Halloween party ideas 2015

 *राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम होगा अब स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी*

*मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल अमल-शासनादेश हुआ जारी



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट)  पौड़ी का नाम परिवर्तित करते हुए ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी‘ किया गया है। इस संबंध में चिकित्सा सवास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के द्वारा गुरुवार को कार्यालय ज्ञाप जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गत दिवस स्व. अंकिता के माता-पिता से भेंट कर दोहराया था कि था सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने स्व. अंकिता भंडारी के माता-पिता के द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष एवं त्वरित कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

*मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिये 5.26 करोड़ की धनराशि*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आन्तरिक सड़कों के निर्माण आदि के लिये  5.26 करोड़  की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के गोरखा नगर में अम्बेडकर भवन के निर्माण हेतु ₹ 2.84 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 40 प्रतिशत ₹ 1.14 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है जिसका शासनादेश भी जारी किया गया है।


मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के विण में रामेश्वर मंदिर (शिव धाम) से बीतडी पुल तक सी०सी० मार्ग व प्रतिधारक दीवार के निर्माण हेतु ₹ 97.25 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत धनराशि ₹ 58.35 लाख की स्वीकृति प्रदान की है जिसका शासनादेश भी जारी किया गया है।


मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अंतर्गत तहसील स्यालदे एवं सल्ट में 101 फीट के तिरंगे की स्थापना हेतु ₹ 89.09 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत धनराशि ₹ 53.45 लाख स्वीकृत की है, जिसका शासनादेश  भी जारी किया गया है।


मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र बाजपुर के ग्राम बाजपुर गांव के आंतरिक मार्गों का 700 मीटर सी०सी० मार्गों के निर्माण के लिये ₹ 55.57 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत ₹ 33.34 लाख की धनराशि स्वीकृत की है, जिसका शासनादेश भी जारी किया गया है।



 उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी अपने रेगुलर कर्मचारियों अधिकारियों के चल चल संपत का विवरण 31 जनवरी 2026 

तक मानव संपदा पोर्टल पर एवं अपने विभाग को जानकारी देने का निर्देश जारी किया 

विवरण देने पर ही जनवरी माह का वेतन आधारित होगा 

इसमें आहरण वितरण अधिकारी एवं नियंत्रक अधिकारी गड़बड़ी होने पर जिम्मेदार होंगे

डॉ मुरलीधर सिंह ,अधिवक्ता ,मा उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ 

एवं पूर्व उपनिदेशक मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि

हमारे उत्तर प्रदेश सरकार के पास लगभग 16 लाख  कर्मचारी हैं सभी कर्मचारी अधिकारी हैं सभी कर्मचारियों अधिकारियों को अपने आय के संपत का चल अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी 2026 तक देना है ऐसा आदेश उत्तर प्रदेश के सरकार के मुख्य सचिव द्वारा जारी किया गया है

Dr Muralidhar Shastri


 ऐसे आदेश प्रत्येक वर्ष जारी होते हैं पर लगभग 30 हजार कर्मचारी अपने का विवरण नहीं देते हैं 

केंद्रीय सरकार ने अपने केंद्रीय सरकार के सभी श्रेणी के अधिकारियों को चल चल संपत्ति का विवरण 31 दिसंबर 2025 तक देने का निर्देश दिया था इसमें अभी भी 20 परसेंट संपत्ति का विवरण नहीं दिए हैं और लगभग 80% दे चुके हैं केंद्रीय सरकार में रेगुलर कर्मचारियों की संख्या लगभग 18 से 19 लाख तक है

 ऐसा विभिन्न स्रोतों से जानकारी के आधार पर अवगत करा रहा हूं

 इस काम को ठीक से करने के लिए या सही तरीके से विवरण प्राप्त हो और प्रभावी  कार्रवाई हो सके.

 इसका एकमात्र तरीका है  विवरण दाखिल किया जाए और उसमें 

जैसे निर्वाचन आयोग अपने हलफनामे  में पूरे परिवार का विवरण मांगता है वैसे दिया जाए जो सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्य होता है 

तभी यह संभव है अन्यथा स्थानीय स्तर पर  कर्मचारी अपना सेटिंग करके जो आहार में वितरण अधिकारी उनके विभाग का ही होता है उसे अपना वेतन नया विवरण निकाल लेते हैं 

हालांकि सरकार ने मानव संपदा पोर्टल बनाया है जिस पर सभी कर्मचारियों के विवरण है.

 लेकिन उसका चेक किया जाए तो 60परसेंट कर्मचारियों के विवरण ठीक  है  ऐसा होता तो आए से से ज्यादा संपत के मामले में अधिकारियों के खिलाफ नहीं करवाई होती है।

यह एक स्वागत योग्य कदम है इसका सभी को स्वागत करना चाहिए.

 



हरिद्वार :




देवभूमि उत्तराखण्ड में हरिद्वार एवं ऋषिकेश के पवित्र गंगा घाट केवल भौगोलिक स्थल नहीं अपितु भारतीय सनातन संस्कृति, आस्था और साधना की जीवंत धरोहर हैं। 


इन गंगा के पवित्र घाटों का इतिहास हजारों वर्षों से तप, त्याग, स्नान, दान और मोक्ष की अवधारणा से जुड़ा रहा है। विशेष रूप से कुंभ मेला क्षेत्र तो सम्पूर्ण विश्व में हिन्दू आस्था का सर्वोच्च प्रतीक है, जहाँ करोड़ों श्रद्धालु शास्त्रोक्त मर्यादाओं के साथ स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। 


हाल ही में प्रकाशित समाचारों के माध्यम से यह तथ्य पुनः प्रकाश में आया है कि हरिद्वार नगर पालिका की 110 वर्ष पुरानी नियमावली (1916 व 1953) में गंगा घाटों विशेषकर हर की पैड़ी एवं अन्य पवित्र स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का स्पष्ट उल्लेख है।


 यह नियम किसी प्रकार का नया निर्णय नहीं है वरन हमारी ऐतिहासिक धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मर्यादाओं की रक्षा हेतु पूर्व से लागू रहा है। विश्व हिन्दू परिषद, उत्तराखण्ड का यह स्पष्ट मत है कि कुंभ मेला क्षेत्र के समस्त घाटों पर गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया जाना पूर्णतः जनभावनाओं के अनुरूप, शास्त्रसम्मत एवं ऐतिहासिक परंपराओं के अनुकूल है।


कुंभ मेला केवल एक आयोजन ही नहीं वरन हिन्दू समाज की सामूहिक चेतना और आस्था का महापर्व है, जहाँ पवित्रता, संयम और धार्मिक मर्यादा सर्वोपरि होती है। गत वर्षों में गंगा घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों में मांस, मदिरा तथा अन्य अपवित्र गतिविधियों की घटनाओं ने हिन्दू समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुँचाया है। ऐसे में गंगा की निर्मलता, कुंभ की गरिमा और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए कठोर एवं स्पष्ट नियमों का समान रूप से पालन अनिवार्य है। विश्व हिन्दू परिषद यह मांग करती है कि –


1– कुंभ मेला क्षेत्र एवं सभी पवित्र गंगा घाटों को धार्मिक मर्यादा क्षेत्र घोषित किया जाए।

2– गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधी ऐतिहासिक नियमों को कठोरता से लागू किया जाए।

3– मांस, मदिरा एवं अन्य अपवित्र गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। सभी घाटों पर समान व्यवस्था लागू हो, जिससे किसी प्रकार का भेदभाव या शिथिलता न रहे।


यह विषय किसी समुदाय के विरोध का नहीं है बल्कि हिन्दू समाज की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा का है। राज्य सरकार एवं प्रशासन से अपेक्षा है कि वह जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इन नियमों को पूर्ण रूप से लागू करे।


— 

 *मुख्यमंत्री ने की देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों से जुड़े निर्माण कार्यों के दौरान बिजली, पानी, गैस की भूमिगत लाईन सहित अन्य जो भी कार्य होने हैं, उन्हें संबंधित विभाग आपसी समन्वय कर निर्धारित समयावधि के अन्दर कार्य पूर्ण करें। सभी विभाग वर्षभर में प्रस्तावित कार्यों को सूचीबद्ध कर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर समय निर्धारित करते हुए ही कार्य करने की अनुमति दी जाए। साथ ही आंतरिक सड़कों के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। 


मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, बिजली के बिल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सत्यापन की कार्यवाही नियमित की जाए। जिन लोगों के गलत तरीके से दस्तावेज बने हैं, उनको निरस्त करने की कार्यवाही निरंतर की जाए और गलत प्रमाण पत्र जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए, एवं नगर निगम अतिक्रमण हटाने की भी निरंतर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने बैठक में नियमित कार्यों के साथ-साथ नवाचार आधारित विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क एवं कॉरिडोर के विस्तार व सुधार कार्यों से देहरादून की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे शहर में पर्यटकों एवं आमजन की आवाजाही बढ़ेगी। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को और गति देने की आवश्यकता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के विचार-विमर्श कर योजनाओं पर कार्य किया जाए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम के माध्यम से जन समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जो लोग जिन योजनाओं के तहत पात्रता की श्रेणी में हैं, उन्हें योजनाओं का लाभ अवश्य मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहिOत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सभी विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। शीतकाल को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं एवं बुजुर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ ही प्रमुख चौक-चौराहों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान पुलिस को यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, नशा मुक्ति अभियान के तहत नियमित जागरूकता के साथ ही रैण्डम चैकिंग करने के निर्देश भी दिये। 


कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कार्यों की प्राथमिकता तय कर उनको समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में और अधिक प्रभावी प्रयास करने होंगे। 


जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल ने जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति एवं प्रमुख उपलब्धियों के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जिले में अब तक 61 हजार पंजीकरण किए जा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर पंजीकृत 7,662 शिकायतों में से 6,480 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है। जनपद में 3,58,536 राशन कार्डों में से 2,81,366 का सत्यापन करते हुए 5,590 कार्ड निरस्त किए गए हैं। इसी प्रकार 12,06,960 आयुष्मान कार्डों में से 1,36,676 का सत्यापन कर 9,428 कार्ड निरस्त किए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 57 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि में से 47 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। 


जिलाधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के चार प्रमुख प्रोजेक्ट सहित रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाएं प्रगति पर हैं। साथ ही पांवटा साहिब-बल्लूपुर फ्लाईओवर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है तथा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण भी जारी है। जिला चिकित्सालय गांधी शताब्दी में मॉडल टीकाकरण केंद्र, रक्त गरुड़ वाहन सेवा एवं 12 बेडेड एसएनसीयू की स्थापना की गई है। प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं एवं खेल सामग्री का प्रावधान किया गया है। बाल भिक्षावृत्ति निवारण के तहत 267 बच्चों का रेस्क्यू कर 154 को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। नंदा-सुनंदा परियोजना के अंतर्गत 93 बालिकाओं को अब तक 33 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण किया गया है तथा परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट एवं दून अस्पताल में ऑटोमेटिक पार्किंग का निर्माण किया गया है। 


बैठक में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायकगण श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, श्री बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, एमडीडीए के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त श्रीमती नामामि बंसल, मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह, डीएफओ श्री अमित कंवर, सीएमओ डॉ एमके शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट श्री प्रत्यूष सिंह, एसडीएम श्री हरि गिरी, एस.एल.ई.ओ. श्रीमती स्मृता प्रमार, एसडीएम सुश्री कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री विक्रम सिंह सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।










देहरादून:



*मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में एमडीडीए की बड़ी पहल,  स्कूलों में बनेंगे आधुनिक खेल कोर्ट*

*खेलों से संवरेगा छात्रों का भविष्य, देहरादून के सरकारी स्कूलों में 484 लाख रुपये खर्च करेगा एमडीडीए*

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन एवं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के कुशल नेतृत्व में निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। जनपद देहरादून में समग्र विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए एमडीडीए द्वारा शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जनपद देहरादून में विद्यमान विभिन्न राजकीय विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में खेल-कूद गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एमडीडीए द्वारा देहरादून जनपद के 08 राजकीय विद्यालयों में बैडमिंटन एवं वॉलीबॉल कोर्ट के निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल रु. 484.00 लाख की धनराशि व्यय की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास के साथ-साथ स्थानीय जनसामान्य को भी आधुनिक खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।


एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का मानना है कि खेल अधोसंरचना केवल प्रतियोगी खेलों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। इसी दृष्टि से विद्यालय स्तर पर खेल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि भविष्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रारंभिक स्तर से ही बेहतर संसाधनों के साथ आगे बढ़ सकें।


*प्राधिकरण द्वारा जिन विद्यालयों में खेल कोर्ट का निर्माण कराया जा रहा है, उनका विवरण निम्नवत् है—*


1- राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी), मियावाला, देहरादून में प्रस्तावित आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


2- राजकीय इंटर कॉलेज / राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीआईसी/जीजीआईसी), रानीपोखरी, देहरादून में प्रस्तावित आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


3- डोईवाला स्थित सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, देहरादून में प्रस्तावित आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


4- राजकीय इंटर कॉलेज, सेलाकुई, सहसपुर, देहरादून में प्रस्तावित आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


5- राजकीय इंटर कॉलेज, हर्बर्टपुर, देहरादून में प्रस्तावित आउटडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


6- राजकीय इंटर कॉलेज, सौदासरोली, देहरादून में प्रस्तावित इंडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


7- राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजपुर रोड, देहरादून में प्रस्तावित इंडोर बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण।


8- राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, कौलागढ़, देहरादून में प्रस्तावित इंडोर बैडमिंटन कोर्ट के साथ-साथ आउटडोर वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण।


इन सभी परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शीघ्र ही छात्र-छात्राएँ एवं स्थानीय नागरिक इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।



*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*


एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्राधिकरण का प्रयास है कि शहरी विकास के साथ-साथ सामाजिक विकास को भी समान महत्व दिया जाए। विद्यालयों में खेल अधोसंरचना का विकास भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का आधार होते हैं। एमडीडीए द्वारा देहरादून जनपद के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में बैडमिंटन एवं वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण इसी सोच का परिणाम है। इन सुविधाओं से छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा और स्थानीय जनसामान्य को भी स्वस्थ गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध होंगे। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में एमडीडीए विकास कार्यों के साथ-साथ शिक्षा, खेल और पर्यावरण के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम करे।


*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*


एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा सभी प्रस्तावित खेल परियोजनाओं को तकनीकी मानकों के अनुसार क्रियान्वित किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इन खेल कोर्ट्स के निर्माण से विद्यालयों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायता मिलेगी। एमडीडीए भविष्य में भी जनहित से जुड़े ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देता रहेगा।

एमडीडीए की यह पहल न केवल शैक्षणिक परिसरों को आधुनिक स्वरूप प्रदान करेगी, बल्कि देहरादून जनपद में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

l

एम्स ऋषिकेश

dron service kotdwar by aiims rishhikesh


एम्स ऋषिकेश ड्रोन मेडिकल सेवा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी स्थित बौराड़ी में कुछ जरूरी दवाएं भेजी गयी। संस्थान शीघ्र ही इस सेवा को नियमित तौर पर सुचारू करेगा जो स्वास्थ्य सुविधा की दृष्टि से सुदूर क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष लाभकारी सिद्ध होगी।  


उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले गंभीर मरीजों के उपचार में एम्स ऋषिकेश की ड्रोन मेडिकल सेवा फरवरी 2023 में शुरू की गयी थी। इस दौरान संस्थान द्वारा समय-समय पर राज्य के टिहरी, चम्बा, हिंडोलाखाल, जुड्डा नीलकंठ, कोटद्वार और हरिद्वार स्थित रोशनाबाद सहित अन्य विभिन्न स्थानों तक ड्रोन सेवा के माध्यम से आवश्यक दवाएं पंहुचाई गयी। गंभीर रोगियों के इलाज में मददगार साबित हुई संस्थान की इस  तकनीक आधारित सेवा के ड्रोन ने मंगलवार को दोहपहर 12 बजकर 20 मिनट पर एम्स के हेलीपैड से टिहरी के लिए उड़ान भरी। यह 30 मिनट में 50 किलोमीटर की दूरी तय कर दोपहर 12ः50 बजे बौराड़ी स्थित टिहरी के नगर निगम सभागार प्रांगण में पहुंचा। जबकि वापसी में वंहा से  1ः25 बजे रवाना हुआ और अपरान्ह 1 बजकर 55 मिनट पर एम्स हेलीपैड में उतरा। 


संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफे. (डॉ.) मीनू सिंह ने इस अवसर पर बताया कि संस्थान ड्रोन आधारित मेडिकल सेवाओं के माध्यम से राज्य के दुर्गम क्षेत्रों तक दवा पंहुचाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से जरूरतमंदों तक दवा पंहुचाने के लिए शीघ्र ही राज्य के अन्य इलाकों को इस सेवा से आच्छादित किया जायेगा। इस अवसर पर एम्स के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाॅ. भारत भूषण, डीएमएस डाॅ. रवि कुमार, संस्थान के पीआरओ डाॅ. श्रीलोय मोहन्ती, पीपीएस विनीत कुमार सिंह, ड्रोन सेवाओं के कंसल्टेंट हरदीप एस मन्हास, स्काईनेट ई सोल्यूशन कंपनी के सीईओ पुनीत धमोला, निदेशक राजीव सिंह, प्रवीन भाटी, शशांक सावन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-परिवार में सुख-शांति रहेगी। जल्दबाजी न करें। पुराना रोग उभर सकता है। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोधी सक्रिय रहेंगे।

Rashifal


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

व्यवसाय में ध्यान देना पड़ेगा। व्यर्थ समय न गंवाएं। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। जल्दबाजी से हानि संभव है। थकान रहेगी। कुसंगति से बचें। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। फालतू खर्च होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। शत्रुभय रहेगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति निर्मित होगी। प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। व्यापार में लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। शत्रु पस्त होंगे। विवाद में न पड़ें। अपेक्षाकृत कार्य समय पर होंगे। प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यस्तता रहेगी। प्रमाद न करें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। स्थायी संपत्ति से बड़ा लाभ हो सकता है। समय पर कर्ज चुका पाएंगे। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न तथा संतुष्ट रहेंगे। निवेश शुभ फल देगा। घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी, ध्यान रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। समय की अनुकूलता का लाभ मिलेगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। अपने काम पर ध्यान दें। लाभ होगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

दूर से बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। बेवजह तनाव रहेगा। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। फालतू बातों पर ध्यान न दें। मेहनत अधिक व लाभ कम होगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। शत्रुओं की पराजय होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चिंता बनी रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। निवेश लाभदायक रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यस्तता रहेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। बड़ा काम करने का मन बनेगा। झंझटों से दूर रहें। कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ सकता है। फालतू खर्च होगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। जोखिम बिलकुल न लें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति संभव है। यात्रा लाभदायक रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबारी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। आशंका-कुशंका रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। लापरवाही न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। बजट बिगड़ेगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। शारीरिक कष्ट से बाधा उत्पन्न होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचित व्यक्तियों पर अंधविश्वास न करें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय होगी। संतुष्टि नहीं होगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

यात्रा लाभदायक रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। शेयर मार्केट से बड़ा लाभ हो सकता है। संचित कोष में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। कारोबारी सौदे बड़े हो सकते हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य प्रभावित होगा, सावधानी रखें।


www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.