देहरादून:
राज्य के अल्पज्ञात गंतव्यों की सैर पर निकला , ब्लॉगर्स का दल चकराता, हनोल, मोरी, सांकरी, लाखामंडल, कालसी, विकासनगर, लांघा और पष्टा आदि स्थानों के चार दिवसीय भ्रमण के पश्चात वापस दिल्ली लौटा।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के अल्प ज्ञात परंतु पर्यटन की संभावनाओं से भरे हुए गंतव्यों के आधुनिक डिजिटल माध्यमों से प्रचार प्रसार हेतु ब्लॉगर बस के चौथे संस्करण का आयोजन किया गया था।
जिसके अंतर्गत ब्लॉगरों को चकराता क्षेत्र की छुपी हुई पर्यटन संभावना तथा वहां की समृद्ध विरासत और संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिला।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के अल्प ज्ञात परंतु पर्यटन की संभावनाओं से भरे हुए गंतव्यों के आधुनिक डिजिटल माध्यमों से प्रचार प्रसार हेतु ब्लॉगर बस के चौथे संस्करण का आयोजन किया गया था।
जिसके अंतर्गत ब्लॉगरों को चकराता क्षेत्र की छुपी हुई पर्यटन संभावना तथा वहां की समृद्ध विरासत और संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिला।
उन्होंने आगे बताया कि पर्यटन विभाग की योजना राज्य के छिपे हुए पर्यटक गंतव्यों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पटल पर उभारने की है।
इसके लिए ब्लॉगर बसों का संचालन किया जा रहा है साथ ही होमस्टे व्यवसायियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
इसके लिए ब्लॉगर बसों का संचालन किया जा रहा है साथ ही होमस्टे व्यवसायियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ब्लॉगर्स के माध्यम से स्थानीय पर्यटन का डिजिटल मीडिया पर व्यापक प्रचार-प्रसार होगा और इन ब्लॉगर्स को फॉलो करने वाले लोग इन से प्रेरित होकर इन अनछुए स्थानों का रुख करेंगे।
ऐसा होने पर स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों को रोजगार मिलेगा और राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी साथ ही नए गंतव्य पर्यटन-मानचित्र पर स्थापित हो सकेंगे।
ऐसा होने पर स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों को रोजगार मिलेगा और राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी साथ ही नए गंतव्य पर्यटन-मानचित्र पर स्थापित हो सकेंगे।
तीन दिवसीय भ्रमण के दौरान ब्लॉगर्स ने चकराता क्षेत्र में टाइगर फॉल की सैर की और किमोना फॉल्स में वाटर रेपलिंग का आनंद उठाया।
इस दौरान वे स्थानीय जनजातीय संस्कृति से भी रूबरू हुए. दूसरे दिन यहां से मोरी जाते हुए उन्होंने हनोल में महासू देवता के दर्शन किए और स्थानीय पुरोहितों के माध्यम से दंत कथाओं के विषय में जानकारी प्राप्त की. इसके बाद ब्लॉकर्स का दल मोरी होते हुए सांकरी पहुंचा।
भ्रमण के तीसरे दिन लाखामंडल के पांडव मंदिरों का दर्शन करने के बाद ब्लॉगर बस कालसी होते हुए लांघा के पास पष्टा गांव में पहुंची, जहां से अगले दिन सुबह ब्लॉगर्स ने दिल्ली के लिए विदा ली।
इस दौरान वे स्थानीय जनजातीय संस्कृति से भी रूबरू हुए. दूसरे दिन यहां से मोरी जाते हुए उन्होंने हनोल में महासू देवता के दर्शन किए और स्थानीय पुरोहितों के माध्यम से दंत कथाओं के विषय में जानकारी प्राप्त की. इसके बाद ब्लॉकर्स का दल मोरी होते हुए सांकरी पहुंचा।
भ्रमण के तीसरे दिन लाखामंडल के पांडव मंदिरों का दर्शन करने के बाद ब्लॉगर बस कालसी होते हुए लांघा के पास पष्टा गांव में पहुंची, जहां से अगले दिन सुबह ब्लॉगर्स ने दिल्ली के लिए विदा ली।
इस आयोजन के दौरान उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए उत्तरकाशी के जिला पर्यटन विकास अधिकारी प्रकाश खत्री ने बताया कि ब्लॉगर्स ने पर्यटन महत्व के स्थानों के दर्शन किए ।
वहां पर होने वाली गतिविधियों का लुत्फ उठाया और इसके अलावा उन्होंने स्थानीय लोगों से स्थानीय संस्कृति के विषय में जाने में काफी उत्सुकता दिखाई।
उन्होंने बताया कि सभी ब्लॉगरों ने होटल तथा होमस्टे में स्थानीय उद्यमियों द्वारा दिखाई गई आतिथ्य सत्कार की भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा की ।
वहां पर होने वाली गतिविधियों का लुत्फ उठाया और इसके अलावा उन्होंने स्थानीय लोगों से स्थानीय संस्कृति के विषय में जाने में काफी उत्सुकता दिखाई।
उन्होंने बताया कि सभी ब्लॉगरों ने होटल तथा होमस्टे में स्थानीय उद्यमियों द्वारा दिखाई गई आतिथ्य सत्कार की भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा की ।
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