Halloween party ideas 2015

 

धनौल्टी:


बसंत पंचमी का आगाज बर्फबारी के साथ सीजन की पहली बर्फबारी की शुरुआत इस बार बसंत के आगमन के साथ  हुआ है इस बर्फ का इंतजार लोग काफी समय से कर रहे थे और किसानों की चेहरे पर रौनक लौटी..

मैदानी इलाकों में हल्की बारिश के साथ मौसम में बदलाव से किसानों के चेहरे खिले जहां गेंहू की फसल में पीला रोग के साथ आलू में झूलसा रोग बारिश से समाप्त होगा वहीं बागवानी में आम, लीची आदि में आने वाले बौर के लिए लाभदायक होगी ये बारिश।


 मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

व्यवसाय ठीक चलेगा। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। व्यय होगा। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। परिश्रम का अनुकूल फल मिलेगा। परिजनों के स्वास्थ्य और सुविधाओं की ओर ध्यान दें।

Rashifal today 23 jan 2026

वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रोजगार‍ मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ संभव है। जोखिम न लें। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति जीवन में आनंद का संचार करेगी। कई दिनों से रुका पैसा मिल सकेगा।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

विवाद से क्लेश होगा। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग परेशान कर सकता है। जोखिम न लें। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता प्राप्ति के योग हैं। सावधानी व सतर्कता से व्यापारिक अनुबंध करें। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

मेहनत का फल मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कर्ज से दूर रहना चाहिए। खर्च में कमी होगी। कानूनी विवादों का निपटारा आपके पक्ष में होने की संभावना है। प्रतिष्ठितजनों से मेल-जोल बढ़ेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

चोट व रोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। क्रय-विक्रय के कार्यों में लाभ होगा। योजनाएं बनेंगी। उच्च और बौद्धिक वर्ग में विशेष सम्मान प्राप्त होगा। भाइयों से अनबन हो सकती है। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

कुसंगति से हानि होगी। वाहन मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वाणी प‍र नियंत्रण रखें, जोखिम न लें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे। व्यापारिक लाभ होगा। संतान के प्रति झुकाव बढ़ेगा। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। जायदाद संबंधी समस्या सुलझने के आसार बनेंगे। अनुकूल समाचार मिलेंगे तथा दिन आनंदपूर्वक व्यतीत होगा। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। धैर्य एवं शांति से वाद-विवादों से निपट सकेंगे। दुस्साहस न करें। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। स्वयं की प्रतिष्ठा व सम्मान के अनुरूप कार्य हो सकेंगे।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ होगा। धन संचय की बात बनेगी। परिवार के कार्यों पर ध्यान देना जरूरी है। रुका कार्य होने से प्रसन्नाता होगी। आर्थिक सलाह उपयोगी रहेगी। कर्ज की चिंता कम होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। थकान रहेगी। व्यापार-व्यवसाय संतोषप्रद रहेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। अल्प परिश्रम से ही लाभ होने की संभावना है। खर्चों में कमी करने का प्रयास करें। अति व्यस्तता रहेगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

मेहनत का फल कम मिलेगा। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। संतान की शिक्षा की चिंता समाप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। महत्व के कार्य को समय पर करें। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा।






 *SDRF वाहिनी मुख्यालय, जॉलीग्रांट में युवा आपदा मित्रों के प्रशिक्षण का 8 वां बैच हुआ पूर्ण, 68 युवाओं ने लिया आपदा प्रबंधन का साप्ताहिक प्रशिक्षण*



राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) द्वारा युवाओं को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में दक्ष बनाने हेतु संचालित “युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम” के अंतर्गत आठवें बैच का शुभारंभ दिनांक 16 जनवरी 2026 से SDRF वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में किया गया। इस बैच में कुल 68 युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनमें 23 युवक एवं 45 युवतियाँ शामिल हैं।


इस अवसर पर सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “युवा आपदा मित्र” आपदा की स्थिति में समुदाय के लिए एक मजबूत आधार बनते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, नेतृत्व एवं सेवा भावना का भी विकास करता है। सेनानायक ने अपेक्षा व्यक्त की कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात सभी आपदा मित्र अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा के समय प्रथम प्रतिवादक (First Responder) के रूप में त्वरित एवं प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

 

स्वामी जी ने बागेश्वर धाम कैंसर अस्पताल, मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट की प्रगति के विषय में ली जानकारी लेते हुये कहा यह बुन्देलखंड के लिये सबसे बड़ा उपहार जो भविष्य में अस्पताल लाखों लोगों के लिए आशा की किरण बनेगा

ऋषिकेश, 22 जनवरी



bageshwar shri dhirendra shastri  reached parmarth niketan


 परमार्थ निकेतन, में आज बागेश्वर पीठाधीश्वर, श्रद्धेय आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी का पावन आगमन हुआ। परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने शंखध्वनि, वेदमंत्र और पुष्प वर्षा के साथ आचार्य श्री का स्वागत आत्मीयता, सरलता और आध्यात्मिक ऊष्मा के साथ किया। 

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के मध्य दिव्य भेंटवार्ता अत्यंत प्रेरक, सारगर्भित और युगबोध से परिपूर्ण रही। इस संवाद में सनातन धर्म की जीवंतता, युवा पीढ़ी को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता, राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना और सेवा को साधना बनाने के भाव पर गहन मंथन हुआ। दोनों संतों ने कहा कि आज के समय में आध्यात्मिकता से तात्पर्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक आशा, स्वास्थ्य, संस्कार और सम्मान पहुँचाना है।

इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी को श्रीराम लला प्रतिष्ठा-2026 के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 22 जनवरी भारत की आत्मा, अस्मिता और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है। उन्होंने कहा कि श्रीराम भारत के प्राण हैं, मर्यादा, करुणा, धर्म और राष्ट्रभक्ति के शाश्वत प्रतीक हैं। श्रीराम लला प्रतिष्ठा का यह दिन देशवासियों के जीवन में सद्भाव, एकता और नैतिक बल को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने भी स्वामी जी के मार्गदर्शन और परमार्थ निकेतन की वैश्विक सेवा-यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि ऋषिकेश केवल योग और साधना की भूमि नहीं, बल्कि मानवता को दिशा देने वाला आध्यात्मिक प्रकाशस्तंभ है। उन्होंने कहा कि स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का जीवन स्वयं एक चलता-फिरता तीर्थ है, जो सेवा, समर्पण और संकल्प की प्रेरणा देता है।

इस दिव्य अवसर पर आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने आगामी सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का पावन निमंत्रण स्वामी जी को प्रदान किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक कन्या विवाह जैसे आयोजन सनातन संस्कृति की सामाजिक संवेदनशीलता और करुणा का जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन निश्चित रूप से निर्धन परिवारों की बेटियों को सम्मान और सुरक्षा देता है, साथ ही समाज में समरसता और सहयोग की भावना को भी सशक्त करेगा।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने इस अवसर पर बागेश्वर धाम कैंसर अस्पताल, मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट की प्रगति के विषय में विस्तार से जानकारी ली। आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अस्पताल की वर्तमान स्थिति, भावी योजनाओं और सेवा-उद्देश्य से अवगत कराया। स्वामी जी ने इसे बुन्देलखंड के लिए “सबसे बड़ा उपहार” बताते हुए कहा कि यह अस्पताल आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए आशा की किरण बनेगा। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर आध्यात्मिकता आत्मा को बल देती है, वहीं स्वास्थ्य सेवा शरीर को संबल प्रदान करती है और जब दोनों का संगम होता है, तब सच्चा राष्ट्रनिर्माण होता है।

स्वामी जी ने कहा कि बागेश्वर धाम कैंसर अस्पताल केवल एक चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि करुणा, सेवा और संकल्प की जीवंत अभिव्यक्ति है। यह उस सनातन सोच का प्रतीक है जहाँ “नर सेवा ही नारायण सेवा” को जीवन का मूल मंत्र माना गया है। उन्होंने आचार्य शास्त्री जी के इस प्रयास को युगांतरकारी बताते हुए कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

पूरे कार्यक्रम के दौरान परमार्थ निकेतन का वातावरण “जय श्रीराम”, “हर हर गंगे” और “भारत माता की जय” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

 *भारतीय परंपराओं में निहित हैं विश्व की समस्याओं का समाधान-गृह मंत्री*

*गायत्री परिवार आध्यात्मिक जागरण का कर रहा है कार्य-मुख्यमंत्री*

गायत्री parivaar century prorgramme Amit Shah CM Dhami



केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने गुरूवार को हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह में गायत्री परिवार द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों की सराहना की तथा आचार्य श्रीराम शर्मा के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं में विश्व की समस्याओं का समाधान निहित है।


गृह मंत्री ने कहा कि  श्रीराम शर्मा आचार्य ने सनातन धर्म में व्याप्त विकृतियों को दूर कर आध्यात्मिकता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा तथा समानता, संस्कृति, एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ किया। उन्होंने “व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण” के विचार को व्यवहार में उतारने का मार्ग प्रशस्त किया। श्री शाह ने आचार्य जी के संदेश “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” को मानव कल्याण का मूल मंत्र बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।


गृह मंत्री ने कहा कि बीते दस वर्षों में देश की कार्य-संस्कृति और सोच में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज भारत को उसकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के संदर्भ में आदर भाव से देखा जा रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और अरविंद घोष जैसे युगपुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के उत्कर्ष से मानवता का उत्कर्ष सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि हरिद्वार में कदम रखते ही आध्यात्मिक अनुभूति होती है और गायत्री मंत्र व्यक्ति के भीतर सद्भाव, राष्ट्र सेवा और मानव कल्याण की चेतना को जाग्रत करता है। उन्होंने युवाओं से आत्म-सुधार को सबसे बड़ी सामाजिक सेवा मानकर इसे जीवन में अपनाने का आग्रह किया।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि गायत्री परिवार एक वटवृक्ष के समान है, जो आध्यात्मिक चेतना का प्रचार-प्रसार करते हुए समाज को शांति और सकारात्मकता की छाया प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नए स्वरूप में पुनः स्थापित कर रहा है और सनातन संस्कृति का यह विराट संदेश विश्व तक पहुँचे, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार समाज में आध्यात्मिक जनजागरण का कार्य कर रहा है।


अखिल विश्व गायत्री परिवार से डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का मूल दर्शन समाज से विमुख होना नहीं, बल्कि समाज में रहकर मानव कल्याण और सामाजिक उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि संस्थान प्राचीन वेद, उपनिषद और गीता से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक तकनीक को आत्मसात कर शिक्षा, प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म रक्षा के लिए राष्ट्र धर्म रक्षा जरूरी हैं। 


कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री श्री दया शंकर सिंह, विधायक श्री मदन कौशिक सहित देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में गायत्री साधक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 23 जनवरी हेतु ,सचिव आपदा प्रबंधन ने जनपदों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

*मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनपदों के साथ बैठक*

 

देहरादून;




मौसम विभाग द्वारा दिनांक 23 जनवरी को उत्तराखंड में बारिश एवं बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा एवं नैनीताल जनपदों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। चेतावनी को दृष्टिगत रखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बुधवार को सभी संबंधित जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संभावित बारिश, बर्फबारी, पाला, शीतलहर एवं उससे उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों के मद्देनजर जनपदों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सचिव श्री सुमन ने सभी जनपदों को निर्देशित किया कि मौसम खराब रहने की संभावना के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरती जाए तथा सभी कार्यदायी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। विशेष रूप से पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, पशुपालन एवं नगर निकाय विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए। गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सचिव ने निर्देश दिए कि संवेदनशील, दूरस्थ एवं उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के लिए पूर्व से ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। आवश्यकता पड़ने पर समय रहते गर्भवती महिलाओं को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए तथा एंबुलेंस सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।

बर्फबारी के कारण मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं उच्च हिमालयी मार्गों पर जेसीबी, स्नो कटर एवं अन्य आवश्यक मशीनरी की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोलना सुनिश्चित किया जाए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए।

फिसलन एवं दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए श्री सुमन ने पाला प्रभावित क्षेत्रों में नमक एवं चूने के छिड़काव के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी जनपद संवेदनशील सड़कों, पुलों एवं पैदल मार्गों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा आवश्यकता पड़ने पर यातायात को नियंत्रित या अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाए।


ठंड से बचाव के लिए सचिव ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थलों एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में अलाव की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों एवं अधिक ठंड प्रभावित इलाकों में रेनबसेरों में बिजली, पेयजल, पर्याप्त बिस्तर, हीटर तथा पानी गर्म करने की रॉड जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ठंड के दौरान कोई भी व्यक्ति असुरक्षित न रहे।

पशुधन की सुरक्षा पर जोर देते हुए सचिव ने निर्देश दिए कि पशुओं को ठंड, बर्फबारी एवं पाले से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं। इसके अंतर्गत पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय, चारे एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालकों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

इसके साथ ही सचिव ने निर्देश दिए कि जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को कंबल का वितरण समय से सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को दी जाए तथा जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष 24x7 सक्रिय रखे जाएं। 

इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी तथा यूएसडीएमए के विशेषज्ञ आदि मौजूद थे।


 


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड के ऋषिकेश में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्र 'कल्याण' के शताब्दी अंक विमोचन समारोह को संबोधित किया।




प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्र की नीतियों के मूल आधार में भारतीय संस्कृति की वैचारिक शक्ति को पुनर्स्थापित करने का महान कार्य हो रहा है

गीता प्रेस हर कालखंड में सनातन चेतना के उत्सव को जीवित रखने का सशक्त माध्यम रहा

मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि पीढ़ियों के निर्माण के लिए कार्य करने वाला संस्थान है - गीता प्रेस

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2217039&reg=3&lang=2

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.