Halloween party ideas 2015

आज का राशिफल

दिनाँक - 03 फरवरी,2026

दिन मंगलवार

rashifal today  03 feb 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद न करें। नौकरी करने वालों को ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा। आमदनी बढ़ेगी। रुका धन मिलने से निवेश में वृद्धि होने के योग हैं। उदर संबंधी विकार हो सकते हैं।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

विवाद से क्लेश होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। आपसी मतभेद, मनमुटाव बढ़ेगा। किसी से मदद की उम्मीद नहीं रहेगी। आर्थिक समस्या बनी रहेगी। व्यसनाधीनता से बचें। व्यापार, रोजगार मध्यम रहेगा।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

घर-बाहर तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें। नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। किसी मामले में कटु अनुभव मिल सकते हैं। सरकारी, कानूनी विवाद सुलझेंगे। जोखिम, लोभ, लालच से बचें। नया काम, व्यवसाय आदि की बात बनेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। कानूनी बाधा दूर होकर लाभ होगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। पहले किए गए कार्यों का लाभदायी फल आज मिल सकेगा। संतान के कामों से खुशी होगी। व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार की स्थिति अच्छी रहेगी। रचनात्मक काम करेंगे। कर्मचारियों पर निगाह रखें। परिवार की समस्या का उचित समाधान होगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

शारीरिक कष्‍ट से बाधा संभव है। भागदौड़ रहेगी। घर-परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। कार्यकुशलता सहयोग से लाभान्वित होंगे। काम में मन लगेगा। स्वयं का सोच अनुकूल रहेगा। रिश्तेदारों से संबंधों की मर्यादा बनाए रखें।

राशि फलादेश


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

चोट व रोग से बाधा संभव है। बेचैनी रहेगी। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। रोजगार मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सोचे कामों में मनचाही सफलता मिलेगी। व्यापारिक निर्णय समय पर लेना होंगे। पुरानी बीमारी उभर सकती है।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। नए कार्यों, योजनाओं की चर्चा होगी। लाभदायी समाचार आएँगे। समाज में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। साहस, पराक्रम बढ़ेगा। विश्वासप्रद माहौल रहेगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। धैर्य रखें। अस्वस्थता बनी रहेगी। खुद के प्रयत्नों से ही जनप्रियता एवं सम्मान मिलेगा। रोजगार के क्षेत्र में संभावनाएँ बढ़ेंगी। स्थायी संपत्ति संबंधी खटपट हो सकती है।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

प्रयास सफल रहेंगे। प्रशंसा प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्य क्षेत्र में नई योजनाओं से लाभ होगा। लगन, मेहनत का उचित फल मिल सकेगा। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। विवाद सुलझेंगे।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पुराने संगी-साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा। अच्छी व सुखद स्थितियाँ निर्मित होंगी। विरोधी आपकी छवि खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। व्यावसायिक सफलता से मनोबल बढ़ेगा।


*दर्द में डूबी मां-बेटी, कैंसर पीडित पति की सांसे बचाने को बेची कुछ जमीन, उसकी मौत पर विधवा से हड़प ली पूरी संपत्ति, प्रशासन की कार्रवाई तय*

*अपनों की प्रताड़ना झेल रहीं विधवाएं, 85 वर्षीय कम
ला देवी, 80 वर्षीय कांता देवी और पुष्पा देवी की करूण पुकार पर प्रशासन सख्त, भरण पोषण में वाद दर्ज*

*सड़क किनारे नालियां मलबे से बंद, गंदे पानी की समस्या पर नगर निगम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश*

*जनता दरबार में एडीएम ने सुनी लोगों की फरियाद, कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण*


देहरादून :




जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)  के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जनसामान्य द्वारा भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, आपदा से क्षतिपूर्ति सहायता, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों से संबंधित 190 शिकायतें/समस्याएं दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

जनता दरबार में आज मानव पीड़ा, अन्याय और सामाजिक संवेदनहीनता की मार झेल रहे अनेक नागरिकों की करुण कहानियाँ सामने आईं। निराश्रित, असहाय एवं पीड़ित जनों ने अपनी व्यथा प्रशासन के समक्ष रखी, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


80 वर्षीय असहाय विधवा कांता देवी ने आंखों में आंसू लिए अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनके दोनों पुत्रों ने उन्हें घर से बेघर कर दिया है। उनकी स्वयं की भूमि पर उन्हें झोपड़ी तक बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस गंभीर प्रकरण में एसडीएम सदर को भरण-पोषण एवं वरिष्ठ नागरिक संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वाद दायर कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


डोईवाला निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग विधवा कमला देवी तथा चंद्रबनी निवासी विधवा पुष्पा देवी ने अपने पुत्र एवं पुत्रवधू द्वारा मारपीट कर घर से निकाल देने और उनकी संपत्ति अपने नाम करने की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में भी भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत वाद पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए।


कांवली निवासी उमा देवी ने अपने पति एवं ससुराल पक्ष पर संपत्ति के अधिकार से वंचित किए जाने का आरोप लगाते हुए अपने बच्चों के नाम संपत्ति दर्ज कराने की मांग रखी, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


प्राइवेट अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराने के पश्चात संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन उनकी स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहा है और इस दुःख की घड़ी में परिजनों ने भी उनका साथ छोड़ दिया है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सरकारी अस्पताल में समुचित उपचार की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए।


डोईवाला निवासी 56 वर्षीय विधवा सुनीता देवी अपनी छोटी बालिका के साथ जनता दरबार पहुंचीं। उन्होंने बताया कि कैंसर पीड़ित पति के इलाज हेतु उन्होंने डोईवाला में स्थित एक बीघा भूमि विक्रय की थी, किंतु पति की मृत्यु के उपरांत संबंधित व्यक्ति ने उनकी सम्पूर्ण भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया। इस प्रकरण में एसडीएम एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को जांच कर पीड़िता को भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए।


उददीवाला निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग विक्रम सिंह ने पैतृक निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की, वहीं भाऊवाला निवासी दिलवर सिंह ने अपनी निजी भूमि से कब्जा हटवाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत भीतरली में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


सहस्रधारा निवासी विकास कुमार ने पारिवारिक आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए अपने बच्चे की विद्यालय फीस माफ कराने की विनम्र अपील की, जिस पर संबंधित विभाग को आवश्यक परीक्षण कर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार के दौरान कोटि कनासर क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की चारदीवारी, जोथीं क्षेत्र में पुलिया की मरम्मत तथा अतिवृष्टि के कारण आवासीय भवनों के नीचे सुरक्षात्मक कार्य न किए जाने की शिकायतें प्रस्तुत की गईं। उक्त मामलों में संबंधित उप जिलाधिकारी को स्थलीय जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

 

लालतप्पड़ माजरीग्रांट निवासी प्यारेलाल द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-07 में अधिग्रहित भूमि एवं भवन का वर्तमान सर्किल दर के अनुसार मुआवजा दिए जाने की मांग रखी गई, जिस पर संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

डीएल रोड चौक से नालापानी रोड, रिस्पना तक सड़क किनारे नालियों में बजरी एवं कीचड़ जमा होने के कारण सड़क पर गंदा पानी भरने, आवासीय भवनों की दीवारों में सीलन तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव की शिकायत पर उप नगर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए।


इसी क्रम में डोरन खास, सहस्रधारा रोड स्थित शिवाया एन्क्लेव सोसाइटी में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण  को जांच कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, डीपीओ जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।          

              


*यूएलएमएमसी की ओर से पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन*

देहरादून:



हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते भूस्खलन जोखिम और सुरक्षित विकास की चुनौती को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र द्वारा हिंदू कुश-हिमालय क्षेत्र में आपदा-सक्षम विकास विषय पर आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 02 फरवरी से 06 फरवरी 2026 तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण एवं वित्तीय प्रशासन अनुसंधान संस्थान, सुद्धोवाला, देहरादून में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, जहां भूस्खलन, भारी वर्षा और भूकंपीय गतिविधियों के कारण निरंतर खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन की प्रक्रियाओं और जोखिम को वैज्ञानिक रूप से समझने, सुरक्षित और टिकाऊ अवसंरचना विकसित करने तथा सड़कों, पुलों और जलापूर्ति जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के लिए दीर्घकालिक और लचीले इंजीनियरिंग समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न विभागों और संस्थानों की तकनीकी क्षमता को मजबूत करना, जोखिम आकलन की प्रक्रियाओं में सुधार लाना और आपदा के बाद पुनर्बहाली तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना है। 

नॉर्वे के भू-तकनीकी अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा हिमालयी परिस्थितियों के अनुरूप ढलान स्थिरता, मृदा सुदृढ़ीकरण, सॉइल नेलिंग, जल निकासी उपायों तथा उपग्रह आधारित तकनीकों के माध्यम से जोखिम मानचित्रण पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर भूस्खलन विशेषज्ञ डॉ. हाकोन हेयर्डल ने कहा कि हिमालय जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का स्वरूप लगातार बदलता रहता है, ऐसे में वैज्ञानिक अध्ययन, बेहतर पूर्व चेतावनी प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव साझा करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक साझेदारी के माध्यम से ही हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षित विकास संभव है। बता दें कि डॉ. हकोन हेयर्डल ने दुनिया भर से 32 वर्षों की भूस्खलन विशेषज्ञता और बड़े भूस्खलन जोखिम मानचित्रण और न्यूनीकरण परियोजनाओं का नेतृत्व किया है।

विश्व बैंक के प्रतिनिधि श्री अनुप करण्थ ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तराखण्ड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपदा तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद राज्य में आपदा पुनर्बहाली, जोखिम प्रबंधन और संस्थागत क्षमता निर्माण के लिए निरंतर सहयोग किया जा रहा है।  प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों द्वारा हरिद्वार स्थित मनसा देवी भूस्खलन क्षेत्र का क्षेत्रीय भ्रमण किया गया, जहां वास्तविक हिमालयी परिस्थितियों के आधार पर जोखिम विश्लेषण, न्यूनीकरण उपायों और स्थानीय स्तर पर प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणालियों का व्यावहारिक अध्ययन कराया गया। 

कार्यशाला में यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार, यूएसडीएमए के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के प्रमुख सलाहकर डाॅ. मोहित पूनिया आदि उपस्थित रहे। कार्यशाला में नेपाल एवं भूटान के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ ही भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, यूप्रिपेयर परियोजना, उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। 



कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य

हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारणों और जोखिम को बेहतर ढंग से समझना।

रेखीय विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों की क्षमता बढ़ाना।

भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण के लिए मानकीकृत और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना।

विभिन्न संस्थानों के बीच अनुभव साझा करना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना।

राज्य एवं विभागीय स्तर पर आपदा जोखिम प्रबंधन की क्षमता को मजबूत करना।

लोक निर्माण विभाग सहित रेखीय विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

सड़कों, पुलों और जलापूर्ति प्रणालियों के लिए सुरक्षित एवं टिकाऊ डिजाइन को प्रोत्साहित करना।

ढलान स्थिरता, मृदा सुदृढ़ीकरण, सॉइल नेलिंग, जल निकासी जैसे उपायों की जानकारी देना।

उपग्रह आधारित तकनीकों और भू-स्थानिक आंकड़ों के उपयोग को बढ़ावा देना।

स्थानीय स्तर पर प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना।

 सीएम धामी के सख्त निर्देश: कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं

दिल्ली एक्सप्रेसवे के बाद पर्यटन उछाल को लेकर सरकार अलर्ट

 लैंड फ्रॉड पर बनेगा सख्त कानून, दोषियों को नहीं मिलेगी राहत *नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाएगी सरकार

मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100% क्रियान्वयन अनिवार्य”


 *अभियोजन व्यवस्था पर सीएम धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए। अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यशैली और जनसेवा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस और प्रशासन का प्रत्येक विभाग आम जनमानस के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ कार्य करे।



आज सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटन प्रबंधन, राजस्व, नशा मुक्ति, अभियोजन, कारागार सुधार एवं जनशिकायत निवारण से जुड़े विषयों पर गहन समीक्षा की।



बैठक में मुख्य सचिव सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। इसे देखते हुए पर्यटकों के लिए होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूरी की जाएँ। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने बताया कि कैंची धाम बाईपास जून माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।


पुलिस व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि  थाना चौकिया सहित धरातल पर वर्क कल्चर में तत्काल सुधार किया जाए। आम आदमी के साथ मानवीयता, संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। निर्दोष नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने लैंड फ्रॉड के मामलों पर कठोर कानून बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े अपराधों में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


अपराध नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक आत्ममंथन भी आवश्यक है। पुलिस और प्रशासन के सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए।


राजस्व व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्व के वैकल्पिक स्रोत बढ़ाए जाएँ, सब्सिडी योजनाओं के आउटकम का मूल्यांकन किया जाए और राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर स्पष्ट किया कि राज्य में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर त्वरित और गंभीर संज्ञान लिया जाए। कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।


जनशिकायत निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन जिलों में सुनिश्चित किया जाए। योजनाएँ केवल फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। योजनाओं का नियमित भौतिक सत्यापन हो तथा गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।



मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए कि आपराधिक मामलों की विवेचना अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए। रात्रि गश्त को और अधिक सघन किया जाए तथा निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।

नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन के रूप में संचालित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद से मासिक नशा मुक्ति रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाए, जिसकी नियमित समीक्षा गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक द्वारा की जाएगी।

अभियोजन व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए। अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए।

कारागार विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बंदियों के लिए स्किल डेवलपमेंट, पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं मानवाधिकारों के सख्त पालन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी-नालों एवं सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणों के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, लेखपाल, पटवारी की जवाबदेही तय की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों और ऐसे अतिक्रमण को संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर गठित समितियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने 1905 हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा कर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 6 माह में विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक जनपद के गांवों को 100 प्रतिशत योजनाओं से संतृप्त किया जाए।


डिजिटल गवर्नेंस को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे केवल औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि पूरी गंभीरता के साथ धरातल पर लागू किया जाए।


चारधाम यात्रा की तैयारियों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने संबंधित जनपदों में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।


लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि सड़कों के डामरीकरण का कार्य 15 फरवरी तक प्रारंभ किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में फिल्म “जलमभूमि” के पोस्टर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक श्री के राम नेगी एवं पूरी फिल्म टीम को शुभकामनाएँ एवं बधाई दीं।


उल्लेखनीय है कि यह फिल्म 6 फरवरी को  रिलीज होने जा रही है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि “जलमभूमि” जैसी फिल्में समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती हैं और सिनेमा के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को मजबूती मिलती है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, विविध भौगोलिक परिस्थितियों, सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण के कारण फिल्म निर्माण के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में फिल्म नीति को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से त्वरित अनुमति प्रदान की जा रही है। शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे फिल्म निर्माताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा फिल्म शूटिंग पर सब्सिडी, स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को रोजगार के अवसर, तथा स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के माध्यम से राज्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म नीति का उद्देश्य केवल फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल रही है। उत्तराखंड में वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म और फीचर फिल्मों के निर्माण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 मुख्यमंत्री ने फिल्म की सफलता की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी सिनेमा और रचनात्मक उद्योगों को हरसंभव सहयोग देती रहेगी।कार्यक्रम में विधायक श्री दुर्गेश लाल भी उपस्थित रहे।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान से प्रदेशभर में प्रभावी सुशासन की मिसाल


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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुनवाई का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है।

दिनांक 02 फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 548 जनसेवा शिविर (कैंप) आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से आमजन की भागीदारी और विश्वास में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है।

 *अब तक की प्रमुख उपलब्धियाँ* 

इस जनोन्मुखी पहल के अंतर्गत अब तक कुल 4,33,581 नागरिकों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से केवल आज ही 5,398 लोगों ने कैंपों में पंजीकरण कराया। यह आंकड़ा प्रदेश की जनता के सरकार पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

जनता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष बल देते हुए अब तक कुल 42,594 शिकायतों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। वहीं 28,721 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं, जिन पर संबंधित विभागों द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।

 *योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर यह सुनिश्चित किया गया कि कैंपों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिले। अब तक—

61,054 नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया |

2,37,950 लोगों को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुँचाया गया |

यह अभियान विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है, जहाँ पहले सरकारी सेवाओं तक पहुँचना कठिन था।

 *सुशासन की दिशा में मजबूत कदम* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान इसी सोच का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें संवाद, समाधान और संतुष्टि को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य में भी इस अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक स्वरूप देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड को सुशासन, सेवा और संवेदनशीलता का आदर्श राज्य बनाया जा सके।


 देहरादूनः 2 फरवरीः



उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस पंचायत राज संगठन के प्रदेश संयोजक पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के चेयरमैन डॉ0 सुनील पंवार ने उत्तराखंड प्रदेश में राजीव गांधी पंचायत राज संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें संलग्न सूची के अनुरूप कांग्रेसजनों को पदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है (सूची संलग्न है)

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। अप्रत्याशित लाभ होगा। यात्रा होगी। व्यावसायिक अथवा निजी काम से सुखद यात्रा हो सकती है। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। दूसरों से न उलझें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

Rashifal today 02 Feb 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

अप्रत्याशित खर्च होंगे। तनाव रहेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम न लें। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें। भूल करने से विरोधी बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र का विकास एवं विस्तार होगा। उपहार मिल सकता है। संतान की चिंता दूर होगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

रुका हुआ धन मिल सकता है। निवेश शुभ रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोमांस में सफलता मिलेगी, प्रसन्नता रहेगी। स्वयं के ही प्रयासों से जनप्रियता एवं मान-सम्मान मिलेगा। रुका काम समय पर पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा, नई योजनाएं बनेंगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

वरिष्ठ जन सहायता करेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। रोजगार बढ़ेगा। सतर्कता से कार्य करें। संतान के व्यवहार से सामाजिक प्रतिष्ठा में कमी आ सकती है। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। आर्थिक तंगी रहेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। बाहरी सहायता से काम होंगे। ईश्वर में रुचि बढ़ेगी। कामकाज की अनुकूलता रहेगी। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा। रोमांस में सफलता मिलेगी, आपसी संबंधों को महत्व दें। पूंजी संचय की बात बनेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

चोट व रोग से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। दूसरों पर विश्वास हानि देगा। कार्य में बाधा होगी। पत्नी से आश्वासन मिलेगा। स्वयं के निर्णय लाभप्रद रहेंगे। मानसिक संतोष, प्रसन्नता रहेगी। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। दूसरों की नकल न करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। नौकरी ठीक चलेगी। धनलाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। कुछ को कार्यों में विलंब से चिंता होगी। मानसिक उद्विग्नता रहेगी। पारिवारिक जीवन संतोषप्रद रहेगा। सेहत अच्छी रहेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य के विस्तार की योजनाएं बनेंगी। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। रोजगार में उन्नति एवं लाभ की संभावना है। लाभदायक समाचार मिलेंगे। प्रेम-संबंधों में सफलता मिलेगी। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

पिछले कुछ दिनों से चल रही आवास संबंधी समस्या हल होगी। आलस्य न करें। सोचे काम समय पर नहीं हो पाएंगे। व्यावसायिक चिंता रहेगी। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा। शोक समाचार मिल सकता है। काम में मन नहीं लगेगा। विवाद से बचें। मेहनत अधिक होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

घर में शिशु आगमन से प्रसन्नता रहेगी। सहयोगी मदद नहीं करेंगे। व्ययों में कटौती करने का प्रयास करें। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। कार्य पूर्ण होंगे। आय बढ़ेगी। मनोरंजक यात्रा होगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

अपनी कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। आर्थिक अनुकूलता रहेगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। राज्यपक्ष से लाभ के योग हैं। नई योजनाओं की शुरुआत होगी। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न लें। लाभ होगा


 


•  बीकेटीसी ज्योर्तिमठ कार्यालय में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में विदाई सम्मान समारोह आयोजित 




ज्योर्तिमठ  1 फरवरी श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ज्योर्तिमठ में कार्यरत कार्यालय सहायक भगवती प्रसाद सती मंदिर सुरक्षाकर्मी उमेश नौटियाल शनिवार को अधिवर्षता आयु पूरी होने के पश्चात सेवानिवृत्त हो गये है।


 बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस अवसर पर बीते शनिवार 31 जनवरी को देर शाम बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में ज्योर्तिमठ कार्यालय में दोनों कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह आयोजित हुआ । कर्मचारियों के सम्मान स्वरूप माल्यार्पण पश्चात स्मृति चिह्न भेंट किया गया इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिजन भी उपस्थित रहे।


विदाई समारोह में  बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित सभी अधिकारियों कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समर्पित सेवाओं की प्रशंसा करते हुए उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।

इस अवसर पर पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट,  प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कप्रवाण,अवर अभियंता गिरीश रावत, वरिष्ठ सहायक जगमोहन बर्त्वाल, वरिष्ठ सहायक संतोष तिवारी लेखाकार भूपेंद्र रावत, संदेश मेहता,अजय सती,प्रदीप बिष्ट, अनीता उनियाल, सुनीता सकलानी, रामप्रसाद थपलियाल, विकास सनवाल, आशीष नंबूदरी सहित सभी कर्मचारी तथा स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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