हरिद्वार;
मातृ सदन ने सवाल उठाए है कि कैसे दर्शनार्थी और श्रद्धालुओं को स्वामी सानन्द के पार्थिव शरीर के दर्शन हो सकते है, क्योंकि हज़ारों श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन और दर्शन करने के मध्य लम्बा समय होगा।
अतः मातृ सदन स्वामी सानंद जी के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन करने नहीं जा रहा है, सम्भव हौ कि मातृ सदन के साथ हजारों श्रद्धालु आ जायें। लेकिन दर्शन केवल 50 ही कर सकते हैं, ।उनमें से 50 का चुनाव करना संभव नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोबाइल या कैमरा साथ ले जाकर फ़ोटो लेने से मना नहीं किया गया है लेकिन एम्स के द्वारा मोबाइल और कैमरा ले जाने पर रोक लगाई गई है। लोग दूर से आएंगे लेकिन दर्शन केवल 50 को कराया जाएगा बाकी को 7 दिन रुकना पड़ेगा अगले रविवार तक और तब भी होगा कि नहीं यह निश्चित नहीं है क्योंकि अगले रविवार को नए दर्शनार्थी भी आएंगे।
उन्होंने ये भी कहा है कि एक गंभीर बात जो सामने आई है वह दर्शनार्थी का रेजिस्ट्रेशन होगा, ये सरकारी एजेंट की तरह सबकी सूचना सरकार को देंगे और सरकार उनको नाना प्रकार से तंग करेगी, आदि ऐसा विश्वास किया जा रहा है।
मातृ सदन ने सवाल उठाए है कि कैसे दर्शनार्थी और श्रद्धालुओं को स्वामी सानन्द के पार्थिव शरीर के दर्शन हो सकते है, क्योंकि हज़ारों श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन और दर्शन करने के मध्य लम्बा समय होगा।
अतः मातृ सदन स्वामी सानंद जी के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन करने नहीं जा रहा है, सम्भव हौ कि मातृ सदन के साथ हजारों श्रद्धालु आ जायें। लेकिन दर्शन केवल 50 ही कर सकते हैं, ।उनमें से 50 का चुनाव करना संभव नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोबाइल या कैमरा साथ ले जाकर फ़ोटो लेने से मना नहीं किया गया है लेकिन एम्स के द्वारा मोबाइल और कैमरा ले जाने पर रोक लगाई गई है। लोग दूर से आएंगे लेकिन दर्शन केवल 50 को कराया जाएगा बाकी को 7 दिन रुकना पड़ेगा अगले रविवार तक और तब भी होगा कि नहीं यह निश्चित नहीं है क्योंकि अगले रविवार को नए दर्शनार्थी भी आएंगे।
उन्होंने ये भी कहा है कि एक गंभीर बात जो सामने आई है वह दर्शनार्थी का रेजिस्ट्रेशन होगा, ये सरकारी एजेंट की तरह सबकी सूचना सरकार को देंगे और सरकार उनको नाना प्रकार से तंग करेगी, आदि ऐसा विश्वास किया जा रहा है।
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