Halloween party ideas 2015


शक्ति-पर्व पर कल्याण कलश की स्थापना का अवसर

      




   ब्रह्माण्डीय ऊर्जा से पिण्डीय सामर्थ को विकसित करने हेतु ज्योतिष शास्त्र और नक्षत्रीय विज्ञान में नवरात्रि महापर्व पर की जाने वाली साधनाओं का उल्लेख किया गया है। सनातन धर्म में चैत्र माह के नवरात्रिकाल को शक्ति पर्व के रूप में मनाने की परम्परा रही है। इस हेतु काया में स्थापित पिण्ड को ब्रह्माण्ड की अनन्त शक्तियों से जोडने का विधान है जिसमें स्व: की आन्तरिक क्रियायें तीव्र करना पडती हैं। संगदोष से रहित होकर विचार शून्यता की स्थिति में पहुंचा जाता हैतभी एकाग्रता के केन्द्रीयकरण से चिन्तन की सामर्थ व्दारा परा-शक्तियों के साथ जुडाव होता है। इसी जुडाव को योग भी कहा जाता है। अतीत की अनुभूतियों और भविष्य की कल्पनाओं के चिन्तन में हमेशा लगे रहने वाले मन के शान्त होते ही अन्त:करण में एक रिक्तिता का भान होने लगता है। इस खालीपन को भरने के लिए अनन्त की शक्तियों का प्रवाह तरंगों के माध्यम से प्रारम्भ हो जाता है। अध्यात्म के गूढ रहस्योंपरा-विज्ञान के जटिल सूत्रों और शाश्वत के ज्ञान की दिशा में बढने के लिए सद्गुरु की महती आवश्यता होती है। सद्गुरु न केवल अध्यात्मपरा-विज्ञान और शाश्वत की त्रिवेणी में स्नान कर चुका होता है बल्कि दूसरों को स्नान करने के सामर्थ पर भी अधिकार रखता है। ऐसे सामर्थवान लोग बाह्य दिखावेतुच्छ चमत्कार और बाजीगरी से कोसों दूर रहते हैं। उनकी साधनात्मक सुगन्ध स्वमेव ही वातावरण में फैलती है। उनके चुम्बकीय ऊर्जा चक्र से आगन्तुक अपने आप रोमांचित हो उठता हैवैचारिक झंझावतों का शमन होने लगता है और होने लगाता है एक अनजानी सी शान्ति का बोध। वर्तमान में कथित चमत्कारों से आकर्षित करने वाले बाबाओं की भीड निरंतर बढती जा रही है। सामाजिकआर्थिकपारिवारिकशारीरिक समस्याओं से ग्रस्त लोगों की भीड जादुई करिश्मे की आशा में ढौंगी बाबाओं के दरबारों में माथा टेकने लगते हैं। टोने-टोटकों की दम पर अतीत की घटनाओं को बताने वाले धनलोलुप लोग अपनी कुटिल चालोंसोशल मीडिया और चन्द सिपाहसालारों की दम पर अन्धविश्वास परोसने में लगे हैं। यह अध्यात्म नहीं हैयह धर्म भी नहीं है और न ही होता है इसका कोई स्थाई परिणाम। जैसे दर्द नाशक दवा खाने से रसायन के असर रहने तक मस्तिष्क में पीडा के संदेश रुक जाते हैं परन्तु असर समाप्त होते ही कष्ट का विकराल स्वरूप सामने आने लगता है। ठीक ऐसा ही टोटकेबाजों के तिलिस्म का प्रभाव होता है। यहां पर बाह्य रसायन नहीं दिया जाता बल्कि मानसिक खुराक की आपूर्ति होती है। टोटकेबाजों के पास पहुंचते ही वहां के वातावरण में व्याप्त कही-सुनी घटनाओं की चर्चाओं का बाहुल्यएक अनोखी सुगन्ध का अहसासजयकारों की गूंजदिखावटी क्रियाओं का प्रत्यक्षीकरणसिंहासन की गरिमादरबार में बैठी अनुयायियों की भीड जैसे मानसिक प्रभाव डालने वाले कारक पहले से ही मौजूद रहते हैं। इन सब का प्रभाव आगन्तुक की मन:स्थिति पर पडने लगता है और वह वहां के सम्मोहित करने वाले तत्वों का शिकार हो जाता है। बस यहीं से शुरू हो जाती है आगन्तुक के शोषण की प्रक्रिया। सामाजिकआर्थिक और पारिवारिक सामर्थ के अनुरूप टोटकेबाजी का दिग्दर्शन कराया जाता हैसम्मान दिया जाता है और फिर सेवा के नाम पर होने लगती है वसूली। बार-बार आनेविश्वास करने और प्रदान किये गये कर्मकाण्ड की नित्यावृति के निर्देशों के तले याचक दबता चला जाता है। समस्या की विकरालताअनिष्ट का भय और कृपा से निदान की गारन्टी दी जाती है। ऐसे जाल में फंसने वाले लम्बे समय तक टोटकेबाजों के शोषण का शिकार होते रहते हैं। तिलिस्म टूटने की स्थिति तक पहुंचने-पहुंचते वे बरबाद हो चुके होते हैं। वहीं दूसरी ओर सत्य के मार्ग पर चलने वालों पर सहजतासरलता और सौम्यता का आवरण पडा रहता है। प्रकृति के साथ सामंजस्य करने वाली अनुशासनात्मक जीवन शैली का अनुशरण करने वाले साधकों को पहचानना बेहद कठिन होता है। सांसारिक वैभव से दूर रहने वाले ऐसे साधकों के लिए परमानन्द से बडा कोई सुख नहीं है। इष्ट के निरंतर चिन्तन से बढकर कोई कार्य नहीं है। बिना दिखावे के परमार्थ करने के कारण अहंकार भी नहीं है। ऐसे लोगों के सानिध्य में आते ही परिवर्तन की बयार चलने लगती है। सुखानुभूति होने लगती है। नश्वर भौतिक जगत की वास्तविकता का बोध होने लगता है। देश-दुनिया में न्यूनतम आवश्यकताओं पर सांसों की कदमताल करने वाली साधनात्मक कायाओं का अकाल नहीं है परन्तु उन्हें पहचानने हेतु अन्तर्दृष्टि की आवश्यकता होती है। समाज के प्रतिजीवों के प्रति और स्व: के प्रति संवेदनशील लोगों के लिए सद्गुरु के दर्शनउनकी कृपा और मार्गदर्शन का सुयोग स्वत: ही बनने लगता है। संकेतों की भाषा में सत्य की परिभाषायें सामने आने लगतीं है। दया के भाव से उदित होने वाले कल्याणकारी कार्य अपने आप संपादित होने लगते हैं। शक्ति-पर्व पर कल्याण कलश की स्थापना का अवसर सामने है। इस काल में अनन्त की ऊर्जा का प्रवाह तीव्रतम होता है जिसे साधनात्मक प्रक्रिया से ग्रहण किया जा सकता है। यही ऊर्जा आने वाले समय में जीवधारियों से लेकर प्रकृति तक के मध्य प्रेमअपनत्व और सहकारिता की भावना विकसित करती है। धर्म के वास्तविक स्वरूप में जीवन जीने की विशेष पध्दतिसमाज विशेष की विभेदकारी व्यवस्था या थोपी गई क्रियात्मक दक्षता का नितांत अभाव होता है। धर्म तो शाश्वत सत्य को विश्वासश्रध्दा और प्रेम के सिध्दान्तानुसार ही समझा जा सकता है। देशकाल और परिस्थितियों से उपजी भाषाक्षेत्रमान्यता आदि की विभाजनकारी संस्कृतियों का इससे कोई संबंध नहीं होता। ईद और शक्ति-पर्व का समुच्चय धनात्मक दिशा में सुगन्ध का वातावरण निर्मित करने हेतु अवतरित हुआ है। इसमें वैमनुष्यताकटुता और हिंसा का कोई स्थान नहीं है परन्तु फिर भी धर्म के कथित ठेकेदार अपनी भौतिक स्वार्थ-सिध्दि हेतु षडयंत्रों को अमली जामा पहनाने की फिराक में हैं। साधनात्मक काल को विकृत होने से बचाने का दायित्व केवल सरकारों का ही नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी है। इस बार बस इतना ही। अगले सप्ताह एक नई आहट के साथ फिर मुलाकात होगी।


Dr Ravinder Arjariya, 

Accredited  journalist

dr.ravindra.arjariya@gmail.com



 

चार धाम तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को होगी सुविधाः त्रिवेंद्र

दिल्ली, पश्चिमी यूपी और हरियाणा के श्रद्धालु उठा सकेंगे हेलीकाप्टर सेवा का लाभ 

देहरादून:


 हरिद्वार सांसद और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संसद में नियम 377 के तहत दी गई सूचना में हरिद्वार में एक अत्याधुनिक हेलीपोर्ट बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इससे हरिद्वार में साल भर आने वाले तीर्थयात्रियों, चार धाम में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को काफी सुविधा होगी। 

उन्होंने कहा कि हरिद्वार एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन का केंद्र है। यहां पूरे साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक तीर्थाटन के लिए आते हैं। विशेष रूप से अक्टूबर तक चार धाम यात्रा के दौरान यात्री संख्या कई गुना बढ़ जाती है। सावन माह में कांवड़ यात्रा के कारण भी सड़क यातायात अत्याधिक प्रभावित रहता है। इसके अलावा गर्मी की छुट्टियों में हरिद्वार, ऋषिकेश और उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की संख्या करोड़ों में पहुंच जाती है। जिससे जौलीग्रांट हवाई अड्डा और देहरादून के सहस्रधारा रोड स्थित हैलीपोर्ट पर अत्याधिक दबाव पड़ता है। 

त्रिवेंद्र ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों की सुविधा और तीर्थयात्रा को सुगम बनाने के लिए हरिद्वार में एक अत्याधुनिक हेलीपोर्ट का निर्माण जरुरी हो जाता है। केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित इस हेलीपोर्ट से दिल्ली, पश्चिमी यूपी, हरियाणा और अन्य राज्यों के श्रद्धालु हेलीकाप्टर सेवा का लाभ उठा सकेंगे। जिससे यात्रा में उनका समय बचेगा और सड़क यातायात पर दबाव भी कम होगा। इसके अतिरिक्त हरिद्वार हेलीपोर्ट के माध्यम से चार धाम यात्रा मार्ग से जोड़ने से श्रद्धालुओं को भी सुविधाजनक हवाई यात्रा का विकल्प मिलेगा। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा , बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। इसलिए उनकी केंद्र सरकार से मांग है कि इस पर शीर्घ निर्णय लिया जाए।

माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है तथा विविध प्रकार की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। ये क्षण साधक के लिए अत्यंत सावधान रहने के होते हैं।: 

Chandraghanta maa third navratri 







पिण्डजप्रवरारुढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता | प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता ||


माँ का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनके दस हाथ हैं। इनके दसों हाथों में खड्ग आदि शस्त्र तथा बाण आदि अस्त्र विभूषित हैं। इनका वाहन सिंह है। इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्यत रहने की होती है।
मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप और बाधाएँ विनष्ट हो जाती हैं। इनकी आराधना सद्यः फलदायी है। माँ भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र ही कर देती हैं। इनका उपासक सिंह की तरह पराक्रमी और निर्भय हो जाता है। इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों को प्रेतबाधा से रक्षा करती है। इनका ध्यान करते ही शरणागत की रक्षा के लिए इस घंटे की ध्वनि निनादित हो उठती है।
माँ का स्वरूप अत्यंत सौम्यता एवं शांति से परिपूर्ण रहता है। इनकी आराधना से वीरता-निर्भयता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का विकास होकर मुख, नेत्र तथा संपूर्ण काया में कांति-गुण की वृद्धि होती है। स्वर में दिव्य, अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है। माँ चंद्रघंटा के भक्त और उपासक जहाँ भी जाते हैं लोग उन्हें देखकर शांति और सुख का अनुभव करते हैं।

माँ के आराधक के शरीर से दिव्य प्रकाशयुक्त परमाणुओं का अदृश्य विकिरण होता रहता है। यह दिव्य क्रिया साधारण चक्षुओं से दिखाई नहीं देती, किन्तु साधक और उसके संपर्क में आने वाले लोग इस बात का अनुभव भली-भाँति करते रहते हैं।



हमें चाहिए कि अपने मन, वचन, कर्म एवं काया को विहित विधि-विधान के अनुसार पूर्णतः परिशुद्ध एवं पवित्र करके माँ चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना में तत्पर हों। उनकी उपासना से हम समस्त सांसारिक कष्टों से विमुक्त होकर सहज ही परमपद के अधिकारी बन सकते हैं।

हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखते हुए साधना की ओर अग्रसर होने का प्रयत्न करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए परम कल्याणकारी और सद्गति देने वाला है।

प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में तृतीय दिन इसका जाप करना चाहिए।



    या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


 हे माँ! सर्वत्र विराजमान और चंद्रघंटा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें।



 

आज का राशिफल

*दिनांक:- 01/04/2025, मंगलवार*

चतुर्थी, शुक्ल पक्ष, 

चैत्र

Rashifal today 01 april,,2025


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


*चतुर्थी व्रत 


 *सर्वार्थ सिद्धि योग 11:06 से 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


अनुलोमेन बलिनं प्रतिलोमेन दुर्जन्म् ।

आत्मतुल्यबलं शत्रुः विनयेन बलेन वा ।।

।। चा o नी o।।


 ब्राह्मण अच्छे भोजन से तृप्त होते है. मोर मेघ गर्जना से. साधू दुसरो की सम्पन्नता देखकर और दुष्ट दुसरो की विपदा देखकर.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:दैवासुरसम्पद्विभागयोग :- अo-15


असत्यमप्रतिष्ठं ते जगदाहुरनीश्वरम्‌।,

अपरस्परसम्भूतं किमन्यत्कामहैतुकम्‌॥,


 वे आसुरी प्रकृति वाले मनुष्य कहा करते हैं कि जगत्‌ आश्रयरहित, सर्वथा असत्य और बिना ईश्वर के, अपने-आप केवल स्त्री-पुरुष के संयोग से उत्पन्न है, अतएव केवल काम ही इसका कारण है।, इसके सिवा और क्या है?॥,8॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

नए मित्र बनेंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर अवसर बढ़ेंगे। समस्याएं कम होंगी। मान-सम्मान मिलेगा। मित्र व रिश्तेदारों से संबंध सुधरेंगे। बुद्धि का प्रयोग करें। व्यापार-व्यवसाय व नौकरी से अनुकूलता बनी रहेगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा।


🐂वृष

जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। नए मित्र बनेंगे। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। चोट व रोग से बचें।


👫मिथुन

वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। अकारण क्रोध व उत्तेजना रह सकते हैं। बेवजह किसी से विवाद हो सकता है। बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। काम में मन नहीं लगेगा। मन में संवेदनशीलता अधिक रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। भागदौड़ रहेगी। जोखिम न उठाएं।


🦀कर्क

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कामों की रुकावट दूर होगी। स्थिति मनोनुकूल रहेगी। कारोबार में लाभ वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। निवेश में लाभ होगा। घर में सभी सदस्य आनंदपूर्वक रहेंगे। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें।


🐅सिंह

मेहनत का पूरा-पूरा फल मिलेगा। काम में उत्साह व प्रसन्नता से ध्यान दे पाएंगे। वाद-विवाद से अपना पक्ष मजबूत कर पाएंगे। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा। निवेश में जल्दबाजी न करें।


🙍‍♀️कन्या

नई योजना बनेगी। कार्यस्‍थल पर सुधार व परिवर्तन हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेंगे। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। सुख के साधनों की प्राप्ति की कोशिशें कामयाब रहेंगी। नए काम हाथ में आएंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। स्वास्‍थ्य का ध्यान रखें।


⚖️तुला

चोट व दुर्घटना से हानि की आशंका बनती है। आशंका-कुशंका के चलते कार्य प्रभावित होंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। झंझटों से दूर रहें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। आर्थिक परेशानी आ सकती है। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न लें।


🦂वृश्चिक

भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति निर्मित होगी। कोई बड़ा सौदा बड़ा लाभ दे सकता है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होगा। जल्दबाजी न करें।


🏹धनु

रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। व्यापार-व्यापार अच्‍छा चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। प्रसन्नता तथा उत्साह में वृद्धि होगी। जोखिम न लें। प्रमाद से बचें।


🐊मकर

विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कारोबार से लाभ होगा। उत्साह व प्रसन्नता से कार्य कर पाएंगे। घर के सभी सदस्य प्रसन्न व संतुष्ट रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। संगीत आदि में दिलचस्पी बढ़ेगी।


🍯कुंभ

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। नौकरी में अमन-चैन रहेगा। अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। शेयर-मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से मनोनुकूल लाभ होगा। विवेक का प्रयोग करें। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। प्रसन्नता रहेगी।


🐟मीन

फालतू खर्च होगा। लाभ के अवसर टलेंगे। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। चोट व रोग से बचें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। किसी व्यक्ति से व्यर्थ में विवाद हो सकता है। सम्मान को ठेस पहुंच सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

 

टिहरी:

Car accident in tihri



 उत्तराखंड में फिर बड़ा सड़क हादसा हुआ है, यह हादसा टिहरी में हुआ है, जहां एक कार गहरी खाई में जा गिरी,इस हादसे में तीन लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई है, फिलहाल, रेस्क्यू अभियान जारी है।


कार हादसे में तीन लोगों की मौत: जानकारी के मुताबिक, यह हादसा चंबा-कोटी कॉलोनी रोड पर जाख के पास एक हुआ है, जहां एक अल्टो कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, इस हादसे में तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. मरने वालों में 2 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं, बताया जा रहा है कि ये लोग ऋषिकेश से आ रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए।


टीचर बताए जा रहे तीनों मृतक: बताया जा रहा है कि तीनों टीचर थे. जो हादसे का शिकार हुए हैं. वहीं, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है, जहां रेस्क्यू अभियान चला रहा है, यह कार खाई से लुढ़कते हुए नदी में जा गिरी, हादसे के बाद कार चकनाचूर हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कार काफी रफ्तार में थी।


आज दिनांक 31 मार्च 2025 को पुलिस चौकी कोटी कॉलोनी द्वारा एसडीआरएफ टीम को सूचित किया गया कि जाखदार के पास एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर 400 मीटर नीचे गहरी खाई में गिर गया है, जिसमें रेस्क्यू हेतु एसडीआरएफ टीम की आवश्यकता है।


उक्त सूचना पर एसडीआरएफ टीम एडिशनल उप निरीक्षक दीपक मेहता के नेतृत्व में मय आवश्यक रेस्क्यू के उपकरणों के तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


एसडीआरएफ टीम को घटनास्थल पर ज्ञात हुआ कि तीनों लोग ऋषिकेश से घनसाली मार्ग पर जा रहे थे व अचानक उक्त वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।


एसडीआरएफ टीम द्वारा घटनास्थल पहुंचकर त्वरित कार्यवाही करते हुए रोप द्वारा खाई में उतरकर उक्त वाहन तक पहुंच बनाई जिसमें 02 पुरूष व 01 महिला मौजूद मिले जिनकी मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी व जिनके शवों को रोप व स्ट्रेचर द्वारा वैकल्पिक मार्ग से होते हुए मुख्य मार्ग तक लाकर जिला पुलिस का सुपुर्द किया गया।

               

*मृतकों का विवरण:–*

1 विजय प्रकाश जगूड़ी पुत्र श्री सुरेन्द्र दत्त, उम्र 36 वर्ष,निवासी गुमानीवाला ऋषिकेश।

2 सोनू कुमार पुत्र श्री हरिराम निवासी उम्र 36 वर्ष,निवासी मदनपुर हरिद्वार।

3 शोभा पत्नी सोनू कुमार, निवासी मदनपुर हरिद्वार।


 मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधमसिंह नगर जनपद स्थित विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन की  घोषणा की



*कहा:-  जनभावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप किया जा रहा है नामकरण*


मुख्यमंत्री धामी द्वारा आज एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जनपद हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर में स्थित विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन की घोषणा की गई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न स्थानों  के नाम में परिवर्तन जन भावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप किया जा रहा है।  जिससे लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सके।


मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार,

हरिद्वार जनपद में औरंगजेबपुर का शिवाजी नगर, गाजीवाली का आर्य नगर, चांदपुर का ज्योतिबा फुले नगर, मोहम्मदपुर जट का मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली का अंबेडकर नगर, इंदरीशपुर का नंदपुर, खानपुर का श्री कृष्णपुर, अकबरपुर फाजलपुर का नाम विजयनगर किया जाना है।


देहरादून जनपद में मियांवाला का रामजी वाला, पीरवाला का केसरी नगर, चांदपुर खुर्द का पृथ्वीराज नगर, अब्दुल्ला नगर का नाम दक्ष नगर किया जाएगा।


जनपद नैनीताल में नवाबी रोड़ का अटल मार्ग, पनचक्की से आईटीआई मार्ग का नाम गुरु गोवलकर मार्ग किया जाएगा। 


उधमसिंह नगर में नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम बदलकर कौशल्या पुरी किये जाने की घोषणा की गई है।

 सीएम के निर्देश पर जन के जीवन से खिलवाड़ पर कुट्टू आटा सप्लायर, रिटेलर, होलसेलर पर जिला प्रशासन ने कराए संगीन धाराओं में मुकदमें दर्ज ,स्टॉक सीज


खाद्य सुरक्षा अधिकारी पर गिर सकती है डीएम की गाज

बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों, जन की सेहत से खिलवाड़ पर जिला प्रशासन सख्त 

मरीजों के उपचार एवं सुगम सुविधा, समन्वय को डीएम ने अस्पतालों में तैनात किए मजिस्ट्रेट

डीएम की जनपदवासियों/नागरिकों से अपील एहतियात  कुट्टू, सिंगाड़े को साबुत रूप में क्रय कर पिसवाने उपरांत सेवन करें

बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों, जन की सेहत से खिलवाड़ करने वालो को बख्शा नही जाएगाः डीएम 


बेहतर सुगम समन्वय हेतु डीएम ने अस्पतालों में नियुक्त किए मजिस्ट्रेट


देहरादून ;

FIR on suppliers responsible food poisoning through kutti atta dehradun




जिले में कुट्टू का आटा खाने से बीमार, पड़ने की घटना पर मा0 सीएम के निर्देश के क्रम जिला प्रशासन ने सख्त रूख अपनाते हुए जनमानस के जीवन से खिलवाड़ करने वाले कुट्टू आटा सप्लायर ,रिटेलर होलसेलर पर संगीन धाराओं में मुकदमें  दर्ज करा दिए है। 

जिलाधिकारी ने चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों के उपचार एवं सुगम सुविधा, समन्वय को  जिला चिकित्सालय, दून चिकित्सालय तथा इन्दिरेश हास्पिटल मजिस्टेªट तैनात कर दिए हैं। 

डीएम ने जनपदवासियों/नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि एहतियात बरतते हुए कुट्टू, सिंगाड़े को साबुत रूप में क्रय कर पिसवाने उपरांत सेवन करें ।

यदि कहीं किसी विक्रेता के सामग्री में मिलावट की जा रही है तो इसकी जानकारी पुलिस कन्ट्रोलरूम न0 112, जिला आपदा परिचालन केन्द्र 01352626066, सम्बन्धित ए

सडीएम एवं सीओ को सूचित करें। 

जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से मिली रिपोर्ट के अनुसार दून अस्पताल में करीब 105, कोरोनेशन अस्पताल में 90 और इंद्रेश अस्पताल में करीब 30 लोग भर्ती हुए है, जिनकी तबीयत मिलावटी कुट्टू का आटा खाने से खराब हुई है। अस्पताल प्रशासन की आरे से मरीजों का उपचार किया जा रहा है।



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