Halloween party ideas 2015

 देहरादून:


 देर रात परेड ग्राउंड, देहरादून में  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के कल 06 नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत तैयारियों का जायज़ा लिया।

Amit shah central minister programme dehradun


इस दौरान अधिकारियों को सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

*केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के उत्तराखंड में विभिन्न कार्यक्रम*


दिनांक – 06 नवम्बर 2026


कार्यक्रम 1 – उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह

स्थान – परेड ग्राउंड, देहरादून

समय – सुबह 11:50 बजे


कार्यक्रम 2 – उत्तराखंड पुलिस का राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह

स्थान – रिजर्व पुलिस लाइन, देहरादून

समय – दोपहर 1:50 बजे


  

 धनतेरस का पंचांग और शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:


Dhanteras 2022


धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त - 


।त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर 2026, प्रातः 10:30 बजे

• त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर 2026, प्रातः 10:47 बजे

• प्रदोष काल: शाम 5:32 बजे से रात 8:09 बजे तक

• वृषभ काल (शुभ पूजा विंडो): शाम 6:02 बजे से शाम 7:57 बजे तक

  पूजा और दीपदान करना फलदायी साबित होगा।
 

धनतेरस पर कौन से उपाय करने से मिलेगा लाभ?

धनतेरस के दिन धन्वंतरि का पूजन करना चाहिए. साथ ही नवीन झाडू एवं सूपड़ा खरीदकर भी उनका पूजन करना चाहिए। इस दिन सायंकाल दीपक प्रज्वलित कर घर, दुकान आदि को श्रृंगारित करना फलदायी साबित होता है। इस दिन लोग मंदिर, गोशाला, नदी के घाट, कुओं, तालाब, बगीचों में भी दीपक लगाएं।


 क्यों मनाते हैं धनतेरस? कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि उत्पन्न हुए थे। इनके उत्पन्न होने के समय इनके हाथ में एक अमृत कलश था जिस कारण धनतेरस पर बर्तन खरीदने का भी रिवाज है। मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करने से उसमें तेरह गुणा वृद्धि होती है। धनतेरस पर कई लोग धनिया के बीज भी खरीदते हैं। पिर दिवाली वाले दिन इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों में बोते हैं।

इसके अलावा धनतेरस के दिन लोग झाडू, पानी भरने का बर्तन, मां लक्ष्मी की मूर्ति और दीयों की खरीददारी भी करते हैं।


 इसलिए मनाते हैं धनतेरस:

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय शरद पूर्णिमा को चंद्रमा, कार्तिक द्वादशी को कामधेनु गाय, त्रयोदशी को धनवन्तरि, चतुर्दशी को मां काली और अमावस्या को लक्ष्मी माता सागर से उत्पन्न हुई थीं। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को धनवन्तरि का जन्म माना जाता है, इसलिए धनवन्तरि के जन्मदिवस के उपलक्ष में धनतेरस मनाया जाता है।


  धनतेरस के दिन कुबेर की ऐसे करें पूजा :

धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है। मान्‍यता है कि उनकी पूजा करने से व्‍यक्ति को जीवन के हर भौतिक सुख की प्राप्‍ति होती है। इस दिन भगवान कुबेर की प्रतिमा या फोटो धूप-दीपक दिखाकर पुष्‍प अर्पित करें। फिर दक्षिण दिशा की ओर हाथ जोड़कर सच्‍चे मन से इस मंत्र का उच्‍चारण करें:



- ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये
  धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥




धनतेरस के दिन इसलिए जलाया जाता है यम के लिए दीपक:


धनतेरस के दिन सोने-चांदी, धातु की चीजें, बर्तन आदि की खरीदारी शुभ मानी जाती है। लेकिन इसके अलावा धनतेरस के दिन मृत्‍यु के देवता यमराज की पूजा भी की जाती है। इस दिन संध्‍या के समय घर के मुख्‍य दरवाजे के दोनों ओर अनाज के ढेर पर मिट्टी का बड़ा दीपक रखकर उसे जलाएं। दीपक का मुंह दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। दीपक जलाते समय इस मंत्र का जाप करें:

मृत्‍युना दंडपाशाभ्‍यां कालेन श्‍याम्‍या सह|
त्रयोदश्‍यां दीप दानात सूर्यज प्रीयतां मम ||




इसलिए मनाते हैं धनतेरस:

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय शरद पूर्णिमा को चंद्रमा, कार्तिक द्वादशी को कामधेनु गाय, त्रयोदशी को धनवन्तरि, चतुर्दशी को मां काली और अमावस्या को लक्ष्मी माता सागर से उत्पन्न हुई थीं। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को धनवन्तरि का जन्म माना जाता है, इसलिए धनवन्तरि के जन्मदिवस के उपलक्ष में धनतेरस मनाया जाता है।







अठूरवाला सांस्कृतिक मंच की निर्देशक डॉ. ममता कुंवर ने किया सुलोचना का अभिनय करते हुये रामलीला में मेघनाथ वध एवं सुलोचना का हृदयविदारक विलाप बना आकर्षण का केंद्र।



atthorwala ramlila


    रामलीला के मंच पर मेघनाथ वध के पश्चात सुलोचना का करुण विलाप अत्यंत भावुक एवं शानदार दृश्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस मार्मिक प्रसंग में डॉ. ममता कुंवर ने सुलोचना की भूमिका का जीवंत अभिनय करते हुए अपने शानदार संवाद, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और अद्भुत अभिनय कला से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

पति के वियोग में सुलोचना की पीड़ा, समर्पण, प्रेम और विरह की भावनाओं को जिस संवेदनशीलता और प्रभावशाली अंदाज में डॉ. ममता कुंवर ने मंच पर साकार किया, उसने उपस्थित दर्शकों की आंखें नम कर दीं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो रामायण का यह प्रसंग साक्षात मंच पर जीवंत हो उठा हो।

उनके अभिनय ने न केवल दर्शकों का मन मोह लिया, बल्कि भारतीय संस्कृति, नारी के समर्पण और पारिवारिक मूल्यों की गहरी संवेदनाओं को भी उजागर किया। 

   डॉ. ममता कुंवर को इस शानदार, सजीव एवं भावपूर्ण अभिनय के लिए सभी लोगो ने हार्दिक बधाई एवं साधुवाद। दिया

 

*’राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार’*

uttarakhand rajya gaurav samman


उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के लिए अपना विशेष योगदान देने वाले 15 महानुभावों को उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया जाएगा। उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार-2026 हेतु चयनित महानुभावों को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में ये पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 


जिन महानुभावों को उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे उनमें राजनीतिक एवं शासकीय क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी (मरणोपरांत), चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु डॉक्टर जीवन सिंह तितियाल, उद्यमिता हेतु श्री मनमोहन भारद्वाज, फिल्म जगत से श्रीमती हिमानी शिवपुरी, लोक जागर गायिका श्रीमती हेमा नेगी करासी, शिक्षा एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में डॉक्टर गिरीश रंजन तिवारी, सामाजिक क्षेत्र में सुश्री अनीता थपलियाल शर्मा, श्री कश्मीर सिंह, पर्यावरण के क्षेत्र में पर्यावरणविद श्री सुरेश भाई, लोक गायिका श्रीमती रेशमा शाह के साथ ही खेल के क्षेत्र में सुश्री एकता बिष्ट, सुश्री वंदना कटारिया, सुश्री अंकिता ध्यानी, सुश्री निकिता चंद एवं श्री कपिल पोखरिया, शामिल हैं।

 सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशों में SDRF की टीमें केदारताल क्षेत्र में लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान संचालित कर रही


rescue kedartaal

हैं। 


अत्यंत दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, भारी बर्फबारी एवं प्रतिकूल मौसम के बावजूद SDRF के जवान पूरे समर्पण एवं तत्परता के साथ घटनास्थल पर सर्चिंग कर रहे हैं। शेष लापता व्यक्तियों की तलाश एवं उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान निरंतर जारी है।


*केदारताल ट्रेक रेस्क्यू अभियान: एक और महिला का शव बरामद, हेलीकॉप्टर से मातली हेलीपैड उत्तरकाशी पहुंचाया गया* 


उत्तरकाशी, 04 नवंबर 2026।


केदारताल ट्रेक पर लापता ट्रेकर्स एवं सपोर्टिंग स्टाफ की तलाश में संचालित सर्च एवं रेस्क्यू अभियान के दौरान SDRF व  NIM की टीम द्वारा सर्चिंग के दौरान एक और शव बरामद किया गया, जिसे हेलीकॉप्टर के माध्यम से मातली हेलीपैड, उत्तरकाशी पहुंचाया गया।


इस प्रकार अब तक रेस्क्यू अभियान के दौरान कुल 04 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें 02 पुरुष एवं 02 महिलाएं शामिल हैं।


सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशों में SDRF की टीमें अत्यंत दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान संचालित कर रही हैं। शेष लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए अन्य रेस्क्यू एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान निरंतर जारी है।


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने की डिबीटी के माध्यम से मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित



देहरादून:  


मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार द्वारा पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का क्रम लगातार जारी है।इसी क्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आज अपने यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में योजना के तहत सितंबर एवं अक्टूबर 2026 माह की धनराशि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT के जरिए हस्तांतरित की। विभागीय मंत्री ने बताया कि सितंबर 2026 में प्रदेश के 13 जनपदों के कुल 4,750 लाभार्थियों को 1 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि वितरित की गई जबकि अक्टूबर 2026 में 4,727 लाभार्थियों के खातों में 1 करोड़ 41 लाख 81 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई। इस प्रकार दोनों महीनों में कुल 9,477 लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख 31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।


विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना प्रदेश के उन बच्चों के लिए सुरक्षा और संबल का माध्यम है, जिन्होंने कोरोना महामारी एवं अन्य विषम परिस्थितियों में अपने माता-पिता अथवा संरक्षक को खोया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा, पोषण और बेहतर जीवन के अवसरों से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से योजना के तहत प्रतिमाह 3,000 रुपये की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि पात्र बच्चों को योजना का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले।



विभागीय मंत्री ने बताया कि जिला स्तरीय समिति द्वारा योजना के अंतर्गत कुल 6,544 बच्चों को अनुमोदित किया गया है। सितंबर 2026 में 30 तथा अक्टूबर 2026 में 23 बच्चों ने 21 वर्ष की आयु पूर्ण की। योजना प्रारंभ होने से अब तक 1,565 बच्चे 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं। वहीं मृत्यु, सेवायोजन, माता-पिता के पुनर्विवाह एवं लाभार्थी के विवाह सहित अन्य कारणों से 252 बच्चे योजना से बाहर हुए हैं। इस प्रकार योजना से बाहर होने वाले बच्चों की कुल संख्या 1,817 हो गई है।कहा कि  मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से राज्य सरकार जरूरतमंद एवं प्रभावित बच्चों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उनके भरण-पोषण, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है।


विदित हो कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत कोविड-19 महामारी एवं अन्य बीमारियों के कारण माता-पिता अथवा संरक्षक को खोने वाले बच्चों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के तहत 1 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 की अवधि में प्रभावित हुए पात्र बच्चों को 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रतिमाह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता एवं भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया जा रहा है।


*जनपदवार वितरित धनराशि*


सितंबर एवं अक्टूबर 2026 में अल्मोड़ा में 17.01 लाख, बागेश्वर में 5.07 लाख, चमोली में 6.06 लाख, चंपावत में 14.76 लाख, देहरादून में 40.70 लाख, हरिद्वार में 34.98 लाख, नैनीताल में 28.29 लाख, पौड़ी गढ़वाल में 26.58 लाख, पिथौरागढ़ में 9.30 लाख, रुद्रप्रयाग में 11.16 लाख, टिहरी गढ़वाल में 38.07 लाख, ऊधमसिंह नगर में 37.80 लाख तथा उत्तरकाशी में 14.16 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई।


इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता , डिप्टी सीपीओ राजीव नयन तिवारी आदि उपस्थित रहे



*नाॅर्दर्न रीजन से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर हुआ निर्विरोध निर्वाचन*

*राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड कोे पहली बार मिला नेतृत्व का अवसर*

देहरादून:

deputy chairman national scout guide Dhan singh rawat



सूबे के कैबिनेट मंत्री व भारत स्काउट एंड गाइड के प्रादेशिक अध्यक्ष डाॅ. धन सिंह रावत भारत स्काउट गाइड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड को पहली बार इस महत्वपूर्ण पद पर नेतृत्व का अवसर मिला है, जो प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। डाॅ. रावत का निर्वाचन उनके संगठनात्मक अनुभव, रचनात्मक कार्यशैली एवं स्काउट-गाइड आंदोलन में उनकी सक्रिया भागीदारी का प्रतिफल है। 


कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत को यह जिम्मेदारी नॉर्दर्न रीजन से मिली है, जिसमें आठ राज्य व ं केंद्र शासित प्रदेश उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर के साथ ही केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, नॉर्दर्न रेलवे, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे और नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे का व्यापक प्रतिनिधित्व शामिल है। उत्तरी परिक्षेत्र से डॉ. रावत का निर्विरोध चुना जाना राष्ट्रीय संगठन में उत्तराखंड की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है। 


भारत स्काउट एंड गाइड के प्रादेशिक अध्यक्ष के तौर पर डाॅ. धन सिंह रावत ने उत्तराखंड में स्काउट-गाइड आंदोलन को व्यापक स्तर पर सशक्त बनाने के लिए उल्लेखनीय पहल की हैं। उनके प्रयासों से राजकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में स्काउट-गाइड गतिविधियों के विस्तार, इकाइयों की स्थापना और युवाओं की सहभागिता बढ़ाने को विशेष प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने स्काउट-गाइड के माध्यम से साहसिक गतिविधियों, सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों तथा युवाओं में अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदार नागरिकता विकसित करने पर विशेष जोर दिया है। इन्हीं उल्लेखनीय योगदानों के लिए डॉ. रावत को भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।


राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में डाॅ. रावत का निर्विरोध निर्वाचन उत्तराखंड में स्काउट-गाइड आंदोलन की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ ही संगठन के विस्तार और सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


*बयान*

भारत स्काउट एंड गाइड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर नार्दर्न रीजन से निर्विरोध निर्वाचित होना गौरव व जिम्मेदारी का विषय है। यह उपलब्धि उत्तराखंड के स्काउट-गाइड परिवार और प्रदेशवासियों को समर्पित है। स्काउटिंग युवाओं में अनुशासन, एकता, सेवा-भाव और देशभक्ति की भावना को विकसित करने का सशक्त मंच है। स्काउट-गाइड गतिविधियों के विस्तार और इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जायेंगे।- *डाॅ. धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड।*

 

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.