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  •  मुख्यमंत्री ने किया अन्तराष्ट्रीय सेब महोत्सव का शुभारम्भ
  • प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये एप्पल मिशन की धनराशि दुगुनी किये जाने की घोषणा की।
  • कोरोना काल में औद्यानिकी के विकास से जुड़े कार्मिकों को भी दी जायेगी प्रोत्साहन राशि।
  • उद्योगों के साथ उद्यान एवं बागवानी के विकास के लिये भी बनायी जायेगी नीतियां।
  • राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के अनुकूल बागवानी एवं कृषि के विकास हेतु कृषि वैज्ञानिकों से की अनुसंधान की अपेक्षा।
  • नये उद्यानों की स्थापना तथा बेहतर प्रबन्धन पर दिया जाय ध्यान।

 



           मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रेंजर ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय अन्तराष्ट्रीय एप्पल महोत्सव का शुभारम्भ किया। उन्होंने प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने तथा राज्य के सेब को पहचान दिलाने के लिये एप्पल मिशन को दी जाने वाली धनराशि दुगनी किये जाने की घोषणा की।

  मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में औद्यानिकी एवं बागवानी के विकास से जुड़े कार्मिकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किये जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के साथ ही उद्यान एवं बागवानी के विकास हेतु अनुकूल नीति बनायी जायेगी।   मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नये उद्यानों की स्थापना तथा उनके बेहतर प्रबन्धन पर ध्यान देने पर बल देते हुए कृषि वैज्ञानिकों से राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के अनुकूल कृषि एवं बागवानी के विकास हेतु शोध एवं अनुसंधान पर ध्यान देने की अपेक्षा की।


         मुख्यमंत्री ने कहा कि सेब पौष्टिकता से युक्त फल है। हमारा सेब उत्पादन वैसे आगे बढ़े तथा देश व दुनिया में इसकी पहचान बने इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन निश्चित रूप से हमारे सेब उत्पादकों तथा बागवानी से जुड़े किसानों को नये अवसर प्रदान करने तथा प्रधानमंत्री श्री मोदी के किसानों एवं बागवानों को खुशहाल बनाने के संकल्प को भी पूरा करने में मददगार होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा भी राज्य में कृषि एवं बागवानी के विकास में पूरा सहयोग का आश्वासन दिया गया।

   मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नई तकनीकि के बल पर सेब के उन्नत किस्म के पेड़ लगाने से हम जम्मू कश्मीर एवं हिमाचल  से अच्छी क्वालिटी का सेब उत्पादन कर उसके निर्यातक बनें। इस दिशा में समेकित प्रयासों की भी उन्होंने जरूरत बताय।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों, नौजवानों , समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है, इसके लिये जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सरलीकरण के साथ समाधान एवं निस्तारण तथा संतुष्टि के भाव के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर आयोजित प्रदर्शनी एवं स्टालों का भी अवलोकन किया तथा प्रतिभागियों से भी जानकारी प्राप्त की।  कृषि एवं उद्यान में मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह आयोजन राज्य के सेब उत्पादन एवं बागवानी के विकास मे मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि एप्पल मिशन के साथ अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। जम्मू कश्मीर एवं हिमाचल के साथ हमारे सेब की पहचान बने इसके लिये क्वालिटी एवं पैकिंग पर ध्यान दिया गया है। आधुनिक तकनीकि एवं उपकरणों के साथ कृषि वैज्ञानिकों को भी इससे जोड़ा गया है ताकि बेहतर अनुसंधान के बल पर हमारे उत्पादों की पहचान बन सके।

   निदेशक उद्यान डॉ. एच.एस. बवेजा ने बताया कि प्रदेश को उद्यान प्रदेश बनाने की कार्य योजना तैयार की गयी है। इसके लिये 1690 करोड़ रूपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हमारे किसान आधुनिक तकनीकि का इस्तेमाल कर बागवानी के विकास में सहयोगी बनें इसके प्रयास किये जा रहे हैं।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक श्री महेश नेगी, पूर्व मंत्री श्री नारायण सिंह राणा आदि उपस्थित थे।


उत्तराखंड सरकार द्वारा देहरादून में सेब महोत्सव के आयोजन पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गंगोत्री से पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने उठाये सवाल?


देहरादून में सेब महोत्सव करवाने को लेकर जहां सरकार का तर्क है कि हर्षिल के सेब को पहचान दिलाने के लिए इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, वही पूर्व विधायक का कहना है कि अपनी गुणवत्ता के लिए हर्षिल घाटी का सेब पहले ही विख्यात है, ओर देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। उनका कहना है कि सेब महोत्सव के नाम पर सरकारी बजट का दुरुपयोग करने के बजाय इस घाटी के काश्तकारों को धरातल पर बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाते तो सही मायने में ये महोत्सव सुखद होता लेकिन दुर्भाग्य है कि हमारी पिछली सरकार में निर्मित हर्षिल झाला में बना कोल्ड स्टोर का संचालन ठप पड़ा है, सरकार इस ओर ध्यान देने की बजाय सेब महोत्सव के नाम पर अपना ढोल पीटने को मशगूल है। 

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में हमारे प्रयासों से लगभग 11 करोड़ की लागत से बना 1200 मीट्रिक टन की क्षमता वाला कोल्ड स्टोर ठप पड़ा है और इसके संचालन न होने से करीबन 25 स्थानीय लोगों का रोजगार भी बन्द हो चुका है।

उन्होंने कहा कि हर्षिल क्षेत्र में सेब तोड़ने का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन सेब रखने के लिए कोल्ड स्टोर का संचालन न होने से काश्तकारों के सामने गहन संकट उत्पन्न हो गया है। इस स्थिति में सेब काश्तकारों को सेब खराब होने का डर सता रहा है। 

इस संबंध में हर्षिल घाटी के सेब काश्तकारों ने सरकार को चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते कोल्ड स्टोर का संचालन शुरू नही हुआ तो सरकार द्वारा आयोजित सेब महोत्सव का बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही इस महोत्सव में हर्षिल घाटी के सेब नही भेजे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि एक ओर जहां सरकार हर्षिल के सेब की पहचान दिलाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी और धरातल पर कोई सुविधा नहीं हैं, समय-समय पर यहां के उद्यानपतियों को जरूरी दवाइयां, ओर कीटनाशक आदि के लिए उद्यान विभाग से गुहार लगानी पड़ती है, वर्तमान में जंगली तोता पक्षी द्वारा सेब को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है जिस संबंध में काश्तकारों द्वारा विभाग से कम दरों पर जाली उपलब्ध करवाने एवं उद्यान अधिकारियों द्वारा निरीक्षण करने की भी बात रखी गयी लेकिन सरकार और संबंधित विभाग इस ओर मूक दर्शक बने हुए है।

उन्होंने कहा कि मै हर्षिल क्षेत्र के सेब काश्तकारों की जायज मांगों पर अपने आपको सम्बद्ध कर सरकार से मांग करता हूँ कि शीघ्रातिशीघ्र कोल्ड स्टोर को संचालन प्रारंभ करने समेत सेब की गुणवत्ता पर धरातलीय स्तर पर बेहतर सुबिधायें मुहैया करवाएं।


उपला टकनौर क्षेत्र के सेब काश्तकारों द्वारा आज जिला मुख्यालय में देहरादून में होने वाले सेब महोत्सव का बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज किया। इस संबंध में इस क्षेत्र के उद्यानपतियों द्वारा प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण को भी अपनी मांगों से संदर्भित ज्ञापन दिया, जिस पर पूर्व विधायक ने इनकी जायज मांगों पर अपना समर्थन देकर सरकार से कोल्ड स्टोर के संचालन सहित सेब काश्तकारों की बिभिन्न मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही की मांग की।

पूर्व विधायक ने कहा कि- 



उपला टकनौर क्षेत्र के उद्यानपतियों द्वारा   जिला मुख्यालय में उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित सेब महोत्सव को लेकर विरोध प्रदर्शन के बाद उन्हें भी ज्ञापन दिया। 

सेब महोत्सव के नाम पर एक तरफ सरकार सरकारी बजट का दुरुपयोग कर रही है वहीं दूसरी ओर सेब रखने के लिए कोल्ड स्टोर का संचालन न होने से जमीनी स्तर पर काश्तकार सेब खराब होने को लेकर चिंतित हैं।

इस संबंध में इनकी प्रमुख मांग कोल्ड स्टोर के संचालन के संदर्भित ज्ञापन पर विश्वास दिलाता हूँ, कि इस क्षेत्र के काश्तकारों के हित मे जो भी प्रयास होंगे अपने स्तर से हर संभव कोशिश करूंगा। मैं हमेशा इन उद्यानपतियों के साथ हूँ। साथ ही सरकार को यह चेतावनी है कि यदि समय रहते कोल्ड स्टोर का संचालन शुरू नही हुआ तो सरकार द्वारा आयोजित सेब महोत्सव का बहिष्कार करने में मैं अपने काश्तकार भाइयों का समर्थन करूंगा।

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