Halloween party ideas 2015

 देहरादून :




*उत्कृष्टता केंद्र के रूप में किए जाएँगे विकसित*


*मुख्य सचिव ने ली इस संबंध में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक*


*विद्यालयों में हो स्थायी शिक्षक और सुदृढ़ शैक्षणिक व्यवस्थाः मुख्य सचिव*


मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में विकसित करने हेतु इनकी सम्पूर्ण कायाकल्प की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र और बेहतर आवासीय सुविधायुक्त संस्थानों के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने इसके लिए अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करते हुए शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, आधारभूत सुविधाओं से युक्त किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के संचालन में व्यापक सुधार किए जाने की आवश्यकता है।


*सोसाइटी के माध्यम से संचालित किए जाएं राजीव नवोदय विद्यालयः मुख्य सचिव*


मुख्य सचिव ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से कराए जाने पर जोर दिया। कहा कि इसके लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय एवं जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समिति के गठन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए एक लीगल फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों के प्रभावी संचालन, उत्तरदायित्व निर्धारण और नियमित निगरानी में सहायता मिल सके।


*स्थायी प्रधानाचार्यों एवं समर्पित शिक्षकों की व्यवस्था हो सुनिश्चित*


मुख्य सचिव ने विद्यालयों में नियमित एवं समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही, स्थायी प्रधानाचार्यों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता के अनुरूप योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता होनी चाहिए। शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अर्हताओं के साथ उच्च शिक्षा और शोध की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक एवं अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों के कार्मिक ढांचे को भी आवश्यकता के अनुरूप मजबूत किया जाए।


*प्रवेश प्रक्रिया नया सत्र प्रारम्भ होने से एक माह पूर्व हो जाए पूर्ण*


मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया का समयबद्ध निर्धारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया ऐसी हो कि नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ होने से कम से कम एक माह पहले विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित कर लिए जाएं।


*शिक्षा के साथ एक्स्ट्रा करिकुलम और को-करिकुलम गतिविधियों पर भी जोर*


मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा अन्य पाठ्य-सहगामी एवं पाठ्येतर गतिविधियों के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए।


*चिकित्सा सुविधा के लिए वाहन सहित आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित हों*


मुख्य सचिव ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए वाहन की व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विद्यालयों के लिए आवश्यक बजट का निर्धारण भी प्रस्तावित सुविधाओं, कार्मिकों और संचालन संबंधी जरूरतों के अनुरूप किया जाए।


*शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए*


मुख्य सचिव ने शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी भर्ती होने तक शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर वैकल्पिक प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करने हेतु अधिकृत किए जाने के भी निर्देश दिए।


इस अवसर पर सचिव शि़क्षा सुश्री ज्योति यादव, अपर सचिव श्री नवनीत पाण्डेय एवं महानिदेशक श्रीमती आकांक्षा कोंडे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


 *प्रदेश में 23 अक्टूबर से शुरु होगी EVM मशीनों की FLC*

- 12 नवंबर से प्रदेश में शुरु होगा मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान

- 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र नागरिक कर सकेंगे आवेदन

- 12 से 20 अक्टूबर के बीच आए 1 लाख फार्म 6 के आवेदन


देहरादून;




मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में बुधवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनैतिक दलों को EVM-VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) के प्रस्तावित कार्यक्रम में बारे में जानकारी देते हुए विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसके साथ ही प्रदेश में 12 नवंबर 2026 से शुरु होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2027 (SSR) के बारे में विस्तृत प्रस्तुतीकरण के साथ ही जानकारी दी गई।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों को अवगत कराया कि 23 अक्टूबर से भारत निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी जनपदों में प्रथम स्थरीय जांच (FLC) प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। जिसमें राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।


मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों को यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में 12 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक आयोजित विशेष अभियान के तहत 1 लाख 744 र्फाम 6 के आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में 12 नवंबर 2026 से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की जाएगी। 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 28 दिसंबर 2026 तक दावे-आपत्तियों की सुनवाई भी की जाएगी। 4 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाशन किया जाएगा। राजनैतिक दलों को यह भी बताया गया कि दावों एवं आपत्तियों की पूरी अवधि के दौरान किसी आक्षेपकर्ता के रुप में मतदाता द्वारा अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं। मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि के दौरान किसी व्यक्तिगत मतदाता द्वारा प्रति माह अधिकतम 5 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं।


बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास सहित भारतीय जनता पार्टी श्री राजकुमार पुरोहित, इंडियन नेशनल कांग्रेस से श्री अमेंद्र बिष्ट, बीएसपी से श्री सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी से श्री श्याम बाबू पांडेय, सीपीआई (एम) श्री अनंत आकाश उपस्थित रहे।

  डोईवाला:


shrimadbhagwat katha doiwala shri upadhyay






गार्डन कॉलोनी  शुगर मिल डोईवाला प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस में  वृंदावन से पधारे कथा वाचक श्री राम उपाध्याय ने श्री भागवत कथा का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को बृजभूमि और श्रीकृष्ण भगवान के पावन चरित्र का ज्ञान कराया। भक्ति  की महिमा का वर्णन किया है। साथ ही धुंधकारी के मोक्ष की कथा श्रवण करा

श्रीमद्भागवत जी के मंगला चरण को समझते हुए बताया कि यह 3 प्रकार के होते है। श्री राम उपाध्याय जी ने भगवान के स्वरूप और माया का वर्णन भी किया है। 


श्रीराधा रानी किस प्रकार श्री नारायण जी को प्रिय है और किस प्रकार भोलेनाथ अपनी इच्छा अनुसार श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने हेतु अपने भक्तों के लिये आयोजन कराते ही नही है अपितु स्वयं वहां बैठकर कथा सुनते है।

मंडली के द्वारा सुंदर भजन प्रस्तुति और  श्रद्धालुओं द्वारा नृत्य  का आनंद लिया गया।कीर्तन मंडली में भजनिक दीपक शर्मा, श्री रामानंद, श्री धर्मेंद्र शर्मा और मोतीलाल  जी ने भाग लिया।

 

नई टिहरी पहुंचने पर भाजपा प्रदेश महामंत्री शर्मा और परिहार का स्वागत


नई टिहरी;



भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) फणींद्र नाथ शर्मा और महामंत्री कुंदन परिहार का नई टिहरी में सरकार में जड़ीबूटी सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष/ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवान ने स्वागत किया। दोनों संगठन नेताओं से उन्होंने जनपद की राजनीतिक चर्चा की। 

बृहस्पतिवार को नई टिहरी पहुंचने पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री शर्मा और परिहार का जिलाध्यक्ष उदय सिंह रावत सहित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवान ने स्वागत किया। उन्हें सभी 6 विधानसभा क्षेत्र के बारे में वर्तमान की स्थिति से अवगत कराया। वहीं महामंत्री परिहार ने कांग्रेस की न्याय यात्रा और कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के द्वारा रिज़ीम चेंज के बयान का कड़ा विरोध करते हुए माफी मांगने को कहा। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहते हुए सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का गांव गांव जाकर प्रचार प्रसार करने को कहा गया। 

सजवान ने कहा कि जिस तरह से संगठन महामंत्री शर्मा और परिहार ने चुनाव की तैयारियों को लेकर दिशा निर्देशन दिया उससे निश्चित है कि इस बार टिहरी जिले में भाजपा सभी 6 सीटों पर विजय होगी। वर्तमान में प्रतापनगर सीट को छोड़ कर 5 विधानसभा में भाजपा के विधायक हैं। लेकिन जिस तरह से पार्टी संगठन के निर्देशन में कार्य चल रहा है उससे इस बार प्रतापनगर में भी भाजपा का विधायक बनना तय है। इस मौके पर कई पदाधिकारी मौजूद थे।

फोटो:-नई टिहरी में भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्र नाथ शर्मा का स्वागत करती पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवान।


*’विशेष दिव्यांग शिविर में 42 दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए, 07 नए बैंक खाते खोले गए’*



में भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों को कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था, स्वच्छता बनाए रखने तथा सामुदायिक सहभागिता के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही, स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत संबंधित नोडल अधिकारी द्वारा उपस्थित जनमानस को मतदाता जागरूकता के प्रति जागरूक किया गया।


जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई रात्रि चौपाल के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, बागवानी, पशुपालन, रोजगार, पलायन, ग्रामीण पर्यटन एवं स्वरोजगार जैसे विषयों पर ग्रामीणों से खुला संवाद किया जाएगा। ग्राम प्रधानों, शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से भी स्थानीय समस्याओं और विकास की आवश्यकताओं पर फीडबैक लिया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और अन्य स्थानीय व्यवसायों की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना तथा स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसरों को प्रोत्साहित करना है।

रात्रि चौपाल की विशेषता यह है कि अधिकारी गांवों में समय बिताकर वहां की वास्तविक परिस्थितियों, जनसुविधाओं और ग्रामीणों की व्यावहारिक चुनौतियों को समझेंगे। रात्रि प्रवास के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को अधिक सहज एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।

जिला प्रशासन का मानना है कि रात्रि चौपाल से शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा जनसमस्याओं के समाधान, विकास कार्यों की समीक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध हो और स्थानीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके।


रात्रि चौपाल में ब्लॉक प्रमुख रायपुर श्रीमती सरोजिनी, ग्राम प्रधान शैलेंद्र चौहान, निदेशक ग्राम विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, खंड विकास अधिकारी *अपर्णा बहुगुणा,* जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसवंत सिंह चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम भारती, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


.देहरादून:


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जिलाधिकारी देहरादून के निर्देशों के क्रम में बुधवार दिनांक 21 अक्टूबर, 2026 को गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय, देहरादून में विभिन्न विभागों के संयुक्त तत्वावधान में विशेष दिव्यांग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में चिकित्सा विभाग, समाज कल्याण विभाग, बाल विकास विभाग, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक तथा निर्वाचन विभाग के स्वीप प्रभाग द्वारा प्रतिभाग किया गया।


शिविर का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करने वाले दिव्यांगजनों को विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुलभ कराना तथा आगामी निर्वाचन में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।


शिविर में चिकित्सा विभाग द्वारा 42 दिव्यांगजनों का परीक्षण कर ’25 दिव्यांगता प्रमाण पत्र’ बनाए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले दिव्यांगजनों को शिविर स्थल तक लाने एवं शिविर के उपरांत वापस छोड़ने के लिए टैक्सी वाहन की व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।


इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा शिविर में ’07 नए बैंक खाते’ खोले गए, जिससे लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की धनराशि प्राप्त करने में सुविधा मिल सके। वहीं, निर्वाचन विभाग के स्वीप प्रभाग द्वारा आगामी निर्वाचन में अधिकाधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिव्यांग मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं तथा सुगम एवं सुलभ मतदान के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही सक्षम ऐप के माध्यम से दिव्यांगजनों के पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में भी जागरूक किया गया, ताकि वे निर्वाचन के दौरान उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकें।


इस प्रकार शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को स्वास्थ्य सेवाओं, बैंकिंग सुविधाओं एवं निर्वाचन संबंधी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि दिव्यांगजनों को सरकारी सेवाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो तथा वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर एवं सशक्त बन सकें।


इस अवसर पर डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी, श्री दीपांकर घिल्डियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


इसी क्रम में इस प्रकार का अगला विशेष दिव्यांग शिविर दिनांक ’22 अक्टूबर, 2026 को खंड विकास अधिकारी कार्यालय, डोईवाला परिसर’ में आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित क्षेत्र के दिव्यांगजनों से अपील की गई है कि वे शिविर में पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ उठाएं।




*संशोधित प्रेस नोट


*ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान को देहरादून जिला प्रशासन की अनूठी पहल ‘रात्रि चौपाल’ शुरू*


*सीडीओ अभिनव शाह की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत थेवा, मालदेवता में आयोजित हुई पहली रात्रि चौपाल, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर सुनीं समस्याएं*


*क्षतिग्रस्त नहर-पुलिया, जर्जर विद्यालय भवन, फसल में रोग और जलभराव की समस्याओं पर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश*


*ग्राम स्तर की छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान, विकास योजनाओं की समीक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है रात्रि चौपाल का उद्देश्य*


*देहरादून, 21 अक्टूबर 2026 (सूवि)।* ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की धरातलीय स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन देहरादून द्वारा ‘रात्रि चौपाल’ की पहल शुरू की गई है। ‘जन सेवा–जन विश्वास–जन भागीदारी’ की भावना के अनुरूप इस पहल के तहत प्रशासनिक अधिकारी गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद  और उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों को समझते हुए समाधान की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।


इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत थेवा, मालदेवता में रात्रि चौपाल आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामवासियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। चौपाल में ग्रामीणों ने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, टूटी पुलिया, विद्यालय के जर्जर भवन, धान की फसल में रोग एवं खरपतवार से नुकसान, जंगली जानवरों से खेती को नुकसान ,सड़क निर्माण के कारण जल निकासी बाधित होने तथा विद्यालय में पेयजल की समस्या सहित विभिन्न मुद्दे उठाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि रात्रि चौपाल का प्रमुख उद्देश्य ग्राम स्तर पर उत्पन्न होने वाली छोटी-छोटी समस्याओं की पहचान कर उनका स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के निस्तारण में तेजी लाई जा सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।


रात्रि चौपाल में मालदेवता निवासी बच्चन सिंह कठैत ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर, पुलिया की मरम्मत, विद्यालय के जर्जर भवन तथा धान की फसल में रोग और खरपतवार के कारण हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया।

इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को नहर और क्षतिग्रस्त पुलिया से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को धान की फसल में रोग तथा खरपतवार से हो रहे नुकसान का परीक्षण कर उचित उपाय सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, खरपतवार की पहचान एवं उसके प्रभाव का आकलन करने के लिए नमूना पंतनगर भेजने के निर्देश दिए, ताकि समस्या के कारणों का पता लगाकर किसानों को उचित तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।

विद्यालय के जर्जर भवन के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने अवगत कराया कि भवन के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है तथा जल्द ही धनराशि उपलब्ध होने की संभावना है। इस पर विद्यालय भवन की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

सड़क निर्माण से जलभराव की समस्या पर कार्रवाई के निर्देश

क्षेत्रवासी मनोज पंवार ने अपने घर के निकट सड़क निर्माण के कारण पानी की निकासी बाधित होने और जलभराव की समस्या से मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया। इस पर उन्होंने सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग को आपसी समन्वय से जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार, ग्राम प्रधान सरखेत ने ग्रामीण विद्यालय में पानी की समस्या उठाई। मुख्य विकास अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए मौके पर ही बजट की स्वीकृति प्रदान की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे विद्यालय में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई को गति मिलेगी।

ग्रामीणों द्वारा सिंचाई की क्षतिग्रस्त नहर के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंचने की समस्या भी उठाई गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नहर की स्थिति का परीक्षण कर सिंचाई व्यवस्था सुचारू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। वहीं पेयजल लाइन के रिसाव संबंधी समस्या आने पर मुख्य विकास अधिकारी जल संस्थान अधिकारी को  तत्काल मौके पर निरीक्षण करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।


चौपाल के दौरान मालदेवता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के उच्चीकरण का विषय भी सामने आया। इस संबंध में अवगत कराया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ए श्रेणी से बी श्रेणी में उच्चीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि पीएसी में रेबीज के इंजेक्शन रखने के निर्देश देते हुए कृत कार्रवाई से अवगत कराने को भी कहा।



रात्रि चौपाल से पूर्व मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने क्षेत्र में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित राशन की दुकान तथा निर्माणाधीन पशु केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए उपलब्ध सुविधाओं और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

जिला प्रशासन की इस पहल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों को नजदीक से समझने, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने तथा आमजन को मिल रही सुविधाओं का आकलन करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों, पंचायत भवनों, राशन की दुकानों, जल जीवन मिशन की परियोजनाओं तथा अन्य सरकारी परिसंपत्तियों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाएगी।


रात्रि चौपाल में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी दी। इस दौरान ग्रामीणों से फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं की पहुंच एवं प्रभाव का आकलन किया गया।

कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा उपस्थित कृषकों को बीज वितरित किए गए। इसके माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।







*वर्ष 2031 तक की कार्ययोजना में स्थानीय समुदायों की आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देने के निर्देश*


प्रमुख सचिव, वन एवं पर्यावरण श्री आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य वन विकास अभिकरण की 7वीं राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में ग्रीन इण्डिया मिशन (GIM) योजना के अगले पांच वर्षों (वर्ष 2031 तक) के पर्सपेक्टिव प्लान की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने ग्रीन इण्डिया मिशन के तहत आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देने तथा इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन पंचायतों में भी सी-बकथोर्न का पौधरोपण करने तथा आजीविका संवर्धन से संबंधित विषयों पर शीघ्र बैठक आयोजित करने को कहा।


बैठक में अवगत कराया गया कि राज्य वन विकास अभिकरण के अंतर्गत वर्तमान में ग्रीन इण्डिया मिशन, नगर वन योजना एवं स्कूल नर्सरी योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। राज्य वन विकास अभिकरण (SFDA) का अगले पांच वर्षों यानी वर्ष 2031 तक के लिए नवीनीकरण किया गया है। बैठक में ग्रीन इण्डिया मिशन की परिप्रेक्ष्य योजना, राज्य वन विकास अभिकरण की कार्यकारिणी समिति तथा मिशन के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं दस्तावेजों की जानकारी दी गई। बताया गया कि मिशन के अंतर्गत तीन सब-मिशन में कार्य किए जाने हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य योजना के क्रियान्वयन के लिए ₹559.16 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता आकलित की गई है।


इससे पूर्व आयोजित छठी राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सभी जिलों में वन विकास अभिकरण की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। ग्रीन इण्डिया मिशन एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत सफल पौधरोपण के संबंध में नोडल अधिकारी द्वारा दिए गए सुझाव सभी प्रभागीय वनाधिकारियों (DFO) को भेजे गए हैं।


बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि ग्रीन इण्डिया मिशन के नए कार्यों को छोड़कर जुलाई 2025 एवं मई 2026 में कुल ₹31.45 करोड़ की वार्षिक परिचालन योजना (APO) भारत सरकार को भेजी गई है। धनराशि स्वीकृत एवं अवमुक्त होने के बाद स्थानीय समुदायों की आजीविका के विकास के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे।


बैठक में प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) श्री कपिल लाल, पीसीसीएफ (वन्यजीव) श्रीमती नीना ग्रेवाल, एपीसीसीएफ (प्रोजेक्ट) श्री विवेक पांडेय, अपर प्रमुख वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी (वन संरक्षण) श्रीमती मीनाक्षी जोशी, अपर सचिव श्री नवनीत पांडेय, श्री विक्रम सिंह यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।


*सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में प्राधिकरण की सख्ती, बिना नक्शे दुकानें बनाने और भवनों का उपयोग बदलने वालों पर कार्रवाई*




राजधानी देहरादून में आवासीय कॉलोनियों के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने और भवन निर्माण के नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपना लिया है। आवासीय परिसरों को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बदलने, बिना स्वीकृत मानचित्र के दुकानें बनाने और स्वीकृत नक्शे से इतर निर्माण करने वालों पर अब सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाते हुए पांच मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की। इस कार्रवाई से उन भवन स्वामियों और संचालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है, जो निर्धारित भू-उपयोग और निर्माण संबंधी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। एमडीडीए ने यह कार्रवाई माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की है। प्राधिकरण का कहना है कि शहर में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने, आवासीय क्षेत्रों की मूल प्रकृति बनाए रखने और अनधिकृत निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा।


*आवासीय कॉलोनियों में कारोबार, बिना नक्शे निर्माण पर कार्रवाई*


एमडीडीए की कार्रवाई के दौरान इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में तीन मामलों में सीलिंग की गई। वहीं, ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर क्षेत्र और महिमा इन्क्लेव में भी नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने संबंधित परिसरों का निरीक्षण कर अनधिकृत निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई की।


*इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में तीन परिसरों पर सीलिंग*


प्रवर्तन अभियान के तहत इंजीनियर इन्क्लेव फेस-1 में सबसे अधिक तीन मामलों में कार्रवाई की गई। यहां आवासीय कॉलोनी के भीतर कृष्णा डेयरी के नाम से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। प्राधिकरण ने नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने पर संबंधित परिसर को सील कर दिया। इसी क्षेत्र में रोहित विशाल द्वारा भी आवासीय कॉलोनी के भीतर व्यावसायिक दुकान का संचालन किया जा रहा था। एमडीडीए की टीम ने इस मामले में भी कार्रवाई करते हुए परिसर को सील किया। प्राधिकरण की जांच में इसी क्षेत्र में एक अन्य आवासीय परिसर में बिना स्वीकृति परिवर्तन और परिवर्धन कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने का मामला सामने आया। इस पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों में निर्धारित भू-उपयोग के विपरीत संचालित गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग करने से पहले संबंधित नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना अनिवार्य है।


*ईस्ट होप टाउन में बिना मानचित्र बनाई जा रहीं दुकानें*


अभियान के दौरान ईस्ट होप टाउन के लक्ष्मीपुर, प्रेमनगर क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई। यहां मयूर द्वारा प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना दो व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण को नियमों के विपरीत पाए जाने पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए संबंधित निर्माण को सील कर दिया। प्राधिकरण की कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए बिना व्यावसायिक निर्माण शुरू कर देते हैं। भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना और निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है।


*महिमा इन्क्लेव में हॉस्टल निर्माण सील*


एमडीडीए की टीम ने महिमा इन्क्लेव, लेन नंबर-2, केहरी गांव में भी कार्रवाई की। यहां कुन्दन सिंह द्वारा स्टिल्ट सहित तीन तलों पर हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण के अनुसार, निर्माण में स्वीकृत मानचित्र से विचलन किया गया था और भवन के उपयोग में भी बदलाव किया गया था। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए संबंधित निर्माण को सील कर दिया गया। प्राधिकरण का कहना है कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करना और भवन के उपयोग में अनधिकृत बदलाव करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



*बंशीधर तिवारी बोले—नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्ती*


एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और भू-उपयोग संबंधी नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जा रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करना और भवनों के उपयोग में अनधिकृत बदलाव करना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और शिकायतों तथा स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें और निर्धारित मानकों का पालन करें, ताकि भविष्य में सीलिंग जैसी कार्रवाई की नौबत न आए।


*मोहन सिंह बर्निया ने दिए सख्त निर्देश*


एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। सभी भवन स्वामियों और संचालकों को स्वीकृत मानचित्र तथा निर्धारित भू-उपयोग के अनुरूप ही निर्माण और संचालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रवर्तन टीमों को क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। एमडीडीए की इस कार्रवाई से साफ है कि देहरादून में अनधिकृत निर्माण और आवासीय परिसरों के दुरुपयोग के मामलों पर प्राधिकरण का शिकंजा कस रहा है। आने वाले दिनों में भी नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

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