Halloween party ideas 2015

 धामी सरकार जनता के द्वार पर, 452 कैम्पों में 3,56,992 नागरिकों की सहभागिता

 आज 7 कैम्प, 2933 लोगों को मौके पर मिला समाधान — धामी सरकार का सुशासन मॉडल सफल



प्रदेश में सुशासन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम आम जनता के लिए अत्यंत प्रभावी और भरोसेमंद सिद्ध हो रहा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है।

कार्यक्रम के अंतर्गत आज कुल 7 कैम्पों का आयोजन किया गया, जिनमें 2933 नागरिकों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विभागों से जुड़ी सेवाओं और समस्याओं का समाधान प्राप्त किया। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि जनता इस पहल पर पूर्ण विश्वास जता रही है।

अब तक कार्यक्रम की अवधि में कुल 452 कैम्पों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 3,56,992 (तीन लाख छप्पन हजार नौ सौ बानवे) से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की है। इन कैम्पों के माध्यम से राजस्व, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पेंशन, प्रमाण पत्र, शिकायत निस्तारण सहित अनेक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गईं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम इसी सोच का सशक्त उदाहरण है, जिसमें शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त किया गया है।



इस कार्यक्रम ने न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत किया है, बल्कि आम नागरिकों का सरकार पर विश्वास भी और अधिक गहरा किया है। प्रदेशभर में इस पहल को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के जन-केंद्रित, संवेदनशील और जवाबदेह शासन मॉडल को दर्शाती है।


सरकारी भूमि अतिक्रमण मामलों में मिलीभगत पाए जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध विधिक एक्शन तय

अपनी सम्पतियों में अतिक्रमण पर आंख न मूंदे विभाग; अतिक्रमण को करना ही है ध्वस्तः डीएम  

सरकार की एक-एक ईंच भूमि बचाने को जिला प्रशासन प्रतिबद्ध; 

बिष्ट गांव घंघोड़ा में वन भूमि पर अतिक्रमण पर जिला प्रशासन का एक्शन; अवैध अतिक्रमण ध्वस्त


देहरादून दिनांक 23 जनवरी 2026;





 सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के क्रम में उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

जिले में सरकारी भूमि पर किए जा रहे अतिक्रमण, अवैध प्लाटिंग तथा वन भूमि पर कब्जों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए निरंतर एवं प्रभावी प्रवर्तन अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देशों पर सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सरकारी एवं वन भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया जा सके।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण अथवा उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित ड्राइव चलाई जा रही है, जो आगे भी निरंतर जारी रहेगी। अतिक्रमण के मामलों में यदि किसी अधिकारी/कर्मचारी अथवा किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बिना स्वीकृत लेआउट एवं नियमों के की जा रही अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध भी जिला प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाते हुए अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। स्पष्ट किया गया है कि नियमों के विरुद्ध की गई प्लाटिंग का ध्वस्तीकरण के साथ ही दोषियों पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की निष्क्रियता के चलते वन भूमि पर हुए अतिक्रमणों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने ध्वस्तीकरण ड्राइव प्रारंभ की है। यह अभियान निरंतर गतिमान रहेगा और वन भूमि तथा विभागों की सरकारी सम्पतियों को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिक कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में खाता-खतौनी संख्या 254, खसरा संख्या 949(क), कुल रकबा 1.3700 हेक्टेयर के रूप में दर्ज है, जो कि वन विभाग के नाम अभिलेखित एवं संरक्षित भूमि है। उक्त भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य, अवैध अध्यासन अथवा उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ व्यक्तियों द्वारा नियमों की अवहेलना करते हुए भूमि को खुर्द-बुर्द कर अवैध निर्माण व रास्ता निर्माण किया गया, जिसे प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कर दिया। इसके अतिरिक्त पो०ओ० घंघोड़ा, मौजा बिष्ट गांव, परगना पछवादून, तहसील व जिला देहरादून में स्थित भूमि खसरा संख्या 986, रकबा 0.1700 हेक्टेयर, जो कि जंगल-झाड़ी के खाते में दर्ज है, तथा भूमि खसरा संख्या 949(क), रकबा 0.3700 हेक्टेयर, जो कि वन विभाग के खाते में अंकित है। अभियान के दौरान राजस्व, वन, नगर निगम/नगर पालिका एवं पुलिस विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अवैध कब्जों एवं प्लाटिंग से संबंधित सूचनाएं प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इन दोनों भूमि क्षेत्रों से सटी हुई कुछ भूमि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की निजी भूमि है। जानकारी में आया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा इन निजी भूमियों पर अवैध प्लॉटिंग कर विक्रय की तैयारी की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि प्लॉटिंग की जा रही भूमि तक किसी भी दिशा से वैध आवागमन मार्ग उपलब्ध नहीं था। इसके चलते संबंधित व्यक्तियों द्वारा वन विभाग की भूमि खसरा संख्या 949(क) पर अवैध रूप से कब्जा कर पक्के रास्ते का निर्माण कर दिया गया, जो कि स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है। जिला प्रशासन द्वारा इस अवैध रास्ते को भी ध्वस्त कर वन भूमि को मुक्त कराया गया।

जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। सार्वजनिक हित, पर्यावरण संरक्षण एवं शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वन विभाग, जंगल-झाड़ी एवं अन्य सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध प्लॉटिंग या निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में यदि ऐसे प्रयास पाए गए तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक एवं विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व राजस्व अभिलेखों की विधिवत जांच अवश्य करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि सरकारी भूमि एवं वन क्षेत्र का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।



रेन बसेरा में रहने वाले लोगों का जाना हाल; नगर निगम को सफाई व्यवस्था, गर्म पानी, बिस्तर स्वच्छ रखने के निर्देश

नगर निगम तहसील प्रशासन को प्रतिदिन अलाव प्वांईट की मय फोटो  सूचना प्रस्तुत करने के निर्देश

देहरादून:

DM dehradun visit regarding cold wave

holiday 24 jan dist dehradun


 राजधानी देहरादून में लगातार हो रही बारिश एवं बढ़ती ठंड को दृष्टिगत रखते हुए शीतलहरी में रात्रि में जिलाधिकारी सविन बसंल शहर के चौक चौराहों पर पंहुच अलाव व्यवस्था देखी तथा इस दौरान उन्होंने रेनबसेरों में रहने वालों का हाल जाना तथा नगर निगम एवं तहसील प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


जिलाधिकारी सविन बंसल ने देहरादून में देर सांय चौक चौराहों पर अलाव व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते हुए रैन बसेरों में रह रहे असहाय एवं जरूरतमंद लोगों का हाल चाल जाना।


जिलाधिकारी ने रैन बसेरा का निरीक्षण कर वहां ठहरे लोगों से बातचीत की तथा उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने नगर निगम एवं तहसील प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठंड के मौसम में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति असुविधा का शिकार न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। सभी चौक चौराहो पर अलावा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए इसकी दैनिक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।


जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा असहाय, निराश्रित एवं बेघर लोगों की सहायता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ठंड एवं बारिश के दौरान रैन बसेरों में रह रहे लोगों को पर्याप्त कंबल, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि रैन बसेरों की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं तत्काल की जाएं, जिससे किसी भी व्यक्ति को ठंड से प्रभावित न होना पड़े। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरी, डीडीएमओ ऋषभ कुमार मौजूद रहे।



 

धनौल्टी:


बसंत पंचमी का आगाज बर्फबारी के साथ सीजन की पहली बर्फबारी की शुरुआत इस बार बसंत के आगमन के साथ  हुआ है इस बर्फ का इंतजार लोग काफी समय से कर रहे थे और किसानों की चेहरे पर रौनक लौटी..

मैदानी इलाकों में हल्की बारिश के साथ मौसम में बदलाव से किसानों के चेहरे खिले जहां गेंहू की फसल में पीला रोग के साथ आलू में झूलसा रोग बारिश से समाप्त होगा वहीं बागवानी में आम, लीची आदि में आने वाले बौर के लिए लाभदायक होगी ये बारिश।


 मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

व्यवसाय ठीक चलेगा। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। व्यय होगा। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। परिश्रम का अनुकूल फल मिलेगा। परिजनों के स्वास्थ्य और सुविधाओं की ओर ध्यान दें।

Rashifal today 23 jan 2026

वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रोजगार‍ मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ संभव है। जोखिम न लें। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति जीवन में आनंद का संचार करेगी। कई दिनों से रुका पैसा मिल सकेगा।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

विवाद से क्लेश होगा। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग परेशान कर सकता है। जोखिम न लें। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता प्राप्ति के योग हैं। सावधानी व सतर्कता से व्यापारिक अनुबंध करें। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

मेहनत का फल मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कर्ज से दूर रहना चाहिए। खर्च में कमी होगी। कानूनी विवादों का निपटारा आपके पक्ष में होने की संभावना है। प्रतिष्ठितजनों से मेल-जोल बढ़ेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

चोट व रोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। क्रय-विक्रय के कार्यों में लाभ होगा। योजनाएं बनेंगी। उच्च और बौद्धिक वर्ग में विशेष सम्मान प्राप्त होगा। भाइयों से अनबन हो सकती है। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

कुसंगति से हानि होगी। वाहन मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वाणी प‍र नियंत्रण रखें, जोखिम न लें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे। व्यापारिक लाभ होगा। संतान के प्रति झुकाव बढ़ेगा। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। जायदाद संबंधी समस्या सुलझने के आसार बनेंगे। अनुकूल समाचार मिलेंगे तथा दिन आनंदपूर्वक व्यतीत होगा। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। धैर्य एवं शांति से वाद-विवादों से निपट सकेंगे। दुस्साहस न करें। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। स्वयं की प्रतिष्ठा व सम्मान के अनुरूप कार्य हो सकेंगे।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ होगा। धन संचय की बात बनेगी। परिवार के कार्यों पर ध्यान देना जरूरी है। रुका कार्य होने से प्रसन्नाता होगी। आर्थिक सलाह उपयोगी रहेगी। कर्ज की चिंता कम होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। थकान रहेगी। व्यापार-व्यवसाय संतोषप्रद रहेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। अल्प परिश्रम से ही लाभ होने की संभावना है। खर्चों में कमी करने का प्रयास करें। अति व्यस्तता रहेगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

मेहनत का फल कम मिलेगा। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। संतान की शिक्षा की चिंता समाप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। महत्व के कार्य को समय पर करें। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा।






 *SDRF वाहिनी मुख्यालय, जॉलीग्रांट में युवा आपदा मित्रों के प्रशिक्षण का 8 वां बैच हुआ पूर्ण, 68 युवाओं ने लिया आपदा प्रबंधन का साप्ताहिक प्रशिक्षण*



राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) द्वारा युवाओं को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में दक्ष बनाने हेतु संचालित “युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम” के अंतर्गत आठवें बैच का शुभारंभ दिनांक 16 जनवरी 2026 से SDRF वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में किया गया। इस बैच में कुल 68 युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनमें 23 युवक एवं 45 युवतियाँ शामिल हैं।


इस अवसर पर सेनानायक श्री अर्पण यदुवंशी ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “युवा आपदा मित्र” आपदा की स्थिति में समुदाय के लिए एक मजबूत आधार बनते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, नेतृत्व एवं सेवा भावना का भी विकास करता है। सेनानायक ने अपेक्षा व्यक्त की कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात सभी आपदा मित्र अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा के समय प्रथम प्रतिवादक (First Responder) के रूप में त्वरित एवं प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

 

स्वामी जी ने बागेश्वर धाम कैंसर अस्पताल, मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट की प्रगति के विषय में ली जानकारी लेते हुये कहा यह बुन्देलखंड के लिये सबसे बड़ा उपहार जो भविष्य में अस्पताल लाखों लोगों के लिए आशा की किरण बनेगा

ऋषिकेश, 22 जनवरी



bageshwar shri dhirendra shastri  reached parmarth niketan


 परमार्थ निकेतन, में आज बागेश्वर पीठाधीश्वर, श्रद्धेय आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी का पावन आगमन हुआ। परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने शंखध्वनि, वेदमंत्र और पुष्प वर्षा के साथ आचार्य श्री का स्वागत आत्मीयता, सरलता और आध्यात्मिक ऊष्मा के साथ किया। 

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के मध्य दिव्य भेंटवार्ता अत्यंत प्रेरक, सारगर्भित और युगबोध से परिपूर्ण रही। इस संवाद में सनातन धर्म की जीवंतता, युवा पीढ़ी को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता, राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना और सेवा को साधना बनाने के भाव पर गहन मंथन हुआ। दोनों संतों ने कहा कि आज के समय में आध्यात्मिकता से तात्पर्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक आशा, स्वास्थ्य, संस्कार और सम्मान पहुँचाना है।

इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी को श्रीराम लला प्रतिष्ठा-2026 के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 22 जनवरी भारत की आत्मा, अस्मिता और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है। उन्होंने कहा कि श्रीराम भारत के प्राण हैं, मर्यादा, करुणा, धर्म और राष्ट्रभक्ति के शाश्वत प्रतीक हैं। श्रीराम लला प्रतिष्ठा का यह दिन देशवासियों के जीवन में सद्भाव, एकता और नैतिक बल को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने भी स्वामी जी के मार्गदर्शन और परमार्थ निकेतन की वैश्विक सेवा-यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि ऋषिकेश केवल योग और साधना की भूमि नहीं, बल्कि मानवता को दिशा देने वाला आध्यात्मिक प्रकाशस्तंभ है। उन्होंने कहा कि स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का जीवन स्वयं एक चलता-फिरता तीर्थ है, जो सेवा, समर्पण और संकल्प की प्रेरणा देता है।

इस दिव्य अवसर पर आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने आगामी सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का पावन निमंत्रण स्वामी जी को प्रदान किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक कन्या विवाह जैसे आयोजन सनातन संस्कृति की सामाजिक संवेदनशीलता और करुणा का जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन निश्चित रूप से निर्धन परिवारों की बेटियों को सम्मान और सुरक्षा देता है, साथ ही समाज में समरसता और सहयोग की भावना को भी सशक्त करेगा।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने इस अवसर पर बागेश्वर धाम कैंसर अस्पताल, मेडिकल एंड साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट की प्रगति के विषय में विस्तार से जानकारी ली। आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अस्पताल की वर्तमान स्थिति, भावी योजनाओं और सेवा-उद्देश्य से अवगत कराया। स्वामी जी ने इसे बुन्देलखंड के लिए “सबसे बड़ा उपहार” बताते हुए कहा कि यह अस्पताल आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए आशा की किरण बनेगा। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर आध्यात्मिकता आत्मा को बल देती है, वहीं स्वास्थ्य सेवा शरीर को संबल प्रदान करती है और जब दोनों का संगम होता है, तब सच्चा राष्ट्रनिर्माण होता है।

स्वामी जी ने कहा कि बागेश्वर धाम कैंसर अस्पताल केवल एक चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि करुणा, सेवा और संकल्प की जीवंत अभिव्यक्ति है। यह उस सनातन सोच का प्रतीक है जहाँ “नर सेवा ही नारायण सेवा” को जीवन का मूल मंत्र माना गया है। उन्होंने आचार्य शास्त्री जी के इस प्रयास को युगांतरकारी बताते हुए कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

पूरे कार्यक्रम के दौरान परमार्थ निकेतन का वातावरण “जय श्रीराम”, “हर हर गंगे” और “भारत माता की जय” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

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