Halloween party ideas 2015

 *सिटी फॉरेस्ट पार्क की भांति सहस्त्रधारा ट्रेंचिंग ग्राउण्ड में बनेगा आधुनिक पार्क* 

*मुख्यसचिव के समक्ष किया गया पार्क के लेआउट का प्रस्तुतिकरण*



मुख्यसचिव श्री आनंद वर्द्धन ने सहस्त्रधारा रोड़ स्थित ट्रेंचिंग ग्राउण्ड को आधुनिक सुविधाओं युक्त पार्क के रूप में विकसित करने के निर्देश एमडीडीए को दिये हैं। उन्होंने इस पार्क को सिटी पार्क की भांति विकसित करने को भी कहा है।


बुधवार को सचिवालय में सहस्त्रधारा ट्रेंचिंग ग्राउण्ड पार्क के निर्माण से संबंधित प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करते हुए मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्त नमामि बंसल को ट्रेंचिंग ग्राउण्ड से यथाशीघ्र कचरे के निस्तारण के भी निर्देश दिये। बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश झा भी उपस्थित थे।


मुख्य सचिव ने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी तथा बढ़ते यातायात दबाव आदि के मध्य शहर में आधुनिक पार्कों की नितांत जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिये कि इस पार्क में ओपन जिम, जॉगिंग ट्रेक, साईकिल ट्रेक, मल्टीपरपज हॉल, बॉलीबाल व बैडमिंटन कोर्ट कैफेटेरिया, ओपन थियेटर, योगा मेडिटेशन आदि की व्यवस्था की जाए। 


उन्होंने कहा कि इसमें सीमेंट व कंक्रीट का कम से कम उपयोग हो, इसका ध्यान रखा जाये। ग्राउण्ड वाटर को रिचार्ज करने के लिए वाटर फाउण्टेन आदि की भी इसमें व्यवस्था रखी जाए, इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का भी सहयोग लिया जाए। मुख्यसचिव ने उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री बंशीधर तिवारी को पार्क के लेआउट को शीघ्र अंतिम रूप देते हुए डीपीआर तैयार करने के भी निर्देश दिये।

  आपदा के दौरान बचाव में निभाएंगे सहभागी की भूमिका




राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) द्वारा संचालित “युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम” के अंतर्गत दसवां बैच दिनांक 05 फरवरी से 11 फरवरी 2026 तक SDRF वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस बैच में कुल 66 युवाओं ने सहभागिता करते हुए आपदा प्रबंधन से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त किया।


प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन की मूलभूत जानकारी, आपदा प्रबंधन अधिनियम, प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर, सर्च एवं रेस्क्यू तकनीक, रोप रेस्क्यू, तथा आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों का सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे आपदा की स्थिति में प्रभावी रूप से कार्य कर सकें।


समापन अवसर पर सेनानायक, SDRF श्री अर्पण यदुवंशी ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित युवा समाज के लिए अमूल्य संसाधन होते हैं। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में प्रशिक्षित और जागरूक नागरिक ही सबसे पहले सहायता पहुंचाते हैं, इसलिए यह प्रशिक्षण युवाओं को जिम्मेदारी, नेतृत्व और सेवा भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। सेनानायक महोदय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षित युवा आपदा मित्र अपने-अपने क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाने एवं आपात स्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


शुगर मिल द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान हेतु रू0 485.46 लाख धनराशि की सातवीं किश्त जारी करने पर कृषकों में खुशी की लहर

डोईवाला:

7th payment  to farmers  by Sugarmill Doiwala ED Doiwala



डोईवाला शुगर कम्पनी लि०, डोईवाला द्वारा आज दिनांक 11.02.2026 को भिन्न भिन्न गन्ना समितियों के माध्यम से पेराई सत्र 2025-26 हेतु कृषकों द्वारा मिल में दिनांक 01.01.2026 से 07.01.2026 तक आपूर्ति किये गये गन्ने के भुगतान हेतु रू0 485.46 लाख धनराशि की सातवीं किश्त जारी की गई, जिसके अन्तर्गत डोईवाला शुगर मिल द्वारा सहकारी गन्ना विकास समिति, डोईवाला को रू0 235.36 लाख, देहरादून समिति को रू0 183.56 लाख, ज्वालापुर समिति को रू0 28.90 लाख, रुड़की समिति को रू0 26.85 लाख, दि पाँवटा वैली शुगर केन ग्रोवर्स सहकारी समिति पाँवटा को रू0 4.06 लाख, दि शाकुम्बरी शुगर केन ग्रोवर्स सहकारी समिति, पाँवटा को रू0 1.00 लाख एवं लक्सर समिति को रू0 5.73 लाख का भुगतान जारी किया गया, जिससे हजारों कृषक लाभान्वित होंगे।


श्री डी०पी०सिंह, अधिशासी निदेशक ने बताया कि पेराई सत्र 2025-26 प्रारम्भ होने के पश्चात अभी तक मिल स्तर से कुल रू0 3688.11 लाख का गन्ना मूल्य भुगतान जारी किया जा चुका है, जिसके अन्तर्गत अब तक सहकारी गन्ना विकास समिति, डोईवाला को रू0 1650.47 लाख, देहरादून समिति को रू0 1002.57 लाख, ज्वालापुर समिति को रू0 394.47 लाख, रुड़की समिति को रू0 492.93 लाख, दि पाँवटा वैली शुगर केन ग्रोवर्स सहकारी समिति पाँवटा को रू0 70.04 लाख, दि शाकुम्बरी शुगर केन ग्रोवर्स सहकारी समिति, पाँवटा को रू0 18.98 लाख एवं लक्सर समिति को रू0 58.65 लाख का भुगतान जारी किया गया है। अधिशासी निदेशक ने बताया कि मिल हित में कृषकों की सुविधा के लिए मिल स्तर से जो भी सकारात्मक कदम उठाये जा सकते हैं उसके लिए वे सदैव तत्परता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहे हैं।

अधिशासी निदेशक ने समस्त कृषकगणों से मिल में साफ-सुथरा ताजा, जड़ एवं अगोला रहित गन्ना शीघ्र आपूर्ति करने का अनुरोध किया है। 

 कृषकगणों द्वारा शुगर मिल से गन्ना मूल्य भुगतान की सातवीं किश्त जारी होने पर हर्ष व्यक्त कर  मुख्यमंत्री धामी, उत्तराखण्ड सरकार एवं चीनी मिल के अधिशासी निदेशक श्री डी०पी० सिंह जी का आभार व्यक्त किया गया ।

कानून व्यवस्था पर राजधानी के क्षेत्राधिकारियों को सख्त निर्देश,जवाबदेही होगी तय।

IG garhwal



आज दिनांक 11.02.2026 को जनपद देहरादून के थाना डालनवाला क्षेत्रान्तर्गत घटित गोलीकाण्ड की गंभीर घटना के संबंध में श्री राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा घटनास्थल पर पहुँचकर विस्तृत निरीक्षण किया गया।

 निरीक्षण के दौरान उन्होंने घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों तथा अब तक की गई पुलिस कार्यवाही की गहन समीक्षा की। 


पुलिस महानिरीक्षक द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को निर्देशित किया कि घटना में संलिप्त आरोपियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करते हुए विशेष टीमों का गठन किया जाए तथा गिरफ्तारी के लिए सभी आवश्यक विधिक, तकनीकी एवं सर्विलांस संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए।

 उन्होंने स्पष्ट किया कि 

अपराधियों को अतिशीघ्र गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु ठोस रणनीति तैयार की जाए।


▪️उक्त संवेदनशील घटना के दृष्टिगत *परिक्षेत्रीय कार्यालय में जनपद देहरादून के समस्त क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ गोष्ठी आयोजित की गई।* बैठक में जनपद में *हाल के दिनों में घटित आपराधिक घटनाओं की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित अनावरण एवं प्रभावी रोकथाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। -:*


▪️ सभी क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में *नियमित रूप से भ्रमणशील रहेंगे तथा पुलिस बल की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।* वे अधीनस्थ थाना एवं चौकी प्रभारियों को नियमित रूप से ब्रीफ करते हुए कानून व्यवस्था के प्रति सजग बनाए रखेंगे।


▪️ ऐसे *विवादित मामलों, जिनसे शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो, उन्हें प्राथमिकता पर लेते हुए उनका निस्तारण क्षेत्राधिकारी अपने निकट पर्यवेक्षण में कराना सुनिश्चित करेंगे।*


▪️समस्त क्षेत्राधिकारी *संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए नियमित चेकिंग अभियान चलाएं तथा रूटीन चेकिंग के साथ विभिन्न स्थानों पर आकस्मिक (रैंडम) चेकिंग भी की जाए, जिससे आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके। आपसी रंजिश, भूमि विवाद अथवा अन्य संवेदनशील मामलों में समय रहते निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।*


▪️*सोशल मीडिया के माध्यम से प्रकाश में आने वाले मामलों में विलंब न करते हुए तत्काल संज्ञान लेकर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।* सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को सुदृढ़ करते हुए अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाएगा।


▪️क्षेत्राधिकारी समय-समय पर *अपने क्षेत्र के बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करें* तथा विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर सुरक्षा एवं साइबर अपराध संबंधी जानकारी प्रदान करें।


 ▪️*किसी भी क्षेत्र में  इस प्रकार की आपराधिक घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी के साथ-साथ संबंधित क्षेत्राधिकारी की जवाबदेही भी निर्धारित की जाएगी।* 


उन्होंने  सभी अधिकारियों को *कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने, आमजन में सुरक्षा की भावना स्थापित करने तथा अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण सतर्कता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।*


 उत्तराखंड कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय:




1.राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद उत्तराखंड में ड्रग फ्री मुहिम और तेज होगी। अभी तक एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स में पुलिस फोर्स से प्रतिनियुक्ति पर कार्मिक लिए जा रहे थे। टॉस्क फोर्स का गठन 2022 में किया गया था। अब इस फोर्स के लिए अलग से ढांचा खड़ा करने की शुरूआत हुई है। इस क्रम में राज्य मुख्यालय में पहली बार 22 पदों का सृजन किया गया है। एक पुलिस उपाधीक्षक, दो ड्रग निरीक्षक, एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, चार मुख्य आरक्षी और आठ आरक्षी, दो आरक्षी चालक समेत कुल 22 पद सृजित किए जाएंगे।


2.राज्य मंत्रिमंडल ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान दिए जाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने सरकार को संस्तुति दी थी। इस आधार पर सरकार ने 589 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रूपये वेतन देने का निर्णय लिया है। वन विभाग/वन विकास निगम में कार्यरत दैनिक श्रमिकों की कुल संख्या 893 है, जिसमें से 304 श्रमिकों को पूर्व से ही न्यूनतम वेतनमान का लाभ प्राप्त हो रहा है।



3.राज्य मंत्रिमंडल ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) के अंतर्गत चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सा अधिकारियों और उच्चतर पदों की सेवा-शर्तों के निर्धारण के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस क्रम में उत्तराखण्ड कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवा नियमावली, 2026” को प्रख्यापित किया गया है, जिसके तहत कुल 94 पद होगें। इनमें 76 चिकित्सा अधिकारी, 11 सहायक निदेशक, छह संयुक्त निदेशक और एक अपर निदेशक का पद शामिल है। इससे पहले, ईएसआई के ढांचे में एक सीएमओ और 13 चिकित्सा अधिकारी के पद शामिल थे।



4.मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि वित्तीय वर्ष 2025-26 तक विस्तारित किए जाने के संबंध में भी राज्य मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना  की कार्यान्वयन अवधि को एक वर्ष के लिए 31 मार्च 2026 (वित्तीय वर्ष 2025-26) तक बढ़ाया गया है। इस क्रम में राज्य सेक्टर के अंतर्गत संचालित “मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि को भी वित्तीय वर्ष 2025-26 (दिनांक 31 मार्च 2026) तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि भविष्य में यदि भारत सरकार के स्तर पर इस योजना की अवधि विस्तारित होती है, तो राज्य में भी इसे विस्तारित माना जाएगा।


5.राज्य मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रारूपण के संबंध में भी निर्णय लिया है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों में यह निर्देशित किया गया है कि कारागार नियमावलियों/मॉडल प्रिजन मैनुअल में प्रयुक्त “आदतन अपराधी (Habitual offenders)” शब्द की परिभाषा संबंधित राज्य विधानमंडलों द्वारा अधिनियमित कानूनों के अनुरूप होनी चाहिए। संशोधन विधेयक को आगामी सत्र में माननीय उत्तराखंड विधान सभा के समक्ष पुनः स्थापित किए जाने की राज्य मंत्रिमंडल ने अनुमोदन प्रदान कर दिया है।


6.कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान उद्योगों को राहत प्रदान किए जाने के उद्देश्य से बोनस संदाय (उत्तराखण्ड संशोधन) विधेयक, 2020 के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया था कि नियोजक के पास आवंटनीय अधिशेष (Allocable Surplus) उपलब्ध होने की स्थिति में ही कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस का भुगतान किया जाएगा। उक्त विधेयक में किए गए प्रावधानों के संबंध में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा असहमति व्यक्त की गई। साथ ही वर्तमान में कोविड-19 महामारी जैसी परिस्थितियाँ विद्यमान न होने तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित विधेयक को राष्ट्रपति की अनुमति के बिना विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग, उत्तराखण्ड शासन को उपलब्ध कराए जाने के कारण विधेयक को आगे बढ़ाया जाना संभव नहीं हो पाया। उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत बोनस संदाय (उत्तराखण्ड संशोधन) विधेयक, 2020 को यथास्थिति विधान सभा से वापस लिए जाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है।


मुख्यमंत्री ने की राज्य में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं की समीक्षा*


*एस्केप टनल को समानांतर सड़कों ( पैरेलल रोड्स) के रूप में किया जाए विकसित : मुख्यमंत्री*


*कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन के विस्तार की संभावना पर हो कार्य*


*टनकपुर - बागेश्वर रेललाइन परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने पर केंद्र सरकार से किया जायेगा आग्रह*


*निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों के आसपास के क्षेत्र का होगा पुनरविकास*


राज्य में प्रस्तावित रेल परियोजनाओं में टनल के साथ बनने वाले एस्केप टनल को समानांतर सड़कों ( पैरेलल रोड्स) के रूप में विकसित किया जा सके, इसकी व्यवस्था बनाई जाए। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना में बनी एस्केप टनल का भविष्य में किस प्रकार इस्तेमाल किया जा सकता है, इसपर भी कार्य योजना तैयार जाए साथ ही कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन के विस्तार की संभावना पर भी कार्य किया जाए।


यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में राज्य में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। 


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को टनकपुर - बागेश्वर रेल लाइन परियोजना पर भी तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा उक्त परियोजना के अंतर्गत विभिन्न वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार किया जाए। उन्होंने कहा परियोजना के निर्माण कार्य से अधिकांश क्षेत्र एवं जनता लाभान्वित हो सके इसके लिए अल्मोड़ा एवं सोमेश्वर क्षेत्र को भी जोड़ने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार से टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किए जाने का आग्रह किया जाए, जिससे इसके निर्माण कार्य को गति मिल सकेगी। 


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के लिए इंटीग्रेटेड प्लान बनाया जाए। जिससे इन रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थानीय लोगों के लिए बाजार विकसित हो सके। उन्होंने कहा सभी निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों में स्वयं सहायता समूहों, राज्य की स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाए।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में अभी से लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए उन्हें होमस्टे एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जन जागरूकता पर ध्यान दिया जाए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थित विभिन्न गांव, कस्बों, धार्मिक स्थलों एवं अन्य पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी रोड मैप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के आसपास के स्थानों का समुचित पुनरविकासर किया जाए। ताकि रेल परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भविष्य में बड़ी संख्या में उत्तराखंड आने वाले लोगों के आवागम को सुविधाजनक बनाया जाए। 


बैठक में बताया गया कि ऋषिकेश करणप्रयाग रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत 72.5 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है साथ ही टनल निर्माण का 95.30% कार्य पूरा हो गया है। इस परियोजना के अंतर्गत कुछ कल 28 टनलों का निर्माण किया है  जिनमें से 16 मुख्य टनल एवं 12 एस्केप टनल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों का निर्माण अलग-अलग थीम के आधार पर किया जा रहा है। जिसमें शिवपुरी स्टेशन को नीलकंठ महादेव, ब्यासी को महर्षि वेदव्यास, देवप्रयाग को समुद्र मंथन, जनासु को उत्तराखंड कल्चर, मलेथा को वीर माधो सिंह भंडारी, श्रीनगर को मां राज राजेश्वरी देवी, धारी देवी को मां धारी देवी, तिलनी को केदारनाथ, घोलतीर को पांच महादेव, गौचर को बाल गोविंद कृष्ण एवं कर्णप्रयाग को बद्रीनाथ मंदिर,राधा कृष्ण थीम पर आधारित निर्माण किया जा रहा है। 


टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन परियोजना के बारे में बताया गया कि परियोजना के अंतर्गत रेलवे द्वारा तीन सर्वेक्षण विकल्प प्रस्तावित किए गए हैं। साथ ही अन्य वैकल्पिक मार्गो एवं अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्र को भी इस रेल मार्ग से जोड़ने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। 



बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री ब्रजेश कुमार संत, श्री पंकज पांडे, मुख्य परियोजना प्रबंधक श्री हिमांशु बडोनी, श्री विजय, श्री ओम प्रकाश, श्री सुमन सिंह, श्री कल्याण सिंह भंडारी, श्री सनत कुमार सिंह एवं वर्चुअल माध्यम से रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे।दे


देहरादून में आयोजित 'शी फॉर स्टेम उत्तराखण्ड' विषय पर आयोजित कार्याशाला में पहुंचे सीएम धामी


*उत्तराखंड में मातृशक्ति के उत्थान को समर्पित धामी सरकार* 


*प्रदेश में 1.67 लाख से अधिक महिलाएं बनी लखपति दीदी* 


*ड्राप आउट छात्राओं को शिक्षा से जोड़ रही धामी सरकार* 


*बालिकाओं में विज्ञान एवं नवाचार के प्रति रुचि विकसित करने के लिए STEM आधारित कार्यक्रमों का किया जा रहा विस्तार*lll


सीएम के निर्देश पर डीएम का त्वरित एक्शन, धौलास में संयुक्त टीम ने की विस्तृत पैमाइश*

*ट्रस्ट को शैक्षणिक उद्देश्य से मिली थी भूमि, अब शर्तो के पालन की होगी जांच-एडीएम*

*20 एकड़ जमीन का बड़ा सौदा, पहले 15 को बिक्री, फिर सैकड़ों में बंटी जमीन, प्रशासन करेगा गहन पडताल*

*भूमि प्रकरण में कानून का डंडा, पैमाइश रिपोर्ट के बाद जमींदारी एक्ट में होगी सख्त कार्रवाई*

*बिना मानचित्र स्वीकृति के धौलास भूमि पर अवैध प्लाटिंग, एमडीडीए पहले ही कर चुका ध्वस्त,

देहरादून :

dholas dehradun land fraud case


हरियावाला, धौलास स्थित शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कृषि भूमि के कथित अनियमित विक्रय के मामले में माननीय मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप जिला प्रशासन ने गंभीर संज्ञान लेते हुए व्यापक कार्रवाई प्रारंभ की है। माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्वरित एक्शन लेते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा के नेतृत्व में प्रशासन की संयुक्त टीम का गठन किया और ग्राम धौलास में संबंधित भूमि का स्थलीय निरीक्षण एवं पैमाइश कराई गई।


अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा ने कहा कि शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट को पूर्व में शैक्षणिक प्रयोजनों हेतु भूमि आवंटित की गई थी। वर्तमान में यह जांच की जा रही है कि आवंटन के समय निर्धारित शर्तों एवं उद्देश्यों का अनुपालन किया गया है अथवा नहीं तथा भूमि की वर्तमान स्थिति क्या है। इस संबंध में तहसील प्रशासन, वन विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विस्तृत पैमाइश एवं जांच की कार्रवाई की जा रही है।


प्रारंभिक जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि ट्रस्ट द्वारा लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि का विक्रय 15 व्यक्तियों को बड़े भूखंडों के रूप में किया गया। तत्पश्चात इन व्यक्तियों द्वारा उक्त भूमि को 70-80 अन्य व्यक्तियों को छोटे-छोटे भूखंडों में विक्रय किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट को पूर्व में भूमि विक्रय की अनुमति इस शर्त पर प्रदान की गई थी कि संबंधित भूमि का स्वरूप कृषि भूमि ही रहेगा तथा उसे अकृषि घोषित कर विक्रय नहीं किया जाएगा।


अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कराई गई पैमाइश की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत प्रकरण में जम्मीदारी एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


उल्लेखनीय है कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने हरियावाला स्थित धौलास गांव में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध पूर्व में सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध बाउंड्री, आंतरिक मार्गों तथा अन्य संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है। यह कार्रवाई बिना मानचित्र स्वीकृति के की जा रही अवैध प्लाटिंग, आंतरिक सड़कों एवं बाउंड्री चिन्हांकन को हटाने के उद्देश्य से की गई। एमडीडीए द्वारा धौलास क्षेत्र में विधिवत नोटिस बोर्ड भी चस्पा कर आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अवैध प्लाटिंग में निवेश न करें तथा भूमि क्रय करने से पूर्व एमडीडीए से आवश्यक जानकारी अवश्य प्राप्त करें। अन्यथा उत्पन्न परिस्थितियों के लिए संबंधित व्यक्ति स्वयं उत्तरदायी होगा।

 

स्थलीय निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी, तहसीलदार विवेक राजौरी सहित तहसील प्रशासन के राजस्व उप निरीक्षक एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।



 

*मुख्यमंत्री ने डीबीटी के माध्यम से 484 लाभार्थियों को भेजी ₹3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि*

*राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को मिलेगी नई दिशा*


CM launched single women self employment scheme


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ किया।


मुख्यमंत्री ने योजना का शुभारंभ करते हुए प्रथम चरण में जनपद बागेश्वर ( 42 लाभार्थी) , देहरादून (191), नैनीताल (75), पौड़ी (66), टिहरी ( 23)  एवं उधमसिंहनगर ( 87) के कुल 484 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में ₹ 3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी। इसके साथ मुख्यमंत्री ने विभागीय कैलेंडर का भी विमोचन किया। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना,  महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को नई दिशा दी जा रही है। महिलाओं के बिना किसी भी राष्ट्र और समाज की उन्नति संभव नहीं है। महिला के सशक्त होने से परिवार के साथ पूरा समाज सशक्त होता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत कुल 484 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में ₹ 3 करोड़ 45 लाख 34,500 की धनराशि दी जा रही है। शेष 7 जनपदों की 540 महिलाओं को भी लगभग ₹ 4 करोड़,  महीने के अंत तक डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा इस योजना में हमने विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा या किसी भी कारण से अकेले जीवन का भार उठाने वाली महिलाओं के साथ एसिड अटैक, आपराधिक घटना की पीड़िता, ट्रांसजेंडर्स को भी शामिल किया है।



मुख्यमंत्री ने कहा इस योजना के शुरू होने से राज्य की नारी शक्ति अब नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे हैं । महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी, बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना के साथ ही ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त  करने जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, राज्य की मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, नौकरियों में प्रदेश की महिलाओं की  भागीदारी बढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान किए जा रहें हैं। साथ ही  मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में लगभग 5 लाख महिलाएँ 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता  समूह बनाकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल भी पेश कर रही हैं। प्रदेश की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने का काम किया है। उन्होंने  कहा राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है। 


कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अब महिलाओं को किसी और के ऊपर निर्भर न रखकर खुद आत्मनिर्भर बनेंगी साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ेगी। उन्होंने कहा निश्चित ही यह योजना एकल महिलाओं की तस्वीर बदलने का काम करेंगी। 


सचिव चंद्रेश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना एक सशक्त महिला उद्यमी योजना है। उन्होंने बताया  योजना के अंतर्गत अधिकतम धनराशि ₹ 2.00 लाख तक के कार्य / परियोजना स्वीकृत किए जा रहे हैं। लाभार्थी द्वारा स्वयं के श्रोतों / लोन के रूप में ली गयी धनराशि के सापेक्ष 75 प्रतिशत अथवा ₹1.50 लाख (जो भी अधिकतम हो) धनराशि की सब्सिडी प्रदान की जायेगी। उन्होंने बताया योजना के अंतर्गत परियोजना हेतु महिला को विभागीय अनुदान धनराशि 75% देय होगी एवं महिला का स्वयं का अंशदान 25% अनिवार्य रूप से देय होगा।


इस अवसर पर डायरेक्टर श्री बी एल राणा , श्री विक्रम , श्रीमती आरती, श्री मोहित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।



बागेश्वर, 10 फरवरी, 2026 | सूचना विभाग

📌 *कपकोट की नई उड़ान: ग्रामीण बागेश्वर बना एडवेंचर टूरिज्म का चमकता सितारा* 

📌 *पैराग्लाइडिंग चैंपियनशिप ने कपकोट को दिलाई पर्यटन मानचित्र पर खास जगह* 

📌 *राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से कपकोट में साहसिक पर्यटन को मिला नया प्रोत्साहन* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के विज़न के अनुरूप, सुदूर पर्वतीय क्षेत्र कपकोट अब एडवेंचर टूरिज्म के राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है।


फरवरी 5 से प्रारंभ बागेश्वर जनपद में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय एक्युरेसी पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता ने इस शांत ग्रामीण अंचल को देशभर के रोमांच प्रेमियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना दिया है।


जालेख की पहाड़ियों से उड़ान भरते रंग-बिरंगे पैराग्लाइडरों से सजा कपकोट का आसमान पूरे आयोजन के दौरान उत्सव का अहसास कराता रहा। देश के विभिन्न राज्यों से आए 92 पायलटों ने इस प्रतियोगिता में पंजीकरण कराया, जिनमें से 78 प्रतिभागियों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। हजारों स्थानीय दर्शकों और पर्यटकों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि कपकोट में साहसिक खेलों के प्रति जबरदस्त उत्साह है।


प्रतियोगिता का शुभारंभ जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे और क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया द्वारा किया गया। जिलाधिकारी ने इसे बागेश्वर के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होती है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।


पहले दिन से लेकर समापन तक प्रतियोगिता का रोमांच चरम पर रहा। विशेषज्ञों के अनुसार कपकोट का भौगोलिक परिवेश पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग और अन्य साहसिक खेलों के लिए अत्यंत अनुकूल है। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और सुरक्षा संबंधी सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और अधिक पेशेवर बना।


समापन समारोह में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने स्वयं जालेख से उड़ान भरकर इस रोमांच का अनुभव लिया और कहा कि “कपकोट–बागेश्वर अब एडवेंचर टूरिज्म के नए गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है। भविष्य में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।”


प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहे मनीष उप्रेती को ₹1,00,000, द्वितीय स्थान पर रहे मनीष भंडारी को ₹50,000 तथा तृतीय स्थान पर पंकज कुमार को ₹30,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। महिला पायलटों को भी विशेष प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया।


इस आयोजन की सफलता ने स्पष्ट संदेश दिया है—कभी शांत समझा जाने वाला कपकोट अब केवल एक ग्रामीण इलाका नहीं, बल्कि देश का उभरता हुआ साहसिक पर्यटन केंद्र बन चुका है। प्राकृतिक सुंदरता, अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियां और स्थानीय प्रशासन की सक्रिय पहल इसे भविष्य का प्रमुख एडवेंचर डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।


कपकोट ने सचमुच नई उड़ान भर ली है—पर्यटन की, पहचान की और संभावनाओं की।



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