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 देहरादून ;




  • मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजनाः हरित ऊर्जा के साथ मिल रहा स्वरोजगार
  • योजना के तहत 1132 सौर ऊर्जा संयंत्रों के जरिए 210 मेगावाट क्षमता सौर उर्जा का उत्पादन
उत्तराखंड के मूल निवासियों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (एमएसएसवाई) राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ ही हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बन रही है। योजना के तहत जून माह तक 210 मेगावाट क्षमता के प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जिससे 3500 से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है।
 
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 250 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य प्रदान किया है। 

योजना के अंतर्गत स्थानीय निवासियों द्वारा 20, 25, 50, 100 और 200 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए आवेदकों को एमएसएमई नीति-2023 के तहत सभी लाभ दिए जा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जून 2026 तक राज्य में कुल 1132 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी सम्मिलित क्षमता 2,10,420 किलोवाट यानी करीब 210 मेगावाट है। शेष परियोजनाओं पर स्थापना का कार्य चल रहा है।
 
टिहरी जिले ने बनाई बढ़त
जिलेवार आंकड़ों में टिहरी सबसे आगे है। यहां 369 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी सम्मिलित क्षमता 69,050 किलोवाट है। उत्तरकाशी में 227 संयंत्रों से 43,660 किलोवाट और चंपावत में 144 संयंत्रों से 28,200 किलोवाट क्षमता स्थापित हुई है। इसी तरह हरिद्वार में 86 संयंत्रों की क्षमता 16,900 किलोवाट, पौड़ी में 88 संयंत्रों की 15,440 किलोवाट, चमोली में 72 संयंत्रों की 11,725 किलोवाट और अल्मोड़ा में 32 संयंत्रों की 5,600 किलोवाट क्षमता दर्ज की गई है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में भी योजना के तहत सौर परियोजनाएं स्थापित की गई हैं।

3500 लोगों को रोजगार
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना केवल सौर ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने के माध्यम के रूप में भी देखा जा रहा है। योजना के तहत स्थापित परियोजनाओं से करीब 3500 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों भी तेज हो रही हैं। जिससे पलायन में भी कमी आने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना उत्तराखंड के युवाओं और राज्य के निवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। हमारा प्रयास है कि सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ें।


*मुख्यमंत्री धामी ने मातृशक्ति से किया सीधा संवाद, महिला सशक्तिकरण को बताया विकास का आधार* 


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- *उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का मुख्यमंत्री ने किया अभिनंदन, आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लिया संकल्प* 


- *महिला संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सुनी महिलाओं की अपेक्षाएं और सुझाव* 


- ‘ *सशक्त नारी–समृद्ध उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री* 


- *महिलाओं को निर्णय लेने वाली शक्ति और नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास: मुख्यमंत्री* 


- *स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार और कौशल विकास से बदल रही उत्तराखंड की महिलाओं की तस्वीर* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून  के भाऊवाला  में तीज उत्सव के अवसर पर आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया तथा बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनके विचार, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से खुलकर संवाद करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां तभी अधिक प्रभावी बनती हैं जब उनमें जनता की आवाज और अनुभव शामिल होते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड की मातृशक्ति आने वाले समय में भी राज्य के विकास और समृद्धि की सबसे बड़ी शक्ति बनेगी तथा ‘सशक्त नारी–समृद्ध उत्तराखंड’ का संकल्प साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को तीज पर्व और स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया।



मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वास्तविक शक्ति उसकी मातृशक्ति है, जिसने कठिन परिस्थितियों में परिवार, समाज और राज्य को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के संघर्ष से लेकर आज के विकास यात्रा तक महिलाओं की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं केवल घरेलू दायित्वों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार, स्थानीय उत्पादों, कृषि, बागवानी, होमस्टे, उद्यमिता और तकनीक आधारित गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि उन्हें अवसर, सम्मान, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिली है। उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, लखपति दीदी योजना, मिशन शक्ति, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी अनेक पहलों ने महिलाओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का मूल उद्देश्य महिलाओं को विकास की सहभागी और देश की आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी महिलाओं की शिक्षा, स्वरोजगार, कौशल विकास, आजीविका, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत तथा सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। एकल महिला स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और लखपति दीदी योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे मंच विकसित किए जा रहे हैं, जबकि ‘ड्रोन दीदी’, ‘सोलर सखी’ और ‘महिला सारथी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आधुनिक तकनीक और नए आर्थिक अवसरों से जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य और सम्मान को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ईजा-बोई शगुन, महालक्ष्मी किट, पोषण योजनाएं, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि, नंदा गौरा योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क धार्मिक यात्रा जैसी पहलें इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सम्मानित और सशक्त नागरिक के रूप में स्थापित करना है।



इस अवसर पर विधायक श्री सहदेव सिंह पुंडीर, कार्यक्रम के आयोजक श्री पी के अग्रवाल तथा श्रीमती लक्ष्मी अग्रवाल  सहित अनेक जनप्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।



डोईवाला :




वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. राजेश नैथानी जी के पूज्य पिता एवं पूर्व प्रोफेसर स्वर्गीय अनुसूया प्रसाद नैथानी जी का विगत दिनों निधन हो गया था। आज पूर्व शिक्षा मंत्री, भारत सरकार एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी ने अठुरवाला स्थित उनके आवास पर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से भेंट की और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।


डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने स्वर्गीय श्री अनुसूया प्रसाद नैथानी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अनुसूया प्रसाद नैथानी जी का शिक्षा एवं समाज के क्षेत्र में योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका निधन परिवार के साथ-साथ समाज के लिए भी अपूरणीय क्षति है।


साथ में नगर पालिका परिषद डोईवाला के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, पूर्व प्रधान श्री पुरुषोत्तम डोभाल, पूर्व महामंत्री भाजपा डोईवाला रविन्द्र बेलवाल, सभासद  सुरेश सैनी सहित अन्य गणमान्यजन एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे।


सभी ने स्वर्गीय श्री अनुसूया प्रसाद नैथानी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

 

 *भाऊवाला से लौटते समय  नंदा की चौकी पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा* 

 *एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने पर राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर कराया था पुनर्निर्माण* 

CM dhami nanda ki chowki


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सहसपुर के भाऊवाला में आयोजित महिला संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम से वापस लौटते समय प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पुल के एप्रोच रोड के पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यस्थल पर पहुंचकर पुनर्निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा यातायात संचालन की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।



उल्लेखनीय है कि नंदा की चौकी पुल का एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशन में युद्धस्तर पर कार्य करते हुए एप्रोच रोड का पुनर्निर्माण मात्र 12 घंटे के भीतर पूर्ण कर लिया गया, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था शीघ्र सामान्य हो सकी और आमजन को होने वाली असुविधा से राहत मिली।



 मुख्यमंत्री ने पुनर्निर्माण कार्य में सलंग्न अधिकारियों, अभियंताओं एवं कार्मिकों के त्वरित एवं समर्पित प्रयासों की सराहना भी की।

 

हरिद्वार/रायवाला, 10 अगस्त::


rekha arya , kanwad sewa


भारत वर्ष 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करे, इस ऐतिहासिक संकल्प और मनोकामना के साथ उत्तराखंड की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने 'ओलंपिक 2036 संकल्प कांवड़ यात्रा' की शुरुआत की है। यात्रा का शुभारंभ आज सुबह 7:00 बजे हरिद्वार स्थित विश्व प्रसिद्ध 'हर की पैड़ी' से हुआ।


हर की पैड़ी पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद देश में ओलंपिक खेलों के सफल आयोजन का संकल्प लेते हुए गंगाजल उठाया।



*सैकड़ों खिलाड़ियों और महिलाओं की भागीदारी*

हरिद्वार से शुरू हुई यह कांवड़ यात्रा अपने मार्ग पर आगे बढ़ते हुए रायवाला पहुंच चुकी है। यात्रा में खेल मंत्री के साथ सैकड़ों की संख्या में महिला खिलाड़ी, एथलीट और स्थानीय नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं। यात्रा के दौरान 'हर-हर महादेव' और 'भारत माता की जय' के उद्घोष से पूरा मार्ग गुंजायमान हो रहा है।


*वीरभद्र मंदिर में होगा जलाभिषेक*

मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और खेल प्रेमियों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत किया जा रहा है। इस संकल्प कांवड़ यात्रा का समापन आज शाम ऋषिकेश के प्रसिद्ध वीरभद्र मंदिर में होगा। जहाँ खेल मंत्री रेखा आर्या भगवान शिव का पवित्र गंगाजल से जलाभिषेक कर भारत की ओलंपिक मेजबानी की सफलता की कामना करेंगी।

 *मुख्यमंत्री ने हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में किया प्रतिभाग*



har ghar tiranga CM Dhami



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रभक्ति की ज्वाला को सदैव प्रज्वलित रखने का आवाह्न किया।


मुख्यमंत्री ने घंटाघर स्थित उत्तराखण्ड आन्दोलन के महान नायक स्व. श्री इन्द्रमणी बडोनी एवं भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री, गांधी पार्क से घंटाघर तक हजारों लोगों के साथ तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा तिरंगा यात्रा, राष्ट्र गौरव का उत्सव है। तिरंगा, करोड़ों भारतवासियों के स्वाभिमान का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं वीर जवानों ने तिरंगे पर कभी कोई आंच नहीं आने दी।  हमारा संकल्प है कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे।उन्होंने कहा राष्ट्रभक्ति की भावना देवभूमि के कण-कण में बसी है।


मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है। मेक इन इंडिया, डिजिटल क्रांति, स्वदेशी तकनीक से भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।आज हम  दुनिया को अनेकों क्षेत्र में नई दिशा दिखा रहे हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा है। सर्जिकल स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। देश, रक्षा क्षेत्र में निर्यातक बन रहा है। उन्होंने कहा हमारा राज्य देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। उत्तराखंड की मिट्टी ने देश को अनगिनत वीर सैनिक दिए हैं।  हर दूसरे परिवार का बेटा सीमा पर रक्षा के लिए तैनात रहता है। राज्य सरकार अपने वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। 


मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार, प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और हवाई कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियों के माध्यम से राज्य में विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड विकास की ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ चुकी है, पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। राज्य की प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।


मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। स्टार्टअप्स की संख्या भी 1750 से अधिक हो चुकी है। राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है साथ ही सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में राज्य ने  देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देवभूमि के मूल स्वरूप के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, कठोर दंगा रोधी कानून, देश में सबसे पहले  समान नागरिक संहिता का कानून लागू किया है।प्रदेश में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। साथ ही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में करीब 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त किया है। भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्यवाही की गई है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद बिना किसी धांधली के पिछले करीब पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली है। राज्य में युवाओं को 'नौकरी देने वाला' बनाने के मकसद से युवाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम-स्टे, पर्यटन नीति जैसी कई योजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है


इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट, श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, श्री सौरभ बहुगुणा, श्री खजान दास, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, श्री विनोद चमोली, श्रीमती सविता कपूर, मेयर श्री सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, महामंत्री श्री कुंदन परिहार, श्रीमती दीप्ति रावत एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 

kshtriy kalyan samiti



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड क्षत्रिय कल्याण समिति, देहरादून की वेबसाइट एवं क्षत्रिय जागरण स्मारिका का विमोचन किया। 


मुख्यमंत्री ने क्षत्रिय कल्याण समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह समिति, समाज को जागरूक करने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने समिति द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने से प्रदेश को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने युवाओं से भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी करते हुए उत्तराखण्ड के विकास में अपना योगदान देने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से समाज में बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने, उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना विकसित करना भी आवश्यक है, ताकि वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।


इस अवसर पर विधायक श्री सुरेश सिंह चौहान,  श्री दिगंबर सिंह नेगी, श्री गोविंद बिष्ट, श्री सोहन सिंह नेगी, श्रीमती आशा असवाल, श्री धनपाल रावत, श्री किशन भंडारी, श्री प्रताप सिंह बिष्ट, श्री चंदन सिंह भंडारी एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।


रुद्रपुर:




अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने उत्तराखंड प्रवास के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि उनका उत्तराखंड दौरा किसी पर्यटन के उद्देश्य से नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और संगठन को मजबूत करने के लिए है।


श्री खड़गे जी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति हमेशा अपने से वरिष्ठ नेताओं और विपक्ष के नेताओं के सम्मान की रही है। उन्होंने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी जी और लालकृष्ण आडवाणी जी विपक्ष में रहते हुए कर्नाटक आते थे, तब कांग्रेस के नेता उनका सम्मान करते थे और उनके रहने-खाने की उचित व्यवस्था करते थे। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन अपने से बड़े और बुजुर्ग नेताओं का सम्मान अपनी जगह है।


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा उनके दौरे को लेकर की गई टिप्पणी पर श्री खड़गे जी ने कहा कि उनसे पूछा जा रहा है कि वे उत्तराखंड क्यों आए हैं और क्या वे यहां ‘टूरिज्म’ के लिए आए हैं। इसके जवाब में उन्होंने स्पष्ट कहा—


“मैंने पूरी दुनिया का टूर किया है, पूरे हिंदुस्तान का टूर किया है। यहां टूरिज्म के लिए नहीं आया हूं। मैं अपने लोगों के लिए आया हूं, अपनी जनता के लिए आया हूं, छात्रों के लिए आया हूं, कांग्रेस पार्टी को ज़िंदा रखने के लिए आया हूं और भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए आया हूं।”


श्री खड़गे जी के इस वक्तव्य ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस का उत्तराखंड दौरा केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने और प्रदेश में राजनीतिक बदलाव की दिशा तय करने का अभियान है।


उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के मुद्दों पर संघर्ष करने तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।

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