Halloween party ideas 2015

 देहरादून;.


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर एमडीडीए की ओर से प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं


मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन सत्य, न्याय, कर्तव्य और लोककल्याण का संदेश देता है। उनका जीवन समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा, करुणा और समरसता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया निष्काम कर्म का संदेश आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। गीता हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने की प्रेरणा देती है।


एमडीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि सुनियोजित, संतुलित और जनहितकारी विकास भी कर्तव्यनिष्ठा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एमडीडीए निरंतर प्रयासरत है कि देहरादून-मसूरी क्षेत्र का विकास नियोजित ढंग से हो और शहरों में बेहतर सुविधाओं के साथ स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित वातावरण विकसित किया जा सके।


इस अवसर पर एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने भी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।


*147 करोड़ 05 लाख रुपये की पेंशन धनराशि लाभार्थियों के खातों में भेजी गई*

*अगस्त माह में 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन स्वीकृत*

*जिन पात्र लाभार्थियों का आधार नहीं बन पा रहा, उन्हें चिन्हित कर अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए—मुख्यमंत्री*

pension transfer by CM Dhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत माह अगस्त 2026 की पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से भुगतान किया। इसके माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के खातों में  147 करोड़ 05 लाख रुपये की पेंशन धनराशि भेजी गई। अगस्त माह में विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन भी स्वीकृत की गई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर, जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सरलता एवं समयबद्धता से मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान कर रही है। उन्होंने कहा कि पेंशन व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं लाभार्थी केंद्रित बनाते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं से आच्छादित करने के लिए निरंतर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन पात्र लाभार्थियों का किसी कारणवश आधार नहीं बन पा रहा है, उन्हें चिन्हित कर उनके लिए अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए, ताकि आधार संबंधी समस्या के कारण कोई भी पात्र लाभार्थी पेंशन के लाभ से वंचित न रहे।



प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि अगस्त 2026 में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन योजनाओं के कुल 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के लिए 147 करोड़ 05 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। बताया गया कि कुल पेंशन लाभार्थियों में 2 लाख 14 हजार 711 लाभार्थी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत तथा 7 लाख 77 हजार 203 लाभार्थी राज्य स्तर पर आच्छादित हैं। अगस्त माह के पेंशन भुगतान में लगभग 140 करोड़ 11 लाख रुपये राज्यांश तथा 6 करोड़ 94 लाख रुपये केंद्रांश है।


प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि अगस्त माह में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कुल 5,605 नई पेंशन स्वीकृत की गई हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 3,945, विधवा पेंशन के 1,000, दिव्यांग पेंशन के 416, किसान पेंशन के 106, परित्यक्ता पेंशन के 23 तथा भरण-पोषण अनुदान के 115  लाभार्थी शामिल हैं।


बैठक में आगामी कार्यक्रमों के संबंध में भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। बताया गया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार द्वारा 18 एवं 19 सितम्बर 2026 को डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। सम्मेलन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता से संबंधित प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्र, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच संवाद किया जाएगा।


इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्री खजानदास, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री विक्रम यादव। संयुक्त सचिव श्री धीरेंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक श्री गीताराम नौटियाल, सहायक निदेशक श्रीमती हेमलता पांडेय एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


*भगवान श्रीकृष्ण मानवता के सच्चे संरक्षक, मार्गदर्शक और जीवन-दर्शन के प्रेरणास्रोत हैं :मुख्यमंत्री

shrikrishnajanmashtami,3026


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होनें भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानवता के लिए सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण मानवता के सच्चे संरक्षक, मार्गदर्शक और जीवन-दर्शन के प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन हमें प्रेम, त्याग, सेवा, करुणा, सद्भाव और समरसता के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज के वंचित एवं उपेक्षित वर्गों के प्रति संवेदनशीलता तथा उनके कल्याण का भी संदेश दिया।


उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया निष्काम कर्म का संदेश आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने गीता के माध्यम से मानव मात्र को अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करने तथा फल की चिंता किए बिना कर्म करते रहने का मार्ग दिखाया। गीता में निहित भक्ति, ज्ञान, योग और कर्म का संदेश जीवन में सकारात्मकता, आत्मविश्वास और संतुलन प्रदान करता है।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से भगवान श्री कृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम, भाईचारे व समरसता की भावना को बढ़ावा देकर प्रदेश के विकास मेे भागीदार बनने का भी आह्वान किया है।

पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के 101 नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र*

पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी : मुख्यमंत्री*

*नवनियुक्त कार्मिक जनसेवा की भावना से अपने दायित्वों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में पशुपालन विभाग तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग में चयनित 101 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें 88 पशुधन प्रसार अधिकारी एवं 13 गन्ना पर्यवेक्षक शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना युवाओं के परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। आज से वे उत्तराखण्ड सरकार का अभिन्न हिस्सा बनने के साथ ही जनसेवा की महत्वपूर्ण यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से अपने ज्ञान, ऊर्जा और नए विचारों के माध्यम से शासकीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अपनी कार्यशैली से उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। आज सरकारी नौकरियां सिफारिश या पहचान से नहीं, बल्कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के आधार पर मिल रही हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं। यह पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और युवाओं को उनकी प्रतिभा के आधार पर अवसर प्रदान करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन हजारों परिवारों की आजीविका, मातृशक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण और गांवों की समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार पशुपालन को रोजगार, स्वरोजगार और ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना और मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के माध्यम से पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालकों को अनुदान पर गाय, बकरी, भेड़ और मुर्गी पालन की इकाइयां उपलब्ध कराने के साथ ही पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति भी प्रतिबद्ध है। गन्ना सर्वेक्षण की व्यवस्था को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। किसानों को नई तकनीक, उन्नत गन्ना प्रजातियों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देने के लिए गन्ना क्लीनिक एवं परामर्श केंद्र शुरू किए गए हैं। उत्तराखण्ड में गन्ना किसानों को उत्तर प्रदेश की तुलना में 05 रुपये प्रति कुंतल अधिक गन्ना मूल्य दिया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्हें किसानों और पशुपालकों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझते हुए समाधान के लिए संवेदनशीलता से कार्य करना होगा। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि आम नागरिक को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। शासकीय कार्यप्रणाली में ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड भी इस राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण में अपना शत-प्रतिशत योगदान देने का आह्वान किया।


इस अवसर पर  कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा, श्री गणेश जोशी, श्री खजानदास, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्री दुर्गेश्वर लाल, सचिव श्री एस.एन पाण्डेय एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।





 आज का राशिफल

 दिन  - बुधवार

दिनाँक-  03 सितंबर,2026

rashifal today,  03 sep 2026


मेष

नौकरी में पदोन्नति की संभावनाएं बनेंगी, टीम के साथ काम सफल रहेगा। कारोबार में ग्राहकों से नए ऑर्डर मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। प्रेम रिश्तों में मधुरता आएगी। अच्छा समय बीतेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा, निवेश से लाभ होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, नियमित वॉक करें।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, नए लक्ष्य हासिल करेंगे। कारोबार में जोखिमभरे फैसलों से बचें। बाजार देखकर ही आगे बढ़ें। जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें, फिजूलखर्ची से बचें। बीपी और तनाव पर नियंत्रण रखना जरूरी है।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

कार्यक्षेत्र में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, अटके प्रोजेक्ट्स गति पकड़ेंगे। कारोबारी हैं तो विदेशों या दूर के स्थानों से जुड़े काम में मुनाफा होगा। लव लाइफ खुशनुमा रहेगी। घूमने का प्लान बन सकता है। धन आगमन के रास्ते सुगम होंगे। स्वास्थ्य बहुत बढ़िया रहेगा। ऊर्जावान महसूस करेंगे

मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

कार्यस्थल पर राजनीति से दूर रहें, अपने काम पर केंद्रित रहें। कारोबार में नई डील साइन करने में हड़बड़ी न करें। लव पार्टनर आपकी स्थिति को समझेगा। अनचाहे खर्च सामने आ सकते हैं। सतर्क रहें। जोड़ों या पीठ का दर्द परेशान कर सकता है।

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कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कार्यस्थल पर सहकर्मियों के सहयोग से कठिन कार्य भी आसानी से निपट जाएंगे। कारोबारी हैं तो व्यापार विस्तार की योजनाएं सफल होंगी। दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। आय में सुधार होगा, निवेश के नए मौके मिलेंगे। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी। योग और प्राणायाम करते रहें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

नौकरी में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। कारोबारी हैं तो व्यापारिक साख बढ़ेगी। पुराने क्लाइंट से बड़ा लाभ हो सकता है। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बहुत शानदार रहेगा। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन खानपान का संतुलन रखें।


 हरिद्वार:



दिनांक 01 सितंबर 2026 को हर की पैड़ी, हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान गंगा नदी के तेज बहाव में बह गए डॉ. उमंग शर्मा पुत्र श्री उमेश शर्मा, उम्र लगभग 31 वर्ष, निवासी रोशनाबाद, हरिद्वार, की तलाश हेतु SDRF टीम द्वारा लगातार सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा था।


आज दिनांक 02 सितंबर 2026 को SDRF टीम द्वारा सर्चिंग अभियान के दौरान पथरी पावर हाउस के पास गंगा नदी से डॉ. उमंग शर्मा का शव बरामद कर लिया गया।


इसी सर्चिंग अभियान के दौरान SDRF टीम द्वारा एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया।


SDRF टीम द्वारा बरामद किए गए दोनों शवों को आवश्यक अग्रिम कार्यवाही हेतु सिविल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।


धराली आपदा के दौरान हुई मुलाकात को किया याद*

*धराली में दुपट्टे के टुकड़े से बांधी थी सीएम धामी को राखी*

rakhi letter to CM Dhami


रक्षाबंधन के अवसर पर अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी भेजी है। इसके साथ उन्होंने मुख्यमंत्री को एक भावुक पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने पिछले वर्ष धराली में आई आपदा के दौरान मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को याद किया है।


धनगौरी ने बताया कि पिछले वर्ष रक्षाबंधन के समय वह उत्तराखंड आई थीं। इसी दौरान धराली में आई बाढ़ में वह फंस गई थीं। मुख्यमंत्री धामी जब आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे और वहां फंसे लोगों से मिले, तब उन्हें भी मुख्यमंत्री से मिलने का मौका मिला।


धनगौरी ने बताया कि उस समय रक्षाबंधन करीब था। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा था कि अगर उनके पास राखी हो तो वह उन्हें राखी बांध सकती हैं। उस समय उनके पास राखी नहीं थी। उन्होंने अपने दुपट्टे का एक छोटा सा टुकड़ा फाड़कर उसे ही राखी मानकर मुख्यमंत्री की कलाई पर बांध दिया।


धनगौरी ने अपने पत्र में लिखा कि उसी दिन उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अपना धर्म भाई मान लिया था। उनके लिए वह मुलाकात आज भी बहुत खास है और उस पल को वह कभी नहीं भूल सकतीं।


उन्होंने कहा कि धराली की उस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री धामी ने वहां फंसे लोगों का हौसला बढ़ाया और उन्हें भरोसा दिया। धनगौरी ने भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह श्रीकृष्ण द्रौपदी की मदद के लिए आगे आए थे, उसी तरह मुख्यमंत्री भी उस कठिन समय में उनके लिए सहारा बने।


धनगौरी ने कहा कि इस वर्ष वह अहमदाबाद में हैं, लेकिन रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी भेजना वह नहीं भूल सकतीं। इसी भाव के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के लिए राखी भेजी है।


पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु रहने की कामना की और कहा कि वह इसी तरह उत्तराखंड और प्रदेश की जनता की सेवा करते रहें।


धराली की आपदा के दौरान दुपट्टे के टुकड़े से शुरू हुआ यह भाई-बहन का रिश्ता आज भी धनगौरी के लिए उतना ही खास है।

 डोईवाला:

plastic donatipn municiple doiwala



जिलाधिकारी महोदय द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में नगर पालिका परिषद डोईवाला द्वारा आज सिंगल यूज़ प्लास्टिक की रोकथाम हेतु नगरपालिका ने कियाप्लास्टिक दान कार्यक्रम का आयोजन मुख्य बाजार डोईवाला में किया गया, जिसमें डोईवाला मुख्य बाजार के व्यापारियों द्वारा सिंगल यूज़ प्लास्टिक को दान करने हेतु  समर्थन दिया गया और नगर पालिका का सहयोग किया गया

 श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव




आज 1.9.2026 मंगलवार  को

श्रीमद भागवत कथा का आरंभ श्री आदर्श मंदिर पटेल नगर में हुआ

सुबह 9:00 बजे आज के प्रथम दिन के यजमान श्री सतपाल कश्यप जी के परिवार द्वारा पूजन करवाया गया।

         दोपहर 3:00 बजे कलश यात्रा

(आदर्श मंदिर,विजय रतूड़ी मार्ग का भ्रमण कर आदर्श मंदिर तक)निकली जिसमे रुचि शर्मा ,श्यामा बक्शी,ममता सैनी,संगीता नवानी ,मीता सभरवाल,पदम रतूड़ी,सुदेश वर्मा,रानी,संतोष,उषा,

उमा, आदि महिलाये कलश लेकर यात्रा में सम्मलित रही।


दोपहर 4 बजे से सांय 7 बजे तक  कथा अमृत कथा व्यास पंडित श्री कृष्ण कन्हैया जी द्वारा भागवत कथा के महत्व के विषय मे बताया गया।आज कथा में सुखदेव जी का आगमन हुआ भागवत कथा के रचयिता और सुखदेव जी के पिता  महा ऋषी वेदव्यास जी ने उन्हें विस्तार से भागवत कथा के विषय मे बताया। भागवत कथा में श्री कृष्ण साक्षत समाए है भागवत कथा सुनने से ही प्राणी के सभी पापो का नाश हो जाता है वो जन्म मरण के भेद को समझ पाता है।यह कथा देवताओ को भी दुर्लभ है उन्हें भी इस कथा को सुनने के लिए पृथ्वी पर आना पड़ता हैं।

भागवत पुराण सनातन धर्म के अठारह पुराणों में से एक है।इसका मुख्य विषय भक्ति योग है। सांय 7:30 भण्डारा प्रशाद वितरित किया गया।

इस कार्य मे समिति के प्रबंधक अरुण कुमार शर्मा,अध्यक्ष सतपाल कश्यप,व  मंगतराम धीमान , राजू सभरवाल,मदन मोहन,रमन सेठी,हरीश धीमान,परवीन आनंद ,सुमित सभरवाल,नरेश वर्मा  ,राहुल,  आदि  रहे।


               

सीमांत क्षेत्र में शहीद स्मारक एवं विशाल तिरंगे का लोकार्पण, सीएम धामी ने वीर शहीदों को किया नमन* 

 *नेपाल-भारत सीमा पर स्थापित शहीद स्मारक देश सेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक: मुख्यमंत्री*

 *मुख्यमंत्री ने वीर नारियों, वीर माता एवं वीरता पदक विजेता को किया सम्मानित*

“ *सैनिक परिवार से आता हूं, सैनिकों और उनके परिवारों से मेरा गहरा भावनात्मक जुड़ाव” : मुख्यमंत्री* 

Nepal-Tibbat border




 भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा बनबसा में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैनिक स्मारक एवं झंडा पार्क का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।


एसएसबी जवानों द्वारा बिगुल वादन के बीच मुख्यमंत्री सहित उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान नेपाल-भारत सीमा के इस प्रमुख सीमांत क्षेत्र में नवनिर्मित शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया तथा विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया गया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण अत्यंत गौरव एवं सम्मान का क्षण है। यह स्मारक देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान की स्मृतियों को सदैव जीवंत रखेगा।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में देश के अंतिम गांव या अंतिम क्षेत्र के रूप में देखे जाने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों को अब देश के ‘पहले क्षेत्र’ के रूप में पहचान दी जा रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के सैनिकों, उनके परिवारों के कल्याण तथा वीर शहीदों की स्मृतियों को सम्मान देने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक का पुत्र हूं। इसलिए सैनिकों के सम्मान से जुड़े इस पावन कार्य में सहभागी बनना मेरे लिए अत्यंत भावुक और गर्व का विषय है।” उन्होंने कहा कि यह शहीद स्मारक आने वाली पीढ़ियों को सदैव यह प्रेरणा देता रहेगा कि हमारे वीर जवान किन विषम और कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए डटे रहते हैं।


उन्होंने कहा कि यह स्मारक युवाओं को देश सेवा, त्याग और समर्पण के लिए निरंतर प्रेरित करेगा। उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है। प्रदेश के लगभग हर परिवार का किसी न किसी रूप में सेना अथवा अर्धसैनिक बलों से जुड़ाव रहा है और यहां के वीर जवान राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।


 *वीर नारियों एवं वीरता पदक विजेता सम्मानित* 


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीर नारियों एवं वीरता पदक विजेता को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने वीर नारी श्रीमती सरस्वती देवी, पत्नी स्व. सिपाही उत्तम चन्द; श्रीमती लक्ष्मी देवी, पत्नी स्व. हवलदार किशन सिंह; श्रीमती कमला देवी, पत्नी स्व. गार्डसमैन दुर्गादत्त; श्रीमती खीमा देवी, पत्नी स्व. नायक हयात सिंह; श्रीमती माया चन्द, पत्नी स्व. सिपाही ललित मोहन; श्रीमती सरस्वती देवी, पत्नी स्व. ला. ना. जय बहादुर चन्द; श्रीमती ललिता चन्द, पत्नी स्व. सिपाही प्रेम चन्द; श्रीमती गीता देवी, पत्नी स्व. नायक जगदीश सिंह तथा श्रीमती पिंकी रैसवाल, पत्नी स्व. सिपाही राहुल रैसवाल को सम्मानित किया।


इसके साथ ही वीर माता श्रीमती लक्ष्मी देवी, माता स्व. नायक खीम सिंह तथा वीरता पदक विजेता सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा (सेना मेडल) को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।



कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने वीर नारियों एवं भूतपूर्व सैनिकों से संवाद किया तथा एसएसबी जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान सर्वोपरि है। सैनिकों, वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।



इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (से.नि.), एसएसबी कमांडेंट श्री सुरेंद्र विक्रम सहित अन्य अधिकारी, सेवानिवृत्त सैनिक, वीर माताएं एवं वीर नारियां उपस्थित रहे।

*मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 63 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत विभिन्न कार्यों के लिए ₹ 38.25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। 


मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना अन्तर्गत जनपद उत्तरकाशी के विधानसभा क्षेत्र पुरोला के विकासखण्ड नौगांव में जटा-पठेला-खांसी मोटर मार्ग के अवशेष भाग में सुदृढ़ीकरण एवं डामरीकरण कार्य हेतु ₹ 3.44 करोड़, जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र गदरपुर में तेजाफौजा से बलराम नगर गांव होते हुए ए.एन.के. इंटर कॉलेज गूलरभोज तक सड़क सुदृढ़ीकरण का कार्य (गदरपुर, बलरामनगर सैदलीगंज मार्ग) हेतु ₹ 8.66 करोड़ तथा विधानसभा क्षेत्र खटीमा में ओल्ड एन०एच० 125 से सुखापुल होते हुए लोहिया हैड मोटर मार्ग के सुदृढीकरण कार्य हेतु ₹ 6.14 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में चण्डाक मार्ग का सिंगल लेन से डेढ़ लेन में परिवर्तित एवं सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 6.08 करोड़ तथा जनपद रुद्रप्रयाग के अन्तर्गत बाह्य न्यायालय, ऊखीमठ के टाईप-1 के 02 आवासों, टाईप-2 के 04 आवासों एवं टाईप-3 के 02 आवासों के प्रथम चरण के कार्य हेतु ₹ 7.66 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 यूएन वूमेन के 'शी लीड्स उत्तराखंड' कार्यशाला में डॉ. सुनीता विद्यार्थी का संबोधन: राजनीतिक सशक्तिकरण और चुनावी चुनौतियों पर रखी बेबाक राय

UN women she leads , Sunita Vidhyarthi


​यूएन वूमेन द्वारा आयोजित दो दिवसीय 'शी लीड्स उत्तराखंड' कार्यशाला में डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने 'शी लीड्स' एलुमिनाई के रूप में  वक्ता के तौर पर शिरकत की। अपने विशेष आग्रह पर उत्तराखंड में इस कार्यक्रम का शेड्यूल तय होने के लिए उन्होंने यूएन वूमेन का आभार जताया।

​संबोधन के प्रमुख बिंदु:

​स्वयं विकल्प बनने का आह्वान: जब तक महिलाएं खुद को मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश नहीं करेंगी, तब तक उन्हें स्वतः प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा।

​सिलेक्टिव एंपावरमेंट पर प्रहार: 'पिक एंड चूज़' और 'सिलेक्टिव एंपावरमेंट' की राजनीति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि किसी एक चेहरे को आगे रखकर जनता के सामने प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व पेश करने की प्रवृत्ति से ऊपर उठना होगा।

​संगठनों की जिम्मेदारी: राजनीतिक दलों और संगठनों को महिलाओं को वास्तविक चुनावी अवसरों से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए।

​सर्वदलीय महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी:

​कार्यशाला ने सभी राजनीतिक दलों और स्थानीय निकायों की जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने का काम किया:

​ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य

​पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और पूर्व नगर निगम मेयर

​यूएन वूमेन टीम का आभार:

​दो दिवसीय प्रशिक्षण में महिलाओं के कौशल विकास (Skill Enhancement) और चुनाव से जुड़ी बारीकियों/सावधानियों पर मार्गदर्शन देने के लिए डॉ. सुनीता विद्यार्थी ने श्रीमती कांता सिंह, काव्या जी, श्री हमराज सिंह और यूएन वूमेन की पूरी टीम का धन्यवाद किया।

सबसे खास बात यह रहीं कि सुनीता विद्यार्थी ने 53 महिलाओं जो कि सभी राजनीतिक दलों से थी उनको इस प्रोग्राम का लाभ लेने के लिए recommend किया.  

यही खासियत उन्हें खास बनाती हैं कि उन्होंने सभी महिलाओं को मंच दिलाकर अपनी अलग पहचान बनाई.

 अगले 22 घंटों में  ( ऑरेंज अलर्ट 01 Sep 2026, 1:30 PM से  02 Sep 2026, 11:30 AM ) 


जनपद- 




देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, अल्मोडा, चमोली, पौडी गढ़वाल, बागेश्वर, पिथौरागढ, चंपावत, नैनीताल ज़िलों के कुछ इलाकों में *यथा* - मसूरी, प्रताप नगर, थलीसैंण, धुमाकोट, बदियाकोट, जहरीखाल, जागेश्वर धाम, रानीखेत, लोहाघाट, भीमताल, गंगोलीहाट तथा आस-पास के क्षेत्रों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों एवं उनसे लगे आसपास के स्थानों पर कहीं-कहीं निम्न से मध्यम स्तर के त्वरित बाढ़ का खतरा होने की संभावना हैं |


देहरादून:



देर रात्रि थाना प्रेमनगर क्षेत्र के लोअर कंडोली, पौंधा रोड स्थित कंडोली पुल के पास क्रेटा वाहन संख्या RJ 13 CE 5641 के तेज बरसाती बहाव में बहने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर SDRF टीम डाकपत्थर, अपर उप निरीक्षक सुरेश तोमर के हमराह तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर पहुंचकर SDRF टीम द्वारा तत्काल सर्चिंग एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। उक्त क्रेटा वाहन में 01 युवक एवं 02 युवतियां सवार थे। SDRF टीम द्वारा रात्रि में प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच अथक प्रयास करते हुए सर्चिंग अभियान चलाया गया।


सर्चिंग के दौरान घटनास्थल से लगभग 02 किलोमीटर दूर सहज पुत्री गुलशन बवेजा को घायल अवस्था में रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा पुलिस के सुपुर्द किया गया।


वहीं सर्चिंग के दौरान वाहन में सवार अक्षय पुत्र श्री मुकेश, उम्र 20 वर्ष, निवासी जयपुर, राजस्थान एवं एक अन्य युवती का शव बरामद कर लिया गया। दोनों शवों को आवश्यक कार्रवाई हेतु पुलिस के सुपुर्द किया गया।


SDRF टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाकर आवश्यक कार्रवाई की गई। प्रतिकूल परिस्थितियों एवं तेज बरसाती बहाव के बावजूद SDRF जवानों द्वारा पूरी रात लगातार रेस्क्यू एवं सर्चिंग कार्य किया गया।



 अगले 03 घंटों में  ( ऑरेंज अलर्ट 31 Aug 2026, 10:18 PM  से  01 Sep 2026, 1:00 AM ) *जनपद* - बागेश्वेर, पिथौरागढ़, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल तथा उधम सिंह नगर ज़िलों के कुछ इलाकों में *यथा* - विकासनगर, सेलाकुई, मसूरी, सुधोवाला, सकलाना रेंज, धनोल्टी, लच्छीवाला, सहस्त्रधारा, डोईवाला, नरेंद्र नगर, चंबा, शिवपुरी रेंज, देवप्रयाग, ऋषिकेश, छिद्दरवाला, मोहन चट्टी, घनशाली, दुगड्डा, कोटद्वार, रामनगर, रुद्रपुर, हल्द्वानी, मुनस्यारी, रिलकोट, बेरीनाग, डीडीहाट, कपकोट और आस-पास के क्षेत्रों में मध्यम वर्षा तथा कही-कही वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर होने की संभावना है।


 *मुख्यमंत्री ने इलाज का पूरा खर्च वहन करने के दिए निर्देश* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशील पहल से लोहियाहेड निवासी रवि शर्मा के 08 वर्षीय पुत्र देव के उपचार की राह आसान हुई है। मुख्यमंत्री ने बच्चे के समुचित उपचार के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा इलाज में आने वाले खर्च को वहन करने के निर्देश दिए हैं।



उल्लेखनीय है कि गत दिवस मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी लोहियाहेड में स्थानीय व्यवसायी रवि शर्मा की दुकान पर पहुंचे थे और वहां उन्होंने टिक्की खाई थी। इस दौरान रवि शर्मा ने मुख्यमंत्री को अपने 08 वर्षीय पुत्र देव की बीमारी के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उनका बेटा बचपन से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है और उसके हाथ-पैर काम नहीं करते हैं। बच्चे का लंबे समय से उपचार कराया जा रहा है तथा देहरादून स्थित इंद्रेश अस्पताल में भी उसका उपचार कराया गया है।


मुख्यमंत्री के निर्देश पर सोमवार देर सायं जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी श्री दिवेश शासनी तथा उपजिलाधिकारी श्री तुषार सैनी सहित चिकित्सकों की टीम रवि शर्मा के लोहियाहेड स्थित आवास पहुंची। इस दौरान ऑर्थो विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी डॉ. एच.एस. ऐरी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उसके पूर्व में कराए गए उपचार और मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी ली।


बच्चे की वर्तमान स्थिति एवं पूर्व उपचार की जानकारी लेने के बाद चिकित्सकों ने आगे के उपचार के लिए सर्वप्रथम एमआरआई जांच कराने की सलाह दी। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार की आगामी प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चे की एमआरआई जांच तत्काल कराई जाए।


जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे और उसके अभिभावकों को जिला चिकित्सालय तक ले जाने के लिए प्रशासन की ओर से वाहन एवं आवश्यक सहायक उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चे के बेहतर उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की इस संवेदनशील पहल से बच्चे के परिवार को बेहतर उपचार की उम्मीद जगी है। परिवार ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उनकी इस मानवीय पहल के लिए धन्यवाद दिया।


*मलबा तत्काल हटाने, पुल के नीचे ब्लॉक निर्माण एवं प्रभावितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के दिए निर्देश*


देहरादून:



सूबे के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के मसंदावाला क्षेत्र में देर रात हुई भारी बारिश के कारण मलबा आने से प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर स्थानीय लोगों एवं आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।


मंत्री जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में जमा मलबे को तत्काल साफ कराया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने पुल के नीचे ब्लॉक निर्माण का कार्य शीघ्र कराने के भी निर्देश दिए, जिससे भविष्य में भारी बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव एवं मलबे से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।


मंत्री ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील के माध्यम से आपदा के कारण जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उनका शीघ्र आकलन कर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता के चेक उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को शासन स्तर पर लंबित योजना की वित्तीय स्वीकृति की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा एवं बचाव से संबंधित कार्य जल्द शुरू किए जा सकें एवं आपदा की स्थिति में सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाए।


निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान विनोद अवस्थी, रंजीता उनियाल, बिक्रम कण्डारी, गिरीश उनियाल, नवीन उनियाल, परशुराम, मोहन ठाकुर, विनोद जोशी, प्रीति थापा सहित वन विभाग, सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

नई दिल्ली :





शनिवार को नई दिल्ली के होटल वेलकम में अमेरिका की सेडारब्रुक यूनिवर्सिटी (Cedarbrook University) द्वारा लेखन,पत्रकारिता,समाज सेवा,शिक्षा,साहित्य,कला और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को मानद डॉक्टरेट(Honorary Doctorate) की उपाधि और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। 

इस मौके पर अमेरिका सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी द्वारा लेखक और पत्रकार जगमोहन ‘आज़ाद’ को पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों के विशिष्ट योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट(Ph.D.)की उपाधि और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया है। जिसके तह्त उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि के साथ प्रमाण पत्र और स्वर्ण पदक(गोल्ड मेडल)प्रदान किया गया

आपको बता दें कि सीडर ब्रुक यूनिवर्सिटी ने इस विशेष अंतर्राष्ट्रीय दीक्षांत समारोह में भारत के कई प्रतिष्ठित शिक्षाविदों,समाजसेवियों और शोधकर्ताओं को शिक्षा,अकादमिक नेतृत्व और सामाजिक योगदान के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए 'मानद डॉक्टरेट' (Honorary Doctorate) की उपाधि से सम्मानित किया। 

अग्रणी वैश्विक शिक्षा परामर्श और सेवा मंच ऐमले (Aimlay) के तत्वावधान में नई दिल्ली में आयोजित इस ग्लोबल एक्सीलेंस समिट(Global Excellence Summit) में वैश्विक स्तर के विचारक,शिक्षाविद,शोधकर्ता और उद्योगपतियों सहित दुनिया भर के कई देशों से सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिसमें उत्तराखंड मूल के कवि-लेखक और पत्रकार जगमोहन ‘आजाद’ को मानद डॉक्टरेट की उपाधि एवं गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। 

मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित होने के बाद जगमोहन ‘आज़ाद’ ने सीडरब्रुक यूनिवर्सिटी अमेरिका और ऐमले का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस हिमालय को देखने के लिए दुनिया भर से लोग हमारे उत्तराखंड आते है,उसे हम सुबह उठकर प्रणाम करते है,क्योंकि हिमालय हमारे लिए केवल पहाड़ नहीं,बल्कि देवता और जीवंत सांस्कृतिक धरोहर भी है। जिस प्राकृतिक संपदा और पावन नदियों को देखने और मानसिक शांति पाने के लिए दुनिया भर से लोग मीलों का सफर तय करके हमारे पास आते हैं,उन्हें हम रोज़ सुबह उठकर एक मां और चेतना के रूप में प्रणाम करते हैं। हम पहाड़ों और नदियों को देवता मानते है। पेड़-पौधे,बांज और देवदार के जंगलों को श्रद्धा से देखते है और उन्हें बचाते है। उत्तराखंड की मातृशक्ति जो हमारे पहाड़ की सामाजिक,सांस्कृतिक और आर्थिक रीढ़ मानी जाती हैं,जिन्होंने कठिन पहाड़ी जीवन और राज्य निर्माण के संघर्ष में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। जिनसे मैं संघर्षों के मायनों को समझता हूं। मैं इन सब को अपनी इस उपाधि को समर्पित करता हूं। क्योंकि मैं आज जो कुछ भी हूं,इन सब की वजह से हूं।


मूल रूप से उत्तराखंड,पौड़ी गढ़वाल की पट्टी कफोलस्यूं में ग्राम नौली रहने वाले है जगमोहन

सेडारब्रुक यूनिवर्सिटी (Cedarbrook University) से मानद डॉक्टरेट(Honorary Doctorate) की उपाधि और गोल्ड मेडल से सम्मानित जगमोहन ‘आज़ाद’ मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के ग्राम नौली के रहने वाले और पिछले 30 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े हैं और कई उपलब्धियां प्राप्त कर चुके हैं। दिल्ली दूरदर्शन,हिदुस्तान,इंडिया टुडे,अमर उजाला,जनसत्ता,राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पत्रकारिता के क्षेत्र में नयी भूमिका स्थापित करते हुए जगमोहन ‘आज़ाद’ वर्तमान में सहारा न्यूज चैनल में वरिष्ठ संपादक के पद पर कार्यरत हैं। उनके अभी तक तीन कविता संग्रह,एक बाल कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुका है। जगमोहन ने गढ़वाली कवि ‘चंद्र कुंवर बर्त्वाल’ पर पुस्तक ‘प्रकृति के कवि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल’ का संपादन किया हैं तो,वो उत्तराखंड के लोक कलाकारों के जीवन परिवेश पर शोध करने वाले पहले शोधकर्ता है। इस शोध पर उनका शोध कार्य ‘लोक की बात’ नाम से प्रकाशित एवं पुरस्कृत है,इसी के साथ जगमोहन ‘उत्तराखंड सिनेमा का इतिहास’और ‘उत्तराखंड की लोक विरासत’ पर भी शोध कर रहे हैं। वह साहित्य कला एवं फिल्म से जुड़े लगभग एक हजार से अधिक लोगों के साक्षात्कार कर चुके हैं। 

जगमोहन ‘आज़ाद’को साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ-साथ कई सामाजिक संस्थाएं सम्मानित कर चुकी है।

पहाड़ की माटी से उपजे,पहाड़ के संघर्षों में पले-बढ़े और पहाड़ जैसा जीवन जीने वाले जगमोहन ‘आजाद’ के संघर्षों की कहानी बहुत संघर्षपूर्ण है,जो कई बार आपको विचलित कर देती है।दिल्ली की सड़कों पर रिक्शा चलाने,दिल्ली के छापखानों में जीवन के लिए संघर्ष करने और तमाम पहाड़ के लोगों की तरह खुद को साबित करने लिए संघर्षों का लंबा अनुभव समेटे जगमोहन ‘आज़ाद’ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना नाम कमाया है।

जगमोहन उत्तराखंड के माटी से जुडी खबरों के वे-पोर्टल संवाद जाह्नवी का संपादन भी कर रहे है। साथ ही यूट्यूब चैनल Travel With Me-‘संवाद जाह्नवी’ के माध्यम से लोक संस्कृतिक,लोक कलाओं,पर्यटन एवं लोक विरासत से जुडे ब्लॉग का निर्माण करते है। 

लेखक-कवि पत्रकार जगमोहन ‘आजाद’ देश-विदेश में कई साहित्य और संस्कृतिक यात्राएं कर चुके है और कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित। जिनमें वियतनाम में आयोजित 20वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मलेन में ‘सलेकचंद जैन’ एवं ‘हो ची मिन्ह स्मृति सम्मान’। भूटान में आयोजित 21वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में ‘श्रीकांत वर्मा स्मृति सम्मान’। श्रीलंका में 22वें अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में ‘मुक्तिबोध स्मृति सम्मान’ और हिन्दी आकादमी दिल्ली 2004-05 का 'नवोदित लेखक सम्मान',कविता संग्रह 'शाम होते ही' के लिए प्रथम 'राजेंद्र बोहरा काव्य' सम्मान,जयपुर,पर्वतीय कला मंच,नोएडा से पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान हेतु 'पर्वतीय कला संस्कृति' सम्मान,डॉ.शोभनाथ यादव कविता सम्मान,कौथिग फाउंडेशन मुंबई,युवा पत्रकार सम्मान और मलेशिया,इंडोनेशिया,बाली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन के रजत पर्व में पत्रिकारिता के लिए ‘ट्रू मीडिया सम्मान-2025 प्रमुख है।

इस मौके पर पूर्व मंत्री यूपी पर्यावरण परिषद की चेयरपर्सन और ब्राह्मण सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व राज्य मंत्री साधना मिश्रा, ऐमले निदेशक राकेश कुमार गुप्ता,बिज़नेस हेड अभिषेक सिंह सिंह सहित कई विश्वविद्यालयों के कुलपति और उप-कुलपति उपस्थित थे।

 देहरादून:



मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड में जारी ऑरेंज अलर्ट के दृष्टिगत SDRF को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी द्वारा प्रदेशभर में तैनात SDRF टीमों की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी कंपनी प्रभारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।


बैठक के दौरान सेनानायक द्वारा सभी कंपनी प्रभारियों एवं टीम प्रभारियों से उनके-अपने तैनाती क्षेत्रों में मौसम की वर्तमान स्थिति एवं SDRF टीमों की तैयारियों की जानकारी ली गई। उन्होंने निर्देशित किया कि बारिश के दौरान सभी टीमें पूर्ण उपकरणों एवं आवश्यक सुरक्षा संसाधनों के साथ पूरी तरह तैयार एवं अलर्ट रहें। किसी भी आपातकालीन कॉल प्राप्त होने पर टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया जाए तथा रेस्क्यू कार्यों में किसी भी प्रकार का विलंब न हो।


सेनानायक द्वारा सभी टीमों को निर्देश दिए गए कि अपने-अपने क्षेत्रों में नदियों, गदेरों, नालों, संवेदनशील ढलानों एवं अन्य संभावित आपदा प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही आसपास के स्थानीय लोगों को भी मौसम एवं संभावित जोखिमों के संबंध में जागरूक करते हुए आवश्यक सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया जाए।


उन्होंने निर्देशित किया कि सभी टीमें अपने क्षेत्र का मौसम एवं परिस्थितियों संबंधी अपडेट लगातार SDRF कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराती रहें, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


बैठक में सेनानायक ने रेस्क्यू के दौरान कार्मिकों की व्यक्तिगत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जवान अपने सुरक्षा उपकरणों, लाइफ जैकेट, हेलमेट, रोप रेस्क्यू उपकरण एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित कर लें। उन्होंने टीमों को निर्देशित किया कि स्वयं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ही रेस्क्यू ऑपरेशन को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।



SDRF Uttarakhand मौसम विभाग के अलर्ट के मद्देनजर प्रदेशभर में अपनी सभी टीमों के माध्यम से स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू एवं राहत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है।

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए करता है प्रेरित : मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंवावाला, देहरादून में सुना प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कुंवावाला, देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना।



कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और अभिनव प्रयासों को देश-दुनिया के सामने लाने का प्रभावी माध्यम बना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में युवाओं को नशे से दूर रखने और ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया है। नशा मुक्त युवा ही सशक्त और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री के आह्वान से देश के युवाओं में नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ने के साथ ही स्वस्थ, सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित युवा शक्ति के निर्माण को नई ऊर्जा मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के गौरवशाली इतिहास और विरासत को नई पीढ़ी तक रोचक एवं सरल तरीके से पहुंचाने के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयासों का भी उल्लेख किया। ऐसे प्रयास युवाओं को देश के समृद्ध इतिहास से जोड़ने के साथ उनमें अपनी संस्कृति, विरासत और राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत करते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में सामान्य नागरिकों द्वारा किए जा रहे असाधारण कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान प्रदान कर रहे हैं। इससे समाज के अन्य लोगों को भी अपने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा मिलती है।


मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए नशा मुक्त, स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।


इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत,श्री मदन कौशिक श्री भरत चौधरी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।


*संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में रियल टाइम मॉनिटरिंग, पूर्व चेतावनी एवं त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश*

*मौसम को देखते हुए सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश* 

देहरादून:



 राज्य में स्थित ग्लेशियर झीलों से संभावित खतरे को देखते हुए  आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने ग्लेशियर झीलों की निगरानी एवं जोखिम न्यूनीकरण के लिए विश्वभर में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने के निर्देश दिए हैं।


 रविवार को उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर उत्तराखण्ड में स्थित ग्लेशियर झीलों की स्थिति तथा संभावित जोखिम की विस्तृत जानकारी ली।

आपदा मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए ग्लेशियर एवं ग्लेशियर झीलों की स्थिति में होने वाले बदलावों की वैज्ञानिक निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निरंतर एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। ग्लेशियर झीलों के जलस्तर, आकार, जलभराव की स्थिति तथा उनमें होने वाले संभावित बदलावों पर लगातार नजर रखी जाए। इसके लिए सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग, ड्रोन, सेंसर आधारित निगरानी तथा अन्य आधुनिक तकनीकों की संभावनाओं का अध्ययन कर इन्हें आवश्यकता के अनुसार अपनाया जाए।

आपदा मंत्री ने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए संबंधित विभागों, विशेषज्ञ संस्थानों एवं तकनीकी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो वहां अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किए जाएं, ताकि किसी भी असामान्य स्थिति का समय रहते पता लगाकर संभावित प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सतर्क किया जा सके। 

पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने बैठक में प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा तथा बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें। उन्होंने राज्यभर में वर्षा की स्थिति, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। विभिन्न जनपदों में हुई वर्षा, संभावित मौसम पूर्वानुमान तथा आगामी दिनों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को सभी जनपदों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए तथा भूस्खलन संभावित एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी पहले से तैनात रखी जाए। जिन स्थानों पर भूस्खलन अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना अधिक रहती है, वहां पहले से पर्याप्त संख्या में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, आवश्यक उपकरण एवं तकनीकी दल तैनात किए जाएं, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके। 

जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ पंप एवं अन्य आवश्यक उपकरण पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता से कार्य करने को कहा, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कहा कि बिजली, पेयजल एवं संचार सेवाओं की बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता पर की जाए। यदि कहीं भी ये सेवाएं प्रभावित होती हैं तो अतिरिक्त टीमें तत्काल भेजी जाएं और वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर आमजन को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। 

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित सभी संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें। दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित किया जाए, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में मा0 उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति श्री विनय रुहेला, मा0 उपाध्यक्ष ले. कर्नल (अ.प्रा.) रघुवीर सिंह भण्डारी, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, जेसीईओ श्री दिनेश कुमार पुनेठा, यूएसडीएमए के विशेषज्ञ डॉ. पूजा राणा, श्री रोहित कुमार, सुश्री प्रतिभा पुरोहित, श्री मोहित माथुर आदि उपस्थित रहे। 


*यात्रा संचालन मौसम एवं मार्ग की स्थिति के आधार पर हो*

 मा0 मंत्री ने निर्देश दिए कि मौसम की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा का संचालन किया जाए। यदि अत्यधिक वर्षा अथवा मार्ग अवरुद्ध होने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे भेजा जाए।


*नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश* 

मा0 मंत्री ने नदियों के जलस्तर पर चैबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक किया जाए तथा खतरे की आशंका होने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डैम एवं बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देकर सतर्क किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भी समय रहते अलर्ट किया जाए, ताकि किसी भी संभावित जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।


*वैकल्पिक संचार व्यवस्था हर समय तैयार रहे*

आपदा  मंत्री ने कहा कि यदि भारी वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण किसी क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होती है तो वैकल्पिक संचार प्रणाली तत्काल सक्रिय की जाए। उन्होंने दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में वैकल्पिक संचार व्यवस्था को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण मोबाइल अथवा अन्य संचार सेवाएं बाधित होने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक संचार माध्यम उपलब्ध होने चाहिए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।


*गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं गंभीर रोगियों की विशेष निगरानी*

 मा0 मंत्री ने गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सा सुविधाओं से युक्त स्थानों पर पहुंचाया जाए। जहां आवश्यकता हो वहां हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में चिकित्सा सहायता के अभाव में जनहानि नहीं होनी चाहिए।


*डेंगू की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर अभियान के निर्देश*

मंत्री ने प्रदेश में डेंगू की रोकथाम की भी समीक्षा की।



उन्होंने इसे राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले सभी स्थानों की तत्काल पहचान कर वहां पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए तथा नियमित फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच किट, पर्याप्त दवाइयां, रक्त की उपलब्धता, बेड तथा चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


वर्तमान मौसम की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी देहरादून द्वारा दिनांक 31 अगस्त को जनपद के समस्त विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) एवं सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में *अवकाश घोषित किया गया है*।

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