Halloween party ideas 2015

 डोईवाला:




आज डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भगत सिंह चौक चांदमारी डोईवाला में श्री हरविंदर सिंह हंसी जी के घर के निकट विधायक निधि से निर्मित  सड़क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर डोईवाला नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी, श्री हरविंदर सिंह हंसी जी, नगर पालिका सभासद श्री विनीत जी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह नेगी जी, मंडल महामंत्री श्री मनमोहन नौटियाल जी सहित क्षेत्र के सम्मानित जन उपस्थित रहे।


देहरादून:




उत्तराखंड में परिवार रजिस्टर में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य स्तर पर व्यापक, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध परिवार/कुटुंब रजिस्टरों की प्रतियां तत्काल संबंधित जिलाधिकारी (DM) के पास सुरक्षित रखी जाएं, जिससे अभिलेखों में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना समाप्त हो। साथ ही, परिवार रजिस्टरों की गहन जांच CDO/ADM स्तर पर कराए जाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में यह भी तय किया गया कि जांच का दायरा वर्ष 2003 से अब तक रखा जाएगा, ताकि पूर्व वर्षों में हुई संभावित अनियमितताओं की भी पहचान हो सके। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि परिवार रजिस्टर का पंजीकरण एवं प्रतिलिपि सेवाएं पंचायत राज (कुटुंब रजिस्टरों का अनुरक्षण) नियमावली, 1970 के अंतर्गत संचालित होती हैं। नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले प्रत्येक परिवार का नाम परिवार/कुटुंब रजिस्टर में दर्ज होना अनिवार्य है। वर्तमान प्रविष्टियों के शुद्धिकरण तथा नए नामों को जोड़ने की प्रक्रिया का प्रावधान भी नियमावली में निहित है, जिसे अब और अधिक सख़्त व पारदर्शी बनाए जाने की तैयारी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने का अधिकार सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को प्राप्त है, जबकि अपील का अधिकार उप जिलाधिकारी (SDM) के पास निहित है। वर्तमान में परिवार रजिस्टर से संबंधित सेवाएं अपणी सरकार पोर्टल के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि बीते वर्षों में राज्य की सीमा से लगे मैदानी जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में अनधिकृत बसावट के आधार पर परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज होने से जनसांख्यिकीय संतुलन प्रभावित होने की आशंका रही है। इसी पृष्ठभूमि में सरकार द्वारा परिवार रजिस्टर से संबंधित नियमावली में आवश्यक संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई है।

पंचायती राज विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में परिवार रजिस्टर से जुड़ी सेवाओं हेतु प्रदेशभर में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। 01 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच नए परिवार जोड़ने के लिए 2,66,294 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2,60,337 आवेदन स्वीकृत तथा 5,429 आवेदन नियमों के उल्लंघन एवं अपूर्ण दस्तावेजों के कारण निरस्त किए गए। विशेषज्ञों के अनुसार निरस्त आवेदनों की संख्या फर्जी प्रविष्टियों की आशंका की ओर संकेत करती है, जिसके दृष्टिगत प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों सहित प्रदेश के सभी जिलों में समान रूप से जांच की जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में भेदभाव या ढिलाई न हो। भविष्य में परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज किए जाने की प्रक्रिया को स्पष्ट नीति के अंतर्गत नियंत्रित कर कैबिनेट में प्रस्तुत किए जाने का भी निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकारी अभिलेखों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस उच्चस्तरीय बैठक में सचिव गृह शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ, डीजीपी इंटेलिजेंस अभिनव कुमार, विशेष सचिव पंचायती राज डॉ. पराग धकाते तथा निदेशक पंचायती राज निधि यादव उपस्थित रहे।

देहरादून:




आज  दिनांक 03/01/2026 को आपदा कंट्रोल कक्ष पिथौरागढ़ से सूचना प्राप्त हुई कि स्वालिक से आगे रनबिछुल नामक स्थान पर एक ऑल्टो कार (संख्या – UK 05 4405) गहरी खाई में गिर गई है, जिसमें राहत एवं बचाव कार्य हेतु एसडीआरएफ टीम की आवश्यकता है।सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट पिथौरागढ़ से उप निरीक्षक श्री प्रेम उपराड़ी के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।घटनास्थल पर पहुँचने पर ज्ञात हुआ कि वाहन में कुल तीन व्यक्ति सवार थे। इनमें से एक घायल व्यक्ति को स्थानीय लोगों द्वारा पहले ही सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा जा चुका था। शेष दो व्यक्तियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।एसडीआरएफ टीम ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में लगभग 300 मीटर गहरी खाई से दोनों मृतकों के शवों को निकालकर लगभग 1.5 किलोमीटर पैदल दुर्गम पहाड़ी एवं नदी मार्ग से होते हुए सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद शवों को स्थानीय प्रशासन के सुपुर्द कर 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से अस्पताल भेजा गया।मृतकों का विवरण:

 हयात सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह, आयु 38 वर्ष, निवासी – ग्राम सात सीलिंग

 संजय कुमार पुत्र प्रेम राम, निवासी – ग्राम पंडा

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कुसंगति व जल्दबाजी से बचें। विवेक से कार्य करें, लाभ होगा। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। जीवनसाथी से आर्थिक मतभेद हो सकते हैं। खर्च की अधिकता से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

Rashifal today 03 january 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कोर्ट व कचहरी के कार्यों में अनुकूलता रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। आर्थिक साधनों में बढ़ोतरी होगी। सामाजिक कार्यों में सीमित रहना चाहिए। समय का सदुपयोग होगा। परिवार में सुख-शांति रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। बेरोजगारी दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। प्रवास में सावधानी रखें। विरोधियों एवं शत्रुओं के कारण अशांति होगी। नवीन कार्ययोजना की बातचीत में सफलता मिलने के संयोग बनेंगे।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवाद न करें। व्यापार में स्वयं के निर्णय से काम कर पाएँगे। स्थायी संपत्ति क्रय करने में जल्दबाजी न करें। साहस, पराक्रम में वृद्धि होगी। अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

मेहनत अधिक होगी। बुरी खबर मिल सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। व्यापार, नौकरी में स्थिति मध्यम रहेगी। बुद्धि, विवेक से कार्य करने पर विघ्न-बाधाएँ दूर हो सकेंगी। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय में गति आएगी। आर्थिक समस्याओं का निराकरण संभव है। व्यापार, कारोबार में नई जवाबदारी बढ़ेगी। धर्म में रुचि रहेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छे समाचार मिलेंगे। विवाद से बचें। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। परिवार में शांति का अनुभव होगा। व्यापार-व्यवसाय में अनुकूल अवसर प्राप्त होंगे। कानूनी कार्रवाई, कोर्ट-कचहरी के मामलों से दूर रहना चाहिए।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। धनार्जन होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। प्रसिद्ध व्यक्ति से मेलजोल बढ़ेगा। मकान, वाहन के क्रय-विक्रय की चर्चा संभव है। संतान की प्रगति से मन प्रसन्न रहेगा। रुका पैसा प्राप्त होगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

अप्रत्याशित खर्च होंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। वस्तुएं संभालकर रखें। आर्थिक स्थिति से ऋण की समस्या उभरेगी। चापलूसों से सावधान रहें। लेन-देन में सावधानी रखें। अनिर्णय की परिस्थिति से दूर रहना चाहिए।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। बकाया वसूली होगी। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। भौतिक सुख-साधनों की प्राप्ति होगी। व्यापार में नई योजनाओं का श्रीगणेश संभव है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कार्यस्थल पर सुधार होगा। नए अनुबंध हो सकते हैं। योजना फलीभूत होगी। धनार्जन होगा। आर्थिक क्षेत्र में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। समाज, परिवार में आपकी सलाह को महत्व मिलेगा। अध्ययन में रुचि बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन में मतभेद खत्म होंगे।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। धनार्जन होगा। प्रमाद न करें। अपनी भावनाओं को संयमित रखकर कार्य करें। भागीदारी के कार्यों में आपके द्वारा लिए गए निर्णयों से लाभ होगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा।



*शारदा घाट परियोजना के अन्तर्गत सिटी ड्रेनेज प्लान के लिए स्वीकृत किये गये ₹ 65.65 करोड*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा घाट परियोजना के अन्तर्गत सिटी ड्रेनेज प्लान फेज-1 निर्माण हेतु ₹ 65.65 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

*जॉलीग्रान्ट एयरपोर्ट में स्टेट गेस्ट हाउस के निर्माण हेतु स्वीकृत किये गये ₹ 4.46 करोड* 

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के अन्तर्गत जॉलीग्रान्ट एयरपोर्ट देहरादून में स्टेट गेस्ट हाउस के निर्माण हेतु ₹ 4.46 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

*क्षतिग्रस्त पटवारी चौकियों के पुनर्निर्माण के लिए स्वीकृत किये गये ₹ 15 करोड*

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों के माध्यम से प्राप्त प्रस्तावानुसार 30 से 70 प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त 225 पटवारी चौकियों एवं 70 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त 37 पटवारी चौकियों के पुनर्निर्माण/निर्माण कार्य हेतु आपदा मोचन निधि से ₹ 15 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


*सडक निर्माण, जल संवर्द्धन एवं वाहन क्रय किये जाने हेतु स्वीकृत किये गये 3.73 करोड*

CM Dhami approved various schemes in new year2026

नववर्ष के प्रथम दिवस पर  मुख्यमंत्री को बधाई एवम शुभकामनाये  प्रेषित करते हुए भाजपा की वरिष्ठ नेत्री सुनीता बौड़ाई ने  पटना के मोटर रोड़ , बीरो खाल  जिला निर्माण तथा दिउली राजकीय ईटंर कालेज के विषय मे  वार्ता की।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के अन्तर्गत सहायक नदी/धारा उपचार-(कालसन भोलेश्वर) से समग्र जल संरक्षण/जल संवर्द्धन तथा मृदा संरक्षण उपचार/पुरोद्धार से संबंधित कार्य हेतु ₹ 3.39 करोड¬ की योजना जलागम प्रबन्धन के अन्तर्गत स्वीकृत किये जाने तथा राजस्व परिषद द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के क्रम में जिला कार्यालय, देहरादून हेतु निष्प्रयोज्य वाहनों के स्थान पर 03 बोलेरो वाहन प्रति वाहन मूल्य ₹ 10.00 लाख की दर से क्रय किये जाने के साथ ही जनपद चमोली के अन्तर्गत विकासखण्ड पोखरी में डिग्री कॉलेज पोखरी मोटर मार्ग के कि०मी०-01, हेमी 2-4 से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के न्यायालय एवं आवास तक मोटर मार्ग का नवनिर्माण (प्रथम चरण का कार्य लम्बाई-0.500 किमी०) कार्य हेतु ₹ 4.17 लाख की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 उत्तराखण्ड में सुशासन की नई परिभाषा — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ऐतिहासिक जनसंपर्क अभियान

 सरकार पहुँची जनता के द्वार: ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम में रिकॉर्ड निस्तारण

 मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में जवाबदेह शासन की मिसाल

 शिकायत से समाधान तक—एक ही मंच पर जनता को मिला भरोसा




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है। यह कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक परिवर्तन का उदाहरण है, बल्कि इसने सरकार और आम नागरिक के बीच की दूरी को भी प्रभावी रूप से समाप्त किया है। आज 02 जनवरी 2026 को आयोजित कार्यक्रम की दैनिक प्रगति रिपोर्ट यह स्पष्ट दर्शाती है कि राज्य सरकार अब काग़ज़ी योजनाओं से आगे बढ़कर ज़मीनी स्तर पर वास्तविक परिणाम देने में सफल हो रही है।

प्रदेश के सभी 13 जनपदों में एक ही दिन में कुल 204 जनसेवा कैम्पों का आयोजन किया गया, जिनमें 1 लाख 35 हजार 194 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। इतनी व्यापक जनभागीदारी इस तथ्य की पुष्टि करती है कि यह कार्यक्रम जनता की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ा हुआ है और लोगों ने इसे पूरे विश्वास के साथ अपनाया है। इन कैम्पों के माध्यम से शासन-प्रशासन पहली बार सीधे जनता के द्वार पहुँचा, जिससे ग्रामीण, पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला अथवा तहसील मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।



कार्यक्रम के दौरान कुल 17 हजार 747 शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 12 हजार 776 मामलों का मौके पर अथवा त्वरित कार्यवाही के माध्यम से निस्तारण किया गया। यह आँकड़ा दर्शाता है कि लगभग तीन-चौथाई समस्याओं का समाधान तत्काल किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता, निर्णय क्षमता और जवाबदेही का स्पष्ट प्रमाण है। शेष मामलों को भी समयबद्ध कार्ययोजना के तहत संबंधित विभागों को प्रेषित कर निरंतर निगरानी में रखा गया है, जिससे कोई भी शिकायत लंबित न रहे।



इन कैम्पों में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी एवं अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों से संबंधित कुल 19 हजार 734 आवेदन प्राप्त हुए। इससे यह स्पष्ट होता है कि आम नागरिकों को अब मूलभूत सेवाओं के लिए अनावश्यक विलंब या औपचारिकताओं का सामना नहीं करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा सेवाओं को नागरिकों के निकट लाने की यह पहल विशेष रूप से गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई है।



इसके अतिरिक्त, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 77 हजार 203 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। यह संख्या इस बात का ठोस प्रमाण है कि योजनाएँ अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप से पहुँच रही हैं। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराकर सरकार ने जनसुविधा और पारदर्शिता दोनों को सुदृढ़ किया है।



इस कार्यक्रम की सफलता के मूल में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए स्पष्ट, सख्त और परिणामोन्मुख निर्देश रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरंभ से ही यह सुनिश्चित किया कि अधिकारी जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने प्रत्येक कैम्प में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की तथा यह निर्देश दिए कि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही लंबित मामलों की जिला और राज्य स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, कमजोर वर्गों, दिव्यांगों, बुज़ुर्गों और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को प्राथमिकता तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने जैसे निर्देशों ने प्रशासनिक तंत्र को अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाया।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  “ *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार उत्तराखण्ड में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान है। हमारी सरकार का मानना है कि लोकतंत्र तभी सशक्त होता है जब सरकार स्वयं जनता तक पहुँचे। इस कार्यक्रम के माध्यम से हमने यह सुनिश्चित किया है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सके। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वास, समाधान और संवेदनशीलता पर आधारित उत्तराखण्ड मॉडल ऑफ गुड गवर्नेंस है।”* 


 मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यापक अभियान के माध्यम से न केवल प्रशासन पर जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, बल्कि बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगा है। सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से समस्याओं के त्वरित समाधान की संस्कृति विकसित हुई है और शासन की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम आज उत्तराखण्ड में सुशासन की नई पहचान बन चुका है और यह आने वाले समय में भी राज्य के विकास और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।





जिला प्रशासन के लक्ष्य तय; बालिकाओं को बनाना ही है सशक्त; 04 बालिका बनी नंदा-सुनंदा; 1.55 लाख से शिक्षा पुनर्जीवित


 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा 11वां संस्करण; अब तक 93 बालिकाओं की शिक्षा 33.50 लाख से पुनर्जीवित

परिस्थितियों की मार झेल रही जीविका अंथवाल पिता आईसीयू में भर्ती; जिला प्रशासन बना सहारा शिक्षा पुनर्जीवित

पिता कि हो गई मृत्यु, परिवार पर टूटा मुसीबतों का पहाड़; नंदनी राजपूत व नव्या नैनवाल की शिक्षा हुई बाधित तो दोनों परिवारों की बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने को जिला प्रशासन ने बढाए हाथ

बालिका दिव्या के दिव्यांग माता-पिता की खराब आर्थिकी; आंकाशी की दयनीय परिवारिक स्थिति दोनो परिवारों की बेटियों की शिक्षा जिला प्रशासन ने की पुनर्जीवित

आप अपने लक्ष्य लिए कड़ी मेहनत करें; निर्धनता, परिस्थियां मेधावियों की शिक्षा के आडे़ नही आने देगा जिला प्रशासनःडीएम 


देहरादून:



नववर्ष के प्रथम दिवस जिला प्रशासन देहरादून द्वारा समाज के अंतिम छोर पर खड़ी जरूरतमंद बालिकाओं के जीवन में शिक्षा की नई किरण प्रज्वलित की गई। जिला कलेक्टेªट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत 04 बालिकाओं की बाधित शिक्षा को 1.55 लाख धनराशि से पुनर्जीवित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री सविन बंसल द्वारा बालिकाओं को शिक्षा सहायता हेतु चेक वितरित किए गए।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि प्रोजेक्ट नंदादृसुनंदा के अब तक 11वां संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 33.50 लाख रुपये की सहायता से 93 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि नववर्ष की शुरुआत हम सभी पूजा-अर्चना से करते हैं, ऐसे में वर्ष के प्रथम दिवस जरूरतमंद नंदा-सुनंदा बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित कर कार्य की शुरुआत करना अत्यंत संतोष और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश एवं निरंतर प्रयास रहते हैं कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों को जनकल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाए। इसके लिए जिलों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं सृजित करने निर्देश दिए गए हैं। 

जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से जनपद देहरादून में प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा सहित कई महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकारों से जुड़े नवाचारात्मक प्रोजेक्ट संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियाँ आती रहती हैं, उनसे घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि साहस एवं संकल्प के साथ उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह सहयोग तभी सार्थक होगा जब बालिकाएं लक्ष्य निर्धारित कर पूरी निष्ठा और परिश्रम के साथ शिक्षा जारी रखेंगी। उन्होंने अपेक्षा की कि भविष्य में सक्षम होने के उपरांत बालिकाएं अन्य जरूरतमंदों की सहायता हेतु आगे आएँगी तथा समाज सेवा, संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना को आत्मसात करेंगी। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सरकार एवं जिला प्रशासन बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव सहयोगी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान लाभान्वित बालिकाओं ने भावुक होकर जिला प्रशासन एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

बालिका नंदनी राजपूत ने बताया कि वर्ष 2018 में उनके पिता का दुर्घटना में निधन हो गया था। वह तीन बहनें हैं और माता सिलाई-बुनाई कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। आर्थिक तंगी के कारण 11वीं कक्षा की फीस जमा न हो पाने से उनकी शिक्षा बाधित हो रही थी, जिसे जिला प्रशासन ने पुनर्जीवित किया। बालिका दिव्या ने बताया कि उनके पिता दुर्घटना में दिव्यांग हो गए थे और लगभग 18 माह तक बेड पर रहे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो गई। गरीबी उनकी पढ़ाई में बाधा बनने लगी थी, ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा उनकी 9वीं कक्षा की शिक्षा पुनर्जीवित की गई। आकांशी धीमान ने बताया कि परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण उनकी 8वीं कक्षा की पढ़ाई बाधित हो रही थी, जिसे जिला प्रशासन की सहायता से पुनः सुचारू किया गया। नव्या नैनवाल ने बताया कि पिता की मृत्यु के उपरांत परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और उनकी शिक्षा उनके परिजन पर बोझ बन गई थी, जिसे जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ पुनर्जीवित किया।

इसके अतिरिक्त दून विश्वविद्यालय से स्नातक कर रही जीविका अंथवाल ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं और आईसीयू में भर्ती हैं। आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण उनकी उच्च शिक्षा बाधित हो रही थी। अपनी व्यथा सुनाते हुए वह भावुक हो उठीं और बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से उनकी शिक्षा पुनर्जीवित हो सकी है। कार्यक्रम का समापन लाभार्थी बालिकाओं द्वारा सरकार, माननीय मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती सहित सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकत्री तथा बालिओं के अभिभावक उपस्थित रहे। 


www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.