Halloween party ideas 2015

 भविष्य की आहट :‘दोस्त’ ने की ‘सिन्दूर’ में गद्दारी





‘आपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान को सबक सिखाने के बाद अब उसके सहयोगियों को देश ने सबक सिखाना शुरू कर दिया है। इस श्रंखला की पहली कडी है तुर्किये। 

उल्लेखनीय है कि विगत 6 फरवरी 2023 को तुर्किये में 7.8 तीव्रता वाला सदी का सबसे शक्तिशाली भूकम्प आया था। इस आपदा में 60 हजार से अधिक लोगों के हताहत होने, लगभग 1.50 लाख भवनों के धूलधूसित होने तथा 15 लाख से ज्यादा लोगों के बेघर होने की स्थिति निर्मित हुई थी। तब मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए भारत ने ‘आपरेशन दोस्त’ चलाया था। सबसे पहले भारत ने ही सहायता पहुंचाई थी जिसमें राहत सामग्री भरकर सी-17 श्रेणी के 6 विमान तथा चिकित्सीय उपकरणों तथा दवाइयों से सुसज्जित सुपर हरक्यूलिस श्रेणी का विमान भेजे गये थे। इसके अलावा भारतीय सेना के 250 जवानों सहित एनडीआरएफ के 50 दक्ष सेवाकर्मियों के दलों को भी सहायतार्थ पहुंचाया गया था। चिकित्सा जगत के 99 भारतीय चिकित्सा विशेषज्ञों ने तुर्किये में 30 बिस्तरों का फील्ड अस्पताल बनाकर वहां के 4 हजार से अधिक मरीजों की सर्जरी, क्रिटिकल केयर, आपरेशन के साथ साथ अन्य जटिल आपातकालीन इलाज किया था। 

कपडे, टैंट, बचाव उपकरण, जनरेटर्स, एक्सरे मशीन, वैन्टिलेटर्स, ईसीजी मशीनें, कम्बल, दैनिक उपयोग की सामग्री, राशन, फल, मेवा, पौषिक आहार, शक्तिवर्धक औषधियों सहित अन्य आवश्यक सामग्री भी भारत ने भेजी थी।

 उसी देश ने अहसान फरामोशी का कीर्तिमान स्थापित करते हुए विगत 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए धर्मगत आतंकी हमले के गुनहगार पाकिस्तान पर किये गये ‘आपरेशन सिंदूर’ के दौरान उसे खुलकर समर्थन ही नहीं दिया बल्कि हथियारों का जखीरा, सैन्य उपकरण, उपकरणों के आपरेटर्स, कूटनैतिक तथा आर्थिक सहयोग तक मुहैया कराया था।

 सूत्रों के अनुसार तुर्किये ने पाकिस्तान को 350 से अधिक ड्रोन सहित बेतहाशा गोलाबरूद आदि दिये थे ताकि वह आपरेशन सिंदूर का मुंहतोड जवाब दे सके। इसी क्रम में विगत 4 मई 2025 को तुर्किये नौसेना युद्धपोत टीसीजी बुयुकडा एफ-512 भी कराची पोर्ट पर सहायतार्थ पहुंच गया था ताकि भारतीय नौसेवा के साथ खुली जंग हो सके।

 अतीत में भी अनेक अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर तुर्किये द्वारा पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाया जाता रहा है। 

अब भारत ने तुर्किये के खिलाफ आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक नाकेबंदी हेतु कूटनैतिक प्रयास तेज कर दिये हैं।

 जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय, जामिया विश्वविद्यालय सहित देश के अनेक विश्वविद्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों ने तुर्किये के साथ हुए अपने अनेक अनुबंध निलम्बित कर दिये हैं जिससे वहां विकसित हो रही शिक्षा संभावनायें एक झटके के साथ रुक गई।

 दूसरी ओर दिल्ली, किशनगढ, उदयपुर, चित्तौडगढ तथा सिलवासा के मार्बल व्यवसायियों ने पाक सहयोगी से मार्बल के आयात को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा कर दी है। 

मालूम हो कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 14.5 लाख मीट्रिक टन मार्बल का आयात करता है जिसमें से 10 लाख मीट्रिक टन मार्बल केवल तुर्किये से आता था।

 इस तरह लगभग 2500 करोड रुपये का कारोबार शून्य पर पहुंच गया। 

देश के मार्बल व्यापार संगठनों की माने तो वे अब तुर्किये के स्थान पर इटली, वियतनाम, स्पेन, क्रोशिया, नामीबिया तथा ग्रीस जैसे देशों से माल मंगाकर उच्चतमस्तर के विलासतापूर्ण जीवन जीने वाले उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करेंगे। 

इसी तरह देश के फल व्यापारियों ने भी तुर्किये के सेव के आर्डर कैंसिल करना शुरू कर दिये हैं। 

भारतीय पर्यटकों ने भी इस देश की पूर्व निर्धारित यात्रायें स्थगित करना शुरू कर दीं हैं। आंकडे बताते हैं कि भारतीय पर्यटकों ने गत वर्ष तुर्किये को लगभग 4 हजार करोड का मुनाफा दिया था।

 तुर्किये के ब्रैंड्स को आनलाइन घायल करने के लिये रिलायंस तथा फ्लिपकार्ट ने भी प्रहार शुरू कर दिये हैं। 

रिलायंस के आजियो तथा फ्लिपकार्ट के मिंत्रा पर तुर्कीश बैंड्स का सामान आउट आफ स्टाक दिखने लगा है। 

ज्ञातव्य है कि तुर्किये के ई-कामर्स प्लेटफार्म ट्रेंडयाल के मार्केटिंग राइट्स भारत में खरीदे गये थे। टीओई टेक की रिपोर्ट के अनुसार मिंत्रा ने ट्रेंडयाल पर लिस्टिड सभी तुर्कीश ब्रैंड्स की सेल अस्थाई तौर पर सस्पेंड कर दी है।

 रिलायंस ने तो तुर्की में स्थापित अपने सारे आफिस बंद कर दिये हैं। भारत सरकार ने तो बडा झटका देते हुए तुर्की की ग्राउण्ड हैंडलिंग सर्विस देने वाली कम्पनी सेलेबी एविएशन की सिक्योरिटी क्लीयरेंस को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए रद्द कर दिया है। 

बौखलायी तुर्किये की कम्पनी ने भारत में मौजूद मीर जाफरों की फौज के सहयोग से भारत सरकार के इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है ताकि देश के लचीले संविधान की आड में सरकार के राष्ट्रवादी कदमों को रोक जा सके।

 चुनौती में उसने मानवीय भावनाओं की आड लेते हुए कहा कि सिक्यूरिटी क्लीयरेंस पर लिया गया फैसला बिना किसी तर्क के अस्पष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर लिया गया है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के कारकों का स्पष्टीकरण नहीं है और न ही इस संबंध में पूर्व में कोई चेतावनी ही दी गई थी। 

इस फैसले से न केवल 3791 नौकरियों पर असर पडेगा बल्कि विदेशी निवेशकों का विश्वास भी डमगाएगा। 

इस चुनौती को आधार बनाकर एक बार फिर विपक्ष मुखरित हो उठा है।

 आधिकारिक आंकडे बताते हैं कि कच्चा पेट्रोलियम, सोना, विमान, ग्रेनाइट, संगमरमर, सेब आदि का आयात तथा एल्युमीनियम प्रोडक्ट्स, आटो कंपोनेंट, विमान,  टेलीकाम इक्विपमेंट्स आदि का निर्यात तुर्किये के साथ किया जाता है।

 अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के मध्य तुर्किये को भारत का कुल निर्यात 14.8 प्रतिशत घटकर 5.12 बिलियन डालर रहा जबकि आयात 17. 25 प्रतिशत बढकर 2.8 बिलियन डालर पहुंच गया था। गत शुक्रवार को सीएआईटी व्दारा आयोजित बिजनेस लीडर्स का एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें देश भर के 125 से अधिक प्रमुख दिग्गजों ने भाग लिया था। 

उस सम्मेलन में तुर्किये और अजरबैजान के साथ यात्रा, पर्यटन, व्यापार, वाणिज्य, तकनीक आदि सभी क्षेत्रों के जडाव का बहिष्कार करने का संकल्प लिया गया।

 सरकारी संस्थाओं से लेकर निजी संगठनों तक ने ‘आपरेशन सिंदूर’ के दौरान आतंकी देश पाकिस्तान के सहयोगी राष्ट्र तुर्किये पर प्रहार पर प्रहार करने शुरू कर दिये हैं। 

ऐसे में पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को बेनकाब करने हेतु निकलने वाले मल्टी पार्टी डेलिगेशन के शशि धरूर (कांग्रेस), रविशंकर प्रसाद (भाजपा), संजय झा (जदयू), बैजयंत पंडा (भाजपा), कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके), सुप्रिया सुले(एनसीपी) तथा श्रीकान्त शिन्दे (एनसीपी) का विश्वव्यापी दौरा निश्चय ही आने वाले समय में पाकिस्तान को आतंकिस्तान के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस बार बस इतना ही। 

अगले सप्ताह एक नई आहट के साथ फिर मुलाकात होगी।


Dr. Ravindra Arjariya

Accredited Journalist

for cont. - 

dr.ravindra.arjariya@gmail.com

ravindra.arjariya@gmail.com



आज का राशिफल

*दिनांक:- 18/05/2025, रविवार*

पंचमी, कृष्ण पक्ष, 

ज्येष्ठ 

rashifal today 18 may 2025



*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *सर्वार्थ सिद्धि योग 18:52 तक 


*महाप्रभु जी का दष्टोन 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


सर्वौषधीनाममृतं प्रधानम्

सर्वेषु सौख्येष्वशनं प्रधानम् ।

सर्वेन्द्रियाणां नयनं प्रधानं

सर्वेषु गात्रेषु शिरः प्रधानम्।।

।। चा o नी o।।


 अमृत सबसे बढ़िया औषधि है.

इन्द्रिय सुख में अच्छा भोजन सर्वश्रेष्ठ सुख है.

नेत्र सभी इन्द्रियों में श्रेष्ठ है.

मस्तक शरीर के सभी भागो मे श्रेष्ठ है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18


एतान्यपि तु कर्माणि सङ्‍गं त्यक्त्वा फलानि च ।,

कर्तव्यानीति में पार्थ निश्चितं मतमुत्तमम्‌ ॥,


इसलिए हे पार्थ! इन यज्ञ, दान और तपरूप कर्मों को तथा और भी सम्पूर्ण कर्तव्यकर्मों को आसक्ति और फलों का त्याग करके अवश्य करना चाहिए, यह मेरा निश्चय किया हुआ उत्तम मत है॥,6॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

सही काम का भी विरोध होगा। कोई पुरानी व्याधि परेशानी का कारण बनेगी। कोई बड़ी समस्या बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य करने के प्रति रुझान रहेगा। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में चैन बना रहेगा।


🐂वृष

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। चोट व रोग से बचें। सेहत का ध्यान रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। झंझटों में न पड़ें। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। परिवार में प्रसन्नता रहेगी।


👫मिथुन

शत्रुभय रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। विवाद से क्लेश होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। ऐश्वर्य के साधनों पर सोच-समझकर खर्च करें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि बाद में पछताना पड़े। दूसरे अधिक अपेक्षा करेंगे। नकारात्मकता हावी रहेगी।


🦀कर्क

प्रतिद्वंद्विता कम होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बात बिगड़ सकती है। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्त्री वर्ग से सहायता प्राप्त होगी। नौकरी व निवेश में इच्छा पूरी होने की संभावना है।


🐅सिंह

भूमि व भवन संबंधी खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आर्थिक उन्नति होगी। संचित कोष में वृद्धि होगी। देनदारी कम होगी। नौकरी में मनोनुकूल स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट आदि से बड़ा फायदा हो सकता है। परिवार की चिंता बनी रहेगी।


🙍‍♀️कन्या

शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। झंझटों में न पड़ें।


⚖️तुला

शत्रुओं का पराभव होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। काम पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। बेवजह किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। दूसरों के बहकावे में न आएं। फालतू बातों पर ध्यान न दें। लाभ में वृद्धि होगी।


🦂वृश्चिक

पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तुएं गुम हो सकती हैं। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार देना पड़ सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। कार्य की बाधा दूर होगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि तथा सम्मान में वृद्धि होगी।


🏹धनु

किसी भी तरह के विवाद में पड़ने से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। राजभय रहेगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। सही काम का भी विरोध हो सकता है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें।


🐊मकर

कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। किसी अनहोनी की आशंका रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में लापरवाही न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। शेयर मार्केट से बड़ा लाभ हो सकता है।


🍯कुंभ

मस्तिष्क पीड़ा हो सकती है। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है या समय पर नहीं मिलेगी। पुराना रोग उभर सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। यश बढ़ेगा।


🐟मीन

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विवेक से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। फालतू की बातों पर ध्यान न दें। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार-व्यवसाय की गति बढ़ेगी। चिंता रह सकती है। थकान रहेगी। प्रमाद न करें।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

 हरिद्वार:


ऑपरेशनसिंदूर में भारतीय सेना द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस, शौर्य एवं पराक्रम को नमन करते हुए आज मायादेवी मंदिर से हरकी पैड़ी तक आयोजित तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा में  भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जोश के सातग  प्रतिभाग किया गया। 

tiranga shaurya samman yatra haridwar


हाथों में तिरंगा लहराते हुए और देश के जवानों पर गर्व करते हुए विधायक रानीपुर क्षेत्र आदेश चौहान ने ओपेराशनसिंदूर को भारतीय सेना की सफलता बताया और कहा कि यह गर्व करने का समय है इसीलिये जवानों के सम्मान में उत्तराखंड में  तिरंगा शौर्य सम्मान को देशभक्ति के जज्बे के साथ मनाया जा रहा है।

इस अवसर पर  विधायक आदेश चौहान,भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, विकास तिवारी,आलोक चौहान, नरेश बंसल, मदन कौशिक, महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश , स्वामी ऋषिश्वरानंद , महंत सूरजदास , महंत आनंदमयानंद , महंत ज्योति मायानंद, बाबा हट योगी सहित कई प्रमुख संतों ने यात्रा में भाग लिया और सेना की कार्रवाई को 'धर्म स्वामी की रक्षा' का प्रतीक बताया। 

संतों ने एक स्वर में कहा कि "जो राष्ट्र के रक्षक हैं, वे हमारे सनातन धर्म के अनुयायी हैं।"


डोईवाला;

sugar mill Doiwala make payment to farmers of


आज दिनांक 17.05.2025 को डोईवाला शुगर कम्पनी लि०, डोईवाला एवं शासन से गन्ना मूल्य भुगतान हेतु प्राप्त धनराशि रू0 2268.92 लाख की किश्त जारी की गई। पेराई सत्र 2024-25 हेतु भिन्न भिन्न गन्ना समितियों के माध्यम से दिनांक 01.02.2025 से 02.03.2025 तक कृषकों द्वारा मिल में आपूर्ति किये गये गन्ने का भुगतान किया गया। 

जिसके अन्तर्गत डोईवाला शुगर मिल द्वारा सहकारी गन्ना विकास समिति डोईवाला को रू0 1043.46 लाख, देहरादून समिति को रू0 542.54 लाख, ज्वालापुर समिति को रू0 163.89 लाख रूड़की समिति को रू0 406.41 लाख, दि पाँवटा वैली शुगर केन ग्रोवरस सहकारी समिति पाँवटा को रू0 67.35 लाख एवं दि शाकुम्बरी शुगर केन ग्रोवरस सहकारी समिति पाँवटा को रू0 15.74 लाख, लक्सर समिति को रू० 29.53 लाख, कुल रू0 2268.92 लाख का गन्ना मूल्य भुगतान जारी किया गया, जिससे कई हजार कृषक लाभान्वित होंगे।

श्री डी०पी०सिंह, अधिशासी निदेशक ने बताया कि इस भुगतान से पूर्व मिल द्वारा सात किश्तों में भिन्न भिन्न गन्ना समितियों के माध्यम से पेराई सत्र 2024-25 में दिनांक 31.01.2025 तक आपूर्ति किये गये .

गन्ने का कुल रू0 5709.47 लाख का भुगतान समितियों को भेजा गया था तथा आज पुनः मिल द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान हेतु रू0 2268.92 लाख की किश्त जारी कर पेराई सत्र 2024-25 हेतु गन्ना विकास समिति डोईवाला, देहरादून, ज्वालापुर, रूडकी, लक्सर के कृषकों द्वारा दिनांक 01.02.2025 से 02.03.2025 तक आपूर्ति किये गये .

गन्ने का तथा पांवटा वैली एवं शाकुम्बरी शुगर केन सोसायटी के कृषकों द्वारा आपूर्ति किये गये सम्पूर्ण गन्ने का भुगतान किया गया।

अधिशासी निदेशक ने बताया कि पेराई सत्र 2024-25 में विगत पेराई सत्र की अपेक्षा अधिक सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं जिसके लिए उन्होंने समस्त कृषकगणों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। सहकारी गन्ना विकास समितियों के कृषकगणों द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान की सातवीं किश्त जारी होने पर हर्ष व्यक्त कर उत्तराखण्ड राज्य सरकार एवं चीनी मिल के अधिशासी निदेशक श्री डी०पी० सिंह०  का आभार व्यक्त किया गया।

  ऋषिकेश:

tug of war uttarakhnad team selected from NGAbRishikesh school


खेलो इंडिया बीच गेम्स 2025 हेतु दमन दीव रवाना हुई उत्तराखंड टग ऑफ वॉर टीम – पूज्य संत बाबा जोध सिंह महाराज जी ने दी शुभकामनाएं, कहा- "विजय भव"


देश में खेलों को बढ़ावा देने एवं युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार तथा खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित खेलो इंडिया बीच गेम्स 2025 के लिए उत्तराखंड टग ऑफ वॉर टीम आज गोघला बीच, दीव के लिए रवाना हुई। यह प्रतियोगिता 19 मई से 24 मई 2025 तक आयोजित की जा रही है, जिसमें उत्तराखंड की प्रतिभाशाली टीम राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी।


टीम की इस गौरवमयी यात्रा के शुभ अवसर पर निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी, के प्रबंधक पूज्य संत जोध सिंह महाराज जी ने खिलाड़ियों को आशीर्वाद देते हुए कहा, "खिलाड़ियों का यह राष्ट्रीय मंच पर पहुंचना समर्पण, अनुशासन और कठिन परिश्रम का परिणाम है। हमें गर्व है कि हमारे बच्चे राज्य का नाम रोशन करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। मेरी हार्दिक शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद हैं—विजय अवश्य प्राप्त हो।"


इस अवसर पर निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी की प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता शर्मा, हेडमिस्ट्रेस श्रीमती अमृत पाल डंग, तथा निर्मल दीपमाला पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती ललिता कृष्णस्वामी ने भी खिलाड़ियों को उत्साहवर्धक शुभकामनाएं प्रेषित कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


उत्तराखंड टग ऑफ वॉर संघ के प्रदेश संयोजक दिनेश पैन्यूली ने बताया कि यह उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है कि हमारे राज्य के खिलाड़ियों को इस प्रतिष्ठित आयोजन में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी द्वारा इस आयोजन का उद्घाटन किया जाएगा, जो देश में खेल संस्कृति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम आभारी हैं उन सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं खेल प्रशिक्षकों का जिन्होंने खिलाड़ियों को इस राष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने हेतु समर्थन दिया।”


उत्तराखंड टग ऑफ वॉर टीम (मीक्स कैटेगरी) में चयनित निम्नलिखित 10 खिलाड़ी राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे जिसमें विदूषी भट्ट (कैप्टन), तनु कुकरेती, सिमरन जेठुरी, आंचल असवाल, खुशी, सुजल, अमन त्यागी, जस्मीत सिंह, कर्तव्य, रितेश, टीम कोच: अभिषेक रंगड़, टीम मैनेजर: सिद्धांत धस्माना


यह टीम न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश की उम्मीदों को लेकर इस राष्ट्रीय मंच पर उतरने जा रही है। हमें विश्वास है कि ये युवा खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य एवं देश का नाम गौरवान्वित करेंगे।


उत्तराखंड टग ऑफ वॉर संघ, निर्मल आश्रम परिवार एवं समस्त खेल प्रेमी समाज की ओर से समस्त खिलाड़ियों को ढेरों शुभकामनाएं और धन्यवाद। विजय पथ पर अग्रसर रहें ।



 

एम्स,ऋषिकेश :




अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. बी. सत्याश्री एवं हेली एंबुलेंस सर्विस के नोडल ऑफिसर डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि आज दिनांक 17 मई-2025 को पूर्वाह्न 11.05 बजे एम्स ऋषिकेश द्वारा संचालित संजीवनी हेली एंबुलेंस सर्विस का विमान, जो कि पिनेकल एविएसंस के द्वारा प्रोवाइड किया जाता है और सर्विस दी जाती है.

 शनिवार को एम्स से श्रीकेदारनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। श्रीकेदारनाथ धाम में एक 53 वर्षीय व्यक्ति जो कि सांस की गंभीर तकलीफ से परेशान थे। 

उन्हें लेने के लिए हेलीकाप्टर जिसकी टीम में एक पायलट सहित एक इमरजेंसी मेडिसिन के चिकित्सक व एक नर्सिंग ऑफिसर थे, वहां पहुंचा। 

11.50 बजे के आसपास यह हेलीकाप्टर लैंडिंग से पहले टचडाउन कर गया।

 संतोष देने वाली बात यह है कि इसमें शामिल तीनों व्यक्ति पायलट, इमरजेंसी मेडिसिन के डॉक्टर व हमारे नर्सिंग ऑफिसर पूर्णत:रूप से स्वस्थ्य हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई खरोच भी नहीं आई है।                                                                                                                                                            गौरतलब है कि बीते साल 29 अक्टूबर-2024 को प्रधानमंत्री श्रीनरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह योजना पहाड़ी दुर्गम क्षेत्रों के लिए जीवनदायिनी रही है। 

जिससे आपात स्थितियों में कई मरीजों की जानें बचाने में इस सर्विस का अहम योगदान रहा है।  खासकर ऐसे मरीज जिन्हें उचित समय पर अस्पताल पहुंचाने से जनहानि होने से रोका जा सकता है, जिनमें एक्सीडेंट पेशेंट, इमरजेंसी प्रसूति सुविधा, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, गंभीर स्वशन रोग आदि के समय संजीवनी हेली एंबुलेंस सर्विस जीवनदायिनी सिद्ध हुई है।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शौर्य सम्मान यात्रा” का  किया गया भव्य आयोजन

shaury samman yatra and  agriculture plan announced by CM

हल्द्वानी:

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को  हल्द्वानी में आयोजित भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सफलतापूर्वक चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक विजय को समर्पित रही तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा में प्रतिभाग किया। 


तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा मिनी स्टेडियम, हल्द्वानी से शहीद पार्क तक आयोजित की गई । जिसमें हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिकों, पूर्व सैनिकों सहित युवाओं एवं मातृशक्ति ने तिरंगे के साथ पद यात्रा में भाग लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल में पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी दी। 


मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने वाले वीर सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि भारत ने फिर से यह सिद्ध किया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में पूरी तरह सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने अपने वीर सपूतों की बहादुरी का प्रदर्शन किया। भारत ने आतंकवाद और उसके समर्थकों को यह स्पष्ट संदेश भी दिया है कि नया भारत अब हर आतंकी कार्रवाई का जवाब उसी की भाषा में देगा। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड वीर भूमि है, जहाँ का लगभग हर परिवार देश सेवा से जुड़ा है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया कि वे सेना और सुरक्षा बलों के अनुशासन, शौर्य और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत किसी भी आतंकी चुनौती का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम है और अब देश की सीमाओं की रक्षा अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक से की जा रही है। आज भारत की सेना गोली का जवाब गोलों से दे रही है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के वीर जवानों ने  दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में, वो सभी वीर जवानों का अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने पहले ही कहा था कि भारत के खिलाफ उठी दुश्मनों की आंख को हम मिट्टी में मिला देंगे। और यही हुआ। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकियों को ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया है कि कोई भी दुश्मन भारत की तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत भी नहीं करेगा। प्रधानमंत्री की स्पष्ट नीति और मजबूत नेतृत्व के कारण आज आतंकवाद के खिलाफ हम निर्णायक वार करने में सफल रहे हैं। उन्होंने शौर्य सम्मान यात्रा को भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करने, उनको प्रोत्साहित करने की यात्रा बताया। उन्होंने कहा तिरंगा यात्रा इस बात का प्रतीक है कि आज हमारा देश प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गोली का जवाब गोलों से देना जानता है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अब सीधा एक्शन लेता है। भारत के सैनिकों की गोलियां अब आतंक, आतंकवाद और उनके आकाओं को नष्ट करने का कार्य करती है। हमारी सेनाएं किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हरदम तैयार रहती हैं। उन्होंने कहा जिस तरह से भारत के नागरिग जन-गण-मन यात्रा में शामिल हो रहे हैं वह  इस बात का प्रतीक है कि पूरा भारत एकता के साथ आतंकवाद को जवाब देने के लिए हर समय तैयार है। उन्होंने कहा 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देश में जो गुस्सा आतंकियों को लेकर था उसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने महसूस किया। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि  प्रधानमंत्री ने सीधे आतंक की जड़ पर वार करने का फैसला लिया। जिसके लिए भारत की सेना को खुली छूट दी गई। भारतीय सेना ने बिना पाकिस्तान की सीमा में घुसे ही पाकिस्तान परस्त आतंकवाद को ऐसा सबक सिखाया जिसे देख पाकिस्तान भी सहम गया। भारत की सेना ने पाकिस्तान में पल रहे आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के साथ ही, आतंकियों को पालने-पोसने वाली पाकिस्तान सेना के सैन्य ठिकानों को भी भारत के ड्रोन और मिसाइलों ने सीधा निशाना बनाया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में देश मजबूत हाथों में है। साल 2014 के बाद से  भारतीय सेना को और मजबूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने सेना की मजबूती के लिए जो मेड इन इंडिया हथियार बनाने पर जोर दिया है उसी का परिणाम आज दुनिया देख रही है। आतंकियों पर मेड इन इंडिया हथियारों ने जो कहर बरपाया है उससे दुनिया भारत की सैन्य ताकत को समझ चुकी है। भारत के सैन्य अभियान ने साबित कर दिया कि रक्षा के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि  भारत में निर्मित नवीनतम तकनीकी से युक्त स्वदेशी हथियार और अन्य संसाधन अन्य किसी भी देश के हथियारों और संसाधनों से कई हजार गुना अधिक कारगर है। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व को यह बताया कि हम किसी से कम नहीं है। भारतीय सेना ने मात्र चार दिनों के अंदर ऐसा पराक्रम दिखाया कि पाकिस्तान को घुटनों के बल आकर संघर्ष विराम के लिए झुकना पड़ा। पाकिस्तान के डीजीएमओ को भारत से विनती करनी पड़ी।


तिरंगा सम्मान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद भावुक नज़र आए। उन्होंने देवभूमि के वीर शहीदों और सैनिकों को याद करते हुए कहा कि सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे जवानों में हर पांचवे जवान का संबंध वीरभूमि उत्तराखंड से है। हमारे वीर सैनिकों ने देश की आन-बान-शान के लिए खुद को न्यौछावर किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका संबंध भी सैन्य परिवार से है। उन्होंने कहा वो एक सैनिक पुत्र होने पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने कहा जब भी वो शहीदों के बारे में सोचते हैं तो उनकी आंखें नम हो जाती हैं।


इस दौरान सांसद श्री अजय भट्ट, विधायक श्री  बंशीधर भगत, श्री दिवान सिंह बिष्ट, श्रीमती सरिता आर्या, श्री राम सिंह कैड़ा, श्री मोहन सिंह बिष्ट, मेयर श्री गजराज बिष्ट, जिला पंचायत की प्रशासक बेला तोलिया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, रुद्रपुर के मेयर श्री विकास शर्मा, दर्जाधारी श्री अनिल कपूर डब्बू, श्री दीपक मेहरा, श्री दिनेश आर्या, श्री  शंकर कोरंगा, श्रीमती रेनू अधिकारी, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना,  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।



जल्द तैयार होगी प्रदेश की फ्लावर और हनी पॉलिसी* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में आधुनिक तकनीक पर आधारित “ई-रूपी” प्रणाली का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने राज्य की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए चार महत्वाकांक्षी कृषि नीतियों (कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट, सेब तुड़ाई उपरांत तुड़ाई योजना और मिलट मिशन) का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकार जल्द ही प्रदेश में फ्लावर और हनी पॉलिसी भी तैयार करेगी। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-रूपी प्रणाली राज्य के अन्नदाताओं के लिए एक नई पहल है। “ई-रूपी प्रणाली” किसानों के लिए पारदर्शी, तेज और बिचौलिया-मुक्त डिजिटल भुगतान का नया माध्यम बनेगी। इस प्रणाली के अंतर्गत पायलट परियोजनाओं में किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि ई-वाउचर (SMS या QR code) के माध्यम से सीधे उनके मोबाइल पर भेजी जाएगी, जिसे वे अधिकृत केंद्रों या विक्रेताओं से खाद, बीज, दवाएं आदि खरीदने में उपयोग कर सकेंगे।


मुख्यमंत्री ने ई-रूपी प्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को जागरूक किया जाए, ताकि वे इस तकनीक का समुचित लाभ उठा सकें। इन सभी पहलों का उद्देश्य राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में कृषि एवं रोजगार को सुदृढ़ करना है, जिससे पलायन जैसी समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। ये योजनाएं उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं अग्रणी कृषि राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।


मुख्यमंत्री ने चार नई कृषि नीतियों का शुभारंभ करते हुए कहा कि ये सभी योजनाएं राज्य की कृषि विविधता को बढ़ावा देंगी और कृषकों की आय में वृद्धि का आधार बनेंगी।


इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2030-31 तक 5,000 हैक्टेयर में अति सघन बागवानी का लक्ष्य तय किया गया है। सेब भंडारण व ग्रेडिंग हेतु ₹144.55 करोड़ की योजना लॉन्च की गई है, जिसमें सी.ए. स्टोरेज व सोर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयों को 50-70% तक राजसहायता दी जाएगी। कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि  मिलेट नीति के अंतर्गत 2030-31 तक 70,000 हैक्टेयर क्षेत्र आच्छादित करने के लिए ₹134.893 करोड़ का लॉन्च की गई है। इसमें किसानों को बीज बोआई और उपज खरीद पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। साथ ही ये नीतियाँ राज्य के कृषकों की आर्थिकी को सशक्त बनाएंगी और उत्तराखंड के उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएंगी।


इस अवसर पर उपाध्यक्ष चाय विकास सलाहकार परिषद श्री महेश्वर सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष उत्तराखंड जैविक कृषि श्री भूपेश उपाध्याय, जड़ी बूटी सलाहकार समिति के उपाध्याक्ष श्री बलबीर धुनियाल, राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह पंवार, जड़ी बूटी समिति के उपाध्यक्ष श्री भुवन विक्रम डबराल, सचिव डॉ. एसएन पांडेय, महानिदेशक कृषि श्री रणवीर सिंह चौहान, निदेशक आईटीडीए श्री गौरव कुमार सहित विभिन्न जिलों के काश्तकार मौजूद रहे।



*कीवी नीति की खास बातें* 


कुल लागत 894 करोड़ रुपये 

6 वर्षों में 3500 हेक्टेयर भूमि पर कीवी उत्पादन का लक्ष्य  

लगभग 14 हजार मीट्रिक टन वार्षिक  कीवी उत्पादन का लक्ष्य 

9 हजार किसानों को होगा प्रत्यक्ष लाभ


*ड्रैगन फ्रूट नीति की खास बातें*


कुल लागत 15 करोड़ रुपये 

228 एकड़ भूमि पर ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन

350 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य 

छोटे और मध्यम किसानों को लाभ


*सेब तुड़ाई उपरांत प्रबंधन योजना*


144.55 करोड़ रुपये की लागत

5,000 हेक्टेयर क्षेत्र को अति सघन बागवानी से आच्छादित करना

22 सी ए स्टोरेज इकाइयों एवं सॉर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयों की स्थापना

व्यक्तिगत कृषकों को 50 प्रतिशत और कृषक समूहों को 70 प्रतिशत तक अनुदान।


*मिलेट नीति*

135 करोड़ रुपये की लागत

दो चरणों में 68 विकासखंडों में 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेट उत्पादन के अंतर्गत लाना निवेश पर 80 प्रतिशत तक अनुदान।

प्रति हेक्टेयर पंक्ति बुआई पर 4000 रुपये और अन्य विधियों पर 2000 रुपये प्रोत्साहन।

किसानों को खरीद पर 300 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.