यमेकश्वर/ऋषिकेश :
उत्तम सिंह
पहाड़ों के विकास के लिए उत्तराखण्ड राज्य बना और पहाड़ों का ही विकास नहीं हो पाया। इससे बडी विडम्बना क्या होगी राज्य स्थापना के 17 साल बीतने के बाद भी यमेकश्वर प्रखण्ड के पलेलगाव कोटा गाव आज भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे है । ग्राम पलेलगाव कोटा एवं कोटा के लोगो को जान जोखिम मे डालकर हेवल नदी को पार करना पडता है । बरसात के समय तो ग्रामीणो को 30 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर अपने गांवो तक पहुंचते है ।
साल 2006 में उदयपुर के गांव व तल्ला ढाँगू क्षेत्र के गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क व पुल का सर्वे हुआ था ।सरकार ने सडक योजना को तो मंजूरी दी।मगर पुल के प्रस्ताव स्वीकृति नहीं मिली । जिसमें योजना अभी तक धरातल पर नही उतरी ।
शुभम राणा का कहना है कि गंगा एव हेवल नदी पर पुल नहीं बनने से लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड रही है ।
तल्लाढाँगू गांव के ग्रामीण सतपाल राणा,कौशल राणा,धीरज राणा ने बताया कि मोटर पुल एव सडक ना होने के कारण गांव मे पलायन दिनों दिन बढ़ता जा रहा है । वहीं सरकार पलायन को लेकर योजना कागजो में बना रही है जिससे योजनाए धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ने लगती है । सामाजिक कार्यकर्त्ता भूपेन्द्र राणा ने कहा की जब गांवो में आज भी मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने में सरकार असर्मथ है तो पलायन आयोग का गठन करके क्या होगा ? सुविधा नहीं होंगी तो पहाड़ यूं ही ख़ाली होते चले जायेंगे। आख़िर कब तक यहां के राजनेता जनता को यूं ही झूठे आश्वासनों देते रहेंगे ? आख़िर कब तक पहाड़ यूं ही अपनी बदहाली के आंसू बहाता रहेगा ?
तल्लाढाँगू गांव के ग्रामीण सतपाल राणा,कौशल राणा,धीरज राणा ने बताया कि मोटर पुल एव सडक ना होने के कारण गांव मे पलायन दिनों दिन बढ़ता जा रहा है । वहीं सरकार पलायन को लेकर योजना कागजो में बना रही है जिससे योजनाए धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ने लगती है । सामाजिक कार्यकर्त्ता भूपेन्द्र राणा ने कहा की जब गांवो में आज भी मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने में सरकार असर्मथ है तो पलायन आयोग का गठन करके क्या होगा ? सुविधा नहीं होंगी तो पहाड़ यूं ही ख़ाली होते चले जायेंगे। आख़िर कब तक यहां के राजनेता जनता को यूं ही झूठे आश्वासनों देते रहेंगे ? आख़िर कब तक पहाड़ यूं ही अपनी बदहाली के आंसू बहाता रहेगा ?
.png)

एक टिप्पणी भेजें