Halloween party ideas 2015

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए करता है प्रेरित : मुख्यमंत्री*

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंवावाला, देहरादून में सुना प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कुंवावाला, देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना।



कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और अभिनव प्रयासों को देश-दुनिया के सामने लाने का प्रभावी माध्यम बना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में युवाओं को नशे से दूर रखने और ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया है। नशा मुक्त युवा ही सशक्त और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री के आह्वान से देश के युवाओं में नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ने के साथ ही स्वस्थ, सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित युवा शक्ति के निर्माण को नई ऊर्जा मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के गौरवशाली इतिहास और विरासत को नई पीढ़ी तक रोचक एवं सरल तरीके से पहुंचाने के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयासों का भी उल्लेख किया। ऐसे प्रयास युवाओं को देश के समृद्ध इतिहास से जोड़ने के साथ उनमें अपनी संस्कृति, विरासत और राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत करते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में सामान्य नागरिकों द्वारा किए जा रहे असाधारण कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान प्रदान कर रहे हैं। इससे समाज के अन्य लोगों को भी अपने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा मिलती है।


मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए नशा मुक्त, स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।


इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत,श्री मदन कौशिक श्री भरत चौधरी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।


*संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में रियल टाइम मॉनिटरिंग, पूर्व चेतावनी एवं त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश*

*मौसम को देखते हुए सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश* 

देहरादून:



 राज्य में स्थित ग्लेशियर झीलों से संभावित खतरे को देखते हुए  आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने ग्लेशियर झीलों की निगरानी एवं जोखिम न्यूनीकरण के लिए विश्वभर में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने के निर्देश दिए हैं।


 रविवार को उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर उत्तराखण्ड में स्थित ग्लेशियर झीलों की स्थिति तथा संभावित जोखिम की विस्तृत जानकारी ली।

आपदा मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए ग्लेशियर एवं ग्लेशियर झीलों की स्थिति में होने वाले बदलावों की वैज्ञानिक निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निरंतर एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। ग्लेशियर झीलों के जलस्तर, आकार, जलभराव की स्थिति तथा उनमें होने वाले संभावित बदलावों पर लगातार नजर रखी जाए। इसके लिए सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग, ड्रोन, सेंसर आधारित निगरानी तथा अन्य आधुनिक तकनीकों की संभावनाओं का अध्ययन कर इन्हें आवश्यकता के अनुसार अपनाया जाए।

आपदा मंत्री ने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए संबंधित विभागों, विशेषज्ञ संस्थानों एवं तकनीकी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो वहां अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किए जाएं, ताकि किसी भी असामान्य स्थिति का समय रहते पता लगाकर संभावित प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सतर्क किया जा सके। 

पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने बैठक में प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा तथा बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें। उन्होंने राज्यभर में वर्षा की स्थिति, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। विभिन्न जनपदों में हुई वर्षा, संभावित मौसम पूर्वानुमान तथा आगामी दिनों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को सभी जनपदों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए तथा भूस्खलन संभावित एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी पहले से तैनात रखी जाए। जिन स्थानों पर भूस्खलन अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना अधिक रहती है, वहां पहले से पर्याप्त संख्या में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, आवश्यक उपकरण एवं तकनीकी दल तैनात किए जाएं, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके। 

जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ पंप एवं अन्य आवश्यक उपकरण पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता से कार्य करने को कहा, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कहा कि बिजली, पेयजल एवं संचार सेवाओं की बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता पर की जाए। यदि कहीं भी ये सेवाएं प्रभावित होती हैं तो अतिरिक्त टीमें तत्काल भेजी जाएं और वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर आमजन को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। 

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित सभी संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें। दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित किया जाए, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में मा0 उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति श्री विनय रुहेला, मा0 उपाध्यक्ष ले. कर्नल (अ.प्रा.) रघुवीर सिंह भण्डारी, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, जेसीईओ श्री दिनेश कुमार पुनेठा, यूएसडीएमए के विशेषज्ञ डॉ. पूजा राणा, श्री रोहित कुमार, सुश्री प्रतिभा पुरोहित, श्री मोहित माथुर आदि उपस्थित रहे। 


*यात्रा संचालन मौसम एवं मार्ग की स्थिति के आधार पर हो*

 मा0 मंत्री ने निर्देश दिए कि मौसम की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा का संचालन किया जाए। यदि अत्यधिक वर्षा अथवा मार्ग अवरुद्ध होने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे भेजा जाए।


*नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश* 

मा0 मंत्री ने नदियों के जलस्तर पर चैबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक किया जाए तथा खतरे की आशंका होने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डैम एवं बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देकर सतर्क किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भी समय रहते अलर्ट किया जाए, ताकि किसी भी संभावित जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।


*वैकल्पिक संचार व्यवस्था हर समय तैयार रहे*

आपदा  मंत्री ने कहा कि यदि भारी वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण किसी क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होती है तो वैकल्पिक संचार प्रणाली तत्काल सक्रिय की जाए। उन्होंने दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में वैकल्पिक संचार व्यवस्था को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण मोबाइल अथवा अन्य संचार सेवाएं बाधित होने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक संचार माध्यम उपलब्ध होने चाहिए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।


*गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं गंभीर रोगियों की विशेष निगरानी*

 मा0 मंत्री ने गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सा सुविधाओं से युक्त स्थानों पर पहुंचाया जाए। जहां आवश्यकता हो वहां हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में चिकित्सा सहायता के अभाव में जनहानि नहीं होनी चाहिए।


*डेंगू की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर अभियान के निर्देश*

मंत्री ने प्रदेश में डेंगू की रोकथाम की भी समीक्षा की।



उन्होंने इसे राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले सभी स्थानों की तत्काल पहचान कर वहां पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए तथा नियमित फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच किट, पर्याप्त दवाइयां, रक्त की उपलब्धता, बेड तथा चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


वर्तमान मौसम की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी देहरादून द्वारा दिनांक 31 अगस्त को जनपद के समस्त विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) एवं सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में *अवकाश घोषित किया गया है*।

holiday on 31 august,2026 dehradun schpol


 

Rashifal

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

कार्यस्‍थल पर सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, लेकिन काम का बोझ बढ़ सकता है। कारोबारी हैं तो विदेश या दूर के संपर्कों से लाभ मिलेगा। लव पार्टनर के साथ संवाद खुला रखें ताकि कोई भ्रम न रहे। अवांछित खर्चों पर नियंत्रण रखें, बजट संतुलित बनाना होगा। आंखों या नींद से जुड़ी समस्या हो सकती है, पर्याप्त आराम लें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कार्यक्षेत्र में लंबे समय से अटकी योजनाएं गति पकड़ेंगी। दिन सफलता दिलाने वाला है। व्यापारिक मुनाफे में बढ़ोतरी होगी। नए सौदे लाभदायक रहेंगे। प्रेम रिश्तों में मिठास और आपसी समझ बढ़ेगी। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सेहत उत्तम रहेगी, ऊर्जावान महसूस करेंगे।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

कार्यक्षेत्र में आपकी बौद्धिक क्षमता और निर्णय कौशल की सराहना होगी। पदोन्नति के योग बन रहे हैं। कारोबारी हैं तो नेटवर्किंग और संपर्कों से व्यापार विस्तार में मदद मिलेगी। जीवनसाथी या लव पार्टनर का पूर्ण सहयोग मिलेगा। वित्तीय लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे, आय स्थिर रहेगी। मानसिक रूप से शांति और प्रसन्नता का अनुभव होगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कार्यक्षेत्र में भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक या आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। कारोबारी हैं तो लंबी दूरी की व्यापारिक यात्राएं लाभप्रद सिद्ध होंगी। लव पार्टनर के साथ यात्रा कार्यक्रम की योजना बनेगी। धन का प्रवाह अच्छा रहेगा, बचत करने में सफल रहेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन पिता की सेहत का ध्यान रखें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

कार्यक्षेत्र में सतर्कता बनाए रखें, गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। कारोबारी हैं तो नया निवेश करने से बचें, कागजी कार्रवाई जांच-परखकर करें। प्रेम जीवन में वाणी में मधुरता रखें ताकि साथी के साथ बहस न हो। अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, पैतृक धन से जुड़ा मामला उठ सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। खानपान सही रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

दफ़्तर में आपका प्रभाव बढ़ेगा, साथियों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। कारोबार में व्यावसायिक अनुबंध मजबूत होंगे, नए साझेदार जुड़ सकते हैं। दांपत्य जीवन में प्रगाढ़ता आएगी। प्रेम संबंधों में भरोसा बढ़ेगा। आय के योग उत्तम हैं, व्यावसायिक लेनदेन में लाभ होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। योग और ध्यान से लाभ मिलेगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

दफ़्तर में विरोधी शांत रहेंगे। काम की तारीफ होगी। मुश्किल लक्ष्यों को हासिल करेंगे। कारोबार में कर्ज या लोन से जुड़े काम आसानी से निपट जाएंगे। लव पार्टनर के साथ छोटी-मोटी बातों पर उलझने से बचें। वित्तीय प्रबंधन मजबूत रहेगा। व्यर्थ के खर्चों पर लगाम लगेगी। मांसपेशियों में हल्का खिंचाव हो सकता है। व्यायाम करें।



वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कलात्मक और रचनात्मक कार्यों में विशेष रुचि व सफलता मिलेगी। शेयर बाजार व परामर्श (कंसल्टेंसी) के काम से अच्छा लाभ होगा। लव लाइफ में मिठास बनी रहेगी। पार्टनर के साथ समय बिताएंगे। आकस्मिक लाभ के योग हैं, आर्थिक पक्ष संतुलित रहेगा। मानसिक रूप से तरोताजा रहेंगे, दिन खुशनुमा बीतेगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

दफ़्तर में काम का दबाव रहेगा, लेकिन समय पर काम पूरे होंगे। रियल एस्टेट या भूमि-भवन से जुड़े कार्यों में लाभ के योग हैं। पारिवारिक माहौल शांतिपूर्ण रहेगा। परिजनों का सहयोग मिलेगा। सुख-सुविधाओं की वस्तुओं पर खर्च हो सकता है। माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

आपका पराक्रम और आत्मविश्वास कार्यस्थल पर नई दिशा देगा। करियर को बल मिलेगा। कारोबारी हैं तो मीडिया, मार्केटिंग व लेखन क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ रिश्ते में मिठास और मजबूती आएगी। रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। वित्तीय आवक अच्छी होगी। दिनभर चुस्ती-फुर्ती बनी रहेगी।



कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

वाणी और सौम्य व्यवहार से कार्यक्षेत्र में सफलता पाएंगे। बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। कारोबारी हैं तो धन संचय के नए रास्ते खुलेंगे। पुराना निवेश फायदा देगा। जीवनसाथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा। आर्थिक आवक में बढ़ोतरी होगी। बैंक बैलेंस मजबूत होगा। मुख या गले में समस्या हो सकती है। खानपान संतुलित रखें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी। आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। कारोबारी हैं तो नए बिजनेस प्लान लागू करने के लिए दिन बेहद शुभ है। दांपत्य जीवन में सामंजस्य रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक लाभ की स्थिति बनी रहेगी, धन का आगमन सहज होगा। मानसिक तनाव दूर होगा, सेहत उत्तम बनी रहेगी।




हृदय रोगियों एवं गंभीर मरीजों को मिलेगी बेहतर, त्वरित और उन्नत चिकित्सा सुविधा*


देहरादून:




राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, देहरादून में शनिवार को 12 बेड के नवनिर्मित कार्डियोलॉजी विंग एवं नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, सुबोध उनियाल की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इन नई सुविधाओं के शुरू होने से हृदय रोगियों तथा गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को बेहतर, त्वरित और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।


कार्यक्रम के दौरान कार्डियोलॉजी विभाग के 12 बेड के नवनिर्मित विंग का लोकार्पण किया गया। इससे हृदय रोग से संबंधित मरीजों को बेहतर, त्वरित एवं उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। नई सुविधा से कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों के उपचार की क्षमता को भी और सुदृढ़ किया जा सकेगा।


इसी क्रम में नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का भी उद्घाटन किया गया। इससे गंभीर एवं आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के उपचार की क्षमता में वृद्धि होगी तथा उन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


*सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल*


राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय ने चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य के प्रथम मेडिकल कॉलेज के रूप में सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसी क्रम में आज MCH Urology सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम दो अभ्यर्थियों डॉ. विशाल सिंह एवं डॉ. इकबाल अली को प्रवेश/ज्वाइनिंग पत्र प्रदान किए गए।


चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, सुबोध उनियाल ने कहा यह उपलब्धि सम्पूर्ण उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के प्रारंभ होने से प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलने के साथ ही भविष्य में जटिल एवं गंभीर रोगों के उपचार के लिए राज्य में ही उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।


उन्होंने संस्थान की इन उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संस्थान को उत्कृष्टता के नित नए आयामों तक पहुंचाने तथा मरीजों को राज्य में ही उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समन्वित एवं निरंतर प्रयासों पर बल दिया।


विभागाध्यक्ष एवं निदेशक, चिकित्सा शिक्षा प्रो. (डॉ.) आशुतोष सयाना ने संस्थान की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार, मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने, चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा मानव संसाधन को मजबूत करने पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। भविष्य में नई सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।

 धनौल्टी;



भालू के हमले में महिला घायल।। घास लेने गई महिला पर अचानक भालू आ झपटा। जिससे महिला के पैर और सर पर भारी चोट लगी है महिला को देहरादून अस्पताल ले जाया जा रहा है

 घास लेने गई महिला पर भालू ने पीछे से हमला कर दिया। और घसीटते हुए कुछ दुर तक ले गया। जिससे साथ में गयी अन्य महिलाओं ने शोर कर के महिला की जान बचाई। महिला सुलेना देवी पत्नी विक्रम सिंह। गांव दबाली

 मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 53.72 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की।

CM Dhami, kheldiwas


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों हेतु ₹ 53.72 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। 


मुख्यमंत्री ने जनपद नैनीताल के रामनगर (शहर) में सीवरेज योजना (जोन-1) के अंतर्गत वर्तमान 7.0 एमएलडी सीवेज शोधन संयंत्र के ट्रंक एवं शाखा सीवर निर्माण कार्य हेतु ₹ 42.75 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के राजस्व कार्यालयों यथा राजस्व परिषद, मंडलायुक्त कार्यालय एवं जिला कार्यालयों आदि में स्थित राजस्व अभिलेखागारों के आधुनिकीकरण संबंधी कार्यों हेतु ₹ 10 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है। 


मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग में रानीगढ़ (देवल) स्थित आराध्य माँ आदिशक्ति देवराड़ी देवी पौराणिक मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं प्रांगण के विस्तार हेतु ₹ 98.28 लाख की धनराशि के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 58.968 लाख की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है एवं इससे संबंधित शासनादेश भी जारी किया गया है।


मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून के अंतर्गत राज्य स्तरीय सैनिक विश्राम गृह, के जीर्णाेद्धार हेतु ₹ 142.89 लाख के सापेक्ष अवशेष धनराशि ₹ 39 लाख की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है एवं इससे संबंधित शासनादेश भी जारी किया गया है। 


*मुख्यमंत्री ने स्व०जगमोहन सिंह नेगी राज्य मार्ग मोटर मार्ग का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० श्री अवतार सिंह के नाम पर रखे जाने का किया अनुमोदन*


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन के विकासखण्ड नैनीडांडा में स्व०जगमोहन सिंहनेगी (लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-रथुवाड़ाब-धुमाकोट) राज्य मार्ग मोटर मार्ग का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० श्री अवतार सिंह के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का किया शिलान्यास*


*₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों के शिलान्यास के साथ विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी किया शुभारंभ*


*मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को किया सम्मानित एवं पुरस्कृत*


*मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई खेल छात्रवृत्ति*


*राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति के लिए तैयार किया जा रहा विशेष रोडमैप : मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार, हल्द्वानी में उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया।


मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार एवं हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई।


मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों एवं खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हल्द्वानी से उत्तराखण्ड के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगा। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करते हुए ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।


मुख्यमंत्री ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने अपने असाधारण खेल कौशल से पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया। मेजर ध्यानचंद का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि प्रतिभा को महानता में बदलने के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के खेल क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अभी तक खेल शिक्षा और विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपनी देवभूमि में ही उच्च स्तरीय खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा।


उन्होंने कहा कि देवभूमि और वीरभूमि उत्तराखण्ड अब ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां राज्य के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को खेल छात्रवृत्ति प्रदान करते हुए कहा कि यह छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति एक नया वातावरण बना है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से देश के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। छोटे गांवों, दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों और सामान्य परिवारों से निकलकर युवा खिलाड़ी आज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरणा लेते हुए उत्तराखण्ड सरकार भी राज्य को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी का सही दिशा में उपयोग करने के लिए खेल एक सशक्त माध्यम है। उत्तराखण्ड के युवाओं में अद्भुत ऊर्जा और प्रतिभा है। आवश्यकता उन्हें सही मंच, आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में खेलों के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। खिलाड़ियों के लिए खेल इंजरी एवं आकस्मिक परिस्थितियों में बीमा और आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने तथा स्थानीय एवं पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल विकास निधि का गठन किया गया है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले  खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में संचालित किया जा रहा है। भविष्य की खेल चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के माध्यम से प्रत्येक जनपद की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग खेल विधाओं के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार अभी से विशेष रोडमैप पर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक खेलों के विकास और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी सोच के साथ ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। भविष्य में आधुनिक खेल तकनीकों के अधिकाधिक प्रयोग के माध्यम से खिलाड़ियों के कौशल और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे मैदान में उतरकर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ अपना शत-प्रतिशत दें। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि साधनों की कमी, आर्थिक कठिनाई अथवा अवसरों का अभाव किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपनों की राह में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का प्रत्येक खिलाड़ी हिमालय की तरह अडिग रहकर न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन करे।


*देवभूमि खेल पुरस्कार से खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक सम्मानित*


वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार तथा एथलेटिक्स के ही लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न पुरस्कार, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य पुरस्कार तथा बॉक्सिंग के मुकेश चन्द्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। मॉडर्न पैंटाथलॉन में टीम श्रेणी में सक्षम प्रताप सिंह एवं ममता खाती तथा बॉक्सिंग में एकल श्रेणी में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सभी पुरस्कार विजेताओं को नकद धनराशि के साथ प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर एवं शॉल प्रदान किए गए।


*राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी और प्रशिक्षक भी पुरस्कृत*


राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। सम्मानित खिलाड़ियों में एथलेटिक्स की अंकिता, बॉक्सिंग की खुशी चंद, हॉकी की मनीषा चौहान, वॉलीबॉल के रफीक अहमद, कबड्डी की भूमिका एवं राहुल सिंह, बैडमिंटन के चिराग बरेठा, मनोज सरकार एवं मनदीप कौर, मॉडर्न पैंटाथलॉन के सक्षम प्रताप सिंह, ब्लाइंड फुटबॉल की शेफाली रावत, पैरा लॉन बॉल की निलिमा राय तथा शूटिंग के आर्यावंश त्यागी एवं भूमि शामिल रहे।


उत्कृष्ट प्रशिक्षकों में एथलेटिक्स कोच लोकेश कुमार, बॉक्सिंग कोच बिजेन्द्र मल्ल, शूटिंग कोच अमित, वॉलीबॉल कोच गिरीश कुमार एवं कबड्डी कोच नितिन कुमार को भी पुरस्कृत किया गया।


इस अवसर पर खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, सांसद श्री अजय भट्ट तथा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


कार्यक्रम में खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, विधायक श्री राम सिंह कैड़ा, सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर श्री अजय भट्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक श्रीमती सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दरमवाल, मेयर हल्द्वानी श्री गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, श्री दिनेश आर्या, श्री शंकर कोरंगा, श्री ध्रुव रौतेला, श्री सुरेश भट्ट, श्रीमती रेनू अधिकारी, श्री हुकुम सिंह कुंवर, श्री दीपक माहरा, श्री कुलदीप बुटोला, श्री मोहन पाठक, उत्तराखण्ड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष श्री महेश नेगी, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित कुमार सिन्हा, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री श्री दीपक रावत, आईजी श्रीमती निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, निदेशक खेल श्रीमती दीप्ति सिंह, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., सीडीओ श्री अरविन्द कुमार पाण्डे सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद*



संवाद के दौरान व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने जीएसटी से संबंधित प्रक्रियाओं के सरलीकरण, मंडी शुल्क, अतिक्रमण एवं पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने सहित विभिन्न विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। व्यापारी न केवल रोजगार सृजन करते हैं, बल्कि उत्पादन और उपभोक्ता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में राज्य की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक प्रत्येक व्यापारी प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भागीदार है। राज्य सरकार व्यापारियों एवं उद्यमियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके लिए सुरक्षित, पारदर्शी तथा सरल व्यावसायिक वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी प्रदेश के किराना एवं रिटेल व्यापारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों तक राशन एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। संकट के समय व्यापारी वर्ग ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर यह सिद्ध किया कि वह देश और प्रदेश का मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि हमारे व्यापारी “ब्रांड इंडिया” के सच्चे राजदूत हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश में व्यापार, उद्यमिता और नवाचार के प्रति नया विश्वास पैदा हुआ है। प्रधानमंत्री का निरंतर प्रयास रहा है कि देश में ऐसा वातावरण तैयार हो, जिसमें सामान्य परिवार का युवा भी नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने का सपना देख सके। केंद्र एवं राज्य सरकार इसी सोच के साथ युवाओं में उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। निवेशकों एवं उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “निवेश मित्र” की व्यवस्था की गई है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।


उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योग जगत एवं व्यापारियों से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने 30 से अधिक नीतियां तैयार की हैं। इन नीतियों के निर्माण में उद्योग एवं व्यापार जगत के सुझावों को प्राथमिकता दी गई, जिसके सकारात्मक परिणाम प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के रूप में सामने आ रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे लगभग 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। सरकार की सोच स्पष्ट है कि शासन उद्योगों के लिए बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी और भागीदार बने। उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रोजगार बढ़ने से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को अपने विचारों, नवाचार एवं उद्यम के माध्यम से रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है। इसके साथ ही 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी स्थापित किया गया है। सरकार का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा भी अपने गांव में रहकर देश और दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके।


उन्होंने कहा कि प्रदेश का औद्योगिक विकास केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, इसके लिए पर्वतीय जनपदों में भी औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों हेतु भूमि चिन्हित की गई है। छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है तथा भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित करने की योजना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि जहां प्रतिभा हो, वहीं अवसर उपलब्ध हों और जहां युवा हों, वहीं रोजगार के साधन विकसित किए जाएं। उत्तराखंड का विकास केवल बड़े उद्योगों से संभव नहीं है। गांवों में तैयार होने वाले उत्पाद, शिल्पकार, किसान, छोटे व्यापारी एवं स्थानीय उद्यमी भी प्रदेश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण भागीदार हैं।


उन्होंने कहा कि “वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट” जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों एवं पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि “मेड इन उत्तराखंड” केवल प्रदेश के उत्पादों की पहचान न रहे, बल्कि गुणवत्ता और विश्वास के साथ वैश्विक बाजार में एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित हो। राज्य में फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में व्यापार करने वाला प्रत्येक व्यक्ति राज्य की विकास यात्रा का भागीदार है। व्यापार की प्रगति में ही प्रदेश की प्रगति निहित है। जब व्यापारी का व्यवसाय बढ़ता है तो रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। इसलिए सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक व्यापारी को सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाएं और निवेश के बेहतर अवसर उपलब्ध हों।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि उत्तराखंड का व्यापारी केवल प्रदेश के बाजार तक सीमित न रहे, बल्कि देश और दुनिया के बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। आज देश और उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा व्यापार और उद्योग के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जो अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति के साथ आर्थिक शक्ति का भी प्रमुख केंद्र बने, जहां युवाओं के हाथ में रोजगार, व्यापारियों के मन में विश्वास और उद्यमियों के सामने नए अवसर हों।


मुख्यमंत्री ने व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश एवं व्यापारिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। व्यापार एवं उद्योग जगत के सहयोग और सहभागिता से विकसित उत्तराखंड का संकल्प साकार होगा और उत्तराखंड विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


इस अवसर पर सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर श्री अजय भट्ट, श्री राम सिंह कैड़ा, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी श्री नवीन लाल वर्मा, डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’, श्री शंकर कोरंगा, श्री हुकुम सिंह कुंवर, व्यापार एवं उद्योग प्रतिनिधियों में श्री कश्मीरी लाल गोयल, श्री नीरज शारदा, श्री राधेराम अग्रवाल, श्री साकेत अग्रवाल, श्री दीपक माहेश्वरी, श्री गौरव गोयल, श्रीमती जूही गोयल, श्री नवीन अग्रवाल, श्री राजाराम अग्रवाल, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी श्री अरविन्द कुमार पाण्डे सहित जीएसटी, उद्योग, सिडकुल एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव श्री मनमोहन मैनाली ने किया।


www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.