Halloween party ideas 2015

 

Rashifal

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

कार्यस्‍थल पर सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, लेकिन काम का बोझ बढ़ सकता है। कारोबारी हैं तो विदेश या दूर के संपर्कों से लाभ मिलेगा। लव पार्टनर के साथ संवाद खुला रखें ताकि कोई भ्रम न रहे। अवांछित खर्चों पर नियंत्रण रखें, बजट संतुलित बनाना होगा। आंखों या नींद से जुड़ी समस्या हो सकती है, पर्याप्त आराम लें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कार्यक्षेत्र में लंबे समय से अटकी योजनाएं गति पकड़ेंगी। दिन सफलता दिलाने वाला है। व्यापारिक मुनाफे में बढ़ोतरी होगी। नए सौदे लाभदायक रहेंगे। प्रेम रिश्तों में मिठास और आपसी समझ बढ़ेगी। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सेहत उत्तम रहेगी, ऊर्जावान महसूस करेंगे।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

कार्यक्षेत्र में आपकी बौद्धिक क्षमता और निर्णय कौशल की सराहना होगी। पदोन्नति के योग बन रहे हैं। कारोबारी हैं तो नेटवर्किंग और संपर्कों से व्यापार विस्तार में मदद मिलेगी। जीवनसाथी या लव पार्टनर का पूर्ण सहयोग मिलेगा। वित्तीय लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे, आय स्थिर रहेगी। मानसिक रूप से शांति और प्रसन्नता का अनुभव होगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कार्यक्षेत्र में भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक या आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। कारोबारी हैं तो लंबी दूरी की व्यापारिक यात्राएं लाभप्रद सिद्ध होंगी। लव पार्टनर के साथ यात्रा कार्यक्रम की योजना बनेगी। धन का प्रवाह अच्छा रहेगा, बचत करने में सफल रहेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन पिता की सेहत का ध्यान रखें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

कार्यक्षेत्र में सतर्कता बनाए रखें, गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। कारोबारी हैं तो नया निवेश करने से बचें, कागजी कार्रवाई जांच-परखकर करें। प्रेम जीवन में वाणी में मधुरता रखें ताकि साथी के साथ बहस न हो। अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, पैतृक धन से जुड़ा मामला उठ सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। खानपान सही रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

दफ़्तर में आपका प्रभाव बढ़ेगा, साथियों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। कारोबार में व्यावसायिक अनुबंध मजबूत होंगे, नए साझेदार जुड़ सकते हैं। दांपत्य जीवन में प्रगाढ़ता आएगी। प्रेम संबंधों में भरोसा बढ़ेगा। आय के योग उत्तम हैं, व्यावसायिक लेनदेन में लाभ होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। योग और ध्यान से लाभ मिलेगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

दफ़्तर में विरोधी शांत रहेंगे। काम की तारीफ होगी। मुश्किल लक्ष्यों को हासिल करेंगे। कारोबार में कर्ज या लोन से जुड़े काम आसानी से निपट जाएंगे। लव पार्टनर के साथ छोटी-मोटी बातों पर उलझने से बचें। वित्तीय प्रबंधन मजबूत रहेगा। व्यर्थ के खर्चों पर लगाम लगेगी। मांसपेशियों में हल्का खिंचाव हो सकता है। व्यायाम करें।



वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कलात्मक और रचनात्मक कार्यों में विशेष रुचि व सफलता मिलेगी। शेयर बाजार व परामर्श (कंसल्टेंसी) के काम से अच्छा लाभ होगा। लव लाइफ में मिठास बनी रहेगी। पार्टनर के साथ समय बिताएंगे। आकस्मिक लाभ के योग हैं, आर्थिक पक्ष संतुलित रहेगा। मानसिक रूप से तरोताजा रहेंगे, दिन खुशनुमा बीतेगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

दफ़्तर में काम का दबाव रहेगा, लेकिन समय पर काम पूरे होंगे। रियल एस्टेट या भूमि-भवन से जुड़े कार्यों में लाभ के योग हैं। पारिवारिक माहौल शांतिपूर्ण रहेगा। परिजनों का सहयोग मिलेगा। सुख-सुविधाओं की वस्तुओं पर खर्च हो सकता है। माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

आपका पराक्रम और आत्मविश्वास कार्यस्थल पर नई दिशा देगा। करियर को बल मिलेगा। कारोबारी हैं तो मीडिया, मार्केटिंग व लेखन क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ रिश्ते में मिठास और मजबूती आएगी। रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। वित्तीय आवक अच्छी होगी। दिनभर चुस्ती-फुर्ती बनी रहेगी।



कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

वाणी और सौम्य व्यवहार से कार्यक्षेत्र में सफलता पाएंगे। बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा। कारोबारी हैं तो धन संचय के नए रास्ते खुलेंगे। पुराना निवेश फायदा देगा। जीवनसाथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव गहरा होगा। आर्थिक आवक में बढ़ोतरी होगी। बैंक बैलेंस मजबूत होगा। मुख या गले में समस्या हो सकती है। खानपान संतुलित रखें।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी। आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। कारोबारी हैं तो नए बिजनेस प्लान लागू करने के लिए दिन बेहद शुभ है। दांपत्य जीवन में सामंजस्य रहेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक लाभ की स्थिति बनी रहेगी, धन का आगमन सहज होगा। मानसिक तनाव दूर होगा, सेहत उत्तम बनी रहेगी।




हृदय रोगियों एवं गंभीर मरीजों को मिलेगी बेहतर, त्वरित और उन्नत चिकित्सा सुविधा*


देहरादून:




राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, देहरादून में शनिवार को 12 बेड के नवनिर्मित कार्डियोलॉजी विंग एवं नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, सुबोध उनियाल की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इन नई सुविधाओं के शुरू होने से हृदय रोगियों तथा गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को बेहतर, त्वरित और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।


कार्यक्रम के दौरान कार्डियोलॉजी विभाग के 12 बेड के नवनिर्मित विंग का लोकार्पण किया गया। इससे हृदय रोग से संबंधित मरीजों को बेहतर, त्वरित एवं उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। नई सुविधा से कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों के उपचार की क्षमता को भी और सुदृढ़ किया जा सकेगा।


इसी क्रम में नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का भी उद्घाटन किया गया। इससे गंभीर एवं आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के उपचार की क्षमता में वृद्धि होगी तथा उन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


*सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल*


राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय ने चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य के प्रथम मेडिकल कॉलेज के रूप में सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसी क्रम में आज MCH Urology सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम दो अभ्यर्थियों डॉ. विशाल सिंह एवं डॉ. इकबाल अली को प्रवेश/ज्वाइनिंग पत्र प्रदान किए गए।


चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, सुबोध उनियाल ने कहा यह उपलब्धि सम्पूर्ण उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के प्रारंभ होने से प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलने के साथ ही भविष्य में जटिल एवं गंभीर रोगों के उपचार के लिए राज्य में ही उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।


उन्होंने संस्थान की इन उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संस्थान को उत्कृष्टता के नित नए आयामों तक पहुंचाने तथा मरीजों को राज्य में ही उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समन्वित एवं निरंतर प्रयासों पर बल दिया।


विभागाध्यक्ष एवं निदेशक, चिकित्सा शिक्षा प्रो. (डॉ.) आशुतोष सयाना ने संस्थान की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार, मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने, चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा मानव संसाधन को मजबूत करने पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। भविष्य में नई सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।

 धनौल्टी;



भालू के हमले में महिला घायल।। घास लेने गई महिला पर अचानक भालू आ झपटा। जिससे महिला के पैर और सर पर भारी चोट लगी है महिला को देहरादून अस्पताल ले जाया जा रहा है

 घास लेने गई महिला पर भालू ने पीछे से हमला कर दिया। और घसीटते हुए कुछ दुर तक ले गया। जिससे साथ में गयी अन्य महिलाओं ने शोर कर के महिला की जान बचाई। महिला सुलेना देवी पत्नी विक्रम सिंह। गांव दबाली

 मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 53.72 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की।

CM Dhami, kheldiwas


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों हेतु ₹ 53.72 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। 


मुख्यमंत्री ने जनपद नैनीताल के रामनगर (शहर) में सीवरेज योजना (जोन-1) के अंतर्गत वर्तमान 7.0 एमएलडी सीवेज शोधन संयंत्र के ट्रंक एवं शाखा सीवर निर्माण कार्य हेतु ₹ 42.75 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।


मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के राजस्व कार्यालयों यथा राजस्व परिषद, मंडलायुक्त कार्यालय एवं जिला कार्यालयों आदि में स्थित राजस्व अभिलेखागारों के आधुनिकीकरण संबंधी कार्यों हेतु ₹ 10 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है। 


मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग में रानीगढ़ (देवल) स्थित आराध्य माँ आदिशक्ति देवराड़ी देवी पौराणिक मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं प्रांगण के विस्तार हेतु ₹ 98.28 लाख की धनराशि के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 58.968 लाख की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है एवं इससे संबंधित शासनादेश भी जारी किया गया है।


मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून के अंतर्गत राज्य स्तरीय सैनिक विश्राम गृह, के जीर्णाेद्धार हेतु ₹ 142.89 लाख के सापेक्ष अवशेष धनराशि ₹ 39 लाख की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है एवं इससे संबंधित शासनादेश भी जारी किया गया है। 


*मुख्यमंत्री ने स्व०जगमोहन सिंह नेगी राज्य मार्ग मोटर मार्ग का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० श्री अवतार सिंह के नाम पर रखे जाने का किया अनुमोदन*


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन के विकासखण्ड नैनीडांडा में स्व०जगमोहन सिंहनेगी (लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-रथुवाड़ाब-धुमाकोट) राज्य मार्ग मोटर मार्ग का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० श्री अवतार सिंह के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का किया शिलान्यास*


*₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों के शिलान्यास के साथ विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी किया शुभारंभ*


*मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को किया सम्मानित एवं पुरस्कृत*


*मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई खेल छात्रवृत्ति*


*राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति के लिए तैयार किया जा रहा विशेष रोडमैप : मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार, हल्द्वानी में उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया।


मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार एवं हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई।


मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों एवं खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हल्द्वानी से उत्तराखण्ड के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगा। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करते हुए ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।


मुख्यमंत्री ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने अपने असाधारण खेल कौशल से पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया। मेजर ध्यानचंद का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि प्रतिभा को महानता में बदलने के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के खेल क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अभी तक खेल शिक्षा और विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपनी देवभूमि में ही उच्च स्तरीय खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा।


उन्होंने कहा कि देवभूमि और वीरभूमि उत्तराखण्ड अब ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां राज्य के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को खेल छात्रवृत्ति प्रदान करते हुए कहा कि यह छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति एक नया वातावरण बना है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से देश के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। छोटे गांवों, दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों और सामान्य परिवारों से निकलकर युवा खिलाड़ी आज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरणा लेते हुए उत्तराखण्ड सरकार भी राज्य को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी का सही दिशा में उपयोग करने के लिए खेल एक सशक्त माध्यम है। उत्तराखण्ड के युवाओं में अद्भुत ऊर्जा और प्रतिभा है। आवश्यकता उन्हें सही मंच, आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में खेलों के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। खिलाड़ियों के लिए खेल इंजरी एवं आकस्मिक परिस्थितियों में बीमा और आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने तथा स्थानीय एवं पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल विकास निधि का गठन किया गया है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले  खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में संचालित किया जा रहा है। भविष्य की खेल चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के माध्यम से प्रत्येक जनपद की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग खेल विधाओं के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार अभी से विशेष रोडमैप पर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक खेलों के विकास और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी सोच के साथ ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। भविष्य में आधुनिक खेल तकनीकों के अधिकाधिक प्रयोग के माध्यम से खिलाड़ियों के कौशल और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे मैदान में उतरकर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ अपना शत-प्रतिशत दें। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि साधनों की कमी, आर्थिक कठिनाई अथवा अवसरों का अभाव किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपनों की राह में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का प्रत्येक खिलाड़ी हिमालय की तरह अडिग रहकर न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन करे।


*देवभूमि खेल पुरस्कार से खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक सम्मानित*


वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार तथा एथलेटिक्स के ही लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न पुरस्कार, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य पुरस्कार तथा बॉक्सिंग के मुकेश चन्द्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। मॉडर्न पैंटाथलॉन में टीम श्रेणी में सक्षम प्रताप सिंह एवं ममता खाती तथा बॉक्सिंग में एकल श्रेणी में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सभी पुरस्कार विजेताओं को नकद धनराशि के साथ प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर एवं शॉल प्रदान किए गए।


*राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी और प्रशिक्षक भी पुरस्कृत*


राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। सम्मानित खिलाड़ियों में एथलेटिक्स की अंकिता, बॉक्सिंग की खुशी चंद, हॉकी की मनीषा चौहान, वॉलीबॉल के रफीक अहमद, कबड्डी की भूमिका एवं राहुल सिंह, बैडमिंटन के चिराग बरेठा, मनोज सरकार एवं मनदीप कौर, मॉडर्न पैंटाथलॉन के सक्षम प्रताप सिंह, ब्लाइंड फुटबॉल की शेफाली रावत, पैरा लॉन बॉल की निलिमा राय तथा शूटिंग के आर्यावंश त्यागी एवं भूमि शामिल रहे।


उत्कृष्ट प्रशिक्षकों में एथलेटिक्स कोच लोकेश कुमार, बॉक्सिंग कोच बिजेन्द्र मल्ल, शूटिंग कोच अमित, वॉलीबॉल कोच गिरीश कुमार एवं कबड्डी कोच नितिन कुमार को भी पुरस्कृत किया गया।


इस अवसर पर खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, सांसद श्री अजय भट्ट तथा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


कार्यक्रम में खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, विधायक श्री राम सिंह कैड़ा, सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर श्री अजय भट्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक श्रीमती सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दरमवाल, मेयर हल्द्वानी श्री गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, श्री दिनेश आर्या, श्री शंकर कोरंगा, श्री ध्रुव रौतेला, श्री सुरेश भट्ट, श्रीमती रेनू अधिकारी, श्री हुकुम सिंह कुंवर, श्री दीपक माहरा, श्री कुलदीप बुटोला, श्री मोहन पाठक, उत्तराखण्ड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष श्री महेश नेगी, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित कुमार सिन्हा, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री श्री दीपक रावत, आईजी श्रीमती निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, निदेशक खेल श्रीमती दीप्ति सिंह, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., सीडीओ श्री अरविन्द कुमार पाण्डे सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद*



संवाद के दौरान व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने जीएसटी से संबंधित प्रक्रियाओं के सरलीकरण, मंडी शुल्क, अतिक्रमण एवं पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने सहित विभिन्न विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। व्यापारी न केवल रोजगार सृजन करते हैं, बल्कि उत्पादन और उपभोक्ता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में राज्य की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक प्रत्येक व्यापारी प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भागीदार है। राज्य सरकार व्यापारियों एवं उद्यमियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके लिए सुरक्षित, पारदर्शी तथा सरल व्यावसायिक वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी प्रदेश के किराना एवं रिटेल व्यापारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों तक राशन एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। संकट के समय व्यापारी वर्ग ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर यह सिद्ध किया कि वह देश और प्रदेश का मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि हमारे व्यापारी “ब्रांड इंडिया” के सच्चे राजदूत हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश में व्यापार, उद्यमिता और नवाचार के प्रति नया विश्वास पैदा हुआ है। प्रधानमंत्री का निरंतर प्रयास रहा है कि देश में ऐसा वातावरण तैयार हो, जिसमें सामान्य परिवार का युवा भी नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने का सपना देख सके। केंद्र एवं राज्य सरकार इसी सोच के साथ युवाओं में उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। निवेशकों एवं उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “निवेश मित्र” की व्यवस्था की गई है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।


उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योग जगत एवं व्यापारियों से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने 30 से अधिक नीतियां तैयार की हैं। इन नीतियों के निर्माण में उद्योग एवं व्यापार जगत के सुझावों को प्राथमिकता दी गई, जिसके सकारात्मक परिणाम प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के रूप में सामने आ रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे लगभग 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। सरकार की सोच स्पष्ट है कि शासन उद्योगों के लिए बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी और भागीदार बने। उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रोजगार बढ़ने से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को अपने विचारों, नवाचार एवं उद्यम के माध्यम से रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है। इसके साथ ही 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी स्थापित किया गया है। सरकार का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा भी अपने गांव में रहकर देश और दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके।


उन्होंने कहा कि प्रदेश का औद्योगिक विकास केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, इसके लिए पर्वतीय जनपदों में भी औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों हेतु भूमि चिन्हित की गई है। छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है तथा भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित करने की योजना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि जहां प्रतिभा हो, वहीं अवसर उपलब्ध हों और जहां युवा हों, वहीं रोजगार के साधन विकसित किए जाएं। उत्तराखंड का विकास केवल बड़े उद्योगों से संभव नहीं है। गांवों में तैयार होने वाले उत्पाद, शिल्पकार, किसान, छोटे व्यापारी एवं स्थानीय उद्यमी भी प्रदेश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण भागीदार हैं।


उन्होंने कहा कि “वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट” जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों एवं पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि “मेड इन उत्तराखंड” केवल प्रदेश के उत्पादों की पहचान न रहे, बल्कि गुणवत्ता और विश्वास के साथ वैश्विक बाजार में एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित हो। राज्य में फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में व्यापार करने वाला प्रत्येक व्यक्ति राज्य की विकास यात्रा का भागीदार है। व्यापार की प्रगति में ही प्रदेश की प्रगति निहित है। जब व्यापारी का व्यवसाय बढ़ता है तो रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। इसलिए सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक व्यापारी को सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाएं और निवेश के बेहतर अवसर उपलब्ध हों।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि उत्तराखंड का व्यापारी केवल प्रदेश के बाजार तक सीमित न रहे, बल्कि देश और दुनिया के बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। आज देश और उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा व्यापार और उद्योग के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जो अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति के साथ आर्थिक शक्ति का भी प्रमुख केंद्र बने, जहां युवाओं के हाथ में रोजगार, व्यापारियों के मन में विश्वास और उद्यमियों के सामने नए अवसर हों।


मुख्यमंत्री ने व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश एवं व्यापारिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। व्यापार एवं उद्योग जगत के सहयोग और सहभागिता से विकसित उत्तराखंड का संकल्प साकार होगा और उत्तराखंड विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


इस अवसर पर सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर श्री अजय भट्ट, श्री राम सिंह कैड़ा, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी श्री नवीन लाल वर्मा, डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’, श्री शंकर कोरंगा, श्री हुकुम सिंह कुंवर, व्यापार एवं उद्योग प्रतिनिधियों में श्री कश्मीरी लाल गोयल, श्री नीरज शारदा, श्री राधेराम अग्रवाल, श्री साकेत अग्रवाल, श्री दीपक माहेश्वरी, श्री गौरव गोयल, श्रीमती जूही गोयल, श्री नवीन अग्रवाल, श्री राजाराम अग्रवाल, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी श्री अरविन्द कुमार पाण्डे सहित जीएसटी, उद्योग, सिडकुल एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव श्री मनमोहन मैनाली ने किया।


 

 

accident at nilkanth road

आज दिनांक 28/08/26 को जनपद टिहरी गढ़वाल के थाना मुनि की रेती क्षेत्रान्तर्गत भद्रकाली मोड़ पर एक यात्री बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही SDRF टीम ढालवाला आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर पहुंचकर ज्ञात हुआ कि राजस्थान नंबर RJ18PB1409 की एक 60-सीटर यात्री बस, जिसमें लगभग 50 से 55 यात्री सवार थे, नीलकंठ दर्शन के उपरांत ऋषिकेश की ओर वापस लौट रही थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस का ब्रेक फेल होने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर भद्रकाली मोड़ के समीप सड़क पर पलट गया।


दुर्घटना में बस में सवार लगभग 04 से 05 यात्री घायल हुए, जिन्हें तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा की सहायता से उपचार हेतु राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश भेजा गया। वहीं दुर्घटना के दौरान बस की चपेट में आए स्कूटी सवार 02 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए।


SDRF टीम द्वारा स्थानीय पुलिस, 108 आपातकालीन सेवा एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया गया। टीम द्वारा दुर्घटनाग्रस्त बस एवं उसके आसपास के क्षेत्र की गहन जांच कर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई अन्य व्यक्ति उसमें फंसा न हो।


घटनास्थल पर SDRF, स्थानीय पुलिस एवं 108 आपातकालीन सेवा द्वारा आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य किया गया।



नेपाल में आकस्मिक बाढ़: सहायता एवं जानकारी


◾️विदेश मंत्रालय के विशेष नियंत्रण कक्ष संपर्क सूत्र:


📞 +911123088718

📞 +911123088719

📞+911123012113


वॉट्सऐप कॉल/मैसेज: +91 9968291988

ईमेल: situationroom@mea.gov.in


◾️काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के आपातकालीन संपर्क नंबर:


📞 +9779851316807

📞 +9779709107500

📞 +9779810326117


आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और सरकार संभावित जोखिमों को कम करने के लिए पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रही है। नेपाल में हाल में घटित आपदा से सीख लेते हुए प्रदेश में ग्लेशियर झीलों, नदियों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि संवेदनशील ग्लेशियर झीलों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण, नियमित मॉनीटरिंग और अत्याधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम की स्थापना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जहां आवश्यकता होगी, वहां अतिरिक्त उपकरण एवं तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि किसी भी संभावित खतरे की सूचना समय रहते प्रशासन एवं आमजन तक पहुंचाई जा सके।


श्री कौशिक ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जन-जीवन की सुरक्षा है। आपदा से पहले की तैयारी, समय पर चेतावनी, स्थानीय स्तर पर क्षमता निर्माण और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से संभावित जनहानि को न्यूनतम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मानसून के दौरान सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को सतर्क रहते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।



नेपाल में घटित भीषण आपदा के उपरांत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उत्तराखंड के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर स्थापित किए गए थे। अब तक कुल 6 फोन कॉल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को प्राप्त हुए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उपरोक्त सूचनाओं को MHA के साथ साझा किया गया है। Seoc के माध्यम से MHA के साथ लगातार संपर्क बनाया गया है।

प्रेम की डोर, संस्कृति का सुंदर उत्सव-रक्षाबंधन

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने अमेरिका में मनाया रक्षाबंधन*

*पौधों को रक्षासूत्र बांधकर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

ऋषिकुमारों को राखी बांधकर स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की प्रार्थना

ऋषिकेश;



 रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति में प्रेम, विश्वास, जिम्मेदारी, कर्तव्य और संरक्षण का उत्सव है। श्रावणी पूर्णिमा के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन में रक्षाबंधन को आध्यात्मिक चेतना, सनातन संस्कारों और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया।


पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने अमेरिका में रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाते हुए इस पर्व के संदेश को परिवार और रिश्तों से आगे बढ़ाकर समाज, संस्कृति और प्रकृति से जोड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर पौधों को रक्षासूत्र बांधकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प लिया गया। यह संदेश दिया गया कि जिस प्रकार राखी की डोर हमें अपने प्रियजनों की रक्षा और उनके प्रति अपने दायित्व का स्मरण कराती है, उसी प्रकार हमें पृथ्वी, जल, वायु, वन और वृक्षों के संरक्षण का भी संकल्प लेना होगा।


पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि रक्षाबंधन प्रेम और संरक्षण की संस्कृति का पर्व है। राखी की छोटी-सी डोर हमें एक बहुत बड़ा संदेश देती है, जिससे प्रेम हो, उसकी रक्षा का दायित्व भी हमारा है। आज आवश्यकता है कि हम इस रक्षा-सूत्र को परिवार की सीमाओं से आगे ले जाकर समाज और प्रकृति से जोड़ें। हमारी नदियाँ, वृक्ष, पर्वत, वन और धरती माता भी हमारी जिम्मेदारी हैं। यदि हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तो प्रकृति आने वाली पीढ़ियों की रक्षा करेगी।


उन्होंने कहा कि आज दुनिया अनेक पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में भारतीय संस्कृति का यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और संरक्षण का संस्कार देता है। एक वृक्ष को रक्षासूत्र बांधना केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि यह स्वयं से किया गया संकल्प है कि हम वृक्षों को बचाए, अधिक से अधिक पौधे लगाएं और प्रकृति के साथ अपने संबंधों को सुदृढ़ करें।


परमार्थ निकेतन में इस पावन अवसर पर ऋषिकुमारों का उपनयन संस्कार विधिवत सम्पन्न हुआ। वैदिक परंपरा के अनुसार उपनयन संस्कार जीवन में ज्ञान, अनुशासन, साधना, सेवा और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने का दिव्य संस्कार है। ऋषिकुमारों ने आचार्यों के सान्निध्य में वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की और अपनी जीवन-यात्रा को ज्ञान एवं संस्कारों से प्रकाशित करने का संकल्प लिया।


वेदमंत्रों की पवित्र ध्वनि, यज्ञ की सुगंध और आध्यात्मिक वातावरण ने श्रावणी पूर्णिमा के इस अवसर को और भी दिव्य बना दिया। यह आयोजन एक धार्मिक अनुष्ठान के साथ भारत की प्राचीन ऋषि-परंपरा, ज्ञान-संस्कृति और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बना।


रक्षाबंधन का पर्व हमें यह संदेश देता है कि रिश्ते केवल अधिकारों से नहीं, बल्कि कर्तव्यों और समर्पण से मजबूत होते हैं। आज आवश्यकता है कि हम अपने परिवारों में प्रेम और संवाद बढ़ाएँ, समाज में करुणा और सहयोग की भावना विकसित करें तथा प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को समझें।


आइए, इस रक्षाबंधन हम एक ऐसी डोर बाँधें जो केवल भाई-बहन को नहीं, बल्कि मनुष्य को मनुष्य से, समाज को सेवा से और मानवता को प्रकृति से जोड़े। प्रेम से रिश्ते सँवारें, करुणा से समाज जोड़ें और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता से जीवन सँवारें।

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