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लच्छीवाला टोल प्लाजा व आशा रोडी बैरियर को खुला रखने के डीएम ने जारी किए आदेश

देहरादून :


 देहरादून दिल्ली एक्सप्रेस वे के लोकार्पण  एवं देहरादून  में जसवंत सिंह ग्राउंड गढी कैंट परिसर में आयोजित मा0 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के  प्रस्तावित कार्यक्रम में भारी संख्या में जनमानस के प्रतिभाग करने  की संभावना के दृष्टिगत जिला प्रशासन देहरादून  चाक चौबंद व्यवस्थाएं करने में जुटा है। माननीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आने वाले वाहनों शहर तथा आसपास जाम की स्थिति न बने इसके लिए जिलाधिकारी ने लच्छीवाला टोल प्लाजा को   14 अप्रैल  को प्रातः 5:00 बजे से सांय 8:00 बजे तक खुला रखने के आदेश दिए । जिसके फलस्वरुप इस दौरान किसी भी निजी, कमर्शियल व अन्य वाहनों का टोल टैक्स नहीं काटा जाएगा। मंगलवार प्रातः 05 बजे से लेकर शाम 08 बजे तक टोल प्लाजा से वाहनों का नि:शुल्क आवागमन रहेगा।


 जिला प्रशासन द्वारा टोल प्लाजा को नि:शुल्क रखने के आदेश दिए हैं । माननीय प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सीमावर्ती व पर्वतीय जनपदों से बसे एवं निजी वाहनों के अधिक संख्या में कार्यक्रम स्थल पहुंचने की संभावना के चलते टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति न बने तथा शहर को जाममुक्त रखने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये जाने को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुबह 05 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक टोल प्लाजा को नि:शुल्क रूप से खुला रखने के आदेश दिए  हैं ।  इस अवधि में फास्ट टैग से भी किसी प्रकार का कोई टोल नहीं वसूला जाएगा है।

 

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखण्ड दौरे की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। 


मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक ने डाट काली मंदिर से महिंद्रा ग्राउंड, गढ़ी कैंट तक तैयारियों को परखा। मुख्य सचिव ने सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को पीएम दौरे के दौरान सुचारू रूप से संचालित किए जाने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही।

मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के बनने से एक ओर दिल्ली - एनसीआर से देहरादून पहुँचने का समय कम होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, चारधाम यात्रा के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर इससे आर्थिक गतिविधियों को भी बूस्ट मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रमेन्द्र सिंह डोभाल एवं नगर आयुक्त श्रीमती नमामी बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


 आज का राशिफल

 दिनांक 11 अप्रैल 2026

 दिन शनिवार

rashifal today 11 april,2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

आज यात्रा लाभदायक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। कोई बड़ी समस्या का हल सहज ही होगा। समय अनुकूल है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शेयर मार्केट, म्युचुअल फंड से मनोनुकूल लाभ होगा। बेरोजगारी के प्रयास सफल रहेंगे।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

परिवार के किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर खर्च होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में नि‍श्चितता रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जल्दबाजी न करें। विवाद को बढ़ावा न दें। फालतू खर्च होगा। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

आय में वृद्धि होगी। लाभ में वृद्धि होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। व्यापार ठीक चलेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। समय की अनुकूलता का लाभ लें। यात्रा लाभदायक रहेगी। रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। विरोधी सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। पारिवारिक चिंता रहेगी। जो‍खिम न लें।



कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

आर्थिक उन्नति की योजना बनेगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। नए उपक्रम प्रारंभ हो सकते हैं। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। जल्दबाजी से काम बिगड़ सकते हैं। थकान व कमजोरी रहेगी। किसी बड़े काम को करने की तीव्र इच्छा जागृत होगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। दुष्टजनों से सावधान रहें। प्रमाद न करें। धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

बनते कामों में विघ्न आ सकते हैं। चिंता तथा तनाव रहेंगे। बेकार बातों की तरफ ध्यान न दें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय होगी। फालतू खर्च होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। चोट व दुर्घटना के प्रति सावधानी आवश्यक है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। मानसिक बेचैनी रहेगी। सभी तरफ से सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। ऐश्वर्य के साधनों पर अधिक व्यय होगा। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। शत्रु पस्त होंगे।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। समय की अनुकूलता का लाभ लें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। जोखिम न उठाएं। प्रसन्नता रहेगी। किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद प्राप्त होगा। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। रोजगार मिलेगा। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कानूनी अड़चन सामने आएगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बेचैनी रहेगी। व्यर्थ दौड़धूप रहेगी।



मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

मेहनत अधिक होगी। लाभ के अवसर टलेंगे। मानसिक बेचैनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। कोई बड़ी बाधा उठ खड़ी हो सकती है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें, गुम हो सकती है। विवाद के बढ़ावा न दें। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें। किसी व्यक्ति विशेष से कहासुनी हो सकती है।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

व्यापार लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। ऐश्वर्य के साधनों पर खर्च होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। भाग्य का साथ रहेगा। प्रमाद न करें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मेहनत का फल मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे।



मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। बुद्धि का प्रयोग करेंग। कार्य में सफलता मिलेगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। लाभ में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। समय सुखपूर्वक व्यतीत होगा। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की वार्ता, समाधान की दिशा में पहल* 



 *इंजीनियर्स की मांगों के परीक्षण हेतु सब-कमेटी गठन* 

 *जनहित को प्राथमिकता, संवाद से समाधान की ओर बढ़ी सरकार और इंजीनियर्स* 

उत्तराखंड में चल रही डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के बीच आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने भेंट कर अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में विस्तृत चर्चा की।

महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी 27 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें पदोन्नति, वेतनमान और पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे |



मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है और उनकी सभी मांगों का समुचित परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों के समाधान के लिए एक सब-कमेटी का गठन किया जाएगा, जो संबंधित बिंदुओं का गहन अध्ययन कर शीघ्र अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार संवाद और समन्वय के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को सुचारू बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और राज्य के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सभी पक्षों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने इंजीनियर्स महासंघ से अपील की कि वे जनहित को ध्यान में रखते हुए सहयोगात्मक रुख अपनाएं और वार्ता प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि शीघ्र समाधान निकल सके। उन्होंने कहा कि  “राज्य सरकार डिप्लोमा इंजीनियर्स की मांगों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उनकी समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। संवाद और समन्वय के माध्यम से हम सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”


 बैठक में सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री दिलीप जावलकर, श्री पंकज कुमार पांडे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे |

मुख्यमंत्री से उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने की भेंट*


*मुख्यमंत्री से वार्ता के पश्चात् उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ ने अपनी 23 मार्च, 2026 से चली आ रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को राज्यहित में स्थगित किये जाने का लिया निर्णय*


उत्तराखंड में चल रही डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के बीच आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों ने भेंट कर अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी 27 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें पदोन्नति, वेतनमान और पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। मुख्यमंत्री से वार्ता के पश्चात् उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ द्वारा अपनी 23 मार्च, 2026 से चली आ रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को राज्यहित में स्थगित किये जाने का निर्णय लिया गया है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार संवाद और समन्वय के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को सुचारू बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और राज्य के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सभी पक्षों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।


उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं. आर.सी.शर्मा ने बताया कि 27 सूत्रीय समस्याओं के निराकरण हेतु महासंघ के समस्त सदस्य दिनांक 23 मार्च, 2026 से अनिश्चितकालीन हडताल पर थे। उन्होंने बताया इस सम्बन्ध में आज शुक्रवार को महासंघ के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये सकारात्मक आश्वासन के पश्चात, उत्तराखण्ड डिप्लोमा इन्जीनियर्स महासंघ ने आज दिनांक 10 अप्रैल, 2026 को अपनी आनिश्चितकालीन हड़ताल को राज्यहित में स्थगित करने का निर्णय लिया है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा बीते दिनों केंद्रीय नागर विमानन मंत्री से देहरादून-वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या उड़ान सम्पर्क बढ़ाये जाने का अनुरोध किया गया था। इसी क्रम में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू किंजरापु ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में अवगत कराया है कि वर्तमान में देहरादून से अहमदाबाद, भुवनेश्वर, बैंगलौर, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, शमशाबाद, जयपुर, लखनउ, पुणे, कुल्लू के लिए इंडिगो, एलाइंस एअर, एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस की प्रति सप्ताह आने-जाने की 254 उडानें संचालित है।


उन्होंने बताया कि भारत में घरेलू विमानन क्षेत्र को नियंत्रणमुक्त कर दिया गया है। इसके तहत एयरलाइनें अपने बेडे में किसी भी प्रकार के विमान को शामिल करने और अपने प्रचालन और वाणिज्यिक सरोकारों के आधार पर बाजारों और मार्गो का चयन करने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने बताया है कि किसी भी हवाईअड्डे के लिए या हवाईअड्डे से हवाई सेवाओं को आरंभ करने या बढ़ाने का निर्णय संबंधित एयरलाइंस प्रचालकों पर निर्भर करता है। उन्होंने बताया है देहरादून से वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या उड़ान सेवा के अनुरोध का सभी अनुसूचित घरेलू एयर लाइनों के साथ सांझा किया गया है।


*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार राज्य  हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार उत्तराखंड को सहयोग कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में हवाई सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। सरकार देहरादून से वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या के लिए नियमित हवाई सेवा शुरु करने के लिए प्रयासरत है। इससे राज्य के लोगों को वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या से सीधे सम्पर्क स्थापित हो सकेगा।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*


• प्रदेश में मकानसूचीकरण एवं हाउसिंग जनगणना कार्य का आरंभ

• पहली बार नागरिकों को ऑनलाइन ‘स्व-गणना’ की सुविधा

• प्रदेश में 30,000 से अधिक प्रगणक एवं पर्यवेक्षक तैनात

SIR  CM dhami governor gurmeet


शुक्रवार को उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) प्रक्रिया की शुरुआत की।


कार्यक्रम के तहत आज से प्रदेश में ‘मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (Houselisting & Housing Census)’ का कार्य प्रारंभ हो गया है। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत पहली बार नागरिकों को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वे जनगणना अधिकारी के घर आने से पूर्व स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर दर्ज कर सकते हैं।


यह स्व-गणना सुविधा 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक गणना कर्मी घर-घर जाकर डेटा संकलन करेंगे।


इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्व-गणना के माध्यम से इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय सहभागिता करें, जिससे डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े राज्य सरकार को बेहतर नीतियां बनाने और अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहायक होंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे जनगणना शुभंकर ‘प्रगति’ और ‘विकास’ के साथ जुड़कर इस अभियान को सफल बनाएं।

कैबिनेट मंत्री, जनगणना, उत्तराखंड शासन ने भी प्रदेश की जनता से इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की।


महत्वपूर्ण जानकारी: प्रथम चरण में नागरिकों को मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं (जैसे बिजली, पानी, शौचालय आदि) तथा संपत्तियों से संबंधित 33 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। स्व-गणना करने वाले नागरिकों को एक विशेष SE ID प्राप्त होगी, जिसे गणना कर्मी के आगमन पर साझा करना अनिवार्य होगा।

इस कार्य के लिए प्रदेश भर में लगभग 30,000 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। उत्तराखंड शासन ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों का पूर्ण सहयोग करें तथा स्व-गणना सुविधा का अधिकतम उपयोग करते हुए राज्य के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।


इस अवसर पर भारत सरकार, गृह मंत्रालय की जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव, उत्तराखंड शासन से जनगणना सचिव दीपक कुमार, संयुक्त निदेशक एस. एस. नेगी, उप निदेशक प्रवीण कुमार, तान्या सेठ, आर. के. बनवारी तथा देवाशीष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



देहरादून :


जिलाधिकारी  सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सतत प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है। 

 

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 13  शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 13466  अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 639 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।एलपीजी का घरेलू 28248 तथा व्यवसायिक का 4356 स्टॉक उपलब्ध है।  घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।    




आज दिनांक 9 अप्रैल 2026 को भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के 14 अप्रैल आगमन पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।


कार्यक्रम में महानगर के अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने प्रदेश अध्यक्ष राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट जी का स्वागत अभिनंदन किया एवं कार्यकर्ताओं को अवगत कराया की 14 अप्रैल को देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी का देहरादून महानगर में रोड शो वह जनसभा होने जा रही है जिसके लिए हम सभी कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि इस कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देकर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी का हम स्वागत अभिनंदन करें। 


कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जी ने भी सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत अभिनंदन किया और कहा कि यह हम सब की सौभाग्य की बात है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी का देवभूमि में आगमन होने जा रहा है हम सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखंड प्रदेश से विशेष लगाव है और जिसके चलते हम सब लोग सौभाग्यशाली हैं प्रधानमंत्री जी समय-समय पर उत्तराखंड में नई सौगात के साथ उत्तराखंड वासियों का विशेष ध्यान रखते हैं और अब भी वह देहरादून दिल्ली हाईवे जनता को समर्पित करने वाले हैं इसका विधिवत उद्घाटन कर रोड शो करते हुए एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे हम सभी कार्यकर्ताओं की नैतिक जिम्मेदारी है कि हम उनका स्वागत अपनी पारंपरिक वेशभूषा संस्कृति के साथ करेंगे। 

कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कार्यकर्ताओं को होने जा रहे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी और कार्यक्रम का स्वरूप विस्तृत रूप से बताया गया। 


कार्यक्रम में महामंत्री संगठन अजेय कुमार कैबिनेट मंत्री खजानदास महापौर सौरभ थपलियाल विधायक उमेश शर्मा विनोद चमोली श्रीमती सविता कपूर सभी ने होने जा रहे कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि हम अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को निभाएं। 


कार्यक्रम में प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान महामंत्री विजेंद्र थपलियाल राजेंद्र ढिल्लों महानगर के सभी कार्यकर्ता पार्षद गण मंडल अध्यक्ष कार्यकर्ताउपस्थित रहे। 



 


*महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविन्द्र पुरी ने सरकार की तैयारियां को सराहा*
 
*कहा कुम्भ के दिव्य आयोजन को भव्य बनाने के लिए जुटेंगे सभी अखाड़े*


हरिद्वार;
haridwar ardhkumbh 2026



हरिद्वार में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां तेजी से जारी हैं। कुंभ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं विस्तार किया जा रहा है। साथ ही कुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं, अखाड़ों तथा साधु-संतों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर धर्मनगरी हरिद्वार के साधु-संतों एवं अखाड़ों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। इसके साथ ही अखाड़ों के स्तर पर भी कुंभ मेले को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी के सचिव श्री महंत रविन्द्र पुरी ने राज्य सरकार द्वारा कुंभ मेले को लेकर की जा रही तैयारियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे महत्वपूर्ण सहयोग की भी प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्री महंत रविन्द्र पुरी ने कहा कि सभी अखाड़े धार्मिक परंपरा के अनुसार कुंभ मेले में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले में अखाड़ों द्वारा पूरे विधि-विधान से धर्मध्वजाओं की स्थापना कर अपनी छावनियां स्थापित की जाएंगी। अखाड़ों द्वारा परंपरानुसार पेशवाई एवं अमृत स्नान में सहभागिता की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के आयोजन के लिए सभी अखाड़ों तथा श्री गंगा सभा की सहमति से स्नान पर्वों एवं अमृत स्नान (शाही स्नान) की तिथियों की घोषणा के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार सहित कुंभ क्षेत्र में शामिल सभी स्थानों पर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि कुंभ मेले की व्यवस्थाओं के लिए बड़े पैमाने पर किए जा रहे आधारभूत कार्यों से न केवल मेले के दौरान, बल्कि लंबे समय तक धर्मनगरी हरिद्वार सहित समूचे कुंभ क्षेत्र को लाभ मिलेगा। अन्य अवसरों पर भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को इसका लाभ प्राप्त होगा तथा इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, तीर्थाटन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रतिबद्ध प्रयासों से कुंभ मेले का दिव्य एवं भव्य आयोजन सुनिश्चित है, जिसके लिए सभी अखाड़ों के स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2021 में आयोजित कुंभ मेले में कोविड के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन संभव नहीं हो सका था। वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को लेकर साधु-संतों के साथ-साथ श्रद्धालुओं में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। निश्चित रूप से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मेले में प्रतिभाग करेंगे, जिनके लिए राज्य सरकार द्वारा समय पर समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।


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चेक पोस्टों पर एएनपीआर कमरे एक्टिव, आशारोड़ी और नारसन बॉर्डर पर रेस्ट पॉइंट, ऋषिकेश में कंट्रोल रूम*


देहरादून :

आगामी 19 अप्रैल से प्रारंभ हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए परिवहन विभाग की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने हेतु विभाग द्वारा 16 अप्रैल से विभिन्न प्रमुख स्थानों पर चेक पोस्ट संचालित किए जाएंगे।


मा मुख्यमंत्री, मा परिवहन मंत्री एवं जिलाधिकारी के निर्देशन पर परिवहन विभाग द्वारा आशारोड़ी, कटा पत्थर, कोठाल गेट, हर्बतपुर, ऋषिकेश, सत्यनारायण, तपोवन, भद्रकाली एवं सोनप्रयाग में स्थापित किए जा रहे चेक पोस्ट वाई-फाई सुविधा से युक्त कर दिए है। इन चेक पोस्ट पर ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड तथा वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। यात्रा की निगरानी के लिए प्रवर्तन टीमें भी विभिन्न स्थानों पर सक्रिय रहेंगी। ये टीमें यात्रा में शामिल वाहनों की तकनीकी फिटनेस, आवश्यक दस्तावेजों एवं अन्य मानकों की गहन जांच करेंगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऋषिकेश को यात्रा का प्रमुख केंद्र मानते हुए यहां एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है, जहां परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहेंगे। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से श्रद्धालु टोल फ्री नंबर 0135-2743432 पर संपर्क कर अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त कर सकेंगे।


संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी ने बताया कि विभाग की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और 16 अप्रैल से सभी चेक पोस्ट पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रत्येक चेक पोस्ट पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 30 मार्च से प्रारंभ हुई ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया के तहत अब तक 1500 से अधिक ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। हरिद्वार के अतिरिक्त रुड़की एवं आशारोड़ी में भी ग्रीन कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं सुगम बनाया जा सके।


हरबर्टपुर व ऋषिकेश चेक पोस्ट से जाम पर लगेगा लगाम

चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए हरबर्टपुर बस अड्डा एवं ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप पर स्थापित परिवहन विभाग की चेक पोस्ट अहम भूमिका निभाएंगी। संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी के अनुसार, इन दोनों स्थानों पर बसों की पूर्व जांच सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आगे कटा पत्थर, भद्रकाली व तपोवन क्षेत्रों में जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, लंबी दूरी तय कर आने वाले वाहन चालकों की सुविधा के लिए आशारोड़ी एवं नारसन बॉर्डर पर रेस्ट पॉइंट विकसित किए जा रहे हैं, जहां बेड, शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।


बॉर्डर क्षेत्रों में एएनपीआर कैमरों से होगी सख्त निगरानी

चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए परिवहन विभाग ने प्रदेश के बॉर्डर क्षेत्रों में अत्याधुनिक एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे सक्रिय कर दिए हैं। इन कैमरों के माध्यम से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की निगरानी सीधे मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। संभागीय परिवहन अधिकारी के अनुसार, भद्रकाली, तपोवन, कटा पत्थर एवं नारसन बॉर्डर जैसे प्रमुख पड़ावों पर एएनपीआर कैमरे पूर्ण रूप से क्रियाशील हैं, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।



 



 *व्यावसायिक दृष्टिकोण की अपेक्षा मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश*

 *दुनियाभर से आने वाले श्रद्धालओ की सुरक्षा और सुविधा हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी - मुख्यमंत्री धामी* 

 “ *ग्रीन एवं क्लीन यात्रा” को इस बार और व्यापक बनाने के निर्देश* 

 *प्लास्टिक पर पूरी तरह लगाम, जगह-जगह लगेंगे कलेक्शन बॉक्स*

 *फर्जी खबर फैलाने वालों पर FIR और तत्काल कड़ी कार्रवाई* 

 *हेली सेवाओं में लापरवाही नहीं—मेंटेनेंस और फिटनेस चेक अनिवार्य* 

 *भीड़ नियंत्रण के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और स्लॉट सिस्टम लागू* 

 *यात्रा मार्गों पर ओवररेटिंग रोकने के लिए हर दुकान पर रेट लिस्ट जरूरी* 

 *स्वास्थ्य, पेयजल, शौचालय और शेल्टर की व्यवस्था होगी मजबूत* 

 *ट्रैफिक जाम रोकने के लिए सख्त प्लान और वैकल्पिक मार्ग तैयार* 

 *आपदा प्रबंधन को लेकर SDRF-NDRF अलर्ट मोड में* 

 *CCTV और AI आधारित निगरानी से पूरी यात्रा होगी हाईटेक* 

 *24x7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन से त्वरित रिस्पांस सुनिश्चित* 


 सीएम धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस वर्ष देवभूमि उत्तराखंड की जीवन रेखा चारधाम यात्रा को हर दृष्टि से अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। मुख्यमंत्री धामी ने संबंधी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि यात्रा में हर पक्ष विशेषकर हेली सेवाओं के संबंध में व्यावसायिक दृष्टिकोण की अपेक्षा मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए | देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालओ की सुरक्षा और सुविधा हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है |



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी गुरवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार, विश्वकर्मा भवन में चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ले रहे थे ।  



मुख्यमंत्री श्री धामी ने पिछले वर्ष प्रारंभ की गई ‘ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा’ मुहिम को इस बार और अधिक प्रभावी रूप में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा मार्गों पर पर्याप्त संख्या में कलेक्शन बॉक्स स्थापित करने तथा प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से नियंत्रण करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि चारधाम यात्रा को लेकर कोई भी भ्रामक या अफवाह फैलाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




 मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि यात्रा को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। हेली सेवाओं के संचालन को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित SOP का पूरी सख्ती से पालन किया जाए, सभी हेलीकॉप्टरों की नियमित मेंटेनेंस और फिटनेस जांच अनिवार्य हो तथा ऑपरेशनल ओवरलोडिंग से बचने के लिए समय-समय पर सेवाओं को पर्याप्त विश्राम दिया जाए।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने मौसम आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने प्रमुख स्थलों पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट और थीम आधारित इंस्टॉलेशन विकसित करने के साथ-साथ यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और साइनज को बेहतर बनाने को कहा।




आपूर्ति व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्ग पर गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए और अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त कर दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।



स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त मेडिकल यूनिट्स और आवश्यकतानुसार अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएं। पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सालयों की संख्या और सुविधाओं को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही CSR और अन्य संसाधनों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।



श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने शौचालय, विश्राम स्थल (शेल्टर) और अन्य मूलभूत सुविधाओं के व्यापक विकास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दर्शन के लिए लंबा इंतजार न हो, इसके लिए स्लॉट मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया जाए तथा रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाए।



ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रणाली को और मजबूत करते हुए भीड़भाड़ वाले रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर अतिरिक्त बूथ बढ़ाने और डिजिटल प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे यात्रा मार्ग पर CCTV कैमरों को पूर्ण रूप से सक्रिय रखने और आवश्यकता अनुसार AI आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।



मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य मार्गों, चौराहों और बाजारों में पुलिस एवं होमगार्ड्स की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि जाम की स्थिति बिल्कुल उत्पन्न न हो और इसके लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए। स्थानीय नागरिकों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान और संचालन भी सुनिश्चित किया जाए।


आपदा प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पूर्व पहचान कर आवश्यक संसाधनों की तैनाती करने को कहा। SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा 24x7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।



सीएम धामी ने यात्रा अवधि के दौरान नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी करने और पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेकर सुधारात्मक कदम तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर गड्ढों को तुरंत भरने और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया।



मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष भंडारों को लेकर उत्पन्न विवादों का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि प्रशासन स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच समन्वय स्थापित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले। साथ ही ओवररेटिंग पर सख्ती करते हुए सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।



परिवहन व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड समय पर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आपूर्ति विभाग को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा मार्गों पर रसोई गैस, केरोसीन, पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।



बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी, वर्चुअल माध्यम से कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, विधायकगण, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


 



आज दिनाँक 09 अप्रैल 2026 को सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों के दृष्टिगत SDRF वाहिनी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संचार व्यवस्था, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, आधुनिक उपकरणों के समुचित उपयोग, पर्याप्त जनशक्ति की तैनाती एवं रणनीतिक स्थानों पर पोस्ट स्थापना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसके अतिरिक्त डॉग स्क्वाड की तैनाती, आपात परिस्थितियों से निपटने हेतु मॉक एक्सरसाइज का आयोजन, श्रद्धालुओं की सुविधा एवं जागरूकता के लिए यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर सूचनात्मक बैनर स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आवश्यक स्थानों पर पैरामेडिक्स की तैनाती तथा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए।


बैठक में उपसेनानायक श्री शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक श्री सुशील रावत एवं श्री संजय उप्रेती, निरीक्षक श्री प्रमोद रावत, श्री अनिरुद्ध भंडारी, श्री जगदम्बा प्रसाद, श्री कवीन्द्र सजवाण, श्री कर्ण सिंह, श्री सुनील सती, RI रेडिओ श्री राम गोपाल, उपनिरीक्षक श्री जयपाल राणा एवं श्री विजय रयाल सहित अन्य अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।

 आज का राशिफल

 दिनांक 9 अप्रैल 2026 

दिन गुरुवार



मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। कार्यस्थल पर परिवर्तन हो सकता है। परिवार की समस्याओं की चिंता रहेगी। समय की अनुकूलता का लाभ अधिकाधिक लेना चाहिए। नवीन उपलब्धियों की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा।



वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। बेरोजगारी दूर होगी। धन की आवक बनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य न करें। लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रयत्न करें, सफलता मिलेगी। शुभ कार्यों में संलग्न होने से सुयश एवं सम्मान प्राप्त हो सकेगा। व्यापारिक निर्णय लेने में देर नहीं करें।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से सहयोग मिलेगा। संतान के कार्यों पर नजर रखें। पूँजी निवेश बढ़ेगा। प्रचार-प्रसार से दूर रहें।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

क्रोध पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दु:खद समाचार मिल सकता है। चिंता बनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय में सावधानी रखें। वास्तविकता को महत्व दें। प्रयासों में सफलता के योग कम हैं। परिवार में कलह-कलेश का माहौल रह सकता है।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

नए अनुबंधों का लाभ मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। पूछ-परख रहेगी। रुके कार्य बनेंगे। जोखिम न लें। वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। व्यवहार कुशलता एवं सहनशीलता के बल पर आने वाली बाधाओं का समाधान हो सकेगा। खानपान पर नियंत्रण रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

मेहमानों का आवागमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। मान बढ़ेगा। जल्दबाजी न करें। जोखिम के कार्यों से दूर रहें। पराक्रम में वृद्धि होगी। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। अभिष्ट कार्य की सिद्धि के योग हैं। उलझनों से मुक्ति मिलेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल लाभ देंगे। भेंट आदि की प्राप्ति होगी। कोई बड़ा कार्य होने से प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में उन्नति के योग हैं। संतान की ओर से सुखद स्थिति बनेगी। प्रयास की मात्रा के अनुसार लाभ की अधिकता रहेगी। अपनी वस्तुएँ संभालकर रखें।

वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

वाणी पर नियंत्रण रखें। अप्रत्याशित बड़े खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है, जोखिम न लें। अजनबी व्यक्ति पर विश्वास न करें। उदर विकार के योग के कारण खान-पान पर संयम रखें। विवादों से दूर रहना चाहिए। आर्थिक प्रगति में रुकावट आ सकती है।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। धनार्जन होगा। प्रमाद न करें। संतान के कार्यों से समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नेतृत्व गुण की प्रधानता के कारण प्रशासन व नेतृत्व संबंधी कार्य सफल होंगे। शत्रुओं से सावधान रहें।

मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शत्रु शांत रहेंगे। धनार्जन होगा। आज विशेष लाभ होने की संभावना है। बुद्धि एवं मनोबल से सुख-संपन्नता बढ़ेगी। व्यापार में कार्य का विस्तार होगा। सगे-संबंधी मिलेंगे


गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। धनार्जन होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। प्रमाद न करें। व्यापार-व्यवसाय में इच्छित लाभ की संभावना है। भाइयों की मदद मिलेगी। संपत्ति के लेनदेन में सावधानी रखें।

राशि फलादेश

मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। दूसरों की जमानत न लें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पारिवारिक जीवन में तनाव हो सकता है। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ के योग हैं। स्थायी संपत्ति क्रय करने के योग बनेंगे। प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भेंट होगी।


हरिद्वार:



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 के तहत अवस्थापना सुविधाओं के विकास में तेजी लाये जाने तथा जिला योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु  1200 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला-2027 के तहत अवस्थापना सुविधाओं के विकास में तेजी लाये जाने के लिए विभिन्न विभागों की 28 महत्वपूर्ण योजनाओं हेतु ₹ 282.29 करोड़ की योजनाओं का अनुमोदन प्रदान किया गया है। कुम्भ मेला-2027 को दिव्य एवं भव्य स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार का यह महत्वपूर्ण प्रयास है।


इसके साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना संरचना के अंतर्गत राज्य के सभी जनपदों हेतु कुल ₹ 1018.21 करोड़ की धनराशि जनपदवार आवंटित किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस धनराशि से जनपदों में संचालित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा प्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास को और अधिक गति मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जन कल्याण से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश की जनता को योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।

[08/04, 20:30] +91 70550 07045: *देहरादून 08 अप्रैल, 2026 (सू. ब्यूरो)*

*मुख्य सचिव ने ली चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक*


*सम्बन्धित विभागों से ली अद्यतन स्थिति की जानकारी*


*विभागीय उच्चाधिकारियों और जिलाधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश*


मुख्य सचिव ने बुधवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्त्वपूर्ण बैठक ली। मुख्य सचिव ने पुलिस, लोनिवि, स्वास्थ्य विभाग आदि को अपने स्तर से पूर्ण तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। 


मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस विभाग को जाम वाले स्थलों तथा स्लाईडिंग जोन का चिन्हित कर पुलिस बल तैनात किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैफिक जाम और लैंड स्लाइडिंग जैसे अन्य कारणों से मार्ग बाधित होने के कारण लगने वाले जाम से बचने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया चिह्नित कर यात्रियों को रुकने और खाने की सम्पूर्ण व्यवस्थाएं रखी जाएं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार को असुविधा न हो। उन्होंने यातायात संकुलन और मौसम की जानकारी सहित महत्वपूर्ण जानकारियां लगातार वॉकी-टॉकी सहित एसएमएस से जानकारी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यात्रा के लिए रजिस्टर्ड नंबर पर वॉट्सएप चला जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों को ‘सचेत ऐप‘ अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाए। उन्होंने पुलिस सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभागों को अपनी विभागीय योजनाओं में नए रूट्स और कनेक्टिविटी को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। 


मुख्य सचिव ने आपदा प्रबन्धन विभाग के मैसेजिंग एलर्ट मैकेनिज्म का प्रयोग भी यात्रा मार्ग में यात्रियों को जानकारियां उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपात स्थिति में हैली सेवाओं के माध्यम से बचाव एवं रेस्क्यू का उचित प्रबन्धन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में विभिन्न स्थानों में सार्वजनिक सुविधाएं विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए स्थान चिह्नित करते हुए इसका प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग अपनी छोटी पब्लिक अमेनिटीज को भी विकसित कर सकता है। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों में साईनेज अनिवार्य रूप से लगाए जाने की बात भी कही ताकि किसी श्रद्धालु को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।


मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से चारों धामों में चिकित्सकों की तैनाती की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ धाम में 15-15 दिनों के रोटेशन आधार पर चिकित्सकों की तैनाती की जाए। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्क्रीनिंग पाइंट्स स्थापित करते हुए स्वास्थ्य जांच को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रेकिंग रूट्स पर आपातकालीन स्थिति में मेडिसिन और जांच उपकरणों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।


मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन तथा लोक निर्माण विभाग के अपने-अपने परिक्षेत्रान्तर्गत आने वाले मोटर मार्गाे यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व दुरूस्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिए लैबर की संख्या बढ़ायी जाए। उन्होंने डेंजर जोन, स्लाईडिंग जोन को चिन्हित कर मरम्मत किये जाने के साथ ही उन स्थलों पर मशीनें/उपकरण रखे जाने के भी निर्देश दिए हैं।


मुख्य सचिव ने विद्युत विभाग को श्री बद्रीनाथ धाम में लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान तथा चारों धामों में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में कई बार विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, इसके दृष्टिगत वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने चारो धामों एवं यात्रा मार्गाे पर सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही उन्होंने जीएमवीएन को भी अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नागरिक उड्डयन विभाग को शटल सेवा के लिए एसओपी शीघ्र जारी करने के साथ ही सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारों धामों में हैली सेवाओं की उपलब्धता एवं ऑफलाईन/ऑनलाईन बुकिंग की सुविधा का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।


मुख्य सचिव ने सूचना विभाग को यात्रा से सम्बन्धित सभी आवश्यक जानकारियों को प्रचार प्रसार सुनिश्चित किए जाने एवं उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने परिवहन विभाग को वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड एवं ट्रिप कार्ड ससमय उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपूर्ति विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में रसोई गैस, कैरोसीन, पैट्रोल, डीजल आदि की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। 


इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री दीपक सेठ, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री धीराज गर्ब्याल, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


देहरादून:


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने बुधवार को राज्य सचिवालय में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा हरिद्वार शहर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परियोजना के क्रियान्वयन, लागत, भूमि हस्तांतरण, कन्सेशन अवधि और वित्तीय व्यवहार्यता समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव आवास ने अधिकारियों को परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।


*पीपीपी मॉडल पर बनेगा आधुनिक रोपवे*


बैठक के दौरान उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा ने हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का क्रियान्वयन और संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत डीबीएफओटी आधार पर किया जाना प्रस्तावित है।

प्रस्तुतीकरण में परियोजना की संरचना, संभावित मार्ग, निर्माण कार्य और संचालन व्यवस्था की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से हरिद्वार शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

प्रति किलोमीटर लागत लगभग 75 करोड़

समीक्षा बैठक में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने परियोजना की प्रति किलोमीटर लागत के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। इस पर प्रबंध निदेशक द्वारा बताया गया कि रोपवे स्टेशन, कार्यशाला और भूमि तथा अन्य आवश्यक क्लीयरेंस को छोड़कर परियोजना की संरचना के निर्माण कार्य की अनुमानित लागत लगभग 75 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर आंकी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह लागत केवल निर्माण कार्य से संबंधित है, जबकि भूमि, स्टेशन निर्माण और अन्य व्यवस्थाएं अलग से शामिल होंगी। बैठक में परियोजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


*उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि का मुद्दा उठा*


बैठक में रोपवे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित रोपवे स्टेशन के लिए जिस भूमि की आवश्यकता है, वह उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के स्वामित्व में है। इस पर सचिव आवास ने निर्देश दिए कि उत्तराखंड शासन के सिंचाई विभाग के माध्यम से उत्तर प्रदेश शासन को पुनः पत्र भेजा जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में इस विषय में प्रस्ताव भेजा जा चुका है, इसलिए अब अनुस्मारक पत्र के माध्यम से प्रमुख सचिव सिंचाई, उत्तराखंड शासन द्वारा उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से प्रस्तावित भूमि को 1 रुपये प्रतिवर्ष की दर से 99 वर्षों की लीज पर आवास विभाग, उत्तराखंड शासन को हस्तांतरित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।


*कन्सेशन अवधि बढ़ाने पर भी विचार*


बैठक में परियोजना की कन्सेशन अवधि की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में परियोजना के लिए 30 वर्ष की कन्सेशन अवधि प्रस्तावित है। सचिव आवास ने कहा कि परियोजना की उच्च लागत को देखते हुए निविदा प्रक्रिया में कन्सेशन अवधि बढ़ाने का विकल्प भी रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अतिरिक्त 30 वर्ष तक की अवधि बढ़ाने का प्रावधान रखा जाए, जिसे 15–15 वर्ष के दो चरणों में लागू किया जा सके। इससे परियोजना की वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित होगी और निविदा प्रक्रिया में अधिक प्रतिस्पर्धा भी मिल सकेगी।


*डीपीआर से ईएफसी स्तर तक बढ़ेगी प्रक्रिया*


समीक्षा के दौरान सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को डीपीआर स्तर पर अनुमोदित करते हुए इसे आगे की कार्यवाही के लिए ईएफसी स्तर पर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।बैठक के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समीक्षा बैठक का समापन किया गया।


*तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मिलेगी आधुनिक और सुरक्षित परिवहन सुविधा- डॉ आर राजेश कुमार*


सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आधुनिक और सुरक्षित परिवहन सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक और टिकाऊ परिवहन व्यवस्थाओं के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की डीपीआर, भूमि से जुड़ी औपचारिकताओं और वित्तीय व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए, ताकि परियोजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके।




*प्रमुख सचिव खाद्य की अध्यक्षता में बैठक आयोजित तेल


कंपनियों को बैकलाॅग समाप्त करने के निर्देश* 

देहरादून:

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. वर्तमान में उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों के बीच आगामी चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सीजन को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में घरेलू एवं व्यवसायिक एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री एल. फैनई की अध्यक्षता में तेल कंपनियों के साथ बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक (वीडियो कॉन्फ्रेंस) आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सचिव ने राज्य में गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अब सचिव खाद्य द्वारा प्रत्येक दिन आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी। 

प्रमुख सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि मुख्य सचिव महोदय ने एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घरेलू एवं कमर्शियल गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी न होने दी जाए तथा दैनिक आधार पर तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाते हुए स्थिति की निगरानी की जाए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि प्रदेश में गैस की मांग को देखते हुए प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में आपूर्ति को बढ़ाते हुए लगभग 60 हजार घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा छह हजार कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, बैकलॉग को समाप्त करने के लिए अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए इसकी दैनिक रिपोर्टिंग करने को कहा गया।

तेल कंपनियों द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 07 अप्रैल 2026 को राज्य में कुल 65,944 घरेलू सिलेंडरों तथा 3,864 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। इसमें आईओसीएल द्वारा 48,218 घरेलू एवं 2,340 कमर्शियल सिलेंडर, बीपीसीएल द्वारा 11,731 घरेलू एवं 698 कमर्शियल सिलेंडर तथा एचपीसीएल द्वारा 5,995 घरेलू एवं 826 कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। पिछले दिनों की तुलना में आपूर्ति में लगातार सुधार हो रहा है। 

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए गैस आपूर्ति की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क एवं वितरण संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे राज्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तर पर आपूर्ति बढ़ाने हेतु आवश्य कदम उठाएं तथा डीलर स्तर पर किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने दें।

उन्होंने निर्देश दिए कि अब प्रतिदिन सायं 05.00 बजे सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, जिसमें तेल कंपनियों के प्रतिनिधि पूर्ण जानकारी के साथ प्रतिभाग करें, जिससे आपूर्ति की स्थिति की सतत निगरानी एवं त्वरित सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

सचिव, खाद्य श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि दिनांक 14 अप्रैल 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी का देहरादून भ्रमण प्रस्तावित है तथा 19 अप्रैल 2026 से चारधाम यात्रा प्रारंभ हो रही है। इसे दृष्टिगत रखते हुए तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे राज्य की बढ़ती मांग के अनुरूप अग्रिम योजना बनाते हुए आपूर्ति बढ़ाना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क एवं वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाए तथा किसी भी प्रकार का बैकलॉग न रहने दिया जाए।

बैठक में श्री पीएस पांगती, अपर आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखण्ड, श्री स्वर्ण सिंह, डिविजनल हेड, आईओसीएल, उत्तराखण्ड, श्री पंकज अंबलढगे, चीफ रीजनल मैनेजर, एचपीसीएल, उत्तराखण्ड, श्री अश्वनी कुमार, मैनेजर, बीपीसीएल उपस्थित रहे।  


*अनियमितताओं पर सख्ती से निपटें अधिकारी-स्वरूप*

  सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी एवं ईंधन से संबंधित अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सघन एवं कड़ा प्रवर्तन अभियान जारी है। अभी तक अभियान के दौरान कुल 6280 निरीक्षण एवं 423 छापेमारी की गई। इसके अतिरिक्त 19 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 07 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के अंतर्गत प्रदेशभर में कुल 1118 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 946 घरेलू एवं 172 व्यवसायिक सिलेंडर शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त 01 वाहन, 03 फिलिंग किट एवं 01 कांटा भी जब्त किया गया। देहरादून में सर्वाधिक 288 गैस सिलेंडर एवं 139 किलोग्राम गैस जब्त की गई, जबकि हरिद्वार में 202 गैस सिलेंडर, नैनीताल में 34 घरेलू एवं 28 व्यवसायिक सिलेंडर के साथ एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। इसी प्रकार उधमसिंहनगर में 98 गैस सिलेंडर एवं 05 व्यवसायिक सिलेंडर, तथा टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत, बागेश्वर एवं अन्य जनपदों में भी व्यापक कार्रवाई की गई। अभियान के अंतर्गत कुल ₹1,31,900 का अर्थदण्ड भी अधिरोपित किया गया। 

सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगा। सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नियमित निरीक्षण, सघन छापेमारी एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करते हुए शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।








• *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक* 

• *कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश* 


• *सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलकेगी उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति* 

• *राज्यभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश* 

PM Modi will inaigurate delhi dehradun corridor



• *रोड शो के दौरान जन-जन से सहभागिता की अपील* 



• *इकोनॉमिक कॉरिडोर से रोजगार, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा* 



 *सीएम धामी ने इस अवसर को राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताया* 





 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।




मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।



मुख्यमंत्री श्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।



दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।


बैठक में राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव श्री शैलेश बगौली, कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी  सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।


*प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों को तीन माह का राशन माह अप्रैल में अग्रिम रूप से दिया जा रहा है- श्री        पी.एस. पांगती,अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार)* 



- उत्तराखंड में होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6 हजार 310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण होंगे


- राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 Kg का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है


- उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत जमाखोरी और कालाबाजारी पर 6,205 निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए


- घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरण सामान्य बना हुआ है, 1 मार्च 2026 से अब तक 18 लाख से अधिक सिलेंडर घरों तक पहुंचाए


- राज्य में 5 किलोग्राम के 6,700 से अधिक सिलेंडर बेचे गए



मंगलवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार), ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता एवं खाद्य सुरक्षा तैयारियों और आवश्यक वस्तुओं पर अद्यतन जानकारी प्रदान की।


पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों से मीडिया को अवगत रखने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार ने दूरदर्शन केंद्र, देहरादून में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। 


श्री पी.एस. पांगती, अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, उत्तराखंड सरकार) ने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरे प्रदेश में नियमित रूप से सुनिश्चित की जा रही है. राज्य में डीजल एवं पेट्रोल की कोई कमी नहीं है. अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों को नियमित रूप से गैस की आपूर्ति की जा रही है।


उन्होंने कहा कॉमर्शियल सिलेंडर के संबंध में 66 फीसदी वितरण हेतु उत्तराखंड शासन द्वारा एसओपी जारी की गई है. जिसमें होटल एवं रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट एवं ढाबा, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट सुविधा, होम स्टे, विवाह समारोह एवं उद्योगों को 6 हजार 310 सिलेंडर दैनिक रुप वितरण किए जाएंगे। 


श्री पी.एस. पांगती ने कहा कि चारधाम यात्रा और शादियों के सीजन की तैयारियों हेतु विशेष तैयारी सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा एवं पयर्टन सीजन को देखते हुए मुख्य सचिव, उत्तराखंड की ओर से भारत सरकार को राज्य की ओर से मांग प्रेषित कर दी गई है। जिसमें अनुरोध किया गया है कि माह अप्रैल से नवंबर तक उत्तराखंड को व्यवसायिक एलपीजी का 100 फीसदी आवंटन पूर्ववत बनाया रखा जाए. उसमें भी 5 फीसदी अतिरिक्त कोटा राज्य सरकार की तरफ से मांग की गई है।


प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 किलो के सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। प्रदेश में सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि डिलीवरी सुनिश्चित हो. उन्होंने बताया कि राज्य में प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के लिए 5 Kg का छोटू सिलेंडर (एफटीएल- फ्री ट्रेड एलपीजी) को पहचान पत्र पर किसी भी गैस एजेंसी पर प्राप्त किया जा सकता है.


भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवार के राशन कार्ड धारक माह अप्रैल में तीन महीनों (अप्रैल, मई एवं जून) का एकसाथ राशन निकटतम गल्ला केंद्रों से प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में 14 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को तीन महीनों का राशन एक साथ आवंटित किए जा रहे हैं।


पैनिक बुकिंग के संबंध में श्री पी.एस. पांगती ने बताया कि विगत 25 दिन में 15 मार्च को राज्य में सबसे ज्यादा पैनिक बुकिंग की गई थी. जिसकी संख्या 90 हजार  थी. लेकिन दिनांक 6 अप्रैल को स्थिति सामान्य हुई है. जिसकी संख्या 45 हजार रही। फिलहाल प्रदेश में एलपीजी बुकिंग सामान्य स्थिति में है.


पीएनजी के संबंध मेंं उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है. भारत सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी विस्तार को लेकर भी उत्तराखंड में सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में GAIL Gas, उधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas Pvt. Ltd., हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL शामिल हैं।


राज्य में CNG, घरेलू PNG और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक PNG की आपूर्ति में कोई बाधा या प्रतिबंध नहीं है। इन कंपनियों द्वारा घरेलू PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने, कम समय में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने, सर्वे और संस्थागत कनेक्शन को प्राथमिकता देने, दैनिक प्रगति की निगरानी करने और अधिकतम जनहित के आधार पर प्राथमिकता तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 37 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन चालू हैं.


उत्तराखंड में वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था को लेकर वन विभाग द्वारा सभी लकड़ी के टॉल्स में पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है. 


उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 6,205

निरीक्षण और 373 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 19 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।

 एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने की कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा- सत्यापन, महिला सुरक्षा और 'ऑपरेशन स्माइल' पर दिए कड़े निर्देश

गुमशुदा महिलाओं और बच्चों की बरामदगी में बरती जाए पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता*

किरायेदार एवं घरेलू नौकरों के अनिवार्य सत्यापन पर जोर, गौरा शक्ति मॉड्यूल के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पंजीकरण बढ़ाने पर बल*


डॉ० वी० मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड* द्वारा आज पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में गढ़वाल एवं कुमाऊँ रेंज पुलिस महानिरीक्षकों सहित समस्त जनपदों के वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रचलित *पुलिस सत्यापन की कार्यवाही, महिला सुरक्षा हेतु 'गौरा शक्ति मॉड्यूल' तथा गुमशुदा की तलाश हेतु 'ऑपरेशन स्माईल'* के अन्तर्गत की जा रही कार्यवाहियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

ADG law and order uttarakhand



समीक्षा बैठक के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा निम्नलिखित निर्देश दिए गए—


▪️ *किरायेदार अथवा घरेलू नौकर के अनिवार्य सत्यापन* के लिए 'उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम 2007' में उल्लिखित प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने हेतु पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल एवं कुमायूँ परिक्षेत्र को निर्देशित किया गया।


▪️ *सत्यापन की कार्यवाही* के दौरान यदि किरायेदार या घरेलू नौकर द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं या उन पर प्रथम दृष्टया संदेह होता है, तो तत्काल ICJS पोर्टल, NCRC अथवा NAFIS के माध्यम से इसकी तकनीकी पुष्टि कराई जाए।


▪️ रेजिडेंशियल अपार्टमेन्ट एवं गेटेड कालोनियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाए और उल्लंघन पाए जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।


▪️ बाहरी राज्यों और अन्य जनपदों को भेजे जाने वाले *सत्यापन प्रपत्रों का निरन्तर फॉलोअप* लिया जाए। सत्यापन की कार्यवाही को केवल किसी विशेष 'अभियान' तक सीमित न रखकर इसे एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में संचालित किया जाए।


▪️ उत्तराखण्ड पुलिस के *'गौरा शक्ति मॉड्यूल' के बारे में जागरूकता* कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और इसमें अधिकाधिक *महिलाओं/बालिकाओं का रजिस्ट्रेशन* कराया जाए।


▪️ *महिला सम्बन्धी शिकायतों* को अत्यंत गम्भीरता से लेते हुए संवेदनशीलता के साथ उनका यथाशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। महिला अपराधों के दृष्टिगत संवेदनशील चिन्हित क्षेत्रों में *'महिला चीता पुलिस' द्वारा नियमित पेट्रोलिंग / गश्त* की जाए।


▪️ महिला एवं बच्चों से सम्बन्धित सभी आपराधिक अभियोगों की *विवेचना का निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारण* किया जाए।


▪️ *'ऑपरेशन स्माईल' के अन्तर्गत गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी* हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी *'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) का अक्षरशः पालन* सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से गुमशुदा बच्चों तथा महिलाओं की बरामदगी के प्रकरणों में पूर्ण *संवेदनशीलता और सक्रियता* बरती जाए।


*गोष्ठी में पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री रामचन्द्र राजगुरू, अपर पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री अंकुश मिश्रा उपस्थित रहे।*


 

5 घंटे तक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव, 15 दिन में समाधान का आश्वासन

देहरादून : 



श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविघालय में परीक्षा परिणामों में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों को लेकर सोमवार को छात्र नेताओं एवं छात्र संघ प्रतिनिधियों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाति नेगी के कार्यालय का करीब पांच घंटे तक घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी बीए, बीएससी, बीकॉम एवं एमए के परीक्षा परिणामों में ऑनलाइन अंकतालिकाओं में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। कई विद्यार्थियों की अंकतालिकाओं में शून्य  अंक दर्शाए गए हैं, जबकि उन्होंने परीक्षा दी है। वहीं कई छात्रों का परिणाम समर्थ पोर्टल एवं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिखाई नहीं दे रहा, जिससे छात्रों में भारी रोष व्याप्त है।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने महाविद्यालय में फीस जमा कर दी है, लेकिन पोर्टल पर फीस अपडेट नहीं होने के कारण उन्हें आगे की प्रक्रिया में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण छात्र पिछले कई दिनों से महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

छात्र नेताओं के अनुसार यह समस्या केवल एक-दो महाविद्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर देहरादून, शहीद दुर्गामल्ल राजकीय महाविद्यालय डोईवाला, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नई टिहरी एवं ऋषिकेश स्थित विश्वविद्यालय परिसर के अनेक छात्र-छात्राओं के परिणामों में भी इसी प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई हैं।

घेराव के दौरान छात्रों ने परीक्षा विभाग एवं संबंधित कार्यालयों में ताले लगाकर नारेबाजी की और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। छात्र नेता आदर्श राठौर ने कहा कि यह केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसका जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

वहीं परीक्षा नियंत्रक डॉ. स्वाति नेगी ने छात्रों की मांगों पर सहमति जताते हुए समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिनों का समय मांगा और आश्वासन दिया कि सभी त्रुटियों को सुधार कर सही अंकतालिकाएं जारी की जाएंगी। इसके बाद छात्रों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया।

ये रहे प्रमुख छात्र नेता मौजूद

आदर्श राठौर, अंशुल चंद्रा, केशव बिज्लवाण, मणिका, मंजीत शाह ,छात्रसंघ अध्यक्ष, नई टिहरी, साक्षी राणा छात्रसंघ महासचिव, नई टिहरी, युवराज सिंह शाह पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं जीशान खान पूर्व छात्रसंघ सचिव, नई टिहरी सहित कई छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में शामिल रहे।छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो छात्र संगठन पुनः बड़ा आंदोलन और उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

आज का राशिफ़ल

दिनाँक 7 अप्रैल,2026

दिन मंगलवार

rashifal today 07 april 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। कारोबार में बुद्धिबल से उन्नति होगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। दुष्टजनों से सावधानी आवश्यक है। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें। प्रमाद से बचें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

शत्रु भय रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। भूमि व भवन संबंधी खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। आर्थिक उन्नति होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। शुभ समय।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। अज्ञात भय सताएगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। कुसंगति से बचें। चिंता रहेगी। धन प्राप्ति में अवरोध दूर होंगे। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

लेन-देन में जल्दबाजी न करें। पुराना रोग उभर सकता है। दु:खद समाचार की प्राप्ति संभव है। किसी के उकसाने में न आएं। बात बिगड़ सकती है। आवश्यक निर्णय सोच-समझकर करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। थकान हो सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में निश्चितता रहेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। आय में वृद्धि होगी। कारोबार का विस्तार होगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। निवेश लाभदायक रहेगा। घर में सुख-शांति रहेगी। उत्साह बना रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। संतान की चिंता रहेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

आय में वृद्धि होगी। कारोबार लाभप्रद रहेगा। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। दूर से शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय बढ़ेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में सहकर्मियों का साथ रहेगा। थकान रहेगी।



तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

प्रेम-प्रसंग में आशातीत सफलता प्राप्त होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। कारोबार का विस्तार होगा। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। सुख के साधन जुटेंगे। शत्रु परास्त होंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। सभी ओर से सफलता मिलेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

राजभय रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। लेन-देन में जल्दबाजी हानि देगी। शारीरिक कष्ट संभव है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। व्यवस्था में मुश्किल होगी। दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। अनहोनी की आशंका रहेगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। आय में निश्चितता रहेगी।



धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। मानसिक बेचैनी रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। अधिकार प्राप्ति के योग हैं। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भागदौड़ रहेगी। दूसरों के काम में दखल न दें। विवाद से बचें। लाभ होगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

राज्य से प्रसन्नता रहेगी। कोई बड़ा काम हो सकता है। नई योजना बनेगी। नया उपक्रम प्रारंभ हो सकता है। सामाजिक कार्य करने का अवसर मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्वास्थ्‍य का पाया कमजोर रहेगा। कोई नई समस्या आ सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कोई नई समस्या आ सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।

कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

आंखों को चोट व रोग से बचाएं। धन प्राप्ति सुगम होगी। सुख के साधन जुटेंगे। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। थकान व कमजोरी महसूस हो सकती है। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पुराना रोग उभर सकता है। अनहोनी की आशंका रहेगी। मातहतों से कहासुनी हो सकती है। पार्टनरों से मतभेद संभव है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। दूसरों से अपेक्षा न करें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। आय में निश्चितता रहेगी। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। सोच-समझकर निर्णय लें।

 प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

disaster management minister madan kaushik


बैठक में मंत्री ने आपदा से पूर्व, आपदा के दौरान एवं आपदा के बाद विभाग द्वारा किये जाने वाले क्रिया-कलापों की विस्तार से जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में राज्य को एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करें। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक आपदा झेलने वाले देश की तर्ज पर आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर प्रदेश को आपदा प्रबंधन में सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किया जाए।


मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तर पर बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कम्युनिकेशन सिस्टम को बेहतर बनाया जाए ताकि सूचनाओं के आदान-प्रदान की कार्यवाही तेजी से हो सके तथा आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को तत्काल शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों, सदस्यों एवं अधिकारियों को सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित उपकरण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाए ताकि कोई आपदा घटित होन पर वे शीघ्रता से इसकी जानकारी जिला मुख्यालय एवं प्रदेश मुख्यालय को दे सकें।


मंत्री ने कहा कि किसी आपदा के घटित होने पर राहत एवं बचाव कार्य शीघ्रता से हो सके इसके लिए जरूरी है कि न्याय पंचायत स्तर पर आपदा मित्र एवं आपदा सखी बनाये जाएं। आपदा मित्र एवं आपदा सखी को राहत एवं बचाव कार्य संबंधी उचित प्रशिक्षण देने के साथ ही आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराये जाएं। साथ ही आपदा मित्र एवं आपदा सखी के लिए प्रोत्साहन राशि की भी व्यवस्था की जाए।


मंत्री ने कहा कि आपदाओं के पूर्वानुमान की दिशा में बेहतर कार्य किये जाएं ताकि आपदाओं से होने वाले नुकसान कम से कम किया जा सके।


मंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐसी संवेदनशील झीलें जिनसे भविष्य में आपदा की संभावना है उनके ट्रीटमेंट के लिए वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों से वार्तालाप करें ताकि इस दिशा में कार्य हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भू-स्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील स्थल जहां पर बार-बार आपदाएं घटित होती हैं ऐसे स्थलों के ट्रीटमेंट प्राथमिकता के आधार पर किये जाएं। 


मंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन से संबंधित बैठकों हेतु रोस्टर बनाए जाएं। इन बैठकों में मेरे द्वारा स्वयं प्रतिभाग किया जायेगा।


इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग से सचिव विनोद कुमार सुमन, संयुक्त सचिव एनएस डुंगरियाल, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूएसडीएमए मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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