Halloween party ideas 2015

 


 पर्यावरण का मनुष्य जीवन से गहरा रिश्ता है। सुखी जीवन के लिए स्वच्छ (शुद्ध) पर्यावरण आवश्यक है। जिससे हम सभी चारो तरफ से घिरे हुए हैं उसी को पर्यावरण कहते हैं।   

                      


    प्रकृति ने मुफ्त में हमें जो प्रदान किया है; यथा हवा, पानी , अग्नि , रोशनी (सूर्य- चंद्र), जंगल , पहाड़, धरती -आकाश, मनुष्य-जानवर, पशु-पक्षी , मौसम ,नदी-समुद्र , पेड़ -पौधे, सजीव निर्जीव जिसे व्यापक अर्थ में प्राकृतिक जगत अर्थात ब्रह्माण्ड कह सकते हैं।

 आसानी से समक्षने के लिए कहा जा सकता है कि जो हमें मुफ्त में मिला है और जिसे मनुष्य ने नहीं बनाया है ।                                                 विश्व के अनेकों देश सुख साधन सुविधाओं में वृद्धि के लिए जिन प्रयोगों आविष्कारों का सहारा लिया उसमें उसके सदुपयोग-दुरूपयोग, एवं पर्यावरणीय प्रभाव का बिल्कुल ही ध्यान नहीं रखा गया । परिणाम हुआ कि उन्हीं विकसित देशों ने संयुक्त राष्ट्र संघ ने 5 जून से 16 जून तक आमसभा की बैठक में पर्यावरण प्रदुशण की समस्या पर चर्चा करते हुए 5 जून 1973 से प्रथम पर्यावरण दिवस मनाया गया।                                  

  आज विश्व के अनेकों देश जागरूकता अभियान के रूप में पर्यावरण संरक्षण दिवस मना रहे हैं।    

                                           यह कार्य भारतीय ऋषियों मुनियों ने हजारो लाखो वर्ष पूर्व सोंचा समक्षा जाना होगा। तभी प्रकृति प्रदत्त अमूल्य धरोहरों - जल, वायु, अग्नि, आकाश, सूर्य, चंद्र, नदी, वृक्ष की पूजा अर्चना का विधि-विधान के साथ साथ ऋतुओं के आधार पर पर्व त्यौहार देवी-देवताओं की पूजा के साथ साथ धरती को गंगा को माता के रूप में मानते हुए प्रकृति प्रदत्त मुफ्त में मिले अमूल्य उपहारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की थी। वैज्ञानिक धरातल पर यह स्वयम् सिद्ध होता है कि हमें प्रदुषण से बचने एवं पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने की चिंता पहले से थी।                                  आज विश्व के बहुत सारे वैज्ञानिक यह स्वीकार कर रहे हैं कि भारतीय सोच समझ एवं परम्पराऐं पहले से ही समृद्ध और सशक्त था। प्रोफेसर अखिलेश्वर शुक्ला ने कहा "हम हैं कि मानते नहीं , पश्चिमी देशों की नकल से थकते नहीं। जबकि पर्यावरण संरक्षण का मूल आधार प्रकृति पूजा है।"                                       भारतीय समाज आज भी गूलामी के प्रभाव से उबर नहीं पाया है। हीन भावना से ग्रसित होकर हम नित्य नए पश्चिमी नारों पर मतवाले हो रहे हैं।  मुफ्त में प्राप्त प्राकृतिक उपहारों का आदर नहीं करते और धन सम्पदा अर्जन के अभियान में सुख शांति निंद जैसे अमूल्य को खोते जा रहे हैं।              


  प्रोफेसर (कैप्टन)अखिलेश्वर शुक्ला, पूर्व प्राचार्य /विभागाध्यक्ष -राजनीति विज्ञान, राजा श्री कृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय- जौनपुर, उत्तर प्रदेश 


आज का राशिफल

*दिनाँक:-06/06/2025,शुक्रवार*

एकादशी, शुक्ल पक्ष, 

ज्येष्ठ

rashifal today 06 june 2025


 


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


  * निर्जला एकादशी  व्रत ( स्मार्त)


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


आपदार्थे धनं रक्षेच्छ्रीमतां कुत अपदः ।

कदाचिच्चलते लक्ष्मीःसंचितोऽपिविनश्यति ।।

।।चाo नीo।।


भविष्य में आने वाली मुसीबतो के लिए धन एकत्रित करें। ऐसा ना सोचें की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी? जब धन साथ छोड़ता है तो


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18


यत्तु कामेप्सुना कर्म साहङ्‍कारेण वा पुनः।

 क्रियते बहुलायासं तद्राजसमुदाहृतम्‌॥


परन्तु जो कर्म बहुत परिश्रम से युक्त होता है तथा भोगों को चाहने वाले पुरुष द्वारा या अहंकारयुक्त पुरुष द्वारा किया जाता है, वह कर्म राजस कहा गया है

 ॥24॥


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। आय के नए साधन प्राप्त हो सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्वास्थ्य में राहत मिलेगी। चिंता दूर होगी। नौकरी में रुतबा बढ़ेगा।


🐂वृष

धनहानि की आशंका है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। थकान व कमजोरी रह सकती है। व्यापार व व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


👫मिथुन

यात्रा में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। हंसी-मजाक में हल्कापन न हो, ध्यान रखें। कीमती वस्तुएं इधर-उधर हो सकती हैं, संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।


🦀कर्क

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़े काम की रुकावट दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें।


🐅सिंह

नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। थकान रहेगी। किसी कार्य की चिंता रहेगी।


🙍‍♀️कन्या

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। कोई बड़ा काम करने की इच्‍छा जागृत होगी। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। प्रमाद न करें।


⚖️तुला

अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। विवाद से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगा।


🦂वृश्चिक

अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश मनोनकूल रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा। किसी कार्य के प्रति चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है।


🏹धनु

दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। घर में अतिथियों का आगमन होगा। प्रसन्नता तथा उत्साह बने रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। आलस्य हावी रहेगा। प्रमाद न करें। विवेक का प्रयोग करें।


🐊मकर

प्रयास सफल रहेंगे। पराक्रम वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। लाभ होगा।


🍯कुंभ

दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। दूसरे आपसे अधिक की अपेक्षा करेंगे व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।


🐟मीन

पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। नए विचार दिमाग में आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

 डोईवाला:

आज दिनांक 5 जून पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी , सभासद  प्रतिनिधि  वार्ड 20 प्रकाश कोठारी, सभासद ईश्वर रौथान, डोईवाला रेलवे रोड के वरिष्ठ व्यापारी पन्नालाल गोयल, बबिश चावला, मनीष सिद्धू , आयुष मल्ल ,मोहित डंगवाल,अभिनव गोपाल राणा,  , डोईवाला रेलवे स्टेशन के प्रांगण में पौधारोपण का कार्य किया गया।




 इस अवसर  पर  सभी के द्वारा जामुन, आवाला, अर्जुन की छाल आदि के पेड़ लगा कर पर्यावरण को स्वच्छ व सुंदर बनाने का संकल्प लिया गया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी  ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत  पौधारोपण किया । इस अवसर पर उन्होंने सीता अशोक का पौधा लगाया।




मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर  प्रदेश की जनता से भी आह्वान किया कि वे इस पावन कार्य में सहभागी बनें और अपनी मां के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए प्रकृति की सेवा करें। यह अभियान मातृ सम्मान एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित है, जिसमें प्रत्येक  व्यक्ति को अपनी माता के नाम पर एक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।


इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री  श्री सुबोध उनियाल और मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने भी पौधारोपण किया।

*"कारगिल शहीदों को सलाम: सेना के जवान पहुँचे घर-घर, परिजनों को भेंट किए स्मृति सम्मान चिन्ह"* 


"वो चोटियाँ जहाँ आज तिरंगा लहराता है, वहाँ एक समय गोलियों की बौछार थी। पर हमारे वीरों ने हिम्मत नहीं हारी, बल्कि दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देकर भारत माता की शान बढ़ाई। कारगिल के उन अमर बलिदानियों को कोटि-कोटि नमन!"


आगामी 26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूरे उत्तराखंड के सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर भारतीय सेना की ओर से उन सभी शहीदों को याद किया, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान दिया। इस आयोजन में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।


सेना की ओर  से एक जागरूकता अभियान की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में नायब सूबेदार सुधीर चंद्र, और उनके अन्य साथियों ने  सैन्य अनुशासन का परिचय देते हुए  1999 में कारगिल युद्ध के दौरान अमर शहीदों की बहादुरी को याद किया और उनके परिवारों को सम्मानित किया। यह भावुक अवसर सभी उपस्थितों के लिए गर्व और श्रद्धा का प्रतीक बना।

जवानों ने कहा "हम अपने वीर साथियों को भूले नहीं हैं, न कभी भूलेंगे। यह हमारा कर्तव्य नहीं, हमारी भावना है कि हम उनके परिजनों को बताएं — उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया है।" 


*शहीद के  परिजन बोले: "पति , बेटा,भाई , तो खो दिया, पर आज महसूस हुआ कि पति, बेटा ,भाई  अकेला नहीं था। पूरी भारतीय सेना उनके पीछे खड़ी है।"*


यह आयोजन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि यह संदेश था कि देश अपने शहीदों और उनके परिवारों को कभी नहीं भूलता। उनका बलिदान भारत की आत्मा में बसा हुआ है।


' और अंत में वीर जवानों की जय और भारत माता की जय' के नारों से गूंजा वातावरण। 

जय वीर बलिदानी, जय भारत, जय उत्तराखंड।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया।


सुन्दर लाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार-2025 (सरकारी श्रेणी) में नगर निगम रूद्रपुर को सम्मानित किया गया। नगर निगम रूद्रपुर से उप नगर आयुक्त श्रीमती शिप्रा जोशी ने यह पुस्कार प्राप्त किया। सुन्दर लाल बहुगुणा प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार-2025 ( गैर सरकारी श्रेणी) में श्री विजय जड़धारी एवं श्री प्रताप सिंह पोखरियाल को सम्मानित किया गया। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जागरूकता पोस्टर का विमोचन एवं इको टूरिज्म कॉर्पोरेशन द्वारा तैयार किए गए पोर्टल का भी  मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्लास्टिक मुक्त उत्तराखण्ड की शपथ दिलाई एवं स्कूली बच्चों को कपड़े के बैग  प्रदान किये।


मुख्यमंत्री ने वन विभाग को इस वर्ष प्रदेश के प्रत्येक वन डिवीज़न में कम से कम एक हज़ार फलदार वृक्ष लगाए जाने के निर्देश दिए। जिससे  जंगली जीव-जंतुओं के लिए पर्याप्त आहार मिल सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और यात्रियों से आग्रह किया कि जीव-जंतुओं को ऐसी वस्तुएँ न खिलाएँ जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक हों। उन्होंने आह्वान किया कि जन्मदिन, विवाह की वर्षगांठ और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर अवश्य पौधारोपण करें। ऐसे प्रयासों के संकल्प से ही हम पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे पाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से परिपूर्ण राज्य है। घने जंगल, पवित्र नदियाँ, हिमालयी ग्लेशियर हमारे राज्य की भौगोलिक पहचान है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से  भारत अक्षय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में विश्व स्तर पर आगे बढ़ रहा है। सोलर मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे अभियान और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान जैसी योजनाएं पर्यावरण संरक्षण  में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार, लोकपर्व हरेला को प्रकृति संरक्षण के महापर्व के रूप में बृहद स्तर पर मनाती है। प्रदेश के नौले, धारे एवं वर्षा आधारित नदियों जैसे परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ’स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) का गठन किया है।  


मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष में प्रदेश में लगभग 6,500 से अधिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं उपचार का कार्य सफलतापूर्वक किया गया है। लगभग 3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल का संचयन भी किया गया है। चारधाम यात्रा सहित विभिन्न धार्मिक, पर्यटन और अन्य अवसरों पर प्रदेश में आने वाहनों में कूड़ेदान रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा हाल ही में प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय खेलों को ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित किया गया था।  इस आयोजन में सभी मेडल और पुरस्कार ई-वेस्ट सामग्री से बनाए गए और खेल किट भी रीसाइकल्ड सामग्री से तैयार किए गए। 


वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड पर्यावरण के प्रति संवेदनशील है। जिसके फलस्वरुप आज देश में कार्बन को अवशोषित करने वाले सर्वश्रेष्ठ पांच राज्यों में उत्तराखंड का नाम है। उन्होंने कहा पर्यावरण संरक्षण के लिए हमने जन सहभागिता को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड आने वाले यात्रियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आज राज्य में प्लास्टिक के विकल्प पर भी कार्य किया जा रहा है। प्लास्टिक के न्यूनतम इस्तेमाल हो, इसका हमें विशेष ध्यान रखना होगा।


मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी महत्वपूर्ण है, जिसके लिए ग्रॉस एनवायरमेंट प्रोडक्ट का कांसेप्ट लाया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर राज्य स्तर पर पर्यावरण पुरस्कार देने की शुरुवात की गई है। उन्होंने कहा पर्यावरण और जल संरक्षण का कार्य हर किसी की सामूहिक जिम्मेदारी है। 


इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, शासन, पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

ऋषिकेश :

plantation by  MLA Rishikesh


क्षेत्रीय विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण में उत्तराखण्डवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 


प्रदेश सरकार समृद्ध जैव संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध हैं। इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंचालक माधव राव सदाशिव राव गोलवलकर तथा पूर्व मंत्री प्रकाश पंत की पुण्य स्मृति पर पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।


 इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर भी पौधारोपण किया गया।


कैम्प कार्यालय में डॉ अग्रवाल ने पौधारोपण करते हुए कहा कि हमें सामूहिक रूप से प्रकृति के संरक्षण की दिशा में भी चिन्तन करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ ही जनता, जन प्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन चेतना जागृत करने और इसके संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान है।


उन्होंने कहा प्रकृति को सहेज कर रखना हमारी गौरवशाली परम्परा है, जिसका प्रमाण वृक्षों की पूजा से मिलता है। उन्होंने कहा कि यह दिवस हमें मानव और प्रकृति के मध्य बेहतर सामंजस्य की आवश्यकता को रेखांकित करता है। यह दिवस साथ ही यह याद भी दिलाता है कि हम पर्यावरण को संरक्षित रखें। 


कहा कि पर्यावरण संतुलन बिगड़ने से आज जल, वायु, भूमि सभी क्षेत्रों में प्रदूषण एक बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने है। उन्होंने कहा है कि पर्यावरण प्रदूषण से बचाव के लिए हमें अधिक से अधिक सामाजिक वानिकी-कृषि वानिकी को अपनाना होगा।


इस मौके पर पूर्व मंडल अध्यक्ष सुमित पवार, शिव कुमार गौतम, सोनू पांडे, संजय ध्यानी, मयंक शर्मा, विनायक कुमार, सौरभ रावत, वीरेंद्र रावत आदि परिजन उपस्थित थे।

 धनौल्टी:

आज ग्राम पंचायत धनौल्टी में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया।। 

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जिसमें प्रशासक नीरज बेलवाल, इको पार्क सचिव मनोज उनियाल, कुलदीप नेगी, वन विभाग से प्रमोद बंगवाल सुशील गौड़ और इको समिति के सदस्य मौजूद रहे।।।

देहरादून:

uttarakhand swabhiman  morcha at Rohit negi house

 उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के महासचिव और मूल निवास, भू-कानून संघर्ष समिति के संस्थापक संयोजक मोहित डिमरी ने आज सहसपुर के तिलवाड़ी में गोली लगने से मारे गए रोहित नेगी के परिजनों से मुलाकात की। 

इस दौरान रोहित के पिता ने गहरे दुख और आक्रोश के साथ कहा, "जो मेरे बेटे के साथ हुआ, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। अगर उत्तराखंड में मजबूत भू-कानून होता, तो ऐसी घटनाएं नहीं होतीं। अपराधी बेखौफ हैं, क्योंकि उन्हें कानून का कोई डर नहीं है।" 


इस मौके पर मोहित डिमरी ने चेतावनी दी कि यदि हत्यारे को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। 

उत्तराखंड के लोग सुरक्षित नहीं हैं। हर रोज यहां के लोग मारे-पीटे जा रहे हैं। उत्तराखंड अपराधियों की शरणस्थली बनता जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि अपराधियों के अंदर क़ानून का भय नहीं दिखता। जंगलराज चल रहा है।  


मुलाकात में उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के पछवादून जिलाध्यक्ष निरंजन चौहान ने कहा कि जल्द अपराधियों को नहीं पकड़ा गया तो उत्तराखंड के पूर्व सैनिक और आम जनता लामबंद होगी।

जब तक रोहित नेगी को न्याय नहीं मिलता, तब तक हम लोग चैन से नहीं बैठेंगे। 

सरकार को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


इस मौके पर पूर्व जिला खेल अधिकारी राकेश रावत, पूर्व खंड विकास अधिकारी भगवती प्रसाद जुयाल, पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह गुसाईं, दिल बहादुर खत्री और कमल खड़का भी मौजूद थे।

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