देहरादून;
राजधानी में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई है। वहीं, कुछ लोगों को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से ही लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
वहीं, इस मामले में शासन ने आयुक्त आबकारी सुशील कुमार से रिपोर्ट तलब की है। प्रमुख सचिव आबकारी आनंद वर्द्धन ने कहा कि मामले की जानकारी ली जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी देहरादून के नेशविला रोड स्थित पथरिया वीर में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत और करीब सात लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया है। सभी बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद से ही क्षेत्र के लोगों और मृतकों के परिजनों में आक्रोश बना हुआ है। गुस्साए परिजनों ने भारी तादाद में इकट्ठा होकर मसूरी विधायक गणेश जोशी के आवास घेराव किया और मौके पर जमकर हंगामा काटा।
उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बेचने की शिकायत की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी साल फरवरी के महीने में हरिद्वार जिले के बाल्लुपुर गांव से हुई जहरीली शराब की बिक्री ने पूरे क्षेत्र में कहर मचाया था।
क्या, शराब और नशा उन्मूलन का नाटक करने में लगी है दून पुलिस?
पूरे देहरादून में जहर का असली खेल खेलने में लगे है माफिया और पुलिस औंधे मुंह पड़ी है। सिटी के तमाम वरिष्ठ पुलिस अफसरों की नाक के नीचे ही मौत का खेल चल रहा है।
10 पव्वे पकड़ कर , दून पुलिस भले ही पोशीदा बन रहीं है परंतु अवैध व जहरीली शराब ने अधिकारियो की पोल खोलकर रख दी है।
जहरीली शराब काण्ड में इंस्पेक्टर व चौकी प्रभारी निलंबित किये गए।
जहरीली शराब के सेवन से 06 व्यक्तियों की मृत्यु होने तथा उक्त संबंध में पूर्व से कोई प्रभावी कार्रवाई न किए जाने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा निरीक्षक शिशुपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर तथा उप निरीक्षक कुलवंत सिंह, चौकी प्रभारी धारा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। परंतु सवाल उठता है कि क्या इनमे केवल उन्हीं की साझेदारी है।
अगर ,सभी ऊपर से नीचे तक अपनी ईमानदारी और कर्तव्य का पालन करें तो राज्य पर लगनेवाले इन धब्बों से मुक्ति पाई जा सकती है।
राजधानी में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई है। वहीं, कुछ लोगों को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से ही लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
वहीं, इस मामले में शासन ने आयुक्त आबकारी सुशील कुमार से रिपोर्ट तलब की है। प्रमुख सचिव आबकारी आनंद वर्द्धन ने कहा कि मामले की जानकारी ली जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी देहरादून के नेशविला रोड स्थित पथरिया वीर में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत और करीब सात लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया है। सभी बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद से ही क्षेत्र के लोगों और मृतकों के परिजनों में आक्रोश बना हुआ है। गुस्साए परिजनों ने भारी तादाद में इकट्ठा होकर मसूरी विधायक गणेश जोशी के आवास घेराव किया और मौके पर जमकर हंगामा काटा।
उनका कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बेचने की शिकायत की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी साल फरवरी के महीने में हरिद्वार जिले के बाल्लुपुर गांव से हुई जहरीली शराब की बिक्री ने पूरे क्षेत्र में कहर मचाया था।
क्या, शराब और नशा उन्मूलन का नाटक करने में लगी है दून पुलिस?
पूरे देहरादून में जहर का असली खेल खेलने में लगे है माफिया और पुलिस औंधे मुंह पड़ी है। सिटी के तमाम वरिष्ठ पुलिस अफसरों की नाक के नीचे ही मौत का खेल चल रहा है।
10 पव्वे पकड़ कर , दून पुलिस भले ही पोशीदा बन रहीं है परंतु अवैध व जहरीली शराब ने अधिकारियो की पोल खोलकर रख दी है।
जहरीली शराब काण्ड में इंस्पेक्टर व चौकी प्रभारी निलंबित किये गए।
जहरीली शराब के सेवन से 06 व्यक्तियों की मृत्यु होने तथा उक्त संबंध में पूर्व से कोई प्रभावी कार्रवाई न किए जाने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा निरीक्षक शिशुपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर तथा उप निरीक्षक कुलवंत सिंह, चौकी प्रभारी धारा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। परंतु सवाल उठता है कि क्या इनमे केवल उन्हीं की साझेदारी है।
अगर ,सभी ऊपर से नीचे तक अपनी ईमानदारी और कर्तव्य का पालन करें तो राज्य पर लगनेवाले इन धब्बों से मुक्ति पाई जा सकती है।
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