हरिद्वार;
मुख्य कृषि अधिकारी, हरिद्वार डाॅ0 वी0के0एस0 यादव की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित कार्यालय में एक बैठक हुई। बैठक मंे बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि अबू शहमा, सर्वेयर मंगत सिंह एवं अर्पित कुमार उपस्थित थे।
विकासखण्ड प्रभारियों द्वारा अवगत कराया गया कि माह सितम्बर 2018 में जो अतिवृष्टि हुई है, उससे वि0ख0 लक्सर, खानपुर, बहादराबाद, भगवानपुर, रूडकी एवं नारसन में क्षति हुई।
वर्तमान में धान की फसल अतिवृष्टि के कारण गिर गई है। साथ ही गिरी हुई फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। जिससे धान के उत्पादन में 20 से 90 प्रतिशत तक क्षति होने की सम्भावना है।
ऐसे खेत जहां पर धान की फसल पूरी तरह पानी में डूबी हुई है, उन खेतों में क्षति 100 प्रतिशत तक हो सकती है। बैठक में उपस्थित बीमा प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया गया कि उनके 12 सर्वेयर जनपद में कार्यरत है।
जो सर्वे कर रहे हैं, बैठक में विकासखण्ड प्रभारियों एवं न्याय पंचायत प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वह तत्काल टोल फ्री न0- 18002669725 अथवा काॅमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से सम्बंधित वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराये, तभी सर्वे किया जायेगा।
इसके अतिरिक्त कृषकों की शिकायत यह भी रही है कि उनके द्वारा भुगतान किये गये प्रीमियम के अनुसार प्राप्ति रसीद बीमा कम्पनी द्वारा नही उपलब्ध करायी गयी है। इस सम्बन्ध में कम्पनी के प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया कि संसोधित रसीदें उपलब्ध करायी जा रही है। बीमा कम्पनी के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वह कृषक की मूल रसीद के अनुसार प्रीमियम प्राप्ति की रसीद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी ने निर्देश दिये कि कृषि विभाग के कर्मचारी ऐसे कृषक जिनकी फसल की क्षति हुई है, उनकी शिकायत आॅनलाइन फीड करने के साथ-साथ बीमा कम्पनी द्वारा उपलब्ध कराये गये फाॅर्मेट (प्रारूप) में भी लिखित शिकायत बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि को उपलब्ध करायें।
मुख्य कृषि अधिकारी ने कर्मचारियों तथा बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिये कि कृषकों की फसल की क्षतिपूर्ति समय से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही कृषक भाईयों से अनुरोध किया कि अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री न0- 18002669725 और प्रतिनिधि श्री सुमित चन्द्र दूरभाष: 9838851263 एवं श्री अबू शहमा 3755176528 से सम्पर्क कर सकते हैं।
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