Halloween party ideas 2015


देहरादून:



राजधानी देहरादून में ’’छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम के भव्यय आयोजन हेतु कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेश स्तर पर तैयारियां पूरी की जा रही हैं तथा कार्यक्रम स्थल पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा एवं मनोज यादव, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डाॅ0 हरक सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेतागणों ने स्वयं मोर्चा संभाला हुआ है।

उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस के  मीडिया चेयरमैंन  राजीव महर्षि ने बताया कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागणों की देखरेख में देहरादून के बन्नू ग्राउंड में कार्यक्रम के भव्य आयोजन हेतु तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम के प्रति कंाग्रेसजनों में भारी उत्साह देखने को मिला है विषेशकर युवा वर्ग श्री राहुल गांधी जी के विचारों को सुनने के लिए उत्साहित है।

कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि दिनांक 17 जुलाई, 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी देहरादून में छात्र-छात्राओं से खुले मंच पर संवाद करेंगे तथा उसी मंच से युवा नौजवान एवं छात्र हितों की लड़ाई लड़ने का आह्रवान करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकारों की नाकामी का सबसे अधिक खामियाजा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे देश के युवा एवं बेरोजगार नौजवान वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। वर्षों पढ़ाई और मेहनत करने के बावजूद उन्हें इसका प्रतिफल नहीं मिल पा रहा है तथा युवा आत्म हत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की इस पीड़ा को राहुल गांधी जी ने समझा है तथा उनकी लड़ाई लड़ने का बीडा उठाया है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकारों के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में जो भी प्रतियोगी परीक्षायें हुई हैं उन सभी में युवा नौजवानों के साथ छलावा किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक के बाद एक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होते जा रहे हैं तथा नीट परीक्षा के बाद तैयारी में अपने कई साल बरबाद कर चुके छात्र आत्म हत्या कर रहे हैं उससे यह भी साबित हो गया है कि भाजपा सरकार को देश के भविष्य कहे जाने वाले युवा वर्ग के हितों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने देश के नौजवानों की पीडा को समझा है इसी के तहत उन्होंने देशभर के युवाओं से सीधा संवाद करने के उद्देश्य से ’’छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है तथा कोटा के बाद अब देहरादून में 17 जुलाई को इसका आगाज करने जा रहे हैं।

मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने कहा कि भाजपा सरकार की अडंगेबाजी के बावजूद पार्टी स्तर पर ’’छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित करने हेतु तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। उन्होने कहा कि ’’छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम मे प्रदेश के कोने-कोने से छात्र, युवा एवं कांग्रेस कार्यकर्ता प्रतिभाग करने पहुंचेंगे तथा राज्य की भाजपा सरकार की विदाई की तारीख तय करेंगे।



 


उत्तरकाशी:


पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने जनपद के बाड़ागड्डी क्षेत्र के कुरोली, किशनपुर एवं अलेथ गांवों में आयोजित पारम्परिक फूलोई मेले में प्रतिभाग कर क्षेत्र के आराध्य देवताओं की पावन डोलियों के दर्शन एवं देव आशीर्वाद प्राप्त किया। 

इस अवसर पर उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को फूलोई मेले की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की।


इससे पूर्व उन्होंने धनारी क्षेत्र के फोल्ड गांव में आयोजित ध्याणी मिलन समारोह तथा सिरोर गांव के पारम्परिक मेले में भी सहभागिता कर ग्रामीणों से आत्मीय भेंट की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।


इस दौरान श्री सजवाण ने क्षेत्र के आराध्य भगवान श्री हरि महाराज, भगवान नागराजा देवता, माँ खण्डद्वारी, हूण देवता एवं भगवान श्री छत्र घंडियाल देवता के पावन सानिध्य में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में श्रद्धापूर्वक सहभागिता करते हुए देव आशीर्वाद ग्रहण किया।


पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने कहा कि फूलोई मेला उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था, प्रकृति के प्रति श्रद्धा और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। ऐसे पारम्परिक मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ समाज को आपसी भाईचारे और एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि मेले में ग्रामीणों के साथ आत्मीय संवाद, पारम्परिक रासो नृत्य और लोक संस्कृति की मनमोहक झलक ने पूरे वातावरण को श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा से ओत-प्रोत कर दिया।


उन्होंने कहा कि हमारी लोक परम्पराएं और सांस्कृतिक धरोहर ही हमारी वास्तविक पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी गौरवशाली संस्कृति, परम्पराओं और संस्कारों से प्रेरणा प्राप्त करती रहें।


इस दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से विभिन्न जनसरोकारों पर भी चर्चा हुई। क्षेत्रवासियों ने श्री सजवाण के जनहितैषी कार्यों, सहज एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व तथा विकासोन्मुख सोच की सराहना करते हुए उनके प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया। ग्रामीणों ने क्षेत्र के समग्र विकास और जनभावनाओं के अनुरूप नेतृत्व की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री सजवाण के प्रति व्यापक समर्थन और सकारात्मक जनभावना को भी व्यक्त किया।


अंत में श्री सजवाण ने समस्त आराध्य देवताओं से क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि देवताओं की असीम कृपा पूरे क्षेत्र पर सदैव बनी रहे तथा हमारी सांस्कृतिक परम्पराएं इसी प्रकार पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनी रहें।

  देहरादून :


कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले हुई बड़ी दुर्घटना 



राहुल गांधी के कार्यक्रम स्थल पर कांग्रेसी नेता के ऊपर  लोहे का बड़ा पिलर  गिर जाने से अमर सिंह मेहता  गंभीर घायल  हुए।

गंभीर हालत में  उन्हें सीएमआई अस्पताल में उन्हें सीएमआई अस्पताल में भर्ती  किया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित  कर दिया।

CMI हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डाक्टर महेश कुड़ियाल ने इसकी पुष्टी की।


देहरादून:




उत्तराखंड के पारंपरिक लोकपर्व हरेला के शुभ अवसर पर सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, देहरादून के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने सीआईएमएस कैंपस, कुंआवाला में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया।


इस अवसर पर एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए इसके सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, विशेष रूप से कुमाऊँ क्षेत्र में, हरेला सदियों से प्रकृति, हरियाली, समृद्धि एवं खुशहाली का प्रतीक रहा है। यह पर्व हमें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है।


उन्होंने बताया कि हरेला पर्व से नौ दिन पूर्व पाँच अथवा सात प्रकार के अनाज रिंगाल की टोकरी या पत्तों से बनी टोकरियों में बोए जाते हैं। प्रतिदिन इनकी सिंचाई कर इन्हें सुरक्षित रखा जाता है। दसवें दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद हरेले को काटकर देवताओं को अर्पित किया जाता है तथा परिवार के बड़े-बुजुर्ग इसे सभी सदस्यों के सिर पर रखकर सुख, समृद्धि और दीर्घायु का आशीर्वाद देते हैं।


एडवोकेट जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति इस अवसर पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो हरियाली बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।


उन्होंने संस्थान के छात्र-छात्राओं से अधिक से अधिक पौधरोपण करने, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।


इस अवसर पर सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय जोशी, पर्यावरण प्रेमी मनमोहन सिंह, लोक गायक गणेश कांडपाल सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

आज का राशिफल

दिनाँक 16 जुलाई,2026

दिन गुरुवार

rashifal today16 july 2026

षाढ़


 मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि तथा उन्नति मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। यात्रा की योजना बनेगी। घर-बाहर कुछ तनाव रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


वृषभ


ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। स्वादिष्ट व्यंजनों का लाभ मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेंगे। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। काम में मन लगेगा। शेयर मार्केट में लाभ रहेगा। नौकरी में सुविधाएं बढ़ सकती हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। धन प्राप्ति सुगमता से होगी।



मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

दु:खद सूचना मिल सकती है, धैर्य रखें। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। अपने काम पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। लाभ होगा।



कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

भूले-बिसरे साथी तथा आगंतुकों के स्वागत तथा सम्मान पर व्यय होगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। परिवार के सदस्यों की उन्नति के समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं, लाभ होगा।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

घर-बाहर प्रसन्नतादायक वातावरण रहेगा। नौकरी में चैन महसूस होगा। व्यापार से संतुष्टि रहेगी। संतान की चिंता रहेगी। प्रतिद्वंद्वी तथा शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। मित्रों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। यात्रा की योजना बनेगी। प्रसन्नता रहेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

यात्रा मनोनुकूल मनोरंजक तथा लाभप्रद रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। व्यापार-व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। घर-बाहर सफलता प्राप्त होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। काम में लगन तथा उत्साह बने रहेंगे। मित्रों के साथ प्रसन्नतापूर्वक समय बीतेगा।

तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बनते कामों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जीवनसाथी से सामंजस्य बैठाएं। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से बचें। बेवजह लोगों से मनमुटाव हो सकता है। बेकार की बातों पर ध्यान न दें। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी न करें।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा मनोरंजक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सुकून रहेगा। जल्दबाजी में कोई आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। कानूनी अड़चन आ सकती है। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

नई योजना लागू करने का श्रेष्ठ समय है। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। सफलता के साधन जुटेंगे। जोखिम न उठाएं।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

किसी जानकार प्रबुद्ध व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होने के योग हैं। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। किसी राजनयिक का सहयोग मिल सकता है। लाभ के दरवाजे खुलेंगे। चोट व दुर्घटना से बचें। व्यस्तता रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। विवाद से बचें। धन प्राप्ति होगी। प्रमाद न करें।

कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चोट व दुर्घटना से बचें। आय में कमी रह सकती है। घर-बाहर असहयोग व अशांति का वातावरण रहेगा। अपनी बात लोगों को समझा नहीं पाएंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। हितैषी सहयोग करेंगे। धनार्जन संभव है।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति के सहयोग से कार्य की बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। परिवार के लोग अनुकूल व्यवहार करेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। नए लोगों से संपर्क होगा। आय में वृद्धि तथा आरोग्य रहेगा। चिंता में कमी होगी। जल्दबाजी न करें।



  कांवड़ मेला 2026 के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन हेतु डीजीपी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा- सुरक्षा, यातायात, तकनीकी निगरानी एवं अंतरराज्यीय समन्वय को लेकर दिए विस्तृत दिशा-निर्देश* 


*अभेद्य सुरक्षा चक्र में रहेगा कांवड़ मेला, ATS, BDS, STF और SDRF रहेंगी 24x7 मुस्तैद, ड्रोन व CCTV से होगी राउंड-द-क्लॉक मॉनिटरिंग, साइबर कमांडो सोशल मीडिया एवं साइबर स्पेस पर रखेंगे पैनी नजर*

 *उत्तराखंड पुलिस कांवड़ मेले के सफल संचालन हेतु पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध: डीजीपी दीपम सेठ

kanwad  mela  2026 meeting  , DGP


आगामी *श्रावण कांवड़ मेला-2026* के सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन के दृष्टिगत आज *पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ* की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में एक *उच्चस्तरीय बैठक* आयोजित की गई। बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा से संबंधित जनपदों (देहरादून, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी एवं रुद्रप्रयाग), जीआरपी के पुलिस अधीक्षकों, सेनानायक एसडीआरएफ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया।


बैठक में कांवड़ मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि कांवड़ मेला एक विशाल और अति-संवेदनशील धार्मिक आयोजन है। *कांवड़ियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन, प्रभावी यातायात प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना उत्तराखण्ड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।* उन्होंने सभी अधिकारियों को समय रहते समुचित तैयारियां पूर्ण करने तथा सम्बन्धित राज्यों व विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने हेतु निर्देशित किया।


 *पुलिस महानिदेशक महोदय  द्वारा गोष्ठी में निम्न दिशा-निर्देश दिए गए :*

▪️ कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्थित संवेदनशील एवं अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों का आकलन कर वहां पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, रिजर्व फोर्स एवं महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। *कांवड़ियों की सुरक्षा के दृष्टिगत एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS), बम निरोधक दस्ता (BDS), एसटीएफ तथा अभिसूचना इकाइयों* की टीमों को प्रमुख स्थलों पर सक्रिय रखा जाए तथा संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए। *रैपिड रिस्पॉन्स टीम* को हर समय सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्यवाही की जा सके। इसके साथ ही सभी प्रमुख *स्नान घाटों पर गोताखोरों तथा SDRF* की टीमें तैनात रहें, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा सके।


▪️ कांवड़ यात्रा मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, वैकल्पिक मार्गों, पार्किंग स्थलों, होल्डिंग एरिया एवं डायवर्जन का *विस्तृत ट्रैफिक प्लान* तैयार किया जाए। इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार *उत्तराखण्ड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली एवं अन्य सीमावर्ती राज्यों में फ्लैक्स, होर्डिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं सोशल मीडिया के माध्यम से* किया जाए, ताकि श्रद्धालु पूर्व से ही निर्धारित यातायात व्यवस्था से अवगत हो सकें। साथ ही, किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए कंटिजेंसी प्लान भी पूर्व से तैयार रखा जाए। यात्रा के दौरान भारी वाहनों के समयबद्ध डायवर्जन, अस्थायी पुलिस चौकियों की स्थापना, मोबाइल पेट्रोलिंग तथा पैदल एवं डाक कांवड़ियों के लिए निर्धारित मार्ग से आवागमन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक यातायात व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन किया जाए।


▪️ सम्पूर्ण कांवड़ यात्रा मार्ग के साथ ही रेलवे परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले *कांवड़ मेला क्षेत्र को सुपर जोन, जोन एवं सेक्टरों* में विभाजित कर सुव्यवस्थित ढंग से पुलिस बल का व्यवस्थापन किया जाए, ताकि रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, प्रतीक्षालय एवं ट्रेनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।


▪️ सुरक्षा की दृष्टि से सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों, घाटों, कांवड़ मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में *सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन के माध्यम से 24x7 निगरानी* सुनिश्चित की जाए। पार्किंग स्थलों, होल्डिंग एरिया एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों का *फायर सेफ्टी ऑडिट* पूर्व में ही पूर्ण करा लिया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु पर्याप्त अग्निशमन संसाधन उपलब्ध रखे जाएं।


▪️ कांवड़ यात्रा के दौरान *सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन* सुनिश्चित कराया जाए। निर्धारित मानकों के अनुरूप कांवड़ के आकार का पालन करने, रेल की छतों पर यात्रा ना करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। साथ ही ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीजे व लाउडस्पीकरों का उपयोग माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित मानक डेसीबल सीमा के अनुरूप हो। इसके लिए राज्य की सीमाओं एवं कांवड़ यात्रा मार्गों पर नियमित चेकिंग की जाए।


▪️ सोशल मीडिया सेल के माध्यम से कांवड़ यात्रा से संबंधित यातायात, डायवर्जन, मौसम, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं नियमित रूप से साझा की जाएं तथा व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु उन्हें सीमावर्ती राज्यों की पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को टैग करते हुए प्रसारित किया जाए। साथ ही *सोशल मीडिया पर सतत निगरानी* रखते हुए किसी भी भ्रामक अफवाह या आपत्तिजनक सामग्री का तत्काल खंडन कर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। *साइबर कमाण्डोज की विशेष टीम हरिद्वार में कैम्प कर सोशल मीडिया एवं साइबर स्पेस पर 24×7 निगरानी रखेगी तथा किसी भी साइबर या सोशल मीडिया संबंधी चुनौती पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।*


▪️ अंतरराज्यीय समन्वय एवं आपात तैयारी के तहत *सीमावर्ती राज्यों एवं जनपदों के पुलिस अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय बैठकें* आयोजित की जाएं तथा इंटेलिजेंस इनपुट्स का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए।


▪️ कांवड़ मेले के दौरान *ड्यूटीरत पुलिस कर्मियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान* दिया जाए। उनकी तैनाती स्थलों के निकट ही आवास, भोजन, पेयजल, विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उनका मनोबल और कार्यक्षमता बनी रहे।


▪️ श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा असामाजिक, शरारती एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाए। *कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वालों के विरुद्ध तत्काल एवं कठोर वैधानिक कार्यवाही* सुनिश्चित की जाए।

 

*डीजीपी महोदय ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस पूर्ण समर्पण, सतर्कता एवं सेवा भावना से कार्य कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कांवड़ मेला 2026 शांति, सुरक्षा और समन्वय के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हो।*


*बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन- श्री ए. पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार/फायर सर्विस- श्रीमती विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात- श्री कृष्ण कुमार वी.के, पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ- श्री नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक- श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ/कुम्भ मेला- श्री योगेन्द्र सिंह रावत, पुलिस महानिरीक्षक, मुख्यालय/पी एंड एम- श्री बरिन्दरजीत सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था- श्री धीरेन्द्र गुंज्याल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ- श्री अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना- श्री मणीकान्त मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।*


 फलदार पौधों का किया निःशुल्क वितरण*


*प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधारोपण और संरक्षण की अपील, हरेला पर्व की दी शुभकामनाएं*



देहरादून,


 प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उत्तराखण्ड की समृद्ध पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक हरेला पर्व की पूर्व संध्या पर अपने कैंप कार्यालय में उद्यान विभाग द्वारा आयोजित निःशुल्क फलदार पौधा वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों एवं आम नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान आम, लीची, अमरूद, नींबू, अनार, कटहल सहित विभिन्न फलदार, सगंध एवं औषधीय प्रजातियों के पौधों का निःशुल्क वितरण किया गया।


इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेला उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है। केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि पिछले वर्ष हरेला पर्व के अवसर पर उद्यान विभाग द्वारा 9 लाख से अधिक फलदार पौधों का रोपण किया गया था। इस वर्ष इस अभियान का विस्तार करते हुए 10 लाख फलदार पौधों, 50 हजार चाय के पौधों तथा 50 हजार रेशम विभाग के पौधों सहित कुल 11 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ आज देहरादून जनपद से किया गया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि फलदार पौधों को प्राथमिकता देने का उद्देश्य यह है कि लोग फलों के प्रति स्वाभाविक लगाव के कारण इन पौधों की नियमित देखभाल करते हैं, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना भी बढ़ती है और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को भविष्य में आर्थिक एवं पोषण संबंधी लाभ भी प्राप्त होगा। कृषि मंत्री ने प्रदेशवासियों से हरेला पर्व पर अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनका संरक्षण करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और स्वच्छ उत्तराखण्ड के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।


इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर, सरकार में दायित्वधारी ज्योति कोटिया,  निदेशक उद्यान डॉ आरके सिंह, निदेशक कृषि दिनेश कुमार, मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग सहित अन्य अधिकारीगण एवं कृषकगण उपस्थित रहे।

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