मेजर जी केडी सिंह, बीएम उनियाल, साकेत रावत, अनीता त्रिवेदी, विवेक तिवारी, कल्पना बहुगुणा, श्वेता,नीलेश, सुनीता बहुगुणा, आलोक सरीन, सुभाष चन्द्र नौटियाल, विनोद कुमार, आशीष शर्मा, जेपी मैठाणी, संजीव कंडवाल, पी के डबराल, दिनेश गुसाईं,प्रोफेसर रचना नौटियाल,रवीन्द्र नेगी, मनोज, राजू गुसाईं, नीरज कुमार, शुभम शर्मा मौजूद थे

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