*खुशखबरीः अल्मोड़ा में खुलेगा लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर*
*सदन में की गई घोषणा*
*वर्तमान में सिर्फ देहरादून में है सेंटर, वर्ष 2023 से हुई शुरूआत*
*सरकार की योजना से 92 युवाओं को विदेशों में मिली है नौकरी*
विदेशी भाषाएं सीखकर विभिन्न देशों में नौकरी करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत वर्तमान में सिर्फ एक सेंटर है। यह सेंटर वर्ष 2023 से देहरादून में संचालित है। अल्मोड़ा में सेंटर खुलने के बाद इस तरह के सेंटरों की प्रदेश में संख्या दो हो जाएगी।
राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से मुख्यमंत्री कौशल उन्ययन एवं वैश्विक रोजगार योजना को शुरू किया है। इसके अंतर्गत देहरादून में पहला लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है, जिसमें विभिन्न भाषाओं का बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यहीं से उनकी नौकरी की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल सके। शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सरकार की ओर से अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की।
*बच्चों की ट्रेनिंग पर सीएम गंभीर, बजट बढ़ाया*
इस योजना में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभ पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी गंभीर है। यही वजह है कि इस योजना में ट्रेनिंग का जो बजट सिर्फ 75 लाख रूपये का था, उसे इस बार 3.3 करोड़ रूपये कर दिया गया है। कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के चलते अब और ज्यादा बच्चों को ट्रेनिंग का लाभ मिल पाएगा।
कौशल विकासः व्यवस्था और अवसर
147
बच्चों को अभी तक दिया गया विदेशी भाषा का प्रशिक्षण
92
बच्चों की विभिन्न देशों में अभी तक लग चुकी है नौकरी
08
से 10 माह का बच्चों को दिया जाता है सेंटर में प्रशिक्षण
16
अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से दिया जा रहा है प्रशिक्षण
10
और बच्चों के लिए सऊदी अरब में है नौकरी का प्र्रस्ताव
*सऊदी अरब में सेवारत 30 बच्चे सुरक्षित*
पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात के बीच राज्य सरकार उन लोगों की भी पूरी चिंता कर रही है, जिन्हें इस योजना के माध्यम से विदेशों में नौकरी मिली है। सदन में कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि सऊदी अरब में सेवारत लोगों से बात हुई है और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
*किसानों की फसल बचाने को केंद्र से मिले 25 करोड़*
*सरकार के प्रयास लाए रंग, घेर-बाड़ योजना में फिर से शुरू हुई केंद्र की मदद*
*सीएम ने केंद्रीय कृषि मंत्री से की थी बात, बताई थी राज्य की दिक्कत*
*केंद्र से मदद मिलनी बंद होने पर जिला योजना से प्रदेश चला रहा था काम*
जंगली जानवरों से किसानों की फसल बचाने के लिए राज्य सरकार के प्रयास रंग लाए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बातचीत के बाद घेर-बाड़ योजना के लिए केंद्रीय मदद एक बार फिर से मिलनी शुरू हो गई है। इस क्रम में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 25 करोड़ रूपये की सहायता उत्तराखंड के लिए मंजूर की है।
उत्तराखंड में जंगली जानवरों से किसानों की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। इसकी रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने घेर बाड़ योजना शुरू की है। तीन वर्ष पहले तक राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर आर्थिक सहयोग किया जा रहा था। मगर बाद में केंद्रीय सहायता बंद हो गई। किसानों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला योजना से घेर बाड़ के लिए मदद उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस योजना में केंद्रीय मदद प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत थे।
विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को कृषि मंत्री गणेश जोशी ने घेर बाड़ योजना के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय से 25 करोड़ की स्वीकृति मिलने की जानकारी सदन में दी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों गौचर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने सरकार ने इस विषय को रखा था। अब इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर 25 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में मंत्रालय का पत्र विभाग को प्राप्त हो गया है।
*तीन वर्षों में 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर बाड़*
राज्य सरकार ने सदन में जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में जिला योजना से 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर बाड़ कराई गई है। इस क्रम में 44 हजार 429 किसान लाभान्वित हुए हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में संवेदनशीलता दिखाई है। इस बार के बजट में घेर बाड़ योजना के लिए दस करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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