Halloween party ideas 2015

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। अप्रत्याशित लाभ होगा। यात्रा होगी। व्यावसायिक अथवा निजी काम से सुखद यात्रा हो सकती है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। दूसरों से न उलझें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

Rashifal today 02 Feb 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

अप्रत्याशित खर्च होंगे। तनाव रहेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम न लें। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें। भूल करने से विरोधी बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र का विकास एवं विस्तार होगा। उपहार मिल सकता है। संतान की चिंता दूर होगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

रुका हुआ धन मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोमांस में सफलता मिलेगी, प्रसन्नता रहेगी। स्वयं के ही प्रयासों से जनप्रियता एवं मान-सम्मान मिलेगा। रुका काम समय पर पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा, नई योजनाएं बनेंगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रोजगार बढ़ेगा। सतर्कता से कार्य करें। संतान के व्यवहार से सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। आर्थिक तंगी रहेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। बाहरी सहायता से काम होंगे। ईश्वर में रुचि बढ़ेगी। कामकाज की अनुकूलता रहेगी। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा। रोमांस में सफलता मिलेगी, आपसी संबंधों को महत्व दें। पूंजी संचय की बात बनेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

चोट व रोग से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। दूसरों पर विश्वास हानि देगा। कार्य में बाधा होगी। पत्नी से आश्वासन मिलेगा। स्वयं के निर्णय लाभप्रद रहेंगे। मानसिक संतोष, प्रसन्नता रहेगी। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। दूसरों की नकल न करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। नौकरी ठीक चलेगी। धनलाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। कुछ को कार्यों में विलंब से चिंता होगी। मानसिक उद्विग्नता रहेगी। पारिवारिक जीवन संतोषप्रद रहेगा। सेहत अच्छी रहेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य के विस्तार की योजनाएं बनेंगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। लाभदायक समाचार मिलेंगे। प्रेम-संबंधों में सफलता मिलेगी। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

पिछले कुछ दिनों से चल रही आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएंगे। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा। शोक समाचार मिल सकता है। काम में मन नहीं लगेगा। विवाद से बचें। मेहनत अधिक होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

घर में शिशु आगमन से प्रसन्नता रहेगी। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्य पूर्ण होंगे। आय बढ़ेगी। मनोरंजक यात्रा होगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

अपनी कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं। नई योजनाओं की शुरुआत होगी। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न लें। लाभ होगा


 


•  बीकेटीसी ज्योर्तिमठ कार्यालय में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में विदाई सम्मान समारोह आयोजित 




ज्योर्तिमठ  1 फरवरी श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ज्योर्तिमठ में कार्यरत कार्यालय सहायक भगवती प्रसाद सती मंदिर सुरक्षाकर्मी उमेश नौटियाल शनिवार को अधिवर्षता आयु पूरी होने के पश्चात सेवानिवृत्त हो गये है।


 बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस अवसर पर बीते शनिवार 31 जनवरी को देर शाम बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में ज्योर्तिमठ कार्यालय में दोनों कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह आयोजित हुआ । कर्मचारियों के सम्मान स्वरूप माल्यार्पण पश्चात स्मृति चिह्न भेंट किया गया इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिजन भी उपस्थित रहे।


विदाई समारोह में  बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित सभी अधिकारियों कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समर्पित सेवाओं की प्रशंसा करते हुए उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।

इस अवसर पर पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट,  प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कप्रवाण,अवर अभियंता गिरीश रावत, वरिष्ठ सहायक जगमोहन बर्त्वाल, वरिष्ठ सहायक संतोष तिवारी लेखाकार भूपेंद्र रावत, संदेश मेहता,अजय सती,प्रदीप बिष्ट, अनीता उनियाल, सुनीता सकलानी, रामप्रसाद थपलियाल, विकास सनवाल, आशीष नंबूदरी सहित सभी कर्मचारी तथा स्थानीय लोग मौजूद रहे।

बजट 2026-27 से देश और राज्यों के विकास को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*

सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शानदार बजट के लिए बधाई दी

union budget 2026 2027 nirmala sitaraman


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट देश और राज्यों के विकास को नई दिशा देने के साथ ही सभी वर्गों के लिए अवसरों को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक विकास तेज करने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकासोन्मुखी और समावेशी बजट के लिए बधाई देते हुए कहा कि किसानों, महिलाओं, वंचितों, युवाओं, छोटे उद्यमियों और पिछड़े वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, उद्योग और अवसंरचना के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ये पूरे देश के साथ उत्तराखंड के लिए भी लाभकारी साबित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे।

बजट में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के लिए पर्यावरण-अनुकूल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने की योजना है। उत्तराखंड के परिपेक्ष में बजट ने पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया है, जो विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालन, उच्च मूल्य कृषि, पर्यटन और एमएसएमई के लिए किए गए बजट प्रावधान राज्य की ग्रामीण और पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और बायोफार्मा क्षेत्र में किए गए निवेश से राज्य और देश दोनों का दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बजट में घोषित योजनाओं और प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ पूरी तरह सहयोग करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट न केवल देश की आर्थिक ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों को भी समान रूप से विकास के अवसर देगा। 


भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल जी ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को शानदार, दमदार, आम आदमी की सोच वाला तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला बताया है।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण रहा, क्योंकि आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया गया। यह वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का लगातार नौवां बजट रहा, जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह 15वां बजट है। भाजपा-नीत एनडीए सरकार के कार्यकाल में निरंतर आर्थिक विकास और नियंत्रित महंगाई देखने को मिली है।

डॉ. बंसल ने कहा कि आमजन के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह केंद्रीय बजट तीन संकल्पों से सुसज्जित है। वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया, जिसका कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष का बजट 50.65 लाख करोड़ रुपये का था।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2021-22 में किए गए अपने वादे को पूरा किया है, जिसके तहत वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया था। वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा GDP का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो बजट अनुमान (BE) के अनुरूप है। वर्ष 2026-27 में यह और घटकर GDP का 4.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। सरकार ने FY27 के लिए कर्ज-GDP अनुपात 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। FY27 में 11.7 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा। 16वें वित्त आयोग की 41 प्रतिशत हिस्सेदारी की सिफारिश को भी स्वीकार किया गया है।

डॉ. बंसल ने कहा कि गरीब कल्याण के संकल्प के साथ तैयार किया गया यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास को हर घर तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। यह बजट ऐसे भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर है, जहाँ अवसर सभी की पहुँच में होंगे। पिछड़ों, दलितों और वंचित वर्गों के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि विकास की इस यात्रा में कोई भी पीछे न छूटे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ पहल के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि वित्त मंत्री जी ने बजट में उल्लेख किया है कि भारत में वर्ल्ड क्लास ट्रैकिंग की जब भी चर्चा होगी, उत्तराखंड का नाम शीर्ष पर होगा। मोदी सरकार एवं राज्य सरकार का विजन दुर्गम मार्गों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का है। यह केवल एडवेंचर टूरिज्म नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने का एक आध्यात्मिक अनुभव भी है। उन्होंने कहा कि यह बजट और इससे जुड़ी योजनाएँ देश की बहनों को ‘आर्थिक शक्ति’ बनाने के लिए समर्पित हैं।

डॉ. बंसल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालते हुए मोदी सरकार द्वारा Content Creator Labs का प्रस्ताव ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम लागू होगा। देश के प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। खेलो इंडिया मिशन प्रारंभ करने, देश में तीन नए आयुर्वेद एम्स खोलने, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु पाँच क्षेत्रीय हब स्थापित करने, बैंकिंग सेक्टर के लिए एक हाई-लेवल कमेटी गठित करने, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने, रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में सहयोग, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने, भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने तथा रोजगार सृजन हेतु अनेक कदम उठाने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान इस बजट में किए गए हैं। साथ ही मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ऐसे समय में प्रस्तुत किया गया है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की असमान मौद्रिक नीतियाँ और बढ़ता व्यापार विखंडन भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ से वित्तीय बाजारों में अस्थिरता देखी गई है। इसके बावजूद, आदरणीय प्रधान सेवक श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगतिपथ पर अग्रसर है। यह नया भारत है, जो अपनी चुनौतियों का समाधान स्वयं करना जानता है।

डॉ. नरेश बंसल ने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाले इस विकासोन्मुख बजट के लिए आदरणीय वित्त मंत्री जी, प्रधानमंत्री जी तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त किया।

द्वारा

निजी सचिव

डॉ. नरेश बंसल जी

माननीय भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं

राज्यसभा सांसद 

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे को गुरु रविदास महाराज के नाम समर्पित करना सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर समर्पित किया जाना, उनके महान विचारों, सामाजिक चेतना और मानवता के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि है। संत रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर लिया गया यह निर्णय न केवल अत्यंत सराहनीय है, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और मानव मात्र के सम्मान का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भेदभाव, ऊँच-नीच और असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाकर एक समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है।


श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों और संतों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है। आदमपुर हवाई अड्डे को संत गुरु रविदास महाराज जी के नाम से जोड़ना, उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संत रविदास जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज समरसता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।



 


परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने आम बजट पर अपना बयान जारी करते हुए कहा की आम बजट पूरी तरह से दिशाहीन और जनविरोधी है। वित्त मंत्री का भाषण केवल आंकड़ों की बाजीगरी बनकर रह गया है, जिसमें हमारे जिले के युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए कुछ भी ठोस नहीं है।

mohit uniyal parwadion congrezs


शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन बजट में निजी क्षेत्र और सरकारी भर्तियों के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया गया। सरकार ने युवाओं को एक बार फिर 'पकौड़ा अर्थव्यवस्था' के भरोसे छोड़ दिया है । 

खेती की लागत दोगुनी हो गई है, खाद-बीज के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन इस बजट में न तो MSP की कानूनी गारंटी का जिक्र है और न ही किसानों की आय बढ़ाने का कोई प्रावधान। 

पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों से त्रस्त जनता को उम्मीद थी कि टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को सरकार ने फिर से ठेंगा दिखा दिया है।

 यह बजट स्पष्ट करता है कि मोदी सरकार केवल अपने चुनिंदा पूंजीपति मित्रों की तिजोरियां भरने में लगी है, जबकि गरीब और पिछड़ा वर्ग बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरस रहा है।

 *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे को गुरु रविदास महाराज के नाम समर्पित करना सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 



PM Modi gurur RaviVidas  airport



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर समर्पित किया जाना, उनके महान विचारों, सामाजिक चेतना और मानवता के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि है। संत रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर लिया गया यह निर्णय न केवल अत्यंत सराहनीय है, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और मानव मात्र के सम्मान का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भेदभाव, ऊँच-नीच और असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाकर एक समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है।



श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों और संतों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है। आदमपुर हवाई अड्डे को संत गुरु रविदास महाराज जी के नाम से जोड़ना, उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संत रविदास जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज समरसता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।




 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज लोकभवन पहुँचकर राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) को उनके जन्मदिन के अवसर पर शुभकामनाएँ एवं बधाई दीं। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखद जीवन की कामना की।


CM dhami governor lt gurmeet




मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों का महत्वपूर्ण आधार है, जो मानव जीवन को सदाचार, सेवा और कर्तव्यबोध की प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं।


मुख्यमंत्री ने आयोजन के सफल संचालन हेतु विधायक श्री प्रेमचंद अग्रवाल एवं उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जनमानस को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" अभियान की अवधि 20 फ़रवरी तक बढ़ाई गई* 

कोई क्षेत्र नहीं रहेगा वंचित: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर सभी जिलों में फिर लगेंगे जनसेवा कैंप* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के  निर्देशों के क्रम में राज्य सरकार द्वारा जनसेवा को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन को जन-जन के और अधिक निकट लाने के उद्देश्य से संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान की अवधि को आगे बढ़ा दिया गया है।



मुख्यमंत्री श्री धामी के मार्गदर्शन में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह अभियान अब 20 फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी जनपदों में संचालित किया जाएगा। इससे पूर्व यह अभियान 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित था, जिसे जनता की सकारात्मक प्रतिक्रिया और कैंपों में बड़ी संख्या में प्राप्त हो रही शिकायतों एवं सुझावों के प्रभावी निस्तारण को देखते हुए 20 दिनों के लिए विस्तारित किया गया है।


 *अब तक हजारों लोगों को मिला सीधा लाभ* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की जन-केन्द्रित सोच का परिणाम है कि 17 दिसंबर 2025 से प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे इन कैंपों के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर जनता को राहत दी जा रही है।



 *छूटे हुए क्षेत्रों को भी किया जाएगा आच्छादित* 



मुख्यमंत्री श्री धामी ने निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में अब तक अभियान के अंतर्गत कैंप आयोजित नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी विस्तारित अवधि में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि प्रदेश का कोई भी नागरिक इस जनसेवा अभियान से वंचित न रहे।



 *मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि शासन जनता के द्वार तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास का सेतु है। हर नागरिक की समस्या का समाधान सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।


 *जिलाधिकारियों को दिए गए निर्देश* 



मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी जिलाधिकारियों को अभियान की कार्यक्रम-रूपरेखा शीघ्र सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराने तथा नियमानुसार कैंपों के आयोजन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अभियान को सुचारु, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।


यह अभियान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार की संवेदनशील, जवाबदेह और जन-समर्पित शासन व्यवस्था का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।



 *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान हमारी सरकार की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना और हर नागरिक की समस्या का समाधान करना हमारी प्राथमिकता है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश का कोई भी क्षेत्र और कोई भी नागरिक इस अभियान से वंचित न रहे।* 


— *पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*


देहरादून:




भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना प्रक्रिया के अग्रिम चरण में प्रवेश करने के दृष्टिगत जिलाधिकारी को प्रमुख जनगणना अधिकारी नामित किया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा अपेक्षा की जा रही है कि जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति, उनके साथ नियमित बैठकें आयोजित कर क्षेत्र निर्धारण, अन्तर्विभागीय समन्वय, कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की नियुक्ति की कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण कर त्वरित रूप से मंत्रालय को अवगत कराया जाए।

इसी क्रम में निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) एवं जिला प्रशासन देहरादून की संयुक्त बैठक  28 जनवरी 2026 को आहूत की गई। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कैन्ट बोर्ड गढ़ी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, छावनी परिषद क्लेमनटाउन को विधिवत लिखित सूचना एवं दूरभाष के माध्यम से अवगत कराए जाने के बावजूद उनके द्वारा बैठक में प्रतिभाग नहीं किया गया। इस पर निदेशक जनगणना द्वारा कड़ा रोष व्यक्त किया गया।


इसके पश्चात  31 जनवरी 2026 को पुनः बैठक आयोजित की गई, जिसकी सूचना  28 जनवरी 2026 को ही प्रेषित कर दी गई थी। साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा बैठक के महत्व को स्पष्ट करते हुए दोनों छावनी परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से दूरभाष पर संपर्क कर बैठक में प्रतिभाग करने का अनुरोध भी किया गया। इसके बावजूद दोनों अधिकारी पुनः बैठक में अनुपस्थित रहे।

अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण संबंधित छावनी क्षेत्रों का क्षेत्र निर्धारण नहीं हो सका तथा जनगणना से संबंधित प्रारम्भिक कार्यवाही भी प्रारम्भ नहीं हो पाई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा जिला प्रशासन देहरादून को संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध Census Act, 1948 के अंतर्गत कार्यवाही की संस्तुति की गई है।

 जिला प्रशासन देहरादून एवं निदेशक जनगणना द्वारा संयुक्त रूप से Census Act, 1948 की धारा 6, 7 एवं 11 (जिसमें एक माह तक के कारावास का प्रावधान है) के अंतर्गत अग्रिम विधिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.