ऋषिकेश;
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में पीएमआर विभाग व इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहेबिलिटेशन की ओर से आयोजित वार्षिक राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने दुर्घटनाओं में गंभीर घायल होने वाले मरीजों के पुनर्वास विषय पर व्याख्यान दिए। एम्स के फिजिकल एंड मेडिकल रिहेबिलिटेशन पीएमआर विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वार्षिक संगोष्ठी के मौके पर अपने संदेश में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि ट्रामा रिहेबिलिट्रेशन ट्रामा के कारण शारीरिक विकलांगता से प्रभावित मरीजों के रोजमर्रा के कार्य करने व व्यासायिक जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि करता है व उसे पुनर्स्थापित करता है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि राष्ट्रीयस्तर की यह संगोष्ठी सभी प्रतिभागियों को ट्रामा रिहेबिलिटेशन के क्षेत्र में उनकी जानकारी बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी और उन्हें इस कार्य में आगे आने को प्रेरित करेगी। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक भारत सरकार डा.आरके श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रामा केयर पब्लिक हेल्थ का विषय बन गया है, ऐसे में पीएमआर विभाग ग्रसित लोगों की तात्कालिक चिकित्सा में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए। भारत सरकार की नेशनल ट्रॉमा केयर पॉलिसी तैयार करने में विशेष भूमिका निभाने वाले व संगोष्ठी के विशिष्ठ अतिथि पूर्व चिकित्सा महानिदेशक डा. बीडी अथानी ने ट्रामा या पॉली ट्रामा मल्टी स्पेशलिटी क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि देशभर में एक्सप्रेस हाईवे के विस्तारीकरण से सड़क दुर्घटनाओं में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है,लिहाजा घटनाओं से ग्रसित होने वाले मरीजों को परिणामत: विकलांगता का शिकार होना पड़ता है। ऐसे में वर्तमान समय की मांग है कि चोट लगने के प्रथम दिन की चिकित्सा के समय से ही पीएमआर विभाग को मरीज के पुनर्वास पर ध्यान देने की आवश्यकता है। लिहाजा पीएमआर चिकित्सक को ट्रॉमा टीम में महत्वपूर्ण भूमि निभानी चाहिए। आईएपीएमआर के अध्यक्ष संजय वाधवा व सचिव डा. नविता व्यास ने इस आयोजन पर हर्ष जताया और एम्स ऋषिकेश के पीएमआर विभाग की प्रगति व विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष जताया। इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश की आयुष विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना, डा. श्रीपर्णा बासू,आयोजन समिति की अध्यक्ष डा. राजलक्ष्मी एच. अय्यर, आयोजन सचिव डा. राजकुमार यादव, डा. ओसामा नेयाज, डा. अंकिता काबि, डा. आशुतोष कौशल, डा. संजय अग्रवाल, डा. निशीथ गोविल,डा. पूनम अरोड़ा, डा. भारत भूषण भारद्वाज, डा. देवेंद्र त्रिपाठी, डा. सुबोध कुमार, डा. मृदुल धर,सीएमसी वैल्लूर के डा. हेनेरी प्रकाश, बीटीएस, इटली की क्लिनिकल एक्सपर्ट मिखौल कोलूसिनी, डा. विनय कन्नौजिया, डा. सुव्रत गुप्ता, डा. देवाशीष, डा. राहुल,डा. विनायक,डा. प्राची,डा. रिद्धिमा, आकृति, तनुज आदि ने सहयोग किया।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में पीएमआर विभाग व इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहेबिलिटेशन की ओर से आयोजित वार्षिक राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने दुर्घटनाओं में गंभीर घायल होने वाले मरीजों के पुनर्वास विषय पर व्याख्यान दिए। एम्स के फिजिकल एंड मेडिकल रिहेबिलिटेशन पीएमआर विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वार्षिक संगोष्ठी के मौके पर अपने संदेश में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि ट्रामा रिहेबिलिट्रेशन ट्रामा के कारण शारीरिक विकलांगता से प्रभावित मरीजों के रोजमर्रा के कार्य करने व व्यासायिक जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि करता है व उसे पुनर्स्थापित करता है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि राष्ट्रीयस्तर की यह संगोष्ठी सभी प्रतिभागियों को ट्रामा रिहेबिलिटेशन के क्षेत्र में उनकी जानकारी बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी और उन्हें इस कार्य में आगे आने को प्रेरित करेगी। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक भारत सरकार डा.आरके श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रामा केयर पब्लिक हेल्थ का विषय बन गया है, ऐसे में पीएमआर विभाग ग्रसित लोगों की तात्कालिक चिकित्सा में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए। भारत सरकार की नेशनल ट्रॉमा केयर पॉलिसी तैयार करने में विशेष भूमिका निभाने वाले व संगोष्ठी के विशिष्ठ अतिथि पूर्व चिकित्सा महानिदेशक डा. बीडी अथानी ने ट्रामा या पॉली ट्रामा मल्टी स्पेशलिटी क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि देशभर में एक्सप्रेस हाईवे के विस्तारीकरण से सड़क दुर्घटनाओं में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है,लिहाजा घटनाओं से ग्रसित होने वाले मरीजों को परिणामत: विकलांगता का शिकार होना पड़ता है। ऐसे में वर्तमान समय की मांग है कि चोट लगने के प्रथम दिन की चिकित्सा के समय से ही पीएमआर विभाग को मरीज के पुनर्वास पर ध्यान देने की आवश्यकता है। लिहाजा पीएमआर चिकित्सक को ट्रॉमा टीम में महत्वपूर्ण भूमि निभानी चाहिए। आईएपीएमआर के अध्यक्ष संजय वाधवा व सचिव डा. नविता व्यास ने इस आयोजन पर हर्ष जताया और एम्स ऋषिकेश के पीएमआर विभाग की प्रगति व विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष जताया। इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश की आयुष विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना, डा. श्रीपर्णा बासू,आयोजन समिति की अध्यक्ष डा. राजलक्ष्मी एच. अय्यर, आयोजन सचिव डा. राजकुमार यादव, डा. ओसामा नेयाज, डा. अंकिता काबि, डा. आशुतोष कौशल, डा. संजय अग्रवाल, डा. निशीथ गोविल,डा. पूनम अरोड़ा, डा. भारत भूषण भारद्वाज, डा. देवेंद्र त्रिपाठी, डा. सुबोध कुमार, डा. मृदुल धर,सीएमसी वैल्लूर के डा. हेनेरी प्रकाश, बीटीएस, इटली की क्लिनिकल एक्सपर्ट मिखौल कोलूसिनी, डा. विनय कन्नौजिया, डा. सुव्रत गुप्ता, डा. देवाशीष, डा. राहुल,डा. विनायक,डा. प्राची,डा. रिद्धिमा, आकृति, तनुज आदि ने सहयोग किया।
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