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सभी तरह की आरक्षित श्रेणी के प्रमाणपत्रों की होगी जांच, जांच के बाद सख्त कार्रवाई* 

*मुख्यमंत्री ने कूटरचित प्रमाणपत्रों पर दिखाई सख्ती* 


नीट यू०जी० 2026 की उत्तराखण्ड राज्य केन्द्रीयकृत काउन्सिलिंग के दौरान फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लिए जाने की शिकायत पर, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। 


मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस तरह के प्रकरण में शामिल सभी 8 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए, सभी तरह की आरक्षित श्रेणी का लाभ लेने वाले प्रमाणपत्रों की जांच करने का निर्णय लिया है।

इन प्रमाण पत्रों की जाँच/सत्यापन के बाद फर्जी प्रमाण पत्र पाये जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।


नीट यू०जी० 2026 की उत्तराखण्ड राज्य केन्द्रीयकृत काउन्सिलिंग में फर्जी प्रमाणपत्र की शुरुआती शिकायत के बाद से  ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को इस मामले में दूध का दूध, पानी का पानी करने के निर्देश दिए थे।


ताकि फर्जी तथ्यों के आधार पर यही यदि किसी ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर अनुचित लाभ लिया है तो उनके खिलाफ और इसको जारी करने की प्रक्रिया में शामिल सर्जरी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा सके।इसी क्रम में जिला प्रशासन के स्तर से हुई जांच के बाद अब तक कुल 8 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त करते हुए, उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी निरस्त की जा चुकी है।

 इस बीच कुछ और छात्रों द्वारा अलग -अलग आरक्षित श्रेणियों में कूटरचित प्रमाणपत्रों का प्रयोग किए जाने की आशंका को देखते हुए, इसकी जिला प्रशासन के स्तर पर जांच चल रही है। 


इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा है कि यदि किसी अभ्यर्थी का प्रमाणपत्र कूटरचित पाया जाता है तो, ना सिर्फ प्रमाणपत्र को निरस्त किया जाएगा, साथ ही दोषियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। 


*नकल पर रोक के बाद नकली प्रमाणपत्रों पर सख्ती* 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इससे पहले सख्त नकल विरोधी कानून के जरिए भर्ती परीक्षाओं में नकल के चोर दरवाजों को हमेशा के लिए बंद कर चुकी है। इसके बाद प्रदेश में भर्ती परीक्षा पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हो रही हैं, इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने अब फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश का लाभ लेने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी स्तर पर योग्य अभ्यर्थियों का अहित नहीं होने देगी। 


*फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए प्रवेश का अपराध भी नकल जितना ही संगीन है। इसलिए प्रकरण संज्ञान में आते ही हमने अधिकारियों को इस मामले में पारदर्शी जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अब तक जांच में फर्जी प्रमाणित हो चुके प्रमाणपत्रों का निरस्त किया जा चुका है, जांच का दायरा बढ़ाते हुए, अब सभी श्रेणी के प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

 छात्रा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही की घोषणा



*राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जायेगी- मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा एवं राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से प्रश्न किए और अपने सुझाव साझा किए।


संवाद के दौरान हरिद्वार की कक्षा 11वीं की छात्रा लवप्रीत कौर ने मुख्यमंत्री से कहा कि आजकल ऑनलाइन पढ़ाई का चलन बढ़ रहा है, लेकिन कई परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वे बच्चों के लिए फोन या लैपटॉप खरीद सकें। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि ऐसे विद्यार्थियों के लिए सरकार क्या व्यवस्था करेगी।


छात्रा के प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही घोषणा की कि राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जायेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का सीधा संवाद उनकी अपेक्षाओं और सुझावों को जानने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

मेरे सपनों का उत्तराखंड’ में सीएम धामी ने युवा प्रतिभाओं से किया संवाद, तकनीक और इनोवेशन पर हुई चर्चा* 


 *उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, फैक्ट्रियों से सीधे MOU कर ट्रेड की होगी पहचान: सीएम धामी* 


‘ *सगंध मिशन’ से उत्तराखंड की विशिष्ट वनस्पतियों की खुशबू पहुंचेगी वैश्विक बाजार तक: मुख्यमंत्री धामी* 


 *पिरुल से रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दे रही सरकार, युवाओं से बोले सीएम—नई सोच ही विकसित उत्तराखंड की ताकत* 




 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ कार्यक्रम के तहत युवा प्रतिभाओं से संवाद किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने तकनीक, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, कौशल विकास, स्वरोजगार और विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार एवं सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने युवाओं की जिज्ञासाओं का उत्तर देते हुए उनके विचारों और फीडबैक को गंभीरता से सुना।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ कार्यक्रम में युवा प्रतिभाओं से संवाद कर तकनीक, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसे भविष्य के विषयों पर उनके इनोवेटिव विचारों को जानना उत्साहवर्धक रहा। युवाओं की नई सोच, बड़े सपने और आत्मविश्वास ही नए और विकसित उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत हैं।


संवाद के दौरान एक छात्र ने मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में स्थापित हो रहे उद्योगों और फैक्ट्रियों के मद्देनजर युवाओं के कौशल विकास के लिए सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों के बारे में पूछा। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए उद्योगों और फैक्ट्रियों के साथ सीधे MOU किए जा रहे हैं और उनसे यह जानकारी ली जा रही है कि उन्हें किन-किन ट्रेड एवं स्किल में प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता है। उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें और उद्योगों को भी स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।


एक अन्य छात्र ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के संबंध में सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य में संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं और पहलों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक तकनीक, ब्रांडिंग और बेहतर बाजार से जोड़कर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘सगंध मिशन’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की जैव विविधता और यहां पाई जाने वाली विभिन्न वनस्पतियों की विशिष्ट खुशबू को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन वनस्पतियों से तैयार सुगंधित उत्पादों एवं परफ्यूम को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के माध्यम से देश और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे स्थानीय संसाधनों का मूल्यवर्धन होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और उद्यमिता के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने पिरुल को भी रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की सरकार की पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में पिरुल को 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है तथा इसका उपयोग विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार करने में किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जंगलों में उपलब्ध पिरुल के बेहतर उपयोग के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए आय के नए साधन विकसित करना भी है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान उनके शिक्षा, तकनीक, नवाचार, रोजगार, स्वरोजगार और भविष्य के उत्तराखंड से जुड़े विचारों को जाना। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उत्तराखंड के विकास की यात्रा में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और नए विचारों को अवसर और मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

 मुख्यमंत्री धामी ने मियांवाला में ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का किया लोकार्पण

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 *पुराने तालाब को नया जीवन देकर विकसित किया गया जल सृष्टि पार्क, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर संगम* 


 *रायपुर क्षेत्र को मिली ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’, पार्क में पेडल बोटिंग और आइलैंड बना आकर्षण का केंद्र* 


 *स्वच्छ, स्वस्थ और हरित देहरादून के संकल्प को मिल रही नई गति : मुख्यमंत्री धामी* 


 *जल स्रोतों का संरक्षण केवल पर्यावरण बचाना नहीं, बल्कि अपनी विरासत और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना है : सीएम* 


 *विकास का अर्थ केवल कंक्रीट के ढांचे नहीं, बल्कि जीवन को आसान बनाना, शहर को सुंदर और पर्यावरण को सुरक्षित रखना : सीएम धामी* 


 *रायपुर क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों को मिल रही गति* 



 *सरकार पार्क बना सकती है, लेकिन उसे स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना समाज की भी साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री धामी* 





मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत मियांवाला, देहरादून में लगभग ₹8 करोड़ 64 लाख की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को नए पार्क की सौगात मिलने पर बधाई दी और इसे स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित देहरादून के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि रायपुर क्षेत्र के लोगों के बीच इस सुंदर पार्क का लोकार्पण उनके लिए प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘जल सृष्टि पार्क’ आधुनिक सुविधाओं और प्राकृतिक सौंदर्य का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है। पार्क को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं तक सभी आयु वर्ग के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


 *पुराने तालाब का पुनर्जीवन कर विकसित किया गया आकर्षक पार्क* 


मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पार्क के निर्माण के दौरान यहां पहले से मौजूद पुराने तालाब को समाप्त करने के बजाय उसका पुनर्जीवन किया गया है। उन्होंने कहा कि तालाब के संरक्षण और उसके आसपास सुविधाओं के विकास से इस स्थान को नई पहचान मिली है। तालाब के मध्य सुंदर आइलैंड विकसित किया गया है तथा लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि अब रायपुर क्षेत्र के लोगों को देहरादून में ही एक खूबसूरत प्राकृतिक स्थल के साथ ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ का अनुभव प्राप्त हो सकेगा।


 *जल और जंगल हमारी संस्कृति का हिस्सा, संरक्षण हमारी जिम्मेदारी* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल और जंगल को केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं माना गया, बल्कि इन्हें जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा समझा गया है। ऐसे में पुराने तालाबों और जल स्रोतों का पुनर्जीवन केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारी विरासत को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल एवं प्रकृति को सुरक्षित रखने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास का अर्थ केवल बड़ी इमारतें और कंक्रीट के ढांचे तैयार करना नहीं है। वास्तविक विकास वही है, जिससे लोगों का जीवन सुगम हो, शहर सुंदर बने, पर्यावरण सुरक्षित रहे और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य मिल सके। उन्होंने जल सृष्टि पार्क को इसी सोच का एक सुंदर उदाहरण बताया।


 *रायपुर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल सुविधाओं को मिल रही गति* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से उत्तराखंड में विकास की गति को लगातार तेज किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।


उन्होंने कहा कि इसी क्रम में रायपुर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े अनेक कार्य आगे बढ़ाए गए हैं। युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य भी जारी है। पेयजल की समस्या के समाधान के लिए नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। पुरानी पाइपलाइनों को बदलने तथा नई पेयजल लाइनें बिछाने का कार्य भी निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।


 *हरित क्षेत्रों के विकास से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को मिल रही बेहतर सुविधाएं* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस कॉलोनी, सिंयावाला, नेहरू कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में पार्कों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए गए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को अपने आसपास ही ऐसे सुंदर और हरित स्थान उपलब्ध कराना है, जहां वे स्वस्थ वातावरण में समय बिता सकें।


उन्होंने कहा कि आईटी पार्क से पॉलीटेक्निक होते हुए मंगलूवाला की ओर सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ यातायात व्यवस्था को भी सुगम बनाने में मदद मिलेगी।


 *सौंग डैम से मजबूत होगी देहरादून की पेयजल व्यवस्था* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून लगातार विस्तार ले रहा है और बढ़ती आबादी के साथ पानी की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ऐसे में सौंग डैम जैसी महत्वपूर्ण परियोजना पर भी कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे भविष्य में देहरादून की पेयजल व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में सहायता मिलेगी।


उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान बाढ़ और जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए रायपुर क्षेत्र में नदियों और बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा तथा चैनलाइजेशन के कार्य भी किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि जहां सड़क की आवश्यकता हो वहां सड़क बने, जहां पेयजल की समस्या हो वहां पानी पहुंचे, जहां जलभराव हो वहां उसका स्थायी समाधान हो और जहां हरियाली की आवश्यकता हो वहां सुंदर पार्क विकसित किए जाएं।


 *विकास का उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाना* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास किसी एक परियोजना का नाम नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाना है। जल सृष्टि पार्क भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा है, जहां पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों के लिए मनोरंजन, स्वास्थ्य और प्रकृति से जुड़ने की सुविधाएं विकसित की गई हैं।


उन्होंने इस कार्य के लिए एमडीडीए के अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह पार्क केवल रायपुर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे देहरादून के लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।


 *पार्क को अपना समझकर स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने की अपील* 


मुख्यमंत्री श्री धामी ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि सरकार पार्क का निर्माण कर सकती है, उसे सुंदर बना सकती है और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उसे लंबे समय तक स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से पार्क को केवल सरकारी संपत्ति न मानकर अपना पार्क समझने और अपने घर की तरह इसकी स्वच्छता एवं देखभाल करने का आग्रह किया।


उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं से पार्क का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा यहां खेलें, दौड़ें, योग करें और प्रकृति के बीच समय बिताएं, लेकिन इसके साथ पार्क और जलाशय की देखभाल की जिम्मेदारी भी समझें। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास से ही कोई विकास कार्य लंबे समय तक सुंदर और उपयोगी बना रह सकता है।


 *आधुनिक सुविधाओं के साथ देहरादून की हरियाली और प्राकृतिक पहचान को बनाए रखने पर जोर* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए देशभर में जाना जाता है। विकास की यात्रा में इस पहचान को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार का प्रयास है कि देहरादून में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो, लेकिन इसके साथ ही शहर के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यही राज्य सरकार के विकास मॉडल की मूल भावना है।


मुख्यमंत्री ने रायपुर क्षेत्र के लोगों को विश्वास दिलाया कि उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए सरकार इसी प्रकार निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने तथा इसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में रायपुर क्षेत्र के लोग भी इसी प्रकार अपना सहयोग और योगदान प्रदान करते रहेंगे।



 *जल सृष्टि पार्क में हर आयु वर्ग के लिए सुविधाएं, प्राकृतिक सौंदर्य बना विशेष आकर्षण* 


   एमडीडीए द्वारा मियांवाला, देहरादून में   ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित यह जल सृष्टि पार्क   एक बहुआयामी हरित एवं मनोरंजन स्थल है, जिसमें पुराने तालाब का पुनर्जीवन करते हुए उसके आसपास आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। पार्क में सुबह-शाम भ्रमण एवं दौड़ने के लिए जॉगिंग ट्रैक, योग के लिए योगा डेक, बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, फूलों एवं वनस्पतियों की जानकारी देने वाला एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, आकर्षक लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र तथा बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं। तालाब के मध्य सुंदर आइलैंड बनाया गया है और लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस प्रकार एमडीडीए ने पुराने जल स्रोत के संरक्षण को आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ जोड़ते हुए एक ऐसे खूबसूरत पार्क का विकास किया है, जो पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, स्वास्थ्य, मनोरंजन और प्राकृतिक सौंदर्य—सभी को एक स्थान पर समाहित करता है। यह कार्य देहरादून में हरित एवं पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास की दिशा में एमडीडीए के प्रयासों का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।


कार्यक्रम में विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, मेयर श्री सौरभ थपलियाल, एमडीडीए उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने मियांवाला में ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का किया लोकार्पण* 



 *पुराने तालाब को नया जीवन देकर विकसित किया गया जल सृष्टि पार्क, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर संगम* 


 *रायपुर क्षेत्र को मिली ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’, पार्क में पेडल बोटिंग और आइलैंड बना आकर्षण का केंद्र* 


 *स्वच्छ, स्वस्थ और हरित देहरादून के संकल्प को मिल रही नई गति : मुख्यमंत्री धामी* 


 *जल स्रोतों का संरक्षण केवल पर्यावरण बचाना नहीं, बल्कि अपनी विरासत और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना है : सीएम* 


 *विकास का अर्थ केवल कंक्रीट के ढांचे नहीं, बल्कि जीवन को आसान बनाना, शहर को सुंदर और पर्यावरण को सुरक्षित रखना : सीएम धामी* 


 *रायपुर क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों को मिल रही गति* 



 *सरकार पार्क बना सकती है, लेकिन उसे स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना समाज की भी साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री धामी* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत मियांवाला, देहरादून में लगभग ₹8 करोड़ 64 लाख की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को नए पार्क की सौगात मिलने पर बधाई दी और इसे स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित देहरादून के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि रायपुर क्षेत्र के लोगों के बीच इस सुंदर पार्क का लोकार्पण उनके लिए प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘जल सृष्टि पार्क’ आधुनिक सुविधाओं और प्राकृतिक सौंदर्य का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है। पार्क को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं तक सभी आयु वर्ग के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


 *पुराने तालाब का पुनर्जीवन कर विकसित किया गया आकर्षक पार्क* 


मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पार्क के निर्माण के दौरान यहां पहले से मौजूद पुराने तालाब को समाप्त करने के बजाय उसका पुनर्जीवन किया गया है। उन्होंने कहा कि तालाब के संरक्षण और उसके आसपास सुविधाओं के विकास से इस स्थान को नई पहचान मिली है। तालाब के मध्य सुंदर आइलैंड विकसित किया गया है तथा लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि अब रायपुर क्षेत्र के लोगों को देहरादून में ही एक खूबसूरत प्राकृतिक स्थल के साथ ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ का अनुभव प्राप्त हो सकेगा।


 *जल और जंगल हमारी संस्कृति का हिस्सा, संरक्षण हमारी जिम्मेदारी* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल और जंगल को केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं माना गया, बल्कि इन्हें जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा समझा गया है। ऐसे में पुराने तालाबों और जल स्रोतों का पुनर्जीवन केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारी विरासत को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल एवं प्रकृति को सुरक्षित रखने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास का अर्थ केवल बड़ी इमारतें और कंक्रीट के ढांचे तैयार करना नहीं है। वास्तविक विकास वही है, जिससे लोगों का जीवन सुगम हो, शहर सुंदर बने, पर्यावरण सुरक्षित रहे और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य मिल सके। उन्होंने जल सृष्टि पार्क को इसी सोच का एक सुंदर उदाहरण बताया।

 *रायपुर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल सुविधाओं को मिल रही गति* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से उत्तराखंड में विकास की गति को लगातार तेज किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।


उन्होंने कहा कि इसी क्रम में रायपुर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े अनेक कार्य आगे बढ़ाए गए हैं। युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य भी जारी है। पेयजल की समस्या के समाधान के लिए नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। पुरानी पाइपलाइनों को बदलने तथा नई पेयजल लाइनें बिछाने का कार्य भी निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।


 *हरित क्षेत्रों के विकास से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को मिल रही बेहतर सुविधाएं* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस कॉलोनी, सिंयावाला, नेहरू कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में पार्कों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए गए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को अपने आसपास ही ऐसे सुंदर और हरित स्थान उपलब्ध कराना है, जहां वे स्वस्थ वातावरण में समय बिता सकें।


उन्होंने कहा कि आईटी पार्क से पॉलीटेक्निक होते हुए मंगलूवाला की ओर सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ यातायात व्यवस्था को भी सुगम बनाने में मदद मिलेगी।


 *सौंग डैम से मजबूत होगी देहरादून की पेयजल व्यवस्था* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून लगातार विस्तार ले रहा है और बढ़ती आबादी के साथ पानी की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ऐसे में सौंग डैम जैसी महत्वपूर्ण परियोजना पर भी कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे भविष्य में देहरादून की पेयजल व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में सहायता मिलेगी।


उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान बाढ़ और जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए रायपुर क्षेत्र में नदियों और बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा तथा चैनलाइजेशन के कार्य भी किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि जहां सड़क की आवश्यकता हो वहां सड़क बने, जहां पेयजल की समस्या हो वहां पानी पहुंचे, जहां जलभराव हो वहां उसका स्थायी समाधान हो और जहां हरियाली की आवश्यकता हो वहां सुंदर पार्क विकसित किए जाएं।


 *विकास का उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाना* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास किसी एक परियोजना का नाम नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाना है। जल सृष्टि पार्क भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा है, जहां पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों के लिए मनोरंजन, स्वास्थ्य और प्रकृति से जुड़ने की सुविधाएं विकसित की गई हैं।


उन्होंने इस कार्य के लिए एमडीडीए के अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह पार्क केवल रायपुर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे देहरादून के लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।


 *पार्क को अपना समझकर स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने की अपील* 


मुख्यमंत्री श्री धामी ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि सरकार पार्क का निर्माण कर सकती है, उसे सुंदर बना सकती है और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उसे लंबे समय तक स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से पार्क को केवल सरकारी संपत्ति न मानकर अपना पार्क समझने और अपने घर की तरह इसकी स्वच्छता एवं देखभाल करने का आग्रह किया।


उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं से पार्क का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा यहां खेलें, दौड़ें, योग करें और प्रकृति के बीच समय बिताएं, लेकिन इसके साथ पार्क और जलाशय की देखभाल की जिम्मेदारी भी समझें। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास से ही कोई विकास कार्य लंबे समय तक सुंदर और उपयोगी बना रह सकता है।


 *आधुनिक सुविधाओं के साथ देहरादून की हरियाली और प्राकृतिक पहचान को बनाए रखने पर जोर* 


मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए देशभर में जाना जाता है। विकास की यात्रा में इस पहचान को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार का प्रयास है कि देहरादून में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो, लेकिन इसके साथ ही शहर के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यही राज्य सरकार के विकास मॉडल की मूल भावना है।


मुख्यमंत्री ने रायपुर क्षेत्र के लोगों को विश्वास दिलाया कि उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए सरकार इसी प्रकार निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने तथा इसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में रायपुर क्षेत्र के लोग भी इसी प्रकार अपना सहयोग और योगदान प्रदान करते रहेंगे।



 *जल सृष्टि पार्क में हर आयु वर्ग के लिए सुविधाएं, प्राकृतिक सौंदर्य बना विशेष आकर्षण* 

   एमडीडीए द्वारा मियांवाला, देहरादून में   ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित यह जल सृष्टि पार्क   एक बहुआयामी हरित एवं मनोरंजन स्थल है, जिसमें पुराने तालाब का पुनर्जीवन करते हुए उसके आसपास आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। पार्क में सुबह-शाम भ्रमण एवं दौड़ने के लिए जॉगिंग ट्रैक, योग के लिए योगा डेक, बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, फूलों एवं वनस्पतियों की जानकारी देने वाला एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, आकर्षक लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र तथा बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं। तालाब के मध्य सुंदर आइलैंड बनाया गया है और लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस प्रकार एमडीडीए ने पुराने जल स्रोत के संरक्षण को आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ जोड़ते हुए एक ऐसे खूबसूरत पार्क का विकास किया है, जो पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, स्वास्थ्य, मनोरंजन और प्राकृतिक सौंदर्य—सभी को एक स्थान पर समाहित करता है। यह कार्य देहरादून में हरित एवं पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास की दिशा में एमडीडीए के प्रयासों का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।


कार्यक्रम में विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, मेयर श्री सौरभ थपलियाल, एमडीडीए उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

जल सृष्टि पार्क के लोकार्पण से लौटते समय सीएम धामी ने अचानक रुकवाया काफिला, बच्चों और आमजन के साथ खिंचवाईं सेल्फी* 


 *मुख्यमंत्री को देखने उमड़े लोग, सीएम धामी ने प्रोटोकॉल से इतर आमजन के बीच पहुंचकर साझा की आत्मीयता* 

 *बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने मांगी सेल्फी, मुख्यमंत्री धामी ने रुककर हर किसी की इच्छा की पूरी* 


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को मियांवाला, देहरादून में जल सृष्टि पार्क के लोकार्पण कार्यक्रम से लौट रहे थे। इस दौरान मार्ग में जगह-जगह बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और बच्चे मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। लोगों का उत्साह और आत्मीयता देखकर मुख्यमंत्री श्री धामी ने अचानक अपना काफिला रुकवाया और स्वयं आमजन के बीच पहुंच गए।



मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे और स्थानीय लोग बेहद उत्साहित नजर आए। कई लोगों ने मुख्यमंत्री से उनके साथ फोटो और सेल्फी लेने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने भी सहजता के साथ उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए बच्चों, युवाओं, महिलाओं और अन्य लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और सेल्फी लीं।



इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। लोगों ने मुख्यमंत्री से बातचीत करते हुए अपनी भावनाएं साझा कीं। मुख्यमंत्री ने भी पूरी आत्मीयता के साथ आमजन से संवाद किया और उनकी बातों को सुना।



मुख्यमंत्री की इस सहजता और आत्मीय व्यवहार से मौके पर मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। काफिला रुकने और मुख्यमंत्री के स्वयं लोगों के बीच पहुंचने का यह दृश्य लोगों के लिए यादगार बन गया। बच्चों के चेहरे पर खुशी और स्थानीय लोगों के उत्साह ने माहौल को और भी आत्मीय बना दिया।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि " *जनता से मिलना और उनके बीच रहना उनके लिए हमेशा सुखद अनुभव रहा है। प्रदेश की जनता का स्नेह और आशीर्वाद ही उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है।"*


दिनांक: 18 सितंबर 2026


जनपद पौड़ी गढ़वाल के थाना थलीसैंण क्षेत्रान्तर्गत बैजरों में लापता चल रहे व्यक्ति की तलाश हेतु SDRF की डीप डाइविंग टीम द्वारा लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।


इसी क्रम में आज दिनांक 18/09/26 को SDRF टीम द्वारा उक्त डूबे हुए व्यक्ति की तलाश में बैजरों से चौकी बीरोंखाल तक नदी क्षेत्र में संभावित स्थानों पर गहन सर्चिंग की गई। टीम के कुशल गोताखोरों द्वारा विभिन्न स्थानों पर डाइविंग करने के साथ-साथ रेस्क्यू कांटे एवं डग्गी के माध्यम से भी तलाशी अभियान चलाया गया।


टीम द्वारा नदी क्षेत्र में काफी दूरी तक गहन सर्चिंग किए जाने के बावजूद अभी तक लापता व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सर्चिंग रिपोर्ट शून्य रही।

 दिनांक - 18/09/2026


स्थान - श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज गंगा नगर ऋषिकेश देहरादून।

जिलाधिकारी  के निर्देशों के क्रम में  

 दिनांक 18/09/2026 को जनपद देहरादून ऋषिकेश में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा ऋषिकेश चाइल्ड हेल्पलाइन टीम सदस्य व डी.सी.पी. यूं टीम सदस्य द्वारा श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश देहरादून में महिला और बच्चों के विषय में 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया जिसमें डी.सी.पी.यू. सदस्य व चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा स्कूल में उपस्थित सभी बच्चों और अध्यापको  को 1098 की विस्तृत जानकारी दी और बताया गया कि यह एक आपातकालीन निशुल्क फोन सेवा है जो मुसीबत में फंसे बच्चों की मदद करती है। 




यह रात और दिन 24 × 7 काम करती है चाइल्ड हेल्पलाइन टीम द्वारा अनाथ, गरीब और बेसहारा बच्चों, खोये पाये बच्चों को भिक्षावृत्ति और बाल श्रम वाले बच्चों, बाल विवाह रोक तथा बच्चों को शिक्षित करने आदि के विषय में जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों को गुड टच और बेड टच और पोकसो व साइबर क्राइम की जानकारी दी और सभी बच्चों व अध्यापकों को बाल कल्याण समिति के  विषय में बताया गया टीम द्वारा महिलाओ और बच्चों की संस्थाओ के विषय में भी अवगत कराया गया और बताया कि महिला से संबंधित कोई भी समस्या है आप 181 पर कॉल करें और बच्चों से संबंधित कोई भी समस्या होती है तो आप 1098 या 112 पर कॉल कर सकते हैं या फिर नजदीकी चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय आ सकते हैं। इस कैंप में सुपरवाइजर  मीना  खरोला व रंजना उनियाल और केस वर्कर अनिल बिष्ट DCPU सदस्य सम्पूर्णा भट्ट व कविता पांडे, रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन टीम सदस्य सविता गोगिया भिक्षावृत्ति टीम कार्डिनेटर राहुल सती ,मिनाक्षी नाथ थे ,जिसमें कुल उपस्थित बच्चों की संख्या 900 और अध्यापक  की संख्या 18  है इस  के बाद कैंप का समापन किया गया। कैंप का बाद  टीम द्वारा तीन बच्चों को कुडा भिनते हुए तपोवन से रेस्क्यू किया गया।  ये बच्चे  नटराज चौक के रहने वाले हैं उसके बाद तपोवन चौकी में बच्चों की  जी डी कराई गई। और मेडिकल कराने हेतु लेकर जा रहे ।


देहरादून:





भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), देहरादून एयरपोर्ट में हिंदी पखवाड़ा–2026 के अंतर्गत आज हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता, रुचि एवं कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हिंदी प्रश्न मंच का आयोजन किया गया।


यह कार्यक्रम एयरपोर्ट निदेशक श्री बी.एच. नेगी के कुशल मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में आयोजित किया गया। हिंदी प्रश्न मंच का आयोजन श्री शुभम वत्स द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का संचालन श्री अजित कुमार, राजभाषा अधिकारी द्वारा किया गया।


हिंदी प्रश्न मंच में AAI के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में श्री नितिन वर्मा, प्रबंधक (वित्त) ने प्रथम स्थान, श्री नितिन कादियान, संयुक्त महाप्रबंधक ने द्वितीय स्थान, श्री शैलेंद्र जंगपांगी, प्रबंधक (मानव संसाधन) ने तृतीय स्थान तथा श्री सक्षम सिंघल, कनिष्ठ अभियंता (वित्त) ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।


प्रश्न मंच में हिंदी भाषा, साहित्य, व्याकरण, सामान्य ज्ञान तथा राजभाषा से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे गए। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह एवं सक्रियता के साथ प्रश्नों का उत्तर देते हुए कार्यक्रम को रोचक एवं ज्ञानवर्धक बनाया।


इस अवसर पर एयरपोर्ट निदेशक श्री बी.एच. नेगी ने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा होने के साथ-साथ देश की विविध भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग से प्रशासनिक कार्यों को सरल, प्रभावी एवं जनसुलभ बनाने में सहायता मिलती है।


हिंदी पखवाड़े के दौरान देहरादून एयरपोर्ट पर हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।


कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के संकल्प के साथ हुआ।

हरिद्वार;





शिव शक्ति वेलनेस फाउंडेशन द्वारा माननीय वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों आदरणीय डॉ. ललित नारायण मिश्र , मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार एवं श्री जितेंद्र कुमार , अपर जिलाधिकारी, हरिद्वार के सफल मार्गदर्शन में हरिद्वार दीपोत्सव प्रज्वलन स्थल के सुसज्जित कार्य में सहभागिता की गई। 


कार्यक्रम में फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने निष्ठा एवं सेवाभाव के साथ अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।


कार्यक्रम का संचालन फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती शिप्रा गुप्ता जी, उपाध्यक्ष श्री भूपेश चंद्र पांडेय  एवं सचिवा श्रीमती पूनम पांडेय जी के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सामाजिक सेवा एवं जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।


इस अवसर पर सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रवक्ता आदरणीय श्रीमती रेणुका श्रीवास्तव  ने कहा कि दीप प्रज्वलन एक सुंदर एवं सकारात्मक संदेश है। यह व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हुए उसे जीवन में निरंतर उन्नति एवं श्रेष्ठ कार्यों के लिए प्रेरित करता है।


वहीं श्री विनय श्रीवास्तव , वरिष्ठ प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, रानीपुर बीएचईएल, हरिद्वार ने कहा कि दीप प्रज्वलन अपने आप में एक सांकेतिक संदेश है, लेकिन वास्तविक स्वावलंबन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को निष्ठा, परिश्रम एवं निरंतर सार्थक प्रयासों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।


फाउंडेशन की सचिवा श्रीमती पूनम पांडेय जी एवं उपाध्यक्ष श्री भूपेश चंद्र पांडेय जी ने दीपोत्सव कार्यक्रम को सराहनीय एवं प्रेरणादायी पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, सेवा भावना एवं सामाजिक दायित्व की भावना को मजबूत करते हैं।


कार्यक्रम के दौरान सचिन गांधी जी, मनीषा गुप्ता जी एवं मनीषा वर्मा जी सहित उपस्थित सदस्यों ने समाज के उत्थान एवं कल्याण के लिए निरंतर निष्ठावान प्रयास करने का संकल्प लिया।


माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित इस दीप प्रज्वलन कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, सकारात्मक ऊर्जा, स्वावलंबन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच का प्रसार करते हुए लोगों को सेवा एवं जनकल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करना रहा।


शिव शक्ति वेलनेस फाउंडेशन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने वाले सभी प्रशासनिक अधिकारियों, पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


— शिव शक्ति वेलनेस फाउंडेशन, हरिद्वार

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