ऋषिकेश :
उत्तम सिंह
गढ़वाल महासभा द्वारा बृहस्पतिवार को 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रेलवे रोड स्थित रुद्राक्षी योगशाला में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पौड़ी योगा एसोशिएशन के अध्यक्ष डॉ राजे नेगी, योगाचार्य धीरज चौहान एवं समाज सेवी विनोद जुगलान ने दीप प्रज्वलित कर किया। एस मौके पर महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे नेगी ने कहा कि तीर्थ नगरी ऋषिकेश का यूँ तो अपना काफी पौराणिक इतिहास है किन्तु पिछले पाँच दशक से ऋषिकेश विश्व के मानचित्र पर अपनी स्पष्ट छाप बनाये हुए है यहाँ विभिन्न देशों और धर्मों के लोग न केवल आध्यात्मिक ज्ञान और योग के लिए बड़ी संख्या में आते हैं।इसके साथ ही हमारी सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक महत्ता की दृष्टिकोण से हमारे तीर्थ और पर्यटन स्थल देश और दुनियाँ में शान्ति का सन्देश दे रहे हैं। धार्मिक विविधता के बाद भी भारत एक लोकप्रिय लोकतांत्रिक देश है यही हमारी पहचान है। इस लिए हमारी यह नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है कि हम अपनी लोक संस्कृति के संरक्षण संवर्धन और विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। क्योंकि संस्कृति बचेगी तो पर्यटन का विकास होगा और हमारी सामाजिक आर्थिक विरासत का संवर्धन सम्भव हो सकेगा। तभी भारत विश्व गुरु बन सकेगा" कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुवे पर्यावरण प्रेमी विनोद जुगलान ने बताया कि विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत 27 सितम्बर 1970 को हुई थी जिसमें विश्व मे सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक एकता हेतु इस दिन को मनाया जाता है हम सभी इस अवसर पर विश्व शान्ति की कामना करते हैं। एस मौके पर भारतीय भाषा मंच के प्रदेश संयोजक राजीव थपलियाल ने कहा कि हमें अपनी बोली भाषाओं को विश्व मे प्रसारित करने हेतु लोकभाषाओं में प्रकाशन की आवश्यकता है। कार्यक्रम का संचालन उत्तम सिंह असवाल ने किया। इस अवसर पर स्वामी देवभक्त सुकदेव महाराज, समाजसेवी कमल सिंह राणा,रमेश रावत, अंकित नैथानी, शुभम सेमवाल, मोहन भंडारी, अक्षय मलिक, पावन तिवारी, स्वीटी वर्मा, पूजा सक्सेना, दीपा चौहान आदि मौजूद रहे ।
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