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देहरादून :



जनपद में शिक्षा निदेशक व अन्य अधिकारियों पर हुए हमले एवं कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर परवादून जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस संबंध में माननीय राज्यपाल महोदय को उपजिलाधिकारी डोईवाला कार्यालय के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर रायपुर विधायक उमेश काऊ व अन्य दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।


परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि सरकारी कार्यालय में घुसकर शिक्षा निदेशक व अन्य अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की घटना लोकतंत्र और प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि ही कानून को हाथ में लेने लगेंगे तो प्रदेश में कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा होगा। कांग्रेस पार्टी ऐसे कृत्यों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी और रायपुर विधायक उमेश काऊ व अन्य दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करती है।


डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं प्रशासनिक अधिकारियों का मनोबल तोड़ने का कार्य करती हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या प्रदेश में कानून सबके लिए समान है या नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।


डोईवाला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र स्वरूप भट्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति व्यक्त करने के संवैधानिक तरीके मौजूद हैं, लेकिन हिंसा और दबाव की राजनीति किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।


परवादून जिला कांग्रेस की मांग है कि रायपुर विधायक उमेश काऊ व अन्य दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई की जाए अन्यथा कांग्रेस द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।


इस दौरान परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी,डोईवाला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र स्वरूप भट्ट,वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज नौटियाल,सभासद गौरव मल्होत्रा,राहुल सैनी,स्वतंत्र बिष्ट,अमित सैनी,आरिफ अली,रानीपोखरी मंडलम कांग्रेस अध्यक्ष मोहित कपरवान,आशिक अली,रेखा कांडपाल सती,रीता क्षेत्री,साहिल अली,संजीव भट्ट,राहुल आर्य,हर्षित उनियाल,विमल गोला,मनोज पाल,महिपाल रावत आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री आवास में चम्पावत से आए होल्यारों ने दी होली की शुभकामनाएं* 

champawat holyare to CM Dhami wishes holi


जनपद चम्पावत के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आए होल्यारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की और पारंपरिक अंदाज में उन्हें होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर होल्यारों ने कुमाऊँ अंचल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अनुपम प्रदर्शन करते हुए खड़ी एवं बैठकी होली के पारंपरिक लोकगीतों का सुमधुर गायन किया।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने सभी होल्यारों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें  सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, शास्त्रीय संगीत परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चम्पावत सहित समूचे कुमाऊँ क्षेत्र की खड़ी और बैठकी होली अपनी विशिष्ट शैली, राग-रागिनियों की शास्त्रीयता और भक्ति भाव से परिपूर्ण प्रस्तुति के कारण देशभर में विशेष पहचान रखती है। यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है, जिसे संजोकर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।




मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोक कला, लोक संगीत और पारंपरिक उत्सवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभिन्न सांस्कृतिक मंचों, महोत्सवों और आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। साथ ही ये समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द की भावना को सुदृढ़ करते हैं।


इस अवसर पर होल्यारों ने प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की कामना करते हुए पारंपरिक मंगल गीत प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने भी समस्त प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह रंगोत्सव सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता, सुख और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने कहा कि होली का यह पावन पर्व हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम, सद्भाव और एकता के रंग में रंगने का संदेश देता है।



गंगा एक्सप्रेसवे के मेरठ–हरिद्वार विस्तारीकरण पर प्रस्तुतीकरण

CS  uttarakhand ganga express way haridwar to meerut


यूपीडा (Uttar Pradesh expressways industrial development authority) के अधिकारियों ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन के समक्ष गंगा एक्सप्रेसवे के मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारीकरण संबंधी प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में एक्सप्रेसवे के दो तुलनात्मक एलाइनमेंट विकल्प साझा किए गए—पहला विकल्प मेरठ–मुजफ्फरनगर–हरिद्वार जनपदों से होकर गुजरने वाला तथा दूसरा विकल्प हापुड़–मेरठ–मुजफ्फरनगर–हरिद्वार जनपदों को कवर करने वाला। दोनों एलाइनमेंट पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।


*प्रारंभिक औपचारिकताओं व अंतरराज्यीय समन्वय पर निर्देश*

मुख्य सचिव ने यूपीडा को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की ओर से की जाने वाली अग्रिम औपचारिकताओं—भूमि उपलब्धता, यूटिलिटी शिफ्टिंग, पर्यावरणीय स्वीकृतियां, EIA तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समन्वय—से संबंधित प्रारंभिक कार्यवाही का विस्तृत प्रारूप तैयार किया जाए।


 बैठक में सचिव पंकज पांडेय, अपर सचिव विनीत कुमार तथा यूपीडा से चुनकु राम पटेल, विनय प्रकाश सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

अधिकृत वित्त समिति की बैठक में विकास परियोजनाओं को मिली स्वीकृति


मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में अधिकृत वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई।


*यूआईडीएफ फंड के अंतर्गत न्यू कैंट मार्ग अपग्रेडेशन को मंजूरी*

बैठक में यूआईडीएफ  फंड के अंतर्गत न्यू कैंट मार्ग, दिलाराम बाजार से विजय कॉलोनी पुल तक 2 लेन से 3 लेन में उन्नयन हेतु यूटिलिटी शिफ्टिंग (विद्युत लाइनों को यूटिलिटी डक्ट में स्थानांतरित करना) एवं वाटर सप्लाई लाइन शिफ्टिंग के ₹1257.96 लाख के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई।


*पिथौरागढ़ में पेयजल योजना सुदृढ़ीकरण*

जनपद पिथौरागढ़ की पिथौरागढ़ शाखा  के अंतर्गत घाट पंपिंग पेयजल योजना की जीर्ण-शीर्ण पाइपलाइन, राइजिंग मेन के प्रतिस्थापन एवं पुनर्संरेखण संबंधी ₹1338.53 लाख रू की योजना को अनुमोदन दिया गया।


*मसूरी राज्य राजमार्ग पर दो लेन स्टील बॉक्स पुल का निर्माण*

मसूरी राज्य राजमार्ग संख्या-1 के कि.मी. 18 पर सहसपुर, जनपद देहरादून में क्षतिग्रस्त एकल लेन पुल के स्थान पर ₹1200.17 लाख  रू की लागत से 60 मीटर स्पैन का दो लेन, क्लास-ए लोडिंग स्टील बॉक्स पुल निर्माण को स्वीकृति दी गई।


*रामनगर बस टर्मिनल परियोजना पर सख्त रुख*

मुख्य सचिव ने पेयजल निगम के रामनगर बस टर्मिनल निर्माण कार्य के पुनरीक्षित आकलन परियोजना में परियोजना के कुल खर्च के मुकाबले फाउंडेशन वर्क व साइट विकास की अधिक लागत  पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने HOD, पीडब्ल्यूडी एवं एमडी, पेयजल निगम को प्रारंभिक लागत, विस्तारित लागत, साइट चयन, नींव खर्च एवं कुल व्यय की व्यवहारिकता, प्रासंगिकता, मितव्ययिता और उपयोगिता की जांच हेतु कमेटी गठित करते हुए  रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


*पब्लिक फंड की मितव्ययिता और सख्त स्क्रूटनी पर जोर*

मुख्य सचिव ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक धन की मितव्ययिता सर्वोपरि है। केवल कंसलटेंट के प्रस्तावों पर निर्भर न रहते हुए विभाग स्वयं जिम्मेदारीपूर्वक पर्याप्त स्क्रूटनी करें। बिना समुचित जांच के किसी भी प्रस्ताव को हाई पावर कमेटी में प्रस्तुत न किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा—कार्य पब्लिक-सेंट्रिक हों।


*तेज और पारदर्शी क्रियान्वयन के निर्देश*

आज स्वीकृत सभी परियोजनाओं पर शीघ्र, पारदर्शी एवं समयबद्ध अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


बैठक में सचिव पंकज पांडेय, एस.ए. Adannki, बृजेश संत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड राज्य को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) के भाग-IX “वित्तीय प्रबंधन में दक्षता के लिए राज्यों को प्रोत्साहन” के अंतर्गत 350 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।* इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा अपनाए गए सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और राजकोषीय अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ने कर संग्रह बढ़ाने, व्यय नियंत्रण, डिजिटल भुगतान प्रणाली को सशक्त करने तथा बजटीय प्रबंधन में सुधार जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।


मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पूर्व राज्य को खनन क्षेत्र में पारदर्शी नीतियों, ई-टेंडरिंग एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने तथा परिवहन विभाग में सुधारों के लिए भी केंद्र सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो चुकी है। यह दर्शाता है कि उत्तराखंड लगातार सुधार आधारित शासन मॉडल को अपनाकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सुशासन, पारदर्शिता और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर दिया गया यह प्रोत्साहन राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे हमारी विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।


उन्होंने प्रधानमंत्री और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।

 

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गठित की समिति*

*उत्तराखण्ड के जोन छह में आने के बाद उठाया अहम कदम*

*सीबीआरआई के निदेशक प्रो. प्रदीप करेंगे समिति की अध्यक्षता

देहरादून:

New building rules will be applicable in uttarakhand

New building rules will be applicable in uttarakhand


 उत्तराखण्ड राज्य की बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने भवन निर्माण नियमों को अधिक सुरक्षित और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भारतीय मानक ISO 1893-2025 के अनुसार पूरे राज्य के भूकंप जोन छह में शामिल होने के बाद अब बिल्डिंग बायलाॅज में व्यापक संशोधन किया जाएगा।

। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा वर्तमान बिल्डिंग बायलाॅज की समीक्षा एवं संशोधन हेतु सीएसआईआर-सीबीआरआई रुड़की के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। 


यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार को समिति का संयोजक बनाया गया है। बता दें कि वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में बिल्डिंग बायलाॅज भारतीय मानक ब्यूरो के पुराने संस्करण ISO 1893-2002 पर आधारित हैं। 

समिति में सीबीआरआई रुड़की, भारतीय मानक ब्यूरो, आईआईटी, ब्रिडकुल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, विकास प्राधिकरणों तथा भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।

 समिति वास्तुविदों के साथ ही विभिन्न अभियंताओं से भी विचार-विमर्श करेगी। समिति का उद्देश्य राज्य के मौजूदा बायलाॅज का गहन अध्ययन करते हुए उन्हें वर्तमान भूकंपीय मानकों, जलवायु परिस्थितियों और आधुनिक निर्माण तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है।  

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों और बढ़ती भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए भवन निर्माण के नियमों में परिवर्तन किया जा रहा है। राज्य सरकार भवन बायलाॅज को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और आपदा-सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।


 समिति भवन बायलाॅज को अधिक व्यवहारिक, सुरक्षित और आपदा-रोधी बनाने के लिए अपने सुझाव देगी। उन्होंने कहा कि संशोधित नियमों से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और आपदा जोखिम में कमी आएगी।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल नियमों में बदलाव करना नहीं बल्कि सुरक्षित निर्माण की संस्कृति विकसित करना है। उन्होंने बताया कि संशोधित बिल्डिंग बायलाॅज में भूकंप-रोधी डिजाइन, भू-तकनीकी जांच, विंड लोड और स्ट्रक्चरल सेफ्टी से जुड़े प्रावधानों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय पारंपरिक निर्माण तकनीकों और जलवायु अनुकूल विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे सतत एवं आपदा-सक्षम विकास सुनिश्चित हो सके। 

बता दें कि नए बिल्डिंग बायलाॅज लागू होने से भवनों की संरचनात्मक मजबूती बढ़ेगी, आपदा के दौरान जन-धन की हानि कम होगी और सुरक्षित व टिकाऊ शहरी विकास व निर्माण को नई दिशा मिलेगी। समिति अपनी रिपोर्ट उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा आवास विभाग को सौंपेगी। समिति द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर आवास विभाग द्वारा बायलाॅज में आवश्यक संशोधन एवं कार्यान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। 


*समिति का कार्यक्षेत्र*

उत्तराखण्ड राज्य के वर्तमान बिल्डिंग बायलाॅज की विस्तृत समीक्षा, विश्लेषण एवं मौजूदा तकनीकों का आकलन।

राज्य में मौजूद भूकंप, भूस्खलन और अन्य आपदा जोखिमों को समाहित करते हुए संशोधित बिल्डिंग बायलाॅज का मसौदा तैयार करना।

भूकंप-रोधी डिजाइन, नई निर्माण तकनीकों एवं संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को शामिल करना।

पारंपरिक पहाड़ी निर्माण प्रणालियों को वैज्ञानिक रूप से आधुनिक नियमों में समाहित करना।

पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूल निर्माण के लिए विशेष प्रावधान तैयार करना।

संशोधित नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना एवं दिशा-निर्देश प्रस्तुत करना।

इंजीनियरों, योजनाकारों एवं संबंधित विभागों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के सुझाव देना।


*समिति में ये हैं शामिल*

समिति की अध्यक्षता सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार करेंगे, जबकि यूएलएमएमसी, देहरादून के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार को संयोजक बनाया गया है। समिति में डॉ. अजय चैरसिया (मुख्य वैज्ञानिक, सीबीआरआई रुड़की), प्रो. महुआ मुखर्जी (वास्तुकला विभाग, आईआईटी रुड़की), सुश्री मधुरिमा माधव (वैज्ञानिक ‘ब्’, भारतीय मानक ब्यूरो, नई दिल्ली), डॉ. पी.के. दास (वरिष्ठ ग्रामीण आवास सलाहकार, यूएनडीपी), आर्किटेक्ट एस.के. नेगी (पूर्व मुख्य वैज्ञानिक, सीबीआरआई शिमला), उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के नामित प्रतिनिधि, ब्रिडकुल के प्रबंध निदेशक, लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एवं विभागाध्यक्ष, राज्य के नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रतिनिधि, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों के साथ-साथ भूकंप विशेषज्ञ धर्मेन्द्र कुशवाहा एवं भू-भौतिक विज्ञानी डॉ. विशाल वत्स सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

व्यापार-व्यवसाय में बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। निवेश शुभ रहेगा। भाग्य का साथ रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। कुबुद्धि हावी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विवाद से दूर रहें। कुसंगति से बचें। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी।


Rashifal today


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

यात्रा मनोरंजक रहेगी। किसी मांगलिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड में सोच-समझकर हाथ डालें। जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। समय का अपव्यय होगा। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। विवाद से क्लेश होगा। काम में मन नहीं लगेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति विशेष से अनबन हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि नीचा देखना पड़े। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धनार्जन होगा।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

शत्रु शांत रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। घर में प्रतिष्ठित अतिथियों का आगमन हो सकता है। व्यय होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय बनी रहेगी। दुष्‍टजनों से दूर रहें। चिंता तथा तनाव रहेंगे।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। रोजगार प्राप्ति सहज ही होगी। व्यावसायिक यात्रा से लाभ होगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। निवेशादि शुभ रहेंगे। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। किसी बड़ी समस्या का हल प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रु शांत रहेंगे। ऐश्वर्य पर खर्च होगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। शुभ समाचार मिल सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।

धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

आराम का समय मिलेगा। आशंका-कुशंका रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं, प्रयास करें। आय में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। राजभय रहेगा। जल्दबाजी व विवाद करने से बचें। थकान महसूस होगी। किसी के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। कोर्ट व कचहरी के काम अनुकूल रहेंगे। धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। पूजा-पाठ में मन लगेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक शिथिलता रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। किसी अपने का व्यवहार प्रतिकूल रहेगा। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। नौकरी में अपेक्षानुरूप कार्य न होने से अधिकारी की नाराजी झेलना पड़ेगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

कष्ट, भय व चिंता का वातावरण बन सकता है। विवेक से कार्य करें। समस्या दूर होगी। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति मनोनुकूल बनेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। कारोबारी लाभ में वृद्धि होगी। नौकरी में शांति रहेगी। सहकर्मियों का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।


 *उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Award हेतु चयन* 

 *चारधाम यात्रा 2025 के अभिनव ट्रैफिक कंट्रोल मॉडल के लिये युवा पुलिस अधिकारी लोकजीत सिंह को मिला राष्ट्रीय सम्मान

 *एसपी (ट्रैफिक ) लोकजीत सिंह के नेतृत्व में देहरादून ट्रैफिक पुलिस की पहल बनी सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण* 


skotch award to uttarakhand police


उत्तराखंड पुलिस के लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि चारधाम यात्रा 2025 के सफल संचालन हेतु विकसित अभिनव ट्रैफिक एवं कंट्रोल रूम प्रबंधन प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Award – India’s Honest Independent Honour के लिए चयनित किया गया है।



पुलिस अधीक्षक (यातायात) देहरादून श्री लोकजीत सिंह के नेतृत्व में “चारधाम यात्रा 2025 : निर्बाध तीर्थ प्रबंधन हेतु अभिनव कंट्रोल रूम समाधान” नामांकन को 106वें SKOCH समिट में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान शासन एवं विकास के क्षेत्र में विशिष्ट और परिणाम-आधारित नवाचारों के लिए प्रदान किया जाता है।



चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में यातायात प्रबंधन को सुचारु, सुरक्षित एवं तकनीक-आधारित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा उन्नत कंट्रोल रूम सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डिजिटल समन्वय, इंटेलिजेंट रूट डायवर्जन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ किया गया। इस नवाचार के परिणामस्वरूप यातायात जाम में कमी, तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही तथा आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।



यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस व युवा पुलिस अधिकारी एसपी ( ट्रैफिक )  श्री लोकजीत सिंह की तकनीकी दक्षता, पारदर्शी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रमाण है। चारधाम यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में प्रभावी यातायात प्रबंधन राज्य की प्रशासनिक क्षमता और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।



उल्लेखनीय है कि यह पुरस्कार 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 106वें SKOCH समिट के दौरान प्रदान किया जाएगा।



उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर   एसपी ( ट्रैफिक )  श्री लोकजीत सिंह सहित पूरी ट्रैफिक पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी उत्तराखंड पुलिस के लिए प्रेरणास्रोत है तथा भविष्य में भी नवाचार आधारित पुलिसिंग को प्रोत्साहन देता रहेगा।



उल्लेखनीय है कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि चारधाम यात्रा के उत्कृष्ट, सुव्यवस्थित और प्रभावी प्रबंधन के लिए युवा पुलिस अधिकारी श्री लोकजीत सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Group द्वारा प्रदान किए जाने वाले SKOCH AWARD से सम्मानित किया जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल एक अधिकारी के उत्कृष्ट नेतृत्व की पहचान है, बल्कि उत्तराखंड की प्रशासनिक दक्षता और पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी है।



वर्ष 2024 की चारधाम यात्रा के दौरान आई चुनौतियों ने प्रशासन को अनेक महत्वपूर्ण सीख दी थीं। इन्हीं अनुभवों को आधार बनाते हुए पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2025 की यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक सशक्त रणनीति तैयार की। IG रेंज के अंतर्गत एक केंद्रीकृत और प्रभावी कंट्रोल रूम के गठन का निर्णय लिया गया, जिसकी जिम्मेदारी  एसपी श्री लोकजीत सिंह को सौंपी गई। सीमित समय में ही उन्होंने अपनी टीम के साथ कंट्रोल रूम की स्थापना कर व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दीं। आधुनिक तकनीकी संसाधनों, निरंतर मॉनिटरिंग और बहु-एजेंसी समन्वय के माध्यम से यात्रा प्रबंधन को एक व्यवस्थित और परिणामोन्मुख ढांचे में ढाल दिया गया। 



चारधाम यात्रा 2025 सरकार, शासन और पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि लक्ष्य केवल व्यवस्थाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना था। श्री लोकजीत सिंह के नेतृत्व में कंट्रोल रूम ने व्यवस्थित योजना और त्वरित निर्णय क्षमता के साथ कार्य किया। यात्रा के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को गतिशील और संवेदनशील तरीके से संभाला गया। धराली आपदा के समय रेस्क्यू कार्यों का प्रभावी समन्वय, पहलगाम आतंकी हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना, तथा विभिन्न हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी—इन सभी जटिल परिस्थितियों में उन्होंने सूझबूझ, संयम और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। संकट की हर घड़ी में कंट्रोल रूम ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके परिणामस्वरूप यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित किया जा सका।


श्री लोकजीत सिंह की यह उपलब्धि उनके निरंतर उत्कृष्ट कार्यों की श्रृंखला का एक और स्वर्णिम अध्याय है। इससे पूर्व वर्ष 2021 में कोविड प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित FICCI द्वारा FICCI Smart Policing Award से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2024 में चारधाम यात्रा प्रबंधन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राज्यपाल द्वारा उत्कृष्ट सेवा पदक भी प्रदान किया गया था।



चारधाम यात्रा जैसे विशाल और आस्था से जुड़े आयोजन का सफल संचालन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनविश्वास और सुरक्षा का प्रश्न भी होता है। एसपी श्री लोकजीत सिंह ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और टीम भावना के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि सुनियोजित रणनीति और समर्पित प्रयासों से कठिन से कठिन चुनौतियों का भी प्रभावी समाधान संभव है। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा, गौरव और विश्वास का प्रतीक है।

 

देहरादून :

coronation hospital dehradun


 पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय कोरोनेशन अस्पताल ,देहरादून में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएँ सामने आई हैं। हाल ही में एक युवती, प्रियंका चौहान, को उपचार के दौरान जिस प्रकार की अव्यवस्था, देरी और प्रक्रियात्मक जटिलताओं का सामना करना पड़ा, वह सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रियंका चौहान गंभीर अवस्था में अस्पताल की इमरजेंसी में पहुँचीं। परंतु तत्काल उपचार देने के बजाय उन्हें पहले इमरजेंसी विभाग से ऑर्थोपेडिक विभाग में भेजा गया। ऑर्थो विभाग में भी प्राथमिक उपचार शुरू करने से पहले बिलिंग की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद एक्स-रे के लिए भेजा गया, जहाँ पुनः बिलिंग की औपचारिकता पूरी करनी पड़ी। एक्स-रे रिपोर्ट आने के बाद प्लास्टर के लिए फिर से अलग से बिलिंग करवाई गई। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद जाकर उनका प्लास्टर किया गया।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि कोई मरीज अत्यंत गंभीर स्थिति में हो या जीवन-मृत्यु की अवस्था में हो, तो क्या इस प्रकार की लंबी और जटिल प्रक्रिया उसकी जान को खतरे में नहीं डाल सकती? आपातकालीन सेवाओं का मूल उद्देश्य त्वरित और प्राथमिक उपचार देना होता है, न कि मरीज और उसके परिजनों को विभागों और बिलिंग काउंटरों के चक्कर लगवाना।

अस्पताल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है। व्हीलचेयर जर्जर अवस्था में हैं, जिनका संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा था। स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। मरीजों और उनके परिजनों को उचित मार्गदर्शन और सहयोग का अभाव महसूस हुआ।

सरकारी अस्पताल विशेषकर उन लोगों के लिए जीवनरेखा होते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और निजी अस्पतालों का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। यदि सरकारी अस्पतालों में भी इस प्रकार की लापरवाही और अव्यवस्था बनी रही, तो आम जनता का भरोसा पूरी तरह से डगमगा सकता है।

हम उत्तराखंड सरकार एवं संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से निम्नलिखित मांग करते हैं:

पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।

आपातकालीन सेवाओं में “ट्रीटमेंट फर्स्ट, बिलिंग लेटर” की नीति लागू की जाए।

विभागों के बीच समन्वय व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

अस्पताल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे व्हीलचेयर, स्ट्रेचर, स्वच्छता और उपकरणों का तत्काल निरीक्षण कर सुधार किया जाए।

जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

यह विषय केवल एक मरीज का नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र से जुड़ा हुआ है। जनहित में आवश्यक है कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए और आम नागरिकों को सम्मानजनक तथा त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

आज का राशिफल 

दिनांक 24 फरवरी 2026 

दिन मंगलवार

rshifal today 24 feb,2026


 मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। यात्रा मनोरंजक हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय में नए प्रयोग किए जा सकते हैं। समय की अनुकूलता का लाभ लें। धन प्राप्ति सुगम होगी। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। कार्यभार व अधिकार में वृद्धि हो सकती है।



वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

विवाद को बढ़ावा न दें। बेवजह कहासुनी हो सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। थकान व कमजोरी रह सकते हैं। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। धनहानि की आशंका है। व्यापार-व्यवसाय में धीमापन रह सकता है। आय में निश्चितता रहेगी। समय शीघ्र सुधरेगा।

मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

मित्रों का सहयोग करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। यात्रा सफल रहेगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। किसी दूसरे व्यक्ति के काम में हस्तक्षेप न करें। विवाद होगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों व संबंधियों से मुलाकात होगी। कारोबार में अनुकूलता रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बुद्धि का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। प्रमाद न करें।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देगा। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। फालतू खर्च होगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। आय में कमी होगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। बेकार बातों पर बिलकुल ध्यान न दें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

यात्रा मनोनुकूल रहेगी। नया काम मिलेगा। नए अनुबंध होंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। समय की अनुकूलता रहेगी, लाभ लें। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कार्यस्थल पर सुधार व परिवर्तन हो सकता है। योजना फलीभूत होगी। तत्काल लाभ नहीं होगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। रुके कार्यों में गति आएगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। प्रमाद न करें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

अध्यात्म में रुझान रहेगा। सत्संग का लाभ प्राप्त होगा। राजकीय बाधा दूर होकर स्थिति लाभदायक बनेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। आसपास का वातावरण सुखद रहेगा। पार्टनरों तथा भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। विवेक का प्रयोग करें। प्रमाद न करें।


 


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि की आशंका बनती है, सावधानी आवश्यक है। लेन-देन में जल्दबाजी से बचें। आय बनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार-व्यवसाय की गति धीमी रहेगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। धनहानि भी आशंका है।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

भूमि-भवन व मकान-दुकान इत्यादि की खरीद-फरोख्त मनोनुकूल लाभ देगी। बेरोजगारी दूर होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। चारों तरफ से सफलता मिलेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। उत्साह बना रहेगा। चिंता तथा तनाव कम होंगे


देहरादून:

दिनांक: 23-03-2026

nilkanth mahadev


*बहुमंजिला पार्किंग में 500 से अधिक वाहनों की क्षमता, यातायात दबाव होगा कम, तीर्थ सीजन के दौरान अव्यवस्था और जाम की समस्या से भी मिलेगी राहत*  


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद पौड़ी गढ़वाल स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल नीलकंठ महादेव मंदिर में बहुप्रतीक्षित बहुमंजिला पार्किंग निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। आज राज्य सचिवालय में आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में नीलकंठ में बन रही बहुमंजिला पार्किंग की प्रगति को लेकर एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में धीरेन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव आवास, डीपी सिंह, अपर आयुक्त हुडा, बीरेन्द्र प्रसाद भट्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, पेयजल, सहित सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। 


*पार्किंग में 500 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था* 

सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि क्षेत्र में लगातार बढ़ती वाहन संख्या और तीर्थयात्रियों की भीड़ को देखते हुए इस परियोजना को स्वीकृति की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया गया है। प्रस्तावित पार्किंग में 300 से अधिक चारपहिया तथा 200 से अधिक दोपहिया वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था की जाएगी। इससे न केवल यातायात दबाव कम होगा, बल्कि तीर्थ सीजन के दौरान अव्यवस्था और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।  प्रस्ताव के अनुसार पार्किंग भवन में भूतल (स्टिल्ट) सहित कुल चार स्तर होंगे, जिनमें तीन फ्लोर ऊपर निर्मित किए जाएंगे। संपूर्ण ढांचा आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि भारी भीड़ के समय भी वाहनों का सुचारु संचालन संभव हो सके। लंबे समय से अव्यवस्थित पार्किंग नीलकंठ क्षेत्र की बड़ी समस्या रही है, जिससे स्थानीय व्यापार और श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता था। 


*02 बेड का आकस्मिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र भी किया जाएगा स्थापित* 

विशेष रूप से इस बहुमंजिला पार्किंग परिसर में दो बेड का आकस्मिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों के लिए आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना एक सराहनीय पहल मानी जा रही है। साथ ही अधिकारियों एवं राजकीय कार्मिकों के लिए प्रतीक्षालय और विश्राम कक्ष की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इस निर्माण कार्य हेतु गठित आयोजन का नियोजन विभाग की डीपीसी के माध्यम से परीक्षण किया जा चुका है। प्रशासनोपरांत स्वीकृत लागत पर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने के लिए 29 जनवरी 2026 को विभागीय व्यय समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इसके क्रम में 23 फरवरी 2026 को सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में परियोजना से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।



*आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान* 

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन और मिशन के अनुरूप राज्य के धार्मिक स्थलों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कार्यवाही की जा रही है। नीलकंठ में प्रस्तावित बहुमंजिला पार्किंग केवल एक आधारभूत संरचना परियोजना नहीं, बल्कि तीर्थ पर्यटन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि तीर्थस्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात व्यवस्था, सुरक्षित पार्किंग और आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। परियोजना को तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पारदर्शिता के साथ पूर्ण की जा रही हैं। अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक अनुभव प्राप्त हो तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले।प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि तीर्थ पर्यटन को नई दिशा देने में भी सहायक सिद्ध होगी। अब सभी की निगाहें अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति पर टिकी हैं, जिसके उपरांत निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की संभावना है।

 

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए सचिवों एवं जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।



मुख्य सचिव ने भराड़ीसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र की समुचित तैयारियों के निर्देश देते हुए SOP, कार्यपूर्ति दिग्दर्शिका, सुरक्षा प्रोटोकॉल, सैनिटेशन एवं अन्य व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से दुरुस्त करने पर बल दिया।

*सुशासन, अनुशासन एवं डिजिटल गवर्नेंस पर कड़ा संदेश*

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्मिकों अथवा सरकारी कार्यालयों में किसी भी प्रकार की बदसलूकी पर सख्त एनफोर्समेंट की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री द्वारा राज्य में किए गए सभी शिलान्यास कार्यों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

ई-ऑफिस (डिजिटल फाइलिंग) के बेहतर इंप्लीमेंटेशन पर जनपदों की सराहना करते हुए सभी निदेशालयों को डिजिटल प्रगति और तेज करने के निर्देश दिए।

*ग्रामीण विकास, प्रवासी समन्वय एवं कृषि नवाचार*

मुख्य सचिव ने ADOPT A VILLAGE योजना की समीक्षा करते हुए जिन जनपदों में प्रगति धीमी है, उन्हें गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारियों को जनपदवार प्रवासियों का डाटा तैयार कर उनसे समन्वय स्थापित करने, उनके अनुभव, तकनीक एवं कार्य संस्कृति का प्रदेश हित में उपयोग करने के निर्देश दिए।

बैठक में आयुक्त सह सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु द्वारा *एग्री स्टैग* योजना का प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें कृषि विकास योजनाओं की प्रगति तेज कर केंद्र से मिलने वाले इंसेंटिव का अधिकतम लाभ उठाने पर जोर दिया गया।


*GIS आधारित गवर्नेंस, सतत कृषि व अंतर-विभागीय समन्वय*

जिलाधिकारी टिहरी द्वारा Using GIS for Fast Tracking Governance विषय पर वर्चुअल प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें क्षतिपूरक वृक्षारोपण, फॉरेस्ट लैंड ट्रांसफर एवं भूमि अधिग्रहण मुआवजे के त्वरित निस्तारण पर प्रभावी पहल प्रस्तुत की गई, जिसकी सराहना की गई।

जिलाधिकारी उधम सिंह नगर ने सतत कृषि एवं जल संरक्षण से जुड़ी प्रेरणादायी पहल प्रेजेंटेशन के माध्यम से वर्चुअली प्रस्तुत की।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से विकास कार्यों एवं अंतर-विभागीय समन्वय की प्रगति की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता के साथ कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख सचिव धनंजय चतुर्वेदी, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

*व्यय वित्त समिति की बैठक में विकास योजनाओं को मिली हरी झंडी*

*मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य के खेल, पर्यटन, कारागार व आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को स्वीकृति*

देहरादून।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित व्यय- वित्त समिति की बैठक में राज्य के विभिन्न जनपदों से संबंधित महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में माननीय मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अंतर्गत जनपद चंपावत मुख्यालय स्थित गोरलचौड़ मैदान में स्टेडियम निर्माण कार्य तथा जनपद चंपावत में गोलज्यू कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत श्री गोलू देवता कॉरिडोर के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई।

देहरादून जनपद में आमवाला तरला क्षेत्र में रिंग फेसिंग कार्यक्रम के अंतर्गत 1788.34 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित आमवाला तरला सीवरेज परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं, केंद्रीय कारागार सितारगंज के विस्तारीकरण कार्य हेतु 3814.72 लाख रुपये की धनराशि की मंजूरी दी गई।

बैठक में गोलापर, हल्द्वानी में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं एकेडमिक भवन तथा 100 बेड क्षमता वाले छात्रावास के निर्माण हेतु 2679.37 लाख रुपये की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद चंपावत मुख्यालय स्थित गोल्जयु मंदिर के समीप लोक निर्माण विभाग एवं पशुपालन विभाग की भूमि पर पर्यटन अवस्थापनाओं के विकास के तहत श्री गोलज्ज्यू देवता कॉरिडोर के निर्माण कार्य के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का प्रस्ताव मंदिर को केंद्र में रखते हुए तैयार किया जाए तथा इसमें स्थानीय एवं कुमाऊं की पारंपरिक संस्कृति की झलक के साथ-साथ मंदिर के आसपास नैसर्गिक विकास से संबंधित निर्माण कार्यों को सम्मिलित किया जाए।

बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, दिलीप जावलकर, एस.ए. Adannki, रणवीर सिंह चौहान, धीरज गब्र्याल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में दो दिवसीय उत्तराखंड स्टेट क्लासिक पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता सम्पन्न

देहरादून :



.  महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय उत्तराखंड स्टेट क्लासिक पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में प्रदेश भर से आये युवाओं ने दमखम दिखाया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपने-अपने जिलों का नाम रोशन किया।

जिला हरिद्वार के रुड़की निवासी 17 वर्षीय आदित्य कालारा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। कम उम्र में इस बड़ी उपलब्धि को हासिल कर आदित्य ने न केवल अपने परिवार और जिले बल्कि पूरे उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है।

बताया जा रहा है कि राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब आदित्य राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे और आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का लक्ष्य रखे हुए हैं। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष भारत मनचंदा ने आदित्य को बधाई देते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आदित्य जैसे युवा प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और सरकार को ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देना चाहिए।

प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताये युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।


*डाक्टरों से घायल उपनिरीक्षक के स्वास्थय की जानकारी प्राप्त कर उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने हेतु उपस्थित अधिकारियों को दिये निर्देश।*

*घायल पुलिस कर्मी के परिजनों से मुलाकात कर बेहतर उपचार के लिए हर संभव सहायता का दिलाया भरोसा*

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  दिनांक 21/22-02-2026 की रात्रि में डोईवाला क्षेत्रान्तर्गत लालतप्पड़ पुलिस चौकी गेट के सामने बैरियर लगाकर चेकिंग कर रहे पुलिस कर्मियों को हरिद्वार की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कर द्वारा टक्कर मारकर घायल कर दिया, उक्त दुर्घटना में मौके पर चेकिंग कर रहे उ०नि० रघुवीर कपरवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा तत्काल उपचार हेतु हिमालयन हॉस्पिटल जॉलीग्रांट ले जाया गया, जहाँ वर्तमान में उनका उपचार चल रहा है।


 आज दिनाँक 23/02/2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा हिमालयन अस्पताल में जाकर  घायल उपनिरीक्षक का उपचार कर रहे डाक्टरों से वार्ता कर उनसे उनके स्वास्थ के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गयी,  साथ ही उन्हें बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराये जाने हेतु उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये गये। इस दौरान एसएसपी देहरादून द्वारा घायल उपनिरीक्षक से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी तथा उन्हें व उनके परिजनों को बेहतर उपचार के लिये हर सम्भव सहायता का भरोसा दिलाया।




मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं के विकास, क्रियान्वयन, संचालन एवं रखरखाव से संबंधित विभागों, हितधारकों तथा पीपीपी कंपनियों के साथ प्रथम बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जनपदों में गतिमान एवं प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित जिलाधिकारियों से भी परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।


*प्रदेश की अर्थव्यवस्था व मोबिलिटी के लिए रोपवे परियोजनाएं अहम*

मुख्य सचिव ने रोपवे परियोजनाओं को प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, मोबिलिटी एवं समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इनके कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि विजिबिलिटी स्टडी जैसी प्रक्रियाओं को प्रारंभिक चरण में ही हाई पावर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, जिससे परियोजनाओं के सभी पक्षों पर समय रहते विस्तृत विचार-विमर्श संभव हो सके।

साथ ही, रोपवे से संबंधित प्रस्तावों की गहन व त्वरित स्क्रूटनी कर सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अनावश्यक विलंब से बचा जा सके।

*समन्वय, समयबद्धता और पीपीपी परियोजनाओं पर विशेष जोर*

मुख्य सचिव ने पीपीपी मोड पर बनने वाली रोपवे परियोजनाओं के तकनीकी, वित्तीय एवं प्रशासनिक अनुमोदनों सहित सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। देहरादून–मसूरी रोपवे परियोजना में हो रही देरी पर संज्ञान लेते हुए इसकी प्रगति में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

उन्होंने जिला प्रशासन, सरकारी निर्माण एजेंसियों, लोक निर्माण विभाग, सुरक्षा एजेंसियों (पुलिस) के  मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर स्थानीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों का समाधान करने को कहा। साथ ही, जिन मुद्दों को हाई पावर कमेटी अथवा बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है, उन्हें समय से प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज पांडेय, धीरज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रूहेला, एनएचएलएमएल से प्रशांत जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट कर वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारियों तथा नमामि गंगे से संबंधित परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

kumbh in haridwar ₹500cr released


मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ 2027 के सफल, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सतत आयोजन को सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के अंतर्गत ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आयोजित होने वाले इस महाआयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है, जिसके दृष्टिगत गंगा की निर्मलता, स्वच्छता एवं अविरलता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।


मुख्यमंत्री ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों हेतु ₹253 करोड़ के प्रस्तावों की स्वीकृति, जल जीवन मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त राशि जारी करने करने के साथ ही इकबालपुर नहर प्रणाली, कनखल एवं जगजीतपुर नहर की क्षमता विस्तार का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे असिंचित भूमि की सिंचाई के लिए 665 क्यूसेक पानी उपलब्ध हो सकेगा। जिससे हरिद्वार जिले के भगवानपुर और लक्सर क्षेत्र को लाभ मिलेगा। परियोजना से लगभग 13 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है।

साथ ही क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान भी होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से हरिद्वार कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा तथा गंगा संरक्षण के लक्ष्य को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के लिए भारत सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये की धनराशि जारी किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक समरसता का विश्वविख्यात महापर्व है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह धनराशि कुंभ मेला 2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में प्रधानमंत्री से कुंभ में सहायता हेतु अनुरोध किया था। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर उत्तराखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। चारधाम परियोजना, ऑल वेदर रोड, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार सहित विभिन्न विकास कार्यों में केंद्र का सहयोग राज्य के लिए संबल सिद्ध हुआ है। कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए यह सहयोग राज्य सरकार के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।


श्री धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से कुंभ मेला 2027 ऐतिहासिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन के रूप में स्थापित होगा तथा देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित करते हुए दिव्य और भव्य कुंभ मेला 2027 आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारी- कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव को एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं। 


सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर, 21 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई घटना के साथ ही हाल के समय में अन्य स्थानों पर सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए, ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार कार्मिकों के मान - सम्मान और सुरक्षा को लेकर हमेशा गंभीर रही है। 


मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को फोन कर, अधिकारी,  कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को भी निर्देश दिए हैं कि सरकारी कार्यालयों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, साथ ही इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाए, उन्होंने एसएसपी देहरादून को भी शिक्षा निदेशालय में हुई घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। 


इस मौके पर राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह पंवार, उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष श्री राम सिंह चौहान, महामंत्री श्री मुकेश बहुगुणा एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

 डोईवाला:


ग्राम पंचायत सिमलास ग्रांट के झडोन्द  गांव  में एक अज्ञात बिना नम्बर की गाड़ो पाई गयी है, जिसके शीशे टूटे हुए है, टायर निकाल लिया गए है। यही नही आस पास लाठियां भी पड़ी है।गाड़ी के साथ तोड़ फोड़ की गई है।

without number plate car in simlas grant


यह जानकारी समाजसेवी उमेद वोहरा ने दी है, कि एकांत स्थान में अज्ञात गाड़ी का पाया जाना, संदेह उत्पन्न करता है और किसी अनहोनी की आशंका से नही इनकार नही किया जा सकता। यह गाड़ी यहां कौन लाया और क्या घटना हुई है,यह जानकारी होना भी आवश्यक है।


 


एंटी-रैगिंग जागरूकता अभियान व 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत यातायात जागरूकता एवं विधिक साक्षरता कार्यक्रम


हरिद्वार  : 




पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, हरिद्वार के आयुर्वेद भवन (फेज–I) में  एंटी-रैगिंग जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक चेतना, अनुशासन तथा उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था। इसी क्रम में 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह (16 जनवरी से 14 फरवरी 2026) के अंतर्गत यातायात जागरूकता एवं विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय जागरूकता समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार, यातायात पुलिस, हरिद्वार एम परिवहन विभाग हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरन जीत कौर ने निःशुल्क विधिक सहायता, नागरिक अधिकारों तथा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्रदान की तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों एवं नागरिकों को प्रेरित किया।

टी.एस.आई. मोहित सिंह राठौड़ एवं परिवहन कर अधिकारी रविन्द्र पाल सैनी ने यातायात नियमों के व्यवहारिक पक्षों, दण्ड प्रावधानों तथा सुरक्षित वाहन-चालन के आवश्यक उपायों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अनिवार्यता, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग का महत्व, नशे की अवस्था में वाहन न चलाने के दुष्परिणाम एवं दण्डनीयता, ओवरस्पीडिंग/लापरवाह ड्राइविंग से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के उल्लंघन पर लागू विधिक प्रावधान आदि सड़क सुरक्षा एवं विधिक जागरूकता से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।


कार्यक्रम में हाईकोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने एंटी-रैगिंग के संदर्भ में विद्यार्थियों को अवगत कराया कि  की अपराध एम मौजमस्ती में एक छोटा सा फर्क होता हैं जब कोई मौजमस्ती किसी के अधिकारों का हनन करती है तो वो अपराध बन जाती है। मिगलानी ने बच्चों को बताया कि किसी भी प्रकार का उत्पीड़न, मानसिक/शारीरिक दबाव अथवा अनुचित व्यवहार विधि-विरुद्ध एवं दण्डनीय है। उन्होंने रैगिंग-मुक्त, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने हेतु विद्यार्थियों को सजग एवं जिम्मेदार रहने का संदेश दिया। साथ ही, यातायात पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु सामूहिक सहभागिता और नागरिक उत्तरदायित्व पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा रैगिंग-मुक्त परिसर बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

संस्थान की ओर से कार्यक्रम में डॉ. अनिल कुमार (प्राचार्य) एवं डॉ. गिरीश के. जे. (उप-प्राचार्य) के साथ-साथ डॉ. एस. सी. जोशी (चेयरमैन, एंटी-रैगिंग सेल), डॉ. नरेन्द्र कुमार तथा डॉ. मनोज कुमार भाटी (संयोजक) सहित शिक्षकगण, चिकित्सकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।




जनपद पिथौरागढ़ में दुःखद घटना, गहरी खाई में गिरे वाहन से दो व्यक्तियों के शव SDRF उत्तराखंड ने किए बरामद*


दिनांक 22 फरवरी 2026 को सांय डीसीआर पिथौरागढ़ से सूचना प्राप्त हुई कि घाट के पास एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गया है। 


उक्त सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट पिथौरागढ़ से SDRF टीम, एएसआई महिपाल सिंह के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि वाहन संख्या UK06AZ8788 (महिंद्रा एसयूवी 300) लगभग 250 मीटर गहरी खाई में गिरा हुआ है, जिसमें 02 व्यक्ति सवार थे। SDRF टीम द्वारा जिला पुलिस व राजस्व पुलिस के साथ मिलकर त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाते हुए एक महिला व एक पुरुष के शव को खाई से बाहर निकालकर आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस के सुपर्द किया गया।

[23/02, 06:45] Vineet Sdrf: *जनपद अल्मोड़ा, ट्रक में फंसे व्यक्ति का SDRF उत्तराखंड द्वारा शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को समय 01:31 बजे आपदा नियंत्रण कक्ष, अल्मोड़ा से सूचना प्राप्त हुई कि बिनसर से लगभग 03 किमी आगे ताकुला रोड पर एक ट्रक में एक व्यक्ति फंसा हुआ है।


सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट सरियापानी से SDRF टीम मुख्य आरक्षी नवीन सिंह कुंवर के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर एक व्यक्ति जो ट्रक और बैरीकेड के बीच फंसा हुआ था एवं जिसकी मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी। SDRF टीम द्वारा आवश्यक उपकरणों की सहायता से ट्रक में फंसे व्यक्ति का शव सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया।


*जनपद अल्मोड़ा, ट्रक में फंसे व्यक्ति का SDRF उत्तराखंड द्वारा शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को समय 01:31 बजे आपदा नियंत्रण कक्ष, अल्मोड़ा से सूचना प्राप्त हुई कि बिनसर से लगभग 03 किमी आगे ताकुला रोड पर एक ट्रक में एक व्यक्ति फंसा हुआ है।


सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट सरियापानी से SDRF टीम मुख्य आरक्षी नवीन सिंह कुंवर के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर एक व्यक्ति जो ट्रक और बैरीकेड के बीच फंसा हुआ था एवं जिसकी मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी। SDRF टीम द्वारा आवश्यक उपकरणों की सहायता से ट्रक में फंसे व्यक्ति का शव सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया।


मृतक की पहचान भूपेन्द्र सिंह पुत्र चन्द्र मान, उम्र 42 वर्ष, निवासी जिला भिवानी (हरियाणा) के रूप में की गई। शव को आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस को सुपुर्द किया गया।


मृतक की पहचान भूपेन्द्र सिंह पुत्र चन्द्र मान, उम्र 42 वर्ष, निवासी जिला भिवानी (हरियाणा) के रूप में की गई। शव को आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस को सुपुर्द किया गया।


*टिहरी, तोताघाटी के भूस्खलन की चपेट में आया ट्रक, SDRF टीम द्वारा किया गया ट्रक चालक का शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को प्रातः 03:05 बजे सूचना प्राप्त हुई कि तोता घाटी के पास भूस्खलन के कारण एक ट्रक के ऊपर अत्यधिक मात्रा में मलबा एवं पत्थर गिर गए हैं। सूचना में ट्रक के केबिन में एक व्यक्ति के फंसे होने की संभावना जताई गई थी, साथ ही मार्ग भी पूर्णतः अवरुद्ध हो गया था।


सूचना प्राप्त होते ही SDRF उत्तराखंड की टीम उप निरीक्षक सावर सिंह नेगी के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई। SDRF टीम द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे ट्रक से एक शव को बाहर निकाला गया।


मृतक की पहचान मुरारी लाल पुत्र श्री दुर्गा लाल, निवासी घुट्टियानी, जनपद चमोली गढ़वाल, उम्र लगभग 55 वर्ष के रूप में हुई है। SDRF टीम द्वारा बरामद शव को आवश्यक  कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।


*टिहरी, तोताघाटी के भूस्खलन की चपेट में आया ट्रक, SDRF टीम द्वारा किया गया ट्रक चालक का शव बरामद*


दिनांक 23 फरवरी 2026 को प्रातः 03:05 बजे सूचना प्राप्त हुई कि तोता घाटी के पास भूस्खलन के कारण एक ट्रक के ऊपर अत्यधिक मात्रा में मलबा एवं पत्थर गिर गए हैं। सूचना में ट्रक के केबिन में एक व्यक्ति के फंसे होने की संभावना जताई गई थी, साथ ही मार्ग भी पूर्णतः अवरुद्ध हो गया था।


सूचना प्राप्त होते ही SDRF उत्तराखंड की टीम उप निरीक्षक सावर सिंह नेगी के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई। SDRF टीम द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे ट्रक से एक शव को बाहर निकाला गया।


मृतक की पहचान मुरारी लाल पुत्र श्री दुर्गा लाल, निवासी घुट्टियानी, जनपद चमोली गढ़वाल, उम्र लगभग 55 वर्ष के रूप में हुई है। SDRF टीम द्वारा बरामद शव को आवश्यक  कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।

 

virat hindu samnelan balawala dehradun CM Dhami




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बालावाला देहरादून में विराट हिन्दू सम्मेलन में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि यह मात्र एक सम्मेलन नहीं, बल्कि हिंदू समाज की चेतना, एकता और आत्मगौरव का महापर्व भी है। हिंदू समाज आज न केवल जागृत और समर्पित है बल्कि अपने धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्र के प्राचीन वैभव को पुनः लौटाने के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ संगठित भी हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष में पूरे देश में इस प्रकार के विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि वे विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन से जुड़े हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 वर्षों में देश के सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित कर राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन के हृदय में सशक्त रूप से स्थापित करने का कार्य भी किया है। शिक्षा, कृषि, ग्राम विकास, समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान, सेवा कार्य, कला और विज्ञान ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहाँ संघ के स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भाव से योगदान न दिया हो।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। यहां भाषा, संस्कृति, जाति और क्षेत्र के आधार पर अनेकों भिन्नताएँ हैं। लेकिन इन सबके बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमेशा भेदभाव से ऊपर उठकर भारत की एकात्मता को मजबूत किया है और जन-जन में एक भारत - श्रेष्ठ भारत की भावना जगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में भाषाएं अलग हो सकती है, परंपराएँ भिन्न हो सकती हैं, पूजा- पद्धतियां और जीवन शैली अलग हो सकती है, परंतु मूल सत्य और मानवीय मूल्य एक ही रहते हैं। इसी भावना का व्यापक स्वरूप ही हिंदुत्व है । जो भारत को अपनी मातृभूमि और पितृभूमि मानता है, इसकी संस्कृति, परंपरा, जीवनशैली और मूल्यों का आदर करता है, उसकी पूजा-पद्धति चाहे कोई भी हो, पर उसकी आत्मा हिंदू है। हिंदुत्व हमें सिखाता है कि हम सब एक हैं, हमारी विविधताएँ ही हमारी शक्ति हैं, और हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाये रखने लिए निरंतर कार्य कर रही है। सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून के साथ ही ऑपरेशन कालनेमी के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। देश में सबसे पहले यूसीसी लागू कर सभी को समान अधिकार देना हो, मदरसा बोर्ड को खत्म कर सभी संप्रदायों के बच्चों के लिए राज्य में समान शिक्षा व्यवस्था की नींव डालनी हो या फिर राज्य में “हिन्दू स्टडी सेंटर बनाकर सनातन हिंदू संस्कृति के विभिन्न विषयों में शोध करने वाले युवाओं की सहायता करनी हो, हर क्षेत्र में कार्य किये जा रहे हैं। 


इस अवसर पर विधायक श्री बृज भूषण गैरोला, पार्षद श्री प्रशांत खरोला, ब्रहम्चारी केशर स्वरूप, श्री ललित बुड़ाकोटी, श्री सुभाष बड़थ्वाल, श्री गोपाल सिंह एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।



- “भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में दिव्यांगजन होंगे निर्णायक शक्ति” — राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह


- चालू वर्ष के बजट में दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए 375 करोड़ का प्रावधान है- राज्य मंत्री श्री बी एल वर्मा

- भारत सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए

- देहरादून में लगे दिव्य कला मेला में 16 राज्यों से 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर, कलाकार और उद्यमी कर रहे प्रतिभाग 

- देशभर के दिव्यांग कारीगर हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई, होम डेकोर, वस्त्र, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद, आभूषण, खिलौने जैसे उत्पाद लेकर पहुंचे दिव्य कला मेला



रविवार को देहरादून के रेंजर्स मैदान में 30वें ‘दिव्य कला मेला’ का भव्य उद्घाटन हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से नि) श्री गुरमीत सिंह ने कहा- “दिव्य कला मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेरणा और उत्साह का एक सशक्त मंच है, जो भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में दिव्यांगजनों की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है।” उन्होंने कहा कि यहां प्रदर्शित रचनात्मकता केवल कला नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवंत अभिव्यक्ति है।


उत्तराखंड के राज्यपाल ने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तकनीकी नवाचारों को दिव्यांगजनों के लिए नए अवसरों का सेतु बताते हुए कहा कि तकनीक किसी में भेदभाव नहीं करती। उन्होंने आह्वान किया कि मेले में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाज़ार तक पहुंचाया जाए, ताकि दिव्य प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके। उनके अनुसार, संकल्प और सामर्थ्य के बल पर दिव्यांगजन किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं।


कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त आधार तैयार किया है। उन्होंने जानकारी दी कि चालू वर्ष के बजट में Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India के माध्यम से सहायक उपकरणों की खरीद और फिटिंग के लिए ₹375 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।


कार्यक्रम में सांसद, टिहरी, माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि दिव्य कला मेला जैसे आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक माध्यम हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे राष्ट्रीय आयोजन उत्तराखंड जैसे राज्यों को नई पहचान और ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से पैरालंपिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।


कार्यक्रम में विधायक खजान दास ने आयोजन को दिव्यांगजनों के सम्मान और अवसर का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और आत्मविश्वास को नई ऊंचाई प्रदान करते हैं।


दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक श्री प्रदीप ए. ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि यह मेला दिव्यांग उद्यमियों को बाजार, वित्त और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का समग्र प्रयास है। उन्होंने बताया कि मेले में सहायक उपकरणों हेतु पंजीकरण, विभिन्न संस्थाओं की जानकारी और रोजगार मेलों के माध्यम से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


देहरादून में आयोजित यह 30वां ‘दिव्य कला मेला’ देशभर में आयोजित मेलों की श्रृंखला का महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब तक 29 स्थानों पर आयोजित मेलों में लगभग 2362 प्रतिभागियों ने भाग लिया है और 23 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्ज किया गया है। सरकार ने दिव्यांग उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ₹20 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए हैं, जो आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रोजगार मेलों में अब तक लगभग 3131 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से 1007 को शॉर्टलिस्ट किया गया और 313 से अधिक को रोजगार प्रस्ताव प्राप्त हुए।


इस नौ दिवसीय दिव्य कला मेले में लगभग 90 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 100 से अधिक दिव्यांग कारीगर, कलाकार और उद्यमी भाग ले रहे हैं। हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई, होम डेकोर, वस्त्र, ऑर्गेनिक खाद्य उत्पाद, आभूषण, खिलौने और उपहार सामग्री सहित विविध उत्पाद यहां उपलब्ध हैं। 26 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा, जबकि 1 मार्च 2026 को ‘दिव्य कला शक्ति’ नामक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें दिव्यांग कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।


21 फरवरी से 1 मार्च तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित इस मेले में प्रवेश निःशुल्क है। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, खेल गतिविधियां और सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण सुविधाएं इसे एक समावेशी, प्रेरक और सशक्त मंच बनाती हैं—जहां कला के माध्यम से आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई कहानी लिखी जा रही है।

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