Halloween party ideas 2015

 


Naresh bansal uttarakhand minister


उत्तराखंड को केन्द्र से आवंटित कुल खाद्यान्न पिछले तीन वर्षो मे 401.459 हजार टन प्रति वर्ष,आर्थिक साहायता तीन वर्षो मे लगभग 250 करोड़


उत्तराखंड मे लगभग 8.5लाख लाभार्थी चिन्हित किए गए जिसमे से 80355 अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया,मंत्रालय विभिन्न माध्यम से करता है स्वचालित सत्यापन और अभिलेखों के क्राॅस-वैलिडेश**


**भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने सदन मे सरकार से अतारांकित प्रश्न के माध्यम से पीएमजीकेएवाई के अंतर्गत अपात्र लाभार्थियों को हटाया जाने का      

किया प्रश्न ।**


डा.  नरेश बंसल ने जानना चाहा कि क्या उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि 

क- पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के अंतर्गत राज्यों को आवंटित कुल खाद्यान्न और प्रदान की गई केंद्रीय सहायता का राज्यवार ब्यौरा क्या हैं 

ख- राइटफुल टारगेटिंग अभ्यास के अंतर्गत राज्यों में राशन कार्ड डेटाबेस से राज्यवार कितने अपात्र लाभार्थियों को चिन्हित किया गया और हटाया गया। 

ग- क्या लाभार्थियों के निरंतर सत्यापन के लिए निर्मल रियल टाइम सत्यापन आर्किटेक्चर को राज्यों में उपलब्ध डेटाबेस के साथ एकीकृत किया गया है, तत्संबंधी राज्यवार ब्यौरा क्या है और 

घ- यदि हां तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता में सुधार पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है। 


इस महत्वपूर्ण प्रश्न के उत्तर में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया ने बताया कि-:


क- पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत राज्यों और संघ राजय क्षेत्रों को आवंटित कुल खाद्यान्न अनुबंध-1 पर दिए गए हैं।जिसमे उत्तराखंड को आवंटित कुल खाद्यान्न पिछले तीन वर्षो मे 401.459 हजार टन प्रति वर्ष है।जबकी देशभर मे यह लगभग 52800 हजार टन प्रति वर्ष है।


पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान केंद्र प्रायोजित योजना-4048 राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत खाद्यानों के अंतरा-राज्यीय संचलन और एफपीएस डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता के तहत जारी की गई राज्यवार केंद्रीय सहायता अनुबंध-2 में दी गई है। जिसमे उत्तराखंड को पिछले तीन वर्षो मे जारी साहयता राशी लगभग 250करोड़ है।पूरे देश मे यह पिछले तीन वर्षो की राशी लगभग 21500 करोड़ है ।


ख- राइटफुल टारगेटिंग अभ्यास के अंतर्गत राज्यों में राशन कार्ड डेटाबेस से चिन्हित और हटाए गए अपात्र लाभार्थियों की राज्यवार संख्या अनुबंध-3 में दी गई है। जिसमे उत्तराखंड मे लगभग 8.5लाख लाभार्थी चिन्हित किए गए जिसमे से 80355 अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया।पूरे देश मे लगभग 60 लाख लाभार्थियों को चिन्हित किए गया व 23.5लाख अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया।


ग और घ- निर्मल रियल-टाइम सत्यापन आर्किटेक्चर के अंतर्गत, कार्यक्षेत्र में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) लाभार्थी डेटाबेस की निम्नलिखित मंत्रालयों/संगठनों के डेटाबेस के साथ एकीकृत करना शामिल है। 

काॅर्पोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), सार्वजनिक वित्तीय प्रणाली(पीएफएमएस), वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क(जीएसटीएन)/ केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी), वाहन डेटाबेस के माध्यम से सडक परिवहन मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा, एग्री स्टैक के माध्यम से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय, और डाक विभाग

इन डेटा स्रोतों के एकीकरण से स्वचालित सत्यापन और अभिलेखों के क्राॅस-वैलिडेशन के माध्यम से संभावित अपात्र लाभार्थियों की निरंतर पहचान हो पाती है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है, लाभार्थीं डेटाबेस की सटीकता में सुधार होता है, राशन कार्ड रिकाॅर्ड का नियमित अद्यतन आसान होता है और अपात्र लाभार्थियों को हटाने में सहायता मिलती है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे।





 *देहरादून से दिल्ली तक नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और ईमानदार बना रही है भाजपा सरकार : भट्ट* 


 *उत्तराखंड में भर्ती घोटालों और नकल माफिया को राजनीतिक संरक्षण की जनक है कांग्रेस : भाजपा* 


 *नियुक्ति प्रक्रिया पर झूठ फैलाने वाले, झारखंड, पंजाब, केरल की नकल पर खामोश क्यों : भट्ट* 



​देहरादून :



भाजपा ने एंटी पेपर लीक बिल पर लगी संसदीय मुहर को प्रधानमंत्री मोदी युवाहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देहरादून से लेकर दिल्ली तक हमारी सरकारें नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और ईमानदार बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही हैं। वहीं कांग्रेस और विपक्ष पंजाब, झारखंड, केरल, कर्नाटक की अपनी सरकारों के घोटालों पर चुप्पी साधे है। 


​मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में जारी बयान में उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अपनी सरकारों में भर्ती घोटालों और नकल माफिया को संरक्षण देने वाली कांग्रेस को आज आईना देखने की जरूरत है। पंजाब, झारखंड, केरल और कर्नाटक जैसे कांग्रेस व उनके सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों में हो रहे पेपर लीक और नकल के मामलों पर कांग्रेस पूरी तरह मौन साधे हुए है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में नकल और भ्रष्टाचार की नींव रखने वाली पार्टी कांग्रेस ही है। कांग्रेस शासनकाल में एक के बाद एक कई बड़े मामले सामने आए, जिनमें शामिल हैं पटवारी परीक्षा घोटाला, दारोगा भर्ती घोटाला, बीडीओ भर्ती घोटाला, सिडकुल और पशुपालन विभाग भर्ती में अनियमितताएं आदि। इन दर्जनों घोटालों पर कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने मामलों को दबाने का काम किया। परिणामस्वरूप गड़बड़ी और घोटालों में लिप्त तत्व राजनीतिक संरक्षण में मजबूत होते चले गए। कांग्रेस ने कभी भी नकल रोकने के लिए न तो कोई नीति बनाई और न ही कोई ठोस प्रयास किया।


प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान धामी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे कठोरतम नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके सुखद परिणाम आज सबके सामने हैं, सैकड़ों नकल माफिया और घोटालेबाज़ आज सलाखों के पीछे हैं, दर्जनों बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और सकुशलता से संपन्न हो चुकी हैं, जिन पर कोई सवाल नहीं उठा। जिन एकाध प्रकरणों में गड़बड़ी का संज्ञान मिला, सरकार ने बिना विलंब तत्काल और कठोरतम कार्रवाई की।


श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि कांग्रेस उत्तराखंड के युवाओं के बीच झूठ और भ्रम फैला रही है। कांग्रेस संसद और दिल्ली की सड़कों पर हंगामा करती है, लेकिन अपने और अपने सहयोगी दलों के राज्यों में हो रही नकल और धांधली पर चुप्पी साधे रहती है। वहीं केंद्र सरकार की तरह भाजपा, प्रदेश के योग्य और प्रतिभावान युवाओं के हक को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।



 *भारी वर्षा की चेतावनी- सात जनपदों में प्रशासन अलर्ट मोड पर*

*मौसम विज्ञान विभाग ने फ्लैश फ्लड का अलर्ट किया है जारी*

देहरादून:

alert heavy rain uttarakhand 7 districts


भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों के कुछ क्षेत्रों में 31 जुलाई को भारी वर्षा के कारण जलभराव तथा फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की आशंका व्यक्त की गई है।


 इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जनपदों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। 


माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र (SEOC) द्वारा सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश दिए गए हैं कि जनपद स्तर पर राहत एवं बचाव दलों को पूर्ण रूप से तैयार रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 


जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, स्थानीय प्रशासन को सक्रिय रखने, मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उन्हें तत्काल खोलने तथा पुलिस, SDRF, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, BRO सहित सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। 


निर्देशों में यह भी कहा गया है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक निर्णय स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लिए जाएं। पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। 


सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने आमजन से अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, नदी-नालों के समीप जाने से बचें, अनावश्यक यात्रा न करें तथा किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र अथवा टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 1077 अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क करें।


भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों के कुछ क्षेत्रों में 31 जुलाई को भारी वर्षा के कारण जलभराव तथा फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की आशंका व्यक्त की गई है।


 इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जनपदों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। 


माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र (SEOC) द्वारा सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश दिए गए हैं कि जनपद स्तर पर राहत एवं बचाव दलों को पूर्ण रूप से तैयार रखा जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 


जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, स्थानीय प्रशासन को सक्रिय रखने, मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उन्हें तत्काल खोलने तथा पुलिस, SDRF, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, ग्रामीण निर्माण, BRO सहित सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। 


निर्देशों में यह भी कहा गया है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक निर्णय स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लिए जाएं। पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। 


सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने आमजन से अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, नदी-नालों के समीप जाने से बचें, अनावश्यक यात्रा न करें तथा किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र अथवा टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 1077 अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क करें।

आज दिनांक 30/07/26 को जनपद उत्तरकाशी के गंगोरी क्षेत्र में सड़क दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम तत्काल राहत एवं बचाव कार्य हेतु घटनास्थल के लिए रवाना हुई

उत्तरकाशी:



accident at gangori, sdrf uttarakhand


गंगोरी के समीप एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 30 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही SDRF पोस्ट उजैली से हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह के नेतृत्व में टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुँची।

घटनास्थल पर पहुंचते ही ज्ञात हुआ कि वाहन गहरी एवं दुर्गम खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। SDRF टीम ने बिना समय गंवाए खाई में उतरकर रेस्क्यू अभियान प्रारम्भ किया। अत्यंत कठिन एवं खड़ी ढलान के बीच चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जवानों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन तक पहुँचकर सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया।

दुर्गम एवं खड़ी ढलान के बीच चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान चलाते हुए SDRF के आरक्षी कृष्ण पाल एवं जसविंदर सिंह ने अदम्य साहस, धैर्य एवं कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए घायल व्यक्ति को अपनी पीठ पर सुरक्षित उठाकर सड़क तक पहुँचाया। इसके उपरांत उसे तत्काल 108 एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु चिकित्सालय भेजा गया।


घायल  व्यक्ति की पहचान प्रेमलाल (55 वर्ष), निवासी गंगोरी, जनपद उत्तरकाशी के रूप में हुई।

 फेस बुक वॉल से

टीवी गढ़वाल में कार्यरत एक शिक्षा सृष्टि कंडारी की मौत पर सवाल उठने लगे हैं उसी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं यह संदेश




अत्यंत दुःखी मन से लिखना पढ़ रहा है कि हमारे जनपद टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर विकास खण्ड के अति दुर्गम विद्यालय रा0इ0का0 रिगोली में कार्यरत हमारी एक होनहार, युवा एवं अत्यंत प्रतिभाशाली शिक्षिका सृष्टि कण्डारी (स0अ0, एल0टी0 गणित) के निधन की खबर सुनकर मन बहुत व्यथित है। अखबार की खबर के अनुसार अफशोस हो रहा है, कारण क्या रहे होंगे यह तो जांच का विषय है। लेकिन राजकीय शिक्षक संघ जनपद शाखा टिहरी कानून पर पूर्ण विस्वास व्यक्त करते हुए, अपनी सम्मानित सदस्या के लिए न्याय मिलेगा, ऐसी अपेक्षा और आशा करते हैं। हम उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करते हैं। निःशब्द हैं। निरुत्तर हैं। यदि आवश्यकता हुई तो हम निश्चित रूप से अपनी भूमिका से पीछे नहीं हटेंगे। दुर्भाग्य है 21वीं शदी के इस भारत मे हमको अभी भी ऐसी खबरें रोजाना देखने व सुनने को मिल रही हैं।

#justicForShristi


दिलवर सिंह रावत (जिला अध्यक्ष)

डा0 बुद्धि प्रसाद भट्ट (जिला मंत्री)

राजकीय शिक्षक संघ टिहरी गढ़वाल।

 

देहरादून:






ईंटों से नहीं, उम्मीदों से बने आशियाने, धौलास आवासीय योजना में 232 परिवारों के सपनों को मिला नया पता 

दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए दिखाई संवेदनशीलता, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आधुनिक और सुरक्षित आवास।

मुख्य बिंदु :-

-232 ईडब्ल्यूएस लाभार्थियों को फ्लैट आवंटित।

-पूर्ण डिजिटल और पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से भवन संख्या आवंटन।

-4 दिव्यांग और 2 वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर भूतल पर फ्लैट।

-मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में "हर पात्र परिवार को अपना घर" संकल्प को मिला नया विस्तार।


हर परिवार का एक सपना होता है- अपना घर, ऐसा घर, जहां बच्चों की हंसी गूंजे, बुजुर्ग निश्चिंत होकर जीवन बिताएं और भविष्य सुरक्षित महसूस हो। गुरुवार को देहरादून में ऐसे ही 232 परिवारों के वर्षों पुराने इस सपने को नया पता मिल गया। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने धौलास आवासीय योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के चयनित लाभार्थियों को पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से फ्लैट आवंटित किए। यह केवल भवन संख्या का आवंटन नहीं था, बल्कि उन परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का नया अध्याय था, जो अब तक अपने आशियाने की प्रतीक्षा कर रहे थे।


हर पात्र परिवार तक घर पहुंचाने का संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार "हर पात्र परिवार को अपना घर" उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर लगातार आगे बढ़ रही है। इसी संकल्प को साकार करते हुए आईएसबीटी स्थित सिटी जंक्शन मॉल में आयोजित कार्यक्रम में 232 ईडब्ल्यूएस लाभार्थियों को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भवन संख्या आवंटित की गई। लॉटरी प्रक्रिया लाभार्थियों और अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी की गई, जिससे प्रत्येक आवंटन पर विश्वास और पारदर्शिता की मुहर लगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक योग्य एवं पात्र नागरिक को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी आमजन के हित में ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएं निरंतर लाई जाती रहेंगी, ताकि कोई भी पात्र परिवार अपने घर के सपने से वंचित न रहे।


संवेदनशील शासन की झलक, जरूरतमंदों को मिली प्राथमिकता

इस कार्यक्रम की सबसे भावुक तस्वीर तब सामने आई, जब एमडीडीए ने सामाजिक सरोकार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चार दिव्यांग लाभार्थियों और दो वरिष्ठ नागरिकों को भूतल पर फ्लैट आवंटित किए। यह निर्णय केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण बना। इससे स्पष्ट संदेश गया कि विकास तभी सार्थक है, जब उसमें समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग की सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता मिले।


घर के साथ बेहतर जीवन का भरोसा

धौलास आवासीय योजना केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं है। यह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित, आधुनिक और व्यवस्थित आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने की व्यापक पहल है। बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त यह परियोजना लाभार्थियों को जीवन की नई शुरुआत का अवसर दे रही है। फ्लैट आवंटन के दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी, संतोष और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। वर्षों का इंतजार खत्म होने की खुशी कई परिवारों की आंखों में झलक रही थी।


हर आवंटन में पारदर्शिता, हर निर्णय में संवेदनशीलता

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि फ्लैट आवंटन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई। सभी 232 लाभार्थियों को कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली के माध्यम से भवन संख्या आवंटित की गई। दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए 4 दिव्यांग और 2 वरिष्ठ नागरिक लाभार्थियों को भूतल पर फ्लैट दिए गए। 


पारदर्शिता और विश्वास बना एमडीडीए की पहचान

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन के लिए गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि पूरी लॉटरी प्रक्रिया डिजिटल, निष्पक्ष और सभी लाभार्थियों की उपस्थिति में संपन्न कराई गई, जिससे प्रत्येक आवंटन पूरी तरह विश्वसनीय रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में एमडीडीए भविष्य में भी जनकल्याण, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा।


'घर' बना विकास की सबसे बड़ी पहचान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र के अनुरूप राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। धौलास आवासीय योजना के तहत 232 परिवारों को फ्लैट आवंटन राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच और समावेशी विकास नीति का सशक्त उदाहरण है।


नैनीताल:



- नशे के खिलाफ नाटक 'पुनर्वास की आस' और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम

- यह कार्यक्रम 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण' विषय पर केंद्रित रहा


केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, नैनीताल द्वारा आयोजित 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन', 'ग्रामीण अभियान' एवं 'नशा मुक्त भारत अभियान' पर आधारित दो दिवसीय एकीकृत संचार और आउटरीच कार्यक्रम का बुधवार को पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, कालाढूंगी में धूमधाम और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।


कार्यक्रम में भारत सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और अभियानों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी लगाई गईं। छात्रों के ज्ञानवर्धन के लिए आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में संजना, सचिन, हर्षित, रूप, हिमानी, योगेश और नितिन ने सही उत्तर देकर आकर्षक पुरस्कार अपने नाम किए।


चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता में गोस्वामी सरस्वती विद्या मंदिर (बालिका वर्ग): नेहा शाह ने प्रथम, शुभांगी ने द्वितीय तथा साक्षी विष्णु ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 'विकसित भारत' विषय (बालक वर्ग): हर्षित सैनी ने प्रथम, बिलाल ने द्वितीय एवं फैजान ने तृतीय स्थान हासिल किया। पोस्टर प्रतियोगिता में सत्य बिष्ट ने प्रथम, महक बिष्ट ने द्वितीय और रचना मेरा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।


कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रतिभाओं और कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समां बांध दिया। छात्र-छात्राओं—निधि डबल, तमन्ना बिष्ट और अंजली पांडे—ने कुमाऊनी संस्कृति पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। सांस्कृतिक कला उत्थान समिति, खुरपा ताल के कलाकारों ने भी पारंपरिक कुमाऊनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का सुंदर प्रदर्शन किया।


कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश रहा। वहीं केंद्रीय संचार ब्यूरो, नैनीताल के कलाकारों ने 'पुनर्वास की आस' नामक नाटक का भावुक और प्रभावी मंचन कर युवाओं को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कालाढूंगी की चिकित्सक डॉ. प्रियंका कांडपाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा- "नशा एक बीमारी है। इससे दूर रहकर ही हम सही मायनों में देश की सेवा कर सकते हैं और समाज को एक सशक्त, स्वस्थ एवं ऊर्जावान मानव संसाधन प्रदान कर सकते हैं।"


इस आउटरीच कार्यक्रम ने स्थानीय युवाओं और छात्राओं को न केवल सरकार की दूरगामी योजनाओं से जोड़ा, बल्कि उन्हें एक स्वस्थ और नशा-मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दिलाया।


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