डोईवाला;
शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके सामाजिक और आर्थिक विचारों पर चर्चा की गई।
एडुसेट कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डा.एमसी. नैनवाल ने कहा कि डा.भीमराव अंबेडकर ने समाज को एक नई दिशा प्रदान की जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समता मूलक समाज, शोषण से मुक्ति आदि की प्रमुखता रही है। विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र डा.केएल.तलवाड़ ने कहा कि उन्होंने भारत की व्यावहारिक आर्थिक समस्याओं को सुलझाने के लिए गहन अध्ययन किया। उनके द्वारा प्रतिपादित आर्थिक विचार यद्यपि पाश्चात्य अर्थशास्त्रियों के विचारों से मेल नहीं खाते किंतु उनमें अपनी मौलिकता है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डा.अंजली वर्मा ने कहा कि उन्हें संविधान निर्माता कहा जाता है जो उनकी योग्यता और ज्ञान को प्रदर्शित करता है।
शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पी बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके सामाजिक और आर्थिक विचारों पर चर्चा की गई।
एडुसेट कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डा.एमसी. नैनवाल ने कहा कि डा.भीमराव अंबेडकर ने समाज को एक नई दिशा प्रदान की जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समता मूलक समाज, शोषण से मुक्ति आदि की प्रमुखता रही है। विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र डा.केएल.तलवाड़ ने कहा कि उन्होंने भारत की व्यावहारिक आर्थिक समस्याओं को सुलझाने के लिए गहन अध्ययन किया। उनके द्वारा प्रतिपादित आर्थिक विचार यद्यपि पाश्चात्य अर्थशास्त्रियों के विचारों से मेल नहीं खाते किंतु उनमें अपनी मौलिकता है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डा.अंजली वर्मा ने कहा कि उन्हें संविधान निर्माता कहा जाता है जो उनकी योग्यता और ज्ञान को प्रदर्शित करता है।
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