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पापा की लाडलियों के सर से उठा पिता का साया; शिक्षा पर आया संकट तो अभिभावक बन जिला प्रशासन ने संभाली कमान; शिक्षा पुनर्जीवित 


असहाय, जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा की उड़ान को पंख लगाता जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’;  अब तक 1 करोड़ से 120 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित 


बिन पिता की बेटी जिया, अनुष्का; हिमिका, आदिका, कनक, वैश्नवी, फलक, प्रभुगन व किरत कौर, इशिका, मदिहा, दिया की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनन्दा पुनर्जीवित 

शिक्षा ही एक ऐसा टूल; हथियार जिससे  निकलते हैं सशक्तिकरण; सफलता के रास्तेः डीएम 


देहरादून, 



प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के 12 वें संस्करण में आज जिलाधिकारी सविन बसंल ने 26 बालिकाओं को स्कूल फीस राशि चैक वितरित किए। जिला प्रशासन ने 26 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई, जिनके स्कूल कालेज में बालिकाओं की फीस 6.93 लाख सीधे स्कूल खाते में हस्तांरित किये गए है। आज लाभान्वित हुई बालिकओं में 10 प्राईमरी स्तर, 8 माध्यमिक तथा 8 बालिकाओं की उच्च शिक्षा पुनर्जीवित की गई। जिला प्रशासन की इस महत्वाकांक्षी एवं जनसंवेदी प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा योजना अंतर्गत अभी तक लगभग 1 करोड़ की धनराशि से 120 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई। 

कु0 जिया जिनके पिता की मृत्यु उपरान्त उनकी बीफार्मा की शिक्षा बाधित हो गई थी की 39500 फीस, अनुष्का प्रजापति एमए प्रथम वर्ष पिता की मृत्यु उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी, जिला प्रशासन ने 871450 फीस स्कूल प्रबन्धन के खाते में जमा कराई। कु समीक्षा कक्षा 05 हिमिका त्यागी कक्षा 2, आदिका कक्षा4, कनक कक्षा9, वैश्नवी नौटियाल कक्षा 11ं, फलकअली कक्षा 12, प्रभुगन कौर कक्षा 7, किरत कौर कक्षा 8, शदप कक्षा 10 के पिता की मृत्यु उपरान्त पारिवारिक खराब आर्थिकी के चलते शिक्षा बाधित हो गई थी। जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना से बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित हो गई। वैष्णवी कक्षा 12 पिता की मृत्यु उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी, इशिका सिंह बीकॉम, मदीहा बेग बीसीए प्रथम सेमेस्टर पिता की मृत्यु उपरान्त शिक्षा बाधित 67600 फीस जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबन्धन के खाते में हस्तातंरित कर शिक्षा पुनर्जीवित की। दिया बडोनी कक्षा 9 पिता की मृत्यु उपरान्त बाधित शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित। 

कु0 सृष्टि के पिता लम्ब समय से कैंसर पीड़ित हैं जिनका उपचार चल रहा है खराब आर्थिक स्थिति के चलते उनकी बीसीए 5वें सेमस्टर की शिक्षा बाधित हो गई थी जिला प्रशासन ने 64043 फीस स्कूल में जमा कराते हुए शिक्षा पुनर्जीवित की। कु0 पलक घेयल जिनके पिता कैंसर पीड़ित है तथा माता नर्सिंग होम में काम कर परिवार चलाती है की एमएससी की शिक्षा पारिवारिक आर्थिक तंगी के कारण बाधित हो रही थी, जिला प्रशासन का सहारा मिलते ही शिक्षा पुनर्जीवित हुई। मानसी साहू जिनकी पारिवारिक स्थिति बहुत खराब है आर्थिक तंगी के कारण जियोलॉजी पीएचडी चतुर्थ सेमेस्टर की शिक्षा बाधित हो रही थी की 50 हजार फीस जिला प्रशासन द्वारा स्कूल प्रबन्धन के खाते में दी गई। 

कु0 अवनतिका राय, कक्षा 3, प्राची सिंह एसीए प्रथम सेमेस्टर,  मायरा कक्षा 7, खुशी कौर कक्षा 4, शायना सिंघानिया कक्षा 10  के पारिवार की खराब आर्थिकी की चलते शिक्षा बाधित हो गई थी जिला प्रशासन ने नंदा-सुनंदा से फीस स्कूल प्रबन्धन के खाते में जमा कराकर शिक्षा पुनर्जीवित कर दी है।

सभी बालिकाओं ने अपनी स्थिति जिलाधिकारी को बंया करते हुए मा0 मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार एवं जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया और अधिक मेहनत कर सफल होकर असहायों की सेवा का संकल्प लिया। 

जिलाधिकारी ने बालिकाओं का हौसला बढाते हुए कहा कि सरकार एवं जिला प्रशासन सदैव आपके साथ है आप मेहनत का जज्बा कायम रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा टूल है जिससे सशक्तीकरण एंव सफलता के रास्ते निकलतें है। यदि आप मेहनत करते हैं तो आपसे छोटे भाई बहन आसपास के लोग आपसे प्रभावित होकर शिक्षा का रास्ता पकड़ते हैं। उन्होंने कहा सरकार से अनुरोध करेंगे कि इस प्रोजेक्ट को नीति में शामिल किया जाए ताकि प्रदेशभर नंदा-सुनंदा रूपी जरूरतमंद बालिकाएं जिनकी शिक्षा किसी न किसी कारण से छूट गई है को पुनर्जीवित किया जा सके। 

इस अवसर पर निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि जिला प्रशासन देहरादून के ं कार्य वर्तमान में लिजेन्ड्री स्तर पर है। उन्होंने बालिकाओं का हौसला बढाते हुए कहा कि जिला प्रशासन देहरादून से जो सहायता मिल रही है उसका लाभ उठायें तथा सफल होने पर हेल्पिंग हेंड रखते हुए अन्य जरूरतमदों के जीवन के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लेते हुए मेहनत जारी रखें। 

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि जिला प्रशासन असहाय बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने के लिए निंरतर प्रयासरत है, जिन बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई उनका फालोअप लिया जाता है।  उन्होंने बालिकाओं से शिक्षा पर फोकस रखने को कहा हौसला बढाया राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन सदैव आपके साथ है। 

इस अवसर पर निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार  सहित सीडीपीओ बाल विकास एवं बालिकाओं की माता एवं परिजन उपस्थित रहे। 


   जिलाधिकारी सविन बंसल ने दी भावभीनी विदाई

देहरादून;

PRO DM dehradun rajesh kapil retired


 मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, कलेक्ट्रेट श्री राजेश कपिल आज 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूर्ण करते हुए शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित  समारोह में जिलाधिकारी सविन बंसल ने उन्हें  शाॅल भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी ।


जिलाधिकारी ने श्री कपिल के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे सेवाकाल में अनुशासन, कार्यकुशलता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि जब वह स्वयं अपनी प्रथम नियुक्ति में संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की में कार्यरत हुए तब राजेश कपिल वहां पर कार्यरत थे।

कहा कि श्री राजेश कपिल का अनुभव एवं मार्गदर्शन सदैव प्रशासन के लिए उपयोगी रहा है। उन्होंने श्री कपिल के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सुखद सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।

सेवानिवृत्त मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री राजेश कपिल ने भी अपने सेवाकाल के दौरान सहयोग प्रदान करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कहा कि शासकीय सेवा उनके जीवन का महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण अध्याय रही है।


श्री राजेश कपिल ने अपने 36 वर्षों के दीर्घ, समर्पित एवं निष्कलंक शासकीय सेवाकाल में राज्य के विभिन्न जनपदों में अपनी सेवाएं प्रदान कीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ किया। कलेक्ट्रेट प्रशासन के सुचारु संचालन में उनकी भूमिका सराहनीय रही है।



इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरी गिरी, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर,  उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, सहित  कलेक्ट्रेट के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे तथा सभी ने श्री कपिल को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।


*कोटद्वार में विकास और प्रकृति संरक्षण का संगम, मुख्यमंत्री ने बर्ड वाॅचिंग फेस्टिवल का किया शुभारंभ*

कोटद्वार में मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात, 326 करोड़ से अधिक की 61 योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास*

*बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल से कोटद्वार को नई पहचान, इको-टूरिज्म और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा: मुख्यमंत्री*


पौड़ी:




मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार में आयोजित बर्ड फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद के विभिन्न विकासखंडों के लिए करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार पहुंचकर सबसे पहले दिव्यांग बालक-बालिकाओं से मिलकर उनसे संवाद किया तथा उनकी शिक्षा के बारे में जाना। उसके बाद उन्होंने सिद्धबली मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने सनेह क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय बर्ड वाचिंग फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कोटद्वार की छात्राओं ने लोकभाषा गढ़वाली में स्वागत गान गाकर अतिथियों का अभिनंदन किया। हेरिटेज स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चों की पक्षी एवं प्रकृति संरक्षण पर शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।


शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा कुल 61 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इनमें 21 योजनाओं का शिलान्यास शामिल रहा, जिनकी कुल अनुमानित लागत 8,172.78 लाख रुपये रही। वहीं 40 योजनाओं का लोकार्पण किया गया, जिनकी कुल लागत 24,439.55 लाख रुपये रही। इस प्रकार कुल 32,612.33 लाख रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास संपन्न हुआ। 


मुख्यमंत्री ने फेस्टिवल परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया, जिनमें पक्षियों की फोटो प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पक्षी पहचान एवं संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल अत्यंत सराहनीय हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वां दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और इसमें महिलाओं का योगदान सर्वाधिक रहेगा। महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद गुणवत्ता में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर हैं।


मुख्यमंत्री ने कोटद्वार क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि बस टर्मिनल, आयुष चिकित्सालय, खोह नदी को प्रदूषण मुक्त करने हेतु एसटीपी की स्थापना, मालन नदी पर 26 करोड़ रुपये से अधिक लागत से पुल निर्माण तथा कोटद्वार-नजीबाबाद फोर लेन का निर्माण कार्य प्रगति पर है।


मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए घोषणाएँ करते हुए कहा कि हल्दूखाता में नगरीय पेयजल योजना की खनन प्रभावित जीर्ण शीर्ण पाइपलाइन का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में दो कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, विज्ञान कक्ष, कंप्यूटर कक्ष तथा चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। कोटद्वार में खोह नदी के दायें तट पर स्थित जीतपुर गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र झंडीचौड़ में 108 एम्बुलेंस सेवा की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक पक्षी प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बर्ड फेस्टिवल कोटद्वार क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता की दृष्टि से देश के समृद्ध राज्यों में शामिल है, जहाँ लगभग 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। राज्य पर्यावरण संरक्षण में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहां प्रतिवर्ष लाखों प्रवासी पक्षी आते हैं तथा देश में पाई जाने वाली लगभग 1300 पक्षी प्रजातियों में से 400 से अधिक दुर्लभ एवं सुंदर प्रजातियाँ उत्तराखण्ड में पाई जाती हैं।


मुख्यमंत्री ने सुरख़ाब पक्षी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सुनहरे पंखों वाला दुर्लभ पक्षी सर्दियों के मौसम में उत्तराखण्ड आता है, जिस पर प्रचलित कहावत है कि “सुरख़ाब के पंख लगे हैं क्या”। उन्होंने कहा कि पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ बीज प्रसार एवं पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत सरकार के सहयोग से राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है तथा इस उद्देश्य से वन विभाग को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। सरकार ड्रोन पायलट, इको-टूरिज्म एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी को प्रोत्साहित कर रही है तथा विद्यार्थियों को शैक्षिक यात्राओं में सहयोग प्रदान कर रही है। घायल पशु-पक्षियों के उपचार हेतु कालागढ़ में विशेष व्यवस्था की गई है।


विधानसभा अध्यक्षा एवं स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूरी भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड में पायी जाने वाली लगभग 700 पक्षी प्रजातियों में से करीब 400 प्रजातियाँ कोटद्वार क्षेत्र में पायी जाती हैं, जो यहां की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है। उन्होंने बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल को इको-टूरिज़्म एवं बर्ड-टूरिज़्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल बताया।


उन्होंने सुझाव दिया कि इस आयोजन को प्रदेश सरकार के वार्षिक कैलेंडर में शामिल कर प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी को ‘बर्ड फेस्टिवल दिवस’ के रूप में मनाया जाए, जिससे देश-विदेश के पक्षी एवं प्रकृति प्रेमी कोटद्वार की ओर आकर्षित हों।


विधानसभा अध्यक्षा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से कोटद्वार को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में क्षेत्र को मिली करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जनपद के समग्र विकास को नयी गति मिलेगी।


जिलाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जैव विविधता, प्रकृति और जीवन के प्रति संवेदनशीलता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि बर्ड फेस्टिवल अपने आप में एक अनूठी पहल है, जो न केवल पक्षियों के संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार भी खोलता है।


उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से कोटद्वार क्षेत्र को पर्यटन के नए आयाम मिलेंगे और यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों की पहचान बनेगा। जिलाधिकारी ने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि जब भी हम किसी पक्षी को खुले आकाश में उड़ते हुए देखते हैं, तब हमें स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझ में आता है। स्वतंत्रता केवल मनुष्य का अधिकार नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों और सम्पूर्ण प्रकृति का भी उतना ही मौलिक अधिकार है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह फेस्टिवल आने वाले समय में प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का सशक्त माध्यम बनेगा और जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नयी दिशा देगा।


दो दिवसीय बर्ड वाॅचिंग फेस्टिवल के पहले दिन लगभग 2500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। इसमें 300 छात्र-छात्राएं, 800 युवा, 400 महिलाएं, 100 बर्ड वाॅचर तथा 900 से अधिक अन्य लोग शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि फेस्टिवल के अंतर्गत आयोजित मैराथन दौड़, पेंटिंग, क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को फेस्टिवल के अंतिम दिन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।


मंच संचालन डाॅ. पद्मेश बुड़ाकोटी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप सिंह रावत, उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेद्र अणथ्वाल, उपाध्यक्ष सिंचाई समिति ऋषि कंडवाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, मेयर नगर निगम कोटद्वार शैलेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, डीएफओ लैंसडाउन जीवन मोहन दगाड़े, मण्डी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला, नगर आयुक्त कोटद्वार पीएल शाह, उपजिलाधिकारी कोटद्वार चतर सिंह चौहान, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, जिला अध्यक्ष भाजपा राज गौरव नौटियाल, पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बर्ड वॉचर तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।



31 जनवरी, 2026 देहरादून




सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, उत्तराखण्ड के मुख्यालय में आयोजित सेवानिवृत्त कार्यक्रम में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री जगदीश सिंह पटवाल एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री दिनेश सिंह राणा को भावभीनी विदाई दी गई। अपर निदेशक सूचना श्री आशिष कुमार त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक डाॅ. नितिन उपाध्याय, उप निदेशक श्री रवि विजारनिया एवं अन्य अधिकारीगण व कर्मचारियों द्वारा श्री पटवाल एवं श्री राणा को शाॅल एवं स्मृति चिन्ह् प्रदान किया गया। 

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर निदेशक सूचना श्री आशिष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी कार्मिक द्वारा 40 और 34 वर्ष की सेवा करना ही अपने आप में गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिक अपने साथ सेवा का लंबा अनुभव साथ लेकर जाते है। हम सभी को आपसी संबंध और अधिक बेहतर बनाने चाहिए। आपसी संबंध के कारण हम सभी एक दूसरे से जुड़े रहते है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि सूचना संघ को भविष्य में सेवानिवृत्त कार्मिकों हेतु कार्यक्रम करना चाहिए। इससे पुराने और नये कार्मिकों के विचारों का आदान-प्रदान होगा। श्री त्रिपाठी ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री जगदीश सिंह पटवाल एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री दिनेश सिंह राणा द्वारा विभाग में दिये गये योगदान की सराहना की। 

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संयुक्त निदेशक डाॅ. नितिन उपाध्याय ने कहा कि विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता है। विभाग की प्रगति में सेवानिवृत्त कार्मिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। इस अवसर पर फोटो फिल्म अधिकारी श्री शेखर चन्द्र जोशी, सहायक लेखाकार श्री कीर्ति सिंह पंवार, व्यवस्थाधिकारी श्री रामपाल सिंह रावत द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये गये। कार्यक्रम का संचालन प्रशासनिक अधिकारी श्री विजय कुमार द्वारा किया गया। 

कार्यक्रम में श्री एल.पी.भट्ट सहायक निदेशक, श्री मनोज कुमार शुक्ला, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, सहायक लेखाकार श्री राकेश कुमार धीमान, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री रणजीत सिंह बुदियाल, सहित सूचना कर्मचारी संघ के महामंत्री श्री अंकित चैहान, उपाध्यक्ष श्री प्रशांत रावत, संगठन मंत्री श्री सत्येन्द्र विजल्वाण सहित अन्य पदाधिकारीगण एवं विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। 



 लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही सोने और चांदी की कीमतों में आज जोरदार गिरावट दर्ज की गई।


 मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी में एक ही दिन में रिकॉर्ड स्तर की गिरावट दिखाई दी जबकि सोना भी नीचे आया। 



 चांदी का वायदा भाव कल करीब 66 हजार रुपये टूटकर लगभग 3.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया।यह गिरावट करीब 16.7 प्रतिशत की दर्ज की गई।इससे एक दिन पहले ही चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई थी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट चांदी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।आज सोना 10,954 रुपये टूटकर 1,58,449 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।यह गिरावट करीब 6.47 प्रतिशत की रही। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी सोने-चांदी के दाम काफी हद तक निवेशकों के भरोसे हैं। निवेशकों द्वारा पैसा वापस निकालने पर टूटन बनी रह सकती है.

 

आज का राशिफल

दिनाँक 31 जनवरी,2026

दिन शनिवार

rashifal today 31 jan,2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

धनार्जन सुगम होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता अर्जित करेगा। पठन-पाठन में मन लगेगा। दूर यात्रा की योजना बन सकती है। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। बेचैनी रहेगी।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी के व्यवहार से क्लेश हो सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। दु:खद समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी। पारिवारिक चिंता में वृद्धि होगी। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलेगी। तनाव रहेगा।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

शत्रु नतमस्तक होंगे। विवाद को बढ़ावा न दें। प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आय के स्रोतों में वृद्धि हो सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। चोट व रोग से बाधा संभव है। फालतू खर्च होगा। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।



कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

लेन-देन में सावधानी रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। परिवार में तनाव रह सकता है। शुभ समाचार मिलेंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार के साथ मनोरंजन का कार्यक्रम बन सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कोई बड़ी समस्या से छुटकारा मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी विवाद में उलझ सकते हैं। चिंता तथा तनाव रहेंगे। जोखिम न उठाएं। घर-बाहर असहयोग मिलेगा। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। आय में कमी हो सकती है।



तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में लाभ होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। बेचैनी रहेगी। थकान महसूस होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

नई आर्थिक नीति बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। कारोबारी अनुबंधों में वृद्धि हो सकती है। समय का लाभ लें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। कानूनी बाधा आ सकती है। विवाद न करें।

राशि फलादेश

धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

बेचैनी रहेगी। चोट व रोग से बचें। काम का विरोध होगा। तनाव रहेगा। कोर्ट व कचहरी के काम अनुकूल होंगे। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। लाभ के अवसरहाथ आएंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुख के साधनों पर व्यय हो सकता है। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद से क्लेश संभव है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। अपेक्षित कार्यों में अप्रत्याशित बाधा आ सकती है। तनाव रहेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। राज्य के प्रतिनिधि सहयोग करेंगे।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कष्ट, भय, चिता व बेचैनी का वातावरण बन सकता है। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। मातहतों से संबंध सुधरेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। जल्दबाजी न करें। कुबुद्धि हावी रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

धन प्राप्ति सुगम होगी। ऐश्वर्य के साधनों पर बड़ा खर्च हो सकता है। भूमि, भवन, दुकान व फैक्टरी आदि के खरीदने की योजना बनेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। अपरिचितों पर अतिविश्वास न करें। प्रमाद न करें।

 *मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्म भूषण सम्मान हेतु चयनित होने पर श्री भगत सिंह कोश्यारी को उनके आवास पर पहुंच कर दी बधाई* 

cm dhami, bhagat singh koshyari padma awardee


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल  श्री भगत सिंह कोश्यारी  से उनके डिफेंस कॉलोनी, देहरादून स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट की।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने श्री भगत सिंह कोश्यारी  को देश के प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान हेतु चयनित किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान श्री कोश्यारी  के सार्वजनिक जीवन में किए गए दीर्घकालिक, समर्पित एवं राष्ट्रसेवा से परिपूर्ण योगदान का उचित सम्मान है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री भगत सिंह कोश्यारी  ने उत्तराखंड आंदोलन से लेकर राज्य के गठन, प्रशासनिक नेतृत्व और संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन तक प्रत्येक भूमिका में प्रदेश और देश को सुदृढ़ दिशा देने का कार्य किया है। उनका जीवन जनसेवा, सादगी और राष्ट्रनिष्ठा का प्रेरणास्रोत रहा है।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि पद्म भूषण सम्मान से न केवल उत्तराखंड, बल्कि संपूर्ण देश गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने ईश्वर से श्री कोश्यारी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

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