हरिद्वार :
मकान देखने आई एक महिला को किराए के लिए मकान की जांच करना इतना भारी पड़ा कि उसकी जान पर बन आयी. उसे 11000 की लाइन से करंट लगा. हुआ यूँ कि आज ही सुभाष नगर ज्वालापुर, , गली नम्बर D 2 ,हरिद्वार में किराए का मकान देखने एक महिला आई ।
महिला जब मकान की छत पर चढ़कर सड़क की तरफ देखने गई तो , छत से केवल 4 फिट की ऊंचाई से जा रही लाइन की चपेट में आकर ,बुरी तरह से झुलस गई । 108 को फ़ोन किय जाने पर भी एम्बुलेंस नहीं आयी परिवार जन गम्भीर हालत में महिला को अस्पताल ले गए ।
हांलाकि पुलिस भी वहां जांच के लिए मौके पर आई ।परन्तु सवाल यह उठता है कि विभागीय लोग अपने कार्य को सही प्रकार से क्यों नहीं करते है? आवासीय स्थलों पर कितनी ऊंचाई पर तार हो इसकी जांच अवश्य होनी चाहिए।अन्यथा ऐसे स्थानों को एनओसी नही देना चाहिए।
क्यों नही ऐसे मकानों को चिन्हित कर नोटिस दिये गये और अगर दिए गए तो कार्यवाहीं अवश्य होनी चाहिए।
लेकिन उदासीन विभाग की नींद तभी खुलती हैं जब कोई हादसा हो चुका होता है ।
इस सुभाष नगर की गली में पहले भी इन्ही लाइन की चपेट में आकर हादसे हो चुके हैं।
मकान देखने आई एक महिला को किराए के लिए मकान की जांच करना इतना भारी पड़ा कि उसकी जान पर बन आयी. उसे 11000 की लाइन से करंट लगा. हुआ यूँ कि आज ही सुभाष नगर ज्वालापुर, , गली नम्बर D 2 ,हरिद्वार में किराए का मकान देखने एक महिला आई ।
महिला जब मकान की छत पर चढ़कर सड़क की तरफ देखने गई तो , छत से केवल 4 फिट की ऊंचाई से जा रही लाइन की चपेट में आकर ,बुरी तरह से झुलस गई । 108 को फ़ोन किय जाने पर भी एम्बुलेंस नहीं आयी परिवार जन गम्भीर हालत में महिला को अस्पताल ले गए ।
हांलाकि पुलिस भी वहां जांच के लिए मौके पर आई ।परन्तु सवाल यह उठता है कि विभागीय लोग अपने कार्य को सही प्रकार से क्यों नहीं करते है? आवासीय स्थलों पर कितनी ऊंचाई पर तार हो इसकी जांच अवश्य होनी चाहिए।अन्यथा ऐसे स्थानों को एनओसी नही देना चाहिए।
क्यों नही ऐसे मकानों को चिन्हित कर नोटिस दिये गये और अगर दिए गए तो कार्यवाहीं अवश्य होनी चाहिए।
लेकिन उदासीन विभाग की नींद तभी खुलती हैं जब कोई हादसा हो चुका होता है ।
इस सुभाष नगर की गली में पहले भी इन्ही लाइन की चपेट में आकर हादसे हो चुके हैं।
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