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देहरादून:

 



 भारत हर साल 23 दिसंबर को किसान दिवस या राष्ट्रीय किसान दिवस मनाता है। इस दिन को भारत के 5 वें प्रधान मंत्री पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के सम्मान में मनाया जाता है, जिनका जन्म इसी दिन हुआ था। पूर्व प्रधानमंत्री को इस दिन मनाया जाता है और सम्मानित किया जाता है क्योंकि उन्होंने किसान हितैषी नीतियों को लाया और किसानों के कल्याण के लिए काम किया। उन्होंने जुलाई 1979 और जनवरी 1980 के बीच प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया प्रधानमंत्री के रूप में अपने कम समय के दौरान, चौधरी चरण सिंह ने किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। 2001 में, सरकार ने चरण सिंह की जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया।

देश में किसान के मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए, चरण सिंह ने 23 दिसंबर 1978 को किसान ट्रस्ट की स्थापना की। इतना ही नहीं, 1939 में, चरण सिंह ने किसानों को साहूकारों से राहत दिलाने के लिए ऋण मोचन विधेयक भी पेश किया। वह 1952 में कृषि मंत्री के रूप में सेवारत थे और उन्होंने जमींदारी प्रथा को समाप्त कर दिया था, बाद में 1953 में, समेकन अधिनियम को भी पारित कर दिया गया था।

चरण सिंह ने अपने समय के दौरान छोटे और सीमांत किसान मुद्दों को सबसे आगे लाने का काम किया। उन्होंने मुद्दों को संबोधित किया और सुनिश्चित किया कि किसान की आवाज़ सुनी जा रही है। 

  मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किसान दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इस अवसर पर किसान नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का भी भावपूर्ण स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि ‘‘मैं देश के सभी सम्मानित अन्नदाताओं को हार्दिक बधाई एवं ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं‘‘।

 उन्होंने कहा कि किसानों के वास्तविक हित के लिए केन्द्र हो या राज्य सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार ‘खुशहाल किसान-खुशहाल प्रदेश’ के सूत्रवाक्य को आत्मसात करके निरन्तर किसान हित में काम कर रही है। उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां नया पिराई सत्र शुरू होने से पहले सरकारी चीनी मिलों ने किसानों का बकाया गन्ना भुगतान 100 फीसद पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ‘दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना’ के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को 3 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण दे रही है।


मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देश के किसानों के हितों और उनकी स्थिति में सुधार को लेकर जितना काम प्रधानमंत्री जी के दिशा-निर्देशन में बीते 6 वर्षों में हुआ उतना पहले कभी नहीं हुआ।  कृषि कानूनों को लेकर उपजी भ्रांतियों को दूर करने के लिए केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर का हाल ही में जारी पत्र दर्शाता है कि मोदी सरकार किसानों के प्रति कितनी समर्पित व संवेदनशील है।    
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारा प्रदेश भी मुख्य रूप से गांवों की भूमि है तथा गांवों में रहने वाली अधिकांश आबादी किसानों की है। तथा कृषि उनकी आय का मुख्य साधन है। प्रदेश में कृषि की तस्वीर बदलकर किसानों की खुशहाली का हमारा संकल्प है।

देहरादून :

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दैनिक भास्कर के प्रधान संपादक श्री महेश प्रसाद अग्रवाल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिवार जनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

 

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