Halloween party ideas 2015

 

Rashifal

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। यात्रा मनोरंजक हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय में नए प्रयोग किए जा सकते हैं। समय की अनुकूलता का लाभ लें। धन प्राप्ति सुगम होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। कार्यभार व अधिकार में वृद्धि हो सकती है।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

विवाद को बढ़ावा न दें। बेवजह कहासुनी हो सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। थकान व कमजोरी रह सकते हैं। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। धनहानि की आशंका है। व्यापार-व्यवसाय में धीमापन रह सकता है। आय में निश्चितता रहेगी। समय शीघ्र सुधरेगा।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

मित्रों का सहयोग करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। यात्रा सफल रहेगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। किसी दूसरे व्यक्ति के काम में हस्तक्षेप न करें। विवाद होगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों व संबंधियों से मुलाकात होगी। कारोबार में अनुकूलता रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बुद्धि का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। प्रमाद न करें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

रुके हुए कार्य पूरे होंगे। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देगा। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। फालतू खर्च होगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। आय में कमी होगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। बेकार बातों पर बिलकुल ध्यान न दें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

यात्रा मनोनुकूल रहेगी। नया काम मिलेगा। नए अनुबंध होंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। समय की अनुकूलता रहेगी, लाभ लें। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कार्यस्थल पर सुधार व परिवर्तन हो सकता है। योजना फलीभूत होगी। तत्काल लाभ नहीं होगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। रुके कार्यों में गति आएगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। प्रमाद न करें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

अध्यात्म में रुझान रहेगा। सत्संग का लाभ प्राप्त होगा। राजकीय बाधा दूर होकर स्थिति लाभदायक बनेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। आसपास का वातावरण सुखद रहेगा। पार्टनरों तथा भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। विवेक का प्रयोग करें। प्रमाद न करें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि की आशंका बनती है, सावधानी आवश्यक है। लेन-देन में जल्दबाजी से बचें। आय बनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार-व्यवसाय की गति धीमी रहेगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रुके कार्य पूर्ण होंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। धनहानि भी आशंका है।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

भूमि-भवन व मकान-दुकान इत्यादि की खरीद-फरोख्त मनोनुकूल लाभ देगी। बेरोजगारी दूर होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। चारों तरफ से सफलता मिलेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। उत्साह बना रहेगा। चिंता तथा तनाव कम होंगे।


 धामी का ‘त्वरित एक्शन’ मॉडल : सुबह सुनी फरियाद, शाम तक घर पहुंची सिलाई मशीन*






मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली में जनता की समस्याओं को सुनना ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता में है। सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री के ‘त्वरित एक्शन’ मॉडल की ऐसी ही तस्वीर सामने आई, जहां सुबह मुख्यमंत्री के सामने रखी गई एक महिला की समस्या का शाम तक समाधान हो गया।


शिविर में स्थानीय निवासी श्रीमती बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वह जूट बैग बनाकर स्वरोजगार के जरिए अपने परिवार की आजीविका मजबूत करना चाहती हैं, लेकिन सिलाई मशीन नहीं होने के कारण उनका प्रयास आगे नहीं बढ़ पा रहा है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला की बात को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही सरकारी तंत्र सक्रिय हुआ। अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया और यह सुनिश्चित किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश केवल फाइलों तक सीमित न रहें। उनके प्रभावी समन्वय और निरंतर मॉनिटरिंग के चलते शाम तक श्रीमती बबली गुप्ता को सिलाई मशीन उपलब्ध करा दी गई।


मुख्यमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे बंशीधर तिवारी की कार्यशैली की पहचान भी त्वरित निर्णय, बेहतर समन्वय और जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ अंजाम तक पहुंचाने की रही है। इस मामले में भी उन्होंने मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कर जरूरतमंद महिला तक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


सुबह फरियाद और शाम तक समाधान की यह तस्वीर मुख्यमंत्री धामी की संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता और परिणामपरक कार्यशैली को दर्शाती है। साथ ही यह भी बताती है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों को धरातल पर उतारने के लिए उनकी टीम भी उसी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।


सिलाई मशीन मिलने के बाद श्रीमती बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की त्वरित कार्रवाई से उनके स्वरोजगार के सपने को नई उड़ान मिली है।


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मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सुशासन का वास्तविक अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने कहा कि 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान ने शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान लगभग 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। देहरादून जनपद में आयोजित 46 शिविरों में 60 हजार से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा लगभग 39 हजार लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया गया।


उन्होंने कहा कि 'सेवा, सुशासन एवं समर्पण' के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़े के तहत प्रदेशभर में जनसेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। 4 जुलाई से प्रारंभ हुए सेवा पखवाड़े में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया है। इस दौरान प्राप्त 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का समाधान सुनिश्चित किया गया है तथा 2,522 नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं सेवाओं से लाभान्वित किए जाने की प्रक्रिया संचालित की गई है।


मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित शिविर में 01 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस अवसर पर पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत  प्रमाण-पत्र एवं अन्य सहायता वितरित की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजन को योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का "21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा" का विजन आज तेजी से साकार हो रहा है। राज्य में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश एवं हवाई संपर्क सहित प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।



इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक सहसपुर श्री सहदेव सिंह पुण्डीर, दायित्वधारी श्री विनय रोहिला, श्री पुनीत मित्तल, श्री ओमवीर सिंह, श्री भुवन विक्रम डबराल, भाजपा के जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, अपर सचिव मुख्यमंत्री श्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


 *लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्र के साथ साझेदारी करने वाला उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य* 

 *11 से 15 जुलाई तक चलने वाले महोत्सव में देशभर के शिल्पकारों, हस्तशिल्पियों और लोक कलाकारों को मिला साझा मंच* 

 *150 से अधिक स्टॉलों पर भारत की समृद्ध लोक कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद एवं व्यंजनों का प्रदर्शन* 

' *एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने किया पौधरोपण* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित छठे 'लोक संवर्धन पर्व' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने  'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। 11 से 15 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी एवं पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला वह देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक समन्वय का परिणाम नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड राष्ट्रीय विकास और जनकल्याणकारी पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस आयोजन के लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विविध भाषाएँ, लोक परंपराएँ, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं, बल्कि कारीगरों, शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार, नए अवसर और नई पहचान भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव उत्तराखंड सहित पूरे देश के शिल्पकारों और युवा उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच सिद्ध होगा।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र पर कार्य करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समाज के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। छात्रवृत्ति, मेधावी बालिका प्रोत्साहन, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना तथा अल्पसंख्यक क्षेत्रों के विकास जैसी पहलें समाज के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही मदरसों में आधुनिक तकनीक एवं आईटी आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 'हाउस ऑफ हिमालयाज' तथा 'एक जनपद दो उत्पाद' जैसी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों और देवभूमि आने वाले पर्यटकों से लोक संवर्धन पर्व में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के माध्यम से शिल्पकारों और कारीगरों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।



केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है, जो राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।



कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार डॉ. श्रीवत्स कृष्णा, संयुक्त सचिव श्री एस.पी. रॉय, विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण उत्तराखंड डॉ. पराग मधुकर धकाते, देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, लोक कलाकार, हस्तशिल्पी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-परिवार में सुख-शांति रहेगी। जल्दबाजी न करें। पुराना रोग उभर सकता है। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोधी सक्रिय रहेंगे।

Rashifal


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

व्यवसाय में ध्यान देना पड़ेगा। व्यर्थ समय न गंवाएं। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। जल्दबाजी से हानि संभव है। थकान रहेगी। कुसंगति से बचें। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। फालतू खर्च होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। शत्रुभय रहेगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति निर्मित होगी। प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। व्यापार में लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। शत्रु पस्त होंगे। विवाद में न पड़ें। अपेक्षाकृत कार्य समय पर होंगे। प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यस्तता रहेगी। प्रमाद न करें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। स्थायी संपत्ति से बड़ा लाभ हो सकता है। समय पर कर्ज चुका पाएंगे। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न तथा संतुष्ट रहेंगे। निवेश शुभ फल देगा। घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी, ध्यान रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। समय की अनुकूलता का लाभ मिलेगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। अपने काम पर ध्यान दें। लाभ होगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

दूर से बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। बेवजह तनाव रहेगा। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। फालतू बातों पर ध्यान न दें। मेहनत अधिक व लाभ कम होगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। शत्रुओं की पराजय होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी।



वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चिंता बनी रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। निवेश लाभदायक रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यस्तता रहेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। बड़ा काम करने का मन बनेगा। झंझटों से दूर रहें। कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ सकता है। फालतू खर्च होगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। जोखिम बिलकुल न लें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति संभव है। यात्रा लाभदायक रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबारी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। आशंका-कुशंका रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। लापरवाही न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। बजट बिगड़ेगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। शारीरिक कष्ट से बाधा उत्पन्न होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचित व्यक्तियों पर अंधविश्वास न करें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय होगी। संतुष्टि नहीं होगी।



मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

यात्रा लाभदायक रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। शेयर मार्केट से बड़ा लाभ हो सकता है। संचित कोष में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। कारोबारी सौदे बड़े हो सकते हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य प्रभावित होगा, सावधानी रखें।



 राज्य में ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ बना सुशासन की नयी पहचान*

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*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्यभर में संचालित हो रहा जन सम्पर्क अभियान* 


*इस अभियान के तहत 73 कैम्पों में 64 हजार से अधिक लोगों ने की भागीदारी*


*22 हजार से अधिक लोगों को किया गया लाभान्वित*


*5 हजार जन-शिकायतों का किया गया निस्तारण*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”- ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान और जन-समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। यह अभियान न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक परिवर्तन का उदाहरण बना है, बल्कि इससे राज्य सरकार और आम नागरिक के मध्य प्रभावी समन्वय भी बना है। इस आयोजन के तहत 09 जुलाई, 2026 तक आयोजित कार्यक्रमों की प्रगति से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी एवं वास्तविक परिणाम देने में सफल रही है। 


प्रदेश के सभी जनपदों में 04 से 09 जुलाई, 2026 तक कुल 73 जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 64 हजार 192 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। यह जन-भागीदारी इसका प्रमाण है कि यह कार्यक्रम जनता की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ा हुआ है और लोगों ने इसे पूरे विश्वास के साथ अपनाया है। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे जनता के द्वार पहुँचा है। जिससे पर्वतीय, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों की समस्याओं के समाधान की राह प्रशस्त हुयी है।


इन शिविरों में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 21 हजार 908 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि जन-कल्याणकारी योजनाएँ पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप से पहुँच रही हैं। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर राज्य सरकार द्वारा जनसुविधा एवं पारदर्शिता दोनों को सुदृढ़ किया गया है।


इस दौरान 05 हजार 567 शिकायतें एवं प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 04 हजार 901 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों को भी समयबद्ध कार्य-योजना के तहत संबंधित विभागों को प्रेषित कर निरंतर निगरानी में रखा गया है, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। इन शिविरों में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों से संबंधित कुल 02 हजार 522 आवेदन प्राप्त हुए। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार की यह पहल गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।


इन आयोजनों की सफलता के संबंध में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि अधिकारी जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने प्रत्येक कैम्प में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की तथा यह निर्देश दिए कि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निस्तारण किया जाए। इस पहल से प्रशासनिक तंत्र को और अधिक संवेदनशील बनाने में भी मद्द मिल रही है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ राज्य में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान है। इन अभियानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा ऐसे आयोजनों के माध्यम से शासन व प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, राज्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से समस्याओं के त्वरित समाधान की संस्कृति विकसित हुई है।

*मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न*


*उच्च शिक्षा, पर्यटन, शिक्षा,  वित्त, रोजगार, वन संरक्षण एवं प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी*

देहरादून।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज आयोजित राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, शिक्षा, पर्यटन, वित्तीय प्रशासन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण तथा सुशासन को गति देने वाले अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।


*पिथौरागढ़ में सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के विस्तार के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी*

एआईसीटीई मानकों के अनुरूप पिथौरागढ़ के मढ़धुरा स्थित निर्माणाधीन नन्हीं परी सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के समुचित विकास के लिए कुल 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया गया। इससे शैक्षणिक भवन, छात्रावास, फैकल्टी आवास, खेल परिसर, ऑडिटोरियम तथा आधुनिक प्रयोगशालाओं सहित विश्वस्तरीय शैक्षणिक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।


*पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता, उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी*


राज्य में साहसिक पर्यटन को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से "उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026" के प्रख्यापन को स्वीकृति दी गई। नई नियमावली में सुरक्षा मानकों को प्रभावी बनाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं।


*श्रीनगर में अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से मिलेगा गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन*

पीएम पोषण योजना के अंतर्गत श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) स्थित केंद्रीकृत किचन से अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा चयनित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की गई।


*राज्य भण्डारण निगम के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ*

उत्तराखण्ड राज्य भण्डारण निगम के नियमित 68 कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा तथा व्यय निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा।


*कुंभ मेला-2027 की पारदर्शी लेखा परीक्षा के लिए दो पदों का सृजन*

हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की समवर्ती लेखा परीक्षा को प्रभावी बनाने हेतु एक तकनीकी विशेषज्ञ तथा एक वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी सहित कुल दो पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई।


*उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी*

उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में पदोन्नति संबंधी उत्पन्न विसंगतियों को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।


*वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ होगा और अधिक सशक्त*

राज्य में वित्तीय अनुश्रवण एवं लेखा परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ की संरचना को अद्यतन करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत पदों के उच्चीकरण, भर्ती स्रोत में परिवर्तन तथा दो नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।


*विदेशों में रोजगार के अवसरों से जुड़ेंगे उत्तराखण्ड के युवा*

कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत सहसपुर स्किल हब में स्थापित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के सफल संचालन हेतु सात पदों वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन को मंजूरी दी गई। इससे युवाओं को विदेशों में उपलब्ध रोजगार अवसरों, प्रशिक्षण एवं नियोजन से जोड़ने में सहायता मिलेगी।


*बापूग्राम आरक्षित वन प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन पर कैबिनेट का मार्गदर्शन*

ऋषिकेश स्थित बापूग्राम आरक्षित वन से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन एवं भावी कार्यवाही के संबंध में कैबिनेट ने आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।


*अरेबिया मदरसों की अनुदान योजना का बजट मद वित्तीय वर्ष 2027-28 से समाप्त*

राज्य में लागू नई अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2027-28 से "अरेबिया मदरसों को अनुदान" संबंधी बजट मानक मद को समाप्त (विलोपित) किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की। नई व्यवस्था के तहत केवल उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त संस्थान ही संचालित होंगे।

कैबिनेट के इन निर्णयों से राज्य में उच्च शिक्षा, पर्यटन, स्कूली शिक्षा, वित्तीय सुशासन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण तथा प्रशासनिक व्यवस्था को नई गति मिलने के साथ विकास एवं जनकल्याण के प्रयास और अधिक प्रभावी होंगे।




- भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना में आधुनिक एवं सुरक्षित सड़क अवसंरचना के साथ पर्यावरण संरक्षण तथा वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई - श्री सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, पीआईयू देहरादून, एनएचएआई


- कुछ समाचार लेखों एवं सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा कि NHAI एवं वन विभाग उच्च न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध वृक्षों की कटाई कर रहे हैं, यह दावे तथ्यात्मक रूप से गलत एवं भ्रामक हैं- श्री सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, पीआईयू देहरादून, एनएचएआई


- पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण योजनाओं के लिए एनएचएआई ने ₹6.04 करोड़ से अधिक जमा किए हैं - श्री सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, पीआईयू देहरादून, एनएचएआई




शुक्रवार को भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पर्यावरण एवं वन संरक्षण संबंधी भ्रामक दावों पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्पष्टिकरण देते हुए कहा कि यह परियोजना केवल आधुनिक एवं सुरक्षित सड़क अवसंरचना के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि योजना के क्रियान्वयन में पर्यावरण संरक्षण, वन क्षेत्र के संरक्षण तथा वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 


श्री सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, पीआईयू देहरादून, एनएचएआई ने कहा कि "भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना की इंजीनियरिंग डिजाइन तैयार करते समय सड़क क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम रखना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में रहा है। परियोजना के वन क्षेत्र वाले हिस्से में राइट ऑफ वे को यथासंभव कम रखा गया है। साथ ही उत्तराखंड वन विभाग, WWF-India तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के तकनीकी परामर्श के आधार पर हाथियों एवं अन्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एलीफेंट अंडरपास, बॉक्स कल्वर्ट, पाइप कल्वर्ट तथा अन्य वैज्ञानिक वन्यजीव शमन उपायों को परियोजना की डिजाइन का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। इन उपायों से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन को सुरक्षित बनाए रखने के साथ-साथ वर्तमान सड़क पर वाहनों की टक्कर से होने वाली वन्यजीव मृत्यु की घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। एनएचएआई का प्रयास ऐसा राजमार्ग विकसित करना है, जो भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन एवं वन्यजीव संरक्षण के उच्च मानकों पर भी खरा उतरे।"


उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण के दौरान अतिरिक्त वन भूमि के उपयोग को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से संपूर्ण कार्य मौजूदा राइट ऑफ वे के भीतर किया जा रहा है। पर्यावरणीय प्रभाव कम करने के लिए परियोजना के वन क्षेत्र में आरओडब्लू को 60 मीटर से घटाकर मात्र 23 मीटर किया गया है, जिससे अनावश्यक वन क्षेत्र प्रभावित होने से बचाया जा सके। एनएचएआई ने प्रतिपूरक वनीकरण तथा उसके अगले 10 वर्षों के रखरखाव के लिए ₹1.97 करोड़ से अधिक की राशि जमा की है। इसके अतिरिक्त, प्रतिपूरक वनीकरण एवं राज्य में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से 40 हेक्टेयर गैर-वन भूमि राज्य सरकार द्वारा वन विभाग को हस्तांतरित की गई है, जिससे भविष्य में व्यापक स्तर पर नए वन विकसित किए जा सकें। वन एवं पर्यावरण संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 'वन्यजीव राहत योजना' तथा 'मिट्टी व जल संरक्षण योजना' के क्रियान्वयन हेतु भी NHAI द्वारा ₹6.04 करोड़ से अधिक की राशि जमा कराई गई है। 


परियोजना में हाथियों एवं अन्य बड़े वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 01 प्रमुख ब्रिज-कम-एलीफेंट अंडरपास तथा 04 समर्पित एलीफेंट अंडरपास (लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड संरचना) का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बाघ, तेंदुआ, सियार, जंगल बिल्ली, साही, जंगली सूअर, सांभर एवं चीतल जैसे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए 5×3 मीटर आकार के 06 बॉक्स कल्वर्ट तथा सरीसृप, उभयचर एवं अन्य छोटे वन्यजीवों के लिए 1200 मिमी व्यास के 13 पाइप कल्वर्ट विकसित किए जा रहे हैं। 


वन्यजीवों की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए परियोजना में ग्रीन गाइड हेज, साउंड बैरियर, एंटी-ग्लेयर स्क्रीन, वन्यजीव चेतावनी संकेतक, स्पीड कैल्मिंग उपाय तथा 'नो हॉर्न' जोन जैसी व्यवस्थाएँ भी शामिल की गई हैं। इन सभी उपायों का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और आवागमन को सुरक्षित बनाए रखना है।


परियोजना से प्रभावित 4,369 वृक्षों में से 754 वृक्षों को फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक आकलन के आधार पर प्रत्यारोपित किया जाएगा, जबकि शेष वृक्षों का नियमानुसार प्रबंधन किया जाएगा। NHAI का प्रयास है कि जहाँ भी संभव हो, परिपक्व वृक्षों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर हरित आवरण को संरक्षित रखा जाए। 


श्री सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, पीआईयू देहरादून, एनएचएआई ने आगे बताया कि कुछ समाचार लेखों एवं सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि NHAI एवं वन विभाग माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध वृक्षों की कटाई कर रहे हैं। यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत एवं भ्रामक है। इस संबंध में मा. उच्च न्यायालय में एक अवमानना याचिका भी दायर की गई थी, जिसे मा. न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि NHAI सभी वैधानिक एवं पर्यावरणीय आवश्यकताओं का पालन करते हुए माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन कर रहा है। परियोजना का निर्माण सभी आवश्यक वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ तथा सक्षम प्राधिकारियों से आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त होने के उपरांत ही प्रारंभ किया गया है। परियोजना के प्रत्येक चरण में न्यायालय के निर्देशों, वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियों तथा निर्धारित शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का विश्वास है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश परियोजना इसका उदाहरण है, जहाँ आधुनिक सड़क अवसंरचना के साथ-साथ वन संरक्षण, जैव विविधता और हरित आवरण को समान महत्व देते हुए कार्य किया जा रहा है। NHAI भविष्य में भी सतत विकास के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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