सेवा-सुशासन पखवाड़ा और कैबिनेट के अहम फैसले
राज्य में ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ बना सुशासन की नयी पहचान*
*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्यभर में संचालित हो रहा जन सम्पर्क अभियान*
*इस अभियान के तहत 73 कैम्पों में 64 हजार से अधिक लोगों ने की भागीदारी*
*22 हजार से अधिक लोगों को किया गया लाभान्वित*
*5 हजार जन-शिकायतों का किया गया निस्तारण*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”- ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान और जन-समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। यह अभियान न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक परिवर्तन का उदाहरण बना है, बल्कि इससे राज्य सरकार और आम नागरिक के मध्य प्रभावी समन्वय भी बना है। इस आयोजन के तहत 09 जुलाई, 2026 तक आयोजित कार्यक्रमों की प्रगति से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी एवं वास्तविक परिणाम देने में सफल रही है।
प्रदेश के सभी जनपदों में 04 से 09 जुलाई, 2026 तक कुल 73 जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 64 हजार 192 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। यह जन-भागीदारी इसका प्रमाण है कि यह कार्यक्रम जनता की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ा हुआ है और लोगों ने इसे पूरे विश्वास के साथ अपनाया है। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे जनता के द्वार पहुँचा है। जिससे पर्वतीय, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों की समस्याओं के समाधान की राह प्रशस्त हुयी है।
इन शिविरों में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 21 हजार 908 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि जन-कल्याणकारी योजनाएँ पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप से पहुँच रही हैं। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर राज्य सरकार द्वारा जनसुविधा एवं पारदर्शिता दोनों को सुदृढ़ किया गया है।
इस दौरान 05 हजार 567 शिकायतें एवं प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 04 हजार 901 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों को भी समयबद्ध कार्य-योजना के तहत संबंधित विभागों को प्रेषित कर निरंतर निगरानी में रखा गया है, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। इन शिविरों में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों से संबंधित कुल 02 हजार 522 आवेदन प्राप्त हुए। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार की यह पहल गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।
इन आयोजनों की सफलता के संबंध में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि अधिकारी जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने प्रत्येक कैम्प में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की तथा यह निर्देश दिए कि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निस्तारण किया जाए। इस पहल से प्रशासनिक तंत्र को और अधिक संवेदनशील बनाने में भी मद्द मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ राज्य में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान है। इन अभियानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा ऐसे आयोजनों के माध्यम से शासन व प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, राज्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से समस्याओं के त्वरित समाधान की संस्कृति विकसित हुई है।
*मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न*
*उच्च शिक्षा, पर्यटन, शिक्षा, वित्त, रोजगार, वन संरक्षण एवं प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी*
देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज आयोजित राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, शिक्षा, पर्यटन, वित्तीय प्रशासन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण तथा सुशासन को गति देने वाले अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।
*पिथौरागढ़ में सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के विस्तार के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी*
एआईसीटीई मानकों के अनुरूप पिथौरागढ़ के मढ़धुरा स्थित निर्माणाधीन नन्हीं परी सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के समुचित विकास के लिए कुल 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया गया। इससे शैक्षणिक भवन, छात्रावास, फैकल्टी आवास, खेल परिसर, ऑडिटोरियम तथा आधुनिक प्रयोगशालाओं सहित विश्वस्तरीय शैक्षणिक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
*पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता, उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी*
राज्य में साहसिक पर्यटन को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से "उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026" के प्रख्यापन को स्वीकृति दी गई। नई नियमावली में सुरक्षा मानकों को प्रभावी बनाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं।
*श्रीनगर में अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से मिलेगा गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन*
पीएम पोषण योजना के अंतर्गत श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) स्थित केंद्रीकृत किचन से अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा चयनित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की गई।
*राज्य भण्डारण निगम के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ*
उत्तराखण्ड राज्य भण्डारण निगम के नियमित 68 कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा तथा व्यय निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा।
*कुंभ मेला-2027 की पारदर्शी लेखा परीक्षा के लिए दो पदों का सृजन*
हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की समवर्ती लेखा परीक्षा को प्रभावी बनाने हेतु एक तकनीकी विशेषज्ञ तथा एक वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी सहित कुल दो पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई।
*उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी*
उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में पदोन्नति संबंधी उत्पन्न विसंगतियों को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।
*वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ होगा और अधिक सशक्त*
राज्य में वित्तीय अनुश्रवण एवं लेखा परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ की संरचना को अद्यतन करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत पदों के उच्चीकरण, भर्ती स्रोत में परिवर्तन तथा दो नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।
*विदेशों में रोजगार के अवसरों से जुड़ेंगे उत्तराखण्ड के युवा*
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत सहसपुर स्किल हब में स्थापित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के सफल संचालन हेतु सात पदों वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन को मंजूरी दी गई। इससे युवाओं को विदेशों में उपलब्ध रोजगार अवसरों, प्रशिक्षण एवं नियोजन से जोड़ने में सहायता मिलेगी।
*बापूग्राम आरक्षित वन प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन पर कैबिनेट का मार्गदर्शन*
ऋषिकेश स्थित बापूग्राम आरक्षित वन से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन एवं भावी कार्यवाही के संबंध में कैबिनेट ने आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
*अरेबिया मदरसों की अनुदान योजना का बजट मद वित्तीय वर्ष 2027-28 से समाप्त*
राज्य में लागू नई अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2027-28 से "अरेबिया मदरसों को अनुदान" संबंधी बजट मानक मद को समाप्त (विलोपित) किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की। नई व्यवस्था के तहत केवल उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त संस्थान ही संचालित होंगे।
कैबिनेट के इन निर्णयों से राज्य में उच्च शिक्षा, पर्यटन, स्कूली शिक्षा, वित्तीय सुशासन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण तथा प्रशासनिक व्यवस्था को नई गति मिलने के साथ विकास एवं जनकल्याण के प्रयास और अधिक प्रभावी होंगे।







