Halloween party ideas 2015

जीएसटी के कार्यान्वयन के महत्व को बताने के उद्देश्य से आयोजित की गई 


देहरादून :

central GST  had organised marathon

आगामी 1 जुलाई को जीएसटी की 8वीं वर्षगाँठ मनाई जाएगी और इसकी मुख्य थीम  “जीएसटी के 8 वर्ष : 

करों का सरलीकरण और नागरिकों का सशक्तीकरण” है। इस से पूर्व जागरूकता हेतु सीजीएसटी आयुक्तालय, देहरादून द्वारा फिट इंडिया कैम्पेन के समन्वय में रविवार को एक साइकिल मैराथन का आयोजन किया गया। यह साइकिल मैराथन फिटनेस और कार्यबल के बीच एकता की भावना और देश में जीएसटी के कार्यान्वयन के महत्व को बताने के उद्देश्य से की गई।


इस साइकिल मैराथान का शुभारंभ सुबह 6.30 बजे महाराणा प्रताप चौक से जीएसटी आयुक्तालय के प्रधान आयुक्त श्री शुभ चिंतन द्वारा झंडी दिखाकर किया गया और लगभग 5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यह साइकिल मैराथन मालदेवता रोड पर पहुंचकर संपन्न हुई।


अपर आयुक्त श्री अरूण कुमार गुप्ता एवं श्री नितिन वापा,  संयुक्त आयुक्त श्री विवेकानंद मौर्य के नेतृत्व में सभी सीजीएसटी आयुक्तालय देहरादून तथा लेखा परीक्षा कार्यालय देहरादून के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा इस साइकिल मैराधन में उत्साहपूर्वक भाग लिया और आगामी  8 वें जीएसटी दिवस की थीम के संदेश - “जीएसटी के 8 वर्ष : करों का सरलीकरण और नागरिकों का सशक्तीकरण”  को मैराथन के माध्यम से जन -जन तक पहुंचाया।


इस साइकिल मैराधन के आयोजन में लेखा परीक्षा आयुक्तालय, देहरादून, सीजीएसटी मंडल कार्यालय, देहरादून तथा हरिद्वार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ -साथ उनके परिजनों तथा कुछ स्थानीय नागरिकों द्वारा भी भाग लिया गया और इस कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया गया।

 अस्तित्व आधारित संदेश यह है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।

operation sindoor continued....

ये विचार 

सुश्री लक्ष्मी पुरी, संयुक्त राष्ट्र की पूर्व सहायक महासचिव और संयुक्त राष्ट्र महिला की उप कार्यकारी निदेशक तथा भारत की पूर्व राजदूत के है , इसे पढ़कर आपको ओपेराशन सिंदूर की महत्ता का पता चल पाएगा---

सिंदूर सिद्धांत इसे आगे बढ़ाता है, आत्मविश्वास से भरे भारत ने इसका समर्थन किया है। 


देश अपने मूल हितों तथा अपने नागरिकों की संरक्षा और सुरक्षा के लिए स्वतंत्र व मजबूती से काम करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। 


भू-राजनीतिक रूप से, इस ऑपरेशन ने क्षेत्रीय उम्मीदों को फिर से स्थापित किया है। 

  

 ऑपरेशन सिंदूर: राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान का संगम

former ambassoder lakshmi puri witह operation sindoor


• सुश्री लक्ष्मी पुरी, संयुक्त राष्ट्र की पूर्व सहायक महासचिव और संयुक्त राष्ट्र महिला की उप कार्यकारी निदेशक तथा भारत की पूर्व राजदूत ने  कहा कि

ऑपरेशन सिंदूर ने स्पष्ट किया है कि भारत वैधता नहीं चाहता है। देश न्याय चाहता है। भारतीय संयम को कभी भी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।        

पहलगाम में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी कृत्य के प्रति भारत की जवाबी प्रतिक्रिया - ऑपरेशन सिंदूर, जो अभी भी जारी है – आतंकवाद-रोधी और सैन्य सिद्धांत तथा रुख में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। अपने जोशीले भाषण में, जिसकी गूंज पूरे भारत और दुनिया के विभिन्न देशों की राजधानियों में सुनायी दी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि सीमा-पार आतंकवाद के किसी भी कृत्य के खिलाफ निर्णायक सैन्य कार्रवाई की एक नई सामान्य स्थिति स्थापित की गई है।

कोई भी देश, जो आतंकवादी अवसंरचना को पनाह देता है, उसे वित्तीय मदद देता है और उसका पोषण करता है, उसे अपने सैन्य बलों के साथ जोड़ता है और निर्दोष नागरिकों के खिलाफ क्रूर हमलों के लिए भारत को निशाना बनाता है, उसे त्वरित, दंडात्मक और प्रतिशोधी परिणामों का सामना करना पड़ेगा। सोची-समझी सैन्य कार्रवाई से न केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बीच में भी आतंकवादी नेटवर्क ध्वस्त हो जाएंगे, भले ही राज्य प्रायोजित आतंकवादी ठिकाने आधिकारिक सुरक्षा संरचनाओं के साथ कितने भी जुड़े हुए हों।

सिंदूर सिद्धांत, भारत की संप्रभुता और सभ्यतागत लोकाचार को बनाए रखने में निहित है। इसका उद्देश्य इसकी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना, आंतरिक एकता, सद्भाव और शांति सुनिश्चित करना और 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए देश को त्वरित आर्थिक विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है। यह सीमा-पार आतंकवाद के प्रति शून्य-सहिष्णुता के रुख की पुष्टि करता है और भारत को अपने सुरक्षा हितों की रक्षा में निर्णायक रूप से कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध करता है, जिसे पुनर्परिभाषित और विस्तृत किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है: भारत के खिलाफ़ किसी भी तरह की आतंकी कार्रवाई युद्ध मानी जायेगी - अब कोई संदेह की स्थिति नहीं है, किसी दूसरे तरीके से युद्ध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, आतंकवाद से होने वाले नुकसान के आगे हार नहीं मानी जाएगी। ऑपरेशन के बाद राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष प्रधानमंत्री का संबोधन सफलता की पुष्टि से कहीं अधिक था। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर दिए गए इस संबोधन ने एक नई रणनीतिक व्यवस्था का अनावरण किया- दृढ़, गरिमापूर्ण और भारत के सभ्यतागत मूल्यों पर आधारित।

इसने एक सरल लेकिन दृढ़ संदेश दिया: भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन शांति को शक्ति का समर्थन होना चाहिए। अपने मूल में, प्रधानमंत्री मोदी का सिंदूर सिद्धांत तीन अलग सिद्धांतों पर जोर देता है, जिन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। पहला, भारत उन देशों के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा, जो आतंक को बढ़ावा देते हैं; जब बातचीत फिर से शुरू होगी, तो यह द्विपक्षीय होगी तथा इसमें केवल आतंकवाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर चर्चा होगी। दूसरा, भारत आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के साथ आर्थिक संबंधों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करता है तथा व्यापार और राष्ट्रीय सम्मान के बीच एक सुदृढ़ रेखा खींचता है। अंत में, भारत अब परमाणु धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा- ऑपरेशन सिंदूर ने निर्णायक रूप से उन सभी भ्रमों को तोड़ दिया है कि परमाणु खतरे, आतंकी कृत्यों के ढाल बन सकते हैं।

"सिंदूर" नाम का चयन गहन सांस्कृतिक प्रतीकात्मकता को रेखांकित करता है। विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला लाल सिंदूर - पीड़ित होने के रूपक के रूप में नहीं, बल्कि पवित्र कर्तव्य और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया गया। आतंकवादियों ने इस सम्मान को अपवित्र करने की कोशिश की; भारत ने पूरी ताकत के साथ जवाब दिया। व्यक्तिगत राजनीतिक हो गया, सांस्कृतिक रणनीतिक हो गया। चूंकि आतंकी हमला कश्मीर में हुआ था, जो भारत माता का भौगोलिक और प्रतीकात्मक सिर है, इसलिए ऑपरेशन सिंदूर भारत माता की रक्षा करने और उसे सलाम करने के लिए है। भारत की प्रतिक्रिया एक सैद्धांतिक विरासत का अनुसरण करती है।

कौटिल्य के अर्थशास्त्र से लेकर 1980 के दशक के इंदिरा सिद्धांत तक तथा 1998 में पोखरण-II परीक्षणों के जरिए वाजपेयीजी के साहसिक परमाणु दावे से लेकर —जिसने वैश्विक दबावों और प्रतिबंधों के बावजूद भारत के आत्मरक्षा के संप्रभु अधिकार की पुष्टि की और विश्वसनीय न्यूनतम अवरोध की नीति स्थापित की—से लेकर उरी और बालाकोट में प्रदर्शित मोदी सिद्धांत तक, भारतीय शासन नीति ने लंबे समय से संकट के समय और राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मामलों में संप्रभु निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया है।


आतंकवाद के लिए ढाल के रूप में परमाणु शक्ति का इस्तेमाल करने के आदी पाकिस्तान का सीधे सामना किया गया है। दंड से मुक्ति का भ्रम टूट गया है।

चीन, हालांकि औपचारिक रूप से तटस्थ है, उसे अपने सहयोगी की कमज़ोरी को समझना होगा। 

संयुक्त राज्य अमेरिका से लेकर रूस तक, वैश्विक शक्तियाँ भारत को बाहरी संकेत या समर्थन की प्रतीक्षा किए बिना कार्रवाई करते हुए देख रही हैं। अन्य पड़ोसियों को अब अपनी दुर्भावना और भारत विरोधी कार्रवाइयों के परिणामों का आकलन करना चाहिए।

पिछले 11 वर्षों में, भारत ने कई भौगोलिक क्षेत्रों में और प्रमुख शक्तियों के साथ द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी का एक सघन और मजबूत नेटवर्क सफलतापूर्वक निर्मित किया है। इसने बहुपक्षीय और लघुपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर-क्षेत्रीय सहयोग व्यवस्थाओं में भाग लिया है और मुक्त व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, प्रमुख शक्तियों और इन साझेदारियों से जुड़े भारत के कई रणनीतिक और रक्षा संबंध अग्नि परीक्षा से गुजरे।

पहलगाम के बाद, संतोषजनक बात यह थी कि हमारे भागीदारों द्वारा आतंकवादी हमलों की सार्वभौमिक निंदा की गयी। हालाँकि, ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान की तीव्र कार्रवाई के बाद, परमाणु-संपन्न पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ने के बारे में चिंताएँ व्यक्त की गईं। प्रतिक्रियाएँ इस बात से भी प्रभावित थीं कि इस सैन्य संघर्ष में उनके हथियार प्रणालियों ने कैसा प्रदर्शन किया या कि क्या प्रदर्शन करने में विफल रहे। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हमें न केवल अपने रणनीतिक साझेदारों को सावधानी से चुनना चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ये साझेदारियाँ सिंदूर सिद्धांत को शामिल करती हों।

 

इसका मतलब यह है कि उन्हें पाकिस्तान पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उसके आतंकी ठिकानों को खत्म करना चाहिए और राज्य-नीति के रूप में आतंकवाद का परित्याग करना चाहिए। यदि हमें पाकिस्तानी आतंकवादी-सैन्य ढांचे के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करना पड़ता है, तो उन्हें हमारे साथ एकजुटता दिखानी चाहिए। दुष्टों के लिए कोई शरणस्थली नहीं, कोई बचाव नहीं। महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत जिस आतंकी ढांचे को निशाना बना रहा है, वह न सिर्फ भारत और लोकतंत्र के लिए, बल्कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि और विकास के इंजन के रूप में देश की भूमिका के लिए भी खतरा है।

पाकिस्तान से आतंकवाद को वैश्विक स्तर पर निर्यात किया जाता है - यूरोप, यूके, संयुक्त राज्य अमेरिका और उससे आगे। फिर भी, अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अधिकांश हिस्सा आंखें मूंद कर बैठा है, जबकि संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी समूह पाकिस्तान में खुलेआम काम करते हैं। पाकिस्तान पहले भी आतंकवादी समूहों की शरणस्थली था और अब भी है। ऑपरेशन सिंदूर 1.0 के दौरान, पाकिस्तान के रक्षा और विदेश मंत्रियों ने सार्वजनिक रूप से इतना स्वीकार किया। भारत ने आतंक के इस असंख्य सिर वाले राक्षस के खिलाफ कार्रवाई करके वैश्विक सेवा की है।

यह अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम पंक्ति के योद्धा के रूप में खड़ा है। दुनिया को कार्रवाई करने के लिए जागरूक होना चाहिए और आतंक के अपराधियों और इसके खिलाफ काम करने वालों के बीच नैतिक समानता स्थापित करना बंद करना चाहिए - चाहे उनके संकीर्ण, अल्पकालिक, दिखावटी विचार कुछ भी हों। सिंदूर सिद्धांत का आर्थिक आयाम भी महत्वपूर्ण है। "आतंकवाद के साथ कोई व्यापार नहीं" की स्पष्ट घोषणा करके, भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आर्थिक उपायों को क्रियान्वित किया है।

व्यापार और सिंधु जल संधि जैसी संधियों को निलंबित करने जैसे कदम आर्थिक संबंधों को राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के साथ मजबूती से संरेखित करने के भारत के संकल्प को रेखांकित करते हैं। 

ये उपाय एक स्पष्ट संदेश देते हैं:


 आतंक के खात्मे के बाद आर्थिक संबंध बनने चाहिए, न कि पहले।

अस्तित्व आधारित संदेश यह है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।

 नारी-शक्ति से जुड़ा एक शक्तिशाली आख्यान ऑपरेशन के संदेश को पुष्ट करता है और इसे सुर्खियों में लाता है: भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका। 

ऑपरेशन के बाद दो महिला अधिकारियों ने प्रमुखता से सैन्य प्रेस वक्तव्यों का नेतृत्व किया, जो भारत के रक्षा परिदृश्य में महिलाओं के बढ़ते महत्व का प्रतीक है। 

"नारी शक्ति" (महिला सशक्तिकरण) के इस क्षण ने महिलाओं के प्रति भारत के सभ्यतागत सम्मान को मजबूत किया, रानी लक्ष्मीबाई से लेकर समकालीन महिला सैन्य अधिकारियों तक के ऐतिहासिक उदाहरणों की प्रतिध्वनि की, जिससे राष्ट्रीय गौरव को लैंगिक समावेश के साथ जोड़ा गया।

भारत की सैन्य ताकत घरेलू नवाचार की मदद से तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, कुछ विदेशी प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया था, स्वदेशी मिसाइलों, ड्रोन और निगरानी उपकरणों की सफल तैनाती, रक्षा में आत्मनिर्भरता की परिचालन परिपक्वता को उजागर करती है। 

यह हमारे निर्यात जोर और मांग को बढ़ाता है। हमने भारत में आयातित और सह-निर्मित हथियार प्रणालियों के साथ-साथ पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली हथियार प्रणालियों का भी परीक्षण किया और इनसे हमारे द्वारा लिए गए सही निर्णयों की पुष्टि हुई। ऑपरेशन सिंदूर से यह स्पष्ट हो गया कि भारत वैधता नहीं चाहता - वह न्याय चाहता है।

भारतीय संयम को कभी भी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। सिंदूर सिद्धांत केवल प्रतिक्रियात्मक नहीं है; यह सैद्धांतिक स्पष्टता का एक सक्रिय दावा है। 

भारत के नागरिकों के, विशेषकर महिलाओं के जीवन, गरिमा, भलाई और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी बिंदु पर राष्ट्रीय सुरक्षा का राष्ट्रीय सम्मान के साथ संगम होता है। यहीं पर प्राचीन मूल्य, आधुनिक ताकत के साथ मिलते हैं। और यहीं पर भारत खड़ा है- निडर, अडिग और एकजुट।  


- पूरा देश वीर जवानों के त्याग और बलिदान का सम्मान करता है  : श्री जेपी नड्डा


- ⁠देश की ओर से ऑपरेशन सिंदूर की सफलता हेतु सेना की उत्कृष्ट सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं : केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा 

पिथौरागढ़ :

union minister JP nadda at pithoragarh


 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री भारत सरकार श्री जेपी नड्डा अपने आदि कैलाश ओम पर्वत भ्रमण के तहत आज रविवार को गुंजी हेलीपैड पहुंचें, जहां स्थानीय लोगों द्वारा रंग संस्कृति की पगड़ी पहनाकर पारंपरिक ढंग से उनका स्वागत किया गया।


 इसके पश्चात् केन्द्रीय मंत्री श्री जे0पी0 नड्डा आर्मी गेस्ट हाउस पहुंचें, जहां उन्होंने सेना, आई.टी.बी.पी तथा एस.एस.बी के जवानों से मुलाकात कर सीमा क्षेत्र की सुरक्षा हेतु तैनात हथियारों व उपकरणों की जानकारी ली। 


उन्होंने यहां तैनात भारतीय सेना, एसएसबी, आईटीबीपी के वीर जवानों से मुलाकात की। 


इसके बाद उन्होंने जवानों के साथ बातचीत की और दुर्गम परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा करने के उनके अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरा देश इन वीर जवानों के त्याग और बलिदान का सम्मान करता है और उनकी कर्तव्यनिष्ठा पर गर्व करता है। जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, आप सभी देश की सुरक्षा के प्रहरी हैं। आपकी वीरता और निष्ठा के कारण ही देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से और पूरे देश की ओर से आपको ऑपरेशन सिंदूर की सफलता हेतु आपको आपकी उत्कृष्ट सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं। उन्होंने जवानों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता और समर्थन का आश्वासन दिया। श्री नड्डा ने इस दौरान नाबी गांव के लोगों को भी संबोधित किया।


जिलाधिकारीश्री विनोद गोस्वामी ने जनपद के विभिन्न विभागों से संबंधित वाइब्रेंट विलेज के अंतर्गत गतिमान योजनाओं एवं प्रस्तावित कार्यक्रमों की पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से   जानकारी दी। उन्होंने जनपद के सभी विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले वाइब्रेट विलेज की जानकारी देते हुए ,पर्यटन विभाग द्वारा जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु चलाई जा रही योजनाओं एवं आदि कैलाश, ओम पर्वत यात्रा हेतु व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी। स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों की जानकारी , पीएमजीएसवाई धारचूला एवं मुनस्यारी द्वारा प्रस्तावित सड़क मार्गों स्थानीय उत्पादों से रोजगार की उपलब्धता के विषय में भी श्री नड्डा को जानकारी दी।


उन्होंने बताया कि आईटीबीपी और क्षेत्रीय पशुपालकों को सहयोग प्रदान करने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल राज्य सरकार एवं आईटीबीपी में मध्य शुरू की गयी है। इस योजना के अर्न्तगत पिथौरागढ़ जिले में आईटीबीपी को ताजा, उच्च गुणवत्ता वाली पोल्ट्री एवं MOH (goat meat or sheep meat) की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इस योजना में सहकारी समितियां और किसान उत्पादक संगठन आईटीबीपी को खाद्य पदार्थ की आपूर्ति में शामिल है। 


इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे0 पी0 नड्डा द्वारा पवित्र आदि कैलाश क्षेत्र के दर्शन कर आदि कैलाश एवं पार्वती कुंड के निकट विराजमान भगवान शिव के मंदिर में पहुंचकर पूर्ण विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना की और देश वासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व की प्रशंसा करते हुए इसे अद्वितीय बताया।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश के पवित्र क्षेत्र के भ्रमण के पश्चात, इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही में वृद्धि हुई है। इस बढ़ी हुई गतिविधि ने स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न किए हैं, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है।


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा ने इस क्षेत्र की आध्यात्मिक महत्ता को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने के साथ ही साहसिक और आध्यात्मिक पर्यटन के एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में इस क्षेत्र की पहचान को भी मजबूत किया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले कुछ वर्षों में आदि कैलाश और इसके आसपास के क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों और भक्तों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है, इसके पश्चात् उन्होंने ज्योलिंगकांग स्थित त्रिशूल के समीप मंदिर के दर्शन किए एवं यहां सेना के जवानों के साथ वार्ता कर उनका हौसला बढ़ाया।


इस दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री भारत सरकार अजय टम्टा, दुग्ध एवं पशुपालन मंत्री  सौरभ बहुगुणा, जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, उपजिलाधिकारी धारचूला मंजीत सिंह, आर्मी, आईटीबीपी, एस एस बी के अधिकारियों सहित संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

 16th pay commission team reached uttarakhand



*सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होगी अहम बैठक* 


*त्रिस्तरीय पंचायत, नगर निकाय प्रतिनिधियों और राजनैतिक दलों के साथ भी होगी बैठक* 


16वें वित्त आयोग की टीम, आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में रविवार को देहरादून पहुंच गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में राज्य सरकार की ओर से आयोग के सामने अपना प्रस्ताव रखा जाएगा। टीम दोपहर बाद नगर निकाय, पंचायत प्रतिनिधियों और राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेगी।


आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व वाले इस दल में आयोग सदस्य श्रीमति एनी जॉर्ज मैथ्यू, श्री मनोज पांडा, श्री सौम्या कांतिघोष आयोग के सचिव श्री ऋत्विक पांडे, संयुक्त सचिव श्री केके मिश्रा, संयुक्त निदेशक सुश्री पी अमरूथावर्षिनी शामिल हैं। रविवार को ओल्ड मसूरी रोड स्थित होटल हयात रीजेंसी  

पहुंचने पर टीम का ढोल दमाऊ की थाप पर पारम्परिक तरीके से स्वागत किया गया। टीम सोमवार को विभिन्न स्तर पर राज्य के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से विचार विमर्श करेगी। 


इसी क्रम में आयोग की टीम सोमवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। जिसमें राज्य सरकार द्वारा अपनी तैयारियों को रखा जाएगा। 

इसके बाद आयोग की टीम मसूरी रोड स्थित होटल में नगर निकाय, त्रिस्तरीय पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के साथ ही विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेगी। 

इससे पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने भी अध्यक्ष वित्त आयोग और सदस्यों का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने पर स्वागत किया।

 भविष्य की आहट :‘दोस्त’ ने की ‘सिन्दूर’ में गद्दारी





‘आपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान को सबक सिखाने के बाद अब उसके सहयोगियों को देश ने सबक सिखाना शुरू कर दिया है। इस श्रंखला की पहली कडी है तुर्किये। 

उल्लेखनीय है कि विगत 6 फरवरी 2023 को तुर्किये में 7.8 तीव्रता वाला सदी का सबसे शक्तिशाली भूकम्प आया था। इस आपदा में 60 हजार से अधिक लोगों के हताहत होने, लगभग 1.50 लाख भवनों के धूलधूसित होने तथा 15 लाख से ज्यादा लोगों के बेघर होने की स्थिति निर्मित हुई थी। तब मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए भारत ने ‘आपरेशन दोस्त’ चलाया था। सबसे पहले भारत ने ही सहायता पहुंचाई थी जिसमें राहत सामग्री भरकर सी-17 श्रेणी के 6 विमान तथा चिकित्सीय उपकरणों तथा दवाइयों से सुसज्जित सुपर हरक्यूलिस श्रेणी का विमान भेजे गये थे। इसके अलावा भारतीय सेना के 250 जवानों सहित एनडीआरएफ के 50 दक्ष सेवाकर्मियों के दलों को भी सहायतार्थ पहुंचाया गया था। चिकित्सा जगत के 99 भारतीय चिकित्सा विशेषज्ञों ने तुर्किये में 30 बिस्तरों का फील्ड अस्पताल बनाकर वहां के 4 हजार से अधिक मरीजों की सर्जरी, क्रिटिकल केयर, आपरेशन के साथ साथ अन्य जटिल आपातकालीन इलाज किया था। 

कपडे, टैंट, बचाव उपकरण, जनरेटर्स, एक्सरे मशीन, वैन्टिलेटर्स, ईसीजी मशीनें, कम्बल, दैनिक उपयोग की सामग्री, राशन, फल, मेवा, पौषिक आहार, शक्तिवर्धक औषधियों सहित अन्य आवश्यक सामग्री भी भारत ने भेजी थी।

 उसी देश ने अहसान फरामोशी का कीर्तिमान स्थापित करते हुए विगत 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए धर्मगत आतंकी हमले के गुनहगार पाकिस्तान पर किये गये ‘आपरेशन सिंदूर’ के दौरान उसे खुलकर समर्थन ही नहीं दिया बल्कि हथियारों का जखीरा, सैन्य उपकरण, उपकरणों के आपरेटर्स, कूटनैतिक तथा आर्थिक सहयोग तक मुहैया कराया था।

 सूत्रों के अनुसार तुर्किये ने पाकिस्तान को 350 से अधिक ड्रोन सहित बेतहाशा गोलाबरूद आदि दिये थे ताकि वह आपरेशन सिंदूर का मुंहतोड जवाब दे सके। इसी क्रम में विगत 4 मई 2025 को तुर्किये नौसेना युद्धपोत टीसीजी बुयुकडा एफ-512 भी कराची पोर्ट पर सहायतार्थ पहुंच गया था ताकि भारतीय नौसेवा के साथ खुली जंग हो सके।

 अतीत में भी अनेक अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर तुर्किये द्वारा पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाया जाता रहा है। 

अब भारत ने तुर्किये के खिलाफ आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक नाकेबंदी हेतु कूटनैतिक प्रयास तेज कर दिये हैं।

 जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय, जामिया विश्वविद्यालय सहित देश के अनेक विश्वविद्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों ने तुर्किये के साथ हुए अपने अनेक अनुबंध निलम्बित कर दिये हैं जिससे वहां विकसित हो रही शिक्षा संभावनायें एक झटके के साथ रुक गई।

 दूसरी ओर दिल्ली, किशनगढ, उदयपुर, चित्तौडगढ तथा सिलवासा के मार्बल व्यवसायियों ने पाक सहयोगी से मार्बल के आयात को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा कर दी है। 

मालूम हो कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 14.5 लाख मीट्रिक टन मार्बल का आयात करता है जिसमें से 10 लाख मीट्रिक टन मार्बल केवल तुर्किये से आता था।

 इस तरह लगभग 2500 करोड रुपये का कारोबार शून्य पर पहुंच गया। 

देश के मार्बल व्यापार संगठनों की माने तो वे अब तुर्किये के स्थान पर इटली, वियतनाम, स्पेन, क्रोशिया, नामीबिया तथा ग्रीस जैसे देशों से माल मंगाकर उच्चतमस्तर के विलासतापूर्ण जीवन जीने वाले उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करेंगे। 

इसी तरह देश के फल व्यापारियों ने भी तुर्किये के सेव के आर्डर कैंसिल करना शुरू कर दिये हैं। 

भारतीय पर्यटकों ने भी इस देश की पूर्व निर्धारित यात्रायें स्थगित करना शुरू कर दीं हैं। आंकडे बताते हैं कि भारतीय पर्यटकों ने गत वर्ष तुर्किये को लगभग 4 हजार करोड का मुनाफा दिया था।

 तुर्किये के ब्रैंड्स को आनलाइन घायल करने के लिये रिलायंस तथा फ्लिपकार्ट ने भी प्रहार शुरू कर दिये हैं। 

रिलायंस के आजियो तथा फ्लिपकार्ट के मिंत्रा पर तुर्कीश बैंड्स का सामान आउट आफ स्टाक दिखने लगा है। 

ज्ञातव्य है कि तुर्किये के ई-कामर्स प्लेटफार्म ट्रेंडयाल के मार्केटिंग राइट्स भारत में खरीदे गये थे। टीओई टेक की रिपोर्ट के अनुसार मिंत्रा ने ट्रेंडयाल पर लिस्टिड सभी तुर्कीश ब्रैंड्स की सेल अस्थाई तौर पर सस्पेंड कर दी है।

 रिलायंस ने तो तुर्की में स्थापित अपने सारे आफिस बंद कर दिये हैं। भारत सरकार ने तो बडा झटका देते हुए तुर्की की ग्राउण्ड हैंडलिंग सर्विस देने वाली कम्पनी सेलेबी एविएशन की सिक्योरिटी क्लीयरेंस को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए रद्द कर दिया है। 

बौखलायी तुर्किये की कम्पनी ने भारत में मौजूद मीर जाफरों की फौज के सहयोग से भारत सरकार के इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है ताकि देश के लचीले संविधान की आड में सरकार के राष्ट्रवादी कदमों को रोक जा सके।

 चुनौती में उसने मानवीय भावनाओं की आड लेते हुए कहा कि सिक्यूरिटी क्लीयरेंस पर लिया गया फैसला बिना किसी तर्क के अस्पष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर लिया गया है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के कारकों का स्पष्टीकरण नहीं है और न ही इस संबंध में पूर्व में कोई चेतावनी ही दी गई थी। 

इस फैसले से न केवल 3791 नौकरियों पर असर पडेगा बल्कि विदेशी निवेशकों का विश्वास भी डमगाएगा। 

इस चुनौती को आधार बनाकर एक बार फिर विपक्ष मुखरित हो उठा है।

 आधिकारिक आंकडे बताते हैं कि कच्चा पेट्रोलियम, सोना, विमान, ग्रेनाइट, संगमरमर, सेब आदि का आयात तथा एल्युमीनियम प्रोडक्ट्स, आटो कंपोनेंट, विमान,  टेलीकाम इक्विपमेंट्स आदि का निर्यात तुर्किये के साथ किया जाता है।

 अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के मध्य तुर्किये को भारत का कुल निर्यात 14.8 प्रतिशत घटकर 5.12 बिलियन डालर रहा जबकि आयात 17. 25 प्रतिशत बढकर 2.8 बिलियन डालर पहुंच गया था। गत शुक्रवार को सीएआईटी व्दारा आयोजित बिजनेस लीडर्स का एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें देश भर के 125 से अधिक प्रमुख दिग्गजों ने भाग लिया था। 

उस सम्मेलन में तुर्किये और अजरबैजान के साथ यात्रा, पर्यटन, व्यापार, वाणिज्य, तकनीक आदि सभी क्षेत्रों के जडाव का बहिष्कार करने का संकल्प लिया गया।

 सरकारी संस्थाओं से लेकर निजी संगठनों तक ने ‘आपरेशन सिंदूर’ के दौरान आतंकी देश पाकिस्तान के सहयोगी राष्ट्र तुर्किये पर प्रहार पर प्रहार करने शुरू कर दिये हैं। 

ऐसे में पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को बेनकाब करने हेतु निकलने वाले मल्टी पार्टी डेलिगेशन के शशि धरूर (कांग्रेस), रविशंकर प्रसाद (भाजपा), संजय झा (जदयू), बैजयंत पंडा (भाजपा), कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके), सुप्रिया सुले(एनसीपी) तथा श्रीकान्त शिन्दे (एनसीपी) का विश्वव्यापी दौरा निश्चय ही आने वाले समय में पाकिस्तान को आतंकिस्तान के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस बार बस इतना ही। 

अगले सप्ताह एक नई आहट के साथ फिर मुलाकात होगी।


Dr. Ravindra Arjariya

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आज का राशिफल

*दिनांक:- 18/05/2025, रविवार*

पंचमी, कृष्ण पक्ष, 

ज्येष्ठ 

rashifal today 18 may 2025



*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *सर्वार्थ सिद्धि योग 18:52 तक 


*महाप्रभु जी का दष्टोन 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


सर्वौषधीनाममृतं प्रधानम्

सर्वेषु सौख्येष्वशनं प्रधानम् ।

सर्वेन्द्रियाणां नयनं प्रधानं

सर्वेषु गात्रेषु शिरः प्रधानम्।।

।। चा o नी o।।


 अमृत सबसे बढ़िया औषधि है.

इन्द्रिय सुख में अच्छा भोजन सर्वश्रेष्ठ सुख है.

नेत्र सभी इन्द्रियों में श्रेष्ठ है.

मस्तक शरीर के सभी भागो मे श्रेष्ठ है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18


एतान्यपि तु कर्माणि सङ्‍गं त्यक्त्वा फलानि च ।,

कर्तव्यानीति में पार्थ निश्चितं मतमुत्तमम्‌ ॥,


इसलिए हे पार्थ! इन यज्ञ, दान और तपरूप कर्मों को तथा और भी सम्पूर्ण कर्तव्यकर्मों को आसक्ति और फलों का त्याग करके अवश्य करना चाहिए, यह मेरा निश्चय किया हुआ उत्तम मत है॥,6॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

सही काम का भी विरोध होगा। कोई पुरानी व्याधि परेशानी का कारण बनेगी। कोई बड़ी समस्या बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य करने के प्रति रुझान रहेगा। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में चैन बना रहेगा।


🐂वृष

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। चोट व रोग से बचें। सेहत का ध्यान रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। झंझटों में न पड़ें। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। परिवार में प्रसन्नता रहेगी।


👫मिथुन

शत्रुभय रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। विवाद से क्लेश होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। ऐश्वर्य के साधनों पर सोच-समझकर खर्च करें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि बाद में पछताना पड़े। दूसरे अधिक अपेक्षा करेंगे। नकारात्मकता हावी रहेगी।


🦀कर्क

प्रतिद्वंद्विता कम होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बात बिगड़ सकती है। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्त्री वर्ग से सहायता प्राप्त होगी। नौकरी व निवेश में इच्छा पूरी होने की संभावना है।


🐅सिंह

भूमि व भवन संबंधी खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आर्थिक उन्नति होगी। संचित कोष में वृद्धि होगी। देनदारी कम होगी। नौकरी में मनोनुकूल स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट आदि से बड़ा फायदा हो सकता है। परिवार की चिंता बनी रहेगी।


🙍‍♀️कन्या

शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। झंझटों में न पड़ें।


⚖️तुला

शत्रुओं का पराभव होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। काम पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। बेवजह किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। दूसरों के बहकावे में न आएं। फालतू बातों पर ध्यान न दें। लाभ में वृद्धि होगी।


🦂वृश्चिक

पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तुएं गुम हो सकती हैं। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार देना पड़ सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। कार्य की बाधा दूर होगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि तथा सम्मान में वृद्धि होगी।


🏹धनु

किसी भी तरह के विवाद में पड़ने से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। राजभय रहेगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। सही काम का भी विरोध हो सकता है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें।


🐊मकर

कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। किसी अनहोनी की आशंका रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में लापरवाही न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। शेयर मार्केट से बड़ा लाभ हो सकता है।


🍯कुंभ

मस्तिष्क पीड़ा हो सकती है। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है या समय पर नहीं मिलेगी। पुराना रोग उभर सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। यश बढ़ेगा।


🐟मीन

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विवेक से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। फालतू की बातों पर ध्यान न दें। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार-व्यवसाय की गति बढ़ेगी। चिंता रह सकती है। थकान रहेगी। प्रमाद न करें।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

 हरिद्वार:


ऑपरेशनसिंदूर में भारतीय सेना द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस, शौर्य एवं पराक्रम को नमन करते हुए आज मायादेवी मंदिर से हरकी पैड़ी तक आयोजित तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा में  भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जोश के सातग  प्रतिभाग किया गया। 

tiranga shaurya samman yatra haridwar


हाथों में तिरंगा लहराते हुए और देश के जवानों पर गर्व करते हुए विधायक रानीपुर क्षेत्र आदेश चौहान ने ओपेराशनसिंदूर को भारतीय सेना की सफलता बताया और कहा कि यह गर्व करने का समय है इसीलिये जवानों के सम्मान में उत्तराखंड में  तिरंगा शौर्य सम्मान को देशभक्ति के जज्बे के साथ मनाया जा रहा है।

इस अवसर पर  विधायक आदेश चौहान,भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, विकास तिवारी,आलोक चौहान, नरेश बंसल, मदन कौशिक, महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश , स्वामी ऋषिश्वरानंद , महंत सूरजदास , महंत आनंदमयानंद , महंत ज्योति मायानंद, बाबा हट योगी सहित कई प्रमुख संतों ने यात्रा में भाग लिया और सेना की कार्रवाई को 'धर्म स्वामी की रक्षा' का प्रतीक बताया। 

संतों ने एक स्वर में कहा कि "जो राष्ट्र के रक्षक हैं, वे हमारे सनातन धर्म के अनुयायी हैं।"


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