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 राज्य में ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ बना सुशासन की नयी पहचान*

cabinet decision CM DHaMi


*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्यभर में संचालित हो रहा जन सम्पर्क अभियान* 


*इस अभियान के तहत 73 कैम्पों में 64 हजार से अधिक लोगों ने की भागीदारी*


*22 हजार से अधिक लोगों को किया गया लाभान्वित*


*5 हजार जन-शिकायतों का किया गया निस्तारण*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”- ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान और जन-समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। यह अभियान न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक परिवर्तन का उदाहरण बना है, बल्कि इससे राज्य सरकार और आम नागरिक के मध्य प्रभावी समन्वय भी बना है। इस आयोजन के तहत 09 जुलाई, 2026 तक आयोजित कार्यक्रमों की प्रगति से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी एवं वास्तविक परिणाम देने में सफल रही है। 


प्रदेश के सभी जनपदों में 04 से 09 जुलाई, 2026 तक कुल 73 जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 64 हजार 192 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। यह जन-भागीदारी इसका प्रमाण है कि यह कार्यक्रम जनता की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ा हुआ है और लोगों ने इसे पूरे विश्वास के साथ अपनाया है। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे जनता के द्वार पहुँचा है। जिससे पर्वतीय, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों की समस्याओं के समाधान की राह प्रशस्त हुयी है।


इन शिविरों में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 21 हजार 908 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि जन-कल्याणकारी योजनाएँ पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप से पहुँच रही हैं। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर राज्य सरकार द्वारा जनसुविधा एवं पारदर्शिता दोनों को सुदृढ़ किया गया है।


इस दौरान 05 हजार 567 शिकायतें एवं प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 04 हजार 901 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों को भी समयबद्ध कार्य-योजना के तहत संबंधित विभागों को प्रेषित कर निरंतर निगरानी में रखा गया है, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। इन शिविरों में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों से संबंधित कुल 02 हजार 522 आवेदन प्राप्त हुए। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार की यह पहल गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।


इन आयोजनों की सफलता के संबंध में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि अधिकारी जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने प्रत्येक कैम्प में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की तथा यह निर्देश दिए कि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निस्तारण किया जाए। इस पहल से प्रशासनिक तंत्र को और अधिक संवेदनशील बनाने में भी मद्द मिल रही है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ राज्य में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान है। इन अभियानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा ऐसे आयोजनों के माध्यम से शासन व प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, राज्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से समस्याओं के त्वरित समाधान की संस्कृति विकसित हुई है।

*मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न*


*उच्च शिक्षा, पर्यटन, शिक्षा,  वित्त, रोजगार, वन संरक्षण एवं प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी*

देहरादून।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज आयोजित राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, शिक्षा, पर्यटन, वित्तीय प्रशासन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण तथा सुशासन को गति देने वाले अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।


*पिथौरागढ़ में सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के विस्तार के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी*

एआईसीटीई मानकों के अनुरूप पिथौरागढ़ के मढ़धुरा स्थित निर्माणाधीन नन्हीं परी सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के समुचित विकास के लिए कुल 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया गया। इससे शैक्षणिक भवन, छात्रावास, फैकल्टी आवास, खेल परिसर, ऑडिटोरियम तथा आधुनिक प्रयोगशालाओं सहित विश्वस्तरीय शैक्षणिक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।


*पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता, उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी*


राज्य में साहसिक पर्यटन को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से "उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026" के प्रख्यापन को स्वीकृति दी गई। नई नियमावली में सुरक्षा मानकों को प्रभावी बनाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं।


*श्रीनगर में अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से मिलेगा गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन*

पीएम पोषण योजना के अंतर्गत श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) स्थित केंद्रीकृत किचन से अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा चयनित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की गई।


*राज्य भण्डारण निगम के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ*

उत्तराखण्ड राज्य भण्डारण निगम के नियमित 68 कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा तथा व्यय निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा।


*कुंभ मेला-2027 की पारदर्शी लेखा परीक्षा के लिए दो पदों का सृजन*

हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की समवर्ती लेखा परीक्षा को प्रभावी बनाने हेतु एक तकनीकी विशेषज्ञ तथा एक वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी सहित कुल दो पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई।


*उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी*

उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में पदोन्नति संबंधी उत्पन्न विसंगतियों को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।


*वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ होगा और अधिक सशक्त*

राज्य में वित्तीय अनुश्रवण एवं लेखा परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ की संरचना को अद्यतन करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत पदों के उच्चीकरण, भर्ती स्रोत में परिवर्तन तथा दो नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।


*विदेशों में रोजगार के अवसरों से जुड़ेंगे उत्तराखण्ड के युवा*

कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत सहसपुर स्किल हब में स्थापित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के सफल संचालन हेतु सात पदों वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन को मंजूरी दी गई। इससे युवाओं को विदेशों में उपलब्ध रोजगार अवसरों, प्रशिक्षण एवं नियोजन से जोड़ने में सहायता मिलेगी।


*बापूग्राम आरक्षित वन प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन पर कैबिनेट का मार्गदर्शन*

ऋषिकेश स्थित बापूग्राम आरक्षित वन से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन एवं भावी कार्यवाही के संबंध में कैबिनेट ने आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।


*अरेबिया मदरसों की अनुदान योजना का बजट मद वित्तीय वर्ष 2027-28 से समाप्त*

राज्य में लागू नई अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2027-28 से "अरेबिया मदरसों को अनुदान" संबंधी बजट मानक मद को समाप्त (विलोपित) किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की। नई व्यवस्था के तहत केवल उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त संस्थान ही संचालित होंगे।

कैबिनेट के इन निर्णयों से राज्य में उच्च शिक्षा, पर्यटन, स्कूली शिक्षा, वित्तीय सुशासन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण तथा प्रशासनिक व्यवस्था को नई गति मिलने के साथ विकास एवं जनकल्याण के प्रयास और अधिक प्रभावी होंगे।




- भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना में आधुनिक एवं सुरक्षित सड़क अवसंरचना के साथ पर्यावरण संरक्षण तथा वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई - श्री सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, पीआईयू देहरादून, एनएचएआई


- कुछ समाचार लेखों एवं सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा कि NHAI एवं वन विभाग उच्च न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध वृक्षों की कटाई कर रहे हैं, यह दावे तथ्यात्मक रूप से गलत एवं भ्रामक हैं- श्री सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, पीआईयू देहरादून, एनएचएआई


- पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण योजनाओं के लिए एनएचएआई ने ₹6.04 करोड़ से अधिक जमा किए हैं - श्री सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, पीआईयू देहरादून, एनएचएआई




शुक्रवार को भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पर्यावरण एवं वन संरक्षण संबंधी भ्रामक दावों पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्पष्टिकरण देते हुए कहा कि यह परियोजना केवल आधुनिक एवं सुरक्षित सड़क अवसंरचना के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि योजना के क्रियान्वयन में पर्यावरण संरक्षण, वन क्षेत्र के संरक्षण तथा वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 


श्री सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, पीआईयू देहरादून, एनएचएआई ने कहा कि "भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना की इंजीनियरिंग डिजाइन तैयार करते समय सड़क क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम रखना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में रहा है। परियोजना के वन क्षेत्र वाले हिस्से में राइट ऑफ वे को यथासंभव कम रखा गया है। साथ ही उत्तराखंड वन विभाग, WWF-India तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के तकनीकी परामर्श के आधार पर हाथियों एवं अन्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एलीफेंट अंडरपास, बॉक्स कल्वर्ट, पाइप कल्वर्ट तथा अन्य वैज्ञानिक वन्यजीव शमन उपायों को परियोजना की डिजाइन का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। इन उपायों से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन को सुरक्षित बनाए रखने के साथ-साथ वर्तमान सड़क पर वाहनों की टक्कर से होने वाली वन्यजीव मृत्यु की घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। एनएचएआई का प्रयास ऐसा राजमार्ग विकसित करना है, जो भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन एवं वन्यजीव संरक्षण के उच्च मानकों पर भी खरा उतरे।"


उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण के दौरान अतिरिक्त वन भूमि के उपयोग को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से संपूर्ण कार्य मौजूदा राइट ऑफ वे के भीतर किया जा रहा है। पर्यावरणीय प्रभाव कम करने के लिए परियोजना के वन क्षेत्र में आरओडब्लू को 60 मीटर से घटाकर मात्र 23 मीटर किया गया है, जिससे अनावश्यक वन क्षेत्र प्रभावित होने से बचाया जा सके। एनएचएआई ने प्रतिपूरक वनीकरण तथा उसके अगले 10 वर्षों के रखरखाव के लिए ₹1.97 करोड़ से अधिक की राशि जमा की है। इसके अतिरिक्त, प्रतिपूरक वनीकरण एवं राज्य में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से 40 हेक्टेयर गैर-वन भूमि राज्य सरकार द्वारा वन विभाग को हस्तांतरित की गई है, जिससे भविष्य में व्यापक स्तर पर नए वन विकसित किए जा सकें। वन एवं पर्यावरण संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 'वन्यजीव राहत योजना' तथा 'मिट्टी व जल संरक्षण योजना' के क्रियान्वयन हेतु भी NHAI द्वारा ₹6.04 करोड़ से अधिक की राशि जमा कराई गई है। 


परियोजना में हाथियों एवं अन्य बड़े वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 01 प्रमुख ब्रिज-कम-एलीफेंट अंडरपास तथा 04 समर्पित एलीफेंट अंडरपास (लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड संरचना) का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बाघ, तेंदुआ, सियार, जंगल बिल्ली, साही, जंगली सूअर, सांभर एवं चीतल जैसे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए 5×3 मीटर आकार के 06 बॉक्स कल्वर्ट तथा सरीसृप, उभयचर एवं अन्य छोटे वन्यजीवों के लिए 1200 मिमी व्यास के 13 पाइप कल्वर्ट विकसित किए जा रहे हैं। 


वन्यजीवों की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए परियोजना में ग्रीन गाइड हेज, साउंड बैरियर, एंटी-ग्लेयर स्क्रीन, वन्यजीव चेतावनी संकेतक, स्पीड कैल्मिंग उपाय तथा 'नो हॉर्न' जोन जैसी व्यवस्थाएँ भी शामिल की गई हैं। इन सभी उपायों का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और आवागमन को सुरक्षित बनाए रखना है।


परियोजना से प्रभावित 4,369 वृक्षों में से 754 वृक्षों को फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक आकलन के आधार पर प्रत्यारोपित किया जाएगा, जबकि शेष वृक्षों का नियमानुसार प्रबंधन किया जाएगा। NHAI का प्रयास है कि जहाँ भी संभव हो, परिपक्व वृक्षों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर हरित आवरण को संरक्षित रखा जाए। 


श्री सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, पीआईयू देहरादून, एनएचएआई ने आगे बताया कि कुछ समाचार लेखों एवं सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि NHAI एवं वन विभाग माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध वृक्षों की कटाई कर रहे हैं। यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत एवं भ्रामक है। इस संबंध में मा. उच्च न्यायालय में एक अवमानना याचिका भी दायर की गई थी, जिसे मा. न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि NHAI सभी वैधानिक एवं पर्यावरणीय आवश्यकताओं का पालन करते हुए माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन कर रहा है। परियोजना का निर्माण सभी आवश्यक वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ तथा सक्षम प्राधिकारियों से आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त होने के उपरांत ही प्रारंभ किया गया है। परियोजना के प्रत्येक चरण में न्यायालय के निर्देशों, वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियों तथा निर्धारित शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का विश्वास है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश परियोजना इसका उदाहरण है, जहाँ आधुनिक सड़क अवसंरचना के साथ-साथ वन संरक्षण, जैव विविधता और हरित आवरण को समान महत्व देते हुए कार्य किया जा रहा है। NHAI भविष्य में भी सतत विकास के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 हरिद्वार :


रीलबाज़ों के स्टंट  की बदौलत  थार फंसी गंगा  में।

स्टंट करने के दौरान 4 युवकों ने हरिद्वार नीलधारा में थार को चलाने की कोशिश की जिसके फलस्वरूप नीलधारा में फंसे चार युवकों को पुलिस ने धारा से बाहर निकाला और उनकी थार सीज कर दी।

 



कनखल थाना क्षेत्र के बैरागी कैंप में नदी में अपनी थार कीक्षमता जांचने उतरे यूपी के युवक थार सहित गंगा में फंस गये।

 तेज बहाव के बीच वाहन बीच नदी में फंस गया और धीरे-धीरे पानी में डूबने लगा। इससे 

 उसमें सवार युवकों में अफरा-तफरी मच गई। उनकी बचाओ बचाओ आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर कनखल पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्रेन की सहायता से  मशक्कत के बाद थार को गंगा की धारा से बाहर निकलवाया।

पुलिस ने युवकों की जान और थार तो बचा ली लेकिन 

 ऑपरेशन प्रहार के तहत सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग और स्टंटबाजी के आरोप में थार (यूपी-36 एए-0707) को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया ।


देहरादून:

 जनता की आवाज़ से आकार ले रहा देहरादून का भविष्य*





राजधानी देहरादून के भावी विकास की दिशा तय करने वाली देहरादून महायोजना-2041 को जनभागीदारी के आधार पर अंतिम रूप देने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा चलाया जा रहा जनसंवाद अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के चौथे दिन नगर निगम परिसर में आयोजित जनसुनवाई शिविर में सेक्टर-05 के नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न हितधारकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं।जनसुनवाई के दौरान लोगों ने भू-उपयोग, सड़क नेटवर्क, यातायात प्रबंधन, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं, आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों सहित क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। एमडीडीए अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों को विस्तार से सुनते हुए उनका विधिवत अभिलेखीकरण किया। जनसुनवाई शिविर में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महायोजना-2041 केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं, बल्कि अगले डेढ़ दशक में देहरादून के विकास, पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी सुविधाओं और शहरी विस्तार की व्यापक रूपरेखा है। इसी कारण योजना निर्माण में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।


*स्थानीय जरूरतों को मिलेगा प्राथमिकता से स्थान*

एमडीडीए का मानना है कि शहर के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशिष्ट चुनौतियां और आवश्यकताएं हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्राप्त सुझाव महायोजना को अधिक व्यावहारिक, संतुलित और भविष्य उन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्राधिकरण के अनुसार जनसुनवाई में प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें योजना में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।


*21 जुलाई तक जारी रहेगा जनसंवाद अभियान*

प्राधिकरण द्वारा 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक क्षेत्र के सभी 12 सेक्टरों में जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। नागरिक निर्धारित स्थलों पर पहुंचकर अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकते हैं। एमडीडीए का उद्देश्य महायोजना को ऐसा स्वरूप देना है जो विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को भी पूरा कर सके।


*सोमवार को सेक्टर-06 की बारी*

जनसंवाद अभियान के अगले चरण में सोमवार को लकसूरिया फार्म किसनपुर  में सेक्टर-06 के नागरिकों के लिए जनसुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। एमडीडीए ने स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों और अन्य हितधारकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने सुझाव देने की अपील की है।


*जनता की सहभागिता से और मजबूत बनेगी महायोजना— बंशीधर तिवारी*

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 को लेकर चलाया जा रहा जनसंवाद अभियान नागरिकों को विकास की निर्णय प्रक्रिया से सीधे जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहे सुझाव महायोजना को अधिक समावेशी, व्यावहारिक और जनहितकारी बनाएंगे। उनका कहना था कि प्राधिकरण का लक्ष्य विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करते हुए देहरादून के लिए एक टिकाऊ और दूरदर्शी विकास मॉडल तैयार करना है।


*हर सुझाव का होगा गंभीर परीक्षण— मोहन सिंह बर्निया*

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है। प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार कर विशेषज्ञों के माध्यम से तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से जनसुनवाई शिविरों में सक्रिय भागीदारी कर देहरादून के सुनियोजित और सतत विकास में सहयोग देने का आह्वान किया।


- मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर SIR पर की समीक्षा


- दावे-आपत्तियों के निस्तारण में मानसून के चलते मतदाता को न हो परेशानी- सीईओ


देहरादून:




मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को कुमांऊ गढ़वाल के मंडल आयुक्तों सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) की समीक्षा की। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि SIR के अगले चरण ड्राफ्ट पब्लिकेशन, नोटिस फेज और दावे आपत्तियों के निस्तारण के समय मतदाताओं को किसी प्रकार अनावश्यक परेशानी ना हो। उन्होंने निर्देश दिए कि पहाड़ी जनपदों में मानसून के दौरान सड़क अवरुद्ध या आवाजाही प्रभावित होने के दृष्टिगत पहले से ही नोटिस के जवाव और दावे आपत्तियों की सुनवाई के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। जिन स्थानों पर ईआरओ/एईआरओ मतदाताओं के नोटिस पर सुनावाई करेंगे उन स्थानों पर बिजली, पानी, इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्केनर और फोटो कॉपी मशीन का उचित प्रबंध किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पहाड़ी क्षेत्रों में दावे आपत्तियों के निस्तारण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर कल्सटर में कैम्प लगाने हेतु रोस्टर तैयार किया जाए। मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अतरिक्त नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड लेवल पर कैंप का रोस्टर तैयार किया जाए।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ईआरओ और एईआरओ की सहायता हेतु डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के लिए शिक्षा, राजस्व, तहसील सहित सम्बंधित विभागों से नोडल अधिकारी नामित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 70 ईआरओ के साथ ही 800 एईआरओ की भी तैनाती की गई है, उन्होंने जनपदों को निर्देश दिए कि जहां एईआरओ की सख्या और बढ़ाई जानी है उसके प्रस्ताव शनिवार तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करा दिए जाएं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोनों मंडल में मंडलायुक्त 14 जुलाई से जनपदों की फील्ड विजिट कर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी डीईओ / ईआरओ को निर्देश दिए कि ड्राफ्ट पब्लिकेशन के दृष्टिगत समय पर जनपद एवं विधानसभा स्तर पर राजनैतिक दलों के साथ बैठक कर राजनैतिक दलों को ड्राफ्ट मतदाता सूची सौंपी जाए।


बैठक में कुमांऊ कमिश्नर श्री दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर श्री आनंद स्वरुप, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा० विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

रुड़की:




आज दिनांक 09 जुलाई 2026 को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को रुड़की कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि बसेड़ी, लक्सर स्थित एक निर्माणाधीन मकान के चारों ओर हुए जलभराव के कारण दो व्यक्ति बीती रात से उसमें फंसे हुए हैं तथा बाहर निकलने में असमर्थ हैं।

सूचना प्राप्त होते ही उपनिरीक्षक आशीष त्यागी के हमराह SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने स्थिति का आकलन किया तथा जलभराव के बीच सुरक्षित रेस्क्यू अभियान चलाते हुए दोनों व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकाल लिया।

पूछताछ के दौरान ज्ञात हुआ कि रेस्क्यू किए गए दोनों व्यक्ति पिता-पुत्र हैं, जो निर्माणाधीन मकान में निर्माण कार्य कर रहे थे। अचानक जलस्तर बढ़ जाने के कारण वे पूरी रात मकान में ही फंसे रहे। SDRF की त्वरित एवं कुशल कार्रवाई से दोनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों का विवरण निम्नवत है—

श्री राम, उम्र 60 वर्ष, निवासी ग्राम सिमली, लक्सर।

संजय, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम सिमली, लक्सर।


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

परिवार की चिंता रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। थकान रहेगी। पिता का स्वास्थ्य संतोष देगा। अहंकार के भाव मन में न आने दें। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति संतोषप्रद रहेगी।

Rashifal


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

धनागम होगा। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। रोजगार मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। नौकरी में ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति के योग हैं। स्वाध्याय के महत्व को समझें। संतान को अपने कार्यों में सफलता मिल सकेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। स्वार्थ एवं भोग की प्रवृत्ति के कारण अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त नहीं कर पाएंगे।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। विवाद न करें। दु:खद समाचार मिल सकता है। लाभ के अवसर हाथ से निकलेंगे। शत्रु से सतर्क रहें। काम के प्रति लापरवाही न करें, किसी बात पर मतभेद की संभावना है।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुख के साधन जुटेंगे। शत्रु परास्त होंगे। सुखवृद्धि एवं पारिवारिक उन्नति होगी। आर्थिक योजनाओं में धन का निवेश हो सकता है। पड़ोसियों से किसी बात पर मतभेद की संभावना है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। मान बढ़ेगा। धनार्जन होगा। थकान रहेगी। रचनात्मक कार्य में मन लगेगा। अपना व्यवहार संयमित रखकर काम करें। मानसिक बेचैनी रहेगी। मित्रों की मदद से समस्या का समाधान हो सकेगा। समय का सदुपयोग होगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। कामकाज की जिज्ञासा बढ़ेगी। राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यों में सफलता की संभावना है। व्यापार में मनोनुकूल लाभ होने के योग हैं।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

फालतू खर्च होगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें। पुराना रोग उभर सकता है। कुसंगति से हानि होगी। अनसोचे कार्य होंगे। दांपत्य जीवन में मनमुटाव हो सकता है। पारिवारिक समस्याएं सूझबूझ से निपटाएं। कार्य में सहयोग मिलेगा। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पुराना रोग उभर सकता है। बेचैनी रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। व्यापारिक गोपनीयता भंग न करें। पूंजी निवेश लाभकारी रहेगा। व्यापार की चिंता रहेगी। आपसी विचार-विमर्श लाभप्रद रहेगा। आशानुरूप स्थिति बनेगी।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

नए अनुबंध हो सकते हैं। व्यवसाय ठीक चलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक तनाव से मन परेशान रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लाभ में कमी आ सकती है। उचित मार्गदर्शन लेना जरूरी होगा। प्रमाद न करें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। धनार्जन होगा। प्रसन्नता रहेगी। यश, प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं। मनोरंजन के अवसर उपलब्ध होंगे। अनसोचे कामों में हाथ नहीं डालें। कामकाज की जिज्ञासा बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

व्यापार में लाभ होने के योग हैं। धार्मिक कामों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी से विवाद हो सकता है। अपनी स्थिति, योग्यता के अनुरूप कार्य करें। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम न लें। झंझटों में न पड़ें। आय में कमी होगी।



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