ऋषिकेश :
उत्तम सिंह
गोमुख से प्रारम्भ हुई गंगा सद्भावना यात्रा के श्यामपुर पहुचने पर क्षेत्र के नागरिकों ने स्वागत किया। अंतरराष्ट्रीय नदी दिवस के अवसर पर गोमुख से प्रारम्भ हुई गंगा सद्भावना यात्रा 30 सितम्बर को गंगा सागर में समाप्त होगी।
गोमुख से प्रारम्भ हुई गंगा सद्भावना यात्रा का ऋषिकेश श्यामपुर पहुचने पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भव्य स्वागत किया। गंगा की दुर्दशा को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानन्द की मांग है कि गंगा की पर्यावरणीय अविरलता व स्वच्छता के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।गंगा सद्भावना यात्रा में सम्मलित सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश चौधरी एवमं लोक विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ अनिल गौतम ने कहा कि गंगा के मूल स्वरूप को नष्ट होने से बचाने के लिए उसका प्रवाह निर्बाध व अविरल होना चाहिए। गंगा नदी पर बड़े बांध न बनाकर छोटे छोटे बांध का निर्माण किया जाना चाहिए। गंगा नदी के किनारे एस टी पी प्लांट की क्षमता उसमे प्रवाहित सीवरेज के अनुसार बड़ाई जानी चाहिए। गंगा को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए न्यायालय से पारित 200 मीटर निर्माण पर रोक के आदेश को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। गंगा की पवित्रता, अविरलता निर्मलता के बारे में आम जन को जागरूक किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार संसद में गंगा नदी पर एक्ट बनाये। राष्ट्रीय नदी प्राधिकरण के लिए विशेष नियम व प्रावधान बनाये जाएं। यात्रा दल के सदस्यों ने बताया कि उनकी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से गंगा की पवित्रता, निर्मलता व अविरलता को बनाये रखने पर वार्ता हुयी। जिसमे उन्होंने गंगा को पर्यावरणीय अविरलता निर्मलता बनाने का आश्वासन यात्रा दल को दिया है। गंगा सद्भावना दल में सम्मलित सदस्य जगदीश चौधरी, अनिल गौतम,राजकुमार सांगवान, इब्राहिम खान, संजय सिंह, महेंद्र सिंह का स्वागत करने वालो में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विपिन पन्त , श्रीकांत मौजूद रहे ।
गोमुख से प्रारम्भ हुई गंगा सद्भावना यात्रा का ऋषिकेश श्यामपुर पहुचने पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भव्य स्वागत किया। गंगा की दुर्दशा को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानन्द की मांग है कि गंगा की पर्यावरणीय अविरलता व स्वच्छता के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।गंगा सद्भावना यात्रा में सम्मलित सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश चौधरी एवमं लोक विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ अनिल गौतम ने कहा कि गंगा के मूल स्वरूप को नष्ट होने से बचाने के लिए उसका प्रवाह निर्बाध व अविरल होना चाहिए। गंगा नदी पर बड़े बांध न बनाकर छोटे छोटे बांध का निर्माण किया जाना चाहिए। गंगा नदी के किनारे एस टी पी प्लांट की क्षमता उसमे प्रवाहित सीवरेज के अनुसार बड़ाई जानी चाहिए। गंगा को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए न्यायालय से पारित 200 मीटर निर्माण पर रोक के आदेश को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। गंगा की पवित्रता, अविरलता निर्मलता के बारे में आम जन को जागरूक किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार संसद में गंगा नदी पर एक्ट बनाये। राष्ट्रीय नदी प्राधिकरण के लिए विशेष नियम व प्रावधान बनाये जाएं। यात्रा दल के सदस्यों ने बताया कि उनकी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से गंगा की पवित्रता, निर्मलता व अविरलता को बनाये रखने पर वार्ता हुयी। जिसमे उन्होंने गंगा को पर्यावरणीय अविरलता निर्मलता बनाने का आश्वासन यात्रा दल को दिया है। गंगा सद्भावना दल में सम्मलित सदस्य जगदीश चौधरी, अनिल गौतम,राजकुमार सांगवान, इब्राहिम खान, संजय सिंह, महेंद्र सिंह का स्वागत करने वालो में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विपिन पन्त , श्रीकांत मौजूद रहे ।
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