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4.2 magnitude earthquake uttarkashi


 उत्तराखंड के  में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया है। जिसका केंद्र उत्तरकाशी जनपद में 11 किमी की गहराई पर था। आज 10 अक्टूबर को जनपद उत्तरकाशी में 8 बजकर 7 मिनट पर  30 सेकंड 4.2 तीव्रता  मापी गयी।




*ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की नियमित मॉनिटरिंग और सर्वे के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिए सख्त निर्देश*


देहरादून, 10 अक्टूबर।

minister ganesh joshi


 प्रदेश में विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को दूरभाष के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेशभर में फसलों को हुए नुकसान की नियमित मॉनिटरिंग करने, प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय सर्वे कराने तथा क्षति का विस्तृत आकलन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारी पूरी गंभीरता और तत्परता से कार्य करें।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में कृषि एवं बागवानी फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


उद्यान फसलों में जनपद अल्मोड़ा के चौखुटिया एवं लमगड़ा विकासखंड में बागवानी फसलों को 15 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। वहीं, जनपद चंपावत के चंपावत, पाटी, लोहाघाट एवं बाराकोट विकासखंड में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति दर्ज की गई है। जनपद नैनीताल के हल्द्वानी, कोटाबाग एवं रामनगर क्षेत्रों में बागवानी फसलों को लगभग 10 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसी प्रकार, जनपद हरिद्वार के बहादराबाद एवं लक्सर क्षेत्रों में लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है। यहां करीब 30 पेड़ गिरने के साथ ही तीन पॉलीहाउस भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। जनपद देहरादून के रायपुर विकासखंड में फसलों को लगभग 10 से 15 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में करीब 20 प्रतिशत तथा टिहरी गढ़वाल के घनसाली क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन किया गया है। इसके अतिरिक्त, पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार क्षेत्र के अंतर्गत नैनीडांडा एवं रिखणीखाल विकासखंड में फसलों को लगभग 30 प्रतिशत नुकसान हुआ है।


कृषि खरीफ 2026 की फसलों में  8372.31 हैक्टेयर कृषि आपदा से प्रभावित हुई है। कृषि फसलों की स्थिति के संबंध में जनपद ऊधम सिंह नगर के बाजपुर एवं गदरपुर क्षेत्रों में लगभग 7,730 हेक्टेयर क्षेत्र में धान और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। वहीं, जनपद हरिद्वार की बहादराबाद, बादशाहपुर एवं जमालपुर न्याय पंचायतों में लगभग 600 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें मुख्य रूप से धान की फसल शामिल है। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया हुआ है, उनकी क्षति संबंधी रिपोर्ट बीमा कंपनी को भेज दी गई है। प्रारंभिक सर्वे किया जा चुका है विभागीय कार्मिक और राजस्व विभाग के साथ संयुक्त सर्वे की कार्यवाही गतिमान है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए और सर्वे कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।


मुख्यमंत्री आवास में राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य ने मुख्यमंत्री से की शिष्टाचार भेंट

CM wishes dinesh arya


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री दिनेश आर्य ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट भी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री दिनेश आर्य को राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने पर  बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री आर्य अपने अनुभव, कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति समर्पण के माध्यम से संसद में उत्तराखंड की जनभावनाओं और जनहित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश के विकास, जनकल्याण और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री आर्य प्रदेश के विकास को नई गति देने तथा राज्य की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



मुख्यमंत्री ने श्री आर्य के सफल एवं उज्ज्वल संसदीय कार्यकाल की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके प्रयासों से उत्तराखंड के विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

कार्यक्षेत्र में संयम रखें, सहकर्मियों से सहयोग लें। व्यापारिक निर्णय सोच-समझकर ही लें। परिवार में छोटी बातों पर ध्यान न दें। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। मानसिक शांति के लिए समय निकालें।

Rashifal


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कार्यस्थल पर सम्मान और प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में नए साझेदार मिलने से लाभ होगा। प्रेम जीवन में सुख और स्पष्टता रहेगी। वित्तीय स्थिति पहले से बेहतर होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, स्फूर्ति रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

कार्यक्षेत्र में प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। व्यापार में मनमाफिक सफलता मिलेगी। पारिवारिक रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे। आय में वृद्धि के योग स्पष्ट हैं। स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

नौकरी में एकाग्रता से लाभ होगा। व्यापार में लेनदेन सावधानी से करें। संतान के काम से मन प्रसन्न रहेगा। धन की बचत पर ध्यान दें। सेहत सामान्य रहेगी, दिनचर्या ठीक रखें।



सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

करियर में नए द्वार खुल सकते हैं। व्यापार में बड़ा निवेश फायदेमंद रहेगा। परिवार का पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा। आर्थिक लाभ की अच्छी संभावनाएं हैं। ऊर्जा बनी रहेगी, सेहत अच्छी रहेगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

कार्यस्थल पर विरोधी शांत रहेंगे। व्यापार में जल्दबाजी में निर्णय न लें। परिवार में सौहार्दपूर्ण वातावरण रहेगा। अनावश्यक व्यय से दूर रहना होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें, विश्राम करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास रंग लाएंगे। व्यापार में धन प्राप्ति के योग हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सेहत अच्छी रहेगी, ताजगी रहेगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

कार्यस्थल पर आपकी बात को तवज्जो मिलेगी। व्यापार में तेजी का रुख रहेगा, लाभ होगा। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। अचानक वित्तीय लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फुर्ती बनी रहेगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

नौकरी में नई जिम्मेदारियां आ सकती हैं। व्यापारिक विस्तार की सोच सफल होगी। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिलेगा। आय के साधन मजबूत होंगे। मानसिक रूप से ऊर्जावान रहेंगे।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

कार्यक्षेत्र में संयम और शांति रखें। व्यापार में लिखापढ़ी पर ध्यान दें। परिवार में बड़ों की सलाह काम आएगी। अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाएं। शारीरिक थकान से बचें, आराम करें।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कार्यस्थल पर आपकी रणनीति सफल होगी। व्यापार में नए सौदों से फायदा होगा। मित्रों के साथ समय बीतेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

आपकी वाणी से काम आसान होंगे। व्यापार में मुनाफा होगा, नए रास्ते खुलेंगे। परिवार में शुभ कार्य की योजना बनेगी। धन बचाने का प्रयास सफल होगा। मानसिक शांति महसूस होगी।




▪️ *मानव तस्करी के खिलाफ एकजुट होंगे पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, सम्बन्धित विभाग और विशेषज्ञ, पंतनगर में कल राज्य स्तरीय सम्मेलन*



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तस्करी के खिलाफ सख्त रणनीति, विभागों व एजेंसियों के बीच समन्वय और पीड़ितों के पुनर्वास पर होगा जोर*


*मानव तस्करी (Human Trafficking)* की रोकथाम, पीड़ितों के सुरक्षित रेस्क्यू, पुनर्वास तथा कानूनी अभियोजन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा 09 अक्टूबर 2026 को *गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, जनपद ऊधमसिंहनगर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन* का आयोजन किया जा रहा है।


सम्मेलन का उद्घाटन श्री वी. मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड द्वारा किया जाएगा। इससे पूर्व आज पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊँ परिक्षेत्र श्रीमती निवेदिता कुकरेती द्वारा आयोजन स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।


*मानव तस्करी के अंतर-राज्यीय एवं सीमावर्ती आयामों को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में पुलिस के साथ विभिन्न संबंधित विभागों, सुरक्षा बलों, न्यायिक व्यवस्था एवं नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। सम्मेलन में लगभग 200 अधिकारी एवं विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे।*


सम्मेलन में ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, देहरादून एवं हरिद्वार सहित 08 जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, प्रदेश के सभी 13 जनपदों से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के नोडल अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, प्रभारी निरीक्षक एवं पुलिसकर्मी प्रतिभाग करेंगे।


भारत-नेपाल सीमा एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी की रोकथाम के दृष्टिगत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) एवं सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारी भी सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके साथ ही बाल संरक्षण एवं कल्याण तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न जनपदों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (CWPO), बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य एवं परिवीक्षा अधिकारी, श्रम विभाग के श्रम निरीक्षक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा अभियोजन को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ लोक अभियोजक भी प्रतिभाग करेंगे। मानव तस्करी के पीड़ितों के बचाव एवं पुनर्वास के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे प्रमुख गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) एवं समाजसेवियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है।


सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में मानव तस्करी से जुड़े कानूनी प्रावधानों, आधुनिक अन्वेषण एवं विवेचना तकनीकों तथा पीड़ितों के बचाव एवं पुनर्वास में पुलिस, एनजीओ और नागरिक समाज की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।


सम्मेलन का उद्देश्य उत्तराखण्ड में मानव तस्करी के नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के लिए विभिन्न विभागों एवं संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत करना, पीड़ितों के बचाव, संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए पीड़ित-केंद्रित व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी एवं सुरक्षा तंत्र को प्रभावी बनाना है। सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श एवं प्राप्त सुझावों के आधार पर मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।


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39,815 परिवारों को अपने गांव में मिली पक्की छत*

*प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने पकड़ी रफ्तार*

*मुख्यमंत्री धामी की प्रभावी पैरवी से साकार हुआ सपना*


देहरादू

PMAY uttarakhand CM dbami

न। प्रदेश के गांवों में  जरूरतमंद और बेघर परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने की दिशा में धामी सरकार लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के आंकड़ों पर ही नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2022 से अब तक 39,815 परिवारों को इस योजना से लाभान्वित किया जा चुका है। इनमें सर्वाधिक 4882 आवास ऊधमसिंह नगर जनपद में बने हैं, जबकि हरिद्वार में 4493 और रुद्रप्रयाग जनपद में 4032 परिवारों का पक्की छत का सपना साकार हुआ है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार बेघर परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने पर जोर दे रहे हैं। इसके लिए वो प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और ग्रामीण के तहत अधिक से अधिक आवासों की स्वीकृति के लिए लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार के समक्ष पैरवी करते रहे हैं। और इसी का परिणाम रहा है कि जहां एक तरफ पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत भी किया जा चुका है। वहीं पीएम आवास योजना ग्रामीण में भी राज्य लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहा है। 


पीएम आवास योजना ग्रामीण 

वर्ष 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का उद्देश्य सभी बेघर, कच्चे और जीर्ण शीर्ण मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधायुक्त पक्का घर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत लाभार्थी को प्रति आवास एक लाख 30 हजार रुपये की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में भेजी जाती है। साथ ही बीबी रामजी योजना का लाभ भी लाभार्थी को दिया जाता है। 


*किस जनपद में कितने आवास*


जनपद       आवास

चमोली       3900             

पिथौरागढ़   3386              

पौड़ी           3195              

उत्तरकाशी   3057              

देहरादून       2839              

चंपावत        2789             

बागेश्वर        2279             

टिहरी          2134              

नैनीताल।     1480             

अल्मोड़ा।     1349             


किचन सामग्री के लिए धनराशि बढ़ाई गई

मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत वर्ष 2022-23 से प्रति लाभार्थी किचन सामग्री बर्तन खरीद के लिए दी जाने वाली अतिरिक्त सहायता धनराशि 05 हजार से बढ़ाकर ₹06 हजार की गई है।


*शौचालय निर्माण के लिए मिलते हैं ₹12 हजार*

स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाभार्थी को शौचालय निर्माण के लिए मनरेगा/स्वजल से ₹12 हजार की अतिरिक्त धनराशि दी जा रही है। इसके अलावा स्वयं के आवास के लिए 95 दिन की मजदूरी बीबी रामजी योजना से दी जा रही है। इसके साथ ही पेयजल सुविधा, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और विद्युत कनेक्शन की सुविधा भी दी जा रही है।


*प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। योजना ने हजारों ग्रामीणों का पक्की छत का सपना साकार किया है।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड*

 *मुख्यमंत्री धामी ने रेशमा बिष्ट की तलाश के प्रकरण में आवश्यक सहायता का दिया आश्वासन* 

 *संवेदनशील प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री* 

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर क्षेत्र निवासी श्रीमती रेशमा देवी के लापता होने के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उनके परिजनों को आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेशमा की तलाश के लिए शासन स्तर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में एसएसपी टिहरी से फोन पर वार्ता कर प्रकरण की जानकारी ली तथा रेशमा की तलाश के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लापता होने का मामला परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक और संवेदनशील होता है। ऐसे मामलों में पुलिस एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध तकनीकी एवं वैज्ञानिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर तलाश एवं जांच की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाए।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए  कि प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए रेशमा की तलाश के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच एवं तलाश की कार्रवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा परिजनों को जांच की प्रगति से भी अवगत कराया जाए।



मुख्यमंत्री ने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस संवेदनशील प्रकरण में आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी और रेशमा की तलाश के लिए सभी संभावित प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रेशमा की सकुशल तलाश के लिए पुलिस एवं प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।

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