Halloween party ideas 2015

जनसेवाओं का संगमः 



एक छत, कई सेवाएंः शिविर में बनेंगे आयुष्मान से श्रमिक कार्ड तक*


*शिविर में निशुल्क स्वास्थ्य जांच, औषधि विरतण व नेत्र परीक्षण, चश्में भी मिलेंगे।*


*आय, जाति, चरित्र, निवास प्रमाण पत्र व पेंशन मामलों का होगा त्वरित निस्तारण*


*देहरादून 27 जनवरी,2026:


जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत जन सुविधाओं को बेहतर बनाने और उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण हेतु मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में 29 जनवरी, 2026 को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 5ः00 बजे तक विकासखंड कालसी स्थित ग्राम पंचायत कोटी ग्राउंड में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा। बहुउद्देशीय शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वयं उपस्थित रहकर जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा और विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाएगा।


मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता के अनुसार यह शिविर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आयोजित किए जा रहे है। विभिन्न विभागों के स्टॉल्स के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करें और जनता को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाए। सभी विभाग आवेदन फॉर्म और योजनाओं की पूर्ण जानकारी के साथ स्वयं शिविर में उपस्थित रहे।


बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान व परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों सत्यापन के साथ छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान फार्म भरवाए जाएंगे। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण, उपचार, दिव्यांग एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।


स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में दो स्तरीय व्यवस्था रहेगी। पहला सामान्य जांच शिविर का आयोजन और दूसरा विभिन्न प्रकार के दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑफलाइन बनाने के उपरांत बाद में ऑनलाइन करने हेतु एसडीएम को दिए जाएंगे। आरबीएस की टीम कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उपचार प्रदान करेगा। शिविर में नशामुक्ति काउंसलिंग, पोषण, परिवार कल्याण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच व औषधि वितरण किया जाएगा। अटल आयुष्मान कार्ड के लिए पृथक सीएचसी संचालित कर कैंप में ही आवेदकों को कार्ड निर्गत किए जाएंगे। शिविर में नेत्र परीक्षण व चश्में भी वितरित किए जाएंगे। आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित शिशु, किशोरियों, महिलाओं का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। नंदागौरा, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट के फॉर्म भरे जाएंगे।  


ग्राम्य विकास द्वारा मनरेगा कार्य की मांग, जॉबकार्ड, भुगतान संबधी प्रकरणों का निराकरण, पीएमएवाई आवास के आवेदन, एनआरएलएम व रीप में नए सदस्यों को जोड़ना और समूहों को सीसीएल के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत राज द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्ममृत्यु पंजीकरण, सेवायोजन द्वारा रोजगार मेला आयोजन व युवाओं की काउंसलिंग तथा शिक्षा विभाग द्वारा एमडीएम, रमसा व आरटीई से जुड़े विषयों पर सेवाएं प्रदान की जाएगी। खाद्य विभाग राशन कार्डाे का सत्यापन, संशोधन व दुरस्तीकरण व राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड निर्गत करेगा। कृषि व उद्यान विभाग कीटनाशक दवाओं, बीज, लघु यंत्रों का वितरण एवं कृषकों की समस्या का समाधान करेंगे। सहकारिता, रेशम, मत्स्य, दुग्ध विभाग खाद्य बीज की उपलब्धता, समितियों के सदस्य बनने, केसीसी लाभार्थियों का चयन करेंगे। विद्युत व पेयजल विभाग विद्युत बिल, पेयजल बिलों का सुधार, भुगतान, नए कनेक्शन वितरण करेंगे।  


लोनिवि, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई द्वारा राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण मार्गाे से संबंधित समस्याओं का समाधान तथा सिंचाई विभाग द्वारा सिंचन क्षमता विस्तार संबधी विषयों पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योग व खादी ग्रामोद्योग द्वारा स्वरोजगार आवेदन प्राप्त करना, प्रशिक्षण तथा राजस्व विभाग द्वारा नए आधार कार्ड बनाने, आधार संशोधन के साथ आय, जाति चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीड बैंक द्वारा वंचित परिवारों का शत प्रतिशत बैंक लिंकेज, पीएम जीवन ज्योति, पीएम जीवन सुरक्षा योजना, सीसीएल व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। पर्यटन द्वारा होम स्टे, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड बनाने, रिन्युवल करने, पंजीकृत श्रमिकों को सामग्री वितरण का काम किया जाएगा। शिविर में यूसीसी के तहत पंजीकरण भी किए जाएगें। मुख्य विकास अधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर में प्रतिभाग करने की अपील की है।

 देहरादून :


*

 मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में अब तक प्राधिकरण क्षेत्र में 10 हजार से अधिक अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।


इसी क्रम में आज प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से की जा रही प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एकता विहार, लेन संख्या–1, रतनपुर, बलूनी स्कूल के पीछे, देहरादून में मासूम अली एवं प्रकाश जोशी द्वारा लगभग 10 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।


इसके अतिरिक्त परवल रोड, चांदनी चौक, शिमला बाईपास रोड, देहरादून में नफासत द्वारा लगभग 30 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी प्राधिकरण की टीम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। यह कार्रवाई सहायक अभियंता सासंक सक्सेना, अवर अभियंता ललित नेगी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।


एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना स्वीकृति के किए जा रहे किसी भी निर्माण अथवा प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। आमजन से अपील की गई है कि भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व संबंधित प्राधिकरण से वैध स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।


*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*

बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बिना स्वीकृति के की जा रही प्लॉटिंग और निर्माण पूरी तरह अवैध हैं और इनके खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।


*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*

मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत चिन्हित क्षेत्रों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान भवन उपविधियों और विकास नियंत्रण विनियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है तथा पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। उन्होंने आमजन से अपील की कि भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व एमडीडीए से वैध स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

 *प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस”*


*यूसीसी की घोषणा से लेकर प्रभावी क्रियान्वयन तक गौरव की अनुभूति - सीएम धामी* 


*मुख्यमंत्री ने किया यूसीसी में योगदान देने वाले अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन में सराहनीय कार्य करने वालों का सम्मान* 

first UCC day in uttarakhand


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने समान नागरिक संहिता को तैयार करने वाले कमेटी के सदस्यों, कुशल क्रियान्वयन करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और पंजीकरण में योगदान देने वाले वीएलसी को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूसीसी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।


समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित रहेगा, इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई है, जिससे समाज में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना सुनिश्चित हो सकी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपरा सदैव समरसता और समानता की संवाहक रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में “समोहम सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योस्ति न प्रियः” का उपदेश दिया है, जिसका अर्थ है कि मैं सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता हूँ, न किसी का शत्रु हूँ और न ही किसी के प्रति पक्षपात करता हूँ। सनातन संस्कृति की यही महानता है, जिसने सदियों से दुनिया को समानता, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाया है। 


*सच किया संविधान निर्माताओं का संकल्प*  

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ को संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में सम्मिलित किया था। उनका मत था कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यही कारण है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व, अपने दृष्टिपत्र में राज्य में “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का संकल्प लिया। देवभूमि की जनता ने भी इस “देवकार्य” के लिए भाजपा को अपार समर्थन और आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उन्होंने दुबारा सत्ता संभालते ही पहले दिन से ही उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के लिए कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में 7 फरवरी 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर राष्ट्रपति महोदया को भेजा गया। जिसे 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इसके बाद सभी आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, राज्य सरकार ने 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया।


*महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत*

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई थी। यूसीसी लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत भी हुई है। अब उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में एक भी हलाला या बहुविवाह का मामला सामने नहीं आया। यही कारण है कि मुस्लिम महिलाओं ने इस कानून का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक वोट बैंक की राजनीति के कारण, यूसीसी को लागू करने का साहस नहीं दिखाया गया। जबकि दुनिया के सभी विकसित और सभ्य देशों सहित प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रों में समान नागरिक संहिता पहले से ही लागू है।


*समानता से समरसता का प्रयास* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है बल्कि ये तो समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में “समानता से समरसता’’ स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है। इस कानून के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। यूसीसी में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद एवं उत्तराधिकार आदि से संबंधित नियमों को एक समान किया गया है। साथ ही संपत्ति के बंटवारे और बाल अधिकारों के विषय में भी स्पष्ट कानून बनाए गए हैं। संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने के पश्चात उसकी संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच किसी प्रकार के मतभेद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मृतक की सम्पत्ति पर उसकी पत्नी, बच्चों एवं माता पिता को समान अधिकार प्रदान किए गए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित के उद्देश्य से इस कानून में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जा रही है। लिव-इन के दौरान जन्में बच्चों को उस युगल का बच्चा ही मानते हुए, उसे जैविक संतान के समान समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं। 


*सिर्फ घोषणा नहीं सफल क्रियान्वयन भी किया*

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनके लिए निजी तौर पर अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्होंने समान नागरिक संहिता को घोषणा से लेकर धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के माध्यम से नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं की पहुँच को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया है। जहां यूसीसी लागू होने से पहले हमारे राज्य में औसतन केवल 67 विवाह पंजीकरण हुआ करते थे वो संख्या आज बढ़कर प्रतिदिन 1400 से अधिक हो गई है। राज्य की 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत विवाहित दंपतियों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। बीते एक वर्ष में यूसीसी के अंतर्गत लगभग 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 95 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण भी किया जा चुका है। राज्य में ऑनलाइन पोर्टल व्यवस्था तथा 7,500 से अधिक सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से शासन को वास्तव में सीधे जनता के द्वार तक पहुँचा दिया है। 


*विवाह में धोखाधड़ी करने पर सख्ती का प्रावधान*

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने यूसीसी में आवश्यक संशोधनों से संबंधित विधेयक पारित किया था, जिसे एक दिन पहले ही  राज्यपाल महोदय की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसके अंतर्गत विवाह के समय यदि अपनी पहचान छिपाने या गलत तथ्य बताने पर ऐसे विवाहों को निरस्त करने का प्रावधान है। इसके साथ ही, विवाह एवं लिव-इन संबंधों में किसी भी प्रकार के बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।


*देश को जोड़ते हैं मजबूत फैसले* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ की स्थापना के समय से ही कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता को लागू करने का संकल्प लिया था, अब ये संकल्प सिद्धि बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह साबित हुआ है कि मजबूत फैसले देश को तोड़ते नहीं, बल्कि जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर समान नागरिक संहिता को लेकर भ्रांतियाँ फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर कभी इसे मूल निवासी तो कभी लिव-इन पंजीकरण को लेकर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति राज्य का 'मूल निवासी' नहीं बन सकता। इसी तरह लिव-इन संबंध पंजीकरण का प्रावधान बहनों-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से मां गंगा देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर पूरे भारत को अभिसिंचित करती है, उसी प्रकार उत्तराखंड से निकलने वाली ये “समान नागरिक संहिता’’ की धारा भी देश के दूसरे राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अवश्य प्रेरित करेगी।


*बहु विवाह पर होगी सख्ती* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कुछ मामले बहु विवाह और विवाह विच्छेद से भी संबंधित सामने आए हैं, ऐसे मामलों में अलग से प्रावधान करते हुए, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका के एक एनजीओ ने उन्हें हेट स्पीच का जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन यदि धर्मांतरण, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ बोलना हेट स्पीच है तो फिर वो फिर अच्छा ही है।



 इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, श्री सुरेश गड़िया, श्री बृज भूषण गैरोला, सचिव गृह श्री शैलेश बगोली, डीजीपी श्री दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह, दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल, मनु गौड़, अजय मिश्रा , विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

 


देहरादून ;



 गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) कार्यालय परिसर में देशभक्ति और उल्लास के वातावरण में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया द्वारा विधिवत ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान का गायन हुआ, जिसमें प्राधिकरण के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


इस मौके पर सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें भारतीय संविधान में निहित मूल्यों—न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व—को अपने कार्य और व्यवहार में अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाबद्ध, संतुलित और जनहितकारी विकास सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष के दौरान एमडीडीए ने शहरी नियोजन, अवैध प्लॉटिंग, अवैध निर्माणों पर प्रभावी कार्रवाई, आधारभूत ढांचे के विकास तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। आने वाले समय में प्राधिकरण पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार के माध्यम से विकास कार्यों को और अधिक सुदृढ़ करेगा।


सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समयबद्धता के साथ करें। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए कार्यसंस्कृति में अनुशासन एवं संवेदनशीलता आवश्यक है।

इस अवसर पर एमडीडीए में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों का सम्मान संस्थान के लिए गर्व की बात है और इससे अन्य कर्मियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। सम्मानित कर्मचारियों को उनके समर्पण, अनुकरणीय सेवा और कार्यकुशलता के लिए सराहा गया।


*उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 कर्मचारी सम्मानित*



एमडीडीए सचिव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 कर्मचारियो को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में अवर अभियंता सुनील उप्रेती, मनवीर पंवार, उद्यान अधीक्षक उस्मान अली , भानुप्रिया प्रभारी उद्यान अधिकारी, रितिक सिंह मार्केटिंग , नवजोत सजवाण आई टी एक्सपर्ट को उलेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देश की एकता, अखंडता और संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली। गणतंत्र दिवस का यह आयोजन एमडीडीए परिवार के लिए प्रेरणादायी रहा और जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।

 *जनपद चंपावत: * 

 

आज दिनांक 27 जनवरी 2026 को जिला नियंत्रण कक्ष चंपावत के माध्यम से समय लगभग 12.30 बजे एसडीआरएफ टीम को सूचना प्राप्त हुई कि सुखीढांग क्षेत्र के पास एक वाहन खाई में गिर गया है।


उक्त सूचना पर SDRF पोस्ट टनकपुर से उप निरीक्षक दीपक जोशी के नेतृत्व में टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई।



एसडीआरएफ टीम को घटनास्थल पर पहुँचकर ज्ञात हुआ कि सुखीढांग क्षेत्र के पास एक वाहन महिंद्रा XUV 700 अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। वाहन में कुल 07 व्यक्ति सवार थे, जिनमें से 05 व्यक्ति स्वयं खाई से बाहर निकलकर सड़क तक पहुँच गए थे और सभी सुरक्षित थे। शेष 02 व्यक्तियों (1महिला, 1पुरुष) को हल्की चोटें आई थीं, जिन्हें SDRF एवं जिला पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर रात्रि के घनघोर अंधेरे व अन्य विषम परिस्थितियों के चलते कड़ी मशक्कत कर खाई से सुरक्षित बाहर निकालकर मुख्य मार्ग तक लाया गया तथा 108 एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया।


 *घायलों का विवरण:-* 

1-अभिषेक वर्मा पुत्र श्री कृष्ण वर्मा उम्र 24 वर्ष, निवासी सीतापुर उतर प्रदेश।

2-दर्शिका वर्मा पुत्री श्री देश दीपक भार्गव उम्र 17 वर्ष, निवासी सीतापुर उतर प्रदेश।

 UGC पर पिछले 48 घंटे से बवाल मचा हुआ है। भारत के सवर्ण सकते में है।



यूजीसी एक्ट को लेकर पूरे देश भर में हंगामा मचा हुआ है। सरकार को घेरने की तैयारी में सवर्णों ने कमर कस ली है। 24 घंटे के अंदर  मीडिया, सोशल मीडिया सहित अनेक प्लेटफार्म पर स्वर्ण ने विरोध जताया है। यहां तक कि युवाओं ने कमल के फूल को  भूल बताते हुए नारे लगाने शुरू कर दिया है।

30/1/2026 को समस्त स्वर्ण समाज एक बड़ा  ज्ञापन देने जा रहे हैं UGC bill जो संविधान विरोधी कानून बनाया गया है विभिन्न स्थानों से भाजपा कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफों की खबर भी आ रही है।


- शुभांकर मिश्रा ने वीडियो बनाया 

- सुशांत सिन्हा ने वीडियो बनाया 

- Zee न्यूज़ ने DNA शो में दिखाया 

- ट्विटर पर लगातार ट्रेंडिंग में बना हुआ है 

- अब तक कई लाख लोगो ने पोस्ट डाला 

- MP निशिकांत दुबे ने सफ़ाई दी  

- करनी सेना आंदोलन की तैयारी में जुटी 

- अनिल मिश्रा ने वकीलों से मीटिंग की 


 सवर्ण समाज इस विषय पर एकदम एकजुट है। सूत्रों के अनुसार बड़े आंदोलनों की तैयारी तय है।


जाने माने वकील विष्णु शंकर जैन भी इस गजट  के खिलाफ  कूद पड़े है। जिस पर उन्हें दो महीने बाद कि तारीख सौंप दी गयी। 

मंडल की आग  से युवाओं को बचाते हुए जो हाथ झुलसे थे वो आज भी भूले नही है  आरक्षण हटाना तो दूर की कौड़ी है, सवर्णों को अब अधिक सामना करना पड़ सकता है। ऐसी अनेकों पोस्टो से सोशल मीडिया भरा पड़ा है और काफी हद तक यह सही भी है।

*शिमला: राष्ट्रीय देव भूमि पार्टी ने 28 जनवरी को BJP कार्यालय घेराव की घोषणा की, UGC के 'काले कानून' के खिलाफ बड़ा आंदोलन**


पंकज शर्मा ने कहा, "यह कथित सामाजिक न्याय का कानून सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ सबसे बड़ा अन्याय है। अगर किसी विशेष समुदाय (SC/ST) का छात्र सामान्य वर्ग के छात्र पर आरोप लगा दे, तो आरोपी को तुरंत दोषी मान लिया जाएगा, जबकि बचाव के लिए कोई ठोस सुरक्षा कवच नहीं होगा। यह झूठे आरोपों को बढ़ावा देगा और निर्दोषों को परेशान करेगा।"


पार्टी इसे **सामान्य वर्ग के अधिकारों पर हमला** बता रही है और दावा कर रही है कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी या व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे सवर्ण समाज की है। बयान में भावुक अपील की गई है: "जब नाश मनुज पर छाता है तो पहले विवेक मर जाता है।" साथ ही सामान्य वर्ग के लोगों से हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन किया गया है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचें और आंदोलन को मजबूत बनाएं।


UGC के नए नियमों की पृष्ठभूमि

UGC ने जनवरी 2026 में जारी इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में **जाति-आधारित भेदभाव** को पूरी तरह रोकना है। मुख्य प्रावधान:

- सभी संस्थानों में **Equal Opportunity Centre (EOC)** स्थापित करना अनिवार्य।

- भेदभाव की शिकायतों पर त्वरित जांच और कार्रवाई।

- जाति आधारित उत्पीड़न रोकने के लिए संवेदनशीलता प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम।

- उल्लंघन पर संस्थान की मान्यता रद्द करने तक की सजा।


ये नियम मुख्य रूप से SC/ST/OBC समुदाय के छात्रों को सुरक्षा देने के लिए हैं, लेकिन कुछ संगठनों का मानना है कि यह सामान्य वर्ग के खिलाफ पक्षपातपूर्ण हो सकता है, क्योंकि शिकायतों पर सख्त कार्रवाई के प्रावधान से दुरुपयोग का खतरा है।


 पार्टी और आंदोलन का संदर्भ

राष्ट्रीय देव भूमि पार्टी हिमाचल में देवभूमि क्षत्रिय संगठन और सवर्ण मोर्चा से जुड़ी हुई है। पार्टी अध्यक्ष  रूमित सिंह ठाकुर ने भी सोशल मीडिया पर इसी आंदोलन की अपील की है, जिसमें UGC नियमों के अलावा अन्य मुद्दों (जैसे माइनस 40% मार्क्स वाले स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स नीति) का भी जिक्र है। पार्टी ने इसे "हक की आवाज" बताया है और युवाओं-छात्रों को शिमला पहुंचने का आह्वान किया है।


अभी तक इस आंदोलन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया BJP या सरकार की तरफ से सामने नहीं आई है, लेकिन शिमला में 28 जनवरी को ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।

एक कविता सोशल मीडिया पर हुई वायरल--


राष्ट्रवाद का झोला टांगे मैं सवर्ण आवारा हूँ,

मुसलमान से यदि बच जाऊं तो सत्ता का चारा हूँ।

कांग्रेस ने दर्द दिए तब भी हमने कमल का फूल चुना,

लेकिन अब जेल में डाल रहे ये हमें कोई पड़ताल बिना। 

इतने दिन तक भक्ति की फिर भी मोदी का मारा हूँ,

वोट बैंक की कुटिल राजनीति में मैं सवर्ण बेचारा हूँ।

भरोसा किया अपने नेताओं पर, मैं यूँ ही नहीं हारा हूँ,

अभी भी चुप्पी साधी मैंने, तो मैं ही बहुत बड़ा नकारा हूँ। 


 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर नगर पालिका परिसर में गर्व और सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर नगर पालिका अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह नेगी जी,अधिशासी अधिकारी एम एल शाह जी,अधिकारी गण,सभासद गण,कर्मचारी गण मौजूद रहे।।





परवादून जिला कांग्रेस कार्यालय डोईवाला में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया।




परवादून जिला कांग्रेस द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय, डोईवाला में देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तिरंगा फहराकर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर परवादून कांग्रेस द्वारा देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी गई।



परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे के मूल्यों की याद दिलाता है। कांग्रेस पार्टी हमेशा संविधान की रक्षा और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।


कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष रेखा बहुगुणा ने कहा कि आज का दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माताओं के योगदान को स्मरण करने का अवसर देता है। हमें संविधान के अनुरूप देश को मजबूत और समावेशी बनाने का संकल्प लेना चाहिए।


डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा कि

कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। युवाओं और आम जनता को संविधान की मूल भावना से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और “जय हिंद” के नारों व मिष्ठान वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


इस अवसर पर परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,जिला उपाध्यक्ष रेखा बहुगुणा,डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी,कांग्रेस प्रदेश सचिव सागर मनवाल,एसपी बहुगुणा,सुबोध नारायण,अखलाक साबरी,अमित सैनी,सुनील बर्मन,राहुल सैनी,स्वतंत्र बिष्ट,भव्य चमोला,आरिफ अली,राहुल आर्य,विवेक सैनी,विमल गोला,सूरज भट्ट,आदित्य जौहर,मनोज पाल,हर्षित उनियाल,शाकिर अली,रईस अहमद,प्रवीण सैनी व कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए ।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.