Halloween party ideas 2015

 उत्तराखंड चार धाम यात्रा वर्ष 2025

 *द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट 21 मई को खुलेंगे।* 

•तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट  2 मई को खुलेंगे* 

• बैशाखी के अवसर पर राज्यमंत्री  चंडी प्रसाद भट्ट एवं बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की उपस्थिति में  श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ एवं श्री मर्करेटेश्वर मंदिर मक्कूमठ से कपाट खुलने की तिथियां  घोषित हुई। 


 उखीमठ/ मक्कूमठ/ रूद्रप्रयाग:  

Second and third kedarnath kapat opened date announced


 पंचकेदारों में प्रतिष्ठित द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट  इस यात्रा वर्ष  बुधवार 21मई  कर्क लग्न पूर्वाह्न 11. 30 बजे शुभ मुहूर्त पर विधि- विधान से खुलेंगे। पंच केदार गद्दस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में  राज्यमंत्री / दायित्वधारी चंडीप्रसाद भट्ट एवं बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल एवं अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी पंच गोंडारी समिति सहित  श्रद्धालुओं की उपस्थिति में बैशाखी के शुभ अवसर पर मंदिर समिति के आचार्य वेदपाठियों ने पंचाग गणना पश्चात  श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की।


तृतीय केदार श्री तुंगनाथ के कपाट  शुक्रवार 2 मई को  मिथुन लग्न पूर्वाह्न 10 . 15 ( सवा दस) बजे खुलेंगे श्री तुंगनाथ जी के शीतकालीन प्रवास श्री मर्करेटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में आयोजित कार्यक्रम में आचार्य पुजारी  विजय भारत मैठाणी ने कपाट खुलने की तिथि घोषित की।


 *श्री मद्महेश्वर जी के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के बाद मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की उखीमठ में यात्रा समीक्षा तथा केदार सभा से बैठक* 


श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने श्री मद्महेश्वर मंदिर एव़ श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि निश्चित होने पर सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी है तथा कपाट खुलने की तिथि की जानकारी दी।

  कपाट खुलने की तिथि तय होने के बाद रावल निवास सभागार उखीमठ में आयोजित मंदिर समिति कर्मियों की यात्रा समीक्षा बैठक में  मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि इस यात्रा वर्ष अधिक संख्या श्रद्धालु दर्शन को पहुंचेंगे। कहा कि मंदिरों के कपाट खुलने से पूर्व यात्रा तैयारियों को अधिक गति दी जा रही है इसके लिए सभी कर्मचारी अधिकारी मनोयोग से कार्य कर रहे है।  बीकेटीसी की केदारसभा के साथ भी बैठक चल रही है मुख्य कार्याधिकारी ने केदारनाथ यात्रा तैयारियों हेतु परस्पर समन्वय का आव्हान किया है।


बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया  कि श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से श्री मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली रविवार 18 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में विराजमान होगी।

19 मई को  प्रथम पड़ाव राकेश्वरी मंदिर रांसी प्रवास को पहुंचेगी।  20 मई द्वितीय पड़ाव गौंडार प्रवास करेगी तथा   21  मई सुबह  को श्री मद्महेश्वर मंदिर पहुंचेगी।

बुधवार 21 मई को कर्क लग्न में पूर्वाह्न 11.30 बजे  द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट खुलेंगे।


इसी तरह  श्री तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली बुधवार 30  अप्रैल को श्री मर्करेटेश्वर मंदिर मक्कूमठ से  मक्कूमठ के निकट भूतनाथ मंदिर में आयेगी। इस दिन 30 अप्रैल  को  भूतनाथ मंदिर में प्रवास  रहेगा।बृहस्पतिवार 1 मई को तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली भूतनाथ मंदिर से चोपता प्रवास हेतु  पहुंचेगी। 

शुक्रवार 2 मई सुबह  भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली चोपता से श्री तुंगनाथ पहुंचेगी तथा 2 मई  को पूर्वाह्न 10.15 सवा दस बजे  श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खुलेंगे।


द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट खुलने की तिथि तय होने के अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में आयोजित धार्मिक समारोह में बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल सहित, अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी,सहायक अभियंता गिरीश देवली,केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, सचिव अंकित सेमवाल,पुजारी शिवशंकर लिंग, बागेश‌ लिंग, शिवलिंग, टी गंगाधर लिंग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण,श्री केदारनाथ धाम प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, धर्माधिकारी औंकार शुक्ला वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी,  विश्व मोहन जमलोकी, देवानंद गैरोला,सहायक लेखाकार प्रमोद बगवाड़ी,  वरिष्ठ सहायक विपिन तिवारी, तेज प्रकाश त्रिवेदी,पंकज शुक्ला अरविंद शुक्ला,देवीप्रसाद तिवारी, जेई विपिन कुमार, कुलदीप धर्म्वाण,प्रेमसिंह रावत,विदेश शैव, आदि मौजूद रहे।


केदारनाथ धाम प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान ने बताया कि आज  अपराह्न को बैशाखी के पर्व पर श्री मद्महेश्वर जी श्री ओंकारेश्वर मंदिर  परिसर उखीमठ  में पुष्प रथ पर बैठकर मंदिर की परिक्रमा करेंगे देर शाम तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।


दूसरी ओर श्री तुंगनाथ जी के कपाट की तिथि घोषित होने के अवसर पर मक्कूमठ में मठापति रामप्रसाद मैठाणी, पूर्व मंदिर अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी,  मंदिर समिति प्रबंधक बलबीर नेगी,ग्राम प्रधान विजय पाल, क्षेत्र समिति सदस्य जयबीर नेगी,पुजारी  रविंद्र मैठाणी सहित   चंद्र मोहन मैठाणी,मुकेश मैठाणी,विनोद मैठाणी, अतुल मैठाणी, अजय मैठाणी  सहित चंद्र मोहन बजवाल, आलोक एवं बड़ी संख्या में  हकहकूकधारी तथा श्रद्धालु मौजूद रहे।

         

         हम सभी जानते हैं कि एक लम्बी गुलामी, कठोर संघर्ष एवं ऐतिहासिक बलिदान के बाद भारत को केवल आजादी ही नहीं बल्कि स्वतंत्र भारत का स्वतंत्र संविधान प्राप्त हुआ था।       

   वास्तव में संविधान निर्माण की प्रक्रिया आजादी के पूर्व ही 1946 में प्रारंभ हो गई थी। संविधान निर्माञी सभा के लिए 292 सदस्यों का चुनाव प्रांतों से वयस्क मताधिकार द्वारा तथा 93 सदस्य रियासतों से थे। भारत विभाजन की स्थिति में यह संख्या 229 सदस्य चुनाव से तथा 70 सदस्य मनोनीत अर्थात 299 सदस्यों की संविधान निर्माञी सभा ने संविधान को 1949 में पूर्ण किया।      

   


                    


   संविधान निर्माण के लिए जिन 22 समितियों को भिन्न-भिन्न भागों में बांट कर जिम्मेवारी दी गई थी। उसमें 8 समितियां विशेष जिसमें एक "प्रारूप समिति"  महत्वपूर्ण भूमिका में थीं। जिसके अध्यक्ष जाने माने सुविज्ञ, उच्च शिक्षा प्राप्त बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर थे।       

    जिन्होंने 25 नवम्बर 1949 को संविधान की अंतिम रूप रेखा संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र प्रसाद को सौंपा। 26 नवम्बर 1949 को सभी सदस्यों ने हस्ताक्षर किया -26-जनवरी 1950 से स्वतंत्र भारत का संविधान लागू हुआ ।                

     अभी संविधान लागू हुए महज तीन वर्ष ही हुए थे कि संसद के प्रथम सदन/उच्च सदन (राज्यसभा) में जोरदार बहस के दौरान ( 2 सितंबर 1953 में) डॉ अम्बेडकर ने आवेश में आकर कहा कि - मेरे मित्र मुझसे कहते हैं कि संविधान मैंने बनाया है। मैं बताना चाहता हूं कि इसको जलाने वाला पहला इंसान भी मैं हीं होऊंगा। यह किसी के लिए भी ठीक नहीं है।   कई लोग इसे लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं........।              

                                दो वर्ष बाद -19 मार्च 1955 को चौथे संसोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान पंजाब के एक सांसद डॉ अनूप सिंह ने सवाल पुछा था कि - पिछली बार आखिर क्यों यह बयान दिया था?  तब डॉ अम्बेडकर ने बेवाकी से कहा कि पिछली बार जल्दबाजी में पुरा जबाब नहीं नहीं दे पाए थे-उन्होने कहा  - मैंने यह एकदम सोंच समक्षकर कहा था कि संविधान को जला देना चाहता हूं।   

               आगे बाबा साहब ने कहा  कि- -हमलोग मंदिर इसलिए बनाते हैं, जिससे भगवान आकर उसमें रहें, अगर भगवान से पहले ही दानव आकर रहने लगे तो मंदिर को नष्ट करने के सिवा और कोई रास्ता ही क्या बचेगा। कोई यह सोचकर तो मंदिर बनाता नहीं है कि उसमें असुर रहने लगें। सब चाहते हैं कि मंदिर में देवों का निवास हो। यही कारण है कि- संविधान जलाने की बात कही थी।    

      वास्तव में बाबा साहब का मानना था कि कोई भी संविधान कितना भी अच्छा क्यों न हो,जब तक इसे ढंग से लागू नहीं किया जाएगा तो उपयोगी साबित नहीं होगा।                                             

 प्रो. अखिलेश्वर शुक्ला ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर जिस सामाजिक आर्थिक विषमता को लेकर चिंतित थे,- वह खाई घटने के बजाय बढ़ती जा रही है। हम एक दूसरे के करीब आने के बजाय दूर होते जा रहे हैं। जिसे राष्ट्रीय हित में दुर किया जाना ही बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जिस ब्यवस्था में सामाजिक आर्थिक विषमता को दूर करने के बजाय उसे और भी पुष्ट किया जाएगा वहां भुखमरी, कंगाली विपन्नता राष्ट्रीय प्रगति में बाधक होगा ही होगा। जहां भारतीय ब्यवस्था के बजाय पाश्चात्य संस्कृति सभ्यता का अंधानुकरण करने की होड़ लगी हो वहां आत्म सम्मान स्वाभिमान का लोप होना स्वाभाविक है।           ऐसे में हमें अपने उपर सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावी करने का सुअवसर प्राप्त करने हेतु,सुगम सरल मार्ग चुनना ही होगा -- यही बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।            

    

प्रोफेसर (कैप्टन)अखिलेश्वर शुक्ला, पूर्व प्राचार्य/विभागाध्यक्ष -राजनीति विज्ञान, राजा श्री कृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय जौनपुर - 222001. 

ऋषिकेश  : 

Deepak saini won gold

Deepak saini uttarakhand won gold under 17 ,800 meter run


 छिद्दरवाला  निवासी दीपक सैनी ने भारतीय खेल संघ की ओर से प्रयागराज उत्तर प्रदेश में आयोजित 17 वें नेशनल चैंपियनशिप की अंडर 17 वर्ग की 800 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता है। 

दीपक सैनी को खेल प्रशिक्षण में सहयोग कर रहे अर्हत योग न्यास के अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया की प्रतियोगिता 13 अप्रैल को दिल्ली पब्लिक स्कूल प्रयागराज के खेल मैदान में सम्पन्न हुई। जूनियर वर्ग की 800 मीटर दौड़ में देहरादून उत्तराखंड के दीपक सैनी ने दूसरा स्थान पाया। इससे पहले दीपक सैनी ने वर्ष 2024 में इंडो नेपाल यूथ फेडरेशन की ओर से नेपाल के पोखड़ा में आयोजित इंटरनेशनल चैंपियनशिप की 1500 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल व 2023 में हरिद्वार में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, गत शुक्रवार को सामाजिक संस्था नवदीप फाउंडेशन और अर्हत योग न्यास की टीम ने दीपक सैनी को राष्ट्रीय ध्वज प्रदान कर  चैंपियनशिप में प्रतिभाग करने के लिए रवाना किया था। संस्था के सचिव अक्षत त्रिवेदी ने बताया कि दीपक सैनी को संस्थान की ओर से खेल-कूद की तैयारी व इनमें प्रतिभाग करने के लिए आर्थिक सहायता देकर प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि वह उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें। बता दें कि दीपक सैनी के पिता लक्ष्मण सिंह व माता सुधा दोनों दिहाड़ी-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्हें अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व है।दीपक की इस उपलब्धि पर छिददवाला ग्राम पंचायत के ग्राम प्रशासक  कमलदीप कौर ने हर्ष व्यक्त करते हुये उज्जल भविष्य की शुभकामनाये दी है |


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को  मुख्यमंत्री कार्यालय, देहरादून से वर्चुअल माध्यम से कर्णप्रयाग (चमोली) में आयोजित बैशाखी धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक एवं विकास मेला-2025 



इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कर्णप्रयाग में सरस्वती शिशु मन्दिर से बाजार की ओर पिण्डर नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य करवाए जाने। 


कर्णप्रयाग में बाजार के समीप एक पार्किंग का निर्माण किए जाने। नंदा देवी राजजात यात्रा को देखते हुए कनखुल टैक्सी स्टैण्ड के समीप बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण किए जाने। 

.शिमली में मोटर पुल के समीप पार्किंग का निर्माण किए जाने। राजकीय इंटर कॉलेज से सांकरीसेरा, पलेठी एवं पाडली तक सड़क का निर्माण कराए जाने की घोषणा की। 


मुख्यमंत्री ने डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती एवं वैशाखी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वो स्वयं सभी के मध्य उपस्थित होकर इस विशिष्ट मेले का साक्षी बनना चाहते थे, लेकिन पूर्व निर्धारित शासकीय व्यस्तताओं के कारण वर्चुअल माध्यम से ही जुड़ रहे हैं। 


उन्होंने कहा इस प्रकार के मेले क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूत करने के साथ  प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का काम करते हैं। मेले हमारे समाज को जोड़ने के साथ ही लोक कलाकारों को एक सम्मानित मंच भी प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार आपदा पीड़ित परिवारों के साथ हर कदम पर खड़ी है। उन्होंने कहा आपदा पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के चहुँमुखी विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। 


चारधाम सड़क परियोजना, विभिन्न पर्वतीय नगरों को हेली सेवा से जोड़ना, सरकारी हेली एंबुलेंस की शुरुआत, एवं प्रदेश के कोने-कोने में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर  जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के पूर्ण होने से पहाड़ों में रेल पहुंचाने का सपना भी साकार होने जा रहा है। जिससे कर्णप्रयाग सहित पूरे क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं बढ़ेंगी।


मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार विकास कार्यों के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में कार्य कर रही है। केदारनाथ धाम में करोड़ों की लागत से वृहद स्तर प पुनर्विकास के कार्य किए जा रहे हैं । बद्रीनाथ धाम में 424 करोड़ रूपए की लागत से मास्टर प्लान के अंतर्गत विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। बाबा केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे निर्माण की भी स्वीकृति भारत सरकार से प्रदान हो गई है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष कर्णप्रयाग के नौटी गांव से मां नंदा देवी की राजजात यात्रा प्रारंभ होगी, जिसके लिए राज्य सरकार अभी से तैयारियों में जुट गई है।  उन्होंने कहा इस बार की राजजात यात्रा को हम सब मिलकर और अधिक भव्य और दिव्य रूप में मनाएंगे। पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य गतिमान है। एक जनपद-दो उत्पाद योजना, लखपति दीदी योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने का कार्य जारी है। उन्होंने कहा राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, एवं पर्यटन और कृषि क्षेत्र में भी नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए डॉ. बी.आर. अंबेडकर महामंच द्वारा सम्मानित किया गया।

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर हरिद्वार में किया गया सम्मानित

मुख्यमंत्री के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में चिलचिलाती धूप में पहुंचे हजारों लोग।

हरिद्वार में बाबा साहब समरसता स्थल का होगा निर्माण।

उत्तराखण्ड के दलित/अनुसूचित वर्ग/अनुसूचित जनजाति वर्ग के समाज सुधारकों के नाम पर बनेंगे बहुद्देशीय भवन।

CM Dhami at bheem rao ambedkar samman at haridwar


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए डॉ. बी.आर. अंबेडकर महामंच द्वारा हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।


संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर हरिद्वार में बी.एच.ई.एल मैदान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें कि चिलचिलाती धूप में बङी संख्या में स्थानीय जनता की जोशपूर्ण मौजूदगी रही। 


सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि इतनी बङी संख्या में उमङी जनता से जाहिर है कि जनता ने  इस साहसिक फैसले पर अपना भरोसा जता दिया है।


उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उस विचारधारा को था जिसने वर्षों से भारतीय समाज में न्याय और समानता की आवाज़ बुलंद की है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने बाबा साहेब को एक युगदृष्टा बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर इस बात में विश्वास रखते थे कि जब तक देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्राप्त नहीं होते, तब तक समाज में सच्ची समानता संभव नहीं है। यही सोच थी, जिसने उन्हें समान नागरिक संहिता जैसी क्रांतिकारी अवधारणा को संविधान में स्थान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार ने सिर्फ एक कानून नहीं लागू किया, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्षों तक बाबा साहेब की उपेक्षा की गई, उनके विचारों को हाशिए पर रखा गया, जबकि आज का भारत उनके सपनों को अपनाने की ओर अग्रसर है। यह नया भारत है — जो न सिर्फ अपनी विरासत को सम्मान देता है, बल्कि साहसिक निर्णय लेकर नए मानदंड भी स्थापित करता है।


सीएम ने कहा कि हरिद्वार में उमड़ी यह भीड़ केवल उपस्थित लोगों का जमावड़ा नहीं है— यह एक जनआवाज़ है, जो कह रही है कि मुख्यमंत्री धामी के फैसलों पर जनता का भरोसा है और अब यह गूंज उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश में सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और हमारी दृढ़ इच्छाशक्ति ने मिलकर यह ऐतिहासिक निर्णय संभव किया है।


उत्तराखंड आज एक बार फिर देश को दिशा दिखा रहा है — जहां समानता अब सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि कानून की शक्ल में ज़मीन पर उतर चुकी है। यह सिर्फ एक कानून लागू करने की बात नहीं, यह एक नए भारत की ओर बढ़ाया गया निर्णायक कदम है।


मुख्यमंत्री धामी ने आने वाले पीढ़ी को अनुसूचित समाज का उद्धार करने वाले समाजसेवकों के जीवन चरित्र और इतिहास के साथ-साथ भारतीय संविधान के बारे में जानकारी देने के लिए हरिद्वार में बाबा साहब समरसता स्थल का निर्माण किए जाने। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जाने वाली एससीपी/टीएसपी योजनाओं के अन्तर्गत अनुसूचित समाज की बाहुल्यता वाले क्षेत्रों में उत्तराखण्ड के दलित/अनुसूचित वर्ग/अनुसूचित जनजाति वर्ग के समाज सुधारकों के नाम पर बहुद्देशीय भवन बनाये जाने एवं अनुसूचित समाज के कल्याण संबंधी योजनाओं व अधिकारों के प्रति हमारी आने वाली पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जन-जागरुकता कार्यक्रम अनुसूचित जाति आयोग के माध्यम से आयोजित किए जाने की घोषणा की। 


कार्यक्रम से पूर्व बीएचईएल मैदान से केंद्रीय विद्यालय परिसर तक आयोजित रैली में हजारों की संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा कर उनका आभार व्यक्त किया। 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ बी.आर अम्बेडकर को नमन करते हुए कहा कि डॉ बी.आर अम्बेडकर ने हमारे समाज को समानता, समरसता और न्याय का मार्ग दिखाया। आज भी बाबा साहेब हमारी सामूहिक चेतना का अभिन्न हिस्सा हैं। उनका संपूर्ण जीवन ही हमारे लिए एक संदेश है। उन्होंने गुलाम भारत में जन्म लेकर अपने ज्ञान और संकल्प से स्वयं के साथ करोड़ों लोगों के जीवन को भी बलदने का काम किया है। उन्होंने अन्य लोगों को न्याय की राह दिखाई।  उन्होंने कहा समाज के वंचित वर्ग को मुख्य धारा में लाने के लिए बाबा साहेब का संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा भारतीय संविधान के निर्माण में बाबा साहेब के योगदान के लिए हर देशवासी सदैव उनका आभारी रहेगा। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में न्याय, स्वतंत्रता, समानता भारतीय गणराज्य के मूल स्तंभ को रखा। बाबा साहब ने ऐसे भारत की परिकल्पना की जिसमें सभी वर्गों को समान अधिकार, समान अवसर और समान गरिमा प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आजादी के बाद उत्तराखंड में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू कर बाबा साहेब के सपनों के भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है और उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है।


मुख्यमंत्री ने कहा बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी ने संविधान निर्माता के रूप में समान नागरिक संहिता को संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में सम्मिलित किया था। वो भली भांति जानते थे कि भारत और भारतीय समाज के लिए समान नागरिक संहिता बेहद आवश्यक है। उन्होंने समान नागरिक संहिता  को कानूनी, सामाजिक आवश्यकता के साथ नैतिक आवश्यकता भी माना। बाबा साहेब ने हमेशा सभी जाति, धर्म के लोगों के लिए एक समान कानून की बात को प्राथमिकता दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा समान नागरिक संहिता का उद्देश्य समाज में समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति खत्म करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने हमेशा समाज की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा राज्य में यूसीसी लागू होने के बाद महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा यूसीसी के माध्यम से उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। अब किसी भी महिला को उत्तराधिकार या संपत्ति के अधिकार में भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की नीतियों और कार्यशैली में बाबा साहब के विचार दिखाई देते हैं। बाबा साहेब की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर प्रधानमंत्री ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। सरकार द्वारा बाबा साहेब की स्मृतियों से जुड़े प्रमुख स्थलों को राष्ट्र चेतना के पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा आज़ादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ही सच्चे मन से दलितों और वंचितों के उत्थान के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अनुसूचित वर्ग के कल्याण हेतु आम बजट में वृद्धि की है। आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।  दलित उत्पीड़न कानून 1989 को केंद्र सरकार ने संशोधित कर और सख्त बनाया है। स्टैंडअप इंडिया योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, आयुष्मान भारत जैसी अनेकों योजनाओं में भी गरीबों, शोषितों, वंचितों, आदिवासियों और दलितों को प्राथमिकता देते हुए उनका समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। प्रदेश के साथ खिलवाड़ करने वाले घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा हाल के दिनों में कुछ असामाजिक तत्व अपने राजनैतिक स्वार्थों के चलते समाज को क्षेत्रवाद और जातिवाद के नाम पर बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता पर किसी भी प्रकार की कोई आँच नहीं आएगी।  



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी अनुसूचित समाज को सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने हेतु हरसंभव प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा कक्षा 1 से 12वीं तक के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं राज्य में निशुल्क 15 छात्रावास, 5 आवासीय विद्यालय और 3 आईटीआई का संचालन किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की निःशुल्क व्यवस्था भी की गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में जातीय भेदभाव को समाप्त करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति के युवक या युवती से अंतर-जातीय विवाह करने पर 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। 


इस अवसर पर श्री निर्मल दास महाराज, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, श्री विनोद दास, श्री उमेश कुमार, श्री रामपाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री किरण चौधरी, मेयर किरण जैसल, दर्जा मंत्री श्री विनय रुहेला, श्री जयपाल चौहान, श्री देशराज कर्णवाल, बीजेपी जिलाध्यक्ष श्री आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक श्री संजय गुप्ता, श्री कुंवर प्रणव चैंपियन, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री संदीप शर्मा, मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप,  जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। 

AIIMS Rishikesh convocation  and CM pay tribute Bheem rao


मुख्यमंत्री ने डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के शिल्पकार थे। उनके सिद्धांतों और मार्गदर्शन से समाज में व्यापक परिवर्तन आया। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित और शोषित वर्गों के उत्थान हेतु समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन हमें डॉ. अंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चलने और उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।

*आधुनिक और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के लोकार्पण के साथ ही एम्स ऋषिकेश के 5वे दीक्षांत समारोह का आयोजन कल* 


 *केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रहेंगे मौजूद* 



देहरादून : उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के उद्घाटन और प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति के बीच कल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ऋषिकेश अपने 5वे दीक्षांत समारोह का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा मुख्य अतिथि तथा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी विशिष्ट अतिथि के तौर पर हिस्सा लेंगे। 


समारोह के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एयरोमेडिकल सेवाओं का दौरा करेंगे और ट्रॉमा सेंटर में पिक्चर आर्काइविंग एंड कम्युनिकेशन सिस्टम (PACS) का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश में PET-CT सुविधा और उन्नत बाल चिकित्सा हेतु नवनिर्मित सेंटर फॉर एडवांस्ड पीडियाट्रिक्स का भी लोकार्पण किया जाएगा। श्री नड्डा और मुख्यमंत्री धामी आयुष भवन में एकीकृत चिकित्सा विभाग, आयुष एकीकृत कल्याण पथ और योग स्टूडियो का भी उद्घाटन करेंगे।


AIIMS ऋषिकेश का 5वां दीक्षांत समारोह न केवल अकादमिक उत्कृष्टता का उत्सव होगा, बल्कि अत्याधुनिक सुविधाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने की संस्थान की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करेगा, जो चिकित्सा समुदाय पर स्थाई प्रभाव छोड़ेगा।

आज का राशिफल

*दिनांक:- 14/04/2025, सोमवार*

प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष,

वैशाख


Rashifal today 14 april 2025


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *प्रतिपदा वृद्धि 


*अग्निशामक दिवस 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


अधमा धनमिइच्छन्ति धनं मानं च मध्यमाः ।

उत्तमा मानमिच्छन्ति मानो हि महतां धनम् ।।

।। चा o नी o।।


 नीच वर्ग के लोग दौलत चाहते है, मध्यम वर्ग के दौलत और इज्जत, लेकिन उच्च वर्ग के लोग सम्मान चाहते है क्यों की सम्मान ही उच्च लोगो की असली दौलत है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:दैवासुरसम्पद्विभागयोग :- अo-16


एतैर्विमुक्तः कौन्तेय तमोद्वारैस्त्रिभिर्नरः।,

आचरत्यात्मनः श्रेयस्ततो याति परां गतिम्‌॥,


हे अर्जुन! इन तीनों नरक के द्वारों से मुक्त पुरुष अपने कल्याण का आचरण करता है (अपने उद्धार के लिए भगवदाज्ञानुसार बरतना ही 'अपने कल्याण का आचरण करना' है), इससे वह परमगति को जाता है अर्थात्‌ मुझको प्राप्त हो जाता है॥,22॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

लाभ के अवसर हाथ आएंगे। अध्यात्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। कुसंगति से हानि होगी, बचें। व्यवसाय ठीक चलेगा। अच्‍छी बात का भी विरोध हो सकता है। धैर्य रखें। अज्ञात भय सताएगा। शारीरिक कष्ट संभव है। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। कानूनी अड़चन दूर होगी।


🐂वृष

प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। बेवजह खर्च होगा। तनाव रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। जल्दबाजी न करें। शत्रु पस्त होंगे। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। शारीरिक कष्ट संभव है।


👫मिथुन

थोड़े प्रयास से ही काम बनेंगे। कार्यप्रणाली की प्रशंसा मिलेगी। आय में वृद्धि होगी। प्रेम-प्रसंग के अवसर सहज ही प्राप्त होंगे। व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। नए काम मिलेंगे। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें।

राशि फलादेश

🦀कर्क

आय में वृद्धि होगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही होगा। अच्‍छे कामों का भी विरोध हो सकता है। बुद्धि का प्रयोग आवश्यक है। भय रहेगा। चिंता बनी रहेगी। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी।


🐅सिंह

दूसरों की बातों में न आएं। विवेक व धैर्य से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। नकारात्मकता बढ़ सकती है। प्रमाद न करें। काम पर ध्यान दें। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में विशेष सावधानी रखें। क्रोध व उत्तेजना से किसी उलझन में फंस सकते हैं।


🙍‍♀️कन्या

धनागम सहज ही होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। भू‍ले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा। कानूनी समस्या खड़ी हो सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें। बेचैनी रहेगी।


🐅तुला

किसी अपने के व्यवहार से दिल को ठेस पहुंच सकती है। समय पर आवश्यक वस्तु न मिलने से तनाव रहेगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। आय में निश्चितता रहेगी। थकान महसूस होगी। अनावश्यक विवाद को बढ़ावा न दें। परेशानी हो सकती है। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है।


🦂वृश्चिक

पुराना रुका हुआ पैसा मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। आय में वृद्धि होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रतिद्वंद्विता में कमी होगी। प्रसन्नता रहेगी। सुख के साधन जुटेंगे। प्रमाद न करें।


⚖️धनु

अनावश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलेगी। चिड़चिड़ापन रहेगा। बेवजह कहासुनी हो सकती है। आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें।


🦂मकर

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त करेगा। अध्ययन में मन लगेगा। धनार्जन सहज होगा। आलस्य न करें। चिंता, भय व कष्ट का वातावरण बन सकता है, सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।


🍯कुंभ

नई योजना बनेगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। रुके कार्य पूर्ण होंगे। नए अनुबंध हो सकते हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। कोई भी निर्णय सोच-समझकर करें।


🐟मीन

स्थायी संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। लेन-देन में हानि संभव है। जल्दबाजी न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। बड़ा काम करने का मन बनेगा। प्रसन्नता रहेगी। विरोधियों का पराभव होगा।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

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