उत्तराखंड चारधाम यात्रा -2021
15 मई को प्रात: खुलेंगे श्री गंगोत्री मंदिर के कपाट
मुखवा (उत्तकाशी):
श्री गंगोत्री मंदिर समिति द्वारा 15 मई शनिवार को प्रात:7 बजकर 31 मिनट पर कपाट खोलने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का प्रयास है कि सुरक्षित कुंभ के पश्चात सुरक्षित एवं कोरोनामुक्त चारधाम यात्रा शुरू हो। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा की चारों धामों के कपाट विधिवत रूप से खुलेंगे।
मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई को प्रात: सवा चार बजे 4.15 तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट 17 मई को प्रात: पांच बजे खुल रहे है। परंपरागत रूप से गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को खुलते है।
अक्षय तृतीया मुहुर्त 14 मई प्रात: 5 बजकर 38 मिनट से शुरू है तथा 15 मई सुबह 7 बजकर 58 मिनट तक है।कयास लगाये जा रहे थे कि श्री गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया 14 मई को खुल रहे है। श्री गंगोत्री मंदिर समिति ने नव संवत्सर एवं नवरात्रि पर अवसर पर तय किया कि 15 मई को गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। अक्षय तृतीया 14 मई से शुरू हो रही है जोकि 15 मई तक है। श्री यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि 18 अप्रैल को श्री यमुना जयंती पर निर्धारित होगी।
24 मई को खुलेंगे द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर जी के कपाट।
22 मई को उत्सव डोली प्रस्थान करेगी
मदमहेश्वर जी की डोली 22 मई को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से मदमहेश्वर जी के लिए प्रस्थान करेगी। 22 को रांसी पहुंचेगी,23 को गोंडार, 24 मई को सिंह लग्न में पूर्वाह्न 11 बजे लगभग कपाट खुलेंगे।बैशाखी के अवसर पर पंचगाई आचार्य, देवस्थानम बोर्ड, आचार्यों वेदपाठियों की उपस्थिति में भगवान मदमहेश्वर जी के कपाट खुलने की तिथि तय हुई। इस अवसर पर कार्याधिकारी केदारनाथ एनपी जमलोकी, पूर्व विधायक आशा नौटियाल, एलपी भट्ट, पत्रकार लक्ष्मण सिंह नेगी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, लेखाकार आरसी तिवारी, केदारनाथ मंदिर सुपरवाईजर /प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान सहित वेदपाठी यशोधर मैठाणी, विश्व मोहन जमलोकी, पुजारी शिवशंकर, बागेश लिंग, मनोज शुक्ला, प्रेमसिंह रावत,पुष्कर रावत, विदेश शैव आदि मौजूद रहे।
बैशाखी के अवसर पर प्रात: 8.30 बजे गौरामाई मंदिर गौरीकुंड के कपाट खुले।
गौरीकुंड( रुद्रप्रयाग):
बैशाखी के अवसर पर आज प्रात: साढे़ आठ बजे मां गौरामाई के कपाट खुल गये है। इस तरह अब चारधाम में कपाट खुलने की भी शुरूआत हो गयी है। केदारनाथ धाम के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड में मां गौरादेवी का प्राचीन मंदिर है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले प्रत्येक वर्ष बैशाखी के पावन अवसर पर गौरामाई मंदिर के कपाट खुलते है।
इस अवसर पर मठाधिपति संपूर्णानंद गोस्वामी,प्रबंधक कैलाश बगवाड़ी, हेली सेवा प्रबंधक भरत कुर्मांचली,प्रधान गौरीकुंड सोनी देवी,अंशुमान तिवारु,आनंद तिवारी,देवी गोस्वामी,महादेव गोस्वामी आदि
मौजूद रहे।
तृतीय केदार तुंगनाथ जी कपाट इस यात्रा वर्ष 17 मई मध्यान 12 बजे खुलेंगे।
मक्कूमठ( रूद्रप्रयाग):
शीतकालीन गद्दी स्थल से 16 मई को डोली तुंगनाथ जी के लिए रवाना होगी। चोपता रात्रि प्रवास करेगी।
तिथि तय होने के अवसर पर श्री मार्कण्डेय मंदिर मक्कूमठ के पुजारी गण, तुंगनाथ मंदिर के मैठाणी पुजारीगण हकहकूकधारी, मठाधिपति रामप्रसाद मैठाणी, देवस्थानम बोर्ड प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, बलबीर नेगी मौजूद रहे
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