नई दिल्ली :
अदालत ने नशे में वाहन चलाने वाले एक ऑटो चालक को एक महीने जेल की सजा सुनाई है। साथ ही 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव के बाद यह संभवत: पहला मामला है, जब अदालत ने सख्ती दिखाते हुए आरोपी को जेल की सजा सुनाई है।
रोहिणी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी. गुप्ता की अदालत ने ऑटो चालक राजेंद्र को यह सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि हालिया रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली में कुछ महीने में सड़क हादसों के मामले बड़ी तेजी से बढ़े हैं। इसमें कई लोगों को जान गंवानी पड़ी है तो कई लोग दिव्यांग हो गए। अदालत ने यह भी कहा कि इनमें से अधिकांश मामलों में नशे की हालत में वाहन चलाना मुख्य वजह रही है।
लोग नशा कर वाहन चलाने से बचें, इसके लिए जरूरी है कि सीख देने के लिए सजा में सख्ती बरती जाए। अदालत ने अपने फैसले में जिक्र करते हुए कहा कि एक राहत की खबर है कि जब से मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव हुआ है। नशे की हालत में वाहन चलाने वालों की संख्या में कमी आई है। पहले जहां हर महीने औसतन 3500 ड्रंकन ड्राइविंग के मामले अदालत में पहुंचते थे, वहीं इस साल सितंबर महीने में इनकी संख्या घटकर 1475 रह गई। अदालत ने माना कि सख्ती का असर हो रहा है।
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