Halloween party ideas 2015


 *लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में सेवा संकल्प फाउंडेशन की भूमिका की सराहना* 

 *उत्तराखंड की लोक कलाओं, हस्तशिल्प और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प* 

 *रिवर्स पलायन में 44% वृद्धि, किसानों की आय बढ़ाने में देश में प्रथम स्थान* 

 *पर्यटन, स्टार्टअप, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को राष्ट्रीय पहचान* 

 *लोक कलाकारों को पेंशन, आर्थिक सहायता और गुरु-शिष्य परंपरा से प्रशिक्षण* 

‘ *विकल्प रहित संकल्प’ के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु सरकार प्रतिबद्ध




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोक कलाकारों, साहित्यकारों, कला-प्रेमियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित जनता का  स्वागत एवं अभिनंदन किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोक संस्कृति को एक सूत्र में पिरोकर भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।


उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सेवा संकल्प फाउंडेशन, इसकी संस्थापक श्रीमती गीता धामी एवं समस्त आयोजन समिति को साधुवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन राज्य की पहचान को और अधिक सशक्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प एवं कारीगरी को नजदीक से जानने और समझने का अवसर प्राप्त होता है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीतों तथा छोलिया, पांडव और झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं, जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चार दिवसीय आयोजन में लगे स्टॉलों के माध्यम से पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों एवं उत्तराखंडी व्यंजनों के सुंदर प्रदर्शन की भी सराहना की।



मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार द्वारा भी राज्य के समग्र विकास के लिए अनेक योजनाएं और नीतियां प्रभावी रूप से लागू की गई हैं।



उन्होंने बताया कि ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है। इसके साथ ही स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े चार वर्षों में उत्तराखंड ने अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है तथा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में भी राज्य अग्रणी बनकर उभरा है।



उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को ‘अचीवर्स’ और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ की श्रेणी प्राप्त हुई है। सिंगल विंडो सिस्टम को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2023-24 में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखंड को श्रेणी-सी में देश में दूसरा स्थान मिला है। लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में भी राज्य को अचीवर्स श्रेणी में स्थान मिला है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मिले पुरस्कार ने उत्तराखंड की निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन व्यवस्था को प्रमाणित किया है।



पर्यटन क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है। वर्ल्ड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवार्ड में राज्य को ‘वन टू वॉच’ पुरस्कार मिला है।



कृषि और मत्स्य क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में मत्स्य विकास के लिए उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। हाल ही में हैदराबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन में राज्य को ‘बेस्ट स्टेट फॉर प्रोमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम’ सम्मान से नवाजा गया।



मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लोक कलाकारों की सत्यापित सूची तैयार कर कोरोना काल में लगभग 3,200 कलाकारों को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी गई। 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध एवं अस्वस्थ लोक कलाकारों को पेंशन प्रदान की जा रही है। गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत लोक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जा रहा है।



उन्होंने कहा कि सरकार लोक सांस्कृतिक लिपियों के प्रकाशन, आर्ट गैलरियों की स्थापना तथा साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। साहित्यकारों को सम्मान और ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान प्रदान किया जा रहा है तथा स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सेवा संकल्प फाउंडेशन जैसी संस्थाएं भविष्य में भी उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।


सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी श्रीमती गीता धामी ने कहा कि बीते 4 दिनों से इस महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को जीवंत रखने का कार्य किया गया है। इस महोत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक उत्पाद, जीवनशैली को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा इस महोत्सव का शुभारंभ शंखनाद से हुआ था। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन सभी की मेहनत का फल है। 


श्रीमती गीता धामी ने कहा कि उत्तरायणी कौथिक में पूरे राज्य से लोग आए। यह मात्र संस्था का नहीं बल्कि पूरे राज्य का आयोजन है। जिसमें पूरे राज्य से लोगों ने प्रतिभाग किया है। हमने इस कौथिक के माध्यम से पूरे राज्य की संस्कृति एक मंच पर दिखाया। उन्होंने कहा युवा पीड़ी को इतिहास से जोड़ते हुए उनका भविष्य बनाना  है। उन्होंने कहा हमने अपने भविष्य को अपनी जड़ों से जोड़े रखना है। 


श्रीमती गीता धामी ने कहा कि आधुनिकता के साथ संस्कृति का संरक्षण भी बेहद जरूरी है। जब तक संस्कृति जीवित है, तब तक हमारी पहचान और सम्मान है। हमारी सनातन संस्कृति ही सबसे पुरातन संस्कृति है। हमें गर्व है कि हम उत्तराखंड और भारत के लोग हैं। उन्होंने सभी से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की अधिक से अधिक खरीदारी करने की बात कही। उन्होंने कहा जिससे हम राज्य के अर्थव्यवस्था को बढ़ा सके और उत्तराखंड को आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाएं। 


श्रीमती गीता धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू हुआ, सख्त नकल विरोधी लागू कर हजारों लोगों को रोजगार दिया है। आज उत्तराखंड नए आयाम स्थापित कर रहा है।




आज कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्री पद्म भूषण भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, अध्यक्ष केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड पद्मश्री प्रसून जोशी, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक श्री खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल,  विधायक अनिल नौटियाल, विधायक भोपाल राम टम्टा, विधायक सुरेश गढ़िया, श्री सुरेश चौहान, श्री अजेय कुमार, श्रीमती बिशना देवी, श्रीमती अपर्णा जोशी, डीजीपी श्री दीपम सेठ, दायित्वधारी राज्य मंत्री श्री हेमराज बजरंगी, श्रीमती मधु भट्ट, डॉ. गीता खन्ना, गीताराम गौड़, विश्वास डाबर, श्याम अग्रवाल, श्रीमती विनोद उनियाल, नेहा शर्मा, हरक सिंह, मुकेश कुमार, ज्योति गैरोला, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की क्रिकेट टीम को पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंचने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और इससे प्रदेश के खिलाड़ियों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

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मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन को भी इस सफलता में उनके निरंतर प्रयासों और योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने बेहतर टीमवर्क, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।


श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें।


मुख्यमंत्री ने सेमीफाइनल मुकाबले के लिए टीम को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि उत्तराखंड की टीम सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में प्रवेश करेगी और राज्य का गौरव बढ़ाएगी।

 

अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण समिति की सभा मे निर्णय होली मिलन व कवि सम्मेलन 1 मार्च 2026 को ,भगवान परशुराम जन्म उत्सव पर भव्य कार्यक्रम ,समिति के सदस्यता अभियान को प्रमुखता से चलाने पर मंथन व समिति के दशम वार्षिक उत्सव हेतु मंथन ।

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 अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यो की एक सभा  होटल कैलिस्टा पटेल नगर  देहरादून में आयोजित की गई।


    सभा को आरम्भ करते हुए समिति के केंद्रीय अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा  ने कहा की अखिल भारतीय देवभूमि ब्राह्मण जन सेवा समित द्वारा कैलेंडर वर्ष 2026 का स्वागत बहुत ही भव्य रूप से सनातन सभ्यता संस्कृति की रक्षा करते हुए आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ से किया। 

 गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी 2026 मे सम्पूर्ण वर्ष मे विभिन्न सामाजिक धार्मिक व रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे वर्ष भी आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का एक कलेडर /विवरण आज की सभा मे प्रस्तुत हुआ।

जिसमे होली उत्सव 2026 को  दिनांक 1 मार्च को होटल कैलिस्टा देहरादून पर समिति सदस्यों के सहयोग से आयोजित किया जाना प्रस्तावित है जिसमे नगर के विख्यात कवि अपनी कविताओं और हास्य रस के माध्यम से होली की शुभकामनाएं देंगे।


  समिति द्वारा हिन्दू नव वर्ष संवत् 2083 की पूर्व संध्या पर भगवान् परशुराम चौक नेहरू कालोनी पर 2083 दीप प्रजलवित कर हिन्दू /सनातन धर्म का स्वागत किया जायेगा।

   देहरादून नगर के चारो सिद्ध मे समिति के कार्यक्रमों के अंतिम चरण मे जल्द ही मांडू सिद्ध मे एक कार्यक्रम आयोजित होगा। तथा मां शकुभारी देवी व शुक्रथीर्थ में भी कार्यक्रम आयोजित करने के प्रयास होंगे।

चिरंजीवी भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव देहरादून में धूम धाम से आयोजित होगा व लगातार प्रयास जारी है  की उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि में चिरंजीवी भगवान परशुराम जी के जन्म दिवस को सम्मान के साथ आयोजित करे।

  समिति द्वारा आयोजित होने वाले तीज उत्सव, वृक्षारोपण, स्वतंत्रता दिवस, करवा चौथ, भगवान् परशुराम जन्म स्थान रेणुकाधाम की एक दिवसीय यात्रा आदि कार्यक्रमों पर भी सूक्ष्म चर्चा हुई।



समिति के साथ अधिक से अधिक सदस्य जोड़ने का प्रयास कर हम ब्राह्मण समाज को सर्वउपयोगी बनाने का प्रयास कर रहे है।समिति के सदस्यता अभियान में अप्रेल 2026 तक 1500 नए सदस्य समिति के साथ जुड़ने के प्रण के साथ समिति के सभी सदस्य कार्य कर रहे है।



    

सभा मे सदस्यो के द्वारा कुछ नए विचार प्रस्तुत हुए जिन पर विशेष मंथन हुआ।

वर्ष 2027 मे एक भव्य सामाजिक व धार्मिक आयोजन आयोजित करने पर भी मंथन चल रहा है एक सभ्य समाज की स्थापना के सन्देश को प्रदान करता आयोजन देहरादून मे होगा इस हेतु कार्य प्रगति पर है।


      आज की सभा मे समिति की संरक्षक श्रीमती आभा बड़तवाल समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा,सचिव रुचि शर्मा, उत्तराखंड प्रदेश  महासचिव डॉ अजय वशिष्ठ, महानगर देहरादून अध्यक्ष  राजेश पंत ,नारी शक्ति की महानगर देहरादून अध्यक्ष भारती जोशी महासचिव मधु शर्मा, पंडित शशांक उपाध्याय,वीणा शर्मा,राजगीता शर्मा ,विपुल बिल्जवाण,शक्ति सागर कौशिक, आशीष शर्मा, सुधा डबराल,

अर्पित शर्मा,,तुषार शर्मा,राकेश शर्मा,वासु वशिष्ठ,एडवोकेट मुकेश शर्मा, आर एन अग्रवाल आदि सम्मलित रहे।


 


पैनेल्टी मुकदमा एवं अन्य दण्डात्मक कार्यवाही के बाद भी खास सुधार न होने पर जिला प्रशासन ने लिया कार्य अनुमति निरस्तीकरण का फैसला; 

आदेश उपरान्त रोड़ कटिंग कार्य संचालित पाए जाने पर सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं की मशीनरी, निर्माण सामग्री जब्त करने व दंडात्मक कार्यवाही के पुलिस अधीक्षक यातायात को निर्देश

देहरादून ;


सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर शहर में किये जा रहे निर्माण कार्यों पर जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए समस्त कार्य अनुमतियों को तथा माह जनवरी में आकस्मिकता के दृष्टिगत आपदा कंट्रोल रूम से दी गई सभी कार्यालय अनुमतियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा कार्यदाई संस्थाओं को एक दिवस के भीतर कार्यक्षेत्र से तत्काल अपनी मशीनरी निर्माण सामग्री इत्यादि हटाते हुए रोड को 10 दिन भीतर पूर्व स्थिति में लाने के निर्देश दिए है। 

अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी, अधीक्षण अभियंता एनएच तथा अन्य सड़क निर्माण संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि अभियंाताओं की रोस्टरवार ड्यूटी लगाते हुए तत्काल रूप से अपनी-अपनी सड़कों के सुधारीकरण एवं मरम्मतीकरण का कार्य प्रारंभ करते हुए 10 दिवस के भीतर शहर अन्तर्गत सभी सड़कों को पूर्व स्थिति में लायेगे। 

जिला प्रशासन के संज्ञान में आया कि विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किये जा रहे रोड़ कटिंग कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों, संकेतक / बैरिकेडिंग, जन सामान्य हेतु अन्य सुरक्षा उपायों आदि का पालन नहीं किया जा रहा है और ना ही कार्यदायी संस्थाओं के सक्षम अधिकारियों द्वारा भी कार्यस्थल पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर संबंधित कॉन्ट्रेक्टर के कार्यों की समीक्षा एवं सुरक्षा मानको का अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है।


जिला प्रशासन की क्यू०आर०टी० द्वारा समय-समय पर किये गए स्थलीय निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं पर पैनेल्टी मुकदमा दर्ज एवं अन्य दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने के पश्चात भी विभागों द्वारा कार्यों में अपेक्षाकृत  सुधार नहीं लाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप अनेक स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है तथा सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि एवं गम्भीर दुर्घटना/आपदा की संभावना बनी हुयी है, जिसके फलस्वरूप जिला प्रशासन  ने जनमानस की सुरक्षा के दृष्टिगत बड़ा निर्णय लेते हुए समस्त कार्य अनुमतियों को निरस्त कर दिया है। 

ज्ञातब्य है कि परियोजना समन्वय समिति देहरादून ने जनपद अर्न्तगत विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त रोड़ कटिंग की अनुमति, अनुरोध के क्रम में  अधिशासी अभियन्ता, उत्तर, उत्तराखण्ड जल संस्थान,  अधीक्षण अभियन्ता, परि० किया०, पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उ०लि० आई०एस०बी०टी० क्रासिंग सहारनपुर रोड़ माजरा, अधिशासी अभियन्ता, उ० पेयजल संस्थान विकास एवं निर्माण निगम, देहरादून शाखा, राजेन्द्र नगर, उप कार्यकम निदेशक, यू०यू०एस०डी०ए०, देहरादून, अधिशासी अभियन्ता, उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि०, वि०वि० खण्ड दक्षिण, अधिशासी अभियन्ता, दक्षिण, उत्तराखण्ड जल संस्थान,  अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, देहरादून स्मार्ट सिटी लि०, कौलागढ़ रोड़, आदि तथा कार्यालय जिलाधिकारी / आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, देहरादून, द्वारा प्रभारी अधिकारी रोड़ कटिंग के माध्यम से रोड़ कटिंग की अनुमति अनुरोध के क्रम में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं को रोड़ कटिंग की अनुमति दी गयी थी। 

सिंचाई विभाग की खुली नहर में बुजुर्ग हुए चोटिल; जिला प्रशासन की क्यूआरटी ने  दर्ज कराया मुकदमा*

 *सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन सख्त;*

*जनमानस की सुरक्षा से खिलवाड़ पर सीधे दर्ज होंगे आपराधिक मुकदमे: ङीएम*

देहरादून ;


  जनपद में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रही सड़क दुर्घटना संबंधी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन की क्यूआरटी  ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। लापरवाही पर सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।


अपर तुनवाला प्रकरण के संबंध में  घटना कैनाल रोड, अपर तुनवाला क्षेत्र की  नहर की सफाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध न किए जाने एवं असुरक्षित स्थिति में कार्य किए जाने के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा सिंचाई विभाग के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार एक बुजुर्ग व्यक्ति मॉर्निंग वॉक के दौरान पूर्वनिर्मित सिंचाई नहर (कैनाल) के खुले भाग में गिर गए। यह नहर सिंचाई विभाग की पुरानी संरचना है, जो सड़क से लगभग डेढ़ फीट ऊंचाई पर पेवमेंट के रूप में स्थित है। नहर की नियमित सफाई के उद्देश्य से सिंचाई विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर स्लैब हटाए गए थे।


कोहरे की स्थिति के कारण बुजुर्ग व्यक्ति खुले स्लैब को देख नहीं पाए और नहर में गिर गए। प्रथम दृष्टया यह घटना सीवर निर्माण कार्य से संबंधित नहीं पाई गई है।


जिलाधिकारी सविन बंसल ने  समस्त कार्यवाही संस्थाओं एवं ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्यों के दौरान कटिंग की गई सड़कों अथवा कार्यस्थलों पर किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं/ठेकेदारों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज किये जाएंगे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर अनदेखी स्वीकार्य नहीं की जाएगी।

जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार के निर्माण/सफाई कार्य के दौरान पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रात्रिकालीन रिफ्लेक्टर एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

अवगत कराया गया है कि कैनाल रोड, अपर तुनवाला प्रकरण के संबंध में  घटना कैनाल रोड, अपर तुनवाला क्षेत्र की है, जहां सीवर पाइपलाइन डाले जाने के उपरांत मार्ग के रेस्टोरेशन का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में उक्त स्थल पर रोड कटिंग से संबंधित कोई कार्य संचालित नहीं हो रहा है तथा सड़क का प्राथमिक रेस्टोरेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है।




जनता का हक, हमारा संघर्ष –भाजपा के खिलाफ आर-पार की जंग - प्रीतम सिंह



परवादून जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आज डोईवाला ब्लॉक सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पूर्व काबीना मंत्री और कांग्रेस चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने की। इस दौरान आगामी 16 फरवरी को देहरादून में प्रस्तावित राजभवन घेराव कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई और कार्यकर्ताओं में जोश भरा गया।


पूर्व काबीना मंत्री प्रीतम सिंह ने कहा की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आज उत्तराखंड का प्रत्येक वर्ग परेशान है। बेरोजगारी, बेलगाम महंगाई और बिगड़ती कानून व्यवस्था ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है। अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम उजागर न होना और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामले सरकार की विफलता का प्रमाण हैं। 16 फरवरी को होने वाला राजभवन घेराव ऐतिहासिक होगा। डोईवाला और परवादून जिले से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता देहरादून कूच कर सोई हुई सरकार को जगाने का काम करेंगे।


परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा की जिला कांग्रेस इस घेराव को सफल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमने बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को लामबंद कर दिया है। यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान और युवाओं के हक की है। डोईवाला से कार्यकर्ताओं का विशाल रेला 16 फरवरी को देहरादून की सड़कों पर उतरेगा। मनरेगा जैसी योजनाओं में कथित कटौती और जनविरोधी नीतियों के विरोध में।


डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने कहा की ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और विकास कार्यों की अनदेखी से युवाओं में भारी आक्रोश है। हम भारी संख्या बल के साथ राजभवन की ओर कूच करेंगे और जनता की आवाज बुलंद करेंगे।


बैठक के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि 16 फरवरी को डोईवाला से भारी संख्या में कार्यकर्ता देहरादून पहुंचेंगे।


 बैठक में पूर्व काबीना मंत्री प्रीतम सिंह,परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी,देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर,सेवादल प्रदेश अध्यक्ष हेमा पुरोहित, कांग्रेस प्रदेश सचिव सागर मनवाल,मनोज नौटियाल,रेखा बहुगुणा,पूर्व जिलाध्यक्ष अश्वनी बहुगुणा,डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी, डोईवाला ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र भट्ट,अब्दुल रज्जाक,ईश्वर पाल,हाजी मीर हसन,उमेद बोरा,जितेंद्र कुमार, एसपी बहुगुणा,रफल सिंह,ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी,सुनील थपलियाल,जितेंद्र बिष्ट,गुरदीप सिंह,देवराज सावन,अंशुल त्यागी,रेणु चुनारा,सुशील सैनी,अफसाना अंसारी,रेखा कांडपाल सती,रीना क्षेत्री,इंद्रजीत सिंह,प्रकाश नेगी,शंकर मेहरालू,राहुल सैनी,स्वतंत्र बिष्ट,मनोज पाल,आरिफ अली,मोइन खान,गौरव मल्होत्रा,अमित सैनी,राजेंद्र बिष्ट,महेश कुकरेती,सुनील बर्मन,भारत भूषण,नागेन्द्र सिंह व स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

ukd central  working committe meeting

उत्तराखंड क्रांति दल की  केंद्रीय कार्यकारिणी की एक  बैठक श्यामपुर क्षेत्र ऋषिकेश में बहुत की गई जिसमें उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं ने आपसी विचार विमर्श द्वारा निम्न प्रस्ताव पारित किये और आश्वासन दिलाया की उत्तराखंड क्रांति दल अपने इनेवड़ों पर खड़ी नहीं उतरेगी अपितु अब एक जूता के साथ कार्य करेगी एवं कभी भी इसमें विग्रह की संभावना नहीं होगी।


UKD central working committee


राजनीतिक प्रस्ताव निम्न प्रकार हैः-

1. उत्तराखंड की स्थाई राजधानी गैरसैंण (चंद्र नगर) शीघ्र घोशित हो।

2. प्रदेष में जन अनुरूप एक सम्मान सशक्त भू-कानून लागू हो।

3. प्रदेष में मूल निवास 1950 लागू किया जाए।

4. 21 वीं सदी की शिक्षा प्रदान करना तथा प्रत्येक ब्लॉक में एक निशुल्क आधुनिक बोर्डिंग स्कूल बनाने का संकल्प।

5. प्रदेष में ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवा बेहतर करना। 

6. महिला सषक्तिकरण एवं बाल विकास कल्याण की विभिन्न योजनाएं लागू की जाए। 

7. 200 यूनिट की बिजली आवासीय प्रयोजन हेतु मुफ्त प्रदान की जाए। 

8. किसानों को मुफ्त सिंचाई की व्यवस्था प्रदान की जाए एवं सिंचाई हेतु निःशुल्क विद्युत व्यवस्था हो। 

9. बड़े बांधों का विरोध लेकिन बहते पानी पर बनने वाले छोटे बांधों के पक्षधर। 

10. प्रदेष में जंगली जानवरों के आतंक से लोग खेती किसानी छोड़ने को मजबूर हो गए है, जंगली जानवरों से हो रहे जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए कारगर उपाय किए जाए।

11. प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति को रोजगार प्रदान करना।

12. पर्यटन विकास तथा समस्त सीमांत क्षेत्रों को धारचूला से यमुनोत्री तक जोड़ने के लिए सड़क निर्माण।

13. प्रदेश के अस्पतालों में पी0पी0पी0 मोड व्यवस्था तुरंत समाप्त कर सरकार अपने अधीन ही अस्पतालों का संचालन करें। 

14. प्रदेश के सभी विभागों में नियुक्ति हेतु लागू आउट सोर्सिंग व्यवस्था तुरंत समाप्त की जाए तथा रिक्त पदों पर सीधी भर्ती सुनिश्चित की जाए व अब तक नियुक्त सभी कार्मिकों को नियमित किया जाए।

15. युवाओं को बेरोजगारी भत्ता न्यूतम रूपये 2500 लागू हो। 

16. निजि संस्थानों में मूल निवासियों के लिए 70 प्रतिषत रोजगार सुनिष्चित किये जाए। 

17. उत्तराखंड में बाहर से आने वाले वाहनो पर ग्रीन टैक्स का प्रावधान किया जाए ताकि प्रदेष की आर्थिक व्यवस्था बेहतर हो सके।  

18. उद्यान विभाग को मजबूत कर सामूहिक फल पट्टियां विकसित करना।

19. सौर ऊर्जा कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना तथा अतिरिक्त ऊर्जा पैदा करने के उपाय सुनिष्चित किये जाए। 

20. पहाड को ध्यान में रखते हुए ऊन उद्योग को और अधिक विकसित करने पर जोर ताकि आर्थिकी मजबूत हो सके। 

21. रिंगाल/बांस को प्रोत्साहन प्रदान करना। 

22. राज्य बनने से लेकर अब तक किये गए सभी भ्रश्टाचार एवं घोटालो की जांच सार्वजनिक की जाय एवं दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाए। 

23. प्रदेश की इस विशम भौगोलिक परिस्थिति, सामाजिक, आर्थिक परिस्थिति तथा लगातार हो रहे पलायन को देते हुए संपूर्ण प्रदेश के मूल निवासियों को राष्ट्रीय स्तर पर नौकरियों में विशेष आरक्षण प्रदान किया जाना।

24. पर्वतीय क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा एवं व्यवसायिक संस्थानों को स्थापित किया जाए। 

25. प्रदेश में डिग्री एवं डिप्लोमा धारी युवाओं जैसें सी0पी0एड0, वी0पी0एड0, डी0पी0एड0, योग प्रषिक्षक, वी0एड0, और फार्मेसिस्ट आदि को शीघ्र नियुक्ति प्रदान की जाए। 

26. प्रदेश में लंबे समय से लंबित भूमि व्यवस्था के लिए नई भूमि बंदोबस्त एवं चकबंदी व्यवस्था लागू की जाए।

27. ब्लॉक प्रमुखों एवं जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान द्वारा कराया जाए।

28. पहाड़ी क्षेत्रों में पारम्परिक खेती एंव पशुपालन करने वाले किसानों को रोजगारी गेरेन्टी के तहत 200 रूपये प्रतिदिन दिये जाए जिससे पारम्परिक खेती को बचाया जा सके एवं पलायन पर रोक लग सके। 

29. प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाएगी। 

30. स्न्ब्ब् एवं जनशक्ति समिति के ठगी पीड़ितों का जमा पैसा वापस दिलाया जाए।  

31. न्ब्ब् के अंतर्गत प्रावधान लिव-इन रिलेशनशिप खत्म किया जाए।

32. चिन्हित आंदोलनकारी को राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा दिया जाएगा। 

33. स्वास्थ्य का अधिकार लागू किया जाएगा। 

34. प्रदेश के जंगलों में लगने वाली वनाग्नि से कारगर बचाऊ हेतु ग्राम स्तर पर वन रक्षक स्वयं सेवक की नियुक्ति एवं उनको नियमित मानदेय देनी की व्यवस्था 

35. प्रदेष में विधानसभाओं का परिसिमन विशम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए क्षेत्रफल के आधार पर सुनिष्चित किया जाए। 

36. उत्तर प्रदेष के स्वामित्व वाली परिसंपत्तियों पर पुनः विचार कर समस्त परिसंपत्तियों को तुरंत उत्तराखण्ड में नीहित किया जाए। 


◼️ *परिजनों के बयान दर्ज, हर पहलू की होगी जांच- विशाखा अशोक भदाणे (IPS)*

SP vishakha badhane at rishikesh


ऋषिकेश के शिवाजी नगर क्षेत्र में एक महिला की गोली मारकर हत्या किए जाने की अत्यंत दुःखद और संवेदनशील घटना के संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा नामित जांच अधिकारी, *पुलिस अधीक्षक श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे (IPS) ने आज ऋषिकेश पहुंचकर प्रकरण की विस्तृत समीक्षा की।


उल्लेखनीय है कि, हाल ही में देहरादून में महिलाओं से सम्बन्धित अपराधों के दृष्टिगत एवं उक्त घटनाओं में पुलिस रिस्पॉन्स को लेकर  पुलिस मुख्यालय द्वारा महिला IPS  अधिकारी को सौंपी गई जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए श्रीमती भदाणे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने *कोतवाली ऋषिकेश पहुंचकर प्रकरण से संबंधित सूचनाओं, पुलिस रिस्पॉन्स से जुड़े अभिलेखों का विस्तृत अवलोकन भी किया।*


*पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार से भेंट कर शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।* उन्होंने परिजनों के पक्ष को अत्यंत गंभीरतापूर्वक सुना, उनके विस्तृत बयान दर्ज किए तथा परिवार को आश्वस्त किया कि *अभियोग की विवेचना पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। घटना के संबंध में स्थानीय पुलिस द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।*


यह भी अवगत कराना है कि, घटना के सम्बन्ध में प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने पर एम्स चौकी प्रभारी को पूर्व में ही निलम्बित किया जा चुका है।



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