ऋषिकेश;
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में सोमवार को चार दिवसीय नेट कान 66 का विधिवत आगाज हो गया। अनाटोमिकल सोसाइटी आफ इंडिया की ओर से आयोजित नेशनल कांफ्रेंस में देश व विदेश से करीब सात सौ विशेषज्ञ डॉक्टर, प्रोफेसर, रिसर्चर शिरकत कर रहे हैं। साथ ही इसमें करीब चार सौ शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि एम्स संस्थान स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित उत्तराखंड व समीपवर्ती इलाकों के लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है। सीएम ने संस्थान के विकास में निदेशक प्रोफेसर रवि कांत के प्रयासों की सराहना की है।
एम्स स्क्वायर परिसर में सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रवि कांत, नेशनल एनाटॉमिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुरजीत घटक, प्रो बृजेन्द्र सिंह, प्रो लोंगिया आदि अतिथियों ने संयुक्त रूप से नेटकान 66 का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में विशेषज्ञों के विमर्श से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लाभ होगा।साथ ही संस्थान में अध्ययनरत मेडिकल के विद्यार्थियों को भी इससे चिकित्सा क्षेत्र की नवीनतम जानकारियां मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने संस्थान को निरंतर प्रगति के पथ पर ले जाने व आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाएं जुटाने के प्रयासों के लिए एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत की सराहना की। सीएम ने कहा कि एम्स निदेशक की अगुवाई में संस्थान ने तेजी से प्रगति की है, उन्होंने उम्मीद जताई कि संस्थान से निकलने वाले चिकित्सक देश विदेश में ऋषिकेश एम्स का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विषम परिस्थितियों वाले राज्य में सरकार के लिए पहाड़ों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना कठिन हो रहा है ऐसी स्थिति में पहाड़ में आपदाओं व दुर्घटनाओं के समय एम्स प्रशासन तत्काल घायलों के उपचार में निशुल्क मदद कर सरकार का सहयोग कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि संस्थान में ब्रेस्ट कैंसर, रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से दिल्ली तक के रोगियों को लाभ मिल रहा है।
इस अवसर पर एम्स के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने एनाटॉमिकल व मेडिकल शिक्षा को नई तरह से आगे बढ़ाने पर जोर दिया, बताया कि एम्स संस्थान की ओर से इसकी पहल की जा चुकी है। निदेशक रवि कांत ने मेडिकल पाठ्यक्रम में हरेक तीन चार वर्षों में बदलाव लाने की जरुरत बताई, जिससे विद्यार्थियों को नवीनतम जानकारियों, शोध कार्यों का लाभ मिल सके। निदेशक ने कहा कि संस्थान लोगों को वल्र्ड क्लास स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने को संकल्पबद्ध है और इस दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान निदेशक ने संस्थान की ओर से मुख्यमंत्री रावत समेत मेंचासीन अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर नेटकान में डीन प्रोफेसर सुरेखा किशोर, सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुरजीत घटक,राष्ट्रीय सचिव डॉ.जीएस लोंगिया, आयोजन समिति के सचिव व एनाटॉमी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ब्रिजेंद्र सिंह, सह सचिव डॉ.वीएस रवि आदि ने विचार व्यक्त किए। सम्मेलन में एम्स के संकाय सदस्य, डॉ.विवेक मिश्रा, डॉ.एन एस अंसारी, डॉ.पूजा भदौरिया समेत देश विदेश से आए डेलीगेट आदि मौजूद थे।
नेटकान 66 के उद्घाटन अवसर पर एनाटॉमी के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान पर कोई विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ.वीआर काटे को लाइफ टाइम एचीवमेंट एवार्ड से नवाजा गया, साथ ही डॉ. कुसुम गांधी, डॉ.एडी मोमिन, डॉ. सुगंधि रावी,डा.रुचिका सैठी,डॉ.संचिता राय, डॉ.पूर्वी गुप्ता, डॉ.संकट मोचन, डॉ.अंजली डॉ.मुख्तियास हुसैन, डॉ.मैत्री नंदीकर,डा.सुदर्शन मजूमदार को मैडल व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में सोमवार को चार दिवसीय नेट कान 66 का विधिवत आगाज हो गया। अनाटोमिकल सोसाइटी आफ इंडिया की ओर से आयोजित नेशनल कांफ्रेंस में देश व विदेश से करीब सात सौ विशेषज्ञ डॉक्टर, प्रोफेसर, रिसर्चर शिरकत कर रहे हैं। साथ ही इसमें करीब चार सौ शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि एम्स संस्थान स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित उत्तराखंड व समीपवर्ती इलाकों के लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है। सीएम ने संस्थान के विकास में निदेशक प्रोफेसर रवि कांत के प्रयासों की सराहना की है।
एम्स स्क्वायर परिसर में सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रवि कांत, नेशनल एनाटॉमिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुरजीत घटक, प्रो बृजेन्द्र सिंह, प्रो लोंगिया आदि अतिथियों ने संयुक्त रूप से नेटकान 66 का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में विशेषज्ञों के विमर्श से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लाभ होगा।साथ ही संस्थान में अध्ययनरत मेडिकल के विद्यार्थियों को भी इससे चिकित्सा क्षेत्र की नवीनतम जानकारियां मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने संस्थान को निरंतर प्रगति के पथ पर ले जाने व आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाएं जुटाने के प्रयासों के लिए एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत की सराहना की। सीएम ने कहा कि एम्स निदेशक की अगुवाई में संस्थान ने तेजी से प्रगति की है, उन्होंने उम्मीद जताई कि संस्थान से निकलने वाले चिकित्सक देश विदेश में ऋषिकेश एम्स का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विषम परिस्थितियों वाले राज्य में सरकार के लिए पहाड़ों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना कठिन हो रहा है ऐसी स्थिति में पहाड़ में आपदाओं व दुर्घटनाओं के समय एम्स प्रशासन तत्काल घायलों के उपचार में निशुल्क मदद कर सरकार का सहयोग कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि संस्थान में ब्रेस्ट कैंसर, रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से दिल्ली तक के रोगियों को लाभ मिल रहा है।
इस अवसर पर एम्स के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने एनाटॉमिकल व मेडिकल शिक्षा को नई तरह से आगे बढ़ाने पर जोर दिया, बताया कि एम्स संस्थान की ओर से इसकी पहल की जा चुकी है। निदेशक रवि कांत ने मेडिकल पाठ्यक्रम में हरेक तीन चार वर्षों में बदलाव लाने की जरुरत बताई, जिससे विद्यार्थियों को नवीनतम जानकारियों, शोध कार्यों का लाभ मिल सके। निदेशक ने कहा कि संस्थान लोगों को वल्र्ड क्लास स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने को संकल्पबद्ध है और इस दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान निदेशक ने संस्थान की ओर से मुख्यमंत्री रावत समेत मेंचासीन अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर नेटकान में डीन प्रोफेसर सुरेखा किशोर, सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुरजीत घटक,राष्ट्रीय सचिव डॉ.जीएस लोंगिया, आयोजन समिति के सचिव व एनाटॉमी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ब्रिजेंद्र सिंह, सह सचिव डॉ.वीएस रवि आदि ने विचार व्यक्त किए। सम्मेलन में एम्स के संकाय सदस्य, डॉ.विवेक मिश्रा, डॉ.एन एस अंसारी, डॉ.पूजा भदौरिया समेत देश विदेश से आए डेलीगेट आदि मौजूद थे।
नेटकान 66 के उद्घाटन अवसर पर एनाटॉमी के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान पर कोई विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ.वीआर काटे को लाइफ टाइम एचीवमेंट एवार्ड से नवाजा गया, साथ ही डॉ. कुसुम गांधी, डॉ.एडी मोमिन, डॉ. सुगंधि रावी,डा.रुचिका सैठी,डॉ.संचिता राय, डॉ.पूर्वी गुप्ता, डॉ.संकट मोचन, डॉ.अंजली डॉ.मुख्तियास हुसैन, डॉ.मैत्री नंदीकर,डा.सुदर्शन मजूमदार को मैडल व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
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