यूपी के रेगुलर कर्मचारियों को चल अचल संपत्ति का विवरण देना होगा: डॉ मुरलीधर शास्त्री
उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी अपने रेगुलर कर्मचारियों अधिकारियों के चल चल संपत का विवरण 31 जनवरी 2026
तक मानव संपदा पोर्टल पर एवं अपने विभाग को जानकारी देने का निर्देश जारी किया
विवरण देने पर ही जनवरी माह का वेतन आधारित होगा
इसमें आहरण वितरण अधिकारी एवं नियंत्रक अधिकारी गड़बड़ी होने पर जिम्मेदार होंगे
डॉ मुरलीधर सिंह ,अधिवक्ता ,मा उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ
एवं पूर्व उपनिदेशक मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि
हमारे उत्तर प्रदेश सरकार के पास लगभग 16 लाख कर्मचारी हैं सभी कर्मचारी अधिकारी हैं सभी कर्मचारियों अधिकारियों को अपने आय के संपत का चल अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी 2026 तक देना है ऐसा आदेश उत्तर प्रदेश के सरकार के मुख्य सचिव द्वारा जारी किया गया है
ऐसे आदेश प्रत्येक वर्ष जारी होते हैं पर लगभग 30 हजार कर्मचारी अपने का विवरण नहीं देते हैं
केंद्रीय सरकार ने अपने केंद्रीय सरकार के सभी श्रेणी के अधिकारियों को चल चल संपत्ति का विवरण 31 दिसंबर 2025 तक देने का निर्देश दिया था इसमें अभी भी 20 परसेंट संपत्ति का विवरण नहीं दिए हैं और लगभग 80% दे चुके हैं केंद्रीय सरकार में रेगुलर कर्मचारियों की संख्या लगभग 18 से 19 लाख तक है
ऐसा विभिन्न स्रोतों से जानकारी के आधार पर अवगत करा रहा हूं
इस काम को ठीक से करने के लिए या सही तरीके से विवरण प्राप्त हो और प्रभावी कार्रवाई हो सके.
इसका एकमात्र तरीका है विवरण दाखिल किया जाए और उसमें
जैसे निर्वाचन आयोग अपने हलफनामे में पूरे परिवार का विवरण मांगता है वैसे दिया जाए जो सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्य होता है
तभी यह संभव है अन्यथा स्थानीय स्तर पर कर्मचारी अपना सेटिंग करके जो आहार में वितरण अधिकारी उनके विभाग का ही होता है उसे अपना वेतन नया विवरण निकाल लेते हैं
हालांकि सरकार ने मानव संपदा पोर्टल बनाया है जिस पर सभी कर्मचारियों के विवरण है.
लेकिन उसका चेक किया जाए तो 60परसेंट कर्मचारियों के विवरण ठीक है ऐसा होता तो आए से से ज्यादा संपत के मामले में अधिकारियों के खिलाफ नहीं करवाई होती है।
यह एक स्वागत योग्य कदम है इसका सभी को स्वागत करना चाहिए.






