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*मीडिया सेल देहरादून* 

*दिनांक - 16/09/2026*


*कोतवाली डोईवाला*


*महंगे शौकों को पूरा करने की लत ने पहुंचाया सलाखों के पीछे*

*एसएसपी दून के नेतृत्व में अपराधियों पर सख्त दून पुलिस*

*डोईवाला क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटना का 08 घंटे के अंदर दून पुलिस ने किया खुलासा*

*घटना में शामिल डिलीवरी बॉय सहित 02 अभियुक्तों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार*

  *अभियुक्तो के कब्जे से चोरी की गयी स्कूटी व स्कूटी से खोले/काटे गये पार्टस हुए बरामद* 

*गिरफ्तार दोनों अभियुक्त आपस में है मौसेरे भाई, अपने महंगे शौकों को पूरा करने के लिए दिया था वाहन चोरी की घटना को अंजाम* 

*पुलिस से बचने के लिए चोरी की गई स्कूटी के पार्ट्स काटकर उन्हें कबाड़ी को बेचने के फिराक में थे अभियुक्त*




 *घटना का विवरण*



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कोतवाली डोईवाला पर दिनांक - 15/09/2026 को वादी श्री सरनदीप सिंह पुत्र श्री ध्यान सिह निवासी नकरौदा सैनिक कॉलोनी, हर्रावाला, देहरादून द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया कि दिनांक 15/09/2026 की सांय उन्होंने अपनी स्कूटी 4G एक्टिवा संख्या- UK07BY-3105 मिंयावाला फ्लाई ओवर के नीचे खडी की थी, जब वापस आकर देखा स्कूटी उक्त स्थान पर नही मिली, जिसे संभवतः किसी अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर लिया है। वादी द्वारा दिये गये  प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली डोईवाला पर मु0अ0स0-278/2026 धारा-303(2) बीएनएस बनाम-अज्ञात पंजीकृत किया गया।


 *पुलिस कार्यवाही व गिरफ्तारी/बरामदगी* 


घटना के अनावरण तथा अभियुक्तो की गिरफ्तारी हेतु एसएसपी देहरादून द्वारा दिये गए निर्देशों पर कोतवाली डोईवाला पर पुलिस टीम का गठन किया गया।  गठित टीम द्वारा पूर्व मे वाहन चोरी प्रकरणो मे जेल गये अभियुक्तो का भौतिक सत्यापन करते हुए स्थानीय सूचना तन्त्र को सक्रिय किया गया, साथ ही घटनास्थल व उसके आस पास लगे CCTV कैमरो का अवलोकन करते हुए घटना में शामिल संदिग्धों के संबंध में जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी के आधार पर दिनांक 15/09/2026 को लेन नं0 02 दिल्ली फार्म हर्रावाला से घटना में शामिल 02 अभियुक्तो रजत चौहान व करन चौहान को घटना में चोरी की गयी स्कूटी एक्टिवा संख्या- UK07BY-3105 के कटे व खुली अवस्था मे पड़े पार्ट्स के साथ गिरफ्तार किया गया। 


*पूछताछ के विवरण:-*


पूछताछ में अभियुक्तो द्वारा बताया गया कि वे दोनों आपस मे मौसेरे भाई है तथा उनमे से करन चौहान देहरादून से बीकॉम कर रहा है व ब्लिंकिट मे डिलवरी बॉय का कार्य करता है तथा हर्रावाला क्षेत्र मे किराये के मकान मे रहता है। अभियुक्त रजत चौहान एचएम का कोर्स करने के बाद देहरादून मे रहकर नौकरी की तलाश कर रहा है व MDDA कॉलोनी देहरादून मे किराये के मकान मे रहता है। 


अपने शौकों व अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें पैसे की आवश्यकता थी, जिसके लिए उन दोनों के द्वारा वाहन चोरी की योजना बनायी तथा मियांवाला फ्लाई ओवर के नीचे पहुंचकर वहाँ खडे वाहनो की रैकी करने लगे, इस दौरान उन्हें वहां पर खडी एक 4G एक्टिवा संख्या- UK07BY-3105 का हैन्डल लॉक खुला मिला, जिसे अभियुक्त रजत मौके से चोरी कर करन के दिल्ली फार्म हर्रावाला स्थित कमरे पर लाया, स्कूटी को चैक करने पर उसमे से वाहन के कागजात न मिलने तथा बिना कागजात की स्कूटी को बेचने पर पकड़े जाने के डर से दोनों अभियुक्तों ने स्कूटी के पार्ट्स खोलकर तथा काटकर कबाड़ी को बेच देने की योजना बनाई तथा स्कूटी को पूर्ण रूप से खोलकर व काटकर स्कूटी के पार्टस अलग-अलग कर दिये, पर स्कूटी के पार्टस बेचने से पूर्व ही पुलिस द्वारा दोनो अभियुक्तो को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से स्कूटी व स्कूटी के काटे व खोले गये सभी पार्टस बरामद कर लिये गये। 



*विवरण गिरफ्तार अभियुक्त*  


1-  रजत चौहान पुत्र जसपाल चौहान निवासी- ग्राम चौंदार थाना लम्बगांव, टिहरी गढवाल, हाल पता- नेगी निवास - एमडीडीए कॉलोनी, केदार पुरम, देहरादून, उम्र- 22 वर्ष


2-  करन चौहान पुत्र राजेन्द्र चौहान निवासी- ग्राम चौदार थाना लम्बगांव जनपद टिहरी गढवाल हाल पता- लेन नं0- 02 दिल्ली फार्म, हर्रावाला, कोतवाली डोईवाला, देहरादून, उम्र- 21 वर्ष


 

*बरामदगी का विवरण*  

 

1- स्कूटी स0 UK07BY-3105  के विभिन्न पार्टस (खोल व कटे हुए) 

2- स्कूटी खोलने मे प्रयुक्त टूल्स (प्लास/पेचकस/पान्ना/चॉबी)


*पुलिस टीम :-* 


1- उ०नि० दीपक गैरोला, चौकी प्रभारी हर्रावाला 

2- अ०उ०नि० प्रेम सिह बिष्ट

3- हे०का० दिनेश रावत

4- का० सुमित कुमार

5- का० आशीष राणा


*जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न*


*जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित जनगणना संपन्न कराने के दिए निर्देश*


*देहरादून 16 सितंबर,2026 (सू.वि),*




जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत आगामी 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना की जाएगी। जनगणना के सफल एवं सुचारु संपादन के लिए देहरादून नगर निगम सभागार में चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज अधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों का आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हुआ।


प्रशिक्षण के समापन अवसर पर जिलाधिकारी/जिला जनगणना अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सभी चार्ज अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं के निर्माण एवं संसाधनों के समुचित नियोजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कार्य है। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ योजनाबद्ध तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए।


जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार जनगणना में तकनीकी का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या भी लगभग 40 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना की अवधि निर्धारित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वगणना के संबंध में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करते हुए उन्हें इसके लिए प्रेरित किया जाए, ताकि 01 दिसंबर से प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का कार्य सुगमता से संपन्न किया जा सके।


जिलाधिकारी ने चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना-2027 के लिए अभी से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं तथा प्रत्येक स्तर पर कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए जनगणना को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराया जाए।


नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा ने प्रशिक्षण के दौरान जनगणना-2027 से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं एवं महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। दो दिवसीय प्रशिक्षण में 23 चार्ज अधिकारियों, 23 सहायक चार्ज अधिकारियों, तकनीकी सहायकों एवं जनगणना से जुड़े कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।


इस अवसर पर जनगणना के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इनायत सिद्दीकी, जनगणना निदेशालय के प्रशिक्षक प्रदीप यादव एवं कुलदीप चौहान सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रह

पुष्कर सिंह धामी को उनके जन्मदिन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री श्री अमित शाह, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी , श्री नितिन गडकरी ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दी।


https://x.com/narendramodi/status/2100049548349764008





*बच्चों के साथ केक काटा, आत्मीयता से मिले और साझा की जन्म दिवस की खुशियां*

*बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है—मुख्यमंत्री*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने जन्म दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर वहां अध्ययनरत बच्चों के साथ अपना जन्म दिवस मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके बीच रहकर जन्म दिवस की खुशियां साझा कीं।


मुख्यमंत्री बच्चों से बेहद आत्मीयता और स्नेह के साथ मिले। उन्होंने बच्चों के बीच जाकर उनसे संवाद किया, उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे भी उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। इस दौरान पूरा वातावरण आत्मीयता, स्नेह और अपनत्व से भरा रहा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। प्रत्येक बच्चे में अपार प्रतिभा और संभावनाएं होती हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन का सशक्तिकरण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से जीवन की प्रत्येक चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर पूरे विश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्नेह और उनके चेहरों की खुशी उनके लिए जन्म दिवस का सबसे विशेष और यादगार उपहार है।


इस अवसर पर श्रीमती गीता पुष्कर धामी, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी एवं संस्थान के शिक्षक मौजूद थे।

 

 *मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर राजस्व, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम पहुंची सकण्ड गांव* 




 *सीएम धामी के त्वरित संज्ञान पर ग्राम प्रधान शिवानी चौधरी ने जताया आभार, कहा—मुख्यमंत्री जी और शासन-प्रशासन का धन्यवाद* 



चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड के अंतर्गत सकण्ड (स्कंद) गांव में सड़क सुविधा को लेकर ग्रामीणों द्वारा स्वयं गेती, फावड़े और कुदाल उठाकर श्रमदान किए जाने की खबरों का मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीणों की सड़क संबंधी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और सड़क निर्माण की कार्रवाई को तीन माह के भीतर पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए गांवों का विकास और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए शासन-प्रशासन को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ और विकास कार्य धरातल पर गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।


मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आज राजस्व विभाग, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम सकण्ड पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और सड़क निर्माण से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शुरू की। संयुक्त टीम ने ग्रामीणों को सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा तीन माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।


मुख्यमंत्री के त्वरित हस्तक्षेप और शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर ग्राम प्रधान श्रीमती शिवानी चौधरी ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीणों की समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को निर्देश दिए , जिसके क्रम में आज राजस्व, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ग्राम सकण्ड पहुंची है। उन्होंने कहा कि टीम द्वारा मामले में तीन माह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के साथ-साथ शासन एवं जिला प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया।

 *मोरी में बोलेरो कैंपर वाहन दुर्घटनाग्रस्त, SDRF ने 11 घायलों का किया सफल रेस्क्यू* 



दिनांक 15 सितंबर 2026 को थाना मोरी से SDRF को सूचना प्राप्त हुई कि उजली कन्याशनि नामक स्थान पर एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। सूचना मिलते ही पोस्ट मोरी प्रभारी हेड कांस्टेबल जयप्रकाश रमोला के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि बोलेरो कैंपर वाहन लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिरा था, जिसमें 12 लोग सवार थे। SDRF टीम द्वारा संयुक्त रेस्क्यू टीम एवं स्थानीय लोगों के साथ मिलकर त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए 11 घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। वहीं एक व्यक्ति की घटनास्थल पर मृत्यु हो गई थी। SDRF टीम द्वारा शव को खाई से बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया। रेस्क्यू अभियान पूर्ण होने के उपरांत टीम वापस कैंप के लिए रवाना हुई।


*पांव फिसलने से 50 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन चालक, SDRF ने किया सुरक्षित रेस्क्यू* 



आज दिनांक 15 सितम्बर 2026 को पुलिस चौकी जानकीचट्टी जनपद उत्तरकाशी से SDRF पोस्ट जानकीचट्टी को राणा चट्टी एवं स्यानाचट्टी के मध्य एक व्यक्ति के खाई में गिरने की सूचना प्राप्त हुई।


सूचना प्राप्त होते ही मुख्य आरक्षी राजेश कुमार के नेतृत्व में SDRF रेस्क्यू टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर पहुंचने पर जानकारी हुई कि उक्त व्यक्ति वाहन चालक था, जिसका पैर फिसलने के कारण वह लगभग 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा था। SDRF टीम द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए घायल व्यक्ति तक पहुंच बनाई गई तथा उसे सुरक्षित खाई से बाहर निकाला गया।


घायल व्यक्ति की पहचान उपेंद्र पुत्र रामबुल, उम्र 50 वर्ष, निवासी मेरठ के रूप में हुई है। रेस्क्यू के उपरांत घायल को आवश्यक प्राथमिक उपचार प्रदान कर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेज दिया गया।


 



केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में किशाऊ परियोजना पर छह राज्यों का ऐतिहासिक MoU


केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। लगभग आठ दशकों से प्रतीक्षित इस परियोजना के लिए हुआ यह समझौता जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल तथा यमुना के पुनर्जीवीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं निर्णायक कदम है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन केवल एक समझौते पर हस्ताक्षर का अवसर नहीं, बल्कि लगभग आठ दशकों से प्रतीक्षित किशाऊ परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में बढ़ाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से भारत सरकार सहित सभी सहभागी राज्य सरकारों का आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1940 में की गई थी। इतने लंबे समय में परियोजना को आगे बढ़ाने के अनेक प्रयास हुए, लेकिन विभिन्न कारणों से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दशकों से लंबित महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में 16 जून 2026 की बैठक में किशाऊ परियोजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण अड़चनों के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ। इसके बाद केंद्र एवं सहभागी राज्य सरकारों के बीच निरंतर समन्वय से परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई और आज MoU पर हस्ताक्षर के साथ इसे औपचारिक रूप दिया गया है।


*राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना*


मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ कोई सामान्य बांध परियोजना नहीं है, बल्कि यह जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल और यमुना के पुनर्जीवीकरण से जुड़ी राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना है।


उन्होंने कहा कि परियोजना से लगभग 1562 MCM क्षमता का विशाल जलाशय बनेगा तथा 422 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता विकसित होगी। इसका लाभ उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित पूरे अपर यमुना बेसिन को मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना केवल एक राज्य या क्षेत्र की परियोजना नहीं है, बल्कि यह अंतरराज्यीय सहयोग और सहकारी संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण है। केंद्र और राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयासों तथा सहभागी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से दशकों से लंबित परियोजना को अब निर्णायक गति मिली है।


*प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता*


मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के निर्माण में कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां भी सामने आएंगी। परियोजना से प्रभावित परिवारों का उचित, संवेदनशील एवं सम्मानजनक पुनर्वास उत्तराखण्ड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित परिवारों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना आवश्यक है और राज्य सरकार इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगी।


*क्षतिपूरक वनीकरण के लिए भूमि उपलब्ध कराना चुनौती*


मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए लगभग 2500 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता होगी। इसके कारण क्षतिपूरक वनीकरण के लिए बड़ी मात्रा में भूमि की आवश्यकता पड़ेगी।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे वनाच्छादित और पर्वतीय राज्य के लिए इतनी बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसलिए उन्होंने भारत सरकार तथा सभी सहभागी राज्यों से अनुरोध किया कि क्षतिपूरक वनीकरण के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित करने में उत्तराखण्ड को सहयोग प्रदान किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा परियोजना से जुड़े सभी पर्यावरणीय एवं वन संबंधी प्रावधानों का नियमानुसार अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।


*‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन*


मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में सभी सहभागी राज्य किशाऊ परियोजना को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने में सफल होंगे।


उन्होंने कहा कि आज हुआ MoU हस्ताक्षर केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि ऐसी महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत का ऐतिहासिक पड़ाव है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना के क्रियान्वित होने से जल उपलब्धता, सिंचाई, पेयजल, ऊर्जा उत्पादन और यमुना के पुनर्जीवीकरण को नई गति मिलेगी तथा अपर यमुना बेसिन के राज्यों के विकास को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।


मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा केंद्रीय मंत्रिगणों, सहभागी राज्य सरकारों एवं उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।



*जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें अधिक, जिलाधिकारी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा कर कराएं शीघ्र समाधान*


*जिलाधिकारी तहसीलों का करें औचक निरीक्षण, दाखिल-खारिज के प्रकरणों की समयबद्धता और भूमि धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों की करें समीक्षा*

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*स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को दें शीर्ष प्राथमिकता, पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन में ऑडिट कर प्रस्तुत करें रिपोर्ट*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद करने तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित होना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें सबसे अधिक प्राप्त हो रही हैं, संबंधित जिलाधिकारी उन शिकायतों की विभागवार समीक्षा कर उनका यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एक ही प्रकृति की शिकायतें बार-बार आने के कारणों का भी विश्लेषण किया जाए और ऐसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए।


मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह विशेष रूप से देखा जाए कि दाखिल-खारिज से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर हो रहा है या नहीं। भूमि धोखाधड़ी से संबंधित जन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और निर्धारित सेवाएं उन्हें समयबद्ध रूप से उपलब्ध हों।


मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज और अन्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। सचिव, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी अपने स्तर पर नियमित रूप से लंबित शिकायतों की समीक्षा करें। जिन शिकायतों का निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारण नहीं किया जा रहा है, उनमें संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।


मुख्यमंत्री ने लंबे समय से लंबित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। बैठक में 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के पुराने प्रकरणों की विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उनके लंबित रहने के कारणों की भी समीक्षा की जाए।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ अथवा ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि को विशेष महत्व दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित स्तर पर समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों पर फीडबैक की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। शिकायतकर्ता से प्राप्त फीडबैक के आधार पर निस्तारण की गुणवत्ता का आकलन किया जाए। पोर्टल पर जनसामान्य से फीडबैक तथा विभिन्न विभागों और नोडल अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाए। वहीं शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का मूल उद्देश्य शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करते हुए नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।


मुख्यमंत्री  ने समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कर उनकी समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अनुचित रूप से बंद की गई एक शिकायत के संबंध में संजय कुमार रावत से दूरभाष पर वार्ता की। श्री रावत ने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित प्रकरण में तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। भविष्य में इस प्रकार की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल निवासी बेबी कोटनाला से दूरभाष पर वार्ता कर परित्यक्ता पेंशन से संबंधित समस्या की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि लंबे समय से शिकायत दर्ज होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को प्रकरण में तत्काल उचित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने हरिद्वार निवासी श्रीमती गीता से भी दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने बताया कि उनके घर के समीप लगभग तीन माह पूर्व पानी की टंकी बन चुकी है, लेकिन उससे पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार को मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने और तत्काल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने देहरादून निवासी शिल्पी सक्सेना से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के बाद समयबद्ध रूप से क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगा दी गई। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं, अल्मोड़ा निवासी आयुष बिष्ट ने मुख्यमंत्री को बताया कि छात्रवृत्ति से संबंधित उनकी शिकायत का विभाग द्वारा समाधान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति मिलने में हुई देरी के कारणों की जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, श्री एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ श्री कपिल लाल, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री  हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों एवं उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं ।

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