Halloween party ideas 2015


*शारदा घाट परियोजना के अन्तर्गत सिटी ड्रेनेज प्लान के लिए स्वीकृत किये गये ₹ 65.65 करोड*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा घाट परियोजना के अन्तर्गत सिटी ड्रेनेज प्लान फेज-1 निर्माण हेतु ₹ 65.65 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

*जॉलीग्रान्ट एयरपोर्ट में स्टेट गेस्ट हाउस के निर्माण हेतु स्वीकृत किये गये ₹ 4.46 करोड* 

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून के अन्तर्गत जॉलीग्रान्ट एयरपोर्ट देहरादून में स्टेट गेस्ट हाउस के निर्माण हेतु ₹ 4.46 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

*क्षतिग्रस्त पटवारी चौकियों के पुनर्निर्माण के लिए स्वीकृत किये गये ₹ 15 करोड*

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों के माध्यम से प्राप्त प्रस्तावानुसार 30 से 70 प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त 225 पटवारी चौकियों एवं 70 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त 37 पटवारी चौकियों के पुनर्निर्माण/निर्माण कार्य हेतु आपदा मोचन निधि से ₹ 15 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


*सडक निर्माण, जल संवर्द्धन एवं वाहन क्रय किये जाने हेतु स्वीकृत किये गये 3.73 करोड*

CM Dhami approved various schemes in new year2026

नववर्ष के प्रथम दिवस पर  मुख्यमंत्री को बधाई एवम शुभकामनाये  प्रेषित करते हुए भाजपा की वरिष्ठ नेत्री सुनीता बौड़ाई ने  पटना के मोटर रोड़ , बीरो खाल  जिला निर्माण तथा दिउली राजकीय ईटंर कालेज के विषय मे  वार्ता की।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के अन्तर्गत सहायक नदी/धारा उपचार-(कालसन भोलेश्वर) से समग्र जल संरक्षण/जल संवर्द्धन तथा मृदा संरक्षण उपचार/पुरोद्धार से संबंधित कार्य हेतु ₹ 3.39 करोड¬ की योजना जलागम प्रबन्धन के अन्तर्गत स्वीकृत किये जाने तथा राजस्व परिषद द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के क्रम में जिला कार्यालय, देहरादून हेतु निष्प्रयोज्य वाहनों के स्थान पर 03 बोलेरो वाहन प्रति वाहन मूल्य ₹ 10.00 लाख की दर से क्रय किये जाने के साथ ही जनपद चमोली के अन्तर्गत विकासखण्ड पोखरी में डिग्री कॉलेज पोखरी मोटर मार्ग के कि०मी०-01, हेमी 2-4 से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के न्यायालय एवं आवास तक मोटर मार्ग का नवनिर्माण (प्रथम चरण का कार्य लम्बाई-0.500 किमी०) कार्य हेतु ₹ 4.17 लाख की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

 उत्तराखण्ड में सुशासन की नई परिभाषा — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ऐतिहासिक जनसंपर्क अभियान

 सरकार पहुँची जनता के द्वार: ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम में रिकॉर्ड निस्तारण

 मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में जवाबदेह शासन की मिसाल

 शिकायत से समाधान तक—एक ही मंच पर जनता को मिला भरोसा




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है। यह कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक परिवर्तन का उदाहरण है, बल्कि इसने सरकार और आम नागरिक के बीच की दूरी को भी प्रभावी रूप से समाप्त किया है। आज 02 जनवरी 2026 को आयोजित कार्यक्रम की दैनिक प्रगति रिपोर्ट यह स्पष्ट दर्शाती है कि राज्य सरकार अब काग़ज़ी योजनाओं से आगे बढ़कर ज़मीनी स्तर पर वास्तविक परिणाम देने में सफल हो रही है।

प्रदेश के सभी 13 जनपदों में एक ही दिन में कुल 204 जनसेवा कैम्पों का आयोजन किया गया, जिनमें 1 लाख 35 हजार 194 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। इतनी व्यापक जनभागीदारी इस तथ्य की पुष्टि करती है कि यह कार्यक्रम जनता की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ा हुआ है और लोगों ने इसे पूरे विश्वास के साथ अपनाया है। इन कैम्पों के माध्यम से शासन-प्रशासन पहली बार सीधे जनता के द्वार पहुँचा, जिससे ग्रामीण, पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला अथवा तहसील मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।



कार्यक्रम के दौरान कुल 17 हजार 747 शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 12 हजार 776 मामलों का मौके पर अथवा त्वरित कार्यवाही के माध्यम से निस्तारण किया गया। यह आँकड़ा दर्शाता है कि लगभग तीन-चौथाई समस्याओं का समाधान तत्काल किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता, निर्णय क्षमता और जवाबदेही का स्पष्ट प्रमाण है। शेष मामलों को भी समयबद्ध कार्ययोजना के तहत संबंधित विभागों को प्रेषित कर निरंतर निगरानी में रखा गया है, जिससे कोई भी शिकायत लंबित न रहे।



इन कैम्पों में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी एवं अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों से संबंधित कुल 19 हजार 734 आवेदन प्राप्त हुए। इससे यह स्पष्ट होता है कि आम नागरिकों को अब मूलभूत सेवाओं के लिए अनावश्यक विलंब या औपचारिकताओं का सामना नहीं करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा सेवाओं को नागरिकों के निकट लाने की यह पहल विशेष रूप से गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई है।



इसके अतिरिक्त, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 77 हजार 203 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। यह संख्या इस बात का ठोस प्रमाण है कि योजनाएँ अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप से पहुँच रही हैं। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराकर सरकार ने जनसुविधा और पारदर्शिता दोनों को सुदृढ़ किया है।



इस कार्यक्रम की सफलता के मूल में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए स्पष्ट, सख्त और परिणामोन्मुख निर्देश रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरंभ से ही यह सुनिश्चित किया कि अधिकारी जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने प्रत्येक कैम्प में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की तथा यह निर्देश दिए कि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही लंबित मामलों की जिला और राज्य स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग, कमजोर वर्गों, दिव्यांगों, बुज़ुर्गों और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को प्राथमिकता तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने जैसे निर्देशों ने प्रशासनिक तंत्र को अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाया।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  “ *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार उत्तराखण्ड में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान है। हमारी सरकार का मानना है कि लोकतंत्र तभी सशक्त होता है जब सरकार स्वयं जनता तक पहुँचे। इस कार्यक्रम के माध्यम से हमने यह सुनिश्चित किया है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सके। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वास, समाधान और संवेदनशीलता पर आधारित उत्तराखण्ड मॉडल ऑफ गुड गवर्नेंस है।”* 


 मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यापक अभियान के माध्यम से न केवल प्रशासन पर जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, बल्कि बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगा है। सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से समस्याओं के त्वरित समाधान की संस्कृति विकसित हुई है और शासन की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम आज उत्तराखण्ड में सुशासन की नई पहचान बन चुका है और यह आने वाले समय में भी राज्य के विकास और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।





जिला प्रशासन के लक्ष्य तय; बालिकाओं को बनाना ही है सशक्त; 04 बालिका बनी नंदा-सुनंदा; 1.55 लाख से शिक्षा पुनर्जीवित


 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा 11वां संस्करण; अब तक 93 बालिकाओं की शिक्षा 33.50 लाख से पुनर्जीवित

परिस्थितियों की मार झेल रही जीविका अंथवाल पिता आईसीयू में भर्ती; जिला प्रशासन बना सहारा शिक्षा पुनर्जीवित

पिता कि हो गई मृत्यु, परिवार पर टूटा मुसीबतों का पहाड़; नंदनी राजपूत व नव्या नैनवाल की शिक्षा हुई बाधित तो दोनों परिवारों की बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने को जिला प्रशासन ने बढाए हाथ

बालिका दिव्या के दिव्यांग माता-पिता की खराब आर्थिकी; आंकाशी की दयनीय परिवारिक स्थिति दोनो परिवारों की बेटियों की शिक्षा जिला प्रशासन ने की पुनर्जीवित

आप अपने लक्ष्य लिए कड़ी मेहनत करें; निर्धनता, परिस्थियां मेधावियों की शिक्षा के आडे़ नही आने देगा जिला प्रशासनःडीएम 


देहरादून:



नववर्ष के प्रथम दिवस जिला प्रशासन देहरादून द्वारा समाज के अंतिम छोर पर खड़ी जरूरतमंद बालिकाओं के जीवन में शिक्षा की नई किरण प्रज्वलित की गई। जिला कलेक्टेªट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत 04 बालिकाओं की बाधित शिक्षा को 1.55 लाख धनराशि से पुनर्जीवित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री सविन बंसल द्वारा बालिकाओं को शिक्षा सहायता हेतु चेक वितरित किए गए।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि प्रोजेक्ट नंदादृसुनंदा के अब तक 11वां संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 33.50 लाख रुपये की सहायता से 93 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि नववर्ष की शुरुआत हम सभी पूजा-अर्चना से करते हैं, ऐसे में वर्ष के प्रथम दिवस जरूरतमंद नंदा-सुनंदा बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित कर कार्य की शुरुआत करना अत्यंत संतोष और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश एवं निरंतर प्रयास रहते हैं कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों को जनकल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाए। इसके लिए जिलों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं सृजित करने निर्देश दिए गए हैं। 

जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से जनपद देहरादून में प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा सहित कई महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकारों से जुड़े नवाचारात्मक प्रोजेक्ट संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियाँ आती रहती हैं, उनसे घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि साहस एवं संकल्प के साथ उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह सहयोग तभी सार्थक होगा जब बालिकाएं लक्ष्य निर्धारित कर पूरी निष्ठा और परिश्रम के साथ शिक्षा जारी रखेंगी। उन्होंने अपेक्षा की कि भविष्य में सक्षम होने के उपरांत बालिकाएं अन्य जरूरतमंदों की सहायता हेतु आगे आएँगी तथा समाज सेवा, संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना को आत्मसात करेंगी। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सरकार एवं जिला प्रशासन बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव सहयोगी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान लाभान्वित बालिकाओं ने भावुक होकर जिला प्रशासन एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

बालिका नंदनी राजपूत ने बताया कि वर्ष 2018 में उनके पिता का दुर्घटना में निधन हो गया था। वह तीन बहनें हैं और माता सिलाई-बुनाई कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। आर्थिक तंगी के कारण 11वीं कक्षा की फीस जमा न हो पाने से उनकी शिक्षा बाधित हो रही थी, जिसे जिला प्रशासन ने पुनर्जीवित किया। बालिका दिव्या ने बताया कि उनके पिता दुर्घटना में दिव्यांग हो गए थे और लगभग 18 माह तक बेड पर रहे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो गई। गरीबी उनकी पढ़ाई में बाधा बनने लगी थी, ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा उनकी 9वीं कक्षा की शिक्षा पुनर्जीवित की गई। आकांशी धीमान ने बताया कि परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण उनकी 8वीं कक्षा की पढ़ाई बाधित हो रही थी, जिसे जिला प्रशासन की सहायता से पुनः सुचारू किया गया। नव्या नैनवाल ने बताया कि पिता की मृत्यु के उपरांत परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और उनकी शिक्षा उनके परिजन पर बोझ बन गई थी, जिसे जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ पुनर्जीवित किया।

इसके अतिरिक्त दून विश्वविद्यालय से स्नातक कर रही जीविका अंथवाल ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं और आईसीयू में भर्ती हैं। आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण उनकी उच्च शिक्षा बाधित हो रही थी। अपनी व्यथा सुनाते हुए वह भावुक हो उठीं और बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से उनकी शिक्षा पुनर्जीवित हो सकी है। कार्यक्रम का समापन लाभार्थी बालिकाओं द्वारा सरकार, माननीय मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती सहित सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकत्री तथा बालिओं के अभिभावक उपस्थित रहे। 


*बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने नये वर्ष की शुभकामनाओं के साथ शीतकालीन यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को दिया आमंत्रण* 







  देहरादून: 


शीतकालीन पूजा स्थल 


 योगबदरी पांडुकेश्वर।

श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ 

श्री नृसिंह मंदिर उखीमठ



श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश विदेश के तीर्थयात्रियों को नये वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए शीतकालीन यात्रा हेतु आमंत्रण दिया,कहा कि यात्रा वर्ष 2026के मद्देनजर 

बीकेटीसी यात्रा कार्ययोजनाएं बनायेगी। कहा कि नया वर्ष सबके  जीवन में सुख, समृद्धि,उलास और निरंतर प्रगति लेकर आये ऐसी  मंगलकामना की है उन्होंने भगवान बदरीविशाल एवं भगवान केदारनाथ जी से सबके कल्याण की कामना की है साथ ही श्री बदरीनाथ केदारनाथ धाम के 31 दिसंबर के फोटो भी जारी किये।


बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि अभी तक 17 हजार से अधिक श्रद्धालु श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम के शीतकालीन पूजा स्थलों में दर्शनार्थ पहुंच चुके है। 31 दिसंबर तक श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में 4452 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे वहीं श्री योगबदरी पांडुकेश्वर में 467 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये,इसी तरह भगवान केदारनाथ जी के शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में 12430 तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर लिए है इस तरह यह संख्या 17349 पहुंच गयी है।


हेमंत द्विवेदी ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी जी का ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र को प्रदेश के  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने नये वर्ष के प्रारंभ से पहले ही आत्मसात किया है। वर्तमान में "जन जन की सरकार जन जन के द्वार" कार्यक्रम  से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।


 श्री बदरीनाथ–केदारनाथ धाम की परंपराएं, आस्था और सेवा-भावना हमारी पहचान हैं। यात्रा वर्ष 2026  हेतु श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति  तीर्थयात्रियों की सुविधा, व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा शीतकालीन यात्रा के प्रोत्साहन जैसे प्रयास निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। 



 

देहरादून, 02 जनवरी:



 कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज गढ़ी कैंट स्थित गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज में युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग द्वारा शिक्षा एवं खेल विभाग के सहयोग से आयोजित विधानसभा स्तरीय विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025-26 का चैंपियनशिप ट्रॉफी के फ्लैग के मध्यम से ध्वजारोहण कर विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री जोशी ने 800 मीटर की दौड़ में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि खेल महाकुंभ-2025 की प्रतियोगिताएं विगत सात वर्षों से युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग द्वारा शिक्षा एवं खेल विभाग के सहयोग से आयोजित की जाती रही हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष इन प्रतियोगिताओं को मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के नाम से आयोजित किया जा रहा है, जो एक सराहनीय पहल है।


मंत्री जोशी ने कहा कि विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताओं के स्थान पर अब विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी तथा जनपद स्तर की प्रतियोगिताएं सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी के नाम से आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में सीधे विधानसभा स्तर पर अंडर-14 एवं अंडर-19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं की खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, पिट्ठू एवं मुर्गा झपट जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि विधायक स्तर पर विजेता खिलाड़ी आगे चलकर सांसद स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इन खेल प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खेलों का वातावरण तैयार करना, ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देना, विद्यार्थियों को ई-कल्चर से पी-कल्चर अर्थात इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से खेल मैदान तक लाना, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना, स्कूल ड्रॉपआउट खिलाड़ियों को खेलों से जोड़ना तथा स्वास्थ्य संवर्द्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्वस्थ शरीर और सफल जीवन के लिए खेलकूद एवं योगिक क्रियाएं अत्यंत आवश्यक हैं। खेलों से ही शारीरिक और मानसिक विकास संभव है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी उपस्थित लोगों को नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।


इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, मनोज क्षेत्री, ज्योति कोटिया, लक्ष्मण सिंह रावत, विष्णु प्रसाद गुप्ता, सारिका खत्री, धीरज ठाकुर, प्रदीप शर्मा, युवा कल्याण अधिकारी इमरान सहित कई लोग उपस्थित रहे।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

आज कम प्रयास से काम बनेंगे। धनार्जन होगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। परिवार से संबंध घनिष्ठ होंगे। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें। भूल करने से विरोधी बढ़ेंगे। रुके धन की प्राप्ति में अड़चनें आएंगी।

Rashifal today


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

घर में आज मेहमानों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मसम्मान बढ़ेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अपने काम से काम रखें। दूसरों के विश्वास में न आएं। परिवार में तनावपूर्ण माहौल रह सकता है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

आज धन के लेन-देन में सावधानी रखें। रोजगार मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अचानक लाभ होगा। धन संबंधी कार्यों में विलंब से चिंता हो सकती है। लाभदायक समाचार मिलेंगे। कार्य के विस्तार की योजना बनेगी। संत-समागम होगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

चोट व रोग से हानि संभव है। कुसंगति से हानि होगी। विवाद न करें। फालतू खर्च बढ़ेंगे। आवास संबंधी समस्या का समाधान संभव है। आवेश में कोई कार्य नहीं करें। सामाजिक एवं राजकीय ख्याति में अभिवृद्धि होगी। व्यापार अच्छा रहेगा।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में सावधानी रखें। सुख के साधन जुटेंगे। रुका हुआ धन मिलेगा। अधूरे काम समय पर सफलता से होने पर उत्साह बढ़ेगा। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। व्यापार के कार्य से बाहर जाना पड़ सकता है।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। आय बढ़ेगी। भोग-विलास में रुचि बढ़ेगी। जीवनसाथी से संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। स्थायी संपत्ति के मामले उलझेंगे। कार्य में मित्रों की मदद मिलेगी। आर्थिक मनोबल बढ़ेगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। थकान रहेगी। परिवार एवं समाज में आपके कामों को महत्व एवं सम्मान प्राप्त हो सकेगा। वाणी पर संयम आवश्यक है। व्यापार-व्यवसाय में लाभ होगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

चोरी, चोट व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धनार्जन होगा। भागदौड़, बाधाओं व सतर्कता के बाद सफलता मिलेगी। पारिवारिक सुख, संतोष बढ़ेगा। उपहार मिलने के योग हैं। अधिक व्यय न करें। खर्चों में कमी करें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पुराना रोग उभर सकता है। बेचैनी रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कानूनी बाधा दूर होगी। रुका धन मिलने से धन संग्रह होगा। कार्य में भागीदार सहयोग करेंगे। विकास की योजनाएं बनेंगी। दांपत्य जीवन में गलतफहमी आ सकती है।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

घर-परिवार की चिंता रहेगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बेरोजगारी दूर होगी। आपका सामाजिक क्षेत्र बढ़ेगा। लाभदायक सौदे होंगे। विपरीत परिस्थितियों का सफलता से सामना कर सकेंगे। जीवनसाथी से आर्थिक मतभेद हो सकते हैं।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

शत्रु परास्त होंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। किसी नए कार्य में भाग लेने के योग हैं। विद्वानों के साथ रहने का अवसर मिलेगा। व्यापार में भागीदार सहयोग करेंगे।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

अचानक यात्रा के भी अच्छे फल मिलेंगे। आमदनी में वृद्धि होगी। प्रसिद्धि एवं सम्मान में इजाफा होगा। नौकरी में उन्नति के योग हैं। घर-परिवार की चिंता रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। जोखिम न लें। शारीरिक कष्ट संभव है।





late umesh Agarwal



आज दिनांक 30 दिसंबर 2025 को उमेश अग्रवाल फाउंडेशन संस्था की ओर से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय उमेश अग्रवाल जी की 66 वीं जयंती पर मातृ पितृ भक्त दिवस के रूप में मनाया गया। 


कार्यक्रम में सर्वप्रथम विख्यात कवि गजेंद्र सोलंकी जी एवं श्रीकांत श्री ,चरणजीत चरण, हालदार जी के द्वारा उमेश अग्रवाल जी की स्मृति में काव्य पाठ के माध्यम से जन समूह को आकर्षित  किया।


मातृ पितृ भक्त दिवस के अवसर पर प्रदेश के मुखिया युवा मुख्यमंत्री आदरणीय पुष्कर सिंह धामी जी एवं सम्मानित अतिथियों के द्वारा भाजपा वरिष्ठ नेता स्वर्गीय उमेश अग्रवाल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। 


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं उत्तराखंड प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने स्वर्गीय उमेश अग्रवाल जी को याद करते हुए उनकी स्मृति की यादों को सम्मानित जनता के सामने व्यक्त किया और बताया कि किस प्रकार उमेश अग्रवाल जी का व्यक्तित्व समाज हित और संगठन हित के साथ-साथ व्यापारियों की बहुत ही हितेषी कर्मठ कार्यकर्ता रहे जिन्होंने समाज को एक नई दिशा देने का काम भी किया। एक व्यापारी नेता के रूप में उन्होंने प्रदेश में नहीं अपितु पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। उमेश अग्रवाल जी सरकार और व्यापारियों के बीच में रहकर एक समन्वय  सेतु के रूप में समस्याओं का निवारण करने के लिए तत्पर रहते थे ।


माननीय मुख्यमंत्री जी ने प्रदर्शनी के माध्यम से उमेश अग्रवाल जी के साथ बिताए हुए  संस्मरणों को सभागार में आए हुए सभी बुजुर्ग माता बहनों को सादर प्रणाम करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और कहा कि आज मैं धन्य हूं कि सिद्धार्थ  अग्रवाल जी के द्वारा इस कार्यक्रम के मध्यम से मुख्य शीर्षक मातृ पितृ भक्ति दिवस के माध्यम से आज आप सभी वरिष्ठ जनों का मुझे भी आशीर्वाद मिला है।


 विश्व में चुनौतियों को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए भरण पोषण अधिनियम भी लागू किया है इसके माध्यम से हमारे बुजुर्गों को यह कानूनी अधिकार प्राप्त हो जाता है कि वह अपने बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों से भरण पोषण की मांग कर सकें।

 देश की आजादी के बाद उत्तराखंड हमारा ऐसा राज्य है जहां सबसे पहले समान नागरिकता संहिता कानून लागू हुआ है। भारत के संविधान की आत्मा को धरातल पर उतरने का निर्णय लिया गया और उसके साकार रूप से लागू करने का काम किया है उसमें भी हमने जहां महिलाओं की सुरक्षा उनके सशक्तिकरण दोनों सुनिश्चित करने का प्रावधान किया है वही हमारे बुजुर्गों के लिए उनकी भी सुरक्षा उनके भी उत्तराधिकार से लेकर भरण पोषण से लेकर तमाम प्रावधान उस कानून में किए गए हैं ।


सिद्धार्थ ने मातृ पितृ भक्त दिवस का आयोजन किया है मैं भी आपको एक बेटे के रूप में एक भाई के रूप में यह विश्वास दिलाता हूं कि आप के सम्मान के लिए आपकी सुरक्षा के लिए और आपकी सुविधाओं के लिए किसी भी प्रकार की कोई भी कमी कभी नहीं आने दूंगा और आपके साथ हमेशा खड़ा रहूंगा। 


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी स्वर्गीय उमेश अग्रवाल जी को श्रद्धा  सुमन अर्पित करते हुए कहा कि वह मेरे घनिष्ठ मित्रों में से एक था उनके साथ मैंने पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी जी के साथ काम किया क्योंकि वह अपने कार्य के प्रति इतने सजग रहते थे और संगठन के कार्य में निपुणता के साथ कार्य करते थे। मेरे जीवन में उमेश अग्रवाल के साथ बिताए हुए कई संस्मरण है जिन्हें आज भी मैं याद करता हूं तो मुझ में एक नई क्रांति आ जाती है जैसा उनका व्यक्तित्व था आज भी सिद्धार्थ उनके व्यक्तित्व के अनुसार चल रहा है मैं इसको शुभकामनाएं देता हूं कि सिद्धार्थ ने एक सच्चे बेटे के रूप में अपने पिता को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। 


राज्यसभा सांसद नरेश बंसल जी ने भी स्वर्गीय उमेश अग्रवाल जी को याद करते हुए कहा कि संगठन के द्वारा उमेश अग्रवाल को जब भी कोई कार्य दिया जाता था वह कार्य पूरी निष्ठा के साथ करते थे। बंसल जी ने बताया कि जब वह किसी विषय को लेकर मेरे पास आते थे तो बड़ी गंभीरता के साथ उसे विषय पर चर्चा करते थे निर्णय चाहे किसी प्रकार का भी हो वह हमेशा हंसते हुए स्वीकार करते हुए चले जाते थे। 

मैं आज इस कार्यक्रम के माध्यम से यह कह सकता हूं कि सिद्धार्थ ने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि अपने माता-पिता के सम्मान में उनकी परंपरा को किस प्रकार आगे ले जाया जा सकता है। 


 कार्यक्रम के संयोजक उमेश अग्रवाल फाउंडेशन के अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने सभी अतिथियों का एवं माननीय मुख्यमंत्री का कोटि-कोटि धन्यवाद करते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी आपकी प्रेरणा से ही यह फाउंडेशन लगातार समाज हित में समाज के प्रत्येक वर्ग में काम कर रहा है हमने कोरोना काल से लेकर आज तक अनेकों अनेक कार्य जनता को समर्पित किए हैं हमने 71000 वैक्सीन 10000 से अधिक निशुल्क चश्मा 92 व्हीलचेयर समाज के लोगों को दी है हमने 11000 से अधिक कन्याओं का पूजन कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना भी की है लगातार यह फाउंडेशन पर्यावरण को देखते हुए आपके ही माध्यम से 11000 पौधों का रोपण कर  पर्यावरण को सुरक्षित रखने का काम किया है।

माननीय मुख्यमंत्री जी आपकी दूरगामी सोच के अनुसार और हमारे पिता उमेश अग्रवाल जी के आशीर्वाद से यह फाउंडेशन लगातार आगे बढ़ता रहेगा। 


कार्यक्रम में महामंत्री संगठन अजेय कुमार कैंट विधायक श्रीमती सविता कपूर खजानदास उमेश शर्मा कोउ प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार सुरेंद्र मित्तल दायित्व धारी राज्य मंत्री ज्योति प्रसाद गैरोला पुनीत मित्तल  श्याम अग्रवाल  अनिल गोयल श्रीमती मधु भट्ट डॉ आदित्य डॉ राकेश जैन व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया श्रीमती विनोद उनियाल प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी  अनिल नंदा भगवत प्रसाद मकवाना पुष्कर काला सीताराम भट्ट आदित्य चौहान जोगिंदर पुंडीर महानगर के पदाधिकारी कार्यकर्ता पार्षद गण वरिष्ठ सम्मानित माताएं बहने उमेश अग्रवाल फाउंडेशन समिति के सदस्य आदि उपस्थितरहे। 



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