Halloween party ideas 2015

  रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच हरकी पौड़ी पहुंचे।

 उनके साथ उनकी पत्नी राधिका मर्चेंट भी हैं। दोनों हाथ जोड़ते हुए हरकी पैड़ी में गंगा घाट पर पहुंचे। 

यहां श्री गंगा महासभा के पदाधिकारीयों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने गंगा पूजन किया। 

Anant ambani and Radhika  reached haridwar har ki paidi


वहीं, उन्होंने आगंतुक पंजिका में पूरी व्यवस्था की प्रशंसा भी लिखी। उन्होंने लिखा कि हरकी पैड़ी पर आकर मां गंगा की पूजा अर्चना करके बहुत ही सुखद अनुभव प्राप्त हुआ। 


श्री गंगा सभा की ओर से यहां प्रबंधन और व्यवस्था बहुत ही अच्छी तरीके से किया जा रहा है। इनके सहयोग के लिए मैं आभारी रहूंगा।

अनंत अंबानी शनिवार करीब 10:45 बजे प्राइवेट विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने करीब डेढ़ घंटा विमान में ही बिताया। इसके बाद वह 12:30 बजे एयरपोर्ट से बाहर निकले और होटल ताज को रवाना हुए थे।

 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुत्र व भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष जय शाह भी धर्मनगरी आए थे।

Kathawachak pundarik goswami in haridwar


इसके अतिरिक्त पुण्डरीक गोस्वामी जी कथावाचक वृन्दावन भी गंगा मैया के द्वार पंहुचे और गंगा सभा के पदाधिकारियों से मुलाकात की।

 

रक्तदान आलौकिक अनुभव, महसूस किया जा सकता हैः डा-शाह

रक्तदान ही समाज में सबसे बड़ी मानव सेवाः धमेन्द्र


हरिद्वार:


 रक्तदान एक आलौकिक अनुभव है एवं जीवन बचाने के लिए हर पल रक्त की आवश्यकता होती रहती है। किसी जरूरतमंद का जीवन बचाने से बड़ा कोई और पुण्य का कार्य नहीं हो सकता है, इसलिये रक्तदान महादान है।

रविवार को स्वामी विवेकानंद हैल्थ मिशन सोसायटी द्वारा संचालित स्वामी रामप्रकाश चैरिटेबल चिकित्सालय में गोर्खाली सुधार सभा, शाखा हरिद्वार द्वारा जिला ब्लड बैंक के सहयोग से आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुये मेडिकल डायरेक्टर डा-संजय शाह ने उक्त विचार रखते हुये कहा कि रक्तदान करने के बाद स्वंय को गर्व महसूस होता है, जनहित में रक्तदान एक सराहनीय प्रयास है।  

डा-शाह ने कहा कि एक व्यस्क व्यक्ति के शरीर में औसतन 10 यूनिट रक्त होता है, जिसमें से व्यक्ति एक यूनिट (350मिली) रक्तदान कर सकता है लेकिन जागरूकता की कमी की वजह से व्यक्ति रक्तदान करने से डरता है या हिचकिचाता है। आमतौर जब व्यक्ति के लीवर या किडनी में आयरन संचित होने लगता है, तो उससे हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। दरअसल आयरन खून को गाढ़ा बना देता है, जिससे ह्दय रोग होने का जोखिम बढ़ता है। रक्त-दान करने से शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है और ह्दय रोग का खतरा कम होता है। इसके अलावा डिमेंशिया या अल्जाइमर जैसी बिमारियों के होने की आशंका को कम करता है। रक्त-दान से स्ट्रोक का खतरा भी 33 प्रतिशत तक कम हो जाता है। कैंसर का जोखिम कम करता है। 50 किलो से अधिक वजन के लोग रक्तदान कर सकते हैं। रक्त में 12-5 ग्राम या इससे अधिक हीमोग्लोबिन का स्तर हो। 18 से 65 साल का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।

प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी ने कहा कि रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करने की अति आवश्यकता है। ब्लड बैंको में सीमित मात्र में ही रक्त होता है। इसलिए हमें रक्तदान शिविर आयोजित कर सामूहिक रूप से रक्तदान करना चाहिये।  रक्तदान को सबसे बड़ा दान बताते हुये उन्होंने कहा कि पीड़ित को समय पर रक्त मिलने से उसे एक नया जीवन मिलता है।  समाज में यदि कोई सेवा है तो वह मात्र मानव सेवा है। गोर्खाली सुधार सभा द्वारा जनहित में आयोजित रक्तदान शिविर की सराहना व प्रशंसा की।

चिकित्सालय महाप्रबंधक निधि धीमान ने शिविर में पहुंचे लोगों की प्रशंसा करते हुये कहा कि आज भी देश में बड़ी संख्या में लोग रक्त की कमी के बाद अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ो के अनुसार केवल दो प्रतिशत और अधिक रक्तदाताओं का रक्तदान के लिए आगे आना कई लोगों की जान बचा सकता है।

गोर्खाली सुधार सभा शाखा अध्यक्ष शमशेर बहादुर बम ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में पहुंचे युवाओं का हौसला आफजाई करते हुये कहा कि युवाओं का यह प्रयास सराहनीय व प्रेरणादायक है। इस तरह के शिविर आयोजित कर हम ब्लड की कमी को पूरा कर सकते हैं और जरूरतमंद की सहायता कर उसकी जान बचाने का पुण्य व परोपकारी कार्य कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रक्तदान को लेकर समाज में तरह-तरह की भ्रांतिया फैलाई जाती है जबकि असल बात यह है कि रक्तदान करने के बाद रक्तदाता से खुशी की जो अनुभूति होती है उसे बयां नहीं किया जा सकता। शिविर में भाग लेने वाले सभी का आभार व्यक्त किया।

रक्तदान शिविर से पूर्व विगत दिनों पहलगाम घटना में मारे गये पर्यटकों को दो मिनट का मौन रखते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ हेतु प्रार्थना की।

 रक्तदान शिविर में भागीदारी व सहयोग करने वालो में पदम सिंह गुरूंग, वासू ओली, हीरालाल शर्मा, सुमित मल्होत्र, कुमारी शर्मा, अंकित ठाकुर, ओमप्रकाश पांडे, राहुल कुमार, अभिनव गोयल, विपिन कुमार गौतम, पुष्पराज पांडे, करण सिंह राणा, मोनिका, किशन थापा, गगन शर्मा, वीपी सिंह चौहान, हरिकिशन, राशी अरोड़ा, वेद प्रकाश थापा, शिव बहादुर, मिनू, शुभम, शंकर पांडेय, चिरंजीव ज्ञवाली के अतिरिक्त शिविर को सफल बनाने में जिला ब्लड बैंक के डा-रविन्द्र चौहान, दिनेश लखेड़ा, रजनी अग्रवाल, रैना नैÕयर, मनोज चमोली, सतीश, अजीत रतूड़ी, सुधांशु, पारस, रजत और मुकेश पुजारी का सहयोग रहा।


आज का राशिफल

*दिनांक:- 05/05/2025, सोमवार*

अष्टमी, शुक्ल पक्ष, 

वैशाख

Rashil today 05 मई 2025


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 * जानकी नवमी 


*श्रीजी मन्दिर 4 दिन चाव सवारी श्री राधावल्लभ जी 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


मांसभक्षैः सुरापानैः मूर्खैश्चाऽक्षरवर्जितैः ।

पशुभि पुरुषाकारर्भाराक्रान्ताऽस्ति मेदिनी ।।

।। चा o नी o।।


   यह धरती उन लोगो के भार से दबी जा रही है, जो मास खाते है, दारू पीते है, बेवकूफ है, वे सब तो आदमी होते हुए पशु ही है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:श्रद्धात्रयविभागयोग :- अo-17


दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे।,

देशे काले च पात्रे च तद्दानं सात्त्विकं स्मृतम्‌॥,


दान देना ही कर्तव्य है- ऐसे भाव से जो दान देश तथा काल (जिस देश-काल में जिस वस्तु का अभाव हो, वही देश-काल, उस वस्तु द्वारा प्राणियों की सेवा करने के लिए योग्य समझा जाता है।,) और पात्र के (भूखे, अनाथ, दुःखी, रोगी और असमर्थ तथा भिक्षुक आदि तो अन्न, वस्त्र और ओषधि एवं जिस वस्तु का जिसके पास अभाव हो, उस वस्तु द्वारा सेवा करने के लिए योग्य पात्र समझे जाते हैं और श्रेष्ठ आचरणों वाले विद्वान्‌ ब्राह्मणजन धनादि सब प्रकार के पदार्थों द्वारा सेवा करने के लिए योग्य पात्र समझे जाते हैं।,) प्राप्त होने पर उपकार न करने वाले के प्रति दिया जाता है, वह दान सात्त्विक कहा गया है॥,20॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद से क्लेश हो सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। गृहिणियां विशेष सावधानी रखें। रसोई में चोट लग सकती है। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।


🐂वृष

अविवाहितों के लिए वैवाहिक प्रस्ताव आ सकता है। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। घरेलू कार्य समय पर होंगे। सुख-शांति बनी रहेगी। थकान व कमजोरी रहेगी। प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी।


👫मिथुन

स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शत्रुता में वृद्धि हो सकती है। भूमि व भवन के खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। बड़ा लाभ के योग हैं। परीक्षा व साक्षात्कार में सफलता प्राप्त होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यापार लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी न करें।


🦀कर्क

धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी।


🐅सिंह

पुराने शत्रु सक्रिय रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है, धैर्य रखें। शारीरिक कष्ट के योग हैं। लापरवाही न करें। आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय-व्यापार लाभदायक रहेगा।


🙍‍♀️कन्या

परिवार के छोटे सदस्यों के अध्ययन तथा स्वास्थ्य संबंधी चिंता रहेगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। लापरवाही न करें। थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। निवेश में विवेक का प्रयोग करें। धनार्जन होगा।


⚖️तुला

थकान महसूस होगी। शारीरिक आराम की आवश्यकता रहेगी। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। जल्दबाजी न करें। धनागम होगा।


🦂वृश्चिक

शरीर साथ नहीं देगा। स्वास्‍थ्य का ध्यान रखें। उत्साह बढ़ेगा। कार्य की बाधा दूर होकर स्थिति लाभप्रद रहेगी। कोई बड़ी समस्या से छुटकारा मिल सकता है। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। प्रमाद न करें।


🏹धनु

प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में अधिकारी की अपेक्षाएं बढ़ेगी। तनाव रहेगा। कुसंगति से हानि होगी। दूसरों के कार्य की जवाबदारी न लें। व्यवसाय ठीक चलेगा।


🐊मकर

कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि नीचा देखना पड़े। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास मनोनुकूल रहेंगे। अपनी देनदारी समय पर चुका पाएंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।


🍯कुंभ

आशंका-कुशंका के चलते निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होगी। योजना में परिवर्तन हो सकता है। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मित्रों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबारी अनुबंध होंगे।


🐟मीन

अनहोनी की आशंका रहेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। किसी धार्मिक आयोजन में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल होगी। आय में वृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

  

           


      आतंकवाद का जहर समूचे देश में फैल चुका है। चौराहों से लेकर चौपालों तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। पाक प्रायोजित पहलगाम हमले ने राष्ट्र भक्त नागरिकों को आंदोलित कर दिया है। धर्म पूछकर की गई हत्याओं ने इस्लाम के मंसूबे जाहिर कर दिये हैं। देश के अंदर रहने वाले मीर कासिम की तरह गद्दार भी अब घडियाली आंसू बहाकर उत्तेजनात्मक बयानबाजी करके अपने को हिन्दुओं का शुभचिन्तक घोषित करने की होड में लगे हैं। 


हिन्दुस्तान के स्वर्ग के बाद अब देवभूमि को निशाना बनाने का षडयंत्र भी उजागर होने लगा है। 

सूत्रों की माने तो कश्मीर घाटी के बाद अब केदार घाटी में भी नापाक इरादों को कामयाब करने के लिए छदम्मवेशधारियों की जमातों ने आमद दर्ज कर ली है।

 उत्तराखण्ड में प्रारम्भ हो चुकी तीर्थ यात्रा में जहां केदारनाथ और यमुनोत्री में फर्जी दस्तावेजों के आधार अनेक आतंकियों व्दारा घोडेवाले के रूप में पंजीकरण तक करवा लिया है वहीं यात्रा मार्ग में अनेक बाहरी लोगों ने दुकानें खोलकर व्यवसायी का चोला ओढ लिया है। 


उल्लेखनीय है कि विगत कुछ वर्षों में ही उत्तराखण्ड की धरती पर हजारों मजारें बना लीं गई है, सैकडों मस्जिदें तैयार हो गईं हैं, मदरसों ने आकार ले लिया है।

 अचानक आई मुस्लिम आबादी की बाढ से वहां का सामाजिक ढांचा तक तहस-नहस होता दिख रहा है। देवभूमि में इन दिनों अनगिनत मांस की दुकानें, कसाईखाने और अनजाने लोगों की बसाहट देखी जा सकती है। 

एक सर्वे में पता चला है कि वहां पर मुसलमानों में नाम बदलने का एक फैशन चल निकला है। 

अनेक दस्तावेजों में हिन्दू नाम वाले व्यक्ति की बल्दियत मुस्लिम नाम के साथ जुडी है। पंकज पुत्र मोहम्मद सलीम जैसे नामों वाले दस्तावेज बनाये जा रहे हैं जो आगे चलकर सुनील पुत्र पंकज के रूप में स्वत: परिवर्तित हो जायेंगे। 


पहचान छुपाकर बनाये जाने वाले प्रमाण पत्रों का सिलसिला तो दसियों साल से चल रहा है। 

लम्बे समय से तीर्थ यात्रा कराने वाली एक कम्पनी के पुराने नुमाइंदे के अनुसार इस बार की उत्तराखण्ड यात्रा में तीर्थ स्थलों पर दुकानों से लेकर सेवायें देने वालों तक में अनजान चेहरों की भरमार है। 

यह लोग पहले कभी नहीं देखे गये। बहुत कम बोल वाले इन लोगों की भाषा भी क्षेत्रीय नहीं है किन्तु अनेक स्थानीय लोग इनके संरक्षक बने हुए हैं। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में वे ही आगे आकर मोर्चा सम्हालते हैं और साम्प्रदायिकता का रंग देकर विरोध दर्ज करने वालों पर हावी हो जाते हैं। अभी तो यात्रा शुरू हुई है।

 आने वाले दिनों में इन अनजान लोगों की कारगुजारियां सामने आने की संभावना है। ऐसे ही स्थिति का खुलासा अनेक स्थानीय व्यवसायियों ने भी किया है।

 सरकारी व्यवस्था के समानान्तर कम दामों में बेहतर सुविधायें देने का वायदा करने करने वाले अनेक संदिग्धों का तीर्थों में जमघट लगा है।

 पहले भी सीमापार से आने वाले आतंकियों ने देश के अनेक महानगरों को बम धमाकों से दहलाया था, निर्दोषों की जानें लीं थीं और फैलाई थी दहशत। इस बार धरती के स्वर्ग कश्मीर के बाद अब देवभूमि उत्तराखण्ड को रक्त रंजित करके गजवा-ए-हिन्द का एक बार फिर ऐलान करने के मंसूबों की जानकारी मिल रही है।

 सूत्रों के अनुसार आतंकियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तीर्थयात्रियों के रूप में पंजीकरण भी करवाया है, घोडावान के रूप में भी रजिस्टर्ड हुए हैं और गरीब बनकर छोटी-छोटी दुकानें भी लगा लीं हैं।

 सघन जांच होने, संदिग्धों की पडताल होने और कार्यवाही होने पर साम्प्रदायिक रंग देने की सभी तैयारियां भी पूरी कर लीं गईं है जिनमें अनेक खद्दरधारियों, काले कोटधारियों, कथित बुध्दिजीवियों, बनावटी समाजसेवियों, दबंग प्रभावशालियों की सक्रिय भूमिकायें निर्धारित हो चुकीं हैं। कार्यपालिका के एक बडे वर्ग की लापरवाही और मनमानियों से तैयार होने वाले दस्तावेजों की आड में राष्ट्रदोहियों की जमातें निरंतर तैयार हो रहीं हैं। 

अहमदाबाद हो या पश्चिम बंगाल, मणिपुर हो या मिजोरम, केरल हो या कर्नाटक। चारों ओर घुसपैठियों को नागरिक के रूप में स्थापित करने वाले मीर जाफरों की प्रचुर मात्रा में उपस्थिति है।

 देश के कोने-कोने में फैले इस नेटवर्क की जडों तक पहुंचे बिना आतंकवाद का सफाया असम्भव नहीं तो कठिन अवश्य है। 

मजहबी तालीम के नाम पर काफिरों को नस्तनाबूत करने हेतु तैयार की जा रही जमातें अब अपने असली मंसूबों को सफल करने में जुट गईं हैं। इन सबके पीछे विदेशियों की जहरीली सोच, हथियार निर्माताओं का व्यवसायिक हित और विस्तारवादियों की महात्वाकांक्षाओं जैसे कारक लम्बे समय से सक्रिय हैं।

 दूसरों पर प्रहार करने वालों पर जब उन्हीं की बिल्ली म्याऊं करने लगती है तब वे अपनी मनमर्जी से गुण्डागर्दी पर उतर आते हैं।

 दूसरे देशों की सीमाओं में घुसकर अपने दुश्मन की समाप्त कर देते हैं परन्तु जब कोई दूसरा देश ऐसा करता है तो फिर कूटनीतिक पहल, शान्ति का रास्ता, बातचीत की आवश्यकता के उपदेश दिये जाने लगते हैं। 

पाकिस्तान के बयानों से बेनकाब हो चुके अमेरिका और ब्रिटेन की बौखलाहट अब देखने काबिल है। ऐसा ही हाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का है जो चन्द देशों की इच्छापूर्ति का हथियार बनना बैठा है। 

वीटो के नाम पर चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका किसी भी प्रस्ताव या निर्णय को पारित नहीं होने दे सकते हैं। दुनिया में शान्ति और सुरक्षा के लिए उत्तरदायी संस्था में भी जब केवल पांच देशों की तानाशाही ही चल रही है तो फिर न्याय के नाम पर अन्याय को पोषित करने वाली परम्परा का अंत कैसे होगा, यह एक यक्ष प्रश्न बनकर खडा है। 

चारों ओर आतंक का हाहाकार मचा है। दूसरे विश्वयुध्द के बाद वर्तमान में ही सर्वाधिक युध्दों की स्थिति निर्मित हुई है। रूस-यूक्रेन, इजरायल-फिलिस्तीन, चीन-ताइवान, भारत-चीन, भारत-पाकिस्तान, भारत-बंगलादेश, अजरबैजान-आर्मेनिया जैसे प्रत्यक्ष युध्दों का दावानल ठहाके लगा रहा है तो वैश्विक व्यापार को अवरुध्द करने हेतु लाल सागर, अदन की खाडी, अरब सागर जैसे इलाकों में इस्लामिक आतंकियों की ललकार गूंज रही है। 


मजहब के नाम पर हो रही खुली गुण्डागर्दी को नस्तनाबूत करना बेहद जरूरी है।

 यहूदियों पर प्रहार करने वाले हमास ने हिन्दुओं पर हमला कराने के लिए पाकिस्तान का दौरा किया, जेहाद के नाम पर सुल्तान बनने का ख्वाब देखने वालों ने जहरीली तकरीरें की और सम्पन्न देशों ने दिया उन्हें संरक्षण-सहयोग-सुविधा का त्रिचरणीय तोहफा। ऐसे में स्वर्ग के बाद देवभूमि पर आतंकी कहर की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। 

इस हेतु सरकारों, सुरक्षा बलों और आम आवाम को बेहद सावधान रहने की जरूरत है अन्यथा कभी भी, कोई भी असुखद घटना मूर्त रूप ले सकती है। इस बार बस इतना ही।

 अगले सप्ताह एक नई आहट के साथ फिर मुलाकात होगी।



Dr. Ravindra Arjariya

Accredited Journalist

for cont. - 

dr.ravindra.arjariya@gmail.com

ravindra.arjariya@gmail.com



 मुख्यमंत्री की प्रेरणा से  दून शहर में नए नए प्रोजेक्ट लाकर आधुनिकता की ओर ले जाने में जुटे डीएम सविन

तिब्बती मार्केट व कोरोनेशन  में ऑटोमेटेड पार्किंग ट्रायल युद्धस्तर पर

जनमन को ऑटोमेटेड पार्किंग की सुविधा का लाभ जल्द


देहरादून ;



 देहरादून शहर में निर्माणाधीन  स्मार्ट ऑटोमेटेड पार्किंग का कार्य अंतिम चरण में में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश व जिलाधिकारी सविन बंसल के निरन्तर प्रयासों से जनपद देहरादून आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होने की ओर निरंतर अग्रसर है। इसी श्रृखला में शहर में शुरूआती चरण में तीन आटोमेटेड पार्किग कार्य अपने अंतिम चरण हैं। यह आधुनिक सुविधा जल्द ही आमजन को उपलब्ध होने जा रही है, जिसका मा मुख्यमंत्री जी जल्द लोकार्पण करेंगे। इस अत्याधुनिक पार्किंग से तिब्बती मार्केट के सामने, परेड ग्राउंड, तथा कोरोनेशन अस्पताल परिसर में पार्किंग की समस्या  कम होगी साथ ही जनमानस को सुरक्षित व सुविधाजनक वाहन पार्किग की सुविधा मिलेगी। 


जिलाधिकारी के अभिनव कार्य   से एक ओर जहाँ कोरोनेशन अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ अब भौतिक ढांचे को भी स्मार्ट बनाया जा रहा है, जिससे शहर की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी।  वहीं शहर के बढ़ती ट्रैफिक के दृष्टिगत शहर में व्यवस्थित रूप से पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने में डीएम का  प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा , आधुनिकता की दौड़ में ऑटोमेटेड पार्किंग जहां कम स्थान पर  वाहनों की पार्किंग के सुविधा के लिए अच्छा प्रयास  हैं।  


 

 पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितम्।*

*निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बदरीनाथ विश्व्म्भरम॥*

CM Dhami reached in Murari Bapu katha and worshipp at Badrinath shaam first

*श्री हरि विष्णु की पावन भूमि श्री बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन कार्यक्रम में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 

हिमालय की गोद में बसे इस दिव्य धाम में पहुँचकर आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था की उस अलौकिक अनुभूति का एहसास हुआ, जो अनंत काल से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है।*

*इस अवसर पर पवित्र धाम में पहली पूजा आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के नाम से की और पूर्ण विधि-विधान से प्रभु का पूजन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि हेतु प्रार्थना की।*

बदरीनाथ धाम के कपाट रविवार को विधि विधान के साथ सुबह 6 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए हैं।


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी 


 मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंदिर परिसर में स्थित लक्ष्मी मंदिर गणेश मंदिर आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित सभी मंदिरों में पूजा अर्चना की। श्री बद्रीनाथ के कपाट खुलने के अवसर पर  देश और दुनिया के  लगभग 15 हजार  श्रद्धालु मौजूद थे ।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नंदप्रयाग में  आयोजित राम कथा में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि अलकनंदा और नंदाकिनी के संगम नंदप्रयाग में आयोजित राम कथा में उन्हें संतवाणी का साक्षी बनने का सुअवसर प्राप्त हुआ।


उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जीवनगाथा आत्मिक चेतना जागृत करने का एक माध्यम है।  रामकथा हमारे जीवन मूल्यों को जागृत करने और भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने का एक दिव्य अवसर है। उनके आदर्शों से  पता चलता है कि हमारे जीवन में धर्म, करुणा, सत्य, सेवा और भक्ति की कितनी अधिक महत्ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोरारी बापू जी की अमृतवाणी से हमें जीवन को राममय बनाने की प्रेरणा मिलती है। 



मुख्यमंत्री ने  कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में  विश्वनाथ कॉरीडोर, महाकाल लोक और अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य एवं दिव्य मंदिर का निर्माण हुआ है। हमारी सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली। उनके मार्गदर्शन से राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास  के साथ ही  सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

 मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ में तीर्थयात्रीयों और श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और तीर्थयात्रियों से यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सकुशल चारधाम यात्रा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के दृष्टिगत बेहतर व्यवस्थाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा हर स्तर पर प्रयास किया गया है।  उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया हरित और स्वच्छ चारधाम यात्रा के लिए राज्य को पूरा सहयोग दें। 


 मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी से बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए मंदिर के समीप हो रहे निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया। उन्होंने जिलाधिकारी को मास्टर प्लान के कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बदरीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को यात्री सुविधा और सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी से श्री हेमकुंड साहिब यात्रा तैयारियों की जानकारी लेते हुए यात्री सुविधाओं को शीघ्र व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोविंदघाट में अलकनंदा नदी में निर्माणाधीन पुल के निर्माण कार्य की जानकारी ली। जिलाधिकारी को पुल के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण कर यात्रा से पूर्व पुल का निर्माण गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के आदेश दिए।

इस दौरान राज्य सभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज,विधायक श्री किशोर उपाध्याय, लखपत बुट्टोला , बीकेटीसी के नवनियुक्त उपाध्यक्ष विजय कपरवाण व ऋषि प्रसाद सती, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल आदि मौजूद थे।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय सहारा के ग्रुप एडिटर श्री विजय राय के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार जनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। 


महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी ने भी श्री विजय राय के निधन पर शोक संवेदना प्रकट की है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा उत्तराखण्ड के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर चौहान की धर्मपत्नी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। 



मुख्यमंत्री ने पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

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