रुद्रप्रयाग:
विकास योजनाओं के नाम पर सरकारी खजाने को कैसे लूटा जाता
है हम आप को बतायेंगे। प्रदेश में रुद्रप्रयाग भले ही छोटा जिला है मगर
यहां कारनामें बडे हैं। वाटर स्पोर्टस को बडावा देने के नाम पर करोडों
रुपये तो बरसाती गदेरे में लगा दिये गये मगर हालात यह हैं कि आप भी देख के
चौंक जायेंगे।
बद्रीनाथ केदारनाथ राष्ट्ीय राजमार्ग से सटा
हुआ खांकरा। जिसे कि प्रशासन ने टूरिज्म डेस्टिनेशन के रुप में तैयार
करने की तैयारी की थी। और वर्ष 2011 में यहां पर सिंचाई विभाग के जरिये
चित्रमती गदेरे को जलाशय का रुप देने का कार्य किया था। यहां पर प्रथम चरण
में 1करोड 38 लाख रुपये की लागत से जलाशय निर्माण का कार्य पूरा हुआ और जो
बाद में करीब ढाई करोड तक पहंुच गया। यही नहीं यहां पर अन्य साइट
प्रोटेक्शन के कार्य भी किये गये और लागत तीन करोड तक पहुंच गयी। मगर हालात
आपके सामने हैं और साफ है कि सरकार का खजाना सिर्फ ठेकेदारों के लिए खोला
गया।
जगमोहन रौथाण प्रमुख क्षेत्र पुचायत अगस्त्यमुनि और प्रदीप मलासी प्रधान ग्राम पंचायत खांकरा का कहना है कि जनता के धन का खुल्मखुला अधिकारी व ठेकेदार किस तरह से दुरुप्रयोग कर रहे
हैं ये खुली आंखों से साफ दिखाई दे सकता है खांकरा जलाशय में जहां आज भी न
तो झील है और ना ही कोई वाटर स्पोर्टस की गतिविधियंा। ऐसे में साफ है कि
आपसी मिलीभगत के चलते करीब तीन करोड रुपये डकार दिये गये और हालात ढाक के
तीन पात।
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