Halloween party ideas 2015

 चम्पावत :


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चम्पावत में आयोजित ऐतिहासिक ‘गोल्ज्यू महोत्सव-2026’ के समापन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि चम्पावत को देश का सर्वश्रेष्ठ और आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार का ‘विकल्प रहित संकल्प’ है। 


04 मई से प्रारंभ हुए 13 दिवसीय इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक महोत्सव का आज हर्षोल्लास और जनउत्साह के साथ विधिवत समापन हो गया।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने नगरपालिका परिषद चम्पावत, जिला प्रशासन एवं समस्त क्षेत्रवासियों को इस भव्य, गरिमामयी और सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।


न्याय के देवता के रूप में पूजनीय श्री गोल्ज्यू महाराज की पावन भूमि को नमन करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का वातावरण निर्मित करते हैं। उन्होंने कहा कि गोल्ज्यू महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि चम्पावत की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त मंच है।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को महोत्सव की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों की मातृशक्ति द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिली है।


पहाड़ी दालों, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक उत्पादों एवं पारंपरिक व्यंजनों की बिक्री से स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।


उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनजागरूकता एवं स्वरोजगार आधारित स्टॉलों के माध्यम से आम जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई, जो अत्यंत सराहनीय पहल है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत जनपद चम्पावत के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में माँ वाराही धाम देवीधुरा, बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर सहित जनपद के विभिन्न धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।


उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चम्पावत में ‘गोल्ज्यू कॉरिडोर’ तथा टनकपुर में ‘शारदा कॉरिडोर’ का निर्माण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही जनपद के आंतरिक मोटर मार्गों का चौड़ीकरण, आधुनिक पार्किंग सुविधाओं का विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में प्रस्तावित आधुनिक ड्राई पोर्ट, अंतरराष्ट्रीय स्तर का साइंस सेंटर, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, आईएसबीटी टनकपुर, आंतरिक पेयजल योजनाएं तथा मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं जिले में विकास की नई इबारत लिख रही हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।


मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से विकास के इस महायज्ञ में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से विकास की गति निरंतर दोगुनी होती रहेगी। उन्होंने पुनः समस्त चम्पावत वासियों को सफल गोल्ज्यू महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।


गौरतलब है कि महोत्सव के अंतिम तीन दिनों में आयोजित ‘स्टार नाइट’ कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। समापन अवसर पर उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक इंदर आर्या, प्रख्यात गायिका माया उपाध्याय तथा युवा गायक नीरज चुफाल ने कुमाऊंनी और गढ़वाली गीतों की शानदार प्रस्तुतियों से समूचे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।


देर रात तक चले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए और इसी के साथ गोल्ज्यू महोत्सव-2026 का भव्य समापन संपन्न हुआ। 


इस दौरान दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, दर्जा राज्य मंत्री मुकेश महराणा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी एस खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बड़ी संख्या में जनपदवासी उपस्थित रहे।

*जब अफसर खुद बने मिसाल : साइकिल से दफ्तर पहुंचे बंशीधर तिवारी*



सिर्फ आदेश जारी करना आसान होता है, लेकिन खुद उस रास्ते पर चलकर उदाहरण पेश करना अलग बात है। उत्तराखंड शासन में अपर सचिव मुख्यमंत्री, महानिदेशक सूचना और एमडीडीए उपाध्यक्ष जैसे अहम दायित्व निभा रहे बंशीधर तिवारी ने आज वही कर दिखाया, जिसकी अपील वे लगातार अधिकारियों और कर्मचारियों से कर रहे हैं।


शनिवार को बंशीधर तिवारी सहस्त्रधारा रोड स्थित अपने आवास से रिंग रोड स्थित सूचना निदेशालय तक साइकिल से पहुंचे। यह सिर्फ दफ्तर पहुंचने का तरीका नहीं था, बल्कि ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदार प्रशासन का एक मजबूत संदेश भी था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जा बचत आह्वान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सूचना विभाग में प्रत्येक शनिवार “नो व्हीकल डे” मनाने का निर्णय लिया गया है। 


सूचना महानिदेश बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और साइकिल जैसे विकल्प अपनाने की अपील की है।

एमडीडीए में भी उनके नेतृत्व में “तेल बचाओ मुहिम” शुरू की गई है, जिसके तहत ईंधन बचत, सीमित बिजली उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस पहल को केवल बैठकों और फाइलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि खुद साइकिल चलाकर यह साबित किया कि बदलाव की शुरुआत हमेशा खुद से होती है।

देहरादून जैसे तेजी से बढ़ते शहर में, जहां ट्रैफिक और प्रदूषण बड़ी चुनौती बन चुके हैं, वहां एक वरिष्ठ अधिकारी का यह कदम केवल प्रशासनिक पहल नहीं बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी है। छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव बनते हैं… और बंशीधर तिवारी की यह पहल उसी सोच की एक मजबूत तस्वीर है।



 *राज्य आन्दोलनकारियों की जगी उम्मीद; डीएम ने तहसीलों से 7 दिन के भीतर समस्त लंबित सूचियों पर की रिपोर्ट तलब*



*चिन्हीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय आन्दोलनकारी समिति के सदस्यों को सम्मिलित  करने के उप जिलाधिकारियों को डीएम ने दिए निर्देश*


*जिला प्रशासन द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण; समिति के सदस्य आंदोलनकारियों द्वारा दिए गए शपथ-पत्र के आधार पर  किये जाने हेतु शासन को पूर्व में प्रेषित किया गया है पत्र; जिस पर शासन स्तर से लिया जाना है निर्णय*


*सौहार्द्धपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई बैठक, जिलाधिकारी ने एक-एक राज्य आंदोलनकारी के बारी-बारी से सुने सुझाव; शंका का किया समाधान* 


*देहरादून दिनांक 17 मई 2026(सूवि),*  जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य आन्दोलनकारियों से जुड़े विभिन्न लंबित प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित एक-एक आंदोलनकारियों के बारी-बारी से सुझाव सुने तथा उनकी शंकाओं का भी समाधान किया। 

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपनी-अपनी तहसीलों में लंबित समस्त चिन्हीकरण प्रकरणों एवं सूचियों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए 07 दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण का पारदर्शी एवं तथ्यपरक परीक्षण किया जाए। 

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चिन्हीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय आन्दोलनकारी समिति के सदस्यों को भी प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाए, जिससे वास्तविक आन्दोलनकारियों के मामलों का निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर पर लंबित मामलों से संबंधित आख्या एवं अभिलेख 07 दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध  कार्यवाही की जाएगी।

ज्ञातब्य है कि शासन द्वारा राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु वर्ष 2021 तक  प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए 06 माह का समय विस्तार प्रदान किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा इस अवधि के भीतर सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं न्यायसंगत निस्तारण हेतु गंभीरता से कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है। जिन आंदोलनकारियों के रिकार्ड नहीं मिल रहे है ऐसे आंनदोलनकारियों को चिन्हित करने हेतु  वरिष्ठ आंदोलनकारियों एवं समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए शपथपत्र के माध्यम से चिन्हीकरण किए जाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा शासन को अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया है, जिस पर शासन स्तर से निर्णय होना है। 


बैठक में उपस्थित राज्य आन्दोलनकारियों ने चिन्हीकरण प्रक्रिया को गति देने एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। आन्दोलनकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि जिलाधिकारी के कार्यकाल में लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान होगा तथा पात्र आन्दोलनकारियों को न्याय मिल सकेगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आंनद, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी, उर्मिला शर्मा, निर्मला बिष्ट, पुष्पलता सिलमाना, जयप्रकाश उत्तराखण्डी, योगेश भट्ट, ओपी उनियाल, देवी गोदियाल, डीएस गुंसाई, विवेकानंद खण्डूरी आदि उपस्थित रहे। 


 



श्री गंगोत्री धाम में स्नान के दौरान एक महिला अचानक फिसलकर भागीरथी नदी के तेज बहाव में बहते हुए नदी के बीचों-बीच बने एक टापू पर फंस गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद SDRF पोस्ट गंगोत्री की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुँची तथा बिना समय गंवाए त्वरित वाटर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।


रेस्क्यू के दौरान आरक्षी सहदेव राणा ने साहस का परिचय देते हुए स्वयं नदी के बीच टापू तक पहुँचकर महिला को सुरक्षित रेस्क्यू किया तथा अपने कंधों के सहारे नदी पार कर सुरक्षित किनारे तक पहुँचाया। वहीं मुख्य आरक्षी वीरेंद्र पंवार एवं पैरामेडिक्स अभिषेक व्यास द्वारा पूरे अभियान में सराहनीय सहयोग एवं महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।


रेस्क्यू की गई महिला श्रीमती वैशाली प्रकाश (उम्र लगभग 40 वर्ष), निवासी अकोला, महाराष्ट्र हैं। सुरक्षित रेस्क्यू के उपरांत महिला एवं उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा SDRF एवं उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई, साहस एवं सेवा भावना की मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई।

 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में अमर उजाला द्वारा आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं तथा देश और प्रदेश का भविष्य उनकी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प पर निर्भर करता है।





मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर उजाला द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है, जो युवा प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट परिणाम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विशेष रूप से बेटियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को आकार देने में गुरुजनों एवं माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के वास्तविक शिल्पकार हैं और विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्य भी प्रदान करते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार, डिजिटल लर्निंग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प की पूर्ति में शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।


 शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परिक्षाओं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 28 प्रतिशत विद्यार्थी हैं, जबकि 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 12 प्रतिशत विद्यार्थी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत राज्य में विद्यार्थियों को वैदिक गणित, रामायण, महाभारत, राज्य की संस्कृति और अध्यात्म का ज्ञान भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य ने स्कूली शिक्षा रैंकिंग में शीर्ष 10 राज्यों में स्थान प्राप्त किया है। इस अवसर पर अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी, अमर उजाला के संपादक श्री अनूप बाजपेयी मौजूद थे।


श्रमिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का सख्त कदम


देहरादून :

section 163 applied to sidccul  and selakui industrial area

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर सेलाकुई एवं सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में हाल के दिनों में बढ़ते श्रमिक असंतोष और प्रदर्शन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) देहरादून कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा तत्काल प्रभाव से जारी किया गया है।


प्रशासन को प्राप्त सूचनाओं के अनुसार सेलाकुई स्थित कुछ औद्योगिक प्रतिष्ठानों—जिनमें Lightanium Technology Pvt. Ltd., Dixon Technology तथा Global Medicos प्रमुख हैं—में श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।


प्राप्त सूचनाओं के अनुसार कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रामक सूचनाएं फैलाकर श्रमिकों को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय अभिसूचना इकाई को सक्रिय कर दिया गया है तथा औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


अपर जिलाधिकारी ने धारा-१६३ के अंतर्गत आदेश जारी किए हैं कि 

-सेलाकुई एवं सिडकुल क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के हथियार, लाठी, डंडा, तलवार या अन्य घातक वस्तु लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।


-ईंट, पत्थर या हिंसा में प्रयुक्त होने वाली वस्तुओं का संग्रह करना भी प्रतिबंधित किया गया है।


-बिना अनुमति नारेबाजी, लाउडस्पीकर का प्रयोग, सार्वजनिक सभा, जुलूस एवं प्रदर्शन आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।


-किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है।


-बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों तथा अन्य वाहनों के समूह में जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध रहेगा।


-सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश औद्योगिक क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय माना जाएगा।


जारी आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा तथा संबंधित थाना प्रभारियों को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


*जिलाधिकारी सविन बंसल ने आमजन, श्रमिक संगठन एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे शांति एवं संयम बनाए रखें तथा किसी प्रकार की अफवाहों एवं गलत सूचनाओं पर ध्यान ना दें।*










 

टिहरी गढ़वाल :





आज शनिवार को जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने विकासखण्ड चम्बा की ग्राम पंचायत चोपड़ियाली के राजस्व ग्राम लवाधार पहुंचकर फसल कटाई प्रयोग (क्रॉप कटिंग) का निरीक्षण किया।


राजस्व विभाग द्वारा चयनित कास्तकार वृजमोहन बहुगुणा के खेत में क्रॉप कटिंग का कार्य संपादित किया गया। प्रयोग के दौरान 6×5 क्षेत्रफल में गेहूं की फसल काटकर उसका वजन किया गया, जिसमें 11 किलोग्राम गेहूं की बालियों का उत्पादन प्राप्त हुआ।


इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि किसी खेत में वास्तविक पैदावार का आकलन करने के लिए खेत के एक निश्चित हिस्से की फसल काटकर उसका वजन किया जाता है। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर पूरे खेत की संभावित उपज का अनुमान लगाया जाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से जनपद एवं प्रदेश स्तर पर फसल उत्पादन के सही आंकड़े तैयार किए जाते हैं, जो कृषि योजनाओं एवं नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


इस दौरान ग्रामीणों द्वारा खेतों की जुताई के लिए पावर टिलर उपलब्ध कराने तथा खेतों के चारों ओर फेंसिंग/तारबाड़ लगाने की मांग की। जिसपर जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराडी को दूरभाष के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को पावर टिलर उपलब्ध कराने एवं खेतों की फेंसिंग कराये जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर राजस्व विभाग के कार्मिक एवं स्थानीय कास्तकार उपस्थित रहे।



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