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*उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के खाते में पहुंची धनराशि* 


4400 labour get more than 11 crore by CM Dhami



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार  को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।


मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता,  मृत्यु उपरांत अनुदान,  प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की। 


इस अवसर पर मुख्यमंत्री  ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।


मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन तथा जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण हेतु विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले। 


इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है। 

इस अवसर पर श्री कैलाश पंत (राज्य सलाहकार, संविदा बोर्ड), श्रीमती गीता रावत (अध्यक्ष, सतर्कता समिति), श्रीमती मोहिनी पोखरिया (उपाध्यक्ष, राज्य सतर्कता समिति), अपर सचिव श्री विनीत कुमार, उप श्रम आयुक्त श्री विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त श्री शैलेश सती, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ श्री दुर्गा चमोली उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन श्रम आयुक्त श्री प्रकाश चन्द्र दुम्का द्वारा किया गया।

योग के पहले धरा योग’ - गंगा एवं घाटों की स्वच्छता कर दिया ‘स्वच्छ धरा, स्वस्थ शरीर’ का संदेश’’*


’ऋषिकेश:


yoga in parmarth niketan on 21st june2026


उत्तराखण्ड।’’ 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में व्यापक स्तर पर तैयारियाँ प्रारम्भ हो चुकी हैं। इस वर्ष की तैयारियों का शुभारम्भ केवल योगाभ्यास से नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए ’’‘योग के पहले धरा योग’’’ के प्रेरणादायी संदेश के साथ किया गया। परमार्थ निकेतन के ऋषिकुमारों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों तथा देश-विदेश से आए साधकों ने माँ गंगा के तट एवं घाटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ समाज का आधार स्वच्छ प्रकृति एवं स्वच्छ पर्यावरण ही है।


परमार्थ पीठाधीश्वर, परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के ’’पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी’’ ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन को संतुलित, समरस और जागरूक बनाने की दिव्य साधना है। उन्होंने कहा कि यदि हमारी धरती, हमारी नदियाँ और हमारा पर्यावरण प्रदूषित होंगे, तो मानव जीवन भी स्वस्थ नहीं रह सकता। इसलिए योग का वास्तविक आरम्भ प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण से होना चाहिए। इसी भावना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए ’’‘योग के पहले धरा योग’’’ अभियान का शुभारम्भ किया गया।


पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज विश्व योग को अपना रहा है, परन्तु योग का मूल दर्शन हमें यह संदेश देता है कि हम केवल अपने शरीर से ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सृष्टि से जुड़े हुए हैं। जब हम धरती को स्वच्छ रखते हैं, जलस्रोतों का संरक्षण करते हैं और प्रकृति का सम्मान करते हैं, तभी योग की वास्तविक साधना पूर्ण होती है। योग हमें ‘मैं’ से ‘हम’ की यात्रा कराता है और यही भावना विश्व कल्याण का आधार है।


स्वच्छता अभियान के दौरान सभी प्रतिभागियों ने गंगा तटों एवं घाटों पर फैले प्लास्टिक, कूड़े-कचरे एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित कर उनके उचित निस्तारण की व्यवस्था की। साथ ही उपस्थित सभी लोगों ने एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक का उपयोग न करने, जल संरक्षण करने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।


इस अवसर पर ’’साध्वी भगवती सरस्वती जी’’ ने कहा कि योग केवल मैट पर बिताया गया एक घंटा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यदि हमारा व्यवहार प्रकृति के प्रति उत्तरदायी नहीं है, तो हमारा योग अधूरा है। उन्होंने कहा कि धरती हमारी माता है और उसकी सेवा करना ही सच्ची साधना है। गंगा की स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और मानवीय जिम्मेदारी है।


उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य केवल योगासन करना नहीं, बल्कि योग के मूल जीवन मूल्योंकृकरुणा, संतुलन, अनुशासन, सेवा और प्रकृति के प्रति सम्मानकृको जीवन में उतारना है। जब हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखते हैं, तभी हम अपने भीतर भी सकारात्मकता, शुद्धता और ऊर्जा का अनुभव करते हैं।


परमार्थ निकेतन द्वारा आयोजित इस अभियान में देश-विदेश से आए अनेक साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ’’‘स्वच्छ गंगा, स्वस्थ भारत’, ‘योग के पहले धरा योग’, ‘धरती रहेगी स्वच्छ तभी जीवन होगा स्वस्थ’, ‘क्लीन गंगा, ग्रीन अर्थ’’’ तथा ’’‘हेल्दी प्लैनेट, हेल्दी पीपल’’’ जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।


12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’’ के अवसर पर परमार्थ निकेतन में आयोजित ’’कॉमन योग प्रोटोकॉल में विश्व के अनेक देशों से आए राजदूत, प्रतिनिधि एवं राजनयिक सहभागिता करेंगे।


पूज्य ’’स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी’’ एवं ’’साध्वी भगवती सरस्वती जी’’ के पावन सान्निध्य में भारत के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों साधक, पर्यटक, योग-जिज्ञासु, योगाचार्य तथा परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमार परमार्थ गंगा तट पर कॉमन योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास करेंगे। तत्पश्चात विश्व शान्ति यज्ञ में अपनी आहुतियाँ समर्पित करेंगे।


’’‘योग के पहले धरा योग’’’ का यह संदेश केवल अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस तक सीमित नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन का संकल्प बनेकृयही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। जब धरती स्वस्थ होगी, तभी मानव स्वस्थ होगा और तभी योग का वास्तविक स्वरूप विश्व में स्थापित हो सकेगा।


अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) द्वारा उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में व्यापक स्तर पर योग दिवस कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 

yoga on CSC centres on 21 june 2026


प्रदेश के सैकड़ों CSC केंद्रों पर योग शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा नागरिकों को योग के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी।


CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के राज्य कार्यालय द्वारा सभी जिला प्रबंधकों एवं ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLEs) को अपने-अपने क्षेत्रों में योग शिविर आयोजित करने एवं अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को योगाभ्यास कराया जाएगा तथा योग के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी दी जाएगी।


योग दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन एवं सामूहिक योग कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी CSC केंद्रों पर किया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक भी इस राष्ट्रीय आयोजन से जुड़ सकें। CSC केंद्रों पर बड़ी स्क्रीन एवं डिजिटल माध्यमों से लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जा रही है।


सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने निकटतम CSC केंद्र पर आयोजित योग शिविर में प्रतिभाग कर योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं तथा स्वस्थ एवं निरोगी समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।

 

पांच साल बाद भवन बनकर तैयार, फिर भी एक कमरे में चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

ऋषिकेश ;



आडवाणी प्लॉट स्थित छिद्दरवाला का नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक पुराने भवन से नए भवन में स्थानांतरण नहीं किया गया है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों को आज भी सीमित संसाधनों के बीच स्वास्थ्य सेवाएं लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।

पूर्व में देहरादून-हरिद्वार हाईवे चौड़ीकरण की जद में आने से पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन प्रभावित हो गया था। इसके बाद पिछले पांच वर्षों से स्वास्थ्य केंद्र एक कमरे में संचालित किया जा रहा है। भवन निर्माण के लिए भूमि संबंधी विवाद के कारण भी परियोजना लंबे समय तक अटकी रही, लेकिन अब सभी बाधाएं दूर होने के बाद नया भवन पूरी तरह तैयार है।

इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक नए भवन में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं की हैं। नए भवन में स्वास्थ्य केंद्र संचालित होने से चार ग्राम सभाओं के हजारों ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

क्षेत्र में चर्चा है कि किसी जनप्रतिनिधि या माननीय के औपचारिक उद्घाटन के बिना नए भवन में स्वास्थ्य केंद्र का संचालन शुरू नहीं किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि उद्घाटन की औपचारिकताओं से पहले आम जनता की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए नये भवन में जल्द से जल्द स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जाएं, ताकि वर्षों से चली आ रही अस्थायी व्यवस्था समाप्त हो सके।

 

Rashifal

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

लेनदारी वसूल करने के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। भाग्य का साथ रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। समय पर कर्ज चुका पाएंगे। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। शेयर मार्केट, म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। जल्दबाजी न करें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कार्यस्थल पर सुधार व परिवर्तन से भविष्य में लाभ होगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। पुराना रोग उभर सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग कार्य में गति प्रदान करेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। पारिवारिक समस्या से चिंता बढ़ सकती है। नई आर्थिक नीति बन सकती है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में उन्नति होगी। निवेशादि करने का मन बनेगा। धार्मिक कार्य में मन लगेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। विवेक से कार्य करें, लाभ होगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। परिवार की चिंता बनी रहेगी।



कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। धनागम होगा। प्रतिद्वंद्वी अपना रास्ता छोड़ देंगे। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी भी प्रकार के झगड़ों में न पड़ें। वाणी पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

स्थायी संपत्ति की दलाली बड़ा लाभ दे सकती है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। सभी ओर से खुश खबरें प्राप्त होंगी। संपत्ति की खरीद-फरोख्त में सफलता मिलेगी। पारिवारिक चिंता रहेगी। अज्ञात भय सताएगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।



कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। आय के साधनों में वृद्धि होगी। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड में निवेश लाभदायक रहेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भूमि व भवन संबंधी कार्य लाभदायक रहेंगे।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। पार्टी व पि‍कनिक का आनंद मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में संतोष रहेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। शारीरिक कष्ट संभव है।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। पुराना रोग उभर सकता है। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। विवाद से क्लेश संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अतिविश्वास न करें।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। पराक्रम बढ़ेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में उच्च‍ाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। कानूनी अड़चन सामने आएगी। अज्ञात भय सताएगा। शेयर मार्केट मनोनुकूल लाभ देंगे।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

शुभ समाचार प्राप्त होंगे। नौकरी में अधिकार मिल सकते हैं। शेयर मार्केट से लाभ होगा। बाहर जाने का मन बनेगा। बड़ा काम करने की योजना बनेगी। लाभ होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। घर में अतिथियों का आगमन होगा। किसी व्यक्ति के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

निवेश शुभ रहेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। सुख के साधनों पर व्यय होगा। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। नौकरी में प्रमोशन‍ मिल सकता है। चोट व रोग से बचें। यश बढ़ेगा। बेचैनी रहेगी। जल्दबाजी न करें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। हल्की हंसी-मजाक न करें। किसी अपरिचित व्यक्ति पर भरोसा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे।


 

 एक बदमाश के पांव में लगी गोली दूसरा फरार।

फरार अभियुक्त के लिए पुलिस टीम की कांबिंग जारी।

 बीती देर रात्रि  थानाध्यक्ष बुग्गावाला व पुलिसकर्मी वाद जोनल चैकिंग  यू०पी० बार्डर से 




थाना क्षेत्रान्तर्गत बंजारावाला की ओर सरकारी मोबाइल वाहन से गश्त करते हुए जा रहा था तो रास्ते में ही दो मोटर साइकिल सवार ग्राम बंजारावाला की ओर से आते हुए दिखाई दिये संदिग्ध प्रतीत होने पर  कर्मचारीगण द्वारा इनको रूकने का इशारा किया तो कर्मचारीगण की ओर इनके द्वारा जान से मारने की नियत से तमंचे से फायर झोंक दिया गया, जिसमें  कर्मचारीगण बाल बाल बचे, बदमाशों को ललकारते हुए बचाव में फायरिंग की गई, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया है।

घायल बदमाश से नाम व पता पूछने पर अपना नाम लुकमान पुत्र गुफरान निवासी ग्राम गोकुलवाला थाना बुग्गावाला जिला हरिद्वार बताया जिसके कब्जे से एक तमंचा 315 बोर, 02 खोखा कारतूस, 02 जिंदा कारतूस व दिनांक-09.06.2026 को अमानतगढ़ फैक्ट्री में हुई फायरिंग की घटना से सम्बंधित पीडित का मोबाईल फोन बरामद हुआ है।

फरार बदमाश का नाम गुलजार निवासी खेडीशिकोहपुर थाना भगवानपुर बताया गया है। घायल बदमाश को उपचार हेतु सिविल अस्पताल रूडकी ले जाया गया जहां उसका उपचार चल रहा है। फरार अभियुक्त के लिए पुलिस टीम की कांबिंग जारी है।


विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संत मार्गदर्शक मण्डल उपवेशन की बैठक : राष्ट्र, धर्म, संस्कृति एवं मानवता के कल्याण हेतु संत समाज का ऐतिहासिक मंथन


हरिद्वार;

historical saint sammelan through VHP for humanity


धर्मनगरी हरिद्वार स्थित निष्काम सेवा ट्रस्ट, भूपतवाला में विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संतsanton मार्गदर्शक मण्डल उपवेशन की दो दिवसीय बैठक आज आध्यात्मिक गरिमा एवं राष्ट्रीय चेतना के वातावरण में प्रारम्भ हुई। भारतवर्ष के विविध पीठों, अखाड़ों, सम्प्रदायों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं के शीर्षस्थ संत-महात्माओं एवं धर्माचार्यों की उपस्थिति में आयोजित यह बैठक राष्ट्र जीवन के समक्ष उपस्थित समसामयिक चुनौतियों, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा लोककल्याण के विविध आयामों पर व्यापक चिंतन-मंथन का महत्वपूर्ण केंद्र बनी।


बैठक में हिन्दू समाज के संगठन, सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन, गौसंरक्षण, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, सेवा कार्यों के विस्तार, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, युवा जागरण, धर्मांतरण की चुनौतियों, राष्ट्रीय एकात्मता तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। संत समाज ने वर्तमान परिस्थितियों का गंभीर विश्लेषण करते हुए समाज को जागरूक, संगठित एवं संस्कारित बनाने के लिए व्यापक जनजागरण को समय की आवश्यकता बताया। संतों एवं धर्माचार्यों ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति में निहित है और धर्म, सेवा, संस्कार तथा समरसता के आधार पर ही राष्ट्र का वास्तविक उत्थान संभव है। सनातन धर्म केवल एक धार्मिक परम्परा नहीं अपितु संपूर्ण मानवता को शांति, सद्भाव, करुणा, सह-अस्तित्व और विश्वबंधुत्व का संदेश देने वाली जीवन-पद्धति है। अतः इसके संरक्षण, संवर्धन और विश्वव्यापी प्रसार हेतु समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका का उत्तरदायित्वपूर्वक निर्वहन करना चाहिए। संत समाज ने विश्व हिन्दू परिषद द्वारा सेवा, संगठन एवं संस्कार के माध्यम से संचालित विविध आयामों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में संत शक्ति एवं सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयास ही राष्ट्रनिर्माण, लोकमंगल और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार बन सकते हैं। बैठक में उपस्थित सभी संत-महात्माओं ने एक स्वर से संकल्प व्यक्त किया कि धर्म, संस्कृति, समाज और राष्ट्रहित के लिए संयुक्त रूप से कार्य करते हुए भारत को पुनः विश्व के आध्यात्मिक नेतृत्व के शिखर पर प्रतिष्ठित करने हेतु सतत प्रयास किए जाएंगे।


बैठक में जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज, महानिर्वाणी पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विशोकानन्द भारती महाराज, ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती महाराज, अटल पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वात्मानन्द महाराज, युगपुरुष स्वामी परमानन्द महाराज, निर्मल पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानदेव सिंह महाराज, पूज्या साध्वी ऋतंभरा जी, युधिष्ठिर महाराज शदाणी दरबार, महाराष्ट्र से स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज, शांतिकुञ्ज हरिद्वार के प्रमुख डॉ. चिन्मय पण्ड्या, साध्वी पूर्णप्रज्ञा जी, गुजरात कर्णावती के देवलाचार्य-अविचलाचार्य महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज, मुम्बई से डॉ. भदन्त राहुल बोधि, महामण्डलेश्वर संतोषी माता, गोवा के पद्मनाभ पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मेशानन्द महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानन्द महाराज सहित अनेक प्रतिष्ठित संत-महात्माओं एवं धर्माचार्यों ने सहभागिता की। 

विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं केन्द्रीय प्रबन्ध समिति के वरिष्ठ सदस्य दिनेश जी, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री संगठन मिलिंद परांडे, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश विनायक, प्रांत संगठन मंत्री अजय कुमार, क्षेत्र संयोजक बजरंग दल अनुज वालिया, बलराम कपूर, सौरभ चौहान सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।


विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संत मार्गदर्शक मण्डल की यह बैठक भारतीय सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकात्मता तथा वैश्विक मानव कल्याण के प्रति संत समाज की प्रतिबद्धता का सशक्त एवं ऐतिहासिक प्रतीक है। आध्यात्मिक गरिमा, राष्ट्रभाव और लोकमंगल की भावना से ओत-प्रोत यह बैठक आने वाले समय में समाज जीवन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगी।

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