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 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के आरोग्य, सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।



मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण अंग है। स्वस्थ जीवनशैली और रोगों से बचाव में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज आयुर्वेद और भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है।


डोईवाला:



नगर पालिका परिषद डोईवाला में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में रविंद्र बेलवाल ने नामित सभासद पद की शपथ ग्रहण की। नगर पालिका परिषद डोईवाला के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह नेगी (नंदू प्रधान) ने उन्हें सभासद पद की शपथ दिलाई।


इस अवसर पर डोईवाला विधायक श्री बृजभूषण गैरोला, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्री एम.एल. शाह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं नगर पालिका के सभासद उपस्थित रहे।


शपथ ग्रहण के पश्चात रविंद्र बेलवाल ने कहा कि सभासद के रूप में मिली जिम्मेदारी उनके लिए जनसेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने तथा नगर के विकास एवं जनहित से जुड़े विषयों के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे।


समारोह में भाजपा जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, प्रदेश मंत्री युवा मोर्चा अजय उनियाल, गढ़वाल सह-संयोजक किसान मोर्चा अरुण शर्मा, सांसद प्रतिनिधि श्री संजय चमोली, प्रदेश सह-संयोजक व्यवसायिक प्रकोष्ठ पवन सैनी, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता  पंकज चौधरी, मंडल अध्यक्ष पंकज शर्मा,अनीता अग्रवाल, प्रकाश कोठारी, विपिन कोठारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


नगर पालिका के सभासदों में श्री सुंदर लोधी, श्री गौरव मल्होत्रा, साथ में  नामित  सभासद की शपथ  लेने वाले श्रीमती सरिता जोशी, श्री सोनू गोयल, श्री मनीष छेत्री एवं श्री पुष्कर नेगी  भी उपस्थित रहे।


रविंद्र बेलवाल ने शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, सभासदों, कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी का स्नेह, सहयोग और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के इस दायित्व को पूरी निष्ठा के साथ निभाने की प्रेरणा देता रहेगा।




 

डोईवाला:




 दिनांक 22 सितंबर 2026 को नगर पालिका परिषद् डोईवाला द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए 4 चालान आरोपित करते हुए रुo 22100 का अर्थदण्ड वसूला गय


, साथ ही डोईवाला बाजार क्षेत्र में सड़क के किनारे फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमांक को टीम द्वारा मौके पर हटवाया गया टीम में सफाई निरीक्षक संकेत कुमार सफाई सुपरवाइजर सुरेंद्र नीरज प्रवीण विनीत आदि कर्मचारी उपस्थित रहे

 


*सरकारी परिसंपत्तियों की अनिवार्य मैपिंग और जियोफेंसिंग के दिए निर्देश*


मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर विभिन्न विभागों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ई-ऑफिस की क्षेत्र में विभागों की प्रगति, उत्तराखंड गवर्नमेंट एसेट्स मॉनिटरिंग सिस्टम, सिंगल यूज प्लास्टिक एवं सभी विभागों से संबंधित पेंशन एवं अन्य प्रकरणों की समीक्षा की।


मुख्य सचिव ने सर्वप्रथम ई-ऑफिस का राज्य एवं जनपद स्तरीय क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को ई-ऑफिस शतप्रतिशत लागू किये जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है अथवा फाइल मूवमेंट की स्थिति संतोषजनक नहीं है, वहां नियमित समीक्षा करते हुए सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा समय-समय पर किए जा रहे अच्छे कार्यों और नवाचारों को सचिव समिति की बैठकों में साझा किया जाए, ताकि ऐसे प्रयासों को व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके। विभाग अपने अच्छे प्रयासों और उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय के साथ भी साझा की जाए।


*दो माह में सभी सरकारी परिसंपत्तियों की पोर्टल पर मैपिंग के दिए निर्देश*


मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड गवर्नमेंट एसेट्स मॉनिटरिंग सिस्टम के अंतर्गत सभी सरकारी परिसंपत्तियों की अनिवार्य रूप से मैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले दो माह में सभी सरकारी परिसंपत्तियों को पोर्टल पर अपलोड किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सरकारी परिसंपत्ति को पोर्टल पर मैपिंग और जियोफेंसिंग किया जाना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सम्बन्धित विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष, जिलाधिकारी तथा जनपद स्तरीय विभागों को सिस्टम पर ऑनबोर्ड करने एवं परिसंपत्तियों से सम्बन्धित आवश्यक अलर्ट जनरेट होने की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर प्रत्येक अतिक्रमण की स्थिति में समय पर अलर्ट जनरेट होना चाहिए, ताकि सम्बन्धित विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। सभी विभागीय सचिव साप्ताहिक आधार पर इसकी समीक्षा और मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समयावधि में परिसंपत्तियों की मैपिंग एवं अपलोडिंग पूर्ण कराएं।


*सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के निर्देश*


मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए नामित अधिकारी नियमित रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जाए। उन्होंने सम्बन्धित विभाग को सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रभावी नियंत्रण के लिए ड्राफ्ट पॉलिसी शीघ्र तैयार कर लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल अभियान तक सीमित न रहते हुए नियमित रूप से कार्रवाई और मॉनिटरिंग की जाए।


*सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय पर पेंशन एवं ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित करें*


मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग सहित सभी छोटे - बड़े विभागों में सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन एवं ग्रेच्युटी से सम्बन्धित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रभावी मैकेनिज्म तैयार किया जाए, जिससे सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद पेंशन शुरू होने के साथ ही ससमय ग्रेच्युटी का भुगतान भी सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बड़े विभागों में पेंशन सम्बन्धी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लंबित पेंशन प्रकरणों के समाधान के लिए विशेष कैंप आयोजित करने को कहा।


मुख्य सचिव ने सेवानिवृत्त कार्मिकों के मेडिकल रीइंबर्समेंट से सम्बन्धित प्रक्रिया को भी सरल बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्मिक जिस जनपद से सेवानिवृत्त होता है, उसी जनपद के डीडीओ के माध्यम से सेवानिवृत्त कार्मिक के मेडिकल बिलों के अनुमोदन की वर्तमान में प्रक्रिया है, उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि सेवानिवृत्त होने के उपरांत कार्मिक जिस जनपद में वर्तमान में निवास कर रहा है, वहां के डीडीओ के माध्यम से मेडिकल बिलों के अनुमोदन किया जा सके।


इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, श्री एल. फ़ैनाई, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री चंद्रेश कुमार यादव, श्री रविनाथ रमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन, सुश्री ज्योति यादव, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल एवं श्री राजेंद्र कुमार सहित कमिश्नर गढ़वाल श्री आनन्द स्वरूप सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।


विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही सरकार: मुख्यमंत्री* 

 *धार्मिक पर्यटन से युवाओं को रोजगार, मातृशक्ति को अवसर और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार* 



 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नैनीताल में आयोजित माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने माँ नंदा-सुनंदा के श्रीचरणों में नमन कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने महोत्सव में उपस्थित माताओं-बहनों, वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बच्चों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।


 *नंदा देवी महोत्सव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं का उत्सव: मुख्यमंत्री* 


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि नैनीताल का नंदा देवी महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का उत्सव है। माँ नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपरा, लोकगीत, झोड़ा-चांचरी, ढोल-दमाऊं सहित लोक संस्कृति की विविध परंपराएं इस महोत्सव के माध्यम से जीवंत होती हैं। जिस समाज को अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व होता है, वही समाज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।


उन्होंने कहा कि नैनीताल अपनी खूबसूरत झील, पहाड़ों और हरी-भरी वादियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन यह केवल पर्यटन नगरी ही नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म की भी भूमि है। यहां माँ नैना देवी का पावन धाम, हनुमानगढ़ी तथा कैंची धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। मुक्तेश्वर में देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। प्रकृति और अध्यात्म का यह संगम नैनीताल को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।


“ *विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड* 


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि देश में प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संवारने का कार्य किया जा रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हुए विकास कार्यों से आस्था के प्रमुख केंद्रों को नई पहचान मिली है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार भी “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के साथ देवभूमि को आगे बढ़ा रही है।


उन्होंने कहा कि केदारखंड की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र में भी मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से प्रमुख पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही हमारी प्राचीन विरासत के मूल स्वरूप को संरक्षित रखना है। माँ नैना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।


 *धार्मिक पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर* 


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, मातृशक्ति को स्वरोजगार के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा। इससे उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराएं देश-दुनिया तक पहुंचेंगी।


उन्होंने कहा कि नैनीताल जनपद के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कनेक्टिविटी सहित आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पहाड़ में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े और विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचे।


 *देवभूमि की भूमि, संस्कृति और पहचान की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार* 


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि विकास के साथ देवभूमि की जमीन, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य में भूमि संबंधी कानूनों को मजबूत किया गया है। वर्ष 2025 में किए गए संशोधन के तहत 11 पर्वतीय जिलों में बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा कृषि एवं उद्यान श्रेणी की भूमि खरीद पर रोक का प्रावधान किया गया है।


उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि की संस्कृति, पहचान और संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा लैंड जिहाद और लव जिहाद जैसी गतिविधियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।


 *समान नागरिक संहिता से महिलाओं के अधिकार हुए मजबूत* 


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू की गई है। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता 27 जनवरी 2025 से प्रभावी है।


 *35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में मिला अवसर* 


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे मेहनत करने वाले युवाओं के हित सुरक्षित रहें।


उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार का अवसर मिला है। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी ने उपस्थित जनसमूह से संवाद करते हुए पूछा कि पिछले पांच वर्षों में कितने युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, जिस पर जनसमूह ने “35 हजार” का उत्तर दिया।


 *मातृशक्ति के उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार* 


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूहों, एकल महिला स्वरोजगार तथा अन्य माध्यमों से स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए उचित स्थान और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऐसे केंद्र उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां वे अपने उत्पादों को उचित मूल्य पर बेच सकें। इससे मातृशक्ति को अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को उचित बाजार और उचित मूल्य मिलने से महिलाओं की आय बढ़ेगी तथा वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी।


 *माँ नंदा-सुनंदा की आरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री* 


महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी माँ नंदा-सुनंदा की आरती में भी शामिल हुए। उन्होंने विधिवत आरती कर माँ नंदा-सुनंदा का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।


मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिलें, मातृशक्ति सशक्त बने, हमारी संस्कृति एवं विरासत सुरक्षित रहे और उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।


उन्होंने माँ नंदा-सुनंदा से प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि माँ की कृपा उत्तराखंड पर सदैव बनी रहे और देवभूमि निरंतर खुशहाल एवं समृद्ध बने। उन्होंने महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए सभी आयोजकों एवं इससे जुड़े लोगों को बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।





इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा, विधायक श्रीमती सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, श्रीमती शांति मेहरा, श्री शंकर कोरंगा, महाधिवक्ता श्री एस.एन. बाबुलकर, मंडलायुक्त श्री दीपक रावत, आईजी श्रीमती निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कत्याल, डॉ. जगदीश चंद्रा, अपर जिलाधिकारी श्री विवेक राय, श्री सौरभ असवाल, मंडल अध्यक्ष श्री नितिन कार्की, डीएसए सचिव श्री मनोज जोशी, श्री राम सेवक सभा के अध्यक्ष श्री मनोज शाह, महासचिव श्री जगदीश बवाड़ी, श्री मनोज जोशी मंटू, प्रो. ललित तिवारी, श्री दया किशन पोखरिया, पंडित भगवती प्रसाद जोशी, श्री विमल चौधरी, श्री कमलेश ढोंढियाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


एक दिन पहले ही फर्जी प्रमाणपत्रों के मामले में की थी

कड़ी कार्रवाई*


देहरादून






उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक्शन जारी है। सोमवार को जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले अफसरों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति और अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर उत्तराखण्ड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह वरिष्ठ और कनिष्ठ इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। राज्य में जन स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी मामले में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। 


मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है। एक दिन पूर्व ही सीएम धामी ने NEET UG 2026 की राज्य केंद्रीयकृत काउंसिलिंग के दौरान फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में  सख्त एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब तक इस मामले में शामिल आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है। 


जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड होने की शिकायत मिली तो मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों को पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषी अफसरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाने का आदेश दिया। इसी क्रम में जिला प्रशासन नैनीताल की रिपोर्ट के आधार पर अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। इनमें

जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता, अपर सहायक अभियंता तथा पेयजल निगम भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता तथा कनिष्ठ अभियंता  शामिल हैं। नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भविष्य में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 

जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़  किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हमारी सरकार के लिए जनहित  सर्वोपरि है और जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता के हितों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। सभी विभागाध्यक्षों और शीर्ष अधिकारियों को इस संबंध में बार-बार निर्देशित भी किया गया है। 

*पुष्कर सिंह धामी*

*मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड*

 

महाराज जी का जीवन आध्यात्मिक चेतना, समाजसेवा और लोककल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक: मुख्यमंत्री धामी* 

 *आगामी कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कर रही कार्य: मुख्यमंत्री* 

 *देवभूमि की संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए सरकार का संकल्प स्पष्ट, सांस्कृतिक गौरव से नहीं होगा कोई समझौता* 




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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ऋषिकुल मैदान, हरिद्वार में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह  (सेवानिवृत्त) भी उपस्थित थे | इस अवसर पर उन्होंने श्री सतपाल महाराज को जन्मदिवस की  बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सक्रिय जीवन की कामना की।



मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री सतपाल महाराज ने अपने जीवन के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, समाजसेवा, परोपकार और लोककल्याण का संदेश समाज तक पहुंचाया है। उनके जन्मदिवस पर बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति उनके प्रति जनमानस के प्रेम, श्रद्धा और सम्मान को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि श्री सतपाल महाराज की सरलता, सहजता, समर्पण और दूरदर्शिता ने उन्हें समाज में विशिष्ट पहचान दिलाई है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें श्री सतपाल महाराज के साथ मंत्रिमंडल में कार्य करने का अवसर मिला है। इस दौरान उन्होंने उनके अनुभव, सहज व्यवहार और कार्य के प्रति समर्पण को करीब से देखा है। उन्होंने श्री महाराज को आध्यात्मिक व्यक्तित्व के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति निरंतर समर्पित कर्मयोगी बताया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव उत्तराखंड में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बाबा केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने, केदारखंड और मानसखंड परियोजनाओं तथा संस्कृति एवं परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाना है। इसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में भी देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन और साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड को प्राप्त सम्मान इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की उपलब्धियों को दर्शाते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वर्ष धर्मनगरी हरिद्वार में होने वाला कुंभ केवल आस्था का महासंगम नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का विराट उत्सव भी होगा। राज्य सरकार आगामी कुंभ को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ तैयारियों में जुटी है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि देश-दुनिया से हरिद्वार आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहां से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुखद अनुभव लेकर लौटे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि साधु-संतों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से हरिद्वार का कुंभ देश-दुनिया के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र बनेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और गौरव की रक्षा के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय इसी दिशा में उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देवभूमि की संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था को बदनाम करने के प्रयासों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की रक्षा के लिए आगे भी पूरी मजबूती से कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनसहयोग, संत समाज के मार्गदर्शन और सभी के सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड को विश्व की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा जाएगा।


इस अवसर पर  कैबिनेट मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी, अन्य जनप्रतिनिधि  सहित संतगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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