नरेंद्र नगर:
वाचस्पति रयाल
सुप्रसिद्ध सिद्ध पीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की प्रथम रात्रि के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पहुंचे पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण का मेला समिति के मुख्य संरक्षक व प्रदेश की कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने स्वागत किया।
पतंजलि के उत्पाद व बढ़ती लोकप्रियता के लिए कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने पतंजलि के संस्थापक बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण की दृढ़ इच्छाशक्ति, कर्मठता व काम के प्रति निष्ठा की प्रशंसा करते हुए कहा कि संघर्ष व मेहनत के जरिए कठिन से कठिन कार्यों में सफलता हासिल की जा सकती है। यही प्रेरणा हमें पतंजलि में काम करने वाले कर्मठ, ईमानदार लोगों से मिलती है। उन्होंने कहा आज पतंजलि का नाम देश में ही नहीं विदेशों में भी गूंजता है इसके पीछे उत्पादों तथा उत्पादनकर्ताओं व उसके संस्थापकों के विश्वसनीयता झलकती है। उन्होंने कहा हजारों हजार बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने वाली संस्था आफ पतंजलि मेहनत से शिखर पर पहुंचने का सबसे बड़ा उदाहरण और प्रेरणा है।
आचार्य बालकृष्ण ने मां कुंजापुरी का स्मरण करते हुए कहा कि आज मां की चरण स्थली में आकर वह अपने को धन्य समझते हैं, उन्होंने मेला के मुख्य संरक्षक एवं प्रदेश के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को कर्मठता एवं संघर्ष का पर्याय बताते हुए कहा कि विकास कराना ही उनका लक्ष्य है, यह क्षेत्र वासियों के लिए गौरव की बात है।
अपने मिशन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि योग शारीरिक स्वच्छता व शांति का द्योतक है, श्रद्धा ,भक्ति व साधना आनंद के स्रोत हैं, कहा आज धर्म के नाम पर भीड़ अवश्य इकट्ठी हो जाती है मगर भावनाएं अंत:करण को छू जाएं तो एक अलग व व्यावहारिक जगत के निर्माण होने में देर नहीं लगेगी। उन्होंने कहा हमें अपनी संस्कृति व सभ्यता से जुड़ा रहना चाहिए यही कारण है आज जहां पतंजलि खड़ी है उसके लिए संस्कृति की गूढता ही सर्वोपरि है।
इस मौके पर मेला समिति के सचिव व उप जिला अधिकारी लक्ष्मी राज चौहान, थाना अध्यक्ष मनीष उपाध्याय, राजेंद्र विक्रम सिंह पवार, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजपाल पुंडीर, महेश गोस्वामी, राजवीर पुंडीर, विनोद गंगोटी, सरिता जोशी डॉक्टर पीएस रावत सहित बड़ी संख्या में ही दर्शक दीर्घा में लोग मौजूद थे।
वाचस्पति रयाल
सुप्रसिद्ध सिद्ध पीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की प्रथम रात्रि के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पहुंचे पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण का मेला समिति के मुख्य संरक्षक व प्रदेश की कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने स्वागत किया।
पतंजलि के उत्पाद व बढ़ती लोकप्रियता के लिए कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने पतंजलि के संस्थापक बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण की दृढ़ इच्छाशक्ति, कर्मठता व काम के प्रति निष्ठा की प्रशंसा करते हुए कहा कि संघर्ष व मेहनत के जरिए कठिन से कठिन कार्यों में सफलता हासिल की जा सकती है। यही प्रेरणा हमें पतंजलि में काम करने वाले कर्मठ, ईमानदार लोगों से मिलती है। उन्होंने कहा आज पतंजलि का नाम देश में ही नहीं विदेशों में भी गूंजता है इसके पीछे उत्पादों तथा उत्पादनकर्ताओं व उसके संस्थापकों के विश्वसनीयता झलकती है। उन्होंने कहा हजारों हजार बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने वाली संस्था आफ पतंजलि मेहनत से शिखर पर पहुंचने का सबसे बड़ा उदाहरण और प्रेरणा है।
आचार्य बालकृष्ण ने मां कुंजापुरी का स्मरण करते हुए कहा कि आज मां की चरण स्थली में आकर वह अपने को धन्य समझते हैं, उन्होंने मेला के मुख्य संरक्षक एवं प्रदेश के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को कर्मठता एवं संघर्ष का पर्याय बताते हुए कहा कि विकास कराना ही उनका लक्ष्य है, यह क्षेत्र वासियों के लिए गौरव की बात है।
अपने मिशन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि योग शारीरिक स्वच्छता व शांति का द्योतक है, श्रद्धा ,भक्ति व साधना आनंद के स्रोत हैं, कहा आज धर्म के नाम पर भीड़ अवश्य इकट्ठी हो जाती है मगर भावनाएं अंत:करण को छू जाएं तो एक अलग व व्यावहारिक जगत के निर्माण होने में देर नहीं लगेगी। उन्होंने कहा हमें अपनी संस्कृति व सभ्यता से जुड़ा रहना चाहिए यही कारण है आज जहां पतंजलि खड़ी है उसके लिए संस्कृति की गूढता ही सर्वोपरि है।
इस मौके पर मेला समिति के सचिव व उप जिला अधिकारी लक्ष्मी राज चौहान, थाना अध्यक्ष मनीष उपाध्याय, राजेंद्र विक्रम सिंह पवार, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजपाल पुंडीर, महेश गोस्वामी, राजवीर पुंडीर, विनोद गंगोटी, सरिता जोशी डॉक्टर पीएस रावत सहित बड़ी संख्या में ही दर्शक दीर्घा में लोग मौजूद थे।
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