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कोरोना काल में जहां एक ओर स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस विभाग और प्रशासन दिल जान से कोरोना महामारी से लड़ाई में जुटे हैं ।वहीं प्लाज़्मा दान करना कंपलसरी हो, इसके लिये युवा गुहार लगा रहे है। यही नही प्लाज्मा दान कर कोरोना संक्रिमतों की जान भी बचा रहे है।

रिसर्च ओफिसर, मेडिसिन, IQVIA, रोहित ममगाईं भी एक वॉलेंटीयर, दी आर्ट ऑफ़ लिविंग  की भांति काम कर रहे है। उन्होंने कोरोना संक्रमित मरीजों को प्लाज्मा दान करने पर अपने विचार रखे-
 
उन्होंने सरकार और मेडिकल संस्थाओं से अपील की है कि हम देहरादून के कई अलग-अलग संस्थाओ ओर कॉलेजे के युवा मिलकर अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।  हमें बहुत सारी फ़ोन कॉल्स मदद के लिये आ रहे हें। अभी तक सिर्फ़ ह्यूमन कोविड प्लाज़्मा थेरपी कारगर साबित हो रही है। लेकिन प्लाज़्मा डोनेट के लिए बहुत कम ही लोग आगे आ रहे हें। 

अगर प्लाज़्मा डोनेट करने को जरूरी  किया जाये तो निश्चित ही काफ़ी जाने बचेंगी। 

हांलाकि अपने ख़ून या प्लाज़्मा को दान करना हर किसी का अपना निजी निर्णय होता है लेकिन जिस तरह की स्थिति है, उसमें यह बहुत आवश्यक हो गया है कि जो भी लोग कोविड प्लाज़्मा डोनेट करने की श्रेणी में आते हैं, उनके लिये  इसे जरूरी किया जाय।

उन्होंने कहा कि  जो भी मेरे सम्पर्क में अधिकारी हैं, उन्हें ये सुझाव दिया जा चुका हूँ ओर  साथ ही ये उम्मीद भी की है कि  बिना समय  गँवाये  यह कार्य शुरू किया जाना चाहिये । साथ ही यह अपील भी की है कि बहुत जानें बच जायेंगी अगर समय रहते कदम उठा लिया जाए।

रोहित ममगाईं आर्ट ऑफ लिविंग संस्था से जुड़े है उनका कहना है कि देहरादून के युवा कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक हो गये हैं। टीम में डॉक्टर्स, रिसर्चर, आई॰टी॰ प्रफ़ेशनल, रोबाटिक्स, मार्केट एनालिस्ट, और स्टूडेंट्स मोजूद हैं, ओर सभी के दिमाग़ में लोगों की जानें बचाने का ही जुनून सवार है। टीम में अधिक से अधिक जान बचाने की होड़ लगी रहती है। 

ये हाईटेक टीम टेक्नॉलजी के इस्तेमाल से कोई भी टूल तुरन्त उपलब्ध करने में दक्ष है, जिस से प्लाज़्मा ओर बेड अवेलबिलिटी चेक करना आसान हो रहा है। इमर्जेन्सी फ़ोन कॉल्स को अटेंड करने के लिये ये युवा अपनी नींद भी सैक्रिफ़ाइस कर रहे हैं ओर कम सो रहे हैं। इस तरह की ज़िम्मेदारी ओर एक-जुटता पहली बार देखने को मिल रही है जहाँ देहरादून के युवाओं ने सर्वोच्च प्राथमिकता महामारी से जूझ रहे लोगों को बचाने के लिए दी है। ये लोग आपस में ही युक्ति से हर समस्या का समाधान निकाल देते हैं। टीम में युवाओं के जोश, साहस ओर डेडिकेशन के सामने ये महामारी छोटी ओर कमज़ोर पड़ रही है। सभी युवाओं से फिर से आह्वान है कि इस मुहिम में जुड़ें ओर जुट जाएँ लोगों की जानें बचाने में। इस टीम में राजनीतिक संघटनो के युवा एक ही मंच पर एक ही उद्देश्य को लेकर सेवा कर रहे है।

अब देखना ये है कि युवाओं की मुहिम और कार्यशैली के साथ साथ उनके लगन को सरकार सार्थक बनाने के लिये क्या कदम उठाती है।

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