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 .उत्तराखण्ड राज्य में भाषा विभाग द्वारा परिवहन विभाग के पंजीयन कोड को राजभाषा हिन्दी में भी अंकित किये जाने की नयी पहल शुरूआत की है। 

registration code in uttarakhand  transport in hindi


इसके तहत राज्य में वाहनों के पंजीयन कोड UK (यू०के०) शब्द के स्थान पर हिन्दी भाषा में "उ०ख०" से प्रारम्भ होगा। उत्तराखण्ड राजभाषा अधिनियम, 2009 के आलोक में समय-समय पर जारी विभिन्न शासनादेशों में समस्त शासकीय कार्यों में हिन्दी भाषा के प्रयोग पर बल दिया गया है।वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में परिवहन विभाग द्वारा सम्भागीय व उप-सम्भागीय परिवहन कार्यालयों को पंजीयन कोड मात्र अंग्रेजी भाषा में ही आबंटित किये गये हैं । उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती उत्तर-प्रदेश एवं अन्य राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर हिन्दी भाषा में भी पंजीयन कोड आवंटित किये जाते रहे हैं ।राजभाषा अधिनियम, 2009 में प्राविधानित व्यवस्थानुसार उत्तराखण्ड राज्य में भी वाहनों अन्य राज्यों की तर्ज पर पंजीयन कोड UK (यू०के०) शब्द के स्थान पर हिन्दी भाषा में “उ०ख0” से प्रारम्भ किये जाने रखे गय प्रस्ताव को मा0 मंत्री जी, भाषा विभाग, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अनुमोदन दे दिया गया है। इस सम्बन्ध में परिवहन विभाग के स्तर पर अग्रेत्तर कार्यवाही की जायेगी ।

 गजराज को लगी खदरी गांव की लत।


ऋषिकेश : 



श्यामपुर का  खदरी खड़कमाफ गांव हाथी के लिए पसन्दीदा क्षेत्र बन गया है। चारे व भोजन की तलाश में यंहा पहले हाथी रात को गांव में प्रवेश करता था। लेकिन समय बीतने के साथ ही उसे गांव की लत लग गई है जिसके कारण  अब हाथी यंहा रात गुजर जाने के बाद भी चहल कदमी करता दिखाई दे जाता है। ऐसा की नजार बृहस्पतिवार  सुबह साढ़े पांच बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगो को देखने को मिला जब एकल दाँत वाला जंगली हाथी उन्हें गांव की गलियो में टहलता हुआ नजर आया। जिसे देखकर लोग भौचक्के रह गए। लोग भी उससे कुछ दुरी बनाकर पीछे पीछे टहलने लगे। सुबह का वक्त होने  चलते सड़के सुनसान होने से कोई दुर्घटना नही हुई।  ग्रामीणों ने  हाथी के आबादी में आने की सुचना वन विभाग को दे दी थी लेकिन कुछ देर बाद हाथी वापस जंगल की तरफ चला गया। ।


आज का राशिफल

*दिनांक:-16/05/2025, शुक्रवार*

चतुर्थी, कृष्ण पक्ष,

ज्येष्ठ 

rashifal today 16 may 2025


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *चतुर्थी व्रत चन्द्रोदय रात्रि 22:37


*अंगारक चतुर्थी 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


प्रारर्द्यूतप्रसंगेन मध्यान्हे स्त्रीप्रसंगतः ।

रात्रौ चौरप्रसंगेन कालो गच्छति धीमताम् ।।

।। चा o नी o।।


  सुबह उठकर दिन भर जो दाव आप लगाने वाले है उसके बारे में सोचे. दोपहर को अपनी माँ को याद करे. रात को चोरो को ना भूले.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18


निश्चयं श्रृणु में तत्र त्यागे भरतसत्तम ।,

त्यागो हि पुरुषव्याघ्र त्रिविधः सम्प्रकीर्तितः ॥,


हे पुरुषश्रेष्ठ अर्जुन ! संन्यास और त्याग, इन दोनों में से पहले त्याग के विषय में तू मेरा निश्चय सुन।, क्योंकि त्याग सात्विक, राजस और तामस भेद से तीन प्रकार का कहा गया है॥,4॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

दूसरे से अधिक अपेक्षा करेंगे। जल्दबाजी से काम में बाधा उत्पन्न होगी। दौड़धूप अधिक रहेगी। बुरी सूचना मिल सकती है, धैर्य रखें। बनते कामों में देरी होगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। मित्रों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी।


🐂वृष

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। कोई मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार में प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी से हानि संभव है। शरीर कष्ट से बचें।


👫मिथुन

नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति पर व्यय होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। नए मित्र बनेंगे। नया उपक्रम प्रारंभ करने की योजना बन सकती है। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शुभ समय।


🦀कर्क

दूर से सुखद सूचना मिल सकती है। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बड़ा काम करने का मन बनेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ बढ़ेगा। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा।


🐅सिंह

मेहनत का फल मिलेगा। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से परिचय बढ़ेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय सताएगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। किसी मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। बुरे लोगों से दूर रहें।


🙍‍♀️कन्या

परिवार तथा मित्रों के साथ कोई मनोरंजक यात्रा का आयोजन हो सकता है। रुका हुआ पैसा मिलने का योग है। मित्रों के सहयोग से कार्य पूर्ण होंगे। नया कार्य प्रारंभ करने की योजना बनेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रशंसा प्राप्त होगी। समय अनुकूल है। आलस्य त्यागकर प्रयास करें।


⚖️तुला

पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय भावना में बहकर न करें। बुद्धि का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। आय बनी रहेगी। थकान महसूस होगी।


🦂वृश्चिक

कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। योजना फलीभूत होगी। कारोबार में वृद्धि पर विचार हो सकता है। नौकरी में अधिकारीगण प्रसन्न रहेंगे। मातहतों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। व्यापार में मनोनुकूल लाभ होगा। उत्साह व प्रसन्नता रहेगी। स्वास्थ्‍य उत्तम रहेगा। शुभ समय।


🏹धनु

किसी धार्मिक स्थल की यात्रा की आयोजना हो सकती है। सत्संग का लाभ मिलेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मार्गदर्शन सहायता प्राप्त होगी। धन प्राप्ति में बाधाएं दूर होंगी। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा व्यय हो सकता है।


🐊मकर

चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। लापरवाही न करें। किसी व्यक्ति से व्यर्थ विवाद हो सकता है। मानसिक क्लेश होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में कमी हो सकती है। व्यापार ठीक चलेगा। लोगों से अधिक अपेक्षा न करें।


🍯कुंभ

भूमि, भवन, दुकान, शोरूम व फैक्टरी इत्यादि की खरीद-फरोख्त हो सकती है। बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। विवाद को बढ़ावा न दें। कुसंगति से बचें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धन प्राप्ति सुगम होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


🐟मीन

जल्दबाजी से काम बिगड़ेंगे तथा समस्या बढ़ सकती है। विरोध होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। बाहर जाने की योजना बनेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग कार्य में आसानी देगा। घर-बाहर सुख-शांति बने रहेंगे। नौकरी में चैन रहेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

 

माणा गांव में शुरु हुआ पुष्कर कुंभ, दक्षिण भारत के श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी*


*12 वर्षों बाद माणा गांव के केशव प्रयाग में पुष्कर कुंभ का हो रहा आयोजन*

pushkar kumbh in Maana village


चमोली के सीमांत गांव माणा में स्थित केशव प्रयाग में 12 वर्षों बाद विधि विधान के साथ पुष्कर कुंभ का आयोजन शुरु हो गया है। जिसे लेकर बदरीनाथ धाम के साथ ही माणा गाँव में बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। पुष्कर कुंभ के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन के साथ पुलिस प्रशासन की ओर से यहां तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। 


जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि माणा गांव के केशव प्रयाग में आयोजित पुष्कर कुंभ को लेकर पैदल मार्ग का सुधारीकरण किया गया है। यहां पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न भाषाओं में साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इसके साथ ही कुंभ के सुचारु संचालन के लिए जहां पैदल मार्ग पर पुलिस की तैनाती की गई है। वहीं संगम तट पर एसडीआरएफ के जवानों की तैनाती भी की गई है। उन्होंने बताया कि तहसील प्रशासन को पुष्कर कुंभ के आयोजन को लेकर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। 


बता दें कि, चमोली जिले के सीमांत गांव माणा में 12 वर्षों के बाद पुष्कर कुंभ का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक परंपरा के अनुसार जब 12 वर्षों में बृहस्पति ग्रह मिथुन राशि में प्रवेश करता है, तो माणा गांव स्थित अलकनंदा और सरस्वती नदियों संगम पर स्थित केशव प्रयाग में पुष्कर कुंभ का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में मुख्य रुप से दक्षिण भारत के वैष्णव मतावलम्बी प्रतिभाग करते हैं। 


*क्या है पुष्कर कुंभ का धार्मिक महत्व*


हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माणा गांव के पास स्थित केशव प्रयाग में महर्षि वेदव्यास ने तपस्या करते हुए हिन्दू धर्म के पौराणिक ग्रंथ महाभारत की रचना की थी। यह भी कहा जाता है कि दक्षिण भारत के महान आचार्य रामानुजाचार्य और माध्वाचार्य ने इसी स्थान पर माँ सरस्वती से ज्ञान प्राप्त किया था। जिसके चलते अपनी पौराणिक परंपराओं के संरक्षण के लिए बदरीनाथ धाम के समीप स्थित माणा गांव पहुंच कर केशव प्रयाग में स्नान कर पूजा अर्चना करते हैं।


*तीर्थ स्थल न केवल हमारी धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि ये देश की एकता और सांस्कृतिक एकजुटता के भी प्रतीक हैं। विभिन्न स्थानों से आने वाले श्रद्धालु इन स्थलों पर एकत्र होकर 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को साकार करते हैं। इसी क्रम में माणा गांव में आयोजित पुष्कर कुंभ, उत्तर को दक्षिण से जोड़ रहा है।* 

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड* 

*यात्रा मार्ग पर 25 स्थानों पर मिल रही ई चार्जिंग की सुविधा*


*ग्रीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल*


चारधाम यात्रा को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए, प्रदेश सरकार ने इस यात्रा सीजन से 25 स्थानों पर ई व्हीकल चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध करा दी है। इससे यात्रा में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।  

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बार चारधाम यात्रा को ग्रीन यात्रा की थीम पर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में परिवहन विभाग (28)और टीएचडीसी (10)के सहयोग से चारधाम यात्रा मार्ग पर 38 ई व्हीकल चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इसमें से यात्रा शुरू होने तक 25 स्टेशन शुरु किए जा चुके हैं, जहां यात्री आसानी से अपने ई व्हीकल को चार्ज करवा रहे हैं। ज्यादातर चार्जिंग स्टेशन जीएमवीएन की प्रापर्टी में स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक स्टेशन पर 60 किलोवाट क्षमता के यूनिवर्सल चार्जर लगाए गए हैं, जिनमें 30-30 किलोवाट की दो चार्जिंग गन शामिल हैं। जीएमवीएन के एमडी विशाल मिश्रा ने बताया कि ग्रीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के लिए मुख्य पड़ावों पर ई-चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की गई है, ताकि यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित हो सकें। अकेले जनपद रुद्रप्रयाग में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित चार जीएमवीएन गेस्ट हाउसों पर चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की गई है। 


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*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप इस वर्ष चारधाम यात्रा को हरित यात्रा के रूप में आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में यात्रा मार्ग पर ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि उत्तराखंड को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में भी एक सार्थक कदम साबित होगी। सरकार का उद्देश्य है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण, रेस्पॉन्सिबल टूरिज्म और हरित पर्यटन को नई दिशा दी जा सके।*


*पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड*


*यहां हैं ई चार्जिंग स्टेशन*


उत्तरकाशी, हरिद्वार, ऋषिकेश, मंगलौर, रुड़की, बड़कोट, स्यानाचट्टी, फूलचट्टी, जानकीचट्टी, कौडियाला, श्रीनगर, श्रीकोट, गौचर, कर्णप्रयाग, गैरसैंण, कालेश्वर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, औली, पांडुकेश्वर बद्रीनाथ, स्यालसौड़, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, घनसाली आदि

*मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में कैंची धाम के लिए बाईपास निर्माण का काम शीघ्र होगा शुरू।*


*कैंची धाम बाईपास के लिये वन भूमि प्रस्ताव को मिली सैद्धांतिक स्वीकृति।*


*इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री द्वारा केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री से किया था अनुरोध।*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कैंची धाम के आस पास एन० एच० 109 ई० में वाहनों के अत्यधिक दवाव व जाम के दृष्टिगत सुगम व सुरक्षित यातायात हेतु वर्ष 2023 में कैंची बाईपास मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की गयी थी। 19 की.मी. लम्बे कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग में  शिप्रा नदी पर एक सेतु का भी निर्माण किया जाना है, जिसके प्रथम 8 किमी के निर्माण/चौड़ीकरण डामरीकरण हेतु रु 1214.71 लाख की धनराशि भी लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध करायी गयी है। मोटर मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अवशेष 11.00 किमी0 मोटर मार्ग में वन भूमि आने के कारण वन भूमि प्रस्ताव ऑनलाइन गठित कर पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार को वन भूमि हस्तान्तरण हेतु प्रेषित किया गया।


मुख्यमंत्री द्वारा किये गये विशेष प्रयासों से गुरुवार को हुई REC की बैठक मे पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वन भूमि हस्तान्तरण की सहमति प्रदान कर दी गयी है। शीघ्र ही मार्ग निर्माण हेतु कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जायेगी। कैंची धाम में प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत यातायात की सुगमता के लिये मुख्यमंत्री द्वारा यहां बाईपास निर्माण की घोषणा की गई थी साथ ही वन भूमि हस्तान्तरण की स्वीकृति के लिये पिछले सप्ताह केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री से भेट कर इनकी स्वीकृति का अनुरोध किया था।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम बाईपास के लिए वन भूमि प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद उक्त सड़क का तेजी से निर्माण किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्रीय लोगों एवं पर्यटकों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी साथ ही कैंची धाम और भवाली के पास लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी।

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देहरादून;


FDA uttarakhnad action against low quality packaging food and cold drink, water etc



गर्मियों में तापमान में तेज़ी से वृद्धि और पर्यटन सीजन की शुरुआत को देखते हुए उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य भर में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और ठंडे पेय पदार्थों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने और उनके उचित भंडारण के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।


*बिना अनुमति खुले में बिक रहा ठंडा पानी हो सकता है खतरनाक - ताजबर जग्गी*


अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देश पर यह आदेश जारी किए गए हैं। 


उन्होंने कहा, "गर्मी के मौसम में बाजार में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और अन्य ठंडे पेय पदार्थों की मांग में भारी वृद्धि होती है। लेकिन देखा गया है कि कई स्थानों पर इनका भंडारण खुले में और अनियमित तरीकों से किया जा रहा है, जिससे इनकी गुणवत्ता पर असर पड़ता है।


 इससे न केवल उत्पाद की शुद्धता प्रभावित होती है, बल्कि जनस्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। विभाग को इस संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।"


डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कहा, "राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गर्मियों के इस संवेदनशील मौसम में खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी  संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि बाजार में बिकने वाला पैकेज्ड पानी व शीतल पेय मानकों के अनुरूप हों। यदि कोई भी विक्रेता या आपूर्तिकर्ता नियमों की अवहेलना करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।"

उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं से अपेक्षा है कि वे केवल प्रमाणित और लाइसेंसी उत्पादों का ही उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना विभाग को दें।


विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं की सेहत सर्वोपरि है और गर्मियों के इस संवेदनशील मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


 *मुख्य सेवक संवाद के तहत युवक एवं महिला मंगल दलों के साथ मुख्यमंत्री ने किया संवाद*


*सेवा, संस्कृति और स्वावलंबन के लिए मंगल दलों का योगदान सराहनीय- मुख्यमंत्री*


*मंगल दलों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 05 हजार रूपये की जायेगी।*


*मंगल दलों को आत्मनिर्भर बनाने और ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए नीति बनाई जायेगी।*


*मंगल दलों को डिजिटल मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण दिया जायेगा।*


*राज्य स्तर पर पोर्टल बनाकर युवा और महिला मंगल दलों को एक दूसरे से जोड़ा जायेगा।*  

 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्य सेवक संवाद के तहत प्रदेशभर से आए युवक एवं महिला मंगल दलों के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मंगल दलों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 04 हजार रूपये से बढ़ाकर 05 हजार रूपये की जायेगी। मंगल दलों को आत्मनिर्भर बनाने और ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए नीति बनाई जायेगी। मंगल दलों को डिजिटल मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण दिया जायेगा। राज्य स्तर पर एक पोर्टल बनाया जायेगा, जिससे प्रत्येक युवा और महिला मंगल दल को एक दूसरे से जोड़ा जायेगा।    


मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगल दलों द्वारा सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मंगल दल उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। युवक एवं महिला मंगल दल प्रदेश की सामाजिक चेतना को मजबूत करने, लोक परंपराओं को संजोने और गांव-गांव में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदाओं के समय मंगल दल ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाते हैं और जनजागरूकता अभियानों में भी आगे रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मंगल दलों को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि मंगल दलों को स्वरोजगार के लए 50 हजार रूपये से 3.5 लाख रूपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा मंगल दल स्वावलंबन योजना के अन्तर्गत 5 करोड रूपये, मुख्यमंत्री ग्रामीण खेलकूद एवं स्वास्थ्य संवर्धन योजना के अन्तर्गत 2 करोड़ रूपये से अधिक, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत 60 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के अन्तर्गत 10 करोड़ रूपये की धनराशि की व्यवस्था की गई है। युवाओं को तकनीकि और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए पं० दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना 21 करोड़ रूपये से अधिक का प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संवर्धन के लिए भी निरंतर प्रयासरत है और स्थानीय मेलों व पर्वों के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।


*मंगल दलों के सुझाव*


उत्तरकाशी के आजाद डिमरी ने कहा कि मंगल दलों को मिलने वाली राशि 04 हजार रूपये से बढ़नी चाहिए। बागेश्वर की खृष्टि कोरंगा ने कहा कि लोगों को सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा मिल सके इसके लिए ब्लॉक एवं जनपद स्तर पर होने विली विभिन्न बैठकों में मंगल दलों को भी शामिल किया जाना चाहिए। चम्पावत की मोनिका ने कहा कि जनहित में महत्वपूर्ण जानकारियों एवं सूचनाओं के लिए पोर्टल बनाया जाना चाहिए। चमोली के सुरजीत सिंह बिष्ट ने कहा कि ग्राम स्तर पर मंगल दलों को डिजिटल प्रशिक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। हरिद्वार के मनोज चौहान ने कहा कि योग और फिटनेस पर को राज्य में अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए। 


इस अवसर पर विधायक श्री सुरेश गड़िया, पीएमजीएसवाई राज्य स्तरीय अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री शिव सिंह बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव री अमित सिन्हा, सचिव श्री एस.एन.पाण्डेय, निदेशक युवा कल्याण श्री प्रशांत आर्य उपस्थित थे।

 

निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी में किशोरावस्था शिक्षा पर दो दिवसीय सीबीएसई कार्यशाला का विधिवत आयोजन ।

ऋषिकेश;



 निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी, ऋषिकेश में किशोरावस्था शिक्षा (Adolescence Education) विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यशाला का समय प्रातः 9:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक रहा।


सर्वप्रथम कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ डॉ. वंदना पांडे, अतिरिक्त निदेशक, गुरुकुल शिक्षा, भारतीय शिक्षा बोर्ड, एवं श्रीमती नीलम थपलियाल, प्रधानाचार्या, दिल्ली पब्लिक स्कूल, रानीपोखरी के करकमलों द्वारा किया गया।


इस प्रशिक्षण सत्र में 9 प्रतिष्ठित विद्यालयों के लगभग 60 शिक्षकों ने सहभागिता की, जिनमें निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी, ऋषिकेश

निर्मल आश्रम दीपमाला पब्लिक स्कूल, ऋषिकेश, एस.सी.बी. एकेडमी, नथुवावाला, देहरादून, हैप्पी होम मोंटेसरी स्कूल, खदरी, ऋषिकेश, जानकी चिल्ड्रन एकेडमी, कुंज विहार, देहरादून, ग्रेस एकेडमी, न्यू कैंट रोड, देहरादून, एस.जी.आर.आर. पब्लिक स्कूल, बालावाला, देहरादून, संत कबीर एकेडमी, हर्रावाला, देहरादून, एस.एस.बी. इंटरनेशनल स्कूल, ऋषिकेश


इस दौरान डॉ वंदना पांडे ने प्रमुख विषय-वस्तु व बिंदुओं पर कार्यशाला का फोकस किया जिसमें किशोरों के लिए तनाव प्रबंधन की प्रभावशाली तकनीकें, वस्थ पारस्परिक संबंधों का निर्माण, आत्म-प्रेरणा और व्यक्तिगत जिम्मेदारी, आत्म-जागरूकता व भावनात्मक नियंत्रण । कार्यशाला की गतिविधियाँ में संवादात्मक चर्चाएँ, भूमिका-निवाचन (Role Plays), समूह कार्य एवं सहभागिता आधारित गतिविधियाँ, प्रमुख निष्कर्ष व उपलब्धियाँ, शिक्षकों में आत्मविश्वास व संवेदी समझ का विकास किशोर छात्रों को समझने और उनसे सकारात्मक संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया।


श्रीमती नीलम थपलियाल ने इस प्रकार की कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को किशोरावस्था की जटिलताओं को समझने और छात्रों के समग्र विकास में सहयोगी बनने के लिए तैयार करना है। यह शिक्षकों को तनाव प्रबंधन, स्वस्थ संवाद, भावनात्मक संतुलन और आत्म-जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन देती है, जिससे वे विद्यार्थियों को बेहतर जीवन कौशल प्रदान कर सकें।


कार्यशाला का समापन निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी की प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता शर्मा एवं हेडमिस्ट्रेस श्रीमती अमृत पाल डंग द्वारा सभी अतिथियों व प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला किशोरों की चुनौतियों को समझने और उन्हें बेहतर मार्गदर्शन देने हेतु एक सशक्त मंच सिद्ध हुई है। धन्यवाद 



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