Halloween party ideas 2015

 मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*


*मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में 63 मेधावी छात्र-छात्राओं और छह प्रधानाचार्यों को किया सम्मानित*


*शिक्षा को आधुनिक तकनीक, नवाचार और भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री*



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण समारोह में प्रतिभाग किया। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले 63 मेधावी छात्र-छात्राओं तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया।


समारोह में हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। हाईस्कूल परीक्षा में अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा में गीतिका पंत एवं सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। इसके साथ ही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट स्तर पर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति पत्र एवं मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।


मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित मेधावी छात्र-छात्राओं एवं प्रधानाचार्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। इसमें शिक्षकों और अभिभावकों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में प्रदेश का हाईस्कूल परीक्षाफल 92.10 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट का परीक्षाफल 85.11 प्रतिशत रहा, जो सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विद्यार्थी भविष्य में भी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर राज्य एवं देश का नाम रोशन करेंगे।


मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुए कहा कि वे एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता होने के साथ ही महान विचारक, शिक्षाविद् और समाजसेवी थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और व्यावहारिक ज्ञान का भी समावेश होना चाहिए। उनके विचार आज भी एक शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार शिक्षा में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम एवं सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं तथा सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही विद्यालयों की प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान और नई तकनीकों की समझ विकसित हो सके।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा को निखारने के समान अवसर प्राप्त हों।


मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने इस अभियान से जुड़े शिक्षकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों और प्रदेशवासियों के योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। अब प्रत्येक नागरिक को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक नई तकनीकों का उपयोग अपने जीवन को बेहतर बनाने, आजीविका को मजबूत करने और समाज की प्रगति में योगदान देने के लिए कर सके, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।


मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस संकल्प को साकार करने में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के मेधावी विद्यार्थी अपने ज्ञान, कौशल और परिश्रम के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।


इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक श्रीमती सविता कपूर, सचिव शिक्षा सुश्री ज्योति यादव, अपर सचिव शिक्षा श्रीमती नमामि बंसल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

[15/10, 17:11] Ravi BijarNiya dipr Ravi BijarNia: *मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के साथ ही विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षण सामग्री/निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदान किये जाने हेतु ₹ 130 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 09 से 12 तक अध्ययनरत सामान्य व पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदान किये जाने हेतु ₹ 52.21 करोड़ तथा प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री/निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदान किये जाने हेतु ₹ 72 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के अन्तर्गत विकासखण्ड कनालीछीना के ग्राम पंचायत भौतड़ी में आंतरिक सीसी मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 80.00 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 48.00 लाख तथा जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र गदरपुर के नगर पंचायत दिनेशपुर में नाली सहित टाईल्स मार्ग 05 किमी0 का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 4.15 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

  

मुख्यमंत्री द्वारा इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गोलापार, हल्द्वानी में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य हेतु चालू वित्तीय वर्ष में ₹ 9.35 करोड की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 1.00 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बर्नीगाड़ में लगभग 217 करोड़ रुपये के 38 विकास कार्यों का किया शिलान्यास एवं लोकार्पण*


*राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ का किया शुभारंभ, 30 विकास कार्यों का शिलान्यास और 8 कार्यों का लोकार्पण*


*राजकीय महाविद्यालय के स्थायी भवन, मिनी स्टेडियम और मोटर मार्ग निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं*


*बड़कोट एवं चिन्यालीसौड़ के राजकीय महाविद्यालयों को उच्चीकृत करने की घोषणा*


*सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित जनसेवा शिविर में मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को वितरित किए चेक एवं उपकरण*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तरकाशी जनपद के पुरोला विधानसभा क्षेत्र स्थित राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड़ (कुंवा) में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा सेतु अभियान के जनसेवा शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 217 करोड़ रुपये की लागत के 38 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इनमें 30 कार्यों का शिलान्यास और 8 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ का भी शुभारंभ किया।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ के स्थायी भवन एवं परिसर का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने, राजा रघुनाथ देवडोकरी में मिनी स्टेडियम बनाने तथा बर्नीगाड़ थाला चौक से राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड़ तक मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय बड़कोट एवं चिन्यालीसौड़ को उच्चीकृत करने की भी घोषणा की। उन्होंने पूर्व में घोषित डाडा गांव छानी से टटाऊ तक पुल एवं सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की बात कही।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 194 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 30 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें लोक निर्माण विभाग पुरोला के अंतर्गत 6 करोड़ रुपये की लागत के 5 कार्य, लोक निर्माण विभाग बड़कोट के अंतर्गत 6 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत के 4 कार्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) खंड पुरोला के अंतर्गत 176 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत के 18 कार्य तथा सिंचाई खंड पुरोला के अंतर्गत 5 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत के 3 कार्य शामिल हैं।


इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 8 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें लोक निर्माण विभाग बड़कोट के अंतर्गत 97 लाख रुपये की लागत का एक कार्य, समग्र शिक्षा के अंतर्गत 1 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत के 3 कार्य, माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 1 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत का एक कार्य तथा पीएमजीएसवाई खंड पुरोला के अंतर्गत 18 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत के 3 कार्य शामिल हैं। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में सड़क संपर्क, सिंचाई, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने जनसेवा शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं उपकरण वितरित किए तथा विभागीय अधिकारियों से जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और आमजन को मिल रहे लाभों की जानकारी प्राप्त की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार बर्नीगाड़ पहुंचकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति, युवाओं एवं क्षेत्रवासियों के उत्साह और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा सेतु अभियान इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से सरकार स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है, ताकि आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए बार-बार तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया है, उनसे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। सड़क संपर्क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ के शुभारंभ से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। महाविद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है तथा इसके स्थायी भवन एवं परिसर के निर्माण की दिशा में शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में सड़क संपर्क, पर्यटन, शिक्षा एवं अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीबों, किसानों, युवाओं, सैनिकों और मातृशक्ति के सशक्तीकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत मिली है, जबकि जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 3 लाख 10 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सिलाई-बुनाई, हथकरघा, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना तथा सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण जैसी पहलों के माध्यम से मातृशक्ति को सशक्त बनाया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 59 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यात्रा एवं बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना है। प्रदेश में सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून लागू किए गए हैं। अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार की सुविधाओं को निरंतर सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।


इस अवसर पर पुरोला विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का बर्नीगाड़ आगमन पर स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राजकीय महाविद्यालय के शुभारंभ और विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।


इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रमेश चौहान, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नागेन्द्र चौहान, दर्जाधारी राज्यमंत्री श्री श्याम डोभाल, श्री जगत सिंह चौहान, श्री लक्ष्मण सिंह भंडारी, पूर्व विधायक श्री मालचंद, श्री नारायण सिंह चौहान, श्री नवीन ठाकुर, श्री सत्येंद्र राणा, श्री महावीर नेगी, श्री परशुराम जगूड़ी, श्रीमती किरण रावत, श्री जगमोहन चंद, श्री अनिल चौहान, ब्लॉक प्रमुख श्री रणदेव राणा, श्रीमती ममता पंवार, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विजय कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी श्री जय भारत सिंह, प्राचार्य श्री पंकज पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

 



*अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास, उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई और प्रभावी पैरवी रही अहम


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*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने 88 दिनों में पूरी की जांच, न्यायालय में दाखिल किया लगभग 500 पृष्ठों का आरोपपत्र*


*घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्त गिरफ्तार, डिजिटल, फॉरेंसिक और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का किया गया संकलन*


*अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई, एसआईटी की गहन जांच और प्रभावी पैरवी से दोषियों को आजीवन कठोर कारावास; प्रकरण में सीबीआई जांच भी जारी*



अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था), उत्तराखंड डॉ. वी. मुरुगेशन ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच एवं न्यायिक कार्यवाही के साथ ही प्रकरण में चल रही सीबीआई जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की।


डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के समीप वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत युवती स्व. अंकिता भंडारी के साथ हुई दुखद घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न टीमों के बीच समन्वय स्थापित किया और घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।


उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया। मामले की गहन एवं प्रभावी जांच के उद्देश्य से डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया, ताकि सभी पहलुओं की निष्पक्षता से जांच सुनिश्चित की जा सके।


अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि एसआईटी ने विवेचना के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों का विस्तृत संकलन किया। इसके साथ ही अभियुक्तों से पूछताछ, फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण एवं विश्लेषण किया गया। एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।


डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि प्रकरण की त्वरित सुनवाई और न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए गए। एसआईटी द्वारा संकलित साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर एवं अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं और अपनी सजा काट रहे हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि प्रकरण के संबंध में सीबीआई जांच के लिए एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसका संज्ञान लिया और केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की संस्तुति की। राज्य सरकार की संस्तुति को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद प्रकरण में सीबीआई जांच की कार्यवाही चल रही है।


डॉ. मुरुगेशन ने कहा कि इस प्रकरण में उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर साक्ष्य संकलन और विवेचना तक सभी आवश्यक कदम उठाए। वहीं, न्यायालय में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप दोषियों को सजा दिलाई गई है। प्रकरण से संबंधित सीबीआई जांच वर्तमान में जारी है।


अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था), उत्तराखंड डॉ. वी. मुरुगेशन ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच एवं न्यायिक कार्यवाही के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।


डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत युवती स्व. अंकिता भंडारी के साथ हुई दुखद घटना में उत्तराखंड पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की। पुलिस टीमों ने आपसी समन्वय से घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था।


अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि घटना की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया, ताकि प्रकरण की गहन एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सके।


उन्होंने बताया कि एसआईटी ने प्रकरण की जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक एवं भौतिक साक्ष्यों का गहनता से संकलन किया। इसके अतिरिक्त अभियुक्तों से विस्तृत पूछताछ, फॉरेंसिक रिपोर्टों एवं गवाहों के बयानों सहित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।


डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि उत्तराखंड शासन द्वारा प्रकरण की त्वरित सुनवाई एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए गए। एसआईटी द्वारा संकलित ठोस साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर एवं अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।


   कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं-

    चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहन ।
    कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी ॥

Maa katyayani sixth navratri story



माँ का नाम कात्यायनी कैसे पड़ा इसकी भी एक कथा है- 
कत नामक एक प्रसिद्ध महर्षि थे। उनके पुत्र ऋषि कात्य हुए। इन्हीं कात्य के गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए थे। इन्होंने भगवती पराम्बा की उपासना करते हुए बहुत वर्षों तक बड़ी कठिन तपस्या की थी। उनकी इच्छा थी माँ भगवती उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें। माँ भगवती ने उनकी यह प्रार्थना स्वीकार कर ली।कुछ समय पश्चात जब दानव महिषासुर का अत्याचार पृथ्वी पर बढ़ गया तब भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों ने अपने-अपने तेज का अंश देकर महिषासुर के विनाश के लिए एक देवी को उत्पन्न किया। महर्षि कात्यायन ने सर्वप्रथम इनकी पूजा की। इसी कारण से यह कात्यायनी कहलाईं।

माँ कात्यायनी की भक्ति और उपासना द्वारा मनुष्य को बड़ी सरलता से अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति हो जाती है। वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौकिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है।


'कात्यायनी' पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। यजुर्वेद के तैत्तिरीय आरण्यक में उनका उल्लेख प्रथम किया है। स्कन्द पुराण में उल्लेख है कि वे परमेश्वर के नैसर्गिक क्रोध से उत्पन्न हुई थीं , जिन्होंने देवी पार्वती द्वारा दी गई सिंह पर आरूढ़ होकर महिषासुर का वध किया। वे शक्ति की आदि रूपा है, जिसका उल्लेख पाणिनि पर पतञ्जलि के महाभाष्य में किया गया है, जो दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में रचित है। उनका वर्णन देवीभागवत पुराण, और मार्कंडेय ऋषि द्वारा रचित मार्कंडेय पुराण के देवी महात्म्य में किया गया है।

परम्परागत रूप से देवी दुर्गा की तरह वे लाल रंग से जुड़ी हुई हैं। नवरात्रि उत्सव के षष्ठी को उनकी पूजा की जाती है। उस दिन साधक का मन 'आज्ञा चक्र' में स्थित होता है। योगसाधना में इस आज्ञा चक्र का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस चक्र में स्थित मन वाला साधक माँ कात्यायनी के चरणों में अपना सर्वस्व निवेदित कर देता है।परिपूर्ण आत्मदान करने वाले ऐसे भक्तों को सहज भाव से माँ के दर्शन प्राप्त हो जाते हैं।

 

देहरादून- 14 अक्टूबर 2026




*धामी सरकार में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती, दून मेडिकल कॉलेज और देवभूमि यूनिवर्सिटी के मेस-कैफेटेरिया बंद करने के निर्देश*



*FDA की छापेमारी में मिलीं गंभीर अनियमितताएं, जांच के लिए 10 खाद्य नमूने लिए गए*


*आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर कार्रवाई, सुधार होने तक संबंधित मेस-कैफेटेरिया बंद रखने के आदेश*



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में आमजन को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA) की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर देहरादून और विकासनगर क्षेत्र में विभिन्न संस्थानों के मेस एवं कैफेटेरिया का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज और देवभूमि यूनिवर्सिटी के भोजनालयों में खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित कई गंभीर कमियां सामने आईं। इसके बाद संबंधित मेस एवं कैफेटेरिया को नोटिस जारी करते हुए कमियों में सुधार होने तक बंद रखने के निर्देश दिए गए।


*दून मेडिकल कॉलेज के मेस और कैफेटेरिया में मिलीं खामियां*


आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश के क्रम में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज के बॉयज मेस, गर्ल्स मेस और कैफेटेरिया का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मेस में कार्यरत कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा पानी की जांच रिपोर्ट, खाद्य पदार्थों से संबंधित आवश्यक रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल के दस्तावेज भी मौके पर नहीं पाए गए। गर्ल्स हॉस्टल के मेस के स्टोररूम में जंग लगी अलमारियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान जीवित कॉकरोच भी पाए गए। वहीं, खिड़कियों और किचन के दरवाजों पर जाली नहीं होने के कारण मक्खियों एवं अन्य कीटों के प्रवेश की आशंका भी सामने आई। मौके पर कैटरर का वैध खाद्य लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं पाया गया।



FDA अधिकारियों ने मेस से खुली हल्दी, दही और तैयार छोले के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। इसके अतिरिक्त दून मेडिकल कॉलेज के कैफेटेरिया के किचन में भी कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और पानी की जांच से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली। संदेह के आधार पर तैयार दाल और डिलिशियस फैट स्प्रेड के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।


*देवभूमि यूनिवर्सिटी के किचन का भी निरीक्षण*


विकासनगर क्षेत्र में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी की टीम ने देवभूमि यूनिवर्सिटी के किचन का औचक निरीक्षण किया। यहां भी खाद्य लाइसेंस, कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और पानी की जांच रिपोर्ट मौके पर उपलब्ध नहीं मिलीं। निरीक्षण के दौरान दाल मखनी मसाला, राजमा मसाला, तैयार अरहर दाल और पालक-आलू की सब्जी के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त नंदा की चौकी स्थित एक प्रतिष्ठान से पनीर का नमूना भी जांच के लिए एकत्र किया गया। इस अभियान के दौरान कुल 10 खाद्य नमूने एकत्र कर राज्य खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


*सुधार नहीं तो लाइसेंस पर होगी कार्रवाई*


FDA अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों को निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को निर्धारित समयसीमा में दूर करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने तक संबंधित मेस एवं कैफेटेरिया बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। FDA ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों और अस्पतालों में भर्ती लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अभियान में सहायक आयुक्त मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह तथा अन्य अधिकारी शामिल रहे।


*जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : विनय शंकर पांडेय*


आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टलों और अन्य भोजनालयों में भोजन की स्वच्छता तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों और खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित लाइसेंस के निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 70 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।*

CM compensation farmers


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधान सभा क्षेत्र किच्छा में पंडित गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय परिसर की अवशेष सड़कों के सुधार हेतु विभिन्न घोषणाओं के अन्तर्गत ₹ 19.99 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र गदरपुर के ग्राम जयनगर नं०-3 में ग्राम चण्डीपुर के संजय नगर खालपाडा में, ग्राम चण्डीपुर के राधा कृष्ण मंदिर में, नगर पंचायत दिनेशपुर के वार्ड नं0-1 में, नगर पंचायत दिनेशपुर के वार्ड नं0-3 के मंदिर में ग्राम केशवगढ़ कालौनी के पास, ग्राम संलय नगर के मंदिर में, ग्राम लालपुरी में मलयनाथ स्वामी मंदिर में ग्राम सभा खटोला नं०-2 बक्साड़ में देवीधाम मंदिर में एवं ग्राम सभा कुल्हा के अन्तर्गत दिलीपनगर गांव में धर्मशाला का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 2.67 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र सहसपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत, झाझारा में बंशीवाला अम्बेडकर पार्क होते हुए काली मंदिर व मुख्य मार्ग से श्री बिजेन्द्र चौहान के घर तक सीसी मार्ग आयुर्वेदिक अस्पताल के बगल वाली गली नेहरू युवा क्लब के सामने उपाध्यक्ष जी के घर तक मार्ग निर्माण एवं सैनिक कालौनी के आन्तरिक मार्ग व सुद्धोवाला के वार्ड 8 व 9 के आन्तरिक मार्गों में सीमेन्ट कंक्रीट टाईल्स द्वारा मार्ग निर्माण एवं नाली निर्माण किये जाने हेतु ₹ 76.60 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 45.96 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत में मॉ पूर्णागिरी मेला क्षेत्र का अनुरक्षण विश्राम शैड एवं पुलिया निर्माण किये जाने हेतु ₹ 77.22 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 46.33 लाख तथा विधान सभा क्षेत्र गंगोलीहाट के अन्तर्गत पोखरी चण्डिकाघाट मोटर मार्ग निर्माण कार्य कुल लम्बाई-7.740 किमी० का पुनरीक्षण आगणन ₹ 5.38 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार के विधान सभा क्षेत्र हरिद्वार में ग्रामीण राज्य योजना के अन्तर्गत रसूलपुर-मंगोलपुरा-आर्यनगर और लालढांग के बीच रावासन नदी पर 250 मीटर लंबे पैदल यात्रियों के लिए स्टील ट्रस पुल का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 9.34 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।



मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय नरेन्द्रनगर, टिहरी गढ़वाल में विविध आवासीय एवं अनावासीय भवन निर्माण हेतु ₹ 9.71 करोड, जनपद अल्मोडा के विधान सभा क्षेत्र सल्ट में सल्ट थाने में आवासीय भवन का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 3.80 करोड की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹1.52 करोड तथा जनपद उत्तरकाशी के विधान सभा क्षेत्र पुरोला में मोरी नैटवाड जखोल मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-48) के किमी०-09 पर क्रानिक भूस्खलन प्रभावित भूस्खलन जोन का उपचार कार्य हेतु ₹ 5.35 करोड के साथ ही क्रॉनिक भूस्खलन प्रभावित जोन के उपचार से सम्बंधित 02 निर्माण कार्यों हेतु ₹ 14.50 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा ईको टास्क फोर्स की 10 नर्सरियों में सिंचाई प्रणाली की स्थापना किये जाने हेतु ₹ 78.50 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी अतिरिक्त राहत*


*आपदा राहत मानकों के अतिरिक्त समान राशि की सहायता देने के निर्देश, अक्टूबर से दिसंबर तक के बिजली बिलों का भुगतान रहेगा स्थगित*


*किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की अदायगी तीन माह स्थगित करने के लिए केंद्र सरकार से किया जाएगा अनुरोध*


देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कृषि, औद्यानिकी एवं गन्ने की फसलों को हुए नुकसान के लिए निर्धारित आपदा राहत मानकों के अतिरिक्त समान राशि की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही प्रभावित किसानों के बिजली बिलों के भुगतान को स्थगित करने और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की अदायगी में राहत दिलाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।


मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को निर्धारित आपदा राहत मानकों के अंतर्गत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त समान राशि की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इससे फसलों को हुए नुकसान के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे किसानों को राहत मिलेगी और उन्हें आगामी कृषि एवं औद्यानिकी गतिविधियों को जारी रखने में मदद मिलेगी।


*तीन माह के बिजली बिलों का भुगतान रहेगा स्थगित*


प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर माह के विद्युत बिलों का भुगतान स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। इससे प्रभावित किसानों पर तत्काल वित्तीय बोझ कम होगा और उन्हें फसल क्षति से उबरने के लिए कुछ राहत मिल सकेगी।


*KCC ऋण की अदायगी स्थगित करने के लिए केंद्र से अनुरोध*


राज्य सरकार ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को ऋण भुगतान में राहत दिलाने के लिए भी प्रयासरत है। इसके तहत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की अदायगी तीन माह तक स्थगित करने का अनुरोध करते हुए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा। इससे प्रभावित किसानों को ऋण चुकाने के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न कठिनाइयों से उबारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों की आजीविका और कृषि गतिविधियों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।


राज्य सरकार के इन निर्णयों से ओलावृष्टि के कारण फसल क्षति झेल रहे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, उनकी तात्कालिक वित्तीय परेशानियों को कम करने और आगामी कृषि कार्यों को सुचारु रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी।

 देहरादून:

*सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में विभागीय वित्त समिति की बैठक, धनराशि उपलब्ध होते ही शुरू होगा निर्माण कार्य*



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विकास और आमजन को बेहतर यातायात एवं पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में विधानसभा क्षेत्र नरेंद्र नगर में मोटरनाला/पुलिस थाने के समीप प्रस्तावित पार्किंग निर्माण कार्य को गति देने के लिए बुधवार को राज्य सचिवालय में विभागीय वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने की। बैठक में परियोजना के तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए।


*मुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतारने की तैयारी*


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या-1097/2021 के अंतर्गत प्रस्तावित इस पार्किंग परियोजना का उद्देश्य नरेंद्र नगर क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और वाहनों की बढ़ती आवाजाही के बीच व्यवस्थित पार्किंग की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में पार्किंग संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।राज्य सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री की घोषणाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत धरातल पर उतारना और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से परियोजना की प्रगति और वित्तीय आवश्यकताओं की समीक्षा की गई।


*₹138.20 लाख की डीपीआर लागत का लिया संज्ञान*


बैठक में पार्किंग निर्माण परियोजना की कुल अनुमोदित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) लागत ₹138.20 लाख, यानी लगभग 1.38 करोड़ रुपये का संज्ञान लिया गया। समिति ने परियोजना के वित्तीय प्रावधानों पर विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए। समिति ने वित्त विभाग को पार्किंग निर्माण कार्य के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी किए जाने के निर्देश दिए, ताकि धनराशि उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ करने में अनावश्यक विलंब न हो। परियोजना के क्रियान्वयन में वित्तीय स्वीकृतियों और संबंधित औपचारिकताओं को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया गया।


*तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की विस्तृत समीक्षा*


बैठक में परियोजना की वर्तमान प्रगति, तकनीकी आवश्यकताओं, वित्तीय पहलुओं, लागत अनुमान और निर्माण कार्य के क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्था की ओर से प्रस्तुत प्रस्तावों और अभिलेखों का परीक्षण करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। समिति ने निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, परियोजना को स्वीकृत प्रावधानों के अनुरूप आगे बढ़ाने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।


*स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को मिलेगी सुविधा*


नरेंद्र नगर क्षेत्र में प्रस्तावित पार्किंग का विकास स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था से वाहनों को खड़ा करने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।पार्किंग जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास पर्यटन स्थलों और प्रमुख आवागमन क्षेत्रों में विशेष महत्व रखता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के साथ ही पर्यटकों के लिए भी सुविधाजनक वातावरण तैयार किया जाए।


*धनराशि जारी होते ही शुरू होगा निर्माण कार्य*


विभागीय वित्त समिति ने स्पष्ट किया कि आवश्यक धनराशि उपलब्ध होते ही पार्किंग निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ किया जाए। साथ ही, निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।बैठक में आवास विभाग, संबंधित कार्यदायी संस्था और अन्य संबद्ध विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सरकार की मंशा है कि आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करते हुए विकास योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए।


*सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*


*“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। नरेंद्र नगर में मोटरनाला/पुलिस थाने के समीप प्रस्तावित पार्किंग निर्माण परियोजना की विभागीय वित्त समिति में समीक्षा की गई है। परियोजना की कुल अनुमोदित डीपीआर लागत ₹138.20 लाख है। वित्त विभाग को आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। धनराशि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाएगा। हमारा प्रयास है कि परियोजना निर्धारित मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरी हो, ताकि स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर पार्किंग सुविधा मिल सके।”*

    

 नवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता परम सुखदायी हैं। माँ अपने भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती हैं।

 

Fifth navratri skandmata

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया |
शुभदाऽस्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ||

 भगवान स्कंद 'कुमार कार्तिकेय' नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। पुराणों में इन्हें कुमार और शक्ति कहकर इनकी महिमा का वर्णन किया गया है। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण माँ दुर्गाजी के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है।


नवरात्रि-पूजन के पाँचवें दिन का शास्त्रों में पुष्कल महत्व बताया गया है। इस चक्र में अवस्थित मन वाले साधक की समस्त बाह्य क्रियाओं एवं चित्तवृत्तियों का लोप हो जाता है। वह विशुद्ध चैतन्य स्वरूप की ओर अग्रसर हो रहा होता है।

साधक का मन समस्त लौकिक, सांसारिक, मायिक बंधनों से विमुक्त होकर पद्मासना माँ स्कंदमाता के स्वरूप में पूर्णतः तल्लीन होता है। इस समय साधक को पूर्ण सावधानी के साथ उपासना की ओर अग्रसर होना चाहिए। उसे अपनी समस्त ध्यान-वृत्तियों को एकाग्र रखते हुए साधना के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

माँ स्कंदमाता की उपासना से भक्त की समस्त इच्छाएँ पूर्ण हो जाती हैं। इस मृत्युलोक में ही उसे परम शांति और सुख का अनुभव होने लगता है। उसके लिए मोक्ष का द्वार स्वमेव सुलभ हो जाता है। स्कंदमाता की उपासना से बालरूप स्कंद भगवान की उपासना भी स्वमेव हो जाती है। यह विशेषता केवल इन्हीं को प्राप्त है, अतः साधक को स्कंदमाता की उपासना की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।

सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण इनका उपासक अलौकिक तेज एवं कांति से संपन्न हो जाता है। एक अलौकिक प्रभामंडल अदृश्य भाव से सदैव उसके चतुर्दिक्‌ परिव्याप्त रहता है। यह प्रभामंडल प्रतिक्षण उसके योगक्षेम का निर्वहन करता रहता है।

हमें एकाग्रभाव से मन को पवित्र रखकर माँ की शरण में आने का प्रयत्न करना चाहिए। इस घोर भवसागर के दुःखों से मुक्ति पाकर मोक्ष का मार्ग सुलभ बनाने का इससे उत्तम उपाय दूसरा नहीं है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में पाँचवें दिन इसका जाप करना चाहिए।

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


अर्थ : 

हे माँ! सर्वत्र विराजमान और स्कंदमाता के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें। इस दिन साधक का मन 'विशुद्ध' चक्र में अवस्थित होता है। इनके विग्रह में भगवान स्कंदजी बालरूप में इनकी गोद में बैठे होते हैं।

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