Halloween party ideas 2015

 महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत सिंह पवार के आकस्मिक निधन पर, मुख्यमंत्री शिव पुष्कर सिंह धामी ने शोक जताया है विमान हादसे में श्री अजित सिंह पंवार  नेता का जाना देश के लिये अपूरणीय क्षति  है.


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार  के विमान दुर्घटना में निधन पर दुःख व्यक्त किया। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्री अजीत पवार  ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए सदैव करुणा, संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि इस दुःखद हादसे में दिवंगत सभी पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, सहयोगियों एवं समर्थकों को यह असह्य दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।


मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड की कैबिनेट ने भी विमान दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु दो मिनट का मौन रखा ।



महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की बुधवार, 28 जनवरी को मौत हो गई, जब महाराष्ट्र के बारामती में लैंडिंग की कोशिश करते समय उनका विमान क्रैश हो गया, उनके एक करीबी सहयोगी ने इसकी पुष्टि की।

क्रैश के समय विमान में पांच यात्री सवार थे। DGCA के अनुसार, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता के साथ-साथ विदित जाधव, पिंकी माली, सुमित कपूर, शंभवी पाठक भी विमान में सवार थे। 

बारामती में अजीत पवार के करीबी सहयोगी किरण गुर्जर, जो स्थानीय अस्पताल में मौजूद हैं, ने कहा, "अजीत पवार सहित सभी छह लोगों को मृत लाया गया।"

66 वर्षीय अजीत पवार जिला परिषद चुनावों से पहले चार जनसभाओं को संबोधित करने के लिए बारामती जा रहे थे, तभी यह घटना हुई।

 

मोथरोवाला से वाया बंजारावाला, इन्द्रेश अस्पताल, लालपुल होते हुए राजपुर रोड़ तक इलैक्ट्रिक बस संचालित करवाने के सम्बन्ध में  लक्षेन्द्र प्रसाद थपलियाल ने एक ज्ञापन दिया ।



 उन्होंने कहा है कि विषयगत मार्ग पर कोई भी यात्री बस संचालित न होने से इस क्षेत्र की जनता को अत्यधिक असुविधाओं से गुजरना पड़ता है।

 जीवन यात्रा की हर जरूरत के लिए क्षेत्रीय जनता को घंटाघर आना-जाना ही पड़ता है, फिर चाहे स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं हो या जिला प्रशासन सम्बन्धी कार्य। 

बंजारवाला से अभी तक कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस मार्ग पर उपलब्ध न होने से वरिष्ठ नागरिकों को ई-रिक्शा एवं टैक्सी की सेवा लेनी पड़ती है जिसके कारण अत्यधिक आर्थिक भार एवं परेशानी होती है, क्योंकि उम्र के इस पड़ाव में वे निजी वाहन होकर भी उन्हें चलाने में असमर्थ होते हैं।

 इतना ही नहीं बस के संचालित होने से इस मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम होगा, जिससे दुर्घटनाओं में भी कमी आयेगी। यह क्षेत्र अब घनी आबादी वाला क्षेत्र बन गया है तथा बिना किसी पब्लिक वाहन के क्षेत्रीय जनता को विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को अधिक कठिनाईयां होती हैं।

वरिष्ठ नागरिकों द्वारा इस क्षेत्र में विगत 15 वर्षों से अपना एक संगठन स्थापित किया गया है जिसके माध्यम से ये अपनी समस्याओं को समय-समय पर आयोजित की जाने वाली आम बैठकों में उठाते हैं, एवं अपेक्षा करते हैं कि उनकी समस्याओं को सरकार की विभिन्न एजेन्सियों तक पहुँचा कर उनका निवारण किया जाए।

इसी क्रम में 16 जनवरी 2026 को वरिष्ठ नागरिकों की एक आम बैठक का आयोजन किया गया जिसमें इलैक्ट्रिक बस संचालन करवाने हेतु सभी क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा सर्व सम्मति से मांग की गई। अतः क्षेत्र में घनी आबादी होते हुए भी पब्लिक यातायात सुविधा न होना यहाँ के वरिष्ठ नागरिकों के लिए गम्भीर असुविधा बनी रहती है। अतः शासन प्रशासन से उन्होंने आग्रह किया है कि है कि इस मार्ग पर शीघ्र ही इलैक्ट्रिक बस संचालित कर क्षेत्रीय जनता को राहत देने की कृपा की जाएगी।




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चलाए जा रहे "जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार" के तहत आयोजित विशेष कैम्पों को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। राज्य सरकार की प्रभावी कार्ययोजना और प्रशासनिक सक्रियता का ही परिणाम है कि बड़ी संख्या में आम नागरिक इन कैम्पों के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं।



आज आयोजित किए गए कुल 10 कैम्पों में 12,510 व्यक्तियों ने सहभागिता की, जो सरकार की जनहितकारी नीतियों पर आम जनता के विश्वास को दर्शाता है। वहीं, अब तक की कुल अवधि में राज्यभर में 484 कैम्पों का आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से कुल 3,89,868 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रूप से सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया है।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। इसके लिए प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाने की नीति पर कार्य किया जा रहा है। ये कैम्प शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य कर रहे हैं तथा त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी सेवा वितरण सुनिश्चित कर रहे हैं।



मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे इसी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाएँ। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ये प्रयास राज्य के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।

 डोईवाला;





आर्य कन्या इंटर कॉलेज डोईवाला में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।  विद्यालय की छात्राओं ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों  का पेस्तुति

विद्यालय के उपप्रबंधक पन्ना लाल अग्रवाल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर वृद्ध जनों श्रीमान भगत सिंह जी संस्थापक सदस्य आर्य कन्या इंटर कॉलेज  श्री नारायण दास नारंग का सम्मान किया.

क्षेत्र में पॉवर वेटलिफ्टिंग में  राष्ट्रीय स्तर पर   उत्तराखंड को पदक दिलाने वाले श्री हरविंदर को विद्यालय समिति द्वारा सम्मानित किया गया।   उन्होंने छात्राओं को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए, देश के सम्मान को सर्वोच्च स्थान देने के की बात कही।

उपप्रबंधक , श्री पन्ना लाल गोयल ने वृद्धजनों का सम्मान करते हुए, लोकतंत्र की महत्ता का वर्णन किया।

इस अवसर पर  

जनसेवाओं का संगमः 



एक छत, कई सेवाएंः शिविर में बनेंगे आयुष्मान से श्रमिक कार्ड तक*


*शिविर में निशुल्क स्वास्थ्य जांच, औषधि विरतण व नेत्र परीक्षण, चश्में भी मिलेंगे।*


*आय, जाति, चरित्र, निवास प्रमाण पत्र व पेंशन मामलों का होगा त्वरित निस्तारण*


*देहरादून 27 जनवरी,2026:


जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत जन सुविधाओं को बेहतर बनाने और उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण हेतु मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में 29 जनवरी, 2026 को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 5ः00 बजे तक विकासखंड कालसी स्थित ग्राम पंचायत कोटी ग्राउंड में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा। बहुउद्देशीय शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा स्वयं उपस्थित रहकर जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा और विभागीय स्टॉल लगाकर योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाएगा।


मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता के अनुसार यह शिविर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आयोजित किए जा रहे है। विभिन्न विभागों के स्टॉल्स के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करें और जनता को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाए। सभी विभाग आवेदन फॉर्म और योजनाओं की पूर्ण जानकारी के साथ स्वयं शिविर में उपस्थित रहे।


बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान व परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों सत्यापन के साथ छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान फार्म भरवाए जाएंगे। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण, उपचार, दिव्यांग एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।


स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में दो स्तरीय व्यवस्था रहेगी। पहला सामान्य जांच शिविर का आयोजन और दूसरा विभिन्न प्रकार के दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑफलाइन बनाने के उपरांत बाद में ऑनलाइन करने हेतु एसडीएम को दिए जाएंगे। आरबीएस की टीम कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उपचार प्रदान करेगा। शिविर में नशामुक्ति काउंसलिंग, पोषण, परिवार कल्याण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच व औषधि वितरण किया जाएगा। अटल आयुष्मान कार्ड के लिए पृथक सीएचसी संचालित कर कैंप में ही आवेदकों को कार्ड निर्गत किए जाएंगे। शिविर में नेत्र परीक्षण व चश्में भी वितरित किए जाएंगे। आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित शिशु, किशोरियों, महिलाओं का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। नंदागौरा, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट के फॉर्म भरे जाएंगे।  


ग्राम्य विकास द्वारा मनरेगा कार्य की मांग, जॉबकार्ड, भुगतान संबधी प्रकरणों का निराकरण, पीएमएवाई आवास के आवेदन, एनआरएलएम व रीप में नए सदस्यों को जोड़ना और समूहों को सीसीएल के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत राज द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्ममृत्यु पंजीकरण, सेवायोजन द्वारा रोजगार मेला आयोजन व युवाओं की काउंसलिंग तथा शिक्षा विभाग द्वारा एमडीएम, रमसा व आरटीई से जुड़े विषयों पर सेवाएं प्रदान की जाएगी। खाद्य विभाग राशन कार्डाे का सत्यापन, संशोधन व दुरस्तीकरण व राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड निर्गत करेगा। कृषि व उद्यान विभाग कीटनाशक दवाओं, बीज, लघु यंत्रों का वितरण एवं कृषकों की समस्या का समाधान करेंगे। सहकारिता, रेशम, मत्स्य, दुग्ध विभाग खाद्य बीज की उपलब्धता, समितियों के सदस्य बनने, केसीसी लाभार्थियों का चयन करेंगे। विद्युत व पेयजल विभाग विद्युत बिल, पेयजल बिलों का सुधार, भुगतान, नए कनेक्शन वितरण करेंगे।  


लोनिवि, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई द्वारा राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण मार्गाे से संबंधित समस्याओं का समाधान तथा सिंचाई विभाग द्वारा सिंचन क्षमता विस्तार संबधी विषयों पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योग व खादी ग्रामोद्योग द्वारा स्वरोजगार आवेदन प्राप्त करना, प्रशिक्षण तथा राजस्व विभाग द्वारा नए आधार कार्ड बनाने, आधार संशोधन के साथ आय, जाति चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीड बैंक द्वारा वंचित परिवारों का शत प्रतिशत बैंक लिंकेज, पीएम जीवन ज्योति, पीएम जीवन सुरक्षा योजना, सीसीएल व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। पर्यटन द्वारा होम स्टे, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड बनाने, रिन्युवल करने, पंजीकृत श्रमिकों को सामग्री वितरण का काम किया जाएगा। शिविर में यूसीसी के तहत पंजीकरण भी किए जाएगें। मुख्य विकास अधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर में प्रतिभाग करने की अपील की है।

 देहरादून :


*

 मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में अब तक प्राधिकरण क्षेत्र में 10 हजार से अधिक अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।


इसी क्रम में आज प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से की जा रही प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एकता विहार, लेन संख्या–1, रतनपुर, बलूनी स्कूल के पीछे, देहरादून में मासूम अली एवं प्रकाश जोशी द्वारा लगभग 10 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।


इसके अतिरिक्त परवल रोड, चांदनी चौक, शिमला बाईपास रोड, देहरादून में नफासत द्वारा लगभग 30 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी प्राधिकरण की टीम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। यह कार्रवाई सहायक अभियंता सासंक सक्सेना, अवर अभियंता ललित नेगी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।


एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना स्वीकृति के किए जा रहे किसी भी निर्माण अथवा प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। आमजन से अपील की गई है कि भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व संबंधित प्राधिकरण से वैध स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।


*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*

बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बिना स्वीकृति के की जा रही प्लॉटिंग और निर्माण पूरी तरह अवैध हैं और इनके खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।


*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*

मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत चिन्हित क्षेत्रों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान भवन उपविधियों और विकास नियंत्रण विनियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है तथा पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। उन्होंने आमजन से अपील की कि भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व एमडीडीए से वैध स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

 *प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस”*


*यूसीसी की घोषणा से लेकर प्रभावी क्रियान्वयन तक गौरव की अनुभूति - सीएम धामी* 


*मुख्यमंत्री ने किया यूसीसी में योगदान देने वाले अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन में सराहनीय कार्य करने वालों का सम्मान* 

first UCC day in uttarakhand


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने समान नागरिक संहिता को तैयार करने वाले कमेटी के सदस्यों, कुशल क्रियान्वयन करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और पंजीकरण में योगदान देने वाले वीएलसी को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूसीसी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।


समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित रहेगा, इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई है, जिससे समाज में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना सुनिश्चित हो सकी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपरा सदैव समरसता और समानता की संवाहक रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में “समोहम सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योस्ति न प्रियः” का उपदेश दिया है, जिसका अर्थ है कि मैं सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता हूँ, न किसी का शत्रु हूँ और न ही किसी के प्रति पक्षपात करता हूँ। सनातन संस्कृति की यही महानता है, जिसने सदियों से दुनिया को समानता, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाया है। 


*सच किया संविधान निर्माताओं का संकल्प*  

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ को संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में सम्मिलित किया था। उनका मत था कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यही कारण है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व, अपने दृष्टिपत्र में राज्य में “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का संकल्प लिया। देवभूमि की जनता ने भी इस “देवकार्य” के लिए भाजपा को अपार समर्थन और आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उन्होंने दुबारा सत्ता संभालते ही पहले दिन से ही उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के लिए कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में 7 फरवरी 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर राष्ट्रपति महोदया को भेजा गया। जिसे 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इसके बाद सभी आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, राज्य सरकार ने 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया।


*महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत*

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई थी। यूसीसी लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत भी हुई है। अब उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में एक भी हलाला या बहुविवाह का मामला सामने नहीं आया। यही कारण है कि मुस्लिम महिलाओं ने इस कानून का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक वोट बैंक की राजनीति के कारण, यूसीसी को लागू करने का साहस नहीं दिखाया गया। जबकि दुनिया के सभी विकसित और सभ्य देशों सहित प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रों में समान नागरिक संहिता पहले से ही लागू है।


*समानता से समरसता का प्रयास* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है बल्कि ये तो समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में “समानता से समरसता’’ स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है। इस कानून के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। यूसीसी में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद एवं उत्तराधिकार आदि से संबंधित नियमों को एक समान किया गया है। साथ ही संपत्ति के बंटवारे और बाल अधिकारों के विषय में भी स्पष्ट कानून बनाए गए हैं। संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने के पश्चात उसकी संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच किसी प्रकार के मतभेद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मृतक की सम्पत्ति पर उसकी पत्नी, बच्चों एवं माता पिता को समान अधिकार प्रदान किए गए हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित के उद्देश्य से इस कानून में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जा रही है। लिव-इन के दौरान जन्में बच्चों को उस युगल का बच्चा ही मानते हुए, उसे जैविक संतान के समान समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं। 


*सिर्फ घोषणा नहीं सफल क्रियान्वयन भी किया*

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनके लिए निजी तौर पर अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्होंने समान नागरिक संहिता को घोषणा से लेकर धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के माध्यम से नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं की पहुँच को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया है। जहां यूसीसी लागू होने से पहले हमारे राज्य में औसतन केवल 67 विवाह पंजीकरण हुआ करते थे वो संख्या आज बढ़कर प्रतिदिन 1400 से अधिक हो गई है। राज्य की 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत विवाहित दंपतियों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। बीते एक वर्ष में यूसीसी के अंतर्गत लगभग 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 95 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण भी किया जा चुका है। राज्य में ऑनलाइन पोर्टल व्यवस्था तथा 7,500 से अधिक सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से शासन को वास्तव में सीधे जनता के द्वार तक पहुँचा दिया है। 


*विवाह में धोखाधड़ी करने पर सख्ती का प्रावधान*

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने यूसीसी में आवश्यक संशोधनों से संबंधित विधेयक पारित किया था, जिसे एक दिन पहले ही  राज्यपाल महोदय की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसके अंतर्गत विवाह के समय यदि अपनी पहचान छिपाने या गलत तथ्य बताने पर ऐसे विवाहों को निरस्त करने का प्रावधान है। इसके साथ ही, विवाह एवं लिव-इन संबंधों में किसी भी प्रकार के बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।


*देश को जोड़ते हैं मजबूत फैसले* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ की स्थापना के समय से ही कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता को लागू करने का संकल्प लिया था, अब ये संकल्प सिद्धि बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह साबित हुआ है कि मजबूत फैसले देश को तोड़ते नहीं, बल्कि जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर समान नागरिक संहिता को लेकर भ्रांतियाँ फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर कभी इसे मूल निवासी तो कभी लिव-इन पंजीकरण को लेकर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति राज्य का 'मूल निवासी' नहीं बन सकता। इसी तरह लिव-इन संबंध पंजीकरण का प्रावधान बहनों-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से मां गंगा देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर पूरे भारत को अभिसिंचित करती है, उसी प्रकार उत्तराखंड से निकलने वाली ये “समान नागरिक संहिता’’ की धारा भी देश के दूसरे राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अवश्य प्रेरित करेगी।


*बहु विवाह पर होगी सख्ती* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कुछ मामले बहु विवाह और विवाह विच्छेद से भी संबंधित सामने आए हैं, ऐसे मामलों में अलग से प्रावधान करते हुए, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका के एक एनजीओ ने उन्हें हेट स्पीच का जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन यदि धर्मांतरण, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ बोलना हेट स्पीच है तो फिर वो फिर अच्छा ही है।



 इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, श्री सुरेश गड़िया, श्री बृज भूषण गैरोला, सचिव गृह श्री शैलेश बगोली, डीजीपी श्री दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह, दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल, मनु गौड़, अजय मिश्रा , विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.