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देहरादून:




उत्तराखंड सेब उत्पादन एवं विपणन सहकारी संघ राज्य के सेब उत्पादकों के लिए वरदान साबित होगा। संघ के जरिये सेब किसानों से उचित मूल्य पर सेब क्रय कर उत्पादकों को लाभ पहुंचाया जायेगा। इसके साथ ही सहकारिता के माध्यम से सेब की विपणन प्रणाली को मजबूत कर सेब किसानों की आय में तीन गुणा वृद्धि की जायेगी। यह बात प्रदेश के सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध विकास एवं प्रोटोकाॅल (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने उत्तराखंड सेब उत्पादन एवं विपणन सहकारी संघ की प्रथम बैठक में कही।

विधानसभा स्थित सभागार में उत्तराखंड सेब उत्पादन एवं विपणन सहकारी संघ की प्रथम बैठक हुई। जिसमें प्रदेशभर से आये संघ के निदेशकों ने प्रतिभाग किया। बैठक को सम्बोधित करते हुए सहकारिता मंत्री डाॅ. रावत ने कहा कि पूर्व में सेब उत्पादकों के लिए कोई निश्चित प्लेटफार्म न होने के कारण बागवानों को सेब के उचित दाम नहीं मिल पाते थे जिसके मध्यनजर गत वर्ष सहकारिता विभाग ने उत्तराखंड सेब उत्पादन एवं विपणन सहकारी संघ का गठन कर हर्षिल क्षेत्र में बागवानों से सीधे 9 करोड़ के सेब का क्रय किये। जिसमें किसानों को ए ग्रेड सेब का दाम 54 रूपये प्रति किलो बगीचे में ही दिया गया। उन्होंने कहा कि फेडरेशन का उद्देश्य होना चाहिए कि एक वर्ष के भीतर उत्तराखंड सेब उत्पादक राज्यों के श्रेणी में दूसरे स्थान पर आ सके।

इस दौरान विगत बैठकों में की गई कार्रवाही की पुष्टि करते हुए संघ में प्रबंध निदेशक नियुक्त करने के साथ ही कार्मिकों का आवश्यक ढ़ांचा स्वीकृत किये जाने पर सहमति बनी। सहकारिता के अपर निबंधक एवं एनसीडीसी के परियोजना निदेशक आनंद शुक्ला ने संघ के उद्देश्यों एवं कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि असंगठित क्षेत्र के सेब किसानों को संगठित कर उनकी आय में वृद्धि करना ही संघ का प्रमुख उद्देश्य है। जिसके लिए राज्य के विभिन्न जनपदों में कुल 30 क्षेत्र सेब उत्पादन के लिए चिन्हित किये गये हैं। जिनमें से 15 क्षेत्रों में प्राथमिक समितियों का गठन प्रस्तावित किया जा चुका है। शेष की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में 13 हजार सेब उत्पादक है भविष्य में इनकी संख्या 20 हजार किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
संघ के अध्यक्ष जगत सिंह चैहान ने कहा कि जो काम राज्य गठन के दौरान हो जाना चाहिए था वह आज दो दशक बाद हुआ है। जिसका पूर्ण श्रेय सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत को जाता है। उन्होंने कहा कि सेब उत्पादन एक ऐसा कार्य है जो पढ़े लिखे बेरोजगारों को रोजगार की ओर आकर्षित कर अच्छी अमदानी का जरिया बन सकता है। संघ के उपाध्यक्ष अमृत सिंह नागर ने कहा कि सेब उत्पादन के साथ ही पैकिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन पर भी विशेष ध्यान देना होगा। ताकि किसानों की आय दो से तीन गुणा तक बढ़ाई जा सके। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश से आये सेब व्यापारी देव भारद्वाज ने कहा कि वह सेब उत्पादकों के पास पहुंच कर बगीचे से ही सेब क्रय करने के लिए तैयार है।


बैठक में उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दान सिंह रावत, निबंधक सहकारिता बी.एम. मिश्रा, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ला, उत्तराखंड सेब उत्पादन एवं विपणन सहकारी संघ के अध्यक्ष जगत सिंह चैहान, उपाध्यक्ष अमृत सिंह नागर, सचिव विपिन पैन्युली, ए.आर. काॅपरेटिव देहरादून राजेश चैहान, सुमन कुमार, फेडरेशन सदस्य डी.एस. पंवार, गोविंद सिंह, जयेंद्र सिंह पंवार, प्रताप सिंह रावत, रघुवर दत्त जोशी, राकेश भंडारी, अमर सिंह नेगी सहित कई अधिकारी एवं संघ पदाधिकारी मौजूद रहे।

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