डोईवाला ;
मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में राजधानी की एकमात्र शुगर मिल के पेराई सत्र का उद्घाटन आज स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों से बटन दबाकर किया गया। पेराई सत्र के शुरू होने से पूर्व ही मिल के सम्बंध में लगाई जा रही अटकलों को विराम देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और कर्मचारियों के हित को सर्वोपरि रखकर मिल के संबंध में कोई भी फैसला लिया जाएगा। साथ ही मिल के आधुनिकीकरण के लिए एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए इसे निजीकरण करने को मना नही किया।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मिल को घाटे से उबारने के लिये और आधुनिकीकरण के लिये मिल में एथेनॉल का प्लांट लगाया जाएगा। बकाया भुगतान के संबंध में उन्होंने कहा कि किसानों का बकाया शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा अर्चना के साथ मिल का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर अनेक किसानों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुरजोर विरोध भी किया जहां एक और किसान पेराई सत्र के देर से शुरू होने पर चिंतित दिखाई दिए। वहीं गेहूं की बुवाई के विषय में भी किसान कहते नजर आए । कृषक हरपाल सैनी का कहना है कि पेराई सत्र के देर से शुरू होने पर गेहूं की बुवाई पर असर पड़ेगा।कृषक , मनोज नौटियाल ने भी विरोध जताते हुए कहा कि मिल की पूरी तैयारी के बिना ही मुख्यमंत्री को उद्घाटन हेतु बुलाने का कोई औचित्य नहीं बनता है । मिल गेट के बाहर किसानों ने मुख्यमंत्री का पुरजोर विरोध करते हुए , धरना प्रदर्शन और नारेबाजी भी की। विरोध में धरने ओर बैठे सागर मनवाल और मोहित शर्मा ने कहा कि मिल के देरी से चलने पर किसानों की बुवाई पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिये गन्ने की कीमत की घोषणा करनी चाहिए थी।
इस अवसर पर प्रदीप सिंह रावत अपर सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, मुख्य लेखाकार विजय गोयल, मुख्य अभियंता आर के वर्मा, मुख्य रसायनज्ञ एस एस नेगो, गन्ना प्रबंधक कासिम अली , जिलाध्यक्ष भाजपा शमशेर पुंडीर, मीडिया प्रभारी सम्पूर्ण रावत , भाजपा कार्यकर्ता नरेंद्र नेगी, आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में राजधानी की एकमात्र शुगर मिल के पेराई सत्र का उद्घाटन आज स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों से बटन दबाकर किया गया। पेराई सत्र के शुरू होने से पूर्व ही मिल के सम्बंध में लगाई जा रही अटकलों को विराम देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और कर्मचारियों के हित को सर्वोपरि रखकर मिल के संबंध में कोई भी फैसला लिया जाएगा। साथ ही मिल के आधुनिकीकरण के लिए एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए इसे निजीकरण करने को मना नही किया।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मिल को घाटे से उबारने के लिये और आधुनिकीकरण के लिये मिल में एथेनॉल का प्लांट लगाया जाएगा। बकाया भुगतान के संबंध में उन्होंने कहा कि किसानों का बकाया शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा अर्चना के साथ मिल का शुभारंभ किया।
शुगर मिल के प्रबंध निदेशक मनमोहन सिंह रावत ने बताया कि किसानों का बकाया भुगतान शीघ्र कर दिया जाएगा और 8 दिसंबर तक मिल मे पेराई विधिवत प्रारंभ हो जाएगी।
शुगर मिल के डोईवाला शुगर मिल के शुभारंभ के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बी मिल में पहुंचकर कृषको को और क्षेत्रीय जनता एवं कर्मचारियों को बधाई दी। ऋषिकेश की मेयर अनिता ममगई भी मुख्यमंत्री का अभिनंदन करने शुगर मिल पंहुची।
इस अवसर पर अनेक किसानों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुरजोर विरोध भी किया जहां एक और किसान पेराई सत्र के देर से शुरू होने पर चिंतित दिखाई दिए। वहीं गेहूं की बुवाई के विषय में भी किसान कहते नजर आए । कृषक हरपाल सैनी का कहना है कि पेराई सत्र के देर से शुरू होने पर गेहूं की बुवाई पर असर पड़ेगा।कृषक , मनोज नौटियाल ने भी विरोध जताते हुए कहा कि मिल की पूरी तैयारी के बिना ही मुख्यमंत्री को उद्घाटन हेतु बुलाने का कोई औचित्य नहीं बनता है । मिल गेट के बाहर किसानों ने मुख्यमंत्री का पुरजोर विरोध करते हुए , धरना प्रदर्शन और नारेबाजी भी की। विरोध में धरने ओर बैठे सागर मनवाल और मोहित शर्मा ने कहा कि मिल के देरी से चलने पर किसानों की बुवाई पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिये गन्ने की कीमत की घोषणा करनी चाहिए थी।
इस अवसर पर प्रदीप सिंह रावत अपर सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, मुख्य लेखाकार विजय गोयल, मुख्य अभियंता आर के वर्मा, मुख्य रसायनज्ञ एस एस नेगो, गन्ना प्रबंधक कासिम अली , जिलाध्यक्ष भाजपा शमशेर पुंडीर, मीडिया प्रभारी सम्पूर्ण रावत , भाजपा कार्यकर्ता नरेंद्र नेगी, आदि उपस्थित थे।
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